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सफर :- EPISODE NO :-12.
थे लास्ट EPISODE ऑफ़ सफर सीरीज...........
अआपने बदन के तड़प को नम्रता आअज बीएड पैन ला चुकी thi....uski खुली छूट अभी भी गरम होक नंगी थी...
उसके सामने उसके दादाजी के उम्र का बुद्धा नंगा उसके बदन के मजे लूट रहा था ....
काम वासना के हवस मैं डूबा ये डोह जिस्मो का खेल अब्ब्ब इस्सस रात को यादगार बना रहा था .....
आपने हैट से मुठ मर रहा मिश्रा आपने लुंड को नम्रता का पूरा बदन दिखा रहा था ..
और तभी.... नम्रता को अपनी जांघो के बिच ...कुछ गरम गरम सा महसूस होता हैंन....
नम्रता :- aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhh....
अब्बब्बब्ब ाआगे...............
अआपने कमसिन बदन को लेके कामदेवी जैसी नम्रता उससस बीएड पैन मनो किसी नूर की तरह लग रही थी उसकी खूबसूरती मनो आसमान को छू रही थी और इतनी बड़ी पारी एक बुड्ढे के सामने आपने इस्सस खूबसूरत बदन को लुटा रही थी ........
मिश्रा की ाआँखे िस्स्सस्स कामदेवी को पूरी तरह से नंगा कर रहे थे भला किसको ये सन पसंद नहीं aayega.......aur लुंड का तोह कोई काबू हे नहीं था वोह खुल्ला लुंड इस्सस नम्रता नाम के काम देवी को देख फड़फड़ा रहा था... मिश्रा का खुल्ला लुंड अभी भी लीव की तरह नम्रता के नंगे छूट की तरफ इशारा कर रहा था......
और तभी काम वासना मैं दुबे नम्रता को आपने गहराई मैं कुछ गरम गरम सा महसूस होता hainnn....aapne दोनों जांघो के बिच कुछ हरकत महसूस होती hainnn....kam वासना की लहर उसके जांघो को एक संवेदना देने लगती hainnnn....aur झट से उसकी आँखे खुल जाती हैंण्ण्न....
उसको दीखता hain....uske गोर गोर जांघो के बिच उसके अंकल का कला कला कड़क सा हैट छेड़खानी कर रहा hainnn...par इस बार मामला गंभीर था क्यू की उसको मिश्रा का हिलता डुलता गरम होता huva...lohe जैसा लुंड भी दिखाई देता hainnn...joh देख नम्रता शर्म जाती hainn.....aaaj पहली बार वोह नंगे बुड्ढे को देख रही thi....aur पहली बार किसी लुंड को उछलता देखा था.......
और यहाँ मिश्रा का कड़क हैट नम्रता के छूट के यहाँ हरकत करने लगता hainnn...chut की गहराई को नापने के लिए मिश्रा ये हरकत कर रहा था....
नम्रता की दोनों आँखे बंद हो जाती hainnn....aapne अंकल का हॉट आपने छूट के यहाँ पाके एक अलग से गर्मी उसके छूट मैं भड़क जाती hainnnn....aur एक कोमल से सिसकारी उसके मुहहह से निकलती हैंन..
ुह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह ुह्ह्ह्ह........
मिश्रा :- अह्हह्ह्ह्ह नामु ....यह तुम्हारे इस खूबसूरत जिस्म मैं मनो मैं डूब सा गया hu....uhhh जाएं ...ये गर्मी ahhh....beta...ah ...
और ये सब कहते हुवे मिश्रा को नम्रता के छूट का दरवाज़ा मिल जाता hainnn...usss कोमल से नाजुक से गुलाबी पंखो के बिच मिश्रा को आमंत्रण दे रहा छूट का कोमल होल ..... खुल जाता hainnn....aur अपनी एक ऊँगली मिश्रा उससे छूट मैं घुसा देता हैंन...
नम्रता :- ahhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhh......
ुस्स्सस्स्स्स कोमल आवाज मैं एक अलग सा मजा था ....एक नशीला दर्द....
मिश्रा :- अह्हह्ह्ह्ह jaan...kya मलाई दर छूट hainnn...meri jaaan...uhhhh
नम्रता :- अह्ह्ह्हह अंकल ुह्ह्ह्ह उम्मम्मम
नम्रता के चेहरे पैन एक अलग से भाव थे...
Mishra....abbb....aapni दो उँगलियों को आगे करता hainnn...aur दोनों उँगलियों को उससस कोमल गुलाबी छूट मैं रोड देता हैंन.....
वोह देख...... नम्रता की मनो जान निकल जाती hainnnn...aur....pachhhhhhhhhh सा आवाज आने लगता हैंण्ण्न.... UFFFFFFFFFFF ....
ुस्स्सस्स कोमल छूट का ठंडा गरम सा काम रास उससस छूट मैं घुस रहे उँगलियों को भिगो देता हैंन...
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
अब्बब्बब्बब नम्रता की कमर मिश्रा जे उँगलियों पे नाच रही thi......uske कमर का झटका धीरे धीरे बढ़ने लगा था नम्रता के छूट का गरम सा काम रास मिश्रा के उँगलियों को भिगो रहा था........ नम्रता के कोमल छूट से एक मधुर सा आवाज आने लगा tha.....aur छूट का गुलाबी रंग उसने और आएग दाल रहा था...... .......
नम्रता :- ahhhhhhhhhhh ुह्ह्हह्ह्ह्ह maaaa....ummmmmm
मिश्रा का जोर नम्रता का कामुक आवाज सुन बढ़ जाता hainnnn....aur अआपने दोनों उँगलियों को अब्ब्ब वोह जोर जोर से छूट मैं घुसाने लगता हैंण्ण्न....
नम्रता :- अह्ह्ह्हह उम्मम्मम no अह्ह्ह अह्ह्ह no...ahhh
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह क्या मक्खन जैसे छूट hainn...ahhh आअज तोह मजा आने वाला hainnn....uhhhhhh
और तभी मिश्रा आपने हैट की तीसरी ऊँगली को छूट मैं घुसाने लगता hainnn....aur बड़े बड़े कड़क हैट की तीसरी ऊँगली नम्रता के छूट मैं भूकंप मचा देती हैंन..
नम्रता :- अह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhh नहीं अह्ह्ह्हह्हह नहीं अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh
नम्रता की वोह चीख पुरे रूम मैं गूंज उठती hainnnn....aur उसके चेहरे का दर्द साफ बात देता hainnn...ki छूट मैं कितना दर्द हो रहा हैंण्ण्ण्न
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह शांत हो जा ....beta....aaapne अंदर मेरे उँगलियों को महसूस कर अहह नामु
नम्रता :- अह्हह्ह्ह्ह उम्मम्मम्मम्म
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह बीटा अह्ह्ह्हह तेरी गहराई मुझे महसूस हो रही हैं जान ....ahhhhhh....ummmm
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh अह्हह्ह्ह्ह
नम्रता अब्ब्ब्ब दर्द से अपनी दोनों टंगे ऊपर कर देती hainnnn....aaaur अआपने पीछे जे बीएड को सात जाती हैंण्ण्ण्न..
नम्रता की टंगे खुली देख मिश्रा और तप जाता hainnn....aur नम्रता के दर्द भरे चेरी को गौर से देखने लगता हैंन......
नम्रता :- उम्मम्मम्म ouchhhhhhhhhh अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम धीरे अह्ह्ह उम्म्म
Pachchhhh.....pachh...pach.....
नम्रता का वोह कामुक रूप किसी को भी झड़ने को मजबूर कर दे उसकी कोमल से aavaj......sidha लुंड को संवेदना दे रही thi.....aur छूट की गर्मी मनो आसमन को फाड् रही थी....
तभी मिश्रा को अआपने उँगलियों पे गरम गरम सा महसूस होता hainn....kam वासना मैं डूबी नम्रता का कामर्स लावे की तरह मचल रहा था.....
मिश्रा :- अह्हह्ह्ह्ह बीटा कितना गरम हैं तुम्हारा सब kuch....ahhhhh
नम्रता :- अह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh आआह्ह
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह क्या आवाज हैं तुम्हारी एक नशा हैं तुझ मैं नामु अहह जाएं ...अह्ह्ह
मिश्रा की तेजी और बढ़ जाती hainnn....aur कामर्स के वजह से एक अलग हे आवाज होने लगती hain....ek अलग गरमी पैदा होती हैं
थोड़ी थोड़ी नम्रता की बूंदे मिश्रा के हैट से होक गिर रही thi.....aur नम्रता जोर जोर से ाआहे भर रही थी....
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह इस्सस मॉल की कीमत बोहत hainn....isse ऐसे नहीं गवा sakta....uhhhhhhh
और मिश्रा .... नम्रता के टैंगो को फैला के आपने पूरा मुहहह उसके जांघो मैं घुसा देता हैंण्ण्न...
नम्रता को वोह सब महसूस होता hainn...aur वोह अपनी आँखे खोल देती हैंण्ण्न....
अआपने जांघो मैं बुड्ढे का सर उसको अलग हे अहसास देता हैंन...
मिश्रा आपने मुह्हह्ह सीधा नम्रता के गरम छूट पैन रख देता हैंण्ण्न...
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कितनी गरम hainn...ah मजा aagaya.....kya छूट हैं तेरी....
अह्ह्ह्हह्हह ुस्सस्स्स्स कामुक पल से नम्रता के काम रास को आजादी मिलती hainnn....aur थोड़ा थोड़ा कर के वोह बहने लगता हैंण्ण्न...
मिश्रा अपनी जबान ुस्स्सस्स कोमल काली के छूट के पंखो मैं घुसा देता hainnn....usss छूट को चाटने लगता hainnn....uske गहराई मैं डूबने लगता हैंण्ण्न...
ुस्स्सस्स कामुकता से पागल हो रही नम्रता आपने बदन को कण्ट्रोल करने लगती hainnn....ek अलग सा करंट उसके बदन पैन राज कर रहा था.... एक चिंगारी भड़क रही thi....ek आएग छूट मैं बह रही थी......
नम्रता :- अह्ह्ह्ह अंकल ुह्ह्ह्ह ahhhhh....ahhhmmm..ahhhh...ahhhhhh उम्म्म्म
नम्रता आपने कामवासना को अब्ब्ब्ब खुल के बहार निकलने लगती हैंण्ण्न...
वोह आपने हैट .......व्याकुलता से..... मिश्रा के सर पर रख देती hainnnn....aur छूट चाट रहे मिश्रा के सर को सहलाने लगती हैंण्ण्न.......
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह जान ये हुवी न बात अह्हह्ह्ह्ह महसूस करो मेरी रानी ahhhhh...ummmmm.....beta...
नम्रता :- अह्ह्ह्हह्हह ouchhhhhhhhhh अह्हह्ह्ह्ह
मिश्रा अब्ब्ब नम्रता के छूट को काटने कुरेदने लगता हैंण्ण्ण्न.....
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh धीरे अह्ह्ह्हह ...
UFFFFFFFFFFF क्या सन था.... नम्रता और मिश्रा की काम वासना इस्सस से उफान के बहार आए रही थी.....
अब्बब्बब धीरे धीरे मिश्रा ुसस्स छूट को चूमने और किसिंग करने लगता hainnn....mano वोह नम्रता को कण्ट्रोल कर रहा हो..... नम्रता भी उसको रिस्पांस कर के सर को सेहला रही thi.....usko आपने छूट मई. एक अलग सी गुदगुदी महसूस हो रही थी......
नम्रता :- aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhh...um
छूट का रास चूसने मैं मिश्रा को बड़ा मजा आआ रहा था.... par.....abbb.....time tha.....kuch ....तूफान लाने का जोह दोनों को भिगो के रख देता और काम वासना के इस्सस लहर को अंतिम सुख तक पोहचा देता .......
मिश्रा अब्बब्बब नम्रता के छूट पैन आपने मुह्हह्ह से जोर जोर से वर करने लगता hainnn....uski तलवार जैसे जीभ नम्रता के छूट के गहराई मैं गोते खाने लगती hainnnn......jibh का हर एक वर नम्रता के कोमल से पंखो पैन हो रहा tha....uske छूट का कामर्स सीधा मिश्रा के मुहहह मैं जा रहा था.....
मिश्रा अब्ब्ब पागलो की तरह छूट को कुत्ते जैसा चाटने लगता हैंण्ण्न..... मिश्रा की कुत्ते जैसे हरकत देख नम्रता भी मचल जाती hainnnn....chut का करंट उससे भी पागल बना देता हैंण्ण्न....
नम्रता :- अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह ouchhhhhhhhhh उम्म्म
अब्ब्बें दोनों भी कामवासना के शिखर पैन थे ......दोनों की भी मस्ती ने अब्ब्ब ....... बेशरम रूप धारण कर लिया था
अब्बब्बब नम्रता के सांसे बोहत गरम हो चुकी थी छूट की हर एक सिसक आपने दिल तक पोहच रही thi.....aaur ....मिश्रा के लुंड का sikudna....uske पुरे बुड्ढे बदन को जवान बना रहा था....
पर उससे पहले मिश्रा को कुछ सूझता हैंन....
मिश्रा नम्रता के छूट से मुह्ह हटा देता hainnn.....aur नम्रता के खुल्ले बदन की और मूड जाता हैंण्ण्न....
वोह नम्रता की चढाई करने लगता हैंन.....
मिश्रा का बुद्धा बदन नम्रता के कमसिन बदन के काफी पसस था...... मिश्रा को आपने पास आता देख नम्रता को ऑक्वर्ड लग रहा था पर बदन की गर्मी उससे भी महसूस हो रही थी..........
मिश्रा आपने एक हैट नम्रता के छूट पर हे रखता hainnn.....chut को मनो वोह सेहला रहा ho.....aur नम्रता के बदन की तरफ बढ़ जाता हैंण्ण्न......
नम्रता के कमसिन ोठो की खूबसूरती पर उसका मन आए जाता hainnnn.....uske लिप्स का .... मदहोश करने वाला रंग उससे पागल बना देता hainnn...m
उसका खड़ा लुंड अब्ब्ब ..... नम्रता के बदन को टच होने लगता हैंण्ण्न..
छूट के ऊपर के थपकियो से नम्रता बहक रही थी .....और यहाँ.... मिश्रा नम्रता के मुहहह के करीब जा रहा tha.....ek कमसिन सुगंध थी ुन्नन ोठो मैं एक अलग सा नशा tha....un....gulabi ोठो मैंन.....
नम्रता की आंखे बंद थी उसकी एक तंग कैसे मिश्रा के तंग पैन गयी उससे भी पता नहीं chala......uska गोरा बदन अभी भी अपनी महक छोड़ रहा tha.....band आँखों पैन अभी भी नमी thi......aur छूट मैं अभी भी आग thi....aur उसमे तेल डालने का काम मिश्रा का कड़क हैट कर रहा था.....
नम्रता को अआपने चेरे पैन गरम गरम सांसो का अहसास होता hainnnn.....ek अलग से गंध उससे महसूस होती hainnm...jaise की सिग्रेटे की स्मेल ho......voh गरम सांसे अब्ब्ब उसके ोठो के नजदीक आआ रही थी..... नम्रता को वोह गरम अहेसास और गरम बना रहा था....
पर तभी उसकी आंख खुलती hainnn....aur मिश्रा का फेस सामने देख .......मुहहह बाजु कर देती hainnnn.....aur जोर से बोलती हैंन....
नम्रता :- उम्मम्मम no..... अंकल अह्ह्ह नहीं.....
नम्रता की ऐसे नाराजगी देख मिश्रा को ग़ुस्सा आता hainnn.....par कर भी क्या सकता tha....tabhi उससे आपने लुंड नम्रता के बदन पैन घिसता हुवा महसूस होता hainnn....aur ....लुंड का टोपा नम्रता के गोर गोर जांघो को चूमने लगता हैंन...
नम्रता को भी आपने जांघो पैन अलग सा अहसास होता हैंन.....
और तभी ......kamina....mishra apna....hat ... नम्रता के हटो मैं लेता hainn....aur नम्रता का हैट आपने गरम से लवडे पैन रख देता हैंण्ण्न ......
नम्रता के नाजुक से हटो मैं वोह गरम लुंड आए जाता हैंन...
UFFFFFFFFFFF गोर गोर हटो मैं वोह बुद्धा लुंड फैन फ़ना जाता hainnn......ek लावे जैसा तप जाता हैंन... नम्रता को बोहत अजीब सा लग रहा था पर ये उसका दूसरा टाइम था पहले भी वोह लुंड को पकड़ चुकी थी.....
नम्रता के हैट मैं आपने उफनते लुंड को देख मिश्रा काफी उत्तेजित हो जाता hainnn...uska अंग अंग मचल जाता हैंन.... नम्रता के छूट पैन रखा हैट पागल हो जाता हैं नम्रता के छेद को वोह. हैट पूरा कुरेद देता हैंण्ण्ण्न ....
नम्रता आपने छूट पे हुवे अचानक हमले को सेह नहीं पति उसकी चीख निकल जाती हैंण्ण्न
नम्रता :- ahhhhhhhhhh माँ ....मर gayi....uhhhhhh
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह बीटा मर मत ...जान हैं तू मेरी.
नम्रता :- ुह्ह्हह्ह्ह्ह no अंकल नहीं धीरे अह्ह्ह्हह
मिश्रा :- अह्हह्ह्ह्ह abbbb....dhire का वक्त नहीं रहा. .जान
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh रुक जा ...ahhhh...nahi...maaa
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह मादरचोद माँ ma..mat कर अह्ह्ह्हह
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh गली क्यू दे रहे हो अंकल उह्ह्ह
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह तू हैं हे इतनी maal....kamuk अह्ह्ह्ह
नम्रता :- अह्ह्ह्हह UFFFFFFFFFFF.....
मिश्रा :- मेरा सिर्फ हैट मैं पकडे गई या कुछ करेगी भी साली अह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़
और तभी नम्रता मिश्रा के लुंड को जोर जोर से दबाने लगती हैंण्ण्न....
अह्ह्ह्ह कामिनी अह्हह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh रूक ...हहहह
मिश्रा को बड़ा हे अच्छा लग रहा था एक कामदेवी के हैट मैं उसका लुंड मसल रहा था....
नम्रता :- ुह्ह्हह्ह अब रूक जाओ न...
और तभी मिश्रा नम्रता के छूट को जोरो जोरो से मसलने लगता hainn....jisse मैं नम्रता के छूट की चमड़ी बुरी तरह मसल जाती हैंण्ण्न...
नम्रता :- UFFFFFFFFFFF fuckkkkkkkkkk अहह no...
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह जान तोह अंग्रेजी गली आती हैं तुझे अह्ह्ह्ह
नम्रता :- उम्म्म्म nnnn...nahi...ahhhhhhh
मिश्रा :- दे और अह्ह्ह्ह de......dekh तेरी छूट को पूरा रोड diya....ahhhhh
नम्रता :- uhhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhh फुकककककक अह्ह्ह्हह्हह uhhhhhhhhhh धीरे ahhhhhhhhhh
नम्रता की हालत पूरी ख़राब हो चुकी थी उसकी छूट ुसस्स दर्द से पूरी लाल हो चुकी थी पर चेरे का दर्द अभी भी वासना का था
ुसस्स जवान कोमल चेहरे पैन अभी ुह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ क्या वासना thi.......usss कोमल से हैट मैं वोह लुंड क्या लग रहा था.........
थे लास्ट EPISODE ऑफ़ सफर सीरीज...........
अआपने बदन के तड़प को नम्रता आअज बीएड पैन ला चुकी thi....uski खुली छूट अभी भी गरम होक नंगी थी...
उसके सामने उसके दादाजी के उम्र का बुद्धा नंगा उसके बदन के मजे लूट रहा था ....
काम वासना के हवस मैं डूबा ये डोह जिस्मो का खेल अब्ब्ब इस्सस रात को यादगार बना रहा था .....
आपने हैट से मुठ मर रहा मिश्रा आपने लुंड को नम्रता का पूरा बदन दिखा रहा था ..
और तभी.... नम्रता को अपनी जांघो के बिच ...कुछ गरम गरम सा महसूस होता हैंन....
नम्रता :- aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhh....
अब्बब्बब्ब ाआगे...............
अआपने कमसिन बदन को लेके कामदेवी जैसी नम्रता उससस बीएड पैन मनो किसी नूर की तरह लग रही थी उसकी खूबसूरती मनो आसमान को छू रही थी और इतनी बड़ी पारी एक बुड्ढे के सामने आपने इस्सस खूबसूरत बदन को लुटा रही थी ........
मिश्रा की ाआँखे िस्स्सस्स कामदेवी को पूरी तरह से नंगा कर रहे थे भला किसको ये सन पसंद नहीं aayega.......aur लुंड का तोह कोई काबू हे नहीं था वोह खुल्ला लुंड इस्सस नम्रता नाम के काम देवी को देख फड़फड़ा रहा था... मिश्रा का खुल्ला लुंड अभी भी लीव की तरह नम्रता के नंगे छूट की तरफ इशारा कर रहा था......
और तभी काम वासना मैं दुबे नम्रता को आपने गहराई मैं कुछ गरम गरम सा महसूस होता hainnn....aapne दोनों जांघो के बिच कुछ हरकत महसूस होती hainnn....kam वासना की लहर उसके जांघो को एक संवेदना देने लगती hainnnn....aur झट से उसकी आँखे खुल जाती हैंण्ण्न....
उसको दीखता hain....uske गोर गोर जांघो के बिच उसके अंकल का कला कला कड़क सा हैट छेड़खानी कर रहा hainnn...par इस बार मामला गंभीर था क्यू की उसको मिश्रा का हिलता डुलता गरम होता huva...lohe जैसा लुंड भी दिखाई देता hainnn...joh देख नम्रता शर्म जाती hainn.....aaaj पहली बार वोह नंगे बुड्ढे को देख रही thi....aur पहली बार किसी लुंड को उछलता देखा था.......
और यहाँ मिश्रा का कड़क हैट नम्रता के छूट के यहाँ हरकत करने लगता hainnn...chut की गहराई को नापने के लिए मिश्रा ये हरकत कर रहा था....
नम्रता की दोनों आँखे बंद हो जाती hainnn....aapne अंकल का हॉट आपने छूट के यहाँ पाके एक अलग से गर्मी उसके छूट मैं भड़क जाती hainnnn....aur एक कोमल से सिसकारी उसके मुहहह से निकलती हैंन..
ुह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह ुह्ह्ह्ह........
मिश्रा :- अह्हह्ह्ह्ह नामु ....यह तुम्हारे इस खूबसूरत जिस्म मैं मनो मैं डूब सा गया hu....uhhh जाएं ...ये गर्मी ahhh....beta...ah ...
और ये सब कहते हुवे मिश्रा को नम्रता के छूट का दरवाज़ा मिल जाता hainnn...usss कोमल से नाजुक से गुलाबी पंखो के बिच मिश्रा को आमंत्रण दे रहा छूट का कोमल होल ..... खुल जाता hainnn....aur अपनी एक ऊँगली मिश्रा उससे छूट मैं घुसा देता हैंन...
नम्रता :- ahhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhh......
ुस्स्सस्स्स्स कोमल आवाज मैं एक अलग सा मजा था ....एक नशीला दर्द....
मिश्रा :- अह्हह्ह्ह्ह jaan...kya मलाई दर छूट hainnn...meri jaaan...uhhhh
नम्रता :- अह्ह्ह्हह अंकल ुह्ह्ह्ह उम्मम्मम
नम्रता के चेहरे पैन एक अलग से भाव थे...
Mishra....abbb....aapni दो उँगलियों को आगे करता hainnn...aur दोनों उँगलियों को उससस कोमल गुलाबी छूट मैं रोड देता हैंन.....
वोह देख...... नम्रता की मनो जान निकल जाती hainnnn...aur....pachhhhhhhhhh सा आवाज आने लगता हैंण्ण्न.... UFFFFFFFFFFF ....
ुस्स्सस्स कोमल छूट का ठंडा गरम सा काम रास उससस छूट मैं घुस रहे उँगलियों को भिगो देता हैंन...
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
अब्बब्बब्बब नम्रता की कमर मिश्रा जे उँगलियों पे नाच रही thi......uske कमर का झटका धीरे धीरे बढ़ने लगा था नम्रता के छूट का गरम सा काम रास मिश्रा के उँगलियों को भिगो रहा था........ नम्रता के कोमल छूट से एक मधुर सा आवाज आने लगा tha.....aur छूट का गुलाबी रंग उसने और आएग दाल रहा था...... .......
नम्रता :- ahhhhhhhhhhh ुह्ह्हह्ह्ह्ह maaaa....ummmmmm
मिश्रा का जोर नम्रता का कामुक आवाज सुन बढ़ जाता hainnnn....aur अआपने दोनों उँगलियों को अब्ब्ब वोह जोर जोर से छूट मैं घुसाने लगता हैंण्ण्न....
नम्रता :- अह्ह्ह्हह उम्मम्मम no अह्ह्ह अह्ह्ह no...ahhh
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह क्या मक्खन जैसे छूट hainn...ahhh आअज तोह मजा आने वाला hainnn....uhhhhhh
और तभी मिश्रा आपने हैट की तीसरी ऊँगली को छूट मैं घुसाने लगता hainnn....aur बड़े बड़े कड़क हैट की तीसरी ऊँगली नम्रता के छूट मैं भूकंप मचा देती हैंन..
नम्रता :- अह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhh नहीं अह्ह्ह्हह्हह नहीं अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh
नम्रता की वोह चीख पुरे रूम मैं गूंज उठती hainnnn....aur उसके चेहरे का दर्द साफ बात देता hainnn...ki छूट मैं कितना दर्द हो रहा हैंण्ण्ण्न
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह शांत हो जा ....beta....aaapne अंदर मेरे उँगलियों को महसूस कर अहह नामु
नम्रता :- अह्हह्ह्ह्ह उम्मम्मम्मम्म
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह बीटा अह्ह्ह्हह तेरी गहराई मुझे महसूस हो रही हैं जान ....ahhhhhh....ummmm
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh अह्हह्ह्ह्ह
नम्रता अब्ब्ब्ब दर्द से अपनी दोनों टंगे ऊपर कर देती hainnnn....aaaur अआपने पीछे जे बीएड को सात जाती हैंण्ण्ण्न..
नम्रता की टंगे खुली देख मिश्रा और तप जाता hainnn....aur नम्रता के दर्द भरे चेरी को गौर से देखने लगता हैंन......
नम्रता :- उम्मम्मम्म ouchhhhhhhhhh अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम धीरे अह्ह्ह उम्म्म
Pachchhhh.....pachh...pach.....
नम्रता का वोह कामुक रूप किसी को भी झड़ने को मजबूर कर दे उसकी कोमल से aavaj......sidha लुंड को संवेदना दे रही thi.....aur छूट की गर्मी मनो आसमन को फाड् रही थी....
तभी मिश्रा को अआपने उँगलियों पे गरम गरम सा महसूस होता hainn....kam वासना मैं डूबी नम्रता का कामर्स लावे की तरह मचल रहा था.....
मिश्रा :- अह्हह्ह्ह्ह बीटा कितना गरम हैं तुम्हारा सब kuch....ahhhhh
नम्रता :- अह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh आआह्ह
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह क्या आवाज हैं तुम्हारी एक नशा हैं तुझ मैं नामु अहह जाएं ...अह्ह्ह
मिश्रा की तेजी और बढ़ जाती hainnn....aur कामर्स के वजह से एक अलग हे आवाज होने लगती hain....ek अलग गरमी पैदा होती हैं
थोड़ी थोड़ी नम्रता की बूंदे मिश्रा के हैट से होक गिर रही thi.....aur नम्रता जोर जोर से ाआहे भर रही थी....
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह इस्सस मॉल की कीमत बोहत hainn....isse ऐसे नहीं गवा sakta....uhhhhhhh
और मिश्रा .... नम्रता के टैंगो को फैला के आपने पूरा मुहहह उसके जांघो मैं घुसा देता हैंण्ण्न...
नम्रता को वोह सब महसूस होता hainn...aur वोह अपनी आँखे खोल देती हैंण्ण्न....
अआपने जांघो मैं बुड्ढे का सर उसको अलग हे अहसास देता हैंन...
मिश्रा आपने मुह्हह्ह सीधा नम्रता के गरम छूट पैन रख देता हैंण्ण्न...
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कितनी गरम hainn...ah मजा aagaya.....kya छूट हैं तेरी....
अह्ह्ह्हह्हह ुस्सस्स्स्स कामुक पल से नम्रता के काम रास को आजादी मिलती hainnn....aur थोड़ा थोड़ा कर के वोह बहने लगता हैंण्ण्न...
मिश्रा अपनी जबान ुस्स्सस्स कोमल काली के छूट के पंखो मैं घुसा देता hainnn....usss छूट को चाटने लगता hainnn....uske गहराई मैं डूबने लगता हैंण्ण्न...
ुस्स्सस्स कामुकता से पागल हो रही नम्रता आपने बदन को कण्ट्रोल करने लगती hainnn....ek अलग सा करंट उसके बदन पैन राज कर रहा था.... एक चिंगारी भड़क रही thi....ek आएग छूट मैं बह रही थी......
नम्रता :- अह्ह्ह्ह अंकल ुह्ह्ह्ह ahhhhh....ahhhmmm..ahhhh...ahhhhhh उम्म्म्म
नम्रता आपने कामवासना को अब्ब्ब्ब खुल के बहार निकलने लगती हैंण्ण्न...
वोह आपने हैट .......व्याकुलता से..... मिश्रा के सर पर रख देती hainnnn....aur छूट चाट रहे मिश्रा के सर को सहलाने लगती हैंण्ण्न.......
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह जान ये हुवी न बात अह्हह्ह्ह्ह महसूस करो मेरी रानी ahhhhh...ummmmm.....beta...
नम्रता :- अह्ह्ह्हह्हह ouchhhhhhhhhh अह्हह्ह्ह्ह
मिश्रा अब्ब्ब नम्रता के छूट को काटने कुरेदने लगता हैंण्ण्ण्न.....
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh धीरे अह्ह्ह्हह ...
UFFFFFFFFFFF क्या सन था.... नम्रता और मिश्रा की काम वासना इस्सस से उफान के बहार आए रही थी.....
अब्बब्बब धीरे धीरे मिश्रा ुसस्स छूट को चूमने और किसिंग करने लगता hainnn....mano वोह नम्रता को कण्ट्रोल कर रहा हो..... नम्रता भी उसको रिस्पांस कर के सर को सेहला रही thi.....usko आपने छूट मई. एक अलग सी गुदगुदी महसूस हो रही थी......
नम्रता :- aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhh...um
छूट का रास चूसने मैं मिश्रा को बड़ा मजा आआ रहा था.... par.....abbb.....time tha.....kuch ....तूफान लाने का जोह दोनों को भिगो के रख देता और काम वासना के इस्सस लहर को अंतिम सुख तक पोहचा देता .......
मिश्रा अब्बब्बब नम्रता के छूट पैन आपने मुह्हह्ह से जोर जोर से वर करने लगता hainnn....uski तलवार जैसे जीभ नम्रता के छूट के गहराई मैं गोते खाने लगती hainnnn......jibh का हर एक वर नम्रता के कोमल से पंखो पैन हो रहा tha....uske छूट का कामर्स सीधा मिश्रा के मुहहह मैं जा रहा था.....
मिश्रा अब्ब्ब पागलो की तरह छूट को कुत्ते जैसा चाटने लगता हैंण्ण्न..... मिश्रा की कुत्ते जैसे हरकत देख नम्रता भी मचल जाती hainnnn....chut का करंट उससे भी पागल बना देता हैंण्ण्न....
नम्रता :- अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह ouchhhhhhhhhh उम्म्म
अब्ब्बें दोनों भी कामवासना के शिखर पैन थे ......दोनों की भी मस्ती ने अब्ब्ब ....... बेशरम रूप धारण कर लिया था
अब्बब्बब नम्रता के सांसे बोहत गरम हो चुकी थी छूट की हर एक सिसक आपने दिल तक पोहच रही thi.....aaur ....मिश्रा के लुंड का sikudna....uske पुरे बुड्ढे बदन को जवान बना रहा था....
पर उससे पहले मिश्रा को कुछ सूझता हैंन....
मिश्रा नम्रता के छूट से मुह्ह हटा देता hainnn.....aur नम्रता के खुल्ले बदन की और मूड जाता हैंण्ण्न....
वोह नम्रता की चढाई करने लगता हैंन.....
मिश्रा का बुद्धा बदन नम्रता के कमसिन बदन के काफी पसस था...... मिश्रा को आपने पास आता देख नम्रता को ऑक्वर्ड लग रहा था पर बदन की गर्मी उससे भी महसूस हो रही थी..........
मिश्रा आपने एक हैट नम्रता के छूट पर हे रखता hainnn.....chut को मनो वोह सेहला रहा ho.....aur नम्रता के बदन की तरफ बढ़ जाता हैंण्ण्न......
नम्रता के कमसिन ोठो की खूबसूरती पर उसका मन आए जाता hainnnn.....uske लिप्स का .... मदहोश करने वाला रंग उससे पागल बना देता hainnn...m
उसका खड़ा लुंड अब्ब्ब ..... नम्रता के बदन को टच होने लगता हैंण्ण्न..
छूट के ऊपर के थपकियो से नम्रता बहक रही थी .....और यहाँ.... मिश्रा नम्रता के मुहहह के करीब जा रहा tha.....ek कमसिन सुगंध थी ुन्नन ोठो मैं एक अलग सा नशा tha....un....gulabi ोठो मैंन.....
नम्रता की आंखे बंद थी उसकी एक तंग कैसे मिश्रा के तंग पैन गयी उससे भी पता नहीं chala......uska गोरा बदन अभी भी अपनी महक छोड़ रहा tha.....band आँखों पैन अभी भी नमी thi......aur छूट मैं अभी भी आग thi....aur उसमे तेल डालने का काम मिश्रा का कड़क हैट कर रहा था.....
नम्रता को अआपने चेरे पैन गरम गरम सांसो का अहसास होता hainnnn.....ek अलग से गंध उससे महसूस होती hainnm...jaise की सिग्रेटे की स्मेल ho......voh गरम सांसे अब्ब्ब उसके ोठो के नजदीक आआ रही थी..... नम्रता को वोह गरम अहेसास और गरम बना रहा था....
पर तभी उसकी आंख खुलती hainnn....aur मिश्रा का फेस सामने देख .......मुहहह बाजु कर देती hainnnn.....aur जोर से बोलती हैंन....
नम्रता :- उम्मम्मम no..... अंकल अह्ह्ह नहीं.....
नम्रता की ऐसे नाराजगी देख मिश्रा को ग़ुस्सा आता hainnn.....par कर भी क्या सकता tha....tabhi उससे आपने लुंड नम्रता के बदन पैन घिसता हुवा महसूस होता hainnn....aur ....लुंड का टोपा नम्रता के गोर गोर जांघो को चूमने लगता हैंन...
नम्रता को भी आपने जांघो पैन अलग सा अहसास होता हैंन.....
और तभी ......kamina....mishra apna....hat ... नम्रता के हटो मैं लेता hainn....aur नम्रता का हैट आपने गरम से लवडे पैन रख देता हैंण्ण्न ......
नम्रता के नाजुक से हटो मैं वोह गरम लुंड आए जाता हैंन...
UFFFFFFFFFFF गोर गोर हटो मैं वोह बुद्धा लुंड फैन फ़ना जाता hainnn......ek लावे जैसा तप जाता हैंन... नम्रता को बोहत अजीब सा लग रहा था पर ये उसका दूसरा टाइम था पहले भी वोह लुंड को पकड़ चुकी थी.....
नम्रता के हैट मैं आपने उफनते लुंड को देख मिश्रा काफी उत्तेजित हो जाता hainnn...uska अंग अंग मचल जाता हैंन.... नम्रता के छूट पैन रखा हैट पागल हो जाता हैं नम्रता के छेद को वोह. हैट पूरा कुरेद देता हैंण्ण्ण्न ....
नम्रता आपने छूट पे हुवे अचानक हमले को सेह नहीं पति उसकी चीख निकल जाती हैंण्ण्न
नम्रता :- ahhhhhhhhhh माँ ....मर gayi....uhhhhhh
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह बीटा मर मत ...जान हैं तू मेरी.
नम्रता :- ुह्ह्हह्ह्ह्ह no अंकल नहीं धीरे अह्ह्ह्हह
मिश्रा :- अह्हह्ह्ह्ह abbbb....dhire का वक्त नहीं रहा. .जान
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh रुक जा ...ahhhh...nahi...maaa
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह मादरचोद माँ ma..mat कर अह्ह्ह्हह
नम्रता :- ouchhhhhhhhhh गली क्यू दे रहे हो अंकल उह्ह्ह
मिश्रा :- अह्ह्ह्हह तू हैं हे इतनी maal....kamuk अह्ह्ह्ह
नम्रता :- अह्ह्ह्हह UFFFFFFFFFFF.....
मिश्रा :- मेरा सिर्फ हैट मैं पकडे गई या कुछ करेगी भी साली अह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़
और तभी नम्रता मिश्रा के लुंड को जोर जोर से दबाने लगती हैंण्ण्न....
अह्ह्ह्ह कामिनी अह्हह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh रूक ...हहहह
मिश्रा को बड़ा हे अच्छा लग रहा था एक कामदेवी के हैट मैं उसका लुंड मसल रहा था....
नम्रता :- ुह्ह्हह्ह अब रूक जाओ न...
और तभी मिश्रा नम्रता के छूट को जोरो जोरो से मसलने लगता hainn....jisse मैं नम्रता के छूट की चमड़ी बुरी तरह मसल जाती हैंण्ण्न...
नम्रता :- UFFFFFFFFFFF fuckkkkkkkkkk अहह no...
मिश्रा :- अह्ह्ह्ह जान तोह अंग्रेजी गली आती हैं तुझे अह्ह्ह्ह
नम्रता :- उम्म्म्म nnnn...nahi...ahhhhhhh
मिश्रा :- दे और अह्ह्ह्ह de......dekh तेरी छूट को पूरा रोड diya....ahhhhh
नम्रता :- uhhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhh फुकककककक अह्ह्ह्हह्हह uhhhhhhhhhh धीरे ahhhhhhhhhh
नम्रता की हालत पूरी ख़राब हो चुकी थी उसकी छूट ुसस्स दर्द से पूरी लाल हो चुकी थी पर चेरे का दर्द अभी भी वासना का था
ुसस्स जवान कोमल चेहरे पैन अभी ुह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ क्या वासना thi.......usss कोमल से हैट मैं वोह लुंड क्या लग रहा था.........