Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani - Page 7 - SexBaba
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Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani

अभी तक आपने पढ़ा.........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd धीरीईईए अअअअअअअअअम्मम्मम seeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee naaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff maaarrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कामिनी छोर मेरा हाथ दर्द कर रहा............





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh साली रंडी और ज़ोर से चीला bhanchod...............taki अभी उठ Jaye........itni ज़ोर ज़ोर से चिल्लाएगी रांड साली तो अब्बू जाग जाएंगे......

मई मन में सोचने लगी - मई व् कितनी बेशरम हु को अपने शोहर के सामने हे अपने बेटे से चुद रही हु और मई अपने आप पर कण्ट्रोल व् नहीं कर पा रही हु चिल्लाने se........mere बेटे ने मेरे हाथो को इतनी बुरी तरह जकड लिया है और मुझे इतनी बेरहमी से छोड़ रहा है की मई अपनी चीख निकलने से रोक नहीं पा रही hu...mujhe माफ़ कर देना मेरे प्यारे hubby........aaaah आआह आआह ाः आआह ाआअह......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa मई गयी मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa





अअअअअअअ

ज़ैद और ज़ोर से छोड़ने laga.....meri चीख पूरे रूम में गूंजने lagi......zaid का लुंड मेरी छूट में पिस्टन की तरह अंदर बहार हो रहा था ......ज़ैद ने मेरे एक पेअर को वही सोफे पर चढ़ा दिया था और मेरा एक पेअर ज़मीन पर था.....





आआआआचानक मेरे जिस्म में एक बिजली सी गिरी और मई झरने lagi....mera पूरा जिस्म थरथराने laga......mai इतना तेज़ झरि की मेरे पेअर थर्र्र थरर्र्र कंपनी लगे ........

मई वही निढाल होकर गिर gayi......zaid ने मुझे छोर दिया.........

मई अपने छूट में हाथ रख कर देखने लगी और सोचने लगी......

या खुदा इतना ज्यादा मेरे छूट से कभी पानी नहीं निकला जितना अभी निकला है......





ज़ैद मेरे पास बैठ गया......

मई वही बैठ कर रोने लगी ...की ये मैंने क्या कर diya....apne हे बेटे से अपने हे शोहर के सामने छुड़वा रही हु मई.....

ज़ैद मुझे समझने लगा - ओह अम्मी मेरी जान मत रोवो ......अब्बू को तो तुम्हे हर दिन छोड़ना चाहिए लेकिन अब्बू बेवकूफ है जो इतनी छुडासी बीवी को डेली नहीं छोड़ते.......

मई गुस्से में बोली - क्या बक रहे हो तुम ...अपने ज़बान पर लगाम do...wo तुम्हारे अब्बू hai.....kaminey......





अब आएगग्गीीीी.......

ज़ैद - एक्चुअली में अम्मी जान आज तुम खुद भट छुडासी मूड में ho.......kyu की आज तुम्हारी मैरिज एनिवर्सरी है और तुम चाहती हो की अब्बू तुम्हे रगड़ कर chode....lekin अब्बू तो दारू पि कर बेहोश पड़े hai........or तुंहारी कर्तव्य बॉडी रात भर एक दमदार चुदाई मांग रही hai.......thodi देर की चुदाई में तुम्हारी बॉडी संतुस्ट नहीं होने wali.......dekho तो तुम्हारी छूट कैसे पानी टपका रही है................

मैंने मन हे मन सोचा - मुझे लगता है ज़ैद सही कह रहा hai.......mai खुद चाहती थी की आज की रात मेरे शोहर मुझे खूब chode......lekin अफ़सोस वो दारू पि कर हमेशा की तरह बेहोश हो चुके है............

ज़ैद मुझे समझते हुए मेरी जांघो को व् सहला रहा था और धीरे धीरे अपनी ऊँगली मेरी छूट के पास ले गया और हल्का हल्का सहलाने laga.........mai फिर से बहाने लगी..........





मेरी छूट फिर से गीली होने लगी thi........zaid मुझसे सात कर बैठा हुआ मेरी जांघों को सहला रहा था और उसका मोटा लुंड मेरे आँखों के सामने एकदम टाइट खड़ा tha.......mai उसके फुल टाइट लुंड को कामुकता से देखने lagi.........or सोचने लगी......

ज़ैद तो सही कह रहा है मेरी छूट में इतनी खुजली मची है की बिना चूड़े मई तड़पती rahungi.................iska लुंड दो दूसरे राउंड में झरने का नाम हे नहीं ले रहा.......

ज़ैद का खड़ा लुंड देखते देखते मेरी छूट में खुजली होने lagi.......na चाहते हुए व् मेरा हाथ ज़ैद के लुंड के तरफ बढ़ Gaya.........or फिर मैंने जैसे हे लुंड को छुवा मेरे तब बदन में आग सी लग गई..........





मैंने ज़ैद के लुंड को हल्का हल्का सहलाता हुए एक हाथ से अपनी छूट को व् सहलाने लगी.........

ज़ैद - अम्मी जान मेरे ऊपर आकर बैठ जाओ न अपने छूट में लुंड सेट करके.......

मई बिना कोई विरोध किये ज़ैद के लुंड के ऊपर आ गयी और बैठने lagi...baithte हुए मई मन हे मन सोच रही थी.....

या खुदा ये मुझे क्या हो रहा है मैं खुद को रोक क्यों नहीं प् रही हु अपने हे बेटे से छोड़ने se......mai कितनी गन्दी औरत बन चुकी हु जो अपने बेटे से हे चूस रही है वो व् बार बार......





मई अभी ज़ैद के लुंड को अपने छूट में सेट हे कर रही थी की ज़ैद के अब्बू की आवाज़ आने lagi.......shayad वो जाग रहे the......or नशे में हे मुझे आवाज़ दे रहे थे......

रुकसाना उम्म्म्म रुकसाना ........





मई चौक कर उधर देखने lagi.....or मैंने कहा - ज़ैद तुमने सुना तुंहरे अब्बू लगता है जाग गए hai.....oh माय गॉड कही उन्होंने हमें इस हालत में देख लिया तो कयामत आ जाएगी .......

ज़ैद व् भट डर गया अब्बू की आवाज़ सुन kar.......wo व् हैरानी से उधर हे देखने लगा.......





मई झट सा ज़ैद के ऊपर से उठी और अपने कपडे के तरफ भागी.......

मई अपने कपडे उठती हुयी बोले जा रही थी - लगता है तुम्हारे अब्बू जाग रहे hai.....agar सच में उन्होंने हमें इस हालत में देख लिया तो हमारा खून कर denge........oh माय गॉड ये क्या किया Maine.........mai डर से कैंप रही thi.....ki कही मेरे शोहर गेम देख न ले.....

इधर ज़ैद के मन में कुछ और हे चल रहा था......

ज़ैद मन हे मन सोच रहा था - लेकिन मेरा लुंड तो अकड़ा हुआ hai....bina तुम्हे चोदे ये झरने वाला नहीं है अम्मी jan........or अब्बू तो जहा के वही पड़े हुए है बस नशे में रुकसाना रुकसाना किये जा रहे है.......

ज़ैद ने पहले भट गौर से अपने अब्बू का कंडीशन dekha...fir वो समझ गया की अभी जागने वाले नहीं hai...wo बस नशे में रुकसाना रुकसाना कर रहे है ...क्यों की चुदाई के टाइम अम्मी इतना जो चीख चिल्ला रही थी तो नशे में व् अब्बू के कानो में उसकी आवाज़ जा रही थी..........





ज़ैद मुझे पीछे से पकड़ लिया और ठीक मेरे हस्बैंड के बगल में एक दिवार से मुझे लगा कर मेरे गांड को सहलाने लगा और बोलै - कहा भाग रही हो मेरी रांड अम्मी जान अभी मेरा लुंड का पानी नहीं निकला hai......abbu का बहन बनाकर भागना चाहती ho.......bolkar ज़ैद ने मेरे गांड पर एक ज़ोर दर थप्पड़ जड़ diya.......mai कराह uthi.........lekin मैंने दबी आवाज़ में करहा क्यों की मेरे शोहर जस्ट मेरे बगल में निचे पड़े हुए थे.......

मेरे दोनों हाथ दिवार से लगे हुए थे और ज़ैद मेरी कमर पकड़ कर मेरी उभरी हुयी गांड को अपने तरफ खींच liya.....mere दोनों बड़ी बड़ी चुकी दिवार से रगड़ खाने lage..........pata नहीं मुझे क्या हो गया था की मई व् ज्यादा विरोध नहीं कर पा रही thi.....mai बुसस मुँह से ज़ैद को रोक रही thi....mai चाहती तो फोरस्फुल्ली ज़ैद को रोक सकती thi.....lekin मई शायद खुद उसे रोकना नहीं चाहती थी...........

मई दबी आवाज़ में ज़ैद से रिक्वेस्ट करने लगी........

ज़ैद प्लसससससससस मुझे छोरो अब्बू एकदम बगल में hai...zara सी आवाज़ व् सुन सकते hai..........mai कसमसाने लगी लेकिन ज़ैद मेरी कमर को भट ज़ोरो से पकड़ा हुआ था........





मेरा जिस्म अपने आप पीछे होने laga.....meri छूट खुद मचल रही थी ज़ैद का लुंड लेने क liye....mai मुँह से न न कह रही थी लेकिन मेरा जिस्म मेरे मुँह का साथ नहीं दे रहा था.......

अचानक ज़ैद ने मेरी छूट पर अपना लुंड रखा और एक ज़ोर का धक्का मारा .......ज़ैद का लुंड मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर घुस गया........

मेरे मुँह से एक ज़ोरदार सिसकारी निकलते निकलते रह gayi....maine भट मुश्किल से अपने सिसकियों पर कण्ट्रोल किया.......





अब ज़ैद मुझे फचाफक फुचफुच छोड़ने laga....zaid का लुंड मेरे छूट में अंदर बहार होने laga.....or मई भट मुश्किल से अपने सिसकियों पर कण्ट्रोल करने लगी.......

ज़ैद - आआआआअह्हह्ह्ह्हह मेरी रंडी अम्मी क्या मस्त छूट... हाआआयययय क्या टाइट छूट है teri.....aisa लग रहा जैसे कोई कुवारी लड़की की छूट है.......





अब मुझे वैसे व् दर्द के साथ साथ मज़ा व् खूब आ रहा था ...लेकिन मई ज़ैद पर ज़ाहिर नहीं होने दे रही thi.......mai ये दिखाना चाहती थी की मई अपने शोहर के पार्टी कितनी लॉयल hu........or मुझे अपने शोहर के सामने छोड़ने में ज़रा व् ाचा नहीं लग रहा hai.........lekin हकीकत उसके जस्ट उलट thi........apne शोहर के सामने अपने हे बेटे से छोड़ने में एक अलग हे मज़ा आ रहा tha........jo मज़ा मुझे आज तक किसी चीज़ में नहीं आया था........

मेरे शोहर मेरी आँखों के जस्ट करीब थे और मुझे ज़ैद पीछे से पकडे हुए अपना लुंड मेरी छूट में छोड़ रहा tha...mai भट मुश्किल से अपने सिसकियों पर कण्ट्रोल कर रही थी अपने मुँह पर हाथ रख कर.....





मेरे मुँह से कामुकता भरी सिसकियाँ फिर व् निकल हे रही thi....lekin उसकी आवाज़ शायद मेरे शोहर तक नहीं पहुँच रही thi.....mujhe ऐसा लग रहा था क्यों की मैंने मुँह पर हाथ रखा हुआ था

इधर ज़ैद मेरी कमर पकड़ कर मेरी छूट को भट ज़ोर ज़ोर से छोड़ने laga........meri तो जैसे जान हे निकल gayi.....zaid इतना तेज़ छोड़ रहा था की थप थप थप थप की आवाज़ भट ज़ोर से गूंजने लगी ..........





थप थप थप के आवाज़ में साथ मेरे मुँह से आआआआअह्हह्ह्ह्हह aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकलने लगा लेकिन मेरे मुँह पर हाथ रखा होने के कारन ज्यादा तेज़ आवाज़ नहीं निकल रही थी.......





मई मन में सोचने लगी - maaaaaaaaaaa Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ये कमीना मुझे इतनी तेज़ छोड़ रहा की मेरे मुँह से बिना चीख निकले मई रह नहीं sakti.........ye जान बुझ कर अपने अब्बू को जगाना छह रहा ....ऐसा लग रहा mujhe............lekin मुझे व् तो भट मज़ा आ रहा है इसकी दमदार चुदाई से........





मई धोनी आवाज़ में ज़ैद से कहने लगी Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa उम्मम्मम्म dhiiiiiiirrrrrrrrrreeeeeeeeee naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa....... shiiiiiiiiiiiiiiiii shiiiiiiiiiiiiiiiii आआह आआह आआह ाः आआह.......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh





ज़ैद मुझे अब धीरे धीरे छोड़ने लगा और मेरे चुकी को पकड़ कर साथ में मसलने व् laga..............mai अब सातवे आसमान की सैर पर thi.......zaid का बिग कॉक पेरी बच्चेदानी में टक्कर मार रही thi..........jisse मेरी वासना और ज्यादा बढ़ती जा रही थी ..........

ज़ैद - Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी जान इतनी मोती गांड है आपकी की आपको पीछे से छोड़ने में इतना मज़ा आ रहा की क्या बताऊँ मई..........





ज़ैद अब मेरे गांड पर थप्पड़ मरते हुए छोड़ने laga......zaid इतनी ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ मार रहा था की पूरे घर में चाताआआकककक चाताआआकककक की आवाज़ गूंजने lagi........mujhe लज़्ज़त और दर्द दोनों एक साथ मिल रहा tha..........maine अपने चेहरे को दिवार से लगा लिया दर्द की वजह से और कराहने लगी ......ाआअह आआह ाआअह betaaaaaaaaaa nhiiiiiiiiiii प्लसससससससस अब्बू जाग जाएंगे......... plssssssssssssss betaaaaaaaaaa ऐसा मत करो........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh साली रांड आज अब्बू को जागने do.....wo व् तो देखे उसकी शरीफ बीवी कितनी बड़ी रंडी hai........kitna गांड मटका मटका के चुद रही है खुद के बेटे से ...........बोलकर ज़ैद अब बेदर्दी से छोड़ने laga.......dhap धप धप धप धप की आवाज़ और तेज़ होने लगी .....मेरे पेट में दर्द उठने लगा ज़ैद के लुंड के टक्कर से......

ओह्ह्ह्हह्ह maaaaaaaaaaaaaaaaa ज़ैद plssssssssssssss छोर मुझे भट दर्द होने लगा है पेट में...... हाआआयययय मई मरररररर जाउंगी कामिनी छोर mujhe......mai ये बोलते हुए निचे गिरने लगी लेकिन ज़ैद मेरे गर्दन को पकड़ कर मुझे वापस कड़ी कर दिया और उसी तरह छोड़ने लगा...........





आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इस ज़ालिम ने मुझे माहाअरररररर dalaaaaaaaaaaaaaaaa.......mai ज़ैद के लुंड को देखने लगी दिवार पकड़ कर .....उसका मोटा लुंड मेरी छूट में इतनी तेज़ अंदर बहार हो रहा था की मेरी छूट की हालत बिगड़ चुकी थी .......





अब मेरा पेट दर्द कहा गायब हो गया मुझे व् पता नहीं चला ....मई अपनी गांड को अब लुंड के साथ साथ खुद व् हिलने लगी .....मई ज़ैद के लुंड को पूरा का पूरा अंदर घुसा लेना चाहती thi.....mai लज़्ज़त में पागल हो gayi........mai खुद से ज़ोर ज़ोर से अपनी गांड हिलने lagi.........or ज़ैद के लुंड को अपने छूट में खुद से छोड़ने लगी.............





मई ज़ैद की आँखों में सेक्सी नज़र से देखते हुए बोली Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ज़ैद धीरीईईए naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ाआअह betaaaaaaaaaa plssssssssssssss zaiddddddddddddddd धीरीईईए

ज़ैद का लुंड मेरी टाइट छूट में सांप की तरह अंदर बहार घुस निकल रहा था.........





मई बिना कुछ बोले अब छोड़ने का आनंद लेने लगी thi......zaid थोड़ा थक कर हल्का हो gaya.....lekin मेरी छूट इतनी ज्यादा गरम हो चुकी थी की मई चाहती थी की ज़ैद मुझे भट ज़ोर ज़ोर से chode........mai खुद से ज़ैद के गांड को दोनों हाथो से पकड़ कर अपने छूट को पीछे धकेलने lagi.........mai एकदम बेशरम बन चुकी थी छूट की गर्मी शांत करने के लिए........





ज़ैद - क्या मस्त चुदवाती हैंमेरी रंडी अम्मी जान..... हाआआयययय मज़ा आ गया तुझे छोड़ kar.............ek बाजारू रंडी की तरह तू छुड़वाने में माहिर है साली chhinar.........ab मई तुझे सामने से छोडूंगा बहनचोद साली raand.....chal घूम जा .....बोलकर ज़ैद ने मुझे घुमा दिया.........

ज़ैद ने मेरी बड़ी बड़ी टाइट चुकी को घूरते हुए bola........kya कयामत है तेरी चुकी छिनार अम्मी साली ...देख तो इतनी बड़ी होने के बावजूद व् कितनी टाइट है तेरी chuchi..........eri आँखों में देखते हुए जब तू छुड़ेगी तो मज़ा हे आ jaega.......teri छुडासी चेहरे को देखते हुए तेरी छूट में अपना लुंड घुसाने में मज़ा हे आ जाएगा...........

मई - नहीं नहीं प्लसससससससस ज़ैद मुझसे नहीं hoga.....mujhe भट शर्म aegi....tunhare आँखों में देखते हुए येसब करने में..... plssssssssssssss न ऐसा मत करो न बीटा...........





ज़ैद मेरे एक पेअर को पकड़ कर अपने लुंड को मेरी छूट में सेट कर diya.........or एक हे झटके में अपना लुंड मेरी छूट में घुसा diya.......mai एकदम से इस पोज़ के लिए तैयार नहीं thi......mai तड़प uthi.........mere मुँह से एक तेज़ सिसकारी निकल गयी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddddddddddd betaaaaaaaaaa ummmmmmmmmmmmm.........

ज़ैद ने मेरे पेअर को अपने कंधे में रख लिया और मेरा एक पेअर अभी व् ज़मीन पर हे tha....usi पोजीशन में ज़ैद मुझे छोड़ने लगा.........

मई ज़ैद के चेहरे को सेक्सी नज़र से देखते हुए ाआअह आआआह आआआह आआआह करने लगी.......





आआआआ

ज़ैद हरामी मुस्कान देते हुए मेरी आँखों में देखने laga.....pr मई व् कामुकता भरी आँखों से ज़ैद को आँखों में देख रही thi.....to ज़ैद ने bola.....maine सोचा था तुम अब तेज़ आवाज़ नहीं nikalogi........lekin तुम तो भट बड़ी रंडी हो मेरी छिनार ammi...dekho तो कैसे ज़ोर ज़ोर से आवाज़ निकल रही ho......itni सेक्सी आवाज़ तो पोर्न एक्ट्रेस व् नहीं निकलती........

मई बेशर्मी से ज़ैद को आँखों में कामुकता से देखते हुए बोली - it's जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ यू kaminey......tum इतनी ज़ोर ज़ोर से कर रहे हो तो आवाज़ खुद बा खुद निकल जा रही है मेरे मुँह से......





ज़ैद - मेरी रांड अम्मी तुझे इस पोजीशन में छोड़ने में इतना ज्यादा मज़ा आ रहा की मई ज़िन्दगी भर तुझे इस पोजीशन में हे chodunga.......tumhara बड़ा बड़ा दूध मेरे छाती से रगड़ खा रहा तो मुझे और ज्यादा मज़ा आ रहा hai.......upar से तुम्हारे चेहरे में एक छुडास औरत दिख रही मुझे ....तुंहरे चेहरे का प्लेअसुरे बता रहा की तुम्हे कितना ज्यादा मज़ा आरहा hai......ab मई तुझे गॉड में उठा कर छोडूंगा मेरी रंडी ammi...fir देखो तुझे और कितना मज़ा आएगा.........

बोलकर ज़ैद मेरे दूसरे पेअर कोपकाड कर मुझे गॉड में उठाने लगा ....

मई - नहीं नहीं प्लसससससससस मई गिर jaungi........oh no कामिनी.........





मई लज़्ज़त कí वजह से करने लगी - ओह माय गॉड ओह माय गॉड धीरीईईए प्लसससससससस आआह ाआअह आआह आआह ाः ाः ाः ाः.......

इस पोजीशन में ये तो मुझे भट बुरी तरह छोड़ रहा ....और मई छह के व् कुछ नहीं कर पा रही हु ...मेरी पूरी बॉडी इसके कण्ट्रोल में hai......ye खुद से मुझे ऊपर निचे कर रहा जिसकी वजह से उसका लुंड मेरी छूट की गहराई तक समां रही hai......oh माय गॉड इतना मज़ा मुझे पहले क्यों नहीं मिला था..........

ज़ैद - मेरी रंडी अम्मी अब मई तुझे अपने ऊपर उछला उछला कर छोडूंगा ........फिर देख तुझे कितना ज्यादा मज़ा aega....sali कुटिया........

ज़ैद की गलियों से मुझे और ज्यादा मज़ा मिल रहा tha....chudne टाइम गालियां देने से इतना ज्यादा मज़ा अत है मुझे पता हे नहीं tha........mera खुद का बीटा मुझे गलियां देते हुए मुझे रंडी की तरह छोड़ रहा tha........apne गॉड में उठा kar....or मई लज़्ज़त से बस कामुकता भरी सिसकियाँ निकल रही थी.......





मई खुद से ज़ैद के गले में अपना दोनों हाथ फसा कर छोड़ने का मज़ा ले रही thi.......or साथ हे साथ मेरे मुँह से कामुक सिसकियाँ व् भट ज़ोर ज़ोर से निकल रही थी......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd धीरीईईए betaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh....zaid मुझे गॉड में उठा कर मेरे दोनों चूतड़ पकड़ कर भट तेज़ छोड़ रहा tha.....meri छूट की जैसे धज्जियाँ उड़ाना चाहता था......





मुझे अब रहा नहीं गया मई व् भट ज़ोर ज़ोर से मोअन करने लगी..........

इतने में ज़ैद के अब्बू फिरसे कराहने lage.....aaaaaah रुकसाना ........

मई - ओह माय गॉड ज़ैद अब्बू उठने वाले है मुझे निचे उतरो... प्लसससससससस........

ज़ैद - तुम्हे अब्बू से इतना हे डर लग रहा की वो जाग जाएंगे तो मई तुम्हे ऊपर ले चलता hu....bolkar ज़ैद मुझे उसी पोजीशन में गॉड में उठाये हुए मेरे छूट में लुंड घुसेड़े हुए मुझे अपने अब्बू के सामने से ले जाने लगा........

मई हैरानी से - ये क्या कर रहे हो कामिनी अब्बू के इतने पास से मुझे इस हालत में लेकर गुजरोगे तो अब्बू ने अगर आंख खोल कर देख लिया तो कयामत आ jaegi...mujhe निचे उतार हरामी........

मई दर के मारे अपने शोहर के तरफ हे देखने लगी की कही वो आंख न खोल दे........





ज़ैद मुझे उनके सामने से सीधी पर ले जाने लगा लेकिन मेरी नज़र अभी व् उसके अब्बू पर हे थी.........





ऊपर पहुँच कर ज़ैद अब मुझे बेतहाशा छोड़ने laga......ab मुझे व् कोई डर नहीं थी मई व् ज़ैद की बहो में बाहें दाल कर ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगी.......





मई व् खुल कर अब चुद रही thi....mere शोहर हमसे काफी दूर the......wo निचे नशे में बेहोश पड़े थे और मुझे मेरा बीटा ऊपर लेकर बेरहमी से छोड़ रहा था.......





मई इतना बहक गयी की ज़ैद के आँखों में सेक्सी नज़र से देखते हुए बोली - भट गंदे हो तुम zaid.....apni अम्मी के साथ व् भला ऐसा कोई करता है kya............aaaah आआह आआह ाआअह

ज़ैद .ेरी आँखों में देखते हुए बोलै - मेरी जान ामी तुम इतनी छुडासी माल हो की मुझसे रहा नहीं गया तुंहारी गदरायी गांड देख कर......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितनी मोती और सुफल गांड है तेरी अम्मी जान.......

ज़ैद मेरा एक पेअर उठा कर अब मुझे छोड़ने laga......meri चुकी फूल कर बलून हो चुकी थी कामुकता की वजह se......zaid के हर धक्को से मेरी चुकी उछाल रही थी.......



 
इतने में ज़ैद के अब्बू को हल्का हल्का होश आने laga....wo मेरा नाम लेते हुए सीधी से ऊपर आने लगे.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh रुकसाना कहा हो तुम ......मुझे बैडरूम तक ले chalo........bolkar ज़ैद के अब्बू लड़खड़ाते हुए सीधी चढ़ने लगे........





मई अपने शोहर को आवाज़ सुन कर दर गयी और उधर देखने लगी.......





मई - ओह no तुंहरे अब्बू ऊपर हे आ रहे है...... plssssssssssssss कीप क्विट ......

मई छुप कर अपने शोहर को ऊपर अत हुआ देखने lagi......zaid व् लगभग डर gayabtha.......wo व् मुझसे अलग हो चूका था अब्बू को अत देख कर......





लेकिन ज़ैद में आज शैतान सवार tha.....wo मुझे फिर से पकड़ लिया और दिवार से लगा कर आना लुंड मेरी गांड पर घिसने लगा......

मई दबी आवाज़ में सिसकियाँ लेने लगी....

मई दबी आवाज़ में बोली - कामिनी तुझे दिख नहीं रहा तेरे अब्बू आ रहे hai......game किसी तरह कही छुपाना होगा ......प्लसससस मुझे छोरो मुझे जाने do...abbu देख लेंगे.....

ज़ैद अपना लुंड मेरी गांड पर रगड़ते हुए बोलै....

मुझे भट मज़ा आ रहा हैंमेरी रांड अम्मी ...अब्बू के सामने तुझे छोड़ने में.....





ज़ैद के लुंड रगड़ने से मेरी गांड पर मेरे मुँह से हलकी हलकी सिसकियाँ निकलने लगी.... उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद प्लसससससससस nhiiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa karooooooooooooooo......

मेरे शोहर हमारे बगल से गुज़रते हुए मेरी सिसकियाँ सुन कर सोचने लगा....

की रुकसाना की आवाज़ आयी मुझे पीछे se......oh गॉड मेरा सर चक्र रहा है मुझे रेस्ट chahiye......ruksana वही बीएड रूम में होगी........

ज़ैद के अब्बू वही रुक गए ...मेरी तो जैसे धड़कन हे रुक gayi........darr से मेरी हलात ख़राब होने lagi....ki कही वो मुद कर देख लेंगे तो क्या होगा........





मई अपने मुँह में ऊँगली रखते हुए ज़ैद को चुप रहने को बोलने lagi.....kaminey कीप क्विट naaaaaaaa......jab तक तुंहरे अब्बू रूम में न चले जाये आवाज़ मत करो..........





ज़ैद ने मुझे वापस से पाकड़ कर दिवार से लगा दिया और मेरे पैरो को अपने हाथो में पकड़ कर अपना लुंड मेरी छूट में घुसा diya......mere मुँह से एक ज़ोर की सिसकारी निकली..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कामिनी देख नहीं रहे हो तुम्हारे अब्बू हमसे एकदम क्लोज hai...inhe जाने तो दो रूम में ......





ज़ैद - मुझसे रहा नहींजा रहा अम्मी जान तेरी छूट मुझे पागल क्र रही hai...or तेरी ये बड़ी बड़ी चूचिया मुझे और ज्यादा पागल कर रही है.....





मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa ये लड़का मुझे पागल कर dega.......mere शोहर के सामने मुझे ऐसा छोड़ रहा जैसे मई एक रंडी हु.......





ज़ैद मुझे उसी तरह छोड़ता रहा अब मई व् झरने वाली थी इसलिए मई व् अपने शोहर को भूल कर ज़ैद के लुंड को अपने छूट में लेने lagi.......or हल्का हल्का सिसकियाँ लेने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd araaaaaaaaaaammmmmmmmmmm seeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee धीरीईईए naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्म्म्माःह्ह्हह्ह





ज़ैद अपने लुंड को भट तेज़ी से मेरी छूट में अनादर बहार करने laga....or मई बेसुध होकर उसका लुंड अपने छूट में लेने लगी.....





इधर मेरे शोहर लड़खड़ाते हुए रूम की तरफ जाने lage....mai अपने शोहर को हे देख रही thi.......mujhe दर के आये में आने हे बेटे से छोड़ने में वो मज़ा आ रहा था की मई बता नहीं सकती अपनी प्लेअसुरे ko..........meri छूट ने ज़ैद के लुंड को जकड रखा था........





अब मुझे ज़ैद ने दिवार में लगा कर झुका दिया और मेरे दोनों जांघों को पकड़ कर मेरी छूट में अपना लुंड घुसेड़ कर मुझे छोड़ने लगा........





मुझे अब रहा नहीं gaya.....mai अब झरने के करीब थी ...और शायद ज़ैद व् झरने वाला tha...isliye वो मुझे बेरहमी से छोड़ने लगा..........



मेरे मुँह से इतनी ज़ोर ज़ोर सिसकियाँ और चीख निकलने लगी की मुझे अपने मुँह में हाथ रखबकर अपनी चीखो को दबाना पद रहा था.......



इतने में ज़ैद के अब्बू अपने रूम तक पहुँच चुके the....or दूर ओपन करके जैसे हे वो अंदर गए मेरी जान में जान आयी.........



अब मई खुल कर चिल्लाने लगी......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh फाड़ दो अपनों रंडी अम्मी की छूट aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट बड़ा लुंड है तुनहारा.....





ज़ैद भट ज़ोर से चिल्लाते हुए मुझे छोड़ने laga....matlab उसका विरए निकलने वाला tha....mai व् साथ में झरने लगी..........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh बीटा मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii बोलकर मई व् झरने लगी......

ज़ैद का गरम गरम विरए मेरी छूट की गहराई में जैसे हे गिरा मई पागल सी हो गयी और मैंने ज़ैद को भट भट ज़ोर से जकड कर झरने लगी......





ज़ैद आधा विरए मेरे छूट में गिरा कर मुझे ज़मीन पर पटक diya...or अपना बाकि का विरए मेरे जिस्म में मेरे दूध में गिराने laga......zaid का गरम गरम विरए मेरे जिस्म में पड़ते हे मुझे एक अजीब सी सिहरन दौड़ गयी........



मई सोचने लगी - ओह माय गॉड itnaaaaaaaaaaaaaa विरए गिराया है ज़ैद ने मेरी पूरी चुकी भीग गयी है ज़ैद के विरए से.......





मई कुछ देर वही पड़ी रही और फिर उठा कर अपने रूम के तरफ बढ़ गयी.....



मई अपनी मोती गांड मटकते हुए अपने रूम के तरफ जाते हुए मुद कर ज़ैद को देख कर शरमाते हुए मुस्कुरा पड़ी और अपने रूम में चली गयी.....

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अब आएगग्गीीीी...........

मई रूम में गयी तो मेरे शोहर बीएड पर सोये हुए the......mai बाथरूम में जाकर बढ़िया से शावर 🚿 ली और अपने बीएड में जाकर सो gayi...mai इतनी ज्यादा थक चुकी थी की पता हे नहीं चला कब नींद आ gayi......mujhe इतना रिलैक्स कभी फील नहीं hua....itni दमदार चुदाई के बाद मेरी पूरी बॉडी रिलैक्स फील कर रही थी........

सुबह मेरी नींद खुली तो मेरी छूट गीली thi...shayad मैंने कोई हॉट ड्रीम देखा tha......mujhme इतना होर्नेय पत्र आज से पहले कभी नहीं आया tha.......zaid ने मुझे इतना छोड़ा था की अब मई बास बार बार वही चुदाई छह रही थी.........

मैंने सोचा शायद मेरे शोहर दुकान चले गए hai......mai बीएड से उठ कर अपनी निघ्त्य उतार कर अपनी कसैली जवानी को निहारने lagi......ayne के सामने कड़ी hokar......mai मन हे मन सोचने लगी..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितनी उन्नत दूध है meri.........isliye शायद मेरा बीटा मुझे छोड़ने के लिए बेताब हो गया hoga......lekin येसब सही नहीं hai.....apne हे बेटे से छुड़वाना एक शरीफ औरत को शोभा नहीं देता.... अब मई अपने शोहर को चीट नहीं karungi........oh माय लवली हस्बैंड मुझे माफ़ कर Dena........yahi सब मई सोच रही थी की पीछे से किसी ने मुझे आकर अपनी बहो में जकड liya......mai हड़बड़ा कर पीछे देखि तो मेरे शोहर थे....

मई हैरानी से बोली - क्या हुआ जी ...??? आज आप काम पर क्यों नहीं गए......

हुब्बी - आज भारत बंद hai......lekin तुम तो पहले से ज्यादा सेक्सी लग रही हो मेरी jan......tunhara जिस्म तो और ज्यादा गडरा गया hai.....lagta है सुबह सुबह तुम भट होर्नेय हो गयी ho.........raat में मई दारू पि कर कुछ कर नहीं पाया उसके लिए sorry..........shayad इसलिए तुम रात से अब तक प्यासी ho.......dekho तो तुम्हारा निप्पल कैसे टाइट हो चूका hai........bolkar मेरे हुब्बी ने मेरी चुकी को पीछे से पकड़ कर हल्का हल्का सहलाने लगे...........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh जाआआंन्नन्नन्न सच में मई भट होर्नेय हु.......

हुब्बी - तो औ न मेरी जान तुम्हारी प्यास बुझाता हु मई .......बोलकर मेरे हुब्बी ने अपना ट्रॉउज़र उतर फेका और उनका छोटा सा खड़ा लुंड देख कर मुझे ज़ैद और अजय का मोटा बिग लुंड यद् आ गया......

मई मन हे मन सोचने lagi.........mere हुब्बी का कितना छोटा लुंड hai....isliye शायद मई प्यासी रह जाती hu...mere जैसी मोती गांड वाली औरत को बिग लुंड चाहिए अपनी प्यास बुझाने के लिए........





हुब्बी बीएड पर लेट गए और मई घुटनो के बल बैठ कर उनका लुंड पकड़ कर सहलाने lagi........mera मैं तो कर रहा था उनका छोटा सा लुंड अपने मुँह में भर कर खूब chusu.....lekin आज तक कभी मैंने अपने शोहर का लुंड नहीं चूसा tha...agar आज चूस लुंगी तो उन्हें शक हो जाएगा की ज़रूर मई किसी और से छुड़वाने लगी हु.......





मई अब अपने शोहर के ऊपर बैठने लगी उनका लुंड अपनी छूट के छेड़ पर एडजस्ट करके....

मई जैसे हे उनके लुंड पर बैठ रही थी मेरी नज़र दूर के तरफ चली gayi........mera दिल ज़ोरो से धड़कने laga......zaid दूर को हल्का खोल कर हमारी रास लीला देख रहा tha.........mai कुछ सेकंड के लिए तो झिझक गयी लेकिन फिर मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर gayi.......maine अब मन बना लिया को ज़ैद को दिखा दिखा कर उसका लुंड खड़ा करुँगी........... हाआआयययय कितना मोटा और तगड़ा लुंड है ज़ैद ka..........kitna मज़ा देता है वो.........

मई अपने शोहर के खड़े लुंड पर अपनी छूट पर रख कर धीरे धीरे बैठते हुए ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी ताकि ज़ैद को मेरी कामुक सिसकियाँ आराम से सुनाई दे सके .........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh माय लव कितना टाइट है आपका ........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ भट मज़ा आ रहा मुझे........





मई शोहर के लुंड को अपने छूट में घुसा कर अपने गांड को हल्का हल्का मूव करने lagi.......mujhe .ाज़ा तो आ रहा था लेकिन ज़ैद और अजय का मोटा तगड़ा लुंड जबसे अपनी छूट में लिया था मैंने .....मुझे इस छोटे से लुंड से इतना मज़ा नहीं मिल प् रहा tha.........mai अंदर हे अंदर ज़ैद और अजय का लुंड भट मिस कर रही thi.....man तो कर रहा था अपने शोहर को अपने ऊपर से हटा कर ज़ैद को अंदर बुला lu.....or फिर से वो मुझे बेरहमी से चोदे........

ये सब सोचते हुए मई अपने शोहर के लुंड पर ज़ोर ज़ोर से उछलने लगी.....

मई मन में - ओह माय गॉड ये मेंकटा कर रही हु आज तक अपने शोहर के ऊपर मई ऐसा कभी नहीं उछली hu....mere शोहर धीरे करने बोल रहे और मई जान बुझ कर और ज्यादा तेज़ तेज़ उछाल रही हु......





मई अपने गांड को इतनी तेज़ चला रही थी की मेरे शोहर 5 मिनट व् टिक नहीं paye...or कराहने लगे.......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh रुकसाना ी लव ु वैरी मच aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh यू अरे तू गुड today........aaj तुम भट ज्यादा जोश में लग रही हो.... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh रुकसाना मई गया मई gaya..............bolkar मेरे शोहर जहर gaye.............mera सारा मूड चौपट हो gaya.....mai तो अभी गरम व् ठीक से नहीं हुयी थी और ये जहर चुके the........pahle मई व् अपने शोहर के हिसाब से वैसी हे हो चुकी thi....mai व् तुरंत खर जाती thi.....lekin जबसे अजय और ज़ैद ने मुझे कुटिया की तरह रगड़ कर छोड़ा था मई व् अब देर तक छोड़ने की आदि हो चुकी थी............





मई फिर व् अपना गांड ज़ोर ज़ोर से हिलाते जा रही थी.......

मई - प्लसससससससस हनी बस मई व् झरने वाली हु प्लसससससससस मई झरने के भट करीब hu....kuchh देर अपने आप को स्ट्रांग बनाओ और मुझे झरने दो........

मेरे शोहर - अब मुझसे नहीं होगा रुकसाना ......मेरा हथ्यार अब सो चूका hai...........ab तुम उतर जाओ मेरे ऊपर से........





धीरे धीरे उनका लुंड पुचुक करके मेरी छूट से बहार निकल gaya....or मई उनके लुंड को देखते हुए सोचने लगी...........

ज़ैद बहार खड़ा होकर अपने अब्बू को इतना जल्दी झरता देख कर समझ गया की मई इतनी प्यासी क्यों रहती हु.......

ज़ैद मन में सोच रहा था - ाचा तोन्ये नट है अब्बू मेरी गदरायी अम्मी को ठीक से छोड़ नहीं पाते hai...isliye मेरी अम्मी लुंड को इतनी भूखी hai.......ek गदराय जिस्म को मालकिन होने के वजह से मेरी अम्मी को दमदार चुदाई चाहिए ......वर्ण उसकी जिस्म की प्यास कैसे bujhegi......isliye तो अम्मी अजय से और मुझसे इतना ज्यादा chudwayi........ammi की छूट में भट ज्यादा गर्मी hai...........use तो एक दिन मई हब्सी से छुड़वा कर उसकी छूट की गर्मी nikalwaunga.........or ज़ैद मन हे मन मुस्कुराने लगा........





मई उनके ऊपर से उठ कर बीएड के साइड में बैठ gayi.....or ज़ैद के बारे सोचने लगी............ uffffffffffffffffffffffffff कितना बेरहमी से छोड़ता है zaid....ang अंग तोड़ कर रख देता hai.........kitna ताकत है उसके जिस्म में और उसके लुंड me.....hehehehehe......lekin जो व् हो वो मेरा बीटा hai....or अपने हे बेटे से छुड़वाना एक शरीफ औरत को शोभा नहीं deta............chahe जो व् हो जाये अब मई ज़ैद को अपने करीब नहीं आने dungi..........ek बार गुनाह हो gaya....baar बार एक हे गुनाह नहीं करुँगी मई.........





मई कड़ी हो गयी तो मेरे साथ साथ मेरे शोहर व् खड़े हो गए और मुझसे कहने lage.........ruksana क्या तुमने सेक्स एन्जॉय किया.....??? सच बताना.......

मई भरी मन से बोली - अरे हाँ बाबा मैंने व् भट एन्जॉय किया.........

मेरे हुब्बी - मुझे ख़ुशी हुयी ये सुन kar.....lekin आज तुम आग बरस कर मुझपर गिरी थी .....इतना वाइल्ड मैंने आज तक तुम्हे कभी नहीं dekha...tum किस तरह से मुझपर कूद रही थी अपना जिस्म हिला रही थी.... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मई तो ज्यादा देर टिक्क हे नहीं paya.........hahahahaha........aaj तुम कमाल थी बीएड par.......i रियली लव यू हनी......

मेरे हुब्बी क्या क्या बोले जा रहे थे मई इस तरफ बिलकुल व् ध्यान नहीं दे रही thi....mera पूरा ध्यान ज़ैद के तरफ था जो हमें छुप कर देख रहा था.........

मई मन में सोच रही थी - लेकिन ज़ैद का लुंड भट बड़ा और मोटा है..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना दमदार लुंड है uska........ye मई क्यों फिर से ज़ैद के बारे में हे सोचे जा रही hu............I हैवे तो स्टॉप इमेजिनेशन अबाउट zaid...........he इस माय सोन..........





मई वाश रूम चली gayi....to बहार से मेरे शोहर ने बाथरूम का दूर नॉक करके ज़ोर आवाज़ में कहा....

रुकसाना मई निचे जा रहा hu.....tum आराम से नाहा धो कर निचे आकर ब्रेकफास्ट तैयार karna.....mujhe कोई जल्दी नहीं है.....

मई अंदर से बोली - ठीक है जी.......





इधर ज़ैद दरवाज़े के बहार खड़ा होकर अपना लुंड सहलाते हुए सोच रहा था......

Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff क्या गदर्य जिस्म है अम्मी का अब्बू से चुड़ते हुए देख कर मई और ज्यादा जोश में आ गया hu......wo जान बुझ कर मुझे दिखा दिखा कर छुड़वा रही thi........mera लुंड इतना ज्यादा अकड़ गया है की बिना अम्मी को चोदे मई रह नहीं सकता........





इतने में ज़ैद के अब्बू बहार निकलने lage...to ज़ैद जल्दी से जाकर टीवी हॉल में बैठ गया अपना लुंड अपने हाफ ट्रॉउज़र में अंदर karke......zaid अपने अब्बू को निचे जाने का वेट करने laga.....uske अब्बू सीढ़ियों से निचे जाने Lage...........zaid मौका देख कर अम्मी के रूम में घुस गया........









ज़ैद रूम के अंदर घुस कर खुद से मन हे मन बात करने laga........abbu जानते है की अम्मी शावर लेने में भट टाइम लगाती hai....kamsekam एक डेढ़ ghanta......to अब्बू अभी ऊपर आने वाले नहीं hai........mujhe भट टाइम मिलेगा अम्मी को छोड़ने ka....hahahahaha.....





मई इतनी ज्यादा होर्नेय हो चुकी थी की बाथरूम में जाकर बाथरूम के दिवार से टेक लगा कर कड़ी हो गयी और अपने छूट को सहलाने लगी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd कहा हो तुम...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इस छूट की खुजली तुम हे मिटा सकते हो बेताआआआ हाआआयययय मेरी छूट तुम्हारे लुंड लेने क लिए कितना बेचैन है...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या लुंड है tumhara.........ye सब बड़बड़ाते हुए मई अपने छूट में ऊँगली करने लगी..........

ज़ैद बाथरूम का दूर ओपन करके मुझे छूट में ऊँगली करते हुए देखने लगा और अपना लुंड सहलाते हुए मेरी गदरायी जिस्म को देखने लगा.........





मई अपना आंख बंद करके ज़ैद का लुंड इमेजिन करते हुए अपनी छूट में ऊँगली कर रही thi.....or ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd उम्म्म्म उम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh......

ज़ैद अपना हाफ ट्रॉउज़र उतर फेका और अपना खड़ा लुंड हाथ में पकड़ कर मेरे बगल में आकर खड़ा हो gaya...or अपना लुंड सहलाते हुए मुझे कामुक आँखों से देखने laga.......mera गदराया जिस्म देख कर ज़ैद का लुंड फुंकार मारने लगा.

ज़ैद अपने लुंड को हाथ से हिलाते हुए अपनी अम्मी का गदराया जिस्म देख कर जैसे पागल सा हो gaya......chut में ऊँगली करते हुए रुकसाना का जिस्म किसी सेक्स की देवी से काम नहीं लग रहा tha......wo ऊँगली करते हुए अपने जिस्म को जिस तरह से पोज़ दे रही थी वो किसी व् मर्द का लुंड खड़ा करने क लिए काफी tha......ruksana की बड़ी बड़ी चुकी और उसका गदराया जांघ उसकी बड़ी मोती गांड देख कर ज़ैद पागल सा हो गया...........





ज़ैद कुछ देर मेरे जिस्म को ऐसे हे घूरता raha.....or फिर अचानक मेरी दोनों चुकी को पकड़ कर अपना मुँह मेरे दोनों चुकी के बिच में घुसा दिया........ मई एकदम से हड़बड़ा गयी............

मई - ये क्या बत्तमीजी है....... zaiddddddddddddddd छोरो mujhe......abbu घर पर है........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddddddddddd प्लसससससससस naaaaaaaaaa मत karooooooooooooooo

मई कसमसाने lagi.......lekin ज़ैद का छुवन मुझे भट ाचा लग रहा tha......wo जिस तरह से मेरे दूध को अपने हाथो से मसलते हुए चूस रहा tha.....mere तब बदन में आग लगने lagi.......mere मुँह से कामुक सिसकियाँ निकलने lagi.....mai पहले से हे भट गरम thi.....meri छूट ज्वालामुखी बानी हुयी thi.....aisa लग रहा था जैसे ज़ैद मेरे चुकी को नहीं मेरे छूट को छेड़ रहा hai..........zaid चूस तो मेरी चुकी को रहा था लेकिन हलचल मेरी छूट में हो रही थी.....

ज़ैद मेरे चुकी पर टूट पड़ा और बेतहाशा उन्हें चूसने लगा.......

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी जान क्या मस्त चुकी है तुम्हारी..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या गजब का स्मेल है तुम्हारी चुकी ka.........tumhe छूट में ऊँगली करता देख कर मई अपने आप को रोक नहीं पाया........

मई - प्लसससससससस ज़ैद गन्दी बातें मत karo...or जाओ यहाँ se.......abbu यही आस पास honge.......mai जान बुझ कर नखरे दिखा रही थी जबकि मुझे मालूम था की मेरे शोहर निचे चले गए है........





ज़ैद अब मेरी एक चुकी को पकड़ कर अपना मुँह मेरे निप्पल में लगा दिया और उन्हें चूसने laga.....mai कामुकता से तड़प उठी... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa धीरररररररररीबीईई naaaaaaaaaa........zaid हटो छोरो mujhe...warna मई तुम्हारे अब्बू को बुला दूंगी..........

ज़ैद मेरी बातो को परवाह किये बिना मेरे निप्पल को भट प्यार से चूस रहा tha.......mai छह कर व् ज़ैद को अपने से अलग नहीं कर पा रही थी...........





ज़ैद मेरे मुँह को अपने हाथो से दबाते हुए बोलै - मेरी प्यारी अम्मी जान तुम बस खामोश raho........mai जनता हु तुम्हे व् मज़ा आ रहा hai...dekho तो कैसे टाइट हो चूका है तुम्हारा nipple.........bolkar ज़ैद मेरे निप्पल को अपनी चुटकी में पकड़ कर मसलने laga......mai तो लज़्ज़त की वजह से पागल होने लगी........

मई मन में सोचने लगी - ओह गॉड ये लड़का कितना बड़ा कमीना है अपनी हे अम्मी को एक रंडी की तरह कल से छोड़ रहा है फिर व् इसका मन नहीं भरा hai........lekin मुझे व् तो भट मज़ा आ रहा है...... ाआअह maaaaaaaaaaaaaaaaa .......





मई कसमसाने लगी और ज़ैद से कहने लगी - plssssssssssssss betaaaaaaaaaa ये गलत है .....एक बार जो हो गया सो गया .....अब और नहीं करने दूंगी मई तुम्हे येसब........

ज़ैद - तुम मुँह से कुछ और बोल रही हो अम्मी जान लेकिन तुम्हारा जिस्म मुझसे छोड़ने के लिए बेचैन है.........

मई मन में - ज़ैद सही कह रहा है मेरा जिस्म ज़ैद के छुवन से पिघल रहा hai.....mujhe इतना ज्यादा मज़ा आ रहा है की मई छह कर व् खुद को ज़ैद से अलग नहीं कर पा रही हु.......

ज़ैद मेरी एक चुकी को को अपने हाथो में पकड़ कर दूसरी चुकी को अपने मुँह में भर लिया और चूसने laga...or दूसरी हाथ से मेरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा........





ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी जान क्या मस्त चुकी है apki......apki चुकी को चूसने से मेरा लुंड इतना ज्यादा टाइट हो चूका है की लगता है ये ज्वालामुखी बन गया है और किसी व् वक़्त इससे शोला निकल पड़ेगा...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी मेरी गदरायी घोड़ी........

मुझे इतना ज्यादा मज़ा आने लगा की मई व् अपने जिस्म को ढीला छोर दी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना ाचा चूस रहा मेरे दूध को...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ बिच बिच में अपने दन्त व् गदा रहा मेरे निप्पल par.....jiski वजह से मुझे दर्द वाला मज़ा आ रहा hai........lekin मुझे जल्द हे इसे अपने से अलग करना होगा........





ज़ैद मेरे चुकी को चूसते हुए अपना एक हाथ मेरी गीली छूट पर जैसे हे रखा मेरे जिस्म में 440 वाल्ट का करंट दौड़ gaya.......mai एकदम से तड़प उठी......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd हटाओ वह से हाथ...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कामिनी छोरो मुझे मई तुम्हारी अम्मी हु........ betaaaaaaaaaa plssssssssssssss मत करो naaaaaaaaaa तुंहरे अब्बू मेरा वेट कर रहे होंगे नाश्ता के liye.....agar मई जल्दी नहीं गयी तो वो ऊपर आ जाएंगे........

ज़ैद मई तुमसे बात कर रही हु तुम सुनते क्यों नहीं हो... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोरो मुझेईईई उम्मम्मम्म उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy..... betaaaaaaaaaa plssssssssssssss





ज़ैद मुझे बहो में भर लिया और अपना लुंड मेरी थार थार कनपटी जांघो के बिच में घुसा diya......mai लज़्ज़त से अपनी आँख बंद कर li......zaid का मोटा तगड़ा लुंड अपने जांघो के बिच फसा पाकर मई तो कामुकता की लहरों में तैरने लगी ......

ज़ैद मुझे आंख बंद देख कर मेरी गांड को दोनों हाथो में दबोच लिया और मुझे अपने जिस्म से भींच लिया ....

ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अम्मी तुम कितनी खूबसूरत ho....tumhari ये हिरणी जैसी आंखें तुंहारा ये गदराया जिस्म ये बड़ी बड़ी सुडोल chuchiyan......tum सर से लेकर पेअर तक कयामत ho.........koi एक नज़र तुन्हे देख ले तो उसका लुंड फ़ौरन खड़ा हो jaye...........isme मेरी क्या गलती hai.........tum हे बता do....tum इतनी ज्यादा खूबसूरत हॉट न सेक्सी हो की मई तो क्या दुनिया का कोई व् मर्द तुम्हे देख कर खुद पर कण्ट्रोल नहीं कर पाएगा..............

अपनी तारीफ सुन कर मई शर्म से लाल हो gayi..........lekin फिर व् मई नखरे दिखते हुए बोली - क्या बक रहे हो मैं तुंहारी अम्मी हु तुम्हे समझ में नहीं ata..........abhi तक जो कुछ व् हुआ वो एक एक्सीडेंट समझ कर भूल jao........ab मई तुंहरे साथ वोसब नहीं कर sakti....samjhe नाआ......





ज़ैद - क्यों नखरे दिखा रही हो अम्मी एक बार करने दो na.....warna अब्बू आ jaenge.......agar तुम ऐसे हे नखरे दिखती रही तो अब्बू के आने के बाद व् मई तुम्हे नहीं छोड़ने वाला जब तक मैं अपना सारा विरए तुंहरे छूट में न भर du........dekho तो कैसे अकड़ गया है मेरा लुंड ......तुम्हारा गदराया जिस्म देख kar......bolkar ज़ैद मेरे कंधे को पकड़ कर निचे घुटनो के बल बिठाने laga........mai सूखे हुए पत्ते की तरह निचे बैठती चली गयी बिना विरोध किये........

ज़ैद अपना लुंड हाथ में पकड़ कर मेरे चेहरे पर घुसते हुए bola......dekho किसे तड़प रहा है तुम्हारा गदराया जिस्म देख कर मेरा lund.........ab तुम्हे इसे शांत कर सकती ho..........bolkar ज़ैद अपना लुंड मेरे चेहरे पर घिसने laga.........zaid के लुंड का स्मेल मुझे पागल बना रहा tha......meri छूट और ज्यादा फड़फड़ाने लगी......





ज़ैद अब अपने लुंड को मेरे होंठो पर रगड़ने laga........lund का स्मेल डायरेक्ट मेरे नाक में घुसने लगा और मई भट ज्यादा बेकाबू होने lagi........mai बार बार अपनी ज़बान निकल कर लुंड को हल्का चाट लेती फिर वापस ज़बान अंदर कर leti........fir मई धीरे से अपना मुँह खोल कर लुंड को हल्का होंठ में दबा कर दोबारा छोर deti........mera मन तो भट कर रहा था लुंड को मुँह में भरने ka......lekin मई झिझक रही थी.........





मुझसे अब रहा नहीं गया मैंने ज़ैद के लुंड को थोड़ा सा मुँह में लेकर चूसने लगी और खुद को ेने में देख कर शर्मा gayi....zaid का मोटा लुंड मेरे मुँह में था और मेरी बड़ी बड़ी चुकी पहाड़ के जैसा कड़ी थी......





मई धीरे धीरे ज़ैद के लुंड को चूसने लगी......... उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म karke......zaid का लुंड एकदम लोहे की रोड की तरह हार्ड हो चूका tha.....zaid के लुंड का टोपा मुँह में लेने से मुझे एक अलग हे जोश चढ़ रहा था........





मई लुंड चूसते हुए बार बार ऊपर नज़र करके ज़ैद को देख रही thi.......Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी कितना मज़ा आ रहा hai.....tumhare बड़े बड़े चुकी को घूरते हुए लुंड चुसवाने me...........teri ये खूबसूरत आंखें haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy देख कर हे पागल हो जाऊंगा मई...........





ज़ैद - aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh अम्मी जान ऐसे हे मेरी आँखों में देखते हुए लुंड चुसो na.........kitni खूबसूरत है आपको ankhein..........or आपकी चुकी तो कमाल की hai........apni चुकी को दोनों हाथो से दबाते हुए मेरा लुंड चुसो ........

मई ज़ैद की बात ऐसे मान रही थी जैसे मई उसकी गुलाम हु.......

मई ज़ैद को छुडास भरी नज़रो से देखते हुए अपने दोनों चुकी को पकड़ कर मसलने लगी और साथ हे साथ उसका बड़ा लुंड व् चूसने लगी........





ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh अम्मी जान aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कितना ाचा चुस्ती हो तुम..... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff क्या गरम मुँह है तुम्हारा...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसे हे चुसो मेरी जान अम्मी........

बोलकर ज़ैद मेरे बालो को पकड़ कर अपना लुंड मेरे मुँह में छोड़ने laga....dhire dhire......ab ज़ैद अपना आधा से ज्यादा लुंड मेरे मुँह में घुसा कर फिर से बहार निकलता फिर अंदर घुसा देता.........

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ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh अम्मी जान आज मई तेरी हलक तक लुंड घुसा कर तेरा मुँह छोडूंगा मेरी छिनार अम्मी jan........tu एक नंबर की रंडी है साली kutiya.........lund लेने के लिए बेचैन रहती है और झूट का नखरे दिखती है साली kutiya......ye ले मेरा लुंड पूरा खा जा बहनचोद.........

मई एक कुटिया की तरह हे अपने घुटनो के बल बैठी थी और अपने दोनों हाथो को ज़मीन पर राखी हुयी thi......aisa लग रहा था जैसे कोई कुटिया हो.... मेरे दोनों चुकी ठल्ल ठल्ल करके हिल रहे the....or ज़ैद मेरा सर पकड़ कर मेरे मुँह को छोड़ रहा था.......





मेरे मुँह से मेरा थूक लुंड से होते हुए ज़मीन पर गिर रहा tha......zaid अब अपना स्पीड बढ़ने लगा था..........





अब ज़ैद थोड़ा वाइल्ड होने laga...or अपना लुंड ज़ोर ज़ोर से मेरे मुँह में छोड़ने लगा......

मई मन हे मन सोचने लगी - कमीना का मई लुंड चूस रही हु इतना हे काफी नहीं है इसके लिए ....ये तो एकदम जानवर hai......mere हलक तक लुंड घुसा कर जबतक ये बेरहमी से नहीं छोड़ लेगा इसका मन नहीं भरने वाला............





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh गुगुगु गुगु गुगुगु मेरे मुँह से ऐसी आवाज़ आने लगी और मेरी साँस अब भट तेज़ होने lagi....kyu की ज़ैद का लुंड मेरे हलक को पूरा चौक कर रहा tha.......zaid .ुझे ज़ोरो से पकड़ कर मेरे हलक में पूरा का पूरा लुंड घुसा diya....mai छटपटा रही थी उसे धक्का मार रही थी अपने हाथो se....lekin वो जानवर बन चूका tha......mere मुँह को बेरहमी से चोदे जा रहा था....

ज़ैद - साली कुटिया इतनी छुडासी माल है तू की तुझे बेरहमी से छोड़ने का मज़ा हे अलग है .........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh साली ले और अंदर ले मेरा लुंड पूरा हलक तक घुसा ले बहनचोद साली रंडी अम्मी......

बोलकर ज़ैद पूरी ताकत से मेरा सर अपने लुंड में दबा diya.......mai छटपटाने lagi...or ज़ैद के दोनों जांघो को अपने हाथो से पकड़ ली ....मुझे ऐसा लगा की अब मेरी जान निकल जाएगी ......इतने में ज़ैद ने लुंड बहार निकल लिया .....मुझे जैसे हे थोड़ी रहत mili....zaid ने वापस लुंड मेरे मुँह में घुसा दिया और मेरे बालो को पकड़ कर फिर से छोड़ने लगा......





ज़ैद दोनों हाथो से मेरा सर पकड़ लिया और अपना लुंड फिर से हलक में घुसेड़ दिया......

ज़ैद - ओह माय गॉड भट मज़ा आ रहा तेरा मुँह छोड़ने में अम्मी जान.......

मई मन में सोचने लगी - ओह गॉड ज़ैद आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो चूका hai......apna मोटा तगड़ा लुंड मेरे हलक तक घुसा कर ऐसा छोड़ रहा जैसे में कोई बाजारू रंडी हु.......





मई मन में - ओह गॉड इसका लुंड भट मोटा और लम्बा लग रहा आज mujhe.......aaj ये मुझे मार हे dalega......aaj पहली बार मेरे हलक को सील मेरा बीटा तोड़ रहा hai..........kash मेरे शोहर व् मुझे इसी तरह बेरहमी से छोड़ते ..........

बेरहमी से दर्द भरी चुदाई में कितना मज़ा अत है ये मेरे शोहर क्या jane........aurat को तो ऐसी हे वाइल्ड चुदाई पसंद है...........





ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh मेरी रांड अम्मी और अंदर लो और अंदर लो पूरा खा जाओ मई झरने वाला हु आपके मुँह me......mera सारा विरए पि जाओ ........

मई मन में - ओह गॉड no no इसने अगर मेरे हलक में अपना विरए गिरा दिया तो मुझे उलटी आ जाएगी ...........





ज़ैद अब झड़ने के करीब था तो मेरा सर उसने अपने लुंड में ज़ोर से दबा diya.......meri साँस अटक gayi.....uska मोटा लुंड मेरे हलक में जाकर फस्स gaya......aisa लग रहा था जैसे मई अब स्वर्ग सिधार jaungi.....maine ज़ोर ज़ोर से ज़ैद के जांघों को मारने lagi....lekin ज़ैद को कोई फरक नहीं pada...wo उसी तरह मेरे सर को पकड़ कर अपने लुंड में पूरी ताकत से दबा रखा था........





कोयल- ममहहह्म्मम्म्म्म ममहहहहह्म्मम्म्म्म्म....

ज़ैद का गरम गरम विरए मेरे हलक में जैसे हे गिरा मई लगभग बेहोश होने lagi.............itna गरम गरम विरए मेरे हलक में गिरता हे जा रहा tha......mai सारा विरए न चाहते हुए व् गटकने lagi....mere पास दूसरा कोई ऑप्शन नहीं बचा था......





जब ज़ैद का सारा विरए मेरे हलक में गिर चूका था तो ज़ैद ने अपना लुंड मेरे मुँह से बहार nikala......zaid का विरए से सना हुआ लुंड देख कर मई हैरान thi.......kal रत भर मुझे छोड़ने के बाद व् इसके लुंड में इतना सारा विरए कहा से आ gaya.....baap रे ये इंसान है या ghoda.........muh के अंदर विरए गिराने के बाद व् इसका विरए मेरे चुकी पर इतना सारा गिर गया है.......



 
मई अपने आप को संभालते हुए वाश बेसिन के पास जाकर कड़ी हो गयी और खो खो करके खांसने लगी.......

मई - तुंहारा पानी निकल गया अब तुम सटिस्फी हो चुके हो अब यहाँ से जाओ tum......warna तुंहरे अब्बू आ जाएंगे .....





ज़ैद मुझे पीछे से आकर पकड़ लिया और बोलै - अभी कहा मेरी अम्मी jan.....abhi तो तेरी छूट को चुदाई बाकी है मेरी jan.....dekho तो मेरा लुंड अभी कितना टाइट खड़ा hai......mera लुंड इतना जल्दी सोने वाला नहीं hai....jabtak दो राउंड इससे पानी न निकल जाये......

बोलकर ज़ैद मेरे गांड पर अपना ेरेक्टेड लुंड रगड़ने लगा.......

मई मन में - ओह माय गॉड इसका लुंड तो मेरे गांड में बेसबॉल बात क्र जैसा शख्त लग रहा है.............





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh ज़ैद plssssssssssssss अब जाने दो mujhe....warna अब्बू यहाँ आ जाएंगे.......

ज़ैद पहले अपने हाथो से मेरा लुंड तो सहला दो मेरी रांड ामी जान......

मई अपना हाथ पीछे लेजाकर ज़ैद के मोठे लुंड को पकड़ कर सहलाने लगी..........





अब ज़ैद ने मुझे पकड़ कर घुमा दिया और मेरा चेहरा ज़ैद के चेहरे से लग gaya.....ab हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देखने लगे.......





Aaaaaaaaamaaaaaaaaaahhhhhhh अम्मी जान मेरे होंठो को चुसो न plssssssssssssss.......mai बिना विरोध किये अपने होठ ज़ैद के होंठो में रख कर चूसने lagi....or अपने हाथो से ज़ैद का लुंड सहलाने लगी..........





ज़ैद अपना लुंड मेरी छूट में रख कर हल्का हल्का रब करने लगा.....

मई नखरे दिखते हुए बोली - प्लसससस ज़ैद नहीं नहीं प्लसससससससस मत करो ये सब मई तुम्हारी अम्मी हु betaaaaaaaaaa...... प्लसससससससस

ज़ैद - मेरा पानी अभी तक नहीं निकला है जबतक मेरा पानी नहीं निकल जाएगा मई तुम्हारे जिस्म के साथ ऐसे हे खेलता रहूँगा मेरी जान अम्मी......





ज़ैद - देखो तो तुम्हारी छूट व् कितनी गीली हो रही है मेरा लुंड लेने क liye.....aap खुद नहीं चाहती की मई यहाँ से चला जॉन बिना आपको चोदे huye.....tunhari छूट का गीलापन सब कुछ बयां कर रहा hai....tumhari नशीली आंखें बता रही है की तुन्हे बेरहमी से छोड़ना है.....

मई - plssssssssssssss ऐसी गन्दी बातें मत करो ......येसब सच नहीं है.....

ज़ैद - झूट मत बोलो अम्मी जान ....जब मई तेरा मुँह छोड़ रहा था और तुम मुझे अपनी होर्नेय आँखों से देख रही थी उसी टाइम मई समझ गया था की तुम भट ज्यादा गरम हो चुकी हो......





ज़ैद अपना लुंड मेरी छूट में रगड़ने laga.....mai पागल हो गयी और अपना दोनों हाथ ज़ैद के गले में दाल दी........

मई - plssssssssssssss बीटा मत करो अपनी अम्मी के साथ aisa.........aaaaaaaaaahhhhhhhh





ज़ैद - क्या न करू मेरी प्यारी छुडासी अम्मी के sath...bolo न ....

मई - तुम भट गंदे हो ज़ैद अपनी अम्मी को कोई ऐसे तंग करता है क्या भला........

ज़ैद - बोलो न क्या न करू मेरी रांड अम्मी ......

मई शरमाते हुए अपनी नज़र झुका ली - मुझे नहीं बोलना ...मई तुम्हारी तरह बेशरम नहीं hu....kaminey.......

ज़ैद मेरे चेहरे पर अपना हाथ फेरते हुए अपने लुंड को एक ज़ोरदार धक्का मारा उसका फौलादी लुंड मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर चला gaya.....mai दर्द से तड़प uthi.......lekin मुझे इस दर्द में इतना मज़ा आया की मई बता नहीं सकती अपने प्लेअसुरे ko...........yahi दर्द तो मई सुबह से चाह रही थी.....





ज़ैद - तुम मुँह से कुछ और कह रही हो और तेरा छूट मेरे लुंड को ऐसे जकड लिया है जैसे वो कबसे मेरे लुंड के प्यास में बेचैन था......





ज़ैद मेरे निप्पल को मुँह में भर कर चूसने laga.....mai और ज्यादा जोश में aagayi......meri आंखें बंद हो गयी प्लेअसुरे को वजह से.......

ज़ैद ने मेरे दोनों हाथो को इतनी ज़ोर से पकडे हुआ था की मई हिल व् नहीं सकती thi.......zaid का लुंड मेरी छूट में घुसा हुआ था और ज़ैद मेरे निप्पल को अपने दांतो से काट रहा था.....

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद प्लसससससससस काटो मत .....भट सेंसिटिव है मेरे निप्पल plssssssssssssss काटो मत..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa.....





ज़ैद - तुम्हारी यही दो बड़ी बड़ी चूचियां तो महल्ले वालो की नींद उड़ा राखी hai....har कोई बास तुम्हारी इन बड़ी बड़ी सुडोल चुकी के हे सपने देखता hai....jab व् तुम उनके सामने से गुज़रती ho....mohalla का हर मर्द तुम्हारी चुकी को ऐसी तरह चूसना चाहता है जिसे मई अभी चूस रहा हु..........

मई शर्म से पानी पानी हो गयी ज़ैद की बातो se.......mainor ज्यादा जोश में आ गयी थी येसब सुन कर की मोहल्ले का हर मर्द मेरी चुकी को घूरता है और मेरी चुकी चूसना चाहता है.......

मई बनावटी गुस्से में बोली - क्या बकवास कर रहे हो कामिनी अपनी अम्मी के बारे में ......हमारे मोहल्ले वाले तुंहरे जैसे कामिनी नहीं hai.......samjhe न......





ज़ैद ने अब मुझे उल्टा घुमा दिया और मेरी गांड को अपने तरफ कर liya...fir अपनी ऊँगली से मेरी छूट को चीरता हुआ बोलै .....

ज़ैद - शुक्ल जी , भीमा काका, सब्ज़ी वाले अंकल , पान दुकान वाले अंकल, मेजर साब इन सबको माइन नोटिस किया है जब आप उनके आस पास से गुजरती हो तो वो लोग आपकी कासी हुयी जवानी देख कर अपना लुंड मसलने लगते hai........yaha तक की एक बार मैंने आपके अब्बू मतलब मेरे नाना को आपके ब्रा को अपने लुंड में लटका कर मुठ मारते देखा hai.......kyu की आप इतनी सुपर सेक्सी औरत हो he.......or एक मेरे अब्बू hai...jo इतनी छुडासी बीवी होते हुए व् उसे डेली नहीं छोड़ते.. बस काम में लगे रहते hai........kitne बड़े बेवकूफ है abbu...hai न मेरी रांड अम्मी जान.....

मेरे मुँह से गलती से निकल गया - हम्म्म्म





मई - मन हे मन सोचने लगी ....ज़ैद ये सब गन्दी बातें करके मुझे और ज्यादा गरम करना चाहता hai......or कितना तेज़ तेज़ फिंगर घुसा रहा मेरी छूट में aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa.......

ज़ैद - अपनी छूट की आवाज़ सुन रही हो न अम्मी जान ...कैसे फुच फुच फुच कर रहा hai.......or तुम मुझे नखरे दिखा रही हो........





ज़ैद - मेरी रैंड अम्मी तेरी यही गांड तो मेरे लुंड को खड़ा करती hai....kitni उभरी हुयी गांड है तेरी .... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.....man तो करता है इस गांड को मई पूरे मोहल्ले के मर्दो से मारवाङ........





ज़ैद अपना लुंड मेरे गांड के दरार में रख कर रगड़ने laga....mai इतनी गरम हो चुकी थी की मई व् उसके लुंड को अपने गांड पर रगड़ने दे रही थी और खुद व् अपने गांड को हिला रही थी......





ज़ैद - तुम मुँह से न न कह रही हो साली रांड और खुद गांड हिला हिला कर लुंड लेने के लिए बेचैन हो रही हो.....

चलो दिवार पकड़ लो अचे se....warna तुम फिर से चिल्लाने लगोगी लुंड घुसने पर.......

मई बनावटी गुस्सा दिखते हुए बोली - कामिनी कही ke......bolkar मैंने शावर के तरफ मुँह करके शावर के निचे लगा हुआ नल पकड़ liya.........or ज़ैद ने मुझे पीछे से मेरी कमर को ज़ोर से पकड़ कर मेरी गांड को दहकते हुए अपना लुंड मेरी छूट में जैसे हे bhidaya.....lazzat की वजह से मेरी आंख बेम हो gayi.........or मई अपने गांड को हल्का हल्का उसके लुंड पर मूव करने लगी.........

ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली कुटिया क्या गदराया गांड है Tera........aisi अम्मी जिसकी रहेगी वो दिन रात अपनी अम्मी को बास छोड़ता हे रहेगा........

बोलकर ज़ैद ने अपना लुंड मेरी छूट में रख कर एक ज़ोर दर धक्का mara...zaid का लुंड फुचकाककककक करके मेरी छूट में समां गया... .....दर्द और लज़्ज़त की वजह से मेरे मुँह से एक लम्बी चीख निकल गयी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa धीरीईईए zaiddddddddddddddd........ तुम्हारा लुंड भट मोटा है...........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh धीरीईईए न betaaaaaaaaaa plssssssssssssss....... ज़ैद अपने मोठे लुंड को हल्का हल्का मेरी छूट में अंदर बहार करने लगा......





मई दोनों हाथो से नल को पकड़ li....or ज़ैद मुझे ज़ोर ज़ोर से छोड़ने laga...dhap धप ध धप........





अअअअअअअ





आआआआ

फिर मेरी एक टांग पकड़ कर अपने हाथो में थाम लिया लेकिन अपने लुंड को छूट से निकलने नहीं diya.......or उसी पोजीशन में मुझे छोड़ने laga....mai गिरने के डर से अपना हाथ दिवार पर रख diya......or ज़ैद के हर धक्को से मेरी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa करने लगी........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh साली भट टाइट है तेरी छूट बहन छोड़ कुटिया sali.....lagta है कोई कुवारी लड़की की छूट मार रहा hu.......bolkar ज़ैद ने अचानक शोर चालू करके मेरे जिस्म में पानी गिराने laga.....thanda ठंडा पानी जिस्म में गिरने से मेरी छूट की आग और ज्यादा भड़क gayi......mai इस पानी में जलने lagi........mere बड़े बड़े दूध ज़ोरो से उछलने लगे the........or मेरे मुँह से दर्द भरी चीखें निकलने lagi......aaah आआह आआह आआह आआह ाआअह





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa araaaaaaaaaaammmmmmmmmmm seeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee धीरीईईए प्लसससससससस

ज़ैद मेरी गर्दन को अपने हाथो में चौक करके मुझे छोड़ने लगा और मेरे कण को चूसने laga........mai लज़्ज़त से पागल हो gayi..........meri चुकी हर धक्को के साथ उछलने लगी......









अअअअअअअ

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa araaaaaaaaaaammmmmmmmmmm seeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee प्लसससससससस करते हुए मई चुदाई का मज़ा लेने lagi......kuchh देर इसी पोजीशन में छोड़ने के बाद ज़ैद मुझे वाश बेसिन के स्लेप के पास ले gaya.......or बोलै......





ज़ैद - चल साली अपना पेअर वाश बेसिन वाले स्लेप पर rakh...bolkar ज़ैद मेर एक पेअर को उठा कर स्लेप पर रख diya....ab मेरी छूट पूरा खुल चुकी थी.......

ज़ैद ने अपना लुंड मेरी छूट पर रख कर एक ज़ोर का धक्का मारा ......मेरी चीख निकल गयी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd धीरीईईए naaaaaaaaaa............

ज़ैद ने मेरे बालो को पकड़ कर खींचते हुए bola.......sali रंडी तुझे तो मई ऐसे हे रंडी की तरह हे chodunga.........dhire करूँगा तो तुझे मज़ा नहीं आएगा........





मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh बीटा प्लसससससससस धीरीईईए araaaaaaaaaaammmmmmmmmmm से मई तेरी अम्मी हु betaaaaaaaaaa....aaah आआह ाः आआह आआह.....

मई मन में - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना मज़ा आ रहा ज़ैद के इस तरह बेरहमी से छोड़ने में.........

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh मेरी रंडी अम्मी इस पोजीशन में तुझे छोड़ने में भट मज़ा अत है जब तेरी मोती गांड देखते हुए छोड़ता हु मई......





ज़ैद अब तो ज़ोरो से मेरे बाल खींच कर मुझे छोड़ने लगा.......

मई दर्द से कराहने लगी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ज़ैद मुझे दर्द हो रहा plssssssssssssss मेरे बाल छोरो कामिनी कुत्ते...... धीरीईईए करो naaaaaaaaaa......





ज़ैद मेरे बालो को पकडे हुए हे मुझे छोड़ रहा था.....

ज़ैद - सच सच बोल न रंडी साली कुटिया तेरे बॉडी लैंग्वेज से तो नहीं लग रहा की तू एन्जॉय नहींकर रही hai....apni आंख खोल कर ज़रा मिरर में देखो तेरे चहेरे से साफ़ ज़ाहिर हो रहा तू कितना मज़ा ले रही hai.......rough चुदाई का.......





मैंने धीरे से अपनी आंख खोल कर जैसे हे मिरर में देखा मई शर्म से लाल हो gayi.......meri दोनों चुकी अिध के हर धक्को से उछाल रही thi.....or मेरे मुँह से कामुकता भरी सिसकियाँ निकल रही थी ाआअह आआह आआह आआह उम्मम्मम उम्मम्मम ाआअह ाआअह .....

ज़ैद सही कह रहा है मेरा चेहरा कामुकता से लाल हो चूका hai......oh माय गॉड मई सच में एक रंडी की तरह अपने बेटे से छुड़वा रही हु.......





ज़ैद अब मेरे दोनों हाथो को कैची की तरह पकड़ liya.......or बोलै ...अब मई तुझे और बेरहमी से छोडूंगा मेरी रांड अम्मी जान......

मई बनावटी गुस्से में बोली - कामिनी छोर मेरा हाथ दर्द हो रहा hai......mai तेरी अम्मी हु कोई बाजारू रंडी नहीं hu....jo तू मुझे जैसे चाहे वैसे चोदे.......





आआआआ

ज़ैद - तू मेरे लिए एक बाजारू रंडी है रुकसाना रांड ......बहार में ऐसी रंडी मिल जाये तो छोड़ छोड़ कर उसकी हालत ख़राब कर देगा सब milkar......bolkar ज़ैद मुझे उसी पोजीशन में ज़ोर ज़ोर से छोड़ने laga......mujhe दर्द तो भट हो रहा था लेकिन मुझे उससे कई गुना ज्यादा मज़ा आ रहा था.......





ज़ैद - बोल न रंडी साली तुझे बेरहमी से छुड़वाना भट पसंद hai........mai जितना ज्यादा ज़ोर से और बेरहमी से तुझे छोड़ता हु तुझे उतना ज्यादा मज़ा अत है........

मई मन में - ज़ैद सही कह रहा है मुझे सच में बेरहमी वाली चुदाई भट मज़ा आने लगी hai.....lekin मेरे शोहर ने मुझे आजतक इतनी बेरहमी से कभी नहीं choda.......shayad इसलिए मुझे कभी बेरहमी से चुदाई करवाने का मज़ा हे नहीं मिल पाया........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना मज़ा रहा hai......mai अब झरने के करीब हु....... aaaaaaaaajjjjjjjjjjj aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.......





अअअअअअअ





जैसे हे मई झरने वाली थी मेरी आंखें बंद हो गयी और मई ज़ोर ज़ोर से कराहने लगी..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ज़ैद aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh मई झरने वाली हु aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii.........

इतने में ज़ैद ने अपना लुंड मेरी छूट से बहार निकल दिया और मुझे छोर कर अलग हो गया.......





मई जल बिन मछली की तरह तड़प उठी......

मई मुद कर ज़ैद को गुस्से से देखने lagi.........lekin कुछ बोली nhi....zaid मुझे देख कर मुस्कुराने लगा और ज़मीन पर बैठ gaya....or अपने लुंड को हाथ से पकड़ कर हिलाते हुए बोलै.......

अगर आपको झरना है तो रंडी की तरह मेरे तरफ गांड मटकाते हुए चल कर आना होगा apko........or मेरे लुंड पर अपनी गरम छूट रख कर बैठना होगा......

मई गुस्से में बोली - ज़ैद तुम हद्द से आगे बढ़ रहे ho.....mai ऐसा कुछ नहीं करने wali........samjhe न.......

ज़ैद - तो फिर मई आपको यहाँ से जाने नहीं dunga.......or आप ऐसे हे अपनी छूट की आग बुझाने के लिए तड़पती rahogi......mujhe पता है अगर आपकी छूट की आग नहीं बुझी तो आ पागल हो jaogi....itni ज्यादा आपकी छूट गरम है की बिना झरे आप रह नहीं सकती......
 
मई ज़ैद के एकदम सामने किसी रंडी की तरह कड़ी थी और मेरी बड़ी बड़ी चुनौतियाँ मेरे साँस लेने से ऊपर निचे हो रही थी........





मैंने एक बार दूर के तरफ देखा फिर सोचा अगर मई चहु तो ज़ैद मुझे रोक नहीं पाएगा और मई बहार चली जाउंगी .......मई व् उसकी माँ hu.......woto मुझे खुद मज़ा अत है जब ज़ैद मेरे साथ सेक्स करता है इसलिए उसे मई ज़बरदस्ती करने दे देती हु क्यों की मैं खुद व् यही चाहती हु..........





मैंने एक बार अपनी छूट को छुवा .....तो मई सिहर उठी....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी छूट को लुंड चाहिए ......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना पानी छोर रही है मेरी छूट........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी छूट कितनी गीली हो रही hai....sab इस कामिनी ज़ैद के वजह से hai.....wo इतना दमदार छोड़ता है की मेरा जिस्म सिर्फ उससे हे छुड़वाना चाहता hai......kash की मेरे शोहर व् मुझे ज़ैद की तरह हे रगड़ कर chodte.......to आज मई अपने हे बेटे से इस तरह रंडी की तरह नहीं चुद रही होती.......

मई ज़ैद के तरफ गांड मटकाती हुयी बढ़ gayi...or ज़ैद के पास जाकर मई घुटनो के बल बैठ कर ज़ैद के हल्लावी लुंड को घूरने लगी......... उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या दमदार लुंड है iska......isliye मई खुद को रोक नहीं पाती हु इससे छोड़ने से.........





मई ज़ैद के लुंड को पकड़ कर अपने छूट में सेट कर के ज़ैद की आँखों में देखने लगी ...ज़ैद मुझे देख कर हरामी मुस्कान दे रहा था...

मई नखरा दिखते हुए बोली - ये लास्ट सेक्स है हमर उसके बाद हम कभी सेक्स नहीं karenge...samjhe na......hum दोनों के झरने के बाद तुम यहाँ से चले jaoge......or फिर हम दोनों एक माँ बीटा के जैसा हे रहेंगे हमेशा के लिए.... अंडरस्टैंड....????

ज़ैद - ok मेरी जान अम्मी अस यू विश......





मई व् बेशर्मो की तरह उसके लुंड को अपने छूट में रगड़ते हुए aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh भरने lagi....or जैसे हे मैंने लुंड को छूट के छेड़ में सेट किया ज़ैद ने एक ज़ोरदार धक्का मारा ....ज़ैद का पूरा लुंड मेरी छूट को फाड़ते हुए अंदर समा gaya....mai दर्द से तड़प uthi.........mere मुँह से एक ज़ोर की चीख निकली..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कामिनी धीरीईईए नहीं कर सकते ho......itna मोटा लुंड है तुंहारा ......ओह maaaaaaaaaaaaaaaaa maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaaaaa इस कामिनी ने........

ज़ैद लज़्ज़त की वजह से गन्दी गन्दी बातें करने laga.....ammi जान जैसे तुम अब्बू के लुंड पर उछाल रही थी अभी कुछ देर पहले ठीक वैसे हे मेरे लुंड पर uchhlo.....apni मोती गांड हिलाते huye........tum जब अब्बू के लुंड पर उछाल रही थी तो गजब की छुडासी रांड दिख रही थी...........





मई - जस्ट शट up...close योर फूकिंग माउथ now.........apne अब्बू को बिच में मत lao....kaminey ...तुम्हे शर्म नहीं आती अपने अब्बू के बारे ऐसी गन्दी बातें करते हुए.......

ज़ैद - मई तो बस कह रहा हु की अब्बू के लुंड में जैसे तुम अपना गांड घुमा घुमा कर छुड़वा रही थी ठीक वैसे हे मेरे लुंड पर अपना गांड घुमाओ मेरी रांड अम्मी जान.....





मई अब धीरे धीरे अपना गांड उसके लुंड पर घूमने lagi.....mai प्लेअसुरे को वजह से अपनी आंख बंद कर ली thi.....mujhe इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था ज़ैद के मोठे लुंड से छोड़ने में की मुझे दर्द के साथ साथ मज़ा व् भट आ रहा था.....

मई आंख बंद किये हुए सोच रही थी - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना मोटा और बड़ा लुंड है ज़ैद का ...मेरी पूरी बच्चेदानी तक घुस कर टक्कर मार रहा है......... हाआआयययय काश मेरे शोहर का व् लुंड इतना हे बड़ा और मोटा होता........





मई अपने गांड को अब ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी ज़ैद के लुंड me.......or मेरी ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ निकलने लगी..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh zaiddddddddddddddd aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa भट मोटा लुंड है तुंहारा zaiddddddddddddddd haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy faaaaaaaaaadddddddddddd dalaaaaaaaaaaaaaaaa मेरी छूट को.........





ज़ैद मी हाथो को पकड़ कर मुझे निचे से धक्के मरने laga.....mai और ज्यादा लज़्ज़त में अपने जिस्म को अकड़ा कर टाइट हो gayi...jiski वजह से मेरे बूब्स बहार की और निकल कर और ज्यादा टाइट हो गए.......

मई मन में - ufffffffffffffffffffgfggffffffffff अपने हे बेटे के लुंड में बैठ कर छोड़ने में कितना मज़ा आ रहा mujhe....mai सच में एक रंडी बन चुकी हु..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa





मेरे बूब्स को ज़ैद ने अपने हाथों में पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा.... मुझे दर्द के साथ मज़ा आने laga....zaod इतनी ज़ोर ज़ोर से मेरा बूब्स दबा रहा था की जैसे आज इन्हे उखाड़ हे dega........lekin अब मुझे दर्द के साथ मज़ा आ रहा घ.....

ज़ैद - ओह मेरी रंडी अम्मी क्या मस्त बूब्स है tera....itna बड़ा बड़ा दूध शायद हे किसी औरत को होता है....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना मज़ा अत है तुम्हारा दूध दबाने me.........bolkar ज़ैद और ज़ोरो से मेरे दूध दबाने laga....mujhe शदीद दर्द होने लगा दूध me.....lekin इस दर्द में इतना मज़ा आ रहा था ये मैंने कभी सोचा व् नहीं था.......





ज़ैद मेरे हाथो को फिरसे कैचिंकितारह जकड कर मुझे पागल की तरह छोड़ने लगा......

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद मेरा हाथ छोरो दर्द हो रहा है...... plssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa तुम फिर से मुझे जानवरो की तरह छोड़ रहे ho...mai तुम्हारी अम्मी हु कुछ तो रहम करो मुझ पर betaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.....





ज़ैद - चुप साली कुटिया मई तुझे ऐसी हे रंडी की तरह छोडूंगा बहन की lodi.....tu जितना रोटी है चिल्लाती है मेरा लुंड इतना ज्यादा टाइट होता hai.....or चिल्ला बहन छोड़ साली छिनार ammi.....bol साली तुझे मज़ा आ रहा hai......bol साली छिनार.......

मई - हाँ betaaaaaaaaaa मुझे भट मज़ा आ रहा तुंहरे मोठे लुंड से छोड़ने me...or ज़ोर से छोड़ो अपनी अम्मी को aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh faaaaaaaaaadddddddddddd डालो मेरी छूट को आज.......

मई अब झरने के करीब थी और अपने गांड को भट ज़ोर ज़ोर से लुंड पर घूमने लगी....





इतने में ज़ैद ने मुझे धक्का देकर अपना लुंड छूट से बहार निकल लिया.......





ज़ैद - अब तुम अपने दोनों हाथो को पीछे करके ज़मीन पर रख do......mai इस पोज़ में तुम्हे छोडूंगा .....

मैंने ठीक वैसा हे Kiya......zaid ने अपना लुंड मेरी छूट में भिड़ा कर फिर से एक धक्का मारा और उसका लुंड मेरी छूट में समां gaya....ab मुझे पहले जैसा दर्द नहीं हो रहा tha......mujhe अब ज़ैद का मोटा लुंड अपने छूट को गहराई तक चाहिए thi.......mai अब क्लियर देख प् रही ीजी ज़ैद का मोटा तगड़ा लुंड मेरी कासी हुयी छूट में किसे अंदर बहार हो रही thi.....ye देख कर मेरे जिस्म में और ज्यादा जोश चढ़ गया था.......





मई अपने सर को पीछे करके अपनी आंख बंद कर ली और लुंड को अपने छूट में बेतहाशा लेने लगी .......

मई - आआआआअह्हह्ह्ह्हह zaiddddddddddddddd मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii प्लस अब मत निकलना अपना लुंड मेरी छूट से वर्ण मई रो पड़ूँगी..... plssssssssssssss मुझे झरने do....fir तुम जैसा बोलोगे मई वैसा करुँगी.... plssssssssssssss ज़ैद..... आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa......





मई अपने गर्दन को पूरा पीछे करके ज़ोर ज़ोर से अपने गांड को हिलाते हुए झरने लगी.......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ज़ैद मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii .....मेरे पेअर विबरते करने lage.....jaise उनमे जान हे न बची ho........mere पेअर इतने ज़ोर से थरथरने लगे की मई ज़मीन पर गिर जाती.......





इतने में ज़ैद ने मुझे कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और मेरे गांड को ज़ोर से पकड़ liya.....ab मई भट आराम इ ज़ैद के लुंड को अपने छूट के अंदर घुसाए हुए हे झरने लगी......





कुछ देर ऐसे हे झरने के बाद मई थोड़ा रिलैक्स हुयी और जागते हुए मन में सोचने लगी....

मुझे विश्वास नहीं हो रहा है मई तीन बार जहर चुकी हु और ज़ैद अभी तक एक बार व् नहीं झरा है मुझे छोड़ते huye...woto लुंड चुसवा कर वो एक बार झरा था वो काउंट नहीं करती तो मुझे छोड़ते हुए ज़ैद अभी तक एक बार व् नहीं झरा hai....oh माय गॉड ये इंसान है या गधा ..........कितना स्टैमिना है इसके andar.....jis लड़की की व् इससे शादी hogi....uski तो छूट का भोसड़ा बना देगा ये छोड़ छोड़ kar....kash वो लड़की मई hoti......har औरत का सबसे बड़ा सपना यही होता है की उसे कोई रगड़ कर खूब चोदे......





मई ज़ैद के मुँह को अपने चुकी में दबा की और उसके सर को सहलने lagi...yahi सब सोचते huye....mujhe ज़ैद पर भट ज्यादा प्यार आ रहा tha........usne मुझे इतना ज्यादा जिस्मानी सुख दिया था की मई उसकी गुलाम बन चुकी थी.......







ज़ैद का लुंड अभी व् अकड़ा हुआ था......

ज़ैद ने मुझे होल्ड करते हुए ज़मीन पर लिटा diya...or मेरी छूट को चाटने लगा.....

मई सिहर उठी ...अभी अभी जस्ट मई कड़ी thi...isliye मेरी छूट अभी सेंसिटिव थी.....
 
मई तड़प कर बोल पड़ी - ज़ैद प्लसससससससस अब मत करो प्लसससससससस अभी मेरी छूट ऐसी हालत में नहीं hai.......plsss वह से अपना मुँह हटा लो betaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa





ज़ैद - अभी कहा मेरी जान अम्मी अभी तो मेरा लुंड पानी छोरना बाकि है.....

बोलकर ज़ैद मेरे छूट के पास बैठ gaya...or अपना लुंड मेरी छूट में भिड़ा कर एक ज़ोरदार धक्का मारा .....मई तड़प uthi....meri छूट अब लहरने लगी thi..mere छूट में जलन होने लगी .......

मई अब डरने लगी thi.....kyu की अब मेरे में जान बाकि नहीं रह गया tha....itni देर से ज़ैद मुझे बिना रुके छोड़ रहा था की मई तीन बार जहर कर पास्ट हो चुकी thi....ab मेरे छूट में ज़रा व् जान नहीं थी और छोड़ने के लिए......

मई ऊपर वाले से दुआ करने लगी - या खुदा प्लसससससससस मुझे इस जानवर से बचा lo...aaj ये मुझे माहाअरररररर डालेगा......





मई ज़ैद के सामने गिड़गिड़ाने लगी - रोने लगी......... plssssssssssssss betaaaaaaaaaa अब मुझे जाने दो अब मुझे से नहीं होगाआआआ...... आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa म्यांमार जाउंगी betaaaaaaaaaa plssssssssssssss अपनी अम्मी पारा रहम karo.............mai तुम्हारी अम्मी हु कोई सेक्स डॉल nhi.......oh माआआआ भट तेज़ लहार हो रहींमेरी छूट में....... plssssssssssssss एक बार में पूरा मत ghusao........bht ज्यादा जलन हो रही मेरी छूट me........raham करो betaaaaaaaaaa मई तुंहरे आगे भीख मांगती hu......mai तुम्हारी अम्मी हु......





आआआ





ज़ैद मेरी दोनों जांघो को अपने हशस ेफैला कर मुझे बेरहमी से छोड़ रहा tha...or मई रहम की भीख मांग रही thi....mujhe लग रहा था आज मई मर हे जाउंगी ...........ये जिस तरह से मुझे जानवरो की तरह छोड़ रहा hai.....mai अब नहीं बचूंगी..........





मई अपने हाथो से अपने जांघो को ज़ोर से पकड़ कर पूरा फैला दी ताकि उसका लुंड आराम से छूट में जा sake....lekin फिर व् मुझे भट दर्द हो रहा था.......







मेरी छूट फिरसे गरम होने lagi.....mai हैरान थी की एक मर्द किसी औरत को इतना कैसे छोड़ सकता है......

ज़ैद झरने के करीब था लेकिन जहर नहीं रहा था पता नहीं क्या एनर्जी थी उसके लुंड me......mai दोबारा से होर्नेय हो चुकी thi...mero छूट फिर से झरने के तरफ बढ़ने लगी .....मुझे फोर्स मज़ा आने लगा था.........





मई इतना ज्यादा मचल उठी की अपने नाखून ज़ैद के पीठ में गदा diya.......lekin ज़ैद को ज़रा व् असर नहीं हुआ.....





मई एक बार दोबारा झरने वाली थी और खुदा से दुआ कर रही थी की ज़ैद व् मेरे साथ साथ जहर जाये ताकि..... मेरी जान बच सके......

इतने में ज़ैद के मुँह से एक ज़ोरदार चीख nikli......aaaaaahhhhhh मेरी रंडी अम्मी मई गया मई gaya....le मेरा विरए अपनी छूट में बहनचोद साली रैंड अम्मी.......

मई पूरी ताकत से अपने नाखून उसके पीठ में गदा दी और मई व् साथ में झरने लगी........







ज़ैद का इतना ज्यादा विरए निकला की मेरी छूट से बहार निकल कर बहने laga......mai ज़ैद के विरए को हे देखती रह gayi....itna गाढाआआ और इतना ज्यादा....







मई अभी हैरानी से ज़ैद के वीर्य को हे देख रही थी की ज़ैद उठ कर खड़ा हो चूका था.....

और उसका लुंड अभी व् सोया नहीं tha....mai डर गयी की कही ये फिरसे मुझे छोड़ने न लग जाये......

मई झट सा उठ कर कड़ी हो gayi....or टॉयलेट में जाकर बैठ gayi...mujhe भट ज़ोरो की पेशाब लगी thi....mai पेशाब करने लगी ...मेरे जिस्म में ज़रा व् जान नहीं बचा था......





ज़ैद मेरे सामने ा आकर खड़ा हो गया और मुझे बोलै - मेरी रांड अम्मी जान मेरा अभी ठीक से नहीं निकला है इसे चूस कर पूरा विरए बहार निकालो नहीं तो मई बेचैन हे rahunga......or बढ़िया से चूस करवमेरे लुंड को मेरे विरए से साफ़ करो मेरा सारा विरए पि जाओ चाट चाट कर.......

मई बिना देर किये ज़ैद के लुंड को मुँह में भर कर चूसने लगी......





ज़ैद ने अचानक मेरे मुँह से लुंड भर खींच लिया और मेरे दूध के बिच में डालकर मेरे दूध को पकड़ने को बोलै और मेरे लुंड को अपने दूध के बिच दबाने को bola......maine थी वैसा हे किया ...अब ज़ैद मेरे ढूढ़ को छोड़ने laga...fuch फुच.....







ज़ैद - मेरे लुंड को अपने ज़बान से टच करो जब मई अपने लुंड को दूध से ऊपर ले जॉन तब.....

मई व् ज़ैद के लुंड को अपने ज़बान से टच करने lagi.......ye नया अनुभव था मेरे लिए......







ज़ैद aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh साली रंडी अच्छे से दबा अपनी चुकी को बहन छोड़ रांड साली कुटिया......





मैंने भट ज़ोर से ज़ैद का लुंड अपनी चुकी में दबा दिया और ज़ैद मेरी चुकी को छोड़ने लगा.....

इतने में ज़ैद के मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकली..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh साली रैंड मेरा निकलने वाला है अपने मुँह में भर जल्दी सा मेरा लुंड.. मैंने बिना कुछ बोले ज़ैद का लुंड मुँह में ले लिया ....ज़ैद का लुंड वोर्टे की बौछार करने लगा.......





मेरा पूरा मुँह उसके विरए से भर gaya....zaid ने जैसे हे अपना लुंड बहार निकला उसका कुछ विरए मेरे मुँह से होते हुए मेरे चेहरे और चुकी पर गिरने लगा ........





मेरा जिस्म पूरा टूट रहा था ...मई शावर के निचे जाकर अपने जिस्म में पानी गिराने लगी......







इतने में ज़ैद पीछे से आकर मुझे फोर्स पकड़ लिया और अपना लुंड मेरे गांड से रगड़ने laga.....mai दर गयी की कही ये फोर्स मुझे छोड़ने न लग जाये.....





कुछ हे मिनट में उसका लुंड फिर से खड़ा हो gaya.....or मेरे दोनों जंगजू के बिच अपना लुंड घुसा कर मेरे जांघो को छोड़ने लगा......











आआआ

मुझे ज़बरदस्ती अपने ऊपर बिठा कर अपना लुंड मेरी छूट में सेट करके धीरे धीरे रब करने लगा......







मई किसी तरह उससे छूट कर भागने लगी तो उसने मेरे हाथों को पकड़ लिया और बोलै

एक ट्रिप और करना है मुझे अम्मी जान....





तुम्हारी ये गांड मुझे फिर से जोश में ला दी है.....









ज़ैद मुझे गॉड में उठा कर दिवार के तरफ सत्ता दिया और फिर से मुझे बेरहमी से छोड़ने लगा.......







आआआ

इतने में मेरे शोहर बाथरूम का दूर खटखटाने लगे.....

रुकसाना क्या कर रही हो इतनी देर se...abhi तक तुम्हारा हुआ नहीं है....

मई - अभी आयी हनी....

लेकिन इतने में वो अंदर आ गए बाथरूम के अंदर मैंने झट से ज़ैद को बाथ टब में छुपा दिया....







और किसी तरह अपनी जान बचा कर वह से निकल गयी.....



 
अब आएगग्गीीीी.......

ज़ैद ने रुकसाना को इतनी बेरहमी से छोड़ा था की रुकसाना ठीक से चल व् नहीं प् रही thi.........uski छूट के साथ साथ उसका पूरा जिस्म दर्द से टूट रहा था.........

रुकसाना बाथरूम से भाग कर अपने कमरे में चली गयी और जल्दी जल्दी कपडे पहन कर रेडी हो gayi.......ruksana मन में सोच रही थी - कमीना इतनी बेरहमी से छोड़ा है की मेरी हालत ख़राब हो चुकी hai.........mujhe बस रेस्ट chahiye.......man तो कर रहा बिस्टेर पर जाकर ऐसा सौं की डायरेक्ट दूसरे दिन uthu.....lekin फिर अपने शोहर से क्या kahungi.........unko शक हो जाएगा to......na बाबा न ऐसी हालत में हे मुझे आज दिन भर उनका सामना करना padega..............lekin मेरी हालत इतनी ज्यादा ख़राब हो चुकी है की अगर मैंने रेस्ट न किया तो शायद बेहोश हो jaungi..........mere जिस्म में ज़रा सी व् जान नहीं बची hai.......yahi सब सोचते हुए मई किचन में चली gayi......or ब्रेकफास्ट तैयार करने lagi.......itne में दूर बेल्ल baji.....maine सोचा इस वक़्त कौन आया hoga.........bahar से लड़की की हंसने की आवाज़ आने lagi.......kyu की शायद मेरे शोहर ने दूर ओपन किया था और हो व् आया था वो अब मेरे शोहर से बात करते हुए हंस व् रही thi.....mai किचन से बहार आकर देखि तो ख़ुशी से झूम uthi.....meri छोटी बहन शहला आयी thi........shahla मुझसे भट छोटी thi......shahla की आगे भट ज्यादा तो 25 इयर्स होती hogi.....uski शादी हुए 3 साल हुए है ..शादी के बाद उसका हस्बैंड उसे दुबई ले गया tha.....wo वही जॉब करता hai........shahla की अभी तक कोई औलाद नहीं हुयी थी..........

शहला को देख कर मई ख़ुशी से झूम उठी और जाकर शहला के गले लग गयी.......





मई - ओह माय गॉड शहला तुम अचानक yaha.......mujhe तो यकीं हे नहीं हो रहा है.....

शहला - एक्चुअली रुकसाना बजी वो क्या है न की आप तो जानती हे हो की मई दुबई में एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती हु तो वही कंपनी के काम से मुझे यहाँ एक बिज़नेस मीटिंग में भेजा गया hai......to मैंने सोचा आपको सरप्राइज dungi.....hehehehe......





दोनों बहन और जीजा मिलकर बात कर हे रहे थे की ज़ैद वह पहुँच गया.........

शहला ज़ैद को देख कर - वाओ हैंडसम hunk......tum तो एकदम हीरो जैसे हो गए हो....... मस्कुलर बॉडी टालल एंड हैंडसम हुनक.........





ज़ैद के दिमाग में तो सेक्स सवार tha....uska लुंड अभी व् हाफ ट्रॉउज़र में साफ़ पता चल रहा tha........shahla की नज़र जैसे हे ज़ैद के लुंड पर पड़ी उसका डिल धक् सा रह gaya.......shahla के चेहरे का रंगज हे उड़द gaya........wo मुस्कुराते हुए अचानक सीरियस हो gayi......zaid का लुंड देख कर...........





शहला के मन से एक सेक्सी आवाज़ निकलती hai.........Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

शहला मन में - ओह माय गॉड ये क्या hai.....pant के अंदर इतना बड़ा और मोटा लग रहा ज़ैद लुंड तो जब बहार निकलेगा तो ........

क्या जिस्म है ज़ैद का कोई व् औरत देख ले तो फ़िदा हो जाये ऐसे जिस्म par.....kisi व् औरत को अपने निचे लेता होगा तो निचोड़ कर रख देता hoga.....ye सब सोचते हुए शहला की नज़र उसके अंडरवियर पर जाती है....





उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती hai.......omg ये इंसान है या हैवान सोया हुआ में व् इसका पेनिस कितना मोटा और बड़ा hai....baap रे ये अगर मेरी छूट में गया तो मई मर्डर हे jaungi.....ye सोचते हुए हे शहला की छूट गीली हो gayi..................mere हुब्बी का लुंड इसका आधा व् नहीं होगा ............अपने हुब्बी का लुंड जब मई चुस्ती हु तो बड़े आराम से मेरे मुँह में घुस जाता hai..........mgr ये लुंड मई चूस पाऊँगी या नहीं कितना बड़ा है मेरे मुँह में समाएगा हे नहीं... शहला इमेजिन करने लगती है की वो ज़ैद का मोटा लुंड चूस रही है.....





शहला बिना पालक झपकाए ज़ैद के लुंड को हे देखे जा रही thi.......zaid ने अपनी खला को अपना लुंड घूरते हुए नोटिस कर liya........uske चेहरे पर एक हरामी मुस्कान आ गयी.......

शहला का दिल ज़ोर से धड़कने laga....shahla मन में सोचने लगी - चहहीइ मई ये क्या सोच रही hu....apne हे नेफ्यू के बारे ऐसी गन्दी नज़र मुझे शोभा नहीं deti.......lekin उसका पेनिस है व् तो भट बड़ा और मोटा..... बाआआपपपपप रईईईई कितना मोटा लग रहा पंत के अंदर........

ज़ैद अपनी खला को टोकते हुए बोलै - क्या हुआ खला जाआआआं कहा खो गयी आप............

शहला हड़बड़ाते हुए बोली - का कही नहीं कही तो nhi..........bolkar शहला नज़र चुराने lagi............jaise उसकी चोरी पकड़ी गयी हो.........





इतने में रुकसाना बोली - अरे तुम कड़ी क्यों हो बैठो न........

शहला रुकसाना को देख कर मुस्कुराने लगी और वही एक डिज़ाइनर चेयर पर बैठ गयी.......





लेकिन बार बार उसकी नज़र ज़ैद के ट्रॉउज़र में उसके लुंड पर जा रही thi....jise देख देख कर शहला गरम होने लगी थी.......

शहला मन में - बार बार मेरी नज़र उधर हे क्यों चली जा रही hai........mai छह कर व् खुद पर कण्ट्रोल क्यों नहीं कर पा रही हु...........

शहला भट सेक्सी अदा के साथ चेयर पर बैठी थी और उसके बाल खुले हुए होने की वजह से वो और व् ज्यादा सेक्सी लग रही थी...........





ज़ैद के अब्बू - शहला तुम तो पहले से व् ज्यादा खूबसूरत हो गयी ho....pahle कितनी पतली दुबली thi........or अब देखो शादी के बाद पूरा जिस्म तुम्हारा भर गया है..........

शहला एकदम से शर्मा गयी - आप व् न jiju........bolkar शहला शरमाते हुए अपनी नज़र झुका ली........





जीजू - तो और क्या पहले तो तुंहरे जिस्म में आधा किलो गोश्त नहीं tha.....hawa पहलवान थी ekdam.....or अब dekho......ekdam जेर्सी गाय हो गयी ho....upar से निचे तक हर चीज़ भर गया है.....

जीजा साली में हंसी मज़ाक चल रहा tha......lekin सच मनो तो जीजा का व् लुंड शहला के गदराये जिस्म और उसकी बेपनाह खूबसूरती को देख कर खड़ा हो चूका था...........

शहला व् मज़ाकिया लहज़े में बोली - हहहहए और आप तो एकदम बुड्ढे हो गए हो jiju.......bolkar शहला मुस्कुरा पड़ी.........





जीजू - मई भले हे बुद्धा हो गया हु लेकिन तुम तो अभी जवान हुयी ho........tumhari जवानी को देख कर तो बुद्धों का व् मन मचल jaega....hahahaha

रुकसाना - आप व् न बगल में बच्चा खड़ा hai......or आप बुद्धा जवान कर रहे ho.....kuchh तो शर्म करो.....

ज़ैद के अब्बू हँसते हुए बोले - अरे मेरा बीटा अब बच्चा कहा रह gaya...wo व् गबरू जवान हो चूका hai.......hahahaha....

रुकसाना ज़ैद के तरफ एक सेक्सी नज़र से देखती है और मन में सोचती है - आपका बीटा गबरू जवान के साथ साथ भट बड़ा चुड़क्कड़ व् हो gaya..........sirf आप गबरू जवान हे समझ रहे ho..........yeto दस मर्दो के बराबर एक मर्द बन चूका है............. haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या स्टैमिना है iska............apka बीटा एकदम जानवर है जानवर ..............





ज़ैद बिच में बोल पड़ता है - क्या अब्बू लगता है यहाँ सिर्फ आप हे बुड्ढे हुए ho......ammi तो अभी व् जवान hai.........kitna व् कर लेती है थकती नहीं है अम्मी जान.......

ज़ैद जान बुझ कर डबल मीनिंग में बोलता है.........

रुकसाना अपने बेटे की बात से एकदम से शर्मा जाती hai........or ज़ैद को आँख दिखने लगती hai......ki कामिनी सबको बता दो हमारे बीच क्या हुआ.........

ज़ैद के अब्बू - हाहाहाहा हाँ यार तुमने सही कहा .....तुम्हारी अम्मी अभी व् 20 साल की जवान लड़कियों को फ़ैल कर देगी...........

बाप बेटे से अपनी तारीफ़ सुन कर रुकसाना का चेहरा ख़ुशी से खिल उठता hai......wo हल्का मुस्कुरा देती है........





रुकसाना मुँह बनाते हुए - एकदम अपनी तरह ज़ैद को व् बेशरम बना दो AAP.............acha मई शहला के लिए कुछ लाती हु .....बोलकर रुकसाना ज़ैद के तरफ देखती है तो ज़ैद अपनी अम्मी की बड़ी बड़ी चुकी को हे घर रहा tha..........ruksana अपने बेटे को अपनी चुकी घूरता हुआ देख कर शर्म से लाल हो जाती है और ज़ैद को तड़पाने के लिए जानबूझ कर अपने साड़ी का पल्लू ठीक करने के बहाने चुकी से साड़ी का पल्लू हटा देती hai.......jisse ब्लाउज में कैद उसकी बड़ी बड़ी सुडोल चुकी साफ़ दिखने लगती hai........ruksana की चुकी ब्लाउज फाड़ कर बहार आने के लिए बेचैन हो रही thi............itni बड़ी और टाइट चुकी इतनी छोटी सी ब्लाउज में कमाल की सेक्सी लग रही थी.........





अब रुकसाना किचन के तरफ जाने lagi.........ruksana जान बुझ कर अपनी गांड कुछ ज्यादा मटका कर चल रही thi........zaid को तैसे करने क लिए रुकसाना ने साड़ी पहन रखा था और साड़ी के अंदर पेटीकोट नहीं पहना था जिसकी वजह से ट्रांसपेरेंट साड़ी के अंदर उसकी पंतय दिख रही thi......ye बात उसके शोहर ने नोटिस नहीं की थी...........





ज़ैद उसकी गदरायी गांड देख कर अपना लुंड मसलते हुए ाआअह भर liya.........or मन हे मन सोचा .......

aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी मेरी जान तुम्हे कितना व् छोड़ लू मन नहीं bharta.......teri गांड इतनी सेक्सी है की दुनिया में ऐसी गांड किसी औरत की नहीं होगी .........

रुकसाना ज़ैद को तिरछी नज़रो से देख रही थी लेकिन उससे नज़र नहीं मिला रही थी......

किचन के तरफ जाते हुए रुकसाना एक जगह रुक जाती hai........or हल्का सा गर्दन मूव करके पीछे ज़ैद को देखती hai........zaid उसकी मरकटी गांड को घूरते हुए अपना लुंड पंत के ऊपर से मसल रहा tha..........ruksana की गदरायी गांड टाइट साड़ी में भट ज्यादा छुडासी लग रही thi.....zaid कर तो मन किया की सबसे सामने जाकर रुकसाना की गदरायी गांड को मसल de.........ruksana ज़ैद की हालत देख कर हल्का सा मुस्कुरा पड़ी.........





और फिर धीरे धीरे गांड मटकाती हुयी किचन के तरफ चल पड़ी........
 
किचन के तरफ जाते हुए रुकसाना एक जगह रुक जाती hai........or हल्का सा गर्दन मूव करके पीछे ज़ैद को देखती hai........zaid उसकी मरकटी गांड को घूरते हुए अपना लुंड पंत के ऊपर से मसल रहा tha..........ruksana की गदरायी गांड टाइट साड़ी में भट ज्यादा छुडासी लग रही thi.....zaid कर तो मन किया की सबसे सामने जाकर रुकसाना की गदरायी गांड को मसल de.........ruksana ज़ैद की हालत देख कर हल्का सा मुस्कुरा पड़ी.........





और फिर धीरे धीरे गांड मटकाती हुयी किचन के तरफ चल padi........zaid अपनी अम्मी की गदरायी मरकटी गांड देख कर फिरसे होर्नेय होने laga......wo अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाते हुए अपनी अम्मी की गदरायी गांड को गर्ने lga......ruksana के गदराये जिस्म को जब व् ज़ैद वासना भरी नज़रो से घूरता था रुकसाना के तन बदन में आग लग जाता tha....uska जिस्म सिहरने लगता था....... रुकसाना अपनी गांड को और ज्यादा मटकाने लगी ताकि ज़ैद का लुंड पंत के अंदर हे खड़ा हो जाये..........





इधर शहला और उसके जीजा आपस में बात करने लगे इधर रुकसाना किचन चली gayi......lekin ज़ैद की नज़र तो बस रुकसाना पर हे thi...........wo किसी तरह रुकसाना को फिर से छोड़ना छह रहा tha.........lekin अब कुछ व् करना रिस्क था............

ज़ैद मन में - अम्मी को बिना छुए अब रहा नहीं jata........kya मस्त गदराया जिस्म है अम्मी ka..........kitchen में कुछ करने से ज्यादा रिस्क नहीं hai.....kyu की अब्बू तो किचन जाते हे नहीं और शहला खला तो अभी अभी मेहमान बन कर आयी hai....to वो इधर उधर जाएगी nhi......ye मौका मई हाथ से नहीं जाने देने वाला...........

ज़ैद हिम्मत करके किचन के तरफ चल पड़ा.......

इधर शहला और जीजू आपस में हंसी मज़ाक करने लगे...........

ज़ैद के पापा ने देखा की अब यहाँ कोई नहीं है, सिर्फ शहला है तो वो अब डबल मीनिंग बात करने लगे.......

जीजू - क्या बात है शहला शादी के बाद तुम तो काफी चेंज हो गयी ho......lagta है तुंहरे शोहर तुम्हे ठीक से सोने नहीं दे रहा hai........raat भर अपनी घोड़ी की सवारी कर रहा है wo...hahahaha

शहला शरमाते हुए - आप व् न जीजू .....भट गंदे हो.......





जीजू - अरे इसमें गन्दा और ाचा की क्या बात ......तुम पहले एकदम पतली दुबली thi......na आगे कुछ न पीछे kuchh......ab तो तुम आगे और पीछे दोनों तरफ से गदरायी घोड़ी हो गयी हो ........लगता है दामाद बाबू कम् कर अपनी घोड़ी की सवारी कर रहा hai....hahahaha

शहला शरमाते हुए - तो जिसकी घोड़ी है वही न सवारी करेगा हहहहए........





जीजू - कभी मुझे व् सवारी करने का मौका दो........

शहला ठेंगा दिखते हुए - no वे आप बस गदरायी घोड़ी को देख कर लार टपकाते रह jaoge.......hehehehehe......ye घोड़ी हाथ नहीं आने वाली.......

जीजू - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy काश ये घोड़ी एक बार हाथ आ जाती तो मज़ा हे आ jata.......bolkar जीजू शहला के सुडोल दूध को घूरने लगा.........

शहला इस तरह जीजू को अपना दूध घूरता देख कर एकदम शर्म से लाल हो gayi............shahla अपनी खूबसूरत आँखों से अपने जीजू को सवालिया नज़रो से देखने lagi......jaise पूछ रही ho........inhe निचोड़ कर पीना है क्या जीजू..........





शहला जीजू के डबल मीनिंग बातों से गरम होने लगी thi........or अपने जिस्म को इस तरह हवस भरी निगाह से घूरते हुए देख कर शहला के जिस्म में हलचल होने लगी........

शहला व् मज़ा लेने के लिए थोड़ी अदा के साथ अपने चेहरे में हाथ रखते हुए boli.......aap तो मुझे ऐसे घर रहे हो जैसे खा हे jaoge.......abhi रुकसाना बजी को बताती हु..... आपका सैंड बदल रहा है दूसरी गाय देख kar.....hehehehee.....





जीजू - अरे रुकसाना को बोलने की क्या ज़रूरत hai........waise व् साली आधी घरवाली होती hai......apne साली से मज़ाक नहीं करूँगा तो फिर किस्से करूँगा......

शहला - बास हवा निकल gayi.....itna डर है आपको अपनी बीवी se........mai तो सोचती थी आप शेर ho....lekin आप तो गीदड़ निकले हाहाहाहा......

जीजू - डरूंगा नहीं तो रात में मिलेगा कहा se..........agar तुम्हारी बजी गुस्सा हो गयी तो फिर देगी नहीं na.....hahahaha

शहला - ाचा जी मतलब सिर्फ लेने क लिए आप बजी से डरते ho.....ruko अभी बताती हु बाकि को........

जीजू - अरे ऐसा ज़ुल्म मत karo......wo नहीं देगी तो फिर मुझे अपनी आधी घरवाली से लेना होगा.......

शहला हँसते हुए - आधी घरवाली से लेना इतना आसान थोड़ी है......





जीजू - आसानी से नहीं डौगी मतलब मुश्किल से ज़रूर दे डौगी है न........?

शहला झेंप गयी - जी नहीं न हे आसान से न हे मुश्किल से कभी नहीं दूंगी समझे न ........

जीजू - अब नहीं डौगी तो क्या हे कर सकता hu......wahi पुराणी मॉडल गाडी चलनी होगी मुझे......... फेरारी की सवारी करने नहीं डौगी तुम मुझे........

शहला हँसते हुए - ाचा जी मतलब मई फेरारी कार हु.......

शहला के चेहरे पर मुस्कान तैर गयी अपने आप को फेरारी कार कहलाने से.........





इधर येलोग बात चीत हंसी मज़ाक में बिजी थे उधर ज़ैद किचन में जाकर अपनी अम्मी को पीछे से देख कर अपना लुंड पंत के ऊपर से रगड़ते हुए हलकी आवाज़ में बड़बड़ाने लगता है..........

Haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अम्मी जान क्या गदराया गांड है apka........is गांड को देख कर किसी व् मर्द का लुंड खड़ा हो jaega........man तो करता है पोर्न वीडियोस वाले हब्शियों से तुझे chudwaun........ek फुट का लुंड जब आपको गांड में घुसेगा और आप चिल्ला चिल्ला के रोओगी हाथ पेअर पटकोगी तो आपको उस काले हंसी की बाँहों में फड़फड़ाता देख कर कितना मज़ा आएगा..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़..........

ज़ैद अपनी अम्मी की मोती गांड देख कर अपने लुंड को मसल रहा था पंत के ऊपर से..........





लुंड मसलते हुए ज़ैद के मुँह से एक हलकी सिसकारी निकल गयी .........Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh .....

जो रुकसाना ने सुन ली .....रुकसाना का दिल ज़ोर से धड़कने laga.....wo समझ गयी की ज़ैद किचन में आ गया hai....wo हलकी नज़र टेढ़ी करके ज़ैद के तरफ देखि तो उसका डिल और ज़ोरो से धड़कने लगा.......

वो मैं ामे सोचने लगी - या खुद ये लड़का मुझे मरवा dega.......hall में सब बैठे हुए है और ये यहाँ आ गया kamina........kitna जो उसके लुंड में गर्मी है जो शांत हे नहीं हो raha........ye तो अपनी बीवी को छोड़ छोड़ कर मार डालेगा .........

धत्त मई व् के क्या सोचती hu....chodne से कोई मरती है क्या ........





रुकसाना बेचैनी में जल्दी जल्दी काम करने lagi....uske हाथ पेअर थरथरने lage.......wo मन हे मन सोच रही थी .........ये कमीना मुझे फसा कर हे दम्म lega......jaldi जल्दी काम करने से उसकी बड़ी बड़ी चुकी को की ब्लाउज से आधा बहार को झांक रहे थे .....भट ज्यादा हिलने लगी........





ज़ैद से अब रहा नहीं जा रहा था अपनी अम्मी की मोती गांड हिलते हुए देख kar......wo पीछे से जाकर अपनी अम्मी की नंगी कमर में अपने दोनों हाथो से जकड लेता है और अपना खड़ा लुंड उसकी गांड में दबा देता है.......

रुकसाना के मुँह से एक लम्बी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकल जाती hai......zaid के लुंड को अनुभव se...........zaid अपना लुंड धीरे धीरे अम्मी को गांड में रगड़ते हुए कहता है........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अम्मी मेरी जान क्या गदराया गांड है apka......man तो कर रहा तुन्हे यही घोड़ी बना कर या कुटिया बना कर छोड़ दू.......

रुकसाना - कामिनी छोर मुझे बहार अब्बू और खला बैठे हुए hai.......koi देख लिया तो कयामत आ जाएगी.........

ज़ैद - कयामत तो तुम हो मेरी प्यारी अम्मी jan.......tumhara ये गदराया बदन कयामत से कम् है क्या.......

ज़ैद अपने लुंड को रुकसाना की गदरायी गांड में ज़ोर ज़ोर से रगड़ रहा था और उसके नंगी गर्दन में अपने होंठ रख कर धीरे धीरे चूस रहा tha......ruksana छह कर व् अलग नहीं हो पा रही thi.........ruksana की हलकी हलकी सिसकियाँ निकल रही thi.....ummmm उम्मम्मम्म उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy प्लसससससससस betaaaaaaaaaa nhiiiiiiiiiiii प्लसससससससस nhiiiiiiiiiiii कोई आ जाएगा...........

रुकसाना का जिस्म ज़ैद के छूने से पिघलने लगा tha.......zaid के लुंड का एहसास अपने गांड में रुकसाना को भट ाचा महसूस हो रहा tha....uska जिस्म खुद ज़ैद से अलग होना नहीं छह रहा tha.......ek अलग हे फंतासी मिल रही थी रुकसाना को अपने हे बेटे के साथ सेक्स गेम खेलने में वो व् अपने शोहर और अपनी छोटी बहन के होते हुए........

रुकसाना की आंखें बंद हो गयी लज़्ज़त की वजह se......or अचानक न न करते हुए हे रुकसाना ने अपना चेहरा पीछे किया और ज़ैद के होंठो में अपना होंठ रख diya....zaid व् अपनी अम्मी के होंठो को अपने होंठो में पकड़ कर हल्का हल्का चूसने लगा..........





रुकसाना से रहा नहीं गया वो मुद कर ज़ैद को आँखों में छुडासी नज़रो से देखने lagi.........ruksana की सांसें तेज़ तेज़ चलने को वजह से उसकी बड़ी बड़ी चुकी ऊपर निचे हो रही thi.......blouse फाड़ कर बहार आने के लिए बेचैन थी उसकी chuchiyan.......ruksana का पूरा जिस्म मचल रहा tha......or रुकसाना ज़ैद को भट हे सेक्सी आँखों से बस एक टुक्क घर रही thi..........zaid अपने हाथो से रुकसाना का कमर पकड़ लेता hai....or हल्का हल्का सहलाने लगता hai......ruksana की चुकी इतनी टाइट हो चुकी थी की ब्लाउज में उसके टाइट निप्पल साफ़ नज़र आ रहे थे.....





ज़ैद अपनी अम्मी की नशीली आँखों में देखते हुए बोलै - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अम्मी जान आपके होंठ कितने रसीले hai.......bolkar ज़ैद अपने ऊँगली से रुकसाना के होंठ सहलाने laga.........ruksana लज़्ज़त की वजह से पागल हो gayi......or अपनी आंखें बंद करके ज़ैद के ऊँगली का मज़ा अपने होंठो पर लेने लगी.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh मेरी रांड अम्मी इस होंठ से जब तुम मेरा लुंड चुस्ती हो न उफ्फ्फफ्फ्फ़ मज़ा हे आ जाता hai.......bolkar ज़ैद उसके होंठो को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने laga........ruksana तड़प कर अपने चेहरे को थोड़ा इधर उधर करने लगी ...और ज़ैद के शार्ट को ज़ोर से पकड़ ली.....

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss naaaaaaaaaaa प्लसससससससस aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.......





रुकसाना वही स्लेप पर बैठ गयी और ज़ैद को आँखों में देखते हुए अपनी दोनों चुकी पर हाथ फेरने lagi........or अपने चेहरे को थोड़ा ऊपर करके ज़ैद के होंठो को चुम लिया.....

ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अम्मी जान कितना सुडोल चुकी है apka.....itni मस्त चुकी कोई व् मर्द देख कर मुठ मार lega....jaise नाना आपकी चुकी देख कर मुठ मरते है........





रुकसाना ने जैसे हे सुनी उसके अब्बू व् उसकी चुकी देख कर मुठ मरते hai...ruksana की छूट गीली होने लगी........ Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss मत्तत्त karooooooooooooooo naaaaaaaaaa ummmmmmmmmmmmm haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy........bolte हुए रुकसाना ज़ैद के सर को पकड़ कर उसके होंठो पर झुक गयी और उसके होंठो को हल्का सा चूस कर फिर वापस कड़ी हो गयी.......





आआआआअह्हह्ह्ह्हह अम्मी जान क्या चुकी है तुम्हारी .......मन तो करता है इन चुकी को खा jaun.......kya भरा हुआ जिस्म है tumhara.........tumhe तो मई और अजय मिलकर छोड़ेंगे एक sath.......wo गांड में घुसेड़ा अपना मोटा लुंड मई आपकी छूट में ghusaunga...........tumhe और ज्यादा मज़ा आएगा...........

रुकसाना उसे बनावटी गुस्से से देखते हुए बोली - प्लसससससससस naaaaaaaaaa betaaaaaaaaaa गन्दी बातें मत करो वर्ण मई बहक जाती हु तुम्हारी गन्दी बातो से...........

ज़ैद उसकी कमर को रगड़ता हुआ अपने जिस्म से चिपका लिया और bola.......tumhare छुडासी जिस्म को देख कर सिर्फ गन्दी बातें हे ज़ेहन में आती है मेरी रांड अम्मी jan........tunhare छूट में इतनी गर्मी है की मेरे और अजय जैसे दस लड़को से तुम एक साथ छुडवाओगी तब जाकर तुम्हारे छूट की प्यास बुझेगी.........

ज़ैद की इतनी गन्दी बातें रुकसाना की छूट गीली करने लगी thi.....ruksana अब बेकाबू हो चुकी thi.....wo बिना किसी को परवाह किये ज़ैद के बालो को पकड़ कर अपने होंठो से उसके होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूसने lagi.......fir रुकसाना अपना हाथ ज़ैद की गर्दन पर फेरने लगी और वाइल्ड किश करने लग गयी ........

ज़ैद धीरे धीरे नंगी कमर सहलाता हुए अपने हाथ रुकसाना की चूचियों पर ले gaya......ruksana तो जैसे वासना की आग में तड़प uthi....zaid का हाथ जैसे हे चुकी पर पड़ा रुकसाना और ज़ोर से उसके होंठ चूसने लगी......

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आआआआ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ ..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaa अब basssssssssss व् karooooooooooooooo naaaaaaaaaa कोई आए jaega.........ruksana येसब बोलते हुए व् ज़ैद का होंठ चूसे जा रही थी.......

ज़ैद धीरे धीरे अपनी अम्मी को चुकी पर हाथ फेरते हुए इसे दबाने लगता hai......ruksana की चुकी इतनी बड़ी बड़ी थी की ज़ैद के एक हाथ में समा नहीं रही थी......

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी जान तुम इतनी गरम माल हो की मुझसे बरदास नहीं होता तुम्हारा गदराया जिस्म देख कर.........





ज़ैद - मेरी रांड अम्मी जान तुम्हारी छूट इतनी गहरी है की मोटा से मोटा और बड़ा से बड़ा लुंड जब तुम्हे छोड़ेगा तो तुम्हे और ज्यादा मज़ा आएगा............ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये गदराया गांड कितना उभरा हुआ है बोलकर ज़ैद अपनी अम्मी की गांड को सहलाने laga........is गांड के लिए तो गधा का लुंड चाहिए .......तब जाकर पूरा अंदर घुसेगा...........





आआआआ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh बेताआआआ plssssssssssssss ऐसी गन्दी बातें मत karo.......bolkar रुकसाना ज़ैद के होंठो को चूसने lagi.....zaid ने कमर से पकड़ कर अपनी अम्मी को अपने जिस्म में चिपका liya......or bola.........gandi बातें करने से हे तो तुम और ज्यादा गरम होती हो मेरी रांड अम्मी......

aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh बेताआआआ अब हो गया naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa अब तो छोरो mujhe.....aaaah और कितना चुसोगे ......





ज़ैद - तुम्हे कितना व् चूस लू मन नहीं भरता ......मेरी वासना और ज्यादा भड़क जाती hai.......bolkar ज़ैद ने अपनी अम्मी को दिवार से लगा दिया और उसके बड़े बड़े दूध को गुरते हुए bola..........bht बड़े बड़े और सुडोल चुकी है तुम्हारी रुकसाना मेरी जान.......

रुकसाना शरमाते हुए बनावटी गुस्से से बोली - बदमाश अपनी अम्मी को रुकसाना बोलते हुए तुम्हे ज़रा व् शर्म नहीं अति ......

ज़ैद - तुम तो मेरी रखैल हो मेरी जान रुकसाना ..............

रुकसाना को ज़ैद की गन्दी बातें और ज्यादा गरम कर रही थी .....वो ज़ैद के होंठो को फिर से चूसने लगी......







इधर शहला और जीजू आपस में बात करने में इतने खोये हुए थे की उन्हें कोई मतलब हे नहीं था की रुकसाना और ज़ैद किचन में क्या कर रहे इतनी देर से.........

रुकसाना को डर व् लग रहा था की कही शहला किचन में न आ जाये........

लेकिन रुकसाना का जिस्म उसके दिमाग का साथ नहीं दे रहा tha.......ruksana की छूट फिर से तड़पने लगी थी लुंड लेने क लिए........

ज़ैद ने रुकसाना को स्लेप में बिठा दिया और धीरे से उसके साड़ी का पल्लू निचे करने laga..........ruksana ने आंखें बंद कर li.......or ज़ोर ज़ोर से उसकी साँस चलने लगी.......





अब ज़ैद ने रुकसाना का साड़ी का पल्लू निचे गिरा कर उसकी नंगी कंधे को हल्का हल्का सहलाते हुए एक साइड से ब्लाउज को सरका कर उसकी कंधे को पूरा नंगा कर diya....or धीरे धीरे कंधे को दहकते हुए बोलै....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी रांड अम्मी जान क्या चिकना बदन है तुम्हारा........

आंख बंद होते हुए व् रुकसाना हल्का हल्का सिसकियाँ लेते हुए कहने लगी - plssssssssssssss बीटा ब्लाउज मत उतरो वर्ण शहला आ जाएगी.......





ज़ैद व् समझ रहा था की कपडे उतरना रिस्क hai...isliye वो सिर्फ ब्लाउज को एक साइड करके रुकसाना के कंधे को चूमने laga....uski बड़ी बड़ी चुकी दबाने laga........ruksana कसमसाने lagi......ummm उम्मम्मम्मम्म........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh करते huye......zaid ने रुकसाना का हाथ पकड़ कर अपने खड़े लुंड पर रख diya.....pant के ऊपर से he......ruksana तो जैसे तड़प uthi......uska जिस्म थरथराने लगा .... रुकसाना उसी तरह अपना हाथ ज़ैद के लुंड पर राखी हुयी थी कोई हलचल नहीं कर रही thi.........zaid ने अपना हाथ चुकी पर ले जाकर हल्का हल्का दबाते हुए ज़ोर से दबा दिया ....रुकसाना तड़प uthi...uske मुँह से एक aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकल gayi...........or रुकसाना ने ज़ैद का लुंड ज़ोरो से पकड़ लिया पंत के ऊपर से...........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh बीटा क्या करते हो...........

ज़ैद - मेरा लुंड तड़प रहा है जबतक मेरे लुंड का पानी नहीं निकलेगा मई आपको इसी तरह मसलता रहूँगा........

रुकसाना ने ज़ैद के लुंड को ज़ोर से मसलने हुए बोली - ये तुम्हारा इतनी जल्दी झरने वाला कहा है.......

ज़ैद - तुम्हारी गांड में घुसेगा तो जल्दी जहर जाएगा .....

रुकसाना की आंख बड़ी हो गयी इतना मोटा लुंड गांड में घुसेगा तो दर्द से मई मर हे जाउंगी .........

रुकसाना ज़ैद को आंख दिखते हुए बोली - क्या कहा तुमने पीछे से घुसोगे .. दिमाग तो सही है tumhara.......samne से लेने में मई दर्द से तड़प जाती hu...pichhe से लेने में मई तो मर्डर हे जाउंगी.........

ज़ैद तो फिर इसे चूस कर पानी निकल दो......

रुकसाना ज़ैद की आँखों में गुस्से से देखते हुए निचे बैठने lagi........or घुटने के बल बैठ कर ज़ैद की आँखों में देखते हुए उसके लुंड को हाथो से सहलाने लगी.........

रुकसाना मन में - उफ्फ्फ्फ़ कितना तगड़ा लुंड है मेरे बेटे का ........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मन तो करता है इस लुंड से दिन रत चुदती राहु और हमें कोई रोकने टिकने वाला न ho........na हे किसी के आने का डर हो waha......or ज़ैद मुझे इतना छोड़ इतना चोदे की मई बेहोश हो जॉन फिर होश में लाके मुझे chode.......or बस छोड़ता हे rahe.......mai कितना व् ना ना करू फिर व् मुझे बेरहमी से छोड़ता रहे..........

अब रुकसाना ज़ैद के लुंड को मुँह में भर कर चूसने lagi.......zaid की आँखों में देखते huye.........kabhi ज़बान निकल कर चाट लेती लुंड को कभी हाथो से मुठ मरने लगती कभी मुँह में भर लेती और चूसने लगती........





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa अम्मी जान उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसे हे चुसो उफ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी रांड अम्मी कितना बढ़िया चुस्ती हो तुम lund.....tum तो अंदर से एक नंबर की रंडी ho.....lekin मुझे मालूम नहीं था तुम इतनी बड़ी रंडी हो अंदर से.......

ज़ैद की गन्दी बातो से रुकसाना की छूट पूरी गीली हो चुकी thi......chut गीली होकर पंतय पूरी भीग चुकी थी छूट रस से......





ज़ैद अब रुकसाना के सर को दोनों हाथो से पकड़ कर उसके मुँह में अपना पूरा लुंड घुसा दिया और फिर बहार nikala....ruksana इस हमले के लिए तैयार नहीं thi.......wo छटपटाने lagi.....lekin अब रुकसाना को ये बेरहमी भट ज्यादा गरम करने लगी thi........ruksana तो यही चाहती thi.....ki उसे कुट्टी की तरह कोई बेरहमी से chode.......berahmi से छुड़वाने का मज़ा अब रुकसाना को पता चल चूका था......





ज़ैद भट देर तक इसी तरह रुकसाना के मुँह को बेरहमी से चोदे जा रहा था.....

और अचानक ज़ैद के मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकली......

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaa अम्मी मेरी रंडी मई गया मई गया बोलकर ज़ैद अपना लुंड मुँह से बहार निकल कर अपनी अम्मी के मुँह में अपना सारा क्रीम गिराने लगता hai.....zaid के लुंड का गरम गरम गाढाआआ विरए जैसे हे रुकसाना के मुँह में चेहरे में आँखों में गिरता है रुकसाना की छूट प्रेकम छोड़ने लगती है......





रुकसाना झट सा अपना मुँह खोल कर ज़ैद का विरए अपने मुँह में गिराने लगती है......

रुकसाना मन में - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गाढाआआ विरए है इसके लुंड ka......or कितना नमकीन hai.....man तो करता है इसका सारा लुंड का क्रीम मई ऐसे हे पीती रही 24 घंटा.......





रुकसाना ज़ैद का विरए पूरा जातक जाती है......

ज़ैद अपनी अम्मी को पकड़ कर उठता है और उसके होंठो को चूसने लगता hai....ruskana व् मदहोशी में ज़ैद के होंठो को चूसते हुए अपना ज़बान बहार करके ज़ैद को कहती है ज़बान चूसने ज़ैद रुकसाना के ज़बान को चूसते हुए उसकी चुकी मसलने लगता है........





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa बेताआआआ ये कैसी आग लगा दी है तूने मेरे जिस्म me......ye आग बुझा दो ज़ैद ......मेरी छूट भट गीली हो चुकी है अब रहा नहीं जा रहा ....चलो न बाथ रूम में मुझे छोड़ कर मेरी छूट की आग बुझा दो....... प्लसससससससस ज़ैद मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा.......





इतने में जैद के अब्बू की आवाज़ आती है....

रुकसाना मेरी जान क्या करने लग गयी तुम किचन में.......

अब्बू को आवाज़ सुन कर दोनों हड़बड़ा कर अलग हो gaye.......or ज़ैद वह से निकल गया.......

शहला ने ज़ैद को देख कर मुस्कुरा दिया और बोली - इतनी देर से तुम कहा थे zaid.......itna पसीना पसीना क्यों हो रखा hai......shahla की नज़र न चाहते हुए व् फिर से ज़ैद के पंत में बने हुए तम्बू पर चला gaya......zaid का लुंड अभी व् पूरी तरह से मुरझाया नहीं tha....jiski वजह से पंत में लुंड का अकार साफ़ पता चल रहा tha............shahla की फिर से धड़कन तेज़ हो गयी लुंड का अकार देख कर.......





ज़ैद ने भांप लिया उसकी खला शहला उसका लुंड देख रही है......

ज़ैद जान बुझ कर पंत के ऊपर से लुंड ढलते हुए bola.......wo खला जान अपने जिस्म की गर्मी निकाल रहा था........

शहला सकपका गयी ज़ैद के ऐसा कहने se.........or ज़ैद के हाथो में पकडे हुए लुंड को घूरते हुए शर्मा गयी.......





उधर से रुकसाना आ गयी हाथ में खाने पिने का ट्रे लेकर......

ज़ैद अपनी अम्मी को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए बोलै.......

देखो अम्मी व् कितना पसीना पसीना हो राखी hai....ammi व् भट गरम हो गयी hai.....kitchen में काम करते karte......hai न अम्मी........

रुकसाना ज़ैद की डबल मीनिंग बातों को समझ रही थी वो ज़ैद के ऐसा कहने से शर्म से लाल हो gayi......or ज़ैद को गुस्से से देखते हुए आँखों से इशारा kiya...ye सब बात सबके सामने नहीं करने का.......





रुकसाना ने ट्रे वही रख दिया और वही बैठ गयी ...ज़ैद अपनी अम्मी के जस्ट बगल में सत् कर बैठ gaya.......ruksana को पता था ज़ैद उससे सत् कर बैठा है मतलब ज़रूर कुछ हरकत karega......uski धड़कन तेज़ हो gayi....ke सबके सामने अगर उसने कुछ ऐसा वैसा किया और किसी ने देख लिया तो क्या hoga.......uska चेहरा डर के मारे लाल हो गया...........

ज़ैद के अब्बू - अब देख लो तुम अपनी रुकसाना बजी को हे जवान लड़कियां इसके सामने फ़ैल hai......jaise जैसे उम्र गुज़र रही है वैसे वैसे ये और ज्यादा निखार रही है...........

रुकसाना शरमाते हुए बोली - क्या आप व् न जी सबके सामने सुरु हो जाते ho.......or रुकसाना शरमाते हुए अपने बालो के लत्त को कान के तरफ सवारने lagi......ruksana की बड़ी बड़ी खूबसूरत आंखें देख कर ज़ैद के पापा ने कहा.....

Haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मई इसी अदा पर तो मरता हु अपनी खूबसूरत बीवी पर..........





रुकसाना खिलखिला कर हंस पड़ी वो व् शर्मीली अंदाज़ में.........

रुकसाना की ये अदाएं देख कर तो कोई व् मर्द घायल हो जाये.........





इतने में रुकसाना को अपनी जांघो में किसी का हाथ महसूस hua.....wo एकदम से सिहर uthi..........ruksana समझ गयी की ज़ैद का हाथ hai......ruksana ने भट हे कामुक अंदाज़ में ज़ैद को देखते हुए आंख दिखाई जैसी कह रही हो ........की सबके सामने मत karo.......khud व् फसोगे मुझे व् fasaoge.........ruksana की बड़ी बड़ी खूबसूरत आंखें देख कर ज़ैद और व् कामुक हो gaya.....ruksana का सेक्सी चेहरा उसकी रसीले होंठ बड़ी बड़ी आंखें खुले baal....upar से उसकी चुकी का साइड व्यू साला कमाल की छुडासी माल लग रही थी रुकसाना.......





ज़ैद अपना हाथ हटाने के बजाय रुकसाना की गदरायी जांघों को और ज्यादा सहलाने laga.......ruksana घबराने लगी की कही कोई देख न le.......wo बार बार अपना हाथ निचे ले जाकर ज़ैद के हाथो को अपने जांघो से हटती लेकिन ज़ैद दोबारा अपना हाथ उसकी जांघ में रख कर सहलाने lagta..........ruksana बार बार अपना हाथ निचे ले जाकर ज़ैद का हाथ हटा रही थी तो उसके शोहर ने उसे टोका दिया.........

क्या हुआ जी कोई दिक्कत है क्या ........
 
इधर शालिनी की छूट तड़प रही थी मोटा लुंड से छोड़ने के liye......wo बेचैन thi....jab से ज़ैद ने शालिनी को छोड़ा था उसकी छूट और ज्यादा प्यासी हो चुकी थी मोटा लुंड लेने ki.............usne सुबह से दो तीन बार ज़ैद को कॉल किया था लेकिन ज़ैद तो अपनी अम्मी को छोड़ने में इतना बहका हुआ था की शालिनी से सिर्फ कसुआलय बात करके कॉल कट कर दिया था दो तीन baar.......lekin शालिनी को छूट ज़ैद के लुंड को इमेजिन करके भट गरम हो राखी थी.........

इधर शालिनी ेने के सामने बैठ कर खुद को तैयार कर रही .........जैसे हे अजय अपनी मम्मी के रूम के बहार से गुज़रा अपने अम्मी को तैयार होता देख कर खिड़की के पास रुक gaya....khidki थोड़ा खुली हुयी थी......

शालिनी की गदरायी जवानी देख कर बुद्धो का व् लुंड खड़ा हो जाता ....अजय तो फिर व् जवान हे tha..........Shalini का भरा हुआ बदन पीछे से और व् ज्यादा सेक्सी लग रहा tha.....uski पीठ पूरी नंगी थी सिर्फ ब्लाउज की डोरी से बंधी हुयी thi......uski चिकनी पीठ और चिकनी गोरी माखन के जैसी कमर उसपर भरी भरकम गांड में साड़ी बंधा हुआ ......अजय की तो है निकल गयी अपनी मम्मी को देख कर.......





अजय का मन कर रहा था अपनी मम्मी को पीछे से जाकर पकड़ ले और पटक कर अपना लुंड उसकी गांड में घुसा दे......

शालिनी ज़ैद के ख्यालों में खोयी हुयी thi.....uska मोटा लुंड उसकी छूट को बेचैन कर रहा tha.........Shalini को ज़ैद की बातें यद् आने लगती है........

शालिनी मन में सोचने लगती है - क्या सच में मेरा बीटा अजय मेरी गदरायी जवानी को देख कर मुठ मरता है ....लेकिन मुझे तो ज़रा व् यकीं नहीं है की अजय ऐसा कर सकता hai............itne में शालिनी को अजय हल्का सा नज़र आ जाता है मिरर में ....अजय शालिनी को आंखें फाड़ कर देख रहा tha..............Shalini की दिल की धड़कन बढ़ जाती hai..............ajay उसके भरी जवानी को देख कर लुंड सहला रहा था......

शालिनी मन में - ओह माय गॉड इसका मतलब ज़ैद सही कह रहा था.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये आजकल के लड़के व् na....apni हे माँ को छोड़ने के लिए बेचैन रहते hai.......lekin इसमें अजय की क्या गलती ....मेरा जिस्म हे ऐसा hai..........sochte हुए शालिनी के चेहरे पर मुस्कान तैर जाती hai........apne हे बेटे को तैसे करना क्या सही hai......nhi नहीं मई इतनी व् बेशरम नहीं hu.........lekin मेरा जिस्म मचल क्यों रहा है अजय को देख कर.........





शालिनी अजय को तैसे करने क लिए उठ कर कड़ी हो जाती hai.....or अपने साड़ी को ठीक करने के बहाने सामने से हटा देती hai...jisse उसकी बड़ी बड़ी सुडोल चुकी ब्लाउज से बहार झांकने लगती hai........Shalini ने बरनुमा ब्लाउज पहना हुआ tha.......jisse उसकी चुकी आधी नंगी थी.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa मम्मी क्या जिस्म है tumhara.......man तो कर रहा रगड़ कर छोड़ दू तुझे..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या चुकी है maaaaaaaaaaa apki......ajay येसब बुदबुदाते हुए अपना लुंड रगड़ने laga........idhar शालिनी अजय को तिरछी नज़रो से देखते हुए अपने साड़ी को हल्का हल्का इधर उधर कर रही थी......





शालिनी मन में - आआआआअह्हह्ह्ह्हह बेताआआआ तुम्हे अपना जिस्म दिखने में इतना मज़ा क्यों आ रहा mujhe.........Shalini अब अजय को और ज्यादा तैसे करने के लिए अपने दूध को थोड़ा हिला देती hai....uchhal उछाल kar........Shalini साड़ी झारते हुए आने दूध को हिला रही थी जिसे देख कर अजय पागल हो gaya...or अपना लुंड पंत से बहार निकल कर हिलने लगा.......

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मम्मी क्या माल हो तुम......









अब शालिनी और ज्यादा होर्नेय हो चुकी thi.....wo अब धीरे धीरे अपने साड़ी को अपने जिस्म से हटाने lagi.......Shalini की नंगी पेट अब साफ़ नज़र आ रही thi........uski गहरी नाभि देख कर अजय को हालत पतली हो गयी.......

वो अपना लुंड हिलाते हुए बड़बड़ाने लगा - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मम्मी haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या मस्त जिस्म है tera.......tujhe तो कुटिया बना कर छोडूंगा आज मई.........





शालिनी का दिल ज़ोरो से धड़क रहा था अपने बेटे को अपना जिस्म दिखने me.....use शर्म व् आ रही थी और मज़ा व् आ रहा tha..uski छूट भट ज्यादा गीली हो चुकी थी.......

शालिनी जान बुझ कर साड़ी को आधा खोल कर अपने हाथो से पकड़ कर साड़ी के साथ खेलने lagi......Shalini की बड़ी बड़ी चुकी किसी अप्सरा से काम नहीं लग रही थी.....

अजय मन में - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy माआआ क्या मस्त चुकी है तेरी ....मई तो इन्हे निचोड़ निचोड़ कर पियूँगा.......





शालिनी अब धीरे से बीएड पर बैठ गयी और अपने कुछ कपड़ो को हल्का हल्का झाड़ने लगी जिसकी वजह से उसकी दोनों चुकी ज़ोर ज़ोर से हिलने lagi......Shalini अपने बेटे को आज पागल बना देना चाहती थी अपने जिस्म के जलवों से ......





शालिनी माँ. में सोच रही थी Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa बीटा आआआआ व् जाओ और अपनी maaaaaaaaaaaaaaaaa की प्यास बुझा दो अपने मोठे लुंड se.......Shalini अब और ज्यादा आगे बढ़ने का सोच लेती hai.......wo अपनी साड़ी को धीरे धीरे करके अपने जांघों तक ऊपर कर लेती hai.......or अपने जांघो को हल्का हल्का सहलाने लगती hai....or मन हे मन मुस्कुराने लगती है.......

शालिनी मन में - भट शौक है ने बीटा अपनी माँ का जिस्म देखने का ....तो आज तुझे मई ऐसा शो दिखाउंगी की तुम पोर्न वीडियोस देखना भूल जाओगे........

शालिनी अपने जांघो को सहलाते हुए अपने साड़ी को और ज्यादा ऊपर करती गयी और अपने गांड तक पूरा ऊपर कर di......or फिर धीरे धीरे अपने जांघों को सहलाते हुए अपने गांड को हल्का हल्का सहलाने लगी.......





और अब शालिनी जान बुझ कर ज़ोर ज़ोर से कामुक आवाज़ निकलने lagi.......taki अजय आराम से उसकी कामुक आवाज़ों को सुन सके........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa मई भट प्यासी हूउउउउउ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी छूट भट गीली हो रही है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh काश कोई आकर मेरी छूट की प्यास बुझा देता........ हाआआयययय मेरी छूट......





Aaaaaaaaamaaaaaaaaaahhhhhhh मेरी छूट कितनी गीली हो रही hai.....is छूट में कोई मुस्टंडा लुंड घुस कर मेरी छूट की प्यास बुझा देता आआ तो मेरी छूट की प्यास बुझ जाती............

ये सब बोलते हुए शालिनी अपने छूट को अपने हाथो से सहलाने लगी..........

जिसे देख कर अजय तो जैसे पागल हो गया.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ज़ैद कहा हो तुम ....तुम्हारी रांड आंटी यहाँ जिस्म की गर्मी से बेचैन hai......jaldi औ और अपनी रांड आंटी को लुटिया की तरह छोड़ कर उसके छूट की खुजली मिटाआ दो........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद क्या लुंड है तुंहारा.... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.....jab मेरी छूट में जाता है छूट faaaaaaaaaadddddddddddd कर रख देता है..... ......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddddddddddd........

शालिनी जान बुझ कर अजय को सुनते हुए गन्दी बातें कर रही thi.....idhar अजय अपनी माआ की कामुक सिसकियाँ और उसकी गन्दी बातें सुन कर पागल हुए जा रहा था.....

अब वो अपना ब्लाउज धीरे धीरे उतरने लगती hai...jise देख कर अजय को धड़कन बढ़ने लगती है....... शालिनी जन बुझ कर अपना पीठ अजय के तरफ कर देती है ताकि अजय और ज्यादा पागल हो जये उसका जिस्म सामने से देखने क लिए.........

शालिनी धीरे धीरे अपना ब्लाउज उतरते हुए ब्लाउज को आधा में ले जाकर छोर देती hai.......jisse उसकी पीठ पूरी नंगी नज़र आने लगती है......

अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मम्मी क्या चिकनी पीठ है tumhari........tunhare पीठ में मुठ मरकर सारा वीर्य गिरा दूंगा.........





आआआआ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरे जिस्म को गर्मी बढाती जा रही है अजय को तैसे करने में....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy तैसे करने में इतना मज़ा अत है मुझे तो आज पहली बार एहसास हुआ hai...........is खेल को अब मई आज दिन भर खेलूंगी .......लेकिन अजय को अपने जिस्म को टच करने नहीं dungi....hehehehehe.......uski वासना इतनी भड़का दूंगी की वो मुझे ज़बरदस्ती पकड़ कर बेरहमी से चोदे........

यही सब सोचते हुए शालिनी की सांसें तेज़ हो गयी जिसकी वजह से उसकी ब्रा में कैद बड़ी बड़ी चुकी ऊपर निचे होने lagi........ab शालिनी अजय के तरफ घूम gayi..........ajay के मुँह से haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy निकलते निकलते bachi.........uski maaaaaaaaaaaaaaaaa शालिनी किसी सेक्स की देवी से कम् नहीं लग रही थी ब्रा और साड़ी me.......kya मस्त जिस्म दिख रहा था शालिनी ka......badi बड़ी चूचिया ब्रा से आधा से ज्यादा बहार thi........bra के अंदर उसकी चुकी किसी छोटे से फुटबॉल को तरह दिख रही thi........sans तेज़ होने की वजह से उसकी चुकी ऊपर निचे होकर और ज्यादा छुडासी दिख रही थी......





शालिनी अब अपने साड़ी को हल्का हल्का अपनी चुकी से हटाने lagi.......mano वो अजय को कह रही हो की वो betaaaaaaaaaa और अपनी मम्मी की चुकी को मसल do.....nichod लो इन निगोड़ी चूचियों ko........iska सारा रस निचोड़ कर पि jao.......or अपने दन्त गदा दो मेरे निप्पल में......

अजय अपनी मम्मी की गुदाज चुकी देख कर पागल हो gaya........uski मम्मी की चुकी ट्रांसपेरेंट ब्रा में कमाल की छुडासी दिख रही thi......or उसकी गहरी नाभि उसमे चार चाँद लगा रहे थे........





शालिनी मन में -Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh बेताआए तुम्हे देख कर मेरी चूचियां और ज्यादा मचल रही hai....kahi ऐसा न हो की ब्रा फाड़ कर बहार आ जाये.......

उसकी धड़कन इतनी तेज़ चल रही थी की शालिनी को ऐसा लग रहा था जैसे उसका दिल बहार निकल jaega.........apne हे बेटे को सडके करने में इतना मज़ा अत है ये शालिनी सपने में व् नहीं सोची थी.......





अजय मन में सोचते हुए अपना लुंड और ज़ोर से हिलने laga.........Aaaaaaaaamaaaaaaaaaahhhhhhh मम्मी क्या जिस्म है tumhara......man तो कर रहा खा जॉन tumhe......apna लुंड दोनों चुकी के बिच फसा कर तेरी चुकी को हे छोड़ du.....or अपना सारा विरए तेरी चुकी में गिरा दू......

शालिनी अब पूरी तरह से गरम हो चुकी thi.......wo अपने हाथो से अपने चुकी को सहलाते हुए धीरे धीरे अपने हाथ को निचे ले जाने लगी ......और अपनी नाभि के पास अपना हाथ ले जाकर नाभि को छेड़ने lagi.......ajay को अपनी मम्मी की एक साइड की चुकी ब्रा में कैद और ज्यादा जोश में ला रही थी....

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मम्मी तेरी चुकी तो रुकसाना आंटी के जैसी बड़ी बड़ी और सुडोकु है.........





......

शालिनी अपने नाभि में हाथ फेरते हुए धीरे से अपना हाथ साड़ी में फसा कर साड़ी को धीरे धीरे ऊपर करने लगी ..जिसे देख कर अजय पागल हो utha.....Shalini साड़ी को पूरी तरह ऊपर उठा दी जिसकी वजह से उसकी चिकनी जांघ और गदराया गांड अजय के नज़रो के सामने था......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh ज़ैद मेरी चुकी भट बेचैन है तुम्हारे से मसलवाने के liye......ab आ व् जाओ मेरे raja......ap और अपनी रखैल आंटी को छोड़ छोड़ कर उसे अपनी रंडी बना लो...... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff मेरी ये निगोड़ी चूचियों...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy बिना दर्द सहन कैसे तड़प रही है एक जवान हट्टे काटते मर्द के हाथो से मसलवाने क लिए........

ये सब बोलते हुए शालिनी अपनी दोनों चुकी को अपने हाथो में पकड़ कर मसलने हुए अजय के तरफ देखने लगी.........

अजय जल्दी से खिड़की के पीछे छुप गया उसे लगा की कही उसकी मम्मी देख न ले.......

शालिनी को हलकी सी हंसी आ गयी अपने बेटे को छुपता हुआ देख कर........

शालिनी ने इस अंदाज़ में खिड़की के तरफ देखा था जैसे वो जान बुझ कर उधर देख रही हो की बीटा मई जानती हु तुम मुझे छुप कर देख रहे हो.........

शालिनी सिर्फ ब्रा और पंतय में गजब की माल दिख रही थी....... शालिनी का बदन इतना गदराया हुआ था की पंतय और ब्रा में वो कयामत दिख रही थी........





शालिनी जान बुझ कर अपने चुकी को भट ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी ब्रा के ऊपर se......or ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ निकलने लगी ........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy aaaaaaaaamaaaaaaaaaahhhhhhh कीटनाआआआआ मचल रही है मेरी चुकी किसी मर्द के हाथो में आने के लिए...........





Aaaaaaaaamaaaaaaaaaahhhhhhh betaaaaaaaaaa aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff दबा दो naaaaaaaaaa मेरी इन चूचियों को अपने हाथो से.......

शालिनी अब जान बुझ कर डायरेक्ट betaaaaaaaaaa वर्ड उसे करने लगी......

अजय ने जैसे हे सुना उसकी maaaaaaaaaaaaaaaaa बीटा कह रही है चुकी दबाने के लिए तो वो फ़ौरन फिर से खिड़की से देखने लगा.........

अजय को तिरछी नज़र से देख कर शालिनी के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर gayi.........wo मन में सोचने lagi........aaah तेरी maaaaaaaaaaaaaaaaa तेरे लुंड का सारा पानी ऐसे हे अपना जिस्म दिखा कर निकाल देगी मेरे हरामी बेटे.........

अब शालिनी और ज्यादा गन्दी गन्दी बातें करने lagi....or अपनी चुकी को और ज़ोर से मसलने lagi.....Shalini को दर्द व् हो रहा था लेकिन दर्द से कई गुना ज्यादा उसे मज़ा मिल रहा tha....uski छूट एकदम गीली हो चुकी thi.......jiski वजह से उसकी पंतय पूरी छूट रस से भीग चुकी थी.........





Aaaaaaaaamaaaaaaaaaahhhhhhh betaaaaaaaaaa zaiddddddddddddddd अपनी रंडी आंटी की गांड में अपना मोटा लुंड घुसा कर इस गांड को और चौड़ी कर do..........itna छोड़ो मुझे की मई ठीक से चल व् न paun.........bolte हुए शालिनी धीरे धीरे एक अदा के साथ घूम गयी अब शालिनी की मोती गांड अजय के नज़रो के सामने था.........

अपनी माँ की मोती गांड देख कर अजय का लुंड एकदम से टाइट होकर फूल gaya.......uske नज़रो के सामने अब उसकी माँ की मोती गांड साफ़ दिख रही थी.....





शालिनी अजय के तरफ अपनी गांड करके वह राखी हुयी सेंटर टेबल पर झुक जाती hai.....jisse उसकी मोती गांड की दरार साफ़ नज़र आने लगती है......

Aaaaaaaaamaaaaaaaaaahhhhhhh betaaaaaaaaaa इस गांड पर आकर थप्पड़ मारो और अपना चिपचिपा थूक लगा दो मेरी गांड की दर्द में......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy जब तुम अपना चिपचिपा थूक मेरी गांड की दरार में लगते हो और मेरी गांड चाप चाप करने लगती है तो ऐसा लगता है की बस अब अपना मोटा लुंड घुसा हे दो मेरी गांड me.........or मुझे कुटिया बना कर इतना छोड़ो इतना छोड़ो की मई मरररररर हे जॉन........... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.........





शालिनी की इतनी सेक्सी लुक देख कर तो अजय के होश उड़ गए the.......wo और ज़ोरो से अपना लुंड हिलने लगता है ........शालिनी झुक कर अपने पैरो को सहलाने लगती hai....or अपने गांड को हल्का हल्का हिलने लगती है जिसकी वजह से गांड की दरार ामे फांसी हुयी पंतय और ज्यादा छुडासी लगने लगती है.......





येसब करने से शालिनी की छूट भट ज्यादा गीली हो चुकी thi....uski पंतय छूट रस से भीग चुकी thi.....Shalini का जिस्म किसी ज्वालामुखी की तरह धधक रही थी..........

वो अब बीएड में बैठ कर एक छुडास भरी नज़रो से अजय के तरफ देखती hai....is बार अजय खिड़की से नहीं हैट टा और अपनी माँ की नाशिनी आँखों में वो व् देखने लगता hai....dono की नज़र एक दूसरे से मिल जाती hai............ajay बिना पालक झपकाए अपनी माँ की आँखों में देख कर अपना लुंड और ज़ोर से हिलने लगता है...... शालिनी के जिस्म में तो बस हवस की आग जल रही thi....wo व् बेशर्मो की तरह अजय की आँखों में देखते हुए अपनी चुकी पर हाथ फेरने लगती है........





अजय अपनी माँ को देखते हुए अपना ज़बान अपने होंठो पर फेरने लगता hai....mano कह रहा हो की भट छुडासी लग रही हो मम्मी तुम........

अजय आँखों के इशारे से शालिनी को घोड़ी बनाने को कहता है........

शालिनी शर्मा जाती है और नाआ में सर हिला कर अपनी नज़र निचे कर लेती है.......

इतने में अजय shiiiiiiiiiiiiiiiii shiiiiiiiiiiiiiiiii की आवाज़ निकल कर अपने तरफ वापस देखने को लगता hai....Shalini धीरे धीरे अपनी नज़र उठा कर अजय को नशीली आँखों से देखने लगती hai........Shalini धीरे से बीएड पर चढ़ कर बैठ जाती है और घोड़ी बनने की पोज़ में बैठ जाती hai...fir अपनी गर्दन घुमा कर अजय को छुडास भरी नज़रो से देखने लगती है.......









Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कुटिया बानी naaaaaaaaaaa plssssssssssssss......ajay हलकी आवाज़ में बोलता है...... शालिनी शरमाते हुए naaaaaaaaaaa में जवाब देती है......

अजय - प्लसससससससस naaaaaaaaaa सिर्फ एक baar......apni गांड मेरी तरफ करके कुटिया बानी न......

शालिनी अजय को आँखों में देखते हुए धीरे कुटिया की पोज़ में बैठने लगती है.........

इस बार शालिनी को देख कर अजय से रहा नहीं जाता और वो खिड़की पूरा खोल देता hai....jiski वजह से उसका लुंड शालिनी को साफ़ नज़र आने लगता hai........uska बीटा का लुंड व् ज़ैद की तरह भट मोटा और लम्बा tha.....shalini एक तुम अजय के लुंड को देखने लगती है.......



 
अभी तक अपने पढ़ा.........

अजय आँखों के इशारे से शालिनी को घोड़ी बनाने को कहता है........

शालिनी शर्मा जाती है और नाआ में सर हिला कर अपनी नज़र निचे कर लेती है.......

इतने में अजय shiiiiiiiiiiiiiiiii shiiiiiiiiiiiiiiiii की आवाज़ निकल कर अपने तरफ वापस देखने को कहता hai....Shalini धीरे धीरे अपनी नज़र उठा कर अजय को नशीली आँखों से देखने लगती hai........Shalini धीरे से बीएड पर चढ़ कर घोड़ी पोज़ में बैठ जाती hai........fir अपनी गर्दन घुमा कर अजय को छुडास भरी नज़रो से देखने लगती है.......









Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कुटिया बनो naaaaaaaaaaa plssssssssssssss......ajay हलकी आवाज़ में बोलता है...... शालिनी शरमाते हुए naaaaaaaaaaa में जवाब देती है......

अजय - प्लसससससससस naaaaaaaaaa सिर्फ एक baar......apni गांड मेरी तरफ करके कुटिया बनो नाआआआ......

शालिनी अजय की आँखों में देखते हुए धीरे से कुटिया की पोज़ में बैठने लगती है.........

इस बार शालिनी को देख कर अजय से रहा नहीं जाता और वो खिड़की पूरा खोल देता hai....jiski वजह से उसका लुंड शालिनी को साफ़ नज़र आने लगता hai........uska बीटा का लुंड व् ज़ैद की तरह भट मोटा और लम्बा tha.....shalini एक टुक्क अजय के लुंड को देखने लगती है.......





अब आएगग्गीीीी........

शालिनी अजय के अकड़े हुए लुंड को देख कर और ज्यादा जोश में आ चुकी thi....uski पंतय उसके छूट रस से भीगने लगती hai.......ab उससे बरदास करना मुश्किल हो चूका तह...........

शालिनी मन में - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मोटा लुंड है अजय का....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना मज़ा आएगा जब ये मोटा लुंड मेरी छूट में घुसेगा to..........meri छूट में इतनी खुजली हो रही है की बिना झरे मई अब रह नहीं sakti........dusre मर्द से करवाना एक अलग बात hai...apne हे बेटे से येसब करना पाप hai..........lekin अभी मेरी छूट को अजय का मोटा लुंड चाहिए ........मेरी छूट लुंड के लिए तड़प रही hai......paap और पुण्य बाद में dekhungi...........lekin अपने हे बेटे को तैसे करने में कितना मज़ा आ रहा hai.....hehehehehe..........ise तो मई इतना tadpaungi.......ki ये मुझे छोड़ने के लिए इतना बेचैन हो जाएगा की मुझे ज़बरदस्ती पकड़ कर बेरहमी से छोड़ेगा........... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या मज़ा आएगा जब ये मुझे ज़बरदस्ती पकड़ कर बेरहमी से छोड़ेगा.........

शालिनी अजय के लुंड को घूरते हुए येसब सोच हे रही थी की अजय ने कहा......

मम्मी दूर ओपन करो na..........mujhe अंदर आने दो न........

शालिनी - जी नहीं एक तो तुम चोरी से अपनी माँ को देखते रहते ho.......upar से अपनी माँ को देख कर गन्दी हरकतें कर रहे ho........or कहते हो दूर ओपन karne........tumhari यही सजा है की तुम बहार से देख कर हे तड़पते raho.......hehehehehe......bolkar शालिनी हंस पड़ती है..........

शालिनी अजय को भट हे नशीली आँखों से देख रही thi......jisse अजय और ज्यादा बेकाबू हो रहा था........





अजय - Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh मम्मी क्या भरा हुआ जिस्म है तुम्हारा .......कितनी सुडोल और बड़ी बड़ी चूचियां है tumhari......tumhari चुकी लाखो में एक hai.....aisi चुकी तो मॉडल्स और हेरोइनेस की व् नहीं hoti............tumhari चुकी ब्रा में कैद ऐसी लग रही है जैसे कोई रसीला आम पेड़ पर लटक रहा है..........

शालिनी - ाचा जी अपनी मम्मी को इस तरह गन्दी बातें लगते हुए तुम्हे शर्म नहीं अति hai.........bolkar शालिनी अजय को छुडास भरी नज़रो से घूरने लगती है.........

अजय - शर्म कैसी ....जिसकी मम्मी इतनी गदरायी जिस्म की मालकिन हो उसका बीटा भला अपने आप को कैसे रोक पाएगा अपनी मम्मी के गदराये जिस्म उसकी बड़ी बड़ी चुकी उसकी मोती गांड को देख kar............khud को ेने में देखो कितनी छुडासी माल लग रही ho...........zara अपने चुकी को मसलो न मम्मी........





शालनी अजय की गन्दी बातें सुन कर और ज्यादा लुस्टि हो चुकी thi....uski छूट अब च चाप करने लगी .........एक तो अजय की गन्दी बातें ऊपर से उसका मोटा तगड़ा लुंड शालिनी की आँखों के सामने था.....

शालनी - धत्त बेशरम कुछ व् बोलते ho......kya सच में मई इतनी सूंदर hu......ajay को सेक्सी नज़रो से देखते हुए शालनी ने कहा......

अजय - अगर तुम इतनी सूंदर न होती तो ज़ैद और मई दोनों तुम्हारे दीवाने थोड़ी hote........upar से पूरे मोहल्ले के मर्द तुम्हारे दीवाने है......

शालिनी ने जैसे हे सुना पूरे मोहल्ले के मर्द उसके दीवाने hai....wo शर्म से पानी पानी हो gayi........lekin अपनी तारीफ सुन कर शालनी और ज्यादा बहकने लगी.......





शालनी शरमाते हुए बोली - क्या सच में मोहल्ले के मर्द मुझे घूरते hai.........halaki शालनी को व् पता था की जब वो बहार जाती है तो साड़ी मर्द उसकी गदरायी जिस्म को हे घूरते रहते hai......uski बड़ी बड़ी मटकती गांड मर्दो का लुंड खड़ा करने की लिए काफी होता hai.........ye सब सोचते हुए शालनी की छूट फिरसे जोश में आने laga........uski सुडोल चुकी अब और ज्यादा टाइट होती जा रही थी .........ऐसा लग रहा था जैसे ब्रा फाड़ कर बहार निकल जाएगी उसकी चूचियां.........

अजय अपनी मम्मी की चुकी को घूरते हुए अपने होंठो में ज़बान फेरने लगा और bola..........in बड़ी बड़ी सुडोल चुकी को देख कर तो बगल वाले शर्मा अंकल हमेशा पंत के ऊपर से अपना लुंड मसलने लगते hai.......maine हमेशा गौर किया hai..........or शायद तुमने व् गौर किया hoga..........hai न maa.....dekha है न तुमने शर्मा अंकल को अपना लुंड मसलते तुम्हारी चुकी को घूरते हुए........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh बीटा ऐसी गन्दी बातें मत करो naaaaaaaaaa वर्ण मई बहक jaungi..........bht गंदे हो tum.......koi भला अपने मम्मी को इस तरह सताता है क्या..........

शालिनी ये बोलकर अपने दोनों हाथो को थोड़ा समेत कर अपनी दोनों चुकी को आपस में टकरा देती hai....jise देख कर अजय की हालत ख़राब हो जाती hai.....apni मम्मी की चुकी की गहरी घाटी देख कर.......

अजय अपना लुंड हिलाते हुए बोलै - aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa तुम्हारी चुकी के घाटी के बिच में जब मई अपना लुंड का क्रीम गिराऊंगा तो तुम्हे कैसा लगेगा.....





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss naaaaaaaaaa येसब गन्दी बातें मत करो और जाओ यहाँ से plssssssssssssss मुझसे अब रहा नहीं जा रहा है..........

अजय - ाचा मई चला जाऊंगा सिर्फ एक बार अपनी चुकी मुझे दिखा दो बिना ब्रा के.........

शालिनी का दिल धक् धक् करने लगा अजय के ऐसा कहने se..........apne हे बेटे को अपनी चुकी भला मई कैसे दिखा सकती hu.............akhir मेरा बीटा जवान हो चूका hai....kahi ऐसा न हो की वो गलत दिशा में चला jaye....or रंडियो के चक्कर में गलत काम न करने लग jaye....usse ाचा है मई खुद अपने बेटे की इच्छा पूरी कर देती hu..........lekin मेरे छूट में तो पहले से हे आग लगी हुयी है अपने बेटे को अपना जिस्म दिखने se.....or उसकी गन्दी बातों se.........isme तो मुझे हे मज़ा मिलने वाला है.............

शालनी अजय को नशीली आँखों से देखते हुए अपने ब्रा को दोनों हेतु से पकड़ कर हल्का हल्का ब्रा के स्ट्रेप को सहलाने लगी......

अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaaaaaaaaaaaaaaa अब दिखा व् दो और कितना तडपाओगी.........

शालनी दोनों हाथो से ब्रा को खींच कर थोड़ा निचे करती है जिससे उसकी चुकी लगभग 90% नंगी हो जाती है और उसके खड़े निप्पल तन्न कर सामने आ जाते hhai......or फिर शालनी अपने दोनों चुकी को दोनों हाथो से ब्रा को पकडे हुए हे मसल देती hai.........or फिरसे ब्रा से अपनी चुकी धक् लेती hai.........or बहार हे बहार ब्रा के ऊपर से अपनी चूचियों को हल्का हल्का सहलेते हुए कहती hai........kya सच में मेरे इन बूब्स को सब मर्द घूरते hai.......mujhe नहीं लगता ऐसा कुछ hai....tum झूट बोल रहे हो........





अजय - जब तुम्हारा खुद का बीटा तुम्हारे गदराये जिस्म को देख कर इतना पागल हो गया है तो सोचो दूसरे मर्दो ककया हाल होता hoga......jab तुम अपनी मोती गांड मटका कर चलती हो तो मन करता है तुंहरे गांड में अपना खड़ा लुंड थूक लगा कर घुसा du.........dekho तो कैसे मेरा लुंड अकड़ चूका है तुम्हारी गदरायी जवानी को देख kar.......bolkar अजय अपने लुंड के तरफ इशारा करता hai........shalni अजय के मोठे लुंड को घूरते हुए अपने चुकी को हल्का हल्का मसलने लगती hai..............or ब्रा को थोड़ा निचे कर देती hai.....jisse उसकी चुकी सामने से नंगी होकर उसके निप्पल दिखने लगते है.......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss मत करो अपनी maaaaaaaaaaaa के साथ ऐसा............

शालिनी जान बुझ कर नखरे दिखा रही थी ताकि उसे और ज्यादा मज़ा ए......

अजय - मुझे कुछ करने कहा दे रही हो tum.......door ओपन करोगी तबतो मई कुछ करूँगा naaaaaaaaaa

शालिनी शरमाते हुए बोली - जी nhiiiiiiiiiiii दूर ओपन मई नहीं करने wali....samjhe न बदमाश.............





अजय - plssssssssssssss न माँ सिर्फ एक बार अपने जिस्म को छूने दो naaaaaaaaaa.........

शालिनी हँसते हुए - जी नहीं एक बार क्या आधा बार व् nhi........hehehehehe

अजय - ाचा एक बार अपनी बड़ी बड़ी चुकी दिखा डोना maaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss वर्ण मेरा लुंड फट पड़ेगा......... plssssssssssssss मेरा लुंड बेचैन हो रहा अपनी माँ की सुडोल चूचियां देखने को........

शालनी अजय की आँखों में कामुकता से देखते हुए अपने ब्रा को हल्का हल्का खोलने लगती hai.....or अपने हाथो से ब्रा को निकाल कर दूर फेक देती hai.........bra खोलते हुए शालिनी अपने होंठो को दांतो से हल्का हल्का काटने लगती hai......taki अजय समझ जाये की वो व् छोड़ने के लिए बेचैन हो रही hai.........jaise हे शालिनी की बड़ी बड़ी चुकी आज़ाद होती है अजय अपने लुंड को ज़ोरो से हिलाते हुए एक टुक्क अपनी माँ की चुकी को घूरने लगता है........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa क्या मस्त चुकी है tumhari..........jab शर्मा अंकल तुम्हे अपनी बहो में पकड़ कर इन चूचियों को बेरहमी से मसलेँगे तब तुम्हे कैसा लगेगा.........

शालनी अब जोश में पागल हो चुकी thi........Shalini की आवाज़ भरी हो चुकी थी.............

शालनी कुछ नहीं बोलती और अजय को नशीली आँखों से देखते हुए अपनी चुकी को हल्का हल्का मसलने लगती है........





अजय अपने लुंड को ज़ोर ज़ोर से हिलाते हुए कहता hai.....bolo न मेरी छुडासी maaaaaaaaaaaaaaaaa कैसा लगेगा जब शर्मा अंकल या गेट कीपर हरिया तुम्हारे दोनों चुकी को अपने कठोर हाथो में लेकर मैलेगा और अपनी गन्दी ज़बान और गंदे मुँह से तुंहरे चुकी को chusega.....uska पान वा मुँह जब तुंहारी चुकी में लगेगा........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना मज़ा आएगा tumhe...........uske पान वाले लाल लाल दन्त से जब तुंहारी निप्पल को कटेगा और तुम लज़्ज़त और दर्द से तड़प उठोगी................ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ maaaaaaaaaaaa तुम्हे तो मज़ा हे आ जाएगा............

शालनी अपने बारे में ऐसी गन्दी बातें सुन कर पागल सी हो चुकी thi...na चाहते हुए व् उसके हाथ अपने आप उसकी दोनों नंगी चुकी को मसलने lage.....or शालिनी के मुँह से कामुक आवाज़ व् निकलने लगी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaa ये कैसी आआगगगगग लगा दी है तुमने मेरे जिस्म में......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ajay.............sach में मुझे भट मज़ा aega....jab सोच कर हे इतना मज़ा आ रहा hai...to ......बोलकर शालनी रुक कटी hai....or अपने दोनों चुकी को हल्का हल्का मसलने लगती hai........shalni अब पूरी तरह जोश में आ चुकी thi......uski छूट अब बेतहाशा पानी छोर रही थी.......





अजय जान चूका था की उसकी मम्मी की छूट भट ज्यादा गीली हो चुकी है........

अजय - अपनी छूट में हाथ लगा कर देखो कितनी गीली हो गयी hai........do बुद्धो से छोड़ने के नाम par......Sharma अंकल और हरिया kaka..........agar दोनों एक साथ मिलकर तुम्हे छोड़ेंगे तो क्या होगा मम्मी........

शालनी अब भट ज्यादा गरम हो गयी अजय की इन गन्दी बातों se....wo अपन हाथ धीरे से निचे ले गई और पंतय के ऊपर से अपनी छूट को जैसे हे छुवा उसके मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकल गयी..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa........uski चुकी दोनों अकड़ गयी निप्पल टाइट हो gaye..........is वक़्त शालनी की चुकी किसी पपीते से काम नहीं लग रहे थे..........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh betaaaaaaaaaa मेरी छुट्ट्ट्ट ufffffffffffffffffffgfggffffffffff maaaaaaaaaaaa कितनी गीली हो चुकी hai.....Sharma जी और हरिया काका के नाम se..............kya सच में वो दोनों मेरी गदरायी जिस्म को खा जाने वाली नज़रो से घूरते है.......... aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaa..........kitne कामिनी है दोनों buddhe........bolte हुए शालनी अपनी छूट पंतय के ऊपर से रगड़ने लगी...........

और अपने एक हाथ से अपनी चुकी को हिलने lagi.........Shalini जान बुझ कर अजय को इतना बेताब कर देना चाहती थी की वो उसे ज़बरदस्ती पकड़ कर chode.....or बेरहमी से chode......wo ना ना करती रहे और अजय उसे कुटिया की तरह छोड़ता rahe...........ajay को तड़पा तड़पा कर वो अपने छूट का दीवाना बना देना चाहती थी.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa अपनी मोती गांड को नंगा करो naaaaaaaaaa..........

शालिनी शरमाते हुए नखरा दिखने लगती hai.........or नाहा में सर हिला देती है.........

शालनी ने पहले हे ब्रा उतार फेका था जिसकी वजह से उसकी सुडोल चूचियां अब पूरी तरह नंगी thi...jise देख कर अजय मुठ मरे जा रहा था........

शालिनी वह रखा हुआ टॉवल अपने जिस्म में धक् लेती hai.....ajay को तड़पने के लिए .......

अजय - ये क्या मम्मी मैंने आपकी मोती गांड नंगी करने बोलै और अपने पूरा जिस्म हे धक् लिया......

शालनी शरमाते हुए - तुम भट बेशरम और गंदे हो ajay......koi अपनी मम्मी को ऐसी हालत में भला देखता है kya.........mujhe शर्म आ रही है..... plssssssssssssss यहाँ से चले जाओ न betaaaaaaaaaa.....

अजय - plssssssssssssss न माँ मेरा निकलने वाला hai....agar नहीं निकला तो मई पागल हो jaunga.....or तुम चाहोगी की तुम्हारा सबसे लाडला बीटा पागल हो जाये......

शालनी - भट ज़िद्दी हो तुम अजय ......बोलकर शालनी अपने सामने से टॉवल खोल देती hai...or उसकी चुकी फिर से नंगी हो जाती है........

शालिनी एक अदा से कड़ी होकर अजय को िशोरो में कहती hai......ab ठीक है न...????





अजय - plssssssssssssss न माँ ऐसे नहीं अपनी पंतय व् उतरो ने .....मेरा लुंड अकड़ कर दर्द होने लगा है...... plssssssssssssss उतरो न माँ .......

शालनी धीरे से घूम जाती है और अपना गांड अजय के तरफ कर देती hai...fir धीरे धीरे अपने गांड से पंतय सरकते हुए झुकने lagi........or बोलने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaa ये सब मत कराओ mujhse..........warna मई बहक जाउंगी betaaaaaaaaaa प्लस समझो बात को....... aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaa ये लड़का अपनी हे maaaaaaaaaaaaaaaaa का जिस्म देखने को कितना बेचैन hai.............jaise हे शालनी की गोरी मोती गांड पंतय से आज़ाद हुयी अजय पागल हो गया अपनी माँ की गदरायी गांड देख kar..........Shalini ने जान बुझ कर पंतय को जांघो पर अटका दिया tha.......jiski वजह से उसकी गांड और ज्यादा सेक्सी लग रही थी......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh maaaaaaaaaaaaaaaaa क्या मस्त गांड है tumhara.....man तो कर रहा अपना लुंड आपकी गांड के दरार में रगड़ du.......or थूक से आपके गांड के दरार को भीगा du...fir अपने लुंड को आपकी चिकनी गांड को दरार में रगड़ता राहु....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी गदरायी घोड़ी मम्मी....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ जब हरिया बुद्धा आपकी ये मस्त गांड देखेगा तो उसका लुंड अपने आप हे पानी छोर dega........or उसका लुंड का सारा विरए आपके गांड में गिरा dega..........maa अपनी ऊँगली से अपने छूट को सहलाओ naaaaaaaaaa....samjho की हरिया काका का लुंड आपकी छूट में टक्कर मार रहा है घुसने के लिए........

शालनी अब एक बच्चे की तरह अजय की बात मान रही thi....wo धीरे से अपना हाथ पीछे ले जाकर अपनी छूट को सहलाने लगती hai...jiski वजह से उसके मुँह से भट तेज़ तेज़ सिसकियाँ निकलती है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa भट मज़ा आ रहा ajay......ye तुमने कैसी आग लगा दी मेरे जिस्म में........





अजय - अब धीरे धीरे अपने गांड पर थप्पड़ मारो मम्मी देखो कितना मज़ा aega......samjho की शर्मा बुद्धा या हरिया बुद्धा आपके गांड पर थप्पड़ मार रहा है......

शालिनी अपने गांड पर हाथ रख कर धीरे धीरे थप्पड़ मरने लगती है.......

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa और ज़ोर से मारो न थप्पड़......

शालनी थोड़ा ज़ोर से थप्पड़ मरती है तो अजय कहता है और ज़ोर ज़ोर se.....Shalini व् जोश में थी वो अचानक एक ज़ोर का थप्पड़ अपने गांड पर मरती hai......jiski वजह से उसके मुँह से चीख निकल जाती है..... uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa भट ज़ोर से लगी betaaaaaaaaaa.........

लेकिन शालनी मन में सोचती है .... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy गांड में थप्पड़ पड़ने से कितना मज़ा अत hai.....yahi थप्पड़ अगर किसी गठीले मर्द ने मारा मेरी गांड पर तो कितना मज़ा आएगा............ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy हरिया काका औ न मेरे गांड पर अपने मजबूत हाथो से ज़ोरदार थप्पड़ मरकर लाल कर दो...........





शालनी - aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh उम्मम्मम्मम्म betaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhh करते हुए अपनी पंतय पूरा निचे कर देती है...........





कामुकता की वजह से शालिनी के पेअर थरथराने लगे थे...... शालिनी से अब खड़ा रहना नामुमकिन हो चूका tha...wo धीरे से बीएड पर जाकर लेट gayi....or लम्बी लम्बी सांसे लेने lagi.....Shalini की मोती गांड अजय के सामने thi......ajay उसकी गांड देख कर अपने लुंड पर थूक लगा कर मुठ मरने laga......jaise वो अपनी मम्मी की गांड मार रहा हो.........





अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa हरिया काका से छुडवाओगी....????? मुझे लगता है हरिया काका का लुंड एकदम कला और भट बड़ा hai..........jab वो अपनी गोरी टाइट छूट में जाएगी तो फाड़ कर रख देगा उसका लुंड आपकी छूट ko.........socho कितना मज़ा आएगा.......

शालनी की छूट फड़फड़ाने लगी thi...ab शालिनी से बर्दाश्त करना नामुमकिन tha...wo धीरे से अपने हाथ को छूट में ले जाकर अपनी दो ऊँगली एक हे बार में अपने छूट में घुसा देती है........

शालिनी - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया जीईईई plssssssssssssss धीरीईईए karooooooooooooooo naaaaaaaaaa अपनी शालनी मैडम को...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.........bht मोटा लुंड है आपका हरिया जी...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी छूट फट गयी ............बोलकर शालनी अपनी छूट में दो ऊँगली से छोड़ने lagi...fuch फुच फुच करके.........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh betaaaaaaaaaa भट मज़ा अअअअअ रहा है.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ betaaaaaaaaaa plssssssssssssss कुछः karooooooooooooooo aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया जीईईई छोड़ो अपनी शालनी मैडम ko........kutiya बना कर chodo.....faad डोमेरी chut........shalni की कामुकता सातवे आसमान पर पहुँच चुकी thi.........wo एक तकिये में बैठ कर अपने छूट को तकिया से रगड़ने लगी ......और ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने lagi.....jiski वजह से उसकी बड़ी बड़ी चुकी उछलने lagi.....jise देख कर अजय का लुंड अकड़ने laga.......uska लुंड अब पानी छोड़ने वाला था.........





शालनी अब बिस्टेर पर सो गयी और अपने हाथो से अपनी छूट को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने lagi.....or बड़बड़ाने लगी..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy काका उफ्फ्फफ्फ्फ़ छोड़ो naaaaaaaaaa मुझे..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh काका भट प्यासी है मेरी छूट aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कहाआआ जाओ mujhe.........meri छूट का सारा पानी निकाल दो छोड़ छोड़ kar....zara व् रहम मत करना काका.........





अजय - हाआआयययय मम्मी ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh छुड़वाओ हरिया काका से..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh फड़वा लो अपनी टाइट chut......hariya काका आपको छूट में अपना कला मोटा लुंड घुसा कर छोड़ रहा hai......or आप चिल्ला रही हो..... plssssssssssssss छोर दो मुझे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट दर्द हो रहा है... plssssssssssssss हरिया ji......chhor दो मुझे म्यांमार jaungi.....bht दर्द हो रहा hai....apka लुंड भट मोटा और भट बड़ा hai...mai सहन नहीं कर पाऊँगी............

शालिनी को अजय की गन्दी बातें और ज्यादा जोश चढ़ा रही thi....shalni अब पूरी तेज़ी से अपनी छूट को रगड़ने लगी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया जीईईई aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ऐसे हे छोड़ो मुझे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa........





बोलते हुए शालनी अपनी छूट में दो ऊँगली घुसा कर फुच फुच छोड़ने लगी ....... कभी एक ऊँगली से छोड़ती कभी दो ऊँगली से तो कभी तीन ऊँगली घुसा deti.....jab 3 ऊँगली घुसती तो शालनी दर्द से उछाल padti...lekin इस दर्द में शालनी को भट ज्यादा मज़ा आ रहा था.........





इतने में शालनी का पूरा जिस्म अकड़ने laga.....or वो ज़ोर से चिल्ला कर झरने लगी.......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया काका.... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आखिर अपनी शालनी मैडम को तुमने छोड़ कर अपनी रखैल बना हे diya......aaj से मई आपको रखैल हु....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh बोलते हुए शालनी का पूरा जिस्म अकड़ gaya...or वो झरने lagi...........wo इतना तेज़ जहर रही थी की पूरा बीएड हिल रहा था......





अजय का लुंड भट तेज़ फव्वारा फिक्र है और उसके लुंड से विरए की एक तेज़ धार निकल कर खिड़की के अंदर राखी हुयी उसकी मम्मी की ब्रा में गिरने लगती है........
 
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