Adultery Raj-- hero of the family - Page 17 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 66

बिग मेघा अपडेट

इतस शो टाइम.....


फ्लेशबैक



सोनाली--- क्या उसके पास फ़ोन ह...


Deepika—ha वो मंडावा आगया ह ab.....aur फ़ोन बी रखता ह ..

सोनाली--- देखा फिर बी उसने बात नहीं करि अब तुम समझी .....की उसके दिमाग मई क्या चल रहा ह ..

दीपिका कई बार कॉल करती ह जो रिंग करती ह पर राज साल पिछ नहीं करता ह और फिर वो श्वेता को बी रिंग करती ह पर वो बी पिछ नहीं करती ह ..

Deepika—busy होंगे वपा कॉल बैक करेंगे

सोनाली--- हम्म्म ी होप जल्दी करे कॉल..

मंडावा----

मैं दंगल ढकने आगया था तोह शोर सरबे मई मुझे कुछ सुनाई नहीं diya....waise बी मेरी नज़र सिर्फ एक इंसान पे थी जिसे देख मेरे अंदर का निर्वाण जाग गया और निर्वाण सिर्फ तड़पता ह....

अब अजैईईई.....

सभी गाँव से ए हुवे भाइयो को स्वागत ह सबसे बड़े दंगल मई ....इस बार जीत की राशि बढ़ा दी गयी h.....Thakur साब की तरफ से जितने वाले को 11 लाख नगद पुरस्कार और महापंचायत की तरफ 1 लाख और हमारे मला श्री बृजमोहन जी की तरफ से 2 लाख रस नगद मिलेंगे और सभी भागलेने वाले पहलवानो को 21000 नगद मिलेगा....

पर मुझे इन सब मई दिलचस्बी नहीं थी मेरी नज़र तोह बस हरी सिंह पे हे थी और मेरे होतो पे कुटिल मुस्कान खुद बा खुद आरही थी .....

तभी अनाउंसमेंट हुवा अब हमारे आज के विशेष अतिति ह ....ठाकुर जगमाल सिंह ...मला श्री बृजमोहन और सप शिवानी जैस्वाल पधार रहे ह.....

फिर सभी आके मुख्या चेयर्स पर आकर बैठ गए मैं श्वेता और चचाई के साथ मेला घूमने चला गया जंहा श्वेता और छोटी चची अपने लिए सूंदर चुडिया ले रही थी ...

छोटी चची--- तेरी शादी मैं यही राजस्थान मई हे करवाउंगी....

श्वेता--- चची शादी तोह मैं कर लुंगी चाहे जंहा करवाओ पर शर्त एक हे मैं घर छोड़के नहीं जाउंगी वो हे ए मेरे साथ रहने वर्ण मैं आप सबके साथ और भाई के साथ खुस हु कौन पीला फोकट के झांझड़ ...

स चची--- हैट badmass...aisa बी होता ह क्या

Main—bi सुन्दर सुन्दर ड्रेस और चुडिया ढक रहा था .....और मेरा मन अतीत मई चला gaya......janha सिर्फ ऋचा की यदि थी

मैं--- ये तेरे लिए हे ली यार ढक ये बिंदी तुजपे बहुत सूंदर लगेगी इस लॉन्ग स्कर्ट और टॉप के साथ पहनना बिलकुल मेरी अनगर्ल बन jayegi...phir जब अपनी शादी होगी न मैं तेरे लिए दुनिया की सबसे सुन्दर शादी का जोड़ा तैयार करवाऊंगा सब ढकते रह जायेंगे... और तू सिर्फ मेरी होगी सिर्फ मेरी .....और हम यंहा हिमाचल की इन हसीं वादियों मई अपना एक ऐसा आशियाना बनाएंगे जंहा हमे कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा...

ऋचा--- सच मई यार कब होगी अपनी शादी .... जब मैं तुम्हारी बांहो मई हमेसा के लिए रहुंगीय

मैं--- जब मैं कुछ बन jaunga...aur मेरे जीवन का उद्देश्य पूरा कर लूंगा तब फिर पूरी जिंदगी सिर्फ तुम और मैं होंगे...

भाई भाई भाई ......

मैं श्वेता की आवाज सुन होश मई आया ...

Shweta—kab से आवाज लगा रही थी आपको कान्हा खो गए थे आप ...

मैं--- कुछ नहीं आप लोग घूमो मेले मई मैं अत हु ...

श्वेता कुछ बोलना चाहती थी पर मेरी सकल ढक कुछ बोली नहीं

फिर मैं थोड़ा दूर आगया और आँखों के कोने से निकलते एक आंसू को निकल फेंका और सोचने लगा उसके बारे मई की एक बार क्यों उसने मुझ पे विस्वास नहीं किया मैं सिर्फ तुम्हारा हे था ऋचा पर तूने हमारे प्यार पे एक बार यकीं नहीं किया सिर्फ गैरो पे यकीं किया आखिर क्यों हमदोनो तोह एक दूसरे को बेइंतिहा प्यार करते थे न फिर kyo....main काफी दिएर अकेला बैठा रहा ... ... एक ऑवर बाद जब दिल का दर्द काम हुवा तोह उठ के दंगल के पास आगया जंहा पहलवान अलग गांव के लड़ रहे थे ...... वंहा का महल बड़ा रोमांचक हो रहा रखा था भीमा चाचा के सामने तोह पहलवानो ने ु हे हार मानली थी क्योकि उन्हें पता था जीत नहीं पाएंगे तोह उधर हरी सिंह का बीटा हरेंद्र सिंह सामने वाले पहलवानो का कुछ न कुछ तोड़ रहा था जो खेल भावना के बिलकुल विरुद्ध था......

फिर भोजन के समय के लिए कुछ दिएर दंगल रुका हम सब घर आगये जिसमे मला और सप शिवानी बी साथ थी...

दादाजी--- बृजमोहन जी और सप साहिबा दंगल काफी शांति से चल रहा ह मुझे शंका ह आज बहुत बड़ा कुछ होने वाला ह तोह आप सुरक्षा इंतजाम करके रखिये

सप शिवानी--- मतलब

भीमा चाचा--- आज नारक बनेगा जंहा पापियों को तड़पाया जायेगा....

मला समाज गया था इसलिए वो चुप रहा फिर सबने अपना खाना ख़त्म किया और शिवानी बेचारी सोचती हे रह गयी.....

हम्म सब वापस दंगल मई आगये जंहा पहला मुक़ाबला भीमा चाचा और एक पहलवान के साथ huva.....bheema चाचा ने उसे थोड़ी सी मुश्किल से हरा दिया और दूसरी तरफ हरेंद्र सिंह ने सामने वाले पहलवान का कन्धा हे तोड़ दिया.....

दादाजी--- इतनी बार कहने पर बी हरी सिंह तेरा बीटा खेल भावना नहीं दिखा रहा h...aur इस बार बी उसने सामने वाले पहलवान का कन्धा तोड़ दिया ह जो खेल के नियमो के विपरीत ह मैं चुप हु तोह तुम कुछ बी करोगे काट के फेंक दूंगा समजा अबकी बार इसने ऐसा किया तोह...

हरी singh—thakur जगमाल सिंह जी उम्र हो गयी ह पर तांव नहीं गया ह हमने भी चुडिया नहीं पहनी h...jo चुप रहेंगे .....जवाब हम बी देंगे..

दादाजी--- तू जवाब देगा अपनी हद मई रह वर्ण अब एक सब्द और तुजे इस दुनिया मई कोई नहीं बचा पायेगा

पर हरिसिंह को तोह मला और सप पास बैठा दिख रहे थे जिसे उसे पता था की वो बिच मई आजायेंगे और 100 बड़े लठैत जो लाया था तोह आज हवा मई था और उसने वो गलती कर हे थी जो नहीं करनी चाहिए थी...

हरी singh—sabke सामने जान से मरने की धमकी दे रहे हो muje..dum ह तोह मार के दिखाओ ...

मैं --- कब से यही ढक रहा था मुझे बिकुल नहीं पसंद था की कोई दादाजी ऐसे ऊँची आवाज मई बात करे मैं भाग के गया और कोई कुछ कर पता उसे पहले हे हरी सिंह को आगे गले के पास से पकड़ा और चेयर से से उठा के सामने ाखडे की तरफ फेंक दिया और वापस उसके पास गया उसे 2no हाथो से पकड़ के ऊँचा उठाया और जो ट्रॉफी पड़ी थी उस टेबल पे पटक दिया तब तक अस्सपस्स के पुलिस और गाँव वालो ने मुझे पकड़ लिया.....

Main---Kutte तेरी इतनी औकात जो तू दादाजी के सामने बोलै यही सबके सामने हे काट दूंगा समजा ...अब तुजे कोई नहीं बचा payega....cheerfaad कर दूंगा teri....teri हालत गली के कुत्ते से भी बुरी करूँगा यंहा सबके सामने कसम खता हु माँ भवानी की तेरी हालत तेरे गाँव वालो के लिए मिसाल होगी तेरे ये गाँव वाले और तेरी सतो पीडिया जब जब ठाकुर जगमाल सिंह का नाम सुनेगी वो दर से काँप uthenge...aur मैं जो बोलता हु वो करता हु....

हरेंद्र सिंह बी मेरी तरफ भाग के आया पर उसे गाँव वालो ने पकड़ लिया....

हरेंद्र सिंह--- तू नहीं बचेगा अब तुजे मैं अपने हाथो से मरूंगा...

Main—usai ढक के गीदड़ो की धमकी नहीं शेर की हुंकार ह ये ......

माहौल बहुत तंग हो गया था एक तरफ हरी सिंह के 100 लैटहैटो के साथ 300 गाँव वाले और थे तोह यंहा दादाजी के साथ मैं भीमा चाचा और मला और 1000 गाँव वाले खड़े the...aur सब एक दूसरे को घर कर ढक रहे थे...


सप शिवानी और मला ने समझाया तोह माहौल थोड़ा शांत हुवा पर सब एक दूसरे को हे ढक रहे थे और हरी सिंह मेरी तरफ ढक के पहचाने की कोसिस कर रहा था की ये कौन ह ....पर उसकी आँखों मई मुझे जान से मरने के इरादे साफ़ थे...

शाम के 5 बज गए थे हरी सिंह का दिमाग शांत हुवा तोह उसने इशारे से 100 लैटहैटो को मंदिर की तरफ भेज diya...as पैर प्लान हमने अपने 2 पहलवानो के साथ उसके खबरि को लेके मंदिर के रस्ते मई खड़ा कर दिया

अब आखिरी दंगल शुरू हुवा

जो भीमा chacha...aur हरेंद्र सिंह के बिच था...

हरेंद्र भीमा चाचा को घर कर बोलै आज तेरी हालत ऐसी करूँगा की तू दुबारा खड़ा नहीं होगा ....

B.chacha—dair किसकी ह अजा...

फिर दोनों आपस मई भीड़ गए हरेंद्र ने एक थपड कनपट्टी पे मारा चाचा के तोह चाचा ने जब दुबारा वो कनपटी पे मरने लगा तोह उसे झुक कर उसे पकड़ कर उठा के पटक diya....harendra टिल मिला के खड़ा हुवा और दुबारा एक दूसरे के हाथ मई हाथ फंसा के आगे पीछे ढाका देने लगे लगे फिर मौका मिलते हे हरेंद्र ने चाचा का बांये हाथ को छोड़कर ढाया हाथ को पीछे की तरफ मरोड़ दिया जिसे चाचा बिलबिला उठे और रेफरी ने वार्निंग दे दी दुबारा किया तोह हार जाओगे.. चाचा ने कुछ दिएर हाथ को तीख किया और फिर दुबारा आमने सामने हो गए पर दर्द से भीमा चाचा की ताकत काम हो गयी thi...isi का फायदा उठके ...हरेंद्र सिंह ने भीमा चाचा को फिरसे बांये हाथ को पकड़ के पीठके ऊपर लेके उठा के पटक दिया भीमा चाचा दर्द से पहले तड़प रहे थे और उसी हाथ को पकड़ के उठा के पटकने से दर्द से चीक निकल गयी...

हरी सिंह के गाँवों से ए लोग अपनी मूंछो पे तांव देके चिढ़ाने लगे तोह हरी सिंह बी तांव मई आगया

हरी सिंह --- है है है लगता ह मंडावा के खून मई दम नहीं ह .. रहा अब मूंछे ऊँची बस नाम की हे रह गयी h....ha है है

दादाजी--- बस गुसाई से उसे देख रहे थे ..

हरी सिंह— अगर ह किसी मई दम तोह जीने मरने का मैच होगा एक मौका और देता हु भीमा की जगह दूसरा पहलवान लड़ ले पर मैच हार जीत से नहीं एक की मौत से ख़त्म hoga...manjur ह ठाकुर...

दादाजी--- मुझे manjur....par जो पलटा उसको मैं खुद मारडुंगा.....

हरी singh—Toh भेज अपने पहलवान को देखता हु अब किस्मे जीने की छह नहीं ह

सप शिवानी--- नहीं ये नहीं हो सकता ह ...

दादाजी और हरी singh—Sp साहिबा आप मई से कोई बी बिच मई आया तोह पुलिस वालो की मौत जी जिम्मेदार आप होंगी .....तोह सोच के उठियेगा अब ये शान भान का दंगल ह

मला – शांत हो जाइये सप साहिबा अब आप और मैं कुछ नहीं कर सकते ह ये वर्चस्व की लड़ाई ह आपको पहले भोजन के वक़्त बी बताया था आप चाहकर बी कुछ नहीं कर सकती ह ठाकुर साब कभी गलत नहीं करते ह इस हरी सिंह के खिलाफ काफी शिकायत h....bus शांत रहिये ...ढकते जाइये आज का दंगल और आज का ये दिन आप जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगी ये मेरा वडा ह...

दादाजी – जोर से निर्वाणा... ये मरना नहीं चाहिए ह इसकी चीक इसके बाप के कान मई तीर की तरह चुबनि चाइये... इसका बाप बिख मांगना चाहिए इसकी जिंदगी की .....

Main—Jo हुकुम......


और खुद गया दंगल mai...gusa आँखों मई पहले से हे सरे गाँव वाले कुंवर सा कुंवर सा के नारे लगा रहे the...aur मैं उसको सामने उसकी आँखों मई आंखे दाल के खड़े थे........ मैंने 2no हाथ सामने किये और जैसे हे उसने भी 2no हाथ मेरे हाथो मई डालने के लिए सामने किये मैं फुर्ती से साइड से निकल के उसके पीछे आगया और उसकी कमर को पकड़ के पूरी ताकत से ऊपर उठके पीछे फेंक दिया गिरा निचे और चीक निकल गयी उसकी... वो जैसे हे खड़ा हुवा मैंने भाग के गया उसके पेट से पकड़ के ऊँचा उठाया और अखाड़े से बहार फेंक दिया ....वो सीधा जेक पिछवाड़े के बल गिरा टेबल और खुर्सियो पर फिर से गांड फाड़ चिल्लाया मैं उसके पास फिर से भाग के गया और उसको पेअर से पकड़ के घसीट के अखाड़े मई लाया और सीधा खड़ा किया और उसका एक हाथ पकड़के अपनी पीठ पे उठा के दिया पूरी ताकत से धोभी पछाड़ उसका कन्धा हे टूट गया और चिल्लाने लगा पर मेरी आँखों मई तो खून सवार था मैंने फिर उसे खड़ा किया और कमर से पकड़के अपने पीछे उठा के फेंक दिया ऐसा कई बार किया .. सायद कन्धा गर्दन हाथ काफी जगह फ्रैक्चर आगया था और मू से खून निकल रहा था...

हरी सिंह--- छोड़ दो उसे वो हार गया ह....

मैं--- मेरे दादाजी के पैरो में गिर कर माफ़ी मांग फिर छोड़ दूंगा....

हरी सिंह मजबूर था क्योकि उसे नहीं पता था की कोई भीमा से ाचा पहलवान भी निकल जायेगा वर्ण वो कभी ऐसा चल के पंगे नहीं leta....usko लगा था भीमा से ाचा पहलवान कोई नहीं होगा ..

हरी singh----main हाथ जोड़ के माफ़ी मांगता हु apse...mere बेटे की जिंदगी भकस दो

दादाजी---- दफा हो जाओ अपनी सकल लेके... यंहा से ...तेरी औकात नहीं ह मेरे सामने खड़े रहने की....

सरे गाँव वाले हंस रहे थे ..जिसे वो अपमान का घुट पीकर रह गया..

फिर हरी सिंह अपने बेटे को लेके दंगल से थोड़ी दूर आगया

हरी singh—is अपमान का बदला जरूर लूंगा मई ठाकुर .....जरूर लूंगा बेशक मैं उतना ताकतवर नहीं हु पर तेरे पोते की जानकारी मई उसे दूंगा जो तेरे लादले बेटे सहदेव का वंश मिटाना छठा h.....harendra को बाद मई डॉ के पास ले जाऊंगा पहले मंदिर जाता हु आरती का समय कीच दिएर मई हो जायेगा तब वो लड़का वंहा आएगा तब उठा लूंगा usai....aur अपना बदला पूरा करूँगा... पता नहीं कौन ह वो छोकरा और आज ये कौन सा पोता आगया ठाकुर ka...baad मई सोचूंगा उसका बी पहले इसे निपटा लू..


इधर दंगल मई ...

दादाजी के नाम के जय करे लग रहे थे..

दादाजी--- मुझे खुसी ह मेरे 2 शेर मेरे 2 हाथ ह भगवन तुम दोनों की सदैव रक्षा करे..

बी chacha—babuji मैंने क्या किया ह सब राज ने किया ह...

Main—usne धोखा किया था वर्ण मेरे चाचा को हरा ले इतना दम किसी मई नहीं .....

फिर जब मुझे इनाम देने लगे तोह मैंने 11000 ऊपर के रख लिए और बाकि सब गाँवों के कल्याण के लिए दे दिए जिसे सब खुस हो गए

Main—dadaji चले हमे अभी 15 कम दूर मंदिर भी जाना ह और मैंने भीमा चाचा को इशारा कर दिया....

जो इशारा था अब दंगल के बहार दंगल का ...


और फिर मैं और दादाजी और 3 पहलवान सबको नमस्कार अलविदा करके निकल दिए मंदिर की तरफ .... आरती का समय भी हो गया था....

मंदिर से 8 कम पहले

मैं--- दादाजी आपको पता ह क्या करना ह आपका वो रूप देखना ह मुझे आप तयारी करके रखो उनके पुरे गाँव देखेंगे की आपसे उलझने का अंजाम क्या होता ह........

दादाजी--- तीख ह मैं अभी फ़ोन करके इंतेज़ाम करके रखता हु.....


फिर मैं चल दिया अपनी बाइक से मंदिर की तरफ जब 6 कम दूर रह गया था तब खबरि से फ़ोन करवा दिया

हरी सिंह--- सबको इशारा करता ह की सब तैयार रहे खबरि का फ़ोन आगया ह...

उसके पास एक झंडा था जिसके फहराने का मतलब था सीकर ारः h...aur खुद अपनी कार को रोड के बिच मई कड़ी करके खड़ा हो गया मैं सामने से अत दिखा तोह पहले शॉक हुवा और फिर मुस्कराने लगा मेरे पास एते हे ..

हरी सिंह--- ओह तोह तू ह वो लड़का जो ठाकुर के घर आया h...tabi मैं सोचु तू उसे दादा जी क्यों कह रहा था अब तोह सारा हिसाब तेरे से पहले पूरा करूँगा

मैं--- ाचा ऐसा क्या तोह करले पूरा लगता ह दिन वाली मार से तेरी अकाल नहीं खुली ह..... बाप बेटे की गांड कुटाई अचे से हो गयी पर छानने अभी कुलमुला रहे ह पिछवाड़े मई ..

हरी सिंह--- है है है मरेगा तोह तू सेल..

Main—pata ह मैं तुजे मरूंगा नहीं जब मैं ये बोल रहा था मेरी सर की नसे तन गयी थी और आंखे लाल होने लग गयी फिर मैं आगे बोलै मैं तेरे हाथ को पहले तोडूंगा फिर तेरी एक एक ऊँगली तोडूंगा ऐसे हे teri...sari हड़िया तोडूंगा phir....tere साडी उंगलिया हाथ और पेअर की काट दूंगा और सुन इतना हे नहीं फिर जइब काट दूंगा फिर तेरी आंखे फोड़ दूंगा ....और तेरे सरे आदमियों के साथ बी यही करूँगा. लोग थूकेंगे अरे इस बार तेरी आंखे नहीं फोड़ूंगा ताकि तू सब ढक सके सारा गाँव तुझ पे थूकेंगे.. हरी सिंह मौत तोह ु हे बदनाम ह दर्द तोह जिंदगी देती ह .....और कैसे देती ह ये तू देखेगा....

हरी सिंह--- मैं तोह दर गया है है है....

Main—Hari सिंह निर्वाण कभी झूट नहीं बोलता..

हरी सिंह के एक इशारे से 4 तरफ से खूब सरे लोग आजाते ह ..

हरी सिंह--- ये ढक मेरी पावर....100 ताकतवर लठैत ह ...और मुझे डरने चला था जा रे सुखिया लेके आ इसे घसीट के मेरे पास


सुखिया आया भागता हुवा मेरे pass....usne लेथ घुमा के मेरी तरफ जैसे हे घुमाया मैंने अपना हाथ आगे कर दिया उसका लेथ टूट गया और फिर दूसरे हाथ का पंच पहले पेट मई और फिर दुबारा उसके जबड़े पे दिया हवा मई उड़ता हुवा जमीं पे गिरा......

मैं – बस यही ह तेरे लठैत जो इतने मई हे पसर गया ह तुजे पता ह मेरा परिवार ह ...और मेरा परिवार मेरी ताकत ह अब तुजे मैं दिखता हु ताकत मैं पूरा जोर लगा के चिल्लाया ..

दादा जीईईई ...........

2 मिनट हुवे कुछ नहीं हुवा तोह हरी सिंह जोर जोर से हसने लगा और बोलै क्या हुवा बचे बस निकल गयी हवा

मैं – मौत तेरे पीछे चलती हुवी आरही ह और तू मेरी तरफ ढक रहा ह..

हरिसिंह जैसे हे पीछे हे घुमा पीछे गाँव के लोग हाथ मई लेथ और डंडे उठाये भागे आरहे थे....

मैं दाए मुड़के dhek...hari सिंह ने गर्दन दये घुमाई तोह उसे आदमी हे आदमी दिखे जो उसकी तरफ हे आरहे

मैं बाये ढक अब हरी सिंह ने बाए देखा तोह उसकी फैट गयी इतने सरे आदमी ढक के ..उसके साथ वाले आदमी बी दर गए....

मैं अभी रूक अब मेरे पीछे जो तेरे आदमी खड़े ह न उन्हें बोल अपने पीछे देखे..

जैसे हे उन्हों ने पीछे देखा तो उनकी हालत ख़राब हो gayi...piche दादाजी भीमा चाचा और उनके पीछे भीड़ चली आरही थी...

मैं-- पता ह जंगल का राजा शेर होता ह और तू तोह जंगल की जगह शेर की मंध मई हे हाथ दाल दिया...

मैं--- छिलके चीयर डालो फाड़ डालो इनका वो हाल करना ह की इनकी पीडिया दुबारा गलत करने के बारे मई बी सो बार सोचे..... और मैं बी भाग के दी घुटने की हरी सिंह के सीने पे वो उड़ता हुवा खुद की कार से takraya...wo खड़ा होता उसे पहले हे उसको उसकी गर्दन से पकड़ के बोनट पे पटक diya...sala गिरा निचे ...उधर 300 गाँव वाले टूट पड़े उन 100 पर ..उनकी हड़िया पसलिया सब तोड़ दी ...इधर मैं हरी सिंह को घसीट के दादा जी आगे लाके पटक दिया ...

Dadaji—in सब को उठालो और ले औ हवेली पर फिर पलट कर भीमस इसे उठालो और इसके बेटे को बी ले चलो haveli.....oe..

फिर हम पहले हवेली की तरफ आगये मैं हरी सिंह को घसीट के हवेली के अंदर ला रहा tha...toh वंहा सुरेंद्र बबिता खड़े थे जो मुझे हे ढक रहे थे गाड़ियों की आवाज सुन बाकि सब बी बहार आगये छोटी chachi...badi चची .... बहार गए हुवे थे..

श्वेता-- सुरेंद्र और बबिता के पास jake...ye तुम बी हो सकते हो जितना दूर रहोगे उतना सेफ रहोगे .समजे क्योकि तुमने जो पास्ट मई किया ह तुम्हे उसका हिसाब देना ह तुम्हारा बी नंबर आएगा.......

मैं उसे घसीट के बेसमेंट मई ले गया जिसके पीछे दादाजी बी गुसाई मई आरहे थे ..

Dadi—bheema क्या हुवा ह

Bheema—maa सा डूंगरपुर के हरी सिंह ने बाबूजी की बेज़्ज़ती कर दी थी दंगल मई तोह राज उनके गाँव वालो समेत उसको उठा के लाया ह...

बड़ी चची--- बड़ा आया गाँव वालो को उठाने ...waaalaaa....aaa

बहुत सरे ट्रैक्टर्स की आवाज आने लगी थी जिसमे पीछे 100 गाँव वाले टूटी फूटी हालत मई पड़े हुवे थे 30 ट्रैक्टर ट्रॉलियां और बहुत साडी पिकप और कार्स मई आदमी बैठ के आरहे थे

सुरेंद्र बबिता और बड़ी चची का मू खुल हुवा था और उनके सरीर मई झुरझुरी दूध रही थी....

बेसमेंट मई

मैं नाम बता सिर्फ एक बार पूछूंगा ..

हरी सिंह--- मुझे नहीं पता

दादाजी--- ढक तेरी मेरी कोई दुश्मनी नहीं और तुजे पता था की मुझसे सीधे उलझना मतलब मौत ह फिर भी तूने ये किया तोह साफ़ ह किसी ने तोह करवाया हे होगा....

हरी सिंह चुप रहा

मैं--- तू अब तड़पाएगा और बहुत तड़पेगा फिर मैंने उसके पैरो मई 2 किल ठोके दी ताकि पेअर न हिला सके फिर उसके सामने बैठ कुर्सी पर उसकी उंगलिया कटी फिर 2no पेअर की काट दी ...तू बोलेगा तू नहीं बोलेगा तोह तेरी आत्मा से बुलवा लूंगा मैं ...

वो चिल्ल्ता रहा ......रुक जाओ पर मैं नहीं रुका ...

हरी सिंह--- उसका नाम


SR.VICTER ह

दिल्ली का डॉन ह बहुत बड़ा पुरे उत्तर भारत मई आर्म्स की सप्लाई करता था अब ये काम उनका बीटा JR.Victer करता ह कान्हा मिलेगा कुछ पता नहीं बस बोलै 50 कर मिलेंगे सहदेव के बेटे का पता लगाने के.. बहुत पैसा ह उनके पास बहुत पावर फुल ह वो ....

मैं---- वो होगा पावर वो होगा बड़ा डॉन वो होगा पैसे वाला पर इस बार उसका पूरा साम्राज्य मिटा दूंगा जिन हथियारों को वो बेचता ह उसी मई उसकी चिटा जलाऊंगा आग से खेलने का शोक ह न उसी आग मई जिन्दा जलूँगा मैं........

आज के लिए इतना हे ..

लाइक्स और कमैंट्स देना न भूले ...पिक्चर अभी बाकि ह....
 
टुडे अपडेट टाइमिंग 2 पं

गुड मॉर्निंग ......

साथ बने रहे
 
अपडेट 67



इतस शो टाइम - पावर

फलेश बैक

हरी सिंह--- उसका नाम

SR.VICTER ह

दिल्ली का डॉन ह बहुत बड़ा पुरे उत्तर भारत मई आर्म्स की सप्लाई करता था अब ये काम उनका बीटा JR.Victer करता ह कान्हा मिलेगा कुछ पता नहीं बस बोलै 50 कर मिलेंगे सहदेव के बेटे का पता लगाने के.. बहुत पैसा ह उनके पास बहुत पावर फुल ह वो ....

मैं---- वो होगा पावर वो होगा बड़ा डॉन वो होगा पैसे वाला पर इस बार उसका पूरा साम्राज्य मिटा दूंगा जिन हथियारों को वो बेचता ह उसी मई उसकी चिटा जलाऊंगा आग से खेलने का शोक ह न उसी आग मई जिन्दा जलूँगा मैं........

अब अजैईईई...

Dadaji---matlb उन्हें आज बी सक ह की सहदेव का बीटा जिन्दा h.......hmmm तोह ये बात ह इतने साल बाद बी उन्हें अपनी बादशहत जाने का दर ह उन्हें दर ह की वफादार लोग फिर से न खड़े हो जाये उनके खिलाफ उनके जुर्मो के खिलाफ क्योकि उन्हें पता ह की सिर्फ एक उम्मीद चाहिए ह दुबारा खड़े होने की इसलिए वो ये आखिरी उम्मीद मिटाना चाहते ह....

यंहा दादाजी अपनी सोच मई हे घूम थे

Main—ab हरी सिंह तू भुगतेगा इस जनम के तेरे पाप और फिर मैंने आंखे छोड़ उसे तड़पा तड़पा के सब काट दिया यही हाल उसके बेटे का किया सिर्फ उनकी आंखे सही छोड़ी...

मैं फिर उन दोनों को ग्रसित कर बहार ले आया बहार जब सबने उसकी हालत देखी तोह सब देखते रह गए मैंने उनको उठके एक ट्रैक्टर ट्रॉली मई फेंक दिया ......

मैं --- चले दादाजी.......

भीमा chacha—muskra अपनी कुल्हाड़ी प कार मई डाली और दादाजी के साथ मई निकल दिए डूंगरपुर

सबसे आगे मेरी बाइक thi.....aur मेरी बाइक के पीछे 2 स्कार्पियो पहलवानो की फिर दादा जी की चेतक आरही थी और उसके पीछे पिकप और ट्रैक्टर ट्रॉलियां .....का पूरा काफिला था जो दादाजी के रुतबे की एक छोटी सी झलक थी...

सप ऑफिस ......

ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग

सप शिवानी जो बस अभी ऑफिस पहुंची हे थी दंगल का सारा काम निपटवाके और फिर मला के घर se...discuss karke..uska ऑफिस टेलीफोन बज उठा

सप शिवानी--- hello

Inspecter---mam बवाल हो गया ह मुझे अभी माँ भवानी के मंदिर के पास रहने वाले डूएटी हवलदार ने बताया ह हरी सिंह ने ठाकुर साब के पोते को मरने के लिए साजिश रची थी जिसमे खुद फंस गया और ठाकुर साब ने उसको और उसके बेटे को उठा लिया ह ....बहुत मार पीट हुवी ह...

सप shivani---what??? ये कब हुवा ...

इंस्पेक्टर--- शामको आरती के टाइम ...मम ये बड़ी दिकत नहीं ह बड़ी दिकत तोह अब ह.....

सप शिवानी--- मतलब क्या साफ़ साफ़ बोलो..

Inspecter---mam ठाकुर साब जबान के पके ह उनके सामने जो गॉंव वाले जो उछाल रहे थे न ठाकुर हरी सिंह तरफ से उनको बी उठा लिया..

शिवानी--- सीट से उछाल कर व्हाट ??? र ु आउट ऑफ़ योर mind.....how आईटी इस पॉसिबल इतने सरे लोगो को कैसे...

इंस्पेक्टर--- मम मेरा दिमाग बिलकुल तीख ह उन्होंने 100 लोगो के अस्सपस्स लोगो को उठा लिया ह और उनका काफिला डूंगरपुर जा रहा ह अब आपको एक सलाह देता हु आप दूर रहिएगा इन सबसे ...क्योकि कोई सबूत कोई गवाह नहीं मिलेगा आपको ठाकुर साब के खिलाफ .

सप शिवानी--- कानून किसी से नहीं डरता ह तुम दुबक के बैठे रहो ...मैं जाउंगी और सबूत बी लाऊंगी चाहे कोई बी हो कानून से बड़ा नहीं ह...

Inspecter---mam 20 साल से डूएटी कर रहा हु आप बी कोसिस कर लो पर बिना सबूत हाथ मत डालना ....वर्ण बहुत बुरा होगा

इधर दिल्ली---

सोनाली और दीपिका परेशां होक ऑफिस मैं 2 ऑवर पहले हे इन्फॉर्म करके मंडावा निकल gayi..car से फुल स्पीड से...250 कम की दुरी तय करनी थी कार के ऊपर नीली बत्ती साउंड करती हुवी घूम रही थी और वो 100 के ऊपर की स्पीड से भगाये ला रही थी सुव को पर ट्रैफिक परेशां कर रहा था

इधर

श्वेता रूम मई आयी और नाहा धोके नार्मल हुवी तोह.... अपना फ़ोन चेक किया

श्वेता --- सहित सहित दी के इतनी साडी मिसकॉल अब दी नहीं छोड़ेंगी एक काम करती हु कॉल कर हे लेती hu....warna डुब्बले सुनाएंगी

फिर कॉल कनेक्ट होने पे

श्वेता--- सॉरी सॉरी डीई फ़ोन....

वो पूरी बात भी न बोलपयी थी...

दीपिका--- सब छोड़ राज कान्हा ह उसे बात करा ...

Shweta---man मई अब क्या बताऊ inhe....jhut बोल देती huuu.....di राज तोह बहार गया ह ..मुझे नहीं पता ह कान्हा गए ह ..

दीपिका--- मुझसे झूट मत बोल मैं तेरी राग राग से वाकिफ हु तुजे नहीं पता ये हो नहीं सकता ह सच बता dhek....mera दिल घबरा रहा ह...

श्वेता--- सोचकर. दी वो raj...phir पूरी बात कह सुनाई ...अभी वो सब डूंगरपुर गए ह....

दीपिका तीख ह मैं आरही हु 1 ऑवर पहुंच जाउंगी ....कॉल कट...

इधर हम डूंगरपुर पहुंच गए थे हउमै लगभग 1.30 ऑवर laga..kyoki ट्रैक्टर ट्रॉलियां बी thi....humara काफिला गाँवो मई घूमता हुवा जा रहा था और लोग घरो की छठ से हरी सिंह और गाँव वालो को ढक रहे थे ...जो टूटी फूटती हालत मई ट्रैक्टर ट्रॉलियों मई पड़े थे...

तोह उधर ...

सप शिवानी बी अपनी पूरी पुलिस फाॅर्स के साथ आरही थी ...

फिर हमारा काफिला पंहुचा हरी सिंह के हवेली के आगे हरी सिंह और उसके बेटे को फेंक दिया हवेली के आगे और फिर सरे डूंगरपुर वाले हवेली के अस्सपस्स ीखते होने लगे तोह मैं हरी सिंह और हरेंद्र को रस्सी से बाइक के पीछे बांड लिया हरी सिंह का परिवार और गाँव वाले ये सब ढक रहे the...main बाइक से घसीट ता हुवा गाँव की चौपाल पे लाया और लटका दिया दोनों को और बाकि गांव वालो को चौपाल मई फेंक दिया जो दर्द से कराह रहे थे .....

मैंने एक माइक लिया और चिल्ला कर बोलै

Main—ye सबक ह तुम्हारे लिए की अगर मेरे दादाजी जी के खिलाफ किसी ने नज़र उठायी तोह उसका क्या होगा ......याद रखना वो जिन्दा रहेगा पर उसकी हालत मुर्दा से बी बुरी hogi.....aj से ये डूंगरपुर ठाकुर जगमाल सिंह जी के अंदर आएगा जिसने बी कुछ बी गलत किया उसका हाल इन दोनों बाप बेटे जैसा hoga...agli महापंचाया मई इसका एलन कर दिया जायेगा अगर किसी ने होशियार की तोह इन बाप बेटो की हालत ढक लो सुर बता देना दूसरे गान वालो को bi....main...

तभी पुलिस की गाड़ियों के साईरन बजने लग gaye...Aur सप शिवानी अपनी फाॅर्स के साथ आगयी...

सप शिवानी--- खबरदार कोई अपनी जगह से नहीं हेलेगा

B.chacha—muskrakar हम यही समजा रहे थे की khabardar...koyi होसियारी नहीं करेगा

सब जोर से हसने लग गए..

सप शिवानी – ठाकुर साब ये सब अपने ाचा नहीं किया कानून को अपने हाथ मई लेके..

दादा जी--- सप साहिबा आप फिर बिच मई आरही ह....

सप शिवानी--- कानून हमेसा बिच मई होता ह नये के साथ अन्याय के virudh...aur कानून से ऊपर कोई नहीं h...main आप सबको गिरफ्तार करती hu...ashanti फ़ैलाने और मार पीट के जुर्म मई .

B.chacha--- क्या सबूत ह तुम्हारे पास और तुम्हरी ये हीमत

बी. चाचा ने कुल्हाड़ी निकली तोह सरे गाँव वालो ने अपने हथियार बी निकल लिए तोह पुलिस वालो ने बी बन्दुक तान दी ..

दादाजी--- सप साहिबा आप हमें लेजा तोह सकती ह पर आप प्रूफ नहीं कर पाएंगी दूसरी बात मान लिया आप किसी के दबाव मई नहीं अति ह पर जब सबूत नहीं होगा तब क्या होगा आपका ....आपकी ये इज़्ज़त रुतबा सब गिर jayega...kabhi कभी सही करने के लिए कुछ गलत कदम बी उठाने होते ह ..आप ईमानदार ह इसलिए इतना समझाया वर्ण हमने कभी किसी से इतनी बात नहीं की ह..

सप शिवानी--- वो देख लुंगी main......saboot मिल जायेगा इतने गाँव वालो मई गवई कोई तोह देगा..

मैं--- ये जो 2 लोग टंगे हुवे ढक रही हो न ऐसा हे हाल मैं अब तेरा करूँगा सप बहुत सुन ली तेरी पद पद .. गवाह गवाह ये इन दोनों की हालत ढक कोई नहीं आएगा ..बस तीसरा तुजे लटकाऊँगा....

मैं जैसे हे आगे चला...

दादाजी--- राज आपके यही संस्कार ह आपके ...हमने यही सिखाया ह तुरंत माफ़ी मानगो.... वो एक स्त्री ह आप भली भांति जानते ह

मैं--- पर दादाजी ..... पहले

दादाजी--- maafi..mango

मैंने हाथ जोड़ माफ़ी मांगी पर मेरा गुसा बहुत जायदा भाड़ गया था और मैं बस उस सप को हे गुसाई से हे ढक रहा tha....aur सप मुझे ..फिर मैं बोलै गिरफ्तार करना ह तोह मुझे करो .....और दादाजी अब आप ये करने से रोकोगे नहीं ..मैंने किया ह ये सब...

दादाजी--- आज की ये हरकत मैं जिंदगी भर याद राखु गए सप साहिबा हमने आपकी नारी समाज के बहुत इज़्ज़त की आपको आज की हरकत का जवाब देना hoga....aur आज के बाद मंडावा मई कोई बड़ी अधिकारी महिला नहीं आएगी.....

सप shivani—giraftar करलो इसे ...

सब गाँव वाले गुसाई से पुलिस वालो को देख रहे थे और भीमा चाचा का चेहरा ढक के तोह सबकी अंदर से फटी हुवी थी कोई आगई नहीं भध रहा था...

सप shivani---itna हे डरते हो तोह पुलिस की नौकरी छोड़ दो और हाथ कड़ी लेके मेरी तरफ खुद आने lagii...Dadaji के चारे पे नाराजगी थी वो शिवानी को गुसाई से ढक रहे थे.... और गाँव वाले बी ...पुलिसवालो की फटी पड़ी थी की सुभे क्या होगा और उन्हें भली भाटी पता था की सुभे क्या होगा ....क्यों की शेर बुद्धा जरूर हुवा ह पर ह तोह वो आज बी शेर he....aur ठाकुर साब की पहुंच हर कोई जनता था...

शिवानी हथकड़ी खोल मेरी तरफ ढेकी फिर हथकड़ी लगाने के लिए हाथ आगे किये

तभी पुलिस का साईरन बजने लग गया उसकी ावावज रात के सन्नाटे को चीरती हुवी गूंज रही thi....wi सीधी राफ्तेर से मेरी तरफ आयी और ब्रेक मारा .....जिसे त्येर घसीटने के कारन धुंवा उठने लगा ....सभी बस उस कार की तरफ हे ढक रहे थे ...फिर उसमे से एक लड़की 5.7 इंच की निचे उतरी वाइट शर्ट ब्लू जीन्स मई...

जिसे ढक मेरे चेहरे पे बहुत बड़ी मुस्कान आगयी बाकि सभी बस उसे आंखे फाड़े ढक रहे the....phir दूसरा फाटक खुल उसमे से बी एक टॉप और लॉन्ग स्कर्ट हमेसा की तरह ब्यूटीफुल क्यूट मेरी बहन दीपिका utri...wo भगति हुवी आयी और मेरे गले लग गयी मैंने बी उन्हें गले लगा liya...wo मेरे माथे ोे गालनपे किश करने लगी और मुझे अचे से चेक करने लगी और फिर गले लग गयी बिना किसी के परवाह किये पीछे से सोनाली चलती हुवी शिवानी के पास आयी

Sonali—kya बात ह क्यों गिरफ्तार किया जा रहा इन्हे...

Shivani---inhe मारपीट और जान से मरने के प्रयास मई गिरफ्तार किया जा रहा ह .

सोनाली---- आपके पास कोई सबूत ह क्या किसी ने शिकायत की ह क्या आपके पास गिरफ़्तारी का वररेंट ह वो सब बी छोड़ो कुछ हुवा ह..

Shivani---ye सरे गाँव वाले टूटी फूटती हालत मई ह...

सोनाली--- ाचा और अगर मई ये कान्हू ये सब तोह इन घायल पड़े लोगो को यंहा तक लेके ए ह तोह क्या कहेंगी आप ...अगर मैं ये कान्हू की वो इन्हे यंहा के बड़े हॉस्पिटल मई भर्ती करने लाये ह थे तोह...

Shivani—toh फिर हरी सिंह और उसके बेटे को वंहा टेंगा क्यों रखा ह इन्होने..

सोनाली--- कान्हा टेंगा रखा ह मुझे तोह कोई नहीं दिख रहा h....apki नज़र कमजोर ह सप शिवानी....

जब शिवानी ने मुद के देखा तोह हरी सिंह और हरेंद्र दोनों गायब थे....

शिवानी – आप हो कौन जो बिच मई आरही हो

सोनाली ---मैं क्या हु क्या नहीं ये तोह नहीं बता सकती हु पर जिसे तुम गिरफ्तार करने के लिए कड़ी हो वो मेरा सबकुछ ह और कोई उसकी तरफ ऊँगली बी उठाये ये मुझे पसंद नहीं ह तुममे तोह उसे हथकड़ी लगाने की कोसिस की h...phir अपना ी कार्ड दिखाया तोह शिवानी ने बी सलूट मारा तोह सभी पुलिस वालो ने बी सलूट मारा दादाजी बस धयान से सोनाली को ढक रहे the....kyo की उन्हें उसकी आँखों मई बहुत कुछ दिख रहा था बस कन्फर्म करना बाकि था...

सोनाली --आपसे ऑफिस मई मिलूंगी कल तब बात करती हु... आप इस की पूरी रिपोर्ट चाहे रात को खुद बनाओ या किसी से बनवाओ ी डोंट केयर जब मैं अउ तब चाहियेगी ......अब घर जा सकती ho....ab ये केस मैं खुद देखूंगी

मैं बस शिवानी को घर रहा था और दीपिका सोनाली को

Deepika---man मई हे भगवन अभी शादी बी नहीं हुवी ह और ये राज के कॉल न उठाने पर दिल्ली से सब छोड़ कर यंहा आगयी h....is लड़की की दीवानगी भादजी रही ह ...

सोनाली राज की तरफ चलती हुवी ayi....phir उसके गाल पे हाथ फिरकर कैसे हो....

Main—usai देखता रहा फिर उसका हाथ पकड़कर दादाजी के पास लेके आया.....

सोनाली--- दादाजी के पेअर चुकार प्रणाम दादाजी..

दादाजी --- खुस रहो betiii........ghar चलते ह खाने के वक़्त बात करते h..abhi तुम भी दूर से सई हो थकी हुवी hogi.phir पलट कर कल हवेली मई दोपहर को दावत होगी तोह सभी जश्न मई जरूर aye....phir हम सब घर आगये आज दादा जी के रुतबे मई बहुत सरे गाँव जुड़ गए थे वो चाहते तोह उनके रिलेशन शिप से सप को नौकरी से हटवा सकते थे पर उन्होंने नहीं किया.

रात के 1.00 पं हवेली...

सब साथ बैठ के खाना खा रहे थे सोनाली और दीपिका दादाजी के पास हे बैठी हुवी thi.....aur दादाजी को ये जानकार बहुत खुसी हुवी की दीपिका कप्तान की बेटी..... तोह वंही उन्होंने सोनाली की आँखों मई बी देख के जो देखना था देख लिया था और उनके चेहरे पे एक मुस्कान थी .........

फिर बहुत साडी बाते हुवी और सब सोने चले गए तीनो लड़किया एक साथ एक हे रूम मई थी और जब श्वेता सो गयी तब ...

Deepika—ap इतना क्यों परेशां हो रही ह ....मैं आपके साथ हु आप जाइये जिसके लिए इतनी दूर आयी ह उसे मिलोगी नहीं

सोनाली--- कड़ी हुवी और राज के रूम का दरवाजा khola..aur उसने देखा की राज गहरी नींद मई सोया ह ......

तोह सोनाली उसके पास गयी और उसके चेहरे के पास फर्श पर बैठ गयी और उसे निहारने लगी फिर अपना हाथ निकालके उसके सर पर घूमने लगीई.....

सोनाली--- इतने पास ागैए मेरे मुझे कॉल तक नहीं की पता ह न मैं तुमसे दूर मुझे हे पता ह मैं कैसे रहती hu...par तुम हो के कुछ समझते हे नहीं ho......phir उसके होतो पर किश kari.....tum मेरे दिल की हालत कब जानोगे राज की हाउ मच ी लव ु जबसे मैंने तुम्हे समजा मैं समाज गयी की मेरे. लिए तुमसे ाचा कोई नहीं hoga...aur मुझे पता ह मैं तुमसे आगे मई बड़ी बी hu...par मैं क्या करू मैं तुम्हे बेइंतिहा प्यार करती हु .. ी लव ु सो मच ....और खूबसरी किश राज को करि .....

बहार कोई साया ये सब सुन और ढक रहा tha....aur उसके चेहरे के भाव कोई नहीं समाज सकता था न ढक sakta.....wo साया फिर वंहा से हैट गया....

सोनाली--- मैं अपने प्यार से तुम्हे पाऊँगी राज मैं सिर्फ तुम्हारी hu....good नाईट बोलके एक ऑवर अपना दिल का हाल सुना के वो वापस कमरे मई agayi...uske दिल मई पूरा विस्वास था की एक दिन राज उसके प्यार को समजेगा और उसे उसका हक़ उसका प्यार मिलेगा ....और वो अंत तक राज के प्यार को पाने के लिए कोसिस करती रहेगी....

आज के लिए इतना हे



 
आज की अपडेट टाइमिंग 2 पं रहेगी

गुड मॉर्निंग .....
 
अपडेट 68



तड़प......

फ्लेशबैक---

सोनाली--- इतने पास ागैए मेरे मुझे कॉल तक नहीं की पता ह न मैं तुमसे दूर मुझे हे पता ह मैं कैसे रहती hu...par तुम हो के कुछ समझते हे नहीं ho......phir उसके होतो पर किश kari.....tum मेरे दिल की हालत कब जानोगे राज की हाउ मच ी लव ु जबसे मैंने तुम्हे समजा मैं समाज गयी की मेरे. लिए तुमसे ाचा कोई नहीं hoga...aur मुझे पता ह मैं तुमसे आगे मई बड़ी बी hu...par मैं क्या करू मैं तुम्हे बेइंतिहा प्यार करती हु .. ी लव ु सो मच ....और खूबसरी किश राज को करि .....

बहार कोई साया ये सब सुन और ढक रहा tha....aur उसके चेहरे के भाव कोई नहीं समाज सकता था न ढक sakta.....saya फिर वंहा से हैट गया....

सोनाली--- मैं अपने प्यार से तुम्हे पाऊँगी राज मैं सिर्फ तुम्हारी hu....good नाईट बोलके एक ऑवर अपना दिल का हाल सुना के वो वापस कमरे मई agayi...uske दिल मई पूरा विस्वास था की एक दिन राज उसके प्यार को समजेगा और उसे उसका हक़ उसका प्यार मिलेगा ....और वो अंत तक राज के प्यार को पाने के लिए कोसिस करती रहेगी....

अब अजैईईई

सुभे के वक़्त जब मेरी नींद खुली तो सुभे के 6 बज गए थे मैं फ्रेश हुवा और नहाने चला gaya...Phir जब नाहा के आया तोह सोनाली एक जीन्स और टॉप मई बीएड पे बैठी थी मैंने उन्हें तोह उसने मुझे देखा और उसके चेहरा पे स्माइल आगयी....

सोनाली--- जब तुम गाँव आगये तोह मुझे कॉल क्यों नहीं kiya...ya इतना हे लगाव था मुझसे ....

सोनाली की लगाव वाली बात सुनके मुझे ऋचा की बात याद आगयी जब स्टार्ट मई जब कृति मुझसे फ़्लर्ट करती थी तब ऋचा कहती थी बस इतना हे प्यार और लगाव था मुझसे जो अब ये चुड़ैल तुम्हे पसंद आगयी ह..

मेरे उतरे हुवे चेहरे को ढक के सोनाली सायद कुछ कुछ समाज गयी वो मेरे पास चलते हुवे आयी और मेरे गाल पे हाथ रख के

सोनाली--- मैं सिर्फ तुम्हे तंग कर रही थी तुम ऐसे हो हे नहीं हो की किसी को बी भूल जाओ तुम वो हो जो हर रिश्ता संभल के सहेज के रखता h...koyi बदनसीब हे होगा जो ऐसे हीरे को गलत samje..ao यंहा baitho..mere samne...mere पास...

और फिर मुझे बैठा के खुद सामने घुटनो के बल बैठके मुझे अपने गले लगा लिया..

मैं--- आप जो कह रही हो सबको नहीं लगता ह यकीन हर किसी को नहीं होता ह और होता बी ह तोह सबको यही लगता ह की कोई किसी दूसरे लड़के या लड़की के साथ ह या किसी से प्यार ह तोह वो बस मतलब का ह...

सोनाली--- राज जिंदगी मई हर तरह के इंसान ह किसी के लिए उसका सच्चा विस्वास हे उसकी जिंदगी ह तोह किसी के लिए उसका सच्चा प्यार हे उसकी साँसे ह रात दिन बस वो अपने प्यार के लिएसोचता या सोचती रहती h....kuch बी होजाये किसी बी हालत मई वो उसपे विस्वास बना के रखता ह या रखती ह.... इसलिए हर इंसान की सोच अलग ह ...

मैं--- आप जो कह रही ह ये सब सिर्फ किताबो और किसी मई हे होता ह. जिसका हकीकत मई कोई वजूद नहीं ह ...

Sonali—man मई एक बार आंखे उठा के देखो राज सच्चे प्यार का वजूद तुम्हारे सामने ह मैं करती हु न तुम्हे प्यार बेइंतिहा प्यार मैं करती हु तुम पे विस्वास अपनी जान से जायदा मेरे रहते तुम्हे कभी प्यार की कमी महसूस नहीं hogi....tumhe जो करना ह करो मशीन रखूंगी न तुमपे विस्वास मेरी सांसे चलेंगी तब तक....

फिर सोनाली राज से

सोनाली--- किसी एक के देखे से कभी प्यार ख़त्म नहीं होता ह राज मुझे पता ह ...तुम्हारे साथ क्या हुवा ह ..पर ट्रस्ट में ऋचा को जब सचाई पता लगेगी न उसकी मन दिल की हालत क्या होगी बस मुझे हे पता ह जब अपने प्यार को आप प् नहीं सकते और उसके खोने का दर क्या होता ह ये मैं भली भांति जानती हु .....और उसकी हालत बी बिन पानी की मछली की तरह होगी जो न तोह जी पायेगी और न मर payegii..uska दर्द बस रोज उसे तड़पाएगा...

Main—ho सकता ह आप सही हो पर अब उसके लिए मेरी जिंदगी मई कोई जगह नहीं ह और न प्यार के लिए. प्यार सिर्फ मतलबी और धोखे का नाम ह जो आपको कमजोर बनता ह और मैं अब इस प्यार नाम की कमजोरी से हमेसा दूर रहूँगा...

Sonali—pyar कमजोरी नहीं ताकत होती ह ये एक दिन तुम जरूर जानोगे प्यार क्या होता ह ये बी जानोगे वक़्त सब बता dega....tumhe पद राज बस इतना याद रखना प्यार वो ताकत ह जो मरे हुवे इंसान को जिन्दा कर देती ह ,जो इंसान न उम्मीद होता ह उसे उम्मीद देती ह, प्यार वो ताकत ह जो आपको रह दिखती ह.....

Main---Ap इतनी पॉजिटिव कैसे रह पति हो और आप मेरी इतनी केयर क्यों करती हो मुझे पता ह आप दीपिका दीदी और सुनील से हमेसा मेरे बारे मई पता करती हो....

सोनाली--- बेकौसे बेकौसे फिर खुद के मन मई ी लव ु इडियट ी लव ु सो मच माय लाइफ ...

Main—batao न....

सोनाली--- हड़बड़ा कर बेकौसे ु र माइन ी केयर यू बेकौसे ी लिखे यू...

मैं--- गले लगा के ी लिखे यू too..muje आपसे अछि दोस्त कभी नहीं मिलेगी जो इतनी केयर करेगी meri.....ap हमेसा मेरा साथ देना

सोनाली--- मन मई मैं तोह पूरी जिंदगी बीवी बांके तुम्हारी लवर बांके केयर करना चाहती हु एक बार है बोलके देखो कोई कमी नहीं आने दूंगी तुम्हारी जिंदगी मई ...

फिर दोनों मई शांति च गयी क्योकि दोनों के दिल मई एक तड़प थी जो दोनों की अलग अलग थी ...पर दोनों का दिल हे बे इंतिहा तड़प रहा था ...

तभी दीपिका एंटर हुवी..

हम दोनों को ऐसे देखकर

Deepika---Ahhhmmmm अह्ह्हम्म्म क्या चल रहा ह और राज तुम बिना टी शर्ट गले लगाए बैठे हो .. थोड़ी तोह शर्म करो अगर पसंद ह तोह...

Main---Diiij और शर्मा कर टी शर्ट और अपनी जीन्स उठा के बाथरूम मई भाग गया..

सोनाली--- तू सुधरेगी नहीं न...

दीपिका--- वो क्या लव मोमेंट था और ोये होये चहेरे पे चमक हे अलग ह आज तोह लगता ह कुछ खास कर दिया ह भाई ने ..

सोनाली--- शट उप अभी कॉलेज लाइफ मई आयी ह और बिगड़ गयी ह ...

तभी ...एक आवाज और आयी..

श्वेता--- कौन बिगड़ गयी ह....

सोनाली और derpika---Tum बिगड़ गयी हो ...

Shweta---he हे हे मैं मैं तोह सीधी सी बची हु मासूम सी भोली सी और फिर अपनी पलके झपकने लगी...

दीपिका – मुझे पता ह तू कितनी मासूम ह तेरी साडी बाटे पता ह जो तू करती रहती ह .... और सब तोह झूट बोलना बी सिख गयी ह ठहर तू मैं बताती हु तुजे...

तोह उधर सप ऑफिस मई....

शिवानी का ऑफिस टेलीफोन बजे जा रहा था बरी बरी और यही हालत कमिश्नर की बी थी इतने पुलिस वालो मई से किसी ने कल रात हे आगे मला तक इन्फॉर्म कर दिया था और यही हाल सभी का tha...aur शिवानी सर पकड़ के बैठी thi.....kyoki एक तोह ऊपर से इतना प्रेशर और ऊपर से स्पेशल अफसर वो बी राजस्थान मई तोह सबकी हालत ख़राब थी की क्या होगा और ऊपर से ये केस वो पेर्सनली हैंडल करेगी तोह सबको दर था की क्या hoga...kyoki हिमाचल वाले काण्ड से लेके दिल्ली काण्ड की सोनाली की अचीवमेंट्स पुरे भारत पुलिस डिपार्टमेंट मई फैली हुवी थी.....

थोड़ी दिएर बाद हम सब नाश्ता कर रहे थे आज हम सब लेट थे 8 बज गए थे सबके उठते उठते तोह दादाजी ने बी मेहमानो के कारण किसी को नहीं कहा कुछ

दादाजी--- तोह सप साहिबा...

Sonali—Dadaji आप मुझे बेटी या डांटकर जो बी चाहे जैसे चाहे कहले पर ये सप या सप साहिबा नहीं.....

दादाजी---- तीख ह बेटी तोह राज आपको हिमाचल मई मिला और तबसे आप इनके साथ जुड़ गयी ....

Sonali---jii दादाजी मुलाकात बुरी थी पर गलत फहमी दूर होते हे हम दोस्त बन gaye...Raj एक बेहद समझदार और दुसरो की इज़्ज़त करने वाले ह...

दादाजी – धयान से ढक के तीख ह आप कुछ दिएर बाद हमसे हमारे रूम मई अकेले मिलयेगा आपसे जरुरी बात करनी ह.

सोनाली--- दादाजी हम दोपहर को बात करे आज कल वाली हरकत के लिए पहले पुलिस कमिश्नर ऑफिस जाना h..jara देखु की आपकी तरफ और राज को हथकड़ी लगाने की हीमत भी कैसी की..

दादाजी--- उसकी जरुरत नहीं पड़ेगी हमने फ़ोन कर दिया था रात को हे...

सोनाली--- दादाजी आप मुझे अपनी पोती बी मानते हो और आपके फ़ोन से उसकी नौकरी चली जाएगी वो ईमानदार अफसर ह पर कुछ बाटे उसे समजनि ह वो मैं समजाऊंगी उसे सायद उसे हरी सिंह की सचाई पता नहीं होगी क्योकि मुझे पता ह राज कभी बेवजह इतनी मारपीट नहीं करता ह ...

दादाजी--- तीख हम दोनों साथ चलेंगे और बाकि सब यही रहेंगे ताकि हम रस्ते मई बात भी कर सके....

दादाजी के जाने के बाद मेरे रूम मई मैं लेता हुवा था और मेरे एक तरफ श्वेता और एक तरफ दीपिका लेती हुवी थी ...और दोनों से हे बहुत साडी बाते हुवी ...फिर दीपिका राज के बालो मई हाथ फेरते हुवे ..

दीपिका--- तोह अब जनाब अब उत्तराखंड जायेंगे ...

Main---main दी को गले लगते हुवे दी आप तने मत मारो मेरी कुछ जिमेदारी ह इसलिए मैं दिल्ली नहीं आ सकता हु पढ़ने आपको पता ह न... पर है जाने से पहले इस छिपकली घर जाना ह सामान लेने तोह जरूर चलेंगे ताकि आप बी उनसे बी मिल लो ...

दीपिका--- सब समझती हु तुजे मैं अगर ऐसी बात ह तोह इस बंदरिया को क्यों चिपकाये रखता ह..

श्वेता--- दी अपने मुझे बंदरिया कहा मैं आपका खून पि जाउंगी.....

ऐसे हे इनके बिच बाते होती रही और बहन भाई की नोख झोक और मस्ती बी ....राज बी काफी दिनों बाद बहुत खुस था....

दूर उत्तराखंड मई-----

राजीव --- देख रखा तेरी दुश्मनी मुझसे ह तू मेरे परिवार को मत गश्त मैंने बहुत कोसिस की पर तेरे भाई का कुछ पता नहीं लग रहा ह बस इतना पता लगा ह की वो शिमला से देहरादून वाले हाईवे से आया था सिटी की तरफ पर पंहुचा नहीं ..

रखा--- है है है मेरे भाई को मैं ढूंढ लूंगा मैं बस उन करोड़ो के ड्रग्स और हथियारों की बात कर रहा हु जो तूने गायब करके रखे h...aur उन्हें जमा नहीं जरिये ह पुलिस मई .तुजे पता नहीं ह वो किसका माल था समजा...

राजीव--- मैंने नहीं पकड़ा था उन्हें और मैं कैसे छुपा सकता हु...

रखा---- मैंने तुजे पहले हे बहुत दिन दे दिए ह अब सिर्फ तेरे पास 10 दिन ह . पहले बी वार्निंग दी थी अबकी बार अपनी फॅमिली को सिटी से बहार भेजा तोह जान से मार दूंगा और अगर तूने मेरा माल मुझे नहीं दिया तोह तेरी बीवी और ये बेटी इस दुनिया के किसी रंडी खाने मई मिलेंगी समजा .....और तू छह कर भी इन्हे ढूंढ नहीं पायेगा

इतना कह रखा चला गया पर राजीव क्या कर सकता था उसने ड्रग्स और हथियार सब जला दिए थे और बेकार हुवे हथियारों को गाड़ दिया था आज वो खुद को बहुत बेबस महसूस कर रहा tha...par उसे ऊपर वाले पे विस्वास था की वो जरूर कोई रह निकलेगा.....

शामे टाइम कमिश्नर ऑफिस..

नीली बत्ती से दादाजी और सोनाली निचे उतरे तोह बहार सब पुलिस वाले सलूट मरने लगे पूरा महकमा खड़ा था .....जब दोनों अंदर पहुंचे तोह कमिश्नर मला ने अभिवादन किया और शिवानी ने सलूट मारा....

सोनाली – रिपोर्ट ......

फिर शिवानी ने रिपोर्ट di...thodi दिएर रिपोर्ट को पढ़ने के बाद ..

सोनाली--- मिस शिवानी तोह वेयर इस योर witness..and वेयर इस योर कंप्लेंट रिपोर्ट यंहा ये सब मिसिंग क्यों ह...

सप शिवानी--- मैं कोसिस कर रही विटनेस मिल जायेगा ....

Sonali---R ु सिक और र ु ब्लाइंड मिस शिवानी ...

सप शिवानी – मम पर...

Sonali---maine क्या कहा अभी और रात को भी कहा था आप यंहा अभी सिर्फ और सिर्फ इसी लिए क्योकि मैं नहीं चाहती थी एक ईमानदार पुलिस अफसर डिपार्टमेंट मई से काम हो वर्ण आपको ससपेंड का आर्डर रात को हे कमिश्नर सर के पास चुका ह पूछ लीजिये...

शिवानी--- की हालत तोह वैसे हे ख़राब हो गयी थी.....

सोनाली--- और आपके ट्रांफर आर्डर आपको मिल जायेंगे ok ये आपका पनिशमेंट ह आप यंहा से दूर पाकिस्तान बॉर्डर जैसलमेर डिस्ट्रिक्ट मई जाएँगी ....ये आपके लिए सबक ह कभी कभी सही करने के लिए गलत करना पड़ता ह धयान rakhna.....hamari मुलत दुबारा जरूर होगी याद रखना मैं कुछ बी ऐसे हे नहीं करती हु ..फिर पीछे मुड़कर चले दादाजी .

कमिश्नर – आप यंहा रूकती तोह ाचा होता..

Sonali—nahi मैं यंहा दादाजी और राज से मिलने आयी हु तोह वंही घर पर हे रुकूंगी ...

और फिर दोनों घर आगये बिच रस्ते मई क्या बाते हुवी ये किसी को बी नहीं पता थी पर सोनाली के चेहरे पे एक दुनिया भर का सुकून था ......

जब दोनों वापस पहुंचे तोह सोनाली ने देखा की तीनो भाई बहन आराम से एक दूसरे की बांहो मई लेटर हुवे ह तोह वो बी साइड मई आके लेट गयी...

सोनाली--- चमकती आँखों से मेरे साथ दिल्ली चलो न कुछ दिन वंहा बी रहलो .....

सोनाली की आँखों मई एक प्यार भरी रिक्वेस्ट थी..

Main---muje यंहा 20 दिन हो गए ह तोह 2 दिन रुक कर चलते ह ताकि ये बदमाश बी वंहा मम्मी पापा से मिल लेगी और पैकिंग कर legi....aur एक वीक वंही दिल्ली हे रहूँगा तोह आपके पास बी रखूँगा ....

दीपिका--- सोनाली की आँखों की खुसी साफ़ पढ़ सकती थी तोह उसने छेड़ने के लिए का तोह फिर तीख ह जब भाई आपके पास आएगा तब मैं बी आपके पास रहूंगी

ये सुनके सोनाली के चेहरे का रंग उतर गया जिसे देख दीपिका मुस्करायी मैं एक काम करुँगी आपसे तोह मिलती रहती हु इस बार मैं अंजना के साथ श्वेता के घर रुकूंगी और अंकल उल्टी से बी मिल लुंगी...

श्वेता--- वो दी ी म सो हैप्पी फिर तोह दिल्ली शॉपिंग मस्ती मूवी पब जायेंगे....

मैं--- शांत गधा धरी भेदम शांत हो जा ...

आज सोनाली का दिल खुसियो से भरा था क्योकि कुछ दिन राज अकेला उसके पास रशेगा तोह वो उसको बेनीतिः प्यार देगी

आज के लिए इतना हे



 
आज का अपडेट बी नियर अबाउट 6000 वर्ड्स का उसे जायदा का हे दिया था क्योकि हो सकता ह कल अपडेट न आपये.....
 
12 से पहले आजायेगा ाचा एक सवाल ह सभी से प्लीज रिप्लाई करना मेघा अपडेट से बी बड़ा कोई अपडेट होता ह
 
अरे नाम बताओ जैसे अस्वथामा भाई ने बताया

अल्ट्रा मेघा प्रो अपडेट.....

प्लीज तेल्ल में नाम
 
अपडेट 69

अल्ट्रा मेघा अपडेट


पहली मुलाकात

जोगिन्दर एंड राज फादर

फलेश बैक

दीपिका--- सोनाली की आँखों की खुसी साफ़ पढ़ सकती थी तोह उसने छेड़ने के लिए का तोह फिर तीख ह जब भाई आपके पास आएगा तब मैं बी आपके पास रहूंगी

ये सुनके सोनाली के चेहरे का रंग उतर गया जिसे देख दीपिका मुस्करायी मैं एक काम करुँगी आपसे तोह मिलती रहती हु इस बार मैं अंजना के साथ श्वेता के घर रुकूंगी और अंकल उल्टी से बी मिल लुंगी...


श्वेता--- वो दी ी म सो हैप्पी फिर तोह दिल्ली शॉपिंग मस्ती मूवी पब जायेंगे....

मैं--- शांत गधा धरी भेदम शांत हो जा ...

आज सोनाली का दिल खुसियो से भरा था क्योकि कुछ दिन राज अकेला उसके पास रशेगा तोह वो उसको बेनीतिः प्यार देगी

अब आगे .....


हम हमारी बाते कर रहे थे की गेट पे नॉक हुवा मैं दरवाजा खोलने गया सामने छोटी चची थी मैं उन्हें वो मुझे देख रही थी ...श्वेता कड़ी हो के आयी और मुझे साइड किया और फिर बोली

श्वेता--- अरे चची औ न मैं आपको अब अचे से मिलती हु सब से फिर पीछे मुड़कर आप खड़े क्यों हो जाइये थोड़ा खाने के लिए स्नैक्स के साथ कॉफ़ी भिजवा दीजिये अब लेडीज टाइम ह और आप जेक अगर नींद आरही ह तोह मेरे रूम मई सो जाये...


मैं--- आंखे फाडे उसे ढक रहा था पुर उसे कान्हा फरक पड़ना था वो तोह छोटी चची को लेके बीएड पे बैठ गयी और उनकी बाटे सुरु हो गयी

श्वेता--- अरे आप गए नहीं भाई बाद मैनर्स लेडीज की बाटे नहीं सुनते ह...


मैं हड़बड़ाकर पलटा तोह गेट से टकरा गया तोह सबकी हंसी निकल गयी और मेरा पोपट हो गया मैं 5 साल बाद किचन मई गया था वंहा काम करने वाले नौकर थे तोह उनको कह के बहार गर्दन मई बने झूले पे लेत गया और अपने अतीत मई खो गया ... जंहा मेरी मीठी यदि मेरा भाई से भड़कर दोस्त सुनील से शुरू हुवी thi....jisne विस्वास करना सिखाया जिसने हर कदम मेरी मदद की ....मुझे बहार हे नींद आगयी थी

शामको 5 बजे मेरी नींद खुली जब दादा जी ने जगाया...

दादाजी--- क्या बात ह आज आप बहार सो गए कोई बात ह क्या...

Main—nahi वो सब ऊपर बात कर रहे थे तोह मैं बहार आगया और यंहा नींद आगयी...

दादाजी--- सायद इसलिए क्योकि बचपन मई तुम्हारी माँ जब तुम रट थे वो ऐसे हे बहार तुम लेके आजाती थी उदयपुर मई भी ऐसे हे झूला था जिसपे वो तुम्हे लेके बैठी रहती थी तब तक जब तक तुम सो न जाओ और तुम बस अपनी माँ को देखते रहते थे और जब तुम सोते तब सबको हिदायत थी की कोई शोरे न करे घर तोह छोड़ा रोड के बहार बी हॉर्न नहीं बजा सकता था koyi....kya मजाल जो तुम्हारी माँ की कोई बात ताल जाये ....

मैं--- और बात बताईये न दादा जी मुझे जानना h...maa के बारे मई...

दादाजी--- आपकी माँ बहुत नेक दिल की थी वो बस आपके पापा ने एक ाचा काम किया था तोह आपके पापा को पसंद कर लिया वर्ण उसे विद्या जैसी लड़की 7 जन्मो मई न मिलती उसने हे तोह घर को घर बनाया जगदे लड़ाई सब घरके बहार करवाया तुम्हे ये जानके हंसी आएगी जो आपके पापा के साथ रहते थे वो मौत से हंसकर मुलाकात करते थे पर आपकी माँ के सामने दर से नजर नहीं उठती थी आपकी माँ उनके कान पकड़ लेती थी ..पर सचाई यही थी वो सब आपकी माँ को भाभी माँ कहते the..dil से इज़्ज़त करते थे .......

Main---dadaji मेरे पास माँ की एक हे फोटो दिखाई थी क्या मैं उनकी और पुरे परिवार की फोटो देख सकता हु ...मुझे बी सबको देखना ह

दादाजी--- बीटा आप जब जायेंगे हम आपको पूरा फोटो एल्बम देंगे उसमे पुरे परिवार की फोटो बी ह और आपके मुंय के परिवार की बी .... वो लोग तोह सायद भूल गए होंगे खैर जब समय आएगा तब आपको बताया जायेगा आपके ननिहाल वाले आपके पापा को पसंद नहीं करते थे क्योकि आपके पापा आपकी माँ को भगा के ले ए थे इन बातो को छोड़िये. आप हमारे साथ अंदर ए....

मैं दादाजी के साथ उनके स्टडी रूम मई आगया उन्होंने एक रॉ मई से एक बुक को हटाया तोह एक रास्ता खुल गया हम अंदर आगये..


दादाजी --- तुम कोई आम बचे नहीं हो तुम्हे अभी बहुत कुछ जानना ह तुम्हारे पापा ने खूबसरा पैसा बनाया और इज़्ज़त बनायीं पर अभी बस तुम ये रखो ये कार्ड ह तुम्हारे लिए जिसे तुम जितना चाहे उतना पैसा खर्च कर सकते हो..

Main—confuse होते हुवे कितना दादा जी..

दादाजी--- मुस्करा कर इतना जीतना तुम सोच बी नहीं सकते हो औ कुछ और दिखता हु ...फिर दादाजी ने एक पेंटिंग को हत्या फिर साइड से एक लॉक सिस्टम आया और दादाजी ने उसपे पासवर्ड डेल तोह साइड मई एक दूर खुल गया जिसमे सोने के ब्रिक्स रखे हुवे थे दादाजी क्या हुवा...

Main—ye क्या ह दादाजी

दादजी – बीटा ये सब तुम्हारे लिए हे ह जो आगे युद्ध मई काम आएगा ....विस्वास वालो को साथ लाना परखना और उनकी जरूरतों को पूरा करना...... और अभी तोह बहुत कुछ बाकि ह मैंने तुम्हे सबसे छुपा के बस लोगो की उम्मीद के लिए और तुम्हारी सुरक्षा के लिए हे रखा ह ऐसा नहीं ह की तुम्हारे दादाजी के पास ताकत नहीं ह पर कौन अपना कौन पराया ये पता करना मुश्किल h...is लिए धयान रखना

मैं--- जी दादाजी

फिर हम बहार आगये

Main—dadaji मैं एक वीक दिल्ली रहना चाहता हु .... फिर वंही से उत्तराखंड चला जाऊंगा मैं चाहता हु श्वेता बी अपने पापमंय से मिल ले ...


दादाजी--- जरूर हमें बी तुम्हारे पापा के हॉस्पिटल और कम्पनीज को सँभालने जाना ह तोह हम साथ हे चलेंगे ...आप तैयारियां कर लीजिये ...

Main—parso चलेंगे दादाजी आप बी अंकल से मिल लेना बहुत अचे इंसान ह ...

दादाजी जरूर...

रात को हम सब ने खाना खाया जंहा भीमा चाचा को मैंने मेरी बाइक उत्तराखंड फ्लैट पे पहुंचवाने को कहा

रात को सब सो चुके थे तब सोनाली धीरे से उठी और राज के रूम के बहार कड़ी होक धीरे से लॉक खोला तोह देखा राज सो रहा वो उसे गेट के पास कड़ी होक निहारती रही फिर अंदर जेक उसके माथे पे एक किश करने के बाद गेट से बहार आयी तोह छोटी चची को सामने पाया..


Sonali—wo मैं .....वो मैं.... देखना गयी थी की राज सो गया क्या..

छोटी चची--- पास मई एके गाल सहलाके तुम अछि लड़की हो कभी दिल मत दुखाना उसका पहले हे उसने बहुत दुख देखा ह.. हमेसा खुस रहो.....

इतना कहके वो चली गयी और पीछे सोनाली को छोड़ गयी तेज़ धड़कते दिल के साथ पर छोटी चची की बातो से उसके चेहरे पे लाली आगयी थी और वो मुस्कराते हुवे चली गयी रूम मई और उसके चेहरे पे मंद मंद मुस्कान थी....

अगला दिन बहुत हे नार्मल रहा पर पुरे दिन भर सोनाली के चेहरे पे मुस्कान थी जो दीपिका बखूबी ढक सकती थी रात को सोनाली को मौका नहीं मिला क्योंकि श्वेता के सवाल शुरू हो जाते ह warna...par रात को 1 बजे कड़ी होक पहुंच गयी अपने प्यार के पससदरवजा अंदर से बंद किया मोबाइल मई अलार्म भरा 5 बजे का और राज के पास चिपक गयी उसकी बांहो मई..


सोनाली--- सायद यही सुकून पाने के लिए हर प्यार करने वाला बांहो मई सिमटना चाहता ह और फिर राज के होतो को किश करने लगी

राज को जब किश का अहसास हुवा तोह उसने धीरे से आंखे खोली और सोनाली को देखे के उसको काके बांहो मई ले लिया और सो गया राज की बांहो मई सिमटके सोनाली बी सुकून से सिमिटगई और उसको बी नींद आगयी ...सुभे अलार्म से नींद खुली तब राज की तंग सोनाली के ऊपर थी और सोनाली भी राज की बांहो मई हे थी ....


सोनाली --- गुड मॉर्निंग कहके उसके लिप्स पे एक स्वीट किश दी ....

राज--- गुड मॉर्निंग और एक किश दी

अब मेरे पॉइंट ऑफ़ व्यू से...


मैं--- उसकी गहरी आँखों मई ढक के मेरी जिंदगी मई आने के लिए थैंक यू..

सोनाली--- हमेसा रहूंगी समजे .....

मैं--- बिलकुल मैं बी यही चाहता हु पर फिलहाल मुझे एक डीप किश चाहिए ह और इतना कह उसको होतो को जकड लिया अपने होतो से और किश करने लगा....

.काफी दिएर तक किश करने के बाद जब पीछे. हटा तोह सोनाली की आंखे बंद और तेज़ साँस ले रही थी...


नॉक नॉक नॉक

मैं--- कौन ह

नॉक नॉक नॉक

Main—bath रूम मई जाओ

सोनाली बाथ रूम चली गयी मैंने दरवाजा खोला तोह सामने श्वेता थी

श्वेता--- कबसे दरवाजा नॉक कर रही हु ....कान्हा थे आप और ये दरवाजा बंद क्यों था पहले तोह कभी नहीं किया सज कैसे क्यों

मैं --- मेरी दूसरी माँ गलती हो गयी पता नहीं कैसे बंद कर दिया था...


श्वेता--- ok ok रेडी हो जाओ हमे निकलना ह .....और ये मम कान्हा चली गयी पता नही....

मैं--- उन्हें कॉफ़ी पिने की अदद ह निचे गयी होंगी ढक ले...

श्वेता--- आंखे टेडी खरके आपको बड़ा पता h....khair रेडी हो जाओ..

उसके जाने जे बाद मैंने सोनाली को उसकेरूम मई भेजा और खुद बी नाहा धोके तैयार होक निचे agaya........sur हम सबने अचे से नास्ता किया और निकल लिए दिल्ली के लिए ...जंहा श्वेता मंडावा से राजस्थानी काफी साडी ज्वेलरी कपडे और पता नहीं क्या क्या दादा दादी और चची से लायी थी toh...Deepika को 2 सोने के कड़े मिले थे और सोनाली को दादाजी ने क्या दिया पता नहीं पर चची ने उन्हें अपनी माँ का हार दिया और खूब सारा प्यार दिया जैसी उसकी आँखों मई भी नमी थी ...क्योकि उसे बी परिवार का प्यार क्या होता ह आज पता चला था...

एक कार मई दादाजी श्वेता थे तोह दूसरी कार मई मैं दीपिका और सोनाली थे ...

हम हँसते खेलते जा रहे थे फिर सीधे हम सोनाली के बंगले पहुंचे सब फ्रेश हुवे और दादाजी कंपनी निकल गए पीछे हम 4 रह गए ......फिर क्या था फिर शूरवी हुवी आव भगत मेरे लिए पन्नेर चिकन फिश की अलग अलग वेरायटीज बनवायी सोनाली ने और हम सबने जैम के लुत्फ़ उठाया फिर श्वेता ने अपने पापा को कॉल कर दिया था और वो शाम को लेने आने वाले थे...

तोह वंही जोगिन्दर सिंह ने बी घर बता दिया था की आज आपकी बेटी और उनकी बेटी का लाडला भाई और दीपिका घर आरहे h.....bus फिर क्या था कमिश्नर साब के सरकारी बंगले मई घमासान मचा हुवा था क्योकि श्वेता की मम्मी को पता था की तूफ़ान क्या कर सकता ह ....इसलिए बेचारे नौकर बी ऊपर निचे हुवे घूम रहे थे .....

एक बहुत बड़े बंगले मई........

पता नहीं क्या हुवा ह मेरा तोह अब जीघाबरने लगा ह आज इसे 15 दिन हो गए न तोह खाना कहती ह न कंही बहार जाती इसकी हंसी तोह जैसे गायब हो गयी ह ...आखिर हुवा क्या h.....Jab आयी थी तब तोह खुस थी और 2 दिन बाद हे पता नहीं क्या हुवा ऐसा जो ये हसना तक भूल गयीईइ..

आदमी--- पता नहीं पर मैंने बात करने की कोसिस की पर वो बताना हे नहीं चाहती ह

जब दोनों ऊपर गए तोह ऊपर उन्होंने देखा की एक लड़की अपने चेहरे से ऊपर छठ को निहार रही थी उसने रात के कपडे अब तक पहने हु चारे का रंग फीका पड़ा हुवा था और आंखे सूजी हुवी थी उसकी ऐसी हालत देख तुरंत डॉ को फ़ोन किया डॉ कुछ दिएर मई आ गया उसने चेक किया और कहा..


डॉ--- गोस्वामी जी हेल्थ वाइज सब तीख ह हर part अचे से वर्क कर रहा ह पर चारे का रंग बता रहा ह की आपकी बेटी बहुत जायदा डिप्रेशन मई मुझे पेर्सनली ऐसा लगता ह जैसे की आपकी बेटी को कोई चीज या किसी घटना ने गहरा असर डाला ह जिसकी वजह से ये डिप्रेशन मई जा रही ह आप किसी शीकोलॉजिस्ट को मिलये और बेटी को बहार घुमाइए ताकि इनकी मेन्टल स्टेट नार्मल हो सके....

सोनाली होम...

एक फोर्टनेर आके रुकी उसमे से जोगिन्दर सिंह उतरे और सोनाली के घर के अंदर ए सोनाली ने वेलकम किया

जोगिन्दर--- no फॉर्मलिटीज ओह प्लीज मैं यंहा सर बांके नहीं आया हु अपनी बेटियों से मिलने आया हु और तुम बी मेरी बेटी जैसी हे हो ...

पीछे से श्वेता पापा करते हुवे गले मिली और सबका इंट्रो हुवा आपस मई

मैं--- पेअर चुकार नमस्ते अंकल..

जोगिन्दर सिंह--- माय ब्रेव बॉय नीस तो मीट यू अगेन ओने में आर्मी ब्रेव हार्ट ....

Main—uncle आप ु हे तारीफ मत कीजिये..

जोगिन्दर--- मुझे तुम्हरे सरे काम पता ह ...ok सो डोंट लिए ....

सबने टिया पि और चल दिए अंकल के घर जंहा आरती की थाली के साथ वेलकम huva....aur ाववभगत हुवी

मैंने बी आंटी के साथ खूबसरी बाते की तोह मेरी नज़र दिवार पे तंगी एक फोटो पे अटक गयी क्योकि इतने इत्तेफ़ाक़ एक साथ नहीं हो सकते थे पहले कप्तान अंकल फिर ऋचा के डैड अनिरुद्ध गोस्वामी और अब ये

Main—nahi नहीं ये कैसे हो सकता ह ...प्लाट कर आप कौन ह और कान्हा से मुझे अभी जवाब चाहिए ...और फिर मैंने नाइफ उठा लिए

सभी मुझे ढक के दांग थे...


श्वेता --- भाई पापा ह मेरे..

Main—bus 5 मिनट बस मुझे जवाब मिल जाये मैं चला जाऊंगा जब तक शांत श्वेता

जोगिन्दर singh—beta राज .. नाइफ रख के बी पूछोगे तोह जवाब मिल जायेगा तुम मुज पर पूरा विस्वास कर सकते हो

Main—maine पूछा कौन हो और कान्हा से हो ...मैं ये चाकू साइड रख राहु हु और आप ईमानदारी से जवाब दीजिये आपकी बेटी मेरी जान से भड़कर उसे मन ह तोह मुझे उम्मीद ह आप सब सच बोलोगे

जोगिन्दर--- मेरा नाम जोगिन्दर सिंह राठौर ह और मैं राजस्थान के जयपुर का रहने वाला हु....


Main—ye फोटो मई कौन कौन ह ...

जोगिन्दर – ये सब मेरे भाई जैसे दोस्त ह

मैं --- पहली लाइन मई खड़े 456 नंबर वाले...

जोगिन्दर --- ये मेरे पिता से भड़कर दूसरा और तीसरा मेरे भाई से भड़कर सहदेव और अली ह जो अब इस दुनिया मई नहीं ह जिसके जाने का दुःख मुझे आज बी ह ....फिर कुछ दिएर रुक कर पर तुम कैसे जानते हो ....


मैं---- उनके पास से खड़ा होक सामने सोफे पे बैठ गया ...मेरे चेहरे पे न तोह कोई सिकन थी न कोई भाव थे मैं बस सुण्या भाव मई बैठा tha...kyoki इतने सरे इत्तेफ़ाक़ हो रहे थे मैं अपनी हे सोच मई घूम था ....मेरी पूरी जिंदगी गोल गोल घूम रही थी

जोगिन्दर--- तुम कैसे जानते हो राज बताओगे मुझे..


मैं--- चुप रहा..

जोगिन्दर--- मैंने तुम्हारे सवाल का जवाब दिया अब तुम बताओगे मुझे ..ये तेज़ आवाज मई बोलै था उन्होंने ...

फिर पीछे से एक आवाज ने जवाब दिया क्योकि ये बदनसीब उनका बीटा h......yani ठाकुर जगमाल सिंह का पोता और सहदेव सिंह का बीटा ह... ये आवाज सोनाली की thi..jo बिलकुल चुप थी

जोगिन्दर सिंह के चेहरे पे शॉकिंग और खुसी दोनों के एक्सप्रेशन थे ........जोगिन्दर उठ के राज को कंधे से खड़ा करते ह और उसे गले लगा लेते ह और उनकी आँखों मई ख़ुशी के आंसू होते ह दोनों मैं बहुत साडी बाटे होती ह...


Main—muje पापा और आपकी मुलाकात के बारे मई जानना h...ki आप कैसे मिले क्या kiya..phir क्या हुवा मुझे सब जानना ह

आंटी – जान लेना पर पहले खा लो कुछ फिर अंकल की तरफ ढक के ये सब पहली बार ए ह और आप हो की लेके बैठ गए .....


जोगिन्दर--- औ बीटा पहले खा ले फिर पूछ लेना जो पूछना ह.... वर्ण मुझे घर से निकलवाओगे तुम...

हम सब खाना खाने लगे पर श्वेता चुप चाप थी और मुझे अचे से पता था की वो क्यों दुखी ह गलती मेरी हे ह मुझे नार्मल रहना चाहिए था पर मैं बी सिख रहा हु सबको सक की हे नज़र से देखता हु जब तक पूरा विस्वास न हो जाये ये मुझे सिखाया गया ह ....हम सबने खाना खाया और बहार गर्दन मई आ गए मैं श्वेता के पास गया...

मैं--- ी म सॉरी मेरी बहन मुझे माफ़ करदे मैंने गलती की ...पर क्या करू जिसके माबाप को उसके अपनों ने हे धोके से मारा दुश्मनो के साथ मिलके वो क्या करे तू हे बता ..

श्वेता मेरे गले लग के रोने लगी वो बदमासी करती ह पर बहुत समझदार थी कुछ दिएर मई हे मान गयी वो नाराज नहीं थी बस दर गयी थी क्योकि सामने उसके पापा the...Wo मेरी हालत बी अचे से समझती थी

कुछ दिएर बाद

मैं--- अब बताये अंकल आपकी मुलाकात कैसे हुवी थी पापा से..


अब स्टोरी 3रद पर्सन लिखे ड्राइवर और अंकल के की तरफ से चलेगी

जोगिन्दर अंकल--- मुलाकात ऐसे हुवी थी बीटा की बहुत पहले दिल्ली मई 20 साल पहले मैं इंस्पेक्टर था हमे खबर मिली थी की मोस्ट वांटेड क्रिमिनल हथियारों का सौदा करने वाला झुन्ना बस्ती मई आया ह और उसने दिल्ली की हे एक बिज़नेस में और उसकी फॅमिली को उठा लिया h..aur वो बस्तीइ सिर्फ क्रिमिनल्स की हे थी वंहा कोई नहीं जा सकता था पर मेरे सर पर ईमानदारी का भूत था मैं किसी क्राइम को ढक नहीं सकता था ये केस मेरे ठाणे के अंडर मई हुवा था....... मैं 25 बन्दों को लेके उसको पकड़ने चुप चाप चला गया मेरा इरादा उसका एनकाउंटर करने का था जो यक़ीनन मैं कर हे deta.par गद्दार बिकाऊ हर जगह होते ह किसी ने उन्हें इन्फॉर्म कर दिया और हम जब वंहा पहुंचे तोह उन्होंने हमें पकड़ लिया बस हमरा ड्राइवर जिसे मैंने पीछे छोड़ा था वही बचा था और हम बुरी तरह फंस गए थे 300 क्रिमिनल्स के बिच मई जो कानून को मजाक समझते थे जिसको चाहे उठा लेते थे जिसको चाहे मार देते the..minister तक डरते थे कुछ उनसे मिले हुवे थे ...हमरी मौत हमरे सामने thi...jisai कोई बचा नहीं सकता था क्योकि कोई मदद करने को तैयार नहीं था उनसब का बॉस था राणा जो एक 7 फुट का हैवान था जिसके नाम से हे दिल्ली पुलिस के बड़े अधिकारी से लेके मंत्री डरते थे वो उनके लिए हर गैर कानूनी काम करता था...

हम बस भगवन को याद कर सकते थे ..क्योकि मुझे भली भांति पता था की हमारी मदद को कोई नहीं ayega...muje मरने का दर नहीं था मुझे गुसा था गद्दारी का मैं एक बार उस गद्दार को मरना चाहता था...

हमें पकड़ लिया गया ह ये बात उस ड्राइवर ने सबको बताई पर किसी ने नहीं सुनी जब वो सब हीमत हार गया तोह उसे याद आया की एक जगह ह जंहा उसकी सुनेगे और वो अपनी जीप लेके चला गया ...गाड़ी रफ़्तार से जा रही थी उसे पता था की जायदा वक़्त नहीं ह उसके पास वो जीब तेज़ी से बगाता हुवा गया और तेज़ स्पीड से एक बंगले के आगे आके रुकी ..वो ड्राइवर घबराया हुवा निचे उतारकर गया उस बंगले के बहार लिखा था सिंह मेंशन.... वो बेचारा दरवाजा खड़खड़ाता रहा और थोड़ी दिएर बाद किसी ने दरवाजा खोला उसकी बड़ी हुवी दादी और लाल आंखे 7 फ़ीट की हिघ्त ढक के वो दर gaya....par घबराते हुवे बोलै मुझे सहदेव सिंह जी से मिलना ह सामने से उस शख्स ने उसकी डर्टी आँखों को देखा और फिर बोलै आप इस तरफ जाके बैठक मई इंतज़ार कीजिये वो भोजन करके एते ह ..वो बेचारा चुप चाप चला गया बैठक मई और चक्कर काटने लगा थोड़ी दिएर बाद एक 6 फुट का एक गोरा रंग चेहरे पे मुस्कान और मूंछे और दाढ़ी के साथ एक नौजवान जिसकी उम्र 24 साल के अस्स पास रही होगी वो aya...Uske पीछे वो 7 फुट का इंसान आया

उस शख्स को ढकते हे वो ड्राइवर उनके पैरो मई गिर गया

ड्राइवर --- मालिक अब सिर्फ आप हे हमारी मदद कर सकते ho....sirf आप हे .


वो शख्स --- हम्म पहले आप उठिये आप मुझसे बड़े ह .फिर पलटकर अली इन्हे पिने के लिए कुछ मंगवाइये और आप अब बताईये क्या बात ह

Driver—ne फिर पूरी कहानी सुनाई..


वो शख्स --- पर हम इसमे आपकी क्या मदद कर पाएंगे ये आपके सरकारी महकमे का काम ह और हम सर्कार से दूर रहते ह...

Driver—ap ऐसा मत कहिये क्योकि सिर्फ आप हे बचा सकते ह वो वंहा जो गए ह उनमे से काफी लोग सिर्फ ईमानदार हे नहीं जांबाज़ पोलिसवाले बी ह जो सिर्फ अपने देश के लिए वंहा गए ह ये जानकर बी की वंहा मौत ह एक परिवार वंहा बंद ह आप हे बताईये क्या ऐसो को बचाना नहीं चाहिए ...जो मौत ह सामने जानकार बी गए...

वो शख्स --- कुछ दिएर सोचने के बाद तीख ह उनको कुछ नहीं होगा और प्लाट कर अली

अली जी भाई

वो शख्स ---आग और सभी को फ़ोन लगाओ तुरंत उन्हें यंहा बुलाओ और रविंदर और नरपत विपिन को बी bulao....unko कहना बहुत जल्दी ह..


और अली सबको लैंड लाइन से फ़ोन किया और सब निकल गए सिंह हाउस की तरफ ...

ड्राइवर बस उन्हें हे देख रहा था और वो शख्स बस आराम से टिया पि रहा था उसके चारे पे कोई खोफ्फ़ कोई चिंता नहीं थी बस यही देख के वो ड्राइवर दर रहा था क्योकि उसे अचे से पता था की उन्होंने हिमाचल पंजाब मई क्या कहर ढाया ह और आज वो शख्स यंहा दिल्ली ह कुछ महीनो से... तोह दिल्ली मई क्या होगा ...

सब agaye......Aur उनसब मई कोई बात नहीं हुवी सब बस अपने अपने हथियार लिए और 2 गाड़ियों मई सवार होगये सबसे आगे थी रॉयल एनफील्ड .....

और यंहा हम बस अपनी मौत का इंतज़ार कर रहे थे और राणा कभी बी हमारा सर कलम कर सकता था यही हाल उस परिवार का था जो हमारे पास हे बंधा हुवा था.... पर कोई कुछ नहीं कर सकता था.... थोड़ी दिएर मई राणा खाना खाके हमे काटने वाला था ताकि दुबारा कोई पुलिस वाला दुबारा यंहा न ए ..गलती से बी मैंने मौत को इतने पास आज तक नहीं देखा था...

तोह दूसरी

तरफ अब स्टोरी राइटर की जुबानी......


वो शख्स तूफानी रफ़्तार से बुलेट को भगाये हुवे एक तूफ़ान लेके ारः था जिसकी गूंज पूरी दिल्ली मई गुंजनि थी अगली सुभे....

कुछ दिएर मई सब डिवीड हो गए और अपनी अपनी जगह ले ली ... फिर वो बाइक झुन्ना बस्ती के आगे रुकीय और

वो शख्स 5 मिनट बाद छिलके बोलै

वो shaks—tum क्या करते हो क्या नहीं मुझे नहीं जानना ह तुम्हारे पास 5 मिनट ह अगर सभी पुलिस वाले और उस फॅमिली को एक खरोच बी आयी तोह माँ भवानी की कसम तुम सबको काट के फेंक dunga...itne टुकड़े करूँगा की पहचान नहीं पाओगे

उस शख्स की आवाजे सून कुछ गुंडई जिनका घर गेट के पास था और जो लोग बहार टॉस खेल रहे थे सभी बहार आगये

पर वो शख्स अकेला खड़ा बस घडी मई 5 मिनट पुरे होने का वेट कर रहा था

ये बात अंदर राणा तक बी पहुंच गयी..


Rana—in पुलिस वालो को बचने और पुलिस वाले ए ह ले औ उन्हें बी आज इनसब की लाशे काट के फेंकेंगे तब सबको पता लगेगा राणा क्या h...sur बस्ती मई आने वालो का क्या होता ह..

गुंडा--- भाई वो तोह अकेला ह और सकल से पुलिस वाला बी नहीं ह लग रहा ह बस्ती के गेट पे खड़ा होक ललकार रहा ह...

राणा --- मर्द ओह कोई तोह मर्द मिला उसे जिन्दा पकड़ के लाना ..

यंहा हम सब बंधे हुवे यही सोच रहे थे की अकेला इतनी हीमत किस्मे ह...

तोह बहार

वी शख्स जैसे हे टाइम पूरा हुवा वो आगे भगा और भागते हुवे हे कूदकर आगे खड़े 2 के सेने पे पुसंच मारा जो उड़ते हुवे पीछे जेक बाकि से टकराये और मर गए ..फिर आगे भाग के दिया एक मु पे फिर दूसरे के पेट मई लात मरी 3सरे की गर्दन मोड़ दी फिर 4तह की गर्दन पे आगे की तरफ लात मरी फिर पांचवे के सुपर नॉक झबदे पे मरी पूरा जबड़ा उखड दिया फिर पिच से किसी ने लात मरने की कोसिस की तोह हैट के दिया उसके घुटने पे एक हाथ तो पेअर टूट गया कुछ हे दिएर मई 15 जाने जमीं पे गिरे हुवे थे बाकि लोग पीछे खड़े हुवे देख रहे थे उन्होंने हॉकी लोहे की रोड ले राखी थी ....फिर उस शख्स के चेहरे पे खतरनाक मुस्कान थी उसने पीठ से 2 तलवार निकली और भाग गया आगे किसी के हाथ तोह किसी के पेअर सबको चीड़ फाड़ के आगे भागता जा रहा था चारो तरफ सिर्फ चरखे घुन रही थी अगर कोई पीछे से हमला करता तोह उनका स्नाइपर सभी सर उदा देता दूसरी तरफ पंकज रविंदर विपिन बी मारकाट मचाये हुवे थे तोह आग ने साडी जगह बम लगा दिए थे और पेट्रोल बम से जलाता जा रहा था उसके चेहरे पे एक दरिंदगी थी ....और अली के हाथ इतने बड़े थे जिसका बी गाला हाथ मई ारः था उसे दबा के मार रहा था उसके हाथ की 4 फुट लम्बी तलवार गाजर मूली की तरह काट रही थी..

चीखो का शोर और बम फटने की आवाज इतनी हो रही थी कई कलोमीटर तक गूंज रही थी मौत का नंगा नाच चल रहा था पूरी बस्ती खून से सं थी

अंदर रखा

Raka—ye क्या हो रहा ह क्या एक आदमी को पकड़ना इतना मुश्किल ह ..


हम सब जो निचे बैठे थे शॉक थे की ये क्या हो रहा झूना बस्ती मई ये सब करने की हीमत किस्मे ह तभी धड़ाम की आवाज से दरवाजा खुला......

उस वक़्त पहली बार तुम्हारे पापा को देखा था मैंने आँखों मई किसी का दर नहीं चेहरे पे खतरनाक मुस्कान मूंछे और दाढ़ी हाथ मई तलवार पूरा सरीर खून से भरा हुवा वो साक्षात नरसिम्हा का रूप लग रहे थे

Rana—koun ह तू जो हमरे इलाके मई मरने आगया

फिर पहली बार तुम्हारे पापा की डाहड सुनी

तुम्हरे पिता---

जो मौत से दर जाये वो डरपोक होता ह

जो लोगो के सहारे ताकत दिखाए

वो कायर होता ह

इलाका तोह कुत्तो का होता ह


शेर जंहा कदम रख दे

वो इलाका उसी का हो जाता ह

राणा – ये देख रहा मेरे पीछे 6 7 फिट के इनके सामने तू कुछ नहीं ह...


वो शख्स --- जिराफ बी बड़ा होता ह हठी बी बड़ा होता पर सब बब्बर शेर से डरते ह क्योकि सरीर नहीं जिगर होना चाहिए और मुजमे जिगर नहीं जिगरा h...dekhega..

राणा--- जाओ रे मारो सेल को

फिर 10 बॉडी बिल्डर टाइप के आगये सामने और राणा के चेहरे पे मुस्कान थी मैं बस तुम्हारे पापा को हे देख रहा था फिर

एक सामने से चलता हुवा ारः था तोह सामने से भागके दोनों घुटनो की दी उसकी छाती पे वो गिरा पीछे और गिरा हे रह गया फिर आगे चलके तुम्हारे पिता ने जब सामने वाले ने हाथ घुमाया तोह निचे झुक के नॉक आउट पंच दिया उसके जबड़े पे दिया मु से खून थूकता हुवा पसर गया फिर तीसरे ने लात मरी तोह उन्होंने लात को पकड़ के कोहनी से इतने वार किये की घुटने की हड्डी का चुरा बना दिया चौथे बन्दे फिर से पंच मारा तोह झुक के इतने पंच मरे दोनों हाथ के उसकी रिब्स पे वंही झुकता चला गया फिर 2 बन्दे एक साथ ए और तकर मरी तुम्हारे पिता को तुम्हारे पिता उड़ते हुवे पीछे गिरे और गिरते हे खड़े हो गए ...और फिर भागे आगे एक को डोज करके पीछे वाले को डोज करके मुड़के ताकत से दिया एक की रीद की हदी पे घुटने की कड़क की आवाज आयी और चिल्लाया वो दुबारा चिल्लाता उसे पहले हे उसकी गर्दन मरोड़ दी फिर दूसरे वाले के पास गए और झुक के दिया उसके घुटने पे और फुर्ती से दूसरे घुटने पे कड़क की आवाज से टूट गए उसके घुटने और निचे कहकते हे उसकी गर्दन मरोड़ दी अब तीन बचे थे फिर एक की तरफ गए वो कुछ सोच पता उसे पहले हे उछलके उसके मू पे लात मार्डी और गिरने से पहले उसका हाथ पकड़ा तोड़ दिया फिर दूसरा बी तोड़ दिया अब 2 बचे थे तुम्हरे पिता मुस्कराये और अपनी तलवार निकल दोनों की गर्दन काट दी

हम सब बस आंखे फाड़े उन्हें हे ढक रहे थे की ये ह कौन जिसने अकेले हे इतने लोगो को चीयर फाड़ दिया 7 फ़ीट के पहलवानो को मसल के रख दिया फिर तुम्हारे पिता ने सबकी गर्दन काट दी अब सिर्फ राणा और तुम्हारे पिता सामने थे

राणा --मर्द की तरह लड़


तुम्हारे पिता--- तोह अभी तक क्या कर रहा था मैं फिर तलवार को दूर फेंक दिया

जब तक तुम्हारे पिता के साथी आगये थे और हमें आज़ाद करने लग गए थे....

राणा तुम्हारे पिता की तरफ भाग के आया और तुम्हारे पिता उसकी तरफ तुम्हरे पिता ने उसको पेट से पकड़ के ऊपर उठाया और फेंक दिया उसे वो दूर जेक दिवार से टकराया जैसे हे खड़ा हुवा तुम्हारे पिता ने फिर उठाया उसे और अपने घुटने पे रख के उसकी रिड की हड्डी तोड़ दी और 2 हे दांव मई लड़ाई ख़त्म करदी .......

फिर मैंने तुम्हारे पिता के आगे हाथ जोड़ा तोह उन्होंने हाथ पकड़ मन करदिया मैंने पूछा मशीहा का नाम क्या ह ये जान सकता हु तब वो जाने लगे और पलट कर बोले

निर्वाण सहदेव सिंह निर्वाण

ऐसे हुवी थी हमरी मुलाकात मेरी मुलाकात ....जिसने एक झटके मई पूरी दिल्ली हिला दी थी.....


आज के लिए इतना हे पता नहीं कितने वर्ड्स का ह पर 11000 वर्ड्स प्लस तोह होगा हे भावनाओ मई बहके 3 हॉर्स से लिख रहा था क्योकि कमिटमेंट नहीं तोड़ सकता हु

गुड नाईट
 
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