Adultery Sex Ka Jamana (TMKOC) - Page 5 - SexBaba
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Adultery Sex Ka Jamana (TMKOC)

सेक्स का जमाना अपडेट 38

सन सुरु होती है एक गांव के सिंपल रस्ते पर. जवान भिड़े, करीब 18 साल का, चलते हुए एक लड़की को देख रहा होता है. लड़की लाल साड़ी पहने हुए सीढ़ी चल रही है. भिड़े के दोस्तों ने उससे तैसे करने के लिए पुश किया होता है. निर्वसली, भिड़े उस लड़की को कुछ कहने की कोशिश करता है.

यंग भिड़े (हिचकिचाते हुए):

अरे... सुनो, तुम्हारे कान की बलि तोह बड़ी प्यारी लग रही है!

लड़की रुख जाती है, गुस्से में उसकी तरफ घूरती है.

गांव की लड़की (गुस्से से):

तुझे शर्म नहीं आती, बद्तमीज़!

तभी अचानक उसका बड़ा भाई, जो हाइट में लम्बा और काफी ताकतवर होता है, आके भिड़े को कालर से पकड़ लेता है.

लड़की का भाई (गुस्से से):

तूने मेरी बेहेन को छेड़ा?!

भिड़े कुछ बोल भी नहीं पाटा, उसके पहले उसका भाई उसके गाल पर एक ज़ोर का थप्पड़ मार देता है. भिड़े हिचक के पीछे गिरने वाला होता है.

यंग भिड़े (डरते हुए):

भैया, माफ़ करो! मैं तोह बस मज़ाक कर रहा था!

लड़की का भाई फिर हाथ उठाने Hi वाला होता है, तभी भिड़े के पिताजी, भिड़े सर., वहां पहुंच जाते हैं. एक गुस्से से भरी पर Shant-Insaan की तरह वो सिचुएशन को देखते हैं.

भिड़े सर. (तीखे अंदाज़ में):

यह क्या तमाशा है?

लड़की का भाई सिचुएशन समझाता है. भिड़े सर. ध्यान से सब सुनते हैं, लेकिन उनके चेहरे पर गुस्सा बढ़ता जाता है.

भिड़े सर. (गुस्से से भिड़े की तरफ मुड़ते हुए):

तुझे बिलकुल शर्म नहीं आती? गांव की इज़्ज़त को छेड़ता है? चल अभी घर चल, बताता हूँ तुझे!

वह भिड़े का कान पकड़ के Ghaseet-Te हुए उससे घर ले जाते हैं. भिड़े बेइज़्ज़ती महसूस करता है जब सारे गांव वाले तमाशा देखते हैं.

सन शिफ्ट होती है भिड़े के घर के अंदर, जहाँ भिड़े सर. एक चेयर पर बैठ कर अपने हाथ में एक छड़ी पकडे हुए होते हैं. भिड़े सामने सर झुका के खड़ा होता है.

भिड़े सर. (गुस्से में):

तुझे यह सीखा रहा हूँ मैं? बोल यही सिखाया था मैंने Tujheeh.....agar शिक्षक बनना है तोह पहले अपनी हरकतें सुधार. लड़कियों का इज़्ज़त करना सीख!

"Nahi...babuji"bhide सर झुकाये हुए जवाब देता है

बिना किसी वार्निंग के भिड़े सर. छड़ी से भिड़े के पैरों पर कुछ हाथ मारते हैं. भिड़े चीख भी नहीं पाटा, बस अपने पैरों को रगड़ने लगता है.

भिड़े सर. (थोड़ा नरम होते हुए):

यह मार तेरे भलाई के लिए है. याद रख, इज़्ज़त कमाने में सालों लगते हैं, और एक छोटी सी गलती सब कुछ ख़तम कर सकती है.

भिड़े अपने पेअर रगड़ते हुए समझने लगता है की उसके पिताजी का गुस्सा असल में उसे सुधारने के लिए था.

यंग भिड़े (शर्माते हुए):

जी, पिताजी... आगे से कभी गलती नहीं होगी.

भिड़े की आँखें खुल जाती है

उसके बगल में सोनू बिना कपड़ो के लेती थी

भिड़े का सर चकराने लगता है और वो खुद पर काबू नहीं कर पाटा

उसको उलटी हो जाती है

भिड़े का सर अभी भी घूमे जा रहा था

"ये कैसा इंसान बनता जा रहा है तू भिड़े, दुसरे की बीवी तक तो ठीक भी Tha....lekin खुद की बेटी...."

भिड़े खुद के गालो पर 3-4 छाते जार देता है

"हां कैसा बेटीचोद आदमी है रे आत्माराम तू कैसा आदमी है जो अपनी इच्छाओ को काबू नहीं कर Paaya...aisi भी क्या मजबूरी थी की तुझे अपनी बेटी के साथ ये सब करना Para.....dhikkar है Tujhpar....nahi नहीं नहीं सिर्फ मई Hi नहीं सभी ऐसा कर रहे Hai...jethalal ने भी दोस्त की बीवी के साथ ये सब किया सोढ़ी ने भी हाथी भाई ने भी मेहता साहब ने भी और अब तो पोपटलाल भी इस सब में शामिल हो जाएगा

तभी उसके फ़ोन पर नोटिफिकेशन आता है

वो मैसेज िएर का था उसी सीक्रेट ग्रुप में

"पोपटलाल के शादी वाले Din...maine दया भाभी के साथ Kiya.."(iyer का मैसेज)

भिड़े की बात कंटिन्यू होती है "अब तो िएर भी इसमें शामिल हो चूका है धीरे धीरे सभी महिलाये भी मणिपुलटे हो Jaayengi...."bhide अपने सर पर हाथ रख लेता है

"आखिर ये चल क्या रहा है हम सब के जिंदगी में सभी क्या सेक्स के Hi भूखे है

क्या किसी के भी दिमाग में एक पल के लिए भी ये ख्याल नहीं आया और अभी तो बोहोत कुछ बाकी है आगे सेक्स कम्पटीशन भी होना बाकी है"

मई इसमें क्या कर सकता हु...

तभी भिड़े का दिमाग घूमता है

" जब किसी और के दिमाग में ये बातें नहीं आ रही तो मई इन बातों को खुद के दिमाग में क्यों Rakhu...mujhe भी तो सेक्स मिलेगा Hi तो जो जैसा है वैसा Hi रहने देता Hu....haa यही सही रहेगा...."

भिड़े ने ये फैसला तो ले लिए था लेकिन ये फैसला एकलौता ऐसा फैसला है जो इन सब की जिंदगी बदलने की क्षमता रखता है

भिड़े के अलावा ये बातें जेठालाल ने भी सोची थी देखते है आगे ये कहानी कौन सा मोड़ लेती है और किस नए रास्ते पर चलती है

अपडेट 38 (रास्तों का फ़र्क़)

इधर जेठालाल के घर पर जेठालाल अभी भी सोया हुआ है वही उसके बेटे के कमरे में उसकी माँ की इज्जत खुली पारी है

दया अपनी साड़ी पेहेन रही है टापू नींद से सोया हुआ है

रात के 9 बज रहे है तभी दुर्बल बजता है

दया फैट से साड़ी चढ़ाते हुए गेट खोलती है

दरवाजे पर कटरीना और बापूजी खरे थे कटरीना की साड़ी हलकी बिखरी हुयी थी

दोनों घर के अंदर आते है

बापूजी : बहु जेठिया आ गया

दया : जी बापूजी

बापूजी : और टापू

दया : टापू भी अपने कमरे में आराम कर रहा है

बापूजी : ठीक है बहु तुम खाना लगा दो मई हाथ मुँह धो कर आता हु

कटरीना : दया जी मई भी चलती हु आपके साथ

दया और कटरीना किचन में चले जाते है

बापूजी टापू के कमरे में चले जाते है और तभी दुर्बल दुबारा बजता है

और इस बार दरवाजा बापूजी खोलते है

सामने अनन्य खरी थी जो शायद खाने के लिए Hi आयी थी

बापूजी : आओ बेटी बैठो

अनन्य : जी दादा जी

सन बदलता है और हमें सोढ़ी और रोशन दीखते है जो अपने दिंनिंग टेबल पर बैठे थे

प्रणाली और गोगी भी बैठ कर खा रहे थे

सोढ़ी तो अंजलि को देख कर ऐसे जोश में था की अभी रोशन को सब के सामने पटक के छोड़ दे

सोढ़ी अपनी टांग टेबल के नीचे से रोशन की टांगों के बीच घुसा देता है

रोशन को करेंट लग जाता है

रोशन सोढ़ी को इशारो से मन करती है

लेकिन अब कहा सोढ़ी रुकने वाला था

सभी खाना पीना कर रहे थे लेकिन इधर सोढ़ी तो चुदाई के मूड में था

उधर जेठालाल के घर पर

भी शामे सन चल रहा था

बापूजी का मूड भी चुदाई का था और वो तो अपनी दोनों टांगें उठा कर दो अलग औरतों के छूट को अपने पैरो के अंगूठे से सेहला रहे थे

दया और कटरीना

दया और कटरीना दोनों Hi गीली होने लगती है और बापूजी को फुल भाव देने लगती है

तभी अनन्य का स्पून नीचे गिरता है स्पून गिरते Hi बापूजी अपने पेअर नीचे कर लेते है और तभी अनन्य को टेबल के नीचे 3 दमदार रोड देखने को मिलते है

जेठालाल, Bapuji,tapu तीनो के लुंड पूरे तन कर खरे थे

अनन्य की छूट तो मानो पानी का फुवारा चोर देती है और वो वही जहर जाती है

और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा

बस यारो अब धीरे धीरे स्टोरी में आगे बढ़ते है क्यों सही कहा न

 
सेक्स का जमाना अपडेट 39

सोढ़ी के घर पर सभी खाना खा लेते है और सोने को तैयार है

गोगी और प्रणाली प्रणाली के फ्लैट पर चले जाते है

इधर मूडी सोढ़ी रोशन को पीछे से पकड़ लेता है उस वक़्त रोशन बर्तन धो रही थी

सोढ़ी रोशन को उठा कर सीधे बैडरूम में ले जाता है

और एक Hi झटके में रोशन की निघ्त्य उतार देता है और रोशन को नंगा कर देता है

रोशन भी सोढ़ी को एक पल के लिए भी नहीं रोकती

रोशन भी अपने बदन का सारा कण्ट्रोल सोढ़ी के हांथो में सौंप देती है

सोढ़ी रोशन को गले से चूमते हुए उसके छूट तक पहोच जाता है और रोशन की छूट में अपनी जीभ घुसा देता है






Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh

...उह्ह्ह

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....roshannnnn

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm

...Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh...aaram सेठ...

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....aaahh..roshann

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

सोढ़ी : ोये रोशन क्या पानी है तेरे छूट का मज़ा आ गया

रोशन : चाट रोशन और कास के चाट ुम्मम्हा...

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....roshannnnn

...Aahh...roshannn

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm

...Ummm..ahmmm....ahhmm

सोढ़ी रोशन को जगह जगह चूमते हुए उसकी छूट में ऊँगली करने लगता है

रोशन जोरो से आहे भड़ने लगती है

.Ammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh






रोशन की आहे सोढ़ी के लुंड को फुफकार मारने पर मजबूर कर रही थी

.Ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm

और इतने के साथ रोशन झाड़ जाती है

सोढ़ी रोशन की छूट को साफ़ कर देता है और उसका सारा माल पी जाता है

रोशन : की रोशन की करते तू

सोढ़ी : तेरे फुद्दी डा पानी है Hi इतना मस्त की क्या बताऊ

रोशन : अच्छा चल अब सुरु कर

सोढ़ी : पहले तो मन कर रही थी अब खुद सुरु करने को कह रही है

रोशन : तू सुरु करेगा या मार कहायेगा

सोढ़ी : ोये डार्लिंग रुक अभी सुरु करता हु

सोढ़ी रोशन की छूट को अपने लुंड के पास खींचता है और एक Hi झटके में अपना लुंड उसके छूट में घुसेड़ देता है

रोशन एक जोर की सिसकी लेती है


आआअह्ह्ह....





प्रणाली : देखा तूने कितना दर्द हुआ आंटी को

गोगी : अरे इतना तो होता Hi है याद नहीं सोनू भी तो ऐसे Hi चिल्ला रही थी टापू के साथ

प्रणाली : चुप कर ये बात किसी को बताना मत और चल चुप चाप सोने वर्ण अंकल न बता दूंगी की तू की कर रहा है

गोगी : तूने अपने फ़ोन ले लिया न अब तू जा मई आता हु

प्रणाली : देखियो पकड़ा मत जइयो वर्ण अंकल त्वनु छड्डणगे नहीं

गोगी : ोये नहीं यार मई भी चलता हु दीदी रुको

दोनों वह से जाने लगते है

लेकिन उस वक़्त गोगी का लुंड पूरा खरा था

वही प्रणाली की छूट भी पूरी गीली थी

गोगी और प्रणाली प्रणाली के फ्लैट पर जाते है

दोनों के अंदर का हरक जाग उठ ता है

कमरे में एक Hi बीएड था दोनों को उसी बीएड पर सोना था

अब वह अपने फ्लैट में पहुंचे, तोह दोनों Hi थोड़ा ावक्वार्ड फील कर रहे थे. गोगी ने हंसी मारते हुए साइलेंस तोडा:

गोगी (छोटी सी स्माइल के साथ):

यार, मुझे लगा था Mumma-Papa बस हमेशा मस्ती करते हैं, लेकिन यह तोह प्रॉपर रोमांटिक सन था

प्रणाली (हलकी सी हसी के साथ, लेकिन शरमाते हुए):

हाँ, मैं तोह शॉक हो गयी थी! Uncle-Aunty के बारे में कभी ऐसे सोचा Hi नहीं था

गोगी थोड़ा कासुअल होक बोलै:

वैसे, यह लव का एंगल बड़ा अजीब होता है, कभी कभी अनएक्सपेक्टेड मोमेंट्स में देखने मिलता है

प्रणाली ने थोड़ा शरमाते हुए उसकी तरफ देखा, और दोनों के बीच एक लाइट विबे थी.

गोगी (थोड़ा क्लोज आते हुए):

वैसे दीदी, अगर प्यार की बात हो रही है... तुम्हारे बारे में क्या कहना है?

प्रणाली ने शर्मा कर आँखें नीचे कर ली, लेकिन गोगी के वर्ड्स का असर उसके चेहरे पर दिख रहा था. उनका कन्वर्सेशन रोशन भाभी और सोढ़ी से शुरू होकर, उनके अपने कनेक्शन तक पहुँच गया. दोनों एक दूसरे के करीब आ गए, और अट्मॉस्फेरे थोड़ा रोमांटिक हो गया.

अब प्रणाली और गोगी अपने फ्लैट में वापस आये, तोह प्रणाली अपने Uncle-Aunty रोशन भाभी और सोढ़ी का रोमांटिक मोमेंट देख कर बोहोत शर्मायी हुई थी. वह एक इंट्रोवर्टेड लड़की थी, जो हर वक़्त शर्माती रहती थी, और अब गोगी के साथ अकेला होने पर उसका शर्माना और भी बढ़ गया.

गोगी (थोड़ा कासुअल टोन में, लेकिन थोड़ा प्लेफुल):

दीदी, वैसे आप न बोहोत शाय हो, जैसे अभी पापा मम्मी को देख के लगता है आपकी आँखों में सिनेस्स Hi भरी है

प्रणाली ने अपना चेहरा नीचे कर लिया, आँखों में शर्म और थोड़ी सी हिचकिचाहट थी. उसकी आवाज़ धीरे से निकली:

मैं... मैं बस इतनी चीज़ें ओपनली नहीं हैंडल कर पाती, थोड़ा ावक्वार्ड फील होता है

गोगी ने उसके शरमाते चेहरे को देखा और थोड़ा और पास आते हुए बोलै:

वैसे आपका यह शर्माना भी बड़ा क्यूट लगता है. आपको पता Hai....ha दीदी?

प्रणाली ने गोगी की तरफ देखा, उसकी आँखें एक पल के लिए मिली, लेकिन फिर वह झट से अपनी आँखें नीचे कर गयी. वह इस पूरी सिचुएशन से काफी कॉन्ससियस थी, लेकिन उसके चेहरे पे एक हल्का सा स्माइल भी था, जो दिखता था की वह अपनी फीलिंग्स को हैंडल करने की कोशिश कर रही थी.

दोनों के बीच एक हलकी सी टेंशन थी, लेकिन उस शर्माहट में भी एक कनेक्शन बन रहा था. प्रणाली की शर्म और गोगी का प्लेफुल नेचर, दोनों के बीच एक खामोश बांड को और गहरा कर रहा था.


दोनों ने एक दुसरे के हाथ पकड़ लिया था और एक दुसरे की आँखों में खोये हुए थे

सन बदलता है

सोढ़ी रोशन को जोरदार अंदाज़ में पेले जा रहा था


रोशन के छूट को लुंड की बोहोत गहरी प्यास थी

और जेठालाल के साथ रोमांटिक मोमेंट्स शेयर कर के तो मानो उसकी छूट जेठालाल के लुंड की तलाश थी

..ुह्ह्ह्ह..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

Ahhhh.....roshannnn...dheereeehh...karrrr...

Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...

Ohhhh...ahhhh....






Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

Ahhhh....dheere....ni...bawaa...ahhh..... ीिहहह.... Ihhh....yeahh....iyhhhhh... ियाहहह.... ीीाहहह.... ाऊऊभहहह.... Ahhhhmm.....ohhhmm....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....

सोढ़ी : आज मेरा ये लौरा तेरी फुद्दी फाड़ने के बाद Hi रुकेगा सोनिये

आज तू जितना छह उतने जोर से चिल्ला

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....

अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....






Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Ahhh...uhhhm...ahhh....ah-Hhhh..

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम

Aaaahhhh....roshaaannnn...aaahh...ohhhmm...ohhhaa....ahhh..roshannn.....roshannn

Orrrrr..jorrr...seeehhhh....maaarrr....orrr...jorrrr....seehhh...maaarr.....

Faaaddhhh...merihhhh....fuddiihhh...ahhhfaadddhh..meriihhhh....fudddihhhh...ahhh

Aaahhh...ohhhh...aaaahhh...ohhmmm....khhmmm...ahhmmm...ohhhhmm....






अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....

अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Ahhh...uhhhm...ahhh....ah-Hhhh..

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम






सोढ़ी रोशन को पीछे घुमा देता है और डोगग्य स्टाइल में उसकी छूट छोड़ने लगता है

रोशन और ज्यादा जोरो से सिसकियाँ लेने लगती है

Hhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....

अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Ahhh...uhhhm...ahhh....ah-Hhhh..

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह






अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....

Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

अह्ह्ह...

..Uhmm....humm....ahhmm......

Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....

Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....

Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm

अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......






Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

अह्ह्ह...

..Uhmm....humm....ahhmm......

Ahhhhhh............ahmmm.....ahhh

सोढ़ी रोशन को अब मिशनरी पोजीशन में लिटा देता है और जोरदार लुंड के धक्को से छोड़ने लगता है

रोशन दर्द से कराह रही होती है

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....





अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Ahhh...uhhhm...ahhh....ah-Hhhh..

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....

Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....


uhhh....ahhh...ahmm...

सोढ़ी : ोये रोशन मेरा होने वाला सी

रोशन : Aaaahhh....roshannn...aaahhh...jhaaaddd....apnaahh...

Maaal...meriihh...fuddih...vichh...aahh....aaahhh...ohhhmm...aahhh..





दोनों चीखते हुए एक साथ झाड़ जाते है

और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है

उम्मीद करता हु आपको अपडेट पसंद आया होगा और आप सपोर्ट करते रहेंगे

Bye.........
 


सेक्स का जमाना अपडेट 40



तोह अब तक हमने स्टोरी में पढ़ा की कैसे टापू सेना लौटने के बाद अपने व्लॉग को एन्जॉय कर रही थी जिसमे टापू और सोनू के प्राइवेट मोमेंट्स भी थे

इसी बीच प्रणाली और अनन्य का थोड़ा सा करैक्टर डेवेलोप होता है और सभी अपने घर जाते है

टापू के घर जाते Hi वो अपनी माँ दया के साथ ट्रिप के बातें बेहद Hi सेक्स अंदाज़ में शेयर करता है

वही सोनू को भी अपने पापा का एक अनोखा स्वाद देखने को मिलता है

भिड़े के जीवन का एक अजीब भाग सुरु हो चूका है जो शायद उसे उलझा रहा है बिलकुल जेठालाल की तरह

वही अनन्य को अपने Hi घर के लौरे पसंद आ जाते है और वो उन्हें देख कर Hi झाड़ जाती है

तीसरी तरफ सोढ़ी अंजलि भाभी को देख कर खुश हो जाता है और उसका मूड बन जाता है और वो रोशन भाभी को जैम कर छोड़ता है जिनकी चुदाई प्रणाली और गोगी भी देखते है

और अब परनाले के फ्लैट पर दोनों साथ है



चलिए बोहोत हुआ रिकैप अब आगे बढ़ते है



जब प्रणाली और गोगी फ्लैट में आये और रोशन भाभी और सोढ़ी के रोमांस को डिसकस कर रहे थे, तोह बात से बात बढ़ती गयी. प्रणाली अपनी उसुअल शर्मीली नेचर के साथ Chup-Chaap बैठी थी, लेकिन गोगी का मज़ाक और उसका कासुअल अंदाज़ उससे थोड़ा रिलैक्स्ड फील करवा रहा था. लेकिन वो जितना रिलैक्स्ड फील करती, उतना Hi वह अंदर से शर्मा रही थी.

गोगी (हलकी मुस्कान के साथ):

वैसे प्रणाली दीदी, आप इतनी शर्माती क्यों हो? कभी कभी रिलैक्स हो जाना चाहिए... जैसे Mummy-Papa थे, वह बिलकुल नेचुरल लग रहे थे.

प्रणाली ने शरमाते हुए धीरे से जवाब दिया, आँखें फिर से नीचे करते हुए:

मैं ऐसी हूँ... मुझे समझ नहीं आता कैसे हैंडल करून यह सब.

गोगी थोड़ा और पास आ गया, उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी, लेकिन उसका अंदाज़ सॉफ्ट और केयरिंग था:

पर आपको पता है, जब आप ऐसे शर्माती हो, तोह और भी ज़्यादा क्यूट लगती हो.

यह सुनते Hi, प्रणाली के गाल एकदम लाल हो गए, और उसने अपनी आँखें छुपाने की कोशिश की. गोगी अब उसके बिलकुल करीब आ चूका था, इतना की दोनों के बीच बस हल्का सा फासला था.

प्रणाली (धीरे से, हिचकिचाते हुए):

गोगी... मुझे यह सब... अजीब लगता है.

गोगी ने हल्का सा हाथ उसके कंधे पर रखा, और सोफ़्त्ल्य बोलै:

अजीब नहीं लगता, बस आपको आदत नहीं है. लेकिन यह मोमेंट्स कभी कभी स्पेशल होते हैं.

प्रणाली का दिल तेज़ धड़क रहा था, उसके शर्माए हुए चेहरे पर अब एक मिक्स्ड इमोशन Tha—ek तरफ वह बहुत कॉन्ससियस थी, और दूसरी तरफ उससे गोगी के करीब होने का एहसास पसंद आ रहा था. उसने धीरे से आँखें उठायी, गोगी की तरफ देखा, और दोनों के बीच की दूरी अब ख़तम सी होती दिख रही थी.

प्रणाली (हलके से) : लेकिन हम भाई बेहेन है

गोगी: हां दीदी मई जानता हु लेकिन दिल है की मानता Hi नहीं

प्रणाली : बूत गोगी किसी को पता चला तो क्या होगा

गोगी : किसी को कुछ पता नहीं चलेगा दीदी प्लीज बस एक बार के लिए

प्रणाली ( घबराते हुए) : लेकिन

गोगी (प्रणाली के होंठो के करीब आते हुए) : लेकिन वेकिन कुछ नहीं दीदी

मैंने बोहोत कण्ट्रोल किया है आज तक लेकिन अब मई नहीं रुकूंगा

दोनों इतने करीब आ चुके थे की उनके बीच की ख़ामोशी उनके इमोशंस को बयान कर रही थी. गोगी ने प्रणाली के चेहरे को धीरे से देखा, और वह मोमेंट दोनों के लिए काफी स्पेशल बन गया. उनका आपस का कनेक्शन अब एक नई लेवल पे पहुँच गया था.

प्रणाली ने अपने चेहरे को आगे करते हुए गोगी को किश कर दिया

गोगी ने प्रणाली का गाला पीछे से पकड़ लिया और उसके होंठो को खुद के होंठो पर दबाने लगा









दोनों काफी बोल्डली किश कर रहे थे

Mmmm.....ahmmmm...uh....ummmm...mmmhaaamm

Mmm...mmmaa....ummmm...aammm...ammmm...

Mmm...mmmaaa....

कमरे में दोनों के किश करने की आवाज गूँज रही थी दोनों की किश बोहोत पसनते थी

Mmmmaa....ummmmm...ommmm..amnaammm...hmmmm.....

,Mmmmmm...ummmmm..aammmm...ammmm...ummmm....

Mmmmmmaaa....ammmmm...mmaaa...ummmm...mmmaa...









अब दोनों किश करते हुए बीएड पर बैठ गए और अपने कपडे उतारने लगे

प्रणाली ने धीरे से अपना हाथ गोगी के लुंड पर पंहुचा दिया

वही गोगी ने भी जोश जोश में अपना हाथ प्रणाली की पंत में घुसा दिए

गोगी : ोये दीदी आपकी फुद्दी ेन्नी गीली और अपनी ऊँगली अंदर घुसेड़ देता है

प्रणाली : चुप रह ते अपना काम कर

गोगी : ोये दीदी अजा पहली Vāra तेनū Chūhaṇa डीā मौकā मिली'ā, मईṁ तेनū इसा Tar'hāṁ Jāṇa Dēvāṅgā

प्रणाली : Aaahh....uhhhh...dheereehhh.....gogiihh...aaahhh....uhhhhmm....

प्रणाली को बेहद दर्द हो रहा था









रूम में हलकी सी रौशनी है, और प्रणाली बीएड पर अपने गोगी के साथ है. गोगी की छोटी छोटी मूवमेंट्स उसके लिए बोहोत मुश्किल हो रही हैं.

प्रणाली के छूट में जाते हुए गोगी की ऊँगली प्रणाली को उत्तेजित तो कर रही है लेकिन साथ Hi साथ प्रणाली को जोरो से दर्द भी हो रहा है उसका चेहरा दर्द से टेढ़ा पद गया है, लेकिन वो कुछ नहीं कह प् रही. दिल से वो छह रही है की ये सब रुक Jaye,lekin छूट है की मानता नहीं..... प्रणाली के ज़बान पर शब्द नहीं आ रहे.

जब गोगी उसके करीब आता है, उसके दिल की धड़कनें और तेज़ हो जाती हैं. उसका मैं कहीं और भागना चाहता है, पर जिस्म बंधन में है. उसके मैं में थॉट्स चल रहे हैं:

"क्या ये दर्द कभी ख़तम होगा? मैं कब तक चुप रहूंगी? अगर मैं कुछ कहूँ तो कहीं वो गुस्सा न हो जाये..."

गोगी का हाथ उसके बालों में फिर रहा Hai,pranali के छूट की पंखुरी खुल रही है लेकिन उस पल के अंदर वो एक बोहोत अलग दुनिया में खो गयी है. उसके आँखों में आंसू आ गए हैं, जो वो छुपाने की कोशिश कर रही है. हर टच एक नया दर्द बन जाता है, लेकिन वो अपने गोगी को ख़ुशी देने के लिए अपनी फीलिंग्स दबा रही है.

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh

...उह्ह्ह

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....









Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm

...Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh

गोगी को उसके दर्द का एहसास नहीं होता, और वो अपनी दुनिया में खोया रहता है. पर प्रणाली अंदर Hi अंदर टूट रही है. वो चाहती है के किसी तरह ये सब रुक जाये, लेकिन एक अनजान मजबूरी के साथ वो चली जा रही है. हर एक सेकंड उसके लिए एक अज़ाब बन जाता है.

गोगी प्रणाली के होंठो को किश कर देता है

गोगी : ोये दीदी अब तुस्सी घूम जाओ हम सेक्स करना चालु करते है

प्रणाली (गोगी के कंधे पर हाथ रखते हुए) : तूने मेरे मज़े ले लिए अब सीधे मैं काम पर जा रहा है

गोगी : ोये नहीं दीदी

प्रणाली गोगी को नीचे लिटा देती है और उसका पंत उतार देती है

गोगी का 8 इंच लम्बा लुंड प्रणाली के मुँह के सामने झूलने लगता है









गोगी : दीदी आप आए की कर रही हो

प्रणाली : तूने कभी पोर्न नहीं देखा क्या

गोगी (सर खुजलाते हुए): हां याद आया

प्रणाली का मुँह खुला का खुला रह जाता हिअ जब वो गोगी का लुंड देखती है उसने कभी इमेजिन नहीं किया था की वो ऐसे भी सेक्स करेगी वो भी अपने भाई के साथ

प्रणाली गोगी का लुंड अपने मुँह में ले लेती है

गोगी तो मानो आसमान में पहोच जाता है

गोगी : वाह दीदी तोह इसे कहते है ब्लोजॉब बोहोत अच्छा लग रहा है और जोर से मुँह में लो

Gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....

Aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..









Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga

....Gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga....gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..

Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...









Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga....gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk

गोगी : वाह डीडीह वाह बोहोत अच्छा लग रहा है और अंदर डालो

और प्रणाली के सर को पकड़ कर उसका मुँह छोड़ने लगता है

आह

..Xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga....gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh

कुछ Hi देर में गोगी की हालत ख़राब होने लगती है

गोगी : प्रणाली दीदी कुछ आ रहा है

प्रणाली : आने दे भाई मुझे पता हैयह ाएगीः क्या होगा

गोगी : दीदी दीदी दीदी.....

और गोगी झाड़ जाता है

गोगी अपना सारा माल प्रणाली के मुँह में झार देता है





प्रणाली गोगी का सारा माल जातक जाती है

गोगी हाफने लगता है




सन कट होता है और हमें अनन्य दिखती है जो डाइनिंग टेबल साफ़ कर रही है




उसके छूट के पास का कपडा पूरा गीला है और साफ़ साफ़ नज़र आ रहा है

जेठालाल और बापूजी सोफे पर बैठे है जेठालाल की नज़र अनन्य के छूट के पास पहोचती है

जेठालाल (खुद से) : अनन्य बेटी का कपडा गीला हो गया है लेकिन वो जगह तो नहीं नहीं जेठिया वो तेरी भतीजी है ऐसे मत सोच

वही बापूजी की नज़र भी वही जाती है

बापूजी (खुद से) : अनन्य बेटी भी अब जवान हो चुकी है उसकी सुंदरता काफी चालक रही Hai...iska भी पानी निचोड़ लू Kyaa...jethiyaa का ध्यान भी वही है Shayad.....babuchak मेरा Hi बीटा है

बापूजी जेठालाल के कंधे पर हाथ फेरते है

बापूजी : रहने देते है

जेठालाल (मुस्कुराते हुए) : जैसा आप कहे लेकिन..

बापूजी : हां लेकिन चलेगा

जेठालाल : ये हुयी न गदा वाली बात

बापूजी : अरे ये तो मेरी लाइन थी (अपडेट 13)



एंड सन वापस बदलता है

अपडेट 40 (इंसेस्टिव 2)

गोगी : ोये दीदी मैनु नहीं पता था की ये इतना अमेजिंग होता होगा बोहोत लाइट फील हो रहा है




प्रणाली : ये तेरा फर्स्ट टाइम था क्या

गोगी : हां

प्रणाली : मेरा भी 1सत टाइम है जरा ध्यान से करना

गोगी : मतलब हम और भी कुछ करेंगे

प्रणाली : क्यों तेरा मैं ब्लो जॉब से ठंडा पद गया क्या

गोगी : ोये दीदी मई पंजाब डा पुत्तर हु न किसी दे सामने झखड़ा हु न कभी थकता हु

प्रणाली : तोह आजा मेरे पंजाब दे शेर छोड़ अपनी बेहेन

बन जा बेहेन छोड़ा

इतना सुनते Hi गोगी का लुंड एक जोरदार झटका खाता है

और गोगी खड़ा हो कर प्रणाली को गॉड में उठा लेता है और उसे बीएड तक ले जाता है

प्रणाली : धीरे से करियो गोगी

गोगी : अब तू देखती जा ये पंजाब डा शेर कैसे तेरी गर्मी मिटाता है दीदी

गोगी तो पहली बार सब कुछ देख रहा था. प्रणाली की छूट पूरी क्लीन थी. उसपे एक भी बाल नहीं था. अचे से मेन्टेन करके राखी थी, शायद गोगी के लिए.

फिर उसने बोलै: जल्दी से अपना लुंड दाल दे मेरी छूट में.

गोगी भी देर न करते हुए एक Hi झटके में अपना गोगा प्रणाली की छूट में दाल दिया. गोगी का ये पहली बार था. वही प्रणाली का भी

गोगी का लुंड बिलकुल भी सही से अंदर नहीं गया था

गोगी को समझ आता है की प्रणाली वर्जिन है









फिर प्रणाली बोली: अरे क्या सोच रहा है? Zor-Zor से छोड़ मुझे, Zor-Zor से छोड़ो. बहनचोद अपनी बेहेन की छूट को फाड़ दे. ये छूट आज से तेरे लिए है. तू जब भी चाहे इसको छोड़ सकता है.

जैसे गोगी ने पोर्न में देखा था, वैसे Hi गोगी प्रणाली को छोड़ता चला गया. गोगी को थोड़ी पैन भी हो रही थी. लेकिन Garam-Garam लग रहा था प्रणाली की छूट में मेरे लुंड को. प्रणाली की छूट से हल्का हल्का खून आने लगता है

लेकिन मज़ा आ रहा था तो प्रणाली को दर्द का पता नहीं चल रहा था.

प्रणाली हलकी हलकी सिसकारियां ले रही थी

........ुह्ह्ह्ह..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...

Ohhhh...ahhhh....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

Ahhhh....dheere....dheerehh...ahhh..... ीिहहह.... Ihhh....yeahh....ihhhhh... याहहह.... ीीाहहह.... ाऊऊभहहह.... Ahhhhmm.....ohhhmm....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... Ohhhh......gogiih....ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... Ahhhhmm.....dheereehh...

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....

अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Ahhh...uhhhm...ahhh....ah-Hhhh..

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....









Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

अह्ह्ह...

..Uhmm....humm....ahhmm......

Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....

Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....

Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm

अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

अह्ह्ह...

..Uhmm....humm....ahhmm......









Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....

Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....

Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm

अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......









ऐसे Hi कुछ टाइम चला. फिर 5 मिनट के बाद गोगी का पानी निकल गया, और सारा पानी प्रणाली की छूट में चला गया. अब प्रणाली अपनी छूट में ऊँगली दाल कर पानी को निकाल कर चाट रही थी.

गोगी ये सब देख कर सोच रहा था की प्रणाली क्या कर रही थी. क्या सेक्स के लिए इतनी पागल हो गयी थी? आज तो कुछ अलग Hi रूप देखने को मिला था प्रणाली का.

गोगी ने कभी नहीं सोचा था की उसकी बेहेन इतनी लव्ड होगी

प्रणाली : अब क्या करे गोगी

गोगी : आपको अभी और करना है

प्रणाली : नहीं तुम जैसा कहोगे मई वैसा Hi करुँगी

गोगी : दीदी आपकी ये बात सुनके मुझे बोहोत अच्छा लग रहा है लेकिन टाइम तो देखो कितनी रात हो गयी है अब सो जाते है

प्रणाली : ठीक है जैसा तुम कहो




और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है

उम्मीद करता हु आपको इस अपडेट में मज़ा आया होगा हां हां पता है ये सेक्स सन थोड़ा अजीब है लेकिन मेरे दिमाग में अभी और आइडियाज है जो जल्दी Hi आप सब को पता चलेंगे

वेल सभी भाइयो को हैप्पी दुश्शेरा

 


सेक्स का जमाना अपडेट 41

अंजलि सोढ़ी को देख कर अपने घर में जा चुकी थी उसकी छूट ने पानी छोरना सुरु कर दिया था




अंजलि का हाथ धीरे धीरे उसके छूट पर पहोच जाता है

Aahhmm...sodhihhh....bhaiiiih...ummmm...aahhmm....aahmmm....

उसकी ये सिसकियाँ तारक सुन लेता है

और वो अंजलि के सामने पहोच जाता है

तारक : अच्छा तो ये हो रहा है मेरे पीठ पीछे

तारक गुस्से में आकर अंजलि के पास जाता है और बिना किसी बात की पूरी तस्वीर समझे, अंजलि से छीलकर कहता है, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई किसी और के बारे में सोचने की?! मैं तुम्हारा पति हूँ और तुम यह सब कर रही हो!

अंजलि चौक जाती है और समझ जाती है की तारक क्यों इतना रियेक्ट कर रहा है. फिर वो जवाब देती है, तारक, यह तुम क्या कह रहे हो? तुम्हे ग़लतफ़हमी हो रही है! मई तोह बस ऐसे Hi

लेकिन तारक के गुस्से में कोई कमी नहीं होती. दोनों के बीच शब्दों की लड़ाई और तेज़ होती है, अंजलि समझने की कोशिश करती है की ये बस एक गलत फेहमी है, लेकिन तारक को लगता है की अंजलि ने उसका विश्वास तोडा है. यह झगड़ा इतना बढ़ता है की तभी उसके फ़ोन की एक रिंग बजती है..............





सन बदलता है और हमें




बापूजी जेठालाल के कंधे पर हाथ फेरते है

बापूजी : रहने देते है

जेठालाल (मुस्कुराते हुए) : जैसा आप कहे लेकिन..

बापूजी : हां लेकिन चलेगा

जेठालाल : ये हुयी न गदा वाली बात

बापूजी : अरे ये तो मेरी लाइन थी (अपडेट 13)

जेठालाल की नज़र टेबल के नीचे जाती है जहा उसे गीला गीला दीखता है

जेठालाल (आवाज लगते हुए) : Dayaaa...ohh दया

दया दौड़ती हुयी वापस आती है

दया : क्या हुआ

जेठालाल : अरे देख तो जरा टेबल के नीचे पानी गिरा हुआ है उसको साफ़ कर दे

दया : हां कर देती हु

जेठालाल : ठीक है बापूजी तो मई चलता हु सोने

बापूजी : सोने जा रहा है या जागने सब पता है

जेठालाल : आप Hi का बीटा हु आपको तो सब पता Hi है आशीर्वाद दीजिये और आप भी लग जाइये कटरीना के साथ

बापूजी : अच्छा बेटे जैसे तू तो दया के साथ Hi लगने वाला है

जेठालाल : मेरा क्या है घर में Daya,baahar Anjali,babita,madhvi और रोशन

Bapuji(utsukta से) : रोशन को भी उतार लिया तूने

जेठालाल : बस उसी रास्ते पर हु

बापूजी : ये हुयी न गदा वाली बात

जेठालाल : लगता है ये लाइन हम बार बार सुनते रहेंगे

बापूजी : लगता तो यही है (टापू की तरफ इशारा करते हुए)

टापू बिलकुल दया के पीछे था उसका खरा लुंड दया के गांड पर डाब रहा था और ये जेठालाल को दिख रहा था

बापूजी : अब ये हुयी गदा वाली बात!!

जेठालाल : ये अब गदा वाली बात नहीं रही

बापूजी : तोह फिर

जेठालाल : टापू अपनी माँ को छोड़ रहा है बापूजी आप तक का तो ठीक था लेकिन अपनी Hi माँ के साथ

उस दवाई का असर मैंने बोहोत पास से देखा है बापूजी वो दवाई हवस का ऐसा नशा चढ़ती है की इंसान सारे रिश्ते तोड़ देता है......

जेठालाल अपने लिविंग रूम में बैठा हैं, अपने फ़ोन के नोटिफिकेशन्स को इग्नोर करते हुए बापूजी से बात कर रहा है. लेकिन एक बीप से उनका ध्यान फ़ोन की तरफ जाता है. कैमरा Close-Up करता है जब वो फ़ोन उठाते हैं.

जेठालाल : ये देखिये

और अपना फ़ोन बापूजी को दिखता है

उनके सीक्रेट प्राइवेट ग्रुप में भिड़े ने एक बोहोत अजीब मैसेज भेजा था

"आज मैंने वो किया है जो कोई दरिंदा भी करने से डरेगा"

जेठालाल : इसका सिर्फ एक Hi मतलब हो सकता है

बापूजी : भिंडी मास्टर ने अपनी बेटी छोड़ दी.......

सन धीरे धीरे फाडे होता है और हम सभी मर्दो को एक एक कर के यही शामे मैसेज पढ़ते हुए देखते है

पोपटलाल अपने बैडरूम में बिस्तर पर लेता हुआ डायरी देख रहा होता है . तभी उसके फ़ोन स्क्रीन पर एक नोटिफिकेशन पॉप उप होता है. पहले वो उसको नज़रअंदाज़ करता हैं, लेकिन कुछ सेकण्ड्स बाद उसका हाथ ऑटोमेटिकली फ़ोन उठता है.

"अच्छा हुआ मैंने इसपर मेहता साहब वाला आईडिया अप्लाई कर रखा था वर्ण तोह"....

िएर अपने मिनी लैब में कुछ कर रहा होए हैं, लेकिन उसके फ़ोन पर एक सुद्दीन बीप होती है. वो थोड़ा कंफ्यूज होता है, अपने हाथ में एक मिनी जार पकडे हुए Hi फ़ोन की तरफ देखना शुरू करता है

"Aayi...aii...yo"

हाथी अपने स्टडी रूम में किसी फाइल में बिजी होते हैं. लेकिन एक शार्प वाइब्रेशन उसका ध्यान तोड़ देता है. वो ग्लासेज निकलता है, फ़ोन उठता हैं और नोटिफिकेशन पढता हैं.

"भक्क बुरबक"

सभी चरक्टेर्स के फ़ोन स्क्रीन्स दिखाए जाते हैं

स्लो मोशन में सब एक Hi वक़्त अपना फ़ोन अनलॉक करते हैं. हर स्क्रीन पर एक Hi मैसेज आता है, जो सस्पेंसफुल म्यूजिक के साथ ड्रमैटिकल्ल्य रेवेअल होता है:

Taarak,bapuji,popatlal,iyer,haathi (हलके से) : बेटी छोड़!!!!!!





अपडेट 41 (Beti-Chod)




एक सेकंड के लिए सब एक Hi तरह की शॉक और फियर महसूस करते हैं, जैसे किसी ने उनकी प्राइवेट लाइफ का एक राज़ खोल दिया हो. कैमरा सबके शॉकेड फेसेस पर ज़ूम करता है, बैकग्राउंड म्यूजिक क्रेसेंडो पे पहुँचता है.

मैसेज आने वाला सन Flame Boy भाई ने लिखा है बस क्या क्रिएटिव आदमी है यार

और कलब करू क्या Flame Boy के साथ

मिलता हु आपसे अगले अपडेट में उम्मीद करता हु मज़ा आया होगा आप सभी को!!

अच्छे से डिसकस करते है इस अपडेट को कमैंट्स में आजाओ
 


सेक्स का जमाना अपडेट 42



सन की शुरुआत जेठालाल और अनन्य के उनके नए फ्लैट पर पहोचने के साथ होती है

जेठालाल (स्ट्रेच करे हुए):

अरे वह, अनन्य! तेरा फ्लैट तोह बढ़िया है! बहुत अच्छा सेटअप किया है. अब लगता है आराम से सो सकते हैं.

अनन्य (समिलिंग):

हाँ काका, अब तोह फाइनली अपने फ्लैट में सेट हो गयी हूँ. आपको अच्छा लगा यह देखकर बहुत ख़ुशी हुई.

दोनों फ्लैट के लिविंग रूम में बैठे हैं. घर से निकलते वक़्त आये नोटिफिकेशन की बाद अभी भी, जेठालाल के दिमाग में चल रही थी वो अपनी जिंदगी को याद करने लगता है

जेठालाल:

अनन्य, ज़िन्दगी भी कितनी अजीब चीज़ है न. कभी कभी हम सोचते हैं सब कुछ ठीक हो रहा है, लेकिन कभी कभी सब उल्टा पद जाता है.

अनन्य (क्यूरियस):

क्या बात कर रहे हो काकू? आप इतने सीरियस क्यों लग रहे हो?

(जेठालाल थोड़ा मुस्कुराता है, बूत फिर डीप थॉट्स में चला जाता है.)

जेठालाल:

नहीं, बस ऐसे Hi. ज़िन्दगी के कुछ पुराने लम्हे याद आ गए. तुम्हारी शादी का सोचा है कभी?

अनन्य (बलुशिंग):

अरे काकू, अभी तोह मैं इतनी छोटी हूँ. आप Hi बताओ, टापू के लिए कैसी लड़की होनी चाहिए?

जेठालाल थोड़ा हंसी लेकर जवाब देता है

जेठालाल (लाफिंग):

हाँ हाँ, टापू की जीवन सनीगिनी. तुम लोग तोह हमेशा टापू को लेकर मज़ाक उड़ाते हो. लेकिन सच में, मुझे लगता है की टापू के लिए जो लड़की होगी, वह उसको अच्छे से समझेगी और उसको सुधारके रखेगी.

(अनन्य थोड़ा सीरियस हो जाती है.)

अनन्य (क्यूरियस):

काकू, आपकी शादी कैसी हुई थी? आप और दया काकी कैसे मिले थे?

जेठालाल थोड़ा इमोशनल हो जाता है, अपने पास्ट के बारे में सोचकर

जेठालाल:

शादी? हमारी शादी भी अजीब थी. प्यार तोह था, लेकिन समझना थोड़ा मुश्किल था. कभी कभी लगता है की शादी सिर्फ एक रिश्ता नहीं, एक समझ होती है... और कभी कभी हम गलतियां भी करते हैं.

(अनन्य थोड़ा टच हो जाती है जेठालाल की बात सुन कर, और उसके करीब बैठ जाती है.)

अनन्य (सोफ़्त्ल्य):

काकू, आप कितनी साड़ी बातें छुपा कर रखते हो. कभी हमसे शेयर क्यों नहीं करते?

जेठालाल अपनी मुस्कराहट को वापस लाता है

जेठालाल:

अरे, सब कुछ तोह बता दिया. तुम्हारी काकी और मेरी कहानी तोह बस एक फिल्म जैसे Hai—kabhi कॉमेडी, कभी ड्रामा... हमारी शादी अर्रंगे मैरिज थी लेकिन...

अनन्य (समिलिंग):

हाँ, बिलकुल! आप दोनों की जोड़ी तोह बेस्ट है. मैं भी फ्यूचर में वैसे Hi रिलेशनशिप चाहती हूँ.

जेठालाल मुस्कुराते हुए अनन्य को देखते हैं

जेठालाल:

ाचा, अब बोहोत ज्ञान बाँट लिया. चलो, सो जाओ. कल से तुम्हारी कॉलेज भी सुरु होने वाली है न

अनन्य जेठालाल के कंधे पर अपना सर रखकर कम्फर्टेबले हो जाती है

अनन्य (सोफ़्त्ल्य):

काकू, आप सबसे बेस्ट हो. जब भी आपके साथ होती हूँ, मुझे एक अलग Hi कम्फर्ट फील होता है.

जेठालाल अपने हाथ से उसके सर को थोड़ा प्यार से थपथपाता है.

जेठालाल:

तुम भी मेरे लिए बहुत स्पेशल हो, अनन्य. हमेशा ऐसे Hi रहो.

अनन्य धीरे धीरे सो जाती है, एंड जेठालाल भी उसकी तरफ देखते हुए सो जाता है.





और इसी के साथ सन बदलता है और हमें तारक और अंजलि दीखते है




फ़ोन पे मैसेज आते Hi

तारक थोड़ी देर के लिए रुकता है, और फिर अंजलि की तरफ देखता है, समझ जाता है के वह कितनी मातुरित्य से सिचुएशन हैंडल कर रही है. उसका गुस्सा धीरे धीरे मेल्ट हो जाता है, और उससे गिल्ट महसूस होती है.

वो मैसेज पढता है और उसका गुस्सा सांत हो जाता है

तारक (सिघ करते हुए, थोड़े सॉफ्ट टोन में):

सॉरी, अंजलि. तुमपे गुस्सा निकलना गलत था. बस कभी कभी लगता है के मैं सब कुछ अकेला संभल रहा Hoon...mujhe ध्यान भी नहीं था की इस सब में सभी इन्वोलेड है

अंजलि उसके पास आके सोफे पर बैठती है, और उसके कंधे पर हाथ रखती है.

अंजलि (समिलिंग):

तुम अकेले नहीं हो, तारक. मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ और इस प्लान तो बिलकुल भले ये आगे कैसी भी प्रॉब्लम क्रिएट करे कभी कभी हम सबको थोड़ा स्पेस और पेशेंस चाहिए होता है

तारक उसकी तरफ देखता है, जैसे उसका धन्यवाद कर रहा हो

तारक (थोड़ा स्माइल करते हुए):

थैंक्स, अंजलि. तुम्हे सब कुछ समझ आता है... मैं Hi गलत सोच रहा था

अंजलि हलकी सी हंसी देती है, उसके कंधे को प्यार से टपकती है.

अंजलि:

बस, ये बात याद रखना नेक्स्ट टाइम जब गुस्सा आये

दोनों हलकी सी स्माइल शेयर करते हैं, और रूम का टेंशन दिस्सोल्वे हो जाता है. तारक अपने मैं से हल्का महसूस करता है, और दोनों रिलैक्स्ड हो जाते हैं.

तारक :ये मैसेज देखो

अंजलि : Hoohh....bhide भाई की इस बात का क्या मतलब है

तारक : और क्या Hi होगा उसने खुद को एक दरिंदे से भी नीचे दर्जा दिया है

अंजलि : मतलब (अपने मुँह पर हाथ रख लेती है शॉक में)

तारक : और नहीं तो क्या ये सेक्स कम्पटीशन वाली बात बोहोत अजीब टर्न ले रही है

अंजलि : हां, किसने सोचा होगा की भिड़े भाई सोनू के साथ!!

Taarak(anjali के सर पर हाथ फेरते हुए) : तारक के लबों से फिर एक राज़ फिसल गया,

वो हवस जो दीवानगी की हद चथरक की आग में, हर रिश्ते का वजूद जल गया.,

रिश्तों के सारे बंधन, वो पल में लांघ गया.

दिल की गहराइयों में एक जूनून पलटा है,

मर्यादा के ज़ंजीरों को यह हवस Hi तोह टालता है.

जहाँ प्यार भी शर्मिंदा हो, और वफ़ा बिखर जाए,

उस ठरक की चाहत में, सब कुछ छुपकर गुज़र जाए.





अपडेट 42 (ठरक)

बापूजी अपने कमरे में सोये हुए थे




जेठालाल के कमरे से किसी के मधुर स्वर फुट रहे थे

Ahhmm...ahhhh...ooohh...aaahhh....tapuuhhh...dikaaahh....orrrrr...jorrrr....sehhhh

Aahhmmm...ohhmhmm...aaahhh...aahhhh...ohhhh...mmm...amamm....aaamm....

टापू दया की कमर को पके हुए पीछे से दया की जोरदार ठुकाई कर रहा था

दया के स्वर कमरे को मन्त्रमुक्ध कर रहे थे









टापू : आठ मम्मी हम कब तक ऐसे करते रहेंगे

दया : जब तक Meraaahhhh...badannn...dekhhh...karrr....teree..lunddhhh...kiihhh

Aaaggg....bhadakkk...jaayehhh..chal...ab...baateinnn....kamm....karrrr....orrr.... Chod.....jyadaaah......uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...

Ohhhh...ahhhh....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह...

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....









अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Aaahhhh...tapuuhhh....dikaaahh.....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Ahhh...uhhhm...ahhh....ah-Hhhh....dikkkaaa...aiseeee...hii Karrr......aaah.....dabaaa...inheeehh...orr..... Jorrr...seeheh...dabaaaa...ahhh...ohhhh....phuckkkk....ahhhh...ohhhh

Ahhhhh...ohhhh...uhhmmm....ahhhh...ohhhmm...ahhhh...ohhhmmm

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....









अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...





तभी कमरे का दरवाजा खुलता है

टापू और दया एक साथ पीछे घुमते है

बापूजी हलके हलके चलते हुए किचन की तरफ चल देते है उनके हाथों में एक जग था

टापू और दया उनको एक तक देखे जा रहे थे

तभी टापू बापूजी की आँखों के तरफ इशारा करता है

बापूजी ने चश्मा नहीं पेहेन रखा था वो धीरे धीरे आगे बढ़ जाते है और किचन में चले जाते है

टापू और दया अभी भी उन्हें देख रहे थे

1 मिनट बाद बापूजी किचन से जग भाड़ कर वापस आते है और कमरे में रुक जाते है

बापूजी : तुम दोनों रुक क्यों गए

ये बात सुनते Hi दया मुस्कुरा देती है और टापू की तो गांड फैट जाती है

टापू : दादा जी आप गलत समझ रहे है

दया, जो हमेशा मस्ती में होती है, अपने बेटे का रिएक्शन देखकर ज़ोर से हसने लगती है.

बापूजी उन दोनों को थोड़ा समझने लगते हैं और हलकी मुस्कान के साथ कहते हैं, अरे, यह क्या कर रहे हो तुम दोनों? माँ और बीटा हो तुम! मस्ती ठीक है, लेकिन सब कुछ समझदारी से करना चाहिए

टापू का चेहरा अब भी सफ़ेद होता है, लेकिन दया कहती है, अरे, बापूजी, टापू तो बस मज़ाक कर रहा था! आप तो सीरियस हो गए

बापूजी हाथ हिलाते हुए थोड़ा हसकर कहते हैं, मस्ती करो, लेकिन ध्यान रखो की कोई ग़लतफ़हमी न हो. और टापू, बीटा, अब थोड़ा बड़े हो गए हो, तोह सब कुछ समझकर करना होगा

टापू अब भी थोड़ा नर्वस रहता है, जबकि दया अपनी हंसी रोक नहीं पाती

अंत में बापूजी दया की गांड पर स्पंक करते हुए कहते है

"देख टापू बीटा तेरी माँ मई भी छोड़ता हु और तेरा बाप भी आगे चल कर पता नहीं क्या क्या Hoga...to तू अपने काम में लगा रह और मज़े ले मई भी आंकूंगा तेरा काम ख़तम होने के बाद"

और बापूजी दया को एक और बार स्पंक कर के चले जाते है




दया टापू को अपनी तरफ करती है और साड़ी बातें बताना सुरु करती है

टापू अब दया को छोड़ना सुरु करता है

Aahhhhh....toooh...tu...samjhaaah....dikkaa..

टापू : हां मम्मी मई सब समझ गया

पापा ने इतना सब प्लान कर रखा था मुझे पता Hi नहीं था

दया : Aah...haa लेकिन तू ध्यान रखना की ये बात तेरे पापा को पता ना चले धीरे धीरे कर के सारे राज़ सब के सामने खुल जाएंगे

टापू : ठीक है मम्मी

Chal..ab.....jor....laga......dikkaa.....maiihh....jhadneehhh.....waliiihhh.......huumm..

अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...









अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

टापू और दया एक साथ झाड़ जाते है और एक दूसरे के ऊपर Hi गिर कर हाफने लगते है




इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है

उम्मीद करता हु की आपको ये अपडेट पसंद आया होगा मिलते है जल्द Hi अगले अपडेट में ोककककक

 
सेक्स का जमाना अपडेट 43

टापू और दया एक दुसरे से लिपटे सोये हुए थे


की तभी वह बापूजी आते है उनके पीछे पीछे कटरीना भी होती है

दया और टापू तुरंत खरे हो जाते है

टापू की आँखें बड़ी हो गयी, समझने की कोशिश करता हुआ की ये क्या हो रहा है. कटरीना ने बापूजी के साथ एक हलकी सी मुस्कान दी और टापू के पास आने लगी.

बापूजी ने थोड़ा मस्ती भरे अंदाज़ में कहा, "टापू बीटा, अब थोड़ा फन टाइम! अब जरा कटरीना के साथ भी मज़े कर ले"

टापू ने शॉक में कटरीना को देखा, लेकिन बापूजी का ये अनएक्सपेक्टेड बिहेवियर ने उसके होश उदा दिए थे. कटरीना भी थोड़ा फ्लिर्टिंग मोड में थी, और टापू बिलकुल कन्फ्यूज्ड और दर के मरे खामोश खड़ा था.

दया, जो पहले है रही थी, अब भी एक अजीब सी स्माइल के साथ टापू की तरफ देखती है, जैसे यह सब उन्होंने पहले कभी नहीं देखा हो.

कटरीना (हलकी मुस्कान के साथ): तोह, टापू... तुम्हे सेक्स करना काफी पसंद है, राइट? माँ के साथ प्रैक्टिस कर रहे थे?

टापू (घबराते हुए, लेकिन थोड़ा प्लेफुल मोड में आता है): यह... नहीं, ी मैं, वोह मज़ाक था... और अभी तोह मैं थोड़ा नर्वस हूँ. आप जैसे ब्यूटीफुल लेडी के साथ कैसे हैंडल करूँ?

कटरीना (हलकी सी हंसी के साथ, उसकी तरफ झुकती है): हैंडल करने की ज़रुरत नहीं है, टापू. तुम बस रिलैक्स करो... और देखते हैं तुम कितने बोल्ड हो.

टापू (थोड़ा फ़्लर्ट करने की कोशिश करता है): बोल्ड तोह हूँ... लेकिन आप जैसे प्रीटी लड़की के साथ थोड़ा चल्लेंजिंग लग रहा है.

कटरीना (और ज़्यादा क्लोज आते हुए): चल्लेंजिंग? Let’s सी... क्या तुम किश करने में भी चैलेंज फील करते हो?

टापू (थोड़ा निर्वसली लेकिन एक्ससिटेडलय): किश? आप तोह बस एक वर्ड में सब कुछ बदल रही हो... बूत, ी कैन हैंडल आईटी.

कटरीना एक तैसिंग लुक देती है, और टापू थोड़ा और कॉंफिडेंट होने लगता है, लेकिन अंदर से उसका दिल तेज़ धड़क रहा होता है.

और दोनों के लिप्स एक दुसरे से टकरा जाते है

और दोनों काफी बोल्डली किश करने लगते है






दया (मज़ाक करते हुए): अरे बापूजी, यह क्या नया खेल शुरू किया आपने? कटरीना को यहां लाकर सब गोलमाल कर रहे हो?

बापूजी (हलकी सी हसरत भरी मुस्कान के साथ): बहु, तुम क्या समझती हो? मैं तोह बस अपने टापू के लिए नए अनुभव ला रहा हूँ! और वैसे भी, कटरीना और मेरा रिश्ता तोह कमाल का है.

दया (मुस्कुराते हुए): अरे वह, अब आप टापू को गर्लफ्रेंड से मिलवा रहे हो? पहले तोह मुझे बोलै की सब कुछ सही करो, और अब यह कैसा सही है?

बापूजी (चुटकुला मार्के): दया, यह तोह नए ज़माने का सही है! तुम नहीं Samjhogi...par ये जान लो, थोड़ी मस्ती तोह ज़रूरी है.

दया (हंसी रोक कर): अच्छा, मस्ती? और आपकी मस्ती का लेवल तोह कटरीना के साथ काफी ऊपर है! कभी मुझे भी ले चलो उस तरफ.

बापूजी (तैसिंग टोन में): तुम भी चलो... तोह मज़ा डबल हो जाएगा. वैसे भी, तुम्हारी छूट मेरे लुंड की प्यासी है

इतना पानी जो टपक रहा है

दया (शर्माते हुए) : ये छूट का पानी नहीं टापू का माल है

बापूजी (हस्ते हुए) : ये हुयी न बात

दोनों एक दूसरे को तैसिंग लुक्स देते हैं, और आगे बढ़ कर जोरदार किसिंग चालु कर देते है






पूरा माहौल एक Light-Hearted फ्लिर्टिंग और मस्ती भरा बन जाता है. दया और बापूजी अपनी मस्ती कर रहे होते हैं, जबकि टापू और कटरीना अपने अलग लेवल पे चल रहे होते हैं

टापू ने कटरीना की नाईट ड्रेस निकलना सुरु कर दिया था

उसने पहले कटरीना के निघ्त्य को उतारा

और कटरीना के बदन को चूमना सुरु किया

टापू कटरीना को किश करने लगता है

दोनों एक दुसरे के होंठो का रसपान करने लगते है और टापू कटरीना के छूट में ऊँगली दाल देता है

कटरीना आहे भड़ने लगती है






Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh

...उह्ह्ह

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm

...Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh


Tapuuhhhh...dheeereehhh....karoohhh...aaahhhmm....

Uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm.






टापू : वाओ दादा जी आपकी गफ तो कमाल की है

बापूजी : अभी तो बस शुरुआत है टापू बीटा आगे आगे देखो क्या क्या होता है

कटरीना नीचे झुक कर दया के माल से गीले हुए टापू के लुंड को चूमने लगती है

और कभी अपने मुँह में तो कभी बाहर करने लगती है

Wakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....

Aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga

....Gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...






Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga....gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..

Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

कटरीना : वाओ टापू तुम्हारा लुंड तो बोहोत बारे है

टापू : थैंक्स काट अभी मेरा लुंड वापस खरा है तो सुरु करे क्या

कटरीना : ऐसे कैसे जरा मेरी छूट को गीला तो करो बच्चे

टापू : अच्छा हां सॉरी

कटरीना : फोरप्ले भी उतना Hi जरुरी है जितना सेक्स सो चलो

टापू कटरीना को गॉड में उठा लेता है और अपनी जीभ डायरेक्टली उसके छूट पर लगा देता है

कटरीना जोरो से सिसकियाँ लेने लगती है

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh

...उह्ह्ह

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....






Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm

...Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh

कटरीना टापू के सर को अपनी छूट पे दबाने लगती है

कटरीना : आठ तापूह अच्छे सी करूओ अंदर डालो अपनी जीभ आठ

टापू भी अपनी जीभ से कटरीना के छूट के दाने को सहलाने लगता है

Ammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm


इधर बापूजी दया को किश करते हुए उसकी चुइट में ऊँगली कर रहे थे

दया हलकी हलकी आहे भाड़ रही होती है

Aaahhh...bapujihhh...aaahhmm...ohh..oooohh...aaahhmm....

Ahhmm....uhh...uhhh






Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmmammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmmammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

ुह्ह्ह्ह..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...

Ohhhh...ahhhh....


Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm..






दया : Aahhhmm...bapujiiihh...aabbbb मुझ्सीहह रहाः नाहीइ जायठ Rahaahh...ghusaaaiyeee...apnaaa Lundddhhh...meriihh...chuttthh....mehhhh

बापूजी : जरा मेरे सुपर को तो ठीक कर बहु अभी भी लुंड पर चढ़ा हुआ है

दया तुरंत घूम कर बापूजी के लुंड को चूसने लगती है






Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga....gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..

Aaghhh...bapujihh...kitnaahh...baraahh....haiihh...aapkaahhh....lunddd...aahhm

बापूजी : पिछली बार की चुदाई याद है तुझे बहु

दया : कैसे भूल सकती हु मेरी छूट की प्यास एक आप और एक टापू के पापा Hi बुझा पाते है वर्ण कहा किसी और में डैम है ऐसा कर पाने की

बापूजी : अब तो तेरा बीटा भी सी लाइन में लग चूका है

इतना कहते हुए बापूजी कटरीना और टापू की तरफ इशारा करते है

दया भी उन्हें देखती है

कटरीना कैसे चटपटा रही थी

टापू कटरीना के पूरे बदन को अपने नियंत्रण में ले चूका था और जोरो से उसकी छूट चाट रहा था

कटरीना जोरो से सिसकियाँ ले रही थी






वही बापूजी दया को रुकता देख कर उसके बालो को पकड़ लेते है और अपने लुंड से उसका मुँह छोड़ने लगते है





Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh.....gwakk...gwak......

Aggh...gghj....axgghh....gwak...aaagghhh..

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga

....Gagsg...agga...gwakkk... Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga....gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...

कुछ देर बाद बापूजी दया को उठाते है और अपना लुंड सीधे दया की छूट में घुसेड़ देते है

दया की एक जोर की सिसकी निकलती है


और तभी सन बदलता है और हमें जेठालाल दीखता है

जिसकी नींद अचानक खुल जाती है

जेठालाल के कंधे पर सर रख कर अनन्य सोई हुयी थी

उसके T-Shirt में से अनन्य के गोल और सफ़ीद बूब्स जेठालाल को साफ़ साफ़ दिखाई दे रहे थे

अचानक Hi जेठालाल का लुंड फुफकार मारने लगता है

और पाजामे को फाड़ कर निकलने को तैयार होता है

जेठालाल का सरीर कांपने लगता है उसका हाथ अनन्य के बूब्स तक जाने लगता है

अनन्य के बूब्स को जेठालाल एकदम धीरे से पकड़ लेता है

जेठालाल को अनन्य के बूब्स का एहसास बोहोत अच्छा लगता है

उसका हाथ अचानक Hi उसके लुंड पर चला जाता है और वो मुट्ठ मारने लगते है

जेठालाल हल्का तेज़ सांस लेने लगता है जिसकी आवाज से अनन्य की नींद खुल जाती है और उसके आँखों के सामने जेठालाल का 14 इंच का लुंड झूलने लगता है जिसको जेठालाल अनन्य के बूब्स को दबाते हुए जोरो से हिला रहा था






अनन्य ये देख कर एकदम शॉकेड रह जाती है उसके मुँह से एक भी शब्द नहीं निकल पाटा

वो तो जेठालाल के इतने बारे लुंड को देख कर मेस्मेरिज़ेड थी उसकी आँखें चमकने लगी थी

धीरे धीरे उसका हाथ अँधेरे में उसके छूट पर पहोच जाता है उसको खुद का गीला पैन महसूस होता है और वो करवट बदलती है

जेठालाल भी दर जाता है और उसके बूब्स को छोर देता है

अनन्य घूम जाती है और जेठालाल के सामने अनन्य की सेक्सी गांड आ जाती है

जेठालाल ऊपर ऊपर से Hi अपने हाथ उसके गांड पर रखने की कोसिस करता है लेकिन अनन्य की आँखन न खुले इसलिए वो रुक जाता है और अपना लुंड पंत में वापस दाल देता है

अनन्य को सब दिख रहा था उसका मैं था जेठालाल रिश्तों के सारे लिमिट्स एक्ससीड कर के अनन्य को छोड़ डाले लेकिन जेठालाल का मूड ऑफ होता देख उसे करवट बदलने का वापस मैं करता है लेकिन वो कुछ और सोचती है और जेठालाल के लुंड पर हाथ दाल देती है

जेठालाल को जैसे Hi हाथ महसूस होता है उसकी तो मानो हवा निकल जाती है

जेठालाल दर जाता है लेकिन उसको अपने लुंड पर अनन्य के हाथ का स्पर्श अच्छा लगता है

और वो अनन्य के हाथ को पकड़ लेता है एकदम धीरे से और अपने लुंड को उसके हाथो की मदद से हिलने लगता है

अनन्य को जेठालाल के लुंड पाजामे के ऊपर से Hi उत्तेजति कर रहा था

आखिर कार जेठालाल अपना लुंड निकल कर अनन्य के हाथ से हिलने लगता है

अनन्य अपने हाथो से जेठालाल के लुंड को महसूस कर रही थी और दुसरे हाथ से अपनी छूट सेहला रही थी






जेठालाल : वाह क्या मुलायम हाथ है अनन्य के

अनन्य को अपनी तारीफ़ सुनकर अच्छा लगता है और उसका बदन अकड़ने लगता है

जेठालाल को भी ये एहसास होता है और वो अनन्य का चेहरा अपनी तरफ घुमा देता है और दोनों की आँखें एक दुसरे से टकरा जाती है

जेठालाल के पसीने छूटने लगते है

वही अनन्य की भी हालत पतली हो जाती है और वो झाड़ जाती है


अपडेट 43 (Katrina,tapu,daya,bapuji)

सन बदलता है और हमें टापू दीखता है जो कटरीना की छूट चाट रहा है


और कटरीना उसके सर को अपने छूट पर दबाते हुए जोरो से सिसकियाँ ले रही है





Aahmmmm....ummmm...aammmm....oommm....auhhmmm.....ummmm....

Aaaammm.....uhhmmm...aammm....ummmm...ahmmmm

Ummmm.....ammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmmammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

कटरीना : ी Can't होल्ड आईटी इन Tapuuuuh...fuckkkhh...meehhh रिघटत नऊव्व

टापू कटरीना को उसी पोजीशन में रखे हुए अपना लुंड उसके छूट में दाल देता है

कटरीना एक जोर की सिसकी लेती है

Aaahhhhhh...tapuhhhhhhh....aaaaahhhh...ohhhhhh....

टापू कटरीना को जोरो से छोड़ने लगता है

कटरीना सिसकियाँ लेने लगती है






.......ुह्ह्ह्ह..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...

Ohhhh...ahhhh....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

Ahhhh....aoooobhhhh....ahhhhmm.....ohhhmm....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... Ahhhh.....ahhhh.....ahhhh....ahhhhmm.....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....

अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Ahhh...uhhhm...ahhh....ah-Hhhh..

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....






Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

अह्ह्ह...

..Uhmm....humm....ahhmm......

Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....

Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....

Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm

अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......

Ohhhh....ahhhh.....ha...haaa.....ahhhh....ohhh....or....zorrrrr...

Seeehhh...karo...bhot...mazaaaah Rahaaa....hai...ohhh......aahhh......ahhh.....ahhhhaaaahhhh....fuck में Harder.......oh...... Fuckkkk...meeehh....as...hardddh...as...youuuh...can Fuckkkk...fuckkkk.....fuck.....ohhhh......ahhh....or.....zorrr....se.....ha....aise Hi....ahhh...ahhh....ohhh......or....jor.....seehhh....ahhh....

अह्ह्ह.... Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.... फुककक मीठ.... प्लेअसीह... Ahhh....fuckkkh....meehhh.....ahmmm....uhhh....ahmm

Fuck........mehh......fuckkkkk...me.....uhhhhh...ohhhh......ahhhh Ahhhh......ahhh.......ahhhha.....hahahh....haahha......ahhhh...fuck

....Mehh.....ahhhh.....ahhhh.......dheereeh....dheere....mujhe Bhot.......dard....ho....raahhhhhaa हैई अह्ह्ह्ह उह्ह्ह






Fuclkkkk....fuvkkkk...fuckkk....fuckkkkhh...ahhhmm....ohhhh....ahhh...

Fuckkkk....ittthh....ahhh....ahhh..ohhhh...fukkkk...ahhh....fuckkk

Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

अह्ह्ह...

..Uhmm....humm....ahhmm......

टापू कटरीना को अपने ऊपर बिठा लेता है और उसकी दोनों टांगें हवा में उदा कर पीछे से छोड़ने लगता है

कटरीना जोरो से सिसकियाँ लेने लगती है उसकी सिसकियाँ टापू को और भी ज्यादा मदहोश कर रही थी






बापूजी दया का मुँह छोड़ कर अभी शांत हुए थे लेकिन उनका लुंड अभी भी खरा था वो और दया कटरीना और टापू की चुदाई देखते है

दया खरी होती है और घूम कर अपनी गांड बापूजी के सामने लाती है

दया : बापूजिहः छोड़ियेह मुझेयह ाःह

बापूजी : इतनी प्यारी गांड है तेरी जरा इसका स्वाद तो चख लेने दे बहु या तुझे भी टापू डिक्रा जैसे जल्दी है

दया : मुझे छोड़ना है आपसे बापूजी चाहे कुछ भी हो छोड़िये मुझेयह

बापूजी :अरे रुको जरा सबर करो बहु अभी छोड़ता हु और दया के छूट में अपना लुंड घुस देते है

उनका 11 इंच का लुंड दया की छूट में घुसते Hi दया तो मानो आसमान की सैर पर निकल जाती है






उसके छूट से फुव्वारा निकलने लगता है

और बापूजी उसे छोड़ना सुरु करते है

Ahhhhhhhhhhhhha........hhhhhhhhhhh......ahhhhhhhhhhhhh..... Ahhhhhhhhhhhh.......ahhhhhhhh.......ahhhhhh....ahhhhhh...... Ohhhhhhhhhhh...... Ohhhhhhhhhhh.....ohhhhhhhhhhh.... ओह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्हह्ह.... Ohhhmm....ahhhhhhhmmm... ओह्ह्ह... अह्ह्ह्हहह्म्म.. ओह्ह्ह्हब..... Ahhhhhhh.....aphhhh... Ahhhhhhh...ohhhhhmm... अह्ह्ह्हह...

Ahhhhhh......bapuji......ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....

दया की आहे बापूजी को उत्तेजित कर रही थी

Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm

अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....






अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....

दया : वह बापुजीईईईई आप तोह बहुत बड़े चूड़ाकड निकले अह्ह्ह हां बापूजी हां छोड़िये मुझे.. अपना साराह माल मेरी छूट में गिरा दीजिये अह्ह्ह्हह

दया के मुँह से लगातार सिसकियाँ निकलती जा रही थी

दया : Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhhhhh.....ohhhhhhhhhhhhh.... Ahhhhhhhhhhh.....ahhhhhhh...bapujiiiiiiiii...... Ahhhahhhhh....ahhhhhh... Ohhh......mai Jhadnee....wali....hu.....bapujiiiii....ahhhhhhm

बापूजी : झाड़ बहु तुझे इत्नाह झड़ना हो आज की रात मई तुझे नहीं छोड़ने वाला

आज की रात मई तुझे अपने इस हथियार का असली स्वाद चखाउंगा

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Ahhh...uhhhm...ahhh....ah-Hhhh....haaa.....bapujiiihhh...chakhaiye....mujheehh...aaahhh...chodiyeehhhh...

Mujhehhhh...aahhh...maihhh...jhadneehhh...walihhhh....huhmmmm






अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....

Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

अह्ह्ह...

..Uhmm....humm....ahhmm......

Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....

Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....

Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm

अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......






दया : Aaahhh....bapujihhh...maihhh...too....gayiii

बापूजी : झाड़ड़ड़ बहुउउ झाड़ आअज जी भर के झाड़


इधर टापू कटरीना को अपने गॉड में बिठाये बारे Hi मस्त अंदाज़ में जोरो शोरो से छोड़ रहा था

दया को छोड़ने के बाद ये उसका दूसरा राउंड था इसलिए इस बार वो और लम्बा टिकने वाला था





Fuckkkk...fuckkkk.....fuck.....ohhhh......ahhh....or.....zorrr....se.....ha....aise Hi....ahhh...ahhh....ohhh......or....jor.....seehhh....ahhh....

अह्ह्ह.... Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh.... फुककक मीठ.... प्लेअसीह... Ahhh....fuckkkh....meehhh.....ahmmm....uhhh....ahmm

Fuck........mehh......fuckkkkk...me.....uhhhhh...ohhhh......ahhhh Ahhhh......ahhh.......ahhhha.....hahahh....haahha......ahhhh...fuck

....Mehh.....ahhhh.....ahhhh.....

........ुह्ह्ह्ह..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

Ahhhh.....uhhhhh....ahmmm...ahhh....ahhhh..ohhhhh....uhhmm...ahhhh...

Ohhhh...ahhhh....

टापू : वोह कटरीना आप की छूट मेरे लुंड के साइड्स में घेरा बना रही है

कटरीना : Aahhh...yeshhh...tapuuhhh...i'm...cumminggggh...aahhhhmm...

Aaaajhhhh...ohhmmm

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह..






अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....

कटरीना : I'm....cummminggghhh....tapuuhhh...yesshhh....fuckkkk....mehhh...

अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

I'm.....cumminggghh...aahmmm...cummminghhh...aahmmm

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Ahhh...uhhhm...ahhh....ah-Hhhh..






और इसी के साथ कटरीना झाड़ जाती है उसके छूट का गरम पानी टापू के लुंड को गीला करते हुए बाहर आने लगता है

टापू कटरीना के गरम एहसास को झेल नहीं पाटा और वो भी झड़ने लगता है और अपना लुंड बाहर निकल कर कटरीना के पेट पर अपना सारा माल झाड़ देता है और उसके बगल में लेत जाता है


इधर दया और बापूजी अभी जोरो शोरो से लगे हुए थे

बापूजी दया को अलग Hi अंदाज़ में चोदे जा रहे थे





अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....

Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

अह्ह्ह...

..Uhmm....humm....ahhmm......

Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....

Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....

Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm

अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......






अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म.....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ahhhhhhhhhhhh......ahhhhhhhh....ohhhh....ahhhhhhhhhh......

अह्ह्ह्ह....

अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhh......ahhhh..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह Ahhhh....ahhhh....ahhhh....ahhhhmmm......ahhhh.....ahhhh.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...

....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh...

Bapujihhhh...chodiyeehhhh....orrrrr....jorrrr...seehhh....chodiyeehhh...aahmm

....Ohmmm...aaahaa....maihhh...wapasshhh....jhadneehhh...walihhhh...hummmahh..

Aaahhhnm...ohhhh...aaghhh....hjjjhhh...aahmm....

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह..... Ahhhmm.......ahhh अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh अह्ह्ह्ह.....






Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

अह्ह्ह...

..Uhmm....humm....ahhmm......

बापूजी : अह्ह्ह बहु मई भी झड़ने वाला हँ हहहह अह्ह्ह बहु

और बापूजी झाड़ जाते है

बापूजी का गरम मुठ दया बर्दास्त नहीं कर पा रही थी और वो भी झाड़ जाती है

दया : Aaahhh....bapujihhhh...maaihhhh...tohhh...gayiihh

बापूजी अपना सारा माल दया की छूट में Hi छोर देते है दया के बगल में लेत जाते है

उनके बगल में कटरीना लेती होती है

कटरीना : मज़ा आया चैंप्स

बापूजी : बोहोत मेरी जानेमन तुम्हे?

कटरीना : जैसा दादा वैसा पोता


और तभी सन बदलता है

अनन्य को अपनी तारीफ़ सुनकर अच्छा लगता है और उसका बदन अकड़ने लगता है

जेठालाल को भी ये एहसास होता है और वो अनन्य का चेहरा अपनी तरफ घुमा देता है और दोनों की आँखें एक दुसरे से टकरा जाती है

जेठालाल के पसीने छूटने लगते है

वही अनन्य की भी हालत पतली हो जाती है और वो झाड़ जाती है

जेठालाल अब बिलकुल स्पीचलेस है, कुछ समझ नहीं आता की क्या बोले सन ावक्वार्ड साइलेंस में ख़तम होता है, जिसमे अनन्य गुस्से से उससे दूर चली जाती है.

और इसी के साथ हमरा अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु की आपको ये अपडेट पसंद आया होगा


अगर आया तो कमेंट में अपना बेस्ट Part बताओ? और हां भागना मत पढ़ कर कुछ लिख कर जाना

बापूजी एंड दया सेक्स पिक्स प्रोवाइडेड बी Maddyevergreen
 
सेक्स का जमाना अपडेट 44

जेठालाल का चेहरा एकदम से लाल हो जाता है, समझ नहीं पाटा की अनन्य क्या कहने वाली है. उसके दिमाग में तुरंत फ्लैशेस आते हैं – कैसे उसने अंजलि के साथ सेक्स किया था, माधवी के साथ भिड़े के बगल में जोरदार सेक्स होना, और बबिता के साथ वह अजीब सा सेक्स जहा उसके अलावा भी 2 और कपल्स थी याद आने लगते हैं. वह सब यादें उसके सामने घूमने लगती हैं जैसे कोई फिल्म चल रही हो.


जेठालाल: (शर्मिंदा होते हुए, आँखों में घुल मिल गयी टेंशन)

"मैं... मैं... ऐसा कुछ नहीं... वह सब तोह बस मजाक था, अनन्य! तू गलत समझ रही है..."

अनन्य: (उसकी आँखों में डायरेक्टली देखती है)

काकू, आपको कभी सोचा है की आप क्या कर रहे हो? अपनी भतीजी के बारे में ऐसे गलत सोच रखना? यह सब गलत है

जेठालाल का गुस्सा थोड़ा नरम पड़ता है, लेकिन अब वह पूरी तरह से ऐम्बर्रेस्सेड होता जा रहा है. उसका चेहरा और ज़्यादा शर्म से लाल हो जाता है, आँखें नीचे कर लेता है, जैसे वह अपने किये का सामना नहीं कर प् रहा हो.

जेठालाल: (थोड़ा हिचकिचाते हुए)

अनन्य, मैं बस... पता नहीं, मैं समझ नहीं पा रहा की मैं यह सब क्यों कर रहा हूँ...

अनन्य: (सॉफ्ट टोन में, उसका हाथ पकड़ के)

काकू, मैं जानती हूँ आप अचे इंसान हो. आपको सिर्फ अपनी लाइफ का एक बैलेंस बनाना है. आपको पता है न, ये सब करने से ज़्यादा ज़रूरी है की हम दूसरों की इज़्ज़त करें?

जेठालाल अब बिलकुल चुप है, उसकी आँखों में थोड़ा पछतावा दिखाई देता है. अनन्य थोड़ा मुस्कुराती है, और अपने काकू के सर पर प्यार से एक लिप तो लिप किश देती है.

अनन्य: (धीरे से)

मैं आपको इसीलिए कह रही हूँ क्यूंकि मैं आपको सबसे ज़्यादा प्यार करती हूँ, काकू. बस अपने आप पे ध्यान दो, और जो गलत है, उससे सुधार लो

जेठालाल अब थोड़ा इमोशनल हो जाता है. वह अनन्य की बातों से थोड़ा हल्का महसूस करता है, लेकिन अंदर एक गिल्ट का बोझ अब भी है. अनन्य प्यार से जेठालाल हाथ थाम कर, उसके साथ बैठ जाती है, और जेठालाल अपनी गलतियों के बारे में सोचता है

रात के 2 बज रहे थे अनन्य की छूट अभी भी गीली थी उसकी छूट का पानी जमीन पर टपक रहा था

जेठालाल को पछतावा तो था लेकिन वो इस पल को जीना चाहता था

अनन्य भी इस पल में खोना चाहती थी वो चाहती थी की जेठालाल अपने कदम बढाए और अनन्य की फाड़ के रख दे

दोनों की नज़र एक दुसरे से टकरा जाती है

जेठालाल (मैं में) : बोहोत हुयी अच्छी बातें जब अंजलि भाभी के सामने नहीं रुका तो ये अनन्य क्या चीज़ है बे

और आगे बढ़ कर अनन्य को अपने बाहो में कास लेता है अनन्य भी जेठालाल का पूरा साथ देती है






जेठालाल कास के अनन्य की गांड दबा देता है अनन्य की एक आह निकल जाती है

Aahhh....kakuhhhh....


अपडेट 44 (इंसेस्टिव 3)

गोकुलधाम सोसाइटी का रात का टाइम है 2 बज रहे है सब कुछ शांत है, लेकिन गोली को अचानक से प्यास लगती है. वह नींद में Hi अपने कमरे से उठता है और Dheere-Dheere किचन की तरफ बढ़ता है. घर के अंदर अँधेरा है, लेकिन रात की लाइट से Kuch-Kuch दिख रहा है.


वह किचन में पानी निकल कर एक गिलास ले कर पीटा है, थोड़ा रिलैक्स्ड महसूस करता है. जब वह किचन से वापस अपने कमरे की तरफ जा रहा होता है, तभी उसे अचानक से अपनी माँ, कोमल, की हलकी आवाज़ सुनाई देती है. पहले तोह वह कंफ्यूज हो जाता है, लेकिन फिर Dheere-Dheere उसके कदम उस आवाज़ की तरफ बढ़ते हैं.

गोली थोड़ा क्यूरियस होता है, लेकिन साथ Hi साथ हेसितांत भी, क्यूंकि उसके माँ की आवाज़ में कुछ अजीब सी बात होती है. धीरे से उसने दरवाज़े के पास जाके सुन्ना शुरू किया.

कोमल (धीरे, प्यार भरी आवाज़ में):

सोढ़ी भाई... आपके साथ जो पल गुज़ारे... कभी सोचा नहीं था ऐसे एहसास होंगे. हाथी को कभी नहीं पता चलेगा, लेकिन तुमने मुझे वह दिया जो कभी किसी और ने नहीं दिया..

गोली का दिल तेज़ धड़कने लगता है, उसका दिमाग एकदम ब्लेंक हो जाता है. उसके माँ किसी और के बारे में बात कर रही है – सोढ़ी के बारे में! यह सुनके वह एक पल के लिए जैसे थमा सा रह जाता है.

कोमल उस रात के मोमेंट्स को याद करते हुए तस्वीर घूरती जा रही थी, उसके चेहरे पर एक हलकी सी मुस्कराहट और शर्माहट थी.

उसका हाथ उसके छूट के दाने पर चला जाता है और वो अपनी छूट सहलाने लगती है

Uhmmm...sodhihhh..bhaiihhh....aaaahhmmm...ummmmm....






कोमल (एंटिमटेली यादों में खोयी):

जब हम दोनों इतने करीब आये थे, जो एहसास तुमने जगाये, उसके बारे में तोह मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था. तुमने जो दिया, वह कभी भूल नहीं पाऊँगी

गोली अब सच में चौक गया है. उसकी माँ और सोढ़ी के बीच इंटिमेट मोमेंट्स? यह बात उसके समझ से बहार थी. वह कंफ्यूज और थोड़ा शेट्टेरेद फील कर रहा था. दरवाज़े के पास एकदम चुप खड़ा, उसके पाँव जहाँ के तहाँ थे, वहां Hi जैम गए.

कोमल अब तस्वीर को अपने हाथ से साफ़ करती है, जैसे उन यादों को ज़िंदा रखना चाहती हो.

कोमल: काश तुम मेरे साथ हमेशा रह Paate...kal मई तुम्हारे साथ एक बार फिर सेक्स करुँगी

गोली अपने आप को वहां से हटा नहीं पाटा, लेकिन उसके अंदर कुछ टूट रहा होता है. वह चुप चाप अपने कमरे की तरफ वापस चला जाता है, लेकिन उस बात ने उसका दिमाग हिलके रख दिया. उससे अब समझ नहीं आता की वह अपने माँ और सोढ़ी के इस राज़ को कैसे एक्सेप्ट करे.

सन गोली के कन्फूसिओं और उसके अंदर चले स्टॉर्म के साथ ख़तम होता है, जब वह बीएड पर लेत जाता है, लेकिन आँखें बांध करने पर भी उस राज़ के बारे में सोचता रहता है.


सन बदलता है और हमें जेठालाल और अनन्य दीखते है

रूम के अंदर का माहौल अब गरम हो गया था, जहाँ कन्फूसिओं और अनकही इमोशंस अब क्लैरिटी और वार्मथ में बदल चुके थे. जेठालाल और अनन्य ने अपने बीच जो छुपा टेंशन था, उससे क्लियर कर दिया था, और अब वो दोनों अपने नए रिश्ते को एक्स्प्लोर करने के लिए रेडी थे.

अनन्य और जेठालाल ने अब बोल्डली किश करना सुरु किया

Umm...umm..ammm...ummm...

दोनों ने एक दुसरे के होंठो को काट लगनी सुरु कर दी






जेठालाल : अनन्य क्या तुम सच में ये करना चाहती हो

अनन्य ने नोद किया "हां"

जेठालाल : क्या सच में??

अनन्य : Kaku,kya आप ये करना चाहते हो

जेठालाल : हां बिलकुल लेकिन अगर तुम कम्फर्टेबले नहीं हो तो


अनन्य : मैंने ऐसा कब कहा

जेठालाल : तोह तुम चाहती हो की हम आगे बढे...


अनन्य : येह

फिर जेठालाल ने धीरे धीरे अनन्य के कपडे उतारना सुरु किया अनन्य बोहोत शर्मा रही थी और जेठालाल उसकी शर्माहट के मज़े ले रहा था

अब जेठालाल ने अनन्य की गर्दन पर किश किया अनन्य काँप उठी अब जेठालाल घूम के पीछे आया और उसने अनन्य के कपडे को हल्का नीचे किया और उसके कंधे पर किश किया


अनन्य भी घूम गयी और उसने जेठालाल को हुग किया और जेठालाल को लिप तो लिप किश करने लगी

जेठालाल ने अनन्य के सर नोज टिप गाल जवळीने गले बूब्स और छूट पर किश करते हुए अनन्य को पूरी तरह नंगा कर दिया






अनन्य अब जेठालाल के पीछे आ गयी और उसने जेठालाल के शर्ट को उतरते हुए उसे किश करना सुरु किया

Ummmm...amm...umm....ummm.ummm.....ummmm...ahmm...

जेठालाल भी अब पूरा नंगा हो चूका था

अब जेठालाल का लुंड Ek-Dum खड़ा हो गया था लोहे की रोड की तरह






जेठालाल आगे बढ़ा और उसको किश करने लगा अनन्य भी जेठालाल का साथ देने लगी





Ummm...uhmmmmm....ammmmm.......mmmm.........mmmmmmmmmmmm...

M......mmmmm...ummmm...kakuuuhh........

जेठालाल: मज़ा आ रहा है अनन्य

जेठालाल अनन्य के बूब्स दबा रहा था


अनन्य: हां काकू , ज़ोर से प्लीज शहहह

आह्ह्ह्हह. आपके हाथो में तो जादू है.

जेठालाल अनन्य की पंतय में हाथ दाल कर उसकी छूट में ऊँगली दाल देता है






अनन्य: ओह्ह्ह काकुऊठ , उम्म्म Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...kakuhhhh Ii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....


जेठालाल ने अनन्य की पंतय भी निकाल दी. अब वो पूरी नंगी थी, और जेठालाल भी पूरा नंगा हो गया. जैसे Hi जेठालाल का लुंड अनन्य के आँखों के सामने आया अनन्य की आँखें फटी की फटी रह गयी जेठालाल का लुंड उम्मीद से भी ज्यादा बारे था अनन्य की छूट तो जैसे फुवारा छोड़ने लगी थी

जेठालाल ने अनन्य को घुटने के बल बिठा दिया अनन्य के मुँह के सामने जेठालाल का लुंड झूलने लगा

जेठालाल का साइज 14 इनचेस था

अनन्य एकदम से चौंक गयी

जेठालाल ने अनन्य के बालो को पकड़ा और अपना लुंड अनन्य के मुँह में दे दिया

अनन्य: गल्प Gulp.....gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....

Aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga

....Gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...






Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga....gagsg...agga Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..

Agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...xggh...

15 मिनट लुंड चूसने के बाद


अनन्य : तोह ये है इस लुंड का स्वाद

जेठालाल: असली स्वाद तुमने चखा कहा है बेटीः

अनन्य :तोह अब चखा दो ककुह

जेठालाल: ये बात है और

अनन्य की टांगें उठा कर उसके छूट पर नज़र घूमता है


अनन्य की छूट पहले से Hi इतनी गीली थी की उसकी छूट चाटने की कोई जरुरत नहीं थी

जेठालाल अनन्य की छूट पर अपना मुँह रख देता है





अनन्य आहे भड़ने लगती है

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm... ....Uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh

...उह्ह्ह

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmmammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmmammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmm....ahhmm...ahhh

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmmammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....uhhhmmammmm...ummm....ahh...uhh....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm.......uhmm...uhhh..ahhh...mmm...

Ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh






कुछ देर अनन्य की छूट चाटने के बाद जेठालाल अनन्य को बीएड पर लिटा देता है और अपना लुंड मिशनरी पोजीशन में उसके छूट में दाल देता है





अनन्य जेठालाल का लुंड झेल नहीं पाती और जोरो से चीख देती है

आठ

जेठालाल: क्या हुआ (लुंड घुसा देता है) लगा क्या कुछ


अनन्य: (अपने हाथ जेठालाल के पीठ पे घूमते) कुछ नहीं ककुह छोड़ना चालु करो

जेठालाल: ठीक है फिर

और एक जोरदार धक्का अनन्य की छूट में मार देता है

अनन्य जोर से चीख उठती है और अपने मुँह पर एक तकिया रख कर आवाज दबाने लगती है

जेठालाल एक और जोरदार धक्का लगता है और उसका पूरा 14 इंच लुंड अनन्य की छूट में घुस जाता है

अनन्य की आँखों से आंसू आने लगते है उसकी छूट से हल्का सा खून बहने लगता है

अनन्य : काकुःठ्ठ..... Iii.....nikaloooh...iseeh Ahhhhh...bohottt ड़ड़ड़ड़ड़ हो रहाः ही....

जेठालाल: अभी तो बारे तरस रही थी और अब निकलने को कह रही हो

अनन्य : Kakuuhhhh...iihhhss....pleasee.....nikal.... लो

जेठालाल एक और धक्का लगते हुए कहता है

"अब तो ये लुंड तुम्हारी छूट फाड़ने के बाद Hi निकलेगा"

और धीरे धीरे धक्के लगाने लगता है

अनन्य की आँखें नाम हो जाती है उसको इस लुंड से छोड़ना था लेकिन इतने दर्द के साथ नहीं

अनन्य जेठालाल को खुद पर से हटाने की कोसिस करती है

जेठालाल का पूरा लुंड अनन्य की छूट को फाड़ रहा था

Pleaseeeee.....kakuuuuhhh....takeeee...itt...outttt..

Abbbb...maihh....nahiii...sehhhs....saktiiiih..ahh..pleaseeee...nikaloooooh

जेठालाल : .... अहह तुम्हारी छूट बोहोत टाइट है अनन्य

अनन्य : काकूह्ह्ह्ह अपना लुँड्ढ बाहर निकालोठ मुझिहह दर्दठ हो राहाहहह हैयह

जेठालाल : बस थोड़ा सेह लो अनन्य फिर तुम हमेशा मुझे याद करोगी

अनन्य दर्द से कराह उठी थी उसकी छूट पानी चोर रही थी






वो झाड़ जाती है

जेठालाल और अनन्य काफी देर उसी पोजीशन में रहते है

अह्ह्ह Kakuhhhh...ahhh....mujhehhh..nahiihh....pataah...thaa..kii

Itnaahhh..dardd..hota है...

जेठालाल : तुम्हारी ये टाइट छूट मेरे लुंड के इर्द गिर्द घेरा बना रही है मेरे लुंड को घुटन हो रही है मई छोड़ना सुरु करू की नहीं

अनन्य : आप सुरु करो काकू आपके लिए मई इस दर्द को सहने के लिए तैयार हु

धीरे धीरे अनन्य का हाथ जेठालाल के कमर से ढीला होने लगा और उसका हाथ जेठालाल की पीठ से नीचे होने लगा जो जेठालाल को दूर धकेल रहा था

अनन्य के ऐसा करते Hi जेठालाल समझ गया की ये हरी झंडी है और उसने धीरे धीरे करके धक्के तेज़ करने सुरु किये

अनन्य जिसे शुरुआत में दर्द हो रहा था अब वो ख़ुशी से सिसकारियां लेने लगती है उसका हाथ जेठालाल की गांड पर चला जाता है और वो जेठालाल के गांड को तेज़ी से अपनी और खींचने लगती है

Ahh....ohh...ahmmm.....ohmm....

अनन्य: अह्ह्ह्ह.... एगो........ अह्ह्ह...... Ahhh.....ahhh..... निकल लो भोत दर्द हो रहा है.. अहह...... Ahhhh....ahooo ..........ाऊह

कुछ देर में अनन्य को मज़ा आने लगता है और वो जेठालाल

के लुंड के ऊपर खुद Hi जैम कर उछलने लगती है

अह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह हहहहह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह 🤤🤤🤤

यह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह I'mm कमिंग्गहह अह्ह्हम्म्म ुहह्म्म अह्ह्ह

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...kakuhhhhh Ii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....

जेठालाल : मज़ा आ रहा है न अनन्य






अनन्य : ाहहममम... Haaa...kakuhhhhh....bohottth.... Mazaahh....aa रहा... ही...

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm....uhmm...uhhh..ahhh...

Mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...umm....ahh...uhh....

जेठालाल अनन्य के होंठो को छोस्ने लगता है और उसके बूब्स दबाते हुए धक्के जोरदार कर देता है

अनन्य के बूब्स से दूध निकल रहा था जेठालाल उनको अपने मुँह में भर लेता है और अनन्य के दूध का स्वाद चखने लगता है

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...kakuhhhh Ii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....

Or...jorrrr....se Karohhh....ahhmm......uhhhh.....ahhh.....kakuhhhhhhh ी.... आपकाहहहहह लुँड्ढ... Ahhmm....ahh.....ihhhs....uhhm.....uhhh....

अनन्य और जेठालाल जोरो से चुदाई कर रहे थे

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...kakuhhhh Ii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....

जेठालाल: ोहू अनन्य क्या टाइट छूट ही तुम्हारी

अनन्य : अबसीह.... Yehhh....aapkiiihhh....hiiii...haiihh..ahhh..chodohhhh...mujheehh.....

Orrrr..jorr...seehh....chodohhhh....ahhmm....ahhh...ohhh....ahhhmm....

Ohhh.....bohottt...acchaa लग रहाः Haiiii...ahhmm Mazaahhh...aa रहा Haiiihh...ahhhh....ammh....hmmmaa.....uhmm....ahhh...ohhh.....

Ahh....mer......kakuuuhhhhh.....or......jor.......sehhh....karo....or.....jor.....seeeehh अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह हो हहह होऊ हहहह अह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह ोूह अह्ह्ह ओह्ह्ह Ohhh....chodohhhh...apniihhh...bhatijihh...kohhhh...aaaahmmm...

और अनन्य झाड़ जाती है

जेठालाल के लुंड को भिगोते हुए अनन्य का गरम रास उसकी छूट से बाहर आने लगता है

अनन्य की आँखें मदहोशी से बंद होने लगती है और वो जोरो से चखन्ने लगती है






अह्ह्ह्होऊ........ ओह्ह्ह्ह......... ाहूओ...... अह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... Kakuhhhhhh...ahoo..... ाहहु...... ाहाहहहह्म्म..... अह्ह्ह्हह्म्म....... अह्ह्ह्हह..... अह्ह्ह... ओह्ह्ह्हह... ओह्ह्ह्ह..... ुह्ह्ह्हह्ह...... अह्हह्ह्ह्ह .......हम्म्म्म्म अह्ह्ह्हहह्म्म..... अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्म्म....... अह्ह्ह्हह....

जेठालाल अनन्य को घुमा देता है और पीछे से छोड़ने लगता है






अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...kakuuhhhhhhh Ii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmhm...ummm....ahh...uhh....

अनन्य जेठालाल को पीछे घूम कर देख रही थी और जोरो से सिसकियाँ ले रही थी

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...kakuuuuhhh....uhmm....chodoohhh मुझेयह ...Uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....chodfohhhh....mujheehh....ahhmm....uhmm....

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... Fuckkkkk...ahhhh.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...kakuhhhh Ii....uhmm...uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Fuckkkkhh...ahhh फुकककक तिसस्स फिलसस लिखी हीवेन्न Ahhhm...fuckk

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh........

Uhhhmm....ahhmm...ahhhh........uhhhh..... Ahhhh....ahhhh

अह्ह्ह अह्ह्ह्ह Ahhhh......ohhhm उह्ह्ह.... अहंम Uhhh.....uhhhh

अह्ह्ह्ह.....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...

Ahmm....uhhh....ahhh...ahmm... Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....

Ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm......






ककूऊऊऊह्हह्ह.......... .......... ककुंठहहहह.............................. Kakuhhhh....................kakuhhhh....................kakuuuuhhhh.......... .......... Ahhhh....kakuuuuhhhhhhh........

अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...... ओह्ह्ह्ह...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्हम्म..... अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह.... Ahhhh....ahhhhmmm...... अह्ह्ह्ह..... अह्ह्ह्ह.... अह्ह्ह्ह....

Ummmm.....ahmmmm...uh....ummmm...kakuuuuhhh....uhmm....chodoohhh मुझेयह ...Uhhh..ahhh...mmm...ummm..ahmmm....ahhmm....uhh...uhhh

Ahm....ammmm...ummm....ahh...uhh....chodfohhhh....mujheehh....ahhmm....uhmm....

और ऐसे Hi आहे भड़ते हुए अनन्य एक बार और झाड़ जाती है

अनन्य की छूट का वो गरम एहसास जेठालाल को भी मदहोश कर देता है और उसका माल भी निकलने लगता है और दोनों साथ में झाड़ जाते है






ाहहममम...... अनन्य को तो जैसे परम सुख मिल गया था अनन्य जेठालाल का लुंड छूट में लिए Hi बिस्तर पर गिरकर हाफने लगती है

जेठालाल भी अनन्य के ऊपर गिर जाता है और खुद को नियंत्रित करने की कोसिस करता है

तो दोस्तों इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम होता है उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा थोड़ा सपोर्ट बढ़ाओ यारो प्यारे प्यारे कमैंट्स करो कमैंट्स में स्टोरी को डिसकस करो तभी तो लखने में भी मज़ा आएगा
 


सेक्स का जमाना अपडेट 45

तोह यारो जैसा की हमने अबतक स्टोरी में देखा की कैसे तारक अपनी Hi बात को भूल चूका था और अंजलि से झगड़ा करता है तभी सभी के फ़ोन पर भिड़े का एक अजीब सा मैसेज आता है जिसे देख कर सभी घबरा जाते है




जेठालाल अनन्य के साथ अपने कुछ मोमेंट्स शेयर करता है और दोनों एक दुसरे के करीब आ जाते है

वही टापू और दया को सेक्स करते हुए बापूजी देख लेते है और कटरीना को भी इसमें शामिल करते है और टापू कटरीना की तो बापूजी दया की मारते है



इधर जेठालाल अनन्य का क्लीवेज देख कर अपना लुंड हिला रहा होता है तब अनन्य जाग जाती है और फिर दोनों के बीच जोरदार सेक्स होता है इसी बीच एक छोटा सा सन दीखता है जिसमे गोली को उसकी माँ के सोढ़ी के साथ हुए सेक्स के बारे में पता चलता है चलिए अब आगे बढ़ते है

गोली के लिए सब कुछ बदल गया है. उस रात के बाद, उसका अपनी माँ कोमल के साथ हर पल अजीब होने लगता है. पहले जो प्यार भरा रिश्ता था, अब उसमे एक हैवी टेंशन आ गयी है. गोली अपनी माँ से बिलकुल अलग रहने लगा है, उससे बात करते वक़्त अवॉयड करता है और जब भी कोमल पास आती है, वह चुप हो जाता है.




सुबह हो चुकी है

कोमल किचन में ब्रेकफास्ट बना रही होती है. गोली डाइनिंग टेबल पर बैठा होता है, लेकिन वह अपनी माँ की तरफ देख नहीं पाटा. कोमल उसके लिए सब कुछ प्यार से करती है, लेकिन गोली का रिएक्शन बिलकुल कोल्ड होता है.

कोमल (प्यार से):

गोली, बीटा, आज तेरा फेवरेट पोहा बनाया है. जल्दी खा ले, कॉलेज का टाइम हो रहा है.

गोली सिर्फ एक हल्का सा घूरते हुए, हम्म, कहता है, बिना कोई एक्ससिटेमेंट दिखाए. पहले तोह वह माँ के हाथ के खाने के लिए काफी एक्ससिटेड होता था, लेकिन अब हर चीज़ मैकेनिकल सी लगती है.

कोमल को उसका यह बदला हुआ बिहेवियर नोटिस होता है. वह थोड़ा परेशां होती है, लेकिन अपने आप को सँभालते हुए सोचती है की शायद यह टेम्पररी फेज है.

कोमल:

क्या हुआ, गोली? सब ठीक है न?

गोली सिर्फ हाँ में सर हिलता है, लेकिन आँखों में कोई चमक नहीं होती. उसका चेहरा खुद के इमोशंस को छुपा नहीं पाटा.




गोली नास्ता कर के कॉलेज के लिए निकल जाता है

सोसाइटी कंपाउंड में उसे पूरी टापू सेना मिलती है अलोंग विथ अनन्य एंड प्रणाली




गोली को छोर कर सभी के चेहरे पर एक अलग सी चमक थी

पिछले दिनों Hi सभी ने जोरदार सेक्स किया था

टापू ने दया के साथ

सोनू ने भिड़े के साथ

गोगी ने प्रणाली के साथ

टापू ने कटरीना के साथ

अनन्य ने जेठालाल के साथ

पिंकू साइड में होकर प्रणाली को देख रहा था प्रणाली शर्माते हुए उस से नज़र मिलाने की कोसिस कर रही थी

सभी कॉलेज के लिए निकल जाते है

दूसरी तरफ जेठालाल अपने फ्लैट पर पहोच जाता है और दया से उसको पिछली रात की साड़ी बात पता चलती है

जेठालाल के चेहरे पर चमक आ जाती है और वो कल रात की घटना दया को बताता है

दया शॉकेड रह जाती है

दया : अरे वाह टापू के पापा आप तो रुकने का नाम Hi नहीं ले रहे एक के बाद एक नयी छूट आपके लुंड पर उछाल रही है

जेठालाल : तो तू कौन सा रुक रही है

पहले बापूजी फिर वो िएर और अपने बेटे से भी थूक गयी तू तो

दया : क्या आप भी टापू के पापा

जेठालाल : शर्मा ले शर्मा ले अभी तो वो सेक्स वाला कम्पटीशन बाकी Hi है

दया : मुझे तो बस उसी का इंतज़ार है बस टापू के पापा

जेठालाल : अच्छा जी

दया : हां जी

तभी पोईचे से बापूजी आते है और जेठालाल की पीठ थप तपते है

जेठालाल : अरे क्या हुआ बापूजी

बापूजी : अपने बाप को मत सीखा चेहरे देख कर बता देता हु किसने क्या किया है

जेठालाल : लो आपको भी पता चल गया

बापूजी : और नहीं तो क्या और तुझे बता दू कटरीना तैयार है तेरे साथ सुहागरात मानाने के लिए

जेठालाल : अच्छा तो ये बात है

बापूजी : और पता नहीं क्यों मुझे कुछ अजीब सा महसूस हो रहा है

जेठालाल : लगता है आपकी बहु ने आपकी जान निकल दी है

बापूजी : अरे ऐसी सेक्सी बहु को कौन ससुर ना छोड़ना चाहे

और दया के गांड पर स्पंक कर देते है

जेठालाल : अब तो अपने घर में सभी ने एक दुसरे के साथ सेक्स कर लिया है क्यों न घर में अबसे हम नंगे Hi घूमे ताकि जब जिसका खरा या गीला हो सेक्स करने लगे

बापूजी : वाह अच्छी तरकीब है बीटा

दया : क्या बापूजी आप हां बोल रहे हो अगर को अनजान आदमी आ गया तो क्या होगा

बापूजी : तोह क्या तू उसके तातो का पानी निकल देना और क्या

और सभी हसने लगते है

जेठालाल : अच्छा बापूजी बोहोत हो गयी बकचोदी अब मई दूकान चलता हु जय जिनेन्द्र

दया और बापूजी : जय जिनेन्द्र

जेठालाल मैं गेट के पास पहोचता Hi है की उसके सामने कटरीना गीले बालो में

एक सेक्सी बिकिनी में प्रकट हो जाती है

जिसे इतने सेक्सी अंदाज़ में देख कर जेठालाल का लुंड एक Hi झटके में खरा हो जाता है








दोनों की नज़र एक दुसरे से टकरा जाती है




कटरीना उसके सामने कड़ी होती है, एक प्यारी मुस्कराहट के साथ.

कटरीना (मुस्कुराते हुए):

Hello, मर. जेठालाल! कैसे हो आप?

जेठालाल का दिल एकदम से तेज़ धड़कने लगता है. वह एक हलकी नर्वस स्माइल के साथ जवाब देता है.

जेठालाल (थोड़ा शर्माते हुए):

जी... मैं ठीक हूँ. आपको देखकर तोह... मैं एकदम Garden-Garden हो गया!

कटरीना हंस पड़ती है, उसके एक पल के लिए एक्सप्रेशन थोड़ा फ्लिर्टी हो जाता है.

कटरीना (मुस्कुराते हुए):

Garden-Garden, हँ? आपके गार्डन में फूल तोह अचे से खिलते होंगे?

जेठालाल (डबल मीनिंग में):

हाँ जी, बिलकुल! बस अब सोच रहा हूँ एक ऐसा गार्डनर मिल जाये, जो रोज़ इन फूलों को पानी दे... तभी तोह और अचे से खिलेंगे.

कटरीना की आँखों में एक शरारत सी दिखाई देती है. उसका जवाब भी डबल मीनिंग में होता है.

कटरीना (हलकी मुस्कराहट के साथ):

गार्डनर तोह मिल Hi जायेगा, लेकिन पानी का प्रेशर भी सही होना चाहिए, तभी फूल अचे से खिलेंगे.

जेठालाल अब थोड़ा ज़्यादा शर्माने लगता है, लेकिन अंदर Hi अंदर मज़ा ले रहा होता है.

जेठालाल (मुस्कुराते हुए):

बिलकुल... अगर पानी का प्रेशर ठीक हो, तोह फूल हमेशा खिलते Hi रहेंगे!

कटरीना अपनी आँखें थोड़ा चौरी करते हुए उसके डबल मीनिंग को समझ जाती है, लेकिन वह भी इस प्लेफुल कन्वर्सेशन का मज़ा लेती है.

कटरीना (नॉटी टोन में):

तोह फिर आपको किसी दिन ज़रूर गार्डनर से मिलवाउंगी... और देखना चाहूंगी के आपके गार्डन के फूल कितने अचे खिलते हैं.

जेठालाल थोड़ा और ब्लश करने लगता है, लेकिन अपने आप को सँभालते हुए बोलता है.

जेठालाल:

जी... ज़रूर! आप जैसे गार्डनर के हाथ लग जाए, तोह गार्डन तोह क्या, पूरा जंगल भी सज जाए!

कटरीना है पड़ती है, लेकिन उसका फ्लिर्टी अंदाज़ बरकरार रहता है.

कटरीना:

जंगल तोह संभालना पड़ेगा, जेठालाल जी... इतना बारे काम है. आप रेडी हो इसके लिए?

जेठालाल का चेहरा एकदम लाल हो जाता है, लेकिन वह अपनी मुस्कराहट नहीं रोक पाटा.

जेठालाल (हलकी सी शर्माहट के साथ):

रेडी हूँ जी... आपका गार्डनर हूँ न!

कटरीना हंसने लगती है, और दोनों के बीच एक प्लेफुल, फ्लिर्टी कन्वर्सेशन छोड़ी देर तक चलती रहती है. जेठालाल अंदर Hi अंदर कटरीना के साथ इस लइथेरटेड और डबल मीनिंग वाली Baat-Cheet का मज़ा ले रहा होता है.

जेठालाल अपने से निकलता है और उसे सोसाइटी कंपाउंड में रीता दिखती है




जेठालाल: (थोड़ा कासुअल अंदाज़ में) अरे रीता, तुम यहाँ कैसे? कहीं जा रही हो?




रीता: (थोड़ा सुरप्रीसेड) हाँ जेठा भाई, बस थोड़ा काम था, सोच रही थी मार्किट के पास जाऊं.

जेठालाल: (थोड़ा मिस्चियवौसल्य, अपनी टिपिकल स्टाइल में) अरे वाह, ऐसे कैसे मार्किट? तुम मेरे साथ दूकान चलो. वैसे भी, पोपटलाल के शादी के बाद कुछ बातें बाकी हैं.

रीता: (हलकी सी हास्य के साथ) नहीं, जेठाज भाई, दूकान जा कर क्या करुँगी मैं?

जेठालाल: (थोड़ा ज़िद्द से) नहीं, तुम्हे चलना पड़ेगा. वैसे भी, तुम्हारा पर्स गलती से पार्टी में रह गया था, मेरे पास है. चलो, वहां देते हैं.

रीता: (सुरप्रीसेड) अरे, मेरा पर्स आपके पास है? मैंने ध्यान Hi नहीं दिया...

जेठालाल: (थोड़ा तैसिंगलय) हाँ हाँ, मैंने सोचा तुम्हे याद दिलाने का एक बहाना मिल गया.

जेठालाल रीता को अपने साथ दूकान ले जाता है. दोनों रिक्शा में बैठ कर दूकान के तरफ निकलते हैं. जेठालाल रास्ते भर रीता से बातें करता रहता है.

जेठालाल: (थोड़ा प्यार से) रीता, वैसे तुम शादी के बाद से कुछ उदास लग रही हो. सब ठीक है न?

रीता: (हलकी सी मुस्कान के साथ) नहीं, जेठा भाई, बस थोड़ी थकान थी. और कुछ नहीं.

जेठालाल: (सीरियस टोन में) रीता, तुम्हारे चेहरे पर जो दर्द है, वह मैं समझ सकता हूँ. अगर कभी बात करनी हो, तोह तुम जानती हो, मैं हूँ.

रीता: (थोड़ा छुपाने की कोशिश करते हुए) नहीं, जेठा भाई, आप गलत समझ रहे हैं. मैं ठीक हूँ.

दुकान पे पोहोंच कर जेठालाल रीता को अंदर बुलाता है.

जेठालाल: (पर्स निकालते हुए) यह लो, तुम्हारा पर्स. मैं तो सोच रहा था की तुम इसे लेने के लिए वापस आने का बहाना बनाओगी, लेकिन तुमने तो याद Hi नहीं किया.

रीता: (थोड़ा ावक्वार्ड) थैंक यू, जेठा भाई. शादी वाली रात को सब इतना Jaldi-Jaldi हो गया, ध्यान Hi नहीं रहा.

जेठालाल: (हलकी मुस्कान के साथ) बस बस, यह पर्स ले लो, और हाँ, अगर कुछ और याद आया तोह बता देना. और तुम कभी भी आके बैठ सकती हो यहाँ. हम बैठ के चाय वाली बातें करेंगे.

रीता: (शरमाते हुए) आप हमेशा इतने स्वीट क्यों होते हो, जेठा भाई?

जेठालाल: (थोड़ा तैसिंगलय) अरे, तुमने पहले ध्यान नहीं किया क्या?

रीता : अरे दिया था लेकिन वो तो आप Sirf..khair जाने दीजिये मई चलती हु

जेठालाल : अरे रीता बताती तो जाओ मई तो सिर्फ क्या

रीता : बाद में मिलकर बताउंगी

रीता पर्स ले लेती है और जेठालाल के साथ थोड़ी देर की बात रीता को बोहोत लाइट महसूस करवाती है दोनों के बीच Halka-Phulka मज़ाक होता है, लेकिन उनके एक्सप्रेशंस से दीखता है की दोनों एक दुसरे की फीलिंग्स को समझने की कोशिश कर रहे हैं.





सन कट होता है अब रात हो चुकी है

रात को डिनर के वक़्त भी कुछ ऐसा Hi होता है. कोमल और हाथी टेबल पर बैठ कर डिनर कर रहे होते हैं, लेकिन गोली छुप चाप अपना खाना खता है.




हाथी (हस्ते हुए):

अरे वह, आज तोह सब्ज़ी बोहोत टेस्टी बानी है! कोमल, तुम तोह कमाल करती हो!

कोमल मुस्कुराने की कोशिश करती है, लेकिन उसकी नज़र गोली पर होती है जो बिना कोई रिस्पांस दिए सिर्फ अपने प्लेट की तरफ देख रहा होता है. उसका ये ऐटिटूड कोमल को दुःख देने लगता है.

कोमल (हलके से):

गोली, खाना कैसा बना है?

गोली एक पल के लिए रुकता है, फिर बिना आँखें मिलाये बस इतना कहता है:

गोली:

ठीक है...

कोमल को अब समझ नहीं आ रहा था की यह डिस्टेंस क्यों बढ़ रहा है. उसका मैं करता है की गोली से पूछे, लेकिन वह समझ नहीं पाती की कैसे बात शुरू करे. गोली का ये अलग बिहेवियर कोमल के दिल को चुभ रहा है, लेकिन वह हेल्पलेस महसूस करती है.

एक शाम कोमल गोली के कमरे में जाती है. वह चाहती है की अपने बेटे के साथ बैठ के बात करे, लेकिन गोली उसके साथ बैठना Hi नहीं चाहता. जैसे Hi कोमल उसके पास आती है, गोली अपने फ़ोन पर बिजी दिखने लगता है.

कोमल (धीरे से):

गोली, तू मुझसे बात क्यों नहीं कर रहा है? पहले तोह तू कभी ऐसा नहीं करता था.

गोली सिर्फ इतना कह कर ताल देता है:

मैं ठीक हूँ, माँ. बस पढाई का प्रेशर है.

लेकिन कोमल जानती है की बात कुछ और है. उसके और गोली के बीच एक अजीब सा गैप बढ़ता जा रहा है, और वह कुछ नहीं कर पा रही है. हर रोज़ उससे लगता है की गोली कुछ छुपा रहा है, लेकिन वह अपने मैं की बात बता नहीं पाटा.

उसी रात कोमल किचन में काम कर रही होती है, जब गोली किचन से गुज़र कर निकलता है. जैसे Hi कोमल उससे गुड नाईट कहती है, गोली बिना जवाब दिए निकल जाता है. कोमल का दिल एकदम से भारी हो जाता है. वह समझ नहीं पाती की अपने बेटे को कैसे वापस पाए.

कोमल खुद से बात करती है, खुद को सँभालते हुए:

क्या हो गया है मेरे गोली को? वह मुझसे दूर क्यों हो गया है... क्या गलती मेरी है?

सन ख़तम होता है कोमल के कन्फ्यूज्ड और ब्रोकन एक्सप्रेशन के साथ, जब वह खुद भी समझने की कोशिश कर रही होती है की यह सब क्यों हो रहा है.

अपडेट 45 (Maa-Beta)

तो दोस्तों इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम होता है उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा. यारो प्यारे प्यारे कमैंट्स करो कमैंट्स में स्टोरी को डिसकस करो तभी तो लिखने में भी मज़ा आएगा




 


सेक्स का जमाना अपडेट 46

रीड थे स्पेशल मैसेज इन थे एन्ड प्लीज




रात का समय था, घर में सब कुछ शांत था. क्लॉक की Tik-Tik बस एक हलकी आवाज़ बना रही थी. कोमल अपने बिस्तर पर लेते हुए हाथी की तरफ देखती है, जो ज़ोर से खर्राटे मार रहा था. उसके दिमाग में गोली का दूरी बनाते रहना घूम रहा था, और यह टेंशन उसे चैन से सोने नहीं दे रही थी.

पानी पीने के लिए जाते हुए, कोमल को गोली के कमरे से कुछ आवाज़ें सुनाई देती हैं. डर और क्यूरोसिटी के मिक्स इमोशंस के साथ, वह धीरे से गोली के कमरे का दरवाज़ा धक्का देती है. उसने जो देखा, उसने उसके होश उदा दिए. गोली लैपटॉप के सामने बैठा था, एक पोर्न वीडियो चल रही थी. उस वीडियो की औरत बिलकुल कोमल जैसी लग रही थी. और सबसे ज़्यादा चौखाने वाली बात थी की गोली अपनी माँ का नाम लेते हुए खुद से बातें कर रहा था.

कोमल के चेहरे पर एक हलकी सी गैप होती है, पर गुस्से के बजाये, वो अपने इमोशंस को संभालती है. वो डीडे करती है की यह वक़्त गोली को कोंफ्रोंट करने का है. धीरे से अंदर आकर, वो दरवाज़ा बंद करती है और अपनी आवाज़ को नरम रखते हुए कहती है.

कोमल (धीरे से लेकिन ठोस): गोली.

गोली एक दम से हिला, जैसे बिजली से झटका लग गया हो. उसका चेहरा एकदम से हार्ड हो गया, और उसने जल्दी से लैपटॉप बांध कर दिया, लेकिन सच तोह सामने आ चूका था.

गोली (घबराते हुए): M-Ma… मैं… मैं...

कोमल उसके पास बिस्तर पर बैठ जाती है, उसका चेहरा शांत, पर गंभीर.

कोमल: तू यह सब देख रहा था, गोली? मैं समझती हूँ की तेरी आगे ऐसी है, लेकिन जो मैंने सुना… तुमने जो कहा…

वो एक सेकंड के लिए रूकती है, उसकी आँखें गोली के चेहरे पर टिकती हैं.

कोमल: बीटा, तू अपनी माँ को इस नज़र से नहीं देख सकता. यह गलत है.

गोली की आँखों में आंसू आ गए. वो धीरे से बोलै, माँ, मुझसे गलती हो गयी…

कोमल उसके कंधे पर हाथ रखती है, एक गहरी सांस लेते हुए.

कोमल: मैं तुझे समझती हूँ. और मैं तुझे डांटना नहीं चाहती. लेकिन मैं तुझे एक सच बताना चाहती हूँ, एक सच जो शायद तू समझ पाए. तेरे पापा… हाथी… वो मुझे पूरी तरह से सटिस्फी नहीं कर पाते.

गोली का मुँह खुल जाता है, वो एकदम शॉक में था अपनी माँ के मुँह से यह सब सुन कर.

कोमल: इसलिए मैंने अपनी ज़िन्दगी में एक दुसरे इंसान को जगह दी… सोढ़ी को. हाँ, मैं सोढ़ी के साथ इंटिमेट हुई हूँ. शुरू में मुझे भी अजीब लगा, लेकिन कभी कभी हम ऐसे रास्ते पे चले जाते हैं जहा हमें नहीं जाना चाहिए, लेकिन फिर भी हम वह जाते हैं

गोली ने आँखों को झुका लिया, उसके इमोशंस का तूफ़ान उसके अंदर चल रहा था.

कोमल: बीटा, जो तूने देखा और सुना, वो सच है. लेकिन यह बात तेरी पापा तक नहीं पहुंचनी चाहिए. यह हम दोनों का सीक्रेट है, और मुझे तुझे सच बता कर Hi यह समझने का मौका मिला है.”

कोमल उसके पास और करीब आयी, उसके घबराते हुए चेहरे को देखते हुए.

कोमल: तू छोटा नहीं है, अब तू समझ सकता है की रिलेशनशिप्स में क्या होता है. लेकिन इस बात को अपने तक रखना. तेरे पापा को पता नहीं चलना चाहिए, और ये राज़ सिर्फ हमारे बीच रहेगा.

गोली अब भी शॉक में था, लेकिन उसने धीरे से हाँ में सर हिला दिया.

रात अब और गहरा गयी थी. कोमल अपने इमोशंस को शांत करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अंदर Hi अंदर वो गोली के हाल पर परेशान थी. उसने अब तक अपने बेटे को एक इनोसेंट बच्चा समझा था, लेकिन जो आज देखा, उसने उसका विश्वास हिला दिया था. फिर भी, उसने डीडे किया की सच बोलकर सब ठीक कर देगी.

कोमल खड़े होकर जाने वाली थी की गोली ने एकदम से अपनी आवाज़ थोड़ी थीखाने लगायी.

गोली (धीरे से, लेकिन एक अजीब मुस्कान के साथ): माँ, अगर तुम चाहती हो की मैं ये सब सीक्रेट रखूँ, तोह एक शर्त है

कोमल एकदम चौक गयी. उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया, लेकिन अंदर एक अजीब सी असहज फीलिंग भी थी

कोमल (गुस्से में): शर्त? तुझे शर्म नहीं आती ऐसे बात करते हुए अपनी माँ के साथ? कैसी शर्त?

गोली अपनी आँखों में एक अलग सी चमक लेके कोमल की तरफ देखता है, और उसके चेहरे पर एक ट्विस्टेड सी स्माइल आयी

गोली (अजीब कॉन्फिडेंस के साथ): मुझे यह सब सीक्रेट रखने के लिए, तुम्हे मेरे साथ इंटिमेट होना पड़ेगा. तुमने सोढ़ी के साथ जो किया, वैसे Hi मेरे साथ करना होगा

कोमल के हाथ एक पल के लिए ठन्डे पद गए. उसकी आँखें गुस्से और चौकने के मिलते इमोशंस से भरी थी

कोमल (तेज़ गुस्से में): पागल हो गया है तू? मैं तेरी माँ हूँ! तू समझता क्या है? मैं कभी यह सब नहीं करुँगी!

लेकिन गोली ने अपने हाथ बढ़के उसका रास्ता रोक लिया. उसके चेहरे पर अब एक अलग Hi ओबसेशन की झलक थी

गोली (एक डार्क टोन में): माँ, अब तुम्हे कोई चॉइस नहीं है. मैंने जो देखा, वो सब पता चल गया है, और अगर तुम नहीं चाहती के पापा या किसी और को यह सब पता चले, तोह तुम्हे यह करना होगा

कोमल के हाथ थरथरा रहे थे, उसके अंदर का गुस्सा बढ़ रहा था.

कोमल (दांत कर): निकल यहाँ से, गोली! अभी के अभी!

लेकिन गोली एकदम से आगे बढ़ता है और कोमल के हाथ पकड़ लेता है. कोमल को कुछ समझ नहीं आता, लेकिन वो उसका हाथ छुड़ाने की कोशिश करती है.

गोली (अपनी माँ को ज़ोर से रोकता हुआ): मुझे यह सब चाहिए, माँ. तुम्हे करना Hi पड़ेगा!

कोमल गुस्से में चिल्लाते हुए अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन गोली अपनी ज़िद्द नहीं छोड़ रहा था. उसका ओबसेशन उसके दिमाग पर छाया हुआ था.

कोमल (चिल्लाते हुए): छोड़ मुझे, गोली! मैं तेरी माँ हूँ!

लेकिन गोली अपने हाथ और बढ़ाते हुए कोमल को अपनी तरफ खींच लेता है. कोमल की आँखें आंसुओं से भर गयी थी. उसका चेहरा गुस्से और दर्द से लाल हो गया था, लेकिन गोली के ऑब्सेशन्स ने उसे अँधा कर दिया था.

जब गोली ने अपनी माँ के साथ ज़बरदस्ती करनी शुरू की, कोमल ने पूरी ताक़त लगाके उससे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसके हाथ पाऊँ कमज़ोर पद गए. जस्ट तभी, एक ज़ोर से आवाज़ होती है – हाथी की एंट्री होती है!

हाथी ने जो देखा, उसके होश उड़ गए. उसकी आँखें एकदम से खुली रह गयी, उसका चेहरा एक अजीब से हॉरर और डिस्बेलिएफ में था.

हाथी (शॉक में, गुस्से से दांत कर): यह क्या कर रहे हो तुम दोनों?!



अपडेट 46 (रिश्तों की दरार) फट. कोमल एंड गोली

इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है अगले अपडेट में हम देखेंगे आगे की कहानी बस अगले अपडेट के लिए आप सभी को लम्बा इंतजार करना पड़ेगा




इस अपडेट के साथ सेक्स का जमाना (टंकोच) एक छोटे से ब्रेक पर जा रहा है

अगला मैसेज अब मई एक वीक बाद डालूंगा

एक्सट्रेमेली सॉरी!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!




 
अपडेट 47 रेलसिंग टुमारो
 
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