अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 50 - SexBaba
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अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

अपडेट 48
चुनाव के एक दिन पहले

दया संकर मुझसे और भुवन दोनों से hi ठीक से बात नहीं कर रहा था , ऐसा नहीं था की वो हमें इग्नोर कर रहा था, नहीं वो बस जैसे अपने इमोशंस को छुपा रहा हो ..

अपने को जबरदस्ती बिजी करने की या दिखने की कोशिस कर रहा था लेकिन काम में उसका दिल भी नहीं लग रहा था ..

हमने उससे बात करने की और बात को क्लियर करने की भी कोशिस की लेकिन उसने बात को ताल दिया ..

हमने सोच लिया था की चुनाव के बाद hi इस बारे में बात करेंगे ..

इधर चुनाव की गहमा गहमी भी अपने चरम में थी ,मेरे और दया संकर के अलावा हमारी पार्टी के सभी कैंडिडेट अंडरग्राउंड कर दिए गए थे ..

तभी हमें पता चला की खुद मला उससे मिलने आया था ..

दोनों ने के कमरे में अकेले में बात की , ऐसे भी दया संकर टेंशन में था लेकिन मला से मिलने के बाद वो और भी बेचैन दिख रहा था,

“क्या हुआ क्या बोलै उसने “

सभी के मन में एक hi प्रश्न था

“उसने मुझे एक ऑफर दिया है ..”

“कैसा ऑफर ??”

“यही की चुनाव हार जाऊ ..”

“क्या ??”

सभी स्वाभाविक रूप से चौक गए

“और बदले में उसने तुम्हे क्या देनी की बात कही है “

भुवन मनो गुस्से से आग बबूला हो रहा था

“उसकी पार्टी के छात्र संघ के अध्यक्ष की पोस्ट “

तिवारी ने बड़े hi शांति के साथ कहा था ..

सभी की आंखे तिवारी पर hi लगी हुई थी , उसने एक बार मुझे घुरा उसकी आंखे ऐसी थी जैसे वो मुझमे गहराई से झांक रही हो ….

“हम सभी ने इसके लिए बहुत म्हणत की है दया , ये फैसला सिर्फ तुम्हारा नहीं हो सकता .. “

भुवन ने फिर से जोरो से कहा

“है और हम ये चुनाव जित कर रहेंगे .. ऐसे भी मैं जीवन में सभी मोर्चो में एक साथ तो नहीं हार सकता , कही न कही तो अब जितना hi है “

ये कहते हुए उसने मेरे आँखों में देखा था , मैं समझ सकती थी की वो क्या बोलना चाहता है …

शाम हो चली थी और मला तक भी ये बात जा चुकी थी की तिवारी इलेक्शन से नहीं हैट रहा था और उसने अपनी तरफ से धमकिया भी भिजवा दी .. ये सब तो चलता hi रहता था ..

शाम झमाझम बारिश हो होने लगी थी ……

“दया मुझे हॉस्टल तक छोड़ आओ “

उसने मुझे अजीब निगाहो से घुरा

“भुवन को ले जाओ , या किसी को भी ले जाओ पास hi तो है “

“नहीं तुम hi चलोगे “

“देख नहीं रही हो कल इलेक्शन है और इतना काम है “

वो कुछ और भी बोलने वाला था की मैंने उसका हाथ पकड़कर उसे उठा लिया था ..वो बड़े hi असमंजस से मुझे देख रहा था लेकिन मैं जैसे उसे लगभग गहरीतते हुए भहर ले गयी ..

“ये क्या बत्तमीजी है “

वो कुछ बोलता उससे पहले मैंने उसे एक दीवाल से सत्ता दिया , ये बॉय हॉस्टल का एक कोना था जंहा अभी अँधेरा हो गया था बारिश के कारण हमारे शरीर भी भीग गए थे ..

दूर जल रहे एक स्ट्रीट लाइट से छानकर आने वाली रोशनी में उसके चेहरे में उभरते हुए भावो को मैं साफ साफ देख सकती थी , उसके माथे पर पसीना था शायद मेरे माथे पर भी होगा ..

वो कुछ समझने की कोशिस कर रहा था ..

“तुम ये क्या कर रही हो कोमल ?”

“मैं बस तुम्हे ये बताना चाहती हु की जो तुमने कल देखा वो सही था लेकिन जो तुमने समझा वो गलत था “

उसके चेहरे में बड़े hi निर्जीव भाव आये , जैसे उसे अब कोई मतलब hi नहीं रह गया हो /..

“मुझे सफाई क्यों दे रही हो कोमल , ये तुम्हारी जिंदगी है और तुम जिसके साथ भी चाहो जी सकती हो ..”

“मैं सफाई क्यों दे रही हु ???”

मैंने उसकी आँखों में देख कर कहा था ,

“भुवन मेरा बेस्ट फ्रेंड है दया , क्या मैं अपने दोस्त के बहो में अपना सर भी नहीं रख सकती .. तुम्हें बस ये hi देखा था लेकिन तुमने न जाने क्या समझ लिया “

वो थोड़ी देर तक मेरे चेहरे को देखता रहा

“ये सब मुझे क्यों बता रही हो , मुझे बहुत सरे काम है तुम जाओ यंहा से ..”

उसने मुझे खुद से थोड़ा दूर हटाने की कोशिस की और तभी मैंने जैसे एक फैसला कर लिया था ..

मैंने उसे पूरी ताकत से दिवार में सत्ता दिया , शायद उसका सर भी दिवार से टकरा गया था ..

“आउच ये क्या कर रही हो “

वो थोड़ा भौखलाया लेकिन मैंने उसकी एक भी न सुनी मैंने बस उसके गलो को अपने हाथो से दबा लिया था और उसके होठो पर अपने होठो को भर दिया , उसकी छटपटाहट जैसे एक hi पल में बिलकुल hi शांत हो गयी हो ….

मैं उसके होठो को बस चूसे जा रही थी , मेरी आंखे बंद थी वही हाल शायद उसका भी था , उसके हाथ अपने hi आप मेरी कमर पर आ गए थे वही मैं उसके गले में अपने हाथ फंसा कर कड़ी थी ..

तभी मुझे अहसास हुआ की कोई हमें देख रहा है ..

जब किश टूटी तो मैंने उस और देखा , वो भुवन था ..

दूर खड़े भुवन के चेहरे पर आयी उदासी को मैं वही से खड़े हुए भी महसूस कर सकती थी , तिवारी ने भी उस और देखा , मैं उसके और जाने को मुड़ी hi थी की भुवन खुद hi मुद गया और मुझसे दूर जाने लगा ..

“भुवन … “ मैं हलके से चिल्लाई , मैं जानती थी की अभी वो दुखी है लेकिन मैं ये भी जानती थी की वो मुझे समझ सकता है , वो जनता है की प्यार जबरदस्ती से नहीं किया जाता ..

प्यार बस हो जाता है या फिर नहीं होता , लेकिन अभी … अभी वो दुखी था बहुत दुखी था और अभी शायद उसे मेरी जरुरत थी ..

या फिर बस अकेले hi रहने की जरुरत थी ???

तभी मेरी नज़ारे और कही पड़ी और मैं फिर से चिल्ला पड़ी

“भुवन ..”

इस बार मैंने अपनी पूरी ताकत से चिल्लाया था … लेकिन भुवन ने मनो न सुनने की कसम hi खा ली हो ..

उसके सामने एक जीप आकर कड़ी हो गयी थी , उसमे मला का बीटा और उसके दोस्त थे सभी के हाथो में अलग अलग तरह के हथियार थे , एक लड़के ने बंदूख की नोक सीधे भुवन के ऊपर टिका दी थी लेकिन भुवन था की अपनी hi दुनिया में खोया हुआ उनके hi और चले जा रहा था ..

“भुवन रुको …नहीं ..”

इस बार मेरे साथ साथ तिवारी भी चिल्ला उठा लेकिन तभी

‘धाय…. ‘

गोली की एक आवाज से पूरा माहौल गूंज गया ..

और मैं जिस अनहोनी के बारे में सोच रही थी जाइए वही घाट गयी .. गोली सीधे भुवन के कंधे पर जा टकराई …

उसे मनो अचानक hi होश आया हो , इससे पहले की वो कुछ समझ पाटा गाड़ी और पास आती गयी और एक लड़के ने तलवार लहराई और साइड भुवन के छाती पर दे मारा .. भुवन उस वार से मुद गया था मैं उसके hi और भाग रही थी उसका चेहरा मेरे सामने आ गया था वो गिर रहा था जमीं में गिर रहा था , मैं उसके और दौड़ रही थी ..

“नहीं भुवन ..”

लेकिन मनो सुनने वाला कोई नहीं था , गोलियों की आवाज से कुछ लड़के बहार आ गए थे लेकिन अभी इन सबको हुए कुछ hi सेकण्ड्स तो हुए थे अभी तक कोई भी पूरी तरह से समझ नहीं पाया था की वो क्या करे ..

वो लोग तलवार मारकर तिवारी को चिढ़ाने के लिए वही खड़े हो गए थे , मैं भुवन तक पहुंच चुकी थी ..

मेरे बचपन का दोस्त मेरे गॉड में लहू से नहाया हुआ पड़ा था , कंधे में एक गोली लगी थी और छाती में तलवार वार किया गया था..

मैं उसके चेहरे को देखे जा रही थी , उसे जगाने की कोशिस कर रही थी .. तभी ..

“मादरचोदो बोलै था की मुझसे मत टकराओ ..अब तू भी मर “

ये मला का लड़का था जिसने अब बंदूख की नोक दया के तरफ कर दी थी ..

“कमीने ..” मैं चिल्लाई जैसे मेरे अंदर से कुछ फूट गया हो …

मैं कड़ी हो चुकी थी जो लोग अभी तक तिवारी की और देख रहे थे वो अब मेरी और देख रहे थे ..

“नहीं कोमल ..” दया चिल्लाया था लेकिन अभी तो मेरे सर पर खून सवार था और मेरी नजरो में अभी भी भुवन का वो चेहरा झूल रहा था .. मैंने पास hi पड़ा हुआ रोड उठा लिया था ..

वो लोग पास में hi थे और कोई कुछ समझ पता उससे पहले hi मैं उन तक पहुंच गयी थी , उसने अपनी पिस्तौल की नोक मेरे और मोदी hi थी लेकिन उससे पहले ..

“आआह्ह्ह्हह” उसने मुँह से एक चीख निकली थी , मैंने सरिया सीधे उसके चेहरे में घुसा दिया था ………

उसके दोस्त तुरंत hi एक्टिव हो गए थे , उन्होंने मुझपर तलवारो से वार किया लेकिन मैंने झट से उसके hi तलवार को उसके hi पेट में घुसा दिया , ईशर मेरे हाथो में वो पिस्तौल आ गयी जो अभी अभी सरिया घुसाने से मला के बेटे के हाथो से छूट गयी थी , और जैसे मैंने अपना आप खो दिया हो .. मैंने जीवन में पहली बार बंदूख चलाई थी ..

‘धाय धाय धाय धाय धाय …’5 गोलिया लगातार

अब तक पूरा हॉस्टल hi बहहर , तिवारी स्तब्ध सा किसी मूर्ति की तरह खड़ा हुआ बस मुझे hi देख रहता था , गोलियों के शोर के बाद माहौल में बस सन्नाटा था ………..



गोलियों ने 3 सरो के चिथड़े उदा दिए थे , जिसमे से एक मला का बीटा भी था , अभी तक उसके चेहरे पर वो सरिया घुसा हुआ था लेकिन उसकी जीवन लीला अब समाप्त हो चुकी थी , जिसके पेट में तलवार घुसा था वो अभी तक छटपटा रहा था , खून से पूरी जीप hi नाहा चुकी थी ,और 2 लोग कांपते हुए कोने में का दुबके थे जैसे उन्होंने काल को hi तांडव करते देख लिया हो …………
 
डॉ साहब ! क्या चाहते है आप हमसे .... इतना तांडव .... पल भर में....

देखिए हमको पहले से ही शक था अब यकीन हो गया, सही सही बताईए कहां गए थे घूमने जो आते के साथ तबाही मचा दिए है...

हम सब के बारे में बात करना चाहते थे ये ऐसा है वो ऐसा है लेकिन ' कोमल ' के आते ही सब इनके सामने छोटे साबित हो गए, नाम के विपरीत......

बस डॉ साहब पागल हुए जा रहे है तो थोड़ा जल्दी जल्दी .....
 
गजब का अपडेट दिया हे डॉ. साहब.

अब सायद कोमल सकती बन जाएगी और इस दौरान सायद तिवारी मला की तरफ चला जाये और कोमल भुवन के करीब हो जाये. क्युकी सायद अब कोमल को भी एहसास होजाये की तिवारी की तरफ सिर्फ अट्रैक्शन था जबकि प्यार तो वो भुवन से hi करती थी. काश मेरी ये इच्छा पूरी हो जाये क्युकी तिवारी एक दाल बदलू कमीना हे. क्या पता उसने मला का प्रस्ताव कबूल भी कर लिया हो और ये हुम्ला उसकी hi चल हो.

वेटिंग 4 नेक्स्ट अपडेट
 
वैसे इस अपडेट को पढ़ कर लग रहा है डॉ. साब अब आपको कहानी लिखनी आ गयी है .. :हहै: .. कहने को तो कोमल कितनी हे दिलेर और खूंखार गैंगस्टर बन्न गयी हो .. मगर ये सच झुटलाया नहीं जा सकता की .. भुवन उसकी लव लाइफ का हिस्सा नहीं था .. और न हे वो उसकी फर्स्ट चॉइस था .. वैसे ये तो सच्ची बात है .. की रियल लाइफ में भी दिमाग के बजाये अगर इमोशनली ज्यादा डिसिशन लोगे तो छुड़ेगी हे और वो भी ख़ास कर जब सुन्दर लड़की इन्वॉल्व हो .. और जिसके लिए आप सिर्फ दोस्त के दायरे में सिमित हो .. वही आज भुवन के साथ हुआ .. अपनी फीलिंग और इमोशंस के चलते अपनी लंका लगवा बैठा .. पर आज अपने जिगर के टुकड़े ख़ास दोस्त भुवन को इस हालत में देख कर ये आम सी लड़की कोमल से शिवा बन गयी है ...

मला को तो लड्डू मिल हे गए और उसके बेटे को किर्या करम हो गया .. पर कोमल चीज़ क्या है ये आज दयाचंद तिवारी को भी एहसास हो गया होगा ...

बहुत हे जबरदस्त अपडेट ...
 
भाई जब काल तांडव करता है तो विनाश होता है न कोई उसे देख सकता है न कोई उसे रोक सकता है अदि शक्ति को छोड़ कर और हाँ अपडेट मस्त था आगे काण्ड तो बड़ा होगा तो कृपया कर के एक बड़ा अपडेट प्रदान करे :यस1:

जैसे कोमल कहानी सुना रही है तो क्या आप बिच मई सोनू नेहा भाभी के एक्सप्रेशंस भी दिखा सटे है क्या जैसे जब कोमल ने किश किया

थोड़ी स्टोरी मई हलचल तो होगी मंटा हु पर आप संभल loge:bigboss1:
 
मला कनौस तहत तिवारी विल विन थे इलेक्शन, सो हे देलिबरटेली पूत थिस पॉइंट इन फ्रंट ऑफ़ तिवारी. ी don't अंडरस्टैंड कोमल, व्हाट शी वांट्स. सीइंग थे ग्रेव कंडीशन ऑफ़ भुवन, कोमल केस ईंटो हेर ट्रू फॉर्म एंड किल्ड एवरीवन बूत इनोसेंट कोमल इस no लॉन्गर इनोसेंट देय तो थिस इंसिडेंट. MLA's सोन इस डेड, नाउ मला विल नॉट सीट साइलेंट. कोमल विल नाउ फील थे फ्रेंडशिप ऑफ़ भुवन.

Today's अपडेट वास् एक्ससिटिंग. यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी.

थैंक यू...

???
 
:सुपर्ब: :गुड: अमेजिंग अपडेट है डॉ साहब,

बेहद hi शानदार और लाजवाब अपडेट है भाई,

आज तो कोमल साक्षात् रणचंडी hi बन गयी है,

तो आखिर कर कोमल शक्ति बन hi गयी,

पल भर में उसने पांच लोगों को ढेर कर दिया है,

तिवारी से प्यार के इजहार के साथ hi कोमल का अस्तित्व भी बदल गया है,

अब देखते हैं की आगे क्या होता है,

वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट
 
सुपर्ब डॉक्टर साहब......

यहाँ तक पढ़ने से तो ऐसा लग रहा है तिवारी अच्छा आदमी है बूत ये समझ नहीं आया अगर तिवारी अच्छा आदमी था तो कोमल ने सबको भूल कर भुवन से शादी करके अलग क्यों रह रही है. यहाँ तक तो यही लग रहा है की कोमल व् तिवारी को बहुत चाहती थी. फिर अचानक सारा रिलेशन्स ख़त्म. कैसे......

वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट....
 
अपडेट 49
“ये क्या कर दिया तुमने ..” दया संकर की आवाज अब भी काँप रही थी .. लेकिन मुझे उसकी बातो से कोई भी फर्क नहीं पड़ा, मैं तो बस भुवन को देखने के लिए दौड़ी .. बाकि के लोग भी बहार आ चुके थे , तभी दो गोलिलया और चली ..

मैंने जब पलट कर देखा तो वो सम्पत था ..

“इन दोनों को क्यों बचा दिया था ..” उसके होठो पर मुस्कान आ गयी थी..

भुवन को तुरत hi हॉस्पिटल के लिए ले जाया गया …

दया संकर जैसे अभी भी स्तब्ध था वही मुझे जैसे कोई भी फर्क नहीं पद रहा था , मैं तो बस भुवन को सही सलामत देखना चाहती थी ..

मैं हॉस्पिटल में िक के बहार hi कड़ी हुई इधर उधर चल रही थी ..

तभी ..

“शाबास मेरी बहन मुझे तुझपर नाज है , आज तेरा भी उद्घाटन हो hi गया …”जीवा ने आते hi मुझे गले से लगा लिया , लेकिन मैंने उसे अपने से दूर झड़क दिया ..

“देख कोमल जो हो गया अब तू उससे पीछे नहीं हैट सकती , थोड़े hi देर में बात हवा के जैसे फैलेगी और फिर एक तरफ मला भौखला जायेगा और दूसरी और करीम .. कब तक छिपेगी “

“तो क्या करू तुम लोगो के जैसे गैंगस्टर बन जाओ “

जीवा मेरी बात सुनकर हंसाने लगा

“अरे तू तो हमसे भी बड़ी गैंगस्टर बनेगी आखिर तू हमेशे जदया समझदार जो है क्यों सम्पत “

“सही कहा भाई “

दोनों hi हँसाने लगे …..

उन्होंने दया को देखा

“जितने लोगो ने ये सब देखा था वो तेरे hi लोग थे न कोई बहार वाले ने तो ये नहीं देखा था “

“नहीं भाई सभी दोस्त hi है , लेकिन पता नहीं कोण मुँह खोल दे “

“बंद कवर .. मुँह बंद करवा , समझा की जो इन लोगो के साथ हुआ वो उनके साथ भी हो सकता है इसलिए चुप रहे … और सब लाशो को तो ठिकाना लगा hi दिए है ,”

“हो जायेगा ..”

“अभी कोमल को यंहा से निकाल कर किसी सेफ जगह पर ले जाना होगा “

जीवा ने मेरी और देखा था

“नहीं मैं कही नहीं जा रही हु , मैं भुवन के साथ hi रहूंगी “

“पागल मत बनो हम कितना भी लीपापोती कर ले , लीपापोती से पुलिस तो सम्हाल जायेगी लेकिन करीम और मला .. नहीं वो लोग तो तुम्हे हर हल में मौत के घाट उतरने को मचल रहे होंगे , ऐसे में तुम्हारा यंहा रहना खतरे से खली नहीं है “

तिवारी की बात का मुझपर असर हुआ लेकिन मैं भुवन के बारे में सोचने लगी ,

“जब उन लोगो को पूरी बात का पता चलेगा तो भुवन की जान को भी तो खतरा हो जायेगा न , क्या वो लोग इसे छोड़ेंगे “

मेरी बात सुनकर सभी चुप हो गए थे , जीवा जनता था की मैं कितनी जिद्दी थी …

“ठीक है…. शुरवाती इलाज करवा कर भुवन को भी तुरंत hi गायब कर देते है “

सभी ने सहमति में सर हिलाया ..

डॉ ने भुवन के घावों में मरहम पट्टी कर दी , वो होश में भी आ चूका था , कंधे में घुसी हुई गोली निकाल दी गयी थी , अब भुवन जीवन भर अपने एक हाथ को अच्छे से नहीं चला पायेगा , लेकिन फिर भी जान का कोई खतरा नहीं था इसलिए आराम से किसी सेफ जगह ले जाया जा सकता था ……..

हम रातो रत गांव आ गए थे जो की जीवा का गढ़ था ..

जब मेरी नींद टूटी तो सूरज निकल चूका था, मैं भुवन के बिस्टेर से तिकी हुई hi बैठी थी , जब मैंने भुवन की और देखा तो वो मुस्कुरा रहा था ….

“अब तबियत कैसी है ..”

मैं मुस्कुराई , उसका चेहरा सूरज की छान कर आती हुई धुप से जैसे खिल गया था .. क्या था इसके अंदर जो मुझे इतना आकर्षित कर रहा था , मैं तो दया संकर से प्यार करती हु लेकिन ये …

मुझे इस पल ऐसा क्यों लगा की यही मेरी किश्मत है , जैसे ऊपर वाले ने hi इसे मेरे लिए बनाया है ……..

(उसी समय हाल में बैठी हुई कोमल ने भुवन की और देखा , वो वैसे hi मुस्कुरा रहा था , खिड़खी से सूरज की ताज़ी किरणे छान कर आ रही थी ……… और वही बैठी आरती की नजर अंकित पर गयी .. वो जैसे मंत्र मुघ्ध होकर कोमल की बातो को सुन रही थी और उसे इस पल यही लग रहा था जैसे ये उसके साथ hi हो रहा हो )

उस पल में कुछ था जो कुछ होगा था ..

तभी

“तुमने तो कल मेरी जान hi बचा ली “

कमरे में कोई आया था , जब मैंने निगाहे घुमाई तो वो दया संकर था …

“मैंने तुम्हारी जान बचाई ??”

भुवन के चढ़े में प्रश्न वाचक चिन्ह आ गया

“असल में तुम दोनों ने मिलकर , वो लोग मुझे hi मरने आये थे लेकिन सामने तुम आ गए , और कोमल ने तो जो किया … वाओ “

तिवारी की बात सुनकर मेरे होठो में मुस्कान उभर गयी थी ..

“ये तो ऐसे लड़ी जैसे लड़ना इसकी रोज की आदत रही हो .. कोई दर नहीं किसी तरह का हिचकिचाहट नहीं .. ऐसा लगा की तुम ये हमेशा से करते आयी हो “

दया की इस बात को सुनकर मेरे चेहरे में एक फीकी सी मुस्कान आ गयी थी ……….

मैंने भुवन को गर्म पानी से साफ़ कर दिया था , इन दो दिनों में hi भुवन के लिए मेरा प्यार बहुत hi बढ़ गया था , या ये कहो की दबा हुआ प्यार बहार आ रहा था , हम आज भी दोस्त hi थे , लेकिन एक अपनत्व का अहसास जो अभी तक नहीं हुआ वो अब होने लगा था , शायद प्रेम भी तब hi बहार आता है जब उसकी जरुरत हो …..

मैं उसे बिस्कुट और चाय खिला रही थी , मेरे हाथ में आज का पेपर था ..

“तो आखिर मला के बेटे की लाश मिल ह गयी , लेकिन ये क्या ??“

“क्या हुआ ..??”

भुवन भी पेपर की और hi देखने लगा ,, हमारे शहर की हैडलाइन वाली खबर के रूप में इसे स्थान मिला हुआ था ..

“इनकी लाश शहर के बहार हाईवे पर मिली , और सकती गैंग ने मारा …??”

मैं न्यूज़ पढ़कर कंफ्यूज थी ..

“ये तो जीवा का hi काम है , उसी ने ये न्यूज़ बनवायी होगी ..”

भुवन हलके से हँसता है

“है लेकिन ये सकती गैंग क्या है .. सकती यही नाम मिला था उसे डालने के लिए “

भुवन जोरो से हंस पड़ा था

“ये तो तुम्हारे बचपन का नाम है न “

“है मेरे पिता जी मुझे शक्ति बोलते थे , ये जीवा भी न पता नहीं मुझे गैंगस्टर बनाने पर तुला हुआ है .. और जब नाम रखना hi था तो काम से काम मुझसे तो पूछ लेता “

मैं मुँह बनाते हुए कहा था लेकिन भुवन का चेहरा सच में गंभीर हो गया ..

“क्या हुआ भुवन ??”

“बात नाम की नहीं है कोमल , बात तो काम की है ..?? क्या तुम सच में ये काम करना चाहती हो , जीवा तुम्हारा उपयोग करना चाहता है, सकती का नाम देखकर तुमसे न जाने क्या क्या गलत काम करवाएगा ..”

मैंने हलके से उसके गलो पर हाथ रखा

“तुम्हे क्या लगता है की मेरे इजाजत के बगैर वो मुझसे कोई गलत काम करवा सकता है , और ऐसे भी मन तो एक सिंपल सी लड़की hi हु , मुझसे क्या hi काम करवाएगा ??”

भुवन ने एक गहरी साँस ली

“उम्मीद तो है की नहीं करवा पायेगा .. और अब तुम वो सिंपल सी लड़की नहीं रह गयी हो , जिसने भी तुम्हे देखा है तुम उसके लिए बदल गयी हो .. पता नहीं तुम्हारे अंदर क्या हो गया था उस समय जो तुम कोई अलग hi ताकत में तब्दील हो गयी थी .. और वही बात मुझे डराए जा रही है “

भुवन की बात सुनकर मैं हंस पड़ी

“वो तो इसलिए की मेरी जान की जान पर बन आयी थी “

मेरे मुँह से तो निकल गया था लेकिन ऐसा कहते hi मेरे दिल की धड़कन एक बार जोरो धड़क गयी थी .. वही हल भुवन का भी था ..

लेकिन फिर उसका चेहरा फीका पड़ने लगा

“अजीब लड़की हो तुम , जान मुझे कहती हो और बांहो में किसी और के रहती हो “

भुवन ने हलके आवाज में hi कहा ,लेकिन मैं उसकी बात को समझ सकती थी

“देखो भुवन दया संकर मेरा प्यार है , और तुम मेरे दोस्त .. तुम तो बचपन से मेरे लिए खास रहे हो , तुमने तो मेरी जीतनी देखभाल की उतनी मेरे खुद के भाइयो ने नहीं की है , और न hi शायद कोई और करेगा .. मैं तुमसे बहुत प्यार करती हु लेकिन क्या हर प्रेम जिस्मानी hi होता है …”

“पागल मैंने तुझसे कब कहा की मुझे जिस्मानी प्यार चाहिए “

उसकी बात से मैं मुस्कुरा उठी

“हम दोस्त है भुवन और एक दोस्त की टूर पर मैं तुझे बहुत प्यार करती हु .. लेकिन दया मेरा .. मेरा बॉयफ्रेंड है और शायद कल को मेरा पति बनेगा …मैं उससे भी प्यार करती हु .. मुझे दोनों में से एक को चुनने के लिए मत बोलना , मैं तुम दोनों को नहीं छोड़ सकती .. तुम दोनों hi मेरी जान हो “

भुवन ने मेरे हाथो को अपने हाथो में थाम लिया …

“हुम्म्म लेकिन तू जानती है की मैं तुझसे प्यार करता हु और मेरा प्यार सिर्फ दोस्ती वाला नहीं है “

उसका चेहरा रिलैक्स था और होठो में थोड़ी शरारत

“जानती हु …. कमीने “

इस बार हम दोनों hi हंस पड़े थे ………

************

दिन गुजरने लगे थे , तिवारी और मेरे बिच के फैसले और भी काम होने लगे थे ..

तिवारी पूरी तरह से जीवा के साथ आ चूका था लेकिन भुवन और मैं अपने hi शर्तो में काम करते थे , हमने सोचा की क्यों न अपनी ताकत का प्रयोग लोगो के हिट के लिए भी किया जाए , इसलिए हमने अलग तरीके से अपनी गैंग बनायीं और इस गैंग का एक विंग गरीब बच्चो को पढ़ने का काम करता था , जीवा सभी के हाथो में बंदूख थमने को उतावला था लेकिन मैंने उसे रोक कर बच्चो के हाथो में किताबे थमा दी थी ..

हम सिर्फ कोर्रुप्त ऑफिसर्स को hi मारा करते थे , लेकिन मेरे साथ एक चीज बड़ी hi बेकार थी और वो था की अगर मैं किसी को मरने जाती तो समझो खून की नदिया बहती थी .. मैंने कोई खास ट्रेनिंग नहीं ली थी लेकिन फिर भी जब मैं मरने पर आती तो पता नहीं मेरे अंदर एक ताकत का संचार हो जाता ..

मैं जितना खून कर रही थी मेरे अंदर उतनी खून की प्यास बढ़ने लगी थी ,मुझे जान लेने में मजा आता था … मैं बहुत hi बेरहमी से कतल करती और फिर उन्ही लोगो के खून से अपना नाम सकती लिख देती ..

एक बार जो वहशीपन मेरे अंदर आ जाता तो उसे बस भुवन hi काबू में कर पता था …

मेरे अंदर के शैतान को इस तरह बढ़ता हुआ देखकर भुवन चिंतित था … लेकिन दूसरे लोग नहीं , जीवा तो मेरा नाम लेकर hi काम करवा लेता था , तिवारी को भी इससे फायदा hi हो रहा था , वो भी मेरा सपोर्ट करता था …….

जीवा गैंग तेजी से बढ़ने लगा था साथ hi सकती गैंग भी, इसमें मैंने बहुत सी लड़कियों को भी दाखिल किया था … लड़किया मार काट से दूर अधिकतर कोई ऐसा काम करती थी जिससे उनकी भी आमदनी हो जाए और उनका भविष्य सवार जाए ..

मेरे दिल में जंहा एक तरफ प्रेम खिल रहा था लोगो के लिए सहयोगी की बह्व्ना जन्म ले रही थी वही दूसरी तरफ एक शैतान ने जन्म ले लिया था …

हमारे दो सबसे दुशमन मला साहब और करीम बहुत हद तक कमजोर पद गए थे सभी मुझे मरना चाहते थे , लेकिन मैं अभी तक किसी के हाथ नहीं लगी थी ..

तभी जीवा ने एक ऐसा प्लान बनाया जिससे सब कुछ बदल गया, वो जीवा और तिवारी के साथ मेरा आखरी काम था …

मला को मार कर तिवारी को नया मला बनाने का प्लान जिसे पूरा करने की जिम्मेदारी मुझे दी गयी ……..

मैंने अपनी तलवारे चमका ली थी प्लान बनाने का जिम्मा तिवारी और जीवा का था , आज भुवन बहुत hi ुप्सते लग रहा था हो भी क्यों न हमें उसके घर में घुस कर उसे मारना था .. लेकिन मेरे दिल में जैसे कोई चीज कूद रही हो , मैं मला को अपने हाथो से कटाने के लिए मरी जा रही थी ..

मैं और भुवन तिवारी के कर्मरे की और बढ़ गए थे , वंहा जीवा और तिवारी पहले hi बाटे कर रहे थे ..

और कुछ आवाजे हमारे कानो में आयी , जैसे जैसे मैंने उनकी बातो को सुना मेरे पैरो से मानो जमीं hi खिसकने लगी थी ………


भुवन ने मुझे सम्हाल रखा था उसने मुझे छुप रहने का इशारा किया लेकिन मेरी आँखों में बस पानी था ………..
 
अवेसमे अपडेट.

कोमल का पहले का नाम था सकती और इसके बाद सूट भी न करात नाम कोमल कम् क्रूर . शक्ति गैंग का फायदा जीवा सम्पत तिवारी तीनो ने उठाया.

ऐसा क्या सुन लिया तिवारी के कमरे से लगत यहाँ भी तिवारी अपने फायदे का कुछ बात कर रहा होगा जिससे कोमल भुवन या जीवा सम्पत को नुकशान हो जो कोमल और भुवन चौंक गए
 
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