Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani - Page 3 - SexBaba
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Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani

अब आएगग्गीीीी.......

अब्बी येलोग बात कर हे रहे थे की अजय आकर बोलै .......माँ ये रहा दो टिकट ड्रैगन राइड ka.........Aplog दोनों ड्रैगन राइड करो मई जा रहा हु तोरा तोरा राइड करने......

शालनी - तो तुम व् चलो न बीटा......





अजय - मुझे पसंद नहीं ड्रैगन ride.....or वैसे व् इसमें दो हे सीट रहता hai......fir मुझे अलग बैठना पड़ेगा........

शालिनी - ठीक है बीटा........

अजय - ज़ैद यार माँ का ख्याल rakhna.....mom डर्टी भट hai........bolkar अजय ज़ैद को आंख मार देता है....

ज़ैद - तू त्नसँ मत ले यार मई आंटी का भट अचे से ख्याल rakhunga.......bolkar ज़ैद शालनी को भट हरामी नज़रो से देख कर मुस्कुराने लगता है.... शालिनी शर्मा जाती है और शर्म से अपनी नज़रें झुका लेती है...........





राइड में दोनों बैठ जाते है इतनी छोटी सीट थी की दोनों एकदम चिपक कर बैठे रहे.........

ज़ैद और शालनी का जिस्म एकदम चिपका हुआ था जिसकी वजह से शालनी को और ज्यादा सेक्स चढ़ रहा tha......idhar ज़ैद की व् वही हालत thi.......shalni के जिस्म को गर्मी और उसके बदन की खुशबु ज़ैद को पागल किये जा रहा tha...........ride स्टार्ट होता hai.......shalni ज़ैद के जांघो के पास हाथ रख कर ज़ोर से पकड़ लेती है ताकि डर न lage........jaise जिसे राइड अपनी स्पीड पकड़ता है शालिनी की हालत ख़राब होने लगती है ...........

शालनी - ओह माय गॉड ओह माय गॉड करने लगती है डर se..........or ज़ैद के जांघो को और ज़ोर से पकड़ लेती hai.......zaid व् मौका क फ़ायदा उठा कर अपना एक हाथ शालनी की मांसल जांघों पर रख देता hai........or धीरे धीरे सहलाने लगता hai........shalni को डर व् लग रहा था और ज़ैद के इस तरह जांघ सहलाने से जोश व् चढ़ रहा था...........

ज़ैद तो शालनी की चुकी को हे घर रहा था ...शालनी की चुकी आधा से ज्यादा ब्लाउज के बहार thi.....kyu की साड़ी का पल्लू पूरी तरह से हटा हुआ था.......





ज़ैद अब धीरे धीरे जांघ सहलाये हुए अपने हाथ शालनी की जांघ के पूरा ऊपर तक ले जा रहा tha.......jisse उसके हाथ लगभग शालिनी को छूट तक पहुँच रही thi.....shalni को अब डर के जगह मज़ा आ रहा था.............





शालनी अपनी गर्दन घुमा कर ज़ैद को खा जाने वाली नज़रो से देखती है.........





इतने में ज़ैद व् शालनी की आँखों में घूरते हुए कहता है - आपके साथ चिपक कर बैठने में मुझे जानना का मज़ा आ रहा है आंटी.... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या गदराया और गरम जिस्म है आपका ......ऐसा लग रहा की आग के साथ बैठा हु..........

शालनी व् अब फुल मस्ती में आ चुकी थी......

शालनी - ाचा jiiiiiiiiii.......waise मई आग हे hu....dekho कही जल न jao........hehehehehe





ज़ैद - परवाना तो जलने के लिए हे बना hai...........bolkar ज़ैद शालनी की जांघ को ज़ोर से भींच देता है......

शालिनी - आउच क्या करते हो दर्द होता hai............shalini अपना एक हाथ ज़ैद के हाथ के ऊपर रख देती hai....jaise कह रही हो की मत दबाओ.......





ज़ैद - प्यार में दर्द न हो तो मज़ा थोड़ी अत है........

शालिनी - ाचा जी भट जानते हो प्यार के बारे me..........aaj तक एक लड़की तो पता नहीं पाए tum.......pyar क्या होता है ये कैसे पता तुमको.......





आआआआ

ज़ैद - मुझे तो नहीं पता लेकिन आप मुझे ज़रूर सीखा डौगी..........

शालिनी - मई भला तुम्हे क्यों सीखने लगी......

ज़ैद - क्यों की आप मेरी गफ ho.......bolkar ज़ैद अपने होंठो को गोल करके शालिनी को किश पास करता है.........

शालनी - ाचा जी लेकिन मेरे पास तो टाइम हे नहीं है सीखने की ......हहहहहए.....





अअअअअअअ

ज़ैद - कोई बात नहीं मई डेली आपके घर आ जाता करूँगा आप काम करते हुए में हे मुझे सिखाती rahna........sabse पहले मुझे किश सीखना है.........

शालनी - ोय होय जनाब को किश सीखना hai..........kiss तो इंसान अपने आप सीख जाता hai......bol कर शलनी ज़ैद की आँखों में घूरने लगती है एक सेक्सी अदा से.....





आआआआआ

ज़ैद - तो ठीक है मई व् सीख जाऊंगा अगर आप साथ डौगी तो........

शालनी - वो कैसे........????

ज़ैद - आपके रसीले होंठो से और कैसे......

शालनी की नज़र शर्म से झुक जाती है.......





आआआआआ

ज़ैद शालनी के बालो को एक झटके में पकड़ कर उसके लाल लाल होंठ पर अपने होंठ रख देता hai...or शालिनी के होंठो को चूसने लगता hai........shalni झूट का ज़ैद को धक्का देने लगती hai........shalni हल्का हल्का ज़ैद को धक्का दे रही थी सिर्फ झूट का धक्का........

ज़ैद लगभग एक मिनट शालनी के रसीले होंठ चूसने के बाद उसके होंठो को छजोरता hai......shalni हफ्ते हुए शर्म से निचे देखने लगती है.........





और फिर ज़ैद की नज़रो में देखते हुए हल्का मुस्कुरा देती है.......





फिर धीरे से अपने होंठ ज़ैद की तरफ बढ़ा देती hai......zaid व् अपने होंठो को शालिनी के होंठो में रख कर चूसने लगता है.....

ज़ैद - दोबरा शालनी के बालो को पकड़ कर उसे किश करने laga...is बार ज़ैद भट ज़ोर ज़ोर से किश कर रहा था और साथ में शालनी की चुकी व् दबाने laga.........shalini मदहोशी में अपना हाथ ज़ैद के बालो में ले जाकर सहलाने lagi....or वो व् ज़ैद के होंठो को चूसने लगी............







 
दोने एक दूसरे को पशनातेली किश कर रहे the.......or ड्रैगन अपने रफ़्तार से चल रहा tha.........achanak ड्रैगन धीरे धीरे रुकने लगता है जिसका एहसास दोनों को हो जाता hai.......dono एक दूसरे को किश करना बंद कर देते hai.......dragon जब पूरी तरह रुक जाता hai..........dono उतर कर अजय को ढूंढने लगते hai.........ajay कही दीखता नहीं.........

शालिनी - होगा यही kahi....jabtak हमलोग उसका वेट कर लेते है......

शालिनी की बड़ी बड़ी सुडोल चुकी ज़ैद ने इतना दबा दिया था की वो फूल कर टाइट हो चुकी thi.....or ब्लाउज फाड़ कर बहार आने के लिए बेताब हो रही थी.........





ज़ैद शालनी की चुकी को घूरते हुए कहता है....... जबतक वेट कर लेते है और कुछ पी लेते hai......bht प्यास लगी hai......bolte हुए ज़ैद अपने होंठो पर ज़बान फेरने लगता है और शालिनी की चुकी को घूरने लगता hai.....jo की ब्लाउज फाड़ कर बहार आने को बेचैन हो रहे the.........Shalini इस तरह ज़ैद को अपना दूध घूरता देख कर मुस्कुरा पड़ती hai...kyu की शालनी अपने आधे नंगे जिस्म को इसलिए तो खोल कर रखा था ताकि ज़ैद उसका मज़ा ले सके देख देख कर और उसका दीवाना बन जाये........

शालनी शरारती अंदाज़ में बोली - क्या पीना चाहते ho......bolo पीला dungi........bolkar शालनी अपने दूध के तरफ देख कर फिर एक बार ज़ैद के तरफ कातिल नज़रो से देखती है..........





शालिनी जान बुझ कर अपने साड़ी का पल्लू अपने हाथो में ले लेती है जिसकी वजह से उसका एक साइड का चुकी ब्लाउज के अंदर गजब का टाइट लग रहा tha.......shalni का चमकता चेहरा उसके गुलाबी रसीले होंठ और ब्लाउज से झांकती अर्धनग्न चूचिया किसी को व् पागल बना देने के लिए काफी था..........

ज़ैद तो एक टुक्क शालनी की चुकी को हे घर रहा था जैसे वो अभी इन्हे पकड़ कर मसल देगा और पूरा रस निचोड़ लेगा.......

शालनी ज़ैद को और ज्यादा तैसे करने के लिए कहती hai.......bolo क्या पीना चाहोगे.......





ज़ैद बेशर्मी से शालनी के दूध को देखते हुए कहता hai......mujhe तो दूध चाहिए ........

शालनी हल्का हँसते हुए - ाचा जी बच्चे को दूध चाहिए ...लेकिन यहाँ तो दूध नहीं milega....uske लिए घर जाना पड़ेगा........

ज़ैद - लेकिन प्यास तो मुझे यहाँ लग रही है......

शालिनी - प्यास जितना ज्यादा बढ़ेगी दूध पीना का मज़ा उतना ज़ादा आएगा........

ज़ैद - लेकिन कहीं मई प्यास से मर न जॉन आंटी......

शालनी ज़ोर से हंस पड़ती है ......

शालनी - इतने हट्टे काटते जवान मर्द होकर थोड़ा प्यास नहीं बरदास कर सकते कैसे मर्द हो tum.........bolkar शालनी मुद कर जाने लगती है दूसरी तरफ........

ज़ैद पीछे से आवाज़ देता है और कहता hai........mai मर्द थोड़ी हु मई तो बॉय हु फॉर योर काइंड information....madam.......

शालनी मुद कर एक सेक्सी मुस्कान देती है और कहती है - हर जवान लड़का मर्द हे होता hai.....or ऊपर से तुम इतने लम्बे चौड़े हो हट्टे काटते हो तुम तो एकदम पुरे मर्द हो...........





ये बोलकर शालिनी अपनी गांड मटकती हुयी आगे जाने लगती hai......shalni जान बुझ कर अपने गदराये गांड को ज्यादा मटका रही थी ताकि ज़ैद को अपनी गदरायी मोती गांड का दीवाना बना सके.........

साड़ी में कैद शालनी की मोती कसैली उभरी हुयी गांड कमाल की लग रही thi.......saree व् इतनी टाइट थी की गांड का शेप भट ज्यादा उभरा हुआ लग रहा tha........uske गांड की थिरकन देख कर ज़ैद का लुंड तो पंत फाड़ कर बहार आने को बेचैन हो चूका था...........

ज़ैद शालनी के ठीक पीछे tha....zaid हलके शब्दों में कहता है - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या मस्त गांड है आंटी ki...man तो कर रहा यही कुटिया बना कर अपना मोटा लम्बा लुंड उसकी गांड में घुसा दू थूक लगा kar....or कुटिया बना कर भट बेरहमी से छोड़ू........

ज़ैद जान बुझ कर थोड़ा ज़ोर से बोलै tha....shalni ज़ैद की बात सुन कर पागल सी हो जाती है ...उसका जिस्म थरथरने लगता hai.......uski छूट पानी छोड़ने लगती है.......

शालिनी इमेजिन करने लगती है की ज़ैद उसे उसके हे बिस्टेर पर कुटिया बना कर रगड़ कर छोड़ रहा है...........





शालनी रुक जाती है जिसकी वजह से ज़ैद व् रुक जाता hai......fir वो पीछे मुद कर बनावटी गुस्सा से ज़ैद को देखती है........

ज़ैद उसे गुस्से में देख कर डर जाता है.......

ज़ैद सोचने लगता है कही वो जल्दबाजी तो नहीं कर diya........darr की वजह से वो उससे नज़र नहीं मिला रहा था........

शालिनी ज़िआद को देख कर समझ जाती है की वो डर गया......

इसलिए शालनी कुछ कहती नहीं वापस मुद कर आगे चलने लगती है..........





और फिर मुस्कुराने लगती hai.......shalni तो बास ज़ैद को डरने के लिए गुस्सा से देखि थी ........उसे ज़ैद की बात भट अछि लगी thi.....bht दिनों बाद उसने चौड़ाई वर्ड सुनी thi.....wo व् अपने liye........shalni की छूट येसब सोच सोच कर और ज्यादा गीली हुए जा रही थी.........

शालिनी की छूट से जो रास टपक रहा था वो उसके जांघो पर गिर रहा था जिसकी वजह से वो भट ज्यादा उनकंफर्टबले फील करने लगती hai.........uska जोश इतना ज्यादा बढ़ चूका था की अब वो अपने छूट में बिना लुंड घुसाए चैन से नहीं बैठने वाली thi.......uske दिमाग में बस लुंड घूमने लगा.......

उसकी चाल अब और ज्यादा बिगड़ चुकी थी क्यों की छूट रस से जांघ पूरा गिला हो रहा tha.......ab वो ठीक से चल व् नहीं पा रही थी.........

वो एक जगह बैठें का देख कर वह पर बैठ जाती hai....or ज़ैद के तरफ मुँह करके ज़ैद को देखने लगती है.......

ज़ैद जैसे हे देखता है शालनी उसे देख रही है वो झट करके अपनी नज़र झुका लेता hai......kyu की उसे अब शालिनी से डर लग रहा था की कही वो ज़ैद के ऊपर गुस्सा न करने लगे.........

शालनी समझ जाती है की ज़ैद डरा हुआ hai.......uska डर निकलने के लिए शलनी अपने चुकी से पूरी तरह साड़ी का पल्लू हटा लेती hai.......or ब्लाउज को थोड़ा और निचे कर देती hai....jiski वजह से उसकी बड़ी बड़ी चूचियां और ज्यादा नंगी हो चुकी थी.......

फिर अपने चुकी को तरफ देख कर एक कातिल मुस्कान देती hai........or मन हे मन सोचती hai....aaj तो मई तुम्हारे लुंड से पानी निकल कर हे रहूंगी मेरे घोड़े जैसे मर्द..............



 
शालनी - आ जाओ यहाँ बैठ jao.....zaid....

ज़ैद नज़रें झुकाये बोलै - नहीं आंटी मई यही ठीक हु.........

शालिनी ज़ैद की ये अदा देख कर मुस्कुराई और बोली - अरे कुछ नहीं होगा बैठ jao.....fir थोड़ी देर में आगे चलेंगे दूसरी तरफ......

ज़ैद जाकर शालनी के बगल में बैठ जाता hai.......lekin उससे दूर होकर बैठ टा hai.....shalni खुद ज़ैद के तरफ खिसक जाती है और ज़ैद से सत् कर बैठ जाती है........





ज़ैद के जांघो में हाथ रखते हुए बोली - वैसे तुमने बॉडी भट अछि बनायीं hai.....bht स्ट्रांग जिस्म है tumhara.......bolkar शालिनी उसके मुस्कले पर हाथ फेरते हुए और ज्यादा ज़ैद से सटने लगती है..........

ज़ैद - जी आंटी वो मुझे बचपन से शौक था बॉडी बनाने का......

शालिनी - तुम्हारे जिस्म का हर अंग भट स्ट्रांग लगता है अंदर बहार sab........shalni जान बुझ कर आधा अधूरा वर्ड boli......zaid शालनी की बातो से थोड़ा पहले जैसा हो gaya...ab उसके डर चला gaya....wo समझ गया की आंटी अब गुस्सा नहीं करेगी.......

ज़ैद - मुझसे शानदार बॉडी तो आपकी है aunty.....wo व् बिना गयम किये.......

शालनी - मेरी बॉडी कहा अछि hai....mai तो मोती हो गयी hu.....dekho तो मुझे ठीक se.......bolkar शालनी अपने दोनों हाथ ऊपर करके अपने गदराये जिस्म को दिखने लगती hai............itni नज़दीक से इतने बड़े बड़े सुडोल दूध वो व् आधी नंगी देख कर ज़ैद का लुंड पंत के अंदर हिचकोले मरने लगता hai....zaid खुद पर कण्ट्रोल करता है...........







ज़ैद चुकी को घूरते हुए कहता hai.......apki बॉडी के जैसी इस दुनिया में किसी व् औरत की बॉडी नहीं hogi......ise मोती नहीं कहते है आंटी इसे कहते hai....bolkar रुक जाता है ......

शालिनी - अरे चुप क्यों Gaye.......bolo इसे क्या कहते है.......

ज़ैद - छोरो आप बुरा मान जाओगी......

शालनी - अब मई तुम्हारी किसी व् बात का बुर नहीं मानूगी क्यों की अब तो मई तुम्हारी गर्ल फ्रेंड हु naa......bolkar शालनी जान बुझ कर ज़ैद के तरफ झुक जाती है जिसके वजह से उसकी साड़ी का पल्लू निचे गिर जाता है और उसकी बड़ी बड़ी चुकी आधा से ज्यादा ब्लाउज से झाँकने लगती hai.........jise देख कर ज़ैद का लार टपकने लगता hai.........itni बड़ी चुकी होने के बावजूद व् चुकी भट तिघ्त thi....aisa लग रहा था जैसे ब्लाउज में भट मुश्किल से एडजस्ट किया गया है दोनों चुकी ko..........zaid को इस तरह अपनी चुकी को घूरता देख कर शालनी और ज्यादा होर्नेय होने लगती hai........wo नशीली आँखों से ज़ैद को देखते हुए कहती hai......kya हुआ ज़ैद क्या देख रहे हो.....

ज़ैद हड़बड़ाते हुए - व वो आंटी आप सच में भट खूबसूरत हो........

शालनी मुस्कुराते हुए - पूल थैंक्स .......लेकिन तुम क्या बोल रहे थे वो बोलो न.......





ज़ैद खुश हो जाता है ......

ज़ैद - वो आंटी वो आपके जैसी माल को सभी लड़के गदरायी गाय और गदरायी घोड़ी बोलते hai............jis घोड़ी को देख कर मैं में अरमान जाग जाये घोड़े ka....jis गाय को देख कर सैंड का खड़ा हो जाये और वो दौड़ कर उसके ऊपर चढ़ jaye......aap वैसी वाली गदरायी घोड़ी हो.........

ज़ैद की बातो से शालनी होर्नेय होने लगी thi........shalni - ाचा जी लेकिन मुझे तो नहीं लगता की मई वैसी hu....zara ठीक से देखो मुझे बोलकर शालनी थोड़ा टेढ़ा हो जाती है और अपने जिस्म को दिखने लगती hai.....dekho तो मई खा से तुम्हे गदरायी घोड़ी या गदरायी गाय दिखती हु ..........





ज़ैद - आप सर से पेअर तक क़यामत हो आंटी अब मई आपको कैसे bataun......apka जिस्म किसी व् मर्द का अरमान जगा देगा ऐसा जिस्म है आपका ......

शालनी - ाचा जी तब तो मेरे बर्फ का व् अरमान जाग गया hoga.....bolkar शालनी ज़ैद के पंत के तरफ देख कर मुस्कुराने लगती है.........

ज़ैद - मेरा अरमान तो कबसे जाएगा हुआ hai.......or अंदर हे अंदर उछाल रहा hai........bolkar ज़ैद अपने पंत के ऊपर से हे अपना लुंड पकड़ कर सहला देता hai........shalni की साँस अटक जाती hai......zaid के ऐसा करने से ....वो शर्म से लाल हो जाती है .........





शालनी की छूट अब बेतहाशा पानी बहा रही thi.........uska मैं तो कर रहा था की ज़ैद के लुंड को पकड़ कर पहले खूब चूसे और फिर अपने छूट में घुसा ले.........

शालनी - ाचा जी आपका अरमान तो भट बदमाश लगता hai.....apni मम्मी की उम्र की आंटी को देख कर हे जाग जाता hai.........shalni अपने चुकी के पास हाथ फेरते हुए कहती है ............





ज़ैद - मेरा अरमान जल्दी जागता नहीं .....और अगर जाग गया तो भट मुश्किल से सोता है..........

शालनी - ाचा ji.......tabto फिर तुम्हारे अरमान को जल्दी सुलाने वाली chahiye.......hai न ?

ज़ैद - अब वोटो वक़्त हे बताएगा न आंटी की मेरे अरमान को मेरी गफ जल्दी सुला पाती है या nhi......kyu की मेरा अरमान लम्बी रेस का घोडा hai......ek बार अगर घोड़ी के ऊपर चढ़ गया फिर तो घोड़ी को निढाल करके हे मानता है......





शालनी और ज़ैद दोनों डबल मीनिंग बातें करने लग गए थे.......

शालिनी इतनी ज्यादा होर्नेय हो चुकी थी की उसके माथे से पसीना गिर रहा था उसकी चुकी के पास पसीना गिर क्र चुकी को और ज्यादा कामुक बना रहा tha.......pasiney की वजह से उसकी चुकी सोना के जैसा चमक रही थी.........









शालनी - तुम्हारा अरमान अंदर हे अंदर भट ज्यादा उछाल रहा hai.....Shalini ज़ैद के पंत के तरफ देखते हुए कहती है और गांड पड़ती है........

ज़ैद - सामने अगर आपके जैसी गदरायी घोड़ी हो तो अरमान उछलेगा हे......

शालनी - कही ऐसा न हो गदरायी घोड़ी को देखते हे देखते तुम्हारा घोडा पानी निकाल de........Hehehehehehe

ज़ैद - मेरा घोडा इतना कमजोर नहीं है आंटी को सिर्फ देख कर हे पानी छोर de.......ye जब गदरायी घोड़ी के ऊपर चढ़ेगा न तो घोड़ी के जिस्म का सारा पानी निचोड़ लेगा लेकिन फिर व् दौड़ता rahega......uske ऊपर.........

शालनी से अब बरदास करना मुश्किल हो चूका tha......wo ज़ैद की आँखों में कामुकता से देखते हुए अपने चेहरे को ज़ैद के चेहरे के करीब करने लगती है.......







ज़ैद व् अपना एक हाथ शालनी की कमर पर ले जाता है और धीरे से उसे अपनी तरफ खींच लेता hai......Shalini एक सूखे पत्ते की तरह ज़ैद के तरफ खींची चली जाती है.....

ज़ैद - मेरी गदरायी घोड़ी इतनी ज्यादा हॉट न सेक्सी है की मेरा घोडा उसकी सवारी करने को बेचैन हो रहा है.......

शालनी की सांसे तेज़ तेज़ चलने लगती है जिसकी वजह से उसकी चुकी ऊपर निचे होने लगती hai........jise देख कर ज़ैद का लुंड पंत फाड़ कर बहार आने को बेचैन हो जाता है.........

ज़ैद अपना एक हाथ शालनी की हाल पर रख कर सकते हुए कहता है........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या रसीले होंठ है आंटी apki......jitna व् चुडु मन नहीं भरेगा.........





लेकिन ज़ैद जान बुझ कर शालिनी को किश नहीं करता वो देखना छह रहा था की शालनी क्या करती है.......

शालनी अपने होंठो को ज़ैद के होंठो के तरग बढ़ा देती है और आंखें बंद कर लेती है .............

ज़ैद धीरे धीरे शालिनी की कमर सहलाये हुए अपने हाथ को उसके होंठो पर फेरने लगता hai...shalni तड़प उठती hai....uske मुँह से आआआआअह्हह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम्म जैसे कामुक शब्द निकलने लगते है...........

शालनी व् अपने हाथ ज़ैद क सर पर चलने लगती है ......अब ज़ैद उसके आँखों में देखते हुए उसके होंठ को अपनी उँगलियों से सहलाने लगता है .... शालिनी की आँखों में वासना नज़र आ रही थी शालिनी व् उसके ऊँगली को अपने ज़बान से चाटने लगती है....

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ज़ैद - ufffffffffffffffffffgfggffffffffff आंटी आपके होंठ कितने मुलायम और सेक्सी hai........man तो कर रहा इन्हे कच्चा चना जॉन.........

शालिनी ज़ैद की आँखों में देखते हुए बोली - तो चबा जाओ न किसने रोका है मेरे बर्फ को...........

इतने में अजय वह उन दोनों को खोजते हुए आ जाता hai......or जैसे हे उन दोनों को आस में चिपके हुए देखता है अजय का लुंड फनफनाया हुआ खड़ा हो जाता है........

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितनी छुडासी हो माँ तुम.......

अब आगे की स्टोरी अजय की ज़ुबानी.............

सामने का नज़ारा देख क मेरी आँखें खुली की खुली रह जाती है, ककी ज़ैद ने मेरी माँ की बोलती बंद कर दी थी.. उसने माँ की कमर को कसके मसलते हुए अपने आप से और चिपका लिया था और उनके रसीले होंठों पे अपने होंठो को जोड़ दिया था

माँ अचानक ज़ैद के होंठो को अपने होंठो में कैद कर लेती है और बेतहाशा चूसने लगती है.........


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उम्मम्मम्मम्म पूछपूछपूछपूछपूछपूछ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म माआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

की आवाज़ मेरे कानो में सुनाई दे रही thi.....jiski वजह से मेरा लुंड अकड़ सा गया tha........mai अपने लुंड को पंत के ऊपर से हे सहलाये हुए ज़ैद और माँ की होंठ चुदाई देखने लगा.......

कुछ देर ऐसे हे होंठ चूसने के बाद ज़ैद अपने होंठो को थोड़ा पीछे खींच लेता hai.......or माँ की आँखों में देखने लगता है.........

माँ तो जैसे पागल हो चुकी थी चुदाई के liye.........wo ज़ैद की आँखों में कातिल नज़रो से देखते हुए ज़ैद के चेहरे को अपने दोनों हाथो से पकड़ कर उसके होंठो को दोबारा से चूसने लगती है........





मई तो जैसे आंखे गाड़े दोनों की किसिंग देख कर पागल हुए जा रहा था........

इतने में ज़ैद ने माँ के नंगी कमर को ज़ोर से मसल diya....mom लगभग तड़प कर अलग हो गयी .......

माँ - uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa क्या करते हो badmash.......bolte हुए ज़ैद के होंठो को दन्त से पकड़ कर काट लेती hai.........or उसके आँखों में देखते हुए एक सेक्सी अदा से उसके होंठो को चूसने लगती hi...........





धीरे धीरे किसिंग अब लस्ट में बदलने लगता hai.........thodi देर बाद दोनों अपने अपने जीब से एक दुसरे के जीब और मुँह के अंदर एक्स्प्लोर करने लगे the…donon के थूक से जिले हुए मुँह के अंदर ..दो जीबों का कामुक खेल चल रहा thaaa.........or इधर मई अपने लुंड को पंत के ऊपर से हिला रहा था ऐसा लग रहा था की अब मेरा विरए निकल jayega....itna कामुक सन मैंने आज तक कभी नहीं देखा tha......mere हे सामने मेरी माँ को मेरा जिगरी दोस्त मसल रहा था और मेरी माँ व् उसका साथ दे रही थी.......





अचानक ज़ैद किश करते हुए में माँ की चुकी पर अपना हाथ ले जाता hai.........mom जैसे उछाल पड़ती है और अपना एक हाथ ज़ैद के हाथो पर रख कर उसे रोक देती है..............

लेकिन. ज़ैद कहा मानने वाला tha....wo तन्हाई का फायदा उठाते hue….apne हाथो से हल्का हल्का माँ की चुकी असलने लगता hai........mom की छूट इतनी ज्यादा गीली हो चुकी थी की वो बार बार अपने दोनों जांघो को आपस में रगड़ रही तजि.....





इतने में ज़ैद अपना एक हाथ माँ के हाथो में ले जाकर उसके हाथ को अपने खड़े लुंड पर रख देता hai.......pant के ऊपर से हे जैसे माँ का हाथ ज़ैद के लुंड पर पड़ता hai........mom तड़प उठती hai........or जल्दी सा अपना हाथ पीछे कर लेती है......

ज़ैद फिर से माँ का हाथ अपने लुंड पर रखता है इस बार ज़ैद अपने हाथ से माँ क हाथ को ज़ोर से पकड़ा हुआ था जिसकी वजह से माँ अपना हाथ पीछे नहीं कर पति और कसमसाने लगती है.........
 
अब माँ व् अपने हाथ को वापस पीछे नहीं खींचती और वैसे हे पंत के ऊपर से ज़ैद के लुंड पर अपना हाथ रखे हुए ज़ैद के होंठो को चुस्ती रहती hai....or ज़ैद व् अपने हाथ से माँ की कासी हुयी बड़ी बड़ी चुकी को ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था.........

Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff क्या नज़ारा था अपने हे माँ को चुकी मसलवाता देख कर मुझे इतना मज़ा आ रहा था की इतना मज़ा मुझे आज तक कोई पोर्न देखने में व् नहीं आया था........

मेरी माँ एक रंडी की तरह मेरे दोस्त से अपनी चुकी मसलवा रही थी.......

मेरा मन कर रहा था की ज़ैद को जाकर बोलू .....की छोड़ साली रंडी को मेरे सामने हे छोड़ फाड़ दे मेरी माँ की छूट ......बना ले अपनी रखैल कुटिया ko.....itna छोड़ साली छिनार को की तेरी रांड बन जाये ........

इतने में माँ जोश में आकर ज़ैद के लुंड को जैसे हे पंत के ऊपर से अपने मुठी में भरना चाहती hai........mom की धड़कन भट तेज़ हो जाती है.......

ज़ायद का लुंड भट मोटा tha.......mere पापा के लुंड से शायद दोगुना मोटा........

माँ मन में सोचती है - हाआआयययय कितना मोटा लुंड है इसका... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी छूट में एकदम कैसा हुआ घुसेगा ....मेरी छूट फाड़ कर फक देगा ... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaaaaaaaaaaaaaaa मई कबसे इतना मोटा लुंड अपनी छूट में लेने के सपने देख रही हु .........

अचानक ज़ैद अपना हाथ दूध से हटा कर धीरे धीरे निचे ले जाने लगता है और साड़ी के ऊपर से हे माँ की छूट को अचानक पकड़ कर भींच देता है.........

माँ के मुँह से एक लम्बी सित्काआयररररररररर निकलती है....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद वह nhiiiiiiiiiiii plssssssssssssss.....

बोलकर माँ ज़ैद से अलग हो जाती है और लम्बी लम्बी सांसे लेते हुए ज़ैद की आँखों में छुडास भरी नज़रो से देखने लगती hai.....mom का पूरा जिस्म पसीना से भीग चूका tha.....pasina माँ की गर्दन से होते हुए उसके सीने में और चुकी में गिर रहा था जिसकी वजह से माँ और व् ज्यादा छुडासी लग रही थी........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh आंटी क्या मस्त चुकी है आपकी ..........मसलने में मज़ा हे आ गया ...........आपके ये लाल लाल होंठ मुझे पागल बना देंगे .......कितना व् चुसू मन नहीं भरता hai.........apki ये गदरायी गांड haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मन तो कर रहा दोनों हाथो में पकड़ कर मसल दू..........

माँ वह से उठ कर कड़ी हो जाती hai.......jiski वजह से उसकी उभरी हुयी गांड टाइट साड़ी में भट सेक्सी नज़र आ रहा tha.....mom की गदरायी गांड को देखते हुए ज़ैद कहता है.....

मेरी गदरायी घोड़ी तुम्हारा घोडा बेचैन है अपनी गदरायी घोड़ी की सवारी करने क लिए......

ज़ैद की बातो से माँ शर्म से अपनी नज़रें झुका लेती है





ज़ैद - क्या हुआ मेरी गदरायी घोड़ी ko.....kuchh तो बोलो मेरी सबसे स्वीट आंटी..........

माँ अपने आप को संभालते हुए एक दिवार पर अपना हाथ रख कर कड़ी हो जाती hai.....or ज़ैद को कातिल नज़रों से देखते हुए अपना एक हाथ कमर पर रख लेती है........

माँ - भट बदमाश हो तुम अपनी गफ बना कर मेरे साथ तुमने भट कुछ कर diya.....ab और नहीं करने दूंगी समझे न मिस्टर..........





ज़ैद - ाचा जी मैंने ऐसा क्या कर दिया आपके sath......yesab तो हर गफ बर्फ करता है........

माँ अपनी आंखें मटकाते हुए बोली - ाचा जी लेकिन तुम्हारी तो कोई गफ है हे नहीं तो तुम्हे कैसे पता येसब......

ज़ैद - मई फिल्मो में देखा है.........

माँ - पी होय कौनसी फिल्म में येसब दिखता है ज़रा मुझे व् उसका नाम बता दो........

ज़ैद - उल्लू वेब सीरीज में ......अपने कभी देखा है उल्लू वेब सीरीज.......

माँ - येतो मई पहली बार नाम सुन रही हु.......

ज़ैद - एक बार देख लोगी आप तो आपके जिस्म में आग लग jaegi.........fir आग बुझाने के लिए मुझे बुलाना पड़ेगा........

माँ - ाचा जी फिर तो मई ऐसी फिल्म देखूंगी हे नहीं हहहहहहहए......

ये बोलकर माँ एक अदा के साथ अपने गांड को थोड़ा बहार निकाल कर ज़ैद को तैसे करते हुए देखने लगती है......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh आंटी क्या मस्त जिस्म hi apka.......man तो कर रहा आपको बहो में भर कर खूब प्यार करू.......

माँ - ाचा जी तो अभी क्या कर रहे थे .......?????

ज़ैद - इतना से मन नहीं भरा न मेरा.......

माँ हँसते हुए - तुम्हारा मन तो कभी नहीं भरने वाला.......

ज़ैद - जिसके सामने इतनी गदरायी घोड़ी हो उसकी मन भला किसे भर सकता hai......bolkar ज़ैद अपने लुंड को पंत के ऊपर से सहलाने लगता hai.....jise देख कर माँ की वासना और ज्यादा बढ़ जाती hai......mom पलट कर आगे जाने लगती hai.....or अपने गांड को भट ज्यादा मटका मटका कर चलने लगती hai...uski मटकती गांड देख कर मेरा और ज़ैद दोनों का लुंड अकड़ सा जाता है...........





माँ अपने जिस्म को इतना इठला रही थी की उसकी मोती गांड भट ज्यादा मटक रही थी.......

माँ कुछ दूर जाने के बाद रुक जाती है और हल्का तिरछी नज़र करके पीछे देखना चाहती hai.......lekin फिर क्या होता है की माँ वापस सामने देखने लगती hai......shayad माँ ये देखना छह रही थी की ज़ैद उसके पीछे आ रहा या नहीं......





माँ अब धीरे चलने लगती hai......wo शायद ज़ैद के आने का इंतज़ार कर रही थी ...लेकिन ज़ैद माँ को तड़पाने क लिए वही रुका हुआ था.........

आखिर कार जब माँ से बरदास नहीं होता तो वो पीछे मुद कर देखती hai.....zaid माँ की मरकटी गांड को देख कर अपना लुंड पंत के ऊपर से सहला रहा tha......lund सहलाये देख कर माँ की वासना और ज्यादा भड़क जाती hai...........mom आँखों के इशारे से ज़ैद को अपने पास बुलाती है.........





ज़ैद मुस्कुरा कर माँ की तरफ बढ़ने लगता hai.......zaid को अपने तरफ आता देख कर माँ के चेहरे में एक कातिल मुस्कान तैर जाती hai.......mom वही कड़ी होकर ज़ैद को देखने लगती hai......mom ने अपनी साड़ी का पल्लू अपने हाथो में रखा हुआ था ताकि उसकी सुडोल चुकी ज्यादा से ज्यादा ज़ैद देख सके.......





ज़ैद जैसे हे माँ के पास पहुँचता है माँ उसे देख कर सवालिया नज़रो से उसे देखने लगती hai......or अपने बालो को एक साइड करके अपने सामने ले जाती hai......mom की एक साइड वाली चुकी के पास उसके लटकते काले घने बाल माँ को और ज्यादा सेक्सी बना रहा था.......





ज़ैद जब कुछ नहीं बोलता तो माँ उसे टोकते हुए कहती hai.......kya हुआ मेरे घोड़े ko........apni घोड़ी के पीछे क्यों नहीं आ रहे हो........

ज़ैद माँ की आधी नंगी चुकी को घूरते हुए कहता है........

वो क्या है न आंटी की मेरी घोड़ी का लचकदार पिछवाड़ा देख कर घोड़े का हथियार हिचकोले मरने laga......itna गदराया पिछवाड़ा आज तक मेरे घोड़े ने नहीं देखा tha..........isliye मेरा घोडा बेकाबू होकर हिनहिनाने लगा.......





माँ - ाचा जी लेकिन मैंने तो हिनहिनाने की आवाज़ सुनी nhi........hehehehehe

ज़ैद - वो अंदर कैद है न इसलिए ........कैद से जैसे आज़ाद होगा मेरी घोड़ी उसे देख कर अपना दम मतलब अपनी पूंछ उठा लेगी .........

माँ की धड़कन बढ़ने लगी डबल मीनिंग बात करते हुए.........

माँ - ाचा जी लेकिन घोड़ी अपना दम क्यों उठाएगी भला.......

ज़ैद - घोड़े को अपने ऊपर चढाने क लिए.......

माँ - घोडा उसके ऊपर चढ़ कर क्या करेगा......?????

ज़ैद - वोटो जब घोड़ी झुक कर अपनी पूंछ उठाएगी तब घोडा बताएगा क्या करेगा.......

माँ ज़ैद की बात से खिलखिला कर हंस पड़ती hai...........or फिर आंखें बंद करके एक लम्बी साँस लेती है........





ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी घोड़ी अपनी पूंछ कब उठाओगी तुम......

माँ - घोड़ी का जब मैं करेगा तब......

ज़ैद - लेकिन घोडा तो बेचैन हो रहा है घोड़ी पर चढ़ने के लिए......

माँ - जितना ज्यादा बेचैन होगा घोडा इतना ज्यादा चढ़ने का मज़ा आएगा........





ज़ैद - उधर एक झील है हमेशा सन्नाटा रहता है ...वह गेम कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा वह चल कर बैठ तय है......

माँ ने व् हामी भर दी.......

दोनों झील के पास पहुँच गए और माँ वह एक टेबल पर बैठ कर एक सेक्सी अंदाज़ में अपने हाथो को टेबल पर रख कर अपने बालो को सवारने लगी

........जिसकी वजह से माँ की चिकनी कमर सपाट पेट पूरी नंगी होकर उसकी गहरी नाभि दिखने लगी......

ज़ैद के मुँह से aaaaaaaaaAaaaaaaa

अअअअअअअअअअअअअअअअअअ

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh निकल गयी माँ को इतनी सेक्सी अंदाज़ में देख कर........





माँ ज़ैद को और ज्यादा तैसे करके तड़पने के लिए वास् ठीक से बैठ गयी और वापस अपने बालो को सवारने लगी.....

ज़ैद - आंटी एक बात बोलू....

माँ - हम्म्म एक सेक्सी आवाज़ में सिर्फ हम्म बोली....





ज़ैद - अपने इतनी सेक्सी बॉडी कैसे बनायीं ...

माँ हँसते हुए - वो मई तुम्हे क्यों bataun.....hehehehehe

ज़ैद - plssssssssssssss नाआआआ आंटी बताओ नाआआ





Aaaaaaaaaa





माँ अपनी आंखें खोल कर ज़ैद को घूरते हुए बोली - क्या करोगे जान कर........

ज़ैद - बस उत्सुकतावश मैंने पूछा क्यों की आज तक मैंने इतनी सेक्सी बॉडी किसी और औरत की नहीं देखि hai......maine हज़ारो औरत देखि लेकिन आपसे ज्यादा सेक्सी जिस्म आज तक मैंने नहीं देखा........





माँ - मेरी बॉडी कुदरती है ....मैंने अपनी बॉडी में ज़रा व् म्हणत नहीं की है......

ज़ैद वाओ आंटी आ तो स्वर्ग की अप्सरा हो इसका मतलब......

माँ - वो कैसे

ज़ैद - क्यों की भगवन ने आपका जिस्म भट तराशा हुआ बनाया hai.......jise देख कर कोई व् अपना सुदबुद खो देगा.......

माँ अपनी तारीफ सुन कर अपनी आंखें बंद करके एक सेक्सी अंदाज़ में बैठ गयी.....











ज़ैद माँ के जस्ट बगल में बैठ गया और माँ के आधे नंगे पीठ पर हाथ फेरने लगा......

माँ - छोरो ज़ैद कोई आ जाएगा .......

ज़ैद - मुझसे रहा नहीं जा रहा मेरी गोदी......

माँ - अपने घोड़े को बोलो कण्ट्रोल करने वर्ण घोड़ी बदल गयी तो संभाल नहीं paoge.......hehehehe

बोलकर माँ वही निचे घांस पर पेट के बॉल लेट gayi.....apne बालो को अपने चेहरे पर गिरा कर.....





इस पोज़ को देख कर तो मेरा व् लुंड बेकाबू होने laga.....man तो कर रहा था की माँ के ऊपर जाकर चढ़ जॉन और उनके उभरे हुए गांड में अपना लुंड घुसा दू फुचकाककककक करके..........

माँ जान बुझ कर ऐसे लेती थी ताकि उसकी उभरी हुयी गांड देख कर ज़ैद बेकाबू हो जाये..........

ज़ैद की हालत ख़राब हो गयी माँ को इतनी सेक्सी पोज़ में देख kar........zaid का मन किया की लुंड पंत से बहार निकाल कर माँ की हाथो में पकड़ा दे.......

इतने में माँ उठी और बोली यहाँ वाश रूम कहा है.......

मई यहाँ भट बार आ चूका था इसलिए मुझे पता था वाश रूम.......

ये वाश रूम झील के किनारे था जो की भट पुराना था .......अब नया वाश रूम बन गया था इसलिए सभी लोग नए वाश रूम का उसे करते the....is वाश रूम में कोई नहीं जाता था.......

मैंने ज़ैद के मोबाइल पर मश्ग कर दिया वाश रूम का लोकेशन

ज़ैद - इस तरफ है आंटी.......

माँ - लेकिन उस तरफ तो भट ज्यादा पेड़ पौधे और झाड़ियां है.......

ज़ैद - मई आपके साथ चलता हु न.....

माँ को लेकर ज़ैद वाश रूम की तरफ बढ़ गया .......

माँ वाश रूम के अंदर जाने लगी और ज़ैद बहार हे रुक गया .........





कुछ मिनट के बाद ज़ैद अंदर चला गया.........

आगे की कहानी शालिनी की ज़ुबानी......

जैसे हे मई वाश रूम गयी जल्दी पालड़ी अपनी साड़ी उठा कर पंतय निचे कर के पेशाब करने lagi......meri पंतय कामुकता की वजह से पूरी तरह छूट रस से भीगी हुयी थी.......

मई पेशाब करके अपने छूट को ऊँगली से छेर्ने लगी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद ये तुमने कैसी आग लगा दी है मेरी छूट में...... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना मोटा लुंड है तुंहारा .......जब मेरी छूट में घुसेगा तो कितना दर्द करेगा और मज़ा व् भट आएगा.........

मई अपने छूट को ऐसे हे कुछ सेकंड सहलाने क बाद अपनी वासना को अंदर हे दबा ली और उठ कर हाथ धोने चली गयी.......

इतने में ज़ैद को अंदर देख कर मेरे होश उड़द गए ....कही आज ये मुझे यही न छोड़ दे ........

ज़ैद तुम यहाँ क्या कर रहे हो ये लेडीज बाथरूम है जाओ यहाँ से......

क्या करू आंटी भट तेज़ पेशाब लगी hai.......mujhse बरदास नहीं हो रहा था इसलिए मैंने सोचा मई व् कर लेता हु.......

ज़ैद मेरे हे सामने अपना घोड़े जैसा लुंड पंत खोल कर बहार निकाल लिया





......जैसे हे मैंने उसका मोटा तगड़ा लुंड देखा मेरे मुँह से आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल gayi.......meri आंखें फट गयी इतना मोटा लुंड देख kar.....kisi मोटा खीरा की तरह उसका लुंड tha.....ekdam टाइट....... आश्चर्य से मैंने अपने हाथो को मुँह में रख लिया......

हे भगवन इतना motaaaaaaaaaaaaaaaa....... बाआआपपपपप रईईईई............





ज़ैद - क्या हुआ मेरी घोड़ी पसंद नहीं आया क्या.......

मेरे मुँह से अनायास हे निकल गया - भट ज्यादा मोटा hai........yeto मेरी फाड़ हे देगा..........

अचानक मुझे आभास हुआ ये मैंने क्या बोम diya.......mai शर्म से लाल हो गयी...........

ज़ैद मेरी तरफ बढ़ गया और मुझे अपनी बाँहों में भर लिया........

मई - ज़ैद छोरो मुझे क्या कर रहे हो पागल मत bano......mai ज़ैद की मजबूत बहो में कसमसाने lagi.....chhootne क liye.........ki तभी ज़ैद ने मुझे वाश बेसिन के पास उल्टा करके घोड़ी बना दिया और मेरी साड़ी को पूरा ऊपर करके पीठ में रख diya..........jisse मेरी गांड पूरी तरह से ज़ैद के आँखों के सामने एकदम नंगी हो चुकी thi.........zaid ने फटाक करके मेरी पंतय खिंच कर फाड़ दी और एक किनारे फेक दिया...........पंतय के उतारते hi मेरी नंगी मोतीय चौडीइ बड़ीई सीई गाआंड्डड्ड साफ दिखने लगी ज़ैद ko…...................jise देखते hi उसके होश उड़ gaye.........heel 👠 वाली सांडले पहनने की वजह से मेरी गांड कुछ ज्यादा hi उभरी हुयी दिख रही thi.........zaid एक टुक्क मेरे गांड को देखे जा रहा था..............





अचानक ज़ैद ने अपना मोटा लुंड मेरी गांड की दरार में रगड़ने laga......meri तो साँस हे अटक gayi.....OMG ये अगर यहाँ ऐसा कुछ करेगा तो मई मर हे jaungi.....mujhe रोकना होगा इसे........

मई झट से वापस पलट gayi....or गुस्से में ज़ैद के गाल पर एक थप्पड़ जड़ दिया ...........

मई - हाउ disgusting......mujhe तुमसे ये उम्मीद नहीं थी.......

बोलकर मई वाश रूम से बहार आ gayi.......zaid व् हक्का बक्का रह gaya.......akhir अचानक मई गुस्से में क्यों आ gayi........zaid खुद को कोसने लगा..........

मई तो झूट का गुस्सा दिखा रही thi......mera व् मैं था की ज़ैद मुझे रगड़ कर चोदे .........लेकिन इतनी जल्दी nhi....mai ज़ैद को और ज्यादा तड़पना चाहती थी........

मई बहार निकल कर फ्लावर्स को देखने लगी बैठ kar......pichhe से ज़ैद बहार निकला और मुझे फ्लावर्स से खेलता देख कर मेरे पीछे आकर खड़ा हो gaya......meri नंगी पीठ को ललचाती नज़रो से देखने लगा........





मई वह से उठा कर दूसरी तरफ चली गयी और ज़ैद को पूरा इग्नोर क्र diya......zaid मेरे पीछे पीछे सॉरी बोलता हुआ घूमने लगा.....

ज़ैद - plssssssssssssss आंटी सॉरी मुझसे भट बड़ी गलती हो गयी..... plssssssssssssss मुझे माफ़ कर do.......dobara मई ये गलती कभी नहीं करूँगा.... plssssssssssssss आंटी......

मई वह रखा हुआ एक टेबल पर बैठ gayi.....or ज़ैद के तरफ पीठ कर diya........taki वो मेरे नंगे जिस्म को देख देख कर और ज्यादा पागल बने.......





ज़ैद मेरे पास आकर निचे बैठ गया...... plssssssssssssss naaaaaaaaaaa आंटी एक बार माफ़ कर दो मई ऐसी गलती दोबारा नहीं करूँगा.....

मई बिना कुछ बोले वह से उठ कर एक रेलिंग में हाथ रख कर अपने गांड को पूरा बहार निकाल कर कड़ी हो gayi.......yesab मई ज़ैद को और ज्यादा होर्नेय बनाने कंलिये कर रही thi.......taaki वो मेरी उभरी गांड नंगी पीठ देख कर और ज्यादा मेरे पर लट्टू हो जाये .....फिर मई जी भर कर उसके मोठे लुंड से छुडवां.........







 
अब आएगग्गीीीी........

अब ज़ैद बेचैन होने लगा था शालनी की बेरुखी देख kar.....zaid थोड़ा साइड जाकर अजय को कॉल करता है.....

ज़ैद - यार थोड़ी गड़बड़ हो गयी मुझसे......

अजय - क्या हुआ बे भोस्डिके......

ज़ैद - यार वो तेरी मम्मी की साड़ी उठा कर मैंने अपना लुंड तेरी मम्मी के गांड पर रगड़ diya........mai सोचा की मछली जाल में फस्स चुकी है ........मेरी मम्मी की गदरायी गांड और चुकी देख देख कर में बेकाबू हो चूका था ........इसलिए मैंने जल्दबाजी कर दी..........

अजय - साली बहनचोद सारा किया कराया में पानी फेर दिया tune.......Abe साले पहले ठीक से पता लेना tha......jab माँ खुद से तुझे अपनी छूट मारने देती तब मारना था हरामी ........अब हिलाओ हाथ se......pata नहीं मम्मी मुझे क्या बोलेगी..........

ज़ैद - अब क्या करू यार......

अजय - अब तू अपनी अम्मी की छूट में घुस जा जेक bhosdike........mai अत हु.......

अजय जैसे हे वह पहुँचता है शालनी अपनी गांड उठा कर एक रेलिंग में कड़ी thi............ajay डरते हुए वह जाता है........

अजय - अब चला जाये माँ या कुछ खाओगी रेस्टोरेंट में.......

अजय की बात सुन कर शालनी पलट कर अजय को देखते हुए कहती है.......





मेरा मैं तो नहीं है जाने का फिर व् भट लेट हो चुकी है चलना हे ठीक रहेगा........ रेस्टोरेंट में क्या खाना hai...chalo मई घर पर तुम्हारे पसंद का खाना बना देती हु .........लेकिन माँ ज़ैद का लेट हो जाएगा घर जाने में........

शालनी - ये व् तो उसका अपना हे घर hai....aaj रात यही रुक jaega......apni मम्मी को कॉल करके बता dega.........bolkar शालिनी ज़ैद को एक सेक्सी नज़र से देखने लगती hai.......shalini की सेक्सी आँखों से साफ़ झलक रहा था की वो ज़ैद से छोड़ना चाहती है.......





अजय अपनी मम्मी की बातो से समझ गया की मम्मी ज्यादा नाराज़ नहीं हुयी hai.......abhi व् चांस है पटाने का.......

अजय - क्या बोलते हो ज़ैद आज रुकोगे मेरे घर पर......

ज़ैद डरते डरते कहता है - नहीं यार अम्मी गुस्सा करेगी.......

इतने में शालनी ज़ैद के पास आकर जस्ट उसके सामने कड़ी हो जाती hai....or बनावटी गुस्से में कहती hai........kyu नहीं रुकोगे मेरे घर में कोई प्रॉब्लम है क्या.......

शालनी ज़ैद के इतने नज़दीक थी की उसकी लाल लाल होंठ और नशीली आंखें देख कर ज़ैद का लुंड फिर से खड़ा होने लगा tha......zaid का मन तो कर फाहा था की शालनी को वही पटक के छोड़ दे कुटिया बना कर.......

शालिनी ने जान बुझ कर अपने बाल खोल कर बिखरा दिए थे जिसकी वजह से वो और ज्यादा सेक्सी दिख रही थी......

ब्लाउज से झांकती चुकी और बिखरे बाल ला होंठ सेक्सी आंखें उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या लग रही थी शालिनी..........





ज़ैद व् शालनी की आँखों में घूरते हुए कहता hai.....nhi आंटी ऐसी कोई बात नहीं है......

शालनी - तो फिर क्या बात hai.......mujhse कोई प्रॉब्लम है क्या ....

ऐसे कहने से ज़ैद शालिनी की चुकी के तरफ घूरते हुए कहता hai.......na नहीं आंटी आपसे मुझे क्या प्रॉब्लम हो सकता है bhala........aap तो भट अछि ho........har एंगल से आप भट अछि हो.......

शालनी - तो फिर आज तुम मेरे घर पर rukoge.......apni अम्मी को कॉल करके बता दो..........





ज़ैद ने देखा शालनी नार्मल बात कर रही है तो उसकी हिम्मत थोड़ी बढ़ gayi.....ab उसका डर लगभग ख़तम हो चूका था शालनी के नार्मल बात करने से.........

ज़ैद - रुकने से क्या फ़ायदा aunty.......ghar में व् जाकर खा कर सोना है यहाँ व् खा कर सोना hai........ghar हे चला जाऊंगा तो ज्यादा ाचा है.........

शालनी ज़ैद की डबल मीनिंग बातों को तुरंत समझ gayi.........or ज़ैद को कामुक नज़रो से देखते हुए बोली.........





आआआआआ

शालनी नज़र मटकाते हुए बोली - लेकिन मई तुम्हे ऐसी चीज़ खिलाऊंगी जो तुमने अपने लाइफ में कभी नहीं खाया hoga.........bolkar शालनी एक कामुक मुस्कान देती है.......

ज़ैद शालनी की डबल मीनिंग बातो को समझ गया tha......zaid का लुंड फिरसे हल्का हल्का हिचकोले मरने laga........ab ज़ैद व् शालिनी को खा जाने वाली नज़रो से देखने लगा ...........और शालनी की आधी नंगी ब्लाउज से झांकती हुए दूध को घूरते हुए bola...........ye बात है फिर तो मई ज़रूर सोऊंगा आपके sath.......zaid रुकूंगा के जगह सोऊंगा वर्ड bola........jise शालनी व् अछि तरह समझ गयी की वो किश सोने का बात कर रहा hai...........Shalini व् शर्म से लाल हो गयी.......

अब शालनी व् ज़ैद से छोड़ने के लिए बेचैन होने लगी thi......wo इमेजिन करने लगी की ज़ैद का मोटा लुंड वो अपने हलक तक लेकर चूस रही hai........ye सोच कर शालिनी की छूट फिर से गीली होने लगी.........





ज़ैद - और मुझे रात में दूध पिने की आदत hai......bolkar वो शालनी की चुकी को घूरने लगा.........

शालिनी व् ज़ैद को तैसे करने के लिए अपने साड़ी का पल्लू अपनी चुकी से हल्का हल्का हटते हुए अपने ब्लाउज के कार्नर पर अपना हाथ फेरते हुए boli.........woto मई तुम्हे पिलाऊंगी he..........wo व् मैं भर्र कर जी भर्र कर ..........





ज़ैद शालनी की चुकी को घूरते हुए अपने होंठो पर ज़बान फेरने लगा........

शालिनी - लगता है अभी से तुम्हे भूख लगने लगी hai..........bolkar शालनी ज़ैद को कामुक आँखों से देखने lagi.......or अपने साड़ी का पल्लू अपने हाथ में पकड़ ली जिसकी वजह से उसकी ब्लाउज से उसकी चुकी आधा बहार झाँकने lagi.....jise देख कर ज़ैद का लुंड हिचकोले खाने लगा.......





ज़ैद - भूख तो मुझे इतना ज्यादा लग रही है की सामने जो व् मिलेगा मई खा जाऊंगा..........

शालनी - घर जाने तक सबर रखो तुम्हारी साड़ी भूख मई मिटा दूंगी.........

अजय व् दोनों की बातो को भट अचे से समझ रहा tha.......ajay का लुंड अपनी माँ की गन्दी बातो से और ज्यादा फड़फड़ाने लगा tha......uski संस्कारी माँ आज उसी के दोस्त से गन्दी गन्दी बातें कर रही thi.......ajay को अपनी माँ की गन्दी बातों से इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था तो जब वो माँ को अपने जिगरी दोस्त से चुड़ते देखेगा तो फिर कितना मज़ा आएगा उसे ............आज उसका दोस्त उसकी माँ को एक रंडी की तरह बेरहमी से छोड़ने वाला tha...........usi के घर पर उसके पापा के बिस्टेर par.......ajay इमेजिन करने लगा की ज़ैद उसकी मम्मी को बेरहमी से छोड़ रहा है .........





अजय - माँ मई आगे जाकर पार्किंग से गाड़ी निकलता हु आपलोग दोनों आओ.....

शालनी - हाँ हाँ chalo.....bolkar शालिनी अपनी मोती गांड मटकाती हुयी आगे आगे चलने लगी और पीछे ज़ैद और सबसे आगे अजय..........

इतने में शालनी रुक गयी और मुद कर ज़ैद को देखते हुए boli..........lagta है घोडा थक गया hai......bolkar शालिनी हल्का स्माइल देने lagi.......or पानी गांड को कुछ ज्यादा बहार निकाल कर कड़ी हो गयी........





अब ज़ैद का डर पूरी तरह निकल चूका tha.......wo समझ गया घ शालनी के अंदर की रंडी जग चुकी है अब बिना चूड़े वो नहीं रह सकती...........

ज़ैद शालनी के ठीक पीछे चलते हुए शालिनी के कानो में हल्का सा bola..........aaj अपने मेरे जिस्म की आग को इतना भड़का दिया है की ये जवाला मुखी बनकर फुट पड़ेगा आपके ऊपर.........

शालनी ज़ैद को कातिल नज़रो से देखते हुए बोली - ऐसी वैसी कोई हरकत मत करना घर par...warna किसी ने देख लिया तो आफत आ जाएगी...........

अआपने अपने घोड़े को इतना बेचैन कर दिया है की घोडा अपनी घोड़ी को बिना प्यार किये रह नहीं पाएगा ab......or घोड़ी का ये जो बड़ा बड़ा दूध है इसे निचोड़ कर पीओ जाएगा पूरा का poora.......bolkar ज़ैद शालनी की चुकी के तरफ इशारा करता hai.......shalni एकदम शर्मा जाती है.......





शालनी - ाचा जी लेकिन घोड़ी का दूध पीना इतना आसान थोड़ी hai.....uske लिए भट म्हणत करनी पड़ेगी........

ज़ैद - इसके लिए घोडा को चाहे कुछ व् करना pade....ghoda ज़रूर करेगा....

शालनी - लेकिन अगर घोड़ी के घर वालो ने देख लिया तो क्या होगा......

ज़ैद - जो देखेगा वो देखेगा लेकिन आंटी आज आपका कैसा हुआ जिस्म देख कर मेरा लुंड एकदम बेकाबू हो चूका hai.....apni घोड़ी को बिना चोदे तो ये नहीं मानने वाला है............

शालनी हैरान थी की ज़ैद अचानक एकदम खुल्लम खुल्ला बात करने लग गया tha.......zaid की इस तरह खुल्लम खुल्ला बात करने से शालनी की धड़कन भट तेज़ हो चुकी thi....uski छूट तो अब फड़फड़ाने लगी थी......

शालिनी - ाचा जी लेकिन घोड़ी कुछ करने देगी तबका घोडा कुछ karega.....Hehehehehehe..........





ज़ैद - आज तो मई आपकी ऐसी चुदाई करूँगा मेरी छुडासी आंटी की आपकी छूट और गांड दोनों सुजा दूंगा छोड़ छोड़ कर...........

अब ज़ैद पूरी तरह मैदान में आ चूका tha....aaaarrrrr या पाआआररररर सोचकर........

ज़ैद को क्या मालूम की उसकी गन्दी बातो से शालनी का जिस्म कामुकता की वजह से जलने लगा tha.........uski छूट चाप चाप करने लग gayi....zaid की इतनी गन्दी बातो से.......

शालनी बिना कुछ बोले ज़ैद को कातिल नज़रो से देखने लगी.........





ज़ैद - ऐसे क्या देख रही हो मेरी घोड़ी .......आज अपनी घोड़ी की छूट की साड़ी प्यास मई अपने लुंड से बुझा dunga......uske लिए मुझे कुछ व् करना पड़े मई करूँगा.........

शालनी - बदमाश कितने गंदे हो tum.....aisi गन्दी बातें करते हुए तुम्हे शर्म नहीं aati....wo व् अपने दोस्त की मम्मी के सतह.......





ज़ैद - जब दोस्त की मम्मी इतनी ज्यादा खूबसूरत हॉट न सेक्सी हो ......तो मैं तो मचल हे उठेगा न......

शालिनी अपनी तारीफ सुन कर शर्म से लाल हो जाती है.........

शालनी - ाचा जी लेकिन मुझे तो नहीं लगता मई इतनी सेक्सी और हॉट हु........

ज़ैद - अरे मेरी घोड़ी आपको क्या मालूम की अपनी ये जो दो बड़ी बड़ी सुडोल चुकी है जब ये ब्लाउज से आधा बहार झांकती है तो मर्दो का लुंड पंत के अंदर हे fadfa6lagta hai.........dekho तो अभी व् कैसे झांक रहा hai...jaise ब्लाउज फाड़ कर बहार आ जाएगा........

शालनी अपने चेहरे को निचे करके अपने ब्लाउज से झांकती हुयी चुकी को देख कर और ज्यादा कामुक हो उठी thi.....uske हाथ अपने आप उसकी नंगी चिकनी कमर पर चली जाती hai.....or वो एक लम्बी सांस लेती है........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद plssssssssssssss ऐसी गन्दी बातें मत karo..........mai तुम्हारी मम्मी जैसी हु........





ज़ैद - इतनी छुडासी अगर मेरी मम्मी होती तो मई तो उसे डेली छोड़ता ....वो व् रगड़ kar.........apki ये जो उभरी हुयी कासी गांड है न आंटी ये तो और व् ज्यादा कयामत hai....man तो कर रहा दोनों गांड के बिच अपना मुँह लगा कर आधा घंटा तक आपके गांड को चुस्त राहु......

अपनी गांड की तारीफ सुनकर शालिनी अपने गांड को और ज्यादा भर करके इठलाने लगती है.........

शालिनी - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa ज़ैद ऐसी गन्दी बातें मत karo......mujhe कुछ हो रहा hai...tumhari इन बातो से......



 
अब आएगग्गीीीी......

शालिनी ज़ैद की गन्दी बातो से इतना गरम हो चुकी थी की उसका मैं कर रहा था की यही ज़ैद से छुड़वा le.......ajay पहले से गाड़ी में बैठा था शालिनी और ज़ैद गाड़ी के पिछली सीट पर जाकर बैठ जाते है........

अजय - माँ 🍨 आइस क्रीम खाओगी क्या....

शालनी - नहीं बीटा अब डायरेक्ट घर चलो....

अजय - ठीक है mom.....bolkar गाड़ी चलने लगता hai....or अपने काम में एअर पोड लगा लेता है लेकिन सिर्फ गण सुनने का नाटक करता hai........ajay अपनी माँ और ज़ैद को बातो को सुन्न कर मज़ा लेना चाहता tha...or व्यू मिरर में दोनों की कामुक क्रिया देखना चाहता था.......

रत का वक़्त था इसलिए सड़कें व् सन्नाटा thi.......gadi अपने रफ़्तार में चलने लगती hai.....ajay जान बुझ कर लॉन्ग रास्ता से जा रहा था ताकि ज़ैद और माँ को ज्यादा टाइम मिले एक दूसरे के करीब आने का.........

ज़ैद धीरे धीरे शालिनी के तरफ हाथ बढ़ता है और उसके जांघोंपर रख देता hai.....shalni के दिल की धड़कन भट तेज़ हो जाती hai........wo अपना हाथ ज़ैद के हाथ पर रख कर हटा देती hai...or ज़ैद को बनावटी गुस्से से देखते हुए आँखों से इशारा करती है की अजय देख लेगा........

ज़ैद - मेरी गदरायी घोड़ी अजय सामने देख कर गाड़ी चला रहा वो पीछे नहीं देखने wala.........or न हे हमारी बात सुनने वाला hai.....use तेज़ साउंड में गण सुनने की आदत hai........dekho उसके कान में एअर पोड लगा है........

शालनी एक बार अजय के तरफ देखती hai...or फिर कन्फर्म होने के लिए अजय को आवाज़ देती hai.....beta अजय .....अजय अपनी माँ की आवाज़ सुन कर व् इग्नोर कर देता hai........shalni दो तीन बार अजय को आवाज़ देती hai....lekin अजय का कोई रिस्पांस न पाकर वो समझ जाती है की अजय पीछे की आवाज़ नहीं सुन रहा.......

अब वो फइलल रिलैक्स thi.........lekin अब उसके दिल की धड़कन और जड़ा तेज़ हो चुकी थी की अब पता नहीं क्या करेगा ज़ैद........

ज़ैद - देख लिया न आंटी अजय हमारी आवाज़ नहीं सुन रहा है......

शालनी कामुक आँखों से ज़ैद को देखते हुए कहती hai........nhi सुन रहा तो क्या......

ज़ैद - तो हमलोग आपस में कुछ व् बात कर सकते है ......और कुछ व् कर सकते hai.....waise व् गाड़ी का शिक्षा कला है बाहर से किसी को कुछ दिखने वाला नहीं है.........





शालनी - ाचा जी लेकिन मुझे नहीं करनी तुमसे कोई baat......or शालनी मुँह बना कर दूसरी तरफ चेहरा फेर लेती है..........

ज़ैद - लगता है मेरी घोड़ी भट नखरे वाली hai........hahahaha

शालनी - क्यों की मेरा घोडा बेकाबू हो रहा है इसलिए घोड़ी नखरा दिखा रही hai...hehehehehe......

ज़ैद धीरे से अपना हाथ शालिनी की जांघो पर रख देता hai...is बार शालनी उसका हाथ नहीं हटती ........

ज़ैद समझ जाता है की शालनी भट गरम हो चुकी hai............zaid धीरे धीरे जांघ सहलाये हुए अपने हाथ ऊपर ले जाने लगता hai......or शालनी की चिकनी नंगी कमर को जैसे हे छूटा है शालनी के मुँह से एक कामुक भरी सिसकारी निकल जाती hai.......aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhj ज़ैद ये क्या कर रहे हो अजय देख lega........or अपनी आंखें मटकती हुयी ना में इशारा करती hai......lekin ज़ैद शालनी की आँखों में देखते हुए अपने हाथ को शालनी की पूरी कमर में फेरने लगता hai...........shalni तड़प उठती hai........uffffffffffffffffffff zaiddddddddddddddd ....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy plssssssssssssss ऐसा मत करो..............





आआआआआ

जिसके सामने इतनी गदरायी घोड़ी हो वो घोडा भला अपने आप को रोक कैसे सकता hai......bolkar ज़ैद शालनी की आधी नंगी चुकी को ब्लाउज से बहार झांक रही थी ब्लाउज के बहार से हे पकड़ लेता hai........shalini तो जैसे उछाल हे पड़ती है और ज़ैद से लिपट जाती hai................kai घंटो से शालिनी की काम जवाला भड़की हुयी thi....zaid के छूने से शालिनी अपना कण्ट्रोल लहो देती hai..............zaid शालनी को फ़ौरन hi अपनी बहून मैं जकड लिया tha.........ab शालनी बिना देर किये ज़ैद के गॉड में बैठ जाती hai...........shalni ने अपनी दोनों टांग ज़ैद के पेअर के इर्द गिर्द रख कर अपनी भारी भरकम गांड ज़ैद के अकड़े लुंड के ऊपर जिसे हे रखती है ज़ैद के मुँह से आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल जाती hai........zaid का लुंड शालिनी की मोती गांड के निचे डब्ब कर दम्म तोड़ने लगता है.........





शालिनी ने ज़ैद की साथ लिपट तय hi उसके होंठों को चूमना शुरू क्र दया...... और ज़ैद भी उसकी गांड को आहिस्ता आहिस्ता उसकी साड़ी की ऊपर सी hi दबानी लगा..... शालिनी की सुडोल चूचियां अब ज़ैद के सीने से बिलकुल चिपक गयी थी .....और उसके सीने से रगड़ खा रहे they.......jiski वजह से शालनी के जिस्म की गर्मी बढ़ती जा रही thi......zaid शालनी के होंठो को चूसते हुए उसकी साड़ी को धीरे धीरे ऊपर करने लगा लेकिन शालिनी ने इसका कोई विरोध नहीं kya.......lekin जैसे हे ज़ैद ने साड़ी को पूरा कमर तक उठा दिया वो चौंक कर ज़ैद के होंठो से पाने होंठ अलग कर li......or ज़ैद को सेक्सी आँखों से देखते हुए आहिस्ता से बोली.......... plssssssssssssss ज़ैद यहाँ नहीं यहाँ अजय देख lega...ghar चल कर करना न...................

बोलकर शालनी एक बार अजय के तरफ देखती hi......ajy के कानो में एअर पोड था अजय गाड़ी चला रहा था और सीधा रोड के तरफ हे देख रहा था........

जब कोई शादी शुदा औरत दूसरे मर्द से चुदवाती है तो उसे सबसे ज्यादा मज़ा इसलिए अत है की उसे डर होता है की कोई देख न le....koi आ न jaye.....yahi डर और लस्ट का जो कॉम्बिनेशन होता है ये औरत को और जड़ा मज़ा देता hai.....jiski वजह से हो औरत एक बार गैर मर्द से छोड़ने का मज़ा ले लेती है वो फिर हमेशा गैर मर्द से हे छुड़न चाहती hai.......yahi डर शालनी को व् लग रहा था की कही अजय देख न le....isliye शालनी को और ज्यादा एक्सिटमेंट हो रहा था जिसकी वजह से उसका डिल भट ज़ोरो से धड़क रहा tha...........aisa मज़ा तो उसने कभी सपने में व् नहीं सोचा tha.......uski छूट पूरी तरह गीली होकर फड़फड़ाने लगी थी........









ज़ैद - मेरी सेक्सी आंटी मेरा लुंड बेकाबू हुए का रहा है आपका छुडासी जिस्म देख kar...mujhse बरदास नहीं हो raha.....ko हो रहा होने दो न मेरी जान aunty......bolkar ज़ैद दोबारा से शालिनी को अपने सीने में भींच लिया और उसके होंठो को अपने होंठो में लेकर चूसने लगा........

अब शालनी की गोरी गोरी मांसल जांघ ज़ैद के हाथो में थी वो व् पूरी nangi.......zaid धीरे धीरे जांघो को सहलाने लगा और उसके होंठो को चूसने laga........shalni व् मदहोश होने लगी और उसकी आंखें बंद हो गयी...............

ज़ैद का मोटा तगड़ा लुंड शालिनी की मोती गांड के निचे दबी हुयी thi.....itne में ज़ैद ने निचे से एक धक्का मारा .......शालिनी के गांड में जिसे हे उसका मोटा लुंड घुसा वो पागल सा हो गया और अपने कमर को हिलने लगा शालिनी की गांड में अपना लुंड रगड़ने laga............lund की रगड़ और उसका नोटा एहसास अपने गांड पर लाकर शालिनी की छूट एकदम से फड़फड़ाने lagi..........or शालिनी पहले से व् ज्यादा तेज़ी और ज़ोर से ज़ैद के होंठो को चूसने लगी..... उम्मम्मम्मम्म maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ





ज़ैद से अब बरदास करना मुश्किल हो चूका था उसने अचानक शालनी की नंगी गांड पर एक ज़ोरदार थप्पड़ जड़ fiya.......shalini लगभग चीख पड़ी...... uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa.........or किश तोड़ते हुए ज़ैद की आँखों में देखते हुए शिकायती लहज़े में बोली...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ माँ क्या करते हो जंगली कही ke.....iyni ज़ोर से व् कोई मारता है bhala........aaaaaaaahhhhhhhhhh maaaaaaaaaa दर्द होने laga..........or फिर शालनी को शक हुआ की कही अजय ने ना सुन लिया हो chataaaaaaakkkkkkkkkk की आवाज़..............

शालिनी एक बार अजय के तरफ देखि अजय अपना मगन था गाड़ी चलने me.....Shalini थोड़ा रिलैक्स हुयी और ज़ैद को आँखों में देखते हुए अपने दोनों बहिन उसके गले में दाल di.....fir ज़ैद के होंठो को चूसने lagi.......zaid शालनी की मांसल जांघों को सहलाये हुए अपना हाथ उसके गांड पर ले गया और धीरे धीरे उसके गांड को सहलाने laga.....shalini की साड़ी पूरी ऊपर उसके कमर तक thi...niche से शलनी पूरी नंगी हो चुकी thi.......zaid अब धीरे से अपना हाथ शालिनी की पंतय के अंदर दाल दिया और गांड को ज़ोर ज़ोर से रब करने laga.....shalni मदहोश होने लगी......

ज़ैद किश तोड़ते हुए शालनी की आँखों में देखने लगा और अपना हाथ अभी व् शालनी के पंतय के अंदर घुमा रहा tha.........shalink उसे सवालिया नज़रो से देखने लगी मनो पूछ रही हो किश क्यों बंद कर diya.........zaid ने उसके गांड को ज़ोर से अपने हाथो में भींच liya........shalni के मुँह से एक कामुक भरी सिसकारी निकल gayi......aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhj

ज़ैद ने कहा - ज़ोर से लगा क्या मेरी घोड़ी को अपने गांड पर थप्पड़.......

शालनी वीर्य सी मुस्करा दी....... और अपना सर इंकार मैं हिला कर...... अपना चेहरा ज़ैद की सैन्य मैं छुपा दया.......

अभी शालनी अपने गांड पर ज़ैद के कठोर हाँथ महसूस कर हे रही थी की ज़ैद ने उसकी नंगी गांड पर एक और ज़ोर का थापर दी मारा......... इस बार शालनी अपनी मुंह सी निकालनी वाली तेज़ चीख को कण्ट्रोल नहीं क्र सकीय.......

शालनी - ooooooooooooiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaa.................... ज़ैद plllllllllllzzzzzzz............

शालनी इतनी ज़ोर सी चिल्लाई थी की उसी पूरा यक़ीन था की उसकी आवाज़ को अजय न्य भी ज़रूर सुन लय हो गए....... मगर उसी अब इसकी परवाह नहीं thi.......woto बस अपनी छूट में भड़क रही काम जवाला को बुझाना चाहती थी चाहे जो व् हो...... फ़ौरन hi उसका हाथ पिच्य अपनी नंगी गांड पी गया और उस न्य अपनी हिप्स को सहलाना शुरू क्र दया........ गांड पर ज़ोर ज़ोर सी लगनी वाली थपेड़ों की जलन ........ उसी महसूस हो रही थी........ लकिन जल्द hi वह जलन भी उसी मज़ा दैन्य लगी.........

शालिनी को अब दर्द में व् और ज्यादा मज़ा आ रहा tha.......aaj तक उसके पति ने उसके गांड पर कभी थप्पड़ नहीं मारा tha.....shalni का ये पहला अनुभव था ......इसलिए शालनी और जड़ा कामुक हो चुकी थी......... उसनी अपनी होंठ ज़ैद की होंठों पी रखी और उनको चूमनी लगी...... वह बेहद बेचैन हो रही थी....... चलती होइ कार की पिछली सीट पर........ अपने बेटे की बिलकुल पिच्य....... ज़ैद की ऊपर चढ़ी होइ अजय की मम्मी....... अपनी गीली हो रही होइ छूट को ज़ैद की थिगह सी रगड़ रही थी.......... ज़ैद का खड़ा लुंड उसकी छूट को और भी गरमा रही थी........... उसकी अंदर की आग को और भी भरका रही थी........ मस्त हो की आंखें बंद कए होय बस ज़ैद के होंठों को चूसती होय.............. बस अपनी छूट को ज़ैद की थिगह और घुटनी पर रगड़ रही थी........

ज़ैद अपना हाथ शालनी की गांड पर सहलाती होय अचानक बहार निकल लेता है और सामने से उसके नाभि को सहलाने लगता है और धीरे धीरे करते हुए अपना हाथ शालनी की पंतय के अंदर दाल देता है जिससे शालिनी उछाल पड़ती hai..........or बेतहाशा ज़ैद के होंठो को चूसने और खाने लगती hai...............itne में ज़ैद अपना होंठ शालनी के होंठो से से अलग कर लेता है और उसकी छूट के ऊपर हाथ फेरते हुए उसकी आँखों में देखते हुए कहता है......

ज़ैद - बहोत गीली हो रही है तुम्हारी choot............meri छुडासी घोड़ी........

शालिनी शर्म से लाल हो जाती है और जल्दी सी अपना एक हाथ ज़ैद के मुँह में दबा देती है...........

शालनी - plssssssssssssss naaaaaaaaaa ज़ोर से मत बोलो वर्ण अजय सुन लेगा..............

ज़ैद - मेरी घोड़ी ज़ोर से नहीं बोलूंगा लेकिन तुम अपनी साड़ी उतारने दो मुझे......

शालनी शॉकेड होकर - kyaaaaaaaaaaa nhiiiiiiiiiiii plssssssssssssss मुझसे भी hoga....wo व् यहाँ......

ज़ैद - डर वाला सेक्स में हो मज़ा है वो और कही नहीं है मेरी सेक्सी aunty....bolkar ज़ैद शालनी की साड़ी खोलने लगता hai....shalni झूट का विरोध करने लगती है लेकिन ज़ैद के हाथो को नहीं रोकती.......

शालनी - plssssssssssssss नहीं plssssssssssssss ज़ैद ऐसा मत करो........

ज़ैद कहा सुनने वाला था ज़ैद ने शलनी की साड़ी उतार कर बगल में रख देता hai....ab शलनी सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थे........

ज़ैद - इसे व् उतार दो मेरी जान .......

शालनी plssssssssssssss इसे नहीं इसे nhi........bolkar अपने पेटीकोट का नाडा पकड़ लेती hai.....zaid उसकी चुकी कोपकाड कर ज़ोर से मसल देता hai....Shalini की मुँह से एक ज़ोर दार चीख निकल जाती है....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa धैईईईई naaaaaaaaaaa kaminey.......shalini की पकड़ जैसे हे पेटीकोट पर कमजोर पड़ती है ज़ैद पेटीकोट को उतार कर निचे गिरा देता hai......ab शालनी निचे से पूरी नंगी थी सिर्फ एक पंतय में...........

शालनी - omg ये क्या किया तुमने zaid....agar अजय ने पीछे मुद कर देख लिया तो क्या सोचेगा अपनी मम्मी के बारे........

ज़ैद - यही सोचेगा की मेरी मम्मी का जिस्म कितने गदराया हुआ hai.......kitni हॉट न छुडासी है मेरी माँ .....उसका व् लुंड मचल उठेगा अपनी माँ को छोड़ने के लिए............

शालनी अपने बेटे से हे छोड़ने के नाम से और ज्यादा लुस्टि हो gayi....uski छूट फाड् फाड् करके फड़फड़ाने lagi....shalini का पूरा जिस्म चुदाई की आग में जलने लगा.......

इतने में ज़ैद ने शालनी की ब्लाउज को दूरी पीछे से खोल di....ab शलनी व् इतना ज्यादा बहक गयी थी की उसने खुद अपना हाथ ऊपर करके ब्लाउज को उतारने का इशारा दे diya.........blouse क उतारते हे शालनी अब सिर्फ पंतय और ब्रा में ज़ैद के गॉड में बैठी हुयी किसी सेक्स की देवी से कम् नहीं लग रही thi..........shalni ने अपना एक हाथ ज़ैद के गर्दन पर रख कर ज़ैद के आँखों में देखते हुए अपने गांड को उसके लुंड पर तगाड्ने lagi.......or कामुक मुस्कान देते हुए अपना एक हाथ ज़ैद के चेहरे पर घूमने लगी........





ज़ैद अपना दोनों हाथ शालनी की नंगी जांघो पर रख कर उसे पकड़ liya......or शालिनी अपना दोनों हाथ ज़ैद के गर्दन पर रख कर भी का हार बना दी......

शालनी - भट गंदे हो तुम ज़ैद चलती गाड़ी में भला कोई ऐसा कैसे कर सकता hai.....ek नंबर के ठरकी हो tum.......mujhe नहीं मालूम था इतना सीधा दिखने वाला लड़का अंदर से इतना ज्यादा कमीना hai....apne हे दोस्त की मम्मी को ब्रा पंतय में अपने गॉड में बिठाया हुआ hai.....bolkar शालनी हंस देती है.......





ज़ैद - अगर आपके जैसी सेक्सी छुडासी खूबसूरत चौड़ी गांड वाली औरत मेरी मम्मी व् होती तो व् मई उसे रगड़ कर छोड़ता..........

शालनी - ाचा जी भट कामिनी हो तुम to.......bolkar शालनी हंस पड़ती है......

और ज़ैद उसके नंगी कमर को पकड़ कर मसल देता है जिसको वजह से शलनी और ज्यादा कामुक होकर ज़ैद से लिपट जाती hai.....or अपनी चुकी को ज़ैद के सीने में रगड़ने लगती है.......





शालनी - plssssssssssssss ज़ैद कुछ करो और बर्दाश्त नहीं हो रहा mujhse.....ko करना है कर दो yahi.....meri छूट पूरी गीली हो चुकी है....... plssssssssssssss ज़ैद plssssssssssssss करो न अपनी गदरायी घोड़ी के साथ कुछ व् karo....meri प्यास बुझा दो........

ज़ैद अपना हाथ धीरे से शलनी की पंतय के अनादर जिसे हे डालता है शालनी को जन्नत का एहसास होता है उसको आंखें बंद हो जाती hai........halka हल्का मोअन करने लगती है उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्म्म्माःह्ह्हह्ह आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ज़ैद धीरे धीरे अपने हाथो के ऊँगली से शालिनी की छूट को छेर्ने लगता है शालनी पागल सी हो जाती hai......or अपने छूट को उसके हाथ पर रगड़ने लगती hai.........zaid का पूरा हाथ शालनी की छूट रस से भीग चूका tha.........zaid अपना हाथ भर निकलते हुए शालनी की छूट रस को अपने आँखों के के सामने ले जता है और शालनी को दिखते हुए कहता hai.......meri घोड़ी की छूट भट ज्यादा गीली hai......lagta है इसको बड़ा मोटा लुंड chahiye.........bolkar शालनी की छूट रास को की उसके ऊँगली पर लगा हुआ tha......apna ज़बान बहार करके चाटने लगता hai......shalni को दिखाते huye....shalni शर्म से लाल हो जाती है और अपने दोनों हाथो से अपना चेहरा छुपा लेती hai............ab ज़ैद अपनी एक मूर्ति ऊँगली शालीनो की चिकनी हो रही होइ छूट की अंदर फुचकाककककक करके घुसा देता है शालनी तड़प कर ज़ैद को ज़ोर से अपने बहो में भींच लेती है...... uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa आआआआअह्हह्ह्ह्हह ज़ैद .........

ज़ैद धीरे धीरे शालिनी की छूट में अपनी ऊँगली अंदर बहार करने लगता है और शालनी काम वासना में लीं हो जाती है और अपनी आंखें बंद करके अपनी छूट चुदाई का मज़ा लेने लगती है.........



 
अब आएगग्गीीीी..........

शालनी भट ज्यादा गरम हो चुकी थी....... पिछले कई घंटो से उसकी छूट में को बार पानी छोरा था लेकिन एक बार व् अपने चरम सुख तक वो नहीं पहुँच पायी thi.....wo इतना बेचैन हो चुकी थी चरम सुख पाने क लिए की इसके लिए किसी व् हद्द तक जाने के लिए तैयार थी............

अजय - माँ आपलोग जाओ मई गाड़ी को ठीक से पार्क करके अचे से लॉक करके अत hu.......or हाँ मई थोड़ा विशाल के आपस से अत हु दस मिनट में....

अजय जन बुझ कर विशाल के घर जाने का ंतक करता है........

और साइड में ज़ैद को ले जाकर कहता hai..jaise हे माँ अंदर जाएगी तुम चुपके से आकर दूर लॉक खोल देना और मई चुपके से अनादर आ jaunga.....tum जी भर कर माँ को रगड़ना जबतक पापा नहीं आते hai...papa के आने में अभी 3 घंटा बाकी hai.......wo डेली रात में 12 बजे तक घर आये hai.......abhi 9 व् नहीं बजा है.......

ज़ैद के चेहरे में एक हरामी मुस्कान तैर जाता है...........

घर जाते हे माँ अपने रूम में चली जाती है और अपने बिस्टेर में बोथ कर थोड़ा रिलैक्स होती hai.....fir मेकअप ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठ कर अपनी चूड़ियां वगैरह उतारने लगती hai..........shalni ने अपनी साड़ी का पल्लू ज़मीन पर गिरा दिया था और अपने ब्लाउज को उतारने लगी ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठ kar.........itne में ज़ैद दूर के पास छुप क्र शालिनी को देखने laga........shalni ज़ैद के बारे हे सोच रही थी ............

शालनी मन में - ufffffffffffffffffffgfggffffffffff अपने हे बेटे के दोस्त के साथ रोमांस करने में कितना मज़ा आ रहा tha.......aisa लग रहा था जैसे ये पल कभी ख़तम हे माँ ho.......kamina मुझे घोड़ी बोल रहा tha......Hehehehehehe.........jab वो मेरे यौवन को छू रहा था दबा रहा था तो पता नहीं मुझे इतना ज्यादा मज़ा क्यों आ रहा tha.......yesab तो मेरे पति व् करते है लेकिन इतना मज़ा नहीं अत जितना मज़ा ज़ैद के दबाने से आ रहा tha......yahi सब सोचते हुए शालनी अपने ब्लाउज को खोलने लगती है की इतने में उसकी नज़र ज़ैद पर पड़ती है जो दूर से झांक रहा tha..........Shalini का डिल धक् सा रह जाता hai......uski धड़कन अचानक बढ़ जाती है...........





शालनी अपना ब्लाउज उतारना छोर देती है और उसके चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर जाती hai........wo ब्लाउज को उतारना छोर कर अपने चूचियों को अपने दोनों हाथो में पकड़ कर हल्का हल्का सहलाने लगती hai.....zaid को तैसे करने क liye..........or अपने मुँह से कामुक आवाज़ निकालने लगती है........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरे घोड़े अपनी घोड़ी की प्यास बुझा दो......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना तगड़ा घोडा है zaid......jab मुझपर सवारी करेगा तो मेरी क्या हालत करेगा .............. शालिनी येसब बातें इतनी ज़ोर से बोल रही थी की ज़ैद आराम से सुन्न ले ............ज़ैद से अब बरदास बिलकुल व् नहीं हो रहा था .......ज़ैद डरते डरते रूम के अंदर चला जाता hai......or शालनी के बगल में जाकर खड़ा हो जाता है..........

ज़ैद - आप यहाँ हो आंटी और मई आपको पता नहीं कहा कहा धुंध रहा था.......

शालनी - ये क्या बदतमीजी है ......किसी के रूम में आने से पहले नॉक किया जाता hai......mai यहाँ कपड़े चेंज कर रही हु और तुम हो की बिना नॉक किये घुसे चले आ रहे हो.........

इधर मई छुप कर सब देख रहा था क्यों की ज़ैद ने चुपके से दूर ओपन करके मुझे अंदर बुला लिया था .........

ज़ैद ने माँ की नंगी कंधो पर हाथ रखते हुए kaha........wo आंटी मुझे भट ज़ोरो की भूख लगी hai.........or मई था नया हु तो मुझे समझ में नहीं आ रहा क्या खून क्या piyun.....isliye मई आपसे पूछने आ gaya.........agar आपको बुरा लगा हो तो उसके लिए sorry.........lekin प्लस मुझे कुछ खाने या पिने का दे दो.........





माँ अपने जगह से कड़ी हो गयी और पलट कर ज़ैद के तरफ पीठ कर ली.........

माँ - अभी कुछ खिला तो नहीं सकती हाँ लेकिन पीला ज़रूर सकती hu......bolo क्या piyoge.....thanda या गरम...........

ज़ैद माँ के स्लीवलेस ब्लाउज से नंगी हुयी हाथो को को पीछे से पकड़ लेता है माँ कसमसाने लगती hai.......or कहती hai...........ye क्या कर रहे ho......chhoro मुझे अजय आ जाएगा ........हटाओ हाथ वह से...........





ज़ैद मई अपनी घोड़ी को खा रहा हु क्यों की मेरी घोड़ी ने मुझे अपना गदराया जिस्म दिखा दिखा कर भूख बढ़ा दिया है......

बोलकर ज़ैद माँ को अपने तरफ खींच कर खुद में सत्ता लेता है और अपने चेहरे से माँ के गलो पर रगड़ने लगता hai.........mom तो पहले से हे गरम थी ज़ैद के चेहरे पर अपने गलो को हल्का रगड़ते हुए माँ की आंखें. कामुकता की वजह से बंद हो जाती है.......

माँ - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद plssssssssssssss छोरो badaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..........mujhe कपडे चेंज करना है न.......





ज़ैद - कपडे चेंज करने की क्या ज़रूरत है इन कपड़ो में व् आप भट खूबसूरत लग रही हो आंटी....

अपनी तारीफ सुन कर माँ शर्मा जाती है..........

माँ - ाचा जी मुझे फ़्लर्ट कर रहे हो......

ज़ैद - फ़्लर्ट तो गैरो को किया जाता है आप तो मेरी गर्लफ्रेंड ho......bolkar ज़ैद अपना होंठ माँ के नंगे कंधे पर रख देता hai......mom की सिसकी निकल जाती है......

माँ - shiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh plssssssssssssss ज़ैद मुझे छोरो naaaaaaaaaaaaaaa........





ज़ैद माँ को चोर देता hai......mom हैरान रह जाती hai.....mom को ज़रा व् मैं नहीं था की ज़ैद की बहो से आज़ाद ho....woto बास नखरा दिखा रही थी..........

माँ की आँखों में शरारती एहसास आ जाता है माँ वही कड़ी हुयी ज़ैद के तरफ मुद कर देखते हुए कहती hai........tumne बताया नहीं क्या पियोगे ठंडा या गरम............

ज़ैद - मुझे आपका दूध पीना है मेरी गदरायी ghodi........bolkar ज़ैद माँ की आधी नंगी चुकी को घूरने लगता है.......





माँ - ाचा जी जनाब को मेरा दूध पीना hai......lekin वोटो सिर्फ मेरे पति के लिए रिज़र्व hai......ise कोई और नहीं पि sakta....bolkar माँ हंसने लगती है.......

ज़ैद माँ के नंगे कमर को अपने दोनों हाथो से जकड लेता hai.......mom की एक लम्बी सिसकारी निकल जाती है ज़ैद का हाथ अपनी नंगी कमर पर पड़ते he.....ssssssssaaaaaaaasssssssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh......

ज़ैद उसे कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खींच लेता hai.....or माँ के होठो पर अपने होंठ रख कर चूसने लगता hai.....mom तो कबसे यही छह रही thi.......mom की आंखें अपने आप बंद हो जाती hai....or वो व् ज़ैद के होंठो को चूसने लगती hai.......chap चाप चाप पूछ पूछ की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगती hai......mom की हाथ अपने आप ज़ैद के कमर पर चलने लगता hai........zaid अपने हाथो को माँ की नंगी कमर पर इस तरह चला रहा था जैसे माखन पर चला रहा ho...........mom की साड़ी इतनी नीची थी की माँ की गांड की दरार साफ़ नज़र आ रही थी.....





कुछ देर किश करने के बाद माँ ज़ैद से अलग होकर हांफने लगती hai........or ज़ैद की आँखों में भट छुडास भरी नज़रो से देखते हुए कहती hai..........tumhe शर्म नहीं अति अपनी मम्मी की उम्र की आंटी के साथ ये सब करते huye.....wo व् अपने दोस्त की मम्मी.........

ज़ैद काश तुम मेरी मम्मी hoti.....mai तुम्हे रात दिन किश करता इसी तरह..

...इतनी हॉट मम्मी जिसकी होगी वो भला खुद को कैसे कण्ट्रोल कर सकता hai......mujhe तो अजय का सोच सोच कर आचार्य हो रहा है..........

माँ हैरत से पूछती है - अजय का क्या सोच कर आचार्य हो रहा तुम्हे.......

ज़ैद - यही की इतनी छुडासी मम्मी होते हुए व् वो खुद पर कण्ट्रोल कैसे करता होगा........

अपने हे बेटे के बारे में ऐसी गन्दी बात सुन कर माँ की छूट एकदम से भट ज्यादा गीली होने लगती है..........





माँ अचानक सा किश तोड़ कर ज़ैद को बनावटी गुस्सा से देखते हुए कहती hai.......bht बोलते हो तुम ....एकदम चुप raho......ab कुछ नहीं bologe.....bolkar माँ ज़ैद के होंठो को अपने होंठो में दबोच लेती है और चूसने लगती hai...apne दांतो से काटने लगती है..........

अपने हे बेटे के बारे में येसब सुन कर माँ को एक अलग हे एक्सिटमेंट मिल रहा tha..........mom का दिल ज़ोरो से धड़कने लगता hai.......mom सोचने लगती है क्या सच में अजय मेरे गदराये जिस्म को देख कर पागल होता hoga.........nhi नहीं ये मई क्या सोच रही हु.........
 
येसब देख कर मेरा लुंड तो पंत फाड़ कर बहार आने के लिए ऐसा अकड़ गया था की जिसे कोई लोहा पंत के अंदर hai....maine अपने लुंड को ज़ोर से पकड़ लिया पंत के ऊपर से हे...............

ज़ैद अब माँ को और ज्यादा होर्नेय करने के लिए अपने हाथ माँ की गांड पर चलते हुए अचनाक माँ की गांड को ज़ोर से दबा diya......mom उछाल पड़ी.........

Uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa ये क्या कर रहे हो..........

ज़ैद - क्या गदराय गांड है आपका आंटी उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इस गांड को देख कर अजय को क्या गलत होती hogi........jab आप अपनी गदरायी गांड मटका मटका कर घर में चलती होगी तो बेचारा अजय का लुंड तो बेकाबू हो जाता होगा..........

माँ नशीली आँखों से ज़ैद को देखते हुए कहती है - चुप नहीं रह सकते तुम .....कितना बोलते ho........bolkar माँ ज़ैद के बालो को पकड़ कर उसके होंठो को चूस इ लगती hai......puch पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगती है.......





माँ ज़ैद को किश करते हुए अपने बेटे के बारे यानि के मेरे बारे सोचने लगती है..........

माँ मन में - ज़ैद कही ठीक तो नहीं कह faha.......kya सच में मेरा बीटा मेरी गदरायी जिस्म को देखता होगा डेली...........

क्या सच में मेरा जिस्म इतना कसीला है की मेरा खुद का बीटा मेरा गदराया जिस्म देख कर गन्दी बातें सोचता होगा.........

इधर मई ज़ैद की हिम्मत की फाड़ दे रहा tha...........wo बिना डरे कितनी गन्दी बातें कर रहा था माँ के साथ........





ज़ैद की बातो से मेरा व् मन करने लगा माँ को बहो में भर कर प्यार करने ka...........mom और ज़ैद किश कर रहे थे मई छुप कर देख रहा था और माँ की गदरायी गांड मेरे तरफ thi.....mom का पूरा पीठ नंगा tha.....sirf एक दूरी में ब्लाउज वंढा हुआ था जो माँ के जिस्म को और ज्यादा छुडासी बना रहा था........





ज़ैद अब अपने हाथो को माँ की नंगी कमर और पीठ पर फेर रहा tha.....mom पागलो की तरह ज़ैद के होंठो को चूस रही थी..........





Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ज़ैद उफ्फ्फफ्फ्फ़ कुछ करो naaaaaaaaaaa प्लसससससससस वर्ण मई लिस्ट की वजह से पागल हो जाउंगी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद ....येसब बोल कर माँ बेतहाशा ज़ैद के होंठो को चूस रही थी..........





ज़ैद से व् अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा था वो माँ की नंगी कमर और पीठ को भट प्यार से सहला रहा था........

अचानक ज़ैद ने माँ का हाथ पकड़ कर पंत के ऊपर से हे अपने खड़े लुंड पर रख देता hai...........mom हड़बड़ा कर अपना हाथ हटा लेती hai..........lekin किश नहीं todti.......wo और ज्यादा ज़ोरो से ज़ैद के होंठो को चूसने लगती है..........





ज़ैद - ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना गदराया हुआ गांड है आंटी apka........is गांड के लिए एक फिट का लुंड चाहिए जो पूरा अंदर टॉक घुस सके...........

माँ ज़ैद की बातों से शर्म से लाल हो जाती है.......

माँ - धत्त बदमाश कुछ व् बोलते हो tum......sharam नहीं अति तुम्हे इतनी गन्दी बातें करते हुए..........

ज़ैद - जब मेरी गफ इतनी गदरायी घोड़ी हो तो शर्म किस बात ki.........meri गदरायी घोड़ी की गांड सच में इतनी उभरी हुयी है की किसी व् घोड़े का लुंड खड़ा हो जाएगा इस मरकटी गदरायी गांड को देख kar.......chahe वो उस घोड़ी का खुद का बीटा अजय हे क्यों न हो.............

ज़ैद के बार बार अजय के नाम लेने से शालनी और व् ज्यादा लुस्टि होती जा रही thi......pahli बार किसी ने उसके बेटे के बारे में येसब कहा था...........

शालनी मैं में सोचने लगती है - क्या सच में मेरा बीटा मेरी गदरायी उभरी हुयी गांड को देख कर मुठ मरता hoga.......nhi नहीं ऐसा नहीं है ajay..........lekin अगर सच में वो ऐसा करता होगा तो...... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ये मई क्या सोच रही hu.....or ये सोचने से मेरी छूट और ज्यादा फड़फड़ाने लगी है..........

शालिनी ज़ैद को किश करते हुए उसके गर्दन पर अपने बाँहों का हार दाल देती है और ज़ैद को खींचते हुए बीएड पर बैठ जाती hai.....shalni ज़ैद के होंठो को भट ज़ोर ज़ोर से चूसने लगती hai......zaid व् अपना हाथ माँ की नंगी कमर और पीठ पर चला रहा था.......

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ज़ैद mmmmmmmmmmm plssssssssssssss मेरी प्यास बुझाओ और मुझसे बर्दाश्त नहीं होता....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट आग लगा दी है तुमने मेरे जिस्म में........

ज़ैद - जिस्म में या छूट में मेरी जान आंटी.........

शालनी शर्म से लाल हो जाती है छूट के नाम से..........





आआआआअह्हह्ह्ह्हह अब तुम जो कहो लेकिन मेरी प्यास बुझा do....mai और वेट नहीं कर सकती..........

ज़ैद - तो जब मैंने आपका हाथ अपने खड़े लुंड पर रखा था तो हटा क्यों लिया था अपने..........

माँ शरमाते हुए - मुझे शर्म आ रही थी.......

ज़ैद - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आपका ये शर्माना हे तो मेरा लुंड और ज्यादा टाइट कर रहा है........





ज़ैद अचानक माँ को गॉड में उठा लेता है और वापस बीएड पर बैठ जाता hai........mom व् अपने दोनों पेअर ज़ैद के दोनों जांघो के अगल बगल फैला कर उसके लुंड पर बैठ जाती hai......jiski वजह से उसकी साड़ी ऊपर उठ जाती है और माँ की नंगी जांघें साफ़ दिखने लगती hai........mom की भरी भरकम गांड के निचे ज़ैद का लुंड ऐसा दवा हुआ था जैसे हठी के निचे कोई चूहा डब्ब गया ho.........lekin ज़ैद का लुंड व् इतना ज्यादा अकड़ा हुआ था की माँ को उसका लुंड अपने गांड पर चुभ रहा tha.........mom को जैसे हे एहसास होता है ज़ैद का लुंड उसके गांड में चुभ रहा hai....uski वासना और ज्यादा भड़क चुकी thi.......mom अपने गांड को ज़ैद के लुंड पर तगाड्ने लगी...........





आआआआअह्हह्ह्ह्हह ज़ैद plssssssssssssss कुछ करो naaaaaaaaaaa अब बर्दाश्त नहीं हो रहा...... plssssssssssssss naaaaaaaaaaa और न तड़पाओ mujhe........apni गदरायी घोड़ी की प्यास बुझा दो naaaaaaaaaaa........

ज़ैद हँसते हुए उसके नंगे जांघो पर हाथ फेरते हुए बोलै.......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी गदरायी घोड़ी ...........बोलो कैसे बुझाउन तेरी प्यास........

माँ - जैसे मैं वैसे बुझाओ लेकिन बुझाओ.......

ज़ैद - लेकिन मुझे खुल कर बताओ प्यास कैसे बुझाई जाती है.........

माँ - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa मत naaaaaaaaaaa तड़पाओ मुझे.........

ज़ैद - पहले खुल कर बताओ प्यास कैसे बुझाई जाती है........

माँ अपने एक हाथ से ज़ैद के बालो को पकड़ लेती है और दूसरा हाथ उसके छाती पर रख कर उसके आँखों में देखने लगती hai..........mom की चूड़ियों की खनक से रूम का माहौल और ज्यादा चुड़ैल हो चूका tha...........mom नशीली आँखों से ज़ैद की आँखों में देखते हुए boli........tum भट गंदे हो ज़ैद ...............





ज़ैद माँ को पलट देता है और दोनों चुकी को अपने हाथ में लेकर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगता है .....माँ तड़प उठती है और आने चेहरे को पीछे करके अपने होंठ ज़ैद के होंठो में रख देती है..........

इस पोजीशन में माँ की चुकी इतनी ज्यादा सेक्सी दिख रही थी की मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना लुंड पंत से बहार निकाल कर अपने हाथो में पकड़ लिया और माँ का नाम लेकर सहलाने लगा......

....माँ की सुडोल चुकी ब्लाउज से आधा बहार झांक रही थी और ब्लाउज फाड़ कर बहार आने के लिए बेचैन थी........





ज़ैद ऐसे हे किश करते हुए माँ को बिस्टेर पर कितने लगता है माँ फिर व् ज़ैद के होंठो को नहीं छोरती और उसके होंठो को बेतहाशा चूसे जा रही थी........



 
अभी तक अपने पढ़ा............

आआआआअह्हह्ह्ह्हह ज़ैद plssssssssssssss कुछ करो naaaaaaaaaaa अब बर्दाश्त नहीं हो रहा...... plssssssssssssss naaaaaaaaaaa और न तड़पाओ mujhe........apni गदरायी घोड़ी की प्यास बुझा दो naaaaaaaaaaa........

ज़ैद हँसते हुए उसके नंगे जांघो पर हाथ फेरते हुए बोलै.......... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी गदरायी घोड़ी ...........बोलो कैसे बुझाउन तेरी प्यास........

माँ - जैसे मैं वैसे बुझाओ लेकिन बुझाओ.......

ज़ैद - लेकिन मुझे खुल कर बताओ प्यास कैसे बुझाई जाती है.........

माँ - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa मत naaaaaaaaaaa तड़पाओ मुझे.........

ज़ैद - पहले खुल कर बताओ प्यास कैसे बुझाई जाती है........

माँ अपने एक हाथ से ज़ैद के बालो को पकड़ लेती है और दूसरा हाथ उसके छाती पर रख कर उसके आँखों में देखने लगती hai..........mom की चूड़ियों की खनक से रूम का माहौल और ज्यादा चुड़ैल हो चूका tha...........mom नशीली आँखों से ज़ैद की आँखों में देखते हुए boli........tum भट गंदे हो ज़ैद ...............





ज़ैद माँ को पलट देता है और दोनों चुकी को अपने हाथ में लेकर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगता है .....माँ तड़प उठती है और आने चेहरे को पीछे करके अपने होंठ ज़ैद के होंठो में रख देती है..........

इस पोजीशन में माँ की चुकी इतनी ज्यादा सेक्सी दिख रही थी की मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना लुंड पंत से बहार निकाल कर अपने हाथो में पकड़ लिया और माँ का नाम लेकर सहलाने लगा......

....माँ की सुडोल चुकी ब्लाउज से आधा बहार झांक रही थी और ब्लाउज फाड़ कर बहार आने के लिए बेचैन थी........





ज़ैद ऐसे हे किश करते हुए माँ को बिस्टेर पर कितने लगता है माँ फिर व् ज़ैद के होंठो को नहीं छोरती और उसके होंठो को बेतहाशा चूसे जा रही थी........





अब आएगग्गीीीी..............

माँ और ज़ैद की काम लीला देख कर मेरा लुंड इतना ज्यादा अकड़ चूका था की तत्तो में दर्द होने लगा tha........man तो कर रहा था अंदर जाकर मई माँ को जकड लू और कुटिया बना कर अपना अकड़ा हुआ लुंड उसकी छूट में घुसा du.......maine अपना लुंड पंत से बहार निकल कर हाथ में पकड़ लिया और अंदर का नज़ारा देखने laga.......zaid अब माँ के ऊपर था और माँ के होंठो को बेतहाशा चूस रहा था और उनकी सुडोल चुकी को ज़ोरो से मसल रहा tha......mom कामुकता की वजह से सिसकियाँ निकाल रही थी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म आआआआअह्हह्ह्ह्हह ज़ैद ufffffffffffffffffffgfggffffffffff धैईईईई दबाओ naaaaaaaaaaa दर्द होता है......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ये कैसी aaaaaaaaaaaaaaaggg लगा दी है तुमने मेरे जिस्म में.............. उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मुझसे अब ज़रा व् बर्दास नहीं हो rahaaaaaaaaa.............zaid माँ का एक हाथ पकड़ कर पंत के ऊपर से हे अपना लुंड पर रख देता hai...........mom को जैसे करंट सा लगता hai...wo जल्दी सा अपना हाथ वह से हटा लेती है.............

ज़ैद फिरसे माँ का हाथ अपने लुंड पर रखता है इस बार ज़ैद अपना हाथ माँ के हाथो से हटाता नहीं है और ज़ोर से माँ के हाथो को जकड़े रखता hai.......Mom अपना हाथ हटाने की कोशिश करती है लेकिन ज़ैद उसका हाथ हटाने नहीं deta..........or अपने लुंड पर माँ के हाथ को तगाड्ने लगता है...............

ज़ैद - मेरा लुंड आपके हाथो में आने के लिए बेचैन है मेरी गदरायी ghodi......pakdo न इसे........

माँ शरारत भरी नज़रो से ज़ैद को घूरते हुए नाआआआ में सर हिला देती hai.............or मुस्कुरा देती है.........

ज़ैद - पकड़ो न मेरी जान आंटी..... plssssssssssssss ये व् तो कबसे तड़प रहा है आपके कोमल हाथो में जाने के liye.............bolkar ज़ैद माँ के चुकी को ज़ोर से मसल देता hai....mom उछाल पड़ती है..... uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa क्या करते हो बदमाश..............

ज़ैद - वही कर रहा हु जो एक गदरायी घोड़ी की प्यास बुझाने के लिए किया जाता है.........

माँ बनावटी गुस्सा दिखते हुए - भट गंदे हो तुम.......

ज़ैद - गंदे मर्द हे तो गदरायी औरतो को पसंद होते hai.......hahahahaha

माँ - ाचा जी ......तुमसे किसने कहा......

ज़ैद - मैंने पोर्न वीडियोस में देखा है और सेक्स स्टोरीज में पढ़ा है..........

माँ अपनी आंखें मटकती हुयी कहती है - ाचा जी तुम सेक्स स्टोरीज व् पढ़ते हो........

ज़ैद - सेक्स स्टोरीज पढता हु इसलिए तो मुझे गदरायी आंटी पसंद है.........

माँ - अछाअअअअअ jiiiiiiiiii अब मुझे समझ आया की तुम कमसिन लड़कियों को क्यों नहीं भाव देते ho..........bade हरामी हो बीटा..........

ज़ैद - वोटो मई हु harami......aaj ये हरामी घोडा अपनी घोड़ी को ऐसा छोड़ेगा की घोड़ी की छूट सुजा देगा छोड़ छोड़ kar..........bolkar ज़ैद माँ को गर्दन पर गली पर किश करने लगता है माँ कसमसाने लगती है.............

माँ - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरे घोड़े ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh खा जाओ अपनी घोड़ी ko.........bolkar माँ ज़ैद के लुंड को पंत के ऊपर से हे मुठी में पकड़ लेती है........

जैसे हे माँ ज़ैद का लुंड मुठी में भर्ती है उसकी धड़कन तेज़ हो जाती है........

माँ मैं में - ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना motaaaaaaaaaaaaaaaa लुंड है इसका...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh जब छूट में घुसेगा तो छूट फट jaega................mom अब फुल जोश में आकर ज़ैद के लुंड को पंत के ऊपर से सहलाने लगती है..................

की तभी दूर बेल्ल बजती hai....ting टोंग टिंग टोंग........

तीनो हे हड़बड़ा जाते hai........mom समझ जाती है की अजय के पापा आ चुके है..........

माँ खिसयते हुए कहती है - हे भगवन उनकी व् अभी हे आना tha.......aaj इतनी जल्दी क्यों आ गए है.........

माँ - ज़ैद जल्दी उठो अजय के पापा आ चुके hai.....tum जाओ अजय के कमरे में जल्दी........

ज़ैद भाग कर अजय के कमरे में चला जाता है अजय तो दूर बेल्ल सुन कर पहले हे भाग कर अपने कमरे में चला गया था............

शालनी खुद को ठीक करती है और दूर ओपन करने चली जाती है......

दूर खुलते हे माँ कहती है - आज इतनी जल्दी आ गए आप.......

पापा - हाँ ताब्यात थोड़ा ठीक नहीं लग रहा था तो जल्दी बंद कर दिया दुकान......

पापा हॉल रूम में जाकर सोफे पर बैठ जाते है.........

शालनी मन हे मन अपने पति को गलियां दे रही थी - इनको व् अभी हे आना tha.....waise तो डेली लेट में एते hai......aaj पता नहीं कहा से इतना पहले टपक गए...........

इतने में अजय और ज़ैद व् आकर हॉल रूम में बैठ गया........

पापा - क्या चल रहा है beta......or ये कौन है.....

अजय - पापा सब बढ़िया चल रहा है ये मेरा दोस्त मेरा रूममेट मेरा क्लासमेट ज़ैद है..........

ज़ैद - नमस्ते अंकल......

पापा - नमस्ते बीटा खुश रहो.......

अभी हमलोग आपस में बात हे कर रहे थे की मम्मी किचन से पापा के लिए कॉफी लेकर आ gayi.......mom की नज़र पापा पर कम् ज़ैद पर ज्यादा thi.....mom ज़ैद को हे घूरती हुयी हमारे तरफ आ रही थी उनके हाथ में ट्रे था जिसमे कुछ स्नैक्स और कॉफी tha..........zaid और माँ एक दूसरे को कातिल नज़रो से देख रहे थे.......

ज़ैद ने माँ को फ्लाइंग किश कर दिया माँ शर्मा gayi....or ज़ैद को आँखों के इशारे से मन करने लगी की ऐसा मत करो सब यहाँ पर है.........

माँ ने ट्रे लेकर टेबल पर रखते हुए अपने साड़ी का पल्लू थोड़ा सरका कर अपने हाथो में रख दिया जिससे उनकी बड़ी बड़ी सुडोल चुकी ब्लाउज से बहार झाँकने lagey.......mom ने जानबूझ कर अपने गले में लटक रहे लॉकेट को ठीक करने के बहाने ज़ैद को अपनी चुकी देखने का आमंत्रण दे diya.......or एक कातिल मुस्कान देने लगी.........





इतनी नज़दीक से माँ की बड़ी बड़ी सुडोल चुकी को देख कर मेरा लुंड तो फनफनाने लगा....... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff क्या मस्त चुकी है माँ की...........

ज़ैद तो जैसे खा जाने वाली नज़रो से माँ की चुकी को घर रहा tha.......papa तो टीवी देखने में बिजी थे वो हाथ में रिमोट लिए चैनल चेंज किये जा रहे थे इसलिए पापा को ज़रा व् भनक नहीं था की क्या चल रहा है माँ और ज़ैद के बीच...........

माँ जैसे हे कॉफी सबको देने लगती है ज़ैद हल्का सा माँ के गदराये गांड पर हाथ फेर देता है माँ जैसे सिहर उठती hai........apne हे पति और बेटे के सामने एक लड़का उसकी गदरायी गांड पर हाथ फेर रहा था इससे ज्यादा एक्सिटमेंट माँ के लिए आज तक कुछ व् नहीं हुआ था आज से pahle......mom का पूरा जिस्म गंगनाआए उठा था ज़ैद के इस तरह उसके गांड पर हाथ फेरने se...........mom ज़ैद को बनावटी गुस्सा से देखते हुए इशारा करती है मैट karo.........koi देख lega.......or माँ हल्का मुस्कुराने लगती hai.......kyu की माँ को व् भट मज़ा आ रहा था अपने पति के सामने अपना जिस्म मसलवाने में.........





लेकिन ज़ैद पर तो माँ के गदराये जिस्म का भूत सवार tha...........wo कहा मानने वाला था वो माँ की गांड को दहकते हुए अचानक माँ की गांड को दबा देता है माँ के मुँह से एक हलकी सी सिसकारी निकल जाती है..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.......

पापा - क्या हुआ शालनी

माँ - व वो कॉफी से हाथ जल गया thoda...........mom पापा को हे देखने लगी की कही पापा ने कुछ देख तो नहीं liya........mom की जान में जान आयी जब देखा की पापा टीवी में बिजी है........





पापा - देख कर सर्वे करो.......

माँ - ज्यादा कुछ नहीं हुआ आप कॉफी पीजिये.........

बोलकर माँ ज़ैद को बनावटी गुस्सा से देखते हुए आंख दिखने lagi......zaid माँ को फिरसे एक किश दे दिया अपना होंठ गोल karke...........mom हल्का मुस्कुरा कर कड़ी हो गयी.......

माँ - आप लोग जबतक टीवी देखो मई किचन में खाना तैयार कर देती हु एक घंटे में..........

पापा - ok आराम से करो कुछ बढ़िया सा बना दो आज पहली बार ज़ैद घर आया है......

माँ - जी सही कहा अपने........

माँ ज़ैद के तरफ देखते हुए एक सेक्सी सी अंदाज़ में ज़ैद से बोली - क्या खाओगे बीटा...........





ज़ैद इशारा से माँ की चुकी को देखने लगा.........

माँ एकदम से शर्म से लाल हो gayi.....or ज़ैद को आंखें दिखा कर इशारा करने लगी की सब है यहाँ पर..........

ज़ैद - मुझे तो आंटी जो खिलाएगी वो मई खा lunga....or फिर ज़ैद माँ की चुकी को घूरते हुए बोलै और पिलाएगी वो पि व् लूंगा................

माँ व् डबल मीनिंग में बोली - हाँ हाँ क्यों नहीं आज तुम्हे मई वो सब चीज़ खिलाऊंगी और पिलाऊंगी जो तुमने पहले कभी नहीं खाया पिया hoga..........or अपने चुकी को और ज्यादा बहार करते हुए ज़ैद की आँखों में सेक्सी नज़र से देखने लगी........





ज़ैद अपने ज़बान को होंठो पर फेरते हुए बोलै - यू अरे soooooooooo स्वीीीट्ट्ट्ट आंटी......

माँ वह से पलट कर किचन के तरफ जाने लगी और अपनी गांड को कुछ ज्यादा मटकाने लगी ताकि ज़ैद उसकी गदरायी गांड को देख कर और ज्यादा उस पर लट्टू हो जाये.............





किचन के पास पहुँच कर माँ ने एक बार मुद कर ज़ैद को देखा तो ज़ैद उसकी उभरी हुयी मटकती गांड को हे घर रहा tha...........mom के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर गयी...........





माँ ज़ैद को इशारा करते हुए पूछी क्या देख रहे हो इतनी गौर से.......

माँ का खूबसूरत चेहरा गुलाबी होंठो को घूरते हुए ज़ैद इशारा से बोलै ......आपकी उभरी हुयी गांड ..........माँ ज़ैद का इशारा समझ gayi....or हल्का मुस्कुरा दी.........





फिर माँ ने वो किया जो मैंने ाच व् नहीं tha........mom वही दिवार से टेक लगा कर कड़ी हो गयी और अपनी दोनों चुकी को बहार निकालते हुए ज़ैद को इशारा करके आँखों हे आँखों में पूछी .....और ये नहीं पियोगे ........





ज़ैद अपने होंठो पर ज़बान फेरते हुए हाँ में इशारा कर दिया.........

माँ बिना आवाज़ के भट ज़ोर से हंस पड़ी अपने मुँह में हाथ रख kar..........Mom फिरसे अपने गांड को मटकाते हुए किचन के अंदर चली गयी........

इधर ज़ैद बेचैन था उसका लुंड बेकाबू हुए जा रहा था........

मैंने ज़ैद को हल्का सा बोलै - तू व् चला जा किचन में और माँ को पकड़ ले वही par..........papa किचन में कभी नहीं जाते.......

ज़ैद - नहीं यार अंकल आ गए तो मुझे जान से मार देंगे......

अजय - बसड्क जब मई कह रहा हु कुछ नहीं होगा .....अगर पापा उस तरफ जाने लगे तो मई ज़ोर से चिल्लाऊंगा .....ज़ैद कहा है तू ज़रा इधर तो aa......tab तू समझ जाना की खतरा hai...or तू फ़ौरन माँ से अलग हो जाना.......

ज़ैद को डर व् लगा रहा था और उसके दिमाग में शालनी का गदराया जिस्म व् घूम रहा tha........akhir ज़ैद डरते डरते किचन के तरफ बढ़ Gaya...............kitchen के दूर के पास जाकर ज़ैद खड़ा हो गया पीछे से माँ की मोती गांड देख कर ज़ैद की हालत ख़राब होने lagi..........mom किचन में खाना बनाने की तैयारी में लगी हुयी थी जिसकी वजह से माँ की मोती गांड थिरक रही thi..........mom की गांड की थिरकन देख कर ज़ैद से रहा नहीं जा रहा था.........





ज़ैद धीरे धीरे जाकर माँ के ठीक पीछे खड़ा हो gaya......mom को पता व् नहीं चला ज़ैद कब उनके पीछे जाकर खड़ा हो चूका hai..........mom तो खाना बनाने की तैयारी में इतनी बिजी थी की उन्हें पीछे का कुछ मालूम नहीं tha.......mom ने हाथो में लाल लाल चूड़ियां पहन राखी थी क्यों की माँ को मालूम था की मर्द हो या लड़का सब लाल चूड़ी पहनी हुयी औरत से अत्त्रक्ट होते hai........mom जब काम कर रही थी उनकी चिड़ियों की छान छान से और उनकी गांड की थिरकन से ज़ैद का लुंड बेकाबू होता जा रहा था..........





Aaaaaaaaaa

माँ ने अपने साड़ी का पल्लू कमर में बंधा हुआ था जिसकी वजह से उनकी बड़ी बड़ी चूचियां ब्लाउज से आधा से ज्यादा बहार निकली हुयी thi.....mom किसी छुडासी औरत से कम् नहीं लग रही थी.........

माँ ने जैसे हे किचन के कप्बोर्ड से कुछ निकलने के लिए हाथ ऊपर किया ज़ैद की धड़कन तेज़ हो गयी माँ का जिस्म इस हालत में देख kar........mom की दोनों चुकी पूरी बहार निकल कर टाइट हो गयी और माँ की गांड और ज्यादा उभरी हुयी दिखने lagi.....mom की चिकनी नंगी कमर देख कर ज़ैद से बरदास नहीं हुआ उसने माँ को पीछे से पकड़ liya......or अपना दोनों हाथ माँ की नंगी कमर पर बांध दिया.......





माँ हड़बड़ा कर जैसे हे पीछे देखि माँ की सांसे अटक गयी........

माँ - ज़ैद ये क्या कर रहे हो plssssssssssssss यहाँ से jao.....koi आ जाएगा........

ज़ैद - मेरी गदरायी घोड़ी कोई नहीं आने wala......zaid अपने रूम में आराम करने गया hai...or अंकल टीवी देखने में इतने बिजी है की वोटो आ हे नहीं सकते.........

माँ ने ज़ैद की आँखों में देखते हुए हल्का मुस्कुरा दिया और बोलै - भट चालक हो तुम मौका का फ़ायदा उठाना कोई तुमसे सीखे.......

माँ के कमर में हाथ फेरते हुए ज़ैद बोलै - आपकी दोनों चुकी इतनी सुडोल और टाइट है की मेरे हाथो में आने के लिए बेचैन हो रही है.........





माँ शर्म से लाल हो गयी और अपनी नज़रे झुका क झूट का स्लेप में रखा हुआ सामान पर हाथ लगाने लगी जैसे वो काम करने में बिजी है......

माँ - plssssssssssssss ज़ैद जाओ यहाँ से मई बिजी हु देखो मई खाना बनाने की तैयारी में लगी hu...........zaid माँ के कंधे पर हाथ रखते हुए बोलै आप खाना बनाओ मई आपके गदराये जिस्म को सहलाता हु.......





माँ एक कातिल नज़र से पीछे मुद कर देखते हुए बोली - जी नहीं तुम बहार जाओ मई अकेले खाना बना lungi........mujhe पता है तुम यहाँ रहोगे तो खाना बना नहीं पाऊँगी मई.......

ज़ैद - इतनी उभरी हुयी आपकी गांड है मेरी जान आंटी की मुझसे बरदास हे नहीं हो रहा मन तो कर रहा आपके गांड में मुँह लगा कर चूस लू.........

बोलकर ज़ैद माँ के गांड में हाथ फेरने लगा........

माँ मदहोश होने लगी और मदहोशी की हालत में ज़ैद से बोली - plssssssssssssss ज़ैद ऐसा मत करो वर्ण मई बहक जाउंगी..........





ज़ैद - मई तो यही चाहता हु तुम बहक जाओ मेरी जान aunty......or मई तुम्हे रगड़ कर chodu........tunhare हे हस्तेर पर अंकल के सोते हुए में.........

माँ ने जैसे हे ज़ैद के मुँह से ये सुना की वो पापा के सोते हुए उसके बगल में हे माँ को छोड़ना चाहता hai.....mom की धड़कन भट तेज़ हो gayi.......mom इमेजिन करने लगी की पापा बगल में सोये है और ज़ैद उसे कुटिया बना कर अपने मोठे लुंड से बेरहमी से छोड़ रहा hai...........mom की सांसे फूलने lagi.......zaid अपने हाथो को माँ की नंगी कमर पर हल्का हल्का चला रहा था और गन्दी बातें कर रहा tha.......mom पहले से हे छुडासी हो रही thi..........zaid के ऐसा करने से वो और व् ज्यादा छुडासी हो गयी और पलट कर ज़ैद की आँखों में सेक्सी अदा से देखने lagi.....mom की साड़ी का पल्लू कब का निचे गिर चूका था माँ की चूचियां भट तेज़ तेज़ ऊपर निचे हो रही thi.......zaid ने अपना एक हाथ माँ की नंगी कमर पर रखा और एक हाथ से माँ के बालो को पकड़ कर अपना होंठ माँ के होंठो पर रख diya.......mom की आंखें अपने आप बंद हो gayi........mom ने व् अपना हाथ ज़ैद के गर्दन पर रख दिया और ज़ैद के होंठो हो हल्का हल्का चूसने लगी .........





ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh आंटी मेरी जान क्या जिस्म है apka......man तो कर रहा खा जॉन आपको......

माँ - खा हे तो रहे हो और कैसे khaoge.......badmash......bolkar माँ फिर से ज़ैद के होंठो को चूसने lagi.....chap चाप पूछ पूछ की आवाज़ पूरे किचन में गूँज रहा था..........





कुछ देर ऐसे हे दोनों एक दूसरे को किश करते rahe....ab ज़ैद का लुंड पंत के अंदर फड़फड़ाने लगा tha......zaid अपना एक हाथ धीरे धीरे कमर से सहलाता हुए माँ की नाभि के पास से ले जाते हुए माँ की साड़ी के अंदर घुसाने laga....lekin साड़ी टाइट होने की वजह से ज़ैद का हाथ अंदर नहीं घुस रहा tha...........zaid ने साड़ी के ऊपर से हाथ ले जाते हुए अचानक माँ की छूट को अपने हाथो में भींच लिया माँ तो जैसे तड़प हे uthi..........subha से उसकी छूट पानी छोर रही thi........lekin अभी तक चरम पर नहीं पहुँच पायी thi.........mom भट ज़ोर से ज़ैद को अपने बहो में जकड li............zaid समझ गया की माँ भट ज्यादा कामुक हो चुकी hai.....zaid ने अब माँ की साड़ी को कमर से हल्का सा ढीला करने laga.......mom एकदम से होश में आयी और ज़ैद को धकेल कर अलग हो गयी.............

माँ - plssssssssssssss ज़ैद साड़ी मत खोलो कोई आ गया तो मुझे इस हालत में देख कर समझ जाएगा............

ज़ैद कुछ बोलै नहीं और आगे बढ़ कर माँ के गर्दन पर अपना हाथ फेरते हुए माँ के चेहरे को अपने तरफ कर दिया माँ की आंखें अपने आप बंद हो gayi......or ज़ैद ने माँ की रसीले होंठो को अपने होंठो में भर कर चूसने laga..........mom तो छोड़ने के लिए इतना बेचैन हो चुकी थी की ज़ैद अगर माँ को किचन में अभी के अभी छोड़ देता तो मो छुड़वा leti............mom फिर व् अपनी साड़ी को कमर के पास पकड़ ली थी ताकि साड़ी निचे न गिर जाये ........





अब माँ को कोई परवाह नहीं था की पापा आ jaenge......mom को छूट इतनी ज्यादा पानी छोर रही थी की छूट का पानी जांघो पर बाह रहा tha........mom किसी व् हाल में एक बार कमसेकम एक बार अपने चरम सुख को पहुँच जाना चाहती थी..........





माँ का हाथ अपने आप ज़ैद के पंत के तरफ बढ़ गया और ज़ैद का खड़ा लुंड माँ पंत के ऊपर से सहलाने लगी ........

ज़ैद धीरे से ले जाकर माँ की ब्लाउज के दूरी को खोल diya.....lekin माँ ने कोई विरोध नहीं kiya...shayad माँ व् यही चाहती thi.......zaid ने माँ के ब्लाउज को निकाल कर एक साइड रख diya....ab माँ सिर्फ ब्रा में कड़ी thi.........bra में तो माँ की चूचियां और व् ज्यादा कयामत धा रही thi..........aisa लग रहा था जैसे ब्रा माँ की चुकी को भट मुश्किल से संभल रहा है.........





अचानक वो हुआ जो ज़ैद ने व् नहीं सोचा tha.......mom अपने दोनों हाथो से ज़ैद का पंत खोलने लगी और एक झटके में ज़ैद का पंत निचे गिर गया .....अब ज़ैद सिर्फ और सिर्फ अंडरवियर में tha......zaid का लुंड अंडरवियर के अंदर इतना मोटा लग रहा था की माँ को धड़कन 100 के स्पीड से भागने lagi.....mom ने ज़ैद का लुंड अंडरवियर के ऊपर से सहलाने लगी और ज़ैद के होंठो को चूसने लगी..........

ज़ैद समझ गया की माँ पूरी तरह छुडासी हो चुकी hai......zaid माँ के कानो में हल्का सा bola.....meri जान गदरायी घोड़ी चुसो न मेरा लुंड.........

माँ शरारत भरी आँखों से ज़ैद को घूरने lagi.........mom इतनी छुडास भरी नज़रो से ज़ैद को देख रही थी जैसे की वो ज़ैद को खा हे जाएगी..........





ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ये नशीली आंखें .उन्हें आज मार हे dalegi........mera लुंड अंडरवियर के अंदर अकड़ सा गया है अपनी छुडासी आंटी को देख कर....... plssssssssssssss मेरी छुडासी आंटी मेरी गदरायी ghodi.......mera लुंड चुसो na......aaj तक मेरे लुंड को किसी ने नहीं चूसा है.........

माँ ज़ैद को सेक्सी नज़रो से देखते हुए बोली - ाचा ji......fir तो तुम्हारे लुंड को चूसना पड़ेगा.......





माँ अब ज़ैद के अंडरवियर में खड़े लुंड को गौर से देखने लगी .......

ज़ैद - कब तक देखोगी आंटी अब निचे बैठ व् जाओ न.....





माँ ज़ैद के खड़े लुंड के ठीक सामने बैठ gayi....or अपने हाथो से ज़ैद के लुंड को अंडरवियर के ऊपर से सहलाने lagi.......mom के मुँह से लार टपकने laga......itna मोटा लुंड अंडरवियर के अंदर देख कर...........
 
माँ निचे बैठ जाती hai......or ज़ैद के अंडरवियर में उभरे हुए मोठे लुंड को गौर से देखने लगती hai..........mom ने पहली बार इतना मोटा लुंड देखा tha.........mom की छूट बेतहाशा पानी छोर रही thi.....mom का मन कर रहा था ज़ैद के लुंड को अपने हाथो से पकड़ कर अपने छूट में घुसा दे...........

माँ अभी ये सब सोच हे रही थी की ज़ैद बोल पड़ा - क्या हुआ मेरी छुडासी आंटी लुंड पसंद नहीं आया क्या........

माँ निचे बैठे बैठे हे अपना चेहरा ऊपर उठा कर ज़ैद को सेक्सी नज़रो से देखने lagi...........lekin कुछ बोली नहीं.......





ज़ैद थोड़ा दया बया घूम कर अपने लुंड को अंडरवियर के ऊपर से दिखने लगा.........

ज़ैद - मेरी जान और कितना तडपाओगी अब अपने कोमल हाथो से पकड़ कर मेरे अकड़े हुए लुंड को आज़ाद व् कर दो नाआआ......





माँ ज़ैद की आँखों में मासूमियत से देखते हुए बोली - plssssssssssssss न ज़ैद मत न बोलो ये करने .......

माँ को डर व् लग रहा था और उसका छूट पानी व् छोर रहा tha.......pati का आने का डर और सामने एक गठीला नौजवान लड़का का मोटा तगड़ा लुंड .....ऐसी सिचुएशन माँ ने आज से पहले कभी नहीं खेला tha.....aisi फंतासी माँ को और ज्यादा कामुक बना रहा tha...........mom की बड़ी बड़ी सुडोल चूचियां जिनकी ब्रा से बहार आने को बेचैन हो रही thi........zaid माँ की चुकी को देख देख कर और ज्यादा जोश में आ रहा tha............mom ने एक नज़र ज़ैद को dekha........or रुआंसी आँखों से बोली ...... plssssssssssssss naaaaaaaaaaa ज़ैद मुझसे नहीं होगा.........





ज़ैद को माँ का नखरा और ज्यादा जोश चढ़ा रहा tha.......aurto का नखरा मर्दो को और ज्यादा कामुक बनता hai....ye माँ भट अचे से जानती thi.....isliye माँ जान बुझ कर नखरा दिखा रही थी.......

ज़ैद खुद से अपना लुंड अंडरवियर से बहार निकाल कर माँ के आँखों के सामने कर दिया........

ज़ैद का मोटा तगड़ा लुंड देख कर माँ की आंखे फटी की फटी रह gayi..........itne करीब से पहली बार माँ इतना मोटा लुंड देख रही thi........lund से आ रही स्मेल माँ के सांसो में घुल रही थी.........





ज़ैद का ताकता हुआ विकराल लुंड देख कर माँ के मुँह में पानी आने laga........lekin माँ पक्का खिलाडी thi.....wo ज़ैद को इतना तड़पना चाहती थी की ज़ैद उसे बेरहमी से chode.......uspar रहम न करे .........





ज़ैद के लुंड को माँ धीरे से अपने हाथो में पकड़ लेती hai......or हल्का हल्का सहलाने लगती hai......mom का कोमल हाथ लुंड पर पड़ते हे ज़ैद की आंखें कामुकता की वजह से बंद हो जाती है.........

ज़ैद अपनी आंखें खोल बंद कर रहा था उसे इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था......

ज़ैद माँ के लुस्टि चेहरे को देखने लगता hai........to माँ अचानक सा अपनी दोनों चुकी को ब्रा से बहार निकल लेती है......

ये देख कर ज़ैद का लुंड एक ज़ोर का झटका मरता hai......or ज़ैद का बॉडी थरथरने लगता hai.......mom की नंगी चुकी देख कर....

मई बहार से खड़ा होकर येसब देख रहा था छुप kar....meri तो हालत इतनी ख़राब हो चुकी थी की मेरा लुंड अकड़ कर दर्द करने लगा tha......or पापा व् वह पर बैठे थे इसलिए मई अपने लुंड को बहार व् नहीं निकाल सकता tha.....maine अपने लुंड को पंत के ऊपर से हे पकड़ कर सहलाना शुरू कर diya......meri हॉट न सेक्सी छुडासी संस्कारी माँ एक गैर मर्द के लुंड को अपने हाथो में पकड़ी हुयी सहला रही थी और एक हाथ से अपनी चुकी व् मसल रही thi........ye नज़ारा तो मैंने आज तक पोर्न में व् नहीं देखा tha...........mom की बड़ी बड़ी चुकी देख कर मुझे पोर्न स्टार की यद् आ gayi.......aisa लग रहा था मेरे सामने माँ पंतय में बैठी है और ज़ैद का लुंड पकड़ी हुयी है और माँ की दोनों बड़ी बड़ी सुडोल चूचियां पूरी नंगी है..........





इतने में माँ ने अपना ज़बान बहार निकल कर ज़ैद के लुंड पर चलने lagi........zaid मस्ती में माँ के सर को पकड़ कर अपने लुंड के तरफ धकेलने laga......mom व् हल्का हल्का करके ज़ैद का लुंड अपने मुँह में भरने लगी .........और सेक्सी नज़रो से ज़ैद को देखने lagi....apni नज़रें ऊपर करके...............





ज़ैद अचानक सा माँ का सर पकड़ कर अपने लुंड को माँ के मुँह में घुसाने लगा ......माँ छटपटाने लगी और ज़ैद के पेट में अपने दोनों हाथो से मरने lagi.....leki. ज़ैद कहा मानने वाला था.......

वो माँ के मुँह को ज़ोरो से छोड़ने लगा .

माँ तो यही चाहती थी की उसे बेरहमी से चोदे zaid.......mom का मुँह दर्द करने लगा लेकिन अब माँ व् अपना हाथ निचे कर ली और ज़ैद के मुँह चुदाई का मज़ा लेने लगी...........

माँ क्या लग रही थी .......बाबी बड़ी नंगी चुकी लटकती हुयी और उनके मुँह में एक मोटा लुंड अंदर बहार होते huye.........mom हसरत भरी नज़रो से ज़ैद को आँखों में देखने lagi....jise कह रही ho......bade ज़ालिम हो तुम zaid....aisa व् कोई करता है भला.........





कुछ देर ऐसे हे लुंड चुसवाने के बाद ज़ैद अपना लुंड माँ के मुँह से बहार निकल liya......mom जागते हुए ज़ैद को शिकायत भरी नज़रो से देखने लगी......

ज़ैद माँ के सेक्सी चेहरे को देखते हुए पूछा - क्या हुआ मेरी जान आंटी.....

माँ - जाओ नाआ भट गंदे हो tum....aisa कोई करता है भला........

ज़ैद - ाचा सॉरी न मेरी jan......ab नहीं karunga......tum हो हे इतनी ज्यादा छुडासी की मई अपने आप को कण्ट्रोल नहीं कर paya.......itna सेक्सी जिस्म है आपका इतनी मस्त सुफल चूचिया है की कोई व् लड़का कोई व् मर्द कोई व् बुद्धा भक जाएगा आपको देख कर.............

माँ अपनी तारीफ सुनकर शर्मा गयी और फिर से ज़ैद के लुंड को अपने हाथो से पकड़ कर सहलाने लगी और प्यार करने लगी........

माँ - मेरे घोड़े का लुंड भट ज्यादा मोटा है....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मन तो कर रहा खा जॉन तुम्हारे इस मोठे लुंड को........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh आंटी plssssssssssssss खा जाओ न....... आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट मज़ा आ रहा आपके कोमल हाथो का िस्पर्श अपने लुंड में..........

माँ ज़ैद को और ज्यादा मज़ा देने क लिए अपने दोनों चुकी के बिच में ज़ैद के लुंड को फसा कर घिसने lagi......zaid को तो लगा की अब वो और जड़ा देर टिक नहीं पाएगा.........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh मेरी गदरायी घोड़ी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट मज़ा aaaaaaaaaaaaaa rahaaaaaaaaaaaaaa हैईईई ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ammmmmmiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh............

माँ को अचानक क्या मन करता है वो जल्दी सा साइड में रकह हुआ अपना ब्रा पहन लेती hai........or फिर से ज़ैद के लुंड को अपने ब्रा के अंदर घुसा कर दोनों चुकी के बिच में ज़ैद के लुंड को घिसने लगती है......

ज़ैद से अब बरदास नहीं होता और ज़ैद का लुंड भट तेज़ फव्वारा फेकने लगता hai......jo की माँ की पूरी चुकी को गिला करने लगता है.........

ज़ैद का गाढाआआ वीर्य देख कर उसका उसके वोर्टे का हार्ड स्मेल सूंघ कर माँ मदहोश होने लगती hai......zaid के विरए का महल माँ की सांसो में घुलने लगती hai.........itna गाढाआआ वोर्टे माँ ने अपने लाइफ में पहली बार देखो थी..........

करीब 1 मिनट तक ज़ैद का लुंड वोर्टे उगलता रहा ....इतना वीर्य तो माँ ने एक साथ पहले कभी नहीं देखा tha......mom की ब्रा पूरी गीली हो गयी ज़ैद के वीर्य se........mom ने ज़ैद के वीर्य को अपने ऊँगली में लगा कर हल्का हल्का अपने ज़बान से टेस्ट कर्म लगी ..........





ज़ैद अब जहर चूका tha..........lekin माँ अभी व् प्यासी thi.........mom ने पहले से हे प्लान बना रखा था की आज रात भर ज़ैद से जैम कर chudegi.....papa को नींद की गोली खिला degi.......or पापा के हे बिस्टेर पर ज़ैद के मोठे लुंड से इतना छुड़ेगी इतना छुड़ेगी की अपनी गांड और छूट दोनों फड़वा लेगी छुड़वा छुड़वा kar.......isliye अपने आप को और ज्यादा लुस्टि बना रही थी mom.......aurat जितना ज्यादा तड़पती है उतना ज्यादा उसे मज़ा अत छोड़ने में...........

ज़ैद और माँ जल्दी जल्दी अपना अपना कपडा पहन लेते hai.......mom विरए से सना हुआ ब्रा हे पहन लेती है उसके ऊपर से ब्लाउज बहन लेती hai......zaid का चिप छिपा विरए अपने चुकी में महसूस करके माँ का जिस्म और व् ज्यादा गरम होता जा रहा था..........

ज़ैद और माँ एक दूसरे को किश करते hai......or माँ ज़ैद को धक्का देते हुए कहती है अब jao........or ज़ैद के देख कर मुस्कुराने लगती है.......



 
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