फंतासी ऐटिटूड.....( मैजिक + रोमांस )(कम्प्लेटेड) - Page 18 - SexBaba
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फंतासी ऐटिटूड.....( मैजिक + रोमांस )(कम्प्लेटेड)

अब तक आपने पढ़ा की विक्रम एंड फ्रेंड्स का मिर्रोर्स वर्ल्ड एडवेंचर सफलता पूर्व ख़त्म होता है

आग आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-109

PLANET-EARTH

PLACE-MINAKSHI मेन्शन

क्या बात HAI???AAJ बोहोत दिनों बाद अपनी माँ की याद आयी.......

पर मैंने माँ की बात सुन कर भी कुछ नहीं कहा बस उनकी गोद में सर रख लेता रहा....

सुबह का वक़्त hai....MIRRORS वर्ल्ड के एडवेंचर को पूरा कर हम सब कल रात hi वापस लौटे थे....

शैला मोकलसर और अक्षांत को मैंने सीधे व्रीहाख भेज दिया था...

वहीँ रोनित और अवंतिका को मैंने आज सुबह मेरे घर में मिलने का बोल उनके उनके रूम में टेलिपोर्ट कर दिया था....

सुबह नार्मल टाइम पर ध्यान में कुछ देर बैठने के बाद मई जब निचे आया तोह माँ को सोफे पे बैठ नेवसपपेर पढ़ते देखा....

माँ को सामने देख दिल किया की उनकी गोद में लेटूँ तोह मई लेथ गया.....

आज नजाने कितने दिनों के बाद मई अपनी माँ की गोद में यूँ सर रख कर लेता tha....mai इस वक़्त को पुरे दिल से महसूस करना चाहता tha....isiliye माँ की बात का मैंने कोई जवाब नहीं दिया....

पर मेरी चुप्पी से माँ को लगा जैसे मुझे कोई टेंशन है और इस सोच के उभरते hi वो घबरा गयी....

MOM-kya हुआ baccha...koi टेंशन है क्या???

माँ ने मेरे माथे पर हाथ फेरते हुए अपनी बात कही.....

माँ की आवाज़ में एक फ़िक्र थी जिससे महसूस करते hi मेरी आँखें खुल गयी....

मैंने माँ के चेहरे को dekha..is वक़्त उनके माथे पर चिंता की रेखाएं उभरी हुई थी...

मई जानता था की इस चिंता की असली वजह सिर्फ मेरी चुप्पी नहीं hai....iski फ़िक्र की असली वजह मेरा कुछ महीने पहले घर छोड़कर जाना था....

जब से मई लौटा hun,mom को हमेशा अंदर hi अंदर ये दर सताते रहता है की मई कहीं वैसा hi कोई कदम फिर से न उठा lun.....aur इसीलिए......

MAI-koi टेंशन नहीं है mom...bas आज दिल किया आपके गोद में सर रखने का तोह रख लिया....

मेरी बात सुन माँ के चेहरे पर स्माइल आ गयी और वो मेरे बालों पर अपने हाथ फेरने लगी जिससे मेरी आखें फिरसे बंद हो गयी....

लार्ड ऑफ़ ANGELS.....meri pehchaan....wo पहचान जिसके चाव टेल हर कोई सुरक्षित महसूस करता है.....

माँ की गोद में इस वक़्त मुझे भी वही सुरक्षा वही सेफ्टी महसूस हो रही थी....

क्या बात HAI???AAJ मेरे बच्चे ने मेरी HI जगह ले ली......

आवाज़ सुन मैंने मुस्कुराते हुए अपनी आखें खोल di....ye आवाज़ मेरे डैड की थी जो अपना गयम फिनिश कर हमारे पास hi आ रहे थे....

माँ- आपकी jagah???ye जगह आपकी सिर्फ तब तक थी जब तक मेरा बच्चा पैदा नहीं हुआ tha....samjhe....

डैड- अरे ऐसे kaise???registry हमारी और जगह हमारे बेटे की.....!!!!!

MAI-dad,mom की गोद और आपका kandha,in दोनों पर hi सिर्फ मेरा हक़ hai....toh इस पर no बेहेस.....

मेरी बात सुन डैड और माँ दोनों है दिए....

MOM-yaad है बचपन में विक्की या तोह आपके कंधे पर चढ़ा रहता था या फिर मेरी गोद में लेता....

किसी काम की वजह से मई इससे अपनी गोद में ना उठाऊं या फिर आप इससे अपने कंधे पर ना उठायें तोह इसका मुँह फूल जाता था....

डैड- बिलकुल याद hai..aur सच कहूं तोह जब तक ये मेरे कंधे पर नहीं चढ़ता tha,mujhe भी सुकून नहीं मिलता था...

दिन भर मई साइट पर काम देखता tha...ghar आते आते काफी थकन महसूस होने लगती थी पर जब तक विक्की मेरे बालों को खींचते हुए मेरे कंधे पर नहीं चढ़ता tha,mujhe सुकून नहीं मिलता था....

डैड की बात सुन माँ मुस्कुरा दी पर तभी...

DAD-beta,mom की गोद में तोह तू लेट liya...ab एक बार अपने बाप के कंधे पर भी चढ़ jaa....mai वही पुराण सुकून एक बार फिरसे महसूस करना चाहता हूँ....

डैड की बात सुन माँ ज़ोर से है पड़ी...

माँ- कैसी बहकी बहकी बातें कर रहे हैं aap...aapka बीटा अब कोई छोटा बचा नहीं raha..kadh में आपसे भी लम्बा हो गया है....

इससे कंधे पर उठाएंगे आप????

DAD-haan तोह क्या hua????jitna बड़ा भी हो jaaye,rahega तोह मेरा बीटा hi....haan थोड़ा ज़्यादा भारी हो गया hai,par मई मैनेज कर लूंगा....

माँ- थोड़ा bhaari...apna पूरा वज़न अगर इसने आप के ऊपर दाल दिया ना तोह आपके कमर की हालत ख़राब हो जायेगी...

डैड- ऐसा कुछ नहीं hoga..aaj beta,chadh जा मेर कंधे पर..

ये बोल डैड सच में सोफे के नीचे बैठ गए ताकि मई उनके कंधे पर बैठ सकूँ...

माँ- अरे ये क्या ज़िद्द लेकर बैठ गए aap...aap विक्की को नहीं उठा पाएंगे उल्टा आपकी कमर में मोच आ जायेगी....

मई- रिलैक्स mom..kuch नहीं होगा.......

ये बोल मई उठ कर बैठ gaya....isse पहले की माँ कुछ kehti,maine अपनी बात kahi...aur तुरंत मई डैड के पीठ पर दोनों पीर आगे रख बैठ गया और अगले hi पल......

माँ को एक झटका laga..jhatka सिर्फ माँ को hi नहीं खुद डैड को भी लगा था

और reason....mere पीठ पर बैठते hi डैड एक झटके में खड़े हो गए...

मई पीठ पर बैठा हूँ ये ध्यान में रखकर डैड अपने पैरों पर प्रेशर देकर खड़े हुए थे ताकि मेरा भार संभल सके पर झटका उन्हें तब लगा जब उन्हें मेरे भार बस हल्का सा hi फील हुआ था...

वो बड़े आराम से मुझे अपने पीठ पर बिठाये खड़े हो गए और उन्हें ऐसा करता देख माँ भी सुरप्रीसेड हो गयी....

MOM-ye आपने कैसे kiya???aap इतनी आसानी से विक्की को लिए कैसे खड़े हो गए???

डैड- मुझे तोह विक्की का भार hi ठीक से पता नहीं चल raha...aisa लग रहा है जैसे मैंने अपने उसी बचपन वाले बच्चे को उठाया है...

मई- आपके लिए तोह मई आपका बचा hi हूँ ना dad..ab ये सब छोड़िये और मुझे बाहर लॉन में वैसे hi घुमाइए जैसे बचपन में घुमाया करते थे....

माँ- अरे बीटा कंधे पर उठाना अलग बात है और

उठाकर घूमना अलग....

डैड- अरे कुछ नहीं hota....maine कहा नहीं की मुझे विक्की का वज़न पता hi नहीं चल रहा है....

ये बोल डैड आगे बढ़ gaye....ghar के सारे सर्वेंट्स इन्क्लूडिंग मरथा आंटी भी डैड को मुझे यूँ लिफ्ट करते देख खुश भी थे और शॉकेड भी....

जहाँ एक तरफ मुझे यूँ कंधे पर उठाकर डैड बोहोत खुश थे वहीँ माँ घबराई हुई सी डैड के पीछे हो ली...

डैड मुझे उठाये बहार लॉन में पहुँच गए जहाँ पर इस वक़्त दादाजी बैठे हुए थे...

वो भी डैड के ऊपर मुझे यूँ बैठे देख शॉकेड हो गए.....

दादाजी- अरे ये क्या हो रहा है....????

माँ- देखिए ना papa,inhone ज़िद्द की की अपने बेटे को बचपन की तरह एक बार फिरसे अपने कंधे पर बैठकर घुमाएंगे और ये विक्की भी बिना कुछ सोचे चढ़ गया अपने डैड के पीठ पर...

मई कबसे इन दोनों को मन कर रही हूँ पर ये बाप बेटे मान hi नहीं रहे....

माँ को लगा की दादाजी उनकी बात सुन मुझे और डैड को डाटेंगे पर.....

DADAJI-kuch नहीं होता beta...apne बेटे को अपने कंधे पर उठाने का मज़ा तू नहीं समझेगी.....

पर मानना पड़ेगा beta...tune विक्की को ऐसे hi अपने कन्धों पर उठा लिया और अब उससे उठाये उठाये घूम भी रहा है....

दादाजी की बात पर डैड और उनके साथ मई भी मुस्कुरा दिया पर हम दोनों के मुस्कराहट की वजह अलग अलग थी....

जहाँ डैड मुझे आराम से उठा पाने की ख़ुशी में मुस्कुरा रहे थे वहीँ मई इसीलिए क्यूंकि डैड के मुझे यूँ आराम से उठाने की वजह सिर्फ मई जानता था...

मेरा वज़न मैंने hi काम किया था ताकि डैड को तकलीफ ना हो.....

डैड मुझे उठाये आगे बढ़ने hi वाले थे की....

पापा मई BHI......MUJHE भी गोदी लो......

ये आवाज़ ाशी की थी जो हमारे पीछे से आयी थी....

वो दौड़ती हुई हमारे पास आ रही thi...aur इससे पहले की माँ कुछ kehti,AASHI हलकी सी उछली और डैड ने उससे भी अपने दोनों हाथों से पकड़ते हुए गोद में ले लिया...

वैसे तोह ाशी का वज़न कुछ ज़्यादा नहीं था पर मैंने उसका वज़न भी कुछ काम कर दिया था....

जहाँ ाशी को डैड के गोद में देख माँ ने अपना माथा पीट लिया वहीँ दादाजी है दिए...

ाशी को गोद और मुझे पीठ पर लिए डैड ने पूल का एक चक्कर lagaya..ab माँ भी डैड के पीछे ना आकर दादाजी के पास hi कड़ी हो गयी...

वो भी हस्ते हुए डैड के या फिर ये कहूं की हम तीनो के बचपने को देख रही थी....

पूल के दो चक्कर काटने के बाद मई और ाशी डैड के पीठ और गोद से उतर गए......

इसके बाद कुछ ख़ास नहीं hua...mai ाशी के साथ खेलने लगा और डैड माँ और दादाजी के साथ बाहर लॉन में hi बैठ गए....

कुछ देर बाद मई अपने रूम फ्रेश होने गया और बाथ लेकर निचे आया..

मैंने अपना ब्रेकफास्ट ख़त्म hi किया hi था की इतने में रोनित पहुँच गया....

रोनित के पहुँचने के 10 मिनट बाद मुझे पता चल गया की अवंतिका भी 2 मिनट बाद पहुँचने वाली है इसीलिए माँ को बताकर मई रोनित को लेकर बाहर आ गया....

हम दोनों गेट से निकल घर के बाहर खड़े hi हुए थे की इतने में अवंतिका की कार हमारे सामने आकर रुकी.....

AVANTIKA-tum दोनों बाहर....!!!!

RONIT-bhool गयी क्या की आपके होने वाले पति परमेश्वर अन्तर्यामी hain....unhe पहले hi पता चल गया था की उनकी दिल गुलज़ार पहुँचने वाली है तोह इसने अपने साथ साथ मुझे भी चौकीदार की ड्यूटी देकर यहाँ खड़ा कर दिया....

मई- शुक्र मन की इसी बहाने तुझे जॉब तोह mili..warna दिन भर तोह तूने वेल्ला hi घूमना है.....

रोनित- haan,tu बड़ा कलेक्टर लग गया क्यों????

मई- लग जाता पर उससे पहले hi तू मिल गया और मेरा शनि भारी हो गया....

अवंतिका- तुम दोनों थकते नहीं हो क्या दिन भर लड़ते लड़ते...

मई- अब आप अपने हिस्से का प्यार हमे देती नहीं तोह उसका कुछ तोह साइड इफ़ेक्ट होगा ना...

मेरी बात सुन जहाँ अवंतिका शर्मा गयी वहीँ रोनित ज़ोर से है दिया....

रोनित- bhai,tum दोनों के रोमांस करने के लिए पूरी ज़िन्दगी पड़ी हुई hai...filhal मुझपर भी ध्यान दो...

यार V.J जब से ये शक्तियां मुझे मिली hain,mai इन्हे महसूस करने के लिए तड़प रहा हूँ..

कल रात बोहोत बार तरय भी किया की इन शक्तियों को उजागर कर इन्हे फील करूँ पर कर नहीं पाया...

मई- जानता hun..aur उन तीनो ने भी कल यही कोशिश की है और इसीलिए hi मैंने तेरी और उन तीनो की शक्तियों को भी बाँध दिया था..

मुझे पता था की तुम सब

अपना अपना साधा हुआ दिमाग ज़रूर lagaoge.....jaanta है अगर कल मैंने तुम चारों की शक्ति नहीं बाँधी होती तोह क्या होता???

क्यूंकि तुझे मिलने वाली शक्तियां अभी तेरे बस में नहीं हैं इसीलिए तेरे उन्हें याद कर उजागर करते hi वो शक्तियां डिस्बैलेंस हो जाती...

जिससे तू उन्हें संभल नहीं पाटा और इस वजह से तेरी शक्तियां तुझे hi नुक्सान पहुंचा देती...

इतना hi वो शक्तियां तेरे घर को भी खण्डार में बदल देती...

रोनित- ोये तेरी ki....toh साले तूने मुझे पहले क्यों नहीं bataya???agar गलती से मुझसे मेरी शक्तियां उजागर हो जाती तोह???

अवंतिका- duffer,V.J ने तेरी और उन तीनो की शक्तियां किसी रस्सी से नहीं बाँधी थी जिन्हे तू तोड़ कर अपनी शक्तियों को आज़ाद कर देता...

उसने तुम चारों की शक्तियां अपनी शक्ति से बाँधी थी जिससे जब तक V.J ना चाहे ,कोई तोड़ नहीं सकता....

रोनित- हाँ वो तोह hai....par क्या करूँ yaar,jab से ये नयी शक्तियां मिली hai,inhe महसूस करने के लिए मई तड़प रहा हूँ....

मई- थोड़ा सा रूक jaa,teri ये तड़प तोह ख़त्म हो hi जायेगी पर साथ hi एक नयी तड़प भी तुझे मिल जायेगी...

रोनित- hain!!!iska क्या मतलब हुआ???

मई- सब पता चल जाएगा beta..pehle वहां चलते हैं जहाँ तुम चारों को अपनी शक्तियों पर काबू पाना सीखना है....

SHAILA,AKSHAANT और मोकलसर पहले hi वहां पहुँच गए हैं.....

रोनित- kahan,MAGICAL डायमेंशन में...

मई- ये कोई नार्मल फाइटिंग प्रैक्टिस नहीं है जो मैजिकल डायमेंशन में की जाए...

तुम्हारे अंदर की शक्तियां अलौकिक hain..inhe किसी भी मैजिकल जगह पर कण्ट्रोल करना नहीं सीखा जा सकता....

यहाँ तक की किसी नार्मल प्लेनेट ने भी ऐसा करना बोहोत खतरनाक hoga....kyunki जैसे hi मई इन शक्तियों को बंधन मुक्त karunga,ye असंतुलित हो जायेगी..

ये शक्तियां ना सिर्फ तुम सब पर हावी होंगी बल्कि आस पास की सभी जगहों पर भी इनका असर होगा....

रोनित- फिर हम कहाँ इससे कण्ट्रोल करना सीखेंगे....????

मई- सब बताता hun.....pehle यहाँ से चलो......

ये बोल मई अवंतिका की कार में बैठ gaya..mere पीछे पीछे अवंतिका और रोनित भी कार में बैठ गए और हम सब पास की hi मॉल के तरफ निकल पड़े...

मॉल की पार्किंग में हमने गाडी पार्क की और अगले hi पल हम तीनो गायब हो चुके थे...

पर हमारे गायब होने के अगले hi पल हम तीनो के क्लोन्स वापस हमारी कार में प्रकट हुए.....

और मेरे क्लोन ने कार वापस बाहर की तरफ निकल दी.....

वहीँ गायब हो हम एक नयी जगह पहुंचे जहाँ मेरे बाकी के तीनो दोस्त पहले से hi खड़े थे....

मैंने hi उन तीनो को उनके गृह से अंतर्ध्यान कर यहाँ पहुँचाया था और उन तीनो के दिमाग से जुड़ उन्हें हमारा इंतज़ार करने को कहा था....

हमे अपने सामने देख तीनो के चेहरे पर मुस्कान आ गयी पर उन सब के आखों में भी वही सवाल था जो इस वक़्त रोनित की आखों में था....

सभी मुझसे इस बारे में पूछने hi वाले थे की...

मई- तोह doston,waqt आ गया है की तुम सब अपनी अपनी शक्तियों को नियंत्रित करना सीखो...

और एक बात बतादूँ की इस काम में मई तुम सब की कोई हेल्प कोई सहायता नहीं करने वाला...

जिस तरह तुम सबने अपने दम पर मिर्रोर्स वर्ल्ड की चुनौतियों को पार किया और इन शक्तियों के मालिक bane,thik वैसे hi तुम सब को अब फिरसे एक बार अपने दम पर अपनी शक्तियों पर नियंत्रण करना सीखना होगा....

वैसे इस काम में तुम्हारी जान को कोई खतरा नहीं है क्यूनि नियंत्रित या aniyantrit,shaktiyan तोह तुम्हारी hi है..

haan,par जब तक तुम अपने अंदर की शक्तियों को कण्ट्रोल करना नहीं sikhte,tab तक ये तुम्हे लगातार नुक्सान पहुंचाएंगी..

पर इस जगह की शक्ति की वजह से ये शक्तियां अपनी हद पार नहीं करेंगी.....

शैला- ठीक hai..hum खुद अपनी शक्तियों को कोनियन्त्रित करना sikhenge..par कमसेकम इतना तोह बताओ की आखिर ये जगह है कौनसी और इस जगह की ऐसी क्या खासियत है जिसकी वजह से हमारी शक्तियां तक अपनी हद नहीं तोड़ेंगी....???

शैला का सवाल बाकी तीनो का भी tha...sabhi मेरी तरफ सवाल भरी नज़रों से देख रहे थे...

मई- इस जगह की खासियत तुम सब खुद देख लो.....

ये बोलो मैंने अपना हाथ आगे kiya..mere ऐसा करते hi मेरे हाथों से चार रेज़ निकली और मेरे दोस्तों की तरफ बढ़ गयी....

और जैसे hi उन रेज़ ने मेरे दोस्तों के बॉडीज को chua,mere दोस्तों को एक तेज़ झटका लगा और अगले hi पल....

मेरे दोस्तों की शक्तियां आज़ाद हो चुकी thi....aur ऐसा होते hi मेरे दोस्तों की बॉडीज हलकी हलकी विबरते होनी शुरू हो गयी पर इससे पहले की वो शक्तियां डिस्बैलेंस होकर मेरे दोस्तों पर हावी hoti,maine अपना हाथ फिरसे आगे किया...

मेरे ऐसा करते hi मेरे दोस्तों की शक्तियां बंधी तोह नहीं पर एक जगह पहुँच रूक सी गयी....

मई- नीचे देखो...

मेरे बोलते hi जब मेरे दोस्तों ने नीचे देखा तोह सभी शॉकेड रह गए....

reason.....mere दोस्तों के इर्द गिर्द ज़मीं से एक वाइट धुआं उठ रहा था....

अक्षांत- ये तोह......

मई- वाइट एनर्जी hai.....ye पूरी जगह वाइट एनर्जी से घिरी हुई hai..tum सबके अंदर की ऊर्जा के बंधन मुक्त होते hi यहाँ पर बेस वाइट एनर्जी को इसके बारे में पता चल गया..

इन्हे ये भी पता चल गया की तुम्हारे शरीर के अंदर बसी वाइट एनर्जी अभी स्टेबल नियंत्रित नहीं है....

अगर मैंने तुम्हारे अंदर चुप्पी ऊर्जा को एक जगह नहीं रोका होता तोह वो तुम्हारे शरीर के हर हिस्से में फ़ैल जाती और क्यूंकि अभी तुमने उनपर पूरी तरीके से काबू नहीं पाया है इसीलिए वो तुम्हारे शरीर को बोहोत नुक्सान पहुंचती....

पर इस जगह पर मौजूद व्हीएते एनर्जी की वजह से तुम्हारा शरीर उस नुक्सान को झेल लेता इसीलिए मई तुम सब को यहाँ लेकर आया ताकि जब तुम अपने शक्तियों पर नियंत्रण करने की कोशिश karo,toh उस क्रिया के होते वक़्त तुम्हे काम से काम नुक्सान हो.....

मई तुम्हारे ऊर्जा को फिरसे बहने की इजाज़त देने वाला hun...ek जगह बैठ अपनी आँखें बंद करो और अपनी अंदरूनी ऊर्जा को महसूस कर

उससे अपने चित से जोड़ने की कोशिश करो...

जैसे hi तुम सब अपने शरीर में बहते ऊर्जा को अपने दिमाग से जोड़ पाने में कामियाब हो jaaoge,tum सबका अपनी शक्तियों पर नियंत्रण हो जाएगा....

मई और अवनि फिलहाल जा रहे hain....hum दोनों तभी लौटेंगे जब तुम सब अपनी शक्तियों पर काबू पा चुके होंगे.....

रोनित- ठीक है bhai..par कमसेकम जाते जाते इस jagah,is प्लेनेट का नाम तोह बता जा.......

मई- एलोप्टुस......

PLANET-MONSLICKEL

PLACE-ASMODEUS पैलेस

FATHER,VIKRAM ने मिर्रोर्स वर्ल्ड की चुनौती पार कर ली......

ASMODEUS-PUCH रहे हो या बता रहे हो.....?????

बिल्जेबब की बात पर जब ास्मोडियस ने अपनी बात कही तोह बिल्जेबब हड़बड़ा गया.....

उससे समझ आ गया की आवेश में आकर और ादीरतावश उसने ास्मोडियस जिससे कोई बात नहीं chhupti,uske सामे नासमझों वाली बात कर दी है....

पर इसमें बिल्जेबब का भी कोई दोष नहीं tha.....VIKRAM को लगातार हर चुनौती को यूँ आसानी से पार करता देख वो विचलित सा हो गया था....

BEELZEBUB-FATHER,kya मई कुछ पूछ सकता हूँ???

बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस मुस्कुरा diya..wo जानता था की बिल्जेबब क्या पूछना चाहता है फिर भी उसने हाँ में अपना सर हिला बिल्जेबब को सवाल पूछने की अनुमति दी....

BEELZEBUB-FATHER,aapke कहे अनुसार जब मैंने मिर्रोर्स वर्ल्ड में मायाजाल बिछाया और एक दीवाल बनाकर उसके ऊपर दो दो मायावी तलवारे लटकाई...

वो दोनों तलवारें सिर्फ छल और विक्रम को चक्रव्यूह में फ़साने के लिए नहीं thi,balki वो दोनों तलवारें असल में दृष्टि दर्पण थे जिनकी मदद से हम विक्रम मिर्रोर्स वर्ल्ड में जो भी करता hai,usse देख पाते और साथ hi अग्रसेन के तलवार का रहस्य भी जान पाते....

पर जैसे hi विक्रम असली तलवार के पास पहुंचा तोह हमारी माया ने काम करना क्यों बंद कर दिया....???

जबकि हमारी दोनों मायावी तलवारें तब भी मिर्रोर्स वर्ल्ड में सुरक्षित thi,fir भी हमारी माया टूट गयी......

पर जैसे hi विक्रम ने उस तलवार को हासिल kiya,toh हमे वहां का दृश्य फिरसे दिखने laga....aisa कैसे हुआ???

बिल्जेबब की बात सुन एक बार फिरसे ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान आ गयी और.....

ASMODEUS-jis सोर्ड में इतनी ताकत हो की वो ास्मोडियस के आगे तक समर्पण ना kare,kya वो तुम्हारी बिछाई मामूली सी माया को तोड़ नहीं पायेगा???

BEELZEBUB-fir आपने मुझे वैसी माया रचने के लिए कहा hi क्यों था????

ASMODEUS-wajah वही thi....us सोर्ड का रहस्य jaanana....aur किसने कहा की मायावी तलवारों ने अपना काम नहीं किया...

हमे दृश्य दिखने बंद होने से पहले hi उन्होंने अपना काम कर दिया था....

ासमोसेउस की बात बिल्जेबब को बिलकुल भी समझ में नहीं aayi....usne कुछ कहा तोह नहीं बस आखों में सवाल लिए अपने फादर की तरफ देखने लगा....

बिल्जेबब को कुछ भी समझ में नहीं आया था इस बात से ास्मोडियस भी अवगत था और इसीलिए......

ASMODEUS-VIKRAM के छूटे hi सोर्ड ने तुम्हारी माया को तोड़ दिया पर ये क्रिया होने से पहले hi सोर्ड ने अपनी असलियत सामने ला दी थी....

जिन दो मायावी स्वोर्ड्स को तुम मिर्रोर्स वर्ल्ड में छोड़ कर आये the,un स्वोर्ड्स की माया दृष्टि सिर्फ असली सोर्ड तक hi सिमित नहीं थी बल्कि उसकी दृष्टि पुरे मिर्रोर्स वर्ल्ड पे थी....

और जैसे hi विक्रम ने हमारे चक्रव्यूह में कदम rakha,toh उसके सीने के बीच एक हलचल होने लगी.....

क्यूंकि विक्रम हमारे मायाजाल के अंदर था इसीलिए मुझे उसके शरीर में हो रहे हर परिवर्तन का पता चल रहा था....

विक्रम के अंदर यूँ अचानक होने वाली हलचल को मई समझने का प्रयास कर hi रहा था की ठीक तभी मुझे उसी वक़्त अग्रसेन की सोर्ड में भी हलचल होते दिखे और साथ hi अचानक उसके अंदर छुपी शक्तियां उजागर होने लगी....

और तब मुझे सब समझ में आ gaya....VIKRAM के अंदर जो स्पीयर hai,usne और सोर्ड ने एक दूसरे को महसूस कर लिया tha,jiski वजह से दोनों बेकाबू हो रहे थे पर विक्रम की शक्तियों की वजह से वो एक दूसरे के पास नहीं पहुँच पा रहे थे...

और जब विक्रम हमारी सारे चक्रव्यूह को तोड़ सोर्ड के सामने pahuncha,toh सोर्ड और स्पीयर की शक्ति को मैंने महसूस किया था और तब मुझे समझ में आया की स्पीयर और सोर्ड की शक्तियां एक जैसी हैं जिसका अर्थ ये था की वो सोर्ड अग्रसेन की नहीं बल्कि विक्रम की मिलकियत है.....

इसीलिए मैंने कहा था की दृश्य दिखने बंद होने से पहले hi उन मायावी तलवारों ने अपना काम कर दिया था....

ास्मोडियस की बात सुन बिल्जेबब ने समझने वाले तरीके से हाँ में अपना सर हिलाया....

BEELZEBUB-FATHER,ye साड़ी चीज़ें मई क्यों नहीं देख पाया????

ASMODEUS-tum भले hi मेरे पुत्र हो बिल्जेबब पर तुम्हारे पास ास्मोडियस की नज़र नहीं है....

तुम वही देखते हो जो दीखता hai,par मई वो भी देखता हूँ जो छुपा हुआ होता है....

बीलेज़बोब- और विक्रम के dost...unka क्या करना है???

ास्मोडियस- उनका क्या????

बिल्जेबब- FATHER,pehle वो सिर्फ आम योद्धा थे किन्तु अब उनके अंदर अलौकिक शक्तियां hain....aisi शाकटायन जो सिर्फ एक एंजेल के अंदर होती है....

ऐसी अलौकिक शक्तयों के स्वामी होने का उन्हें कोई हक़ नहीं....

बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस के चेहरे पर एक मुस्कान तैर गयी.....

ास्मोडियस- हक़!!!!!

मेरे एक सवाल का जवाब do???is ब्रम्हांड के अनेको जीवन दायी ग्रहों में कुल कितने धर्म हैं....????

ास्मोडियस की बात सुन बिल्जेबब हड़बड़ा gaya...usse बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी की ास्मोडियस उससे कुछ ऐसा भी पूछ सकता है....

BEELZEBUB-FATHER,ye ब्रम्हांड मान्यताओं की चादर से खुदको पूरी तरह ढके हुए hai,ye आपने hi मुझे बताया था....

फिर मई कैसे धर्मों की गिनती कर सकता हूँ????

ास्मोडियस- फिर bhi....andaza लगाओ....

BEELEZUB-FATHER,andaza लगाना भी तोह असंभव hai....saikdon जीवन दायी गृह जिनमे हज़ारों धर्मों को मानने वाले लोग बास्ते हैं...

ASMODEUS-hmm...aur इन हज़ारों धर्मो में कौन सा धर्म सबसे ऊपर है....????

ास्मोडियस के इस सवाल का बिल्जेबब के पास कोई जवाब नहीं tha....wo सवाल सुनाने के बाद भी चुप hi रहा और इस बात को ास्मोडियस भी भली भाति जानता था और इसीलिए....

ASMODEUS-KARM...........is ब्रम्हांड का सबसे बड़ा धर्म " कर्म " है......

कर्म वो धर्म है जिससे पूरी लगन और निष्ठां से करने वाले व्यक्ति को ईश्वर के आगे भी हाथ फैलाना नहीं पड़ता...

क्यूंकि कर्म करने पर निकलने वाला पसीना किसी पूजा से काम नहीं hota....aur भक्ति का फल मिले ना मिले किन्तु कर्म के पसीने की पूजा का फल मिलना अनिवार्य होता है.....

एक बात हमेशा याद रखा putr,ki अगर किसी दौड़ में हिस्सा लो और हार jaao,toh इस बात का आकलन मत करो की जीतने वाला तुमसे कितना तेज़ था अपितु इस बात का आकलन करो की तुम जीतने वाले से कितने धीमे थे.....

BEELZEBUB-kintu बात तोह एक hi है ना फादर!!!!

ASMODEUS-baat एक hi है पर मायने अलग अलग हैं....

जिस मंज़िल के पथ पर तुम अग्रसर ho,us मंज़िल को पाने के लिए तुम्हारे साथ और भी प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं...

किन्तु जिस व्यक्ति की दृष्टि अपने मंज़िल के साथ साथ अपने प्रतिस्पर्धी की रफ़्तार और हुनर पर भी तिकी ho,wo कभी भी जीत नहीं पायेगा.

किन्तु जिस व्यक्ति की दृष्टि केवल अपने मंज़िल पर तिकी हो और जो इधर उधर ना देख केवल अपने हुनर को निखारने और खुदकी रफ़्तार बढ़ने में लगा हुआ ho,wo अपने आप hi अपने सारे प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल सबसे पहले मंज़िल तक पहुंचेगा....

अपने मंज़िल तक पहुँचने के लिए जिसमे खुद तक को मिटा देने का जस्बा ho,uske सामने मंज़िल स्वयं नतमस्तक हो जाती है...

और यही जस्बा विक्रम के मित्रों ने दिखाया tha....unhone उन अलौकिक शक्तियों को प्राप्त करने हेतु अपनी साड़ी शक्तियां जिनके बिना उनके जीवन का कोई अर्थ hi नहीं hota,usse तक डाव पर लगाया था.....

ऐसे प्रयास को उसकी मंज़िल मिलनी hi चाहिए.....

तुम कह रहे थे ना की ऐसी अलौकिक शक्तियों के स्वामी होने का उन्हें कोई हक़ नहीं....

हक़ माँगा नहीं jaata,haasil क्या जाता है.....

कर्म hi सबसे बड़ा धर्म है और एक कर्मठ व्यक्ति हर शक्तिशाली चीज़ का हकदार है......

बोहोत काम ऐसे मौके आते थे जब ास्मोडियस पाप और पुण्य से ऊपर उठकर कुछ कहता था....

और ये वही मौका tha.....BEELZEBUB जानता था की जो भी ास्मोडियस ने कहा था वो ना पुण्य के हिस्से में आता था और नाही hi पाप के....

ास्मोडियस की कही हर बात कटु सत्य थी और एक डेविल का सबसे बड़ा शत्रु कटु सत्य hi तोह होता है...

एक ऐसा शत्रु जो डेविल को अंदर तक हिला देता hai...aur ऐसा hi कुछ एहसास इस वक़्त बिल्जेबब को अपने अंदर महसूस हो रहा था.....

वो इस बात को और आगे नहीं बढ़ाना चाहता था इसीलिए......

BEELZEBUB-toh अब आगे क्या फादर????

बिल्जेबब की बात सुन ास्मोडियस ने एक बार उसकी तरफ देखा और.....

ास्मोडियस- इसका जवाब तोह विक्रम पहले hi दे चूका है

..................शैडो वर्ल्ड....................

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V.J
 
थैंक्स 4 थे वंडरफुल रिव्यु brother...maine बस एक अंदेशा बताया था बरोथेर की कहानी का एन्ड कुछ भी हो सकता है और ये भी इसीलिए बताया ताकि रीडर्स बस उपदटेस पर रिएक्शन दें नाकि स्टोरी बिल्डिंग par...kahani में आगे जो भी होना है उसपर कोई सुग्गेस्टिव ना de,kyunki हर चीज़ मैंने पहले से सोच कर राखी हुई है..

एन्ड में जो भी होगा, उससे अचानक से सोच कर इम्प्लांट नहीं किया jaayega,kahani के स्टार्ट होते hi उसके एन्ड के बारे में भी सोच लिया गया था...

अब वो सोच क्या hai,ye तोह आप सब को एन्ड में hi पता चलेगा पर एक बात 100 % तय होगी की कोई जीते ना जीते पर आखिर में कहानी ज़रूर jeetegi....saath बने रहिये....
 
धड़कन तोह आपकी आज भी बढ़ेगी brother...V.J की गारंटी hai..aur आपको तोह पता है की जो भी V.J बोलता hai,wo हो जाता hai...hahahaha..just किडिंग bro...bas जो जो बात आपके कमेंट में hai,wo सब आज आप फील karenge...and ात last,aap इस कहानी के सबसे बेहतरीन रीडर्स में से एक hain..aapke कमैंट्स मुझे हमेशा से hi मोटीवेट करते आएं hain..ummid है की बचे हुए कुछ उपदटेस में भी आपका साथ बना rahega...update रात 8 बजे तक
 
अब तक आपने पढ़ा की RONIT,SHAILA,AKSHAANT और मोकलसर अपने अपने शक्तियों को नियंत्रित करना सिखने के लिए एलोप्टुस पहुँचते हैं

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

मेगा अपडेट-110

फाइनल एडवेंचर

PART-1

PLANET-YELUPTUS

PLACE-STORMY डेजर्ट

यार ,मेरे अंदर फिरसे विब्रेशन्स शुरू हो गए हैं.....

मेरे भी....

मेरे भी....

मेरे भी....

रोनित के बाद शामे बात बाकी तीनो ने भी रिपीट की....

मेरे अवंतिका को लेकर गायब होते hi मेरे चारों दोस्तों के अंदर एक जगह रुकी हुई उन सब की शक्तियां एक बार फिरसे आगे बढ़ गयी...

धीरे धीरे वो शक्तियां मेरे दोस्तों के पुरे शरीर में फैलने लगी जिस वजह से उन सब के बॉडी में पहले विब्रेशन्स होने लगी और फिर धीरे धीरे उन चारों का शरीर भारी होने लगा.....

जिसका मतलब था की उनका शरीर उनके शत्कियों के वज़न को संभल नहीं पा रह है.....

RONIT-ye dekho,is जगह की वाइट एनर्जी भी बाहर आने लगी hai....hume जल्दी से ध्यान मुद्रा में बैठना होगा और जैसा V.J ने कहा hai,apni शक्तियों को अपने दिमाग से जोड़ना hoga,warna हमारी शक्तियां हमारी hi बंद बजा देंगी....

रोनित की बात पर सभी ने सहमति जताई और अगले hi पल मेरे चारों दोस्त जहाँ खड़े the,wahin ध्यान मुद्रा में बैठ गए....

सबने एक साथ अपनी अपनी आखें बंद कर ली और अपनी अपनी शक्तियों को मेहुस करने में लग गए.....

वैसे तोह ध्यान लगाना मेरे चारों दोस्तों के लिए hi कोई बड़ी बात नहीं thi..chaaron ध्यान लगाने की कला में निपुण थे पर आज बात कुछ और थी...

आज उनके अंदर असीमित अस्थिर शक्तियां थी जिनमे लगातार हुलहुल हो रही thi....aur इसी भयानक हलचल के बीच उन चारों को अपने अपने चित को शांत कर अपनी उन्ही अष्टिर शक्तियों को उनके गंतव्य मतलब अपने मस्तिष्क तक पहुँचाना था....

और ये कोई सरल कार्य नहीं tha..par जिन चुनौतियों से होते हुए मेरे दोस्त आज इस मुकाम पर पहुंचे hain,uske बाद कठिन से कठिन काम करने में भी उन्हें मज़ा आने लगा था.....

चारों अपने चित को एकाग्र करने की पूरी कोशिश करते हुए अपनी अपनी शक्तियों को महसूस करने में लगे हुए थे....

इस वक़्त मेरे दोस्तों को उनके सारे शरीर में तेज़ चमकती हुई ऊर्जा दिख रही thi...wo उसी तेज़ ऊर्जा के बीच उसमे नहाते हुए आगे बढ़ रहे थे..

उनका काम ये था की यूँही ध्यान मुद्रा में रहते हुए वो सब उस ऊर्जा रुपी रास्ते से गुज़रते हुए अपने मस्तिष्क अपने दिमाग तक पहुंचे और फिर अपने अपने दिमाग को उस ऊर्जा रोपी शक्ति का स्पर्श कराये..

उनके ऐसा करते hi उनका मस्तिष्क उन साड़ी शक्तियों को सोख लेता जिससे उनकी शक्तियां उनके कण्ट्रोल में आ जाती.....

पर ये सफर काफी लम्बा tha....dhyan में बैठे मेरे चारों दोस्त बोहोत तेज़ी से अपने अंदर की ऊर्जा के रास्ते से होते हुए आगे बढ़ रहे थे पर फिर भी इस रास्ते का उन्हें कोई अंत नहीं दिख रहा था....

उसके ऊपर वो ऊर्जा रुपी रास्ता मेरे दोस्तों की रफ़्तार को धीरे करने में लगा हुआ tha....mere दोस्तों को ऐसा लग रहा था जैसे वो ऊर्जा उन्हें खींच कर रोकने का प्रयास कर रही है..

पर फिर भी जैसे तैसे मेरे दोस्त आगे बढ़ रहे थे.....

ये सब तोह मेरे दोस्तों के अंदर चल रहा tha..chaliye देखते हैं की भाहर का दृश्य कैसा है???

अरे ये kya??????is वक़्त मेरे दोस्तों का शरीर उस जगह पर नहीं है जहाँ ध्यान में बैठने पर tha...infact,is वक़्त मेरे दोस्तों का शरीर ज़मीं में hi नहीं tha,balki ऊपर हवा में उठा हुआ था और धीरे धीरे और ऊपर उठता जा रहा था.....

ये सब मेरे दोस्तों के शरीर में बहती ऊर्जा की वजह से हो रहा tha....mere दोस्तों के ध्यान में बैटनी की वजह से अब वो शक्तियां वो ऊर्जा मेरे दोस्तों के अंदर भार पैदा नहीं कर पा रही थी इसीलिए अब उन शक्तियों ने मेरे दोस्तों के शरीर को हवा में उठा दिया था......

वहीँ इन सारे परिवर्तनों से अनजान मेरे दोस्त अपने अपने चित्त की और बढे जा रहे the..par अब उनकी रफ़्तार काफी काम हो चुकी थी....

उनके अंदर की शक्तियों ने उन्हें ना सिर्फ मेरे दोस्तों को स्लो कर दिया tha,balki अब वो शक्तियां मेरे दोस्तों को एक जगह पर रुकने पर मजबूर कर रही थी...

और थोड़ी देर बाद ये भी हो gaya...kuch और देर तक संघर्ष करने के बाद मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति ने जवाब दे दिया और natija,unki आतंरिक शक्ति एक जगह आकर रूक गयी और तभी.......

अह्ह्ह्ह......

अह्ह्ह्ह......

अह्ह्ह्ह......

अह्ह्ह्ह......

ये चार दर्द भरी कराह मेरे चारों दोस्तों के मुँह से निकली और इसी के साथ उनकी आँखें खुल गयी......

पर अगले hi पल........

अरे ये......

अरे ये......

अरे ये......

अरे ये......

ये आधी अधूरी बात मेरे दोस्तों के मुँह से निकली और रीज़न......

जैसा की मैंने बताया था की मेरे दोस्तों का शरीर हवा में उठा हुआ था और हर लम्हे धीरे धीरे लगातार और ऊपर उठता चला जा रहा tha,toh इस वक़्त मेरे दोस्त ज़मीन से काफी ऊपर तक उठ चुके थे और जैसे hi उन चारों का ध्यान भांग हुआ और उन सब की आँखें khuli,toh अगले hi पल उन सब का शरीर यूँही बैठे बैठे hi निचे ज़मीन की तरफ तेज़ी से गिरने लगा...

खुदको यूँ हवा में इतने ऊपर उठा हुआ देख सभी चौंके और उन सबके मुँह से अरे ये की अधूरी बात निकली जो पूरी इसीलिए नहीं हो पायी क्यूंकि उनके आगे कुछ कहने से पहले hi उनका शरीर वापस ज़मीन की तरफ गिरने लगा....

खुदको नीचे गिरने से रोकने के लिए मेरे दोस्तों ने एक के बाद एक कुछ स्पेल्स बोले पर कोई फायदा नहीं हुआ..

उन्हें ऐसा लग रहा था मानो उन्हिकि उन्स्तब्ले शक्तियां उन्हें नीचे धकेल रही है और इसी वजह से उनके स्पेल्स काम नहीं कर रहे....

कोई upaay,koi स्पेल के काम ना करते देख जो होगा देखा जाएगा के तर्क पर चारों ने अपनी अपनी आखें बंद कर लीन और ज़मीन से होने वाले इम्पैक्ट के लिए खुदको तैयार करने लगे....

पर तभी..........

अरे ये क्या??????

बात शैला ने कही थी पर शामे क्वेश्चन और रिएक्शन सभी का था.....

reason.....tezi से नीचे गिरता मेरे दोस्तों का शरीर जिससे ज़मीं पर ज़ोर से गिरना चाहिए tha,wo ज़मीं से 1 फ़ीट ऊपर ऊपर हवा में रूक गया या ये कहूं रोक दिया गया....

इसी बात का शॉक मेरे दोस्तों को लगा था पर जैसे hi उन सब की नज़र नीचे गयी तोह ना सिर्फ उन सबका शॉक दूर हो गया बल्कि चारों के चेहरे पर मुस्कान भी आ गयी...

reason...is वक़्त उन सबके नीचे हवा में उठा हुआ एक मोठे से गड्ढे का रूप लिए वाइट एनर्जी का लेयर था....

और इसी गड्ढे नुमा वाइट एनर्जी के लेयर ने hi मेरे दोस्तों को होल्ड किया हुआ था..

नीचे के वाइट एनर्जी को देखते hi मेरे दोस्त समझ गए की ये वाइट एनर्जी का लेयर एलोप्टुस की hi दें है और इसी ने उन्हें उनकी अस्थिर शक्तियों के माया से बचाया है....

वहीँ मेरे दोस्तों को होल्ड करते hi एलोप्टुस की वाइट एनर्जी ने धीरे से उन चारों को वापस ज़मीं पर रख दिया..

ज़मीं पर रख वो वाइट एनर्जी वापस ज़मीं के अंदर चली गयी..

खुद को सेफ देख मेरे दोस्त कुछ कहने hi वाले थे की तभी.......

जैसे hi एलोप्टुस की वाइट एनर्जी ज़मीन के अंदर gayi,waise hi मेरे दोस्तों के शरीर एक बार फिरसे विबरते होने शुरू हो गए...

मेरे दोस्त समझ गए थे की जब तक वो उनकी शक्तियों को कण्ट्रोल नहीं कर lete,unhe एक सेकंड का भी ब्रेक नहीं मिलेगा....

और इसीलिए अगले hi पल मेरे चारों दोस्त वापस ध्यान में बैठ चुके थे.....

PLANET-ISLA

PLACE-FLOATING माउंटेन

अरे ये तोह वही जगह है ना जहाँ हम क्यूरियस जाने से पहले आये THE....(UPDATE-89)

हम गायब होकर जहाँ पहुंचे the,us जगह को देखकर अवंतिका ने शॉक पर साथ hi खुश होकर अपनी बात कही....

मई- हम्म.....

इस वक़्त हम इस्ला के सबसे ख़ूबसूरत जगह फ्लोटिंग माउंटेन के एज पर खड़े थे....

फ्लोटिंग माउंटेन मतलब ऐसा माउंटेन जो हवा में तैर रहा हो....

सामने का नज़ारा भी अध्भुध ..हमारे पैरों के नीचे से hi कुछ चौड़ी जगह खुली हुई थी जिसके आखरी छोर से झरना बह रहा tha...saamne हमारे पहाड़ की hi तरह कई पहाड़ हवा में तैर रहे थे....

लास्ट टाइम की hi तरह आज भी यहाँ हवा में हलकी हलकी ठंडक थी जो मौसम को बेहद खुशनुमा बना रही थी....

यहाँ आकर अवंतिका बेहद खुश हो गयी thi...wo अपने हसीं मुस्कुराते चेहरे को लिए इधर उधर देख रही थी वहीँ मेरे लिए तोह सबसे हसीं नज़ारा खुद अवंतिका hi थी...

मई उसी के खिले हुए चेहरे को देखने में खोया हुआ था....

कुछ देर तक इधर उधर देखने के बाद जब अवंतिका की नज़र मुझपर पड़ी तोह उसने मुहे खुदको देखते हुए पाया....

उसने आखों से hi मेरे यूँ एक तक उससे देखने की वजह पूछी पर मई उससे बस निहारता hi रहा....

मुझे जवाब ना देता देख अवंतिका के लैब सवाल पूछने के लिए खुलने को हुए hi थे की तभी......

हमारे सामने हवा में एक रौशनी उभरी और उस रौशनी के बीच से डिफेंडर बहार आये और प्रकट होते hi वो हम दोनों के आगे झुक गए....

मई- खड़े हो जाइये....

मेरे बोलते hi डिफेंडर खड़े हो गए....

इस वक़्त हमे अपने सामने या फिर ये कहूं की हमे इस्ला में देख डिफेंडर के चेहरे पर ख़ुशी साफ़ दिख रही थी....

DEFENDER-LORD,aap यूँ अचानक yahan....!!!agar आपने मुझे पहले से अपने आगमन के बारे में सूचित किया होता तोह मई पुरे इस्ला को आपके स्वागत हेतु सजा देता....

मई- इसीलिए hi नहीं bataya....waise तोह आपको इस्ला को सजाने के लिए पल भर भी नहीं लगेगा पर इसकी कोई ज़रुरत नहीं है...

मई यहाँ किसी से भी भेट करने हेतु नहीं aaya..pichli बार जब मई यहाँ आया था तब मुझे ये जगह बोहोत पसंद आयी थी और इसीलिए मई यहाँ अवनि के साथ कुछ पल अकेले में बिताने आया था....

डिफेंडर- शमा करें LORD.maine आपके एकांत समय में हस्तक्षेप किया....

मई- आपको शमा मांगे की कोई आवशयकता नहीं है DEFENDER...hum दोनों को यहाँ देखकर आपको जो ख़ुशी हुई उससे महसूस करकर मुझे बोहोत ाचा लगा....

डिफेंडर- आप भले hi अपनी पहचान अपना ओहदा भूल जाए या खुदको काम आंके किन्तु इससे सत्यता तोह नहीं बदल जायेगी लार्ड....

आप परमेश्वर पुत्र hain..is गृह में तोह क्या आप इस समस्त ब्रम्हांड में सबसे ख़ास हैं और ऐसे ख़ास व्यक्तित्व के स्वामी को अपने सामने देख मई hi क्या हर कोई खुश होगा....

मैंने डिफेंडर की बात पर कुछ नहीं कहा बस हल्का सा मुस्कुरा दिया....

डिफेंडर- आप दोनों के एकांत समय में मैंने पहले hi काफी देर तक हस्तक्षेप कर लिया है LORD,ab मुझे इजाज़त दें...

मैंने इस बार भी कुछ नहीं कहा बस अपने सर को हलकी सी जुम्बिश di...mere ऐसा करते hi डिफेंडर एक बार फिरसे एक बार मेरे और अवंतिका के आगे झुके और उसी पोजीशन में वो गायब हो गए.....

डिफेंडर के गायब होते hi मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और एक खेदपूर्ण एक शिकायत से भरी मुस्कान के साथ.....

MAI-PARMESHWAR पुत्र......

खुदको ऐसा बोलते वक़्त मुझे कोई ख़ास ख़ुशी महसूस नहीं हुई थी और इस बात को अवंतिका ने भी नोट किया था...

और इस बार जब मैंने अपनी गर्दन घुमाई तोह अवंतिका को मुझे एकटक देखता पाया...

पर अवंतिका की तरह मैंने उससे कोई सवाल नहीं kiya,mai भी उससे उसीकी तरह देखने लगा....

कुछ देर तक एक दूसरे को देखते रहने के बाद......

AVANTIKA-hum तोह आप hi के हैं janab...wo भी हमेशा के liye....booking भी कनफर्म्ड hai...ek दूसरे की आँखों में खोये रहने के लिए साड़ी उम्र पड़ी है...

पर फ़िलहाल अगर आपकी इजाज़त हो तोह तोह क्या मई कुछ पूछ कर सकती हूँ????

अवंतिका की बात सुन मई है दिया और....

MAI-pucho???

अवंतिका- pucho???jaise जनाब को पता नहीं है की मई क्या पूछने वाली हूँ???

khair.agar आप हमारे मुँह से hi हमारे सवाल सुनना चाहते हैं तोह यही सही....

परमेश्वर PUTR.....itna बड़ा दर्जा मिला है तुम्हे फिर भी तुम इस ओहदे ,इस पहचान से खुश क्यों है हो???

MAI-kabhi कभी सब कुछ पा लेना अधूरेपन को जन्म देता hai...jis ओहदे की तुम बात कर रही ho,wo मुझे उसी अधूरेपन की तरफ धकेलता है....

मुझे मेरी पहचान मिलने के बाद जितनी भी नेगेटिव चीज़ें हुई हैं और अब भी हो रही hain,usse dekhkar,mehsoos करकर लगता है की मई इस पहचान के बिना hi ठीक था....

इस pehchaan,is ओहदे का बोझ बोहोत ज़्यादा है जिससे उठाने में कभी कभी बोहोत तकलीफ होती है....

अवंतिका- इतने बड़े सम्मान को पाने ka,itne ऊँचे ओहदे के मिलने का जो तुममे ज़रा सा भी लालच नहीं है naa,issi वजह से hi ये samman,ye ओहदा तुम्हे मिला है...

मई- क्यूंकि मैंने ये कहा की मुझे ये ओहदा नहीं chahiye,isiliye तुम इस नतीजे पर पहुंची हो??

ये भी तोह हो सकता है की डीप इनसाइड मुझे इस ताकत का नशा चढ़ा हुआ हो!!!!

AVANTIKA-acha मेरे एक सवाल का सही सही जवाब doge???but no लाइज haan,just ान ऑनेस्ट आंसर....

मैंने कुछ कहा नहीं बस अपनी पलकों को एक बार निचे कर अवंतिका को हाँ कहा....

अवंतिका- अगर एक तरफ मेरी जान खतरे में ho,aur दूसरी तरफ सैकड़ों लोग मौत के कगार पर खड़े hon,aur तुम सिर्फ एक साइड को hi बचा सकते हो

,तोह किस्से बचाओगे???

मुझे या फिर दूसरे साइड के लोगों को....????

अवंतिका ने जो सवाल पूछा tha,uske बारे में मई पहले से जानता tha,par फिर भी उसके सवाल को सुनकर के पल के लिए मई अंदर से बेचैन सा हो गया.....

AVANTIKA-mujhe एक ऑनेस्ट आंसर चाहिए..

मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और....

मई- मई दूसरी तरफ के लोगों को बचाऊंगा...

मेरा जवाब सुन अवंतिका को ज़रा भी बुरा नहीं laga,ulta उसका चेहरा खिल उठा....

अवंतिका- क्या मई इसकी वजह जान सकती हूँ???

मई- भले hi तुम मेरे लिए सबसे ख़ास हो पर एक की जान का सौदा सैकड़ों से नहीं किया जा सकता....

सिर्फ तुमको बचाकर खुदको और तुम्हारे चाँद घरवालों को खुश रखने के लिए मई उन सैकड़ों की बलि देकर उनके हज़ारों की गिनती के घरवालों को तकलीफ नहीं दे सकता....

मेरे जवाब को सुन अवंतिका के चेहरे पर गर्व के भाव उभरे और....

अवंतिका- इसीलिए hi तुम लार्ड ऑफ़ एंगेल्स ho....tumhare फैसला लेने की शक्ति इंसानी जस्बातों से घिरे होने के बावजूद दैविक है...

क्यूंकि सिर्फ एक तुम्ही ho,jo खुदके स्वार्थ को साइड रख इस यूनिवर्स की भलाई के लिए निस्वार्थ भाव से फैसले लेते हो...

तुम्हारा कोई भी फैसला रिश्तों की डोर में बंधा नहीं hota...aise फैसले जिससे पर्सनली तुम्हे बोहोत तकलीफ होती hai,par फिर भी तुम वही करते हो जो सही होता है...

अब ऐसे व्यक्तित्व के मालिक को शक्तियों का भंडार सौंपना गलत नहीं हो सकता....

अवंतिका की बात सुन मई हल्का सा मुस्कुरा दिया....

अवंतिका- अब मेरा दूसरा sawal...!!!!mai कल से hi तुम्हारे आँखों में हलकी सी बेचैनी देख रही hun....aisa क्यों???

मई- मई सोच hi रहा था की अभी तक तुमने मुझसे इस बारे में कैसे नहीं पूछा????

अवंतिका- अब तोह पूछ लिया naa...ab बताओ भी....

MAI-SHADOW WORLD.....jahan हमे जाना hai...dimag बार बार वहीँ जाकर अटक रहा है....

अवंतिका- पर क्यों???

MAI-SHADOW वर्ल्ड की हलकी हलकी झलकियां तोह मेरे दिमाग में पहले से थी पर ास्मोडियस से गले लगते hi मुझे शैडो वर्ल्ड के बारे में पूरी तरह से पता चला है...

अवंतिका- पर तुमने hi तोह कहा था की तुमने ास्मोडियस के गले लगते वक़्त उसकी ऊर्जा को खुदमे खींचा था और उसी दौरान तुम्हे शैडो वर्ल्ड का पूरा नॉलेज हुआ!!!!

मई- और तुमने भी तोह कहा था की ये ास्मोडियस की चाल भी तोह हो सकती है...

बस वही सोच रहा हूँ की अगर ये सब मेरी ास्मोडियस की ऊर्जा को खींचने की वजह से हुआ है तोह कोई बात नहीं पर अगर ये ास्मोडियस की कोई चाल होगी तोह हम सब मुश्किल में पद सकते हैं....

अवंतिका- toh,SHADOW वर्ल्ड जाने का आईडिया कैंसिल करें????!!!!!!

मई- तुम जानती हो की मई ऐसा नहीं कर sakta.....haan,par ये हो सकता है की तुम सब मेरे साथ मत jaao....mai अकेला hi...

अवंतिका- ऐसा सोचना भी मत....

मई आगे कुछ कहता उससे पहले hi अवंतिका ने मेरी बात काट अपनी बात कही....

AVANTIKA-ye बात कभी मत भूलना की तुमसे hi मई hun..tumhare बिना मेरा कोई अस्तित्व hi नहीं है....

अगर कोई चाल है भी तोह हम दोनों उसका मुकाबला मिलकल karenge...aur ये मत भूलो की अब तुम्हारे दोस्त भी नार्मल ह्यूमन नहीं रहे...

अब उनमे भी एंगेल्स की पावर hai....aur इससे बेहतर मौका नहीं मिल सकता उन सबको अपनी शक्तियों को टेस्ट करने का....

मई- हाँ वो भी है पर ये मत भूलो की फ़िलहाल अभी वो चारों अपनी अपनी शक्तियों को कण्ट्रोल नहीं कर पाए हैं..

और अभी जो हो रहा है उसके हिसाब से अपनी शक्तियों को अपने अधीन करने के लिए उन्हें थोड़े और पापड बेलने होंगे....

अवंतिका- matlab!!!!abhi क्या हो रहा है???

मैंने कुछ कहा नहीं बस अपना हाथ आगे की तरफ कर diya..mere ऐसा करते hi हम दोनों के सामने हवा में एक पिक्चर चलने लगी जिससे देख....

अवंतिका- arre,ye चारों हवा में क्यों उठे हुए हैं????

सामने चल रहे दृश्य को देख अवंतिका ने अपना रिएक्शन दिया....

reason....darasal हमारे सामने अभी वही सन चल रहा था जिसमे मेरे चारों दोस्त ध्यान की मुद्रा में थे और उनके शरीर हवा में उठे हुए थे....

अभी मई कुछ कहता उससे पहले hi....

अवंतिका- अरे ये सब गिर कैसे रहे हैं...????

अब सामने चल रही पिक्चर में वही सन चल रहा था जब मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्तियों को उनके अंदर की उनकंट्रोलड शक्तियों ने एक जगह रोक दिया था...

और ऐसा होते hi मेरे दोस्तों को एक झटका लगा जिस वजह से वो चारों ध्यान से बाहर आ गए और अगले hi पल उन सब के शरीर जो की हवा में काफी ऊपर उठ गए the,wo नीचे गिरने लगे...

अवंतिका ये सब शॉकेड होकर देख hi रही थी की तभी उससे एक नया शॉक लगा....

और इस शॉक का रीज़न वो वाइट एनर्जी थी जिन्होंने मेरे दोस्तों के बॉडीज को खुद के ऊपर लेकर उन्हें गिरने से रोक दिया था....

अवंतिका आँखों में सवाल लिए मुझे देखने lagi...fir मैंने भी उससे वहां जो भी हो रहा है और जिस वजह से हो रहा है उसके बारे में बताया..

मैंने उससे एपलुपुस में बसी वाइट एनर्जी का राज़ भी बताया....

अवंतिका ये जानकार शॉकेड हो गयी की शैडो वर्ल्ड में फसे लोगों की बॉडीज एलोप्टुस के ज़मीन के अंदर राखी हुई है...

मई- एक और बात बतानी है तुम्हे...

और इसके बाद जो बात मैंने अवंतिका को कुछ बताया जिससे सुनते hi......

AVANTIKA-WHATTTTT???????????SACH में????????

जो बात मैंने अवंतिका को बताई thi,usse सुनकर अवंतिका को अब तक का सबसे बड़ा शॉक लगा....

वो आखों में हैरानी के समंदर को लिए मुझे देखती rahi....maine भी कुछ नहीं कहा बस उससे देखता raha..kuch देर तक मुझे यूँही देखते रहने के बाद....

अवंतिका- तोह अब???

मई- अब kya??jaise hi ये चारों अपनी अपनी शक्तियों को कण्ट्रोल में ले aayenge,hum शैडो वर्ल्ड के लिए निकल जाएंगे...

फिर मेरे और अवंतिका के बीच कोई बात नहीं hui...hamare सामने हवा में एलोप्टुस का दृश्य जिसमे मेरे चारों दोस्त ध्यान की मुद्रा में दोबारा बैठ चुके the,wo अब भी चालु था..

अवंतिका ने मेरे कंधे पर अपना सर रख दिया और हम दोनों हमारे दोस्तों को देखने लगे....

बैक तो फ्रेंड्स:-

अध्भुध.......

ये शब्द मेरे चरों दोस्तों के दिमाग में एक साथ गूंजे थे....

और reason......dobara ध्यान में बैठने के बाद मेरे चारों दोस्तों की आतंरिक शक्ति ने फिरसे अपनी यात्रा शुरू की...

सफ़ेद रोशनियां जो की असल में मेरे दोस्तों के शरीर में बह रही वाइट एनर्जी thi,uske बीच से होती हुई उनकी आतंरिक शक्ति तेज़ रफ़्तार पकडे आगे बढ़ने लगी...

पर एक बार फिरसे उनकी उन्स्तब्ले शक्तियों ने उनकी आतंरिक शक्ति के रास्ते में रोड़ा अटकना शुरू कर दिया...

तेज़ रफ़्तार से दौड़ रही मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति की पुनः रफ़्तार धीमे पड़ने लगी....

पर इस बार मेरे दोस्त और उनकी आतंरिक शक्ति इस रुकावट के लिए तैयार थे....

मेरे दोस्तों का dhyan,unka चित पूरी तरह स्थिर था और इसी वजह से उनकी आतंरिक शक्ति के मार्ग में बाधा आने पर भी वो निरंतर आगे बढ़ती रही....

कुछ समय तक लगातार रुकावट आने के बाद अचानक.........

नज़ारा बदल gaya...jahan अभी तक मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति के हर तरफ सफ़ेद रौशनी छायी हुई thi,ab उस रौशनी का रंग और रूप दोनों बदलने लगे....

देखते hi देखते वो सफ़ेद रौशनी पहले हरे रंग में बदलने लगी और फिर कुछ देर के बाद उस हरे रंग ने एक बोहोत hi ख़ूबसूरत जंगल का रूप ले लिया...

एक ऐसा ख़ूबसूरत जंगल जिसकी बस कल्पना मात्र hi की जा सकती hai....har तरफ ऐसे ऐसे मनमोहक पेड़ थे जिनका वास्तविकता में होना लगभग नामूमिक था....

उन पेड़ों के इर्द गिर्द छोटे छोटे लेक बने हुए थे जिनके सतह पर श्वेत बदल तैर से रहे थे....

पर तभी मेरे दोस्तों की आतंरिक दृष्टि ने कुछ ऐसा देखा जिससे उससे एक झटका देखा...

दरअसल हुआ ये की जैसे hi मेरे दोस्तों की आतंरिक दृष्टि को ये एहसास हुआ की अभी वो एक जंगल में hai,toh अगले hi पल उस जंगल का पूरा दृश्य उससे साफ़ साफ़ दिखने लगा जिससे देख उससे झटका लगा...

reason.....us जंगल के हर कोने में लगभग सारे जानवर और पक्षियां मौजूद the...par शॉक की बात ये थी की हर जानवर अपने झुण्ड के साथ ना होकर दूसरे प्रजाति के जानवरों के साथ खेल रहा था...

और वो भी ऐसी प्रजाति के साथ जिनके साथ वास्तविकता में होना उन जानवरों और पक्षियों के लिए असंभव था....

जहाँ शेर हिरन के साथ खेल रहा tha,wahin नेवला सांप के साथ बैठा हुआ tha....kutte और बिल्लियां एक साथ उधम मच्चा रहे थे वहीँ बाकी की पक्षियां दूसरे कर्नीवोरोस जानवरों के ऊपर बैठी हुई थी.....

और इसीलिए मेरे चारों दोस्तों के मुँह से एक साथ अध्भुध शब्द उच्चारित हुआ...

पर तभी मेर दोस्तों की आतंरिक शक्तियों को एक दूसरा झटका laga...aur वो इसीलिए क्यूंकि अध्भुध शब्द चारों के आतंरिक शक्तियों के द्वारा एक साथ उच्चरित हुआ था जिससे चारों ने सुना था...

और वो इसीलिए क्यूंकि जंगल में चारों की आतंरिक शक्तियां एक साथ पहुंची थी और इस वक़्त वो चारों शक्तियां एक दूसरे के आजु बाजू में hi कड़ी थी....

एक दूसरे की शक्तियों को अपने आस पास महसूस कर चारों खुश हो गए....

इस अध्भुध नज़ारे को देखते हुए मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति धीरे धीरे hi सही पर आगे बढ़ती रही और कुछ दूर तक आगे चलने के पश्चात् एक बार फिरसे नज़ारा बदलने लगा.......

इस वक़्त मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति उस जंगल के सरहद पर पहुँच चुकी थी..

और सरहद के उस पार एक सफ़ेद धुंए का बड़ा सा चादर हर तरफ फैला हुआ था...

जैसे जैसे मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति उस सफ़ेद धुंए की चादर के पास पहुँचने lagi,waise वैसे उस आतंरिक शक्ति को उस सफ़ेद धुंए की चादर ने हर तरफ से समेटना शुरू कर दिया और देखते hi देखते कुछ hi पलों में मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति उस सफ़ेद धुंए में पूरी तरह से धक् गयी थी और तभी.......

जैसे hi मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति थोड़ी और आगे गयी तोह वो सफ़ेद धुआं धीरे धीरे चाटने लगा और कुछ hi पलों बाद जब वो धुआं साफ़ हुआ ,तोह जो नज़ारा मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति के सामने tha,usse देख मेरे दोस्तों की आंत्रिक के साथ साथ उनके चेहरे पर जो की फ़िलहाल ध्यान मुद्रा में tha,uspar भी विस्मय के भाव आने लगे...

reason...is वक़्त मेरे दोस्तों की आतंरिक दृष्टि के सामने एक लम्बी सी सफ़ेद पूल थी जो चकम रही थी...

और उस पूल के दूसरे छोर पर एक बोहोत hi बड़ा सा स्वेत रंग का गेट tha...mere दोस्तों की आतंरिक शक्ति उस पूल से होते हुए आगे बढ़ने लगे..

और कुछ पल बाद जब मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति उस पूल के दूसरे छोर पर pahunchi,toh उससे एक नया झटका लगा....

reason....pool के दूसरे साइड पर जो गेट tha,us गेट के दोनों एंड्स पर दो पहरेदार खड़े थे उन्हें देखकर ाँकतारिक शक्ति को शॉक लगा....

और इसकी वजह ये थी की जो दो पहरेदार उस गेट से लग कर खड़े हुए the,unhe या फिर ये कहूं की उन जैसो को मेरे दोस्तों ने पहले भी देखा था पर सिर्फ मेरे पीछे खड़े हुए...

उन दोनों को शॉक के साथ देखते हुए मेरे चारों दोस्तों के आँतरिक शक्तियों ने एक बार फिरसे साथ में उच्चारित किया.....

एंगेल्स......

जी हाँ doston,is वक़्त मेरे दोस्तों के सामने जो दो पहरेदार खड़े the,wo और कोई नहीं एंगेल्स थे जो मुस्कुराते हुए मेरे दोस्तों को देख रहे थे...

और तभी......

उन दोनों एंगेल्स ने उस बड़े से गेट को खोला और गेट के खुलते hi जो नज़ारा मेरे दोस्तों की आतंरिक दृष्टि के सामने aaya,usse देखकर उन्हें एक साथ दो दो अनुभूति हुई..

pehli...vismay ki....saamne का नज़ारा था hi इतना ख़ूबसूरत....

और dusri....sukoon ki.....saamne के नज़ारे को देखकर मेरे दोस्तों के आतंरिक दृष्टि से होते हुए उनकी आतंरिक शक्ति को एक ऐसी शांति की अनुभूति हुई जैसा उसने पहले कभी फील नहीं किया था....

विस्मय और सुकून के मिले जुले स्वरुप को खुद में लपेटे चारों की आतंरिक शक्ति उस गेट के अंदर की तरफ बढ़ गयी...

वो दो एंगेल्स जिन्होंने उस गेट को खोला tha,wo भी उन चारों के पीछे हो लिए...

वहीँ चारों की आतंरिक दृष्टि हर तरफ के नज़ारे को dekh,usse महसूस कर लगातार तृप्त होते जा रही थी....

वो नज़ारा था hi ऐसा.....

चारों तरफ अनंत लम्बाई और चौड़ाई के बीच हलके स्वेत रंग को ओढ़े छोटे छोटे पर अनगिनत खूबसूरत महल बने हुए थे...

उस जगह से थोड़ी hi ऊपर छोटे छोटे तारे टिमटिमा रहे थे जो उस माहौल को और भी ख़ूबसूरत बना रहे थे.....

आकाश के हर कोने में बोहोत से एंगेल्स एक दूसरे से बातें करते उड़ रहे थे....

जिस पथ पर वो चारों चल रहे the,uske दोनों साइड्स में थोड़ी दूर सफ़ेद चादर को ओढ़े एक मोती धार के साथ झरने बह रहे थे...

उन झरनो का gantavya,unka ग्राउंड टचिंग पॉइंट दिख तोह नहीं रहा था पर उन झरनो की वजह से वहां के माहौल में हलकी हलकी ठण्ड थी जो उस जगह को और भी खुशनुमा मन रही थी....

मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति इन मनमोहक नज़रों का आनंद उठाते हुए आगे बढ़ रहे थे की तभी.....

जगह पसंद आयी......

एक रौबदार आवाज़ मेरे दोस्तों के कानो में पड़ी जिससे सुन वो सब अपनी तंत्र से न सिर्फ बाहर आये बल्कि चौंक भी गए....

reason.....ye आवाज़ उनके सामने से आयी thi...chaaron तरफ दृष्टि घूमते हुए नज़रों का आनंद उठाने के चक्कर में मेरे दोस्तों की आँतरिक शक्ति की दृष्टि सामने देखना भूल गयी थी...

और जब आवाज़ सुन चारों ने अपने आगे देखा तोह खुदको एक बड़े से ओपन महल के दरबार में पाया....

पर उन सब के चौंके की असली वजह ये सब नहीं था बल्कि वो आवाज़ थी जो उनके कानो में गुंजी थी...

ये आवाज़ उस दरबार के बीच में बानी राजगद्दी की तरफ से आयी थी जिसके पीछे कोई पीठ करके खड़ा हुआ था.....

और जैसे hi वो बाँदा घूमते हुए सामने की तरफ aaya,toh मेरे दोस्तों को एक और झटका लगा और उन सब के मुँह से एक साथ निकला....

CHAARON-VIKRAM.............

जी हाँ doston,raajgadhi के सामने खड़ा बाँदा और कोई नहीं मई hi tha....aur इस वक़्त मई अपनी एंगेल्स लार्ड के भेष में था....

अपने दोस्तों की आतंरिक शक्ति को शॉकेड छोड़ मई मुस्कुराते हुए अपनी राजगद्दी में बैठ गया....

कुछ देर तक यूँही शॉकेड में रहने के बाद....

रोनित- ये सब क्या hai??ye jagah,ye महल और इसकी राजगद्दी पर तू बैठा hai!!!,mujhe तोह कुछ समझ में नहीं आ रहा है...

MAI-galat...tum चारों को समझ में आ चूका है बस तुम मानना नहीं चाहते....

मेरी बात सुन मेरे चारों दोस्त एक बार फिरसे चौंके और उसी हालत में....

SHAILA-KYA

MOKALSAR-YE

AKSHAANT-SACH में

RONIT-HEAVEN है......

मई- हाँ......

मेरे चारों दोस्त अब भी अविश्वास भरी नज़रों से मुझे देख रहे the....aur इसीलिए......

मई- पीछे देखो.....

मेरी आवाज़ से उन चारों की तंत्र टूटी और जैसे hi वो चारों palte,unhe फिरसे एक झटका लगा.....

reason....un सब के पीछे इस वक़्त उन्ही की उन्स्तब्ले शक्तियां हवा में रुकी हुयी थी....

कुछ पल तक इन सब चीज़ों को समझने की कोशिश करने के बाद भी जब मेरे चारों दोस्तों को कुछ समझ में नहीं आया तोह वापस मेरी तरफ पालते....

MAI-mai कौन हूँ???

मेरे सवाल पर मेरे दोस्त हड़बड़ा गए पर फिर....

RONIT-LORD ऑफ़ एंगेल्स....

मई- इसका मतलब???

शैला- एंगेल्स का pratinidhi.....unka मालिक!!!!!!

MAI-hmm.aur जो उन्स्तब्ले अनियंत्रित शक्तियां तुम चारों के अंदर है वो एंगेल्स की है...

और एंगेल्स का घर हेवन होता hai.....ye शक्तियां उन्स्तब्ले इसीलिए थी क्यूंकि ये अपने घर यानी हेवन में ना पहुँच तुम्हारे अंदर पहुँच गयी थी....

और अपने प्रतिनिधि अपने मालिक से इजाज़त लिए बिना ये तुम्हे खुदको कैसे सौंप सकती हैं....???

इसीलिए ये चटपटा रही थी और तुम चारों को फाॅर्स कर रही थी की तुम इन्हे इनके घर ले चलो....

और आखिर में तुम इन्हे इनके घर ले hi आये......

अक्षांत- पर हमे तोह इन शक्तियों को अपने मस्तिष्क से जोड़ना था ना...

MAI-is वक़्त तुम्हारी आतंरिक शक्ति के साथ साथ तुम्हारा मस्तिष्क भी इस जगह से जुड़ा हुआ है.....

मेरी बात सुन मेरे दोस्तों ने कुछ नहीं कहा बस मुझे एक तक देखते rahe....par अब वक़्त आ गया था जब मई अपने दोस्तों को उनका puraskaar,unka इनाम सौंप दूँ और इसीलिए.......

MAI-MAI विक्रम लार्ड ऑफ़ ANGELS,TUM चारों के शरीर और आत्मा को एंगेल्स की शक्ति को रखने और इस्तेमाल करने की अनुमति देता हूँ....

जैसे hi मैंने अपनी बात kahi,uske अगले hi पल मेर दोस्तों के पीछे कड़ी उनकी दैविक शक्तियां एक झटके में उन चारों के अंदर समां गयी....

और ऐसा होते hi मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति हवा में उठ गयी.....

बाकी एंगेल्स की hi तरह उनके शरीर पर भी एंगेल्स के वस्त्र आ गए....

कुछ देर तक यूँही हवा में रहने के बाद वो चारों नीचे आये और नीचे आते hi उनकी आँखें खुल गयी.....

अब मेरे दोस्त साधारण योद्धाओं से दैविक योद्धा में बदल चुके थे.....

आँख खुलते hi वो मेरे आगे अपने घुटनो पर झुक गए......

मई- इसकी ज़रुरत नहीं है doston..tum सब ये शक्तियां डेसेर्वे करते हो....

मेरी बात सुन वो चारों खड़े हो गए.....

RONIT-hum इसीलिए नहीं झुके क्यूंकि तू लार्ड ऑफ़ एंगेल्स hai....tere ओहदे की रेस्पेक्ट करने के लिए हमे झुकने की ज़रुरत नहीं है..

तुझे पता है की तेरे हर रूप की हम सब दिल से रेस्पेक्ट करते हैं.....

हमारे झुकने की वजह थी तेरा हमारे आत्म सम्मान को रेस्पेक्ट करना....

तू लार्ड ऑफ़ एंगेल्स hai...jo शक्तियां हमारे अंदर दौड़ रही hain,wo तेरे hi आधीन है....

अगर तू चाहता तोह ये शक्तियां हमे यूँही दे सकता tha....aur ये भी एक सच है की तेरे रहते हमे इन शक्तियों की भी ज़रुरत नहीं है....

अगर तू चाहे तोह हम सब के इर्द गिर्द एक ऐसी शील्ड बना दे जिससे कोई भी भेद नहीं पायेगा...

पर तूने ऐसा कुछ भी नहीं kiya..tune हमे बस राह dikhayi,manzil पर कैसे pahunche,ye तूने हम पर छोड़ा था....

शैला- रोनित सही कह रहा hai....in शक्तियों को अगर हम यूँही पा लेटर तोह शायद कभी इन शक्तियों की कदर नहीं कर पाते...

अक्षांत- इतना hi nahi,ye भी हो सकता था की शक्तियों के गुरूर में आकर हम इनका गलत इस्तेमाल करते.....

MOKALSAR-par जिन कठिनाईयों से गुज़र कर हमने ये शक्तियां पायी hain,usse ना सिर्फ हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है बल्कि हमे इन शक्तियों की एहमियत का एहसास भी है.....

RONIT-isiliye थैंक्स मेरे bhai....hai तोह तू हमारा dost,par काम तूने एक ज़िम्मेदार पितः की तरह किया है...

वो पितः जो अपने बच्चो को हर चीज़ यूँही नहीं दे deta...balki उन्हें हर चीज़ की एहमियत का एहसास करता है और उन्हें अच्छे और बुरे के बीच का फर्क भी समझाता है....

मेरे दोस्तों की बात सुनकर मेरे चेहरे पर एक विजयी मुस्कान आ gayi...yahi सब तोह मई सुनना चाहता था...

मई चाहता था की मेरे दोस्त उन शक्तियों की एहमियत को दिल से samjhe,taaki उनका इस्तेमाल वो सिर्फ शो ऑफ के लिए नहीं बल्कि अच्छाई की रक्षा के लिए करें...

MAI-tumhare जाने का समय हो गया.....

मेरे ये बोलते hi मेरे दोस्तों की आतंरिक शक्ति को एक झटका लगा और अगले hi पल.....

मेरे दोस्तों की आँखें खुल गयी....

MAI-ANGELS की शक्तियां मुबारक हो दोस्तों....

मेरे दोस्त अपने ध्यान से बाहर आ चुके थे और आँख खुलते hi उनकी नज़र सामने पड़ी जहाँ मई और अवंतिका खड़े उन्हें देखकर मुस्कुरा रहे थे....

मेरे चारों दोस्त एक साथ खड़े हुए और मेरी तरफ badhe...ek एक कर चारों मुझसे गले लगे....

रोनित- यार मेरी शक्तियां तोह अब मेरे कण्ट्रोल में है पर फिर भी मुझे मेरा बॉडी अब भी हल्का भारी लग रहा है...

MAI-thodi देर में नार्मल हो jaayega...kya तुम सब को पता है की तुम सब कितने देर तक ध्यान में बैठे रहे....

चारों ने ना में अपनी गर्दन हिलायी.....

मई-48 घंटे.....

मेरी बात सुन चारों को एक झटका लगा....

मई- haan..aur अब जब तुम सबको तुम्हारी शक्तियां मिल गयी hai,toh अब हमे कहीं जाना होगा.....

RONIT-SHADOW वर्ल्ड......

मई- haan....GRAHAM मार्ग गचटी......

ये वही स्पेल था जो ास्मोडियस ने उसके डेविल्स को शैडो वर्ल्ड भेजने के लिए बोलै tha...(UPDATE 65)

स्पेल बोलते hi मेरे बॉडी से पांच रेज़ निकली जो अवंतिका और उन चारों पर पड़ी और अगले hi पल......

रोनित- अब्ब ये कैसी जगह hai???hum तोह शैडो वर्ल्ड जाने वाले थे ना!!!!

दरअसल बात ऐसी थी की हम सब गायब हो अंतरिसख के बीच में खड़े the..humare आगे कोई गृह कोई प्लेनेट नहीं था बस एक ओपन स्पेस था....

MAI-hum सब शैडो वर्ल्ड के गृह बिंदुओं से होकर यहाँ पहुंचे है इसका मतलब है की हम शैडो वर्ल्ड के बाहर hi खड़े हैं.....

शैला- पर यहाँ तोह कुछ दिख hi नहीं रहा...

मई- वो इसीलिए क्यूंकि ास्मोडियस ने शैडो वर्ल्ड को गायब कर दिया hai..itna hi nahi,uske प्रमुख डेविल्स ने पूर्ण ोजमनाम नाम के स्पेल से शैडो वर्ल्ड को प्रोटेक्ट किया हुआ है....

शैला- हाँ तोह हम चारों अपनी शक्ति उनकी इस शील्ड को तोड़ देते है ना....

मई- नहीं....

रोनित- kyun???kya हम अब भी डेविल्स के स्पेल्स को काटने के लायक नहीं हैं???

मई- बिलकुल ho...par जिस स्पेल से डेविल्स ने इस जगह को बाँधा hai,us स्पेल ने खुदको काम में लाने के लिए उन डेविल्स की पूरी शक्ति को निचोड़ लिया था....

तुम्हे इस शील्ड को तोड़ने के लिए अपनी भी साड़ी शक्ति को बाहर निकलकर इस शील्ड पर वार करना होगा जिससे तुम सब पर कमज़ोरी हावो हो जायेगी जिस वजह से तुम सब बोहोत देर के लिए गहरी नींद में चले जाओगे...

AKSHAANT-oh...toh अब क्या करें....???

मैंने कुछ कहा नहीं बस अपना हाथ आगे kiya...mere ऐसा करते hi मेरे सीने के बीच एक तेज़ रौशनी हुई और अगले hi पल उस रौशनी से होती हुई मेरी सोर्ड मेरे हाथों में आ गयी....

बंधन विनाशं

शील्ड डिस्ट्रॉय

सोर्ड के मेरे हाथों में आते hi मैंने स्पेल बोलै और अगले hi पल....

मेरे सोर्ड से एक तेज़ रौशनी लगी और डेविल्स के अदृश्य कवच पर पड़ी और ऐसा होते hi.....

बूम......

एक तेज़ धमाके के साथ वो शील्ड ख़त्म हो गयी पर उसके अगले पल जो नज़ारा हमारे सामने आया उससे देखकर मेरे दोस्तों के चेहरे पर दो दो भाव एक साथ उभरे...

1ST-KHUSHI.....

2ND-TENTION.....

ख़ुशी इसीलिए क्यूंकि सोर्ड से निकले विध्वंशक रेज़ की वजह से डेविल्स का शील्ड टूट चूका था....

और टेंशन इसीलिए की सोर्ड की रेज़ से ना सिर्फ शील्ड टूटी thi,balki शैडो वर्ल्ड का प्लेनेट भी अब विज़िबल हो गया था..

और साथ hi विज़िबल हो गए थे उस प्लेनेट के चारों तरफ लगे इलेक्ट्रिक रेज़ की सलाखें...

शैला- ये तोह....

मई- एक जेल hai....is प्लेनेट को ास्मोडियस ने एक जेल की तरह बनाया है और जो सलाखें हम देख रहे hain,uske खुलने पर hi हम प्लेनेट के अंदर जा सकते हैं....

मैंने शैला की बात को पूरा किया......

रोनित- हाँ तोह टेंशन क्या hai???jaise शील्ड को toda,waise hi अपनी सोर्ड से इन सलाखों को तोड़ दे....

मई- मई ऐसा नहीं कर sakta..ye कोई आम सलाखें नहीं hain..jin रेज़ से ये सलाखें बानी hain,wo इस प्लेनेट की ऊर्जा है...

अगर मैंने इस पर अपने सोर्ड से प्रहार किया तोह इन सलाखों के साथ साथ पूरा शैडो वर्ल्ड भी तबाह हो जाएगा.....

रोनित- यार ये तोह सच में टेंशन वाली बात hai...ab क्या करें....???

MAI-isla सलूशन में साथ लाया हूँ...

ये बोल मैंने अपना हाथ आगे किया और मेरे ऐसा करते hi मेरे हाथों में एक चीज़ आ गयी जिससे कुछ देर तक देखने के बाद.....

AVANTIKA-CURIOUS TREE......ye उसी के ब्रांचेज से बना पाउडर है naa.....(UPDATE-61)

अवंतिका जो की बड़े ध्यान से मेरे हथेली के ऊपर रखा पाउडर देख रही thi,uske दिमाग की बत्ती अचानक जाली और उसने अपनी बात कही.....

मई- हम्म पर इसका एक और नाम भी है....

अवंतिका- haan,PRISONS KEY......oh माय god,how दीद ी फॉरगेट......

अचानक अवंतिका को क्यूरियस ट्री का दूसरा नाम और उसकी उपयोगिता याद आयी और इसीके साथ उससे ये भी समझ आ गया की मई क्यूरियस ट्री के ब्रांचेज के पाउडर को यहाँ क्यों लेकर आया हूँ...

अवंतिका तोह समझ चुकी thi,par बाकी चारों को कुछ समझ नहीं आया tha...wo चेहरे पर सवाल लिए कभी मुझे देखते और कभी अवंतिका को....

शैला- कोई हमे भी बताएगा की तुम दोनों किस बारे में बात कर रहे हो और तुम्हारे हाथों में ये चूर्ण है क्या????

MAI-SECRILLA जंगल के मध्य में एक पेड़ है जिससे क्यूरियस ट्री कहते हैं...

ये चूर्ण उसी पेड़ के डाली को घिस कर बनाया गया है जो की असल में डेविल्स के द्वारा बनाये गए किसी भी जादुई कैदखाने की चाबी है और इसीलिए इससे प्रिसेंस के भी कहते हैं....

दरअसल सेक्रिला में एंगेल्स और डेविल्स ने अपने अपने तरीके से शक्ति प्रदर्शन किये थे और उस शक्ति प्रदर्शन का सबसे ज़्यादा असर वहां के मौजूद पानी पढ़ुआ था जिसके कुल दो स्वरुप hai..pehli नदी और दूसरी झरने....

और उन्ही झरनो और नदी के पानी ने खुदको सेक्रिला के ज़मीं के अंदर भी बसाया था..

जिस पानी में डेविल्स और एंगेल्स की शक्ति प्रदर्शन का सबसे ज़्यादा इफ़ेक्ट हुआ tha,us पानी की ऊर्जा से hi एक पेड़ ने जन्म लिया जिससे क्यूरियस ट्री कहते हैं और उस ट्री के दरख्तों से देकर डालियों तक में उस ऊर्जा की वजह से कई विशेस्ताएं आयीं जिनमे से एक विशेषता अलौकिक थी और वो यही थी....

उस लेद का चूर्ण किसी भी जादुडी कैदखाने को खोलने की क्षमता रखता है और इसीलिए इस पेड़ को और इसके इस चूर्ण को जो मेरे हथेली पर hai,usse प्रिसेंस के कहते हैं.....

AKSHAANT-ADHBHUDH......toh ab??iska इस्तेमाल कैसे किया जाए???

मैंने कुछ कहा नहीं बस अपने हथेली को जिसमे क्यूरियस ट्री का चूर्ण tha,usse अपने होंठ के पास लाया और अगले hi पल....

फूऊऊऊऊ................

मैंने एक ज़ोर की फूंख मारी और मेरे ऐसा करते hi वो चूर्ण एक झटके में आगे बढ़ गया और देखते hi देखते उस चूर्ण ने एक पतली सी चादर का रूप लिया और आगे बढ़ते हुए उस चूर्ण नुमा चादर ने पुरे शैडो वर्ल्ड को घेर लिया और जैसे hi उस चूर्ण ने शैडो वर्ल्ड को घेरे सलाखों को छुआ........

वो सलाखें बिना किसी आवाज़ के गायब हो गए जिससे देख मेरे दोस्त ख़ुशी से उछाल पड़े....

मई- चलें.....

मैंने अवंतिका का हाथ थामा और आगे बढ़ gaya..mere पीछे पीछे मेरे चारों दोस्त भी आगे बढ़ गए...

कुछ hi पलों में हम सब शैडो वर्ल्ड के अट्मॉस्फेरे में एंटर कर चुके थे...

और फिर कुछ और लम्हे गुजरने के बाद हम सब शैडो वर्ल्ड के ज़मीं पर आपने अपने पावन टिका चुके थे....

शैडो वर्ल्ड में पहुंचकर हम सब बोहोत खुश थे पर साथ hi इस बात से अनजान भी की हमारे शैडो वर्ल्ड में एंटर होते hi वो जादुई सलाखें वापस प्रकट हो चुकी थी जिसका मतलब था की अब हम पॉंचों भी उस जेल नुमा दुनिया में फास चुके थे........

प्लेनेट- शैडो वर्ल्ड

PLACE-OPEN लैंड

समय SACHALAKON...ISHWAR ने आप सबकी प्रार्थना सुन LI...AAP सबके दुःख और तकलीफ की घडी समाप्त HUI...AAKHEN खोलिये....

सारे समय संचालक जो की इस वक़्त अपनी आखें बंद किये ईश्वर से प्रार्थना कर रहे the,achanak उनके कानो में एक तेज़ ध्वनि पड़ी जिससे सुनते hi उन सब की आखें एक झटके में खुल गयी.....

अपने सामने 5 अनजान लोगों को देख पहले तोह वो जब चौंके पर जैसे hi उनकी नज़र सिर्फ मुझपर आकर tiki,toh उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा....

reason...SAMAY संचालकों को मेरे शरीर से निकलती ऊर्जा का आभास हो गया जिससे महसूस कर वो समझ गए की मई कौन हूँ.....

वहीँ जैसे hi सारे समय संचालक मेरी तरफ palte,toh मेरे चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी.....

kyun???ye आपको नेक्स्ट अपडेट में पता चलेगा....

khair,mujhe अपने सामने देख वो सब नीचे झुकने hi वाले थे की......

AAHH........AAHHHHH........AAHHHHHHH......

एक के बाद एक सभी समय संचालकों के मुँह से दर्द भरी कराहे फूट पड़ी....

और रीज़न वही था जो हमेशा से रहता आया tha...SAMAY संचालकों के नीचे अचानक आग प्रज्वलित हो उठी थी जिसकी वजह से उनके मुँह से आह निकली थी....

रोनित- ये सब क्या हो रहा है????

मई- थोड़ा रूक बताता हूँ....

यहाँ हम बात कर रहे थे वहीँ हमारे सामने जैसे hi समय संचालकों के निचे उभरी आग बुझी तोह अपने दर्द को ज़ब्त करते हुए वो सब एक बार फिरसे नीचे झुकने लगे पर.....

MAI-iski कोई ज़रुरत नहीं hai...aap सब का पढ़ और ओहदा बोहोत बड़ा है...

नजाने कितनी सदियों तक आपने पुरे ब्रम्हांड के समय चक्र को सही तरीके से घूमने का दायित्व निभाया है..

और आज भी आप जिस आग से तप रहे hain,wo भी उसी समय चक्र की निरंतरता को बनाये रखने के लिए सह रहे हैं...

आप सब ने पहले hi बिना किसी गलती के इतने वर्षों तक सजा भुगति है....

मुझे आपको बचने के लिए पहले hi आ जाना चाहिए था पर मई ऐसा कर नहीं paaya...mere आगे झुक कर मुझे और शर्मिंदा नहीं कीजिये....

1सत समय SANCHALAK-aapki वाणी और उससे निकला हर वाक्य आपके चरित्र और आपके छवि की म्हणता दर्शाता है...

हम आपसे मिल paaye,isse बड़ी सम्मान की बात हमारे लिए कुछ नहीं हो सकती.....

मई उनकी बात सुन बस मुस्कुरा दिया....

MAI-aap की सजा और दर्द का अंत करने के लिए हमे इस प्लेनेट से निकलना hoga...aur एक बार आप इस गृह से बाहर निकल अपने गृह एलोप्टुस पहुँच गए तोह आप सबकी हर तकलीफ ख़त्म हो जायेगी....

किन्तु उससे पहले मुझे एक अत्ति आवशयक कार्य पूरा करना है...

2ंद समय संशलाक- क्या आप???

मई- haan,mai उसी काम के बारे में बात कर रहा hun.....kya आप सब कुछ देर और प्रतीक्षा कर सकते हैं.....

मैंने उस समय संचालक की बात काट कर अपनी बात कही जिससे सुन....

1सत समय SANCHALAK-jab इतने वर्षो तक यहाँ रहे हैं तोह कुछ पल में क्या फर्क padega..aur वैसे bhi,jis काम की आप बात कर रहे hain,wo भी अत्ति आवश्यक है....

रोनित- अब्बे और कौन सा काम बचा hai???saare शादौस तोह यही है ना....!!!!

मई- सारे नहीं....

रोनित- मतलब...!!!

MAI-sab पता चल jaayega...par उसके लिए हमे यहाँ से जाना होगा..

अपनी बात कह मई अवंतिका को ले हवा में उठ गया और मेरे साथ hi मेरे बाकी के चारों दोस्त भी हवा में उठ गए और अगले hi पल हम एक दिशा की और आगे बढ़ गए...

रास्ते में मैंने रोनित और बाकी तीनो को समय संचालकों की पूरी हिस्ट्री बताई जिससे सुन उन सब को भी बोहोत दुःख हुआ...

बात करते करते हम उस जगह पर पहुँच गए थे जहाँ हमे पहुंचना था इसीलिए हम सब नीचे ज़मीं पर उतर गए पर इससे पहले की कोई मुझसे कुछ पूछता...

MAI-RONIT,MONSLICKEL जाने से पहले और वहां से आने के बाद मई और अवंतिका कहीं जाते थे...

तू जानना चाहता था ना की हम कहाँ जाते थे और क्यों जाते थे.....???

मेरे यूँ अचानक इस बात को छेड़ने का कारण तोह रोनित को समझ नहीं आया पर वो इतना तोह समझ hi गया था की मई कुछ भी बेवजह नहीं कहता और इसीलिए....

रोनित- जानना चाहता था नहीं जानना चाहता हूँ.....

मैंने एक बार अवंतिका को देखा जो मुझे hi देख रही थी....

MAI-TWISTED DIMENSION...us जगह का नाम जहाँ हम दोनों जाय करते थे....

एक ऐसी जगह जहाँ ना तोह पाप का राज है और नाही पुण्य का...

और जानता है हम वहां क्यों जाते थे???

रोनित ने ना में अपना सर हिलाया.....

मई- अपनी बाएं तरफ देख.....

मेरे कहने पर जैसे hi रोनित ने अपनी गर्दन लेफ्ट तरफ ghumayi,toh उसके अगले hi पल उसने तुरंत अपनी गर्दन वापस मेरी तरफ कर दी....

मई उसके ऐसा करने का रीज़न जानता था और इसीलिए....

मई- इस बार ना तोह कोई माया HAI,NAA तोह कोई CHHAL.....NAA तोह कोई धोका है और नाही कोई KHWAAB....SIRF सच है......

मेरी बात सुन रोनित के पेअर कांपने lage..dhadakte दिल और अश्क भरे आँखों के साथ वो वापस अपने लेफ्ट की तरफ पलटा और अगले hi पल उसके मुँह से आवाज़ नहीं बल्कि एक चीख निकल पड़ी......

RONIT-ANJALIIIIIIIIIIIIIII..........................

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V....J......
 
थैंक्स brother...har किसी को अपडेट का इंतज़ार रहता hai.wo अपडेट जिससे लिखने में 3 से 4 घंटे लगते हैं और मेगा अपडेट लिखने में तोह 6,7 घंटे निकल जाते hain...readers उपदटेस तोह रेगुलरली पढ़ते हैं पर बोहोत काम ऐसे रीडर्स हैं जो लगातार अपना रिव्यु देते hain...aise में आप एक ऐसे रीडर हैं जो एक साथ दो दो साइट्स पर अपना कीमती रिव्यु देते hain..thanks 4 बीइंग सुच ा वंडरफुल रीडर बीआरओ......
 
अंजलि ज़िंदा HAI!!!!!!!PAR KAISE?????AUR वो शैडो वर्ल्ड में क्या कर रही HAI???ASMODEUS ने जो जाल बिछाया HAI,USSE विक्रम खुदको और बाकी सबको कैसे BACHAYEGA????KYA वो कामियाब होगा या फिर क्यूरियस की HI तरह शैडो वर्ल्ड में भी उससे ास्मोडियस से मात MILEGI!!!!!SAWAL बोहोत है और JAWAB........!!!!!!!!AAJ रात के मिलने वाले अपडेट ME......INTAZAR कीजियेगा....
 
अब तक आपने पढ़ा की VIKRAM,AVANTIKA & फ्रेंड्स शैडो वर्ल्ड में पहुँच जाते हैं जहाँ रोनित को अपने ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सरप्राइज मिलता है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

मेगा अपडेट-111

फाइनल एडवेंचर

फाइनल PART

PLANET-SHADOW वर्ल्ड

PLACE-HILLS फ्रंट

मई- इस बार ना तोह कोई माया HAI,NAA तोह कोई CHHAL.....NAA तोह कोई धोका है और नाही कोई KHWAAB....SIRF सच है......

मेरी बात सुन रोनित के पेअर कांपने lage..dhadakte दिल और अश्क भरे आँखों के साथ वो वापस अपने लेफ्ट की तरफ पलटा और अगले hi पल उसके मुँह से आवाज़ नहीं बल्कि एक चीख निकल पड़ी......

RONIT-ANJALIIIIIIIIIIIIIII..........................

रोनित की इस चीख में उसका इतने समय तक दबाया हुआ dard,uski tadap,uski majburi,uska junoon,uski खुद से चल रही jaddojahat,uske दिल की चीत्कार और उसी दिल के हर कोने में बसा हुआ उसका अंजलि के लिए बेशुमार प्यार साफ़ झलक गया....

इन सारे bhavnaao,feelings को हम पांचों ने भी फील किया था...

जहाँ mai,AKSHAANT और मोकलसर खुदको कण्ट्रोल में रखे हुए थे वहीँ अवंतिका और शैला के आँखों में आंसू तैर चुके थे.....

वहीँ हम सब से कुछ hi दूर एक बड़े से चट्टान के सामने आखें बंद किये हुए ध्यान में बैठी हुई अंजलि के कानो में जैसे hi उसके नाम की चीख gunji,toh उसकी आँखें झट से खुल गयी.....

और आँख खुलने पर जैसे hi अंजलि की नज़र हमपे गयी तोह पहले तोह उससे बेहद हैरत हुई पर ये हैरत उस ख़ुशी को उसके चेहरे पर आने से रोक नहीं पायी....

एक पल का हैरत ज़िन्दगी भर के ख़ुशी की शकल में बदल गया....

हम सब को चमकती आखों से देखने के बाद अंजलि की नज़र एक चेहरे पर टिक गयी...

ये चेहरा रोनित का था जो उससे अपनी भीगी आँखों से एक तक देख रहा था....

रोनित पर नज़र पड़ते hi अंजलि की नज़रें भी उसपर आकर टिक सी gayi....aisa लग रहा था मानो दोनों की आखों के बीच एक अदृश्य पूल बन गया है जिससे दोनों hi जुड़ गए हैं.......

कहते है सबसे tez,saaf और सच्ची आवाज़ ख़ामोशी की होती hai..khamosh ज़ुबान आँखों के ज़रिये वो बातें कह देता है जो ज़ुबान शायद कभी न कह पाए.....

एक तक एक दूसरी की आँखों में डूबे रोनित और अंजलि इस वक़्त उसी ख़ामोशी की भाषा में बात कर रहे थे...

दोनों के ज़ुबान खामोश थे पर दोनों के दिल आपस में बात कर रहे थे....

वैसे तोह मई हर किसी के मन की बात पढ़ सकता हूँ पर फ़िलहाल इन दोनों के दिलों के बीच क्या बातें हो रही hain,usse जानने के लिए मुझे इन दोनों के मन में झाकने की कोई ज़रुरत नहीं थी...

मई hi kya,mere साथ मेरा हाथ थामे कड़ी AVANTIKA,mere पीछे खड़े AKSHAANT,SHAILA,aur मोकलसर भी इन दोनों के दिल की बातों को समझ पा रहे थे....

हमे अंजलि के सामने aaye,RONIT को अंजलि के नाम से चीखे और अंजलि को हमे देख फिर रोनित की आँखों में खोये हुए 10 मिनट से ऊपर हो चुके थे....

पर अब तक ना हममे से किसी ने कुछ कहा था और नाही रोनित और अंजलि ने....

मैंने भी अभी तक कुछ नहीं कहा था क्यूंकि मुझे पता था की रोनित अब तक बस दुनिया के लिए ज़िंदा था पर अंदर hi अंदर वो हर पल मर रहा था...

पर अभी अभी अंजलि के रूप में जो नयी ज़िन्दगी रोनित के अंदर वापस अपना घर बसा रही hai,usme थोड़ा वक़्त तोह लग्न hi था....

वहीँ इतने समय तक यहाँ कैद होने की वजह से हमारे सामने कड़ी अंजलि के मन की भी उम्मीद की ज्योति धीरे धीरे मरने सी लगी थी...

पर आज हमे देख और स्पेशलय रोनित को देख उस बुझती ज्योति में फिर से तेल पड़ा था जिसने उस ज्योति के आकर को आग में बदल दिया था....

अंजलि के मन में उठे हुए उस प्रचंड आग के वेग को भी वापस ज्योति में बदलने के लिए थोड़ा वक़्त चाहिए था......

कुछ और पलों तक यूँही खड़े होकर अंजलि को निहारने के बाद रोनित के कदम धीरे धीरे अंजलि की तरफ बढ़ने लगे....

वहीँ अंजलि जो अभी भी एक तक रोनित को देखे जा रही thi,RONIT को अपने पास आता देख उससे भी खुदमे एक हरारत महसूस हुई...

फ़िलहाल अभी तोह उसके पास दिल नहीं tha,par फिर भी रोनित को अपने करीब आता देख उससे ऐसा महसूस हुआ की उसके अंदर कुछ धड़क सा उठा है.....

आगे बढ़ता हुआ रोनित ठीक अंजलि के सामने पहुंचकर रूक gaya...abhi भी रोनित को उसके सामने कड़ी अंजलि की वास्तविकता का ज्ञान नहीं हुआ था....

वो तोह बस अंजलि के ख़ूबसूरत चेहरे को निहार रहा था.....

इतने देर तक ख़ामोशी को बात करते देने के बाद अब बारी थी लबों के हिलने की और इसीलिए.....

ANJALI-RONIT.......

RONIT...........bas इतना hi कहा अंजलि ने पर शायद इतना hi काफी tha.....kya रियेक्ट karun???kaise रियेक्ट karun???jaise सवालों से रोनित का विवेक उसका दिमाग जो उलझा हुआ tha,ANJALI के मुँह से अपना नाम सुन वो उलझन ख़त्म हो गयी......

RONIT-ANJU...........

अंजलि की hi तरह बस इतना hi कह पाया रोनित और अगले hi पल अपने दिमाग में उठ रहे उलझनों को ख़त्म कर........

रोनित ने झट से आगे बढ़कर अपने दोनों हाथों को दोनों तरफ से बढ़ाया ताकि अंजलि को खुदमे समेत सके पर तभी.....

रोनित- अरे ये kya???mai तुम्हे छू क्यों नहीं पा रहा हूँ????

जहाँ रोनित अविश्वास भरी आखों से अंजलि की तरफ देख रहा था वहीँ अंजलि के चेहरे पर एक फीकी सी मुस्कान थी....

कुछ देर तक सिचुएशन को समझने की कोशिश करने के बाद जब रोनित ने एक बार फिरसे अंजलि की तरफ देखा या फिर ये कहूं की अंजलि के चेहरे के साथ साथ उससे ऊपर से नीचे तक ऑब्सेर्वे किया तोह.....

RONIT-tumhari बॉडी ट्रांसपेरेंट कैसे?????

ANJALI-MAI एक आत्मा HUN........AUR आत्मा को छुआ नहीं जा सकता.....

RONIT-WHAT?????????

ये एक नया बम था जो इस वक़्त रोनित के ऊपर गिरा tha..sirf रोनित पर hi nahi,ANJALI की बात सुन MOKALSAR,AKSHAANT और शैला को भी ज़ोर का झटका लगा...

ये तीनो तोह बेचारे अभी तक इस शॉक से भी ठीक से नहीं उभरे थे की अंजलि ज़िंदा है और तभी उन्हें एक नया शॉक लगा था....

और इस शॉक के साथ रोनित और इन तीनो के मन में एक नए दर ने भी घर कर लिया था.....

दिल hi दिल अपने उस दर को सिर्फ एक झूठ साबित होने की दुआ करते हुए.....

RONIT-par तू तोह ज़िंदा है ना????!!!!!!

इस उम्मीद के साथ की अंजलि के मुँह से हाँ निकले......

धड़कते दिल से रोनित ने अपने सवाल को या फिर ये कहूं की अपने दर को अंजलि के सामने रखा......

अंजलि- मुझे नहीं पता.....

अंजलि के जवाब को सुन रोनित के साथ साथ मेरे तीनो दोस्त को फिर से शॉक लगा...

रोनित- नहीं पता matlab???tujhe अपने ज़िंदा रहने के बारे में नहीं पता होगा तोह किस्से पता होगा???

अंजलि ने कुछ कहा नहीं बस अपनी नज़रें मुझपर कर di.....is वक़्त अंजलि की नज़र में दर और उम्मीद दोनों दिख रहे थे....

तू मर चुकी HAI.....is बात को सुनाने का दर......

तू ज़िंदा HAI.....is बात को जानने की उम्मीद......

जैसे hi अंजलि ने मेरी तरफ dekha,toh उसकी नज़र का पीछा करते हुए रोनित की नज़र भी मुझपर टिक gayi...aur उसके आखों में भी सामने फीलिंग्स दिखने लगे....

दर और उम्मीद........

MAI-darne की ज़रुरत नहीं है ANJU.....teri उम्मीद सही hai....TU ज़िंदा है......

मेरी बात सुन अंजलि से ज़्यादा तोह रोनित की आँखें चमक उठी और इसीलिए.....

रोनित- सच......

ये बोल या फिर ये कहूं की ये चीला रोनित वापस मेरी तरफ दौड़ा और साले ने मुझपर कूदते हुए मुझे ज़ोर से हुग कर लिया....

मई- अब्बे hat...saale,itne दिन बाद तेरी G.F तेरे पास है फिर भी मुझसे गले लगे पड़ा है tu....saale तेरे प्रैफरेंसेज तोह नहीं बदल गए ना....

जहाँ मेरी बात सुन बाकी सब है पड़े वहीँ रोनित पे कुछ ख़ास फर्क नहीं pada..wo वैसे hi मुझे कास कर गले लगाए raha.....uske आँखों में अब भी आंसू थे पर इस बार वो आंसू ख़ुशी के थे....

मई- अब बस भी कर yaar.....jaa और अंजलि को हुग कर अपने तड़पते दिल को सुकून पहुंचा.....

मेरी बात सुन रोनित मुझसे अलग हुआ और....

रोनित- कैसे yaar????wo तोह अभी स्पिरिट फॉर्म में hai...aise में तोह मई उससे टच भी नहीं कर सकता और तू गले लगाने की बात करता है....

MAI-ek बार तरय तोह kar..kya पता कनेक्शन हो जाए....!!!

मेरी बात नाही रोनित और अंजलि को समझ आयी और नाही मेरे बाकी के तीनो दोस्तों को.....

अवंतिका- रोनित, V.J ने जो कहा है वो kar..sab समझ में आ जायेगा....

अवंतिका की बात सुन रोनित वापस पलटा और अंजलि की तरफ बढ़ gaya..aur इस बार जैसे hi रोनित ने अंजलि को हुग करने के लिए अपनी बाहें फैलते हुए अपने दोनों हाथों से अंजलि के करीब लाया तोह उससे और उसके साथ साथ अंजलि को भी एक झटका लगा.....

reason.....is बार रोनित के हाथ अंजलि की स्पिरिट के आर पार नहीं hue....wo उससे छू पा रहा था....

वहीँ रोनित के हाथों को खुदपर महसूस कर अंजलि को भी शॉक लगा...

वो झट से रोनित से अलग हुई और खुदको dekha...RONIT की भी नज़र उसपर hi थी...

एक बार फिरसे दोनों को शॉक लगा और इसका कारण ये था की अंजलि अब भी स्पिरिट फॉर्म में hi थी....

दोनों अपनी अपनी आखों में हैरत लिए मेरी तरफ देखने लगे वहीँ मई और अवंतिका तोह मुस्कुरा hi रहे थे...

मई- मैंने तेरे स्पिरिट फॉर्म को कुछ देर के लिए सॉलिड कर दिया hai....ab ये हैरानियाँ छोडो और एक दूसरे को अचे से महसूस कर lo..zyada वक़्त नहीं है....

मेरी बात सुन रोनित और अंजलि खुश हो गए और अगले hi पल.......

रोनित और अंजलि एक दूसरे में समां चुके the...dono ने एक दूसरे को इतनी ज़ोर से हुग किया था मानो एक दूसरे के अंदर समां जाना चाहते हों....

कुछ देर तक यूँही एक दूसरे को अंदर तक महसूस करने के बाद जब दोनों का आलिंगन ख़त्म हुआ तोह दोनों के लैब एक दूसरे से जुड़ गए.....

आँखें बंद कर दोनों hi एक डीप किश में खो चुके the....agar एक दूसरे को बाहों में समेटने के बाद भी कुछ कसार बाकी रह गयी होगी तोह वो इस चुम्बन इस किश में निकल जानी थी...

दोनों पुरे शिद्दत के साथ एक दूसरे के लबों को महसूस करने में लगे हुए the..is किश में कोई hawas,koi लोभ नहीं tha....tha तोह बस प्यार......

मई- लो कर लो baat...saala यहाँ हम इन दोनों के चक्कर में उपवास किये खड़े हैं और ये दोनों मिलते hi बूंदिया लूटने में लग गए....

मेरी बात सुन अवंतिका है दी......

reason...doston आपको याद होगा की ट्विस्टेड डायमेंशन में मई और अवंतिका किश करने वाले थे की तभी अवंतिका के दिमाग में एक बात आयी जिससे सुन और समझ मैंने अवंतिका को किश नहीं किया था...

तोह वो बात ये थी की अवंतिका के दिमाग में उस वक़्त रोनित का गम घूम रहा था और जिस लम्हे में मई अवंतिका को किश करने वाला tha,ussi पल में अवंतिका के दिमाग में रोनित का रोटा चेहरा और अंजलि की आत्मा का तड़पना महसूस किया....

जी हाँ doston,AVANTIKA को मालुम था की अंजलि ज़िंदा है और वो भी स्पिरिट फॉर्म me.......kaise??ye थोड़ी देर में पता चल जाएगा...

khair,jaise hi मैंने अवंतिका के दिमाग में उपजी रोनित और अंजलि की तस्वीर को महसूस kiya,mai रूक गया.....

और इसीलिए hi मैंने अभी तक अवंतिका को किश नहीं किया था.....

अवंतिका को हस्ता देख मैंने उससे कुछ देर तक घुरा पर फिर मई भी है दिया..

वहीँ हम दोनों के यूँ अचानक हसने का रीज़न मेरे पीछे खड़े दोस्तों को समझ में नहीं आया पर उन्होंने कुछ कहा नहीं...

ये तोह थी हमारी baat,par हमारे सामने का सन अभी भी शामे tha....ANJALI और रोनित का किश अभी भी पुरे ज़ोर पर था और शायद ये और बोहोत देर चलता पर तभी.......

अंजलि की आत्मा जो की सॉलिड फॉर्म में thi,wo वापस ट्रांसपेरेंट होने लगी जिससे देख AKSHAANT,MOKALSAR और शैला चौंके...

वहीँ रोनित जो की अंजलि को पुरे शिद्दत से किश कर रहा था और उसी शिद्दत की वजह से उसकी आँखें बंद thi,usse भी जब धीरे धीरे अंजलि के होंठों की छुअन का एहसास काम होता laga,toh उसने भी अपनी आखें खोल दी....

आँखें खोल जब रोनित थोड़ा पीछे हटा तोह उससे भी अंजलि को यूँ वापस ट्रांसपेरेंट फॉर्म लेते देख झटका लगा.....

वैसे इस परिवर्तन से शॉकेड तोह खुद अंजलि भी थी.....

रोनित- यार ये क्या hua???ANJU वापस पहले जैसे कैसी हो गयी???

MAI-tujhe इस बात का अफ़सोस है की अंजू वापस अपने स्पिरिट फॉर्म में चली गयी या फिर इस बात का गम है की तेरी किश में रुकावट आ गयी....

जहाँ मेरी बात सुन AVANTIKA,AKSHAANT,MOKALSAR और शैला है दिए वहीँ रोनित हल्का झेंप सा गया और अंजलि शर्मा गयी....

रोनित- bhai,mazak छोड़ और बता ना की ये वापस पहले जैसी कैसे हो गयी???

MAI-jo सोलिडीटी मैंने अंजलि की आत्मा को दी thi,wo टेम्पररी thi...jaise hi उस सोलिडीटी का टाइम ख़त्म hua,ANJALI वापस अपने पुराने फॉर्म में आ गयी....

रोनित- तोह bhai,ANJU के सॉलिड फॉर्म को परमेनन्ट कर दे ना....

अक्षांत- haan,fir अंजलि को बॉडी की ज़रुरत hi नहीं पड़ेगी....

MAI-aisa नहीं हो sakta...har आत्मा किसी भी इंसानी लोक में उसके शरीर के सहारे hi रह सकती है...

शरीर hi आत्मा का हार्डवेयर होता hai,jisse छुआ जा सकता hai...aur फ़िलहाल अंजलि का हार्डवेयर मतलब उसका शरीर उससे अलग है..

ऐसे में मई उसकी आत्मा को उसके शरीर के काम में बस कुछ देर टके लिए hi ला सकता hun..agar मैंने अंजलि की इस स्पिरिट फॉर्म को ज़्यादा देर तक सॉलिड बनाये rakha,toh उस फॉर्म के साथ साथ अंजलि का ये स्पिरिट फॉर्म भी हमेशा के लिए ख़त्म हो जाएगा....

मेरी बात सुन सब एक बार फिरसे शॉकेड हो गए पर तभी रोनित के दिमाग में एक सवाल कौंधा और.....

रोनित- हैंग on....tune अभी कहा की अंजलि का शरीर फ़िलहाल उससे अलग hai???iska क्या मतलब hai???ANJALI की बॉडी तोह जला दी गयी है ना!!!!

MAI-hmm...ab आया ना मुद्दे par....mai सोच hi रहा था की कैसे अंजलि को देखकर तेरा दिमाग काम करना बंद कर गया है???

वैसे सवाल तोह सभी के मन में है पर सबसे ज़्यादा कुलबुलाहट इस वक़्त शैला के दिमाग में हो रही hai,haina शैला???

मेरी बात सुन पहले तोह शैला हड़बड़ा गयी पर फिर....

शैला- हाँ VIKRAM...jab से मैंने अंजलि को देखा hai,tabhi से मेरे दिमाग में नजाने कितने hi सवालों ने भगदड़ मचाई हुई है...

अंजलि ज़िंदा कैसे hai????aur अगर ये ज़िंदा है तोह फिर ये एक आत्मा के रूप में कैसे hai???iska शरीर कहाँ गया????

और सबसे महत्वपूर्ण सवाल की ये इस शैडो वर्ल्ड में कैसे फास गयी...

रोनित- नहीं SHAILA....sabse इम्पोर्टेन्ट सवाल ये है की जब अंजू ज़िंदा है तोह V.J ने हमे बताया क्यों नहीं......????

रोनित के सवाल में एक नाराज़गी थी जो हम सबने साफ़ महसूस की थी.....

मई- सब बताता hun.....par इससे पहले तू मुझे मेरे दो सवालों का जवाब दे....

पहला sawal....ANJALI के जाने के बाद इन डेढ़ सालों में क्या तूने कभी भी मुझसे अंजलि ज़िंदा है की nahi,ye सवाल पूछा था????

रोनित- ये कैसा सवाल hai????ANJALI के शरीर को खुद हमारे घर वालों ने अग्नि दी thi...fir मई ये सवाल क्यों करता???

MAI-tu ये कैसे कह सकता है की जिस शरीर को अग्नि दी गयी thi,wo अंजलि की hi थी....???

जिस वक़्त उस शरीर को अग्नि दी जा रही thi,tu तोह खुद कोमा में tha...aur सबसे बड़ी baat,BEELZEBUB और शैला से युद्ध करते वक़्त अंजलि से पहले तेरी आखें बंद हुई थी तोह तू ये कैसे इस नतीजे पर पहुंचा की तेरे आँख बंद करने के बाद उन दोनों ने अंजलि को मार दिया होगा.....????

मेरी बात या फिर ये कहूं की मेरे तर्क को सुन रोनित हड़बड़ा gaya...wo जानता था मेरा तर्क अपनी जगह पर बिलकुल सही था....

बिल्जेबब और भुविका से लड़ते वक़्त अंजलि से पहले उसकी आँखें बंद हुई थी...

तोह ऐसे में उसके बेहोश होने के बाद क्या क्या हुआ hoga,wo ये कैसे बता सकता था???

और फिर जब रोनित को होश आया ये फिर ये कहूं की मैंने उससे होश में लाया उसके बाद भी उसके दिमाग में एक बार भी ये सवाल नहीं आया की क्या अंजलि ज़िंदा हो सकती है!!!!!

होश में आने के बाद से hi रोनित ने सिर्फ अंजलि के जाने का गम गलत hi किया tha...kabhi भी उसके दिमाग में ये विचार नहीं आया की उसके साथ छल भी हो सकता है...

और इस बारे में उसने मुझसे कभी बात भी नहीं ki...kabhi नहीं पूछा की उसकी आँखें बंद होने के बाद क्या क्या हुआ था????

मेरे पहले सवाल और उस सवाल के बाद मेरे दिए तर्क को सुन रोनित को अपनी भूल का एहसास हो गया tha......par मई जानता था की वो मेरे दूसरे सवाल को भी सुनना चाहता था...

RONIT-aur दूसरा सवाल......

मई- याद करके बता की जब से अंजलि हम से दूर हुई और तुम सबने उससे मारा समझ liya,is दौरान क्या मैंने एक बार भी ये बात कही है की अंजलि मर चुकी है....

मेरी बात सुन रोनित को फिरसे एक बार झटका laga....sach hi तोह tha,maine कभी ये नहीं कहा था की अंजलि मर चुकी है...

मेरे मुँह से हमेशा यही निकला था की अंजलि हमारे बीच नहीं है....

मई ऐसा क्यों कहता tha,ye अब रोनित को समझ में आ रहा था और साथ hi मेरी सिखाई वो वो बात भी उसके ज़हन में उभरने लगी जब मई उससे कहता था की शब्दों को हमेशा ध्यान से सुना कर..

क्यूंकि हर शब्द में हमारे किसी न किसी सवाल का जवाब छुपा हुआ होता है....

RONIT-oh shit....haan yaar,is तरफ तोह मेरा ध्यान hi नहीं गया....

मई- और नाही अवंतिका की taraf....yaad है जब तू अवंतिका से कॉलेज में मेरे बारे में पूछने गया था और इसने तुझे डांटा था तब इसने भी मेरी hi तरह तुझसे बात की थी और अंजलि के बारे में बात करते हुए इसने भी शामे बात की थी...

इसने ये नहीं कहा था की अंजलि मर चुकी hai.isne भी यही कहा था की अंजलि हमारे बीच नहीं है....

मेरी बात सुन रोनित फिरसे chownka...par इस बार उसके साथ साथ अंजलि भी चौंकी थी....

रोनित- तोह क्या अवनि को भी अंजलि के ज़िंदा होने के बारे में मालुम था????

MAI-ussi दिन कॉलेज में इससे इस बारे में पता चला था....

मेरी बात सुन रोनित फिर से चौंक गया पर इससे पहले की वो कुछ पूछता....

ANJALI-RONIT को अवंतिका ने डांटा tha...!!!par kyun????aur रोनित को V.J के बारे में ऐसा क्या पता करना था जो उससे अवंतिका के पास जाना पड़ा.....????

अंजलि का सवाल सुन सबको याद आया की इन डेढ़ सालों में क्या क्या हुआ hai,is बारे में अंजलि को कुछ भी पता नहीं है???

और इसीलिए.....

RONIT-ANJU...in डेढ़ सालों में बोहोत कुछ हुआ hai....aur इन सब घटनाओं की शुरुआत V.J के क्यूरियस वर्ल्ड में जाने के बाद शुरू हुआ...

रोनित के मुँह से क्यूरियस सुन अंजलि फिर chownki..usse याद आया की एक बार मैंने उससे और रोनित को इस जगह के बारे में बताया था....

ANJALI-COURIOUS!!!!par V.J तोह इस्ला गया था ना?????

रोनित- haan,par उसके बाद वो क्यूरियस गया था...

इसके बाद रोनित ने अंजलि के मेरे साथ क्या क्या हुआ tha,wo सब बताने लगा...

जैसे जैसे रोनित की बात आगे badhi,ANJALI के चेहरे पर दर्द साफ़ दिखने लगा...

और ये जानकार की मुझसे मेरा अस्तित्व अलग हो गया था और उस वजह से मेरी और रोनित के बीच लड़ाई hui,jiski वजह से मई घर छोड़कर चला gaya,uska दर्द और बढ़ गया.....

जैसे जैसे mere,AKSHAANT,MOKALSAR और शैला के साथ जो जो हुआ वो सब रोनित बताता gaya,waise वैसे अंजलि की तकलीफ बढ़ती चली गयी और इसीलिए.....

अंजलि तुरंत मेरे पास आयी और उसने मुझे हुग करने की कोशिश की पर वही हुआ जो रोनित के साथ हुआ tha...ANJALI के हाथ मेरे शरीर के आर पर हो गए जिससे अंजलि और ज़्यादा उदास हो गयी....

MAI-udas क्यों हो रही hai???tu भले hi अभी मुझे छू नहीं सकती पर तुझे फील करने के लिए मुझे किसी हुग की ज़रुरत नहीं है....

मेरी बात सुन अंजलि के चेहरे पर एक फीकी सी मुस्कान आ गयी....

अंजलि के दर्द को रोनित ने महसूस किया और इसीलिए.....

RONIT-waise तुझे एक ब्रेकिंग न्यूज़ dun??waise तोह सबके लिए ये पुराणी खबर है पर तेरे लिए एकदम फ्रेश है....

रोनित की बात और उसकी आवाज़ की एक्ससिटेमेंट सुन अंजलि अपने आँखों में सवाल लिए उससे देखने लगी...

RONIT-V.J और अवंतिका अब फ्रेंड्स नहीं बल्कि एक कपल हैं....

रोनित की बात सुन पहले तोह अंजलि सॉलिड चौंकी पर फिर वो एकदम ख़ुशी से उछाल padi....ek पल में hi जैसे अंजलि का मूड ठीक हो गया था....

अंजलि- मुझे पता था की एक ना एक दिन ऐसा ज़रूर होगा.....

ये बोल अंजलि मुझे और अवंतिका को हुग करने के लिए एक बार फिरसे आगे बढ़ी पर...

मई- रूक जा रूक jaa..excitement में तू फिर भूल गयी की फ़िलहाल तू स्पिरिट फॉर्म में है....

ANJALI-wo सब chhod,pehle ये बता की पहले प्रोपोज़ किसने किया था????

रोनित- अरे जब इनकी कहानी hi नार्मल नहीं है तोह फिर इनका प्रोपोज़ कैसे नार्मल होगा??

सुन क्या हुआ था....

ये बोल रोनित अंजलि को फाउंटेन ऑफ़ लाइट्स के अंदर क्या क्या हुआ और कैसे अवंतिका ने मुझे किश कर प्रोपोज़ किया और मुझे bachaya,batane लगा....

रोनित ने अंजलि जब ये बताया की मेरे अस्तित्व के खो जाने से पहले कैसे मैंने अवंतिका को लार्ड ऑफ़ एंगेल्स बनाया था तोह उससे शॉक लगा पर उसके अगले hi पल उसके दिमाग में कुछ क्लिक किया....

ANJALI-oh....toh इसीलिए मई तुझ तक नहीं पहुँच पा रही थी अवनि....

अंजलि की बात सुन सबको एक बार फिरसे झटका लगा....

रोनित- नहीं पहुँच पा रही थी मतलब....!!!

ANJALI-jabse मई यहाँ कैद hun,tabse मई लगातार हर वक़्त ध्यान में hi बैठ तुम में से किसी न किसी से कांटेक्ट करने की कोशिश करती रहती हूँ..

पर शायद इस गृह में में कोई कवच जैसे कुछ लगा हुआ hai,isiliye ऐसा करना बोहोत मुश्किल है..

पर कुछ महीने लगातार कोशिश करने के बाद मई अपनी आतंरिक उजरा को इस जगह से बाहर निकलने में कामियाब हुयी..

पहले मैंने V.J से कांटेक्ट करने की कोशिश की पर नहीं कर पायी...

और जैसा की तुमने बताया की V.J के साथ क्या हुआ था इसीलिए मुझे लगता है की शायद इसका रीज़न ास्मोडियस का V.J के अंदर बेहटा खून था जिसकी वजह से मई इस तक नहीं पहुँच पा रही थी...

उसके बाद मैंने तुझसे कांटेक्ट करने की कोशिश की और मेरी आतंरिक शक्ति ने तुझे खोज भी लिया था पर नजाने कैसे तुझतक पहुँचने से पहले hi मेरी आतंरिक शक्ति को एक झटका लगा और उससे वापस लौटना पड़ा.....

अंजलि की बात सुन रोनित को एक बार फिरसे झटका laga...wo कुछ कहता इससे पहले hi....

MAI-wo मैंने किया tha..teri आतंरिक शक्ति को मैंने रोनित तक पहुँचने से पहले रोक दिया था....

मेरी बात सुन रोनित के साथ साथ अंजलि को भी झटका लगा...

अंजलि- tune!!!par क्यों और kaise???tune तोह अपना अस्तित्व खो दिया था ना...

मई- अस्तित्व खोया tha,shaktiyan nahi....tu ज़िंदा hai,ya फिर ये कहूं की तू मर hi नहीं sakti,ye मई अछि तरह जानता था..

मई ये भी जानता था की तू हमसब को कांटेक्ट करने की कोशिश भी ज़रूर karegi,isiliye hi मैंने रोनित के चारों तरफ एक ऐसी शील्ड का निर्माण किया जिससे तेरी आवाज़ इस तक ना पहुँच पाए...

MAI-par इसके बावजूद अंजू ने हार नहीं maani..kyun अंजू??

ANJALI-haan...RONIT के बाद मैंने अवंतिका से कांटेक्ट करने की कोशिश की...

पर मई एक बार फिरसे नाकामियाब rahi....meri आतंरिक शक्ति कमसेकम रोनित के पास तोह पहुंची thi,par अवंतिका के मामले में ऐसा भी नहीं हो पाया....

मेरी आतंरिक शक्ति अवंतिका को देख तक नहीं पायी और इसका रीज़न मुझे अब समझ में आ रहा है....

शायद V.J की ऊर्जा की वजह से अवनि तक पहुंचा hi नहीं जा सकता tha...haina???

अंजलि ने ये सवाल मुझे देखकर पूछा था जिसपर मैंने हाँ में अपना सर हिलाया....

अंजलि- अवंतिका तक ना पहुँच पाने के बाद मैंने शनाया को टारगेट किया पर तब भी मई फ़ैल हुई...

शायद अवंतिका की ऊर्जा की वजह से उसके परिवार के लोग भी एक कवर के अंदर आ गए थे...

इतनी कोशिशों के बाद भी लगातार फ़ैल होने की वजह से मई काफी निराश हो गयी thi..kuch वक़्त तक मैंने अपनी कोशिशें छोड़ दी थी पर फिर....

मई- तुझे एक और चेहरे का ख्याल आया जिससे जुड़ कर तू हमसे कांटेक्ट कर सकती थी....

अवंतिका- और ये चेहरा था शैफाली का.....

मेरी बात को अवंतिका ने पूरा किया जिससे सुन रोनित को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा....

रोनित- what???SHAIFALI?????

अवंतिका- हाँ SHAIFALI...ANJALI जानती थी की हमारे ग्रुप में कोई भी बाहर का बाँदा अल्लोव नहीं है पर शैफाली hi एक ऐसी लड़की है जिससे हम रेगुलरली बात करते हैं...

याद है अभी V.J ने कुछ देर पहले बताया था की जब मेरी तुझसे बेहेस हुई thi,ussi दिन मुझे अंजलि की बारे में पता चला था...

अवंतिका की बात पर रोनित ने हाँ में अपना सर हिलाया....

अवंतिका- तुझे याद है जब उस दिन tu,SHANAYA और शैफाली कैंटीन में बैठे हुए the,us वक़्त शैफाली के सर में दर्द था....

रोनित- हाँ....

AVANTIKA-wo दर्द उससे दिल्ली से hi हो रहा था वो दर्द भी अंजलि की hi वजह से था...

जिस वक़्त शैफाली दिल्ली में थी और उस रेस्टुअरंत में गयी थी जहाँ V.J जॉब करता tha,thik तभी अंजलि ने अपनी आतंरिक शक्ति को शैफाली के दिमाग के अंदर पहुँचाया था...

और जब शैफाली ने V.J को उस रेस्टुरेंट में dekha,toh उसके साथ साथ अंजलि को भी V.J का आभास हुआ था...

पर इससे पहले की शैफाली के थ्रू अंजलि V.J से कुछ kehti,V.J ने अंजलि की आतंरिक शक्ति को शैफाली के दिमाग से निकल बाहर फेक दिया....

इसका रीज़न भी यही थी की V.J नहीं चाहता था की ास्मोडियस को ये भनक लगे की V.J को पता है की अंजलि ज़िंदा है....

शैफाली के अंदर तुम सब जैसी ताकत तोह है nahi,wo एक नार्मल लड़की है...

इसी वजह से जब अंजलि की आतंरिक शक्ति ने उससे जुड़ने की कोशिश की तोह शैफाली के दिमाग पर एक्स्ट्रा परेसुररे पड़ा जिसकी वजह से उसके सर में दर्द होने लगा था..

शैफाली उसी रात दिल्ली से मुंबई आ गयी थी और जब नेक्स्ट डे वो कॉलेज आयी तोह उसके सर में तब भी दर्द था...

और जब मेरा हाथ उसके हाथ पे टच हुआ तोह मुझे झटका लगा..

क्यूंकि V.J की ऊर्जा की वजह से उससे छूटे hi मुझे उसके साथ एक दिन पहले क्या हुआ tha,wo पता चल चूका था....

अंजलि ज़िंदा है ये जानकार मुहे कितनी ख़ुशी हुई thi,ye मई बता नहीं सकती थी..

और इसीलिए hi तुझसे बेहेस करते वक़्त मैंने ये नहीं कहा था की अंजलि मर चुकी है ba;lki ये कहा था की अंजलि हमारे बीच में नहीं है.....

रोनित- ओह betaji....itna लम्बा चौड़ा गेम चल रहा था और साला मुझे पता तक नहीं था....

मई- वो इसीलिए क्यूंकि जहाँ बुद्धि लगनी चाहिए वहां भी तू दिल से काम चला रहा था....

वैसे अंजू ने इसके बाद भी एक और कोशिश की thi..kyun अंजू????

अंजलि- haan....maine एक बार फिरसे रोनित से जुड़ने की कोशिश की पर फिरसे फ़ैल हुई....

मई- हाँ पर पूरी तरह से नहीं....

मेरी बात अंजलि को समझ में नहीं आयी...

अंजलि- मतलब???

MAI-matlab ये की भले hi तेरी आतंरिक शक्ति इस तक नहीं पहुँच पायी thi,par haan,teri एक चीज़ थी जो इसके अंदर पहुँच गयी थी...

अवंतिका- पहुँच गयी थी या फिर तुमने पहुंचा दी थी....

मई- एक hi बात है...

अंजलि- तुम दोनों क्या बात कर रहे ho,mujhe तोह कुछ समझ में नहीं आ रहा है....!!!!!

रोनित- तोह मुझे कुछ कहाँ समझ में आ रहा hai...aur V.J तूने अंजलि को मुझतक पहुँचने से क्यों रोका????

मई- याद कर तू उस वक़्त किस कंडीशन में tha...ANJALI का नाम सुनते hi तेरी कंडीशन अजीब हो जाती थी...

अगर अंजलि की आतंरिक शक्ति की आवाज़ तुझ तक पहुँच भी जाती naa,toh उससे तू खुश नहीं होता बल्कि पागल हो जाता....

तू उस वक़्त स्टेबल नहीं था और ऐसा कुछ होने पर तू समझता तोह कुछ नहीं उल्टा तेरा दर्द और बढ़ जाता जिससे तुझे hi नुक्सान होता...

RONIT-arre waah,aise कैसे???

MAI=proof दूँ???

मेरी बात सुन रोनित हड़बड़ा गया क्यूंकि वो जानता था की अगर मैंने कुछ कहा है तोह यूँही तोह कहा नहीं होगा....

MAI-sun....yaad hai,jab हम सब भुविका को लेकर मांसलिकेल से वापस आये थे..

तब जब भी भुविका तुझसे कुछ कहने की कोशिश karti,usse पहले hi तू उससे मार देता था...

उसने काफी बार कोशिश की पर हर बार तूने बिना उसकी बात सुने उससे मारता रहा...

और reason...ANJALI....tujhe बस एक बात समझ आ रही थी और वो ये की भुविका ने अंजलि को मारा hai..aur इसीलिए तू अँधा ढूंढ उससे पीते जा रहा था..

तूने एक बार भी नहीं सोचा की भुविका में उस वक़्त तुझसे बोहोत ज़्यादा ताकत थी उसके बाद भी वो चुप चाप तुझसे मार खा रही थी...

वो बस तुझसे कुछ कहना छह रही थी पर तूने उससे कुछ भी कहने hi नहीं दिया..

उसके बाद भी जाते जाते उसने कुछ कहा tha,wo बात याद है????

मेरी बात सुन रोनित को वो दिन याद आ रहा था जब वो भुविका को मार रहा था और इतनी ज़्यादा शक्तिशाली होने के बावजूद भी भुविका ने उससे कुछ नहीं किया था....

और आखिर में मेरे सवाल को सुन रोनित को भुविका की कही आखरी बात याद आयी जो उसने रोनित से कही थी....

मई माफ़ी के काबिल तोह नहीं पर फिर भी मई तुम्हारी माफ़ी का इंतज़ार करुँगी....

इस बात के याद आते hi रोनित के दिमाग की बत्ती जाली....

रोनित- ओह teriki..toh वो इस बारे में बाटकर रही थी...

मई- hmm..maafi के काबिल ना होकर भी माफ़ी का इंतज़ार karna....ye कोई क्यों kahega??wo जानती थी की एक न एक दिन तू अंजलि से ज़रूर मिलेगा और वो चाहती थी की जब भी ऐसा ho,toh तू उससे माफ़ करदे....

RONIT-beda garg...saala मई भी एक नंबर का तुबे लाइट हूँ.....

जहाँ रोनित की बात सुन हम सब है दिए वहीँ अंजलि कुछ और hi सोच रही थी जिससे मैंने देख लिया और समझ भी लिया...

MAI-kya सोच रही है अंजू???

अंजलि- यही की भुविका ने रोनित से माफ़ी क्यों maangi???wo तोह एक डेविल है ना और हमारे साथ जो भी हुआ उसका मैं रीज़न भी....

मई- नहीं ANJU..BHUVIKA भी ास्मोडियस का बस एक प्यादा थी....

फिर मैंने अंजलि को भुविका और उसकी सचाई के बारे में सब कुछ बताया जिससे सुन अंजलि की आँखें फटी की फटी रह गयी...

अंजलि- तुम दोनों भाइयों के दिमाग है की क्या hain??kya क्या सोच लेते हो यार..????

वो तोह ाचा है की एक बैलेंस बिगड़ता है तोह दूसरा उस बैलेंस को वापस ठीक करता है..

अगर दोनों hi बैलेंस बिगड़ने में लग जाते तोह हो जाना था सबका कल्याण...

अंजलि की बात सुन सभी है दिए...

शैला- पर मैं क्वेश्चन तोह रह hi गया naa....aur वो ये की अंजलि को भुविका और बिल्जेबब ने ज़िंदा कैसे chhoda...aur अंजलि यहाँ कैसे आयी???

शैला के सवाल पर मैंने कोई जवाब नहीं दिया बस अपना हाथ आगे कर दिया....

मेरे हाथ आगे करते hi हम सबके सामने हवा में एक फिल्म जैसा चलने लगा..

ये फिल्म और कुछ नहीं वही सन था जिसमे बिल्जेबब और भुविका ने रोनित और अंजलि पर हुम्ला किया था...

उस सन को चलते देख सभी समझ गए की असल में क्या हुआ tha,wo उन सबको दिखने वाला है....

तोह हुआ ये था की रोनित को तोह बिल्जेबब ने बोल दिया था की तुझे ऐसी सजा देंगे जिससे तू जीते जी मर जाएगा...

और वो सजा थी अंजलि की mout...aur इसीलिए भुविका ने अंजलि के पेट में एक तलवार ग़ुस्सा दी थी....

रोनित आलरेडी बेहोश हो चूका tha...talwar पेट में घुड़ते hi अंजलि निचे ज़मीं पर गिर गयी और गिरने के कुछ hi लम्हो के बाद उसकी आत्मा उसके शरीर से बाहर निकल आयी...

आम आदमी आत्मा को शरीर से निकलता हुआ नहीं देख सकता पर बिल्जेबब और भुविका की बात अलग थी..

उन दोनों ने अंजलि की आत्मा को उसके शरीर को छोड़ बाहर आते देखा और ये देखकर वो खुश हो गए...

जहाँ एक तरफ बिल्जेबब और भुविका हस्ते हुए अंजलि की आत्मा को देख रहे थे वहीँ अंजलि की आत्मा बेहद उदास थी....

पर कुछ देर बाद बिल्जेबब और भुविका की ख़ुशी शॉक में बदल गयी...

reason....sharir से निकल अंजलि की आत्मा को पृथ्वी लोक से गायब हो जाना चाहिए था पर ऐसा हुआ नहीं...

वो वहीँ अपने शरीर के पास कड़ी रही जिससे देख दोनों चौंके थे....

वैसे शॉक तोह अंजलि की आत्मा को भी लगा tha..wo भी समझ नहीं पा रही थी की जब उसका जीवन काल ख़त्म हो चूका है तोह वो वहां पर क्या कर रही है....???

बिल्जेबब और भुविका इस बारे में सोच hi रहे थे की तभी उस जगह पर ास्मोडियस की आवाज़ गुंजी......

ASMODEUS-ANJALI को मारा नहीं जा सकता.......

ास्मोडियस की आवाज़ और उसमे बताई बात को सुन BEELZEBUB,BHUVIKA और अंजलि की आत्मा शॉकेड हो गए....

कोई कुछ कहता तभी एक बार फिरसे ास्मोडियस की आवाज़ गूंज गयी....

ASMODEUS-VIKRAM ने जाने से पहले अंजलि और रोनित को खुदके साथ जोड़ लिया है....

जब तक विक्रम इन दोनों को खुदसे अलग नहीं करता या फिर वो खुद नहीं मर जाता तब तक इन दोनों में से किसी को भी मारा नहीं जा सकता....

ास्मोडियस की बात सुन बिल्जेबब की और ख़ास कर भुविका की जल गयी थी....

भुविका- ये विक्रम जाते जाते भी हमे हरा गया...

ास्मोडियस और फिर भुविका की बात सुन अंजलि की आत्मा है पड़ी जिससे देख भुविका और बिल्जेबब को और ग़ुस्सा आ गया...

ANJALI-tum दोनों ने ये सोच भी कैसे लिया था की विक्रम तुम जैसो से हार सकता hai....socho,bina सामने आये विक्रम ने तुम दोनों की ले ली तोह जब वो सामने आएगा तोह तुम दोनों का क्या हाल होगा....

अंजलि की बात सुन भुविका एक बार फिरसे नया स्पेल बोलने जा रही थी की इतने में....

ASMODEUS-BHUVIKA,tum तुरंत अंजलि की आत्मा को लेकर यहाँ आओ और BEELZEBUB,jo जगह मैंने तुम्हारे मस्तिष्क में भेजी hai,tum अंजलि के शरीर को लेकर वहां जाओ..

पर उससे पहले अंजलि के शरीर की एक नक़ल (क्लोन ) बनाकर एक वाहन में उसकी और रोनित के शरीर को दाल दो और उस वहां को इस जगह से नीचे फेक दो....

ास्मोडियस की बात ना तोह बिल्जेबब काट सकता था और नाही भुविका...

जहाँ एक तरफ अंजलि की आत्मा को साथ लेकर भुविका ास्मोडियस के पास चली गयी जहाँ उससे ास्मोडियस ने अंजलि की आत्मा को शैडो वर्ल्ड में कैद करने का आदेश दिया...

(आपको याद होगा दोस्तों की भुविका एक बार बीच में शैडो वर्ल्ड आयी थी और यहाँ आने और समय संचालकों से मिलने के बाद वो और बिल्जेबब एक दूसरी जगह उड़ निकले थे..

वो अंजलि के स्पिरिट से hi मिलने आये थे.....)

वहीँ बिल्जेबब ने ास्मोडियस के आदेशानुसार पहले अंजलि के बालों से उसके जैसी hi एक नक़ल बनायीं और उस नक़ल और रोनित के शरीर को एक वाहन में दाल नीचे धकेल दिया..

उसके बाद बिल्जेबब अंजलि की बॉडी को लेकर गायब हो गया....

पूरा सन ख़त्म होते hi सामने हवा में चल रही पिक्चर गायब हो गयी....

पर जैसे hi वो पिक्चर गायब hui,RONIT तुरंत मेरे गले लग गया....

रोनित- yaar,tune खुद इतनी मुश्किलों में घिरे रहने के बावजूद मेरी और अंजलि की सेफ्टी पर ध्यान रख हुआ था और मैंने तुझे क्या क्या नहीं कहा था...

मई- अब तू तोह है hi gadha..aur गधे की बात का क्या बुरा मानना....???

मेरी बात पर सबके साथ रोनित भी है दिया.....

MAI-ab तोह सारे सवालों के जवाब मिल गए ना....!!!!

शैला- एक बचा है....

अक्षांत- तुम्हारे सवाल कभी ख़त्म हुए है भला???

शैला- क्या कहा???

अक्षांत- नहीं कुछ nahi..wo तोह मई पूछ रहा था की अब कौन सा महत्वपूर्ण सवाल बच गया है???

अक्षांत के हड़बड़ाहट कोदेख हम सब फिरसे है दिए....

SHAILA-BEELZEBUB अंजलि के शरीर लेकर कहाँ गया????

रोनित- अरे हाँ yaar...ye तोह मैं सवाल hai....ANJU की बॉडी है कहाँ???

मई- सब पता चल jaayega,par पहले यहाँ से तोह nikle..tu तोह अंजलि से सिर्फ डेढ़ साल hi अलग रहा है पर समय संचालकों को तोह अपने गृह से नजाने कितनी सदियों से दूर कर दिया गया हैं...

अब वक़्त आ गया है की उन्हें उनका गृह और उनका सम्मान वापस कर दिया जाए...

मेरी बात पर सबने सहमति दिखाई और अगले hi पल....

मई सभी को लेकर हवा में उठ चूका था और हम सब वापस समय संचालकों के पास जाने के लिए उड़ चले.....

AVANTIKA-V.J....wo dekho,SAMAY संचालकों के नीचे एक बार फिर से आग जल उठी है....

मैंने तोह ये पहले hi देख लिया था पर मेरे सारे दोस्त जो एक दूसरे से बात कर रहे the,AVANTIKA की बात सुनकर उन सबकी नज़र भी हमसे थोड़ी दूर आगे ज़मीन पर खड़े समय संचालकों पर पड़ी और उन सबको आग की तपन से तड़पते हुए देख हम सभी को बोहोत दुःख हुआ....

MAI-bas कुछ देर aur..uske बाद इन सबको खुदको दिए गए इस अविषाप से मुक्ति मिल जायेगी...

यहाँ हम बात करते हुए समय संचालकों के पास पहुँच चुके थे वहीँ आग की तपन से मिलते दर्द से तड़पते हुए उन सबकी नज़र मुझपर पड़ी तोह उस दर्द में भी उन सब की आँखें चमक उठी...

ये पहली बार हुआ होगा जब इतने दर्द में भी समय संचालक खुश the..aur होते भी क्यों naa,mujhe अपने सामने देख वो सब समझ गए थे की उनकी तकलीफ के दिन ख़त्म हो चुके हैं....

वहीँ शैडो वर्ल्ड के बाहर......

FATHER,VIKRAM अंजलि से मिल वापस शादौस के पास आ चुके hain...ab वो किसी भी वक़्त उन सबको लेकर इस गृह के कैद को तोड़ते हुए बाहर आ सकते हैं....

ास्मोडियस जो की बिल्जेबब के साथ तब से hi शैडो वर्ल्ड के बाहर पहुँच चूका tha,jabse विक्रम एंड फ्रेंड्स इस गृह के अंदर गए the,usne बिल्जेबब की बात पर कुछ कहे बिना अपने सीने के ऊपर अपना हाथ रखा और ऐसा करते hi....

उसके सीने के बीचे एक तेज़ रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच से परिवर्तक बाहर आ गया....

परिवर्तक के हाथ में आते hi ास्मोडियस ने उससे अपने सामने रख diya...PARIVARTAK को सामने रख ास्मोडियस ने उसके मध्य भाग को जिससे होकर अनगिनत रेखाएं चरों तरफ बानी हुई thi,usse दबाया...

ास्मोडियस के ऐसा करते hi परिवर्तक के मध्य भाग में एक रौशनी उभरी और फिर वो रौशनी रेज़ के रूप में उन अनगिनत रेखाओं से होती हुई ब्रम्हांड के हर जीवन देई ग्रहों से खुदको जोड़ने लगी...

कुछ hi पलों में ब्रम्हांड का हर जीवनदेई गृह परिवर्तक से जुड़ गया था जिससे देख ास्मोडियस और बिल्जेबब के चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी....

बैक तो शैडो वर्ल्ड:-

मई- चलें......

समय संचालकों के सामने पहुंचकर जब मैंने ये कहा तोह उन सभी ने बस मेरे आगे हाथ जोड़ दिए मानो कह रहे हों की अब हमे इस कष्ट दायी श्रापित जीवन से मुक्ति दिला दीजिये....

मई- बस एक काम और बचा hai..pehle वो कर लेते हैं...

रोनित- अब्बे अब और क्या बचा है???

MAI-tumhari शक्तियों को आज़माने का वक़्त आ चूका है दोस्तों....

मेरी बात किसी के भी समझ में नहीं aayi...par इससे पहले की कोई कुछ पूछता...

MAI-ABRAXAS,ABBADON,LILITHA......saamne आओ.....

मेरी बात सुन वहां मौजूद हर किसी को शॉक लगा था....

वहीँ ABRAXAS,LILITHA और अब्ब्दों जो की समय संचालकों के hi भेष में सबसे पीछे खड़े हुए the,mere ंमूह से अपना अपना नाम सुन उनके तोह जैसे प्राण hi कुछ कर गए थे...

पर अब वो कर भी क्या सकते the,isiliye अपने असली रूप में बदलकर वो धीरे धीरे सामने आने लगे...

दोस्तों आपको याद होगा की जब मई शैडो वर्ल्ड में आया था ौस सभी समय संचालक मेरी तरफ घूमे थे तब मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी थी...

वो इसीलिए hi आयी थी क्यूंकि मैंने समय संचालकों के बीच भेष बदले इन तीनो डेविल्स को पहचान लिया था....

वहीँ अपने बीच 3 डेविल्स को देख सभी समय संचालक शॉकेड हो गए थे....

और उनके जैसे hi हाल अवंतिका और मेरे दोस्तों का भी था....

अवंतिका- ये यहाँ कब आये???

मई- जबसे अंजलि यहाँ है तबसे....

जिस बंधन को हम सब तोड़कर यहाँ आये the,wo इन तीनो ने hi बनाया था..

पर उसके बाद ये तीनो बेहोश हो गए the..par कुछ वक़्त बाद जब ये तीनो होश में आये तोह ास्मोडियस ने इन्हे यहाँ शैडो वर्ल्ड में अंजलि पे नज़र रखने का काम सौंपा..

और तभी से ये शादौस के भेष में यहाँ बेस हुए हैं....

अब तक वो तीनो डेविल्स हम सब के सामने पहुँच चुके थे और जब उन्होंने मुझे अपने दोस्तों से बात करते हुए देखा तोह उन्होंने मुझपर वार करने की सोची और इसीलिए....

तीनो ने तीन अग्नि गोले मेरी तरफ फेके जो की बेहद तेज़ गति से मेरी तरफ बढ़ चले...

मेरे दोस्त तोह मेरी बात सुनाने में बिजी थे पर इस वार को समय संचालकों ने देख लिया...

पर इससे पहले की वो मुझे सचेत कर paate,wo गोले मेरे एक दम करीब पहुँच चुके थे और इसीलिए.....

एक के बाद वो तीनो गोले मुझसे टकराये और फिर......

आह्ह्ह्ह......

अह्ह्ह्हह......

अह्ह्ह्हह......

ये दर्द भरी कराह उन तीनो डेविल्स के मुँह से निकली थी और रीज़न.....

मुझसे टकराते hi वो आग के गोले वापस घूम गए और 10 गुना तेज़ी से जाकर वापस उन तीनो डेविल्स से टकराये जिससे वो तीनो संभल नहीं पाए और एक एक कराह भरते हुए पीछे की तरफ जाकर गिरे....

मई- सारा दिमाग खुदके पास रख सिर्फ बेवकूफन की hi टोली बना राखी है क्या मेरे भाई ने....

मेरी बात सुन वहां खड़ा हर कोई है दिया....

रोनित- अब्बे chutiyon,kya सोच कर V.J पर वार किया बे तुम तीनो ne....ab तुम्हारे जैसे भी इससे चोट पहुँचाने लगे तोह फिर हो गया कल्याण.....

अब तक तीनो डेविल्स खड़े हो चुके थे और अपने अंजाम का सोच दर के मारे कांप रहे थे...

MAI-chaahun तोह एक पल में hi तुम तीनो की काली आत्माओं को तुम्हारे शरीर से अलग कर उस काली दुनिया में भेज दूँ जहाँ दर्द और तकलीफ के सिवा कुछ nahi,par मई ऐसा करूँगा नहीं...

मेरी बात सुन वो तीनो डेविल्स खुश हो गए पर तभी...

MAI-khush क्यों हो रहे ho??maine कहा की मई ऐसा नहीं karunga,ye तोह नहीं कहा की ऐसा होगा hi नहीं....

तुम्हे मई नहीं RONIT,AKHSHAANT,MOKALSAR और शैला सजा देंगे....

जहाँ मेरी बात सुन वो तीनो डेविल्स खुश हो गए वहीँ अंजलि को हो गयी टेंशन...

डेविल्स इसीलिए खुश हो गए क्यूंकि उन्हें लगा की रोनित और बाकी तीनो को वो यूँही हरा देंगे वहीँ अंजलि को ये दर सताने लगा की अगर मेरे दोस्त उन डेविल्स से लाडे तोह अंजाम वही होगा जो उसका और रोनित का हुआ था जब वो दोनों बिल्जेबब और भुविका से लाडे थे और इसीलिए....

ANJALI-V.J ये क्या बोल रहा hai...ye चारों सिर्फ योद्धा hain,aur वो तीनो काली शक्तियों के rakhwaale..un सबके पास काली शक्तियों का भण्डार है...

क्या तुझे याद नहीं की मेरे और रोनित के साथ क्या हुआ tha???fir भी तू इन्हे उन तीनो से लाडवा रहा है...

अंजलि की बात सुन उन तीन डेविल्स को लगा की कहीं मई अपना इरादा बदल ना दूँ और इसीलिए....

ABBADON-hume मंज़ूर hai..par तुम्हे भी वादा करना होगा की अगर हम तीनो जीते तोह तुम हमे कुछ नहीं करोगे....

मई- तुम्हे लगता है की तुम jeetoge..chalo,mai तुम्हे एक और रिहायत देता hun,agar तुम तीनो में से कोई भी मेरे दोस्तों के सामने 2 मिनट से ज़्यादा टिक गया तब भी मई तुम तीनो को छोड़ दूंगा...

मेरी बात सुन जहाँ वो तीनो डेविल्स खुश हो गए वहीँ अंजलि की टेंशन और बढ़ gayi....wo कुछ कहती इससे पहले hi अवंतिका ने उसके कंधे पर हाथ रखा और...

अवंतिका- भरोसा rakh...tu इतना तोह जानती है ना की V.J कुछ भी यूँही नहीं kehta...so रिलैक्स....

अवंतिका की बात और उसके आँखों में दिख रहे भरोसे को देख अंजलि चुप ज़रूर हो गयी पर टेंशन उसके चेहरे पर अब भी दिख रहा था....

मेरे दोस्त जो मेरी बात सुन अंदर hi अंदर बेहद खुश हो रहे the,wo मेरे आगे आ गए...

वहीँ उन तीनो डेविल्स ने भी अपने अपने मन में आवाहन कर एक एक जादुई अस्त्र अपने हाथों में प्रकट कर लिया था....

पर इससे पहले की वो तीनो डेविल्स उन अस्त्रों का प्रयोग करते....

शक्ति बन्धं

पावर कॉनफिनेमेंट

बंधन नीतमयति

कॉनफिनेमेंट सुफ्फुसाशन

पहले स्पेल AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर ने कहा था ुर दूसरा स्पेल रोनित ने...

पहले स्पेल के प्रभाव में आते hi उन तीनो डेविल्स की बॉडी अकड़ने लगी और कुछ hi पलों में वो तीनो एक जगह जड़ होकर रह गए थे..

वो तीनो हिल तक नहीं पा रहे the...wahin रोनित के द्वारा उच्चारित स्पेल के प्रवहव में आते hi वो बंधन जिसमे तीनो डेविल्स जकड चुके the,ab और कसने लगी और देखते hi देखते वो बंधन इतने कसने लगे की....

आह्ह्ह्ह........

अह्हह्ह्ह्ह..........

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह............

इन दर्द भरी कराहों के साथ साथ उन तीनो डेविल्स के शरीर से उनका का खून भी निकलने लगा था..

उन तीनो की आँखों में दर्द और अविश्वास की रेखाएं साफ़ देखि जा सकती thi...waise शॉकेड तोह उन तीनो डेविल्स से कहीं ज़्यादा अंजलि थी.....

उससे यकीं hi नहीं हो रहा था की रोनित ने और उसके बाकी के तीन दोस्तों ने उन तीनो डेविल्स को हरा दिया था और वो भी इतने काम वक़्त में...

और इस शॉक में और इज़ाफ़ा हुआ जब....

RONIT-PRANGHAATH

किल

रोनित के द्वारा बोले गए इस स्पेल के साथ hi उसके हाथों से तीन गाढ़ी वाइट रेज़ निकली और सीधे जाकर उन तीनो डेविल्स से टकराई और ऐसा होने के अगले hi पल.....

AAHHHHH....AHHHHHH......AHHHHH..........

एक कारण भेदी चीख के साथ उन तीनो डेविल्स के शरीर ब्लास्ट हो चुके थे....

मेरे दोस्तों के इस पराक्रम को देख जहाँ सभी समय संचालक खुश हो गए थे वहीँ इस सन को देख अंजलि का शॉकेड होना तोह बनता था ना....

जहाँ एक डेविल्स से लड़ना तक मुश्किल होता hai,wahan रोनित ने एक hi वार में तीन तीन डेविल्स को ख़त्म कर दिया था....

वो फटी आँखों से रोनित और बाकी तीनो को देख रही thi..wo वैसे hi कड़ी रहती पर तभी उसके कंधो पर मेरा हाथ पड़ा जिससे वो होश में आयी...

अंजलि- ये इन चारों ने कैसे kya???aur RONIT.....tune तोह एक hi वार में उन तीनो डेविल्स को मार diya..i मैं हौज़ज़ थिस इवन पॉसिबल....

रोनित- एव्री थिंग इस पॉसिबल baby.....in डेढ़ सैलून में हम सबके साथ सिर्फ बुरा hi नहीं हुआ hai,balki कुछ ाचा hi हुआ है..

जो तूने अभी dekha,wo उन अच्छी चीज़ों में से एक था.....

इसके बाद रोनित ने हमारे मिर्रोर्स वर्ल्ड के एडवेंचर के बारे में बताया और साथ hi एलोप्टुस में कैसे उन सबने अपनी शक्तियों को कण्ट्रोल kiya,wo किस्सा भी सुनाया जिससे सुन अंजलि की ख़ुशी का ठिकाना न रहा.....

ANJALI-shit yaar,maine क्या क्या मिस कर दिया..

अंजलि ने इस बात को ऐसी फनी टोन में कही की हम सब है दिए.....

MAI-ab chalen..waise भी काफी वक़्त गुज़र चूका है....

मेरी बात पर सभी ने सहमति जताई....

मैंने अपने सीने पर एक बार फिरसे हाथ रखा और अगले hi पल मेरे सीने से होते हुए मेरी सोर्ड बाहर आ गयी....

मेरी सोर्ड को देख समय संचालकों ने अपना अपना सर एक बार फिरसे झुका लिया था...

अंजलि- यही वो सोर्ड है ना जिससे तूने मिर्रोर्स वर्ल्ड से हासिल किया था...

रोनित- हाँ यही hai..aur इसीकी मदद से V.J ने डेविल्स के बंधन को तोडा tha...par V.J,iski अभी क्या ज़रुरत....

इस वर्ल्ड के ऊपर जो सलाखें thi,usse तोह तूने तोड़ दिया था ना...

MAI-toda नहीं खोला था पर हमारे अंदर आते hi वो फिरसे पहली जैसी हो गयी होंगी और अब उससे खोलने का बस एक hi तरीका है और वो ये की मई उससे तोड़ दूँ....

ऐसा करने का सोचना भी मत........

अभी कोई कुछ कहता उससे पहले hi पुरे शैडो वर्ल्ड में ये आवाज़ गूंज गयी जिससे सुन सब शॉकेड हो गए पर सबसे ज़्यादा शॉकेड मई था और वो इसीलिए क्यूंकि मई इस आवाज़ के मालिक को पहचानता था....

MAI-ASMODEUS............

जहाँ मेरे मुँह से ास्मोडियस सुन AVANTIKA,mere दोस्त और समय संचालक शॉकेड हुए वहीँ........

हहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहह............

वातावरण में ास्मोडियस की हसी गूंज उठी जिससे सुन हम सब हर जगह देखने लगे पर ास्मोडियस कहीं नज़र नहीं आया..

बाकियों को chhodo,mujhe तक वो दिखा नहीं.....

हम सब यहाँ वहां देख hi रहे थे की तभी....

ASMODEUS-mai वहां हूँ hi नहीं तोह दिखूंगा kaise???mai गृह से बाहर hun,bas मेरी आवाज़ इस गृह के अंदर पहुंचकर रही है...

वैसे भी जिस गृह में तुम सब ho,wo मेरा बनाया गया कारगर hai,aur अपने hi बनाये कारगर में मई क्यों कैद रहूं????

और VIKRAM,tum भी मुझे इसीलिए नहीं देख पा रहे हो क्यूंकि मैंने इस गृह को ऐसा बनाया है की इसके अंदर रहकर अंतरिक्ष में नहीं देखा जा सकता.....

khair,mai क्या कह रहा tha???haan,VIKRAM मेरे BHAI,tum अपनी जिस महाशक्तिशाली सोर्ड का इस्तेमाल कर इस गृह रुपी जेल को तोड़ने जा रहे the,usse वापस अपने अंदर समां लो....

क्यूंकि अगर तुमने उस सोर्ड का प्रयोग kiya,toh ये गृह नुमा कारगर तोह ज़रूर tutega,par उसके साथ साथ पूरा ब्रम्हांड भी ख़त्म हो जाएगा......

ास्मोडियस की बात सुन हम सब शॉकेड हो गए....

ASMODEUS-PARIVARTAK को तोह भूले नहीं hoge...wahi परिवर्तक जो उन सब की मिलकियत है जिन्हे इस ग्रह नुमा कैद से छुड़ाने तुम यहाँ आये हो...

वही परिवर्तक जिसने तुम्हारी और तुम्हारे चाहने वालों की ज़िन्दगी को पूरा घुमा दिया tha,aur आज फिर से वही होने वाला है....

मैंने उसी परिवर्तक की किरणों से उससे इस गृह और इस गृह के साथ साथ पुरे ब्रम्हांड के हर जीवनदेई गृह से जोड़ दिया है...

इसीलिए अगर तुमने इस गृह को तोड़ने की कोशिश ki,toh इसके साथ साथ इससे जुड़ा हुआ हर गृह नष्ट हो जाएगा.....

ास्मोडियस की बात सुन हम सबका दिमाग चक्र गया था....

यही हाल समय संचालकों का भी tha....wo सब जानते थे की ास्मोडियस ने जो भी कहा hai,wo शाट प्रतिशत सच है...

अगर मैंने इस गृह नुमा कारागार को toda,toh इसके साथ साथ ब्रम्हांड का हर जीवनदेई गृह ख़त्म हो जाएगा और साथ hi ख़त्म हो जाएगा उन ग्रहों में बसने वाला जीवन.....

मुझे देख जो नयी उम्मीद समय संचालकों के मन में जगी thi,wo फिरसे धूमिल होने लगी थी......

अवंतिका- अब क्या करेंगे V.J????is कैद से बाहर कैसे निकलेंगे????

मई- पता नहीं AVANTIKA???aisa कुछ भी हो jayega,ye मैंने सोचा नहीं था....

हहहहहहहहहहहहहह.....

जैसी hi मेरी बात ख़त्म huyi,ek बार फिरसे हर तरफ ास्मोडियस की हसी गूंज उठी....

ास्मोडियस- VIKRAM....LORF ऑफ़ ANGELS............kitne अफ़सोस की बात है की इतनी शक्तियां इतनी दूरदर्शिता होने के बावजूद तुम एक hi डाव को दो दो बार नहीं समझ पाए...

इसी डाव से मैंने तुम्हे क्यूरियस में भी हराया था और आज फिर तुम इसी डाव से हार गए हो......

हार और जीत का फैसला तुमने इतनी जल्दी कैसे कर लिया.....?????

अपनी बात कह ास्मोडियस एक बार फिरसे हसने वाला था की तभी एक बार फिरसे हर तरफ एक आवाज़ गूंज उठी जिससे सुनकर ास्मोडियस और बिल्जेबब शॉकेड हो गए..

वैसे शॉकेड तोह mai,AVANTIKA,mere दोस्त और समय संचालक भी हुए थे...

REASON.....jo आवाज़ अभी अभी गुंजी वो और किसी की नहीं बल्कि मेरी थी......

AVANTIKA-V.J,ye तोह तुम्हारी आवाज़ है naa???par ये तोह इस प्लेनेट के बाहर से आ रही है???

रोनित- भाई अब ये क्या मायाजाल है????

मई- यार मुझे खुद नहीं मालुम की क्या हो रहा है???

यहाँ नीचे सभी शॉकेड हालत में थे और वहीँ बाहर ास्मोडियस और बिल्जीबिउब की भी शामे कंडीशन थी...

सब अपने अपने सोच में गुम थे की तभी.....

ास्मोडियस से कुछ दूर उसके सामने एक धुआं उठने लगा और जैसे जैसे उस धुंए ने रूप लेना शुरू kiya,ASMODEUS और बिल्जेबब की आँखें बड़ी होने लगी...

पर इसके साथ साथ एक और चीज़ भी हुई thi....aur ये चीज़ शैडो वर्ल्ड के अंदर हुई thi...aur वो ये थी की जैसे hi ास्मोडियस के सामने उठे धुंए ने रूप लेना शुरू kiya,thik उसी वक़्त....

AVANTIKA-V.JJJJJ..........

अवंतिका की चीख सुन सबका ध्यान उसकी तरफ गया और वहां जो हो रहा था वो dekh,sabhi की आखें बड़ी हो गयी....

तोह हुआ ये की जैसे जैसे ास्मोडियस के सामने उठे धुंए ने रूप लेना शुरू किया वैसे वैसे मेरा रूप धुंए में बदलने लगा....

और जैसे hi ास्मोडियस के सामने उठते धुंए का रूप पूरा hua,mai धुंए में बदल गायब हो चूका था...

ये सब होता देख AVANTIKA,SAMAY संचालक और मेरे दोस्त हद से ज़्यादा शॉकेड हो गए....

वहीँ शैडो वर्ल्ड के बाहर जैसे hi उस धुंए ने पूरा रूप liya,toh ास्मोडियस और बिल्जेबब की भी आँखें बड़ी हो gayi..aur उसी शॉक में ास्मोडियस के मुँह से निकला...

ASMODEUS-VIKRAM......TUM?????

असमदोद्युस की बात सुन मई मुस्कुरा दिया........

MAI-tumhe यूँ हैरान परेशां देख ाचा लगा....

मेरी बात सुनने के बाद भी ास्मोडियस ने कुछ नहीं kaha..wo बस मुझे देखे hi जा रहा tha....uski आँखों में जिज्ञासा साफ़ दिख रही थी और इसीलिए.....

MAI-tumne तुम्हारा पुराण डाव एक बार फिरसे मुझपर चलने की सोची तोह मैंने भी तुम्हारा hi डाव तुम पर आज़माने की सोची...

नहीं samjhe....tumhara वही डाव जिससे इस्तेमाल कर तुमने मुझे इस्ला में हराया था...

भ्रम MAAYA.....ek अद्भुद maaya....ek ऐसा स्पेल जिससे खुदके एक ऐसे क्लोन को बनाया जाता है जिससे खुद भी नहीं पता होता की वो एक क्लोन है...

(अपडेट-89)

उस क्लोन के अंदर अपने असली रूप के सारे talent,saari yaadein,matlab सब कुछ होता है.....

एक ऐसा स्पेल जिसके बारे में इस ब्रम्हांड में सिर्फ तुम जानते थे...

the,ho nahi....tumhare साथ साथ अब मई भी इसके बारे में ना सिर्फ जानता hun,balki तुम देख hi चुके हो की इस स्पेल का सफलता पूर्वक इस्तेमाल भी कर सकता हूँ....

पर भाई हूँ tumhara,wo भी chota..aur छोटे भाई का तोह बड़े भाई की चीज़ों पर हक़ होता hi hai..kyun????

ास्मोडियस जिसकी आँखों में अब भी हैरत तैर रही thi,meri बात ख़त्म होते hi...

ास्मोडियस- कैसे?????

ास्मोडियस के सवाल पर मई फिरसे मुस्कुरा दिया...

MAI-iska श्रेय भी तुम्हे hi जाता hai...jis खून की मदद से तुमने मुझसे मेरे अस्तित्व को चीन tha,theek होने के बाद मैंने भी उससे उपयोग में लिया...

मैंने तुम्हारे खून के एक बूँद को अपने अंदर hi रहना दिया और उससे लेकर एक ऐसी जगह गया ( ट्विस्टेड डायमेंशन )जहाँ बिना दर के उस खून में छुपी तुम्हारी शक्ति को बाहर निकलकर उससे जांच सकूँ...

(यही वो दूसरा रीज़न था दोस्तों जिसकी वजह से विक्रम और अवंतिका ट्विस्टेड डायमेंशन गए थे )

वैसे तोह उस जांच का मुख्या उद्देश्य अंजलि के बारे में पता लगाना था पर उससे पहले मेरे हाथ तुम्हारी ये चमत्कारिक शक्ति लग गयी....

और ठीक तभी मेरे दिमाग में एक योजना ubhri..maine सोचा की तुम्हारी hi तरह क्यों ना हर चीज़ परदे के पीछे से देख कर उसका आकलन किया जाए....

इसी सोच के साथ मैंने अपनी योजना को या फिर ये कहूं की खुदको एक नया रूप दिया...

भ्रम माया का इस्तेमाल कर मैंने अपनी एक नक़ल बनायीं...

जो विक्रम मांसलिकेल गया tha,aur जिससे गले लगाकर तुमने उसके अंदर शैडो वर्ल्ड की झलकियां डाली thu,wo नकली था..

पर क्यूंकि भ्रम माया की वजह से मेरे नक़ल तक को ये मालुम नहीं था की वो असली नहीं hai,toh तुम्हे कहाँ से पता चलता....???

पर इन सब को देख कर मई समझ गया था की तुम किसी नए फ़िराक में हो .फिर मैंने सोचा की जब मेरे भाई ने इतनी म्हणत की है तोह क्यों ना उससे उसके सारे प्रपंचों को पूरा कर लेने dun,uske बाद उसके सामने आऊं....!!!!

और lo,tumhare षड़यंत्र के पूरा होता hi मई तुम्हारे सामने हूँ.....

मेरी साड़ी बात और प्लानिंग सुन ास्मोडियस को ज़रा सा भी ग़ुस्सा नहीं आया उल्टा उसके आँखों में प्रशंशा के भाव आ गए थे...

शायद यही वजह थी की ास्मोडियस जो था वो tha....usse समझना इस ब्रम्हांड की सबसे बड़ी पहेली थी....

वहीँ मेरी कही हर बात सिर्फ ास्मोडियस और बिल्जेबब hi नहीं सुन रहे the,balki शैडो वर्ल्ड में खड़े AVANTIKA,SAMAY संचालक और मेरे सारे दोस्त भी सुन रहे थे....

और वो सब भी मेरी बात और प्लानिंग सुन ख़ुशी से झूम उठे the...SAMAY संचालकों की जो उम्मीद टूटने लगी thi,wo फिरसे जाग चुकी थी....

वो उन्हें कोई दर नहीं tha..wo जानते थे की उनका वनवास ख़त्म हो चूका है...

ास्मोडियस- जैसे हर गलती की सजा होती hai,waise hi हर जीत का इनाम भी मिलता है...

आज तुम जीते ho,isiliye इनाम तोह बनता hai....ye बोल ास्मोडियस ने परिवर्तक मेरे सामने कर दिया...

मैंने भी मुस्कुराते हुए परिवर्तकको उसके हाथों से ले लिया...

मई जानता था की ास्मोडियस ने उस चीज़ को जिससे पाने के लिए उसने कितनी म्हणत की thi,mujhe यूँही क्यों सौंपा था...!!!

ास्मोडियस को पता था की अब उसके पास परिवर्तक के रहने का कोई मतलब नहीं होने waala..kyunki अब वो समय संचालकों को कैद में नहीं रख सकता...

और एक बार समय संचालक आज़ाद होकर अपने गृह लौट gaye,toh परिवर्तक भी अपने आप hi उनके पास चला जाएगा..

और इसीलिए hi ास्मोडियस ने मुझे पहले से परिवर्तक थमा दिया था...

परिवर्तक देने के बाद ास्मोडियस ने मुझे एक पल के लिए dekha,aur फिर बिल्जेबब को लेकर गायब हो गया....

एक लम्बी सांस छोड़ते हुए मैंने परिवर्तक के बीच के भाग को एक बार फिरसे दबाया...

ऐसा करते hi जो रेज़ उससे निकलकर दूसरे सभी ग्रहों से जुड़े हुए the,wo वापस परिवर्तक के अंदर समां गए....

इस काम को ख़त्म कर मैंने एक बार फिरसे अपने हाथ आगे किया और अगले hi पल मेरे हाथ के ऊपर क्यूरियस ट्री के ब्रांचेज का पाउडर आ चूका था...

पाउडर के हाथ में आते hi मैंने एक फूक मारी जिससे एक बार फिरसे उस पाउडर ने पुरे शैडो वर्ल्ड को घेरा और उसके सलाखों को छूटे hi वो जादुई सलाखें गायब हो गयी...

और अगले hi पल...

शैडो वर्ल्ड में जितने भी लोग the,wo हवा में उठने लगे या फिर ये कहूं की मैंने उन सबको हवा में उठा लिया था...

हवा में तेज़ी से ऊपर उठते हुए वो सब कुछ hi लम्हो में शैडो वर्ल्ड के बाहर निकल चुके थे और देखते hi देखते वो सब मेरे सामने आकर रुके...

मेरे पास आते hi अवंतिका ने झट से मुझे गले लगा लिया....

अवंतिका के बाद मई बाकी सबसे गले mila..SAMAY संचालकों ने अपने अपने सर झुकाकर मुझे थैंक्स कहा....

रोनित- यहाँ का सारा काम ख़त्म hua..ab चलें...???!!!!!

मई- एक काम बाकी है...

अपनी बात कह मैंने अपने सोर्ड का आवाहन kiya..aur जैसे hi मेरी सोर्ड मेरे हाथ में aayi,toh मैंने अपनी सोर्ड को शैडो वर्ल्ड की तरफ फेख दिया और अगले hi पल....

मेरी सोर्ड तेज़ी से आगे बढ़ी और देखते hi देखते उसने शैडो वर्ल्ड को बीच से ऐसे काट दिया मानो वो कोई प्लेनेट ना होकर केक हो....

दो फाल में बैठते hi शैडो वर्ल्ड के दोनों हिस्सों में धमाके हुए और अगले hi पल शैडो वर्ल्ड का पूरा अस्तित्व hi ख़त्म हो चूका था....

अपना काम ख़त्म कर मेरी सोर्ड वापस मेरे अंदर समां गयी....

मई- अब यहाँ का काम ख़त्म हुआ....

मेरी बात पर कोई प्रतिक्रिया deta,usse पहले hi मेरे बॉडी से एक रौशनी निकल सब पर पड़ी और अगले hi पल हम सब गायब हो चुके थे.....

PLANET-YELEPTUS

PLACE-STORMY डेजर्ट

LIJIYE,AAP अपने घर पहुँच गए....

एलिप्टुस में प्रकट होते hi मैंने समय संचालकों से ये बात कही जिससे सुन वो सब खुश भी हुए और दुखी भी...

खुश अपने गृह में वापस आकर और दुखी यहाँ के हालत के dekhkar...jo पहले एक सुन्दर सा गृह था वो अब पूरी तरह से बंज़र हो चूका था....

मैंने उन सबकी भावनाओ से अछि तरह वाकिफ था इसीलिए.....

मई- उदास मत rahiye..sab पहले जैसा हो jaayega..par पहले आप सब अपने अपने शरीर में वापस लौटिए...

ANJU.....TERI बॉडी भी यहीं दफ़न है.........

मेरी बात सुन अंजलि और मेरे सारे दोस्त शॉकेड हो gaye...wahin अवंतिका नार्मल hi रही...

reason..aapko याद होगा दोस्तों की इस्ला में बैठकर बात करते वक़्त मैंने अवंतिका से कुछ कहा था जिससे सुन वो शॉकेड हो गयी थी...

वो यही बात थी......

रोनित- क्या बोल रहा है yaar??ANJU की बॉडी यहाँ है???

मई- haan..SAMAY संचालकों की बॉडी से निकलने वाली वाइट एनर्जी की वजह से अवंतिका की बॉडी भी पहले जैसी hi है....

ास्मोडियस जानता था की यही एक जगह है जहाँ अंजलि की बॉडी को रखने से उसकी आत्मा शैडो वर्ल्ड में कैद रहेगी...

क्यूंकि और कोई भी जगह पर किसी भी एनर्जी की फाॅर्स के होने के बावजूद अंजलि की आत्मा उसकी बॉडी तक पहुँच सकती है पर इस इस जगह पर नहीं...

क्यूंकि एक यही जगह ऐसी है जो दो हिस्सों में बाटी हुई hai...ek हिस्सा तोह यही है और दूसरा समय संचालकों की आत्मा की वजह से शैडो वर्ल्ड बन चूका था...

और मांसलिकेल छोड़कर शैडो वर्ल्ड hi है जो खुद ास्मोडियस ने बनाया है...

मांसलिकेल में वो अंजलि की पाक साफ़ रूह को रख नहीं सकता इसीलिए उसने शैडो वर्ल्ड को इस काम के लिए चुना...

और वो आत्मा शांत रहे इसीलिए अंजलि की बॉडी को उसने यहाँ दफ़न किया था....

RONIT-bhai अब क्या bolun???tu और तेरा वो अजीबो गरीब भाई क्या क्या करते रहते ho,ye तुम दोनों hi jaano...mujhe तोह बस इतना बता की अब क्या करें???

मई- तुझे कुछ नहीं करना hai....jo करना है कयने आलरेडी कर दिया है...

रोनित- मतलब???

मैंने कुछ कहा नहीं बस चुप चाप खड़ा रहा और इससे पहले की कोई कुछ kehta,zamin हिलने लगी और देखते hi देखते समय संचालकों की बॉडीज ज़मीन से बाहर आने लगी.....

मैंने अपने दोस्तों को एक तरफ इशारा kiya..aur जब मेरे इशारे किये हुए जगह पर मेरे दोस्तों की और खासकर के अंजलि और रोनित की नज़र गयी तोह वो ख़ुशी से उछाल पड़े...

reason......SAMAY संचालकों की बॉडीज के बीच एक बॉडी हमारी अंजलि की भी थी...

नाही समय संचालकों की बॉडीज में कोई बदलाव आया था और नाही अंजलि के बॉडी par..unhe देखकर ऐसा लग रहा था मानो वो सब बस सोये हुए हैं....

reason....un सब बॉडीज के ऊपर वाइट एनर्जी की एक चादर सी बिछी हुई थी जिसकी वजह से वो सब अब भी पुरे फ्रेश लग रहे थे....

अपनी अपनी बॉडी को देख सारे समय संचालक ख़ुशी ख़ुशी उसकी तरफ बढ़ गए...

मैंने अंजलि को भी अपनी बॉडी के पास जाने को कहा..

रोनित के साथ साथ वो भी अपनी बॉडी के पास चली गयी और अगले hi पल.....

साड़ी आत्माएं इन्क्लूडिंग अंजलि अपने अपने शरीर में एंटर कर गयी और ऐसा होते hi...

साड़ी बॉडीज को एक झटका सा लगा और अगले hi पल उन सबकी आँखें खुल गयी और सब एक झटके में उठ कर खड़े हो चुके...

होश में आते hi सभी संचालक और अंजलि अपनी अपनी बॉडी को छू छू कर खुदको यकीं दिलाने लगे की वो सब ठीक हो गए हैं...

रोनित की आँखें एक बार फिरसे भीग गयी thi...wo एक तक अंजलि के ख़ूबसूरत चेहरे को देखे जा रहा था...

खुदको कुछ देर तक फील करने के बाद जब अंजलि की नज़र रोनित के चेहरे पर पड़ी तोह वो झट से आगे बढ़ी और उसके गले लग गयी.....

वहीँ ठीक होने के बाद सभी समय संचालक मेरे आगे हाथ जोड़कर खड़े हो गए...

मई- मैंने पहले भी कहा था की ये सब करने की कोई ज़रुरत nahi....aur haan,ye रखिये...

ये बोल मैंने अपना हाथ आगे किया जिसपर इस वक़्त उन सब की धरोहर परिवर्तक रखा हुआ था..

सदियों बाद अपनी चीज़ को देख सभी संचालक बोहोत खुश हो गए....

मेरे हाथ से अपनी चीज़ लेकर वो एक बार फिरसे मुझे धन्यवाद करने लगे...

मैंने मुस्कुराते हुए अपना हाथ हर तरफ घुमाया और अगले hi पल पुरे एलिप्टुस का नज़ारा बदलने लगा...

पूरा गृह जो बंज़र हो चूका tha,wo एक बार फिरसे पहले की hi तरह ख़ूबसूरत हो चूका tha.....mausam के तपन काम हो चुकी थी और उसकी जगह हलकी हलकी ठण्ड ने ले ली थी....

ये सब देख वो सारे और खुश हो गए...

यहाँ इतना कुछ हो चूका था और वहां हमारे रोनित भाईसाहब और अंजलि मैडम एक दूसरे में hi लगे हुए थे और इसीलिए....

MAI-ab बस भी करो यार.....

मैंने ये बात थोड़ा ज़ोर से कही थी जिससे सुन अंजलि और रोनित हड़बड़ाते हुए अलग हुए जिसे देख हम सब है दिए...

रोनित- क्या है be...thik से गले तोह लगने दे...

MAI-apni बकवास बंद kar..ek आखरी काम बाकी hai,pehle वो कर लें....

रोनित- साले तेरे काम कभी ख़त्म होंगे भी या नहीं...????

मई- काम ज़रूर है पर मेरा nahi,ANJALI का...

मेरी बात सुन अंजलि और रोनित चौंके...

दोनों- मतलब???

मई- मतलब जानने से पहले दो अधूरी बात पूरी कर लेते हैं...

pehli.....yaad है कुछ देर पहले शैडो वर्ल्ड में तूने मुझे ी मैं मेरी नक़ल को बताया था की तूने एक बार फिरसे रोनित से जुड़ने की कोशिश की थी पर फिरसे फ़ैल हो गयी थी..

जिसपर मेरे नक़ल ने तुझे बताया था की तू फ़ैल तोह हुई थी पर पूरी तरह नहीं...

अंजलि- अरे haan,ye मई कैसे भूल gayi???uska मतलब क्या था??

मई- उसका मतलब ये था की दूसरी बार तरय करने पर तेरी आतंरिक शक्ति तोह रोनित तक नहीं पहुँच पायी पर उस शक्ति की वजह से तेरे दिमाग का एक हिस्सा रोनित के दिमाग में ज़रूर फिट हो गया था....

RONIT,MIRRORS वर्ल्ड में तू बाकी तीनो से दिमाग के मामले में इसीलिए आगे था क्यूंकि तेरे दिमाग में तेरी सोच के साथ साथ अंजलि की सोच और दिमाग भी जुड़ा हुआ था...

तू एक होकर भी दो था और इसीलिए तू किसी भी चुनौती को इन तीनो से बेहतर समझ पा रहा था....

मेरे इस खुलासे से RONIT,ANJALI,MOKALSAR,AKSHAANT और शैला भी शॉकेड हो गए थे....

मई- ज़्यादा शॉकेड मत ho..abhi एक और झटका लग्न बाकी है...

शैला- अब और क्या बाकी रह गया...???

MAI-dusri अधूरी baat....RONIT याद है जब तुम सबकी शक्तियां तुम सबके कण्ट्रोल में आ चुकी thi,us वक़्त बस तुझे hi थोड़ा भारी भारी लग रहा था...

रोनित- हाँ पर तूने कहा था की कुछ देर में ठीक हो जाएगा...

मई- तोह क्या ठीक हुआ???

रोनित- nahi.ab भी मुझे भारी भारी लग रहा है....

MAI-WO इसीलिए क्यूंकि तेरे अंदर एक्स्ट्रा शक्तियां HAIN,AUR वो एक्स्ट्रा शक्तियां अंजलि की है.......

अब ये एक नया और बोहोत बड़ा बम था जो मेरे दोस्तों और ख़ास करके रोनित और अंजलि के ऊपर गिरा tha..wo मुँह फाड़े मेरी तरफ देखने लगे...

मई- घूरो mat.sab बताता hun...darasal बात ये है की मिर्रोर्स वर्ल्ड की चुनौतियों के दौरान भले तू ये नहीं जानता था की तेरे हर जवाब और प्रतिस्प्रधा में तेरे साथ साथ अंजलि का दिमाग जुड़ा हुआ hai,par थे थ्री मिर्रोर्स ये बात अचे से जानते थे...

और इसीलिए जब तुम सब ने अपनी साड़ी चुनौतियां सफलतापूर्वक पूरी ki,toh तुम्हारे साथ साथ अंजलि भी मिरर्स वर्ल्ड की चुनौतियों की विजेता बन गयी थी...

और जब मीरोरस ने तुम सबको शक्तियां din,toh रोनित तेरे अंदर मिर्रोर्स ने अंजलि के हिस्से की शक्तियां भी दे दिन...

पर क्यूंकि तुम सभी की शक्तियां उस वक़्त उन्स्तब्ले थी और मैंने उन शक्तियों को बाँध दिया tha,isiliye तुझे कोई फर्क नहीं पड़ा पर जैसे hi तूने अपनी शक्तियों को कण्ट्रोल kiya,to अंजलि की शक्तियां भी तेरे कण्ट्रोल में आ गयी पर क्यूंकि ये तेरी नहीं hain,isiliye तुझे अपने अंदर एक्स्ट्रा भार लग रहा है.....

मेरी दोनों अधूरी बात पूरी हो चुकी थी पर मेरे दोस्तों के मुँह और ज़्यादा खुल चुके थे....

मई- मुँह बंद करो बे..

मेरी बात सुन उन सबने हड़बड़ाते हुए अपने अपने मुँह बंद कर लिए...

मई- अब सुनो वो काम जो बचा हुआ है...

MAI-ANJU,RONIT के अंदर जो एक्स्ट्रा शक्तियां हैं वो तेरी है और मई उन्हें रोनित से निकलकर तुझे दे दूंगा पर....

इन चारों की hi तरह तुझे खुदही उन शक्तियों को कण्ट्रोल करना सीखना hoga...theek है....

अंजलि ने कुछ कहा नहीं बस वो दौड़कर आयी और आकर मेरे गले लग गयी....

अंजलि धीरे se-tu भले hi मत बता पर मई जानती हूँ की रोनित के पास जो मेरे दिमाग का अंश छूटा tha,uske पीछे भी तेरा हाथ है..

तू जानता था की एक दिन ऐसा आएगा जब ये सब अपनी शक्तियां बढ़ने के लिए मिर्रोर्स वर्ल्ड जाएंगे और तू चाहता था की इनके साथ साथ मुझे भी वो शकितियाँ मिले....

मई- dekha,isiliye hi मैंने तेरे दिमाग का हिस्सा इस दुफर के अंदर छोड़ा tha...tere बिना ये सब जीत नहीं पाते.....

RONIT-ye क्या खुसुर फुसुर कर रहे हो तुम दोनों...

मई- अंजू प्रोपोज़ कर रही है mujhe..bol रही है की तू मेरा b.f बंजा...

RONIT-saale kamine,abhi अभी G.F मिली है और तू उससे मुझसे छीनने में लग गया...

MAI-jo अपना ho,usse क्या छीनना....!!!

रोनित- भाग बे....

मई- bhaagunga,par अंजू को साथ लेकर...

रोनित- बस कर मेरे baap..mai हार गया...

रोनित ने हाथ जोड़ ये बात कही थी जिससे देख हम सब है दिए....

MAI-toh ANJU...tu रेडी है अपनी शक्तियों को कण्ट्रोल करना सिखने के लिए...

अंजलि ने हाँ में अपनी गर्दन हिलायी....

मई- क्या मई इस काम को यहाँ कर सकता हूँ??

मैंने समय संचालकों से निवेदान किया जिससे उन वो सब एक बार फिरसे अपने अपने हाथ जोड़ खड़े हो गए....

1सत SANCHALAK-aisa बोल हमे लज्जित ना करें LORD...ye पूरा गृह आपका hai..aapka जो दिल चाहे वो कीजिये....

उनकी बात सुन मई मुस्कुराया और अगले hi पल........

मेरा हाथ आगे हो चूका था जिससे एक वाइट रे निकल रोनित पर पड़ी और तभी....

रोनित के बॉडी के अंदर जो अंजलि की शक्तियां thi,wo बाहर आ गयी और अगले hi पल वो शक्तियां अंजलि के अंदर समां चुकी थी.....

प्लेनेट- मांसलिकेल

PLACE-ASMODEUS प्लेनेट

जो कहा HAI,WO ठीक से समझ आया.....

ास्मोडियस की बात पर बिल्जेबब ने हाँ में अपना सर हिलाया...

ास्मोडियस- जा सकते हो....

ास्मोडियस के बोलने के अगले hi पल बिल्जेबब ने अपना सर झुकाया और गायब हो गया....

बिल्जेबब के गायब होते hi ास्मोडियस ध्यान आसान में बैठ गया...

ध्यान में बैठ जैसे hi ास्मोडियस की आँखें बंद hui,toh उसके सीने के बीच रौशनी दिखने लगी और उस रौशनी के बीच से दो रेज़ बाहर आये.....

बाहर आते hi वो रेज़ एक तरफ बढ़ गए..

वहीँ गायब होकर बिल्जेबब ब्रम्हांड के एक दूसरे कोने में पहुंचा और अगले hi पल ठीक ास्मोडियस की hi तरह उसके अंदर से भी एक रे निकली जिससे लेकर बिल्जेबब आगे बढ़ गया....

ास्मोडियस की रे आगे बढ़ते हुए अपनी मंज़िल पर पहुंची और गायब हो गयी.......

ठीक तभी बिल्जेबब ने भी अपनी रे को उसकी मंज़िल तक पहुंचा दिया जहाँ पहुँच वो रे भी गायब हो गयी.....

ASMODEUS-ANTIM पड़ाव आरम्भ हुआ............

आज के लिए इतना HI........

आपका अपना V....J.........

 
दोस्तों, मेरी स्पाइस की फैक्ट्री hai....aur शायद आप सब जानते होंगे की स्पाइस का मैं सीजन गर्मी होता है...

मॉर्निंग 8 से रात के 10 बजे तक मई अपनी फैक्ट्री में या मार्किट में रहता हूँ..

आज भी 1 घंटे पहले hi घर पहुंचा hun...itni गर्मी में इतने हार्ड वर्क के बाद एनर्जी बचती hi नहीं की अपडेट लिखूं...

इसीलिए अपडेट कब तक dunga,iska कमिटमेंट नहीं कर पा रहा hun...jaise hi कोई ऑफ milega,update लिख कर पोस्ट कर दूंगा....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अंजलि के ज़िंदा होने का राज़ सारे दोस्तों को बताता है और साथ HI ास्मोडियस के प्लान को फ़ैल कर अपने दोस्तों के साथ साथ समय संचालकों को लेकर उनके गृह एलोप्टुस पहुँच जाता है जहाँ पहुँच वो एक और नया खुलासा करता है जिसमे वो सबको बताता है की अंजलि भी बाकी चारों की HI तरह मिर्रोर्स वर्ल्ड में मिले चुनौतियों की एक विजेता है और अब उससे भी बाकियों की तरह अपनी शक्तियों पर काबू पाना सीखना है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-112

PLANET-YELUPTUS

PLACE-OPEN गार्डन

अरे WAAH,MERI बॉडी तोह लाइट हो GAYI...ISKA MATLAB....ANJU...TAIYAR HOJAA.......AB तुझे भी वही फील होने वाला है जो हमे हुआ था....

जैसे hi मैंने अंजलि की शक्तियां रोनित से निकल अंजलि के बॉडी के अंदर daali,toh रोनित ने अपनी बात कही जिसका मतलब अंजलि को समझ में नहीं आया...

पर इससे पहले की वो रोनित से कुछ पूछती.....

अंजलि- arre,ye मेरे बॉडी को क्या हो रहा hai???ye अचानक भारी क्यों होने लगी है????

शक्तियों के शरीर में सामने के कुछ पल बाद धीरे धीरे उसकी बॉडी भारी होने लगी जिस वजह से अंजलि ने ये बात पूछी....

वहीँ अंजलि की बात सुनकर मेरे सभी दोस्त है दिए....

RONIT-issi फीलिंग के बारे में तोह मई अभी बात कर रहा था...

जो शक्तियां तेरे अंदर गयी hain,wo फ़िलहाल उन्स्तब्ले हैं और इसी वजह से तेरी बॉडी भारी हो रही है...

धीरे धीरे ये भार और बढ़ेगा इसीलिए तुरंत ध्यान में बैठ और अपनी आतंरिक शक्ति को अपने दिमाग से कनेक्ट करने की कोशिश कर....

मोकलसर- और वैसे भी इतनी सुन्दर जगह में तुझे ध्यान लगाने में आसानी होगी...

हम जब यहाँ ध्यान लगाने बैठे the,tab ये जगह निर्जीव थी पर अब dekho...yahan का दृश्य कितना मनमोहक हो चूका है....

मोकलसर की बात सही thi...jo प्लेनेट पहले पूरी तरह बंज़र tha,ab वो हरा भरा था और इस वक़्त हम जिस जगह पर थे वो पहले एक स्टॉर्मी डेजर्ट था पर अब ये एक दिल सुकून गार्डन में बदल गया था...

ऐसी जगह ध्यान लगाने के लिए परफेक्ट होती है....

जहाँ सभी इस जगह को खूबसूरती को निहारने में लग गए the,wahin अंजलि के बॉडी का भार लगातार बढ़ने लगा था और इसीलिए टाइम वास्ते ना करते हुए अंजलि जहाँ कड़ी थी वहीँ तुरंत ध्यान अवशता में बैठ चुकी थी....

रोनित- क्या लगता hai????ANJU को कितना टाइम लगेगा???

SHAILA-kya pata???shayad हमारे जितना hi लगे....

MAI-nahi...wo जल्दी hi अपनी शक्तियों को कण्ट्रोल कर legi..uski आतंरिक शक्ति तुम सबसे ज़्यादा तेज़ है..

तभी तोह वो शैडो वर्ल्ड जैसे जेल के बंधन से बाहर निकल हमारे प्लेनेट तक पहुँचने में सक्सेस्फुल हुई थी...

रोनित- अरे हाँ yaar....ye बात तोह अधूरी hi रह gayi....tune अंजू के गायब होने से लेकर उसके मिलने तक के बारे में सब कुछ बताया पर ये नहीं बताया की अंजू ने कैसे अपनी आतंरिक शक्ति को इतना मज़बूत बना लिया था की वो एक प्लेनेट से दूसरे प्लेनेट तक पहुँच गयी....

जहाँ तक मुझे याद है तूने हम सबको इसकी ट्रेनिंग नहीं दी थी....

मई- ट्रेनिंग तोह मैंने अंजू को भी नहीं दी thi,bas हिदायत दी थी जिससे उसने पुरे दिल से मानी और कामियाब भी हुई....

RONIT-hidayat थी thi!!!!par कब????

MAI-jab मई इस्ला गया था.....

मेरी बात सुन रोनित चौंका....

रोनित- मतलब!!!!

MAI-Ye तोह तुम सबको पता hi है की क्यूरियस जाने का रास्ता मुझे इस्ला में hi मिला था...

उस वक़्त मई ये तोह नहीं जानता था वहां मेरे साथ क्या होने वाला है पर इतना मुझे ज़रूर अंदाज़ा हो गया था की जिस गृह को इतने सदियों से ास्मोडियस छुपता हुआ आया hai,usse यूँ ओपन होता देख वो कुछ न कुछ तोह करेगा ज़रूर...

पर क्या और कैसे ये एक पहेली थी...

और इस पहै को सिर्फ वक़्त hi सुलझा सकता tha...mere पास बस खुदको मज़बूत और तैयार रखने के सिवा और कोई चारा नहीं था....

और तभी मेरे दिमाग में एक बात क्लिक हुयी और वो ये की शारीरिक शक्ति और बल से ास्मोडियस मेरे दोस्तों को भले hi नुक्सान पहुंचा दे पर अगर मई मानसिक टूर पर तुम सबको सशक्त बनाऊं तोह प्रॉब्लम कितनी भी बड़ी ho,tum सब किसी न किसी तरह उससे बाहर आ जाओगे....

इसीलिए पहले मैंने AKSHAANT,MOKALSAR और शैला के मानसिक तरंगो को एक दूसरे के साथ जोड़ दिया ताकि अगर कोई एक भी मुश्किल में फसे तोह बाकी दोनों उससे बचने आ जाएँ...

वहीँ क्यूरियस जाने से पहले मई एक बार ध्यान में बैठा tha...(update 89)

मई जानता था अंजलि की धैर्य शक्ति तुम सबसे ज़्यादा है और आतंरिक शक्ति को कण्ट्रोल करने में निपुण होने के लिए ये क्वालिटी अनिवार्य है...

इसीलिए ध्यान में बैठते hi अंजलि से जुड़ मैंने उससे उसकी आतंरिक शक्ति पर काम करने के लिए कहा था....

ये मैंने तुम दोनों के लिए किया tha...tum दोनों को खुदसे जोड़ने की वजह से तुम में से कोई मर नहीं सकता था पर मई ये भी जानता था की ास्मोडियस के पास तुम दोनों को मौत सी तकलीफ देने के और भी तरीके होंगे...

मई जानता था की अगर अंजलि अपनी आतंरिक शक्ति को काबू पाना सिख ले तोह वो खुदको और तुझे हर यातना हर अत्याचार को सहना सीखा देगी....

मेरे क्यूरियस जाने के बाद अंजलि ने लगातार अपनी आतंरिक शक्ति पर काम किया और आखिर कार उसने उसपर काबू पा hi लिया जिस वजह से वो मुझतक पहुँचाने में कामियाब hi थी....

रोनित- ohh..par उसने तोह इस बारे में मुझे कुछ भी नहीं बताया था.....

MAI-usne तुझे बताने की सोची थी पर फिर उसने सोचा की जब वो अपनी आतंरिक शक्ति पर काबू पाने में कामियाब हो jaayegi,tab तुझे बताएगी....

और जब तक वो कामियाब hui,tab तक हालात बदल या फिर ये कहूं की बिगड़ चुके the..tujhe और तेरे साथ साथ अंजलि को भी मेरे क्लोन्स के नेगेटिव होने का एहसास हो गया था...

और फिर उसके बाद क्या हुआ ये तोह तू जानता hi hai....usse इस बारे में बताने का मौका hi नहीं मिला......

शैला- विक्रम सही hai,ANJALI की आतंरिक शक्ति हम सब से वाकई ज़्यादा सशक्त है...

देखो naa,itni देर हो gayi,par अंजलि का ध्यान अब तक नहीं टूटा है....

शैला की बात सुन बाकी सब का भी ध्यान अंजलि पर गया जो इस वक़्त आराम से ध्यान में बैठी थी....

रोनित- ये मुस्कुरा क्यों रही है...

ध्यान में बैठी अंजलि के चेहरे पर अचानक उभरी मुस्कान को देख रोनित ने सवाल किया.....

मई- इस वक़्त अंजू की आतंरिक शक्ति भी उस जगह की सरहद पर पहुँच चुकी hai,jahan कुछ दिन पहले तुम चारों की आतंरिक शक्ति पहुंची थी...

जहाँ पहुँचने के बाद तुम सब की शक्तियां तुम्हारे अधीन हुई थी...

SAB-SWARG.......!!!!!!

मेरी बात और उस बात में बताई हुई जगह के बारे में सुनते hi उन चारों के मुँह से ये शब्द अपने आप निकला.....

मई- हाँ.....

जहाँ मेरे मुँह से हाँ सुनकर मेरे बदोसत खुश हो गए थे वहीँ अब तक हम सबकी बातों को चुप चाप सुन रहे समय संचालकों के दिल जिज्ञासा से भर गए थे...

reason....unse hi सुन लीजिये....

1सत SANCHALAK-LORD,ASMODEUS के कैद में फसने से पहले परिवर्तक के माध्यम से हम हर वक़्त एंगेल्स से जुड़े हुए होते थे...

और एंगेल्स के ज़रिये हेवन se..sadiyan बीत gayi,humare आँखों को हेवन की मनमोहक सुंदरता को देखे हुए....

आप सबके जाने के पश्चात् जब हम सब एक बार फिरसे अपने कर्त्तव्य का पुनः निर्वाह आरम्भ karenge,tab तोह हम फिरसे एंगेल्स से जुड़ उनके माध्यम से हेवन को एक बार फिरसे देखेंगे hi,kintu.....

मई- मेरे मुँह से हेवन सुन आप सबके मन में हेवन को अभी देखने की तीव्र इच्छा जागृत हो गयी है...

मैंने समय संचालक की बात को पूरा किया जिससे सुन उसने और बाकी सभी संचालकों ने फिरसे अपने हाथ जोड़ लिए...

2ंद समय संचालक- आपसे क्या छुपा है लार्ड????

मैंने कुछ कहा नहीं पर अगले hi पल.....

मेरे सर के ऊपर हवा में एक चलचित्र चलने लगा.....

ये चलचित्र और कुछ नहीं वही सन था जो इस वक़्त अंजलि की आतंरिक शक्ति के सामने चल रहा था...

सन के सामने आते hi समय संचालकों और उनके साथ साथ मेरे दोस्तों की आँखें भी चमक उठी...

REASON....ab अगर साक्षात् हेवन का दृश्य आखों के सामने चलने lage,toh उन आँखों में चमक का आना तोह लाज़मी है...

और इन सब चमकती आँखों में सबसे ज़्यादा चमक रोनित के आँखों में थी....

और वो इसीलिए क्यूंकि बाकी सब तोह सिर्फ एक जन्नत को देख रहे the,par रोनित के सामने दो दो जन्नत थी..

एक गॉड की बनायीं जन्नत और दूसरा उसका पर्सनल swarg....ANJALI.....jo इस वक़्त हेवन के गेट से अंदर होती हुई वहां के अध्भुध नज़रों का आनंद लेते हुए आगे बढ़ रही थी....

एक और बात थी जो बोहोत अछि थी और वो थी RONIT,AKSHAANT,SHAILA,aur मोकलसर के मन की भावना...

एक hi एटेम्पट में अंजलि ने अपनी आतंरिक शक्ति को उसकी मंज़िल तक पहुंचा दिया था और वो भी बोहोत काम वक़्त इस्तेमाल करते हुए.....

जबकि मेरे बाकी दोस्तों को कुछ ज़्यादा hi म्हणत करनी पड़ी थी इस मुकाम तक पहुँचने के लिए....

पर इसके बावजूद इन चारों के मन में थोड़ी सी भी जलन या फिर इन्फेरियरीत्य काम्प्लेक्स ने जन्म नहीं लिया था और ये भावना रखना सच में सराहनीय है....

khair,jaisa की मेरे सामने खड़े चारों दोस्तों के साथ हुआ tha,thik वैसा hi अंजलि के साथ भी हुआ पर इससे पहले की अंजलि की आतंरिक दृष्टि मेरे सामने aati,maine चलचित्र बंद कर दिया...

मेरे ऐसा करने से मेरे दोस्त मुझे देखने लगे....

रोनित- क्या hua??main सन तोह रह hi गया जिसमे तू अंजू की शक्तियों को उसके नियंत्रण में रहने का आदेश देगा....

MAI-ab मई जब खुद यहाँ मौजूद हूँ तोह किसी पिक्चर में ये सब क्यों देखना???

ये बोल मैंने अपना हाथ आगे किया और मेरे ऐसा करते hi मेरे हाथ से एक वाइट रे निकली जो सीधे जाकर अंजलि के शरीर से टकराई और अगले hi पल......

अंजलि के शरीर को एक तेज़ झटका लगा और उसका शरीर हवा में उठ गया....

हवा में उठते hi उसके शरीर पर एंगेल्स के कपडे आ चुके थे....

कुछ देर तक चमकते रोशनियों के बीच अंजलि की बॉडी यूँही हवा में उठी रही और फिर जैसा जैसे रौशनी काम होने lagi,ANJALI की बॉडी भी नीचे आने लगी और कुछ hi पलों के बाद वो वापस हम सबके सामने कड़ी थी...

इन सब क्रियाओं के दौरान अंजलि की आँखें अब भी बंद hi थी....

ज़मीं पर आते hi उसके बॉडी पर जो एंगेल्स का लिबास था वो गायब हो गया या फिर ये कहूं की उसके शरीर में समां गया और ऐसा होते hi अंजलि की आँखें खुल गयी....

अब अंजलि को भी अपनी बॉडी में वैसी hi असीम शक्तियों का आभास हो रहा tha,jaisa मेरे बाकी के चारों दोस्त लगातार फील करते थे....

RONIT-ab तू भी हममे से एक है अंजू.....

रोनित की आवाज़ के कान में गूंजते hi अंजलि जैसे होश में आयी...

वो झट से आगे बढ़ी और रोनित के गले लग गयी...

कुछ देर तक रोनित की बाहों में रहने के बाद अंजू ने बाकी सबको भी एक एक हुग दिया और आखिर में वो मेरे सामने आकर कड़ी हो गयी....

ANJALI-waise तोह तू मेरे और रोनित के लिए हमेशा से hi कुछ न कुछ करता आया है...

हमारी ढाल बनता आया है जिसके बदले में तूने हमे थैंक्स तक कहने नहीं दिया....

तेरी तरह हर किसीका दिमाग तोह नहीं पढ़ सकती पर इतना तोह जानती हूँ की अब भी तू मुझे शुक्रिया ऐडा करने नहीं देगा....

और शायद ये 6 लेटर्स का वर्ड कभी काफी भी नहीं होगा तुझे कहने के liye....aur मई इस लायक भी नहीं की तुझे कुछ दे पाऊं पर फिर bhi,zindagi में अगर ऐसा कोई मोड़ आये जब मई तेरे लिए कुछ कर सकूँ तोह ये मेरे लिए एक ब्लेसिंग जैसा होगा....

मई रोनित से बेइंतहां प्यार करती hun..uske साथ हसना चाहती hun,rona चाहती हूँ या फिर ये कहूं की जीना चाहती हूँ पर तू वो है जिसके लिए मई हस्ते हस्ते मर सकती हूँ V.J.....

RONIT/AKSHAANT/MOKALSAR/SHAILA-mai नहीं hum....hum सब मर सकते हैं....

MAI-mujhe पता है पर कीमत मौत की नहीं ज़िन्दगी की होती है इसीलिए जियो और ऐसा जियो की दुसरो के जीने की वजह बन जाओ...

इतना करो और जो तुम्हे लगता है ना की मैंने तुम लोगों के लिए बोहोत कुछ किया hai,wo सारा हिसाब क्लियर हो जाएगा....

पंञ्चजन- ऐसा hi होगा......

MAI-hmm.....ab मुद्दे की baat,pehle जो शक्तियां तुम सबके पास thi,unki एक सीमा थी पर अब जो शक्तियां तुम सबके पास है उनकी कोई सीमा नहीं है....

जितना ध्यान तुम लगाओगे और अपनी शक्तियों को महसूस karoge,ye उतनी बढ़ेंगी....

पाँचों ने मेरी बात को समझने के अंदाज़ से अपना अपना सर हिलाया पर तभी....

रोनित- ओह तेरी.......

जहाँ रोनित की बात सुन मई मुस्कुरा दिया वहीँ बाकी सब अपनी अपनी आखों में सवाल लिए उसकी तरफ देखने लगे....

रोनित- यार पुराने सारे सवालों के तोह जवाब मिल गए पर अब जो नया सवाल हम सबके सर पर बैठा हुआ hai,uska क्या करेंगे???

जहाँ एक तरफ अवंतिका और मेरे बाकी दोस्तों को अब भी रोनित ी बात या फिर ये कहूं की उसका सवाल समझ में नहीं आया था वहीँ समय संचालकों को तोह जैसे इन सबसे कोई मतलब hi नहीं था..

वो सब तोह अब भी मुझे अपने सामने देख खुश हुए जा रहे थे....

khair,kyunki रोनित के सवाल का मतलब किसीको भी समझ में नहीं आया था इसीलिए....

ANJALI-tu क्या बोल रहा hai,humme से किसीको भी समझमे नहीं आ रहा है???

RONIT-arre नया सवाल इन थे सेंस की अब हम घर में तेरे बारे में क्या और कैसे बताएँगे????

कैसे बताएँगे की तू ज़िंदा कैसे hai???aur अगर ज़िंदा है तोह अब तक कहाँ थी एंड मोस्ट importantly,tu समझकर जिससे जला दिया गया tha,wo कौन थी????

अब घर वालों को तोह अपने सुपरनैचरल किस्सों की हक़ीक़त नहीं बता सकते ना????

रोनित का पूछा सवाल एक दम वैलिड और सॉलिड था पर.....

अवंतिका- क्या RONIT!!!!jab V.J ने इतनी साड़ी बातों के बारे में नजाने कब से सोच लिया था तोह क्या इस बारे में उसने कुछ नहीं सोचा होगा????

अवंतिका जो अब तक चुप चाप सबकी बातें सुन रही thi,usne रोनित के सवाल पर अपनी बात कही....

RONIT-yaar,ye तोह मई भी जानता हूँ की इसके दिमाग में कुछ न कुछ सलूशन पाक hi गया होगा..

मई तोह बस आने वाले सीटूयशन के बारे में बता रहा tha....yaar बता naa,ANJALI को घर वालों के सामने कैसे लेकर जाएंगे....????

मई- तुम सबके पूछे गए हर सवाल का जवाब मैंने दिया hai,iska भी दूंगा पर पहले उस सवाल का जवाब तोह से दूँ जो अब तक अंजू ने पूछा hi नहीं....

वो सवाल जो उसके मन में तबसे है जब से वो शैडो वर्ल्ड में फांसी थी...

वो सवाल जो अब भी उससे लगातार अंदर से बेचैन किये हुए है पर फिर भी वो उस सवाल को पूछने की हिम्मत नहीं कर पा रही है.....

मेरी बात सुन सभी फिरसे chownke.....unhe समझ नहीं आया था की मई किस सवाल के बारे में बात कर रहा और पता करने का एक hi तरीका था इसीलिए....

RONIT-ANJU...ye V.J क्या बोल रहा hai????koi सवाल है जो तुझे परेशां किये जा रहा है और तूने फिर भी अब तक पूछा नहीं....????

रोनित के पूछने पर भी अंजलि ने कुछ कहा नहीं पर उसकी पलकें ज़रूर भीग गयी थी और वो उन भीगी पलकों से मुझे देख रही थी मानो कह रही हो की जब पता hi है तोह बता दे ना....?????!!!!!!!!

MAI-kuch बातें कही नहीं जाती RONIT,samjhi जाती है....

मेरी बात ना समझ रोनित आँखों में सवाल लिए मुझे देख रहा था....

MAI-teri अपनी G.F के लिए और मेरी अपनी दोस्त के लिए तकलीफ से बढ़कर भी एक तकलीफ है रोनित जो अंजलि से जुडी हुई है....

एक माँ और पितः की अपनी बच्ची से अलग होने की taklif...zindagi भर अपनी एक लौटी बच्ची के बिना ज़िन्दगी गुजरने की taklif.....andar hi अंदर उस गम को पालते हुए मुस्कुराते रहने की taklif.....dusro के बच्चों के बिर्थडेज़ पर अपनों बच्ची के बर्थडे सेलिब्रेशन को याद करने की तकलीफ.....

और अंजलि अपने माँ डैड के उसी तकलीफ के बारे में पूछने से दर रही hai..wo उन दोनों के बारे में जानने के लिए तड़प रही है पर वो जानती है की उसके बिना उसके माँ डैड का क्या हाल हो रहा होगा और इसीलिए एक सवाल उसके होंठों पर आकर बार बार पलट जा रहा है और वो ये की......

अंजलि- माँ डैड कैसे हैं????

छलकती आँखों से अंजलि ने अपने होंठों पर रुके हुए सवाल को बहार निकल हम सबके सामने रखा...

मात्रा चार अक्षरों के समूह से बना हुआ एक सिंपल सा सवाल पर फिर भी ऐसा लगा जैसे इन चार अक्षरों को अपने जुबां से बाहर निकलने के लिए अंजलि ने अपनी पूरी शक्ति लगा दी थी....

बरसती हुई aankhen,larazte हुए honth,chehre पर झलकता dard,pure शरीर में हलकी हलकी कम्पन और उस कम्पन को और असहनीय बनती हुई उसकी बेचैनी किसी के भी दिल में तीस पहुँचाने के लिए काफी थी....

रोनित झट से आगे बढ़ा और उसने अंजलि को अपनी बाहों में छुपा सा liya...ANJALI भी उसकी बाहों में सिमट सी गयी पर आँखें उसकी अब भी मेरे तरफ hi थी..

वो जानती थी की जवाब उससे मई hi dunga....aur इसीलिए....

मई- खुद hi देख ले.....

मेरे ऐसा बोलते hi हम सबके सामने हवा में एक बार फिरसे एक नया चलचित्र चलने laga...is बार उसमे अंजलि के जाने के बाद हमारे घर के हालत के दृश्य चलने वाले थे....

उस फिल्म के शुरू होते hi अंजलि रोनित की बाहों से निकल सीधी खड़े हो उन दृश्यों को महसूस करने लगी.....

अंजलि के मृत शरीर (क्लोन) को अपने आँखों के सामने देख जब उसके माँ डैड आकाश अंकल और नेहा आंटी की दिल चीरने वाली रउडान हम सबके और ख़ास कर अंजलि के कानो में पड़ी तोह उस रउडान का असर हम सब पर और ख़ास कर अंजलि पर भी हुआ....

यहाँ तक की सारे समय संचालक जो की जीवन मरण के चक्र के बंधन से मुक्त hain,wo भी इस दर्द से अछूते ना रह पाए.....

जैसे जैसे सीन्स आगे बढ़ते gaye,ANJALI की आँखों से बहती अश्रुओं की धरा का बहाव भी बढ़ता गया...

रोनित अंजलि को कंसोल करने में लिए आगे बढ़ने वाला hi था पर तभी मैंने उससे मन hi मन ऐसा करने से मन कर दिया...

इतने समय तक अपने माँ डैड के हालत के बारे में सोच सोच कर जो एक किस्म का दर अंजलि के मन में बस सा गया tha,uska इन आंसुओं के साथ बाहर निकल जाना ज़रूरी था....

इसीलिए hi मैंने अंजलि को ये सीन्स दिखाए थे ताकि जब अंजलि अपने माँ डैड के सामने आये तब उन्हें अपने सामने देख पैनिक ना ho,uska दिमाग स्टेबल हो चूका हो...

सारे सीन्स चलने के बाद वो पिक्चर गायब हो gayi....ANJALI अब भी हल्का हल्का सुबक रही थी....

पर ये बस कुछ देर तक hi hua...ANJALI का बुरा वक़्त ख़त्म हो चूका था और साथ hi उसके माँ डैड का भी...

इस ख्याल के मन में घर करते hi अंजलि का मन शांत होने लगा और कुछ hi देर में वो बैक तो नार्मल थी...

मई- आल गुड....!!!!!!

मेरे सवाल पर अंजलि ने हाँ में अपना सर हिलाया...

मई- hmm..RONIT,gharpar अंजू के ज़िंदा होने के बारे में क्या kahenge,iska जवाब ये रहा...

ये बोल कयने अपने राइट की तरफ हाथ किया और मेरे ऐसा करते hi मेरे हाथों से एक रौशनी निकली और उस रौशनी से एक आकृति बनाने लगी और जैसे hi उस आकृति ने रूप lliya,toh मेरे सभी दोस्तों के मुँह से एक साथ निकला....

मद्दोक्सक्सक्सक्सक्स........

मई- अरे क्लोन है उसका.....

रोनित- पर इसका हम करेंगे क्या????

MAI-wahi जो ास्मोडियस ने अंजलि का किया था.....

RONIT-bhai,kuch समझ में aaye,kuch ऐसा बोल....

MAI-simple है यार.... जैसे ास्मोडियस ने अंजलि के क्लोन को उसे कर अंजलि को मारा dikhaya,thik वैसे hi हम भी मैडोक्स पे सारा इलज़ाम दाल अंजू का ज़िंदा होना जस्टिफाई करेंगे...

अंजलि- kaise????aur मैडोक्स hi क्यों???

MAI-tere कैसे और क्यों का जवाब एक hi hai...tum सबको याद होगा की लास्ट बार हमारे घर वालों के के हिसाब से हमारी आखरी लड़ाई किस्से हुई थी...!!!!

ANJALI-ghar वालों के हिसाब से हमारी लास्ट ladhayi..........arre haan,wo तोह मैडोक्स से hi हुई थी...

मई- exactly...jab रोनित हॉस्पिटल में एडमिट था और मई गायब tha..aur जब मई वापस आया था तब मैंने डैड को और सबको बताया था की मैडोक्स ने hi रोनित को गायब किया था और साथ hi उसने मुझे भी इन्जुरेड किया tha....(FIRST CHAPTER)

डैड उससे खोजने निकलने वाले थे पर मैंने उस वक़्त उन्हें रोक लिया tha..par बाद में डैड ने मैडोक्स को खोजने की कोशिश की थी पर मैडोक्स एअर्थ पर था hi नहीं तोह वो ढूंढते कैसे???

उससे तोह हमने ग्लूटो में मारा tha....in short,MADDOX की आइडेंटिटी अब भी मिसिंग है...

हम बस घर जाकर ये कहेंगे की मैडोक्स ने hi अंजलि को गायब किया था और उसकी जगह एक दूसरी लड़की जिसकी कद काठी अंजू के जैसी hi थी और वो मर चुकी thi,usse अंजू की जगह उसने इम्प्लांट कर दिया था...

स्टोरी को और स्ट्रांग बनाने के लिए हमे बस ये बताना होगा की मई जो घर छोड़कर गया था वो भी इसीलिए hi गया था क्यूंकि मई जान गया था की मैडोक्स दिल्ली में hi कहीं है और अंजलि उसके पास है...

मैंने कुछ ख़ास बन्दे वहां लगाए हुए थे जो मैडोक्स को ढूंढ nikalen.....aur फाइनली मेरे बन्दों ने मैडोक्स को खोज hi निकला और उससे अंजू को छुपाये जगह का पता भी निकलवा लिया...

पर अंजू और मैडोक्स के लोयएथे वक़्त मैडोक्स के लोगों ने मेरे लोगों पर हुम्ला कर दिया...

मौका देख मैडोक्स भागने को हुआ पर तभी मेरे लोगों ने उससे गोली मार di...apne बॉस को मरता देख मैडोक्स के आदमी भाग गए और मेरे बन्दे अंजू को वापस ले aaye....simple.....

रोनित- यार कहानी तोह ठीक है पर 1.5 साल तक अंजू को मैडोक्स ने ज़िंदा क्यों rakha,is बारे में क्या कहेंगे???

मई- यही की मैडोक्स अंजू से शादी करना चाहता था ताकि उसकी और उसके साथ साथ हम दोनों की प्रॉपर्टीज पर भी कब्ज़ा कर सके...

पर वो चाहता था की अंजू इसके लिए खुद रेडी हो.

मैडोक्स जानता था की ऐसा होने पर hi वो अपने मकसद में कामियाब हो सकता है...

वो ये भी जानता था की अगर उसने ज़ोर ज़बरदस्ती से अंजू से शादी भी कर की तोह उससे कुछ हासिल नहीं hoga..mere डैड इतने स्ट्रांग और पावरफुल हैं की वो उस शादी को अमान्य दिखा मैडोक्स को जान से मार देंगे..

ऐसे में सिर्फ अंजलि की खुद की मर्ज़ी से उससे की हुई शादी hi उसके प्लान को सक्सेसफुल बना सकती है..

मैडोक्स ने सोचा की ज़बरदस्ती hi sahi,par अपने पास रख अपनी अच्छाई वाले रूप को दिखा वो अंजू के मन में अपने लिए प्यार पैदा कर देगा पर ऐसा हुआ नहीं..

तब उसने अंजू से कहा की जब तक वो उससे शादी करने के लिए राज़ी नहीं हो जाती तब तक वो उससे कैद करके rakhega...usne अंजू को एक सुनसान जगह पर अँधेरे में 24/7 कैद करके रखा ताकि उस इंदिरेक्ट टार्चर से तंग आकर अंजू उसकी बात मान जाए...

पर ऐसा हुआ नहीं और जैसा की मैंने bataya,mere बन्दों ने फाइनली अंजू को ढूंढ लिया......

RONIT-haan yaar,ye एंगल सही है....

मई- पता hai..ab chalen,hum सब आलरेडी लेट हो चुके hain...jo सन घर पर होने वाला hai,usse और इम्पैक्टफुल बनाने के लिए मैंने हम सब के क्लोन्स को 12 घंटे पहले गायब कर दिया है...

रोनित- अब्बे फिर तोह घर पर सभी टेंशन में होंगे...

मई- टेंशन के बाद ख़ुशी भी तोह मिलने वाली hai..toh अब लेट ना करते हुए निकलते हैं...

हमारे जाते hi आप सब अपना काम फिरसे शुरू कर dijiyega..aur मई आपके गृह के बाहर एक शील्ड बना दूंगा..

जिसके बाद कोई भी ब्लैक एनर्जी का धारक आपके गृह के आस पास तक नहीं आ पायेगा..

मेरी बात सुन सभी संचालकों ने बस अपने अपने हाथ जोड़ लिए....

मैंने एक बार मुस्कुराकर सबको देखा और अगले hi पल मई अवंतिका और मेरे सभी दोस्त गायब हो चुके थे...

हम सब सबसे पहले एलोप्टुस के ऑर्बिट के बाहर प्रकट हुए जहाँ मैंने अपने कहे मुताबिक एक बेहद hi स्ट्रांग शील्ड बना di..is काम को ख़त्म कर हम सब एक बार फिरसे गायब हो चुके थे.....

PLANET-EARTH

PLACE-NEHA मेन्शन

driver,jaldi से गाडी निकालो........

नेहा ( अंजलि की माँ ) की बात सुन ड्राइवर तुरंत कार निकलने गेराज की तरफ बढ़ गया...

जब से अंजलि गुज़री hai(as बीन shown)tabhi से उसकी माँ नेहा के आँखों में हमेशा से hi एक उदासी रही है पर आज उन उदास आखों में उदासी के साथ साथ बेचैनी भी थी...

reason....kuch देर पहले hi विक्रम की माँ मीनू का फ़ोन आया था की विक्रम और रोनित सुबह से hi कहीं गए हुए हैं और अभी तक नहीं लौटे...

जैसा की मैंने बताया था की विक्रम और रोनित भी नेहा के लिए अपने सेज बचे से काम नहीं हैं तोह ऐसे में टेंशन तोह होगी hi.....

विक्रम की माँ का फ़ोन आते hi नेहा जो की अंजलि की तस्वीर के आगे कड़ी अपनी बेटी को निहार रही thi,wo तुरंत अपने अनंत सागर रुपी दर्द से बाहर आयी और ड्राइवर से कार निकलने के लिए कहा....

अंजलि की माँ बाहर की तरफ जाने hi वाली थी की.....

कहीं जा रहे हैं आंटी......?????

मीनू आंटी के कानो में ये आवाज़ टकराई जिससे सुन वो शॉकेड हो गयी...

reason....ye आवाज़ उसीकी थी जिसकी फ़िक्र में वो उसके घर जा रही थी मतलब मेरी.....

आंटी ने झट से दरवाज़े की तरफ देखा जहाँ से मई और रोनित अंदर आ रहे the..hume सही सलामत अपने सामने देख आंटी रिलैक्स्ड भी हुई और साथ साथ नाराज़ भी और इसीलिए......

A/MOM-VICKY,RONIT.....kahan थे तुम दोनों सुबह se...????agar लेट तक बाहर रहने का प्लान था तोह कमसेकम इन्फॉर्म तोह कर देना चाहिए था...

लेकिन nahi.....naa कॉल न hi कोई msg...yahan तक की तुम दोनों के फ़ोन भी बंद हैं...

तुम दोनों को आईडिया भी है की तुम दोनों की मॉम्स कितनी परेशां the...hum सब कितने परेशां थे....

लेकिन तुम्हे इससे kya???jab खुद एक पैरेंट बनोगे ना तब पता चलेगा की जब वो बचा जिससे अपने खून से सींच कर माँ बाप बड़ा करते hain,wo जब यूँ अचानक गायब हो जाता hai,chhodkar चला जाता है तोह कैसा लगता है????

आखरी बात कहते कहते नेहा आंटी का गाला रूंध सा गया था और वजह भी वाजिब थी...

क्यूंकि दांत भले hi वो हम दोनों को रही thi,par उन दांत भरी बातों में ज़िक्र उनकी एकलौती बेटी का था...

दर्द उस बेटी के चले जाने का था...

मई- सॉरी aunty..aage से हम इस बात का ध्यान रखेंगे की हम तीनो में से किसी की भी वजह से आपमें से किसी को भी कोई तकलीफ ना पहुंचे....

मेरी बात पर आंटी के आंखों में सवाल दिखने लगा tha.......mere तीनो कहने का मतलब उन्हें समझ नहीं आया tha.....wo कुछ कहती उससे पहले....

DRIVER-madam,car पोर्च पर कड़ी है....

मई- उसकी अब ज़रुरत नहीं hai...gaadi वापस गेराज में पार्क कर दीजिये...

हम तीनो के घर का हर मेंबर तीनो के hi घर के मालिक का दर्जा रखता था...

और हम तीनो के घर में काम करने वाला हर बाँदा ये बात जानता था इसीलिए मेरे कहते hi ड्राइवर वापस गाडी गेराज में पार्क करने चला गया....

वहीँ जैसे hi ड्राइवर आया tha,aunty के दिमाग में क्लिक किया की वो कहाँ और क्यों जा रही थी इसीलिए उन्होंने तुरंत अपना मोबाइल निकला और वो माँ को कॉल करने hi वाली थी की....

मई- किस्से कॉल कर रही है आंटी???

A/MOM- तेरी और रोनित की माँ ko....unhe बता देती हूँ की तुम दोनों यहीं हो....

मई- उसकी ज़रुरत नहीं है aunty..maine यहाँ आने से जस्ट पहले सबको आलरेडी कॉल कर दिया है और सब यहीं आ रहे हैं....

दरअसल बात ये थी की अंजलि के घर आने से जस्ट पहले hi मैंने अपनी शक्ति से एक साथ अपने और रोनित के माँ डैड को कॉल करके यहाँ बुला लिया था..

और साथ hi आकाश अंकल को भी तुरंत आने को कह दिया था.....

A/MOM- यहीं आ रहे हैं मतलब.....

मई- आप आराम से baithiye.....sabke आने के बाद सब पता चल जाएगा....

ये बोल मैंने आंटी को सोफे पर बिठा diya..anuty के hi बाजू में रोनित भी बैठ चूका tha....wahi मई चलता हुआ अंजलि की फोटो के सामने जाकर खड़ा हो गया....

मेरी कोई भी बात आंटी को समझ में नहीं आयी थी पर फिर भी वो चुप चाप बैठी हुई थी...

जैसा की आप सबको पता है की हम तीनो के घर आस पास hi है इसीलिए मेरी और रोनित की माँ जल्दी hi यहाँ पहुँच चुकी थी....

MOM-VICKY......

R/MOM-RONIT......

मेरी और रोनित की माँ ने आते hi हम दोनों एक नाम pukare...bhale hi मैंने माँ को और आंटी को बता दिया था की मई और रोनित सेफ hain,par फिर भी माँ तोह माँ hi होती है...

हम दोनों को अपनी आँखों से अपने सामने देखने के बाद hi हम दोनों की मॉम्स की नर्वस्नेस ख़त्म हुई.....

मई भी चलता हुआ माँ के पास पहुँच gaya..hum दोनों को hi हमारी मॉम्स ने गले से लगा लिया...

माँ- कहाँ थे तुम दोनों सुबह se???koi कॉल तक नहीं किया तुम दोनों ने ऊपर से तुम दोनों के फ़ोन भी बंद आ रहे थे???

मई- सॉरी mom..wo बोहोत इम्पोर्टेन्ट काम था इसीलिए जाना पड़ा...

R/MOM- अरे beta,jaane के लिए किसने रोका hai???par कमसेकम तुम दोनों को हमे इन्फॉर्म तोह करना चाहिए ना...!!!

मई- सोररु aunty..wo काम hi इतना इम्पोर्टेन्ट था की ध्यान hi नहीं रहा बूत नेक्स्ट टाइम ध्यान रखेंगे.....

माँ- ऐसा क्या काम पद गया बीटा???

MAI-wo mom,RONIT ने एक लड़की पसंद की hai..toh उससे hi मिलने गए थे....

मेरी बात सुन माँ और दोनों औंटीएस को शॉक laga...meri बात सुनते hi तीनो को अंजलि की याद आ गयी थी...

उन्हें समझ में नहीं आ रहा था की वो रोनित के लिए खुश हो या अंजलि के लिए sad..bhale hi उनके हिसाब से अंजलि अब हमारे बीच नहीं थी पर उन सबने अंजलि को hi रोनित की फ्यूचर वाइफ मान लिया था....

ऐसे में जब इन तीनो को पता चल रहा था की कोई और है जो अंजलि की जगह लेनी वाली hai,toh तीनो hi उदास सी हो गयी थी....

पर ताजुब की बात ये थी की हम तीनो की मॉम्स में सबसे पहले नार्मल अंजलि की माँ हुई...

A/MOM- अरे waah..aakhirkaar मेरा बीटा मेरे लिए बहु ला रहा है....

ये बोल आंटी ने रोनित का माथा चुम liya.....wahin आंटी की बात सुन रोनित का भी दिल भर्र आया था..

वो भी जानता था की अंजलि की माँ को भी मेरी बात सुनकर तकलीफ हुई है पर सिर्फ रोनित के ख़ुशी की खातिर अपना गम दबा वो ख़ुशी जाता रही है...

मई- क्या hua??kya आप दोनों खुश नहीं हैं???

अंजलि की माँ का रिएक्शन और फिर मेरी बात सुन मेरी और रोनित को माँ को भी लगा की उन्हें उदास नहीं होना चाहिए बल्कि खुश होना चाहिए की रोनित लाइफ में आगे बढ़ रहा है और इसीलिए....

DONO-kyun खुश नहीं honge????huamre बेटे ने हमारे लिए बहु ढूंढ ली hai,isse बड़ी खुशखबरी हम सबके लिए और क्या हो सकती है????

खुश KHABARI!!!!!KAISI खुशखबरी?????

अभी हममे से कोई कहता इससे पहले hi ये आवाज़ हम सब के कान में पड़ी जो की मेरे डैड की थी जो आकाश अंकल और हरप्रीत अंकल के साथ हमारे पास आ रहे थे...

MOM-RONIT ने हम सबके लिए बहु ढूंढ ली है.....

माँ की बात सुन डैड और दोनों उंक्लेस के चेहरे का मुस्कुराता एक्सप्रेशन एकदम हैंग सा हो गया...

तीनो को hi समझ में नहीं आया की वो कैसे रियेक्ट karen????jo फीलिंग्स हम तीनो की मॉम्स की thi,wahi हमारे डैड के दिल में भी चलने लगा था..

पर नेहा आंटी की hi तरह आकाश अंकल ने भी सबसे पहले रोनित को बदहाई दी और उनको फॉलो करते हुए डैड और हरप्रीत अंकल ने....

डैड- अरे पर ये तोह बताओ की लड़की है कौन ताकि हम सब jaaye,usse मिले और तुरंत साड़ी बात पक्की कर लें...

MAI-ladki यही मुंबई से है डैड और आप उससे बोहोत अचे से जानते hai..infact आप सब उससे बोहोत अचे से जानते हो और प्यार भी बोहोत करते हो.....

मेरी बात सुन एक बार फिरसे सभी शॉकेड हो गए...

माँ- हम सभी जानते हैं और प्यार भी करते hain!!!kiski बात कर रहा है???

मई- बताता hun..par उससे पहले एक काम तोह कर लूँ...

ये बोल मई वापस मुदा और एक बार फिरसे जाकर अंजलि की फोटो के पास पहुंचा जिसपर माला चढ़ी हुई थी और अगले hi पल.....

A/MOM-VICKY.............

मेरा नाम लेकर अंजलि की माँ ज़ोर से चीखते हुए तेज़ी से आगे बढ़ी और अगले hi पल.....

चटाखह्ह्ह्ह........

एक ज़ोर का तमाचा मेरे गालों पर अपनी मोहर लगा गया......

पर मुझे तमाचा मारने के बाद नेहा आंटी के चेहरे पर विस्मय के भाव उभरे..

reason.....thappad खाने के बाद मेरे चेहरे पर एक स्माइल आ गयी थी जिससे देख नेहा आंटी और उनके साथ हम तीनो के पेरेंट्स भी शॉक हुए थे....

तोह हुआ ये था की अंजलि की पिछ के पास पहुँच मैंने ौस्कि तस्वीर पर चढ़ी माला को निकल फेक दिया जिस वजह से सब घरवाले शॉक और नेहा आंटी शॉक के साथ साथ नाराज़ भी हो गयी थी....

माँ- VICKY...ye क्या हरकत hai.....?????tune अंजू की तस्वीर से माला क्यों निकली????

MAI-us माला का इस तस्वीर पर कोई काम नहीं...

मेरी बात किसी के भी पल्ले नहीं पड़ी थी और इसीलिए...

माँ- ये तू क्या बोले जा रहा है????

मई- वही जो आप सुन रही है mom....aaj के बाद अंजू की तस्वीर पर कोई माला नहीं चढ़ेगी.....

जहाँ मुझपर हाथ उठाने के बाद नेहा आंटी रोये जा रही थी वहीँ मेरे बाकी सभी घरवालों को तोह कुछ समझ में hi नहीं आ रहा था....

पर इन सब के बीच मेरे डैड जानते थे की मई कुछ भी यूँही नहीं करूँगा और ख़ास कर तब जब बात अंजलि की हो इसीलिए....

DAD-asli बात क्या है विक्की????

डैड की बात सुन मई पहले मुस्कुराया और फिर.....

MAI-dad,RONIT जिस लड़की को चाहता है वो नहीं चाहती की अंजलि की पिछ पर कोई हार चढ़े...

मेरी बात सुन सभी बोहोत शॉकेड हुए और ख़ास कर नेहा आंटी और आकाश अंकल....

दोनों hi नहीं समझ पा रहे थे की जिस लड़की से रोनित प्यार करता hai,usse उनकी मरी हुई बेटी के तस्वीर पर चढ़े हार से क्या तकलीफ हो सकती है और इसीलिए...

एक्सः UNCLE-beta....tu ये क्या बोल रहा hai????bhala उससे हमारी बेटी की तस्वीर पर हार चढाने से क्यों प्रॉब्लम होने लगी....

मई- ये आप उससे hi पूछ लीजिये.....

सबको लगा की मई मोबाइल पर कॉल लगाकर पूछने के लिए कह रहा हूँ इसीलिए....

ाक्षा अंकल- कॉल laga...baat करा.....

मई- उसकी ज़रुरत नहीं है uncle..wo यहीं hai..aap उससे सामने से पूछ लीजिये...

मेरी बात सुन सभी चौंके.....

डैड- यहीं hai!!!!par कहाँ......?????

MAI-andar आ jaa.....ANJALI..........

मेरे अंदर आ जा कहने पर सभी पीछे पालते पर जैसे hi मेरे मुँह से हल्का सा रूक कर अंजलि nikla,toh सबके चेहरे वापस मेरी तरफ घूम गए....

सबको समझ में hi नहीं आ रहा था की मई किस अंजलि की बात कर रहा हूँ.....!!!!

वहीँ अंजलि जो अब तक हॉल के दूसरी तरफ इनविजिबल होकर कड़ी thi,mere पुकारते hi वो झट से विज़िबल हुई और अगले hi पल बाहरी दरवाज़े के पीछे से अपने कदम आगे बढ़ा वो बाहर निकली और हॉल के एंट्रेंस के बीच में कड़ी हुई...........

वहीँ मेरे मुँह से अंजलि सुननने के बाद सभी मुझे hi देखे जा रहे थे पर जैसे hi अंजलि हॉल के इंटरके पर आयी तोह...

मई- पीछे पलटिये.....

मेरी बात सुन जैसे hi सभी पीछे पालते तोह...........

JHATKA......AVISHWAS.......STHBADH.......DARD.......KHUSHI......ADHEERTA.........ye सारे एक्सप्रेशंस और फीलिंग्स पैदा होते चले गए हम तीनो के पेरेंट्स के चेहरे और दिलो दिमाग पर.....

अंजलि हम सब के सामने थी पर अभी तक कोई भी अपनी जगह से हिला तक नहीं था...

एक स्टेचू की तरह सभी अंजलि को देखे जा रहे थे...

उन्हें लग hi नहीं रहा था मानो अंजलि उनके सामने hai..sabko यही महसूस हो रहा था की ये कोई ख़ूबसूरत सपना है और अगर वो हिले भी तोह ये सपना टूट जाएगा.....

वहीँ अंजलि भी इतने टाइम बाद अपने माँ डैड और बाकी सबको देख आँखों में पानी लिए चुप चाप कड़ी हुई थी.....

अब इस सिटिवशं को आगे तोह बढ़ाना hi था इसीलिए मई आगे बढ़ नेहा आंटी और आकाश अंकल के पास पहुंचा और.....

MAI-yahi है वो लड़की जिससे रोनित ने पसंद किया hai....aapki beti....jo ज़िंदा hai.ab आप hi बताईये की एक ज़िंदा लड़की अपने तस्वीर पर माला कैसे तंगी देख सकती है.....

आँखों में अब भी अविश्वास के आंसू लिए नेहा आंटी और आकाश अंकल मुझे देखने लगे...

मई- ये कोई झूठ या कोई ट्रिक नहीं है uncle..trick वो था जो आप सबको दिखाया गया था....

जिस अंजलि की बॉडी को आप सबने देखा था और जलाया था वो बस एक डुप्लीकेट थी और जो आपके सामने कड़ी hai,wo ओरिजिनल है मतलब आपकी बेटी है.....

मेरी बात सुन वहां खड़े हम तीनो के पेरेंट्स के दिमाग में मानो एक धमाका सा hua...sabhi शॉकेड होकर मुझे देख hi रहे थे की.....

ANJALI-MOM.............DAD...............

वो दो नाम जो पुरे ब्रम्हांड का सारांश hain,wo हम सबके और ख़ास कर नेहा आंटी और आकाश अंकल के कानो में पड़ा जिससे सुन उन दोनों के दिलों में पड़े सूखे पर बारिश हो गयी....

अब तक शॉक से जड़ हुए उन दोनों के पेअर मानो एक झटके में खुल गए और वो दोनों अपनी बेटी की तरफ भागे.....

कुछ hi सेकण्ड्स में नेहा आंटी और आकाश अंकल अंजलि के सामने थे...

एक तक कुछ पल अपनी बेटी को निहारने या फिर ये कहूं की कन्फर्म करने के बाद की अंजलि सच में उनके सामने hi hai,NEHA आंटी आगे बढ़ी और अगले hi पल उन्होंने अपनी बेटी को अपनी बाहों में समेत लिया था.....

नेहा आंटी ने अंजलि को इतने ज़ोर से अपने में छुपा सा लिया था मानो वो उससे पूरी दुनिया से छुपा कर अपने पास हिफाज़त से रख लेना चाहती हो...

वहीँ आकाश अंकल बस अपनी बेटी को बिन आवाज़ नीर बहते हुए देखे जा रहे थे...

आंसू तोह मेरे सभी घर वालों के आँखों में भी थे .वो सभी नेहा आंटी और आकाश अंकल के पीछे खड़े हो गए थे....

वहीँ अंजलि को मैंने पहले hi अपनी माँ डैड और बाकी घर वालों की हर तकलीफ से रूबरू करवा दिया था इसीलिए वो सय्यम में थी जो ऐसे हालत में ज़रूरी था....

काफी देर बाद भी जब आंटी का रोना ख़त्म नहीं हुआ तोह......

अंजलि- mom.....please रोईए mat..aap को तोह खुश होना चाहिए की मई वापस आ गयी hun..i प्रॉमिस की अब आपको छोड़कर कहीं नहीं जाउंगी....

अंजलि की बात सुनाने के बाद भी नेहा आंटी कुछ देर तक यूँही रोटी रही पर फिर धीरे धीरे उनका रोना सुबकने में बदलने लगा और फिर कुछ देर बाद जब उनका सारा दर्द ख़त्म हुआ तोह वो अपनी बेटी से अलग हुई....

नेहा आंटी के अलग होते hi अंजलि अपने डैड के गले लग गयी...

दर्द तोह आकाश अंकल का भी आंटी जितना hi था या फिर ये कहूं की उनसे भी ज़्यादा था पर उन्होंने खुद को कण्ट्रोल करके रखा हुआ था....

रोकर वो अपनी बेटी को नहीं रुलाना चाहते the.......bas उनके मुँह से एक hi सेंटेंस निकला और वो ये की....

आकाश अंकल- दोबारा हमे छोड़कर मत जाना बच्चा.....

बस इतना hi कहा आकाश अंकल ने अपनी लड़खड़ाती हुई जुबां से पर इतना hi काफी था..

उनका प्यार और दर दोनों दिख गया उनकी बात से....

कुछ देर तक अपने डैड के गले लगने के बाद अंजलि उनसे अलग होकर मेरे डैड के गले लग गयी...

आखिर मेरे डैड की सबसे लाड़ली अंजलि hi thi...uski ज़िद्द के आगे मेरी और रोनित दोनों की बात नहीं चलती थी.....

डैड से अलग होकर अंजलि माँ के पास गयी और उसके बाद एक के बाद सबसे मिली...

जहाँ एक तरफ सबको अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था की उनकी बची ज़िंदा है और उनके सामने है...

वहीँ डैड के दिमाग में मेरी कही बात चल रही थी.....

और जैसे hi अंजलि से सबका मिलना पूरा हुआ...

डैड- VICKY.......tu क्या बोल रहा था की जो हमे दिखाया गया था वो झूठ tha..jo बॉडी अंजू की हमने जलाई थी वो डुप्लीकेट थी....

डैड की बात सुन सभी के दिमाग की घंटी बजी और सभी मेरी तरफ देखने लगे....

और फिर maine,RONIT ने और अंजलि ने सबको वही कहानी सुनाई जो मैंने एलिप्टुस में बनायीं थी....

अंजलि और रोनित की ड्रामेटिक एक्टिंग ने मेरी कहानी को और सच्चा बना दिया था..

पर मेरी स्टोरी सुन मेरे घरवालों का दिमाग घूम गया था....

वहीँ ये जानकार की मई शुरू से hi अंजलि को खोजने में लगा हुआ tha,mom और दोनों औंटीएस खुश हो गए थे....

जैसे hi मेरी स्टोरी ख़त्म hui,dad और दोनों अंकल बाहर निकलने को हुए पर तभी...

मई- dad.....MADDOX अब नहीं रहा और उसके बाकी के घरवाले भी मर चुके हैं..

सो relax..bas आप इतना देख लीजियेगा की अगर कभी मैडोक्स की बॉडी मिले तोह हमारा नाम नहीं आये...

डैड- उसकी टेंशन मत le....kuch नहीं होगा...

मन hi मन मुस्कुराते हुए मैंने डैड को थैंक्स कहा.....

हरप्रीत- यार हमारी बेटी हमे वापस मिल गयी hai....party तोह होनी चाहिए और मीडिया को भी तोह हैंडल करना hoga....unse क्या कहेंगे???

DAD-wahi कहेंगे जो हुआ hai..bas उस मैडोक्स के chapter को चुप्पाना है और उसकी जगह कुछ नया ऐड करना है....

अंजलि- papa,party नहीं karenge...isse ाचा हम सभी कहीं घूमकर आ जाएंगे...

डैड- ये भी सही hai..toh फिर done.....kahan जाना hai,iska कल तक प्लान कर लो,2 या 3 दिन में निकलते हैं....

अब तक नेहा आंटी चुप thi,par डैड के बोलने के बाद....

नेहा aunty-VICKY.....beta....

मई- आंटी प्लीज सॉरी मत kahiyega..aur वैसे भी आपने मुझे थप्पड़ नहीं मारा था बल्कि अस पनिशमेंट मैंने थप्पड़ खाया था...

पनिशमेंट की मैंने अंजू को आपके पास लाने में इतने देरी कर di...saza की आप सबको इतने टाइम तक अंजू को मारा समझकर तड़पते हुए जीना पड़ा...

मैंने नेहा आंटी की बात काटकर आपने बात कही जिससे सुन उन्होंने मेरा माथा चुम लिया..

हम सब जानते थे की अभी नेहा आंटी और आकाश अंकल को अपनी बेटी से ढेर साड़ी बात करि होगी और ऊपर से रात भी काफी हो चुकी थी इसीलिए हम सब अपने अपने घर निकल गए..

घर पहुँच जब माँ ने अंजलि के ज़िंदा होने की खबर naanaji,naanjiji,mamaji और मामीजी को सुनाई तोह पहले तोह बाकियों की hi तरह सभी को ज़ोर का झटका लगा पर सभी बोहोत ज़्यादा खुश भी हो गए....

अंजलि को ढूंढ कर लाने के लिए सबने मुझे आशीर्वाद दिया...

सभी को g.n विश कर मई अपने रूम में चला गया....

सुबह से अब तक मैंने सभी को झटके पर झटके दिए थे पर अब एक झटका मेरा भी इंतज़ार कर रहा था........

इन माय रूम:-

अब्बे साली ये है क्या चीज़ जो मेरी पकड़ में नहीं आ रही है.....?????

रूम पहुँच फ्रेश हो मई ध्यान में बैठ कुछ पता लगाने की कोशिश करने लगा पर काफी देर तक कोशिश करने के बाद भी जब मई सक्सेसफुल नहीं हो पाया तोह मैंने अपनी आँखें खोल ये बात बुदबुदायी.....

दरअसल बात ये थी की सुबह से hi मुझे अपने अंदर एक अजीब सी बेचैनी महसूस हो रही thi,jiska मई रीज़न नहीं जान पा रहा था...

नोर्मल्ली जब मुझे उस बेचैनी का मतलब समझ में नहीं आया तब मैंने घर पहुँच ध्यान में उसके बारे में पता लगाने की सोची पर इस कोशिश में भी मई फ़ैल हुआ....

मई खुद se-saala अब ये क्या नया चक्कर hai....?????kaise पता लगाऊं?????

मैंने खुदसे ये बात कही hi थी की तभी मेरे सीने के बीच विब्रेशन्स होने लगी जिससे महसूस कर मई शॉकेड हो गया...

reason..mujhe पता था की ये वाइब्रेशन क्यों हो रही है और इसीलिए मेरे मुँह से निकला.....

मई- भविष्यवाणी.....

मैंने अपने सीने में हाथ रख भविष्वाणी को बाहर आने की अनुमति दी..

एक तेज़ प्रकाश के बीच में भविष्वाणी बाहर आयी पर साथ hi मेरे लिए एक नया झटका लेकर आयी...

और वो ऐसे की मेरे अंदर कुल तीन भविष्यवाणियां थी..

मुझे लगा था की मेरे अनुमति देने के बाद कोई एक भविष्यवाणी बाहर आएगी पर यहाँ तोह मेरे सामने तीनो भविष्यवाणी जो की छर्रे के रूप में the,ek साथ हवा में रुके हुए थे...

हैरानी की बात एक और thi.BHAVISHWAANI नुमा उन तीनो छर्रों के बीच में कुछ लिखा हुआ था जो की अभी तक कभी नहीं हुआ था....

चलिए आप भी जान लीजिये की उन भविष्यवाणी नुमा छर्रों में ऐसा क्या लिखा था जिससे देख मुझे हैरानी हुई थी.....

Darasal,teeno छनकते चार्टों में बीच में उनके क्रम लिखे हुए the..par सिर्फ बीच वाले छर्रे में hi नार्मल नंबर था..

बाकी लेफ्ट एन्ड और राइट एन्ड वाले छर्रे में एक नहीं बल्कि एक hi तरह से दो दो नंबर्स लिखे हुए थे...

नहीं samjhe,chaliye समझाता हूँ.....

बीच वाले छर्रे में 2 लिखा हुआ था पर उसके राइट और लेफ्ट वाले दोनों hi छर्रों में 1 या 3, ऐसा लिखा हुआ था..

पर मई इसका मतलब समझ चूका tha....mujhe लेफ्ट एन्ड या फिर राइट एन्ड वाले छर्रों में से किसी एक छर्रे मतलब भविष्वाणी को चुनना था...

दोनों में से जिससे भी मई chunta,wo पहला हो जाता और जिससे नहीं चुनता वो तीसरा हो जाता....

अब मुझे पता तोह था hi नहीं की किस छर्रे में क्या भविष्यवाणी है इसीलिए मैंने मन hi मन लेफ्ट एन्ड वाले छर्रे कोबचूना और मेरे चुनाव करते hi दो चीज़ें हुई..

पहली चीज़ तोह एक्सपेक्टेड थी पर दूसरी ने मुझे फिरसे एक झटका दिया....

चलिए पहले एक्सपेक्टेड यानी पहली चीज़ के बारे में बता देता हूँ..

तोह मेरे चुनाव करते hi लेफ्ट वाले छर्रे पर जो 1 या 3 लिखा tha,usse 3 मिट गया और राइट वापे छर्रे पर से 1 मीट गया....

और दूसरी चीज़ जो हुई और जो अनएक्सपेक्टेड थी वो ये थी की उन दो छर्रो के ऊपर जिनमे 1 और 3 लिखा हुआ tha,ab उनपर और भी कुछ लिखा गया जिससे पढ़ मुझे झटका लगा था....

मई इस बारे में सोच hi रहा था की तभी वो छर्रे चमकने लगे जिसका मतलब था की फ़िलहाल उनका काम ख़त्म हुआ और अब वो मेरे अंदर जाना चाहते हैं...

मेरे इजाज़त देते hi तीनो छर्रे रुपी भविष्वाणी मेरे सीने के अंदर चली गयी...

और मई उन दो छर्रों के ऊपर जो लिखा था उनके बारे में अपने बीएड पर लेटकर सोचने लगा....

मई- क्या मतलब हो सकता है 1सत और 3रद भविष्यवाणी का.....

ये बोल मई उन दोनों भविष्वाणियों के ऊपर जो लिखा था उससे दोहराने लगा.....

1सत BHAVISHYAVAANI-ANGELS सैक्रिफाइस......

3RD-BHAVISHYAVAANI-DEVILS डेमोलिशन......

आज के लिए इतना HI..........

आपका अपना V...J......
 
आपके कमेंट पर थैंक्स kahun,ye भी छोटा hi hoga...bas इतना लिखूंगा की आप कमल क hain...kyunki आप कमैंट्स नाप तौल के नहीं karte,aap दिल से अपनी प्रतिक्रिया लिखते हैं जो किसी अपडेट से काम नहीं होते....

और रही बात इस स्टोरी को अस ा नावेल प्रिंट करने की तोह मई फ़िलहाल किसी पब्लिशर को तोह जानता nhi..agar कभी किसी पब्लिशर से मई मिला तोह ज़रूर कोशिश करूँगा की वो इसपर स्टोरी लिखे...
 
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