अपडेट 46
पुलिस पूछतज कर रही थी साथ hi करीम भी वंहा आने वाला था …
उसके लड़को को किसी ने इतनी बेरहमी से मारा था की ये हर जगह चर्चा का विषय बन चूका था ..
दया संकर भी मौके पर पहुंच चूका था ,
“तुम दोनों जीतनी जल्दी हो सके यंहा से गायब हो जाओ “
तिवारी ने हमें देखते हुए कहा
“लेकिन क्यों हमने तो कुछ नहीं किया है “
मुझे समझ नहीं आ रहा था की आखिर वो हमें क्यों गायब होने के लिए बोल रहा है ,
“तुम समझ नहीं रही हो , करीम शैतान है .. और ये उसके hi लोग थे , इनको इतनी बेरहमी से मारा गया है की वो बौखला hi गया होगा, इससे पहले की उसे पता चले की कल तुम लोगो का इन लोगो से झगड़ा हुआ है तुम लोग निकल जाओ “
“लेकिन यार जब हमने कुछ किया hi नहीं तो ..”मैं फिर से कुछ बोलने वाली की दया ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे कोने में खींचा साथ साथ भुवन भी आ गया
“तुम समझ क्यों नहीं रही हो करीम को तो बस बहाना मिल जायेगा “
“किस बात का “ इस बात भुवन ने कहा था
“वो साला बहुत hi ठरकी टाइप का इंसान है , तुम्हे देखते hi लार टपकने लगेगा , और जब उसे पता चलेगा की कल इन लोगो का तुमसे झगड़ा हुआ था तो उसे बहाना मिल जायेगा तुम्हे परेशां काने का “
दया के मन में मेरे लिए इतनी चिंता देख कर मुझे सच में अच्छा लगा …
“है कोमल ये सही बोल रहा है , मैंने भी करीम के बारे में बहुत सुना है “
भुवन भी चिंता में पद गया था , दया ने हमें कॉलेज से बहार कही जाने के लिए कहा लेकिन हम दोनों कॉलेज में hi ऊपर की एक क्लास में छिप गए थे जंहा से बहार का नजारा साफ साफ दीखता था , वो ऐसी जगह थी जंहा से हम जब चाहे तब बहार भी भाग सकते थे ..
थोड़े देर में करीम आया बहुत गली गलोच वैगेरह हुए , हमारे बारे में भी किसी ने बता दिया , उसने पुलिस के सामने hi हमें मार डालने की बात भी कह दी और पिस्तौल निकाल कर हवाई फायर भी कर दिया , मुझे समझ आ गया था की मेरे पढ़ने का सपना अब सपना hi रह जायेगा ऐसे माहौल होने के बाद मैं फिर से कभी कॉलेज नहीं आ पाऊँगी …
ये सोचते सोचते hi मेरे आँखों में आंसू आ रहे थे तभी मैंने जो देखा उसे देखकर मेरी हालत hi खराब हो गयी ..
‘धाम धाम धड़म ढैया रे सबसे बड़े लड़ाईया रे ओमकारा ..’
ये गण सुनकर मैं और भुवन दोनों hi चौक गए थे , चौकाने का कारण भी था ये गण जीवा और सम्पत का फव था और वो अपनी जीप में इसे फुल आवाज में चलकर घुमा करते थे , और ये क्या वो लोग सच में इधर hi आ रहे थे …
उनकी जीप कॉलेज में आकर रुकी साथ में उनके चलो की पूरी की पूरी टोली भी उतर गयी सभी के हाथो में बड़े बड़े बंदूख थे ..
सभी लोग आंखे फाडे हुए उन्हें hi देख रहे थे साथ hi कमरे में खड़े हम लोग भी ..
“दीदी जीवा भैया आपको बुलाये है “
हमरे कमरे के बहार खड़े एक लड़के ने कहा , वो हमारे hi गांव का था ..
मैंने और भुवन ने एक दूसरे को देखा ..
“हो गया सत्यानाश “भुवन के होठो से निकल गया था ..
“करीम भाई … ये लड़के मेरी बहन को छेड़ रहे थे इसलिए इन लोगो का ये हाल कर दिया, फिर से कोई नजर उठा कर देखेगा तो उसकी भी आंखे निकाल लूंगा चाहे वो किसी का भी आदमी हो “
जीवा के आदमी करीम के सभी लोगो को घेर कर खड़े थे …
“जीवा… तो तू hi जीवा है .. सेल शहर आकर बड़ी गलती कर दी तूने “
मैं और भुवन भी निचे जीवा और सम्पत के साथ खड़े हुए थे , सब को समझ आ चूका था की माजरा क्या है , ऐसे भी जीवा को शहर में अपनी धाक जमनी थी और उसके लिए सेल ने मेरे कॉलेज लाइफ की क़ुरबानी दे दी ..
मैं जानती थी की उन लोगो को कितनी बेरहमी से मरने का कारण सिर्फ बहन का प्यार नहीं है बल्कि करीम को उसके घर में घुसकर चैलेंज देना है, ताकि सबके होठो पर जीवा का नाम आ जाए ..
“जैसे अपने गांव से तेरा धंधा उखाड़ा है वैसे hi यंहा से भी तुझे उखड दूंगा करीम “
जीवा के होठो में मुस्कान आ गयी थी , करीम ऐसी हालत में थे की वो कुछ नहीं कर सकता था , पुलिस वाले भी बस खड़े हुए देख रहे थे शायद जीवा ने पैसा और बंदूख दोनों से उन्हें चुप करवा दिया था …
“तूने अपनी बहन को मेरे नजर में लेकर अच्छा किया जीवा “
करीम की आँखों में मैंने एक कमीने पैन को देख लिया था, उसकी ललचाई आंखे मेरे पुरे बदन को घर रही थी ..
तभी ..
“aaaaaaaaaaa”
एक चीख से पूरा माहौल hi गूंज गया ..
करीम के ऐसा बोलते hi सम्पत ने करीम के एक आदमी जो उसकी बात पर हंस रहा था उसके पेट में आधी तलवार घुसा दी , करीम गुस्से में अपने पिस्तौल पर हाथ को बंधा लेकिन अगले hi पल उसके कनपट्टी में बंदूख टिका दी गयी थी , करीम ने अपने गुस्से का घुट पि लिया ..
“ये तुझे बहुत भरी पड़ेगा जीवा ..”
करीम ने अपने दांतो को कसते हुए कहा
“हलकी चीजों का सूक भी नहीं है करीम “
जीवा की बात सुनकर उसके सभी लड़के हंस पड़े थे .. करीम के जाते hi जीवा के लड़को ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी ..
बाकि के लोग बस किसी मूर्ति की तरह खड़े रह गए , अब तो इन लोगो को इन सभी चीजों की आदत सी hi हो गयी थी , लॉ एंड आर्डर के नाम पर कुछ बचा hi नहीं था ,, करप्शन और दर का माहौल था , जो पैसो से नहीं बिकता उसे पिस्तौल के डैम पर काबू में लाया जाता था ..
ये माहौल करीम ने hi बनाया था की उसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठा सकता था लेकिन आज उसका पूरा उपयोग जीवा कर रहा था , सभी को पता था की जीवा ने अपने पुरे इलाके में करीम की ऐसी की तैसी कर राखी है , इसलिए लोग उसका सहयोग भी कर रहे थे क्योकि दो गैंग की लड़ाई में बहुतो का फायदा होता है ..
एक कम्पटीशन हो तो लोगो को दाम भी सही मिलता है और प्रतियोगिता तो पैदा हो hi चुकी थी ..
लड़के जीवा भैया की जय सम्पत भैया की जय के नारे लगा रहे थे , तभी दया भी दौड़त हुआ आ गया और जीवा के पेअर छू लिए ..
“अरे तुम कौन हो ..”
“अरे भैया ये वही है जिसने कल कोमल दीदी की मदद की थी “मेरे गांव वाला लड़का बोल पड़ा अब मुझे समझ आ गया था की आखिर जीवा को इन सबके बारे में इसी चूतिये ने बताया था ..
“ओह अच्छा नेता जी “
जीवा ने दया की पीठ थपथपाई
“अरे कहा भैया , हम तो बस अभी चुनाव में खड़े हो रहे है , मैं चाहता हु की मेरा सपोर्ट आप करो “
दया संकर की बात सुनकर जीवा ने उसे थोड़ा घुरा
“क्यों भाई ..”
“क्योकि भैया हमारे ओप्पोसिशन का साथ करीम भाई दे रहे है “
जीवा ने एक बार सम्पत को देखा
“अबसे करीम , करीम है न की करीम भाई ..और तू लड़ चुनाव साला पिस्तौल और गंजे से पूरा कॉलेज को भर देंगे … जो सामने आये ठुकवा देंगे , करीम की माँ छोड़नी है हर जगह .. अब से बस एक hi भाई होगा जीवा भाई …समझा छोटे “
दया संकर ऐसे खुस हुआ जैसे सेल को कोई वरदान मिल गया हो ..
“बिलकुल भाई अब तो आपके hi नाम का डंका बजेगा “
तिवारी की नजर मुझपर पड़ी , लेकिन मैं उसकी इस हरकत से बहुत गुस्से में थी , मैं नहीं चाहती थी की जीवा अब इस कॉलेज में भी अपना उत्पात मचाये .. मेरा बिगड़ा हुआ चेहरा देख कर जीवा ने मेरे गलो को पकड़कर हिलाया
“अब मेरी प्यारी बहन के पुरे कॉलेज में बस जीवा भाई का नाम होगा “
उसकी आँखों में शरारत थी और वो मुझे चिढ़ा रहा था.. मैं मुँह बनाकर भुवन का हाथ पकड़कर वंहा से निकल गयी और जीवा और सम्पत जोरो से हंस पड़े थे ……….
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“यार गांव में तो जीना हराम कर hi रखा था अब यंहा भी सर में बैठा कर नाचेंगे , कॉलेज को पूरा बर्बाद कर देंगे ये लोग, अब रोज बस मार काट और गंजे बजी होगी यंहा पड़े तो भूल hi जाओ “
मैं बुरी तरह से अपसेट थी , भुवन को तो कुछ फर्क hi नहीं पड़ता जो मैं बोलती वो बस उसी में सर हिला देता था ..
“ऐसे भी ये कॉलेज पहले से hi बर्बाद था देखि न कल की लड़कियों से सेल कैसे बात कर रहे थे , दादागिरी तो पहले भी थी और नेता गिरी भी … वो साला तिवारी कैसा दाल बदलू आदमी है , कल तक तो करीम भाई करीम भाई बोल रहा था आज जीवा के साइड आ गया “
भुवन ने भी गुस्से में कहा
“है यार लेकिन अब इस कॉलेज में बस गैंग वार टाइप की चीजे होने लगेंगी और सबसे जयदा घटा तो मुझे है न करीम के आदमियों का हमेशा खतरा रहेगा … और जीवा के लोग भी हमेशा नजर रखेंगे … जिंदगी नर्क बना के राखी है सालो ने “
मेरी बात सुनकर भुवन थोड़ा हंसा
“मैं परेशां और तू हंस रहा है “
“अरे तो क्या करू .. मेरे दिमाग में एक बात आयी इसलिए हंसी आ गयी ..”
“अच्छा क्या ??”
“तू गुस्से में बड़ी प्यारी लगती है”
भुवन की बात सुनकर मैं मुस्कुरा उठी थी , कभी कभी तो लगता था की इसे अपना hi लू लेकिन फिर लगता की हम अच्छे दोस्त hi अच्छे है …
मैंने उसके गलो में हलकी सी चपत लगा दी
“तुम्हे क्या लगता है की कौन जीतेगा , “
मेरे मन में एक संदेह आ गया था …
मेरी बात सुनकर भुवन मुस्कुराया
“जिसके साथ तुम हो वो hi जीतेगा “
मैंने उसे गुस्से से देखा
“वह .. मैं किसी के साथ नहीं हु “
वो हंस पड़ा
“तुम तो ऐसे बोल रही हो जैसे की जीवा के ऊपर कोई मुसीबत आ जाये तो तुम पीछे हैट जाओगी.. अभी तक जीवा को तुम्हारी जरुरत नहीं पड़ी लेकिन मुझे पता है की आगे पड़ेगी और तुम उसकी मदद भी करोगी …”
मैंने एक बार भुवन को घुरा , क्या सच में ऐसा था …
“मुझे नहीं लगता की मैं जीवा की मदद करुँगी या ऐसा कुछ काम भी करुँगी ..”
“मुझे इतना तो पता है की अगर उसके ऊपर कोई अफाट आयी तो तुम उसकी हेल्प जरूर करोगी “
“अब वो मेरा भाई जो है “
मैं खिड़खी से बहार देखने लगी थी…
माहौल बदल रहा था कॉलेज का चुनाव ऐसा होता है मैंने सोचा भी नहीं था , पैसे बहाये जा रहे थे ,तलवारे और बन्दूखे चल रही थी .. लेकिन फिर भी पढाई चल रही थी , सब कुछ अपने अपने जगह पर था , सम्पूर्ण बैलेंस की स्तिथि .. के साथ ..
तभी एक दिन दया संकर मेरे पास आया ..
बातो hi बातो में उसने मुझसे कहा
“तुम हमारी पार्टी की तरफ से चुनाव क्यों नहीं लड़ती ..??”
“तुम्हारी पार्टी ?? तुम तो जीवा के हाथो की कटपुतली बन गए हो “
मेरी बात सुनकर उसने एक बार मुझे घुरा
“तुम जीवा भाई से नफरत क्यों करती हो “
“बात नफरत की नहीं है , वो मेरा भाई है और मैं उससे नफरत नहीं करती लेकिन बात वसूलो की भी तो है , ऐसे किसी को भी मार देना , अपना वर्चस्व फ़ैलाने के लिए किसी की फिक्र न करना .. ये सब कहा तक सही है ..”
“यार सबका अपना काम होता है , और जीवा भाई का काम hi यही है तो वो क्या करे , अपना काम तो ईमानदारी से पूरा कर रहे है न “
मैंने दया को एक बार घर कर देखा
“अच्छा और तुम्हारा काम क्या है , लोगो के जुटे चाटना , कभी करीम के चाटते थे और अब जीवा के “
मेरी बात सुनकर भुवन सकते में आ गया था , उसने मेरे हाथो को जोरो से दबाया लेकिन जिसे बुरा मन्ना था वो बिलकुल भी बुरा नहीं मान रहा था , तिवारी के चेहरे पर कोई भी गुस्से वाला भाव नहीं आया बल्कि वो बस मुस्कुरा रहा था …….
“ये पावर का गेम है कोमल , मुझे पॉलिटिक्स में आना है और जो भी मुझसे पावरफुल है और आगे बढ़ा सकता है मैं उसके साथ हो जाऊंगा , अगर धोखा देना पड़े तो धोखा भी दूंगा , यही राजनीती है यही सियासत के देव पेंच है ..”
उसकी इस बात से मेरा गुस्सा और भी तेज हो गया था , मैं उसे पसंद करती थी लेकिन उसकी इन हरकतों से मुझे बहुत hi छिड़ होती थी
“तो क्या तुम उनके कुत्ते बन जाओगे “
वो जोरो से हंसा
“तुम्हे लग रहा है की मैं उनका कुत्ता बन गया, यही सोच लोगो को आगे बढ़ने नहीं देती तुम ये नहीं देख रही हो की पावर मिलने के बाद मैं जीवा और करीम दोनों से hi जयदा पावरफुल हो सकता हु …….
नेता बनने के लिए गुंडे बस सिदहि की तरह होते है , एक बार जो पावर में आ गया उसके सामने फिर करीम और जीवा जैसे गुंडों की कोई ावुकत नहीं होती , लेकिन फिर भी नेता लोग इन्हे पाल कर रखते है , अभी मैं तुम्हे इनका कुत्ता लग रहा हु न , देखना एक दिन ये मेरे कुत्ते की तरह होंगे …”
दया की आँखों में कोई बात तो थी जिसने मुझे उसकी बातो की सच्चाई और दृढ़ता का अहसास दिलाया था ..
मैं स्तब्ध बस उसके तेजस्वी चेहरे को देखे जा रही थी
“और कोमल गुंडा होना से जयदा म्हणत नेता होने में लगती है , बहुत दिमाग का काम है .. और इसलिए मैं चाहता हु की इसमें तुम मेरा साथ दो , पावर की बात hi अलग होती है “
उसकी बात सुनकर मैं जैसे इम्प्रेस hi हो गयी थी ..
“मुझे भी पावर चाहिए लेकिन आईएएस बनकर “
वो जोरो से हंसा
“अगर मंत्री बन जाओगी न तो कई आईएएस तुम्हारे निचे काम करेंगे “
“है लेकिन सिर्फ 5 सालो के लिए .. लेकिन आईएएस तो जीवन भर के लिए होता है “
वो फिर से हंसा
“तुमने अभी दुनिया देखि नहीं है इसलिए ऐसा बोल रही हो , यंहा सब भ्रस्ट हो जाते hi और एक बार जिसने अपनी ईमानदारी छोड़ी या गलती से भी कोई गलत काम किया तो फिर आईएएस की पावर बस नेताओ का खिलौना बनकर hi रह जाता है … आईएएस की एक गलती को जीवन भर के लिए उसके खिलाफ उसे किया जाता है , उन्हें इतना मजबूर कर दिया जाता है की वो अपने पावर का उसे hi नहीं कर पते और करते है तो बस नेताओ के इशारे पर …
और एक नेता जीवन भर के लिए नेता होता है , ये सभी जानते है की आज भले hi कोई सत्ता में ना हो लेकिन कल को हो सकता है .. इसलिए किसी पर हाथ लगाने से पहले 10 बार सोचना पड़ता है “
तिवारी की बातो से मुझे ऐसा लगा जैसे मेरा कोई सपना कांच सा टूट गया हो .. मैंने आईएएस अधिकारी के बारे में जो भी सुना और देखा था यंहा सब कुछ टूटता हुआ दिख रहा था , मुझे किसी ने उनके कमजोर पक्ष के बारे में नहीं बताया था , सब बस यही बोलै करते थे की एक बार आईएएस बन जाये तो लाइफ बन जाती है या फिर इतना पावर मिल जाता है की आप hi भगवन हो ..
लेकिन है ये भी एक कला पक्ष था जिसे सभी इग्नोर कर जाते है , असल में सभी चीजों का एक बैक दूर भी होता है ..
“है लेकिन वो इतने भी कमजोर नहीं होते जितना तुम समझ रहे हो “
मैंने अंतिम बार प्रयास किया
“है मैं मंटा हु , लेकिन वो इतने पावरफुल भी नहीं होते जितना तुम सोचती हो “
दया हंस पड़ा , और मैं मनो नर्वस हो गयी
“देखो कोमल ये एक बहस है की कोण ज्यादा पावरफुल होता है , यद् रखो की कोई पूरी तरह से सही नहीं हो सकता , सभी के ऊपर कोई न कोई कंडीशन तो होती hi है जो किसी खास परिस्थिति में लोगो को पावर प्रदान करती है और किसी खास परिस्थिति में लोगो को कमजोर कर देती है.. तो सब बाटे अभी दिमाग से निकाल दो ..
तुम्हे जो करना है वो करना लेकिन काम से काम अभी तो मेरा साथ दो .. समझ लो की मुझे तुम्हारी जरूरत है “
मैंने उसके चेहरे को देखा , उसके पास बात करने का एक सलीका था , उसने ऐसे कहा था की सच में मेरे बिना उसका कोई काम नहीं हो पायेगा , मुझे पता था की वो झूठ था लेकिन फिर भी उसका ये झूठ भी बड़ा hi मीठा था ..
उसने बोलना जारी रखा
“कोमल तुम मेरे पार्टी से और किसी भी पार्टी से अकेली लेडीज कैंडिडेट होगी , तो लड़कियों का वोट हमरे तरफ खींचने में मदद मिलेगी “
मैं उसकी बात सुनकर चौकी
“तो क्या दूसरी पार्टी की तरफ से कोई भी लड़की कड़ी नहीं हुई है “
दया ने एक गहरी साँस ली
“यंहा की पॉलिटिक्स इतनी ख़राब है की कोई भी लड़की इसमें फ़साना नहीं चाहती , या घर वाले hi मन कर देते है … हमारे सामने वालो के पास इतना दिमाग भी नहीं है की किसी लड़की को खड़ा करने की भी सोचे , उन्हें तो लगता है की चङाव बस पैसे और ताकत के बल पर hi जीती जाती है … ये एक अच्छा बदलाव होगा और ऐसे भी तुम चाहे जो भी बनो मकसद तो एक hi है न ..
बदलाव……..”
उसकी बात सुनकर मनो मेरा दिमाग hi खुल गया था , मैंने बस सर हिलाकर उसे सहमति दे दी ……