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अब तक आपने पढ़ा की विक्रम एंड फ्रेंड्स का मिर्रोर्स वर्ल्ड एडवेंचर सफलता पूर्व ख़त्म होता है
आग आगे:-
फाइनल CHAPTER
(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)
अपडेट-109
PLANET-EARTH
PLACE-MINAKSHI मेन्शन
क्या बात HAI???AAJ बोहोत दिनों बाद अपनी माँ की याद आयी.......
पर मैंने माँ की बात सुन कर भी कुछ नहीं कहा बस उनकी गोद में सर रख लेता रहा....
सुबह का वक़्त hai....MIRRORS वर्ल्ड के एडवेंचर को पूरा कर हम सब कल रात hi वापस लौटे थे....
शैला मोकलसर और अक्षांत को मैंने सीधे व्रीहाख भेज दिया था...
वहीँ रोनित और अवंतिका को मैंने आज सुबह मेरे घर में मिलने का बोल उनके उनके रूम में टेलिपोर्ट कर दिया था....
सुबह नार्मल टाइम पर ध्यान में कुछ देर बैठने के बाद मई जब निचे आया तोह माँ को सोफे पे बैठ नेवसपपेर पढ़ते देखा....
माँ को सामने देख दिल किया की उनकी गोद में लेटूँ तोह मई लेथ गया.....
आज नजाने कितने दिनों के बाद मई अपनी माँ की गोद में यूँ सर रख कर लेता tha....mai इस वक़्त को पुरे दिल से महसूस करना चाहता tha....isiliye माँ की बात का मैंने कोई जवाब नहीं दिया....
पर मेरी चुप्पी से माँ को लगा जैसे मुझे कोई टेंशन है और इस सोच के उभरते hi वो घबरा गयी....
MOM-kya हुआ baccha...koi टेंशन है क्या???
माँ ने मेरे माथे पर हाथ फेरते हुए अपनी बात कही.....
माँ की आवाज़ में एक फ़िक्र थी जिससे महसूस करते hi मेरी आँखें खुल गयी....
मैंने माँ के चेहरे को dekha..is वक़्त उनके माथे पर चिंता की रेखाएं उभरी हुई थी...
मई जानता था की इस चिंता की असली वजह सिर्फ मेरी चुप्पी नहीं hai....iski फ़िक्र की असली वजह मेरा कुछ महीने पहले घर छोड़कर जाना था....
जब से मई लौटा hun,mom को हमेशा अंदर hi अंदर ये दर सताते रहता है की मई कहीं वैसा hi कोई कदम फिर से न उठा lun.....aur इसीलिए......
MAI-koi टेंशन नहीं है mom...bas आज दिल किया आपके गोद में सर रखने का तोह रख लिया....
मेरी बात सुन माँ के चेहरे पर स्माइल आ गयी और वो मेरे बालों पर अपने हाथ फेरने लगी जिससे मेरी आखें फिरसे बंद हो गयी....
लार्ड ऑफ़ ANGELS.....meri pehchaan....wo पहचान जिसके चाव टेल हर कोई सुरक्षित महसूस करता है.....
माँ की गोद में इस वक़्त मुझे भी वही सुरक्षा वही सेफ्टी महसूस हो रही थी....
क्या बात HAI???AAJ मेरे बच्चे ने मेरी HI जगह ले ली......
आवाज़ सुन मैंने मुस्कुराते हुए अपनी आखें खोल di....ye आवाज़ मेरे डैड की थी जो अपना गयम फिनिश कर हमारे पास hi आ रहे थे....
माँ- आपकी jagah???ye जगह आपकी सिर्फ तब तक थी जब तक मेरा बच्चा पैदा नहीं हुआ tha....samjhe....
डैड- अरे ऐसे kaise???registry हमारी और जगह हमारे बेटे की.....!!!!!
MAI-dad,mom की गोद और आपका kandha,in दोनों पर hi सिर्फ मेरा हक़ hai....toh इस पर no बेहेस.....
मेरी बात सुन डैड और माँ दोनों है दिए....
MOM-yaad है बचपन में विक्की या तोह आपके कंधे पर चढ़ा रहता था या फिर मेरी गोद में लेता....
किसी काम की वजह से मई इससे अपनी गोद में ना उठाऊं या फिर आप इससे अपने कंधे पर ना उठायें तोह इसका मुँह फूल जाता था....
डैड- बिलकुल याद hai..aur सच कहूं तोह जब तक ये मेरे कंधे पर नहीं चढ़ता tha,mujhe भी सुकून नहीं मिलता था...
दिन भर मई साइट पर काम देखता tha...ghar आते आते काफी थकन महसूस होने लगती थी पर जब तक विक्की मेरे बालों को खींचते हुए मेरे कंधे पर नहीं चढ़ता tha,mujhe सुकून नहीं मिलता था....
डैड की बात सुन माँ मुस्कुरा दी पर तभी...
DAD-beta,mom की गोद में तोह तू लेट liya...ab एक बार अपने बाप के कंधे पर भी चढ़ jaa....mai वही पुराण सुकून एक बार फिरसे महसूस करना चाहता हूँ....
डैड की बात सुन माँ ज़ोर से है पड़ी...
माँ- कैसी बहकी बहकी बातें कर रहे हैं aap...aapka बीटा अब कोई छोटा बचा नहीं raha..kadh में आपसे भी लम्बा हो गया है....
इससे कंधे पर उठाएंगे आप????
DAD-haan तोह क्या hua????jitna बड़ा भी हो jaaye,rahega तोह मेरा बीटा hi....haan थोड़ा ज़्यादा भारी हो गया hai,par मई मैनेज कर लूंगा....
माँ- थोड़ा bhaari...apna पूरा वज़न अगर इसने आप के ऊपर दाल दिया ना तोह आपके कमर की हालत ख़राब हो जायेगी...
डैड- ऐसा कुछ नहीं hoga..aaj beta,chadh जा मेर कंधे पर..
ये बोल डैड सच में सोफे के नीचे बैठ गए ताकि मई उनके कंधे पर बैठ सकूँ...
माँ- अरे ये क्या ज़िद्द लेकर बैठ गए aap...aap विक्की को नहीं उठा पाएंगे उल्टा आपकी कमर में मोच आ जायेगी....
मई- रिलैक्स mom..kuch नहीं होगा.......
ये बोल मई उठ कर बैठ gaya....isse पहले की माँ कुछ kehti,maine अपनी बात kahi...aur तुरंत मई डैड के पीठ पर दोनों पीर आगे रख बैठ गया और अगले hi पल......
माँ को एक झटका laga..jhatka सिर्फ माँ को hi नहीं खुद डैड को भी लगा था
और reason....mere पीठ पर बैठते hi डैड एक झटके में खड़े हो गए...
मई पीठ पर बैठा हूँ ये ध्यान में रखकर डैड अपने पैरों पर प्रेशर देकर खड़े हुए थे ताकि मेरा भार संभल सके पर झटका उन्हें तब लगा जब उन्हें मेरे भार बस हल्का सा hi फील हुआ था...
वो बड़े आराम से मुझे अपने पीठ पर बिठाये खड़े हो गए और उन्हें ऐसा करता देख माँ भी सुरप्रीसेड हो गयी....
MOM-ye आपने कैसे kiya???aap इतनी आसानी से विक्की को लिए कैसे खड़े हो गए???
डैड- मुझे तोह विक्की का भार hi ठीक से पता नहीं चल raha...aisa लग रहा है जैसे मैंने अपने उसी बचपन वाले बच्चे को उठाया है...
मई- आपके लिए तोह मई आपका बचा hi हूँ ना dad..ab ये सब छोड़िये और मुझे बाहर लॉन में वैसे hi घुमाइए जैसे बचपन में घुमाया करते थे....
माँ- अरे बीटा कंधे पर उठाना अलग बात है और
उठाकर घूमना अलग....
डैड- अरे कुछ नहीं hota....maine कहा नहीं की मुझे विक्की का वज़न पता hi नहीं चल रहा है....
ये बोल डैड आगे बढ़ gaye....ghar के सारे सर्वेंट्स इन्क्लूडिंग मरथा आंटी भी डैड को मुझे यूँ लिफ्ट करते देख खुश भी थे और शॉकेड भी....
जहाँ एक तरफ मुझे यूँ कंधे पर उठाकर डैड बोहोत खुश थे वहीँ माँ घबराई हुई सी डैड के पीछे हो ली...
डैड मुझे उठाये बहार लॉन में पहुँच गए जहाँ पर इस वक़्त दादाजी बैठे हुए थे...
वो भी डैड के ऊपर मुझे यूँ बैठे देख शॉकेड हो गए.....
दादाजी- अरे ये क्या हो रहा है....????
माँ- देखिए ना papa,inhone ज़िद्द की की अपने बेटे को बचपन की तरह एक बार फिरसे अपने कंधे पर बैठकर घुमाएंगे और ये विक्की भी बिना कुछ सोचे चढ़ गया अपने डैड के पीठ पर...
मई कबसे इन दोनों को मन कर रही हूँ पर ये बाप बेटे मान hi नहीं रहे....
माँ को लगा की दादाजी उनकी बात सुन मुझे और डैड को डाटेंगे पर.....
DADAJI-kuch नहीं होता beta...apne बेटे को अपने कंधे पर उठाने का मज़ा तू नहीं समझेगी.....
पर मानना पड़ेगा beta...tune विक्की को ऐसे hi अपने कन्धों पर उठा लिया और अब उससे उठाये उठाये घूम भी रहा है....
दादाजी की बात पर डैड और उनके साथ मई भी मुस्कुरा दिया पर हम दोनों के मुस्कराहट की वजह अलग अलग थी....
जहाँ डैड मुझे आराम से उठा पाने की ख़ुशी में मुस्कुरा रहे थे वहीँ मई इसीलिए क्यूंकि डैड के मुझे यूँ आराम से उठाने की वजह सिर्फ मई जानता था...
मेरा वज़न मैंने hi काम किया था ताकि डैड को तकलीफ ना हो.....
डैड मुझे उठाये आगे बढ़ने hi वाले थे की....
पापा मई BHI......MUJHE भी गोदी लो......
ये आवाज़ ाशी की थी जो हमारे पीछे से आयी थी....
वो दौड़ती हुई हमारे पास आ रही thi...aur इससे पहले की माँ कुछ kehti,AASHI हलकी सी उछली और डैड ने उससे भी अपने दोनों हाथों से पकड़ते हुए गोद में ले लिया...
वैसे तोह ाशी का वज़न कुछ ज़्यादा नहीं था पर मैंने उसका वज़न भी कुछ काम कर दिया था....
जहाँ ाशी को डैड के गोद में देख माँ ने अपना माथा पीट लिया वहीँ दादाजी है दिए...
ाशी को गोद और मुझे पीठ पर लिए डैड ने पूल का एक चक्कर lagaya..ab माँ भी डैड के पीछे ना आकर दादाजी के पास hi कड़ी हो गयी...
वो भी हस्ते हुए डैड के या फिर ये कहूं की हम तीनो के बचपने को देख रही थी....
पूल के दो चक्कर काटने के बाद मई और ाशी डैड के पीठ और गोद से उतर गए......
इसके बाद कुछ ख़ास नहीं hua...mai ाशी के साथ खेलने लगा और डैड माँ और दादाजी के साथ बाहर लॉन में hi बैठ गए....
कुछ देर बाद मई अपने रूम फ्रेश होने गया और बाथ लेकर निचे आया..
मैंने अपना ब्रेकफास्ट ख़त्म hi किया hi था की इतने में रोनित पहुँच गया....
रोनित के पहुँचने के 10 मिनट बाद मुझे पता चल गया की अवंतिका भी 2 मिनट बाद पहुँचने वाली है इसीलिए माँ को बताकर मई रोनित को लेकर बाहर आ गया....
हम दोनों गेट से निकल घर के बाहर खड़े hi हुए थे की इतने में अवंतिका की कार हमारे सामने आकर रुकी.....
AVANTIKA-tum दोनों बाहर....!!!!
RONIT-bhool गयी क्या की आपके होने वाले पति परमेश्वर अन्तर्यामी hain....unhe पहले hi पता चल गया था की उनकी दिल गुलज़ार पहुँचने वाली है तोह इसने अपने साथ साथ मुझे भी चौकीदार की ड्यूटी देकर यहाँ खड़ा कर दिया....
मई- शुक्र मन की इसी बहाने तुझे जॉब तोह mili..warna दिन भर तोह तूने वेल्ला hi घूमना है.....
रोनित- haan,tu बड़ा कलेक्टर लग गया क्यों????
मई- लग जाता पर उससे पहले hi तू मिल गया और मेरा शनि भारी हो गया....
अवंतिका- तुम दोनों थकते नहीं हो क्या दिन भर लड़ते लड़ते...
मई- अब आप अपने हिस्से का प्यार हमे देती नहीं तोह उसका कुछ तोह साइड इफ़ेक्ट होगा ना...
मेरी बात सुन जहाँ अवंतिका शर्मा गयी वहीँ रोनित ज़ोर से है दिया....
रोनित- bhai,tum दोनों के रोमांस करने के लिए पूरी ज़िन्दगी पड़ी हुई hai...filhal मुझपर भी ध्यान दो...
यार V.J जब से ये शक्तियां मुझे मिली hain,mai इन्हे महसूस करने के लिए तड़प रहा हूँ..
कल रात बोहोत बार तरय भी किया की इन शक्तियों को उजागर कर इन्हे फील करूँ पर कर नहीं पाया...
मई- जानता hun..aur उन तीनो ने भी कल यही कोशिश की है और इसीलिए hi मैंने तेरी और उन तीनो की शक्तियों को भी बाँध दिया था..
मुझे पता था की तुम सब
अपना अपना साधा हुआ दिमाग ज़रूर lagaoge.....jaanta है अगर कल मैंने तुम चारों की शक्ति नहीं बाँधी होती तोह क्या होता???
क्यूंकि तुझे मिलने वाली शक्तियां अभी तेरे बस में नहीं हैं इसीलिए तेरे उन्हें याद कर उजागर करते hi वो शक्तियां डिस्बैलेंस हो जाती...
जिससे तू उन्हें संभल नहीं पाटा और इस वजह से तेरी शक्तियां तुझे hi नुक्सान पहुंचा देती...
इतना hi वो शक्तियां तेरे घर को भी खण्डार में बदल देती...
रोनित- ोये तेरी ki....toh साले तूने मुझे पहले क्यों नहीं bataya???agar गलती से मुझसे मेरी शक्तियां उजागर हो जाती तोह???
अवंतिका- duffer,V.J ने तेरी और उन तीनो की शक्तियां किसी रस्सी से नहीं बाँधी थी जिन्हे तू तोड़ कर अपनी शक्तियों को आज़ाद कर देता...
उसने तुम चारों की शक्तियां अपनी शक्ति से बाँधी थी जिससे जब तक V.J ना चाहे ,कोई तोड़ नहीं सकता....
रोनित- हाँ वो तोह hai....par क्या करूँ yaar,jab से ये नयी शक्तियां मिली hai,inhe महसूस करने के लिए मई तड़प रहा हूँ....
मई- थोड़ा सा रूक jaa,teri ये तड़प तोह ख़त्म हो hi जायेगी पर साथ hi एक नयी तड़प भी तुझे मिल जायेगी...
रोनित- hain!!!iska क्या मतलब हुआ???
मई- सब पता चल जाएगा beta..pehle वहां चलते हैं जहाँ तुम चारों को अपनी शक्तियों पर काबू पाना सीखना है....
SHAILA,AKSHAANT और मोकलसर पहले hi वहां पहुँच गए हैं.....
रोनित- kahan,MAGICAL डायमेंशन में...
मई- ये कोई नार्मल फाइटिंग प्रैक्टिस नहीं है जो मैजिकल डायमेंशन में की जाए...
तुम्हारे अंदर की शक्तियां अलौकिक hain..inhe किसी भी मैजिकल जगह पर कण्ट्रोल करना नहीं सीखा जा सकता....
यहाँ तक की किसी नार्मल प्लेनेट ने भी ऐसा करना बोहोत खतरनाक hoga....kyunki जैसे hi मई इन शक्तियों को बंधन मुक्त karunga,ye असंतुलित हो जायेगी..
ये शक्तियां ना सिर्फ तुम सब पर हावी होंगी बल्कि आस पास की सभी जगहों पर भी इनका असर होगा....
रोनित- फिर हम कहाँ इससे कण्ट्रोल करना सीखेंगे....????
मई- सब बताता hun.....pehle यहाँ से चलो......
ये बोल मई अवंतिका की कार में बैठ gaya..mere पीछे पीछे अवंतिका और रोनित भी कार में बैठ गए और हम सब पास की hi मॉल के तरफ निकल पड़े...
मॉल की पार्किंग में हमने गाडी पार्क की और अगले hi पल हम तीनो गायब हो चुके थे...
पर हमारे गायब होने के अगले hi पल हम तीनो के क्लोन्स वापस हमारी कार में प्रकट हुए.....
और मेरे क्लोन ने कार वापस बाहर की तरफ निकल दी.....
वहीँ गायब हो हम एक नयी जगह पहुंचे जहाँ मेरे बाकी के तीनो दोस्त पहले से hi खड़े थे....
मैंने hi उन तीनो को उनके गृह से अंतर्ध्यान कर यहाँ पहुँचाया था और उन तीनो के दिमाग से जुड़ उन्हें हमारा इंतज़ार करने को कहा था....
हमे अपने सामने देख तीनो के चेहरे पर मुस्कान आ गयी पर उन सब के आखों में भी वही सवाल था जो इस वक़्त रोनित की आखों में था....
सभी मुझसे इस बारे में पूछने hi वाले थे की...
मई- तोह doston,waqt आ गया है की तुम सब अपनी अपनी शक्तियों को नियंत्रित करना सीखो...
और एक बात बतादूँ की इस काम में मई तुम सब की कोई हेल्प कोई सहायता नहीं करने वाला...
जिस तरह तुम सबने अपने दम पर मिर्रोर्स वर्ल्ड की चुनौतियों को पार किया और इन शक्तियों के मालिक bane,thik वैसे hi तुम सब को अब फिरसे एक बार अपने दम पर अपनी शक्तियों पर नियंत्रण करना सीखना होगा....
वैसे इस काम में तुम्हारी जान को कोई खतरा नहीं है क्यूनि नियंत्रित या aniyantrit,shaktiyan तोह तुम्हारी hi है..
haan,par जब तक तुम अपने अंदर की शक्तियों को कण्ट्रोल करना नहीं sikhte,tab तक ये तुम्हे लगातार नुक्सान पहुंचाएंगी..
पर इस जगह की शक्ति की वजह से ये शक्तियां अपनी हद पार नहीं करेंगी.....
शैला- ठीक hai..hum खुद अपनी शक्तियों को कोनियन्त्रित करना sikhenge..par कमसेकम इतना तोह बताओ की आखिर ये जगह है कौनसी और इस जगह की ऐसी क्या खासियत है जिसकी वजह से हमारी शक्तियां तक अपनी हद नहीं तोड़ेंगी....???
शैला का सवाल बाकी तीनो का भी tha...sabhi मेरी तरफ सवाल भरी नज़रों से देख रहे थे...
मई- इस जगह की खासियत तुम सब खुद देख लो.....
ये बोलो मैंने अपना हाथ आगे kiya..mere ऐसा करते hi मेरे हाथों से चार रेज़ निकली और मेरे दोस्तों की तरफ बढ़ गयी....
और जैसे hi उन रेज़ ने मेरे दोस्तों के बॉडीज को chua,mere दोस्तों को एक तेज़ झटका लगा और अगले hi पल....
मेरे दोस्तों की शक्तियां आज़ाद हो चुकी thi....aur ऐसा होते hi मेरे दोस्तों की बॉडीज हलकी हलकी विबरते होनी शुरू हो गयी पर इससे पहले की वो शक्तियां डिस्बैलेंस होकर मेरे दोस्तों पर हावी hoti,maine अपना हाथ फिरसे आगे किया...
मेरे ऐसा करते hi मेरे दोस्तों की शक्तियां बंधी तोह नहीं पर एक जगह पहुँच रूक सी गयी....
मई- नीचे देखो...
मेरे बोलते hi जब मेरे दोस्तों ने नीचे देखा तोह सभी शॉकेड रह गए....
reason.....mere दोस्तों के इर्द गिर्द ज़मीं से एक वाइट धुआं उठ रहा था....
अक्षांत- ये तोह......
मई- वाइट एनर्जी hai.....ye पूरी जगह वाइट एनर्जी से घिरी हुई hai..tum सबके अंदर की ऊर्जा के बंधन मुक्त होते hi यहाँ पर बेस वाइट एनर्जी को इसके बारे में पता चल गया..
इन्हे ये भी पता चल गया की तुम्हारे शरीर के अंदर बसी वाइट एनर्जी अभी स्टेबल नियंत्रित नहीं है....
अगर मैंने तुम्हारे अंदर चुप्पी ऊर्जा को एक जगह नहीं रोका होता तोह वो तुम्हारे शरीर के हर हिस्से में फ़ैल जाती और क्यूंकि अभी तुमने उनपर पूरी तरीके से काबू नहीं पाया है इसीलिए वो तुम्हारे शरीर को बोहोत नुक्सान पहुंचती....
पर इस जगह पर मौजूद व्हीएते एनर्जी की वजह से तुम्हारा शरीर उस नुक्सान को झेल लेता इसीलिए मई तुम सब को यहाँ लेकर आया ताकि जब तुम अपने शक्तियों पर नियंत्रण करने की कोशिश karo,toh उस क्रिया के होते वक़्त तुम्हे काम से काम नुक्सान हो.....
मई तुम्हारे ऊर्जा को फिरसे बहने की इजाज़त देने वाला hun...ek जगह बैठ अपनी आँखें बंद करो और अपनी अंदरूनी ऊर्जा को महसूस कर
उससे अपने चित से जोड़ने की कोशिश करो...
जैसे hi तुम सब अपने शरीर में बहते ऊर्जा को अपने दिमाग से जोड़ पाने में कामियाब हो jaaoge,tum सबका अपनी शक्तियों पर नियंत्रण हो जाएगा....
मई और अवनि फिलहाल जा रहे hain....hum दोनों तभी लौटेंगे जब तुम सब अपनी शक्तियों पर काबू पा चुके होंगे.....
रोनित- ठीक है bhai..par कमसेकम जाते जाते इस jagah,is प्लेनेट का नाम तोह बता जा.......
मई- एलोप्टुस......
PLANET-MONSLICKEL
PLACE-ASMODEUS पैलेस
FATHER,VIKRAM ने मिर्रोर्स वर्ल्ड की चुनौती पार कर ली......
ASMODEUS-PUCH रहे हो या बता रहे हो.....?????
बिल्जेबब की बात पर जब ास्मोडियस ने अपनी बात कही तोह बिल्जेबब हड़बड़ा गया.....
उससे समझ आ गया की आवेश में आकर और ादीरतावश उसने ास्मोडियस जिससे कोई बात नहीं chhupti,uske सामे नासमझों वाली बात कर दी है....
पर इसमें बिल्जेबब का भी कोई दोष नहीं tha.....VIKRAM को लगातार हर चुनौती को यूँ आसानी से पार करता देख वो विचलित सा हो गया था....
BEELZEBUB-FATHER,kya मई कुछ पूछ सकता हूँ???
बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस मुस्कुरा diya..wo जानता था की बिल्जेबब क्या पूछना चाहता है फिर भी उसने हाँ में अपना सर हिला बिल्जेबब को सवाल पूछने की अनुमति दी....
BEELZEBUB-FATHER,aapke कहे अनुसार जब मैंने मिर्रोर्स वर्ल्ड में मायाजाल बिछाया और एक दीवाल बनाकर उसके ऊपर दो दो मायावी तलवारे लटकाई...
वो दोनों तलवारें सिर्फ छल और विक्रम को चक्रव्यूह में फ़साने के लिए नहीं thi,balki वो दोनों तलवारें असल में दृष्टि दर्पण थे जिनकी मदद से हम विक्रम मिर्रोर्स वर्ल्ड में जो भी करता hai,usse देख पाते और साथ hi अग्रसेन के तलवार का रहस्य भी जान पाते....
पर जैसे hi विक्रम असली तलवार के पास पहुंचा तोह हमारी माया ने काम करना क्यों बंद कर दिया....???
जबकि हमारी दोनों मायावी तलवारें तब भी मिर्रोर्स वर्ल्ड में सुरक्षित thi,fir भी हमारी माया टूट गयी......
पर जैसे hi विक्रम ने उस तलवार को हासिल kiya,toh हमे वहां का दृश्य फिरसे दिखने laga....aisa कैसे हुआ???
बिल्जेबब की बात सुन एक बार फिरसे ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान आ गयी और.....
ASMODEUS-jis सोर्ड में इतनी ताकत हो की वो ास्मोडियस के आगे तक समर्पण ना kare,kya वो तुम्हारी बिछाई मामूली सी माया को तोड़ नहीं पायेगा???
BEELZEBUB-fir आपने मुझे वैसी माया रचने के लिए कहा hi क्यों था????
ASMODEUS-wajah वही thi....us सोर्ड का रहस्य jaanana....aur किसने कहा की मायावी तलवारों ने अपना काम नहीं किया...
हमे दृश्य दिखने बंद होने से पहले hi उन्होंने अपना काम कर दिया था....
ासमोसेउस की बात बिल्जेबब को बिलकुल भी समझ में नहीं aayi....usne कुछ कहा तोह नहीं बस आखों में सवाल लिए अपने फादर की तरफ देखने लगा....
बिल्जेबब को कुछ भी समझ में नहीं आया था इस बात से ास्मोडियस भी अवगत था और इसीलिए......
ASMODEUS-VIKRAM के छूटे hi सोर्ड ने तुम्हारी माया को तोड़ दिया पर ये क्रिया होने से पहले hi सोर्ड ने अपनी असलियत सामने ला दी थी....
जिन दो मायावी स्वोर्ड्स को तुम मिर्रोर्स वर्ल्ड में छोड़ कर आये the,un स्वोर्ड्स की माया दृष्टि सिर्फ असली सोर्ड तक hi सिमित नहीं थी बल्कि उसकी दृष्टि पुरे मिर्रोर्स वर्ल्ड पे थी....
और जैसे hi विक्रम ने हमारे चक्रव्यूह में कदम rakha,toh उसके सीने के बीच एक हलचल होने लगी.....
क्यूंकि विक्रम हमारे मायाजाल के अंदर था इसीलिए मुझे उसके शरीर में हो रहे हर परिवर्तन का पता चल रहा था....
विक्रम के अंदर यूँ अचानक होने वाली हलचल को मई समझने का प्रयास कर hi रहा था की ठीक तभी मुझे उसी वक़्त अग्रसेन की सोर्ड में भी हलचल होते दिखे और साथ hi अचानक उसके अंदर छुपी शक्तियां उजागर होने लगी....
और तब मुझे सब समझ में आ gaya....VIKRAM के अंदर जो स्पीयर hai,usne और सोर्ड ने एक दूसरे को महसूस कर लिया tha,jiski वजह से दोनों बेकाबू हो रहे थे पर विक्रम की शक्तियों की वजह से वो एक दूसरे के पास नहीं पहुँच पा रहे थे...
और जब विक्रम हमारी सारे चक्रव्यूह को तोड़ सोर्ड के सामने pahuncha,toh सोर्ड और स्पीयर की शक्ति को मैंने महसूस किया था और तब मुझे समझ में आया की स्पीयर और सोर्ड की शक्तियां एक जैसी हैं जिसका अर्थ ये था की वो सोर्ड अग्रसेन की नहीं बल्कि विक्रम की मिलकियत है.....
इसीलिए मैंने कहा था की दृश्य दिखने बंद होने से पहले hi उन मायावी तलवारों ने अपना काम कर दिया था....
ास्मोडियस की बात सुन बिल्जेबब ने समझने वाले तरीके से हाँ में अपना सर हिलाया....
BEELZEBUB-FATHER,ye साड़ी चीज़ें मई क्यों नहीं देख पाया????
ASMODEUS-tum भले hi मेरे पुत्र हो बिल्जेबब पर तुम्हारे पास ास्मोडियस की नज़र नहीं है....
तुम वही देखते हो जो दीखता hai,par मई वो भी देखता हूँ जो छुपा हुआ होता है....
बीलेज़बोब- और विक्रम के dost...unka क्या करना है???
ास्मोडियस- उनका क्या????
बिल्जेबब- FATHER,pehle वो सिर्फ आम योद्धा थे किन्तु अब उनके अंदर अलौकिक शक्तियां hain....aisi शाकटायन जो सिर्फ एक एंजेल के अंदर होती है....
ऐसी अलौकिक शक्तयों के स्वामी होने का उन्हें कोई हक़ नहीं....
बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस के चेहरे पर एक मुस्कान तैर गयी.....
ास्मोडियस- हक़!!!!!
मेरे एक सवाल का जवाब do???is ब्रम्हांड के अनेको जीवन दायी ग्रहों में कुल कितने धर्म हैं....????
ास्मोडियस की बात सुन बिल्जेबब हड़बड़ा gaya...usse बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी की ास्मोडियस उससे कुछ ऐसा भी पूछ सकता है....
BEELZEBUB-FATHER,ye ब्रम्हांड मान्यताओं की चादर से खुदको पूरी तरह ढके हुए hai,ye आपने hi मुझे बताया था....
फिर मई कैसे धर्मों की गिनती कर सकता हूँ????
ास्मोडियस- फिर bhi....andaza लगाओ....
BEELEZUB-FATHER,andaza लगाना भी तोह असंभव hai....saikdon जीवन दायी गृह जिनमे हज़ारों धर्मों को मानने वाले लोग बास्ते हैं...
ASMODEUS-hmm...aur इन हज़ारों धर्मो में कौन सा धर्म सबसे ऊपर है....????
ास्मोडियस के इस सवाल का बिल्जेबब के पास कोई जवाब नहीं tha....wo सवाल सुनाने के बाद भी चुप hi रहा और इस बात को ास्मोडियस भी भली भाति जानता था और इसीलिए....
ASMODEUS-KARM...........is ब्रम्हांड का सबसे बड़ा धर्म " कर्म " है......
कर्म वो धर्म है जिससे पूरी लगन और निष्ठां से करने वाले व्यक्ति को ईश्वर के आगे भी हाथ फैलाना नहीं पड़ता...
क्यूंकि कर्म करने पर निकलने वाला पसीना किसी पूजा से काम नहीं hota....aur भक्ति का फल मिले ना मिले किन्तु कर्म के पसीने की पूजा का फल मिलना अनिवार्य होता है.....
एक बात हमेशा याद रखा putr,ki अगर किसी दौड़ में हिस्सा लो और हार jaao,toh इस बात का आकलन मत करो की जीतने वाला तुमसे कितना तेज़ था अपितु इस बात का आकलन करो की तुम जीतने वाले से कितने धीमे थे.....
BEELZEBUB-kintu बात तोह एक hi है ना फादर!!!!
ASMODEUS-baat एक hi है पर मायने अलग अलग हैं....
जिस मंज़िल के पथ पर तुम अग्रसर ho,us मंज़िल को पाने के लिए तुम्हारे साथ और भी प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं...
किन्तु जिस व्यक्ति की दृष्टि अपने मंज़िल के साथ साथ अपने प्रतिस्पर्धी की रफ़्तार और हुनर पर भी तिकी ho,wo कभी भी जीत नहीं पायेगा.
किन्तु जिस व्यक्ति की दृष्टि केवल अपने मंज़िल पर तिकी हो और जो इधर उधर ना देख केवल अपने हुनर को निखारने और खुदकी रफ़्तार बढ़ने में लगा हुआ ho,wo अपने आप hi अपने सारे प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल सबसे पहले मंज़िल तक पहुंचेगा....
अपने मंज़िल तक पहुँचने के लिए जिसमे खुद तक को मिटा देने का जस्बा ho,uske सामने मंज़िल स्वयं नतमस्तक हो जाती है...
और यही जस्बा विक्रम के मित्रों ने दिखाया tha....unhone उन अलौकिक शक्तियों को प्राप्त करने हेतु अपनी साड़ी शक्तियां जिनके बिना उनके जीवन का कोई अर्थ hi नहीं hota,usse तक डाव पर लगाया था.....
ऐसे प्रयास को उसकी मंज़िल मिलनी hi चाहिए.....
तुम कह रहे थे ना की ऐसी अलौकिक शक्तियों के स्वामी होने का उन्हें कोई हक़ नहीं....
हक़ माँगा नहीं jaata,haasil क्या जाता है.....
कर्म hi सबसे बड़ा धर्म है और एक कर्मठ व्यक्ति हर शक्तिशाली चीज़ का हकदार है......
बोहोत काम ऐसे मौके आते थे जब ास्मोडियस पाप और पुण्य से ऊपर उठकर कुछ कहता था....
और ये वही मौका tha.....BEELZEBUB जानता था की जो भी ास्मोडियस ने कहा था वो ना पुण्य के हिस्से में आता था और नाही hi पाप के....
ास्मोडियस की कही हर बात कटु सत्य थी और एक डेविल का सबसे बड़ा शत्रु कटु सत्य hi तोह होता है...
एक ऐसा शत्रु जो डेविल को अंदर तक हिला देता hai...aur ऐसा hi कुछ एहसास इस वक़्त बिल्जेबब को अपने अंदर महसूस हो रहा था.....
वो इस बात को और आगे नहीं बढ़ाना चाहता था इसीलिए......
BEELZEBUB-toh अब आगे क्या फादर????
बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस ने एक बार उसकी तरफ देखा और.....
ास्मोडियस- इसका जवाब तोह विक्रम पहले hi दे चूका है
..................शैडो वर्ल्ड....................
आज के लिए इतना HI......
आपका अपना V.J
आग आगे:-
फाइनल CHAPTER
(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)
अपडेट-109
PLANET-EARTH
PLACE-MINAKSHI मेन्शन
क्या बात HAI???AAJ बोहोत दिनों बाद अपनी माँ की याद आयी.......
पर मैंने माँ की बात सुन कर भी कुछ नहीं कहा बस उनकी गोद में सर रख लेता रहा....
सुबह का वक़्त hai....MIRRORS वर्ल्ड के एडवेंचर को पूरा कर हम सब कल रात hi वापस लौटे थे....
शैला मोकलसर और अक्षांत को मैंने सीधे व्रीहाख भेज दिया था...
वहीँ रोनित और अवंतिका को मैंने आज सुबह मेरे घर में मिलने का बोल उनके उनके रूम में टेलिपोर्ट कर दिया था....
सुबह नार्मल टाइम पर ध्यान में कुछ देर बैठने के बाद मई जब निचे आया तोह माँ को सोफे पे बैठ नेवसपपेर पढ़ते देखा....
माँ को सामने देख दिल किया की उनकी गोद में लेटूँ तोह मई लेथ गया.....
आज नजाने कितने दिनों के बाद मई अपनी माँ की गोद में यूँ सर रख कर लेता tha....mai इस वक़्त को पुरे दिल से महसूस करना चाहता tha....isiliye माँ की बात का मैंने कोई जवाब नहीं दिया....
पर मेरी चुप्पी से माँ को लगा जैसे मुझे कोई टेंशन है और इस सोच के उभरते hi वो घबरा गयी....
MOM-kya हुआ baccha...koi टेंशन है क्या???
माँ ने मेरे माथे पर हाथ फेरते हुए अपनी बात कही.....
माँ की आवाज़ में एक फ़िक्र थी जिससे महसूस करते hi मेरी आँखें खुल गयी....
मैंने माँ के चेहरे को dekha..is वक़्त उनके माथे पर चिंता की रेखाएं उभरी हुई थी...
मई जानता था की इस चिंता की असली वजह सिर्फ मेरी चुप्पी नहीं hai....iski फ़िक्र की असली वजह मेरा कुछ महीने पहले घर छोड़कर जाना था....
जब से मई लौटा hun,mom को हमेशा अंदर hi अंदर ये दर सताते रहता है की मई कहीं वैसा hi कोई कदम फिर से न उठा lun.....aur इसीलिए......
MAI-koi टेंशन नहीं है mom...bas आज दिल किया आपके गोद में सर रखने का तोह रख लिया....
मेरी बात सुन माँ के चेहरे पर स्माइल आ गयी और वो मेरे बालों पर अपने हाथ फेरने लगी जिससे मेरी आखें फिरसे बंद हो गयी....
लार्ड ऑफ़ ANGELS.....meri pehchaan....wo पहचान जिसके चाव टेल हर कोई सुरक्षित महसूस करता है.....
माँ की गोद में इस वक़्त मुझे भी वही सुरक्षा वही सेफ्टी महसूस हो रही थी....
क्या बात HAI???AAJ मेरे बच्चे ने मेरी HI जगह ले ली......
आवाज़ सुन मैंने मुस्कुराते हुए अपनी आखें खोल di....ye आवाज़ मेरे डैड की थी जो अपना गयम फिनिश कर हमारे पास hi आ रहे थे....
माँ- आपकी jagah???ye जगह आपकी सिर्फ तब तक थी जब तक मेरा बच्चा पैदा नहीं हुआ tha....samjhe....
डैड- अरे ऐसे kaise???registry हमारी और जगह हमारे बेटे की.....!!!!!
MAI-dad,mom की गोद और आपका kandha,in दोनों पर hi सिर्फ मेरा हक़ hai....toh इस पर no बेहेस.....
मेरी बात सुन डैड और माँ दोनों है दिए....
MOM-yaad है बचपन में विक्की या तोह आपके कंधे पर चढ़ा रहता था या फिर मेरी गोद में लेता....
किसी काम की वजह से मई इससे अपनी गोद में ना उठाऊं या फिर आप इससे अपने कंधे पर ना उठायें तोह इसका मुँह फूल जाता था....
डैड- बिलकुल याद hai..aur सच कहूं तोह जब तक ये मेरे कंधे पर नहीं चढ़ता tha,mujhe भी सुकून नहीं मिलता था...
दिन भर मई साइट पर काम देखता tha...ghar आते आते काफी थकन महसूस होने लगती थी पर जब तक विक्की मेरे बालों को खींचते हुए मेरे कंधे पर नहीं चढ़ता tha,mujhe सुकून नहीं मिलता था....
डैड की बात सुन माँ मुस्कुरा दी पर तभी...
DAD-beta,mom की गोद में तोह तू लेट liya...ab एक बार अपने बाप के कंधे पर भी चढ़ jaa....mai वही पुराण सुकून एक बार फिरसे महसूस करना चाहता हूँ....
डैड की बात सुन माँ ज़ोर से है पड़ी...
माँ- कैसी बहकी बहकी बातें कर रहे हैं aap...aapka बीटा अब कोई छोटा बचा नहीं raha..kadh में आपसे भी लम्बा हो गया है....
इससे कंधे पर उठाएंगे आप????
DAD-haan तोह क्या hua????jitna बड़ा भी हो jaaye,rahega तोह मेरा बीटा hi....haan थोड़ा ज़्यादा भारी हो गया hai,par मई मैनेज कर लूंगा....
माँ- थोड़ा bhaari...apna पूरा वज़न अगर इसने आप के ऊपर दाल दिया ना तोह आपके कमर की हालत ख़राब हो जायेगी...
डैड- ऐसा कुछ नहीं hoga..aaj beta,chadh जा मेर कंधे पर..
ये बोल डैड सच में सोफे के नीचे बैठ गए ताकि मई उनके कंधे पर बैठ सकूँ...
माँ- अरे ये क्या ज़िद्द लेकर बैठ गए aap...aap विक्की को नहीं उठा पाएंगे उल्टा आपकी कमर में मोच आ जायेगी....
मई- रिलैक्स mom..kuch नहीं होगा.......
ये बोल मई उठ कर बैठ gaya....isse पहले की माँ कुछ kehti,maine अपनी बात kahi...aur तुरंत मई डैड के पीठ पर दोनों पीर आगे रख बैठ गया और अगले hi पल......
माँ को एक झटका laga..jhatka सिर्फ माँ को hi नहीं खुद डैड को भी लगा था
और reason....mere पीठ पर बैठते hi डैड एक झटके में खड़े हो गए...
मई पीठ पर बैठा हूँ ये ध्यान में रखकर डैड अपने पैरों पर प्रेशर देकर खड़े हुए थे ताकि मेरा भार संभल सके पर झटका उन्हें तब लगा जब उन्हें मेरे भार बस हल्का सा hi फील हुआ था...
वो बड़े आराम से मुझे अपने पीठ पर बिठाये खड़े हो गए और उन्हें ऐसा करता देख माँ भी सुरप्रीसेड हो गयी....
MOM-ye आपने कैसे kiya???aap इतनी आसानी से विक्की को लिए कैसे खड़े हो गए???
डैड- मुझे तोह विक्की का भार hi ठीक से पता नहीं चल raha...aisa लग रहा है जैसे मैंने अपने उसी बचपन वाले बच्चे को उठाया है...
मई- आपके लिए तोह मई आपका बचा hi हूँ ना dad..ab ये सब छोड़िये और मुझे बाहर लॉन में वैसे hi घुमाइए जैसे बचपन में घुमाया करते थे....
माँ- अरे बीटा कंधे पर उठाना अलग बात है और
उठाकर घूमना अलग....
डैड- अरे कुछ नहीं hota....maine कहा नहीं की मुझे विक्की का वज़न पता hi नहीं चल रहा है....
ये बोल डैड आगे बढ़ gaye....ghar के सारे सर्वेंट्स इन्क्लूडिंग मरथा आंटी भी डैड को मुझे यूँ लिफ्ट करते देख खुश भी थे और शॉकेड भी....
जहाँ एक तरफ मुझे यूँ कंधे पर उठाकर डैड बोहोत खुश थे वहीँ माँ घबराई हुई सी डैड के पीछे हो ली...
डैड मुझे उठाये बहार लॉन में पहुँच गए जहाँ पर इस वक़्त दादाजी बैठे हुए थे...
वो भी डैड के ऊपर मुझे यूँ बैठे देख शॉकेड हो गए.....
दादाजी- अरे ये क्या हो रहा है....????
माँ- देखिए ना papa,inhone ज़िद्द की की अपने बेटे को बचपन की तरह एक बार फिरसे अपने कंधे पर बैठकर घुमाएंगे और ये विक्की भी बिना कुछ सोचे चढ़ गया अपने डैड के पीठ पर...
मई कबसे इन दोनों को मन कर रही हूँ पर ये बाप बेटे मान hi नहीं रहे....
माँ को लगा की दादाजी उनकी बात सुन मुझे और डैड को डाटेंगे पर.....
DADAJI-kuch नहीं होता beta...apne बेटे को अपने कंधे पर उठाने का मज़ा तू नहीं समझेगी.....
पर मानना पड़ेगा beta...tune विक्की को ऐसे hi अपने कन्धों पर उठा लिया और अब उससे उठाये उठाये घूम भी रहा है....
दादाजी की बात पर डैड और उनके साथ मई भी मुस्कुरा दिया पर हम दोनों के मुस्कराहट की वजह अलग अलग थी....
जहाँ डैड मुझे आराम से उठा पाने की ख़ुशी में मुस्कुरा रहे थे वहीँ मई इसीलिए क्यूंकि डैड के मुझे यूँ आराम से उठाने की वजह सिर्फ मई जानता था...
मेरा वज़न मैंने hi काम किया था ताकि डैड को तकलीफ ना हो.....
डैड मुझे उठाये आगे बढ़ने hi वाले थे की....
पापा मई BHI......MUJHE भी गोदी लो......
ये आवाज़ ाशी की थी जो हमारे पीछे से आयी थी....
वो दौड़ती हुई हमारे पास आ रही thi...aur इससे पहले की माँ कुछ kehti,AASHI हलकी सी उछली और डैड ने उससे भी अपने दोनों हाथों से पकड़ते हुए गोद में ले लिया...
वैसे तोह ाशी का वज़न कुछ ज़्यादा नहीं था पर मैंने उसका वज़न भी कुछ काम कर दिया था....
जहाँ ाशी को डैड के गोद में देख माँ ने अपना माथा पीट लिया वहीँ दादाजी है दिए...
ाशी को गोद और मुझे पीठ पर लिए डैड ने पूल का एक चक्कर lagaya..ab माँ भी डैड के पीछे ना आकर दादाजी के पास hi कड़ी हो गयी...
वो भी हस्ते हुए डैड के या फिर ये कहूं की हम तीनो के बचपने को देख रही थी....
पूल के दो चक्कर काटने के बाद मई और ाशी डैड के पीठ और गोद से उतर गए......
इसके बाद कुछ ख़ास नहीं hua...mai ाशी के साथ खेलने लगा और डैड माँ और दादाजी के साथ बाहर लॉन में hi बैठ गए....
कुछ देर बाद मई अपने रूम फ्रेश होने गया और बाथ लेकर निचे आया..
मैंने अपना ब्रेकफास्ट ख़त्म hi किया hi था की इतने में रोनित पहुँच गया....
रोनित के पहुँचने के 10 मिनट बाद मुझे पता चल गया की अवंतिका भी 2 मिनट बाद पहुँचने वाली है इसीलिए माँ को बताकर मई रोनित को लेकर बाहर आ गया....
हम दोनों गेट से निकल घर के बाहर खड़े hi हुए थे की इतने में अवंतिका की कार हमारे सामने आकर रुकी.....
AVANTIKA-tum दोनों बाहर....!!!!
RONIT-bhool गयी क्या की आपके होने वाले पति परमेश्वर अन्तर्यामी hain....unhe पहले hi पता चल गया था की उनकी दिल गुलज़ार पहुँचने वाली है तोह इसने अपने साथ साथ मुझे भी चौकीदार की ड्यूटी देकर यहाँ खड़ा कर दिया....
मई- शुक्र मन की इसी बहाने तुझे जॉब तोह mili..warna दिन भर तोह तूने वेल्ला hi घूमना है.....
रोनित- haan,tu बड़ा कलेक्टर लग गया क्यों????
मई- लग जाता पर उससे पहले hi तू मिल गया और मेरा शनि भारी हो गया....
अवंतिका- तुम दोनों थकते नहीं हो क्या दिन भर लड़ते लड़ते...
मई- अब आप अपने हिस्से का प्यार हमे देती नहीं तोह उसका कुछ तोह साइड इफ़ेक्ट होगा ना...
मेरी बात सुन जहाँ अवंतिका शर्मा गयी वहीँ रोनित ज़ोर से है दिया....
रोनित- bhai,tum दोनों के रोमांस करने के लिए पूरी ज़िन्दगी पड़ी हुई hai...filhal मुझपर भी ध्यान दो...
यार V.J जब से ये शक्तियां मुझे मिली hain,mai इन्हे महसूस करने के लिए तड़प रहा हूँ..
कल रात बोहोत बार तरय भी किया की इन शक्तियों को उजागर कर इन्हे फील करूँ पर कर नहीं पाया...
मई- जानता hun..aur उन तीनो ने भी कल यही कोशिश की है और इसीलिए hi मैंने तेरी और उन तीनो की शक्तियों को भी बाँध दिया था..
मुझे पता था की तुम सब
अपना अपना साधा हुआ दिमाग ज़रूर lagaoge.....jaanta है अगर कल मैंने तुम चारों की शक्ति नहीं बाँधी होती तोह क्या होता???
क्यूंकि तुझे मिलने वाली शक्तियां अभी तेरे बस में नहीं हैं इसीलिए तेरे उन्हें याद कर उजागर करते hi वो शक्तियां डिस्बैलेंस हो जाती...
जिससे तू उन्हें संभल नहीं पाटा और इस वजह से तेरी शक्तियां तुझे hi नुक्सान पहुंचा देती...
इतना hi वो शक्तियां तेरे घर को भी खण्डार में बदल देती...
रोनित- ोये तेरी ki....toh साले तूने मुझे पहले क्यों नहीं bataya???agar गलती से मुझसे मेरी शक्तियां उजागर हो जाती तोह???
अवंतिका- duffer,V.J ने तेरी और उन तीनो की शक्तियां किसी रस्सी से नहीं बाँधी थी जिन्हे तू तोड़ कर अपनी शक्तियों को आज़ाद कर देता...
उसने तुम चारों की शक्तियां अपनी शक्ति से बाँधी थी जिससे जब तक V.J ना चाहे ,कोई तोड़ नहीं सकता....
रोनित- हाँ वो तोह hai....par क्या करूँ yaar,jab से ये नयी शक्तियां मिली hai,inhe महसूस करने के लिए मई तड़प रहा हूँ....
मई- थोड़ा सा रूक jaa,teri ये तड़प तोह ख़त्म हो hi जायेगी पर साथ hi एक नयी तड़प भी तुझे मिल जायेगी...
रोनित- hain!!!iska क्या मतलब हुआ???
मई- सब पता चल जाएगा beta..pehle वहां चलते हैं जहाँ तुम चारों को अपनी शक्तियों पर काबू पाना सीखना है....
SHAILA,AKSHAANT और मोकलसर पहले hi वहां पहुँच गए हैं.....
रोनित- kahan,MAGICAL डायमेंशन में...
मई- ये कोई नार्मल फाइटिंग प्रैक्टिस नहीं है जो मैजिकल डायमेंशन में की जाए...
तुम्हारे अंदर की शक्तियां अलौकिक hain..inhe किसी भी मैजिकल जगह पर कण्ट्रोल करना नहीं सीखा जा सकता....
यहाँ तक की किसी नार्मल प्लेनेट ने भी ऐसा करना बोहोत खतरनाक hoga....kyunki जैसे hi मई इन शक्तियों को बंधन मुक्त karunga,ye असंतुलित हो जायेगी..
ये शक्तियां ना सिर्फ तुम सब पर हावी होंगी बल्कि आस पास की सभी जगहों पर भी इनका असर होगा....
रोनित- फिर हम कहाँ इससे कण्ट्रोल करना सीखेंगे....????
मई- सब बताता hun.....pehle यहाँ से चलो......
ये बोल मई अवंतिका की कार में बैठ gaya..mere पीछे पीछे अवंतिका और रोनित भी कार में बैठ गए और हम सब पास की hi मॉल के तरफ निकल पड़े...
मॉल की पार्किंग में हमने गाडी पार्क की और अगले hi पल हम तीनो गायब हो चुके थे...
पर हमारे गायब होने के अगले hi पल हम तीनो के क्लोन्स वापस हमारी कार में प्रकट हुए.....
और मेरे क्लोन ने कार वापस बाहर की तरफ निकल दी.....
वहीँ गायब हो हम एक नयी जगह पहुंचे जहाँ मेरे बाकी के तीनो दोस्त पहले से hi खड़े थे....
मैंने hi उन तीनो को उनके गृह से अंतर्ध्यान कर यहाँ पहुँचाया था और उन तीनो के दिमाग से जुड़ उन्हें हमारा इंतज़ार करने को कहा था....
हमे अपने सामने देख तीनो के चेहरे पर मुस्कान आ गयी पर उन सब के आखों में भी वही सवाल था जो इस वक़्त रोनित की आखों में था....
सभी मुझसे इस बारे में पूछने hi वाले थे की...
मई- तोह doston,waqt आ गया है की तुम सब अपनी अपनी शक्तियों को नियंत्रित करना सीखो...
और एक बात बतादूँ की इस काम में मई तुम सब की कोई हेल्प कोई सहायता नहीं करने वाला...
जिस तरह तुम सबने अपने दम पर मिर्रोर्स वर्ल्ड की चुनौतियों को पार किया और इन शक्तियों के मालिक bane,thik वैसे hi तुम सब को अब फिरसे एक बार अपने दम पर अपनी शक्तियों पर नियंत्रण करना सीखना होगा....
वैसे इस काम में तुम्हारी जान को कोई खतरा नहीं है क्यूनि नियंत्रित या aniyantrit,shaktiyan तोह तुम्हारी hi है..
haan,par जब तक तुम अपने अंदर की शक्तियों को कण्ट्रोल करना नहीं sikhte,tab तक ये तुम्हे लगातार नुक्सान पहुंचाएंगी..
पर इस जगह की शक्ति की वजह से ये शक्तियां अपनी हद पार नहीं करेंगी.....
शैला- ठीक hai..hum खुद अपनी शक्तियों को कोनियन्त्रित करना sikhenge..par कमसेकम इतना तोह बताओ की आखिर ये जगह है कौनसी और इस जगह की ऐसी क्या खासियत है जिसकी वजह से हमारी शक्तियां तक अपनी हद नहीं तोड़ेंगी....???
शैला का सवाल बाकी तीनो का भी tha...sabhi मेरी तरफ सवाल भरी नज़रों से देख रहे थे...
मई- इस जगह की खासियत तुम सब खुद देख लो.....
ये बोलो मैंने अपना हाथ आगे kiya..mere ऐसा करते hi मेरे हाथों से चार रेज़ निकली और मेरे दोस्तों की तरफ बढ़ गयी....
और जैसे hi उन रेज़ ने मेरे दोस्तों के बॉडीज को chua,mere दोस्तों को एक तेज़ झटका लगा और अगले hi पल....
मेरे दोस्तों की शक्तियां आज़ाद हो चुकी thi....aur ऐसा होते hi मेरे दोस्तों की बॉडीज हलकी हलकी विबरते होनी शुरू हो गयी पर इससे पहले की वो शक्तियां डिस्बैलेंस होकर मेरे दोस्तों पर हावी hoti,maine अपना हाथ फिरसे आगे किया...
मेरे ऐसा करते hi मेरे दोस्तों की शक्तियां बंधी तोह नहीं पर एक जगह पहुँच रूक सी गयी....
मई- नीचे देखो...
मेरे बोलते hi जब मेरे दोस्तों ने नीचे देखा तोह सभी शॉकेड रह गए....
reason.....mere दोस्तों के इर्द गिर्द ज़मीं से एक वाइट धुआं उठ रहा था....
अक्षांत- ये तोह......
मई- वाइट एनर्जी hai.....ye पूरी जगह वाइट एनर्जी से घिरी हुई hai..tum सबके अंदर की ऊर्जा के बंधन मुक्त होते hi यहाँ पर बेस वाइट एनर्जी को इसके बारे में पता चल गया..
इन्हे ये भी पता चल गया की तुम्हारे शरीर के अंदर बसी वाइट एनर्जी अभी स्टेबल नियंत्रित नहीं है....
अगर मैंने तुम्हारे अंदर चुप्पी ऊर्जा को एक जगह नहीं रोका होता तोह वो तुम्हारे शरीर के हर हिस्से में फ़ैल जाती और क्यूंकि अभी तुमने उनपर पूरी तरीके से काबू नहीं पाया है इसीलिए वो तुम्हारे शरीर को बोहोत नुक्सान पहुंचती....
पर इस जगह पर मौजूद व्हीएते एनर्जी की वजह से तुम्हारा शरीर उस नुक्सान को झेल लेता इसीलिए मई तुम सब को यहाँ लेकर आया ताकि जब तुम अपने शक्तियों पर नियंत्रण करने की कोशिश karo,toh उस क्रिया के होते वक़्त तुम्हे काम से काम नुक्सान हो.....
मई तुम्हारे ऊर्जा को फिरसे बहने की इजाज़त देने वाला hun...ek जगह बैठ अपनी आँखें बंद करो और अपनी अंदरूनी ऊर्जा को महसूस कर
उससे अपने चित से जोड़ने की कोशिश करो...
जैसे hi तुम सब अपने शरीर में बहते ऊर्जा को अपने दिमाग से जोड़ पाने में कामियाब हो jaaoge,tum सबका अपनी शक्तियों पर नियंत्रण हो जाएगा....
मई और अवनि फिलहाल जा रहे hain....hum दोनों तभी लौटेंगे जब तुम सब अपनी शक्तियों पर काबू पा चुके होंगे.....
रोनित- ठीक है bhai..par कमसेकम जाते जाते इस jagah,is प्लेनेट का नाम तोह बता जा.......
मई- एलोप्टुस......
PLANET-MONSLICKEL
PLACE-ASMODEUS पैलेस
FATHER,VIKRAM ने मिर्रोर्स वर्ल्ड की चुनौती पार कर ली......
ASMODEUS-PUCH रहे हो या बता रहे हो.....?????
बिल्जेबब की बात पर जब ास्मोडियस ने अपनी बात कही तोह बिल्जेबब हड़बड़ा गया.....
उससे समझ आ गया की आवेश में आकर और ादीरतावश उसने ास्मोडियस जिससे कोई बात नहीं chhupti,uske सामे नासमझों वाली बात कर दी है....
पर इसमें बिल्जेबब का भी कोई दोष नहीं tha.....VIKRAM को लगातार हर चुनौती को यूँ आसानी से पार करता देख वो विचलित सा हो गया था....
BEELZEBUB-FATHER,kya मई कुछ पूछ सकता हूँ???
बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस मुस्कुरा diya..wo जानता था की बिल्जेबब क्या पूछना चाहता है फिर भी उसने हाँ में अपना सर हिला बिल्जेबब को सवाल पूछने की अनुमति दी....
BEELZEBUB-FATHER,aapke कहे अनुसार जब मैंने मिर्रोर्स वर्ल्ड में मायाजाल बिछाया और एक दीवाल बनाकर उसके ऊपर दो दो मायावी तलवारे लटकाई...
वो दोनों तलवारें सिर्फ छल और विक्रम को चक्रव्यूह में फ़साने के लिए नहीं thi,balki वो दोनों तलवारें असल में दृष्टि दर्पण थे जिनकी मदद से हम विक्रम मिर्रोर्स वर्ल्ड में जो भी करता hai,usse देख पाते और साथ hi अग्रसेन के तलवार का रहस्य भी जान पाते....
पर जैसे hi विक्रम असली तलवार के पास पहुंचा तोह हमारी माया ने काम करना क्यों बंद कर दिया....???
जबकि हमारी दोनों मायावी तलवारें तब भी मिर्रोर्स वर्ल्ड में सुरक्षित thi,fir भी हमारी माया टूट गयी......
पर जैसे hi विक्रम ने उस तलवार को हासिल kiya,toh हमे वहां का दृश्य फिरसे दिखने laga....aisa कैसे हुआ???
बिल्जेबब की बात सुन एक बार फिरसे ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान आ गयी और.....
ASMODEUS-jis सोर्ड में इतनी ताकत हो की वो ास्मोडियस के आगे तक समर्पण ना kare,kya वो तुम्हारी बिछाई मामूली सी माया को तोड़ नहीं पायेगा???
BEELZEBUB-fir आपने मुझे वैसी माया रचने के लिए कहा hi क्यों था????
ASMODEUS-wajah वही thi....us सोर्ड का रहस्य jaanana....aur किसने कहा की मायावी तलवारों ने अपना काम नहीं किया...
हमे दृश्य दिखने बंद होने से पहले hi उन्होंने अपना काम कर दिया था....
ासमोसेउस की बात बिल्जेबब को बिलकुल भी समझ में नहीं aayi....usne कुछ कहा तोह नहीं बस आखों में सवाल लिए अपने फादर की तरफ देखने लगा....
बिल्जेबब को कुछ भी समझ में नहीं आया था इस बात से ास्मोडियस भी अवगत था और इसीलिए......
ASMODEUS-VIKRAM के छूटे hi सोर्ड ने तुम्हारी माया को तोड़ दिया पर ये क्रिया होने से पहले hi सोर्ड ने अपनी असलियत सामने ला दी थी....
जिन दो मायावी स्वोर्ड्स को तुम मिर्रोर्स वर्ल्ड में छोड़ कर आये the,un स्वोर्ड्स की माया दृष्टि सिर्फ असली सोर्ड तक hi सिमित नहीं थी बल्कि उसकी दृष्टि पुरे मिर्रोर्स वर्ल्ड पे थी....
और जैसे hi विक्रम ने हमारे चक्रव्यूह में कदम rakha,toh उसके सीने के बीच एक हलचल होने लगी.....
क्यूंकि विक्रम हमारे मायाजाल के अंदर था इसीलिए मुझे उसके शरीर में हो रहे हर परिवर्तन का पता चल रहा था....
विक्रम के अंदर यूँ अचानक होने वाली हलचल को मई समझने का प्रयास कर hi रहा था की ठीक तभी मुझे उसी वक़्त अग्रसेन की सोर्ड में भी हलचल होते दिखे और साथ hi अचानक उसके अंदर छुपी शक्तियां उजागर होने लगी....
और तब मुझे सब समझ में आ gaya....VIKRAM के अंदर जो स्पीयर hai,usne और सोर्ड ने एक दूसरे को महसूस कर लिया tha,jiski वजह से दोनों बेकाबू हो रहे थे पर विक्रम की शक्तियों की वजह से वो एक दूसरे के पास नहीं पहुँच पा रहे थे...
और जब विक्रम हमारी सारे चक्रव्यूह को तोड़ सोर्ड के सामने pahuncha,toh सोर्ड और स्पीयर की शक्ति को मैंने महसूस किया था और तब मुझे समझ में आया की स्पीयर और सोर्ड की शक्तियां एक जैसी हैं जिसका अर्थ ये था की वो सोर्ड अग्रसेन की नहीं बल्कि विक्रम की मिलकियत है.....
इसीलिए मैंने कहा था की दृश्य दिखने बंद होने से पहले hi उन मायावी तलवारों ने अपना काम कर दिया था....
ास्मोडियस की बात सुन बिल्जेबब ने समझने वाले तरीके से हाँ में अपना सर हिलाया....
BEELZEBUB-FATHER,ye साड़ी चीज़ें मई क्यों नहीं देख पाया????
ASMODEUS-tum भले hi मेरे पुत्र हो बिल्जेबब पर तुम्हारे पास ास्मोडियस की नज़र नहीं है....
तुम वही देखते हो जो दीखता hai,par मई वो भी देखता हूँ जो छुपा हुआ होता है....
बीलेज़बोब- और विक्रम के dost...unka क्या करना है???
ास्मोडियस- उनका क्या????
बिल्जेबब- FATHER,pehle वो सिर्फ आम योद्धा थे किन्तु अब उनके अंदर अलौकिक शक्तियां hain....aisi शाकटायन जो सिर्फ एक एंजेल के अंदर होती है....
ऐसी अलौकिक शक्तयों के स्वामी होने का उन्हें कोई हक़ नहीं....
बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस के चेहरे पर एक मुस्कान तैर गयी.....
ास्मोडियस- हक़!!!!!
मेरे एक सवाल का जवाब do???is ब्रम्हांड के अनेको जीवन दायी ग्रहों में कुल कितने धर्म हैं....????
ास्मोडियस की बात सुन बिल्जेबब हड़बड़ा gaya...usse बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी की ास्मोडियस उससे कुछ ऐसा भी पूछ सकता है....
BEELZEBUB-FATHER,ye ब्रम्हांड मान्यताओं की चादर से खुदको पूरी तरह ढके हुए hai,ye आपने hi मुझे बताया था....
फिर मई कैसे धर्मों की गिनती कर सकता हूँ????
ास्मोडियस- फिर bhi....andaza लगाओ....
BEELEZUB-FATHER,andaza लगाना भी तोह असंभव hai....saikdon जीवन दायी गृह जिनमे हज़ारों धर्मों को मानने वाले लोग बास्ते हैं...
ASMODEUS-hmm...aur इन हज़ारों धर्मो में कौन सा धर्म सबसे ऊपर है....????
ास्मोडियस के इस सवाल का बिल्जेबब के पास कोई जवाब नहीं tha....wo सवाल सुनाने के बाद भी चुप hi रहा और इस बात को ास्मोडियस भी भली भाति जानता था और इसीलिए....
ASMODEUS-KARM...........is ब्रम्हांड का सबसे बड़ा धर्म " कर्म " है......
कर्म वो धर्म है जिससे पूरी लगन और निष्ठां से करने वाले व्यक्ति को ईश्वर के आगे भी हाथ फैलाना नहीं पड़ता...
क्यूंकि कर्म करने पर निकलने वाला पसीना किसी पूजा से काम नहीं hota....aur भक्ति का फल मिले ना मिले किन्तु कर्म के पसीने की पूजा का फल मिलना अनिवार्य होता है.....
एक बात हमेशा याद रखा putr,ki अगर किसी दौड़ में हिस्सा लो और हार jaao,toh इस बात का आकलन मत करो की जीतने वाला तुमसे कितना तेज़ था अपितु इस बात का आकलन करो की तुम जीतने वाले से कितने धीमे थे.....
BEELZEBUB-kintu बात तोह एक hi है ना फादर!!!!
ASMODEUS-baat एक hi है पर मायने अलग अलग हैं....
जिस मंज़िल के पथ पर तुम अग्रसर ho,us मंज़िल को पाने के लिए तुम्हारे साथ और भी प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं...
किन्तु जिस व्यक्ति की दृष्टि अपने मंज़िल के साथ साथ अपने प्रतिस्पर्धी की रफ़्तार और हुनर पर भी तिकी ho,wo कभी भी जीत नहीं पायेगा.
किन्तु जिस व्यक्ति की दृष्टि केवल अपने मंज़िल पर तिकी हो और जो इधर उधर ना देख केवल अपने हुनर को निखारने और खुदकी रफ़्तार बढ़ने में लगा हुआ ho,wo अपने आप hi अपने सारे प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल सबसे पहले मंज़िल तक पहुंचेगा....
अपने मंज़िल तक पहुँचने के लिए जिसमे खुद तक को मिटा देने का जस्बा ho,uske सामने मंज़िल स्वयं नतमस्तक हो जाती है...
और यही जस्बा विक्रम के मित्रों ने दिखाया tha....unhone उन अलौकिक शक्तियों को प्राप्त करने हेतु अपनी साड़ी शक्तियां जिनके बिना उनके जीवन का कोई अर्थ hi नहीं hota,usse तक डाव पर लगाया था.....
ऐसे प्रयास को उसकी मंज़िल मिलनी hi चाहिए.....
तुम कह रहे थे ना की ऐसी अलौकिक शक्तियों के स्वामी होने का उन्हें कोई हक़ नहीं....
हक़ माँगा नहीं jaata,haasil क्या जाता है.....
कर्म hi सबसे बड़ा धर्म है और एक कर्मठ व्यक्ति हर शक्तिशाली चीज़ का हकदार है......
बोहोत काम ऐसे मौके आते थे जब ास्मोडियस पाप और पुण्य से ऊपर उठकर कुछ कहता था....
और ये वही मौका tha.....BEELZEBUB जानता था की जो भी ास्मोडियस ने कहा था वो ना पुण्य के हिस्से में आता था और नाही hi पाप के....
ास्मोडियस की कही हर बात कटु सत्य थी और एक डेविल का सबसे बड़ा शत्रु कटु सत्य hi तोह होता है...
एक ऐसा शत्रु जो डेविल को अंदर तक हिला देता hai...aur ऐसा hi कुछ एहसास इस वक़्त बिल्जेबब को अपने अंदर महसूस हो रहा था.....
वो इस बात को और आगे नहीं बढ़ाना चाहता था इसीलिए......
BEELZEBUB-toh अब आगे क्या फादर????
बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस ने एक बार उसकी तरफ देखा और.....
ास्मोडियस- इसका जवाब तोह विक्रम पहले hi दे चूका है
..................शैडो वर्ल्ड....................
आज के लिए इतना HI......
आपका अपना V.J