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- Dec 5, 2013
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सफर :- EPISODE NO 10.
मिश्रा आपने जल फेंक के निकल चूका tha.....yaha....room मैं नम्रता की हालत ख़राब हो चुकी thi....usse समझ नहीं आए रहा था आखिर उसको हो क्या रहा hainnn....aakhir ऐसे क्या चीज hain....joh उससे ....सत्ता रही thi.....par यहाँ मिश्रा की हलकी से जीत हो रही थी.....
नम्रता आपने रूम main....aaake ....दरवाजा बंद कर देती hainnn....aaajka पूरा दीं उसके लाइफ मैं हो रहे ....हलचल का इम्पोर्टेन्ट दीं tha....aisa नहीं था की ....इससे पहले उसने ...ऐसा नहीं किया tha....par....ye वाला अनुभव एकदम अनएक्सपेक्टेड tha.....jisss....insan को उसके papa....aapne पिता सामान मानते hainn....jiss...insan...ne नम्रता को आपने गॉड मैं उठाया tha....usse ...मिश्रा का ये अवतार नम्रता को सत्ता रहा था ...और .....नम्रता उसी हालत main....aaapne सोफे पैन बैठ जाती हैं.....
नम्रता की सांसे ऊपर निचे हो रही thi.....uska मन एक दर और एक मन के अंदर छुपी हुवी काम भावना के बिच झुंज रहा tha.....uske बदन का एक एक अंग उसे काम भावना की और खींच रहा था.....
और दूसरे side....uska dimag....usse सूचित कर रहा था.. .दर का अहसास दिखा रहा था ......पर नम्रता को एक चीज महसूस हो रही thi.....aur....usss दर ke....bhavna पैन ...जीत पाने के लिए वोह चीज काफी thi....aur वोह thi.....kam वासना को भड़काने vala.....mishra का माल .....जोह .... नम्रता के जीन्स के पीछे लगा huva....tha ...और वही नम्रता के कमजोरी का कारन बन सकता था.......
नम्रता को वोह सब पल याद आते hainn....jab पहली बार बिरजू ने लिफ्ट मं उसके गांड पैन माल डाला tha....uske बाद सावला ने भी उसके ....गांड पैन अपना वीर्य छोड़ा tha....par आज का अहसास अलग tha....aaj का आदमी ....कुछ मायने रखता था....
नम्रता :- ( यह ये लोग ऐसे क्यू होते hainnn....kya ...सिर्फ kamvasana.....ke लिए इंसान बदल जाता hainn....ya....koi और चीज hainn....joh बदलाव ...लाती hainn....umm...mujhe क्यू ऐसा लग रहा hainn....main िन्न्न चीजों मैं खींचती जा रही hu....par ये मुझे अलग फील दे रहा hainn...ye सही hain...ya गलत पता नहीं par....abhi...kuch अलग महसूस हो रहा हैंन...)
और नम्रता बैठे बैठे अआपने गांड का गिला pan...aur ...उस महोल main....aaa रहे मिश्रा के वीर्य का अलग सा स्मेल उससे ...मध् होश कर देता हैं...
Aur....uske.... चेरी pain....alag से muskan...cha जाती हैं.......
उसके गांड का उभर और उसके बदन का हर एक part मचल जाता hainn....uski काम वासना की लहर आज आसमान को छू लेती hainnn....aur मन mano.....aapne बदन के और आती अंगार को झलने के लिए मजबूर हो जाता हैं...
और नम्रता कड़ी हो जाती hainnn....aur....yaha से शुरू होता हैं.... नम्रता के कामवासना का सफर......
नम्रता आपने गांड के ऊपर के वीर्य को महसूस करती hainn.....aur आपने अंतर मन का सुनते हुवे ुसस्स काम रास को आपने हटो को पीछे ले जेक चुने की कोशिश करती हैंन......
उसके गोरी गोरी उँगलियों पे मिश्रा का गधा रास लगने लगता hainnn....kya ....कामुक पल था...
नम्रता के उँगलियों को वोह काम रास छू लेता hainnn....aur नम्रता को मनो यकीं होने लगता hainn....uske साथ जोह हो रहा hainn....voh असल मैं हो रहा hainnn.....voh कामुक रास को चुके नम्रता के मन मैं कामवासना की भावना दौड़ने लगती hainnnn.....aur आपने उँगलियों को वोह और आपने गांड पैन घूमने लगती hainnn....joh बोहत हे कामुक था....
नम्रता के खूबसूरत उँगलियाँ अब्ब्ब आपने हे गांड पैन प्यार से घूमने लगी thi....aur......uska बदन जोरो से ऊपर निचे हो रहा tha...aur...man ...मनो वासना के भूक मैं दौड़ रहा था ....
वोह घड़ा huva.....mishra का ...virya....namrta आपने उँगलियों पे लगा लेती hainnn...mano...aapni खूबसूरत उँगलियों से ....voh...usss काम रास को निकल रही हो........
हेरे है नम्रता उस काम वसना मैं वही कर रही thi....joh उससे उस गंदे खेल के और खींच सकता tha....namrta आपने गोर गोर उँगलियों पे वोह रास भर लेती हैंन...
UFFFFFFFFFFF....
नम्रता के मन मैं अब्ब बास काम भावना thi....usko कुछ नहीं पता था की वोह क्या कर रही हैं.... दिवाली के रात से दबी वोह काम वासना ने एक बार फिर आपने रूप निकल लिया था....
और वही huva....joh....hona चाहिए tha.....voh काम रास से भरी ....मिश्रा के वीर्य की ऊँगली को नम्रता आपने
रसीले लाल ोठो पैन रख देती hainnn....ufff....kya कामुक क्षण था....
उसके रसीले ोठो पैन...
मिश्रा के वीर्य का टच hona....boht बड़ी चीज thi....aapne अंकल के वीर्य को नम्रता ....आपने ोठो पे लगा के और कामुक हो रही thi....aur....uske पुरे बदन main....kam वासना बहने लगती हैंन....
अआपने भीगी हुवी ऊँगली ko....namrta आपने मुह्ह मैं दाल देती हैंन..
और issss....prakar इस्सस शेरनी के मुह्ह मैं और एक मर्द का या कहो ...बुड्ढे मर्द का ....वीर्य लग जाता hainnn...aur आपने मुह्ह main..virya को महसूस करते हुवे नम्रता ....अलग हे दुनिया main....kho जाती हैंन....
नम्रता abbb....aapne बदन का जलवा दिखते हुवे खुद से he...garam हो जाती hainnn....aapne ऊँगली को जोर जोर से मुँह मैं डालने लगती hainnn.......ahhhhh...... अंकल ahhhh....uhhhh...ammmm ...नम्रता की सांसे ऊपर निचे होने लगती hainnn.....aur.....usko abb....uss....virya की प्यास लगने लगती hainnn.....voh अपना ...हैट फिर से गांड पैन ले जाती hainnn....aur.....usss वीर्य को उँगलियों से भर लेती hainnn...aur....chatne लगती हैंन....
अआपने मुहहह मैं voh....virya को अंदर तक उतर देती हैंन..
और ऐसा करते वक्त उससे बिरजू के याद आती hainn...ki कैसे उसने उसका लुंड उसके हलक तक दाल दिया tha....aur कैसे उसने पहली बार एक लुंड को देखा tha...aur....chusa tha....usse चीज से नम्रता आपने अंकल का भी .... इमेजिनेशन करती hainnnn....aur....sochti हैं... अंकल का कैसा होगा....
पर तभी ..... नम्रता का फ़ोन बजता हैंन....
सुचिता:- hello बीटा क्या कर रही ho...kuch.....
नम्रता :- kuchhh....nahi ....mom...bas...baithi हु..
सुचिता :- हारे रेडी नहीं हुवी....
नम्रता :- किस्सेस चीज के लिए....
सुचिता :- अंकल ने बताया नहीं tumhe...ham डिनर पैन जा रहे hainn...sath....aur मिश्रा अंकल को कुछ इम्पोर्टेन्ट भी बता न हैंन.... सो रेडी हो जाओ....
नम्रता :- haaaa...accha....
और नम्रता का मन पूरा हिल जाता hainnn...itna सब होने के बाद कैसे वोह ....मिश्रा को फेस कर सकती thi....kaise उसको नजरे मिला सकती थी....
पर तभी .... नम्रता को महसूस होता hainnn...ki ऐसे सिचुएशन को वोह पहले भी संभल चुकी हैंन...
और तभी वासना की लहर उससे बता देती हैंन...
" वासना का शिकार ...वासना से करो...."
और नम्रता ....को मिश्रा अंकल ki.....chote ड्रेस वाली बात .यद् आती hainnn.....aur नम्रता के मन मैं हलकी से मुस्कान आए जाती hainnn....joh बोहत कुछ बयां कर रही thi....mano अब्ब नम्रता इस्सस खेल का मजा ले रही होऊ.....
नम्रता बाथरूम मैं चली जाती hainn....aapne बदन को खोल देती hainnn....aur....garam गरम पानी का अहेसास आपने बदन को देती हैंन.....
और आपने बदन को लिपट के एक टॉवल मैं बहार आ जाती hainnn.....usss....chote से टॉवल के अंदर खूबसूरती का खजाना छुपा huva....tha.....
नम्रता आपने बैग से एक ब्लैक कलर का ड्रेस निकलती hainnn....aaur उससे देख नम्रता शर्मा से जाती hainnn...aur उसके साइन का भर ऊपर निचे हो रहा था ...और आखिर कर नम्रता वोह ड्रेस पहन लेती हैंन.....
और खुद को सामने के बड़े से आयने मैं देखती hainnn....aur उसको एक ....कामुक से शर्म आए जाती hainnn....usse खुद के ऊपर यकीं नहीं hota....ki ऐसा ड्रेस उसने खुद पहना हैंन....
पर आज नम्रता के मन मैं कुछ अलग हे चल रहा था मनो किसी ने उससे वश मैं कर लिया ho....par ऐसा कुछ नहीं था.... नम्रता को सब मालूम था वोह क्या कर रही hainn...bass यकीं नहीं हो रहा था की क्यू कर रही हैंन...
अआपने अंग अंग के गोर बदन को नम्रता आयने मैं देखने लगती hainnn....aur उसकी नजर उसके जांघो और आपने उभरी हुवी गांड पैन जाती hainnn.....aur नशीले आँखों से वोह ुसस्स आयने मैं देखने लगती हैंन....
आपने पिछले भाग को नम्रता ध्यान से देख रही थी....
लग रहा था वोह अपनी पंतय चेक कर रही ho....kahi इस ड्रेस मैं दिख तोह नहीं रही .....पर .....एक बात पक्की thi...aaj कुछ तोह होने वाला tha....q की नम्रता के उस रूप को देख कोण शांत रहने वाला था....
नम्रता को और उक्सुकता लग जाती hainn....aur आपने गांड को वोह और झुका देती hainn....uska ड्रेस अब जांघो से उसके गांड के एकदम बॉर्डर पैन आ जाता हैंन...
UFFFFFFFFFFF नम्रता के ुसस्स रूप को देख मुर्दे का भी पानी निकल जाए......
नम्रता :- मन मैं ( उम् लगता हैं मेरे ड्रेस के अंदर की ब्लैक पंतय दिख रही hainnn.....kya ये सही होगा... पहन कर jana.....mom - डैड कुछ बोलेंगे तोह नहीं वैसे माँ ने तोह है बोलै था इस ड्रेस के लिए पर बड़ी मुश्किल se.....but ये मुझे अच्छा लग रहा hainn...alag फील दे रहा hainnn.....ah पता नहीं था मेरा बदन इतना आकर्षित लगता hainn.....agar इस ड्रेस मैं बाकि लोगो ने देखा होता तोह क्या karte....jaise की सावला चाचा... बिरजू baba....aur कॉलेज के ladke......ufff मैं सोच भी नहीं सकती.....)
और नम्रता के चेहरे पैन कामुक से मुस्कान आए जाती हैंन.....
अगर कुछ गिर गया और मुझे झुकना pada....toh ?
कुछ दिखाएगा तोह नहीं..... चेक करती होऊ...
और नम्रता ुसस्स आयने के सामने अपनी गांड को बहार निकल के पूरा झुक जाती हैंण्ण्न....
मिश्रा आपने जल फेंक के निकल चूका tha.....yaha....room मैं नम्रता की हालत ख़राब हो चुकी thi....usse समझ नहीं आए रहा था आखिर उसको हो क्या रहा hainnn....aakhir ऐसे क्या चीज hain....joh उससे ....सत्ता रही thi.....par यहाँ मिश्रा की हलकी से जीत हो रही थी.....
नम्रता आपने रूम main....aaake ....दरवाजा बंद कर देती hainnn....aaajka पूरा दीं उसके लाइफ मैं हो रहे ....हलचल का इम्पोर्टेन्ट दीं tha....aisa नहीं था की ....इससे पहले उसने ...ऐसा नहीं किया tha....par....ye वाला अनुभव एकदम अनएक्सपेक्टेड tha.....jisss....insan को उसके papa....aapne पिता सामान मानते hainn....jiss...insan...ne नम्रता को आपने गॉड मैं उठाया tha....usse ...मिश्रा का ये अवतार नम्रता को सत्ता रहा था ...और .....नम्रता उसी हालत main....aaapne सोफे पैन बैठ जाती हैं.....
नम्रता की सांसे ऊपर निचे हो रही thi.....uska मन एक दर और एक मन के अंदर छुपी हुवी काम भावना के बिच झुंज रहा tha.....uske बदन का एक एक अंग उसे काम भावना की और खींच रहा था.....
और दूसरे side....uska dimag....usse सूचित कर रहा था.. .दर का अहसास दिखा रहा था ......पर नम्रता को एक चीज महसूस हो रही thi.....aur....usss दर ke....bhavna पैन ...जीत पाने के लिए वोह चीज काफी thi....aur वोह thi.....kam वासना को भड़काने vala.....mishra का माल .....जोह .... नम्रता के जीन्स के पीछे लगा huva....tha ...और वही नम्रता के कमजोरी का कारन बन सकता था.......
नम्रता को वोह सब पल याद आते hainn....jab पहली बार बिरजू ने लिफ्ट मं उसके गांड पैन माल डाला tha....uske बाद सावला ने भी उसके ....गांड पैन अपना वीर्य छोड़ा tha....par आज का अहसास अलग tha....aaj का आदमी ....कुछ मायने रखता था....
नम्रता :- ( यह ये लोग ऐसे क्यू होते hainnn....kya ...सिर्फ kamvasana.....ke लिए इंसान बदल जाता hainn....ya....koi और चीज hainn....joh बदलाव ...लाती hainn....umm...mujhe क्यू ऐसा लग रहा hainn....main िन्न्न चीजों मैं खींचती जा रही hu....par ये मुझे अलग फील दे रहा hainn...ye सही hain...ya गलत पता नहीं par....abhi...kuch अलग महसूस हो रहा हैंन...)
और नम्रता बैठे बैठे अआपने गांड का गिला pan...aur ...उस महोल main....aaa रहे मिश्रा के वीर्य का अलग सा स्मेल उससे ...मध् होश कर देता हैं...
Aur....uske.... चेरी pain....alag से muskan...cha जाती हैं.......
उसके गांड का उभर और उसके बदन का हर एक part मचल जाता hainn....uski काम वासना की लहर आज आसमान को छू लेती hainnn....aur मन mano.....aapne बदन के और आती अंगार को झलने के लिए मजबूर हो जाता हैं...
और नम्रता कड़ी हो जाती hainnn....aur....yaha से शुरू होता हैं.... नम्रता के कामवासना का सफर......
नम्रता आपने गांड के ऊपर के वीर्य को महसूस करती hainn.....aur आपने अंतर मन का सुनते हुवे ुसस्स काम रास को आपने हटो को पीछे ले जेक चुने की कोशिश करती हैंन......
उसके गोरी गोरी उँगलियों पे मिश्रा का गधा रास लगने लगता hainnn....kya ....कामुक पल था...
नम्रता के उँगलियों को वोह काम रास छू लेता hainnn....aur नम्रता को मनो यकीं होने लगता hainn....uske साथ जोह हो रहा hainn....voh असल मैं हो रहा hainnn.....voh कामुक रास को चुके नम्रता के मन मैं कामवासना की भावना दौड़ने लगती hainnnn.....aur आपने उँगलियों को वोह और आपने गांड पैन घूमने लगती hainnn....joh बोहत हे कामुक था....
नम्रता के खूबसूरत उँगलियाँ अब्ब्ब आपने हे गांड पैन प्यार से घूमने लगी thi....aur......uska बदन जोरो से ऊपर निचे हो रहा tha...aur...man ...मनो वासना के भूक मैं दौड़ रहा था ....
वोह घड़ा huva.....mishra का ...virya....namrta आपने उँगलियों पे लगा लेती hainnn...mano...aapni खूबसूरत उँगलियों से ....voh...usss काम रास को निकल रही हो........
हेरे है नम्रता उस काम वसना मैं वही कर रही thi....joh उससे उस गंदे खेल के और खींच सकता tha....namrta आपने गोर गोर उँगलियों पे वोह रास भर लेती हैंन...
UFFFFFFFFFFF....
नम्रता के मन मैं अब्ब बास काम भावना thi....usko कुछ नहीं पता था की वोह क्या कर रही हैं.... दिवाली के रात से दबी वोह काम वासना ने एक बार फिर आपने रूप निकल लिया था....
और वही huva....joh....hona चाहिए tha.....voh काम रास से भरी ....मिश्रा के वीर्य की ऊँगली को नम्रता आपने
रसीले लाल ोठो पैन रख देती hainnn....ufff....kya कामुक क्षण था....
उसके रसीले ोठो पैन...
मिश्रा के वीर्य का टच hona....boht बड़ी चीज thi....aapne अंकल के वीर्य को नम्रता ....आपने ोठो पे लगा के और कामुक हो रही thi....aur....uske पुरे बदन main....kam वासना बहने लगती हैंन....
अआपने भीगी हुवी ऊँगली ko....namrta आपने मुह्ह मैं दाल देती हैंन..
और issss....prakar इस्सस शेरनी के मुह्ह मैं और एक मर्द का या कहो ...बुड्ढे मर्द का ....वीर्य लग जाता hainnn...aur आपने मुह्ह main..virya को महसूस करते हुवे नम्रता ....अलग हे दुनिया main....kho जाती हैंन....
नम्रता abbb....aapne बदन का जलवा दिखते हुवे खुद से he...garam हो जाती hainnn....aapne ऊँगली को जोर जोर से मुँह मैं डालने लगती hainnn.......ahhhhh...... अंकल ahhhh....uhhhh...ammmm ...नम्रता की सांसे ऊपर निचे होने लगती hainnn.....aur.....usko abb....uss....virya की प्यास लगने लगती hainnn.....voh अपना ...हैट फिर से गांड पैन ले जाती hainnn....aur.....usss वीर्य को उँगलियों से भर लेती hainnn...aur....chatne लगती हैंन....
अआपने मुहहह मैं voh....virya को अंदर तक उतर देती हैंन..
और ऐसा करते वक्त उससे बिरजू के याद आती hainn...ki कैसे उसने उसका लुंड उसके हलक तक दाल दिया tha....aur कैसे उसने पहली बार एक लुंड को देखा tha...aur....chusa tha....usse चीज से नम्रता आपने अंकल का भी .... इमेजिनेशन करती hainnnn....aur....sochti हैं... अंकल का कैसा होगा....
पर तभी ..... नम्रता का फ़ोन बजता हैंन....
सुचिता:- hello बीटा क्या कर रही ho...kuch.....
नम्रता :- kuchhh....nahi ....mom...bas...baithi हु..
सुचिता :- हारे रेडी नहीं हुवी....
नम्रता :- किस्सेस चीज के लिए....
सुचिता :- अंकल ने बताया नहीं tumhe...ham डिनर पैन जा रहे hainn...sath....aur मिश्रा अंकल को कुछ इम्पोर्टेन्ट भी बता न हैंन.... सो रेडी हो जाओ....
नम्रता :- haaaa...accha....
और नम्रता का मन पूरा हिल जाता hainnn...itna सब होने के बाद कैसे वोह ....मिश्रा को फेस कर सकती thi....kaise उसको नजरे मिला सकती थी....
पर तभी .... नम्रता को महसूस होता hainnn...ki ऐसे सिचुएशन को वोह पहले भी संभल चुकी हैंन...
और तभी वासना की लहर उससे बता देती हैंन...
" वासना का शिकार ...वासना से करो...."
और नम्रता ....को मिश्रा अंकल ki.....chote ड्रेस वाली बात .यद् आती hainnn.....aur नम्रता के मन मैं हलकी से मुस्कान आए जाती hainnn....joh बोहत कुछ बयां कर रही thi....mano अब्ब नम्रता इस्सस खेल का मजा ले रही होऊ.....
नम्रता बाथरूम मैं चली जाती hainn....aapne बदन को खोल देती hainnn....aur....garam गरम पानी का अहेसास आपने बदन को देती हैंन.....
और आपने बदन को लिपट के एक टॉवल मैं बहार आ जाती hainnn.....usss....chote से टॉवल के अंदर खूबसूरती का खजाना छुपा huva....tha.....
नम्रता आपने बैग से एक ब्लैक कलर का ड्रेस निकलती hainnn....aaur उससे देख नम्रता शर्मा से जाती hainnn...aur उसके साइन का भर ऊपर निचे हो रहा था ...और आखिर कर नम्रता वोह ड्रेस पहन लेती हैंन.....
और खुद को सामने के बड़े से आयने मैं देखती hainnn....aur उसको एक ....कामुक से शर्म आए जाती hainnn....usse खुद के ऊपर यकीं नहीं hota....ki ऐसा ड्रेस उसने खुद पहना हैंन....
पर आज नम्रता के मन मैं कुछ अलग हे चल रहा था मनो किसी ने उससे वश मैं कर लिया ho....par ऐसा कुछ नहीं था.... नम्रता को सब मालूम था वोह क्या कर रही hainn...bass यकीं नहीं हो रहा था की क्यू कर रही हैंन...
अआपने अंग अंग के गोर बदन को नम्रता आयने मैं देखने लगती hainnn....aur उसकी नजर उसके जांघो और आपने उभरी हुवी गांड पैन जाती hainnn.....aur नशीले आँखों से वोह ुसस्स आयने मैं देखने लगती हैंन....
आपने पिछले भाग को नम्रता ध्यान से देख रही थी....
लग रहा था वोह अपनी पंतय चेक कर रही ho....kahi इस ड्रेस मैं दिख तोह नहीं रही .....पर .....एक बात पक्की thi...aaj कुछ तोह होने वाला tha....q की नम्रता के उस रूप को देख कोण शांत रहने वाला था....
नम्रता को और उक्सुकता लग जाती hainn....aur आपने गांड को वोह और झुका देती hainn....uska ड्रेस अब जांघो से उसके गांड के एकदम बॉर्डर पैन आ जाता हैंन...
UFFFFFFFFFFF नम्रता के ुसस्स रूप को देख मुर्दे का भी पानी निकल जाए......
नम्रता :- मन मैं ( उम् लगता हैं मेरे ड्रेस के अंदर की ब्लैक पंतय दिख रही hainnn.....kya ये सही होगा... पहन कर jana.....mom - डैड कुछ बोलेंगे तोह नहीं वैसे माँ ने तोह है बोलै था इस ड्रेस के लिए पर बड़ी मुश्किल se.....but ये मुझे अच्छा लग रहा hainn...alag फील दे रहा hainnn.....ah पता नहीं था मेरा बदन इतना आकर्षित लगता hainn.....agar इस ड्रेस मैं बाकि लोगो ने देखा होता तोह क्या karte....jaise की सावला चाचा... बिरजू baba....aur कॉलेज के ladke......ufff मैं सोच भी नहीं सकती.....)
और नम्रता के चेहरे पैन कामुक से मुस्कान आए जाती हैंन.....
अगर कुछ गिर गया और मुझे झुकना pada....toh ?
कुछ दिखाएगा तोह नहीं..... चेक करती होऊ...
और नम्रता ुसस्स आयने के सामने अपनी गांड को बहार निकल के पूरा झुक जाती हैंण्ण्न....