Adultery Raj-- hero of the family - Page 99 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 267



हार्ड हिट

नरपत “ फाड़ दूंगा सालो को तू फ़िक्र मत कर मेरे हथियार इस बार मेरे साथ होंगे”

“और हल्क तुम्हे पता हे ह की क्या करना ह”

अभय ने अपनी दोनों मुठिया आपस मई टकरा कर बता दिया की वो क्या करने वाला ह

“ और मैं उनके लीडर को रोकूंगा चाहे कुछ भी हो जाये… चाहे कोई मरे या घायल ho…..hume इन कुत्तो… को राज के आने तक बचो और पूनम तक पहुंचने से रोके रहना ह”

तभी अज्जू का एआरपीएस मई मैसेज आया “ सुनील उदयपुर मई एक बड़ा धमका सिंह ट्रैफिक सिग्नल पर हुवा ह और एक बड़ा धमका पुलिस कमिश्नर ऑफिस मई हुवा ह मतलब वो आने वाले ह …वेट वेट एक और धमका डेली न्यूज़ के मीडिया ऑफिस मई हुवा ह” इतना कहते कहते कहते सिग्नल डिसकनेक्ट हो गया

सुनील एक पल रुका और बोलै “सिग्नल डिसकनेक्ट हो गया ह मतलब वो लोग आरहे ह”

और सुनील की बात सुनकर सबके चेहरे के भाव पूरी तरह बदल गए…

मनीषा तेज़ी से चलती हुवी बैठी हुवी लेडीज के ग्रुप की तरफ आयी उसके पीछे दोनों मित्युदूत्स अपनी फुल कॉम्बैट ब्लैक ड्रेस मई हथियारों के साथ चल रहे थे…. मित्युदूत की हिघ्त और लुक देखकर सभी जनि चौंक गयी जबकि कविता ममता ऋचा और अनु और बाकि सब जो दोनों को जानती थी वो सीरियस हो गयी और कड़ी हो गयी उन्हें कुछ कुछ अंदाज़ा हो गया था की कुछ बहुत सीरियस होने वाला ह ..उनका दिल तेज़ तेज़ धड़कना सुरु हो गया किसी उन्होनी की आशंका मई

मनीषा पास पहुंचकर “ कृति तुम मेहमानो के साथ सीक्रेट रस्ते से अभी के अभी निकल जाओ”

कृति “ पर क्या हुवा ह”

मनीषा “ कृति कोई सवाल जवाब नहीं सब तीख होते हे मैं खुद बुला लुंगी और जब तक मेरा कॉल नहीं ए कोई कांटेक्ट नहीं करना ह ok”

कृति ने है मई गर्दन हिलायी और मेहमानो को लेकर चली गयी

मनीषा आगे बोली “ ममता अनु कविता श्वेता रिफत तुम नेहा प्रीती जैस्मिन और शालिनी को लेकर यंहा से 100 दूर निचे सीक्रेट चैम्बर ह वंहा छिपी रहोगी जब तक अज्जू या श्रुति का मैसेज न ए या कोई और तुम्हे लेने नहीं ए पर तुम खुद से बहार नहीं होगी ok”

अभी उसकी बात पूरी हुवी थी की अनु बोल पड़ी “नहीं भाभी हम कंही नहीं जा रही ह मुझे नहीं पता क्या हो रहा ह या क्या होने वाला ह पर अब नहीं भागुंगी राज ने गन चलनी सिखाई ह इतना कह उसने अपनी बैक से गन निकल कर सामने राखी और बोली “मुझे उसने मुम्बई मई हे कह दिया था की चाहे कुछ भी हो जाये गन अपने से दूर मत होने देना और मैंने अज्जू और श्रुति से पूरी ट्रेनिंग ली ह”

उसकी बात सुनकर शालिनी और जैस्मिन भी बोली हमे राज ने ट्रेनिंग के लिए ऐसे हे वक़्त के लिए हमे भेजा ह …जायदा नहीं पर दो तीन को तोह हम अकेले अकेले संभल लेंगी”

मनीषा गुस्सी से शट उप “ ये कोई खेल नहीं ह तुम अभी नहीं जानती हो की कौनसी मुसीबत आरही ह .. ” फिर पूनम और बचो की तरफ इशारा करके “वो लोग गिनती मई हज़रो मई ह और सिर्फ इनके लिए आरहे ह और हम उन्हें इंटीनो मई से किसी को भी किसी भी कीमत पर ले जाने नहीं दे सकते ह समझी तुम सब इसलिए अब अपनी बकवास बंद करो और जो कह रही हो वो करो” फिर पलट कर मित्युदूत अंकल आप इन्हे लेकर जाईये”

मित्युदूत्स ने उन्हें चलने का इशारा किया पर उनमे से कोई भी नहीं हिली और सभी पूनम और बचो के आगे आकर कड़ी हो गयी और उनका रिएक्शन देख मनीषा सब समाज गयी ….की उन्होंने अपना मन बना लिया h…preeti एक कदम आगे बढाकर बोली

प्रीती “ मेरा और नेहा का राज ने उस बुरे वक़्त मई साथ दिया था जब हमने जीने की उम्मीद छोड़ दी थी और आज जब उसकी फॅमिली की बरी आयी तोह हम पीठ दिखा कर चले जाये नहीं ऐसा नहीं करेंगी हम दोनों बहने हम यही कड़ी रहेंगी आपके साथ कदम से कदम मिलकर जो कर सकती ह वो करेंगी ..फिर चाहे किसी को मरना हे पड़े या खुद मरना पड़े….”

उसकी बात पूरी होते हे जैस्मिन बोल उठी “ मैं भी पीछे नहीं हटने वाली हु राज सर मेरे गुरु ह और एक शिष्य कभी अपने गुरु को अकेला नहीं छोड़ता ह”

यही आगे बढ़ कर शालिनी ने कहा…

सबकी बाते सुनकर मनीषा की आँखों मई पानी आगया …उसे उम्मीद नहीं थी की ये सभी इस हद तक राज को अपना मैंने लग गयी ह

मनीषा “शालिनी और जैस्मिन तुम दोनों हवेली के सामने की तरफ नज़र रखोगी” फिर पलटकर “अंकल आप इनदोनो को गन दे दीजिये और प्रीती नेहा तुम दोनों बाकि सबके साथ मिलकर घायलों का धयान रखोगी ….और तुम श्वेता बहार क्या चल रहा उसका अपडेट देती रहोगी और उसी के हिसाब से अपनी शैडो फिघ्टर्स टीम को एक्शन के लिए आर्डर डौगी और अंदर भी धयान रखोगी”

श्वेता “ तीख ह भाभी”

प्रीती “तुम्हारी फिघ्टर्स टीम क्या मतलब इस बात का”

मनीषा चली गयी बिना जवाब दिए पर कविता पास आकर बोली “ मेरी और श्वेता की सेफ्टी के लिए राज भाई ने पूरी वारियर्स की एक टीम राखी हुवी ह जो बिना सामने ए हुवे हमारी प्रोटेक्शन करती ह यंहा मौजूद गॉर्ड गार्डनर वेटर या डेकोरेशन वाला वो सब हमरे हे फिघ्टर्स ह और वो जो दो 7 फ़ीट के शख्स देखे थे भाभी के साथ वो राज भाई के प्रोटेक्टर्स थे जो अब मनीषा भाभी और हवेली की प्रोटेक्शन देखते ह …और सबसे खास बात मनीषा भाभी खुद एक बहुत अछि फाइटर ह”

नेहा छोङकर “हहहहहह”

श्वेता “ है अब आप लोग जितनी जल्दी हो सके मेडिकल के लिए बेसमेंट मई जगह होगी वंहा तयारी करवाईये हम अपनी जिमि दरी संभालती ह इतना कह उसने अपने मू मई ऊँगली दाल कर सिटी बजायी तोह चाँद सेकण्ड्स मई एक के बाद एक फिघ्टर्स श्वेता के आगे खड़े हो गए ….

श्वेता “ चार जाने हवेली के बैक साइड और चार जाने रूफ से चारो तरफ निगरानी रखे कोई भी हवेली के अंदर न घुस पाए और बाकि हमारे साथ रहेंगे”

फिघ्टर्स के लीडर ने तुरंत आदेश दिया और सबको आर्डर दे diya..puri हवेली कुछ हे दिएर मई हाई अलर्ट पर हो गयी थी जंहा सिर्फ ब्लैक शैडो वारियर्स की टीम और हवेली की प्रोटेक्शन वाले वारियर्स थे …और हवेली के आगे सुनील अभय भीमा राजीव नरपत और खड़े थे

दूरसे उन्हें इंस्पेक्टर खान एते हुवे दिखाई दिए…

राजीव “ क्या खबर ह”

खान “ सूरज डूबता हे अटैक कर देंगे और अटैक चारो तरफ से होगा …चार गैंग ह”

राजीव ने सुनील की तरफ देखा ..

सुनील “ अभय तुम्हे पता हे ह क्या करना ह….”

अभय ने दोनों मुठिया आपस मई टकरा दी…. फिर सुनील नरपत सिंह की तरफ देख कर “ आपको भी स्कोर्पियन ट्राइब वालो के मेंबर को रोकना ह और भीमा अंकल आप बाकि सबको हवेली के पास एते हे मार देना”

सुनील की बात सुनकर भीमा ने अपने हाथ मई पकड़ा कुल्हाड़ा हिला दिया फिर राजीव और इंस्पेक्टर खान से कहा सुनील ने “आप दोनों लीडरशिप मई अचे ह आप सबको हवेली से कमांड करेंगे” ये कहते कहते उड़ने हवेली की तरफ देखा जंहा मनीषा दिव्या और पूनम के साथ बचो को अपनी गोदी मई लिए कड़ी thi…wo जो कहना चाहता था उसकी आंखे खुद बोल रही thi…wo अचे से जनता था की आज की लड़ाई बहुत भयानक होने वाली ह ….और जान को सबसे जायदा खतरा होगा”

ऋचा ने मनीषा के दिल की हालत समझली और उसे हीमत बढ़ने के लिए उसके कंधे पर हाथ रख कर बोली “हीमत रखो ..भाई कोई आम फाइटर नहीं ह उन्हें कुछ नहीं होगा”

मनीषा ने अपनी आँखों मई ए आंसुओ को बहने से रोका और बोली … “ इसलिए हे तोह दिल घबरा रहा ह क्योकि वो लड़ेंगे और अंतिम सांस तक लड़ेंगे अपनों को बचने के liye…kaas अभी राज यंहा होता ”

ऋचा बेचारी क्या बोलती उसे खुद समाज नहीं ारः था की कैसे समझाए मनीषा को

दिव्या “ वो आएगा मनीषा वो आएगा उसे या तोह पता नहीं ह या वो किसी मज़बूरी मई फंसा हुवा ह.”

राज साइड ….

एयरपोर्ट पर लेंड करने के बाद…

राज “मैच व्हीकल अर्रंगे करो और तुम माइक अज्जू से कांटेक्ट करो मुझे जानना ह की सब तीख ह न”

माइक ने है मई गर्दन hilayi…toh शेरदिल बोलै “ यार सरप्राइज दे तू सबको तुझे देख कर सब खुस हो जायेंगे और जब तू खुद उनके चेहरों के एक्सप्रेशंस को देखेगा तब तुझे पता चलेगा की तुझे कितना याद किया सबने उस अज्जू के पेट मई बात नहीं पचेगी और वो सबको बता देगा पुरे सरप्राइज की ऐसी तैसी हो जाएगी”

एटर्निटी “ बात मई दम तोह ह राज”

ऐश “ वैसे यंहा से कितना टाइम लगेगा उदयपुर तक का हमे”

शेरदिल “300 कम ह पर मौसम ख़राब ह तोह डोबबले टाइम लग सकता ह”

राज ऊपर आसमान की तरफ देख कर “ये आसमान पहले भी सफ़ेद चद्दर मई लिप्त देखा ह उस दिन भी उन्होनी हुवी थी रही बात सरप्राइज की तोह बस कांटेक्ट हो जाये वंहा बस इतना हे बहुत ह बाकि तुम लोग जो कहो”

रविंदर सिंह “ बचे चले या यही खड़े रखेगा…” इतना कह कर वो एयरपोर्ट के अंदर की तरफ चल दिए और बाकि सब उनके पीछे पीछे आने लगे”

अश्वनी “ वैसे कुछ भी कह ये आदमी ह बड़ा मिस्टिक टाइप पर्सनालिटी”

राज सिर्फ मुस्करा दिया …और बोलै लगता ह तू अब तीख होने लग गया ह”

अश्वनी “ यार वो लिक्विड शानदार ह दर्द महसूस होता हे नहीं ह बस वीकनेस हे महसूस हो रही ह और वो भी काम होती जा रही ह”

एटर्निटी अश्वनी के पास धीरे से बोलते हुवे “ एक वीक मेरे साथ रस्सीए रहना साडी वीकनेस दूर करा दूंगा तेरी”

अश्वनी “ एक शर्ट पर शेरदिल को लेकर चलेंगे बेचारा वर्जिन ह फ़िनलैंड मई भी बच गया था”

एटर्निटी मुस्कारने लग गया और राज के चेहरे पर भी मुस्कराहट आगयी…

अंदर एयरपोर्ट मई रविंदर सिंह ने 2 बोतल उठायी और राज से बोले“ बचे पैसे दे दे”

माइक ने तुरंत कार्ड आगे कर दिया और पेमेंट पैकर दी इतने मई मैच 2 व्हीकल अर्रंगे करके आगया …

मैच “ व्हीकल अर्रंगे हो चुके ह हम अभी हे चल सकते ह पर दिवेर कह रहा था की …रास्ता ख़राब हो सकता ह लैंड स्लाइड्स हुवी ह तेज़ बारिश की वजह से”

राज “हम अभी चलेंगे कोई भी तूफान हमे रोक नहीं सकता ह”

इधर माइक लगातार कांटेक्ट करने की कोसिस कर रहा था…

राज “ शेरदिल एक मोबाइल ले कर आ चाहे किसी का भी हो लगता ह मुझे हे पता करना पड़ेगा”

शेरदिल “ ने इधर उधर देखा तोह एयरपोर्ट के बहार पास हे एक दो जाने बाते कर रहे थे ..वो सीधा उनके पास गया और बोलै “ तुम्हारा मोबाइल चाहिए ह ..सिर्फ एक पेमेंट बोलना”

शख्स ने एक बार उसकी तरफ देखा और पीछे बाकी की तरफ देखा और थोड़ा घबरा गया

शेरदिल “ बुरे लोग नहीं ह हम बस मज़बूरी ह इसलिए चाहिए ह”

शख्स “आप उसे कर लीजिये फिर वापस दे दीजियेगा”

राज भी चलते हुवे उसके पास आगया औरबोला “शेरदिल 5 लाख ट्रांसफर कर दे” फिर शख्स की तरफ देख कर “सिम को आप बाद मई बंद करवा दीजियेगा”

शख्स ने बस है मई गर्दन हिलाड़ी राज मोबाइल लेकर कार मई बैठ गया और बाकि सब भी दोनों कार मई शिफ्ट हो गए राज ने मोबाइल पर भीमा का नंबर डायल किया पर नॉट इन कवरेज एरिया दिखाया …फिर मनीषा का नंबर डायल किया पर शामे रिप्लाई आया फिर सुनील फिर श्वेता कविता अभी का नंबर नॉट इन कवरेज एरिया शो होते हे उसका दिमाग ठनक गया…

उदयपुर..

रात का साया धीरे आसमान को ढकने लगा और भढने लगी मौत की आभा पुरे उदयपुर मई …

उदयपुर मई बम ब्लास्ट की मेल मिलने के बाद पुलिस की तैनाती उन्ही लोकेशन पर होने lagi….taki उन्होनी को होने से रोका जा सके पर उन्हें ये नहीं पता था की ये साडी प्लानिंग थी उन्हें उस उन्होनी से दूर रखने के लिए जो उदयपुर से कुछ कम दूर एक हवेली मई होने वाली थी…

डेथ हेलो इन कॉल “ लीडर पुलिस की तरफ से अब कोई प्रॉब्लम नहीं होगी”

लीडर “गुड” इतना कह लीडर ने कॉल कट किया और अपने सामने खड़े गैंग के लीडर्स से बोलै “ “हंट बेगिंस इन ओने ऑवर”

और इतना सुनते हे सबने घडी मई टाइम देखा जंहा 7 बज रहे थे …और वो सभी वंहा से निकलकर अपनी अपनी गैंग के पास आगये

टाइम 7.30 पं

शट शट shuttt…boommmm एक धमका और आवाज हुवी और पुरे उदयपुर की पावर सप्लाई करने वाले ग्रिड मई आग लग gayi…aur एक के बाद एक पूरा उदयपुर सिटी मई अँधेरा चा गया ….

राजीव “ वो अटैक की तयारी कर रहे ह पुरे उदयपुर मई पावर सप्लाई ऑफ हो गयी ह”

सुनील ने एआरपीएस मई ये सुना तोह उसकी भोंहे सिकुड़ गयी …

टाइम 7.40 पं

Shhhhooooommm…srrrrrr…ek तेज़ शॉक वेव सी महसूस हुवी और हवेली की पावर सप्लाई भी थप पद गयी”

डेथ हेलो “ ये क्या था”

सुनील “मैंने सिर्फ सुना था पर ये टेक्नोलॉजी इनके पास कैसे”

भीमा “ क्या मतलब तुम्हरा”

सुनील एअर पीेछे मई “ ये शॉक वेव किसी भी इलेक्ट्रिसिटी सप्लायर देवीकेस मई एक डिफेक्ट पैदा कर देता ह शॉक

वेव से ..जिसकी वजह से कोई इलेक्ट्रिक डिवाइस काम नहीं करते ह अब सेकंड वेव मई हमारे हाई कनेक्टिविटी एआरपीएस जो फर्स्ट वेव सह गए थे पर अब डिसकनेक्ट” उसने इतना हे कहा था की एक सेकंड वेव तेज़ हवा के साथ आयी और सभी जाने जो आपस मई कनेक्टेड थे डिसकनेक्ट हो गए…

सुनील खुद से “ये बहुत गलत हुवा …अब सबको खुद का मंद उसे करके फाइट करनी होगी और राइट डिसिशन लेने होंगे …फिर अपने पास खड़े फाइटर से जाओ और मित्युदूत्स को बोल दो मनीषा के साथ हे रहे …

फाइटर “ यस सर”

टाइम 8 बजे …

आउटर साइड ईस्ट साइड

गैंग 1

लीडर “ कितने आदमी दिख रहे ह” ये सवाल हवेली की ईस्ट साइड से निगरानी रख रहे शख्स से पूछा गया था”

आदमी “ बॉस 25 जाने ह सोर्ड और गन हाथ मई ह …पहनावे से प्रोफेशनल लग रहे ह”

लीडर “ बस इतने हे” इतना कह उसने अपने 100 आदमियों को इशारा किया और खुद साइड से उन 25 फिघ्टर्स को घेरना लगा

हवेली के वेसटसीडे से दिल्ली गैंग सीधी अटैक करने बढ़ गयी थी…

सुनील के पास आकर एक फाइटर वो लोग आरहे ह

सुनील “ उन्हें यंहा मौत हे मिलेगी उन्हें आने दो”

पूरी गैंग जिसमे करीब 275 के करीब मेंबर थे एक साथ आगे बढ़ रहे the…un सभी के हाथो मई गन थी और बाकि गैंग मेंबर थोड़ी दुरी से उनके पीछे सपोर्ट करते हुवे आरहे थे

हवेली की बैक साइड मई देखकर राजीव बोले…

राजीव “ ये चारो तरफ से आरहे ह”

खान ने " चीखकर कहा या अल्लाह ये तोह चारो तरफ से आरहे ह पूरी तयारी के साथ”

राजीव “ ऊपर से एआरपीएस भी काम नहीं कर रहे ह अब क्या करे”

खान “आप और मैं अब कुछ नहीं कर सकते ह सर”

राजीव “ तोह फिर लड़ेंगे अंतिम साँस तक लड़ेंगे हवेली के पीछे की तरफ मैं देख लूंगा" कुत्तो को तुम सामने की तरफ देखना”

इतना कह राजीव ने अपनी मशीन गन को लेजाकर हवेली के पीछे की तरफ एआईएम कर लिया …तोह इधर हवेली के पीछे से आरहे गैंग लीडर ने कह “ याद रखना अपने को सिर्फ बचो को उठाना ह और जो ए मरते जाओ पूरा लोहा खली कर दो जो बिच मई ए काट डोलो उसको …”

पर ये तोह सिर्फ सुरुवात थी क्योकि हवेली के सामने से स्कॉर्पियन ट्राइब का लीडर खुद ारः था और उसके साथ एक पूरी गैंग चल रही थी और उनके हाथ मई था शॉक पैदा करने वाला डिवाइस …

स्कॉर्पियन ट्राइब के लीडर के हाथ मई फरसा टाइप हथियार था जिसका वेट हे 25 30 कग का लग रहा था उसके चेहरे के एक्सप्रेशंस बता रहे थे की वो आगे क्या करेने वाला …

इधर हवेली की पहली लाइन उप टीम मई खड़े 200 फिघ्टर्स जिन्होंने हवेली को बहार से कवर कर रखा था इतने आदमियों को देख एक बार सब गहरी सोच मई पढ़ gaye…aur उन्हें ऐसे सोच मई देख शैडो वारियर का लीडर बोलै “ हम मौत से डरते नहीं ह उसे डरते ह …याद रखो तुम सब कौन हो और कान्हा से ए ho…aj तुम्हे उसके परिवार को बचाना ह जिसने तुम्हारे परिवार का ख्याल रखा ह उन्हें एक नेक और अछि जिंदगी दी h…samjhe..tum शैडो वारियर्स हो और अँधेरा तुम्हारा हथियार ह …फाड़ डालो अपने दुस्मन को और दिखा दो की शैडो वारियर्स क्या होते ह”

शैडो वारियर्स के लीडर के कहे हर सब्द ने उनकी आत्मा मई एक जान सी फूँक दी और एक नया जोश पैदा कर दिया और एक इशारे के साथ हे वो सब अँधेरे मई गायब हो गए और इंतज़ार करने लग गए अपने सीकर के पास आने का ….

हवेली की एक और तरफ से आखिरी गैंग सबसे पहले आगे बढ़ चुकी थी और अटैक के लिए पूरी तरह पहल कर चुकी थी और उधर खड़े थे bheema…apni आर्मी के साथ ..जो हवेली के पास थे और उनकी टीम आगे पहली लाइन ऑफ़ अटैक को रोकने के लिए तैयार थी..

टाइम 9.30 पं

मनीषा ऋचा से “ वो घेराबंदी कर रहे ह और फिर अटैक करेंगे …”

दिव्या “ वो पूरी तयारी के साथ ए ह”

मनीषा “तयारी नहीं वो पूरी तरह मरने ए ह सबको वो बचो और पूनम को छोड़कर किसी को भी जिन्दा नहीं छोड़ेंगे अब तोह पुलिस भी हमारी मदद के लिए नहीं पहुंच पायेगी और हवेली के तरफ वाले रस्ते को भी ये पूरी तरह ब्लॉक कर चुके होंगे मोबाइल फ़ोन …एआरपीएस सब वर्क करना बंद कर चुके ह..”

यही हाल हवेली के अंदर बाकि सभी का भी tha…sabhi को अहसास हो गया था की उनकी तरफ क्या ारः ह .. तभी उन्हें एक आवाज सुनाई दी जो दूर किसी माइक से आरही थी…

“ मुझे जो चाहिए वो दे दो तुम सबको जिन्दा छोड़ दूंगा”

सुनील ने चीक कर रिप्लाई दिया “तुझे यंहा से सिर्फ मौत मिलेगी”

करीब 15 मिनट बाद फिर आवाज आयी “ तुम्हारी लाशो के ऊपर से पेअर रखकर लेकर जाऊंगा तीनो को ..मैं ारः हु”

इधर हवेली के पीछे की तरफ से आरही गैंग के बिच मई स्कॉर्पियन ट्राइब का एक मेंबर भी था जो आराम से चलता हुवा आगे बढ़ रहा था …उसने लीडर को रूकने का इशारा किया जिसके बाद गैंग के मेंबर्स ने एक साथ टॉर्च ों करदी और सब आगे की तरफ देखने लगे पर उन्हें कुछ दिखाई नहीं दिया …स्कॉर्पियन ट्राइब के लेडेरने ऊपर की तरफ इशारा किया तोह उन्हें दिखाई दिए शैडो वारियर्स जो पेड़ो के ऊपर से उन्हें हे देख रखे थे …और उन्होंने बिना दिएर किये अपनी सीक्रेट पॉकेट से स्टार ब्लेड्स की बरसात गैंग पर कर di…aur बदले मई गैंग मेंबर्स ने भी गोलिया ताबड़तोड़ भरसानी सुरु कर दी …अब पहली लाइन के बिच घमासान मौत का युद्ध चीड़ गया …इधर जमीन के निचे अचानक से स्कॉर्पियन ट्राइब के लीडर के पास से जमीन थोड़ी खुली और अभय यानि हलक सीधा स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर के सामने जम्प करता हुवा लेंड हुवा …और स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर के सीने पर पंच मर दिया …बूत स्कॉर्पियन ट्राइब का वो मेंबर लीडर के बाद दूसरी पोजीशन पर था और नेक्स्ट वो हे लीडर बनने वाला tha…usne तेज़ी से अभय के वार को रोका और एक हाथ के झटके से अभय को पीछे धक्का दे diya..abhay पीछे फिसलता चला गया …और जब रूका तोह उसने गैंग के एक मेंबर को उठाया और स्कॉर्पियन ट्राइब के उस मेंबर की तरफ फेंक दिया और खुद उसके पीछे पीछे अटैक के लिए भगा .. स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर ने एक किक उस गैंग मेंबर को मरी और उसे साइड फेंक दिया …और तभी उसे दिखाई दिया अभय का सीधा ारः पंच उसके मू की तरफ जिस साई उसने बचने की कोसिस भी नहीं की और अपना पंच उसके पंच से टकरा दिया ….दोनों के पावर फुल पंच आपस मई टकराये जंहा अभय 5 कदम पीछे हटा तोह 2 कदम स्कॉर्पियन ट्राइब का मेंबर भी पीछे सरक गया ….अभय के चेहरे पर क्रूर और भयानक मुस्कान आगयी और उसने अपने सामने ए गैंग के एक गुंडों को एक हाथ से साइड मई फेंका और स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर की तरफ बढ़ गया ..पर स्कॉर्पियन ट्राइब का मेंबर अचानक भीड़ मई गायब हो गया ..जिसकी वजह से अभय चौंक गया एक पल के लिए और उसी पल उसके चेहरे पर पड़ा एक तेज़ पंच और वो उड़ता हुवा पीछे जाकर गिरा…. वो समाज गया की उसके साथ क्या हुवा ह वो गुसाई से घुर्राया और एक झटके से खड़ा हो गया और इधर उधर देखने लगा पर उसे वंहा बस दोनों तरफ शैडो वारियर्स और गैंग मेंबर्स आपस मई लड़ते हुवे हे दिखाई दे रहे थे पर तभी उसे कुछ महसूस हुवा और वो तुरंत निचे झुक गया और एक किक उसके सर के तीख ऊपर से गयी ..उसने बिना देखे तेज़ी से पलटकर एक पंच मार दिया जो जाकर सीधा एक गैंग मेंबर को लगा और वो मू से खून थूकता हुवा पीछे की तरफ जाकर गिरा … अब अभय के एक्सप्रेशंस पूरी तरह बिगड़ गए थे और वो अब जो भी गैंग मेंबर सामने ारः था उसे फोड़ता जा रहा था ……

इधर हवेली के सामने सुनील अपनी फाइटर आर्मी के साथ पूरी तरह तैयार था उसने एक बार पीछे देखा और फिर सामने की तरफ देखता हुवा इंतज़ार करने लगा …उसे चीखो की आवाज आने लगी थी क्योकि सामने की तरफ लड़ाई सुरु हो चुकी thi…shadow वारियर्स भरी पड़ते पर स्कॉर्पियन ट्राइब का लीडर शैडो वारियर्स को चुन चुन कर मरता जा रहा था…

अंदर ..

जैस्मिन और शालिनी “आखिर कौन ह ये क्या चाहते ह हमसे”

और जवाब रिफत ने “ ये एक युद्ध ह जो बहुत सालो पहले से चला रहा ह जिसमे राज मेरे और हमारे कितने हे अपने ख़तम हो चुके ह और कितने हे लापता ह तुमने निचे वो फॅमिली देखि थी न माँ के साथ मई वो विपिन अंकल की फॅमिली ह जो 15-20 साल से कैद मई थे जिनके साथ रोज बलात्कार होता था और भाई बहन की आपस मई हे शादी करा दी थी …..बहुत सी बाते ह जो तुमको राज ने नहीं बताई ह” इतना कह वो चली गयी पीछे दोनों हक्की बक्की कड़ी रह गयी…

इधर बहार घमसान लड़ाई चल रही थी और पल पल शैडो वारियर्स और गैंग्स के मेंबर मरे जा रहे the…leader ने अपने आगे ए शैडो वारियर को गले से पकड़ा और ऊपर उठाकर एक झटके मई हे मरोड़ di…aur आगे भड़ता रहा उसके पंच साफ़ बता रहे थे की वो कितना पॉवरफुल ह और क्या कर सकता था …वो सबको मरता हुवा आगे बढ़ता गया और पहले घेरे को पार करके वो सुनील की तरफ भढने laga….sunil की नज़रे भी सामने की तरफ हे तिकी हुवी thi…usai अंदाज़ा था की बहुत जल्द उसका सामना उसे होने वाला ह जिसका वो इंतज़ार कर रहा ह… उसने अपने पीछे खड़े वारियर को कहा अपनी गन्स तैयार कर लो और किसी को भी यंहा से आगे मत भढने देना…

सुनील मन मई “ गन फाइट मई बहुत वक़्त हमे मिल जायेगा …जब तक सायद राज अजय… मेरे यार तू कान्हा तक पंहुचा ह जल्दी आजा कंही दिएर न हो जाये”

राज साइड ..

राज गुसाई और टेंशन मई खड़ा हुवा था…

अश्वनी “ शांत रह यार”

राज “ शांत कैसे शांत राखु खुदको …उनका कॉल नहीं लग रहा ह …क्या कहा था चीफ ने की उदयपुर मई अटैक होने वाला ह और तू कह रहा ह मैं खुदको शांत राखु”

राज का गुसा देख शेरदिल बोलै “ यार शांत रहा अश्वनी को भी टेंशन ह इसलिए वो तुझे शांत रहने को कह रहा ह यार गुसा करने से कुछ नहीं होगा न तोह हमे शांत रह कर हे सोचना होगा”

राज शांत हुवा तोह माइक बोलै “ हमे रिस्क लेना होगा हमे दूसरी साइड्स से पहाड़ चढ़कर पार करना होगा..

राज ने कुछ नहीं कहा और हां मई सर हिला दिया…

राज “ हमे ये पार करने मई करीब 3 ऑवर लग jayenge…”raj के चेहरे पर सिकन थी और दिल मई आग जल रही थी…

उदयपुर ..

अभय जो मौत का देवता बनकर मौत भरसा रहा था उसकी नज़र इस बार स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर की तरफ गयी और वो सबको धकेलता हुवा स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर की तरफ भड़ने लगा …स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर ने उसे देखा तोह एक मुस्कराहट दी और उसको देखते हुवे एक शैडो वारियर को मार दिया …अभय ने बिना वक़्त गंवाए राइट पंच को मारा जिसे स्कॉर्पियन मेंबर ने डॉज कर दिया …अभय ने भी फुर्ती से लेफ्ट पंच मारा जिसे स्कॉर्पियन ट्राइब मेंबर ने ब्लॉक किया पर पंच पावर की वजह से एक कदम पीछे हैट गया अभय ने लगातार एक के बाद एक पंचेस की बरसात कर दी और सकय ट्राइब का मेंबर कभी ब्लॉक करता तोह कभी डॉज करता जाता दोनों के बिच लड़ाई घमसान हो चुकी थी और रिजल्ट सिर्फ एक की मौत होने से डीएड होने से होना tha…haveli के चारो तरफ हर मिनट कोई घायल होता जा रहा था ..तोह कोई मरता जा रहा था …

रात और घरी होती जा रही थी और लाशे बिछती जा रही thi…abhay मू से खून पूछते huve…scorpian ट्राइब के मेंबर की तरफ देखा …

स्कॉर्पियन ट्राइब मेंबर “ तू भी कुछ दिएर मई मर जायेगा अपने आस पास देख तेरे साथी मर चुके ह …

अभय ने चारो तरफ नज़र मरी और फिर स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर की तरफ देख कर बोलै … “अभी मैं जिन्दा हु तुम सेल हारमयो सबको मर दूंगा और सुरुवात तेरे से karunga”itna कहकर उसने अपने हाथो को झटका दिया और पूरी तरह हल्क बनकर उस स्कॉर्पियन ट्राइब मेंबर से भीड़ गया जंहा दोनों के वार से दोनों हे घायल होते जा रहे थे इधर आधी रात हो चुकी थी और सुनील पिछले कई घंटो से एक हे जगह खड़ा था और न्तेज़ार कर रहा था और उसका इंतज़ार ख़तम भी गया …एक पूरी फौज उसे सामने से एते हुवे दिखाई di…jsai देख सुनील इतना हे बोलै “ उस काळा कपडे वाले को छोड़कर बाकि सबको मार दो आज तुम्हारी असली ट्रेनिंग ह" शान से लड़ो शान से मारो …”दोनों तरफ से गोलिया चलने लगी और सुनील लीडर की तरफ भध गया …

इधर हवेली के एक कौन से एक साया धीरे धीरे अंदर की तरफ आने लगा वो इतने शातिर तरीके से अंदर आया ारः था की किसी की भी नज़र नहीं गयी …और वो साया था स्कॉर्पियन ट्राइब का थर्ड मेंबर …जिसका काम हे था अंदर घुसकर बचो और पूनम को ढूँढना था… और वो बखूभी कर भी रहा था पर जैसे हे वो मैं हॉल क्रॉस करने वाला था वंहा उसे श्वेता कविता शालिनी और जैस्मिन मिल गयी…

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर “ सोचा था चुप चाप काम करूँगा पर तुम्हारी मौत मेरे हाथो हे लिखी ह”

श्वेता गुस्सी से “मरेगा तोह तू हमारे हाथो” इतना कह उसने चुटकी बजायी तोह चार श्वेता के बॉडी गॉर्ड फाइटर सामने आगये

श्वेता ये रही तेरी मौत “ मर डालो इस कुत्ते को”

श्वेता की बात सुनकर बॉडीगॉर्ड्स फाइट के लिए रेडी हो गए और एक ने अटैक किया तोह स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर ने दो हे वार मई उसे निचे लेता दिया …उसकी पावर और स्पीड देख शालिनी और जैस्मिन की भी आंखे चौड़ी हो गयी …स्कोर्पियन ट्राइब का मेंबर अटैक करता आगे उसे पहले हे एक और आवाज आयी… “ तेरे लड़ाई मुझसे ह खुजली वाले कुत्ते पीछे मुड़कर देख तेरा बाप आया ह”

स्कोर्पियन ट्राइब के मेंबर ने पीछे मुड़कर देखा तोह पीछे नरपत सिंह खड़े थे …

नरपत सिंह “ बचो साइड हैट जाओ ये मेरा सीकर ह …और तू इनपर क्या बहदुरी दिखा रहा ह मैं दीखता हु तुझे मौत क्या होती ह”

इतना कह नरपत ने शूज को आपस मई टकराया तोह उनके शूज की लाइटिंग स्टार्ट हो गयी और फिर उन्होंने हाथ मई पहने ग्लप्स को आपस मई टकराया तोह वो भी एक्टिवटे हो गए और नरपत सिंह स्कोर्पियन ट्राइब के मेंबर की तरफ बढ़ गए और उनके भड़ते कदम के साथ उनके चेहरे पर उनकी सालो की नफरत दिखाई देने लगी …और उनके पहले हे वार ने स्कोर्पियन ट्राइब के मेंबर को पीछे की तरफ उदा दिया..

नरपत सिंह की पावर देख स्कोर्पियन ट्राइब का मेंबर भी चौंक गया पर उसके समझने से पहले हे नरपत सिंह फुल स्पीड से उसकी तरफ बढे और जम्प के साथ हवा मई कई बार घूमकर एक किक स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर के सीने पर मरी और स्कॉर्पियन ट्राइब का वो मेंबर एक बार फिर पीछे की तरफ उड़ गया …और दीवार से जाकर टकराया …

नरपत सिंगन “ उठ सेल उठ मेरे भाइयो को मरोगे …तुम सालो को ये नरपत सिंह धुंध कर मरेगा” ये कहते वक़्त उनके जोबड़े इतनी तेज़ कास गए थे जैसे वो अपने अंदर भासे जवाला मुखी को दबा रहे हो …

इधर स्कॉर्पियन ट्राइब मेंबर ने अपनी बैक से एक स्टिक निकली और तैयार हो गया ….और बोलै “ ओह तोह तू ह वो आज तेरे भी किसा ख़तम करते ह और हाथ मई पकड़ी स्टिक से नरपत सिंह के आरहे पंच पर वार किया और लोहे से लोहे टकराने की आवाज huvi…aur नरपत सिंह तीन कदम पीछे खिसक गए

स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर “इस स्टिक की पावर कीड़े तेरी सोच से परे ह”

नरपत सिंह “ तेरे बाप के पास भी शामे हे मेटल का हथियार ह बीटा और नरपत सिंह ने एक बाद एक बाद पंचेस और किक की बरसात करदी …और उनकी घमासान लड़ाई देख कर जैस्मिन और शालिनी को अंदाज़ा हो गया था की वो जो सोच रही थी या संखी थी उसी खतरा बहुत जायदा ह और उनका लेवल क्या ह …..

बहार पहली लाइन बुरी तरह टूट चुकी थी और शैडो वारियर्स के फिघ्टर्स मरेजा चुके थे…

एक तरफ अभय और स्कॉर्पियन ट्राइब का फाइटर फाइट कर रहे थे तोह अंदर नरपत सिंह उलझे हुवे थे और लीडर सुनील की तरफ बढ़ गया रहा tha..par एक खतरा और भी था जो हवेली से थोड़ी दूर …आराम से फाइट देख रहा था उसके चेहरे पर मुस्कान थी और वो खुदसे हे बोलै.. “ कहा हो तुम राज डेथ हेलो तुम्हारा इंतज़ार कर रहा ह ये कहते वक़्त उसकी नज़र ठाकुर जगमाल सिंह की तरफ थी और उसकी नज़र मई जानलेवा इरडा चिप्स हुवा था”



आज के लिए इतना हे …अगला अपडेट नेक्स्ट संडे को मिलजायेगा भाइयो
 
मेघा अपडेट विल के ों थे नाईट ऑफ़ 31सत

"बेटी को ले जाने से पहले बाप से पूछा क्या
 




देखो भाई लोग इतना लिख चूका हु पर फाइट पूरी होना बाकि ह अगर एक दिन का और साबरा और ह तोह फाइट पूरी कर दूंगा... अपडेट भी बड़ा मिल जायेगा दो पार्ट्स मई
 
अपडेट 268



“बेटी को ले जाने से पहले बाप से पूछा क्या”

एक तरफ अभय और स्कॉर्पियन ट्राइब का फाइटर फाइट कर रहे थे तोह अंदर नरपत सिंह स्कॉर्पियन ट्राइब के दूसरे मेंबर से उलझे हुवे थे और लीडर सुनील की तरफ बढ़ रहा tha..par एक खतरा और भी था जो हवेली से थोड़ी दूर …आराम से फाइट देख रहा था उसके चेहरे पर मुस्कान थी और वो खुदसे हे बोलै.. “ कहा हो तुम राज डेथ हेलो तुम्हारा इंतज़ार कर रहा ह ये कहते वक़्त उसकी नज़र ठाकुर जगमाल सिंह की तरफ थी और उसकी नज़र मई जानलेवा इरादा साफ़ दिख रहा था”

पर डेथ हेलो को राज कंही नज़र नहीं आया तोह वो वंही छिपा रहकर राज का इंतज़ार करते हुवे हवेली की तरफ नज़र बनाये हुवे tha….uske मन मई क्या था ये तोह नहीं पता था पर हाथ मई गन जिस साई वो खेल रहा था वो जरूर बहुत कुछ भैया कर रही थी की उसके दिमाग मई क्या चल रहा ह….

इधर फर्स्ट लाइन के टूट ते हे ऊपर छठ पर इंस्पेक्टर खान और राजीव पूरी तरह एक्शन मोड़ मई आ गए गोलिया भरसाने के लिए …

राजीव “ आप दूसरी तरफ नज़र बनाये रखो इन कुत्तो को मेरी गन देख लेगी …आज इन हर्मियो के अंदर इतना लोहा भर दूंगा की अगर कोई जिन्दा बच गया तोह सुभे पिछवाड़े से लोहा हे भर आएगा”

राजीव की बाते सुनकर इंस्पेक्टर खान भी धीरे से बोले “इतना लोहा भर देने के बाद बचेगा कौन सुभे लोहा उतरने के लिए”

इधर अंदर नरपत सिंह ने अपने दोनों हाथो से स्कोर्पियन ट्राइब के लीडर को पदकदा और उठाकर दीवार पर दे मारा ….

आवाज इतनी जोर से हुवी की मनीषा भी निचे आगयी और गुसाई से उसे देखने लगी…

मनीषा “ ये रहे बचे …इन्हे हे लेने ए हो न …पर आज यंहा से तुम सबकी लाशे हे वापस जाएगी” इतना कह उसने गर्दन पीछे मित्युदूत्स की तरफ घुमाई और बोली … “इसको जिन्दा रखना पर इसकी इतनी हड़िया तोड़ो की ये मौत के लिए तरसे पर मौत न मिल पाए इसे”

पीछे खड़े दोनों 7 फ़ीट के मित्युदूत आगे की तरफ चल दिए …दोनों के चेहरे नहीं दिख रहे थे उनके सूट की वजह से पर उनकी मास्क से दिख रही आंखे और कासी हुवी मुठिया सब कुछ भैया कर रही थी

मनीषा की बात सुनकर स्कोर्पियन ट्राइब का मेंबर हंसा और बोलै “ अब तक तोह मैं खेल रहा था हड़िया कैसे टूट टी ह मैं तुझे बताता हु” इतना कह उसने अपनी बैक से एक हाफ फ़ीट की ब्लैक कलर की स्टिक जैसी चीज निकली और एक झटका दिया जिसके बाद वो चीज एक रोड मई बदल गयी … और वो नरपत सिंह और मित्युदूत्स की तरफ देखने लगा और फाइट के लिए आने का इशारा किया …दोनों मित्युदूत्स ने आगे से एक साथ अटैक किया जिनके वार को उसने झुक कर डॉज कर दिया और पीछे से आरही नरपत सिंह की किक को अपने हाथ मई पकड़ी रोड से घूमकर ब्लॉक कर दिया और एक किक नरपत सिंह के जबड़े मर दे मरीई किक के प्रेशर से नरपत सिंह पीछे की दीवार से उड़ते हुवे जाकर टकराये और निचे गिर पड़े पर तभी …मित्युदूत्स ने भी एक साथ स्कोर्पियन ट्राइब के मेंबर की पीठ पर किक पीछे से जड़ दी जिसकी पावर से वो कई कदम आगे खिसकता चला गया …पर उसने तेज़ी से पालते हुवे एक के बाद एक अपने हाथ मई पकड़ी हुवी रोड से इस तरह वार किये जैसे वो कोई सोर्ड चला रहा हो …दोनों मित्युदूत्स बस ब्लॉक और वार से बचते रहे पर हर तीन वार मई से एक वार उन्हें लगा रहा था जिसकी आवाज नहीं आरही थी पर दर्द तोह उन्हें भी बहुत हो रहा था इतने मई नरपत सिंह खड़े होकर “ है है है मज़ा आगया बहुत जान ह तुझमे” और उन्होंने पास मई पड़ी हुवी चेयर को उसकी तरफ उछाल फेंका और पीछे पीछे खुद भी तेज़ी से अटैक के लिए बढ़ गया पर स्कोर्पियन ट्राइब के उस मेंबर ने उन्हें न सिर्फ चेयर के वार से बचकर सरप्राइज दिया बल्कि एक बहुत पावरफुल पंच भी फेस पर जड़ दिया ….नरपत सिंह साइड मई पड़ी टेबल पर जाकर गिरे और उनके मू से खून बहार आकर गिरा ….

स्कोर्पियन ट्राइब के मेंबर ने मित्युदूत्स की तरफ देखा और उनकी तरफ बढ़ गया पर तभी नरपत सिंह पीछे से फिर से बोल उठे “मारा नहीं हु सेल चल आजा तेरे बाप का वार्म उप हुवा ह”

नरपत सिंह की बात सुनकर स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर के चेहरे के एक्सप्रेशंस चेंज हो गए और उसने हाथ मई पकडे हुवे उस हथियार को एक बार घुमाया और नरपत सिंह की तरफ पलटकर चल दिया ….और इसी का फाइदा उठाकर मित्युदूत्स ने दो नाइफ स्कोर्पियन ट्राइब मेंबर की तरफ फें दिए …पर अगले हे पल जो हुवा उसे देख दोनों मित्युदूत्स की आंखे चौड़ी हो गयी क्योकि स्कोर्पियन ट्राइब के मेंबर ने तेज़ी से घूमते हुवे अपने हाथ मई पकडे हथियार को भी फुर्ती से घुमाया की वो दोनों नाइफ टकराकर दूर जाकर गिरे ….और स्कोर्पियन ट्राइब का मेंबर बोलै “तुम सेल कीड़े धोके से हे वार कर सकते हो”

दोनों मित्युदूत्स ने एक दूसरे को देखा और अपनी अभी अभी बहार निकली सोर्ड को वापस पीछे रख लिया और कन्फेस को भी निकलकर दूर फेंक दिया .. उनकी इस हरकत ने जाता दिया था की अब आगे क्या होने वाला ह ….पीछे नरपत सिंह भी अब तक खड़े हो गए ….और वो भी अटैक के लिए आगे बढ़ने लगे …इधर लड़किया जो ये फाइट देख रही थी उनके चेहरे पर बने हुवे उनके सीरियस एक्सप्रेशन बता रहे थे की उनके दिल की धड़कन कितनी तेज़ चल रही ह अपने सामने की फाइट को देखकर

नरपत सिंह ने आगे बढ़ते हुवे आँखों से मित्युदूत्स को इशारा किया अटैक करने का और मित्युदूत्स ने राइट पंच फिर लेफ्ट पंच के साथ कई वॉर किये जिसे स्कोर्पियन ट्राइब के मेंबर ने आसानी से ब्लॉक कर दिए पर तभी नरपत सिंह ने उसे पीछे से भागते हुवे हवा मई उठा लिया और पूरी ताकत लागर कर सामने की दीवार पर दे मारा …स्कोर्पियन ट्राइब का मेंबर दीवार से टकरा कर निचे गिरा …और गिरने के साथ हे वो तुरंत खड़ा हो gaya…par तभी उसे किसी ने पीछे की तरफ तेज़ी से खिंच कर फेंक दिया और वो उड़ता हुवा पीछे की तरफ जाने लगा ….उसकी आंखे गुसाई से नरपत सिंह की तरफ देख रही थी पर तभी उसे अपनी पीठ पर एक भयानक दर्द महसूस हुवा और वो दर्द से कराह उठा …क्योकि पीछे खड़े दोनों मित्युदूत ने अपने घुटने से पूरी ताकत के साथ वॉर किया था …स्कॉर्पियन ट्राइब का मेंबर तीनो के बिच मई निचे गिरा

नरपत सिंह “ दर्द का अहसास हुवा”

स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर ने खड़े होते हुवे मू मई आया खून थूका और बोलै “ दर्द का अहसास …सही कहा दर्द का अहसास”

उसकी बात को तीनो जाने नहीं समाज पाए पर आगे के कुछ मिनट्स मई हे उसकी बात का मतलब वो समाज गए क्योकि स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर ने बिना रुके उन पर भयानक वार करने सुरु कर दिए और तीनो भी बचते कभी अटैक करते rahe….ye लड़ाई साफ़ बता रही थी की ये इतनी जल्दी ख़तम नहीं होने वाली ह…

इधर पल पल बीतते वक़्त के साथ हवेली पर खतरा भड़ता जा रहा था….

बहार सुनील के साथ खड़े सेकंड लाइन के फिघ्टर्स पूरी तरह तैयार थे फाइट के लिए …पर सामने की भीड़ देख कर एक बार तोह थूक उन्होंने भी गले के निचे मुश्किल से उतरा था…

सुनील “ मौत का दर तुमसे जायदा उनकी आँखों मई h…jeetne की चाहा उनसे जायदा तुम्हारे इरादों मई h…..tum मई से एक एक दस पर भरी ह …उनके दस वॉर और तुहारा एक वार बराबर h…unhe दिखाओ की किस मिटटी से बने हो तुम…. तुम यौद्धा हो तुम मरने के लिए बने ho…tum हो शादौवव वारियर्स”

उसकी बातो ने कितना असर डाला था सब पर वो ये खुद नहीं जनता था पर …उसके इरादों ने जरूर उनके अंदर दर को काम कर दिया था और वो सब अब युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार थे…

सामने की तरफ लीडर के बगल मई खड़ा स्कॉर्पियन ट्राइब का लीडर रुकता हुवा सुनील को देखते हुवे बोलै “ पहले इससे लड़ने की ीचा थी पर अभी नहीं लडूंगा हां अगर ये बच गया तोह जरूर इसे अपने इन हाथो से मरूंगा अभी थोड़ा और तमाशा देखते ह मज़ा ारः h…idhar सुनील सबसे पहले भागता हुवा आगे से आरहे गुंडों की भीड़ पर गोलियों से बचता हुवा टूट पड़ा … और सबसे पहले जिनके पास गन्स थी उन्हें हे मारने लगा… उसकी स्पीड के आगे किसी को कुछ समाज नहीं ारः था की कैसे बचा जाये पीछे शैडो वारियर्स ने सुनील को फाइट करते देखा तोह वो भी पूरी ताकत से भीड़ गए ….हवेली के चारो तरफ घमसान युद्ध चल रहा था पर हवेली के एक साइड से कुछ गुंडे हवेली के अंदर चुपके से घुसने मई कामयाब हो गए थे और वो चुप चुप हर कमरे को चेक करते हुवे आगे बढ़ते जा रहे थे जिसमे 4तह गैंग का लीडर भी था वो सबसे शातिर तरीके से सबसे पहले अंदर घुस चूका था और उसे हॉल मई लड़ाई की आवाज सुनाई दी …और उसने अपने साथियो को इशारा कर दिया हॉल की तरफ चलने का ..और जब वो हॉल मई एंटर हुवा था वंहा उसे दिखाई दिए तीन जाने एक से लड़ रहे थे और एक तरफ मनीषा बचो को लेकर कड़ी थी और जैस्मिन और शालिनी उसके बगल मई कड़ी थी….

लीडर के चेहरे पर कातिलाना मुस्कराहट आगयी जब उसने दोनों बचो को देखा और वो बोलै “जैकपोट”

वंही मनीषा और शालिनी और जैस्मिन की नज़र भी उन सबकी तरफ चली गयी …जैस्मिन और शालिनी दोनों मनीषा के आगे आगयी …और बोली … “दी इन्हे हम पर छोड़ दीजिये” मनीषा ने कुछ नहीं कहा तोह अँधेरे मई छिपे हुवे शैडो वारियर वंही छिपे रहे ..

जैस्मिन ने अपने खुले बालो को पोनी टेल मई बांध लिया तोह वंही शालिनी ने अपना डपटता साइड मई रख दिया और तैयार हो गयी फाइट के liye…ek बॉक्सर थी तोह एक अब गुरुकुल मई ट्रेनिंग ले रही थी …भले हे कुछ महीने हे हुवे थे उसे पर उसका कॉन्फिडेंस बहुत कुछ भैया कर रहा था … दो लड़कियों को आगे अत देख लीडर भी मुस्कुरा उठा …पर उसकी मुस्कराहट फीकी पढ़ गयी जब अचानक से वंहा श्वेता आगयी …वो मनीषा को कुछ बताने आयी थी पर सामने का हाल देख कर वो गुसाई से भर उठी और सिर्फ एक इशारा किया और एक के बाद एक चार साये कौन से ए और उन सब पर टूट पड़े ..

मनीषा" “ चलो यंहा से अब हवेली का ये एरिया सेफ नहीं ह” शालिनी और जैस्मिन जो फाइट के लिए तैयार थी बेमन से श्वेता और मनीषा के साथ चल दी …

दूसरी तरफ स्कॉर्पियन ट्राइब के उस मेंबर ने दोनों मित्युदूत्स और नरपत सिंह को भी बुरी तरह घायल कर दिया था …उनकी हालत बुरी तरह ख़राब हो गयी थी….

सामने खड़ा स्कॉर्पियन ट्राइब का मेंबर भी घायल था पर वो मुस्कुराता हुवा सीधा खड़ा तीनो को देख रहा

था….

नरपत सिंह “हंस क्या रहा ह मरेगा तोह तू भी” इतना कहते कहते उन्होंने अपने ग्लप्स की बची हुवी पावर को एक्टिवटे कर दिया और एक चाल चली …उन्होंने किक का वार किया …ताकि स्कॉर्पियन ट्राइब का मेंबर का धयान किक की तरफ हे रहे …और वो आखिरी वार कर सके …हुवा भी वैसा हे पर स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर ने वॉर को रोका नहीं बल्कि उनकी झांग पर सामने से बहुत तेज़ कोहनी का वार किया और एक दर्द की तेज़ लहार नरपत सिंह के बदन मई दौड़ गयी वो आगे की तरफ झुकते चले gaye..unhone अपने जबड़े भींच लिए और दर्द सहते हुवे एक आखिरी वार स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर के फेस पर बची हुवी पूरी ताकत से जड़ दिया और वो दूर उड़ता हुवा जाकर पीछे गिरा …उसका मू फैट गया और एक साइड से खून निकल निकलने लगा

दोनों मित्युदूत्स निचे घायल गिरे हुवे थे और अब नरपत सिंह भी घायल होकर निचे गिर गए the…idhar वो चारो शैडो वारियर्स ने सबको मार गिराया पर दो शैडो वारियर्स भी मरे गए लड़ाई mai…wo पालते और स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर की तरफ देखने लगे

हवेली के बहार का मंज़र तोह और भी भयंकर था …जंहा एक तरफ अभय हल्क बना हुवा खून से लेथ पथ होकर भी स्कोर्पियन ट्राइब के उस मेंबर को मौत के घाट गाला घोटकर उतर चूका था … अभय के बदन पर हर जगह कट के निशान लगे हुवे थे जो बता रहे थे की उसने अभी कितनी भयंकर लड़ाई लड़ी ह …वो जिन साथियो को लेकर आया था वो लगभग सरे मरे जा चुके थे और जो जिन्दा थे वो भी बुरी तरह घायल थे और लड़ने की हालत मई नहीं the…aaspass पड़ी हुवी लाशे और खून की तेज़ गंध युद्ध के भयानक पक्ष को दिखा रही थी पर अभी तोह मौत की आहात आणि और बाकि thi…haveli के आगे पीछे अब एक शांति पसरी हुवी थी …हमले की पहली लहार थम गयी thi…jiske अंदर हवेली के 70 प्रतिसत फिघ्टर्स मरे जा चुके थे… राजीव और इंस्पेक्टर खान अपनी अपनी गन्स को रीलोड कर रहे थे… भीमा अपने कुल्हाड़े को कंधे पर लिए राखत से स्नान किये हुवे खड़े थे वो पुरे खून से भीगे हुवे थे और ऐसे लग रहे थे जैसे लाल रंग मई नाहा कर ए हो ..अभय स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर को साइड मई फेंकर धीरे से पेड़ के सहारे खड़ा हो गया और घरी साँस लेकर एक और युद्ध के लिए तैयार हो गया …तोह अंदर मित्युदूत्स भी लड़खड़ाते हुवे खड़े हो गए और उन्होंने नरपत सिंह को भी सहर देकर खड़ा किया …

बहार सुनील तोह जैसे रक्षास लग रहा था उसके हाथ मई पकडे उसके दोनों डैगर से खून की बुँदे अभी भी टपक रही थी जो उसकी थी या उसके सरीर पर लगे खून से बहकर टपक रही थी कोई नहीं बता सकता था…. वो गरजा “ कब तक देखता रहेगा जब तक मैं खड़ा हु यंहा से कोई मेरी बहन और उन बचो तक नहीं पहुंच पायेगा”

लीडर जो दूर से खड़ा ये फाइट देख रहा था उसने टाइम देखा तोह रात के तीन बज गए थे वो मुस्कुराया और बोलै “ पता हे नहीं लगा इतना वक़्त बिट गया बहुत वक़्त हो गया ऐसा खेल देखे हुवे अभी वक़्त ह तुझे मरने मई इतना कह उसने अपने पास खड़े लीडर को इशारा किया तोह लीडर ने भी अपने सभी आदमियों को इशारा कर दिया जिसका मतलब था अंतिम वॉर करना ह और …हमले की सेकंड लहार की पूरी तरह सुरुवात हो गयी ….कुछ दिएर तक छायी हुवी मौत की शांति और भयंकर युद्ध मई बदल गयी जंहा हज़ारो खुनी दरिंदो के सामने गुरुकुल के त्रिनेड शैडो वारियर्स और अपने परिवार को बचने वाले यौद्धाओ की टीम thi…ek खुनी युद्ध का आगाज दुबारा से सुरु हो गया….

जंहा सुनील की आंखे अब लाल से काली हो चुकी thi…aur अब उसके अंदर का सोया हुवा रक्षास वैलेंटाइन ब्लूद्भात मई नहाने के लिए पूरी तरह तैयार था toh…wanhi…bheema अपना भरी भरकम कुल्हाड़ा लिए मरने और मारने को तैयार the…upar कविता और श्वेता सिचुएशन पर पूरी तरह नज़र बनाये हुवी thi…aj पहली बार वो भी दरी हुवी थी उन्हें मौत साफ़ साफ़ दिख रही थी उनका दिल डरा हुवा था किसी अपनों को खोने ka…unki हालत देखकर

राजीव बोले “ बचे डरना नहीं ह …तुम निर्वाण की बहन हो निर्वाण की बहन कब से डरने lagi..tumhe डरना नहीं ह डरेंगे तोह ये… इन हर्मियो को हमारी गन देख लेंगी” ये सिर्फ राजीव का हौसला नहीं उसका विस्वास बोल रहा था …क्योकि उसने देखा था की राज जब निर्वाण बनता ह वो क्या क्या कर सकता ह उसने और इंस्पेक्टर खान ने अपनी तरफ निचे से अति गोलियों की परवाह किये बिना ताबड़ तोड़ गोलिया बरसानी दुरु कर दी ..और चिकटे हुवे बोले “ औ कुत्तो तुम्हारी मौत यंहा ह” तभी एक गोली आकर उनके कंधे मई लगी और उनकी चीक निकल गयी..

कविता “ अंकल…..”

राजीव ने हीमत नहीं हरी और गुसाई से फुँकारते हुवे दुबारा गन को पकड़कर गोलिया बरसने लगे”

बहार अभय अपने नंगे हाथो से भीड़ मई गुसा हुवा लड़ रहा था …कान्हा घाव लग रहा था कान्हा नहीं उसे परवाह नहीं थी ..बस वो अपने हर वॉर से सबको जान से मार देना चाहता था वो चीखता फुंकारता गरजता और मरता जाता …

इधर राज अश्वनी को उठाये हुवे पहाड़ी से निचे उतर चूका था …और वंहा से एक 7 सीटर कार उतर खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ चूका tha….ravindar सिंह अभी भी आगे वाली सीट पर पहले की तरह शांत बैठे हुवे the…wo उनके हाथ मई बोतल थी जो अब ख़तम होने वाली थी ..

राज की तरफ देख कर वो बोले “ बचे क्या बात ह”

राज “बताना तोह आपको नहीं चाहता था पर जब आप दूसरी बार पूछ रहे हो तोह बता देता हु… मेरे यानि आपके परिवार की जान खतरे मई ह”

रविंदर “ मेरा परिवार …बहुत पहले हे मर चूका ह बचे मुझे तोह अभी भी यकीं नहीं ह की तू सहदेव भाई का बचा ह”

राज “ जब आप अपनी बेटी को देखोगे उम्मीद ह तब भी यही कहोगे आप …आपकी बेटी आज तक आपके भाई रणवीर सिंह के साथ बेटी बनकर जी रही ह उसे पता भी नहीं ह की उसके पिता जिन्दा ह”

रणवीर सिंह का नाम सुनकर रविंदर सिंगन के भी चेहरे के एक्सप्रेशंस चेंज हो गए पर उन्होंने कहा कुछ नहीं…

राज एक तेज़ कट मरते हुवे बोलै “ और आपके उसी परिवार को मरने हज़ारो जाने एक साथ ए हुवे h…aur मैंने वडा किया अपने दोस्त को और आपकी बेटी से उसे उसकी खुसियो से जरूर मिलवाऊंगा”

राज की तेज़ आवाज सुनकर सभी सीरियस हो रखे थे उन्हें पता था की राज के दिल मई क्या चल रहा ह…

राज आगे बोलै “ मेरी माँ ने हे नाम रखा था न पूनम आपकी बेटी का ”

इस बार रविंदर सिंह की आँखों मई पहली बार उम्मीद की किरण दिखाई थी की जैसे राज ने जो कहा ह उस पर उन्हें यकीं हो रहा ह…

राज ने आगे लाइट की रौशनी मई बोर्ड देखा तोह उस पर 120 कम उदयपुर लिखा हुवा था…

राज मन मई बोलै “ारः हु मई बस कुछ वक़्त और ….दादाजी बुआ सुनील मैं ारः hu”is वक़्त उसकी आँखों मई जल्दी न पहुंच पाने की बेबसी साफ़ देखि जा सकती thi…usai पता था की वंहा क्या हो रहा होगा और उसका सोचना गलत भी नहीं था…

हवेली की तरफ युद्ध आखिरी मोड की तरफ जारहा था जंहा अब मौत मौत हे मौत दिख रही थी…

मनीषा “ ऋचा इन बचो को लेकर तुम्हे पता ह न क्या करना ह”

ऋचा “ पर”

दिव्या “वो सही कह रही ऋचा बचो का यंहा रहना खतरे से खली नहीं ह”

मनीषा “ मैं सिर्फ छिपने का कह रही हु तुम चिप जाओ और सिचुएशन देख कर यंहा से दूर निकल जाना”

दिव्या “ और पूनम”

मनीषा “ उसे मैं देख लुंगी आप बचो को सम्भालिये” ऋचा और दिव्या दोनों बचो को लेकर एक सीक्रेट वे से निकल गयी सेफ हाउस की तरफ जो वंही निचे कंही हवेली की जमीं मई बना हुवा था ….

जगमाल सिंह जो सुरु से अब तक वंही खड़े थे उनकी आँखों मई भी आज एक दर की झलक देखि जा सकती थी उन्होंने अपने पास खड़े रणवीर सिंह से कहा “पता ह रणवीर मैंने तुम्हे यंहा आज एक खुस खबरि देने के लिए बुलाया था क्योकि आज हमारे परिवार का दूसरा बीटा रविंद्र ारः था”

जगमाल सिंह की बात सुनकर रणवीर सिंह बुरी तरह चौंक गए और कन्फ्यूज्ड होकर उनकी तरफ देखने लगे जैसे अभी जो उन्होंने सुना उस पर यकीं न हुवा हो…

जगमाल सिंह ने बिना देखे कहा “है वो जिन्दा ह और राज उसे लेकर ारः ह और बात मैं बहुत पहले हे जान गया था पर चाहता था की तुम्हे बुलाकर एक बड़ी ख़ुशी दे सकू पर अब क्या पता हम जिन्दा रहे या नहीं वो ख़ुशी देखने के लिए पर पूनम रविंद्र के पास खुस रहेगी तुम्हारे सीने पर जो आज तक भोज था वो अब ख़तम हो गया ह”

रणवीर सिंह के होठो पर सब्द नहीं आरहे थे बोलने के लिए पर आँखों ने सब बता दिया था की वो कैसा महसूस कर रहे ह

जगमाल सिंह “ ये युद्ध तुम्हारा नहीं ह पर तुम शामिल हो गए हो पर पूनम का मुक़द्दर इस युद्ध से जुड़ा ह सुरु से लेकर अंत तक जुड़ा हुवा ह तुम चाहो तोह अभी जा सकते हो”

रणवीर सिंह “ठाकुर साब रणवीर सिंह के लिए पूनम उसकी बेटी ह और रहेगी और उसे बचने के लिए मैं अपनी अंतिम सांस तक लडूंगा और सहदेव भाई ने मुझे छोटा भाई मन था तोह मैं उनके परिवार को मुसीबत के वक़्त अकेला कैसे छोड़ दू हम साथ लड़ेंगे



जगमाल सिंह ने भी अपनी दोनाली को आगे की तरफ कर दिया और बोले “तोह साथ लड़कर लड़ेंगे भी हम अंतिम युद्ध की तरह”

स्कॉर्पियन ट्राइब का लीडर अब सुनील की तरफ बढ़ते हुवे बहुत नाम सुना था तेरा …आज देख भी लिया तू जरूर वैलेंटाइन राइडर ह जिसने मेरे बहुत से पालतू कुत्तो को दो साल पहले बुरी तरह मारा था…”

वैलेंटाइन राइडर “ बहुत साल पहले नहीं हमेशा से मारा ह और तेरे पालतू कुत्तो को हे नहीं तुझ जैसे कितने हे…” उसने इतना हे कहा था की उसे उसके सर मई तेज़ दर्द हुवा और अंदर हवेली मई योगी बाबा ने तेज़ तेज़ मंत्रो उच्चारण सुरु कर दिए …और उनके मंत्रो उच्चारण से सुनील का दिमाग शांत होने लगा …

लीडर “ अजा देखता हु कितना दम ह तुझमे”

वैलेंटाइन राइडर बुरी तरह घायल होने के बाद भी अपने सामने वालो को मरते हुवे लीडर की तरफ बढ़ गया …वंही स्कॉर्पियन ट्राइब के जिस मेंबर को अभय ने गाला दबा कर मार दिया था उसकी आंखे अचानक से खुल गयी और वो सीधा बैठ गया फिर उसने दो शीशी निकली और पि गया …उसके बाद उसके घाव पूरी तरह भर गए …उसकी नज़र इधर अभय को देखने लगी और अभय उसे दूर लड़ता हुवा नज़र आगया और वो उसकी तरफ बढ़ gaya…usne चलते हुवे निचे से एक बड़ी सी रोड उठा ली …

इधर वैलेंटाइन राइडर ने एक जम्प के साथ लीडर पर वार किया पर स्कॉर्पियन ट्राइब के लीडर ने एक हाथ से हे उसके वार को रोक diya…aur एक हाथ का वार सुनील के सीने पर किया और सुनील उड़ता हुवा दूर पीछे जाकर गिरा …लीडर “ कमजोर”

वैलेंटाइन राइडर खड़ा होते हुवे “कमजोर है है है …क्या तेरी असली ताकत यही ह …इसे कंही जायदा टार्चर मई झेल चूका हु” ये कहते कहते उसने अपने डैगर हाथ मई ले लिए और लेफ्ट राइट ज़िगज़ैग पोजीशन करते हुवे तेज़ी से अटैक करने लगा पर घायल और थके होने की वजह से वो लीडर को छू तक नहीं प् रहा था लीडर ने घूमकर एक रॉउंडकीक सुनील के मू पर मरी और सुनील दूर कई पलटिया खता हुवा जाकर gira…..uske मू से खून बहार आकर गिरा और वो खस्ने लगा…

स्कॉर्पियन ट्राइब के लीडर ने गैंग लीडर को कहा “ जाओ उस लड़की और बचो को ले औ …” लीडर अपने बहुत सरे आदमी लेकर हवेली की तरफ बढ़ गया… ऊपर कड़ी मनीषा की निघाये सिर्फ अपने पति सुनील की तरफ thi…aur उसे ऐसे चोट लगते देख उसकी आत्मा बूटी तरह अंदर हे अंदर तड़प रही थी.. वो खुद को काबू नहीं रख प् रही thi…uske पास कड़ी कविता की आँखों मई भी आंसू थे तोह ऊपर छठ से सुनील की हालत देख श्वेता की आँखों से भी आंसू बाह रहे थे…

मनीषा ने अचानक अपने आंसू पौंछे और कविता से बोली “ तुम्हे पता ह क्या करना ह”

कविता “ पर भाभी”

मनीषा बिना बोले हे निचे चली आयी तोह उसके साथ जैस्मिन और शालिनी भी थी जो मनीषा की रियलिटी जानती थी की वो एक फाइटर ह और वो अब क्या करने जा रही ह…

बहार हवेली के गेट के पास रणवीर सिंह और कुछ शैडो वारियर्स फाइट के लिए तैयार थे ..उन्हें अपने पीछे से दरवाजा खुलने की आवाज आयी और उन्होंने देखा की सबसे आगे मनीषा चली रही ह तोह उसके धन्य और भनाये जैस्मिन और शालिनी ह और उनके पीछे पीछे दोनों मित्युदूत्स और नरपत सिंह लंगड़ाते हुवे चलते हुवे आरहे ह…

जगमाल सिंह “ एक पत्नी अपने पति को कभी अकेला नहीं छोड़ती ह”

रणवीर सिंह “माँ की किरपा ह हमपर ठाकुर साब हवेली की धरती बलि मांग रही ह तोह चढ़ाएंगे बलि पापियों के राखत ki”itna कह रणवीर सिंह आगे बढ़ गए शैडो वारियर्स के साथ तोह मनीषा भी आगे भाग उठी और उसके साथ दोनों लड़किया और शैडो वारियर्स ..

आपस मई दोनों तरफ के लोग भीड़ गए …मनीषा ने अपनी कमर से सुनील का दिया डैगर निकला और तेज़ी से घूमते हुवे झुकते हुवे वार करने लगी …वो इस वक़्त किसी खून की प्यासी शेरनी की तरह लग रही thi…usai कैसे भी इंसबको पार करके सुनील तक पहुंचना था… वंही शालिनी ने निचे झुकार पहले हे पंच एक के बाबदे पर दिया था और उसके उस पंच ने उस गुंडों को अँधेरे की दुनिया मई कई मिंटो के लिए पंहुचा दिया था …वो निचे झुकते हुवे सिर्फ गुंडों के मैं पॉइंट को निशाना बना रही थी जो उसे ट्रेनिंग मई सिखाया था की जब दुश्मनो से गिर जाओ तोह क्या करना ह और यही वो करते हुवे या तोह जबड़े पर या मैं पॉइंट पर वार करती हुवी अक्सी ाचो को सुलाती जा रही thi…wanhi शालिनी की रफ़्तार इतनी तेज़ दी की वो किसी के भी समाज मई ए बिना किक्स और पंचेस बरसा रही थी …पर यंहा उनकी हीमत और ताकत भी क्या करती एक के सामने दस गुंडों की भीड़ थी..

जैस्मिन और शालिनी फाइट करते हुवे एक दूसरे के पास agayii…aur पीठ से पीठ टिका ली…

शालिनी “बहुत सरे ह”

जैस्मिन ने एक के मू पर किक मरी और बोली “बस जिन्दा रहना तू”

शालिनी “तू भी जिन्दा रहना” दोनों शैडो वारियर्स के साथ मिलकर भिड़गयी थी गुंडों से उनकी हीमत ने दिखा दिया था की परिवार पर जब बात अजय तोह एक औरत भी कईयों पर भरी पढ़ जाती ह …ऊपर से गोलिया चला रहे असलम खान ने जब अपनी बेटी को बहादुरी से लड़ते देखा तोह उनके अंदर एक अजीब सी उत्तेजना की लहार दौड़ गयी …दोनों लड़किया पूरी हीमत के साथ लड़ रही thi…wanhi ममता रिफत नेहा प्रीती सब निचे घायलों का इलाज कर रही थी… सब के सब पूरी जान लगाकर मदद कर रही थी… पर आज ये युद्ध उनकी सोच से बड़ा हो गया था…..

मनीषा सबके बिच से चीयर फाड़ करती हुवी. सुनील के पास पहुंच गयी …जंहा सुनील जमीन से उठने के लिए संग्रह कर रहा था….

मनीषा “ आप तीख ह न”

सुनील “ तुम जाओ मनीषा तुम उम्मीद हो इस घर की चली जाओ यंहा se”itna कह उसने मनीषा को जाने के लिए धक्का दिया पर मनीषा वंहा से हिली तक nahi…balki वो जिसे से लीडर को देखने लगीई…

सुनील “ नहीं मनीषा उसका तुम कुछ नहीं बिगड़ पाओगी”

मनीषा सुनील को अपनी बांहो से लगाकर “ आपको लड़ना होगा …आप हार नहीं मान सकते ह”

लीडर दोनों को देखकर कर बोलै “ बहुत ाचा बहुत ाचा सन ह” तभी स्कॉर्पियन ट्राइब का वो मेंबर जो अभी अभी आया था वो बोलै .. “लीडर इस लड़की को पता ह वो बचे कान्हा ह”

लीडर “ बहुत अचे अब ये यही मिल गयी ह तोह लेकर औ इसे”

सुनील ये सुनकर गुसाई से सुलग उठा और पूरी हीमत लगाकर उठने की कोसिस करने लगा..

मनीषा “ बचे और पूनम सेफ ह अगर मरना हे ह तोह हम साथ मरेंगे”

सुनील दुखी होकर “मैं इन्हे रोक लूंगा तुम जाओ”

मनीषा “ ससष्ठ साथ जियेंगे और मरेंगे…”

स्कॉर्पियन ट्राइब का उस मेंबर ने जैसे हे मनीषा को पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया ..मनीषा ने घूमकर कोहनी का वार उसके मू पर दिया और उसके इस वार से अंदर मिले हुवे घाव ताज़ा हो गए और वो दर्द से बिलबिला गया….

सुनील ने भी खड़े होते हुवे पूरी ताकत िक्खता करते हुवे एक पंच उसके सीने पर मार दिया …पहले से दर्द से तड़प रहे उस स्कॉर्पियन ट्राइब के लीडर का गुसा फुट पड़ा उसने एक किक सुनील को मरी और सुनील जमीन पर किसी बेजान सूखे पत्ते की तरह जाकर गिरा ….

मनीषा चीक पड़ी “सुनियिल्ल”

उसकी आंखे गुसाई से जल िथि उसने अपने डैगर से लगातार किये वार किये पर उसकी ताकत स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर के आगे कुछ नहीं थी …उसके वार उसकी बेबसी को साफ़ दिखा रहे थे…

चटाककक …

एक थपड मनीषा के मू और वो दूर जाकर निचे गिरी सुनील जमीं पर पड़ा …सांखे खोले सिर्फ देख हे सकता …पर हवेली मई बहुतो की आँखों मई आंसू चुके थे …जब अंदर पता लगा मनीषा जैस्मिन और शालिनी बहार लड़ने जा चुकी ह …वो सब भी बहार की तरफ आगयी thi…upar श्वेता गोली से बेहोश हो चुके राजीव को संभल रही थी तोह घायल इंस्पेक्टर खान अभी भी गोलिया बरसा रहे तोह अंदर छोटी जानवी और अजय कुछ न कर पाने की वजह से गुसाई मई थे….

वंही स्कॉर्पियन ट्राइब का सेकंड लीडर जिसने अभय के सीने से लोहे की रोड को आर पार कर दिया था और अध् मरे हो चूका था वो उसे घसीट ते हुवे आगे ले aya…aur पीछे वाले गुंडे भी भीमा और बाकि सबको आगे ले ए और एक जगह पटक दिया…

जगमाल सिंह जो अभी भी फायर कर रहे थे अचानक एक के बाद एक दो गोली उनको आकर लगी और वो निचे गिर gaye…ranveer सिंह तुरंत उनकी तरफ भागे और उन्हें सहर दिया…

स्कॉर्पियन ट्राइब का लीडर “बहुत ाचा शो था” इतना कह वो मनीषा की तरफ गया और उसे बालो से पकड़कर ऊपर उठाया..

ये देखकर शैडो वारियर्स और बाकि सभी गुसाई से चीख उठे “कमीने” तभी एक खंजर जब शालिनी मनीषा की यरफ देख रही थी उसकी पीठ मई लगा …और उसकी चीक निकल गयी.. मित्युदूत फर्स्ट ने शालिनी की तरफ देखा और उसकी तरफ बचने के लिए भगा तोह एक गोली गैंग लीडर ने सीधे उसके सर के आरपार करदी और चारो तरफ सन्नाटा च गया दूसरा मित्युदूत बेबसी से देखता रह गया…

स्कॉर्पियन ट्राइब लीडर “अरे नहीं नहीं अभी नहीं मरना था ..अभी तोह इन्हे सच बताना था फिर मर देना सभी को… जाओ हवेली का चप्पा चप्पा छान मारो और जो भी जिन्दा मिले उन्हें यंहा लाकर पटक दो और बचो और उस लड़की को ढूंढो…”

उसकी बात सुनकर सरे जाने हवेली के अंदर की तरफ भाग उठे …कविता जिसने पहली बार इतनी भयानक सिचुएशन देखि थी वो पत्थर की बूट बनकर वंही कड़ी रह गयी उसे समाज हे नहीं आया की उसे पूनम को लेकर भागना था… और उसे जब तक समाज आया उस तक वो लोग पहुंच चुके थे और उसे और पूनम को लेकर बहार की तरफ agaye…aur हवेली के आगे खड़ा कर दिया…

मित्युदूत …भीमा ..

इंस्पेक्टर खान जो पकडे जा चुके थे wanhi…rajeev …शालिनी ..kavita…mamta ..rifat…preety…neha…rinky..shadow वारियर्स सब हवेली के सामने घुटनो पर थे या बेहोश निचे पड़े हुवे थे…

लीडर की नज़र जब पूनम की तरफ गयी तोह उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा …उसने मनीषा की गर्दन पूनम की तरफ करके कहा “ वो देख वो रही वो …जो मैं चाहता हु उसे पा लेता हु समझी”

और मनीषा की नज़र जब पूनम की तरफ गयी तोह उसे बहुत ढक हुवा …और उसने कविता को गुसाई से देखा ….पूनम अभी भी चुप चाप तैयार हुवे कड़ी थी उसकी सिम्पलिसिटी उसे भीड़ मई आज भी अलग हे बना रही thi…par उसकी नीरस बेजान आंखे जो उसके दर्द को साफ़ बांया कर रही थी की उसे आज भी इंतज़ार ह अपने प्यार का जिसने उस साई वडा किया था वो उसे कभी अकेला नहीं चौडेगा..

लीडर आसमान मई छायी लालिमा को देखकर “ हमे जो चाहिए मिल चूका ह डेथ हेलो कान्हा ह”

तभी डेथ हेलो एक पेड़ से निचे उतारकर लीडर की तरफ आगया…

लीडर सबको मरने का आर्डर देने वाला हे था की डेथ हेलो बोल पड़ा “ इस लड़की और उस budhe(jagmaal सिंह) के मरने के बाद ये परिवार वैसे भी मारा हुवा हे ह”

लीडर ने मुस्करा कहा तुम्हे तड़पने मई जायदा मज़ा अत ह" और वो पूनम को लेने उसकी तरफ चल दिया …सबकी बेबस और गुसाई से भरी निघाये लीडर को देख रही thi…wo उसे चाहकर भी रोक नहीं पा रहे the…ranveer सिंह ने खड़े होने की कोसिस की तोह एक तेज़ वॉर उनकी पीठ पर हुवा और वो निचे गिर गए …

श्वेता और बाकि सब लड़किया तोह रो भी पड़ी …

लीडर ने पूनम को देखते हुवे कहा “ तुजमे ऐसा क्या ह जो हमारे लीडर तुझे इतने सालो से धुंध रहे ह …उनकी इस तलाश को मैं पूरी karunga”aur उसने वो कदम उठा लिया जो नहीं उठाना चाहिए था ..

इधर डेथ हेलो ने गर्दन पीछे की तरफ घुमाई और उसे कुछ महसूस हुवा और जब उसने धयान से देखना चाहा तोह एक तेज़ हवा का झोंका उसके पास से भीड़ को चीरता हुवा तेज़ी से आगे निकल गया वो देख भी नहीं की अभी क्या huva….leader ने पूनम के बालो को पकड़ने के लिए जैसे हे हाथ भधय पर वो आगे हाथ बढ़ा नहीं पाया उसने मुड़ना चाहा तोह वो मूड तक नहीं पाया उसने पूरी कोसिस की पर वो हिल तक नहीं पा रहा था तभी उसे उसके कान मई एक बेहद ठंडी मगर डरावनी आवाज सुनाई दी जिसने उसकी रूह को भी कम्पकम्पा दिया “ बेटी को ले जाने से पहले बाप से पूछा क्या” और वो लीडर एक झटके से पीछे की कई मीटर दिर उड़ता हुवा जाकर

गिरा …

और एक तेज़ सीटी की आवाज आयी …

अश्वनी “ क्या एंट्री मरी ह साली पूरी बॉडी मई स्ट्रांग संसातिओं आगयी … “बेटी को ले जाने से पहले बाप से पूछा क्या”

“माँ की आंख मुझे भी जोश आगया ह मुझे भी डायलाग मारा ोये कुत्तो मेरे दोस्त की फॅमिली को हाथ लगाने से पहले मुझसे यानि अपने दद्दी से पूछा क्या अब मरूंगा सालो को ये कह उसने अपने दोनों हाथो मई गन निकल ली और बोलै कोई जिन्दा नहीं बचना चाहिए h…mardalo मादरचो को” और एक के बाद एक गोलिया चला di…sherdil मैच माइक राज और एटर्निटी भी टूट पड़े और एक घमासान युद्ध चीड़ गया …और राज को आया देख …एक बार फिर सब मई जान आ गयी ..इधर राज की नज़र जब सुनील मनीषा और सबकी तरफ गयी तोह उसका खून बुरी तरह खोल गया और वो चीखा “ सबको अंदर लेकर जाओ कोई बहार नहीं ayega…idhar एक की सांसे बेहद तेज़ी से धड़क रही थी और वो और कोई नहीं पूनम थी जिसने अपने प्यार की आवाज पहचान ली thi….par उसे कविता और श्वेता जबरदस्ती हवेली की तरफ ले जाने लगी …उसकी नज़र बार बार जिसे वो देखना छह रही थी उसे ढूंढने लगी वो बार ये कहते हुवे खुदको छुड़ाने की कोसिस कर रही थी.. “वो आगया मेरा राज आगया …मुझे छोड़ दो मुझे उसके पास जाना ह ….इधर अंदर योगी बाबा ने भी अपनी आखिरी आहुति दी और बोले “ अब होगा तांडव निर्वाण जाग गया ह”

इधर लीडर ने जब देखा की एक शख्स ने उसे इस कधर पीछे की तरफ उदा दिया था तोह वो चौंक गया और रविंदर सिंह को देखने लगा ..

रविंद्र सिंह “तू तोह छोटा कीड़ा लगता ह मैंने तोह तेरे बहुत से बापू को मारा ह … और तू साला मेरी बेटी को चुने की हीमत कर रहा h…tere बाप भी मेरे नाम से खोफ्फ़ कहते ह”

लीडर “ तेरी जबान बहुत चलती ह”

ये सुनकर रविंदर सिंह के चेहरे पर मुस्कान आगयी और उसने दूसरे स्कॉर्पियन ट्राइब के मेंबर को देखकर कहा तेरे हाथ के टैटू से लग रहा ह ये लीडर और तू सेकंड लीडर ह दोनों साथ ाजाओ”

पर लीडर ने रविंद्र सिंह को काम समझा और अकेला तेज़ी से अटैक के लिए बढ़ा पर उसके पहले हे आरहे पंच को रविंद्र सिंह ने लेफ्ट हैंड से पकड़ लिया और बोलै इसे कहते ह पंच और रविंद्र सिंह ने एक पंच लीडर की चेस्ट पर मारा और लीडर कई पलटिया खता हुवा पीछे जा कर गिरा …

रविंद्र सिंह बोले “तू भी अजा”

और फिर दूसरे की तरफ घूमकर उसकी तरफ बढ़ गए स्कॉर्पियन ट्राइब के सेकंड लीडर ने अपना खंजर निकल लिया और रविंद्र सिंह पर अटैक कर दिया रविंद्र सिंह ने अपने एक हाथ से हे खंजर को पकड़ लिया …उनके हाथ से खून टपकने लगा पर उन्होंने खंजर को नहीं चौड़ा और अपने राइट हैंड का पंच उसके जबड़े पर मारा और वो उड़ता हुवा पीछे जाकर गिरा …

इधर जब राज ने सबकी हालत देखि तोह वो गुसाई फैट रहा था …उसने अपने से कुछ दूर निचे गिरे हुवे सुनील और उसे संभल रही मनीषा यानि अपनी भाभी के होठो से निकलता देखा तोह वो अपने आप से पूरी तरह बहार हो gaya….aur उधर अंदर से बहार ए योगी बाबा ने राज को देखा तोह वो मुस्कुरा उठे …

राज सुनील के पास चलता हुवा आया और बोलै …. “ तू देख भाई तुझे और भाभी को चुने वाली की मैं क्या हालत करता हु तू बस देखता रहना” उसने सुनील के डैगर अपने हाथ मई उठा लिया तोह उसे उसके थोड़ी दूर से आवाज आयी “ आखिर तू आहे गया”

और जब राज की नज़र उस पर गयी तोह वो बोलै “आज तेरे मेरे बिच की साडी शिकायते तेरे मौत के साथ ख़तम हो जाएगी… उसने चीखकर कहा “ याद रहे इनमे से कोई बचना नहीं चाहिए ह” मैच माइक ने और एटर्निटी ने है मई कहा तोह अश्वनी चीखा “ तू टेंशन मत ले भाई इन कुत्तो के लिए मेरी गन हे काफी ह…

राज ने डेथ हेलो की तरफ बढ़ते हुवे कहा बहुत जी लिया तू …आज तुझे मेरे हाथो से ऊपर वाला भी नहीं बचा पायेगा” और उसने अपने दोनों हाथो मई डैगर कसकर जकड लिया ..इधर डेथ हेलो के चेहरे पर भी क्रूर मुस्कान agayiii…aur वो भी निर्वाण की तरफ बढ़ गया क्योकि उसके दिल मई भी विक्रम का बदला लेने की आग अब तक सुलग रही थी…

निर्वाण पहले राइट हैंड के डैगर से वार किया और फिर लेफ्ट से डेथ हेलो पीछे हटकर बच गया पर अगले हे पल निर्वाण ने जम्प के साथ घुटने का वार किया पर डेथ हेलो ने हाथो से ब्लॉक कर दिया पर फिर भी कई फ़ीट पीछे खिसकता चला gaya…nirwana की आंखे गुसाई से धधक रही थी …उसने बिना रुके लगातार इतने वार किये की जब वो रूका तोह डेथ हेलो के सरीर से कई जगह से खून बाह रहा था ..

निर्वाण “ तुझे आज मेरे सामने नहीं आना चाहिए था” वो गुसाई से दुबारा चीखा “ तुझे मेरे सामने नहीं आना चाहिए था” और किक ,डैगर के वार से उसने डेथ हेलो को बुरी तरह घायल और पीटना सुरु कर दिया …

डेथ हेलो पीछे हैट ता हुवा वार से बच भी रहा था और अपने खंजर से वार भी कर रहा था पर उसे शॉक लग रहा था की निर्वाण के चेहरे पर सिकन तक नहीं थी दर्द की और वो इतना ताकतवर कैसे हो गया था…

निर्वाण ने डेथ होलो के एक हाथ को पकड़ा और खींचकर अपनी तरफ खिंचा और एक पॉवरफुल किक उसके पेट मई मरी ….और उसे पीछे की तरफ उदा दिया ….

“ तूने बहुत दुख दिया ह राज को”

डेथ हेलो जो निचे गिरा हुवा था वो खड़ा हुवा और निर्वाण की बात सुनकर के उसके चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और वो बोलै “ क्यों वो तेरी कुछ नहीं लगती ह”

निर्वाण “ तू अब मरेगा”

डेथ हेलो “ लगता ह तूने सुना नहीं जो मैंने कहा चल तुझे दिखता हु”

इतना कह उसने एक फोटो निकली और बोलै “इसे नहीं पहचानता ह tu…kya ये तेरी कुछ नहीं लगती ह”

उसके हाथ मई फोटो देख कर निर्वाण एक पल ठिठक गया और बोलै “ तू कैसे जनता ह”

डेथ हेलो मू से आया खून पौंछकर बोलै “ मतलब तू जनता ह क्या लगती ह वैसे तेरी ये बता”

निर्वाण ने कुछ नहीं कहा और डैगर उसके गले पर लगा दिया …

डेथ हेलो हँसता हुवा“ मर दे फिर भूल जा इसके बारे मई तेरी आँखों मई तड़प देख कर सुकून मिल गया मुझे”

निर्वाण “ तू मरना नहीं चाहता ह तोह बोल तू कैसे जनता ह” इतना कह निर्वाण ने एक पंच उसके मू पर मार दिया …

डेथ हेलो खून थूकते हुवे अपने हाथ से उसके हाथ को अपनी कर से हटते हुवे बोलै “तू मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकता ह …और तुझे क्या लगा मैं डरता हु मौत से …तू जानना चाहता ह की मैं कैसे जनता हु तोह बंगलोरे आना akele..samjha ..दुबारा मिलेंगे तब तुझे अगर मेरा मूड हुवा तोह बताऊंगा…”

इतना कह वो पीछे मुड़कर चल दिया …उसे जाता देख स्कॉर्पियन ट्राइब का लीडर बोलै “धोखेबाज़”

डेथ हेलो ने मुस्कुरा कर कहा “ तू चुटिया ह तुझे पहले हे कहता सबको टाइम से मरकर निकल चलेंगे ..पर न तुझे तोह तमशा करना था अब भुगत और वैसे भी किसी को तोह तेरे मरने की खबर देनी होगी न” इतना कह डेथ हेलो चला गया पर अब स्कॉर्पियन ट्राइब का तीसरा मेंबर भी मदद के लिए लीडर के पास आगया…

पर रविंद्र सिंह की रफ़्तार के आगे वो तीनो हे टिक नहीं प् रहे the…ravindra सिंह उन्हें बुरी तरह पिट रहे थे उनका एक एक पंच किसी भरी हथोड़े की तरह उनके सरीर की हड़िया तोड़ रहे थे उन्होंने राज की तरफ देखा और बोले “क्या हुवा तेरे खून को ठंडा पढ़ गया अब बदला नहीं लेगा”

राज जो निर्वाण बन चूका था वो सोच से बहार आया और अपने साथियो को इतने सरे गुंडों से गिरे हुवे लड़ते देखा तोह वो तुरंत अपनी सोच से बहार निकलकर भीड़ मई घुस गया और कत्ले आम सुरु कर दिया उसके डैगर का वार किसी के मू के अंदर घुसकर पीछे से फाड़ता हुवा बहार ारः था तोह किसी के गले के आर पार हो रहा था… वो युद्ध का देवता बनकर कहर बरसा रहा था …वो मैच माइक एटर्निटी शेरदिल के पास से घूमता हुवा उन्हें बचा भी रहा था और लगातार लाशो के ढेर लगता जा रहा था ..

इधर रविंद्र सिंह ने स्कॉर्पियन ट्राइब के लीडर को किसी रुई की तरह पेअर से पकड़ा और उठाकर दोनों साइड मई जोर से पटका ..और एक किक उसके मू पर मरी और फिर बाकि दोनों को बुरी तरह तोड़ने लगे u….ab तक भरी पद रही गुंडों की फौज अब बुरी तरह पास्ट होती दिख रही थी रविंद्र सिंह तीनो को अचे पीटने के बाद घसीट कर हवेली की तरफ ले जाते हुवे बोले “ बचे मई चला” और तीनो को हवेली के आगे ला कर पटक दिया और जो गुंडे हवेली मई घुसने के लिए लड़ रहे थे उनकी तरफ बढे और एक को गर्दन से पकड़ लिया और पीछे से हे हवा मई उठाकर न गर्दन तोड़ दी …फिर दूसरे के पेअर मई लात मरी और उसे हवा मई उछाला दिया और एक के सर पर मर कर उसकी गर्दन हे तोड़ दी ..उनका रौद्र रूप देख कर गुंडे पीछे हटने लगे …उन्होंने सबको पीछा हैट ते देख कर कहा … “ पीछे भी मौत हे ह”

जब सब ने पीछे की तरफ देखा तोह निर्वाण सबको गाजर मूली की तरह काट रहा था …उन सबके चेहरे पर मौत का दर साफ़ देखा जा सकता था…

रविंद्र सिंह “ दो तरफ और बची ह कोसिस करलो” वो लोग तुरंत एक तरफ भागे तोह शैडो वारियर्स ने गोलिया बरसा दी उन पर और वो लोग मौत के दर से इतना घबरा गए थी की संख्या और हथियार होने के बावजूद उन्हें समाज मई हे नहीं आया की क्या करना ह और वो मरते चले गए

रविंद्र सिंह की नज़र जब योगी बाबा पर गयी तोह उनकी आंखे नाम हो गयी और वो उनके पैरो मई गिर गए ….वंही सबको मरता देख …कविता और श्वेता भी खुस thi….toh पूनम ने भी झटके से हाथ छुड़ाया और बहार की तरफ भागी …उसे कोई परवाह नहीं thi…na किसी चोट की न जान की इधर निर्वाण भी नार्मल होकर सुनील और मनीषा के पास आगया और ाघुटनो के बल बैठ गया और हाथ जोड़कर बोलै “ मुझे माफ़ कार्डो” उसकी आँखों से आंसू फुट पड़े… “मैं पहले आजाता तोह ये सब नहीं होता”

मनीषा ने तुरंत राज को अपने गले से लगा लिया और बोली “ नहीं राज नहीं…. रोना नहीं ह तुमने तोह हम सबको बचाया”

राज रट हुवे “नहीं भाभी ये सब मेरी गलती ह देखो कितनी जाने गयी ह मेरी वजह से”

मनीषा उसके आंसू पौंछते हुवे “ ये युद्ध ह राज यंहा जान का बलिदान जायेगा अपनों को बचने के लिए और आज तोह पूरा परिवार लड़ा ह ये युद्ध जितना तुम्हारा ह उतना हे हमारा भी ह…” फिर उसके आंसू पौंछते हुवे उधर देखो …अभी उसे तुम्हारी सबसे जायदा जरुरत ह …और जब राज की नज़र भागते हुवे आरही पूनम पर गयी तोह वो उसे देखता एक तक देखता रहा ..

मनीषा “ बहुत तदपि ह तुम्हारे liye…pagal ह वो तुम्हारे प्यार मई …तुम्हारे साथ हुवे उस हादसे के बाद आज ये होश मई आयी ह”

राज मनीषा की बाते सुंट्स हुवे पूनम को हे देखे जा रहा था …वंही पूनम भागते हुवे लड़खड़ाकर निचे गिरी पर फिर दुबारा से कड़ी हो गयी उसके हाथ की हथेली चील गयी पर उसने परवाह नहीं की और नंगे पाँव हे राज की तरफ भगति रही उसके बाल बिख गए थेपर वो बिना किसी सिच के राज की तरफ भगति आरही थी….

मनीषा “ अब उसे ढक मत देना राज वो तुन्हे बहुत बहुत प्यार करती ह”

इधर प्रीती नेहा श्वेता कविता अनु भी खुद को रोने से रोक नहीं पायी और पूनम को तीख होने की ख़ुशी उनकी आँखों मई भी दिख रही thi…wo भी जानती थी की पूनम ने क्या सहा ह राज के लिए वो कितना तदपि ह..

पूनम से अब राज कुछ हे कदम की दुरी पर था …वो पूरी दुनिया को भूलकर राज की तरफ भगति चली आ रही थी…

सुनील पूनम को ऐसे भागता देख दर्द मई भी बोलै “तू बहुत पिटेगा मेरे हाथो अगर अब उसे रुलाया तोह”

मनीषा “जाओ राज उसे अपना लो”

राज आगे बढ़ा और अपनी बांहे पूनम के लिए खोल दी …पूनम सीधी उसकी बांहो मई सिमट टी चली गयी …वो फुट फुट कर रोने लगी उसने अपने हाथो से रट हुवे राज की पीठ पर मरना सुरु कर दिया …ये मरना बता रहा था की वो कितनी तदपि ह …राज ने उसे अपनी बांहो मई समेत लिया ….पूनम हे नहीं बाकि सब लड़किया भी खुद को रोने से रोक नहीं पायी और दोनों का मिलान देख कर रोने लगी…

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का
 
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