Adultery Sex Ka Jamana (TMKOC) - Page 13 - SexBaba
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Adultery Sex Ka Jamana (TMKOC)

सेक्स का जमाना अपडेट 111

शाम हो चुकी थी. जेठालाल और तारक टहलते हुए सोसाइटी कंपाउंड के अंदर आ रहे थे. दोनों आपस में बातें कर रहे थे.


तारक: (मुस्कुराते हुए) जेठालाल, मेरे आईडिया के बारे में जरूर सोचना. एक तरय तोह बनता है यार. बहुत मज़ा आएगा.

जेठालाल: (हस्ते हुए, थोड़ा एक्ससिटेड) हाँ जरूर मेहता साहब! उसमे तोह बहुत मज़ा आएगा. लेकिन अभी थोड़ा ऊपर मज़े ले लू... फिर बाद में सोचेंगे आपके आईडिया के बारे में.

तारक ज़ोर से है पड़ा.

तारक: (टांग खींचते हुए) सही जा रहे हो भाई! चलो मैं चलता हूँ. लेकिन ध्यान देना... ये पोपटलाल बहुत पोपट आदमी है. वो करे तोह सही, और हम करें तोह गलत. बहुत ध्यान से काम करना.

जेठालाल: (बड़ी बेशर्मी से) अरे क्या आप भी मेहता साहब! पोपट से कौन डरेगा? अगर वो आया तोह बोल दूंगा “तू भी जा कर किसी और के साथ कर ले... आखिर रोका किसने है?”

तभी उनके पीछे से एक भारी आवाज़ आयी.

हाथी: (ज़ोर से) सही बात है जेठालाल भाई!

जेठालाल और तारक दोनों चौंक कर पीछे मुड़े. हाथी वहां खड़ा मुस्कुराता हुआ उन्हें देख रहा था.

दोनों एक दूसरे को देखते हुए ज़ोर से है पड़े.

जेठालाल: (हस्ते हुए) अरे हाथी भाई आप यहाँ? ठीक है... मैं अब चलता हूँ. काम है ऊपर.

तारक: (मुस्कुराते हुए) हाँ हाँ... “काम” बहुत इम्पोर्टेन्ट है. एन्जॉय करना!

जेठालाल ने तारक और हाथी को हाथ हिला कर Bye बोलै और सीधा स विंग की तरफ बढ़ गया. उसके हाथ में एक छोटा टूल बैग था और उसके पीछे एक वर्कर टीवी लेकर आ रहा था.

जेठालाल के चेहरे पर एक अलग Hi चमक थी. उसके दिमाग में श्रद्धा की वह प्यारी स्माइल और उसके शरीर का ख्याल घूम रहा था.

जेठालाल: (खुद से धीरे से) आज श्रद्धा भाभी के हाथ की चाय भी पीनी है और... और भी कुछ मज़े लेने हैं.

तारक और हाथी बातें करते हुए आगे बढ़ रहे थे.

तारक: हाथी भाई, आज कल सोसाइटी में हवा Hi कुछ अलग है लग रही है...

तभी उनकी नज़र जेठालाल के घर की सीढ़ियों से उतारते हुए िएर पर पड़ी. िएर ख़ुशी से मुस्कुराते हुए आ रहा था, चेहरा लाल और पूरा सटिस्फीएड दिखाई दे रहा था.

तारक: (िएर को रोक कर) अरे िएर साहब! रुको रुको... आज इतना खिल खिला क्यों रहे हो? क्या बात है? ऐसा क्या कर लिया?

िएर: (बड़ी मुस्कराहट के साथ) खिलूँगा Hi न मेहता साहब... एक के बाद एक छूट चखने को मिल गयी आज. दिल खुश हो गया!

तारक: (इंटरेस्टिंग होते हुए) अच्छा जी? किसकी किसकी?

िएर: (गर्व से) पहले माधवी भाभी की... बहुत टाइट और रसीली थी. उसके बाद सीधा दया भाभी की. और दया भाभी की लेने में तोह बहुत मज़ा आ गया यार... क्या चीज़ है!

हाथी: (हस्ते हुए) ये सही कहा िएर भाई! दया भाभी की लेने में बहुत मज़ा आता है. जेठा भाई ने उसको बहुत अच्छे से ट्रैन कर रखा है.

िएर: (सर हिलाते हुए) नहीं नहीं हाथी भाई, मुझे नहीं लगता जेठालाल ने ट्रैन किया है. दया भाभी खुद काफी एक्सपेरिएंस्ड लगती हैं. जैसे प्रोफेशनल हो...

तारक ने िएर के चेहरे का एक्सप्रेशन नोटिस किया और कुछ मैं में सोचने लगा.

तारक (मैं में): ाचा जी

हाथी : क्यों

िएर : क्यों क्या जेठालाल को देख कर आपको लगता है की उसको सेक्स के बारे में इतना कुछ पता होगा

हाथी : वो तो मई कह नहीं सकता लेकिन जब भी ग्रुप में देखता हु समझ जाता हु जेठा भाई में कुछ तो ख़ास है जो वो सब को पसंद आते है

िएर : लेकिन उसने अबतक रोशन भाभी को नहीं छोड़ा

हाथी : जो भी हो लेकिन सब मर्दो में वही टॉप पर है जो किसी दूसरी तरफ Hi इशारा कर रही है

िएर : जो भी हो हाथी भाई लेकिन ये कम्पटीशन में मई उसे जीतने नहीं दूंगा

तारक : पहले कम्पटीशन तो सुरु होने दो िएर बॉस चलो अब घर जाओ वैसे भी लगातार सेक्स कर के थक गए होंगे जाओ आराम कर लो

हाथी (मुस्कुराते हुए) : सही बात है जाओ िएर भाई रेस्ट करो और कुछ काम हो तो बताना

और िएर वह से चल देता है

हाथी : बाकी मेहता साहब मई सोच रहा था की आपने अबतक कोमल के साथ सेक्स नहीं किया तो क्यों न आज रात थोड़ा कोमल के मसालेदार खाने का लुत्फ़ उठा लो

तारक : अरे हाथी भाई नेकी और भूख भूख अभी जाता हु आपके घर

हाथी : अब आप मेरे घर जा Hi रहे हो तो क्यों न मई आपके घर चला जाओ

तारक : हां हां क्यों नहीं बस ध्यान से जाना

और हाथी तारक के हाथ में एक पुरिया डालते हुए कहते है "ये लो वो दवाई है देख रहहु कोमल के बारे में कुछ काम मेस्सगेस आ रहे है ग्रुप में तो ये दवाई उसके जूस में मिला देना कैसे भी और मज़े करो

और दोनों एक दुसरे की पीठ Thap-Thapa कर एक दुसरे के घर की तरफ चल देते है

सन कट होता है

सीढ़ियों पर जेठालाल टीवी इनस्टॉल करने के लिए टूल्स ले कर सीढ़ियां चढ़ रहा था. तभी नीचे से भिड़े उतरता हुआ मिला. भिड़े का चेहरा भी थोड़ा लाल और सटिस्फीएड था.

जेठालाल: अरे भिड़े! कहाँ से आ रहा है इतनी शाम को?

भिड़े: (थोड़ा शर्माते हुए लेकिन खुश) अरे जेठालाल... मैं तोह... िएर के घर गया था. वहां बबिता को... छोड़ आया हूँ भाई. बहुत मज़ा आया.

जेठालाल: (हस्ते हुए) वह वह! तू भी शुरू हो गया? मैं तोह अब पोपटलाल के घर जा रहा हूँ... श्रद्धा भाभी के पास. टीवी इनस्टॉल करने का बहाना है... और उसके साथ मज़े भी लेने हैं.

भिड़े: (शॉक हो कर) क्या?! श्रद्धा भाभी के पास?!

भिड़े ने जल्दी से अपना फ़ोन निकाला और ग्रुप चाट खोला. उसने जेठालाल को स्क्रीन दिखाया.

ग्रुप मैसेज बी िएर (अभी डाला हुआ):

" आज डबल माल चख लिया. पहले माधवी, फिर दया. दया की छूट स्वर्ग है भाई लोग 🔥 "

जेठालाल मैसेज पढ़ कर ज़ोर से है पड़ा.

जेठालाल: (खुश होते हुए) अरे वाह! सब लोग मज़े ले रहे हैं. यह सही है यार... सोसाइटी में रंग आ गया है!

भिड़े थोड़ा शॉक था. उसने फ़ोन वापस जेब में रखा और मुस्कुराने की कोशिश की.

भिड़े: हाँ... ठीक है. मैं चलता हूँ. तुम अपना काम करो.

भिड़े वहां से जल्दी से निकल गया, थोड़ा सोचता हुआ.

जेठालाल मुस्कुराता हुआ श्रद्धा के फ्लैट की तरफ सीढ़ियां चढ़ने लगा.

शाम - पोपटलाल के घर

जेठालाल टीवी का टूल बैग और एक छोटा बुके लेकर श्रद्धा के फ्लैट के दरवाज़े पर पहुंचा. जैसे Hi उसने दुर्बल बजायी, दरवाज़ा खुला.

श्रद्धा ने एक डीप रेड, Off-Shoulder ड्रेस पहना हुआ था. ड्रेस इतना टाइट और Low-Cut था की उसके दोनों बड़े, गोल बूब्स काम से काम 90% बहार दिखाई दे रहे थे. क्लीवेज बहुत गहरी और टेम्पटिंग थी.





जेठालाल की आँखें फैल गयी. उसके मुँह में पानी आ गया.

जेठालाल: (घूरते हुए) वहहह श्रद्धा भाभी... यह क्या पहन रखा है आज?

श्रद्धा ने शरमाते हुए मुस्कुराया और तुरंत उसके कुर्ते के कालर को पकड़ कर अंदर की तरफ खींच लिया. जैसे Hi जेठालाल अंदर आया, उसने दरवाज़ा बंद किया और उसको गेट से चिपका कर ज़ोर से किश करने लगी.

श्रद्धा: (उसके होंठों को चूसते हुए) मममहह...





जेठालाल: (किश के बीच) श्रद्धा भाभी, टीवी इनस्टॉल नहीं करवाएगी क्या?

श्रद्धा: (किश तोड़ कर, उसकी आँखों में देखते हुए, सेडक्टिव आवाज़ में) खुद को मेरे दिल में इनस्टॉल कर लिया... इतना काफी नहीं है क्या जेठालाल भाई?

जेठालाल का गाला बिलकुल सूख गया. उसके लुंड ने तुरंत खड़ा होने का सिग्नल दे दिया.

जेठालाल: (गरम सांस लेते हुए) हां... मैं तोह भूल Hi गया था. बाघा ने दोपहर में Hi टीवी इनस्टॉल कर दिया होगा न? मैं तोह कुछ और इनस्टॉल करने आया हूँ आज...

इतना कहकर जेठालाल ने श्रद्धा की कमर को दोनों हाथों से पकड़ा, उसको घुमा दिया और गेट से चिपका दिया. अब श्रद्धा की पीठ गेट से लगी हुई थी और जेठालाल उसके सामने खड़ा था.

उसने तुरंत श्रद्धा के होंठों को अपने मुँह में ले लिया और Zor-Zor से किश करने लगा. उसके नीचे वाले लिप को हलके से काटने लगा.

श्रद्धा: (थोड़ी सी सिहरती हुई) ुफ़्फ़ःह... जेठालाल भाई...





श्रद्धा ने धीरे धीरे अपना हाथ नीचे की तरफ ले जाय और जेठालाल के पंत के ऊपर से उसके लुंड पर रख दिया.

जैसे Hi उसका हाथ लुंड को टच किया, श्रद्धा की आँखें बड़ी हो गयी. वो मैं में सोचने लगी

श्रद्धा (मैं में): कितना बड़ा और मोटा है ये... उफ़...

लुंड इतना सख्त और बड़ा था की उसका हाथ पूरा नहीं भर रहा था.

दोनों फिर से गहरे किश में लग गए. जेठालाल का एक हाथ श्रद्धा के बूब्स पर पहुँच गया. उसने ड्रेस के ऊपर से Hi उसके बड़े मुम्मे को Halke-Halke मसलने शुरू कर दिया. उँगलियों से उसके निप्पल को दबाने लगा.

श्रद्धा: (किश के बीच मोअन करते हुए) मममहह... अह्ह्ह... जेठालाल भाई... धीरे... उफ्फ्फ्फ़...

जेठालाल ने दूसरे हाथ से भी उसके दूसरे बूब को पकड़ लिया और दोनों मुम्मों को Zor-Zor से मसलने लगा. श्रद्धा की सांसें तेज़ हो गयी थी. वो अभी भी गेट से चिपकी हुई थी और जेठालाल के लुंड को पंत के ऊपर से सेहला रही थी.

जेठालाल: (उसके गले को चूसते हुए) श्रद्धा... तेरे यह बूब्स देख कर Hi मेरा लुंड फाड़ने को हो रहा है...

श्रद्धा: (सांस फूलते हुए, मोअन करती हुई) तो पहाड़ दो न... आज पूरा कण्ट्रोल आपके हाथ में है...

दोनों अभी भी गेट के पास Khade-Khade एक दुसरे को किश और टच कर रहे थे. माहौल गरम होता जा रहा था.

जेठालाल ने श्रद्धा को गेट से चिपके हुए Hi कमर से उठा लिया और सोफे की तरफ ले गया. उसने श्रद्धा को सोफे पर धीरे से लिटाते हुए उसके ऊपर झुक कर एक और गहरा किश किया.

जेठालाल: (उसकी आँखों में देखते हुए) अब रुक नहीं सकता मैं श्रद्धा...

उसने अपनी पंत और अंडरवियर को एक साथ नीचे उतर दिया. जैसे Hi उसने निकाला, उसका 14 इंच का मोटा, लाम्बा और काला लुंड बहार लटकने लगा बिलकुल खड़ा, मोटाई इतनी की श्रद्धा की आँखें फैल गयी.

श्रद्धा: (लुंड को देखते हुए, मैं में) ओह माय गॉड... इतना बड़ा...

उसके देखने भर से Hi श्रद्धा की छूट और ज़्यादा गीली होने लगी. उसमे से रास टपकने लगा.

जेठालाल सोफे पर घुटनो के बल बैठ गया, श्रद्धा की टाँगे चौड़ी करके उसके ड्रेस को ऊपर किया. उसने श्रद्धा की रेड पंतय साइड में की और सीधा मुँह लगा दिया उसकी छूट पर.

जेठालाल: (अपनी जीभ से छूट की लिप्स चाटते हुए) मममहह... कितनी रसीली है तुम्हारी छूट श्रद्धा...





उसने Zor-Zor से चाटना शुरू कर दिया. पहले ऊपर से नीचे तक लम्बी जीभ फेरी, फिर क्लीट को टारगेट किया और उसको चूसने लगा. कभी कभी अंदर जीभ दाल कर अंदर बहार करने लगा.

श्रद्धा: (पीठ को आर्च करते हुए, ज़ोर से सिसकती हुई) ओह्ह्ह फुकक... जेथाः जी... एस्सस... लिखक... चाटू मेरी छुटत... अह्ह्ह... बहुत अच्छा लग रहा है... हआ!!!

श्रद्धा ने अपने दोनों हाथ जेठालाल के सर पर रख कर उसको और ज़ोर से अपनी छूट पर दबाया. उसकी टाँगे काँप रही थी.

श्रद्धा: (मोअन करती हुई, पागल होते हुए) एस जेठा जी... ऐसे Hi... जीभ अंदर डालो... चाटो मेरी गीली छूट को... अह्ह्ह फुककक... कितना मज़ा आ रहा है... मैं तोह पागल हो जाउंगी...

जेठालाल ने स्पीड बढ़ा दी. उसने श्रद्धा की क्लीट को Zor-Zor से चूसना शुरू कर दिया और एक ऊँगली भी अंदर दाल दी. दोनों काम साथ में कर रहा था.

श्रद्धा: (सर पीछे फ़ेंक कर, ज़ोर ज़ोर से) अह्ह्ह... अह्ह्ह... जेथाः जी... और तेज़... चाटो... मैं झड़ने वाली हूँ... हआ... एस्सस... फुककक!!!

कुछ Hi सेकण्ड्स में श्रद्धा का पूरा शरीर एक ज़ोर के झटके के साथ काँप उठा. उसने जेठालाल का सर तिघ्टलय पकड़ लिया और अपनी छूट को उसके मुँह पर ज़ोर से रगड़ते हुए झाड़ गयी.





श्रद्धा: (झड़ते हुए, ख़ुशी से चिल्लाते हुए) आआह्ह्ह्हह... जेथाः जी... मैं आ गयी... अह्हह्ह्ह्ह!!!

उसकी छूट से गहरा रास निकला और जेठालाल के मुँह और दादी पर लग गया. श्रद्धा थोड़ी देर तक कांपती रही, आँखें बंद, मुँह खुला हुआ, पूरा शरीर थका हुआ लेकिन खुश था.

जेठालाल ने उठ कर अपने होंठों को छाता और मुस्कुराते हुए श्रद्धा की तरफ देखा. उसका 14 इंच का लुंड अभी भी पूरी तरह से खड़ा और तैयार था.

जेठालाल: (लुंड पकड़ कर) अब बताओ भाभी... अगला क्या इनस्टॉल करूँ?

श्रद्धा अभी भी सोफे पर लेती हुई थी, सांस फूल रही थी. उसने आँखें खोली और जेठालाल के 14 इंच के खड़े लुंड को देखा जो अभी भी बिलकुल टाइट और मोटा खड़ा था.

श्रद्धा: (सांस लेते हुए, प्यारी आवाज़ में) आपने तोह मुझे बहुत खुश कर दिया जेठा जी... अब मेरी बारी है. आपकी बारी...

वो सोफे से उठी और जेठालाल के सामने घुटनो के बल बैठ गयी. उसने दोनों हाथों से उसके मोठे लुंड को पकड़ा और थोड़ा ऊपर से नीचे तक सहलाया.

श्रद्धा: (लुंड को देखते हुए, इम्प्रेस्सेड होते हुए) कितना बड़ा और मोटा है... बहुत देर तक खेलने वाला है यह.

उसने अपनी लाल लिप्स खोली और धीरे धीरे जेठालाल के लुंड के सुपडे को मुँह में ले लिया. पहले सिर्फ टोपी को चूसने लगी, फिर धीरे धीरे और गहराई में ले जाने लगी.





जेठालाल: (सांस लेते हुए) उफ्फ्फ्फ़ श्रद्धा भाभी... बहुत अच्छा लग रहा है...

श्रद्धा अब पूरी तरह से लग गयी थी. वो अपना सर Aage-Peeche करते हुए लुंड को चूस रही थी. कभी जीभ से निचे वाले हिस्से को चाट रही थी, कभी Zor-Zor से मुँह चला रही थी.

धीरे धीरे माहौल गरम होता गया. जेठालाल ने अपना हाथ श्रद्धा के बाल में दाल दिया और उसके सर को धीरे धीरे कण्ट्रोल करने लगा.

बिना नोटिस किये Hi ब्लोजॉब फासफूक में बदल गया.

जेठालाल: (सर पकड़ कर) हां... ऐसे Hi... और अंदर लो श्रद्धा भाभी...

श्रद्धा: (मुँह भरे हुए, आवाज़ निकलते हुए) Mmmppphh...glug...glug... Glug...axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...

Gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...





अब जेठालाल खड़ा हो गया था और श्रद्धा के मुँह में धक्के मार रहा था. श्रद्धा की आँखों में पानी आ गया था, उसके मुँह के कॉर्नर्स से थूक और प्रेकम की धार बाह रही थी, लेकिन वो रुक नहीं रही थी.

आधे घंटे तक लगातार फासफूक चलता रहा. जेठालाल कभी धीरे, कभी तेज़ धक्के मार रहा था. श्रद्धा का पूरा मुँह उसके लुंड से गीला हो चूका था. उसकी लार उसके चीन पर से टपक रही थी.

Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...gulppp....aagghhbb....aagaghh....

Xxxghhh....uhhggh...aaaghhv....

Aaagghhb....xxgghh....ggullp....aagghh...guullppp...

Aagghhb....cogghh...coxxgghh...gulppp....gwaakkkhh....huugghh..

लेकिन जेठालाल का माल अभी तक नहीं निकला था. सिर्फ गहरा प्रेकम निकल रहा था जो श्रद्धा के गले तक जा रहा था.

श्रद्धा: (लुंड मुँह से निकाल कर, सांस फूलते हुए, लार के साथ) जेठा जी... आधा घंटा हो गया... इतना मोटा लुंड... इतना स्टैमिना... मेरी तोह गर्दन और मुँह दोनों थक गए हैं... लेकिन आपका अभी तक एक बूँद भी नहीं निकला...

जेठालाल का लुंड अभी भी रॉक हार्ड था और श्रद्धा के थूक और उसके प्रेकम से चमक रहा था. एक गहरी चमकदार लेयर उसके पूरे लुंड पर लगी हुई थी.

जेठालाल: (मुस्कुराते हुए, श्रद्धा के बाल सहलाते हुए) अभी तोह सिर्फ वार्मअप था श्रद्धा भाभी... मैं जल्दी नहीं झाड़ता. अब बताओ... अगला क्या करूँ आपके साथ?

श्रद्धा सांस लेते हुए उसके लुंड को हाथ में पकडे हुए थी, उसके चेहरे पर थकान और एक्ससिटेमेंट का मिश्रण था.

श्रद्धा अभी भी घुटनो के बल बैठी थी, मुँह से लार टपक रही थी. उसने ऊपर देखा, आँखों में पूरी बेचैनी और तड़प थी.

श्रद्धा: (सांस फूलते हुए, गरम आवाज़ में) जेठा जी... वही करो जो करने आये हो... छोड़ो मुझे... ऐसे छोड़ो जैसे कभी किसी ने नहीं छोड़ा... ऐसी चुदाई करो की मैं पोपट जी को बिलकुल भूल जाऊं... भर दो अपने इस बारे और सुडौल लुंड से मेरी छूट को... पूरी तरह भर दो...

यह सुनते Hi जेठालाल की आँखों में एक वाइल्ड चमक आ गयी. उसने तुरंत श्रद्धा को उठाया और सोफे पर लिटाते हुए उसकी टाँगे चौड़ी कर दी.

जेठालाल: (लुंड पकड़ कर उसकी छूट पर रगड़ते हुए) ठीक है श्रद्धा... आज आपकी छूट को मैं अपना बना लूंगा.

उसने अपना 14 इंच का मोटा लुंड श्रद्धा की गीली छूट के मुँह पर सेट किया और एक ज़ोर का धक्का मारा.

श्रद्धा: (ज़ोर से चीख उठते हुए) आआह्ह्हह्ह्ह्ह... जेताआअह जी...!

पूरा सूपड़ा अंदर चला गया. जेठालाल ने रुक कर थोड़ा सा और प्रेशर दिया और Dheere-Dheere अपना मोटा लुंड उसकी टाइट छूट में घुसेड़ने लगा.

श्रद्धा: (टाँगे कांपते हुए, ज़ोर ज़ोर से सिसकती हुई) उफ्फ्फ्फ़... बहुत मोटा है... धीरे... अह्ह्ह... पूरा अंदर जा रहा है... हआ... मर गयी मैं...

जेठालाल ने बिना एक शब्द बोले, सिर्फ गहरी सांस लेते हुए अपना लुंड अंदर धकेल दिया. आधा लुंड अंदर था, फिर एक और ज़ोर का धक्का — पूरा का पूरा 14 इंच श्रद्धा की छूट में उतर गया.





श्रद्धा: (आँखें फैल कर, मुँह खुल कर) आआह्ह्ह फुककक... जेठा जी... मेरी छूट पहात गयी... इतना गहरा... अह्ह्ह्हह!!!

जेठालाल अब बिना कुछ बोले बस धक्के मारने लगा. वह धीरे धीरे लेकिन बहुत गहरे और ज़ोर के धक्के दे रहा था. हर धक्के में उसका मोटा लुंड श्रद्धा की छूट की सबसे गहराई तक जा रहा था.

थप... थप... थप... थप...

श्रद्धा: (ज़ोर ज़ोर से सिसकती हुई, हाथों से सोफे को पकड़ते हुए) अहह... अहह... अह्ह्ह... जेठा जी... बहुत मोटा... बहुत गहरा... हआ... छोड़ दो मुझे... और ज़ोर से... अह्ह्ह फुककक...

जेठालाल अभी भी चुप था. उसकी नज़रें श्रद्धा के मुम्मों और उसके चेहरे पर थी. वो सिर्फ अपने लुंड से उसकी छूट की गहराई नाप रहा था हर धक्के में पूरा लुंड अंदर बहार कर रहा था.

थप! थप! थप! थप! थप!

श्रद्धा की छूट अब पूरी तरह से गीली हो चुकी थी. हर धक्के के साथ “पूछ पूछ पूछ” की आवाज़ आ रही थी. जेठालाल का मोटा लुंड उसकी छूट को स्ट्रेच किये जा रहा था.

श्रद्धा: (सर पीछे फ़ेंक कर, पागल होते हुए) जेथाः जी... और तेज़... पहाड़ दो मेरी छूट को... हआ... इतना बड़ा लुंड पहली बार फील कर रही हूँ... अह्ह्ह्ह... मत रुको... छोड़ते रहो... मैं आपकी हूँ आज... फुककक में जेठा जी...!!!





जेठालाल ने अब स्पीड थोड़ी बढ़ा दी लेकिन अभी भी वह गहरे और पावरफुल स्ट्रोक्स दे रहा था. उसका पूरा फोकस सिर्फ श्रद्धा की छूट को छोड़ने पर था.

जेठालाल ने श्रद्धा को सोफे पर लिटाये हुए Hi ज़ोर से उठा लिया. उसने सोफे पर बैठ कर श्रद्धा को अपने गॉड में बिठा लिया बिलकुल काउगर्ल पोजीशन में. श्रद्धा की टाँगे दोनों तरफ फैली हुई थी और उसकी छूट जेठालाल के मोठे लुंड के ऊपर थी.

जेठालाल: (लुंड पकड़ कर उसकी छूट में सेट करते हुए) अब खुद बैठ जाओ... पूरा अंदर ले लो.

श्रद्धा ने धीरे से नीचे बैठना शुरू किया. जैसे Hi उसका मोटा 14 इंच का लुंड उसकी छूट में घुसा, श्रद्धा का मुँह खुल गया.

श्रद्धा: (ज़ोर से सिसकती हुई) आआह्ह्हह्ह्ह्ह... जेथाः जी... बहुत गहरा जा रहा है... उफ्फ्फ्फ़!!!





पूरा लुंड अंदर उतर गया. श्रद्धा अब जेठालाल की गॉड में बैठ चुकी थी. उसने अपने दोनों हाथ जेठालाल के कन्धों पर रख कर उसको किश करना शुरू कर दिया.

जेठालाल ने श्रद्धा की कमर पकड़ी और नीचे से Zor-Zor से धक्के मरना शुरू कर दिया.

थप! थप! थप! थप!

श्रद्धा: (किश के बीच ज़ोर ज़ोर से मोअन करती हुई) अहह... अहह... ी लव आईटी जेठा जी... यू अरे ा बस्त्त... फूकिंग मशीन... जेठा जी पलासी फुकक में लिखे थिस अल्वेस... अह्ह्ह...

श्रद्धा: (सांस फूलते हुए, उसकी आँखों में देखते हुए) चम्पक चाचा ने मुझे यहाँ बुला के जो ट्रीट दिलवाई है... क्या Hi कहु मैं... आठ फुकक जेथाः जी... ी लोवी ित्त्त... ी लोवी योररर दिककक... शोवी ित्त्त िन्न्न...!!!

जेठालाल खुश हो गया. उसने श्रद्धा की मोती गांड पर ज़ोर से एक थप्पड़ मारा.





जेठालाल: (हस्ते हुए) लू मेरी श्रद्धा भाभी... आज आपकी छूट को मैं अपना बना देता हूँ!

श्रद्धा : कॉल में श्रद्धा ओनली जेताह जीह भाभी मत बोलूह आह्हः ऑर्डर जब हम ये कर रहे हो तब्ब्ब्ब तूह बिल्कुल भाभी नही I'mm योरर्स ोलीय रिघटत नऊव्व सू फुकक मई लिखी यू फुकककक दया भाभी ाःह हससष फुकक मीठ लिखी यू फुककक अंजली भाभी एष हहह हफहह

जेठालाल हस्ता है और श्रद्धा की गांड पर लगातार थप्पड़ मरने शुरू कर देता है और नीचे से बहुत Zor-Zor से धक्के मरने लगा. हर धक्के में उसका पूरा लुंड श्रद्धा की छूट के अंदर तक जा रहा था.

थप! थप! थप! थप! थप!





श्रद्धा: (ज़ोर ज़ोर से सिसकती हुई, गांड हिलाते हुए) अह्ह्ह्ह... हआ... मारो... और थप्पड़ मारो... और ज़ोर से छोड़ो जेठा जी... मेरी छूट आपकी है... पहाड़ दो इसको... अह्ह्ह फुककक... बहुत मज़ा आ रहा है!!!

जेठालाल श्रद्धा को जैम कर छोड़ रहा था. उसकी गॉड में श्रद्धा ऊपर नीचे उछाल रही थी, उसके बड़े मुम्मे जेठालाल के मुँह के सामने हिल रहे थे. जेठालाल कभी उनको चूस रहा था, कभी गांड पर थप्पड़ मार रहा था.

जेठालाल: (तेज़ धक्के मरते हुए) लो... लूओ श्रद्धा... आज से तुममम मेरी पर्सनल छूट बन गयी... जब मैं करेगा, आऊंगा और छोडूंगा तुम्हे!

श्रद्धा: (पूरा पागल होते हुए, किश करते हुए) हां... हां... जब मर्ज़ी आओ... मेरी छूट हमेशा आपके लुंड के लिए खुली रहेगी... अह्ह्ह... और ज़ोर से... और ज़ोर से जेठा जी... फ़क में हर्डर!!!

दोनों का पेस बहुत तेज़ हो चूका था. रूम में सिर्फ Thap-Thap की आवाज़ें और श्रद्धा की सिसकियाँ गूज रही थी.

श्रद्धा जेठालाल की गॉड में ऊपर नीचे उछाल रही थी. उसकी छूट पूरी तरह से स्ट्रेच हो चुकी थी. उसका चेहरा लाल हो गया था और आँखें बंद थी.

श्रद्धा: (ज़ोर ज़ोर से सिसकती हुई) जेथाः जी... मैं... मैं झड़ने वाली हूँ... अह्ह्ह... बहुत तेज़ आ रहा है... हआ!!!





लेकिन जेठालाल ने अपने धक्के बिलकुल नहीं रोके. वह और भी ज़ोर से नीचे से धक्के मरने लगा.

जेठालाल: (गरम आवाज़ में) झाड़ जाओ श्रद्धा... झाड़ जाओ... मैं नहीं रुकने वाला...

श्रद्धा का शरीर एक ज़ोर के झटके के साथ कांपने लगा. उसने जेठालाल के कंधे को तिघ्टलय पकड़ लिया और ज़ोर से चीख उत्तरी.

श्रद्धा: (झड़ते हुए) आआह्ह्हह्ह्ह्ह... जेताआअह जी... मैं आ गयी... अह्ह्ह्हह फुककक!!!

उसकी छूट से गहरा रास निकल कर जेठालाल के लुंड और बॉल्स पर बहने लगा. लेकिन जेठालाल ने उसको झड़ने का मौका भी पूरा नहीं दिया और तुरंत उसको घुमा दिया.

उसने श्रद्धा को उठा कर रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में बैठा दिया. अब श्रद्धा की पीठ जेठालाल की तरफ थी और उसकी गांड उसके सामने थी.

जेठालाल ने तुरंत अपना लुंड उसकी छूट में दोबारा घुसेड़ दिया और Zor-Zor से धक्के मरने लगा.

थप! थप! थप! थप! थप!

श्रद्धा: आआह्ह्ह... जेठा जी... अभी भी अंदर दाल रहे हो... मेरी छूट अभी भी कांपते जा रही है... अह्ह्ह्हह!!!





वो अपनी छूट को सहलाने लगी. एक हाथ से अपनी क्लीट को तेज़ तेज़ रगड़ने लगी जबकि जेठालाल नीचे से उसकी गांड पकड़ कर बहुत तेज़ धक्के मार रहा था.

श्रद्धा: (चीखते हुए, सर पीछे फ़ेंक कर) ओह्ह्ह फुककक... जेथाः जी... बहुत ज़ोर से... मेरी छूट पहात जाएगी... हआ... और तेज़... और तेज़ छोड़िये... अह्ह्ह... मैं फिर से झड़ने वाली हूँ...!!!

जेठालाल ने श्रद्धा की कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया और मशीन की तरह धक्के मरने लगा. हर धक्के में उसका पूरा 14 इंच का लुंड श्रद्धा की छूट के अंदर तक जा रहा था.

थप! थप! थप! थप!

श्रद्धा: (अपनी क्लीट रगड़ते हुए, बिलकुल पागल होते हुए) आआह्ह्ह... हआ... फ़क में जेठा जी... पहाड़ दो मेरी छूट को... और ज़ोर से... मैं तोह मर जाउंगी आज... अह्ह्ह्हह!!!

जेठालाल श्रद्धा की गांड पर थप्पड़ मार रहा था और Zor-Zor से छोड़ रहा था. श्रद्धा का शरीर काँप रहा था और वो लगातार चीख रही थी.

जेठालाल अब बिलकुल चुप हो चूका था. कोई बात नहीं, कोई आवाज़ नहीं — सिर्फ उसके गहरे और ज़ोर के धक्के. वो श्रद्धा को रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में पकडे हुए था और मशीन की तरह छोड़ रहा था.

थप! थप! थप! थप! थप! थप!

हर धक्का इतना ज़ोर का था की श्रद्धा की गांड Zor-Zor से उछाल रही थी. जेठालाल का 14 इंच का मोटा लुंड Baar-Baar उसकी छूट की सबसे गहराई तक जा रहा था.





श्रद्धा: (ज़ोर ज़ोर से चीखते हुए) आआह्ह्ह... जेथाः जी... अह्ह्ह्हह... बहुत ज़ोर से... हआ... मर रही हूँ... अह्ह्ह फुककक!!!

वो अपनी छूट को एक हाथ से सहलाती रही, दूसरे हाथ से सोफे को पकडे हुए थी. उसकी आँखें बंद थी और मुँह से सिर्फ सिसकियाँ और चीखें निकल रही थी.

जेठालाल ने उसकी कमर को और तिघ्टलय पकड़ लिया और स्पीड बढ़ा दी. अब उसके धक्के और भी गहरे और तेज़ी से पड़ने लगे थे.

श्रद्धा: (पूरा कांपती हुई) आआह्ह्ह... फिर से... फिर से आ रहा है... जेथाः जी... मैं फिर से झड़ने वाली हूँ... अह्ह्ह्हह!!!

श्रद्धा का दूसरा ओर्गास्म इतना तेज़ आया की उसका पूरा शरीर एकदम से टाइट हो गया. उसने सर पीछे फेंका और ज़ोर से चीख मरी.

श्रद्धा: (झड़ते हुए, चीखते हुए) आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह... जेताआअह जी... मैं आ गयी... फिर से आ गयी... अह्ह्ह्हह फुककक... मेरी छूट पहात गयी... हआ!!!

उसकी छूट से फिर से गहरा रास निकल कर जेठालाल के लुंड पर बहने लगा. लेकिन जेठालाल ने अब भी अपने धक्के नहीं रोके. वो बिना एक शब्द बोले कन्टिन्यूसली छोड़ता रहा.

श्रद्धा: (थकान और मस्ती के साथ, Ruk-Ruk कर बोलते हुए) आपका... लुंड... मेरी छूट की गहरी खुदाई कर रहा है जेथाः जजीह... बस छोड़ते रहो... रुकनाः मट्ठ... प्लीज रुकना मत... अह्ह्ह... छोड़ते रहो मुझे... जितना मर्ज़ी छोड़ दो आज... हआ... मैं आपकी हूँ...!!!





जेठालाल ने जवाब में सिर्फ श्रद्धा की गांड पर एक और ज़ोर का थप्पड़ मारा और अपने धक्कों की रफ़्तार और बढ़ा दी. रूम में सिर्फ उनके शरीर के टकराने की “Thap-Thap-Thap” आवाज़ें और श्रद्धा की चीखें गूज रही थी.

श्रद्धा अब बिलकुल टूट चुकी थी, लेकिन उसके मुँह से बस सिसकियाँ निकल रही थी और छोड़ने की भीख.

जेठालाल श्रद्धा को जैम कर छोड़ रहा था. श्रद्धा की छूट एक बार फिर जेठालाल के मोठे लुंड के Ird-Gird कास कर घेर रही थी.

जेठालाल: (तेज़ धक्के मरते हुए) श्रद्धा... तेरी छूट मेरे लुंड को बहुत ज़ोर से जकड रही है... बहुत गरम है... मैं झाड़ जाऊँगा!

श्रद्धा: (चीखते हुए, तड़पते हुए) झाड़ो जेठआठ बेबी... झाडूह... मेरे फसे पीए झाडूह पलासी... येसशः... हहह... आह्ह्ह्ह!!!

घडी की सुई 10 बज चुकी थी.

इधर पोपटलाल अपना छाता हाथ में हिलाते हुए सोसाइटी कंपाउंड की तरफ बढ़ रहा था. तभी अब्दुल ने उसको रोक लिया और कुछ बातें करने लगा.

उधर जेठालाल श्रद्धा को घुमा कर Zor-Zor से छोड़ रहा था. उसने श्रद्धा की गांड को ऊपर उठा कर बहुत तेज़ धक्के दे रहा था.

श्रद्धा: (ज़ोर ज़ोर से चीखते हुए) आआह्ह्ह... जेथाः जी... हआ... और ज़ोर से... अह्ह्ह्हह!!!

तभी पोपटलाल सीढ़ियां चढ़ रहा था. श्रद्धा जोरो से चीखते हुए फिर से झड़ने लगी. जेठालाल ने भी अपने माल की पिचकारी उसकी छूट में Hi छोड़ दी.





जेठालाल: (ज़ोर से गरजते हुए) ले श्रद्धा... आअह्ह्ह्हह!!!

वही पोपटलाल ने घर की चाभी निकाल ली और मैं गेट खोलने लगा. तभी उसको याद आया की उसकी एक खूबसूरत सी बीवी उसका इंतज़ार कर रही है.

पोपटलाल: (खुद से मुस्कुराते हुए) क्या यार पोपटलाल तुम भी न... कैसे भूल गए की अब तुम्हारी शादी हो चुकी है.

उसने चाभी पॉकेट में दाल दी और दुर्बल बजा दी. चेहरे पर ख़ुशी की लहार थी.

दरवाज़ा खुला.

पोपटलाल: (प्यार से) Hello मेरी जाने मैं... मैं घर आ गया!

सामने से जेठालाल बोलै —

जेठालाल: तो मैं क्या करूँ?

पोपटलाल: (शॉक हो कर) J..j..jethalal?! तुम यहाँ क्या कर रहे हो?!

तभी पीछे से श्रद्धा पूरे कपडे पेहेन कर आयी और मुस्कुराते हुए बोली.

श्रद्धा: आप आ गए? आइये अंदर आइये.

पोपटलाल अंदर आया और फिर से जेठालाल से पुछा.

पोपटलाल: तुम यहाँ क्या कर रहे हो?

श्रद्धा: (जल्दी से उसका हाथ पकड़ कर टीवी के सामने ले जाते हुए) जेठा भाई इसके लिए यहाँ आये थे.

पोपटलाल ने नया बड़ा टीवी देखा और शॉक हो गया.

पोपटलाल: श्रद्धा ये टीवी?

श्रद्धा: तुम तोह पूरा दिन ऑफिस चले जाते हो और मैं घर पे अकेली बोर हो जाती हु. इसलिए मैंने सोचा क्यों न एक टीवी Hi खरीद लू एंटरटेनमेंट के लिए.

पोपटलाल: अच्छा किया श्रद्धा... लेकिन ये टीवी कितने का है?

जेठालाल: सिर्फ 55,000.

पोपटलाल: (आँखें पहाड़ कर) क्याआ?! कैंसिल भाई कैंसिल! इतना मेहेंगा टीवी? कैंसिल करो, बेचना!

श्रद्धा: ये टीवी मैंने अपने एंटरटेनमेंट के लिए नहीं बल्कि हमारे एंटरटेनमेंट के लिए लिया है. रात को इस्पे फिफ्टी शेड्स देखने में बहुत मज़ा आएगा.

यह सुनते Hi पोपटलाल के मुँह में निखार आ गया. उसने तुरंत श्रद्धा को हुग कर लिया.

जेठालाल: (शर्मा कर खासते हुए) ठीक है... तोह अब मैं चलता हु. चाय के लिए थैंक्यू श्रद्धा भाभी.

श्रद्धा: (मुस्कुराते हुए) कोई बात नहीं जेठा भाई... दुबारा आना.

जेठालाल वहां से निकल गया.

जैसे Hi दरवाज़ा बंद हुआ, पोपटलाल ने श्रद्धा को तिघ्टलय हुग कर लिया. श्रद्धा ने भी उसको गले लगाया. उसने अभी तक पंतय नहीं पहनी थी. जेठालाल का मोटा माल अभी भी उसकी छूट में भरा हुआ था और Dheere-Dheere उसकी जांघों के बीच से टपक रहा था.


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सेक्स का जमाना अपडेट 112

अपडेट 112 (महिला मंडल मीटिंग पट.3)

रात के 10 बज रहे थे जेठालाल का बैडरूम

जेठालाल बीएड पर बैठा अपना पेट साफ़ रखने वाला चूरन खा रहा था. दया बिस्तर लगा रही थी. जेठालाल सोच रहा था की आज रात दया के साथ Hi मज़ेदार टाइम बिताया जाए.

जैसे Hi वो बोलने जा रहा था, दया ने पहले Hi मुँह खोल दिया.

दया: टापू के पापा, आज रात से हम महिला मंडल लेबसिअन सेक्स करने वाले हैं.

जेठालाल: (चौंक कर) अच्छा?! यह होता क्या है?

दया मुस्कुराती हुई धीरे से उसके पास आयी. उसने जेठालाल के पाजामे के ऊपर से उसके लुंड को पकड़ कर दबाया और उसके कान में धीरे से बड़बड़ाया.

दया: (कान में) आप तोह बहार बहार जोरदार चुदाई करते आ रहे हो... अंजलि भाभी, रीता भी अब आपकी बीवियां हैं और करीना से भी शादी करने वाले हो... मैं भी सोच रही थी थोड़े मज़े कर लू.

जेठालाल के कान खड़े हो गए. उसने दया की गांड को ज़ोर से पकड़ लिया.

जेठालाल: (उसकी गांड दबाते हुए) अच्छा जी... भले Hi मैं किसी को भी छोड़ लू, लेकिन हर रात बिस्तर पर तेरे Hi इन चुचो को ढूंढता हूँ. किसी के भी साथ चुदाई करू, लेकिन अंत में तेरी Hi याद आती है मेरी डोबी... क्यूंकि सब चाहे कुछ भी कर ले, लेकिन मेरे इस लुंड को पूरा सिर्फ तू Hi निगल पाती है. और यह लुंड सिर्फ तेरी Hi छूट का मोहताज है.

दया: (प्यार से) मेरी छूट भी सिर्फ जेठालाल के लुंड की है.

जेठालाल: (मुँह पर हाथ रख कर) अरे हमने निर्णय लिया था की तू मुझे मेरे पूरे नाम से नहीं पुकारेगी!

दया: (हस्ते हुए) क्या आप भी टापू के पापा... घबराओ मत. मैंने आपको पूरे नाम से सबके सामने पुकारने का बीज दाल दिया है.

जेठालाल: (शॉक हो कर) वो कैसे मालकिन?

दया: पिछले दिन जब आप सुबह घर आये थे, मैंने सबके सामने आपको पूरे नाम से पुकारा था... लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. जैसे रोज़ का हो. आपने भी ध्यान नहीं दिया था.

जेठालाल: (और शॉक होकर) क्या? ये कब हुआ?

दया: (हंस कर) आप ज्यादा सोचो मत... वो बस ऐसे Hi हो गया था. लेकिन अब मैं धीरे धीरे आपको जेठा कहने वाली हु. आप भी तैयार हो जाइये.

जेठालाल को थोड़ा अजीब लगा, लेकिन अंदर से अच्छा भी लग रहा था.

जेठालाल: जब जिससे प्यार करते हो, उसके लबों से अपना नाम निकले... बहुत अच्छा लगता है. चल अब जा, तुझे लेट नहीं हो रहा?

दया: लेट काहे का? मैं तोह आपके बारे में सोच रही हु. आपकी साड़ी माल आज रात कलुभाऊसे में रुकने वाली है... आपका क्या होगा?

जेठालाल: (गाना गाते हुए) अपनी तोह जैसे तैसे हो... अपनी तोह जैसे तैसे काट जायेगी... आपका क्या होगा Janaab-E-Aali...

दया: (मुस्कुराते हुए) आप भी न... चलो अब गुड नाईट. अब मैं जा रही हु. अभी 3-4 दिन लेबसिअन चुदाई कर लू. आप किसी भी मर्द को पता मत चलने देना.

जेठालाल: (हस्ते हुए) तो मुझे ये काम देकर जा रही है? सही है दया... चल ठीक है, ध्यान रखूँगा.

दया ने मुस्कुराते हुए जेठालाल को एक चुम्मा दिया, कमर मटकती हुई दरवाज़े की तरफ बढ़ी और बहार निकल गयी.

जेठालाल बीएड पर लेट गया और मुस्कुराता हुआ सोचने लगा “यह दया भी न...”

रात के 10:45 बजे तक ऑलमोस्ट सभी महिलाएं क्लब हाउस पहुँच चुकी थी. रूम में सिर्फ डिम रेड लाइट जल रही थी, कर्टेंस तिघ्टलय बंद थे और एक की ठंडी हवा के साथ जस्मिने का सेंट फैला हुआ था.

सब महिलाएं सोफे और कुशीओंस पर बैठ कर आपस में बातें कर रही थी. माहौल गरम और क्यूरियस था.

बबिता ने हलकी सी मुस्कराहट के साथ कहा,

तोह… आज पहली बार हम सब एक साथ लेस्बियन सेक्स तरय करने वाले हैं. किसी को कोई हेसिताशन तोह नहीं है न?

अनन्य एक्ससिटेडलय बोली,

मैं तोह बहुत एक्ससिटेड हूँ! पर सोच रही हूँ… पहले किसिंग से स्टार्ट करें या डायरेक्टली टच करना शुरू कर दें?

दया थोड़ी नर्वस मुस्कुराते हुए बोली,

मैं तोह पहले सिर्फ देखूंगी… बाद में सोचूंगी.

तभी अचानक...

क्लिक...

क्लब हाउस का दरवाज़ा धीरे से खुला.

सबकी बातें एकदम से रुक गयी. सबकी नज़रें दरवाज़े की तरफ घूम गयी. डिम रेड लाइट में सिर्फ एक लम्बी, कर्तव्य परछाई अंदर आती दिखाई दी. चेहरा अभी भी अँधेरे में था, सिर्फ उसका सिल्होउएत्ते साफ़ दीखता था — लम्बे बाल, भरी हुई फिगर और एक कॉंफिडेंट वाक.

रूम में सन्नाटा छ गया.

अंजलि की सांस रुक गयी. बबिता ने अपना हाथ मुँह पर रख लिया. कोमल की आँखें फैल गयी और वह इन्स्टिंक्टिवेली पीछे की तरफ खिसक गयी. श्रद्धा ने कटरीना का हाथ तिघ्टलय पकड़ लिया, उसके हाथ में पसीना आ गया था.

माधवी ने धीरे से व्हिस्पर किया : ये… कौन है?

दया चुपचाप खरी थी, उसके होंठों पर एक हलकी सी मुस्कान थी.

वह परछाई Dheere-Dheere अंदर आयी. हर कदम के साथ उसकी परछाई बड़ी होती जा रही थी. अब थोड़ी और रौशनी उस पर पड़ने लगी, लेकिन चेहरा अभी भी पूरा साफ़ नहीं था.

अनन्य ने नर्वस आवाज़ में पुछा : आंटी… दरवाज़ा बंद कर दू क्या?

तभी उस परछाई ने धीरे से अपना सर थोड़ा ऊपर किया. लाइट उसके चेहरे पर पड़ी.

रीता रिपोर्टर थी.

सब महिलाएं उसको देखते Hi शॉकेड रह गयी.

कोमल के मुँह से निकल गया,

“रीता?!”

श्रद्धा की आँखें बड़ी हो गयी. कटरीना ने एएब्रोस ऊपर किये. जहान्वी और अनन्य एक दूसरे को देखती रही.

अंजलि ने घबराहट और हैरानी के मिक्सचर के साथ धीरे से पुछा,

अंजलि: रीता… तुम? यहाँ कैसे…? मतलब… तुम्हे सब कुछ पता था?

रीता ने एक गहरी, कॉंफिडेंट नज़र सबके चेहरों पर डाली. वह धीरे से मुस्कुरायी और रूम के अंदर आते हुए बोली,

रीता: पता तोह मुझे काफी टाइम से था… आप लोगों की Chhup-Chhup कर की मीटिंग्स, अब्दुल भाई की शादी की बात, और अब ये नयी ‘लेस्बियन प्लान’… सब.

वह थोड़ी और आगे बढ़ी, अपनी टाइट ब्लैक ड्रेस में एकदम सेक्सी और बोल्ड लग रही थी. उसने अपने लम्बे बाल पीछे की तरफ झटका और धीरे से कंटिन्यू किया,

रीता: मैं बहार से रिपोर्टर हूँ, लेकिन अंदर से इंसान भी हूँ. और अकेली ज़िन्दगी में थोड़ा एक्ससिटेमेंट चाहिए होता है न? जब दया भाभी ने मुझे हिंट दिया, तब समझ गयी थी की आप लोग मुझे इन्विते कर रही हो.

उसने सबको Ek-Ek करके देखा और सेडक्टिव स्माइल के साथ बोलै,

रीता: तोह… मैं आ गयी. अब क्या? मुझे भी इस मस्ती में शामिल करोगी या अभी भी दर रही हो?

रूम में फिर से ख़ामोशी छ गयी, लेकिन इस बार वो ख़ामोशी क्यूरोसिटी और नए एक्ससिटेमेंट से भरी हुई थी.

दया ने हलके से मुस्कुराते हुए कहा : मैं ने कहा था न… वो खुद आ जायेगी.

अंजलि ने उसकी तरफ देखते हुए थोड़ी हैरानी से पुछा: लेकिन दया भाभी, आपको कैसे पता था की वो खुद आएगी? इतना कॉंफिडेंट कैसे हो आप?

दया ने कंधे उचकाते हुए सिंपल अंदाज़ में जवाब दिया,

वह इसलिए क्युकी मैंने रीता को पहले Hi सब बता दिया था. सोसाइटी में क्या क्या होने वाला है, चुदाई स्पर्धा, अब्दुल भाई की शादी, हमारी मीटिंग्स और ये लेबसिअन प्लान… सब कुछ. मैंने उसे बोल दिया था की अगर वो चाहे हो तोह आज रात क्लब हाउस आ सकती है.

सब महिलाएं दया की तरफ देखती रही.

रोशन ने धीरे से सर हिलाते हुए कहा : वैसे तोह… ये सही किया आपने बावा. अब रीता भी हमारे साथ मज़े कर लेगी. अकेली रह कर वो भी बोर हो रही थी. अच्छा है, ग्रुप और बड़ा हो गया.

रीता ने रोशन की तरफ देखते हुए एक थैंकफुल स्माइल दी.

तभी अचानक क्लब हाउस का दरवाज़ा फिर से तेज़ी से खुला और अंदर भागते हुए सारा और अलिअ अंदर आयी. दोनों की सांसें बहुत तेज़ चल रही थी, चेहरे पर पसीना था और वह हाफ रही थी.

सारा हाथ से अपना चेस्ट पकड़ते हुए Haafte-Hafte बोली : हूफ्फ… हूफ्फ… सॉरी औंटीएस हम लेट हो गए.

अलिअ भी सांस सँभालते हुए बोली : हॉस्टल से निकलने में थोड़ा टाइम लग गया… वॉचमैन जाग रहे थे, इसलिए छुपके से निकलना पड़ा.

दोनों लड़कियां अंदर आकर रुक गयी. उन्होंने देखा की रीता भी वहां कड़ी है. सारा की आँखें थोड़ी बड़ी हो गयी, लेकिन वह कुछ नहीं बोली.

अंजलि ने उन दोनों को देखते हुए मुस्कुराते हुए कहा : आओ… आओ अंदर. अब ऑलमोस्ट सब आ गए हैं. बैठो

बबिता ने नॉटी स्माइल के साथ उन तीनो (सारा, अलिअ और रीता) को देखते हुए बोलै : अब तोह ग्रुप काफी इंटरेस्टिंग हो गया है…

रात के 10:30 बज रहे थे कलुभाऊसे

महिला मंडल की एक सीक्रेट लेस्बियन पार्टी शुरू होने वाली थी. हॉल में लाइट्स डिम की हुई थी.

एक तरफ लाइन में कड़ी थी नयी जनरेशन:

अलिअ, अनन्य, जहान्वी, प्रणाली, सारा, सोनू

और उनके सामने दूसरी लाइन में कड़ी थी एक्सपेरिएंस्ड औरतों की टीम:

अंजलि, बबिता, दया, कोमल, करीना, कटरीना, माधवी, रीता, रोशन, श्रद्धा

सबके चेहरे पर एक्ससिटेमेंट और थोड़ी सी शर्म थी.

तभी अंजलि और बबिता लाइन से निकल कर बीच में आ गयी.

बबिता: ( कॉंफिडेंट और सेडक्टिव आवाज़ में) तो महिला मंडल और 4ऍम सोल्स... वेलकम तो आवर स्पेशल लेस्बियन सेक्स पार्टी!

ये पार्टी आज रात से शुरू हो रहा है और तब तक चलता रहेगा जब तक हमारे पति हमें पकड़ नहीं लेते. हर रात ये चलेगा.

अंजलि: (मुस्कुराते हुए) ये पार्टी सिर्फ मस्ती के लिए नहीं है... ये हमारी सेक्स कम्पटीशन को स्पीड उप करने के लिए है. ताकि जल्दी से जल्दी कम्पटीशन शुरू हो और हम सब को बिना किसी Rok-Tok के स्पेशल चुदाई का मज़ा मिल सके.

सब औरतें एक्ससिटेड हो कर तालियां बजने लगी.

अंजलि: हमें पता है की हमारे पति और इनफैक्ट टापू सेना भी इस कम्पटीशन में इन्वोल्वेद है. सोनू... तुम आगे आकर बताना चाहोगी की टापू सेना को ये सब कैसे पता चला?

सोनू ड्रमैटिकल्ल्य लाइन से आगे बढ़ी. उसने अपना गाला साफ़ किया और थोड़ा थिएट्रिकल अंदाज़ में खास्ती हुई.

सोनू: (खासते हुए) एहम... एहम...

सबकी नज़रें उस पर थी.

सोनू: एक्चुअली... ये सब उस दिन शुरू हुआ जब...

सोनू: (ड्रामेटिक स्टाइल में) जब आज से 2 महीने पहले हमारे टापू सेना के मेंबर्स ने सोसाइटी में हो रही अजीब चीज़ें नोटिस की थी. और दादाजी से हमें पता चला था की सोसाइटी में सेक्स कम्पटीशन होने वाला है.

उसी दिन हमें एक लाइव एक्साम्प्ले मिल गया जब हमने बाबा (िएर) को बबिता आंटी के घर जाते हुए देखा. मैंने चुपके से बाबा के ालमिरह से िएर अंकल के घर की चाभी ले ली और टापू सेना ने छुप कर बबिता आंटी और बाबा को सेक्स करते हुए देखा. उस दिन हमें यकीन हो गया की सोसाइटी में सेक्स कम्पटीशन जरूर होगा.

बबिता थोड़ी शर्मा गयी.

सोनू: फिर एक दिन हमने जेठा अंकल और बबिता आंटी को भी ऐसे Hi सेक्स करते हुए देखा...

बबिता और ज़्यादा शर्मा गयी.

माधवी ने अपने फेस पर शर्म से हाथ रख लिया और सर झुका लिया.

सोनू: (आगे बढ़ते हुए) उसके बाद हम टापू सेना 2 टीम्स में बात गए. फीमेल टापू सेना में जहान्वी ऐड हुयी जब पिंकू के साथ उसका रिलेशनशिप स्टार्ट हुआ. फिर अलिअ ऐड हुयी जिसको गोली ने कॉलेज में अपने स्टाइल में प्रोपोज़ किया. और एक दिन सारा गुस्से में चिल्लाते हुई सोसाइटी में आयी और हमें पता चला की गोगी एक साल से उसको डेट कर रहा है.

रोशन के हाथ उसके फेस पर चले गए. वो शॉकेड होकर बोली:

रोशन: गोगी और सारा... एक साल से?!

सारा ने रोशन को देखा और मुस्कुराते हुए आँख मारी. अलिअ ने कोमल की तरफ देखा. कोमल और रोशन एक दुसरे को देखते रहे.

सोनू: धीरे धीरे हमें सारे कनेक्शंस समझ आ गए. हम टापू सेना मेंबर्स के बीच भी बहुत कुछ हुआ... एक्साक्ट्ली जैसा आप सब ने किया. और जब अंजलि आंटी ने हमें इस मीटिंग के लिए बुलाया तब मई समझ गयी की क्या होने वाला है. मैंने इम्मेडिएटली सारा और अलिअ को भी सब बता दिया... और आज हम सब यहाँ हैं.

हॉल में कुछ सेकण्ड्स के लिए ख़ामोशी छ गयी.

दया के आँखों में आंसू आ गए. वो इमोशनल हो कर बोली:

दया: (आंसू पोछते हुए) क्या कहानी है...

सोनू की कहानी सुन कर हॉल में थोड़ी सी ख़ामोशी छ गयी थी. तभी अंजलि आगे बढ़ी और सबको सम्बोधित करते हुए बोली:

अंजलि: (मुस्कुराते हुए) क्यों न आज रात हम सिर्फ बातें करे? Apni-Apni कहानियां सुनाये और Apne-Apne पसंद को सबके सामने रखे. मुझे विश्वास है आप सब को भी बहुत अच्छा लगेगा.

सब औरतें थोड़ा सोचने लगी. कुछ शर्मा रही थी, कुछ एक्ससिटेड थी.

तब सबसे पहले अनन्य आगे बढ़ी और शाय स्माइल के साथ बोली:

अनन्य: वैसे तोह मैंने बहुत बार सेक्स तोह नहीं किया है... लेकिन मैं अपनी विर्जिनिटी ब्रेक होने की कहानी बताने को रेडी हु.

जैसे Hi अनन्य ने यह कहा, उसके Saath-Saath अलिअ, जहान्वी, प्रणाली, सारा और सोनू ने भी Ek-Ek करके हाथ ऊपर किया और बोली:

अलिअ: मई भी!

जहान्वी: मई भी रेडी हु.

प्रणाली: मुझे भी अपनी स्टोरी शेयर करनी है.

सारा: हाँ मैं भी.

सोनू: बिलकुल, मैं तोह पहले से Hi तैयार हु.

उन सब नयी लड़कियों को देखते हुए एक्सपेरिएंस्ड महिलाएं मुस्कुराने लगी. अंजलि, बबिता, दया, माधवी, श्रद्धा, करीना और बाकी सब ने एक दूसरे को देखा और फिर एक साथ मुस्कुराते हुए बोली:

सब महिलाएं (साथ में):

हम भी तैयार हैं!

हॉल में तालियों की आवाज़ गूज उठी. माहौल अब और ज़्यादा गरम और खुलने लगा था.

बबिता: (हस्ते हुए) तोह फिर शुरू करे? पहले कोण अपनी कहानी सुनाएगा?

सबकी नज़रें अनन्य पर थी, जो थोड़ी सी शर्मा कर भी बहुत एक्ससिटेड दिखाई दे रही थी.

कटरीना ने सबको देखते हुए मुस्कुराते हुए आगे बढ़ कर बोलै

कटरीना: हम महिलाएं तोह ऑलमोस्ट ओपन हो चुकी हैं सबके सामने. बचे हैं सिर्फ ये बच्चे. मेरे ख्याल से सबसे पहले 4ऍम सोल्स को Hi अपनी कहानी शेयर करनी चाहिए.

अंजलि: (सर हिलाते हुए) हाँ, ये अच्छा आईडिया है. बच्चों की कहानी से हमें नेक्स्ट जनरेशन का तरीका समझ में आएगा.

रोशन: (एक्ससिटेड हो कर) हां रे बावा! मैं भी तोह जानू ज़रा... मेरा गोगी सारा के साथ कैसे करता है!

हॉल में हलकी सी हंसी फैल गयी. रोशन की बात सुन कर सारा थोड़ी शर्मा गयी.

अंजलि: (सबको सम्बोधित करते हुए) तो ठीक है. आज की रात हम महिलाएं आज तक हमारे साथ हुए सारे राज़ यहाँ खोल देंगी. हाँ, Ek-Do राज़ छुपा सकती हैं, लेकिन लगभग सारे राज़ खोल देना है. कोई भी बात छुपानी नहीं है.

फिर अंजलि ने 4ऍम सोल्स की तरफ देखा और मुस्कुराते हुए बोली

अंजलि: तो बीचेस... आज की रात की शुरुआत की जाए. 4ऍम सोल्स, अब तुम डीडे करो की सबसे पहले कौन सुनाएगा अपनी कहानी.

अलिअ, अनन्य, जहान्वी, प्रणाली, सारा और सोनू एक दुसरे को देखती रही. थोड़ी सी शर्म और एक्ससिटेमेंट का Mila-Jula एक्सप्रेशन था उनके चेहरों पर.

तब अनन्य आगे बढ़ी और सबके सामने आकर बोली

अनन्य: मैं और प्रणाली सबसे बड़ी हैं, तोह पहले मैं सुनती हूँ. उसके बाद प्रणाली, फिर सोनू, अलिअ, जहान्वी और सारा सुनाएंगी.

सब नयी लड़कियों ने एक साथ सर हिला दिया, तैयारी दिखाते हुए.

अंजलि: (खुश होकर) तो ठीक है...

उसने हॉल के लाइट्स को और थोड़ा डिम कर दिया और सेडक्टिव स्माइल के साथ बोली

अंजलि: सुरु करो आज की रात...

सबकी नज़रें अनन्य पर टिक गयी थी. अनन्य थोड़ा सा नर्वस लेकिन एक्ससिटेड थी. उसने अपने हाथ पीछे किये, सांस ली और बोलने के लिए मुँह खोला.



तोह दोस्तों इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है बताओ यारो कैसा लग रहा है अबतक कहानी में अभी अगले कुछ उपदटेस सेक्स नहीं सिर्फ कहानियां होंगी सभी फ्रेमलेस आपस में अपनी कहानिया रखेंगी और फिर सुरु होगी उनकी सेक्स पार्टी उम्मीद करता हु आपको ये स्टोरी पसंद आ रही होगी लेकिन फिर भी मई चाहूंगा की आप मुझे इस स्टोरी बुरी और अच्छी बातें खुल कर बताओ
 
Sex Ka Jamana Update 113

Update 113 (Pehli Chudai) Ft. Ananya

Ananya Ne Clubhouse Ke Bade Hall Mein Aas-Paas Baithi Sabhi Mahilaon Ko Dekha. Bahar Halki Os Ho Rahi Thi Aur Andar Coffee Ki Khushboo Faili Hui Thi. Sab Log Uski Taraf Curious Nazron Se Dekh Rahe The, Kyunki Aaj Pehli Baar Ananya Apni Personal Story Share Karne Wali Thi.

Usne Halka Sa Smile Kiya Aur Bolna Shuru Kiya

Ananya : Tum Sabko Shayad Lage Ki Meri Life Hamesha Se Perfect Thi but Sach Kahu Na, Meri Life Ka Sabse Ajeeb Aur Beautiful Phase Ek College Trip Se Start Hua Tha.

Ek Lady Ne Excitement Se Poocha

Anjali : College Trip? Matlab Wahin Kisi Se Pyaar Hua Tha Kya?

Sab Halki Si Hasi Mein Muskura Diye

Ananya Ne Bhi Haste Hue Sir Hila Diya

Ananya : Haan Shayad Wahi Se Sab Shuru Hua Tha. Hum Log Trip Pe Gaye The. Pure College Mein Excitement Alag Level Pe Thi. Bus Mein Loud Music, Antakshari, Selfies Pura Filmy Scene Tha. Gogi Har Scene Record Karne Me Laga Hua Tha Tapu or Sonu Khoob Maze Kar Rahe the Maine Pehli Baar Goli Ko Dekha

Komal : Aur Ye ‘Goli’ Kaun Tha? Mera Goli Tha Kya?

Ananya Ki Aankhon Mein Ek Alag Hi Softness Aa Gayi

Ananya : Goli Haa Wo Wahi Goli Tha,pehli Baar Jab Maine Usse Dekha Tha Na, Toh Honestly Mujhe Wo Normal Hi Laga.

Sab Zor Se Hans Pade

Ananya : Sach Bol Rahi Hoon! Usne Pehle Din Hi Meri Water Bottle Chhupa Di Thi Aur Pura Din Mujhe Pareshan Karta Raha.

Sonu : Typical Boys!

Ananya : Exactly! but Dheere-Dheere Pata Nahi Kaise Hum Baat Karne Lage. Bus Mein Mere Bagal Wali Seat Uski Thi. Pura Raasta Usne Itni Bakbak Ki Ki Mujhe Irritate Hona Chahiye Tha Par Main Hass Rahi Thi.

Ananya Thodi Der Ke Liye Ruk Gayi, Jaise Purani Yaadon Mein Kho Gayi Ho

Ananya : Ek Din Hum Sab Trekking Ke Liye Gaye The. Campfire Ke Paas Baith Kar Sabhi Masti Kar Rahe the Tapu Bohot Pyaare Gaane Gaa Raha Tha (Reference to Update 37)

Ananya Ke Chehre Par Halki Si Smile Aa Gayi

Ananya : Sab Thak Chuke the or Neend Me Mai or Goli Ek Hi Tent Me Ghus Gaye or Kismat Se Us Tent Me Hamare Alawa Koi Nahi Tha.

Hall Mein Sab Chup Hokar Sun Rahe The

Ananya : Andar Sirf Ek Lantern Jal Rahi Thi. Bahar Hawa Ki Awaaz Aa Rahi Thi Aur Andar Bas Hum Dono.

Alia : Ohooo…

Sab Ladies Teasing Smile Dene Lagiं

Ananya Sharma Kar Halki Si Hasi, Phir Usne Apni Nazrein Neeche Kar लीं Jaise Wo Us Pal Ko Dobara Mehsoos Kar Rahi Ho

Ananya : Tabhi Hume Paas Wale Tent Se Kisi Ke Dheere-Dheere Sisakne Ki Awaaz Aayi Shayad Koi Emotional Baat Kar Raha Tha Ya Wo Ho Raha Tha. (Usne Sonu Ki Taraf Dekha Sonu Sharma Gayi or Apni Nazar Jhuka Li), Main Aur Goli Ekdum Awkward Ho Gaye. Hum Dono Ne Ek Dusre Ki Taraf Dekha Bhi Nahi Bas Nazrein Jhuk Gayi.

Hall Mein Baithi Ladies Chupchaap Uski Baat Sun Rahi Thi

Ananya : Tent Ke Andar Sirf Lantern Ki Halki Si Roshni Thi. Baarish Ki Awaaz Aur Hawa Ka Shor Aur Hum Dono Ke Beech Ek Ajeeb Si Khamoshi.

Alia : Phir?

Ananya Ne Halka Sa Smile Kiya

Ananya : Phir Goli Ne Dheere Se Bola…

Goli : Aap Uncomfortable Toh Nahi Hai Na?

Ananya : Maine Sirf ‘Nahi’ Mein Sir Hila Diya. Sach Bolu Toh Us Waqt Mujhe Khud Samajh Nahi Aa Raha Tha Ki Main Itni Nervous Kyun Ho Rahi Thi.

Komal : Awww…

Ananya : Usne Mera Haath Pakda Pehle Bahut Lightly. Jaise Darr Raha Ho Ki Main Mana Na Kar Doon. Aur Pata Nahi Kyun, Maine Bhi Apna Haath Nahi Hataya.

Ananya Ki Awaaz Aur Dheemi Ho Gayi

Ananya : Hum Dheere-Dheere Ek Dusre Ke Aur Paas Aa Gaye. Us Waqt Aisa Lag Raha Tha Jaise Tent Ke Bahar Ki Duniya Exist Hi Nahi Karti. Sirf Hum Dono the Aur Wo Moment.

Sab Ladies Ekdum Dhyaan Se Sun Rahi Thi

Ananya : Phir Usne Meri Taraf Dekha Aur Halka Sa Muskuraaya…

Goli : Ananya Di Mujhe Lagta Hai Main Aapko Bahut Pasand Karne Laga Hoon.

Ananya Ke Chehre Par Sharmili Si Smile Aa Gayi

Ananya : Mera Dil Literally Bahut Fast Dhadak Raha Tha. Maine Kuch Bola Nahi Bas Uski Taraf Dekha. Aur Phir Usne Mujhe Kiss Kar Liya.

Hall Mein Ladies Ne Teasing Smiles Exchange Kiं

Komal Ne Apne Chehre Par Haath Rakh Liya or Alia Ne Muh Pher Liya




सन कट हुआ

रात काफी गहरी हो चुकी थी. बहार काम्पफीरे की लौ धीरे धीरे लपक रही थी और ठंडी हवा चल रही थी. दोनों तरफ पेड़ों के बीच दो टेंट साइड बी साइड लगे हुए थे. बयान वाला टेंट ज़ोर ज़ोर से हिल रहा था और उसकी परछाई काम्पफीरे की लौ में नाच रही थी.




अंदर अनन्य बिलकुल नंगी लेती हुई थी.





उसकी गोरी चमड़ी पर पसीना चमक रहा था. उसकी बड़ी बड़ी चूचियां ऊपर नीचे हो रही थी. उसके दोनों टाँगे चौड़ी फैलाई हुई थी और उसकी चिकनी छूट पहले से Hi गीली हो चुकी थी. रास की बूँदें उसकी गांड के छेद तक बह रही थी.

गोली उसके टांगों के बीच बैठा था. उसका मोटा लुम्बा लुंड खड़ा होकर थप थप कर रहा था. वह अपने सुपडे से अनन्य की छूट को ऊपर से नीचे रगड़ रहा था.

अनन्य कांपते हुए बोली, गोली प्लीज मत तड़पाओ अंदर दाल दो न मैं बहुत तड़प रही हूँ…

गोली मुस्कुराया और धीरे से अपना सूपड़ा उसकी छूट के मुँह में घुसा दिया. अनन्य के मुँह से लम्बी सिसकारी निकल गयी, आआआहहह उफ्फ्फफ्फ्फ़ बहुत मोटा है…

वह धीरे धीरे अंदर धकेलने लगा. अनन्य की छूट के होंठ उसके लुंड के मोटापे से खिंच गए. अनन्य की आँखें बंद हो गयी और उसने तकिये को ज़ोर से पकड़ लिया.

आअह्ह्ह धीरे पहात रही है मेरी छूट हाय्यय…





एक ज़ोर का धक्का मारकर गोली ने पूरा लुंड अंदर पेल दिया. उसके भरी अंडकोष अनन्य की गांड से टकराये.

ारररररग्ग्घहहह मायआ बहुत गहरा गया पहाड़ दिया तुमने मेरी छूट को… अनन्य ज़ोर से चीख पड़ी.

गोली अंदर Hi अंदर गोल गोल घुमाने लगा. अनन्य के मुँह से लगातार सिसकारियां निकल रही थी, हा हआ कितना गहरा फील हो रहा है उफ्फ्फफ्फ्फ़ बेबी थिस इस हेवन मैंने कभी नहीं सोचा था की मई ऐसे सेक्सस करुणगाहह

फिर गोली ने धक्के मारना शुरू किया. लम्बे लम्बे और गहरे धक्के. हर बार बहार निकाल कर पूरा अंदर तक घुसा रहा था. छूट से पूछ पूछ पूछ की आवाज़ आ रही थी.

अनन्य सिसक सिसक कर बोल रही थी, हाँ हाँ और ज़ोर से छोड़ मुझे मेरी छूट को आज फाड़ दे आआह्ह्ह और Tez…fuckkk ये सेक्ससक्स कितना अमेज़िंगग हैयह उफ्फ्फ

गोली की रफ़्तार बढ़ गयी. अब ज़ोर ज़ोर की थप थप की आवाज़ पूरा टेंट भर रही थी. अनन्य की चूचियां हर धक्के में ज़ोर ज़ोर से उछाल रही थी.

गोली ने उसकी टाँगे कंधे पर रख दी और बहुत गहरे धक्के मारने लगा. इस बार उसका लुंड अनन्य के अंदर के सेंसिटिव हिस्से को ज़ोर ज़ोर से रगड़ रहा था.

वहीँ वही पे मार हैं ज़ोर से आअह्ह्ह मैं आ रही हूँ आआआहहहहहहह…





अनन्य का पूरा बदन काँप उठा. उसकी छूट गोली के लुंड को ज़ोर ज़ोर से जकड रही थी. एक गहरा झड़ना आया और उसकी छूट से पानी का झोका निकल गया. वह ज़ोर ज़ोर से सिसक रही थी और आँखों से पानी आ रहा था मज़े के मारे.

लेकिन गोली नहीं रुका. उसने अनन्य को घुमा दिया. अब अनन्य घुटनो और हाथों के बल थी, उसकी गांड ऊपर उठी हुई थी. गोली ने पीछे से पकड़ कर एक Hi धक्के में पूरा लुंड अंदर दाल दिया.

थप्प्प्प्प!

ारररह्ह्ह्ह मायआ कितना गहरा मेरी तोह अंदर तक चुद गयी आअह्ह्ह धीरे करूओ मेरा 1सत्तत्त तिमी हैई गोली आह्हः अनन्य तकिये में मुँह छुपा कर चिल्लाई.

गोली ने उसकी कमर पकड़ ली और मशीन की तरह छोड़ने लगा. हर धक्के के साथ उसकी गांड हिल रही थी और ज़ोर की आवाज़ आ रही थी. बगल वाले टेंट से भी लड़की की चीखें आ रही थी, हाँ और ज़ोर से छोड़ बहुत मज़ा आ रहा है…

अनन्य अब बिलकुल पागल हो चुकी थी, हाँ हाँ मेरी गांड पे थप्पड़ मारू और तेज़ मैनाःघ ष्ष्सग्गुहहह न चोदुह ज़ोर ज़ोर से आआह्ह्ह बहुत अच्छा लग रहा है…





गोली ने उसके बाल पकड़ लिए और और तेज़ धक्के मारे. लगभग पंद्रह मिनट तक इस तरह छोड़ने के बाद उसने अनन्य को साइड में लिटाया. अब साइड से अंदर दाल कर छोड़ रहा था. एक हाथ से उसकी चूची मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी क्लीट को रगड़ रहा था.

धीरे धीरे गहरे धक्के. अनन्य उसके मुँह को चूस रही थी और सिसकारियां ले रही थी, उफ्फ्फ्फ़ कितना प्यार से छोड़ रहा है हाँ ऐसे Hi मेरी छूट को भर दे अपने रास Se…ahh अहह बहुत सुकून मिल रहा है हह और गहराई तक जाओ न

ममम ओह्ह कितनी अच्छी फीलिंग है अह्ह्ह्ह और थोड़ा तेज़ लेकिन प्यार से Hi उफ़ है मुझे बहुत ाचा लग रहा है अहह रुकना मत ऐसे Hi कंटिन्यू करो अह्ह्ह्ह

उफ्फ्फ्फ़ बहुत मज़ा आ रहा है मममहह हां कितना अच्छा लग रहा है अंदर

ओह्ह स्सश्ह धीरे से पूरा अंदर आ जाओ न हाय्यय अह्ह्ह बहुत गहरा फील हो रहा है कितना मज़ेदार उफ़ अहह अहह

आआआहहह उफ्फ्फफ्फ्फ़ बहुत मोटा है धीरे बेबी हआ

ारररह्ह्ह मायआ पूरा अंदर गया पहाड़ दिया मेरी छूट को हाय्यय

हा हआ गहरा बहुत गहरा फील हो रहा है उफ्फ्फफ्फ्फ़

ाः ाः ाः हाँ और ज़ोर से छोड़ और ज़ोर से

वहीँ वही पे मार हैं ज़ोर से आआह्ह्ह मैं आ रही हूँ

आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह फूउ मैं झाड़ रही हूँ हाय्यय पानी निकल रहा है

थप्प्प्प्प ारररह्ह्ह्ह गांड पे मत मार हैं मार और मार

हैं हाँ और तेज़ मेरी छूट को फाड़ दे आआह्ह्ह बहुत मज़ा आ रहा है

उफ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गहरा जा रहा है दिल तक लग रहा है हआ

ाः ाः ाः चूचियां मत छोड़ मसल ज़ोर से हाय्यय

उसने गोली को लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गयी. उसने लुंड को पकड़ कर अपनी छूट में बैठ गयी.





Aaaaaahhh Phir Se Pura Bhar Gaya Kitna Mota Aur Sakht Hai…

Ananya Dheere Dheere Upar Neeche Hone Lagi. Phir Speed Badha Di. Uski Choochiyan Zor Zor Se Uchhal Rahi Thi. Goli Ne Unhe Pakad Kar Masalne Laga Aur Choochiyon Ke Nipples Ko Pinch Karne Laga.

Ananya Ab Zor Zor Se Uchhal Uchhal Kar Chod Rahi Thi. Pura Tent Hil Raha Tha. Haaayyy Bahut Maza Aa Raha Hai Teri Chudakkad Ban Gayi Hoon Main Aaaahhh Aur Zor Se Dhakka Maar Upar Se…

Bagal Wale Tent Se Bhi Bahut Tez Moan Ki Awaazein Aa Rahi Thi. Dono Tent Mein Chudai Ki Awaaz Mil Rahi Thi.

Ananya Jhadne Wali Thi. Usne Aur Tez Ride Kiya Aur Zor Se Chillayi, Main Aa Rahi Hoon Haaan Phir Se Bhar De Mujhe…

Dono Phir Ek Saath Jhad Gaye. Ananya Ka Ras Aur Goli Ka Maal Mil Kar Bahar Behne Laga.

Dono Paseene Se Tar The. Ananya Ki Awaaz Bhi Bharas Aa Chuki Thi Lagatar Siskariyon Se.

Dono Ek Dusre Ki Baahon Mein Let Gaye. Ananya Dheere Se Boli, Aaj Ki Raat Main Kabhi Nahi Bhoolungi Tune Mujhe Sach Mein Bahut Choda…

Goli Ne Uski Gaand Pakad Kar Dabaya Aur Bola, Yeh Toh Shuruaat Thi Poori Trip Abhi Baaki Hai…

Bahark Campfire Ki Aag Ab Dheemi Ho Chuki Thi. Dono Thak Kar So Gaye, Badan Ek Dusre Se Lipte Hue Aur Ananya Ki Chut Se Ab Bhi Halka Halka Ras Tapak Raha Tha.

Ananya : Pehle Toh Hum Dono Bahut Nervous the but Dheere-Dheere Awkwardness Gayab Ho Gayi. or Us Raat Hamne Tent Me Poori Raat Bitayi

Babita : Matlab Officially Wahi Se Sex Story Start Hui?

Ananya : Haan but Sabse Funny Part Baad Mein Aaya.

Komal : Kya?

Ananya : Hum Dono Ko Suddenly Realization Hua Ki Agar College Walon Ko Pata Chal Gaya Na, Toh Agle Din Pura Trip Sirf Hamare Gossip Se Bhara Hoga.

Sab Zor Se Hans Pade

Ananya : Toh Humne Wahi Tent Mein Ek Secret Pact Banaya.

Goli : Jo Bhi Hua Wo Sirf Hum Dono Ke Beech Rahega. No Drama, No Gossip. or Aaj Ke Baad No Intimacy

Ananya : Aur Maine Bhi Usse Promise Kar Diya.

Ananya : Mujhe Pata Tha Ki Ye Koi Pyaar Nahi Hai Bas Neediness Hai Body Ki or Goli Bhi Ye Samajhta Tha

Babita : Waise Sex Ka Experience Kaisa Tha

Ananya Thori Sharmaayi Par Fir Boli : Mera First Time Wahi Tha Kaafi Ajeeb Sa Laga Jab Usne Mere Andar Apna Dick Daala Mujhe Ekdam Halka Sa Dard Hua Lekin Fir Sab Dard Gaayab Hone Laga

Ananya Ne Apni Baat Khatam Ki Toh Poore Clubhouse Mein Kuch Pal Ke Liye Khamoshi Chha Gayi Sabhi Mahilaaye Uski Story Mein Itni Kho Gayi Thi Ki Kisi Ne Turant Kuch Nahi Bola Phir Achanak Anjali Ne Taali Bajाई Aur Haste Hue Boli

Anjali : Waah Beta, Kya Filmy Story Thi! Pure Movie Vibes Aa Rahe The.

Sab Ladies Hans Padiं Aur Ananya Sharma Kar Apna Face Coffee Mug Ke Peeche Chhupane Lagi

Babita : Seriously, Tent, Campfire Aur Secret Pact Full Filmy!

Ananya Bas Muskura Kar Reh Gayi

Tabhi Anjali Ne Apni Chair Thodi Aage Khiski Aur Mischievous Smile Ke Saath Sabki Taraf Dekha



अंजलि : चलो लेडीज, अब नेक्स्ट टर्न है… प्रणाली

और इसी के साथ हमारा ये अपडेट समाप्त हो जाता है उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा लिखे कमैंट्स कर के सपोर्ट दिखायो यारो
 
सेक्स का जमाना अपडेट 114



अपडेट 114 (पहली चुदाई) फट. प्रणाली

कलुभाऊसे के हॉल में अनन्य की स्टोरी के बाद माहौल बहुत गरम और इमोशनल हो चूका था. सब लेडीज अब प्रणाली की तरफ क्यूरियस नज़रों से देख रही थी.

अंजलि ने चेयर आगे खिसकी, मिस्चिएवोउस स्माइल के साथ सबको देखा और बोली:

अंजलि : चलो लेडीज, अब नेक्स्ट टर्न है… प्रणाली!

प्रणाली शर्माते हुए अपना मुँह छुपाने लगी. उसकी गाल लाल हो गए थे. सब लेडीज ने तालियां बजायी और तैसे करने लगी.

बबिता : अरे प्रणाली, इतनी शर्मा मत… बताओ न अपनी पहली चुदाई की कहानी.

प्रणाली (धीरे से, शर्म से आँखें नीचे किये):

ठीक है… मेरी स्टोरी थोड़ी अलग है. वह भी सोढ़ी अंकल के घर की Hi रात थी…

फ्लैशबैक अपडेट 39-40

रात के वक़्त सोढ़ी के घर पर खाना खाने के बाद गोगी और प्रणाली प्रणाली के फ्लैट चले गए थे. इधर सोढ़ी ने रोशन को पीछे से पकड़ लिया था (वो बर्तन धो रही थी). सोढ़ी ने उसको उठा कर बैडरूम में ले जाय और एक झटके में निघ्त्य उतार दी.

प्रणाली और गोगी एक्सिडेंटली दरवाज़े से यह सब देख रहे थे.

सोढ़ी रोशन की छूट चाट रहा था. रोशन Zor-Zor से सिसक रही थी:

Ummmm…..ahmmmm…uhhh…roshannnn… आआह्ह…

सोढ़ी : ोये रोशन क्या पानी है तेरे छूट का… मज़ा आ गया!

रोशन : चाट… कास के चाट… ुमंम्हह…

फिर सोढ़ी ने रोशन को छोड़ना शुरू किया — मिशनरी, डोगग्य, फिर वापस मिशनरी. रोशन Zor-Zor से चीख रही थी:

आआह्ह्ह… धीरे… फाड़ दिया… आह्हः… और ज़ोर से… रोशनननन!!!

दोनों एक साथ जड़ गए.

प्रणाली और गोगी यह सब देख कर खुद को कण्ट्रोल नहीं कर प् रहे थे. गोगी का लुंड खड़ा हो चूका था और प्रणाली की छूट पूरी गीली हो चुकी थी.

दोनों वापस अपने फ्लैट पहुंचे. एक Hi बीएड था.

गोगी (हसी मारते हुए): यार, Mummy-Papa तोह फुल रोमांटिक सन कर रहे थे.

प्रणाली (शर्माते हुए): हाँ… मैं शॉक हो गयी थी.

बातें धीरे धीरे पर्सनल होती गयी. गोगी ने प्रणाली के पास आकर उसका हाथ पकड़ लिया.

गोगी : दीदी… आप इतनी शर्माती क्यों हो? आप बहुत क्यूट लगती हो ऐसे.

प्रणाली ने आँखें नीचे की, लेकिन उसने भी हाथ नहीं हटाया. फिर एक पल में दोनों के होंठ मिल गए.

दोनों पैशनेट किसिंग करने लगे

मममम… उम्म्म्म… अहम्म्म्म… मममहह…

किश करते हुए दोनों बीएड पर बैठ गए और कपडे उतरने लगे.

प्रणाली ने गोगी के लुंड को हाथ में लिया और धीरे से मुँह में ले लिया. पहली बार था उसके लिए.

गोगी : वाह दीदी… बहुत अच्छा लग रहा है… और अंदर लो…





प्रणाली ने Zor-Zor से ब्लोजॉब दिया. गोगी ने उसके बाल पकड़ कर मुँह छोड़ दिया और झाड़ गया. प्रणाली ने सारा माल निगल लिया.





गोगी : दीदी… अब मैं भी चाहता हूँ…

प्रणाली ने शर्माते हुए हाँ कर दी.

प्रणाली : धीरे से करना गोगी… मेरा भी पहला टाइम है.

गोगी ने प्रणाली को लिटाया, उसकी टांगें फैलाई और अपना 8 इंच लुंड उसकी छूट पर रगड़ने लगा. फिर एक ज़ोर का झटका.

प्रणाली (ज़ोर से चीख पड़ी): आआअह्ह्ह्हह!!! गोगी… बहुत मोटा है… धीरे… पहात रही है मेरी छूट… आआह्ह!

गोगी का लुंड अंदर घुसा तोह हल्का खून भी निकल आया. प्रणाली की छूट बहुत टाइट थी.





लेकिन प्रणाली ने खुद को संभाला और बोली:

प्रणाली : Zor-Zor से छोड़ मुझे… बहनचोद अपनी बेहेन की छूट को फाड़ दे… यह छूट आज से तेरी है… जब चाहे छोड़ सकता है…

गोगी पागल हो गया. उसने Zor-Zor के धक्के मारने शुरू कर दिए.

थप… थप… थप… थप…

प्रणाली : आआह्ह्ह… गोगी… और ज़ोर से… फाड़ दे मेरी छूट… हैं… आह्हः… ुह्ह्ह्ह… गोगीयी…

दोनों ने मिशनरी में चुदाई की. प्रणाली की चूचियां उछाल रही थी. फिर गोगी ने उसको घुमा कर डोगग्य स्टाइल में भी छोड़ा.

प्रणाली अब पूरी तरह पागल हो चुकी थी. दर्द ख़तम होकर सिर्फ मज़ा रह गया था.

प्रणाली : हाँ… और ज़ोर से… मेरी छूट तेरी है… छोड़ अपनी बेहेन को… आआह्ह्ह्ह!!!

कुछ देर बाद दोनों एक साथ झाड़ गए. गोगी ने अपना सारा माल प्रणाली की छूट के अंदर भर दिया.

दोनों थक कर एक दूसरे से लिपट कर लेट गए. प्रणाली की छूट से माल और रास बहार टपक रहा था, और सारा पानी प्रणाली की छूट में चला गया. अब प्रणाली अपनी छूट में ऊँगली दाल कर पानी को निकाल कर चाट रही थी.





कलुभाऊसे में वापस

सब लेडीज स्तनद थी. हॉल में कुछ पल ख़ामोशी छ गयी.

कोमल (तैसिंग स्माइल के साथ): वाह प्रणाली… Bhai-Behen वाला ट्विस्ट!

अंजलि : बहुत बोल्ड था… पर हॉट भी था.

बबिता : अब बताओ… उसके बाद और कितनी बार हुआ?

प्रणाली शर्मा कर सिर्फ मुस्कुरायी और अपना मुँह कॉफ़ी मग के पीछे छुपा लिया.

अंजलि : चलो… अब नेक्स्ट किस की बारी है?



और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा अगर हां तो लिखे कर दो और प्यारे प्यारे कमैंट्स करो. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दू अभी कुछ उपदटेस इसी तरह के आएंगे और मय्बे 7-8 उपदटेस के बाद लेस्बियन सेक्स सुरु हो बाकी बीच में नार्मल सेक्स सीन्स आएंगे
 
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