Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani - Page 8 - SexBaba
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Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani

शालिनी झरने के बाद वही बिस्टेर पर नंगी लेते हुए हांफ रही thi.........or इधर अजय का लुंड अभी व् संतुष्ट नहीं हुआ था झरने के बाद v........Ajay अपने लुंड को दहकते हुए ऐसे हे खिड़की पर खड़े होकर अपनी माँ की गदरायी जवानी निहार रहा था.........





और फिर वो अपने रूम में चला gaya.....shalni उठ कर वाशरूम में खुद को साफ़ करते हुए सोचने लगती hai.....kya सच में सोसाइटी के बुड्ढे मर्द मेरे जिस्म को गन्दी नज़रो से देखते hai.......mujhe तो अजय की बातो पर ज़रा व् यकीं नहीं hai..........wo सिर्फ जोश में येसब कह रहा tha.......lekin एक दो बार मैंने व् नोटिस किया है मुझसे बात करते हुए हरिया जी धोती के अंदर अपना लुंड सहला रहे the.......lekin वो खुजली करते honge........or शर्मा जी तो इतने बुड्ढे है रिटायर्ड आर्मी है वो भला येसब गन्दी हरकत कैसे कर सकते hai..........ye सब सोचते हुए शालिनी फिर से गरम होने लगी thi...........wo वाशरूम से आकर सबसे पहले अपनी पंतय उठा कर देखती है जो उसके छूट रस से एकदम गीली हो चुकी thi....Shalini अपनी पंतय देख कर एकदम शर्मा जाती है.......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyykitna रस टपकाया है मेरी छूट ने ...........फिर वो अपनी ब्रा इधर उधर देखती है तो उसे यद् अत है वो जोश में कामुकता की वजह से ब्रा खोल कर अजय के तरफ फेकि thi.......wo मुद कर खिड़की के पास देखती hai....or उसके चेहरे पर मुस्कान तैर गयी...





वो खिड़की के पास देखती है तो उसकी ब्रा वही गिरी हुयी thi......wo ब्रा के तरफ बढ़ जाती है और जैसे हे ब्रा उठती है उसमे अजय का विरए गिरा हुआ tha........shalni का जिस्म गंगना उठता है अजय का वीर्य अपने ब्रा पर देख kar.......Shalini अपनी गर्दन पर हाथ फेरते हुए लुस्टि होने लगती है .......





शालिनी विरए को अपने ऊँगली में लेकर उसका चिपचिपा पत्र महसूस करने लगती hai......or मैं में सोचती है...... ाआअह कितना चिपचिपा विरए है अजय का...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़......





शालनी मदहोश होने लगती hai......or ब्रा को अपनी नाक के पास ले जाकर सूंघने लगती hai.......virye को स्मेल से शालनी की छूट फिर से गीली होने लगती hai..........shalni जल्दी में खिड़की बंद कर देती है ताकि अजय फिर से न आ jaye.......or ब्रा में लगा हुआ वीर्य को हल्का हल्का ज़बान बहार करके चाटने लगती.........

शालनी - उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना नमकीन टेस्ट है इसके विरए का....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मन तो कर रहा की अजय का लुंड चूस चूस कर उसका सारा विरए पि jaun......Shalini कामुकता में बेसुध हो गयी और ब्रा को पंतय के अंदर घुसा दी ....फिर अजय के वीर्य को अपनी छूट में रगड़ने lagi............jiski वजह से उसकी काम इच्छा बढ़ने लग गयी...............

शालनी अब अजय की बातो को सोच कर और ज्यादा गरम होने लगी......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy जब हरिया जी मेरे बूब्स को घूरते है तो क्या उनका व् लुंड खड़ा हो जाता hoga...........hariya जी देखने में कितने बदसूरत और कला है....... चहहीइ कितने गंदे दीखते hai......mai भला ऐसे गंदे आदमी के बारे में कैसे सोच सकती hu............mere जैसी खूबसूरत बाला को वो देख ले रहे यही उसके लिए भट बड़ी बात hai.........unko अपना जिस्म दिखा कर तड़पने में भट मज़ा aega.....soch कर शालनी के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर जाती है..........





और वो शर्मा जी buddha.......unka तो ठीक से खड़ा व् नहीं होता hoga....hehehehehe........kyu न इन दोनों को अपना जिस्म दिखा कर तड़पाया jaye...........lekin अगर किसी ने देख लिया तो क्या sochega.........Shalini के मन में भट सरे विचार चल रहे the.....or एक हाथ से शालिनी अपनी छूट में विरए रगड़ रही thi..........itne में उसके हस्बैंड का कॉल आ जाता है..........

हस्बैंड - hello शालनी मई कुछ दिनों के लिए बिज़नेस टूर पर इंडिया से बहार जा रहा hu......ek हफ्ते बाद lautunga....ya काम ज्यादा होगा तो 20 25 दिन व् लग सकते hai......tum अपना ख्याल rakhna.....byee.....

शालनी - जी आप व् अपना ख्याल rakhna.......or जल्दी आने की कोशिश करना........

शालनी अब पूरी तरह फ्री हो चुकी थी उसके हुब्बी 2 25 दिनों के लिए बहार जा रहे the....shalni का मन मचलने laga..........ab तो मुझे किसी चीज़ का डर नहीं Raha.........ek बार इन दोनों बुद्धों को अपना जिस्म दिखा कर तड़पती hu...fir देखती हु क्या रिएक्शन होता hai........ye सोच कर शालनी का जिस्म गंगना उठा.........

इधर ज़ैद उसकी अम्मी अब्बू और उसकी खला मतलब उसकी maasi......ye चारो डाइनिंग टेबल खाना कहते हुए आपस में बातें कर रहे the...or ज़ैद अपनी अम्मी की जांघो को सहला रहा tha........jiski वजह से रुकसाना का दिल ज़ोरो से धड़क रहा tha.......ruksana एक बार ज़ैद के तरफ देख कर बनावटी गुस्से से आंख दिखती है और ना करने का इशारा करती है.......





जिस पर ज़ैद एक हरामी मुस्कान देते हुए अपना हाथ जांघो को सहलाते हुए ऊपर ले जाता है और अपनी अम्मी की छूट में रख देता hai....ruksana तो जैसे तड़प उठती hai.........lazzat की वजह से उसकी आंख खुल बंद होने लगती है........





वो अपने जांघो को आपस में चिपका लेती hai..........taki ज़ैद उसकी छूट से छेड़ चाट न कर sake.....lekin ज़ैद अपने हाथ को हटाता नहीं है और अपनी ऊँगली को दोनों जांघो के बिच घुसा कर छूट को छेर्ने लगता है....... रुकसाना का मन मचल जाता है.........





और उसके जांघ अपने आप खुल जाते hai.......zaid समझ जाता है उसकी अम्मी गरम हो चुकी hai........wo अब साड़ी के अंदर हाथ दाल कर पंतय के ऊपर से अपनी अम्मी की छूट को सहलाने लगता hai.....ruksana तड़प कर अपने पेअर खोल देती hai........zaid अब भट आराम से अपनी अम्मी की छूट पंतय के ऊपर से हे सहला रहा tha..........ruksana को इतना मज़ा आ रहा था की उसका मन तो कर रहा था की ज़ैद के हाथो को अपने छूट के अंदर घुसा ले........





अचानक ज़ैद पंतय को साइड करके अपनी अम्मी की छूट को पकड़ लेता hai......ruksana एकदम से सिहर उठती hai....uske मुँह से हलकी सिसकियाँ निकल जाती है........

शहला - क्या हुआ बजी......

रुकसाना हड़बड़ाते हुए बोली - का कुछ नहीं वो मिर्ची खा गयी मई.... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ भट तीखा tha.......ruksana अपने होंठो को गोल बना कर shiiiiiiiiiiiiiiiii shiiiiiiiiiiiiiiiii करने लगती hai.....jaise उसे तीखा लग रहा हो........





आआआ

शहला - पानी पि लो कुछ रहत मिलेगी........

रुकसाना बेमन से थोड़ा पानी पि लेती hai.............or ज़ैद को तरफ तिरछी नज़र से देख कर उसे आंख दिखती hai......or हलकी आवाज़ में कहती hai....tum मुझे मरवाओगे ........हटाओ वह से अपना hath..........zaid अपनी अम्मी का खूबसूरत लुस्टि चेहरा देख कर मुस्कुराने लगता hai...or अपना हाथ धीरे धीरे उसकी छूट में फेरने लगता hai.........ruksana कसमसाने लगती hai......uska जिस्म तड़प उठता है ज़ैद के कठोर हाथो से छूट रगड़ने से........... ज़ैद अपनी दो ऊँगली से अपनी अम्मी की रसीली छूट को पकड़ कर सहलाने laga.......ruksana अब लज़्ज़त की वजह से अपने हाथो को जांघो पर रख कर अपनी साड़ी पकड़ लेती है ज़ोरो से..........





इतने में शहला बोलती है .........बजी मई फ्रेश होकर अति हु ....हमलोग शॉपिंग पर chalenge...........waha मेरी एक दो दोस्त व् आने वाली hai...hum सब मिलकर शॉपिंग करेंगे.......

रुकसाना - नहीं नहीं मई कहा जाउंगी तुमलोगो के बिच में ......तुम ज़ैद को ले जाओ जैसे हे बोलती है.............

इतने में ज़ैद अपनी एक ऊँगली रुकसाना की छूट में घुसा देता hai.....ruksana एकदम से तड़प उठती hai.....or उसकी आवाज़ लड़खड़ाने लगती है........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh लेटी jaoooooo......ruksana गुस्से में गर्दन घुमा कर ज़ैद को देखती hai.......or अपनी आंखें दिखते हुए मन करती है...........

शहला - अरे कॉमन बजी क्या आप व् na.....chalo न मज़ा aega.....apka पैसा खर्च होने नहीं दूंगी mai........waise व् मेरे शोहर के पास भट पैसे hai......Hehehehehehe........

ज़ैद के अब्बू - अरे बेग़म चली व् jao.....kyu बच्चो जैसे नखरे दिखा रही हो........

रुकसाना तो यहाँ छूट की आग में जला रही thi....ruksana मन में सोच रही thi......inlogo को क्या पता मई किस सिचुएशन में hu......ye ज़ैद मुझे पागल करके छोड़ेगा..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इसका हाथ व् कितना मज़ा दे रहा hai.....mai छह कर व् इसके हाथ को अपने छूट से हटा नहीं पा रही हु........... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaaaaaaaaaaaaaaa.......

शहला - तो फिर ठीक है मई तैयार होकर अति hu..........tumlog व् तैयार हो jao.......bolkar शहला उठ कर चली जाती है तैयार होने........

ज़ैद के अब्बू - बेग़म क्या सोच रही हो बैठे बैठे ....अब जाओ व् तैयार हो jao........ruksana भट प्यार से शोहर को देखती है.....





रुकसाना हड़बड़ा कर ज़ैद का हाथ एक झटके में हटा देती है अपने छूट se...or उठ कर कड़ी हो जाती hai........zaid को भट छुडास भरी नज़रो से देखते हुए









मुद कर अपने कमरे में चली जाती hai..........ruksana की हिलती चूतड़ देख कर ज़ैद अपना लुंड मसलने लगता है

.......

ज़ैद मन में - अम्मी जान आज तो तुझे मई शॉपिंग मॉल में हे छोडूंगा तेरी टांग उठा kar..........kya मस्त गांड है अम्मी जान तेरी..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyy
 
अब आएगग्गीीीी.......

ज़ैद उसकी अम्मी रुकसाना उसकी खला शहला तीनो शॉपिंग मॉल पहुँच जाते hai....kuchh देर के बाद रुकसाना के ड्रेस में गलती से कॉफी फिर जाता hai......ruksana एक नई ड्रेस लेकर वाशरूम चली जाती है कपडा चेंज करने........

ज़ैद इसी मौके के फिराक में tha...wo व् पीछे पीछे चुपके से लेडीज वाशरूम चला जाता hai........or छुप कर अपनी अम्मी को कपडा चेंज करते हुए देखने लगता hai.......ruksana जैसे हे आना ब्लाउज उतर कर निचे रखती है उसकी बड़ी बड़ी चुकी ब्रा में कैद देख कर ज़ैद का लुंड पंत के अंदर खड़ा हो जाता है.........

ज़ैद मन में - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अम्मी जान क्या चुकी है तुम्हारी .....जब व् देखता हु मेरा लुंड खड़ा हो जाता है........

इधर रुकसाना अपनी ब्रा व् इतराने लगती hai......ruksana को पता नहीं था की ज़ैद उसे छुप कर देख रहा है.......





जैसे हे रुकसाना ब्रा उतर कर निचे रखती hai...uski बड़ी बड़ी सुडोल चुकी देख कर ज़ैद पागल हो जाता है........

ज़ैद का लुंड अकड़ जाता है पंत के andar.....apne लुंड को पंत के बहार से हे पकड़ते हुए ज़ैद मन में सोचता है....... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff अम्मी जान क्या मस्त चुकी है teri.....man तो कर रहा पकड़ कर मसल दू इन्हे.......





ज़ैद से रहा नहीं जाता वो झट से रुकसाना के सामने आ जाता है.....

ज़ैद - अम्मी जान तुम यहाँ हो मैंने कहा कहा नहीं ढूंढा tumhe.......khala जान तुंहरे लिए भट साडी ड्रेस पसंद करके राखी हुयी hai.......isliye मई तुम्हे बुलाने चला आया.......

रुकसाना - ज़ैद तुम सच में पागल हो गए ho.....tum यहाँ लेडीज वाशरूम में क्या कर रहे ho...kisi ने देख लिया तो आफत आ jaegi........jaldi यहाँ से निकलो......





इतने में वाशरूम का दूर ओपन होने की आवाज़ अति hai.......shahla और उसकी दोस्त वाशरूम में घुस रहे थे आपस में बातें करते हुए......





रुकसाना झट सा ज़ैद को पकड़ कर एक टॉयलेट में घुस जाती है और उसका मुँह अपने हाथो से दबा देती hai...taki ज़ैद कोई आवाज़ न निकले.......

रुकसाना हलकी आवाज़ में ज़ैद के कानो में कहती है - ज़रा व् आवाज़ मत karna.....shahla और उसकी दोस्त की आवाज़ आ रही hai.....wolog वाशरूम में आ चुकी hai.....tum मुझे बदनाम करके हे छोड़ोगे कामिनी.......





शहला और उसकी दोस्त आपस में बात कर रहे थे इधर ज़ैद अपनी अम्मी को घुमा कर पीछे से दबोच लेता hai.....or अपना खड़ा लुंड उसकी गदरायी गांड पर रगड़ने लगता है.......

रुकसाना अपने दूध को अपने हाथो से छुपा लेती है और कहती है - कामिनी मैंने कहा था न ये लास्ट सेक्स है hamara...uske बाद मई कभी तुंहरे साथ सेक्स नहीं karungi......yaha से चले जाओ वर्ण ाचा नहीं होगा........

ज़ैद - अम्मी जान मेरा लुंड इतना अकड़ चूका है की तुम्हे बिना चोदे मई यहाँ से बहार नहीं जा सकता वर्ण सभी लोग मेरे पंत में बने हुए तम्बू को देख lenge.........or तुम तो खुद मेरे लुंड के एहसास से लुस्टि हो चुकी ho......dekho कैसे तुम खुद से अपना गांड मेरे खड़े लुंड पर रगड़ रही हो...........





रुकसाना - plssssssssssssss न ज़ैद छोरो mujhe........warna मई शॉट मचा दूंगी......

ज़ैद - तुम शॉट नहीं मचने वाली मेरी जान ammi.....tumhari छूट मेरे लुंड के लिए तड़प रही है सुबह se..........dekho कैसे तुम्हारा गांड मेरे लुंड पर दबाव बना रही है.....





रुकसाना मन में - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa इसका लुंड मेरी गांड पर टक्कर मार रहा है और मई मदहोश हो रही hu......nhi नहीं मई यहाँ इसे येसब करने नहीं dungi....yaha किसी ने देख लिया तो मई कही की नहीं रहूंगी.......

ज़ैद - मेरी जान अम्मी तुम्हारे चुकी भट बड़े बड़े hai....itni आसानी से छुपने वाले नहीं hai......apna हाथ हटा लो न अपनी चुकी से........

रुकसाना - कामिनी छोर mujhe....or यहाँ से दफा हो जा......





रुकसाना नखरा दिखते हुए बोली - मई अपना हाथ नहीं हटाने वाली वह se...tum यहाँ से जाओ.....

ज़ैद ने रुकसाना का एक हाथ पकड़ कर खींचा और अपना लुंड उसकी गांड में दबाने लगा.....

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद क्या कर रहे ho......mera हाथ इतनी ज़ोर से मत खींचो ....दर्द हो रहा मुझे.......

ज़ैद - मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा मेरी रांड अम्मी जान तेरी गदरायी गांड देख kar.......dekho फील करो मेरे हार्ड लुंड को अपने गांड पर.........

रुकसाना ज़ैद के लुंड को अपने गांड में फील करते हुए सोचने लगी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa इसका खड़ा लुंड मेरे गांड में घुसने को बेचैन हो रहा hai.......or मुझे व् इतना मज़ा आ रहा है इसका टाइट लुंड अपने गांड में फील karke.......mai छह कर व् हट नहीं पा रही hu..........shayad मुझे व् मज़ा आ रहा है..........





रुकसाना का दिल भट ज़ोरो से धड़क रहा tha....public प्लेस में पहली बार कोई उसके अंगो को छू रहा tha......uske जिस्म के साथ छेड़ खानी कर रहा tha........ruksana ने मन बना लिया की वो ज़ैद को धक्का देकर बहार कर degi.....wo फटाक सा कड़ी होकर ज़ैद के तरफ मुद जाती है........

ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी गदरायी gaay.....kya मस्त दिख रहा है तुंहारा doodh........is दूध को निचोड़ कर पिने में इतना मज़ा अत है की मई क्या बताऊँ मेरी जान ammi.......hatao न अपना हाथ अपने चुकी से.......

रुकसाना छह कर व् ज़ैद को अपने से अलग नहीं कर पा रही thi.....uska जिस्म उसका साथ नहीं दे रहा tha....uske जिस्म में खुमारी चढ़ चुकी थी.......

रुकसाना - प्लसससससससस ज़ैद अपनी अम्मी से ऐसी गन्दी बातें मत karo.......mai नहीं हटाने वाली वह से hath......tum बहार जाओ.........

ज़ैद अपना हाथ रुकसाना की लग्गिंग पर फेरने लगता hai.........ruksana सिहर जाती है........

रुकसाना मन में - या खुदा ये लड़का मुझे यहाँ नंगी न कर de......ye सोचकर रुकसाना का दिल भट ज़ोरो से धड़कने लगता है.......





ज़ैद अपने हाथो को लग्गिंग में फेरते हुए रुकसाना का एक हाथ पकड़ कर दिवार से लगा देता है forcefully........ruksana अपने दूसरे हाथ से ज़ैद का हाथ पकड़ लेती है ताकि वो उसकी लग्गिंग उतार न पाए.......

ज़ैद - aaaaaaaaaaaa मेरी रांड रुकसाना क्या मस्त चुकी है तुंहारा ... फाइनली ये मेरे आँखों के इतने करीब है..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaaaajjjjjjjjjjj मई इन चूचियों को निचोड़ निचोड़ कर पियूँगा.....

बोलकर ज़ैद रुकसाना की बड़ी बड़ी चुकी को लुस्टि आँखों से घूरने लगता hai........ruksana एकदम से शर्मा जाती है अपने बेटे को इस तरह अपने दूध को घूरता देख कर.........

रुकसाना - ज़ैद मेरा हाथ छोरो वर्ण ठीक नहीं hoga.........ye भट बड़ा गुनाह है की कोई बीटा अपनी अम्मी की चुकी को इस तरह से घूरे..........

ज़ैद - जिसकी अम्मी इतनी छुडासी हो इतनी हॉट न सेक्सी ho....jiski छूट में इतनी आग ho......jiska जिस्म का हर कटाव किसी व् मर्द का लुंड खड़ा कर de.....jiski आंखें इतनी नशीली ho..........wo बीटा अपने लुंड को भला कैसे कण्ट्रोल कर सकता hai...tum हे बता दो.......





ज़ैद की गन्दी तारीफ सुन कर रुकसाना एकदम शर्मा जाती hai.......uski नज़र झुक जाती hai........ki तभी ज़ैद धीरे से अपना हाथ उसकी लग्गिंग के अंदर दाल देता hai.....or उसकी गीली हो रही छूट को अपनी ऊँगली से टच कर देता hai......ruksana के मुँह से एक लम्बी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकल जाती है....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद वह से हाथ हटा लो.... plssssssssssssss............

ज़ैद अपनी अम्मी की निप्पल में अपना मुँह लगा देता है और एक हाथ से उसकी छूट को हल्का हल्का सहलाने लगता hai......is डबल हमले से रुकसाना मदहोश होकर आंख बंद कर लेती है........

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रांड अम्मी जान कितना हार्ड हो गया है तुंहारा nipple.....or झूट का नखरे दिखा रही ho....dekho तो तुम्हारा छूट कितनी गीली हो चुकी hai........bolkar ज़ैद अपने हाथो में छूट को भींच लेता hai...ruksana तड़प उठती है.......

ज़ैद - तुम्हारा पूरा जिस्म कामुकता की वजह से कैंप रहा hai...or तुम कह रही हो ना naaa........andar से तुम एक नंबर की रंडी हो अम्मी ............भले बहार से शरीफ बनने का नाटक करती ho........dekho तो तुम्हारा छूट कैसे पानी बहा रहा है...........





रुकसाना मदहोशी में अपनी आंख बंद करके अपने हाथो को फैला लेती hai.....ab रुकसाना कोई विरोध नहीं कर रही thi....bas ज़ैद के इस तरह चुकी चूसने और छूट रगड़ने का मज़ा लेने लगी.........

ज़ैद - आआआआअह्हह्ह्ह्हह अम्मी जान कितना मदहोश करने वाला महक है तुम्हारी चुकी का.... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff

ज़ैद अपनी अम्मी को चुकी को चूसते हुए उसका महक से और ज्यादा जोश में आ रहा था........

अब रुकसाना का विरोध ख़तम होता देख कर ज़ैद अपनी अम्मी को उल्टा कर देता है और उसे दिवार में चिपका देता है.......





और धीरे धीरे उसकी बड़ी गांड से लग्गिंग को उतरने लगता hai......ruksana तड़प कर no no करने लगती है.....

रुकसाना - ज़ैद प्लसससससससस nhiiiiiiiiiiii कोई आआ जाएगा आ..............

ज़ैद - मुझे मन करके तुम खुद आवाज़ निकल रही ho.........awaz मत निकालो वर्ण बहार कोई सुन लेगा.......

रुकसाना - लेकिन बीटा ये तुम क्या कर रहे ho...pls मेरा सलवार मत उतरो naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa......

ज़ैद - मुझसे रहा नहीं जा रहा है अम्मी jan...tumhari गदरायी गांड देखने को मई कबसे बेचैन tha....jab तुम मॉल में घुसी थी तो हर मर्द की नज़र सिर्फ तुम्हारे हिलते चूतड़ पर हे तिकी thi....aisa लग रहा था जैसे मॉल में कोई और औरत नहीं है बस तुम हे हो akeli....sab मर्द तुम्हे ऐसा घर रहे the.........khas करके तुंहारी इस थिरकती गदरायी गांड को..........





ज़ैद धीरे धीरे करके अपनी अम्मी का लग्गिंग को निचे करके जांघों तक सरका देता है..... और उसकी गांड को ललचायी नज़रो से देखते हुए कहता है......

ज़ैद - क्या खूब बनाया है बनाने वाले ने तुम्हारी गांड अम्मी jan......itna बड़ा और गोल गांड शायद हे इस दुनिया में किसी औरत की hogi........is गांड को ज़िन्दगी भर घूरता राहु तो व् मन नहीं bharega........mujhe तो यकीं हे नहीं होता इतना सुडोल और गदराया गांड को अब्बू छोर कैसे देते है बिना चोदे.........

रुकसाना - अपने अब्बू के बारे में कुछ मत बोलो वर्ण मुझसे बुरा कोई नहीं होगा समझे ना कामिनी..........





ज़ैद रुकसाना की बातो को इग्नोर करते हुए अपना मुँह अचानक गांड के दरार में घुसा देता hai......ruksana की एक ज़ोरदार सिसकारी निकल जाती है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa nhiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa ज़ैद हटाओ वह से अपना मुँह...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ maaaaaaaaaaaa.........

ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी रांड अम्मी जान क्या महक है तुम्हारी गांड का..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ बोलकर ज़ैद गांड को चाटने लगता hai.....jisse रुकसाना पागल हो जाती है.... .....उसके मुँह से ज़ोर ज़ोर सिसकियाँ निकलने lagi......to रुकसाना अपने हे हाथ से अपना मुँह दबा li.....ab उसकी सिसकियाँ उसके मुँह के अंदर घुट कर रह गयी.....

रुकसाना - ज़ैद plssssssssssssss naaaaaaaaaa मुझसे ऐसी गन्दी बातें मत karo......maine हज़ार बार कहा है मई तुम्हारी अम्मी hu....kuchh तो लिहाज करो अपनी अम्मी का........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़.......





रुकसाना मन में - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa अगर मैंने अपने मुँह से हाथ हटा लिया तो पक्का शहला और उसकी दोस्त मेरी सिसकियाँ सुन legi.........ek बार उनको बहार जाने देती हु फिर मई ज़ैद को धक्का देकर बहार कर दूंगी.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ज़ैद गांड चुस्ती हुए मेरी छूट व् चूस रहा .... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इतना मज़ा आ रहा की मई पागल हो जाउंगी जोश me.........us इसका ज़बान मेरी छूट की गहराई में जाकर मुझे और ज्यादा बेचैन कर रहा है.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ज़ैद प्लसससससससस मत करो न वर्ण मई बहक जाउंगी ........





ज़ैद अब रुकसाना को वास से कड़ी कर देता hai.......or अपना खड़ा लुंड वापस से उसकी गांड की दरार में घुसा देता hai...is बार रुकसाना निचे से पूरी नंगी थी जिसकी वजह से ज़ैद का लुंड उसे अपने गांड में भट ज्यादा फील हो रहा था.........

रुकसाना - ज़ैद प्लसससससससस छोरो मुझे देखो अभी व् बहार से शहला और उसकी दोस्त की आवाज़ आ रही hai....wolog सुन लेगी तो आफत हो जाएगा...... प्लसससससससस ज़ैद तुम किसी व् तरह बहार चले jao....mai तुंहरे आगे हाथ जोड़ती हु.... plssssssssssssss

ज़ैद रुकसाना की पतली चिकनी कमर को पकड़ कर अपने लुंड के तरफ खींचता hai.....ruksana तड़प उठती hai......zaid का लुंड पंत समेत सरसराते हुए दोनों जांघो के बिच में घुस जाता है.........





इधर भर कड़ी शहला और उसकी सहेली को अंदर से कुछ आवाज़ अति है तो वोलोग उस तरफ देखने लगती है......

शहला की सहेली किआरा - अंदर कुछ तो गड़बड़ है ...मई ज़रा झुक कर देखती hu......tum बिलकुल व् आवाज़ मत करना shahla......warna मरूंगी tumhe.....andar दो पेअर नज़र आ रहा hai.....lekin ये सिसकियाँ मैंने जो सुनी वो कहा से आ रही thi.....abhi नहीं आ रही hai........mujhe ऐसा लग रहा है दोनों लोगो की आवाज़ थी ...एक मर्द और एक औरत की.........





शहला - अरे जाने दो न यार तुम क्यों उनके पीछे पड़ी ho.........kiara मत करो येसब अंदर कोई व् है लगता है पोर्न वीडियो देख रहा hai.......tum क्यों परेशां हो रही हो.....

किआरा - सीईई आवाज़ मत करो मुझे देखने दो आखिर अंदर चल क्या रहा है......

बहार की खुसुर फुसुर से ज़ैद समझ गया की निचे से कोई झाँकने की कोशिश कर रहा hai......wo अपनी अम्मी को कमोड के ऊपर बिठा दिया और उसके दोनों पेअर ऊपर कर diya...taki निचे से सिर्फ उसका पेअर दिखे.......





ज़ैद को और ज्यादा मज़ा आने लगा की कोई उसे देखने की कोशिश कर रहा अपनी अम्मी को छोड़ते huye....uska एक्ससिटेमेंट और ज्यादा बढ़ गया..........

रुकसाना दोनों हाथो से कमोड को पकड़ ली ताकि वो फायर nhi.....or ज़ैद उसकी छूट में अपनी ऊँगली घुसाने लगा.......

रुकसाना लज़्ज़त की वजह से सिसकियाँ लेने लगी - aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ज़ैद प्लसससससससस मत करो वह टच आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss......

ज़ैद - तुम्हारी छूट इतनी ज्यादा गीली है की कोई व् समझ जाएगा तुम क्या चाहती हो मेरी रांड ammi......hahahahaha





ज़ैद - आज सुबह डाइनिंग टेबल पर जो मैंने तुम्हारी छूट में ऊँगली से choda......us वक़्त तो तुम्हारी छूट इतनी गीली नहीं thi...jitni अभी hai....lagta है उस टाइम से लेकर अभी तक तुमने मेरे लुंड को भट ज्यादा इमेजिन किया hai...isliye तुम्हारी छूट इतनी गीली hai.......bolkar ज़ैद अपनी दो ऊँगली से अपनी अम्मी की छूट में छोड़ने लगा.......

रुकसाना मन में सोचने लगी - ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ज़ैद सही कह रहा hai......mujhe तो बास ज़ैद का लुंड हे यद् है सुबह se....aisa लग रहा की ज़ैद का मोटा लुंड मेरी छूट को फाड़ कर अंदर घुस रहा है..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh





ज़ैद अब धीरे धीरे करते हुए अपनी ऊँगली रुकसाना की छूट में अंदर बहार करने laga.....ot धीरे धीरे ज़ैद की रफ़्तार तेज़ होने lagi......jisse रुकसाना की साँस फूलने lagi.......wo ऐसी पोजीशन में थी की उसका जिस्म अकड़ने laga.....uski लग्गिंग उसके जांघो में गाड़ी हुयी थी और ज़ैद उसकी छूट को ज़ोर ज़ोर से अपनी दो ऊँगली से छोड़ रहा tha....fuch फुच फुच फुच.......

रुकसाना अपने मुँह में हाथ रख ली ताकि उसकी सिसकियाँ बहार तक न सुनाई दे ....





अचानक सा रुकसाना का जिस्म अकड़ने laga.....or वो झरने के करीब आ गयी........

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh बीटा plssssssssssssss धीरे मई झरने वाली हूउउउउउउउउ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa मई गयी मई गयी..........





इतने में ज़ैद ने अपनी ऊँगली बहार खिंच li.....ruksana तो जैसे जल बिन मछली की तरह तड़प उठी.........

रुकसाना ज़ैद को छुडास भरी नज़रो से देखते हुए बोली - ऊँगली क्यों बहार निकल लिया tumne....kaminey.........apni अम्मी को तड़पने में भट मज़ा अत है तुम्हे......... plssssssssssssss naaaaaaaaaa डालो न ऊँगली .........मुझसे रहा नहीं जा रहा ...मेरा पूरा बदन जल रहा है....... plssssssssssssss ज़ैद डालो na....mujhe फ़ारिग़ होने दो..........

ज़ैद अपना लुंड पंत से बहार निकलते हुए bola.........meri जान अम्मी ऊँगली से फ़ारिग़ नहीं हो इ दूंगा मई tumhe......apne मोठे लुंड से छोड़ छोड़ कर फ़ारिग़ karunga.....tab जेक तेरी रंडी छूट को संतुष्टि मिलेगी........

बोलकर ज़ैद अपने लुंड को रुकसाना की छूट पर रख कर रगड़ने laga.......ruksana मचल उठी और अपने जिस्म को ऊपर उठा उठा कर ज़ैद के लुंड को छूट में लेने की भरपूर कोशिश करने lagi.....lekin ज़ैद जान बुझ कर अपनी अम्मी को तड़पा रहा था..........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ज़ैद plssssssssssssss घुसा दो न अब ....मुझसे बरदास नहीं हो रहा है.... प्लसससससससस naaaaaaaaaa और मत तड़पाओ मुझे.........

ज़ैद - लेकिन कोई आ गया तो ........ज़ैद जान बुझ कर अम्मी को तड़पने के लिए ये सब बोल रहा था......

रुकसाना ज़ैद के कमर को पकड़ कर आने तरफ खींचते हुए boli...jo अत है आने do...lekin मेरी छूट की आग bujhao....warna मई पागल हो जाउंगी........

ज़ैद - लगता है शहला खला बहार है उसने तुम्हारी आवाज़ सुन ली तो.......

रुकसाना - सुनने do......mujhe बास तुम्हारा लुंड अपनी छूट में चाहिए........ plssssssssssssss घुसाओ न zaid.....apni रांड अम्मी की छूट में अपना मोटा लुंड घुसा दो........

ज़ैद एक ज़ोर का धक्का मरता है रुकसाना की गीली छूट को चीरता हुआ ज़ैद का लुंड आधा अंदर घुस जाता है .....रुकसाना के मुँह से एक ज़ोरदार चीख निकल जाती है........

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa धीरीईईए.........





रुकसाना ने इतनी ज़ोर से चिल्लाया था की बहार कड़ी उसकी बहन शहला और उसकी सहेली किआरा ने सुन लिया था.......

रुकसाना ने जल्दी से अपने मुँह में अपना हाथ रख liya......taki आवाज़ बहार न jaye...lekin देर हो चुकी thi...shahla और किआरा ने रुकसाना को आवाज़ पहचान ली थी......





शहला किआरा से बोली - omg येतो रुकसाना बजी की आवाज़ hai.....iska मतलब रुकसाना बजी अंदर टॉयलेट में किसी मर्द से चुद रही hai........no no मेरी बजी ऐसी नहीं hai....wo तो भट शरीफ hai.......lekin उसके साथ अंदर है kaun.....zara देखना होगा......

किआरा - मई कबसे कह रही हु की अंदर चुदाई चल रही है लेकिन तुम मैंने को तैयार हे नहीं thi.....ab लो तुम्हारी बजी हे अंदर किसी मर्द से चुद रही hai......hehehehe....

शहला - तुम चुप करो और चलो देखे अंदर क्या हो रहा है और कौन है अंदर.....





अंदर से अब रुकसाना की सिसकियाँ साफ बहार आ रही थी क्यों की ज़ैद अब अपना लुंड आधा घुसा कर इतने में हे छोड़ रहा था अपनी अम्मी ko.....or रुकसाना छह कर व् अपनी सिसकियाँ नहीं रोक प् रही थी.......

शहला - तुम मेरी हेल्प करो मई ऊपर से देखती हु अंदर कौन कौन है.......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh ज़ैद प्लसससससससस थोड़ा रुको..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh दर्द हो रहा hai....tumhara भट मोटा है........ प्लसससससससस थोड़ी साँस लेने दो न.......

ज़ैद - मई अब रुकने वाला नहीं हु अम्मी जान आज तेरी छूट को फाड़ कर हे rukunga.......bolkar ज़ैद एक ज़ोर का धक्का मारा जिससे उसका पूरा का पूरा लुंड छूट में समां gaya....or रुकसाना फिर से एक बार चिल्ला पड़ी..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaaaaa इस कामिनी ने मुझे........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa भट दर्द हो रहा है..... plssssssssssssss थोड़ा रुक जाओ zaiddddddddddddddd धीरीईईए naaaaaaaaaa.......





बहार अब शहला को सब कुछ साफ साफ सुनाई दे रहा tha....wo समझ गयी की अंदर ज़ैद अपनी अम्मी को छोड़ रहा hai....wo झट पैट किआरा के हाथो का सहारा लेकर ऊपर से झाँकने lagi......andar का नज़ारा देख कर उसके होश उड़द gaye....andar उसकी बड़ी बहन रुकसाना अपने हे बेटे से चुद रही थी वो व् पूरी तरह नंगी hokar.......shahla का दिल ज़ोरो से धड़कने laga......uski छूट गीली होने लगी..........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh अम्मी मेरी रंडी क्या मस्त छूट है teri...bahanchod तू एक no की रंडी है अंदर se......itni उम्र में इतनी टाइट छूट भला किसकी होती है........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रांड अम्मी ले मेरा लुंड पूरा अंदर अपने बच्चेदानी तक ले साली छिनार........

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हाँ zaiddddddddddddddd ऐसे हे छोड़ो फाड़ दो अपनी अम्मी की छूट.... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy zaiddddddddddddddd जब व् तुम्हारा लुंड मेरी छूट में घुसता है मई एक अलग हे दुनिया में खो जाती hu......itna मज़ा मुझे आज तक किसी ने नहीं दिया tha.......aaaah ाआअह आआआह आआआआह छोड़ो मेरे राजा betaaaaaaaaaa अपनी रैंड अम्मी को और छोड़ो........





शहला और किआरा रुकसाना और ज़ैद की गन्दी बातें सुन कर हैरान हो gayi.......lekin वोलोग आज से पहले एक मदर सोन को इस तरह गन्दी बातें करते हुए नहीं सुनी thi......pahli बार शहला किसी मदर और सोन को सेक्स करते देख रही थी वो व् अपनी हे बजी को आने बेटे के sath...or इस तरह की गन्दी बातें सुन कर शहला का दिल इतना तेज़ धड़कने लगा की शहला की छूट भट ज्यादा गीली होकर उसकी पंतय पूरी भीग गयी........

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रंडी अम्मी मई झरने वाला हु.......

रुकसाना - मई व् झरने वाली हु मेरे rahaaaaaaaaa...apna पूरा विरए मेरी छूट में गिरा दो....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट गरम विरए है तुंहारा.........





रुकसाना ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेते हुए सोचने लगी..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मई छह कर व् ज़ैद को क्यों नहीं रोक पति हु अपने छूट में विरए गिराने se......mujhe इतना मज़ा क्यों अत है ज़ैद का विरए अपने छूट के अंदर........

शहला आंखें फाड़े अपनी बजी को अपने बेटे से चुड़ते हुए देख रही thi......uski छूट में खुजली होने लगी.........





ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रांड अम्मी मई आया मई aya...bokkar ज़ैद का लुंड वोर्टे का फव्वारा रुकसाना की छूट में छोड़ने लगा ....

रुकसाना का पूरा जिस्म अकड़ने लगा और वो व् झरने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd मई व् गयी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy...........thoda वीर्य मेरी जिस्म पर व् गिरा दो ज़ैद...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.....

ज़ैद फटाक सा अपना लुंड बहार निकल कर बाकि का विरए उसके छूट के बहार उसके जिस्म पर गिराने लगा.......

शहला को आंखें फटी की फटी रह गयी ज़ैद का लुंड देख kar.....uske मुँह से अचानक निकल गया....... बाआआपपपपप रईईईई कितना मोटा और बड़ा है ज़ैद का lund........or कितना विरए गिर रहा इसके लुंड se........uski छूट ज़ैद का मोटा लुंड देख कर फड़फड़ाने lagi......shahla का हाथ अपने आप अपनी छूट पर चला gaya..mor पंतय के ऊपर से अपने छूट को ज़ोर से पकड़ कर भींच ली शहला ने........





ज़ैद का विरए इतना तेज़ी से फेका था की उसका विरए रुकसाना की चूचियों पर व् जाकर गिरा था........

रुकसाना को चुकी और उसका जिस्म ज़ैद के विरए से लगभग गिला हो चूका था......





इतना विरए छोड़ने के बाद व् ज़ैद का लुंड फुल टाइट tha....jise देख कर शहला और रुकसाना की आंखें बस उसके लुंड को हे घूरे जा रही थी......

ज़ैद रुकसाना का ब्लाउज उसके तरफ बढ़ा कर बोलै ....लो मेरी रांड अम्मी जान इससे पॉच लो.....

रुकसाना गुस्से से देखते हुए बोली - इससे पॉच लुंगी तो मई पहनूंगी क्या.......

ज़ैद हँसते हुए बोलै - शहला खला तो तुंहरे लिए नए नए कपडे खरीद हे दी है.....





रुकसाना उसके हाथ से अपना ब्लाउज छींटे हुए बोली - भट कामिनी हो गए हो तुम ज़ैद......

और फिर अपने जिस्म को अपने ब्लाउज से पोछने लगी..........

शहला अब वह से उतर चुकी thi....uski छूट की आग भट ज्यादा बढ़ गयी थी......





शहला और किआरा बहार निकल कर लम्बी लम्बी सांसे लेते हुए आपस में बातें करने लगे......

शहला - omg मई तो सपने में व् नहीं सोच सकती हु की बाजी अपने हे बेटे से चुदवाती है.......

किआरा - तो क्या हुआ तुमने देखा नहीं ज़ैद का लुंड कितना मोटा और बड़ा hai....koi व् औरत इस तगड़े लुंड से छोड़ने को बेचैन हो jaegi......isme रुकसाना बजी को कोई गलती नहीं है..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy काश ज़ैद मुझे व् रुकसाना बजी को तरह बेरहमी से छोड़ता .......

शहला - चुप कर कामिनी aurat.....ja तू अपना काम कर......
 
आगे की कहानी शालिनी की ज़ुबानी .......

मेरे दिमाग में बस अजय और ज़ैद का लुंड घूम रहा tha.........meri काम वासना अब बढ़ती हे जा रही thi....abhi कुछ देर पहले मैंने अपने बेटे अजय का लुंड देखते हुए अपनी छूट की प्यास बुझती थी वो व् अपने हे हाथो se......lekin बिना लुंड घुसाए मेरी छूट की प्यास कहा बुझाने वाली thi...........mai बाथ रूम में जाकर अपने जिस्म में ठंडा पानी दाल रही थी तो मेरे छूट को प्यास और ज्यादा भड़क रही thi........mujhe अजय की बातें बार बार यद् आ रही थी की हरिया जी और शर्मा जी दोनों मेरे गदराये जिस्म को देख कर अपना लुंड मसलते है........

मई मन में - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या सच में हरिया जी और शर्मा जी मुझे देख कर अपना लुंड मसलते hai...........ya अजय झूट का हे बोल रहा था .......मुझे जोश दिलाने के लिए ..........

मई यही सब सोचते हुए तैयार हो रही thi.........ajay शायद घर से कही बहार चला गया था.... या हो सकता है अपने पा का दुकान चला गया होगा.........

मई अब पूरी तरह तैयार होकर अपने आ को ेने में देखते हुए शर्मा gayi.....maine जान बुझ कर एक लौ कट ब्लाउज पहना था जिसमे से मेरी चुकी आधा से ज्यादा बहार को झांक रही thi....or साड़ी इतनी टाइट पहनी थी की मेरी गदरायी गांड और व् ज्यादा सेक्सी लग रही ..........





मैंने अपने बालो को खुला छोर दिया था और साड़ी को नाभि से 4 इंच निचे से बंधा था ...ताकि मेरी चिकनी कमर और सपाट पेट उसपर गहरी नाभि और व् ज्यादा सेक्सी lage........mai खुद को ेने में देख कर शर्मा gayi.........or मन हे मन सोचने lagi.....kyu न आज इन दो बुद्धो को मई अपनी जवानी के जलवे दिखा कर तड़पाती hu......hehehehehe......

मई का महीना चल रहा था गर्मी इतनी ज्यादा थी की कोई व् अपने घर से बहार नहीं निकलता था दोपहर के waqt.....poori सोसाइटी सन्नाटा रहती thi...us वक़्त.......

मई अपने घर से निकल कर सोसाइटी के मैं गेट के तरफ बढ़ chali......ek व् आदमी एक व् इंसान कही नज़र नहीं आ रहा tha.....dhoop इतनी तेज़ थी की सब अपने अपने घरो में एक की ठंडी हवा खाने में बिजी थे..........

मेरा मन उदास हो गया .....मैंने सोचा आज शर्मा जी और हरिया जी नहीं दिखने वाले है ......मई उदास मन से सोसाइटी के मैं गेट के तरफ बढ़ रही thi......or जैसे हे मैं गेट के पास बने हुए गार्ड रूम के करीब पहुंची ....मुझे गार्ड रूम में किसी लड़की को आवाज़ आ रही thi........mai जैसे हे गार्ड रूम के करीब पहुँच gayi....mujhe आवाज़ साफ़ सुनाई देने lagi....anadr पोर्न मूवी चल रहा tha....or कोई मर्द किसी औरत को भट बेरहमी इ छोड़ रहा tha..........wo औरत ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही thi......john प्लस बेग में aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh उम्म्म्माःह्ह्हह्ह haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy फ़क में हार्ड aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

ये आवाज़ सुन कर तो मेरे पसीने छूटने lagey.......mai समझ गयी अंदर कोई पोर्न मूवी देख रहा hai........achanak हरिया जी आवाज़ आयी.........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh बहन छोड़ साली रंडी क्या माल है तू ..... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff काश ऐसी गोरी चिट्टी कोई मेमसाब मुझे व् मिल जाती छोड़ने के लिए........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली रांड ........क्या मस्त चुकी है बहन छोड़ इसकी.........

मेरी तो हवा टाइट हो गयी मेरे दिल की धड़कन बढ़ gayi.....meri साँस इतनी तेज़ हो गयी की हर साँस के साथ मेरी चुकी व् ऊपर निचे होने लगी........

मैंने हिम्मत करके गार्ड रूम की खिड़की से अंदर झाँका तो मेरे होश उड़ गए ........मेरी चीख निकलते निकलते रह gayi.......meri आंखें फटी की फटी रह गयी........

अंदर हरिया बुद्धा अपना लुंड अपने हाथ में पकड़ कर ज़ोर ज़ोर हिला रहा था और उसके मोबाइल पर एक पोर्न मूवी चल रही थी जिसमे एक भट हे काला आदमी एक भट हे होती चिट्टी हाउस वाइफ को इतनी बेरहमी से छोड़ रहा था की वो हाउस वाइफ रट हुए चिल्ला रही thi.......or वो कला आदमी इस औरत की दोनों टाँगे पकड़ कर भट बेरहमी से उसे छोड़ रहा tha..........hariya बुद्धा का लुंड देख कर मेरी आंखें फटी की फटी रह gayi....mere मुँह खुला का खुला रह gaya.......maine मन में socha.......hey भगवन ये इंसान है या शैतान या कोई janwar.....itna काला और इतना बड़ा penis......wo व् इतना मोटा...... बाआआपपपपप reeeeeeee......ye किसी औरत की छूट में घुसेगा तो वो औरत तो मर हे jaegi........itna बड़ा और मोटा और इतना कला लुंड देख कर हे मेरी छूट गीली हो gayi....or छूट में खुजली होने लगी.........

हरिया बुद्धा पता नहीं कबसे पोर्न मूवी देख कर अपना लुंड हिला रहा था ...मुझे मालूम nhi........achanak हरिया सैंड की तरह गुर्राने लगा...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy करते हुए उसके लुंड ने विरए फेकना शुरू kiya.......mai तो हैरान रह gayi......itna ज्यादा विरए उसके लुंड से निकल रहा था जैसे कोई पेशाब कर रहा ho.....uske लुंड से विरए निकलता हे जा रहा था निकलता हे जा रहा tha.......khatam होने का नाम हे नहीं ले raha......or वो व् इतना गाढाआआ विरए जो मैंने अपनी ज़िन्दगी में नहीं देखा था.......





मेरी तो साँस फूलने लगी हरिया जी के लुंड से वीर्य निकलता हुआ देख kar........or मेरी छूट इतना ज्यादा पानी छोड़ने लगी की मेरी पंतय पूरी तरह भीग गयी मेरे छूट रस se........maine अपना एक हाथ निचे ले जाकर अपने छूट को साड़ी के ऊपर से भींच liya.....jisse मेरे मुँह से एक हलकी सिसकारी निकल gayi......ohhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa.....jo हरिया जी ने सुन लिया और खिड़की के तरफ एक झटके में देखा तो वह पर मई दिख gayi...or हरिया और मेरी नज़र एक दूसरे में मिल गयी.......

हरिया हड़बड़ा कर अपना लुंड पंत के अंदर दाल liya....or उसकी आंखें डर से लाल पद gayi.........mai समझ गयी की हरिया डर गया है.......

मई अपना पूरा हिम्मत जूता कर दूर ओपन करके अंदर दाखिल हो गयी.....

मई पसीना से पूरी तरह भीग चुकी thi......ek तो इतनी गर्मी ऊपर से जिस्म में उठती हुयी garmi.......bahar की गर्मी और जिस्म की गर्मी मिलकर मई एक ज्वालामुखी बन चुकी thi....isliye मेरे पूरे जिस्म से पसीना निकल रहा tha........mere गर्दन से पसीना बहते हुए मेरी चुकी को भीगा रहा tha....jisse मेरी दोनों चुकी को की ब्लाउज से आधा बहार झांक रही thi.......sone की तरह चमक रही thi......mera ब्लाउज पसीना से इतना भीग चूका था की अंदर का ब्रा साफ़ नज़र आने लगा tha.......mai अनादर जाकर गुस्से में हरिया के सामने एक चेयर पर हाथ रख कर थोड़ा झुक कर कड़ी हो gayi.....or हरिया को गुस्से से देखते हुए बोली........

मई - आपको शर्म नहीं आती इस उम्र में येसब करते हुए वो व् दिन दहाड़े.......





हरिया - माँ माँ मेमसाब प्लस मुझे माफ़ कर do.....ye बात बहार नहीं जाना chahiye...warna मेरी इज़्ज़त व् जाएगी और मुझे नौकरी से व् निकाल देंगे ये लोग....... plssssssssssssss मेमसाब मई आपके आगे हाथ जोड़ता हु......

मई - येतो आपको पहले सोचना चाहिए tha........kitne गंदे इंसान हो aap.......apko ज़रा व् शर्म नहीं hai.....ki दिन में कोई देख लेगा........

हरिया - माँ मुझसे भट बड़ी गलती हो गयी memsab....mujhe माफ़ कर do.....sirf एक बार मुझे माफ़ कर दो फिर ये गलती दोबारा नहीं होगी......... plssssssssssssss मेमसाब........

मई - अरे जवान लोग ये सब करे तो उसे शोभा व् degi....aap इतने बुड्ढे होकर येसब कर रहे ho........apne वाइफ के साथ क्यों नहीं करते हो येसब.....

मैंने जोश जोश में ये कह तो दिया ...फिर मुझे रीलीज़ हुआ की मैंने क्या कह दिया है.........

हरिया को शायद इसी मोके का इंतज़ार था......

हरिया - मेरी घरवाली अब बुद्धि हो गयी है न मेमसाब इसलिए वो मुझे बर्दाश्त नहीं कर पाती hai..........chillane लगती है रोने लगती है जैसे अब मर jaegi.......isliye मेरे साथ मजबूरी hai........mere अंदर में काम वासना भट ज्यादा है न मेमसाब इसलिए मई तड़पता रहता hu.......ab जिसकी वाइफ उसे संतुष्ट नहीं करेगी वो मर्द बेचारा क्या हे कर सकता है.........

हरिया जी बात सुन कर मई व् मन में सोचने lagi....baat तो ये सही कह रहा hai.......or इसका लुंड देखने से तो ऐसा लगता है जैसे दस जवान मर्दो के बराबर ये अकेला मर्द है.... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना बड़ा और मोटा लुंड है iska.....meri छूट में घुसेगा तो मई तो मर हे जाउंगी ..... चहहीइ ये मई क्या सोच रही hu......itna गन्दा बुद्धा है इसे मई अपने आप को छूने तक न दू.......

मेरी नज़र बार बार हरिया के लुंड पर हे जा रही thi....kyunki उसका लुंड इतना ज्यादा मोटा और बड़ा था की उसके ट्रॉउज़र में ऐसा लग रहा था जैसे कोई अजगर सांप उछाल रहा ho.....uska लुंड अभी व् फुल टाइट था इतना विरए निकलने के बाद व्........

हरिया मेरी नज़र को समझ गया की मई बार बार उसके खड़े लुंड को देख कर नज़र चुरा रही hu......uske चेहरे पर हलकी मुस्कान तैर gayi.....or वो अपना ट्रॉउज़र को हल्का हल्का अपने हाथो से हिलने लगा जिसकी वजह से उसका मोटा लुंड व् हिलने लगा......

मेरी तो धड़कन हे रुक गयी इतना मोटा और बड़ा लुंड को ट्रॉउज़र के अंदर हिलता देख कर.....





मई अपने आ को सँभालते हुए बोली - जो व् आप को येसब ड्यूटी में रहते हुए नहीं करना chahiye......ye गलत hai.......mai इसकी कम्प्लेन सेक्रेटरी से karungi.......samjhe न........

हरिया - नहीं नहीं मेमसाब plssssssssssssss मुझे एक मौका dijiye........dobara ये गलती मुझसे कभी नहीं होगी....... plssssssssssssss.......or मैंने सुना hai....jo जितनी ज्यादा खूबसूरत होती है इतनी ज्यादा दयालु व् होती hai.......or आप से खूबसूरत तो इस पूरी सोसाइटी में कोई nhi....mujhe तो लगता है इस पूरे शहर में आपसे खूबसूरत कोई नहीं hogi.........jo बहार से इतना खूबसूरत हो वो अंदर से व् उतना हे खूबसूरत होता है न memsahib..........bolkar वो मेरी बड़ी बड़ी चुकी को घूरने लगा..... जो ब्लाउज से आधा बहार झांक रही थी...........

हरिया अब डबल मीनिंग वाला बात करने लग gaya......andar से का मतलब कपडा के अंदर चुकी गांड छूट.......

पता नहीं मुझे क्यों हरिया का इस तरह मेरी चुकी को घूरना भट मज़ा आ रहा tha.......mere आँखों में चमक तैर गयी हरिया के इस तरह मेरी चुकी को घूरने से...........





मई अब हलके गुस्से में बोली - ज्यादा मस्का मत lagao.....mai तो तुम्हारी कम्प्लेन ज़रूर karungi......bolkar मई पलट कर अपनी गदरायी गांड को कुछ ज्यादा मटकती हुयी जाने lagi....or तिरछी नज़र से हरिया को एक सेक्सी अंदाज़ में देख कर पलट कर जाने lagi......meri ब्लाउज पीछे से पूरी तरह खुली हुयी thi.....sirf एक धागा पर बंधी हुयी thi......jiski वजह से मेरी चिकनी पीठ और चिकनी कमर पूरी तरह नंगी thi.....uspar मेरी तिघ्त साड़ी में गदरायी गांड ......है हरिया का तो लुंड ये देख कर फिर से अकड़ gaya.........or मई जान बुज्झ कर हरिया को अपना गदराय जिस्म दिखा रही thi...hariya को तैसे करने के लिए.......





हरिया मेरी थिरकती गांड को देख कर पागल सा हो gaya....wo तो बास एक टुक्क मेरी थिरकती गांड को हे देखे जा रहा था बिना पालक jhapkaye......itni मोती और गदरायी गांड उसने अपनी ज़िन्दगी में कभी नहीं देखि थी shayad.......wo व् इतनी नज़दीक से.......

मई जान बुझ कर अपने गांड को और ज्यादा मटका कर चल रही thi....taaki हरिया का लुंड और व् ज्यादा पागल हो जाये मेरा जिस्म देख कर.......

हरिया के मुँह से निकल गया - हे भगवन क्या गदराय गांड है इसका......

Haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इतना सुडोल गांड तो मैंने सपने में व् नहीं देखा है..........





हरिया को बात सुन कर तो मेरे हाथ पेअर थरथरने lage......ek 60 साल का कला सा गंदा सा लौ क्लास बुद्धा मेरी गन्दी तारीफ कर रहा tha.......jo की मुझे भट ज्यादा ाचा लग रहा tha.........meri तो धड़कन भट तेज़ हो गयी हरिया के ऐसा कहने se.......mai कुछ सेकंड के लिए वही रुक गयी लेकिन पीछे मुद कर नहीं dekha........or दोबारा अपनी गांड को हिलाते हुए आगे बढ़ गयी........



 
मई जान बुझ कर सोसाइटी में जो पार्क था उस तरफ चल padi...mujhe पता था की हरिया बुद्धा व् मेरे पीछे पीछे aega........or इस वक़्त पार्क में कोई नहीं होता है मई ये व् जानती thi...........mere दिमाग में तो हरिया का वो कला मोटा लुंड घूम रहा tha.......aisa लग रहा था जिसे मेरी नज़रो के सामने वो लुंड घूम रहा ho........kya खतरनाक हल्लावी लुंड है इसका.... बाआआपपपपप reeeeeeee...........yahi सब सोचते हुए मई पार्क के तरफ चली गयी और मैंने तिरछी नज़रो से देख लिया था की हरिया बुद्धा व् मेरे पीछे आ रहा hai.............park के एक दिवार के पास जाकर मई रुक गयी और एक बार मुद कर हरिया को dekha.......hariya मेरी गदरायी गांड को हे घर रहा tha......mere खुले बाल मेरी गांड तक खुल रहे थे जो मुझे और ज्यादा सेक्सी बना रहा tha...........mai भट हे सेक्सी नज़रो से हरिया को देखते हुए अपने गांड को और ज्यादा बहार की और निकल कर कड़ी हो gayi........meri गांड टाइट साड़ी में और व् ज्यादा राउंड शेप में नज़र आ रही थी........

हरिया मुझे देख कर रोनी सूरत बना कर इशारे से हाथ जोड़ते हुए बोलै....

हरिया - प्लसससससससस मेमसाब मुझे माफ़ कर दो......





मैंने इस तरह हरिया के माफ़ी मांगने पर व् कोई रिएक्शन नहीं दिया....... और मैंने व् इशारे से हरिया को पीछे आने से मन kiya........hariya को देखते हुए फिर वापस मुद गयी और पार्क के अंदर जाने lagi...or फिर मई हल्का सा पलट कर तिरछी नज़रो से देखा तो हरिया अभी व् मेरे पीछे आ रहा tha....mai तो यही चाहती थी की हरिया मेरे पीछे aye......mai तो जान बुझ कर नखरे दिखा रही थी........





मेरे तब बदन में आग लगी हुयी थी हरिया का मोटा तगड़ा लुंड देख kar....mere दिमाग में बास हरिया का काला लुंड हे घूम रहा tha.....mai मन में सोच रही थी की उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हरिया जी का लुंड कितना खतरनाक hai.....bap रे इतना मोटा और इतना बड़ा ऊपर से इतना kaalaa......meri छूट में इतना मोटा लुंड घुसेगा तो मई तो मर हे जाउंगी....... उफ्फ्फफ्फ्फ़ लुंड का टोपा कितना मोटा था ऐसा लग रहा था जैसे कस्को बॉल है.......

हरिया जी क्या मेरे गदराये जिस्म को घर रहे है....???? या वो मेरी बातो से डर गए hai.......jada डरा दूंगी तो वो मेरे जिस्म को घूरना हे छोर denge........ab मुझे नार्मल हो जाना चाहिए तब हरिया जी से फ़्लर्ट कर इ में मज़ा aega....yahi सब मई सोचते हुए पार्क में बने हुए एक रेलिंग्स के पास कड़ी हो गयी और मुद कर देखा तो हरिया जी धीरे धीरे मेरी तरफ बढ़ रहे the.........hariya जी की नज़र मेरे चेहरे पर नहीं थी उसकी नज़र मेरे गदराये गांड पर थी जो की साड़ी में भट ज्यादा सेक्सी नज़र आ रहा tha......is तरह हरिया जी को अपना गांड घूरते देख कर मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर गयी.........





मैंने बनावटी गुस्सा दिखते हुए अपने कमर में हाथ रख कर हरिया के तरफ मुद गयी और बोली - तुम मेरे पीछे क्यों आ रहे ho.....maine अब जान बुझ कर अपनी साड़ी का पल्लू अपनी चुकी से एक साइड कर दिया था tha...taki मेरी सुडोल चुकी का आधा दर्शन हरिया आराम से कर सके.....





हरिया - व वो मेमसाब आपसे माफ़ी मांगने क लिए मई आपके पीछे आ रहा hu........mujhse भट बड़ी गलती हो गयी hai......agar सोसाइटी में किसी को पता चल गया तो मई कही मुँह दिखने लायक नहीं रहूँगा ऊपर से येलोग मुझे भट मारेंगे और पुलिस के हवाले कर देंगे.......... प्लसससससससस न मेमसाहब एक बार मुझे माफ़ कर दो दोबारा अगर मैंने ऐसी कोई गलती की तो आ मुझे पुलिस में दे देना......

मई अपने चेहरे पर हल्का मुस्कान लाते हुए हरिया के आँखों में सेक्सी नज़रो से देखते हुए बोली - आप इतने ओल्ड आगे मन हो आपको शर्म नहीं आती येसब करते huye.......meri जगह अगर कोई और देख लेता तो आपको उसी वक़्त पुलिस के हवाले कर deta..........samjhe न हरिया जी......





हरिया - मुझे मालूम है मेमसाब आप भट दयालु ho.....warna आपकी जगह कोई और होता तो पता नहीं अभी मई यहाँ खड़ा व् होता या nhi......aap कितनी ज्यादा खूबसूरत हो इतनी हे ज्यादा दयालु व् ho....ye मुझे मालूम hai......waise व् मेरे गाओं में एक कहावत है की जो जितना ज्यादा खूबसूरत होता है वो उतना हे ज्यादा दयालु व् होता hai.......or आप तो हद्द से ज्यादा खूबसूरत ho.......sar से पेअर तक आप अप्सरा से काम नहीं ho.........apsara के जैसी आंखें बड़े बड़े घने लम्बे बाल चाँद के जैसा chehra......sunahra रंग.........

हरिया मेरी तारीफ कर रहा था और मई अपनी तारीफ सुन कर इतराने lagi.......hariya के तरफ नशीली आँखों से देखते हुए......





हर औरत को अपनी तारीफ भट पसंद होती hai.........mai व् अपनी तारीफ सुन कर इतराते हुए बोली - चलिए चलिए अब झूट का मुझे मस्का मत लगाओ AAP.......aap क्या सोच रहे आपके मस्का लगाने से मई आपको कंप्लेंट नहीं करुँगी.......

हरैया - नहीं नहीं आप गलत समझ रही हो memsaab.....aap सच में किसी असर से काम नहीं ho....maine आपसे खूबसूरत औरत अपनी ज़िन्दगी में पहले कभी नहीं देखा hai......apka हर एक अंग भगवन ने भट फुर्सत से बनाया hai........sar से पेअर तक आप कयामत ho........upar से आपके ये......

बोलकर हरिया रुक गया.......





मई कुछ सेकंड वेट करि की हरिया क्या बोलने वाला hai.....lekin हरिया चुप tha....hariya के इस तरह चुप रहने से

मेरी बेचैनी बढ़ गयी की हरिया क्या बोलना छह रहा था......

मई - रुक क्यों गए हरिया जी बोलो क्या बोलते बोलते रुक गए आप.....

मई रेलिंग में थोड़ा झुक कर कड़ी हो गयी जिसकी वजह से मेरी गांड और ज्यादा बहार निक्कल gayi...jise हरिया देख कर पागल होने laga.......uska लुंड ट्रॉउज़र के अंदर फड़फड़ाने लगा........





हरिया - व वो मेमसाब अगर मैंने बोल दिया तो आप फिर से गुस्सा करोगी.....

मई - मई गुस्सा नहीं करुँगी अब बोलो व्......

हरिया - व वो आपका जिस्म भट गदराया हुआ hai.....har तरफ से भरा हुआ है......

मई समझ गयी हरिया क्या कहना छह रहा tha.......mera तो चेहरा लाल हो शर्म se......mai हरिया को नशीली नज़रो से देखते हुए बोली.......

मई - ये गदराया हुआ क्या होता है....???





हरिया - मतलब आपका जिस्म भट ज्यादा सेक्सी hai........gadraya हुआ का मतलब आपके हर चीज़ भट बड़े बड़े और एकदम सुडोल है........

मई खिलखिला कर हंस पड़ी - आपका मतलब है की मई भट मोती hu....hai न.....???

मैंने जान बुझ कर हरिया जी की तंग खिंचाई चाही......





हरिया - जी मैंने ऐसा कब kaha......aap को कौन मोती कह सकता hai....jo व् आपको मोती बोलेगा उसकी आंखें ख़राब hogi......aapka जिस्म तो किसी फ़िल्मी हेरोइनो से व् ज्यादा खूबसूरत hai........apki पतली सी कमर में भरा हुआ गदराया गांड ऊपर से बड़ी बड़ी मदमस्त chuchiyan........apki चुकी तो इतनी ज्यादा सुडोल और टाइट है की 20 साल की जवान लड़की की व् चुकी इतनी टाइट नहीं होती होगी......

हरिया ने एक हे साँस में उसके मन में जो था सब बोल दिया......

अपनी गन्दी तारीफ सुन कर मेरे जिस्म में झुरझुरी सी होने लगी ......मेरा जिस्म हल्का हल्का वाइब्रेशन करने laga......pahli बार कोई गैर मर्द मेरे जिस्म की ऐसी गन्दी तारीफ कर रहा tha.....or मुझे हरिया जी की गन्दी तारीफ इतनी अच्छी लग रही थी की मेरी छूट गीली होने लगी.......

मई झूट का गुस्सा दिखते हुए अपने दोनों हाथो को मोड़ कर हल्का हरिया के तरफ जान बुझ कर झुक gayi.....jiski वजह से मेरी दोनों चुकी मेरे हाथो के दबाव से ब्लाउज से आधा से ज्यादा बहार को निकल गयी.......





मेरे दोनों चुकी के बिच की घाटी इतनी ज्यादा सेक्सी दिख रही थी की हरिया मेरे चुकी को हे घूरने laga....ab उसका डर पूरी तरह निकल गया tha...wo समझ गया था की मई अब लाइन पर आ रही हु हल्का हल्का......

मई - चहहीइ हरिया जी ऐसी गन्दी बातें करते हुए आपको ज़रा व् शर्म नहीं ati...wo व् अपने बेटी की उम्र की लड़की के साथ.......

मई अभी व् हल्का झुकी हुयी थी ताकि हरिया जी मेरे दोनों बूब्स को आराम से निहार सके.......



 
मैंने हरिया को तड़पने के लिए अपने खुले बालो को सामने की तरफ कर लिया जिससे मेरे बाल मेरी आधी चुकी को धक् li......maine एक बार अपनी चुकी को नज़र झुका कर dekha.....to मई खुद शर्मा gayi........is पोजीशन में मेरी चुकी और व् ज्यादा सेक्सी नज़र आ रही thi......aisa लग रहा था की काली घटा के बिच में चाँद छुपा हो........

हरिया मेरी खूबसूरती को देख कर पागल हुए जा रहा tha.......meri बड़ी बड़ी सुडोल वो व् दूध से ज्यादा सफ़ेद चुकी देख कर किसी व् मर्द का लुंड फनफनाने लग jata.......meri चुकी के बिच की घाटी देख कर हरिया के मुँह में पानी आ gaya...uska मन करने लगा की अपना मोटा लुंड दोनों चुकी क बिच में घुसा कर चुकी को हे छोड़ना सुरु कर दे....





मेरी गदरायी जवानी देख कर हरिया अपने ट्रॉउज़र के ऊपर से हे अपना लुंड सहलाने laga......uske मुँह से हलकी हलकी सिसकियाँ व् निकलने लगी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh क्या माल है साली रांड..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या चुकी है इस रंडी ki.......itni मस्त चुकी तो मैंने सपने में व् नहीं देखा hoga....or आज मेरे आँखों के सामने hai.....kash ये चुकी मई अपने हाथो में पकड़ सकता........

हरिया अभी येसब सोच हे रहा था की मैंने थोड़ा और झुक कर अपनी साड़ी को हल्का झटका देने lagi......hariya को और ज्यादा तड़पने के liye....jiski वजह से मेरी चुकी व् थल थल करके हिलने lagi.........or मेरे घने काले बाल खुले हुए होने की वजह से मई और व् ज्यादा सेक्सी दिख रही थी.......





मई अनजान बनते हुए अपने जिस्म को एकदम टाइट करके वापस से कड़ी हो gayi......or अपने साड़ी के पल्लू को अपनी चुकी पर धक् li......maine साड़ी के पल्लू को इस तरह ढाका था की आधी चुकी फिर व् दिख रही thi......lekin मेरी चिकनी कमर और गहरी नाभि अभी व् नंगी थी .....

मैंने हरिया को एक कातिल नज़र से देखते हुए बोली - वैसे हरिया जी एक बात बताओ aap.....is तरह दिन दहाड़े आपको ये सब करते हुए ज़रा व् डर नहीं lagta.......mere जगह अगर कोई आदमी होता तो वो आपके साथ क्या करता........





हरिया - क्या करू मेमसाब वासना ऐसी चीज़ है की वो आगे पीछे कुछ नहीं dekhti........aage क्या होगा येसब वासना नहीं sochti.......jab इंसान के दिमाग में कामुकता हावी होता है तो वो बिना झरे रह नहीं sakta.........aap तो अभी जवान हो खूबसूरत हो वो व् इतनी गदरायी जिस्म की मालकिन हो आप पर कभी वासना हावी नहीं होती kya......dekhiye झूट मत बोलियेगा.......

मई हरिया जी बातो से एकदम शर्मा gayi..........mai मन हे मन सोचने lagi......tum क्या जानो हरिया जी मेरी छूट में कितनी आग लगी hai.....jabse तुंहारा वो हंसी वाला लुंड देखि हु mai......mai तो अपने हे बेटे से छोड़ने के लिए बेचैन hu.....mujhpar इतनी ज्यादा हवस चढ़ी हुयी है.........

हरिया मुझे सोचता देख कर समझ गया की मई उसकी चिकनी चुपड़ी बातो में फस्स रही hu......hariya ने जानबूझ कर मुझसे उगलवाने के लिए फिर से पूछा....

बोलिये न मेमसाहब आप पर हवस कभी हावी नहीं होता है क्या.......

मई अपने बालो के लातों से खेलते हुए शर्मा कर बोली - कैसी बात कर रहे हो हरिया ji........yesab डिसकस करने की चीज़ थोड़ी है .........





हरिया अपने लुंड को ट्रॉउज़र के ऊपर से मसलते हुए bola......mai व् तो आखरी इंसान हे हु न memsab.......koi पत्थर की मूरत तो nhi......mere व् अरमान hai.....ab अगर मेरी बीवी मुझे ठीक से छोड़ने नहीं देती तो मई क्या कर सकता hu..........or मेरे लुंड में विरए भट ज्यादा भरा हुआ रहता hai......isliye मेरे तत्तो में भट दर्द होने लगता hai...jiski वजह से मुझे मुठ मार कर गुज़ारा करना पड़ता hai......ab आंके जैसी गदरायी जिस्म की मालकिन तो है नहीं मेरी बीवी जो मेरे हल्लावी लुंड को आराम से झेल legi.......wo एक दुबली पतली बुद्धि औरत hai.....mera इतना ज्यादा बड़ा और मोटा है की वो झेल हे नहीं पाती और रोने चिल्लाने लगती hai...........kash मेरी बीवी व् आपके जैसी गदरायी गांड वाली औरत होती तो मेरे लुंड को पूरा अपने गांड में घुसा leti........or उछाल उछाल कर मुझसे चुदती........

हरिया की गन्दी बातो से मेरी छूट गीली होने lagi....uspar उसका लुंड सहलाना मुझे और ज्यादा कामुक बना रहा tha.......hariya मेरी गदरायी जिस्म की तारीफ इतने गंदे अंदाज़ में कर रहा tha....ki मेरी आंखे हवस के मारे लाल होने लगे the.......meri बेचैनी बढ़ने लगी थी.......

मई हरिया को भट हे कामुक नज़रो से देखते हुए उसकी गन्दी बातो को भट प्यार से सुन रही thi.......meri जिस्म की गर्मी इतनी बढ़ चुकी थी की मन तो कर रहा था हरिया का लुंड हाथ में पकड़ कर सहलाने लागु.......

मई अब बहक चुकी थी हरिया की गन्दी बातो se.....mai अपने बालो को एक अदा के साथ सहलाते हुए अपने कमर में हाथ रख कर हरिया से बोली - जो व् हो हरिया जी आपको गार्ड रूम में येसब नहीं करना चाहिए.....

गलती से मेरे मुँह से ये बात निक्कल gayi...fir मैंने रीलीज़ किया की मैंने क्या बोल दिया है.......

.





हरिया को इसी मोके का इंतज़ार tha.....hariya ने मेरी चुकी को घूरते हुए बोलै - तो आप हे बता दो मेमसाब वह नहीं तो फिर कहा मुठ maru......or अगर मुठ न मरू तो फिर मई अपने लुंड को आग कैसे और कहा ठंडा karu........ab इस उम्र में मई कोई गर्लफ्रेंड तो बना नहीं sakta....or मुझ जैसे बुड्ढे और काले कलूटे आदमी से आप जैसी गदरायी जिस्म की औरत भला कहा फसने wali.......upar में मई garib.......agar पैसा वाला होता तो वो जैसी गदरायी रंडी को पैसा देकर छोड़ leta........lekin मई ठहरा गरीब admi.........high क्लास रंडी को पैसा देने की मेरी औकात हे नहीं hai.........ab आप हे कोई रास्ता निकल दो मेमसाब........

मई एक अदा के साथ अपने दोनों हाथो से बालो को सवारते हुए बोली - अब मई भला आपको क्या बता सकती hu.......ek तो आप इतनी गन्दी लैंग्वेज उसे करते हो ऊपर से मुझसे ऐसी गन्दी बातें पूछ रहे ho.......aap सच में भट बेशरम इंसान हो हरिया जी.........





हरैया - मेमसाब मई ठहरा अनपढ़ जाहिल gawar......woto शहर आकर मैंने कुछ लिखना पढ़ना सिख liya...aap जैसे अच्छे लोगो के साथ......

मई मुस्कुरा कर बोली - लेकिन फिर व् हरिया जी आप भट गंदे वर्ड्स उसे करते हो......

हरिया मेरी चुकी को घूरते हुए बोलै - मुझे माफ़ करना मेमसाब मैंने दूध को चुकी बोल diya.....lekin मई तो हमेशा इसे चुकी हे बोलता आया hu......isliye मेरे मुँह से दूध नहीं बोल पता हु मई......

मई हरिया को बातो से खिलखिला कर हंस पड़ी - हहहहए आप सही में एकदम जाहिल गवर ho.....doodh ...hahahahaha.......mere हंसने की वजह से मेरा साड़ी का पल्लू कब निचे गिर गया मुझे पता हे नहीं chala.....or मई हँसते हुए अपने दोनों हाथो से अपने बालो को समेत कर बांधने lagi........hariya की आंखें फटी की फटी रह गयी मेरी मादक चुकी देख kar.......saree का पल्लू गिरने की वजह से मेरे ब्लाउज से मेरे बूब्स आधा से ज्यादा बहार झाँकने lagey........or स्लीव्स ब्लाउज होने की वजह से मेरे आर्मपिट्स साफ़ नज़र आने lagey.....mai हमेशा अपने आर्मपिट क्लीन रखती hu.....jiski वजह से मेरे आर्मपिट भट हे सेक्सी नज़र आ रहे they........hariya तो ललचायी नज़रो से मेरे बूब्स और मेरे आर्मपिट को हे घूरे जा रहा tha.....aisa लग रहा था जैसे वो अभी मेरे आर्मपिट में अपना ज़बान लगा कर मेरे आर्मपिट को चाटने लगेगा.......





मई हरिया को इस तरह अपनी चुकी को गुरता देख कर एकदम से शर्मा कर हंसा बंद कर diya.....or शर्म से लाल हो gayi...lekin मैंने अपनी साड़ी को वैसे हे गिरा हुआ रहने diya......hariya का इस तरह मेरे बूब्स को घूरना मुझमे एक अजीब सी हलचल मचा रही thi.......mere दिल की धड़कन भट तेज़ हो चुकी थी अपना दूध एक गैर मर्द को दिखते हुए.........





मैंने शर्म से अपनी नज़र निचे कर ली और अपने बालो को बांधने lagi......mere बालो के दो लत्त मेरे बूब्स पर गिरे हुए थे जो की मुझे और व् ज्यादा सेक्सी बना रहे the.......meri गहरी नाभि और मेरा सपाट चिकना पेट कोई व् मर्द देख लेता तो उसका लुंड पंत फाड़ कर बहार आ जाता.........

हरिया अब बेकाबू होने लगा मेरा ये रूप देख kar.........wo अपना लुंड ट्रॉउज़र के ऊपर से ज़ोर ज़ोर से मसलने laga........or अपने मुँह से लार टपकाने लगा........





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh मेमसाब आप सच में अप्सरा से काम नहीं ho.....kamaal की खूबसूरत हो aap........apka गदराया जिस्म देख कर कोई व् आपके प्यार में पागल हो जाएगा...........

मैंने बनावटी गुस्से में हरिया को देखते हुए आँखों से हरिया को खा जाने वाली नज़रो से देखने लगी.....

हरिया सोचा मई गुस्सा हो रही हु......

हरिया - कसम से मेमसाब मई सच कह रहा hu......apni मरी हुयी माँ की कसम खा कर कहता हु आप से ज्यादा खूबसूरत औरत मैंने सपने में व् नहीं देखा है........





मैंने हरिया से कुछ नहीं कहा बस हरिया को सेक्सी नज़रो से देखती rahi.......meri नज़रो के तीर हरिया के लुंड पर जाकर लग रही thi...........or मेरे ब्लाउज से झूलते हुए मेरे बूब्स तो हरिया पर जैसे कयामत हे धा रही thi........hariya ने कभी सोचा व् नहीं होगा की मेरे जैसी गदरायी खूबसूरत औरत का आधा नंगा जिस्म वो इतने करीब से कभी dekhega.....or मई जान बुझ कर हरिया को अपना गदराया आधा नंगा जिस्म दिखा दिखा कर तड़पा रही थी.......

मेरे बालो के लत्त अब व् मेरी चुकी के आस पास हे मंडरा रही thi.....jo की मुझे और ज्यादा छुडासी बना रही थी.......





मई उठ कर कड़ी हो गयी और वही दिवार के सहारे अपने आप को टिका liya......or फिर मई हरिया को घूरने lagi.....ab मई व् फुल लुस्टि हो चुकी थी हरिया की बातो से और एक गैर मर्द को अपना जड़ा नंगा जिस्म दिखते huye...mere जिस्म में एक अजीब सी सिहरन दौड़ रही thi......mujhe ऐसा लग रहा था जैसे हरिया मुझे बहो में भर के और बेतहाशा मुझे किश करते हुए मेरे दोनों चुकी को मसल कर रख दे.........





हरिया मेरी आँखों में गौर से देखते हुए बोलै - मेमसाब एक बात बोलू अगर आप बुरा न मनो तो......

मई इतना ज्यादा लुस्टि हो चुकी थी की अब मई हरिया से डबल मीनिंग बात करने का मन बना ली......

मैंने एक अंगड़ाई लेते हुए अपने दोनों बूब्स को एकदम से टाइट कर लिया ...जिसकी वजह से मेरे दोनों बूब्स मेरा ब्लाउज फाड़ कर बहार आने के लिए बेचैन होने lagey....meri ये सेक्सी अंगड़ाई हरिया के लुंड पर डायरेक्ट वार करने laga......mera जिस्म किसी गुलाब की तरह खिल कर हरिया के नज़रो के सामने था......



 
हरिया मेरा गदराया जिस्म देख कर अब बेकाबू होने लगा tha....or मई व् जान बुझ कर अपना गदराय अर्धनग्न जिस्म हरिया को दिखा कर उसे खूब तैसे कर रही thi..........ek बुड्ढे को अपना जिस्म दिखा कर तैसे करने में इतना ज्यादा मज़ा अत है येतो मुझे मालूम हे नहीं tha........meri साँस मेरी धड़कन सब खुछ भट तेज़ हो चुकी थी यहाँ तक की मेरी छूट में व् हलचल होने लगी थी.........

हरिया को मैंने एक कामुक नज़र से देखते हुए हल्का मुस्कुरा कर अपने बालो को एक जोर का झटका देते हुए .ईद कर आगे जाने lagi.........mujhe मालूम था की हरिया मेरी गदरायी गांड और आधी नंगी पीठ को देख कर और ज्यादा गरम हो जाएगा......





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh साली की गांड है या कोई matka......kya गोलाई है इसके गांड ki......dono हाथो में पकड़ कर इसे कुटिया बना कर अपना मोटा लुंड उसके गांड में घुसाने में तो स्वर्ग का मज़ा आएगा bahanchod.......ye बड़बड़ाते हुए हरिया अपना लुंड पंत के ऊपर से ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा........

हरिया ने ये बात जान बुझ कर थोड़ा ज़ोर से बोलै था ताकि मई सुन लू........

हरिया की गन्दी बातें सुन कर मेरी चाल और ज्यादा मस्तानी हो गयी और मेरा दिल और ज़ोर से धड़कने laga......maine जान बुझ कर अपने गांड को और ज्यादा मटकते हुए चलने लगी........

हरिया तो जैसे पागल हे हो गया मेरी मटकती गांड को देख कर.......





मई आगे जाकर एक छोटी सी दिवार के पास जाकर कड़ी हो gayi......diwar लगभग 3 फिट ऊँची थी जिसमे फ्लावर्स की भट साड़ी लातें बिखरी हुयी thi.......maine उस दिवार पर अपना दोनों हाथ रख कर अपने गांड को इस तरह बहार निकाल कर कड़ी हो गयी की कोई व् मर्द मुझे इस पोजीशन में देख लेता तो बिना मुठ मारे नहीं रह सकता tha.....meri नंगी पीठ उसपर मेरी चौड़ी गोल मटोल उभरी हुयी गांड देख कर किसी का व् लुंड खड़ा हो जाता.......

मैंने अपने बालो को आगे के तरफ कर लिया ताकि हरिया मेरे नंगे जिस्म को आराम से देख sake......maine तिरछी नज़र से अनुभव किया की हरिया व् मेरे पीछे पीछे वह आ चूका था.......

मेरी साँस तेज़ होने lagi.....ab मई धीरे धीरे होर्नेय होने लगी थी एक लौ क्लास गंदे मैले कुचैले बुड्ढे को अपना जिस्म दिखने में......

मुझे ऐसा लग रहा था की हरिया बुद्धा मुझे आँखों से हे छोड़ रहा है.......





इतने में हरिया से रहा नहीं गया और उसने मेरे जिस्म को घूरते हुए कहा - मेमसाब एक बात बोलू आप बुरा तो नहीं न मानोगी....

मैंने हरिया के तरफ बिना देखे हे बोलै - अगर बुरा मानने वाली बात नहीं होगी तो मई बुरा क्यों मानूगी भला.....

हरिया - आप आगे से जितनी खूबसूरत हो उससे व् ज्यादा आप पीछे से खूबसूरत ho.......bolte हुए हरिया मेरी गदरायी गांड को घूरने लगा...........

मई समझ गयी हरिया क्या कहना चाहता hai....wo मेरी गांड की तारीफ कर रहा था .......वो व् घुमा फिर कर........

मैंने भट हे नशीली नज़रो से हरिया के तरफ मुद कर dekha......jiski वजह से मेरी चुकी को साइड व्यू मेरे खुले बालो से आधी ढकी हुयी भट हे सेक्सी नज़र आ रही thi.......or मेरा मासूम चेहरा गुलाबी होंठ इस पर चार चाँद लगा रहे थे........

मैंने हरिया की आँखों में देखते हुए सेक्सी अंदाज़ में पूछा - आपका मतलब मई समझी नहीं हरिया ji....aap कहना क्या चाहते ho.......zara खुल कर बोलिये.......





हरिया ललचायी नज़रो से मेरे गदराये गांड को देखते हुए बोलै - आप इतनी व् भोली नहीं हो मेमसाब की मेरी बात आपको समझ में न aye.........aap भट अच्छी तरह समझ रही हो मई क्या कहना चाहता हु.......

मई हल्का मुस्कुरा कर हरिया से बोली - हेहेहे बी गॉड मई सच में नहीं समझी आप का कहने के क्या मतलब hai.......koi औरत पीछे से कैसे खूबसूरत हो सकती है.......... खूबसूरती तो चेहरे से झलकती है.........

हरिया -आप सच में भट भोली हो मेमसाब...... खूबसूरती सिर्फ चेहरे में नहीं ......जिस्म से व् औरत खूबसूरत होती hai....or आपका जिस्म इतना ज्यादा खूबसूरत है की मुझे अपनी आँखों पर यकीं नहीं है की भगवन इतनी खूबसूरत औरत को धरती पर कैसे भेज दिया.........

हर औरत अपनी तारीफ सुन कर खुश होती hai....hariya की तारीफ सुन कर मई थोड़ा इतराने lagi.......or बोली ....ाचा जी तो भगवन मुझे धरती पर नहीं भेजता तो फिर मई कहा रहती....????

हरिया - आप तो परियों की शहज़ादी होती स्वर्ग me.......itni खूबसूरत औरत को तो स्वर्ग में होना चाहिए tha.......aapke मैं नक्श उतर चढ़ावा .....आपकी पतली कमर में बलखाता हुआ yauwan.......apki नशीली आंखें ....आपके गुलाब की पंखुड़ियों से व् कोमल और रसीले honth.......apki माखन से व् चिकनी kamar....apke टमाटर से व् लाल लाल और चिकने Gaal.......Apki घने काले baal..........or सबसे शानदार तो आपका........

बोलकर हरिया रुक गया.........

मई अपनी इतनी तारीफ सुनकर तो एकदम से शर्म से लाल हो gayi.......or हरिया को प्यार भरी नज़रो से देखते हुए बोली - और सबसे शानदार क्या हरिया जी.....???

ये बोलते हुए मई थोड़ा सा हरिया के तरफ मुद गयी और जान बुझ कर मैंने अपनी साड़ी का पल्लू निचे गिरा दिया ....अब मेरे सुडोल चूचियां आधा से ज्यादा ब्लाउज से बहार thi.....jo मेरी सांसो के साथ ऊपर निचे हो रही thi........or मेरे घने बाल दोनों चुकी के साइड में बॉडी गार्ड के जैसा खुल रही थी....

तेज़ तेज़ साँस लेने की वजह से मेरी चुकी इतनी ज्यादा टाइट हो गयी थी की ऐसा लग रहा था जैसे छोटी सी ब्लाउज में ज़बरदस्ती चुकी को फसाया गया hai......blouse एकदम फटने की हालत में आ चूका था.......





हरिया की अब हिम्मत बढ़ने लगी थी .....मई उसके बातो का अब बुरा नहीं मान रही thi.....balke उससे अब अचे से हंस हंस कर बात कर रही thi......hariya समझ गया की मई जाल में फसने वाली मछली हु......

हरिया - और सबसे शानदार आपका दोनों बड़े bade.......bolkar मेरी चुकी को घूरने laga.......mai समझ गयी की हरिया मेरी चुकी की बात कर रहा है ...लेकिन मई अनजान बनते हुए फिर बोली

मई - और सबसे शानदार मेरे क्या दो बड़े bade......hariya जी.....

हरिया - रहने दीजिये मेमसाब वर्ण आ फिर से गुस्सा करने लगोगी और मुझे जाहिल गवर और पता नहीं क्या क्या कहने लगोगी.......

मई मुस्कुरा कर बोली - अरे नहीं न अब मई गुस्सा नहीं करुँगी प्रॉमिस करती hu...apke मन में जो है वो बोल दीजिये.......

हरिया मेरी चुकी को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए बोलै - और सबसे शानदार आपकी ये दोनों चूचियां है memsaab......kya कमाल की चुकी है apki...aisa लगता है की इन्हे पकड़ कर चूस लू अपने मुँह में भर kar........inhe देख कर कोई व् मर्द पागल हो जाएगा.......

मई शरमाते हुए बोली - अब बास व् कीजिये हरिया ji......mai इतनी व् खूबसूरत नहीं हु जितना आप बढ़ा चढ़ा कर बोल रहे ho........mere बूब्स इतने व् खूबसूरत नहीं है जितना आप बता रहे ho........kis एंगल से आपको मेरे बूब्स इतने खूबसूरत लगते hai........ye तो बड़े बड़े और मोटे बूब्स hai.....or आजकल के मर्दो को तो सिर्फ स्लिम फिगर वाली औरतें पसंद आती hai...jiski बूब्स और हिप्स सब छोटे होते hai......ye देखो मई कितनी मोती दिखती हु.....

बोलकर मैंने अपने दोनों हाथो से अपने बालो को पकड़ कर बांधते हुए अपने बूब्स को तान कर कड़ी हो गयी......





हरिया तो मेरा ये रूप देख कर पागल सा हो gaya.....uska लुंड अब बरदास करने के काबिल नहीं रह गया था ...इतना ज्यादा अकड़ चूका था उसका लुंड की दर्द करने लगा था पंत के अंदर......

हरिया अपने लुंड को पंत के ऊपर से मसलते हुए बोलै - मेमसाब क्या कयामत हो आप.... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरा लुंड पंत फाड़ कर बहार निकल जाएगा आपका ये छुडासी बदन देख कर.....

मई हरिया को तड़पाते हुए बोली - तो मई क्या करू वो आपकी गलती hai......hehehehehe........aap अपने हथ्यार को कण्ट्रोल में रखो..........

बोलकर मई अपने दोनों बालो पर हाथ फेरने लगी ....लेकिन सारी का पल्लू निचे से नहीं उठाया.......





हरिया ने बिना किसी डर के अपना लुंड अपने ट्रॉउज़र से एक हे झटके में बहार कर diya........jise देख कर मेरी साँस हे अटक gayi.....itni नज़दीक से मैंने इतना बड़ा लुंड देख लिया की मेरी साँस हे फूलने लगी .....और हरिया जान बुझ कर अपना लुंड बहार निकल कर अपने हाथो से हिलने लगा......





अअअअअ

उसके लुंड को लम्बाई और मोटाई देख कर तो मेरा खून हे सूख gaya......mai वही एक दिवार से टेक लगा कर खुद को संभालते हुए कड़ी हो gayi....aisa लगा मुझे वो हल्लावी लुंड देख कर चक्कर आ गया ho.......mai अपने दोनों हाथो को अपने चुकी के पास ले गयी और अपने धड़कन को संभालने लगी.......

मेरे मुँह से अनायास हे निकल गया.....

मई - ओह माय गॉड ये क्या हैईईईई बाआआपपपपप रईईईई इतना मोटा और इतना lambaaaaaaaaaaaaaa..........tum इंसान हो या haiwan............tabto आपकी वाइफ आपसे दूर भगति है........



 
हरिया - मेरी वाइफ मेरे से दूर भागती है इसलिए तो मई प्यासा रहता hu.....or मुझे मुठ मारना पड़ता hai....is लुंड की प्यास इतना ज्यादा है की इसका विरए जबतक बहार नहीं निकल जाता ये तड़पता रहता hai........or जबसे मैंने आपको देखा है मेरा लुंड 24 घटा आपको इमेजिन करके फड़फड़ाने लगता hai......aap जब व् घर से बहार निकलती हो आपकी मोती गांड देखने के लिए मई बेचैन रहता hu......wo जो मई गार्ड केबिन में मुठ मार रहा था वो व् आपको यद् करके मुठ मार रहा tha.......kal जब आ शाम को कही बाहर जा रही थी मेरी नज़र बस आपकी मटकती हुयी गांड को हे देख रही thi.......aisa लग रहा था जिसे मेरा लुंड पंत फाड़ कर बहार निकल जाएगा आपकी उभरी हुयी गांड को थिरकता देख कर.......

हरिया ने मेरी सुडोल चुकी को घूरते हुए अपने होंठो पर ज़बान फेरने लगा......

हरिया की गन्दी बातें मेरी छूट को और ज्यादा गीली करने लगी thi.......mai वह से भाग जाना चाहती थी लेकिन मेरा जिस्म कुछ और हे कह रहा था .......मई पहली बार किसी गैर के मर्द को अपना गदराया जिस्म इस तरह दिखा कर तैसे कर रही थी और उसका हल्लावी लुंड अब पंत से बहार था किसी ब्लैक कोबरा 🐍 के जैसा पंत के बहार आकर फुंकार मार रहा tha.....uska लुंड इतना ज्यादा काला मोटा और बड़ा था की मई सपने में व् इतना बड़ा और मोटा लुंड कभी नहीं देखि thi..........hariya का लुंड पंत से बहार ऐसा हिल रहा था जैसे कोई काला नाग सांप फुन्न फैलाये हुए दोल रहा ho......itna खतरनाक लुंड देख कर कोई व् औरत उसकी दीवानी हो जाती.........









मई उसी तरह दिवार पर टेक लगाए हुए कड़ी होकर हरिया की आँखों में देख रही थी और अपने खुले बालो को हल्का हल्का सहला रही thi....meri साड़ी का पल्लू पूरी तरह निचे गिरी हुयी थी और मेरे बूब्स अब और ज्यादा टाइट हो चुके the......aisa लग रहा था जैसे मेरी चोली फट पड़ेगी.......





मेरी साँस और मेरी धड़कन दोनों भट तेज़ हो चुके थे .....जिसकी वजह से मेरी चुकी भट तेज़ी से ऊपर निचे हो रही थी हर साँस के साथ........

हरिया अपने लुंड को अपने हाथो में पकड़ कर हिलाते हुए बोलै - इस लुंड की प्यास सिर्फ आप हे बुझा सकती हो memsaab........dekho तो कैसे तड़प रहा है आपके गदराये जिस्म को देख kar.......apka जिस्म इतना गदराया हुआ है की आप हे मेरे मेरे हल्लावी लुंड को अपने छूट और गांड की गहराई तक घुसवा सकती ho............meri वाइफ तो आधा लुंड घुसने पर हे चिल्लाने लगती hai........mujhe पूरा घुसाने हे नहीं देती........

मई एक पत्थर की मूरत की तरह हरिया को भट हे सेक्सी नज़रो से देखे जा रही थी और उसकी गन्दी बात सुन रही thi.......pata नहीं मुझे क्यों उसकी गन्दी बातें भट ज्यादा एक्सीटेंड कर रही thi.......meri चिकनी पेट पूरी तरह से नंगी थी जिसमे से मेरी गहरी नाभि भट ज्यादा सेक्सी दिख रही थी......





मई अब मदहोश हो चुकी थी हरिया की गन्दी बातो से और उसका लुंड देख कर.......

मई नशीली आँखों से हरिया को देखते हुए भट हे सेक्सी आवाज़ में हरिया से बोली - हरिया जी प्लसससससससस इसे अंदर कीजिये .......कोई देख लेगा तो मई कही मुँह दिखने लायक नहीं रहूंगी......... plssssssssssssss naaaaaaaaaa इसे अंदर करिये आप pahle......ab मेरे बाल मेरी एक तरफ के चेहरे को ढकने लगी .......जिसकी वजह से मई और व् ज्यादा छुडासी नज़र आ रही थी......

हरिया - मेमसाब मेरा लुंड इतना बड़ा और मोटा है की जब ये खड़ा होता है तो फिर इसे वापस पंत में डालना भट मुश्किल है............

मई - अगर आप ने इसे पंत में नहीं वापस डाला तो मई यहाँ से चली जाउंगी.......

मैंने जानबूझ कर हरिय को ऐसा बोलै ....लेकिन मुझे जाने की कोई जल्दी नहीं थी......

अब मई वही दिवार से टेक लगाए हुए धीरे धीरे ब्लाउज के ऊपर से अपने चुकी पर अपना एक हाथ फेरने lagi.......itarate हुए........









हरिया - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.ai क्या करू मेमसाब आपका जिस्म इतना ज्यादा छुडासी है की मेरा लुंड इसे देख कर बेकाबू हुए जा रहा hai.....mera कण्ट्रोल मेरे लुंड पर नहीं रह गया hai....mai छह कर व् कुछ नहीं कर पा रहा हु ......ये तो अपने आप फड़फड़ाने लगा है आपका गदराया जिस्म देख कर........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या मस्त चुकी है आपकी .....मन तो कर रहा की आपकी दोनों चुकी को पकड़ कर मुँह में भर लू और बेतहाशा चूसने लागु........

मई झूट का गुस्सा दिखते हुए बोली - ये क्या बकवास कर रहे है आप हरिया ji......aap को शर्म आणि चाहिए इस तरह की गन्दी बातें किसी दूसरे की बीवी से करते huye........mai किसी और की अमानत हु........





हरिया - मैंने कब कहा मेमसाब की आप मेरी अमानत ho.....mai तो बास आपसे दोस्ती करना चाहता hu........apke जैसी खूबसूरत और छुडासी औरत अगर मेरी दोस्त बन जाये ...तो मेरा जीवन सफल हो जाये.........

मई खिलखिला कर हँसते हुए बोली - हहहहए खूसट buddhe......apni शकल ेने में कभी देखि hai.........bade ए मुझसे दोस्ती करने wale........hunh करके मई घूम कर कड़ी हो गयी और फिर तिरछी होकर कातिल नज़रो से हरिया को देखने लगी......

अब मेरी चुकी और व् ज्यादा सेक्सी नज़र आ रही थी हरिया को ब्लाउज के साइड व्यू se......meri उभरी हुयी गांड और चुकी का साइड व्यू हरिया को पागल करने लगा......





हरिया - भले हे मई काला कलूटा खूसट बुद्धा hu....lekin एक औरत को एक मर्द से जो शारीरिक सुख चाहिए वो सुख मई इतना ज्यादा दे सकता हु की औरत मुझसे छुड़वाने के बाद दुनिया के सारे मर्द को भूल जाएगी .......ाचा आप हे बताओ memsaab.....ek औरत के पास सब कुछ है खूब पैसा है बांग्ला है गाडी है बैंक बैलेंस है हस्बैंड भट हैंडसम है खूबसूरत hai........lekin औरत को ठीक से छोड़ नहीं पता hai....to वो औरत खुश रहेगी या हमेशा उदास रहेगी........

हरिया के बात में दम्म तो tha......ek औरत को एक दमदार मर्द चाहिए भले हे उसके पास पैसा हो न हो वो शकल से कैसा व् दीखता ho.......lekin अगर उसका हथ्यार भट तगड़ा है और वो अगर औरत को छोड़ छोड़ कर निढाल कर देता hai...to औरत इस मर्द के अलावा और किसी मर्द पर फ़िदा नहीं हो sakti........aurat को दमदार चुदाई चाहिए ........

मई अभी येसब सोच हे रही थी की हरिया ने मुझे टोकते हुए कहा - क्या हुआ मेमसाब कहा खो गयी आप .....मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया अपने.....

मई हड़बड़ाते हुए बोली - हाँ आपकी बात तो सही है............

हरिया - इसका मतलब आपके पति व् आपको ठीक से नहीं छोड़ते hai....hai न....???

हरिया की बात सुन कर मेरी धड़कन दोबारा तेज़ हो gayi.........ab मई इसका क्या जवाब दू मुझे समझ में नहीं आ रहा था.........





मुझे खामोश देख कर हरिया समझ गया की मई जाल में फसने के लिए तैयार हु.......

हरिया - आपकी ख़ामोशी बता रही है की आपके पति आपके इस गदराये जिस्म को ठीक से मसलते नहीं है....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अगर ऐसी जिस्म की मालकिन मेरी पत्नी होती तो मई उसे डेली 3 4 बार छोड़ता फिर व् मेरा मन नहीं bharta.......aapki ये सुडोल चुकी को तो मई मसल मसल कर लाल कर देता....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ जब आपकी चुकी ब्लाउज के अंदर इतनी खूबसूरत और सेक्सी नज़र आ रही है तो ब्लाउज के बहार तो कयामत धा देती होगी ये चूचिया........

अपनी चूचियों की तारीफ सुन कर मई और ज्यादा गरम होने lagi....or इतराने lagi........maine हरिया को सेक्सी नज़रो से देखते हुए अपनी नज़रें झुका li......meri इस अदा को देख कर हरिया अपने लुंड को हिलाते हुए बोलै.....





हरिया - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या छुडासी चुकी है आपकी memsaab.....man तो कर रहा अपना ये मोटा लुंड आपकी दोनों चुकी के बिच में घुसा कर चुकी को हे छूट बना कर छोड़ दू......

मई तो शर्म से पानी पानी हो गयी हरिया के इस तरह की बातो se........hariya अपने लुंड को हाथो में पकडे हुए सहला रहा था और मेरी चुकी को खा जाने वाली नज़रो से देख रहा tha........meri तो हालत ख़राब होने lagi.....meri छूट अब बेतहाशा पानी छोड़ने लगी thi........mai एक तुक हरिया के लुंड को घूरने lagi........or मई उसके लुंड को घूरते हुए इतनी कामुक हो गयी की अपने हे हाथो से अपनी चुकी को ब्लाउज के ऊपर से सहलाने lagi.........mai जैसे हरिया की माया जाल में फस्स चुकी थी........

हरिया का लुंड इतना मोटा और बड़ा था की कोई व् औरत उसे देख ले तो उसकी छूट गीली हो जाये और वो इस लुंड को अपने छूट में घुसवाने के लिए तड़प उठे.........

मई बेतहाशा अपनी चुकी को दोनों हाथो से मसलने lagi....or हरिया के लुंड को घूरने लगी..........





हरिया अपना लुंड अब ज़ोर ज़ोर से हिलने लगा और बोलै - मेमसाब बोलिये तो मई मदद कर दू चुकी दबाने me.......aap मेरा लुंड सहलाओ मई आपकी चुकी सबदा हु......

मई अपने होंठो को गोल करते हुए बोली - no वे मिस्टर buddhe....hehehehe .......मेरे इस बूब्स पर सिर्फ मेरे पति का हक़ है ...बोलकर मैंने अपने दोनों बूब्स पर अपने हाथ फेरते हुए ये बात बोली .....





हरिया - और दोस्त का कोई हक़ नहीं क्या मेमसाब.....???

मई मुस्कुरा कर बोली - दोस्त कैसा दोस्त किसका dost........mera तो कोई दोस्त नहीं है.....

हरिया - अभी अभी तो अपने मुझसे दोस्ती की.......

मई हँसते हुए बोली - हहहहहए वोटो आप ज़बरदस्ती मुझसे दोस्ती करना छह रहे हो ...मैंने तो अभी तक हाँ नहीं बोलै........

ये बोलते हुए मई हरिया की आँखों में देख कर मुस्कुराने लगी और अपने चुकी पर दोनों हाथ फेरने लगी......





हरिया - प्लसससससससस न मेमसाहब एक बार मुझसे दोस्ती करके देखो na......sirf एक baar.....agar आपको पसंद न ए तो मुझे जेल भेज dena....faasi पर चढ़ा देना लेकिन सिर्फ एक बार मेरी दोस्त बांके तो देखो........

मई हँसते हुए बोली - ाचा मई सोच कर bataungi........lekin सबसे पहले आप अपने इस काले नाग को अंदर kijiye......hehehehe....bht देर से फानन फैलाये खड़ा है ये नाग देवता.......

हरिया - एक बार इस नाग देवता को अपने हाथो में पकड़ कर प्यार तो कर dijiye...tab न मेरा नाग देवता खुश होगा.......

मई - हहहहए कही ज्यादा खुश हो गए नाग देवता तो मुझे परसादी व् दे देंगे ...........हहहहए हहहहए हहहहए.......

हरिया - तो क्या हुआ मेरे नाग देवता का परसादी व् अमृत रहता hai......itna गधा परसादी अपने अपने लाइफ में नहीं देखा या छुवा hoga.......ekdam गोंड की तरह चिपचिपा........

मई हँसते हुए बोली - मुझे नहीं चाहिए आपके नाग देवता का parsadi........bolte हुए मैंने अपनी चुकी को ऊपर से हे एक बार सहला दिया हरिया को तैसे करते हुए......





हरिया - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या चुकी है मेमसाब apki......ek बार छूने दीजिये न plssssssssssssss......

मई इतराते हुए बोली - जी नहीं सिर्फ देख कर हे काम चलाओ aap......hehehehehe......

हरिया - देख कर हे तो मेरा लुंड पागल हो चूका है ...अगर अपने मुँह में मैंने इन सुडोल चूचियों को ले लिया तो पता नहीं मेरा लुंड का क्या हाल होगा......

मई हरिया के लुंड को घूरते हुए बोली - सबसे पहले तो आप अपने इस नाग को अंदर करो वर्ण मई था एक पल व् नहीं रुकने wali..........koi देख लेगा तो आफत आ जाएगी .........तुम करते हो इसे अंदर या मई जॉन......

हरिया - नहीं नहीं आप मत जाओ मई इसे अंदर कर लेता हु......

बोलते हुए हरिया अपने लुंड को ट्रॉउज़र के अंदर ठूसने laga.........itna मोटा और बड़ा लुंड वो व् फुल टाइट ...भला कैसे अंदर jata......mai तो मंत्रमुग्ध होकर हरिया के लुंड को पंत के अंदर जाता देखने लगी...........

हरिया ने अपने लुंड को अंदर किया और फिर तरनत बहार निकल लिया...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब ये अंदर जाकर भट दर्द कर रहा hai.........aisa लग रहा लुंड टूट जाएगा.......

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मई अपने बालो को बांधते हुए बोली - आप हो हे habsi.....apko तो अफ्रीका में होना चाहिए था .......इतना मोटा और बड़ा भला किसी इंसान का होता है kya........ye तो सिर्फ हब्सी लोगो का होता hai.........ye सब कहते हुए मई अपने बालो को बांधने लगी.......





मई बालो को बांध रही थी और हरिया मेरा बूब्स को घर रहा था...... स्लीवलेस ब्लाउज की वजह से मेरे आर्मपिट भट सेक्सी दिख रहे the.....mai अपने आर्मपिट को हमेशा साफ़ रखती hu....mere चिकने आर्मपिट को देख कर हरिया लार टपकने लगा.........

मई - ऐसे क्या देख रहे ho.....kabhi कोई औरत नहीं देखि क्या.....





हरिया - औरत तो लाखो देखि है लेकिन आपके जैसी छुडासी औरत मैंने कही नहीं देखि hai....apka ये आर्मपिट देख कर मेरे लार टपक रहे hai...man कर रहा आपके आर्मपिट को चूस lu.....or अपना सारा थूक आपके आर्मपिट पर लगा दू......

मई - चहहीइ कितने गंदे हो आप हरिया ji.....wo कितनी गन्दी जगह होती hai.....or आप वह चाटने चूसने की बात कर रहे ho.....apko शर्म नहीं अति .......





हरिया - शर्म किस बात ki.....aap तो सर से पेअर तक माखन हो memsaab.......apke हर अंग को चाटने का दिल कर रहा है......

मई - ाचा जी .....लेकिन मई आपको चाटने दूंगी तब न ा chatoge.....jada ख्याली पुलाव मत pakao......samjhe न......

बोलकर मैंने अपने बालो को बांधना छोर कर एक झटका दिया तो मेरे बाल मेरे चेहरे पर बिखर gaye......or मई से सेक्सी अंदाज़ में अपने चेहरे को ऊपर करते हुए हरिया से आँखों हे नाखो में puchha...........ab क्या ख्याल है मेरे हुस्न के बारे me...........ab मुझे व् अपने हुस्न की तारीफ करवाने में भट मज़ा आ रहा tha.........mera मन तो कर रहा था की हरिया से लिपट जॉन और बेतहाशा हरिया के काले होंठो को चूसने लागूं.......





हरिया से अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो चूका tha....wo अपने लुंड को पंत के ऊपर से हे मसलने laga.......or मेरे सुडोल चुकी को देखते हुए बोलै.......

मेमसाब एक बार मुझे अपने चूचियों को टच करने दो न plssssssssssssss.....

मई अपने चुकी पर हाथ फेरते हुए बोली - दोस्ती में येसब थोड़ी किया जाता hai.........mere मुँह से गलती से दोस्ती निकल गया.......





हड़िया - एक शादी शुदा औरत दूसरे मर्द से दोस्ती क्यों करती hai......ap हे बता दो.....

मई एकदम से सकपका गयी हरिया के इस सवाल से - व वो वो मुझे नहीं मालूम.....

हरिया - आपको सब मालूम hai......apka ये गदराया जिस्म को एक गठीले मर्द की दोस्ती chahiye.....jo आपके इस गदराये बदन की प्यास बुझा sake........hai न.....

मई एकदम से शर्म से लाल हो गयी और अपना सर निचे झुका ली.....

हरिया - आपकी ये दोनों चूचिया मेरे हाथो में आने के लिए तड़प रही hai....dekhiye कैसे ब्लाउज से आधा बहार झांक रही है दोनों........

मई अपनी साड़ी का पल्लू जिनकी निचे गिरा हुआ था झट सा उठाने लगी झुक कर ताकि अपने चूचियों को ढांक सकू .....और हरिया के तरफ देखने लगी.......





मई हरिया को देखते हुए अपनी साड़ी का पल्लू उठाना छह रही थी की मेरा बैलेंस बिगड़ गया और मई निचे गिर पड़ी......

हरिया जल्दी सा मेरे पास आया और मुझे पकड़ कर उठाने laga......hariya के छुवन से मेरे जिस्म में करंट दौड़ गया और मेरा जिस्म वाइब्रेशन करने laga........itna कामुक एहसास मुझे पहले कभी नहीं हुआ था जो आज हरिया के छूने से हुआ tha.....mai फिर व् हरिया को तड़पने के लिए बोली .......

मई - don't टच me.....mai ठीक hu....mujhe छूना nhi.....aapko तो बस बहाना चाहिए मेरे जिस्म को टच करने की .........

मई अपने हाथो के बॉल उठने का नाटक करते हुए अपनी चुकी को बहार निकल li......ab तो इस पोजीशन में मेरी चुकी और व् डीप नज़र आ रही थी......









इतना गदराया चुकी देख कर हरिया से रहा नहीं गया और हरिया के मुँह से haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy निकल गया.....





मई उठ कर घुटनो के बॉल बैठ गयी और अपने बालो को बांधने lagi.....meri साड़ी व् अस्त वयस्त हो चुकी थी ...जिसकी वजह से मेरी चिकनी जांघ अब पूरी तरह नंगी हो चुकी थी........



 
मई कड़ी होकर अपनी साड़ी को ठीक करने lagi.....or जान बुझ कर सिर्फ कमर के पास साड़ी ठीक कर रही थी ताकि मेरे बूब्स को देख कर हरिया और ज्यादा जोश में aaye......saree ठीक करते हुए मई अपने बूब्स को कुछ ज्यादा हिला रही थी हरिया को तैसे करने के liye......meri गहरी नाभि और मेरे आधे नंगे सुडोल बूब्स को देख कर हरिया से रहा नहीं जा रहा था .......





हरिया से बर्दाश नहीं हुआ तो वो मेरी चुकी को घूरते हुए बोलै - मेमसाब एक बात बोलू.....

मई एक अदा के साथ इतराते हुए बोली - हाँ बोलिये

हरिया - भगवन ने आपको भट फुर्सत से बनाया hai......aapka हर अंग कमाल का hai......upar से लेकर निचे तक कयामत हो आप........

मई इतराते हुए बोली - ाचा जी ऐसा लय है मुझमे .....

हरिया - आपका जिस्म भट गदराया हुआ hai....koi व् मर्द आपको देख ले तो उसका लुंड खड़ा हो jaye......jaise मेरा खड़ा हो gaya......bolkar हरिया अपने लुंड को मसलने लगा......

मई - कितनी गन्दी भाषा उसे करते हो aap.....sharam नहीं आती आपको दूसरों की वाइफ को इस तरह बोलते हुए.......

हरिया - अब तो आप मेरी दोस्त हो न memsab....or दोस्ती में शर्म कैसी....

मई अपने जिस्म को हल्का हल्का मूव करते हुए अपने बूब्स को हिला रही थी ताकि हरिया मेरे सुडोल बूब्स को देख कर और ज्यादा पागल हो jaye......kisi गैर मर्द को अपना जिस्म दिखा कर तैसे करने में इतना मज़ा आ रहा था जितना मज़ा मुझे पहले कभी नन्ही आया था.......

मई - ाचा जी .....लेकिन मैंने तो अभी दोस्ती के लिए हाँ नहीं किया है.......





हरिया - प्लसससससससस न मेमसाहब बन जाओ न मेरी दोस्त........

मई हँसते हुए बोली - मई सोचूंगी .....

हरिया - आपके लिए तो मई ज़िन्दगी भर इंतज़ार कर सकता हु........

मई मुस्कुरा कर बोली - ाचा जी .......लेकिन मई किसी और की पत्नी hu......or मई अपने पति को धोखा नहीं दे सकती .....

हरिया - मई धोखा देने थोड़ी न कह रहा hu...mai तो सिर्फ दोस्ती करने को कह रहा हु.....

हरिया - जो व् ho.....mai ऐसे हे किसी ेरे गैर से दोस्ती नहीं करती hu.....bolte हुए अपने बूब्स पर हाथ फेरते हुए अपने साड़ी को हल्का ठीक करने लगी.......

हरिया - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेमसाब आपकी ये गहरी नाभि मुझे पागल कर degi.........itni खूबसूरत है आपकी नाभि की मन तो कर रहा इस नाभि को मई अपने थूक से भर दू चूस चूस कर......





मई हरिया की गन्दी बातो से भट ज्यादा जोश में आ चुकी थी ....अब मेरे छूट का पैमाना छलकने वाला tha...aisa लग रहा था जैसे छूट अपने आप हे जहर जाएगी.......

मई - चहहीइ कितने गंदे हो आप हरिया ji.......ek नंबर के कामिनी हो आप......

बोलकर मई शर्मा गयी......





हरिया - कसम से मेमसाब मन तो कर रहा आपको बहो में भर कर आपके दोनों चुकी को खूब maslu......or अपना खड़ा लुंड आपके उभरे हुए गांड पर इतना घीसू की मेरे लुंड का क्रीम आपकी गांड पर हे निकल जाये.........

मई अब एकदम बेकाबू हो चुकी thi......mujhse अब रहा नहीं जा रहा tha....or कुछ देर हरिया मुझे ऐसी गन्दी बातें करेगा तो मई खुद हरिया से लिपट कर उससे छुड़वा lungi........lekin मई हरिया को खूब तड़पना चाहती थी..........

मई नखरा दिखते हुए boli.......aap एकदम बेशर्म हो हरिया ji......aisi गन्दी बातें करते हुए आपको ज़रा व् शर्म नहीं aati.......jao मई आपसे बात नहीं करती.....





हरिया - एक बार अपने माखन जैसे जिस्म को छूने दीजिये न मेमसाब plssssssssssssss......

मई शरमाते हुए बोली - no way.....mere करीब व् आने की कोशिश मत करना वर्ण ठीक नहीं होगा समझे na......ye जिस्म सिर्फ मेरे पति की अमानत hai.......bolkar मई अपने जिस्म को थोड़ा इठलाने लगी......





हरिया - आखिर अपने दोस्त को इतना तड़पा कर क्या मिलेगा आपको......

मई - मैंने कब कहा मई आपकी दोस्त बन गयी hu.......mai सोच कर बताउंगी ...तबतक आप तड़पते raho....hehehe....mai एक कातिल मुस्कान देकर हरिया की आँखों में देखने लगी.......





हरिया - आपका गदराया जिस्म को आपके पति का पतला छोटा लुंड संतुस्ट नहीं कर पता hoga....ye मुझे मालूम hai...ek बार मेरे हल्लावी लुंड से अपनी छूट की प्यास बुझा कर देखो फिर कहना आप मेरी दोस्त बनोगी या नहीं.........

मई हँसते हुए बोली - आप बास दिन में सपने देखते raho...aisa कभी नहीं होने wala.......mai अपने पति के अलावा अपना जिस्म किसी को छूने तक नहीं dungi........sirf आप दूर से देख कर ाँहें बरो......





हरिया - अपना जिस्म नहीं दे सकती तो कमसे काम अपना पहना हुआ पंतय तो दे सकती हो न........

मई शर्म से एकदम लाल हो गयी हरिया की बात सुन kar.........mujhe ऐसा लगा की शर्म से मई ज़मीन पर गड्ड jaungi......mai हरिया को खा जाने वाली नज़रो से देखने लगी.......





मई हैरानी से बोली - छियईईई क्या करोगे मेरा उतरा हुआ पंतय लेकर......

हलाकि मई जानती थी की हरिया मेरी छूट की खुशबु सूंघेगा मेरी पंतय lekar......lekin मई जानबूझ कर हरिया से मज़ा लेने के लिए ये बात बोली......

हरिया - प्लसससससससस न मेमसाहब प्लसससससससस एक बार मुझे चाहिए आपकी उत्तरी हुयी पंतय सिर्फ एक बार उसके बाद मई कभी नहीं मांगूंगा........

मई - ok मई देखूंगी.....

हरिया - अभी दे दो न मेमसाब प्लसससससससस.....

मई - तुम पागल हो गए हो क्या यहाँ मई अपनी पंतय कैसे utarungi........agar मुझे देना व् होगा तो मई तुम्हे बुला कर दे दूंगी.........

हरिया - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कही मई पागल न हो जॉन आपकी पंतय देख कर.......

हरिया की बात से मई खिलखिला कर हंस padi........or बोली - आप तो वैसे व् पागल हो और कितना पागल होवोगे......





हरिया - आपको देख कर कौन पागल नहीं हो jaega......swarg से उतरी हुयी पारी हो aap......apka खूबसूरत चेहरा आपके गुलाबी होंठ आपकी बड़ी बड़ी सुडोल चूचियां आपकी उभरी हुयी मोती गांड पतली kamar.......or चिकनी छूट....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मई तो कबसे आपके पीछे पागल हु.......

मई - ाचा ji......isliye मुझे घूरते रहते हो hamesha....hai na.......ek नंबर के ठरकी बुड्ढे हो आप.......

हरिया - अब आप मुझे ठरकी बोलो या चुड़क्कड़ ......जिस दिन मेरा लुंड आप अपनी छूट और गांड में घुसवा लोगी उस दिन पता चलेगा मई क्या हु.......

मेरे मुँह से गलती से निकल गया - उस दिन तो मई मर हे jaungi.......itna मोटा और बड़ा भला मेरे छोटे से छेड़ में घुसेगा कैसे.........

फिर मुझे रीलीज़ हुआ मई कामुकता की वजह से ये क्या बोल गयी हे bhagwan.......or मेरा सर शर्म से झुक gaya........or धीरे से मैंने नज़र उठा कर हरिया को dekha.....meri आँखों में वासना साफ़ झलक रही थी......





हरिया से येसब गन्दी बातें करते हुए मई इतनी ज्यादा होर्नेय हो चुकी थी की अब मुझसे बर्दास्त करना नामुमकिन हो गया tha....meri छूट इतनी ज्यादा गीली हो चुकी थी की मई अब बिना ओर्गास्म के जल बिन मछली की तरह तड़प रही thi.........mai अब वह एक पल व् और नहीं रुक सकती थी......

मई - मुझे अब जाना hoga........bht लेट हो गया hai.........bolkar मई तेज़ी से मुद कर जैसे हे जाने lagi.........meri मटकती हुयी लचकदार उभरी गांड देख कर हरिया से रहा नहीं gaya..........hariya मुझे आवाज़ दिया.......

हरिया - मेमसाब आपकी गांड भट कातिल hai...........kya मस्त उभरी हुयी राउंड शेप है आपके गांड ki..........apko तो कुटिया बना कर छोड़ने में मज़ा हे आ जाएगा......

मई एक बार मुद कर भट हे सेक्सी अंदाज़ में हरिया को dekhi........or फिर वापस मुद कर घर की तरफ जाने lagi....jiski वजह से मेरी उभरी हुयी गांड देख कर हरिया अपना लुंड मसलते हुए ज़ोर से बोलै - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेमसाब क्या मस्त गांड है apka......man तो कर रहा आपको कुटिया बना

हरिया की बात से मेरे तन बदन में झुरझुरी होने lagi......maine पलट कर हरिया को देखते हुए मुस्कुरा कर बोली........

मई - भट कामिनी हो हरिया जी.....





हरिया - कमीना पत्र अभी अपने देखा कहा है memsaab.......ho मर्द कमीना होता है वो औरत को इतना बेरहमी से छोड़ता है की औरत पानी मांगने लगती है.........

हरिया के साथ गन्दी बातें करने में मुझे इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मेरा व् वह से जाने का मैं बिलकुल नहीं tha.....mere मन में एक शरारत sujhi.....or मई इठलाती हुए सेक्सी अदा के साथ हरिया के तरफ बढ़ते हुए boli......acha जी ज़रा मई व् देखु तो ये कमीना आदमी मेरा क्या बिगाड़ लेता hai.........han लेकिन एक बात यद् रखना अगर आपने मुझे छूने की कोशिश की तो मई आपका वो हाल करवाउंगी की आप सोच व् नहीं सकते........





हरिया के तरफ बढ़ते हुए मुझे डर व् लग रहा था की कही ये मुझे पकड़ कर यही कुछ न करने लग jaye........fir व् मई हिम्मत करके हरिया के तरफ बढ़ रही थी.....

हरिया के भट नज़दीक होती जा रही थी और मेरी धड़कन बढ़ती जा रही thi.....mai अब भट स्लो हो gayi......ki हरिया शायद मुझसे कुछ bolega......mai हरिया की आँखों में हे देखे जा रही थी और आहिस्ता आहिस्ता उसके तरफ बढ़ रही थी......

हरिया मुझे अपने करीब आता देख कर शायद डर सा गया tha.....ki पता नहीं मई पुलिस बुला लुंगी या सोसाइटी वालो को जमा करवा के हरिया को भट मार khilwaungi.....shayad हरिया यही सब सोच कर अपनी बात को घुमा कर बोलै.......

हरिया - मेमसाब मैंने ऐसा थोड़ी kaha......jo औरत खुद से मुझे कुछ करने देगी मई उसी के साथ न कुछ कर सकता hu......warna मई रेपिस्ट थोड़ी hu....jo जबरदस्ती किसी के साथ व् कुछ करने लग जॉन..........





मई मुस्कुरा कर बोली - अब बोलो क्या बोल रहे थे आप...........

हरिया - आपके इजाज़त के बिना मई आपको टच व् नहीं कर sakta........itna व् गिरा हुआ इंसान नहीं हु मई.......

मई हरिया को घूरते हुए वापस जाने लगी घर के taraf........hariya मेरी आँखों में देखते जा रहा था और मई व् हरिया को घर रही थी........





मई अपनी गांड को कुछ ज्यादा मटका कर चल रही थी ताकि हरिया मेरी गांड को देख देख कर और ज्यादा होर्नेय हो जाये और मेरे ऊपर और ज्यादा लट्टू हो जाये......

मई आने घर के पास पहुँच कर रुक gayi.......mere घर के बहार एक फ्लावर पॉट रखा हुआ था और बहार सोफे व् लगा हुआ था जहा हमलोग डेली शाम को बैठ कर टिया 🍵 पीते थे....

मेरी साड़ी इतनी ज्यादा ट्रांसपेरेंट थी की मेरी गांड की दररर तक नज़र आ रही thi....ajise देख कर हरिया अपना लुंड सहला रहा था और सोच रहा था..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या कातिल गांड है साली ki...ek बार मिल जाये तो इसकी गांड में थूक लगा कर लुंड एक हे झटके में पूरा छोड़ दूंगा इस रंडी की......





मई फ्लावर पॉट के पास रुक कर एक नज़र हरिया को मुद कर देखि और हल्का मुस्कुरा कर इशारो इशारो में पूछी .....क्या देख रहे हो ........

इतने में हरिया बोलै - मेमसाब मई आपके पंतय का वेट कर रहा हु.......

मई इतराते हुए हरिया को मुस्कुरा कर देखि और एक अदा के साथ वापस मुद कर घर के अंदर चली गयी......





मई भट तेज़ी से घर के अंदर जाकर अपने बिस्टेर पर लेट गयी और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी........

मई सोचने लगी - कितना कमीना है ये बुद्धा ....ज़रा व् डर नहीं है किसी ka.....kitni गन्दी नज़रो से मेरी चुकी को घर रहा था..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसा लग रहा था की मई माँ की तरह पिघल रही हु जब वो मेरी चुकी को खा जाने वाली नज़रो से घर रहा tha.........kya कह रहा था wo....mujhe कुटिया बना कर छोड़ेगा...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.....kitna मज़ा आएगा इतना मोटा और बड़ा लुंड जब मेरी छूट में ghusega..........mai तो मर्डर हे जाउंगी............

येसब सोचते हुए अपने आप मेरा हाथ मेरी छूट पर चला gaya....or मई साड़ी के ऊपर से हे अपने छूट को सहलाने lagi........jaise हे मेरा हाथ मेरी छूट पर gayi....mai शर्म से लाल हो गयी....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी छूट इतनी ज्यादा गीली हो चुकी थी की पंतय के साथ साथ मेरी साड़ी को व् पूरा भीगा चुकी थी उस जगह पर........

मई हवस की आग में जलने lagi....maine झट झट अपने कपड़ो को खोल कर पूरी तरह नंगी होकर बिस्टेर पर लेट गयी......
 
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