Parivar se nafrat fir pyaar - Page 12 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 95

'' थे रंश THAKRAL'S एन्ड स्टार्टेड ''

अभी सबलोग अपनी पूरी तैयारी कर रहे थे

बाद मैं सभी लोग सो गए क्यों की सुबह बहुत ज्यादा थ्रिलिंग होने वाली थी या यु कहु की अगला दिन सब की जिंदगी का याद गार दिन होने वाला है

सब लोग सुबह उठे और सब फटाफट रेडी होकर नास्ता करने आगये

आकाश : बीटा सब ठीक होगा न अगर कही कुछ गड़बड़ नहीं होगिना

अंकित : डैड ट्रस्ट में किसी को खरोच तक नहीं आएगी

मनीषा : आकाश आप शायद ज्यादा hi सोच रहे है

निशा : है आप मेरे बेटे पर शक कर रहे है

आकाश : क्या करू पता नहीं मेरा दिल बहुत ज्यादा घबरा रहा है एक पहले hi छोटा भाई खो चूका हु अब एक और

तभी तन्वी ने उसके मुँह पर हाथ रखदिया

और न मैं गर्दन हिलायी

अंकित : डैड भरोसा रखिये मैं पागल नहीं हु जो बिना सोचे समझे अपने परिवार की जान देव पे लगाड़ूँगा

वैसे आज नास्ता किसने बनाया है टास्ते बहुत अलग और अच्छा है

निशा : होगा hi बीटा आज ज़रा भाभी ने ब्रेकफास्ट बनाया है

अंकित : सच मैं ममी बहुत टेस्टी है

ज़रा : थैंक यू अंकित पर तुम्हारे मां को तो पसंद hi नहीं आता

राज : अरे तुम ऐसा नास्ता रोज बनती भी नहीं हो

ज़रा : है ाफी की वजह से आप hi तो बोलते हो ऐसा नास्ता मत बनाओ मेरी डाइट मैं चीटिंग होजाती है

और राज चुपचाप नास्ता करने लगा और सब हसने लगे

अंकित : क्यों मामू बहुत डेटिंग कर रहे हो

राज : हसले बीटा हसले तू क्या जाने कैसे कैसे सन देखने को मिलते है हॉस्पिटल मैं उसके लिए मुझे फिट रहना पड़ता है यार

अंकित : ओह्ह्ह सॉरी अच्छा वो चोरो और आप सभी लोगो से एक रिक्वेस्ट है की जब मैं रंश को मौत दूंगा तब आप लोग हो सके तो अपनी आखें बांध करलेना

निशा : बीटा आप क्या करने वाले हो उसके साथ

अंकित खड़ा होकर निशा के पास गया और उसके हाथों को अपने हाथ मैं लिया

अंकित : मुम्मा हो सके तो मुझे माफ़ करदेना पर मैं ये नहीं बता सकता क्यों की वह उसकी जो हालत करूँगा वो आप सुन भी नहीं पायेगी इसी लिए प्लीज

तभी घंटी बजी

नेहा ने रूम खोला तो तो रक्षा थी और आते hi नेहा के गले लग गयी

रक्षा : मेरी प्यारी दद्दीीड़ड्डूउउउ ुउउम्मा

और एक पप्पी भी नेहु के गाल पर देदी

नेहा : अरे रक्षा तुम भी आगयी अच्छा हुवा

अंकित : चलो अब सामान उतरो और चलो टाइम आज्ञा है

यहाँ इनसे दूर रंशा भी अपनी प्लानिंग मैं बिजी था

रंश: समाज गएन की क्या करना है

सभी आदमी जो की अंकित के hi थे उन्होंने हक़ मैं गर्दन हिलायी

रंश : जल्दी अपनी अपनी जगह लेलो अब्बू का फ़ोन आया था वो लोग वह से निकल गए है

रंश : आज हर हालत मैं मुझे अपनी प्रॉपर्टी चाहिए और वो अंकित मुझे अपनी डाइनिंग टेबल पर चाहिए

यहाँ अंकित पंहुचा अपने उस फार्म हाउस पर जहा फारूक रहता है

वह से सब लोगो को पिचकूप किया और चल पड़ा

यहाँ इनकी hi एक कार मैं से किसी ने एक मश्ग किया की वो निकल रहे है और वापस सब लोग घुल मिल गए

यहाँ सबलोग एयरपोर्ट के रस्ते पर जा रहे थे

यहाँ अंकित की कार मैं निशा नेहा और रक्षा थी और अंकित कार ड्राइव कर रहा था

जैसे जैसे ये लोग आगे बढ़ रहे थे सबके दिलो की धड़कन भी बढ़ रही थी तभी अंकित के सिक्स्थ सेंस ने उसे बताया तो अंकित ने अपने कान मैं एयरपोर्ट लगाया था जो की सभी गाड़ियों के ड्राइवर आकाश और उसके आदमी अमन और सज से कनेक्ट था

अंकित : अलर्ट आवर डेस्टिनेशन इस वैरी क्लोज

सब लोग : यस अंकित

सब लोग आगे बढ़ hi रहे थे की अचानक से उनके रस्ते मैं पेड गिरा तो सबने ब्रेक्स मरी

तभी वह कुछ लोग आये और सब को गाड़िओ निकलने लगे

अंकित भी धीरे से बोलै सबको

अंकित : स्टार्ट एक्टिंग

रजनी : हे चोरो हमें हमे कहा लेजा रहे हो चोरो मुझे भैया भैया

आदमी : अबे इ छमिया चुपचाप हमारे साथ चल नहीं तो यही काट दूंगा

आकाश : अगर किसी को खरोच भी आयी तो तुम्हारी रख भी नहीं मिलेगी

आदमी : अबे ोू चल चुपचाप वर्ण यही सार्री हेकड़ी तेरी गांड से निकलूंगा चल चुपचाप

अंकित ने सबको अब सावंत रहने का इशारा किया और चलने को कहा

सब लोगो को वह से थोड़ी दूर जो वो गोडाउन था वह लेजाया गया और सबके हाथ को पीछे करके बांध दिया गया चैन से

और अंकित को एक लोहे की मोती चैन से बांध दिया गया

अब आप लोग सोच रहे होंगे की ये आदमी सब के साथ बदतमीज़ी क्यों कर रहे है तो मैं आपको बता दू की ये लोग अमन और सज के लोग नहीं थे ये रंश के खास आदमी थे

आदमी : क्यों रे इंडिया के इतने बड़े बिजनेसमैन का बीटा जो खुदको बहुत बड़ी टॉप समझता है देख कैसे बंधा पड़ा है अब क्या करेगा ये बच्चा अपने इन नन्हे और प्यारे सॉफ्ट हाथो से ये लोहे की चैन तोड़ेगा है हाहाहाहाहा

अंकित : हहहहहहहह क्या बात है मस्ट जोके था होंगे तेरा तो अब अपने उस मालिक को बुला जिसका तू कुत्ता है और जिसकी तू गांड छत्ता है

आदमी : सबस क्या बात है गोटिया मुँह तक आगयी है स्टाइल नहीं जा रही है बच्चे हमरे बोस तेरे जैसे 10 लोगो को मुँह मैं देते है पता हैना

अंकित : मुझे तो पता है पर तू बुल गया भोसड़ी के की मैंने तेरा क्या हाल किया था पिछली बार सही कहा न नीरव

जिहा ये वही नीरव था कामिनी का पति जो मनीषा की बेहेन सरोज की शादी मैं आया था और कितनो पर hi अपनी गन्दी नज़र जमाई थी पर उस बार उसका पला अंकित से पड़ा और अंकित ने उसकी गांड मैं गरमा गरम लोगे का लुंड दाल दिया था

नीरव : ोुह्ह्ह्ह तो मई अभी भी याद हु

अंकित : अंकित कभी भी किसी का चेहरा नहीं भूलता कहे वो तेरी बीवी की तरह मुझे खुश करने वाली ायरत हो या फिर तेरे जैसे चूतिये जो एक बार गांड मरवाके नहीं मानते दूसरी बार ाही जाते है लौड़ा मुँह मैं लेने चला अपना ये मास्क हटा जरा देखु तो गांड जलने के बाद तेरा चेहरा केसा दीखता है

नीरव ने उसका मास्क हटा दिया

अंकित : हम्म्म अभी भी भेष के भोसड़े जैसी शकल है तेरी

नीरव : भोस्डिके चुप होजा नहीं तो यही तेरी गांड मरूंगा

वैसे भी तेरी ये माँ मनीषा सच मैं बहुत करारी है

अंकित : भड़वे अगर उसे चुवा भी तो तेरे सर को किसी हठी की गांड मैं घुसा दूंगा वैसे भी तेरी बीवी बोल रही थी की तू 3 मं से ज्यादा नहीं टिकता हाहाहाहाहा

ेनो काम सुरु बस 6 सेकंड मैं और नीरव काम ख़तम सिर्फ 3 मं मैं हहहहहहह

इस बार अंकित के साथ साथ नीरव के साथ के आदमी भी है पड़े

नीरव अभी कुछ बोलता की उससे पहले hi एक कार बहार आके रुकी

और फिर अंदर आया रंश ठकराल जिसका चेहरा hi बेहद डरावना था

रंश : क्यों बे क्या चल रहा है

नीरव : बॉस ये मुझसे जबान लड़ा रहा है

रंश : तो तूने कुछ किया क्या

नीरव : नहीं बॉस मैं अभी इसे मार ने hi वाला था की

चाहातत्ताककक

रंश : भोस्डिके मेरे शिकार को मरेगा

और फिर रंश अंकित के सामने आया

रंश : अंकित अंकित अंकित कैसे हो मेरे दुश्मन

अंकित : मैं बढ़िया तू बड़ा किसी ने कोई तकलीफ नहीं दिन जेल मैं क्यों की तुझे मरना तो मेरे हाथों hi था

रंश : हाहाहाःहाहा सच मैं तेरी बात hi अलग है अंकित चल तुझे बताता हु जेल मैं कोई ऐसा मायका लाल पैदा नहीं हुवा था जो मुझे तकलीफ दे सके जिन लोगो ने कोसिस की उनकी अतड़ियो का नूडल्स बना कर मैंने बहुत मज़े लेकर खाया है

अंकित : मुझे तुझ जैसे जानवर का जगली पैन नहीं सुन्ना हमे क्यों किडनेप किया वो बता क्या चाहिए तुझे

रंश : क्या बात है साइड पोईत पर चलो ाचा है मुझे मेरी प्रॉपर्टी चाहिए और साथ मैं तेरी भी

अंकित : आगे बढ़ो छुट्टे नहीं है

तो रंश ने गुस्से मैं अंकित का गाला पकड़ लिया

रंश : भोस्डिके मुझे क्या भिकारी समझा है क्या वो प्रॉपर्टी मेरी है जो मेरे उस भड़वे बाप ने मुझे ना देकर तुझे दी

अंकित : अबे हाथ....... सेल वो प्रॉपर्टी तेरी कहा से होगयी बे तेरा बाप तो ज़िंदा है

रंश : क्या बकवास कर रहा से सेल मेरा बाप मर ठकराल था वो मरचुका है

अंकित : हाहाहाःहाहा सेल तू दुनिया को उल्लू बनाना सकता है मुझे नहीं मुझे पता तेरा बाप तेरा असली बाप कोण है और तेरी मा कोण है

रंश : छूऊप्प होजा सेल मेरा बाप मर ठकराल hi था

अंकित : बस रंश बस अब तो सच को अपना ले और मुझे सच बतादे अगर सच बता दिया तो मैं वो प्रॉपर्टीज खुसी खुसी तुझे दे दूंगा

रंश : वो तो तू वैसे भी करेगा और उसके बाद मरेगा पर मैं तुझे क्यों बताऊ बे

अंकित : क्यों की अगर तूने नहीं बताया तो मैं सिघ नहीं करूँगा और अगर तू सोच रहा है की मेरे परिवार वालो से करवा लेगा तो गलत सोच रहा है क्यों की अगर मेरे परिवार को कुछ हुवा और उस के साथ मुझे भी तो वो साडी प्रॉपर्टी एक ट्रस्ट के नाम होजायेगी

रंश : बात मैं डैम तो है बोल क्या जानना है तुझे

अंकित : मुझे बस यही जानना है की फारूक खान और सुबिना खान का बीटा रिज़वान खान कैसे रंश ठकराल बना क्यों सही नाम लिया न मैंने फारूक अंकल और सुबिना आंटी

ये बात सब लोगो केलिए किसी बम से काम नहीं थी

फारूक : ओह्ह्ह सच में बच्चे तेरे दिमाग की दाद देनी पड़ेगी आखिर तूने हमे पकड़ hi लिया

सुबिना : सच मैं सबकुछ तेज़ है इसका

रंश उर्फ़ रिज़वान : सब कुछ तेज़ मतलब अम्मी

सुबिना कुछ नहीं

और फिर रंश ने उन्दोनो को आज़ाद किया

सेमिना : मम्मी आप ये सब क्या हो रहा है मुझे कोई बताओ

सुबिना : मम्मी नहीं मालकिन बोल साली रंडी की बच्ची मैं कोई तेरी माँ नहीं तेरी माँ ये रहना मेरे पति की नौकरानी और रखैल है

अंकित : किसी ायरत है तू रांड जिस लड़की ने तुझे हंमेशा मा कहा उसे hi तू दुत्कार रही है तुझ जैसी ायरत पे तो थूकता हु मैं

रंश : चुप कर सेल नहीं तो यही खोपड़ी खोल दूंगा

अंकित : खोपड़ी चोर और अपनी स्टोरी सुना

रंश : तो ये कहा नई है मेरे अब्बू की यानि की फारूक की

फारूक और उनके बड़े भाई फ़िरोज़ दोनों सेज भाई थे पर फ़िरोज़ हंमेशा हर चीज़ मैं आगे था क्यों की वो बड़ा भाई था फारूक का फ़िरोज़ पढाई मैं स्पोर्ट्स मैं हर बात मैं आगे था यहाँ तक की दोनों के अम्मी अब्बू को भी फ़िरोज़ hi प्यारा था इस लिए फारूक को फ़िरोज़ से नफरत होगयी

फिर बारी आयी जायदात के बटवारे की क्यों की उन्दोनो के अब्बू के पास काफी साडी प्रॉपर्टी थी उन्होंने दोनों को 50 50 % प्रॉपर्टी दी फ़िरोज़ को बिज़नेस करना था तो उसने अपनी प्रॉपर्टी संभाली और पढाई पर ध्यान दिया

और वही फारूक ने उस प्रॉपर्टी को अपनी ऐयाशी के लिए उड़ाना सुरु किया जब ये बात फारूक के अब्बू को पता चली तो उन्होंने उसे बहुत डाटा और मारा भी पर फारूक को बहुत गुस्सा आया और तलवार ले कर उसने अपने बाप को hi मर दिया की तभी उसकी अम्मी भी अंदर आगयी और फारूक को मरने लगी पर फारूक को अपनी माँ पर भी दया नहीं आयी और उसने उसे भी मर दिया और लासो को गायन के तालाब मैं डलवा दिया

और ऐसा जताया की उसके माँ बाप कही से आरहे थे और बिच मैं लुटेरों ने उन्हें लूटने के बाद मार दिया फ़िरोज़ को ये बात पता नहीं थी की उसके माँ बाप को खुद उसके छोटे भैने मारा है क्यों की वो उस वक़त सहर मैं रहता था और अपना बिज़नेस सेटअप कर रहा था

फिर इन सब बातो से अनजान फ़िरोज़ फारूक को अपने साथ सेहर ले गया और एक ा छे कॉलेज मैं एडमिशन करवा दिया

और वह वो पढ़ने लगा फिर उसकी सांगत ख़राब होती गयी जिसके चलते वो एक जुआरी हो चला और उसने बहुत साडी प्रॉपर्टी कमाई उसमे से पर एक दिन फारूक सब कुछ हार गया और उसने फ़िरोज़ को अपनी साडी प्रॉपर्टी बेच दी क्यों की फारूक काफी बार हारता था तो फ़िरोज़ hi पैसे दे कर जमीं छुडवाता था पर इस बार उसने भी फारूक को पैसे नहीं दिए आखिरकाब तक वो अपने छोटे भाई केलिए सब करता रहता

और फारूक इस बार भी सिर्फ पैसे लेने hi गया था पर इस बार फ़िरोज़ ने पैसे के बदले जमीं मांगी क्यों की वो नहीं कहता था उसके पिता की सम्पति ऐसे कोई दूसरा ले जाये इसी लिए फ़िरोज़ ने उस जमीं को खरीद लिया

इस बात पर फारूक को फ़िरोज़ से और भी नफरत होने लगी खैर उसने अपना कर्जा चूका दिया

फिर पर उसे एक लेटर मिला

लेटर मैं ये था

'' फारूक मैं अब तुझे नहीं मिलूंगा हो सके तो मुझे माफ़ करदेना क्यों की अब मेरे पास तेरे लिए कुछ नहीं है मैंने तुझे कितनी hi बात समझाया की ये सब मत कर पर तू नहीं मन मैं थक गया हु तेरा कर्जा चूकते चूकते पर अब और नहीं हो सके तो मुझे माफ़ करदेना और है तेरे अकाउंट मैं 2 करोड़ रूपीस चोर रहा हु उम्मीद है इसका उसे तो अच्छी करेगा और कोई काम डांढ़ा खोजलेगा अब तुम सोच रहे होंगे की इसने ये रूपीस भी क्यों चोरे तो क्या करू जैसा भी हु तेरा छोटा भाई हु ऐसे तो नहीं चोरता तुझे और है अब महेनत कर और अपनी जिंदगी सुधर ले ''

ये पढ़ के फारूक को और ज्यादा गुस्सा आज्ञा खैर अब फारूक को एक चीज़ तो करनी hi थी उस पैसे का सही उसे

उसने सुबिना के साथ निकाह किया और दोनों hi फ़िरोज़ से बदला लेने केलिए प्लानिंग करते रहे और इसमें सुबिना ने उसका बखूबी साथ दिया और फिर सुबिना ने एक बेटे को जनम दिया वो था रिज़वान उर्फ़ रंश रंश तब करीब 3 महीने का था और इनदोनो मिया बीवी ने अपने प्लान को अंजाम दिया

और फारूक को पता चल गया की फ़िरोज़ खान अपना नाम बदल कर मर. ठकराल रख कर इस सहर मैं रह रहा है तो एक दिन उसने अपने भाई की गाडी के पास छोटे बच्चे को रख दिया

मर ठकराल को वैसे भी कोई ायलद नहीं थी और उसने इस बच्चे को अडॉप्ट कर लिया जहा मर एंड मरस ठकराल ने इस बच्चे को बहुत प्यार दिया और सुबिना भी नौकरानी बन कर उस घर मैं चली गयी जिसे रंश पर नाज़ा रख सके पर जब रंश 18 साल का हुवा तब सबीना ने उसे सब कुछ बता दिया और एक दिन राश को बहाना बना कर अपने साथ ले आयी

और फिर फारूक और सुबिना उसे एक तांत्रिक के पास ले गए और तंत्र विद्या का उसे करके रंश को एक राक्षस बनाने मैं जुट गए इसी लिए सुबिना 2 यतीन दिन मैं रंश को अपने साथ लती और उस तांत्रिक के पास ले जाती

यहाँ फारूक ने भी रंश को इतना भड़का दिया की रंश खुद मर ठकराल के खून का प्यासा होगया

और एक दिन मौका देख के उसने अपने काम को अंजाम तो दे दिया पर उसके हाथ कुछ नहीं लगा क्यों की अंकित इनके लिए किसी ट्विस्ट से काम नहीं था फिर क्या हुवा ये तो सब को पता है

अंकित : कमीने कितना गिरा हुवा है तू अपने पलने वालो को hi मार डाला और सेल हरामी तू वो भाई था सेल तेरा और उसकी तो चोर जिन लोगो ने तुझे जनम दिया उन्ही को मेटा दिया

रंश : चल अब बकचोदी मत कर तू भी मरने वाला है

फारूक : बीटा इसको अभी मत मारो सुना है ये अंकित अपनी सभी माँ को बहुत ज्यादा प्यार करता है क्यों सबसे पहले इन्ही मेंसे किसी को रगड़लू ऊम्मम क्या बात है सभी एक से बढ़ कर एक माल है यहाँ पर

पहले ये क्या नाम है इसका हा निशा सही कहा न

अंकित ( चिल्ला के) : चुप्प्प चुप कर्जा सेल नहीं तो यही काट डालूंगा तुझे छोड़ूंगा नहीं तुझे कमीने अगर उन्हें खरोच भी आयी तो तेरा वो हाल करूँगा की हैवान भी दर जायेगा

रंश : अब्बू आप जाओ मैं देखता हु क्या करता है ये

और फारूक निशा के पास गया और लेढूर से बना एक हंटर निशा को सामने से मारा जिससे निशके पेट मैं और चिचियो पर निशान पद गए और वो चिल्ला उठी

निशा : आआअह्हह्ह्ह्हह नाहीईईई आह्हः

अभी तो फारूक ने सिर्फ एक hi बार मारा पर

अंकित : फारूक रुक जा नहीं तो मैं रंश को बता दूंगा की मैंने सुबिना के साथ क्या किया है

पर फारूक ने जैसे hi दूसरी बार मरना चाहा

अंकित : बहुत होगया खेल इसके हाथ पर गोली चलो और बाकि के गुर्द की भी गन्स चुरवादो

ये मश्ग स्नाइपर्स के लिए था तभी कुछ गोलिया आयी रंश के भरोसे मंद 24 गुर्द नीरव समेत उनकी गन्स हाथ से छूट गयी और उन गन्स को उनके अलावा जो अंकित के आदमी थे उन्होंने पकड़ लिया

रंश : ये क्या था पर कोई बात नहीं अपने आदमियों को बोलदे अंदर मत आये वर्ण सब लोग मारे जाएंगे

अंकित : मेरे आदमी अंदर hi है मैंने उन्ही आदमियों की गन कुरवाई है जो तेरे आदमी थे और उन गन्स को पकड़ने वाले मेरे आदमी थे

रंश : मतलब

सज : कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा नहीं तो यही भून दूंगा सही कहा न अमन

अमन : है अंकित अब तुम अपना काम सुरु करो

अंकित : है पैर पहले बाकि सब को खोल दो और इन तीनो को बांध दो

सब ने वैसा hi किया और फिर अंकित खड़ा हुवा और आराम से लोहे की मोती चैन को तोड़ दिया अंकित का ये एक्शन देख कर वह खड़े सभी लोग चौक गए

आकाश : ये कैसे किया बीटा

अंकित : डैड सब कुछ आपको बताऊंगा पर पहले जरा अपने पुराने दुश्मन से निपट लू

आकाश : सेल साहब क्या ऐसा कर सकता है क्या कोई इन्शान

राज : नहीं जीजू मैं खुद शॉक हु

अंकित : अरे मेने बोलै न सब बताऊंगा जरा सबर कीजिये

है तो रिज़वान खान उर्फ़ रंश ठकराल अब बताता हु मैंने तेरी माँ के साथ क्या किया या फिर ये कहु की तेरे इस भड़वे बाप ने अपने फायदे केलिए अपनी इस बीवी को कितनो से hi छुड़वाया है और मुझसे भी ूउम्म्म सच मैं तेरी माँ भी बहुत ज्यादा कड़क है

रंश ( गुस्से में) : चुप कर तुझे क्या लगा तू बोलेगा और मैं मान लूंगा तू मुझे जनता नहीं है मैं कितना बड़ा सनकी और पागल हु का च चबा जाऊंगा तुझे

अंकित : क्या बात है चल अब तू भी पागल और मैं भी पागल आई खोल्दो इसे चल उठ जा आज हम दोनों पागल पागल खेलते है

अमन ने रंश को खोल दिया और रंश अंकित के सामने खड़ा होगया

अंकित : देख अब हमारे पास गन्स है और वो भी शार्ट गन्स इसमें दो गोली है और बाकि खली है एक बार तू मेरे सामने शूट करेगा और एक बार मैं तेरे सामने शूट करूँगा हम दोनों की किस्मत शूट करते वक़त गोली निकलना और न निकलना और ऐसे हम दो दो बार शूट कररंगे

रंश : हम्म्म पागल पैन तो तुझमे भी है चल खेलते है पहले मैं करूँगा

अंकित : जरूर

और फिर रंश के हाथ मैं गुंडई गयी और उसने अंकित के सामने रक्खी और और ट्रिगर बाबय

आकाश, निशा, मनीषा : अनककीित्तत्त

पर ये वार खली था गोली नहीं चुटी थी अंकित बच गया

रंश : हम्म लकी बच गया

अंकित : है अब मेरी बरी

अंकित ने वाली गन ली और रंश पर तानी और ट्रिगर दबाया

फारूक और सुबिना : बेइतततताआए

दोनों चिल्लाये पर ये वार भी खली गया

पर अब सब की धड़कन बढ़ने लगी

रंश ने इस बार गन को अंकित पैट एआईएम किया और शूट किया तो

'' बबहहहह्हूऊऊलमममम ''

और सन्नाटा च गया क्यों की इस बार गन बोली थी

और सन्नाटे को निशा की दर्द भरी चीखने तोडा

निशा (रट हुए) :, अन्ननननककककीीित्तत्ततत्तत्त नाहीईई मिइर्र्रा ब्बच्चा

नेहा : नायियीईइ भईई

सब लोग : बीतताआ नहहह्हीईई

क्यों की गोली अंकित के सर को चिर गयी थी और अंकित के सर से एक मास्स का टुकड़ा भी लटक रहा था और अंकित सीधा पड़ा हुवा था रंश ने एक और गोली अंकित के दिल मैं मरी

रंश : अब्बू देखों हमारा जीना हराम करने वाला कैसे कुत्ते की मौत मारा पड़ा है हाहाहाहा

और तुम लोग खोल दो मेरे अम्मी और अब्बू को

सभी आदमियों ने वैसा hi किया और अंकित को गोली लगते hi रंश के आदमीओ ने अंकित के आदमियों से गन्स चीन लिया थी

और दो आदमियों ने फारूक और सुबिना को चोर दिया

क्यों की आकाश ने hi इशारा किया था

फारूक : है अब तो ये चला गया बीटा अब मुझे ये साडी लड़किया और एयरटे चाहिए वैसे भी अब ततो प्रॉपर्टी हमारे नाम हो hi गयी है

सुबिना : है सही कहा इनके साथ अलग hi मज़ा आएगा आपको

रंश : है लेही लो जब आपका मन भर जायेगा तब मुझे दे देना देखने मैं बड़ी टेस्टी लग रही है

'' तेरी माँ ब्बि काम टेस्टी नहीं है रंश ''

सब लोग इस आवाज से शॉक होगये

अंकित : है हहहहहहहह आह ः हाहाहाहाहा हहहहहह हाहाहाःहाहा

और अंकित हस्ते हुए खड़ा हुवा और फिर जो हुवा वो देख कर सब के साथ साथ एक बार तो रावल फॅमिली की भी गांड फात गयी

अंकित है रहा था पागलो की तरह डरावनी हसी और अपने एक हाथ से उस मॉस के टुकड़े को अपने सर मैं दाल दिया और उस घर को सब के सामने हिल्ल किया और फिर हसने लगा

अंकित : हाहाहाःहाहा क्यों गांड फात गयी हाहाहाःहाहा तुझे क्या लगा की सिर्फ तू hi राक्षस है यहाँ

अगर तू रंश अस है तो मैं खुद शैतान हु और अब खेल बहुत हो गया

गार्ड्स नाउ

और एक बार फिर गोलिया चली और नीरव के साथ साथ सभी आदमियों की गुंड फिर से छूट गयी

अंकित : अब इस खेल को यही ख़तम करदेते है अमन भैया मैंने जो मगवाया था वो आज्ञा

अमन : है बहार ट्रक मैं है

अंकित : लाओ उसे

और अमन ट्रक को अंदर ले कर आज्ञा और ट्रक मैं जो था उसे देख कर तो शायद किसी की भी गांड फैट जाये

क्यों की ट्रक मैं थे जंगली लकड़बग्घे यानि हाईनेस

अंकित ने इस बार कोई देरी नहीं की और सुबिना का हाथ पकड़ा और घसीट ते हुए हुए उस ट्रक के पास ले गया और पीनघरव के ऊपर चढ़ गया और

अंकित : ले अपनी बीवी को आखिरी बार देखले और एले

और अंकित ने सुबिना को पिंजरे के अंदर दाल दिया

रंश : नाहीइ ामममममीीीी

फारूक : स्स्स्सुउबब्बींनणायआ

वो ह्येनस सुबिना के थोड़ी hi देर मैं कच्चा चबा गए

ये देख कर रंश और फारूक दोनों hi बेहद गुस्से मैं आगये अब देखना ये है की दोनों का क्या होता है

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
बीआरओ मुझे खुसी हुयी की आपको अपडेट पसंद आया

और रही बात एक्ससिटेमेंट की तो देखों बीआरओ मैं फ्री होते hi अपडेट लिखने बैठ जाता हु

आज भी अपडेट नहीं आता क्यों की कल संडे को घर मैं पूजा है और मेरे छोटे भाई का बर्थडे भी पर आज जब सुबह उठा तो अपडेट केलिए जो भी लिखना था वो साफ़ था इसी लिए मैं तबियत ख़राब का बहाना करके रूम मैं hi बांध रहा

और अपडेट कम्पलीट किया और अपलोड करदिया

इसी लिए बीआरओ मेरे पास आप ये कह सकते हो टाइम की कमी रहती है अब आप ये सोचो गए की आखिर इस 18 साल के बच्चे केलिए कैसे ये सब होता है तो बीआरओ

गुजरात मैं और स्पेशल हमारे बिज़नेस मैं छोटी उमेरमा न hi एक्सपीरियंस दिलाया जाता है वो भी हमारे ऑफिस मैं नहीं बल्कि दुसरो के ऑफिस मैं भेज कर अपने hi ऑफिस मैं होता तो किसी न किसी को काम सूप कर मैं सब हैंडल कर लेता

ी होप यू अंडरस्टैंड बाकि अगर मेरे पास टाइम रहता है तो आपको भी पता है की रेगुलर अपडेट दे देता हु
 
अपडेट 96

'' थे नई ट्रुथ फॉर रावल फॅमिली ''

अंकित ने जैसे hi सुबिना को पिंजरे मैं डाला रंश और फारूक चिल्ला उठे

और सुबिना भी चीख रही थी

सुबिना (दर्द से बिलखते हुए) : बचाओ मुझे कोई तो बचाओ सेमिनार मेरी बच्ची प्लीज मुझे बचाले आह्हः आआह्ह्ह्हरररहोुह्ह्ह्ह प्लीज मुझे बहार निकालो प्लीज

पर किसी ने कुछ नहीं किया क्यों की रंश और फारूक पर सबने गन एआईएम की हुयी थी

करीब 15 मिनट मैं सुबिना का हाथ उसका पेअर काट कर अलग पड़ता और उसकी मौत होगयी थी ये भयानक नज़ारा देख कर तो रावल फॅमिली भी दर रही थी

और हेनस बड़े मजे से सुबिना की बोतिया चबा रहे थे

रंश : ये तूने ठीक नहीं किया अंकित मैं तुझे छोड़ूंगा नहीं

राशन खड़ा होना कहा तो अमन ने उसके सर पर गन का दबाव डाला

रंश : अपने आदमियों के डैम पर क्या उछाल रहा है तेरी दुश्मनी मुझसे है अगर हिम्मत है तो आजा मेरे साथ दो दो हाथ कर हैंड तो हैंड मन तो मन बोल क्या बोलता है दिखा की तू अपनी माँ की कोख से निकला हुवा असली मर्द है

अंकित : तेरे मुँह से ये मर्द वाली बात अच्छी नहीं लगती रंश जिसने हंमेशा सब का सब कुछ चीन hi है अगर तू मर्द होता तो सब कुछ सही तरीके से करता ऐसा राक्षस नहीं बनता पर अब जब तुझे पता चल hi गया की तू मर्द भी है तो चल तेरी ये विश भी पूरी करता हु

अमन भैया खोल दो इसे देखता हु कितनी देर टिकता है मेरे सामने

और अमन ने रंश को आज़ाद किया और रंश और अंकित दोनों आमने सामने खड़े होगये

बाकि सब लोग साइड मैं हाथ गए

फिर रंश ने अपना शर्ट उतरा उसकी भी बॉडी खतरनाक थी भले hi एक दम क्लियर कट नहीं थी पर उसकी बॉडी पर कई निशान थे

अंकित ने भी अपना हूडि निकला और अंकित तो बॉडी थी hi

रंश : बढ़िया बॉडी बनायीं है तूने

अंकित : है पर तेरी बड़ी घटिया है वैसे ये निशान कैसे

रंश : ये निशान मेने पेंसिल से नहीं बनाये ये मैंने अपनी राक्षस बनने की ट्रैंनिंग के दौरान जिन जिन भेडियो की बलि चढ़ाई है ये उन्ही के साथ लड़ाई के निशान है

अंकित : तो आजा

और दोनों एक दूसरे पर जपत पड़े दोनों hi एक दूसरे पर अपना खतरना से खतरनाक वार कर रहे है रंश ने अंकित सर पर अपने सर से मरना चाहा तो ांकिने उसका सर अपनी काख मैं दवा दिया और 3 चार घुसे रंश के मुँह पर दे दिए

दोनों hi करीब 30 मं तक लड़ते रहे क्यों की रंश भी काम नहीं था उसके अंदर भी राक्षस जैसी फुर्ती थी और ताक़त भी लड़ना वो भी जनता था अगर कोई मामूली इन्शान होता तो अपने अंकित भाई कबका उस का काम तमाम करचुके होते

पर यहाँ दोनों रुकने का नाम नहीं ले रहे थे पर आखिर कार रंश अब थकने लगा था अब उसके वार खली जा रहे थे तो फिर अंकित ने ा छे से उसकी कुटाई सुरु की लात पे लात घुसे पे घुसा और एक किक मरी तो रंश दूर जा गीता ोर्न किट वह पड़ी लोहे की चैन उठाई और घुमाके रंश के सर पर मार दिया तो रंश लहू लुहान होगया

और अंकित उसे ा छे से धोने लगा

अपने बेटे को इस तरह मार खता देख फारूक भी चिंता मैं आज्ञा

पर अंकित नहीं रुका और उसे मरता रहा और फिर अंकित ने अपने हाथों को रंश की गार्डन पर लपेट दिया और उसका गाला दबाने लगा

पर फारूक ने मन में सोचा

फारूक ( मन में) : मुझे कैसे भी इसे रोकना होगा नहीं तो मेरा बीटा ख़तम होजायेगा बीटा होगा तो फिर कभी भी अंकित को मर दूंगा पर अगर इसने आज रंश को मार दिया तो सब ख़तम होजायेगा नहीं क्या करू क्या करू गए वो बता देता हु नहीं तो ये रंश को मार देगा

फारूक : रुको अंकित मेरे बेटे को चोर दो प्लीज मैं तुम्हे कुछ बताऊंगा जिससे तुम और तुम्हारे परिवार वाले अनजान है

अंकित : अबे हाट...... सेल मुझे क्या चुटिया समझा है जो मैं तेरी बात पर यकीं करूँगा है

फारूक : नहीं अंकित यकीन करना पड़ेगा क्यों की ये सच तेरी माँ अवंतिका का से जुड़ा हुवा है

अंकित ने जैसे hi अवंतिका का नाम सुना उसकी पकड़ ढीली होगयी पर रंश का बहुत खून बह चूका था इसी लिए वो अधमरा सा पड़ा हुवा था

अंकित : जल्दी बोल नहीं तो इसे वो मौत मरूंगा की तू सोच भी नहीं पायेगा

फारूक : पर तुम्हे मुझसे वडा करना होगा की तुम हमे चोरर डोज और यहाँ से जाने डोज

अंकित : जल्दी बता वो मैं सच जानने के बाद तय करूँगा

फारूक : नहीं पहले वडा करो

अंकित : चल ठीक है वडा करता हु

फारूक : तुम्हारी एक बहन और है

ये बात रावल फॅमिली के ऊपर और अंकित के ऊपर बम की तरह फटी

अंकित ने वह जा कर उसका कोलर पकड़ लिया

अंकित : क्या बकवास कर रहा है सेल भड़वे मेरी कोण बेहेन मेरी यही चार बहने है

फारूक : नहीं तुम्हारी एक बेहेन और है तुम्हारी सगी जुड़वाँ बेहेन

अंकित : क्या पीरी बात बता

आकाश : बीटा ये बकवास कर रहा है और तुम सुन रहे हो मार डालो इसे ये जिन्दा रहेगा तो हमे चैन से जीने नहीं देगा

अंकित : डैड प्लीज आप रुक जाईये सच जान लेने दीजिये

आकाश : ठीक है जैसी तेरी मर्जी

अंकित : चल पूरी बात बता

फारूक :

असल में जब मेरा बड़ा है मुझे सहर लेकर आया और उसने मेरा एडमिशन उसी कॉलेज मैं करवाया जहा तेरे माँ बाप पढ़ते थे यानि अवंतिका और आकाश और उसका वो दोस्त अनमोल और रागिनी भी

जब मैं कॉलेज आया तो मैंने कई लड़कियों को पटाया और छोड़ा भी फिर एक दिन जब मैं कॉलेज आरहा था तो मुझसे एक लड़की टकराई जब मेने उसे देखा तो देखता hi रह गया क्यों की वो लड़की बेहद खूबसूरत थी वो थी तेरी माँ अवंतिका

वो वह से तो चली गयी पर मेरे दिल मेरे दिल मैं वो बस गयी मैं उसे पा ने के सपने देखने लगा और एक दिन मैं उसे प्रोपोज़ करने पंहुचा पर मैंने वह देखा की अवंतिका को आकाश ने पहले प्रोपोज़ किया और अवंतिका ने हां भी करदी क्यों की दोनों hi एक दूसरे से लिपटे हुए थे

मुझे ये देख कर बेहद गुस्सा आया क्यों की आज तक जो भी लड़की मुझे पसंद आयी मेने उसे अपने निचे ले लिया था पर मेने हार नहीं मानी मैंने पता किया की वो किश ब्रांच मैं है तो वह भी मेने मुँह की खायी क्यों की उसकी और मेरी ब्रांच अलग थी

पर मैंने एक दिन अवंतिका को मौका देख कर अकेले मैं दबोच लिया और मैंने जबरदस्ती उसे प् न च पर ये मेरी सबसे बड़ी गलती साबित हुयी क्यों की अवंतिका को लड़ना आता था भले hi वो लड़की थी पर उसने मुझे अच्छा खड़ा धो दिया और अपने बड़े छोटे भाई जो की एक बिजनेसमैन था उससे कह कर जेल मैं डलवा दिया उसने तब मेरा स्टूडेंटशिप का लाइसेंस भी कैन ले करवा दिया

तब मैंने ठानी की उसको बहुत बड़ी चोट पहुँचाऊँगा

जब मैं जेल से बहार आया तो मैंने अवंतिका के बारे मैं पता किया जब मुझे पता चला की अवंतिका हॉस्पिटल मैं है तो मैं वह पहुंच गया और डॉक्टर को बेहोश करके एक बच्चे को उठा लिया और अवंतिका को एक खर तरह के ज़हर का इंजेक्शन दिया और वह से भाग गया

वह से भाग कर मैं किसी क्सक्सक्सक्सक्साहेर मैं गया और वह के एक मशहूर कोठे पर उस लड़की को बेच दिया और वो आज भी वही है

पर मैं वही नहीं रुका मिझे पता चल की अवंतिका भाई राघव कपूर अपनी बीवी

संध्या के साथ लौट रहा है तो मैंने उसे भी मारडाला और लुटेरों ने मारा है ऐसा दिखा दिया इस तरह मेने अपना बदला पूरा किया पर अफ़सोस उसी का बीटा ये अंकित मेरे रस्ते मैं छत्ता बन कर खड़ा होगया

सारा सच सुनने के बाद अंकित ने अपना आप खो दिया आज एक बार फिर अंकित आखें घुन बहा रही थी क्यों की उसके सामने उसकी माँ का उसकी सगी माँ और बेहेन का गेहगार खड़ा था

अंकित फारूक पर जाप्ता

अंकित : कमीने मादरचोद की अयलात सेल हरामी तूने मेरी माँ को मारा अब देख तेरा क्या हाल करूँगा पर मौत से पहले तू इतना तड़पेगा की तुझे मौत केलिए तड़पे गए तेरी जान तेरे बेटे मैं बस्ती हैना तो पहले उसे hi मरूंगा क्यों की उसकी मौत देख कर तू और ज्यादा तड़पेगा

अंकित : अमन भैया दूसरा ट्रक लाईये अंदर

और अमन ने दूसरा ट्रक अंदर लाया और उस ट्रक मैं जो था वो भी बहुत ज्यादा खतरनाक था क्यों अंदर इस ट्रक मैं एक छोटासा एक्वेरियम था और उसमे पानी भरा हुवा था और अंदर थी लाल आखों वाली खूंखार दातो वाली पिराना फिश और पूरा टैंक उससे भरा हुवा था

ये देख कर फारूक ने अंकित के पेअर पकड़ लिए

फारूक : प्लीज अंकित रंश को चोरडो तुमने वडा किया था देखों नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकते तुमने वडा किया था

अंकित : है वडा किया था पर ये नहीं बोलै था की मैं तुम्हे यहाँ से जाने दूंगा मैंने बाद इतना कहा था की मैं वडा करता हु

और अंकित रंश की तरफ बढ़ गया और उसे उठा और लेदर पर चढ़ने लगा और रंश को उस फिश टैंक मैं दाल दिया

रंश चीख भी नहीं पाया और पिराना ने अपना काम सुरु करदिया

और 15 मं मैं hi 200 पिराना रंश को कच्चा चबा गयी

फारूक : नहीं रंश मेरे बच्चे नहीं

अंकित मैं तुझे छोड़ूंगा नहीं

और ये कह कर वो जैसे hi आगे बढ़ा उसके मुँह पर एक जोरदार लात पड़ी जो आकाश ने मरी थी

आकाश भी फुल गुस्से मैं था और उसका गुस्सा, अवंतिका केलिए प्यार और उसे खोने का दर्द उसकी आखों से बह रहा था

आकाश : कमीने हरामज़ादे तूने मारा मेरी अवंतिका को और मेरी बेटी को भी मुझसे दूर करदिया मैं तुझे छोड़ूंगा नहीं

और आकाश ने उसे लात घुसो मैं लपेट लिया और जब वो थक गया तो उन कहा

आकाश : अंकित इसने तुम्हारी माँ को मारा हज तो इसे सजा देने का हुक भी सिर्फ तुम्हे है मारडाला इस हरामी को

अंकित भी आया और फारूक को धोने लगा

अंकित : तलवार दो मुझे

पर तभी कुछ गोलिया चली और अंकित के आदमियों की गन छूट गयी

और दो एक सुक्ष अंदर आया और उसके साथ कुछ बॉडी गार्ड जिन्होंने अंकित की बाकि की फमलीय पर गन एआईएम करदी

'' हम देते है तुझे तलवार बच्चे ''

फारूक : आह्हः हां है मिनिस्टर इतनी देर क्यों लगाडी आने मैं इसने मेरे बेटे को और बीवी को भी मार दिया

मिनिस्टर : क्या करे फारूक मिया तैर कार पंक्चर होगयी थी

अंकित : अच्छा हुवा तू भी आज्ञा आज सब कमीनो की मौत आयी है तू भी मरेगा

मिनिस्टर : पहले वह देख ले फिर कुछ बोलना

नेहा : आठ भऐई

अंकित : दीदी नहीं आइये मिनिस्टर उसे चोरडे

मिनिस्टर : है पर पहले तुझे मार कहते देखलु और इनको भी दिखाड़ू चल घुटनों पर बैठ

अंकित भी घुटनो पर बैठा गया

मिनिस्टर सबस अब जरा तेरे जो टट्टू ऊपर से स्निपर्स एआईएम करके बैठे हैना उन्हें भी बुला ले

अंकित ने सब को बुला लिया और सब निचे आगये

मिनिस्टर : वेलडोने बच्चे जाओ रे जरा बच्चे की धुलाई करो

और 5 या 6 आदमी आये और आये और अंकित को मरने लगे और अंकित दर्द से चिल्ला उठा

अंकित : ाःह्ह्ब मिनिस्टर तू भुगतेगा जरूर आठ ाऊओह्ह्ह तेरे बेटे से बुरी हालत करूँगा तेरी आअह्ह्ह

निशा : अनककीटफ्ट नहीं आअह्ह्ह चोर दो उसे

मनीषा : बीटा नहीं

रजनी : चोर दो उसे मत मारो उसे नही

यहाँ ये लोग चिल्ला रहे थे अंकित दर्द से कररह रहा था आकाश ने अपनी स्मार्ट वाच से एक मश्ग सेंड किया

मिनिस्टर : बहुत बोलता है ये बच्चा इसने मेरे बेटे को मारा था न सर पर ेयी लोंडो इसका सर फोड़ दो

और एक जान लोडे की रोड लेकर आगे आया और उसने अंकित पर वार कोय पर रोड अंकित के सर के पास रुक गयी

और एक बात फिर गोलिया चली और इस बार ब्लैक सूट पहने अंकित की फाॅर्स के बोडीगुरद आगये और रावल फॅमिली को आज़ाद किया और बाकि सभी आदमियों को मौत की नींद सुला दिया सिर्फ वो 6 जान जो अंकित को मार रहे थे वो बाकि थे

अंकित ने पीछे देखा तो शोक होगया क्यों की जी दो लोगो ने रोड पकड़ी थी उनके बारे मैं अंकित को कुछ पता नहीं था

क्यों की ये कोई और नहीं अंकित के जिगरी दोस्त थे आर्यन और कारन

आर्यन : भोस्डिके हमारे भाई को मरेगा और आर्यन ने रोड चीन कर उसे पकड़ने वाले के सर मैं पूरी ताक़त से मारा

आर्यन के साथ hi उसके पापा अनमोल और जूही अनन्य भी थे और लीज़ा भी

सभी लेडीज को इन तीनो ने संभाला

मिनिस्टर : तुझे तो मर कर hi मैं मरूंगा सेल और उस मिनिस्टर ने गन को अंकित तरफ एआईएम किया पर तभी एक गोली आयी और मिनिस्टर की खोपड़ी खोल गयी मिनिस्टर वही ढेर होगया और फारूक की तरफ बढ़ गया

फारूक : अंकित मुझे चोरडो मुझे मत मारो देखों मैं तुम्हे तुम्हारी बेहेन के बारे मैं बबब बबटटा हु उसका नाम कीर्ति है

पर वो नहीं रुका अंकित ने इस बार कोई देरी नहीं और फारूक को उठाया और पीछे से पड़ा और उसका पेट पकड़ कर पूरी ताक़त से खींचा और फाड़ दिया क्यों की अंकित ने उसे अपने ऊपर उठाया था तो पेट फैट ने से अंकित भी खून मैं रंगा गया और मफारुक की कहानी भी ख़तम होगयी अंकित ने उसे फेका

अंकित : ीीीाह्ह्हह्हह्ह्ह्ह.

जोर से चीखा और और गुस्से मैं हाफ ने लगा

लीज़ा धीरे धीरे उसके पास गयी और अंकित को पीछे से पकड़ा

लीज़ा : संत होजाओ बेटे और उसने एक इंजेक्शन उसकी गार्डन पर लगा दिया और संकित सो गया

आकाश : ये क्या किया लीज़ा

लीज़ा : अंकित को इसकी जरुरत थी वो अब 3 घंटे सोयेगा और फिर एक फ्रेश माइंड से उठेगा टेंशन न लीजिये मर रावल

आकाश सब के पास गया और सब को बरी बरी गले लगाया

निशा : आकाश मेरा मेरा बच्चा उसे देखिये प्लीज

आकाश : निशा संत रहो उसे कुछ नहीं होगा चलो घर चले है

सब लोग घर आगये और आराम करने लगे रक्षा भी अपने घर चली गयी अब रावल मेंशन मैं थे तो बस रावल्स एंड मल्होत्रास

रूम मैं आते hi निशा और मनीषा ने आकाश के साथ बाते करने लगी

मनीषा : आकाश उसने क्या कहा था की हमारी एक बेटी और है और वो इस वक़त किसी कोठे पर है अगर ये सच है तो हमे उसे किसी भी तरह वह से निकलना होगा

निशा : है आकाश रावल खानदान की बेटी को उस जगह से निकलना होगा

आकाश : पर पहले ये बात मुझे जननी है की हॉस्पिटल अथॉरिटीज ने ये बात हमसे क्यों छुपाई वो सब होजायेगा बस अभी हमे अंकित को संभालना है

निशा : है वो भिचारा पता नहीं किस तकलीफ मैं होगा आज उसने उसकी माँ के कातिल को मारा है अब बस वो जल्दी ठीक होजाये

और ये कहा कर दोनों आकाश के सीने से लग गयी

निशा : सी ा आअह्ह्ह

आकाश : क्या हुवा निशा

निशा ने अपनी साड़ी का पल्लू गिराया तो उसने देखा की उसके सीने पर और पेट पर हु देर की मार के निशान है

मनीषा : दीदी रुकिए मैं लीज़ा को बुला कर लती हु आप बैठिये

और मनीषा लीज़ा को बुलाने चली गयी

अब देखते है आगे कैसे अंकित अपनी बेहेन को वह से निकलता है

अपडेट पोस्टेड मित्रो

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 97

मनीषा लीज़ा को भुला कर लायी और निशा को बीएड पर लेता दिया और उसका चेक उप करने लगी

लीज़ा : हम्म्म बस मामूली खरोच है थोड़े दिन मैं ठीक होजायेगी

निशा : लीज़ा अंकित को होश कब आएगा

लीज़ा : वो अभी नहीं उठेगा निशा पर तुम अभी आराम करो

निशा : है पर वो ठीक हैना

लीज़ा : निशा वो एक दम ठीक है उसे कुछ नहीं हुवा बस उस वक़त वो गुस्से मैं था तो मैंने उसे सुला दिया था बाकि उसे कुछ नहीं हुवा

मनीषा : दीदी अभी आप आराम कीजिये जब उसे होश आएगा तब मैं आपको बुलाने आउंगी

और निशा भी आराम करने लगी

आकाश भी निचे आज्ञा जहा कारन और आर्यन थे

आकाश : बीटा तुम दोनों का कैसे सुक्रिया अदा करू अगर तुम टाइम पर न आते तो आज शायद वो मेरे की पता नहीं क्या हालत करते

कारन : अंकल आपके मश्ग केलिए hi तो रुके थे और अंकित हमारा जिगरी दोस्त है हमारा भाई है उसे कैसे कुछ होने देते

आकाश : थैंक्स बीटा पता नहीं तुम्हारा ये एहसान...

आर्यन : बस अंकल अंकित हमारा दोस्त है दोस्ती मैं एहसान बिच मैं आजाये इतनी कजोर दोस्ती नहीं है हमारी

आकाश : सच मैं तू बिलकुल अनमोल की तरह hi है

फिर सब आराम करने लगते है करीब शाम के 4 बजे अंकित को होश आने लगा तो सभी लोग उसके रूम मैं पहुंच गए सिवाय निशा के क्यों की वो सो रही थी

आकाश जाकर अंकित अपने गले लगा लेता है

आकाश : केसा है मेरा शेर

अंकित : ी ऍम okay डे बूत थोड़ी वीकनेस लग रही है

आकाश : कोई नहीं आराम कर

मनीषा भी जाकर अंकित को अपने सीने से लगा लेती है

मनीषा : ओह्ह हनी तुम ठीक होना बेबी ऊम्ममाहहह ुउउम्मा ुउउम्मा

और मनीषा अंकित के चेहरे को चूमने लगती है

अंकित: माँ माँ अरे आठ ुम अरे रुको बस माँ

और फिर मनीषा उसे सीने से लगा लेती है

अंकित : ी ऍम okay माँ

मनीषा : जानती हु अरे मैं तो भूल hi गयी निशा दीदी को अभी बुला कर लती हु

अंकित : अरे माँ उन्हें आराम करने दीजिये

तन्वी : बीटा कैसे हो

और तन्वी भी अंकित को अपने सीन्स लगा लेती है

अंकित : ठीकहु माँ मुझे क्या होगा मेरे साथ मेरी तीन तीन माँ है मुझे क्या होगा

सभी बहने : भईई

और सभी बहने अंकित पर जपत पड़ती है

नेहा : कैसे हो भाई ठीक तो होना

साक्षी : भाई कैसे हो

मोनिका और तिया : भाई तुम्हे चोट तो नहीं लागिना

और चारो बहने अपने भाई पर किश की जड़ी लगाडेति है

अंकित : अरे अरे मेरी बहनो रुक जाओ मैं ठीक अरे यार आअह्ह्ह्हह दीदी गाल तो मत खींचो दर्द होता है

क्यों की नेहा और साक्षी अंकित का गाल खींचती है

अंकित : आठ गाल क्यों खींच रही हो

नेहा : हम बस देख रहे थे की तुम्हारे गाल पर कोई चोट तो नहीं क्यों की तेरे गाल बड़े प्यारे है

फिर रजनी और ज़रा भी अंकित को गले लगा कर मिलती है

दोनों : केसा है हमारा भांजा

अंकित : ठीक हु मामी और मसि

और उनके कान मैं कहता है

अंकित : वैसे ब्रेस्ट काफी सॉफ्ट है दोनों के

तो रजनी और ज़रा उसका एक एक गाल पकड़ लेती है और खींचती है

दोनों : नॉटी बोयी बड़े सैतान होगये हो

अंकित : हहहहहहह हुह्ह्ह मुम्मा आप

और अंकित की नज़र दूर पर पड़ी जहा निशा कड़ी थी और उसकी आखों मैं ासु थे

जैसे hi अंकित ने मुम्मा कहा तो निशा भाग कर आयी और अंकित को अपने ममता मई सीने मैं जकड लिया

निशा : अंकित मेरा बचा बीटा तू क्यों हर बार अपने आपको मुश्किल मैं डालता है तुझे पता हैना की तुझे कुछ होगया तो तेरी इस मुम्मा का क्या होगा ूमम उम्माह ऊम्ममाहहह उम्माह ुउउम्माह्ह्ह्ह ुउउम्मा

अंकित : मुम्मा मुम्मा अरे रुको तो अरे आठ

और निशा उसे फिर से भी ह लेती है

अंकित : मुम्मा ये लास्ट टाइम था अब ऐसा कभी नहीं करूँगा और आप यहाँ कैसे आप तो सो रही थी

निशा : वो मनु मुझे बुलाया तो मैं आगयी

अंकित : माँ मेने कहा था न इनको आराम करने दो

निशा : चुप कर मैंने hi उसे कहा था की तुझे होश आये तो मुझे जगा देना

आकाश : हम्म तो अब सबका मिलना होगया हो तो बीटा कुछ सवाल है मेरे मन में

अंकित : पूछिए डैड

आकाश : बीटा आखिर रंश ने जब तुम्हे गोली मरी और मैंने खुद देखा था उसका इम्पेक्ट कितना था और तुमने कैसे वो घाव ठीक किया वो भी इतनी जल्दी

अंकित : आप को याद है डैड जब मैं गांव चोर कर गया था और मैं ला गया था

आकाश : है तो वह क्या हुवा

अंकित : वह जब मैं एक बार क्लब जा रहा था तो मेरा एक्सीडेंट हुवा था मेरे बचने की चांस बहुत काम था क्यों की चोट मेरे सर पर लगी थी और इंटरनल ब्लींडिंग रुक hi नहीं रही थी इस लिए मेरे दोस्त की माँ जो की एक साइंटिस्ट्स है उन्होंने एक खाश तरह का फार्मूला बनाया था जिससे ह्यूमन को सुपर ह्यूमन बनाया जा सकता था और मृ हालत क्रिटिकल थी तो उन्होंने वो फार्मूला मुझमे इंजेक्ट किया

जिससे मैं एक सिंपल ह्यूमन से सुपर ह्यूमन बन गया फार्मूला की मदद से मेरी स्ट्रैट मेरी सेंस बढ़ गयी सेक्स पावर भी बढ़ गयी और मेरी हीलिंग पावर भी बढ़ गयी है मैं किसी का भी मन पढ़ सकता हु कोई चाहे कितना hi दूर क्यों न हो मैं उसे सुन सकता हु देख सकता हु

अंकित ने देखा की सब के मुँह खुले के खुले रह गए

आकाश : अब सारा मांजरा समज मैं आज्ञा मतलब तुझे पता था की कहा कब क्या होगा

अंकित : अंकित और नहीं तो क्या मैं क्या ऐसे hi थोड़ी मौत से खेल रहा था वह

आकाश : मतलब तुझे मनोज के साथ क्या होगा वो भी पता था न

अंकित : no डैड ट्रस्ट में अपनी चारो माँ की कसम खा कर कहता हु मुझे उसके बारे मैं नहीं पता था क्यों मुझ में ओवर कॉन्फिडेंट्स आज्ञा था और. ये hi मेरी सब से बड़ी गलती थी और मुझे उस बात का बेहद अफ़सोस है

आकाश : कोई बात नहीं बीटा पर याद रखना ओवर कॉन्फिडेंस ईशान को उसकी बर्बादी की और hi लेजाता है ok

निशा : अरे अब बस करो चलो सब बहार जाओ मुझे मेरे बेटे को ब्रेस्टफीड करना है देखों वैसे भी ये वीक है

आकाश : बोली बेटे की मम्मी चलो सेल साहब वर्ण आपकी दीदी का गुस्सा तो मैं भी नहीं झेल पता

निशा : क्या कहा आपने

आकाश : चलो चलो चलो अब जल्दी चलो राज चल यार

और आकाश और राज चले गए

निशा : मनु और तनु तुम भी जा कर खाने की तैयारी करो मैं अभी आती हु

ज़रा : दीदी ख़बरदार जो बीएड से उठी तो मनु दीदी चलो मैं आती हु

निशा : अरे पर मैं ठीक हु रजनी तू समझा अब इन्हे

रजनी : दीदी भाभी की बात मानलो ये मेरे साथ भी यही करती है मुझे किचन मैं घुसने hi नहीं देती

ज़रा : रजनी इनका ध्यान रखना

रजनी : यस बॉस

तन्वी : वैसे दीदी मुझे नया नाम पसंद आया तनु मस्ट नाम है

अंकित : अरे अब जाओ न यार क्यों बच्चे के मुँह से निवाला दूर रखे हुए हो

तन्वी : क्यों की बच्चा बड़ा बदमाश है

अंकित : आओ कभी हाथ मैं दिखता हु कितना बाढ़मास हु ूउम्मम्म

अंकित बोलहि रहा था की निशा ने अपनी मैक्सी के बोटों खोले उसे चोट लगी थी तो ब्रा नहीं पहनी थी मैक्सी खोली और अंकित के मुँह मैं अपनी चुकी दाल दी

और अंकित को ाअखेय बांध होगयी और वो एक दम संत होकर किसी छोटे बच्चे की तरह अपनी माँ के प्यार को पिने लगा

मनीषा : अले लेलेलेल कितना प्यारा लगरहा है

निशा : अब बाद मैं मस्ती करलेना अभी जाओ देखों मेरी बच्चियों को भूख लग रही है

साक्षी : सही कहा मुम्मा आपने मुझे कबसे भूख लग रही थी

तिया : जिया चलो मेरे रूम मैं जाते है

ये दोनों सहेलिया निकल गयी और नेहा मोनिका और साक्षी भी निकल गयी रह गयउ रजनी जो बड़े प्यार से अंकित और निशा को देख रही थी

निशा : क्या देख रही मेरी बेबी

रजनी : कुछ नहीं दीदी बस माँ बेटे का प्यार देख रही हु खास मेरा भी कोई बीटा या बेटी होती पर अब मैं वो सब नहीं चाहती

निशा : ये तर्क भी बीटा है रजनी कभी भी इससे चुसवालेना अपनी चूचिया

रजनी : वो तो अभी चुसवालु पर मैं चाहती थी की मेरी चूचियों मैं भी दूध आये पर वो नहीं हो सकता

निशा : ऐसा हो सकता है क्यों की इसकी मेडिसन अब अवेलबले है

रजनी : क्या सच में

निशा : और नहीं तो क्या तुझे क्या लगा की बेतु ऐसे hi चूस रहा है रुक एक मं

और निशा ने अपनी चुकी को अंकित के मुँह से खींच लिया और हल्का दबाया और एक दूध की तेज़ दार निकली

अंकित : ूउम्मम्म मुम्मा

निशा : दे रही है न मुम्मा ये लो

और फिर अंकित चूसने लगा

रजनी : सच में दीदी ये तो गज़ब है मैं जरूर ये करना चाहूंगी वैसे देखों तो कैसे छोटे बच्चे की तरह चूस रहा है

तो निशा ने भी मुस्कुरा दिया

निशा : ये मेरा छोटा बेबी hi तो ूम्मा और निशा ने अंकित के गाल पर किश करदी

फिर ऐसे hi अंकित फिर सो गया

और रात को सब डिनर करके हॉल मैं बैठे थे आकाश और राज दोनों ड्रिंक कर रहे थे

निशा : आकाश आपने हमारी बेटी के बारे मैं क्या सोचा

आकाश : है वो मैंने कल उनके पुरे स्टाफ के साथ मीटिंग राखी है और है निशा हमारी अलमारी से वो अंकित जनम क्व वक़त की फाइल निकलना कल

निशा : वो सब तो ठीक है पर h7mari बच्ची

अंकित : उसकी टेंशन आप मतलो मैंने सज को काम पर लगा दिया है डैड वो आपकी हेल्प करेगा और है डैड ये हॉस्पिटल वाला मेटर आप सोरतूत करो तब तक मैं अपनी बेहेन को ढूंढता हु

आकाश : है ये सही रहेगा

मनीषा : क्या सही रहेगा बीटा अभी तुम्हारी हालत ठीक नहीं है बच्चा प्लीज समझो

अंकित : माँ आप कुछ ज्यादा hi रियेक्ट कर रही हो ऐसा कुछ नहीं है और अब तो आपको मेरा सच भी पता है

निशा : मनु ये सही कह रहा है

मनीषा ( थोड़ा ददखी होकर) : ठीक है

अंकित मनीषा के पास गया और उसे हुग किया

अंकित : मैं जनता हु माँ आप मुझे खतरे मैं डालने से डर्टी है पर ट्रस्ट में मैं सब कुछ ठीक करदूंगा और ये बात हमारे फॅमिली मेंबर की है इसे ऐसे hi नहीं चोर सकते न

मनीषा ने अंकित के माथे को चुम लिया

मनीषा : बस तू अपना ख्याल रखना

अंकित : और है माँ मेरी बेहेन जब यहाँ आएगी तो मैं कहता हु की उसकी जिम्मेदारी आपकी हो वैसे तो उसकी भी तीन मात होंगी पर आपकी सबसे ज्यादा होगी क्यों की मेरी जिम्मेदारी तो मुम्मा की है और no डाउट आपकी और ( तन्वी) मम्मी की भी है बोलिये करेगी न मेरे लिए

मनीषा : जरूर करुँगी बच्चा ुउउम्मा और अंकित के होठों पर किश करदी

आकाश : पर बीटा आखिर तुम उसे पहचानो गए कैसे

अंकित : डैड जैसे लोग कहते हैना की एक माँ का दिल अपने बच्चों के दिल से जुड़ा हुवा होता है वैसे hi ट्विन्स का दिल भी जुड़ा हुवा होता है और मैं तो 9 महीने उनके साथ मेरी माँ की कोख मैं रहा हु जिससे मुझे ये एडवांटेज है की मैं उसे अपने मन से पहचानो सकता हु

और मेरे पास अब पावर भी है तो उससे मेरी ताक़त और बढ़ गयी है

आकाश : ये भी सही है

अंकित : और है आप सब को कुछ बताता हु

आप सब को मेरा खून अपने अंडर इम्प्लांट करवाना है जिससे आपके अंडर भी चेंज आएगा

निशा : मतलब

फिर अंकित उन्हें साडी बात बता देता है जो उस दिन उसने जेनिफर से पूछी थी

आकाश : अब आएगा मज़ा थोड़ा अलग बनने मैं

अंकित : पर आप सब याद रखना की ये बात किसी को भी पता न चले

सब : ok

अब देखते है आगे क्या होता है

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 98

यहाँ कही दूर एक लड़की जो की दिखने मैं बहुत hi खूबसूरत एक दम एंगल जैसी जो एक बार मैं hi किसी का भी मन मोह ले

दूध सा गोरा रंग लम्बे काळा बाल नीली आखें गुलाब की पंखुड़ी जैसे गुलाभी और पतले होठ और एक दम दम्म हॉट फिगर और गाल तो ऐसे जिसे देख कर खा जाने का मन करे इतने प्यारे

वो लड़की अभी सहर के एक मंदिर मैं भगवन के सामने हाथ जोड़ कर प्रार्था कर रही थी रो रही थी

रात का वक़त था तो कोई और भी नहीं था

लड़की : है प्रभु मैंने क्या गलती की है जिसकी मुझे इतनी बड़ी सजा मिल रही है क्यों मुझे उस नर्क मैं जनम लेना पड़ा जहा सिर्फ लड़कियों पर अत्याचार होते है जहा लड़कीओ को पढाई लइकाई चोर कर नाच गण सिखाया जाता है मैंने तो चुप चुप कर पढाई लइकाई की एग्जाम दी और पास भी होगयी पर आज भी दर लगता है की कही रीमा बाई को पता चला तो वो डायन मेरा क्या हाल करेगी

हे ईश्वर मेरे पास अब बस एक साल है अगर इस एक साल में मैं इस नर्क से आज़ाद नहीं हुयी तो मैं अपनी जान देदूंगी प्रभु वैसे भी एक ज़िंदा लास hi तो हु मैं

तभी किसी ने उसके कंधे पर हाथ रखा

वो एक ायरत थी

ायरत : क्या नाम है बीटा तुम्हारा बहुत दुखी लग रही हु

लड़की : मेरा नाम कीर्ति है आंटी और मेरे दुखों की कोई सीमा hi नहीं है पता नहीं भगवन ने मेरी किस्मत ऐसी क्यों लिखी

ायरत : भगवन सब का भला hi करते है आज नहीं तो कल वो तुम्हे ऐसी खुसी देंगे की तुम्हारी जिंदगी खुसियो से भर जाएगी बस तुम्हे थोड़ा सबर रखना होगा

कीर्ति : 19 साल से सबर कर रही हु आंटी पता नहीं मेरा क्या होगा

ायरत : तुम्हे बस भगवन पर विश्वास रखना होगा

कीर्ति : ठीक है आंटी अब मैं चलती हु

किरररररटटटीईईई

ये नाम लेकर अंकित झटके से उठ गया

और निशा भी क्यों की अंकित जोर से चिल्लाया थे

निशा : बीटा क्या हुवा तुझे अंकित

अंकित हाफ रहा था

अंकित : मुम्मा मैंने देखा मैंने कीर्ति को देखा वो वो बहुत दुखी है वो बेचारी बहुत तकलीफ मैं है

निशा : एक मं तू पहले संत होजा और ये बता पहले की ये कीर्ति कोण है

अंकित : कीर्ति माँ कीर्ति मेरी जुड़वाँ बेहेन कीर्ति मैंने देखा उसे उसका चेहरा देखा

निशा : सच मैं किसी दिखती है वो कहा है अभी

अंकित : वो उस कमीने ने कहा था की वो क्सक्सक्सक्सक्स शर मैं है मैंने सज को वही भेजा था

निशा : बीटा किसी दिखती है वो

अंकित : बिलकुल माँ जैसी

निशा : पर बीटा तुझे यकीन है की वही कीर्ति थी मलतब तूने उसे सपने मैं भी पहचाना कैसे

अंकित : मुम्मा मेरी और उसकी आखें एक दम सैम तू सैम है बिलकुल माँ की तरह

निशा : किसी है बीटा वो ठीक तो हैना

अंकित : वो बहुत ज्यादा दुखी है मुम्मा

मैं कल hi जाऊंगा वह उसे लेकर आऊंगा मुझसे उसका दुःख बर्दास्त नहीं होता

निशा : ठीक है बीटा मैं तुझे नहीं रोकूंगी पर अभी सजा

अंकित : नहीं माँ मुझे नींद नहीं आएगी

निशा : यहाँ आजा यहाँ तुझे नींद आजायेगी

और निशा ने फिरसे अपनी बहे फैला ली और अंकित उसमे समां गया और आखिर कार अंकित सो hi गया

नया दिन नयी शुरुआत

अंकित उठा और फ्रेश होकर निचे आज्ञा सब लोग नास्ता कर रहे थे

तो वो भी बैठ गया और सामबे नास्ता कम्पलीट किया और हॉल मैं आगये

आकाश : निशा जरा वो फाइल लाना जो मेने तुम्हे कहा था

निशा भी वो फाइल लेकर आगयी और आकाश ने उसमे से हॉस्पिटल के नंबर पर कॉल किया

आकाश : नंबर बांध आरहा है

अंकित : रुकिए डैड मैं गूगल पर चेक करता हु

अंकित ने वैसे hi किया और उसे हॉस्पिटल का नंबर मिल गया तो उसने फ़ोन लगाया

आकाश : hello मैं रावल इंडस्ट्रीज का मालिक आकाश रावल बोल रहा हु मुझे मेरी बीवी की डिलीवरी के सिलसिले मैं जानकारी चाहिए जो आज से 19 साल पहले की बात है

सामने से : जी आपकी बीवी का नाम

आकाश : मरस. अवंतिका आकाश रावल

सामने : है आप क्या जानना चाहते है मर रावल

आकाश : मुझे ये जानना है की उस वक़त मेरी बीवी की डिलीवरी किस डॉक्टर ने करवाई थी

सामने से : जी उस वक़त आपकी डिलीवरी डॉ. देसाई ने करवाई थी

आकाश : क्या मुझे डॉ देसाई का नंबर मिल सकता है

सामने से : नंबर तो दे देंगे पर कोई फायदा नहीं क्यों की 5 साल पहले hi उनकी मौत होगयी थी एक्सीडेंट मैं

आकाश : कोई और जो उस वक़त वह हो

सामने से : उस वक़त शायद नर्स ज्योति मैडम थी वो अब यहाँ की हेड नर्स है

आकाश : उसका नंबर चाहिए मुझे

सामने से : है लिखिए जरा

और अंकित अपने फ़ोन मैं ज्योति का नंबर लिखता गया

आकाश : थैंक्स फॉर थे हेल्प

सामने से : अन्य टाइम सर

और अंकित ने यहाँ ज्योति को फ़ोन मिला दिया

ज्योति अभी अपने केबिन मैं थी और कोई फाइल चेक कर रही थी उसका फ़ोन रिंग हुवा

ज्योति ने पिक किया और बोलै

ज्योति : क्या जी आप भी बाद मैं फ़ोन कीजिये मैं अभी हॉस्पिटल की फाइल्स चेक कर रही हु

ये सुन कर अंकित का गुस्सा सातवे आसमान पर पहुंच गया

अंकित : तो जरा अपना भी हिसाब करके रखना क्यों की अवंतिका रावल का जो राज़ है वो तुम लोगो ने छुपाया है वो हमे पता चल गया है और मैं जल्द आऊंगा हिसाब लेने

ज्योति की गांड फैट गयी क्यों की उसे उसका गुनाह याद आज्ञा जो उसने 19 साल पहले किया था

ज्योति : क्या बकवास कर रहे हो कोण हो तुम

अंकित : जिसके साथ तुमने वो सब किया है उसी अवंतिका और आकाश रावल का बीटा हु मैं अंकित रावल

ज्योति : रॉंग नंबर

अंकित : फ़ोन कटा तो वह आकर तुझे काट डालूंगा साली हराम जड़ी तेरे पापो का घड़ा भर गया है चल बता क्यों नहीं बताया हमे

ज्योति : वो मैं तब मुझे डॉ. ने मन किया था की मैं वो बात किसी को ना बताऊ असल मैं जब उस वक़त मैं उस बच्चे को नेहला कर रूम मैं रेडी करने गयी तो किसी ने उस रूम का दरवाजा बहार से लोक करदिया और बहार आयी तो देखा देखा वो दूसरा बच्चा वह नहीं था और ये सब हुए एक घंटा हो चूका था इसी लिए डॉक्टर ने कहा की बता देंगे की 1 hi बच्चा था क्यों की और किसी को नहीं पता था मिस अवंतिका ने ट्विन्स को जनम दिया है

अंकित : ठीक है अगर ये बात बहार

नहीं आणि चाहिए

ज्योति : जी पर प्लीज आप कम्प्लेन मत करएगा

अंकित : ok ब्यय

आकाश : अब क्या करना

अंकित : फ़िलहाल मुझे सोचना है की मैं कैसे कीर्ति को वह से बहार निकलू

आकाश : मैं खुद वह जा कर ले आऊंगा

अंकित : ये इतना आसान नहीं है डैड

आकाश : क्यों कोण रोकेगा मुझे

अंकित : अगर हम वह अपनी रियल आइडेंटिटी के साथ गए तो ये बात मीडिया तक पहुंचते देर नहीं लगे की और मीडिया के थ्रू हमारे बिज़नेस सरकल तक इसी लिए सब कुछ सोच समाज कर करना होगा क्यों की अगर इस बार रावल्स की रेपुटेशन का सवाल है और अगर हम पकडे गए तो हमारी मार्किट वैल्यू बहुत काम होजायेगी

आकाश : बात तो सही है पर हम क्या करे

अंकित : अगर आपकी परमिशन हो तो ये मामला मैं हैंडल करता हु

आकाश : ठीक है पर बीटा याद रखना मुझे मेरी बेटी सही सलामत वापस चाहिए

अंकित : जी डैड

तभी वह सज आज्ञा

अंकित : क्या हुवा जो सीधे घर hi आगये

सज : मैंने साडी जानकारी लेली है जो तुम्हे बताने आया हु

अंकित : तो बताओ

सज :

ये है क्सक्सक्सक्सक्सक्स सहर का ***** एरिया

और यहाँ पर है उस उस सहर का सबसे बड़ा रेडलीगत एरिया जिसे रीमा बैई चला टी है

रीमा भाई एक एक नंबर की डायन है लड़कियों को किडनी करके उन्हें धंदे पर उतरना उन्हें इल्लिगल्ली सप्लाई करना इसका मैं धंधा है जो लड़की इसके खिलाफ आवाज उठती है वो उसे बस तड़पती hi रहती है जब लड़कीओ को छोटी उम्र मई. अगवा करवाती है तभी से उन्हें लिकर स्मोकिंग और दरुगद्दीक्त बना दिया जाता है

और ये किसी को भी चैन से जीने नहीं देती या यु कहु की उस सहर मैं उसी का राज चलता है बड़े बड़े पोलिटिकल का हाथ होने के चलते ये खुले संध की तरह अपना धंधा चला टी है इसके कोठे पर हर 6 महीने मैं एक ॉक्शन होता है जहा ये लड़कियों के लिए पैसे लेकर उन्हें बहार के देशो मैं बेचती है

और रीमा बाई को अपने अलावा सब लोगो से नफरत है उसे प्यार है तो सिर्फ खुद से और पैसो से ऐसो आराम से

और मैंने पता किया है अगला ॉक्शन परसो रात को है

अंकित : वेल दोने सज बोलो इस काम केलिए कितने चाहिए

सज : बस यार अब पराया न कर कभी कभी काम केलिए पैसे नहीं भावनाये मायने रखती है और ये तो तेरी बेहेन है तो उस हिसाब से मेरी छोटी बेहेन हुयी

अंकित : थैंक सज भैया

सज : ठीक है मैं चलता हु

और सज चला गया

मनीषा : बीटा अब तो और जल्दी करो कैसे भी कीर्ति को वह से निकालो ये सब सुन ने के बाद तो और दर लग रहा है मुझे पता नहीं वो डायन मेरी बच्ची के साथ क्या सुलूक करती होगी

अंकित : हम्म्म तो डैड मैं अभी hi वह केलिए निकल रहा हु और मैं वह करता हु माँ 2 दिन बाद आपकी बेटी आपकी बाहों मैं होगी

और अंकित रेडी हुवा और अपना सामान पके किया और निकल पड़ा अपनी कार लेकर तभी उसने देखा की उसके पीछे कोई बैठा है

अंकित : चलो कमीनो अब खड़े होजाओ कब तक ऐसे hi पड़े रहोगे सीट पर

कारन : तुझे कैसे पता की हम यहाँ है

अंकित : अबे चुतियो दोस्त हो तुम मेरे तुम्हारी हर आहात ा छे से पहचानता हु

आर्यन : हेल चल अब

अंकित : भोसड़ी के पहले बता की तुम दोनों साथ क्यों आरहा है

कारन : सेल भूल गया कसम खायी थी हर कांड मैं हम एक दूसरे का साथ देंगे

अंकित : अब रुलाएगा क्या

कारन : तू रोयेगा क्या

अंकित : वैसे तुम दोनों वह कैसे आओगे

आर्यन : हम वह तेरे खास आदमी बांके आएंगे ठीक है

अंकित : पारर ठीक है

फिर ऐसे hi ये लोग शाम को पहुंच गए उस सहर मैं और एक होटल मैं गए वह चेक इन करके गए ये होटल उसी मंदिर के पास था जहा कीर्ति गयी थी

अंकित : तुम दोनों आराम करो मैं ातहु थोड़ी देर मैं

अंकित कार लेकर 2 मं मैं hi वह मंदिर पहुंच गया

ये वही मदिर था अंकित वह गया और वह हाथ जोर कर दर्शन करने लगा

अंकित : हे भगवन मैंने आज तक किसी के साथ बुरा नहीं किया मैं तो बस अपनी लाइफ मैं खुश रहना कहता हु और खुसिया बात न कहता हु हे भगवन अगर मेरे से कोई गलती होगयी हो तो माफ़ कर देना भगवन मुझे आशीर्वाद देना ईश्वर की मैं अपनी खोयी हुयी बहन को ढूंढ कर उसे उसका परिवार दे सकू

और अंकित की आखों से आशु निकल गए तो वो वापस जाने लगा और अपनी आखें साफ़ करने केलिए उसने रुमाल निकला तो साथ मैं उसका फ़ोन भी निकला और निचे गिर गया पर अंकित को पता नहीं था तभी एक लड़की की नज़र उस पर पड़ी तो उसने वो फ़ोन उठा लिया और अंकित को पीछे से आवाज देने लगी पर उसने जैसे फ़ोन को उठाना कहा तो तभी गलती से किसी का पेअर उसके हाथ और फ़ोन पर आज्ञा उस आदमी के जुटे बहुत कड़क थे जिससे उस लड़की के हाथ से खून निकल गया

पर उसने फ़ोन उठा या और अंकित की और बढ़ गयी

लड़की : सुनो हैययय सोऊणनोऊ हल्लूओ

पर अंकित तब तक गाड़ी के पास पहुंच गया और निकल ने लगा तो वो लड़की उसके पीछे पीछे भागने लगी

लड़की : हठीयेय्यी सोऊणनोऊ अरे hello ोोू

तो अंकित ने बैक व्यू मिरर मैं देखा तो उसने गाडी साइड मैं रोक दी

तो लड़की उसके पास आगयी उस लडग़ी ने चेहरा ढाका हुवा था

अंकित : हां जी बोलिये

लड़की : वो आपका फ़ोन वह गिर गया था

अंकित : ओह्ह्ह्ह थैंक्स

लड़की : है ये लीजिये आपका फ़ोन

अंकित : अरे आपके हाथ से तो खून बह रहा है रुकिए आप पहले डॉक्टर के पास चलिए

लड़की : नहीं रहने दीजिये कोई बात नहीं

अंकित : कोई बात कैसे नहीं ये देखिये कितना खून बह रहा है आप प्लीज चाहिए देखिये आपने मेरा फ़ोन वापस m7jhe दिया है तो बदले मैं मैं आपका दर्द तो काम कर hi सकता हु

लड़की : मेरा दर्द कोई काम नहीं करसकता

अंकित : अरे इसमें क्या चलिए डॉक्टर आपको ठीक करदेंगे

लड़की : ये तो जिस्मानी दर्द है पर मेरे डिल का दर्द कोई काम नहीं कर सकता

अंकित : देखिये मुझे कहना रो नहीं चाहिए पर क्या मैं जान सकता हु आप क्या कहना चाहती हु

लड़की : है मैं बता सकती हु वैसे भी मेरी सुनने वाला और कोई नहीं है

अंकित : है बताईये और कोण है आप और कहते गौ दिल का दर्द बताने से काम होता है और दिल हल्का होजाता है

लड़की : मैं एक तवायफ हु और मैं मंदिर गयी थी पर मैं यहाँ के क्सक्सक्सक्सारा मैं जो कोठा है वही रहती हु मेरी आगे 19 साल है और मेरा

नाम.....

अंकित : कीर्ति यही नाम हैना आपका

जिहा वो कीर्ति hi थी

कीर्ति : तुम्हे कैसे पता

अंकित : क्या आपके पास 30 मं है मैं आपको सब समजा दूंगा

कीर्ति : नहीं मैं तुम पर भरोसा क्यों करू

अंकित : अगर आपको मुझ पर यकीन नहीं है तो आप कमसे काम उस भगवन पर यकीन करे जिसके सामने आप कल मंदिर मैं प्रार्थना कर रही थी

कीर्ति : ठीक है पर अगर ऐसी वैसी हरकत की तो अच्छा नहीं होगा

फिर अंकित कीर्ति को लेकर अपने होटल रूम मैं गया वह अपने रूम मैं गया और कीर्ति को अपनी मजबूत बाँहों मैं ले लिया और रोने लगा

कीर्ति भी शॉक थी

कीर्ति : प्लीज देखिये संत होजयिये प्लीज बताईये क्या हुवा और आप कैसे मुझे जानते हो

अंकित : अरे पगली मैं तेरा भाई हु तेरा भाई तेरा सागा जुड़वाँ भाई

अब कीर्ति और शॉक होगयी क्यों की वो तो समझती थी की वो अनाथ है पर आज कोई साक्ष उसे आकर कहता है की वो उसका सागा भाई है

कीर्ति : नहीं ये झूठ है मेरा कोई नहीं मैं एक ानाथ हु और मैं किसी की बहन नहीं होसकती क्यों की मैं रंडी....

अंकित ( गुस्से से चिल्लाया) : किरतीयई ख़बरदार जो अब आगेसे अपने लिए ये घिनोना सब्द निकला तो

कीर्ति दर गयी और कापने लगी और उसकी आखों मैं आशु आने लगे

अंकित को ये देख कर बहुत दुःख हुवा वो उसके पास गया और उसे अपने गले से लगा लिया

कीर्ति भी रोटी रही और अंकित उसका सर सहलाता रहा कीर्ति को भी बहुत सुकून मिल रहा था आखिर आज वो अपने किसी अपने के गले लगी हुयी थी

कीर्ति : अगर आप मेरे भाई है तो आपने मुझे उस नर्क मैं क्यों छोरा पहले hi क्यों नहीं निकल लिया वह से ऊहु ुहु ुहु

अंकित : अगर हमे पता होता की तुम्हारे साथ क्या हुवा है और तुम हमारी क्या लगती हो तो मैं तुम्हे पहले hi वह से निकल लेता पर चिंता मत करो अब मैं आज्ञा होना मैं तुझे यहाँ से निकलने hi आया हु गुड़िया

कीर्ति : क्या कहा आपने फिर से कहना कान तरस गए है ये सब्द सुनने केलिए वह कोठे पर तो गंदे से गन्दा सब्द और गन्दी से गन्दी गालिया hi सुनती आयी हु

अंकित : गुड़िया हो तुम मेरी मेरी छोटी सी नन्हीसी गुड़िया

और अंकित उसे कास लिया और उसके सर को चुम लिया

कीर्ति : भैया क्या सिर्फ आप hi मेरे अपने है और कोई परिवार वाला नहीं है मेरा

अंकित : है गुड़िया हमारा भरा पूरा परिवार है हमारी माँ है पापा है और सबदे बड़ी बात हमारी तीन बड़ी दीदी और एक हम से छोटी गुड़िया है और चाचा चची भी थे पर वो कुछ वक़त पहले चल बेस

पर बाकि सब भी है बस अब तू बाकि थी और अब तू भी मेरे साथ जाएगी

कीर्ति : पर भैया मैं वह कोठे पर कैसे पहुंची

अंकित फिर उसे सब कुछ बता देता है अपने बारे मैं अपने परिवार के बारे मैं अंकित के दुसमन रंश के बारे मैं सब कुछ

बस ये नहीं बताता की वो आपस मैं सेक्स करते है पर वो भी उसे जल्द बताने वाला था

कीर्ति : मतलब जोभी हुवा वो हम दोनों के जनम के वक़त हुवा था और हमारी सगी माँ भी चल बसी भैया अब क्या करेंगे हम

अंकित : पर मेने तुम्हे बताया न की हमारी तीन माये और है और उन्होंने कभी हमे अपना सौतेला नहीं मन बाकि का तुम उनसे मिल कर जान जाओगी

कीर्ति : लेकिन भैया आपने मुझे पहचाना कैसे आपने तो मुझे कभी देखा hi नहीं था

अंकित : अरे मेरी छोटी बहना अगर मेरी आखें देखती ध्यान से तो ये नहीं पूछ टी

कीर्ति ने देखा की अंकित की आखें भी बिलकुल उसकी hi तरह है

कीर्ति : अब मुझे पूरा यकीन है की आप मेरे भैया hi है

और अंकित के गले लग गयी और रोने लगी

कीर्ति : भैया मैं आपके हाथ जोरती हु भैया मुझे वह से निकल लो भैया मेरे पास बहुत काम टाइम है भैया

अंकित : बेबी मैं तुझे वह से निकल लूंगा पर ये काम टाइम मतलब

कीर्ति : जब उस कोठे पर लड़की 20 साल की होती है तब उसे धंधे पर उतरा जाता है कोई बड़ा खरीद दार मिल जाये जो 20 लाख से ज्यादा बोली लगा सके उस लड़की को उसे बेच दिया जाता है और अगर कोई भी उसे नहीं खरीद ता तो उसे कोठे पर रह कर धंदा करके 20 साल तक का खर्चा जो उनलोगोंने उस लड़की पर किया है वो उसे चुकाना पड़ता है मेरे पास बस एक साल है

इसी लिए भैया मुझे अभी यहाँ से ले चलो क्यों अगर इस एक साल मैं वह सी नहीं निकली भैया तो मैं अपनी जान देदूंगी पर वह नहीं रहूंगी

अंकित : कीर्ति तू चिंता मत कर मैं तुझे वह से लेकर जाऊंगा वैसे वह और कितनी तेरे जैसी लड़किया है

कीर्ति : वह मेरे जैसी 21 लड़किया है और बाकि की मुझसे लड़किया है

अंकित : तू अभी वह जाना और उनसे कहना वो सब बहुत जल्द आज़ाद होने वाली है

कीर्ति : भैया ये इतना आसान नहीं आप अभी रीमा भाई को नहीं जानते

अंकित : प्यारी बहना ऐसा तू इसी लिए कह रही है क्यों की अभी तू हमारे डैड को नहीं जानती

कीर्ति : मतलब

अंकित : रीमा बाई के कोठे को फण्ड कोण करता है

कीर्ति : बड़े बड़े पॉलिशन

अंकित : और बड़े बड़े पॉलिशन को फण्ड बड़े बड़े बिज़नेस मन

कीर्ति : है तो

अंकित : अरे कीर्ति हमारे डैड कोई और नहीं मर. आकाश रावल है

कीर्ति : क्या आकाश रावल थे ग्रेट बिज़नेस टायकून आकाश रावल

अंकित : तुम उन्हें जानती हो

कीर्ति : है मैंने सुना है जब एक पॉलिशन के वह प्रोग्राम था तब हमे वह बुलाया गया था तब मैंने वह उन बड़े बड़े नेताओ को बात करए हुए सुना था की आकाश रावल को हमारे साथ मिलाना बहुत जरुरी है

तब मुझे पता नहीं था की वो कोण है फिर जब एक बार नई पेपर मैं उनके बारे मैं आया था तब पता चला

अंकित : तो बस अब कल का दिन तुम्हारा उस कोठे पर आखिरी दिन होगा ये वडा है तेरे भाईका वैसे अब जरा अपना चेहरा तो दिखादे देखु तो मेरी बेहेन किसी दिखती है

कीर्ति : ेहेहेहे अरे वो बातो बातो मैं भूल hi गयी

और कीर्तिने अपना चेरा से चुनरी से बना मस्त उतरा

तो अंकित उसे देखता हो रहगया

अंकित : सो ब्यूटीफुल माय सिस्टर

कीर्ति : वैसे भैया मेने तो सिर्फ चेहरा नहीं दिखाया पर आपने तो अपना नाम भी नहीं बताया मुझे

अंकित : ओह्ह्ह सॉरी बेबी मैं भूल गया

तो मस. कीर्ति आकाश रावल के भाई का नाम है अंकित आकाश रावल और प्यार से लोग मुझे एक कहते है

कीर्ति : पर मैं आपको भैया hi बुलाऊंगी

और अंकित के सीने से चिपक गयी

अंकित : चल अब तुझे मंदिर चोरडू और है अब no मोरे टेंशन और बस कल शाम तक का वेट करले बस कल मैं तुझे वह से लेकर जाऊंगा और तू पुरे हक़ से हमारे साथ रावल मेंशन मैं रहेगी

फिर अंकित कीर्ति को चोर इ चला गया

अब देखते है अंकित और रीमा बाई की मुलाकात और उसके बाद रीमा भाई की क्या हलक़ होती है

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अपडेट 99

यहाँ अंकित और कीर्ति मंदिर आजाते है वापस और कीर्ति जाने लगती है

अंकित : कीर्ति तुमने इतने दिन भगवन से प्रार्थना की की वो तुम्हारी जिंदगी बदलदे तो अब जब बदल रही है तो तुम बिना उन्हें थैंक्स बोले hi जा रही हो

कीर्ति : ओह्ह्ह्ह सॉरी सॉरी भैया मैं भूल गयी आप भी चलिए न साथ मैं

और ये दोनों मंदिर जाते है

कीर्ति (रट हुए) : हे मेरे भगवन आपका जितना सुकर मनौ काम है आज आपने इस अनाथ को ये बता दिया की वो अब अकेली नहीं है

फिर ये दोनों बहार आते है

अंकित : बेबी चिंता मत करना तेरा भाई आएगा 9र तुझे वह से पुरे हक़ से ले जायेगा ok

कीर्ति : अब मुझे किसी का दर नहीं भैया मुझे आप पर पूरा ट्रस्ट है

और ये बोल दोनों हेल लग जाते है तो इस बार अंकित कीर्ति की पीठ को सेहला ता है तो कीर्ति कररह उठती है

कीर्ति : सीईएससीईई aaahhhhhhhhhhh

अंकित : क्या हुवा

कीर्ति : वो भैया ववु कुछ नहीं चलो मैं जाती हु

अंकित : रुको

और अंकित ने कीर्ति की चुन्नी उसकी पीठ पार्स हटाई तो उसने देखा की उसपर मरने के निशान है किसी हंटर या बेल्ट के

अंकित : ये ये सब कैसे गुड़िया

कीर्ति : वो कल मैं जब मंदिर से वह लूटी तो लेट होगया था तो तो रीमा भाई ने ये

और इससे आगे कीर्ति नहीं बॉलपै

अंकित : तुम्हे लगे हर एक झखम का हिसाब मैं रीमा बाई से लूंगा

कीर्ति : अब मैं चलती हु

फिर वो चली गयी और अंकित वापस होटल आज्ञा तो आर्यन और कारन ने उससे पूछा

कारन : कोण थी वो और हमे रूम से जाने को क्यों बोलै

अंकित : वो वही थी जिसके लिए हम यहाँ आये है

आर्यन : भोस्डिके तूने कैसे पहचाना

अंकित : अबे चूतिये ट्विन सिस्टर है वो मेरी ऐसे hi नहीं किसी को उठा कर लाया था

कारन : अब क्या करना है

अंकित ने आकाश को फ़ोन लगाया

आकाश : है बेटे बोल क्या हुवा और कीर्ति मिली या नहीं

अंकित : अभी hi उसे चोर कर आरहा हु

आकाश : क्या किसी है वो ठीक तो हैना तूने बताया उसे की तू उसका भाई है

और फिर अंकित उसकी और कीर्ति की साड़ी बाटे बता देता है

आकाश : उस रीमा बाई की इतनी हिम्मत की मेरी बेटी को दर्द पहुंचाया बीटा एक चीज़ बोलू वो करेगा

अंकित : हुक़ून करिये डैड

आकाश : जब उन सभी लड़कियों को आज़ाद करा कर उन्हें हमारे फार्म हाउस पर रखना उनका बाद मैं सोचेंगे की क्या करना है और साथ मैं उस रीमा बाई को भी उठा कर लाना मैं खुद उसके किये की सजा दूंगा

अंकित : अस योर विश डैड ब्ययी

आकाश : ब्ययययय

और कॉल एन्ड होगया

अंकित : चलो भोसड़ी वालो खाना नहीं खाना क्या

कारन : तू खिलायेगा न तो जरूर चलेंगे

अंकित : है चूतिये जैसे तू hi हर बार बिल देता चल चुपचाप नौटंकी कही का

फिर ये तीनो खाना खाने जाते है अंकित ने आकाश को बोल कर अपनी कुछ फाॅर्स को बुलवा लिया था गन्स के साथ जिसे रीमा बाई के साथ मीटिंग के वक़त कोई छू चपड़ न करे

और फिर तीनो रूम मैं आकर सो गए

अगले दिन अंकित, आर्यन और कारन तीनो निकल गए गाडी मैं रीमा बाई के कोठे की तरफ अंकित के साथ उसके 8 बॉडी गार्ड भी थे गार्ड की दोनों गाड़ियों मैं नकली नंबर प्लेट लगी हुयी थी और खुद अंकित की गाड़ी मैं नंबर प्लेट hi नहीं थी

सुबह का वक़त था रीमा बाई के कोठे पर अभी बहुत ज्यादा सन्ति थी क्यों की किसी भी कोठे पर रात के वक़त hi जान रहती है

पर किसी को पता नहीं था की ये तूफ़ान के पहले की शांति थी

अभी रीमा बायीं अपने हॉल मैं बैठ कर न्यूज़ पेपर पढ़ रही थी और पैन चबा रही थी की तभी उसका एक आदमी अंदर आया

आदमी : रीमा तै आज एक बहुत बड़े बिजनेसमैन का बीटा आपसे मिलने आरहा है कल hi उसने अपॉइंटमेंट लिखे है आपकी

रीमा बाई : ये अच्छी बात है बड़े लोग हमारे पास आरहे है उनकी खातिरदारी मैं कोई कमी नहीं रेहनी चाहिए और क्या पता शायद हमारा भी बड़ा फायदा होजाये एक काम कर सभी लड़कियों को बोल की रेडी रहे उनका स्वागत ा छे से करना

आदमी : जी तै

यहाँ कोठे पर तैयारियां चल रही थी सभी लड़किया बालकनी मैं कड़ी थी और बाटे कर रही थी और कुछ निचे रीमा बाई के साथ थी अभी कुछ देर हुयी थी की

रीमा बाई ने देखा की 3 गाड़िया आ रही है

पहले एक ब्लैक फोर्टनेर और बिच मैं एक ब्लैक मेरसेदेज़ गल्स मेबैक 550स और उसके पीछे एक ब्लैक फोर्टनेर

और तीनो कार आकर उनके सामने आकर रुकी

सभी लोग देख कर शॉक होगई क्यों की आज तक यहाँ जितने hi पॉलिशन आये है वो ज्यादा से ज्यादा नार्मल बंव या ऑडी मैं ए थे और उनके साथ लोकल गुंडे होते थे पर यहाँ

पहले दोनों फोर्टनेर मैं से वाइट शर्ट विथ ब्लैक सूट मैं 8 गुर्द निकले 4 पहली वाली मैं से और 4 दूसरी वाली मैं से और सभी के हाथों मैं हाई टेक गन्स

फिर अंकित वाली कार के फ्रंट सीट पर से आर्यन और कारन निकले उन्होंने भी एक एक फुल ब्लैक सूट पहना था

और फिर कारन ने बैक सीट का दूर खोला और उसमे से निकला एक नेवयबलुए स्किन टाइट सूट मैं अंकित और ाखौं पर ब्लैक सनग्लासेस

ऊपर अंकित था भी इतना हैंडसम कुल मिला कर ये साडी छोटी बड़ी चीज़े अंकित के लुक को और किलर बना रही थी

सभी लड़ईया तो बस देखती hi रह गयी जिन में से एक कीर्ति भी थी लड़किया तो अंकित को देख कर नशा सा होने लगा और कुछ तो डायरेक्ट बाथरूम भाग गयी ऊँगली करने और कुछ बाते करने लगी

लड़की :, हैए देख तो जरा कितना प्यारा है कितना हैंडसम है क्या स्टाइल है और क्या एंट्री मरी है मैं तो फ़िदा होगयी रीव

लड़की 2: हई कितना पैसे वाला होगा ऊपर से खुद भी इतना हैंडसम है कोई भी लड़की पागल होजाये इसके पीछे गाड़िया तो देख ऐसी तो सिर्फ सपने मैं देखि है गाड़िया कस ये मुझे अपने साथ लेजाए और प्यार करे इसके लिए तो कुछ भी कर जाऊ

कीर्ति ( मन में) : हाय भैया कितना जलाओगे रीमा बाई को उसकी तो जलगायी होगी क्या एंट्री मरी है

फिर अंकित चल के रीमा बाई के पास आज्ञा

और फुल ऐटिटूड मैं

अंकित : रीमा बाई ऍम ी राइट

रीमा : जी ठीक पहचाना

कारन : सर आप कब तक खड़े रहेंगे

रीमा : चलिए अंदर बैठ के बात करते हज इन गुर्द को यही चोर दीजिये

अंकित : हम्म ठीक है पर ये मदोनो मेरे खास बॉडी गुर्द है ये मेरे साथ जायेंगे

रीमा : ठीक है

और फिर ये लोग अंदर आते है आर्यन और कारन खड़े थे एक सोफे के पीछे जैसे बहुत ज्यादा डिस्कॉपलीनेड बॉडी गुर्द हो और अंकित स्टाइल से जा कर सोफे पर बैठ गया ये जो बड़ा हॉल था तो कुछ लड़किया भी थी

रीमा बाई ने क्लैप किया तो दो लड़किया आयी कारन और आर्यन को ड्रिंक ऑफर की पर ु दोनों ने मन किया और दूसरी वाली डाकि आयी जिसके हाथ मैं सोने के गिलास और एक अलग तरह की लिकर उसने उस ट्रे को वह रखा और दो पेग बनाये और एक रीमा बाई को दिया और अंकित को no ने डोडो सिप लिए

रीमा : बताईये जनाब इतने बड़े बिजनेसमैन के बेटे को यहाँ कैसे आना पड़ा

अंकित : आप जानती है क्या मैं कोण हु

रीमा : नहीं पर आप के आने का स्टाइल देख कर तो यही लगता है की आप बहुत बड़े आदमी के बेटे हो

अंकित : हम्म्म

रीमा : वैसे क्या मैं जान सकती हु की आप किसके बेटे है

अंकित : no मंद योर बिज़नेस okay

मैं बार बार नहीं बोलूंगा

रीमा : बाई ओह्ह्ह सॉरी हमे माफ़ कीजियेगा हुज़ूर

अंकित : हम्म्म

रीमा : क्या मैं आपके यहाँ आने की वजह जान सकती हु

अंकित : हम्म लड़किया रीमा बाई लड़किया सुना है तुम्हारे पास हश नई परियों का खजाना है तो बस उनमे से एक हुस्न पारी को मैं खरीदना कहता हु

रीमा : हम्म आप सही जगह आयेहो वैसे भी कल हमारे यहाँ बोली लगनी है लड़कियों पर आप कल आकर जो लड़की पसंद हो खरीद लेना

अंकित : देखो रीमा बाई मेरी एक आदत है जब मुझे कोई चीज़ चाहिए तो उसी वक़त चाहिए कल परसो मैं नहीं देखता कहे उसकी कीमत कितनी hi क्यूना हो मुझे आज hi चाहिए बोलो डौगी या फिर मैं यहाँ से चला

रीमा : देखिये मर आपतो बिज़नेस मन है और बिज़नेस के कुछ उसूल भी होते है पता हैना

अंकित : एक बात बोलू रीमा बाई मुझे न हद से ज्यादा दीखता है और मेरा दिमाग हद से ज्यादा चलता है ऐसे hi मैं और मेरे डैड इतना बड़ा बिज़नेस करके नहीं बैठे है

मुझे पता है धंदे के नियम उसूल और ये भी पता है की तुम्हारा ड्रग का एक कन्साइनमेंट ओसियन मैं फसा हुवा है और वो किसका है ये भी पता है अब तो तुम्हारे पास दो रस्ते है

1 तुम मुझे वो आज के आज वो देदो जो मुझे चाहिए और बदले मैं मैं उसकी बढ़िया रकम दूंगा जिससे ड्रग्स के पैसे कवर होजाएंगे और वो भी पकड़ा जायेगा जो ड्रग का मालिक है और तुम्हे मैं चोर दू

2 मैं पुलिस को सब कुछ बता दू तुम्हे जेल मैं भेज दू सड़ने केलिए अब ये मत कहना की पुलिस तुम्हारा कुछ नहीं उखड सकती क्यों की मिनिस्टर्स और बड़े बड़े पॉलिशन तुम्हारे साथ है तो तुम्हे पता होगा कोई भी इन्शान बिना बिजनेसमैन की फंडिंग के बड़ा नेता नहीं बनता मुझमे इतनी ताक़त है की मैं यहाँ की सर्कार भी गिरा सकता हु

रीमा : शॉक थी सर वो hi नहीं रीमा बाई के साथ हॉल मैं पुरे कोठे की 60 की 60 लड़किया और कीर्ति भी शॉक होगयी की ये कोण है जिसने रीमा बाई को मजबूर करदिया

आदमी : तू यहाँ से जिन्दा बच के जायेगा तो न कुछ करेगा

अंकित : सेल भोस्डिके चूतिये जब बड़े लोग आपस मई बात कर रहे हो तो तुझ जेसो को बिच मैं नहीं बोलना चाहिए जितनी पगार है उतना hi मुँह खोल नहीं तो मेरे आदमी तुझे खिल देंगे

रीमा : टिंकू ऐसा मत कर ये हमारे मेहमान है वैसे मन्ना पड़ेगा आपमें समाज तो बहुत डढ़िया है ठीक है मैं आपको लड़की बेच ने केलिए तैयार हु

पर उससे पहले आपका नाम और आगे जानना चाहूंगी

अंकित : ी ऍम 19 इयर्स ओल्ड एंड ी ऍम अंकित बूत ु कॉल मि एक

रीमा : ठीक है अंकित जी बोलिये कोण सी लड़की चाहिए

अंकित : मैं उससे पहले एक बात बाटाडू लड़की मेरे पसंद की होगी और मैं सभी लड़कियों को अकेले मैं देखना कहूंगा एक एक करके पर मैं उन्हें टच भी नहीं करूँगा और मेरे साथ सिर्फ आप रहेगी जिससे मुझे लड़की का इंट्रो पता चलेगा और जो लड़की पसन् आयी उसकी कीमत तुम बोलो वो मैं यहाँ से खुश होकर जाना कहता हु

रीमा बाई : जरूर हुजूर हमारे यहाँ कोई निराशा लेकर नहीं जाता

अंकित : मैं अभी hi लड़किया देखना कहूंगा

रीमा बाई : जी चलिए

तभी कारन ने अंकित के कान मैं बोलै

कारन : यार हो सके तो इस रीमा बाई को भी पता लेना साली माल तो बड़ा कड़क है और चिचिया देख साली की मैंने आज तक नहीं देखि

अंकित : हम्म देखता हु रुक जा अभी कोई गड़बड़ मत करना और तुम दोनों यही रहो

रीमा : क्या बाते हो रही है

अंकित : कुछ नहीं आप प्रेपरेशन करिये

फिर थोड़ी देर वैसे hi बात चित करने के बाद रीमा बाई अंकित के पास आयी

रीमा बाई : चलिए वैसे जो उसे है उन्हें भी देखेंगे

अंकित : no वे मुझे बस सभी वर्जिन चाहिए

रीमा : जी इस तरफ ो

और फिर अंकित और रीमा बाई पहुंचते है एक रूम मैं जहा एक बड़ा सा सोफे था अंकित और रीमा बाई उस पर बैठा गए

अंकित ने देखा की रीमा बाई भी काम नहीं थी अंकित यहाँ गुस्से और अकड़ मैं आया था जिसके चलते उसने रीमा बाई को ध्यान से नहीं देखा पर कारन के बोलने के बाद ध्यान आये की साली माल तो ये भी है कड़क

अंकित : वैसे रीमा बाई तुम भी काम नहीं हो तुम्हारी कोई कीमत है या फिर नहीं

रीमा : अरे आप जैसे जवान लोगो को मुज जैसी 45 साल की ायरत क्यों अच्छी लगेगी और मेरी कीमत नहीं है मैं अब ये सब नहीं करती

अंकित : no रीमा बाई यू हॉट रियली स्पेशलय योर ब्रैस्ट ी लव आईटी

रीमा : ओह्ह थैंक यू

अंकित : वैसे तुम्हारी कीमत मेने एक बार केलिए hi पूछी है अगर एक बार नहीं दे सकती तो काम से काम अपनी चिचिया तो दे hi सकती हो जब तक मैं साडी लड़किया नहीं देखलेता

रीमा बाई जैसी भी थी पर थी तो ायरत और ायरत की खूबसूरती की जब कोई तारीफ करता है तो वो खुद को और जवान समल लेती है

रीमा बाई : है इतना तो मैं कर सकती हु

और ये बोल रीमा बाई ने अपना ब्लॉश उतर दिया और उसकी 42 की साइज के फुटबॉल सामने आगये जो की अभी भी कैसे हुए थे

अंकित : ओह्ह्ह्ह सुच ा ब्यूटीफुल टिट्स है

और अंकित ने एक को हाथ मैं पकड़ कर जोर से बावा दिया

रीमा : ओह्ह्ह आआआह्ह्ह्ह ारराम से

अंकित : सच मैं रीमा बाई एक बार बोलो तो तुम्हारे लिए तो मुँह मांगी कीमत दूंगा

रीमा : वो बाद अभी आप लड़किया देखो

पहले एक लड़की अंदर आयी

रीमा : ये है ऋचा ये 21 साल की है

अंकित ने देखा की एक खूबसूरत और क्यूट लड़की आयी ंदर भरा हुवा जिस्म देखने वाला भी पागल होजाये

अंकित : हम्म है तो अच्छी पर नहीं नेक्स्ट

और दूसरी लड़की अंदर आयी फिर तीसरी ऐसे करीब 20 लड़किया आगयी और अंकित रीमा बाई की चूचियों को दबाते रहा

रीमा बाई : अब आपके सामने एक हेरा पेश कर रही हु

अंकित : द्देखते है

रीमा : तुम जाओ और कीर्ति को नादेर भेजो

थोड़ी देर बाद दरवाज़ा खुला और कीर्ति अंदर आयी

अंकित उसे देखता रहा गौर से

रीमा : ये है कीर्ति 19 साल की है आपकेलिए ये एक दम परफेक्ट है बाकि आप जाने

अंकित कीर्ति के पास गया और चुपके से कीर्ति को चुप रह ने का इशारा गया और उसके अगल बगल घूमने लगा

अंकित : ये इसकी बड़ी पर निशान कैसे

रीमा बाई : आपतो जानते है इन रंडियो को काबू मैं रखने केलिए चाबुक कसना hi पड़ता है

अंकित : हम्म्म अब इसे खरोच भी नहीं आणि चाहिए ये मुझे बेहद पसंद आयी इसकी वैल्यू बोलो

रीमा : बाई ये हमारे कोठे की शान है खूबसूरती मैं और आप इसे टाइम से पहले लेकर जा रहे हो 30 लाख

अंकित : कॅश, चेक या रटगर्स

रीमा : मैं बस ये देखना चाहती थी की आप को ये कितनी पसंद आयी इसी लिए मैंने 30 लाख बोले पर आप 25 दे दीजिये कॅश

अंकित : 25 नहीं 35 रखो रुको मैं एक फ़ोन करलु ताकि वो मुझे कॅश दे जाये

और कीर्ति जाओ अपना सामान पैक करो

रीमा : एक मं आपको इसका कौमार्य यही लेना होगा

अंकित :नहीं मैं ऐसे जगह नहीं कर सालता

और तुम्हे मैंने 10 लाख एक्स्ट्रा दिए है रूम बाई अब तुम मुकर नहीं सकती

रीमा बाई : मैं मुकर नहीं रही हु इस कोठे की रिचुअल है की जब कोई लड़की का कौमार्य भांग होता है और जब पहली बार उसकी छूट से खून बहकर एक चादर को रंग देता है तो उस चादर को इस कोठे के चारो और घुमाया जाता है उसके बाद आप इसे लेजा सकते है

फिर अंकित सोच मैं पद गया की अब क्या करे वो फिनॉय

अंकित : ठीक है रीमा बाई मैं ये करने को तैयार हु

रीमा बाई : मैं अभी आपके लिए रूम.....

अंकित : नहीं रीमा बाई अभी नहीं मैं रत को 1 बजे आऊंगा क्यों की अभी मेरे पास टाइम नहीं है मुझे एक बिज़नेस डील के सिलसे मैं जानहै तो मैं अभी चलता हु पर याद रहे जब तक मैं न आओ इसे कोई टच भी नहीं करेगा वर्ण मुझे इस कोठे का नमो निशान मिटने मैं जरा भी देर नहीं लगे गई

रीमा बाई : जी जैसा आप कहे और पैसे भी तभी hi देना

फिर अंकित कीर्ति के पास जा कर

अंकित :: रात को आता हु

रीमा बाई : जा कीर्ति अंकित जी को बहार चोर कर आजा

और अंकित और कीर्ति बहार आगये बाकि सब गाडी मैं बैठ गए

अंकित : अब क्या करू कीर्ति कैसे मैं तेरे साथ ये सब करूँगा

कीर्ति : भैया आप मुझे बिना मांगे सब कुछ दे रहे हो क्या एक चीज़ मांग सकती हु अपने भाई से

अंकित : हुक़ून कर मेरी जान

कीर्ति : भाई अगर कोई भी मुझे कल या आने वाले समय मैं खरीदता तो मेरे साथ जोर जबरदस्ती कुछ भी करता पर मुझे पता है आप अपनी इस बहन को दूध नहीं देंगे इसलिए मैं आप पर भरोसा करती हु कोई और मेरे साथ सेक्स करे उससे अच्छा तो यही है की मैं अपनी विर्जिनिटी अपने भाई को सूप दू

अंकित : तू ये क्या कह रही है कीर्ति तू जानती भी है

कीर्ति : भैया आप जानते हो की अगर आपने ऐसा नहीं किया तो रीमा बाई मुझे किसी और को बेच देगी और अगर मैं किसी और के पास गयी तो मैं जी नहीं पाऊँगी

भैया प्लीज मेरे साथ आप्ये करलेना मैं यहाँ से निकलने केलिए कुछ भी करुँगी मुझे आप पर पूरा भरोषा है

अंकित : ठीक है मैं रात को आता हु तू टेंशन मत लेना आज तेरा इस कोठे पर आखिरी दिन है okay बस रत तक यहाँ रह और है अब रीमा बाई तुझे टच भी नहीं करेगी

और अंकित ने उसे हुग किया और अपनी कार मैं बैठ कर निकल गया

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
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अंकित वह से निकल कर होटल पहुंच जाता है और वह आकर आकाश को फ़ोन मिला देता है

आकाश : है बीटा बोल क्या हुवा

अंकित : डैड वो रीमा बाई का कहना है की 35 लाख देकर कीर्ति को छोरा ले जाओ

आकाश : अगर वो 35 करोड़ भी मांगे तो देदो बीटा हमारे लिए कीर्ति से बढ़ कर कुछ नहीं है

अंकित : बात वो नहीं है डैड वो चाहती है की मैं कीर्ति के साथ पहला सेक्स वही करू मैंने सोचा था की कीर्ति को वह से निकलू गए उसे घर लेकर आऊंगा और उसे एक अच्छे अट्मॉस्फेरे मैं रखूँगा और फिर हम उसे हमारा सीक्रेट्स बताएँगे पर यहाँ अब उल्टा पद गया

आकाश : बीटा उसे आज नहीं तो कल पता चलना hi है और तुम आज नहीं तो कल उसके साथ भी सेक्स तो तुम्हे करना hi पड़ता तो मेरी तरफ से परमिसन है

अंकित :: यस डैड वैसे मेरी मॉम्स कहा है

आकाश : वो अब निशा अपने रूम मैं बैठे बैठे बोर होगयी थी तो तुम्हारी बहने और मनु और तनु उसे बहार घूमने लेगयी है

अंकित : ठीक है वैसे डैड परसो सुबह हम वह पहुंच जायेंगे मैं कहता हु कीर्ति रावल फॅमिली मैं वेलकम बहुत अच्छा हो आप समाज रहे हैना

आकाश : उसकी टेंशन चोर दे रावल खंडन की बेटी आ रही है उसके वेलकम मैं कोई कसार नहीं रहेगी

अंकित : ब्यय डैड लव यू

आकाश : दादस लव यू तो सोन

और कॉल एन्ड होते hi अंकित निशा को कॉल लगा देता है जो अभी इस वक़त मूवी देख रहे थे और इंटरवल अभी hi हुवा था बाकि लेडीज वाशरूम गयी हुयी थी सिर्फ तन्वी hi उसके साथ थी

निशा ने कॉल पिक कियक

निशा : है बेतु बोल

अंकित : कुछ नहीं माँ बस आपको आज जो हुवा वो बताने केलिए कॉल किया

निशा : क्या बात है बच्चा आज मेरा बेतु बहुत ज्यादा परेशां है क्या हुवा बोल

अंकित निशा को सब कुछ बतादेता है

निशा : देख बीटा उसे हमे आज नहीं तो कल बताना hi पड़ता और अब हमारे पास कोई और रास्ता भी नहीं है

अंकित : अगर हमारे परिवार की इज़्ज़त का सवाल नहीं होता तो वह किसी मैं इतनी हिम्मत नहीं होती की कीर्ति को वह से लेजाने से रोक सके बस फॅमिली का सोच कर hi रुका हुवा हु

निशा : अभी किसी के भी बारे मत सोच बस कीर्ति के बारे मैं सोच बाकि तू समझदार है

अंकित : है माँ थैंक्स आपने मेरी परेशानी दूर करदी

निशा : मुम्मा होती hi है अपने बेटे को परेशानी से निकलने केलिए अच्छा कब आरहा है

अंकित : परसो सुबह

निशा : परसो क्यों कल क्यों नहीं

अंकित : माँ आज मैं कीर्ति को अपना बनाऊंगा तो तो आपको तो पता है उसे थोड़ा पैन हे दाल करना होगा और कल का दिन उसे मैं एक आज़ाद पचि की तरह घूमना कहता हु जिससे वो अपनी नयी जिंदगी की तरफ पहला कदम बढ़ा सके और परसो वो आप सब से एक फ्रेश माइंड के साथ मिल सके

निशा : है ठीक है अब थोड़ा आराम करले और जल्दी से मेरी बच्ची को ला कर देदे

अंकित : आप कीर्ति के चक्कर मैं मुझे मत भूल जाना

निशा : एक थप्पड़ मरूंगी अगर ऐसा बोलै तो

अंकित : अब ठीक है ब्यय माँ लव यू

निशा : ब्यय लव यू तू बेबी

फिर अंकित कॉल एन्ड करता है तो देखता है सामने आर्यन और कारन खड़े थे

अंकित : तुम दोनों सब पता हैना की रीमा बाई की क्या शर्त है

कारन : भाई चिंता मत कर जान दे देंगे पर तेरी और तेरे घर की इज़्ज़त को ाच नहीं आने देंगे

अंकित : थैंक्स यार वैसे ड्रिंक है क्या

आर्यन : है रूक मैं आर्डर करता हु

फिर आर्यन अंकित और कारन मिल कर ड्रिंक करते है किसी ने सच hi कहा है दोस्ती का नशा सबसे तेज होता है और इससे लोग अपनी परेशानी को मिटा सकते है

फिर अंकित सो गया थोड़ी देर फिर उठा फ्रेश मंद के साथ अभी रात के 10 बजह रहे थे

अंकित : कीर्ति मैं आरहा हु

और अंकित रेडी हुवा एक ब्लैक t-shirt और ब्लैक जीन्स मैं कारन और आर्यन तो फिर से सुइट मैं hi थे और सब लोग निकल गए रीमा बे के कोठे पर

और वो लोग वह पहुंचे अंकित ने अपने फेस को मास्क से कवर किया हुवा था जिससे कोई भी उसे पहचान न पाए और साथ मई कारन और आर्यन ने भी

बाकि बॉडी गार्ड तो ऐसे hi थे

अंकित ने देखा की इस टाइम पर कई लोग वह पर मौजूद है सभी लोग गुंडे और आवारा टाइप के hi थे जो अंकित की एंट्री और कार्स को देख कर शौक होगये थे

तभी वह एक गुंडे टाइप का आया दिखने मैं कला संध था और रंगीन शर्ट लिखे टिपिकल गुंडों का आउट फिट

गुंडा : क्यों बे कोण है रे तू चल गाडी की चाबी दे अब से ये मेरी है

अंकित : क्यों तेरी माँ मेरे बाप के पास आयी थी क्या जो सब कुछ अपने बाप का समझ रहा है

गुंडे ने अंकित की कर पकड़ ली

गुंडा : बोस्डिके तेरी ये हिम्मत मेरी माँ को बिच मैं लाया चल गाड़ी की चाबी दे हो सकता है मैं तुझे चोर दू चल जल्दी कर नहीं तो तेरे घर आकर तेरी माँ छोड़ चूँगा

अंकित बहुत गुस्सा आया उसने एक कान के निचे दिया चांटा

तो वो आदमी दूर जाकर गिरा उसके मुँह से खून निकल गया

आदमी : सेल ला दे तूने मुझे मारा आओ रे आज इस रईसज़ादे को उसकी औकात दिखते है

कुछ आदमी आये जो नशे मैं थे पर स्टाइल मरेंगे hi मरेंगे तो उन्होंने अपना चाकू निकला और सब आगे बढ़ने लगे

पर अंकित के बॉडी गार्ड्स ने गन ठंडी उन पर

अंकित : अपने खिलोने अंदर रखदो हमारे बड़े है

आदमी : तुझे तो मई......

'' करीम ररूक जाओ ''

ये आवाज़ रीमा बाई की है

रीमा : बाई मैंने तुम्हे पहले भी कहा था न की यहाँ अपनी मनमानी मत चलना तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी हमारे मेहमान के साथ ऐसा सुक़ूक़ करने की

करीम : क्यों की इसने मेरी बात नहीं मणि

अंकित : क्यों तू क्या यहाँ का बाप है

करीम : बहुत बोल रहा है बच्चे

रीमा : निकल जाओ करीम यहाँ से नहीं तो ये तुझे जान से मर देंगे

करीम : चुके तो दिखाए इसकी यही माँ छोड़ दूंगा

इस बार कारन और आर्यन नहीं रुके उन्होंने करीम को लात घुसो मैं लपेट लिया मार मार कर अध् माँ इस करदिया

करीम : आठ मुझे चोरडो मैं कभी किसी के साथ ऐसा नहीं करूँगा प्लीज मुझे चोरडो

अंकित : चोरो इसे ये सेल आदत से मज़बूर है

रीमा : आईये हुज़ूर आप की मलिका आपका इंतज़ार कर रही है

और अंकित अंदर गया और अपनी स्टाइल से बैठ गया

रीमा : बाई आप क्या लेंगे

अंकित : वही जो सुबह लिया था हिज टास्ते इस गुड

और रीमा बाई ने वो मंगवाया और अंकित ने चुटकी बजायी और कारन एक ब्रीफ़केस लाया और अंकित को दिया और ब्रीफ अंकित ने ओपन किया और रीमा बाई की तरफ किया

रीमा बाई ने देखा की 2000 के एक दम करारे नोट थे उसमे

रीमा बाई ने वो ले लिए

तभी कारन आगे आया और अंकित के कान मैं बोलै : यार हमारा भी कुछ इंतज़ार करवादे हमे भी बड़ा मन कर रहा है

अंकित : चूतिये हम यहाँ मज़े करने नहीं आये है और हम यहाँ लड़कियों की ज़िंदगी बचने ए है और तुझे मज़े करने है

रोक जा अभी सहर जा कर तेरे लिए इंतज़ार करता हु

कारन : सॉरी और ठीक है

अंकित ने देखा की रीमा बाई के बगल मैं एक ायरत है जो लग भाग उसकी आगे के आस पास की थी और माल तो वो भी थी

अंकित : वैसे रीमा बाई इनकी तारीफ़

रीमा : ओह्ह ये है मेरी छोटी बहन राबिया

अंकित : आप रीमा और ये राबिया कैसे

रीमा : मेरे पीटने दो शादिया की थी

अंकित : हम्म्म

रीमा : वैसे आपने ये मास्क क्यों लगाया है

अंकित : ये ये मीडिया से बचने केलिए

रीमा बे : हम्म वैसे राबिया भी आपके साथ पाना चाहती है

अंकित : सॉरी ी ऍम नॉट इंटरेस्टेड

रीमा : अरे एक बार देख तो लीजिये

अंकित : no मीन्स no

राबिया : जी कोई बात नहीं अगर आपके कोई काम आसक्ति हु बोलिये गए

राबिया की इस बात पर अंकित ने नज़र कारन की और घुमाई तो वो दोनों hi कामिनी है है रहे थे

अंकित : आर्यन और कारन इन्हे खुश कर सकती हो

राबिया : जरूर आईये

अंकित ने दो नोटों की गद्दी और निकली

और रीमा बाई को दे दिया

रीमा : अब आप मेरे साथ आईये आपकी मलिका आपको याद कर रही है

फिर अंकित उसके पीछे चला गया और फिर रीमा बाई ने एक रूम का दूर खोला रूम वाक़ई शानदार था कोई ये नहीं कह सकता था की एक कोठे मैं इतना शानदार रूम हो सकता है

अंकित : हम्म रूम काफिर अच्छा है

रीमा : ये मेरा रूम है आप यही अपना काम करेंगे क्यों की ये इस बिल्डिंग का सबसे अच्छा और बड़ा रूम है

अंकित : वो तो ठीक तुम कब मिलोगी

और अंकित ने रीमा बाई को बाँहों मैं भर लिया

रीमा : आठ हुज़ूर आप पहले कीर्ति को खुश कार्डो मैं आपको उसके बाद खुश करुँगी

अंकित अपने होठ रीमा बाई से चिपका दिए

रीमा बाई : ूउम्मंहहह ूउम्म्म आऍप बहुत अच्छी किश उउउउउम्मम्म करते हो आउउउउम्म्म ूमम

अंकित : हाथ मैं तो आओ सिर्फ किस hi नहीं चुदाई भी अच्छी करता हु

रीमा बाई : ज़रूर पर अभी कीर्ति

फिर रीमा बाई ने ताली बजायी तो कीर्ति अंदर आयी

जो इस वक़त एक मस्ट लाल साड़ी मैं थी बालो का सेक्सी हेयर स्टाइल गाल पर लाल मेक उप होठों पर ग्लॉसी रेड लिपस्टिक माथे पर लाल बिंदी और हलकी ज्वेलरी पहनी हुयी थी

रीमा : ये रही आपकी दुल्हन

अंकित : तुम बहार जाओ रीमा बाई अब जब तक मैं न कहु कोई अंदर नहीं चाहिए मुझे

रीमा बाई : जी जैसी आपकी मर्जी

रमाबाई जैसे hi बहार गयी अंकित कीर्ति के पास गया

कीर्ति : किसी लग रही हु भैया

अंकित : जैसे कोई गुलाब का नाज़ुक फूल हो

कीर्ति : भैया जल्दी करे अब मेरा यहाँ डैम घुटता है

अंकित : एक बार फिर सोच ले कीर्ति

कीर्ति : सोच लिया है जो सोचना था

अंकित : चल जड़ी तो ये सिर्फ पेंटी निकल दे जल्दी काम ख़तम करते है और निकलते

कीर्ति : नहीं भैया सब अब ये सब कुछ होना hi है तो सबा कुछ तरीके से hi करो

अंकित : ठीक है बेबी अस योर विश

और अंकित ने कीर्ति के होठों पर अपने होठ जोर दिए

दोनों hi बहुत प्यार से किश कर रहे थे

अंकित : ूउमंमाहहह ूउम्म्म पपूउउछहः ूउम्म्म गुड़िया तेरे होठ बहुत ज्यादा मीठे है ूउम्मम्माह्ह ूउम्म्म

कीर्ति : आप भी बहुत अच्छी मेरे लिप्स को सूचक कर रहे है भैया ूउमंमाहहह ोुम्माआठ

अंकित : ुउउम्माहहहह ूउम्म्म पूछह छुऊं छू छू ऊम्मम मुझे माफ़ करदेना गुड़िया तुझे प्यार के पहले ये दर्द दे रहा हु

कीर्ति : ुउउम्माहहहह कोई बात नहीं भैया ूउम्म्म आप दर्द नहीं दे रही हो ऊम्मम अपनी गुड़िया को पप्पियारर कर रही हो ऊम्मम

अंकित : गुड़िया मुझे माफ़ करना पर अब मैं तुझे इस जगह नहीं. देख सकता आज हम सिर्फ सेक्स करलेते है फिर तेरा अगर मन होगा तो मैं तुझे प्यार से प्यार करूँगा

कीर्ति : ठीक है भैया जैसा आप चाहे

अंकित ने कीर्ति को बीएड पर लेता या

और उसकी पेंटी निकलदी अंकित ने देखा की एक दम चिकनी छूट कीर्ति की छूट पर बाल ए hi नहीं थे एक दम गुलाभी छूट

अंकित ने अपना मुँह वह जोर दिया

अंकित : सूरररपपप सूररप्पो ूउम्म्म पूछह पोआउउउछह ूउम्म्म सुर्र्प

कीर्ति : आअह्ह्ह भैया ऐसे hi प्यार करो अपनी गुड़िया को आअह्ह्ह आप सच मैं अभूत ा छे से खुश कर रहे है अपनी इस गुड़िया को आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह

अंकित : सुऊररपपपपपप ससुऊरररपपप ूउम्म्म ूउमंमाहहह

कीर्ति : आहहह आअह्ह्ह आअह्ह्ह ओह्ह्ह मा ऐसे hi आअह्ह्ह ऐसे hi आअह्ह्हह्हह आअह्ह्ह

अंकित : सुर्र्प ूउम्म्म गुड़िया अपने भैया को अपना रास पिलाओ ूउम्म्म सुऊररपपपपपप

कीर्ति : आअह्ह्ह भैया मैं ाआरही हु आहहह ओह्ह यस आअह्ह्ह

Aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh

और कीर्ति ने अंकित के मुँह मैं अपने काम रास की धार चोर दी अंकित बहुत मज़े से पि गया उसे

अंकित ने अपने लुंड को आज़ाद किया

कीर्ति : भैया इतना बड़ा कोई बात नहीं मैं दर्द सह लुंगी भैया बस मुझे जल्द से जल्द यहाँ से निकालो

अंकित ने देर न की और अपना लुंड कीर्ति के छूट पर सेट किया और हल्का फर्श किया तो लुंड की कैप अंडर खुस गयी कीर्ति चटपटा उठी अंकित ने उसे किश करने लगा और हलकी हलकी कमर को सहलाने लगा

लगता और एक जोरदार शार्ट मारा तो अंकित का आधा लुंड कीर्ति की छूट को चीरता हुवा अंदर घुस गया

कीर्ति : aaaaaaahhhhhhhhhhh भैया निकालो इसे मैं मरजाऊँगी ोुह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह हाहहा हु हु हु आअह्ह्ह ओह्ह्ह मां आअह्ह्ह

अंकित : माफ़ करना गुड़िया ये लास्ट टाइम आअह्ह्हह्हह

और अंकित ने जोरदार झटका मारा तो अंकित का लुंड कीर्ति के गर्भ से टकराया

कीर्ति तो अधमरी सी होगयी

अंकित 10 मं रुका और हलकी हलकी कमर हिलने लगा

कीर्ति : भैया बहुत दर्द हो रहा है पर मज़ा भी आरहा है आह आह्हः आअह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह ोुह्ह्ह्ह ाहहहह

अंकित : यस गुड़िया टेक आईटी टेक आईटी टेक आईटी यस यस

कीर्ति : यस भैया फ़क में ये स यस यस यस आअह्ह्ह आठ आअह्ह्ह आह्हः यस

अंकित : कीर्ति तेरी छूट आह्हः बहुत टाइट है आअह्ह्ह आअह्ह्ह ये यस यस आठ

कीर्ति : भैया मैं आपकी hi हु मुझे यहाँ से निकल लो आह्हः यस भैया मैं आरही हु यस यस यस

अंकित : ओह्ह यस यस यस यस बब्बी आह्हः

ऐसे hi इनकी चुदाई 20 तक hi चली क्यों की कीर्ति की छूट बहुत टाइट थी इसी लिए अंकित भी उसकी गर्मी बर्दास्त नहीं करपया कीर्ति तो 6 बार जड़ चुकी थी

कीर्ति : आअह्ह्ह भैया मेरा फिरसे आने वाला है आह्हः भैया जोर से जोरसे

अंकित : मेरा भी मेरी जान आअह्ह्ह यस यस आह्ह्ह्ह

कीर्ति : भैया अंदर hi निकलना भैया वो hi मेरे झखम का मरहम है

अंकित : यस यस यस आअह्ह्हह्हह और अंकित कीर्ति की छूट मैं अपना लुंड रास भरता गया

दोनों ने एक दूसरे को अपने बाँहों मैं जकड रक्खा था दोनों hi हाफ रहे थे 7 मं बाद दोनों नार्मल हुए और किश करने लगे

अंकित : दर्द हुवा बेबी तुम्हे ीाम सॉरी

कीर्ति : सीईई कुछ मत बोलिये मुझे मज़ा आया

अंकित ने बहार से रीमा बाई को बुलाया और साथ मई आर्यन को एक बैग भी लेन को बोलै जो रीमा बाई के साथ hi आज्ञा

रीमा बाई : है क्या हालत करदी है आपने मेरे फूल की

अंकित सोफे पर निचे से नंगा hi बैठा था

रीमा बाई ने अंकित का लुंड देखा

रीमा बाई : हे भगवन आपका तो बहुत लगदा है सुनो कीर्ति को रेडी को तब तक मैं इन्हे खुश करती हु

अंकित : नहीं रीमा बे उसकी जरुरत नहीं है अब कीर्ति ने मुझे पूरा मज़ा दिया है और अब इसे फ्रेश करवाओ मैं यही बैठूंगा मेरे सामने hi होगा जो होगा और तुम जो अपने साथ बैग ले हो उसमे इस के लिए कपडे है इसे पहना दो

रीमा बाई : जैसा आपको ठीक लगे पर क्या मैं आपका ये लुंड साफ करदु हुज़ूर

अंकित : येह प्लीज

और फिर रीमा बाई ने अंकित का लुंड जिस पर कीर्तिका छूट रास खून और अंकित के माल का मिक्स तरल था उसे चाट चाट कर साफ़ करदिया

रीमा बाई : ऊम्मम क्या उम्दा स्वाद है इसका

अंकित (मन में) : रुक जा डायन तुझे कुत्ते की टट्टी नहीं खिलवाईना तो मेरा नाम भी एक नहीं

फिर यहाँ रीमा बाई और अंकित बहार आजाते है और बैठ कर पेग लगाने लगते है

थोड़ी देर बाद कारन आर्यन और राबिया भी आजाते है

रीमा : केसा रहा राबिया

राबिया : बहुत मज़ा आया पूरा निचोड़ दिया इन दोनों ने

कारन : है इसने भी खूब मज़ा दिया हमे

अंकित : बाकि बाते बाद मैं और है रीमा बाई यहाँ से निकलते hi तुम्हारा और कीर्ति का कोई रिलेशन नहीं रहेगा कीर्ति मेरी बन कर जाएगी और है कही कभी की फंक्शन मैं हम मिले तो हम दोनों एक दूसरे केलिए अनजान रहेंगे मैं तुम्हे मेरा कांटेक्ट देता हु जब भी मिलना हो मुझसे मिलोगी और कीर्ति को आज यहाँ आखिरी बार देख लो क्यों की इसके बाद न तुम कीर्ति के सामने आकर उसका बिता कल बताओगी न वो तुम्हे देख कर अपने बाईट कल को याद करेगी ठीक है

रीमा : मंज़ूर है मुझे और आप आते रहिएगा यहाँ पर

अंकित : और है कीर्ति से जुडी हर वो चीज़ मुझे चाहिए जो उसके जनम के वक़त उसके पास थी क्या मैं जान सकता हु की कीर्ति यहाँ कैसे ी मैं वो यही पैदा हुयी है या कोई उसे चोर गया या कही से किध एप करके लायी गयी है

रीमा बाई : एक दिन एक आदमी मुझे एक न जाट बच्ची सूप गया था वही कीर्ति है और कीर्ति के जनम के वक़त की और कोई चीज़ मेरे पास नहीं है

अंकित : वैसे वो कपडा जिस पर कीर्ति का खून है मुझे वो वापस चाहिए मिझे मई. नहीं कहता की किसी गलत हाथों मैं पड़े

रीमा बाई : जी जरूर अरे सुनो अगर रिचुअल होगया होतो वो कपडा उस बैग मैं रख कर इन्हे दे दो और देखों कीर्ति रेडी हुयी या नहीं

रीमा बाई ने एक लड़की को कहा उसने कपडा ला कर अंकित को दे दिया और अंकित ने वो कपडा अपनी गाडी मैं रखवा दिया

थोड़ी hi देर मैं कीर्ति आगयी अंकित ने देखा की जो कपडे वो उसके लिए लाया था उसके चलतकीर्ति को बहुत आराम है

कीर्ति ने अभी एक ब्लैक एंड वाइट स्ट्रिप स्कर्ट जो की उसकी झंगो से थोड़ी निचे थी और घुटनों से ऊपर थी वो पहनी है और ऊपर एक पिंक कलर का स्लीवलेस टॉप पहना हुवा था और वो मुश्किल से चल प् रही थी ये देख कर अंकित उसके पास गया

और उसे अपनी गॉड मई. उठा लिया

कीर्ति ने भी अपनी दो ो बहे अंकित के गले मैं दाल दी

अंकित : चले कीर्ति

कीर्ति ने अपनी गार्डन हिलायी हां मैं

और फिर सब लोग बहार आगये कुछ लड़किया जो कीर्ति के उम्र की थी और उसकी सहेली थी वो रोने लगी कीर्ति की भी आखे नाम थी अंकित ने कीर्ति को एक साइड बैठाया और खुद दूसरी तरफ बैठ ने लगा

रीमा बाई : अंकित जी उस बच्ची का ख्याल रखना इस ने हंमेशा मेरे कोठे की शान बधाई है

अंकित : है ठीक है पर अपना वडा याद रखना

रीमा बाई ने है मैं गार्डन हिलायी और अंकित गाड़ी मैं बैठ गया और तीनो गाड़िया चल पड़ी अंकित ने होटल से चेक आउट करलिया था

तो उन लोगो ने सीधा हाईवे पकड़लिया

यहाँ रीमा बायीं के कोठे पर फिर से शाम रंगीन होने लगी थी पर तभी कुछ गाड़िया आयी और एक बड़ी सी बस आयी

उसमे से आदमी उतरे और सभी लड़कियों को बस मैं बैठने लगे और रीमा बाई के भाड़े के टट्टुओ को भी पेल दिया और रूम बाई को बस की डिक्की मैं दाल दिया और वह से सभी लड़कियों को बस मैं बैठा के निकल पड़े हाईवे की और

यहाँ अंकित ने देखा की कीर्ति सो गयी है तो उसने आर्यन से कहा की कार किसी होटल पर रोकले

आर्यन ने भी वही किया और अंकित ने अपने साथ की सिक्योरिटी को फ़ोन लगाया

अंकित : टीम जो बैक आवर सिटी ok मैं कल आजाऊंगा और जाकर अमन भैया को रिपोर्ट दे देना

सेक् : यस सर अस युर आर्डर

फिर अंकित ने एक होटल मैं दो रूम बुक किये एक मैं वो और कीर्ति और दूसरे मई. कारन आर्यन

अंकित ने कीर्ति को रूम मैं जाकर बीएड पर सुलाया और वो भी फ्रेश होकर लेट गया

और कीर्ति को अपनी बहो मैं ले लिया

फिर सब लोग सो गए आधी रात को कीर्ति की नींद खुली गयी उसने देखा की एक रूम मैं बीएड पर वो अपने भैया की बाँहों मैं सो रही है कीर्ति भी फिर से सुकून की. नींद सो गयी

सुबह अंकित उठ गया और फ्रेश होगया और नास्ता आर्डर किया तभी कीर्ति भी उठ गयी

अंकित आया और उसे गले लगाया

अंकित : ठीक से नींद आयी न गुड़िया

कीर्ति : थैंक्स भैया आप ने मुझे वह से निकल लिया थैंक यू वैरी मच

अंकित : बस बेबी चल अब फ्रेश होजा फिर नास्ता करते है

फिर कीर्ति फ्रेश होगयी

और नास्ता भी आज्ञा और आर्यन और कारन भी

कीर्ति : भैया ये कोण है

अंकित : इनसे मिलो ये है मेरे खास दोस्त आर्यन और कारन

कीर्ति : hello भैया कैसे हो आप

दोनों : हम ठीक है छोटी बहना

अंकित : आओ बैठो नास्ता करते है

आर्यन : हम्म अब क्या करना है

अंकित : वेल अब आज के दिन कीर्ति को घूमना है फिर कल सुबह घर पहुंचना है

कीर्ति : भैया हम घूम तो बाद मैं लेंगे पर मुझे अब बस जल्दी से जल्दी अपनी फॅमिली से मिलना है अब मैं नहीं रूक सकती

अंकित : ठीक है मई. डैड को कॉल करता हु

अंकित ने आकाश को कॉल किया

आकाश : है बीटा बोल

अंकित : डैड मिस्सों सक्सेस फुल रहा और अब कीर्ति का कहना है की वो आज hi आपसे मिलना चाहती है तो हम इवनिंग को आजायेंगे

आकाश : वह बेटे क्या खबर. सुनाई है जल्दी आजाओ बीटा जल्दी आजाओ बस

फिर कॉल एन्ड होता है

फिर आर्यन और कारन अपने रूम मैं चले जाते है

अंकित : कीर्ति मुझे तुमसे कुछ कहना है

कीर्ति : है बोलिये न भाई

फिर अंकित अपना फॅमिली सीक्रेट उसे बता देता है

कीर्ति : सच मैं भैया अगर इतना प्यार जिस फॅमिली हो वह पर मुझे सबसे ज्यादा अच्छा लगेगा मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है पर मुझे एक बात का बुरा लगा

अंकित : और वो क्या

कीर्ति : आप अपनी सभी बहनो से शादी करोगे और मुझसे नहीं ये सही नहीं है

अंकित : वो सब अब बाद मैं अभी घर चले

कीर्ति : है चलिए

और ये चारो निकल जाते है रावल मैंशन की और

देखते है आगे कैसे रावल फॅमिली का रीयूनियन होता है

अपडेट पोस्टेड भाई लोग

होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 101

यहाँ रावल मैंशन मैं सभी लोग तैयार होकर बाकि की तैयारी मैं लगे हुए थे

मनीषा तन्वी और ज़रा किचन मैं थी और बढ़िया बढ़िया डिशेस बना रही थी

नेहा और साक्षी कीर्ति केलिए एक अच्छी सी ड्रेस चूस करने लगी

वही मोनिका तिया और जिया निचे फूलो से वेलकम कीर्ति बना रही थी और डेकोरेशन कर रही थी आकाश और राज डेकोरेशन का ध्यान रख रहे थे निशा को हॉल मैं बैठा दिया गया और रजनी को उसका ध्यान रखने मैं

आकाश ने निशा को देखा तो देखते रह गए क्यों की अब अंकित के खून ने अपना जलवा दिखा दिया था आज निशा ज्यादा hi हॉट एंड सेक्सी लग रही थी

रजनी : दीदी आज पता नहीं क्यों आज आप पहले से ज्यादा अट्रैक्टिव लग रही हो जैसे आपका सरीर कुछ ज्यादा hi जवान लग रहा है और मस्ट भरा हुवा भी

निशा : ऐसा क्या तजोड़े दिन मैं तू भी मेरे जैसी होजायेगी अब जरा हमारे बेटे को फ़ोन करो की कहा पंहुचा है

रजनी कॉल पर

रजनी : hello बेतु कहा हो

अंकित : बस मसि सिटी मैं एंटर होने वाले है

रजनी : है जल्दी आजा अब वेट नहीं हो रहा है

फिर कॉल एन्ड होजाता है तो रजनी वापस सुरु होजाती है

रजनी : है दीदी आपके ब्रेस्ट और हिप्स कितने प्यारे लग रहे है

निशा : अरे मेरी माँ रात को आजाना तुझे सब दिखा दूंगी अभी बस कर

रजनी : पक्का

निशा : है पक्का पर अंकित भी होगा है

रजनी : कोई नहीं दीदी आज तो हो hi जाये थ्रीसम

निशा : है अब बस कर नहीं तो अभी नंगी घूमेगी घर मैं

रजनी : ओह्ह दीदी इतना तो कण्ट्रोल कर सकती हु है और देखना अंकित को कैसे निचोड़ लेती हु मैं

निशा : है पता पर याद रखना मेरे बेटे ने मेरा दूध पिया है पीछे तो वो भी नहीं हटेगा तू उसे निचोड़ने की बात कर रही है वो तुझे निचोड़ कर सूखा देगा

रजनी : ठीक है देखते है कितना दम है आपके बेटे मैं

यहाँ अंकित पहले आर्यन और कारन को उनके घर चोरता है फिर गाड़ी रावल मेंशन की और बढ़ा देता है

अंकित कीर्ति को देखता है जो थोड़ी नेर्वेस लग रही थी

अंकित : क्या हुवा कीर्ति

कीर्ति : पता नहीं भैया बस थोड़ी घबराहट फइलल होरही है

अंकित : बस कुछ देर और फिर तुम्हारी साडी घबराहट ख़तम

फिर थोड़ीदेर बाद ये दोनों रावल मेंशनएड मैं एंटर करते है

कीर्ति : भैया ये है आपका ी मैं हमारा घर

अंकित : है तुम्हे पसंद आया

कीर्ति : बहुत ज्यादा

अंकित : वो देखों हमारे माँ डैड और सभी रिलेटिव्स खड़े है तुम्हारे स्वागत के लिए

क्यों की सभी लोग बहार खड़े थे उन्हें पता था की अंकित आज्ञा है

अंकित ने गाड़ी रोकी और वो उतरा और दूसरा गेट खोला जिसमे से कीर्ति बहार आगयी जिसने अभी भी वही स्कर्ट और टॉप पहना हुवा था

कीर्ति को देख कर सब की आँखे नाम होगयी खास कर आकाश और निशा की और कीर्ति की भी आखें अपने आप नुम होगयी शयद इसी लिए कहते है अब कोई आपका अपना आपके सामने होता है तो उसका अपनापन उसे उनकी तरफ जरूर खींचता है वही कीर्ति भी शॉक थी की जिन लोगो से वो कभी मिली hi नहीं ु लोगो को देख कर उसकी आखें क्यों गीली होगयी

अंकित : कीर्ति मिलो अपनी फॅमिली से

ये है डैड ये मुम्मा (निशा) ये माँ (मनीषा) और ये मम्मी (तन्वी) ये नेहा दी, ये मोनिका दी, ये है साक्षी दीदी, और ये गुड़िया तिया, और ये राज मां, ये ज़रा ममी, ये है उनकी बेटी जिया, और ये मुम्मा की बेहेन रजनी मसि

पर कीर्ति थोड़ी घबरा रही थी

आकाश आगे आया और अपनी बहे फइलली

आकाश : यहाँ आओ बीटा अपने डैड से नहीं मिलोगी

अंकित पीछे हैट गया और कीर्ति की रुलाई फुट hi आगयी वो रट हुए भागते हुए आकाश के सीने से लग गयी और जोर से रोने लगी बिचारि कुछ बोल भी नहीं परही थी बस रोये जा रही थी और आकाश ने भी उसे कास लिया उसकी भी आखे नुम थी और कीर्ति का सर सहलाने लगा

आकाश : बस बीटा तेरे दुःख के दिन अब ख़तम होंगे अबसे तू इस महल मैं मेरी प्रिंसेस बांके रहेगी अब चुप होजा

कीर्ति : डैड ी मिस यू डैड ी मिस माय फॅमिली वैरी वैरी मच ी लव यू डैड

आकाश : बस बीटा अब चुप होजा तू बिलकुल मेरी अवंतिका की तरह hi दिखती है जब मैंने उससे शादी कीथी तो वो तेरी hi हम शकल थी तुम्हे देख कर तो मुझे लगा की जैसे एक पल केलिए की मेरी अवंतिका वापस आगयी मेरे पास जा अपनी तीनो माओ से मिल

कीर्ति सबसे पहले निशा के पास गयी

निशा : जानती हु मेरी बच्ची अंकित ने बताया होगा पर बीटा सौतेली नहीं अपनी माँ समझना मेरी बच्ची

और निशा ने उसके माथे पर किश किया निशा की इस हरकत से कीर्ति निशा के सीने से चिपक कर रोने लगी

कीर्ति : मुम्मा ी लव यू मुम्मा आज तक मैं कोई ऐसा इन्शान दूध रही थी जिसे मैं माँ कह सकू आज ऊपर वाले ने ये इच्छा भी पसरी करदी मेरी ी लव यू मुम्मा और मैं कभी ये नहीं बोलूंगी की आप मेरी सौतेली माँ हो यू अरे मीय माँ ी लव यू मुम्मा

निशा भी उसे प्यार कर रही थी

फिर कीर्ति मनीषा के पास गयी

मनीषा ने भी उसका सर चूमा

मनीषा : बीटा मैं भी तेरी माँ हु और अब से तू हर वक़त मेरे साथ रहेगी तुझे एक पल भी अकेला नहीं छोड़ूंगी

कीर्ति : लव यू माँ ी लव यू सो मच

और कीर्ति मनीषा के आगोश मैं चली जाती है

दोनों एक दूसरे के गले लग कर रोने लगती है

फिर कीर्ति तन्वी के पास जाती है

तन्वी : बेटी वैसे तो तेरी चची हु पर हमारे परिवार मैं इतना प्यार है की अब मई. खुसी खुसी तुझे एक माँ का प्यार दे सकती हु

और तन्वी ने भी उसका सर चुम लिया और गले लगा लिया

नेहा ( रुवासी आवाज मैं) : गुड़िया सिर्फ माओ से मिलेगी अपनी बहनो से नहीं

कीर्ति : दीदी

और ये बोलते हुए वो भाग कर नेहा के गले लग जाती है

कीर्ति : दीदी मैं हंमेशा सोच टी थी की भगवन ने मुझे माँ बाप नहीं दिए पर एक दुःख था की कस में कोई बड़ी बेहेन होती पर आज ये कमी भी पूरी होगयी

ी लव यू दीदी

नेहा : लव यू तो स्वीटी उम्माह

और नेहा कीर्ति के गाल पर किश करती है

और फिर मोनिका से भी मिली

मोनिका : ए हाय मेरी सेक्सी सिस्टर कितनी ब्यूटीफुल लगरही है मेरी गुड़िया

इस बात पर कीर्ति मुस्कुरादेति है और मोनिका के गले लग जाती है

कीर्ति : दीदी पर आपसे काम हु आपतो बहुत ज्यादा हॉट हो

सब इस बात पे मुस्कुरा देते है

फिर साक्षी की बरी आयी

साक्षी : हाय मेरी स्वीटी किसी हो मेरी चोरी बहना ूमाः

और साक्षी ने भी उसे किश किया

कीर्ति : ठीक हु दीदी उम्माह

साक्षी : दीदी नहीं सिर्फ साक्षी अंकित को भी कई बार कहती हु वो तो सुनता भी नहीं तुम प्लीज साक्षी hi कहना तुम्हारी दीदी का आर्डर है

कीर्ति : यस साक्षी

साक्षी : क्या बात है पहली बार मैं hi 6 परफेक्ट स्वीटी

फिर कीर्ति घुटनो पर बैठ जाती है और तिया को गले लगाती है

तिया : दीदी किसी हो आप कहा थी आप मुझे आप से बहुत साडी बाते करनी है आप मेरे साथ मेरे रूम मैं रहना मेने अभी hi डैड से रेनोवेट करवाया है बहुत ब्यूटीफुल रूम है

कीर्ति : है गुड़िया जरूर ऊम्ममा

तिया : उम्मा ूमा ओह्ह्ह दीदी आपके चीक्स कितने सॉफ्ट है बिलकुल बटर जैसे मुलायम ूमाः

कीर्ति : थैंक्स गुड़िया

फिर कीर्ति बाकि सबसे भी मिलती है लीज़ा और सीमा भी आयी थी वो उनसे भी मिली और अपने मां मसि और ममी से भी

कीर्तिस्क्स सबसे मिलने के बाद अंकित के पास जाती है और कास के गले लगजाति है

अंकित : नहीं गुड़िया रोना नहीं रोने के दिन अब गए

कीर्ति : भैया पता नहीं पर इतनी आज़ादी कभी महसूस नहीं हुयी

अंकित : और अब किसी मैं इतनी ताक़त भी नहीं जो तुम से तुम्हारी आज़ादी चीन सके तू खुस हैना

कीर्ति : बहुत खुस हु भैया

आकाश : बीटा यहाँ आओ

अंकित वह गया तो आकाश ने उसे गले लगा लिया

आकाश : बीटा आज तुमने हमारा परिवार पूरा करदिया मेरे बच्चे हो सके तो मुझे माफ़ करदेना मैं तुझे और कीर्ति दोनों को कभी भी ठीक तरह से प्यार नहीं दे पाया

अंकित : डैड प्लीज उसमे आपकी कोई गलती नहीं थी शायद हमारी किस्मत मैं hi नहीं था पर बी है अब हमारे पास हमारा पूरा परिवार है

फिर निशा आगे आकर अंकित को अपने सीने से लगाती है

निशा : बीटा जब से तू आया है हमारी लाइफ मैं बस हसी है खुसिया hi खुसिया है तू हंमेशा खुश रहे मरे बच्चे और अंकित का सर चुम लेती है अंकित नमनीशा और तन्वी से भी मिलता है दोनों भी अपना पूरी ममता अंकित पर बरसा देती है

आकाश : अब अंदर चलो

फिर सब अंदर आजाते है जहा निशा मनीषा और तन्वी कीर्ति की आरती उतरती है फिर अंदर ाजति है अंदर आकर कीर्ति बस घर को देख रही थी

कीर्ति : माँ कितना अच्छा है घर हमारा मैंने तो ऐसे घर सिर्फ सपने मैं देखे थे

मनीषा : बीटा ये घर तेरा hi है तू अब से यही रहेगी चलो अब पहले फ्रेश होजाओ फिर लंच करते है

निशा चल बीटा आज मैं तुझे फ्रेश करवाती हु

नेहा : मुम्मा आप हिलना भी मत हम हैना हमारी बेहेन को रेडी करवाने केलिए

निशा : बीटा तू भी फ्रेश होजा वैसे भी लेट नाईट ड्राइव किया होगा और नींद भी पूरी नहीं हुयी होगी पहले फ्रेश होजा फिर लंच करले फिर मैं तुझे ा छे से अपनी गोदी मैं सुलाउंगी

मनीषा : और मैं मेरी बच्ची को

अंकित : है बच्ची के आते hi बच्चे को भूल गयी

मनीषा जाकर अंकित को अपने सीने मैं दबा लेती है जिससे अंकित का मुँह मनीषा के चुच्चियो मैं घुस जाता है

मनीषा : अले लेलेले मेरा बचा नाराज़ होगया हम्म बहुत सैतान होगये हो

अंकित : अरे माँ सॉरी माँ प्लीज चोरो न प्लीज ी कैन नॉट टेक ा ब्रेअथे माँ ूमम माँ ी ऍम जोकिंग

मनीषा : हाहाहाहा अरे बेतु मैं तो मज़ाक कर रही हेहेहे

अंकित हाफ रहा था

अंकित : माँ सॉरी मैं मज़ाक कर रहा था

मनीषा : पता है उम्माह ुउउम्मा छूऊऊऊ छुऊं

मनीषा अंकित के दोनों गाल पर और होठों पर किश करती है

मनीषा : तू आज भी मेरा प्यारा बाबू है

अंकित भी मनीषा के गाल को अपने मुँह मैं लेकर निप्पल की तरह चूसने लगता है

मनीषा : बीटा क्या कर रहा है तेरे पास प्यार करने के नए नए तरीके हंमेशा अवेलेबल रहते है

अंकित : उम्म्म माँ आपके गाल कितने तस्य है

निशा : अब बस करो अगर मैं गरम होगयी तो बिना छुड़वाए नहीं रह पाऊँगी

मनीषा : है बीटा अभी रुक जाओ बाद मैं करलेना मुझे प्यार

निशा : अंकित बीटा जाओ फ्रेश होकर ाजो

अंकित : यस माँ बी थे वे आपका चेंज बहुत निखार के आया है

निशा : थैंक्स हनी नाउ जो

फिर अंकित फ्रेश होने चला जाता है रूम मैं

निशा : सच मैं दिन बा दिन थोड़ा बदमास होता जा रहा है

मनीषा : चोरियेना दीदी अभी तो बच्चा है और उसकी इसी बदमासी से hi तो हमारा मन लगा रहता है

रजनी : है ये बात तो है वैसे दीदी आज क्या मैं रात को अकेली hi जाऊ अंकित के रूम मैं

निशा : जेल पायेगी उसे

रजनी : है मैं भी उसकी मसि हु मसि का मतलब hi माँ के जैसी होता है प्लीज दी

निशा : दोने जा पर ध्यान रखना वो थोड़ा सेक्स के वक़त थोड़ा एग्रेसिव होजाता है उसे प्यार से हैंडल करना

रजनी : थैंक्स डीई

फिर थोड़ी देर बाद सब लोग दिंनिंग टेबल पर आजाते है

सब लोग खाना खा रहे थे अंकित थोड़ा लेट आया उसने देखा की उसकी तीनो माये मिल कर कीर्ति को अपने हाथो से खिला रही है

अंकित : हमे भी कोई सर्व कार्डो यार

निशा : है रुको मैं अभी देती हु

और फिर निशा अंकित को सर्व करदेती है

और कीर्ति के पास जाने लगती है

कीर्ति : मुम्मा नहीं आप भाई को hi खिलाओ मुझे तो वैसे भी माँ खिला रही है

तो निशा भी अंकित को खिला ने लगती है

अंकित : वह मज़ा आज्ञा सच में लंच बहुत टेस्टी है

कीर्ति : सही कहा भैया 5 साल बाद इतना अच्छा खाना खा रही हु नहीं तो वह पर सिर्फ डेटिंग के अकॉर्डिंग hi खाना मिलता था जिससे हमारा फिगर मेन्टेन रहे

निशा : मेरी बेबी तो अब इसकी हैबिट दाल लो क्यों की अब तुम्हे बस यही मिलेगा यहाँ अच्छा फ़ूड है

कीर्ति : no मुम्मा मैं इतना नहीं खाउंगी मैं मोती होगयी तो भाई तो मेरी तरफ देखेगा भी नहीं

अंकित : अरे गुड़िया ऐसा मत बोलो अभी खाना खाओ और खाने दो

फिर सब लंच ख़तम करते है तो नेहा बोलती है

नेहा : अरे अभी रुको आज मैंने स्वीटडिश बनायीं है

अंकित : मर गए

नेहा : क्या बोलै भाई तुमने

अंकित : कुछ नहीं प्लीज जल्दी लाओ

और अंकित मुस्कुराता है तो निशा हलकी चपेट लगाडेति है

निशा : बदमाश

अंकित : ेहेहेहे

नेहा सब केलिए कस्टर्ड लेकर आती है

सब कहते है

अंकित : माँ आज से आपकी किचन मैं एंट्री बांध अब से नेहु दी hi कहनाय बनाएगी बहुत टेस्टी कस्टर्ड बनाया है पर मजेसे हमारी तीनो माँ बनती है वैसा नहीं है पर फिरभी कहना पड़ेगा दीदी इसका टास्ते अलग और लाजवाब है

ज़रा : है सही कहा

नेहा : थैंक्स पर मोनी ने साक्षी ने भी मदद की है

अंकित : तिया ने नहीं की

नेहा : है उसने भी की

अंकित : है फ्रूट्स खाने मैं

तिया जो अंकित के बगल मैं बैठी थीअपने नन्हे पैरो से अंकित के पैरो मैं किक मरती है

अंकित : अह्ह्ह ओह्ह्ह गुड़िया मारा क्यों

तिया : गंदे भैया

सब ऐसी हसी मजाक मैं अपना लंच फिनिश करते है

फिर सब अपने अपने रूम मैं जाने लगते आकाश ऑफिस निकल जाता है और राज अपने हॉस्पिटल और बाकि की मल्होत्रा फॅमिली अपने मल्होत्रा विला मैं

निशा किचन मैं थी कुछ कर रही थी शायद थोड़ी देर बाद वो आयी तब अंकित भी उसके साथ जाने लगा

अंकित : माँ चलो न एक बार कीर्ति को देख आते है

निशा : है चल

फिर ये दोनों मनीषा के रूम मैं चले जाते है

वो दोनों अंदर आते है तो देखते है की मनीषा जाग रही है पर कीर्ति मनीषा के सीने मैं अपना सर छुपाये सो रही है और मनीषा बड़े प्यार से कीर्ति का सर सेहला रही थी

अंकित और निशा चल के उनके पास आते है और एक एक साइड मैं थोड़ा लेट के बैठ जाते है और निशा कीर्ति के माथे पर किश करती है और अंकित मनीषा के गल्लो पर

मनीषा : अरे यहाँ क्यों तुम सोये नहीं बीटा जाओ सो जाओ तुम थके हुए होंगे दीदी आप भी आराम करिये

अंकित : है माँ बस मैं आपको कीर्तिको प्यार करते हुए देखना कहता था थैंक यू सो मच माँ

इस बार मनीषा अंकित का सर चुम लेती है

मनीषा : इस में थैंक्स क्या बोलना बच्चा अभी जाओ और सो जाओ थोड़ी देर

निशा : चलो बेबी

फिर अंकित और निशा भी रूम मैं आजाते है निशा ने अपना पल्लू गिराया और अपनी चुचिको आज़ाद किया

अंकित : ओह्ह माँ बस इस पल को पाने केलिए किसी से भी हार जाऊ

और निशा के पास जा कर चुकी को मुँह मैं भर लेता है निशा अंकित का सर सहलाने लगती है और दोनों नींद के आगोश मैं चले जाते है

करीब 4 जब सब लोग उठ जाते है और फ्रेश होकर निचे आते है निचे ाक्ष आय और कुछ डील के पेपर्स देख रहा था फिर सब हॉल मैं आगये और सभी कॉफी पि रहे थे

आकाश : है तो बीटा अब तो सब कुछ होगया तो अब रीमा बाई के साथ थोड़ा होजाये

अंकित : अरे है उसे तो मैं भूल hi गया

कीर्ति : रीमा बाई का क्या भैया

नेहा : बाबय जिस रीमा बाई नेतुज पर जुल्म किया है उस रीमा रंडी को भाई ने तुझे चुराने के बाद उठवा लिया और अब उसके कोठे की साडी लड़किया भी आज़ाद है

कीर्ति : क्या भैया सच में

अंकित : है गुड़िया उसने तुझ पर हाथ उठाया था तो मैं कैसे उसे चोर दू इसकी कीमत तो चुकानी पड़ेगी

आकाश : अरे तो अब बोलो क्या करना है

अंकित : हम्म वही चलते है वह सोचेंगे की क्या करना है

आकाश : हम्म ठीक है वैसे बीटा सुमि दीदी का फ़ोन आया है वो कल आ रही है लंदन से वापस

क्यों की सुमि और मेघा को अपनी बेटियों के पास जाना पड़ा था और उसका सन मैं लिखना भूल गया सूर्य्य

अंकित : है वो भी ठीक है

आकाश : वैसे उस रहना और उसकी बेटी सेमिना का क्या सोचा

अंकित : डैड सोच रहा हु की सुमि बुआ और मेघा बुआ अब हमारे साथ hi रहेगी तो रहना आंटी और सेमिना को लंदन भेज दू जिससे सेमिना को माहिरा दी और सुप्रिया दी का साथ मिल जायेगा और तीनो का ध्यान रखने केलिए रहना आंटी भी होंगी

और डैड मैं उन्हें अब नौकर बने नहीं देखना कहता उन्होंने बहुत कुछ सहा है इसी लिए वो वह अस फॅमिली मेंबर रहेगी मतलब वो रावल फॅमिली मैं ज्वाइन नहीं होंगी पर हमारे यहाँ सभी फंक्शन्स मैं शामिल होंगी और सेमिना को मैं बोलडूँगा की कोई अच्छा लड़का पसंद आये तो उससे शादी करले

आकाश : है ये ठीक रहेगा मैं आज hi दीदी से बात करलूँगा

अंकित : ठीक है अभी पहले जाओ फिर रीमा बाई से मिल कर आते है

अपडेट पोस्टेड भाइयो

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 102

यहाँ अंकित के फार्म हाउस पर अमन और उसके करीब 10 एडमिन मौजूद थे

और सभी लड़कियों को एक रूम मैं बैठाया गया था अमन रूम मैं गया और उन लड़कियों को बोलै

अमन : चलो गर्ल्स बहार ाजो और कुछ नास्ता करलो आप सब भी थक गयी होंगी

लड़किया : हमे यहाँ क्यों रखा गया है प्लीज हम आपके हाथ जोरते है हमे चोर दीजिये एक पहले hi रीमा बाई ने हमारी जिंदगी बर्बाद करदी है काम से काम बची कुछ जिंदगी तो जी लेने दीजिये

अमन : देखिये आप सब टेंशन मत लीजिये हम यहाँ आपको कोई नुकसान नहीं पहुचायेंगे आप सब अभी थोड़ा नास्ता करलिए और रिलेक्स कीजिये सर बस अभी आते hi होंगे

लड़की : कोण है आपके सर हमे मिलना है उनसे

अमन : है वो बस अभी ाही रहे.....

तभी अंकित अंदर आया

अंकित : आ रहे है नहीं आज्ञा

अमन : आईये अंकित सर ये सब आपका hi इंतज़ार कर रहे थे

अंकित : है वो तो ठीक है कैसे है ये सब खाना वन खाया या नहीं

अमन : नहीं अभी तो नहीं

अंकित : ठीक है आप बहार जाईये बाकि का मैं संभालता हु

और अमन बहार चला गया और कीर्ति अंदर आयी सभी लड़किया कीर्ति को देख कर शौक होगयी और उसके पीछे पीछे निशा मनीषा तन्वी और आकाश भी अंदर आगये

और लड़किया कीर्ति को देख कर शौक इसी लिए हुयी की क्यों की कीर्ति किसी राजकुमारी से काम नहीं लग रही थी ा छे कपडे थोड़ी बहुत ज्वेलरी और हल्का मेकअप ये कमाल था नेहा और मोनिका का

लड़की : कीर्ति तुम और वो भी ऐसे और अंकित जी भी यहाँ है

कीर्ति : हां ऋचा मैं hi हु और है ये मेरे भैया है

ऋचा : क्या पर कैसे कब

अंकित : मक़िन बताता हु ऋचा जी

फिर अंकित उन्हें सिर्फ अपने और कीर्ति के बिछड़ने की कहानी hi सुनाता है और कुछ नहीं

सभी लड़किया : कोंग्रटुलतिओन्स कीर्ति तुझे तेरा परिवार मिल गया वो ऐसा परिवार जो राजाओ के परिवार जैसा hi है

कहानी सुनने के बाद सभी लड़किया अंकित को उम्मीद भरी नज़रो से देखने लगी

अंकित : देखिये मैं जनता हु की आप सब की जिंदगी के कुछ साल बहुत ख़राब गुज़रे है मैं उन्हें बदल तो नहीं सकता पर एक काम करसकता था की आप सब को वह से निकल कर आपको अपनी फॅमिली के पास पंहुचा न आप सब मेरे आदमी को अपना एड्रेस और परिवार वालो के बारे मैं बता दीजिये गए मैं आपको आपके घर के गेट तक चोर्ने की जिम्मेदारी मेरी है

लड़किया : आपका बहुत बहुत शुक्रिया पर अब हम वर्जिन नहीं रहे हमारी वैसे टाइम मैं भी आप ने हमारे लिए बहुत कुछ किया हम आपका एहसान कभी नहीं भूलेंगे

अंकित : क्या आप अपनी विर्जिनिटी आपस कहती है

एक लड़की : है ऐसा हो सकता है क्या सच मैं ये पॉसिबल है

अंकित : यस मैडम एवरीथिंग अस पॉसिबल थ्रू साइंस

लड़किया : ठीक है हम तैयार है

तभी कुछ 6 लड़किया बोली जिनमे से 3 की उम्र करीब 26 साल के आस पास की थी और बाकि की 3 कुछ राउंड 18तह से 2 या 3 साल काम की थी

लड़की : अंकित जी हम कहा जायेंगे हम तो अनाथ थे हमे अगवा करके लाया गया था आपने इनसब को तो उनके घर पंहुचा दिया पर हमारा कोई घर नहीं है

आकाश : बीटा एक काम करते है वैसे भी लॉस वेगास मैं हमारा होटल रेडी होने वाला है 1 साल मैं वो पूरा रेडी होजायेगा

अंकित : है पर उसका इन सब से क्या लेना देना डैड

आकाश : देखों हमारे पास एक साल का टाइम है इस एक साल मैं इन तीनो को होटल मैनेजमेंट का कोर्स करवादो और हम उन्हें वह भेज देते है जिससे ये एक अच्छी लाइफस्टाइल जी सके और उस होटल की इनकम के 60 % शेर उनका बाकि का हमारा

अंकित : है ये होसकता है मस्ट आईडिया हाउ डैड मैं भी यही सोच रहा था पर अपने पहले बोल दिया

आकाश : बेटे बाप हु तेरा तेरी हर विश समाज जाता हु

तीनो : जी इसकी क्या जरुरत है हमे बस आपकी एक कंपनी मैं नौकरी दे दीजिये हमारे लिए इतना hi काफी है

अंकित : नहीं इसकी जरुरत है तुमने कहा न की तुम अनाथ हो और मुझे इस मामले मैं एक्सपीरियंस है मैं समाज सकता हु तुमने किन हालातो कामना किया है सो प्लीज और है मुझे उम्मीद है की तुम वह का काम अचे से संभालोगी

वैसे मैं तो तुम्हारा नाम पूछना hi भूल गया

लड़की : मेरा नाम है छाया है ये है अवनि और ये है नैना और ये तीनो जो की आज से हमारी बेतिया है इनका नाम है

डॉली, जिया और ये अनिशा

अंकित : वाओ बेतिया

छाया : है अब हमारा तो कोई घर है नहीं तो कोई अपना भी नहीं होगा तो मैंने सोचा की मैंने इनको hi अपन एक परिवार मान लिया है काम से काम कोई तो होगा जिसे हम अपना कह सके

अंकित : सचमे छाया आपका डिल बहुत बड़ा है

निशा : बीटा इन्होने ये सही फैसला किया है इन्हे ऐसा hi करने दो

अंकित : जैसा आपका हुकुम मुम्मा

चाय : ये आपकी माँ है क्या

अंकित : सिर्फ मेरी नहीं कीर्ति की भी माँ है क्यों आपको कोई शक है क्या

चाय : मैं झूठ नहीं बोलूंगी अंकित जी लेकिन ऐसी खूबसूरती मैंने अपने जीवन मैं बहुत काम देखि है सच में मैडम आप बहुत ज्यादा सूंदर हॉट एंड सेक्सी हो

निशा के चेहरे पर स्माइल आजाती है

अंकित मज़ाक मैं

अंकित : ैय मेरी माँ पे नज़र मत दो

सभी हसने लगते है

छाया : वैसे अंकित जी क्या आपसे अकेले मैं बात हो सकती है

अंकित : है जरूर अरे सुनो सब लोग अब आपका काम मैंने करदिया है तो अब आपलोग बहार जाईये और कुछ नास्ता कीजिये और अपना hi फार्महाउस समझना और थोड़ी देर रिलेक्स कीजिये

सब लोग : ok

अंकित : माँ आप लोग भी ऊपर बैठिये मैं अभी आता हु कीर्ति तू भी जा

निशा : ठीक है

कीर्ति : मुम्मा क्या मैं कुछ वक़त अपनी सहेलियों के साथ राहु भले hi वो जैसी भी थी पर उस वक़त वह उन्होंने hi मुझे जिन्दा रहने की हिम्मत दी थी प्लीज माँ

निशा और मनीषा : अरे मेरी बच्ची तुझे पूछने की जरुरत नहीं जा ये फार्महाउस तेरा hi है जहा मर्जी घूम

कीर्ति : थैंक्स माँ लव यू

दोनों : लव यू तू बच्चा जा

फिर ये तीनो भी निकल लिए

अंकित : हम्म तो बताईये क्या हुवा

छाया : वो अंकित जी वैसे तो आपने हमे वह सब कुछ दे दिया है बंगलो, जॉब, गाडी सब कुछ पर आपको तो पता hi होगा की हम तीनो की छूट खुल चुकी है और हमने सेक्स भी लगभग कई बार किया है तो अब हम उसके आदि हो चुकी है कस आप इसका भी कुछ इंतज़ार करदेते तो अच्छा रहता

अंकित : अरे हआ मेने ये तो सोचा hi नहीं वैसे एक काम करो वह वैसे भी कई लड़के मिलेंगे आपको और वैसे भी आप 6 की 6 बहुत खूब सूरत हो कोइना कोई मिल hi जायेगा

छाया : वो तो ठीक है पर अब हमे लड़को पर भरोसा नहीं रहा वैसे एक काम हो सकता है

अंकित : वो क्या

छाया : आप भी हमारे साथ वह रहे तो या आप हफ्ते मैं एक बार आकर हमारे साथ रहे

अंकित : नहीं चाय मैं अपनी फॅमिली से पहले hi बहुत दूर रह चूका हु इसी लिए मैं उन्हें अब अपना सारा टाइम देना कहता हु और चलो मैं हफ्ते मैं नहीं आसक्त पर 1 महीने मैं आसक्त हु पर अभी भी सवाल यही है की क्या तुम जिस्म की तड़प सेह लोगी क्यों की जब तुम सब यहाँ आयी तो मेने तुम सब के ब्लड टेस्ट करवाए थे जिसमे से जितनी भी तुम्हारे आगे की लड़किया है जो चूड़ी हुयी है उनके ब्लड मैं सेक्स पावर की ड्रग मिली है रिपोर्ट मई मुझे भी कुछ सूज नहीं रहा है

दोनों hi थोड़ी देर सोचते है तभी छाया के दिमाग मैं एक बात याद आती है

छाया : एक काम हो सकता है अंकित जी

अंकित : वो क्या

छाया : अपना फ़ोन दीजिये

अंकित ने अपना फ़ोन दिया और छाया उसमे कुछ ढूंढने लगी और अंकित को दिखाया

अंकित : अरे यू किडिंग में

छाया : no ी ऍम नॉट पर एहि एक रास्ता है

अंकित : छाया अरे यू सीरियस तुम ट्रांसजेंडर से अपनी पुसी के ऊपर की जगह पर लुंड इम्प्लांट करना कहती हो

छाया : है एहि एक रास्ता है जिससे हम आपके आने तक हमारी सेक्स की भूख मिटा सकते है

अंकित : नहीं ये सही है पर सीरियसली तुम ये करना कहती हो तुम जानती होना ये फीमेल तो मेल ट्रांसफॉर्मेशन है तुम मेल बनना कहती हो

छाया : अरे नहीं मैं सिर्फ लुंड और अंडकोसे का इम्प्लांट कहती हु बाकि मुझे अपना ये जिस्म बहुत प्यारा है वैसे इसमें कितना खर्चा होगा जो भी होगा वो आप मेरी सेलेरी मैं से काट लेना

अंकित : अरे खर्चे का टेंशन मत लो मैं तो तुम्हारी मदद hi करूँगा बस क्या ये सही रहेगा या नहीं क्यों की ये बहुत क्रिटिकल ऑप्शन होता है

छाया : मैं सब सेह लुंगी बस आप मुझसे एक वडा करिये की आप हंमेशा हमारे साथ सेक्स करने केलिए आते रहेंगे

अंकित : ठीक है अस योर विश और है इस 5 की जिम्मेदारी है तुम पर ी होप यू विल मैनेज

छाया : ठीक है

अंकित : चलो अब कुछ खा पिलो

फिर ये सब बहार आजाते है

सबने अच्छी नास्ता किया और फिर सब लोग हॉल मैं आगयी

आकाश : बीटा अब जरा रीमा बाई की भी खातिर दरी करो क्या बोलती हो क्या रीमा बाई को तोर्च हेर सहते देखना है या नहीं

सभी लड़किया : उस डायन को हम खुद दर्द देना कहती है उसे दर्द देकर हु हमे सुकून मिलेगा

आकाश : तो इस तरफ आजाओ वह राखी खुर्सियो पर बैठ जाओ और अमन सब को पॉप कॉर्न दो एंटरटेनमेंट मैं कमी नहीं होनी चाहिए

सभी लड़किया चेयर्स पर बैठ गयी और सामने एक थिएटर की तरह पर्दा लगा हुवा था जहा उसमे दिख रहा था की रीमा बाई को रस्सियों से बंधा हुवा था और वो पूरी नंगी थी

तभी उस रूम मैं अंकित आया

अंकित : रीमा बाई रीमा बाई रीमा बाई क्या हाल करदिया मेरे आदमियों ने तुम्हारा

रीमा : कोण ओह्ह तो तू है जिसने मुझे ऐसे बंधा हुवा है कमीने भड़वे तेरी हिम्मत कैसे हुयी रीमा बाई को बांधने की मेरे आदमी आते hi होंगे और तू मेरा कुछ भी नहीं बिगड़ पायेगा मुझे चुराने वाले आएंगे क्यों की वो खुस मिनिस्टर्स है नेता है जिसे तू कुछ नहीं करपयेगा क्यों की उन्हें आकाश रावल का सपोर्ट है और वो खुद नहीं जनता की वो कीन्हे सपोर्ट कर रहा है

अंकित : हहहहहहहहह सच में क्या हहहहहहह

रीमा : आठ इसमें हसने की क्या बात है वैसे हसले कुछ hi दिन मैं तू खून के आशु रोयेगा

अंकित : हसु नहीं तो और क्या करू यार अहहहहहहह तभी आकाश अंदर आता है

जिससे रीमा बाई के चेहरे पर मुस्कान आजाती है

रीमा : देख सेल भड़वे आगये मुझे बचने वाले सर मैं रीमा बाई आपके आदमी कम है न वो जानते है मुझे और ये मुझे यहाँ बांध के रक्खा हुवा है प्लीज सर मुझे यहाँ से निकल लीजिये

इस बार दोनों बाप बेटे ठहाका मर कर हसने लगते है

अंकित : हहहहहहह डैड ये आपके आदमी कम को जानती है इसे मेरे चंगुल से चुरा लुओ हहहहहहहहह

आकाश हस्ते हुए आकर रीमा बाई को खींच के एक मरता है जपद

आकाश : कामिनी. ेरी बेटी कीर्ति को मारेगी साली कुटिया रंडी आज तुझे वो सबक सिखाऊंगा की जी दी भर तड़पेगी

रीमा : कीर्ति आपकी बेटी है मुझे नहीं पता था और आप मुझे क्यों मर रहे है मैंने तो उसे बड़ा किया है

अंकित : हम भी तुझे चोरडेटे अगर तूने लड़कियों पर और खास कर कीर्ति पर हाथ न उठाया होता

अंकित माइक. मैं बोलता है

अंकित : गर्ल्स क्या रीमा बाई को चुड़ते देखना है वो भी गैंगबैंग है

बहार बैठी सभी लड़किया मइके मैं बोली

लड़किया : हआ आए इस कुटिया की गांड मैं एक साथ 3 लुंड देखने है हमे

अंकित : जरूर ाजाओ भाई

तभी आकाश और अंकित निकल जाते है और उसके बाद अंदर 4 या 5 लोग आते है एक दम काळा एबोनी मन वो आकर अपने हैवान जैसे लुंड से रीमा बाई को नोचने लगते है

उन्होंने करीब 4 घंटे तक रीमा बाई को पूरीतरह नोच डाला

( भाइयो मुझे पता है की आपको रीमा बाई के साथ का टॉर्चर देखना था की उसका ब्रूटल सेक्स देखना था पर सॉरी जो भी हो पर मेरा जमीर किसी भी ायरत के साथ ऐसा सन लिखने की इजाज़त नहीं देता जो भी हो मेरी इस स्टोरी मैं कोई भी ायरत हो किसी भी मैंने उसका वर्णन प्यार से hi किया है पर ऐसे रपे सन मैं नहीं लिख सकता ी ऍम सॉरी)

उसके बाद रावल फॅमिली वह से अपने मेंशन मैं ाजति है

सब लोग अपने अपने रूम मैं आजाते है और आराम करने लगते है फिर सब लोग रात को डिनर करने के बाद अपने अपने रूम मैं जाते है

अंकित अपने रूम मैं था और निशा अंकित को बहो मैं लेकर प्यार कर रही थी उसके पुरे चेहरे को बेतहासा प्यार से चुम रही थी अंकित भी अपनी माँ से साथ प्यार मैं बिजी था निशा अंकित को ऐसे चुम रही थी जैसे वो उसकी गोदी मैं खेलने वाला छोटा बच्चा हो

तभी अंकित का फ़ोन बझतै है

निशा उसे उसका फ़ोन देती है

अंकित : ये कमीना मुझे चैन से प्यार भी नहीं लेने देगा

निशा हसने लगती है

अंकित ने कॉल पिक किया

अंकित : है भाई बोल

आर्यन : भाई आज तो गजब होगया

अंकित : मुझे पिक्चर नहीं देखनी सीधे क्लीमेक्स पर आजा

आर्यन : आज सोल्लगे मैं सोनम ने एक लड़की को बहुत मारा क्यों की उसने तुझसे लेके बोलै की '' मुझे अंकित पसंद है '' बस इतना hi उस लड़की ने बोलै और सोनम ने उसे धो दिया बिचारि बहुत रो रही थी

अंकित : तो मैं क्या करू

आर्यन : अरे भाई हमे उसके बारे कुछ तो सोचना होगा वो मेंटली सिक है मुझे दर है की कही वो हममे से किसी को न नुकसान पहुचाडे

अंकित : तू ज्यादा चिंता न कर वो कुछ नहीं करेगी और अगर उनसे ऐसा सोचा भी इस बार उसकी ा छे से गांड मरूंगा

आर्यन : मतलब तू सेक्स करेगा या स्लेंग मैं बोलै

अंकित : नहीं उसकी गांड hi मरूंगा वो भी बिना तेल के

आर्यन : कही तू उसका रपे तो नहीं करेगा न

अंकित : अबे भोसस.... ओह्ह मतलब की वो भी मुझे पाना कहती है और वैसे भी वो एक बार के बाद कभी सेक्स का नाम भी नहीं लेगी उसे अच्छी छोडूंगा पर इतना छोडूंगा की 3 दिन बीएड से उठ पायेगी

अंकित के मुँह से गली निकलने hi वाली थी की उसने पता चला की निशा भी वह तो रुक गया अंकित कहे जैसा भी था सेक्स मैं पर वो वैसे कभी भी लेडीज के सामने गालिया नहीं देता था

आर्यन : ठीक वैसे जर्रा संभल के रहना अब तू

अंकित : ok ब्ययी

और कॉल कट होजाता है

निशा : क्या हुवा अभी गली देते देते रुक क्यों गए

अंकित : कुछ नहीं वो बस मुँह से निकल गया पर आप थी तो नहीं बोलै मुझे आपके सामने या किसी भी लेडीज के सामने गालिया देना अच्छा नहीं लगता

निशा : वैसे बीटा मेरी विश है वो पूरी करोगे

अंकित : क्या मुम्मा

निशा : जब भी हम सेक्स करेंगे तब नहीं पर जब हम दोनों ऐसे रोज़ रूम मैं अकेले होते है क्या तुम छोटे बच्चे की तरह hi रहोगे जैसे अभी मैं तुम्हे प्यार कर रही थी क्या रोज़ वैसे करने डोज

अंकित : है है क्यों नहीं माँ और पता नहीं क्यों मुझे छोटा बच्चा बन कर आपसे प्यार लेने मैं बड़ा ाचा लगता है

पर एक अपसोस है की मेरी हिघ्त बढ़ गयी है इसी लिए आपकी गोदी मैं नहीं रह सकता नहीं तो मैं आपकी गोदी से उतरता hi नहीं

निशा : तो चलो अब आजाओ वैसे भी तुम आज भी मेरी गोदी मैं खेलने वाले मेरे छोटी नन्हे अंकित हो उम्माह पूछी ूमममहहह

और फिरसे निशा अंकित को प्यार करने लगती है तभी आकाश अंदर आजाता है

आकाश : भाई क्या बात है माँ बेटे को प्यार करते देख मुझे बड़ा सुकून मिल रहा है

अंकित : डैड आप यहाँ

आकाश : है वो मेने सोचा की जब से तुम पैदा हुए हो कभी भी मेरे साथ नहीं सोये हो बीटा मेरा भी एक सपना था की एक साइड तुम्हारी माँ हो एक साइड मैं और बिच मैं हमारा प्यारा बीटा. मैंने और निशा मनीषा और नेहा मोनिका तो ऐसे कई बार सोये है पर तुम्हारे साथ कभी मौका नहीं मिला

अंकित भी खिशक गया बीएड पर आकाश के लिए जगह बना दी

अंकित : आईये डैड आज हम तीनो यही सोयेंगे

फिर ऐसा hi बिच मैं अंकित सीधा सोया हुवा था और उसके दोनों साइड निशा और आकाश दोनों की अंकित की तरफ करवट ले कर सोये थे अंकित ने दोनों का एक एक साथ पकड़ रख्हा था

अंकित तो सो गया पर निशा और आकाश बाटे कर रहे थे

निशा : आकाश कस हम कुछ ऐसा कर पते की ये फिरसे एक छोटा बच्चा बनजाता और हम रोज़ हमारे इस बेबी को खिलते

आकाश : सही कहा निशा पर अफ़सोस ऐसा नहीं हो सकता वक़त किसी केलिए नहीं रुकता पर ये मेरा वडा है की हम इतनी खुसिया बटोरलेंगे की पिछले सरे गम भी काम पद जाये उनके सामने

निशा : हम्म वैसे मैं कभी कभी सोचती हु की ये कभी हमे माफ़ नहीं करता तो क्या हमारी फॅमिली ऐसी होती

आकाश : उसका तो मुझे नहीं पता जान पर मुझे इस बात की खुसी है की हमारी फॅमिली कम्पलीट होगयी जहा कोई गीले सिक्वे नहीं है है तो बस एक दूसरे केलिए हद से ज्यादा प्यार और सम्मान और क्या चाहिए हमे है

और फिर दोनों एक लिप किश करते है और फिर दोनों अंकित के सर को चुके उसके सर से अपना सर टिका कर सो जाते है आज अंकित पहली बार बहुत ज्यादा सुकून महसूस कर रहा था आखिर उसे आज पहली बार अपने माँ बाप का एक साथ प्यार मिल रहा था

अब देखते है समान क्या गुल खिलाती है

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 103

सुबह का वक़त था सब लोग उठ गए थे लेकिन अंकित और आकाश नहीं

यहाँ मनीषा, निशा और तन्वी ब्रेकफास्ट बना रही थी

बाकि की अंकित की बेहेन अपने अपने काम मैं लगी हुयी थी नेहा अपनी स्कूल जाने की तैयारी कर रही थी मोनिका भी कॉलेज केलिए रेडी हो रही थी साक्षी अपने लैपटॉप मैं लगी हुयी थी तिया भी अपना स्कूल का बैग पाक कर रही थी

निशा : मनु जाओ जरा लाड साब को उठा कर आओ और आकाश को भी

मनीषा : है दीदी अभी उठा कर आती हु

मनीषा ऊपर रूम मैं चली गयी

उसने देखा की आकाश और अंकित एक hi पोस्टिव मैं सो रहे है मनीषा को भी बड़ा प्यार आता है वो पहले आकाश के पास जाती है

मनीषा : आकाश उठा जाईये आपको ऑफिस नहीं जाना क्या अरे उठ जाईये

आकाश : आठ उठ रहा हु उठ रहा हु मेरी माँ

मनीषा : जी नहीं मैं अंकित की माँ हु आपकी नहीं चलिए उठिये

आकाश भी उठ कर अपने रूम मैं चला जाता है और फ्रेश होने लगता है

मनीषा फिर अंकित के पास जाती है

मनीषा : वेक उप हनी उठ जाओ देखों सुबह होगयी चलो उठो

अंकित : ूमम सोने दो न माँ आप भी सो जाओ मेरे साथ

ये बोल अंकित मनीषा को भी अपने ऊपर खींच लेता है और अपनी बाँहों मैं भर कर सोने लगता है

मनीषा : आअह्ह्ब अरे तुम उठो मुझे भी लेता दिया अरे उठ जाओ वर्ण कॉलेज के लिए लेट होजाओगे

अंकित : ठीक है पहले दूध पिलाइये फिर उठ ता हु

मनीषा : अच्छा ठीक है ये लो

और मनीषा ने अपनी मैक्सी के बोटों खोल दिए और एक चुकी बहार निकल दी और अंकित के मुँह मैं दे दी

अंकित : ूउम्मम्म ुउउम्म सुररपपप सुररपपप ूमम

मनीषा : आठ आअह्ह्ह्ह ाअरराम से बीटा वर्ण मैं मूड मैं आउंगी

अंकित : ूउम्मम्म सऊररप्प पपोऊछ पूउछहः ूउम्मम्म आह्हः सुररपपप ूमम

मनीषा : चली अब बस भी करो बहुत दूध पि लिया बाकि का कॉलेज से आने के बाद पि लेना अभी चलो

अंकित साद फेस बना के

अंकित : ok माँ

मनीषा : ाललीई मेरा बेबी नाराज़ होगया यहह आओ तुम्हारा मूड तो एक मं मैं रिफ्रेश करती हु

और मनीषा ने एक गहरा किस्स्स किया अंकित के होठों को और सही मैं ंकित का मूड एक दम फ्रेश होगया

अंकित : ुउउम्म आअह्ह्ह्ह माँ क्या था ये

मनीषा : क्यों बेटे मज़ा आया न

अंकित : है बोहोत मज़ा आया मैं अब एक दम फ्रेश फइलल कर रहा हु

फिर सब निचे ब्रेकफास्ट टेबल पर आगये

आकाश : कीर्ति बीटा यहाँ अच्छा तो लग रहा हैना

कीर्ति : है डैड यहाँ मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और मुझे ऐसा लगता है की मैं यहाँ आज़ाद पंछी की तरह हु

तन्वी : बीटा तुम यहाँ एक दम फ्री हो बस मज़े से रहो

कीर्ति : जी मम्मी

आकाश : वैसे बीटा तुमने पढाई की है या नहीं

कीर्ति : है डैड मैंने पढाई की है पर चुप चुप कर मेरा कॉलेज मैं बी. ा. का 1 ईयर ख़तम हो चूका है और उसके बाद मैंने पढ़िए नहीं की क्यों की मेरे पास पैसे नहीं थे

आकाश : अंकित मैं आज hi प्रिंसिपल को फ़ोन करता हु तुम कीर्ति को उसके मिस हुए लेक्टर के नोट्स का इंतेज़ाम करो

अंकित : यस डैड और कोई हुकुम

निशा : है पर ये मेरा हुकुम है आज हम सब शॉपिंग करने जा रहे है ok

अंकित : है ठीक है और कुछ

मनीषा : नहीं और कुछ नहीं

कीर्ति : माँ भैया को पूछ तो लो कही उन्हें कुछ काम होगा तो

निशा : बीटा मैं अपने बेटे को जानती हु उसे कोई भी काम होगा तो वो बाद मैं करलेगा पर वो मेरी मनीषा की या किसी की बात नहीं टालता क्यों बीटा

अंकित : है कीर्ति मेरे लिए अगर मुम्मा ने कह दिया तो बात वही ख़तम होगयी

कीर्ति : सिर्फ मुम्मो की hi बात मानते हो भैया या फिर हम बहनो की भी

मोनिका : नहीं वो हम सब की बात का ख्याल रखता है इसी लिए तो हमारा लाडला है

तिया : और मेरे भैया मेरी तो हर बात ों थे स्पॉट मान लेते है क्यों भैया

अंकित : सिवई बदमाशी वाली ज़िद्दी को चोर कर गुड़िया

तिया : है पता है पता है और है आज मॉल मेरे आने के बाद hi जायेंगे ok

अंकित : है है तिया देवी अब गुस्सा न होईये

तिया : तथास्तु

अंकित : रुक गुड़िया तेरी तो

कीर्ति : देखा भाई मेरी गुड़िया आपसे ज्यादा स्मार्ट है

अंकित : तो क्या मैं स्मार्ट नहीं बेबी मैंने ा छे ाचो को बोतल मैं उतरा है और अपने दुश्मनो के पिछवाड़े फाड़ दिए है

निशा : है चलो अब लड़ना बांध करो

आकाश : टीयू चलो मैं आपको स्कूल ड्राप करदेता हु

तिया : आयी डैड

और तिया अपना बेग लेकर आकाश का हाथ पकड़ कर ये दोनों बहार चले गए

तभी निशा को एक बात याद आयी

निशा : ारी नहीं ये कैसे भूल गयी हम सब ये तो हम सच मैं दिमाग से hi निकल गया

अंकित : क्या हुवा मुम्मा

निशा : अरे हम संध्या भाभी को तो भूल hi गए उनको तो पता hi नहीं की आखिर हुवा क्या है

अंकित : अरे है मैं भी भूल गया माँ हमने तो उन्हें बताया hi नहीं की वो मेरी सगी ममी है

मनीषा : है दीदी हम इतना बड़ा सच बताना कैसे भूल गए

तभी पीछे से आवाज आयी पीछे संध्या रक्षा और आरती तीनो कड़ी थी

संध्या : कोई बात नहीं मुझे पता चल गया

निशा : संध्या भाभी हो सके तो हमे माफ़ करदेना हमने आपको बताया नहीं

संध्या की आखों मैं आशु थे

संध्या : कोई बात नहीं निशा मुझे तो खुसी है की आखिर मेरी ननद और मेरे पति क्क कातिल मारा गया

पर क्या मुझे मेरे भांजे का प्यार नहीं मिलेगा

निशा : क्यों नहीं मिलेगा पर सिर्फ भांजे का hi नहीं भांजी का भी मिलेगा

संध्या : है सही कहा आखिर नेहा मोनिका साक्षी तिया भी तो मेरी भांजी है

मनीषा : नहीं दीदी आपकी एक और भांजी है

रक्षा : यही तो मैं कबसे बुआ को बताना चाहती हु पर ये तो अंकित की सच्चाई को सुन कर हद से ज्यादा उतावली होगयी

संध्या : मतलब क्या है आपका और रक्षा बीटा तुम्हारा

फिर निशा संध्या को साडी बात बताती है जिसे कीर्ति भी सुनती है क्यों की कीर्ति को भी नहीं पत्ता था की संध्या कोण है

संध्या : हे भगवन आखिर क्या पाप किये थे जो मेरे बा को को ये सब कुछ सेना पड़ा

तभी अंकित आगे आया और संध्या का हाथ पकड़ कर

अंकित : ममी जो हुवा उसे हम बदल नहीं सकते तो उसे भूल कर एक नयी शुरुआत करना hi बेहतर है प्लीज आप चुप होजाईये

संध्या अंकित को अपनी बहो मैं ले लेती है

संध्या : मेरा बचा बीटा मुझे माफ़ करदे मैं तुझे पहचान नहीं पायी

अंकित : नहीं ममी आप माफ़ी मत मांगिये इसमें आपका कोई कुसूर नहीं है प्लीज चुप होजाईये

संध्या भी खुद को संभल टी है

संध्या : कीर्ति बीटा यहाँ आओ

और संध्या कीर्ति को भी अपने सीने से लगा कर रो पड़ती है थोड़ी देर बाद सब नार्मल होजाते है

अंकित : मुम्मा हम कॉलेज जा रहे है

फिर अंकित मोनिका और रक्षा चारो कॉलेज निकल गए

रक्षा : ाचा बेबी उस सोनम का कुछ सोचा

अंकित : है सोच रहा हु उसकी एक बार ा छे से गांड फाड़ hi दू

रक्षा : क्या पर इससे तो जो उसे चाहिए वो मिल जायेगा

अंकित : नहीं हनी वो सिर्फ मेरे साथ सेक्स नहीं करना चाहती वो मुझसे शादी करना चाहती है और वो मेटली बहुत ज्यादा सिक गई अगर वो हमारे घर मैं आयी तो वो मेरे करीब किसी को नहीं आने देगी न मेरी बहनो को नहीं मेरी मॉम्स को नहीं डैड को और मुझे इसी बात का दर है की कही वो उन्हें नुकसान न पंहुचा दे इसी लिए एक बार उसे ऐसा जहां कर छोडूंगा की वो सेक्स के नाम से भी डरेगी

रक्षा : मतलब उसका रैप करोगे ये अच्छी बात नहीं

अंकित : अरे यार तुम लड़किया सीधा रपे पर क्यों आजाती हो अच्छा सुनो तुम्हे पता है की मेरे अंदर कितनी ताकत है मतलब मैं सुपर ह्यूमन हु तो मेरे निचे वाली पावर भी सुपर है मैं जब तक कहे उसे छोड़ सकता हु पर वो ये नहीं जानती उसे यही लगता है की मेरा लुंड नार्मल साइज का होगा और पावर भी ठीक होगी पर ऐसा है नहीं

रक्षा : मतलब तुम्हारा है कितना बड़ा

मोनिका : अरे मेरी भोली आयतन तू खुद hi देखलेना

रक्षा : क्या दीदी अभी

मोनिका : देख अब शर्मा मत

रक्षा : ठीक है

रक्षा अंकित के लुंड वाली जगह पर हाथ बढाती है

अंकित : अरे ोुह्ह्ह्ह रुक जाओ अगर अभी खड़ा होगया तो लेने के देने पढ़ जायेंगे बाद माइंड ेख लेना

रक्षा : ok पर तिम्मिंग के बारे मैं तो बता hi सकते हो

अंकित : मेरी तैममिंग तुम सुहागरात मैं देख लेना आखिर उसमे तुम अकेली नहीं होगी

रक्षा : है वो तो है मेरे साथ नेहा दी, मोनिका दी, साक्षी दी, कीर्ति, और तटीयू भी होगी

और ये लोग कॉलेज पहुंच जाते है

और अपने ग्रुप के पास आते है

कारन : हटो अंकित भाई आपको तो पता hi होगा की सोनम के कारनामे

अंकित : है कल आर्यन ने बताया था

रक्षा : वैसे किसी को पता है की कीर्ति भी वापस आगयी है अपने परिवार के पास

जूही : है कारन ने बताया था कल

वैसे कहा है वो नहीं आयी

अंकित : अरे नहीं वो बहुत जल्द hi कॉलेज ज्वाइन करेगी क्यों की आज hi वो हमारे प्रिंसिपल से मिल चुकी है

रक्षा : अरे है और एक बात जो हमारी प्रिंसिपल है वो मेरी बुआ है ये तो सबको पता है पर उनका अंकित के साथ क्या रिस्ता है ये शायद आप सब को पता नहीं होगा

अनन्य : अरे मेरी सस्पेंस क्वीन सस्पेंस मैं क्यों बात करती है जो है बताना

रक्षा : वो असल मैं संध्या बुआ अंकित की सगी ममी है

सब : व्हाटटटटटटट क्या सच मैं

अंकित : है

आर्यन : ये तो आज का सबसे बड़ा झटका है

अंकित : आज का मतलब

कारन : मतलब तेरे साथ रह रह कर हमारी लाइफ मैं थ्रिल आज्ञा है हर एक दिन मैं कुछ नए झटके मिल रहे है

अंकित : क्यों बे में तारीफ कर रहा है या बुराई

कारन : अरे नहीं बीआरओ हमे तो मज़ा आता है तेरे साथ रहने मैं वैसे भी ये लाइफ कोई लाइफ है जिसमे थ्रिल न हो

अंकित : हम्म्म वैसे वो लड़की कहा है आयी है या नहीं और उसके बारे मैं कुछ पता भी है की नहीं

कारन : है पता है कल hi उसकी हिस्ट्री निकली है लड़की का नाम है रौशनी आगे है 20 इयर्स हम से एक साल सीनियर है कॉलेज मैं उसके डैड की इलेक्ट्रॉनिक्स के आल ओवर इंडिया मैं कई शोरूम है है माँ और डैड की लाड़ली बेटी है इसका एक भाई और है जो 13 साल का है

अंकित : हम्म ok वैसे अभी कहा है

कारन : लस हॉस्पिटल सोनम ने उसे बहुत मारा था मल्टिपल स्क्रेच ए है पर मेंटली बहुत शौक है

अंकित : हम्म्म आज मिल आऊंगा उससे आखिर मेरी hi तो वजह से उसका ये हाल हुवा

अनन्य : वैसे अंकित इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है

अंकित : यस अनु बूत नाम तो मेरा hi उसे हुवा न

अनन्य : है पर जैसे तुमने उसकी कुंडली निकली है वैसे hi अगर तुम सोनम की निकल कर कुछ करते तो बढ़िया था

अंकित : नाम है सोनम सिंघानिया आगे 18 साल माँ मरचुकि है बाप के मेंटली और प्स्य्चिकालय टॉर्चर से नयी माँ के लाड प्यार ने उसे बिगाड़ दिया है उसका बाप ड्रग का बिज़नेस करता है और इस प्रिंसेस को भी ड्रग्स का शोख बहुत है बहुत सरे नशे करने की वजह से hi इसका दिमाग खली हो चूका है

सब लोग मुँह फाडे अंकित को hi देख रहे थे

कारन : एडमिट है या गूगल यार तुझे कैसे पता

अंकित : वैसे भी घरमें बैठे बैठे फ्री hi होता हु कुछ तो करूँगा hi

अनन्य : अब क्या करोगे

अंकित : इसके साथ सेक्स और क्या ऐसा बजाऊंगा की 4 दिन उठ भी नहीं पायेगी

जूही : अंकित यार थोड़ी तो तमीज रखो हम भी यहाँ है

अंकित : देखो यार हम सुब यहाँ फ्रेंड्स है और फ्रेंड्स मई तो गली भी पानी की तरह बहती है ये तो नार्मल वर्ड है आज की जेनरेशन का और हम सब hi एक आगे के है तुम्हे भी कोई जरुरत नहीं थी की तुम कारन को अपना बॉय फ्रेंड बनती फिर भी अगर बुरा लगा होतो सॉरी

जूही : अरे नहीं नहीं मैटो मजाक कर रही थी वैसे फाड़ देना उसकी

कारन : वैसे रौशनी से कब मिलने जाएगा

अंकित : शाम को जाऊंगा क्यों

कारन : हम भी चलते है

अंकित : वैसे मैं सोच रहा था की अकेले hi जाऊ क्या हैना की वो अभी थोड़ा दरी हुयी होगी और इतने सरे लोगो को देख कर शायद उसे सोनम का बर्ताव याद आजाये उसे यही लगेगा की हम भी उसके साथ वैसा hi करेंगे पर अगर चलना है तो चल सकते हो

आर्यन : नहीं ये सही है तू अकेला hi जा

अंकित : चलो अभी क्लास मैं चलते है

फिर सब क्लास मैं निकल जाते है और उसके बाद घर सब लोग लंच कर रहे थे

अंकित : मुम्मा मैं लंच के बाद जरा बहार जा रहा हु 4 बजे तक आजाऊंगा

निशा : क्यों क्या हुवा

अंकित : वो माँ थोड़ा काम है एक जान से मिलने जाना है

मनीषा : बाबू आखिर बात क्या है

फिर अंकित उन्हें साडी बात बताता है

निशा : है ठीक है मिल आना और जरा उस लड़की से संभल न बीटा उसका कोई भरोसा नहीं है हे वास् हार्मफुल ऑफ़ यू

अंकित : ok मुम्मा

फिर अंकित लंच करता है और रेडी होजाता है और निचे आजाता है

और निचे आकर अपनी तीनो मुम्मो की पप्पी ले कर निकल जाता है

अंकित बाइक पर था की तभी ऊपर किसी की नज़र पड़ी

अंकित हॉस्पिटल पंहुचा और रिसेप्शन पर पहुंच गया

अंकित : एक्सक्यूज़ में ी वांट ा मीट रौशनी राणा प्लीज गिव में हेर रूम्स नंबर

रिसेप्शनिस्ट : रौशनी राणा हम्म्म यस 3 फ्लोर रूम नंबर 7

अंकित : थान यू

और अंकित लिफ्ट की और बढ़ जाता है वो चेहरा जिसने अंकित को देखा था वो भी उसकी लिफ्ट मैं उसके साथ आजाता है उस साक्ष ने अपना फेस कवर किया हुवा था जिससे अंकित ने भी कोई खास ध्यान नहीं दिया अंकित का फ्लोर एते hi वो रूम की तरफ बढ़ गया

जहा से वो सीधा एक केबिन मैं गया

अंकित : hello मेरी बुआ रानी लीज़ा

जिहा ये हॉस्पिटल लीज़ा का था

लीज़ा : अरे आज अचानक हमारी याद कैसे आगयी

अंकित : आपकी याद तो हंमेशा hi आती है बुआ पर आप hi फ्री नहीं होती

और ये बोल दोनों गले लग जाते है लीज़ा ने अंकित के गले लगते hi अंकित का गाल को मुँह मैं ले लिया निप्पल्स की तरह चूसने लगी

अंकित : अच्छा मेरी ट्रिक मुझ पर hi

लीज़ा : क्यों तुम हर बार हैसा hi करते हो आज सोचा मैं करके देखु पर सच मैं गाल को सूचक करने मैं मज़ा बड़ा आता है

अंकित : तो आप hi मज़े लोगी या मुझे भी दो गई

लीज़ा : पहले बताओ यहाँ कैसे आज

अंकित : है वो बताता हु

और अंकित ने उसे साडी बात बताई

लीज़ा : हम्म्म पहले उससे मिलो फिर बात करेंगे

अंकित और लीज़ा रूम मैं गए अंकित ने देखा की रौशनी एक परफेक्ट फिगर गर्ल है सही साइज की चूचिया और गांड भी पतली कमर और वो खुद भी गोरी बाल भी ा छे नार्मल ब्यूटी फेस मतलब एक परफेक्ट लड़की

लीज़ा : रौशनी जी देखिये कोण आया है ये है मेरे फमलीय क्लाइंट मर अंकित रावल मैं इनकी फॅमिली डॉक्टर हु

अंकित ने देखा की रौशनी की 3 फ्रेंड्स और उसके माँ डैड थे वह

अंकित पहले जेक उसके माँ डैड के पेअर छूटा है

अंकित : अंकल आंटी मैं माफ़ी कहता हु की मेरी वजह से रौशनी की ये हालत हुयी

र डैड : अरे बीटा हमे तो पता भी नहीं की ये सब कैसे हुवा रौशनी बताती hi नहीं है

अंकित : मैं बताता हु की क्या हुवा

अंकित : असल मैं रौशनी अपनी फ्रेंड्स के साथ बाते कर रही थी और बातो बातो मैं उसके मुँह से निकल गया की वो मुझे पसंद करती है और उसे एक लड़की ने सुन लिया क्यों की वो भी मुझे पसंद करती है इसी लिए उसे गुस्सा आज्ञा और उसने रौशनी को मार दिया

र माँ : क्या उसकी इतनी हिम्मत सुनिए जी उस लड़की का जरा अच्छा इलाज करवाइये

अंकित : पर आंटी उसका कोई फायदा नहीं

र माँ : वो क्यों

अंकित : आंटी सॉरी मैं बात को बीच मैं रोक रहा हु पर क्या मैं पहले रौशनी से मिल सकता हु

र माँ : अरे बीटा उसमे सॉरी क्या मिलो

अंकित रौशनी के पास जाता है और स्टूल पर बैठ जाता है

अंकित : अब किसी हो रौशनी

रौशनी : आप आगयेना अब मैं बिलकुल ठीक हु वैसे मैं एक्सपेक्ट नहीं किया था की आप आओगे

अंकित : आना पता आखिर मेरे नाम का गलत उसे हुवा था

रौशनी : वैसे आपको बुरा तो नहीं लगाना की मेने बोल्दिया की मैं आपको पसंद करती हु

अंकित : इसमें बुरा मैंने वाली क्या बात है और ये आप आप क्या कर रही हो मैं तुमसे आगे मैं छोटा हु

रौशनी : है पर मैं जानती हु आप कोण है

र डैड : कोण है ये बीटा

रौशनी : डैड ये रावल इंडस्ट्रीज के मालिक आकाश रावल के बेटे है

र डैड : ओह्ह सॉरी बीटा हमने तुम्हे पहचान नहीं

अंकित : अरे कोई बात नहीं अंकल वैसे मैं आपको जनता हु हमारे सरे ऑफिस मैं और बाकि सब जगह पर इलेक्ट्रॉनिक्स के इटंस आपके पास से hi आते है क्यों सही कहना

र डैड : ये तो आपके पापा का बड़प्पन है की वो इलेक्ट्रॉनिक्स की साडी डील्स हमारे साथ करते है और आपके शेरस से भी हमे बड़ा फायदा मिलता है

र माँ : वैसे बीटा ये सही टाइम तो नहीं है पर मैं कुछ पूछना चाहती हु वैसे हमारी रौशनी भी पसंद करती है तुम्हे और तुम हमे भी पसंद आये और हर माँ बाप की इच्छा होती है की उनकी बेटी उसके माँ बाप के घर से भी ा छे घर मैं जाये क्या हम तुम हमारी बेटी रौशनी से शादी करना चाहोगे

र डैड : है वैसे भी हम ने हंमेशा हमारी बेटी की साडी विश पूरी की है और तुम हमे भी पसंद आये

अंकित : अंकल आंटी मैं आपकी और आपके प्रपोजल की रेस्पेक्ट करता हु पर सॉरी ऐसा नहीं हो सकता मेरी शादी किसी और के साथ तय होचुकी है

र डैड : क्या वैसे क्या वो लड़की वही है जिसके साथ तुम्हारी शादी फिक्स की गयी है

अंकित : नहीं वो बस मेरी तरफ अट्रेक्ट है जिसे वो प्यार का नाम दे रही हज बाकि कुछ नहीं

र माँ : तो उसने रौशनी पर हमला क्यों किया

अंकित : क्यों की वो मेंटली उन्स्तब्ले है दुनिया भर के नशे उसने अपने अंडर समां लिए है जिसके चलते उसका दिमाग अब किसी काम का नहीं रहा

र डैड : वैसे और कितनी लड़किया एट्रेक्ट है

तभी रौशनी की एक फ्रेंड बोली

र फ्रेंड : अरे पुरे कॉलेज की लड़किया अट्रेक्ट है अंकित की तरफ

अंकित शर्मा जाता है

र माँ : अरे बीटा शर्माओ मत बहुत काम लड़के ऐसे होते है जिनका तुम्हारे जैसा रूप रंगत होती है और वो अट्रेक्ट होती है उसमे उनकी गलती भी नहीं है व क्यों की तुम हो hi इतने प्यारे और हैंडसम

र डैड : है सही कहा बीटा इसी लिए तो तुम्हारी अउ तू भी अट्रेक्ट हो गयी

र माँ बेखयाली मैं : है होगयी

र माँ : मतलब क्या आप भी बच्चों के सामने

सब हसने लगते है

रौशनी : माँ डैड क्या मैं और अंकित जी अकेले मैं बात कर सकते है

र माँ : है ठीक है बीटा हम बहार जाते है

अब देखते है अंकित और रौशनी मैं क्या बात होती है

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