Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani - Page 4 - SexBaba
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Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani

इससे व् ज्यादा मज़ा अगले अपडेट में aega..............ruksana हबीबा होगी उसमे
 
मई फटाक सा जाकर पापा के बगल में बैठ गया उधर से ज़ैद व् आ चूका था किचन se..........zaid तो झरर कर संतुस्ट हो चूका था लेकिन मेरे लुंड में आग लगी हुयी thi........mujhe समझ नहीं आ रहा था क्या karu.......itne में मुझे ज़ैद की अम्मी की यद् आ गयी ......मई झट्ट सा व्हाट्सप्प पर मश्ग भेज diya......hello आंटी क्या कर रही ho.........maine ज़ैद की अम्मी को पहले हे सब कुछ बता दिया था की ज़ैद मेरा दोस्त है हम दोनों एक हे रूम में रहते है ेट्स ेट्स .......इसलिए अब ज़ैद की अम्मी से खुल कर बात कर सकता था mai........sab कुछ ट्रांसपेरेंट था कुछ व् छुपा हुआ नहीं था............

ज़ैद की अम्मी हबीबा - कुछ नहीं बस यूँ हे लेती hu........or तुम क्या कर रहे हो.....

मई - ज़ैद और मई बैठ कर टीवी देख रहे hai........aaj दिन भर मैंने आपको भट मिस किया.......

हबीबा - ाचा जी क्यों मिस किया मुझे.....

अजय - क्यों की आप जन्नत की हूर हो स्वर्ग की अप्सरा ho.......apse ज्यादा सेक्सी और खूबसूरत माल इस दुनिया में नहीं......

अपनी तारीफ सुन कर हबीबा के चेहरे में कातिल मुस्कान तैर गयी........

हबीबा - ाचा जी झूटी तारीफ करना कोई तुमसे सीखे........

अजय - झूटी तारीफ मई नहीं करता हो सच है वो बोलता hu.........apki नशीली आंखें देख कर कोई व् मर्द बहक jaega.......apki काली घनी ज़ुल्फ़ें कमाल की hai........jab आपके काले घने बाल खुल कर आपके चूचियों पर बिखरते है तो ऐसा लगता है जैसे बदल के बीच चाँद छुपा hai......or जब वही बाल जब आपके उभरे हुए मोती गांड पर लटकता है तो मन करता है आपके बालो को पकड़ कर आपको कुटिया बना कर अपना मोटा लुंड आपके गदराये गांड में थूक लगा कर घुसा दू...........

हबीबा - लगता है तुम्हारी ये हसरत अधूरी हे रह jaegi......hehehehehe

अजय - क्यों भला....???

हबीबा - क्यों की मई तुम्हारे साथ वोस्ब करुँगी हे nhi.....hehehehe तुम बास सपने हे देखते रहो........

अजय - वोटो वक़्त हे बताएगा मेरी जान .......

हबीबा - ाचा जी अब आंटी से मई जान हो गयी.......

अजय - जान से रखैल व् बना लूंगा मेरी हबीबा रांड.......

हबीबा - छियईईई कितनी गन्दी बातें करते हो .....शर्म नहीं अति ज़रा व् tumhe........mai किसी और की अमानत hu........mai एक शादी शुदा औरत hu........mobile पर थोड़ा भट एन्जॉय कर लिया मैंने वो व् तुम्हारे बहकावे me........real में तो मई तुम्हे टच व् नहीं करने दूंगी समझे naaaaaaaaaa...........

अजय - इसलिए मुझसे बात करते हुए मेरी जान हबीबा की छूट गीली हो जाती hai.....zara देखो अपनी पंतय छुऊं कर आपकी छूट गीली हो चुकी है..........

हबीबा एकदम से शर्मा जाती है और अजय के कहे अनुसार अपना हाथ धीरे से निचे ले जाकर जैसे हे छूट के पास पंतय छूती hai.........uski धड़कन तेज़ हो जाती hai...sach में उसकी छूट गीली हो रही थी अजय के बातों se.............habiba को और ज्यादा लस्ट चढ़ जाता है........

हबीबा - ऐसा कुछ नहीं हुआ है ..........समझे ना.......

अजय - नहीं हुआ है तो ज़रा दिखाओ मई व् देखना चाहता हु.........

हबीबा - कितने कामिनी हो tum.......mai ऐसा कुछ नहीं दिखने वाली समझे न.........

अजय - इसका मतलब आप झूट बोल रही हो आपकी छूट गीली हो चुकी है और आपको एक मोठे तगड़े लुंड को ज़रूरत है जो मेरे पास है........

हबीबा - जी नहीं मुझे किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं है समझे Naa........mai एक शरीफ औरत hu.........mujhe आज तक मेरे शोहर के अलावा और किसी ने हाथ नहीं लगाया है......

अजय - शरीफ औरतो की छूट भट प्यासी होती hai.........jab तक किसी गैर मर्द का लुंड इन औरत के छूट में नहीं घुसता वो तड़पती रहती hai...........tumhari गांड इतनी ज्यादा उभरी हुयी है की तुम्हे कुटिया बना कर छोड़ने में मर्द को मज़ा हे आ जाएगा..................

बोलकर अजय एक शार्ट वीडियो भेज देता है जिसमे एक हब्सी हबीबा के जैसी हे एक औरत को बेरहमी से छोड़ रहा tha............or वो औरत दर्द और लज़्ज़त से ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी.................... plssssssssssssss नहीं plssssssssssssss मुझे छोर दो aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ज़ालिम धैईईईई छोड़ो ोोोू naaaaaaaaaaa..............

हबीबा एक पढ़ी लिखी औरत थी इसलिए वीडियो में वो औरत जो व् बोल रही इंग्लिश में वो सब हबीबा समझ रही thi.........shalni और हबीबा दोनों हायर एडुकेटेड औरत थी...............

वीडियो में एक काला हब्सी अपना गधा जैसा काला लुंड उस औरत की छूट में घुसा कर बेरहमी से उसे कुटिया बना कर छोड़ रहा tha.....or वो औरत रहम की भीख मांग रही थी............





इतनी ज़बरदस्त चुदाई देख कर हबीबा की साँस फूलने लगी उसकी चुकी ऊपर निचे होने लगी उसके हर एक साँस के साथ..........

हबीबा - omg ये इंसान है या janwar.....bechari को कैसे बेरहमी से कर रहा hai.....zara व् रहम नहीं है इसके दिल में................

अजय - ऐसे हे बेरहमी से तो मई आपको छोडूंगा मेरी रखैल बना kar..........kal तुम ोयो रूम होगी ऐसे हे छुड़वाने मुझसे........

हबीबा की साँस अटक गयी ोयो रूम में छोड़ने के नाम से........

हबीबा सोचने लगी की ये हब्सी अगर मुझे छोड़ेगा तो मई तो मर हे जाउंगी .... बाआआपपपपप रईईईई कितना मोटा और बड़ा लुंड है इसका.........

हबीबा इमेजिन करने लगी की हब्सी का गधा जैसा मोटा और बड़ा लुंड उसकी छूट में घुस रहा है और वो कुटिया बानी हुयी उस मोठे लुंड का मज़ा ले रही hai.......habsi अपने दोनों हाथो से हबीबा की दोनों चूतड़ पकडे हुए अपना लुंड उसकी छूट में अंदर बहार कर रहा hai...........habsi अपने सख्त हाथो से उस औरत की चूतड़ को इतनी ज़ोर से दबोचा हुआ था की उसके ऊँगली का निशान पद गया था उसके चूतड़ par.....or वो भट ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी..... plssssssssssssss धैईईईई plssssssssssssss dhieeeeeeeee........mai मरररररर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii मरररररर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii.......





अजय - कल आपको ोयो रूम में मई ऐसे हे बेरहमी से छोडूंगा मेरी रांड हबीबा............

हबीबा अब पूरे जोश में आ चुकी थी ...अजय की गलियां व् अब उसे अछि लग रही थी.............

हबीबा - मई तुम्हारी कोई रांड वांद नहीं हु समझे न.......

अजय - नहीं हो तो बन जाओ न मेरी jan......itna मज़ा दूंगा की तुमने सपने में व् नहीं सोचा hoga.........acha मई कॉल करता हु तुम रकव karo.....tum जब अपनी सेक्सी आवाज़ में बात करती हो तो मेरा लुंड अकड़ सा जाता hai.........ajay फटाक सा कॉल कर देता

हबीबा न चाहते हुए व् कॉल रकब कर लेती है...........

अब दोनों कॉल पर बातें करने लगते hai........or अजय ज़ैद को इशारे से बुला कर एक एअर बड्स उसके कान में लगा देता hai.............ab ज़ैद व् अपनी अम्मी की आवाज़ सुन रहा tha..........apni अम्मी को गन्दी बातें करता देख कर ज़ैद का लुंड फिर से पंत के अंदर खड़ा हो चूका था..........

हबीबा अजय की गन्दी बातो से इतना ज्यादा गरम हो चुकी थी की उसका हाथ अपने आ उसके गीली छूट पर चले गए और हबीबा कपडे के ऊपर से हे अपने छूट को सहलाने लगी...........

हबीबा - no वे.... impossible.......tum बास सपने हे देखते रहो.........

अजय - सपने देखना कोई गुनाह तो nhi......zaid मेरी माँ के सपने देखते हुए आज अपना मोटा लुंड माँ को चुसवा diya......or आज रात माँ को रगड़ कर छोड़ने वाला है.........

हबीबा ने जैसे हे ये सुना उसका जिस्म सुन्न पड़ gaya.........wo सपने में व् नहीं सोच सकती थी की ज़ैद ऐसा कुछ करेगा........

हबीबा - क्या बकवास कर रहे हो tum....zaid वैसा बिलकुल व् नहीं है .....समझे ना........

अजय - मेरी रांड हबीबा तुम क्या जानो जब लड़का जवान होता है तो उसका लुंड बास छूट मांगता hai....chahe वो छूट उसकी सगी माँ का हे क्यों न हो...........

अजय देखा की उधर से कोई आवाज़ नहीं आ रहा है तो वो समझ गया की हबीबा शॉकेड है.......

अजय ने मौका का फ़ायदा उठाते हुए बोलै.......

अजय - उसी ने तो मुझे तुम्हारा I'd दिया फसा कर छोड़ने क liye.........wo खुद तेरी इस गदरायी गांड का दीवाना hai......teri गदरायी गांड देख कर वो हमेशा मुठ मरता है.........

हबीबा - नहीं नहीं तुम झूट बोल रहे हो ज़ैद ऐसा नहीं है.........

Ok तुम्हे यकीं नहीं है न तो आज मई तुम्हे ज़ैद और माँ की लाइव चुदाई dikhaunga...........tabto मानोगी न......

हबीबा ने दबी आवाज़ में कहा - हम्म

अजय - हम्म क्या हम्म ठीक से बोलो तब मानोगी न की ज़ैद अपनी अम्मी की मोती गांड देख कर मुठ मरता है.........

हबीबा - plssssssssssssss न अजय येसब बात मत Karo......maine कहा तो हाँ मान लुंगी........

अजय - मान कर क्या करोगी ......

हबीबा - मान कर क्या करना है बास मन लुंगी..........

अजय ने एक शार्ट वीडियो भेजा उसमे दो मर्द एक औरत को बुरी तरह छोड़ रहे they.......ek मर्द ने आगे छूट में लुंड डाला हुआ था दूसरे मर्द पीछे से गांड में लुंड डाला हुआ tha........or वो औरत इस कदर चिल्ला रही थी जैसे कोई उस औरत को चाकू मार रहा ho....ya गला काट रहा ho.....aurat की आंखें बहार को निकली हुयी थी दर्द की वजह से..........





अजय - फिर तो मई और ज़ैद दोनों मिलकर उसकी गदरायी अम्मी को इसी तरह छोडूंगा ......रुला रुला कर........

हबीबा ने जैसे हे ये वीडियो देखा उसकी हालत ख़राब हो gayi.......uske दिमाग में घूमने लगा की उसका खुद का बीटा और दोस्त मिलकर उसकी गदरायी अम्मी को रुला रुला कर छोड़ रहे hai............habiba का हाथ प छूट पर ज़ोर ज़ोर चलने laga..........uske मुँह से आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल gayi......ko अजय ने सुन liya......ajay के चेहरे पर एक हरामी मुस्कान तैर गया......

अजय - अपने हे बेटे से जब कोई माँ चुदवाती है तो उसे जन्नत का सुकून मिलता hai.....dekho अभी हे तुम्हारी छूट फड़फड़ाने लगी ज़ैद से छोड़ने के नाम पर.....

हबीबा - plssssssssssssss अजय मत बोलो येसब बात plssssssssssssss naaaaaaaaaaa.....

अजय - तुम इमेजिन करो की ज़ैद और मई तुम्हे छोड़ रहे है.....

हबीबा - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय plssssssssssssss मत करो येसब मेरे साथ...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्म्म्माःह्ह्हह्ह करते हुए हबीबा अपने छूट को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने लगी.........

अजय समझ गया की हबीबा अपना छूट रगड़ रही है.........

अजय - सोचो सिर्फ इमेजिन करने से तुम्हे इतना मज़ा आ रहा है ....तो जब ज़ैद और मई एक साथ तुम्हे रंडी बना कर छोड़ेंगे तब तुम्हे कितना मज़ा aega........hai की नहीं.....????

हबीबा इतना ज्यादा जोश में थी की उसके मुँह से हम्म्म निकल गया.......

हबीबा अब अपने पंतय को साइड करके अपनी दो ऊँगली अपने छूट में घुसा दी जिसकी वजह से उसके मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकल गयी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddddddddddd ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ऐसे हे छोड़ो अपनी प्यासी अम्मी ko...........apni रखैल बना कर छोड़ो मुझे.... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh........





हबीबा इतना बहक चुकी थी की वो अपनी ऊँगली को भट तेज़ी से अपने छूट में छोड़ रही थी................

अजय जान बुझ कर कॉल कट कर देता hai.....wo हबीबा को इतनी जल्दी झरने नहीं देना चाहता tha...........uski जिस्म की आग और ज्यादा भड़काना चाहता था.......

जैसे हे कॉल कट हुआ .....हबीबा तिलमिला uthi.....wo टेंट अजय को कॉल लगायी लेकिन अजय ने कॉल कट कर diya.............habiba ने फिरसे कॉल लगाया फिर से अजय ने कट कर diya........habiba जिस्म के आग में जलने lagi........itne में अजय ने मश्ग किया.......

अजय - मेरी रांड हबीबा अभी मई थोड़ा बिजी हो गया hu........meri सेक्सी माँ खाना लगाने वाली है अभी जस्ट माँ ने आवाज़ diya........baad में बात करता hu.....jab मेरी छुडासी माँ को तुम्हारा बीटा ज़ैद रगड़ कर छोड़ेगा तब तुम्हे मई वीडियो कॉल पर लाइव दिखाऊंगा दोनों की chudayi.......tab तक के लिए अपने छूट को रोक कर rakho......apne हे बेटे की लव चुदाई देखोगी तब तुझे अपने छूट का पानी निकालने में और ज्यादा मज़ा आएगा......

अजय का मश्ग पढ़ कर हबीबा का चेहरा शर्म से लाल हो gaya.......wo सोचने लगी की क्या सच में ज़ैद उसकी अम्मी को chodega....ya फिर अजय झूट बोल रहा hai.........yahi सब सोचते हुए हबीबा अपने कपडे ठीक करके किचन के तरफ चल padi.......uski छूट से पानी रिस कर उसके जांघो में गिर रहा tha....jisse हबीबा को और ज्यादा आग भड़क रही थी जिस्म की आग........

हबीबा से अब इंतज़ार करना मुश्किल हो रहा tha....habiba बार बार घडी देख रही थी की कब अजय का वीडियो कॉल aega.............intezar करते हुए हबीबा का दिल ज़ोर से धड़क व् रहा था..........
 




हबीबा इमेजिन करते हुए की उसका बीटा ज़ैद और उसका दोस्त अपनी हे अम्मी को जानवरो के जैसा छोड़ रहा है.........
 
मम्मी किचन में खाना बनाते हुए बेचैन हो रही thi......mummy की छूट की आग भड़का कर ज़ैद आराम से सोफे पर बैठा हुआ tha...........zaid का विरए मम्मी के ब्लाउज में चल चाप कर रहा था जिसकी वजह से मम्मी और ज्यादा होर्नेय होती जा रही thi...........papa इनसब से बेखबर टीवी देखने में बिजी थे.........

मई इतना ज्यादा लुस्टि हो गया था की मेरा लुंड पंत में भट ज्यादा अकड़ गया था और लुंड के सुपडे से हल्का हल्का प्रेकम निकल रहा tha............mujhse बरदास करना लगभग नामुमकिन हो चूका tha........meri आँखों के सामने मम्मी का गदराया जिस्म घूमने laga......ek तो मैंने ज़ैद की अम्मी से कॉल पर गन्दी बातें कर लिया ऊपर से मम्मी का गदराया जिस्म पूरा नंगा देख लिया था कुछ देर पहले ........अब मई बेकाबू हो चूका था.............

मई धीरे से उठ कर किचन के तरफ बढ़ gaya.........maa किचन में काम कर रही thi.....maa की उभरी हुयी गदरायी गांड देख कर मेरा मैं मचलने लगा.........





मई - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मम्मी क्या मस्त उभरी हुयी गांड है teri.......man तो कर रहा मुँह लगा कर गांड चूस लू पोर्न वीडियोस के जैसा........

मई दूर से हे खड़ा खड़ा माँ का गदराया गांड निहारते हुए अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाने लगा.........

माँ खाना बनाने में इतनी बिजी थी की उसे पता नहीं चला की मई ठीक उसके पीछे खड़ा होकर उसकी गदरायी गांड देख कर लुंड सहला रहा हु........

माँ ने बैकलेस ब्लाउज पहन रखा था जिसकी वजह से उसकी पीठ पूरी नंगी thi......sirf एक दूरी से बंधी हुयी thi........maa ने साड़ी व् इतना निचे से बंधा हुआ था की माँ की उभरी गांड की दरार हलकी हलकी नज़र आ रही थी.........





मई ललचाती नज़रो से माँ का आधा नंगा जिस्म घूरते हुए अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाने लगा और मेरा लुंड इतना ज्यादा टाइट हो गया की पंत फाड़ कर बहार आने को बेचैन होने laga......pant व् मैंने ट्रॉउज़र पंत पहना tha......jiski वजह से मेरा खड़ा लुंड साफ़ पता चल रहा tha......yaha तक की लुंड का सूपड़ा व् साफ़ पता चल रहा था........

मैंने पीछे से जाकर माँ को पकड़ liya........ye मई हमेशा करता tha...........lekin तब मई सिर्फ नार्मल हुग करता था उस टाइम तक मुझे माँ को छोड़ने का कोई प्लान व् नहीं tha......na हे मई कभी व् अपने माँ को इस नज़र से देखा tha.......lekin आज मुझे माँ एक छुडासी औरत दिख रही thi.....jiski मोती गांड और चिकना जिस्म मेरे नज़र के सामने था......





वैसे तो मई हमेशा मम्मी को पीछे से हुग करता tha......lekin पता नहीं आज मुझे एक डर सा लग रहा था मम्मी को पीछे से हुग करने में.........

मई अभी अपने ख्यालो में खोया हुआ हे था की मम्मी अचानक फ्रीज़ के तरफ बढ़ gayi.......mom की थिरकती गांड देख कर मई और ज्यादा पागल सा हो गया ....मेरा मन तो किया की माँ की गांड को दबोच ku........lekin मई वही खड़ा था माँ आगे बढ़ कर फ्रीज़ से कुछ समन निकली पर वापस अपने जगह पर जाकर कुछ काम करने लगी.......





मई काफी हिम्मत जूता कर माँ की नंगी कमर को पीछे से दबोच लिया.......

माँ एकदम से डर गयी और बिना पीछे देखे हलकी आवाज़ में बोली - ये क्या कर रहे हो ज़ैद ......... प्लसससससससस जाओ यहाँ se......koi देख लेगा.........

मैंने और ज़ोर से माँ के नंगी कमर को पकड़ कर उसके मोती गांड को अपने खड़े लुंड में सत्ता liya.........mera खड़ा लुंड जैसे हे माँ की गांड में chubha.....mom की आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल गयी........

माँ - आआआआअह्हह्ह्ह्हह ज़ैद plssssssssssssss मत करो अभी......... plssssssssssssss जाओ यहाँ से........

मैंने माँ को छोर दिया और बोलै

मई - क्या हुआ माँ तुम ज़ैद का नाम क्यों ले रही ho.........wo तो वह सोफे पर बैठा है........

माँ एकदम से शर्मा गयी और शर्म से निचे देखने lagi....lekin मेरी तरफ मुद कर नहीं dekha..........mom मुझसे नज़र नहीं मिला पा रही thi........mom को ऐसा लगा जैसे उसकी चोरी पकड़ी गयी हो........

मैंने बात को संभालते हुए बोलै.......

मई - क्या बना रही हो माँ.......





माँ थरथराते हुए आवाज़ में बोली - व वो मिक्स वेग बना रही hu...tumhe भट पसंद है न बीटा.........

मुझे तो अपनी माँ की हर चीज़ पसंद hai..........maine डबल मीनिंग में माँ से कहा........

माँ को ज़ैद की बात यद् आ gayi........zaid ने कहा था की अजय मेरी मोती गांड और गदराया जिस्म देख कर मुठ मरता है......

माँ समझ गयी मई क्या कहना छह रहा hu.......mom शर्म से लाल हो गयी.......

माँ का जिस्म और ज्यादा सेक्स की आग में जलने laga........mom अपनी मोती गांड को और ज्यादा बहार निकाल कर कड़ी हो gayi.....mom व् शायद चाहती थी की मई उनकी मोती गांड को देख कर पागल हो जॉन.......

अजय - आपका हर चीज़ इतना टेस्टी है की मन करता है चाट चाट कर खा जॉन........

माँ कुछ नहीं बोली और दूसरी तरफ जाकर किचन के बॉक्स में से कुछ निकलने लगी ...शायद वो जान बुझ कर मुझे अपने जिस्म का दर्शन करवा रही thi.......mom पंजो के बल उचक कर कुछ निकलने लगी हाथ ऊपर karke.......or अपने जिस्म को फुल टाइट करके अपना गदराया गांड बहार निकाल लिया ........फिर तिरछी नज़रो से मुझे देखने लगी.........





मई - क्या हुआ माँ नहीं निकल रहा तो मई निकल देता हु.......

बोलकर फ़ौरन मई माँ के ठीक पीछे चला gaya.......or माँ से पूरा चिपक कर खड़ा हो gaya.........mom ने जानबूझ कर अपना गांड थोड़ा पीछे कर दिया ताकि मेरा खड़ा लुंड माँ की गांड से टकरा jaye.........jaise हे मैंने देखा माँ ने अपनी मोती गांड थोड़ा पीछे किया hai....maine झट सा अपना खड़ा लुंड ज़ोर से माँ की गांड में धकेल दिया.........

मेरा मोटा खड़ा लुंड जिसे हे माँ ने अपने गांड पर महसूस किया माँ की आआआआअह्हह्ह्ह्हह निकल गयी........

माँ - आआआआअह्हह्ह्ह्हह बीटा आराम से करो.........

माँ व् डबल मीनिंग में आराम से सामान निकालो के जगह आराम से करो बोली...........

मई शरारती लहज़े में बोलै - मुझे कुछ व् आराम से करना नहीं अत hai.....sab काम मई फ़ास्ट करता हु...........

माँ - बड़े ए फ़ास्ट करने wale.........ab जल्दी करो v.....mujhe खाना व् बनाना है.....

मई - लगता है भट अंदर hai......bolkar मई और ज्यादा आना लुंड माँ की गांड में प्रेस करने लगा ......माँ की तो साँस हे अटक gayi.......lund की रगड़ गांड में महसूस करके माँ की छूट फोर्स पानी वहोरने लगी थी...........

माँ की आंखें कामुकता की वजह से बंद होने लगी..........

मैंने माँ की गदरायी गांड को अपने एक हाथ से पकड़ liya...........mom अब फुल लुस्टि हो चुकी thi.....uska अपना हे बीटा उसकी गांड को पकड़ कर अपना लुंड उसकी मोती गांड में घिस रहा tha........ye फंतासी शालनी को और व् ज्यादा कामुक बना रही thi......mom अपने गांड को हल्का हल्का मेरे लुंड पर घिसने lagi......mai व् अपना खड़ा लुंड माँ की उभरी हुयी गांड पर हल्का हल्का घिसते हुए सामान निकल रहा था...........





आखिर कार मैंने सामान निकल कर माँ को दे Diya.....ye को mom......or कुछ करवाना है तो बोलो........

माँ मुझे नशीली आँखों से देखते हुए बोली .......और मुझे कुछ नहीं करवाना tumse...ek काम तो इतनी देरी में किये ho.........tumse करवाउंगी तो मुझे थका डोज..........

अपने हे बेटे से डबल मीनिंग में बात करने में शालनी को इतना ज्यादा लुस्टि बना रहा था की शालनी की धड़कन और व् तेज़ी से धड़कने लगा था........

अजय - जिसकी माँ इतनी हॉट न सेक्सी हो वो भला कुछ करने से पीछे क्यों हटेगा..........

माँ - धत्त बदमाश अपने हे माँ से फ़्लर्ट करने में तुझे शर्म नहीं अति बदमाश कही का.......

अजय - आप दुनिया की सबसे प्यारी माँ ho.......apki तारीफ करने में भला क्या झिझक .........

माँ - ाचा जी ये तारीफ hai.....yesab तारीफ गफ की की जाती है मम्मी की नहीं.....

मई - आपके जैसी हॉट न सेक्सी माँ जिसकी हो उसे गफ की क्या ज़रूरत.......

माँ - चल jhuta.....maska लगा रहा mujhe.......abhi बुलाऊँ तेरे पापा को.......

मई - हाँ बुला lo....mai किसी से नहीं डरता .....

माँ हँसते हुए ज़ोर से आवाज़ दी - ाजी सुनटीएएएएए होओओओओओओओओ........

मई डर गया और दर की वजह से माँ को अपनी बहो में जकड कर पीछे से हे माँ के मुँह को दबा दिया..........

माँ गुगुगुगु करने लगी.......

मई - क्या करती हो mom.......marwaogi क्या.........

बोलकर मैंने माँ का मुँह से हाथ हटा लिया.......

माँ फिर से हँसते हुए बोली बुलाऊँ क्या पापा को.......

मैंने माँ के बालो को पकड़ कर खींच diya....jisse माँ का सर थोड़ा पीछे हो gaya.....or उनकी आंखें बंद हो gayi........shayad माँ को ऐसा करवाने में मज़ा आ रहा tha............maine bola.........bula लो फिर मई आपसे कभी बात नहीं करूँगा सोच लेना........





माँ - अरे मई तो मज़ाक कर रही थी pahle.......tu तो मेरा जिगर का टुकड़ा है.............

मई - और आप मेरी सबसे प्यारी माँ ho...........mai सच कह रहा हु माँ ......यू अरे थे हॉटेस्ट वीमेन इन थिस वर्ल्ड.........

माँ - ाचा जी लेकिन मुझे तो नहीं लगता है........

मैंने माँ की कमर पर हाथ फेरते हुए अपना हाथ माँ की गदरायी गांड पर ले gaya........mom सिहर उठी....... आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय ऐसा मत karo....mai तुम्हारी माँ हु बीटा..........

अजय - तो क्या हुआ माँ माँ होने से पहले आ एक औरत व् तो ho..........apki ये लाजवाब बॉडी अचे अचे हीरोइन को फ़ैल कर degi.........sabse सेक्सी तो आपका ये उभरा हुआ बैक hai..........jab आप चलती हो तो आपकी थिरकती हुयी ये बैक देख कर मेरा दिल की धड़कन बढ़ जाती है.........

बोलकर मई माँ की गदरायी गांड को हल्का हल्का सहलाने laga.......mom की आंखें कामुकता की वजह से आधी बंद आधी खुली हुयी होने लगी.......





माँ - plssssssssssssss अजय ये ठीक नहीं hai.........mai तुम्हारी माँ हु बीटा plssssssssssssss ऐसा मत करो......... आआआआअह्हह्ह्ह्हह बीटा plssssssssssssss वह से हाथ हटाओ नाआआआआ.......

मैंने अपना हाथ माँ की नंगी कमर और पेट पर रखते हुए चलने laga.....mom तो जैसे पागल सी हो गयी........

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ माँ क्या कातिल चिकना पेट है apka...........models का पेट व् इतना सेक्सी नहीं hota....jitna चिकना और सेक्सी आपका पेट है.........





माँ अपने बालो को अपने एक हाथ से पकड़ते हुए मुझे और ज्यादा उकसा रही थी ...वो मुँह से तो न न कर रही थी लेकिन मुझे धक्का देकर अपने से अलग नहीं कर रही थी.......

मैंने अपना हाथ धीरे धीरे माँ की चिकनी कमर पर चलते हुए bola.....papa भट खुशकिस्मत है माँ को उसे आपके जैसी अप्सरा बीवी मिली है .......मई तो पापा के जगह होता तो आपको दिन रात प्यार करता..........





माँ - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa अजय ऐसी बातें मत करो naaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh plssssssssssssss मुझे जने दो न ajay....papa आ जाएंगे..........

अजय - कोई नहीं आने वाला माँ .......मई दुनिया की सबसे सेक्सी माँ के साथ थोड़ा प्यार कर रहा hu.....to करने दो न माँ plssssssssssssss

माँ - लेकिन ये गलत है बीटा.......

बोलकर माँ खुद को दिवार से चिपका ली ताकि मई आसानी से माँ की गदरायी गांड के साथ खेल सकू...........

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ माँ आपकी ये उभरी हुयी बैक मुझे पागल करती है hamesha.....jab व् मई आपको ये उभरी हुयी बैक देखता hu......mujhe कुछ होने लगता hai.......or मई बहक कर बाथरूम चला जाता हु.......



 
बोलकर माँ खुद को दिवार से चिपका ली ताकि मई आसानी से माँ की गदरायी गांड के साथ खेल सकू...........

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ माँ आपकी ये उभरी हुयी बैक मुझे पागल करती है hamesha.....jab व् मई आपको ये उभरी हुयी बैक देखता hu......mujhe कुछ होने लगता hai.......or मई बहक कर बाथरूम चला जाता हु.......





अजय - आप सच में किसी अप्सरा से काम नहीं है mom.........ye बोलकर मई मम्मी की गदरायी गांड पर हाथ फेरते हुए माँ को पीछे से पकड़ लिया और माँ की नंगी कमर को अपने हाथो से जकड liya........mom इतनी होर्नेय हो चुकी थी की उनकी आंखें कामुकता की वजह से बंद हो gayi...........mai माँ क कानो के पास अपना गरम गरम साँस छोड़ते हुए हल्का सा bola...........mom मुझे आपको प्यार करने का दिल कर रहा hai............mera गरम गरम साँस अपने कानो पर महसूस करके माँ मचल उठी............

माँ - वोटो तुम हमेशा मुझसे प्यार करते हो beta.......maine कभी रोका है क्या........

मैंने माँ के गलो पर एक किश ले liya.......mom सिहर uthi.........unke मुँह से कामुक सिसकियाँ निकल gayi......ummmmmm बीटा अब हो गया न अब मुझे छोरो..........

मई - अभी कहा हुआ माँ .....बोलकर मैंने माँ के गलो को फिर से किश करने लगा इस बार किश करने के बहाने मई माँ के गलो को चाटने laga.......chusne लगा और अपना खड़ा लुंड माँ की उभरी गांड में रहने laga.........mom एकदम से पागल हो gayi.....mera मोटा लुंड अपने गांड में महसूस करके माँ बहक सो गयी और अपने गांड को खुद बा खुद मेरे खड़े लुंड पर घिसने लगी...............

मैंने माँ को ज़ोर से दिवार पर सत्ता दिया और अपने लुंड को माँ की गांड पर धक्का देने laga...jaise मई उन्हें छोड़ रहा हु.........

माँ के मुँह से कामुकता भरी सिसकारी निकलने लगी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaa plssssssssssssss मत करो ......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

मई - ok नहीं करूँगा लेकिन एक शर्त है......

माँ - मुझे तुम्हारी हर शर्त मंजूर है..... plssssssssssssss मुझे छोरो.....

मई - आपको मुझे किश करना पड़ेगा.......

माँ - पहले छोरो तो फिर न मई किश करुँगी..........

मैंने माँ को पलट कर अपने तरफ कर diya.....ab माँ की चुकी मेरे साइन में धंसी हुयी थी और मई माँ की नशीली आँखों में देखते हुए बोलै ...........यू अरे सुच ा वैरी सेक्सी वीमेन इन थिस वर्ल्ड.........

माँ एकदम से शर्मा कर अपनी नज़र नीची झुका ली..........

मई - plssssssssssssss माँ जल्दी लो न किश......

माँ - पहले तुम मुझे छोरो.....

मैंने माँ को पूरी तरह से छोर दिया.......

माँ ने मेरे गाल पर एक किश दिया और बोली .......लो अब खुश na.....ab जाओ यहाँ से.......

मई - क्या माँ आप व् na........ise किश कहते है..........

माँ - तो और क्या ......तुमने किश करने बोलै मैंने कर दिया........

मैंने माँ को दोबारा कमर से पकड़ कर अपने जिस्म में सत्ता लिया और उनके बालो को पकड़ कर उनके रसीले होंठो को अपने होंठो में दबोच liya.......mom छूटने की कोशिश करने lagi......lekin मई भट ज़ोरो से माँ को जकड़ा हुआ tha.....or माँ के होंठो को बेतहाशा चूसे जा रहा tha........mom व् अब मेरे इस तरह जानवर के जैसा मिस लेने से मदहोश होने lagi.....or माँ ने अपना एक हाथ मेरे सर पर रख diya.........or वो व् मुझे बेतहाशा किश करने lagi.............kiss करते हुए मैंने अपना ज़बान माँ के मुँह में घुसा diya....mom ने मेरे ज़बान को चूसना शुरू कर diya............mera सारा थूक माँ के मुँह में जा रहा था और माँ मेरे थूक को चूस चूस कर हलक में उतार रही थी...........

इतने में मैंने अपना एक हाथ माँ की चुकी में रख diya....mom तड़प उठी और मुझे धक्का देकर अलग कर दिया.......

माँ - भट हो गया किश अब जाओ..........

मई - कितना मज़ा आ रहा था माँ plssssssssssssss एक बार और करो न.......

माँ - आधा बार व् nhi.....ab जाओ तुम वर्ण मई चली जाउंगी यहाँ से........

मई - ok ok मई हे जाता hu.........bolkar मई वह से निकल gaya....mom वही कड़ी हाफ रही थी और मुझे देखे जा rahi......hanfne की वजह से माँ की बड़ी बड़ी चुकी भट तेज़ी से ऊपर निचे हो रही थी.......

मई वापस जाकर ज़ैद और पापा के बगल में बैठ गया.........

कुछ हे देर में माँ डाइनिंग टेबल पर खाना परोसने lagi.....or मुझे और ज़ैद को कातिल नज़रो से घूरने लगी.....

सब लोग डाइनिंग टेबल पर बैठ कर खाना खाने lage.......ek साइड में माँ और ज़ैद बैठ गए दूसरी साइड में मई और पापा........

खाना कहते हुए ज़ैद अपना एक हाथ माँ की जांघ पर रख कर हल्का हल्का सहलाने लगा .............माँ ने झट सा उसका हाथ हटा दिया और ज़ैद को गुस्से में देखते हुए आँखों के इशारे से मन करने लगी की मत karo......zaid फिर अपना हाथ माँ के जांघो पर रख कर सहलाने laga.........mom ने फिर हाथ हटा दिया और ज़ैद को रिक्वेस्ट भरी नज़रो से मन करने lagi.........to ज़ैद ने सबसे नज़र बचा कर माँ को फ्लाइंग किश कर दिया ......माँ शर्म से लाल हो गयी..........

इस बार ज़ैद ने माँ का एक हाथ पकड़ कर अपने पंत के ऊपर से हे खड़े लुंड पर रख दिया ............माँ एकदम से हड़बड़ा कर अपना हाथ हटा ली...............





माँ रोनी सूरत बना कर ज़ैद को आँखों के इशारे से बोली - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa मत karo......yaha सब बैठे है..........

ज़ैद नहीं मन और फिर से अपना हाथ माँ की जांघो पर चलने laga..........mom बार बार हाथ हटा नहीं सकती थी क्यों की पापा को शक हो jata..........isliye माँ ने ज़ैद का हाथ नहीं रोका .....अब ज़ैद धीरे धीरे माँ की जांघों को सहला रहा था





.............साड़ी के ऊपर se........mom की अब हालत ख़राब होने lagi.....is तरह का डर के साये में सेक्स का मज़ा मिलना माँ को और ज्यादा एक्सीटेंड कर रहा tha............zaid ने धीरे धीरे करते हुए माँ की साड़ी को ऊपर करने laga..........mom कामुकता में इतनी मदहोश हो चुकी थी की उसे पता हे नहीं चला की ज़ैद ने उसकी साड़ी जांघो तक उठा दिया hai........jaise हे ज़ैद का हाथ माँ की नंगी जांघो पर पड़ा माँ मदहोशी में आंख बंद कर li............or फिर तुरंत दोबारा खोल लिया अपनी आँखों ko............zaid अपने लेफ्ट हैंड से खा रहा था ताकि राइट हैंड से आसानी से माँ को सहला सके ........ज़ैद ने माँ की नंगी जांघो को दहकते हुए धीरे धीरे अपना हाथ ऊपर की और ले जाने laga........ab ज़ैद की ऊँगली हल्का हल्का माँ की पंतय में टच होने lagi...........mom तो जैसे पागल सी हो gayi............ab ज़ैद अपने ऊँगली से माँ की पंतय के ऊपर से हे माँ की छूट को हल्का हल्का छेर्ने laga..........zaid व् हैरान था माँ की पंतय छूट रस से पूरी भीगी हुयी थी जैसे किसी ने पंतय को पानी से भिगो दिया हो..........

अचानक ज़ैद ने माँ के छूट को अपने हाथो में भींच liya.....mom तो जैसे तड़प उठी और उनके मुँह से हल्का चीख निकल गया..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.......

पापा - क्या हुआ शालिनी......

माँ हड़बड़ाते हुए - का कुछ नहीं वो भट गरम था हाथ जल गया.......

पापा - अरे बाबा देख के आराम से खाओ ...खाना कही भगा जा रहा है क्या........

ज़ैद अब माँ की पंतय को एक साइड करके माँ की छूट को अपनी ऊँगली से छेर्ने laga...............mom की छूट इतनी ज्यादा पानी छोर रही थी की ज़ैद की पूरी ऊँगली माँ के छूट रस से भीग gayi........mom की छूट को ज़ैद अपने दो ऊँगली से फैला रहा था और रगड़ रहा tha............mom न चाहते हुए व् अपने होंठो को दांतो से काटने lagi.......lekin पापा तो कहना खाने में बिजी the......wo येसब देख नहीं रहे the.......wo जब व् माँ को देखते माँ नार्मल मुँह बना लेती.........





ज़ैद ने फ़ौरन अपना हाथ माँ की छूट से हटा कर बहार कर लिया और माँ को दिखते हुए बोलै............

ज़ैद - वाओ आंटी आपकी चटनी तो भट टेस्टी hai.........bolkar माँ को दिखते हुए उसके छूट रास से भीगी हुयी ऊँगली को चाटने लगा........

माँ शर्म से लाल हो गयी..........

ज़ैद - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या टेस्ट है आंटी आपकी चटनी ka....maine अपनी ज़िन्दगी में इतनी टेस्टी चटनी नहीं खाया है.........

माँ व् शरारत भरे अंदाज़ में ज़ैद को कातिल आँखों से देखते हुए बोली - तो और खाओ न मेरी चटनी .........

बोलकर माँ ने ज़ैद को अपने जांघो के तरफ देखने का इशारा kiya...zaid ने जैसे हे माँ की जांघो के तरफ देखा माँ ने अपना दोनों पेअर फैला diya.........or ज़ैद को देख कर एक कातिल मुस्कान दे diya........zaid व् माँ की आँखों में देखते हुए एक कातिल मुस्कान दिया ....और अपने हाथ को वापस माँ की जांघो पर रख कर सहलाता हुए माँ की छूट को सहलाने लगा...................

अब ज़ैद ने वो किया जो माँ ने कभी सोचा व् नहीं tha....zaid ने छूट सहलाता हुए अचानक अपनी दो ूँगी फुचकाककककक करके माँ की छूट में घुसा diya.......mom की चीख निकलते निकलते bachi............mom की आंखें लज़्ज़त की वजह से बंद हो गयी ..........





माँ अपने चेयर पर बैठे बैठे अपने गांड को ऊपर उठाने लगी जैसे की वो ज़ैद की ऊँगली को पूरा छूट के अंदर घुसा लेना चाहती thi.........zaid व् अपनी दोनों ऊँगली माँ की छूट की गहराई तक छोड़ रहा tha.....lekin भट धीरे धीरे .........ताकि किसी को शक न हो.......

माँ अब इतना ज्यादा बेचैन हो चुकी थी की बिना झरे शायद मर हे जाती ....उनका जिस्म काम ज्वाला में ऐसा जलने लगा की अब उनसे बरदास करना नामुमकिन हो चूका था............

माँ ने अपना लेफ्ट हैंड जोकि ज़ैद के तरफ था आगे बढ़ा कर ज़ैद के पंत के ऊपर से उसके लुंड पर रख दिया और पंत के ऊपर से हे लुंड सहलाने लगी.............

और अचानक माँ ने ज़ैद का पंत का चैन खोल कर उसके लुंड को बहार निकल कर अपने हाथो से पकड़ लिया.........

जैसे हे गरम गरम मोटा लुंड माँ ने पकड़ा माँ की धड़कन भट तेज़ हो gayi.....or माँ ने एक लम्बी सांस li.....fir धीरे धीरे ज़ैद के लुंड को सहलाने लगी........





अचानक पापा ने कहा चलो भाई मेरा तो हो गया........

पापा को आवाज़ से दोनों अपना अपना हाथ छूट और लुंड से वापस हटा liye....zaid ने फटाक करके अपना लुंड पंत के अंदर दाल लिया.........

पापा - अब मई चला सोने ......मेरे लिए दूध गरम कर के बीएड रूम में हे ले ana.....shalni......

माँ - ok जी.......

माँ और ज़ैद एक दूसरे को देख कर हल्का मुस्कुरा diye.......mom वह से उठ कर गांड मटकती हुयी किचन के तरफ चल padi.........doodh में 2 पीसेज नीड की गोली मिला कर पापा को पीला दिया.......

माँ - मुझे आज किचन में भट काम है .....आप मेरा वेट मत करना.....

पापा - वैसे व् मुझे भट नींद आ रही hai.......ab मई डायरेक्ट सुबह हे उठूंगा ........bye गुड नाईट

माँ वापस किचन में चली गयी........

मई और ज़ैद अपने रूम में चले गए........

माँ किचन में बेचैन होने लगी की कब ज़ैद आकर उसे पकड़ ले और उसकी प्यास बुझा de......mom को किचन में ज़रा व् मैं नहीं लग रहा tha........wo बार बार दूर के तरफ देखने लगी..........
 
माँ अपने रूम में तैयार होने लगती hai.....mom आज ज़ैद से ऐसा छोड़ना चाहती थी की ये चुदाई उसे ज़िन्दगी भर यद् rahe.....................suhaag रात के लिए जैसे दुल्हन तैयार होती है माँ खुद को वैसा हे तैयार करने लगती है.................................

भट सैलून से माँ इतना नहीं सजी सवारी थी जितना आज खुद को सवार रही थी.........

माँ जब खुद को ेने में देखती है तो शर्मा जाती hai.....itni छुडासी तो वो आज तक कभी नहीं लगी थी जितना आज लग रही थी..........





माँ ने हर कुछ रेड पहना हुआ था....... .....माँ ने ब्लाउज इतनी टाइट और छोटी पहनी थी की माँ के भारीभरकम चूचियां उसमे आधा से ज्यादा बहार थी .....साड़ी छूट से 2 इंच ऊपर बंधा हुआ था जिसकी वजह से उसकी गहरी नाभि कयामत धा रही thi....blouse और साड़ी के बीच इतना गैप था की उसका चिकना पेट पूरी तरह नंगी thi............mom का गदराया जिस्म देख कर दुनिया के किसी व् मर्द का लुंड खड़ा हो jata.................blouse तो इतना छोटा था की माँ की चुकी निचे से व् झांक रही थी और ऊपर से v.......mom ने अपने इस गदराये जिस्म को जब ेने में देखा तो शर्म से लाल हो गयी.......

माँ मन में - आज तक मैंने अजय के पापा के लिए व् इतनी सेक्सी ड्रेस नहीं पहना hai......lekin इस गबरू जवान लड़के ने मेरे अंदर की रंडी को बहार निकाल दिया hai.........aaj मई इसके लुंड का सारा पानी निचोड़ लुंगी अपने छूट से......





माँ अपने आप को घूम घूम कर ेने में देख रही thi......ap इ गदराये उभरे हुए गांड को देख कर तो माँ के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर गयी........

माँ मन में - कही आज मेरी उभरी हुयी गांड देख कर ज़ैद मुझे गांड हे ना मर ले......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अपने पति का छोटा सा लुंड से इतना दर्द हुआ था गांड में घुसाने me......haaaaaayyyyyyyyy अगर ज़ैद का मोटा तगड़ा लुंड मेरी गांड में किसी तरह घुस व् गया तो मई तो दर्द से बेहोश हो जाउंगी............





माँ को क्या मन किया की उसने साड़ी को ढीला करके निचे गिरा दिया और अब वो अपने पेटीकोट को हल्का निचे सरका कर अपने गांड को ेने में देखने लगी........

है क्या गांड है meri...........tabhi तो जब व् मई मार्किट जाती हु मेरे गांड की थिरकन देख कर मर्द अपना अपना लुंड पंत के ऊपर से हे सहलाने लगते है.......

फिर माँ घूम कर खुद को देखा और एक कातिल मुस्कान आ गयी उसके चेहरे par.....kahi ज़ैद मुझे देखकर हे पागल न हो जाये.... ..........काश ज़ैद मुझे इतनी बेरहमी से चोदे की मई दर्द से तड़प uthu...............chudayi में जब दर्द के साथ मज़ा अत है तो औरत फुल संतुष्ट हो जाती hai..............aaj तक मेरा सपना हे रह गया की कोई मुझे बेरहमी से छोड़ छोड़ कर मेरी छूट की आग शांत कर de.........berahmi से चुदाई me.....drd व् भट होता है लेकिन मज़ा उससे कई गुना ज्यादा अत है....

यही सब सोच कर माँ और ज्यादा होर्नेय होती जा रही थी..........





यही सब सोचते होये माँ अपनी साड़ी को दोबारा ठीक से पहन लेती hai........or अपने दोनों चुकी को पकड़ कर हल्का सा दबा लेती है खुद se......jiski वजह से उसके मुँह से एक कामुकता भरी सिसकारी निकल जाती है....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

इधर मई और ज़ैद खिड़की के पीछे छीप्प कर माँ की हरकतों को देख रहे थे.......

मई - लोहा गरम है मार दो hathoda..........jao यार अंदर माँ को इतना छोड़ो की तेरी रखैल बन्न जाये......

ज़ैद व् आंखें फाड़े माँ की हरकतों को देख रहा tha.....uska लुंड फनफना कर खड़ा हो गया ट्रॉउज़र के andar......ajay अपनी शरीफ मम्मी को देख रहा था जो उसी के दोस्त से छोड़ने के लिए तैयार हो रही थी.........

तैयार होने के बाद माँ ज़ैद का वेट करने lagi.............room एम् एक की ठण्ड और जिस्म में वासना की आग का मिलान हो रहा tha....AC चलने क बावजूद व् माँ का जिस्म इतना गरम हो रहा था मनो 104 डिग्री बुखार हो use.....jaise जैसे घडी का काँटा बढ़ रहा था वैसे वैसे माँ क दिल की धड़कन तेज़ हो रही थी....

इतने में ज़ैद हल्का दूर ओपन करके रूम क अंदर झांकता है ............ दूर ओपन होने की आवाज़ से माँ के दिल की धड़कन भट तेज़ हो गयी थी......................

माँ ने जान बुझ कर घूँघट किया हुआ था ......क्यों की मर्दो को घूँघट वाली औरतें भट पसंद होती hai.......ghunghat से जब उनकी चुकी आधा झांकती होती है ब्लाउज से तो मर्दो का लुंड फड़फड़ाने लगता है..........

ज़ैद जैसे हे माँ को सोफे पर बैठा देखता है आधा घूँघट किये huye..........heerni सी आंख गुलाब के जैसा होंठ चिकना gaal.......low कट ब्लाउज से झांकता माँ की chuchi.........kano में बड़े बड़े jhumke...............nabhi से भट नीचे तक बंधा हुआ साड़ी.............

ज़ैद का तो दिल बेताब हो जाता है इस स्वर्ग की अप्सरा को छोड़ने क लिए.............





माँ अपने दोनों हाथो से घूँघट पकड़ कर ज़ैद को कातिल नज़रो से देखने लगती hai........or सोफे पर लडक कर इस तरह बैठ जाती है जैसे ज़ैद को आमंत्रित कर रही हो की आप मुझे लूट lo........low कट ब्लाउज से झांकती हुयी माँ की चुकी देख कर ज़ैद का लुंड फड़फड़ाने लगता hai.....zaid धीरे धीरे आगे बढ़ने लगता है माँ की taraf......zaid जैसे जैसे माँ के तरफ बढ़ रहा था माँ की धड़कन धक् धक् धक् धक् कर रही थी..........





ज़ैद को तो ऐसा लग रहा था की माँ आधी नंगी सिर्फ ब्रा पंतय में और एक ट्रांसपेरेंट भट छोटा सा निघ्त्य पहन कर सोफे पर उसे छोड़ने के लिए बुला रही है.....





ज़ैद जैसे हे माँ के भट करीब आ जाता है माँ सोफे पर लेट जाती है और घूँघट से ज़ैद को देखते हुए मुस्कुरा देती है.........

ज़ैद - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी घोड़ी क्या लग रही हो तुम इन कपड़ो me...........Chand व् शर्मा जाये तुम्हे देख कर.........

माँ - ाचा जी .......लेकिन मुझे तो ऐसा नहीं लग रहा है ...........





ज़ैद धीरे से माँ के पेअर के तरफ बैठ जाता hai........or माँ के पैरो को जैसे हे टच करता है माँ सकपका कर पेअर थोड़ा मोड़ लेती hai.........lekin माँ की छूट कुछ और हे बयां कर रही thi.........zaid के छूटे हे माँ की छूट फड़फड़ाने lagi..............mom का मन कर रहा था की ज़ैद को बहो में भर ले और बेतहाशा चूमने लगे........

ज़ैद अब माँ की साड़ी को धीरे धीरे ऊपर करते हुए उसके जांघो को पूर्री तरह नंगी कर देता .....उसके कसिलए चिकने जांघो को अपने हाथो से सहलाने लगता hai.....mom का बुरा हाल tha...........mom हल्का हल्का सिसकियाँ ले रही थी........

ज़ैद ने माँ को साड़ी को पूरा कमर तक ऊपर कर दिया tha.....mom की चिकनी मांसल जांघें कमाल की सेक्सी लग रही thi......mera तो मन कर रहा था अंदर जाकर माँ के जांघो के चूमने लग जॉन.........

ज़ैद अपने हाथ को माँ के पेअर से दहकते हुए ऊपर बढ़ने लगता है माँ की आँखों में देखते huye........jaise हे ज़ैद का हाथ माँ की जांघ पैर पहुँचता है माँ सिहर उठती है और ज़ैद का हाथ पकड़ लेती है............





ज़ैद - कैसा लग रहा मेरी जान आंटी.......

माँ - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद मेरे जिस्म में आग लग रही hai..........plsssssssss मेरी आग को जल्दी ठंडा करो वर्ण मई मर न जॉन.......

ज़ैद फिर से अपना हाथ माँ की जांघो में रख देता hai.......or हल्का हल्का सहलाते हुए कहता है.......

ज़ैद - क्या मस्त माल हो तुम मेरी jaan.......jab जांघें इतनी चिकनी है तो तो तुम्हारा गांड और छूट कितना चिकना होगा..........

माँ कातिल आँखों से ज़ैद को देखने लगती है..............





माँ व् अपने चिकनी जांघो पर हाथ फेरने लगती है..........

माँ - तुम्हारी बातो से मेरा जिस्म जल रहा है मेरे तगड़े ghode.......ab मुझसे बरदास नहीं हो रहा hai......jaldi मेरी प्यास बुझा दो naaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद ...... plssssssssssssss





ज़ैद - मेरी जान क्या जांघ है teri......ekdam मक्खन के जैसी......

माँ मज़ाकिया लहज़े में बोली - बदमाश आंटी से डायरेक्ट जान........

ज़ैद - तुम तो अब मेरी गफ हो मेरी जान ........तुम्हे तो मई जान से अपनी रांड अपनी रखैल बना लूंगा..........

माँ - छियईईई कितनी गन्दी बातें करते हो तुम.........

ज़ैद - मैंने सेक्स स्टोरी में पढ़ा है की चुदाई के वक़्त औरत को गन्दी बातें भट ज्यादा पसंद hai........jo मर्द औरत को गलियां देते हुए बेरहमी से छोड़ता hai.......aurat इस मर्द पर अपना सब कुछ न्योछावर कर देती hai..............kya सच में ऐसा हे है ....?????

माँ अपने जांघो से साड़ी को और ज्यादा ऊपर करते हुए बोली - हाँ मेरे राजा मुझे व् सेक्स के टाइम गलियां भट पसंद hai..........baki औरतो का मुझे भी pata....lekin मुझे गन्दी गन्दी गलियां भट पसंद है सेक्स के टाइम..........





ज़ैद - जितना ज्यादा तड़पोगी उतना ज्यादा छोड़ने में तुम्हे मज़ा आएगा मेरी रानी........

बोलकर ज़ैद अपने होंठ माँ की गर्दन पर रख देता hai......mom भट तेज़ सिसकियाँ लेती है...... उम्मम्मम्मम्म zaiddddddddddddddd aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ufffffffffffffffffffgfggffffffffff........

इतने में माँ पापा के तरफ देखती है की कही पापा जाग तो नहीं गए hai........lekin पापा को गहरी नींद में देख कर माँ रिलैक्स हो जाती है........





माँ की नंगी जांघो को सहलाते हुए ज़ैद अपने होंठ उसके जांघो पर रख कर चूमने लगता hai.......mom की आह निकल जाती है......

अब ज़ैद माँ की जांघो को चूमते हुए ऊपर बढ़ जाता है और उसकी पीठ को सहलाते हुए उसके गोर गलो को चुम लेता है

माँ कसमसाने लगती है.......

माँ - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या करते ho.......gudgudi होती है मुझे.......

ज़ैद माँ के ठीक पीछे बैठ गया था और माँ के गदराये जिस्म को सहला रहा tha......mom कामुकता की वजह से उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh किये जा रही थी........

ज़ैद ने माँ के नंगी पेट को दोनों हाथो से सहलाने laga.......or धीरे धीरे करते हुए अपना हाथ माँ की सुडोल चुकी पर जैसे हे रखा माँ ने एक लम्बी सिसकारी ली...... आआआआअह्हह्ह्ह्हह zaiddddddddddddddd........

बोलकर माँ अपने मुँह को ज़ैद के तरफ बढ़ा दिया किश करने क लिए और ज़ैद के होंठो को अपने होंठो में पकड़ कर चूसने लगी......





ज़ैद किश करते हुए व् माँ की बड़ी बड़ी चुकी को अपने हाथो में लेकर मसल रहा tha.......ab ज़ैद किश तोड़ कर माँ के गर्दन को चूमने चाटने laga......jiski वजह से ज़ैद का गरम गरम थूक माँ की गर्दन पर लगने laga.....zaid को थूक की चिपचिपाहट से माँ की छूट गीली होने लगी........





मई येसब देख कर अपने आप को रोक नहीं पाया और अपने हाथो से अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाने लगा..........

मैंने अपना मोबाइल निकल कर रुकसाना को कॉल लगा दिया वीडियो कॉल.......

शायद रुकसाना व् इसी इंतज़ार में thi........ruksana ने फ़ौरन कॉल रकब कर लिया.......

मई - shiiiiiiiiiiiiiiiii ज़ोर से मत bolna......mai तुम्हे आज लाइव चुदाई दिखने जा रहा hu..........meri माँ को ज़ैद छोड़ रहा है ये dekho.........bolkar मई कैमरा ज़ैद और माँ की तरफ कर दिया था.........

जैसे हे रुकसाना ने देखा ज़ैद मेरी माँ को चुकी दबा रहा और उसकी गर्दन को चुम रहा hai....ruksana का दिल ज़ोरो से धड़कने लगा.............

रुकसाना आंखें फाड़े हुए दोनों की काम लीला देख रही थी........

रुकसाना को अपनी आँखों पैर यकीं नहीं हो रहा था उसका बीटा अपने हे दोस्त की मम्मी के साथ ये सब कर रहा था.......

इधर ज़ैद हल्का हल्का माँ की चुकी मसल रहा था और उसकी गर्दन को चुम रहा tha......mom मदहोशी में आंख बंद किये हुए हलकी हलकी कामुक आवाज़ें निकल रही थी......... उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म गर्दन में किश करते हुए ज़ैद ने माँ के ब्लाउज के स्ट्रिप को कंधे से निचे सरका diya.....ab माँ की शोल्डर पूरी नंगी हो चुकी thi......mom की बाजु में लटका हुआ ब्लाउज का स्ट्रिप और माँ की आधा से ज्यादा बहार को निकली हुयी चुकी खुले हुए बाल को चुकी पर लटक रही thi.......or माँ क लाल लाल रसीले होंठ देख कर ज़ैद और मई दोनों हे पागल हो गए..........

मेरे मुँह से निकल गया - ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितनी छुडासी माल है मम्मी.........





इतने में रुकसाना बोल पड़ी - चहहीइ अजय कितने गंदे हो tum....apne हे अम्मी के बारे इतनी गन्दी अलफ़ाज़ इस्तेमाल करते हुए तुम्हे शर्म नहीं आती.........

अजय - मेरी रानी हबीबा जिसकी अम्मी तुंहरे जैसी हॉट न सेक्सी हो वो बीटा क्या कर सकता hai......bina चोदे कैसे रह सकता है........

अजय की बातो से हबीबा शर्मा जाती hai.......lekin कुछ कहती नहीं.......

इधर ज़ैद अपनी पकड़ ढीली कर देता है तो माँ एक कातिल अंदाज़ में अपने दोनों हाथो को आपस में जोड़ कर ज़ैद को देखने लगती है.........





ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyy मेरी छुडासी आंटी क्या जिस्म है apka......adha नंगा तो इतना सेक्सी दिख रहा ......अगर तुम्हे कोई पूरी नंगी देख ले तो उसको हार्ट अटैक हे आ जाये.......

माँ अपने होंठो को खोल कर अपने ज़बान को अंदर हे अंदर घूमते हुए ज़ैद को अपने तरफ आकर्षित कहते हुए कहती है - ाचा जी लेकिन तुम्हारा तो अटैक नहीं हुआ heart......heheheheheheg.....





ज़ैद - मेरी जान तुम्हारी ये बेरहम चुकी देख कर किसी व् मर्द का लुंड खड़ा हो jaega.......khas कर के जब तुम्हे इस हालत में आधी नंगी देख लेगा तो........

माँ अपने हाथ को अपनी चुकी में फेरते हुए boli..........kabse ये चूचियां तड़प रही है तुम्हारे मुँह में जाने क liye....or तुम हो की सिर्फ इन्हे दबाये जा रहे हो........





ये बोलकर माँ ने अपने जिस्म को टाइट कर लिया जिसकी वजह से उनकी चुकी और व् ज्यादा बहार को निकल गयी

.......





ज़ैद - मेरी रानी धीरे धीरे फोरे प्ले करते हुए औरत को गरम करके छोड़ने में औरत ज्यादा संतुष्ट होती है.....

माँ अपने ज़बान को होंठो में फेरते हुए ज़ैद को अपनी आधी नंगी चुकी के तरफ इशारा करते हुए कहती hai........mere राजा लेकिन मेरी चुकी भट प्यासी hai....inhe निचोड़ लो अपने गयम किये हुए शख्त हाथो से........





माँ ने अपनी साड़ी को जांघो से ऊपर करते हुए ज़ैद को बोली - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद देखो तो कितनी आग लगा दी है तुमने मेरे जिस्म me......aisa लग रहा जैसे पूरा बदन जल रहा है....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद आआआआ न कुछ करो मेरी आग को ठंडी करो मेरे राजा.........





माँ की अर्धनग्न जिस्म को देख कर मेरा व् हालत ख़राब हो चूका tha......mom की बड़ी बड़ी सुडोल चुकी आधा से ज्यादा ब्लाउज से बहार माँ के साँस के साथ ऊपर निचे हो रही tji.......mom की नंगी पेट जिसमे गहरी न हो मुझे और ज्यादा पागल बना रहा था......





माँ ने अपना मुँह खोल कर आह ज़ैद तुम्हारा मोटा लुंड चूसने को कबसे बेताब है मेरे honth......mgr तुम हो की मुझे तड़पा रहे हो......





मेरी रांड आंटी तेरे जैसा जिस्म देख कर तो मई पहले हे पागल हो चूका hu........lekin आज मई तुझे ऐसा छोडूंगा की तू हमेशा के लिए मेरी रखैल बन जाएगी..........

माँ अपने जिस्म पर हाथ फेरते हुए बोली

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh मेरे ज़ालिम मर्द.............. तो बना लो न मुझे अपनी rakhail.....or फाड़ दो न मेरी छूट और गांड अपने मोठे लुंड से..............





माँ अपने जिस्म को इस तरह से ऐंठने लगी जैसे वो कोई स्नेक सांप ho.....mom के इस तरह जिस्म को ऐठना जोतना की वजह से माँ की चूचियां ब्लाउज के निचे से दिखने लगी .......... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff साला लुंड तो जैसे पागल सा हो gaya.....ye देख kar........it

इतना हॉट नज़ारा तो पोर्न मूवीज में व् नहीं मिलती है..........

इधर येसब देख कर रुकसाना की छूट गीली होने लगी thi.....uski दिल की धड़कन तेज़ होने लगी थी.........



 
अजय - क्या हुआ रुकसाना आंटी आपके साँस क्यों फूल रहे है......

रुकसाना - चहहीइ तुम कितने गंदे हो ajay......mere बेटे को व् अपने जैसा बना दिया hai...gandaa........koi अपनी अम्मी के साथ ये सब कैसे कर सकता है bhala........mujhe तो सोच कर हैरानी हो रही है........

अजय - जिसकी अम्मी तुंहरे जैसी हॉट न सेक्सी ho.....jiski चुकी इतनी बड़ी बड़ी और सुडोल ho......jiski गांड इतनी उभरी हुयी ho.....uska बीटा तो क्या उसका बाप व् उसे चोदे बिना नहीं रह सकता मेरी जान........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ तुम्हारी गदरायी चूचियां क्या मस्त ऊपर निचे हो रही है मेरी रानी ruksana....man तो कर रहा मई व् तुम्हारी चुकी को मुँह में भर कर चूस लू और खा जॉन......

रुकसाना - plssssssssssssss अजय ऐसी गन्दी बातें मत करो मुझे कुछ हो रहा है.......

अजय - आपकी ये गुलाबी गाल मुझे भट पसंद hai......kal मई ोयो रूम में आपके इस गुलाबी गाल पर अपना गाढाआआ गाढाआआ विरए गिराऊंगा........ उम्मम्मम्मम्म.......

अपने गाल पर विरए गिरने के नाम से रुकसाना की छूट और ज्यादा गीली होने लगती है............

रुकसाना - वोटो तब गिराओगे जब मई ोयो रूम में aungi.....hehehehehe

अजय - तुम ज़रूर होगी मेरी रानी रुकसाना .............तुमने आज तक कभी गैर मर्द का लुंड नहीं देखा है और न हे पकड़ा hai..........ek बार गैर मर्द क लुंड से चुद लोगी तो बार बार छोड़ने का मैं करेगा मेरी गदरायी आंटी.........

इधर माँ दूर कड़ी होकर ज़ैद को छुडासी नज़रो से देखते हुए अपने जिस्म को इठला रही thi.......matlab ज़ैद को रिझा रही थी........





आआआआआ





आआआआआ

फिर माँ धीरे से बीएड पर बैठ कर अपने जांघो से साड़ी हटते हुए अपने मांसल जांघो को ज़ैद के सामने सहलाये हुए कहती hai...............mera जिस्म आग में जल रहा है zaid....is आग को बुझा do........aaj मुझे इतना रगड़ कर छोड़ो की मेरी छूट की आग हमेशा के लिए ठंडा हो जाये.........





Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ये मेरी कासी हुयी चुकी तुंहरे हाथो में और तुम्हारे मुँह में आने के लिए इतना तड़प रहा है की मैं कर रहा मई अपनी चुकी को पकड़ कर खुद तुंहरे मुँह में ठूंस दू.....

बोलकर माँ अपनी चुकी के ऊपर हाथ फेरने लगती है...........





माँ अपनी साड़ी का पल्लू चुकी के ठीक ऊपर करके ब्लाउज से झांकती हुयी चुकी को दिखा कर कहती है ...........ज़ैद आकर इन्हे निचोड़ लो न..... plssssssssssssss और naaaaaaaaaa तड़पाओ अपनी रखैल आंटी को............

ज़ैद - अभी तुम मेरी रखैल बानी कहा हो मेरी raand..........jab मई तुम्हे छोड़ कर संतुष्ट कर दूंगा तब तुम मेरी रखैल बनोगी..........





ज़ैद आगे बढ़ने लगता है माँ को बहो में भरने के liye.......mom ज़ैद को चकमा देकर दूसरी तरफ भाग जाती hai.....or ज़ैद को चिढ़ाने लगती hai......zaid दौड़ कर माँ को पीछे से पकड़ लेता है.......

ज़ैद - अब कहा भागोजी मेरी रंडी आंटी........

ज़ैद माँ को कमर से पकड़ कर अपने जिस्म में सत्ता लेता hai....zaid का खड़ा लुंड जैसे हे माँ की गांड में चुभता है माँ सिषर उठती है....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss ज़ैद मुझे छोरो naaaaaaaaaaaaaaa........

ज़ैद दोनों हाथो से माँ की सुडोल चुकी पकड़ कर दबा देता hai....blouse के ऊपर से he........mom की एक दर्द भरी सिसकारी निकल जाती है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa धैईईईई naaaaaaaaaa plssssssssssssss.......





ज़ैद माँ की गर्दन पर अपने होंठ रख देता hai.....mom की हलकी सिसकियाँ निकलने लगती hai.........mom की आंखें कामुकता की वजह से बंद हो जाती hai........zaid माँ की गर्दन को चूमते हुए उनके चुकी को दबाने लगता है ..........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh ज़ैद उम्म्म्माःह्ह्हह्ह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आआआआअह्हह्ह्ह्हह क्या करते हो....... plssssssssssssss छोरो naaaaaaaaaaaaaaa मुझे........

ज़ैद - वही तो कर रहा हु मेरी jan.....chod हे तो रहा हु tujhe....apni रंडी आंटी को.......

माँ - धत्त बदमाश मैंने छोरो कहा है छोड़ो नहीं.........

ज़ैद अपने एक हाथ से माँ की साड़ी का पल्लू कंधे से निचे गिरा देता है...........

माँ की साँस इतनी तेज़ हो जाती है की हर साँस के साथ माँ की बड़ी बड़ी चुकी ऊपर निचे होने लगती है..........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh ज़ैद ये कैसी आग लगा दी है तुमने...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh बोलकर माँ पलट कर ज़ैद के होंठो को अपने होंठो में दबोच लेती hai....or चूसने लगती है.......

पूछ पूछ पूछ की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगती है.........





ज़ैद धीरे धीरे माँ की नंगी पीठ को अपने दोनों हाथो से सहला रहा tha...or माँ ज़ैद की होंठो के भट प्यार से चूस रही थी..........





ज़ैद का हाथ माँ की नंगी पीठ से होते हुए अब माँ की नंगी कमर पर चलने लगी thi....jisse माँ और जड़ा मदहोश होती जा रही...........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh ज़ैद अब बर्दाश्त नहीं होता ...... plssssssssssssss कुछ करो plssssssssssssss.....meri छूट की आग ठंडी कर दो........

ज़ैद माँ को अपने तरफ ज़ोर से खींच कर किश करने लगता है..........





माँ अपने दोनों हाथो से ज़ैद के बालो को पकड़ कर भट हे पशनातेली किश कर रही thi...jaise आज वो ज़ैद के होंठो को चूस चूस कर खा हे जाएगी.......

आआआ





इतने में ज़ैद धीरे धीरे हाथ को निचे ले जाते हुए माँ की गांड को सहलाने लगता hai.....or माँ अपनी गांड को हिलने लगती hai........achanak ज़ैद अपना ऊँगली माँ की कासी हुयी साड़ी के अंदर करने लगता hai.....mom की कामुकता से बुरा हाल हो रहा tha............zaid जैसे हे माँ की गांड को ज़ोर से दबोचता है माँ पागल सी हो जाती है और ज़ैद को तड़पने के लिए उसे धक्का देकर दूसरी तरफ भाग कर अपने गांड को बहार निकल कर कड़ी हो जाती hai...or लम्बी लम्बी साँस लेने लगती है.....





माँ की साड़ी में कैद उनकी उभरी गांड देख कर ज़ैद अपने लुंड को पंत के ऊपर से सहलाते हुए कहता है......

Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff मेरी रंडी आंटी क्या मस्त गांड है apka.....aaj तो मई आपकी गांड में अपना मोटा लुंड डालकर ऐसा छोडूंगा की गांड से खून निकल जाएगा........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh छोड़ो न मेरे राजा ......किसने रोका hai.....apni रंडी आंटी को अपनी रखैल बना लो और खूब chodo....ragad रगड़ कर........

माँ की नंगी पीठ गजब की सेक्सी लग रही thi.....sirf एक डोरी बंधी हुयी थी माँ की पीठ में.........





माँ अपने ब्लाउज का दूरी पीछे से खोल देती hai...ab माँ की ब्लाउज सिर्फ उनके चुकी के सहारे लटकी हुयी thi.....mom की पूरी पीठ नंगी हो चुकी माँ पीछे मुद कर एक कातिल नज़र से ज़ैद को देखते हुए इशारे से अपने तरफ बुलाती है.........





आआआआ
 
अब माँ की चूचियां और ज्यादा चुदाई लग रही thi....blouse सिर्फ लड़का हुआ था चुकी पर......... माँ की चुकी जो की पहले से हे ब्लाउज से आधा बहार थी .....ब्लाउज से आज़ाद होने के लिए तड़प रहे the....zaid एक तक्क माँ की बड़ी बड़ी चूचियों को हे देखने लगता है.....

ज़ैद - उफ़ साली रंडी क्या माल है tu.....itni खूबसूरत माल मैंने आज तक पोर्न मूवीज में व् नहीं देखा है........... आज तक मैंने कितनी औरतो को चुड़ते हुए देखा है इंटरनेट पर लेकिन तेरे जैसी खूबसूरत छुडासी रंडी मैंने नहीं देखा.....

माँ को ज़ैद की गन्दी बातें और ज्यादा एक्सीटेंड कर रही thi....mom की छूट में खुजली बढ़ गयी thi.....idhar मेरी और रुकसाना की हालत ख़राब हो रही थी...........

अब ज़ैद झुक कर माँ की चूचियां पकड़ कर मसलने लगता है .....माँ के मुँह से न चाहते हुए व् सिसकियाँ निकलने लगती है...... उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म

अब ज़ैद माँ के गलो को चूसने चाटने लगता है और अपना सारा थूक माँ की गलो पर लगाने लगता hai....zaid का थूक अपने गलो पर गिला गिला महसूस करके माँ को नशा सा चढ़ने लगता hai.......or वो चादर को पकड़ लेती hai...uski वासना इतनी बढ़ जाती है की वो अपना हाथ जांघो पर ले जाती है और खुद से अपने जांघो को सहलाने लगती है.....

अब ज़ैद माँ क गलो को अपने थूक से पूरा गीला करके उसके गर्दन को चूमने लगता hai....mom कसमसाने लगती है...... आआआआअह्हह्ह्ह्हह उननननहहहहहहह उम्मम्मम्मम्म की छुडासी आवाज़ें निकल रही थी....

ज़ैद माँ की साड़ी को साइड करके उसके ब्लाउज के स्ट्रेप को कंधो से निचे कर देता है और अपना मुँह दोनों चूचियों के बिच में रख कर चूमने लगता hai......mom खुद को रोक नहीं पति और सिसकियाँ तेज़ तेज़ लेने लगती है........... उम्मम्मम्मम्म आआआआअह्हह्ह्ह्हह ufffffffff.....zaid aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट maaaaaaaaaa आआआआआ मज़ाहा अअअअअ राहाआआ है.......

माँ अब ऊपर से निचे तक अर्धनग्न अवस्था में बीएड पर पड़ी हुयी सिसकियाँ ले रही थी ज़ैद उसके जिस्म को चाट चुम रहा था ....जिससे माँ की हालत ख़राब हो रही thi.........mom के ठीक बगल में पापा सोये हुए थे गहरी नींद में.........

अपने पति को अपने बगल में सोता देख कर माँ को एक अलग हे फंतासी लग रही थी.......

अब ज़ैद अपने हाथ निचे ले जाकर माँ की पंतय उतरने लगता hai....jaise हे ज़ैद माँ की पंतय में हाथ लगता है ज़ैद को चिपचिपाहट महसूस होता hai....zaid एक कातिल मुस्कान देते हुए माँ से कहता hai.......waah मेरी रंडी तेरी पंतय तो तेरे छूट रस से बिलकुल भीग चुकी hai.........tu तो छोड़ने के लिए उतावली है एकदम......... माँ की पंतय पूरी गीली thi.....uski छूट ने इतना पानी छोरा था की माँ की पंतय पूरी भीग चुकी थी मनो उसने पंतय में हे मूट दिया हो.....

ज़ैद पंतय उतरना छह रहा था लेकिन पंतय पूजा क भारीभरकम चूतड़ के निचे दबी हुयी thi....utar नहीं रही thi.....zaid ज़ोर से माँ की छूट भींच लेता है अपने हथेली me.....mom हलकी सी चिल्ला पड़ती है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh माँ आंखे खोल कर ज़ैद को छुडास भरी नज़रो से देखते हुए कहती hai....jaldi सा अपना मोटा लुंड मेरी छूट में दाल कर इसे ठंडा करो नाआआआआ मेरे raja........ab बर्दाश्त नहीं होता......

ज़ैद माँ की आँखों में देखते हुए धीरे धीरे अपने होंठो को माँ के होंठो के करीब ले जाता hai.......mom व् खा जाने वाली नज़रो से ज़ैद की आँखों में देख रही थी......... ..............माँ का मन कर रहा था अपने होंठ ऊपर करके ज़ैद के होंठो को अपने होंठो से पकड़ कर बेतहाशा किश करने लग jaye......mom की सांसें तेज़ तेज़ चल रही थी जिसकी वजह से उसकी दोनों चूचियां ऊपर निचे हो रही thi......zaid माँ की नज़रो में देखते हुए कहता है.....

ज़ैद - मेरी रांड आंटी तुम इतनी छुडासी माल होकर व् आज तक किसी गैर मर्द से नहीं chudi.....aisa कैसे हो सकता hai...............lekin तेरी छूट की तड़प तो कुछ और हे बयां कर रही है..............

बोलकर ज़ैद माँ की छूट को अपने हाथो से दबोच लेता hai........mom को जैसे करंट लगता है और अपने होंठो को ज़ैद के होंठ में रख कर चूसने लगती hai......zaid फ़ौरन अपने होंठ पीछे कर लेता hai.....aur कहता है मेरी रांड छोड़ने के लिए इतनी हे बेचैन है तो पंतय उतरने क्यों नहीं दे रही है....

माँ छुडास बहरी नज़रो से ज़ैद को देखती hai....aur अपना गांड थोड़ा ऊपर कर लेती है.....

ज़ैद - ये हुयी न मेरी छिनाल आंटी शालिनी...............

बोलकर ज़ैद माँ की पंतय दोनों हांथो में पकड़ कर उतार देता है आउट पंतय को अपनी नाक के पास लेकर सूंघता हुआ कहता है..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या सुगंध है तेरे छूट की मेरी Rani.....aur पंतय को आने मुँह में लेकर चाटने चूसने लगता hai....mom ये देख कर शर्म से पानी पानी हो जाती hai.....aaj तक अजय के पापा ने ऐसा कभी नहीं किया tha.......yesab गन्दी हरकत माँ को और ज्यादा लुस्टि बना रहा था...........

माँ शिकायत भरी नज़रो से ज़ैद को देखते हुए कहती है...

माँ - भट गंदे हो तुम ज़ैद ..... बदमाश कही ke.....bolkar ज़ैद क सीने में दो चार मुक्का मारती hai.............or अपने होंठ को ज़ैद के होंठो के तरफ बढ़ा देती hai........lekin ज़ैद अपने होंठो को दूर कर लेता hai.......mom गुस्से से ज़ैद को देखती hai.......zaid वापस अपने होंठो को माँ के होंठो के पास ले जाता है और माँ जैसे हे अपने होंठ से ज़ैद का होंठ पकड़ना चाहती है ज़ैद फिर से अपने होंठो को दूर कर लेता है.........

माँ से रहा नहीं जाता माँ ज़ैद के सर को पकड़ कर अपने तरफ खिंच लेती है और उसके होंठो को चूसने चबाने लगती hai......berahmi से...............

माँ एक रंडी की तरह चुदाई गेम खेल रही thi......mai येसब देख कर हैरान था की उसकी इतनी शरीफ माँ के अंदर कितनी बड़ी रंडी कहा से आ गयी.............. माँ के चेहरे का एक्सप्रेशन देख कर मेरी कामुकता बढ़ने लगती है और साथ हे साथ रुकसाना व् येसब देख कर बेकाबू हो रही thi........ruksana व् अपने चुकी को हल्का हल्का सहलाने लगी thi...........mera लुंड पंत फाड़ कर बहार आने क लिए बेचैन था.....

इधर माँ ज़ैद के होंठो को अपने उँगलियों से सहलाने लगती है और होंठ सहलाये हुए अपने ऊँगली से ज़ैद के चेहरे पर कान में हर तरफ अपनी हलकी हलकी ऊँगली फेर रही थी जिससे ज़ैद को इतना मज़ा आ रहा था की ज़ैद ने ये सपने में व् नहीं सोचा tha.........zaid की आंखें बंद हो जाती hai....mom ज़ैद की ये हालत देख कर मुस्कुराने लगती है और अपनी उँगलियाँ उसके चेहरे पर उसके होंठो पर फेरने लगती है.....

अब ज़ैद व् वही करता है माँ के नाजुक होंठो पर अपनी उंगलिया चलने लगता hai.....mom ज़ैद की ऊँगली को अपने गुलाबी होंठो से पकड़ कर चूसने लगती है.....

अब ज़ैद और माँ एक दूसरे को खा जाने वाली नज़रो से देख रहे थे की इतने में माँ ज़ैद की ऊँगली को दांतो से पकड़ कर हल्का बाईट कर देती है और हल्का मुस्कुरा देती है एक छुडास भरी नज़रो से dekhtehuye....zaid दर्द से तड़प उठता है और माँ को पकड़ कर बीएड में उल्टा लिटा देता है....

ज़ैद माँ को कमर से पकड़ कर कुट्टी बना देता है और उसके पीठ को बेतहाशा चूमने लगता hai....mom जोश में अपने जिस्म को मचलाने लगती है.....

पीठ को चूमते हुए ज़ैद माँ की साड़ी को गांड से ऊपर कर देता है माँ की भारी भरकम गांड जो माखन से व् ज्यादा चिकनी थी ज़ैद के सामने thi....mom की गांड इतनी चौड़ी दिख रही थी की ज़ैद से रहा नहीं जाता....

असलम अपना मुँह माँ के गांड के दरार में लगा देता है ....और दोनों जांघो के ज़ोर से पकड़ लेता है माँ की एक ज़ोर की सिसकारी निकल जाती है......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh...... zaiddddddddddddddd plssssssssssssss वहाआआआ nhiiiiiiiiiiii plssssssssssssss.......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मैंने aaaaaaajjjjjjjjjjjjj takkkkkkkkkkkk वह नहीं छुड़वाया है................. aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaa ये लड़का मुझे आज मार हे dalegaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

ज़ैद पूरा मज़ा लेकर माँ की गांड को चूसने लगता hai............or माँ मचलने लगती है...........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh असलम प्लस वह नहीं चुसो वो गन्दी जगह hai.................mom अपनी गांड को ज़ैद से छुड़ाने की कोशिश करती है लेकिन ज़ैद कहा मानने वाला था वो उसी तरह गांड की दरार में अपना ज़ुबान फिरने लगता है चाटने लगता है.....

माँ उठना चाहती है लेकिन ज़ैद उसे इतनी ज़ोर से दबोचा हुआ था की माँ की साड़ी कोशिश बेकार thi......mom की छूट पानी छोर रही थी उसके मुँह से कामुक सिसकारियां निकल रही थी.... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh नहीइइइइइइइ उफ्फ्फफ्फ्फ़ आआआआअह्हह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम्म

अब ज़ैद माँ के ब्लाउज का स्ट्रिप हल्का हल्का खोल रहा था ............माँ के चेहरे पर मुस्कान आ जाती hai...............mom अपने होंठो को दांतो से दबा कर हल्का पीछे की तरफ देखती है aur...blouse खोलने में वो ज़ैद का साथ देने लगती है.....

अब माँ से रहा नहीं जाता माँ पलट कर ज़ैद को धकेल कर उसके ऊपर चढ़ जाती hai.....zaid समझ जाता है की अब माँ का जिस्म लुंड मांग रहा है.....

जविद के ऊपर बैठ कर माँ ज़ैद के जिस्म को चूमने लगती है ऊपर से निचे tak.........zaid मदहोशी में बड़बड़ाने लगता है.... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रांड क्या मस्त माल है तू रंडी sali.............tu तो पक्का रंडी निकली साली कुटिया aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.....mom को ज़ैद की गन्दी बातें और ज्यादा कामुक कर रही थी......

अब माँ ज़ैद की आँखों में देखते हुए उस के होंठो पर अपना होंठ रख देती है और बेतहाशा चूसने लगती hai....zaid के बाल पकड़ कर.....

ज़ैद व् माँ को बहो में जकड कर उसके रसीले होंठो को चूसने लगता hai.....dono को इस तरह एक दूसरे को किश करता देख मई तो पागल हो चूका था ..............

अब माँ किश करना छोर कर थोड़ा साँस लेती है और एक छुडास भरी नज़रो से ज़ैद को देखती है र ज़ैद कुछ समझ पता इससे पहले ज़ैद को बालो से पकड़ कर फिर से किश करने लग जाती है..... उम्मम्मम्मम्म पूछपूछपूछपूछपूछपूछ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म माआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह





माँ इस तरह से किश कर रही थी मनो ज़ैद के होंठो को खा jaegi......kiss करते हुए माँ ज़ैद के होंठो को दांतो से काट लेती है.....

ज़ैद - aaaaaaaaaa साली रंडी छिनाल काट क्यों रही है .....

माँ हंसती है और फिर से ज़ैद क होंठो को चूसने लगती है...

अब ज़ैद माँ क ब्रा को पकड़ कर ज़ोर से खींचता है ब्रा का हुक चटाक की आवाज़ क साथ टूट जाता है माँ की बड़ी बड़ी चूचिया आज़ाद होकर ज़ैद के आँखों के सामने आ जाती hai....zaid माँ की सुडोल चूचियों को खा जाने वाली नज़रो से घूरने लगता है ...

ज़ैद को अपनी चूचियों को घूरते देखती है तो माँ के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान आ जाती है....

माँ अपनी दोनों चुकी पकड़ कर मसलने हुए ज़ैद से कहती hai............aaaaaaaaaahhhhhhhj मेरे राजा कबसे ये चूचिया प्यासी hai........inkinpyas जल्दी बुझा दो naaaaaaaaa......bolkar माँ अपने दोनों निप्पले को पकड़ कर मसल रही थी.........

ज़ैद माँ की इस अदा से और ज्यादा लुस्टि हो जाता है और उसके दोनों चुकी पकड़ कर बेतहाशा चूसने लगता hai..........mom के मुँह से aaaaaaaaaAaaaaaaaAaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

निकल जाती है..........





माँ आआआआअह्हह्ह्ह्हह उम्म्म्म आआआआअह्हह्ह्ह्हह ज़ैद ऐसे हे चुसो खा जाओ मेरी चूचियों को aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ummmmmmmm.....mom से रहा नहीं जाता वो पंत के ऊपर से ज़ैद का लुंड सहलाने लगती है......

ज़ैद - निकल लो न मेरी रांड ....तुम्हारी नाजुक हाथो में जाने क लिए कबसे बेचैन है मेरा lund.....mom ज़ैद का पंत का ज़िप खोल देती hai...........fir व् ज़ैद का लुंड बहार नहीं ata.......to माँ अपने हाथो से ज़ैद का पंत पूरा खोल कर निचे गिरा देती hai.......ab ज़ैद का फौलादी लुंड फनफनाया हुआ बाहर निकल जाता hai.........or जैसे हे माँ ज़ैद का लुंड पकड़ती है माँ की आंखें कामुकता की वजह से बंद हो जाती है ...........और हल्का हल्का अपने हाथो से लुंड को पकड़ कर सहलाने लगती है..........

माँ - हाआआयययय ज़ैद कितना मोटा लुंड है तुंहारा......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh यती मेरी छूट को पूरा फैला देगा...........





इधर ज़ैद की माँ रुकसाना जैसे हे अपने बेटे का खड़ा लुंड देखती है उसको छूट पानी बहाने लगती hai........uske मुँह से निकल जाता hai...........omg कितना मोटा है iska.....or उसके अब्बू का तो इसका आधा है.............

मई - मेरा व् तो इतना हे मोटा है मेरी रांड aunty...........hum दोनों मिलकर तुझे जब छोड़ेंगे तब कैसा लगेगा सोच ले तू..........

रुकसाना अपने हे बेटे से छोड़ने के नाम से भट ज्यादा होर्नेय हो जाती है........

रुकसाना - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa अजय ऐसी गन्दी बातें नाहा करो mujhse...........mai सपने में व् अपने बेटे से वोसब नहीं कर sakti......mai एक शरीफ घराने की औरत हु.......

अजय - शरीफ घरानो औरतो की छूट और गांड में भट गर्मी होती है मेरी jan.......isliye उसकी प्यास एक दो मर्द नहीं बुझा sakte........uske लिए अलग अलग तरह के मर्द चाहिए...........

इधर माँ ज़ैद का लुंड अपने कोमल हाथ से सहला रही थी और सोच रही थी.....

उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इस का लुंड कितना बड़ा र मोटा hai.....meri छूट में घुसेगा तो फाड़ हे डालेगा ज़ालिम ....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh.....

ज़ैद माँ को घोड़ी बना देता है और अपना लुंड उसके गांड के दरार में रगड़ने लगता है माँ बेचैन हो जाती है और अपने गांड को ज़ैद क लुंड में दबाने लगती है...

माँ - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh प्लस्स्सस्स्स्स और न तड़पाओ घुसा दो अपने मुसल लुंड को मेरी छूट में .....मेरी छूट भट प्यासी है aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh प्लसससससससस naaaaaaaaaa घुसा दो .......

ज़ैद - मेरी रैंड इतनी जल्दी तेरी प्यास नहीं बुझने वाला............ अभी र तड़पाऊंगा तेरी इस छुडासी छूट को.....

माँ - हीईई नाआआआ ऐसा न करो मेरे साथ प्लस्स्सस्स्स्स घुसा दो naaaaaaaaaaa

ज़ैद - पहले बोल तू मेरी रांड hai.......or तू अपने बेटे से और मुझ से एक साथ छुड़ेगी रंडी की तरह......

माँ - नहीं मुझे शर्म अति है ऐसे गंदे वर्ड्स बोलने में...

ज़ैद - मतलब तू अपने बेटे से छोड़ने के लिए बेचैन hai.....hai न......???

माँ - नहीं नहीं मैंने ऐसा कब कहा......

ज़ैद - तो बोल न की तू अपने बेटे से और मुझसे एक साथ छुड़ेगी एक कुटिया की tarah..........jabtak तू नहीं बोलेगी मई तुझे तड़पता रहूँगा मेरी रंडी....

माँ - प्लसससस मई तुम्हारे हाथ जोड़ती हु ऐसा न करो मेरे साथ मई तुंहरे लुंड क बिना नहीं रह सकती अब.... plssssssssssssss घुसाओ नाआआआ...

ज़ैद - पहले तू बोल तू मेरी और अजय को रंडी banegi.......hamari रखैल बनेगी...........

माँ - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मई तुम्हारी और अजय की रांड हु रखैल हु मुझे बेदर्दी से छोड़ो फाड़ दो मेरी छूट ज़रा व् रहम नहीं करो मेरे upar.....chod छोड़ कर मेरा बुरा हाल कर दो.....

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रंडी ये हुयी न बात......... ये बोलकर ज़ैद माँ के चिकने गांड पर थप्पड़ मरने लगता है..... चटाक चटाक .....माँ दर्द से चिल्लाने लगती है ...

आआअह्ह्ह्हह





माँ - aaaaaaaaaa माआआआ marrrrrrrrrrrrrrrr गयी मई plssssssssssssss मत मारो .......भट दर्द हो रहा है.....

ज़ैद - अभी तो र व् दर्द होगा मेरी रांड अभी तो तुझे रंडी की तरह छोडूंगा मेरी रांड...

माँ - जैसे छोड़ना है छोड़ो मेरे राजा लेकिन र न तड़पाओ वर्ण मई पागल हो जाउंगी छूट की जलन से....

ज़ैद अपने लुंड में ढेर सारा थूक लगता hai......mom की गांड को ज़ोर से पकड़ लेता hai......zaid माँ की गांड मरने का मैं बना लिया tha......mom अनजान thi.....ki तभी ज़ैद माँ की गांड के छेड़ पर अपना लुंड रख कर एक ज़ोरदार धक्का मरता है माँ के आँखों क आगे अँधेरा छ जाता hai....mom इतनी ज़ोर से चिल्लाती है की पूरे कमरे में उसकी दर्द भरी चीख गूंज जाती है......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh





Aaaaaaaaaa aaaaaaaaaa aaaaaaaaaa maaaaaaaaaaaaaaa मर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii ............बोलते हुए माँ बेहोशी की हालत में जाने लगी ....माँ क पेअर थरथराने lage.....uske गांड से खून निकलने लगा .....





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

माँ की आंखे फैट जाती है और वो अपने जिस्म को आगे धकेलने लगती है......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

ज़ैद का लुंड अभी 2 इंच हे अंदर गया tha.....zaid माँ के पीठ में सहलाने laga...aur चूमने लगा.....

ज़ैद - aaaaaaaaaa मेरी रंडी क्या टाइट गांड है तेरा........ मज़ा आ गया .....लगता है पहली बार तूने गांड में लुंड लिया है ......

माँ दर्द से बिलबिला रही thi...or ज़ैद उनके गांड में लुंड अंदर पेले जा रहा था.......





आआआआआ

कुछ देर ऐसे हे पीठ सहलाने क बाद ज़ैद एक ज़ोर का धक्का मरता है लुंड गांड को चीरते हुए आधा घुस जाता है .....माँ दर्द से बिलबिला उठती है........

माँ - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ी कुत्ते कमीने छोर मुझे भट दर्द हो रहा साला हरामी गांड फट गयी मेरी .......ooooooooooo maaaaaaaaaa मार डाला इस हरामी ने ......

माँ पूरी ताकत से चादर पकड़ लेती है दर्द की वजह से वो रोने लगती hai.....uske आंसू से चादर भीग रहा tha...lekin ज़ैद को उसपर ज़रा भी रहम नहीं आ रहा था .....

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh





ज़ैद की इस दर्दनाक चुदाई से माँ की हालत ख़राब हो रही thi........mom ने सपने में व् नहीं सोचा था इतना दर्द होगा.....





ज़ैद अब माँ के दोनों हाथो को पकड़ कर अपना लुंड उसके गांड में छोड़ रहा था माँ छटपटा रही थी ....माँ के दोनों बड़े बड़े चुकी हवा में झूल रहे थे इस दृश्य को देख कर मेरा लुंड पानी छोड़ने लगता है.....





कुछ देर ऐसे हे छोड़ने क बाद अब माँ का दर्द व् काम हो गया था वो अब हलकी हलकी सिसकियाँ ले रही थी रट हुए..... aaaaaaaaaa उम्मम्मम्मम्म माआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कमीना कही काआआआ ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy





ज़ैद पूजा की हालत समझ जाता है अब असलम पूजा को ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगता है.....

ज़ैद - आआआआअह्हह्ह्ह्हह मेरी रंडी क्या मस्त माल है तू उफ्फफ्फ्फ़ पहली बार मैंने इतनी टाइट गांड छोड़ी है..... उफ्फ्फफ्फ्फ़ साली छिनाल मादरचोद .......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh





माँ - आआआआअह्हह्ह्ह्हह हरामी फाड् दिया मेरा गांड aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साला कुत्ता कमीना ......जानवर कही का .......





...इतना बेरहमी से तो कोई जानवर व् नहीं chodta....jitni बेरहमी से वो माँ को छोड़ रहा tha........mom व् अपना गांड ज़ैद के लुंड में आगे पीछे कर रही थी........





आआआ

अब माँ को व् मज़ा आने लगता है माँ व् गांड हिला हिला कर लुंड पूरा जड़ तक घुसवाने लगती है......





आआआआआ





माँ - आआआआअह्हह्ह्ह्हह हरामी ऐसे हे छोड़ मुझे आआआआअह्हह्ह्ह्हह मुझे पूरी रंडी बना दे .....मई तुम्हारी रंडी हु हरामी ..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ एक संस्कारी औरत को तूने रंडी बना दिया..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट मज़ा आ रहा फाड् दो मेरी गांड और अंदर घुसाओ हरामी.............





माँ के छूट में एक ज़ोरदार हलचल होती है और माँ झरने लगती hai....mom के पेअर थरथराने लगते hai.....mom की छूट इतना पानी चजाति है की चादर पूरा भीग जाती है.....





आआआआ

लेकिन ज़ैद उसे इसी तरह चोदे जा रहा tha......full स्पीड में.....





आआआआआ

अब ज़ैद माँ को सीधा सुला देता है hai.....aur छूट में अपना लुंड को सेट्ट करके एक धक्का मरता hai....kyu की माँ की छूट पूरी गीली थी ज़ैद का लुंड फचाककककककक की आवाज़ क साथ छूट को चीरता हुआ अंदर चला जाता hai.....mom को दर्द तो भट होता है लेकिन अभी जो गांड मरवाने में उसको जो दर्द हुआ था उसके सामने ये दर्द कुछ व् नहीं tha......mom बास आआआआअह्हह्ह्ह्हह करके अपने चुकी पकड़ कर मसलने लगती है....





माँ अपने चेहरे को ऊपर करके ज़ैद को देखते हुए छुड़वाने लगती है...... aaaaaaaaaa ज़ैद ज़रा धीरे करो मई कोई बाज़ारू रंडी नहीं हु.... आआआआअह्हह्ह्ह्हह भट दर्द हो रहा है plssssssssssssss धीरे छोड़ो न ...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट मज़ा आ रहा......





इसी तरह कुछ देर छोड़ने क बाद ज़ैद थोड़ा रुक कर माँ के होंठो को चूसने लगता hai......mom व् ज़ैद का साथ देने लगती





आआआआआ

....पूछपूछ पूछपूछ पूछपूछ फच फच फच फच की आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी....





आआआआ

अब माँ ज़ैद को धकेल कर साइड कर देती है और खुद से उस का लुंड पकड़ कर चूसने लगती है ....जैसे कोई लुंड की भूखी औरत हो......





आआआआ

ज़ैद का मोटा लुंड माँ के मुब में नहीं समां रहा था फिर व् ज़ैद क लुंड को चूस रही थी.....





ज़ैद को ऐसा मज़ा शायद कभी नहीं मिला था माँ का सर पकड़ कर लुंड उसके हलक तक घुसा कर छोड़ने लगता है माँ गुगुगुगु की आवाज़ क साथ लुंड चूसने लगती है....

इतने में ज़ैद झरने के करीब आ जाता है और माँ क सर को ज़ोर से अपने लुंड पर दबा देता hai...mom की सांसे अटक जाती hai......lekin ज़ैद उसके सर को नहीं छोरता और अपना पूरा विरए उसके हलक में गिराने लगता है......





माँ की आँखों से आंसू बहने लगते hai.....zaid का विरए मुँह के साइड से बहार आने लगता hai.....mom को उलटी जैसा लगने लगता hai.....lekin ज़ैद उसके सर को यु hi पकडे रहता है जबतक उसका पूरा लुंड विरए नहीं निकाल deta.....fir ज़ैद माँ के सर को छोरता hai...r वही निढाल हो जाता hai.....mom व् इस दर्दनाक चुदाई से पास्ट हो गयी thi....wo व् हफ्ते हुए वही निढाल हो जाती है....













 
इधर येसब देख कर रुकसाना भट गरम हो चुकी thi.....wo खुद से पाने छूट को कपड़ा के ऊपर से हे रगड़ रही थी........

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय मुझसे रहा नहीं जा रहा plssssssssssssss कुछ करो naaaaaaaaaaa.......

अजय - क्या करू मेरी जान रुकसाना.......

रुकसाना - मेरी छूट की आग ठंडी करो अजय plssssssssssssss...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh..............

बोलते हुए रुकसाना अपने चुकी को कपडा के ऊपर से मसलने lagi..........or सिसकियाँ लेने लगी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय उम्म्म्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff..........

अजय रुकसाना को तड़पने के लिए बोलै - अभी मई थक गया हु आंटी मई जा रहा हु sone......kal बुझा दूंगा आपकी प्यास ोयो रूम में........

रुकसाना - plssssssssssssss अजय ऐसा मत करो मुझे इस तरह मत छोरो..... plssssssssssssss naaaaaaaaaa.......

अजय - तो पहले वडा करो की कल तुम मुझसे छोड़ने होगी ोयो रूम में.......

रुकसाना - nhiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa plssssssssssssss ज़ैद के अब्बू ने देख लिया तो मुझे मार देंगे........

अजय - तो फिर रहने दीजिये aunty.....mai चला sone........jab मेरी परवाह नहीं आपको तो फिर येसब करके क्या फ़ायदा........

रुकसाना की छूट में ऐसी आग लगी थी की वो बिना झरे रह नहीं पा रही थी...........

रुकसाना - अगर मुझे तुम्हारी परवाह नहीं होती तो क्या मई तुमसे बात करती ........

अजय - अगर मेरी परवाह है तो फिर बोलो कल आप होगी ोयो room.........ajay अब रुकसाना को और ज्यादा लुस्टि बनाने के लिए पंत खोल कर अपना लुंड रुकसाना को दिखते हुए कहता hai........dekho तो कैसे तड़प रहा है तुम्हारी छूट में घुसने के लिए........

अजय का लुंड देख कर रुकसाना की सांसे फूलने lagi......ruksana की सांसे भट तेज़ हो गयी......... धड़कन बढ़ gaya.......tez तेज़ सांसो के साथ रुकसाना की चुकी व् ऊपर निचे होने लगी..........





रुकसाना को आज अजय का लुंड कुछ ज्यादा हे बड़ा और मोटा दिख रहा था..........

रुकसाना - omg तुम इंसान हो या गधा..... itnaaaaaaaaaaaaaa badaaaaaaaaaaaaaaaaaaa और motaaaaaaaaaaaaaaaa लुंड भला किसी का होता है क्या...... बाआआपपपपप रईईईई............

अजय - जितना badaaaaaaaaaaaaaaaaaaa और motaaaaaaaaaaaaaaaa लुंड होता है इतना ज्यादा maaaaaaaaaaaaaaaaaa अत है औरत ko.........jab ये लुंड आपकी छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुसेगा तो आपको छूट को इतना मज़ा आएगा की आप अपने शोहर को भूल कर सिर्फ मेरे लुंड से छुड़ेगी.........

रुकसाना - न बाबा नाआआआ इतना मोटा लुंड मई अपने छूट में नहीं ले पाऊँगी......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ maaaaaaaaaaaaaaaaa मेरे शोहर से तीन गुना मोटा लुंड है tumhara..............aisa लग रहा कोई बोतल है.........

अजय अपने बगल में रखे हुए वाटर बोतल को अपने लुंड के पास रख कर रुकसाना को दिखने laga.........ajay का लुंड 1 लतर वाला बोतल के जितना मोटा और इतना हे बड़ा था...........





रुकसाना की छूट बिना झरे हे बेतहाशा पानी छोड़ने लगी इतना बड़ा और मोटा लुंड देख कर.......

रुकसाना अपने चुकी को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी......

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय plssssssssssssss मेरी छूट की आग ठंडी karo...tumhara लुंड देख कर मेरे छूट में एक खुजली सी होने लगी hai..........man तो कर रहा तुम्हारे लुंड को पकड़ कर अपने छूट में घुसा lu.......lekin इतना मोटा लुंड देख कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए hai........itna मोटा लुंड मई बरदास कैसे कर पाऊँगी...... बाआआपपपपप रईईईई.........

अजय अपने लुंड को पकड़ कर हिलाते हुए bola.........meri जान रुकसाना मेरा लुंड अपने मुँह में लेकर चुसो naaaaaaaaaa





रुकसाना - चहहीइ कितने गंदे हो तुम लुंड व् भला कही मुँह में लिया जाता है......

अजय - मेरी जान क्या तुमने आज तक मुँह में लुंड नहीं लिया है.......

रुकसाना - मेरे शोहर का कहना येसब गन्दी चीज़ें मुँह में नहीं लिया jata.......maine तो कभी सपने में व् नहीं सोचा था की लुंड को मुँह में व् लिया जाता है.........

अजय - तब तो तुमने आज तक चुदाई का सही मज़ा लिया हे नहीं है मेरी Rani.......tum ोयो में कल औ फिर मई तुम्हे बताऊंगा चुदाई का मज़ा क्या होता है.......

रुकसाना - plssssssssssssss न अजय ऐसा मत करो मेरे साथ मई नहीं आए paungi..........mere शोहर मुझे मार डालेंगे........

अजय - आपके शोहर को बताएगा कौन......

रुकसाना - फिर व् अगर उन्हें पता चल गया तो......

अजय - ज़िन्दगी भर पता नहीं चलने वाला....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh देखो तो मेरा लुंड कैसे तड़प रहा है तेरी छूट में घुसने के liye.......bolkar अजय अपने लुंड को ज़ोर ज़ोर से हिलाते हुए बड़बड़ाने लगा....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रांड रुकसाना क्या जिस्म है तेरा..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ तुझे तो मई कुटिया बना कर ऐसा छोडूंगा की तेरी छूट और गांड दोनों सुजा दूंगा मेरी रंडी रुकसाना........





रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हाँ मेरे राजा छोड़ो अपनी रुकसाना को... आआआआअह्हह्ह्ह्हह अपनी बेगम बना लो मुझे और जी भर कर छोड़ो ......फाड़ दो मेरी छूट और गांड दोनों अपने मोठे लुंड से............

रुकसाना अब अपने छूट को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने लगी.......

अजय - अपनी चुकी बहार करो न मेरी रंडी रुकसाना ......

रुकसाना ने अपनी चुकी कपडे से बहार कर लिया जिसे देख कर अजय का लुंड और ज्यादा अकड़ सा गया...
 
अजय - अपनी चुकी बहार करो न मेरी रंडी रुकसाना ......

रुकसाना ने अपनी चुकी कपडे से बहार कर लिया जिसे देख कर अजय का लुंड और ज्यादा अकड़ सा गया...

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी रांड रुकसाना क्या मस्त चुकी है teri.........tujhe तो दस मर्द मिलकर व् छोड़ेगा तो तेरी छूट की प्यास नहीं बुझेगी ..............अब अपने चुकी के निप्पल को ऊँगली से मसलो...........

रुकसाना ने अपनी एक चुकी के निप्पल को अणि ऊँगली में पकड़ कर हल्का हल्का मसलने lagi.....jisse उसकी सिसकियाँ और तेज़ हो गयी......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय मेरे राजा aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट maaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh आआआआआ रहा है ..........





अजय व् अपना लुंड अपने हाथो में लेकर हल्का हल्का सहला रहा था......

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रांड रुकसाना क्या जिस्म है tera...............tujhe तो मई टॉप क्लास की रंडी banaunga......jo पैसो के लिए नहीं सिर्फ अपने जिस्म की आग बुझाने के लिए दूसरे मर्दो से चुदवगी....

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय plssssssssssssss ऐसी गन्दी बातें नाहा करो naaaaaaa........gandi बातो से मुझे कुछ हो रहा है.............

बोलकर रुकसाना अपने ब्रा को पकड़ कर वास चुकी में धक् ली और फिर दोनों चुकी को मसलने लागिओर ब्रा को ऊपर निचे करके चुकी में रगड़ने लगी.....

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरे राजा अजय क्या सच में मेरा जिस्म भट खूबसूरत है.....

अजय - हाँ मेरी रांड तेरा जिस्म खूबसूरत व् है और मालिदार व् hai.......or तुंहरे होंठ इतने रसीले है की मन करता है की खा जॉन इन्हे.........





रुकसाना - कल खा लेना मेरे राजा ोयो रूम me........josh जोश में रुकसाना के मुँह से निकल गया.......

अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी रांड मुझे पता है तुम छोड़ने के लिए बेचैन ho......oyo रूम में तो तेरी वो चुदाई करूँगा की तू रहम की भीख मांगेगी मुझसे...........

रुकसाना - उम्मम्मम्म आआआआअह्हह्ह्ह्हह हाँ मुझे व् ऐसी हे चुदाई चाहिए जो मुझे बेरहमी से chode..........janwaro के tarah.....mai कितना व् चीखु चिल्लाऊं लेकिन वो छोड़ता रहे मुझे...........

बोलकर रुकसाना अपने चुकी को कपडा के ऊपर से हे मसलने लगी.......





अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ साली रंडी क्या चुकी है तेरी बहनचोद साली एक नंबर की छिनाल है तू.......

रुकसाना को अजय की गाली और ज्यादा होर्नेय बना रहा था ...लाइफ में पहली बार कोई उसे गाली दे रहा था........

रुकसाना - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy अजय तुम कितनी गलियां देते ho....zara व् लिहाज नहीं तुम्हे की मई तुम्हारी आंटी हु........

अजय - क्यों मेरी रांड गाली अछि नहीं लग रही kya..........chudayi के टाइम गाली देने से औरत और ज्यादा छुडासी बन जाती hai.........bolo तुम्हे गलियां अछि नहीं लग रही क्या......

रुकसाना अजय को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए अपने ज़बान को होंठ में फेरने लगती है...........

रुकसाना - मुझे नहीं मालूम.......

अजय - इसका मतलब तुम्हे गलियां अछि लग रही hai........hai न......

रुकसाना शरमाते हुए हाँ में सर हिला देती है..........

.



अजय - तेरी चुकी इतनी बड़ी बड़ी और सुडोल है की तेरा ब्रा फट जाएगा ऐसा लग रहा hai...dekho तो कैसे तेरी चुकी ब्रा से आधा बहार है.........

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय उम्म्म्माःह्ह्हह्ह आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह तो दबाओ न मेरी चुकी ज़ोर ज़ोर se......masal कर रख दो इन निगोड़ी चूचियों ko..........bolkar रुकसाना अपनी चुकी ज़ोर ज़ोर से दबाने लगती है जिसकी वजह से उसकी ब्रा चुकी से सड़क कर थोड़ा निचे हो जाती है और रुकसाना का दोनों निप्पल साफ़ नज़र आने लगता है..........





अजय - मेरी रैंड अपनी पूरी बॉडी दिखाओ न........

रुकसाना कैमरा को अपनी पूरी बॉडी में घूमने लगती है.......

अजय - ऐसे नहीं मेरी रंडी ....ेने के सामने बैठ कर dikhao...ache se....ek बार में पूरी बॉडी......

रुकसाना ेने के सामने जाकर बैठ जाती है.......

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ साली randi.....kya माल है तू bahanchod........mujhe तुम जैसी गदरायी औरत भट पसंद hai.......khaas करके तेरी जैसी शरीफ घर की शर्मीली रंडी.......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय मैंने व् आज तक कभी चमड़ी वाला लुंड नहीं देखा था ....तुम्हारा चमड़ी वाला लुंड देखकर मेरी छूट बहक गयी है........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मोटा है तुम्हारा lund.........ye जब मेरी छूट में घुसेगा तो haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मई तो लज़्ज़त में पागल हे हो जाउंगी........

रुकसाना - क्यों ऐसे हे रहने दो न plssssssssssssss......

अजय - plssssssssssssss आंटी मुझे आधी धक् औरत की बड़ी बड़ी ढकी हुयी चुकी भट पसंद है.........

रुकसाना अपने चेहरे पर कपडा बांध लेती है........





रुकसाना - लो बांध लिया मेरे राजा.......





अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyypagal हो जाऊंगा इस गदरायी रंडी के जिस्म को देख kar......kya गदराया जिस्म लग रहा आधे कपड़ो में .........

बोलकर अजय अपने लुंड को और ज़ोर से सहलाने लगता है.............





अजय - हाँ मेरी रांड मुझे बड़े घर की शरीफ औरत की बड़ी बड़ी चुकी और मोती गांड हिलाते हुए चूतड़ भट पसंद hai.....maine कई बार आपकी मोती गांड देख कर मुठ मारा hai..........jab मई मार्किट में आप जैसी गदरायी औरतो के बड़ी बड़ी गांड हिलाते हुए देखता हु तो मन तो करता है उनको वही पटक कर छोड़ दू..........





रुकसाना - तो छोड़ क्यों नहीं दिया उन्हें......

रुकसाना मज़ाक में ये बात बोली थी........

अजय - तुम होती तो पक्का छोड़ देता मेरी रंडी......

रुकसाना - ाचा ji........to अब छोड़ लो न अपनी रुकसाना रांड को.....

बोलकर रुकसाना ेने के सामने अपने जांघो को पूरा नंगा कर देती hai.....ruksana की मोती मोती चिकनी जांघ देख कर अजय पागल सा हो जाता है.........





अजय - पूरे कपडे ऊपर कर सिर्फ ब्रा पंतय में ा जाओ न मेरी रांड.........

रुकसाना अजय की कोई व् बात नहीं ताल रही thi......ek गुलाम की तरह उसके बातो पर अमल कर रही थी........





अब धीरे धीरे अपने कपडे को मुँह से हटाओ.......

रुकसाना ने वैसा हे किया......





अब रुकसाना सिर्फ ब्रा पंतय में अजय के सामने थी.......

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh रुकसाना मई तुम्हारे दोनों चुकी को अपने हाथो में लेकर मसल रहा हु........





रुकसाना ने अपने दोनों हाथो से अपनी चुकी को मसलते हुए ऐसा फील कर रही थी जैसे अजय दबा रहा है.......

रुकसाना - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अजय ऐसे हे दबाओ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट मज़ा आ रहा है.... उम्मम्मम्मम्म maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy और ज़ोर से दबाओ मेरी चुकी अजय ........बोलते हुए रुकसाना खुद से अपनी चुकी ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी............





अजय - तुंहरे शोहर का लुंड कितना बड़ा और कितना मोटा है........

रुकसाना - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa अजय मेरे शोहर को बिच में मत लाओ abhi.....abhi मई सिर्फ तुम्हारी रांड रुकसाना हु.......

अजय - सिर्फ एक बार बता दो न मेरी रखैल रुकसाना ........

रुकसाना - मैंने कभी नपा तो नहीं hai.....han लेकिन इतना अंदाज़ा है की 5 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा होगा........

अजय - इतना छोटा लुंड से तुम्हारी जैसी गरम औरत की प्यास कैसे बुझती hai.......mujhe तो यकीं नहीं हो रहा.........

रुको मई तुम्हे अपने लुंड का साइज दिखता हु............

रुकसाना - वोटो मई देख हे रही हु इसमें क्या dikhana........mere शोहर से ज्यादा मोटा और लम्बा है तुंहारा लुंड........

अजय फिर व् इंची टेप से अपने लुंड को नाप कर दिखता hai....ruksana की तो साँस हे अटक जाती hai......video कॉल पर तो वो सोच रही थी यही कोई 7 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा hoga.........lekin जैसे हे इंची टेप पर उसका लुंड देखती hai....ruksana के दिल की धड़कन भट ज्यादा तेज़ हो जाती है..........





रुकसाना अपने मुँह पर हाथ रख लेती है - omg itnaaaaaaaaaaaaaa badaaaaaaaaaaaaaaaaaaa बाआआपपपपप reeeeeeee.......tum इंसान नहीं घोडा हो gkoda............ajay का लुंड 11 इंच का tha....or मोटा 7 इंच था............

रुकसाना - तुम मेरी जान लेकर हे मानोगे..... itnaaaaaaaaaaaaaa badaaaaaaaaaaaaaaaaaaa लुंड भला मई अपनी छूट में कैसे ले सकती hu.......na बाबा naaaaaaaaaaa तुम बस वीडियो कॉल पर हे मुझे छोड़ लिया karo.....real में तो मई मर जाउंगी ...मेरी बच्चेदानी फट जाएगी .....





रुकसाना भले हे येसब बोल रही thi....lekin उसके मैं में ये मोटा लुंड घर कर गया tha.......is मोठे लुंड से छोड़ने के इमेजिन करने लगी रुकसाना जिसकी वजह से उसकी आंखें अपने आप बंद हो gayi......ruksana इमेजिन कर रही थी की अजय का मोटा लुंड उसकी छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस रहा है.......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अजय कितना तड़पाओगे मुझे अब मेरी छूट का पानी निकलवाओ naaaaaaaaaa plssssssssssssss कबसे तड़प रही है मेरी chut......bolkar रुकसाना अजय को सेक्सी आँखों से देखते हुए एक्ने ज़बान को बहार निकल कर अजय को तड़पाने लगी ......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh मेरी रांड मेरा लुंड कह रहा है की जबतक रुकसाना रंडी अपने होंठो से उसे नहीं प्यार करेगी तबतक उसकी छूट प्यासी हे रहेगी .......

Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh अजय plssssssssssssss नहीं naaaaaaaaaaa मैंने अपने लाइफ में कभी लुंड को अपने होंठो से व् टच नहीं किया है........ plssssssssssssss ऐसा मत करो मेरे sath.......mujhse नहीं होगा.......

अजय - एक बार करके देखो न मेरी रांड ..........सिर्फ एक किश दे दो मेरे लुंड पर.......

रुकसाना ने शरमाते हुए अपने होंठो को गोल करके किश दे दिया........





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh साली रंडी क्या होंठ है tere.....ye किश किसके लिए था वो बताओ.....

रुकसाना अजय को तड़पने के लिए बोली - ये तुम्हारे गलो के लिए था........

अजय - मुझे मेरे लुंड पर किश चाहिए मेरी छुडासी रुकसाना आंटी.......

रुकसाना हँसते हुए फरसे एक किश दे दिया....... उम्म्म्माःह्ह्हह्ह........





Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh साली छिनार ये किश किसके लिए था........

रुकसाना हँसते हुए बोली - ये तुंहरे होंठो के लिए था......

अजय - अब ज़रा मेरे लुंड को व् किश कर दो मेरी रांड.......

रुकसाना ना में गर्दन हिला दी......

Plssssssssssssss मेरी रंडी को न मेरे लुंड पर किस्सेस........

रुकसाना ने इस बार भट ज़ोर से उम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh करके किश किया ......





रुकसाना - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गरम लुंड है तुम्हारा ......लग रहा मेरे होंठ जल गए..........

अजय - जब ये गरम लुंड तेरे मुँह के अंदर हलक में घुसेगा तब तुझे पता चलेगा कितना गरम है ये.........

रुकसाना - न बाबा न मई नहीं लेने वाली इतना मोटा और लम्बा लुंड अपने हलक me..........meri तो साँस हे फुल जाएगी....... बाआआपपपपप रईईईई मई तो सोच कर व् काँप रही हु.........

अजय - वोटो कल जब तुम होगी ोयो रूम में तब पता लगेगा तुम ले पाओगी या nhi........abhi मुझे तुम्हारा गदराया गांड देखना है..........

रुकसाना ेने के सामने उल्टा होकर कड़ी हो gayi.........uski चिकनी गदरायी गांड देख कर तो अजय पागल हो गया......





अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली रंडी क्या मस्त गांड है tera....meri मम्मी से व् ज्यादा गदराया गांड है तेरा.........

मम्मी का नाम सुनते हुए रुकसाना टेंट पलट कर अजय को मुस्कुरा कर देखने लगी........

रुकसाना - चहहीइ कितने गंदे हो tum...apni मम्मी के बारे ऐसी गन्दी बातें बोलते हुए तुम्हे शर्म नहीं आती........





अजय - शर्म कैसी मेरी जान ......मुझे तो हर गदरायी औरत मेरी रांड दिखती है..........

रुकसाना - भट गंदे हो तुम........





अजय - वोटो मई hu....or वैसे व् गंदे मर्द हे औरत को रगड़ कर छोड़ते hai.........tab जाकर औरत संतुस्ट होती है.......

इतनी जल्दी क्यों पलट gayi....mujhe तेरी गदरायी गांड देखनी है .....

रुकसाना फोर्स पलट कर कड़ी हो गयी......





अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ साली रंडी इतनी मोती गांड के लिए तो मेरा व् लुंड छोटा पद jaega......tujhe तो हब्सी का लुंड चाहिए.........

रुकसाना गर्दन घुमा कर अजय को देखते हुए कहती है - चहहीइ कितने गंदे दीखते है हब्सी log........unko तो मई देखना पसंद नहीं करती.........





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh मेरी रांड जिस दिन तुम उनसे छुड़वा लोगी दुन्या के सरे मर्दो को भूल कर सिर्फ हब्सी से हे छुड़वाना पसंद करोगी........

रुकसाना - अपने गांड को थोड़ा बहार निकल कर सेक्सी आँखों से अजय को देखते हुए boli.......pahle मई तुमसे से छुड़वा लू फिर देखा jaega............Hehehehehehe......





आआआआ





Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh अजय plssssssssssssss मई थक गयी hu.....ab हो गया न मेरा पीछे देखा हुआ ....अब तो बस कर दो.........

अजय - अब तुम बिस्टेर पर चली जाओ और कुटिया बन जाओ.........

रुकसाना ने वैसा हे किया.......

इस पोजीशन में रुकसाना सेक्स की मल्लिका दिख रही थी .....क्या मस्त गांड है रुकसाना का....... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff........





अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी बिना गांड में चूड़े हुए तेरी गांड इतनी मोती hai.......to सोचो जब गांड में मोटा मोटा लुंड लोगो तो तेरी गांड और कितनी गदरा जाएगी .......

अब अपने गांड को दोनों हांथो से पकड़ कर गांड के दरार को फैलाओ..........

रुकसाना को येसब इतना मज़ा आ रहा था की रुकसाना को जन्नत का मज़ा मिल रहा tha.....aaj तक उसके शोहर ने सिर्फ सीधा सीधा लेता कर उसकी चुदाई की thi........aaj पहली बार रुकसाना को ऐसा लग रहा था की सेक्स करना व् एक कला है एक आर्ट है.........

रुकसाना अपने दोनों हाथो को अपने गांड पर रख कर गांड के दरार को फ़ैलाने lagi............jise देख कर अजय को हालत ख़राब हो गयी .....और वो ज़ोर ज़ोर से अपने लुंड को हिलने लगा........





रुकसाना मन में सोचने लगी Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh कितना मज़ा आ रहा है अजय के साथ सेक्स गेम खेलते huye......aaj तक मेरे चूतिये शोहर ने इतना मज़ा कभी नहीं diya............sex में इतना ज्यादा मज़ा व् आता है आज पहली बार एहसास हो रहा मुझे.......





अजय - अब एक काम करो घर पर कोई लुंड के जैसा शेप का कुछ व् है जैसे खीरा केला.........

जैसे हे रुकसाना ने ये सुना उसका जिस्म कैंप सा gaya.......aaj तक उसने बस सुना था की औरतें खीरा और केला बैगन ेट्स अपने छूट में घुसती hai....lekin आज तक रुकसाना ने ऐसा कभी किया नहीं था........

इतने में अजय अपने माँ का एक पिक्स भेजता है जिसमे उसकी माँ एक मोटा केला पकड़ी हुयी थी.........

अजय - अपने मोबाइल को मिनिमिसे करके व्हाट्सप्प पर देखो मेरी माँ इतना मोटा केला हमेशा अपने छूट में घुसती hai........jab पापा उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाते है तब.......

रुकसाना जैसे हे फोटो देखती है उसके दिल को धड़कन बढ़ जाती hai...........ajay की माँ सच में एक मोटा केला अपने हाथ में पकड़ कर मुस्कुरा रही thi.....or शायद अजय ने चुपके से फोटो खींच लिया था.......





रुकसाना - इतना मोटा केला तो नहीं है घर par........han लेकिन खीरा hai....ruko मई लेकर अति हु........

रुकसाना फ़ौरन किचन से खीरा लेकर आती है .....

अजय - इतना पतला खीरा से क्या होगा.......

रुकसाना - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa इससे मोटा मुझे लेने की आदत नहीं ......रहने दो न इसे.........





अजय - इतना पतला तो हमेशा लेती हो अब मोटा लेने की आदत dalo......ek बार मोटा लेकर देखो कितना मज़ा आएगा......

रुकसाना मुँह बनाते हुए वापस किचन जाती है और उससे थोड़ा मोटा खीरा लेकर आती है.......

रुकसाना खीरा अजय को दिखते हुए कहती hai.........ye देखो ये भट मोटा लग रहा.....





अजय - नहीं ये व् नहीं इससे डबल मोटा खीरा लाओ.......

रुकसाना - plssssssssssssss naaaaaaaaaaa मुझसे नहीं hoga.......itna मोटा काफी है मेरे लिए .......

तो फिर खुद से कर लो मई ऑफ लाइन हो रहा हु...........

रुकसाना - नहीं नहीं प्लसससससससस मई लेकर अति hu....ruko........

रुकसाना की छूट इतनी बेचैन थी की वो अजय के किसी व् बात को मानने के लिए तैयार thi.......wo किचेन में जाकर एक सबसे बड़ा और लम्बा खीरा अपने हाथो में उठा लेती hai..........ho लगभग एक फुट लम्बा और 6 इंच मोटा होगा .....रुकसाना के दिल की धड़कन भट ज़ोरो से धड़क रही thi.....itna मोटा खीरा अपने छूट में लेने के ख्याल se.........wo कुछ देर ऐसे हे खीरा को अपने दोनों हाथो से पकड़ कर भट गहरी सोच में डूब गयी thi......ki इतना बड़ा इतना मोटा कैसे घुसेगा उसकी छूट में .......





आआआआअह्हह्ह्ह्हह अजय ये क्या कर दिया है तुमने मेरे जिस्म me........mai पागल हो जाउंगी छूट की आग me.......yahi सोचते हुए रुकसाना खीरा लेकर वापस रूम चली गयी और अजय को वीडियो कॉल में दिखने लगी.......

रुकसाना - को अब ये ठीक है na.......ab इससे मोटा और लम्बा नहीं है मेरे पास......





Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh अजय सच में तुम पागल ho.....itna मोटा भला कैसे घुसेगा मेरी छोटी सी छूट में........

अजय - तुम्हारी छूट तो क्या तेरी गांड में व् घुस जाएगा मेरी रांड.......

रुकसाना - ाचा जी तो फिर देर किस बात की बोलकर रुकसाना अजय को आंख मार देती है......



 
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