अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 53 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

नीस एंड हॉट अपडेट..

ये तो जीवा ने बहोत hi बड़ा झटका दे दिया है कोमल उसकी बहन नहीं hai,aur ये सब मिलकर उसका उसे कर रहे थे..

लेकिन अब तो कोमल खून की प्यासी हो गयी hai,aur उसे उसका सच्चा प्यार भी मिल गया है..

भुवन ने जिस निर्भीकता से उसके गुस्से को शांत किया है वैसा एक सच्चा प्रेमी hi कर सकता है, और कोमल को तो जैसे अब किसी से कोई फर्क पड़ता hi नहीं है इसलिए वो तिवारी के सामने hi भुवन की गॉड में नंगी बैठी हुई थी..
 
ये हो सकता है बच के रहिएगा ...

evil%20(35).gif


opasnie%20(33).gif
 
वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग वेटिंग
 
अपडेट 51
हमारे सामने एक लाल रंग के कपडे में लिपटी हुई एक किताब थी , कहने को तो ये महज एक क्तिअब थी लेकिन मेरे लिए ये मेरे जीवन का एक अधयाय होने वाला था..

भुवन ने उसे खोला , एक बहुत पुराण डॉक्यूमेंट था जो की पूरी तरह से मैला हो चूका था , कागज पिले पद चुके थे , लेकिन लिखावट अब भी स्पस्ट थी , बस दिक्कत ये था की ये संस्कृत में था, ऐसा नहीं था की हमें संस्कृत नहीं आता , हम संस्कृत जानते थे लेकिन उतना नहीं की पूरा अनुवाद कर सके ..

“इसे किसी संस्कृत के जानकर के पास ले जाना चाहिए “भुवन ने सुझाव दिया ..

“हुम्म्म लेकिन कौन ..”

भुवन ने बस थोड़े देर अपना दिमाग लगाया

“कॉलेज के संस्कृत के प्रोफेसर के पास चलते है , वो अपने टाइम के यूनिवर्सिटी टोपर भी थे “

हमने जयदा देर नहीं की और शास्त्री सर के पास पहुंच गए ..

अब हम भले hi पुरे कॉलेज में बदनाम थे लेकिन फिर भी कॉलेज के कई टीचर्स जानते थे की हम लोग एक सीधे साढ़े से स्टूडेंट hi थे जिन्हे वक्त ने ऐसा बना दिया था ..

उनमे एक शास्त्री सर भी थे ..

“ये क्या है … कोई बहुत hi पुराणी पुस्तक मालूम होती है “

उन्होंने पहले तो बड़े hi ध्यान से उसे देखा और फिर पढ़ने लगे ..

“ये तो कोई कहानी मालूम होती है , है क्या ये “

अब हम उन्हें क्या बताते ..

“पता नहीं सर बस मेरे पिता को पंडित जी ने दिया था और कहा था की जब मैं मर जाऊ तो किसी ज्ञानी व्यक्ति के पास जाकर इस कहानी को सुन लेना .. अब इसमें क्या है हमें नहीं पता लेकिन मेरे पिता जी की आज्ञा थी तो… क्या आप इसे पढ़ सकते है “

प्रोफेसर साहब को ज्ञानी बोलने की देर थी ,उनका चेहरा hi चमक गया ..

“है बिलकुल , बैठो मैं इसे पढ़ कर सुनाता हु “

और वो उसे पढ़ने लगे ….

सार कुछ ऐसा था …….

“ये पुस्तक उसे पढ़ना या सुन्ना चाहिए जो इसका उत्तराधिकारी हो , सकती की संतान हो .

सकती कोण है ..??

एक श्राप दिया गया था , एक महिला को , एक साधु के द्वारा ..

महिला की भी कोई गलती नहीं की वो तो बस साधु के प्रेम में फंस गयी थी और साधु की साधना में विघ्न डालने की गलती कर दी ..

श्राप दिया गया की तेरे और तेरे सन्तानो के अंदर काली सकती आ जाए ….

तू मानव न रहे बल्कि राक्षस हो जाए , खुद को भी सम्हाल न पाए, जिस प्रेम को पाने के लिए तूने ये सब किया .. जा तू अपने सच्चे प्रेम को भी नहीं पहचान पायेगी ………

महिला कोमल ह्रदय थी वो रोई बहुत माफ़ी मांगी , साधु का दिल नरम हुआ उसे अपनी गलती का अहसास हुआ , लेकिन जो संकल्प ले लिया गया था वो वापस नहीं हो सकता था , इसलिए उन्होंने ये कहा की श्राप वैसा hi रहेगा ..

लेकिन .. ये सकती हर पीढ़ी के साथ साथ काम होते जायेगी ,केवल महिला संतान में hi पायी जायेगी , और तब तक प्रगट नहीं होंगी जब तक सच्चा प्रेम न मिल जाए .. सच्चे प्रेम को तुम तो नहीं धुंध पाओगी लेकिन वो प्रेम तुम्हे ढूंढेगा , और तुमसे मिलान को बेचैन रहेगा.. तुम उसे इंकार करती रहोगी … इधर उधर भटकोगी लेकिन आखिर में पहचान hi लोगी …..

ये सकती एक श्राप है जो पीढ़ी दर पीढ़ी जाती जायेगी , सकती परंपरा में जन्मी हर महिला के अंदर वही ताकत होगी जो उसकी माँ के पास थी , लेकिन जब तक कोई सच्चा प्यार न मिल जाए ये ताकत विकसित नहीं होगा ..

सकती हमेशा अपने सच्चे प्रेम को लेकर उलझन में रह सकती है , लेकिन अपने दिल की सुनने पर उसे सच्चे प्रेम की पहचान होगी , और उसका प्रेमी hi उसकी ताकत को काबू में करने की योग्यता रखेगा ..

दोनों प्रेमियों के मिलान से उत्पन्न महिला संतान के पास hi ये अदम्य सकती पहुंचेगी और इसका जागरण और समापन दोनों hi उसके प्रेमी के द्वारा होगा ..इस तरह धीरे धीरे hi सही लेकिन ये श्राप ख़त्म होते जायेगा … “

इतना बोलते बोलते शास्त्री जी रुक गए …

और नजर उठाकर मुझे देखने लगे ..

“इसमें अंतिम में लिखा है की , ये पुस्तक जानकारी के लिए पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ाते जायेगी …….. मतलब तुम hi …”

मैंने एक गहरी साँस ली

“अरे नहीं , ये पुस्तक तो भुवन के पिता जी ने इसे दी थी … बस इसमें लिखा क्या है ये जानने की बहुत hi उत्सुकता थी ..”

“ok ोकक “

****************

हम दोनों hi एक कमरे में बैठे हुए थे ..

“तो अब तो मान लो की मैं तुम्हारा सच्चा प्यार हु ..”

भुवन ने शरारत से कहा..

मैं भी मुस्कुरा उठी ..

“लेकिन भुवन मेरे माँ बाप को किसने मारा होगा “

भुवन ने एक गहरी साँस ली ,

“जिसके पास ऐसी ताकत हो उसके तो कई दुश्मन हो सकते है कोमल … और ये मत भूलो की ये ताकत कोई वरदान नहीं है , बल्कि एक श्राप है … तुम्हे इससे मुक्त होना होगा .. “

मैंने भी एक गहरी साँस ली

“है लें श्राप या वरदान ये कोण तय करेगा , वो तो इससे hi तय होगा न की इसका इस्तमाल कैसे किया जाता है “

“नहीं कोमल … आज तक इसका उपयोगी सिर्फ लोगो के कतल करने के लिए hi किया गया है , तुमने ना जाने कितने लोगो को ऐसे hi काट दिया .. बिना किसी कारन है … है क्या कारन था उन्हें मरने का .. पावर .. वो भी दुसरो के लिए .. नहीं कोमल तुम्हे बस उसे किया जा रहा है और मैं ये नहीं होने दूंगा “

भुवन ने एक गहरी साँस छोड़ी ………



वही मैं भी इसी सोच में डूबी हुई थी …………..
 
Today's एंटीरे अपडेट वास् ओनली ा मिस्ट्री ऑफ़ थे ओल्ड बुक. प्राइसे अन्य पर्सन ा लिटिल और टॉक विथ लव, थें हे बेकस हैप्पी एंड थे वर्क इस आल्सो दोने. व्हाट अरे यू दोंग, थे स्टोरी इनसाइड थे स्टोरी एंड नाउ ानोथेर स्टोरी. ी नाउ अंडरस्टुड एवरीथिंग फ्रॉम थे प्रोफेसर तहत व्हाट वास् हप्पेनिंग विथ कोमल टिल नाउ.

िफ़ कर्मा इस गुड थें बून एंड कर्स दो नॉट मटर.

अस ऑलवेज थे अपडेट वास् ग्रेट, यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी.

थैंक यू...

???
 
अवेसमे अपडेट.

यह शक्ति एक श्राप निकले .

यो तो कहते hi की प्यार एक वरदान है पर यह प्यार hi अभिशाप बन गया .

उस महिला क उस साधू से प्यार हुआ पर ये प्यार उसके और उसके आने वाली पीढ़ियों के लिए श्राप बन गया.

ऐसी श्राप में पीस गयी कोमल और आरती . दोनों hi अपने सच्चे प्यार को पहचान पाने फ़ैल हुयी और हमेशा सच्चे प्यार को झुठलाती रही . ये श्राप अब क्या रंग लती है आरती के जीवन में .
 
वाह डॉ साहब बहुत खूब,,,,, :क्लाप्स:

ये तो कमाल के साथ साथ धोती फाड़ के रुमाल hi नहीं बल्कि बवाल hi हो गया. :हहै:

आपका भी जवाब नहीं. कहा डूबे थे और कहा डूब के निकले थे, उसके बाद फिर डूबे और फिर ऐसी जगह निकले जहा से निकलने की काम से काम हम में से तो किसी ने कोई उम्मीद नहीं की थी. खैर जैसी आपकी लीला,,,,,, :डोरे:

तो उस पुस्तक में ये राज़ दफ़न था और इसी लिए कोमल ऐसी थी, उस पुस्तक के अनुसार कोमल की बेटी आरती भी वैसी hi होगी. खैर देखते हैं पुस्तक से ऐसी जानकारी मिलने के बाद भुवन और आरती ने आगे कैसा रास्ता अख्तियार किया,,,,, :वेटिंग:
 
ग्रात्तट बीआरओ. सुच ा मंद ब्लोइंग स्टोरी एंड योर राइटिंग स्किल्स. :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:

बूत ी वांट तो से समथिंग तहत स्टार्टिंग में स्टोरी अलग थी बूत जब सोनू एंड उसकी भाभी शहर ए थें स्टोरी टोटली चेंज हो गई. ी don't क्नोव वत्स इन योर मंद बूत ी फील लिखे थिस. अन्य्वयस ग्रात्तट जॉब. :सोफिक:

वेटिंग नेक्स्ट... :स्लेबकफ:
 
अपडेट 52
फ्लैशबैक ओवर

“तो क्या उसके बाद आपने उन लोगो को छोड़ दिया “

इस बार मैंने प्रश्न किया था , कोमल ने मेरे आँखों में ध्यान से देखा और फिर अपनी बेटी यानि भाभी को बड़े hi प्यार से देखा ..

“है बच्चो , उसके बाद hi मैंने और भुवन ने ये फैसला कर लिया था की हम दोनों इन सबसे दूर चले जायेंगे , मैं और कटले आम नहीं करना चाहती थी , इसलिए हम दोनों ने गांव में आकर बसने का फैसला किया ..

और रातो रत hi वंहा से भाग गए ,और भुवन के साथ रहते रहते मैं शांत होते गयी , ये सकती बड़ी hi अजीब चीज है .. प्रेम से hi जगती है और प्रेमी के साथ शांति से रहने पर धीरे धीरे ये काम होते जाती है और अंत में ख़त्म हो जाती है …. शायद मेरी माँ इसीलिए मारी गयी क्योकि उनकी सकती ख़त्म हो चुकी थी “

हम सभी रात से बैठे थे अभी सुबह के 6 बज चुके थे , चाय आ चुकी थी और चुस्कियों के साथ सभी अपने अपने खयालो में खो गए थे …अभी हमें बहुत कुछ जानना बाकि था लेकिन सबसे बड़ा सवाल जो मेरे दिल में आ रहा था वो ये था की क्या भाभी में भी वो ताकत होगी और आखिर कोण होगा उनका आशिक़ ..??

भैया तो नहीं थे ये बात तो साफ़ थी , अगर वो होते तो अभी तक उनमे ये पावर जाग गयी होती , कहे अनुसार भाभी उस प्रेमी को नहीं पहचान पायेगी लेकिन वो उससे मिलान को बेकरार रहेगा , आखिर कौन है जो उनसे मिलान को बेकरार रहता है …??

मैं सोच में पड़ा था की मेरी नजर भाभी पर गयी , वो मुझे अजीब निगाहो से देख रही थी और मेरे दिल में एक बिजली सी कौंध गयी ………

मैं …………

है मैं ……

मैं hi तो वो आशिक़ हु … मैं hi तो भाभी से मिलान के लिए बेकरार रहता हु , मैं भाभी के लिए वैसा hi हु जैसा कोमल के लिए भुवन था , जिससे भाभी भी बहुत प्यार करती है लेकिन उस प्यार का नाम कुछ अलग था , यही भुवन के साथ भी था , भुवन कोमल को प्यार करता था ,उसे अपना बनाना चाहता था , मजे की बात ये है की कोमल भी उसे प्यार करती थी लेकिन उसके प्यार को कभी पहचान नहीं पायी , जब तक की उसे तिवारी की बेवफाई के बारे में नहीं पता चल गया , और भुवन पर hi हमला होने पर कोमल की सकती बहार आयी थी ………?

यही शामे केस तो मेरे और भाभी के साथ भी था , भाभी को हमेशा hi लगा की वो भैया से प्यार करती है , लेकिन असल में वो मुझसे भाई से भी ज्यादा प्यार करती थी, लेकिन उस प्यार का स्वरुप कुछ अलग hi था … :अप्प्रोवे:

शायद हमारे बिच जो आकर्षण है , वो इसी की और संकेत दे रहा है की हम एक दूसरे के लिए hi है .. लेकिन मैं भाभी के लिए हु तो फिर नेहा ?? नेहा का क्या होगा ..

मेरी नजर नेहा पर पड़ी , वो भी बड़े hi गहरे सोच में डूबी हुई मुझे देख रही थी , ना जाने उसके दिल में क्या चल रहा हो ..

तभी मेरे फ़ोन का रिंग बजा , ये अक्की था …

“अक्की इतने सुबह सुबह कैसे फ़ोन कर रहा है “

मैंने अपने मन में hi कहा

“hello बीआरओ “

“भाई एक अजीब चीज हो गयी “

“क्या ..?”

“यार मुझे किसी ने धमकी दी है, वो खुद को शिवा बताता है , वही जिसने इतने सरे क़त्ल किये है ,वो बोल रहा था की जिस लड़की से मैं जयदा मिल जल रहा हु उससे न मिलु वर्ण मुझे भी वैसे hi मार डालेगा जैसे ** गांव में लोगो को मारा था, वो ये भी बोल रहा है की जिस ायरत गांव में वो लोग पकडे है वो असली शिवा नहीं है असली शिवा तो वो है …….”

अक्की की बात सुनकर मेरे चेहरे का रंग hi उड़ गया था ,

“तूने ये बात और किसी को बताई क्या ??”

“है सस को बताई थी , उसी ने कहा की तुम्हे कॉल करू ..”

“ोकक मैं तुझे एक no. दे रहा हु उससे बात कर ले मेरा नाम बताना और पूरी बात बता देना… और एक चीज बता आज कल क्या तू सस के साथ जयदा घूम रहा है “

“है तू और नेहा जब से यंहा से गए हो तब से सस के साथ hi घूमता हु , उसके साथ hi ट्यूशन जाता हु और आजकल वो मुझे कॉलेज के लिए लेने भी आ रही है “

मैंने एक गहरी साँस ली और उसे न डरने का बोलकर काजल का no. दे दिया ……

“क्या हुआ “

भाभी के पोछने पर मैंने साडी बात बता दी

“क्या ..?? लेकिन शिवा बनकर तो कतल कोमल hi कर रही थी न ..??”

नेहा चिल्ला उठी थी ..

वही कोमल ने नेहा को अजीब निगाहो से देखा

“तुम पागल हो गयी हो क्या , मैंने कब कहा की मैं क़त्ल कर रही थी .. मैंने तो बस ये बताया की मैं hi सकती थी , और है अभी गांव में जो चंचल को फसाय था उसमे मेरा हाथ जरूर था , ये काम मैंने और सोनू ने मिलकर किया था .. लेकिन बाकि के कतल से मेरा कोई लेना देना नहीं है “

उनकी बात सुनकर सभी के चेहरे का रंग उड़ गया था , अभी तक तो सभी उन्हें hi वो कातिल समझ रहे थे जिसने शहर में भी शिवा के नाम से कतल किये थे ..

“अभी भी फ़ोन करने वाला मर्द hi था और सभी कतल तो एक ायरत ने किये है , ऐसा फ़ोन मुझे भी आया था जब मैं सस के साथ ज्यादा घूम रहा था मेरे ख्याल से इसके पीछे सस के भाई सागेर भी हो सकता है क्योकि वो सस के पीछे पागल है “

“उन सबका पता काजल लगा लेगी , तुम लोग अभी थोड़ा आराम कर लो रात भर से जाग रहे हो “

इस बात बोलने वाला डॉ. था …

हम सभी ने हां में सर हिला दिया .. और अपने अपने कमरे में चले गए , अभी भी बहुत साडी बाटे खुलनी बाकि थी , शायद आज की महफ़िल में बाकि की बाटे पता चले ……

दोपहर का वक़्त था हम सभी फिर से एक जगह इकठ्ठे हुए थे अभी बहुत साडी बाटे जननी बची थी …

“तो आप लोगो ने बताया नहीं की कोमल जी आपके साथ कब से थी “

मैंने सबसे पूछा , भाभी और महिमा (नेहा की माँ) ने एक दूसरे को देखा ..

फिर महिमा बोल पड़ी

“शुरुवात तो तुम्हे hi करनी चाहिए अंकित “

मैंने मुस्कुराते हुए कोमल की और देखा उन्होंने भी आँखों के इशारे से मुझे आगे बढ़ने की हामी दे दी ..

“हम्म बात तब की है जब भाभी और भैया की शादी हुई , उसके बाद से hi मैं कभी कभी कॉलेज की तरह घूमने जाता तो इनकी चाय की दूकान में जरूर जाता था , वंहा ye(komal ) मुझे प्यार से बिस्कुट, या समोसे खिलाया करती थी ,इसलिए मैं और मेरे दोस्त फ्री की बिस्कुट या समोसे खाने पहुंच जाते थे …और ये क्योकि मेरी भाभी माँ की तरह दिखती थी मुझे इनके पास जाना और भी अच्छा लगता था…

गांव छोड़ने के बाद मुझे कभी कभी इनकी चिंता होते रहती थी की कही भैया इनपर भी अपना गुस्सा न दिखा दे ..

जब उस दिन मैं अपने दोस्तों के पास गांव गया था और वंहा से लौट रहा था तो यंहा आने के बाद मैं फिर से वापस गांव चला गया , मैं उन लोगो को जान से मार देना चाहता था जिन्होंने मेरी भाभी और भाई की ये हालत कर दी थी , मैं वापस जा hi रहा था की मुझे ये मिल गयी .. ये डॉ. के बुलावे पर वापस आ रही थी , मैं बेहद नशे में था और मैंने इन्हे बताया की मैं चंचल का कतल करना चाहता हु , तो इन्होने मेरी मदद की बात की , मुझे लगा की यही शिवा भी है और इसलिए लोगो को मारना इनके लिए कोई बड़ी बात नहीं होगी, तो हम दोनों मिलकर मेरे पुराने घर पहुंच गए… मैं अपने घर के बारे में अच्छे से जनता था इसलिए मुझे जयदा दिक्कत नहीं हुई और जो हुआ वो आप सबके सामने है …….”

सभी ने एक बार कोमल की तरफ देखा जो की हलके हलके मुस्कुरा रही थी ..

“देखो मैंने उस दिन सोनू की मदद इसलिए की क्योकि उन लोगो की वजह से मेरी बेटी को ये दिन देखना पड़ा था, वो तो मैं इस गांव में नहीं थी वर्ण इन लोगो को पहले hi सबक सीखा देती … लेकिन मैं शिवा नहीं हु , बस इस कतल के लिए शिवा का नाम लिया था “

कोमल ने बड़े hi मासूम से अंदाज में कहा , इतने लोगो को गाजर मूली की तरह कटाने वाली मासूम सी कोमल :lol1:

“और आप दोनों .. आपको ये कब मिल गयी थी “

मैंने भाभी और महिमा ( मेरी सास :ब्लश1: ) को देखते हुए कहा ..

दोनों के चेहरे खेल गए थे ..

“तो पहले कौन बताएगा “

भाभी ने महिमा की और देखा …



और महिमा के कहना शुरू किया …………
 
थे फ्लैशबैक इस फाइनली ओवर. नाउ हु वास् थ्रीटेनिंग अक्की, कोमल दीद नॉट किल, मीनिंग समवन ेल्स है किल्ड, बूत हु? फंड थे मर्डरर, डॉ. साहब. व्हेन विल थे रोमांटिक सन के?

अस ऑलवेज थे अपडेट वास् ग्रेट, यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी.

थैंक यू...

???
 
Back
Top