अब तक आपने पढ़ा की लवर्स पॉइंट पर कुछ प्यार भरे लम्हे गुजरने के बाद जब विक्रम एंड पार्टी घर पहुँचती है तोह उन सबको ास्मोडियस को देख एक बोहोत बड़ा झटका लगता है
अब आगे:-
फाइनल CHAPTER
(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)
मेगा ब्लैक अपडेट-114
PLACE-HEAVEN
ये सब क्या HAI????ASMODEUS वो भी लार्ड के घर ME......AISA दुस्साहस करने की वो सोच भी कैसे सकता है???
S.T CECILIA....AAP भूल रहीं है की वो कौन HAI????MAANE या ना MAANE,PAR वो भी परमेश्वर पुत्र है...
बल में विक्रम जितना HI शक्तिशाली किन्तु छल में लार्ड से भी ज़्यादा चलता है उसका दिमाग....
पर सवाल आपका अपनी जगह पर बिलकुल उच्चित HAI....AAKHIR ास्मोडियस का लार्ड के घर में आने का क्या प्रयोजन हो सकता है....
S.T सकिलिअ की बात को S.T अल्फ़्रिक ने आगे बढ़ाया पर इस बीच S.T सेबेस्टियन एकदम शांत रहे....
जैसे उन्होंने इन दोनों की बात सुनी hi ना ho...wo अपने hi किसी दिमागी मंथन में व्यस्त लग रहे थे....
वहीँ अपनी अपनी बात कह जब S.T सकिलिअ और S.T अल्फ़्रिक का ध्यान S.T सेबेस्टियन पर गया तोह उन्दोनो ने भी उन्हें गहरी सोच में दुबे पाया....
S.T CECILIA-S.T सेबेस्टियन.....!!!!!!
अपना नाम सुन S.T सेबेस्टियन जैसे अचानक अपनी सोच से बाहर aaye..apni सोच से बाहर आ उनकी नज़र S.T सकिलिअ पर ठहर गयी....
S.T CECILIA-aap किस सोच में खोये हुए हैं????
S.T SEBASTIAN-ussi सोच में जिसकी बात आप दोनों कर रहे हैं किन्तु....
S.T ALFRICK-kintu क्या???
S.T सेबेस्टियन- मई कुछ और भी सोच रहा tha....kya आपको ये बात अजीब नहीं लगी की हम सबको काफी देर से किसी नकारात्मक शक्ति का आभास ब्रम्हांड के समस्त जीवन देई गृह पर हो रहा था जिसके बारे में हम पता भी नहीं लगा पा रहे थे और इसी विचित्र स्थिति के दौरान ास्मोडियस का लार्ड के घर पर आगमन हुआ है....
क्या आपको लगता है की ये साड़ी बातें केवल एक संजोग हो सकती है???
सत सकिलिअ- आपका सही कह रहे हैं S.T SEBASTIAN....in दोनों घटनाओ का एक साथ होना कोई संजोग नहीं हो सकता....
S.T अल्फ़्रिक- पर अगर ये संजोग नहीं है तोह फिर है kya???kya करने की सोच रहा है ास्मोडियस.....????
S.T SEBASTIAN-ye तोह सिर्फ खुद ास्मोडियस hi बता सकता है जो वो बताएगा नहीं....
बस इतना कहा जा सकता है की जो भी होने वाला hai,wo किसीने भी सोचा तक नहीं होगा....
कुछ anisht,bohot बड़ा अनिष्ट होने वाला है.....
S.T सेबेस्टियन की बात सुन दोनों मेसेंजर्स बोहोत ज़्यादा टेंशन में आ गए.....
S.T अल्फ़्रिक- भले hi हम तीनो को अपनी जान hi क्यों ना देनी pade,kintu हम ास्मोडियस को अपनी चाल में कामियाब नहीं होने देंगे....
S.T CECILA-aap ठीक कह रहे हैं S.T ALFRICK....hum तीनो तुरंत पृथ्वी के लिए प्रस्थान करते हैं और हर वक़्त हमेशा ास्मोडियस के आस पास hi रहेंगे...
हम तीनो को अपने आस पास देख ास्मोडियस जिस भी जाल को बन रहा hai,usse छोड़ हम तीनो से युद्ध करने में लग जाएगा....
ऐसे में शायद उसका बिछाया माया जाल टूट jaaye...aap क्या कहते हैं S.T सेबेस्टियन????
इससे पहले की S.T सेबेस्टियन कुछ कहते......
आप तीनो कहीं नहीं जा रहे हैं....
जैसे hi ये आवाज़ तीनो मेसेंजर्स के कानो में gunji,teeno के हाथ जुड़ते चले गए और तीनो तुरंत अपने अपने घुटनो पर आ गए....
आना hi tha,kyunki ये आवाज़ और किसी की नहीं बल्कि गॉड की थी....
GOD-AAPKO भी पता है की आप तीनो मिलकर भी ास्मोडियस का सामना नहीं कर सकते...
फिर ये हास्यपद निर्णय किस आधार पर लिया आपने....
मैंने अपने एक बेटे के लिए अपने दूसरे बेटे को भेजा HAI...ASMODEUS का सामना करने का सामर्थ्य और KARTAVYA,SIRF और सिर्फ विक्रम का है....
आप तीनो वही कार्य कीजिये जिससे करने का आदेश आपको मिला HAI...YE कहानी इन दो भाइयों की है और समय आ गया है जब ये दोनों इस कहानी को इसके अंजाम तक पहुंचाएंगे....
S.T SEBASTIAN-HEY परम पितः PARMESHWAR...kya हम कुछ पूछ सकते हैं????
GOD-AAP यही जानना चाहते हैं ना की किस उद्देश्य की पूर्ति हेतु ास्मोडियस विक्रम के पास गया है????
S.T SEBASTIAN-jee परम PITAH....aakhir क्या चाहिए ास्मोडियस को लार्ड से???
GOD-BALIDAAN.......
गॉड की बात सुन तीनो मेसेंजर्स शॉकेड हो गए....
S.T SEBASTIAN-BALIDAAN????kaisa बलिदान????
GOD-SWAYAM का या ब्रम्हांड का......
PLANET-EARTH
PLACE-LONAVLA फार्म हाउस
वैसे डैड एक बात तोह मानना PADEGA....AGE का आपके बॉडी के ऊपर कोई ख़ास फर्क पड़ा नहीं HAI..AAP आज भी किसी यंग बन्दे की HI तरह फिट हैं....
अरे BETA,JAB वाइफ इतनी ब्यूटीफुल हो जिससे देख आज भी लोग उसका पीछा KAREN,AAHEN BHARE,TOH फिर बात कम्पटीशन की आ जाती है...
ऐसे में खुद को फिट तोह रखना HI पड़ेगा ना.....
आप भी ना कुछ भी बोल देते HO....KABHI तोह समझा करो की अब आपकी उम्र नहीं रही यूँ खुलेआम फ़्लर्ट करने की...
अरे क्या बात कर रहीं हैं MOM..U शुड तोह फील लकी जो आपको ऐसे हस्बैंड मिले हैं जो शादी के इतने सालों बाद भी आपसे अपने दिल की बात खुल्ले आम करते हैं....
कितने कपल होंगे जो ऐसा कर पाते होंगे????
इस बात पर सभी ने सहमति जताई...
LONAVLA....MUMBAI जैसे भीड़ भरे शहर से कुछ 83 कम दूर पहाडों के साये में बसी एक ख़ूबसूरत जगह..
और इसी ख़ूबसूरत जगह के बीच बानी एक ख़ूबसूरत फार्महाउस जो की हमारी hi मिकलियत है और जहाँ इस वक़्त हम तीनो फ्रेंड्स और हमारी फैमिलीज़ इस वक़्त 2 दिन के हॉलिडे के लिए आये हुए हैं...
दरअसल 3 दिन के बैक तो बैक मीटिंग्स के बाद डैड और उंक्लेस का 2 दिन ऑफ था...
इन दो दिनों के ऑफ को ख़ास बनाने के लिए सबने लोनावला जाने की बात कही और हंस हम सब यहाँ हैं....
बात से याद आया जो कन्वर्सेशन फ़िलहाल हुई जिसमे एक बन्दे ने जयराज और मीनाक्षी को डैड और माँ लफ्ज़ से सम्भोदित kiya,wo मई नहीं था बल्कि ास्मोडियस था...
दरअसल ास्मोडियस ने मेरे माँ और डैड से कहा था की उसके भी माँ डैड का नाम जयराज सिंह और मीनाक्षी सिंह है..
इतना hi nahi,usne ये भी कहा की मेरे माँ डैड उससे उसके माँ डैड की याद दिलाते हैं...
और इसीलिए क्या वो मेरे माँ डैड को माँ और डैड को डैड केखकर बुला सकता है???
ास्मोडियस की बात सुन मेरे माँ डैड खुश हो गए और ख़ास कर माँ...
reason...simple है bhai,jis बन्दे ने उनके सुहाग के एक्सीडेंट के वक़्त उनकी हेल्प ki,wo तोह उन्हें प्यारा लगेगा hi....
ऊपर से कमीना है तोह मेरा hi bhai..is वजह से साले से विबे भी मेरी hi तरह आती है जो मेरे माँ डैड को भी फील हुई जिस वजह से उन्हें भी ास्मोडियस नामक जंतु में मई दिखने लगा था....
रोनित- bhai,tere साथ रहकर
न जाने कितने hi झटके देखे और झेलें hain...par इस बार जो झटका लगा है वैसा झटका आज तक नहीं मिला.....
तेरा ये खुरापाती भाई अचानक से हमारे घर में प्रकट होता hai....uske बाद हमारे घरवाले इससे हमारे साथ यहाँ हॉलिडे मानाने के लिए इन्विते करते हैं जिससे ये ख़ुशी ख़ुशी मान लेता है....
फिर जनाब तेरे माँ डैड को अपने माँ डैड कहकर बुलाने लगते hain....saala ये सब चल क्या रहा है....???
अंजलि- सबसे बड़ा झटका ये नहीं है RONIT...sabse बड़ा झटका है इसकी यहाँ आने की टाइमिंग...
तुम्हे ये अजीब नहीं लगता की जब पुरे यूनिवर्स में अचानक hi एक नेगेटिव एनर्जी की चादर प्रकट हो गयी हो ठीक उसी वक़्त ास्मोडियस यहाँ हमारे सामने आया है...
ी मैं अभी hi क्यों ये यहाँ आया है जबकि अगर ये सब इसने किया है जो की मई सूरे हूँ की की ये सब इसी का किया धरा hai,toh ऐसे में तोह इससे V.J से बोहोत दूर चले जाना चाहिए ताकि V.J चाहकर भी इसके झोल का पता ना लगा पाए पर ये तोह उल्टा कर रहा है...
ये खुद यहाँ V.J के सामने है और ये यूँही नहीं हो sakta....zaroor कुछ न कुछ तोह इसके दिमाग में चल रहा है...
रोनित- ये भी तोह हो सकता है की ये हमारा मज़ाक उड़ने और अपनी जीत का जैश मानाने यहाँ आया हो..
इससे ये बात पता हो की हम इसके माया जाल को नहीं समझ पा रहे हैं और इसीलिए हमे नीचे दिखने यहाँ आया हो...
मई- ास्मोडियस उनमे से है जिन्हे मंज़िल से ज़्यादा सफर में मज़ा आता है और ऐसे लोग कभी भी दूसरे के हार पर उन्हें चिढ़ाते नहीं hain.....isse सिर्फ अपनी जीत से मतलब है सामने वाले की हार से नहीं....
AVANTIKA-V.J,jab से ास्मोडियस आया है तुम चुप से हो गए ho...kya तुम्हे पता चल चूका है की इसके यहाँ आने का मकसद क्या है???
मई- अगर पता चल चूका होता तोह अब तक मई सब ठीक कर चूका hota....mai तोह बस उस चीज़ को देखने की कोशिश कर रहा हूँ जो मेरे आँखों के सामने होते हुए भी इनविजिबल है....
उस लेखनी को पढ़ने की कोशिश में हूँ जो साफ़ साफ़ लिखा हुआ है पर फिर भी समझ में नहीं आ रहा....
उस हवा को महसूस करने की कोशिश कर रहा हूँ जो मेरे अंदर तोह जा रही hai,par बिना मुझे छुए हुए....
अरे ऐसा कौन सा गेम खेल रहे हो भाई जो हमारे साथ बैठने तक की फुर्सत नहीं है तुम्हारे पास.....
अभी हमसे कोई कुछ कहता उससे पहले hi ये आवाज़ आयी जो और किसी की नहीं ास्मोडियस की थी...
अपनी बात कह डैड से परमिशन ले वो मेरी तरफ बढ़ा वहीँ उसके मेरी तरफ आते वक़्त...
MOM-pata नहीं क्यों पर इससे देखते वक़्त ऐसा लगता है जैसे मई विक्की को hi देख रही हूँ.....
DAD-mujhe भी शामे फीलिंग आती hai...aisa लगता है जैसे ये और विक्की सिब्लिंग्स हों....
वहां माँ और डैड ास्मोडियस को जो की मेरा hi भाई hai,usse अपनी समझ से मेरा भाई बनाने पर तुले हुए थे और यहाँ...
ASMODEUS-kya हुआ BHAI....kuch वक़्त हमारे साथ भी bitalo...kya पता फिर मौका मिले ना mile,aur अगर मिले bhi,toh शायद आलम इतने खुशगवार ना हो....
रोनित- ोये डायलाग के dukaan...pehle तू ये बता और सीधे सीधे बता की यहाँ आया क्यों है....????
अब साले इस रोनित का मई करू तोह क्या karun.....??ek नंबर का मुँह फैट है ye...zara सा भी नहीं सोचता की सामने कौन खड़ा है...???
जिस लिहाज़ से रोनित ने ास्मोडियस से बात की thi,shayad और किसी ने की होती तोह उसकी रूह उसके जिस्म से अब तक अलग हो चुकी होती...
ASMODEUS-jab पता हो की तुम उस किले के अंदर हो जो ब्रम्हांड के सबसे बड़े तूफ़ान को भी झेल सकता है तोह अक्सर घमंड आ जाता है....
पर तुम्हे ये नहीं भूलना चाहिए की भाड़े की ज़िन्दगी पर ित्रय नहीं karte...naajane कब ज़िन्दगी मौत के हवाले हो जाए...
MAI-kiraye के मकानों में रहने वाले लोगों को अचानक निकाले जाने का दर रहता है...
जिसका खुदका माकन ho,usse कैसा dar...jahaz कितना hi बड़ा क्यों ना ho,samandar में उठती लहरों से खतरा उससे hi रहता hai,samandar के अंदर बसने वाली छोटी छोटी मछलियों को नहीं....
रोनित वही मछली है जो मेरे समंदर में hai...mere रहते उससे कैसा khatra..khatra तोह तुम जैसे बड़े जहाज़ को hai...hamari लेहरो से ज़रा बचके rehna...pata नहीं इसमें कब डूब जाओ...
ास्मोडियस- जहाज़ को समंदर की लहरों से कितना hi खतरा क्यों ना ho,par जहाज़ बनती समंदर के लिए hi है मेरे भाई...
और रही बात डूबने की तोह जहाज़ डूबेगा या nahi,ye जहाज़ पर नहीं बल्कि उस जहाज़ को चलने वाले की हुनर पर निर्भर करता है...
और जिस जहाज़ को ास्मोडियस चला रहा ho,usse डुबोने की ग़ुरबत किसी समंदर में नहीं....
मई- पता है शेर अपने जंगल का राजा होता hai...par सिर्फ तब तक जब तक उससे खूंखार शेर उस जंगल में अपने पंजे नहीं जमता...
mousam,fitrat और TAQHT,teeno को hi बदलने में वक़्त नहीं लगता मेरे भाई....
ASMODEUS-WAQT.....WAQT से याद आया की वक़्त आ गया है....
नहीं samjhe,samjhata हूँ......
मुझे यहाँ अपनी फॅमिली के बीच देख जो उथल पुथल तुम्हारे मन में चल रही hai,jo सवाल तुम्हारे दिमाग में घर किये बैठे hain,un सवालों के जवाब मिलने का वक़्त आ गया है....
ना सिर्फ जवाब मिलने ka,par उन जवाबों से जो चीज़ें सामने aayengi,tumhara उनसे सामना करने का वक़्त आ गया है....
ना सिर्फ सामना करने ka,balki सामना करने के बाद आखिर में जब असलियत तुम्हारे सामने hogi,toh उस असलियत पर अपने फैसले का मोहर लगाने का वक़्त आ गया है....
मेरे BHAI,WAQT आ गया है.....
ास्मोडियस की बात सुनते वक़्त मेरे चेहरे पर कोई एक्सप्रेशंस नहीं थे पर मेरा dil,mere दिमाग दोनों में hi इस वक़्त भूचाल सा आया हुआ था....
मुझे पता तोह नहीं था की क्या होने वाला hai,par अंदाज़ा ज़रूर हो गया था की जो भी hoga,wo मेरी सोच से भी ऊपर और खतरनाक होने वाला है....
यहाँ मई अपनी सोच में गुम था पर तभी.......
कड़कड़कड़कड़.................
एक ज़ोरदार बिजली की आवाज़ हम सबके कानो में gunji...ye आवाज़ नार्मल से बोहोत ज़्यादा तेज़ थी जिससे सुन जहाँ एक तरफ RONIT,ANJALI और अवंतिका शॉकेड हुए वहीँ मेरे घर वाले हल्का दर से गए थे.....
यूँ अचानक इतनी ज़ोर के बिजली के कड़कने से जहाँ एक तरफ सभी के चेहरों पर दर और शॉक के रिएक्शंस थे वहीँ ास्मोडियस मंद मंद मुस्कुरा रहा था....
MOM-VICKY,ANJU,RONIT,AVNI,ASMODEUS बीटा यहाँ आओ....
सभी अपनी अपनी सोचों में गुम थे की तभी माँ ने हम सबको अपने पास बुलाया....
हम सब भी जहाँ सारे घरवाले बैठे the,us तरफ चल पड़े....
डैड- ये अचानक क्या hua??aaj तोह मौसम काफी साफ़ है naa....fir ये अचानक बिजली कहाँ से कड़क गयी....
माँ- और वो भी इतनी tez..maine आज तक इतनी ज़ोर की बिजली कड़कते कभी भी नहीं सुना है...
यूँ अचानक इतनी तेज़ बिजली की कड़कने की वजह से सभी घरवाले अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे hi रहे थे की तभी.....
मुझे एक ज़ोर का झटका laga...ye झटका सिर्फ मुझे hi नहीं बल्कि मेरे साथ साथ अंजलि और रोनित को भी लगा था....
एक दूसरे के चेहरे को देखते हुए हमने तुरंत इस झटके के कारण के पास जान का फैसला किया और....
मई- mom,hum ऊपर रूम में हैं....
माँ- beta,ASMODEUS को भी ले jaao..yahan हमारे साथ रहकर बोर हो जाएगा....
जहाँ एक तरफ माँ की बात सुन अंजलि और रोनित के चेहरे पर टेंशन के भाव उभरे वहीँ ास्मोडियस के चेहरे पर स्माइल आ गयी...
अभी मई माँ की बात के लिए कुछ कहता की तभी....
ास्मोडियस- नहीं mom..mai यहाँ आप लोगों के साथ hi रहूँगा....
ास्मोडियस की बात सुन मुझे कुछ अटपटा laga...mujhe लगा था की वो हमे अकेले कहीं जाने नहीं देगा पर यहाँ तोह उल्टा हो गया पर फ़िलहाल जो हो रहा tha,usse निपटना ज़्यादा ज़रूरी था इसीलिए...
मई- लेटस जो गुइज़्ज़्ज़्ज़......
हम सब ऊपर वाले रूम की तरफ बढ़ चले.....
ऊपर चलते वक़्त मुझे एक ख्याल आया पर मैंने उस ख्याल को अपने दिमाग से झटक दिया....
अवंतिका- क्या हुआ guyzz??tum सब इतने टेंशन में क्यों हो???
अंजलि- वो ब्लैक एनर्जी की चादर याद है जो कुछ दिनों से पुरे यूनिवर्स में फैले सी गयी है पर दिख नहीं रही.....
अवंतिका- haan.par उसका क्या???
अंजलि- इस्ला में वो एनर्जी एक्टिव हो गयी है....
V.J ने पुरे गृह में अपने शील्ड्स बिछाएं hain,jiski वजह से वो ब्लैक एनर्जी आगे नहीं बढ़ पा रही पर.....
अवंतिका- पर क्या???
रोनित- पर इसका एक नेगेटिव इफ़ेक्ट हुआ hai.....us नेगेटिव एनर्जी का इफ़ेक्ट इतना ज़्यादा है की V.J की शील्ड से टकराने के बाद उसके कण विबरते हो रहे हैं जिसका असर इस्ला के ज़मीं पर हो रहा है....
उस नेगेटिव एनर्जी के साथ साथ अब वहां की ज़मीं पर भी विब्रेशन्स होने लगे हैं....
अगर कुछ देर और ऐसा चलता रहा तोह पुरे इस्ला को ज़ोर के झटके लगने लगेंगे..
वहां की ज़मीं के नीचे जो लावा hai,wo फटकार बाहर आ jayega..wahan पर जो फ्लोटिंग माउंटेन्स hain,wo भी अस्थिर होकर नीचे गिर जाएंगे जिससे बोहोत ज़्यादा नुक्सान होगा....
इन short,jo हो रहा hai,agar उससे रोका नहीं gaya,toh इस्ला बस कुछ hi देर में ख़त्म हो जाएगा.....
अंजलि की बात सुन अवंतिका को ज़ोर का झटका laga..jitna उसने या फिर हम सबने ांतिकिपते किया tha,ye तोह उससे भी ज़्यादा खतरनाक था...
भले hi इस वक़्त सिर्फ एक गृह खतरे में tha,par ास्मोडियस ने तोह शामे हालात यूनिवर्स के हर प्लेनेट में कर रखे थे....
ास्मोडियस ने सही hi कहा tha..jo सवाल मेरे दिमाग में चल रहे the,finnaly मुझे उनके कुछ भागों का जवाब मिल गया था और नाही सिर्फ जवाब मिला tha,balki जैसा की ास्मोडियस ने कहा tha,hamara उन जवाबों का सामना करने का वक़्त भी आ चूका था.....
MAI-AV,tum यहीं rooko...hum इस्ला के हालत को ठीक करके आते हैं...
अवंतिका को सब बता हम तीनो गायब हो चुके थे.....
प्लेनेट- इस्ला
PLACE-FLOATING माउंटेन
ये कैसी माया HAI????MAI इस कम्पन को पूरी तरह से रोक क्यों नहीं पा रहा हूँ.....
मेरे उच्चारित किये हुए हर मंत्र का असर तोह इन पहाड़ों पर हो रहा HAI,PAR केवल कुछ HI शान के लिए....
कुछ शान पश्चात् मेरे मंत्रो का प्रभाव अपने आप HI ख़त्म हो जा रहा है.....
अगर ऐसा HI चलता RAHA,YE कम्पन यूँही होते रहे तोह सिर्फ कुछ वक़्त की बात HAI,YE पहाड़ इन कम्पन को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे और नीचे गिर जाएंगे...
और अगर ऐसा हुआ TOH.....NAHI NAHI,MAI ऐसा नहीं होने दे SAKTA....EK बार और प्रयास करके देखता हूँ....
ये बोल डिफेंडर जैसे hi अपना अगले स्पेल बोलने को हुए....
कोई फायदा नहीं HOGA......AAP इस कम्पन को नहीं रोक पाएंगे.....
जैसे hi ये आवाज़ डिफेंडर के कानो में gunji,DEFENDER के चेहरे पर एक मुस्कराहट नाच गयी....
आवाज़ के गूंजने के अगले hi सेकंड डिफेंडर के सामने एक तेज़ रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच में से mai,ANJALI और रोनित प्रकट हुए....
मई- खड़े हो जाईये डिफेंडर....
DEFENDER-LORD,jis अदृश्य शक्ति ने समस्त ब्रम्हांड को घेरे हुए tha,aakhirkaar उसने आगे बढ़ना आरम्भ कर दिया है.....
मैंने इससे रोकने की बोहोत कोशिश ki,kintu मई बस कुछ पल के लिए hi कामियाब हो पाया.....
कुछ देर तक रूकने के बाद ये मेरे मन्त्रों को विफल कर रही है....
मई- इसका कारण मेरे द्वारा बिछाया गया शील्ड hai....wo अदृश्य शक्ति मेरे शील्ड से चिपक उससे धक्का देने की कोशिश कर रही है..
वो इसमें कामियाब तोह नहीं हो पा रही किन्तु मेरी शील्ड और उस नकारात्मक शक्ति के टकराने की वजह से ये कम्पन हो रही है....
बूम........
अभी कोई कुछ कहता की तभी हमारे उत्तरी भाग से इस धमाके की आवाज़ आयी जिससे सुन डिफेंडर और मेरे दोनों दोस्त चौंके....
मई- कम्पन सिर्फ इन पहाड़ों में hi नहीं हो रहा hai,balki ज़मीं के अंदर भी हो रहा है....
उसी कम्पन के फल स्वरुप यहाँ से उत्तरी क्षेत्र में जो वन hai,wahan लावा फटा है...
आप सब शीघ्र वहां पहुंचे और उस लावा को रोकें....
अन्यथा अगर उस लावा ने उस वन में मौजूद वृक्षों को chhua,toh पूरा जंगल आग की चपेट में आ जायेगा....
मेरी बात सुन RONIT,ANJALI और डिफेंडर तीनो गायब हो गए.....
मई- अब इन विब्रेशन्स का क्या karun????inhe जड़ से मिटने के लिए मुझे पहले अपने शील्ड को हटाना होगा....
पर उसके बाद मुझे कुछ सेकण्ड्स तोह कमसेकम चाहिए hi होंगे इस नेगेटिव एनर्जी को ख़त्म करने के लिए...
अगर इस दौरान ये हर तरफ फैले गयी तोह इससे ख़त्म करने के चक्कर में पूरा इस्ला ख़त्म हो जाएगा.....
ये तोह ाचा है की अब तक ये जो कुछ भी हो रहा hai,ye यहाँ के लोगों के रहवासी इलाकों से दूर हो रहा है..
वर्ण अब तक तोह पुरे इस्ला में हड़कंप मच जाता.....
वहीँ जंगल में:-
रोनित- arre,ye लावा तोह बड़ी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है....
अंजलि- haan,aisa लग रहा है मानो इससे कोई धक्का दे रहा है...
RONIT-aur कोई kya,iske पीछे भी वही नेगेटिव एनर्जी होगी....
डिफेंडर- haan,par एक बात अछि है और वो ये की अब तक ये लावा जिस जगह पर hain,wahan सिर्फ छोटे छोटे पौधे और घांस है...
इसीलिए वन को कोई ख़ास हानि अब तक नहीं पहुंची है...
अंजलि- ये बस कुछ समय की hi बात hai...jis तेज़ी और तीव्रता से ये लावा आगे बढ़ रहा hai,kuch hi पलों में ये इस जंगल के मुख्या भाग यानी घने एरिया में होगा और अगर ऐसा हुआ तोह यहाँ कुछ भी नहीं बचेगा...
इसीलिए हमे जो भी करना hai,wo तुरंत करना होगा....
रोनित- एक काम करता hun,mai इस जगह पर बारिश करवाता हूँ....
ANJALI-idea तोह ठीक है पर उतने से काम नहीं hoga...saath में कुछ और भी लगेगा....
haan,ek काम करती hun,jo पानी girega,mai उसमे चक्रवात पैदा करती हूँ....
उस चक्रवात की शक्ति से बारिश का प्रभाव और बढ़ जाएगा जिससे वो लावा को अपने अंदर खींच लेगी....
DEFENDER-jaise hi तुम रोनित के द्वारा गिरायी बारिश में चक्रवात पैदा karogi,aur वो चक्रवात लावा से takrayegi,toh मुझे पूरा विश्वास है की उस लावा के साथ साथ चल रहे नकारात्मक ऊर्जा में भी बदलाव आएगा...
हो सकता है की वो लावा को अनियंत्रित karde...isiliye मई उसके आस पास के सभी जगहों पर अपनी शील्ड बिछा dunga....isse अनियंत्रित होने के बावजूद भी वो ऊर्जा कुछ कर नहीं पाएगी....
रोनित- haan,ye ठीक rahega..lets दो आईटी गुइज़....
ये बोल........
प्रचंड वर्षा करोति
फ़ीरी रेन फॉल
ये स्पेल रोनित ने कहा tha..SPELL के उच्चारित होते hi ऊपर आसमान में एक तेज़ गर्जना हुई और अगले hi पल सिर्फ उस एरिया में जहाँ लावा फैला हुआ tha,tez बारिश होने लगी....
जैसे hi बारिश ने रफ़्तार पकड़ी....
चक्रवात आविर्भवति
व्हिरलविंद अप्पेअर
ये स्पेल अंजलि ने कहा tha...SPELL के उच्चारित होते hi रोनित द्वारा बरसाई गयी बारिश के इर्द गिर्द एक चक्रवात ने जन्म लेना शुरू किया और कुछ hi पलों में उस चक्रवात ने उग्र यानी इंटेंस रूप ले लिया...
उस चक्रवात ने खुदको पानी में लपेटना शुरू कर दिया और देखते hi देखते उस पानी से भरे चक्रवात ने पुरे लावा को खुदमे सोखना शुरू कर दिया.....
अब बारी थी डिफेंडर की और इसीलिए.....
कार्मिकया
शिबिल्ड थॉट्स बाउंड विथ ा ड्यूटी
डिफेंडर के स्पेल उच्चारित करते hi अंजलि द्वारा बनाये गए चक्रवात के चारो तरफ एक शील्ड बन गयी जिसका ये मतलब था की वो लावा और उस लावा से जुड़ा हुआ वो नेगेटिव एनर्जी अब फास चुके थे.....
कुछ पल तक भीषण बारिश होती रही जिस में बरस रहे पानी को खुदमे चिपका वो चक्रवात लावा को समेटने हुए एक जगह पर घूमता रहा....
कुछ वक़्त तक ये सब चलता रहा और फिर देखते hi देखते वो लावा ख़त्म होने लगा और कुछ hi पलों में उस वन में सिर्फ बरसात और चक्रवात hi tha,laava ख़त्म हो चूका था....
ANJALI/RONIT-YESSSSS...........
मंत्र समाप्तम
SPELL.OVER.....
अंजलि और रोनित ने ये स्पेल साथ बोलै जिसके उच्चारित होते hi बारिश और चक्रवात ख़त्म हो गए...
डिफेंडर- बोहोत khub.......kaafi अछि युक्ति सोची थी तुम दोनों ने....
ANJALI/RONIT- धन्यवाद......
ये बोल तीनो वापस गायब हो गए.....
बैक तो हीरो:-
एंगेल्स..........
मेरे मन hi मन ऐसा कहते hi कुछ एंगेल्स मेरे आगे प्रकट हुए.....
MAI-mai अपने शील्ड को हटाने जा रहा hun...jab ऐसा होगा तब उसके पीछे छुपी नकारात्मक ऊर्जा तेज़ी से हर तरफ फैलने लगेगी....
इसीलिए मेरे शील्ड के हटते hi आप सबको अपनी शक्ति से उस नकारात्मक ऊर्जा को कुछ पल तक रोके रखना है.....
ANGELS-ji लार्ड......
एंगेल्स को उनका काम समझकर मैंने एक पल के लिए अपनी शील्ड को देखा और अगले hi पल....
कवच परनज़यती
शील्ड वाणीश......
मेरे स्पेल उच्चारित करते hi मेरी शील्ड गायब हो गयी और तभी.....
वो नकारत्मक शक्ति जिससे मेरी शील्ड ने रोक रखा tha,wo आज़ाद हो गयी जिस वजह से वो हर तरफ फैलने लगी पर तभी......
मेरे आस पा खड़े एंगेल्स ने अपने अपने हाथ आगे किये....
उनके ऐसा करते hi उन सबके हाथों से तेज़ वाइट एनर्जी की रेज़ निकलकर उस नेगेटिव एनर्जी से टकराई....
पर इतना काफी नहीं tha.....ANGELS के छोड़े गए रेज़ से वो नेगेटिव एनर्जी धीरे तोह हुई पर रुकी nahi...aur इसीलिए.....
पर्यवस्यति विबजूति विमुक्ति
कम्पलीट पावर रिलीज़
एंगेल्स ने इस स्पेल का एक साथ उच्चारण किया और उनके ऐसा करते hi...
सारे एंगेल्स के हाथ के साथ साथ उनके सारे शरीर से रेज़ निकलने लगी जो असल में उनकी पूरी ऊर्जा थी...
वो साड़ी रेज़ एक साथ आगे बढ़ते हुए उनके सामने खड़े उस नेगेटिव एनर्जी से टकराई और ऐसा होते hi एक साथ दो चीज़ें हुई....
pehli.....wo नेगेटिव ेनेग्री एक जगह पर रूक गयी....
dusri....us नेगेटिव एनर्जी का कुछ भाग मेरे एंगेल्स के छोड़े गए रेज़ से बांधकर एंगेल्स को भी छूने लगा जिस वजह से जैसे कुछ देर पहले तक फ्लोटिंग माउंटेन्स विबरते कर रहे the,thik वैसे hi अब सारे एंगेल्स विबरते करने लगे...
मई समझ चूका था की अगर मैंने कुछ पल की भी देरी और की तोह सारे एंगेल्स ख़त्म हो जाएंगे और इसीलिए.....
शक्तियम विनाशते
एनर्जी डिस्ट्रॉय
जैसे hi मैंने स्पेल bola....BOOM..........
एक तेज़ धमाके के साथ वो नेगेटिव एनर्जी की चादर ब्लास्ट हो गयी....
पर इसके साथ एक और चीज़ hui....mere सारे एंगेल्स जो की ना चाहते हुए भी उस नेगेटिव एनर्जी से जुड़े हुए the,dhamake का इम्पैक्ट उन सब पर भी हुआ....
धमाका होते hi वो सारे अबगेल्स पीछे की तरफ उड़ गए...
उन सबकी आँखें बंद हो चुकी thi..kisi निर्जीव प्राणी की भाति ढीले हो वो सब हवा में लुढ़के हुए से तैर रहे थे....
आज मुझे खुदपर बोहोत ग़ुस्सा आ रहा tha..mai इन सबका लार्ड tha...aaj जैसे मेरे आदेश पर इन्होने खुदकी परवाह ना करते हुए अपना कर्त्तव्य निभाया tha,thik वैसा hi कुछ दायित्व मेरा भी इन सबके प्रति था...
इन सबकी सुरक्षा मेरी ज़िम्मेदारी thi...par जो हुआ उससे बदला तोह नहीं जा सकता था पर haan,thik ज़रूर किया जा सकता था और इसीलिए.....
मेरे हाथों से कुछ रेज़ निकली जो सीधे जाकर सारे एंगेल्स से टकराई और कुछ hi पलों में निर्जीव से पड़े सारे एंगेल्स ठीक हो चुके थे...
ठीक होते hi मुझे ध्यन्यवाद कहने के लिए जैसे hi वो कुछ बोलने को हुए....
MAI-kuch कहने की ज़रुरत नहीं hai...aapne अपना कर्त्तव्य निभाया और मैंने apna..aap जा सकते हैं....
मेरे कहते hi सारे एंगेल्स एक बार मेरे आगे झुके और अगले hi पल वो सब गायब हो चुके थे....
जैसे hi एंगेल्स गायब hue,thik तभी RONIT,ANJALI और डिफेंडर मेरे सामने प्रकट हुए...
रोनित- अरे waah,yahan की प्रॉब्लम भी ख़त्म हो गयी....
मई- hmm..wapas चलते हैं...
डिफेंडर से अलविदा कह हम तीनो गायब हो गए इस बात से अनजान की जिस समस्या को हम ख़त्म हुआ समझ रहे थे वो भी हमारी hi तरह सिर्फ गायब हुआ hai,khatm नहीं.......
PLACE-LONAVLA,FARM हाउस
क्या HUA????SAB ठीक हो गया ना???
एक्ससिटेमेंट और टेंशन के बीच फांसी अवंतिका ने हमारे वापस आते hi हमसे पूछा hi था की तभी.....
मुझे एक ज़ोर का झटका laga.....SAB ठीक HAI...ye शब्द जो मेरे मुँह से बाहर आने hi वाले the,wo वापस मेरे अंदर चले गए....
आखें मेरी अजानी आशंकाओं से घिरी दिखने लगी थी....
वही इन सब से अनजान अंजलि और रोनित...
रोनित- haan,ab सब कुछ अंडर कण्ट्रोल है.....
अंजलि- एक पल के लिए तोह लगा था की शायद हम कामियाब नहीं honge,par हम कामियाब हुए....
AVANTIKA-mujhe तोह ऐसा नहीं लगता....
ANJALI/RONIT- मतलब????
अवंतिका जो मुझे hi देखे जा रही थी और साथ hi मेरे चेहरे के बदलते भावों को भी नोट कर रही thi,usne रोनित और अंजलि को मेरी तरफ देखने का इशारा किया...
और जब इन दोनों की भी नज़र मुझपर padi,toh दोनों शॉकेड हो गए....
अंजलि- क्या हुआ V.J...fir कुछ नया हुआ है क्या???
मई- नया भी और पुराण भी.....
सब- मतलब....
मई- नया ये की यूनिवर्स के हर लाइफ सर्विंग प्लेनेट पर एक साथ वो नेगेटिव एनर्जी एक्टिवटे हो गयी है..
जिसकी वजह से हर प्लेनेट में विब्रेशन्स शुरू हो गए हैं....
अंजलि- और पुराण???
MAI-ISLA की जिस प्रॉब्लम को हम सब ख़त्म समझ वापस आ गए वो प्रॉब्लम सिर्फ गायब हुई thi,khatm nahi...aur अब वो प्रॉब्लम फिरसे वापस आ गयी है.....
ANJALI/RONIT-WHAT????par ये कैसे हो सकता है????
MAI-sab कुछ हो सकता है बस तरीका मालुम होना चाहिए और ास्मोडियस ने वही तरीका ढूंढ लिया है...
रोनित- पर ऐसा कौन सा तरीका है जो तेरी तक पकड़ में नहीं आ रहा है...???
मई- इन सब के लिए अभी वक़्त नहीं hai...abhi डिफेंडर अपनी पूरी शक्ति लगाकर इस्ला में दोबारा फाटे लावा और बाकी जगहों पर फैलने वाले उस नेगेटिव एनर्जी को अकेले रोकने की कोशिश कर रहे हैं...
पर वो ये ज़्यादा देर तक नहीं कर पाएंगे.
तुम दोनों तुरंत उनकी मदद करने के लिए जाओ....
अंजलि- पर V.J...har जगह पर जो नेगेटिव एनर्जी फैली हुई hai,tujhe तोह पता है की वो किसकी hai...hum दोनों मिलकर भी शायद उसका सामना ना कर पाएं....!!!!
रोनित- और तूने अभी कहा ना की प्रॉब्लम हर प्लेनेट में शुरू हो गयी है तोह उन सबके बारे में तूने क्या सोचा है???
मई- हर प्लैनेट्स पर एंगेल्स पहुँच चुके hain...par वो भी तुम दोनों की hi तरह पूरी तरह से समर्थ नहीं हैं उस ऊर्जा को रोकने के लिए....
अंजलि- वही तोह मई कह रही hun....toh फिर सब कैसे ठीक होगा???
MAI-uski चिंता तू मत kar..is बार जब तुम दोनों और सारे एंगेल्स स्पेल bologe,tab तुम सब की शक्ति मुझसे जुडी होगी....
इससे तुम सबके स्पेल्स हज़ार गुना तक ज़्यादा इम्पैक्टफुल हो jaayenge....par haan,kyunki ऐसा करने से तुम सब मेरी शक्तियों से डायरेक्ट judoge,isiliye तुम्हे बोहोत ज़्यादा दर्द होगा...
अंजलि- जितना भी दर्द हो V.J अगर यूनिवर्स को बचाना है तोह हम कुछ भी कर गुज़रेंगे....
RONIT-exactly...hum दोनों जा रहे hain,tu अपना काम शुरू कर....
ये बोल दोनों गायब हो गए....
अवंतिका- क्या तुम यहीं से सारे एंगेल्स के साथ जुड़ोगे???
मई- नहीं AV.....is क्रिया में मेरी बोहोत ज़्यादा ऊर्जा बाहर aayegi...ye jagah,ye जगह क्या मई ऐसा किसी भी संसार में नहीं कर सकता...
इसके लिए मुझे वापस ट्विस्टेड डायमेंशन ने जाना होगा...
अवंतिका- क्या मई भी साथ chalun....?????arre ये तोह.....
अभी अवंतिका ने अपनी बात कही hi थी की तभी वो चौंक गयी......
reason....is वक़्त हम दोनों हमारे फार्म हाउस के कमरे में नहीं बल्कि मैजिकल डायमेंशन में थे....
MAI-kaam शुरू करते हैं.....
समभिनत्ति स्वः शक्तियें
ज्वाइन विथ माय पावर्स
जैसे hi मैंने स्पेल उच्चारित kiya,mere सारे शरीर से एक साथ लाखों करोड़ों रेज़ निकली और तेज़ी से सारे जीवन देई ग्रहों की तरफ निकल पड़ी और जैसे hi वो सारे रेज़ उन प्लैनेट्स में मौजूद मेरे दोनों doston,DEFENDER और एंगेल्स के शरीर पर पड़ी....
AAHHHHHHHHHH.............................
एक तेज़ दर्द की लेहेर उन सबको फील होने लगा पर अपनी दर्द की परवाह ना करते हुए....
शक्तियम विमुक्ति
पावर रिलीज़
सभी ने एक साथ इस स्पेल को उच्चरित किया और ऐसा करते hi सभी के शरीर से एक साथ काफी मात्रा में वाइट एनर्जी निकली और सीधे जाकर उस ब्लैक एनर्जी के चादर से तर्करायी और अगले hi पल....
दो चीज़ें हुई.....
pehli.....wo ब्लैक एनर्जी जो की लगातार आगे बढ़ रही thi,wo अपनी जगह पर जड़ सी होकर रूक गयी...
dusri....kyunki इस बार मई ने एक साथ पुरे ब्रम्हांड में फेल उस ब्लैक एनर्जी पर एक साथ अपनी पावर रिलीज़ की thi,isiliye मुझे उस ब्लैक ऊर्जा के बारे में एक नयी जानकारी मिली जिससे जानकार मुझे एक झटका लगा था......
और इस नए झटके की वजह से मेरे चेहरे पर भी सुर्प्रिसिंग एक्सप्रेशंस ने जन्म लिया था जिससे अवंतिका ने देख लिया....
अवंतिका- क्या हुआ V.J...problem अब भी ठीक नहीं हुई क्या????
मई- प्रॉब्लम ठीक तोह नहीं हुई है पर फिलहाल के लिए रूक गयी hai....par बात कुछ और है......
अवंतिका- क्या????
MAI-batata hun..pehle यहाँ से चलते हैं...
मैंने मन hi मन सारे एंगेल्स को वापस लौटने को kaha...itni ज़्यादा मात्रा में वाइट एनर्जी के टकराने की वजह से फिलहाल के लिए कुछ देर तक वो ब्लैक एनर्जी रुकी रहने वाली थी और इसी बीच मुझे इस प्रॉब्लम का एक परमेनन्ट इलाज ढूंढना था...
इसी सोच के साथ मई अवंतिका को लेकर गायब हो गया पर मुझे क्या मालुम था की जिस सलूशन को मई ढूंढ रहा hun,wo तोह मेरे सामने hi है और कुछ hi देर में मुझे पता भी चलने वाला है पर जिस सलूशन के मिलने पर मुझे खुश होना chahiye,mujhe खबर नहीं थी की वही सलूशन मेरी दुनिया हिलाने वाला है.....
प्लेस- फार्म हाउस
रोनित- bhai,jab तेरी पावर्स हमारे शरीर से takrayi,toh ऐसा लगा मानो कोई हमारे बॉडी पार्ट्स को काट कर अलग कर रहा है....
ANJALI-haan yaar....dard तोह dard,uske ऊपर दिमाग के नसों तक में अजीब से चुभन होने लगी थी....
पर कोई naa,kamsekam इतनी बड़ी टेंशन जो हम सबके सर के ऊपर नाच रही thi,wo तोह फिलहाल के लिए रूक गयी....
अंजलि और रोनित अपनी अपनी बात कहे जा रहे the,par मेरा ध्यान तोह उस नए झटके पर hi था जो अभी अभी मुझे लगा था...
कुछ देर बाद जब मेरे ख़ामोशी के पीछे छुपे टेंशन ने इन दोनों को क्लिक किया तोह...
अंजलि- क्या बात है V.J तू अब भी टेंशन में लग रहा है???
रोनित- टेंशन तोह होगी hi naa....problem सिर्फ ताली hai,khatm नहीं हुई पर यार मुझे पता है की तू कोई ना कोई सौतिओं निकल hi लेगा....
मई- उसी बात का तोह दर है.....
ANJALI/RONIT-kya मतलब????
MAI-solution से पहले ेकशन समझ में आना ज़रूरी hai...aur जो ेकशन मेरे सामने आया hai,uska सलूशन अच्छा तोह हो नहीं सकता???
रोनित- bhai,kuch समझ में आये ऐसा बोल...
MAI-jab मैंने अपनी पावर्स तुम सब से जोड़ी और जैसे hi तुम सबने स्पेल बोल उस नेगेटिव एनर्जी को roka,tab मुझे कुछ दिखाई दिया था....
अंजलि- क्या दिखाई दिया???
मई- यही की वो नेगेटिव एनर्जी है तोह ास्मोडियस की पर......
ANJALI-par क्या????
MAI-us शक्ति का श्रोत बदल गया है..
रोनित- शक्ति का श्रोत बदल गया hai!!!tu कहना क्या चाहता है....???
मई- dekh...jaise हम जब किसी को पुश करते hain,tab पुश करने वाली चीज़ को हाथ से धक्का देते हैं...
पर उस धक्के को ताकत हाथ नहीं बल्कि उस हाथ को जोड़ने वाले जॉइंट्स देते हैं..
वही हाथ की शक्ति का श्रोत होते hain..thik वैसे hi जो नेगेटिव एनर्जी इस वक़्त पुरे यूनिवर्स में फैली हुई hai,wo है तोह ास्मोडियस की पर उसका श्रोत मतलब स्टार्टिंग पॉइंट कोई और hai,ASMODEUS नहीं....
मेरी बात सुन अवंतिका के साथ साथ रोनित और अंजलि भी सॉलिड चौंके थे....
रोनित- मतलब ास्मोडियस की शक्ति किसी और से फ्लो होते हुए पुरे यूनिवर्स में फैली हुई है.....
कौन हो सकता hai???kahin बिल्जेबब तोह नहीं....
मई- nopes...agar वो होता तोह मुझे पता चल चूका hota....wo kya,koi भी नेगेटिव एनर्जी का धारक अगर ये करे तोह मुझे पता चल जाएगा....
ऐसा करने के लिए ास्मोडियस को किसी ऐसे बन्दे की ज़रुरत है जिसके पास..............
मेरी प्रोटेक्शन हो................
अपनी बात कहते कहते मेरे दिमाग में कुछ क्लिक हुआ जिससे समझ मैंने अपनी बात पूरी की पर मेरी आखरी बात सुन तीनो फिरसे चौंके....
अंजलि- तेरी protection.....matlab????
मई- बर्फ के ऊपर बर्फ रखो तोह बर्फ नहीं pighalta..uske लिए गर्मी ki,aag की ज़रुरत पड़ती है...
इसीलिए hi जो एनर्जी हर तरफ फैली hai,wo हमारे एफ्फोर्ट्स से बस रूक रही hai,khatm नहीं हो रही..
अगर कोई डेविल या नेगेटिव एनर्जी का धारक इन सबके पीछे होता तोह मेरे पावर्स के उन नेगेटिव ऊर्जा को छूटे hi वो मर जाता और मुझे पता भी चल जाता...
पर हो उल्टा रहा hai...us नेगेटिव एनर्जी पर मेरी शक्तियों का भी असर नहीं हो रहा है...
और इसका एक hi रीज़न हो सकता है और वो ये की जो भी श्रोत इन सबके पीछे hai,wo ास्मोडियस से नहीं बल्कि मुझसे जुड़ा है..
उसके पास मेरी शील्ड है जिसकी वजह से वो नेगेटिव एनर्जी का श्रोत दिख नहीं रहा...
अंजलि- ओह माय GOD.......ye तोह बोहोत खतरनाक बात hai....par आखिर ऐसा कौन होगा जिससे ास्मोडियस ने इतने खतरनाक काम के लिए चुना होगा....????
पहली बार इस रूम में आते वक़्त मेरे दिमाग में कुछ आया tha,wahi सोच एक बार फिरसे मेरे दिमाग में आयी पर मैंने फिरसे उस सोच को दिमाग से निकलने का सोचा पर तभी.....
मेरे सीने के बीच एक तेज़ रौशनी हुई जिसका सिर्फ एक मतलब था और वो ये की वक़्त आ चूका था पहली भविष्यवाणी के खुलने का...
तेज़ रौशनी के बीच वो भविष्यवाणी ठीक मेरे सामने आकर रूक गयी....
अब भी उस छर्रे रुपी भविष्यवाणी के ऊपर लिखा हुआ था एंगेल्स सैक्रिफाइस.....
कुछ देर तक यूँही गोल गोल घूमने के बाद:-
नहीं हो सकता तू नाविक
एक साथ दो दो नाव का,
वक़्त आ गया है किसी
एक के चुनाव का....
जो तूफ़ान आने का है,
वो हर हाल में आएगा,
तेरा जो दर है,
आज वो सच हो जाएगा....
अपनी असलियत तुझे आज
खुदको दिखानी होगी,
या तोह पूरा संसार मरेगा,
या जिसने तुझे बचाया है,
उनकी कुर्बानी होगी......
जैसे hi भविष्यवाणी ख़त्म हुई....
धम्म्म्म............
मई लड़खड़ाते हुए नीचे गिर गया.....
अंजलि और रोनित को भविष्यवाणी का मतलब तोह समझ में नहीं आया था पर मेरे यूँ अचानक गिरने से दोनों को इतना अंदाज़ा ज़रूर हो गया था की बात जो भी hai,wo उनकी सोच से भी ज़्यादा बुरी है....
वहीँ दूसरी तरफ लगातार तेज़ी से बह रहे अवंतिका के आंसू इस बात को प्रमाणित कर रहे थे की मेरी hi तरह उससे भी भविष्यवाणी का मतलब समझ में आ चूका था....
पर इस वक़्त मुझे सँभालने के लिए उसका कण्ट्रोल में रहना ज़रूरी था पर कहीं न कहीं वो ये भी जानती थी की ये पॉसिबल नहीं है...
और हुआ भी ऐसा hi....kuch देर तक शुन्य में घूरते रहने के बाद अचानक.....
ASMODEUSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSS..........
एक दहाड़ मेरे मुँह से nikli...is बार मेरी आवाज़ इतनी ज़ोर की थी की अवंतिका के शील्ड को उसके सामने आना पड़ा मेरे आवाज़ से निकली एनर्जी से उससे बचने के लिए...
पर अंजलि और रोनित के ऊपर मेरी आवाज़ की ऊर्जा का प्रभाव pada..mere चीखते hi मेरे चारों तरफ एक तेज़ हवा का प्रवाह निकला जिसने अंजलि और रोनित को पीछे हवा में उछाल दिया...
पर दोनों ने हवा में hi अपनी अपनी बॉडी को कण्ट्रोल किया और फ्लोर पर उतर aaye...wahin मेरी आवाज़ की तीव्रता से पूरा फार्म हाउस कांप गया था....
ऐसा लगा मानो कोई भूकंप आया ho....neeche हॉल में बैठे हमारे घरवालों को मेरी चीख किसी दहाड़ की तरह लगी जिससे सुन सभी सेहम से गए थे...
वहीँ मेरे मुँह से अपना नाम सुन ास्मोडियस के चेहरे पर एक स्माइल आ गयी थी....
ास्मोडियस- आखिर मेरे भाई को सच पता चल hi गया.....
धड़ाक.........
अभी ास्मोडियस ने इतना कहा hi था की तभी किसी के हाथ ने उसकी गर्दन को पकड़ा और अगले hi पल ास्मोडियस का बॉडी हवा में तैरता हुआ सा सामने दीवाल से जाकर टकराया...
ये काम और किसी ने नहीं मैंने किया tha.....jahan मुझे अचानक नीचे देख पहले सारे घर वाले शॉकेड हुए वहीँ मेरी हरकत को देख डबल शॉकेड...
MOM-VICKY.....ye क्या...........??????
इससे आगे माँ कुछ नहीं कह पायी...
reason....maine अपना हाथ आगे कर उन्हें कुछ न कहने का इशारा किया था पर उनके चुप होने का रीज़न और कुछ था...
और वो ये था की इस वक़्त मेरी आँखें आंसुओं से भरी हुई thi....uske ऊपर मेरे जबड़े सख्ती से एक दूसरे से भींचे हुए थे.....
मेरा पूरा शरीर ग़ुस्से की अधिकता की वजह से कांप रहा था...
मुझे इस कंडीशन में आज तक किसीने भी नहीं देखा था और आज जब मेरा ये रूप सामने आया था तोह उससे देख माँ के साथ साथ सभी शॉकेड के मारे चुप से हो गए थे....
वहीँ गिरने के अगले hi पल ास्मोडियस खड़ा हो चउकस था और अभी भी उसके चेहरे पर वही स्माइल थी....
मई उसकी तरफ आगे badha..mujhe आगे बढ़ते देख डैड मुझे रोकने के लिए कुछ कहने hi वाले थे की तभी कुछ ऐसा हुआ की डैड के साथ साथ सबके मुँह बंद और आँखें फटी की फटी रह गयी...
तोह हुआ ये की आगे बढ़ते हुए मेरे हाथों में मेरी सोर्ड आ गयी thi..itna hi nahi,mai धीरे धीरे ऊपर हवा में उठ गया था..
अब ये नज़ारा किसी आम इंसान के लिए तोह नामुकिन hi है और ख़ास कर तब जब ये जो कर रहा hai,wo आपका अपना बीटा हो तोह ऐसे में हालत तोह ख़राब हो hi जायेगी ना...
ास्मोडियस- वैसे तोह तुम्हारे द्वारा मुझे इस सोर्ड से मारा जा सकता है पर फ़िलहाल मई नहीं मर सकता...
और ये तोह अब तुम भी जान hi चुके हो ना भाई.....
मई- मई तेरा भाई नहीं हूँ........
ये बोल मेरी तलवार तेज़ी से चली और अगले hi पल.....
नहीं............................
ये चीख मेरे सारे घरवालों के मुँह से निकल गयी थी....
reason.....ASMODEUS का सर उसके धड़ से अलग होकर नीचे गिर चूका था पर अगले hi पल जो hua,usse देख मेरे घरवालों की आँखें शॉक से और बड़ी हो गयी.....
दरअसल ास्मोडियस का सर जो की उसके सर से अलग हो चूका tha,wo अगले hi पल वापस उसके धड़ के ऊपर जाकर जुड़ गया था.....
ास्मोडियस- ये क्या बच्चों वाली हरकत कर रहे हो मेरे bhai....mujhe तुमसे ये उम्मीद बिलकुल नहीं थी....
MAI-aur नाही मुझे तुमसे....
ये बोल मई आगे बढ़ा और मैंने ास्मोडियस का गाला पकड़ उससे ऊपर उठा दिया.....
माँ- VICKY...rook जा beta....tujhe मेरी कसम....
MAI-MOMMMMMMM..............
माँ की बात सुन मई इतनी जोरसे चीखा की एक पल के लिए वो दर गयी पर उनके चेहरे पर दर देख मुझे खुदपर बोहोत ग़ुस्सा आया...
मेरे हथेली की पकड़ ास्मोडियस के गले से ढीली हो गयी जिससे वो नीचे ज़मीं में आ गया.....
पर तभी.....
ANJALI-VIKRAM को तोह कसम ने रोक लिया पर हम तोह वार कर hi सकते हैं ना....
विनाशयम अबजूते.......
डिस्ट्रॉय रेज़.....
मंत्र के उच्चारित होते hi अंजलि और रोनित के हाथों से दो रेज़ निकली और ास्मोडियस की तरफ लपकी....
मेरे बाद अंजलि और रोनित को यूँ जादू करता देख मेरे घरवालों का शॉक तोह डबल होना hi था....
वहीँ ास्मोडियस ने अंजलि और रोनित की रेज़ को रोकने के लिए कुछ नहीं kiya..wo रेज़ ास्मोडियस को लगी ज़रूर पर उन रेज़ का उसपर कोई असर नहीं हुआ.....
इन सब से अलग मई वापस अपने घुटनो पर आ गया tha.....apne दोनों हाथों से अपने चेहरे को धक् मई ज़ोर ज़ोर से रोने लगा था...
माँ डैड भले hi इस वक़्त शॉक में the,par मुझे यूँ रोटा देख वो सब भूल मेरी तरफ दौड़े.....
माँ- क्या हुआ beta.....tu रो क्यों रहा hai????maine कसम दी इसीलिए रो रहा है kya???agar मेरी वजह से रो रहा है तोह प्लीज माफ़ कर दे बच्चा......
माँ की बात सुन मेरा रोना और बढ़ गया था....
MAI-KYUNNNNNNN?????MERE साथ HI KYUN???????KYA बिगाड़ा है मैंने KISIKA????HAMESHA वही तोह किया है जो तू चाहता था फिर KYUN????ISSE ाचा तोह मुझे HI मार देता तू.......
चटाख.........
ये थप्पड़ डैड ने मारा था मुझे....
डैड- क्या बकवास कर रहा है tu.....????kya इसी दिन के लिए पैदा किया था तुझे की तू मरने की दुआ करे???
मई नहीं जानता की क्या हुआ hai???aisi कौन सी प्रॉब्लम है जिसकी वजह से मेरे शेर बेटे की आँखों में आंसू आ गए....
पर रीज़न जो भी ho,tu हार नहीं मान sakta...suna tune,situation जो भी ho,tu हार नहीं मान सकता.....
कुछ देर तक डैड मुझे समझते rahe....wahin मेरे आंसू तोह सुख चुके the..mai खामोश हो गया tha....dad को लगा की मई नार्मल हो रहा हूँ पर उन्हें कौन बताये की जो अंदर से मर चूका ho,wo नार्मल नहीं हो सकता.....
वहीँ माँ को जब लगा की जो हो रहा hai,uske बारे में वो अब बात कर सकती हैं तोह
माँ- beta,ab तोह बता की ये सब क्या hai???tu,ANJALI और रोनित जादू कर रहे ho???tu इससे मारने पर तुला हुआ hai...par तूने जो इसके साथ किया उसके बाद इसका सर वापस आ गया और ये ज़िंदा खड़ा है....!!!!
आखिर ये सब हो क्या रहा है????
पर माँ की बात का मैंने कोई जवाब नहीं diya..mai अब भी चुप चाप बैठा हुआ था....
ास्मोडियस- इसका जवाब मई देता hun...par सबसे पहले प्रॉपर इंट्रोडक्शन होना ज़रूरी है...
ये बोल ास्मोडियस आकर हॉल के बीच में आकर खड़ा हो गया....
ास्मोडियस की बात सुन मेरे माँ डैड खड़े होकर बाकी घर वालों के पास चले गए... वहीँ ANJALI,RONIT और अवंतिका मेरे पास आकर खड़े हो गए...
बाकी की हम तीनो की फॅमिली जो अब भी हलके डरे हुए the,wo भी ास्मोडियस की बात ध्यान सुनाने लगे....
ास्मोडियस- ये batayiye,GOD को मानते हैं आप....????
ास्मोडियस की बात सुन सभी घरवालों को अजीब लगा पर फिर....
डैड- haan,maante हैं....
ास्मोडियस- badhiya...GOD के कुल दो पुत्र हैं जिनमे से एक आपके सामने खड़ा hai,matlab की मई ास्मोडियस और दूसरा आप सबके सामने बैठा hai,matlab की ये विक्रम.......
ास्मोडियस ने बिना कोई भूमिका बांधे सीधे सपाट तरीके से अपनी बात कह di..par उसकी बात सुन सभी घरवालों को और सबसे ज़्यादा मेरे माँ डैड को शॉक laga...unhe समझ में नहीं आ रहा था की वो कैसे रियेक्ट करें????
कोई और वक़्त और हालात होते तोह ास्मोडियस की बात सबको कोरी बकवास लगती पर अभी अभी जो चीज़ें सबने देखि thi,usne सबको ास्मोडियस की बात पर यकीं करने पर मजबूर कर दिया था...
ASMDOEUS-yahi सच hai....mai आपके गॉड का पहला पुत्र hun....ek ऐसा पुत्र जिससे उसके पितः की बनायीं एक रचना जिससे मनुष्य कहते hain,kabhi भी पसंद नहीं थी और इसीलिए मई इस जाती का समूह नाश चाहता था...
पर मेरे पितः को इस जाती से या फिर ये कहूं की आपकी जाती से बोहोत प्रेम tha..unhone मुझे अपनी सोच बदलने को कहा पर मई नहीं माना और इसीलिए मुझे उन्होंने खुद से दूर कर दिया.....
पर उनके ऐसा करने से मेरी मनुष्यों के प्रति नफरत और बढ़ गयी और मैंने अपना खुदका एक साम्राज्य बनाया और जहाँ पहले मई गोड्स सोन के नाम से जाना चाहता tha,wahin अब मई डेविल्स लार्ड के नाम से जाना जाने लगा....
ास्मोडियस की बात सुन मेरे घरवालों के मन में हल्का दर सा पनप गया था.....
ASMODEUS-GOD मुझे मार नहीं सकते थे क्यूंकि मई उनका खुदका अंश hun..isiliye उन्होंने एक नए अंश को मेरे सामने उतारने की सोची...
उस अंश को उन्होंने आपके (मीनाक्षी) कोख में डाला और फलस्वरूप आपके घर में दूसरे परमेश्वर पुत्र और लार्ड ऑफ़ एंगेल्स ने जन्म लिया...
जी haan,aapke ये सुपुत्र सिर्फ आप दोनों और गॉड के बेटे hi नहीं बल्कि सारे एंगेल्स के लार्ड हैं....
और इनके ये दोनों dost.inke अंदर भी एंगेल्स की शक्ति है जो विक्रम ने hi इन्हे दी है....
जहाँ कुछ देर पहले तक ास्मोडियस की सच्चाई जानकार सभी घरवाले दर रहे the,wahin जैसे hi सबने मेरी सच्चाई जानी तोह सभी की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा...
अंजलि और रोनित के माँ डैड भी उनके बच्चो के बारे में जानकार बोहोत खुश हो गए थे......
माँ- मतलब मेरी कोख से जन्मा मेरा पुत्र खुद परमेश्वर की संतान है....
मई गॉड के पुत्र की माँ हूँ......
जहाँ माँ अपनी ख़ुशी ज़ाहिर कर रही thi,wahin डैड बस चुप रहकर इस ख़ुशी को महसूस कर रहे थे....
ASMODEUS-zyada ख़ुशी भी ठीक नहीं hoti....pata नहीं किस दरवाज़े गम अंदर घुस जाए...
और वैसे भी ये तोह सिर्फ इंट्रो tha,ab आते हैं असल मुद्दे par..us मुद्दे पर जिसकी वजह से आपके सुपुत्र मुझे मारने पर आमादा थे....
और वो पॉइंट वो बात ये है की फ़िलहाल पुरे ब्रम्हांड में काली शक्ति की एक परत सी बिछी हुई है जो किसी भी वक़्त सारे प्लैनेट्स को खा जायेगी...
आपके बेटे और उनके दोस्त लगातार उस शक्ति को ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं पर वो कामियाब नहीं हो पा रहे हैं...
जानते हैं kyun???kyunki जिस शक्ति को ये सब ख़त्म करने को कोशिश कर रहे hain,wo शक्ति मेरे जीवन से जुडी हुई है...
वो तभी ख़त्म हो सकती है जब मई ख़त्म हो jaaun....par मुझे ख़त्म करने के लिए किसी और का ख़त्म होना ज़रूरी है.....
ास्मोडियस की बात का मतलब किसी को भी समझ में नहीं आया और ये बात ास्मोडियस भी समझ रहा था और इसीलिए....
ASMODEUS-nahi समझ aaya..chaliye समझाता hun....darasal बात ये है की मैंने अपने जीवन कण को दो लोगों के जीवन कानो में मिलकर उन्ही दोनों के अंदर छुपा दिया है....
इसीलिए जिस काली शक्ति का चादर पुरे ब्रम्हांड में फैला हुआ hai,usme मैंने अपने बाकी के जीवन कण दाल दिए हैं...
अब जब तक उन जीवन कानो के श्रोत का पता नहीं चल jaata,tab तक वो काली शक्ति की चादर हटेगी नहीं.....
और अब आते हैं सबसे मज़ेदार बात par...jaante हैं वो दोनों कौन है जिनमे मेरे जीवन कण मौजूद हैं....????
विक्रम के MAA,BAAP मतलब आप दोनों......
ास्मोडियस की बात सुन जहाँ एक तरफ सबको अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा वहीँ मई वैसे hi शुन्य को घूरता हुआ सा बैठा रहा और मेरे साथ साथ अवंतिका भी नार्मल रही क्यूंकि उससे भी भविष्यवाणी के थ्रू ये बात पता चल चुकी थी....
रोनित- अपनी बकवास बंद kar..uncle,aunty,ye झूठ बोल रहा hai...aisa हो hi नहीं sakta....????VIKRAM ने आप सबके आस पास एक शील्ड बनायीं हुई hai,jiski वजह से कोई भी नेगेटिव एनर्जी आप दोनों तक पहुँच hi नहीं सकती...
तोह ऐसे में ये आपमें अपने जीवन कण कैसे इंजेक्ट कर सकता है...
ास्मोडियस- तुम बेवकूफ लगते तोह नहीं फिर बात नालायकों की तरह क्यों कर रहे हो....???
बातों को ध्यान से सुनाने की आदत daalo...maine कहा की मैंने अपने जीवन कण को दो लोगों के जीवन कानो में चुप्पाकार उनके अंदर प्रवेश कराया है..
ये दोनों जीवन कण विक्रम के माता पितः के hi हैं.....
अंजलि- आंटी और अंकल के जीवन कण तुम्हारे पास कैसे आये???
अंजलि के सवाल पर ास्मोडियस के चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी....
ASMODEUS-wo वक़्त तोह याद होगा जब तुम मेरी कैद में थी और विक्रम तुम तक नहीं पहुंच पा रहा था...
कारण क्या था ऐसा होने का....????
RONIT-tune विक्रम से उसका ओहदा चीन लिया था और उसके दिमाग को अपने कब्ज़े में कर लिया था...
ASMODEUS-kaise????
रोनित- उसके दिमाग में अपने खून को पहुंचकर.....
ASMODEUS-VIKRAM के दिमाग में अपने खून को पहुँचाने की असली वजह वो नहीं थी जो तुम सब समझ रहे थे....
विक्रम के खून में दो दो जीवन कण मौजूद hain..ek उसके पितः का और दूसरा उसकी माँ का...
मुझे वही दोनों जीवन कण चाहिए थे ताकि वक़्त पड़ने पर उसका इस्तेमाल कर सकूँ....
और dekho,maine इस्तेमाल कर लिया वो भी किसी को बिना पता लगने दिए.....
सबको साड़ी सच्चाई बारे आखिरमे ास्मोडियस मेरी तरफ पलटा...
ASMODEUS-VIKRAM.....tumhe तुम्हारे सवालों का जवाब भी मिल gaya....us जवाब से जो चुनौती सामने aayi,tumne वो भी पूरी कर ली और साथ hi साड़ी असलियत भी जान ली...
और अब आखिर में बारी है तुम्हारे फैसले ki....tumhare पास दो विकल्प हैं....
PEHLA.....ya तोह अपने माता पितः को बचा पुरे ब्रम्हांड में बसने वाले लोगों की कुर्बानी दे दो या फिर अपने माता पितः की कुर्बानी देकर पुरे ब्रम्हांड को बचा लो.......
RONIT-abbe अपनी बकवास बंद kar..saale अगर तू चाहे भी ना तोह अंकल आंटी को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा sakta..samjha???
ास्मोडियस- किसने कहा की मई नुक्सान pahunchaunga....ye kurbaani,ye बलिदान इतना आसान नहीं है...
विक्रम को स्वयं अपने हाथों से अपने माता पितः को मारना होगा...
तब जाकर कहीं पुरे ब्रम्हांड में जो काली शक्ति की चादर बिछी है और जो किसी भी वक़्त आगे बढ़ सकती hai,wo ख़त्म होगी....
असमदोटूस की बात सुन पुरे कमरे में सन्नाटा चा gaya....NAANA,NAANI,MAAMA,MAAMI,RONIT और अंजलि के gharwaale,kisi को भी समझ नहीं आ रहा था की वो सब कैसे रियेक्ट करें......????
ऐसा hi कुछ रोनित और अंजलि भी फील कर रहे the..AVANTIKA कास कर मेरा हाथ पकडे हुई थी मनो कह रही हो की तुम्हारा फैसला जो भी rahe,mai उसमे तुम्हारे साथ हूँ....
सभी के मन में नेगेटिव थॉट्स थे पर इन सबके बीच दो लोग ऐसे the,jinke चेहरे पर स्माइल थी...
ये दोनों और कोई नहीं मेरे माँ डैड थे....
DAD-VICKY.......
डैड की आवाज़ में सिर्फ मेरे लिए प्यार tha,ASMODEUS की बात सुननने के बाद भी कोई दर नहीं....
डैड की आवाज़ सुन इतने देर में पहली बार मेरा सर hila...maine माँ डैड की तरफ देखा जो मुझे hi देखते हुए मुस्कुरा रहे थे.....
डैड- मेरा बीटा असल में गॉड का बीटा hai...itni बड़ी baat,itni ख़ुशी की बात और तू यूँ उदास बैठा है....
पता hai,bachpan में जब सब मुझे अनाथ अनाथ कहकर चिढ़ाते the,mujhe निचा दिखते थे तोह मई हमेशा रोटा हुआ गॉड से शिकायत करता था की मुझे माँ बाप का प्यार क्यों नहीं दिया...
और ये शिकायत आज तक थी पर अब nahi....usne मुझे माँ बाप नहीं दिए पर खुदका बीटा दे दिया.....
इससे ज़्यादा गर्व की बात और क्या हो सकती है beta....tere बहाने से hi sahi,kamsekam गॉड मेरा भी नाम लेते होंगे ये सोचकर hi मुझे इतनी ज़्यादा ख़ुशी हो रही है की और ख़ुशी मई बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगा...
मेरी ज़िन्दगी सार्थक हो गयी beta...saarthak हो गयी.....
MOM-maine गॉड के पुत्र को अपनी कोख से जन्म दिया hai..maine तोह जीते जी hi मोक्ष पा लिया बीटा....
अब ये जीवन रहे या ना rahe.kya फर्क पड़ता है.....
डैड- तेरी माँ ठीक कह रही है beta...aaj तक तूने हम दोनों को सिर्फ गर्भित hi किया है...
हमारी कुर्बानी देकर इस यूनिवर्स को बचा एक आखरी बार हमे तुझपर प्राउड फील करने का मौका दे...
इसने अभी कहा ना की तू लार्ड ऑफ़ एंगेल्स hai...toh अपने ओहदे को सम्मान दे beta...nyaaya kar..kyunki न्याय से बढ़कर रिश्ते नहीं होते......
डैड- अगर आज तूने यूनिवर्स को छोड़कर हमे चुना तोह हम वैसे भी मर जाएंगे beta..itni साड़ी ज़िन्दगियों को मौत के घात उतारने की वजह हम कैसे बन सकते हैं...????
मई- बस कीजिये आप dono....aap ऐसा कुछ नहीं कह रहे या फिर कहेंगे जो मुझे पहले से नहीं पता.....
ASMDOEUS,tujhe लगता है की तूने बाज़ी जीत li,kyun????nahi...jeetna तोह दूर की बात hai,do दो बार हारा है तू....
एक बार तब जब अपने पितः को सिर्फ गॉड समझ छोड़ आया था तू और आज फिर हारा तू जब एक मनुष्य को डैड बोल उसकी जान का सौदा कर लिया तूने...
जिन मनुष्यों को छोटा और नाकारा समझता आया है tu,aakhirkaar उन्ही का सहारा लेना पड़ा ना तुझे.....
आज एक बार फिर तेरे पितः को तुझपर शर्म आएगी और मेरे पितः को मुझपर फिरसे गर्व होगा.....
मेरी बात सुन और आने वाले लम्हो के बारे में सोच वहां मौजूद सभी के आँखों में दर्द और घबराहट के भाव आ चुके थे...
सभी समझ चुके थे की क्या होने वाला hai...rokna तोह सभी चाहते थे पर सब ये भी जानते थे की अगर मई रूका तोह क्या होगा इसीलिए सब जड़ से होकर अपनी अपनी जगह पर खड़े हुए थे.....
आखरी बात कहते हुए मेरी बॉडी फिरसे ग़ुस्से और दर्द की वजह से कांपने लगी...
आँखों में पानी लिए मैंने एक बार अपने माँ डैड को देखा जो मुस्कुराते होंठ और भीगी पलकों के बीच मुझे गर्व से देख रहे थे......
MAI-I लव ु MOM......I लव ु डैड..........
BOOM.....BOOM............
एक के बाद दो धमाके हुए और एक पल पहले जहाँ मेरे माँ डैड खड़े the,ab वहां पर बस राख थी......
NAHIII....................ye चीख वहां मौजूद सभी के मुँह वे निकली.
लड़खड़ाते कदमो से चलता हुआ मई आगे बढ़ा और कंपकंपाते हाथों से उस राख को पकड़ मैंने अपने चेहरे पर लगा लिया....
MAI-AAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAAA
इस चीख के साथ मई नीचे गिरा और गिरते hi गायब हो gaya.wahin ASMODEUS.....wo तोह पहले hi गायब हो चूका था......
NOTE:-toh दोस्तों यही था हमारे लास्ट chapter के पहली भविष्वाणी "एंगेल्स सैक्रिफाइस" का matlab...jiske बारे में कुछ देर पहले गॉड थे थ्री मेसेंजर्स से बोल रहे the.....aur इसीलिए hi मैंने कहा था की ओहदा जितना BADA,UTNI HI बड़ी कुर्बानी.......
आज के लिए इतना HI.........
आपका अपना V...J.........