Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani - Page 2 - SexBaba
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Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani

हबीबा को अजय ने मश्ग और कॉल में गन्दी गन्दी बातें करके इतना गरम कर दिया था की अब हबीबा 24 घंटा सिर्फ और सिर्फ चुदाई के बारे में हे सोचने लगी thi.......ab हबीबा ऐसा ऐसा ड्रेस पहन रही थी मार्किट जाने के टाइम की मर्दो का लुंड खड़ा हो रहा था हबीबा के गदराये जिस्म को देख kar......yesab अजय उर्फ़ ज़ैद से बात करने का असर tha...do दिन में हबीबा एकदम से चेंज हो चुकी thi........ab वो घर पर व् सेक्सी सेक्सी ड्रेस पहन रही thi....or शोहर के आने से पहले चेंज कर लेती थी......

हबीबा किचन में थी उतने में अजय का कॉल अत hai......habiba अजय से बात करने क लिए हर वक़्त बेचैन रहने लगी thi..jaise हे अजय का कॉल आया हबीबा झट्ट सा उसका कॉल रकव कर ली....

अजय - hello आंटी क्या कर रही हो.....

हबीबा - कुछ नहीं बास किचन में कुछ काम कर रही हु......

अजय - आपको देखने का मन कर रहा है.....

हबीबा अजय को तड़पाने क लिए झूट का नखरे दिखने लगती है.....

हबीबा - तुम्हारा मैं तो भट कुछ करने का करता रहता hai......tumhare मैं से बदमाश और कौन हो सकता hai.....Abhi कोई वीडियो कॉल नहीं होगा समझे naa....mujhe काम करने दो ज्यादा तंग्ग करोगे तो कॉल कट कर दूंगी......

अजय - ोय होय ये नखरे मेरी आंटी जान ki.....inhe नखरो पर तो मई फ़िदा हु मेरी जान आंटी....... एअरबुद्स लगा लो कान में और मोबाइल को ऐसी जगह रख दो जहा से मि आपको देख saku.....itna सिंपल तो बात hai......or अपना काम व् करते रहो मुझसे बात व् करते रो......

हबीबा - ाचा जी भट चालाक हो tum.....lekin मई वोसब नहीं करने वाली समझे naa.....tum अपना काम करो मुझे अपना काम करने do...that's आईटी.....

अजय - आजकल मेरा सबसे बड़ा काम है मेरी गर्लफ्रेंड को खुश rakhna...isse बड़ा और क्या काम हो सकता है भला आप हे बता दो......

हबीबा - मुझे मस्का लगा रहे हो ........

अजय - जिस दिन आपसे मिलूंगा न आंटी जी उस दिन पूरे जिस्म में मस्का लगा कर अपने ज़बान से चाटूँगा आपके पूरे जिस्म को ...आपके जिस्म के हर एक अंग ko....apki चुकी और छूट में सबसे ज्यादा मस्का (मक्खन) लगाऊंगा और खूब चाटूँगा आपके छूट को.......

हबीबा - फिरसे तुम स्टार्ट हो gaye....har वक़्त तुम्हारे दिमाग में बास सेक्स हे घूमता रहता है....

अजय - जिसके सामने दुनिया की सबसे सेक्सी और छुडासी औरत हो वो भला और क्या हे सोच सकता है..... प्लसससससससस आंटी वीडियो कॉल पर औ न .....प्लस प्लस प्लस......

हबीबा - ok ok रुको अभी एअरबुद्स लेकर अति हु रूम se......habiba कॉल कट कर देती है और एअरबुद्स लगा कर मोबाइल को ऐसी जगह रखती है जहा से उसका गदराया जिस्म अजय को पूरा साफ़ नज़र आ रहा था ......

हबीबा एक भट हे सेक्सी सूट पहनी हुयी thi....habiba का सूट उसके जिस्म से पूरा चिपका हुआ tha....habiba की मोती मोती जांघ और उभरे हुए गांड कयामत धा रहे they...uski चुकी तो जिसे कपड़ा फाड़ कर बहार आने क लिए बेचैन हो रहे they......habiba तिरछी नज़र करके मोबाइल के तरफ मतलब अजय को देखते हुए अपना काम कर रही थी......

हबीबा - अब बोलो क्या काम है....





अजय - उफ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी जान आंटी क्या लग रही हो तुम इस सेक्सी ड्रेस में.....

हबीबा शरमाते हुए - धत्त बदमाश हर टाइम तुम्हे बास यही सूझता है....

अजय - जबसे तुमको देखा है सनम क्या कहें कितने हैं बेचैन......

हबीबा - इतनी बेचैनी है तो जाकर शादी कर lo.....hahahahaha

अजय - शादी तो कर लू लेकिन अंकल तैयार नहीं होंगे....

हबीबा - अंकल से थोड़ी शादी करनी है ....कोई लड़की खोज कर शादी कर लो....

अजय - लड़की तो मेरे सामने है.....

हबीबा हँसते हुए कहती है - बेशरम मई तुम्हे लड़की नज़र आ रही हु......

अजय लड़की व् आपके सामने पानी कम् चाय है मेरी जान......

हबीबा का कुछ समन निचे गिर जाता है हबीबा उसे उठाने क लिए निचे बैठ जाती है जिसकी वजह से उसकी बड़ी चौड़ी गांड और व् ज्यादा कामुक दिखने लगती hai.....habiba एक अदा के सतब अजय को देखने लगती है निचे बैठ कर......





अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ये जानलेवा गांड आपका मुझे मार कर हे दम्म लेगा...

हबीबा हँसते हुए कहती है - तुम नहीं सुधरोगे besharam.....kitni गन्दी भाषा उसे करते हुए तुम.....

लेकिन हबीबा को अजय क इस तरह उसकी गांड की तारीफ करना भट ाचा लग रहा था.....

हबीबा अब जान बुझ कर अपने गांड को और ज्यादा भर को निकाल कर कड़ी हो जाती hai...jiski वजह से उसकी 42 इंच की गांड अब 46 इंच की नज़र आने लगती है.....

हबीबा मि गांड इतनी जड़ा सेक्सी थी की अचे अचे मर्द का लुंड खड़ा हो जाता उसकी उभरी हुयी गांड देख कर....

हबीबा गांड को बहार निकाल कर मन हे मन सोचती hai.....mera गांड भट पसंद hi न tumhe....lo आज मई तुम्हे अपनी गांड की भरपूर दर्शन करवाती hu.....yahi सब सोच कर हबीबा मन हे मन हंसने लगती है......





अजय अपने लुंड को पंत के अंदर हे एडजस्ट करके कहता है.... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आंटी मेरी जान ऐसी चुदाई गांड है तुम्हारी की मन कर रहा अपना लुंड में थूक लगा कर एक हे झटके में अपना पूरा लुंड आपको गांड में छोड़ दू...

हबीबा - तुम्हारा लुंड हर वक़्त खड़ा हे रहता है kya.....or इस तरह मेरी गांड को मत घूरो वर्ण नज़र लग jaegi.....hahahahaha.....bolkar हबीबा अपने गांड को और जड़ा बहार को निकाल कर कड़ी हो जाती है.....





अजय - आपके चेहरे की मुस्कराहट बता रही है की आपको व् मेरा लुंड देखने का मन कर रहा है .....

हबीबा - जी नहीं मेरा ऐसा कोई मैं नहीं कर रहा है समझे na...apne लुंड को पंत के अंदर हे रहने do.....besharam.....bolkar हबीबा मुस्कुराते हुए अपना काम करने लगती है.....

अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ये रसीले लाल लाल होंठ मन करता है इन्हे चूस चूस कर सारा रस निचोड़ लू....

हबीबा - ाचा ji....lekin उसके लिए तुम्हे यहाँ आना पड़ेगा न....

अजय - वोटो मई आ हे रहा हु नेक्स्ट वीक मेरी jan...fir तुम्हे दिन रत chodunga.....aisa छोडूंगा की तुम्हारी छूट और गांड सुजा दूंगा छोड़ छोड़ कर....

हबीबा जैसे हे सुनती है की वो आने वाला है उसके दिल की धड़कन भट ेट्ज़ हो जाती hai......habiba क हाथ कापने लगते hai......habiba इमेजिन करनागति है की जब उससे वो मिलेगी तो क्या करेगा वो उसके साथ.....





Habiba - kya sach me tum aa rahe ho.....

Ajay - ji ham hamara 1st semester khatam ho chuka hai or ek month ki chhutti me mai aa raha hu.....fir to tumhe mai tumhare shohar me samne chodunga....ragad kar....

Habiba - hahahaha bade aye mere shohar ke samne karne wale....wo tumhe jaan se maar denge....

Ajay - tumhare liye mai marne ko v tayar hu meri jan.....bas ek baar tumhare chut ka maza chakh lun.....sabse jada mera lund tumhari gadrayi gand par fidaa hai...tumhe kutiya bana kar tunhare gand ko utha kar ragad kar chodunga......

Habiba ajay ko apni khub dikha rahi thi habiba ko tease karne me maza aa raha tha....habiba ne aaj tak apni zindagi me kisi mard ko tease nhi ki thi......habiba man he man soch rahi thi....uffff kitna maza ata hai kisi gair mard ko tease karne me...apna jism dikhane me.....mai to is lazzat se mahroom thi zindagi bhar...agar zaid (ajay) se dosti na huyi hoti to mai jaan he nhi paati ki apna jism dikhane me itna maza ata hai......





यही सब सोच में डूबी हुयी थी हबीबा की अजय उधर से कहता hai.......meri जान आंटी अपने कभी गांड में लुंड घुसवाया है.....

हबीबा अचानक ऐसे सवाल से हड़बड़ा जाती hai.......or कहती है .. तौबा तौबा वह व् कही कोई लुंड घुसता है क्या.......

अजय - हाहाहाहा मेरी रानी जिस दिन मई अपना लुंड तुंहरे उभरे हुए गांड में घुसूंगा उस दिन ये बात karna......tumhe जन्नत माँ मज़ा ना मिला तो कहना....

हबीबा अजय की बात से बिलकुल शर्मा जाती है......

अजय ये देख कर पागल सा हो जाता hai.....or कहता hai........ab ढकने से क्या फ़ायदा मेरी जान अब तो मैंने पूरा देख हे लिया hai....or मेरा लुंड व् खड़ा हो चूका है तुंहारी बड़ी उभरी हुयी गांड देख kar....ab इस दुपट्टा को हटा व् दो....





हबीबा शरमाते हुए ना में गर्दन हिलती है.......

अजय - प्लस हबीबा डार्लिंग हटा व् लो na...dekho मेरा लुंड किसे बेचैन हो रहा तुंहारी उभरी हुयी गांड देखने क लिए ...बोल कर अजय अपना खड़ा लुंड पंत से बहार करके हबीबा को दिखा देता है.....





हबीबा जैसे हे अजय के फनफनाते हुए लुंड को पंत से भर आता देखती है हबीबा की छूट गीली होने लगती है......

हबीबा शरमाते हुए कहती है - प्लस ज़ैद इसे अंदर कर लो..... प्लसससससससस

अजय - अंदर करूँगा तो ये अकड़ कर टूट जाएगा नाआआ....

हबीबा हँसते हुए कहती hai.....acha जी क्या तुम्हारा लुंड इतना कमजोर hai......hahahahaha

अजय - मेरा लुंड इतना ज्यादा मजबूत है की तुम्हारी गांड और छूट फाड़ कर उसकी धज्जियाँ उडाता देगा......

हबीबा - वोटो वक़्त हे बताएगा इसमें कितना दम्म hai.......habiba अब अपने दुपट्टे को खोल कर फेक देती hai.....ab हबीबा का उभरा हुआ गांड फिर से अजय के सामने आ जाता hai...jise देख कर अजय अपने लुंड को हाथ में लेकर हिलने लगता है......





अजय अपने खड़े लुंड को हिला रहा था हबीबा की उभरी हुयी गांड देख kar....lekin हबीबा जान बुझ कर कैमरा के तरफ नहीं देखते हुए अपना काम कर दही थी.....

अजय ज़ोर ज़ोर से मोअन करने लगा.... Aaaaaaaaaaaaahhhhhh आंटी मेरी जान क्या गांड है आपका ....मेरा लुंड तो पागल हुए जा रहा इस मदमस्त गांड को देख कर.......



 
अभी तक अपने पढ़ाआआआ.......

हबीबा हँसते हुए कहती hai.....acha जी क्या तुम्हारा लुंड इतना कमजोर hai......hahahahaha

अजय - मेरा लुंड इतना ज्यादा मजबूत है की तुम्हारी गांड और छूट फाड़ कर उसकी धज्जियाँ उडाता देगा......

हबीबा - वोटो वक़्त हे बताएगा इसमें कितना दम्म hai.......habiba अब अपने हिजाब को खोल कर फेक देती hai.....ab हबीबा का उभरा हुआ गांड फिर से अजय के सामने आ जाता hai...jise देख कर अजय अपने लुंड को हाथ में लेकर हिलने लगता है......





अजय अपने खड़े लुंड को हिला रहा था हबीबा की उभरी हुयी गांड देख kar....lekin हबीबा जान बुझ कर कैमरा के तरफ नहीं देखते हुए अपना काम कर दही थी.....

अजय ज़ोर ज़ोर से मोअन करने लगा.... Aaaaaaaaaaaaahhhhhh आंटी मेरी जान क्या गांड है आपका ....मेरा लुंड तो पागल हुए जा रहा इस मदमस्त गांड को देख कर.......





अब आएगग्गीीीी......

अजय हबीबा की गांड देख कर ज़ोर ज़ोर से अपना लुंड हिला रहा था ...जिसे देख कर हबीबा की छूट भट गीली होने लगी thi....habiba का पंतय छूट रस से भीग चूका था......

हबीबा इमेजिन करने लगी की अजय उसकी छूट में अपना मोटा लुंड घुसा कर ज़ोर ज़ोर से छोड़ रहा है और हबीबा कामुक नज़रो से अजय को देख कर सिसकियाँ ले रही है aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh उम्म्म्माःह्ह्हह्ह ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy......





हबीबा - प्लसससससससस ज़ैद इसे अंदर कर lo......warna मई बहक जाउंगी इसे देख कर...... प्लसससससससस naaaaaaaaaa ऐसा मत करो मेरे साथ मई तुम्हारी मम्मी जैसी हु.......

अजय - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आंटी मेरी जान अगर आप मेरी मम्मी व् होती तो व् मई आपको छोड़ deta....itni मस्त आइटम सपनो में व् नहीं मिल sakti.......dekho तो मेरा लुंड कैसे फनफनाने लगा है आपकी मस्त उभरी हुयी गांड देख kar......bolkar अजय अपने लुंड को हिलाते हुए हबीबा को दिखने लगा.......

अजय का लुंड इतना बड़ा और मोटा था की कोई व् औरत देख कर उसकी दीवानी हो jaye.......habiba तो जैसे उसके लुंड में खो सी गयी.....





हबीबा एक टुक्क अजय के लुंड को देखे जा रही थी जिसकी वजह से उसकी छूट ने पानी की बौछार कर दी और उसकी पंतय इतनी ज्यादा गीली हो गयी की चाप चाप करने लग गयी.....

हबीबा को इस तरह होने लुंड को देखता हुआ पा कर अजय के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर गयी और अजय हबीबा को टोकते हुए बोलै....

अजय - कैसा लगा मेरा लुंड हबीबा मेरी जान......

हबीबा उसके लुंड में इतनी खोयी हुयी थी की हबीबा के मुँह से निकल gaya......bht बड़ाआआआ है तुम्हारा लुंड..... बाआआपपपपप reeeeeeee.......ye तो मेरी chut.....bolte बोलते हबीबा रुक gayi......or खुद को कोसने लगी ...ये मई क्या बोले जा रही hu...mai व् एकदम बेशरम होती जा रही हु इस लड़के के चक्कर में.....

अजय - बोलो न हबीबा तुम्हारा छूट क्या.....

हबीबा बनावटी गुस्सा दिखते हुए कहती hai....kuch नहीं बेशरम ......तुम पहले इसको अंदर करो फिर मई बात करुँगी.....

अजय - अब ये अंदर नहीं हो सकता मेरी jaan...ab ये तुंहारी छूट में घुस कर हे manega.......apne कपडे खोलो न ....मुझे तुम्हारी छूट देखनी है.....

हबीबा - पागल हो गए हो kya....wo मई नहीं दिखने wali.....samjhe नाआ.....

अजय - plssssssssssssss मेरी जान सिर्फ एक baar....fir मई नहीं बोलूंगा......

हबीबा - एक बार क्या आधा बार व् नहीं ....अब मई रखती हु....

अजय - प्लस प्लस प्लस मत रखना वर्ण मई मर जाऊंगा......

हबीबा तो बस अजय को डरने के लिए ऐसा बोली थी.......

अजय अपने लुंड के बिलकुल करीब कर देता है कैमरा और हल्का हल्का अपने लुंड को सहलाने लगता है.....





हबीबा मि तो हालत ख़राब हो रही थी अजय का लुंड इतने नज़दीक से देखने par...habiba का न चाहते हुए व् हाथ उसकी छूट में चला जाता है और हबीबा अपने छूट को ज़ोर से भींच लेती hai...jiski वजह से उसके मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकल जाती है..... aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa.......

अजय समझ जाता है हबीबा फुल गरम हो चुकी है......

अजय - मेरी जान अपने चुकी को नंगी करो न...........

हबीबा एक नशीली नज़र से से अजय को देखती है और धीरे धीरे अपने कपडे को निचे सरका देती hai......jiski वजह से वो पूरी नंगी हो जाती है और सिर्फ पंतय हे रह जाती है.....

अजय - मेरी जान इस पंतय को व् हटा दो न

हबीबा - नहीं naaaaaaaaaa plssssssssssssss उसे रहने दो नाआआआ मुझे भट शर्म आ रही है.....

अजय - वाह जी वाह मई अपने लुंड को कबसे तुंहरे सामने किये हुआ हु ..और आप अपनी छूट दिखने में इतने नखरे कर रही ho......ab हटा व् दो अपनी पंतय मेरी जान.....

हबीबा का व् शर्म अब ख़तम हो चूका tha...habiba अब कामुकता की आग में जल रही थी ....हबीबा व् अब खुल कर मज़े लेने का मैं बना लेती hai.....habiba धीरे से अपनी पंतय को निचे कर देती है और अपने गांड को कैमरा के तरफ करके अजय को तड़पाने लगती hai....or अपने गर्दन को घुमा कर कैमरा के तरफ करके नशीली आँखों से अजय को देखते हुए कहती hai......lo देख लो अपनी हबीबा का मदमस्त गांड ......बोलकर हबीबा अपने गांड पर अपने दोनों हाथ ले जाती है और सहलाते हुए धीरे से अपने गदरायी हुयी सुडोल चुकी पर ले जाकर सहलाने लगती है ....हबीबा का ये अदा देख कर अजय पागल हो जाता hai.......habiba की बड़ी बड़ी सुडोल चुकी का साइड व्यू इतना ज्यादा कामुक दिख रहा था की िक में लेता हुआ अधमरा आदमी व् देख कर पागल हो जाता.......





अजय भट ज़ोर ज़ोर से अपने लुंड को हिलने लगता hai......or कामुकता भरी आवाज़ निकालने लगता है...... aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh मेरी जान हबीबा क्या चीज़ हो तुम aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh मेरा लुंड पागल हो चूका है तुम्हे देख कर.... उफ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मई मर गया .......

हबीबा को अजय की ये तड़प देख कर इतना सुकून मिल रहा था की हबीबा शब्दों में बयां नहीं कर सकती thi...habiba की छूट रिश्ते हुए इतना पानी छोर रही थी की इसका छूट से निकला हुआ पानी उसके जांघो में बाह रहा था........





हबीबा को अब खड़ा होना मुश्किल हो चूका tha......habiba किचन से भगति हुयी अपने बीएड रूम में चली जाती है और अपने बीएड में लेट कर अपने छूट को सहलाने लगती है........

इधर अजय अपने लुंड को ज़ोर ज़ोर से सहला रहा था इधर हबीबा अपने छूट को ज़ोर ज़ोर से सहला रही थी.....

हबीबा - aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ammmmmmiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh भट मज़ा आ रहा है...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अजय ये क्या कर दिया है तुमने मेरे जिस्म के साथ..... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff इतना मज़ा तो मुझे सुहाग रत वाले दिन व् नहीं आया tha.....ye सब बोलते हुए हबीबा अपने छूट को सहला रही थी.......





Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa ज़ैद प्लस मुझे जल्दी आकर छोड़ो अब मई तुम्हारे लुंड स्व छोड़ने बिना एक पल व् नहीं रह सकती ... आआआआअह्हह्ह्ह्हह

अजय - मेरी जान अब तुम अलबे छूट में अपनी दो ऊँगली घुसा दो फुचकाककककक करके.....

हबीबा - नहीं नहीं प्लसससससससस दो नहीं एक ऊँगली डालूंगी दो में भट दर्द hoga....bolkar हबीबा अपनी छूट में एक ऊँगली जैसे हे घुसती है हबीबा के मुँह से एक ज़ोरदार सिसकारी निकलती है...... aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ammmmmmiiiiiiiiiiiii उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ज़ैद तुम्हारा लुंड चाहिए मुझे ......ऊँगली से मेरी निगोड़ी छूट ठंडी नहीं होने वाली जो आग तुमने मेरी छूट में लगायी hai......boljar हबीबा अपने छूट में फुच फुच करके ऊँगली अंदर बहार करके छूट को खुद से छोड़ने लगती है ......





अजय व् अपने लुंड को ज़ोर ज़ोर से हिलाये जा रहा था .....

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhh मेरी जान मेरा व् लुंड तुंहारी मदमस्त गांड और कासी हुयी छूट में घुसने को बेचैन hai.......tum इमेजिन करो की मई तुम्हे तुम्हारे हे बिस्टेर पर छोड़ रहा हु अपनी रखैल बना kar........or तुम ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही हो.... आआआआअह्हह्ह्ह्हह aaammmmmmmiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaarrrrrrrrrrr दलाआआआ रईईईई issssssssss ज़ाआआलिम ने......

हबीबा इमेजिन करने लगती है की ज़ैद उसे रगड़ कर छोड़ रहा hai.....or हबीबा उसके लुंड पर ज़ोर ज़ोर से उछाल रही है ..हबीबा को दर्द भट हो रहा फिर व् इस दर्द में एक अलग हे मज़ा मिल रहा हबीबा ko.....yahi सब सोचते हुए हबीबा ज़ोर ज़ोर से अपने छूट में ऊँगली करने लगती है......





इस बार हबीबा इतनी ज्यादा छुडासी हो चुकी थी की अजय के बिना बोले हे अपने दो ऊँगली अपनी छूट में घुसा देती है ..हबीबा को एक मजीद दर्द होता hai.....lekin हबीबा वो दर्द सहन कर लेती है और दो ऊँगली से अपने छूट को छोड़ने लगती है......

हबीबा एक हाथ से अपने बड़े बड़े दूध को व् मसल रही थी और दूसरे हाथ से अपने छूट को छोड़ रही थी.......





ये नज़ारा देख कर अजय का लुंड एक झटके में पानी छोड़ने लगता है ....और हबीबा अजय के गाढ़ा विरए देख कर और ज्यादा पागल हो जाती है......





और फिर हबीबा व् भट ज़ोरो से झरने लगती hai......habiba के मुँह से एक ज़ोरदार चीख निकल जाती है झरने के दौरान......

आआआआह maaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiii gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaiiiiiiiiiiiiiiiii gayiiiiiiiiiiiiiii.....bolkar हबीबा व् अजय के साथ झरने लगती है....

दोनों जहर कर पास्ट हो जाते hai........or हबीबा वीडियो कॉल कट कर देती है.........

अजय व् अपने लुंड को वापस पंत के अंदर घुसा लेता hai....lekin अजय का लुंड अभी व् अकड़ा हुआ हे tha.....ajay और हबीबा दोनों पूरी तरह से संतुस्ट नहीं हो पाए the...un दोनों की जिस्म की आग अभी व् भड़की हुयी थी.....





हबीबा झरने के बाद कुछ देर तक ऐसे हे बीएड पर लेती रहती है और लेते लेते हे अपनी ब्रा और पंतय पहन लेती hai....or उल्टा लेट कर होने छूट को दहकते हुए सोचने लगती है..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा आया ज़ैद के साथ वीडियो सेक्स करने me....jis दिन उससे मई छुडवाउंगी उस दिन क्या hoga....kitna ज्यादा मज़ा आएगा....?????

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अजय ने हबीबा को इतना गरम और बेशरम कर दिया था की जो औरत अपने घर से बिना जिस्म ढके कभी नहीं निकलती thi...gair मर्दो से कभी बात तक नहीं करती thi......ab वो ये सोचने लगी थी की कितना मज़ा अत है गैर मर्दो को तैसे करने me.........aaj मई अपने दूध वाले को तैसे karungi.......uske चेहरे कर एक्सप्रेशन dekhungi....hahahaha......uske तो होश हे उड़ जाएंगे मेरे जलवे देख kar........wo कही बेहोश होकर गिर न पड़े.........

आगे की कहानी हबीबा की ज़ुबानी.......

मई उठ कर वाशरूम चली गयी और भट देर तक नहाया और अपने चुकी और छूट के साथ khela......fir मई अपने कमरे में जाकर ायना के सामने बैठ गयी और खुद को तैयार करने lagi....aaj मई इस यादव जी का लुंड खड़ा न करवा दिया तो मेरा नाम रुकसाना हबीबा nhi.....yesab सोच कर हे मेरे बदन में चीटियां रेंगने lagi............or जैसे हे मैंने यादव ग्वाला को इमेजिन किया मेरा जिस्म एकदम से सिहर uthaa......chhiiiiiii कितना गन्दा रहता है वो gwala........tabele की बदबू आती रहती है उस बुड्ढे se.......or कितना गन्दा धोती कुरता पहना रहता है wo......awk ......नहीं बाबा नहीं उसके साथ मई फ़्लर्ट नहीं करूंगी वर्ण मुझे उल्टियां हो jaegi............lekin मेरे जिस्म में जो आग ज़ैद ने लगायी है वो ठंडा होने का नाम हे नहीं ले रही hai...woto और से ज्यादा और भड़क रही hai..........or तो ऐसा कोई मर्द नहीं है जिसे मई तैसे कर saku.......sirf यही एक बचा है gwala.........khaor मुझे क्या लेना उसके गंदे पत्र se.....mujhe तो बास उसे तैसे करके मज़ा लेना hai......hahahaha.......is बेचारे बुड्ढे का लुंड तो धोती फाड़ कर बहार निकल jaega...............habiba का दिल येसब सोच कर ज़ोर से धड़कने लगता hai.........habiba मन हे मन सोचने लगती hai....nhi नहीं मई एक मजहबी औरत हु मई येसब काम नहीं कर sakti.......fir हबीबा सोचती है अरे बाबा सिर्फ तैसे हे तो करना hai......agar थोड़ा सा तैसे करने से दो पल की ख़ुशी उसे और दो पल की ख़ुशी मुझे .िल जायेगा तो क्या हे फर्क padega.......akhir मर्द और औरत दोनों तो एकदूसरे के लिए हे बने है na.......mai येसब सोचते हुए तैयार हुए जा रही thi...........maine खुद को एक दुल्हन के जैसा तैयार किया tha.....eyeliner लगा क आँखों को और ज्यादा नशीली बना दिया था maine.....hontho पर एक रेड लिपस्टिक लगाया था जिसकी वजह से मेरे होंठ भट ज्यादा रसीले दिख रहे थे......





जब मई पूरी तरह से तैयार हो गयी तो कड़ी होकर खुद को निहारने lagi......aaj मैंने इतना टाइट ड्रेस पहना था की मेरी उभरी हुयी गांड ड्रेस से पूरी तरह चिपक कर और ज्यादा गदरायी नज़र आ रही thi......or मेरी दोनों सुडोल चूचियां तो कमाल की सेक्सी लग रही thi....mainr जो गाउन पहना था वुसका गला भट ज्यादा खिला हुआ था जिसकी वजह से मेरे दोनों सुडोल चूचियां थोड़ा सा बहार निकल गयी हुयी thi......mera गाउन इतना ज्यादा टाइट था की ऐसा लग रहा था की गांड और चुकी के दबाव में फट हे न jaye.....baal को मैंने खोल कर इस तरह रखा हुआ था की देखने वालो की नज़र नहीं हैट पाती मेरे ऊपर से.........

हबीबा मन में सोचने लगी - ये मई क्या कर रही hu.....nhi नहीं मई एक शरीफ घराने की बहु hu.....lekin मई व् तो एक औरत हु और मेरे व् कुछ अरमान hai......or ऊपर वाले ने मुझे इतना खूबसूरत बनाया है तो क्या मई अपनी खूबसूरती को ऐसे हे फना कर dungi............thoda भट एन्जॉय कर लेने से क्या फर्क पड़ता hai.....us बेचारे बुड्ढे ने अपने लाइफ में ऐसा नज़ारा नहीं देखा hoga...hahahahaha.....





मई यही सब सोच रही थी की इतने में दूर बेल्ल बजती hai...ting टोंग टिंग tong.......mera दिल तेज़ी से धड़कने लगता hai..........mai धड़कते दिल से दूर के तरफ बढ़ जाती hu.........mai आज तक कभी व् ग्वाला के सामने बिना सर ढके और बिना चेहरा ढके नहीं गयी thi...........aaj पहली बार था की मई कुल बालो में बिना सर ढके बिना चेहरा ढके बिना दुपट्टा के वो व् इतनी चुस्त सेक्सी ड्रेस में ग्वाला के सामने कड़ी थी..... खुले बालो में वो व् इतना सज धज्ज कर ग्वाला के सामने कड़ी thi..........yadav ग्वाला लगभग 70 साल का एक हत्ता कट्टा बुद्धा tha.........gathila शरीर बड़ी बड़ी munchhe....chaudi chhati......lamba चौड़ा कद kaathi.......jaise कोई पहलवान हे हो...........

यादव बुड्ढे की तो आंखे फटी की फटी रह गयी मुझे देख कर शायद उसने कभी सपने सपने में व् नहीं सोचा होगा की बिना दुपट्टा के खुले बालों में मुझे कभी देख व् पाएगा....... ....यादव बुड्ढे को तो समझ हे नहीं अत ये कहा आ गया है wo.........usne अपनी ज़िन्दगी में इतनी सेक्सी औरत नहीं देखि thi.........wo दूध देना भूल कर बस मुझे हे देखे जा रहा था ....जो मुझे और व् ज्यादा उत्तेजित कर रहा tha...yahi तो मई चाहती थी की वो बुद्धा मुझे खा जाने वाली नज़रो से dekhe.......mera सेक्सी जिस्म और मेरी खूबसूरत चेहरा देख कर इस ग्वाले का लुंड वोट फाड़ कर बहार निकल jaye.......gwala बुड्ढे का इस तरह मुझे घूरना मुझे भट ज्यादा ाचा लग रहा tha........mai शरमाते हुए ग्वाला को टोक देती hu..........kya हुआ ग्वाला ji.....kuchh बोल क्यों नहीं रहे ho......doodh नहीं लाये हो क्या......

ग्वाला हड़बड़ाते हुए कहता है - जा जी जी मेमसाब माँ मई वो ....ग्वाला की तो जैसे सिटी पित्ती हे गम हो चुकी thi....wo कुछ बोल हे नहीं पा रहा tha........mujhe उसकी हालत देख कर अंदर हे अंदर भट हंसी आ रही thi.......maine फिर कहा दूध लाये हो आप या नहीं....

यादव बुद्धा - जा जी मेमसाब लाया hu....ya ये लीजिये.....

ये बोलकर बुद्धा यादव दूध का बर्तन आगे कर दिया और वहीँ बैठ gaya......fir मई अपना गांड मटकाते हुए किचन के तरफ चल padi........meri उभरी हुयी गांड देख कर यादव बुड्ढे का लुंड खड़ा होने लगा धोती के अंदर he.........mai कुछ ज्यादा हे गांड मटका कर चल रही थी ताकि यादव ग्वाला मेरी गांड देख कर पागल हो जाये.....





फिर मई किचन में जाकर थोड़ा बुद्धा को तड़पाने क लिए किचन में हे अंगड़ाई लेने lagi.....yesab करने से मेरी सांसे तेज़ हो चुकी thi...zindagi में पहली बार किसी गैर मर्द को मई रिझा रही थी.....

मई कुछ सेकंड वही किचन में कड़ी होकर दम्म भरने लगी क्यों की मेरी सांसे भट तेज़ चल रही थी और मेरी धड़कन तो इतनी तेज़ हो चुकी थी की ऐसा लग रहा था की मेरी छआती फाड़ कर मेरा दिल बहार निकल जाएगा......

मैंने कुछ सेकंड ऐसे हे किचन में रिलैक्स kiya....or सोचने लगी ये बुद्धा इतना गन्दा है इतना बुरा स्मेल आ रहा इसके जिस्म se.....fir व् मई न जाने क्यों इस बुड्ढे को सडके कर रही हु......





ग्वाला जहा बैठा हुआ था वह से किचन साफ़ नज़र अत tha...buddha मेरी उभरी हुयी गांड को हे घर रहा tha.....buddha को इस तरह अपनी गांड घूरता देख कर मेरी छूट हल्का हल्का रिसने लगी thi....na जाने मुझे कौन सा मज़ा आ रहा tha......maine जान बुझ कर बुद्धा के तरह अपनी चौड़ी उभरी हुयी गांड करके वह से बर्तन निकलने लगी और एक बार तिरछी नज़र से बुड्ढे के तरफ देखा तो मेरा जिस्म गंगना utha...kyu की बुद्धा धोती के ऊपर से अपना लुंड सहला रहा था और पता नहीं क्या क्या हड़बड़ाते हुए कुछ बोल रहा था जो मुझे सुनाई नहीं दे रहा tha....shayad वो मेरे गांड की तारीफ कर रहा था.....





मई मन हे मन मुस्कुराने lagi.....or फिर बर्तन उठा कर बुड्ढे के तरफ एक अदा के साथ चल पड़ी ....अपने बालो को झटका देते हुए मई बुड्ढे को और ज्यादा तड़पा रही thi.....mai इतना इठला कर चल रही थी की मेरी गांड और मेरे दूध दोनों थल थल करके हिल रहे they......mai जान बुझ कर अपने खुले बालो को बार बार अपने चुकी के पास ले जाकर चुकी को बालो से धक् लेती फिर दोबारा बालो को चुकी से हटा deti....yadav तो आंख फाड़े बास मेरी चुकी को हे देखे जा रहा था......





मई यादव में बिलकुल नज़दीक जाकर बर्तन निचे रखने के बहाने झुक गयी जिसकी वजह से मेरी आधी से ज्यादा चुकी यादव के नज़रो के सामने आ gaya....yadav ये देख कर पागल सा हो गया और दूध देना हे भूल gaya....or टकटकी लगा कर मेरी आधी नंगी चुकी को हे घूरने लगा....

मेरे रसीले होंठ और मेरी आधी नंगी चुकी देख कर यादव ऐसा पागल हुआ की उसे होश हे नहीं रहा की कब वो अपने लुंड को धोती के ऊपर से हे पकड़ कर सहलाने लगा बिना किसी डर ke.....ye देख कर मेरी सांसे फूल gayi......mai एक नशीली नज़रो से यादव को हे देखे जा रही thi......yadav की हालत देख कर मुझे हंसी आ gayi......jiske वजह से यादव व् घबरा गया......

मैंने कहा - क्या हुआ ग्वाला जी कहा खोये हो aap....doodh नहीं देना है क्या.....





यादव हड़बड़ाते हुए बोलै - जा जी दे रहा हु memsab......bolkar यादव ने मेरे हाथो से बर्तन ले लिया और मेरे हाथो को टच कर diya...jiski वजह से मुझे 440 वाल्ट का करंट laga......yadav के हल्का छूने भर से मेरे जिस्म में झुरझुरी दौड़ गयी.......

मैंने फटाक सा अपना हाथ पीछे खींच लिया और बगल में रखे हुए सोफे पर जाकर बैठ gayi......fir मैंने यादव को देखते हुए अपने बालो को थोड़ा लहराया अपने हाथो से.....

यादव दूध दाल रहा था और मुझे हे देखे जा रहा tha......jiski वजह से यादव ने बर्तन को पूरा लबालब भर दिया दूध से और दूध बर्तन से निचे गिरने लगी.......





मैंने कहा - अरे अरे ग्वाला जी ये क्या कर रहे हो aap....doodh तो पूरा निचे गिरा दिया आपने...... ओफ्फो अब मुझे पूरा साफ़ करना padega....dhyan किधर रहता है आपका...

यादव - माफ़ कर दीजिये मेमसाब मुझसे गलती हो gayi......pls माफ़ कर दीजिये येसब मई अभी साफ़ कर dunga.....bolkar यादव अपना गमछा निकाल लिया साफ़ करने क लिए.....

मैंने कहा - अरे अरे ये क्या कर रहे हो aap....aapka गमछा पूरा ख़राब हो jaega.....jao वह बाथ रूम में घर पोछने वाला एक डंडा जैसा रखा हुआ होगा उस डंडे में पोछने वाला कॉटन टाइप का लगा hoga....wo लेकर पोछ दो....





मैंने जान बुझ कर यादव को अपने बाथरूम में भेज दिया जहा मेरी ब्रा पंतय रखे हुए the......yadav को भेज कर मेरा दिल और ज़ोरो से धड़कने लगा...

यादव उठ कर बाथरूम में चला gaya.....or पता नहीं क्यों दस मिनट तक जब वापस नहीं आया तो मई उठ कर देखने गयी की आखिर ये कर क्या रहा है बाथरूम में.....

मई जैसे हे बाथरूम के पास पहुंची मेरे तो होश हे उड़ गए.......

यादव बुद्धा अपना लुंड धोती से निकाल कर मेरी पंतय को सूंघते हुए ब्रा को अपने मोठे बड़े लुंड पर लटकाये हुए मुठ मर रहा tha.....ek हाथ से पंतय अपने नाक में लगाया हुआ था और एक हाथ से लुंड को ज़ोर ज़ोर से हिला रहा था और लुंड के ऊपर मेरी ब्रा लटकाया हुआ tha........meri तो साँस हे अटक गयी ये नज़ारा देख kar......mere मुँह से अपने आप हे निकल gaya.....omg itnaaaaaaaaaa बड़ाआआआ बाआआप reeeeeeee......kitna मोटा और बड़ा लुंड है इस बुड्ढे ka........mere तो हाथ में व् नहीं समां paega......itna बड़ा व् किसी इंसान का होता है ......

तो बे कॉन्टिनोएड..............
 
अब आएगग्गीीीी...........

गर्मी छुट्टी में दोनों घर चले जाते है ..........ज़ैद से बर्दाश नहीं होता जिस दिन वो घर पहुँचता है उसी दिन शाम को अजय के घर पहुँच जाता है......

ज़ैद भट हिम्मत करके बेल्ल बजता hai.......ting टोंग टिंग टोंग.......

दूर जिसे हे ओपन होता है ज़ैद की आंखें फटी की फटी रह जाती hai......ajay की मम्मी शालिनी सामने कड़ी thi.........zaid तो बस आंखें फाड़े हुए शालिनी का बड़ा बड़ा दूध देख रहा tha......shalini इतनी सेक्सी दिख रही थी साड़ी और ब्लाउज में की अचे अचे मर्द का लुंड खड़ा कर de......uski बड़ी बड़ी सुडोल चूचियां ब्लाउज फाड़ क्र बहार आने को बेचैन thi.....adha से ज्यादा चुकी तो ब्लाउज से बहार झांक रहा tha.......Shalini का ब्लाउज उसकी भारी भरकम चुकी को संभाल नहीं पा रहा था...... .........शालिनी समझ गयी ज़ैद की नज़र उसकी सुडोल चुकी पर hai........Shalini शर्मा गयी और अपने बालो के लातो पर हाथ फेरते हुए बोली.......





शालिनी - हाँ जी कहिये किस्से मिलना है आपको.......

ज़ैद के मुँह से हड़बड़ाहट में निकल गया .......आपसे हे मिलने आया हु.......

शालिनी चपवकते हुए बोली - mujhse....lekin मई तो आपको जानती व् नहीं......

ज़ैद - व वो सॉरी आंटी गलती से निकल gaya...........aaj से पहले मैंने इतनी खूबसूरत आंटी पहले कभी देखि नहीं न इसलिए गलती से निकल गया मुँह se......wo मई अजय का रूम पार्टनर hu....zaid.......ajay से मिलने आया हु......

शालिनी अपनी तारीफ सुन कर एकदम से शर्मा gayi.........or बोली - ओहो तो तुम हो ज़ैद ......अजय तुम्हारी भट तारीफ करता है hamesha..........shalini अपने बालो को थोड़ा सामने के तरफ गिरा ली थी जिससे वो और व् ज्यादा सेक्सी लगने लगी थी.........





ज़ैद - अजय आपकी व् भट तारीफ करता hai.....meri मम्मी ऐसी मेरी मम्मी waisi..........aaj मुझे देख कर यकीं हो गया की अजय जितनी व् तारीफ करता था apki.......woto भट काम tha.......aap सच में भट खूबसूरत हो ...आपके सामने हीरोइन व् फ़ैल है........

शालिनी शरमाते हुए बोली - अब बहार हे रहोगे या अंदर व् आओगे......

शालिनी को पता था की उसका जिस्म भट सेक्सी hai....isliye वो हमेशा सेक्सी सेक्सी कपडे पहनती thi....jisse उसका जिस्म और ज्यादा हॉट न सेक्सी दीखता tha........use मर्दो को तैसे करना भट ाचा लगता tha......wo कभी व् घर से बहार जाती तो टाइट साड़ी और बैकलेस ब्लाउज पहन कर जाती thi.....jisse मर्द उसे देख कर आहें भरते रहते they..........Shalini ने जानबूझ कर अपने पल्लू को एक साइड कर रखा था जिससे उसकी बड़ी बड़ी सुडोल चुकी को गोलाई साफ़ दिख रही थी...........





शालिनी ने देखा की ज़ैद उसकी चूचियों को बिना पालक झपकाए घर रहा है तो उसने अपने साड़ी का पल्लू ठीक करते हुए चुकी को धक् liya.....or बोलै .....अब मुझे हे देखते रहोगे या अंदर व् आओगे.......

ज़ैद हड़बड़ाते हुए - व वो वो सॉरी आंटी.......

बोलकर ज़ैद अंदर चला जाता hai....samne एक सोफे पर बैठ जाता है.....





शालिनी दूर बंद करके ज़ैद के तरफ बढ़ती hai...zaid की नज़र तो बस शालिनी पर हे तिकी हुयी thi....wo शालिनी को घूरे जा रहा tha.........Shalini जब चल कर ज़ैद के तरफ आ रही थी तो किसी अप्सरा से काम नहीं लग रही thi........badi बड़ी चुकी बड़ा गोल मटोल थिरकता हुआ gand....gahri नाभि......

शालिनी ज़ैद को घूरता देख कर मुस्कुराने लगती hai....or मुस्कुराते हुए ज़ैद के तरफ बढ़ने लगती है अपनी गांड मटकाते हुए.........





शालिनी का पल्लू अचानक सा कंधे से निचे गिर कर हाथ में लटक जाता hai.....ab शालिनी की सुडोल चुकी आधा से ज्यादा ब्लाउज से बहार निकल जाती है ......शालिनी को इस बात का ख्याल व् नहीं ata...wo अपने मगन में ज़ैद के पास जाकर उसके सामने बैठ जाती है.........





शालिनी को आभास व् नहीं था की उसकी चुकी आधा बहार निकली हुयी है .......क्यों की शालिनी का पल्लू कंधे से सार्क कर हाथ में आ गया था इसलिए उसकी चुकी आधी नंगी हो चुकी thi......Shalini को इस बात का ज़रा व् एहसास नहीं हुआ tha...wo तो बस ज़ैद से बातें करने में बिजी हो गयी थी......

शालिनी - और बताओ बीटा तुमलोग ठीक से रहते तो हो न वह par......koi दिक्कत कोई परेशानी तो नहीं होती न.....

ज़ैद तो शालिनी को चूचियों में खोया हुआ tha......Shalini की बातो को वो सुन हे नहीं रहा था वोटो बस एक टुक्क शालिनी की अर्धनग्न चुकी को देखे जा रहा था.......





शालिनी समझ गयी की ज़ैद कहा खोया हुआ hai......use अपनी जवानी पर गर्व होता है की एक जवान लड़का उसके बेटे के उम्र का है और वो उसके जिस्म को खा जाने वाली नज़रो से घर रहा है .... शालिनी के जिस्म में झुरझुरी होने लगती है.........

शालिनी - ज़ैद कहा खोये हो tum...mine तुमसे कुछ पूछा है......

ज़ैद हड़बड़ाते हुए - व वो वो आंटी sorry.....apne क्या पूछा मई सुन नहीं पाया ठीक से.........

शालिनी मज़ाकिया लहज़े में बोली - सुन कहा से पाओगे धयान कही और है तुंहारा.........





शालिनी अपने पल्लू को वापस अपने चुकी पर धक् लेती hai.......lekin शालिनी की आदत थी वो अपने चुकी को कभी व् पूरा नहीं ढकती thi............hamesha पल्लू को एक साइड रखती थी ...जिससे उसकी एक साइड की चुकी और ज्यादा कहर ढाती थी मर्दो के दिलो पर........

शालिनी - मैंने पूछा वह पर सब ठीक ठाक चल रहा na....koi तरह की परेशानी दिक्कत तो नहीं न है......

ज़ैद - अरे नहीं आंटी सब कुछ फैंटास्टिक चल रहा वह पर.......





शालिनी - वैरी good.....or कभी गलत काम के तरफ मत जाना और अजय को व् रोकना अगर वो जाना chahe......aaj कल के बच्चो का एक से बढ़ कर एक शुक hai...........umar से पहले बड़े हो जाते है आजकल के बच्चे.....

ज़ैद - हाँ वोटो hai......kyu की आंटी आजकल स्मार्ट फ़ोन क ज़माना है na......smart फ़ोन हर किसी के हाथ में hai.....ab उसमे हर तरह का चीज़ देखता है sab........to कदम तो लड़खड़ा हे जाएंगे.........

शालिनी - यही कदम नहीं लड़खड़ाने देना hai.......tumko व् और अजय को व् ...वर्ण भट मार पड़ेगी दोनों को......

ज़ैद - आपके खूबसूरत नरम नरम हाथो से कौन मार खाना नहीं चाहेगा aunty...hahahahaha.....

शालिनी एक सेक्सी नज़र से ज़ैद को देखती hai....or कहती hai.........bht बदमाश हो तुम.........





ज़ैद - इसमें बदमाश की क्या बात .......आपके जैसी खूबसूरत आंटी से कौन मर खाना नहीं चाहेगा.......

शालिनी - लेकिन मई तो सांडले से मरूंगी हहहहहहए......

ज़ैद - हाहाहाहाहा भट चालक हो आप......

शालिनी - ाचा बताओ क्या पिओगे.....

ज़ैद शालिनी की चुकी को घूरते हुए बोलै - मिल्क ......

शालिनी हड़बड़ा गयी ज़ैद का इस तरह ओपन माइंडेड बात से.....

ज़ैद - व वो मिल्क शेक आंटी.......

शालिनी - ओहो मैंने सोचा तुम्हे दूध भट पसंद है.......

ज़ैद - वोटो पसंद है he........doodh के जैसा कोई ड्रिंक नहीं...

शालिनी - हम्म्म वोटो है.......











 
अभी दोनों बात हे कर रहे थे की इतने में अजय वह आ जाता है......

अजय - hello ज़ैद हाउ अरे बीआरओ.....

ज़ैद - I'm गुड bro......tum तैयार हो तो चलो फिर......

इतने में शालिनी बोलती है - कहा चलने की बात हो रही है......

अजय - वो मम्मी हमलोग डिज्नी लैंड जा rahe.......apko व् चलना है क्या....????

शालिनी - मई अभी इतनी व् बुद्धि नहीं हुयी hu......mai क्यों नहीं जा सकती......

अजय - आपको बुद्धि कौन bolega........uski आंखें ख़राब hogi...hahahahaha

ज़ैद - अजय ठीक कह रहा hai.....aap और buddhi........apke सामने तो तीन अगर लड़कियां व् पानी कम् चाय है.........

शालिनी - ाचा जी मस्का लगा लो ........

ज़ैद - अरे इसमें मस्का लगाने की क्या बात है जो फैक्ट है वो hai....kya अजय....???

अजय - यस बीआरओ यू अरे right.....mummy के सामने हीरोइन व् फ़ैल है.......

शालिनी शरमाते हुए बोली - चलो भट हो गया मस्का lagana....ab मई तुम दोनों के लिए कुछ खाने क लिए लाती हु......

बोलकर शालिनी किचन के तरफ चल पड़ती hai..........Shalini की गदरायी गांड देख कर ज़ैद क तो लुंड खड़ा होने लगता hai.........zaid ललचाई नज़रो से शालिनी के मटकते गांड को देख कर पंत के ऊपर से हे अपना लुंड सहलाने लगता है......

ज़ैद - यार सच में तेरी माँ क्या हॉट माल hai........kasam से तेरी माँ की मटकती गांड देख कर हे मेरा छु गया ......

अजय - मैंने कहा था na....meri माँ भट गदरायी गाय hai.........dekh रहा कितने उभरे हुए गांड है मेरी माँ की..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरा तो मन करता है माँ को अपनी कुटिया बना कर खूब छोड़ू......





अजय और ज़ैद दोनों अभी शालिनी के गांड को घूरते हुए बातें हे कर रहे थे की शालिनी ने उनके तरफ देख कर कहा .....

टिया या cofee.......ya मिल्क शेक.....

अजय - मई तो कॉफी पियूँगा mom.....or तू ज़ैद...????

ज़ैद - मई तो मिल्क शेक पियूँगा आंटी.....





शालिनी - ok मई अभी बना देती हु तुम दोनों का कॉफी और मिल्क शेक.....

बोलकर शालिनी कॉफी और मिल्क शेक बनाने lagi.......kitchen में काम करते वक़्त शालिनी की गांड कुछ ज्यादा हे थिरक रही thi.......uski उभरी मोती गांड की थिरकन देख कर दोनों का लुंड पंत में खड़ा हो चूका tha...or पंत फाड़ कर बहार आने को बेताब हो रहा था........





कुछ हे देर में शालिनी हाथ में स्नैक्स और कॉफी मिल्क शेक लेकर आयी और टेबल में रख कर उनके सामने बैठ gayi...apne साड़ी का पल्लू ठीक करते हुए एक अदा के साथ सामने बैठ gayi.......Shalini की चूचियां इतनी ज्यादा बड़ी और टाइट थी की ऐसा लग रहा था जैसे कोई फुटबॉल hai......is उम्र में इतनी टाइट चूचियां लाखो में किसी एक औरत की होती hai......Shalini ने ब्रा नहीं पहना हुआ था जिसकी वजह से उसका निप्पल साफ़ पता चल रहा था ब्लाउज के ऊपर से........





ज़ैद मिल्क शेक पिटे हुए बोलै - वाओ आंटी क्या दूध hai........or शालिनी की चूचियों को घूरने लगा......

शालिनी ज़ैद की डबल मीनिंग बातो को भट अचे से समझ रही थी......

शालिनी - तुम्हे ाचा लगा न......

अजय - कैसे ाचा नहीं लगेगा mom..apka कोई व् चीज़ किसी को ख़राब लग हे नहीं सकता.......

ज़ैद - हाँ वोटो hai........aunty आपके हाथो में जादू hai.........itna टेस्टी मिल्क शेक तो मैंने आज तक नहीं पिया......

शालिनी शरमाते हुए बोली - तो डेली आ जाता करो मिल्क शेक pine.....hehehehehe





ज़ैद - अब तो मुझे आना हे padega.....daily........

अजय - अरे यार माँ और व् भट साडी चीज़ें टेस्टी बनती hai.......ek बार खा लोगे तो उँगलियाँ चाट चाट कर खाओगे......

ज़ैद - अब तो आना हे पड़ेगा ....क्यों आंटी आपको कोई दिक्कत तो नहीं मेरे डेली आने से.....

आंटी - अरे नहीं बीटा मुझे तो और ख़ुशी hogi.....agar तुम डेली आओगे तो......

ज़ैद - वैसे आंटी एक बात पुछु बुरा तो नहीं मानोगी न.....

शालिनी - तुम व् मेरे बेटे जैसे ho....puchho......mai भला बुरा क्यों मानूंगी.....

ज़ैद - आप इतनी खूबसूरत हो आपने कभी फिल्मो में तरय क्यों नहीं Kiya.......ek बार में आपका सिलेक्शन हो जाएगा......

शालिनी अपनी तारीफ सुन कर भट ज्यादा खुश हो gayi........or इठलाते हुए boli.......kya करू मुझे पता नहीं था न की मई इतनी खूबसूरत hu........tum अगर पहले मिल गए होते तो शायद बात बन सकती थी........

फिर तीनो हंसने लगे.........





अजय - तो चले डिज्नी लैंड......

शालिनी - हाँ क्यों नहीं मई व् चलती hu...tum दोनों के साथ घूमने में मज़ा आएगा.....

अजय - हाँ तो जल्दी सा तैयार हो जाओ........

शालिनी - मई अभी तैयार होकर आयी .....





बोलकर शालिनी वह से उठ कर अपने कमरे के तरफ चल पड़ती hai...gand मटकाते हुए.........

बाकि की स्टोरी डिज्नी लैंड में चलेगी......
 
अभी तक अपने पढ़ा.............

ज़ैद - वैसे आंटी एक बात पुछु बुरा तो नहीं मानोगी न.....

शालिनी - तुम व् मेरे बेटे जैसे ho....puchho......mai भला बुरा क्यों मानूंगी.....

ज़ैद - आप इतनी खूबसूरत हो आपने कभी फिल्मो में तरय क्यों नहीं Kiya.......ek बार में आपका सिलेक्शन हो जाएगा......

शालिनी अपनी तारीफ सुन कर भट ज्यादा खुश हो gayi........or इठलाते हुए boli.......kya करू मुझे पता नहीं था न की मई इतनी खूबसूरत hu........tum अगर पहले मिल गए होते तो शायद बात बन सकती थी........

फिर तीनो हंसने लगे.........





अजय - तो चले डिज्नी लैंड......

शालिनी - हाँ क्यों नहीं मई व् चलती hu...tum दोनों के साथ घूमने में मज़ा आएगा.....

अजय - हाँ तो जल्दी सा तैयार हो जाओ........

शालिनी - मई अभी तैयार होकर आयी .....





बोलकर शालिनी वह से उठ कर अपने कमरे के तरफ चल पड़ती hai...gand मटकाते हुए.........

अब आएगग्गीीीी.........

शालिनी अपनी मोती गांड को मटकाते हुए रूम के तरफ बढ़ gayi.....uski टाइट साड़ी में कासी हुयी उभरी गांड को देख कर ज़ैद और अजय दोनों का लुंड फड़फड़ाने लगा......

शालिनी अपने बालो को झटका देते हुए आगे बढ़ गयी......





शालिनी जब चल रही थी तो उसकी 42 की गांड कयामत धा रही थी दोनों लड़को par........uski गोरी चिकनी कमर माखन के जैसा चर्बीदार दिख रहा tha.......uski बैकलेस ब्लाउज के वजह से उसकी पीठ पूरी नंगी थी सिर्फ एक डोरी में तिकी हुयी thi.....left राइट मरकटी हुयी गदरायी गांड को देख कर अजय बोलै....

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ यार क्या गांड है मम्मी ka....man तो कर रहा पीछे से जाकर पकड़ लू और अपना लुंड उनके गदराये गांड में रगड़ दू .......

ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy यार क्या माल है तेरी मम्मी ...माँ कसम ऐसी सेक्सी आंटी मैंने अपने लाइफ में पहले कभी नहीं देखि hai.....mera व् मन कर रहा आंटी के नंगे कमर को दोनों हाथो से पकड़ लू पीछे से जाकर.........

अजय - तो पकड़ ले न यार.......

ज़ैद - हिम्मत नहीं है न यार ........

अजय - बिना हिम्मत के मम्मी जैसी गदरायी सेक्सी माल हाथ नहीं आने वाली समझा भोस्डिके........





शालिनी का क्या मन किया की एक बार पीछे मुद कर दोनों लड़को को देखने के लिए रुक गयी......

शालिनी एक सेक्सी नज़र से दोनों को देखने lagi.....dono की गांड फट gayi....dono ने सोचा की शालिनी उनको पकड़ ली है उसका गांड घूरते huye.......dono अपना नज़र चुराने लगे.......

शालिनी एक एक्सपीरियंस औरत thi...marfo की नज़र से समझ सकती थी की वो क्या देख रहा hai.......Shalini ज़ैद को देख कर हल्का मुस्कुरा दी और फिर मुद कर अपने दूर के तरफ बढ़ गयी.......





अब शालिनी पहले से ज्यादा अपने गांड को मटकाने lagi.......uski उभरी हुयी गांड को मरकता देख कर तो ज़ैद का प्रेकम निकल gaya......uske पंत के ऊपर थोड़ा दाग सा लग gaya....geeela जैसा.........









शालिनी दूर के पास पहुँच कर रुक gayi...or फिर हल्का सा अपने रूम का दूर ओपन किया.........

ज़ैद - यार अजय अब मुझसे बिलकुल व् बर्दास नहीं हो रहा बहनचोद क्या कैसा हुआ गांड है तेरी मम्मी का.....

अजय - हाँ यार तू सच कह रहा hai....aaj से पहले मैंने अपनी मम्मी को कभी व् सेक्स की नज़र से नहीं देखा tha.....aaj पहली बार देख रहा हु तो मेरी व् हालत ख़राब हो चुकी है..........





इतने में शालिनी ने रूम का दूर ओपन कर दिया और रूम के अंदर चली gayi....ajay और ज़ैद का लुंड पंत फाड़ कर बहार आने को पागल होने लगा..........





शालिनी अपने मन में सोचने लगी - ये मुझे क्या हो रहा hai....mai अपने बेटे के दोस्त के साथ हे फ़्लर्ट कर रही hu......lekin वो व् तो मुझे खा जाने वाली नज़रो से देख रहा है...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ उसकी नज़र तो मेरे जिस्म को पिघला रहा hai..........pahli बार अपने से आधे उम्र के लड़के को अपने आप को ऐसी प्यार भरी नज़रो से देखते हुए पता है Maine.......mere जिस्म में व् आग लग रही है ज़ैद का इस तरह मेरे जिस्म को घूरने se........wo अभी ऐसी आगे में है की उसे ये सब भट ाचा लगता hoga.....lekin मुझे व् तो भट ाचा लग रहा ज़ैद के साथ फ़्लर्ट करने me.........wo मेरे बेटे जैसा हे तो hai.......mai भला उसके साथ ऐसा कैसे कर सकती hu..........nhi नहीं मई ऐसा नहीं कर sakti.........lekin फिर शालिनी का दिमाग कहता hai.........to क्या हुआ बेटे जैसा है तो बीटा तो नहीं है na......akhir वो व् एक कसीला मर्द hai.......uski बॉडी तो मेरे हस्बैंड से व् ज्यादा स्ट्रांग है .........जब वो मुझे आने बहो में जकडेगा तो मई तो पिघल हे जाउंगी.... ufffffffff..........jo व् हो मुझे मज़ा आ रहा है उसे फ़्लर्ट करने में तो भला मई ये चांस क्यों हाथ से जाने दू.......

यही सब सोचते हुए शालिनी दूर के पास कड़ी थी और फिर अचानक वो दूर में टेक लगा कर कड़ी हो जाती है फिर ज़ैद के तरफ भट हे प्यार और सेक्सी नज़रो से देखने लगती hai......is तरह कड़ी होने से शालिनी की चुकी का साइड व्यू किसी छुडासी औरत से काम नहीं लग रहा tha.....saree का पल्लू उसके साइड की चुकी को ढकने में असमर्थ tha......Shalini को चुकी का साइड व्यू कयामत tha....aisa लग रहा था जैसे ब्लाउज फाड़ कर चुकी बहार निकल जाएगी.......

शालिनी ने कुछ सेकंड ऐसे हे दूर पर टेक लगा कर ज़ैद के तरफ सेक्सी नज़रो से देखा........





और फिर पलट कर अपने बालो को अपने पीठ से हटाया ताकि ज़ैद उसके सेक्सी नंगी पीठ को आराम से देख sake........Shalini तिरछी नज़रो से पीछे हल्का सा dekhi......or उसके चेहरे लार एक कातिल मुस्कान तैर गयी.......





फिर वो दूर को हल्का बंद करके अंदर चली गयी........

ज़ैद - यार आंटी कपडे चेंज करने गयी hai.....kapda चेंज करते हुए आंटी को देखने क कोई जुगाड़ लगा ना.....

अजय - चल खिड़की से देखते है......

ज़ैद - लेकिन यार खिड़की खुली होगी तब न....

अजय - खिड़की हमेशा खुली रहती है

ज़ैद - तब तो तू हमेशा आंटी को कपडा चेंज करते हुए देखता होगा.....

अजय - अरे नहीं यार पहले मेरे मैं में ऐसा कुछ नहीं था मम्मी के liye........lekin अब मुझे व् मन कर रहा मम्मी के गदराये जिस्म को देखने ka.....chal उधर खिड़की है हम दोनों छुप कर मम्मी को देखते है.....

दोनों खिड़की के पास जाकर शालिनी को छुप कर देखने लगते है.......

शालिनी सबसे पहले अपने साड़ी को उतारने लगती hai......jaise हे शालिनी साड़ी उतर कर बाजु में रखती hai....uski बड़ी बड़ी चूचियां ब्लाउज के अंदर देख कर दोनों का लुंड खड़ा हो जाता है.......

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ साला क्या दूध है मम्मी का bahanchod......man तो कर रहा निचोड़ लू जाकर.......

ज़ैद अपना लुंड पंत के ऊपर से सहलाते हुए कहता hai.......han यार सच कहा तूने... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या गदराया जिस्म है आंटी का.......





शालिनी अब धीरे धीरे करके अपने सरे कपडे उतार फेकती hai.....ab वो सिर्फ ब्रा और पंतय में कड़ी थी ायना के samne......apne गदराये जिस्म को देख कर इठला रही thi......apne गांड को ायना में देखते हुए उसपर हाथ फेरने लगती hai......or शालिनी मन में सोचती hai..........kya सच में मेरी बॉडी अभी व् किसी मर्द को आकर्षित कर सकती है.....????





कुछ देर अपने गांड पर हाथ फेरने के बाद शालिनी अपने बड़े बड़े दूध को दोनों हाथो से हल्का हल्का सहलाते हुए सोचती hai..........mere ये िस्तान क्या सच में मर्दो को अपने और आकर्षित करता hoga.........dekhne में अभी की कितने उन्नत है मेरे istan.........Shalini की बड़ी बड़ी चूचियां इतने कठोर थे की किसी व् मर्द का लुंड खड़ा हो जाता उन्हें देख कर.......





अजय - Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh मम्मी क्या माल हो तुम ...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इतनी सेक्सी तो मॉडल्स व् नहीं हो सकती.........

अजय जान बुझ कर गन्दी बातें कर रहा था ज़ैद को सुना कर ताकि ज़ैद और ज्यादा एक्सीटेंड हो जाये ......

ज़ैद - हाँ यार काश इन बूब्स को मुँह में ले पता मई.....

अजय - अबे मुँह में लेने क लिए मम्मी को पटना padega.......or तू एकदम फत्तू है bahanchod.......tu डरे नहीं दिखा रहा.....

ज़ैद - अबे यार लेकिन आंटी को परायण कैसे मई वो सोच रहा हु......

अजय - अब वो तेरी प्रॉब्लम hai....tujhe जो करना है कर लेकिन मम्मी को pata......taaki बहती गंगा में मई व् हाथ धो सकू......

इतने में शालिनी एक रेड साड़ी निकल कर पहनने लगती hai.........or फिर अपने आप को ायना में देख कर थोड़ा इठलाती hai.....wo जान बुझ कर ट्रांसपेरेंट साड़ी पहनती है ताकि उसका जिस्म दिख सके........





ज़ैद - यार एकदम हुस्न की पारी लग रही आंटी ....ुझसे अब बरदास करना मुश्किल हो रहा bey.......bolkar ज़ैद अपना लुंड पंत से बहार निकल कर अपने हाथ में पकड़ लेता hai.........aah साला पूरा टाइट हो चूका है मेरा lauda.........aisa लग रहा जैसे आंटी को कुटिया बना कर अपना लुंड उसकी मोती गांड में घुसा दू.........

अजय - हाँ यार मुझसे व् अब बर्दाश्त नहीं हो raha...bolkar अजय व् अपना लुंड बहार निकल कर हिलने लगता है अपनी मम्मी का गदराया जिस्म देख कर.......

इतने में शालिनी का पल्लू उसके दूध से सड़क कर निचे चला जाता hai...jise देख कर दोनों की हालत और पतली हो जाती hai....dono अपना लुंड ज़ोर ज़ोर से हिलने लगते है.....

शालिनी का दूध इतना बड़ा था की उसका ब्रा नुमा ब्लाउज में ठीक से समां नहीं रहा tha...adha से ज्यादा दूध बहार था.......





शालिनी अपने जिस्म पर हाथ फेरते हुए खुद पर इतराने लगती hai..........aaj व् मेरा जिस्म किसी मर्द का लुंड खड़ा करने के लिए काफी hai.......or मन हे मन मुस्कुराने लगती hai.......apne चुकी के साइड पर हाथ फेरते हुए शालिनी सोचती hai......kya ज़ैद को मेरा ये रूप सडके कर paega..........kitna मज़ा आएगा जब ज़ैद मुझे भूखे नज़रो से घूरेगा.........





शलिनी मन में सोचती है - मेरे हस्बैंड कहते है मेरी गांड भट मोती hai.......kya सच में मेरी गांड भट मोती है ......येसब सोचते हुए शालिनी घूम जाती hai......Shalini की मोती गांड देख कर ज़ैद का तो बुरा हल हो जाता है...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साला टाइट साड़ी में आंटी का गम और व् ज्यादा सेक्सी लग रहा hai.....jab ये छोड़ने के लिए मेरे सामने कुटिया बनेगी तो इसकी गदरायी गांड देख कर हे मेरा माल निकल जाएगा बहनचोद.......





शालिनी अपने जिस्म को आगे से पीछे से साइड से हर तरफ से देखती hai.......fir अपने बालो को पकड़ कर एक झटका देती hai......mano वो आज भट ज्यादा खुश हो.........





आआआआआ





फिर वो ायना के सामने कड़ी होकर हल्का मेकअप करने लगती hai....piche से उसका जिस्म इतना सेक्सी दिख रहा था की किसी व् मर्द का लुंड का पानी निकल जाये..... बैकलेस ब्लाउज को वजह से उसका चिकना गोरा पीठ कयामत धा रही thi.......saree इतनी निचे से बंधी थी की उसके उसका गांड का शेप देख कर तो ज़ैद और अजय का लुंड भट ज्यादा अकड़ गया tha......Shalini अपने आप को तैयार करने में बिजी थी और इधर ज़ैद और अजय शालिनी की गदरायी जवानी देख कर मुठ मर रहा था......





शालिनी की चर्बी दार गोटी कमर देख कर ज़ैद का लुंड अब बरदास नहीं कर पता और ज़ैद अपने लुंड को ज़ोर ज़ोर से हिलने लगता है.....

ज़ैद - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh आंटी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मई आपके गांड में अपना क्रीम दाल रहा हु aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरा निकलने वाला hai...aaaa





इधर अजय का व् लुंड अकड़ चूका था और वो व् झड़ने के करीब आ चूका था.....

अजय - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी छुडासी मम्मी क्या माल हो tum.....kash आपको बहो में लेकर आपके रसीले होंठो को मई चूस पता.........

अब दोनों दोस्त की आंखें बंद होने लगती है और दोनों का विरए पिचकारी के जैसा विरए निकलने लगता है......

झड़ने के बाद दोनों खिड़की से हैट कर वापस हॉल में जाकर बैठ जाते है........

ज़ैद - यार आंटी को सिर्फ देखने में इतना मज़ा aya...to सोच की जब उसे छुवेंगे तो कितना मज़ा आएगा......

अजय - हाँ यार जल्दी पता मेरे भाई मुझे व् अपनी मम्मी को रगड़ कर छोड़ना है........

इतने में शालिनी गांड मटकती हुयी हॉल में आती है.......

शालिनी को देख कर दोनों की आंखें फटी की फटी रह गई.........

शालिनी किसी सेक्स की देवी से काम नहीं लग रही थी........

शालिनी का ब्लाउज इतना छोटा था की उसकी चुकी आधा से व् काम धक् पा रहा tha.....Shalini एक कातिल नज़र से ज़ैद को देखते हुए उसके तरफ बढ़ने लगती hai......zaid और शालिनी की नज़रें एक दूसरे को देख रही थी.......





शालिनी ज़ैद के ठीक सामने जाकर बैठ जाती है......

शालिनी - मई कैसी लग रही हु......???

ज़ैद - वाओ आंटी यू अरे लुकिंग सुपर्ब ........

शालिनी मुस्कुराते हुए कहती है - बास सुपर्ब ....हहहहहए

ज़ैद - मेरा मतलब है आप भट अछि लग रही हो आंटी ....यू अरे लुकिंग gorgeous......khas करके आपकी ये नशीली ankhein......apki आंखें भट खूबसूरत है आंटी.......





शालिनी - ओहो क्या सच me.....mujhe तो पता हे नहीं था... बोलकर शालिनी हंस पड़ती है......

इतने में अजय बोलता है - रियली मम्मी यू अरे लुकिंग सू sexy........agar आप मेरी मम्मी नहीं होती तो अभी मई आपसे शादी कर लेता.......

शालिनी हँसते हुए - हहहहए धत्त बदमाश कुछ व् बोलता है......

अजय - मई सच कह रहा हु माँ ......रियली पापा भट लकी है जिसे आपके जैसी हॉट न सेक्सी वाइफ मिली है.......

शालिनी एकदम से शर्मा जाती है अजय की बातो से.......





ज़ैद शालिनी की बड़ी बड़ी चूचिया को घूरते हुए कहता है....

ज़ैद - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आंटी आपके हर चीज़ कितने बड़े बड़े hai......or खूबसूरत व् है......

शालिनी शर्म से लाल हो जाती है ज़ैद के इस तरह खुल्लम खुल्ला बोलने से......

शालिनी व् मज़ा लेने क मूड में थी

शालिनी - ाचा जी मेरी क्या क्या बड़ी है .....





ज़ैद - आपकी आंखें बड़ी बड़ी और भट खूबसूरत है....

शालिनी - और और और

ज़ैद - आपके बाल की मई क्या तारीफ karu.....apke बाल रेशम की तरह है.......

अजय - अब चलो व् वर्ण लेट हो जाएगा......

शालिनी अजय के तरफ देखते हुए बोली - हाँ हाँ चलो......



फिर तीनो घर से बहार निकल जाते है
 
तीनो बहार निकल कर पार्किंग के तरफ बढ़ जाते hai.........shalini अपने गांड को कुछ ज्यादा मटका मटका के चल रही थी ताकि ज़ैद उसके गांड को देख कर पागल हो जाये..........

बैकलेस ब्लाउज के वजह से शालिनी की पीठ पूरी नंगी दिख रही thi.......or उसक उभरा हुआ गदराया गांड भट सेक्सी लग रहा था........





पार्किंग में जाते हुए शालिनी अपने गांड को इतना ज्यादा मटका रही थी की ज़ैद का लुंड पंत में फिरसे खड़ा होने लगा था.....

सबसे आगे अजय था उसके पीछे शलिनी और सबसे पीछे zaid.....Shalini जान बुझ कर अपने बालो पर हाथ फेरते हुए चल रही thi......or अपने बालो को उसने आगे कर रखा था ताकि उसकी नंगी पीठ ज़ैद देख सके.....

शालिनी की गांड इतनी मस्त थी की ऐसा लग रहा था जैसे कोई मिटटी का घड़ा hai.....ekdam गोल मटोल........





इतने में शालिनी के दिमाग में एक शरारत सूझी hai...wo अचानक रुक जाती है और मुद कर ज़ैद को सेक्सी नज़रो से देखने लगती है......

शालिनी - ज़ैद तुम इतना धीरे क्यों चल रहे ho......kuchh देख रहे हो kya......Shalini जान बुझ कर उसे चूर्ण छह रही थी.....

ज़ैद हड़बड़ा जाता hai.....na न नहीं तो आंटी ऐसी कोई बात nhi........wa व वो मई ऐसे हे थोड़ा धीरे चलता हु........

बोलकर ज़ैद जब शालिनी के रसीले होंठो को देखता है तो उसका दिल धड़कने लगता hai....Shalini के रसीले लाल लाल होंठ भट कामुक दिख रहे the....zaid का मन तो करता है की अभी उसे बहो में भर कर उसके होंठो को चूस ले और सारा रास पी जाये.........





शालिनी - आ जाओ मेरे पास मेरे साथ चलो हमलोग बातें करते हुए चलेंगे........

ज़ैद - ok आंटी ....बोलकर ज़ैद भाग कर शालिनी के करीब पहुँच जाता है..........

अब ज़ैद की व् हिम्मत थोड़ी बढ़ रही thi.....kyu की शालिनी खुद उससे फ्रैंकली बात कर रही थी......

अब ज़ैद और शालिनी दोनों एकदम सत् कर चल रहे the........zaid का हाथ जैसे हे शालिनी की नंगी हाथो से रगड़ खता है उसके जिस्म में एक करंट सा दौड़ जाता है और उसका लुंड फ़ौरन खड़ा हो जाता है.......

शालिनी की पूरी हाँथ नंगी थी ऊपर से निचे तक क्यों की उसने बैकलेस ब्लाउज पहन रखा tha.......Shalini के हाथ से जैसे हे ज़ैद का हाथ रगड़ खता है शालिनी ज़ैद के तरफ एक सेक्सी नज़र से देखती hai.........or मुस्कुराते हुए कहती hai..........waise एक बात पुछु तुमसे........???





ज़ैद - जी आंटी पूछो न....

शालिनी - अजय की कोई गर्लफ्रेंड है kya.....ye मई तुमसे इसलिए पूछ रही हु क्यों की तुम उसके सबसे जिगरी दोस्त हो......

ज़ैद - न नहीं आंटी ऐसी कोई बात नहीं......

शालिनी ज़ैद के हाथो को पकड़ लेती hai.......jisse ज़ैद की धड़कन भट तेज़ हो जाती है.......

शालिनी - सच सच बताओ झूट मत बोलो......

ज़ैद - जा जी एक है मई व् उससे कई बार मिला हु अजय के साथ रेस्टुरेंट में.......

शालिनी - तो फिर पहले झूट क्यों कहा ....

ज़ैद - व वो मई डर रहा था की कही आप अजय को डांटने ना लग जाओ......

शालिनी - अरे इसमें डांटने की क्या बात है bewkuf....ye तो अच्छी बात hai.........waise अजय ने अपनक गफ के साथ कुछ किया है या बास उसे घूमता है.......

ज़ैद - माँ मुझे नहीं पता aunty........bolkar ज़ैद का पसीना चलने लगा........

शालिनी हँसते हुए बोली - अरे डरो मत मई अजय से कुछ नहीं bolungi.......it's secret........mujhe तुम अपना दोस्त samjho......bolkar शालिनी ज़ैद का हाथ थाम लेती hai.....shalini के मुलायम हाथ के छुवन से ज़ैद पागल सा हो जाता है.......





ज़ैद - लेकिन मई डर नहीं रहा हु आंटी मई सच कह रहा hu...aj तक मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा है अजय और पूजा के bich.....or न हे अजय ने मुझे कुछ बताया है.....

शालिनी - और तुम्हारी कोई गफ नहीं है...???

ज़ैद - नहीं आंटी मेरी कोई गफ नहीं है.....

शालिनी - येतो हो हे नहीं सकता ....तुम झूट बोल रहे हो.....

ज़ैद - ी स्वर मेरी कोई गफ नहीं है.....

शालिनी - ऐसा हो हे नहीं सकता है.....

ज़ैद - क्यों नहीं हो सकता है आंटी....

शालिनी - तुम इतने हैंडसम हो इतना शानदार बॉडी hai......tumhari तो दस गफ होनी चाहिए......

ज़ैद - अब मई आपको किसे बताऊँ.....

शालिनी - क्यों तुम इम्पोटेंट ho....hehehehe...





ज़ैद - क्या आंटी आप व् naa......aisi बात नहीं है......

शालिनी - तो फिर क्या बात है.......

ज़ैद - व वो मुझे ज्यादा आगे की औरतें पसंद है........

शालिनी हैरत से - क्या सच में ......ी don't believe.......lekin ऐसा kyu.....tumhe ज्यादा आगे की औरतें क्यों पसंद है......???

ज़ैद - क्यों की छोड़िये न आंटी.....

शालिनी - अरे बताओ व् मुझे अपनी दोस्त समझो.......

ज़ैद - क्यों की उनका जिस्म भरा हुआ रहता hai...har चीज़ बड़ा bada......kamar में हलकी चर्बी ........और सबसे ज्यादा मुझे उनका उभरा हुआ बैक पसंद है.........

शालिनी - ओह माय गॉड तुम तो छुपे रुस्तम निकले ..........भट बदमाश हो तुम......





ज़ैद - इसमें बदमाशी की क्या बात आंटी मुझे जो पसंद है मैंने आपको बता दिया.......

शालिनी अब उसके आगे कुछ नहीं कहती और दोनों जाकर गाड़ी में बैठ जाते है......

अजय - अरे यार तुम मम्मी के साथ पीछे बैठो na......warna मम्मी बोर हो जाएगी......

ज़ैद - ok bro.....bolkar ज़ैद पीछे सीट पर बैठ जाता hai....ajay कार ड्राइव करने लगता है.......

क्यों की वह से डिज्नी लैंड भट दूर था लगभग एक घंटा लगने वाला था कार me....isliye ज़ैद ने सोचा की इस एक घंटे में आंटी को पता लेना है.......

अजय जान बुझ कर अपने कान में एअर पद लगा लेता है ताकि उसकी को ऐसा लगे की वो गण सुन रहा है और ज़ैद और उसकी बात नहीं सुन रहा है.........

ज़ैद - आपको बुरा तो नहीं लगा न आंटी....

शालिनी - किस बात का बुरा

ज़ैद - वो जो मैंने कहा की मुझे ज्यादा आगे की औरतें मुझे पसंद है उसका....

शालिनी झूट का ज़ैद को डरने क लिए नाटक करती है - मुझे तुम्हारी मम्मी को बताना hoga......tum बिगड़ गए हो......

ज़ैद डर कर बोलता है - प्लस प्लस आंटी ऐसा मत करना वर्ण अम्मी मुझे भट डाँटेगी.......

शालिनी - डांटना व् चाहिए .....अभी तुम्हारी आगे हे क्या हुयी है और तुम ऐसी ऐसी सोच रखते हो.......

ज़ैद शालिनी का हाथ पकड़ लेता hai......pls आंटी प्लस ऐसा मत करना मई आपके हाथ जोड़ता hu........zaid का हाथ गयम करने की वजह से भट कठोर हो चूका tha.......itna कठोर हाथ से शालिनी का हाथ पकड़ने से शालिनी को कुछ कुछ होने लगता है.....

शालिनी मन में सोचती है - वाओ क्या मरदाना हाथ है इसका.......

शालिनी - ok ok लेकिन एक शर्त है मेरी.....

ज़ैद - मुझे आपकी हर शर्त मंजूर hai.....bas आप मेरी अम्मी से कुछ मत कहना........

शालिनी जान बुझ कर अपना साड़ी का पल्लू एक साइड से सरका देती है ताकि उसकी बड़ी बड़ी चूचियां ज़ैद को साफ साफ दिख सके......





शालिनी - ठीक है fir.......tum अजय की हर बात मुझे bataoge.....ek एक बात कुछ व् मुझसे नहीं छुपाना........

ज़ैद तो पहले से हे शालिनी का हाथ पकड़ा हुआ था अब वो जान बुझ कर शालिनी का हाथ हल्का हल्का सहलाते हुए कहता है....

ज़ैद - आप मुझे जो बोलोगी मई वो karunga.........kuchh व् जैसा आप चाहो.....

बोलकर ज़ैद शालिनी की आँखों में घूरने लगता है और उसके हाथो को हल्का हल्का सहलाने लगता है.......

शालिनी व् ज़ैद की आँखों में खो दी gayi.....dono एक दूसरे को प्यार भरी नज़रो से देख रहे थे दोनों में से कोई कुछ नहीं बोल रहा था.......

ज़ैद मौका देख कर शालिनी का पल्लू हल्का सा निचे खींच देता है जिससे शालिनी की चुकी से पल्लू सरक जाता है.....





इतने में ज़ैद बोलै - क्या आप मेरी गफ बनोगी.........

शालिनी शर्म से अपनी नज़रें झुका लेती hai..........zaid समझ जाता है की शालिनी फस्स चुकी hai........zaid धीरे से अपने होंठो को शालनी के होंठो के तरफ बढ़ा देता hai......or उसके गलों को पकड़ लेता hai....Shalini अपनी आंखें बंद कर लेती है.........





ज़ैद शालिनी के होंठो को अपने होंठ में दबोच लेता hai...Shalini व् अपना होंठ खोल देती hai.....zaid भट प्यार से शालिनी के होंठो को चूसने लगता है उसके गलों को दहकते huye.....shalini व् ज़ैद का साथ देने लगती hai.......dono एक दूसरे को हल्का हल्का किश करने लगते है.......

इतने में ज़ैद अपने हाथो को सरकाते हुए शालनी की बड़ी बड़ी चुकी पर ले जाता hai....zaid का हाथ जैसे हे शालिनी की चुकी पर पड़ती है शालनी मदहोश हो जाती है और ज़ैद के बालो को अपने हाथो में पकड़ कर उसके होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगती hai....idhar ज़ैद शालनी की चुकी को हल्का हल्का मसलने और दबाने लगता है ब्लाउज के ऊपर से.........

पूछ पूछ की आवाज़ और लुकिंग मिरर में अपनी मम्मी और ज़ैद का किश देख कर अजय का लुंड पंत फाड़ कर बहार आने को बेचैन हो जाता hai.....ajay अपने लुंड को पंत के ऊपर से सहलाने लगता है......

कुछ देर ऐसे हे किश करने के बाद ज़ैद शालनी के होंठो को छोर देता hai.......or शालनी के चेहरे को भट प्यार से देखने लगता hai...shalni की आंखें अभी व् बंद thi.........jaise हे शालनी की मदहोशी टूट टी hai...Shalini अपनी आंखें खोल कर ज़ैद को भट हे सेक्सी नज़रो से घूरने लगती है......





ज़ैद - आपके होंठ तो शहद से व् ज्यादा मीठे है आंटी....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मज़ा आ गया आपके होंठो का जाम पैर कर.......

शालनी सेक्सी नज़रो से ज़ैद को देखते हुए कहती है - भट गंदे हो tum.....jao मई तुमसे बात नहीं करती......





ज़ैद शालनी के गलों पर हाथ फेरते हुए कहता है - अब तो आप मेरी गफ ho......baat भले मत करना लेकिन मुझे इसी तरह अपने होंठो के जाम पिलाती रहना......

शालनी - धत्त बदमाश मई तुम्हारी अम्मी को उम्र की hu...kuchh तो शर्म करो.......

ज़ैद शालनी को कमर से पकड़ कर अपने तरफ खींच लेता है और उसके होंठो के भट करीब अपने होंठ ले जाकर कहत hai........aap मेरी अम्मी की उम्र की हो इसलिए तो मई आप पर फ़िदा हो गया hu.......aap भट खूबसूरत और सेक्सी हो aunty....mann तो कर रहा आपको खा जॉन......
 
शालिनी ज़ैद की आँखों में सेक्सी नज़रो से देखते हुए कहती hai......marungi अभी तुम्हे गंदे कही ke.......zaid अपना एक हाथ शालिनी के कंधे के तरफ से ले जाकर शालनी की बड़ी बड़ी चुकी को ब्लाउज के ऊपर से पकड़ लेता hai......or हल्का दबा देता hai...shalni के मुँह से एक कामुकता भरी सिसकारी निकल जाती है........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद plssssssssssssss मत करो न अजय देख lega......shalni का दूध इतना बड़ा और टाइट था की ज़ैद के पंजो में ठीक से समा नहीं रहा tha.......zaid शालनी को अपने सीने से चिपकाये हुए उसके बूब्स को हल्का हल्का प्रेस कर रहा था और शालनी मदहोश होती जा रही thi.......Shalini अपने कामुक सिसकियों को छह कर व् दबा नहीं पा रही thi....uske मुँह से स्स्स्सस्स्स्साआ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh shhhhhhhiiiiiiiiiii nhiiiiiiiiiii plssssssssssssss aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh स्स्स्सस्स्स्साआआआससेआ की आवाज़ निकल रही थी जिसे अजय आसानी से सुन रहा tha........lekin शालिनी तो सोह रही थी अजय दोनों कानो में एअर बड्स लगाया हुआ है और गण सुन रहा.........





तभी अजय ने लुकिंग मिरर में देखा तो उसका लुंड पंत के अंदर फड़फड़ाने लगा और उसके लुंड में इतना ज्यादा अकड़ आ गया की उसके लुंड में दर्द महसूस होने laga...........zaid ने एक हाथ को अचानक से माँ क ब्लाउज मैं घुसा दिया और दूसरे से अब भी उनकी बड़ी गोल चुकी को मसल रहा था

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और माँ के मुँह से कामुक सिसकियाँ बेतहाशा निकल रही थी ........माँ को व् इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की वो सिर्फ मुँह से नाआआआ nhiiiiiiiiiii plssssssssssssss ज़ैद अजय देख लेगा plssssssssssssss मत karo.........mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ssssshhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh’ बोल रही थी लेकिन ज़ैद से छूटने की ज़रा व् कोशिश नहीं कर रही thi.......maa की मदहोश आंखें बंद thi......maa के रसीले होंठ कैंप रहे थे उनका मुँह कामुकता की वजह से हल्का खुला हुआ था........





मम्मी अपने चेहरे को ऊपर उठा कर ज़ैद की आँखों में एक कामुक नज़र से देखते हुए इशारा करती है........ plssssssssssssss nhiiiiiiiiiii karooooooooooooooo naaaaaaaaaa.............

मम्मी का सेक्सी चेहरा देख कर ज़ैद को और ज्यादा जोश चढ़ने लगता hai.......or ज़ैद मम्मी की आँखों में देखते हुए अपनी नज़र जैसे हे उसके होंठो पर करता है उसके गुलाबी रसीले होंठो को देख कर ज़ैद का पारा चढ़ने लगता hai.......uske दिल की धड़कन बढ़ जाती hai.........zaid अपना एक हाथ मम्मी के चेहरे पर ले जाता है और उसके गलो को सहलाने लगता hai......mummy कसमसाने लगती है..........






इतने में ज़ैद अपना ऊँगली मम्मी के होंठो में रख देता है ....मम्मी तड़प उठती है और आने जिस्म को ज़ैद के तरफ धकेलने लगती hai......zaid अपने उँगलियों से मम्मी के नाजुक रसीले होंठो को छेर्ने लगता hai...sahlane लगता है रगड़ने लगता hai......mummy मदहोशी में mmmmmmmmmmm mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm उम्मम्मम्मम्म करने लगती है.........

ज़ैद उफ्फफ्फ्फ़ आंटी क्या नाजुक और रसीले होंठ है आपके .........कोई 100 साल का बुद्धा व् इन होंठो को देख ले तो उसके व् अरमान जाग uthenge..........bolkar ज़ैद एक हाथ से मम्मी के दूध को ज़ोर ज़ोर से मसलते हुए दूसरे हाथ से मम्मी के होंठो को मसल रहा tha...mummy को अब खुद को रोक पाना असंभव हो चूका tha...........itne में मम्मी ज़ैद के बालो को पकड़ कर उसके होंठो को अपने होंठो में भर ली और बेतहाशा चूसने lagi........jaise आज वो ज़ैद के होंठो को खा हे jaegi........wo सिर्फ चुम नहीं रही थी ज़ैद के होंठो को जैसे एक जोश क साथ खा रही थी.





इतने में मम्मी अपनी झीभ को ज़ैद के मुँह म घुसाने लगी. ज़ैद व् अपनी आखें बंद किये मम्मी की झीभ को अपने मुँह म आने दिया. मम्मी के किश का जवाब नहीं था. ये सब देख कर मेरा लौड़ा हिचकोले खा रहा tha.mummy अपने झीभ से ज़ैद क होंठो को चाट रही थी. मेरे लिए ये पल जैसे एक सपना था.

अपनी किस्मत पर जैसे मुझे खुद को भरोसा नहीं हो रहा था. की आज मई अपनी गदरायी मम्मी को अपने हे दोस्त से कामुक चुदाई दबायी देख रहा था.......





इधर मम्मी पूरा पागल हो चुकी thi.........or ज़ैद को पागलो की तरह किश क्र रही thi.........zaid के थूक को पूरा का पूरा जातक जा रही thi..........uske जी ह को इतना पशनातेली चूस रही थी जैसे मम्मी की छूट में ज़ैद ने आग लगा दी हो........





इतने में डिज्नी लैंड पहुँच गया था........

अजय - लगता है हमारा डेस्टिनेशन आ गया है मम्मी........

अजय की आवाज़ सुन कर शालिनी हड़बड़ा जाती है और जल्दी और जल्दी सा किश तोड़ कर अटेंशन मोड में आ जाती hai.....fir अपने साड़ी ब्लाउज को सही करके बैठ जाती है......
 
अब आएगग्गीीीी........

शालिनी की छूट पूरी गीली हो चुकी थी कार में जो कुछ व् ज़ैद के साथ हुआ था वो शालिनी के दिलो दिमाग में घूम रहा tha...........uski छूट इतना पानी छोर रही थी की पंतय पूरी गीली हो चुकी थी जिसकी वजह से चलने में जब दोनों जांघ आपस में घिस रहे थे तो चिपचिपाहट महसूस हो रहा था और शालिनी की चाल बदल चुकी thi....Shalini अब कुछ ज्यादा हे गांड मटका रही थी ताकि चिपचिपाहट महसूस न ho...........Shalini की गांड इतनी मोती थी की साड़ी पूरी तरह चिपक गयी थी उसके गांड में और एक घड़ा नुमा शेप बन गया था.........





उसके गांड को थिरकन देख कर तो आस पास के सभी मर्दो का लुंड खड़ा हो चूका tha...........Shalini ने इतनी सेक्सी साड़ी पहनी थी की उसक ब्लाउज पीछे से पूरा खुला हुआ था और आगे से भट ज्यादा डीप गाला का था और उसकी चुकी भट ज्यादा सुडोल थी जो ब्लाउज में समा नहीं रही thi.....aisa लग रहा था जैसे ब्लाउज फाड़ कर उसकी दोनों चुकी बहार आने को बेताब है.......





ब्लाउज और पेटीकोट में इतना ज्यादा गैप था की उसकी पूरी पेट नंगी थी और उसकी गहरी नाभि देख कर सभी मर्दो का प्रेकम निकल रहा tha.......jab वो चल रही थी उसकी चर्बीदार कमर जो की पूरी नंगी थी और उसकी चिकनी पीठ वो व् पूरी नंगी थी सिर्फ ब्लाउज का एक दूरी बंधा हुआ tha.........gardan से लेकर निचे गांड के दरार तक शालिनी की पीठ पूरी नंगी thi.........saree को और थोड़ा निचे करने पर शालिनी की गांड की दरार साफ़ दिखने लगती................





उसका खूबसूरत अप्सरा के जैसा चेहरा ऊपर से खुले बाल और उसके रसीले लाल लाल होंठ देख कर सबका लुंड फुंकार मरने लगा था .............शालिनी को मालूम था की सारे मर्द उसके गदराये जिस्म को घर रहे hai......ye शालिनी के लिए कुछ नया नहीं tha......wo जब व् घर से बहार जाती थी उसके गदराये माखन के जैसे जिस्म को सभी मर्द घूरते the........jo की शालिनी को भट ाचा लगता tha.....mardo को अपना जिस्म दिखा दिखा कर उनको तड़पना शालिनी को भट पसंद tha............Shalini जान बुझ कर अपने साड़ी का पल्लू एक साइड करके चलती थी ताकि उसके लौ कट ब्लाउज में से उसकी सुडोल चुकी देख कर मर्दो का लुंड खड़ा हो jaye............Shalini की आंखें इतनी नशीली थी की जिस मर्द को वो सेक्सी नज़र से देख लेती थी वो मर्द दुनिया की साड़ी औरतो को भूल जाता था और शालिनी की आँखों में खो जाता था.........





अजय धीरे धीरे करके चलते हुए शालिनी से पीछे हो जाता है और ज़ैद से लगता है.......

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ यार क्या मस्त गांड है मम्मी का...... बहनचोद ऐसी गांड देख कर हे लुंड खड़ा हो जाता है....

ज़ैद - यार सच कहा तुमने .......उल्टी की गांड भट ज्यादा गदराया हुआ hai......kutiya बना कर छोड़ने में तो मज़ा हे आ जाएगा.......

अपनी मम्मी के बारे इस तरह गन्दी बातें सुनने में अब अजय को भट ज्यादा माज़ आने लगा था.........





शालिनी आगे चली जा रही थी और पीछे अजय ज़ैद शालिनी की गदरायी गांड और नंगी पीठ देख कर जोश में आ रहा था.....

अजय चाहता था की ज़ैद उसकी मम्मी के बारे और ज्यादा गन्दी गन्दी बातें kare.......ajay ज़ैद को कहता है.....

अजय - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ यार क्या मस्त चिकनी कमर है ऊपर से बैकलेस ब्लाउज में तो मम्मी एकदम छुडासी माल लग rahi....man तो कर रहा पीछे से जाकर मम्मी के ब्लाउज की दूरी खोल दू और ज़बान से पूरा पीठ चाट jaun...........or तेरा क्या मन कर रहा (ज़ैद)......

ज़ैद - मेरा व् यही मन कर रहा yar.....kya गदरायी घोड़ी है आंटी मेरा मन तो कर रहा तेरी मम्मी को पटक पटक कर खूब chodu.........or ....

अजय - और क्या ज़ैद....

ज़ैद - छोर न यार कही तू बुरा मान गया तो दिक्कत हो जाएगी.......

अजय - अरे मई नहीं बुरा मानूंगा तुझे जितनी गन्दी बातें करनी है मम्मी के बारे तू कर सकता hai......in फैक्ट मई व् यही चाहता हु की तू जितना ज्यादा गन्दी हो सके इतनी ज्यादा गन्दी बातें कर मेरी मम्मी के बारे...........





ज़ैद मेरा मैं कर रहा आंटी के नंगी पीठ को टच karu.....kisi बहाने.......

अजय - तो जाना kar.....kisne रोका है.......

ज़ैद - दर लगता है यार आंटी बुरा मान गयी तो.......

अजय - अबे यार तू फुद्दू का फुद्दू हे rahega.......pichhe से जाकर मम्मी के चिकनी कमर में एक पिन से चुभा de.....mummy सोचेगी कोई कीड़ा कटा hai..........thik उसी वक़्त तू कहना आंटी हिलना मत एक कीड़ा आपके पीठ में hai....mai आराम से निकलता हु ताकि वो आपको काटे नहीं..........

ज़ैद - जीनियस yar.......tu बस मज़ा देख जहा भीड़ नहीं होगा एकदम सन्नाटा होगा वह पर करता हु.......

ज़ैद ने मौका देख कर शालिनी के पीठ में एक पिन चुभा diya......Shalini उछाल padi.........drd के मारे उसके मुँह से चीख निकल गयी.......

शालनी - uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa.......

शालनी का जिस्म अकड़ सा गया........





शालिनी - आआआआआईईईईई कुछ कटा मुझे aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii भट दर्द हो रहा है उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़

इतने में ज़ैद शालिनी के बगल में खड़ा हो गया और बोलै आंटी हिलयेगा नहीं आपके पीठ में कोई कीड़ा hai.......mai अभी हटा देता हु.......

कीड़ा के नाम से शालनी एकदम से डर gayi...........ooooooooo maaaaaaaaaa keeeeeedaaaaaaaaaa बाआआपपपपप रईईईई plssssssssssssss ज़ैद जल्दी हटाओ भट ज़ोर का काताआए इसने....... plssssssssssssss जल्दी हटाओ naaaaaaaaa.........bolkar शालनी अपनी साड़ी का पल्लू पूरी तरह से अपने जिस्म से हटा देती है और हाथो में थाम लेती है पल्लू ko....jiski वजह से उसका बड़ा बड़ा दूध ब्लाउज से बहार झाँकने लगता hai.......ye देख कर ज़ैद और अजय दोनों के मुँह से लार टपकने लगता hai.........zaid का मन तो करता है शालिनी के दोनों दूध को पकड़ कर मसल दे और मुँह में लेकर चूसने लगे..........

ज़ैद - हिलयेगा नहीं आंटी मई अभी कीड़ा को हटा रहा हु........

बोलकर ज़ैद शालनी के नंगी पीठ पर हाथ फेरने लगता hai........zaid का हाथ जैसे हे शालिनी के जिस्म पर पड़ता है शालिनी मदहोश हो जाती hai........uski आंखें बंद हो जाती है......





ज़ैद - को आंटी मैंने आपके जिस्म से कीड़ा हटा दिया.......

शालिनी ज़ैद को नशीली आँखों से देखते हुए कहती hai.........thanks ज़ैद ...लेकिन दर्द अभी व् कर रहा hai......bht ज़ोर से काटा कमीना कीड़ा.......





ज़ैद - ok आंटी रुको मई अभी आपका दर्द काम कर देता hu......bolkar ज़ैद शालनी के नंगी पीठ को अपने हाथो से सहलाने लगता hai.......zaid के इस तरह नंगी पीठ को सहलाने से शालिनी को जोश चढ़ने लगता hai....ab वो दर्द भूल गयी थी और कामुकता के वजह से शालनी का मुँह खुल चूका tha........shalni अब काम अग्नि में जलने लगी थी ज़ैद के इस तरह पीठ सहलाने se.....zaid इतने सेक्सी अंदाज़ से पीठ सहला रहा था की शालनी का जिस्म कामुकता की आग में जलने लगा था........

शालिनी मदहोशी में कहती है - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसे हे सहलाओ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट रिलैक्स फील हो रहा है तुम्हारे सहलाने से.........

ज़ैद धीरे धीरे सहलाता हुए शालिनी के पूरे नंगे पीठ को सहलाने लगता है और अपने हाथो को शालनी के गांड तक ले जाकर भट आराम से उसे सहला रहा था........





ज़ैद - आंटी ऐसा लगता है कीड़ा ने भट ज़ोर का कटा है आपके पीठ ko......mujhe चूस कर उस कीड़ा का ज़हर निकलना hoga.......aap बास हिलयेगा नहीं......

पीठ में चूसने के नाम से शालनी शर्मा जाती hai.........or नशीली नज़रो से ज़ैद को देखते हुए कहती hai.......kya सच में ऐसा करना पड़ेगा..........

ज़ैद - नहीं करूँगा तो ज़हर बहार नहीं आएगा और आपको ऐसे हे दर्द होरा रहेगा.......





ज़ैद - आपका जिस्म इतना हॉट न सेक्सी है आंटी की कीड़ा व् आपका जिस्म का मज़ा लेने के लिए बेचैन हो गया होगा.....

शालनी - धत्त बदमाश कुछ व् बोलते हो........

ज़ैद - मई सच कह रहा हु aunty...apke जिस्म के जैसा आज तक मैंने तो अपनी ज़िन्दगी में गदराया जिस्म नहीं देखा है.........

ज़ैद की बातों से शालिनी शर्मा सी जाती hai......or वो ज़ैद को मदमस्त निगाहों से देखने लगती hai.......or फिर अपने ब्लाउज के पास हाथ ले जाकर ब्लाउज को थोड़ा एडजस्ट करती hai....jiski वजह से ज़ैद उसके बड़े बड़े चूचियों को घूरने लगता hai.......zaid को इस तरह अपनी चुकी को घूरता देख कर शालनी व् जोश में आने लगती है.....





ज़ैद - तो क्या कहती हो आंटी चूस लू मई inhe.....zaid जान बुझ कर डबल मीनिंग बात करते हुए शालनी की चुकी को घर रहा था.....

शालनी - plssssssssssssss ज़ैद को करना है करो लेकिन मेरा दर्द कम् करो.......

ज़ैद - जो करना है करना है मतलब ......बोलकर ज़ैद एक कातिल मुस्कान देता hai....shalni समझ जाती है ज़ैद कहना क्या चाहता है.......

शालनी - जो करना है का मतलब वो नहीं जो तुम समझ रहे हो badmash....mai सिर्फ ज़हर निकलने की बात कर रही हु.......

ज़ैद - मई व् वही कह रहा हु aunty....lekin आप जो समझ रही हो मई वो व् कर सकता hu...hahahahaha

शालनी एकदम से शर्मा जाती है........





शालनी - अब करो व् या सिर्फ घूरते हे रहोगे........

ज़ैद - आपके जैसी हुस्न की मल्लिका को तो मई मरते दम्म तक घूरता रहूँगा.......

शालनी - plssssssssssssss ज़ैद कुछ करो na......bht दर्द हो रहा है......

ज़ैद - ok आंटी .......बोलकर अपने दोनों हाथो से शालिनी की नंगी कमर पकड़ लेता है ज़ोर se...shalni मदहोश हो जाती hai......pr जैसे हे अपना होंठ शालनी के पीठ पर रखता है शालनी की aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकल जाती है और मदहोशी में आंखें बंद हो जाती है..........





ज़ैद तो जैसे जन्नत की सैर में था ...शालिनी के मल्हन जैसे जिस्म को वो अब चाट रहा tha..........chus रहा tha.....zaid का थूक शालनी महसूस करके पानी पानी हो रही thi...uski छूट पूरी गीली हो चुकी thi....zaid बेतहाशा शालिनी के नंगी पीठ को चूसने जा रहा tha....or अपना गधा गधा थूक शालनी के पूरे पीठ में लगा रहा tha......zaid के थूक को चिपचिपाहट से शालनी इतनी ज्यादा होर्नेय हो चुकी थी की उसके हाथ अपने आप उसकी चुकी के पास जाकर चुकी को सहलाने लगी थी.....
 
अब आएगग्गीीीी.......

ज़ैद भट पशनातेली शालिनी की पीठ को चाट रहा था और बीच बीच में दन्त व् गदा देता था जिससे शालिनी की काम वासना सातवे आसमान पर पहुँच चुकी thi........Shalini की छूट भट ज्यादा गीली हो चुकी thi......chut रस से पूरी पंतय भीग चुकी thi......shalni को ज़ैद का इस तरह पीठ चूसना चेतना और दांत गड़ना भट ज्यादा मदहोश कर रहा tha....zaid का थूक उसके पूरे पीठ को गीला कर चूका tha......zaid के थूक का एहसास अपने पीठ पर शालिनी को काम वासना में और ज्यादा डूबा रहा tha......jiski वजह से शालनी की आंखें बंद थी और उसके मुँह से कामुक सिसकियाँ निकल रही थी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ज़ैद plssssssssssssss अब हो गया naaaaaaaaaaa अब बास karooooooooooooooo naaaaaaaaaaa plssssssssssssss कोई देखेगा तो क्या kahega............ye कहते हुए स शालिनी की आंखें कामुकता की वजह से बंद थी......





ज़ैद फिर व् शालनी की पीठ छाते जा रहा था........ शालिनी के कहने पर व् उसने चूसना नहीं chhora........Shalini को इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की शालिनी नहीं चाहती थी की ज़ैद ruke..........lekin ये पब्लिक प्लेस था इसलिए शालनी को डर व् लग रहा था की कोई देख लेगा तो क्या hoga.......isliye शालनी न चाहते हुए व् ज़ैद की पकड़ से खुद को छुड़ा कर दूर हट जाती है और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगती hai....jiski वजह से उसकी बड़ी बड़ी सुडोल चूचियां ऊपर निचे हो रही thi..........Shalini अपने होंठो को गोल कर के ज़ैद को देखते हुए कहती hai.........tumne तो मेरी जान हे निकाल दी thi...........or शालिनी अपने चुकी के पास हाथ ले जाकर कहती hai.....baap रे कितना तेज़ धड़कन चल रही है मेरी......





ज़ैद - क्या करू आंटी आपका पीठ है या माखन है मुझे समझ हे नहीं आ रहा था ....ऐसा लग रहा था मई आपकी पीठ नहीं माखन चाट रहा hu......itni चिकनी और मुलायम पीठ मैंने आज तक अपनी ज़िन्दगी में नहीं dekhi..........wow आंटी क्या कहती हो आप.....

शालिनी शरमाते हुए आने गाल पर हाथ ले जाती है और एक अदा से कहती है......

वो मई तुम्हे क्यों बताऊ की मई की कहती हु.........

ज़ैद - जब मेरी शादी होगी तो मई व् अपनी वाइफ आपके जैसी गॉर्जियस खोजूंगा .....लेकिन मुझे पक्का यकीं है की आपके जैसी नहीं मिल पाएगी .......आप तो ओने पीेछे हो.......

शालिनी इतराते हुए बोली - ाचा जी अभी से वाइफ का प्लान करने लग गए हो tum...badmash कही के ........वाइफ के नखरे उठाना इतना आसान नहीं है बच्चऊऊऊ........





ज़ैद - वाइफ के नखरे तो क्या मई उसे पूरा का पूरा उठा lunga......hahahahaha

शालनी हँसते हुए - पूरा उठाना और नखरे उठाना में भट फर्क होता hai.......teto तुम्हे तब समझ आएगी जब तुम्हारी शादी hogi......ya कोई गर्लफ्रेंड बनेगी.........

ज़ैद - गर्लफ्रेंड तो मेरे सामने है......

शालनी शरमाते हुए - धत्त बदमाश मई तुम्हारी हु गफ नहीं.......

बोलकर शालनी नशीली आँखों से ज़ैद को देखने लगती hai........or जान बुझ कर अभी तक शालिनी ने अपने साड़ी का पल्लू चुकी पर नहीं ढाका था ताकि ज़ैद को तैसे कर sake........uski बड़ी बड़ी सुडोल चूचियां को घूरते हुए ज़ैद बोलै......





ज़ैद - प्लस न आंटी बन जाओ न मेरी गफ .......मई वडा करता हु आपको कभी मेरे तरफ से कोई व् शिकायत का मौका नहीं मिलेगा.........

शालनी - आखिर तुम मेरे पीछे क्यों पद गए ho......ek से एक जवान और खूबसूरत लड़कियां है दुनिया में ....अपने आगे की लड़की को गफ बनाओ तुम्हे ज्यादा मज़ा आएगा......

ज़ैद - लेकिन मुझे तो ज्यादा आगे की औरतें पसंद है .........चाह कर व् मेरी नज़र लड़कियों के तरफ नहीं jati........or भाभी या आंटी को देखता हु तो ऐसा लगता है की काश ये मेरी गफ hoti......or जबसे आपको देखा हु तबसे तो मुझे और कोई पसंद हे नहीं aegi.....aap मेरी दिलो दिमाग में बास गयी हो ......आपकी खूबसूरती आपका ब्यूटीफुल चेहरा आपके नशीली ऑंखें आपके गुलाबी gaal......apke रसीले नाजुक होंठ आपके रेशमी baal.......apki लचकदार kamar........wo व् इतनी चिकनी की माखन व् आपकी चिकनी कमर के आगे फ़ैल है.......

शालनी अपनी तारीफ सुनकर गदगद हो चुकी thi.......lekin वो चाहती थी ज़ैद उसकी गदर्य जिस्म मतलब बड़ी बड़ी सुफल चुकी और मोती गांड की व् तारीफ kare.......isliye वो ज़ैद को नशीली आँखों से देखते हुए और अपने एक हाथ को चुकी पर ले जाते हुए ज़ैद को तैसे करने लगी और boli......basssssss इतनी हे तारीफ कर पाए मेरा tum.......or अभी भट बाकी है तारीफ karna........apne हाथो के इशारे से शालिनी ज़ैद को अपनी बड़ी बड़ी चूचियों को तारीफ करने का इशारा दे रही thi...zaid शालिनी के इस इशारे को समझ चूका था.........





ज़ैद - आप की तारीफ में जितना व् बोलै जाए वो काम hai.......itni ज्यादा खूबसूरत और हॉट न सेक्सी हो aap........apki बड़ी बड़ी do........bolkar ज़ैद जान बुझ कर रुक जाता है.........

शालिनी ज़ैद को घूरते हुए कहती है - मेरी बड़ी बड़ी दो क्या......?????

ज़ैद - छोड़िये आंटी वर्ण आप बुरा मान जाओगी........

शालनी - नहीं बोलोगे तो बुरा मान jaungi......ab बोलो व्......

ज़ैद - आपकी बड़ी बड़ी दो नशीली आंखें किसी व् मर्द को अपनी और आकर्षित कर लेगा.......

शालिनी मुस्कुराने लगी और बोली - ाचा ji.....mujhe तो आज मालूम padaa......bolkar शालनी हंसने लगती है.......

ज़ैद - और आपकी

शालनी - और मेरी क्या.....

ज़ैद - और आपकी बड़ी बड़ी दोनों सुडोल बूब्स कयामत है .........आज तक मैंने इतने खूबसूरत बूब्स कभी नहीं देखे hai.......or जब आप लम्बी लम्बी साँस लेती हो और आपको दोनों बूब्स जब ऊपर निचे होते है तो मन तो करता है इन्हे खा जॉन.......





शालिनी अब अपनी चूचियों की तारीफ सुन कर एकदम से मदहोश हो चुकी thi.....ab वो चाहती थी की ज़ैद उससे गन्दी गन्दी बातें kare..........wo मदहोशी में अपनी आंखें बंद करके एक लम्बी सांस लेती hai......or अपने चुकी के पास अपना हाथ फेरती hai........bht दिनों के बाद उसके गदराये जिस्म की कोई तारीफ कर रहा tha........wo व् उसके बेटे के उम्र का ladka....shalni की धड़कन बढ़ने लगती hai........uske छूट में फोर्स पानी आने लगता है.......

शालनी - ाचा जी तुमने कब देखा मेरा अंग ......शालनी अब्बी खुल कर बात नहीं कर रही thi........isliye उसने चुकी के जगह अंग का उपयोग किया........

ज़ैद - वही तो नहीं देखा है न aunty......ise देखने के लिए मुझे कुछ व् करना पड़े मई karunga........jab ये ब्लाउज के अंदर इतना सुडोल और सेक्सी दीखता है तो बिना ब्लाउज के अगर मई देखूंगा तो बेहोश हे न हो जॉन मई........





शालनी - धत्त बदमाश कुछ व् बोलते हो.....

ज़ैद - मई सच कह रहा हु aunty.....kasam से आपके बूब्स कमाल के है .....ऐसा लगता है जैसे ब्लाउज फाड़ कर बहार निकल आएंगे........

शालनी - ाचा जी अगर सच में निकल ए तो तुम क्या करोगे.....

ज़ैद - सबसे पहले तो मई अपने पंजो में उसे जकड लूंगा और इतनी ज़ोर ज़ोर से मसलूंगा की दर्द से तड़प उठोगी आप........

ज़ैद की बात सुन कर शालनी का दिल ज़ोरो से धड़कने लगता hai.......use महसूस होने लगता है की ज़ैद उसकी बड़ी बड़ी चूचियां दबा रहा hai........wo आँख बंद करके इमेजिन करने लगती हैंकि वो ज़ैद की बहो में है और ज़ैद उसकी चुकी भट ज़ोर ज़ोर से दबा रहा hai.......or शालनी दर्द से aaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh की आवाज़ निकल रही है.......





शालनी अपने ख्यालों से बहार आते हुए कहती hai...........bht नॉटी हो गए हो tum.......badmash कही ke....apni मम्मी को उम्र की आंटी से ऐसी गंदी बात करते हुए श्रम नहीं अति तुम्हे.........

ज़ैद - जिसके सामने खुद सेक्स की देवी कड़ी हो उसके सामने शर्म कैसी.......

शालनी अपने आप को सेक्स की देवी सुनकर पर ज्यादा होर्नेय होने lagi.....jiski वजह से उसका जिस्म एकदम से टाइट हो gaya.....jism इतना अकड़ गया था की दोनों चुकी बहार निकल गयी थी और गांड पीछे से कुछ ज्यादा उभर गया tha.........aisa लग रहा था जैसे शालिनी छोड़ने के लिए बेताब हो रही है.......





ज़ैद - आपका जिस्म इतना सेक्सी है की क्या बताऊँ mai......man तो कर रहा आपको बहो में भर लू और आपके जिस्म को ऊपर से निचे तक चाट चाट कर गीला कर du.......shalni एक जोर की अंगड़ाई लेती है अपने हाथो को उठा कर.......

शालनी - plssssssssssssss ज़ैद ऐसी बातें मत karo........warna मई बहक जाउंगी......





ज़ैद - आपको बहलाना हे तो है आंटी ji........bolkar ज़ैद शालनी के कम्मर में हाथ रख देता है........

शालनी को जैसे करंट सा लगता है.......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddd......plsssssssss ......मत करो मई तुम्हारी मम्मी जैसी हु..........

ज़ैद - काश आप मेरी मम्मी होती मई तो दिन रात आपको प्यार karta.........apni गफ बना कर.........

शालनी जोश में पागल हो चुकी थी ज़ैद की गन्दी बातो se..........uski आंखें बंद हो चुकी थी ज़ैद के इस तरह कमर में हाथ रखने से.........





शालनी आधा आंख खोल कर ज़ैद को देखती hai......nashili आँखों से..........

ज़ैद समझ जाता है की शालिनी पूरी तरह से होर्नेय हो चुकी है.........

ज़ैद - plssssssssssssss आंटी एक मौका दो न मुझे अपना बर्फ बना लो न..... plssssssssssssss.......

शालनी - ok बाबा ok लेकिन ये बात अजय को पता नहीं चलनी चाहिए...... प्रॉमिस करो.......

ज़ैद झूट का प्रॉमिस कर देता है........





ज़ैद - थैंक यू aunty....you अरे सूऊऊ स्वीट.......

शालनी - वोटो मई हु स्वीट अभी अब्बी तुमने मुझे टेस्ट करके देखा tha....Hehehehehehe....kaisi थी मई स्वीट या कुछ और......

ज़ैद - वोटो मई भूल गया दोबारा चेक करना पड़ेगा........

शालनी - बदमाश कही key......ab कोई टेस्ट नहीं होगा समझे न.........

ज़ैद उसकी कमर पकड़ कर अपने जिस्म से सत्ता लेता है और उसके गलो को चुम लेता hai..........Shalini को जैसे झटका सा लगता hai....ek लड़का उसके बेटे के उम्र का उसके गलों पर किश कर रहा tha....Shalini तो एक्सिटमेंट की वजह से पानी पानी हुए जा रही thi...shalni को समझ में नहीं आ रहा था क्या kare.........uski आंखें और ज्यादा नशीली हो चुकी थी..........



 
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