Parivar se nafrat fir pyaar - Page 14 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 113

यहाँ अंकित 1 घंटे बाद उठता है और फ्रेश होकर निचे आजाता है निचे देखा की मल्होत्रा फॅमिली आयी हुयी थी अंकित निचे गए और सबके साथ बाटे करने लगा

फिर सबने डिनर किया और हॉल मैं आगये

आकाश : है तो सेल साहब आज आपको इस लिए यहाँ बुलाया है क्यों की अंकित की शादी को लेके बात करनी थी

राज : है तो बताईये

अंकित : एक एक मं मेरी शादी अभी क्यों अभी तो मैं 20 सालका भी नहीं हुवा हु डैड

निशा : क्यों ऐसा जरुरी है क्या और आज नहीं तो कल ये तो करनी hi है तो अब क्यों नहीं

अंकित : ी क्नोव मुम्मा बूत it's तो क्विक अभी तो कॉलेज भी कम्पलीट नहीं हुवा है हमारा

मनीषा : स्टडीस तो शादी के बाद भी हो सकती हैना

अंकित : बूत फिरभी ये बहुत जल्दी हो रही है

आकाश : बेटे ये तेरी बहनो का आर्डर है

अंकित : क्या बहनो का

तन्वी : है देखों अंकित तुम एक लड़के हो और तुमने कई बार सेक्स किया है बूत वो वो सब तुम्हारे साथ hi सब करना चाहती है और वो सभी अभी तक वर्जिन है तो तुम समाज hi सकते हो की उनकी क्या हालत होगी हैना

अंकित : हम्म्म बात तो आपकी सही है मेरे लिए तो कई है जिनके साथ मैं सेक्स कर सकता हु बूत वो ठीक है डैड ी ऍम रेडी

आकाश : वह बहुत खूब मैं कल hi मर. महरा को बोलता हु की रक्षा और अंकित की शादियों की तैयारियां सुरु करे

अंकित : सिर्फ रक्षा की क्यों बाकि की नहीं

आकाश : बीटा तुम्हारी बहने कहती है तुम उनके साथ दुनिया के सामने शादी ना करो

अंकित : डैड बूत अगर कल को किसी ने सवाल उठा दिया तो की लड़किया अपने घरमें hi रह रही है शादी के बिना

आकाश : बीटा उन्हें जवाब देना मुझे आता है इसी लिए तुम बे फिक्र रहो ok

अंकित : ok

रजनी : तो कैसे तैयारियां शुरू करदे

ज़रा : है कार्डो अब हमारा बीटा दूल्हा बनेगा

निशा : आकाश देखिएगा मेरे राजकुमार की शादी है सब ग्रैंड लेवल से होना चाहिए

आखिर सबको पता चलना चाहिए की आकाश और अवंतिका के बेटे की शादी है

अंकित : नहीं मुम्मा आकाश और अवंतिका hi नहीं बल्कि आकाश निशा मनीषा और तन्वी के बेटे की शादी

निशा : बीटा पर वो तुम्हारी सगी माँ थी

अंकित : जनता हु मुम्मा बूत हमारे लिए यही अच्छा होगा की दुनिया को पता न hi चले की अवंतिका भी मेरी माँ थी वर्ण वो लोग डैड पर बहुत ज्यादा सवाल उठाएंगे जिसका सीधा असर हमारे बिज़नेस एम्पायर पर होगा और जब मेरी माँ ने मुझे आपको सपने का वडा किया था और जब आपने मुझे अपना दूध पिलाया था तबसे आप hi मेरी सगी माँ होगयी थी और मैं इसे अपनी खुस नसीबी मंटा हु की लोग यही समझते है की आप मेरी सगी माँ है और मेरी मनीषा माँ भी मेरी सगी माँ जैसी है बूत तन्वी चची को भी मैं दुनिया के सामने अपनी माँ नहीं कह सकता क्यों की वो लोग जानते है की ये मनोज चाचू की बीवी है बूत कोई कुछ भी बोले आप तीनो hi मेरी सगी माँ जैसी है और माँ हंमेशा मेरे दिल मैं रहेगी बूत बूत दुनिया के सामने और घर में भी मेरी निशा माँ hi मेरी सगी माँ है हां मुम्मा आप जित गयी आप मेरी सगी माँ बन चुकी है सिर्फ आप hi नहीं तन्वी माँ और मनीषा माँ भी

निशा : तू तो हिम सब की जान है मेरे लाल जैसा तू चाहे वैसा hi होगा आकाश मेने कहदिया है की मेरे लादले राजकुमार की शादी है सब कुछ ग्रैंड लेवल से होना चाहिए

आकाश : अरे मेरे इकलोते बेटे की शादी है अंकित बेटे तेरी शादी ऐसी होगी की दुनिया देखेगी

अंकित : वैसे डैड मेरी शादी तो चलो हो hi रही है आपका तन्वी चची के साथ कब शादी करने का ख्याल है

तन्वी : मैं कुछ कहना चाहती हु

आकाश : है तन्वी बोलो

तन्वी : आकाश हमारी शादी दुनिया के सामने ना हो इसी लिए हम परसो hi मंदिर मैं शादी करेंगे पर यहाँ नहीं सेहर के बहार जो भोलेनाथ जी का मंदिर है हम वही शादी करेंगे कहते है उस मंदिर मैं कोई आता जाता नहीं है

अंकित : दोने

फिर सब बाटे करते है शादी का वेणु के बारे मैं सब कुछ

अंकित : माँ मुझे नींद आरही है चलिए आज मूड ही है

निशा : बीटा अभी नहीं तुम्हारे ब्लड इम्प्लांट के बाद मैंने सेक्स नहीं किया है इसीलिए आज हम नहीं कर सकते तुम्हारे इम्प्लांट के बाद तुम मैं और मनु एक जबरदस्त थ्रीसम करेंगे इसीलिए थोड़ा सबार करो अगर कण्ट्रोल नहीं हो रहा है तो कोई बात नहीं चलो मैं तुम्हे परेशानी मैं नहीं देख सकती

अंकित : नहीं माँ इतना तो सबर कर सकता हु मेरे लिए आपकी भी खुसी भी बहुत मायने रखती है

रजनी : बूत इम्प्लांट से पहले मैं जरूर करना चाहूंगी

पिछेसे रजनी इनके पास आती है

निशा : रज्जो क्या तुम ये दिल से करना चाहती हो

रजनी : है दीदी आपको तो पता है 7 साल होगई मेरे डाइवोर्स लिए इसके लिए मैं करना चाहती हु और अंकित मेरा भी बीटा है आप की तरह मैं भी इसे परेशानी मैं नहीं देख सकती

अंकित रजनी के गले लग जाता है

अंकित : थैंक्स मसि

रजनी : अरे मेरे बेटे मसि का मतलब hi तो होता है माँ के जैसी होता है

निशा : देखलेना रज्जो मेरे बेबी को निराशा मत करना

रजनी : है बेटे की मुम्मा हाहाहा

निशा : हेहेहे जा अब उसे नींद आरही होगी बाद इ सोना भी है उसे

फिर निशा ाक्ष के पास चली गयी और रजनी और अंकित रूम मैं जाते है अंकित ने रजनी को किश मैं लपेट लिया

अंकित : उम्माह्ह्ह ुउमाहहह ूमम प्पोूछह पपूछ सूरररपपप ऊम्मम मसि आपके होठ उम्माह्ह्ह it's वेरिययय उम्माह्ह्ह सॉफ्ट उम्माह्ह्ह्ह

रजनी : ुउमाहहह बेटे ऊम्मम पपूछह उम्माह्ह्ह कई सालो बाद उम्माह्ह्ह मर्द का ऐशआसस मिला है उम्माह्ह्ह ूमहाहहह पपूछह

दोनों hi एक दूर के होठों को जूनून से चूस रहे थे

रजनी : उम्माह्ह्ह बीटा उम्माह्ह्ह एहहा ूउम्म्म सूचक माय लिप्स ूउम्मठ ओह्ह उम्माह्ह्ह पूछह

अंकित : ुउमाहहह मसि आपके लिप्स ऊम्मम लगता है बस चुस्त hi राहु ुउउम्माह्ह्ह्ह उम्माह्ह्ह

फिर अंकित रजनी के गले मैं किश करने लगा और रजनी आहे भरने लगी

अंकित : उम्माह्ह्ह पपूछह पपूछ ुउमाहहह छू छू छू छू छू ुउमाहहह पपूछह

रजनी : ओह्ह्ह अंकित मेरा बचा तुम कितना अच्छी ायरत को गरम करते हो ओह्ह्ह्हह्ह ऐसे hi आह्हः

अंकित : ऊम्ममाहः उम्माह्ह्ह प्पोूछह पपूछ उम्माह्ह्ह छू छ्हुउउ छुऊं मसि ाप्प ये मैक्सी निकल दोना मुझे अपनी मसि का दिधु पीना है

रजनी : ओह्ह्ह मेरे बेटे को अपनी मसि का दुधु पीना है ये लो बेटे पिलो अपनी ममी के दुधु को

ये बोल रजनी ने अपनी मैक्सी निकल ली और ब्लैक रंग की ब्रा को भी रजनी के 36 साइज गोर चुके उछाल कर अंकित के सामने आगये

रजनी : क्यों बीटा मसि के दुधु पसंद ए जो इतना घर रहे हो

अंकित : है मसि ूउम्मठ सूररपो सूररपो उम्माह्ह्ह ूउम्म्म सूररपो

रजनी : आह्ह्ह्ह बेटे धीरे चूस मैं कही आह्हः भागी नहीं जा रही हु उम्म्म ोुह्ह्ह्ह आह्हः ऐसे चूस बीटा आह्ह्ह्ह तेरी मुम्मा जैसे तो बड़े नहीं है फिरभी तुझे ये पसंद ए मुझे अच्छा लगा आह्हः जनकरव

अंकित : ुउमाहहह सूरररपपप सूरप्प है ये मुम्मा से छोटे है उनके 38 के है मज़ा आता है उन्हें चूसने मैं सूररपो और आपको पता है मैं अपना सर उनके चूचियों के बीच मैं रख कर सोता हु ूम्मा सूररपो मस्ट नींद आती है सिर्फ उनके साथ hi नहीं मनीषा माँ के साथ भी बूत आपके भी बहुत ा छे है एक दुम्म सूरप्प परफेक्ट साइज के ूमम सूरप्प

रजनी : थैंक्स हनी तारीफ केलिए बहुत झल्ड मैं तुम्हे ऊङ्मम्म्म आठ बेटे धीरे चुसो ूमम है ऐसे hi प्यार से चुसो है तो मैंन कह रही थी जल्द hi मैं इनका दूध भी पिलाऊंगी

अंकित : उम्माह्ह्ह जरूर पियूँगा ूउम्मठ सुर्र्प्प सूर्पपप

अब जरा आपकी पुसी को टेस्ट करलु

रजनी : नॉटी बॉय अपनी मसि की छूट को पुसी बोल रहा है

अंकित : है मसि पुसी ज्यादा सेक्सी लगता है उम्माह्ह्ह्ह

रजनी : तो जा जा कर देखले मेरी पुसी उम्म्म

रजनी की हालत ख़राब हो राइ थी अंकित की बातो से hi

अंकित रजनी की छूट के पास गया और रजनी की पज्नी की पेंटी के पास गया और उसकी पेंटी को निकल लिया और हाथ मैं hi रक्खा

और अपना नाक रजनी की छूट के पास लेजाकर गहरी सास के साथ उसकी मनमोहक खुस हु को अपने अंडर लिया

रजनी : बीटा किसी लगी रजनी मसि की पुसी की खुशबु

अंकित ने उस की पेंटी को उसके और रजनी के नाक के बीच रखा और एक बार और स्निफ्फ किया इस बार रजनी ने भी अपनी छूट की खुबसु को अपने अंदर उतरा

रजनी भी अपनी छूट की नशीली खुशबु को अपने अंदर महसूस करने लगी उसे अपने आप पर गर्व हो रहा था की उसके पास इतनी नशीली खुशबु वाली छूट है

अंकित : मसि ये तो मेरी फव खुस ु है

रजनी : बीटा टेस्ट नहीं करोगे अपनी मसि की पुसी को

अंकित : ुउमाहहह जरूर करूँगा

अंकित ने एक किश किया रजनी को और चला गया उसकी छूट के पास

अंकित : सूररपो ुउउम्माह्ह्ह्ह आउउउम्म्म सुररंपपप सूरप्प ूमहाहहह

रजनी : आह्हः बेबी यस फ़क ओह्ह्ह याहहह बीटा यू अरे वैरी निकलय लीक मासिस पुसी ईहहहह बेबी सूचक आईटी यस ओह्ह्ह

अंकित : सूरररप ुउमाहहह ूउम्म्म अससूरररप सूरप्प उम्माह्ह्ह सुररंपपप ूमः

रजनी : यस हनी प्लीज सूचक आईटी आह्हः बीटा मैं झरने वाली हु आह्हः बीटा फास्टर ये स यस आह्हः आह्हः आह्हः अह्ह्ह एस यस आह्हः

आह्ह्ह्हह्ह्ज्जज्ज oohhhhhhhhhhhhhh

और रजनी अंकित के मुँह मैं hi जहर गयी अंकित उसका सारा पानी पि गया

तोड़ने थोड़ी देर आराम करते है

रजनी अंकित का हाल चुम के

रजनी : केसा लगा अपनी मसि का चुतरस

अंकित : उम् बहुत तेअसत्य और बहुत नशीला था अब आप मेरे लोडे कोई टेस्ट करके बतईये ये आपकी छूट का स्वाद चखने लायक है या नहीं

फिर अंकित सीधा लेट गया और रजनी अंकित के पास आयी और उसका अंडरवियर निकला

रजनी : आठ ये तो बहुत ज्यादा सेक्सी है और इसकी खुशबु इसने तो मेरी छूट को भी पीछे चोर दिया ोूगगगगंम

ोूगगग ूयग्ग ूउम्म्म आअह्ह्ह सीई

अंकित : आह्हः मसि आपका मुँह कितना गरम है आह्ह्ह्ह ओह्ह 6इस सु किट यस

रजनी : ुग्गह ुग्गह ूमम ूमम ुग्गह ोूघम्म ओह्ह सीर्रे ुउउम्मा हहह आह्हः ूगगग ूगगग

ऊम्मम्हा

रजनी : चल बीटा ले दाल इसे मेरी पूसी मैं छोड़े अपनी मसि को लेले मसि की विर्जिनिटी

अंकित : वेट वेट वेट विर्जिनिटी मीन्स अरे यू स्टिल वर्जिन बूत हाउ

रजनी : आठ मेरा जो बिना लुंड वाला पति था वो एक नंबर का शराबी था उसने अपने अंडर इतनी शराब भरली थी की उसका खड़ा भी मुश्किल से होता उसने मेरी सील को सिर्फ 3 इंच तक खोला था जो किसी भी लड़की की विर्जिनिटी को ब्रेक करने केलिए काफी मन जाता है बूत तेरा बड़ा है और दर्द भी होगा इसी लिए विर्जिनिटी बोलै

अंकित ने भी हां मैं नैक हिलायी और अपने लुंड का सूपड़ा रजनी की छूट मैं फसाया और एक जोरदार शॉट मारा तो उसका लुंड 4 इंच अंडर घुस गया

रजनी दर्द से तड़प उठी

रजनी : आठ हनी आअह्ह्ह फात गयी मेरी पुसियय आअह्ह्ह ोुह्ह्ह्ह कितना गया आह्ह्ह्हह्ह ऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह

अंकित : आधेसे काम बूत फ़िक्र नॉट येलो

अंकित ने दूसरा झटका भी पूरी ताक़त से मारा तो इस बार अंकित का लुंड रजनी की छूट को फाड़ता हुवा अंदर घुस गया

रजनी : हाईए ा आह्ह्ह्ह निशु डीडी आपका बेटे ने मेरी पुसी फाड़ डीई आह्हः बीटा थोड़ा रुक जा आह्ह्ह्ह

अंकित : आह्ह्ह्ह मसि आपकी छूट मैं हिल भी नहीं प् रहा आपकी पुसी उउउफ बहुत ज्यादा टाइट है आह्ह्ह्हह्ह

दोनों hi 15 मं बाद नार्मल हुए

अंकित ने झटके लगाना स्टार्ट किया

अंकित : अह्ह्ह आठ आठ यस मसि आपकी पुसी ने मेरे लुंड को भी चील दिया आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आठ यस यस

रजनी : यस हनी फ़क मई पुसी आह्हः ऐसे छोड़ी अपनी रजनी मसि की पुसी को आह्हः आठ आह्हः मज़ा आरहा है बीटा ऐसे hi छोड़ो आअह्ह्ह यस यस यस

अंकित : ओह्ह यस यस यस मसि फ़क फ़क फ़क यस यश आह्हः ओह्ह्ह आह्हः आपकी पुसी की गर्मी आह्हः

रजनी : आठ बीटा ऐसे hi मार आह्हः या यस यस ओह्ह यस यस यस तेरा लुंड बहुत गरम है यस यस यस हेय ओह्ह्ह फ़क यस ओह्ह्ह यस yessahhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह aahhhhhhhhhhh

रजनी का जिस्म थरथराने लगा उसे पहली hi बात मैं मल्टीप्ल ओर्गास्म फइलल हुवा

अंकित ने उसे 1 घंटे तक छोड़ा रजनी न जाने कितनी बार झाड़ गयी थी

अंकित : यस मसि मैं आरहा हु आठ कहा निकलू आह्हः

रजनी : बीटा मुझे तुम्हारी जर्मी महसूस करनी है आह्हः आठ ी कमिंग टूवू ईस आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हहज्जज्जझ्ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

अंकित : यस यस masassiiiiiiiiiiii आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हजहहहहजह

और दोनों का जिस्म थरथराने लगा दोनों hi एक दूसरे की गर्मी महसूस कर रहे थे

थोड़ी देर बाद अंकित रजनी को बाथ रूम मैं लगाया और फ्रेश करवा दिया और फिर दोनों बीएड पर आगये अंकित रजनी की चूचियों के बीच सर रखके बोलै

अंकित : अरे यू सेटिस्फाई मसि

रजनी : पूछ मत मेरे बच्चे आज मेरी सही सुहागरात हुयी है

अंकित : है कहउँ भी निकला था सॉरी मसि मेने आपको दर्द पहुंचाया

रजनी : सीईई ऐसा दर्द तो मैं रोज़ सेना चाहूंगी ुउमाहहह चल अब सजा उमाठ गुड नाईट हनी

फिर ये दोनों hi एक दूसरे के आगोश मैं होते हुए नींद के आगोश मैं चले गए

तो बे कंटिन्यू....

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 114

यहाँ अंकित और रजनी की बात तो कई देर चली थी जो पिछले अपडेट मैं टाइम की कमी की वजह से नहीं लिख पाया पर इस वाले अपडेट मैं जानते है आगे क्या बाते हुयी

अब आगे

दोनों hi एक दूसरे से बाते कर रहे थे

रजनी : आह बीटा मेरी मेरी छूट इतना मीठा दर्द दे रही है की मैं बता नहीं सकती ये कितना सुकून दे रही है

अंकित : एहि तो मेरा कमाल है मसि मज़ा आया न

रजनी : मैं तो रोज़ तेरा लुंड अपनी चित मैं लेना चाहूंगी आज मेरी एक कल्पना पूरी हुयी किसी ऐसे अपने से चुद कर जो मुझे जिसमे से भी उतना hi प्यार करता है जितना मेरी आत्मा से तुम सचमे बहुत अच्छा छोड़ते हो

अंकित : वैसे मसि आपकी कल्पना यही थी या कुछ और भी थी

रजनी : अब तुम पूछ रहे हो तो बता रही जब निशा दीदी 18 साल की थी और मैं उनसे 2 साल छोटी तब मुझे सेक्स की बहुत ज्यादा चाहत होती थी तुम्हे पता है मैं अपनी माँ की और निशा दीदी की पेंटी सूंढ़ कर अपनी पुसी को शांत करती थी

अंकित : क्यों माँ और नानी मैं ऐसा क्या खास था

रजनी : माँ तो सुरु से hi खूबसूरत थी मतलब निशा दीदी जितनी नहीं बूत उससे काम भी नहीं वो थोड़ी मोती थी बूत उनकी गांड जब भी मैं देखती पागल हो जाती बाप रे आज तक मैंने उतनी बड़ी और मांसल गांड नहीं देखि थी और तेरी मम्मी तो थी hi हॉट

हाय उस वक़त तो ु का जिस्म ऐसा था की कितनी भी बार देखो जी hi नहीं भरता था

अंकित : वाओ मसि आप और भी बताओ न माँ की जवानी के किस्से

रजनी : तेरी माँ इतनी मस्ट थी जब उस पर जवानी शुरू हुयी थी तब की बात hi मत पूछ उस वक़त भी उनकी गांड 34 की थी और चूचिया भी 34 की और उस पैर उनकी 24 की पतली कमर है दीदी क्या लगती थी क्या बताऊ पर एक बात है वो जितना इस घर मैं बोल्ड है उस वक़त वो ऐसी नहीं थी वो अपने आपको हंमेशा इतना थक कर रखती थी की कोई भी उनके दूध से गोर बदन का एक भी हिस्सा नहीं देख पता भले hi कोई उनके सरीर को कपड़ो मैं देखे बूत वो उनके अंडर का कुछ न देख सकता

अंकित : हम्म माँ सच मैं ग्रेट है उन्होंने डैड और अब मेरे और फॅमिली के अलावा किसी के बारे मैं नहीं सोचा वैसे मसि फिर आप क्या करती

रजनी : जैसा की दीदी ने बताया की वो बचपन मैं हमारा बहुत ख्याल रखती थी जब भी माँ डैड नहीं होते वो मुझे और राज को अपने साथ hi सुलाती थी राज भैया कभी कबर hi सोते क्यों की वो ब्रेव थे बूत मैं ठहरी दर पपोक मैं हंमेशा निशा दीदी को हुग करके सोती जब मुझे लगता की वो गहरी नींद मैं हाउ तब धीरे से दीदी की कुर्ती के बोटों को खोलती और ब्रा खोल कर उनके गुलाबी निप्पल्स को चूस लेती

अंकित : अच्छा तो मेरी मसि बहुत नॉटी थी

रजनी : है वैसे मैंने कॉलेज टाइम मैं बहुत मजे किये थे लंदन मैं

अंकित : पर खून तो आज निकला क्या मसि सब नामर्द hi लगे थे क्या वह

रजनी : अरे मेरे भोले बेटे मैं लेस्बियन की बात कर रही हु मैंने बहुत लेस्बियन किया है वह

अंकित : वाओ सच में मसि फोरेनर गर्ल्स के साथ लेस्बियन का अलग hi मज़ा होता है जब भी बोलो बस तैयार hi रहती है

रजनी : है मज़ा आता था जब वेकेशन होता था तब हम सभी फ्रेंड्स ला जाया करती

थी और पूरी छुट्टिया वह बिताती थी कई कई बार तो हम पुरे 3या 4 दिन बिना रुके लेस्बियन करते थे ऐसा नहीं खाना कहते सो जाते और जब जागते तो खेल मैं शामिल होजाते और हमारे ग्रुप मैं एक बिल्लिओनेर की बेटी थी जो वह पर लेस्बियन पार्टी ऑर्गॅनिक्स करती वह पर इतनी लड़किया आती की क्या कहु डस्की, ब्लैक, एबोनी, गोरी चिट्टी ओह्ह वह के माहौल मैं जब उन सभी की वो छूट की खुशबु क्या बताऊ पर जो भी हो जो खुशबु निशा दीदी के सरीर से और छूट से आती थी उनके सामने साड़ी छूटे फैल है

अंकित : हां वो तो है वैसे मसि क्या आप माँ के साथ वो सब कुछ करना कहेगी

रजनी : मैं तो निशा दीदी को प्यार करने केलिए तड़प रही हु वैसे अंकित मुझमे और निशा दीदी मैं क्या फर्क है

अंकित : सिर्फ साइकिक का आपके सरीर के सेंसुअल part माँ के मूक अबले छोटे है

वैसे आपकी गांड का और चूचियों का साइज क्या है

रजनी : ओह्ह्ह मेरा साइज है 36 26 37

अंकित : आपका फिगर कुछ हद तक माँ से सेम hi है बूत माँ की गांड 38 की है एक दम बड़ी और उनकी चूचिया भी 38 की है एक दम परफेक्ट हार्ड इस के साथ एक दम तानी हुयी उनकी गुलाब hi निप्पल्स ओह्ह क्या बताई और माँ एक दुधारू चुकी वाली ायरत है

पर मेरी मनीषा माँ भी काम नहीं है सेम फिगर के साथ वो भी टक्कर मैं है

आअह्हह्ह्ह्हहह्हूःठ

रजनी और अंकित दोनों hi निशा की खूबसूरती को याद करने मैं इतने खो गए की ऑउटफ कंट्रोल होगये दोनों को hi निशा के वर्णन ने इतना गरम किया की दोनों hi अपने आप अपने सेक्स part को बिना छुए झाड़ गए

रजनी : बीटा मेरा तो सोच कर ये हाल है तूने तो उन्हें छोड़ा भी है तो तू कैसे झाड़ गया

अंकित : यही माँ की खास बात है जब भी उनके और मनीषा माँ के साथ सेक्स करता हु मेरा लुंड जवाब दे जाता है ऐसा लगता है अगर ये दोनों मेरे साथ हो तो मुझे दुनिया की कोई भी लड़की न चाहिए होगी

जब भी अनडू ो के साथ सेक्स करता हु उनके प्रति मेरा प्यार और बढ़ जाता है उनकी ममता उनका मेरे लिए प्यार ये दोनों चीज़े जब उनकी की गर्मी के साथ कॉम्बैट होता है तो मुझे नेक्स्ट लेवल ओर्गास्म मिलता है

रजनी : चल अब सजा गुड नाईट हनी

फिर दोनों सो गए जब सुबह मनीषा उन्हें उठाने आयी तो देखा की रजनी अंकित को अपने सीने से लगाए एक माँ की तरह सो रही थी और अंकित उसके दोनों चूचियों मैं अपना सर छुपाये सो रहा था

मनीषा वह गयी दोनों को किश किया और उठाया रजनी उठ गयी पर अंकित फिर लेट गया

जैसे hi रजनी चलने को हुयी वापस छिलके बैठ गयी

मनीषा : क्या हुवा रज्जो

रजनी : अरे दीदी आपके बेटे ने कल छूट के चीथड़े उदा दिए और आप पूछती हो क्या हुवा क्या खिलाके बड़ा किया है इसे

मनीषा : है वोटो है रज्जो डार्लिंग वैसे मज़ा आया

रजनी : और नहीं तो क्या कल छूट ने इतना पानी बहाया की आपको खुशबु ाही रही होगी

मनीषा : हआ अंकित के रूम मैं ये खुशबु आम बात है चलो अब फ्रेश होजाओ फिर आज शॉपिंग केलिए भी जाना है आकाश और तनु के शादी की

रजनी : है मेरे कपडे मेरा बेग भाभी के पास होगा डीडू प्लीज जरा मेरे कपडे ला देगी

मनीषा : है जरूर जाओ और फ्रेश होजाओ तब तक मैं जरा इसे उठती हु

रजनी : अरे फिर सो गया अभी तो उठा था

अभी मनीषा बीएड पर बैठी थी और अंकित का सर उसकी गोदी मैं था

मनीषा : ये ऐसे नहीं उठेगा इसे अगर मैं या निशा दीदी मिलजाए तो ये हंमेशा बस हंस3 चिपक कर सोता hi रहे

रजनी : आप लकी हो आप जो ऐसा बीटा है

मनीषा : अरे लक की तो बात hi मत पूछ एक तो इतना अच्छे खानदान मैं शादी हुयी ऊपर से ऐसा बीटा और इतना अच्छा परिवार

रजनी : चलो मैं आयी

और रजनी चली गयी

मनीषा ने अपनी मैक्सी खोली और चुकी बस अंकित के मुँह के पास रखड़ी

अंकित के होठों पर जैसे सेंसर लगे हो निप्पल मुँह के पास एते hi उसका मुँह चलने लगा और अंकित नींद से जाग ने लगा

मनीषा : मुझे पता था तुम ऐसे hi उठोगे

अंकित : है आप चलो मैं अभी आया फ्रेश होक

फिर अंकित फ्रेश होगया फिर रेडी हुवा एक डार्क ब्लू हाफ स्लीव हूडि t-shirt विथ स्किन टाइट ब्लैक पेण्ट और ढेर सारा बॉडी डीओ जब वो निचे आया

आकाश : आओ आओ मेरे शेर आज क्या बात है जो इतने अचे कॉर्फूल लग रहे हो

अंकित : ः आअज अपने डैड की शादी की शॉपिंग करने जाना है हेहेहे

आकाश : बड़ी हसी आ रही है

अंकित : पता नहीं डैडी बूत पता नहीं ये बात सुनके बहुत हसी आ रही है वैसे कल आप तनु माँ का स्टार्ट करो उसके बाद मुझे भी तो प्यार करना है

आकाश : देखो बेटे को अपने बाप की डोडो बीविया मिल गयी फिर भी उसकी तीसरी बीवी भी चाहिए

अंकित : डैड अब मैं आपका hi मिनिएचर वर्शन हु तो ये तो होगा hi हहहहए

आकाश : बात तो सही है वैसे ये तो मैं hi जनता हु निशा से दूर रह कर मेरा क्या हाल होता है

रजनी : दीदी देख लो बाप बेटे आप केलिए लड़ रहे है

निशा : जो भी हो अब मेरे पर पहला हक़ बेटे का है क्यों मनु तुम भी क्लियर कार्डो

मनीषा : मेरे ऊपर भी सेम

तन्वी : है अब लड़ो मत मेरे पर दोनों का हक़ है

अंकित : डैड सभी आपकी hi है मैं तो बस अपनी माँ का प्यार लेता हु

माँ वर्ड सुन के आज आकाश की आखों मैं आशु आगये आखिर उसने भी अपनी माँ को खो दिया था

अंकित : हेय डैड ी ऍम सो सॉरी मैंने आपको हर्ट किया डैड प्लीज आप रोईए मत प्लीज डैड

आज ऐसा पहली बार था की अंकित अपने बाप को दुखी देख कर उसकी आखे भी नुम थी

आकाश : नहीं बीटा मैं तेरी वजह से नहीं रो रहा वो आज मुझे भी माँ की और मनोज की याद आगयी

अंकित : है डैड सच मैं दादी की याद तो मुझे भी बहुत आती है पर जब से मेरी माये मिली है तब से मैं संभल रहा हु और आपको भी संभालना होगा

आकाश : है बीटा तुम सही कह रहे हो

तभी आवाज़ आयी

सुमि : क्या सही है भाइयो

आकाश : अरे सुमि दीदी मेघा दीदी

आकाश जेक दोनों से गले मिलता है

फिर सब एक एक करके मिलते है

मेघा : क्या हुवा बीटा हमसे नहीं मिलेगा क्या हम बूढ़े होगये है

अंकित : बूढ़े हो आपके दुश्मन आज भी आप कमाल हो

सुमि : बस बस पता है हमारा डिल रखने को कह रहा है

अंकित : बुआ आप चैलेंज मत दो मैं अभी यही छोड़ दूंगा आपको

आकाश : दीदी आप इसी नहीं जित सकते चलाओ आईये नास्ता करते है

पहले अंकित दोनों के पास जाता है और गले मिलता है

अंकित : आज मैं सुमि बुआ की गॉड मैं बैठ कर खाऊंगा

मनीषा : अरे अब तू कोई छोटा बचा है जो उनकी गोदी मैं बैठ के खायेगा

सुमि अंकित को अपनी गोदी मैं बैठा के

सुमि : मनु ये अभी भी छोटा बौ hi है मेरा यहाँ ला मैं खिलाती हु आखिर एक लुटा तो भतीजा है मेरा

फिर ऐसे hi हसी मज़ाक मैं खाना कहते है और शॉपिंग केलिए निकल जाते है

शॉपिंग मैं सभी लेडीज शॉपिंग की और आकाश और अंकित ने भी भी आज बहुत शॉपिंग फिर सब एक अच्छी रेस्टोरेंट मैं जाते है और लंच करते है

फिर सब घर आते है और रेस्ट करने लगते है

अंकित अपने रूम मैं था की तभी उसका फ़ोन बजने लगा

ों कॉल

अंकित : बोलिये प्रिय दीदी आज बहुत दिनों बाद याद किया

ये वो प्रिय है जिसको हमने स्टार्टिंग मैं देखा था जो अंकित की माइड थी

प्रिय : भूल तो तुम गए हो भाई की तुम्हारी एक बेहेन भी है और कितना टाइम होगया तुमने मुझे थिकसे प्यार करना तो दूर देखा तक नहीं

अंकित : ओह्ह ऐसा क्या तो अभी आजाता हु प्यार करने

प्रिय : है अभी तुम्हारे होटल मैं

अंकित : है ठीक है एक काम करते है मैं अभी hi निकलता हु आप भी पहुँचो

प्रिय : अरे मैं यही हु तुम भूल गए तुमने hi मुझे यहाँ की मैनेजर बनाया था

अंकित : अरे है वो क्या है बहुत दिन होगये न तो भूल गया था रुको मैं आया

अंकित निशा के पास गया और सीधा जाकर लिपट गया निशा से

अंकित : ूउम्मम्म मुम्मा

निशा : ूमम आज्ञा मेरा लाडला मुझसे दूर रहा नहीं जाता न

अंकित : अगर मेरा बस चले तो साड़ी उम्र आपसे लिप्त राहु

निशा : बस बीटा इतना प्यार मत कर वर्ण बीविया नाराज़ होजायेगी तेरी

तभी पीछे से आवाज आयी

कीर्ति : हमे कोई नाराज़गी नहीं है हमारे पति से

मोनिका : है हम जानते है भाई ने क्या मिस किया है

साक्षी : हमे हमारा भाई और पति हमारे हिस्से का प्यार दे देता है इसी लिए हमे कोई गिलासिकवा नहीं है

अंकित तो अपनी सभी बहनो को देखकर पागल hi होगया

अंकित : मुम्मा देखों तो कितनी सूंदर दिख रही है

निशा : हाय नज़र न लगे मेरी बच्ची यो को

नेहा : सुक्रिया अब चलो हमे इनको डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए

निशा : नेहु यहाँ आ तू मुझसे नाराज़ है क्या

नेहा जाकर निशा के गले लग काट

नेहा : नहीं माँ हम सब जानते है भाई पुरे 17 साल तक आपके प्यार केलिए तड़पा है हमे पता है आप भाई पर अपना सारा प्यार लूटना चाहती हो

निशा : सुक्रिया मेरी बची तुम सब अपनी इस माँ को समझती हो

मोनिका : हम समझती है मुम्मा आखिर हम भी ायरत बनने वाली है और हमभी आगे चल कर माँ....

मोनिका और सभी लड़किया शर्मा गयी निशा मुस्कुराकर

निशा : अरे शर्माओ मत तुमने बिलकुल ठीक कहा

अंकित : मुम्मा अभी हम आज का सोचे

नेहा : बेबी तेरी रक्षा भी परसो ये इम्प्लांट करने वाली है माँ के साथ मुम्मा का तो होही गया है अब दूसरे बार मैं माँ, रक्षा, और तन्वी माँ है और उसके बाद सुमि बुआ और मेघा बुआ

अंकित : हम्म ठीक है अब आप लोग रेस्ट करो

फिर अंकित की बेहेन अपने रूम मैं चली गयी यहाँ अंकित फिरसे लिपट गया और अपना सर निशा के गले मैं रख कर लेता रहा

अंकित : ूमम कितनी अछि खुशबु है मुम्मा आपकी

निशा : हम्म लगता है अपनी मसि का असर हो चूका है पहली बार मैं hi

अंकित : जो भी हो वैसे माँ मैं प्रिय दीदी से मिलने जा रहा हु

निशा : वही प्रिय न जो तुम्हरी माइड थी

अंकित : है वो बिचारि तड़प रही है

निशा : हम्म मुझे पता है सावली छूट तुझे पसंद है

अंकित : मेरे लिए दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज़ आप हो माँ आपका अंग अंग इतना खूबसूरत है की क्या कहु

निशा : आजा दूध पिले फिर जा

निशा ने अपनी साड़ी का पल्ला गिराया और अपने ब्लाउज को ऊपर करके अपनी 38 साइज की भरी भरकम पर उतनी hi सूंदर गोरी चुकी निकली और अपने मीडियम साइज की पिंक निप्पल को अंकित के मुँह मैं दे दिया

अंकित भी बड़े शौक से उसे पि ने लगा

10 मं बाद

निशा : चलो अब बहुत पि लिया दूध चलो जाओ और प्रिय की छूट एन्जॉय करना

अंकित : मुझे आपके स्वीट होठों से एक स्वीट सी पप्पी दो

निशा : बीटा तू भी उम्माह्ह्ह्ह चल अब जा

फिर अंकित निकल गया और पहुंच गया होटल

अंकित को पता था की प्रिय ऊके स्पेशल रूम मैं होगी

अंकित रूम मैं आगया और नंगा होगया और निचे जो गद्दे बिछे हुए थे उसपर बैठ गया

असल मैं ये रूम हरम की थीम पर बना हुवा था जहा लड़कियों केलिए एक अरब बैलेरिना के कस्टम्स थे अंकित ने कई बार इस रूम का उसे किया है और अंकित के इस रूम मैं एक स्विमिंग पूल भी था

तभी वह प्रिय आयी और अंकित उसे देखते hi रह गया

पिया एक तो सावली ऊपर से ब्लैक दल्ले ड्रेस बालो को बॉल शेप मैं बंधा हुवा होठों पर डार्क ब्राउन लिपस्टिक और आखों की पलको पर कला मेकअप और फेस पे भी कला मेक उप

देखने वाले का वही पानी निकल जाये

प्रिय : तुम्हे डांस पसंद हैना मेरे राजा

अंकित : है मेरी जान

फिर प्रिय वह बने मिनी बार मैं गयी अंकित केलिए ड्रिंक बनाया और उसके पास गयी ड्रिंक उसे दिया

और अंकित के लुंड के टोपे पर एक बार जोर से किश लेकर गयी और डांस करने लगी

अब आगे देखते है अंकित इसे कितना छोड़ता है

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 115

यहाँ प्रिय डांस कर रही थी और अंकित जाम के मज़े ले रहा था ये डांस सीधा अंकित के लुंड पारा सर कर रहा था जो बिना रुके खड़ा होने लगा था

प्रिय : हाय देखो तो मेरे शेर को कैसे मेरी गुफा मैं जाने केलिए उतावला हो रहा है

अंकित : है मेरी जान आजा और अपने शेर को प्यार कर

प्रिय : अभी लो और है आज जितना हो सके उतना छोड़ hi देना एक तुम अब रोज रोज तो मिलते नहीं कुछ दिनों केलिए आग शांत होजायेगी

अंकित : जरूर

फिर प्रिय अंकित के पास आयी और दोनों के होठ एक दूसरे से चिपक गए

अंकित : ुउमाहहह ूममममम ुउमाहहह ूमा पूउछहः पपूछ ूमम बड़े दिनों बाद ये रसीले होठ नसीब हुए है उउउउमाहहहह उम्माह पपूउछह

प्रिय : तुम hi तो दूर होगई हो उम्माह उम्माह्ह्ह इनसे ये तो बस तुम्हारे लिए hi पपूउछह तड़पते है उम्माह

अंकित : ुउमाहहह उम्माह्ह्ह ऊम्मम पपूउछह छूऊऊऊ कछू सुर्र्प ुउमाहहह ोूमा पपूउछह

प्रिय : ुउमाहहह आज बहुत पैशनेट हो रहे हो उम्माह क्या बात है ुउमाहहह

अंकित : ुउमाहहह आअज आपके कपडे आपका मेक उप आपकी खूबसूरती को और ज्यादा सेक्सी बना रहा है ूमाःह्ह्ह

करीब 15 मं किसिंग के बाद दोनों हाफने लगे

फिर अंकित ने प्रिय के चूचियों को उसके कपड़ो के ऊपर से hi दवना सुरु किया और चूसने लगा

प्रिय : आठ अंकित आराम से तुम्हारे hi है ये आह्हः कमसे काम कपडे तो निकलने दो

अंकित : ुउमाहहह पप्सूररपपपपप ूउम्म्म ूउम्म्म सुररपपप उम्माह्ह्ह आपके ये काळा कबूतर मुझे बेचैन कर रहे है

प्रिय : आह्हः रुक एक मं

फिर प्रिय ने अपना ब्लाउज उतरा और फिर ब्रा जैसी hi अपने सरीर से अलग की उसके दोनों कबूतर उछाल के बहार आये एक दम तानी हुयी सॉफ्ट सर्फ सावली चूचिया और उसपर हल्के काळा निप्पल्स और राइट वाले दूध पर एक कला टिल

अंकित देखतेही पागल होगया और उसके दूध को चूसने लगा

अंकित : सूरररपपपप सुरररपपपपप सूर्पपपपपप ूममममम ूउम्म्म लीयककककलललीखकक ूउम्म्म ऊम्मम सूरररपपपप ूउम्मम्मम्म

प्रिय : आअह्ह्ह कितने दिनों बाद निप्पल्स पर जीब का एहसास मिला ोुह्ह्ह्ह आअह्ह्ह चुसो अंकित अपनी प्रिय दीदी की चूचिया आह्ह्ह्ह ाहूऊऊह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्हह्ह आअह्ह्ह ोुह्ह्ह्ह

अंकित : आह्ह्ह्ह सच में प्रिय दीदी ुउमाहहह आपकी चूचिया तो ूउम्म्म हहह क्या कहु ूउम्म्म

प्रिय : कुछ मत बोल बस चुस्त रह काहहहहह चूसने को बोलै है काटने को नहीं

अंकित : ूउम्म्म आह्हः ूउम्म्म आअह्ह्ह ुउमाहहह ुउमाहहह सुररपपप सूयररपोप

फिर अंकित प्रिय की छूट के पास आया और एक बार उसकी खुशबु को अपनी ज़हन मैं ली

अंकित : ूउम्म्म ये मदहोश करने वाली खुस्बू कितने दिनों बाद लिखे है मैंने

प्रिय : आठ तो फिर इसका रास भी पिलो मेरे राजा

अंकित ने प्रिय की छूट को नंगी किया

प्रिय की छूट सावली थी बूत काली एक भी जगह से नहीं थी सावली थी और उसके होठो के अंदर गुलाबी रंग की अंकित टूट पड़ा उसपर

अंकित : सुऊरररप्प सुररपपप सुरररपपपपप ुउमाहहह ुउमाहहह ुउमाहहह ओह्ह्ह सुर्र्प्प ूउम्म्म ूउम्म्म सुररपपप आज भी वैसा hi टेस्ट है

प्रिय : आअह्ह्ह ओह्ह्ह अंकित तुम कुछ नहीं भूले हो सच मैं आज भी वैसे hi ायरत को खुस करते हो जैसे पहले करते थे आअह्ह्ह यस लीक आईटी आह्हः

अंकित : ससूररपपप सुर्र्रररपपप उम्माह सुर्र्प्प ूमाःह्ह्ह ससूररपपप सुऊररपपप ुउउम्माह्ह्ह्ह

प्रिय : अंकित रुकना मत मैं झड़ने वाली हु ूउम्म्म आअह्ह्ह ओह्ह यस यस यस यस यस यस यस ूमम aaahhhhhbhhhhhhhhhhh. हहहहह ोूहः

ससस्कक्क़क़ूउउइइरररतततततर स्क़्क़्कूरररीिटरर

और प्रिय किट छूट ने फव्वारा चोर दिया जो सीधा अंकित के मुँह मैं गया और अंकित उसके एक एक कतरे को अपने जिस्म मैं उतर ने लगा

प्रिय : हाफ रही थी अंकित उसके पास आया और उसके दूध को चूसने लगा

प्रिय : ओह्ह कितने दिनों बाद मज़ा आया है ऐसा

अंकित : ऑर्डर भी आएगा चलिए अब अपने शेर को प्यार कीजिये

प्रिय भी कड़ी हुयी और अंकित के लुंड के पास चली गयी उसे हाथ मैं कर हिलने लगी

प्रिय : हैए कितने दिनों बाद शांति से इसे देख रही हु बहुत याद आता है मुझे ये इसका गुलाबी सुपर ूउम्म्म आह्हः

अंकित : आअह्ह्ह दीदी क्यों तड़पाओ रही हो मुँह मैं लोना आअह्ह्ह

प्रिय ने अंकित के टोपे को एक बार होठ मैं लेकर किश किया तो अंकित तड़प उठा और फिर प्रिय ने अंकित के लुंड को मुँह मैं ले लिया

प्रिय : ोूगगगग ोूगगगग ूयग्गहह ूग्ग उउउउउउउउठ्ठ आअह्ह्ह हहह सीईई ोूगगगग ूउम्म्म ूउम्म्म ूमम पपूउछह ुउमाहहह ुग्गह

अंकित : आह्हः प्रिय मेरी रंडी आह्हः तेरे मुँह की गर्मी मुझे पागल कर रही आअह्ह्ह

प्रिय : हआ अंकित तू मेरे मुँह को छोड़ कर hi झाड़ न जाये ध्यान रखना वर्ण तेरे बाप से छुड़वा लुंगी ोूगगगग ोूगगगग ोूगगगग ूयग्ग ोूगगगग

अंकित : चल मेरी जहां आजा तुझे छोड़कर झन्नाट दिखता हु

फिर प्रिय अपनी टंगे खोल कर लेट गयी अंकित अपने लुंड के सुपड़ेको अंदर घुसाया

अंकित : आठ आज भी तेरी छूट भर से उतनी hi राइट है ीीीीाह्ह्ह्हह्ह

और अंकित ने एक झटका मारा तो अंकित का 65% लुंड अंडर घुस गया

प्रिय : आअह्ह्ह अंकित आअह्ह्ह रुक जाओ आअह्ह्ह दर्द हो रहा है

अंकित : प्रिय मेरी रैंड इतनी बार चुड़चुकि है मुझसे फिर भी नखरे कर रही है एली

फिर अंकित ने एक तगड़ा शॉट मारा तो उसका लुंड प्रिय की बच्चे डा ी मैं घुस गया

प्रिय हिल गयी पूरी तरह से

प्रिय : आअह्ह्ह भोस्डिके कोई अपनी दीदी को इस तरह से छोड़ता है क्या रुक थोड़ा बहुत दर्द हो रहा है आअह्ह्ह

अंकित : आठ प्रिय जान अब नखरे मत कर तेरी तो चित खुली हुयी हैना मुझसे ाहहपर फिर भी आज भी उतनी hi कासी हुयी है आठ

प्रिय : आह्ह्ह्हह्ह दर्द तो होगा हिना बड़वे तेरे बाद किसी का लुंड तो क्या ऊँगली भी नहीं डाली अपनी

अंकित : आह्हः अब मजे कर बॉबी आह्ह्ह्ह यस यस यस यस यस यस यस आह्हः आह्हः आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आह्हः

प्रिय : आह्हः छोड़ मुझे आह्हः अंकित छोड़ अपनी दीदी की छूट को आह्हः तुझे पसंद हैना अपनी दीदी की छूट छोड़ और छोड़ आह्हः आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह यस यस यस यस आह्ह्ह्ह

अंकित : आह्हः मेरी रंडी दीदीद आह्हः आजजज तेरी चित का भोसड़ा बना दूंगा आह्हः यस यस यस यस यस यस

प्रिय : बना दे बस मेरी छूट की आग को ठंडा करदे आठ यस यस यस आह्हः जोरसे छोड़ आअह्ह्ह आज मेरी भाछेदनी मैं अपना माल छोड़ कर बना दे अपने बच्चे की माँ आह्हः ओह्ह्ह आह्ह्ह्ह

अंकित : मेरी बच्चे की माँ आठ तो बंजा आजजज मेरे बच्चे की माँ यस यस यस आह्हः ओह्ह यस यस यस आह्हः फ़क यस

प्रिय : आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह यस यस यस ओह्ह आह्हः फ़क आह्हः अंकित आह्हः मैं आ रही हु आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह aahhhhhhhhhhhhaahhhhhhhhhhh

और प्रिय स्खलित होगयी

अंकित : चल मेरी जान बंजा डोगग्य आज गांड भी मरूंगा तेरी आह्हः

प्रिय जल्दी से डोगग्य बनगयी और अंकित ने अपना सूपड़ा गांड मैं डाला और पूरी ताक़त से अपना लुंड प्रिय की गांड मैं पेल दिया

प्रिय : आह्ह्ह्हह्ह मेरी गांड फैट गयी आअह्ह्ह एक बार मैं पूरा क्यों दाल दिया आह्ह्ह्हह्ह हहह

अंकित : क्यों की मज़ा आये इसलिए अब मज़े करो

प्रिय : आअह्ह्ह फ़क यस यस यस यस ोूहः यस ये सीएस आह्ह्ह्ह यस यस एस्सस ऊह्ह्हह्ह यस यस यस

अंकित : यस यस यस यस यस आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह तेरी गांड मुझे झड़ने पर तुली हुयी है आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

प्रिय : आअह्ह्ह मेरी छूट आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

अंकित शॉट भी मार रहा था और साथ hi सांठ एक हाथ से प्रिय के क्लीट को भी दवा रहा था

प्रिय : आह्ह्ह्हह्ह अंकित मैं आने वाली हु आह्हः फिरसे आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

अंकित : आह्हः नेहलादो मुझे अपने पानी से

अंकित ने प्रिय को आज़ाद किया और प्रियाखेड़ी होकर अंकित के सामने अपनी छूट के क्लीट को मसलने लगी ऑर्डर फिररर

ससस्कक्क़क़ूउउइइरररतततततर

ससस्कक्क़क़ूउउइइरररतततततर

ससस्कक्क़क़ूउउइइरररतततततर

अंकित और प्रिय दोनों प्रिय के छूट रास से भीग गए

फिर अंकित प्रिय की छूट मैं अपना लुंड डाला और प्रिय और अंकित ने एक दूसरे को बहो मैं ऐसे झाकर लिया जैसे चन्दन की लकड़ी से साप लिपटे हो

प्रिय : अब पूरी ताक़त से पूरी रफ़्तार से झटके लगा न जबतक झड़ना जाओ

अंकित : यस यस यस यस आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह

अंकित पुरे 1 घंटे तक प्रिय को पूरी रफ़्तार से बिना रुके छोड़ता रहा प्रिय 7 बार झाड़ चुकी थी पर फिरभी मैदान मैं टिक्की हुयी थी

प्रिय : आह्हः अंकित आह्ह्ह्ह कितना छोड़ोगे आह्ह्ह्हह्ह फ़क मैं 8 वि बार झड़ने वाली हु आह्ह्ह्हह्ह यस यस इस ोुह्ह्ह्ह एस्सस यस आह्ह्ह्ह

अंकित : आह्हः गर्मी शांत हुयी बॉबी आह्हः सच मैं आह्ह्ह्ह तेरी छूट का जवाब नहीं तू ऐसी है तो तेरी माँ किसी होगी आह्ह्ह्हह्ह

प्रिय : आह्हः कितना हरामी है मुझे छोड़के दिल नहीं भरा जो मेरी माँ को भी छोड़ेगा आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह

अंकित : अगर वो यहाँ आजाये तो उन्हें भी छोडूंगा वो भी तेरे सामने तेरे साथ

आह्हः यस यस

प्रिय : आठ ये मेरी माँ के साथ छोड़ने की बात सुन कर मेरे अंदर. भी अलग मज़ा जाग गया है पहले मुझे छोड़ले फिर उन्हें भी बुलाती हु आज्ज हर हसरत पूरी करलेंगे

आह्हः छोड़ना धीमा क्यों होगया आअह्ह्ह हहह अब हुयीईइ णाआ बब्बअट्ट आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

अंकित : ा आह्ह्ह्हह्ह ोूहः यस यस मेरे बच्ची की माँ मैं ाययययय तेरी बच्चे दानी मैं yeeehhhhaaaahhhhhhhhhh

और अंकित ने अपने स्पर्म की पिचकारी से प्रिय की बच्चे दानी भर दी

फिर दोनों hi शांत होकर सुस्ताने लगे जब नार्मल हुए तो प्रिय कड़ी होकर जैसे तैसे बाथरूम गयी और अपनी छूट को साफ़ किया

और बहार आयी

प्रिय : आह्हः मेरे राजा मूट लोगे

अंकित : चोर अपनी छूट से धार

और और फिर अंकित और प्रिय ने दोनों को एक दूसरे के मूट से नेहला दिया

और फिर दोनों वह लेते लेते बाते कर रहे थे

प्रिय : आठ तूने आज पूरा निचोड़ दिया पर मैं अभी भी छोड़ना चाहती हु

अंकित : क्या सच मैं अपनी माँ को छुड़वाओ गई

प्रिय : कोई शक है क्या

अंकित : तो बुलाओ

प्रिय ने फ़ोन किया घर पर और अपनी माँ को यहाँ होटल मैं बुलाया और फिर दोनों बाते करने लगे

अंकित : आज भी तुम्हारी छूट उतनी hi कासी हुयी है इतनी पहली बार थी

प्रिय : तुमने भी आज वही मज़ा दिया जैसे पहली बार दिया था अब तुमने मेरी सील थोड़ी थी siiiiiiiiii आज भी वो दर्द याद करके मेरी छूट गीली होजाती है

अंकित : वैसे और क्या हसरत है तुम्हारी

प्रिय : मैं और मेरी माँ और तुम जब चुदाई करेंगे तब एक दूसरे को गालिया देते देते सब करेंगे

अंकित : है ये भी ठीक है

थोड़ी देर बाद रूम का दूर नॉक हुवा तो प्रिय ने दरवाजा खोला उसने देखा की उसकी माँ थी उसने उसे अंदर बुलाया

अब यहाँ मैं प्रिय की माँ के बारे मैं बाटाडू

पल्लवी : आगे है 53 साल भरा हुवा बदन 40 के बड़े चुके जो अभी भी तने हुए थे कोई खास लचक नहीं थी उनमे एक सब सपाट पेट कोई मोटाई नहीं 32 की सावली पर चिकनी कमर और 40 की गोल गोल गांड और फेस भी अच्छा कोई खास जुहरी नयी थी और हलके सफ़ेद और काळा बात पर घने बादल जो की अभी बोलल स्टाइल मैं बंधे हुए थे और माथे पर एक मध्यम साइज से थोड़ी बड़ी बिंदी और अभी वो एक काली शादी और काळा ब्लाउज मैं थी

पल्लवी : पीयू तूने मुझे क्यों बुलाया यहाँ कोई काम था और और तू यहाँ इस हालत मैं कैसे

प्रिय : माँ वो मैं यहाँ ch8dva रही थी

प्रिय ने पूरी बेशर्मी से जवाब दिया

पल्लवी : हे भगवन तू इतनी बेशरम होगयी के अपनी माँ के सामने ऐसे बोल रही है और मुझे क्यों यहाँ बुलाया

प्रिय : क्यों की मैं और तुम साथ साथ छुड़वा सके मेरी मम्मी जान

पल्लवी : प्रिया ये क्या अनब शनाब बक रही है तुझे शर्म नहीं आती अपनी माँ से ऐसे बोलने मैं एक तो तू खुद मुँह कला करके यहाँ घर की इज़्ज़त लुटा रही है और मुझे भी मुँह कला करने को बोल रही है रुक तू आज hi तेरे भाई और बाबू जी को बोलती हु तुझे जान से मार देंगे

प्रिय : है जाओ बोल दो और साथ मैं ये भी बोल देना की हम हमारे बाबा के नहीं बल्कि चाचाजी जो की गुजर चुके है उनके बेटे बेटी है

ये सुनके तो पल्लवी की सिटी पित्ती गम होगयी

पल्लवी : तुझे कैसे पता

प्रिय : जब मैं और भाई छोटे थे तब एक बार आप चाचा से छुड़वा रही थी और तब आप बोल रही थी की बाबा का इतना बड़ा नहीं था की वो आपकी कोख मैं बच्चा तो क्या आपकी सील भी खोल सके और जब बड़े हुए चुदाई की समाज हुयी तब मुझे साडी बात समाज मैं आगयी

पल्लवी : अब क्या करना है

तभी पिछेसे

अंकित : अब आपको अपनी बेटी के साथ अपनी छूट और गांड मारवणी है आंटी जी

पल्लवी ने पीछे देखा तो पाया की अंकित पीछे नंगा खड़ा था और और अपना लुंड सेहला रहा था

पल्लवी : अरे ये तो वही हैना जिन्होंने हमारी जमीं छुड़ाने मैं मदद की थी जिसके घर मैं तू काम कर रही थी प्रिय

प्रिय : है मैं काम भी करती थी और और दिन रात इससे चुदती भी थी इसी ने मेरी छूट खोल कर मुझे लड़की से ायरत बनाया है

पल्लवी : मैं क्या करू अब मुझे तो कुछ समाज नहीं आरहा है

प्रिय : माँ अब शर्माना चोरर और खुल कर चुदाई मैं शामिल होजा और अपनी छूट और गांड मारा के मजे ले देख इनका लोढ़ा कितना बड़ा है

प्लावि ने देखा तो उसकी सुखी छूट मैं फिरसे गिला पैन आने लगा

पल्लवी : कैसे चुदाई करनी है बताओ

प्रिय : एक दूसरे को भर पुर गालिया देके

पल्ल्वी : ठीक है परेरी एक शर्त है अंकित तुम मुझे गली के साथ माँ. भी बोलोगे तो और ज्यादा मज़ा आएगा और उत्तेजना मिलेगी

अंकित : जैसा तुम कहो मेरी रंडी मा और ये मेरी रंडी बहन

पल्ल्वी : सही कहा मेरे चुदाई के राजा चल मेरी रंडी प्रिय बेटी अब छोड़ना hi है तो शार्म किसी खुल के रान्दीपना करते है आखिर मैं भी

तो देखु की मेरी छूट ने किसी रंडी को पैदा किया है

प्रिय : है रंडी माँ चल अब आजा

अंकित आगे आया और पल्लवी को को बहो मैं भर के उसके होठों को चूसने लगा

और प्रिय अपनी माँ की गार्डन को चुम रही थी

अंकित : ुउमाहहह ूउम्म्म ाऊउउउम्म्म रंडी माँ तेरे होठ तो आज भी जवान है

पल्लवी : अभी तो तूने इस रंडी के जलवे देखे hi कहा है मेरे बेटे ूउम्म्म सुर्र्प्प ूममममम पपूउछह हहह

अंकित : ुउउम्माह्ह्ह्ह ूउम्म्माह्ह ूममममम पपूउछह

और फिर अंकित ने पल्ल्वी का पल्ला निचे गिराया और और पल्लवी के आखों मैं देखते हुए उसके ब्लाउज के बोटों खोलने लगा पल्लवी अब फुल मूड मैं थी पल्लवी ब्रा नहीं पहनती थी तो जैसे hi अंकित उसका लास्ट का बोटों खोला तो उसकी 40 की बड़ी बड़ी चूचिया उछाल कर सामने आयी अंकित ने झट से उसके निप्पल्स को मुँह मैं भर लिया

पल्लवी : आह्हः पीजा अपनी इस रंडी का दूध अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह आह्हः पिजा सारा दूध ये दूध पीकर hi मेरी प्रिय मैं रान्दीपना आया है आअह्ह्ह पिजा इन्हे

अंकित : ूउम्मम्म सुर्र्प्प सूर्पपपपपप ुउउम्माह्ह्ह्ह पपूउछह ूमम न हआ ूउम्मम्म सूरररप ूममममम

प्रिय अपनी मायके होठों को चूस रही थी

प्रिय : ूउम्म्माह्ह ाःह्ह्पपपूछह ुउमाहहह ह उम्माह माँ तेरे होठ तो आज भी कड़क है ुउमाहहह

पल्लवी : तुमदोनो की हरकत ने मेरी छूट में फिर गिला पैन ला दिया है

अंकित : आह्हः माँ तेरी चूचिया तो आज भी कड़क है प्रिय जरा मेरा लुंड चूस तब तक तेरी माँ की छूट का स्वाद चख लू

फिर प्रिय ने अंकित का लुंड मुँह मैं भर लिया और चूसने लगी

प्रिय : सुर्र्प्प ूउम्मम्म ूगगग ोूगगगग ोूगगगग ोूगगगग ोूगगगग सीर ठु. ूउम्मम्म ऊऊह्ह्ह्हह्ह

अंकित ने पल्लवी की साड़ी को निकल लिया और फिर उसके पेटीकोट को भी निकल दिया अंकित के सामने पालवी के हलके बलि वाली छूट थी

अंकित : पल्ल्वी माँ तेरी छुट्टी तो बहुत मस्ट है सूरररपपपप ससूररपपप ुउउम्माह्ह्ह्ह

पल्ल्वी माँ हल उठी किसीने पहली बार उसकी छूट को छठा था

पल्लवी : आह्हः बीटा क्या कर रहे हो तुम तो अपनी पल्लवी माँ को पागल करदोगे आह्ह्ह्ह आह्हः ऐसे hi आह्हः पता नहीं था ये करने मैं इतना मज़ा आएगा आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह आह्हः

अंकित : सूरररपपपप ऊम्मम यस ूउम्मम्म

पलव्वि : आह्हः ऐसे आह्हः आआह्ह्ह मैं झड़ने वाली हु आअह्ह्ब्हब

और पल्ल्वी झाड़ गयी और अंकित उसके पानी को पि गया

फिर अंकित ने प्रिय को रोका और पल्लवी को सीधा लेटाया और और उसकी छूट मैं अपना सूपड़ा फसाया और एक जोर डाट झटका मारा तो उसका लुंड आधा अंदर घुस गया

पल्लवी : आह्ह्ह्ह फाड़ दी मेरी आआह्ह्ह ऊह्ह्हह्ह भड़वे मैं कोई रंडी नहीं हु असली वाली झरा आराम से छोड़

अंकित : आह्हः चुप कर रंडी तेरी छूट कहती हुयी है फिर भी नाटक कर रही है है ये ले आह्ह्ह्हह्ह

अंकित : ने फिर एक करारा झटका मारा और उसका पूरा लुंड पल्ल्वी की छूट मैं चला गया और उसकी बच्चे दानी मैं घुसगया

पल्लवी : आह्ह्हरी छूट फाडड्ड थी कमीने मेरी छूट को चिर दिया तूने रूक थोड़ा आह्ह्ह्हह्ह

अंकित 5 मं रुका और फिर चुदाई शुरू की

अंकित : आआह्ह्ह रंडी पल्लवी माँ तेरी छूट तो अभी भी कासी हुयी है आह्ह्ह्ह ये यस यस यस यस यस यस यस आह्ह्ह्ह फ़क फ़क फ़क येअहहह ओह्ह यस यस

पल्लवी : आह्ह्ह्ह रंडी मेरी बेटी आह्ह्ह्ह सच मैं बीटा बहुत ाचा छोड़ता है ये अंकित आह्ह्ह्ह और. होड़ अपनी रंडी माँ को आठ छोड़ छोड़ और छोड़ आठ भोसड़ा बना दे आअज्ज्ज आह्ह्ह्ह

अंकित : यस येह येह येह येह आआह्ह्ह यस यस आह्ह्ह्ह आआह्ह्ह प्रिय अपनी मायके मुँह पर बैठ जा और अपनी छूट छठा अपनी माँ को आह्ह्ह्ह

प्रिय ने ऐसा hi किया और आप ी माँ के मुँह मैं बैठ गयी

पल्ल्वी : सूरररप सूयररपोप मेरी रंडी बेटी तेरी छूट तो बहुत मस्ट है सूर्पपपपपप सुर्र्प्प ूउम्मम्म

अंकित : यस यस यस

प्रिय : ा आह्ह्ह्ह मेरी माँ चाट अपनी बेटी छूट को आह्ह्ह्ह मैं आ रही हु और मूतने भी वाली हु आह्ह्ह्ह अंकित आह्ह्ह्ह माआ आअह्हह्ह्ब्हहहहहह

और प्रिय अपनी माँ के मुँह मैं झाड़ गयी और मूट ने भी लगी

पल्लवी : सच मैं आज्ज जो भी कर रहे हो मुझे ऑर्डर मज़ा आरहा है

अंकित : प्रिय अपनी माँ के ऊपर उलटी लेट जा मैं तेरी छूट मरता हु

और प्रिय ने अपनी माँ के ऊपर लेट के उसे बहो मैं लिया और किश करने लगी और फिर अंकित ने प्रिय की छूट मैं लुंड दाल दिया

अंकित : आह्ह्ह्ह साली रंडियो तुम आ बेटी एक से बढ़ कर एक हो आह्ह्ह्ह प्रिय अपनी माँ को अपना दूध तो पीला

प्रिय : ुउमाहहह अभी लो लो मेरी रैंड मा अब अपनी रैंड बेटी का दुधु पियो

पल्लवी : है मेरी बेटी पीला आज अपनी माँ को अपना दूध ुउउम्मा उउउउम्माह ूउम्मम्म

अंकित : यस यस यस फूकिंग येअहहह आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

फिर अंकित ने देखा की पल्ल्वी का ध्यान नहीं है तो उसनेअपना लुंड पल्लवी की गांड मैं सेट किया और जब तक पल्ल्वी को ध्यांन आता तब ताकांकित ने एक जोर्का झटका मारा तो उसका लुंड 4 इंच तक अंदर घुस गया और और पल्लवी चीख तो पड़ी पर उसने प्रिय के निप्पल को काट लिया

पल्लवी : आठ बीटा क्यों दाल दिया वह कितना दर्द होरहा है सेल हरामी आह्ह्ह्हह्ह

प्रिय : साली रंडी मेरी निप्पल पर क्यों कटा आह्ह्ह्ह

अंकित : चलो अब चूड़ो चुप चाप फिर अंकित ने शार्ट मरना चालू किया

और ऐसे hi 1.3 घंटे तक दोनों की छूट और गांड बदल बदल कर छोड़ता रहा पल्लवी और और प्रिय दोनों hi 8 बार झाड़ चुकी थी और अब अंकित भी पल्ल्वी की छूट मैं झटके लगा रहा था और वो भी झड़ने वाला था

अंकित : आह्ह्ह्ह फ़क आह्ह्ह्ह मैं आहे हाउ आआह्ह्ह ओह्ह्ह्ह माँ काहा निकलू

पल्लवी : आह्ह्ह्ह निकल दे अपनी इस रंडी माँ की छूट मैं भरदे मेरी बच्चेदानी मेरे बच्चे आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हब

अंकित : aaahhhhhbhhhhhhhhhhh

और दोनों hi एक दूसरे की बहो मैं 10 सेक् तक झड़ते रहे

तीनो hi थक गए थे तो थोड़ी देर सुस्ताने के बाद तीनो फ्रेश होकर बीएड मैं आगये जो की एक किंग साइज बीएड था

अंकित : क्यों आंटी मज़ा आया

पल्लवी : पूछ मत मेरे बच्चे इतना मज़ा तो कभी नहीं आया पर तू जब माँ बोलता हैना तो मुझे और मज़ा आता है

प्रिय : सॉरी माँ मैंने तुम्हे कितनी बात गालिया दी

पल्लवी : कोई बात नहीं उसमे मुझे hi मज़ा आया है सच मैं अंकित तुम ने तो आज खुस करदिया कस तुम हमारे बेटे होते

अंकित : आंटी ऐसा है तो आप अपने बेटे को hi सेट करलोना

पल्लवी : अब मुझे ऐसा लगता है ऐसा hi करना होगा तभी हम माँ बेटी की छूट शांत रहा करेगी और हम घर मैं नंगे hi घूमेंगी क्या बोलती है पीयू

प्रिय : सही कहा और भाई का लुंड भी अच्छा है 6.5 इंच का हमारे लिए परफेक्ट है और तिम्मिंग भी अच्छी है पर भाभी का क्या करेंगे

अंकित : बुलकलो उसे भी बेशर्म बना देंगे बूत मुझे मत भूल जाना

पल्लवी : तू जब चाहे हमारे घर आजा ा और छोड़लेना इसके पापा कुछ नहीं बोलेंगे उसकी जिम्मे दरी मेरी

अंकित : चलो अब मैं चलता हु किसिस दिन फिर ऐसे hi छोडूंगा और अगली बार पूरी रात छोडूंगा

फिर तीनो अपने अपने घर निकल गए

अंकित भी घर जा कर शादी की तैयारियां मैं झूट गया और सबके साथ है मज़ाक मैं काम करने लगा

भाई लोग वो क्या है न प्रिय का सेक्स सेवन लिखते वक़त मैं कुछ ज्यादा hi फ्लो होगया तो उसकी माँ के साथ भी सेक्स दिखा दिया

अपडेट पोस्टेड भाईलोग

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
बीआरओ बिजी तो नहीं था बूत कह सकते हो मेरा फॅमिली टाइम चल रहा था

दरअसल हमारे गुजरात मैं सावन का महीना थोड़ा लेट होता और सावन की सप्तमी से लेकर अमावस्या तक हमारे यहाँ के मैं बिज़नेस यानि की ब्रास मार्किट का रूल है सप्तमी से लेकर अमावस्या तक हम ब्रास टिटेम के बिज़नेस वालो की छुट्टिया होती है तो इसीलिए फॅमिली टाइम इस वक़त hi होता है फॅमिली के साथ घूमने जाना वगेरा वगेरा

सो नाउ ीाम फ्री बूत पुरिटाररह नहीं क्यों की अभी अमावस्या बाकी है बाकि आज अपडेट दे दिया है सो प्लीज एन्जॉय और कमेंट मी केसा लगा
 
अपडेट 116

रात का वक़त था अंकित अभी भी वही था जहा हंमेशा होता है ऑफ़ कोर्स अपनी माँ निशा के पास

अंकित : मुम्मा आप डैड के पास नहीं रहती और मेरे साथ रहती हो ी ऍम सूरे डैड को जरूर बुरा लगता होगा

निशा : अरे बेतु ऐसा कुछ नहीं है तेरे डैड मुझसे बहुत प्यार करते है पर अगर वो इस पुरे परिवार मैं किसी को हद से ज्यादा प्यार करते है तो वो तू है बच्चा तेरे डैड की जान बस्ती है तुझ में

वो भले hi दिखते नहीं पर वो तेरे लिए बहुत ज्यादा पोस्सेस्सिवे है

अंकित : मुम्मा एक बात पुछु

निशा : है पूछ बीटा

अंकित : मुम्मा जब डैड ने मेरी माँ ( अवंतिका) से शादी की थी तो क्या आप हर्ट हुयी थी

निशा : हां तब मैं 21 साल की थी और अवंतिका दीदी मुझसे बड़ी थी और उनकी आगे 22 साल थी और आकाश 25 साल के थे मुझे उसदिन बहुत ज्यादा दुःख हुवा था जब तेरे डैड ने दीदी से शादी की बात की तब मुझे बहुत गुस्सा आया मैंने आकाश को बहुत ज्यादा भलाबुरा कह दिया पर आकाश सब सहते रहे क्यों की वो मुझसे भी प्यार करते थे भले hi हमारी लव मैरिज नहीं हुयी थी पर आकाश ने मुझे दिल से वो साडी खुशिया दी थी जो एक पत्नी अपने पति से कहती है उसके बाद दीदी ने और आकाश ने शादी कर्ली तब मैं उन्दोनो से नाराज़ रहती पर आकाश वो मुझ में और दीदी मैं कोई फर्क नहीं करते वो हमे बराबर का प्यार और रेस्पेक्ट देते दीदी भी मुझे चिति बेहेन जैसे ट्रीट करती धीरे धीरे मेरी नाराजगी भी ख़तम होगयी फिर क्या हम हसी खुसी जिंदगी जीने लगे

अंकित : होता है माँ आसान नहीं होता अपने प्यार को बात न सच मैं आपने ठीक किया और डैड भी ग्रेट है

निशा : है सही कहा बीटा सच मैं कभी कभी मैं सोचती हु की अगर अब तक मैं उन दोनों से नाराज़ होती मेरे पास तू नहीं होता तू मेरा वो बेष कीमती डिमांड है जिसे मैं किसी भी कीमत पर खोना नहीं कहती

अंकित : वैसे मुम्मा जब माँ की डेथ के बाद जब माँ( मनीषा) से शादी की डैड ने तब आपका क्या रिएक्शन था

निशा : तब मुझे जरा भी हर्ट नहीं हुवा क्यों की मैं कॉंफिडेंट थी की आकाश कभी हममे भेदभाव नहीं करेंगे

तभी दूर से मनीषा अंदर आयी

मनीषा : क्या बाते हो रही है मेरे बिना

अंकित : कुछ नहीं माँ मैं मुम्मा से पूछ रहा था की आप और डैड कैसे मिले

मनीषा : अरे दीदी क्यों मैं hi बताती हु

और मनीषा आकर बीएड पर बैठ गयी

निशा : मनु यहाँ सीधी सजा आज मैं अंकित तुझसे चिपक के सोयेंगे

मनीषा : है है क्यों नहीं

और मनीषा ने वैसा hi किया

मनीषा : है तो बात तब की है जब तेरे डैड कॉलेज मैं पढ़ते थे तेरे डैड जब सिटी मैं स्टडी केलिए आये तो वो एक फ्लैट मैं रहते थे और फ्लैट जिस सोसाइटी मैं था उसी सोसाइटी मैं उस बिल्डिंग के बाजु मैं दूसरी बिल्डिंग थी और जिसमे शामे फ्लोर पर मैं और मेरी 3 फ्रेंड भी रहती थी जिसे तुम शादी मैं मिले थे तब हम उसी फ्लैट मैं रहती थी और हम भी स्टडी करती थी पर दूसरे कॉलेज मैं मेरी और आकाश की बालकनी कॉमन थी दोनों के फ्लैट को सिर्फ एक आधी बानी हुयी दीवार hi अलग करती थी

फिर क्या था एक दिन आकाश बालकनी मैं वर्कआउट कर रहे थे और हम सभी फ्रेंड चोरी छुपे उन्हें ताड़ रही थी

अंकित : ताड़ रही थी वूव

मनीषा : हां ताड़ रही थी तो क्या तू आगे सुन्ना हटो फिर हम सभी फ्रेंड उन्हें ताड़ hi रही थी पर तेरे पापा ने मेरी फ्रेंड्स को इग्नोर कर सिर्फ मुझे hi देखा फिर एहि रूटीन होगया एक दिन हम दोनों मिले अपने डिल की बात की फिर उन्होंने बताया की उनका और दीदी का जगदा होगया क्यों की आकाश ने दीदी को बतादिया था की वो शादीसुदा है उनकी शादी निशा दीदी से होचुकी थी तब फिर आकाश के पास सब कुछ होने के बाद भी वो खुस नहीं थे उनके पास मैं थी निशा दीदी थी फिर भी वो उदास थे जैसे उनकी जिंदगी की एक कड़ी अलग होचुकी हो तब आकाश को रीलीज़ हुवा की वो हम तीनो से एक जितना hi प्यार करते है तुम्हारे डैड और अवंतिका दीदी की शादी से पहले hi मैं और आकाश जिस्म से एक होचुके थे तब तुम्हारे पापा ने मेरे पापा यानि तुम्हारे नाना जी को बड़ी मुश्किल से अपने प्यार का यकीन दिलाया और अपने जीवन के हर एक बात को सच सच बता दिया की वो निशा दीदी और अवंतिका दीदी से भी उतना hi प्यार करते है पर वो अभी मुझे अपना नहीं सकते फिर हमारी मंदिर मैं शादी हुयी और 9 महीने बाद मोनिका हुयी जब मोनिका पैदा हुयी उसके 2 महीने पहले hi नेहा बेबी का जन्म हुवा था फिर आकाश और अवंतिका दीदी ने शादी की फिर वो सब हादशा हुवा तेरे और कीर्ति के साथ फिर आकाश ने पूरी दुनिया के सामने अपनाया मुझे अपने प्यार पर पूरा ट्रस्ट था इसी वजह से मुझे कभी निशा दीदी नेहा और तेरे होने से कभी तकलीफ नहीं हुयी उसके बाद का तो तुम जानते hi हो

अंकित : है अब समाज आया की डैड और तनु माँ की शादी से आप को क्यों फर्क नहीं पड़ा

निशा : क्यों हम आकाश को झांटे है की हम उनके लिए क्या और कितने मायने रखते है

अंकित : सही कहा और ी लव यू माँ लव यू मुम्मा

मनीषा : अब सजा नहीं तो सुबह टाइम पर उठेगा नहीं कल शादी है यद् हैना

अंकित : है

मनीषा : दीदी आज मैं भी यही सोऊंगी

निशा : तो आकाश

मनीषा : अरे वो तो सो गए वो क्या हैना एक डील की टेंशन थी तो वो थोड़ा ज्यादा hi ड्रिंक करगए और सोगये अभी अमायरा ( फॉर्मर मद ऑफ़ ANKIT'S कम्पनी एंड नाउ पर्सनल सेक्रेटरी और आकाश रावल)

का फ़ोन आया था उसने कहा की अब कोई टेंशन नहीं है

निशा : ये भी पता नहीं क्यों पीते है इतनी

मनीषा : बीटा यहाँ आओ

अंकित मनीषा की ममता मई सीने मैं समां कर नींद के आगोश मैं चला गया

निशा : अब यकीन होगया मनु की तू भी इसकी मेरे जितनी hi माँ है

मनीषा : है दीदी मैं भी बेवकूफ हु मुझे लगा की ये आपसे ज्यादा प्यार करता है पर बेटे ने एक मं मैं मेरा शक बेबुनियाद शाबित करदिया

निशा : चलो सो जाओ अब

अगली सुबह मल्होत्रा फॅमिली एंड रावल फॅमिली और ठाकुर फॅमिली यानि की मनीषा के मायके वालो मैं से बस उसका भाई सूरज और संजना hi आये थे क्यों की बाकि की ठाकुर फॅमिली को एक और शादी मैं जाना था तो सूरज और संजना आगये सब शादी की तैयारियों मैं लगे रहे पुरे दिन

तन्वी को सभी लेडीज बेस्ट ब्यूटिशियन के पास ले गए फुल ब्रिडेल मैकऑउट करवाया लाल लेहेंगा पहनाया और तन्वी को एक बार फिर दुल्हन बनाया गया और यहाँ सबने आकाश को अच्छी रेडी करवाया

अंकित : डैड लगता है जवानी लौट आयी आपकी

आकाश : लग तो ऐसा hi रहा है

फिर क्या था सब लोग मंदिर गए देखा मंदिर एक दम समशान था वह कोई नहीं था बस एक पुजारीबाबा थे

सब उनसे मिले और शादी की बात की और उसके बाद पुजारीबाबा ने पुरे विधि विधान के साथ तन्वी और आकाश को शादी के बंधन मैं बांध दिया आकाश ने तन्वी को मंगलसूत्र पहनाया और और उसकी मांग भरी और तन्वी को फिर से सुहागन किया

और सब हसी खुसी घर वापस आगये आकर सबने डिनर किया जो की आज सब सुभसे भाग दौड़ कर रहे थे तो सब ठेके हुए थे तो सब अपने अपने रूम मैं चले गए

और आकाश भी अपने रूम मैं चला गया ताकि फ्रेश हो सके उसकी सुहागरात तन्वी के रूम मैं होने वाली थी

यहाँ निशा और मनीषा ने अपनी एक एक चुकी से दूध डोह कर एक गिलास मैं डाला और तन्वी वाले रूम मैं रख दिया और तन्वी अपने रूम मैं आकाश का वेट करने लगी

यहाँ सबसे अलग अंकित के बदन मैं गर्मी चढ़ रही थी वो परेशां होने लगा अंकित परेशां था तो वह किचेन मैं निशा और मनीषा को बेचैनी होने लगी

मनीषा : दीदी क्या आप भी मेरी तरह बेचैन है

निशा : है मनु ऐसा लगता है जैसे अंकित परेशां है चल चल कर देखते है

वो दोनों अंकित के पास गयी उसके रूम मैं उन्होंने देखा की अंकित चक्कर काट रहा है और कुछ सोच रहा है उसका ध्यान भी नहीं है की उसकी दोनों माये यहाँ आचुकी है

निशा : बीटा क्या हुवा क्यों परेशां है

अंकित : मुम्मा मेरा बोहोत ज्यादा मन हो रहा है चुदाई करने का जबसे मेने अपनी सभी बहनो को सुमि बुआ मेघा बुआ और दोनों ममी और मसि को देखा है आज आप सब बिजलिया गिरा रही है और मेगा लुंड कबसे छूट मांग रहा है क्या करू पता नहीं मैं आप दोनों को एक साथ इम्प्लांट के बाद छोड़ना कहता हु पर क्या करू समाज नहीं आरहा

तभी आवाज आयी

सुमि & मेघा: तो आखिर काट तुमने साबित करहि दिया की हम दोनों बूढी होगयी है एक बार हमे बोलके तो देखते

अंकित : सॉरी बुआ मैं भूल गया था ी ऍम सॉरी

सुमि : निशाभाभी आप जाओ आज मैं मेघा दीदी और अंकित पलंग तोड़ चुदाई करने वाले है तो इसकी चिंता मत करना

निशा : सुक्रिया दीदी आपने मेरी टेंशन hi दूर कर दी

मेघा : अरे हम भी अपने बच्चे को बेचैन कैसे होने देते तुम जाओ और आराम करो इसका ख्याल हम रखते है टेंशन फ्री रहो तुम

फिर निशा और मनीषा चली गयी और मेघा ने रूम लॉक किया

वही इस वक़त तन्वी अपने रूम मैं थी रूम पूरी तरह गुलाब की पंखुरियों से सजा हुवा था और और बीएड भी जिस पर आज चुदाई का घमासान होने वाला था

तन्वी ने अपनी जेवेलरी निकलदी और उतनी hi राखिर जितनी जरुरत थी बाकि लाल लहंगे मैं तो थी hi

तभी रूम का दूर खुला और आकाश अंदर आया जो इस वक़त सफ़ेद कुर्ते पायजामे मैं था और अंकित हैंडसम था तो उस हिसाब से आकाश भी उसका बाप था तो आप सोच hi सकते है

आकाश अंदर आया और गेट को लगा दिया और चल कर तन्वी के पास आया

तन्वी अपनी पलके झुकाये आकाश के पास कड़ी थी और घूँघट किया हुवा था आकाश उसके पास आया और उसका घूँघट उठाया और उसका सर उठाया और तन्वी की आखों मैं देखने लगा

आकाश : तन्वी जनता हु तुमने अपने जीवन का सबसे भयानक दुःख जिला है और आसान नहीं होता इतने बड़े दुःख के बाद मूव ों करना लेकिन फिर भी तुमने हिम्मत नहीं हरी अपनी बेटियों केलिए वो दुःख भूल गयी तो और तुमने मेरे उस अंश को साली तक संभाला जिसमे मेरी जान बस्ती है तो आज मैं अपने उसी लादले बेटे की कसम खता हु मैं कभी अपनी पत्नियों मैं भेद बाव नहीं करूँगा जितना प्यार मैं निशा और मनीषा से करता हु उतना hi प्यार मैं तुमसे भी करता हु जितना प्यार मैं नेहा और मोनिका कीर्ति से करता हु उतना hi प्यार मैं साक्षी और तिया से भी करता हु

और एक बात मेने तुम्हे मनोज की डेथ के पहले कभी भी उस नज़र से नहीं देखा था आज से तुम मेरा एक अटूट हिस्सा हो

तन्वी : मैंने भी कभी भी अपने पति मनोज के शिव किसी को नहीं कहा पर शायद किस्मत को कुछ और मंजूर था और इसीलिए किस्मत से अंकित को सँभालने की जिम्मेदारी मेरी गोदी मैं गिरी मैं भी आज अपने फंसे प्यारे बेटे अंकित की कसम कहती हु की आपको कभी भी अकेला नहीं छोड़ूंगी मेरी दो बेतिया नहीं बल्कि 5 बेतिया है और एक जान से प्यार बीटा और निशा दीदी और मनीषा दीदी मेरी सौतन नहीं बल्कि बड़ी बेहेने है और आपने आज मुझे फिरसे सुहागन करके मुझ पर बहुत बड़ा एहसान किया है आज से ये तन्वी आकाश की हुयी मेरा तन्न मैं सब आपका हुवा मेरे पति देव

और ये बोलते वक़त तन्वी की आखों मैं आशु थे और बोलने के बाद वो ाक्ष के पेअर चुने वाली थी तो आकाश ने उसे उठा कर अपने सीने से लगाया

आकाश : ये है तुम्हारा गिरफ मेरी और से

ये बोल आकाश ने एक ब्रीफ़केसे खोला जिसमे पिंक डिमांड से बने कंगन के तीन सेट थे और सभी मैं एक बड़ा पिंक डिमांड कॉमन था

आकाश ने एक सेट तन्वी के दोनों हाथो मैं पहनाया

आकाश : ये निशा और मनीषा केलिए है मेरी तीनो बीवी यो की चीज़े हंमेशा शामे hi होगी

वैसे अब अभी जाओ जान आज सुहागरात है हमारी तो अपने सुहाग को खुश करो

तन्वी ने सेक्सी स्माइल की

तन्वी : जरूर मेरे राजा देखते जाओ अपनी तन्वी के जलवे

फिर क्या था देखते hi देखते आकाश और तन्वी के होठ आशा मैं चिपक गए दोनों hi अपने इस मीठे एहसास मैं दुबे हुए थे

आकाश : ूउम्मम्माह्ह्ह ुउउम्म पूउछह उम्म्म उम्म्म ाःह पपूउछहः ुउउम्माह्ह्ह्ह

तन्वी : ुउउम्माह्ह्ह्ह ुउउम्माह्ह्ह्ह पपूउछहः ुउउम्माह्ह्ह्ह उम्माह्ह्ह ुउमाठ

आकाश : उम्माह्ह्ह मेरी जान तुम बहुत अछि ूउम्म्म किश करती हो ुउउम्माह्ह्ह्ह ुउउम्माह्ह्ह्ह

तन्वी, : सब आपके बेटे की वजह से आता है मुझे ुउउम्माह्ह्ह्ह ूउमंमाहहहहहह अरे मैं जल्द बाज़ी मैं भूल hi गयी की हमे दूध भी पीना है

आकाश : तो ले आओ

फिर तन्वी दूध का गिलास लेकर आयी और आकाश को दिया जिसे आकाश ने आधा पि लिया और तन्वी ने आधा पि लिया

आकाश : ऊम्मम बहुत ज्यादा तेअसत्य था किसने बनाया था ये

तन्वी : ये दूध आपकी दोनों बीवी यो की चूचियों का है एक दम ताज़ा अभी अभी निकला था उन्होंने

आकाश : हम्म्म बहुत मस्ट है लगता है रोज़ मुझे अपनी किसी एक बीवी का दूध पीना पड़ेगा अभी तो मैं तुम्हारा पियूँगा

ये बोल आकाश ने तन्वी के ब्लाउज को उतर दिया जिससे तन्वी की 36 साइज की गोरी चूचिया उछाल कर सामने आगयी जो एक दम तानी हुयी थी और उसके लाल सुर्ख निप्पल्स उसकी शोभा बढ़ा रहे थे

आकाश : वहहह मस्ट चूचिया है मेरी जान ूउम्मम्माह्ह्ह सुऊरररप्प सुर्र्प ुउउम्माह्ह्ह्ह

तन्वी : ाःह पि लीजिये अपनी बीवी के दूध को बहुत परेशां करते है ये आपके बेटे ने भी इनका दूध पिया है आअह्ह्ह अंकित देखों तुम्हारे पापा कैसे मेरा दूध पी रहे है आह्हः

आकाश : आह्हः मेरी जान आज कोई नहीं आएगा हमे डिस्टर्ब करने निशा और मनीषा भी नहीं

तन्वी : अब और न तड़पाओ मेरे राजा छोड़ दो मुझे भरदो मेरी छूट को अपने गरम लावे से आकाश मुझे गालिया देते देते छोड़ो आज मैं उत्तेजना की सरे हाडे पार करना चाहती हु

आकाश : जरूर मेरी रंडी चल अब दिखा तेरी छूट

तन्वी को पता था की आकाश अंकित जितना सेक्स मैं एक्सपर्ट नहीं है बूत आकाश छोड़ ने मैं अंकित जितना hi जान दार है

तो तन्वी ने अपना पेटीकोट निकला और पूरी नंगी होगयी

और आकाश को अपनी चिकनी छूट दिखाई

तन्वी : किते मेरे राजा डालिये मेरी छूट मैं अपना लुंड और छोड़िये मुझे रंडी की तरह

तन्वी की छूट तो खुली हुयी थी बूत मनोज की डेथ के बाद उसने सेक्स नहीं किया था जिससे उसकी छूट लगा यार पानी बहा रही थी

आकाश ने अपना 7 इंच लम्बा और 3.4 इंच मोटा गोरा लुंड निकला और तन्वी की छूट पर रक्खा और एक जोरदार झटका मारा

तन्वी : आअह्हह्ह्ह्ह आकाश धीरे

आकाश : ओह्ह सॉरी मैं चुदाई के नशे मैं भूल hi गया की तुम्हारा इम्प्लांट बाकि है नहीं तो और मज़ा आता तुम्हारी छूट खोलने मैं

आकाश ने झटके चालू किये

आकाश : यस बेबी यस यस ले मेरी रंडी चुद और चुद मुझसे मज़ा आया न मेरा लुंड लेकर

तन्वी : है आकाश ऐसे hi छोड़िये मुझे और जोरसे छोड़िये आठ मेरी छूट आह्हः फाड़ दीजिये आह्हः ओह्ह्ह

आकाश : ओह्ह्ह यस बेबी तेरी छूट तो और कासी हुयी है आह्हः ओह्ह्ह फ़क येअहहह ओह्ह यस यस यस यस ओह्ह्ह फ़क ओह्ह्ह यस आह्ह्ह्ह

तन्वी : आठ आकाश और छोड़िये मुझे और जोरदे आह्हः छोड़ो मुझे आठ छोड़ो मुझे जोरसे आह्हः मेरी छूट आह्हः आकाश आह्ह्ह्ह फ़क यस

आकाश : अह्ह्ह्ह यस बेबी आह्ह्ह्ह फ़क आह्ह्ह्ह यस यस यस यस यस आह्ह्ह्ह

और इनकी चुदाई करीब 30 मं तक चली जिसमे आकाश भी थक गया और उसने तन्वी की छूट मैं अपनी पिचकारियां चोरडी

फिर आकाश और तन्वी दोनों फ्रेश हुए भले hi आकाश के अंडे इम्प्लांट हो चूका था पर आकाश के अंदर अंकित के जैसा सेक्स का भूत नहीं था जिससे वो 1 राउंड के बाद hi सो गया

यही एक चीज़ है जो बाप और बेटे को अलग करती है

फिर आकाश और तन्वी सो गए

दोस्तों मैं जनता हु ये सेक्स आपको कुछ खास पसंद नहीं आया होगा बूत ये करना जरुरी था अगर मैं आकाश और अंकित का शामे सन दालु तो आपको उनमे फर्क पता नहीं चलेगा बूत टेंशन नॉट अभी अंकित भाई की अपनी 6 बीवियों के साथ सुहाग रात बाकि है सो वेट एन्ड वाच

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 117

यहाँ अंकित के रूम मैं अलग hi सन था निशा और मनीषा के जाने के बाद सुमि ने गेट बांध किया

सुमि : है तो दिखाओ कहा दर्द होरहा है मेरे बाबू को

अंकित : बुआ मेरा लुंड बहुत दर्द कर रहा है जबसे इसने आप सब को देखा है तबसे hi ये छूट मांग रहा है

अंकित ने देखा की सुमि और मेघा अभी भी वही साड़ी मैं थी वैसे तो वो दोनों फ्रेश होने केलिए जाने hi वाली थी की वो यहाँ आगयी

मेघा : अरे बाबू चिंता मत कर हम हैना आज तू भी हमारी छूट का रास चख ले

अंकित ने सुमि और मेघा को देखा. वो दोनों कही से भी एज्ड नहीं लगरही थी

सुमि ने अभी एक मेहरून रंग की डिज़ाइनर साड़ी पहनी हुयी थी जिसपर उसी डिज़ाइन मैं ब्लाउज भी था ब्लैक रेंज का और मेघा ने अभी एक डार्क ब्लू रंग की साड़ी पहनी हुयी थी और दोनों ने उसकी के अकॉर्डिंग मेकअप भी किया था वो दोनों hi अभी केहर ध रही थी

अंकित सीधा मेघा के पास गया और अपने होठ उसके होठों से जोरदिये

अंकित : ूमममम ुउउम्माह पप्पूउछह ुउउम्मा पप्पूउछह ूउम्मम्माह्ह्ह्ह पप्पूउछह ूमममम बुआए ूमममम

मेघ : ुउउम्माह्ह्ह ुउउम्माह ूमममम पप्पूउछह ूउमंमाहहह बेटे तू ूउम्म्म बहुत अच्छी किसी करता है ूउम्म्म उम्माह

अंकित : ुउउम्माह्ह्ह्ह ूमममम पप्पूउछह ूउम्म्माह्ह्ह ुउउम्माह ूउमंमाहहह पप्पूउछह ूमममम बुआ आपके होठ ूउमंमाहः बहुत मीठे है ुउउम्माह्ह्ह

और अंकित ने होठ अलग किये और फिर सुमि से जोर दिए

सुमि : ुउउम्माह बेबी ुउउम्म दीदी देखो ूमममम आज हम हमारे छोटे बाबू के होठों को चूस रही है ूमममम ूमाहहह

अंकित : चूसिये बुआ अपने बाबू के होठो को ूमाहहह उम्माह बुआ ुउउम्मा आप ूमम बहुत ज्यादा हॉट हो ूमममम

सुमि : ूमममम ूमममम पप्पूउछह पपपूछ ूउम्म्माह्ह्ह

तीनो hi 10 मं तक एक दूसरे के होठों को चूसते रहे कभी अंकित सुमि के होरलथों को चुस्त कभी मेघा और सुमि को आपस मैं किश कववता कभी तीनो एक साथ किश करते

अंकित : बुआ मुझे आपके दूध चूसने है

सुमि : बोलो किसके दूध चाहिए मेरे या मेरी दीदी के

अंकित : मुझे मिली सुमि बुआ के दूध चाहिए मेघा बुआ के बाद मैं चूस लूंगा

सुमि : अले मेले बाबू को अपनी बुआ का दुद्दू पीना है

सुमिने अपनी सारे निकल दी और और फिर ब्लाउज और ब्रा भी वो अब सिर्फ पति कोट और पेंटी मैं थी सुमि का रंग गोरा था उसका जिस्म अभी भी कैसा हुवा था कही से भी ढीला नहीं

सुमि बीएड पर सीधी लेट गयी

सुमि : अजा मेला बाबू अपनी बुआ का दूध पिले दीदी अभी आओ मेरा दूध पियो

फिर क्या था अंकित और मेघा गए और सुमि की एक एक चुकी को पकड़ लिया और उसे चूसने लगे

सुमि : है बाबू पिले अपनी बुआ का दूध ूमम आह्ह्ह्ह चूस और चूस अपनी बुआ को ूमम दीदी आप भी चुसो आह्ह्ह्ह ूमममम

अंकित : ूमममम ुउउम्म सुऊररपपप सुऊरप्प ूमममम ूउम्म्म सूरप्पा ूउम्मम्मन सुऊररपपप ूउम्मम्मन सुऊरप्प

मेघा : ूमममम चोरी तेरी चूचिया ूमममम आज भी मेरी छूट से पानी निकल देती है ूमममम सुऊरप्प ूमममम

अंकित : ूमममम सूररपपप

फिर अंकित ने मेघा और सुमि के दूध को चूस लिया और फिर बोलै

अंकित : चलो बुआ अब आपकी छूट की बारी

तो मेघा ने अपना पेटीकोट उठाया और बोली

मेघा : चल घुसजै इसमें और चाट

अंकित मेघा के पेटीकोट मैं घुस गया

अंकित के नाम मैं कैसे hi छूट की खुशबु गयी उसे नशा सा होने लगा

अंकित : बुआ आपकी छूट की खुशबु बहुत नशीली है

मेघा : बीटा मेरी छूट का रास तो चख ले तुझे और ज्यादा मज़ा आएगा

अंकितने उसकी पेंटी को निकला और जोरदिया अपना मुँह मेघा की छूट से

अंकित : सुऊररप्पल सुऊररपपप ूमममम सूररपपप ूउम्म्माह्ह्ह ूउम्म्म उम्माह

मेघा : आह्ह्ह्ह बीटा क्या कर रहा है अह्ह्ह्ह ऐसे hi आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्ह सीईईई आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्हह्हह ऐसे hi आह्ह्ह्ह बहुत अच्छे ूउम्म्म आह्ह्ह्ह सुमि ये मेरी छूट को खा जायेगा सच मैं

सुमि : ूमममम दीदी आपको देख कर तो मेरी भी छूट पानी बहा रही है अह्ह्ह

मेघा : नहीं सुमि ूमममम आह्ह्ह्ह अंकित आह्ह्ह्ह सुमि ऊगली मत करना तुम ये मज़ा मिस मत करना तुम अंकित की जीब को महसूस करना आह्ह्ह्ह अंकित ओह्ह्ह्हह

अंकित : सुसुममहहह सुऊररप्पल ूउम्मम्मन ूउम्म्म सुऊररपपप उम्माह सूयरररप सुऊरप्प ूउमंमाहहह ूउमंमाहहह सुर्र्प

मेघा : आह्ह्ह्हह्ह ोुह्ह्ह्ह फूऊक्कककक आह्ह्ह्ह यस यस अंकित आह्ह्ह्ह मेरी छूट आह्ह्ह्ह मैं झाड़ रही हुऊ स्सीइ आह्ह्ह्हह्ह

और ससस्कक्क़ूउउइइररत्ततत्तत्त

ससस्कक्क़ूउउइइररत्ततत्तत्त

और मेघा अंकित मुँह मैं अपना छूट रास चोर्ने लगी

उसके बाद मेघा निढाल सी होगयी और थोड़ा रेस्ट लेने लगी

अंकित : क्यों बुआ मज़ा आया

मेघा उठी और अंकित का माथा चुम कर

मेघा : तूने तो सच मैं पागल करदिया हनी

सुमि : अंकित जरा यहाँ भी घुस कर देखों और बताओ किसी छूट है ये

और फिर अंकित सुमि के पेटीकोट मैं घुस गया

अंकित ने देर न की और सुमि की भी पेंटी निकल फेकि और चाटने लगा छूट को

अंकित : सुऊररपपप ूउम्मम्म सुऊररपपप उम्माह सुऊररप्पल सूरप्पा उम्माह ूउम्म्म सुऊररपपप

सुमि : आठ मेघा मेरी रानी तूने सच कहा था आह्ह्ह्ह कैसे चाट रहा है ये जैसे यहाँ सेहद तपाक रहा हो आह्ह्ह्ह चाट बीटा अपनी बुआ की छूट को आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह ऐसे hi आह्ह्ह्ह

अंकित : सुऊरररपपपप सूरप्पा ुउउम्माह्ह्ह सुऊररपपप ुउउम्माह्ह्ह्ह सुऊरररपपपप ुउउम्माह्ह्ह

सुमि : आह्ह्ह्ह बीटा तू मुझे पागल करदेगा आह्ह्ह्हह्ह ऐसे हीई आह्ह्ह्ह ऐसे hi चूस बेटे आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्ह फुककककक याहहहह ोुह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह

अंकित : सुऊरररपपपप सूरप्पा ूउम्मम्मन शुऊररप्पो ूमममम सूररपपपपप ूमममम सुऊरररपपपप

सुमि : आह्ह्ह्हह्ह अंकितत्तत्त ओह्ह्ह फ़क याहहहह ओह्ह्ह यस आह्ह्ह्हह्ह ी आम सुंम्मीिंनंगगगगगग

ससस्कक्क़ूउउइइररत्ततत्तत्त

ससस्कक्क़ूउउइइररत्ततत्तत्त ससस्कक्क़ूउउइइररत्ततत्तत्त

और सुमि का भी छूट रास निकल गया जिसे अंकित शौक से पि गया

अंकित : ूमममम बुआ आपका पानी बहुत टेस्टी था ूमम केसा लगा आपको बुआ

सुमि : पूछ मत मेरे बेटे

अंकित भी फुल नंगा होगया और उन दोनों से बोलै

अंकित : बुआ अब आपकी बरी

सुमि और मेघा ने जब अंकित का लुंड देखा तो पागल hi होगयी

सुमि : इतना बड़ा ये तो आकाश भैया से भी बड़ा है

मेघा : सच मैं ये आकाश का hi बीटा है और इसकी खुशबु आह्ह्ह्ह ोूगगगग ोूगगगग ोूगगगगगगुणुग्गगूग्ग

मेघा से रहा नहीं गया और उसने अंकित का लुंड मुँह मैं भर लिया

मेघा : ोूगगगग ोूगगगग ोूगगगग ुग्घूउऊउउउउ आह्ह्ह्ह सीईई

सुमि : दीदी मुझे भी दो अकेले अकेले लुंड मत चुसो

मेघा : ये ले तू भी चूसले

सुमि : ोूगगगग ोूगगगग सीईई ोूगगगग ोूगगगग ोूगगगग ूउम्म्म ूउम्म्म ोूगगगग ोूगगगग ोूगगगग सूररपपपपप

अंकित : आह्ह्ह्ह बुआ आप दोनों का मुँह कितना गरम है आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह

सुमि : ोूगगगग ोूगगगग उउउउगग्ग ूउमंमाहः उम्माह

अंकित : आठ बुआ अब आठ आपकी छूट चाहिए आह्ह्ह्ह

फिर मेघा और सुमि बीएड पर आगयी और मेघा लेट गयी और सुमि उसके ऊपर बैठ गयी जिससे मेघा सुमि की छूट चाट सके

अंकित ने मेघा की छूट पर लुंड सेट किया और जोर्का झटका मारा तो उसका लुंड आधे से ज्यादा अंदर घुस गया

मेघा : आह्ह्ह्ह मेटा धीमे आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मैं कही भागी थोड़ी जा रही हु आहहहजहहहहहह सुमि इसका लुंड आकाश से भी मोटा है आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

सुमि : आह्ह्ह्ह सीई मेघा आह्ह्ह्ह छतो ऐसे hi उसके बाद मुझे भी ये लुंड लेना है आह्ह्ह्ह

अंकित : बुआ आपकी छूट बहुत ज्यादा गरम है आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सीई

फिर क्या था सुरु हुयी चुदाई

अंकित : आठ ूएस बुआ चुसो मुझसे अह्ह्ह्ह बुआ आह्ह्ह्ह यस यस यस अहहह फ़क यस यस यस यस आह्ह्ह्हह्ह

मेघा : अह्ह्ह यस यस छोड़ मुझे बीटा और जोरसे छोड़ आह्ह्ह्ह कबसे छोड़ना चाहती थी मैं आह्ह्ह्ह फ़क यस आह्ह्ह्ह ऐसे hi आह्ह्ह्ह ताक़तबसे छोड़ मुझे आह्ह्ह्ह

सुमि : आठ दीदी मेरी छूट आह्ह्ह्ह आप ऐसे hi आह्ह्ह्ह छतो मेरी छूट को अह्ह्ह

अंकित : यस बुआ आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह अपनी छूट आह्ह्ह्ह आह्हः यस फ़क फ़क फ़क यस यस यस यस आह्ह्ह्ह

मेघा : आह्ह्ह्ह अंकित आह्हः तुमने तो आज मेरी प्यास बुजदि आह्ह्ह्ह फ़क आह्ह्ह्ह यस अह्ह्ह्हह आहहहजहहहहहह

और मेघा खली होगयी

अंकित : बुआ आपकी गांड मरू क्या

मेघा : मार ले मेरे बेटे तुझे सब छूट है

अंकित ने मेघा की गांड को चाट कर उसे छेद को चिकना किया और अपना लुंड सेक्स करके एक जोरदार धक्का मारा तो उसका लुंड आधा hi अंदर गया

मेघा : आह्ह्ह्ह मा मेरी गांड फात गयी अह्ह्ह्हह स्सीइ रूयकक जा बीटा आअह्ह्ह्हह मेरी गांडड सीई आह्ह्ह्ह सूमी आअह्ह्ह्हह

अंकित : अह्ह्ह बुआ आपकी गांड बहुत टाइट और गरम है आह्ह्ह्ह

मेघा : आह्ह्ह्ह अंकित अब एक बार मैं दाल दे वर्ण ये आसानी से नहीं जायेगा अंदर आह्ह्ह्ह सीईई

अंकितने एक और जोरदार झटका दिया और उसका लुंड मेघा की गांड को खोलता हुवा अंदर घुसगया

मेघा : हईए ऊह्ह्हह्ह मा फैट गयी मेरी आह्ह्ह्ह ऊह्ह्हह्ह बीटा आह्ह्ह्ह अब थोड़ा रुकना आह्ह्ह्ह

अंकित : आह्ह्ह्ह बुआ आपकी गांड ने मेरे लुंड बहुत टाइट जकड रखा है आह्ह्ह्हह्ह सीई ऊह्ह्हह्ह

फिर कुछ देर बाद दोनों नार्मल हुए फिर अंकित ने चुदाई स्टार्ट की

अंकित : आठ आह्ह्ह्ह फ़क फ़क आह्ह्ह्ह यस यस यस आह्ह्ह्ह अहह ओह्ह्ह यस यस यस अह्ह्ह्ह

मेघा : आह्ह्ह्हह्ह फफ्फूऊक्ककककक एअआहहह ओह्ह्ह यस यस यस यस यस यस आह्ह्ह्ह फ़क आह्ह्ह्ह

अंकित : आठ आठ आह यस फ़क यस आह्ह्ह्ह यस बुआ ओह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह सुमि बुआ अब आपकी बारी

सुमि : मैं तो कबसे तैयार हु चल मार अपनी सुमि बुआ की छूट को

फिर सुमि सीधे लेट गयी और मेघा सुमि के ऊपर सुमि ने देखा की अंकित ने मेघा की गांड को सुजा दिया था ये देख कर सुमि डरने की बजाये और ज्यादा उत्तेजित होगयी

अंकित ने अपना लुंड सुमि की छूट पर रख कर हल्का पुश किया जिससे उसका सूपड़ा अंडर फास गया

और दिया एक झटका तो इस बार उसका लुंड 3 इंच तक गया

सुमि : आठ मेघा मेरी छूट आह्ह्ह्ह बीटा धीरे आठ तेरा बहुत मोटा है आह्ह्ह्हह

अंकित ने फिर एक जोरदार वार किया और इस बार उसका लुंड सीधा सुमि की बच्चे दानी मैं घुस गया

सुमि : आह्ह्ह्हह्ह नहीं आह्ह्ह्ह माहिरा मेरी बच्ची आह्ह्ह्ह देख तेरा भाई तेरी मम्मी को कैसे छोड़ रहा है आह्ह्ह्ह

अंकित : आठ बुआ माहिरा और सुप्रिया को भी मैं छोडूंगा आपके साथ

सुमि : जरूर छोड़ना आह्ह्ह्ह मैं चाहती हु मेरी बच्चियों को ये मज़ा मिले आठ सीई और मैं और मेघा दोनों hi उन्दोनो के साथ छुड़ेगी आह्ह्ह्ह अब मार झटके

अंकित : यस यस बुआ यस यस यस बुआ ये लो ये लो ये लो अह्ह्ह आपकी छूट भी बहुत ज्यादा टाइट है अह्ह्ह

सुमि : यस यस यस यस आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आठ सीई फुकककक एस्सस यस आठ आठ आह्ह्ह्ह आइइइइहह्हह आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह यस यस यस आह्ह्ह्हह्ह्ब्हहहह

और सुमि भी झाड़ गयी

सुमि : हनी मेरी गानन्द मारनी है तुम्हे तो मार्लो आह्ह्ह्ह

अंकित : जरूरर बुआ ुउमाठ

और अंकित ने सुमि को एक पुप्पी दी और सुमि के गांड के छेद को चिकना किया

और अपना लुंड सुमि की गांड मैं फसाया और एक डोर डाट झटका मारा तो इस बार उसका लुंड आधा अंदर घुस गया

सुमि : आह्ह्ह्हह्ह सीईई ओह्ह्ह्ह मयययय बेबी आह्ह्ह्ह मेघा आठ मेरी गांड फैट गयी आह्ह्ह्हह्ह सीईई आह्ह्ह्ह ऊह्ह्हह्ह्ह्ह

अंकित : अह्ह्ह्ह बुआ आपकी गांड नहीं गरम बत्ती है मेरा लुंड झेल रहा है अंदर आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह

सुमि : आठ मार मेरे बच्चे आठ तेरे लिए हर दर्द सेह लुंगी आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह सीई आह्ह्ह्ह

अंकित ने एक और बार अंदर शार्ट मारा और इस बार पूरा लुंड अंदर

अंकित : आह्ह्ह्ह बुआ आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह सीई आह्ह्ह्ह बुआ कितनी ग्राम हो आप आह्ह्ह्हह्ह्ब्हहहह सीई आह्ह्ह्ह

सुमि : आठ मेरी गांड फैट गयी सुप्रिया बेटी मेरी गांड फैट गयी रे आह्ह्ह्हह्ह सीईई

15 मं बाद दोनों नार्मल हुए और दोनों ने चुदाई चालू की

अंकित : आठ आह्ह्ह्ह बुआ आपकी गांड ने मेरे लुंड को बहुत टाइट जकड़ा हुवा है आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह

सुमि : आठ आह्हः बीटा लुंड भी मेरी गांड की अच्छी चुदाई कर रहा है मेरे बेबी आह्ह्ह्हह्ह आह्हः छोड़ और छोड़ अपनी बुआ को तुझे पसंद हैना बुआ की गांड एले आज से ये तेरी अह्ह्ह मार और जोरसे मार आह्हः सीई

ऐसे hi और 39 मं की पलंगतोड़ चुदाई के बाद अंकित सुमि की छूट मैं झाड़ गया और निढाल सा बीएड पर पसर गया सुमि और मेघा मुश्किल से बाथ रूम गयी और फ्रेश होगयी और जब रूम मैं आयी तो देखा की अंकित उठा हुवा है और बाथरूम जाने लगा

अंकित भी फ्रेश होकर आया

अंकित : बुआ मुझे बहुत मज़ा आया आपके साथ कस आज सविता दादी भी जींद आहुति तो उन्हें भी छोड़ता मैं

सुमि : मुझे छोड़ के मन नहीं भरा क्या जो मेरी माँ को भी छोड़ने की इच्छा रखते हो

अंकित : आठ मन तो है पर पर कुछ कर नहीं सकते आह्हः सच मैं बुआ आप दोनों ने मुझे खुस करदिया

ी लव यू बुआ

सुमि : वे लव यू तू बाबू

और अंकित सुमि को हुग करके सो गया

और सुमि और मेघा भी सो गए अगली सुबह सब लोग उठे और नास्ता किया अंकित उठा तो उसने देखा की उसका लुंड दर्द कर रहा है जैसे तैसे वो फ्रेश हुवा और निचे आया और तन्वी के गले लग गया

अंकित : अब तो खुश होना मम्मी

तन्वी ने अंकित का सर चुम कर कहा

तन्वी : ुउउम्माह्ह्ह बहुत खुस हु बीटा सुक्रिया बेबी

आकाश : तो बीटा आज हमारे होटल मैं एक पार्टी है बिज़नेस डील की तो वही आज मैं अनाउंसमेंट करूँगा की अगले हफ्ते तेरी शादी है रक्षा के साथ

अंकित : ok डैड वैसे अगर मीडिया ने इतनी जल्दी शादी की वजह पूछी तो

आकाश : मैं कह दूंगा की तुम दोनों अब एक दूसरे से दूर नहीं रह सकते इसी लिए और है रक्षा से शादी के अगले दिन हमे आइलैंड भी जाना है जहा तुम्हारी बाकि की 5 बीइओ के साथ शादी है समझे

अंकित : यस डैड

नेहा : बूत डैड वह कई लोग ऐसे होंगे जो आपको अपने बेटी के प्रोपोज़ल्स दंगे तब आप क्या करेंगे

आकाश : बीटा मैं भी एक बिज़नेस मन हु मैं कह दूंगा की मेरी सभी बेतिया बिज़नेस वीमेन बनना चाहती है जिसके चलते तुम सब उसपर अभी फोकस हो और वैसे भी एक बार तुम्हारी शादी की उम्र निकल गयी तो उसके बाद कोण प्रोपोज़ल्स बेझेगा

और वैसे भी मैं सोच रहा था अभी कुछ साल इंडिया मैं रहेंगे फिर हम लॉस वेगास शिफ्ट होजाएंगे वैसे भी हमारा आइलैंड लासवेगास मैं हितो है और हम वही रह कर खूब मज़े से अपनी लाइफ जियेंगे

निशा : है बूत अभी नास्ता करिये आपको ऑफिस भी जाना है और है मेने अमायरा को बोल कर ा तो ज़ वर्कर्स, एम्प्लॉएंस को बोनस देने को बोल दिया है और अंकित की शादी के वक़त सब को एक एक 4 व्हीलर देने को बोल दिया है

आकाश : ok महारानी साहिबा जैसा आपका हुकुम

उसके बाद सब अपने अपने काम मैं चले जाते है

अपडेट पोस्टेड भाईलोग

ी होप यू लिखे आईटी

सेव् यू सून

ब्बये
 
अपडेट 118

सब अपने अपने काम मैं लगी हुए थे अंकित की सभी बहने अपने लिए ड्रेस सेलेक्ट कर रही थी निशा मनीषा भी बाकि की लेडीज भी यही काम कर रही थी

अपने अंकित भाई रूम मैं थे और अपने ब्लेजर को देख रहे थे की कोनसा पहने वो बहुत कन्फ्यूज्ड था क्यों उसके ब्लेजर एक से बढ़ कर एक थे

तभी वह आर्यन और कारन आगये

आर्यन : और भाई क्या हाल चल क्या कर रहा है

अंकित : hello बस ये ब्लेजर देख रहा हु की कोनसा पह्नु आर्यन कारन तुम बताओ कोण सा पह्नु

कारन : कोई सा भी पहन ले यार सब तुझ पर सूट करते है

आर्यन : है भाई सही कहा इतना हैंडसम जो ठहरा

अंकित : मज़ाक नहीं यार बोलना कोनसा पह्नु

फिर आर्यन और कारन ने एक एक ब्लेजर उठा लिया

दोनों : ये पेहेन

अंकित : चुतियो मेरे साथ मज़ाक कर रहे हो एक साथ दो कैसे पह्नु

दोनों : यार कोई सा भी पहन लेना सभी तो ा छे है

अंकित : उम्म्म फिर भी कंफ्यूज हो रा हु

तभी वह निशा और तन्वी आजाते है

निशा : hello आर्यन hello कारन कैसे हो बीटा आपलोग

तन्वी : hello बच्चो

दोनों : hello निशा आंटी hello तन्वी आंटी वे अरे फाइन

निशा : अच्छा हुवा जो आप लोग आगये अब अंकित को लेके जाओ और सेलों मैं रेडी करवाके लाऊ देखो इसके बाल कितने बढ़ गए है

अंकित : अरे मुम्मा पीछे महीने hi तो हेयर कट कराये थे इतने भी बड़े नहीं हुए

निशा : नहीं देखो कितने बढ़ गये है और आज पार्टी है तो मेरा बीटा सबसे ज्यादा हैंडसम लग्न चाहिए चलो जाओ

अंकित : ok मुम्म जाता हु पर पहले मेरी एक हेल्प करिये बतईये इनमे से कोनसा पह्नु

निशा : इनमे से कोई भी नहीं क्यों की मेने तेरे लिए एक ाचा सा सूट मंगवा लिया है और रक्षा केलिए उसी के अकॉर्डिंग ड्रेस भी तो ऑउटफिट की चिंता मत करो जाओ अब

अंकित : ओह्ह्ह थैंक्स माँ आपने तो मेरी टेंशन hi दूर कर दी

तन्वी : अब जाओ और रेडी होकर आओ और सुनो लंच घर पर hi करना है तो बहार मूत चले जाना कारन आर्यन तुम दोनों भी यही लंच करोगे और मुझे इस बात पे कोई आर्गुमेंट नहीं चाहिए

दोनों : अब आपने बोल दिया है तो ठीक है चल बे ोू एक तो सेलों वाली तुझे जल्दी चोरवगी नहीं

तन्वी : वो क्यों भला

आर्यन : अरे तन्वी आंटी ये भाई साहब बॉडी से और फेस से इतने हॉट एंड सेक्सी है की वो इसको रेडी करने मैं 15 मं लगाती है लेकिन अगले 2 घंटे तक किसीने किसी बहाने से टच करई hi रहेगी

अंकित : अरे तुझे वो hi मिली क्या आज

आर्यन : हां यार मेने वह फ़ोन किया था अब वो hi है

अंकित : लग गए

निशा : इसमें ऐसा क्या है सिर्फ टच hi तो कर रही है और इतने हैंडसम होकर लड़कीओ के टच से डरते हो

यहाँ आर्यन फ्लो फोल्व मैं बोलजता है

आर्यन : अरे आंटी ऐसा नहीं है लेकिन जब हम एन्ड लेवल पर होते है तब वो हमारा कलपद कर्जाती है

तन्वी : कलपद मतलब

आर्यन: खड़े लूणू.....

अंकित : ैय्येई इ चल चल कारन जल्दी इसको लेचल

और तीनो निकल लिए पीछे से निशा और तन्वी हसने लगी

निशा : सच मैं इंटीनो की दोस्ती बड़ी दिलचस्प है

तन्वी : सही कहा दीदी चलिए अब जरा मुझे भी अपना ऑउटफिर सेलेक्ट करवाईये

निशा : है चल

यहाँ ये तीनो निचे आगये और अंकित ने अपनी अपनी रेंज रोवर निकली और तीनो निकल पड़े सेलों की ऑर्डर

कारन ड्राइव कर रहा था

आर्यन : सॉरी बीआरओ वो थोड़ा फ्लो फ्लो मैं बोलगया

अंकित: भोस्डिके तेरे फ्लो के चक्कर मैं मेरे लौड़े लग जाते अभी

आर्यन : हाहाहाहा सही भाई वैसे अब जल्दी चली नूर को ज्यादा वेट नहीं करते

अंकित : अबे सेल ये नोरर कोण है बे

आर्यन : वही सेलों वाली लड़की उसका नाम नूर है

कारन : भाई मुझे तो लगता है ये तेरे चक्कर मैं अपने झंडे गार रहा है

अंकित : ये साला सुधरेगा नहीं

फिर ये तीनो ऐसे hi बाटे करते करते पहुंच जाते है सेलों मैं

वह पहुंच कर देखते है वह

मैनेजर : अरे अंकित जी आईये आईये

वेलकम

अंकित : hello मैनेजर साहब कैसे है आप

मैनेजर : बस अच्छा आप क्या लेंगे चाय कॉफी ठंडा

अंकित : सॉफ्ट ड्रिंक चाहिए आज गर्मी बहुत है

फिर क्या मैनेजर ने मंगवा लिया ड्रिंक्स पि कर

अंकित : मुझे आज शाम की पार्टी केलिए रेडी होना है

मैनेजर : ok नुरररर यहाँ आओ अंकित जी को रेडी कार्डो

अंकित : फास गए

आर्यन : क्या भाई कुछ कहा तूने

अंकित ने उसे घर कर देखा तो आर्यन मुस्कुरा गया

फिर नोरर ने अंकित को रेडी किया और इस बार भी उसने 23 घंटे लगा दिए और फिर ये लोग वापस घर आगये घर आकर सब ने लंच किया

फिर आर्यन और कारन शाम को पार्टी मैं मिलने का बोल कर चले गए

और अंकित थोड़ी देर लेट गया अपने रूम मैं वो आखें बढ़ करके लेता हुवा था की उसे अपने फेस पर कुछ गिला गिला महसूस हुवा ऐसा लग रहा था की जैसे रास भरी गुलाब की पंखुडिया उसके चेहरे पर टच हो रही है उसने आखें खिल कर देखा तो वह नेहा थी

अंकित ने उसकी कमर मैं हाथ डाला और अपने बराबर लेता लिया उसका सर चुम कर बोलै

अंकित : डीडू आप यहाँ

नेहा : है अब मुझसे रहा नहीं गया तो चली आयी

अंकित : सही किया उम्माह

अंकित नेहा के थोथों को चूमा और बाटे करने लगा

अंकित : सॉरी दीदी मैं कहकर भी आज की पार्टी मैं आपको अपनी अस वाइफ नहीं रख सकता सिर्फ आपको hi नहीं मेरी सभी बीइओ को

नेहा : सीईई मुझे बिलकुल बुरा नहीं लगा मेरी जान और मुझे इस दुनिया से मतलब hi नहीं है मुझे मतलब है तो सिर्फ तुमसे और मेरी फमलीय से

अंकित : दीदी एक बात कही बुरा तो नहीं मानोगी

नेहा : अगर अब ये कहा की बुरातो नहीं मानोगी तो जरूर थप्पड़ खायेगा मेरे हाथ से मुझे तेरी किसी भी बात का बुरा नहीं लगता

अंकित : ठीक है डीडू तो मेरी आप सभी बहनो से कुछ कंडीशन है

नेहा : मैं ये बाटाडू की मुझे तेरी हर बात मंजूर है फिर चाहे बात कोई भी हो

अंकित : दीदी सूं तो लो

नेहा : मेने कहा न मैं तेरी हर बात मानूंगी

अंकित : अच्छा तो ठीक है मेरी शर्ट है की

1 : मैं आपको शादी के बाद अपनी बहनो को नाम के साथ साथ दीदी भी कहूंगा

2 : शादी के बाद अगर डैड कहे की वो मेरी बीइओ को छोड़ना चाहते है तो आप सब मन नहीं करेंगी

3: मैं शादी के बाद 1 वीक मैं 3 दिन अपनी बिवो के साथ और तीदीन अपनी मुम्मो के साथ सोऊंगा

4 : आपको सभी मुम्मो के साथ पहले जैसा hi बेहेवियर रखना होगा

नेहा : साडी शर्ते मंजूर है और बाकियो की चिंता मत करो उन्हें मैं मानलुंगी

अंकित : हाय मेरी जान डीडू आपकी इस अदा पर hi तो मैं फ़िदा होगया

नेहा : भाई तू सच मैं बहुत सैतान होता रहा है

ऐसे hi ये दोनों कुछ देर प्यार भरी बाते करते है और एक दूसरे को हुग करके सजाते है 1 घंटे बाद मनीषा वह आती है तो देखती है दोनों बहुत प्यार से चैन की नींद सो रहे है मनीषा वह जाती है और नेहा को जगती है

मनीषा : नेहा बेबे चली उठो और रेडी होने जाओ चलो जल्दी

नेहा : माँ आप उम्म्म कितनी अच्छी नींद आ रही थी

मनीषा : बीटा अब नींद को सुलङो और जाओ फ्रेश होजाओ ब्यूटिशियन आती hi होंगी

नेहा : ok ूम्मा मीय लवली माँ

मनीषा भी नेहा के होठों को किस करदेती है

मनीषा : मेरी लवली बेबी अब जाओ

नेहा चलो गयी और मनीषा अंकित को हुग करके लेट गयी

मनीषा : बीटा चलो दूध पिली और फ्रेश होजाओ मुझे पता है तुम जाग रहे हो

और मनीषा ने अपनी ड्रेस को साइड किया और अपनी एक चुकी निकली और अंकित के मुँह मैं देदी

अंकित : ुउउम्माह्ह्ह माँ ूउम्म्म म ूउम्म्म आप सच मैं मुझे जगाने मैं माहिर हो

मनीषा : माँ हु मैं तेरी बदमाश मुझे पता है मेरा बीटा कैसे जागता है चलो अब बहुत प्यार होगया अब फ्रेश होजाओ

फिर ऐसे hi शाम होजाती है और सब पार्टी के वेन्यू पर पहुंच जाते है वह पार्टी मैं सब लोग ए हुए थे बड़े बड़े बिजनेसमैन, नेता, मिनिस्टर्स सब लोग

और फिर आकाश ने सब के बिच ये अनाउंसमेंट किया की नेक्स्ट वीक अंकित की शादी है और इस सैटरडे नाईट उसकी एंगेजमेंट है

सब लोग शौक बभी थे और खुश भी

फिर सब पार्टी एन्जॉय करने लगे

वह लग भाग सभी जवान लड़के लड़किया अंकित और रक्षा से जल हूँ गए थे

लड़को का रक्षा को देख कर बुरा हाल था तो लड़कियोका अंकित को देख कर

और फिर यहाँ वही हुवा जिसका अंकित की बहनो को दर था उनके लिए शादी का प्रपोजल आया

वह एक आदमी अपनी बीवी और बेटे बेटी के साथ वह आकाश के पास गया और उसे बोलै

आदमी : hello मर. रावल

आकाश : ओह्ह मर संघवी हाउ अरे यू

संघवी : ी ऍम फाइन

आकाश : अंकित बेटे ये है मर. संघवी इनका भी होटल्स का बहुत बड़ा बिज़नेस है और हमारे साथ इनकी कई डील्स हुयी है

अंकित : hello अंकल

संघवी : hello यंग मन कोंग्रटुलतिओन्स फॉर ब्यूटीफुल वाइफ

अंकित : थैंक्स अंकल

संघवी : वैसे आकाश जी मैं यहाँ आपसे ये बात करने आय था. वैसे ये है मेरा बीटा विनीत इसने हाल hi मैं अपना फॅमिली बिज़नेस ज्वाइन किया है और आते hi इसने एक बड़ी डील को कम्पलीट किया है

आकाश : ओह्ह वूव god's बीट यौंगमान ऐसे hi हंमेशा पूरी लगन से आगे बढ़ना

विनीत : थैंक्स अंकल

मर. संघवी : वैसे आकाश जी मैं कहता हु हमारी ये बिज़नेस फ्रेंड शिप रिश्तेदारी मैं बदल जाये मुझे और विनीत की माँ को आपकी बड़ी बेटी नेहा बहुत पसंद आयी और हम उसे हमारे घर की बहु बनाना चाहते है

यहाँ सब नार्मल hi थे क्यों की उन्हें पता था की आकाश मनीषा और निशा का क्या जवाब होगा

आकाश : मर संघवी वे रेस्पेक्ट योर प्रपोजल बूत मेरी सभी बेतिया अपना फॅमिली बिज़नेस ज्वाइन करना चाहती है उन्हें उसमे ज्यादा इंटरेस्ट है और वो अभी शादी नहीं करना चाहती इसी लिए वे अरे नॉट एक्सेप्ट योर प्रपोजल सॉरी फॉर थिस

संघवी : आकाश जी हम जानते है बूत आज नहीं तो कल आपको इनकी शादी तो करनी hi होगी हम कहते है की अभी सिर्फ एंगेजमेंट होजाये शादी कब आप बोलोगे तब होगी

आकाश : यस मर संघवी बूत आप नेहा से hi पूछ लो जो उसका डिसिशन होगा वही मेरा होगा

संघवी : नेहा बीटा आप बिज़नेस करना चाहती हो तो कोई बात नहीं बूत अभी सिर्फ एंगेजमेंट hi तो कर रहे है

नेहा : सॉरी अंकल बूत अगर एंगेजमेंट होगयी तो फिर मुझे तो पता है की मैं अपना पूरा ध्यान अपने बिज़नेस पर hi दूंगी और इसी वजह से मैं अपनी शादी पर ज्यादा ध्यान नहीं दूंगी जिससे शायद आपके बेटे को भी टाइम न दे पाव इसी लिए मेरी ना है

निशा : देखिये भाई साहब हम अपने बच्चो को सपोर्ट करते है हम जानते है की हुमारव बच्चो की खुसी किस्मे है

मनीषा : इसी लिए वे अरे नॉट एक्सेप्ट योर प्रपोजल

मर संघवी : वेल वे अरे रेस्पेक्ट योर डिसिशन बूत इससे यू चेंज योर मंद काल में ok

और मर संघवी ने हाथ आगे बाध्य और आकाश ने भी फिर दोनों ने हैंड शेक किया और मर संघवी निकल लिए

और बाकि सब पार्टी इंजॉय करने लगे

विनीत : डैड ी लव नेहा प्लीज कुछ करिये बी हुक बी क्रूक बूत प्लीज मेरी शादी नेहा से करवाईये

मर संघवी : तुझे उससे भी अच्छी बीवी मिलजाएगी अब उसे भूल जा बीटा

विनीत : डैड मैं नेहा से शादी कर के रहूँगा मेरे भी कई कॉन्टेक्ट्स है

मर संघवी : एक बड़ी डील पूरी करके अपने आपको बहुत बड़ा बिज़नेस में मूत समाज बीटा तू जनता नहीं है वो कोण है ये बता की हमारी कितनी कंपनी है

विनीत : दो कपोनी है एक मेटल आइटम्स प्रोडक्शन की और एक इलेक्ट्रॉनिक की और दोनों hi अच्छी चल रही है और हमारे शेरस भी ाची पोजीशन पर है

मर संघवी : हम्म मेटल पेरट्स, क्लोथ्स, होटल्स, एंड गोल्ड एंड डिमांड प्रोडक्ट्स, एंड ऑटोमोबाइल पार्ट्स, कितनी कंपनी हुयी

विनीत : 5 कंपनी

मर संघवी : है तो एहि पांच कंपनी का मालिक है आकाश रावल और उसकी कंपनी हमारी तरह नेशनल नहीं है उसकी पाछो कंपनी मल्टीनेशनल कंपनी है पं के साथ सीधा कांटेक्ट है उसके पास तूने कुछ ऐसा वैसा किया तो वो तुझे पूरी दुनिया के सामने जान से मार देगा और किसी मैं इतनी हिम्मत नहीं होगी की तुझे बचा सके इसी लिए बेहतर यही है की नेहा को भूल जा

विनीत भी दर गया की कही नेहा को पाने के चक्कर मैं जो एक एलिसन जिंदगी जी रहा है वो न गवा दे इसी लिए वो भी निका गया

फिर अंकित और फॅमिली भी रावल मेंशन आगये और रक्षा एंड फॅमिली भी वापस चली गयी अपने घर

सभीलोग सोने चले गए

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड

ी होप यू लिखे आईटी

सेव् यू सून

ब्बये
 
अपडेट 119

अंकित और सभी लोग पार्टी मैं से वापस घर आचुके थे अभी लोग थक गए थे

अभी अंकित अपने रूम मैं फ्रेश हो रहा था और फिर एक शॉर्ट्स मैं बहार आगया और बीएड पर लेट गया

थोड़ी देर बाद मनीषा उसके रूम मैं आगयी और दूर लॉक करदिया

वो बीएड पर लेट गयी और अंकित उसकी बाँहों मैं समां गया

अंकित : माँ उम् आप ाचा हुवा आप आगयी मैं सोच hi रहा था की अभी तक कोई क्यों नहीं आया

मनीषा : हम्म मेरा आना अच्छा लगा तुम्हे

अंकित ने अपना सर उठाया और मनीषा के गालो पर किश करते हुए

अंकित : माँ आप ऐसा क्यों बोल रही हो

मनीषा : अरे ऐसा कुछ नहीं मुझे लगा की तुम ये पूछोगे की निशा दी क्यों नहीं आयी

अंकित : ओह्ह्ह समझ गया आप आगयी मतलब मुम्मा भी आगयी और मुम्मा आगयी मतलब आप hi आगयी आप मुम्मा और मम्मी (तन्वी) अगल थोड़ी hi हो मेरे लिए आप तीनो hi मेरे लिए एक दम शामे हो

ये सुन कर मनीषा की आखें नुम होगयी

मनीषा : बीटा सॉरी मैं hi गलत समझ बैठी

अंकित : माँ क्या हुवा आप रो क्यों रही है क्या हुवा आपको

अंकित मनीषा की आखें नुम देख कर वो तड़प उठा

मनीषा : नहीं नहीं बीटा ऐसा कुछ नहीं मेरी बात सुन वो तुम अभी कुछ वक़त निशा दीदी के साथ hi ज्यादा रहते थे तो मैं hi बुद्धू ये समाज बैठी की तुम निशा दीदी से ज्यादा प्यार करते हो सॉरी बीटा माफ़ करदे

अंकित ने अपना सर मनीषा के सीने मैं रखा और जोर से हग किया

अंकित : माँ आप ये सब कभी मत सोचना आप तीनो मेरी माँ हो और मैं आप तीनो से जान से ज्यादा प्यार करता हु आप भी मेरे लिए उतने hi मायने रखती है जितना निशा माँ और तन्वी माँ ok आपके सीन मैं भी हंमेशा आपके बेटे को सुकून मिलता है माँ ऐसा कभी मत कहना मेरी प्यारी माँ हो आप

और मनीषा ने अंकित का सर उठा कर उसका सर चुम लिया

मनीषा : ओह्ह मेरा प्यारा बीटा उम्माह सॉरी बीटा

अंकित : नहीं माँ आपका भी मुझ पर हक़ है और अपना हक़ लेने से कभी मत चूकना

मनीषा : जरूर अब सजा क्यों की कल मुख में ब्लड इम्प्लांट होने वाला है तो 3 दिन तो बेहोश रहूंगी

अंकित : है आपके साथ साथ ज़रा ममी मेघा बुआ सुमि बुआ रजनी मसि और रक्षा भी है

बस एक बार ये होजाये फिर हमारे घर मैं खूबसूरती hi खूबसूरी होगी

मनीषा : है सही कहा

फिर ये दोनों सो गए नेक्स्ट मॉर्निंग हुयी सब लोग नास्ता करके बाद अपने अपने काम पर चले गए

मनीषा, मेघा, सुमि, ज़रा, रजनी और रक्षा रावल मेंशन के बने एक रूम मैं गयी जहा डॉ. लीज़ा थी सभी लेडीज अपने अपने बीएड पर लेट गयी

उसके बाद लीज़ा ने एक कोल्ड केस को खोला जिसमे अंकित के ब्लड के पाउच थे सबको एक एक पाउच लगाया गया और धीरे धीरे सभी बेसोश होती गयी

ऐसे hi दिन निकल गया और शाम के 7 बझे थे निशा थोड़ा टेंश लग रही थी

अंकित निशा के पास आया और बोलै

अंकित : मुम्मा क्या बात है आप टेंशन मैं लग रहे हो

निशा : है वो खाना बनाना है पर अकेले मैं सब काम कैसे करुँगी चली कर भी लुंगी बूत तेरे डैड को खाना टाइम पर चाहिए होता है अगर खाने का टाइम 30 मं से ज्यादा इधर उधर होता है तो उनका रूटीन बिगड़ जाता है

तभी पीछे से आवाज आयी

मोनिका : मुम्मा हम आप की हेल्प करेंगी सभी की सभी

निशा : नहीं बीटा मैं बना लुंगी तुम्हे काम करने की जरुरत नहीं है

नेहा : माँ हम भी खाना बना hi सकती है और हमने पुरे मेंशन मैं हर काम के लिए सर्वेंट्स रखे है बूत खाना आप मम्मी लोग hi बनती है

निशा : वो इसी लिए क्यों खाने का असली स्वाद

घर की बहु बेटियों के हाथ मैं hi होता है

नेहा : तो हम भी इस घर की बेतिया है हमे भी खाना बनाने का आप जितना hi शौक है

अंकित : माँ आप इनसे नहीं जीत सकती इन्हे बनाने दो

नेहा : बोलै मुम्मा का लाडला

निशा : अच्छा ठीक है जाओ जरा मैं भी तो देखु कितना खाना बनाना आता है पर स्वीट डिश मैं hi बनाउंगी

अंकित : वाओ मुम्मा कोनसी

निशा : फ्रेश एपल्स से बना हुवा एप्पल कस्टर्ड

अंकित : एक आपने तो अभी मुझे वो नहीं खिलाया

निशा : आज खिलाती हु मेरे बच्चे को अपने हाथो से

फिर क्या था सब खाना बनाने मैं एक दूसरे की हेल्प करने लगे

तभी ाक्ष आज्ञा

आकाश : वह क्या नज़ारा है मेरी बेतिया खाना बना रही है

निशा : आपकी बेतिया भी आपकी तरह ज़िद्दी है मणि hi नहीं

आकाश : करने दो इन्हे निशा इन्हे जिसमे खुसी मिलती है वो काम इन्हे करने दो

फिर क्या था डिनर बन गया और सबने अभी एक निवाला hi खाया था

अंकित : वहहह यार क्या मत पनीर बनाया है किसने बनाया ये

मोनिका : ये नेहा दीदी ने बनाया है

आकाश : हम्म और ये सूटेड वेजिटेबल किसने बनाये ये

साक्षी : ये कीर्ति ने बनाये है

आकाश : कीर्ति बीटा सच में बहुत ज्यादा टेस्टी है

कीर्ति : थैंक्स डैड

निशा : और ये सलाद मैं दावे के साथ कह सकती हु की ये हमारी डाइट क्वीन मोनी ने बनाया है क्यों मोनू सही कहना

मोनिका : है मुम्मा बूत मेने सिर्फ वेजिटेबल चूस किये थे इनकी ड्रेसिंग साक्षिणे बनायीं है

निशा साक्षी और मोनिका निशा के अगल बगल hi बैठी थी उसने दोनों का सर चुम लिया

निशा : सच मैं तुमदोनो की जोड़ी खाना बनाने के मामले मैं बहुत ज्यादा अच्छी है

आकाश : अरे हमारी टीयू बेबी ने कुछ नहीं बनाया

नेहा : अरे डैड वो अभी छोटी है बूत उसने हम सभी बहनो की हर डिश बनाने मैं मदद की है

आकाश के बगल मैं बैठी तिया शर्माने लगी और आकाश ने उसका सर चुम लिया

आकाश : बहुत ा छे बेबी आप ने भी बहुत ाचा काम किया

तिया : थैंक्स डैड

फिर सबने डिनर एन्जॉय किया और फिर स्वीट डिश का मज़ा लेने लगे

आकाश : आठ इसकी तो खुशबु से hi पता चल गया की ये निशा ने hi बनाया है

अंकित : उम्म्म मुम्मा सचमे बहुत टेस्टी है ये

निशा : थैंक्स हनी

फिर सब अपने अपने कमरे मैं चले गए

निशा : अंकित बीटा आप अपने रूम मैं जाओ मैं अभी आती हु मुझे आपके डैड से बात करनी है

अंकित : ठीक है माँ जल्दी आना

फिर निशा आकाश के रूम मैं चली गयी

आकाश : आओ मेरी जान

निशा : आप को चुदाई करनी हैना आज तन्वी भी नहीं है तो मेने सोचा

आकाश : नहीं मेरी जान वो असल मैं आज ऑफिस मैं 2 बार कर चूका हु तो अभी कोई टेंशन नहीं है

निशा : अच्छा मैं कह रही थी की हमारे बेटे की एंगेजमेंट है तो आपने कुछ सोचा की नहीं

आकाश : अरे है एक मं

आकाश ने अपना लैपटॉप ों किया और उसमे एक तस्वीर दिखादि निशा सो

आकाश : केसा है ये ररेअर डिमांड्स है पूरी दुनिया मैं ऐसे बस कुछ hi डिमांड होंगे मेने ऐसे 6 डिमांड मंगवाए है

निशा : है ये सही किया आपने पर अंकित केलिए

आकाश : वो विनोद जी का कॉल आज्ञा था पहले hi उन्होंने अंकित केलिए एक इससे भी कॉस्टली रियर डिमांड मंगवाया है ेगीपत से और वो एक ब्लू डिमांड है

निशा आकाश के सीने से लग गयी और उसके किश किया

निशा : थैंक्स डार्लिंग आपने मेरी साडी चिंता दूर करदी

आकाश : तुम जान हो मेरी मैं भी तुम्हे समाज ता हु मेरी जान

निशा : थैंक्स आकाश उम्माह और फिर निशा चली गयी

ऐसे hi दिन बीतने लगे और 4 दिन निकल गए इन 4 दिनों मैं सभीका इम्प्लांट फिनिश हो चूका था सभी की सभी लेडीज बुद्धो का भी सिर्फ एक झलक मैं पानी निकलडे ऐसी सूंदर बन चुकी थी फिर सबने एंगेजमेंट की शॉपिंग की और आखिर कार वो दिन भी आज्ञा

सब लोग एंगेजमेंट के वीनस पहुंच चुके थे सभी लोग पार्टी एन्जॉय कर रहे थे फिर विनोद स्टेज पर आया

विनोद : माय आल फ्रेंड्स एंड फॅमिली अटेंशन प्लीज आज हम सब जमा हुए है मेरी बेटी की एंगेजमेंट केलिए हर बा बाप का सपना होता है की उसकी बेटी अपने से भी ज्यादा ा छे परिवार मैं जाये और मेरी बेटी केलिए भी मेरा यही सपना था और ऐसा हुवा भी सो प्लीज क्लैप फॉर मई फ्यूचर सोन इन लॉ अंकित आकाश रावल

अंकित स्टेजेस पर आया सब लोग तालिया बजा रहे थे फिर शुरू हुयी सगाई की रश्मि फिर रिंग पहनाने की बरी आयी

मीडिया वाले दोनों रिंग्स की फोटो ले रहे थे उसके बाद अंकित ने रक्षा को रिंग पहनाई और रक्षा ने अंकित को और एक बार फिर हॉल मैं तालियों की आवाज गुन्झने लगी

फिर विनोद ने एक शैम्पेन की बोतल अंकित को दी और फिर सब लोग के हाथ मैं जाम थे

विनोद : थिस फॉर माय गॉर्जियस एंड लवली डॉटर एंड माय फ्यूचर हैंडसम एंड डासिंग सोन इन लॉ

चीईररस्सस्स्स्स

फिर क्या था अंकित और रक्ष अपनी बहनो के साथ फोटोज खींचने लगे यहाँ मीडिया ने आकाश को घेर लिया

मीडिआ : आकाश जी सुना है आपकी बेतिया बिज़नेस करना चाहती है

आकाश : यस थिस इस ट्रुथ वो बिज़नेस वीमेन बनना चाहती है

मीडिआ : और हमने सुना है की आपने जैसी डिमांड रिंग रक्षा जी को दी है वैसी आपके पास 5 और है

आकाश : है वो बात ये है की ये डिमांड मेने अपनी बेटियों केलिए लिए थे क्यों की उन्हें ऐसी रिंग चाहिए थी खुद केलिए तो मेने एक एक्सरे मँगवाली क्यों की रक्षा मेरी भफहाउ नहीं बेटी है तो इस में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए मई बे I'll गोओ ok प्लीज एन्जॉय थे पार्टी

फिर क्या था सब पार्टी इंजॉय करने लगे

यहाँ अंकित और रक्षा अपने फ्रेंड्स के साथ लगे हुए थे

फिर आर्यन और अंकित जरा अकेले मैं आये

आर्यन : भाई एक काम था

अंकित : है बोल क्या काम था

आर्यन : वो कल हमसब बुआ के पास जा रहे है ऑस्ट्रेलिया

अंकित : हटो इसमें क्या हुवा

आर्यन : वो डैड को बिज़नेस केलिए बहार जाना है तो वो आज यहाँ पार्टी के बाद निकल जायेंगे और परसो रात को आएंगे और मैं और मेरी बहने 3 दिन बाद आएंगे तो माँ घर पर अकेली रहेगी

अंकित : हटो तू क्या कहता है

आर्यन : मैं कहता हु की तू माँ के साथ रुक दो दिन केलिए और उनके साथ थोड़ा मज़े कर

अंकित : अरे ये क्या बोल रहा है पिछली बार तेरा सेट करना था इसीलिए वो किया था और अब तू फिरसे

आर्यन : भाई तेरे बहुत एहसान है मुझपे और माँ भी ये चाहती है प्लीज मेरी बात मान जा

अंकित : फिर भी यार चल ठीक है

आर्यन : थैंक्स यार थैंक यू सो मच

अंकित : चल बे थैंक्स बोलेगा वो भी मुझे थप्पड़ खायेगा मेरे हाथ से

फिर सब लोग घर आगये और घर आते hi पहले अंकित ने अपनी सभी बहनो को वो रिंग पहनाई

अंकित : और मुझे कोई रिंग नहीं चाहिए मेरी इसी एक रिंग मैं मृ पांचों जान का नाम कैद है

आकाश : बीटा मैंने तेरे लिए और रिंग्स आर्डर करदी है

अंकित : डैड वो सांक्ले करदिजिये मुझे रिंग नहीं मेरी बीविया प्यारी है

आकाश : जैसा तू ठीक समझे

अंकित : डैड आज तन्वी माँ को मेरे साथ सोने दीजिये

आकाश : ok तन्वी जाओ

फिर सब सोने आगये पर तन्वी और अंकित कहा सोने वाले थे

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 120

अंकित बाथरूम मैं गया और शावर ों किया और नहाने लगा फिर रेडी होकर अपने रूम मैं आज्ञा उसने देखा की उसकी तन्वी माँ बीएड पर बैठी हुयी है एक सेक्सी निघ्त्य मैं

अंकित : आप कब आयी मम्मी

तन्वी : जब तुम फ्रेश हो रहे थे तब

अंकित : है वो आज थोड़ा ज्यादा hi सरीर पसीने से भर गया था

तन्वी : हम्म यहाँ आह मेरे पास

अंकित बीएड पर गया और तन्वी की बाँहों मैं समां गया तन्वी एक हाथ से उसकी पीठ सेहला रही थी तो दूसरा हाथ अंकित के सर को

तन्वी : कितने दिनों बाद तुम ऐसे आये मेरे पास कब से तरस रही थी की कब बीटा आये

अंकित : बस मम्मी सही टाइम का वेट था जो आज है क्यों की मीरां जनता था की अगर मैं आपके पास आया तो खुद को रोक नहीं पाउँगा

तन्वी : बीटा मुझे कोई गिला नहीं की तू मेरे पास नहीं आया और मैं जनता हु तूने क्या कुछ नहीं सेहेन किया अब जो बिट गया उसे भुला दो और आज अपनी इस मम्मी को धीर सारा प्यार करो

अंकित उठा और अपने होठों को तन्वी के होठों से चिपका दिए

अंकित : ूउमंमाहहह ूउमंमाहहह ूउम्म्म पप्पूउउउउक्छ्ह ऊम्मम छू छुऊं उम्माह्ह्ह्ह ूउमंमाहहह

तन्वी : उम्माह्ह्ह्ह उम्माह बेटे तेरे किसी करने का अंदाज़ज आज भी खुस्स करदेता है ोूमाःह्ह्ह ूमाहहह उम्माह्ह्ह्ह

अंकित : ूमाहहह उम्माह्ह्ह्ह ूउमंमाहहह उउउउम्माह पपूछह ूमाहहह मम्मी आपके होठ बहुत अच्छे है उम्माह

तन्वी : सब तेरा hi है मेरे बच्चे उम्माह्ह्ह्ह उम्माह उम्माह ूमाहहह ूमममम पपूछब

फिर अंकित तन्वी की नैक पर किश करने लगता है

तन्वी : आठ बेटे आठ तेरी आज भी बच पैन की आदत नहीं बदली अपनी इस मम्मी के गले को चूमने की बच पैन मैं ऐसे किश परता था ूमाहहह

फिर अंकित तन्वी के दुद्धपर आज्ञा

अंकित : आठ मेरे फेवरेट है ये मेरे बचपन का सब से कीमती और पसंदीदा खिलौना मम्मी इनका दुधु पीलू

तन्वी : तेरे hi है मेरे बाबू पिले इनपर तेरा सबसे ज्यादा हक़ है

फिर अंकित ने तन्वी की ब्रा निकल दी और तन्वी के 35 साइज के परफेक्ट दूध सामने आगये जो इम्प्लांट के बाद बहुत ज्यादा सेक्सी होगई थे एक दम गोर और उस के बिच मैं गेहुए रंग के निप्पल्स और भी ज्यादा कमाल लग रहे थे

अंकित तो टूट पड़ा

अंकित : ूमममम सुर्र्प्प ूमाहहह ूमाहहह ूउम्म्म सुर्र्प्प ूउमंमाहहह ुउउम्मा

और एक साथ से एक दूध को दबाने लगा क्या hi सॉफ्ट होंगे तन्वी के चुके ऊपर से तने हुए

तन्वी : आठ बीटा पिले मेरा दूध आठ बहुत तरसे है ये तेरे लिए ूमम ओह्ह्ह बीटा धीरे आठ मैं भागी थोड़ी जा रही हु आठ आह्ह्ह्ह ऐसे hi आठ

अंकित : सुर्र्प्प ूमाहहह उम्माह ऊम्मम सुर्र्प्प ूमाहहह सुर्र्प्प ुम्हह ुउमाठ

फिर अंकित आज्ञा तन्वी की छूट पे

अंकित ने एक बार गहरी साँस अंदर ली और उसकी आखों मैं लाल डोरे टेरने लगे

तन्वी : बीटा किसी लगी अपनी मम्मी की खुशबु हम्म्म

अंकित : मम्मी आप की खुशबु मुझे पागल कर रही है

तन्वी : बीटा सर खुशबु hi लोगे या अपनी इस मम्मी का रास भी चखोगे

अंकित ने सीधा पेंटी निकली और अपना मुँह तन्वी की छूट से लगा दिया

अंकित : सुर्र्प्प सुर्र्प्प उम्माह ूउम्म्म ससूरररपपप ूमाहहह लीक लीक लिक ूउम्म्म ससूरररपपप

तन्वी : हाय मेरा बचा आह्ह्ह्ह ऐसे चाट अपनी मम्मी की छूट को आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह एसससस आह्ह्ह्ह

अंकित : सुर्र्प्प सुर्र्प्प ुउमाठ ूउम्म्म पपूछह ुउउम्मा सुर्र्प्प

तन्वी : आअह्ह्ह अंकित हाय माआ स्सीइ आअह्ह्ह ऐसे hi आअह्ह्ह बीटा रुकना मत आअह्ह्ह

अंकित : सुर्र्प्प सुर्र्प्प ुउउम्माहहससूररपपप ससूरररपपप ऊम्मम मम्मी मुझे आपका पानी पीला दो आठ ूउमंमाहहह सुर्र्प्प

तन्वी : आठ बीटा पिलाऊंगी बेटे रुकना मत आह्ह्ह्ह ऐसे आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह यस याहः ईस aahhhhaaahhhhhhhhhhhh

ससस्कककुर्र्रीीट्ट्ट्ट

ससस्कककुर्र्रीीट्ट्ट्ट

और तन्वी ने फव्वारा चोर दिया अंकित पूरा का पूरा पानी पी गया

अंकित तन्वी के पास गया और उसके गली पर किश करने लगा

तन्वी : हहहह आह्ह्ह्ह केसालगा पानी मेरे बाबू को

अंकित : बहुत स्वीट एक दम मेरी मम्मी के जैसे अब आप मेरे लुंड को गिला कार्डो फिर आपकी चुदाई करूँगा

तन्वी : तेरे साथ चुदाई केलिए तो साली से तड़प रही थी

फिर अंकित सीधा लेट गया और तन्वी उसके लुंड को मुँह मैं भर लेती है

तन्वी : उम् इसकी खुशबु के तो क्या कहने ूउम्म्म ोूगगगग ोूगगगग ूम्मा ससीईई ठयऊ ोूगगगग ोूगगगग ूगगग ूउम्म्म सुर्र्प्प ूउम्म्म

अंकित : आठ मम्मी आठ कितना अच्छा चुस्ती हो आप आह्ह्ह्ह आपका मुह्ह कितना गरम है

तन्वी : ोूगगगग ीूऊगगगगग ूम्मा ाहह्ज सीईई तेरा लुंड भी तो इतना मस्ट है मन करता है बस चुस्ती hi राहु ोूगगगग ोूगगगुणुग्गगग

फिर अंकित ने तन्वी को रोका और सीधा लेतादिया

और उसकी छूट पर अपना लुंड को थोड़ा पुस किया तो उसका सूपड़ा अंदर घुस गया

फिर अंकित एक दम धीरे धीरे अपना लुंड अंदर डालता गया उसका आधा लुंड घुस गया

तन्वी : आठ बीटा धीरे धीरे क्यों डाला आठ ृक्क जोऊ आह्ह्हह्ह्ह्ह दाअररदद्ड हो राहहह ह्हैई आह्ह्हह्ह्ह्ह ससीईई उउइउहहहहह ाहह्ज ओह्ह्ह बीटा ाहह्ज

अंकित ने फिर एक जोरदार झटका मारा तो उसका लुंड तन्वी की बच्चे दानी से टकराया

और इस एहसास से hi तन्वी झाड़ गयी

अंकित : आठ मम्मी आप इतनी जल्दी झाड़ क्यों गयी

तन्वी : ये मेरा तेरे लिए प्यार और उत्तेजना है आठ मैं खुस को रोक नहीं पायी ाहह्ज

फिर अंकित ऐसे hi 5 मं तक रहा और तन्वी को किश करते रहा और दूध को दबाने लग तन्वी फिरसे हीट मैं आगयी

तन्वी : मार धक्के मेरे बाबू

अंकित : ाहह्ज यस ाहह्ज आठ ाहह्ज आठ येलो मम्मी ाहह्ज यस यस यस यस आठ यस मम्मी आठ यस तन्वी माँ यस यस यस आठ

तन्वी : आठ छोड़ मेरे बच्चे छोड़ अपनी माँ को आठ ऐसे hi आह्हः आठ यस यस यस यस आह्ह्ह्ह आह्हः यस आह्हः फ़क यस आठ छोड़ो और जोर से आठ

अंकित : आठ मम्मी गांड कब डौगी आह्हः यस यस यस

तन्वी : आठ बहुत जल्द आठ आठ वो तेरे लिए hi है आह और अह्ह्ह्ह जोरसे बीटा आठ है तो मेरी गांड अभी भी कोरी hi है तेरे चाचू के कभी भी नहीं मरी आह्हः

ये सुनके तो अंकित मैं और जोश आज्ञा और जोश से धक्के लगाने लगा ा

अंकित : आठ यस यस यस यस आह्हः फ़क यस यस यस आह्हः फ़क फ़क फ़क यस आठ यस ओह्ह ससीईई आह्हः

करीब 50 मं की दमदार चुदाई के बाद अंकित झड़ने वाला था

अंकित : यस यस यस मुम्मेय ये लो मेरा छुम एस यस आह्ह्ह्ह फ़क आहहहहबबहबबहहहहहहहह

और अंकित ने अपना माल तन्वी की बच्चे दानी मैं भर दिया

फिर दोनों बाथ रूम गए और फ्रेश ह हुए और अंकित तन्वी की बाँहों मैं आज्ञा

अंकित : मम्मी केसा लगा पहला एहसास

तन्वी : ये तो मैं किसी को नहीं बताउंगी क्यों की मेरे पास इसे बया करने के सब्द नहीं है बाबू

अंकित : मम्मी आज फिर से दिधु पिलवा

तन्वी ने अपनी एक चुकी उसके मुँह मैं देदी और अंकित छोटे बाबू की तरह उसे चूसने लगा

तन्वी : उम् बेटे तू सच में कितना भी बड़ा होजाये तू मेरा बाबू hi रहेगा आठ

तन्वी का एक हाथ अंकित के बालो को सेहला रहा था और एक से अंकित की पीठ को थपथपा रही थी जैसे कोई माँ अपने बेटे को सुलाने केलिए करती हिअ

अगली सुबह सबलोग उठे और फ्रेश हुए अंकित सो रहा था

तन्वी उठी और अंकित के सर को चुम कर चली गयी और फ्रेश होकर निचे की हे. मैं गयी जहा निशा मनीषा और सुमि और मेघा नास्ते की तैयारी कर रही थी

अंकित उठ गए और फ्रेश होकर गयम मैं चला गया और एक्सरसाइज करने लगा

मनीषा : दी आप जाकर बाबू को जगा दोना मैं ये ब्रेड टोस्ट कर रही हु

निशा : अरे रुक एक मं मैं ये फ्रूट कट करलु फिर जाती हु

सुमि : अरे भाभी रहने दो मैं जगा के आती हु

निशा : ठीक है आप जाओ

फिर सुमि अंकित के र्रोम गयी पर अंकित वह नहीं था तो सुमि निचे आगयी

सुमि : भाभी अंकित तो अपने र्रोम मैं नहीं है

निशा : ओह्ह वो उठ गया होगा और अभी गयम मैं होगा

सिमी : है मैं देखती हु

फिर सुमि गयम मैं और देखा तो दुखते रह गयी अंकित ने अभी सिर्फ एक बॉक्सर बहना था और अभी वो आर्म्स क8 एक्सरसाइज कर रहा था सुमि भले hi अंकित से चुद चुकी थी बूत थी तो एक ायरत hi वो बस अंकित की बॉडी याद ने लगी फिर उसे होठ आया तो वह से चली गयी और निचे किचेन मैं आगयी

सिमी : सच मैं भाभी आपके बेटे की बॉडी इतनी कासी हुयी है फिर भी लाड साहब और ज्यादा अपनी बॉडी घिस रहे है

निशा : अब ये तो उसका शौक है

मेघा : येलो सब रेडी होगया चलो मैं इसे टेबल पर लेजाती हु

फिर सब निचे आजाते है और नास्ता करने लगते है

अंकित भी निचे आज्ञा और अपनी जगह पे बैठ गया

मनीषा ने उसे नास्ता सर्व किया

अंकित : वाओ स्पाइसी चीज़ टोस्ट और फ्रूट्स माँ इतना हैवी नास्ता

मनीषा : अब गयम मैं पसीना बहाओगे तो रोज़ज रोज़ देइत फ़ूड थोड़ी खाने दूंगी मैं ये देख वैसे भी इतना पतला होगया है

अंकित चुप चाप नास्ता करने लगता है और फिर मनीषा उसे दूध देती है

अंकित : अब ये मिल्क भी

मनीषा : बीटा पिलो इतने प्यार से बनाया है

अंकित भी पि लेता है

अंकित : डैड आज मैं भी ऑफिस आऊंगा वह भी थोड़ा देखु और सिखु भी

आकाश : निशा इसकी तबियत तो ठीक है

तन्वी : है दीदी जरा मिर्ची लाओ तो इसकी नज़र उतरनी है

अंकित : वैरी फनी जोके नहीं मर रहा हु मैं सच मैं जाऊंगा

मोनिका : मेरे भाइयो आपको कॉलेज जाना है

नेहा : भाइयो जरा मेरे साथ आओ मुझे तुमसे बात करनी है

अंकित : है चलो

फिर दोनों अंकित के र्रोम मैं आगये

नेहा : भाइयो हमारे स्कूल मैं एक प्रॉब्लम है जिसे अब तुम hi सॉल्व कर सकते हो

अंकित : क्या बात है दी आप कुछ परेशां लग रही है

नेहा : हमारे स्कूल मैं तो तुम झांटे हो की बड़े बड़े बिजनेसमैन पॉलिटिशंस और विप्स के बच्चे भी पढ़ते है और मिडिल क्लास लोगोके बच्चे भी

और हमारे स्कूल के टीचर्स उनके साथ आँख बांध करके भेद भाव करते है

जैसे जो बच्चे विप्स की है उन्हें आएग बिठाते है और मिडडेल क्लास और गरीब बचो को पीछे और विप्स के बच्ची को अगर होम वर्क न किया हो तो भी चोर देते है बूत उन लोगो को किसी न किसी बात पर पनिशमेंट दे कर पूरा दिन खड़ा रखते है या बेरहर्मी से मारते है अभी कल की hi बात है एक फूल बेचने वाले का बच्चा है 8 क्लास मैं उसने होम वर्क किया था बूत उसकी ये गलती की उसने बुक देर से निकली और सीन्स के टीचर ने उसे बहुत मारा इतना मारा की बिचारे के होठों खून निकल गया मैं तो वह नहीं थी बूत मैंने रिकॉर्डिंग मैं देखा था उस हरामी ने उस बिचारे 13 साल के लड़के को बिना रुके और बिना रेहम के 10 थपड मरे और वो भी जोर दार मैंने जैसे तैसे उसे चुप कराया और प्रिंसिपल को कंप्लेंट क8 तो प्रिंसिपल ने उल्टा मुझे सुनाया और मुझे देख कर दोबुल मीनिंग बाटे करि चलो मैं तो अपनी बात को इग्नोर करदिया बूत भाइयो उस छोटी से बच्चे का का क्या बिचारे को बहुत ज्यादा मार पड़ी वो बिचारा जब मैं उसे चोर्ने जा रही थी तब पुरे रास्ते वो मुझे हुग करके रोटा रहा

और तो और जो वो साइंस का टीचर है वो भी काम नहीं है उसकी नियत सिर्फ मुझ पर नहीं बल्कि 10तह 11तह और 12तह की लड़कियों पर भी है वो लड़किया मुझे कहती है की वो कमीना उन्हें गलत तरीके से टच करता है

ये सभी बाटे सून कर अंकित का खून खोल गया

अंकित : दीदी आप जाओ दो दिन मैं में सब ठीक करदूंगा और मुझे ऐसे टीचर्स की लिस्ट चाहिए और जब वो प्रिंसिपल आपको ह्रास कर रहा था तो आपने अपनी रियल आइडेंटिटी शो क्यों नहीं की

नेहा : क्यों की मैं ये देखना चाहती थी की वो प्रिंसिपल किश हद तक जा सकता है और वो फीमेल टीचर्स को कैसे और किस नज़र से देखता है

अंकित : आप रुकिए आज मैं आपको स्कूल चोर्ने आता हु आज सिर्फ देखूंगा और कल वह आकर उन सबकी क्लास लूंगा

और फिर ये दोनों निचे आगये

अंकित ने साडी बात बताई और तो सबने अंकित के बात से सहमत होकर एक्शन लेने की परमिशन दी

अंकित ने कारन को फ़ोन किया

ों कॉल

अंकित : कारन

कारन : है अंकित बोल क्या हुवा

अंकित : अभी घर पे है या निकल गया

कारन : बस निकल रहा हु भाई

अंकित : एक काम कर यहाँ से मोनी दी को पिचकूप करले मुझे आज जरा हमारे स्कूल जाना पड़ेगा एक प्रॉब्लम है और डैड को एक इम्पोर्टेन्ट मीटिंग मैं जाना है

कारन : है ठीक है मैं लीक उप कर लूंगा ok ब्यय

फिर कॉल कट होगया और नेहा और अंकित निकल पड़े आज अंकित ने नेहा की कार लेली बंव 7 सीरीज वो भी वाइट कोलोर की

और दोनों निकल पड़े

थोड़ी देर बाद अंकित और नेहा स्कूल पहुंच गए और पार्किंग मैं खड़े थे और नेहा गाड़ी से उत्तरी तभी वह एक आदमी आया दिखने मैं 33 या 35 का था फॉर्मल वियर मैं और दिखने मैं ठीक थक कह सकते है थोड़ा सावला था नाम था रवि ये वही साइंस का टीचर था जिसने उस बच्चे को मारा था और नेहा पर इसकी नियत गन्दी थी प्रिंसिपल की तरह

रवि : अरे नेहा मां के है आप

और ये बोल कर वो नेहा को हुग करने आता है

नेहा : मैं ठीक हु

पर नेहा उसे बिच मैं hi रोक देती है अंकित देख कर गुस्सा होता है उसका मैं तो कर रहा था की उस टीचर को कुत्ते की मौत मार दे बूत जब उसने देखा की नेहा ने संभल लिया है तो वो गाडी से निचे नहीं उतरा

रवि : अरे आपने हुग नहीं किया अरे फ्रेंड्स मैं तो ये बात कॉमन है

नेहा : हम बस अस टीचर है और आप मुझे छू नहीं सकते सो प्लीज

रवि : अरे नेहा तुम तो नाराज़ होगयी क्या हुवा

नेहा : एक छोटे बच्चे को बेरहमी से मरते है और पूछते है क्या हुवा आपको किश बात की खुन्नस है उसपर

रवि : क्यों की उसने होम वर्क नहीं किया था इसी लिए उससे मारा है अगर थोड़ा स्ट्रिक्ट नहीं होंगे तो ये गन्दी नाली के कीड़े आगे कैसे बढ़ेंगे

नेहा : आपको शर्म नहीं आती ऐसे करते हुए

रवि : ओह्ह कॉमन नेहा वो सब चोरो भी चलो हम अंदर चलते है ये बोल कर नेहा का हाथ पकड़ ने hi वाला था की एक हाथ उसे बिच मैं hi रोक दिया

अंकित : आई मिस्टर इनका हाथ पकड़ने की गलती मत करना वर्ण ये हाथ जेरे जिस्म से उठड़ दूंगा

रवि : आह्ह्ह्ह व्हाट थे हेलल ारे यू

अंकित : ी ऍम हेर बरोथेर और तू किसको पूछ के मेरी दीदी का हाथ पकड़ा है

रवि : अरे मैं इनका दोस्त हु आठ

ठूठ

अंकित : तो दोस्त की लिमिट मैं रहो

रवि : चिल चिल भाई मैं तो इनका दोस्त हूवोक नेहा ब्यय अंदर मिलते है

ये बोलके रवि वह से चला गया

अब देखते है अंकित अपनी स्कूल से कैसे ये कचरा साफ़ करता है

अपडेट पोस्टेड फ़्रिएंस

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 121

यहाँ अंकित ने सज को काम पर लगा दिया की वो उस बच्चे को धुंध निकले जिसे उस सर ने मारा था और अंकित कॉलेज चला गया

कॉलेज पंहुचा और केंटीन मैं चला गया और अपने फ्रेंड्स के पास गया

अंकित एक चेयर पर बैठ गया

सब बस अंकित को hi घूर रहे थे अंकित ने जब देखा की सब उसे hi घूरे रहे है तो वो थोड़ा कड़क आवाज मैं बोलै

अंकित : क्या हुवा

कारन : ये तू बता क्या हुवा इतना लाल क्यों होरहा है जैसे किसीने दो चपेट मार्डी हो

अंकित : कल स्कूल जाना है वह से कूड़ा साफ़ करना है

कारन : अरे तो वह किसी को बोल्डेन कोई भी कचरा साफ़ करदेगा हाहाहाहा

कारन ने देखा की अंकित गुस्से से घुर्र रहा है

कारन की फैट के हाथ मैं आगयी

जूही : कारन तुम चुप रहो अंकित क्या हुवा

अंकित फिर उनको साड़ी बात बताता है क्या हुवा जिसे सून कर सभी गुस्से से भर जाते है

अनन्य : सेल ऐसे लोगो की वजह से हमारा नाम ख़राब होता है की अमीर लोग ऐसे hi होते है जो क्लास देखते है हम वही जितना भी अच्छा क्यों न करले इनकी वजह से हमारा नाम ख़राब होता हु होता है

मोनिका : और उस प्रिंसिपल की और उस रवि की इतनी हिमायत की हमारी दीदी पर नज़र दी पर भाई तुम उस वक़त चुप क्यों रहे

अंकित : आप को क्या लगता है क्या मुझे मन नहीं हुवा होगा उसे जान ने मरने का मैं तो कर रहा था की सेल को हाथो से चिर फाड़ दालु बूत अभी उसे हमारे सवालों के जवाब भी देने है

कारन : ये सवाल जवाब पोईत पे ाँ यार

अंकित : प्रिंसिपल और वो सर ऐसे hi उनके अंदर हिम्मत नहीं आयी होगी जरूर उनके पीछे स्कूल के किसी डायरेक्टर का हाथ है

कारन : और स्कूल के डायरेक्टर कितने है

अंकित : स्कूल मैं 3 hi डायरेक्टर है क्यों की वो तीनो hi इतने काबिल है की हमे और ज्यादा डायरेक्टर की जरुरत नहीं पड़ी

कारन : हम्म तो अब क्या करना है

अंकित : कल जेक उनको सबक सीखना है

कारन : हम भी चलेंगे

अंकित : अरे नहीं तुम क्यों कॉलेज मिस कर रहे हो

रक्षा : अरे मेरे बुद्धू जानू कल सैटरडे है कल कॉलेज की छुट्टी है

मोनिका : है भाई तू भूल गया इसीलिए माँ कहती है तू गुस्सा मत किया कर पर तुझे गुस्सा इतनी जल्दी आता है की क्या कहु

जूही : बस बस दीदी बेचारा समाज गया आपने तो उसकी क्लास hi लेदली

मोनिका : पर वो कभी गलत नहीं समझता

कारन : अब क्या करना है और कैसे करना है

और सच सच बताना कोई बदमासी है

अंकित : अभी सबसे पहले आज कॉलेज के बाद उस लड़के के पास जाऊंगा जिसे उस सर ने मारा था उसे मिलूंगा फिर कल जाऊंगा स्कूल

रक्षा : है सही कहा लेकिन अभी चलो हमे जाना है क्लास का टाइम हो रहा है

फिर ये लोग अपनी अपनी क्लास मैं जाते है और फिर छुट्टी होते hi सब लोग निकल पड़ते है स्कूल की तरफ

अंकित स्कूल से नेहा को पिचकूप करलेता है

अंकित : दीदी आज कुछ हुवा

नेहा : है आज उस हरामी प्रिंसिपल ने 12 साइंस मैं पढ़ रही एक लड़की को अपने केबिन और जबरदस्ती उसे किश किया और मैंने वो सब रिकॉर्ड करलिया है ये हमारे काम आएगा

अंकित : सेल प्रिंसिपल आज तेरा आखिरी दिन था आज़ादी का कल से तुझे ऐसा मज़ा मिलेगा की तू मज़ा लेना भूल जायेगा

तभी अंकित का फ़ोन बजा जो सज का था

ों कॉल

अंकित : यस सज अड्रेस

सज : क्सक्सक्सक्सक्स एरिया. गली no 7, घर no 12

अंकित : ok ब्यय आपकी रकम पहुंच गयी है आपके पास

सज : ok ब्ययी

फिर अंकित, कारन, नेहा, मोनिका, जूही, रक्षा वह पहुंच गए अनन्य चली गयी क्यों की उसके घर से फ़ोन था

अंकित और उसकी गैंग उस घर के पास पहुंचे और दूर बेल्ल बजायी

तो एक आदमीने दरवाजा खोला दिखने मैं पतला और सावला था

आदमी : जी किस्से मिलना है आपको

नेहा : अरे आपने पहचना नहीं मैं आयुष की टीचर हु

आदमी : अरे मैडम आईएनए

फिर सब लोग अंदर चलेगये

आदमी : मैडम ये सबलोग

नेहा : ये मेरा छोटा भाई अंकित है और ये उसका दोस्त और ये मेरी बहन मोनिका और ये उसकी और मेरी सहेलिया रक्षा और जूही

आदमी : सब को नमस्ते

सब : नमस्ते अंकल

आदमी : मैडम आप सब यहाँ क्या फिर कुछ हुवा है क्या

अंकित : अंकल क्या हम आयुष से मिल सकते है

आदमी : जी आईएनए

फिर वो आदमी उस घर के एक छोटे रूम की तरफ सब को लेग्या जहा एक 13 साल का बच्चा आराम कर रहा था उसके फेस पर छोटो के निशान थे और बहुत कमज़ोर भी लग रहा था

आदमी : आयुष तेरी टीचर आयी है

आयुष की हालत देख कर अंकित को बहुत गुस्सा आया वो आयुष की अलाट देख कर hi समझ रहा था की उस रविने कितनी बेरहमी से मारा था आयुष को

आयुष : नेहा मां आप यहाँ

नेहा : है आयुष ये मेरा भाई अंकित है तुम से मिलना कहता है

फिर सब वह आयुष के आस पास बैठ जाते है नेहा आयुष को खुद से तक लेकर बैठा टी है अंकित आयुष के पास गया और बोलै

अंकित : कैसे हो आयुष

आयुष : केसा होऊंगा भैया उन टीचर की मार खाके

अंकित : तुमने ऐसा क्या किया जो उस टीचर ने मारा तुम्हे

आयुष : वो जब सर होमवर्क चेक करने आरहे थे तब मेरा ध्यान बोर्ड पर लिखे आटोमस के फॉर्मूले मैं था मैं उसे समझ ने की कोसिस कर रहा था की सर आगये और जैसे hi मैं बुक निकलने लगा तो उन्होंने मुझे मरना शुरू करदिया और बोलने लगे की '' तेरे रोज़ के यही बहाने है रुक आज तुझे बताता हु आज तेरी हड्डी पसली तोड़ दूंगा सेल जाहिल की अओलाद '' और मुझे मारा लात घुसे डस्टर और जो भी हाथ मैं आया वो मारा और तो और चप्पल से मारा

ये बोलते बोलते आयुष रोने लगा नेहा ने उसे गले से लगा लिया

अंकित : उसकी इतनी हिम्मत मैं उसे छोड़ूंगा नहीं

आदमी : अरे रहने दीजिये अंकित जी हमे किसी के खिलाफ कुछ नहीं करना हम छोटे लोग है हमारी यही ावुकत है

अंकित : अंकल कोई आदमी छोटा और बड़ा अपनी सोच से बनता है पैसो से नहीं और हमारे स्कूल मैं ये हरकत हुयी है हम इसे इग्नोर नहीं कर सकते

आदमी : आपका स्कूल मतलब

अंकित : आपको पता है इस ा. A.R. इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्कूल का मालिक कोण है

आदमी : है ये स्कूल रावल एम्पायर के मालिक आकाश रावल का स्कूल है

अंकित : मैं हु अंकित आकाश रावल और ये मेरी दीदी है नेहा आकाश रावल और ये मेरी दूसरी दीदी मोनिका आकाश रावल

अंकित का इंट्रो सुनते hi वो आदमी अंकित के पैरो मैं गिर गया और आयुष नेहा से दूर हैट सीधा बैठा गया जिससे उसे दर्द हुवा

आदमी : सर हमे माफ़ करदिजिये सर हमसे गलती होगयी हमे नहीं पता था सर आपको है हम अब स्कूल मैं कभी नहीं जायेंगे सर

अंकित उसे खड़ा करता है

अंकित : अंकल आप बड़े है प्लीज खड़े होजाईये वो आदमी खड़ा होगया

अंकित : अंकल हम वैसे लोग नहीं है जो किसी को बेवजह परेशां करे

नेहा ने आयुष को अपने पास बिठा लिया

अंकित : आपकी वजह से हमे पता चला की हमारे स्कूल मैं कितना कचरा भरा पड़ा है आप चिंता मत कीजिये

और आयुष तुम आगे क्या करना चाहते हो

आयुष : भैया मैं आगे पढ़ना कहता हु और साइंस करके सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करना कहता हु और एक आईटी कंपनी मैं अस प्रोजेक्ट मैनेजर बनना कहता हु

अंकित : बहुत अच्छे आज से तुम्हारी पढाई का खर्चा मैं तुम्हे दूंगा और अंकल आप अब यहाँ नहीं रहेंगे यहाँ से थोड़े दूर मेरा एक 4भक फ्लैट है आजसे आप वह रहेंगे

आदमी : आपका बहुत बहुत शुक्रिया अंकित जी

अंकित : है अनक्ले आपकी एजुकेशन क्या है

आदमी : सर मैं पढ़ा लिखा नहीं हु

अंकित : सबसे पहले तो आप मुझे सर कहना बांध कीजिये

आदमी : ठीक है सर मेरा मतलब अंकित

अंकित : है तो कल आप मेरे ऑफिस आईये और आप मेरे डैड यही आकाश रावल की अपॉइंटमेंट मैनेजर बनेंगे

आपको कुछ नहीं करना बस आपको लोग फ़ोन करेंगे की उनको मेरे डैड से मिलना है बस आपको टाइम के हिसाब से उनलोगो की अपॉइंटमेंट फिक्स करनी है करलेंगे न

और आप अकेले नहीं होंगे तो चिंता मत कीजिये और आपको महीने के 50,000 पगार भी मिलेगा

आदमी : सच मैं अंकित आज आपको देख कर पता चल गया की बड़े लोगो मैं भी इन्शानियत होती है

और सबलोग बहार आगये और बैठ कर बाते करने लगे की कैसे स्कूल वालो को सबक सीखना है तभी एक ायरत चाय लेके आयी

और सबको चाय दी

अंकित : अंकल इसकी क्या जरुरत थी

आदमी : अरे बीटा पहली बार इतने बड़े आदमी का बीटा हमारे घर आया है तो ऐसे कैसे जाने देते

फिर अंकित की नज़र उस ायरत थोड़ी सावली बूत उलटना hi सूंदर चेहरा चूचिया लगभग 33 की कमर पतली सी और गांड 35 की लग रही थी काळा बात और हिघ्त लगभग अंकित से थोड़ी hi ुचि थी क्यों की अंकित अभी जवान था तो उसकी हैहय इनक्रीस हो रही थी

अंकित उसे देख रा था तो नेहा ने ये नोटिस किया की उसका भाई इस ायरत के बारे मैं जानने केलिए कितना उत्सुक है

नेहा : वैसे अंकल ये कोण है

आदमी : ये है सारिका है मेरी बीवी

नेहा : पर आयुष ने तो कहा था की उसकी माँ मरचुकि है

सारिका : जी ये सच मैं इनकी दूसरी पत्नी हु और आयुष की माँ भी सगी या सौतेली मुझे नहीं पता पर मैंने उसकी माँ हु

नेहा : तो आयुष ने ये क्यों कहा की उसकी माँ मर चुकी है वो आपके बारे मैं भी तो बता सकता हैना

आदमी : दरसल बात ये है की आयुष को लगता है की जो सौतेली माँ होती है वो हमेषा बुरी होती है इसी लिए वो सारिका से सौतेला वयवहार करता है

सारिका : पता नहीं कभी मेरा बचा मुझे अपनाएगा की नहीं

अंकित : ये प्रॉब्लम मैं अभी सोल्वे करदेता हु दीदी जरा मेरे साथ आईये

फिर नेहा और अंकित अंदर गए आयुष के पास और गेट लॉक करदिया

अंकित : आयुष मैं ये क्या सुन रहा हु तुम अपनी माँ से सौतेला वयवहार करते हो

आयुष : भैया वो मेरी माँ नहीं है वो अभी मुझसे प्यार से पेश आएगी फिर जब उनका बीटा होगा तब वो मुझे मेरे घर से बहार निकलवा देगी

और सौतेली माँ हमेषा बुरी hi होती है

अंकित : ये गलत बात है आयुष वैसे तुम ये बताओ की वो तुम्हारे साथ कैसे पेश आती है

आयुष : वो हंमेशा मुझे प्यार करने की कोसिस करती है हंमेशा मेरा ख्याल रखें की कोसिस करती है बूत मैं मन करदेता हु क्यों की वो अभी प्यार करेगी और फिर बुरा बेहवे करेगी

अंकित : सब सौतेली मात ऐसी नहीं बेटी छोटे तुम्हारी माँ सारिका बहुत अछि है वो तुम्हे अपना बीटा मानती है क्या तुम उन्हें एक मौका नहीं डोज और एक बात तुम्हारी ये नेहा मां हैना वो मेरी भी सौतेली बहन है मेरी माँ तो जब मैं 2 साल का था तब hi मर चुकी थी तब आपकी नेहा मां की माँ ने मुझे ूढ़ पुला कर बड़ा किया और जब जब कोई पूछता है की मेरी सगी माँ कोण है तो मैं नेहा की माँ का hi नाम कहता हु समझे

आयुष को भी अपनी गलती का एहसास हुवा की वो बिना अपनी स्टेपमॉम से ऐसा बेहवे करता है

आयुष : सॉरी भैया सॉरी मां

नेहा : अरे अंकित भैया और मुझे मां क्यों मुझे दीदी hi बुलाओ सिर्फ स्कूल मैं मां बुलाना

अंकित : तो अब क्या करोगे

आयुष : मैं अपनी माँ से माफ़ी मांगूंगा

अंकित : बहुत अच्छे

फिर सारिका अंदर आयी और आयुष उसके सीने से लग कर रोने लगा और उससे माफ़ी मांगी सारिका भी खुश थी की आयुष ने उसे अपनालिया

अंकित आयुष के पापा जिसका नाम सुरेश था

अंकित : अंकल आपलोग अपना सामान पक्के करलीजिये आज hi आपका सामान उस फ्लैट मैं पहुंच जायेगा और कैसे आपलोग वही रहिएगा

सुरेश : एक बार फिर आपका बहुत बहुत धन्य वाढ

अंकित : कोई बात नहीं अंकल अब खुश रहिएगा और ाची जिंदगी गुजरियेगा

सुरेश : जी

अंकित : आयुष कल स्कूल मेरे साथ आना देखता हु कोण रोकता है मुझे

फिर सब लोग वह से निकल गए और घर पहुंच गए और फिर अपने अपने काम मैं लग गए

शाम का वक़त था और अंकित टेरेच पर था तभी वह नेहा आगयी

और अंकित के पास गयी

नेहा : भाइयो किसके बारे मैं सोच रहा है

अंकित : किसीके बारे मैं नहीं दीदी

नेहा : अब अपनी बीवी से भी जूथ बोलेगा और ये बताओ आयुष की माँ को क्यों घूर रहे थे

अंकित : कुछ नहीं दीदी बस ऐसे hi

नेहा : तुम थोड़ा कण्ट्रोल करो भाई

अंकित : है दीदी वही कर रहा था अभी पर क्या करू डीडू लड़का होना फिसल hi जाता हु पर मेरे दिमाग मैं एक अलग hi आइडियल चल रहे है

नेहा : और वो क्या है

अंकित : सोच रहा हु की आयुष को भी वो प्यार अपनी माँ से दिलवा दू जो प्यार मुझे माँ से मिलता है

नेहा : मतलब की तुम उन्हें भी चुदाई से जोर न चाहते हो और वो क्यों

अंकित : देखों दी सारिका आंटी आयुष को बहुत प्यार करती है बूत आयुष ने आज तो केहड़िया बूत मैं उसके मैं मैं सारिका आंटी केलिए इतना प्यार भरना कहता हु की उसके मैं मैं शक की चिंगारी भी जनम न ले सके

नेहा : बूत अगर सारिका आंटी ने सच मैं वही किया तो जैसा आयुष ने कहा था

अंकित : नहीं वो नहीं करेगी क्यों की वो अब माँ नहीं बन सकती

नेहा : तुम इतने यकीन से कैसे कह सकते हो

अंकित : मेरी जान आप कुछ भूल रही है

नेहा का जब माथा ठनका तब उसे याद आया की अंकित किसी का भी मन पढ़ सकता है

नेहा : समाज गया तूने उनका मन पढ़ लिया हैना

अंकित ने बस एक स्माइल की

अंकित : जब सारिका आंटी के वो सब बोलै तब मुझे शक तो हुवा इसी लिए मैंने उकसा ब्रेन रीड करना शुरू किया वो सोच रही थी

सारिका का मन : कस मेरा बीटा मुझे अपना ले मेरा उसके सिवाय कोई बीटा है भी नहीं और किश मुँह से उसे कहु की मैं अब माँ नहीं बन सकती

मुझे दर की कही उसने पूछ लिया तो किश मुँह से कहूँगी की मुझे चुदाई लूट लग गयी थी और उसी गलती की वजह से मैं पेट से होगयी और उस वक़त मेने बच्चा तो गिर्वा दिया पर अब मैं माँ नहीं बन सकती उस ऑपरेशन की वजह से

नेहा : है तब तो तुम्हे यही करना चाहिए

अंकित : अब वही करूँगा और सुरेश मैं hi समझा दूंगा की इनदोनो को इतना प्यार करने दो की ये दोनों एक दूसरे को अपनी आत्मा सूप दे

नेहा : है सही किया वैसे कल क्या करना है अंकित कल पहले तो उस रवि को दूँगा अच्छी और फिर उसकी सजा वह स्टार्ट होगी जहा कोई न हो

नेहा : ठीक है अब निचे चल 8 बजह गए है डिनर रेडी होगा

अंकित है चलो

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स
 
Back
Top