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- Dec 5, 2013
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अपडेट 95
'' थे रंश THAKRAL'S एन्ड स्टार्टेड ''
अभी सबलोग अपनी पूरी तैयारी कर रहे थे
बाद मैं सभी लोग सो गए क्यों की सुबह बहुत ज्यादा थ्रिलिंग होने वाली थी या यु कहु की अगला दिन सब की जिंदगी का याद गार दिन होने वाला है
सब लोग सुबह उठे और सब फटाफट रेडी होकर नास्ता करने आगये
आकाश : बीटा सब ठीक होगा न अगर कही कुछ गड़बड़ नहीं होगिना
अंकित : डैड ट्रस्ट में किसी को खरोच तक नहीं आएगी
मनीषा : आकाश आप शायद ज्यादा hi सोच रहे है
निशा : है आप मेरे बेटे पर शक कर रहे है
आकाश : क्या करू पता नहीं मेरा दिल बहुत ज्यादा घबरा रहा है एक पहले hi छोटा भाई खो चूका हु अब एक और
तभी तन्वी ने उसके मुँह पर हाथ रखदिया
और न मैं गर्दन हिलायी
अंकित : डैड भरोसा रखिये मैं पागल नहीं हु जो बिना सोचे समझे अपने परिवार की जान देव पे लगाड़ूँगा
वैसे आज नास्ता किसने बनाया है टास्ते बहुत अलग और अच्छा है
निशा : होगा hi बीटा आज ज़रा भाभी ने ब्रेकफास्ट बनाया है
अंकित : सच मैं ममी बहुत टेस्टी है
ज़रा : थैंक यू अंकित पर तुम्हारे मां को तो पसंद hi नहीं आता
राज : अरे तुम ऐसा नास्ता रोज बनती भी नहीं हो
ज़रा : है ाफी की वजह से आप hi तो बोलते हो ऐसा नास्ता मत बनाओ मेरी डाइट मैं चीटिंग होजाती है
और राज चुपचाप नास्ता करने लगा और सब हसने लगे
अंकित : क्यों मामू बहुत डेटिंग कर रहे हो
राज : हसले बीटा हसले तू क्या जाने कैसे कैसे सन देखने को मिलते है हॉस्पिटल मैं उसके लिए मुझे फिट रहना पड़ता है यार
अंकित : ओह्ह्ह सॉरी अच्छा वो चोरो और आप सभी लोगो से एक रिक्वेस्ट है की जब मैं रंश को मौत दूंगा तब आप लोग हो सके तो अपनी आखें बांध करलेना
निशा : बीटा आप क्या करने वाले हो उसके साथ
अंकित खड़ा होकर निशा के पास गया और उसके हाथों को अपने हाथ मैं लिया
अंकित : मुम्मा हो सके तो मुझे माफ़ करदेना पर मैं ये नहीं बता सकता क्यों की वह उसकी जो हालत करूँगा वो आप सुन भी नहीं पायेगी इसी लिए प्लीज
तभी घंटी बजी
नेहा ने रूम खोला तो तो रक्षा थी और आते hi नेहा के गले लग गयी
रक्षा : मेरी प्यारी दद्दीीड़ड्डूउउउ ुउउम्मा
और एक पप्पी भी नेहु के गाल पर देदी
नेहा : अरे रक्षा तुम भी आगयी अच्छा हुवा
अंकित : चलो अब सामान उतरो और चलो टाइम आज्ञा है
यहाँ इनसे दूर रंशा भी अपनी प्लानिंग मैं बिजी था
रंश: समाज गएन की क्या करना है
सभी आदमी जो की अंकित के hi थे उन्होंने हक़ मैं गर्दन हिलायी
रंश : जल्दी अपनी अपनी जगह लेलो अब्बू का फ़ोन आया था वो लोग वह से निकल गए है
रंश : आज हर हालत मैं मुझे अपनी प्रॉपर्टी चाहिए और वो अंकित मुझे अपनी डाइनिंग टेबल पर चाहिए
यहाँ अंकित पंहुचा अपने उस फार्म हाउस पर जहा फारूक रहता है
वह से सब लोगो को पिचकूप किया और चल पड़ा
यहाँ इनकी hi एक कार मैं से किसी ने एक मश्ग किया की वो निकल रहे है और वापस सब लोग घुल मिल गए
यहाँ सबलोग एयरपोर्ट के रस्ते पर जा रहे थे
यहाँ अंकित की कार मैं निशा नेहा और रक्षा थी और अंकित कार ड्राइव कर रहा था
जैसे जैसे ये लोग आगे बढ़ रहे थे सबके दिलो की धड़कन भी बढ़ रही थी तभी अंकित के सिक्स्थ सेंस ने उसे बताया तो अंकित ने अपने कान मैं एयरपोर्ट लगाया था जो की सभी गाड़ियों के ड्राइवर आकाश और उसके आदमी अमन और सज से कनेक्ट था
अंकित : अलर्ट आवर डेस्टिनेशन इस वैरी क्लोज
सब लोग : यस अंकित
सब लोग आगे बढ़ hi रहे थे की अचानक से उनके रस्ते मैं पेड गिरा तो सबने ब्रेक्स मरी
तभी वह कुछ लोग आये और सब को गाड़िओ निकलने लगे
अंकित भी धीरे से बोलै सबको
अंकित : स्टार्ट एक्टिंग
रजनी : हे चोरो हमें हमे कहा लेजा रहे हो चोरो मुझे भैया भैया
आदमी : अबे इ छमिया चुपचाप हमारे साथ चल नहीं तो यही काट दूंगा
आकाश : अगर किसी को खरोच भी आयी तो तुम्हारी रख भी नहीं मिलेगी
आदमी : अबे ोू चल चुपचाप वर्ण यही सार्री हेकड़ी तेरी गांड से निकलूंगा चल चुपचाप
अंकित ने सबको अब सावंत रहने का इशारा किया और चलने को कहा
सब लोगो को वह से थोड़ी दूर जो वो गोडाउन था वह लेजाया गया और सबके हाथ को पीछे करके बांध दिया गया चैन से
और अंकित को एक लोहे की मोती चैन से बांध दिया गया
अब आप लोग सोच रहे होंगे की ये आदमी सब के साथ बदतमीज़ी क्यों कर रहे है तो मैं आपको बता दू की ये लोग अमन और सज के लोग नहीं थे ये रंश के खास आदमी थे
आदमी : क्यों रे इंडिया के इतने बड़े बिजनेसमैन का बीटा जो खुदको बहुत बड़ी टॉप समझता है देख कैसे बंधा पड़ा है अब क्या करेगा ये बच्चा अपने इन नन्हे और प्यारे सॉफ्ट हाथो से ये लोहे की चैन तोड़ेगा है हाहाहाहाहा
अंकित : हहहहहहहह क्या बात है मस्ट जोके था होंगे तेरा तो अब अपने उस मालिक को बुला जिसका तू कुत्ता है और जिसकी तू गांड छत्ता है
आदमी : सबस क्या बात है गोटिया मुँह तक आगयी है स्टाइल नहीं जा रही है बच्चे हमरे बोस तेरे जैसे 10 लोगो को मुँह मैं देते है पता हैना
अंकित : मुझे तो पता है पर तू बुल गया भोसड़ी के की मैंने तेरा क्या हाल किया था पिछली बार सही कहा न नीरव
जिहा ये वही नीरव था कामिनी का पति जो मनीषा की बेहेन सरोज की शादी मैं आया था और कितनो पर hi अपनी गन्दी नज़र जमाई थी पर उस बार उसका पला अंकित से पड़ा और अंकित ने उसकी गांड मैं गरमा गरम लोगे का लुंड दाल दिया था
नीरव : ोुह्ह्ह्ह तो मई अभी भी याद हु
अंकित : अंकित कभी भी किसी का चेहरा नहीं भूलता कहे वो तेरी बीवी की तरह मुझे खुश करने वाली ायरत हो या फिर तेरे जैसे चूतिये जो एक बार गांड मरवाके नहीं मानते दूसरी बार ाही जाते है लौड़ा मुँह मैं लेने चला अपना ये मास्क हटा जरा देखु तो गांड जलने के बाद तेरा चेहरा केसा दीखता है
नीरव ने उसका मास्क हटा दिया
अंकित : हम्म्म अभी भी भेष के भोसड़े जैसी शकल है तेरी
नीरव : भोस्डिके चुप होजा नहीं तो यही तेरी गांड मरूंगा
वैसे भी तेरी ये माँ मनीषा सच मैं बहुत करारी है
अंकित : भड़वे अगर उसे चुवा भी तो तेरे सर को किसी हठी की गांड मैं घुसा दूंगा वैसे भी तेरी बीवी बोल रही थी की तू 3 मं से ज्यादा नहीं टिकता हाहाहाहाहा
ेनो काम सुरु बस 6 सेकंड मैं और नीरव काम ख़तम सिर्फ 3 मं मैं हहहहहहह
इस बार अंकित के साथ साथ नीरव के साथ के आदमी भी है पड़े
नीरव अभी कुछ बोलता की उससे पहले hi एक कार बहार आके रुकी
और फिर अंदर आया रंश ठकराल जिसका चेहरा hi बेहद डरावना था
रंश : क्यों बे क्या चल रहा है
नीरव : बॉस ये मुझसे जबान लड़ा रहा है
रंश : तो तूने कुछ किया क्या
नीरव : नहीं बॉस मैं अभी इसे मार ने hi वाला था की
चाहातत्ताककक
रंश : भोस्डिके मेरे शिकार को मरेगा
और फिर रंश अंकित के सामने आया
रंश : अंकित अंकित अंकित कैसे हो मेरे दुश्मन
अंकित : मैं बढ़िया तू बड़ा किसी ने कोई तकलीफ नहीं दिन जेल मैं क्यों की तुझे मरना तो मेरे हाथों hi था
रंश : हाहाहाःहाहा सच मैं तेरी बात hi अलग है अंकित चल तुझे बताता हु जेल मैं कोई ऐसा मायका लाल पैदा नहीं हुवा था जो मुझे तकलीफ दे सके जिन लोगो ने कोसिस की उनकी अतड़ियो का नूडल्स बना कर मैंने बहुत मज़े लेकर खाया है
अंकित : मुझे तुझ जैसे जानवर का जगली पैन नहीं सुन्ना हमे क्यों किडनेप किया वो बता क्या चाहिए तुझे
रंश : क्या बात है साइड पोईत पर चलो ाचा है मुझे मेरी प्रॉपर्टी चाहिए और साथ मैं तेरी भी
अंकित : आगे बढ़ो छुट्टे नहीं है
तो रंश ने गुस्से मैं अंकित का गाला पकड़ लिया
रंश : भोस्डिके मुझे क्या भिकारी समझा है क्या वो प्रॉपर्टी मेरी है जो मेरे उस भड़वे बाप ने मुझे ना देकर तुझे दी
अंकित : अबे हाथ....... सेल वो प्रॉपर्टी तेरी कहा से होगयी बे तेरा बाप तो ज़िंदा है
रंश : क्या बकवास कर रहा से सेल मेरा बाप मर ठकराल था वो मरचुका है
अंकित : हाहाहाःहाहा सेल तू दुनिया को उल्लू बनाना सकता है मुझे नहीं मुझे पता तेरा बाप तेरा असली बाप कोण है और तेरी मा कोण है
रंश : छूऊप्प होजा सेल मेरा बाप मर ठकराल hi था
अंकित : बस रंश बस अब तो सच को अपना ले और मुझे सच बतादे अगर सच बता दिया तो मैं वो प्रॉपर्टीज खुसी खुसी तुझे दे दूंगा
रंश : वो तो तू वैसे भी करेगा और उसके बाद मरेगा पर मैं तुझे क्यों बताऊ बे
अंकित : क्यों की अगर तूने नहीं बताया तो मैं सिघ नहीं करूँगा और अगर तू सोच रहा है की मेरे परिवार वालो से करवा लेगा तो गलत सोच रहा है क्यों की अगर मेरे परिवार को कुछ हुवा और उस के साथ मुझे भी तो वो साडी प्रॉपर्टी एक ट्रस्ट के नाम होजायेगी
रंश : बात मैं डैम तो है बोल क्या जानना है तुझे
अंकित : मुझे बस यही जानना है की फारूक खान और सुबिना खान का बीटा रिज़वान खान कैसे रंश ठकराल बना क्यों सही नाम लिया न मैंने फारूक अंकल और सुबिना आंटी
ये बात सब लोगो केलिए किसी बम से काम नहीं थी
फारूक : ओह्ह्ह सच में बच्चे तेरे दिमाग की दाद देनी पड़ेगी आखिर तूने हमे पकड़ hi लिया
सुबिना : सच मैं सबकुछ तेज़ है इसका
रंश उर्फ़ रिज़वान : सब कुछ तेज़ मतलब अम्मी
सुबिना कुछ नहीं
और फिर रंश ने उन्दोनो को आज़ाद किया
सेमिना : मम्मी आप ये सब क्या हो रहा है मुझे कोई बताओ
सुबिना : मम्मी नहीं मालकिन बोल साली रंडी की बच्ची मैं कोई तेरी माँ नहीं तेरी माँ ये रहना मेरे पति की नौकरानी और रखैल है
अंकित : किसी ायरत है तू रांड जिस लड़की ने तुझे हंमेशा मा कहा उसे hi तू दुत्कार रही है तुझ जैसी ायरत पे तो थूकता हु मैं
रंश : चुप कर सेल नहीं तो यही खोपड़ी खोल दूंगा
अंकित : खोपड़ी चोर और अपनी स्टोरी सुना
रंश : तो ये कहा नई है मेरे अब्बू की यानि की फारूक की
फारूक और उनके बड़े भाई फ़िरोज़ दोनों सेज भाई थे पर फ़िरोज़ हंमेशा हर चीज़ मैं आगे था क्यों की वो बड़ा भाई था फारूक का फ़िरोज़ पढाई मैं स्पोर्ट्स मैं हर बात मैं आगे था यहाँ तक की दोनों के अम्मी अब्बू को भी फ़िरोज़ hi प्यारा था इस लिए फारूक को फ़िरोज़ से नफरत होगयी
फिर बारी आयी जायदात के बटवारे की क्यों की उन्दोनो के अब्बू के पास काफी साडी प्रॉपर्टी थी उन्होंने दोनों को 50 50 % प्रॉपर्टी दी फ़िरोज़ को बिज़नेस करना था तो उसने अपनी प्रॉपर्टी संभाली और पढाई पर ध्यान दिया
और वही फारूक ने उस प्रॉपर्टी को अपनी ऐयाशी के लिए उड़ाना सुरु किया जब ये बात फारूक के अब्बू को पता चली तो उन्होंने उसे बहुत डाटा और मारा भी पर फारूक को बहुत गुस्सा आया और तलवार ले कर उसने अपने बाप को hi मर दिया की तभी उसकी अम्मी भी अंदर आगयी और फारूक को मरने लगी पर फारूक को अपनी माँ पर भी दया नहीं आयी और उसने उसे भी मर दिया और लासो को गायन के तालाब मैं डलवा दिया
और ऐसा जताया की उसके माँ बाप कही से आरहे थे और बिच मैं लुटेरों ने उन्हें लूटने के बाद मार दिया फ़िरोज़ को ये बात पता नहीं थी की उसके माँ बाप को खुद उसके छोटे भैने मारा है क्यों की वो उस वक़त सहर मैं रहता था और अपना बिज़नेस सेटअप कर रहा था
फिर इन सब बातो से अनजान फ़िरोज़ फारूक को अपने साथ सेहर ले गया और एक ा छे कॉलेज मैं एडमिशन करवा दिया
और वह वो पढ़ने लगा फिर उसकी सांगत ख़राब होती गयी जिसके चलते वो एक जुआरी हो चला और उसने बहुत साडी प्रॉपर्टी कमाई उसमे से पर एक दिन फारूक सब कुछ हार गया और उसने फ़िरोज़ को अपनी साडी प्रॉपर्टी बेच दी क्यों की फारूक काफी बार हारता था तो फ़िरोज़ hi पैसे दे कर जमीं छुडवाता था पर इस बार उसने भी फारूक को पैसे नहीं दिए आखिरकाब तक वो अपने छोटे भाई केलिए सब करता रहता
और फारूक इस बार भी सिर्फ पैसे लेने hi गया था पर इस बार फ़िरोज़ ने पैसे के बदले जमीं मांगी क्यों की वो नहीं कहता था उसके पिता की सम्पति ऐसे कोई दूसरा ले जाये इसी लिए फ़िरोज़ ने उस जमीं को खरीद लिया
इस बात पर फारूक को फ़िरोज़ से और भी नफरत होने लगी खैर उसने अपना कर्जा चूका दिया
फिर पर उसे एक लेटर मिला
लेटर मैं ये था
'' फारूक मैं अब तुझे नहीं मिलूंगा हो सके तो मुझे माफ़ करदेना क्यों की अब मेरे पास तेरे लिए कुछ नहीं है मैंने तुझे कितनी hi बात समझाया की ये सब मत कर पर तू नहीं मन मैं थक गया हु तेरा कर्जा चूकते चूकते पर अब और नहीं हो सके तो मुझे माफ़ करदेना और है तेरे अकाउंट मैं 2 करोड़ रूपीस चोर रहा हु उम्मीद है इसका उसे तो अच्छी करेगा और कोई काम डांढ़ा खोजलेगा अब तुम सोच रहे होंगे की इसने ये रूपीस भी क्यों चोरे तो क्या करू जैसा भी हु तेरा छोटा भाई हु ऐसे तो नहीं चोरता तुझे और है अब महेनत कर और अपनी जिंदगी सुधर ले ''
ये पढ़ के फारूक को और ज्यादा गुस्सा आज्ञा खैर अब फारूक को एक चीज़ तो करनी hi थी उस पैसे का सही उसे
उसने सुबिना के साथ निकाह किया और दोनों hi फ़िरोज़ से बदला लेने केलिए प्लानिंग करते रहे और इसमें सुबिना ने उसका बखूबी साथ दिया और फिर सुबिना ने एक बेटे को जनम दिया वो था रिज़वान उर्फ़ रंश रंश तब करीब 3 महीने का था और इनदोनो मिया बीवी ने अपने प्लान को अंजाम दिया
और फारूक को पता चल गया की फ़िरोज़ खान अपना नाम बदल कर मर. ठकराल रख कर इस सहर मैं रह रहा है तो एक दिन उसने अपने भाई की गाडी के पास छोटे बच्चे को रख दिया
मर ठकराल को वैसे भी कोई ायलद नहीं थी और उसने इस बच्चे को अडॉप्ट कर लिया जहा मर एंड मरस ठकराल ने इस बच्चे को बहुत प्यार दिया और सुबिना भी नौकरानी बन कर उस घर मैं चली गयी जिसे रंश पर नाज़ा रख सके पर जब रंश 18 साल का हुवा तब सबीना ने उसे सब कुछ बता दिया और एक दिन राश को बहाना बना कर अपने साथ ले आयी
और फिर फारूक और सुबिना उसे एक तांत्रिक के पास ले गए और तंत्र विद्या का उसे करके रंश को एक राक्षस बनाने मैं जुट गए इसी लिए सुबिना 2 यतीन दिन मैं रंश को अपने साथ लती और उस तांत्रिक के पास ले जाती
यहाँ फारूक ने भी रंश को इतना भड़का दिया की रंश खुद मर ठकराल के खून का प्यासा होगया
और एक दिन मौका देख के उसने अपने काम को अंजाम तो दे दिया पर उसके हाथ कुछ नहीं लगा क्यों की अंकित इनके लिए किसी ट्विस्ट से काम नहीं था फिर क्या हुवा ये तो सब को पता है
अंकित : कमीने कितना गिरा हुवा है तू अपने पलने वालो को hi मार डाला और सेल हरामी तू वो भाई था सेल तेरा और उसकी तो चोर जिन लोगो ने तुझे जनम दिया उन्ही को मेटा दिया
रंश : चल अब बकचोदी मत कर तू भी मरने वाला है
फारूक : बीटा इसको अभी मत मारो सुना है ये अंकित अपनी सभी माँ को बहुत ज्यादा प्यार करता है क्यों सबसे पहले इन्ही मेंसे किसी को रगड़लू ऊम्मम क्या बात है सभी एक से बढ़ कर एक माल है यहाँ पर
पहले ये क्या नाम है इसका हा निशा सही कहा न
अंकित ( चिल्ला के) : चुप्प्प चुप कर्जा सेल नहीं तो यही काट डालूंगा तुझे छोड़ूंगा नहीं तुझे कमीने अगर उन्हें खरोच भी आयी तो तेरा वो हाल करूँगा की हैवान भी दर जायेगा
रंश : अब्बू आप जाओ मैं देखता हु क्या करता है ये
और फारूक निशा के पास गया और लेढूर से बना एक हंटर निशा को सामने से मारा जिससे निशके पेट मैं और चिचियो पर निशान पद गए और वो चिल्ला उठी
निशा : आआअह्हह्ह्ह्हह नाहीईईई आह्हः
अभी तो फारूक ने सिर्फ एक hi बार मारा पर
अंकित : फारूक रुक जा नहीं तो मैं रंश को बता दूंगा की मैंने सुबिना के साथ क्या किया है
पर फारूक ने जैसे hi दूसरी बार मरना चाहा
अंकित : बहुत होगया खेल इसके हाथ पर गोली चलो और बाकि के गुर्द की भी गन्स चुरवादो
ये मश्ग स्नाइपर्स के लिए था तभी कुछ गोलिया आयी रंश के भरोसे मंद 24 गुर्द नीरव समेत उनकी गन्स हाथ से छूट गयी और उन गन्स को उनके अलावा जो अंकित के आदमी थे उन्होंने पकड़ लिया
रंश : ये क्या था पर कोई बात नहीं अपने आदमियों को बोलदे अंदर मत आये वर्ण सब लोग मारे जाएंगे
अंकित : मेरे आदमी अंदर hi है मैंने उन्ही आदमियों की गन कुरवाई है जो तेरे आदमी थे और उन गन्स को पकड़ने वाले मेरे आदमी थे
रंश : मतलब
सज : कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा नहीं तो यही भून दूंगा सही कहा न अमन
अमन : है अंकित अब तुम अपना काम सुरु करो
अंकित : है पैर पहले बाकि सब को खोल दो और इन तीनो को बांध दो
सब ने वैसा hi किया और फिर अंकित खड़ा हुवा और आराम से लोहे की मोती चैन को तोड़ दिया अंकित का ये एक्शन देख कर वह खड़े सभी लोग चौक गए
आकाश : ये कैसे किया बीटा
अंकित : डैड सब कुछ आपको बताऊंगा पर पहले जरा अपने पुराने दुश्मन से निपट लू
आकाश : सेल साहब क्या ऐसा कर सकता है क्या कोई इन्शान
राज : नहीं जीजू मैं खुद शॉक हु
अंकित : अरे मेने बोलै न सब बताऊंगा जरा सबर कीजिये
है तो रिज़वान खान उर्फ़ रंश ठकराल अब बताता हु मैंने तेरी माँ के साथ क्या किया या फिर ये कहु की तेरे इस भड़वे बाप ने अपने फायदे केलिए अपनी इस बीवी को कितनो से hi छुड़वाया है और मुझसे भी ूउम्म्म सच मैं तेरी माँ भी बहुत ज्यादा कड़क है
रंश ( गुस्से में) : चुप कर तुझे क्या लगा तू बोलेगा और मैं मान लूंगा तू मुझे जनता नहीं है मैं कितना बड़ा सनकी और पागल हु का च चबा जाऊंगा तुझे
अंकित : क्या बात है चल अब तू भी पागल और मैं भी पागल आई खोल्दो इसे चल उठ जा आज हम दोनों पागल पागल खेलते है
अमन ने रंश को खोल दिया और रंश अंकित के सामने खड़ा होगया
अंकित : देख अब हमारे पास गन्स है और वो भी शार्ट गन्स इसमें दो गोली है और बाकि खली है एक बार तू मेरे सामने शूट करेगा और एक बार मैं तेरे सामने शूट करूँगा हम दोनों की किस्मत शूट करते वक़त गोली निकलना और न निकलना और ऐसे हम दो दो बार शूट कररंगे
रंश : हम्म्म पागल पैन तो तुझमे भी है चल खेलते है पहले मैं करूँगा
अंकित : जरूर
और फिर रंश के हाथ मैं गुंडई गयी और उसने अंकित के सामने रक्खी और और ट्रिगर बाबय
आकाश, निशा, मनीषा : अनककीित्तत्त
पर ये वार खली था गोली नहीं चुटी थी अंकित बच गया
रंश : हम्म लकी बच गया
अंकित : है अब मेरी बरी
अंकित ने वाली गन ली और रंश पर तानी और ट्रिगर दबाया
फारूक और सुबिना : बेइतततताआए
दोनों चिल्लाये पर ये वार भी खली गया
पर अब सब की धड़कन बढ़ने लगी
रंश ने इस बार गन को अंकित पैट एआईएम किया और शूट किया तो
'' बबहहहह्हूऊऊलमममम ''
और सन्नाटा च गया क्यों की इस बार गन बोली थी
और सन्नाटे को निशा की दर्द भरी चीखने तोडा
निशा (रट हुए) :, अन्ननननककककीीित्तत्ततत्तत्त नाहीईई मिइर्र्रा ब्बच्चा
नेहा : नायियीईइ भईई
सब लोग : बीतताआ नहहह्हीईई
क्यों की गोली अंकित के सर को चिर गयी थी और अंकित के सर से एक मास्स का टुकड़ा भी लटक रहा था और अंकित सीधा पड़ा हुवा था रंश ने एक और गोली अंकित के दिल मैं मरी
रंश : अब्बू देखों हमारा जीना हराम करने वाला कैसे कुत्ते की मौत मारा पड़ा है हाहाहाहा
और तुम लोग खोल दो मेरे अम्मी और अब्बू को
सभी आदमियों ने वैसा hi किया और अंकित को गोली लगते hi रंश के आदमीओ ने अंकित के आदमियों से गन्स चीन लिया थी
और दो आदमियों ने फारूक और सुबिना को चोर दिया
क्यों की आकाश ने hi इशारा किया था
फारूक : है अब तो ये चला गया बीटा अब मुझे ये साडी लड़किया और एयरटे चाहिए वैसे भी अब ततो प्रॉपर्टी हमारे नाम हो hi गयी है
सुबिना : है सही कहा इनके साथ अलग hi मज़ा आएगा आपको
रंश : है लेही लो जब आपका मन भर जायेगा तब मुझे दे देना देखने मैं बड़ी टेस्टी लग रही है
'' तेरी माँ ब्बि काम टेस्टी नहीं है रंश ''
सब लोग इस आवाज से शॉक होगये
अंकित : है हहहहहहहह आह ः हाहाहाहाहा हहहहहह हाहाहाःहाहा
और अंकित हस्ते हुए खड़ा हुवा और फिर जो हुवा वो देख कर सब के साथ साथ एक बार तो रावल फॅमिली की भी गांड फात गयी
अंकित है रहा था पागलो की तरह डरावनी हसी और अपने एक हाथ से उस मॉस के टुकड़े को अपने सर मैं दाल दिया और उस घर को सब के सामने हिल्ल किया और फिर हसने लगा
अंकित : हाहाहाःहाहा क्यों गांड फात गयी हाहाहाःहाहा तुझे क्या लगा की सिर्फ तू hi राक्षस है यहाँ
अगर तू रंश अस है तो मैं खुद शैतान हु और अब खेल बहुत हो गया
गार्ड्स नाउ
और एक बार फिर गोलिया चली और नीरव के साथ साथ सभी आदमियों की गुंड फिर से छूट गयी
अंकित : अब इस खेल को यही ख़तम करदेते है अमन भैया मैंने जो मगवाया था वो आज्ञा
अमन : है बहार ट्रक मैं है
अंकित : लाओ उसे
और अमन ट्रक को अंदर ले कर आज्ञा और ट्रक मैं जो था उसे देख कर तो शायद किसी की भी गांड फैट जाये
क्यों की ट्रक मैं थे जंगली लकड़बग्घे यानि हाईनेस
अंकित ने इस बार कोई देरी नहीं की और सुबिना का हाथ पकड़ा और घसीट ते हुए हुए उस ट्रक के पास ले गया और पीनघरव के ऊपर चढ़ गया और
अंकित : ले अपनी बीवी को आखिरी बार देखले और एले
और अंकित ने सुबिना को पिंजरे के अंदर दाल दिया
रंश : नाहीइ ामममममीीीी
फारूक : स्स्स्सुउबब्बींनणायआ
वो ह्येनस सुबिना के थोड़ी hi देर मैं कच्चा चबा गए
ये देख कर रंश और फारूक दोनों hi बेहद गुस्से मैं आगये अब देखना ये है की दोनों का क्या होता है
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड
ी होप यू लिखे आईटी
सी यू सून
ब्बये
'' थे रंश THAKRAL'S एन्ड स्टार्टेड ''
अभी सबलोग अपनी पूरी तैयारी कर रहे थे
बाद मैं सभी लोग सो गए क्यों की सुबह बहुत ज्यादा थ्रिलिंग होने वाली थी या यु कहु की अगला दिन सब की जिंदगी का याद गार दिन होने वाला है
सब लोग सुबह उठे और सब फटाफट रेडी होकर नास्ता करने आगये
आकाश : बीटा सब ठीक होगा न अगर कही कुछ गड़बड़ नहीं होगिना
अंकित : डैड ट्रस्ट में किसी को खरोच तक नहीं आएगी
मनीषा : आकाश आप शायद ज्यादा hi सोच रहे है
निशा : है आप मेरे बेटे पर शक कर रहे है
आकाश : क्या करू पता नहीं मेरा दिल बहुत ज्यादा घबरा रहा है एक पहले hi छोटा भाई खो चूका हु अब एक और
तभी तन्वी ने उसके मुँह पर हाथ रखदिया
और न मैं गर्दन हिलायी
अंकित : डैड भरोसा रखिये मैं पागल नहीं हु जो बिना सोचे समझे अपने परिवार की जान देव पे लगाड़ूँगा
वैसे आज नास्ता किसने बनाया है टास्ते बहुत अलग और अच्छा है
निशा : होगा hi बीटा आज ज़रा भाभी ने ब्रेकफास्ट बनाया है
अंकित : सच मैं ममी बहुत टेस्टी है
ज़रा : थैंक यू अंकित पर तुम्हारे मां को तो पसंद hi नहीं आता
राज : अरे तुम ऐसा नास्ता रोज बनती भी नहीं हो
ज़रा : है ाफी की वजह से आप hi तो बोलते हो ऐसा नास्ता मत बनाओ मेरी डाइट मैं चीटिंग होजाती है
और राज चुपचाप नास्ता करने लगा और सब हसने लगे
अंकित : क्यों मामू बहुत डेटिंग कर रहे हो
राज : हसले बीटा हसले तू क्या जाने कैसे कैसे सन देखने को मिलते है हॉस्पिटल मैं उसके लिए मुझे फिट रहना पड़ता है यार
अंकित : ओह्ह्ह सॉरी अच्छा वो चोरो और आप सभी लोगो से एक रिक्वेस्ट है की जब मैं रंश को मौत दूंगा तब आप लोग हो सके तो अपनी आखें बांध करलेना
निशा : बीटा आप क्या करने वाले हो उसके साथ
अंकित खड़ा होकर निशा के पास गया और उसके हाथों को अपने हाथ मैं लिया
अंकित : मुम्मा हो सके तो मुझे माफ़ करदेना पर मैं ये नहीं बता सकता क्यों की वह उसकी जो हालत करूँगा वो आप सुन भी नहीं पायेगी इसी लिए प्लीज
तभी घंटी बजी
नेहा ने रूम खोला तो तो रक्षा थी और आते hi नेहा के गले लग गयी
रक्षा : मेरी प्यारी दद्दीीड़ड्डूउउउ ुउउम्मा
और एक पप्पी भी नेहु के गाल पर देदी
नेहा : अरे रक्षा तुम भी आगयी अच्छा हुवा
अंकित : चलो अब सामान उतरो और चलो टाइम आज्ञा है
यहाँ इनसे दूर रंशा भी अपनी प्लानिंग मैं बिजी था
रंश: समाज गएन की क्या करना है
सभी आदमी जो की अंकित के hi थे उन्होंने हक़ मैं गर्दन हिलायी
रंश : जल्दी अपनी अपनी जगह लेलो अब्बू का फ़ोन आया था वो लोग वह से निकल गए है
रंश : आज हर हालत मैं मुझे अपनी प्रॉपर्टी चाहिए और वो अंकित मुझे अपनी डाइनिंग टेबल पर चाहिए
यहाँ अंकित पंहुचा अपने उस फार्म हाउस पर जहा फारूक रहता है
वह से सब लोगो को पिचकूप किया और चल पड़ा
यहाँ इनकी hi एक कार मैं से किसी ने एक मश्ग किया की वो निकल रहे है और वापस सब लोग घुल मिल गए
यहाँ सबलोग एयरपोर्ट के रस्ते पर जा रहे थे
यहाँ अंकित की कार मैं निशा नेहा और रक्षा थी और अंकित कार ड्राइव कर रहा था
जैसे जैसे ये लोग आगे बढ़ रहे थे सबके दिलो की धड़कन भी बढ़ रही थी तभी अंकित के सिक्स्थ सेंस ने उसे बताया तो अंकित ने अपने कान मैं एयरपोर्ट लगाया था जो की सभी गाड़ियों के ड्राइवर आकाश और उसके आदमी अमन और सज से कनेक्ट था
अंकित : अलर्ट आवर डेस्टिनेशन इस वैरी क्लोज
सब लोग : यस अंकित
सब लोग आगे बढ़ hi रहे थे की अचानक से उनके रस्ते मैं पेड गिरा तो सबने ब्रेक्स मरी
तभी वह कुछ लोग आये और सब को गाड़िओ निकलने लगे
अंकित भी धीरे से बोलै सबको
अंकित : स्टार्ट एक्टिंग
रजनी : हे चोरो हमें हमे कहा लेजा रहे हो चोरो मुझे भैया भैया
आदमी : अबे इ छमिया चुपचाप हमारे साथ चल नहीं तो यही काट दूंगा
आकाश : अगर किसी को खरोच भी आयी तो तुम्हारी रख भी नहीं मिलेगी
आदमी : अबे ोू चल चुपचाप वर्ण यही सार्री हेकड़ी तेरी गांड से निकलूंगा चल चुपचाप
अंकित ने सबको अब सावंत रहने का इशारा किया और चलने को कहा
सब लोगो को वह से थोड़ी दूर जो वो गोडाउन था वह लेजाया गया और सबके हाथ को पीछे करके बांध दिया गया चैन से
और अंकित को एक लोहे की मोती चैन से बांध दिया गया
अब आप लोग सोच रहे होंगे की ये आदमी सब के साथ बदतमीज़ी क्यों कर रहे है तो मैं आपको बता दू की ये लोग अमन और सज के लोग नहीं थे ये रंश के खास आदमी थे
आदमी : क्यों रे इंडिया के इतने बड़े बिजनेसमैन का बीटा जो खुदको बहुत बड़ी टॉप समझता है देख कैसे बंधा पड़ा है अब क्या करेगा ये बच्चा अपने इन नन्हे और प्यारे सॉफ्ट हाथो से ये लोहे की चैन तोड़ेगा है हाहाहाहाहा
अंकित : हहहहहहहह क्या बात है मस्ट जोके था होंगे तेरा तो अब अपने उस मालिक को बुला जिसका तू कुत्ता है और जिसकी तू गांड छत्ता है
आदमी : सबस क्या बात है गोटिया मुँह तक आगयी है स्टाइल नहीं जा रही है बच्चे हमरे बोस तेरे जैसे 10 लोगो को मुँह मैं देते है पता हैना
अंकित : मुझे तो पता है पर तू बुल गया भोसड़ी के की मैंने तेरा क्या हाल किया था पिछली बार सही कहा न नीरव
जिहा ये वही नीरव था कामिनी का पति जो मनीषा की बेहेन सरोज की शादी मैं आया था और कितनो पर hi अपनी गन्दी नज़र जमाई थी पर उस बार उसका पला अंकित से पड़ा और अंकित ने उसकी गांड मैं गरमा गरम लोगे का लुंड दाल दिया था
नीरव : ोुह्ह्ह्ह तो मई अभी भी याद हु
अंकित : अंकित कभी भी किसी का चेहरा नहीं भूलता कहे वो तेरी बीवी की तरह मुझे खुश करने वाली ायरत हो या फिर तेरे जैसे चूतिये जो एक बार गांड मरवाके नहीं मानते दूसरी बार ाही जाते है लौड़ा मुँह मैं लेने चला अपना ये मास्क हटा जरा देखु तो गांड जलने के बाद तेरा चेहरा केसा दीखता है
नीरव ने उसका मास्क हटा दिया
अंकित : हम्म्म अभी भी भेष के भोसड़े जैसी शकल है तेरी
नीरव : भोस्डिके चुप होजा नहीं तो यही तेरी गांड मरूंगा
वैसे भी तेरी ये माँ मनीषा सच मैं बहुत करारी है
अंकित : भड़वे अगर उसे चुवा भी तो तेरे सर को किसी हठी की गांड मैं घुसा दूंगा वैसे भी तेरी बीवी बोल रही थी की तू 3 मं से ज्यादा नहीं टिकता हाहाहाहाहा
ेनो काम सुरु बस 6 सेकंड मैं और नीरव काम ख़तम सिर्फ 3 मं मैं हहहहहहह
इस बार अंकित के साथ साथ नीरव के साथ के आदमी भी है पड़े
नीरव अभी कुछ बोलता की उससे पहले hi एक कार बहार आके रुकी
और फिर अंदर आया रंश ठकराल जिसका चेहरा hi बेहद डरावना था
रंश : क्यों बे क्या चल रहा है
नीरव : बॉस ये मुझसे जबान लड़ा रहा है
रंश : तो तूने कुछ किया क्या
नीरव : नहीं बॉस मैं अभी इसे मार ने hi वाला था की
चाहातत्ताककक
रंश : भोस्डिके मेरे शिकार को मरेगा
और फिर रंश अंकित के सामने आया
रंश : अंकित अंकित अंकित कैसे हो मेरे दुश्मन
अंकित : मैं बढ़िया तू बड़ा किसी ने कोई तकलीफ नहीं दिन जेल मैं क्यों की तुझे मरना तो मेरे हाथों hi था
रंश : हाहाहाःहाहा सच मैं तेरी बात hi अलग है अंकित चल तुझे बताता हु जेल मैं कोई ऐसा मायका लाल पैदा नहीं हुवा था जो मुझे तकलीफ दे सके जिन लोगो ने कोसिस की उनकी अतड़ियो का नूडल्स बना कर मैंने बहुत मज़े लेकर खाया है
अंकित : मुझे तुझ जैसे जानवर का जगली पैन नहीं सुन्ना हमे क्यों किडनेप किया वो बता क्या चाहिए तुझे
रंश : क्या बात है साइड पोईत पर चलो ाचा है मुझे मेरी प्रॉपर्टी चाहिए और साथ मैं तेरी भी
अंकित : आगे बढ़ो छुट्टे नहीं है
तो रंश ने गुस्से मैं अंकित का गाला पकड़ लिया
रंश : भोस्डिके मुझे क्या भिकारी समझा है क्या वो प्रॉपर्टी मेरी है जो मेरे उस भड़वे बाप ने मुझे ना देकर तुझे दी
अंकित : अबे हाथ....... सेल वो प्रॉपर्टी तेरी कहा से होगयी बे तेरा बाप तो ज़िंदा है
रंश : क्या बकवास कर रहा से सेल मेरा बाप मर ठकराल था वो मरचुका है
अंकित : हाहाहाःहाहा सेल तू दुनिया को उल्लू बनाना सकता है मुझे नहीं मुझे पता तेरा बाप तेरा असली बाप कोण है और तेरी मा कोण है
रंश : छूऊप्प होजा सेल मेरा बाप मर ठकराल hi था
अंकित : बस रंश बस अब तो सच को अपना ले और मुझे सच बतादे अगर सच बता दिया तो मैं वो प्रॉपर्टीज खुसी खुसी तुझे दे दूंगा
रंश : वो तो तू वैसे भी करेगा और उसके बाद मरेगा पर मैं तुझे क्यों बताऊ बे
अंकित : क्यों की अगर तूने नहीं बताया तो मैं सिघ नहीं करूँगा और अगर तू सोच रहा है की मेरे परिवार वालो से करवा लेगा तो गलत सोच रहा है क्यों की अगर मेरे परिवार को कुछ हुवा और उस के साथ मुझे भी तो वो साडी प्रॉपर्टी एक ट्रस्ट के नाम होजायेगी
रंश : बात मैं डैम तो है बोल क्या जानना है तुझे
अंकित : मुझे बस यही जानना है की फारूक खान और सुबिना खान का बीटा रिज़वान खान कैसे रंश ठकराल बना क्यों सही नाम लिया न मैंने फारूक अंकल और सुबिना आंटी
ये बात सब लोगो केलिए किसी बम से काम नहीं थी
फारूक : ओह्ह्ह सच में बच्चे तेरे दिमाग की दाद देनी पड़ेगी आखिर तूने हमे पकड़ hi लिया
सुबिना : सच मैं सबकुछ तेज़ है इसका
रंश उर्फ़ रिज़वान : सब कुछ तेज़ मतलब अम्मी
सुबिना कुछ नहीं
और फिर रंश ने उन्दोनो को आज़ाद किया
सेमिना : मम्मी आप ये सब क्या हो रहा है मुझे कोई बताओ
सुबिना : मम्मी नहीं मालकिन बोल साली रंडी की बच्ची मैं कोई तेरी माँ नहीं तेरी माँ ये रहना मेरे पति की नौकरानी और रखैल है
अंकित : किसी ायरत है तू रांड जिस लड़की ने तुझे हंमेशा मा कहा उसे hi तू दुत्कार रही है तुझ जैसी ायरत पे तो थूकता हु मैं
रंश : चुप कर सेल नहीं तो यही खोपड़ी खोल दूंगा
अंकित : खोपड़ी चोर और अपनी स्टोरी सुना
रंश : तो ये कहा नई है मेरे अब्बू की यानि की फारूक की
फारूक और उनके बड़े भाई फ़िरोज़ दोनों सेज भाई थे पर फ़िरोज़ हंमेशा हर चीज़ मैं आगे था क्यों की वो बड़ा भाई था फारूक का फ़िरोज़ पढाई मैं स्पोर्ट्स मैं हर बात मैं आगे था यहाँ तक की दोनों के अम्मी अब्बू को भी फ़िरोज़ hi प्यारा था इस लिए फारूक को फ़िरोज़ से नफरत होगयी
फिर बारी आयी जायदात के बटवारे की क्यों की उन्दोनो के अब्बू के पास काफी साडी प्रॉपर्टी थी उन्होंने दोनों को 50 50 % प्रॉपर्टी दी फ़िरोज़ को बिज़नेस करना था तो उसने अपनी प्रॉपर्टी संभाली और पढाई पर ध्यान दिया
और वही फारूक ने उस प्रॉपर्टी को अपनी ऐयाशी के लिए उड़ाना सुरु किया जब ये बात फारूक के अब्बू को पता चली तो उन्होंने उसे बहुत डाटा और मारा भी पर फारूक को बहुत गुस्सा आया और तलवार ले कर उसने अपने बाप को hi मर दिया की तभी उसकी अम्मी भी अंदर आगयी और फारूक को मरने लगी पर फारूक को अपनी माँ पर भी दया नहीं आयी और उसने उसे भी मर दिया और लासो को गायन के तालाब मैं डलवा दिया
और ऐसा जताया की उसके माँ बाप कही से आरहे थे और बिच मैं लुटेरों ने उन्हें लूटने के बाद मार दिया फ़िरोज़ को ये बात पता नहीं थी की उसके माँ बाप को खुद उसके छोटे भैने मारा है क्यों की वो उस वक़त सहर मैं रहता था और अपना बिज़नेस सेटअप कर रहा था
फिर इन सब बातो से अनजान फ़िरोज़ फारूक को अपने साथ सेहर ले गया और एक ा छे कॉलेज मैं एडमिशन करवा दिया
और वह वो पढ़ने लगा फिर उसकी सांगत ख़राब होती गयी जिसके चलते वो एक जुआरी हो चला और उसने बहुत साडी प्रॉपर्टी कमाई उसमे से पर एक दिन फारूक सब कुछ हार गया और उसने फ़िरोज़ को अपनी साडी प्रॉपर्टी बेच दी क्यों की फारूक काफी बार हारता था तो फ़िरोज़ hi पैसे दे कर जमीं छुडवाता था पर इस बार उसने भी फारूक को पैसे नहीं दिए आखिरकाब तक वो अपने छोटे भाई केलिए सब करता रहता
और फारूक इस बार भी सिर्फ पैसे लेने hi गया था पर इस बार फ़िरोज़ ने पैसे के बदले जमीं मांगी क्यों की वो नहीं कहता था उसके पिता की सम्पति ऐसे कोई दूसरा ले जाये इसी लिए फ़िरोज़ ने उस जमीं को खरीद लिया
इस बात पर फारूक को फ़िरोज़ से और भी नफरत होने लगी खैर उसने अपना कर्जा चूका दिया
फिर पर उसे एक लेटर मिला
लेटर मैं ये था
'' फारूक मैं अब तुझे नहीं मिलूंगा हो सके तो मुझे माफ़ करदेना क्यों की अब मेरे पास तेरे लिए कुछ नहीं है मैंने तुझे कितनी hi बात समझाया की ये सब मत कर पर तू नहीं मन मैं थक गया हु तेरा कर्जा चूकते चूकते पर अब और नहीं हो सके तो मुझे माफ़ करदेना और है तेरे अकाउंट मैं 2 करोड़ रूपीस चोर रहा हु उम्मीद है इसका उसे तो अच्छी करेगा और कोई काम डांढ़ा खोजलेगा अब तुम सोच रहे होंगे की इसने ये रूपीस भी क्यों चोरे तो क्या करू जैसा भी हु तेरा छोटा भाई हु ऐसे तो नहीं चोरता तुझे और है अब महेनत कर और अपनी जिंदगी सुधर ले ''
ये पढ़ के फारूक को और ज्यादा गुस्सा आज्ञा खैर अब फारूक को एक चीज़ तो करनी hi थी उस पैसे का सही उसे
उसने सुबिना के साथ निकाह किया और दोनों hi फ़िरोज़ से बदला लेने केलिए प्लानिंग करते रहे और इसमें सुबिना ने उसका बखूबी साथ दिया और फिर सुबिना ने एक बेटे को जनम दिया वो था रिज़वान उर्फ़ रंश रंश तब करीब 3 महीने का था और इनदोनो मिया बीवी ने अपने प्लान को अंजाम दिया
और फारूक को पता चल गया की फ़िरोज़ खान अपना नाम बदल कर मर. ठकराल रख कर इस सहर मैं रह रहा है तो एक दिन उसने अपने भाई की गाडी के पास छोटे बच्चे को रख दिया
मर ठकराल को वैसे भी कोई ायलद नहीं थी और उसने इस बच्चे को अडॉप्ट कर लिया जहा मर एंड मरस ठकराल ने इस बच्चे को बहुत प्यार दिया और सुबिना भी नौकरानी बन कर उस घर मैं चली गयी जिसे रंश पर नाज़ा रख सके पर जब रंश 18 साल का हुवा तब सबीना ने उसे सब कुछ बता दिया और एक दिन राश को बहाना बना कर अपने साथ ले आयी
और फिर फारूक और सुबिना उसे एक तांत्रिक के पास ले गए और तंत्र विद्या का उसे करके रंश को एक राक्षस बनाने मैं जुट गए इसी लिए सुबिना 2 यतीन दिन मैं रंश को अपने साथ लती और उस तांत्रिक के पास ले जाती
यहाँ फारूक ने भी रंश को इतना भड़का दिया की रंश खुद मर ठकराल के खून का प्यासा होगया
और एक दिन मौका देख के उसने अपने काम को अंजाम तो दे दिया पर उसके हाथ कुछ नहीं लगा क्यों की अंकित इनके लिए किसी ट्विस्ट से काम नहीं था फिर क्या हुवा ये तो सब को पता है
अंकित : कमीने कितना गिरा हुवा है तू अपने पलने वालो को hi मार डाला और सेल हरामी तू वो भाई था सेल तेरा और उसकी तो चोर जिन लोगो ने तुझे जनम दिया उन्ही को मेटा दिया
रंश : चल अब बकचोदी मत कर तू भी मरने वाला है
फारूक : बीटा इसको अभी मत मारो सुना है ये अंकित अपनी सभी माँ को बहुत ज्यादा प्यार करता है क्यों सबसे पहले इन्ही मेंसे किसी को रगड़लू ऊम्मम क्या बात है सभी एक से बढ़ कर एक माल है यहाँ पर
पहले ये क्या नाम है इसका हा निशा सही कहा न
अंकित ( चिल्ला के) : चुप्प्प चुप कर्जा सेल नहीं तो यही काट डालूंगा तुझे छोड़ूंगा नहीं तुझे कमीने अगर उन्हें खरोच भी आयी तो तेरा वो हाल करूँगा की हैवान भी दर जायेगा
रंश : अब्बू आप जाओ मैं देखता हु क्या करता है ये
और फारूक निशा के पास गया और लेढूर से बना एक हंटर निशा को सामने से मारा जिससे निशके पेट मैं और चिचियो पर निशान पद गए और वो चिल्ला उठी
निशा : आआअह्हह्ह्ह्हह नाहीईईई आह्हः
अभी तो फारूक ने सिर्फ एक hi बार मारा पर
अंकित : फारूक रुक जा नहीं तो मैं रंश को बता दूंगा की मैंने सुबिना के साथ क्या किया है
पर फारूक ने जैसे hi दूसरी बार मरना चाहा
अंकित : बहुत होगया खेल इसके हाथ पर गोली चलो और बाकि के गुर्द की भी गन्स चुरवादो
ये मश्ग स्नाइपर्स के लिए था तभी कुछ गोलिया आयी रंश के भरोसे मंद 24 गुर्द नीरव समेत उनकी गन्स हाथ से छूट गयी और उन गन्स को उनके अलावा जो अंकित के आदमी थे उन्होंने पकड़ लिया
रंश : ये क्या था पर कोई बात नहीं अपने आदमियों को बोलदे अंदर मत आये वर्ण सब लोग मारे जाएंगे
अंकित : मेरे आदमी अंदर hi है मैंने उन्ही आदमियों की गन कुरवाई है जो तेरे आदमी थे और उन गन्स को पकड़ने वाले मेरे आदमी थे
रंश : मतलब
सज : कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा नहीं तो यही भून दूंगा सही कहा न अमन
अमन : है अंकित अब तुम अपना काम सुरु करो
अंकित : है पैर पहले बाकि सब को खोल दो और इन तीनो को बांध दो
सब ने वैसा hi किया और फिर अंकित खड़ा हुवा और आराम से लोहे की मोती चैन को तोड़ दिया अंकित का ये एक्शन देख कर वह खड़े सभी लोग चौक गए
आकाश : ये कैसे किया बीटा
अंकित : डैड सब कुछ आपको बताऊंगा पर पहले जरा अपने पुराने दुश्मन से निपट लू
आकाश : सेल साहब क्या ऐसा कर सकता है क्या कोई इन्शान
राज : नहीं जीजू मैं खुद शॉक हु
अंकित : अरे मेने बोलै न सब बताऊंगा जरा सबर कीजिये
है तो रिज़वान खान उर्फ़ रंश ठकराल अब बताता हु मैंने तेरी माँ के साथ क्या किया या फिर ये कहु की तेरे इस भड़वे बाप ने अपने फायदे केलिए अपनी इस बीवी को कितनो से hi छुड़वाया है और मुझसे भी ूउम्म्म सच मैं तेरी माँ भी बहुत ज्यादा कड़क है
रंश ( गुस्से में) : चुप कर तुझे क्या लगा तू बोलेगा और मैं मान लूंगा तू मुझे जनता नहीं है मैं कितना बड़ा सनकी और पागल हु का च चबा जाऊंगा तुझे
अंकित : क्या बात है चल अब तू भी पागल और मैं भी पागल आई खोल्दो इसे चल उठ जा आज हम दोनों पागल पागल खेलते है
अमन ने रंश को खोल दिया और रंश अंकित के सामने खड़ा होगया
अंकित : देख अब हमारे पास गन्स है और वो भी शार्ट गन्स इसमें दो गोली है और बाकि खली है एक बार तू मेरे सामने शूट करेगा और एक बार मैं तेरे सामने शूट करूँगा हम दोनों की किस्मत शूट करते वक़त गोली निकलना और न निकलना और ऐसे हम दो दो बार शूट कररंगे
रंश : हम्म्म पागल पैन तो तुझमे भी है चल खेलते है पहले मैं करूँगा
अंकित : जरूर
और फिर रंश के हाथ मैं गुंडई गयी और उसने अंकित के सामने रक्खी और और ट्रिगर बाबय
आकाश, निशा, मनीषा : अनककीित्तत्त
पर ये वार खली था गोली नहीं चुटी थी अंकित बच गया
रंश : हम्म लकी बच गया
अंकित : है अब मेरी बरी
अंकित ने वाली गन ली और रंश पर तानी और ट्रिगर दबाया
फारूक और सुबिना : बेइतततताआए
दोनों चिल्लाये पर ये वार भी खली गया
पर अब सब की धड़कन बढ़ने लगी
रंश ने इस बार गन को अंकित पैट एआईएम किया और शूट किया तो
'' बबहहहह्हूऊऊलमममम ''
और सन्नाटा च गया क्यों की इस बार गन बोली थी
और सन्नाटे को निशा की दर्द भरी चीखने तोडा
निशा (रट हुए) :, अन्ननननककककीीित्तत्ततत्तत्त नाहीईई मिइर्र्रा ब्बच्चा
नेहा : नायियीईइ भईई
सब लोग : बीतताआ नहहह्हीईई
क्यों की गोली अंकित के सर को चिर गयी थी और अंकित के सर से एक मास्स का टुकड़ा भी लटक रहा था और अंकित सीधा पड़ा हुवा था रंश ने एक और गोली अंकित के दिल मैं मरी
रंश : अब्बू देखों हमारा जीना हराम करने वाला कैसे कुत्ते की मौत मारा पड़ा है हाहाहाहा
और तुम लोग खोल दो मेरे अम्मी और अब्बू को
सभी आदमियों ने वैसा hi किया और अंकित को गोली लगते hi रंश के आदमीओ ने अंकित के आदमियों से गन्स चीन लिया थी
और दो आदमियों ने फारूक और सुबिना को चोर दिया
क्यों की आकाश ने hi इशारा किया था
फारूक : है अब तो ये चला गया बीटा अब मुझे ये साडी लड़किया और एयरटे चाहिए वैसे भी अब ततो प्रॉपर्टी हमारे नाम हो hi गयी है
सुबिना : है सही कहा इनके साथ अलग hi मज़ा आएगा आपको
रंश : है लेही लो जब आपका मन भर जायेगा तब मुझे दे देना देखने मैं बड़ी टेस्टी लग रही है
'' तेरी माँ ब्बि काम टेस्टी नहीं है रंश ''
सब लोग इस आवाज से शॉक होगये
अंकित : है हहहहहहहह आह ः हाहाहाहाहा हहहहहह हाहाहाःहाहा
और अंकित हस्ते हुए खड़ा हुवा और फिर जो हुवा वो देख कर सब के साथ साथ एक बार तो रावल फॅमिली की भी गांड फात गयी
अंकित है रहा था पागलो की तरह डरावनी हसी और अपने एक हाथ से उस मॉस के टुकड़े को अपने सर मैं दाल दिया और उस घर को सब के सामने हिल्ल किया और फिर हसने लगा
अंकित : हाहाहाःहाहा क्यों गांड फात गयी हाहाहाःहाहा तुझे क्या लगा की सिर्फ तू hi राक्षस है यहाँ
अगर तू रंश अस है तो मैं खुद शैतान हु और अब खेल बहुत हो गया
गार्ड्स नाउ
और एक बार फिर गोलिया चली और नीरव के साथ साथ सभी आदमियों की गुंड फिर से छूट गयी
अंकित : अब इस खेल को यही ख़तम करदेते है अमन भैया मैंने जो मगवाया था वो आज्ञा
अमन : है बहार ट्रक मैं है
अंकित : लाओ उसे
और अमन ट्रक को अंदर ले कर आज्ञा और ट्रक मैं जो था उसे देख कर तो शायद किसी की भी गांड फैट जाये
क्यों की ट्रक मैं थे जंगली लकड़बग्घे यानि हाईनेस
अंकित ने इस बार कोई देरी नहीं की और सुबिना का हाथ पकड़ा और घसीट ते हुए हुए उस ट्रक के पास ले गया और पीनघरव के ऊपर चढ़ गया और
अंकित : ले अपनी बीवी को आखिरी बार देखले और एले
और अंकित ने सुबिना को पिंजरे के अंदर दाल दिया
रंश : नाहीइ ामममममीीीी
फारूक : स्स्स्सुउबब्बींनणायआ
वो ह्येनस सुबिना के थोड़ी hi देर मैं कच्चा चबा गए
ये देख कर रंश और फारूक दोनों hi बेहद गुस्से मैं आगये अब देखना ये है की दोनों का क्या होता है
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