Doctor Sahab Desi Hindi Sex Kahani - Page 2 - SexBaba
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Doctor Sahab Desi Hindi Sex Kahani

Episode 9

रात सोने के बाद अगली सुबह रहीम शमीमा को ले आया वो भी सुबह 8 बजे.

मई रहीम को bola-rahim भाई तुमको अभी शमीमा को मेरे पास छोड़कर जाना होगा. एक घंटे के लिए.

रहीम कुछ सोचा फिर bola-thik है.

रहीम के चले जाने के बाद मई शमीमा के पास बैठा.

मई शमीमा को bola-dekho शमीमा मई तुम्हे अपनी शक्ति से ठीक कर दूंगा लेकिन उसके लिए तुम्हे मेरा साथ देना होगा. तुम्हे हाकिम बाबा ने कहा है की तुम में जन्म दोष है इसलिए शमीमा तुम्हे तुम्हारा पति मारता भी है लेकिन सच्चाई ये है की दोष तुम में नहीं तुम्हारे पति रहीम में है. मुझे अपनी शक्तियों से ये भी पता है की रहीम तुम्हे तलाक देना चाहता है लेकिन तुम अगर जैसा मई बोलूं वैसा करती जाओ तो तुम्हे बच्चा भी हो जायेगा. रहीम का हाथ और मुँह दोनों बंद हो जायेगा. वो क्या है की रहीम के साथ रहते रहते तुम्हारे सरीर की बच्चा पैसा करने की शक्ति काम हो गया है. मई आज से हर रोज रात को 9 बजे आऊंगा और एक घंटे तुम्हारी शक्ति जगा के जाऊंगा. मुझे यकीं है 10 दिन के अंदर तुम्हारी शक्ति जाग जाएगी और 3-4 महीने के अंदर तुम्हारे कोख में बच्चा होगा.

मेरा बात सुनके शमीमा खुश हो गयी.

मई bola-tum अब अपने घर चली जाओ और रहीम को बोल देना आज रात से इलाज सुरु होगा.

शमीमा फिर ऑफिस से चली गयी. मई भी घर आया.

मई अक्सर घर बहार से hi लॉक करके जाता हूँ इसलिए गेट खोलने के लिए मुझे मौसी को आवाज नहीं देना पड़ता है.

मई गेट का लॉक खोला और अंदर गया तो देखा मौसी बिस्तर नंगा बैठे अपनी बुर को सहला रही थी और उसमे उंगली अंदर बहार कर रही थी.

ये देख के hi लुंड मेरा अकड़ गया.





मुझे मौसी का केस पूरा समझ में नहीं आ रहा था. एक तरफ मौसी के जिंदगी में इतना कुछ बिता है की वो दिन 24 घंटे में से 12 घंटे गम में डूबी रहती है. रात के 7-8 घंटे मौसी सोती है और नींद में आज भी पुराणी बाटे उन्हें सताती और वो नींद में भी चीखती है रोटी है. लेकिन दिन एक एक दो घंटे मौसी इतनी ज्यादा जोश में रहती है जैसे सेक्स के लिए मरी जा रही हो.

मई सोचा की मौसी से इस बारे में बात करूँ फिर सोचा नहीं क्या पता मौसी से मई ये सब पुछु और हमारा रिस्ता और बिगड़ जाये. अगर मेरा और मौसी का सम्बन्ध बन न लिखा होगा तो वो आज नहीं तो कल हो hi जायेगा. मुझे अपने तरफ से कोई हड़बड़ी नहीं करनी चाहिए. बस मई थोड़ा थोड़ा कोसिस करता रहूँगा.

मई बड़े आराम से अपने लुंड को सहला सहला का मौसी की रास लीला देखा. जब मौसी झाड़ गयी तब मई उनके कमरे के पास से हैट गया. करीब आधे घंटे बाद मौसी जब कपडा ठीक करके कमरे से निकली तब मई भी अपने कमरे से निकला दोनों साथ में खाना खाये.

मई मौसी को bola-mousi गांव की शमीमा है न रहीम की बेगम उसका इलाज मई आज से करूँगा.

मौसी boli-dekho अंश तुम एक डॉक्टर हो और मई तुम्हे बता दूँ की यहाँ की औरतों में सेक्स ड्राइव बहुत ज्यादा है क्यूंकि यहाँ के पानी में जिंक और मैग्नीशियम काफी है जो औरतों के फीमेल टेस्टोस्टेरोन लेवल बढाती है. तुमने अगर एक बार यहाँ गांव में किसी भी लड़की या औरत को खुश कर दिया तो फिर समझ लो वो तुम्हारे लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाएगी.

मई तुमसे कहती थी न मई अगर लड़का होती वो हकीम शरीफ की वो हालत करती की जिंदगी भर नहीं भूलता साला नामर्द कही का.

मौसी फिर boli-mai चाहती हूँ तुम गांव की लड़कीओ और ारतों का भला करो. तुम बहुत से लोगों का घर टूटने से बचा सकते हो. बहुत सी औरते जो हर रोज रात में अपने पति की सास की ताने सुनती है मार कहती है घर से निकले जाने की धमकी सुनती है वो सब तुम ठीक कर सकते हो. सिर्फ नियम से चलना hi हम डॉक्टर का काम नहीं होता बल्कि नियम के परे भी अपनी पढाई उसे करके लोगों को खुश करना हमारा काम होता है.

मई bola-aapki बात मई समझ गया मौसी. मुझे ये भी समझ आ गया की मौसी इतनी पागल क्यों हो जाती है चुदाई के लिए. वो भी तो पिछले 4 सैलून से यही है यही की पानी पि रही है इसलिए सायद उनका भी बुरा और गांड फड़कने लगता है.

खैर हम खाना खाये और अपने अपने कमरे में आराम करने चले गए. दिन से रात हो गया.

रात में मई मौसी के साथ खाना खाया और फिर उन्हें बोल दिया आप सो जाओ मई बाद में आ जाऊंगा और गेट बहार से लॉक करके चल दिया रहीम भाई के घर. वैसे भी गांव में लोग 8 बजे के बाद खाना खा कर सोने लग कटे है मई 9 बजे रहीम के घर पहुंच तो सब लोग खाना खा कर सोने की तयारी में थे बस मेरा hi इंतजार कर रहे थे नहीं तो अब तक सो चुके होते.

आज मई पहली बार रहीम भाई के घर के अंदर गया. ये घर मिटटी का था. बहार बरामदा या कहे हॉल और फिर लाइन से 4 कमरे.

मई रहीम को bola-shamima और आप तैयार हो.

रहीम bola-haan मई तैयार हूँ. शमीमा कमरे में है.

मई bola-ab मई कमरे में अंदर जाकर कुछ तंत्र मंत्र करूँगा और याद रहे ये तंत्र मंत्र जिस कमरे में सुरु हुआ है हर रोज इलाज उसी कमरे में होगा और कोसिस करना शमीमा ज्यादा समय उसी कमरे में रहे. और आने वाले 15 दिन तुम शमीमा के करीब नहीं जा सकते. मई नहीं चाहता कोई तुम्हारे द्वारा भी शमीमा पे जादू करे और हमारे इलाज को रोके.

रहीम bola-thik है मई तुमपे भरोसा कर रहा हूँ .

मई bola-ji बिलकुल मेरी शक्ति कभी गलत नहीं होती.

मई फिर कमरे के अंदर गया और कमरा अंदर से बंद कर दिया.
 
Episode 10

कमरे में अब सिर्फ मई था और शमीमा थी.

मई शमीमा को bola-shamima देखो मई अब अपनी तंत्र मंत्र शक्ति से तुम्हे घेरूँगा लेकिन उसके लिए तुम्हे अपने बदन के सारे कपडे उतर कर बिस्तर पे लेटना पड़ेगा.

शमीमा boli-dak साहब ये करना जरुरी है.

मई bola-dekho शमीमा मुझे पता है हाकिम सरीफ ने तुम्हारे साथ गलत किया लेकिन मई वैसा नहीं हूँ. हाकिम सरीफ ने तुम्हे धोखा दिया लेकिन मई जो भी करूँगा तुम्हे बताकर करूँगा और तुम्हारी मर्जी से करूँगा. तुम जब बोलोगी मुझे नहीं करना तब मई पीछे हैट जाऊंगा. मुझे शक्तियां मिली है तो मेरा मकसद है उस शक्ति के इस्तेमाल से लोगों तक खुशियां पहुंचना बाकी तुम्हारी मर्जी.

शमीमा मन में sochi-agar मई अपनी इज्जत के बारे में सोचूंगी तो सोचती hi रह जाउंगी रहीम मुझे तलाक दे कर घर से निकल देगा. वैसे भी ये डाक साहब अच्छे है जो भी कर रहे है बोल के कर रहे है उस हरामी हाकिम की तरह नहीं जिसने मुझे बेहोश करके मेरे कपडे उतर दिए मुझे तीन बार छोड़ भी लिया.

एक बार डाक साहब को देख लेती हूँ अगर इनमे सचमे शक्ति होगी तो मुझे आज hi पता चल जायेगा. वैसे भी ये मेरा घर है यहाँ ये कुछ भी गलत करेगा तो मई चिल्ला कर बुला गांव बुला सकती हूँ.

ये सब सोचकर शमीमा धीरे धीरे करके अपना कपडा उतरी और फिर बिस्तर पे उलट लेट गयी.

मई चेहरा जानबूझ कर दूसरी तरफ कर रखा था ताकि शमीमा को मुझपे धीरे धीरे भरोसा होने लगे.

मई तो तैयार hi आया था. मई अपने पॉकेट से नारियल का तेल निकला इसमें मई नवरत्न का ठंडा तेल मिला दिया था और कुछ ठाड़े क्रीम भी मिला दिए थे.

मई शमीमा को bola-ab मई अपनी जादुई हाथों से तुम्हारी बदन पे फेरता जाऊंगा और तुम्हारा बदन ठंडा होता जायेगा. तुम घबराना नहीं.

शमीमा धीरे से boli-hmmmm.

फिर मई वो क्रीम अपने हाथों में लगाया और शमीमा के पास गया.

शमीमा का नागा बदन देख कर मेरा लुंड अकड़ने लगा.





मई क्रीम वाला तेल शमीमा के बदन में पेअर से लगाना सुरु किया. धीरे धीरे शमीमा का बदन में जहाँ भी तेल लगा वहां हल्का हल्का ठंडा लगने लगा. शमीमा को लगने लगा मई सचमे जादू कर रहा हूँ. इधर मई धीरे धीरे शमीमा के पेअर फिर जांघ फिर पीठ पे तेल लगा दिया फिर शमीमा को घुमा दिया और शमीमा हाथ पेअर में आगे से भी तेल लगा दिया. शमीमा का बदन ठंडा हो रहा था अब बरी था शमीमा के बदन को गर्म करने का.

मई अपने हाथ में अच्छे से तेल लिया और शमीमा के चुकी को जैसे hi पकड़ा शमीमा के बदन में करंट सा लगा और वो सिसकी ahhhhhhnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn........





मई bola-shamima आवाज नहीं......

शमीमा कांपते हुए boli-jjj जी डाक साहब...

शमीमा मुझे डॉक्टर साहब के बदले डाक साहब बोलती है.

मई धीरे धीरे शमीमा के चुकी को मसलने लगा. बेचारी बड़ी मुश्किल से अपना मुँह बंद किये umhhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhhhh करने लगी.

मई अपना हाथ फिर धीरे धीरे शमीमा के चुकी से निचे ले जाते हुए उसके बुर के पास ले गया और शमीमा के बुर को सहलाने लगा. और मई शमीमा का बुर सहलाते सहलाते एक उंगली उसके गरम बुर में घुसा के अंदर बहार करने लगा. शमीमा तो जैसे अब पागल hi हो गयी.

वो अपना मुँह बंद किये umhhhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ummmmmmmmmmm करने लगी.





मई देखा मौका अच्छा है. मई शमीमा को घुमा दिया. और फिर शमीमा के बड़े बड़े गांड को भी अच्छे से तेल लगा के मसलने लगा. शमीमा तो अब इस तरह से तड़प रही थी जैसे बिना पानी के मछली तड़पती हो.





मई घर से वैसे सोच के तो नहीं आया था लेकिन शमीमा की गांड देख के मेरा मन बदल गया. मई शमीमा के गांड का मस्सगे करते करते उसका गांड का छेद फैलाया और अपना अंगूठा उसके गांड में घुसा दिया. शमीमा को एक बार फिर से और झटका लगा और फिर से उसका मुँह खुल गया और वो सिसकी ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh....





मई शमीमा को इशारे से bola-shhhhhhhhh

और मई अपने काम करता रहा. मेरा लुंड पेंट के अंदर पूरा बेचैन था लेकिन मई उसे समझा रहा था बस कुछ दिन रुक जा फिर ये शमीमा तेरी hi है.

मुझे पता चल चूका था शमीमा अभी तक कुछ नहीं बोली मतलब मेरा जादू उसपे चल चूका है.

मई अब बिलकुल निडर होकर दो उंगली शमीमा के गांड में घुसा दिया और एक उंगली से बुर सहलाने लगा.





शमीमा बेचारी बस तड़पते हुए उम्मम्मम्मम उम्मम्मम्मम्मम किये जा रही थी. मई भी पुरे जोश में शमीमा के बुर और गांड की गर्मी निकलने में लगा हुआ था. मई देखा शमीमा का हाथ पेअर अब अकड़ना सुरु हो गया था. शमीमा के बुर में गर्मी और गीलापन दोनों बढ़ने लगा था. मई तीन चार बार जोर जोर से शमीमा के बुर और गांड में उंगली किया फिर शमीमा को आजाद कर दिया. शमीमा बिलकुल मछली की तरफ बीएड पे इधर से उधर करवट लेकर पलट पलट कर झड़ने लगी. उसके बुर से पानी बाह रहा था पूरा बदन अकड़ रहा था. करीब 1-2 मिनट ऐसे hi छटपटाने के बाद शमीमा शांत हुई और पूरी जोर जोर से सास लेने लगी. शमीमा के लिए ये पहली बारी था जब उसके बदन में ऐसा कुछ हुआ था





शमीमा बस हफ्ते हुए मुझे देखे जा रही थी. मुझे अच्छे से पता था ये गांव वाले अनपढ़ है. ये लोग सेक्स का मतलब भी सिर्फ लुंड बुर में डालना और छोड़ना समझते है. ये लोग एक दूसरे को होठों पे किश भी करते है या नहीं ये भी मुझे शक hi था.

अब शमीमा को पूरा यकीं हो गया की मेरे अंदर बहुत साडी दिव्या शक्ति है.

मई bola-shamima मई कल फिर तुम्हारे पास आऊंगा. देखो तुम्हे अच्छा लग रहा होगा. तुम्हारे अंदर जो भी दोष है वो धीरे धीरे करके निकलेगा. तुम अपने कपडे पहन लो.

मई फिर से मुद गया और शमीमा कपडे पहन ली.

मई फिर कमरे का दरवाजा खोला और बहार निकल गया.

बहार hi रहीम बैठा हुआ था.

मई bola-aaj का इलाज सफल रहा है. मुझे ऐसे hi एक से दो महीने शमीमा का इलाज करना होगा.

रहीम bola-thik है.

फिर मई उधर से अपने घर आ गया. मुझे पता था मौसी को रात में अकेल में दर लगता है बुरे सपने आते है इसलिए मई सीधा मौसी के पास hi आकर सो गया.
 
Episode 11

मई रात में मौसी के साथ सो गया. हम दोनों एक दूसरे के साथ चिपक कर सो गए. ऐसा करने से मौसी को रात में कोई बुरा सपना नहीं आया और हम दोनों को नींद भी अच्छा आया.

अगली सुबह जब मई उठा और ऑफिस गया तो देखा आज रंजू समय से पहले पहुंची हुई थी.

मई bola-kya बात है आज समय से पहले.

रंजू boli-sir ये फाइल में सिग्न करना है.

मई फाइल खोला और देखा फिर देख के मन में मुस्कुराया और सिग्न कर दिया.

ये फाइल था मंथली सैलरी का. रंजू और जरा यहाँ की परमानेंट स्टाफ नहीं है टेम्पररी स्टाफ है ये मुझे आज पता चला. मुझे लगा रंजू यहाँ की परमानेंट स्टाफ है लेकिन आज पता चला की वो भी टेम्पररी स्टाफ है. मई चाहता तो रंजू का फाइल पे सिंगन न करके उसकी महीने की तन्खा रुकवा देता लेकिन मई अभी रंजू से निपटने के मूड में नहीं हूँ. अभी मेरा टारगेट हाकिम सरीफ है. इसलिए मई घूमते घूमते हाकिम सरीफ के दरबार की ओरे चल दिया. मैंने सुना था हाकिम सरीफ हफ्ते में 4 दिन दरबार लगा ता है तीन दिन सभी लोगों के लिए और एक दिन सिर्फ औरतों के लिए. और आज का दरबार जो था वो था सिर्फ औरतों के लिए. मई देखा गांव की कुछ औरतें जा रही थी. मुझे एक मस्त आईडिया सुझा. मई भाग के घर गया एक पुराण मोबाइल जो मेरे पास था सिर्फ कीपैड वाला उसमे एक सिम डाला अपने मोबाइल पे कॉल किया और वो बिना कीपैड वाला मोबाइल एक औरत के थाली में चुपके से गिरा दिया. अब वो जहाँ जहन जाएगी जो जो बातें होंगी सब मुझे सुनाई देगा.

मई मस्त अपने ऑफिस में मोबाइल स्पीकर पे लगा के बैठ गया क्यूंकि ऑफिस में कोई नहीं था. रंजू सुबह hi आ कर जा चुकी थी और जरा भी आ कर जा चुकी थी.

अब मई ध्यान से मोबाइल में सुन ने लगा.

सबसे पहले एक लड़की का आवाज आया जो puchi-kya काम है.

गांव वाली boli-ji बाबा से मिलना है हमारे घर कोई संतान नहीं है.

लड़की boli-thik है अंदर आ जाइये.

फिर सिर्फ गांव वाले औरत का बैठने का आवाज आया.

कुछ देर बाद एक आदमी का आवाज आया. मई समझ गया ये हाकिम hi है.

हाकिम सरीफ bola-kya दुःख है तुमको.

गांव वाली औरत boli-baba हमको बच्चा नहीं है.

हकीम bola-ye लड्डू यही बैठ के खाओ. अगले हफ्ते फिर आना तब इलाज करेंगे.

फिर सायद वो गांव वाली औरत वो लड्डू खा ली.

फिर 15-20 मिनट कुछ आवाज नहीं आया फिर एक लड़की का आवाज आया जो boli-baba ये सो गयी.

हकीम bola-iske कपडे उतरो और मुझे दिखाओ ये नंगी कैसी दिखती है.

फिर उस गांव वाली के कपडे उतारते हुए आवाज आया.

बाबा bola-waah ये तो जवान है. लगता है इसका पति इसे खुश भी नहीं कर पता. इसे अभी कपडे पहना दो. जब होश में आएगी तो इसे घर भेज देना. याद रहे घर भेजते समय इसे वो जड़ी बूटी दे देना.

लड़की boli-josh वाली.

हकीम bola-arey हाँ कितने बार बोलना पड़ेगा.

हकीम फिर bola-jab ये अगले बार तड़पते हुए मेरे पास आएगी तब इसकी प्यास बुझाऊंगा.

फिर हकीम के जाने की आवाज आयी.

मई मन में socha-sala ये हकीम इतना बेवकूफ है मुझे यकीं नहीं था. बस गांव वालों के भरोसे और अंधविस्वाश के दम पे ऐश कर रहा है. जल्दी hi हिसाब करुणा पड़ेगा लेकिन थोड़ा संभलकर.

फिर वो गांव वाली को आधे घंटे में होश आया और वो एक जड़ी बूटी खा कर वहां से निकली. जब वो गांव आ रही थी तब मई भी उसके पीछे पीछे जाने लगा और फिर उनसे रोक कर bola-maaf कीजियेगा मई फ़ोन पे बात कर रहा था गलती से मेरा मोबाइल आपके थैली में गिर गया.

मेरी बात सुन वो अपने थैली में हाथ डाली तो मेरा मोबाइल मिल गया जो मई उस से ले लिया.

मई उनसे bola-mera नाम अंश है मई भी तंत्र विद्या करता हूँ. अगर तुम चाहो तो मई तुम्हे बच्चा पाने में मदद कर सकता हूँ. मुझे पता है तुम्हारी सास तुम्हे तने देती है. हकीम बाबा से इलाज करने के लिए तुम्हे उनके पास जाना होता है उसमे भी वहां बहुत भीड़ होता है. तुमको घर में खेती बरी और जानवर भी देखना होता है. बाबा के पास बार बार जाने में दिक्कत भी होता है. एक बार मुझे आजमा लो मई तुम्हारे घर आकर तुमको चेक कर दूंगा वो रात के 7 बजे. वो भी फ्री में. बाबा तो पैसे भी लेते है. तुम खुद hi गरीब हो जब बाबा अगली बार पैसे मांगेंगे तो कहाँ से डौगी. एक बार सोच लो. अगर मई ुम्हे सही लगता हूँ तो मेडिकल ऑफिस में आकर हमसे बात कर लेना.

ये बोलकर मई उधर से निकल गया.
 
Episode 12

बहार गांव में वो लड़की से बात करके मई घर आ गया. मौसी के साथ खाना खाया. मई देखा आज मौसी दुखी थी.

मई pucha-kya हुआ मौसी.

मौसी boli-kuch नहीं बीटा..

मई bola-batao न मौसी...

मौसी boli-kya बताएं तुमको... मेरी जिंदगी अजीब सी हो गयी है. जब छोटी थी तब मेरी बड़ी दीदी घर से भाग गयी और फिर उनके हिस्से का सारा डाट मार हमलोगों को hi मिला. धीरे धीरे लगा सबकुछ ठीक हो जायेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. ठीक होने के बजाय चीजे और बिगड़ गयी. मेरी दूसरी दीदी यानि तुम्हारी माँ भी घर से भाग के शादी कर ली. अब सबका गुस्सा घर में मुझपे hi उतरने लगा. मई पढ़ाई लिखाई में खूब म्हणत की मेडिकल एग्जाम निकली डॉक्टर बानी. मुझे एक लड़के से प्यार हुआ तो उस से शादी भी कर ली. लेकिन चीजे फिर भी वैसी नहीं रही. मेरा पति अच्छा तो था लेकिन उतना अच्छा नहीं था जितना मई सोची थी. उसे एंगर इश्यूज थे. लेकिन शादी के पहले ये बात मुझे मालूम नहीं था. फिर मेरी एक बेटी हुई. अपने नौकरी और अपने पति गुस्सैल मिजाज के कारन ज्यादातर समय हम दोनों शादी के बाद भी अलग hi रहे हाँ हमारे बिच प्यार के कुछ हसीं पल जरूर थे जिसके चलते मई जिन्दा थी. फिर मेरी पोस्टिंग यहाँ इस गांव में हुआ. मुझे लगा मई गांव वालों का भला करुँगी तो सायद मेरे दिल को सुकून मिलेगा दिमाग को शांति मिलेगी लेकिन यहाँ भी सब कुछ उल्टा hi हो गया. इस गांव ने मेरे पति को मुझसे चीन लिया. मेरी बेटी की जान और इज्जत दोनों जाते जाते बची. मुझे hi देख लो न. रात में मुझे दौरा पड़ता है मई नींद में दर के मारे चिल्लाती हूँ. यहाँ का पानी मुझपे असर कर गया है तो मेरे सेक्स ड्राइव्स भी बहुत बढ़ गए है. कुल मिलकर मई आधी दिन दुःख से तड़पती हूँ और आधा दिन अपनी जिस्म की ये गर्मी से. मुझे जिंदगी में बहुत पैसे, बहुत ऐसो आराम की छह नहीं थी. छह थी तो बस एक ऐसी जिंदगी की जिसमे एक सहारा मेरे साथ हो. एक ऐसा आदमी मेरे साथ हो जो मेरे दुःख को सुख को सबको मेरे साथ बाटे लेकिन देखो जिंदगी को मुझे क्या दिया है. तुम्हे पता है कभी कभी लगता है मई hi पनौती हूँ. जहाँ जाती हूँ बुरा समय सुरु हो जाता है. इस गांव को hi देख लो. जब से मई इस गांव में आयी हूँ उसी समय से यहाँ ये हककेँ अपनी ऐयासी सुरु किया है. इसके पहले जो बाबा था वो गांव वालों को ठगता जरूर था लेकिन किसी की इज्जत के साथ नहीं खेलता था.

मौसी उदास होते हुए boli-na माँ बाप का प्यार मिला न भाई बहन का प्यार मिला. उम्मीद थी पति का प्यार मिलेगा वो भी नहीं मिला. अब सोचती हूँ जिंदगी में कुछ न कर सकीय तो काम से काम इन गांव वालों को hi कुछ दुःख से आजाद करा पाव. मेरा बदला भी पूरा होगा गांव वालों का भी भला होगा और क्या पता इसी बहाने मुझे कुछ सुकून मिल जायेगा.

मौसी की बात सुनकर मुझे बुरा लग रहा था.

मई कुछ देर सोचा फिर bola-mousi मई एक बात बोलूं.

मौसी boli-kya..

मई bola-mujhse शादी कर लो.

मौसी ये सुनते hi boli-tu पागल हो गया है क्या.

मई bola-mousi इसमें गलत क्या है. आपको कभी पति का प्यार नहीं मिला. आप अपने बच्चे के साथ भी कभी नहीं रह पाए. मई भी आपके बेटे जैसा hi हूँ. मई आपको एक बेटे का पति का माँ बाप का सबका प्यार देना चाहता हूँ. आपने आधी जिंदगी दुःख में गुजर दिया लेकिन मई चाहता हूँ आप बाकि की जिंदगी ख़ुशी से बिताये.

मई फिर bola-mousi मेरे तरफ से कोई जोर जबरजस्ती नहीं है. अगर आपको सही लगे तो ठीक है. क्यूंकि मई आपको और तड़पते हुए नहीं देख सकता.

मेरी बात सुनकर मौसी किसी सोच में गम सी हो गयी फिर boli-mujhe सोचने के लिए समय चाहिए.

मई bola-bilkul मौसी आप जितना समय लेना चाहते है ले लीजिये 5 साल 10 साल 20 साल मई इंतजार करूँगा.

मौसी एक बार प्यार से मेरे तरफ देखि फिर boli-ansh मुझे समय चाहिए.

मई bola-ji मौसी.

फिर मौसी अपने कमरे में सोने चली गयी.

मई भी अपने कमरे में सोने जा hi रहा था की बहार से कोई हमारा दरवाजा बजाय.

मई जाकर दरवाजा खोला तो देखा सामने वही गांव वाली औरत थी जो आज हकीम के पास गयी थी.

मई अपना घर लॉक किया और उसे लेकर मेडिकल ऑफिस में आ गया.

मई देखा उस औरत को या कहे लड़की को क्यूंकि उसकी उम्र मुश्किल से 20-22 की रही होगी.

मई bola-ji आपका नाम क्या है.

वो boli-ji आरती.

आरती मुझसे boli-aap बोल रहे थे आपके पास दिव्या शक्ति है तो पहले आप मुझे कुछ शक्ति दिखाइए.

मई bola-mai तुमको शक्ति एक hi शर्ट पे दिखाऊंगा और वो शर्ट ये है की तुम मेरे इस शक्ति के बारे में किसी को नहीं बताओगे. अगर मुझे पता चल गया की तुमने किसी को भी मेरे शक्ति के बारे में बताया है तब मई तुम्हारा इलाज नहीं करूँगा.

आरती boli-thik है.

मई bola-aarti अपना हाथ दो.

मई देखा आरती के हाथ में कलाई के पास थोड़ा सा जलने का नीसाण था.

मई आरती को pucha-tumhare घर में कौन कौन है.

आरती boli-mai हूँ मेरी सास है और मेरे पति है.

मई मुस्कुराया और bola-dekho आरती मई अपनी शक्तियों से ये जान पा रहा हूँ की तुम्हरी हाथ पे ये दाग तुम्हारे सास ने लगाया है.

ये सुनते hi आरती boli-isme क्या बात है कोई भी ये बात बता देगा.

मई bola-nahi बता पायेगा तुम्हारे घर में तुम्हारा पति भी तो है उसपे भी तो शक जा सकता है. खैर एक और बात सुनो.

मई फिर bola-tumhare यहाँ दूध के पास एक टिल है. और सुनो तुम्हारे कमर के पास एक छोटा सा नीसाण है.

मई bola-aur सुनो तुम बहुत दुखी रहती हो. तुम्हारे घर वाले बहुत गरीब है. जबसे तुम्हारी शादी यहाँ हुई है तुम अच्छे से खुश भी नहीं रह पति हो.

मई ये सब एक सास में बोल दिया फिर bola-itna काफी है तो ठीक है. मेरी शक्तियां इन छोटे मोठे कामो के लिए नहीं है. तुम्हे मेरी शक्ति चेक करना था इसलिए मई तुम्हे बोल दिया. अगर तुम्हे लगता है मई तुम्हारा इलाज कर सकता हूँ तो ठीक है नहीं तो तुम अपने घर जा सकती हो.

मेरी बात पे आरती boli-mujhe भरोसा तो है लेकिन मेरी सास और मेरे पति नहीं मानेंगे.

मई bola-achha बताओ दोनों में से किसे मानाने से तुम्हारा इलाज हो पायेगा.

आरती दो मिनट सोची फिर boli-meri सास को लेकिन वो मानेगी नहीं एक नंबर की चुड़ैल है.

मई आरती को bola-tum चिंता न करो. बस मुझे ये बताओ दिन का कौन सा समय है जब तुम्हारा पति घर में नहीं रहता है और तुम्हारी सास आराम करती है.

आरती दो मिनट सोची फिर boli-dophara के 3 बजे मेरा पति खेत चले जाते है उस समय मेरी सास घर में आराम करती है.

मई bola-thik है कल दोपहर 3 बजे मई आऊंगा.

तुम्हारा काम हो जायेगा.

मई आरती को भेज दिया.
 
Episode 13

शाम हो hi गया था. फिर रात हुआ और मई मौसी के साथ खाना खा कर कमरे को लॉक किया और चल दिया शमीमा के पास. मेरा आज का भी प्लान बना हुआ था. मई शमीमा के कमरे में गया और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया.

मई शमीमा को bola-shamima अपने सरे कपडे उतरो और बिस्तर पे लेट जाओ.

शमीमा वैसा hi की. आज मई चेहरा नहीं घुमाया था. शमीमा मेरे सामने hi शरमाते हुए अपना सारा कपडा उतरी फिर बिस्तर पे उलट लेट गयी.

मई bola-shamima आज सीधा लेट जाओ.

शमीमा सीधा लेट गयी.

मई bola-ab बताओ शमीमा कल मेरे जाने के बाद से आज रात तक एक भी बार मेरा याद आया.

शमीमा boli-bahut बार आया डाक साहब हर 10-15 और 20 मिनट में बार बार आपका याद आ रहा था. पता नहीं कौन सा शक्ति आपने लगाया है आपसे मिलने का मन भी कर रहा था. कल जो आपने किया आज फिर से वो कीजिये न.

मई bola-shamima ये इलजा है. आज हमलोग कुछ और काम करेंगे. तुम बस आंख्ने बंद करो और लेट जाओ. देखो तुम्हारे अंदर जो दोष है उसे मुझे निकलना है. आज मई अपनी शक्ति से तुम्हारे दोष को तुम्हारे सरीर से खीचूंगा.

शमीमा शांत होकर आंख्ने बंद करके बिस्तर पे लेट गयी.

मई देखा पा रहा था शमीमा के निप्पल पूरा खड़ा था. उसका बदन हल्का हल्का कांप रहा था.

मई बड़े प्यार से शमीमा के बुर के पास गया जो आज पहले से hi गिला हो रखा था.

मई झुका शमीमा का दोनों जांघ को फैलाया और सीधा एक झटके में अपना मुँह शमीमा के बुर पे लगा दिया और जोर जोर से अपना जीभ शमीमा के बुर में घुसाने लगा.

शमीमा इस झटके से अचानक से कम्पनी लगी और जोर जोर से ुंहःहःहः umhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhh करके कमर छकाने लगी...





मुझे शमीमा के बुर पे मुँह लगाए दो मिनट भी नहीं हुआ की शमीमा पूरा झटके खा खा के मेरे मुँह पे झड़ने लगी.

मुझे लगा था शमीमा काम से काम 10-15 मिनट तो टिकेगी लेकिन शमीमा तो 2 मिनट में hi ढेर हो गयी.

मई पहले शमीमा को शांत होने दिया तब तक मई सोच लिया आगे क्या करना है.

मई शमीमा को bola-shamima देखो मई तुम्हारे अंदर से जो भी दोष है उसे निकल रहा हूँ लेकिन रात में हो सकता है कुछ गलत शक्तियां तुमपे भरी पद जाये उसके लिए तुम्हे मेरा सुधा शक्ति भी लेना पड़ेगा.

शमीमा boli-wo कैसे होगा डाक साहब,

मई bola-uske लिए अब मुझे अपना कपडा उतरना पड़ेगा.

ये बोलकर मई शमीमा के सामने अपना सारा कपडा उतर दिया.

मेरा लुंड पूरा खड़ा था और आज तो मुझे hi अपने लुंड पे ताजुब हो रहा था ये कुछ ज्यादा hi लम्बा मोटा लग रहा था.

मई शमीमा को bola-shamima तुम्हे अब ये अपने मुँह में भरकर चूसना पड़ेगा.

शमीमा boli-dak साहब लेकिन यहाँ से तो पेशाब निकलता है ये गन्दा होता है.

मई bola-shamima तुम्हारे भी तो वहां से पेशाब निकलता है लेकिन शक्ति वही से निकला न. तुम देखि कैसे तुम्हारा बदन खुद पे काबू खो देता है.

शमीमा boli-ji डाक साहब.

फिर मई आराम से बिस्तर पे लत गया और शमीमा मेरे लुंड के पास आकर बैठ गयी.

मुझे पता था मुझे hi शमीमा को सब बताना पड़ेगा.

मई शमीमा को bola-shamima ापब अपना मुँह खोलो और मेरे लुंड को पुरे मन से छतो.

शमीमा वैसा hi करने लगी. वो अपना जीभ निकल कर मेरे लुंड को चाटने लगी.





मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मई बड़े प्यार से शमीमा से लुंड चटवा रहा था फिर मई शमीमा को bola-shamima अब धीरे धीरे मेरे लुंड को अपने मुँह के अंदर बहार करो बस ध्यान रहे उसपे डाट न लगे.

शमीमा boli-ji डाक साहब और फिर वो मेरे लुंड को अपने मुँह में ठूसने लगी.





धीरे धीरे करके शमीमा मेरे पुरे लुंड को अपने मुँह में भर ले रही थी. मई तो अब पुरे जोश में आने लगा था.

शमीमा को भी ये अच्छा लग रहा था. मेरे लुंड की खुसबू में वो धीरे धीरे मदहोश हो रही थी.

मई शमीमा का चेहरा पकड़ा और अपना लुंड शमीमा के मुँह में पहले धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा. शमीमा भी उम्मम्मम्म ummmmmmmmmm करके मेरा लुंड चूस रही थी.





मेरा लुंड अब जोर जोर से फड़कने लगा. मुझसे अब बर्दास्त नहीं हुआ और मई शमीमा को पकड़ा और किसी रखैल की तरह जोर जोर से शमीमा का मुँह छोड़ने लगा.

शमीमा को मजा भी आ रहा था और थोड़ा गले में दर्द भी हो रहा था क्यूंकि मेरा लुंड का टोपा उसके गले तक उतर रहा था.

शमीमा के मुँह से अब बस ुकककककककक ुककककककककक umhhhhhhhhhhhhh umkkkkkkkkkk ुमककककककक umhhhhhhhhhh ऐसी आवाज आ रहा था.





मेरा लुंड से अब बस डरा माल निकलने hi वाला था तो मई शमीमा को पकड़ा और अपना लुंड पूरा शमीमा के मुँह में ठूस दिया. मेरा सारा वीर शमीमा पिने लगी साथ hi वो खस्ने भी लगी.





मई शमीमा को bola-shamima मई अब तुम्हारे चेहरे अपने शक्ति का कुछ बीज गिराने वाला हूँ इसे रात भर अपने चेहरे पर hi रहने देना ये बोलकर मई बाकी बचा खुचा वीर शमीमा के चेहरे पे झाड़ दिया.





मई जो भी बोल रहा था शमीमा बस किये जा रही थी. मई समझ गया था शमीमा अब मेरे बस में आ चुकी है. इसे मई जैसे चहु जहाँ चाहूँ छोड़ सकता हूँ. ये सोचकर मेरा लुंड फिर से खड़ा होने लगा लेकिन आज के लिए इतना काफी था इसलिए मई कमरे से निकल गया और रहीम को bola-aaj शमीमा को अकेले कमरे में सोने दो.
 
Episode 14

सुबह तक़रीबन 8 बजे का समय था. एक औरत रंजू के दरवाजे पे आयी और दरवाजा बजायी.

रंजू दरवाजा खोली और सामने वाले को देखते hi boli-aap यहाँ क्या कुछ जरुरी काम था क्या.

सामने जो औरत थी वो कोई और नहीं हाकिम सरीफ की दासी थी.

वो boli-hakim बाबा तुमको बुला रहे है.

रंजू boli-aap एक मिनट रुकिए मई अभी आती हूँ. गांव वालों में हाकिम बाबा की बहुत इज्जत थी. हाकिम बाबा किसी को खुद से बुलाये ये तो उनके लिए गर्व की बात होती थी.

रंजू फटाफट अपने कपडे ठीक की और हाकिम के दासी के साथ दरबार में आ गयी.

हाकिम बाबा एक बड़े से सिंहासन पे बैठे हुए थे. सिंहासन देख कर hi लगता था बहुत महंगा होगा.

रंजू हाकिम बाबा को देखते hi दंडवत उनके सामने लेट गयी और उनको प्रणाम की.

हाकिम बाबा bole-utho रंजू.

रंजू उठ के हाकिम बाबा के सामने बैठ गयी.

हाकिम बाबा bole-suna है तुम्हारे ऑफिस में फिर से कोई साहब आये है.

रंजू boli-ji बाबा जी. उसका नाम अंश है.

हाकिम बाबा puche-wo कैसा है ईमानदार है या बेईमान.

रंजू को मुझपे गुस्सा तो था. वो boli-baba एक नंबर का बेईमान है. आप तो जानते hi है मई कितनी ईमानदारी से काम करती हूँ. वो कमीना मुझसे भी पैसे मांग रहा था.

रंजू बात को थोड़ा और बढ़ा चाचा के boli-baba जी वो एक नंबर का ठरकी भी है. जब से आया है कभी मेरे बदन को तो कभी जरा के बदन के घूरता रहता है.

रंजू को लग रहा था की वो बाबा से मेरी शिकायत करेगी तो बाबा गांव वाले की मदद से मुझे गांव से भगा देंगे और फिर से वो ऑफिस की हेड बन जाएगी और अपनी मनमानी करेगी.

ये सब सोच कर रंजू और थोड़ा मेरे बारे में बुराई करके चली गयी.

रंजू के जाते hi दरबार का दरवाजा बंद हुआ. जो दासी रंजू को बुला कर लायी थी वो बाबा के सामने जमीं पे बैठ गयी. एक हाथ में कटोरी में तेल ली और बाबा के लुंड को धोती से निकल कर तेल से मस्सगे करने लगी.





हाकिम की जो पर्सनल दासी या फिर रंडी या फिर रखैल जिसे कह सकते है उसका नाम था रम्य. रम्य जब 40 की थी फिर भी उसको बच्चा नहीं हुआ तो रम्य के घरवाले उसे घर से निकल दिए फिर रम्य को बाबा ने सहारा दिया और ये दिलासा भी दिया की उसे वो बच्चा करवाएगा. रम्य को यहाँ 2 साल हो गए है. वैसे तो हाकिम रम्य को हर दो तीन महीने में एक बार रगड़ लके छोड़ता है लेकिन रम्य को अभी तक बच्चा नहीं हुआ है. रम्य बाबा पे अँधा विश्वास करती है. करे भी क्यों न दुःख के समय में एक सहारा बन कर बाबा hi आये. वो बात अलग है हाकिम बाबा इसका नाजायज फायदा उठाते है लेकिन रम्य को लगता है हाकिम शरीफ जो भी कर रहे है रम्य और गांव वालों की भलाई के लिए कर रहे है. वैसे रम्य को भी बाबा की हकीकत ढंग से नहीं पता है.

रम्य boli-baba ये जो साहब है रंजू के ये आपको परेशां करेंगे क्या.

हाकिम मन hi मन मुस्कुराया और bola-nahi रम्य वो बस अपने रस्ते से थोड़ा भटक गया है उसे सही दिशा में मई ले आऊंगा.

रम्य boli-baba सुना है जब से ये साहब आया है वो पुराणी ोफ्सेर भी लापता है

फिर बाबा हाकिम मन में bola-sala ये जरूर इस अफसर की कारिस्तानी होगी. इसने hi उसे दिल्ली बॉम्बे कही भेज दिया होगा इलाज करवाने.

बाबा bola-pata नहीं हो सकता है वो पागल खुद hi कही चली गयी होगी.

रम्य boli-baba वो एक नंबर का बेईमान है.

ये बात सुनकर हकीम मुस्कुराया.

वो औरत boli-baba इसे मरवा देते है.

हकीम bola-pagal इसे भी मरवा देंगे तो सर्कार फिर से कोई नया अफसर भेज देगी. कही वो इस से भी बदमाश निकला तो क्या करोगी.

हकीम फिर bola-hum गांव में सबका भला करते है सबको सही राह पे लाते है इसे भी हम सही राह पे लाएंगे. आज उस लड़के को मेरे पास लेकर आना.

हकीम फिर मन में bola-jawan लोग दिमाग से नहीं अपने कमर के निचे टंगे डंडे से सोचते है. उसे आज दोपहर दावत पे बुलाऊंगा फिर देखता हूँ क्या कर सकते है. .

हाकिम अपने दासी रम्य से बोलै- आज बहार लिख दो दरबार बंद रहेगा. सरकारी मेहमान आया है खातिरदारी तो करना hi पड़ेगा.

रम्य boli-thik है बाबा.

फिर रम्य जोर जोर से हाकिम के लुंड को मस्सगे देने लगी और हाकिम अह्ह्ह्ह हहहह हहहहह करते करते रम्य के हाथ में हाकिम झड़ने लगा.





एक तरफ जहाँ दरबार में ये सब चल रहा था वही हमारे घर में रोज की तरह मई सुबह सुबह उठा फिर मौसी के साथ खाना खाया. मौसी मुझे बार बार देख रही थी लेकिन कुछ बोल नहीं रही थी. मुझे लगा मौसी समय ले रही है जो अच्छी बात है. मई नहीं चाहता था मौसी हड़बड़ी में कोई डेसिओं ले. मुझे याद था आज मुझे दोपहर में 3 बजे के करीब आरती के घर जाना है. सुबह के खाने के बाद मई एक बार गांव घुमा. गांव के लोगों को भी अब धीरे धीरे पता चलने लगा था की मई सरकारी मेडिकल अफसर हूँ. उन्हें इसका मतलब तो नहीं पता था लेकिन हाँ गांव वालों को इतना जरूर पता था की मेरे से पहले जो मेडिकल अफसर थी उसपे डायन चढ़ गया था जिसे फिर हाकिम बाबा ने मार मार के भगाया था. ये पैतरा हाकिम का मेरी मौसी पे काम कर गया था लेकिन मुझपे काम नहीं करेगा इसका कारन ये था की गांव वाले मानते थे भूत, डायन और चुड़ैल ज्यादातर औरतों पर hi आते है. मर्दो पे तो मर्दानगी आती है. मेरे गांव में आने का पता जैसे कुछ गांव वालों को पता चला था वैसे hi गांव के हाकिम को भी पता चल चूका था.

मई गांव घूम hi रहा था की एक 40-42 साल की खूबसूरत औरत मेरे सामने आयी और boli-sahab आपको हाकिम बाबा ने बुलाया है.

मई bola-abhi??

वो boli-ji

मई pucha-aapka नाम क्या है.

वो boli-ramya.

मई bola-ramya जी आप बाबा के पास कितने साल से है.

रम्य boli-do साल से.

मई कुछ सोचा लेकिन बोलै नहीं.

मई थोड़ा सतर्क जरूर हो गया और चल दिया बाबा के पास.

रम्य मुझे दरबार में ले गयी और एक बड़े से कमरे में जमीं पे जहाँ चटाई बिछा हुआ था उसपे बैठा दी.

कुछ देर में वहां एक इंसान आया देखने में लम्बा चौड़ा लम्बी दाढ़ी मूछें.
 
Episode 15

मेरे सामने हकीम सरीफ बैठा हुआ था. वैसे तो सिर्फ नाम से hi सरीफ है. है तो एक नंबर का हरामी hi. मई भी देखना चाहता था आखिर हाकिम बोलता क्या है.

हाकिम सरीफ मेरे सामने बैठा हुआ था. कमरे में सिर्फ दो hi लोग थे.

हाकिम सरीफ bola-dekho बच्चे तुम पढ़े लिखे हो. हो सकता है तुम्हे मेरे बारे में पता चल गया होगा या फिर नहीं पता है तो मई बता देता हूँ जवाणीअ गांव के जितने भी लोग है उनके लिए उनका डॉक्टर मई hi हूँ. तंत्र मंत्र झाड़ फूक ये सब गांव वाले मानते है और मई तंत्र मंत्र झाड़ फूक के जरिये लोगों को ठीक करता हूँ. तुम्हे लग सकता है ये सब अंधविस्वाश है लेकिन जो है वो यही है. तुम बेकार का अपना पढाई लिखे का बात उनलोग को समझाओगे मेरे बारे में झूठ सच फैलाओगे तो मुझे तकलीफ होगी. मुझे तकलीफ होगी तो फिर तुम्हे बहुत तकलीफ होगी.

हकीम फिर bola-mujhe पता है तुम पहले वाली डॉक्टर को भी कही भेजे हो इलाज के लिए लेकिन ये ठीक नहीं है. अगर वो फिर से आयी यहाँ मेरे खिलाफ तो याद रखना इस बार उसके साथ साथ तुम्हे भी इसी गांव में कही दफ़न कर दूंगा. जैसे उसके पति को कर दिया था.

मई हाकिम को देख रहा था उसकी बातें सुन रहा था. हाकिम को अपने ऊपर कुछ ज्यादा hi भरोसा था या फिर कहे घमंड था.

मई हाकिम की साडी बातें सुन चूका था अब मेरी बारी थी. मुझे पता चल गया ये हाकिम सिर्फ सरीर से hi बड़ा है बूढी तो इसकी बैल वाली hi है.

मई बिलकुल कमीने पैन के साथ मुस्कुराया और दंडवत उसके पैरो के पास गिर गया और bola-hakim साहब जब मई यहाँ आया तब hi मुझे आपके बारे में सब पता चल गया था इसलिए तो आपकी दासी रम्य के एक बार बोलते hi मई आपके पास चला आया.

मुझे पता है तंत्र मंत्र और लड़कीओ के इलाज के बहाने आप उनके साथ क्या करते है.

मेरी बात सुनते hi हाकिम का घूर के मुझे देखने लगा.

मई bola-hakim साहब गुस्सा नहीं. मई आपको ब्लैक मेल करने नहीं आया हूँ. आप तो जानते है मई जवान हूँ. मई बोल रहा था जितनी भी जवान लड़कीअ है उसके साथ आपको जो करना है करिये लेकिन मुझपे दया करके काम से काम दो चार औरत या बुढ़िया लोग hi मुझे दिला दीजिये. मेरा भी मन करता है कुछ कुछ करने का.

मई तो एक प्लान भी लेकर आया हूँ. आप बोले तो मई सुनौ.

हाकिम bola-sunao.

मई bola-mai क्या बोलता हूँ गांव की जो भी औरत 35-40 से ऊपर की है जिसके साथ आप सबकुछ कर चुके हो या करने का मन नहीं है उन सबको मेरे पास भेज दीजियेगा ये बोलकर की मई भी आपका hi चेला हूँ. मई भी अच्छे से इलाज करता हूँ.

मेरी बात पे हाकिम जोर जोर से हसने लगा.

हाकिम bola-sala तू एक नंबर का चुड़क्कड़ लड़का है. जवानी चढ़ा नहीं की बड़ी बड़ी गहराई नापने का शौक पाल लिया है.

हाकिम फिर bola-tum मुझसे यु सीधे बात किये इसलिए तुम मुझे अच्छे लगे. वैसे भी मुझे जवान लड़कीअ hi पसंद है. टाइट बुर हरी भरी जवानी का रास में जो मजा है वो उम्रदराज औरतों में कहाँ. बहुत के तो पति ने hi छोड़ छोड़ के गुफा कर दिया है.

अब हाकिम भी मुझसे खुल के बात कर रहा था.

हाकिम bola-thik है गांव की जो भी औरतें है उन सब पे तुम्हारा हक़ लेकिन जवान लड़किया और खासकर कच्ची कलिओ पे नजर न डालना.

मई bola-ji बिलकुल.

फिर मई bola-hakim जी अगर आपका परमिशन हो तो कभी कभी आपकी दासी लोग भी मिल जाती तो मेरा जीवन सफल हो जाता.

हाकिम bola-arey ये भी कोई पूछने की बात है वैसे भी इन देश के साथ मई सबकुछ कर चूका हूँ. तुम्हे जो पसंद हो आना और उसके साथ रंगरलियां मन लेना.

मई bola-thank यू हाकिम साहब.

और मई मुद कर जाने लगा तो हाकिम bola-dekho मई जिसपे भरोसा करता हूँ दिल खोल के भरोसा करता हूँ लेकिन मेरा भरोसा टूटा तो साथ में तेरी हड्डियां भी टूटेगी.

मई bola-aisa बिलकुल नहीं होगा. मुझे सर्कार से पैसा आता hi है. आपकी कृपा से मौज मस्ती का भी इंतजाम हो गया है.

हाकिम मुस्कुरा के bola-aur कुछ चाहिए.

मई देखा हाकिम इतना दिल खोल के बोल रहा है तो मई भी खुल के कुछ मांग hi लेता हूँ.

मई bola-hakim जी वो गांव में वो औरत है न मल्टी मुझे उसको आज छोड़ने का मन कर रहा है.

हाकिम हस्ता हुआ bola-wo भइसि मोटकी. कोई बात नहीं मई एक दासी को बोल दूंगा की वो मोटकी को बोल देगा आज मेरा एक शिष्य उसके पास आएगा. वो मन नहीं करेगी.

फिर हाकिम bola-dhyan रहे मेरा नाम ख़राब नहीं होना चाहिए और जिसके साथ जो भी करना ये बोलकर करना की तुम उनके सरीर के काली शक्तियों को निकल रहे हो.

फिर हाकिम ने एक पुड़िया दिया जिसमे 15-20 छोटा छोटा गोली था.

मई pucha-ye ...

हाकिम bola-jiske साथ भी करना है उसे ये खिला देना वो नींद में चली जाएगी फिर जो करना होगा कर लेना.

मई bola-ji हाकिम साहब.

और मई फिर निकलने लगा तो हाकिम bola-jaate जाते एक बात बता दूँ हमारे बिच जो भी बात हुई है वो सब का ऑडियो मैंने रिकॉर्ड कर लिया है. अगर तुमने चालाकी की तो ऑडियो एडिट करके गांव वालों को सुना दूंगा फिर गांव वाले hi तुझे ठरकी समझ के दफ़न कर देंगे.

मई मन hi मन मुस्कुराया और मन में bola-sale अपने आप को ज्यादा होसियार समझता है. तूने तो सिर्फ ऑडियो रिकॉर्ड किया है मैंने तो अपने पॉकेट में मोबाइल रखे रखे सारा वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया है.

मई मुस्कुराता हुआ वहां से निकल गया. ये हाकिम तो जरुरत से ज्यादा बड़बोला और बेवकूफ है. मुझे अब बस 2-3 महीने के अंदर गांव की औरतों को अपने वश में करना था ताकि लोग ये बाबा के बदले मेरी बात सुन ने लगे.
 
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