Apne Pyaare rishte - Page 11 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 92

में :- ओह सॉरी मुझे ख्याल रखना चाहिए था

सनिका :- नहीं भाई इसमें आपकी कोई गलती नहीं है वैसे ये सब छोड़िये ये आपके लिए एक छोटा सा गिफ्ट

इतना बोलके उसने 3 बैग्स मेरे तरफ बढ़ा दिए

में :- ये क्या 1 बोलके 3 पकड़ा रहे हो

सनिका :- मसरे और स्वाति के तरफ से 1-1 गिफ्ट और 3रा गिफ्ट वही रॉयल ड्रेस है जो आपको पसंद आयी थी

में :- ाचा

मेने उसके हाथों से वह तीनो बॉक्स ले लिए और कप्बोर्ड में रख दिए

में :- चलो अब तुम दोनों सोने जाओ आज बहुत थक गयी होंगी

फिर वह दोनों सोने चली गयी और मुझे तोह नींद नहीं आ रही थी इसीलिए में दूर लॉक करके ध्यान लगाने लगा

जब में डज्ञँ लगा रहा था की तभी मेरे फ़ोन पर दीदी का फ़ोन आया

में (फ़ोन उठके) :- ही स्वीट हार्ट क्या बात है सोई नहीं अभी तक

दीदी :- स्वीट हार्ट के बचे एक कॉल तोह कर नहीं सकते और चिनता ऐसे जताते हो जैसे एक पल बिता नहीं सकते

में :- (मंद hi मंद मुस्कुराते हुए) सॉरी डार्लिंग टाइम hi नहीं मिला वैसे क्या कर रही हो अभी

दीदी :- में तुम्हारी कोई डार्लिंग नहीं हु समझे एक कॉल तोह लगा नहीं सकते और आये बड़े डार्लिंग बोलने वाले

में :- अरे माफ़ भी कर दो रुको में आपको एक फोटो भेजता हु वह देख कर बताना गुस्सा उतरा की नहीं

इतना बोलके मेने कॉल कट कर दिया और मेने जो गिफ्ट्स उनके लिए ख़रीदे थे उनके फोटोज निकल के सेंड कर दिए

जो की कुछ इस प्रकार थे

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और कुछ ड्रेसेस भी थे

जब मेने सरे फोटोज सेंड किये तोह तुरंत बाद मेने सामने से hi उनको कॉल लगा दिया

में :- बोलो डार्लिंग कैसे लगे गिफ्ट्स

दीदी :- भाई कितना खर्चा किया है तुमने इनपर

में :- टच अब ये खर्चा मत गिनाओ आपके लिए तोह जान भी हाज़िर है

दीदी :- चुप बैठो कुछ भी बोलते हो तुम और ये क्या आज बड़ा प्यार आ रहा है मुझ पर

में :- क्यों नहीं आ सकता

दीदी :- चल अब सो जा रात बहुत हो गयी है और वैसे भी मेरे पास तेरे लिए कुछ है भेजती हु रुक

इतना बोल के उन्होंने फ़ोन कट कर दिया और फिर तुरंत hi मेरे फ़ोन में नोटिफिकेशन आया जब मेने चेक किआ तोह दीदी ने एक फोटो सेंड किआ था जब मेने फोटो ओपन किआ तोह मेरी नज़र उस फोटो से हैट hi नहीं पायी

वह फोटो कुछ ऐसी थी

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उसके बाद में दीदी का एक और मश्ग आया

दीदी :- कैसी लगी अपनी डार्लिंग की फोटो

में :- वैरी सेक्सी अगर यहाँ होती तोह अछेसे बता पता

दीदी :- आज इतने से hi काम चलाओ

फिर उसके बाद उनका कुछ मश्ग नहीं आया तोह में भी फ़ोन को साइड में रख के ध्यान लगाने लगा लेकिन आज दिन भर की बाते दिमाग से निकल hi नहीं रही थी

में आज हुई घटना के बारे में सोच रहा था की कैसे जब ममी मुझे से गले लगी तो उनकी छाती का स्पर्श कितना हसीं था और फिर दीदी के साथ अभी जो हुआ यही सब सोचते हुए मुझे मेरे लिंग में अब तनाव महसूस होने लगा और अपने आप hi मेरा हाथ मेरे लुंड को सहलाने लगा जिस में अब मुझे एक अलग hi आनंद मिल रहा था में जितना लुंड को मसल रहा था उतना hi और मैं कर रहा था की मसलता hi राहु ऐसे hi कुछ देर और मसलने के बाद जब मेरा माल निकला तोह मुझे ऐसा लग रहा था की जैसे में हवा में उड़ रहा हु लेकिन फिर ममी के बारे में सोच कर मुझे गिलटी फइलल होने लगा तोह में उठ कर बाथरूम चला गया और शावर के निचे खड़ा हो कर अचे से नहाया फ्रेश हुआ और गाइड के कहने मुताबिक में अपने मुलधर चक्र पर ध्यान लगाने लगा अभी थोड़ी देर hi हुई थी की मुझे ऐसे लगने लगा की कोई मुझे निचे की तरफ खींचे जा रहा है लेकिन में उससे इग्नोर करते हुए अपने चक्र पर hi फोकस किये हुआ था और जब में ध्यान में बैठा हुआ था तभी मुझे मेरे ध्यान में वही चित्र दिखने लगा जिसे पहले मेने अंतर्मन में देखा था

लेकिन ये पहले से अलग था इसमें मुझे शरीर के केंद्र में लाल रंग का हिरा लगा दिख रहा था

कुछ इस तरह

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और जब फिर भी में नहीं रुका और अपने मुलधर चक्र पर hi फोकस्ड था की तभी मुझे फिर से मेरे शरीर के ऊपर बढ़ता भर महसूस हुआ जिसके बाद मुझे मेरे मस्तिष्क में एक चित्र और दिखा जो कुछ ऐसा था

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उसके बाद में अपने दोनों हाथों को जोड़ कर उस लें के मित्र को प्रणाम किया जैसे hi मेने उसे प्रणाम किया वह किसी राकेट की स्पीड में मेरे दिमाग में घुस गया जिससे मेरा बैलेंस बिगड़ गया जहा में इस वक़्त बैठा हुआ था वही अब में जमीं पर लेत चूका था

मुझे पता है ये अपडेट छोटा है उसके लिए में माफ़ी चाहूंगा लेकिन अब स्टोरी जिस ट्रैक पर है मुझे हर एक सन लिखने के लिए बहुत रिसर्च और मेहनत लगी है जो आपको अगले अपडेट में पता चलेगा तब तक के लिए में आपका चाहूंगा की ऐसे hi आपका प्यार मेरे दोनों स्टोरीज पर बरसता रहे

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 93

उसके बाद में अपने दोनों हाथों को जोड़ कर उस लें के मित्र को प्रणाम किया जैसे hi मेने उसे प्रणाम किया वह किसी राकेट की स्पीड में मेरे दिमाग में घुस गया जिससे मेरा बैलेंस बिगड़ गया जहा में इस वक़्त बैठा हुआ था वही अब में जमीं पर लेत चूका था

लेकिन सबसे अजीब बात ये थी की जैसे hi में लेता मेरे मन में एक साथ दो चित्र उभरे जिसमे से पहला था एक हठी का जो की अजीब था कुछ ऐसा

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और दूसरा था वही लें का hi लेकिन उसमे कुछ डिफरेंट था ये कुछ ऐसा था

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जब मेने उस चित्र को ध्यान से देखा तोह ऐसा लगा की वही 4 शब्द जो उस लें के साथ थे वह उस चित्र से अलग हुए और किसी सर्किल की तरह घूमने लगे जो कुछ इस प्रकार था

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जब वह 4रो शब्द घूम रहे थे तोह मुझे ऐसा लग रहा था की वह 4 शब्द 4 मंत्र बांके मेरे कानो में बज रहे है जिनकी आवाज हर डैम पहले से ज्यादा तीव्र हो रही थी और जब वह मंत्र मेरे कानो में बज रहे थे तोह मुझे मेरे शरीर के केंद्र में एक अजीब सी कम्पन महसूस हुई जो की उन मंटों की आवाज के साथ और तीव्र हो रही थी

ऐसे hi थोड़ी देर तक इन साडी घटनाओं का अनुभव लेते हुए मेने अपना ध्यान तोड़ते हुए अपनी आखे खोली तोह मेरे सामने गाइड खड़े थे और इस वक़्त हम मेरे अंतर्मन में थे

जहा गाइड के साथ मेरे दोनों रूप भी जिन्दा हो के मुझे घर रहे थे

ग:- अब कैसा लग रहा है राज

में :- थोड़ी कम्पन महसूस हो रही है शरीर में

ग :- कोई बात नहीं वैसे बधाई हो तुमने अपने मूलधार चक्र पर 80% तक काबू प् लिया है और अब तुम दूसरे चक्र की और बढ़ सकते हो

में :- और जो चीजे मुझे मेरे ध्यान अवस्था में दिखी थी उनका क्या

ग :- उन सबके बारे में भी तुम जानोगे लेकिन अभी उसका सही समय नहीं आया है

में :- ठीक है तोह अब दूसरा चक्र जागृत करने की प्रोसेस स्टार्ट करे

ग :- नहीं अभी नहीं अभी भले hi तुम्हारा शरीर तरोताज़ा है लेकिन फिर भी तुम्हारा मस्तिष्क थक चूका है उसे आराम की जरुरत है

में :- ठीक है अब में समझ गया हु

फिर उसके बाद हर बार की तरह गाइड गायब हो गया और फिर में भी अपने अंतर्मन से बहार निकल गया

जब में अपने अंतर्मन से बहार आया तोह सुबह हो गयी थी तोह में भी उठ कर निचे आ गया जहा पर इस वक़्त तोह कोई नहीं था तोह में वह से कीकतें में चला गया जब में कीकतें में पंहुचा तोह वह भी कोई नहीं था शायब सब अभी तक सो रहे थे तोह में अभी सोच में पद गया की क्या करू क्यूंकि अगर अभी सब उठे तोह सब को नाश्ता लगेगा और घर की साडी लेडीज भी कल रात को बहुत थक गयी है फिर मेने ये डिसिशन लिया की आज का नाश्ता में बना लेता हु वैसे भी मीरा माँ से मेने आयुर्वेदा के साथ और भी ज्ञान लिया था जिसमे कुकिंग भी है

तोह में आज उसी ज्ञान का इस्तेमाल करने वाला था

तोह में लग गया अपने काम पर सबसे पहले मेने अपने सेंसेस की मदद से सरे मसलों की लोकेशन पता कर ली फिर जैसे मीरा माँ खाना बनती थी बिलकुल उसके तरह में भी खाना बनाने लगा फिर मेने जैसे तैसे करके सारा खाना बना दिया जब खाना बनाने का काम कम्पलीट हो गया तोह में गांव घूमने के लिए हवेली से बहार आ गया जब में हवेली से बहार आया तोह बहार के वातावरण की जो सुंदरता दिखी उसे देख कर hi मन खुश हो गया

तोह में उसी वातावरण में गांव की शीतल हवा के झोको को महसूस करते हुए जॉगिंग करते हुए गांव का चक्कर काटने लगा जहा शेरगढ़ गांव के साथ साथ सहर भी था वह बहुत हद तक अपडेटेड था वही सूरजगढ़ टोटली गांव की फील दे रहा ताज़ी हवा गे भैसों की आवाज़े खेत की मिटटी की खुशबु जो मेरे मन को एक अलग hi आनंद दे रहा था

में जॉगिंग करता हुआ गांव के आखाड़े तक पहुंच गया जब आखाड़े के अंदर गया तोह वह पूरी ओपन गयम बानी हुई थी जहा दुम्ब्ले सरे पत्थर के बने थे और वह एक से बढ़ कर एक काळा सैंड देखने को मिल रहे थे

वही आखाड़े के बिच में 2 सैंड यानि पहलवान लड़ रहे थे दोनों एक दूसरे को बराबरी की टक्कर दे रहे थे

तभी एक पहलवान ने दूसरे को उठके ऐसे पटका जैसे कोई खिलौना हो उसके बाद वही हुआ जो हर बार हर आखाड़े में होता है जितने वाला पहलवान बाकि सरे पहलवानों को चुनौती देने लगा

पहलवान :- हे किसी में हिम्मत जो मुझे पछाड़ सके

अब ये चुनौती सुन के में चुपचाप वह से सटकने लगा क्यूंकि मुझे पता था की ये पहलवान को तोह में 2 सेक् में पछाड़ सकता हु

में अभी वह से निकल hi रहा था की तभी मेरे सामने मेरा योद्धा वाला रूप आ गया जिसे सिर्फ में hi देख सकता था

Yodha(y) :- कहा भाग रहे हो राज अगर कोई किसी योद्धा को ऐसे सरे आम चुनौती दे तोह उसे स्वीकारना hi योद्धा धर्म है नहीं तोह तुम कायर कहलाओगे

में :- अरे सबसे पहले तुम ये बताओ तुम बहार कैसे आये तुम तोह अंतर्मन में थे

य :- तुम जितना अपनी ताकत बढ़ाओगे उतना hi हमारी ताकत बढ़ेगी और हम अपनी मर्ज़ी से या तुम्हारे बुलावे पर आ सकते है

में :- ये ठीक है और रही उसके चुनौती की बात तोह ऐसे बहुत से लोगों की बत्तीसी तोड़ी है अब इस खेल में मजा भी नहीं आता

अभी हम बाटे कर hi रहे थे की तभी उस पहलवान ने फिर से मुँह खोला

प :- लगता है आज कल वीर पैदा होने hi बंद हो गए या किसी ने अपने माँ का ढूढ़ नहीं पिया क्या जो इतनी सी चुनौती भी नहीं ले सकता

में (योद्धा से) :- तुम अंदर चलो अब बात पर्सनल हो गयी है अभी तोह इसको मुँह तोड़ जवाब देना hi होगा

य :- ये हुई न सच्चे योद्धा की बात

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अपडेट 94

य :- तुम जितना अपनी ताकत बढ़ाओगे उतना hi हमारी ताकत बढ़ेगी और हम अपनी मर्ज़ी से या तुम्हारे बुलावे पर आ सकते है

में :- ये ठीक है और रही उसके चुनौती की बात तोह ऐसे बहुत से लोगों की बत्तीसी तोड़ी है अब इस खेल में मजा भी नहीं आता

अभी हम बाटे कर hi रहे थे की तभी उस पहलवान ने फिर से मुँह खोला

प :- लगता है आज कल वीर पैदा होने hi बंद हो गए या किसी ने अपने माँ का ढूढ़ नहीं पिया क्या जो इतनी सी चुनौती भी नहीं ले सकता

में (योद्धा से) :- तुम अंदर चलो अब बात पर्सनल हो गयी है अभी तोह इसको मुँह तोड़ जवाब देना hi होगा

य :- ये हुई न सच्चे योद्धा की बात

इतना बोलके वह फिर से मेरे शरीर में समां गया

में :- (छिलके) तोह कोण है वह जो अपनी मौत को दावत दे रहा है

मेरी आवाज सुन के वह सभी लोग शॉकेड हो गए क्यूंकि जो पहलवान चुनौती दे रहा है उसकी बॉडी किसी राक्षस से काम नहीं थी और उसे में ऐसे चुनौती दे रहा था

प :- बचे क्यों अपने हाथ पेअर तुड़वाना चाहता है चुप चाप घर चला जा नहीं इतनी मार मरूंगा की कोई पहचान नहीं पायेगा

में :- (रिंग में एंटर करते हुए) चुप चूतिये बाते नहीं ताकत बता या तू सिर्फ बातो का शेर है

अभी में और वह दोनों भी आमने सामने थे अभी मेरी बात ख़तम भी नहीं हुई थी की उसने मुझ पर हुम्ला किया लेकिन में भी उससे बच गया उसने सबसे पहले मेरे चेहरे पे पंच मरने का प्रयास किया लेकिन में बच गया फिर उसने मुझे एक बार फिर पंच मारने का तरय किया लेकिन फिर में बच गया मेरे लिए तोह ये बच्चों का खेल था लेकिन उसके लिए उसकी ज़िन्दगी भर की इज़्ज़त वह बार बार मुझ पर वार किये जा रहा था और में खुद का बचाव किया जा रहा था जल्द hi वह थक गया और फिर मेने एक हलकी सी किक उसके मुँह पे मरी लेकिन इस हलकी किक ने भी उसके 4 डाट तोड़ दिए और वह पहलवान वहु बेहोस हो गया

जैसे hi वह पहलवान बेहोश हुआ वैसे पुरे आखाड़े में जैसे शांति च गयी किसी में हिम्मत नहीं थी की आगे आके काम से काम उस पहलवान को ले जाये

फिर में वह से निकल के सीधा हवेली पंहुचा जहा सब टेंशन में दिख रहे थे

में (हवेली में एंटर करते हुए) :- क्या हुआ नानाजी आप सब टेंशन में क्यों हो

बी. मां :- तुम किधर थे राज तुम्हारा फ़ोन भी घर पे था और तुम मिल भी नहीं रहे थे इसीलिए सब टेंशन में थे

में :- इसमें टेंशन की क्या बात में तोह जॉगिंग करने गया था मेरी आदत है सुबह जल्दी उठ के एक्सरसाइज करने की

नाना :- कोई बात नहीं बीटा तुम फ्रेश हो जाओ (ममी से) बहु तुम नास्ता लगा लो

फिर में ऊपर अपने रूम में चला गया

वही निचे कीकतें में

कीकतें में ममी टेंशन में थी

नानी :- क्या हुआ बहु टेंशन में क्यों हो

ममी :- मजी कल रात को पार्टी में बहुत थक गयी थी और सुबह राज गायब हो गया तोह टेंशन के मारे मेने कुछ नाश्ता बनाया hi नहीं अब क्या करू

नानी :- कोई बात नहीं अभी कुछ बना दे हल्का फुल्का सब सहमत रहेनेगे लंच तक में भी तेरी मदद करती हु

ममी :- ठीक है

फिर जब उन्होंने बर्तन खोलके देखे तोह नाश्ता पहले से hi बना हुआ था

नानी :- लगता है दीपा ने बनाया होगा

ममी :- मुझे भी यही लगता है

नानी :- चल जल्दी अब नाश्ता लगा दे

फिर ममी ने सब को नास्ता परोस दिया तब तक में भी निचे आ गया

फिर सबने नाश्ता किया

नाना :- (ममी से) नाश्ता बहुत ाचा बना था बहु

ममी :- नाश्ता मेने नहीं दीदी ने बनाया था

मौसी ;- नहीं भाभी मेने भी नहीं बनाया था

नानी :- तोह किसने बनाया नास्ता

में :- मैंने बनाया है नास्ता सुबह में उठा तोह सब सो रहे थे तोह मेने सोचा सब कल थक गए होंगे इसीलिए मेने बना दिया

अभी हम सब बात hi कर रहे थे की तभी एक हत्ता कट्टा आदमी हवेली में एंटर करता है

मां :- (उस आदमी से) बोल बिल्ला कुछ पता चला उस हादसे के बारे में

बिल्ला :- जी मालिक में जब वह पंहुचा तोह वह जो भी मरे थे वह सरे हरी सिंह और उसके डाकू थे किसी ने उन सब को मार दिया

मां ;- ये क्या बोल रहे हो बिल्ला किसने किया ये काम पता लगाया तुमने

बिल्ला :- जी मालिक कल शाम को आपके गाड़ी के अलावा 2 लोग hi इस रस्ते से आये थे एक गांव वाला hi था लेकिन वह अपना मुँह नहीं खोल रहा है और एक अनजान था

मां :- कोण है वह हम भी तोह देखे किस्मे इतनी हिम्मत है की वह हमारे हुकुम को न मंजूर करे

फिर कुछ पहलवान एक बूढ़े आदमी के साथ आये जिसे देख के मुझे शॉक लगा क्यूंकि ये वही काका थे जिन्हे कल मेने लिफ्ट दी थी शायद मुझे यहाँ देख कर ुंगे भी शॉक हुआ

मां :- (काका से) राम क्या बात है बता दे किसने मारा है हरी शिंघ और उसके डाकुओं को तुम्हे डरने की कोई जरुरत नहीं है न हम तुम्हे कुछ कहेंगे न उसे

काका :- (मेरे और इशारा कर के) यी कोण है मालिक

मां :- ये मेरा भतीजा है राजवीर

काका :- अब मुझे उसके बारे में डरने की कोई ज़रुरत नहीं है आप उसे कीच नहीं बोल पाओगे

स. मां :- क्यों नहीं बोल पाएंगे

काका :- क्यूंकि जिसने कल मुझे लिफ्ट दी और सरे डाकुओं को मारा वह आपका भतीजा राजवीर hi है मालिक

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मां :- (काका से) राम क्या बात है बता दे किसने मारा है हरी शिंघ और उसके डाकुओं को तुम्हे डरने की कोई जरुरत नहीं है न हम तुम्हे कुछ कहेंगे न उसे

काका :- (मेरे और इशारा कर के) यी कोण है मालिक

मां :- ये मेरा भतीजा है राजवीर

काका :- अब मुझे उसके बारे में डरने की कोई ज़रुरत नहीं है आप उसे कीच नहीं बोल पाओगे

स. मां :- क्यों नहीं बोल पाएंगे

काका :- क्यूंकि जिसने कल मुझे लिफ्ट दी और सरे डाकुओं को मारा वह आपका भतीजा राजवीर hi है मालिक

काका की बात सुनके सब शॉक हो गए

मां :- (शॉक से) क्या

काका :- जी मालिक

नाना :- राज ये क्या है

में :- मेरी क्या गलती नानाजी में तोह चुप चाप काका के साथ गांव आ रहा था तभी रस्ते में मुझे दिखा की किसी का एक्सीडेंट हो गया है तोह में तुरंत उसकी मदद करने की सोची लेकिन वह डाकू निकले और मुझे लूटना चाहते थे अब आपने भी देखा मेरे पास कितना अनमोल सामान था इसीलिए मेने उस सामन को बचने के लिए बस थोड़े हाथ पेअर चलाये

स. मां :- बस थोड़े हाथ पेअर चलाये तोह वह खड़े सब मरे कैसे बता

में :- उसमे मेरी क्या गलती की वह लोग कमजोर थे की मेरी मार सह नहीं पाए

अभी में इतना बोलै hi था की तभी मेरे शरीर से मेरा किंग का रूप बहार आ गया

किंग :- ये कैसे बोल रहे हो अब तुम बचे नहीं हो अपने नाना से सवाल पूछ की अगर वह राजा है तोह प्रजा की सहायता क्यों नहीं कर पाए इस मामले में जब की राजा का फ़र्ज़ है अपने प्रजा की सहायता करे

अभी में किंग की बात सुन hi रहा था की तभी मां की आवाज से में होश में आया

बी. मां :- अब क्या सोच रहे हो राज

में :- में ये सोच रहा था की मान लेता हूँ की मेरा उनको यु मारना गलत है लेकिन आप तोह पुरे सूरज ग्रह के राजा हो आपने इन डाकिओं को रोका क्यों नहीं

नाना :- राज कहना क्या चाहते हो तुम

में :- अगर आपको पता है की आप के प्रजा को डाकुओं के जुल्म सहने पड़ते है तोह आप उन डाकुओं के खिलाफ क्या कदम उठाया

नाना :- हमने हमारे तरफ से सरे तरीके अपनाये उनके खिलाफ कंप्लेंट भी की थी लेकिन उन्होंने कुछ एक्शन नहीं लिया और तोह और हमने जिन भी लोगों को वह भेजा उनको उन्होंने मार दिया

में :- तोह हथियार तोह आपके पास भी है आपने कितने बार उन्हें मारने के लिए हथियारों के साथ अपने सबसे ताकतवर पहलवानों के टोली को भेजा था

मेरा सवाल सुनके वह सब के चेहरे पर मायुशि थी अभी कोई कुछ बोलता की तभी हवेली के अंदर एक पहलवान दौड़ते हुए आया

पहलवान :- (बिल्ला से) उस्ताद मंगल जख्मी हो गया है और डॉक्टर ने उसे एडमिट भी किया है

बिल :- क्या बोल रहा है तू किस्मे इतनी ताकत आ गयी की जो मंगल को हॉस्पिटल भेज सके

तभी उस पहलवान की नज़र भी मुझ पर पद गयी

पहलवान :- उस्ताद उस्ताद एहि वह लड़का है यही है वह

मां :- कोनसा लड़का

पहलवान :- (मेरी और इशारा करके) यही है वह जिसने मंगल को आखाड़े में मारा है

उस पहलवान की बात सुनके सब फिर से शॉक हो गए

स. मां :- राज

में :- उसने मुझे चुनौती दी थी और मेरे दादा जी हमेशा कहते हैं की अगर हमे कोई चुनौती दे तोह हमे एक सच्चे योद्धा के भाटी उस कबुङौती को स्वीकार करके सामने वाले को प्रतिउत्तर देना hi एक सच्चे वीर की निशानी है

मेरी बात सुनके जहा सबके चेहरे पर शॉक था तोह वही नाना और दोनों मां के चेहरे पर गर्व के भाव दिख रहे थे

लेकिन में इस सब को इग्नोर करके अपने रूम में चला गया

मेरे जाने के बाद

बिल्ला :- (नाना से) मालिक अगर बुरा न मनो तोह एक बात पूछ सकता हु

नानाजी :- है पूछो

बिल्ला :- ये लड़का कोण है जो ऐसे बात कर रहा था जिसकी बात शुरवात में बचकानी बाते कर रहा था लेकिन बाद में अचानक hi ऐसी बाते करने लगा जैसे की कोई राजा या कोई वीर योद्धा हो

बी. मां :- वह मेरा भांजा है मेरी बहन रजनी का बीटा राज उर्फ़ ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह

मेरा इंट्रोडक्शन सुनके सब का मुँह खुला का खुला रह गया क्यूंकि उन्हें नहीं लगा था की कोई ऐसा पर्सन भी होगा

वही मेरा रूम में

में अभी बीएड पर बैठ कर आज के बारे में hi सोच रहा था की कैसे मेरे दोनों रूप अपने आप बहार आ सकते है न सिर्फ वह बहार आ सकते है बल्कि वह जब भी बहार आते हैं तब उन्हें न कोई देख पता है और न कोई सुन सकता है

में अभी यही सब सोच रहा था की तभी मेरे रूम के दरवाजे पे नॉक हुआ जब मैंने दूर खोल के देखा तोह दूर पे ममी खड़ी थी जिनके हाथ में इस वक़्त खाने की थाली थी

ममी :- ये क्या बात हुई राज की किसी का गुस्सा तुम खाने पर उतरो ये बिलकुल अछि बात नहीं है

में :- आपको ये करने की जरुरत नहीं है ममी मुझे आवाज दे देती में निचे आ जाता खाने के लिए

ममी :- चलो कोई बात नहीं अब इतना मेने किया hi है तोह चलो आज के दिन रूम में hi खाना खालो

इतना बोलके वह अंदर आ गयी और मुझे बीएड पर बिठा के खुद मेरे सामने बैठ गयी

फिर वह मुझे खाना परोसने लगी

में आपको बताना चाहूंगा की इस वक़्त ममी ने साड़ी पहनी हुई थी जिसमे वह किसी काम देवी से काम नहीं लग रही थी

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बिलकुल ऐसे hi दिख रही थी

खाना परोसते हुए उनके साडी पल्लू ने उनके शरीर का साथ छोड़ दिया जिससे उनके ब्लाउज़ में कैद चुके आधे से ज्यादा दिखने लगे जिससे मेरी नज़र उनके क्लीवेज की गहराई पर अटक गयी

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जब उनके क्लीवेज दिखने लगे तो न ममी ने पल्लू सही करने की कोशिश की और न मेने उनकी गहराई से नज़र हटाई

और ममी मुझे इसी तरह खाना परोसती रही और में उन्हें देख कर खाना खता रहा पता नहीं क्या हो रहा था ये न में अपने आप पे कण्ट्रोल कर प् रहा था न अपने लुंड को जो मेरे लोअर में तम्बू बनाये खड़ा था लेकिन बैठने की वजह से साफ़ दिख नहीं रहा था

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आज के लिए इतना hi


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जब उनके क्लीवेज दिखने लगे तो न ममी ने पल्लू सही करने की कोशिश की और न मेने उनकी गहराई से नज़र हटाई

और ममी मुझे इसी तरह खाना परोसती रही और में उन्हें देख कर खाना खता रहा पता नहीं क्या हो रहा था ये न में अपने आप पे कण्ट्रोल कर प् रहा था न अपने लुंड को जो मेरे लोअर में तम्बू बनाये खड़ा था लेकिन बैठने की वजह से साफ़ दिख नहीं रहा था

मेने जैसे तैसे करके अपने नज़र ममी के क्लीवेज से हटाई और उनके चेहरे को देखा तोह ऐसा लगा की वह शॉक में है उनकी नज़रे किसी एक जगह hi जैम सी गयी है जब मेने उनकी नज़रों का पीछा किया तोह देखा की वो मेरे लुंड वाले हिस्से को hi घर रही है

में अप्प लोगों को थोड़ा ममी के बारे में बता देता हु

ममी का बदन ऊपर से निचे तक भरा हुआ है और बड़ी बड़ी आखे है और रंग तोह ऐसा की पूछो मत एकदम गोरा रंग है, क्या मस्त मस्त आम के जैसे चुके है उनके ममी का फिगर 34 28 32 का है जो बिलकुल किसक पोर्न स्टार की तरह जिस्म है उनका

बैक तो स्टोरी

जब मेने ममी को देखा तोह वह मेरे लुंड को hi घर रही थी अभी में कुछ बोलता की तभी बहार से बी. मां की आवाज आ गयी जिससे ममी भी होश में आ गयी

ममी :- वैसे राज सच में तुम अब बड़े हो गए हो इतना बोलके वह बर्तन उठके निचे चली गयी लेकिन मेरी नज़र जाते हुए उनके थिरकते गांड पर अटक गयी

जब वह दरवाजे के पास पहुंची तोह उन्होंने मुड़के पीछे देखा तोह में उनकी गांड को hi घूर रहा था लेकिन उनके घूमने की वजह से मेरा ध्यान भांग हुआ लेकिन तब तक देर हो गयी थी क्यूंकि ममी ने मुझे उनकी गांड को घूरते हुए देख लिया था

जब मेरी नज़र उनके चेहरे पर पड़ी तोह वह शर्म और मस्ती के भाव थे जब उनकी नज़र मुझ पे पड़ी तोह उनके चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी

ममी :- तुम बहुत बदमाश हो राज

इतना बोलके वह निचे चली गयी

मेरे जाने के बाद

बिल्ला :- (नाना से) मालिक अगर बुरा न मनो तोह एक बात पूछ सकता हु

नानाजी :- है पूछो

बिल्ला :- ये लड़का कोण है जो ऐसे बात कर रहा था जिसकी बात शुरवात में बचकानी बाते कर रहा था लेकिन बाद में अचानक hi ऐसी बाते करने लगा जैसे की कोई राजा या कोई वीर योद्धा हो

बी. मां :- वह मेरा भांजा है मेरी बहन रजनी का बीटा राज उर्फ़ ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह

मेरा इंट्रोडक्शन सुनके सब का मुँह खुला का खुला रह गया क्यूंकि उन्हें नहीं लगा था की कोई ऐसा पर्सन भी होगा

बिल्ला :- (मां से) आपका भांजा लेकिन कैसे जहा तक मुझे पता है छोटी मालकिन (मौसी) को तोह केवल एक लड़की है

बी. मां :- है लेकिन ये दीपा का नहीं मेरी बहन रजनी का बीटा है

बिल्ला (शॉक से) :- रजनी मेमसाब को तोह मारा हुआ बीटा हुआ था ऐसा आपने hi कहा था तोह ये

बिल्ला की बात सुनके स्वाति और सनिका दोनों शॉकेड हो गए क्यूंकि उन्हें अभी तक इतिहास पता नहीं था

फिर मां ने बिल्ला को सारा इतिहास बता दिया लेकिन वह किसी को भी इस बात का अंदाजा भी नहीं था की स्वाति और सनिका भी ये सब सुन रही है

जब मां ने सब कुछ बया दिया तोह वह दोनों चुप चाप अपने कमरे में चले गए

बिल्ला :- माफ़ करना मालिक छोटा मुँह और बड़ी बात लेकिन जो कुछ भी आपने किया वह अपराध है

नाना :- उसी अपराध का प्रायश्चित करने का प्रयास कर रहे है हम

मां :- (बिल्ला से) बिल्ला सुन आज से तुम हर वक़्त राज के साथ रहोगे आज जो भी हिअ वह फिर न हो

बिल्ला :- जी मालिक

फिर मां मुझ से बात करने के लिए मेरे रूम के तरफ चल पड़े जहा अभी में और ममी एक दूसरे को घर रहे थे जब मां ने ये नज़ारा देखा तोह वह तुरंत hi वह दरवाजे के साइड में चुप गए और अंदर झाँकने लगे लेकिन जब उन्होंने अंदर कोई भी हलचल नहीं हुई तोह उन्होंने बहार से hi ममी को आवाज दे दी और खुद निचे चले गए

वही ममी के जाने के बाद में बीएड पर बैठा सोचता रहा की आज आखिर हो क्या रहा है में मेरे भावनाये काबू नहीं कर प् रहा हु

यही सब सोचते हुए अब मेरा सर भी दुखने लगा था तोह में वैसे hi बीएड पर लेत गया और अपनी आखे बंद करके सोने का तरय करने लगा ऐसे करते हुए कब मेरी आँख लग गयी मुझे भी पता नहीं चला

फिर पुरे दिन में कुछ नहीं हुआ में वैसे hi सोता रहा जब तक सनिका ने आके मुझे नहीं उठाया जब में उठा तोह रात के खाने का वक़्त हो गया था

तोह में सनिका के साथ निचे चला गया जहा सबसे बाते की नाना और मां से आज बर्ताव के लिए माफ़ी मांगी और डिनर करने बाद फिर से अपने रूम में आ गया

लेकिन सबसे बड़ी बात तोह ये थी की दिन भर सोने के बाद भी मुझे अभी भी नींद आ रही थी इसीलिए में वैसे hi बीएड पर बैठ गया और बैठे बैठे hi सो गया

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आज के लिए इतना hi


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एनीवन एक्ससिटेड फॉर सतूर्य स्पेशल सुपर डुपेर मेगा अपडेट

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अपडेट 97

फिर पुरे दिन में कुछ नहीं हुआ में वैसे hi सोता रहा जब तक सनिका ने आके मुझे नहीं उठाया जब में उठा तोह रात के खाने का वक़्त हो गया था

तोह में सनिका के साथ निचे चला गया जहा सबसे बाते की नाना और मां से आज बर्ताव के लिए माफ़ी मांगी और डिनर करने बाद फिर से अपने रूम में आ गया

लेकिन सबसे बड़ी बात तोह ये थी की दिन भर सोने के बाद भी मुझे अभी भी नींद आ रही थी इसीलिए में वैसे hi बीएड पर बैठ गया और बैठे बैठे hi सो गया

सुबह जब आँख खुली तोह सुबह के 3 बज रहे थे फिर में अपने बीएड से उठा और सीधा चाट की और चला गया जहा जाने के बाद में ध्यान लगता हुआ अपने अंतर मन में पहुंच गया जहा मेरे दोनों रूप भी ध्यान में बैठे थे तोह में भी उन्हीके पास बैठ कर ध्यान लगाने लगा अब में ध्यान लगाना सुरु hi किआ था की तभी मेरे सामने गाइड आ गया

ग :- क्या हुआ राज बड़े अशांत लग रहे हो क्या बात है

में :- में बड़ी उलझन में फास गया हु

ग :- कैसी उलझन मुझे विस्तार से बताओ

फिर मेने गाइड को कल की साडी बाते बताई ममी वाली बात छोड़के

ग ;- इसमें मुझे कोई उलझन तोह नहीं दिखाई देती तुम्हारे दोनों रूप जागृत अवस्था में है और भले hi वह रूप है लेकिन उनके मन में भी जिंदगी की छह है इसीलिए वह तुम्हारे जरिये वह अपने ख्वाब को पूरा करना चाहेंगे इसका न तुम कुछ कर पाओगे न में तुम्हे hi उनसे बात करके तुम्हारे और उनके बिच अंडरस्टैंडिंग क्रिएट करनी होंगी

में :- में समझ गया और..

अभी में कुछ बोलता की तभी गाइड फिर से बोलने लगा

ग:- और जो तुम्हारी नींद है वह इसीलिए क्यूंकि तुमने रात भर अपनी पूरी ऊर्जा को मुलधर चक्र को काबू करने में गवा दी इसीलिए वह थकान नींद बांके ऊर्जा को पुनः निर्माण कर रही है

में :- ाचा तोह अब मुझे क्या करना है

ग :- अपने अगले पड़ाव पे चलो द्वितीय चक्र जो है स्वदिस्थान चक्र

में :- तोह उसके बारे में मुझे ज्ञान प्रदान करे

ग :- हमारे शरीर में स्थित दूसरा चक्र है स्वधिस्थाना चक्र इस चक्र को जागृत करने के लिए "वाम" मंत्र का जाप किया जाता है

वाम स्वधिस्थाना चक्र के लिए एक सफाई मन्त्र है. यह चक्र तुम्हारे कामुकता और आनंद के ीचा से सम्बंधित है. ये जल तत्त्व से जुड़ा हुआ होता है और ये वह दर्शाता है जो तुम महसूस करते हो

में :- एक मिनट आप बोले की ये मेरे भावनाओं से जुड़ा हुआ है ये ठीक है लेकिन कामुकता से आपका क्या मतलब है

ग :- तुम हुशियार हो जल्द समझ जाओगे अब तुम ये बोलो की क्या तुम तैयार हो दूसरे पड़ाव के लिए

में :- जी में पूर्ण रूप से तैयार हु

ग :- तोह अब हम शुरू कर सकते है

इतना बोल के में और गाइड दोनों भी वही जमीं पे बैठ गए और में अपने मुलधर चक्र पे ध्यान लगाने लगा

अभी में ध्यान में बैठा हुआ था की तभी ऐसे लगा की मेरे शरीर के केंद्र भाग से ऊर्जा निकल के मेरे शरीर के ऊपर की तरफ प्रवाहित हो रही हो

मुझे ऐसे लग रहा था की कोई घेरा मुझे अपने गिरफ्त में ले रहा हो और उस ऊर्जा को भी अपने गिरफ्त में ले कर उससे मेरे साडी के चारो और लपेट रही हो

जिससे मुझे असहनीय पीड़ा हो रही थी लेकिन मेने उस सब को इग्नोर करके फिर से ध्यान लगाने लगा

लेकिन जब भी में उस पीड़ा को इग्नोर करता ऐसे लगता जैसे वह पीड़ा पहले से भी ज्यादा वेग में मुझे हानि पंहुचा रही हो

लेकिन में भी किसी धित के तरह अड़ गया था में उसी प्रवाहित हो रही ऊर्जा पर अपना सारा ध्यान केंद्रित कर रहा था जिससे वह ऊर्जा और भी तेजी से प्रवाहित होने लगा

जैसे hi वह ऊर्जा मेरे स्वदिस्थान चक्र के पास पहुंची उसने प्रवाहित होना बंद कर दिया और अब मेरे शरीर में अत्यधिक उष्ण तापमान का निर्माण होने लगा था और जिस जगह मुलधर चक्र के स्थान पर वह साडी उष्णता निर्माण होने लगी और मुझे मेरे मुलधर चक्र पर भरी दबाव महसूस हो रहा था जब मेने उस दबाव पर ध्यान केंद्रित करने लगा तोह वह दबाव और बढ़ने लगा और फिर जो उष्णता मुझे मुलधर चक्र में मह्सूए hi रही थी वह अब मुझे स्वदिस्थान चक्र की तरफ प्रवाहित होते हुए महसूस होने लगी और कब वह स्वदिस्थान चक्र में पहुंच गयी तोह साडी उष्णता जैसे गायब hi हो गयी और मुझे मेरे पुरे मस्तिष्क में जैसे नील रंग की लहार फ़ैल गयी और मेरा ध्यान भी टूट गया

जब मेरा ध्यान टुटा तोह में वही बैठा हुआ था लेकिन में पसीने से पूरी तरह भीगा हुआ था और मेने जो कपडे पहने हुए थे वह भी पूरी तरह से गीले हो गए थे

ग :- मुबारक हो राज तुमने द्वितीय चक्र को जागृत कर लिया है

में :- शुक्रिया वैसे इस बार भी मुझे मेरे शरीर में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है

ग :- (मुस्कुराते हुए) जल्द hi पता चल जायेगा

फिर में वह से नीचे आ गया और सबसे पहले नाहा कर फ्रेश हो गया

वही मां ममी के कमरे में

इन नाईट टाइम

इस वक़्त मां अपने कमरे में बीएड पर बैठे हुए थे की तभी ममी भी रूम में एंट्री करती है

मां :- (ममी से) तुम्हे दर नहीं लगता

मां के इस सुद्दीन क्वेश्चन से ममी भी शॉक हो जाती है

ममी :- (शॉक से) क्या कहना चाहते हो आप

मां :- आज सुबह जब तुम राज के कमरे में थी और तुम दोनों एक दूसरे को hi घूर रहे थे तब राज के कमरे का दरवाजा खुला था

ममी :- (दर के) किसीने देखा तोह नहीं

मां :- नहीं देखा अगर देखा होता तो अभी तुम यहाँ कड़ी न होती

ममी ;- (मां से) मुझे माफ़ करना मुझे इस बात पर ध्यान देना चाहिए था

जब ममी ने ये बोलै तो मां ने बड़े प्यार से उन्हें कन्धों से पकड़ का बीएड पे बिठाया और फिर उनके दोनों हाथों को अपने हाथों में पकड़ के बोलने लगे

मां ;- में जानता हु की तुम्हारी प्रॉब्लम बहुत बड़ी है और बहुत समय से तुम इसके खिलाफ लड़ भी रही हो लेकिन तुम भी समझो की राज इस घर में पुरे 13 साल बाद आया है ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे इस घर की खुशिया या राज इस घर से दूर चला जाये

ममी :- में समझती हु

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 98



ममी ;- (मां से) मुझे माफ़ करना मुझे इस बात पर ध्यान देना चाहिए था

जब ममी ने ये बोलै तो मां ने बड़े प्यार से उन्हें कन्धों से पकड़ का बीएड पे बिठाया और फिर उनके दोनों हाथों को अपने हाथों में पकड़ के बोलने लगे

मां ;- में जानता हु की तुम्हारी प्रॉब्लम बहुत बड़ी है और बहुत समय से तुम इसके खिलाफ लड़ भी रही हो लेकिन तुम भी समझो की राज इस घर में पुरे 18 साल बाद आया है ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे इस घर की खुशिया या राज इस घर से दूर चला जाये

ममी :- में समझती हु

वही स्वाति और सनिका के रूम में

जब से उन्होंने राज की स्टोरी सुनी है तब से hi वह भी राज की तरह अपने कमरे में hi बैठी हुई थी जहा स्वाति तोह अपने फ़ोन में लगी हुयी थी लेकिन सनिका अपने hi सोच में गम थी

स्वाति ने जा सनिका को सोच में गम देखा तोह

स्वाति :- किस सोच में डूबी हुई है तू

सनिका :- में यही सोच रही हु की राज ने कितने परेशानी सही है बिना उसके किसी गलती के

स्वाति :- मुझे तोह ये समझ नहीं आता की अगर इन लोगों ने राज के साथ इतना कुछ किआ है तोह फिर भी राज इन लोगो से इतने अचे से क्यों बात कर रहा है उसके पास न पैसों की कमी है वह पावरफुल भी है उन डाकुओं का क्या हाल किया था फिर भी उससे क्या ज़रूरत है

सनिका :- ये मुझे भी नहीं पता

स्वाति :- कही वह ये सब प्रॉपर्टी के लिए तोह

अभी स्वाति कुछ बोलती की तभी उनके रूम में मौसी आ गयी

मौसी :- जिसके बारे में पता न हो उसके बारे में सोच के बोलना चाहिए

ऐसे मौसी के अचानक आने से दोनों hi हड़बड़ा गयी

स्वाति :- आंटी आप ऐसे अचानक

मौसी :- में तोह कबसे आयी हु तुम्हारी बाते सुन रही थी

सनिका :- तोह आप क्या कह रही थी भाई के बारे में

मौसी :- में नहीं बोल तोह स्वाति रही थी की राज सबसे इतने अचे से पेशा रहा है उसके पीछे प्रॉपर्टी कारण है

स्वाति :- मुझे तोह यही लग रहा है

मौसी :- तोह तुम गलत सोच रही हो

स्वाति :- तोह सच क्या है

मौसी :- तुमने शेर ग्रह के बारे में सुना है

सनिका :- वही हमारे बाजूवाले गांव न

मौसी :- है वही 120 गावो में फैला राज्य हमारे सूरज ग्रह से भी बड़ा है वह और राज वह का एकलौता उत्तराधिकारी है जितना हमारी पूरी कमाई होती है न साल की सरे बिज़नेस खेती मिलके उतनी तोह उनकी सिर्फ खेती से कमाते है अगर बिज़नेस और उनकी साडी कमाई को देखे तोह वह पुरे वर्ल्ड के टॉप 5 रिचेस्ट people's में hi आएंगे

मौसी की बात सुनके वह दोनों भी शॉकेड हो गए फिर मौसी उनके कमरे से चली गयी फिर वह दोनों भी सो गए

वही प्रेजेंट टाइम

में आज सुबह हर दिन की तरह सुबह जल्दी उठके चाट पर ध्यान लगा के अपना द्वितीय चक्र को भी जागृत कर लिया था फिर गाइड से कुछ देर बाते करके में चाट से निचे आ गया

फिर में वह से नीचे आ कर सबसे पहले नाहा कर फ्रेश होने चला गया

जब सुबह ममी मुझे उठाने आयी तोह मुझे अपने कमरे में न पाकर उन्हें लगा की कल की तरह आज भी में सुबह जल्दी जॉगिंग के लिए चला गया जब वह वापस जाने को हुई की तभी में बाथरूम से निकल के बहार आ गया

जब में बाथ्रून के बहार आया तोह में सिर्फ टॉवल में था और जब ममी ने मेरे तरफ देखा तोह मेरी बॉडी देख कर वह बस शॉक से मुझे घूरे hi जा रही थी

जब मेने ममी को ऐसे गुरते देखा तोह मुझे मेरी हालत का एहसास हुआ

में :- ममी आप यहाँ कोई काम था क्या

ममी :- सब बहार गए है तोह सोचा तुम्हे उठा दू और क्या में बिना काम नहीं आ सकती तुम्हारे पास या तुम अभी भी हम सबसे नाराज हो

में :- अरे में तो वैसे hi पूछा और आप जब चाहे यहाँ आ सकती हो मुझे कोई परेशानी नहीं है

ममी :- वैसे तुम कोई क्रीम लगते हो क्या चेहरे पर

में :- नहीं तोह क्यों कोई गड़बड़ है क्या चेहरे में

ममी :- नहीं बल्कि इतने हैंडसम लग रहे हो की कोई भी लड़की या औरत तुम्हे देकके hi तुम्हारे प्यार में पद जाये

जब ममी ने ये बोलै तो उन्हें तुरंत hi रीलीज़ हो गया की वह जल्दी जल्दी में क्या बोल गयी

ममी :- माफ़ करना राज में जल्दी जल्दी में कुछ ज्यादा hi बोल गयी तुम्हे बुरा तोह नहीं लगा

में :- नहीं मुझे बिलकुल भी बुरा नहीं लगा

ममी :- ाचा मुझे तो लगा तुम्हे ाचा नहीं लगा के में ऐसे बिना बताये तुम्हारे कमरे में आ गयी और फिर इतने फ्रैंकली तुमसे बात भी कर रही हु

में :- ये कैसी बहकी बहकी बाते कर रही हो आप मेरी ममी हो आप का पूरा हक़ है की आप जब चाहो मेरे रूम में आ सकते हो मुझसे अपने मन की साडी बाते कर सकते हो आप तोह मेरे लिए माँ सामान हो में कभी आपके किसी भी बात का कभी बुरा नहीं मानूंगा

मेरी बात सुनके न जाने ममी को क्या हुआ वह तुरंत आके मेरे गले लग गयी

फिर कुछ देर हम दोनों ऐसे hi गले लगे हुए थे वही ममी तो जैसे मेरे अंदर समां जाना चाहती थी

अब ममी के ऐसे चिपक ने से अब मेरे जिस्म में गर्मी बढ़ने लगी थी जिसका असर मेरे हथियार पैर भी हो रहा था और फिर मेरा लुंड ममी की छूट के पास ठुमका मारने लगा जिसका एहसास होते hi ममी के सरीर में झुरझुरी सी मच गयी तो उन्होंने मुझ को और भी कसके पकड़ लिया जिससे उनकी छूट की गरमी मुझ को अपने लुंड पैर महसूस होने लगी और उँचाहे hi मेरे हाथो ने ममी की गांड को मसल दिया जिस से ममी की एक आआअह्ह्ह्ह निकल

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 99



अब ममी के ऐसे चिपक ने से अब मेरे जिस्म में गर्मी बढ़ने लगी थी जिसका असर मेरे हथियार पैर भी हो रहा था और फिर मेरा लुंड ममी की छूट के पास ठुमका मारने लगा जिसका एहसास होते hi ममी के सरीर में झुरझुरी सी मच गयी तो उन्होंने मुझ को और भी कसके पकड़ लिया जिससे उनकी छूट की गरमी मुझ को अपने लुंड पैर महसूस होने लगी और उँचाहे hi मेरे हाथो ने ममी की गांड को मसल दिया जिस से ममी की एक आआअह्ह्ह्ह निकल

ममी :- आआह्ह्ह्ह माआआअह्ह्ह्ह

जब ममी की आवाज मेरे कानो में पड़ी तोह मुझे होश आया और मेने अपने आपको ममी से अलग किया मेने जैसे hi ममी को अलग किया वैसे hi जैसे ममी भी होश में आ गयी और कमरे से बहार भाग गयी

जब ममी ऐसे बिना बताये चले जाने से मुझे गिलटी महसूस हो रहा था की मेरे वजह से ममी बुरा लगा

अब में सोच में पद गया की मुझे क्या करना चाहिए जा कर उनसे माफ़ी मांग लू लेकिन अब उनका सामना करने की हिम्मत मेरे में नहीं थी ऐसे hi कुछ देर सोचने के बाद मेने ममी से बात करने का फैसला किया और हिम्मत करके में ममी के रूम के और बढ़ गया सब बहार गए है मतलब रास्ता भी साफ़ है तोह में चल पड़ा ममी के रूम की तरफ

जब में ममी के रूम के पास पंहुचा तोह मुझे अंदर से ममी के सिसकियों की आवाज सुनाई देने लगी तोह में वही चुप के खिड़की से अंदर देखने लगा

ममी :- आआह्ह्ह्हह स्स्स्सह्ह्ह्हह्ह ोुह्ह्ह्ह कितना सकूं मिला है कितनी देर से तड़प रही थी

में तो ममी का ये रूप देख कर सुन्न पद गया मुझे यकीन hi नहीं हो रहा था की ममी इतनी प्यासी है की ऐसे छुपते छुपाते अपनी प्यास बुझा रही है पैर मां के होते हुए ममी ये सब क्यों कर रही ये hi सवाल अब मेरे दिमाग में घूम रहा था वही ममी अपनी छूट में अंदर बहार जाते हुए डिलडो को देख कर ाआहे भर रही थी

ममी :- आअह्ह्ह्ह मायआ उन कमीनो के वजह से आज में किसी को भी मुँह दिखने के लायक नहीं रह गयी पत्ता नाहीइ जबसे राज को देखा है और साथ hi आज जो हुई वो घटना घाटी तब से खुजली इतनी क्यों बढ़ गयी हाइइइइ ककययआआ क्रू ये अरुण (मां) भी तो ध्यान नहीं देते की मेरे जिस्म की भी कुछ जरुरत होती ही आपने मैं हो तो कर लिया वर्ण महीनो नहीं पूछते ऊऊफफफ (ऐसे hi सिसकिया भरते हुए ममी अपनी साडी भड़ास निकल रही थी उन्होंने सिसकिया लेते हुए अपनी साडी कथा सुना दी उनके कॉलेज में हुए कांड से लेके मां का ककोल्ड होने तक सब कुछ बक दिया)

वही मेरे तोह कान सुन्न पद गए अपनी ममी की कहानी सुनके और साथ hi उनके मुँह से अपना नाम सुनकर मुझे यकीन hi नहीं हुआ की आज गलती से हुई घटना का ममी पैर इतना गहरा असर हो गया की वो ये सब करने पैर इतनी मजबूर हो गयी की उन्हें दरवाजा और खिड़की बंद करने का भी होश न रहा

तभी ममी आज और कल दिन में मुझसे ऐसे प्यार से बात कर रही थी ये ख्याल आते hi में कुछ सोच कर वह से अंदर चला गया और फिर अंदर आ कर मैं ममी के सामने आ गया मुझ को अपने सामने देख कर ममी पहले तो गबरा गयी पैर जैसे hi उन्हें अपनी स्थिति का एहसास हुआ तो एक हाथ से अपनी चुकी छुपकर दूसरे हाथ से अपनी छूट छुपाते हुए बोली

ममी :- ये क्या बतमीज़ी है राज बहार जाओ अभी के अभी तुम्हे शर्म नहीं आयी अपनी ममी को इस तरह देखते हुए

पैर मैं तो जैसे कुछ सुन्न hi नहीं रहा था में बस अपनी ममी के गदराये जिस्म को घूरते हुए

उसकी तरफ बढ़ता जा रहा था वही मुझ को आगे बढ़ता देख ममी घबराते हुए मुझस से बोलती है

ममी :- राज प्ल्ज़ बहार चले जाओ में तुम्हे कुछ नहीं कहूँगी पैर अगर तुमने मेरी बात नहीं

मानी तो में तुम्हारे मां को सब बता दूंगी

लेकिन में बिना उनकी बात सुने आगे बढ़त रहा और जब में उनके पास पंहुचा तोह वह पे पड़ी हुई चद्दर उठा के उनके ऊपर दाल दी और उनके बगल में बैठ गया

में :- आपको बताना होता तो आप पहले बता देती और वैसे भी मेने आपकी साडी बाटे सुन ली है इसीलिए में आपसे बस एक सवाल पिछङा चाहता हु

मेरे इस प्रकार की हरकत से वह एकदम शॉक हो गयी उन्हें लग रहा था में उनके साथ जोर जबरदस्ती करूँगा लेकिन यहाँ तोह पूरा hi उल्टा हो रहा था

ममी :- पहले बहार जाओ फिर भले hi 100 सवाल पूछ लेना

ममी की बात सुनके में उस कमरे से बहार आगया फिर थोड़ी hi देर में ममी ने खुद मुझे अंदर बुला लिया

ममी :- देखो राज जो भी तुमने यहाँ देखा में सब एक्सप्लेन कर सकती हु

में :- मुझे बस मेरे सवाल का जवाब चाहिए

ममी :- पूछो

में :- क्या आप जो मेरे से इतने अचे से बहाव कर रहे थे या मुझे यहाँ बुलाने के पीछे यही वजह थी

ममी :- नहीं राज देखो ये सच है की मुझे तुम्हारी मदद चाहिए लेकिन मेने जो बर्ताव तुमसे किया या तुम्हे यहाँ बुलाने का रीज़न बस माँ पिताजी (नाना नानी) के चेहरे पर ख़ुशी लेन का था जबसे तुम आये हो उन्हें तोह जैसे जन्नत hi मिल गयी है

में :- मुझे hi क्यों चुना आपने

फिर ममी ने उनके और मां के बिच की साडी बाते बता दी

ममी :- बस यही है इन सब के पीछे का रीज़न राज ये मेरी मजबूरी थी की में अपनी हद पर कर गयी

इतना बोलके ममी रोने लगी

में ;- (ममी को गले लगाके) :- नहीं इसमें आपकी कोई गलती नहीं है ममी आपके साथ जो भी हुआ वह एक हादसा था और जो आप कर रही हो वह आपकी मजबूरी है जिसमे आपका कोई कसूर नहीं है

मेरी बाते सुनके ममी का रोना थोड़ा काम हुआ और उन्होंने मुझे अपने गले से लगा लिया

में :- (माहौल हल्का करने के लिए) अब क्या करना है

ममी :- मतलब

में :- (उनके गांड को सहलाते हुए) वही आप में दोनों मिलकर आपके परेशानी को ख़तम करे

मेरे ऐसे बोलने से वह शर्माने लगी और मुझे और कसके मेरे साइन लगा लिया

HELLO गाइस आपबसब के साथ और प्यार से हम अगले अपडेट में अपनी सेंचुरी हिट करेंगे और नेक्स्ट अपडेट में पूरा तरय करूँगा और एक अपडेट में 2 बिग इवेंट्स डालने का अगर नहीं हो पाया तोह उस अपडेट को नेक्स्ट PART में कंटिन्यू करेंगे थैंक्स फॉर थे लव माय फ्रेंड्स

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आज के लिए इतना hi


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