Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic } - Page 3 - SexBaba
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Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic }

अपडेट… 19

हॉल में माँ ,डैड ने जब मुझे देखा तो यकीन hi नहीं हुआ मई हूँ.. ..

माँ… अभी… खा जा रहा है इतना बन थान क कसम से मेरा बीटा हीरो से भी अच्छा लग रहा है. .

सोनाली.. बहु को मिलने…

मई.. ( शॉकेड पागल यह क्या बोल दी कुछ सोच तो लेती )…..

अब आगे….

माँ… चल कुछ भी बोलती ह…. ( फिर आँख से काजल निकल मेरे कान क पीछे लगा दिया ) मेरे बेटे को नजर न लगे…

मई… माँ… ( और उनके गले लग गया… )

डैड.. अरे भाई हम भी खड़े ह लाइन में…

मई… क्यों नहीं डैड… ( फिर उनको भी हुग किया )

डैड… सच बोल खा जा रहा है…

सोनाली… ( धीरे से) डेट पर…

दोनों… क्या सच…

मई.. अरे नहीं माँ यह तो कुछ भी बोलती है… मई तोह बर्थडे पार्टी में जा रहा हूँ…

माँ… कोई नहीं बेतु बता दे अगर पसंद ह तो मई बात क्र लुंगी उनसे.

मई… नहीं माँ अभी.. तो कोई नहीं है अगर होंगी तोह सबसे पहले आपको बताऊंगा… और वैसे आपको और दी को छोड़कर मई कहि नहीं जाऊंगा….

माँ… चल नौटंकी जा और जल्दी आना..

मई माँ डैड को bye बोलकर सोनाली को हुग किया.. उसने मुझे बेस्ट ऑफ़ लक खा…

अब में बहार आया गेराज से अपनी… ब्लैक लेम्बोर्गिनी निकली.. जो मुझे पीछे साल दी ने बर्थडे पर दी थी…

अब सबसे पहले मुझे फ़ोन का कुछ करना था मैंने गाढ़ी एक मोबाइल क शॉप क बहार लगाई… मुझे और गाडी को देख हर कोई पिछ खिंच रहा था… मई उनको इग्नोर करते हुए… अंदर गया… एक स्मार्टफोन लिया जो की उस महीने लांच हुआ था एप्पल ी क्ष लिए और एक चालु no लिए…

और चल दिया लेकिन मुझे तृषा का घर तो पता hi नहीं था मैंने सोनाली को फ़ोन किया और उससे एड्रेस मांग चल दिया उसके घर…

घर काफी ाचा था तृषा क डैड भी बिज़नेस मन थे उनके कई होटल्स थे… जो अब उसकी माँ हैंडल करती है… मैंने टाइम देखा 7 बज चुके थे…

मैंने गाडी पार्क की और चल दिया घर की और गेट पर पहुंच क्र मैंने बेल्ल बजे… 2 ,3 बार फिर मुझे किसी क कदमो का अहसास हुआ.. और गेट खुला…

गेट तृषा ने hi खोला था वो मुझे देख क्र सॉकेड हो गई… मैंने उसको हिलाया पर वो तो जैसे जैम hi गई थी… तभी उसकी माँ ने आवाज दी..

.

टी. माँ… त्रिषु बीटा कोण है…

वो अभी भी मुझे hi देखे जा रही थी… मैंने उसको जोर से हिलाया वो फिर भी होश में नहीं आई मई ( मुस्कुराने लगा ) तभी मैंने उसको कमर में चिकोटी काटी…

तृषा… ोोुच क्या करते हो जी.. दुखता है…

टी. माँ… तृषा कोण है जबाब क्यों नहीं दे रही… .

जैसे hi तृषा ने यह सुना वो घबरा गई… मैंने उसे शांत रहने को खा और अंदर चल दिया…

आंटी सोफे पर बैठ लैपटॉप पर काम क्र रही थी मुझे देख…

T.mom… कोण हो तुम…

मई.. ( उनके पास गया और पेअर छू क्र ) नमस्ते जी मई सोनाली का भाई हूँ… आज हममे अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में जाना था तो दी ने मुझे इन्हे पिक करने को बोलै…

तृषा हैरानी से मुझे देखने लगी… ..

T.mom.. खुश रो बीटा और सोनू नहीं आई…

मई… नहीं आंटी वो सीधा पार्टी में पहुँच गई है… ( और तृषा से ) आप अभी तक तैयार नहीं हुए चलना नहीं ह क्या…

तृषा… ( हड़बड़ाती हुए ) हैं अभी आई बस 10 मं वेट करो.. और फिर अपने रूम में चली गई…

T.mom.. बीटा घर पर सब ठीक है..

मई.. हाँ आंटी सब ठीक है…

T.mom… बीटा वैसे तुम क्या करते हो..

मई…. आंटी में सॉफ्ट वेयर इंजीनियरिंग क्र रहा हूँ.. हम..

T.mom… हम्म्म.. वैसे तुम बहुत हैंडसम हो तुम…

मई… क्या खा..

T.mom.. वही जो सच है… तुम hi अभी हो न…

मई.. आपको कैसे पता…

T.mom.. तृषा तुम्हारे बारे में बहुत बात करती है…

हम ऐसे hi बात क्र रही थे की तभी तृषा बहार आई…

ओह्ह मीय गॉड क्या लग रही थी उसने एक पर्पल कलर का पार्टी गाउन पहला हुआ था मेरा मुँह खुला का खुला रह गया… वो मुझे देख क्र शर्मा गई…

मई… वाओ क्या लग रही हो…

तृषा… ( शरमाते हुए ) थैंक्स…

T.mom… ( जो कब से ह दोनों को hi देख रही थी ) वाह मेरी बेटी कितनी खूबसूरत है मुझे पता hi नहीं था ….

( और उन्होंने आगे बढ़ क्र तृषा को हुग किया )

उनकी आँखों में आंसू आ गए…

T.mom… नजर न लगे मेरी बेटी को ऐसे hi खुश रहना

तृषा… ( कुछ नहीं बोली बस माँ को हुग किए रही )

मई.. अरे आंटी आप रो क्यों रही है…

T.mom.. नहीं बीटा यह तो ख़ुशी क आंसू है…

थोड़ी देर बाद वो अलग हुए..

मई.. चलो हमे लेट हो रहा है…

तृषा ने एक बार मेरी तरफ देखा और कुछ नहीं बोली बस हाँ में गर्दन हिला दी… हम बहार आए झा मेरी कार कड़ी थी जिसे देख वो और खुश हो गई थी…

तभी T.mom… ( मेरे कान में ) कभी हाथ मत छोड़ना इसका आज कई सालों बाद बहुत खुश दिखी है …

मई.. जी बिल्कुल माँ…

T.mom.. क्या खा तुमने…

मई… मा..

T.mom… ( ने मुझे हुग किया ) कब से तराश रही हूँ यह सुनने क लिए मेरी बहुत इच्छा की मेरा भी एक बीटा हो…

मई… माँ मई हूँ न आपका बीटा में आपको कभी निराश नहीं करूंगा…

तृषा… क्या बातें हो रही जल्दी चलिए अब लेट नहीं हो रहा…

T.mom उसके बात करने का अंदाज देख हसने लगी मई भी मुस्कुरा दिया…

तृषा… अरे आप हस्स क्यों रहे है…

मई… कुछ नहीं… चलो..

फिर मैंने उसे कार में बैठाया… और आंटी को bye बोल चल दिया रेस्टोरेंट मई झा सेक्रेटरी को बोलै था…

रास्ते में जो कोई पास से गुजरता बस हममे और हमारी गाडी को hi देख रहा कई लड़किया तो जल रही थी तृषा से…

मैंने गाडी रेस्टोरेंट मई पार्क की और भर निकल तृषा क लिए गेट खोला…

वो बाद मुझे hi देख रही थी …. मैंने उसे अपना हाथ बढ़ा दिया… जिसे पकड़ तृषा बहार आई… वो बस मेरी आँखों में देख रही थी जैसे जाना चाहती हो यह क्यों लाये हो…

मई… बस थोड़ा और इन्जार करो सब पता चल जायेगा…

फिर हम हाथ थामे चलते रही तृषा बहुत खुश और शर्मा रही थी… और हो भी क्यों ना आज पहली बार मेरे साथ भर डिनर पर आई थी…

फिर हम जैसे hi रेस्टोरेंट मई अंदर गए गेट खोला फुलून की बारिश होने लगी… हार तरफ रेड हार्ट शेप्ड बैलून्स बिखरे पड़े थे… लाल कलर की हलकी रौशनी जल रही थी… ब्यूटीफुल रोमांटिक म्यूजिक चल रहा था… गुलाब क फुलून से एक रास्ता बना हुआ था…

तृषा तो अभी तक शॉक में थी मैंने हाथ पकड़ उसे पर चलकर एक टेबल पर गया जो सेंटर मई था… मैंने उसे बैठने को खा बूत वो हिल hi नहीं रही थी मैंने फिर से चिकोटी काटी..

तृषा… ( होश में आते हुए ) ोोुच क्या करते हो जी…

मई… कैसा लगा सरप्राइज…

वो कुछ न बोली बास मुझे कस क्र गले लगा लिया…

मैंने भी उसे थोड़ी देर गले लगाए रखा लेकिन असली सरप्राइज तो अभी बाकी था…

मई… तुम यही बैठो मई सोनू को लेकर आता हुन्न वो भी भर आ गई ह …

जिसे सुन… तृषा थोड़ी उदास हो गई मुझे हसी आ गई लेकिन में चल पड़ा…

मुझे गए हुए 10 मं हो गए थे तृषा बार बार गेट की तरफ देख रही थी की मई आया क्यों नहीं तभी रेस्टोरेंट की लाइट्स ऑफ हो गई… और एक जगह स्पॉट लाइट एक छोटे से स्टेज पर ों हुई झा मई खड़ा था माइक लिए और किसी को मेरा चेहरा नहीं दिख रहा सबका ध्यान मेरी तरह गया तृषा भी देख रही थी पर मैंने ड्रेस चेंज क्र ली इसलिए पहचान नहीं पा रही थी तभी…

सांग स्टार्ट…

फिर ले आया दिल मजबूर क्या कीजे

रास न आया रहना दूर क्या कीजे

दिल कह रहा उसे मकम्मल कर भी आओ

वो जो अधूरी सी बात बाकी है

वो जो अधूरी सी याद बाकी है

वो जो अधूरी सी याद बाकी है….

करते हैं हम आज क़बूल क्या कीजे

हो गयी थी जो हमसे भूल क्या कीजे

दिल कह रहा उसे मयस्सर कर भी आओ

वो जो दबी सी आस बाकी है

वो जो दबी सी आंच बाकी है

वो जो दबी सी आंच बाकी है

वो जो दबी सी… आंच बाकी है….

किस्मत को है यह मंज़ूर क्या कीजे

मिलते रहे हम बदस्तूर क्या कीजे

दिल कह रहा है उसे मुसलसल कर भी आओ

वो जो रुकी सी राह बाकी है

वो जो रुकी सी चाह बाकी है

वो जो रुकी सी चाह बाकी है

वो जो रुकी सी चाह बाकी है..

सांग फिनिश सब लोग खड़े हो क्र तालियां बजने लगे…

तृषा तो अभी शॉक में थी.. लेकिन उसे लगा शायद मैंने यह सोनू क लिए गया हो लिकेन उसे सोनू कहि नहीं दिख रही थी… तभी…

मई वही घुटन पर बैठ गया…

“धड़कन की आवाज़ हó तुम,

इस दिल के जज़्बात हो तुम,

हमारे दिन और रात हó तुम,

मीठा सा एहसास हó तुम,

क्या कहें हमारे लिए कितने ख़ास हó तुम……………

ी लव यू तृषा… प्ल्ज़्ज़ क्या तुम मुझे जैसा हूँ वैसा अपनाओगी…

यह सुनते hi तृषा की आँखों से आंसूं गिरने लगे…

वो भागते हुए मेरे पास आई और जोर से मेरे सीने से लग गई… फिर मुझे बेफिक्र हो क्र सबके सामने किश करने लगी… जब उसकी सांस फ़ोन लगी तो अलग होकर

तृषा… ी लव यू तू….

तभी… तालियां की गड़गड़हट जोर से बजने लगी और लाइट्स ों हो गई…

जैसे hi तृषा का ध्यान सबपर गया वो शर्मा गई.. और मेरे सीने पर मुक्के मारने लगी… फिर मुझे गले लगा लिया ..

तो बे कंटिन्यू….
 
अपडेट…. 20

ी लव यू तृषा… प्ल्ज़्ज़ क्या तुम मुझे जैसा हूँ वैसा अपनाओगी… ”

यह सुनते hi तृषा की आँखों से आंसूं गिरने लगे…

वो भागते हुए मेरे पास आई और जोर से मेरे सीने से लग गई… फिर मुझे बेफिक्र हो क्र सबके सामने किश करने लगी… जब उसकी सांस फ़ोन लगी तो अलग होकर

तृषा… ी लव यू तू….

तभी… तालियां की गड़गड़हट जोर से बजने लगी और लाइट्स ों हो गई…

जैसे hi तृषा का ध्यान सबपर गया वो शर्मा गई.. और मेरे सीने पर मुक्के मारने लगी… फिर मुझे गले लगा लिया ..

अब आगे….

मई… क्या हुआ जान देखो तो सही ..

तृषा शर्म क मारे न में सर हिला दिया…

मई… अच्छा बावा चलो डिनर नहीं करना मुझे बहुत भूक लगी ह… सुबह से कुछ नहीं खाया…

यह सुनते hi तृषा झट से मुझसे अलग हो गई…. और मई उसके साथ वापस टेबल पर बैठ गया…

मैंने उसे सीट पर बैठ्या और उसके सामने बैठ गया..

वो आँखों से कुछ कहना चाहती थी में समझ गया और अपनी चेयर उसके साथ लगा दी….

यह देख वो बहुत खुश हो गई… और मुझे साइड से हुग क्र मेरे कंधे पर सर रख क्र बैठ गई… मई उसे खिलता रहा वो मेरी आँखों में देख कहती रही… डिनर करने क बाद मैंने आइस क्रीम आर्डर की…

मई… क्या जान कुछ बोलो भी…

तृषा… क्या करते हो जान कितना सुकून मिल रहा ह… क्यों परेशां क्र रहे हो…

मई… अरे बावा सुकून क लिए पूरी रात बाकी ह… चलो अब मुँह खोलो..

फिर मैंने उसको आइस क्रीम खिलाई… और बिल पाय क्र हम चल दिए घर की और…

तृषा… जान मुझे घर नहीं जाना…

मई… घर नहीं जाना तोह खा ले चालू.. इतनी रात मई.. 11 बज चुके है माँ घर पर वेट क्र रही होंगी और वैसे भी कल तो मिलना hi है सोल्लगे में…

फिर मैंने कार तृषा क घर क बहार रोकी… उसे बहार निकला तो वो आना नहीं चाहती थी…

तृषा… ( बच्चो जैसे ) मुझे गूड़ी में ले लो न प्लीज….

मई बस मुस्कुरा दिया… और तृषा को गॉड में उठा लिया.. उसने अपने दोनों हाथ मेरे गले में दाल दिए में बस उसे hi देख रहा था कितनी मासूम दिख रही थी…

वो भी मुझे hi देख रही थी…

लेकिन कोई और भी था जो हमारी हरकतों को देख रहा था….

( अरे य्र्र यह और कोई नहीं तृषा की माँ थी और बहुत खुश दिख रही आंसूं बह रहे थे )

मई उसे गेट तक लाया और निचे उतार दिया… मुझे शरत की सूझी.. में पलट क्र जाने लगा…

उसने मेरा हाथ पकड़ लिया… मैंने पलट क्र देखा तो उसकी आँख में आंसू थे ..

तृषा… इतनी जल्दी हाथ छोड़ दिया…

मई…. ( उसे सीने से लगा लिया ) क्या जान तुमसे ंजक करना भी बेकार ह… यह ज़िन्दगी तो मैंने तुम्हारे और सोनू क नाम क्र दी है… चलो अब मुस्कुरा दो और अपनी आँखें बंद करो तुम्हारे लिए एक और गिफ्ट है…

तृषा ने एक बार मेरी तरफ देखा और अपने आंसू पांच मुस्कुरा क्र अपनी आँखे बंद क्र ली…

कुछ देर बाद…

मई… अब खोलो…

उसके गले में एक लॉकेट था जो हाफ हार्ट था.. जिसे देख वो बहुत खुश हो गई… और मेरे गाल पर किश क्र दी….

मई… ( उसको अलग क्र ) हर चीज़ में जल्दबाज़ी

और अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए और किश करने लगा वो भी बराबर मेरा साथ देती धीरे धीरे हमारा किश वाइल्ड होता गया वो सांस नहीं ले पा रही थी मैंने उसे अलग किया उसने मेरी आँखों में देखा और मेरे सीने से लग गई…

तृषा…. ी लव यू अभी…

मई… ी लव यू तू… जान…

फिर में उसे bye बोल घर क लिए निकल गया वो तो मुझे चोर hi नहीं रही थी में कल मिलने का बोलै तब जाकर मानी…

घर पहुंच क्र मैंने गाढ़ी पार्क की और अपनी चाबी से गेट खोल चल दिया अपने रूम की तरफ… जैसे hi मैंने अपने रूम का गेट खोला… सोनाली ने मुझे खींच क्र बाहों में ले लिया…

मई… क्या हुआ जान सोये नहीं अभी तक…

सोनाली… क्या कृ बेतु तेरी आदत हो गई है…

मैंने उसे गॉड मई उठा लिया और बीएड पर लिटाया…

मई.. बस 2 मं और वेट करो मेरी जान में अभी चेंज करके आया…

मई बाथरूम में गया और कपडे चेंज क्र लोअर T-shirt पहन लिया… और बीएड पर लेत गया सोनाली ने भी मुझे हुग क्र लेत गई…

मई… हम्म्म सच खा जान तुम्हारी बाहो में जो सुकून मिलता है वो और कहि नहीं… भगवन से मेरी यही दुआ रहेगी जब भी मुझे बुलाए मई बस तुम्हारी बाहों… में रहु…

सोनाली… खबर दार जो दुबारा ऐसी बात की तोह मुझे बुरा कोई नहीं होगा.. तुमने तो बड़ी आसानी से यह बात कह दी पता है मुझपर क्या बीतेगी अपनी जान को खोते हुए देख.. ( और रोने जैसा मुँह बना लिया ) जिस दिन यह सच हुआ उस दिन तुम्हारे साथ मेरा भी आखिरी दिन होगा…

मई… ( कान पकड़ते हुए ) जान माफ़ क्र दो आगे से ऐसा कुछ नहीं बोलूंगा…

सोनाली.. वही बेहतर है तुम्हारे लिए नहीं तोह तुम्हारी टाँगे टॉड दूंगी…

मई.. ी लव यू जान…

सोनाली… ी लव यू बेतु… ाचा वो सब छोड़ो यह बताओ तोह डेट कैसे रही…

फिर मैंने उसे सब कुछ बता दिया जो कुछ भी हुआ मेरे साथ…

सोनाली.. वाओ बेतु… आज में बहुत खुश हूँ मेरी बहिन hi मेरी सौतन बन गई..

मई.. ( हस्ते हुए ) क्या दी आप भी…

सोनाली… अरे जो सच ह वही कह रही हूँ.. ाचा वो सब छोड़ो तुम आंटी ( तृषा की माँ ) को सब सच बता डोज… हमारे बारे में भी ताकि उनको आगे जाकर यह न लगे की तुमने उन्हें धोका दिया ह..

मई… हम्म्म जान आपने बिल्कुल सही खा… में कल hi उन्हें सब सच बता दूंगा…

सोनाली… वैसे बेतु… एक बात बता तुझे क्या लगता है तृषा क डैड का एक्सीडेंट हुआ होगा…

मई… नहीं जान यही बात मुझे कब से खटक रही है मैंने आज hi आपने आदमियों को बोल क्र इसके पीछे किसका हाथ है और क्या स्टोरी है सब पता करने को बोलै हुआ है… कल सुबह तक मुझे इसके पीछे कोण और क्यों था सब पता चल जायेगा…

सोनाली… अरे वाह… यह हुई न बात चल अब मुझे किसी दे निन्नी आ रही है… कल सोल्लगे जाना है मैंने तो प्लान भी क्र लिया है कैसे कैसे तृषा को चेदणा है…. ( हे हे हे )

मई मुस्कुरा क्र सोनाली क होठ पर अपने होंठ रख दिया और चूसने लगा आज सोनाली कुछ जयादा hi ग्राम लग रही थी वो मुझे छोड़ hi नहीं रही थी सांस फूलने लगी फिर मैंने उसे अलग किया… उसने मेरी आँखों में देखा और फिर किश स्टार्ट क्र दी…

अचानक उसे मेरे कड़क लुंड का अहसास हुआ वो शर्मा गई लेकिन इस बार मुझे अलग नहीं हुई … और मेरे सीने पर सर रख क्र सो गई… मई भी उसके मस्सों चेहरे को देखते देखते कब सो गया पता hi नहीं चला…

वही दूसरी तरफ..

एक आदमी कमरे में इधर से उधर घूम रहा था…

तभी उसके रूम में गेट खुला और कुछ गुंडे अंदर आये…

( यह और कोई नहीं मला का भाई मिनिस्टर है )

गुंडे… ( डरते हुए ) सर हमने हर जगह ढूंढ़ने की कोशिश क्र ली पर थे जोकर का कोई सुराग नहीं मिल रहा…

मिनिस्टर… ( गुस्से में उस आदमी को गोली मार दी ) मुझे कुछ नहीं सुन्ना 1 हफ्ते क लिए में दिल्ली जा रहा हूँ वापस आने तक वो मुझे जिन्दा चाहिए वर्ण तुम सब को कुत्ते की मौत मरूंगा…

आदमी2… जीई सस्ससियरर हम्म पूरररी कोषिष क्रररेंगी..

मिनिस्टर… ( उसका कलर पकड़ते हुए ) कोशिश नहीं मुझे वो चाइये किसी भी हाल में… अब मुह्ह क्या देख रहे निकलो यह से…

.

सब लोग जल्दी से निकल जाते है…

मिनिस्टर… खा चुप्प क्र बैठा है जोकर तुझे में उसी तरह तड़पा क्र मरूंगा जिस तरह तूने मेरे भी को मारा… तेरे सामने तेरे चाहने वालों को ज़िंदा नोच खाऊंगा… ( है है है है ) …..

नेक्स्ट मॉर्निंग….

सुबह 6 बजे मेरी नींद खुली देखा सोनाली मेरे पास नहीं थी….

मई बाथ रूम गया फ्रेश हो क्र चल दिया अपने डेली रूटीन पर जॉगिंग क्र गयम गया फिर 8 बजे फ्री हुआ तभी मेरे फ़ोन बजा…

.

सेक्रेटरी का कॉल था….

मैंने कॉल पिक किया उसने जो मुझे बताया वो सुन में शॉक रह गया…..

तो बे कंटिन्यू….
 
अपडेट… 21

नेक्स्ट मॉर्निंग….

सुबह 6 बजे मेरी नींद खुली देखा सोनाली मेरे पास नहीं थी….

मई बाथ रूम गया फ्रेश हो क्र चल दिया अपने डेली रूटीन पर जॉगिंग क्र गयम गया फिर 8 बजे फ्री हुआ तभी मेरे फ़ोन बजा…

सेक्रेटरी का कॉल था….

मैंने कॉल पिक किया उसने जो मुझे बताया वो सुन में शॉक रह गया….

अब आगे…

मई आज hi तृषा और उसकी माँ को बता दूंगा… यह सोच क्र में हॉल में पहुंचा…

डैड वही सोफे पर बैठे थे बूत आज थोड़ा परेशान लग रहे थे…

मई… गुड़ मॉर्निंग डैड…

डैड… ( झूठा मुस्कुरा क्र ) गुड़ मॉर्निंग बीटा… और सोल्लगे कैसा चल रहा है…

मई… बहुत ाचा डैड… ( फिर उनके हाथ पर हाथ रखते हुए ) क्या हुआ डैड आप कुछ परेशान लग रहे है…

डैड… ( मुझे देखते हुए ) कुछ नहीं बीटा वो थोड़ा ऑफिस की प्रॉब्लम है बूत don’t वोर्री सब ठीक हो जायेगा…

मई… डैड बताओ भी क्या प्रॉब्लम है आपको मेरी कसम…

डैड… बीटा ऐसा नहीं करते… अच्छा सुन.. वो नई हाईवे बन रहा है न… ********* इंडिया का फास्टेस्ट हाईवे बनेगा उसका टेंडर हममे मिलना था बूत यह sharma’s ने भी टेंडर दाल दिया ( आपको बता दूँ Sharma’s इंडिया की टॉप मोस्ट कंपनी है ) अब पता नहीं उन्होंने कितनी प्राइस डाली होगी मुझे तो बहुत टेंशन है अगर यह टेंडर हममे न मिला तोह हमारा बहुत नुक्सान होगा… मैंने मार्किट से सामान भी उठा लिया है अब क्या होगा…. अगर यह हममे नहीं मिला तोह हमारी इज्जत ख़त्म हो जाएगी और शेयर्स भी गिर जायेंगे…

मई… ( कुछ सोच क्र ) डैड इतनी सी बात चलो फ़िक्र नॉट मई हूँ न सब हो जायेगा… और यह टेंडर हममे hi मिलेगा…

डैड…( खुश होते हुए ) क्या तुम सच बोल रहे हो अभी…

मई… डैड जब मैंने बोलै है कुछ सोच क्र hi बोलै होगा… वैसे टेंडर की लास्ट डेट कब है…

डैड… आज hi है और कल रिजल्ट भी आएगा किसको मिला है…

मई… डैड आपका काम हो जायेगा… ाचा डैड में चलता हूँ सोल्लगे क लिए लेट हो रहा हूँ…

मई वंहा से उठ क्र अपने रूम में आया फ्रेश होकर तैयार हुआ… बिल्कुल वैसे hi जैसे कल सोनाली ने किया था स्लीव्स ऊपर , हेयर में वैक्स लगा क्र… और चल दिया अपनी जान क पास……

मुझे पता था वो मेरा hi वेट क्र रही होगी मैंने जैसे hi गेट खोला वो मुझे कहि नहीं दिखी मैंने सोचा बाथ रूम में होगी यही वेट क्र लेता हूँ…

तभी वो पर्दे क पीछे से बहार आई और झट से मुझे पकड़ लिया.. मई चौंक गया जिससे मेरा बैलेंस खोया और मई उसके साथ बीएड पर गिर गया…

आअह्हह्ह्ह्हह उसकी सिसकी निकल गई कुकी मेरा सीना उसके बूब्स से जा लगा… अब सिचुएशन यह थी की मई ऊपर और वो मेरे निचे… हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे… मई उसकी तेज साँसे अपने चेहरे पर महसूस के सकता था…

मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए… और उसके होठ चूसने लगा.. जितनी तेज मई चुस्त उससे जयादा तेजी से सोनाली हम दोनों खो गए पता hi नहीं चला हमारा ध्यान तब टूटा जब माँ ने निचे से आवाज़ दी…

में सोनाली से अलग हुआ… हम दोनों ने एक बार एक दूसरे को देखा फिर हसने लगी.. उसकी पूरी होठो की Lip’s स्टिक में खा hi गया था… और मेरे निचे के होठ से हल्का सा खून निकल रहा था… जिसे देख सोनाली एक बार फिर मेरे पास आई और होठ चूस क्र खून साफ़ क्र…

मुझे उस पर बड़ा प्यार आया.. मैंने उसे आगे बढ़ क्र गले लगा लिया….

मई… ी लव यू मेरी जान…

सोनाली… ी लव यू तू बेतु….

फिर हम दोनों बहार आए.. और दिंनिंग टेबल पर बैठ गए…

आज माँ ने मेरा फव. ालो क पराठे बनाये हुए थे और पर कुछ सोच क्र मई उदास हो गया…

मई.. माँ आपने यह क्यों बनाये…

माँ… ( चौंक क्र ) हाँ.. क्या हुआ बेतु यह तोह तेरी फव. है न…

मई… था लेकिन अब नहीं है… अब से ओट्स मेरा फव है…

माँ… कल तक तोह हाथ भी नहीं लगता था आज इतना फव. हो गया बात क्या ह बेतु कहि कोई लड़की तोह पसंद नहीं आ गई… ( मुस्कुराते हुए )

मई… क्या माँ आप भी ( सोनाली को देखते हुए ) वैसे एक पसंद तो है… लेकिन…

माँ… लेकिन क्या नाम बता उसका मई और तेरे पापा बात क्र लेंगे उससे…

मई… ( सोनाली को देखा वो आँखों hi आँखों में मना क्र रही थी ) सोनाली…

माँ… ( शॉकेड ) क्याआ….

मई… ( बात को सँभालते हुए ) सोनाली दी को पता है…

सोनाली की जैसे जान में जान आई वो गुस्से से मुझे देख रही थी…

माँ… क्या सोनू यह सच है…

सोनाली… हाँ माँ यह सच है….

माँ… बेतु मुझसे कब मिला रहा है…

मई… ( सोनाली को देखते हुए ) माँ आप उसे ाचे से जानती हो…

सोनाली ने मेरे पेअर पर जोर से पेअर मार दिया…

मई… ाहूऊ

माँ… क्या हुआ बेतु…

मई… कुछ नहीं माँ जल्दी से कुछ और लाओ हम लेट हो रहे है…

सोनाली… माँ मुझे तोह बहुत भूख लगी है मई तो आज पराठे hi कहूँगी…

सोनाली की बात से माँ और मई दोनों हैरान हुए… क्या…

( दरअसल सोनाली को पराठो से सख्त नफरत है इसने कभी हाथ भी नहीं लगाती )

सोनाली… अरे इसमें चौंकने वाली क्या बात है कल hi मैंने खाये बहुत टेस्टी थे अब तोह यह मेरे फव है…

( मुझे देख आँख मार दी मुझे समझते देर न लगी की क्यों इसके फव हो गए )

फिर सोनाली ने मुझे नास्ता कराया और मैंने भी उसे खिलाया… आज मैंने कुछ जयादा hi खा लिया था कुकी मई बहुत खुश था…

इतने में डैड भी आ गए…

हम दोनों माँ डैड को bye बोलकर चल दिए सोल्लगे….

मई ड्राइव क्र रहा था और सोनाली को देखता रहा… लाल चूड़ी दार कुर्ते पाजामे में क्या लग रही थी आज मेरी आँखे नहीं हाथ रही थी उससे.. वो भी मुझे देख मुस्कुरा रही उसे जैसे पता था में क्या देख रहा हूँ…

तभी मुझे कुछ याद आया और मैंने गाडी साइड रोकी…

सोनाली… क्या हुआ बेतु…

मई कुछ नहीं बोलै और एक फ़ोन लगाया कुछ देर बात क्र उससे समझा दिया क्या करना है…

सोनाली जो इतनी देर से बात सुन रही थी बोली… क्या बात है बेतु यह किस्से बात क्र रहा था…

फिर मैंने सोनाली को डैड क प्रॉब्लम क बारे में समझाया… और उसका सलूशन भी बताया…

सोनाली… वाह बेतु.. ी ऍम सो प्राउड ऑफ़ यू.. ( मुझे हल्का सा किश करने क बाद ) लेकिन अगर उनको इस बारे में पता चल गया तोह…

मई… कुछ नहीं होगा दी जस्ट रिलैक्स मुझ पर भरोषा है न…

सोनाली… अपनी जान से जयादा..

मई… बास फिर कोई प्रॉब्लम नहीं जब आओ मेरे साथ हो तोह सब अच्छा hi होगा.. और उनको किश किया…

फिर हम चल दिए सोल्लगे…

इन थे सोल्लगे…

सोल्लगे पहुंच क्र मैंने कार पार्क की और बहार निकला…

सामने तृषा कड़ी थी मैंने उसे आगे बढ़ हुग किया….

तृषा… गुड़ मॉर्निंग जान…

मई… गुड़ मॉर्निंग त्रिषु… क्या बात है आज बहुत प्यार आ रहा ह…

तृषा… वह तोह रोज hi आता ह मगर आपको दीखता hi खा है .. ( यह बोलकर वह जैसे hi मुझे किश करने को हुई तभी… )

सोनाली… अरे रुको बेशरम लड़की सबके सामने मेरे बॉयफ्रेंड को हुग करते हुए शर्म नहीं आती…

जैसे hi तृषा ने यह सुना मुझे बहो में और कस लिए जिससे उसके बूब्स मेरे सीने पर डाब गए… और मेरे मुँह से हलकी सी आह निकल गई…

सोनाली… कुछ तो शर्म क्र ले अभी कुछ दिन पहले रात भर मेरे बॉयफ्रेंड क निचे रही . अब फिर से…

यह सुनते hi तृषा झट से मुझसे अलग हो गई और शरमाते लगी…

सोनाली… ए हए अब देखो कैसे शर्मा रही उस दिन शर्म नहीं आई रात भर मेरे बॉयफ्रेंड से म्हणत करवाती रही… ( हसने लगी )

मेरी तोह शर्म से हालत ख़राब हो रही थी…

मई… ( शरमाते हुए ) क्या बाबू जाने दो न क्यों परेशां…

सोनाली… अरे वाह एक hi दिन में तुम्हारे तो सुर्र hi बदल गए…

.

मेरी तो सिटी पित्ती hi गम हो गई मैंने संत रहना hi ठीक समझा…

.

तृषा… देख सोनू मुझे जो बोलना ह बोल इनको कुछ मत बोल… और वैसे भी तुझे इतनी जलन क्यों हो रही है… कहि तू भी तो ऊपर नहीं चढ़वाना चाहती… बता दूँ.. तेरी जान को डेरी क बारे में…

( अब यर डेरी में कुछ जयादा सस्पेंस नहीं है सिर्फ उसमे लड़किओं वाली बात लिखी है और सोनाली की सेक्स फंतासी अभी क साथ )

.

सोनाली… ( घबराते हुए ) अरे मेरी प्यारी बहिन मई तह मजाक क्र रही थी… ( नकली हसी हसने लगी )

सोनाली ( मन मई … धत्त यार मैंने क्या क्या प्लान किया था इसको ऐसे परेशान करूंगी लेकिन इसने तोह बाज़ी hi पलट दी )

तृषा… ( मुस्कुराते हुए ) क्या हुआ मेरी जान प्लानिंग फ़ैल हो गई…

सोनाली.. कामिनी रुक तुझे बताती हूँ…

यह बोल वो उसे मारने की लिए बढ़ने लगी… की मैंने उसे हुग क्र लिया…

कुछ hi देर में वो शांत हो गई… हम तीनो एक दूसरे को देख हसने लगे…

कुछ देर बाद में दोनों को bye बोल अपनी क्लास की और चल दिया वो भी अपनी क्लास में चली गई…

जैसे hi मई क्लास में एंटर हुआ…

मई यह क्या यह यह कैसे….

तो बे कंटिन्यू….
 
अपडेट…. 22

कुछ hi देर में वो शांत हो गई… हम तीनो एक दूसरे को देख हसने लगे…

कुछ देर बाद में दोनों को bye बोल अपनी क्लास की और चल दिया वो भी अपनी क्लास में चली गई…

जैसे hi मई क्लास में एंटर हुआ…

मई यह क्या यह यह कैसे….

अब आगे…

दरअसल बात यह है की मेरी सीट पर कियारा बैठी हुई थी… और अजीब नजरों से मुझे देख रही थी जिसमे गुस्सा और खुसी दोनों थी…

खैर मई उसे इग्नोर क्र पीछे की सीट पर जाने लगा ककी मई कोई सन क्रिएट नहीं करना चाहता था..

मई जैसे hi पीछे जाने लगा तभी उसने मेरा हाथ पकड़ लिया…. और खींच क्र मुझे अपने पास बैठा लिया…

मैंने एक बार उसकी तरफ देखा लेकिन अब भी वो मुझे गुस्से से hi देख रही थी..

मई… क्या हुआ मम अगर कोई गलती हो गई हो तो सॉरी…

फिर में दोबारा उठ क्र जाने लगा लेकिन उसने मेरा हाथ नहीं छोड़ा…

मई… ( गुस्से से ) क्यों परेशां क्र रहे हो मुझे.

आखिर क्या प्रॉब्लम है आपको मुझसे… गलती न होने क बावजूद भी सॉरी बोल रहा हूँ न काफी नहीं ह क्या….. या फिर से मुझे सोल्लगे से निकलना चाहती हो….

वो कुछ न बोली सर निचे क्र ली मगर हाथ नहीं छोड़ा…

मई… फाइन में hi सोल्लगे छोड़ क्र चला जाता हूँ…

जैसे hi उसने यह सुना मेरी तरफ देखि… उसकी आँखों में आंसूं बह रहे थे…

मई .. ( अब इसे क्या हो गया यर लगता है ंजक कुछ जयादा hi हो गया )

.

मई ( उसके आंसूं पांच अपने कान पड़ते हुए ) अच्छा बावा सॉरी प्लीज मुझे माफ़ क्र दो लेकिन रो क्यों रही हो… बताओ तोह…

कियारा… ( सिसकते हुए ) तुम भी मुझे चोर क्र चले जाओगे….

मई… ( अबे बस अब इसका क्या ंतक है कहि इसे भी… सुबह सुबह सोच यर अब मई और किसी क साथ सोनाली का प्यार नहीं बाँट सकता… )

मई… ( बात बदलते हुए ) नहीं यर में तोह ंजक क्र रहा था… ाचा अब रोना बंद करो…

कियारा… ( कुछ देर बाद ) ी ऍम सॉरी… मुझे तुमसे ऐसे बात नहीं करनी चाइये थी….

मई… अब जो हो गया उसे बदल तोह नहीं सकते… भूल जाओ उसे…

कियारा… थैंक यू सो मच… ( मेरी तरफ हाथ बढ़ा क्र ) फ्रेंड्स…

मई… ( हाथ मिलते हुए ) क्यों नहीं friend’s… वैसे तुमने अपना नाम hi नहीं बताया अभी तक…

कियारा… ऑप्स सॉरी… माइसेल्फ कियारा मित्तल..

मई… और मई अभिमन्यु सिंह…

फिर हम ऐसे hi कुछ देर बात करते रहे तभी क्लास स्टार्ट हो गई और मेरा पूरा फोकस पढ़ने पर लगा दिया… कियारा ने एक बार मेरी तरफ देखा फिर वो भी अपने काम में लग गई… वही पेंटिंग…

तभी रेसस्स हो गई…

मई… मोहतरमा क्या आप हमारे साथ एक कप कॉफ़ी पीना पसंद करेंगी…

कियारा… ( मुस्कुराते हुए ) सॉरी डैड से थोड़ा काम है….

मई… कोई बात नहीं… चलो bye मुझे भी कुछ काम है कल संडे है परसो मिलते है…

फिर मई कियारा को छोड़ चल दिया कैंटीन में… झा मेरी दोनों जान मेरा hi इन्जार क्र रही थी… मैंने आगे बढ़ दोनों को बारी बारी हुग किया… अपने और दोनों क लिए कॉफ़ी और समोसा आर्डर किया…

फिर हम 3no. ने एक दूसरे को खिलाया और लंच फिनिश किया…

मई… ( सोनाली से ) जान मई और त्रिषु इसके घर जा रहे है… मुझे आंटी से कुछ बात करनी है तो आप भी चलोगे…

तृषा… क्या हुआ कुछ प्रॉब्लम है क्या…

मई… कुछ नहीं त्रिषु सब पता चल जायेगा… और जान बोलो चलोगे हमारे साथ…

सोनाली… नहीं बेतु मुझे असाइनमेंट कम्पलीट करना है… तेरे चक्कर में कुछ याद hi नहीं रहता और कल hi सबमिट करना है तुम लोग जाओ जो कुछ भी हो मुझे बाद में बता देना…

फिर मई सोनाली को bye बोल तृषा क साथ चल दिया उसके घर…

तृषा… क्या हुआ आप थोड़े परेशां लग रहे हो…

मई… हाँ वो दरअसल बात यह है की तुम्हारी माँ को मेरे बारे में पता है.. और मई उन्हें सच बताना छठा हूँ लेकिन कैसे समझ नहीं आ रहा… तुम तोह जानती हो में और सोनाली कितना प्यार करते है… लेकिन असल में तोह वह मेरी बहिन है… क्या कृ कुछ समझ नहीं आ रहा… और में आंटी को भी धोखे में नहीं रख सकता…

तृषा… बात तो तुम सही कह रहे हो… फ़िक्र मत करो मई माँ को सब समझा दूंगी… और मुझे यकीन है वो मान भी जाएँगी…

मई.. ( उदास हो क्र ) इतना आसान नहीं ह त्रिषु…

तृषा… ( मेरा हाथ पकड़ क्र ) मुझपर भरोसा रखो सब ठीक हो जायेगा अभी तुम सोनाली क बारे मई बात मत करना… वो मई खुद माँ को बता दूंगी अभी वो बहुत खुश है और मई उन्हें दुखी नहीं करना चाहती…

मई… ( खुश होते हुए ) आखिर तुम भी सोनाली बन hi गई…

तृषा… वो कैसे…

मई… वो भी मेरे बिना कहे मेरी मन की बात जान लेती है…

यह सुनते hi तृषा शर्मा गई . मई गाड़ी साइड रोक क्र उसके होठ पर अपने होठ रख दिए एक प्यार भरे किसा के बाद हम अलग हुए…

मई.. ( आँखों में देखते हुए ) ी लव यू तृषा…

तृषा… ( शरमाते हुए ) ी लव यू तू जान…

फिर मई गाडी स्टार्ट क्र बढ़ा दी तृषा क घर की तरफ पुरे रास्ते तृषा मेरे कंधे पर सर रख बैठी रही…

देखते hi देखते हम तृषा क घर पहुंच गए… मई गाडी पार्क क्र तृषा क साथ अंदर पहुंचा आंटी भर हॉल में hi बैठी थी..

तृषा अपने रूम में चली गई चेंज करने और में आंटी क साथ बैठ गया…

मई… ( आंटी क पेअर छू क्र ) नमस्ते आंटी…

T.mom… ( खुश होते हुए ) नमस्ते बीटा… और कैसे हो..

मई… ठीक हु आप बताओ…

T.mom.. बहुत खुश सिर्फ तुम्हारी वजह से…

मई… मैंने कुछ नहीं किया आंटी…

T.mom… अब मुझसे मत छुपाओ मुझे सब पता ह…

( फिर उदास होते हुए ) बीटा मुझे माफ़ करना पर तृषा से दूर रो…

( अब यह क्या है यर कल तक तो आंटी बड़ा खुश थी और आज भी बातें ऐसे क्र रही थी की हाँ क्र देंगी… मई उन्हें सच बताना छठा था लेकिन इन्होंने मुझे hi शॉक दे दिया चलो पहले जान लेता हूँ बात क्या है… फिर कुछ सोचूंगा )

मई… क्या हुआ आंटी.. मई पसंद नहीं हूँ क्या आपको..

T.mom… ऐसी बात नहीं ह बीटा मई बहुत खुश हूँ.. ककी तुम्हारी वजह से पहली बार तृषा को खुश देखा है… लेकिन तुम दोनों एक नहीं हो सकते…

मई… क्यों आंटी अगर मई आपको पसंद हूँ तो क्या प्रॉब्लम है…

T.mom… वो दरअसल बात यह है की तृषा की शादी पहले से hi विष्णु क साथ तय हो चुकी है… ( रट हुए ) प्लीज बीटा मुझे माफ़ क्र दो… पर तुम्हे तृषा को भूलना hi होगा मैंने भाईसाहब को वडा क्र चुकी हों…

( कुछ देर सांस लेकर ) तृषा क डैड क जाने क बाद किसी ने हमारी मदत नहीं की . तब भाईसाहब hi आये जिन्होंने हममे संभाला अब तुम hi बताओ बीटा ऐसे महान इंसान क साथ में धोखा कैसे क्र सकती हूँ… मई तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ प्लीज तुम हममे छोड़ क्र चले जाओ… ( और रोने लगी )

मई कल भी तुम्हे रोकना चाहती थी पर मई बोल न सकीय मुझे माफ़ क्र दो बीटा… मुझे माफ़ क्र दो…

तृषा ने भी यह बात सुन ली थी… उसकी आँखों में भी आँशु थे…..

मई… ( आंटी का हाथ पकड़ लिया ) आंटी आप दोनों बहुत भोले हो… अच्छा सुनो मई आपको कुछ बताना चाहता हूँ उसके बाद भी अगर आपको लगे की मई गलत हूँ तो आप लोगो से दूर चला जाऊंगा….

तो बे कंटिन्यू….
 
अपडेट…. 23

मई… ( आंटी का हाथ पकड़ लिया ) आंटी आप दोनों बहुत भोले हो… अच्छा सुनो मई आपको कुछ बताना चाहता हूँ उसके बाद भी अगर आपको लगे की मई गलत हूँ तो आप लोगो से दूर चला जाऊंगा….

अब आगे…

मई… आंटी दरअसल बात यह है की उस दिन अंकल का एक्सीडेंट हुआ नहीं था जान भुझ क्र करवाया गया था…

T.mom और तृषा… ( एक साथ ) क्याआ….

मई… हाँ आंटी यह सच है.. उस दिन पार्टी क बाद जब अंकल घर क लिए निकले थे तब उन्हें किसी ट्रक ने टक्कर मारी थी… और यह बात आपसे छुपाई गई थी…

पुलिस को पैसा खिलाकर रिपोर्ट बदली गई थी और केस क्लोज क्र दिया गया था…

T.mom… ( रट हुए ) किसने किया यह और क्यों हमारी तोह किसीसे दुश्मनी भी नहीं थी…

मई… आंटी अब जो मई आपको बताने वाला हूँ उसे सुनकर आपको जयादा शॉक लगेगा… यह और किसी ने नहीं बल्कि मला का किया धरा है….

जैसे hi उनहोंने यह सुना उनके होश hi उड़द गए और गुस्से से मुझे बोली…

T.mom… ( गुस्से से ) क्या बकते हो तुम झूठ बोल रहे हो भाईसाहब हमारे साथ ऐसा क्यों करेंगे…. अगर तुम झूठ बोलकर तृषा को हासिल करना चाहोगे तो ऐसा मेरे रहते बिल्कुल नहीं होगा…

मई… आंटी मानो या न मानो एहि सच है…

T.mom… लेकिन भाईसाहब हरे साथ ऐसा क्यों करेंगे… मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा…

मई… प्रॉपर्टी क लिए…

जैसे hi मैंने यह खा आंटी की आँख से आंसूं बहने लगे तृषा उन्हें सँभालने लगी…

मई… दरअसल बात यह है की यह सारा किया धरा आपके बड़े भाईसाहब मिनिस्टर का है….. उनके पुरे स्टेट मई कई गैर कानूनी धंदे है… जिनमे एस्कॉर्ट , ड्रग्स , हथियारों की सप्लाई शामिल है… उनका ताल्लुक माफिया से भी है… वह अपने धंदे को बढ़ाना चाहते थे इसलिए उनको आपकी ट्रांसपोर्ट कंपनी चाइये थी… उस रात मिनिस्टर ने मला क जरिये अंकल से बात की और उनको बहुत पैसे देने की बात की… और अपने साथ शामिल करना चाहते थे…

मगर अंकल ने उन्हें साफ़ मना क्र दिया… तभी मला ने तृषा को उस रात पार्टी में देखा और उसके दिमाग में खुरापाती प्लान का जन्म लिया… और उसने अंकल का एक्सीडेंट करवा दिया…

जैसे hi मैंने यह बोलै आंटी और तृषा फुट फुट क्र रोने लगी…

मई…. कुकी कंपनी तृषा क नाम थी इसलिए वो तृषा से अपने बेटे की शादी करना चाहते थे… जिससे वह अपना धंदा पुरे देश में आसानी से चला सके ककी आपकी कंपनी क ट्रक्स आल इंडिया में चलते है…

और मार्किट में आपकी रेपुटेशन भी अच्छी है…

इतना बोलकर में रुक गया….

मई… आंटी खुद को सम्भालो…

T.mom… ( रट हुए ) कैसे सँभालु बीटा आखिर हमने क्या बिगाड़ा था उनका… ( फिर गुस्से से ) मई उसे छोडूंगी नहीं… अभी उनको पुलिस क हवाले करती हूँ…

मई… आंटी जो इस दुनिया में है hi नहीं उनको क्या सजा मिलेगी…

T.mom… ( शॉकेड ) क्या बोल रहे हो तुम किसने मारा उन्हें…

मई… मैंने… ( फिर मैंने उन्हें वो सब बताया जो तृषा ने मुझे बताया था सोल्लगे क पहले दिन उसके साथ क्या हुआ… कैसे उसने तृषा को किडनैप किया और रोए करने की कोशिश की कैसे मैंने उसे बचाया और उन्हें मारा )

T.mom शॉकेड मई थी उनके मुह्ह से कुछ निकल hi नहीं रहा था वो बस मुझे hi देख रही थी… मुझे पता था ऐसा hi कुछ होगा इसीलिए मैंने तृषा को इशारा किया…

तृषा मेरा इशारा समझ माँ को हिलने लगी…

T.mom… ( आंटी का ध्यान जैसे hi तृषा की और गया उन्होंने झट से उसे गले लगा लिया ) {रट हुए} तृषा मेरी बच्ची मुझे माफ़ क्र दे… तेरे साथ कितना कुछ हो गया और मुझे पता भी नहीं चला…

तृषा… ( रट हुए ) माँ आप क्यों माफ़ी मांगते हूँ इसमें आपकी क्या गलती है….

T.mom… ( रट हुए ) तेरे साथ इतना कुछ हो गया तुम्हे बताना भी तोह चाहिए था…

तृषा… माँ में आपको दुःख नहीं देना चाहती थी इसीलिए.. नहीं बताया ी ऍम सॉरी माँ…

T.mom ने तृषा को गले लगा लिया कुछ देर बाद दोनों शांत हो गए…

T.mom.( का ध्यान मेरी तरफ गया.. ) तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया बीटा… अगर तुम न होते पता नहीं मेरी बेटी क्या क्या होता… लेकिन तुम्हारी शादी तृषा से नहीं हो सकती….

यह सुनते hi मई और तृषा दोनों शॉकेड हो गए… क्याआ…

( अबे बस अभी तोह खुद उसे मारना चाहती थी अब इसे क्या हो गया . यह तो यर मुझे hi झटके दिए जा रही है . चलो जान तो लूँ आखिर माजरा क्या है )

मई… लेकिन आंटी क्यों क्या प्रॉब्लम है…

तृषा… हाँ माँ आप ऐसा क्यों कह रही है..

T.mom…( चिंतित हो क्र ) तुम खुनी हो इसलिए.. कल को तुमको कुछ हो गया तो तृषा को भी मेरी तरह रहना पड़ेगा जो मई हागीश नहीं चाहती…

मई.. ( लगता है आंटी को सच्चाई बतानी hi पड़ेगी ) आंटी आपने डेविल किंग थे जोकर का नाम सुना है…

T.mom… हाँ क्यों…

मई… वह मई hi हूँ…

( आंटी को इस बार बहुत बड़ा झटका लगा… )

( नोट : – यह अपडेट कमजोर दिल वालों क लिए बिल्कुल नहीं है )

T.mom… क्या वह तुम हो…

मई… हाँ आंटी लगता है आपको सच्चाई बतानी hi पड़ेगी ( फिर मैंने आंटी को अपना सच बताया की कैसे मई डेविल किंग थे जोकर बना अरे टेंशन मत लो यर जल्द hi आप सबको भी पता लगेगा लेकिन अभी बहुत टाइम है इसमें )

जिसे सुनकर T.mom क साथ तृषा क भी आंसू निकलने लगे… मैंने आगे बढ़ दोनों को हुग किया…

T.mom… बीटा मैंने तुम्हे गलत समझा… मुझे माफ़ क्र दो…

मई.. आंटी मैंने अपने रीडर्स से प्रॉमिस किया है मई रोऊँगा नहीं तोह प्लीज शांत हो जाओ…

T.mom… क्या बोलै कोण…

मई… अरे कुछ नहीं जाने दो… अब आंसूं पोचो और बताओ अब तोह मई पसंद हूँ न आपको…

T.mom… ( आंसूं पांच हलकी सी स्माइल लाते हुए ) यह भी कोई पूछने की बात है… मुझे बहुत ख़ुशी होगी अपनी बेटी का हाथ तुम्हे देकर मगर पहले मुझे तुम्हारे घर वालो से बात करनी होगी…

मई… अरे आंटी इतनी जल्दी क्या मुझे पढाई तो पूरी क्र लेने दो… फिर मई खुद अपने माँ डैड क साथ आपके पास आ जाऊंगा… तृषा का हाथ मांगे..

.

जैसे hi तृषा ने यह सुना वो शर्मा गई और अंदर भाग गई…

T.mom… यह देखो अभी से शर्मा रही है…

फिर मैंने और आंटी ने थोड़ी बहुत बात की फिर मई तृषा को bye बोलकर चल दिया अपनी जान क पास… मतलव अपने घर…

झा एक और सरप्राइज मेरे लिए तैयार था….

तो बे कंटिन्यू…..
 
अपडेट…. 24

मई… अरे आंटी इतनी जल्दी क्या मुझे पढाई तो पूरी क्र लेने दो… फिर मई खुद अपने माँ डैड क साथ आपके पास आ जाऊंगा… तृषा का हाथ मांगे…

जैसे hi तृषा ने यह सुना वो शर्मा गई और अंदर भाग गई…

T.mom… यह देखो अभी से शर्मा रही है…

फिर मैंने और आंटी ने थोड़ी बहुत बात की फिर मई तृषा को bye बोलकर चल दिया अपनी जान क पास… मतलव अपने घर…

अब आगे….

मई अपने घर पहुंचा माँ एंड डैड डिनर पर बैठे मेरा hi वेट क्र रहे थे… लिकेन सोनाली मुझे कही नहीं दिखी मैंने माँ से उसके बारे इन पूछा तोह उनहोंने बताया वो अपने रूम में है और सोल्लगे का काम क्र रही इसलिए उसने खाने से भी मना क्र दिया..

.

मैंने एक प्लेट मई खाना लिया और चल दिया सोनाली क रूम की तरफ… अंदर देखा तो वो बीएड पर बैठी किताबों में घुसी हुई थी और असाइनमेंट पूरा क्र रही थी…

मई उसके पास गया और किताबों को बंद क्र दिया…

सोनाली… ( चिंतित हो क्र ) क्या हुआ बेतु करने दे न मुझे बहुत काम है… देख न कुछ समझ नहीं आ रहा…

मई कुछ नहीं बोलै और उसके सामने बैठ गया प्लेट उसके सामने क्र दी…

जैसे hi उसने प्लेट देखि वो प्यार से मेरी तरफ देखि… लेकिन मई फिर भी कुछ नहीं बोलै… और एक निवाला बना क्र उनके मुँह क पास क्र दिया… वो तोह बस मुझे hi देखेंगे मई खोयी हुई थी…

मई हल्का सा ख़ासा जिससे उसका ध्यान निकले की तरफ गया और मुँह खोल क्र खा लिया…

वो मुझे खिलाना चाहती थी लेकिन मैंने उसका हाथ रोक लिया और उनको खाना खिला क्र खली प्लेट लेकर रूम से बहार आ गया…

मई बहार आया और हॉल मई माँ डैड क साथ बैठ गया… थोड़ी देर क बाद वह दोनों अपने कमरे मई सोने चले गए…

तभी मुझे कुछ याद आया मई उठा और किचन में चला गया… सोनाली क लिए दुध गर्म किया और गिलास में लेकर चल दिया सोनाली क रूम…

अभी भी वो किताबों में घुसी हुई थी… मई दरवाजे पर खड़ा उन्हें देखता रहा…( कितनी खूबसूरत है मेरी जान में बहुत खुशकिस्मत हूँ की तुम मेरी जिंदिगी में आई हो थैंक यू सो मच )

इस वक़्त सोनाली एक ढीला सा पजामा और टी शर्ट में थी मुझे उस पर बहुत प्यार आ रहा था लेकिन वो मेरी तरफ देख भी नहीं थी….

मई अंदर आया और गिलास टेबल और रख दिया… जैसे hi उसका ध्यान मुझ पर गया वह फिर से मुझे देखने लगी…

मई उसके पास गया और उसकी किताबून को बंद क्र साइड मई रख दिया… वो कुछ बोलने वाली थी लेकिन उससे पहले मैंने उसे अपने हाथ से दूध पिलाया जो मई साथ लेकर आया था…

दूध पिलाने क बाद मैंने गिलास साइड रखा और बिस्तर पर लेत गया वह कुछ बोलती उससे पहले मैंने उसे खींच क्र बाहों में भर लिए और अपने ऊपर सुला लिया… वो भी बिना कुछ कहे मेरी बहून में लेत गई…

( काश यह पल एहि रुक जाये वक़्त की सुइयां यही थम जाये हाय मेरी जान जान हमेशा ऐसे hi मेरी बहून मई रहे मुझे इस वक़्त क्या फील हो रहा है यह बताना बहुत मुश्किल है )

कुछ देर बाद सोनाली मुझसे अलग होना चाहती थी लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा उसे अपनी बांहो में कस लिया…

वह कुछ कहना चाहती थी लेकिन उससे पहले मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए…. आअह्हह्ह्ह्हह क्या फीलिंग थी… मई उसके होठ चूसने लगा… वह भी मेरा भरपूर साथ दे रही थी… जब हममे सांस लेने मई दिक्कत होने लगी तब मई अलग हुआ…

हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे… वो फिर से कुछ कहना चाहती थी लेकिन मैंने ऊँगली उसके होठ पर रख दिया…

मई… ( मदहोशी भरी आवाज में ) सससससष्ठ मेरी जान कुछ मत बोलो यह मत सोचना मई तुमसे नाराज हूँ…. आज मुझे पहली बार मौका मिला है झा मेरी जान को मेरी जरुरत है प्लीज मुझे मेरी जान को प्यार करने से मत रोको…

यह सुनकर जैसे सोनाली की आँखे भर आई किसी भी वाट उसकी आँखों से आंसूं निकल सकते थे लेकिन उससे पहले मैंने उसकी आँखों पर अपने होंठ रख दिए…

उसने मेरी तरफ देखा मैंने ना मई इशारा किया… और उसका सर अपने सीने मई छुपा लिया… और प्यार से उसके बालों में हाथ फेरने लगा…

कुछ देर क बाद वो मेरी बहून में hi सो गई…

मैंने उसे अपने से अलग क्र साइड में लिटा दिया… वो सोते वक़्त बहुत मासूम दिख रही थी…

मई… ( धीरे से उसके माथे को चुम क्र ) मुझे माफ़ करना जान लेकिन मई क्या करता… आज तुम मुझे बहुत टेंशन मई दिखी और मई जान को परेशानी मई कैसे देख सकता था… इसीलिए मैंने तुम्हे दूध में नींद की दवा मिला क्र पीला दिया… ( प्यार से उसके बालों में हाथ फेरते हुए ) अब तुम आराम से सो जाओ सारा काम मुझ पर चूड दो…

फिर मई लग गया काम पर सोनाली का असाइनमेंट पूरा करने…. 4 घंटे की म्हणत क बाद आखिर कार पूरा हो गया… अब मुझे भी नींद आ रही थी और थकावट भी महसूस हो रही थी… इसलिए में वही बिस्तर पर लेत गया और सोनाली को पहले जैसा हुग क्र सो गया….

मुझे अभी सोये हुए कुछ देर hi हुआ था की मुझे नींद मई अपने होंठ पर कुछ गीला गीला महसूस हुआ… मुझे लगा की में सपना देख रहा हूँ लेकिन तभी किसी ने मेरे दोनों हाथ पकड़ किसी नरम चीज़ पर रखे….

मैंने धीरे से आँखें खोला क्र देखा omg….

सोनाली मुझे किश किये जा रही थी… मेरे हाथ अपनी T-shirt क अंदर क्र बूब्स पर रख दिए और हलके हलके दबा रही थी उसकी आँखें बंद थी … आअह्हह्ह्ह्हह मुँह से लगातार सिसकियाँ निकल रही थी… और मुझे किश किये जा रही थी…

मई तोह जैसे जन्नत में पहुँच चूका था… धीरे धीरे मेरा लुंड खड़ा हो गया जिसका उन्हें भी पता चल गया… उनहोंने आँखें खोल एक बार मेरी तरफ देखा मैंने झट से अपनी आँखें बंद क्र ली…

उसने जब देखा मई सो रहा हूँ तोह फिर से शुरू हो गई… आह्हः इस बार सिसकियाँ तेज होने लगी…

तभी मुझे अपने लुंड क ऊपर कुछ गर्म गीला सा महसूस हुआ… मुझे समझते देर न लगी यह क्या है…

सोनाली कपड़ों क ऊपर से मेरे लुंड क ऊपर अपनी छूट को घिस रही थी… आअह्हह्ह्ह्हह ोुह्ह्ह मायआ…

मेरी जान हलक में आ गई थी में कैसे खुद को संभाले हुए था सिर्फ मुझे पता ह…

तभी सोनाली तेजी से अपनी कमर हिलने लगी और कस क अपने बूब्स दबाने लगी…. आअह्हह्ह्ह्हह उउइइइ मायआ सिसकियाँ तेज होने लगी मैंने हलकी सी आँखे खोल क्र देखा…

सोनाली तेजी से मेरे लुंड पर अपनी छूट घिस रही थी… और बूब्स दबा रही थी…. आअह्हह्ह्ह्हह वो नरम अहसास शब्दों में बयान नहीं क्र सकता….

तभी सोनाली जोर से सिसकी लेते हुए….. आआआह माआ….

धम्म से मेरे सीने पर गिर गई और मुझे अपने लुंड पर गीला गीला महसूस हुआ इतना की जैसे कोई मूट दिया हो…

मेरे हाथ निकल अपनी कमर और रख दिए और कस क गले लगते हुए लेट गई…

( मुझे तोह अभी भी यह सब सपना लग रहा था…. जो सोनाली इतनी शर्माती थी आज उसका यह रूप देख बहुत खुश था )

तो बे कंटिन्यू….
 
अपडेट…. 25

तभी सोनाली जोर से सिसकी लेते

हुए….. आआआह माआ….

धम्म से मेरे सीने पर गिर

गई और मुझे अपने लुंड पर गीला

गीला महसूस हुआ इतना की जैसे

कोई मूट दिया हो…

मेरे हाथ निकल अपनी कमर

और रख दिए और कस क गले

लगते हुए लेट गई…

( मुझे तोह अभी भी यह

सब सपना लग रहा था….

जो सोनाली इतनी शर्माती थी

आज उसका यह रूप देख बहुत

खुश था )

अब आगे…

सोनाली… आअह्हह्ह्ह्हह

हम्म्म्म जान तुमने सोते

हुए भी मेरी.. पहली फंतासी

पूरा क्र दी… ( मेरे होठो को

किश करके ) ी लव यू सो मच….

( अब आप लोग यह मत पूछना

फर्स्ट फंतासी क्या थी… चलो

बता hi देता हूँ… सोनाली का

फर्स्ट ऑर्गैनिस्म… जो की आज हुआ

था अभी क साथ )

सोनाली… ( मुस्कुराते हुए )

तुम्हे क्या लगता है मुझे

पता नहीं चला की तुमने मुझे

नींद की गोली दी थी…

मई… ( मन में… यह क्या

इससे कैसे पता चला.. दूध

धत्त तेरी की )

सोनाली… ( मेरे सीने पर

सर रख क्र ) तुम्हे पता है

न की रात को मुझे दूध

पीना पसंद नहीं… तुम जब

लाये तभी मुझे सक्क हो

गया था कुछ गड़बड़ है…

( मेरे होठो पर किश करते हुए )

क्यों करते हो इतना प्यार की मुझे

जरा सी तकलीफ मई नहीं देख सकते…

अब मई थोड़ा इमोशनल

हो गया तोह साला लुंड भी

बैठने लगा…

सोनाली… ( आँख में आंसूं

लिए ) मुझे पता है तुमने

रात भर जाग क्र मेरा

असाइनमेंट पूरा क्र दिया होगा…

ऐसा क्यों करते हो तुम…

( उसके आंसू मेरे सीने

पर गिरने लगे ) भगवन न

करे कहि हम…

मई… ( झट्ट से उन्हें पलट

दिया और किश करने लगा… वो

सॉकेड बास मुझे hi देख

रही थी ) { आँख में आंसू लिए )

आज तोह कह दिया आगे कभी

मत बोलना… जब तक इस जिस्म में

रूठ रहेगी मुझे तुमसे कोई

अलग नहीं क्र सकता…. अब चलो

आंसू पूछो… नहीं मई

तुमसे बात नहीं करूंगा…

सोनाली… ( आंसूं पांच क्र )

नहीं नहीं बेतु ऐसा मत करना…

देख में नहीं रो रही…

मई… ( मुझे हस्सी आ गई

ककी वो अभी भी सिसक रही थी

और यह बात उन्होंने बिल्कुल

बच्चे जैसे बोली )

{ मुस्कुराते हुए } हम्म्म वो

तोह दिख hi रहा है कितना भीगा

दिया है आपने आंसुओं से…

तभी सोनाली को अपनी हालत

का एहसास हुआ… वो शर्मा

गई… और झट्ट से मुझसे छूट

क्र बहार जाने लगी…

मैंने उनका हाथ पकड़

लिया… सोनाली ने रिक्वेस्ट

भरी नजरों से मुझे देखा….

ह्ययययय उस वक़्त उनकी आँखों

को देख दिल भर निकलने को

आ गया… मैंने सोनाली को

छोड़ क्र झट्ट से दिल पर हाथ

रखा और बिस्तर पर गिर गया….

सोनाली ने मुझे देखा और

खिल खिलते हस्ते हुए बहार

निकल गई….

मैं अभी भी उनके ख्यालों

में खोया हुआ था… की निचे

से माँ की आवाज आई… मई

जल्दी से उठा और बाथरूम में

भागा फ्रेश होने…

फ्रेश हो क्र मई बहार गया…

जॉगिंग क्र गयम गया और 1

घंटे क बाद घर पहुंचा…

डैड सुबह सुबह तैयार होकर

दिंनिंग टेबल पर बैठे थे…

थोड़े टेंशन में थे…

मई… गुड़ मॉर्निंग डैड…

डैड… गुड़ मॉर्निंग बीटा…

आज इतना लेट कैसे उठा…

मई… क्या बताऊ डैड आज कितनी

सुकून की नींद आई… ( चलो

थोड़े मजे लिए जाये ) वैसे

डैड आज संडे है इतनी सुबह

सुबह खा जा रहे हो…

डैड… ( मुझे घूर क्र )

तुझे नहीं पता…

मई… ( सीरियस होते हुए )

क्या हुआ डैड कुछ बात है क्या…

डैड… अरे बेवक़ूफ़ आज ह

तोह रिजल्ट अनाउंसमेंट

है… कॉन्ट्रैक्ट किसे मिला है..

मई… ओह्ह्ह सॉरी डैड मई

भूल गया था…

डैड… क्या मतलब भूल गया था…

मई… वो मई वो ी ऍम सॉरी डैड…

डैड…. ( सीरियस होते हुए )

बेतु मजाक मत क्र तुझे पता

है न यह कांटेक्ट नहीं मिला

तोह हम…

मई… ( बिच में hi ) { कान

पड़ते हुए } सॉरी डैड वह

मई ऐसे hi मजाक क्र रहा था

आप चिंता मत करो कॉन्ट्रैक्ट

हममे hi मिलेगा… आप बस

शाम को माँ क साथ घूमने

जाने का प्लान करो…

डैड… ( मुस्कुराते हुए )

बदमाश सुबह सुबह hi

मस्ती शुरू क्र दी..

मई… ( खुश होते हुए )

डैड ऐसे hi खुश रहा करो

जब से देख रहा था मुँह लटका

बैठे हो… हम्म सिंह है

सिंह…. सिंह मतलव शेर…

सर्कस वाला नहीं जंगल वाला…

डैड… ( हस्ते हुए ) वाह

बेतु आज मेरा hi डायलॉग मुझे

hi चिपका दिया…

मई… ( हस्ते हुए ) क्या कृ

डैड आप hi का खून हूँ..

मई… ( हस्ते हुए ) क्या कृ

डैड आप hi का खून हूँ..

माँ… मेरी तोह किसी को पड़ी

hi नहीं है घर में ( और नास्ता

लगा क्र मुँह दूसरी तरफ क्र बैठ गई )

मई… ( उठा और पीछे से माँ

को हुग किया ) अरे मेरी प्यारी

माँ ऐसे नाराज नहीं होते अच्छा सॉरी…

लेकिन वह कुछ न बोली… में

माँ क पास hi बैठ गया… और

अपने हाथों से माँ को नास्ता

खिलने लगा… उन्होंने मुझे

खिलने की कोशिश की लेकिन मैंने

ऊपर की और इशारा किया वह समझ

गई… और मुस्कुरा क्र मेरे गले लग गई…

माँ… ( धीरे से मेरे कान

में ) हमेशा ऐसे hi खुश

रखना उसे…

मई… ( मन में…. शॉकेड

होते हुए व्हाट थे फ़क यह

क्या था…. क्या मैंने जो सुना

वह गलत था या माँ को…

नहीं नहीं ऐसा कैसे हो सकता है…

अगर हो गया तोह माँ इतना सांत

कैसे है.. )

मई यही सब सोच रहा था की तभी….

डैड… क्या बात है कभी

हममे तोह इतनी प्यार से

हुग नहीं किया….

माँ गुस्से से डैड को देखती

है.. डैड क पसीने निकलने लगते

है… मुझे तोह हसी आ गई…

डैड… ( हड़बड़ाती हुए ) अच्छा

बीटा चलता हूँ… तुम कब तक

पहुंचो गए… लंच क बाद

रिजल्ट अन्नोउंस होना है…

मई… ठीक है डैड तब तक आराम

से पहुंच जाऊंगा…. आप चिंता

न करो…

इतना सुनते hi डैड सरपट भर

निकल गए.. मई पेट पकड़ क्र हसने

लगा माँ भी मुझे खुश देख

मुस्कुराते हुए किचन मई चली गई…

मई… आज दी निचे क्यों नहीं आई…

चलो देखते है…

( और मई एक प्लेट मई नाश्ता

निकल चल पड़ा अपनी जान क पास

जो शायद मेरा hi इन्तजार क्र रही हो )

तो बे कंटिन्यू…..
 
अपडेट…. 26

मई… ठीक है डैड तब तक आराम

से पहुंच जाऊंगा…. आप चिंता

न करो…

इतना सुनते hi डैड सरपट भर

निकल गए.. मई पेट पकड़ क्र हसने

लगा माँ भी मुझे खुश देख

मुस्कुराते हुए किचन मई चली गई…

मई… आज दी निचे क्यों नहीं आई…

चलो देखते है…

( और मई एक प्लेट मई नाश्ता

निकल चल पड़ा अपनी जान क पास

जो शायद मेरा hi इन्तजार क्र रही हो )

अब आगे….

जैसे hi मई रूम में पहुंचा

मैंने देखा सोनाली तकिये मई

मुँह छुपाये… बीएड पर बैठी है…

मई उसके पास गया और बैठ गया…

लेकिन फिर भी उसने मेरी तरफ नहीं

देखा… फिर मैंने उसके काढ़े पर

हाथ रख क्र बोलै… क्या हुआ जान

सब ठीक तोह है…

लेकिन वह कुछ नहीं बोली.. और

वैसे hi.. बैठी रही… मुझे लगा

शयद नाराज ह.. लेकिन क्यों…

मई… ( घबराते हुए धीमी

आवाज में ) जान सॉरी अगर

मुझसे कोई गलती हुई हो तोह… लेकिन..

प्लीज ऐसे मुझे सजा न दो.. मेरा

दिल बैचैन हो रहा है…

लेकिन वो फिर कुछ नहीं बोली..

मई… ठीक है मई hi चला जाता

हूँ…

जैसे hi मई उठा… उसने झट से

मेरा हाथ पकड़ लिया… और मेरी तरफ

देखा….

ह्ययययय… क्या बताऊ.. दिल मुँह में

आ गया था उसको देख क्र उसकी

काली आंके एक गुजारिश थी उनमे…

जैसे की कहना चाहती हो प्लीज

मत जाओ… मई तोह उसके इस अंदाज

को देखता hi रह गया..

फिर मई वापस अपनी जगह बैठ

गया… और उसको कस क हुग क्र लिया…

वो भी मेरे सीने से लिप्त गई…

हम दोनों ऐसे hi एक दूसरे की

बाहों में खोये थे की एक बार

फिर मेरे फ़ोन की घंटी बजी…

जिससे मेरा ध्यान टुटा मैंने

देखा कॉल तृषा का था मैंने

कट क्र मैसेज किया थोड़ी देर

से बात करता हूँ…

फिर मैंने सोनाली को देखा वो

बड़े गौर से मुझे hi देख रही थी…

मैंने नास्ते की प्लेट उठा उसकी

तरफ बढ़ा दी वो बस मेरी तरफ hi

देख रही थी… फिर मैंने उसे अपने

हाथ से नास्ता कराया और उसने भी

मुझे खिलाया…

मई… नाराज हो मुझे…

वो कुछ नहीं बोली सिर्फ न में

गर्दन हिला दी…

मई.. ( मुस्कराते हुए ) अब इतना भी

मत शर्माओ जान सुबह तोह कैसे

मेरे ऊपर छड़ी हुई थी…

वह शर्मा गई.. और मेरे सीने

में मुक्के मारने लगी…

सोनाली… जाओ जी मई आपसे बात नई

करती हमेशा मुझे छेड़ते रहते हो…

मई…. ( उसकी बच्चे जैसे आवाज

सुनकर मुझे बहुत प्यार आया और

मैंने फिर से उसे हुग किया ) नहीं जान

ऐसा मत करना नहीं तोह मई..

मई इतना hi बोलै था की सोनाली ने

मेरे होठ पर होठ रख दिए और

चूसने लगी… मई भी साथ देने

लगा… आज पता नहीं क्यों मई महूसस

सा हो गया और पता hi नहीं चला कब

मेरे हाथ उसके बूब्स पर चले

गया और हलके से दबा दिया..

जैसे hi मैंने उसके बूब्स दबाया

उसके मुँह से आअह्हह्ह्ह्हह निकल गई

और झट से आँखे खोल दी.. मुझे भी

यह अहसास हुआ तब मई उससे अलग हो

गया.. हम जोर जोर से साँसे ले रहे थे

एक बार फिर मैंने उसे सीने से लगा लिया…

माँ… बीटा क्या क्र रहा है…

माँ की आवाज सुन क्र मई और सोनाली

हड़बड़ा गए…

मई.. कक्कूक.. नहहीइ.. मॉम्म

ऐसी hi कुछ काम था..

माँ.. हाँ बीटा वह क्या है न

कल हमे मिश्रा जी क यह पार्टी में

जाना है.. तो तू जा और शॉपिंग क्र

आ वही बताने आई थी…

मई… ठीक है.. माँ अभी जाते है…

माँ.. ( मेरे गले लग क्र ) दूर लगा लिया क्र…

मई शॉकेड रह गया आखिर यह हो

क्या रहा है… क्या माँ ने मुझे

देख लिया था अगर हाँ तोह इतनी

शांत कैसे है.. इसका जवाब सिर्फ

माँ दे सकती थी लेकिन मेरी हिम्मत

नहीं थी उनसे बात करने की…

फिर माँ रूम से निकल गई मई उन्ही

को देख रहा था और ख्यालों में

खोया हुआ था… माँ कुछ तोह

मुझसे छुपा रही है वर्ण इतना

आसान नहीं है… किसी क लिए यह बात

एक्सेप्ट करना…

सोनाली… ( मुझे हिलाते हुए ) क्या

हुआ बेतु… क्या सोच रहा है…

मई… ( होश में आते हुए ) कुछ

नहीं चलो शॉपिंग पर चलते है…

आप रेडी हो जाओ तब तक मई तृषा

को भी कॉल क्र देता हूँ…

फिर मई सोनाली को उसके रूम मई

छोड़ क्र अपने रूम मई आ गया..

और तृषा को कॉल लगा दिया…

कॉल पर..

मई… Hello त्रिषु…

तृषा… Hello जान कैसे हो..

खा बिजी थे..

मई.. कुछ नहीं बाबू वो बस सोनू

को ब्रेकफास्ट करा रहा था आप बताओ…

तृषा… मई भी ठीक हूँ..

मई.. ाचा आपने माँ को बताया

क्या हमारे बारे मई.. ( यह सोनाली

और अभी क बारे मई बात हो रही है )

तृषा… नहीं जान कल माँ बहुत

खुश थी इसीलिए बता नहीं पाई.. सॉरी..

मई.. कोई बात नहीं लेकिन आज बता देना..

वो सब छोड़ो यह बताओ बिजी तोह नहीं हो…

तृषा… नहीं जान आपके लिए तोह हर

समय फ्री.. हूँ..

मई.. ाचा जी..

तृषा… हाँ जी.. कोई शक..

मई.. नहीं नहीं… वो क्या है न सोनाली

और मई शॉपिंग पर जा रहे थे आप

भी तैयार हो जाओ मई आपको पिक

करने आता हूँ…

तृषा… ठीक है.. जल्दी आना… Bye..

लव यू… मुह्हह्ह्ह्ह

मई.. bye.. लव यू तो…. मुह्हह्ह्ह्ह

फिर मैंने कॉल कट क्र सोनाली को लेकर

चल दिया तृषा क घर.. आज मई घर

की गाडी ले गया था ककी मेरी दोनों

गाड़ियों मई सिर्फ 2 लोग hi बैठ सकते थे…

घर पहुंच क्र मई सोनाली को कार

में छोड़ क्र अकेला अंदर गया…

अंदर कोई नहीं था आंटी ऑफिस गई

हुई थी मई तृषा क रूम मई चला गया..

जैसे hi मई रूम में एंटर करता

हूँ… यह क्या… रूम मई भी

कोई नहीं था.. शायद बाथरूम में

होगी मई वही बीएड पर बैठ के वेट

करने लगा…. बीएड पर एक टेडी बड़ा सा

टेडी बेयर है जिसपे मेरा नाम

लिखा है… और दीवारों पर हर

जगह तृषा ने मेरे फोटो लगये

हुए थे…

आज मुझे पहली बार उसके प्यार

का एहसास हुआ और मेरी आँखे

नाम हो गई..

ठीक उसी वक़्त तृषा बाथरूम

से बहार आई.. वो इस वक़्त ब्लैक

कुरता पजामा पहने हुए थी…

जैसे hi उसने मुझे देखा वो

भाग क्र मेरे पास आई और मेरे

सीने से लग गई…

तृषा… ( रोने जैसी आवाज में )

क्या हुआ जान आप रू क्यों रहे हो

प्लीज मत रो वर्ण मई भी रो दूंगी..

मई.. ( उसे अलग क्र उसकी आँखों

में देखते हुए ) नहीं बाबू ऐसा

मत करो.. वह तोह मई तुम्हारा प्यार

देख क्र आँखें नाम हो गई..

( फिर अपने आंसूं पांच क्र )

शुक्रिया तुम्हारा मेरी जिंदगी

मई आने क लिए…

तृषा… प्लीज ऐसा मत बोलो

मुझे अच्छा नहीं लगता… यह सब

मैंने इसलिए किया ताकि मई हर

वक़्त तुम्हारे साथ रह सकू…

इससे मुझे कितनी खुसी मिलती है

मई बता नहीं सकती..

वह कुछ और बोलती इससे पहले मैंने

उसके होठ पर होठ रक दिए और वो भी

मेरा साथ देने लगी… हमारी किश

वाइल्ड होती गई धीरे धीरे मेरे

हाथ उसके बूब्स पर रख दिया.. और

हलके हलके प्रेस करने लगा..

वह धीमे धीमे सिसकती रही

लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा जब

हमे सांस लेने में मुश्किल

हुए तब हम अलग हुए… वो मेरे

सीने से लग गई…

तभी पीछे से सोनाली की आवाज आई…

सोनाली… उम्म्म हम्म्म क्या हो

रहा है…

मई.. कुछ नहीं जान बस आ hi रहे

थे चलो चलते है…

सोनाली….. हम्म्म वो तोह दिख hi

रहा था…

यह सुनते hi तृषा और शर्मा गई..

लेकिन सोनाली ने उसे नहीं छोड़ा…

सोनाली….. यह देखो कैसे शर्मा

रही है… अभी थोड़ी देर और करती तोह

कामिनी मेरी जान को खा hi जाती…

तृषा… तुझे क्यों जलन हो रही है…

बोल तोह बता दूँ तेरे जान को डेरी

क बारे मई…

डेरी का नाम सुनते hi सोनाली क

गाल लाल हो गए… बेचारी हर

बार फंस जाती है

सोनाली… कामिनी रुक तुझे बताती हूँ…

और उसे मारने क लिए बढ़ने लगी…

तृषा भी मेरे पीछे चुप गई..

मई.. जाने दो न जान.. ( फिर कुछ

सोच क्र नॉटी स्माइल दे क्र )

मुझे भी तोह पता चले.. आखिर

क्या है ऐसा डेरी मई…

यह सुनते hi सोनाली वही रुक गई

उसे अपनी सुबह की हरकत याद आ

गई जिससे वो शर्म से पानी पानी

हो गई…

मई उसको आगे बढ़ हुग किया…

वह भी मेरी बाहो मई सिम्त गई..

तृषा ने भी पीछे से मुझे

हुग क्र लिए…

उसके बाद हम तीनो मॉल मई

गए शॉपिंग करने…

अब चलते है डैड की तरफ देखते है

ऑक्शन मई क्या हो रहा है…

अभी क डैड मीटिंग खत्म क्र

बैठे हुए है… ऑक्शन की जगह

अपने सेक्रेटरी क साथ…

तभी वंहा गाड़ियों का काफिला

आता है… 15 गाड़िया एक क बाद

एक एंटर करती है… मीटिंग मई

बैठे सभी लोगो का ध्यान उसी

तरफ जाता है की आखिर यह है कोण…

तभी गाड़ियों का गेट ओपन

होता है और 30 से 35 बॉडी गॉर्ड

एक – 51 हाथ में लिए बहार निकलते

है… इतनी सिक्योरिटी देख सभी लोग

खड़े हो जाते है…

फिर एक गाढ़ी का गेट खुलता है…

जिसमे से एक लड़की फाइल लिए बहार

निकलती है… पुण्य टेल हेयर ब्लैक

सूट… गूगल्स….. सब लोग उसे

देखते रह जाते है…

( यह और कोई नहीं शर्मा इंडस्ट्री

की ओनर की बेटी है… निधि शर्मा…

हॉट एंड बोल्ड लेकिन बहुत घमंडी…

अभी तक सिंगल ककी इसे आज तक ऐसा कोई

नहीं मिला जो इसके बराबरी का हो… एक

सब्द में कहे तोह यह सिर्फ चलते फिरते

पैसे कमाने की मशीन ह )

उसे देख आधे से जयादा लोग

शॉकेड हो जाते है… वो आती है

और एक नहर डैड को देखते हुए

आगे निकल जाती है…

डैड… ( घबराते हुए मुझे कॉल

करते है मगर मेरा कॉल नहीं लग रहा

था ) एक इसका कॉल नहीं लग रहा ऊपर से

यह आ गई… अब तोह लगता है हम

रोड पर आ hi गए…

फिर एक एंकर स्टेज और आता है…

और बारी बारी सबकी प्राइस बताता

रहता ह… लास्ट मई सिर्फ 3 hi कंपनी

बची थी… तभी… डैड की कंपनी

का नाम अन्नोउंस होता है…

जिसे सुन डैड सर पकड़ बैठ जाते है….

तभी… नेक्स्ट टेंडर अन्नोउंस होता

है जिसे सुन्न डैड शॉकेड हो जाते है….

तो बे कंटिन्यू….
 
अपडेट… 27

डैड… ( घबराते हुए मुझे कॉल

करते है मगर मेरा कॉल नहीं लग रहा

था ) एक इसका कॉल नहीं लग रहा ऊपर से

यह आ गई… अब तोह लगता है हम

रोड पर आ hi गए…

फिर एक एंकर स्टेज और आता है…

और बारी बारी सबकी प्राइस बताता

रहता ह… लास्ट मई सिर्फ 3 hi कंपनी

बची थी… तभी… डैड की कंपनी

का नाम अन्नोउंस होता है…

जिसे सुन डैड सर पकड़ बैठ जाते है….

तभी… नेक्स्ट टेंडर अन्नोउंस होता

है जिसे सुन्न डैड शॉकेड हो जाते है….

अब आगे….

दरअसल बात यह थी की जो टेंडर

खुला था वह शर्मा कंपनी

का था और उनकी प्राइस हमारे टेंडर

से सिर्फ 1000 रस कम थी…

यह सुन क्र डैड को बड़ा झटका लगा…

( डैड मन में… इसका मतलव मेरे hi

किसी आदमी ने इनफार्मेशन लीक की ह…

अब तोह मई बर्बाद हो गया… कुछ

नहीं बचा…. फिर कुछ सोचते हुए..

लेकिन यह अभी खा रह गया… )

डैड ने शर्मा कंपनी की तरफ

देखा तो निंदहि ऐटिटूड में

डैड को देख थम्ब्स डाउन का

इशारा की…

डैड से रुका नहीं गया वो बहार

जाने लगे… की लास्ट टेंडर खुला

जिसकी प्राइस सुन्न सबके होश उड़द

गए… और डैड क पेअर जाते जाते रुक गए…

बात यह थी की टेंडर की प्राइस

शर्मा कंपनी से 1रस काम थी…

वंहा खले सभी लोग शॉक में

थे… और निंदहि गुस्से में आग बबूला

हो गई…

निधि… ( गुस्से में एंकर को )

व्हाट नॉन सेन्स यह कैसे हो सकता

है… फिर से चेक क्र वर्ण तू कहि का

नहीं रहेगा…

एंकर… ( डरते हुए ) यह देखिए

काम आपकी खुद देख लिलिये…

निधि टेंडर देखती ह और शॉकेड हो

जाती ह… वही डैड को कुछ समझ नहीं

आ रहा था अहीर यह हो क्या रहा ह…

निंदहि… ( गुस्से से ) कोण है..

****** कंपनी का ओनर सामने आओ…

सब एक दूसरे को देख रहे थे

तभी… भीड़ में से एक आदमी

सामने आता है…

निधि… तुम हो ****** कंपनी

क ओनर…

आदमी… नहीं.. मुझसे बस उनके

बेहल्फ़ सब कुछ देखने क लिए खा

गया था…

निधि… ( गुस्से से ) कोण ह ओनर

बुलाओ उसे में मिलना चाहती हूँ

उससे… अभी फ़ोन क्र और बुला जल्दी…

आदमी… वो बस अभी आते hi होंगे…

यह सब चल hi रहा… लेकिन डैड

कंपनी का नाम सुन शॉकेड

रह गए… यह कैसे हो सकता ह वो तो…

तभी वंहा… एक ब्लैक लेम्बोर्गिनी

आती है और उसमे से एक लड़का निकलता

है.. जिससे देख सब शॉकेड हो जाते

ह सबसे जयादा डैड…

( जी हाँ यह और कोई नहीं… अपना हीरो

अभिमन्यु hi है… वो एक बार डैड

की तरफ देखता है और स्माइल करते हुए

आगे बढ़ जाता है )

मई… ( जोर से ) किस्से मिलना है मुझसे…

सब लोग सांत थे.. मैंने निधि की

तरफ देखा वो बस मुझे घूरे जा

रही थी…

मई… ( निधि से ) तोह वो आप है जो

यह हंगामा क्र रही ह…

निधि कुछ नहीं बोली वो बस मुझे

hi देखे जा रही थी.. की मैंने उसके

पास जा चुटकी बजे जिससे वो होश

में आई…

निधि…. ( इधर उधर देखा जब उससे

सब समझ आया तो बोली ) तुम कोण हो…

तुम्हे पहले कभी नहीं देखा…

मई…. मई हु अभिमन्यु सिंह…

****** कंपनी का ओनर… कहिये

क्या प्रॉब्लम ह आपको… यूँ हंगामा

क्यों क्र रही है…

निधि… ( नरम आवाज में ) जो भी हो

तुम यह बताओ तुमने यह कैसे किया….

मई… ( हस्ते हुए ) है है है जैसे

तुमने मेरे डैड क प् को खरीदा

वैसे hi मैंने तुम्हारे प् को

खरीद लिया सिंपल…

निधि… क्या…. तुम सूर्यवीर सिंह

क लड़के हो…

मई… ( गुस्से में ) ो मैडम रेस्पेक्ट

से बात करो डैड ह वो मेरे…. काम से

बड़े छोटे का तो लिहाज करो…

निधि… जो भी हो व्हाटएवर मुझे

यह कॉन्ट्रैक्ट चाहिए बोलो कितने

पैसे चाहिए तुम्हे… निधि शर्मा

ने आज तक घाटे का सौदा नहीं किया…

जो भी पैसे तुमने मार्किट से लिए ह

सब में दे दूंगी…

मई… हलवा समझ रखा है क्या…

जो प्लेट मई दाल क्र दे दूँ और

तुम खा लो…

निधि… ( गुस्से में ) तुम जानते

हो मई कोण हूँ…

मई… ( गुस्से में ) अमीर बाप

की बिगड़ी हुई शहज़ादी…

निधि…. मई तुम्हे…

मई… ( बिच में hi ) बस बहुत हुआ…

तुम्हे अगर लगे मैंने अनफेयर किया

तोह जाओ जाकर केस करो लेकिन यह कॉन्ट्रैक्ट

मेरा hi रहेगा…

निधि… ( गुस्से में ) तुम्हे यह बात

बहुत मेहेंगी पड़ेगी…

मई.. ( मुस्कुराते हुए ) चलेगी वैसे

भी मुझे सस्ती चीज़ें पसंद नहीं….

वो गुस्से मई वंहा से पेअर पटकते

हुए चली गई… और मई डैड क पास

पहुंच गया… डैड जो सब देख रहे थे

अभी तक शॉकेड थे…

मई… ( डैड को हिलाते हुए ) क्या हुआ डैड…

डैड… बीटा यह सब क्या था और वो

****** कंपनी मुझे कुछ समझ

नहीं आ रहा…

मई… ( मुस्कुराते हुए ) कुछ नहीं

डैड अभी सिर्फ इतना जान लो की यह

कॉन्ट्रैक्ट हममे मिला है… ******

कंपनी तो सिर्फ चलवा था… ककी

जब मैंने आपके आपके प् से बात की

तोह वो मुझे घूमने लगा और मुझे

शक हुआ… और आगे आप जानते hi है

डेविल किंग थे जोकर को क्या क्र सकता है…

डैड.. ( मुझे हुग करते हुए ) ी ऍम

प्राउड ऑफ़ यू माय सोन…. आज तुमने

मेरा सर एक बार फिर फ़िक्र से ऊंचा

क्र दिया…

मई… चलो डैड चले है… टाइम

जयादा हो गया ह घर पर सब वेट क्र

रहे होंगे…

डैड मुझसे कुछ और पूछना चाहते

थे लेकिन मैंने उन्हें मौका नहीं दिया

और गाढ़ी मई बैठा क्र घर निकल गया…

अब चलते है हमारी कियारा मैडम

क घर..

कियारा अस उसुअल पेंटिंग क्र रही रही

थी और गाना गुनगुना रही थी तभी

उसके डैड कमरे मई आते है…

( कदद = कियारा क डैड )

कदद…. किरण यह सब क्या क्र रही

हो… तुमको कितनी बार बोलै ह…

आखिर क्या रखा है पेंटिंग में…

तुम इससे चोर क्यों नहीं देती… और यह

क्या बना रही हो…

कियारा…. डैडी आओ कभी नहीं

समझोगे… यह मेरा आर्ट है…

अगर आपने फिर मेरी पेंटिंग क

बारे मई कुछ बोलै तो मई .

आपसे बात नहीं करूंगी…

कदद… ( कान पकड़ते हुए )

अच्छा बाबा सॉरी नहीं बोलता…

चलो निचे खाना खा लो

डिनर लग गया है…

कियारा…. ( मुस्कुराते है ) अभी

आई डैडी आप चलो…

कियारा वंहा से वाशरूम जा

क्र फ्रेश हो निचे जाती ह डिनर करने..

कदद… क्या बात है किरण आज सुबह

से मई नोटिस क्र रहा हूँ तुम एक

भी बार गुस्सा नहीं हुई और नौकरों

से भी अच्छे से बात क्र रही हो… एंड

मुस्कराहट तोह गई hi नहीं चेहरे से

क्या बात ह कहि मेरी पारी को उसका

राजकुमार तोह नहीं मिल गया…

कियारा… ( शरमाते हुए ) क्या डैडी

आप भी ऐसा कुछ नहीं है… ( और जल्दी.

से डिनर क्र मुस्कुराते हुए अपने

रूम में चली जाती है )

कदद…. ( आँख से आंसू बहते

हुए ) भगवान् मेरी बेटी को

हमेशा ऐसे ह खुश रखना…

आज कई सालों बाद मैंने उससे

खुश देखा है.. प्ल्ज़्ज़ उससे यह

ख़ुशी मत चीन लेना…

तो बे कंटिन्यू….
 
अपडेट…. 28

कियारा… ( शरमाते हुए ) क्या डैडी

आप भी ऐसा कुछ नहीं है… ( और जल्दी.

से डिनर क्र मुस्कुराते हुए अपने

रूम में चली जाती है )

कदद…. ( आँख से आंसू बहते

हुए ) भगवान् मेरी बेटी को

हमेशा ऐसे ह खुश रखना…

आज कई सालों बाद मैंने उससे

खुश देखा है.. प्ल्ज़्ज़ उससे यह

ख़ुशी मत चीन लेना…

अब आगे….

यह मई… डैड को लेकर… घर

पहुंच गया… झा माँ डिनर

पर इन्तजार क्र रही थी… लेकिन सोनाली

कहि नहीं दिखी… मैंने माँ की तरफ

देखा वह समझ गई.. और ऊपर उसके

रूम की और इशारा किया…

में भी मुस्कुराते हुए चल दिया

अपनी जान क रूम… मई रूम क

बहार पहुंचा hi था की मुझे

मैसेज आया…

मैंने देखा तो माँ का hi था…

लिखा था गेट बंद क्र लेना…

और समिली थी…

माँ की यह बाते मेरे सर क ऊपर

बाउंसर की तरह जा रही थी… की आखिर

माँ को पता चल चूका है तोह

वो इतनी शांत कैसे है… कोई तोह

बात है मुझे माँ से बात

करनी होगी….

तभी रूम का गेट खुला और

सोनाली ने मुझे अंदर खिंच लिया…

यह सब इतनी जल्दी हुआ की मई सीधा

जाकर उससे चिपक गया…

और वो मेरा वेट नहीं झेल पाई और

लड़खड़ती हुई बीएड पर गिर गई और

मई उसके ऊपर…

हमारी आँखे मिली हम दोनों

हसने लगे…. और एक दूसरे को

हुग क्र लिया…

सोनाली… क्या हुआ बेतु बहार

खड़े क्या सोच रहा था…

मई… ( हिचकिचाते हुए ) कुछ

नहीं जान.. बस ऐसे…

सोनाली… ( मुस्कुराते हुए ) तुम्हे

पता ह न तुम मुझसे कुछ नहीं

छुपा सकते अब बोलो क्या बात है…

मई… ( मुस्कुराते हुए ) हाँ बावा

बताता हूँ…

फिर मैंने सोनाली को माँ के साथ जो

मेरी बात हुई वह सब बता दिया…

जिससे सुन पहले तोह सोनाली परेशां

हुई बाद में कुछ सोच क्र मुस्कुराने लगी…

मई… ( अचंभित होकर ) क्या हुआ

जान.. झा मई परेशां हूँ.. की

माँ ऐसा क्यों बेहवे क्र रही ह और

तुम मुस्कुरा रही हो…

सोनाली… ( मुस्कुराते हुए ) अरे तुम

भी बुद्धू हो… जब माँ को कोई

प्रॉब्लम नहीं है तोह क्यों इतना सोचना

मई तोह कबसे परेशां थी की सबको

पता चलेगा तोह क्या होगा… लेकिन

तुमने तोह इतनी बड़ी खुशखबरी देदी…

इतना परेशान होने की कोई बात नहीं है..

सब वक़्त पर चोर दो अब काम से काम

हम अलग तो नहीं होंगे…

मुझे भी सोनाली की बात ठीक लगी…

मई मुस्कुराते हुए उसे हुग क्र लिया

और उसके होठ पर होठ रख दिए और किश

करने लगा… एक पैशनेट किश क बाद

हम अलग हुए…

फिर मई सोनाली को साथ लेकर डिनर क

लिए जाने लगा…

अब चलते है डिनर टेबल पर झा

मेरे जाते hi डैड माँ को सब

बताने लगे जो भी ऑक्शन में हुआ

जिस सुनते hi माँ भी शॉकेड हो गई…

माँ… क्या बताया आपने कंपनी

का नाम…

डैड…. ****** कंपनी….

माँ… ( खुश होते हुए ) आज कई

सालों बाद उसका नाम सुना….

( फिर आँख मई आंसू लेट हुए )

मेरा बीटा अभी भी उसको याद करता

ह ऊपर से चाहे वह कितना भी खुश

हो…. अगर उस दिन…

डैड…. ( माँ क कंधे पर हाथ

रखते हुए ) संध्या सम्भालो

अपने आप को अगर उसने देख लिया

तोह उसे पता चल जायेगा की मैंने

तुम्हे बताया ह और वह फिर उदास

हो जायेगा… बड़ी मुश्किल से उसने

खुद को संभाला ह… तुम्हे ऐसा

देख वो भी उदास हो जायेगा…

माँ… ( आंसू पांच क्र ) नहीं नहीं

मई फिर अपने बेटे को उस हाल में

नहीं देखना चाहती…

तभी मई सोनाली क साथ डिनर

टेबल पर पहुंच गया….

मई….. किसे किश हाल में नहीं

देखना चाहती माँ…

मेरे आवाज सुन डैड और माँ

घबरा गई कही मैंने सुन्न तो

नहीं लिया… लेकिन मेरी बात सुन…

माँ… ( नॉटी स्माइल क साथ ) तुझे…

माँ की बात सुन मई और सोनाली

शर्म से सर निचे झुका लिया…

जिससे देख माँ हसने लगी…

डैड… इन्हे क्या हुआ.. और तुम क्यों

हस्स रही हो..

माँ… ( मुस्कुराते हुए ) कुछ

नहीं… अब क्यों ऐसे खड़े हो आजाओ

बैठो डिनर ठंडा हो रहा ह…

फिर मई और सोनाली बैठ गए और

डिनर क्र हम दोनों मेरे रूम

में चले गए सोने….

अब चलते है कियारा की तरफ जो अभी

क सपने मई खोई हुई है… तभी

वह Abhiiiiiiiiiiiiiii चैंखटे हुए

उठ जाती है… और रोने लगती है…

कियारा की चींख सुन उसके डैड

उसके रूम मई आ जाते है…

कदद… क्या हुआ बीटा तुम रो

क्यों रही हो….

कियारा…. ( डैड को हुग क्र रट हुए )

डैड वो अभी वो…. ( और रोने लगती है )

कदद… क्या हुआ किरण लगता है कोई

बुरा सपना देखा चलो आओ मई

तुम्हे सुलाता हूँ…

फिर कियारा डैड की गॉड में सर रख देती

है और अभी को याद करते हुए सो जाती है….

( बहुत सस्पेंस है यर हो क्या रहा

है… Don’t वोर्री जल्द hi सब पता

चल जायेगा… )

तो बे कंटिन्यू….
 
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