Parivar se nafrat fir pyaar - Page 15 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 122

फिर अंकित और नेहा निचे आकर डिनर करने लगते है

आकाश : नेहा बीटा मैंने सुना है हमारे स्कूल मैं बहुत प्रोब्लेम्स है क्या ये सच है

नेहा : है डैड ये सच है वह बचो को उनके टेलेंट के बेस पर नहीं बल्कि उनके माँ बाप के स्टेटस के बेस पर एडमिशन दिया जाता है

आकाश : पर मैंने तो वह के डायरेक्टर को कह रखा है की जो लोग ऐसे होते है उनकेलिए हमने स्कालरशिप के भी मॅनॅग्मेंट किया है फिर भी मैं कल hi वह पे जाकर सब पता करता हु

निशा : विल्कुल नहीं आपको कल रोम जाना है पता हैना ऑटोमोबाइल पार्ट्स की डील केलिए भूल गए

आकाश : तुमको कैसे पता

निशा : मेरे प्यारे हुब्बी जी आपकी असिस्टेंट अमायरा हमे टाइम तो टाइम आपकी लोकेशन बताती है और वो आपके साथ होती है इसी लिए हमे कोई टेंशन नहीं रहता आपका और वो नहीं तो अमन तो साथ होता hi है

आकाश : स्मार्ट वैरी स्मार्ट जब तुम तीनो होती हो तो मैं बेफिक्र होकर काम पर ध्यान देता हु बूत ये काम भी जरुरी है

अंकित : डैड वो मामला मैं हैंडल करलूँगा क्यों की आपके साथ रोम मैं अमायरा दीदी नहीं होंगी याद हैना

आकाश : है है पता है मैं उसे भेज दूंगा कल सुबह

अंकित : वैसे आपकी फ्लाइट कब की है

आकाश : कल सुबह 7:00 ऍम

अंकित : तो आप बेफिक्र होकर जाईये और डील एंड टूर एन्जॉय कीजिये

आकाश : ठीक है भाई अब मैं चलता हु मुझे सोना है और कल जल्दी निकलना है गुड नाईट

सब लोग : गुड नाईट

फिर आकाश रूम मैं चला गया और 2 पेग लगा कर सो गया

ये आकाश की आदत थी वो सोने से पहले 2 पेग लगा लेता जिससे उसे दिन भर के स्ट्रेस से आराम मिले

फिर सबलोग काम ख़तम करके अपने अपने रूम मैं चले गए

अंकित अपने रूम मैं सोच मैं डूबा था तो निशा अंदर आयी और अपने बेटे को सोच मैं गुम देख कर बीएड पर आगयी और उसे सर को अपने सीने मैं ले लिया

निशा : क्या सोच रहा है बेतु

अंकित : कुछ नहीं मुम्मा बस ये सोच रहा हु की कैसे आयुष को सँभालु

निशा : सँभालु मतलब

अंकित फिर उसे आयुष और सारिका की कहानी बताता है

निशा : है ऐसा होता है बेतु आखिर सब लोग मेरे बेटे जैसे तो नहीं होते

अंकित : मुम्मा एक बात पुछु बुरा मत मन्ना

निशा : बीटा तेरी माँ हु कभी तेरी बात का बुरा मन है

अंकित : मुम्मा क्या मैंने कभी आपको ये एहसास कराया है की आप मेरी सौतेली माँ हो मतलब क्या मैंने आपसे कभी सौतेला बेहवे किया है क्यों की मुझे याद तो नहीं बूत अगर किया हो तो मैं आपसे सॉरी बोलता हु

ये सुन कर निशा के चेहरे पर एक मुस्कराहट आती है

निशा : यहाँ मेरे पास

अंकित निशा के पास जाता है तो निशा उसे जोरर से उसका मुँह अपने ममता मई सीने से जोर लेती है

निशा : नहीं बीटा तू ने कभी ये नहीं किया है पहले जब रतुम हमसे नाराज़ थे तब तुम मुझसे रौदे होकर बात करते थे बूत तब भी तुममे एक चीज़ थी की तुम हमसे तू तड़क करके बात नहीं करते थे ये hi चीज़ तो हमारे डिल मैं तुम्हारेलिए हर बार प्यार भरदेति थी तो अब ये फालतू मत सोचो और बताओ क्या करना चाहते हो उन माँ बेटे के बिच मैं

अंकित : मैं उन्हें भी सेक्स से जोड़ न कहता हु ताकि दोनों के दिल मैं एक दूसरे केलिए कभी न ख़तम होने वला प्यार भरना कहता हु पर समाज नहीं आरहा की कैसे करू

निशा : अभी फ़िलहाल कुछ मत सो और रूक

निशा ने अभी एक कॉटन की सारी पहनी थी जो उसका तरह का निघ्टड्रेस थे अब जज़ीर सी बात है एक अमीर आदमी की पत्नी थी निघ्टड्रेस की वेराइटी तो होगी hi उसके पास

निशा ने साड़ी निकलदी और ब्लाउज भी निकल दिया ब्रा तो वो घर मैं पहनती नहीं थी अभी वो सिर्फ एक ब्लैक कलर के पेटीकोट मैं थी उसने अपनी चुकी अंकित के मुँह मैं देदी

निशा : थोड़ी देर इन्हे चूस लो और अपना दिमाग शांत करो बाकि काम दिमाग खुद करलेगा जब वो संत होगा

अंकित अपनी माँ के दूध छूसराः था और निशा उसके माथे पर अपने होठो से किश कर रही थी अपनी जुबान से चाट रही थी

तभी अंकित को एक आईडिया आया

अंकित : माँ मुझे आईडिया मिल गया कोई घुमा फिर के नहीं मैं सीधे hi उनसे बात करूँगा

निशा : देखा अब सो जाओ 12 बज गए है

फिर ये दोनों सो गए

अगली सुबह सब लोग नास्ता कर रहे थे तभी अमायरा आगयी

अमायरा : गुड मॉर्निंग मां गुड मॉर्निंग आल

मनीषा : अमायरा कितनी बार कहा है तुमसे आंटी बोलै करो हम पराये थोड़ी है हम भी अपने है तुम्हारे तुम हमारी बेटी जैसी हो

निशा : है सही कहा

आमेरा : ठीक है आंटी अंकित यहाँ आओ

अंकित : है दीदी बस नास्ता करलु

अमायरा अंकित के पास गयी और उसके गालो को किश किया

अमायरा : अब शांति मिली कब निकलना है एक जी

अंकित : चलो मेरा होगया है अब निकलते है

फिर सब निकल पड़ते है रस्ते माहि कारन रक्षा और जूही इन्हे ज्वाइन करलेते है फिर सब लोग आयुष के घर चले जाते है और उसे लेने केलिए फिर आयुष भी इनके साथ चल्देता है

फिर सबलोग स्कूल पहुंचते है अमायरा को अंकित कुछ देर पहले hi उतर देता है और वो सीधा स्कूल मैं चली जाती है क्यों वो रावल एम्पायर के मालिक की प् थी आखिर स्कूल मैं किसकी मजाल जो अमायरा को ये पूछे की आपको किस्से मिलना है

अंकित बाकि सबलोग स्कूल के पास ए तो वाच मन उन्हें रोकता है वॉचमन को मैं वं लिखूंगा

वं : आई जाओ यहसे यहाँ भिखारियों केलिए जगह नहीं है

अंकित : ये यहाँ का स्टूडेंट है तू होता कोण है उन्हें रोकने वाला

वं : ओह्ह ये वही हैना जिसकी माँ छोड़ दी थी रवै सर ने बेटे चलजा यहाँ से ये ऐसे hi है

अंकित ने एक खींच के थप्पड़ उस वाच मन को मारा उसके कारन से खून निकल गया

वं : तेरी ये हिम्मत पता है यहाँ प्रिंसिपल को पता चला तो वो तुझे अंदर करवाड़ेगा रुक तू आज hi शिकायत करूँगा

अंकित : अबे जब भोसड़ी के तुझे पता है मैं कोण हु मेरे hi स्कूल मैं मुझे रोकेगा

वं : कोण हो तुम

अंकित : ये स्कूल किसका है

वं : आकाश अजीत रावल का

अंकित : मैं अंकित हु अंकित आकाश रावल

वं : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर मैं बीवी बच्चों व आदमी हु

अंकित : रुक जाओ अभी तो खेल शुरू हुवा है

और अंकित की गैंग अंदर जाती है

अंकित : आयुष जाओ अपने क्लास मैं मैं अभी आता हु

आयुष अपने क्लास मैं आगया

अंकित और उसकी गैंग पूरी स्कूल मैं घूमने लगे नेहा स्टाफ रूम मैं चली गयी अंकित के साथ वाच मन भी था

अंकित देखा है एक क्लास मैं इंग्लिश का लेक्चर चल रहा है और कुछ बच्चे जो दिखने मैं टीप टॉप लग रहे थे वो आगे बैठे है

और कुछ बच्चे पीछे खड़े है जो दिखने मैं मिडिल क्लास लग रहे थे

अंकित : ये यहाँ क्या हो रहा है

वं : सर वो बच्चे अमीर घरानो के है और जो बच्चे खड़े है वो माध्यम वर्ग के घरानो से है टीचर अमीर बच्चो को पढ़ने केलिए आगे बुलाती है और उसन बच्चो को किसी न किसी बात पे पनिसमेंट देकर पीछे खड़ा करती है और बाकि के लेक्टर के टीचर्स को भी ये बोलती है की इन्हे बैठने मत देना क्यों की उन्होंने इन्हे पनिशमेंट दी है

अंकित के आखों मैं अंगारे दाहक रहे थे

तभी आयुष रोटा हुवा आया और अंकित को हुग करके रोने लगा

अंकित : आयुष क्या हुवा रो क्यों रहे हो आयुष बताओ अपने भैया को बताओ

आयुष ने कुछ नहीं बोलै बस अपना हाथ दिखाया जहा उसे चोट लगी थी वही एक निशान बना हुवा था अंकित समाज गया की सर ने इसे डस्टर या स्केल मरी है

अंकित : आयुष बस इतना बताओ की कोनसा लेक्टर था अभी

आयुष : भैया वोऊ वोऊ अभी साइंस का लेक्टर था मैं गया तो सर ने कहा की लेट आयेहो सजा मिलेगी और उन्होंने लकड़ी की स्केल से मारा

अंकित का पारा चढ़ गया

अंकित : जूही रक्षा आयुष को निचे लेकर जाओ और ग्राउंड मैं अनाउंसमेंट करवा मुझे सभी बच्चे स्टाफ मेंबर्स और प्रिंसिपल अभी के अभी ग्राउंड मैं चाहिए

कारन मेरे साथ चल

अंकित और कारन जैसे hi आयुष के क्लास मैं गए तो उन्होंने देखा की

रवि एक बच्चे को थप्पड़ मर रहा था वो बच्चा रो रहा था बूत रवि को दया नहीं आयी

रवि : सेल बिखरी होमवर्क नहीं करेगा हां तू भी अपने बाकी जैसे गन्दी नाली का कीड़ा hi रहेगा

ये सुन कर तो अंकित क्लास मैं आज्ञा

रवि : हाउ डरे यू तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयीईईई आआह्ह्ह्ज्जज्ज

अंकित ने एक जोर का घुसा रवि के पेट मैं मारा

सभी बच्चे चिल्लाने लगे

कारन : कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा चुप चाप बैठो सब लोग

अंकित ने रविको धोना शुरू किया लात घुसे थप्पड़ से रवि बस दर्द से बिलखता रहा

यहाँ ग्राउंड मैं

सभी स्टाफ मेंबर्स आगये सभी बच्चे भी आगये director's, प्रिंसिपल, और टीचर्स सब थे वह पर

प्रिंसिपल : मां आज आप यहाँ क्यों आयी अपने बताया नहीं और सब लोगो को यहाँ ग्राउंड मैं एकाथा क्यों किया

नेहा : रुक जाईये अभी तो आपको बहुत कुछ जानना है आज आपका सारा हरामी पाना निकलेगा 8 तह क्लास के बच्चे को मार्के बड़े अंगरोउंग मन बनते फिरते होना आज साडी कसार निकले गई सेल हर्रमी

प्रिंसिपल : हाउ डरे यू तुम होती कोण हो मुझे बोलने वाली और मैं प्रिंसिपल हु जो चाहे करूँगा

अमायरा : ये कोण है अभी थोड़ी देर मैं पता चल जायेगा और आप प्रिंसिपल है तो जो चाहे वो करेंगे

तभी रवि के चीखने की आवाज आयी सबलोग वह देखने लगे तो पाटा चला की अंकित रवि को घसीटते हुए लेकर आरहा है और कारन लगा तर उसपर लगते बर्षा रहा है रवि के सरीर से जगह जगह खून निकल रहा है

रवि भागता हुवा प्रिंसिपल के पास गया

रवि : सर ये मुझे मार रहा है अभी के अभी अंदर करवाईये इसे

अंकित : क्यों बे हरामी बहुत शौक हैना स्टेटस के साथ खेलने का आजा आज मैं तुझे खिलाऊंगा भोड़सीके मदर छोड़ और तू सेल प्रिंसिपल तुझे बहुत शौक हैना लेडीज टीचर्स और जवान बच्चियों को गलत तरीके से हरष करने का आज तुझे ऐसा धोऊंगा की तू अपनी बीवी को भी चुने से डरेगा

प्रिंसिपल : हलवा है क्या चुके तो दिखा मैं एक रेस्पेक्टेड टीचर हु अभी के अभी तुझे अंदर करवा सकता हु तू है कोण सेल

अंकित : तू मुझे अंदर करवा सकता है तो मैं एक मं मैं बहार आकर तुझे चिरडालूँगा न तो भी पुलिस मेरा गहनता नहीं उखड सकती

प्रिंसिपल : कोण हो तुम मां ये कोण है

अमायरा : क्राउन प्रिंस ऑफ़ रावल एम्पायर अंकित आकाश रावल

ये सुनके तो वह खड़े सभी की गांड इतनी फटी की उसमे 4 लौड़े समां जाये

अंकित गया और बोलै

अंकित : तेरा काम बच्चो की ा छे बुरे की समाज देना है लड़कियों को हरष करना और छोटे बड़े की ायकाट दिखने का नहीं

रवि : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर मैं आज के बाद ऐसा कभी नहीं करूँगा

अंकित : ठीक है बता तू कहा से पढ़ा है और तेरी इनकम कितनी है और तेरे माँ बाप कितने पढ़े लिखे है

साइंस का सर चुप रहा तो अंकित ने एक खींच के थप्पड़ दिया

अंकित : मैं दुबारा नहीं पूछूंगा

रवि : मैं एक गरीब घरसे था मेरे माँ बाप मज दुरी करते थे और उनकी इनकम 5 000 महीना थी और मैं एक सरकारी स्कूल और कॉलेज से पास आउट हु और मुझे यहाँ से 40, 000 इनकम मिलती है और प्रिंसिपल के कहे मुताबिन गरीब बच्चो को स्कूल से निकलने केलिए लड़कियों को हरष करने केलिए भी 10,000 एक्स्ट्रा मिलते है

अंकित : हैब तू खुद बिखरी की अओलाद है तो तू दुसरो को ऐसे कैसे बोल सकता है

रवि : मुझे पीसो की और इस जॉब की जरुरत थी तो मैं भी प्रिंसिपल की बातो मैं आज्ञा

ये सुन केर प्रिंसिपल अंकित को देखता है

अंकित :ा ताहू आता हु तेरे पास भी आता हु

फिर अंकित प्रिंसिपल के पास गया और उसे धोने लगा और फिर पूछा

अंकित : तुझसे भी वही सवाल पूछूंगा

प्रिंसिपल : मैं एक गरीब किसान का बीटा हु बड़े बाप ने अपनी जमीन गिरवी रख कर मुझे पढ़ाया और मेरा बाप अनपढ़ है और उनकी इनकम मुश्किल से 2000 रही होगी मैं भी सरकारी स्कूल कॉलेज से पास आउट हु और मेरी यहाँ की इनकम 1,25,000 है

अंकित : अब बता की किसके कहने पर ये सब किया

तभी वो एक स्कूल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर की तरफ ऊँगली उठा कर कहता है

अंकित : आहूजा जी मुझे लगा hi था की आप hi होंगे

आहूजा : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर ऐसे लोगो की वजह से स्कूल का स्टेटस डाउन होरहा था इसी लिए मैंने ये सब किया

अंकित ने तो सब से पहले आहूजा को अच्छी धोया फिर पूछा

अंकित : आज तक कितने का घफला किया तूने ऐसा करके

आहूजा : 30 करोड़ का

अंकित : अभी के अभी उस सरे ामौँत को स्कूल के ऑफिसियल अकाउंट मैं ट्रांसफर कर कारन पुलिस को बुलाओ

तभी पुलिस आजाती है

अंकित : डायरेक्टर्स ये काम आपका है ी तीनो के प्रिंसिपल और रवि के लाइसेंस रेड करवाईये और इन तीनो को लड़कियों को और लेडीज टीचर्स को प्स्य्चिकालय हरष करने के जुर्म मैं अंदर करवाईये और उन सभी टीचर्स को ृस्तिकत कीजिये और अब मुझे दुबारा ये कम्पैन आणि नहीं चाहिए

फिर सब लोग वह से निकल गए

अंकित ने नेहा और मोनिका को कारन के साथ भेज दिया और वो पंहुचा आयुष के घर मतलब अपने उसी फ्लैट मैं जहा उनसे आयुष की फॅमिली को शिफ्ट करवाया था अंकित के आदमियोने रातो रत सब सेट करदिया था वह

अंकित वह आज्ञा और सुरेश और सारिका ने उसका स्वागत किया आयुष अभी स्कूल मैं था

सुरेश : अरे अंकित आओ आओ बैठो

फिर अंकित सारिका और सुरेश तीनो मिल कर बैठ गए

अंकित : मुझे सारिका आंटी से बात करनी है

सारिका : है बोलना

अंकित : देखिये अंकल आंटी मैं जनता हु की आयुष ने आंटी को अपना लिया है

सारिका : जा अरे अंकित कल मेरा बच्चा मेरे साथ मेरे सीने से लग कर सोया था अंकित तुमने मुझे मेरा बीटा लौटा कर दुनिया भर की खुसी देदी है

अंकित : क्या आप उसके मन में अपने लिए बेपनाह प्यार भरना चाहती है

सुरेश : मतलब

अंकित : देखिये अंकल बुरा मत मन्ना बूत आयुष अभी 8 क्लास मैं है और उसका मन एक जगह ठहरता नहीं है तो उसके मन मैं सारिका आंटी केलिए फिरसे सौतेली माँ वाला ख्याल आने के पुरे चांस है

सारिका : तो अब क्या करे

अंकित : अभी मैं जो बोलूंगा उससे पहले ये बताईये की मुझ पर भरोषा है

सुरेश : आज की तारिक मैं बाद तुम पे hi भरोषा है

अंकित : तो मैं ये कहता हु की सारिका आंटी और आयुष जिस्म से भी एक होजाये.

सुरेश : क्या कह रहे हो

अंकित : अंकल देखिये जनता हु की ये आपके लिए गलत है बूत बात को समझ इये आयुष अभी भले hi ये कह दे वो सारिका आंटी को अपनी माँ मंटा है बूत उसके मन में आंटी केलिए किसी ने फिरसे नफरत भरदी तो

सुरेश : पर आयुष इतना तो समझदार है

अंकित : मैं जनता हु बूत अभी आयुष को सारिका आंटी को अपनाये सिर्फ एक hi दिन हुवा है मैं कहता हु आयुष को ये एहसास हो की उसकी ये माँ उसे इतना प्यार करती है की उसने उसे मन और डिल के साथ साथ अपना जिस्म भी सूप दिया है और तब आयुष के मन में ये सौतेली माँ वाला ख्याल डालना नामुमकिन होगा आंटी अगर आप तैयार है तो मैं आज से प्लान पर काम सुहरु करदु

सुरेश : ठीक है सारिका तुम तैयार हो

सारिका ( मन में) : अंकित थैंक यू तुमने आज मेरी चुदाई की इच्छा पूरी करदी आयुष के पापा तो पि कर लुढ़क जाते है मैं प्यासी रहजाती हु और उपरसे आयुष मोटा लूँ हाय उसका 6 इंच का लुंड लेकर तो मैं तृप्त होजाऊंगी ऊपर से मेरा बच्चा हंमेशा मुझसे प्यार करेगा हाय एक साथ कितनी खुसी देदी अंकित एक माँ की दवा है कभी भी तुम्हे माँ की कमी इस दुनिया मैं महसूस न हो

अंकित : आंटी बताईये आप तैयार है

सारिका : आयुष केलिए तो मेरा सब कुछ हाज़िर है मैं तैयार हु

सुरेश : वैसे आज मुझे ऑफिस से काम मिल गया है अंकित सुक्रिया आज से एक महीना नाईट शिफ्ट करनी है और फिर हंमेशा केलिए डे मैं

अंकित : अब मैं चलता हु और आंटी मैं फ़ोन करूँगा बाद मैं ठीक है की कैसे सब कुछ करना है

सारिका : है ठीक है

फिर अंकित घर आज्ञा

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
सुक्रिया बीआरओ अपने इस स्टोरी को रीड किया और समझा

बूत बीआरओ मैंने उपदटेस मैं लिखा है की मेरी स्टोरी मैं मैंने लॉजिक की अच्छी खासी मरी है

और अपने कहा की सेक्स स्टोरी मैं सेक्स सन मैं थोड़ा काम करना बनता है बूत बीआरओ सेक्स सन केलिए मेरे पास प्रिवेसी भी होनी चाहिए और टाइम भी जिसकी मेरे पास कमी है नहीं तो मैं दफनेटली इस पर ज्यादा काम करता

बाकि अपने अपने विचार इस पर रखे इस लिए मैं आपका दिल से सुक्रिया ऐडा करता हु

अपने एक हम्बल पर्सन की तरह कमेंट किया है सो थैंक्स बडी

मैंने अपनी स्टोरी पर ऐसे बहुत देखे जो सीधा मुँह पर बोलते है की स्टोरी एक दम वाहियाद मैं पर वो ये नहीं जानते की सबकी पसंद अलग अलग होती है सच कहु तो उनके कमेंट पढ़ कर थोड़ा बुरा लगता है बूत मैं कोई खास ध्यान नहीं देता

मेरी स्टोरी बहुत लोगो को पसंद है जिनके कमेंट मुझे सूर्य लिखने की प्रेरणा देते है

थैंक्स फॉर योर रिव्यु मन
 
अपडेट 123

सुबह हुयी और अंकित बिलकुल फ्रेश फइलल कर रहा था उसे पता था की आयुष और सारिका को कैसे एक करना है

अंकित रेडी हुवा और नास्ता करने निचे आज्ञा

अंकित : माँ नास्ता देदो प्लीज

मनीषा : ला रही हु बेबी एक मिनट

नेहा : वैसे भाई स्कूल का क्या सोचा है क्यों अब हमे वह एक नया प्रिंसिपल अपॉइंट करना है

अंकित : आपको hi बना देते है वैसे भी आप स्कूल बढ़िया संभाल सकती है

नेहा : अगर मेरी मनो तो मुझे नहीं बल्कि वह के वाइज प्रिंसिपल को हो प्रिंसिपल बनाओ वो मुझसे ज्यादा काबिल है

अंकित : वो कोण है

नेहा : उनका नाम है आदित्य शिंग वो अपने काम को लेकर बहुत पैशनेट है और वो मुझसे ज्यादा काबिल भी है उनकी आगे है 45 के अस्स पास होगी

अंकित : ok और एक बात कहु वो स्कूल आपकी अंदर है आप वह अपने हिसाब से बदलाव कर सकती है तो समझ गाइना

नेहा : है समझ गयी मतलब मैं किसी को भी कोई भी पोस्ट पर अपॉइट कर सकती हु

अंकित : सही पकडे है वाओ माँ ये पाइनएप्पल सच मैं बहुत टेस्टी है

तन्वी : है निशा दीदी ने खास तेरे लिए एक दम फ्रेश फ्रूट मंगवाए है

निशा : है अब मेरी तारीफ होगयी हो तो अब जल्दी नास्ता करो और रेडी होजाओ

अंकित : वो क्यों

निशा : बेतु आपकी शादी है आपको तो कुछ नहीं करना बूत हम लेडीज को शॉपिंग तो करनी पडेगीना

अंकित : ओह्ह ठीक है मोनिका दीदी आज कॉलेज नहीं आरहा एक काम कम्पलीट करना है मुझे

मोनिका : भाई कॉलेज बहुत ज्यादा मिस कर रहे हो आज चलो वैसे भी आज हाफ डे है

अंकित : ठीक है चलो

फिर ये दोनों कॉलेज निकल जाते है और तिया स्कूल और नेहा भी स्कूल चली जाती है तिया के साथ क्यों की तिया भी तो उसी स्कूल मैं थी

फिर अंकित और मोनिका कॉलेज पहुंच गए और क्लास करते रहे उसके बाद अंकित करने बोल्डट है की उसे काम है इसीलिए वो मोनिका को ड्राप करदे और मोनिका भी चली जाती है

फिर अंकित आयुष के स्कूल पहुँचता है और नेहा को पता था की अंकित आज आयुष को लेने आएगा

अंकित : होई आयुष कैसे हो बडी

आयुष : ी ऍम फाइन भैया

अंकित : आजा

फिर ये दोनों कार मैं बैठ गए

अंकित : आयुष एक बात पुछु

आयुष : है भैया पूछिए

अंकित : तुम अपनी माँ सारिका से अब प्यार करते हो या नहीं

आयुष : है करता हु मैं समझ आज्ञा की मैं गलत था

अंकित : वैसे क्या तुम उन्हें हद से ज्यादा प्यार करना चाहोगे

आयुष : भैया मैं उन्हें प्यार करता हु अगर मुझे ये बात साबित करने का एक मौका मिले तो मैं पीछे नहीं हटूंगा

अंकित : एक रास्ता है अगर तुम कहोतो

आयुष : वो क्या भैया

अंकित : पहले एक बात बताओ क्या तुम उन्हें ऐसा प्यार कर पाओगे जिससे तुम्हारी माँ तुम्हारे बिना रहना पाए और न तुम उनके बिना

आयुष : यहितो करना कहता हु पर समझ नहीं आता कैसे करू

अंकित : मुझ पर भरोषा है तुम्हे

आयुष : बहुत ज्यादा

अंकित : क्या तुम उनके साथ चुदाई करना चाहोगे

आयुष : नही भैया ये क्या कह रहे हो मैं कैसे

अंकित : देखों चुदाई का मतलब समझते हो तुम देखो तुम भी अभी जवान हो रहे हो मतलब अब तुम 2 साल मैं 18 के होजाओगे

आयुष : है पता है ायरत और मर्द एक दूसरे को जिस्मानी सम्बन्ध से खुश करते है

अंकित : नहीं सिर्फ इतना hi नहीं होता चुदाई मैं एक मर्द एक ायरत के सरीर को प्यार करता है उनकी भावनाओ को समझ कर उसके जिस्म को प्यार करता है

और ये तभी मुमकिन होता है जब वो दोनों एक दूसरे को हादसे ज्यादा प्यार करते हो और भरोषा करते हो और चुदाई से बेशक प्यार बढ़ता hi बढ़ता है

आयुष सोच मैं पड़जाता है

आयुष : ठीक है पर अगर पापा को पता चला तो

अंकित : तुम्हारे पापा को मेने संभल लिया है वो कुछ नहीं कहेंगे बोलो अपनी मम्मी के साथ चुदाई करना चाहोगे

आयुष : पर मुझे कुछ आता hi कहा है

अंकित : तो मैं किस मर्ज़ की दवा हु मैं होना आज हम दोनों मिलकर छोड़ेंगे वैसे तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं हैना अगर मैं तुम्हारी माँ के साथ चुदाई करू

आयुष : नहीं आप कर सकते है

अंकित : ok तो उतरो हम तुम्हारे नए घर पहुंच गए

फिर ये दोनों उतर कर लीफ्ट मैं चल देते है इस बिल्डिंग केटोप फ्लोर के पंत हाउस मैं

सारिका रूम का दूर खोलती है और ये दोनों अंदर चले जाती है

आयुष ने आज अपनी माँ को एक माँ के प्यार वाली के साथ चुदाई की नज़र से देखा उसे पहली बार अपने डिल मैं एक अनदेखी खुसी महसूस हुयी

सारिका : ाजो खाना ख्लो

अंकित : आंटी मैं तो खा कर आया हु आयुष जय खाना खली बाद मैं बात करते है

सारिका : अरे ऐसे कैसे चलो थोड़ा सा खालो

अंकित : नहीं आंटी आप ज्यादा फाॅर्स करेंगी तो मेरी देइत मैं चीटिंग होजायेगी अच्छा आप कॉफी पिलादो और थोड़ा जल्दी करना आज आपके बेटे के साथ साथ मैं भी हु

सारिका : है मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है चलो मैं लती हु कॉफी

आयुष और सारिका खाना खा रहे थे आज सारिका ने देखा की कैसे उसका बीटा आज एक अलग hi नज़र से उसे देख रहा था और महसूस कर सकती थी की आने वाले समय मैं आयुष और उसके बिच कितना प्यार होगा

आयुष भी अपनी माँ को देख रहा था आखिर सारिका लग भी कमा रही थी एक मस्ट पर्पल साड़ी पेनी थी जिसमे वो मस्ट दिख रही थी

फिर सब ने अपना काम कम्प्लेट किया और आगये रूम मैं

अंकित : देहो आयुष अब ऐसा करो पहले अपनी सारिका आंटी को टाइट हुग करो और आंटी आप भी दोनों एक दूसरे के सरीर को महसूस करो

सारिका की हिघ्त अच्छी थी जब की आयुष की हिघ्त सारिका के गले तक hi थी

दोनों hi एक दूसरे को जकड लेते है आयुष का मुँह सारिका के चूचियों मैं घुस जाता है और दोनों एक दूसरे के पार्ट्स को महसूस कर रहे थे

फिर दोनों अलग हुए

अंकित : केसा लगा दोनों को

सरिएक : एक अलग सा hi मज़ा था ये और एक अलग सा सुकून मिला

अंकित : आंटी अब आप और आयुष किश करो

आयुष : बूत मुझे नहीं आता

अंकित : रुको मैं करके दिखता हु फिर अंकित सारिका के पास गया

और अपने होठ सारिका के होठों से जोर दिए

दोनों hi एक दूसरे के होठों को मस्ट चूस रहे थे आयुष बड़े गौर से देख रहा था फिर वो दोनों अलग हुए

अंकित : ऐसे करते है तुम्हे बस सामने वाले के होठो को चूसना है जैसे वो तुम्हारे चूसा रही है

आयुष : है ठीक है

फिर आयुष और सारिका के होठ करीब आये दोनों की आखें मिली दोनों ने एकदूसरे की आखों मैं एकदूसरे केलिए हद से ज्यादा प्यार देखा और उनके होठों की दूरिया काम होगयी और जुड़ गए आपस मैं

आयुष : ूउम्मम्म पपुच्छ ुउउम्मा ूमममममहह ूउम्मम्म ापपूछ ूउम्मम्म पपूउछह पप्पूउस च्चीययू उम्माह्ह्ह

सारिका : उम्माह्ह्ह बीटा तुम हर चीज़ मैं उम्माह्ह्ह ऊम्मम प्पोूछह होसियार हो ूमाह्ह्ह्ह पपूउछह ूमा

आयुष : ूमा माँ ी लव यू उम्माह्ह्ह ुउउम्मा प्पोूछह उम्माह्ह्ह

सारिका : ी लव यू तू मेरे बच्चे ुउउम्माछह उम्माह्ह्ह उम्माह्ह्ह पपूछह उम्माह्ह्ह

और फिर जब दोनों की सासे उखाड़ने लगी तब दोनों अलग होगये

अंकित : हम्म आयुष मज़ा आया

आयुष : बहुत ज्यादा भैया

अंकित : हम्म अब आंटी आप आयुष की t-shirt उतरो और अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दो और आयुष को अपने बहो मैं लेकर उसके चेहरे से लेकर उसके पेट तक किश को और आयुष को प्यार करो

सारिका ने वैसा hi किया सारिका आयुष के गलो को लगा तार चुम रही थी लग भाग उसके पुरे फेस को चूमने लगी और फिर उसके गले को चूमने लगी

आयुष मुस्ती मैं बोलै

आयुष : आठ मम्मी बहुत अच्छा लग रहा है आह्हः ऐसे hi आह्हः

सारिका : उमाठ पपूछह लीक लीक लीक उमाठ पपुच्छ ूमा उमाठ उमाठ पपूउछह

फिर सारिका आयुष की नन्ही छाती को किश करने लगी और आयुष के छोटे छोटे निप्पल्स को किश करने लगी आयुष को और मुस्ती चढ़ ने लगी

आयुष : आठ माँ आठ ऐसे hi आठ आह्हः सीई आह्हः माँ आप सच मैं बहुत अच्छी हो आह्हः ओह्ह्ह

ऐसे hi सारिका करीब 10 मं तक आयुष को प्यार करती है आयुष भी मस्ट होजाता है

जब दोनों अलग होते है तो आयुष सारिका के गालो पर किश करता है

आयुष : उमाठ ी लव यू माँ

सारिका : लव यू तू बीटा

आयुष : मुंय अब आप भैया की भी छाती को प्यार करो न

सारिका : है आओ न अंकित यहाँ

अंकित खड़ा हुवा और अपनी शर्ट का एक hi बोटों खोला की

सारिका : आवा मैं उतर देती हु

फिर सारिका अंकित के बोटों खोलने लगती है जैसे जैसे बोटों खुल रहे थे अंकित की क्लियर कट बॉडी पर से पर्दा उठ रहा था फिर शर्ट निकल गया और अंकित लेट गया आयुष के साइड मैं

आयुष भी अंकित की बॉडी देखता hi रह गया और सारिका तो मदहोश hi होने लगी

आयुष : वाओ भैया क्या बॉडी है आपकी कैसे बनायीं ये

सरिएक : है सही कहा कितना गठीला बदन है तुम्हारा अंकित कैसे किया ये

अंकित : ये तो रोज़ गयम जाने की वजह से बन गयी है

फिर सारिका अंकित को प्यार करने लगी फिर प्यार करने के बाद अलग होगये

अंकित : अब आयुष अपनी माँ के दूध को चुसो

ब्लाउज के ऊपर से hi और है अब यहाँ से आयुष सब तुम hi करो गए अब मैं बच्च मैं नहीं आऊंगा

आयुष भी सारिका के दूध को चूसने लगता है और दबाने लगता है सारिका अपना एक हाथ से आयुष के सर को सहलाने लगती है

सारिका : शाबाश बीटा पिले अपनी माँ का दूध ऐसे अह्ह्ह्ह आह्हः आठ धीरे आह्हः आह है बीटा ऐसे hi आह्हः

आयुष : सुर्र्प्प उमाठ उमाठ ऊम्मम उम्माह्ह्ह

अंकित : अब धीरे धीरे ब्लाउज को उतरो

बूत आयुष इतना पागल हो रहा था की उसने ब्लाउज फटाफट उतरदिया

सारिका : अरे बीटा आराम से मैं कही भाग नहीं जाउंगी

आयुष ने फिर ब्रा को भी उतर दिया

आयुशने देखा सारिका की गेहुए रंग की 33 साइज की चूचिया एक दम गोल और तानी हुयी

एक बार फिर आयुष टूट पड़ा सारिका की चूचियों पर

आयुष : उम्माह्ह्ह ऊम्मम सूरररपोल सुर्र्प्प ुउउम्मा ूउम्मम्म सुर्र्प्प ुउउम्म मुअम्मा आपकी चूचिया कितनी नरम है मैं रोज़ खेलूंगा इनके साथ

सारिका : है बीटा खेल लेना आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह

अंकित : बस अब खड़े होजाओ और आयुष सारिका आंटी की साड़ी उतरो

आयुष ने सारिका की साड़ी निकल दी और फिर पेटीकोट का नैरा भी खोल दिया और अब सारिका एक दम नंगी थी उसकी गेहुए रंग की छूट छूट रास से चमक रही थी

फिर अंकित ने सारिका को लेटाया

अंकित : आयुष सारिका की छूट को छतो चुसो

आयुष : पर भैया वो तो गन्दी होती है

अंकित : चुदाई मैं कुछ भी गन्दा नहीं होता

आयुष : ठीक है

फिर आयुष अपनी जीब से सारिका की छूट को चाटने लगता है

सारिका : है बीटा चाट अपनी माँ की छूट को आठ हां ऐसे hi आह्हः है आठ आह्ह्ह्ज

अब आयुष को भी मज़ा आने लगा तो वो और जोश मैं चूषणे लगा

सारिका : आह्हः ऐसे hi चुसो आह्हः आयुष मेरा बचा ऐसे माँ को खुश कार्डो आजजज आह्हः

फिर सारिका झड़ने लगी

सारिका : आठ बीटा मैं झाड़ रही हुऊ ाःह पिजा मेरे पानी को आह्हः

अब तो आयुष भी सेक्स के नशे मैं था वो पूरा पानी चाट कर गया

सारिका हाफ रही थी

अंकित : आयुष केसा लगा चुतरस

आयुष : मज़ा आज्ञा पीकर बहुत टेस्टी था

ये सुन कर सारिका मुस्कुरा देती है

अंकित : सारिका अब आप लेट जाईये अब आपका बीटा आपको छोड़ेगा

सारिका : रुको पहले इसकी पेण्ट उतर कर गिला तो करदु

फिर सारिका ने आयुष का पेण्ट खोल दिया और उतर दिया अंडरवियर भी अंकित ने देखा की आयुष का लुंड भी 6.5 इंच का है जो की एक नार्मल साइज से थोड़ा बड़ा है

फिर सारिका ने एक बार मुँह मैं लेकर उसे गिला किया आयुष को ऐसे और मस्ती चढ़ गयी

फिर सारिका लेट गयी टंगे फैला के

अब अंकित भी उसके बाजु मैं आज्ञा

अंकित : सारिका इसके लुंड को अपने छूट के छेद पर सेट को

सारिका ने वैसा hi किया उसने अपनी छूट पर आयुष के लुंड को सेट किया

अंकित : आयुष अब एक झटका मारो

आयुष ने हॉर्स झटका मारा तो उसका आधा लुंड अंदर घुश गया उसे थोड़ा दर्द हुवा क्यों की उसके लुंड की सील भी खुली थी और सारिका को भी थोड़ा दर्द हुवा क्यों की सुरेश उसे छोड़ता तो था hi बूत उसका लुंड ठीक से खड़ा नहीं होता था इसी लिए वो सारिका की छूट को ज्यादा फैला नहीं पाया

और आयुष : आह्हः माँ आह ऐसा लग रहा है की मेरा लुंड किसी बत्ती मैं है आह्हः

असारिएक : अह्ह्ह बीटा तुमने बिलकुल ठीक किया है शाब्बाश आह्ह्ह्हह्ह आठ

अंकित : आयुष अब एक बार अपना लुंड बहार खींचो और पूरी ताक़त से झटका मारो

आयुष ने अपना लुंड बहार खींचा रो उसे थोड़ा नहीं सा खून दिकः बूत उसने परवाह किये बिना एक और तगड़ा झटका मारा तो उसका लुंड आसानी से सारिका की छूट मैं घुस गया

आयुष : आह्हः अब तो और गरम लग रहा है आह्हः आह्ह्ह्हह्ह सीई

और आयुष सारिका को हग करलेता है सारिका उसके सर को सहलाती है

सारिका : आठ बीटा बस होगया अब थोड़ा रुक जा

थोड़ी देर रुकने के बाद आयुष खड़ा हुवा

अंकित : धीरे धीरे अंदर बहार करो

आयुष : आठ माँ आपको केसा लग रहा है आह्हः आपका बीटा आपको छोड़ रहा है

सारिका : आठ मत पूछो बीटा बस छोड़ो अपनी इस माँ को

आयुष : आह्हः आह्हः माँ अहहह आठ चूड़ी मुझे आठ चूड़ो मुझसे ओह्ह्ह यस आह्हः

सारिका : आह्हः बीटा ऐसे छोड़ो मुझे आठ तुम बहुत अच्छी कर रहे हो आह्हः आह्हः यस यस अह्ह्ह आठ फ़क यस यस अहहह यस यस आठ

आयुष : आह्हः फ़क यस यस यस यस

इन दोनों का सन देख कर यहाँ अंकित भाई का खड़ा होने लगा था

सारिका : आठ बीटा यस यस आह्हः मैं आ रही हु आह्हः आठ यस और आयुशने भी थोड़ी स्पीड बढ़ा दी

सारिका : आठ हां हहहह अहहह यस यस यस आह्हः यहाँ आ बीटा आठ

आयुष : आठ मम्मी मुझे लगता है मैं मिटने वाला हु आह्हः

सारिका : यहाँ आजा मेरा बचा आह्हः आह्ह्ह्ह आह्हः एस्शह्ह्हह्ह आठ

आयुष : aahhhhhhhhhhh मुम्मा अह्ह्ह्ह

अंकित आयुष की टाइमिंग देख कर दांग था क्यों की आयुष का पहली बार hi 10 मं तक चला था

फिर वो दोनों अलग हुए बूत सारिका इतनी जल्दी कहा ठंडी होने वाली थी

सारिका : आयुष बीटा तुमने पहली hi बार मैं बहुत अच्छा किया बूत मैं अभी भी ठंडी नहीं हुयी हु बूत तुम टेंशन मत लो दूसरी बार तुम भी ज्यादा टीको गए पहली बार मैं ऐसा होता है आठ मेरी प्यास आठ अंकित प्लीज छोड़ो मुझे बुझा दो मेरी प्यास

अंकित : अभी लो आंटी

अंकित ने अपना बेल्ट खोला और अपना पेण्ट निकल दिया और अपना अंडरवियर भी निकल दिया अंकित का लुंड देख कर तो आयुष और सारिका का मुँह खुला का खुला रह गया

सारिका : बाप रे ये क्या है ये फाड़ देगा मेरी पर मज़ा भी उतना hi आएगा

आयुष : भैया आपका इतना बड़ा कैसे मेरा तो छोटा है

अंकित : आयुष सबके अलग अलग साइज का होता है

आयुष : मेरा छोटा है

अंकित : नहीं तुम्हारे और तुम्हारी माँ के हिसाब से ये एक परफेक्ट साइज का है अब चलो सारिका जी अब जरा छूट को धोकर आओ

आयुष : भैया यहाँ से खून निकल

अंकित : अब निकलेगा आयुष तुम टेंशन मत लो

फिर सारिका अपनी छूट धोके आयी अंकित ने अपना सूपड़ा सेट किया और एक जोर का झटका मारा अंकित का लुंड 6 इंच लग तो घुश गया बूत सारिका दर्द से तड़प उठी क्यों की अंकित का लुंड मोटाई मैं एक इंच ज्यादा था आयुष के मुकाबले

सारिका : आह्ह्ह्ह रुको अंकिततत आह्हः दर्द हो रह है मुझे आह्ह्ह्हह्ह

अंकित : सॉरी आंटी ये लास्ट टाइम

अंकित ने अपना लुंड बहार खींचा और जोर से दूसरा झटका मारा तो उसका लुंड सारिका की बच्चे दानी मैं जा लगा

सारिका : आह्हः अंकित आह्हः मुझे अभूत दर्द हो रहा है प्लीज n8akl लो आअह्हह्ह्ह्हह

इस बार खून सारिका की छूट से निकला था

अंकित : अब मज़े करो आंटी यस आह्हः आठ आठ यस यस यस आह्हः आह्ह्ह्ह आठ

सारिका : अह्ह्ह ांकित आठ ऐसे आठ तुम तो मुझे और मज़ा दे रहे हो आह्हः आह्ह्ह्ह फ़क यस यस यस यस यस आठ

अंकित : आंटी आपकी भी छूट बहुत ज्यादा टाइट है

सारिका : आठ यस यस यस आयुष बीटा देख कैसे तेरी मम्मी चुद रही है आह्हः आह्हः यस यस

अंकित : आठ आयुष ऐसे छोड़ते है ायरत को आठ ऐसे hi आंटी आह्हः अब आपको कभी चुदाई केलिए सोचना नहीं पड़ेगा आह्ह्ह्ह

ये सब देख कर आयुष का लुंड फिर से हरकत मैं आने लगा वो मुठ मरने लगा जो की सारिका देख लेती है

सारिका : आयुष मेरा बचा यहाँ आजा मुझे अपना लुंड चूसा आठ अंकित आह्हः आह्ह्ह्हह्ह आह्हः मर डाला आठ ोूगगग ुग्ग्गूग्गूगु

और आयुष अपणु माँ के पास आगे और उसके मुँह मैं लुंड दे दिया

आयुष : आठ मम्मी कितना मस्ट चुस्ती हो आह्हः ऐसे hi आह्ह्ह्ह

अंकित : अंकित ने 30 मं सारिका को अच्छे से निचोड़ लिया आयुष ने भी इस बार 17 मं तक खुद को रोके रखा और सारिका को अपना लुन्द्रास पीला दिया

सारिका : अह्ह्ह बीटा तेरा रास तो बहुत टेस्टी है अंकित तुम अंदर hi झड़ना आठ आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह मैंनं आयईईई आहहहहहजझाआहाहठ्ह

अंकित : आह्हः मैं भी aaahhhhhhhhhhhhhhh aahhhhhhhhhhh

फिर रूम मैं चुदाई का घमासान संत हुवा

फिर तीनो फ्रेश होगये

अंकित : आयुष मज़ा आया

आयुष : है भैया बहुत मज़ा आया थैंक यू अब मैं माँ को पुरदीन प्यार करूँगा क्यों मो मुझे प्यार करने डौगी न

सारिका : बीटा अब मैं जब रोज़ तेरे पापा के चले जाने के बाद नंगी hi रहूंगी जब तू आजायेगा तब हम दोनों पूरा दिन मज़े करेंगे बूत पापा के आने के बाद कोई भी ऐसी वैसी हरकत मत करना

अंकित : तुम लोग कहो तो अंकल के आने के बाद भी मज़े कर सकते हो वो कुछ नहीं बोलेंगे

सारिका : सच तोतो और मज़ा आएगा

अंकित ( मन में) : वो क्यों बोलेगा उसे भी ऑफिस मैं एक के साथ सेट करवा दिया है वही मज़े करेगा

सारिका : अंकित थक यू

अंकित : कोई बात नहीं अब मैं चलता हु और है भरपूर प्यार करना और आयुष एक बात कभी भी अपनी माँ से जबरदस्ती मत करना और हमेशा अपनी माँ का सामान करना और पढाई पर भी ध्यान देना

आयुष : बिलकुल भैया थैंक्स यू

फिर अंकित निकल जाता है और पहुँचता है आर्यन के घर पर रस्ते मैं उसे एक मश्ग आता है तो वो तुरत आर्यन के घर पहुंच जाता है

अंकित घर का लॉक खोल कर एंटर करता है (रागिनी ने एक्सरे कभी दे राखी है अंकित को) और रूम मैं जेक देखता है तो चौक जाता है

अंदर रागिनी और बीएड पर लेती हुयी थी और आर्यन जोरसे चोदे जा रहा था और आर्यन की बहन जानवी रागिनी के एक दूध को चूस रही थी ये देख कर संकित भी समझ जाता है की आर्यन ने उसे यहाँ क्यों बुलाया

अब देखते है क्या होता है यहाँ

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
बीआरओ किसी भी चीज़ का एन्ड तो होता hi हैना बीआरओ अब अगर ट्विस्ट दे दिया तो स्टोरी लम्बी होती hi रहेगी

मेरे पास इतने ट्विस्ट भी तो नहीं है न बीआरओ

बूत अभी अंकित का अपनी बहनो के साथ और माओ के साथ सेक्स बाकि है आपको मज़ा आएगा बीआरओ वो सन पढ़ने मैं

अभी थोड़ा बिजी हु नहीं तो अब तक तो स्टोरी कम्प्लेट हो चुकी होती

वेल जल्द hi अपडेट दे ता हु

थैंक्स बडी
 
अपडेट 124

जैसा की आपने देखा की पिछले अपडेट मैं आर्यन रागिनी को लगातार पेल रहा था और आर्यन की बहन जहान्वी रागिनी का दूध चिश रही थी

अब आगे

अंकित तो देख कर शॉक होगया पर उसे भी थोड़ा सेक्स का सुरूर चढ़ने लग

अंकित : वह क्या बात है ऐसा सन बहुत काम देखने को मिलता है

आर्यन : है वो माँ की इन्चा थे की तू और मैं मिल के चोदे इन्हे

अंकित ने देखा की जहान्वी अपने आपको चादर से ढकने की कोसिस कर रही है

अंकित : अरे जहान्वी डरो मत मैं उनलोगो मैं से नहीं हु जैसा तुम सोच रही हो वही तो अपनी माँ से पूछ लो

रागिनी : आठ बीटा सही बोल रहा है वो अब शर्माना चोर और आजा मज़े कर आह्हः अंकित यहाँ आजा बीटा और कपडे निकल दे

अंकित ने वही किया और नंगा बीएड पर आज्ञा

आर्यन : माँ मैं जहान्वी दी को छोड़ता हु अंकित तू यहाँ आजा

अंकित : है अभी लो

फिर दोनों ने अपनी जगह की और पेलने लगे

अंकित : अह्ह्ह आंटी काफी वक़त बाद आज आपकी छूट मिली है आह्हः आठ आह्हः आह्हः यस यस यस

रागिनी : आह्हः ओह्ह है बीटा तो आज फिर से जी भर के छोड़ ले मुझे आह्हः आह्ह्ह्ह आठ

अंकित : आह्हः यस आंटी ये साह आह्हः आठ आठ यस फ़क

जहान्वी : ूमम है भाई जोर से छोड़ मुझे आह्हः अरु आठ यस आह्हः यस यस फ़क में हर्डर ज्येष्ठ आह्हः

आर्यन : यस दीदी he's फ़क फ़क यस यस यस यस आह्हः फ़क यस याहहह आठ फ़क यस आह्हः

अंकित : आह्हः आंटी जहान्वी दी इसमें कैसे शामिल हुयी

रागिनी : आह्हः बस उसने हमे देख लिया और वो खुद भी अब जवान है तो उसने भी ज्वाइन करलिया बाकि का तू समझ जा आठ और जोरसे मारर आह्ह्ह्ह आठ

अंकित : आह्हः यस यस यस आह्ह्ह्ह फ़क यस आह्हः आह्हः

आर्यन के लगातार झको से जहान्वी जहर गयी और साइड होगयी

आर्यन : अंकित सैंडविच पोसिसों मैं करे क्या

रागिनी : पूछ क्या रहा है दाल दे मेरी गांड मैं लुंड

अंकित : है जल्दी कर आह्हः अह्ह्ह आंटी आप सच मैं हर बार खुश करदेती हो

फिर आर्यन निचे लेता और रागिनी उसके ऊपर लेती थी और आर्यन ने उसकी गांड मैं लुंड दाल दिया और अंकित उसक8 छूट बजा रहा था

अंकित : आठ यस यस आंटी फ़क फ़क फ़क यस

रागिनी : आह्हः आह्ह्ह्ह शाबाश मेरे मदर छोड़ बेटो मज़ा लो आह्हः यस यस आह्ह्ह्ह जोर से मारो आह्हः

आर्यन : यस यस यस यस mo.m आठ आह्हः

ऐसे hi इनकी चुदाई 30 मं तक चली फिर उसके बाद 4रो ठन्डे पद गए

फिर सबलोग बहार आगये और हॉल मैं बैठ गए

अंकित : आंटी आर्यन तो बोल रहा था की वो उसकी बुआ के घर जाने वाला है

रागिनी : र उसे मेरी आदत पद गयी है इसी लिए वो नहीं गया बूत जहान्वी को हमपे शक हुवा इसी लिए वो रुक गयी और जब हम दोनों चुदाई कर रहे थे तब ये देख गयी पहले तो मैडम बड़े नखरे कर रही थी बाद मैं छूट की खुजली इसे खींच hi लायी

अंकित : हम्म्म क्या बात है अरु अब तेरे तो मजे है अच्छा अब मैं चलता हु

रागिनी : आते रहना बीटा

अंकित : जी आंटी

फिर अंकित निकल गया

और घर पंहुचा

बाकि का दिन और कुछ नहीं हुवा लेडीज की शॉपिंग हुयी और कुछ नहीं ऐसे hi दिनन बीत ने लगे आखिर कर अंकित की शादी ऋतुअल्स शर्त होने वाली थी परसो से सब लोग तैयारी मैं लग गए थे और

यहाँ मनीषा की ठाकुर फॅमिली भी आचुकी थी और मल्होत्रा की भी आकाश ने एक अपना सबसे बड़ा होटल 5 दिनों केलिए बुक करलिया था और आज सबको वह जाना था और होटल एक गाओ के पास था उस होटल्स मैं 70 % वर्कर्स उसी गाओ के थे ये आकाश का hi आईडिया था आकाश ऐसे hi इतना नाम कमा कर नहीं बैठा था उसने हंमेशा दुसरो का भला किया था फिर वो भले hi केसा भी हो और आकाश ने यहाँ के गायन वालो केलिए बहुत कुछ किया था जैसे हॉस्पिटल खोला था और स्कूल बनवाये सड़क केलिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाए

और नई रावल मेंशन भी बिलकुल रेडी था तो शादी के तुरंत बाद सबलोग पहले आकाश के आइलैंड जाने वाले थे क्यों की वही अंकित की सभी बहनो की शादी होने वाली थी थें उसके बाद वह से सीधा नई रावल मेंशन मैं शिफ्ट होने वाले थे उनका सारा सामान वही शिफ्ट होगया था

और कार्स भी मतलब सबकुछ हो चूका था अब रावल फॅमिली को बस वह जाने की देरी थी

मतलब आज इनका पुराने मेंशन मई लास्ट डे था

सब लोग बहुत इमोशनल हो रहे थे आखिर हो भी क्यों न पुराण घर चूर्ण किसिस केलिए आसान नहीं होता खैर फिर सब लोग होटल निकल गए रक्षा एंड फॅमिली भी वही आचुकी थी

लड़के वाले और लड़की वालो के ारेंगेमेन्ट अच्छी होगया था

फिर सब लोग होटल पहुंच गए

वह सभी का स्वागत बहुत अच्छी तरह किया गया

फिर सबलोग होटल के हॉल मैं आगये

विनोद : आकाश जी आपका स्वागत है आपको हमारी मेहमान नवाज़ी किसी लगी

आकाश : विनोद जी आपने बहुत अच्छा डेकोरेशन किया है हमे बहुत पसंद आया

विनोद : ये होना hi था आखिर दोनों परिवार की इज़्ज़त है मार्किट मैं भी और सोसाइटी मैं भी

आकाश : हां सही कहा

आरती : हमने अपनी और से पूरी तैयारी की है और हमे खुसी है की आपको पसंद आयी हमे तो दर था की कही कोई कमी न रह जाये

निशा : अरे कोई कमी नहीं रही और अंकित हमारा एकलोता बीटा है हम भी चाहते थे की हमरे बेटे की शादी एक ग्रैंड वेडिंग हो और ये सब उसी के हिसाब से हो और वही हो रहा है तो अब टेंशन छोड़िये और बच्चो की शादी को एन्जॉय कीजिये

आकाश : अरे निशा अंकित कहा है

निशा : अरे वो आर्यन और कारन के साथ होगा मैंने बोलै था की अंकित को अच्छी रेडी करवाना वैसे रक्षा भी दिख नहीं रही

आरती : है वो अपने मां की बेटियों के साथ ऊपर होंगी आप सब लोग फ्रेश हो जाईये फिर आप सब को हमारे रिलेटिव से मिलवाते है

फिर सब लोग अपने अपने रूम मैं चले गए

थोड़ी देर बाद सबलोग निचे आगये डिनर केलिए

और फिर आकाश और विनोद बाते करने लगे

विनोद : आकाश जी आईये मैं आपको अपने सेल साहब से मिलवाया हु

आकाश : है चलिए

फिर ये दोनों वह गए जहा विनोद के सरूर लोग थे

विनोद : आकाश जी इनसे मिलिए ये है मेरे ससुर जी मर. रजत खुराना ये मेरे बड़े सेल साहब धर्मेश और ये छोटे सेल साहब जतिन ये भी गोल्ड के जाने मने बिजनेसमैन है और पापा जी सेल साहब ये है

धर्मेश : अरे इन्हे कोण नहीं जनता मर थे बिज़नेस टाइकून आकाश रावल नीस तो मीट यू

आकाश : मी तू और अंकल नाश्ते

रजत : नमशते आकाश जी दामाद जी सच में आपने अपनी बेटी केलिए बढ़िया खानदान पसंद किया है

यहाँ शामे चीज़ निशा और मनीषा के साथ भी होती है आरती भी उन्हें अपने मायके वालो से मिलवाती है

फिर सबलोग डिनर करने चले जाते है और फिर सबलोग अपने अपने रूम मैं

आकाश : मनीषा अंकित कहा है वो आया नहीं अभी तक यहाँ नहीं आया

मनीषा : है उसने फ़ोन किया था की उसे तैयार होने केलिए वक़त लगेगा इसीलिए वो कल यहाँ पहुंच जायेंगे आप चिंता मत करिये

आकाश : पर वो रहेगा कहा

निशा : वो कारन के घर गया है और कल आजायेगा वही से hi

आकाश : पर उसके पास गाड़ी भी नहीं है गया तब भी कारन की hi कार मैं गया था

तन्वी : तो कारन की hi कार मैं आजायेगा टेंशन मत लीजिये और सो जाईये

फिर ये चारो सो गए और सबके सब भी सो गए

यहाँ थोड़ा छोटासा और लास्ट टाइम इंट्रो दे देता हु इस स्टोरी के कैरेक्टर यहाँ ख़तम होते है

इंट्रो

मर रजत खुराना : आगे 70 इयर्स इनका कोई खास रोले नहीं है ये रक्षा के नाना है

मरस राजश्री रजत खुराना : आगे 68

ये है रक्षा की नानी. इनका भी कोई खास रोले नहीं है

मर धर्मेश खुराना : आगे 46 इयर्स एक सुलझे हुए इन्शान दिल के ा छे और अपने पिता के उसूलो कर चलने वाले अपने माता पिता का सम्मान करने वाले और अपनी बीवी को प्यार करने वाले बूत सेक्स नहीं करपाते उतना अच्छा इनका भी कोई खास रोले नहीं है

करुणा धर्मेश खुराना : आगे 43 इयर्स ये भी एक सुलजी हुहि महिला अपने सास और ससुर की हर हुकुम आँख बांध करके मानती है और पतिका भी बूत एक चीज़ मैं ये आउट ऑफ़ कण्ट्रोल होजाती है चुदाई मैं और किस्मे जिससे धर्मेश बीएड पर करुणा का सामना नहीं कर पता

जतिन खुराना : आगे 42 इयर्स ये भी दिल के ा छे इन्शान है अपने बड़े भाई की बहुत इज़्ज़त करते है बिजनेसमैन लाइफ मैं अपने बड़े भाई को काम तकलीफ देता है बाकि सरे काम ये पर्फेक्ट्ली हेंडल करता है ये सेक्स मैं अपनी बीवी को अच्छी टक्कर देता है बूत इसकी बीवी के तो hi कहने चली उन्ही के इंट्रो मैं देखते है

पूनम जतिन खुराना : आगे है 40 इयर्स एक नंबर की चालू ायरत ये अपना काम किसी से भी निकल आने केलिए सीधा अपना जिस्म hi उसे करती है और हवस तो नजाने कितनी भरी है इसके अंदर अगर कोई नहीं मिला तो ये अपनी बेटी और बेटे के साथ अपनी हवस शांत करती है अपने बेटे बेटी को भी इसने चुदाई का चस्का लगा hi दिया घर में भी हंमेशा इसका नाटक रहता है है घर मैं महारानी की तरह रहती है बूत जतिन के दर से कुछ कुछ काम करती भी है अपनी बेटी को शादी केलिए अरुणा से अच्छा लड़का मिले यही इच्छा है और बेटे को अनीश से अच्छी और खूबसूरत बीवी मिले यही कामना है इसकी बाकि जो चीज़ इसे अच्छी लगती है उसपर अपना हक़ जमती जरूर है

धर्मेश की एक बीटा और एक बेटी है नाम है

अरुणा धर्मेश खुराना : आगे है 24 इयर्स एक दम सुशिल लड़की गुणवान इसकेलिए लड़के की खोज जारी है दिखने मैं खूबसूरत गोरी और परफेक्ट फिगर है

अनीश : आगे 23 इयर्स एक होसियार और इंनोसाटे लड़का बचपन से hi अपने बाप का अपने दादाजी केलिए बेहेवियर देखता आया है जिससे वो भी वैसा hi है एक दम सीधा सदा लड़का फिलहाल बोस्टन यूनिवर्सिटी मैं ब मास्टर्स कर रहा है बूत शादी मैं आया है इसने स्कूल मैं हंमेशा अपने बाप का नाम रोशन किया है

और जतिन का एक बीटा और एक बेटी है

पूजा जतिन खुराना : आगे 20 इयर्स लगभग रक्षा के बराबर अपनी माँ की hi तरह चालू गुसैल अपनी अरुणा से किसी न किसी बात पर झगड़ा करती है और रक्षा से भी पर झगड़ा करने के बाद सब को दिखने केलिए सब भूल भी जाती है अरुणा से और रक्षा से खड़ा इसी लिए होता है क्यों की दोनों hi इससे सूंदर है बूत सूंदर तो ये भी है बूत रक्षा और अरुणा से काम

जीत जतिन खुराना : आगे 19 साल अंकित के बराबर एक नंबर का बिगड़ा हुवा लड़कीओ को ब्लैकमेल करना उन्हें ह्रास करना यही काम है इसका आज तक 3 लड़कियों को छोड़ा है बूत वो लड़की hi चालू थी और 3 मैं से एक कोई और नहीं पूजा थी और 4या 5 अधेड़ उम्र की अओर्तो को छोड़ा है जिनमे से एक उसकी माँ पूनम है और बाकि की पूनम की उसके जैसी hi सहेली थी

अरुणा को और अपनी तैमा को हंमेशा हवस भरी नज़र से देखता है और ये 30 + अओर्तो का सौकीन है पढाई मैं पीछे है जिसके चलते जतिन इसकी सर्विस करता hi रहता है कभी मार कर तो कभी दांत कर और ये अपने भाई अनीश को ज्यादा पसंद नहीं करता क्यों की जतिन हंमेशा दोनों को कम्पेरे करता है

अब देखते है जब पूनम और पूजा की नजर जब अंकित पर पड़ेगी तो क्या क्या धमाल होता है और जब जीत की नज़र रावल फॅमिली की अओर्तो पर पढ़ती है तब क्या होता है

अपडेट पोस्टेड भाई लोग

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 125

सुबह के 4 बज रहे थे और यहाँ कारन के घर आर्यन और कारन हमारे अंकित को उठा रहे थे असल मैं कार्सन की फॅमिली बहार गयी हुयी थी जो कल आने वाली घर और परसो अंकित की शादी मैं भी

वैसे कारन की फॅमिली का भी कोई खास रोले नहीं है

कारन : अरे अब उठ जा कुम्भ कारन कितना सोता है उठा यार

आर्यन : अंकित उठना भोसड़ी के तेरी शादी है हमारी नहीं जो इतनी देर तक सो रहा है हमे सुबह वह पहुंचना है

अंकित को तो कोई फर्क hi नहीं पद रहा था

अंकित : बस बे ओह्ह सोने दे न थोड़ी देर मेरे बिना कोई शादी थोड़ी होगी

कारन : ये ऐसे नहीं उठेगा अंकित बीटा रोक तू अभी बताता हु

और कारन एक बाल्टी लेकर आया और अंकित से बोलै

कारन : अंकित उठ जा वर्ण यही नेहला दूंगा

अंकित ने देखा की कारन बाल्टी लिए खड़ा है

अंकित : यी कारन नयी पानी के साथ मज़ाक नै कारन नहीं कारन नाहीईई

कारन : तो जल्दी से बाथरूम मैं घुस चल जल्दी

अंकित भी उठा और उसने देखा की कारन अभी अभी नाहा के hi निकला था उसने सिर्फ एक टोलिया लपेटा था अंकित उसे खींच के बाथरूम मैं घुस गया

और यहाँ आर्यन पेट पकड़ कर हसने लगा

कारन : चूतिये तू मेरे हाथ से पीटने वाला है अभी और गांडू तू क्या है रहा है जा जाकर सामान गाडी मैं रख वैसे hi लेट हो रहे है

फिर यहाँ कारन रेडी होता है अंकित भी नाहा कर निकलता है

अंकित अपने कपडे धुंध hi रहा था की कारन ने एक पार्सल खोला और कपडे निकले और अंकित को बोलै

कारन : ले ये पहन ले

अंकित : अरे यार अभी से ये कुरता और पायजामा

कारन : ये वाइट कुरता और ये पायजामा निशा आंटी ने भेजा था उन्होंने hi बोलै है अब चुपचाप पहले और ये ले तेरा परफ्यूम अभी थोड़ा लागले जब होटल से थोड़ी दूर होंगे न तब ज्यादा लगा लेना

अंकित : और कुछ

कारन : अब जल्दी तैयार हो

फिर ये तीनो तैयार होगई और निचे आगये जहा कारन की एक ब्लैक ग वैगन कड़ी थी

अंकित : ला बे ो के दे मुझे

कारन : नहीं आकाश अंकल का आर्डर है तुझे ड्राइव न करने दे शादी है तेरी तू बस एन्जॉय करना

अंकित : हद है यार वैसे जूही और अनन्य नहीं आने वाली क्या

आर्यन : वो पहुंच जाएँगी वह अब तू जल्दी बैठ तो हम भी दूल्हे को पहुचाडे वह

फिर ये तीनो ऐसे hi हसी मज़ाक मैं निकल पड़ते है बिच मैं एक ढाबे पर नास्ता करने केलिए रुक ते है

अंकित : तुम आर्डर दो मई. जरा हल्का होक आया

कारन : रुक मैं भी आता हु

अंकित : हद है यार अब वह भी साथ आएगा

कारन : अबे मेरे हरामी मुझे भी जाना है लगता शादी के चक्कर मैं बावला होगया है

अंकित और ये दोनों निकल जाते है आर्यन वह टेबल पर बैठता है वह एक आदमी आता है

आदमी : क्या लेंगे सर आप

आर्यन : तीन पराठे विथ दही और तीन चाय

आदमी : ok सर अभी लाया

तभी वह अंकित और कारन भी आगये और बैठ गए

और थोड़ी देर मैं इनका आर्डर भी आज्ञा और तीनो नास्ता करने लगे

कारन : अंकित वो देख वो लड़की कैसे तुझे घर कर देख रही है

आर्यन : अरे दीदी ऐसे मत देखो हमारे भाई पहले से बुक हो चुके है

ये लोग भी ज्यादा ध्यान नहीं देते और नास्ता करके निकल जाते है सुबह के 7 भेज रहे थे ये लोग उस गाओ की बॉर्डर के अंदर आगये थे

आर्यन : अंकित चल पर्फोमे लगा ले और मुँह ढोले और बाल सेट करले

अंकित कहता तो नहीं था बूत उसके दोस्तों की वजह से न नहीं कह पाया और आर्यन और कारन भी पूरा ध्यान रख रहे थे अंकित का वो भी नहीं चाहते थे की अंकित थोड़ा सा भी ऐसा वैसा लगे

यहाँ होटल मैं सब लोग हॉल मैं छोटे छोटे टेबल्स पर अपने अपने ग्रुप के साथ ब्रेकफास्ट कर रहे थे

यहाँ एक टेबल पर आकाश विनोद धर्मेश और जतिन और राज (निशा का भाई) और सूरज (मनीषा का भाई) बैठे थे

धर्मेश : अरे आकाश जी कल से यहाँ है पर हमारे दूल्हे राजा नहीं दिखे कहा है वो

जतिन : है आखिर हम भी तो मिले उनसे

आकाश : मेरी बात हुयी थी सुबह hi बस रस्ते मैं hi होगा

सूरज : है वैसे जीजू आपका ये होटल आज कल बहुत ज्यादा पॉपुलर है बड़े से बड़े पॉलिटिशंस और बिजनेसमैन का फवौरीते डेस्टिनेशन बन चूका है ये होटल

आकाश : यही तो मेरा आईडिया था की उनको यहाँ गाओ की ताज़गी का एहसास हो और ये गाओ की ताज़ी हवा उनके अंदर शादी की एक नयी उमंग भरदे और बूत मेरा सबसे बड़ा प्लान था की यहाँ के गाओ वालो को रोज़गार मिले इसी लिए ये होतुल मैंने इस लोकेशन पर बनवाया है

सूरज : और बताईये डॉ राज मल्होत्रा केसा चल रहा है आपका हॉस्पिटल

राज : बस अच्छा चल है

यहाँ मनीषा अपने मायके वालो के साथ बैठी थी मनीषा के साथ साथ मीणा (मनीषा की बड़ी बहन), संजना (सूरज की पत्नी और मनीषा की भाभी) और सरोज (मनीषा की छोटी बहन), और रजनी और जरा बैठी हुयी थी

मीणा : अरे मनु आखिर हमारा भांजा कहा है कही दिख नहीं रहा

मनीषा : अरे वो कल शादी केलिए रेडी होने गया था तो वह टाइम लग्न था तो वो अपने दोस्तों के साथ था कल रात अभी बस ों तह वे hi होगा

सरोज : है कितने दिन होगये उससे मिले क्यों संजू भाभी सही कहा न

रजनी : अब मेरा भांजा है hi इतना प्यारा

ज़रा : बोली भांजे की मसि

संजना : अरे क्यों नहीं बोलेगी आखिर हमारे लाड साहब है hi इतने प्यारे उसकी तारीफ कहा रुकने वाली है क्यों रजनी

रजनी : है बिलकुल ल ठीक कहा भाभी आपने

और यहाँ आरती के साथ निशा, करुणा, पूनम और सुमि और मेघा बैठी हुयी थी यहाँ भैस ामे बाते hi चल रही थी

और एक टेबल पर रक्षा, पूजा, अरुणा, नेहा और साक्षी थे यहाँ भी शामे बाते

और दूसरे टेबल पर मोनिका, akriti(suraj की बेटी), सुप्रिया और माहिरा (सुमि की बेतिया) बैठी हुयी थी यहाँ भी शामे hi था सब कुछ

फिर सब लोग मैं गेट पर आगये और जोर जोरदे ढोल बजने लगे आखिर दूल्हा पहुंचने वाला था

निशा : करुणा जी आप पूछ रही तहिना की अंकित कहा है लो आज्ञा

तभी वह ग वैगन एंटर हुयी और सबसे पहले आर्यन और कारन बहार निकले

पूनम : अरे इन दोनों मैं से अंकित कोण है

मनीषा : इन मैं से कोई भी नहीं है ये दोनों तो आर्यन और करे है अंकित के दोस्त

आर्यन और कारन भी स्वागत पर पूरा मज़ा उठा रहे थे दोनों नाचने लगे और गाड़ी का पिछले दूर खोला और डिज़ाइनर विहिते कुर्ते पायजामे और आखों मैं ब्लैक सुन ग्लासेज मैं जब अंकित बहार आया तो वही हुवा जिसका आपसबको अंदाज़ा था

सभी मर्द को एक चीज़ से hi जलन हो रही थी की खास उनकी बेटियों की शादी अंकित से होती

और यहाँ सभी लड़कियों का हाल बुरा था अंकित को देख कर उनकी छूटो मैं बाद आगयी थी जिनमे अंकित की बहने और रक्षा भी शामिल थी

और यहाँ करुणा पूनम और आरती संध्या और यहातक की एक बार तो निशा तन्वी और मनीषा की भी पेंटी मैं उन्हें गिला पैन लगने लगा

आखिर अंकित वाइट कुर्ते पायजामे मैं लग भी हॉट रहा था

फिर ये तीनो यहाँ आये और अंकित ने सबके पेअर छुए लेडीज जेन्स और विनोद के पेअर छुए और आकाश के पास खड़ा होगया

आकाश ने सबका रिएक्शन देखा था जब सब लोग लेडीज एंड जेन्स अंकित को घूर रहे थे उसे अपने बेटे पर गर्व हो रहा था और आकाश सोच रहा था

आकाश (मन में) : वह मेरे लाल आते hi सबका मन मोह लिया तूने आज मुझे खुद पर गर्व हो रहा है की इतना प्यारा और हैंडसम लड़का मेरा बीटा है

बैक तो थे प्रेजेंट

आकाश : बीटा कहा रह गया था रात को

अंकित : डैड वो कल सेलों मैं कुछ ज्यादा hi लेट होगया था और हम तीनो थक भी गए थे तो फिर रात मैं ड्राइव करना पॉसिबल नहीं था तो हम रुक गए थे

मनीषा : है चलो कोई बात नहीं अब जाओ और थोड़ा आराम करलो लम्बी जर्नी से आये हो

तभी संध्या आरती की थाली लेकर आयी

संध्या : अरे पहले दूल्हे की आरती तो उतरो भाभी

आरती : है सही कहा लाओ थाली दीजिये दीदी

फिर आरती ने अंकित की आरती उतरी और फिर सब लोग अंदर आगये

यहाँ रक्षा के साथ साथ सभी गर्ल्स थी

अरुणा : ए हाय रक्षा जीजा जी तो बड़े हॉट निकले मान गयी तेरी पसंद भी सच मैं नेहा तुम्हारा भाई जैसा जीवन साथी नसीब वालो को मिलता है

रक्षा बस शर्माए जा रही थी

नेहा : हाय जरा देखों तो मेरी भाभी को कैसे भैया का सुनते hi शर्माने लगी हहहहए

अरुणा भी है दी

अरुणा : वैसे जीजू से मिलवाडो तो सही

रक्षा : अभी तो आराम करने गए है बाद मैं मिल लेना वैसे ये पूजा कहा गयी कब से बोल रही थी जीजू की फोटो दिखाओ जब यहाँ जीजू खुद आगये तो ये गायब होगयी

यहाँ पूजा अपने रूम मैं आगयी जब उसने अंकित को देखा तो वो देखते hi उसकी छूट पानी से तर होगयी

और रूम मैं आते hi अपने सरे कपडे उतर दिए और जोर जोरसे अपनी छूट मैं दो उंगलिया दाल दी

पूनम : आठ अंकित आह्ह्ह्ह कितने हॉट हो तुम आह्ह्ह्ह तुम्हे देख कर hi छूट पानी बहा रही है आह्ह्ह्ह प्लीज मुझे छोड़ दो आह्ह्ह्ह मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊँगी आह्ह्ह्ह यस आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

आह्ह्ह्ह ांकितुहहभ आखिर ये रक्षा को कैसे मिल गया आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

तभी र्रोम का दूर खुला और पूजा की माँ पूनम अंदर आगयी वो भी तप रही थी

पूनम : पूजा ये क्या कर रही है

पूजा : आठ माँ अभी कुछ मत बोलो बस मुझे शांत होना है आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह

पूजा एक बार झाड़ चुकी थी बूत फिर भी उसका हाल बुरा था वो लगातार ऊँगली चला रही थी

पूनम ने भी अपनी सईद निकल फैकि और नंगी होगयी और पूजा की छूट से छूट रगड़ ने लगी

पूजा : आठ माँ अंकित कितना हॉट है आह्हः आह्ह्ह्ह आह्हः यस अंकित आह्हः आह्हः अंकित आठ

अंकित का नाम सुनकर तो पूनम भी जोश मैं आगयी

पूनम : हां अंकित साहहह सही कहा कितना हॉट है वो उसे देख कर hi मेरी छूट ने इतना पानी बहा दिया की बात मत कपुछ

पूजा : माँ अभी बात नहीं आह्हः यस यस यस आह्हः अंकित आठ फ़क मी आह्हः आह्ह्ह्ह आह्हः आह्हः

पूनम : आठ अंकित आह्हः आठ एक बार मुझे छोड़ दू आह्हः आह्हः यस यस आह्हः आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह फ़क यस आह्हः आह्हः

पूजा : यस अंकित यस ीाम कमिंग यस यस आह्हः

पूनम : मी टूक बेबी आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्हः ऑर्डर

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

दोनों माँ बेटी बीएड पर बास्त पद गयी आज दोनों इतना झड़ी थी अंकित को याद करके की क्या hi कहे

पूनम : अंकित सच मैं बहुत अच्छा है पर रक्षा को कैसे मिल गया ये

पूजा : माँ ी वांट अंकित माँ प्लीज कुछ भी करो मुझे अंकित चाहिए मैं उसे उस कामिनी रक्षा का नहीं होने दूंगी

पूनम : चिंता मत कर बेटी अंकित सिर्फ तेरा होगा कुछ तो करुँगी मैं

पूजा : कैसे करेगी माँ उसकी शादी होने वाली है

पूनम : बेरी हम अओर्तो का जो जिस्म हैना वो हमारी कमज़ोरी नहीं हथियार है जब ये हथियार चलता है न अचे से अच्छा मर्द काबू मैं ाजायता है

फिर सबलोग इवनिंग मैं लंच केलिए निचे आते है

विनोद अंकित के पास आजाता है

विनोद : बीटा आओ मैं तुम्हे रक्षा के मां से मिलवाता

अंकित वह गया और धर्मेश और जतिन के पेअर छुए

विनोद : अंकित ये है रक्षा के बड़े मां धर्मेश और ये है जतिन रक्षा के छोटे मां

अंकित : नमस्ते मां जी कैसे हो आप

धर्मेश : वे अरे फाइन बीटा

जटिने : अंकित बेटे बॉडी तो बढ़िया बनायीं है और लग भी हीरो रहे हो

अंकित : ः थैंक्स मां जी

तभी वह आकाश आता है

आकाश : बीटा निशा बुला रही है तुझे

अंकित : क्यों क्या हुवा

आकाश : वो तो अब उसी से पूछ लेना जा जाकर मिले

फिर अंकित निशा के पास गया

अंकित : मुम्मा क्या बात है

निशा : बीटा तेरी सासु माँ तुझे उनके मायके वाली से मिलाना चाहती है

फिर निशा अंकित के हाथ को पकड़ कर वह लेगयी

निशा : आरती जी ये रहे आपके जमाई

आरती : आओ बीटा इनसे मिलो ये है रक्षा की बड़ी ममी करुणा ये छोटी ममी पूनम और ये करुणा भाभी की बेटी अरुणा और ये पूनम भाभी की बेटी पूजा

अंकित : नमस्ते मामीजी

करुणा : नमस्ते बीटा और आरती सच मैं दामाद जी तो बड़े हटके है

पूनम : है सही कहा खास मैं रक्षा की आगे की होती तो मैं जरूर शादी करलेती इनसे

आरती : अरे चलो अब रक्षा से और हमारी बेटियों से भी मिलने दो

लेडीज चली गयी और रहगये नेहा, रक्षा, पूजा, मोनिका और साक्षी, अरुणा

अरुणा अंकित के सामने आयी और हाथ आगे बफह्या

अरुणा : hello जीजू वैसे तो इंट्रोडक्शन की जरुरत तो नहीं है बूत ीाम अरुणा

अंकित : अंकित और आप जीजू न कहे सिर्फ अंकित hi कहे मैं तो आपसे आगे मैं छोटा हु

अरुणा : ok अंकित बस

अंकित : मच बेटर

पूजा तो जेक सीधा अंकित से चिपक गयी और उसके गाल पे किश किया बोलै

पूजा : वैसे बड़े हॉट हो अंकित

अंकित को hi नहीं बल्कि वह खड़े सभी को पूजा का ये अंदाज़ नेगेटिव विबे दे गया

अरुणा : पूजा ऐसे नहीं करते है जीजा के साथ

पूजा : ओह्ह कामों दी साली हु इनकी इतना रो हक़ बनता है इनपर मेरा वैसे भी साली आधी घरवाली होती है

और किश और अंकित के गाल पर चिपका दी वो और कुछ कह पति की तभी

निशा : अंकित बीटा चलो लंच रेडी है

अंकित : किंग मुम्मा दी चलो लुक केलिए

फिर सब चल देते है यहाँ अंकित आर्यन और कारन पीछे थे

आर्यन : अंकित मेरे भाई ये पूजा तो आधी नहीं पूरी घर वाली बनने के मूड मैं है

अंकित : मैं भी यही सोच रहा था बातो की आड़ मैं कई बार टच कर चुकी है ये

कारन : संभल के मेरे भाई इससे एक डिस्टेंस मेन्टेन रखना वर्ण इसके हाथ और होठ रुकने वाले नहीं है

अंकित : अभी चलो लंच करने

फिर सब लोग लंच केलिए चल देते है ये तीनो लंच hi कर रहे थे की एक लड़का वह आया

लड़का : क्या मैं यहाँ बैठ सकता हु

कारन : जी आप कोण

लड़का : अरे मैं रक्षा के धर्मेश मां का बीटा अनीश हु

और अंकित का साला भी

अंकित : अरे अनीश भैया आईये रक्षा ने बताया था आपके बारे मैं

अनीश : वैसे तुम कॉलेज मैं क्या कर रहे हो अंकित

अंकित : मैं और कारन बिज़नेस मैं है और आर्यन इंजीनियरिंग कर रहा है

अनीश : कूल सच मैं अच्छी चॉइस है

अंकित : है सही कहा

यहाँ तीनो देखते hi देखते अनीश के दोस्त बन गए और अनिशा था भी अच्छा लड़का

फिर कुछ नहीं हुवा अंकित अपने रूम मैं गया और आराम करने लगा ऐसे hi रात होगयी और डिनर के बाद सब सोने चले गए

अंकित के रूम का गेट खुला और रजनी अंदर आयी

अंकित : मसि आप यहाँ

रजनी : है मुझे पता है की तुम्हे रात को दीदी का दूध पीकर. सोने की आदत है दीदी तो नहीं आपई इसी लिए मैं आगयी

अंकित : थैंक्स और माँ ने ठीक किया यहाँ रिस्क नहीं ले सकते

फिर रजनी अंकित पास बीएड पर लेट गयी और अपनी शार्ट निघ्त्य उतर दी और एक चुकी अंकित के मुँह मैं देदी

अंकित : ुउउम्म सच मैं मसि आपकी चूचियों का भी अलग hi मज़ा है

रजनी : मेरी इतनी तारीफ कर रहा थोड़ा ध्यान अपनी ज़रा ममी पर भी दिया कर

अंकित : क्यों क्या हुवा

रजनी : मतलब अब उनसे आग बर्दास्त नहीं हो रही है वो एक डैम दार चुदाई कहती है

अंकित : कल रात को उनकी इच्छा भी पूरी करदेती है बूत अभी मुझे काश के हुग कर के सुलवा मसि

रजनी : बदमाश तू नहीं मानेगा ऊम्मम चल सजा अब

और ये दोनों सो गए

अब देखते है की सुबह शादी की रश्मो मैं क्या क्या गुल खिलते है

और पूनम और पूजा मन मैं ज़िद तो पकड़ ली बूत शायद इस बार उनका सामना उनके टक्कर वाले लड़के से होगा अब देखते है क्या क्या होता है

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सुबह हुयी और आज अंकित जल्दी उठ गया और फ्रेश हुवा

कारन : क्या बात है भाई आज जल्दी उठ गया

आर्यन : उठेगा हिना कियु की यहाँ उसकी फेव चीज़ का जो इंतज़ार है

कारन : हाय रक्षा भाभी के चक्कर मैं हमारा भाई बेकरार है

आर्यन : अबे चूतिये मैं उसकी बात नहीं कर रहा

कारन : तो किसकी बात कर रहा है बे

आर्यन : यहाँ अंकित केलिए आकाश अंकल ने उसका एक वर्कआउट & मार्टिकल आर्ट्स प्रेक्टिस गयम बनवाया है आज अंकित को उसकी hi ज्यादा एक्सिटमेंट है क्यों भाई

अंकित : सही कहा चलो

कारन : अबे अभी तो सिर्फ 6 बझे है ऐसे मैं अगर आवाज हुयी तो सब जाग जायेंगे

अंकित : सेल वो पूरा एरिया साउंड प्रूफ है

कारन : पर तुझे ट्रिन्निग की जरुरत क्या है वैसे भी 20 लोगो को तो आराम से धो देता है

अंकित : हाथ और हथियार तब तक काम के होते है जब तक उनमे ज़हाँग न लगे और मैं मेरे हाथो को जंग नहीं लगने देता

फिर ये तीनो होटल के पीछे जाते है जहा आकाश ने ये कोर्ट बनवाया है अंकित केलिए अंकित थोड़ी देर वर्क आउट करता है

फिर वह रखे ऑब्जेक्ट के साथ अंकित अपनी पूरी और हर तरह की फाइटिंग स्किल का उसे करके अपनी बॉडी को टास्ते करने लगता है

यहाँ महिला मंडल उठ चुकी थी और फ्रेश होकर बहार आगयी थी

अभी निशा और मनीषा और तन्वी बहार बैठी हुयी थी की पीछे से करुणा, आरती और पूनम आजाती है

आरती : अरे निशा जी हम शेर करने जा रहे थे चलिए न हमारे साथ सुबह सुबह शेर करने का मज़ा hi कुछ और होता है

तन्वी : है ठीक है चलिए

फिर ये लेडीज शेर करने निकल जाती है और गप्पे मरते मरते ये लोग भी अभी जहा अंकित था वही पहुंच जाते है

करुणा : अरे ये क्या है इसकी शाप भी बहार से देखने मैं अजीब है

मनीषा : ये स्पेशल फाइट ट्रिन्निग एंड गयम रूम मैं जिसे अक्ष ने स्पेशल अंकित केलिए बनवाया है

पूनम : ओह्ह अच्छा बूत इसमें क्या होता है मैंने कभी भी ये नहीं देखा

निशा : अरे तो इसमें क्या चलिए ये भी दिखा देते है वैसे भी वो देखिये दूर के साइड ग्रीन लाइट है अंकित अंदर hi है

पूनम : वो यहाँ क्यों है ओह्ह मैं भीना एक्सरसाइज कर रहा होगा

फिर ये सब भी अंडर चल देते है जैसे hi ये लोग अंदर गए उन्होंने देखा की चारो और एक कॉरिडोर है और बिच मैं सब सामान है और कॉरिडोर और ग्राउंड के बिच एक काच की दीवार है और आर्यन और कारन कॉरिडोर के एक सोफे पर बेथ कर फ्रूट पेल रहे है और ट्रिन्निग ग्राउंड मैं अंकित अपनी हर एक फाइट स्किल को उसे कर रहा था ऑब्जेक्ट से ऊपर कभी मिटटी का पॉट, कभी मोती लकड़ी

कभी लात तो कभी घुसा और क्या hi ट्रिन्निग कर रहा था अंकित और अभी उसने सिर्फ एक लेग टाइट ट्रैकपेन्ट पहना हुवा था ब्लैक कलर का और ऊपर से पूरा नंगा था

वह अंकित को ऐसे उछाल कुछ करके फाइट करते देख यहाँ लेडीज के दिलो मैं हलचल नहीं खलबली मच गयी अंकित के फाइट करने से उसकी बॉडी के कट्स ज्यादा hi शो हो रहे थे

करुणा : हे भगवन अंकित तो बहुत ज्यादा टेलेंटेड है क्या मूत ट्रिन्निग कर रहा है अगर अभी यहाँ हमारी जगह लड़किया होती तो अंकित को कई सारे प्रपोजल आजाते है

पूनम : सच मैं अंकित का जवाब नहीं वैसे निशा जी क्या अंकित ने फाइट लड़ी है कभी या बस ऐसे hi सीखा है ये सच

निशा को ये सुन कर गुस्सा आज्ञा क्यों पहली बार किसी ने उसके बेटे की काबिलियत पर सवाल उठाये थे

निशा : है पूनम जी अंकित ने अपने स्कूल टाइम मैं बहुत फाइट लड़ी थी कुल मिलकर उसने 30 फाइट लड़ी है वो भी अपने से दोबुल हिघ्त वैटिगत वाले फिघ्टर्स के साथ और आज तक वो कभी नहीं हरा

मनीषा जो की निशा की तरह hi अपने गुस्से को कण्ट्रोल कर रही थी वो बोली

मनीषा : सिर्फ इतना hi नहीं 30 मैं से 28 फिघ्टर्स के दांत तोड़ चूका है अंकित

ये सुन कर पूनम को साप सुंग गया

पूनम ( मन में) : अरे बाप रे अंकित हासिल करना तो बहुत मुश्किल है अगर इसे पता चल गया की मेने कुछ किया तो एक तो बाप इतना पॉवरफुल है और बीटा जिस्म से सब कुछ फूलप्रूफ प्लानिंग के साथ करना होगा और ये जीत भी पता नहीं कहा चला गया बोलै था कल आजाऊंगा बूत अभी भी नहीं आया पता नहीं कोण मिल गया है इसे पहले तो मेरे घागरे बहार नहीं निकलता था और आज कही और hi गुलछर्ररे उदा रहा है

खैर यहाँ कारन और आर्यन इनलोगो के पास आगये

कारन : आंटी आप लोग यहाँ

निशा : है वो हम शेर करने निकले थे और यहाँ अंकित के होने का पता चला तो यही आगये

आर्यन : है हमारे भाई तो देखो जैसे आज कोई जुंग लड़ने जनि है वैसे ट्रिन्निग कर रहे है

आर्यन के हाथ मैं एक माइक था जिससे ग्राउंड के अंदर अंकित से बात कर सकता था क्यों की ग्रुप भी पूरा साउंड प्रूफ था बूत बहार से

आर्यन : अंकित अब बस कर भाई चलो अब चलते है

अंकित : बस 10 मं रुक जा ारु

कारन : आंटी अब आप hi बोलो हमारी तो सुनता hi नहीं है

फिर निशा ने माइक मैं बोलै

निशा : अंकित बीटा एनफ फॉर टुडे चलो अब

निशा की आवाज सुनकर अंकित वही रूक गया और बहार आज्ञा अंकित को पता नहीं था की उसकी माँ के साथ बाकि की महिला मंडल भी है वो तो ऐसे hi बहार आज्ञा बूत जब उसने देखा की लेडीज गैंग उसे hi ताड़ रही है तब उसे पता चला की वो ऊपर से नंगा है ये देख कर अंकित अपनी फौलादी छाती को छुपाने लगा

अंकित : साली बता तो देते की सभी यहाँ है मेरी वेस्ट कहा है बे ोू

और अंकित घबरा करा भाग गया यहाँ सभी लेडीज हसने लगी

करुणा : हाय दामाद जी तो बड़े शर्मीले है

निशा : है वो बहुत शाय है

आरती : चलो अब दामादजी हमारा अभी तो सामना नहीं कर पाएंगे चलो हाहाहा

फिर लेडीज निकल जाते है अंकित वह आकर कारन को एक चपत मरता है

अंकित : भोस्डिके बता नहीं सकता था की मेरी इनलॉस भी आयी है पता नहीं क्या सोच रहे होंगे मेरे बारे मैं

कारन : वो ऐसा कुछ सोचे उससे पहले hi निशा आंटी ने संभाल लिया

अंकित ने रहत की सांस ली

अंकित : है थैंक गॉड

फिर ये तीनो निकल लिए आपने अपने रूम मैं आज कई मेहमान आने वाले थे तो सभी लोग तैयारी मैं बैठे थे

तभी एक गाडी होटल मैं एंटर करती है और गेट पर रूक जाती है उसमे से पूनम और जतिन का बीटा जीत निकलते है

और अंदर की और आने लगता है

पूजा वही आती है तो देखती है उसका भाई आज्ञा है वो जाकर उसके गले लग जाती है

जीत : किसी है मेरी जान और उसकी गांड

पूजा : जान और गांड दोनों hi सही सलामत है रुको मैं अभी मम्मी को बुला कर लती हु

तभी वह मनीषा कुछ लेडीज स्टाफ को इंस्ट्रक्शंस देते हुए वह आती है

जीत ( मन में) : वाह रे यहाँ तो मैनेजर भी लेडीज है इसको छोड़ने मैं बड़ा मज़ा आएगा री आठ क्या फिगर है इसका

जीत मनीषा की तरफ ऊँगली करके

जीत : अभी ीी यहहह

मनीषा ने उसे देखा और आगे पीछे देख कर बोली

मनीषा : कोण मैं

जीत : हां तू यहाँ आए

मनीषा और एक माइड उसके साथ आयी जीत के पास

मनीषा : है बोलो कोण हो और क्या चाहिए

जीत : तू कोण होती है मुझे पूछने वाली मैं कोई भी हु जा मेरे लिए ड्रिंक लेकर आए

मनीषा को गुस्सा तो बहुत आया पर मनीषा को दोबुत था की ये जरूर पूनम का बीटा hi है क्यों की जीत की सजल उसके बाप जतिन से काफी मिलती जुलती थी

मनीषा ने उस माइड को बोलै ड्रिंक लेन को तो जीत थोड़ा भड़क गया

जीत : अबे ूभ सड़क चाप रंडी मैंने तुझे बोलै न की जाकर ड्रिंक लेकर आ मैनेजर हो तो मैं भी लड़की के मां का लड़का हु हमारे लिए मैनेजर hi सबकुछ करता है सब्झी भोसड़ी वाली हम ी जेसो के हाथ का नहीं पिटे मुझे तो तेरे साथ से पीना है जा जाकर मेरे लिए दृ क लेकर आ और रात को मेरे रूम मैं आजाना वैसे तू है बड़ी छूट आह्ह्हह्ह्ह्ह...............

जीत बोल hi रहा था की उसके हाल पर एक ऐसा जन्नते दार जपद पड़ा की कान मैं सुंनंन की तूने बज गयी

ये थप्पड़ अनीश ने मारा था अपने छोटे भाई को और बाकि सब भी वह आगये थे

अनीश : कमीने तुझे पता भी है तूने किसे क्या बोलै ये रक्षा की होने वाली सासुमा है और तूने इसे नजाने क्या क्या बोल दिया मैं कबसे देख रहा हु और कंटोल कर रहा था खुद को की मेरा हाथ न उठे पर जब तेरी गन्दी जुबान से गन्दी गाली निकली तब तुझे ये थप्पड़ मरना जरुरी था

मनीषा तो बेचारी जीत के मुँह से अपने लिए गाली सुन कर रोने लगी थी आज तक कभी किसीने मनीषा को इतनी गन्दी गालिया नहीं दी अंकित भी मनीषा के साथ सेक्स करता था बूत अंकित ने कभी भी अपनी किसी भी माँ केलिए इतना गन्दा सब्द नहीं निकला था

जतिन : अनीश बीटा क्या हुवा तुमने जीत को मारा क्यों

पूनम : है अनीश जीत को क्यों मारा

आकाश : कोई हमे बताएगा की हो क्या रहा है और मनीषा तुम रो क्यों रही हो

निशा जा कर मनीषा को संभालती है तो मनीषा उसके गले लग कर रोने लगती है

अनीश : मैं बताता हु इस कनिमे ने मनीषा आंटी को छेड़ा और गन्दी गन्दी गली ो के साथ बात करि 19 साल का होगया है पर इतनी भी अकाल नहीं है की अओर्तो और लड़कीओ के साथ कैसे बात करनी चाहिए

पूनम : अरे गलती होगयी होगी और मुझे मेरे जीत पर पूरा भरोषा है की वो कभी किसी को गाली नहीं देता

तभी वो माइड आगयी टेबलेट लेकर उसे भी जीत पर बहुत गुस्सा आया जब जीत ने उसकी इंसल्ट की

माइड : ये देखिये सर ये है इस बात का साबुत

माइड ने टेबलेट अक्ष के हाथों मैं थमाया और सबने वो रिकॉर्डिंग सुनी जब रिकॉर्डिंग ख़तम होगयी तो जतिन ने जाकर जीत को दो थप्पड़ झाड़ दिए

जतिन : कनिमे क्या करू मैं तेरा नालायक आते hi अपनी गन्दी हरकते शुरू करदी श्रम आती है तुझे अपना बीटा कहने मैं

अनीश मनीषा के पास जाकर

अनीश : आंटी मैं जनता हु इसने जो किया वो माफ़ी के लायक नहीं है पर इसकी तरफ से मैं माफ़ी मांगता हु

मनीषा बस निशा के गले लग कर रो रही थी

आकाश : जतिन जी ये बात हमे जरा भी पसंद नहीं आयी आज तक मनीषा को किसीने आँख उठा कर नहीं देखा और आपके बेटे ने यी मन खट्टा होगया जतिन जी ये हरकत हमे पसंद नहीं आयी

जतिन : आकाश जी माफ़ करदिजिये देखिये ये अनजाने मैं हुवा प्लीज हमे माफ़ करदिजिये

आकाश ने भी डिल बड़ा रख के माफ़ करदिया

जतिन : पूनम अपने बेटे को लेजाओ नहीं तो ये मुझसे आज और पिटेगा और तू सुन ले कान खोलके अगर अब कोई भी ऐसी वैसी हरकत किना तो साडी हड्डिया टुडे दूंगा

पूनम जतिन को लेगयी

और निशा तन्वी और करुणा और आरती मनीषा को अंदर ले गयी

मनीषा : हूहू हु दीदी मैं निबटा नहीं सकती की जब उसने मुझे गाली दी तो मुझे कितना बुरा लगा इतनी गन्दी जुबान से कभी किसी ने बात नहीं की मुझसे हूहू हु हूँ हूँ

निशा : शांत होजाओ मनु उससे अनजाने मैं हुवा है शाट होजाओ अगर कही अंकित ने देख लिया न तो तुम्हे पता हैना उसका गुस्सा

आरती : मनीषा जी हमे माफ़ करदिजिये इस हरकत केलिए

मनीषा ने भी बड़ा दिल रखा और

मनीषा : कोई बात नहीं मैं भूल गयी सब आप भी भूल जाईये

करुणा : एक बार फिर आपसे माफ़ी मांगते है मनीषा जी

मनीषा कोई बात नहीं

यहाँ पूनम जीत को अपने र्रोम मैं ले आती है

पूनम : तुझ मैं जरा भी सबर नहीं है न आते hi शुरू होगया

जीत : मम्मी क्या करू वो थी इतनी हॉट एंड सेक्सी उसे देख कर hi मेरा खड़ा होगया

पूनम : बीटा वो कोई ऐसी वैसी ायरत नहीं है जिसे तू अपने निचे ले लेगा सुकर मन की उन्होंने बात को ज्यादा नहीं बधाई तू नहीं जनता उनकी पावर

तभी वह रक्षा और अरुणा और जूही आते है रक्षा ने आते hi जीत को एक थप्पड़ झाड़ दिया पूनम कुछ नहीं बोली क्यों की उसे पता था की यहाँ बोलना मतलब कुल्हाड़ी पर पेअर मरने जैसा था

जीत : है तू बाकि रह गयी थी और अब एक बार भी हाथ लगाया न तो मैं भूल जाऊंगा की तू एक लड़की है

रक्षा : तुझे जरा भी शर्म नहीं आयी कमीने कहिके आखिर कैसे तू इतना नीच है जब की आज भी विश्वास नहीं होता की तू मेरी सबसे साहित्य पूनम ममी का बीटा है

( क्यों की रक्षा को नहीं पता की पूनम किसी है)

जीत : है किया तो क्या करेगी तू

रक्षा : निछ कही के ये तो शुक्र मन की अंकित वह नहीं था

जीत : ओह्ह तो साजन वह नहीं थे आपके क्यों क्या करलेते वो

रक्षा : अगर वह होता तुम यहाँ ये पूछने लायक नहीं होते की वो क्या करलेगा अंकित वह होता न तुझे वही काट के रख देता ममी समझाइये इसे वर्ण अंकित का गुस्सा आपने देखा नहीं है और मैं यही प्रेय करुँगी की आपको उसका भयानक गुस्सा देखना भी न पड़े

पर जिसका दर था वही हुवा यहाँ रिकॉर्डिंग सुनने के बाद साक्षी तुरंत अंकित के पास गयी

साक्षी भाई वो हुवा ये की जब अंकित ने ये सुना की उसकी माँ को गाली दी गयी उसकी आखों मैं अंगारे दहकने लगे

अंकित : चोरर डालूंगा उसे और अंकित बेकाबू होकर रूम से बहार आज्ञा पीछे पीछे कारन और आर्यन उसे रोकने की कोसिस करने लगे

कारन : भाई रूक जा वर्ण तेरे और रक्ष के रिश्ते को बिगड़ ने मैं देर नहीं लगे गई प्लीज रुक जा

आर्यन : है भाई प्लीज रुक जा बात मान ले

अंकित : हटो मेरे रास्टी सीए

अंकित की चीख पुरे होटल मैं गुंजी और जिस किसीने भी वो सुना उनके पेअर काँप गए

अंकित को कारन और आर्यन ने पकड़ा पर अंकित आज रुकने मूड मैं जरा भी नहीं था

अंकित सीधा पूनम के कमरे मैं गया और जीत को देखा

जीत : कोण है बे तू चल निकल यहाँ से

अंकित : तू वही हैना जिसने मेरी माँ को गली दी

जीत : है डीई तो क्या करलेगा है बोलै जा जो करना कर्ली आह्हः चोर मुझे आह्हः मा आह्ह्ह्हह

अंकित ने जीत का गाला पकड़ कर उसके मुँह पर घुसो की बरसात कर दी

तब तक सभी वह आगे

कारन और आर्यन अंकित को जैसे तैसे जीत से दूर करते है

अंकित : मैं तेरी जान ले लूंगा कमीने. ी विल किल यू यू फेसिंग बास्टर्ड हूहः हूहः चूरू मुझे

आकाश : कारन आर्यन सम्भालो उसे अंकित शांत होजाओ उससे अनजाने मैं हुवा है जो भी हुवा है

अंकित : no डैड मैं इसे छोड़ूंगा नहीं इसकी हिम्मत कैसे हुयी मेरी माँ के बारे मैं वो गंदे सब्द बोलने की इसकी वजह से माँ रोई है मैं उसकी जान लैलूंगा

अंकित झपटा बूत कारन और आर्यन ने उसे टाइट पकड़ लिया

आकाश : मेने कहा था न ये बात अंकित तक नहीं पहुचनी चाहिए कैसे पहुंची

अंकित : मुझे साक्षी दी ने बताया

धर्मेश : अंकित बीटा मैं और जतिन जीत की तरफ से माफ़ी मांगते है हमे माफ़ करदिजिये

अंकित : मां जी इसने जो किया मैं माफ़ नहीं करता उसे अगर ये कोई और होता बूत आप मुझसे बड़े है समझाईयेगा इसे

और तू (जीत से जो की अपने मुँह पर हाथ रख के खून रोकने की कोसिस कर रहा था ) शादी मैं आया है शादी एन्जॉय कर और अगर मेरी माँ या बहेनो के करीब भी दिखा रो अगली बार सीधा टिकट काट दूंगा ऊपर का हहहह चलो यहाँ से

अंकित तमतता हुवा गयम मैं गया और सेंड बैग मैं अपना गुस्सा निकलने लगा अंकित शांत hi नहीं हो रहा था

कारन निशा के पास गया

कारन : आंटी अंकित शांत hi नहीं हो रहा है कब से सेंड बेग पर अपना गुस्सा निकल रहा है आंटी मुझे दर है कही उसकी तबियत न ख़राब होजाये

निशा : हे भगवन ये लड़का भी न चलो मैं आती निशा कारन के साथ गयी और अंकित का हाथ पकड़ कर उसे अपने रूम मैं ले आयी और उसे बीएड पर लिटाया और अपने होठ उसके होठों से जोर दिए

अंकित : ुउमामं ुउमामं ोूमा मुम्मा ुउउम्म मेरी बात ऊम्मम ूमम

निशा : उम्माह उम्माह चुप एक दम छू पॉप उम्माह ूमाहहह ूमम उम्माह

अंकित : पर मुम्मा ुउउम्मा ूउम्म्म मूयहहहह ूउम्म्म उम्माह

ऐसे hi इनकी किश का सिलसिला 15 मं तक रहा और अंकित सो गया

निशा : हां हहह है सो गया वर्ण पता नहीं गुस्से मैं क्या होता इसका

फिर निशा उसे सुलाके चले गयी क्यों की शाम को महेंदी की रेशम थी और सब लोग उसकी तैयारी मैं लग गए सब लोग आज जो भी हुवा वो भूल कर एक नयी शुरुआत के साथ तैयारी करने लगे

अब देखते है आगे क्या होता है क्या जीत कोई नया गुल खिलायेगा क्या वो मनीषा का और रावल फॅमिली की लेडीज का सामना कर पायेगा

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यहाँ दो पहर का टाइम था सबलोग तैयार हो कर हॉल मैं आगये थे क्यों की महेंदी कीओर संगीत की रेशम थी भाई सबलोग तैयारियां कर रहे थे जेन्स सभी ड्रिंक्स का मज़ा ले रहे थे और लेडीज सब यहाँ से वह वह से यहाँ काम मैं लगी हुयी थी

और इन सब से बेखबर अपने अंकित भाई सो रहे थे

यहाँ हॉल मैं रक्षा भी आजाती है और उसके साथ सभी लड़किया भी सब लोग रक्षा के महेंदी लगाना स्टार्ट करते है

और लेडीज साथ साथ म्यूजिक पर डांस भी कर रही थी

आकाश और बाकि सब लोग ड्रिंक्स के साथ साथ यहाँ डांस और सब एन्जॉय कर कर रहे थे

और जीत भी एक कोने पर टेबल रख के ड्रिंक कर रहा था और वह आयी हुयी हुस्न परियो को आखों से ताड़ रहा था

जीत ( मन में) : हई साला मैंने भी अपने hi पेअर पे कुल्हाड़ी मार्डी ये रक्षा की सास कितनी हॉट है हाय क्या मस्ट फिगर है क्या चेहरा है बूब्स और गांड भी कितनी हॉट शाप मैं है साला एक गलती की वजह से सभी हाथ से निकल गयी

यहाँ कारन और आर्यन वि नाचने मैं लगे हुए थे तभी निशा कारन के पास आयी

निशा : कारन जाओ जाकर अंकित उठाओ और रेडी होकर आने को बोलो

कारन : आंटी वो नहीं उठेगा हमसे वो आपसे या मनीषा आंटी के उठाने पर hi नींद से जागेगा हम गए तो तो वो 30 मं तक तो नाटक करेगा

निशा : तगीक है चलो मैं उसे जगा कर आती हु

निशा वह से मनीषा के पास आजाती है जो अब थोड़ा संभल गयी थी और एन्जॉय भी कर रही थी

निशा : मनु मैं अंकित को उठा कर आती हु

मनीषा को तभी लगा की जब से ये काण्ड हुवा है वो एक बार भी अंकित के पास नहीं गयी

मनीषा : दीदी रुकिए मैं उसे जगा कर आती हु

निशा : ठीक है जाओ पर जल्दी आना

मनीषा : है ठीक है

फिर मनीषा ऊपर चली गयी और अंकित के रूम मैं एंटर हुयी उसने देखा की अंकित उठ गया था और बीएड से ठीक कर किसी गहरी सोच मैं गम था

मनीषा उसके पास गयी और उसके गाल पर हाथ फेरती है

मनीषा : क्या हुवा बाबू किश सोच मैं गम है

अंकित ने कोई जवाब नहीं दिया

मनीषा : बाबू बताना क्या हुवा मुझसे नाराज़ है

अंकित : नहीं माँ आपसे क्यों नाराज़ होगा मैं बस आज सुबह जो हुवा उसके बारे मैं सोच रहा हु आपने उसी वक़त अगर मुझे बुलाया होता तो मैं बता देता उसे की आपको बुरे सब्द कहने का क्या अज़ाब होता

मनीषा : बाबू ुसवक़त मैं इसी लिए चुप रही क्यों की मेरे बेटे की शादी थी और उसमे मैं कोई बखेड़ा खड़ा नहीं करना चाहती थी अगर ुसवक़त कुछ उल्टा सीधा होजाता तो रक्षा के मां के परिवार के सामने हमारी क्या िज़ात रहजाती और तो और इसका इम्पैक्ट तुम्हारे और रक्षा के रिश्ते पर भी पड़ता

अंकित : सेह लेता माँ ज्यादा से ज्यादा क्या होता शादी टूट जाती वही न सेह लेता मैं और आर शादी टूट भी जाती तो मुझे संभाल ने केलिए मेरी माये मेरे पास थी पर उस ने जो उसने किया न वो माफ़ी के लायक नहीं है

मनीषा अंकित को अपनी बहो मैं ले लेती है और गले लगाए रखती है

मनीषा : बीटा मैं उस बात को भूल गयी हु उससे वो सब अनजाने मैं हुवा था अब तुम भी वो सब भूल जाओ और एन्जॉय करो आखिर तुम्हारी शादी है

अंकित : बूत मॉम वो.....

मनीषा अंकित के मुँह पर हाथ रख कर कहती है

मनीषा : बस बीटा तू उसे इस बात के लिए कुछ भी नहीं कहेगा तुझे मेरी कसम

अंकित आगे कुछ नहीं बोलता

अंकित : ठीक है

मनीषा : वैसे ये तो बता किसी लग रही हु

अंकित ने देखा की मनीषा आज क़यामत ध रही है एक ग्रीन डिज़ाइनर सारी ऊपर से मेकअप सेक्सी हैरस्टीले और आगे ओफ्फेर के साथ साथ पिंक रंग की ग्लॉसी लिपस्टिक लगायी हुयी थी जिससे मनीषा के जूसी लिप्स और जूसी लग रहे थे

अंकित : ओह्ह माँ यू ारे दम्मम गॉर्जियस रियली रियली ब्यूटीफुल माँ

मनीषा : तो बता आज मेरे जिस्म का कोनसा हिस्सा सबसे ज्यादा तुझे अट्रेक्ट कर रहा है

अंकित : आपके जइसे लिप्स मन करता है सरका सारा रास पि जाओ पर नहीं पी सकता वर्ण आपकी आपकी म्हणत बर्बाद होजायेगी

मनीषा : किसी और ने बोलै होता तो चुने भी नहीं देती बूत मेरा बीटा जब चाहे अपनी माँ के लिप्स का रास पि सकता है

और ये कहते हुए मनीषा ने अंकित के चेहरे को अपने हाथों मैं लिया और जोर दिए होठ उसके होठों से

अंकित : ूमा ूउम्म्म ऊउँमापपूछ ुउउम्म ुउउम्म ूम्मा ूमम पपोऊछ ुउउम्माह्ह

मनीषा : उम्म्म्म ऊम्मम ूमाः बाबू सूचक माय लिप्स हनी ूमाः ऊम्मम ूमम ुउउम्माह्ह्ह ूमम

अंकित : ुउउम्माह्ह ूउम्म्म माँ ूमम रॉस फ्लेवर इस दम्मम गूदड़ ऊम्मम ुउउम्माह्ह ूमम

मनीषा : ूमाहहह ऊम्मम ुउउम्माह्ह्ह ूमाहहह ुउउम्माह्ह ऊम्मम पपूछह उउउउउउउउम्माह्ह्हह्ह चलो अब बहुत यार होगया चलो अब जल्दी रेडी होजा फिर निचे आओ निचे प्रोग्राम शुरू भी होगया है

अंकित : ok बूत मेरा आउट फिट

मनीषा : वो मैं अभी कारन और आर्यन के साथ भिजवाती हु

अंकित : ok मैं जरा शावर ले लेता हु

और मनीषा चली गयी और अंकित बाथरूम मैं

निशा : उठा वो

मनीषा : है और मनीषा ने अंकित से हुयी सारे बात बता दी

निशा : मुझे पता था ऐसा कुछ जरूर हुवा होगा

मनीषा : अच्छा दीदी अंकित का ऑउटफिट कहा है

निशा : वो मेरे रूम मैं है आओ मेरे साथ मैं देती हु

मनीषा : आर्यन जरा मेरे साथ आओ मैं तो आउट फिर से रही हु उसे अंकित को देके आओ

आर्यन : जी आंटी

यहाँ ये लोग अपने अपने काम पर चल दिए

यहाँ पूनम देखती है जीत कोने मैथा रावल फॅमिली की महिलाओ को ताड़ रहा है

वो उसके पास गयी

पूनम : बीटा जरा लिमिट मैं ड्रिंक करो

जीत : है माँ ठीक है

पूनम : क्या बात है मायुश क्यों हो रहा है

जीत : माँ वो देखिये न ये अंकित की माये हाय क्या बताऊ कितनी सूंदर है एक बार मिलजाए रगड़ ने केलिए

पूनम : उनके बारे मैं सोचना चोरडे तुझे नहीं पता वो कोण है अगर फिर भी ये ख्याल दिल मैं आये तो मुँह धो लेना ताकि तेरा जाए मार के निशाँ को छुपाने केलिए जो मकूप किया है वो उतर जाये बीटा थोड़ा सबर करलेता उसे मैं पता कर तुझे दिला hi देती पर तुझसे न सबर नहीं होता अब वो हाथ नहीं आने वाली है अगर तू उनसे माफ़ी मांग कर बात थोड़ी थोड़ी शुरू करे तो शायद बात बन जाये

जीत : ठीक है अब यही सही

यहाँ थोड़ी देर बाद अंकित भी आजाता है तो देखता है सब उसी का इंतज़ार कर रहे थे फिर सब लोग एन्जॉय करने लगते है

तभी जीत स्टेज पर जाता है और माइक मैं बोलता है

जीत : हे मई हैवे अटेंशन प्लीज

जतिन : क्या हुवा तुम ऐसे क्यों बोल रहे हो

जीत : डैड आज जो मैंने हरकत की है वो मुझे नहीं करनी चाहिए थी और मुझे अपनी गलती का एहसास है सो एव्री ओने एंड स्पेशलय रावल फॅमिली ी ऍम सू सॉरी फॉर माय तहत बेहेवियर

आकाश : कोई बात नहीं बीटा तुम्हे अपनी गलतिका एहसास है यही सबसे बड़ी बात है आसान नहीं होता सबके सामने इसतरह माफ़ी मांगना it's ok

जीत : मनीषा आंटी ी ऍम रियली सॉरी फॉर माय बेहेवियर प्लीज फॉरगिव में एंड अंकित ी ऍम रियली वैरी सॉरी फॉर तहत

मनीषा : it's OK no प्रॉब्लम

अंकित : it's OK बडी

अंकित ने बोल तो दिया बूत वो सूरे नहीं था अपने फैसले पर लेकिन सबके सामने वो एन्जॉय करने लगता है

फिर सब लोग गर्मागर्म डिनर का लुफ्त उठाते है और अपने अपने कमरे मेंचले जाते है

अंकित आर्यन और कारन फ्रेश होकर अंकित के कमरे मैं आजाते है और जीत की ये माफ़ी वाली हरकत पर डिस्कस करने लगे है

आर्यन : अंकित तुझे क्या लगता है जिसने होटल के अंदर आते है स्टाफ केलिए जो बोलै और अब वो सबके सामने माफी भी मांगी मुझे लगता है जरूर कुचना कुछ प्लान है इसका

कारन : आर्यन सही कह रहा है अंकित मुझे भी ये बहुत अजीब लगा पूनम आंटी का उस वक़त भी साथ देना जीत का और पूजा क्यों चिपकना तुझसे और जीत की आज सुबह वाली और अभी वाली हरकत मुझे कन्फर्म दोबुत्स है

अंकित : हम्म्म लग तो मुझे भी रहा है की कुछ तो गड़बड़ है

आर्यन : पता कैसे लगाए ये समझ नहीं आरहा है

कारन : अंकित तुम सबसे अलग हो क्या तुम कुछ नहीं कर सकते

अंकित : लगता है अब मुझे मेरी पावर्स का उसे करना hi पड़ेगा

आर्यन : पर भाई इतनी छोटी बात केलिए पावर का उसे करना ठीक रहेगा

अंकित : करना तो होगा ारु एक बार ऐसे छोटी सी बात समझ कर उसे इग्नोर करके मनोज चाचू को खो चूका हु लेकिन अब मिआइअन कोई ओवर स्मार्टनेस नहीं कर सकता ी don't टेक रिस्क्स

अंकित पलटी मार्के योग मुद्रा मैं बैठ गया और

अंकित : अब जब तक मेरी आँख न खुले और मैं कुछ न बोलू तब तक मुझे डिस्टर्ब मत करना

और अंकित पूरी तरह आपकहेन बांध करके पहले अपने मंद को पूनम पर फोकस करता है

उसे देखने लगता है

और वो देखता रहता है तभी रूम मैं निशा और ज़रा आजाती है

ज़रा : अरे ये अंकित क्या मैडिटेशन कर रहा है इतनी रात को

कारन उन्हें चुप रहने को बोलता है और बहार ले अत है

कारन : आंटी एक्चुअली अंकित को अभी भी जीत पे दोबुत है इसीलिए वो कोई रिस्क नहीं लेना कहता इसी लिए वो अपनी पावर का उसे करके उनकी असलियत पता करना कहता है

यहाँ अंकित देखता है की पूनम अपने रूम के बीएड पर सोई हुयी है और जीत और पूजा दोनों उसकी चुकी को चूस रहे है

पूनम : आठ इतने बड़े होगये फिर भी मेरी चुकी hi याद आती है आह्हः धीरे चुसो

पूजा : माँ hi आप हमारी आपका hi दूध पीयेंगेना माँ बड़ी माँ तो पिने नहीं देती वर्ण उसके दूध छोड़ूंगी नहीं हाय कितने बड़े बड़े है उनके कमसे काम 40 के होंगे बस जरा सी लचक आयी है बूत फिरभी शेप बाउट अच्छे है

पूनम : जीत क्या हुवा बीटा अपनी बड़ी माँ की बात आयी और तूने उनकी गांड की तारीफ नहीं की क्या हुवा

जीत : उम् माँ मुझे तो बस रावल फॅमिली की एयरटे चाहिए हाय क्या मस्ट फिगर है सबका और सूंदर तो इतनी है की क्या बताऊँ और वो मनीषा आंटी हाय क्या चूचिया है उनकी देखने से hi एक दम टाइट लग रही थी

पूनम : चिंता मत कर एक काम करती हु मैं अंकित को एक बार छोड़ने केलिए उकसाती हु जब मुझे छोड़ रहा हो तब तुम उसकी वीडियो ले लेना और फिर उसे ब्लैकमेल करके अपने मन की करलेना

जीत : मैं उससे बोलूंगा की पहले अपनी तीनो मॉम्स को मुझे दे बाद मैं दूसरी भी देखूंगा

पूजा : और भाई मैं उससे कहूँगी की मुझसे शादी करले ताकि हम उसकी फॅमिली से जुड़ जाये फिर तो मेरे और माँ के मज़े hi मज़े

यहाँ ये तीनो हसने लगते है

यहाँ रूम मैं अंकित अपनी आखे बढ़ किये अपनी इसी पोसिसोने मैं हसने लगता है

यहाँ रूम मैं आलरेडी कारन निशा ज़रा और आर्यन के साथ साथ आकाश भी था अंकित की आखें अभी भी बांध थी

अंकित : है हाहाहाहाहा आहहहहहहहहहह हहहहह शाबाश बीटा क्या प्लान बनाया है हाहाहाहाहा एक दम सही प्लान बनाया है पर इस बार तुमने पन्गा गलत ले लिया री हाहाहाःहाहा

अंकित अपनी आखें खोल लेता है सामने देखता है सामने वो 5को अंकित को hi घूर रहे थे

अंकित : अरे आप सब यहाँ

आकाश : वो सब बाद मैं अब बता क्या प्लान है उनका

अंकित : प्लान बड़ा सिंपल है वही घिसा पिता प्लान सेक्स करके वीडियो उतरना और उसके बाद ब्लैक मेल

आकाश : मई अभी विनोद जी और जतिन जी से बात करता हु और जतिन इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकाए गए

अंकित : डैड जतिन मां की इनसब मैं कोई गलती नहीं है वो अच्छे इन्शान है मैंने उनका मंद रीड किया है

और आप कुछ मत करना अब इनको मैं हैंडल करूँगा कारन मुझे पुरे होटल्स के अंदर हर कोने मैं हैकिंग सिस्टम लगा तो हर रूम मैं लगादो ताकि उस रूम के अंदर जितने भी कैमरा या दिवस होंगे हम उन्हें कंट्रोल कर पाए और मुझे उस हर दिवस जमार का एक्सेस चाहिए ताकि इस पुरे होटल जितने भी मोबाइल और कैमरा ों हो उन सभी पर हमारा कंट्रोल हो अगर हम कहे की कुछ रिकॉर्ड हो तो hi उन सब मैं रिकॉर्ड हो वर्ण नहीं

कारन : ok अंकित मैं अभी हैकिंग मिनी डिवाइस चिप मँगवालेता हु सुबह तक आजायेंगे और रूम क्लीनिंग के साथ ये चिप भी पुरे होटल के हर कोन मैं पहुंच जायेंगे

अंकित : लेट थे गेम बिगिन हाहाहा

वैसे मुम्मा आप यहाँ क्यों आयी थी कोई काम था क्या

निशा : है वो तुझे ज़रा का तो पता hi है तो उसे यहाँ चोर्ने आयी थी

अंकित : ठीक है चोरर दो मैं देख लूंगा इन्हे भी

निशा हसने लगती है ज़रा शर्माने लगती है फिर निशा और आकाश इनदोनो को चोर के निकल जाते है

तो नया और एक छोटासा खेल शुरू हो चूका है ये खेल लम्बा तो नहीं चलेगा देखते है कितना चलता है

भाइयो सॉरी है मैं अपडेट थोड़े लेट दे रहा हु आपको तो पता है अभी नवरात्री चल रही है एंड ी ऍम आल्सो गुजरती यू क्नोव तो आपने गुजरात की नवरात्री के बारे मैं सुना hi होगा और ऊपर से दिन मैं काम का भी लोड रहता है उसकी वजह है क्यों की दीवाली आ रही है इसी लिए

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यहाँ निशा अंकित के कमरे से निकल गयी और कारन और आर्यन भी चले गए आकाश के साथ रह गए ज़रा और अंकित अंकित उठा और दूर को अच्छी लोक किया और बहार दो नॉट डिस्टर्ब का बोर्ड लगा दिया और फिर वो झरा के पास आया अंकित ने ज़रा को देखा तो वो थोड़ा शर्मा रही थी

अंकित : ममी आप शर्माए गई तो कैसे मज़े करेंगी

ज़रा : अहह अंकित मैं क्या बोलू मुझे थोड़ा अजीब फइलल हो रहा है

अंकित : ममी अगर अभी आप रेडी नहीं है तो रहने देते है मैं नहीं कहता की मुझे कुछ भी आपकी मर्जी के बिना करना पड़े

ज़रा तुरंत जाकर अंकित को हुग करलेती है

ज़रा : ऐसा मत बोलो अंकित क्या मैं तुम्हे अच्छी नहीं लगती क्या जो ऐसे बोल रहे हो

अंकित : नहीं ममी ऐसा नहीं है आप बहुत ज्यादा ाची हो आपकी साइकिक के साथ साथ नटुर की भी अच्छी हो इसी लिए मैं कुछ भी अआप्की मर्जी के बिना नहीं करना कहता

ज़रा ने अंकित को और ज्यादा टाइट हुग किया और उसके पुरे चेहरे को चूमने लगी

ज़रा : ओह्ह्ह मेरा भांजा कितना समझ दार है ऊम्मम ममूहहह ूउम्म्म ूम्मा

और देखते hi देखते दोनों के होठ भी नमिलल गए

अंकित : ूमाहहह ुउउम्माह्ह्ह पपूउछह पपूउछह ूमाहहह ुउमाठ ऊम्मम ऊम्मम ममी आपके होठ तो बड़े प्यारे है ूमा एक दम मस्ट और पतले ूमममम

ज़रा : ूमाहहह ूमाहहह ुउउम्माह्ह्ह ूमाहहह ूमाहहह ऊम्मम क्यों तुम्हे ऐसे होठ ा छे नहीं लगते क्या

अंकित : ूउम्म्म ऊम्ममाहः ूमाहहह मुझे बहुत अचे लगते है ुउउम्माह्ह्ह ूमाहहह

फिर अंकित जरा की चूचियों पर आज्ञा अंकित उन हाथो से दवाने लगा और ज़रा की ड्रेस के ऊपर से hi चूसने लगा

ज़रा : आठ बीटा आठ और जोरसे आठ निचोड़ दो इन्हे बहित परेशां करते है ये आठ

अंकित : ूमम ूउम्म्म ाहूम्म ऊम्ममाहः ऊम्ममामि ये डरेशः निकाल दो

ज़रा कड़ी हुयी और अपनी ड्रेस निकल दी और अपनी पिंक कलर की ब्रा भी उतर दी जैसे hi ज़रा ने ब्रा को खोली उसकी चूचिया उछाल कर बहार आगयी 36 साइज की मस्ट गोरी चूचिया और उपरसे उसके लाल लाल निप्पल्स ये देख कर तो अंकित से रहा नहीं गया और ज़रा को लेटाया और उसकी चूचियों पर टूट पड़ा

अंकित : ूमाहहह ूउम्म्म सुर्र्प्प ूउम्म्म मामी ऊम्मम कितनी मीठी चूचिया है आपकी ूमममम ूमा कस इनमे दूध भी होता

ज़रा : आठ बीटा सब कुछ तेरा hi है पिजा बाबू आह्हः आह्हः धीरे बीटा आह्हः ओह्ह्ह कितना तेज़ चूसते हो तुम की मज़ा आजाता है आह्ह्ह्हह आठ अंकित

अंकित : सुर्र्प्प ूउम्म्म ूउम्म्म ऊम्मम ूमम ममी इस हिसाब से तो आपकी छूट कितनी मीठी होगी ऊम्ममाहहह

ज़रा : ूमम आह्हः बीटा ये तो तभी पता चलेगा न जब तुम छूट का स्वाद चखोगे

अंकित ज़रा के पेट को चूमते चूमते निचे आज्ञा उसकी छूट के पास

अंकित ने देखा की ज़रा की पिंक डिज़ाइनर पेंटी उसकी छूट को ढके हुयी थी और पेंटी को कोई भी देख कर बता सकता है की वो कितनी गीली है अंकित ज़रा की छूट के पास जाकर एक बार तेज़ साँस अपने अंदर लेता है

ये देख कर तो ज़रा की छूट मैं पानी का बहाव तेज होगया

अंकित ने पेंटी के उपरसे hi ज़रा की छूट को सुच करना शुरू किया

अंकित : सुर्र्प्प सुर्र्प्प ूमाहहह ूम्मा ऊम्मम ूमम सुर्र्प्प ूउम्म्म

ज़रा : आअह्ह्ह ोुह्ह्ह्ह अंकित आह्हः ऐसा मत करो आह्हः पेंटी को निकलडो आहहह आहहह

अंकित ने ज़रा की पेंटी को निकला और अंकित के सामने ज़रा की एक दम लाल छूट थी जिसकी लाल लाल पंखुरिया ऐसे लग रही थी जैसे गुलाब की पंखुरिया हो

अंकित : सुर्र्प्प सुऊरपपपप ूमाःह्ह्ह ूमममम सुऊरररपपप ससूररपपपप ूमाहहह सुर्र्प्प ूमममम आह्हः सुररपपप

ज़रा : आह्हः आह्ह्ह्हह बीटा यस सूचक मी आठ सुखमी लिखे तहत आह्ह्ह्हह ओह्ह फुककक यस आह्ह्ह्हह

अंकित : सुर्र्प्प सुर्र्प्प ोूमा ूउम्म्म ससूररपपपप सुऊरररपपप ूमममम.

ज़रा : आह्हः ओह्ह यस आह्हः फ़क ाहहहह है बीटा चुसो अपनी मामी की छूट को आह्हः पीजो इसका सारा रास आठ बीटा जब से तुम्हे देखा है ये रास तेरे लिए बह रहा है आह्हः बीटा आह्हः मैं आरही हु आह्हः जोरसे आह्ह्ह्हह आह्हः आह्ह्हह्हह्ह्ह्हहजाआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

स्क़्क़्क़्कुईयरररटटटट

स्क़्क़्क़्कुईयरररटटटट

स्क़्क़्क़्कुईयरररटटटट

ज़रा झट कर निढाल लेट गयी और ये दोनों अपनी साँसे दुरुस्त करने लगे

फिर ज़रा उठी और अंकित के सर को छू के बोली

ज़रा : ऊम्मम बीटा सच मैं तुम कमाल हो

अंकित : ममी अभी तो असली खेल बाकी है

ज़रा: अहह तो छोडना जल्दी से कब्स इ तड़प रही हु अहहह

अंकित ने अपना ट्रॉउज़र निकल दिया और बोलै

अंकित : तो अब जरा इसे प्यार से गिला कार्डो फिर छोडूंगा

ज़रा ने अंकित का अंडरवियर निकला

अंकित का 8 इंच का लम्बा और तगड़ा लुंड ज़रा की आखों के सामने था ज़रा ने आज पहली बार ऐसा लुंड देखा था अंकित का लुंड था एक दम उसकी hi तरह दूध सा गोरा और उसका रोपा एक दम गुलाभी

ज़रा उसे मुट्ठी मैं पकड़ कर हिलने लगी

अंकित : ममी लगता है मेरा लुंड आपको पसंद आया

ज़रा : पूछो मत बीटा ऐसा लुंड तो मैंने कभी नहीं देखा तुम्हारे मां का थोड़ा सावला है और सूपड़ा भी लाल है और साइज बजी 5 इंच के बारे बार होगा बूत उस की तिम्मिंग बढ़िया है वो खुश करदेते है मुझे पर तेरे लुंड का तो मुझे अलग hi नशा चढ़ने लगा है

अंकित : तो प्यार को इसे आह्ह्ह्हह धीरे

अंकित बोल hi रहा था की ज़रा ने उसके लुंड को मुँह मैं ले लिया

ज़रा : ोूगगग ोूगगग ोूगगग ऊम्मम स्सीइ ठु ोूगगग ोूगगग ूगगग ूगगग ऊग आह्ह्ह्हह सीई ोूगगगगग

अंकित : आठ ममी क्या मस्ट लुंड चुस्ती हो आप आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह सी. आह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह

ज़रा : आठ सीई थूऊ ूउम्मंगगगगग ोूगगगगग ोूगगगगग ोूगगग ोूगगग ूगगग ूउम्म्म सुररपपप ऊम्मम

अंकित ने ज़रा को फिर अलग किया और अपना लुंड ज़रा की छूट पर सेट किया

ज़रा : बीटा कोई रेहम मत करना एक hi बार मैं दाल देना ये दर्द मुझे सहना है

अंकित ने अपना सूपड़ा अंदर फसाया और ज़ोर से एक झटका दिया उसका आधा लुंड अंदर घुस गया

ज़रा : आह्ह्ह्हह अनंकीतततत कहहह आह्ह्ह्हह फैट गयी मेररीई आह्ह्ह्हह ोीोोुह्ह्ह बीटा बहुत दर्द हो रहा है आह्ह्ह्हह रूको

अंकित : ये लास्ट टाइम ममी आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

और अंकित ने एक और झाके के साथ ज़रा के किला फ़तेह करलिया उसका लुंड ज़रा की झाड़ तक घुस गया दोनों को hi दर्द हो रहा था पर उससे कई ज्यादा एक दूसरे की गर्मी का मज़ा मिल रहा था

10 मं बाद दोनों नार मॉल हुए

ज़रा : अंकित छोड़ो मुझे जोरसे कहहह आह्ह्ह्हह आठ कहहह ऐसे hi कहहह बीटा आठ छोड़ो अपनी मामी को आअह्ह्ह

अंकित : आठ ममी आपकी छूट भी बहुत टाइट है आठ कहहह कहहह ओह्ह्ह कहहह कहहह फ़क यस ममी आठ

ज़रा : कहहह बीटा जोरसे छोड़ो मुझे कहहह कहहह जोरसे कहहह ओह्ह्ह यस यस यस यस कहहह फ़क कहहह आह्ह्ह्हह

अंकित : आठ ओह्ह यस ममी कहहह आपकी छूट आठ मेरा पानी निकलने पर लगी हुयी है आह्ह्ह्हह

ज़रा : कहहह बीटा मैं आरही हु कहहह कहहह ओह्ह्ह आह्ह्ह्हह ओह्ह सी कहहह फ़क में फ़क में कहहह आअह्ह्ह ओह्ह्ह यस यस आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

ऐसे hi 40 मं की चुदाई मैं ज़रा 6 बार झाड़ चुकी थी और अंकित भी अब पिक पर था

अंकित : कहहह ममी कहहह मैं ाअरहा हु कहहह फ़क आठ कहा निकलू

ज़रा : मेरे अंदर hi निकला न मेरे बाबू आह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह

अंकित : आह्ह्ह्ह ाहहहह ओह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

रूम मैं चुदाई का घमासान ख़तम हुवा और दोनों फ्रेश होकर बीएड मैं आगये

अंकित : मज़ा आया ममी

ज़रा : बेटे इस एहसास को मैं अपने तक hi रखना चाहूंगी यहाँ आता मेरे बाबू आज आपकी ममी आपको अपनी हुज्ञ मैं सुलायेगी यहाँ आओ

और अंकित और ज़रा एक दूसरे को हुग करके सो जाते है

अगली सुबह सब जल्दी उठजाये है क्यों की भाई आज शादी का दिन था रात को शादी थी और अभी सुबह मैं हल्दी की ऋतुअल्स थी

सब लोग तैयार होकर बहार गार्डन मैं आगये सबलोग हल्दी का फंक्शन एन्जॉय कर रहे थे और इसी का फायदा उठा कर रूम सर्विस ने हर रूम मैं जाकर मिनी हैकिंग डिवाइस लगाडिया था मतलब अब इस होटल्स मैं जितने भी इलेक्ट्रॉनिक टाइम्स थे उन सब पर अंकित का कंट्रोल था और अंकित ने सज को रूम दे दिया था जहा इस पुरे होटल मैं लगे डिवाइस का मैं सर्वर था और सज के पास पुरे होटल का टोटल कण्ट्रोल था

खैर सब लोग हल्दी की रसम एन्जॉय करके आराम करने लगते है क्यों की शाम को शादी भी थी यहाँ पूनम और पूजा और जीत अपने प्लान को एक्सीक्यूटे करते है

पूजा अंकित के रूम मैं जाती है और उसे अपने रूम मैं आने को कहती है

अंकित जैसे उसके रूम मैं जाता है तो देखता है पूनम और पूजा दोनों नंगी hi बीएड पर अपनी छूटे सेहला रही थी

पूनम : अब देखते hi रहोगे या छोड़ोगे भी और किसी की टेंशन मतलो हम मैं से कोई किसी को कुछ नहीं कहेगा चलो आओ और छोड़ो हमे

अंकित को पता था की आगे क्या होने वाला है तो सुने दोनों को रंडी की तरह पेलना शुरू किया ब्रूटल से ब्रूटल सेक्स किया और तभी अंदर बैठे जीत अपने मोबाईल मैं रिकॉर्डिंग्स हुरु करती

और जब अंकित ने दोनों को निचोड़ लिया तब वो बहार आया

जीत : कमीने हरामी अपनी माको गली लगते ते देख नहीं सका और यहाँ मेरी माँ और बहन को छोड़ रहा है अभी जेक फूफाजी को बताता हु

अंकित : ऐसा मत करो मेरी शादी टूट जाएगी प्लीज तुम जो बोलोगे वो मैं करूँगा प्लीज ऐसा मत करो

जीत : नहीं तूने मुझे सबके सामने मारा था न अब मैं बदला लूंगा

अंकित : नहीं जीत प्लीज मेरी बात सुनो तुम्हे जो चाहिए वो मैं दूंगा

जीत : पक्का जो चाहिए वो देगा

अंकित : है पक्का

पूनम : तो सबसे पहले ये की तुझे रक्षा से नहीं बल्कि मेरी बेटी पूजा से शादी करनी होगी

और दूसरी बात ये की तेरे घर की सभी एयरटे मेरे बेटे के निचे..... आ आह्ह्ह्हह

और एक जोर दार थप्पड़ अंकित पूनम को मार देता है

अंकित : साली रांड तुझे क्या लगता है अपने बकवास जिस्म से तू मुझे आने इशारो पर नचलेगी और तू सेल (जीत से) भोस्डिके लुंड भी खड़ा होता है क्या तेरा अभी सेल अंडे मैं से बहार नहीं निकला और मुझे धमका रहा है

जीत : अब देख मैं क्या करता हु यहाँ जितने भी लोग है उनके सामने देख कैसे रावल्स की इज़्ज़त उतरता हु

अंकित : क्या दिखायेगा उन्हें

जीत मुस्कुरा के अपने फ़ोन मैं वीडियो प्ले करने केलिए फ़ोन मैं देखता है तो उसकी गांड फैट जाती है

क्यों की फ़ोन मैं कोई वीडियो रिकॉर्ड hi नहीं हुवा था

अंकित : क्या हुवा वीडियो नहीं मिला रुक मैं तुझे कुछ दिखता हु

अंकित ने अपना फ़ोन निकला और वो वीडियो निकला जिसमे अभी पूनम ने अपनी डिमांड बताई और वीडियो वही से hi प्ले हुवा था जहा से पूनम बोलना स्टार्ट करती है

ये वीडियो देख कर तो पूनम की गांड भी फैट गयी

अंकित : अब कुछ बोलना है

जीत अंकित के फ़ोन पर झपटा पर उसे हवा मैं hi एक जन्नते दार थप्पड़ पद गया

अंकित : नाना बीटा अगर ये वीडियो मेरे फ़ोन से देलेट हुवा तो अगले hi सेकंड ये वीडियो तेरे बाप यानि की जतिन मां के पास होगा

अंकित : क्यों क्या लगा था आप तीनो को की अंकित को नचाओगे और अंकित नाचेगा अरे मैंने कितनो की गांड फाड़ दी है तुम लोग तो उसके सामने कुछ नहीं हो ये लास्ट टाइम माफ़ कर रहा हु शादी है एन्जॉय करो और णिअकलजाओ मेरे और मेरे परिवार के अब अगर करीब आये और नया कोई गुल खिलाया तो समझ लेता की इतनी बुरी हालत करूँगा की.. चोरो यार

और अंकित निकल गया यहाँ तीनो अभी भी सदमे मैं थे खैर 1 घण्टे तक यी तींनो अपने रूम मैं hi रहे तीनो को अच्छी तरह से समज आज्ञा था की अंकित कोई ऐसा इसे लड़का नहीं है जिसे ये फसा लेंगे

पूजा : माँ ी वांट अंकित.. कहहह

पूनम ने एक जोर का थप्पड़ पूजा को झाड़ दिया

पूनम : वो यहाँ आकर हमे निचोड़के और हमारी ा छे से मार्के चला गया फिर भी य ेबोल रही है भूल जा उसे वर्ण हमारा जो इतना ऐसो आराम वाला जोवन जो हम जी रहे हैना वो भी हाथ से जायेगा और जीत बीटा तू दूर रहना रावल फॅमिली से मैं नहीं चाहते की उसकी वजह से मेरे बेटे बेटी को कुछ हो

जीत : जी माँ

फिर सब अपने अपने काम मैं लग गए दोपहर मैं सबने डिनर किया और फिर सबलोग तैयार होने निकल गए

शाम को सब लोग रेडी हो गए

यहाँ अंकित भी एक दम रेडी था अपनी बारात केकेलिए अंकित ने एक बहुत ज्यादा एक्सपेंसिव एंड शानदार शेरवानी पहनी थी और माथे पे पगड़ी पहनी थी ये आधा hi आउट फिट मैं रेडी होकर अंकित निचे हॉल मैं आज्ञा जहा सभी लोग उसी का वेट कर रहे थे

सब लोग जैसे hi अंकित को देखते रह जाते है अभी सिर्फ शेरवानी मैं hi इतना हैंडसम लग रहा था

निशा : आओ बीटा यहाँ इस चिर पर बैठ जाओ ताकि हम बाकि की रेशम के साथ साथ तुम्हे ज्वेलरी भी पहना सके

अंकित : माँ दूल्हे थोड़ी ज्वेलरी पहनते है

सब हसने लगते है

मनीषा : बेटे दूल्हे को भी ज्वेलरी पहननी पड़ती है चलो आओ बैठो यहाँ

फिर मनीषा अंकित को की कमर पर उसकी तलवार को अच्छी बांध देती है और तन्वी अंकित को ब्रेस्लेट एक कड़ा और हाथो की उँगलियों मैं रिंग्स पहना टी है अब बारी थी निशा की वो अंकित को एक मोतियों की माला पहनती है और उसकी पगड़ी पर एक बहुत hi ज्यादा सूंदर और रियल डिमांड से बानी हुयी कलगी पहना टी है

फिर जब अंकित खड़ा होता है तो इस बार वो और ज्यादा अट्रैक्टिव लग रहा था अंकित की सभी बहने उसके पास आकर उसे किश करती है गाल पर और फिर नेहा उसके जान मैं कहती है

नेहा : बड़े हैंडसम लग रहे हो मेरे पतिदेव

अंकित बस मुस्कुराने लगता है

फिर निशा अंकित के पास जाकर उसका माथा चुम लेती है और काजल का टिका अंकित को लगा देती है और बलए ले लेती है

निशा : हाय किसी की नज़र न लगे मेरे बच्चे को ूमाहहह

फिर क्या था अंकित बहार आया और उसने देखा की एक कादिलाके कड़ी थी जिसे फूलो से सजाया गया था और सनरूफ ओपन था अंकित जल्दी से अपनी जगह खड़ा होगया

और फिर आगे दज वाली गाडी और बीच मैं नाचते हुए बाराती और पीछे दूल्हे राजा की सवारी

और बारात निकल पड़ी अपनी मंज़िल की और

और सबलोग दज की बीत पर ताल से ताल मिला कर नाचने मैं लगे हुए थे अंकित की सभी बहने निशा मनीषा तन्वी आकाश और सब लोग कटान और आर्यन तो पुरे जोश मैं नाच रहे थे आखिर उनके यार की शादी थी

ऐसे hi धूम धाम से सब लोग अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंच गए जहा सबका अच्छे से स्वागत हुवा आकाश और विनोद गले मिले और फिर आरती अंकित की आरती उतरती है और जैसे hi नाक खींचने वाली होती है की आर्यन और कारन अंकित को अपने कंधे पर उठा लेते है

कारन : न न आंटी नाक तो भूल hi जाओ

आरती : अरे ये रेशम है चलो मेरे जमाई को निचे उतरो

आर्यन : नहीं हम नहीं खींचने देंगे

ुलतभी जूही पिछेसे बोली

जूही : आंटी इन दोनों की hi नाक खिचलो इनकी खिचलि मतलब अंकित की खिचलि

तो आरती कारन और आर्यन का नाक खींच लेती है

दोनों :: कहहह आंटी कहहह

और सब लोग हसने लगते है और कारन और आर्यन अंकित को निचे उतारते है और आरती बड़े प्यार से नाक खींचती है

कारन : सेल तेरी वजह से हमे खिचवाना पड़ा नाक हमारा

अंकित : है कामिनी मेने कहा था मुझे उठाओ मैं खिचवा रहा था न

खैर फिर सबलोग अंदर आजाते है अंकित को मंडप मैं बिठाया जाता है और पंडित जी मंत्र पढ़ रहे थे

यहाँ एक ग्रेड लेवल शादी थी कई पॉलिटिशंस बिजनेसमैन विप्स सब लोग ाएहुए थे

खैर थोड़ी देर बाद जयमाला का समय हुवा और रक्षा को बुलाया गया जब रक्षा वह पर आयी तो अंकित तो उसमे खो hi गया बाजु मैं बैठी नेहा उसके कारन मैं कहती है

नेहा : भाई ऐसे मत देखो तवो तेरी hi है अगर ऐसे देखोगे तो तुम्हारी hi नज़र लग जाएगी

अंकित शर्मा इ लगता है तो निशा बाजु मैं आकर उसके किश करदेती है

निशा : है मेरा बचा तो शर्मा रहा है ऊम्ममाहः शर्मा मत अब कोई तुझे नहीं छेड़ेगा

फिर अंकित और रक्षा दोनों को एक एक जयमाला डिजाति है अंकित ने देखा की रक्षा का ध्यान हटा तो उसने झट से वरमाला दाल दी रक्षा के गले मैं

जूही : अरे हम फिरसे पीछे रह गए रक्षा इस बार तुम मत चूकना

जूही और अनन्य रक्षा की तरफ से थी शादी मैं

खैर इस बार भी कारन और आर्यन ने अंकित को कंधे पे उठा लिया लेकिन जूही और अरुणा ने रक्षा को भी उठाया और रक्षा ने दलदी वरमाला

खैर ऐसे hi शादी के मंत्र आगे बढे और फिर वक़त आया 7 फेरोका अंकित और रक्षा ने पवित्र अग्नि के 7 फैरो लिए और उसके बाद अंकित ने रक्षा की मांग भक्रदि और मंगलसूत्र पहनाया और फिर पंडित जीने कहा की शादी सम्पन्न हुयी

पंडोत जी : अब अपने मातापिता का आशीर्वाद लीजिये और सभी बडका भी

अंकित सबसे पहले आकाश निशा और मनीषा और तन्वी के पास गया

आकाश ने अंकित को और रक्ष को गले लगाया रक्षा को अपनी बेटी मान कर सीने से लगाया और अंकित निशा के पास गया

और दोनों ने निशा के पेअर चुसये निशा ने अंकित को और रक्षा को गले लगाया और उसकी आखें नुम होगयी

निशा : थैंक्स बीटा तूने अपनी इस सौतेली माँ को एक सगी माँ वाला सुख दिया

अंकित : मुम्मा आज खुसी का मौका है और आप hi मेरी माँ हो ऐसा मटबोलो और ये सौतेला वर्ड कभी भी हमारे बिच नहीं आना चाहिए

निशा अंकित का सिर चुम एलटी है

फिर क्या था सब लोग खाने पर टूट पड़े लेकिन अंकित के जूते नहीं मिल रहे थे

अंकित : अरे मेरी बहनो मेरे जूते कहा गए

अनन्य : वो तो ये रहे चलो अब बोलो कितना डोज

अंकित : यहाँ भी इज़्ज़त का फालूदा होगया बोलो कितने चाहिए

अरुणा : 3लक्ष चलो जल्दी करो

अंकित : 3 लक्ष चाहिए हलवा है क्या काम करो चलो इतना कभी होता है क्या

जूही : देना है तो बोलो क्यों अब आपके पास बजी पटलटने का कोई पत्ता नहीं है

पिछेसे आर्यन और कारन बोलते है

आर्यन : एक पत्ता हमारे पास भी है

जूही : ाचा बोलो क्या

आर्यन ने अपने हाथ मैं रक्खा बॉक्स खोला जिसमे रक्षा के सेंडल्स थे ये देख कर तो सब लोगो की हसी छूट गयी

नेहा : क्या बात है कारन ये ाचा किया

कारन : मुझे पता था की सबलोगो की नज़र दूल्हे के जूतों पर hi होगी और इसी के चलते दुल्हन के जूतों पर किसी का ध्यान नहीं होगा इसलिए मौका देख कर आर्यन ने चूका मार दिया

अंकित : शाबाश लौंडो डील जीत लिया मेरा तो 100 मेहरस की और 1 रावल्स की तो अब एक हाथ लो और एक हाथ दू बोलो डील फाइनल करे

आरुणा : अब कोई चारा भी नहीं है ऐसा hi करते है

फिर ऐसा hi हुवा ऐसे hi हसी खुसी के साथ अंकित की शादी का पहला राउंड ख़तम हुवा फिर सबने डिनर किया और रात बहोत होगयी थी तो सबलोग अपने अपने रूम मैं जाकर सो गए

यहाँ मेने पहला राउंड इसीलिए बोलै क्यों की अभी अंकित की शादी अपनी बहनो से बाकि है जो की अगले अपडेट मैं आएगी लेकिन सबसे पहले होगी रक्षा की बिदाई उसके बाद चुदाई hi चुदाई

हाहाहाहा

और है भाइयो और एक बात आपको पता है की अब स्टोरी पूरी होने जा रही है इसीलिए आपको लग सकता है की यहाँ मैंने शार्ट मैं लिखा है पर क्या करता मैं जबरदस्ती स्टोरी को नहीं किचन कहता था इसीलिए ये मैंने किया

अपडेट पोस्टेड भाई लोग

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 129

रात को सब अपने अपने कमरे मैं थे अंकित और रक्षा को अलग कमरा दिया गया था अंकित और रक्षा फ्रेश होकर आराम कर रहे थे और साथ मैं बाते

अंकित : तो मेरी जान क्या ख़याल है आपका आज होजाये

रक्षा : नहीं मैं अपनी बहेनो को धोका नहीं दूंगी सुहागरात मेरी सभी बहेनो के साथ hi होगी और तुम भी कभी हममे भेदभाव नहीं कर सकते समझे

अंकित : है जरूर मैं खुश हु आखिर मेरे पास ऐसी बीवी है जो मुझे समझती है और जिसने मेरे हालत को समझा और फिर भी मुझसे शादी की

रक्षा ने अंकित के चेहरे को अपने हाथों मैं लिया

रक्षा : मैंने तुमसे प्यार किया है अंकित और तुमने मुझसे भी ज्यादा मुझसे प्यार किया और वो साडी चीज़े तुमने मुझे बतादि की तुम कितना तड़पे थे प्यार केलिए और वो सब भी बतादिया जो तुम्हारे परिवार का सीक्रेट था तुम जानते थे की ये सुन कर मैं नाराज़ भी हो सकती थी पर फिर भी तुमने मुझे बताया क्यों की तुम जूथ की बुनियाद पर अपने प्यार को नहीं पाना चाहते थे और मैं तो खुश हु की मुझे एक ऐसा परिवार मिला है जहा प्यार की कोई हद नहीं

अंकित : थैंक्स और वेलकम इन रावल फॅमिली

रक्षा : थैंक्स माय डिअर हुब्बी

और दोनों एक दूसरे को बाँहों मैं भर के सो गए अगली सुबह सब लोग उठे और रेडी होने चले गये और ब्रेक फ़ास्ट करने केलिए यहाँ ब्रेक फ़ास्ट के टाइम आकाश विनोद और धर्मेश

विनोद :आकाश जी आपके नई मेंशन का काम ख़तम होगया या अभी भी बाकि है

आकाश : नहीं विनोद जी पूरा मेंशन रेडी hi है बस आज यहाँ से हुम्मारे आइलैंड जायेंगे क्यों की बच्चो की इच्छा थी की वह एक अच्छा फॅमिली वेकेशन भी होजाये और शादी की वजह से सब लोग थके हरे है तो रेस्ट भी मिल जायेगा आप कह सकते है एक स्माल रिफ्रेशमेंट यू क्नोव

विनोद : ओह्ह ये भी सही है

खैर सबलोग ब्रेकफास्ट करते है और फिर आखिर कार टाइम आया रक्षा की बिदाई का

विदाई के वक़त सबलोग वह मौजूद थे रक्षा अपने फॅमिली मेंबर से लिपट कर रो रही थी

रक्षा : माँ चलती हु अपने घर हूहू हुँहुँहुँहुँ

आरती : चुप होजा मेरी गुड़िया नहीं रट और तुम हमेशा हमारी गुड़िया hi रहोगी और तुम्हे तो खुश होना चाहिए की इतना प्यार करने वाला परिवार मिला है

फिर रक्षा विनोद के स गयी खूब रोई उसकी बाँहों मैं

रक्षा : पापा चलती हु अपने घर

विनोद : जा बेटी और ससुराल मैं अपने परिवार. का नाम रोशन कर

अंकित ने भी विनोद आरती और रक्षा के मां मई के पेअर छुए पूनम के सिवाए

और फिर रक्षा ऐसे hi अंकित के साथ कार मैं बैठ कर निकल गयी

पीछे थे आकाश निशा और तन्वी

विनोद : आकाश जी वो रक्षा अभी भी बच्चो है उससे अगर कोई भूल होजाये तो माफ़ करदेना

आरती : निशा मनीषा आज से मेरी बेटी की जिम्मेदारी आप की हुयी

आकाश : विनोद भाईसाहब भाभीजी चिंता मत करिये बहु नहीं बेटी बना कर लेकर जा रहा हु मैं रक्षा को

मनीषा : और रक्षा वह हमारी बाकि बेटियों की तरह hi रहेंगी

आरती और विनोद : आपका बहुत बहुत शुक्रिया

फिर सब गले मिले और बाकि बची हुयी रावल फॅमिली भी वह से रावण होगयी

यहाँ एक बांध कमरे मैं जीत पूनम और पूजा

जीत : ये उसने ठीक नहीं किया माँ अंकित को मैं छोड़ूंगा नहीं

पूजा : मॉम ी वांट अंकित

पूनम का पारा चढ़ गया और दोनों को एक एक थप्पड़ जड़ दिया

पूनम : भूल जाओ उन्हें मैंने एक बार कहा न की वो हमारे बस का नहीं है वो अगर कहता तो हमे यहाँ से इसी वक़त बेइज़ात करके निकल देता पर उसने ऐसा नहीं किया और ये hi अच्छा हुवा मेरे आखों पर जो घमंड की पट्टी बंधी थी वो उतर तो गयी और काम खोल के सुन लो आज से तुम्हारा सब कुछ बांध किसी को भी फसाना तुम दोनों टाइम रहते सुधर जाओ मेरी वजह से जो गलती कर बैठे हो वो मत दोहराओ जिंदगी अच्छी जिओ अब तुम कहोगे की माँ ऐसा क्यों कर रही है तो सुन लो मैं तुम दोनों को खोना नहीं चाहती हु तो समझा गए न

दोनों : जी माँ

ऐस3 इनका chapter भी फिनिश हुवा

यहाँ एयरपोर्ट पर अंकित आकाश का प्रिवेट जेट खड़ा था सभी लोग उसमे बैठ गए थे

मनीषा की ठाकुर फॅमिली निकल चुकी थी अपने गौ को क्यों की उन्हें दूसरी शादी अटेंड करने जाना था वो 1 वीक के बाद सीधा रिसेप्शन पर आने वाले थे अंकित के, राज भी निकल गया था क्यों की उसे भी एक बड़ी डील हाथ लगी थी तो वो भी नहीं रुक पाया बूत ज़रा और रजनी वही थे वो तो बाकि की शादी फुल एन्जॉय करने वाली थी साथ मैं डॉक्टर लीज़ा और सीमा भी थी

आर्यन और कारन भी चले गए थे क्यों की वो इस फॅमिली के बेच नहीं आना चाहते थे चलो सेल समझदार थे

काहिर सब लोग उस जेट मैं बैठ चुके थे और 6 घंटो का सफर था तो सब लोग आराम करने मैं लगे हुए थे और यहाँ अंकित की बहनो ने रक्षा को घेर लिया था

कीर्ति : हाय रक्षा भाभी इतना तो मत शर्माओ बताओ न भाई ने ज्यादा परेशां तो नहीं किया रात मैं

रक्षा : अरे मैंने कहा न वैसा कुछ नहीं हुवा बस थोड़ी देर हमने किश किया और सो गए

नेहा : वो क्यों

रक्षा : क्यों की ये मज़ा मैं अपनी बहनो के साथ लेना चाहती थी

मोनिका : ऊऊऊ मेरी प्यारी बहना

साक्षी : अरे पर मेरी बहनो एक बात तो हमने गुर की hi नहीं

तिया : वो क्या दीदी

साक्षी : अरे क्या अंकित हम सब को छोड़ पायेगा मतलब हम कितने है देखो हम 6 जान है क्या अंकित इतनी देर तक टिक पायेगा

रक्षा : हां दी ये बात तो हमने सोची hi नहीं

तभी पिछेसे निशा बोली

निशा : कोनसी बात नहीं सोची

नेहा : माँ क्या अंकित एक hi रात मैं हम सब की चुदाई कर पायेगा ये बात हमने नहीं सोची

निशा : बीटा देखों अंकित के अंदर एक फार्मूला है जिससे वो एक सुऐपेपर ह्यूमन बन चूका है पता हैना

सब : है

निशा : तो उससे उसे एक ऐसी ताकक मिली है की वो जितनी देर तक चाहे सेक्स कर सकता है बस सेक्स के बाद उसे ढेर सारा प्रोटीन वाला खाना खाना पड़ेगा समझे

सब : ओह्ह मतलब हमारी सुहाग रात धमाके दर होने वाली है

निशा : और नहीं तो क्या

मोनिका : मुम्मा वैसे अंकित बिना उस पावर का उसे किये इतनी देर तक चुदाई कर सकता है

निशा : उसके बिना वो 45 मं तक छोड़ सकता है बाकि केसा जिसका प्यार अंकित जब मेरे और मनीषा के साथ सेक्स करता है तो वो बस थोड़े थोड़े प्यार को उसे करके छोड़ता है और थोड़ा खुद को कंट्रोल करता है ताकि वो हमारे साथ सेक्स कर सके और मैं एक बात दावे के साथ कह सकती हु अंकित अगर हमे पुरे प्यार छोड़ेगा तो वो 10 मं hi हमारे साथ सेक्स कर पायेगा बूत उस 10 मं से भी हम लम्बी चुदाई से ज्यादा सेटिसफी होंगे

कीर्ति : तब तो हम सब भी भाई के साथ एक एक बार वैसे hi पुरे प्यार के साथ चुदाई करेंगे

नेहा : मुम्मा जरा डैड को बुलाइये

निशा आकाश को भी बुलाती है और तन्वी और मनीषा को भी

आकाश : है बीटा बोलो

नेहा : डैड क्या हम कुछ आपसे मांग सकते है

आकाश : बोली बीटा जो भी बोलगी वो होगा

नेहा : डैड हम कहते है की मुम्मा (निशा) और माँ (मनीषा)

एक बार भाई के साथ पूरी तरह दुल्हन बन कर सेक्स करे भले hi सेक्स के वक़त वो एक दूसरे को वैसे hi ग्रीट करे माँ बेटे की तरह बूत एक बार भाई मुम्मा और माँ को शादी वाले रूप मैं सेक्स करे

आकाश : हम्म आईडिया तो बढ़िया है बोलो रानी साहिबाओ तुम एग्री हो

निशा : बीटा तूने तो हमारे मुँह की बात चीन ली हम जरूर करेंगे

नेहा : हां सही कहा वैसे डैड वह जा कर आपका क्या प्लान है

आकाश : देखों भाई तुम लोग मज़े करो घूमी फिर मेरा तो प्लान है रिलेक्स करने का मैं वह समंदर किनारे मस्ट अपनी आराम चेयर दाल कर लेटूँगा वाइन के साथ खाने पिने का लुफ्त उठाऊंगा और बस आराम करूँगा

रजनी : क्या जीजू आप तो बड़े ढीले हो

आकाश : प्यारी साली साहिबा जी अपने बेटे की शादी के चक्कर मैं पुरे 1 महीने का काम 10 दिन मैं निपटाया है उसके बाद सीधा शादी मैं भागादौड़ी करि है तो अब थोड़ा रिलेक्स तो बनता हैना

रजनी : है ये भी ठीक है

मेघा : वैसे भाई हमारे साथ सेक्स तो कर hi सकते हो

आकाश : है वोटो करूँगा बूत ज्यादा नहीं मुझे 1 वीक तक फुल रिलेक्स चाहिए ok वैसे निशा लाड शब् कहा है

निशा :वो सो रहा है कह रहा था थक गया था तो उसे अभी सुला के आयी हु आपको काम है तो जागो

आकाश : नहीं नहीं सोने दो उसे

फिर ऐसे hi बाते करते करते ये लोग आइलैंड मैं पहुंच जाते है आइलैंड सबलोग सामने के विला को देख रहे थे

निशा : अह्ह्ह आखिर कार बन गया तो एक्सटेरियर मेरे पसंद का है सच मैं थैंक्स आकाश

आकाश : और इंटीरियर मनीषा के पसंद का है चलो अंदर चल ते है

यहाँ निशा ने ऐसा इसलिए कहा क्यों की लास्ट टाइम जब ये लोग यहाँ आये थे तब ये विला बन रहा था

रक्षा : पापाजी सच मैं ये विला बहुत hi ज्यादा ाली शान है

आकाश : थैंक्स बीटा और पापाजी नहीं डैड बोलो तुम भी मेरी बेटी hi हो

रक्षा : okay डैड

आकाश : मच बेटर

फिर सबलोग रूम मैं जाते है और फ़्रेशः होते है आकाश ने अंकित को गॉड मैं लिया हुवा था

निशा : अरे इसे तो उठाओ गॉड मैं क्यों लिए खड़े हो

आकाश ने देखा अंकित हठी बेच कर गहरी नींद मैं सो रहा था

आकाश : रहने दो निशा जब छोटा था तब तो गॉड मैं उठा कर खिला भी नहीं पाया आज कमसे काम अपने बाप की गॉड मैं चैन से सो तो रहा है

मनीषा : हां आप केलिए तो ये अभी भी बच्चा hi है

आकाश : है ये मेरे लिए हमेशा बच्चा hi रहेगा मेरा बीटा मेरी जान है

नेहा :डैड यहाँ डोरशंस कैसे क्या यहाँ कोई आया था हमसे पहले

आकाश : है आज सुबह hi हमसे पहले यहाँ डेकोरेशन वाले आये थे वो सब यहाँ ये विला और इसमें बने हमारे रूम्स डेकोरेट करके निकल चुके है वैसे टाइम क्या हो रहा है

तन्वी : 3 बजह रहे है

आकाश : हम्म 5 बजे बेऔतीशंस यहाँ पहुंच जाएँगी तब तक थोड़ा आराम करलो और है खाने केलिए मेने शेफ को भी बुलाया है तो रिलेक्स करो लेडीज और मैं चला फ्रेश होकर वाइन लेकर बीच पर

और फिर सब अपने अपने काम मैं लग गए

है तो भाइयो नेक्स्ट अपडेट से धमाके दर चुदाई शुरू होगी तो गेट रेडी एंड सॉरी वो दिवाली आरही हैना तो काम थोड़ा ज्यादा है बूत मैं जल्द से जल्द अपडेट देते रहूँगा ok भाई लोग

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सी यू सून

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