नम्रता ....EK....PAHELI :- EPISODE 04
रिव्यु ......
पर्सन :- अब्ब्ब मेरी बात नहीं मानोगी तुम नम्रता
नम्रता :- मानूंगी....
पर्सन :- तोह aajao...yaha...ussi ड्रेस मैं जिस मैं तुमने अभी अभी डांस किया...
नम्रता :- कहा आना हैंन...
पर्सन :- वही जहा ...पैन तुम्हे तुम्हारे अंदर और बहार दोनों खूबसूरती का पता चला tha...vahi aana...jaha पैन मैंने तुम्हे असली नम्रता से मिलाया ...जहा तुम्हे आना पसंद हैंन...
नम्रता के चेहरे पैन एक मुस्कान आती hainnn...aur एक डरा हुवा ख्याल भी जिससे नम्रता की मुस्कान गायब हो जाती hainnnn.....aur आँखों मैं घबराहट महसूस होती हैंन...
यहाँ ....एक ...बड़े हे अजीब से जगह पैन एक खुर्सी thi....aaju बाजु की जगह पूरी खण्डार दिख रही थी घाना सा अँधेरा tha....aur एक लाइटर जल रहा tha....dhire से उसमे एक सिगरेट जलती हैंन.....
सिगरेट को थामे हुवे हैट काफी काळा थे ....मनो किसी बुड्ढे इंसान के ho...voh आदमी गांजा tha....umar 58 साल की hogi....uss कमरे मैं चारो तरफ अँधेरा था एक हैट मैं मोबाइल था और मोबाइल पैन नम्रता की फोटो थी....
और और .....ussssss...kale बुड्ढे ka....nichla बदन पूरा नंगा tha....uski पंत घुटनो तक thi....aur आपने काळा मोठे हतियार को आपने हटो मैं थमा हुवा था....
वोह कला लुंड मनो किसीका इंतज़ार कर रहा tha....usss लुंड की नसे तप चुकी थी.... नम्रता के पिछ को देख वोह और मचल रहा था.........
यहाँ... नम्रता ुसस्स खण्डार मैं आए चुकी थी...
अभी अभी दिए हुवे परफॉरमेंस की वजह से उसका पूरा बदन भीग चूका tha....uske दोनों आम पुरे तरह से गीले हो चुके the....voh ट्रांसपेरेंट ड्रेस भी भीग चूका था ..कमर पैन पूरा पसीना था...
पर फिर भी नम्रता का लुक कातिल था ... कामुकता रोम रोम मैं थी.... लिपस्टिक का कलर उसेस और भी कामुक बना रहा tha....uski जंघे पसीने से पूरी भीग गयी थी... इसलिए वोह ड्रेस पूरा चिपक चूका था ..... ...
नम्रता :- कहा हो आप मुझे दर लग रहा हैं..
और ुसस्स रूम मैं बैठे बुड्ढे के चेरे पैन कामिनी स्माइल आए जाती हैंण्ण्ण्न..........
अब्बब्बब आएगी...........
उस खण्डार मैं जाते वक्त नम्रता के मन मैं एक ऐसा दर था जोह उससे खाये जा रहा था …ुसस्स रत का अँधेरा उससे डरा रहा था मनो कह रहा हो मत जाओ उस अँधेरी खाई मैं जोह तुम्हारी जिंदगी पूरी तरह से बदल देगा पर नम्रता के अंदर की उत्सुकता और उसके अंदर का किसी चीज के प्रति आकर्षण उससे उस खण्डार के अँधेरे मैं धकेल रहा था ुसस्स वक्त नम्रता के मन मैं कई सरे विचार चालू थे
की कैसे वोह इस्सस अँधेरे मैं आ पोह्ची , कैसे उसकी खुशाल जिंदगी मैं एक रोमांच भरने वाला पर बड़ा हे खतरनाक मोड़ आया और कैसे वोह इन् सब चीजों मैं अंदर जाती चली गयी जैसे वोह अभी ुसस्स अँधेरे खण्डार मैं जा रही थी …..
अंदर बैठा हुवा इंसान अभी भी आपने सिग्रेटे को आराम से फुक रहा tha….aur आपने कमीने चेरे पैन एक अलग हे मुस्कान दे रहा था मनो उसको आज वोह मिलने वाला हो जोह उसको आपने जिंदगी के सबसे कीमती चीज से रूबरू करवाएगा आज वोह खुद को एक हैवान समाज रहा था पर उस हैवानियत के पीछे काफी म्हणत थी जोह उससे आज इस्सस जगह पर लायी थी . ुस्ससी म्हणत की वजह से एक कामुक पर कामुकता से अनजान अप्सरा उसके पास खुद चल कर आ रही थी …..
आखिर क्या था ये सब …कोण था वोह आदमी …क्यू जा रही हैं नम्रता उसके पास वोह भी आपने कॉलेज का फंक्शन छोड़ के
यही ख्याल और सवाल नम्रता को खाये जा रहा था आखिर पिछले कुछ दिनों से सीधी सधी सिंपल संस्कारी नम्रता इस्सस खाई मैं आके क्यू अटक गयी और तभी उसके दिमाग मैं खयालो के तर दौड़ने लगते हैं
ये वक्त था तब का जब नम्रता ने इस्सस बड़े से कॉलेज मैं एडमिशन लिया था मतलब आज से कुछ 1 मंथ पहले
नम्रता ने अपने 12तह बोर्ड एग्जाम में टॉप किया था इसीलिए उसको इस्सस बड़े कॉलेज मैं एडमिशन मिला और वोह काफी खुश थी .
आज उसके कॉलेज का पहला दिन था और वोह काफी उत्सुक थी आपने एजुकेशन के नए जीवन को शुरू करने के लिए , कॉलेज मैं वोह काफी बंधी बंधी से रहती थी सबको पता था की वोह ैप की बेटी हैं और सब उसे वैसे हे ट्रीट करते थे पर अब नम्रता को वोह नहीं चाहिए था
वोह नए कॉलेज और नयी चीजों के पारी उत्सुक थी
अपने कॉलेज के पहले दिन नम्रता ने सुन्दर सा संस्कारी सलवार कमीज पहना था और सच बतावु तोह नम्रता उसमे अप्सरा की तरह लग रही थी
वायलेट कलर के उस लिबाज़ मैं नम्रता मक्खन से लग रही थी दूध जैसा गोरा रंग और स्किन मनो पनीर की तरह स्मूथ थी उसकी ये जवानी उफान उफान के अपनी जुबानी दे रही थी
दूध जैसा गोर रंग पे वोह सलवार कमीज आपने जलवा दिखा रही थी
एस खूबसूरत कमीज के निचे नम्रता की जवानी सुन्दर से दुप्पटे से ढकी हुवी थी पर ुसस्स कमीज के निचे दबे हुवे असली दूध का केहर ुसस्स दुपट्टे के ऊपर से भी पता चल रहा था
और सलवार मैं छुपी जवानी की वोह ऐडा तोह कुछ और हे थे ऊपर से पहने हुवे हिल्स उस जवानी को और बढ़ावा दे रही थी
ऐसे सज धज के नम्रता आज आपने कॉलेज को जाने के लिए निकली थी आपने डैड संजय और माँ सुचिता के पेअर चुके उसने आज दिन की शुरुवात किए थी
कॉलेज मैं पोहचते हे नम्रता ने आपने क्लास को ढूंढ लिया पहला दिन था आपने आदत के मुताबिक नम्रता फर्स्ट बेंच पर बैठी थी लेक्चर स्टार्ट हुवे
एक के बाद एक सर , मैडम आते गए और नम्रता का मन उस कॉलेज के एजुकेशन और पढाई मैं लगने लगा ..
आधे लेक्चर ख़तम होने के बाद डे ब्रेक हुवा .....
नम्रता का कॉलेज को देखने का मन हुवा और नम्रता उस बड़े से कॉलेज मैं एक चक्कर मरने लगी
जाने अनजाने मैं बोहत से स्टूडेंट नम्रता को तिरछी नजरो से देख रहे थे , नम्रता की चल सबको लुभा रही थी , नम्रता का लचीला बदन सबको आकर्षित कर रहा था पर नम्रता आपने मैं मशगूल थी
नम्रता के कुछ दुरी पर एक अधेड़ उम्र का इंसान जल्दबाजी मैं चल रहा था सर के ऊपर के आधे बल उजड़े हुवे थे , कला सा रंग था , पतला सा शरीर और ओल्ड टाइप कपडे पहने हुवे थे अगर कपडे अच्छे न होते तोह कोई भी उससे बुद्धा कह देता पर कॉलेज मैं होने के कारन एक आदमी जैसा लग रहा था दिखने मैं उम्र ज्यादा लग रही थी
उस आदमी को पसीना आया हुवा था और फैट फैट पेअर डालते हुवे वोह आपने टेंशन मैं चल रहा था
यहाँ नम्रता भी आपने कामुक से चल चलते चलते सब देख रही थी
और उसी वक्त ुसस्स काळा आदमी की नजर नम्रता पे गिरती हैं और उसकी चल धीमी से हो जाती हैं...
जल्दबाजी मैं होकर भी वोह आपने पैरो के गति धीमी कर देता hainnn...aapne माथे के ऊपर का पसीना आपने हटो से पॉच देता हैं और अपनी दोनों नजरो को ुसस्स खूबसूरत बाला के ऊपर टिका देता हैंन...
नम्रता को देख ुसस्स बुड्ढे आदमी के मुह्ह से एक हे शब्द निकलता हैंन...
वाह्ह्ह्हह्ह क्या खूबसूरती हैं......
नम्रता को वोह देखता हे रह जाता हैं.
नम्रता जैसे जैसे उस आदमी के करीब आ रही थी वैसे वैसे उस आदमी को नम्रता की मधुर से खुशबू महसूस हो रही थी
अब तक तोह वोह नम्रता की खूबसूरती को देख रहा था पर नम्रता जैसे जैसे नजदीक आ रही थी वैसे वैसे उसके नजरो मैं बोहत कुछ दिख रहा था
मक्खन सा गोरा बदन अप्सरा जैसा नूरानी चेहरा गोरा रंग उस गोर से चेरे पे लिपस्टिक की हलकी से शादी और सलवार कमीज और दुपट्टे का लिबाज़ उफ्फफ्फ्फ़ क्या खूबसूरती हैंन.....
नम्रता को करीब आता देख ुसस्स आदमी के मुह्ह मैं कुछ शब्द आये
उफ्फ्फ "32-28-34" शान्दारररररर.....
नम्रता को कोई आईडिया नहीं थी की कोई उसे देख रहा हैं
पर ुसस्स आदमी की नजरे अभी भी ...नम्रता पे तिकी हुवी थी
नम्रता उस आदमी को पास करने हे वाली थी की ुसस्स आदमी के नजरे नम्रता के सबसे नायब हिस्सों पे पड़ती हैं...
नम्रता के जवानी भरे उभर ुसस्स आदमी के नजरो को पागल कर देती हैंन...
32 के परफेक्ट घेरे वाले आम ुसस्स कमीज मैं छुपे हुवे थे जिस पे से हल्का सा दुप्पटा हटा हुवा था उफ्फ्फ्फ़ क्या गोलाकार आकर वाला कच्चा आम था
तभी उसकी नजर लचीले चल पर जाती हैं जहा 28 की कमर का घेर उस कमीज के ऊपर से दिख रहा था
और नजर निचे आती हैं तोह आदमी का मुह्ह खुला का खुला रह जाता हैं...
उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या जंघे थी ...उस जांघो का आकर और ुसस्स कमीज के निचे और सलवार के ऊपर से उभरा हुवा नम्रता का गांड वाला आकर देख वोह आदमी आपने सारा टेंशन भूल जाता हैं और
कुछ हे पालो मैं नम्रता ुसस्स के नजरो से दूर हो जाती हैंन....
तभी वोह आदमी होश मैं आता hainnn...aur उस पल को सोचते हुवे उससे आपने टेंशन वाला काम यद् आता हैं और जल्दी जल्दी चलने लगता हैं..
उसके नक् मैं नम्रता की खुशबु मनो बैठ से गयी थी .......पर ुसस्स खूबसूरत बाला को देखने के बाद वोह आपने पाव जल्दी जल्दी चलते हुवे अपने काम की जगह पोहच जाता हैं...
कुछ हे देर मैं टाइम हो जाता हैं और नम्रता आपने क्लास की तरफ चल पड़ती हैं और आपने बेंच पे जेक बैठ जाती हैंन...
अब सिर्फ 3 लेक्चर बचे थे और नम्रता माँ आज का पहला दिन खतम होने वाला था
कैसे तोह कर के 2 लेक्चर निकल जाते hainnn...aur अब्ब सिर्फ आखरी लेक्चर बचा था क्लास में थोड़ा शोर था नम्रता आपने माथा बेंच पे टिका के उस शोर से परेशां होक आँख बंद कर आराम कर रही थी
तभी नम्रता को महसूस होता हैं की क्लास का शोर काम हो रहा हैं और धीरे धीरे पूरा क्लास शांत हो जाता हैं नम्रता को लगता हैं अचानक क्या हुवा ...
तभी नम्रता के कानो पे चम् चम् कर के पेअर के पैजानो की आवाज आती हैं नम्रता अपनी आंखे खोल देखती हैं तोह उसके सामने एकदम खूबसूरत मोहतरमा थी .....
ुसस्स मोहतरमा की चल कुछ अलग से थी और वोह आवर्त ब्लैक बोर्ड के टेबल के यहाँ आपने रजिस्टर और सामान रखती hainn...aur अपने खूबसूरत ोठो से शब्द निकलती हैं..
हेल्लो ... एवरीवन ...माय नाम इस किंजल रॉय एंड ी ऍम योर क्लास टीचर.......
क्लास में बैठे सब बच्चे एकदूसरे के मुह्ह को देखते रहते हैं...
क्यू की उनके सामने एक बोहत हे खूबसूरत बाला खुदको टीचर बता रही थी और ऊपर से वोह उनकी क्लास टीचर भी थी ुसस्स मैडम ने एक पिंक कलर की सदी पहनी थी और लिपस्टिक भी पिंक थी ऊपर से गोरा रंग और पिंक टाइट कैसा हुवा ब्लाउज उसकी खूबसूरती बढ़ा रहा था .
नम्रता भी ुसस्स टीचर की खूबसूरती को नजदीक से देख रही थी और उस टीचर को देख नम्रता को काफी अच्छा लगा क्यू की अब तक सब लेक्चर मेल टीचर ने लिए थे.
किंजल :- ऐसे शॉक मत होजाइये सब में आपका पहला लेक्चर लेने वाली थी अस ा क्लास टीचर बूत कुछ इमरजेंसी के वजह से नहीं ले पायी बूत एनीवे में आपकी इस पुरे ईयर की ऑफिसियल क्लास टीचर हु एक्चुअली हमारे काफी एक्सपीरियंस एक सर हैं जोह आपको पढ़ने वाले थे बूत ुंफोरटूनटेली उनको काफी वर्क लोड हैं सो that's य . ी ऍम योर क्लास टीचर नाउ
सब लड़के उस खूबसूरत ोठो के बातो पे ध्यान दे रहे थे वाह्ह क्या आवाज था उस मम का ....
नम्रता मन में ( वाओ क्या खूबसूरत मम हैं आगे से 26-28 की लग रही हैं ...एंड क्या फैशन चॉइस हैं मम का वाओ )
और कुछ हे देर मैं बाटे करने के बाद लेक्चर ख़तम हो जाता हैं एंड नम्रता अपने घर की और निकल पड़ती हैं......
5 डेज लेटर -----: -
अब्ब्ब नम्रता कॉलेज से काफी घुल मिल गयी थी उसकी एक hii-bye वाली फ्रेंड भी बन गयी थी जिसका नाम वर्षा था पर उनमे ज्यादा बात नहीं होती थी बक्से नम्रता आगे बैठ टी थी और हर कोई आगे बैठ ने से डरता था
नम्रता की इन 5 दिनों मैं मिस किंजल फवौरीते टीचर बन चुकी थी उनका पढ़ना , बात करना , फैशन सेंस , बॉडी लैंग्वेज सब नम्रता को पसंद आता था एक रेस्पेक्ट सा आता था नम्रता को मिस किंजल को देखने के बाद
आअज नम्रता ने ब्लैक कलर की कमीज और निचे टाइट लेग्गिंग्स पहनी थी हर वक्त की तरह इस बार भी नम्रता की खूबसूरती केहर ध रही थी नम्रता का बदन ुसस्स कमीज और लेग्गिंग्स मैं काफी टाइट दिख रहा था और उस कमीज का गाला भी काफी डीप था पर दुपट्टा होने के कारन चिंता की बात नहीं थी
अगर दुपट्टा न होता तोह नम्रता का ये रूप देख किसी का भी खड़ा होक नम्रता को सलामी दे देता उसके कंधे पुरे खुल्ले थे और हलकी सी डोर थी जोह कंधो और ामो का भर उठा रही थी .....निचे की हिल्स नम्रता के गांड को और भी सुनदर और उभर दे रही थी
टाइट कमीज मैं नम्रता के ामो की दरार अगर दुपट्टा हैट जाये तोह किसी को भी साफ दिखाई देगी .....
आज नम्रता को लेट हो गया था वोह जल्दी जल्दी कॉलेज मैं एंट्री करती hainnn...aur आपने क्लास की तरफ बढ़ती हैंन....
पर तभी नम्रता के हिल्स की हुक निकल जाती हैंन.. और उसके पेअर के पैजन उस हिल्स मैं अटक जाती हियँ ...
नम्रता :- यार इससे भी अभी अटकना था...
और तभी सामने से उसी दीं वाला बुजुर्ग आदमी आए रहा था ...उससे कुछ दूर से हे एक दिमाग में बैठी हुवी महक आते hainn...aur वोह थम सा जाता hainnn...aage देखता हैं तोह उसके सामने वही खूबसूरत बाला थी जिससे उसने कुछ दिन पहले देखा था
नम्रता आपने हिल्स को ठीक करने के लिए निचे झुक कर बैठ जाती हैंण्ण्न...
वोह कला आदमी नम्रता के और चल पड़ता हैंन.....
और उससे आपने आँखों पैन यकीं नहीं आता बहार से पुरे और खूबसूरत दिखने वाली ये लड़की कोण हैं ऐसा सवाल उससे पड़ता हैंन..
नम्रता अब पूरा झुक के आपने हिल्स को ठीक कर रही थी ..
और तभी उस आदमी के नजरो मैं कामुकता भरी चीज दिखाई देती hainnn....aur उसके पंत मैं कुछ हलचल से मच जाती hainn...aur उसके अंदर एक अलग से आग पैदा होती hainnn.uske नजरो के सामने जोह था वोह देख किसी का भी लुंड टाइट हो जाये
उफ्फफ्फ्फ़ नम्रता का झकुनै की वजह से उसके 32 के कच्चे ामो की परफेक्ट शेप दिख रहा था और कैसे हुवे उस कमीज मैं नम्रता के दोनों बूब्स के दरार उस आदमी के लुंड मैं आग पैदा कर रहे थे
नम्रता के झुके हुवे बदन से उस आदमी को बड़ी हे कामुक स्मेल आ रही थी और नम्रता इस सब से अनजान थी वोह आदमी नम्रता को अब्ब काफी करीब से देख रहा था और तभी नम्रता हिल्स को ठीक कर के उठने लगती hainn....aur ुसस्स आदमी का लुंड आपने पंत मैं पूरा अकड़ के नम्रता के ुसस्स खूबसूरती को और ुन्नन परफेक्ट ामो को सलाम ठोकता hainnn....m
नम्रता के दोनों ामो की गहराई देख वोह आदमी मदहोश हो जाता hainnn...ufff क्या गहराई थी ुन्नन दो ायमो के बिच उस खूबसूरती की किसी को भी पागल बना ने के लिए ये सन काफी था
नम्रता की बड़ी गहराई देख वोह कला आदमी आपने आप को संभल लेता hainnn...aur उस गोर बदन को देखता हे रह जाता hainnn...namrta की नजर ुसस्स आदमी पे पड़ती हैं पर वोह तेज चलते हुवे क्लास की और चली जाती hainnn....yaha वोह आदमी नम्रता को जाता देखता हे रहता हैंन.......
आदमी :- उफ्फफ्फ्फ़ कोण हैं ये बच्ची लगता हैं नई स्टूडेंट हैं इस नए साल की आज इसने दूसरी बारी परेशां किया हैं मुझे
यहाँ नम्रता क्लास में पोहच के आपने बेंच पैन बैठ जाती हैंन....
पुरे दिन के लेक्चर हो जाते हैं अब्ब सिर्फ आखरी लेक्चर बचा था और वोह नम्रता की फवौरीते टीचर मिस किंजल का था और नम्रता भी किंजल मिस के लेक्चर के लिए उत्सुक रहती थी बाकि लड़के किसी और वजह से किंजल मिस के लेक्चर के लिए उत्सुक रहते थे .
पर तभी नोटिस आती हैं की आज लास्ट लेक्चर नहीं होगा यानि की किंजल मिस लेक्चर लेने नहीं आएगी और तभी सरे क्लास का चेहरा गिर जाता हैं नम्रता का मन भी उदास हो जाता हैं पर घर जल्दी जाने का ख्याल उससे खुश कर देता हैं..
धीरे धीरे पूरा क्लास खली हो जाता हैं और नम्रता भी क्लास से बहार निकल जाती hainnn..tabhi नम्रता को महसूस होता हैं उससे वाशरूम जाना पड़ेगा इसलिए वोह लेडीज टॉयलेट के और आपने कदम बढ़ा लेती हैं कॉलेज अब पूरा खली हो चूका था नम्रता टॉयलेट के यहाँ पोहच जाती हैं.
वोह ुसस्स टॉयलेट का दरवाजा अपने कोमल हटो से धकेल देती हैं वोह इस साइड के टॉयलेट मैं पहली बार आयी थी स्टाफ रूम के बाजु मैं होने के कारन यहाँ सिर्फ लेडीज टीचर आती थी
नम्रता एक टॉयलेट मैं घुस जाती hainn....aur यूरिन कर के कड़ी हो जाती हैं और वोह उधर से निकलने हे वाली होती हैं की उसके कानो पैन हलकी से आवाज आती हैंन..
उम्म्म्म नहीं ....
वोह आवाज इतनी धीमी और हलकी थी की नम्रता को ठीक से सुनाई नहीं दिए ...
" अहम मत करो ऐसा "
इस बार आवाज थोड़ी बड़ी थी ....
नम्रता एकदम चौक से जाती हैं और वोह उस दिवार को कण कण लगा लेती hainnn...aur कुछ सुनाने की कोशिश करती हैंन..
" यह नाटक मत करो जल्दी जल्दी काम निपटना हैं"
इस्सस बार एक अलग आवाज थी जोह सुन्न सुन्न नम्रता पूरा शॉक हो जाती हैं क्यू की ये आवाज बोहत गहरी और एक आदमी की थी , स्चोक इसलिए लगा था क्यू की ये लेडीज टॉयलेट था और यहाँ आदमी क्या कर रहा था ?
नम्रता वही सुन्नन होक कड़ी रहती हैंन...
और यहाँ बाजु वाले टॉयलेट मैं कुछ अलग हे माहौल tha....jisko देख किसी की भी छूट पानी छोड़ दे और लुंड अपनी आग बहार निकल दे
यहाँ एक खूबसूरत सा बदन दिवार के यहाँ खड़ा होक अपनी साड़ी ऊपर कर के खड़ा था उसकी गांड साड़ी से ढकी हुवी थी पर छूट का दरवाजा पुरे तरीके से खुला हुवा था , छूट की महक पुरे बाथरूम मैं घूम रही थी और बदन का परफ्यूम उस महक को और कामुक बना रहा था
छूट पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और झुकने के कारन उस औरत का चेहरा दिख नहीं रहा था पर उस औरत का ये नंगा पैन किसी के भी लुंड में आग लगा दे उफ्फ्फ क्या नजारा था दोस्तों एक बड़े कॉलेज के टॉयलेट मैं एक खूबसूरत बाला अपनी छूट और गांड को ऐसे बहार निकल कर कड़ी थी