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फिर अंकित और नेहा निचे आकर डिनर करने लगते है
आकाश : नेहा बीटा मैंने सुना है हमारे स्कूल मैं बहुत प्रोब्लेम्स है क्या ये सच है
नेहा : है डैड ये सच है वह बचो को उनके टेलेंट के बेस पर नहीं बल्कि उनके माँ बाप के स्टेटस के बेस पर एडमिशन दिया जाता है
आकाश : पर मैंने तो वह के डायरेक्टर को कह रखा है की जो लोग ऐसे होते है उनकेलिए हमने स्कालरशिप के भी मॅनॅग्मेंट किया है फिर भी मैं कल hi वह पे जाकर सब पता करता हु
निशा : विल्कुल नहीं आपको कल रोम जाना है पता हैना ऑटोमोबाइल पार्ट्स की डील केलिए भूल गए
आकाश : तुमको कैसे पता
निशा : मेरे प्यारे हुब्बी जी आपकी असिस्टेंट अमायरा हमे टाइम तो टाइम आपकी लोकेशन बताती है और वो आपके साथ होती है इसी लिए हमे कोई टेंशन नहीं रहता आपका और वो नहीं तो अमन तो साथ होता hi है
आकाश : स्मार्ट वैरी स्मार्ट जब तुम तीनो होती हो तो मैं बेफिक्र होकर काम पर ध्यान देता हु बूत ये काम भी जरुरी है
अंकित : डैड वो मामला मैं हैंडल करलूँगा क्यों की आपके साथ रोम मैं अमायरा दीदी नहीं होंगी याद हैना
आकाश : है है पता है मैं उसे भेज दूंगा कल सुबह
अंकित : वैसे आपकी फ्लाइट कब की है
आकाश : कल सुबह 7:00 ऍम
अंकित : तो आप बेफिक्र होकर जाईये और डील एंड टूर एन्जॉय कीजिये
आकाश : ठीक है भाई अब मैं चलता हु मुझे सोना है और कल जल्दी निकलना है गुड नाईट
सब लोग : गुड नाईट
फिर आकाश रूम मैं चला गया और 2 पेग लगा कर सो गया
ये आकाश की आदत थी वो सोने से पहले 2 पेग लगा लेता जिससे उसे दिन भर के स्ट्रेस से आराम मिले
फिर सबलोग काम ख़तम करके अपने अपने रूम मैं चले गए
अंकित अपने रूम मैं सोच मैं डूबा था तो निशा अंदर आयी और अपने बेटे को सोच मैं गुम देख कर बीएड पर आगयी और उसे सर को अपने सीने मैं ले लिया
निशा : क्या सोच रहा है बेतु
अंकित : कुछ नहीं मुम्मा बस ये सोच रहा हु की कैसे आयुष को सँभालु
निशा : सँभालु मतलब
अंकित फिर उसे आयुष और सारिका की कहानी बताता है
निशा : है ऐसा होता है बेतु आखिर सब लोग मेरे बेटे जैसे तो नहीं होते
अंकित : मुम्मा एक बात पुछु बुरा मत मन्ना
निशा : बीटा तेरी माँ हु कभी तेरी बात का बुरा मन है
अंकित : मुम्मा क्या मैंने कभी आपको ये एहसास कराया है की आप मेरी सौतेली माँ हो मतलब क्या मैंने आपसे कभी सौतेला बेहवे किया है क्यों की मुझे याद तो नहीं बूत अगर किया हो तो मैं आपसे सॉरी बोलता हु
ये सुन कर निशा के चेहरे पर एक मुस्कराहट आती है
निशा : यहाँ मेरे पास
अंकित निशा के पास जाता है तो निशा उसे जोरर से उसका मुँह अपने ममता मई सीने से जोर लेती है
निशा : नहीं बीटा तू ने कभी ये नहीं किया है पहले जब रतुम हमसे नाराज़ थे तब तुम मुझसे रौदे होकर बात करते थे बूत तब भी तुममे एक चीज़ थी की तुम हमसे तू तड़क करके बात नहीं करते थे ये hi चीज़ तो हमारे डिल मैं तुम्हारेलिए हर बार प्यार भरदेति थी तो अब ये फालतू मत सोचो और बताओ क्या करना चाहते हो उन माँ बेटे के बिच मैं
अंकित : मैं उन्हें भी सेक्स से जोड़ न कहता हु ताकि दोनों के दिल मैं एक दूसरे केलिए कभी न ख़तम होने वला प्यार भरना कहता हु पर समाज नहीं आरहा की कैसे करू
निशा : अभी फ़िलहाल कुछ मत सो और रूक
निशा ने अभी एक कॉटन की सारी पहनी थी जो उसका तरह का निघ्टड्रेस थे अब जज़ीर सी बात है एक अमीर आदमी की पत्नी थी निघ्टड्रेस की वेराइटी तो होगी hi उसके पास
निशा ने साड़ी निकलदी और ब्लाउज भी निकल दिया ब्रा तो वो घर मैं पहनती नहीं थी अभी वो सिर्फ एक ब्लैक कलर के पेटीकोट मैं थी उसने अपनी चुकी अंकित के मुँह मैं देदी
निशा : थोड़ी देर इन्हे चूस लो और अपना दिमाग शांत करो बाकि काम दिमाग खुद करलेगा जब वो संत होगा
अंकित अपनी माँ के दूध छूसराः था और निशा उसके माथे पर अपने होठो से किश कर रही थी अपनी जुबान से चाट रही थी
तभी अंकित को एक आईडिया आया
अंकित : माँ मुझे आईडिया मिल गया कोई घुमा फिर के नहीं मैं सीधे hi उनसे बात करूँगा
निशा : देखा अब सो जाओ 12 बज गए है
फिर ये दोनों सो गए
अगली सुबह सब लोग नास्ता कर रहे थे तभी अमायरा आगयी
अमायरा : गुड मॉर्निंग मां गुड मॉर्निंग आल
मनीषा : अमायरा कितनी बार कहा है तुमसे आंटी बोलै करो हम पराये थोड़ी है हम भी अपने है तुम्हारे तुम हमारी बेटी जैसी हो
निशा : है सही कहा
आमेरा : ठीक है आंटी अंकित यहाँ आओ
अंकित : है दीदी बस नास्ता करलु
अमायरा अंकित के पास गयी और उसके गालो को किश किया
अमायरा : अब शांति मिली कब निकलना है एक जी
अंकित : चलो मेरा होगया है अब निकलते है
फिर सब निकल पड़ते है रस्ते माहि कारन रक्षा और जूही इन्हे ज्वाइन करलेते है फिर सब लोग आयुष के घर चले जाते है और उसे लेने केलिए फिर आयुष भी इनके साथ चल्देता है
फिर सबलोग स्कूल पहुंचते है अमायरा को अंकित कुछ देर पहले hi उतर देता है और वो सीधा स्कूल मैं चली जाती है क्यों वो रावल एम्पायर के मालिक की प् थी आखिर स्कूल मैं किसकी मजाल जो अमायरा को ये पूछे की आपको किस्से मिलना है
अंकित बाकि सबलोग स्कूल के पास ए तो वाच मन उन्हें रोकता है वॉचमन को मैं वं लिखूंगा
वं : आई जाओ यहसे यहाँ भिखारियों केलिए जगह नहीं है
अंकित : ये यहाँ का स्टूडेंट है तू होता कोण है उन्हें रोकने वाला
वं : ओह्ह ये वही हैना जिसकी माँ छोड़ दी थी रवै सर ने बेटे चलजा यहाँ से ये ऐसे hi है
अंकित ने एक खींच के थप्पड़ उस वाच मन को मारा उसके कारन से खून निकल गया
वं : तेरी ये हिम्मत पता है यहाँ प्रिंसिपल को पता चला तो वो तुझे अंदर करवाड़ेगा रुक तू आज hi शिकायत करूँगा
अंकित : अबे जब भोसड़ी के तुझे पता है मैं कोण हु मेरे hi स्कूल मैं मुझे रोकेगा
वं : कोण हो तुम
अंकित : ये स्कूल किसका है
वं : आकाश अजीत रावल का
अंकित : मैं अंकित हु अंकित आकाश रावल
वं : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर मैं बीवी बच्चों व आदमी हु
अंकित : रुक जाओ अभी तो खेल शुरू हुवा है
और अंकित की गैंग अंदर जाती है
अंकित : आयुष जाओ अपने क्लास मैं मैं अभी आता हु
आयुष अपने क्लास मैं आगया
अंकित और उसकी गैंग पूरी स्कूल मैं घूमने लगे नेहा स्टाफ रूम मैं चली गयी अंकित के साथ वाच मन भी था
अंकित देखा है एक क्लास मैं इंग्लिश का लेक्चर चल रहा है और कुछ बच्चे जो दिखने मैं टीप टॉप लग रहे थे वो आगे बैठे है
और कुछ बच्चे पीछे खड़े है जो दिखने मैं मिडिल क्लास लग रहे थे
अंकित : ये यहाँ क्या हो रहा है
वं : सर वो बच्चे अमीर घरानो के है और जो बच्चे खड़े है वो माध्यम वर्ग के घरानो से है टीचर अमीर बच्चो को पढ़ने केलिए आगे बुलाती है और उसन बच्चो को किसी न किसी बात पे पनिसमेंट देकर पीछे खड़ा करती है और बाकि के लेक्टर के टीचर्स को भी ये बोलती है की इन्हे बैठने मत देना क्यों की उन्होंने इन्हे पनिशमेंट दी है
अंकित के आखों मैं अंगारे दाहक रहे थे
तभी आयुष रोटा हुवा आया और अंकित को हुग करके रोने लगा
अंकित : आयुष क्या हुवा रो क्यों रहे हो आयुष बताओ अपने भैया को बताओ
आयुष ने कुछ नहीं बोलै बस अपना हाथ दिखाया जहा उसे चोट लगी थी वही एक निशान बना हुवा था अंकित समाज गया की सर ने इसे डस्टर या स्केल मरी है
अंकित : आयुष बस इतना बताओ की कोनसा लेक्टर था अभी
आयुष : भैया वोऊ वोऊ अभी साइंस का लेक्टर था मैं गया तो सर ने कहा की लेट आयेहो सजा मिलेगी और उन्होंने लकड़ी की स्केल से मारा
अंकित का पारा चढ़ गया
अंकित : जूही रक्षा आयुष को निचे लेकर जाओ और ग्राउंड मैं अनाउंसमेंट करवा मुझे सभी बच्चे स्टाफ मेंबर्स और प्रिंसिपल अभी के अभी ग्राउंड मैं चाहिए
कारन मेरे साथ चल
अंकित और कारन जैसे hi आयुष के क्लास मैं गए तो उन्होंने देखा की
रवि एक बच्चे को थप्पड़ मर रहा था वो बच्चा रो रहा था बूत रवि को दया नहीं आयी
रवि : सेल बिखरी होमवर्क नहीं करेगा हां तू भी अपने बाकी जैसे गन्दी नाली का कीड़ा hi रहेगा
ये सुन कर तो अंकित क्लास मैं आज्ञा
रवि : हाउ डरे यू तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयीईईई आआह्ह्ह्ज्जज्ज
अंकित ने एक जोर का घुसा रवि के पेट मैं मारा
सभी बच्चे चिल्लाने लगे
कारन : कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा चुप चाप बैठो सब लोग
अंकित ने रविको धोना शुरू किया लात घुसे थप्पड़ से रवि बस दर्द से बिलखता रहा
यहाँ ग्राउंड मैं
सभी स्टाफ मेंबर्स आगये सभी बच्चे भी आगये director's, प्रिंसिपल, और टीचर्स सब थे वह पर
प्रिंसिपल : मां आज आप यहाँ क्यों आयी अपने बताया नहीं और सब लोगो को यहाँ ग्राउंड मैं एकाथा क्यों किया
नेहा : रुक जाईये अभी तो आपको बहुत कुछ जानना है आज आपका सारा हरामी पाना निकलेगा 8 तह क्लास के बच्चे को मार्के बड़े अंगरोउंग मन बनते फिरते होना आज साडी कसार निकले गई सेल हर्रमी
प्रिंसिपल : हाउ डरे यू तुम होती कोण हो मुझे बोलने वाली और मैं प्रिंसिपल हु जो चाहे करूँगा
अमायरा : ये कोण है अभी थोड़ी देर मैं पता चल जायेगा और आप प्रिंसिपल है तो जो चाहे वो करेंगे
तभी रवि के चीखने की आवाज आयी सबलोग वह देखने लगे तो पाटा चला की अंकित रवि को घसीटते हुए लेकर आरहा है और कारन लगा तर उसपर लगते बर्षा रहा है रवि के सरीर से जगह जगह खून निकल रहा है
रवि भागता हुवा प्रिंसिपल के पास गया
रवि : सर ये मुझे मार रहा है अभी के अभी अंदर करवाईये इसे
अंकित : क्यों बे हरामी बहुत शौक हैना स्टेटस के साथ खेलने का आजा आज मैं तुझे खिलाऊंगा भोड़सीके मदर छोड़ और तू सेल प्रिंसिपल तुझे बहुत शौक हैना लेडीज टीचर्स और जवान बच्चियों को गलत तरीके से हरष करने का आज तुझे ऐसा धोऊंगा की तू अपनी बीवी को भी चुने से डरेगा
प्रिंसिपल : हलवा है क्या चुके तो दिखा मैं एक रेस्पेक्टेड टीचर हु अभी के अभी तुझे अंदर करवा सकता हु तू है कोण सेल
अंकित : तू मुझे अंदर करवा सकता है तो मैं एक मं मैं बहार आकर तुझे चिरडालूँगा न तो भी पुलिस मेरा गहनता नहीं उखड सकती
प्रिंसिपल : कोण हो तुम मां ये कोण है
अमायरा : क्राउन प्रिंस ऑफ़ रावल एम्पायर अंकित आकाश रावल
ये सुनके तो वह खड़े सभी की गांड इतनी फटी की उसमे 4 लौड़े समां जाये
अंकित गया और बोलै
अंकित : तेरा काम बच्चो की ा छे बुरे की समाज देना है लड़कियों को हरष करना और छोटे बड़े की ायकाट दिखने का नहीं
रवि : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर मैं आज के बाद ऐसा कभी नहीं करूँगा
अंकित : ठीक है बता तू कहा से पढ़ा है और तेरी इनकम कितनी है और तेरे माँ बाप कितने पढ़े लिखे है
साइंस का सर चुप रहा तो अंकित ने एक खींच के थप्पड़ दिया
अंकित : मैं दुबारा नहीं पूछूंगा
रवि : मैं एक गरीब घरसे था मेरे माँ बाप मज दुरी करते थे और उनकी इनकम 5 000 महीना थी और मैं एक सरकारी स्कूल और कॉलेज से पास आउट हु और मुझे यहाँ से 40, 000 इनकम मिलती है और प्रिंसिपल के कहे मुताबिन गरीब बच्चो को स्कूल से निकलने केलिए लड़कियों को हरष करने केलिए भी 10,000 एक्स्ट्रा मिलते है
अंकित : हैब तू खुद बिखरी की अओलाद है तो तू दुसरो को ऐसे कैसे बोल सकता है
रवि : मुझे पीसो की और इस जॉब की जरुरत थी तो मैं भी प्रिंसिपल की बातो मैं आज्ञा
ये सुन केर प्रिंसिपल अंकित को देखता है
अंकित :ा ताहू आता हु तेरे पास भी आता हु
फिर अंकित प्रिंसिपल के पास गया और उसे धोने लगा और फिर पूछा
अंकित : तुझसे भी वही सवाल पूछूंगा
प्रिंसिपल : मैं एक गरीब किसान का बीटा हु बड़े बाप ने अपनी जमीन गिरवी रख कर मुझे पढ़ाया और मेरा बाप अनपढ़ है और उनकी इनकम मुश्किल से 2000 रही होगी मैं भी सरकारी स्कूल कॉलेज से पास आउट हु और मेरी यहाँ की इनकम 1,25,000 है
अंकित : अब बता की किसके कहने पर ये सब किया
तभी वो एक स्कूल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर की तरफ ऊँगली उठा कर कहता है
अंकित : आहूजा जी मुझे लगा hi था की आप hi होंगे
आहूजा : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर ऐसे लोगो की वजह से स्कूल का स्टेटस डाउन होरहा था इसी लिए मैंने ये सब किया
अंकित ने तो सब से पहले आहूजा को अच्छी धोया फिर पूछा
अंकित : आज तक कितने का घफला किया तूने ऐसा करके
आहूजा : 30 करोड़ का
अंकित : अभी के अभी उस सरे ामौँत को स्कूल के ऑफिसियल अकाउंट मैं ट्रांसफर कर कारन पुलिस को बुलाओ
तभी पुलिस आजाती है
अंकित : डायरेक्टर्स ये काम आपका है ी तीनो के प्रिंसिपल और रवि के लाइसेंस रेड करवाईये और इन तीनो को लड़कियों को और लेडीज टीचर्स को प्स्य्चिकालय हरष करने के जुर्म मैं अंदर करवाईये और उन सभी टीचर्स को ृस्तिकत कीजिये और अब मुझे दुबारा ये कम्पैन आणि नहीं चाहिए
फिर सब लोग वह से निकल गए
अंकित ने नेहा और मोनिका को कारन के साथ भेज दिया और वो पंहुचा आयुष के घर मतलब अपने उसी फ्लैट मैं जहा उनसे आयुष की फॅमिली को शिफ्ट करवाया था अंकित के आदमियोने रातो रत सब सेट करदिया था वह
अंकित वह आज्ञा और सुरेश और सारिका ने उसका स्वागत किया आयुष अभी स्कूल मैं था
सुरेश : अरे अंकित आओ आओ बैठो
फिर अंकित सारिका और सुरेश तीनो मिल कर बैठ गए
अंकित : मुझे सारिका आंटी से बात करनी है
सारिका : है बोलना
अंकित : देखिये अंकल आंटी मैं जनता हु की आयुष ने आंटी को अपना लिया है
सारिका : जा अरे अंकित कल मेरा बच्चा मेरे साथ मेरे सीने से लग कर सोया था अंकित तुमने मुझे मेरा बीटा लौटा कर दुनिया भर की खुसी देदी है
अंकित : क्या आप उसके मन में अपने लिए बेपनाह प्यार भरना चाहती है
सुरेश : मतलब
अंकित : देखिये अंकल बुरा मत मन्ना बूत आयुष अभी 8 क्लास मैं है और उसका मन एक जगह ठहरता नहीं है तो उसके मन मैं सारिका आंटी केलिए फिरसे सौतेली माँ वाला ख्याल आने के पुरे चांस है
सारिका : तो अब क्या करे
अंकित : अभी मैं जो बोलूंगा उससे पहले ये बताईये की मुझ पर भरोषा है
सुरेश : आज की तारिक मैं बाद तुम पे hi भरोषा है
अंकित : तो मैं ये कहता हु की सारिका आंटी और आयुष जिस्म से भी एक होजाये.
सुरेश : क्या कह रहे हो
अंकित : अंकल देखिये जनता हु की ये आपके लिए गलत है बूत बात को समझ इये आयुष अभी भले hi ये कह दे वो सारिका आंटी को अपनी माँ मंटा है बूत उसके मन में आंटी केलिए किसी ने फिरसे नफरत भरदी तो
सुरेश : पर आयुष इतना तो समझदार है
अंकित : मैं जनता हु बूत अभी आयुष को सारिका आंटी को अपनाये सिर्फ एक hi दिन हुवा है मैं कहता हु आयुष को ये एहसास हो की उसकी ये माँ उसे इतना प्यार करती है की उसने उसे मन और डिल के साथ साथ अपना जिस्म भी सूप दिया है और तब आयुष के मन में ये सौतेली माँ वाला ख्याल डालना नामुमकिन होगा आंटी अगर आप तैयार है तो मैं आज से प्लान पर काम सुहरु करदु
सुरेश : ठीक है सारिका तुम तैयार हो
सारिका ( मन में) : अंकित थैंक यू तुमने आज मेरी चुदाई की इच्छा पूरी करदी आयुष के पापा तो पि कर लुढ़क जाते है मैं प्यासी रहजाती हु और उपरसे आयुष मोटा लूँ हाय उसका 6 इंच का लुंड लेकर तो मैं तृप्त होजाऊंगी ऊपर से मेरा बच्चा हंमेशा मुझसे प्यार करेगा हाय एक साथ कितनी खुसी देदी अंकित एक माँ की दवा है कभी भी तुम्हे माँ की कमी इस दुनिया मैं महसूस न हो
अंकित : आंटी बताईये आप तैयार है
सारिका : आयुष केलिए तो मेरा सब कुछ हाज़िर है मैं तैयार हु
सुरेश : वैसे आज मुझे ऑफिस से काम मिल गया है अंकित सुक्रिया आज से एक महीना नाईट शिफ्ट करनी है और फिर हंमेशा केलिए डे मैं
अंकित : अब मैं चलता हु और आंटी मैं फ़ोन करूँगा बाद मैं ठीक है की कैसे सब कुछ करना है
सारिका : है ठीक है
फिर अंकित घर आज्ञा
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स
ी होप यू लिखे आईटी
सी यू सून
ब्बये
फिर अंकित और नेहा निचे आकर डिनर करने लगते है
आकाश : नेहा बीटा मैंने सुना है हमारे स्कूल मैं बहुत प्रोब्लेम्स है क्या ये सच है
नेहा : है डैड ये सच है वह बचो को उनके टेलेंट के बेस पर नहीं बल्कि उनके माँ बाप के स्टेटस के बेस पर एडमिशन दिया जाता है
आकाश : पर मैंने तो वह के डायरेक्टर को कह रखा है की जो लोग ऐसे होते है उनकेलिए हमने स्कालरशिप के भी मॅनॅग्मेंट किया है फिर भी मैं कल hi वह पे जाकर सब पता करता हु
निशा : विल्कुल नहीं आपको कल रोम जाना है पता हैना ऑटोमोबाइल पार्ट्स की डील केलिए भूल गए
आकाश : तुमको कैसे पता
निशा : मेरे प्यारे हुब्बी जी आपकी असिस्टेंट अमायरा हमे टाइम तो टाइम आपकी लोकेशन बताती है और वो आपके साथ होती है इसी लिए हमे कोई टेंशन नहीं रहता आपका और वो नहीं तो अमन तो साथ होता hi है
आकाश : स्मार्ट वैरी स्मार्ट जब तुम तीनो होती हो तो मैं बेफिक्र होकर काम पर ध्यान देता हु बूत ये काम भी जरुरी है
अंकित : डैड वो मामला मैं हैंडल करलूँगा क्यों की आपके साथ रोम मैं अमायरा दीदी नहीं होंगी याद हैना
आकाश : है है पता है मैं उसे भेज दूंगा कल सुबह
अंकित : वैसे आपकी फ्लाइट कब की है
आकाश : कल सुबह 7:00 ऍम
अंकित : तो आप बेफिक्र होकर जाईये और डील एंड टूर एन्जॉय कीजिये
आकाश : ठीक है भाई अब मैं चलता हु मुझे सोना है और कल जल्दी निकलना है गुड नाईट
सब लोग : गुड नाईट
फिर आकाश रूम मैं चला गया और 2 पेग लगा कर सो गया
ये आकाश की आदत थी वो सोने से पहले 2 पेग लगा लेता जिससे उसे दिन भर के स्ट्रेस से आराम मिले
फिर सबलोग काम ख़तम करके अपने अपने रूम मैं चले गए
अंकित अपने रूम मैं सोच मैं डूबा था तो निशा अंदर आयी और अपने बेटे को सोच मैं गुम देख कर बीएड पर आगयी और उसे सर को अपने सीने मैं ले लिया
निशा : क्या सोच रहा है बेतु
अंकित : कुछ नहीं मुम्मा बस ये सोच रहा हु की कैसे आयुष को सँभालु
निशा : सँभालु मतलब
अंकित फिर उसे आयुष और सारिका की कहानी बताता है
निशा : है ऐसा होता है बेतु आखिर सब लोग मेरे बेटे जैसे तो नहीं होते
अंकित : मुम्मा एक बात पुछु बुरा मत मन्ना
निशा : बीटा तेरी माँ हु कभी तेरी बात का बुरा मन है
अंकित : मुम्मा क्या मैंने कभी आपको ये एहसास कराया है की आप मेरी सौतेली माँ हो मतलब क्या मैंने आपसे कभी सौतेला बेहवे किया है क्यों की मुझे याद तो नहीं बूत अगर किया हो तो मैं आपसे सॉरी बोलता हु
ये सुन कर निशा के चेहरे पर एक मुस्कराहट आती है
निशा : यहाँ मेरे पास
अंकित निशा के पास जाता है तो निशा उसे जोरर से उसका मुँह अपने ममता मई सीने से जोर लेती है
निशा : नहीं बीटा तू ने कभी ये नहीं किया है पहले जब रतुम हमसे नाराज़ थे तब तुम मुझसे रौदे होकर बात करते थे बूत तब भी तुममे एक चीज़ थी की तुम हमसे तू तड़क करके बात नहीं करते थे ये hi चीज़ तो हमारे डिल मैं तुम्हारेलिए हर बार प्यार भरदेति थी तो अब ये फालतू मत सोचो और बताओ क्या करना चाहते हो उन माँ बेटे के बिच मैं
अंकित : मैं उन्हें भी सेक्स से जोड़ न कहता हु ताकि दोनों के दिल मैं एक दूसरे केलिए कभी न ख़तम होने वला प्यार भरना कहता हु पर समाज नहीं आरहा की कैसे करू
निशा : अभी फ़िलहाल कुछ मत सो और रूक
निशा ने अभी एक कॉटन की सारी पहनी थी जो उसका तरह का निघ्टड्रेस थे अब जज़ीर सी बात है एक अमीर आदमी की पत्नी थी निघ्टड्रेस की वेराइटी तो होगी hi उसके पास
निशा ने साड़ी निकलदी और ब्लाउज भी निकल दिया ब्रा तो वो घर मैं पहनती नहीं थी अभी वो सिर्फ एक ब्लैक कलर के पेटीकोट मैं थी उसने अपनी चुकी अंकित के मुँह मैं देदी
निशा : थोड़ी देर इन्हे चूस लो और अपना दिमाग शांत करो बाकि काम दिमाग खुद करलेगा जब वो संत होगा
अंकित अपनी माँ के दूध छूसराः था और निशा उसके माथे पर अपने होठो से किश कर रही थी अपनी जुबान से चाट रही थी
तभी अंकित को एक आईडिया आया
अंकित : माँ मुझे आईडिया मिल गया कोई घुमा फिर के नहीं मैं सीधे hi उनसे बात करूँगा
निशा : देखा अब सो जाओ 12 बज गए है
फिर ये दोनों सो गए
अगली सुबह सब लोग नास्ता कर रहे थे तभी अमायरा आगयी
अमायरा : गुड मॉर्निंग मां गुड मॉर्निंग आल
मनीषा : अमायरा कितनी बार कहा है तुमसे आंटी बोलै करो हम पराये थोड़ी है हम भी अपने है तुम्हारे तुम हमारी बेटी जैसी हो
निशा : है सही कहा
आमेरा : ठीक है आंटी अंकित यहाँ आओ
अंकित : है दीदी बस नास्ता करलु
अमायरा अंकित के पास गयी और उसके गालो को किश किया
अमायरा : अब शांति मिली कब निकलना है एक जी
अंकित : चलो मेरा होगया है अब निकलते है
फिर सब निकल पड़ते है रस्ते माहि कारन रक्षा और जूही इन्हे ज्वाइन करलेते है फिर सब लोग आयुष के घर चले जाते है और उसे लेने केलिए फिर आयुष भी इनके साथ चल्देता है
फिर सबलोग स्कूल पहुंचते है अमायरा को अंकित कुछ देर पहले hi उतर देता है और वो सीधा स्कूल मैं चली जाती है क्यों वो रावल एम्पायर के मालिक की प् थी आखिर स्कूल मैं किसकी मजाल जो अमायरा को ये पूछे की आपको किस्से मिलना है
अंकित बाकि सबलोग स्कूल के पास ए तो वाच मन उन्हें रोकता है वॉचमन को मैं वं लिखूंगा
वं : आई जाओ यहसे यहाँ भिखारियों केलिए जगह नहीं है
अंकित : ये यहाँ का स्टूडेंट है तू होता कोण है उन्हें रोकने वाला
वं : ओह्ह ये वही हैना जिसकी माँ छोड़ दी थी रवै सर ने बेटे चलजा यहाँ से ये ऐसे hi है
अंकित ने एक खींच के थप्पड़ उस वाच मन को मारा उसके कारन से खून निकल गया
वं : तेरी ये हिम्मत पता है यहाँ प्रिंसिपल को पता चला तो वो तुझे अंदर करवाड़ेगा रुक तू आज hi शिकायत करूँगा
अंकित : अबे जब भोसड़ी के तुझे पता है मैं कोण हु मेरे hi स्कूल मैं मुझे रोकेगा
वं : कोण हो तुम
अंकित : ये स्कूल किसका है
वं : आकाश अजीत रावल का
अंकित : मैं अंकित हु अंकित आकाश रावल
वं : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर मैं बीवी बच्चों व आदमी हु
अंकित : रुक जाओ अभी तो खेल शुरू हुवा है
और अंकित की गैंग अंदर जाती है
अंकित : आयुष जाओ अपने क्लास मैं मैं अभी आता हु
आयुष अपने क्लास मैं आगया
अंकित और उसकी गैंग पूरी स्कूल मैं घूमने लगे नेहा स्टाफ रूम मैं चली गयी अंकित के साथ वाच मन भी था
अंकित देखा है एक क्लास मैं इंग्लिश का लेक्चर चल रहा है और कुछ बच्चे जो दिखने मैं टीप टॉप लग रहे थे वो आगे बैठे है
और कुछ बच्चे पीछे खड़े है जो दिखने मैं मिडिल क्लास लग रहे थे
अंकित : ये यहाँ क्या हो रहा है
वं : सर वो बच्चे अमीर घरानो के है और जो बच्चे खड़े है वो माध्यम वर्ग के घरानो से है टीचर अमीर बच्चो को पढ़ने केलिए आगे बुलाती है और उसन बच्चो को किसी न किसी बात पे पनिसमेंट देकर पीछे खड़ा करती है और बाकि के लेक्टर के टीचर्स को भी ये बोलती है की इन्हे बैठने मत देना क्यों की उन्होंने इन्हे पनिशमेंट दी है
अंकित के आखों मैं अंगारे दाहक रहे थे
तभी आयुष रोटा हुवा आया और अंकित को हुग करके रोने लगा
अंकित : आयुष क्या हुवा रो क्यों रहे हो आयुष बताओ अपने भैया को बताओ
आयुष ने कुछ नहीं बोलै बस अपना हाथ दिखाया जहा उसे चोट लगी थी वही एक निशान बना हुवा था अंकित समाज गया की सर ने इसे डस्टर या स्केल मरी है
अंकित : आयुष बस इतना बताओ की कोनसा लेक्टर था अभी
आयुष : भैया वोऊ वोऊ अभी साइंस का लेक्टर था मैं गया तो सर ने कहा की लेट आयेहो सजा मिलेगी और उन्होंने लकड़ी की स्केल से मारा
अंकित का पारा चढ़ गया
अंकित : जूही रक्षा आयुष को निचे लेकर जाओ और ग्राउंड मैं अनाउंसमेंट करवा मुझे सभी बच्चे स्टाफ मेंबर्स और प्रिंसिपल अभी के अभी ग्राउंड मैं चाहिए
कारन मेरे साथ चल
अंकित और कारन जैसे hi आयुष के क्लास मैं गए तो उन्होंने देखा की
रवि एक बच्चे को थप्पड़ मर रहा था वो बच्चा रो रहा था बूत रवि को दया नहीं आयी
रवि : सेल बिखरी होमवर्क नहीं करेगा हां तू भी अपने बाकी जैसे गन्दी नाली का कीड़ा hi रहेगा
ये सुन कर तो अंकित क्लास मैं आज्ञा
रवि : हाउ डरे यू तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयीईईई आआह्ह्ह्ज्जज्ज
अंकित ने एक जोर का घुसा रवि के पेट मैं मारा
सभी बच्चे चिल्लाने लगे
कारन : कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा चुप चाप बैठो सब लोग
अंकित ने रविको धोना शुरू किया लात घुसे थप्पड़ से रवि बस दर्द से बिलखता रहा
यहाँ ग्राउंड मैं
सभी स्टाफ मेंबर्स आगये सभी बच्चे भी आगये director's, प्रिंसिपल, और टीचर्स सब थे वह पर
प्रिंसिपल : मां आज आप यहाँ क्यों आयी अपने बताया नहीं और सब लोगो को यहाँ ग्राउंड मैं एकाथा क्यों किया
नेहा : रुक जाईये अभी तो आपको बहुत कुछ जानना है आज आपका सारा हरामी पाना निकलेगा 8 तह क्लास के बच्चे को मार्के बड़े अंगरोउंग मन बनते फिरते होना आज साडी कसार निकले गई सेल हर्रमी
प्रिंसिपल : हाउ डरे यू तुम होती कोण हो मुझे बोलने वाली और मैं प्रिंसिपल हु जो चाहे करूँगा
अमायरा : ये कोण है अभी थोड़ी देर मैं पता चल जायेगा और आप प्रिंसिपल है तो जो चाहे वो करेंगे
तभी रवि के चीखने की आवाज आयी सबलोग वह देखने लगे तो पाटा चला की अंकित रवि को घसीटते हुए लेकर आरहा है और कारन लगा तर उसपर लगते बर्षा रहा है रवि के सरीर से जगह जगह खून निकल रहा है
रवि भागता हुवा प्रिंसिपल के पास गया
रवि : सर ये मुझे मार रहा है अभी के अभी अंदर करवाईये इसे
अंकित : क्यों बे हरामी बहुत शौक हैना स्टेटस के साथ खेलने का आजा आज मैं तुझे खिलाऊंगा भोड़सीके मदर छोड़ और तू सेल प्रिंसिपल तुझे बहुत शौक हैना लेडीज टीचर्स और जवान बच्चियों को गलत तरीके से हरष करने का आज तुझे ऐसा धोऊंगा की तू अपनी बीवी को भी चुने से डरेगा
प्रिंसिपल : हलवा है क्या चुके तो दिखा मैं एक रेस्पेक्टेड टीचर हु अभी के अभी तुझे अंदर करवा सकता हु तू है कोण सेल
अंकित : तू मुझे अंदर करवा सकता है तो मैं एक मं मैं बहार आकर तुझे चिरडालूँगा न तो भी पुलिस मेरा गहनता नहीं उखड सकती
प्रिंसिपल : कोण हो तुम मां ये कोण है
अमायरा : क्राउन प्रिंस ऑफ़ रावल एम्पायर अंकित आकाश रावल
ये सुनके तो वह खड़े सभी की गांड इतनी फटी की उसमे 4 लौड़े समां जाये
अंकित गया और बोलै
अंकित : तेरा काम बच्चो की ा छे बुरे की समाज देना है लड़कियों को हरष करना और छोटे बड़े की ायकाट दिखने का नहीं
रवि : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर मैं आज के बाद ऐसा कभी नहीं करूँगा
अंकित : ठीक है बता तू कहा से पढ़ा है और तेरी इनकम कितनी है और तेरे माँ बाप कितने पढ़े लिखे है
साइंस का सर चुप रहा तो अंकित ने एक खींच के थप्पड़ दिया
अंकित : मैं दुबारा नहीं पूछूंगा
रवि : मैं एक गरीब घरसे था मेरे माँ बाप मज दुरी करते थे और उनकी इनकम 5 000 महीना थी और मैं एक सरकारी स्कूल और कॉलेज से पास आउट हु और मुझे यहाँ से 40, 000 इनकम मिलती है और प्रिंसिपल के कहे मुताबिन गरीब बच्चो को स्कूल से निकलने केलिए लड़कियों को हरष करने केलिए भी 10,000 एक्स्ट्रा मिलते है
अंकित : हैब तू खुद बिखरी की अओलाद है तो तू दुसरो को ऐसे कैसे बोल सकता है
रवि : मुझे पीसो की और इस जॉब की जरुरत थी तो मैं भी प्रिंसिपल की बातो मैं आज्ञा
ये सुन केर प्रिंसिपल अंकित को देखता है
अंकित :ा ताहू आता हु तेरे पास भी आता हु
फिर अंकित प्रिंसिपल के पास गया और उसे धोने लगा और फिर पूछा
अंकित : तुझसे भी वही सवाल पूछूंगा
प्रिंसिपल : मैं एक गरीब किसान का बीटा हु बड़े बाप ने अपनी जमीन गिरवी रख कर मुझे पढ़ाया और मेरा बाप अनपढ़ है और उनकी इनकम मुश्किल से 2000 रही होगी मैं भी सरकारी स्कूल कॉलेज से पास आउट हु और मेरी यहाँ की इनकम 1,25,000 है
अंकित : अब बता की किसके कहने पर ये सब किया
तभी वो एक स्कूल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर की तरफ ऊँगली उठा कर कहता है
अंकित : आहूजा जी मुझे लगा hi था की आप hi होंगे
आहूजा : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर ऐसे लोगो की वजह से स्कूल का स्टेटस डाउन होरहा था इसी लिए मैंने ये सब किया
अंकित ने तो सब से पहले आहूजा को अच्छी धोया फिर पूछा
अंकित : आज तक कितने का घफला किया तूने ऐसा करके
आहूजा : 30 करोड़ का
अंकित : अभी के अभी उस सरे ामौँत को स्कूल के ऑफिसियल अकाउंट मैं ट्रांसफर कर कारन पुलिस को बुलाओ
तभी पुलिस आजाती है
अंकित : डायरेक्टर्स ये काम आपका है ी तीनो के प्रिंसिपल और रवि के लाइसेंस रेड करवाईये और इन तीनो को लड़कियों को और लेडीज टीचर्स को प्स्य्चिकालय हरष करने के जुर्म मैं अंदर करवाईये और उन सभी टीचर्स को ृस्तिकत कीजिये और अब मुझे दुबारा ये कम्पैन आणि नहीं चाहिए
फिर सब लोग वह से निकल गए
अंकित ने नेहा और मोनिका को कारन के साथ भेज दिया और वो पंहुचा आयुष के घर मतलब अपने उसी फ्लैट मैं जहा उनसे आयुष की फॅमिली को शिफ्ट करवाया था अंकित के आदमियोने रातो रत सब सेट करदिया था वह
अंकित वह आज्ञा और सुरेश और सारिका ने उसका स्वागत किया आयुष अभी स्कूल मैं था
सुरेश : अरे अंकित आओ आओ बैठो
फिर अंकित सारिका और सुरेश तीनो मिल कर बैठ गए
अंकित : मुझे सारिका आंटी से बात करनी है
सारिका : है बोलना
अंकित : देखिये अंकल आंटी मैं जनता हु की आयुष ने आंटी को अपना लिया है
सारिका : जा अरे अंकित कल मेरा बच्चा मेरे साथ मेरे सीने से लग कर सोया था अंकित तुमने मुझे मेरा बीटा लौटा कर दुनिया भर की खुसी देदी है
अंकित : क्या आप उसके मन में अपने लिए बेपनाह प्यार भरना चाहती है
सुरेश : मतलब
अंकित : देखिये अंकल बुरा मत मन्ना बूत आयुष अभी 8 क्लास मैं है और उसका मन एक जगह ठहरता नहीं है तो उसके मन मैं सारिका आंटी केलिए फिरसे सौतेली माँ वाला ख्याल आने के पुरे चांस है
सारिका : तो अब क्या करे
अंकित : अभी मैं जो बोलूंगा उससे पहले ये बताईये की मुझ पर भरोषा है
सुरेश : आज की तारिक मैं बाद तुम पे hi भरोषा है
अंकित : तो मैं ये कहता हु की सारिका आंटी और आयुष जिस्म से भी एक होजाये.
सुरेश : क्या कह रहे हो
अंकित : अंकल देखिये जनता हु की ये आपके लिए गलत है बूत बात को समझ इये आयुष अभी भले hi ये कह दे वो सारिका आंटी को अपनी माँ मंटा है बूत उसके मन में आंटी केलिए किसी ने फिरसे नफरत भरदी तो
सुरेश : पर आयुष इतना तो समझदार है
अंकित : मैं जनता हु बूत अभी आयुष को सारिका आंटी को अपनाये सिर्फ एक hi दिन हुवा है मैं कहता हु आयुष को ये एहसास हो की उसकी ये माँ उसे इतना प्यार करती है की उसने उसे मन और डिल के साथ साथ अपना जिस्म भी सूप दिया है और तब आयुष के मन में ये सौतेली माँ वाला ख्याल डालना नामुमकिन होगा आंटी अगर आप तैयार है तो मैं आज से प्लान पर काम सुहरु करदु
सुरेश : ठीक है सारिका तुम तैयार हो
सारिका ( मन में) : अंकित थैंक यू तुमने आज मेरी चुदाई की इच्छा पूरी करदी आयुष के पापा तो पि कर लुढ़क जाते है मैं प्यासी रहजाती हु और उपरसे आयुष मोटा लूँ हाय उसका 6 इंच का लुंड लेकर तो मैं तृप्त होजाऊंगी ऊपर से मेरा बच्चा हंमेशा मुझसे प्यार करेगा हाय एक साथ कितनी खुसी देदी अंकित एक माँ की दवा है कभी भी तुम्हे माँ की कमी इस दुनिया मैं महसूस न हो
अंकित : आंटी बताईये आप तैयार है
सारिका : आयुष केलिए तो मेरा सब कुछ हाज़िर है मैं तैयार हु
सुरेश : वैसे आज मुझे ऑफिस से काम मिल गया है अंकित सुक्रिया आज से एक महीना नाईट शिफ्ट करनी है और फिर हंमेशा केलिए डे मैं
अंकित : अब मैं चलता हु और आंटी मैं फ़ोन करूँगा बाद मैं ठीक है की कैसे सब कुछ करना है
सारिका : है ठीक है
फिर अंकित घर आज्ञा
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