Parivar se nafrat fir pyaar - Page 11 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 87

यहाँ सब लोग बीच पर जाने वाले थे तो सभी रेडी होने चले गए क्यों की अंकित ने उनको बहुत hi ज्यादा सेक्सी और कॉर्फूल

बिकिनी दी थी और कहा था की ये पेहेन कर इसके रंग का मैचिंग मेक उप भी करके आना

सो बस उसकी की तैयारियां करनी थी

अंकित : सभीलोग तैयार होजाना तब तक मैं वह जा रहा हु और वह तैयारी करता हु

अंकित ने अपने साथ कुछ चेयर्स लेली और वह रख दी और दो बड़ी सी अम्ब्रेला खोल दी जिसके निचे 3 चिरस आराम से आज अजय

वैसे तो बीच अंकित की विला से 50 मीटर की दुरी पर hi था तो ज्यादा आने जाने की टेंशन नहीं थी और बीच के पास कोकोनट के पेड भी थे जो ज्यादा ुचे नहीं थे पर थे बड़े और उसमे ककुत्स्क भी थे और उसकी टहनिया भी बड़ी थी जिससे चाव ज्यादा थी

अंकित बस एक स्विमिंग बॉक्सर मैं था और अंकित ने देखा तो अभी कोई आया नहीं था तो भाई साहब अकेले hi समंदर मैं चले गए और स्विमिंग का ुफ्त उठाने लगे

अंकित आधे घंटे तक स्विमिंग करता रहा वैसे तो वह सभी लेडीज आगयी थी पर सभी एक दूसरे को आयल लगा रही थी और फिर जब सबकी बॉडी पर आयल लग गया तो सभी चियर्स पर लेट कर रिलेक्स करने लगी साथ मैं कोल्ड ड्रिंक्स का भी मज़ा लेने लगी

यहाँ अंकित स्विमिंग करके समुन्दर से बहार आज्ञा जैसे अंकित समुन्दर से निकला

सभी लेडीज खिड़ को अंकित को देखने से रोक नहीं पायी धुप मैं अंकित की लाइट वाइट क्लियर कट बॉडी चमक रही थी ऊपर से अंकित का गोरा रंग उस पैर चार चाँद लगा रहा था

अंकित उन सब के पास आज्ञा

लीज़ा : ायययय हाय्यय क्या बात है हीरो जब भी तुम्हारी बॉडी देख टी हु डिल खुश होजाता है

अंकित : है वो तो है पर आप लोग भी आज काम नहीं लग रही हो

( अब मैं जरा लेडीज के लुक को एक्सप्लेन करदेता हु) :

लीज़ा ने अभी एक रेड बिकिनी पहनी हुयी थी और चेहरे पर रेड लिपस्टिक और हल्का रेड मेक उप और आखो मैं काजल लगाया हुवा था और धुप मैं लीज़ा की गोरी गोरी बॉडी जिस पर अभी आयल लगा हुवा था वो एक दम चमक रही थी

काजल सभी लेडीज की आखों मैं था और सभी लेडीज ने अपने बालों को बॉल शेप मैं बंधा हुवा था ये सभी लुक अभी सभी लेडीज मैं कॉमन थी

उसके बॉस सुबिना एक स्काई ब्लू बिकिनी मैं थी और होठों पर उसने डार्क मेहरून रंग की लिपस्टिक करि हुयी थी सुबिना का गोरा जिस्म उसके रूप के हिसाब से बहुत हॉट था

सेमिना : सेमिना भी अपनी माँ की तरह गोरी थी उसने एक पर्पल कलर की बिकिनी पहनी हुयी थी और होठों आपसपर भी परपोले कलर की ग्लॉसी लिपस्टिक लगायी हुयी थी

रहना ने एक लाइट ग्रीन कलर की बिकिनी डाली हुयी थी और होठों पर लाइट पिंक लिपस्टिक की हुयी थी रहना का रंग थोड़ा डार्क गेहूवा था पर उसका रूप भी कातिलाना था

और आखिर मैं सीमा जिसने अभी वाइट कलर की बिकिनी डाली हुयी थी वो सावली थी तो उसपर ये रंग और ज्यादा सुइट कर रहा था

और होठों पर ग्लॉसी स्किन कलर की लिपस्टिक उसे एक बहुत ज्यादा कातिलाना बना रही थी

रहना : चलो अंकित अब अपना बॉक्सर उतरो ताकि हम तुम्हारी बॉडी पर भी आयल लगा सके

अंकित : ऐसा क्या खुद hi उतर लीजिये न आंटी

फिर रहना आगे बढ़ी और एक झटके मैं अंकित का बॉक्सर उतर दिया अंकित का लुंड अभी सेमि हार्ड था सभी लेडिस ने अपने दोनों हाथों मैं आयल लिया और अंकित पर टूट पड़ी

सीमा और सुबिना अंकित की टैंगो पर दोनों हाथों से आयल से मस्सगे करने लगी रहना और लीज़ा अंकित के दोनों हाथों को मस्सगे देने लगी और अपने हाथों से कभी कभी अंकित के निप्पल्स को भींच भी लेती और सेमिना अंकित के लुंड को आयल मस्सगे देने लगी अंकित को पहली बार ऐसा मजा आरहा था

अंकित एक हाथ से लेजा की चुकी और दूसरे हाथ से रहना की छूट को मसल रहा था और रहना को किश भी कर रहा था

अंकित : सेमिना हिलाने से ये नहीं उठने वाला मुँह मैं लो

सेमिना : है पर मुझे पहले स्विमिंग करनी है

अंकित : ठीक है कोई नहीं

सुबिना : बीटा जाओ तुम सीमा और लीज़ा दीदी आप स्विमिंग करो तब तक हम एक राउंड खेल लेते है

लीज़ा : है सही कहा चलो लड़कियों चलो स्विमिंग करने वह मेरे साथ मस्ती करलेना

फिर ये तीन चले गए

अंकित ने सुबिना को पकड़ा और किश करने लगा

अंकित : ूउम्मम्म ाउंटी ऊम्मम आपके होठ तो कक्काम्मल है ूयमंचछा

सुबिना : बीटा मैंने कभी भी अपने पति के साथ किश नहीं किया ूउम्मम्म मुझे भी बड़ा मज़ा ाअररररहा है ूउम्मम्म छाएकक

अंकित सुबिना के होठ चोरर कर

अंकित : तो आंटी आपने किश करना कहा से सीखा

सुबिना : असल मैं मेरे निकाह से पहले मेरा एक लवर था उसके साथ मैं ये सब करती थी बाद मैं जब मेरे अब्बू को पता चला तो उन्होंने उस लड़के को बहुत मारा और मेरे साथ सेक्स किया मेरे अब्बू ने क्यों की अब्बू को भी मेरा जिस्म पसंद था एक बार करने के बाद उन्होंने बार बार मुझे छोड़ा पर इससे हुवा ये की मैं प्रेग्नेंट होगयी और ये बात छुपाने केलिए उन्होंने मेरा निकाह फारूक से करवा दिया जिससे मेरी इज़्ज़त नीलम होने से बच गयी और मेरे पति कभी भी मुझे खुश नहीं करपाते थे वो रात को आते और मेरी नाईट को कमर तक लेट और अपना मरियल सा लुंड अंदर डालते और 10 या 15 धक्को मैं जड़ जाते और चले जाते

अंकित : कोई बात नहीं आंटी मैं हिना आज आपको दिखता हु असली चुदाई क्या होती है

अंकित ने सुबिना को फिर किश करना स्टार्ट करदिया और साथ मैं उसकी चूचियों को भी दबा रहा था दोनों एक दम फ्रेंच किश मैं डूब गए 5 मं बाद

रहना : मैं क्या यहाँ चुदाई देखने आयी हु

अंकित ने सुबिना को छोरा और रहना को किश करना स्टार्ट करदिया

अंकित : आंटी आप मेरा लुंड चुसो तब तक मैं इसे गरम करता हु

सुबिना : ये लो उम् ुउउम्म ुउउम्म ूयग्गहह ूयग्गहह ूघहहह ूयग्गहह आअह्हह्ह्ह्हह ससीईई

अंकित करीब 10 मं तक रहना को किश करता रहा और फिर उसने रहना को लेटाया और सुबिना को उसके ऊपर बैठने को कहा

अंकित रहना की छूट को चाटने लगा

अंकित : सूउऊरररपपपपप ूउम्मम्मम्म

सूउऊरररपपपपप सूउऊरररपपपपप ऊम्मम

सूउऊरररपपपपप ूमम वह क्या टास्ते है ऊम्मम

रहना भी सुबिना की छूट को चकतने लगी

करीब 5 मं बाद

सुबिना : रहना रुकना मूत मैं आ रही हु आअह्हह्ह्ह्हह

और सुबिना चीखते हुए जड़ गयी रहना के मुँह मैं और सुबिना उसके मुँह से उत्तरी

रहना : ूमम क्या बात है भाभी आपकी छूट का स्वाट तो बहुत ज्यादा मस्ट है

और सुबिना ने रहना को होठों को अपने होठों से मिला दिया

फिर अंकित ने सुबिना को कहा लेटने को

अंकित ने उसकी छूट पर लुंड सेट किया

सुबिना : अब दाल दो बीटा क्यों तड़प aaaaaahhhhhhhhhh ाअम्म्मम्मीईई फ़ायतत्तत गायियीईइ मम्मीरररईईईई आअह्ह्ह्हह

अंकित ने जोरसे धक्का मारा तो अंकित का 75 % लुंड अंदर घुस गया

पर अंकित रुका नहीं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा

सुबिना : आअह्ह्ह अंकित दर्द हो रहा है आअह्ह्ह पर मज़ा भी आरहा है

अंकित : बस आंटी अब मज़ा hi मज़ा है पर उससे पहले ये फाइनल वार सेह लो

अभी रेहान कुछ समाज पति की उससे पहले अंकित ने अपना लुंड बहार खींचा और एक तगड़ा वार किया तो अंकित का लुंड सुबिना की बच्चे दानी से टकरा गया

सुबिना : आअह्ह्ह बहुत दर्द हो रहा है तुम्हारा लुंड मेरी बच्चे दानी मैं लग रहा है

5 मं बाद सुबिना भी अंकित का साथ देने लगी

सुबिना : है अंकित छोड़ डालो मुझे और जोरसे जोर से यस यस यस ऐसे hi आअह्ह्ह

अंकित : यह ज्येष्ठ यस यस बेबी यस यस

सुबिना : आअह्ह्ह ओह्ह्ह हां ऐसे जोरसे ाःह आअह्ह्ह आअह्ह्ह

अंकित के ढको मैं सुबिना पूरी दुनिया भूल गयी

और तभी अंकित ने अपना लुंड बहार निकला और सुबिना की गांड के छेद पर दबाया सुबिना कुछ समाज पति उससे पहले hi अंकित ने 3 धक्को मैं सुबिना की गांड मैं लुंड उतर दिया

सुबिना : aaaaaahhhhhhhhhh कययय्यआआ ग्ग्घूउससायआ ड्डडीईयया. मीरीई गगाआंनददद फ़ायतत्तत गायियीईइ

ोुह्ह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्हह्ह

अंकित : बस आंटी आज आप पूरी ायरत बन गयी हो अब मजे और अंकित सुबिना की गांड छोड़ने लगा सुबिना अभी तक 5 बार जड़ चुकी थी और रहना इनकी चुदाई देख कर 3 बार जड़ चुकीथी करीब अंकित आधे घंटे तक सुबिना के दोनों छेड़ो को छोड़ता रहा

सुबिना : अंकित मुझे बहुत ज्यादा आअह्ह्ह मज़ा आरहा है पर क्या थोड़ा रुक सकते हो मैं थक गयी हु थोड़ा रेस्ट करलु

अंकित : ठीक है आंटी अआप रेस्ट करिये रहना जी अब आप आजाये ताकि आपके भी छेद खोल दू जा रा

रहना : खुसी से अंकित

और रहना अंकित को किश करके लेट गयी और अंकित ने भी अपने लुंड को उसकी छूट पर दबाया तो उसका सूपड़ा अंडर फास गया

रहना : आअह्ह्ह अंकित इससे पहले की मुझे दर्द का एहसास हो दाल दो मेरी छूट मैं तुम्हारा लुंड

अंकित : अभी लो ीीेहःहःहःहःह

और अंकित ने बिना रुके 2 धक्के मरे जिससे अंकित का लुंड रहना के गर्भ से टकराया

रहना : आआह्ह्ह्हह्ह याक कहहुउदाअ आआह्ह्ह्हह्ह मेरी फ़ायद ड्डडीईई आअह्ह्ह्हह

अंकित : बहुत धीरे धीरे धक्के लगाने लगा

करीब 10 मं बाद रहना का दर्द ख़तम हुवा और अंकित फिर से उसकी हार्ड चुदाई करने लगा

रहना : आअह्ह्ह ऐसे आअह्ह्ह बहुत मज़ा आरहा है आअह्ह्ह आअज तक किसीने मुझे ऐसे नहीं छोड़ा है आअह्ह्ह ऐसे रुकना मत मैं आए रही हु आआह्ह्ह्हह्ह

रहना : इतनी एक्साइट होगयी की वो 1 मं मैं hi जड़ गयी और फिर गरम होगयी

अंकित ने फिर से अपने लुंड को बहार खींचा और बिना रुके रहना की गांड मैं उतर दिया

रहना : aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh णाःईईईई मम्मीरररईईईई गगाआंनददद फफफ्फ़ाअतःत गायियीईइ आआह

रहना इतनी जोर. से चीखी की समंदर मैं लीज़ा सेमिना और सीमा ने भी उसकी चीख सुनी

सेमिना : ये क्या था

लीज़ा है कर

लीज़ा : जरूर अंकित किसी की गांड मार रहा होगा तुम वो छपरा और मज़े करो

सेमिना : अब मेरी छूट मैं भी खुजली हो रही है लीज़ा आंटी प्लीज चलो न वह चलते है

लीज़ा : है है चल

फिर ये तीनो अंकित के पास आजाती है

लीज़ा : किसकी फटी ये तो बताओ

सुबिना : मेरी अभी थोड़ी देर पहले hi फटी और अभी जो आवाज थी वो रहना की थी

रहना : ऐसे hi मैं जड़ने वाली हु

अंकित ने इतनी रफ़्तार पकड़ी की एक बार तो लीज़ा भी बिना छूट को छुए hi जड़ गयी

लीज़ा : ओह्ह मेरे भतीजे चल आजा अब जरा अपनी बुआ की भी थोड़ी खातिर दरी करदे

फिर अंकित वह जाता है और सेमिना सीमा

सभी की को बरी बरी छोड़ने लगा सभी की सभी 10 बार जड़ चुकी थी 2 घंटे तक अंकित सब को बजता रहा अब वो भी जड़ने वाला था तो उसने सब को घुटनों पर लाइन मैं बैठा या

अंकित : आठ एई लूओ आअह्हह्ह्ह्हह

और अंकित ने एक लम्भी पिच करि सभी के मुँह मैं मारी और सब का मुँह अपने माल से भर दिया और सब अपनी अपनी चेयर्स पर लेट गए

अंकित : आअह्ह्ह मज़ा आज्ञा

लीज़ा : है सही कहा

सेमिना : आंटी वो मुझे आपकी चूचियों को चूसना था पास सेक्स के नसे मैं भूल hi गयी

लीज़ा : अरे तो अब चुसलोना बेबी यहाँ आओ

और सेमिना लीसा के साइड लेट गयी और उसकी एक चुकी को चूसने लगी

अंकित : अब तो मेरा भी मन कर रहा है

सुबिना : तो मेरा दूध पिलाना बीटा

और अंकित भी सुबिना के चूचियों को चूसने लगा

रहना : सीमा बीटा अब आप भी आकर मेरा दूध पि hi लो

फिर सीमा भी ऐसा hi करती है और सब लोग दोपहर को खाना खाके अपने अपने रूम मैं सो जाते है क्यों की बाद मैं भी काफी चुदाई होनी है तो रेस्ट तो बनता है न

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ययः ये लोग मजे कर रहे थे

पर वह वो मिनिस्टर काफी गुस्से मैं था

ममिनिस्टर : साला आकाश रावल फिर बच गया उसे मैं छोड़ूंगा नहीं

तभी उसके पास एक कॉल आज्ञा स्क्रीन पर नाम देख कर मिनिस्टर की गांड फैट के हाथ मैं आगयी

ममिनिस्टर : हीलल्लूओ

ररांश : सोच रहा हु की तुझे जिन्दा नमक मिर्च मसाले लगा कर बर्बेकूक मैं सेकु या फिर खोलते तेल मैं दाल कर फ्राई करू

ममिनिस्टर : सॉरी सिर्र मैं समझा नहीं

ररांश : अबे भोस्डिके आकाश रावल की गाड़ी मैं ड्रग डाला था की नहीं तूने सेल तो फसा क्यों नहीं

ममिनिस्टर : माफ़ कीजिये सर आगे से गलती नहीं करूँगा मैंने इस बार कुछ अलग सोचा है

ररक्षा : तू कुछ मत सोच और सुन सुनने मैं आया है आकाश रावल का भाई मनोज रावल अगले हफ्ते इंडिया आरहा है इस बार तू चूकना मत वर्णा

मिनिस्टर : समाज गया बॉस

रंश : अब देख ता हु तू के से बचता है अंकित तुझे सामने तो आना hi होगा अब

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 88

रावल मेंशन मैं

सभी लेडीज अपने काम से फ्री होकर गप्पे लड़ा रही थी

मेघा : और बताओ निशा आखिर हमारे लादले बेटे को कैसे मनाया

निशा : ये तो मुझे भी नहीं पता जब पहली बार उससे देखा था और आमने सामने बात हुयी थी तो मुझे एक बात पर पता तो चल hi गया था की ये ाशन नहीं होगा अंकित को मानना और 1 % चांस ये भी था की वो शायद कभी नहीं मानेगा पर मुझे अपनी और मनीषा की ममता पर पूरा भरोषा था की एक दिन अंकित हमारी ममता को समझेगा और जरूर हमे अपनाएगा

सुमि : पर सबसे अच्छा तो एहि हुवा की आखिर हमे हमारा बीटा वापस मिल गया

मनीषा : वो तो है hi अगर अंकित न मंटा तो अवंतिका दीदी शायद मुझे और निशा दीदी को कभी माफ़ नहीं करती

नेहा : है पर मुझे तो इस बात की खुसी है की आखिर कार मेरा भाई मुझे मिल गया

निशा : अरे शीतल मनोज भैया कब आरहे है

शीतल बस वो 3 दिन बाद आरहे है

Ankit's आइलैंड

अभी 5 बज रहे थे और सभी नंगे hi बीच पर गम रहे थे और बंगलो के बहार लकड़ियां सेट कर रहे थे

आखिर अंकित का आर्डर था आज बबक बनेगा

सबलोग बैठे थे और अंकित अंदर से एक बड़ा सा वीरलेस ब्लूटूथ स्पीकर्स लेकर आया और सनसेट अब ख़तम होने को था हल्का हल्का अँधेरा चने लगा था

सुबिना : अरे कोई जेक लाइट तो जलाओ

अंकित : अभी लो आंटी

ओर अंकित ने अपना फ़ोन निकला और कुछ किया तो रात की रौशनी मैं पूरा पूरा विला जगमगा उठा

अंकित : अब ठीक है आंटी

सुबिना : अरे ये बहुत है और लाइट मैं पूरा का पूरा घर और ज्यादा खूब सूरत लग रहा है

रहना : वैसे तो अंकित मैं जस्ट ऐसे hi पूछ रही हु प्लीज बुरा मत मन्ना

अंकित : है पूछिए न

रहना : ये तुम्हारे बंगलो जो है वो कितने खर्चे मैं बना है मेरा मतलब है की इसकी कीमत क्या है

अंकित स्माइल करता है

अंकित : अरे इसमें बुरा मैंने वाली क्या बात है वैसे ये पूरा आइलैंड डैड ने 300 क्रोर्स का लिया है और ये फुल मॉडिफाइड विला 267 क्रोर्स कक है

लीज़ा को चोर कर सभी के मुँह खुल्ले के खुल्ले रह गए

सुबिना : बाप रे इतना पैसा लगा दिया

अंकित : ये तो डैड ने hi किया वो डैड कहते थे की फॅमिली वेकेशन केलिए एक अच्छी जगह पहले hi तैयार करदी जाये और अभी ये तो कुछ भी नहीं ये आइलैंड अंदर से और भी ज्यादा खूब सूरत है

सीमा : सच्ची और क्या क्या है यहाँ

अंकित : यहाँ अंदर एक नदी है एक जर्ना है और जहा से व्हाटर फाल होता है वो नदी भी बहुत बड़ी है और जहा वॉटरफॉल गिरता है वो एक मस्ट बड़ा सा तालाब है जहा पठार भी है लिखे आ जैसे शिमला मैं नदिया और तालाब होते हैना वैसे और एक और तालाब है जहा एनिमल्स पानी पिने जाते है

और ये इस्लान हमारे इंडिया से बिलकुल नज़दीक है

लीज़ा : ारे तो क्या हुआ जंगल मैं नहीं जायेंगे

अंकित : अरे शांत होजाये बुआ यहाँ बस देवरस और पालतू जानवर hi है लायन टाइगर स्नीक जैसे खतरनाक जानवर नहीं है

सीमा : है तब ठीक है

अंकित : हम कल वही जायेंगे चलो अब खाने की तैयारियां करो मुझे भूख लगी है

सुबिना : है क्यों नहीं अरे लीज़ा दीदी आप जरा मेरे साथ चलिए मैंने अंदर मीट को मेरिनेट करने रखा था

लीज़ा : है चलो

फिर सब बोनफिरे जला कर बैठ गए और साथ मैं खाने साथ साथ अंकित ने सब केलिए बियर भी ले आया

सुबिना : अरे नहीं बीटा मैं नहीं पीती हु आप hi पियो

अंकित : अरे आंटी मैं यहाँ आपको एन्जॉय करने लेकर आया हु पिलो मज़ा आएगा

सुबिना : ठीक है दो

फिर सब ऐसे hi खाने पिने के बाद बैठे थे

लीज़ा : अंकित चकलोना ट्रुथ और डरे खेलते है मज़ा आएगा

अंकित : है क्यों नहीं चलो मैं बोतल ले कर आता हु कहा खेलना है यहाँ या अंदर

सब : अंदर चलते है

फिर सब अंदर आगये

और सब राउंड मैं ायल्टी पलटी मर कर बैठ गए

सब लोग पुरे के पुरे नंगे थे

सब से पहले अंकित ने बोतल घुमाई और बोतल सीमा के तरफ रुकी

लीज़ा : बोलो सीमा क्या चूस करोगी

सीमा : मैं ट्रुथ चूसे करुँगी

लीज़ा : अच्छा तो बताओ तुम्हारी अभी तक की लाइफ किसी रही

सीमा : छ्हम्म तो मेरा बिरथ एक छोटे से गौण मैं हुवा था माँ पापा हंमेशा मेरा ख्याल रखते थे पर

पापा को जुवा खेल की हद से ज्यादा लत लग चुकी थी और हमपे कर्जा भी बहुत था पर मेर पापा के पास जमीं थी एक दिन मेरे पापा अपना सब कुछ हार गए और कर्ज डरो के दर से उन्होंने अपनी जमीं बेच कर सरे पैसे मेरे नाम बैंक आकउंट खुलवा कर उसमे जमा करवा दिए थे पर एक दिन एक कर्जदार हमारे घर आया और पुरे गायन के सामने हमे बेइज़त किया मेरे पापा अपनी बेइज़ती सेह नहीं पाए और उन्होंने अपने आप को फांसी लागलिया उनकी अंतिम क्रिया करने के बाद माँ और मैं पूरी तरह टूट कर अपने घर मैं रो रही थी की तभी बहार से कुछ आवाजे आयी और एक आदमी हमारे घर मई. आगया

वो कोई और नहीं गौण का सरपंच था उसने मेरी माँ को अपनी रखैल बनने का प्रस्ताव दिया और बदले मैं मेरी पढाई लिखे का खर्चा और मेरी अपने बेटे की शादी की बात की तब मेरी माँ ने उसकी बात मानली

और अगले hi दिन उसने माको अपने खेत मैं बुलाया जब माँ वह पहुंची तो उसने देखा की सरपंच अपने एक नौकर से बात कर रहा था

माँ ने चुपके से उनकी बाते सुनी माँ ने सुना की वो सरपंच मेरी माँ को अपनी तो रखैल बनता hi बनता पर वो मुझे भी बड़ी होने तक रखता और जब मेरा जिस्म जवान होजाता तो वो मुझे भी इस मैं खींच लेता और अपने काम केलिए मुझे रंडी बनता

पर माँ ने जल्दी hi अपने पेअर वापस मोड़ लिए और घर पहुंच गयी और आते hi वो अपने बेग पैक करने लगी अपने गहने और अपने कपडे सब जरुरत का सामान को पैक करलिया उस वक़त मेरी आगे करीब 10 साल की थी मुझे कुछ समाज नहीं आया

माँ बोली चल हम यहाँ से कही बहुत दूर चले जायेंगे पर जैसे hi हम बस स्टॉप पर पहुंचे वो सरपंच अपने आदमियों के साथ आता हुवा दिखा मेरी माँ m7jhe लेकर चुप गयी और जब बस आयी तो चुपके से उसमे चढ़ गयी जब बस चल पड़ी तब उसके एक आदमी की नज़र हम पर पड़ी और वो सरपंच आग बबूला होकर अपनी जीप मैं हमारा पीछा करने लगा मेरी माँ को अपनी मौत साफ़ दिख रही थी पर भगवन का लाख सुकर मनो की उस वक़त सरपंच की जीप का पेट्रोल ख़तम होगया और हम बच निकले

और हम इस सहर मैं आगये यहाँ मेरी माँ ने मुझे अचे से स्कूल मैं मेरी स्टडी करवाई पर जब मैं जब मैं 12 मैं थी तब मेरी माँ चल बसी उसके बाद मैं पूरी तरह टूट गयी क्यों की अब मैं बिलकुल अकेली होगयी थी पर मैंने हार नहीं मणि मैं पढाई मैं होसियार थी मैंने अपनी स्कूल कम्पलीट कर के जब कॉलेज जाने वाली थी मेरे पास पैसो की कमी नहीं थी क्यों की मेरे पापा ने जो जमीं बेचीं थी वो काफी अच्छी थी तो उसके हमे 2.5 करोड़ मिले थे तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हुयी

पर अभी तो वेकेशन चल रहे थे तो मैं अपनी एक फ्रेंड के साथ शॉपिंग पर गयी वह मैंने दो लड़को को बात करते सुना की कैसे वो कॉलेज मैं लड़कियों को परेशां करते है

उस वक़त मैंने ठान लिया की अब मुझे कुछ ऐसा करना hi होगा की जिससे मई कॉलेज मैं ठीक सकू

तभी मैंने सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग लेना स्टार्ट करदिया और गयम भी जाने लगी इससे दो काम ा छे होगये एक तो मैं सब कुछ सही तरह से सिख गयी और दूसरा गयम की वजह से मेरा जिस्म भी निकर गया

फिर जब कॉलेज मैं आगयी तो वही हुवा जिसका मुझे अंदाज़ा था कुछ लड़को ने मेरा रपे करने की कोसिस की पर मैंने उन्हें धूल छठा दी उस दिन से मेरी काफी फ्रेंड बानी और कॉलेज मैं कोई भी लड़का मुझसे बदतमीज़ी नहीं करता

मेरी फ्रेंड की बातो बातो मैं पता चला की वो सभी के बॉय फ्रेंड है जिसके साथ वो थोड़ी बहुत मस्ती करती है मैं भी उस वक़त 22 साल की थी तो सेक्स की इच्छा तो मुझे भी थी पर मुझे वही वो सब लड़को का बेहेवियर याद आजाता

इस लिए मैं तब तो चुप होगयी पर सेक्स चीज़ hi ऐसी है जितना इससे दूर भागो उतना उसके करीब होने लगते है मैं एक उप्पेर मिडिल क्लास सोसाइटी मैं रहती थी मेरे फ्लैट के बाजु मैं एक और फ्लैट था जहा एक फॅमिली रहती थी जिस की एक बेटी थी जो 11तह मैं पढ़ती थी और मेरी तरह hi डॉक्टर मन्ना छाती थी तो उसकी माँ ने मेरे पास उसे टूशन पढ़ने भेजा और वो भी दिखने मैं एक दम गोरी और क्यूट थी और वो भी अपनी जवानी मैं जल रही थी और एक दिन हम ने आखिर कार लेस्बियन कर hi लिया उसके बाद जब कभी वो लोग बहार जाते तो वो लड़की मेरे घर पर आजाती कई बार तो हम रात रात भर जाग कर भी वो सब करते उसे मेरे ब्राउन और कैसे बूब्स और काली छूट अच्छी लगती तो मुझे उसके छोटे छोटे संतरे के साइज के बूब्स और गुलाभी छूट अच्छी लगती खैर सब ऐसे hi चलता रहा सब कुछ पर एक दिन मैंने अंकित को देखा और तब से hi अंकित को चाहने लगी और फिर मेरी पढाई पूरी होने के बाद लीज़ा दीदी के हॉस्पिटल मैं ज्वाइन होगयी और आखिर कार मुझे तुम मिले अंकित जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी

यहाँ सीमा की कहानी सुन कर सब लोगो को सीमा से हम दर्दी थी क्यों की सीमा ने अकेले hi समाज का सामना किया था और काफी तकलीफ जेली थी

अंकित : सच मैं सीमा दीदी आपने माफ़ी दुःख जिला

सीमा : है शायद वो hi मेरी किस्मत थी पर एक बात अच्छी हुयी की लीज़ा दीदी ने मुझे अपनी बेहेन मन थैंक यू दीदी आपकी वजह से मुझे एक ऐसा इन्शान मिला जिसे मैं अपना कह सकती हु

लीज़ा भी थोड़ी भावुक होगयी और उसे अपने सीने से लगाया और उसका माथा चुम लिया

अंकित : एक मं तुम ने कहा की तुमने मुझे पहले देखा है आखिर कहा देखा

सीमा : तुम्हे पता होगा 2 साल पहले तुम *फ**** कॉलेज मैं गए थे क्यों की नेशनल चैंपियन शिप मैं फाइट करने केलिए तुम्हे उस कॉलेज के स्टूडेंट्स को हराना था याद आया

अंकित : हाहाहा याद आया मैं उस घमंडी प्रदीप रॉय को हराया था

सीमा : है मैं उसकी कॉलेज मैं थे और वो प्रदीप वही था इसने मेरे साथ बाद तमीज़ी की थी पर मैंने बाकिओ को तो मारा था पर उसे मरती की वह प्रिंसिपल आज्ञा था पर जब तुमने उसकी अच्छी तरह से मारा और तुम्हारा वो फाइनल मूव टूथ ब्रेकर जब तुमने उसे मारा और उसके जब दांत टूटे तो मैं बता नहीं सकती की मैं कितनी खुस थी

अंकित : हहै थैंक्स

सेमिना : अंकित तुमने अपने से बड़े और ताक़त वॉर इन्शान को कैसे हराया

अंकित : कोई भी इन्शान हिघ्त वाइट बोड्डी कितनी बनाले पर उसका एक वीक पॉइंट जरूर होता है

रहना : और वो क्या

अंकित : हम मर्दो के टट्टे अगर किसी भी इन्शान के घुंघरू को बजादो तो 5 मं तक तो पूरी तरह मज बुर होजाता है

मैंने भी वही किया जब रेफरी का ध्यान नहीं था तो एक घुमा के लात दी दोनों पैरो की बिच फिर उसे लात घुसो मैं लपेट लिया

सीमा : मैंने भी तुम्हारा मूव सीखा है

अंकित : सच मैं क्या मुझे तो यकीन hi नहीं हो रहा है

सीमा : आओ कभी रिंग मैं

अंकित : जरूर आता पर क्या है ा मेरा भी एक नियम है की मैं फीमेल पर हाथ नहीं उठता जब तक लिमिट क्रासिंग न हो

चलो सीमा अब तुम बोतल घुमाओ

उसके बाद बरी आयी सुबिना की

लीज़ा : तो सुबिना बेंगकम क्या चुनेगी सच बोलना या फिर सजा भुगतना

सुबिना : चलो सजा hi भुगत लुंगी

लीज़ा : तुम्हारी सजा है की तुम अपनी प्यारी बेटी को अपना मूत पिलाओगी

सुबिना : मैं तो रेडी हु

सेमिना : मैं भी आओ अम्मी

फिर सुबिना सेमिना के पास जाती है और अपनी बेटी के मुँह मैं मूतने लगती है मूतने के बाद दोनों माँ बेटी 1 गहरा किश करती है और सुबिना वापस अपनी जगह बैठ जाती है

लीज़ा : तहत वास् ा अवेसमे

फिर बोलटोल को घुमाया गया और अब बरी रहना की थी

रहना : बोलो मुझे क्या सजा मिलेगी

लीज़ा : अब तुमने डरे चूस किया है तो तुम्हे अंकित के निप्पल्स को चूसना है

रहना अंकित के पास गयी और अंकित की हार्ड चेस्ट पर लगे छोटे छोटे हलके ऑरेंज निप्पल को मुँह मैं भर के सूचक करने लगी

अब देखते है इनका गेम कैसे ख़तम होगा

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 89

यहाँ ट्रुथ और डरे चल रहा था बोतल घूमी और इस बार अंकित के पास आयी

लीज़ा : बोल मेरे लाल क्या चूसे करो गए तुम कहो तो मैं चूस करदु

अंकित : है आप hi करके दो

लीज़ा : तुम ट्रुथ बोलोगे तुम्हारी जिंदगी का ऐसा सच जो कोई नहीं जनता और कोई एक ऐसी घटना जिसका तुम्हे अब तक अफ़सोस है

अंकित : मृ जिनगी का सब कुछ तो आप जानती है मैं अप्पको सबसे पहले hi बता दिया था इसी लिए ऐसा कुछ नहीं है

और रही बात अफ़सोस की तो वैसे तो बहुत से अफ़सोस है जैसे की मेरा बचपन मेरे माँ डैड के साथ नहीं बीता, और मैं मेरी सगी माँ को देख नहीं पाया वो मेरे साथ नहीं है

पर सबसे बड़ा अफ़सोस ये है मेरी जिंदगी का की मैं मेरी माँ निशा की गोदी मैंने जनम नहीं लिया वो मुझे और मनीषा माँ मुझे अपनी जान से ज्यादा प्यारी है उनके लिए मैं कभी कभी कुछ भी कर सकता हु

वो दोनों hi मेरी माँ है और मैंने अपने दिल से दोनों को अपनी माँ मन है

लीज़ा : कस अंकित तुम मेरे अपने बेटे होते पर मुझे कोई भी अफ़सोस नहीं क्यों की तुम जैसे भी हो मैंने भी तुम्हे अपना भतीजा मन है ी लव यू

अंकित : थैंक्स, वैसे अब गेम ख़तम करे मेरा अब मन कर रहा है सेक्स केलिए

सुबिना आंटी और लीज़ा बुआ आप आजाओ और सेमिना, सीमा और रहना आंटी आप चाहे तो लेस्बियन सेक्स कर सकती है

रहना : है हम कर लेंगे

अंकित : चलो एक चीज़ दिखता हु

और अंकित उनटिनो को एप रूम मैं ले गया और अंकित ने एक ब्रीफ़केस खोला उसमे एक स्किन कलर का 6 इंच बड़ा और 2 इंच मोटा स्ट्रेपों था

अंकित : ये लो इस अपनी छूट पर बांध न और इसके अंदर का ये जो part है इसे अपनी छूट मैं घुसा कर पेहेन न जिससे आप जिस की छूट है गांड मार रहे हो उसका मज़ा आएगा जैसे हम मेल को आता है ये 100 % वैसा तो नहीं है पर 60 % तक मज़ा देगा

सीमा : ये तो और अच्छी बात है

अंकित : चलो अब मैं चलता हु

और अंकित अंदर दूसरे रूम मैं जाता है

अंकित भी सुबिना को और लीज़ा को पुरे 2 घंटे तक ा छे से बजता है और सब लोग सो जाते है

अगले दिन सुबह सब उठ कर नास्ता करते नास्ता करते है पर अंकित अभी भी सो रहा था

लीज़ा : जरा जाकर लाड साहब को उठादो प्लीज

सुबिना : है अभी जाती हु

और सुबिना अंकित के पास गयी उसने देखा की अंकित सीधा सो रहा है और उसका लुंड अभी अपना पूरा का पूरा फैन फैलाये हुए है

सुबिना अंकित के पास गयी और बड़े प्यार से उसे जगाया

सुबिना : अंकित उठो चलो सुबह होगयी

अंकित भी कास मसते हुयी उठा और सुबिना को जकड लिया और किश करने लगा

सुबिना : ूमममम अंकित अभी उठो बाद मैं यही करना है चलो उठ जाओ

अंकित : है उठता हु आप लीज़ा बुआ को भेजो जरा

सुबिना : क्यों क्या बात है

अंकित : मुझे उनके मुँह मैं मूत न है

सुबिना : अरे वो फ्रेश होने गयी है लाओ मैं पीलूँगी

अंकित : नहीं आंटी आपसे नहीं होगा और वैसे भी क्या आपने पहले कभी किसी का पिया है

सुबिना : नहीं पर ये सब मैं तुम्हारे लिए करुँगी

अंकित : जैसी आपकी मर्जी

अंकित ने बात ख़तम की और सुबिना ने लुंड चूसना सुरु करदिया

अंकित : आंटी चुसो मत नहीं तो मेरा माल भी पीना पड़ेगा

सुबिना : है तो मेने कब मन किया वो भी पीलूँगी

फिर क्याथा सुबिना 10 मं तक उसका लुंड चुस्ती रही और अंकित ने अपने स्पर्म को सुबिना के मुँह मैं उगलना सुरु किया और बाद मैं मूत भी दिया

अंकित : सच मैं आंटी आप कमल हो

सुबिना : ूमम तेरा वीर्य और मूत का स्वाद बहुत टेस्टी है बीटा

फिर अंकित निचे आकर नास्ता करता है

सीमा : अंकित जी आज कहा जाने का इरादा है

अंकित : आज हम वाटर फॉल लेक जायेंगे

फिर ये लोग वाटर फॉल जाते है और 2 दिनों तक मौज मुस्ती और धमाल करते है और चुदाई भी आज सब लोग सुबह नाहा दो के रेडी होकर रनवे पर आगये जहा अंकित का प्राइवेट जेट आ चूका था सब लोग उसमे चढ़ गए और चल पड़े अपने घर की और

ये लोग लैंड करते है जहा अंकित की कार थी और सब लोग उसमे बैठ के निकल जाते है

अंकित पहले फार्म होश जाकर सब को चोर आता है और फिर सीमा और लीज़ा को चोर ता है और फाइनली अपने घर जाता है

घर मैं आते hi वो देखता है की सभी लेडीज हॉल मैं बैठी है

अंकित को देख कर निशा उसके पास आकर उसे अपने गले लगाती है

निशा : कैसा है मेरा बचा

अंकित : अब्सोलुतेल्य फिट एंड फाइन मुम्मा

फिर मनीषा आकर उसे गले लगाती है

मनीषा : कैसा मेरा नॉटी बॉय

अंकित : अस ऑलवेज लिखे माय नॉटी मुम्मा

और मनीषा मुस्कुराकर उसके गाल पर प्यार से हलकी चपत मरती है

सभी बहने : भाई

और सभी अंकित को चारो और से जकड लेती है

अंकित : अरे मेरी प्यारी बहनो जरा ढीला चोरो मैं सांस नहीं ले प् रहा हु

तिया यानि अंकित की गुड़िया तो निचे hi नहीं उतर रही थी

अंकित : गुड़िया अब मुझे चोरो

तिया : नहीं छोड़ूंगी आप हंमेशा मुझे बिना बताये चले जाते हो

अंकित : सॉरी बेबी मुझे माफ़ कार्डो प्लीज अब उतरो

और तिया उतर जाती है फिर अंकित अपनी दोनों चाचियों से और अपनी सुमि और मेघा बुआ से मिलता है

अंकित : माँ डैड और चाचू कहा है

मनीषा : बीटा तेरे डैड ऑफिस गए है और चाचा तो अभी बहार डील केलिए गए है

शीतल : वो शायद परसो आजायेंगे

फिर अंकित अपने रूम मैं गया और थोड़ी देर रेस्ट किया और पुरे दिन कुछ खास नहीं हुवा और रात मैं डिनर के बाद अंकित सोने चला गया और थोड़ी देर बाद निशा भी रूम मैं आयी

और आते hi अंकित को अपनी ममता मई सीने मैं भर लिया

निशा : बीटा तुम्हे मज़ा आया न वह

अंकित : है माँ बहुत मज़ा आया पर आपकी कमी मुझे हंमेशा खलती है

निशा : वो तो है मुझे भी वैसा hi होता है

अंकित : माँ मुझे अभी दूध पीना है

निशा ने अपनी एक चुकी निकली और उसके गुलाभी निप्पल को अंकित के मुँह मैं दे दिया और ऐसे एक दूर को प्यार करते ये दोनों सो गए

आज अंकित कॉलेज जाने निकला अपनी दुकाती पनिगले व्4 मैं

और उसके पीछे मोनिका बैठी थी

मोनिका : भाई सच मैं कार से ज्यादा बाइके मैं घूम ने मैं मज़ा आता है

अंकित : है वो तो है

और ऐसे hi बाटे करते करते सब लोग कॉलेज पहुंच गए

आज भी अंकित इंटेंशन का कारन बड़ा और वो चल के कैंटीन मैं आया जहा पर उसका ग्रुप था

आर्यन और कारन अंकित के गले लग गए

कारन : यार तू कहा गायब रहता है

अंकित :अरे कुछ नहीं वो क्या हैना डैड ने एक आइलैंड लिया है तो वह के विला का काम को देखने केलिए गया

आर्यन : क्या बात है मेरे भाई लसलनद लेलिया

जूही और अनन्य : ए तुम दोनों अब उसको चोरो दो ताकि तुम्हारी भाभी उसका हाल चल पूछ सके

फिर रक्षा आगे आयी और अंकित के गले लगी अभी केंटीन मैं सभी लोग बस इन्हे hi देख रहे थे और केंटीन मैं इस वक़त जो भी लड़किया थी वो अंकित को रक्षा के साथ देख कर जल गयी

तभी मोनिका के गली पर किसी ने किश किया और जब मोनिका ने देखा तो ये कोई और नहीं उसका ासिक अवि था

मोनिका का पारा चढ़ गया और उसने एक खींच के थप्पड़ जड़ दिया अवि के गली पर

मोनिका (गुस्से से) : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी मेरे साथ ये करने की तुम्हे लास्ट वार्निंग दे रही हु निकल जाओ यहाँ से वर्ण मेरा भाई तेरा वो हाल करेगा की तेरा बाप तेरी शकल भी नहीं पहचान पायेगा

अवि को गुस्सा तो आया पर उसने कंट्रोल किया क्यों की आज अवि हर हाल मैं मोनिका को पाना कहता था

अवि : मोनिका मैं तुमसे प्यार करता हु स्कूल टाइम से मैं तुम्हे कभी कह नहीं पाया पर आज कहता हु ी लव यू और अगर तुम्हारा भाई बिच मैं आया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा

मोनिका ने आव देखा न ताव एक और तमाचा जड़ दिया अवि को और दूसरा मरने वाली थी की अवि ने उसका हाथ पकड़ लिया

अवि : साली कुटिया बोल रहा होना मैं तुझसे प्यार करता हु मैं कुछ बोलै नहीं तो मेरे hi सर पर नाच ने लगी साली रांदड़

और अवि इतना बोलै hi था की वो दूर जाकर गिरा और सके मुँह से खून का सेहलाब आज्ञा जब वो उठा और अपने को मरने वाले का चेहरा देखा तो वो और गुस्सा होगया

क्यों की जब उसने मोनिका को बोल रहा था तो अंकित से रहा नहीं गया और अपनी पूरी ताक़त से एक घुसा अवि के पेट मैं मारा घुसा इतना जोर से लगा की अवि का खून निकल गया

और

अवि : आज तुझे बताता हु की मैं क्या चीज़ हु

ये बोल वो अंकित को मरने आता है तो अंकित भी उसको लात घुसो मैं लपेट लेता है अब तक कॉलेज स्टाफ भी वह आ चूका था

जिसमे अंकित की मसि रजनी भी थी

और कॉलेज की नयी प्रिंसिपल भी जो की थी

मरस. संध्या कपूर

इनका इंट्रो बाद मैं देता हु

रजनी देखती है की अंकित बेरहम होकर अवि को पिट रहा है वो भले hi निशा से नफरत करती थी पर वो अक्सर नेहा और मोनिका से मिलती थी और अंकित से भी मिलना चाहती थी बात करना चाहती थी

और यहाँ रजनी से रहा नहीं जाता

रजनी (छिलके) : अंकित उसे चोर दो वो मर जायेगा

पर जब अंकित रजनी की आवाज सुनता है तो अंकित अविको उठा कर जोर से पास राखी टेबल पर दे मरता है और अंकित अभी भी रुका नहीं

रक्षा मिस संध्या के पास गयी क्यों की संध्या ने hi बुलाया था

संध्या : ये कोण है और ये हो क्या रहा है

रक्षा उसे साडी बात बताती है

संध्या : मोनिका बीटा जल्दी से अपने पापा को बुलालो क्यों की अवि के डैड और उसके मां आते hi होंगे

मोनिका ने भी वैसा hi किया

थोड़ी hi देर हुयी थी की अवि का बाप दिग और अवि का मां मला वह आ जाते है

दिग : किसने मास्स मेरे बेटे को है किसकी इतनी हिम्मत हुयी

अंकित : मैंने मारा है और अभी मारा कहा अभी तो मार रहा हु

और ये बोल अंकित फिर से अवि को लात घुसो मैं लपेट लेता है

दिग : रुक जाओ वर्ण मैं शूट करदूंगा

मला : इसे शूट कार्डो बाकि मैं संभल लूंगा साला मेरे भांजे को मेरे सामने मर रहा है

दिग अपनी गन अंकित पर तन देता पर अंकित नहीं रुकता तो वो ट्रिगर दवाने वाला था की

'' डड्ढाआयीएएएएए ''

और दिग के हाथ से गन छूट गयी और और जब दिग ने गोली चलने वाले की और देखा तो शौक होगया

क्यों की 6 ब्लैक कलर की फोर्टनेर और उसके बिच मैं एक ब्लैक कलर की रॉल्स रोये कल्लिनन सोल्लगे के अंदर आगयी सब से पहले फोर्टनेर मैं से ब्लैक सूट मैं से हिघटिच गन से लोडेड बॉडी गार्ड निकले और एक गुरद ने गाड़ी का दरवाजा खोला और उसमे से नेवी ब्लू कलर के सुइट पहने निकला आकाश रावल और उसके दूसरी और से मस्ट पिंक कलर की डिज़ाइनर साड़ी पहने निकली निशा रावल निशा आकाश के पास आयी ऐसा शो ऑफ देख कर तो अचे ाचो की हवा निकल जाये पिछली बार भी आकाश आया था पर उसकी एंट्री कुछ खास नहीं थी आज के मुकाबले आज तो जैसे आकाश भी फुल फॉर्म मैं था जब आकाश और निशा पर कॉलेज के स्टूडेंट्स की नज़र पड़ती है तो सबको इनदोनो से जलन होने लगती है क्यों की आकाश भी काम नहीं था दिखने मैं 44 इयर्स के होने के बाद भी वो एक दम 30 साल का एक हैंडसम लड़का लगरहा था जिसे देख कर कॉलेज की लड़किया आहे भरने लगी और वही निशा तो थी hi हुस्न इ हूर जिसे देख कर कुछ लड़को का तो अंडर वियर गिला होगया और कुछ तो गरम आहे भरने लगे

ये दोनों भी देख ते है की अंकित बड़े गुस्से से अवि की धुलाई कर रहा है अवि की बहुत साडी हड्डिया टूट चुकी थी और वो बार बार बेहोश हो रहा था पर अंकित उसको जोरसे मरता जिससे वो होश मैं आजाता

निशा : अंकित चोरडो उसे

लेकिन अंकित तो जैसे सुन hi नहीं रहा था

निशा ( चिल्ला के) : अंकित उसे चोरडो तुम्हे मेरी कसम

तब जाकर अंकित के साथ रुके

आकाश : ये क्या मला और दिग साहब भी यही है क्या हुवा यहाँ कोई बताएगा

मला : अरे आकाश जी वो क्या हैना आपके बेटे ने मेरे भांजे को मारा

आकाश : उसने ऐसे hi नहीं मारा होगा

मला : वो क्या हैना आकाश जी मेरा भांजा आपकी बेटी मोनिका से प्यार करता है मेने उससे बोलै की मैं आपसे उसके रिश्ते की बात करूँगा पर उसने बोलै की वो पहले मोनिका बेतिया को प्रोपोज़ करेगा

आकाश : मुझे तो कुछ और hi लग रहा है

निशा : मोनिका यहाँ आओ

मोनिका जाकर निशा के गले लग गयी और रोने लगी

मोनिका : माँ इस हरामी ने मुझे बिना मेरी मर्जी के टच किया और आज तो इसने हद पारदी इसने मुझे किश किया और जब मैंने उसे इस बात केलिए मारा तो मुझे ran..uhu ुहु हु

आकाश समाज गया की अवि ने उसे क्या बोलै

आकाश : सेल हरामी ये सब सिखाया है तूने अपने बेटे को है और इसका रिस्ता मेरे करेगा तू तो रुक जा

और आकाश ने एक फ़ोन किया और नई चैनल पर एक वीडियो वायरल हुवा की मला को पार्टी से निकल दिया गया है और उसके साथ साथ दिग को भी नौकरी से सस्पेंड करदिया गया है

दोनों hi आकाश के पैरों मैं गिर कर माफ़ी मांगते है

आकाश : अंकित यहाँ आए

अंकित :यस डैड

आकाश : तूने अवि को मारा है या न मैं जवाब चाहिए मुझे

अंकित : है डैड

चत्ताक

यहाँ आकाश ने अंकित कोसबके सामने थप्पड़ मरडिया जब थप्पड़ जड़ दिया तो मला और दिग को लगा की आकाश ने उन्हें माफ़ करदिया

आकाश : सिर्फ मारा क्यों जब इस नीच ने तेरी बेहेन को वो घिनोना वर्ड बोलै तो तभी उसकी जान ले लेनी चाहिए थी

अंकित : सॉरी डैड पर इसे मौत से भी बद्द्तर जिंदगी दूंगा

मला और दिग : नहीं सर मेरे बेटे को माफ़ करदे फिर ये दोनों अंकित के पास जाकर

दोनों : बीटा मेरे बेटे को माफ़ कार्डो प्लीज बीटा प्लीज एकाध जी प्लीज माफ़ करदिजिये मेरे बेटे को

आकाश :माफ़ किया है तभी तो जिन्दा चोरडेंगे तोड़ ने के बाद वर्ण अगर माफ़ नहीं किया होता तो कबकी तुम तीनो की गर्दन काट देता मैं

और अंकित ने अवि का स्पाइनल कोड तोड़ दिया और हाथ पेअर भी

अंकित : लेजा इसे और ताकि इसे इस बात का अफ़सोस हो की इसने मेरी बेहेन पर बुरी नज़र क्यों दी

फिर वो दोनों अवि को लेकर वह से निकल जाते है फिर अंकित एंड फॅमिली भी निकल जाते है आज संध्या ने भी कॉलेज की छुट्टी डेक्लार करदी

और फिर ऐसे hi शाम होगयी

अभी 7 पं हो रहे थे सनसेट हो रहा था और मोनिका सनसेट देख रही थी अकेली

और हलकी हलकी ठंडी हवा भी चल रही थी

तभी टेरेस पर आया अंकित वो देखता है की मोनिका अकेले कड़ी है

अंकित : दीदी अरे यू okay

अंकित ने मोनिका के कंधे पर हाथ रखा तो मोनिका पलट कर अंकित के गले लग गयी और रोने लगी

अंकित : रोना नहीं दीदी आपका भाई जब तक जिन्दा है कोई आपका बाल भी नहीं छू सकता और अगर चुवा और वो hi हाल करूँगा उसका जो आज अवि का किया था

मोनिका : थैंक यू सो मच भाई मैं बता नहीं सकती की मैं कितनी खुस हु की अवि मेरी जिंदगी से चला गया ठनक यू भाई लव यू

अंकित भी उसे बाँहों मैं कास लेता है

अंकित : ी लव यू तू

फिर वो दोनों निचे आते है तो देखते है की घर मैं काफी कहल पहल है

अंकित सुमि को पूछता है

अंकित : क्या बात है बुआ आज घर मैं इतनी कहल पहल क्यों

सुमि : बीटा रक्षा और उसकी फॅमिली आज हमारे घर डिनर केलिए आरहे है

अंकित : ऐसा क्या

फिर थोड़ी देर बाद दूर बेल्ल बजती है तो सुमि दर अजा खोलती है

तो सामने आकाश खड़ा था

सुमि : भैया आप हो मुझे लगा की महरा फॅमिली आगयी

आकाश : है आज मैं इसी लिए जल्दी आज्ञा

फिर सब हॉल मैं बैठे थे तो एक बार फायर दूर बेल्ल बजी

इस बार महरा फमलीय hi थी

अगर आपको पता न हो तो बता देता हु

मर विनोद महरा (रक्षा के पापा, डॉक्टर है और साथ hi साथ एक फार्मा कंपनी के बोर्ड मेंबर भी)

मर आरती महरा ( रक्षा की माँ)

और रक्षा को तो जानते hi है

पर आज उनके साथ एक और जाना मन चेहरा भी था

आकाश : वेलकम वेलकम आप सब का स्वागत है रावल मेंशन मैं

सब लोग आपस मैं मिले जुले

उस अनजाने साक्ष को देख कर अंकित ने पूछ hi लिया

अंकित : अरे प्रिंसिपल ma'am आप यहाँ

रक्षा : अरे अंकित इनसे मिलो ये है मेरी बुआ मरस संध्या कपूर और हमारी नई प्रिंसिपल भी

अंकित :ोुह्ह्ह ऐसा

फिर सब हॉल मैं बैठ कर बाटे करने लगते है

अब जरा इंट्रो

मरस. संध्या कपूर : आगे 43 संध्या एक विधवा है इसका पति इनकी हनीमून से जब ये लोग लौट रहे थे तब बीच रस्ते मैं कुछ गुंडों ने इनदोनो लूटने की कोसिस की पर इसका पति उनसे भीड़ गया और इसी मुठभेड़ मैं एक लुटेरे ने गोली चलदी और संध्या को भी मर देता पर तब तक वह एक पेट्रोलिंग करती पुलिस की कार आगयी और ु चोरो को पकड़ लिया पर संध्या का पति नहीं बच पाया उसे दो गिलिया डिल मैं लगी थी तबसे इसने किसी और के साथ कुछ नहीं किया अब क्यों नहीं किया ये तो अब इसे hi पता पर फिगर बहुत जबरदस्त है इनका d8khne मैं भी खूबसूरत है मस्ट कमरतक लम्बे काळा बाल खूबसूरत चेहरा कासी हुयी चूचिया और गौर मटोल गांड और 5.7 इंच हिघ्त भरी हुयी बॉडी फिगर बोलू तो 38 30 38 और दूध सी गोरी रंगत ये दूसरे सेहर मैं थी पर कॉलेज वाले कांड के बाद विनोद ने आकाश से बोल कर संध्या को यहाँ बुला लिया

ये भी अंकित की होने वाली है

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
भाई लोग मैं अभी इस स्टोरी के मैं करैक्टर केलिए इमेज सेलेक्ट कर रहा हु पर सिर्फ मैं कैरेक्टर की hi इमेजेज होगी

जैसे की आकाश, मनोज, निशा, मनीषा, शीतल, तन्वी, अंकित, नेहा, मोनिका, साक्षी, और तिया और सुमि, मेघा की अगर अंकित की दादी केलिए अगर कोई खूबसूरत मॉडल मिल जाये तो उसकी भी होगी और है लीज़ा और सीमा की भी और निशा के भाई बेहेन यानि की राज, रजनी, ज़रा, और जिया की जिसे न पता हो जिया कोण है तो वो अंकित के मां राज और ज़रा की बेटी है

होप करता हु आपको इमेज पसंद आएगी

और अभी सिर्फ आधी हुयी है इमेज उपलोड होने मैं अभी टाइम है जैसे hi साडी सेलेक्ट होती है मैं तुरंत अपलोड करदूंगा ok

थैंक्स एव्री ओने
 
अपडेट 90 mother's डे स्पेशल

HELLO दोस्तों आज अपडेट पढ़ने से पहले मेरी आप सबसे रिक्वेस्ट है की प्लीज इस कहानी का पेज 1 पर जो रावल फॅमिली का इंट्रो है वो आप एक बार और पढ़े क्यों की इस बार आपको इंट्रो मैं चंगेस के साथ इमेजेज भी मिलेगी

आप सब प्लीज कमेंट करके बताईयेगा की हर कैरेक्टर्स के अकॉर्डिंग इमेजेज आपको किसी लगी ाची लगे या बुरी लगे प्लीज कमेंट मैं बताना जरूर

जैसा की हमने पिछली बार देखा की महरा फॅमिली रावल मेंशन मैं आती है और संध्या जो की अंकित के कॉलेज की नई प्रिंसिपल थी वो कोई और नहीं बल्कि रक्षा की बुआ निकली

अब आगे

सब लोग बाटे कर रहे थे और गप्पे लड़ा रहे थे इस आज महरा फॅमिली के यहाँ आने का एक रीज़न और था वो था अंकित और रक्षा के रिश्ते की बात करना

आकाश : विनोद जी आपको तो पता है की मेरा बीटा आपकी बेटी से बहुत प्यार करता है और मैं वडा करता हु रक्षा मेरी बहु नहीं बेटी बन कर रहेगी जैसे मेरी चारो बेतिया है और एक बात की मेरी सबसे बड़ी बेटी नेहा भी अपने भाई अंकित से प्यार करती है और वो भी अंकित की वाइफ बनेगी hi बनेगी क्या आप अपनी बेटी की सौतन देख पाएंगे

संध्या : ये तो और अच्छी बात है आकाश जी काम से काम नेहा को एक ऐसा जीवन साथी मिलेगा जिसे वो पसंद करती है जिसके बारे मैं वो सब कुछ जानती है और रही बात रक्षा की जहा प्यार होता है वह सौतन नाम hi नहीं आता मुझे इससे कोई प्रॉब्लम नहीं है

विनोद : है अक्ष जी मेरी और से तो रिश्ता पक्का hi था पर मेरी संध्या मेरी एक लौटी बेगें है इसका ओपिनियन मेरे लिए और रक्षा केलिए बहुत मायने रखता है पर अब िस्सने कह दिया है तो हमारी और से रिश्ता पक्का है

निशा : शीतल जाकर मिठाई लेकर आओ इस खुसी के मौके पर सबका मुँह मीठा कराओ

सब हसी खुसी एक दूसरे को मिठाई खिला रहे थे

आकाश : बीटा अंकित जरा अपने चाचा को वीडियो कॉल करो और टीवी से कनेक्ट करो आखिर मेरे भाई को भी ये खुश खबरि तो देदू

अंकित ने ठीक वैसा hi किया उसने विडो कॉल को हॉल मैं रखे 80 इंच के एंड्राइड टीवी से कनेक्ट किया मनोज अभी दुबई मैं था

ों कॉल

मनोज : hello एवरीवन कैसे है आप लोग

आकाश : सब बढ़िया मेरे भाई एक खुश खबर है

मनोज : वो तो आपके चेहरे पर जलक hi रहा है भैया वैसे क्या है

आकाश : आज हमने अंकित और रक्षा का रिश्ता पक्का करदिया है तो सोचा तुझे भी बता दे

मनोज : क्या सच मैं भैया खूब खूब बधाई हो कॉंग्रट्स भतीजे क्या बात है भैया आपने तो दिल्ली खुशः करदिया

अंकित : थैंक्स चाचू आप कब आरहे है वैसे

मनोज : में कल शाम को आरहा हु और भैया एक बात आपको बाटाडू अंकित की और रक्षा की एंगेजमेंट रिंग मैं hi यहाँ से लाऊंगा अब मेरे भतीजे केलिए मैं इतना करना कहूंगा और आप इस बार कुछ नहीं बोलेंगे

आकाश : अच्छा ठीक है ब्यययय

मनोज : ब्यय ब्यय

फिर कॉल कट होता है और सब डिनर करने लगते है डिनर के बाद सब लोग बाते कर रहे थे

विनोद : आ च आकाश जी अब हम चलते है हमे बहुत अच्छा लगा आपसे मिल कर

आकाश : जी सुक्रिया नमस्ते

फिर सबलोग वह से विदा लेते है

और हॉल मैं आकर रावल फॅमिली बैठ जाती है

मोनिका साक्षी और तिया : डैड हमे भी आपसे बात करनी है

आकाश : है बोलो

तीनो : हम भी भाई के साथ शादी करना चाहती है

आकाश : क्याआ तीनूओ

तीनो : हआ हम भी भाई से प्यार करते हज

निशा : आकाश ये तीनो सच कह रही है और इस में हर्ज़ hi क्या है

मनीषा : है अगर ऐसा हुवा तो हमारा पूरा परिवार हंमेशा एक साथ रहेगा

आकाश : शीतल तन्वी क्या तुम दोनों को ये मंजूर होगा

शीतल : मेरी तरफ से तो फुल परमिसन है नहीं तो ये हंमेशा मर्ज जान खायेगी

तन्वी : और वैसे भी मेरी बेटी मेरे पास रहेगी इससे ज्यादा खुसी की बात क्या होगी

आकाश : ठीक है ये तय रहा की इन तीनो की शादी अंकित से नहीं होगी

तीनो : पर क्यों डैड

निशा : क्यों आखिर क्या चीज़ रोक रही है हां कहने मैं

अंकित : हहहहहहहहह आअह्ह्ह्हहहहहहहह ओहहहहहहह

मनीषा : तू क्यों हैश रहा है

अंकित : अरे कुछ नहीं डैड बस आप सब के मजे ले रहे है हहहह शकल तो देखो तीनो की हाहाहा

तीनो : चुप गन्दा भाई

आकाश : हाहाहाहाहा अरे मज़ाक कर रहा हु तुम सब हमेशा हमारे साथ hi रहोगी

ऐसे hi सब हसी मज़ाक करके सो जाते है

अगले दिन सब नास्ता करके अपने अपने काम पर निकल गए

अंकित मोनिका कॉलेज नेहा अपने स्कूल और शाक्षी अपने घर पर एक्सटरनल कॉलेज करती है ऐसा क्यों है ये तो वो hi जाने और तिया अपने स्कूल आखिर 12तह जो था

कॉलेज मैं आते hi अंकित और मोनिका कैंटीन मैं जाते है

जहा उनका ग्रुप बैठा हुवा था

अंकित और मोनिका वही जाकर बैठ जाते है

रक्षा तो आज अंकित पर पूरा हक़ जमा रही थी आखिर उसे फुल परमिशन मिल चुकी थी

कारन : हटो नए दूल्हे राजा अब पार्टी कब दे रहा है

अंकित : सेल कभी पढाई के बारे मैं भी पूछ लिया कर हंमेशा पार्टी पार्टी बस और कुछ नहीं दीखता

कारन मुँह फुला लेता है

जूही : केस पार्टी करने वाली पला पढ़ गया मेरा पता नहीं आगे बिज़नेस करेगा या पार्टी hi करता रहेगा

कारन : ओह हेलो मेडम मैं अपने भाई से पार्टी ले रहा हु तुम से नहीं ok तो मुँह बांध रखा करो

अंकित : अब मुँह मत फुला आज कॉलेज की छुट्टी के बाद चलेंगे वैसे पार्टी से याद आया आज mother's डे है

सब : है सही कहा आज पार्टी रहने दो आज हम सब अपनी अपनी मॉम्स के साथ मोठेर्स डे सेलेब्रेट करेंगे

कारन : मतलब आज पार्टी नहीं होगी

अंकित : होगी यार आज काम से काम लंच तो करवा के hi छोड़ूंगा तुझे

सब हुस्ने लगते है यहाँ

यहाँ रावल मेंशन मैं शीतल और निशा बैठे हुए थे

शीतल : दीदी आज मैं उनको रेसिवे करने जाउंगी एयर पोर्ट आप चलेंगी साथ मई.

निशा : हां क्यों नहीं

फिर ऐसे hi टाइम निकल ने लगता है

यहाँ शाम का वक़त था और अंकित और उसके फ्रेंड लंच करके अंकित के एक छोटे फार्म होउसे पर सब बैठे थे

यहाँ निशा और शीतल एयर पोर्ट पहुंच गए और मनोज को रेसिवे किया और चल पड़े

मनोज कार ड्राइव कर रहा था और शीतल उसके साथ आगे बैठी थी और निशा बैक शीत पर बैठी

ये लोग चलते जा रहे थे की तभी एक ट्रक सामने से आया फुल स्पीड मैं और

'' ढ़ठ्हादाआंआंम्म्मम्म ''

इनकी कार को सामने से टक्कर मार कर निकल गया

यहाँ फार्म हाउस पर

अंकित : है वैसे रक्षा तो हंमेशा मुझ पर विश्वास करती है की मैं कभी उसे छोड़ूंगा नहीं

जूही : अरे मेरे प्यारे भाई तो मेने कब बोलै की मैं कारन पर भरोषा नहीं करती मुझे इस पर पूरा भरोषा है पर मुझे किसी कामिनी दूसरी लड़कियों पर भरोषा नहीं था इसी लिए मैं पहले hi हमारी बात फाइनल कर दी

यहाँ ये लोग बाते कर रहे थे की अंकित को एक फ़ोन आया

ों कॉल

अंकित : है बोलो

सामने से किसी कुछ कहा

जैसे जैसे वो साक्ष बोलता गया अंकित की आखों मैं दुःख दर्द गुस्सा अगर बन कर दहक ने लगा और ाचा नक् से अंकित चिका

अंकित ( चिल्ला के) : क्याआ तुममम सब क्या अपनी गाआंनददद मरवा रहे थे क्या इतने कैसे लापरवाह हो सकते हो हआ जिसने भी ये किया है चुर्रोऊँगा नयी उस मादरचोद को ऐसी मौत मरूंगा की उसकी आत्मा भी उसकी गांड मैं से निकलेगी कहा हो अभी

सामने से कोई कुछ कहता है

अंकित : आए रहा हु मैं

अंकित के ऐसे चिल्लाने से और बोलने के ढंग से सब शौक होगये और अंकित के भयानक गुस्से की जलक देख कर तो सब की हवा टाइट होगयी

और अंकित भगा अपनी कार मैं बहैठ गया और फुल स्पीड मैं हॉस्पिटल की तरफ बढ़ा दी अंकित इतना गुस्से मैं था की वो मोनिका केलिए भी नहीं रुका

रक्षा : क्या हुवा इसे ये ऐसे क्यों भगा

आर्यन : जरूर कुछ बुरा हुवा है नहीं तो ये ऐसे भागता नहीं और न hi ऐसे बोलता

अंकित भले hi केसा भी था पर कॉलेज मैं जब उसके साथ उसकी दीदी जूही अनन्य और रक्षा होती वो कभी गली नहीं बकता था

पर आज उसने वो भी करदिया

मोनिका : आर्यन जल्दी अंकित के पीछे चलो

सब : हम भी चलेंगे

मोनिका : है चलो

फिर सब लोग अंकित के पीछे आते है

पर अंकित तो आगे निकल गया था

मोनिका : पता नहीं भाई कहा गया

आर्यन : कारन तुम ड्राइव करो मैं अंकित को ट्रेस करता हु

और आखिर कार सब लोग पहुंच गए हॉस्पिटल

अंकित सीधा भगा और वह गया जहा सब कुछ हुवा था अंकित ने देखा की मनीषा और तन्वी और नेहा और साक्षी तिया और आकाश और सुमि और मेघा वही थे

तन्वी साक्षी नेहा और तिया का रो रो कर बुरा हाल था

अंकित आकाश के पास गया

अंकित ( नाम आखों से) : डैड क्या हुवा है प्लीज बताईये डैड

आकाश ( नाम आखों से) : बीटा तेरे चाचा चची और माँ जब एयरपोर्ट से लौट रहे थे तो एक ट्रक वाले ने सामने से आकर टक्कर मार्डी और इनका एक्सीडेंट होगया

तेरे चाचा चची तो वही चल बेस और तेरी माँ की हालत अभी बहुत नाज़ुक है वो खतरे से तो बहार है अब

अंकित : नहीं ये नहीं होसकता मेरे चाचा चची मुझे चोरके नहीं जा सकते डा दकह दीजिये ये जूथ है ददद भी हु हु हु

अंकित बुरी तरह टूट कर रो पड़ा

आकाश ने उसे अपने सीने से लगा

आकाश : बीटा संभल खुद को क्या मुझे दूध नहीं हुवा होगा मेरा सागा भाई मुझे अकेला चोर गया यहाँ संभल खुद को बीटा तुझे hi तेरी तन्वी चची साक्षी और तेरी गुड़िया को संभल न होगा

अंकित ने खुद को संभाला और अंदर गया

तन्वी (रट हुए) : बीटा देख न ये क्या होगया मनोज और शीतल दीदी चली गयी अरे मैं भी क्यों उनके साथ नहीं गयी ाहू ोुहु अहहू

और तन्वी बुरी तरह रो पड़ी यही हाल साक्षी और तिया का भी था वो दोनों अंकित को जकड कर रो रही थी

साक्षी : भाई मेरे डैड चले गए भाई पता नहीं क्या गलती थी उनकी क्यों चले गए ुहु ुहु ुहु ुहु

अब तक अंकित के फ्रेंड्स और मोनिका भी वह आगये थे

तभी दरवाजे से डॉक्टर अंदर आज्ञा

और आकाश को बोलै

डॉक्टर : मर आकाश निशा जी का बहुत खून बह चूका है जिससे वो फिर खतरे मैं आगयी है

अंकित का ये सब सुन कर खून खोल गया वो उठा और सीधा जाकर उस डॉक्टर की कालर पकड़ कर उसे दीवाल से सत्ता दिया

अंकित : सुन बे डॉक्टर मेरी माँ को कुछ नहीं होना चाहिए अगर मेरी माँ को कुछ हुवा न तो किसी और का तो पता नहीं तेरी अर्थी यही से उठाऊंगा सेल

आकाश : अंकित लाइव हिम क्या कर रहे हो जानते हो ये तुम्हारे क्या लगते है

अंकित : मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता मुझे बस मेरी माँ एक दम सही सलामत चाहिए

कारन और आर्यन अंकित को पकड़ कर डॉक्टर को चुरा रहे थे

कारन : अंकित चोर दे उसे क्या कर रहा है

आर्यन : भाई चोरडे उन्हें

दरवाजे पर दो साक्ष और थे जो ये नज़ारा देख रहे थे

डॉक्टर को अंकित ने छोरा

डॉक्टर गहरी सांसे ले रहा था

डॉक्टर : मैं अपना बेस्ट दे रहा हु

अंकित : बेस्ट माय फुट सेल अगर मेरी माँ को कुछ हुवा न तो उनकी जगह पर तुझे जरूर लेताऊंगा

नेहा : भाई बस तुम जानते हो ये कोण है ये हमारे मां है मर राज मल्होत्रा

जिहा डॉक्टर और कोई नहीं निशा का भाई राज था और दरवाजे पर जो दो साक्ष खड़े थे वो कोई और नहीं बल्कि राज की बेहेन रजनी और उसकी वाइफ ज़रा थी

डॉक्टर : तुम चिंता मत करो बीटा तेरी माँ मेरी बेहेन है उसे मैं के से कुछ होने दूंगा पर उन्हें खून की जरुरत है आप मैं से किसी को खून देना होगा

अंकित : मेरे जिस्म मैं जितना खून है लेलो पर मेरी माँ को ठीक कार्डो एक माँ को तो होश आने से पहले hi खो दिया है अब एक और को खोने की हिम्मत नहीं है मुझ मैं

अंकित ने अपना खून दिया और ऑपरेशन सक्सेस्फुल रहा और निशा को एक रूम मैं शिफ्ट करदिया गया पर वो अभी भी बेहोस थी आकाश और सब वही बहार बैठे थे

पर अंकित अंदर अपनी माँ निशा के पास था उसका हाथ पकड़ कर बैठा हुवा था.

अंकित : माँ प्लीज उठ जाईये देखियेना आप ऐसे पड़े देख कर अपने बेबी को कितनी टेंशन हो रही है प्लीज माँ उठियेना आप को कुछ होगया तो आपके इस बेटे का क्या होगा प्लीज माँ

तभी अंकित के कंधे पर किसी ने हाथ रक्खा

अंकित ने मुद के देखा को वह रजनी और ज़रा कड़ी थी

अंकित : ma'am आप यहाँ

रजनी : ma'am नहीं बीटा मसि बोल तेरी मसि हु मैं और ये तेरी ममी ज़रा है यहाँ आ बीटा

ये कहते हुए रजनी ने अपनी बहे फिला ली

और अंकित को हुग किया

अंकित : मसि मुझे नहीं पता की आप किस बात से नाराज़ है मेरी माँ से पर मैं पहले hi कह देता हु मैं अपनी माँ के बारे मैं एक गलत सब्द नहीं सुनूंगा

रजनी : वो मैं खुद तुम्हे बताउंगी बीटा पर अभी पहले तुझे तेरी माँ का ख्याल रखना होगा

अंकित : मुम्मा प्लीज उठ जाओ न और मत सताओ अपने बेटे को आपके इस बेटे की किस्मत तो देखों सोचा था आज मोठेर्स डे पर आपको सरप्राइज दूंगा पर मैं तो आपको विश भी नहीं करपया ी ऍम सॉरी माँ

निशा को होश आने लगा उसने अपनी आखे धीरे धीरे खोली उसने देखा की अंकित उसके पेट पर सर रख कर रो रहा है उसने अपने कांपते हाथो को अंकित के सर पर रक्खा

निशा : बीटा चुप होता तेरी मुम्मा तुझे कही भी चोर कर नहीं जाएगी

अंकित : माँ अरे यू okay वेट मैं डॉक्टर को बुलाता हु

ज़रा : बता तुम रुको मैं बुलाती हु

फिर सब एक एक करके सब अंदर आगये

निशा ( रट हुए) : तन्वी साक्षी टीयू बेबी सॉरी मैं मनोज भैया और शीतल को बचा नहीं पतई

तन्वी : नहीं दीदी आपकी इसमें कोई गलती नहीं है ये तो शायद किश्मत का hi लिखा हुवा था

फिर निशा को डिस्चार्ज मिल गया

और सब रात के तीन बजे hi घर वापस आगये

अगले दिन रावल मेंशन मैं काफी भीड़ थी मिडी वाले, विप्स, पॉलिटिशंस सब लोग आये हुए थे सब जगह एक hi न्यूज़ फाईलिंग हुयी थी की रावल एम्पायर के मालिक आकाश रावल के भाई मनोज रावल की और उसकी पत्नी की मौत होगयी

खैर उसके बाद मनोज और शीतल की अंतिम यात्रा निकली और अंकित ने पूरी विधि विधान के साथ उन्दोनो का बीटा बन कर अंतिम संस्कार किया और रात को सब वापस आगये किसी का भी खाने का मन नहीं था

पर मनीषा और सुमि ने सब को थोड़ा थोड़ा खिला hi दिया

3 दिन ऐसे hi निकल गए

अंकित ने सज को फ़ोन लगाया

अंकित : सज पता लगाओ की की किसकी मौत आयी है मुझे वो ट्रक वाला हर कीमत पर चाहिए

सज : है भाई मैं कुछ करता हु

अंकित : डैड आपने चाचू केलिए सिक्योरिटी क्यों नहीं भेजी थी

अमन : उसका जवाब मैं तुम्हे देता हु अंकित

अमन अंकित का सिक्योरिटी हेड था

अमन : वो असल मैं जब वो हुवा तब हम ***** जगह पर थे और तुम तो जानते hi हो वो एरिया कितना खतरनाक है इसी लिए पूरी फाॅर्स वह थी

अंकित ( मन में) : साला मेरी भी गलती है जब मैं किसिस का भी दिमाग पढ़ सकता था कभी भी तो मैंने क्यों नहीं पढ़ा साला ज्यादा ओवर कॉंफिडेंट होगया था और शायद इसी ली कीमत चुके मेने पर अब ये गलती दुबारा नहीं करूँगा

यहाँ अंकित को समाज आज्ञा था की उसकी हीरो गिरी उसी पर भरी पढ़ गयी थी

और उसकी इस एक गलती ने पूरी बजी पलट के रखड़ी

यहाँ इनसे दूर एक वेरे होश मैं

चीएररररस्स्सस्स

रंश, मिनिस्टर और कुछ और चमचे जाम से जाम टकरा रहे है थे

मिनिस्टर : सच मैं बॉस क्या चल चली है आपने उस अंकित की तो तबियत से बजादि

रंश : है वो तो करना hi था सेल तुझसे तो कुछ हुवा नहीं पर आज एन्जॉय करो बहुत जल्द आकाश रावल का पूरा एम्पायर हमारा होगा

यहाँ अंकित ने उस ट्रक वाले को उठा लिया था जिसका नाम कालू था

उसे अभी खुर्सी से बांध रक्खा था

कालू अपने नाम की hi तरवः कला था एक मोटा और भद्दी सकल वाला

कालू को देखने से लग रहा था की सज और उसके आदमियों ने अच्छे से सुताई की है उसकी

अंकित उसके सामने खुर्सी पर बैठ जाता हैइस वक़त कालू को नंगा कर रक्खा था

कालू : क्यों रे कोण है बे तू भोसड़ी के मुझे क्यों बंधा है यहाँ है तुझे पता है मैं कोण हु कालू नाम है मेरा

अंकित कुछ नहीं बोलता बस अंकित उसके हाथ की एक ऊँगली काट देता है और उस पर थोड़ा चीस गिरा देता है

कालू गांड फाड़ के चिल्लाया

अंकित ::जो पूछा जाये उसका सही सही जवाब देना वर्ण चीड़ के तालाब मैं डुबकी मरवाउंगा मैं

अंकित : तूने 4 दिन पहले एक गाडी को टक्कर मरी थी उस काम की सुपारी तुझे किसने दी थी

कालू : मुझे चोरडो मैंने बस पैसे लिए थे मुझे यहाँ के सेंट्रल मिनिस्टर ने सुपारी थी थी

अंकित : ठीक है अब ये बता की तूने आज तक क्या क्या गुना किये थे और इस काम के बाद तुझे क्या मिलने वाला था

कालू :: मैंने आज तक 15 रपे किये है और 50 से ज्यादा लोगो को मारा है और इस काम के बाद मुझे इस परिवार मैं से एक ायरत या लड़की मिलती जिसके साथ मैं चुदाई करता

ये सब सुन कर अंकित का पारा हाई होगया

उसने कालू को मर मार कर अध् मारा करदिया

अंकित : सज इसे बढ़ दो इसे कल मरेंगे

सज : आअज क्यों नहीं

अंकित : इसे जल मैं नहीं कोई और मरेगा

अंकित (मन में) : अब बोहोत होगया खेल माय फ्रेंड नाउ टाइम फॉर था फाइनल मूव

लेट थे गेम बिगिन.......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

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सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 91

अंकित फिर वह से घर गया तो देखा अभी भी घर मैं मातम चाय हुवा था सब उदास थे

अंकित वह गया और सब लंच कर रहे थे अंकित वह गया और मनीषा को बोलै

अंकित : माँ मुम्मा कहा है

मनीषा : बीटा वो ऊपर है वो क्या है उनका सर दर्द कर रहा था तो उन्होंने बोलै की उनका लंच वही ला दे

अंकित : माँ आप मेरा भी लंच वही ला कर देना और वही लाना जो उन्होंने खाया है

सुमि : पर बेबी उन्होंने बस हल्का खाना बनाया है अपने लिए वो भी काम मिर्च मसाले वाला

अंकित : है मैं भी वही खाऊंगा

और अंकित वह से चला गया निशा के पास यानि अपने रूम मैं

उसने देखा की निशा लंच कर रही थी

और वो बॉयल्ड वेजटेबल्स खा रही थी

अंकित : माँ अरे यू okay

निशा : है बीटा बस पता नहीं क्यों पर मेरा सर थोड़ा दर्द कर रहा है

अंकित : आप खाने के बाद रेस्ट करना ok

निशा : तूने खाया या नहीं

अंकित : नहीं माँ मैं बस अभी hi आया हु और माँ से मेने बोलै है की मेरा लंच यही ला कर दे

निशा : यहाँ क्यों

अंकित : वो आप यहाँ अकेली हो इसी लिए

निशा : प्यारे बेटे आपकी मुम्मा कभी भी अकेली नहीं है आप होना हंमेशा मेरे साथ

अंकित : है बस इसी लिए

तभी मनीषा अंकित की प्लैट लेकर आयी

निशा ने देखा की अंकित भी वही खा रहा है जो वो खा रही है

निशा : बीटा तुम ये क्यों खा रहे हो

अंकित : आपने भी तो वही खाया है

निशा : बीटा आप मुझसे बहुत प्यार करते हो मुझे पता है पर तुम ये नहीं खाओगे मनीषा इसके लिए इसका खाना लेककर आओ

मनीषा : दीदी मेने भी वही कहा पर ये मंटा hi नहीं

निशा : बीटा ये गलत बात है तुम्हे मनीषा ने कहा न

अंकित : सॉरी मुम्मा सॉरी माँ

मनीषा : कोई नहीं मेरा बचा मैं कभी तेरी बात का बुरा नहीं मानूंगी मैं अभी खाना लेकर आयी

फिर सब ने ा छे से लंच किया फिर निशा सो गयी

शाम का वक़त था और अंकित बहार गया हुवा था और आकाश ऑफिस गया हुवा था

सभी लड़किया अपने कमरों मैं थी

और मनीषा निशा की पट्टी पर ड्रेसिंग कर रही थी

निशा : मनु मेने कुछ सोचा है जिससे शायद तन्वी अपने दुःख से बहार आसके

मनीषा : क्या सोचा दीदी आपने

निशा : तन्वी बिचारि विधवा होगयी है उसका सुहाग उजाड़ चूका है और इस घर मैं वो एक अकेली विधवा है बस एहि बात मुझे खटक रही है

मनीषा : दीदी अब हम इस में क्या कर सकते है शायद किश्मत को यही मंजूर था

निशा : वो तो ठीक है पर कुछ वक़त बाद जभुमारे बच्चो की शादी होगी तब इस घर मैं सभी सुहागन होंगी और वो बिचारि एके लिए विधवा मैंकहति हु की वो फिर से सुहागन होजाये

मनीषा : दीदी पर ये कैसे हो सकता है की तन्वी किसी और के साथ शादी करके दुआसरे घर मैं चली जाये वो कभी नहीं मानेगी

निशा : अरे मेरी भोली बहना पूरी बात तो सुन

निशा : मैं ये कहना चाहती हु की क्यूना तन्वी आकाश के साथ शादी करले और फिर से सुहागन होजाये वैसे भी हमारी फॅमिली मक़िन सेक्स की परंपरा तो है hi कल नहीं तो आज तन्वी को आकाश के साथ सेक्स करना hi पड़ता पर इससे वो सुहागन भी होजायेगी

पर मुझे तेरी परमिसन चाहिए क्यों की आकाश तेरे भी पति है

मनीषा कुछ सोच ने के बाद

मनीषा : शायद आप साई कह रही है दीदी तन्वी को ऐसे hi विधवा नहीं रहना चाहिए

पर क्या आकाश मानेंगे

निशा : वो जरूर मानेगे पर मुझे टेंशन है तन्वी की

मनीषा : एक काम करते है मैं अभी तन्वी सुमि दीदी और मेघा दीदी को बुला कर लती हु अभी hi बात करलेते है जिससे आकाश को मानाने मैं वो हमारी मदद करेंगे

और मनीषा जा कर उन तीनो को बुला लायी

तन्वी अभी भी दुखी थी उसने अभी एक दम फीकी सारी पहनी हुयी थी जो विधवा पेहेन टी है उसकी आखें सूज गयी थी जिससे ये पता चल रहा था की वो कितनी दुखी है और बहुत रोई है

निशा : मैंने आप सब को यहाँ इसी लिए बुलाया है की मैं एक जरूरी बात सोची है जो मैं बताना चाहती हु

मेघा : क्या बात है भाभी ऐसी क्या बात है

निशा : तन्वी क्या तुम फिर से खुद को संभल पाओगी जिंदगी अकेले बिता पाओगी क्या तुम फिर से सुहागन बन कर जिंदगी जिन ैकहति हु

तन्वी : दीदी मुझसे क्या गलती होगयी जो आप मुझे किसिस और से शादी करके यहाँ से विदा करना चाहती है मैं अपनी बेटिओ के सहारे जिंदगी बिता लुंगी और आप सभी तो है hi मेरा ख्याल रखने केलिए और मेरा बीटा अंकित है जो हंमेशा मेरे साथ रहता है

निशा : मेरा वो मतलब नहीं था देखों मैं सीधे सीधे बताती हु मैं और मनीषा कहते है की तुम आकाश के साथ शादी करके फिर सुहागन बन जाओ और हसी खुसी सुहागन बन कर जिंदगी बिताओ हम तुम्हे यु hi बिना सजे सव्व और ऐसे रूप मैं नहीं देखना कहते और वैसे भी आज नहीं तो कल हमारे फॅमिली सेक्स की रोटी रिवाज़ से तुम कभी न कभी तो आकाश के साथ इंटिमेट तो होगी hi इससे तुम फिर सुहागन बन कर फिरसे खुश रह पाओगी और तुमने ऐसा सोच भी कैसे लिया की मैं तुम्हे हमारे परिवार से निकल रही हु

तुम अगर ना भी ेखति हो तो मैं तुम्हे कही जाने नहीं दूंगी

फैसला तुम्हारा है शायद मनोज भैया भी तुम्हे ऐसे देख कर दुखी होंगे उनकी खुसी केलिए hi सही

मेघा दीदी सुमि दीदी आप क्या कहती है

मेघा : मेरे ख्याल से निशा भाभी सच कह रही है तन्वी तुम फिरसे अपना जीवन ा छे से घुजारो गई

सुमि : है मेरा भी यही मन्ना है

निशा : देखों तन्वी एक जेठानी की तरह नहीं एक बड़ी बेहेन होने के नाते कह रही हु मैं चाहती हु तुम फिरसे खुश रहो और सुहागन बन जाओ

तन्वी : ठीक है दीदी मैं तैयार हु पर क्या आकाश भैया मानेंगे

सुमि मेघा : उसे तो हम पर चोर दो

तन्वी : दीदी क्या साक्षी और तिया मानेगी

निशा : मैं अभी उनसे hi बात करने वाली हु निशा ने अपने बाजु मैं रखे डेस्क पर जो एक िपेड था जो सभी रूम को कनेक्ट करता था उसने उसमे बोलै

निशा : सभी बेतिया यहाँ मेरे पास ाजाओ

नेहा : हूँ माँ बुला रही है चलो चलते है

फिर सब लोग वह से निशा के रूम मैं पहुंच गयी

निशा : साक्षी टीयू बेबी यहाँ आओ मेरे पास

दोनों hi निशा के पास चली गयी और एक एक साइड बैठ गयी

निशा : देखों बीटा अब तुम दोनों छोटी नहीं हो तो मैं जो पूछूँगी वो तुम बताओगी

दोनों : पूछिए बड़ी माँ

निशा : बीटा हम कहते है तन्वी तुम्हारे बड़े पापा से सदी करले और फिर से सुहागन बन जाये और फिर से हसी खुसी जिंदगी बिताये क्या तुम्हे ये मंजूर है

दोनों : है हमे मंजूर है इससे मेरी माँ खुश तो रहेगी

दोनों के जवाब ने सभी को शौक करदिया की आखिर इतनी जल्दी कैसे जवाब दे दिया

निशा : बीटा ऐस3 बिना सोचे समझे जवाब नहीं देते एक बार और सोच लो

साक्षी : बड़ी माँ एहि बात अगर किसी और ने कही होती तो शायद हम उन पर ट्रस्ट न करते पर आप कह रही है तो बात वही ख़तम होगयी हमे आप पर पूरा ट्रस्ट है आप हमारा अच्छा hi सोचोगी

निशा ने उन्दोनो का सर चुम लिया

निशा : बीटा निशा और मोनिका तुम दोनों को कोई प्रॉब्लम है

नेहा : नहीं माँ इन्फेक्ट मैं तो खुद आपको ये आईडिया देने वाली थी आखिर मेरी छोटी मम्मी कब तक ऐसे hi रव्हती

नेहा के मुँह से छोटी मम्मी निकलते hi तन्वी उठी और नेहा और मोनिका को सीने से लगा लिया और उनका सर चुम कर रो पड़ी

नेहा : नहीं छोटी मम्मी रोईए मत अब आपके रोने दिन आपके इतने hi थे अब आपके खुसी के दिन वापस आएंगे

ऐसे hi इस खुसी की बात ने सब की ुदशी 50 % तो दूर कर hi दी थी

यहाँ अंकित सहर से 20 कम दूर आया हुवा था जहा एक छोटा सा सेहर था

वह वो एक मस्ट होटल मैं एक लेडी से बात कर रहा था

अंकित : जेनीपुर आंटी आपका बहुत बहुत शुक्रिया जो आप मेरे बुलावे पर इंडिया आयी

ये जेनीपुर कोई और नहीं बल्कि वही साइंटिस्ट है जिसके बनाये हुए फार्मूला की मदद से अंकित के पास आज पावर है

जेनीपुर : अरे तुम्हारे लिए तो टाइम निकलना hi था बीटा आखिर तुम मेरे बेटे रोनी के फ्रेंड हो और मेरे भी बेटे जैसे हो तो बोलो कैसे याद किया अपनी इस आंटी को

अंकित : आंटी मई जानना कहता हु की देखिये मेरे खून मैं वो फार्मूला है अगर किसी और को मेरा खून चढ़ाया जाये तो तो क्या उसकी बॉडी मैं भी पावर आजायेगी

जेनीपुर : नहीं इस फार्मूला को ऐसे बनाया गया है की ये सिर्फ एक hi इंसान को साडी पावर दे सकता है और अगर तुम किसी और को अपना खून डोनेट करते हो तो उसकी बॉडी मैं सिर्फ कुछ hi चेंज आएंगे जैसे की ागत किसी मेल की बॉडी 20 % अच्छी है तो वही 40 % अच्छी जोजाएगी और उसके सीमन की मात्रा बढ़ेगी और चेहरे पे थोड़ा सा निखार आएगा

वही अगर किसी फीमेल की बॉडी मैं तुम्हा इस खून इम्प्लांट किया जाये तो उसकी सुंदरता जहा 20%होगी वही %50 होजायेगी और बॉडी मैं थोड़ा फर्क आएगा जैसे उसकी भी सीमन की मात्रा बढ़ेगी चेरे पर एक अलग सा नूर आएगा और हिप्स सेक्सी होंगे और ब्रेस्ट का साइज थोड़ा बढ़ेगा और ब्रेस्ट कैसे होंगे और सेक्सी फिगर होगा और सेक्स केलिए उसक8 छूट थोड़ी कास जाएगी मतलब वर्जिन नहीं होगी पर जब भी तुम अगर उस ायरत के साथ सेक्स करोगे तुम्हे पहली बार जैसा hi मज़ा मिलेगा

और एक फाइनल चेंज जो मेल और फीमेल दोनों मैं दिखेगा वो ये की वो अपनी आगे से 15 साल काम की hi दिखेगी

पर तुम ये क्यों पूछ रहे हो कही तुम ने किसी गलत ग्रुप के साथ कुछ डील नहीं की हैना

अंकित : नहीं आंटी मैं अपना खून सिर्फ और सिर्फ अपनी फॅमिली मेंबर्स मैं hi इम्प्लांट करवाना कहता हु

जेनिफर : तो ठीक है और है उनकी हीलिंग पावर भी बढ़ेगी इससे ज्यादा कुछ नहीं

अंकित : ok आंटी थैंक अब मैं चलता हु

अंकित जाने को हुवा तो जेनिफर ने उसका हाथ पकड़ लिया

जेनिफर : ऐसे hi चले जाओगे जरा अपनी इस आंटी को भी जरा लुंड रास पीला कर जाओ

वैसे भी अंकित काफिर दिनों से टेंशन मैं था तो उसे भी एहि सही लगा

उसने अपनी पेण्ट उतारदी और जेनिफर के सामने अपने लुंड को रख दिया और जेनी फर बहुत प्यार से और ताकत से अंकित को ब्लोजॉब जेने लगी करीब 12 मं बाद अंकित जड़ने लगा

अंकित : ओह ये आंटी मैं जड़ रहा हु

एएससआ आहाआआअह्हह्ह्ह्ह

ऑर्डर अंकित ने जेनिफर का मुँह अपने लुंड रास से भर दिया और जेनिफर बड़े शौक से पि गयी

जेनिफर : ूउम्मम्म युम्मियी ok ब्यय

अंकित भी वह से निकल जाता है और शाम के वक़त घर आजाता है

रात को डिनर करते वक़त सभी निचे hi थे निशा भी

अंकित : साक्षी दीदी तिया और तन्वी चची अगर मैं उस ट्रक वाले को पकड़ कर आपके सामने फेकडू तो क्या आप उसे उसके किये सजा दे पूगी

तन्वी : अगर वो कमीना मेरे हाथ मैं आज्ञा तो उसकी अतादीयो से hi उसका गाला घोट दूंगी

साक्षी : मैं उस कमीने का लुंड काट कर उसी की गांड मैं दाल दूंगी

अंकित : तो काल तैयार रहना वो हरामी मेरी गिरफ्त मैं है कल ाफीको उसको सजा देनी है

दोनों : हम तैयार है

फिर सुब हॉल मैं आकर बैठ गए

निशा : आकाश हमने आपसे आज तक कुछ नहीं माँगा है आपने बिना कुछ बोले hi हमे सब कुछ दिया है क्या आज हम दोनों मैं और मनीषा आपसे कुछ मांगे तो क्या आप वो हमे देंगे

आकाश : ये भी कोई पूछ ने की बात है निशा अगर मेरे परिवार ने कुछ माँगा तो मैं वो खुसी खुसी दे दूंगा ये सब तुम्हारे लिए hi तो है

निशा : तो क्या आप तन्वी से शादी करके उसे फिर से सुहागन बना देंगे

आकाश : वहहहाआटट अरे यू माध निशा ये क्या कह रहे हो

मनीषा : वही जो आपने सुना क्या आप तन्वी को वो खुसी दे सकते हो

आकाश : ये क्या बकवास कर रही हो दोनों मैंने तन्वी को कभी उस नज़र से नहीं देखा मंटा हु हमारे परिवार मैं सेक्स होता है पर साक्षी और तिया क्या सोचे गई नहीं ये नहीं हो सकता

साक्षी और तिया जाकर आकाश के पास घुटनो पर बैठ कर

साक्षी : डैड प्लीज ऐसा मत कहिये आपकी वजह से हमारी माँ की जिंदगी सवार जाएगी मेरे डैड तो नहीं रहे क्या मुझे मेरे इस का प्यार नहीं मिलेगा

तिया : डैड प्लीज हम दोनों बहने आपसे h7mari माँ की खुसियो की भीख मांग.......

तिया बात पूरी करती इससे पहले hi आकाश ने उन दोनों के मुँह पर हाथ रख दिया

आकाश : बीटा ये सब अब दुबारा कभी मत कहना मैं तुम्हारा डैड होना कभी भी ये सब दुवारा नहीं कहना ठीक है मैं तैयार हु पर तन्वी क्या तुम राज़ी हो

तन्वी : है मैं राज़ी हु अगर आप चाहे तो

निशा : तो अंकित क्या तुम्हे कोई प्रॉब्लम है इससे

अंकित : नहीं मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं वैसे भी ये तो वैसे भी मेरी माँ hi है इन्ही ने तो पला है मुझे मुझे तो खुसी है की मेरी च... ोर्हः मेरी चोरी मुंय फिरसे खुश रहेंगी

आखिर कर फैसला होगया की तन्वी की आकाश के साथ शादी होगी

नया दिन नयी सुरुवात आज तन्वी थोड़ी खुश लग रही थी रावल फॅमिली मैं सब कुछ नार्मल हो रहा था

और ाजनकित सोल्लगे गया और आज रजनी ने अंकित को अपने घर बुलाया अंकित भी मान गया आखिर उसे जानना था की आखिर क्यों उसके मां और मसि उसकी माँ निशा से नाराज़ है

पर उससे पहले अंकित को एक काम निपटना था वो था कल्लू को मरना

अंकित वह गया और वो साक्षी और तन्वी को वह ले गया और आकाश को भी

अंकित ने देखा की कल्लू खुर्सी पर बैठे बैठे सो रहा है

अंकित एक घुमा के उसके चेहरे पर मरता है

कालू : मुझे चोरडो मेने कुछ नहीं किया मैंने चोरडो मुझसे गलती होगयी

अंकित : ये देख इन्हे पता है ये कौन है

ये उस आदमी और ायरत की बेटी है तेरी वजह से इसने अपने माँ बाप खोये और ये उस आदमी की दूसरी पत्नी है इसका तूने सुहाग उजाड़ दिया

कल्लू : मुझे माफ़ कार्डो मुझसे गलती होगयी

तन्वी और साक्षी उसे मरने लगती है आज ये दोनों माँ बेटी अपने अंदर के सरे गुस्से को उसके ऊपर निकल रही थी

तन्वी : सेल भड़वे तेरी वजह से मैं विधवा होगयी भें के लौड़े तेरी माछोड़ दूंगी कमीने

साक्षी : सज भैया एक काम करिये वियाग्रा लाइए और एक बादसा खंजर भी

सज ने वो दोनों चीज़े लागर कल्लू को खिला दी वियाग्रा नादेर जाते है कल्लू का लुंड खड़ा होगया नंगा तो वो था hi और उसका लुंड पूरी ायकाट मैं खड़ा होगया

पर अगले hi पल

वूऊऊसस्स्सस्स्स्स

साक्षी ने खंजर को घुमाया और कल्लू का खड़ा लुंड काट दिया और उसे लेकर कल्लू को घुमाया और साक्षी काल्लुकी गांड मैं उसका लुंड घुसाने लगी पर घुश नहीं रहा था

साक्षी : सुन बे भड़वे अपनी गांड को ढीला चोर

कल्लू दर्दसे तड़पता हुवा

कल्लू : नहीं प्लीज मुझे चोर दो मुझे माफ़ कार्डो प्लीज आह्ह्ह्ह

पर साक्षी ने उसी खंजर को कल्लू की गानन्द मैं घोड़ा दिया 3 मं तक ट्विस्ट करते हुए घुमाया और फिर उसके लुंड को अंदर खुसा दिया

तन्वी लगातार कल्लू को लेदर से बने हंटर चटका रही थी

फिर साक्षी ने उस खंजर को लिया और कल्लू के टट्टे काट दिए और उसके तत्तो को कल्लू के मुँह मैं भर दिया और फिर उसने खंजर से कल्लू का पेट चिर दिया और उसकी अतड़िया निकल दी और तन्वी ने उसी अतड़ियो को कल्लू के गले मैं लपेट दिया और उसका गाला घोट दिया

उसके बाद दोनों को आकाश और अंकित ने संभाला और दोनों को वही नहलाया और फ्रेश करवाके निकल गए घर

यहाँ कार मैं आकाश के साथ तन्वी hi थी

अंकित और साक्षी दूसरी कार मैं थे

आकाश ने अंकित को बोलै की वो एक बार तन्वी से अकेले मैं बात करना कहता है तो वो लोग आगे जाये

अंकित ने भी वैसा hi किया

आकाश ने कार रोकी और निचे उतरा ये रास्ता सुमसान था तो यहाँ वैसे भी कोई नहीं आने वाला था

आकाश : तन्वी ारे यू okay

तन्वी : है अब मैं बहुत हल्का महसूस कर रही हो क्या मैं क्या मैं आपको किश कर सकती हु

आकाश : अब तुम्हारा होने वाला पति हु तो क्यों नहीं कर सकती

और दोनों डेरे ढरीरे पास आये और दोनों ने एक झटके के साथ एक दूसरे को जकड लिया और एक दूसरे के होठों को चूसने लगे

तन्वी : ऊम्मम मा हहहह बहुत मज़ा आरहा है ूउम्मंहका ूउम्म्म

आकाश : सच मैं ूउम्म्म मेरी जान तुम्हारे होतो तो क्या होठ है

ूउम्मम्म

आखिर ऐसी तन्वी और आकाश की एक नयी शुरुवात होचुकी है

यहाँ अंकित की कार मैं

अंकित : क्या बात है साक्षी दीदी आप अभी भी टेंशन मैं लग रही हो

साक्षी : नहीं भाई ऐसा कुछ नहीं है मैं अब काफी रिलेक्स हु पर बस थोड़ा सर दर्द कर रहा है खास माँ होती तो थोड़ी देर उनकी चूचिया चूस कर सोजती तो काम होजाता

अंकित : मतलब अपने पहले शीतल चची के साथ ये किया था

साक्षी : है किया था पर अब तो ये नहीं होसकता

अंकित : क्यों नहीं हो सकता आप शायद भूल रही है अब आपकी दो माये और है

साक्षी : पर निशा माँ तो अभी भी इन्जुरेड है

अंकित : कोई बात नहीं mom(Manisha) तो है न

साक्षी ठीक है

फिर सब लोग घर आते है अंकित निशा को अपनी रजनी मसि के घर जाने केलिए कहता और आकाश और निशा को भी साथ लेकर निकल जाता है

यहाँ साक्षी मनीषा के पास गयी

मनीषा : अरे बीटा तुम यहाँ कोई काम था

साक्षी अपनी नज़ारे निचे करके

साक्षी : है माँ वो मुझे वो मुझे

मनीषा : पहले यहाँ आओ बीएड पर बैठ जाओ

साक्षी वह गयी और बैठ गयी

मनीषा : है अब बोलो क्या हुवा किसी कुछ कहा

साक्षी ने वैसे न मैं गार्डन हिलायी

मनीषा ने उसकी चीन को पकड़ा और उसका सर ऊपर उठाया

मनीषा : क्या हुवा बच्चा किसी कुछ कहा और इतना शर्मा क्यों रही हो

साक्षी : वो माँ मेरा सर दर्द कर रहा है तो सोचा माँ का दूध पीलूँगी तो रहत मिलेगी पर फिर याद आया की माँ तू..

और कहते कहते साक्षी रुक गयी

साक्षी : तो अंकित भाई ने कहा की आप और निशा माँ भी मेरी माँ है अब और निशा माँ तो अभी इन्जुरेड है तो मेने सोचा

और साक्षी फिर रुक गयी पर मनीषा ने उसे बहो मैं भर लिया और अपनी लेफ्ट साइड लेता लिया और एक हाथ से अपनी साड़ी का पल्लू गिराया ब्लॉश और ब्रा उतर दी और साक्षी के मुँह मैं अपना निप्पल्स देदिया

साक्षी बड़ी सिद्दत से चूसने लगी जैसे उसे इसवक़त इसी चीज़ की जरुरत थी

मनीषा : आगे से कभी भी ऐसा लगे तो ऐसे मत करता सीधा आकर चूस लेना तुम्हारिये माये सिर्फ अंकित केलिए hi नहीं है सभी बच्चो केलिए है

और इस बार सखी ने भी चूसते हुए मनीषा को बहो मैं भर लिया

अब चलते है थोड़ा डॉ राज मल्होत्रा के घर

अंकित आकाश और निशा वह पहुंच चुके थे

और सभी लोग हॉल मैं बैठे थे

अंकित : मैं जनता हु आप तीनो भाई बहनो मैं कई गीले सिखवे है क्या मैं वो बात जान सकता हु जिस वजह से ये सब सुरु हुवा

राज : बीटा ये सब तुम अपनी माँ से hi पूछो की क्यों हम उनसे नाराज़ है

निशा जिसकी आखे नाम थी

निशा : रज्जो राजभाई हो सके तो मुझे माफ़ करदेना पर मैं नहीं बता सकती कुछ भी

रजनी : आखिर क्यों दीदी क्यों नहीं बता सकती हर बार आप एहि कहती थी आखिर क्यों नहीं बता सकती की आखिर हमे बताया क्यों नहीं की हमारे माँ बाप अब इस दुनिया मैं नहीं रहे

अंकित तुम जानना hi कहते होना की क्या हुवा था तो सुनो

हुम्मारे माँ डैड एक इज़्ज़तदार लोग थे

हमारे पास पैसो की कमी नहीं थी मेरे भैया डॉक्टर बनना कहते थे और मैं एक टीचर और हमारे माँ डैड ये नहीं कहते थे पर निशा दीदी ने हमारा खूब सपोर्ट किया जिससे वो लोग भी मान गए

और भैया चले गए फिलीपींस डॉक्टर की हायर स्टडी केलिए और मैं लंदन

करीब 1 साल बाद hi निशा दीदी की शादी जीजू के साथ गोगई जब हम शादी मैं आये

तो हम छुट्टी के कार ए थे

तब हमने पापा को बोलै था

न पापा : बीटा अब कब आओगे तुम दोनों

राज : पापा अगले हफ्ते से सुरजूरी के लेसन स्टार्ट होंगे और 2 साल तक चलेंगे उसके बाद डिग्री मिलेगी

रजनी : मेरा भी शामे है पर एक प्रॉब्लम है अगर हम इंडो सालो मैं अगर छुट्टी ज्यादा हुयी तो हम शायद हमारा करियर न बना पाए

ऐसा इसी लिए कहा था की क्यों की हम दोनों के कॉलेज बहुत स्ट्रीक थे फिर हम दो साल बाद जब घर आये तो हु ारे माँ पापा तो तीव्र पे तंगी तस्वीरों मैं थे हमने दीदी से बहुत पूछा और हमे गुस्सा भी आया की हमारे जाने के 2 महीने बाद hi हमारे माँ डैड चल बेस और हमे कब पता चला जब हम दोने साल बाद ए तब

अब अंकित बीटा तुम hi बताओ क्या हमे गुस्सा नहीं आएगा की हम अपने माँ बाप को आखिरी बाद देख भी नहीं पाए

और रजनी रोने लगी

आकाश : मैं बताता हु की आखिर हुवा क्या था तुम यही जानना कहते होना

तो सुनो जब तुम दोनों चले गए उसके दो महीने बाद तुम्हारे माँ डैड कही जा रहे थे तब उनका एक ब्रेक फ़ैल कार्स से एक्सीडेंट हुवा था तुम्हारी माँ तो वही चल बसी पर पापाजी ज़िंदा थे

हम उन्हें हॉस्पिटल ले गए मैंने कहा उन्हें के मैं तुमदोनो को फ़ोन करदु पर वो नहीं मने और जानते हो उन्होंने क्या कहा

न पापा : बेटी कुछ भी होजाये तुम्हारे भाई बेहेन को मत बताना की हम नहीं रहे तुझ मेरी कसेआमम आअह्ह्ह्हह

और उनके ये hi आखिरी सब्द थे वो नहीं कहते थे की तुम दोनों परेशां होकर अपनी स्टडी चोरर के यहाँ आओ वो तुम दोनों को कामयाब होना देखना कहते थे वो नहीं कहते थे की एक गलती की वजह से तुम दोनों अपना फुतुर गावड़ो

और इसी लिए निशा ने तुम्हे नहीं बताया और तुमदोनो की नाराज़गी सेहती रही

और वह खड़े सभी की आखे नाम थी

पर आज केलिए इतना hi

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
बीआरओ क्यों की अगर अंकित तन्वी शादी करता तो साक्षी और तिया उसकी बेतिया बनजाति

और अंकित ये बात कभी नहीं मंटा अब आकाश के साथ शादी के बाद कोई भी उस पर ऊँगली नहीं उठा सकता इसी लिए आकाश बिच मैं आया

और रही बात खून की तो शायद अपने ठीक से पढ़ा नहीं होगा की इससे सभी लेडीज की सूंदर था और बढ़ेगी

बाकि का आप पढ़ते जाईये आपको सब समज आजायेगा
 
अपडेट 92

यहाँ निशा बस लगातार आशु भये जा रही थी

रजनी : क्या आप सच कह रहे हो जीजू या फिर ये कोई झूठ है

आकाश : मैं अपने बेटे अंकित की कसम खा कर कहता हु जो भी मेने कहा वो सच है

बस इतना सुनते hi रजनी निशा के पास गयी निशा अभी सोफे पर बैठी थी और रजनी निशा के पैरो मैं गिर गयी

रजनी (रट हुए) : दीदी मुझे माफ़ करदिजिये दीदी गलती हमारी है हमे आपको बोलने देना चाहिए थे हमे आप पर विश्वास करना चाहिए थे याद है दीदी बचपन मैं हंमेशा आप कुछ भी कहती थी हम वो सब मान लेते थे क्यों की हमे पता था की हमारी दीदी कभी हमारा बुरा नहीं कहेगी पर तब हमने आप पर थोड़ा भी ट्रस्ट नहीं किया हम गुस्से मैं ये तक भूल गए की आप हमारी बड़ी बेहेन है वो बेहेन जिसने हंमेशा एक बेहेन की तरह नहीं एक माँ की तरह हमारा ख्याल रक्षा था आपको पता है दीदी जब माँ डैड कही हमे चोर कर जाते थे मैं और भैया जब भी लड़ते थे तब आप hi हमे संभालती थी और हुम्म्ने हु ुहु ुहु ुहु ुहु सॉरी दीदी प्लीज हमे माफ कार्डो

निशा ने रजनी को उठा कर अपने गले लगा लिया

निशा : नहीं छोटी मत रो गलती मेरी थी पर मैं क्या करती पापा ने आखिरी बार कुछ माँगा था तो मैं कैसे उन्हें मन करदेती हो सके तो मुझे माफ़ करदेना

रजनी : it's OK दीदी ी लव यू दीदी

निशा : लव यू तो छोटी

राज : क्या अपने छोटे भाई को माफ़ नहीं करोगी दीदी

निशा : यहाँ आ मेरे भाई

और राज भी निशा के गले लग कर रोने लगा

राज : मुझे माफ़ करदिजिये दीदी मैंने गुस्से मैं आपको क्या क्या नहीं सुनाया यहाँ तक की आपको एक ये भी कह दिया जो एक भाई शायद कभी अपनी बेहेन को कमीनी कही कहता और मैंने तो वो भी कह दिया

निशा : नहीं भाई चुप होजा शायद मेरी जिंदगी मैं थड़े दुःख के दिन लिखे थे जो बिट गए अब शायद खुसिया hi खुसिया है

आकाश : है वो तो ठीक है तो तो सेल साहब और साली साहिबा और कोई डॉट तो नहीं हैना

राज : नहीं जीजू अब और कुछ नहीं है और जीजू आप भी हमे माफ़ करदिजिये हमने भी आपके साथ काम बदतमीज़ी नहीं की थी

आकाश : अरे कोई नहीं यार चलता है

ज़रा : अरे जरा कोई उससे तो पूछो जिसकी वजह से हमारा फॅमिली रीयूनियन हुवा है अंकित यहाँ आओ

अंकित आगे आया और अपने मां ममी और मसि के पेअर छुए

राजने उसे गले लगाया

राज : भांजे कैसे हो सॉरी अगर हमारी किसी बात से तुम्हे दुःख पंहुचा होतो

अंकित : अरे मां जी कोई बात नहीं होता है

रजनी : बीटा अपनी मसि को भी थोड़ा प्यार दो

और अंकित उसके भी गले लग गया

रजनी : सच में दीदी मेरा भांजा बहुत प्यारा है

ज़रा : हमे भी प्यार दो थोड़ा

और अंकित ज़रा के पास चला गया

और गले लग गया

राज : अब दीदी आपकी तबियत किसी है

निशा : अब तो बहुत ज्यादा अच्छी है इन्फेक्ट शायद अब 1 वीक मैं मैं पूरी तरह नार्मल होजाऊंगी और रज्जो बता कहा है तेरे पति

ये सवाल सुनते hi रजनी फिर उदास होगयी

निशा : क्या हुवा ऐसे मुँह क्यों लटका लिया

रजनी : वो दीदी जब मेरी शादी हुयी उसके 1 साल बाद hi मेरा डाइवोर्स होगया

निशा : क्यों क्या हुवा था

रजनी : वो जब हमारे घर रिश्ता लेकर आया तब वो बहुत मीठी मीठी बाते करता था फिर शादी के बाद उसने असली रंग दिखाना सुरु किया वो रोज़ अपनी कपीसीटीय से ज्यादा ड्रिंक करने लगा वो रोज़ मुझे मरता और टॉर्चर करता जब मैंने उससे पूछा की मेरे साथ ऐसा क्यों बेहवे करता है तो तब उसने बता की '' मुझे लड़कियों और और अओर्तो को दर्द देने मैं मज़ा आता है और सुकून मिलता है जब लड़किया और एयरटे उसके सामने दर्द से तड़पती है तब उसे मजा आता है फिर मुझे पता चला की उसकी एक बीवी और है और एक बीटा भी है इसी लिए मैंने 1 साल बाद hi डाइवोर्स दे दिया और भैया के साथ रहने लगी मैं ये नहीं चाहती थी की मेरी वजह से मैं भैया पर बोज बनु तो मैंने इस कॉलेज मैं प्रोफेसर की जॉब कर्ली और अब भी वही करती हु

निशा : ओह्ह रज्जो सच मैं ऐसे हैवान के साथ रहना hi नहीं चाहिए

अंकित ( गुस्से से) : जरा उसका नाम तो बताना मसि

रजनी : नहीं अंकित चोरो वो सब 7 साल पहले हो चूका है और अब उससे हमारा कोई लेना देना नहीं है

अंकित : नहीं मसि मेरी मसि को जिसने भी जखम दिए है और वो मज़े से जिंदगी गुजरे ये मैं हरगिज़ बर्दास्त नहीं करूँगा

रजनी : बीटा नहीं और तुम क्यों खामखा परेशां हो रहे हो मेरे लिए वैसे भी हमे मिले हुए वक़त hi कितना हुवा है इतनी जल्दी मुझसे ाटगे होगये

अंकित : मसि रिस्ता दिल से बनता है और जब रिस्ता बनता है तो उसमे प्यार भी होता है अगर विश्वास नहीं तो पूछिए मेरी माँ से उन्हें मैं कितना प्यार करता हु भले hi वो मेरी स्टेप माँ है

अंकित के मुँह से निकला स्टेपमॉम सब्द मल्होत्रा फॅमिलिये केलिए किसी बम से काम नहीं था

तीनो : क्या स्टेप माँ मतलब

अंकित : है मैं उनकी कोख से जन्मा हुवा नहीं हु पर मुझे ये अपनी सगी माँ से भी पैरी है

रजनी : दीदी ये

निशा : है ये सच कह रहा है

रजनी : पर कैसे....

निशा : अब लगता है तुम्हे वो सब बताना hi पड़ेगा आकाश : क्या हमारे घर के रिवाज़ भी बतादे

आकाश : है मुझे इन पर ट्रस्ट है तुम बेझिजक बतादो

निशा ने फॉर अंकित पूरी स्टोरी सुनादि और उनके बीक सेक्स के बारे मैं भी बता दिया

रजनी : क्याक आप सब आपस मैं सेक्स करते हो और अंकित के साथ भी

निशा : है पर याद रखना ये किसी को बताना मत मुझे तुम सब पर यकीन है इसी लिए मैंने तुम्हे अपनी कसम नहीं दी है

राज : अरे जीजू यार हमसे एक नहीं संभालती आप तो दो को संभल कर बैठे हो और बा तीसरी भी

आकाश : अब क्या करे सेल साहब शायस्ड हमारी किस्मत hi ऐसी है

राज : मैं आपसे एक बात कहना कहता हु पर उससे पहले दीदी जान दे देंगे पर अभी जो अपने कहा वो कभी बहार नहीं आएगा

और अंकित ये बात तुम्हारे लिए है

अंकित : वो क्या मां जी

राज : मैं कहता हु की तुम रजनी और ज़रा को भी सेटिस्फाई कार्डो

अंकित : अरे मामू यार क्या कह रहे हो आखिर ये कैसे हो सकता है

राज : देखों अंकित मैं ज्यादा बातो को घुमाऊंगा नहीं मेरा प्रोफेशन है सुरजूरी का और मुझे ए दिन इमरजेंसी केस इस आते है और मुझे सबसे ज्यादा क्रिटिकल सुरजूरी मैं महारत हासील है इसी लिए मैं कई बार ज़रा को सेटिस्फाई नहीं करपाता हु क्यों की स्ट्रेश की वजह से मैं थोड़ा ज्यादा ड्रिंक करता हु तो इसी लिए और रजनी तो 7 साल दिवोर्सीद है उसकी भी अपनी जरूरते होंगी मैं नहीं कहता की वो कही और बहक जाये और कोई इसका गलत फायदा उठा ले अगर तुम है बोलते हो तो मैं बिलकुल टेंशन फ्री होजाऊंगा क्यों की घर की बात घर में रह जाएगी

अंकित : अब क्या करू क्या ना करू मुझे तो कुछ समाज नहीं आरहा है

राज : देखों बीटा कोई जबरदस्ती नहीं है

अंकित : ज़रा ममी और मसि क्या आप इस सब केलिए राजी होंगी

ज़रा : राज मेरे ेलिए जो फैसला लेंगे वो सही है होगा मैं उनपर और तुम पर दोनों पर यकीन है

रजनी : अगर भैया ने कहा है तो मेरे लिए तो बात वही ख़तम होगयी क्यों की उन्होंने हंमेशा मुझे हर खुसी दी है क्या अब ये एक खुसी अपने बेटे से मांग सकती हु

अंकित : माँ डैड आप क्या कहेंगे

निशा : बीटा तुम हंमेशा की सभी को खुसिया बाटी है तो यहाँ भी थोड़ी खुसी दे दो

आकाश ने भी है मैं गार्डन हिलायी

अंकित : ठीक है मैं तैयार हु

तभी पीछे से आवाज आयी

'' कोण किसकेलिए तैयार है डैड ''

और ये आवाज वाली लड़की वह पर आयी लड़की तिया की उम्र की hi थी दिखने मैं क्यूट और ब्यूटीफुल और सरीर भी जवान था

लड़की : डैड ये लोग कोण है

राज : बीटा ये है निशा आपकी बड़ी बुआ और ये फूफाजी और ये उनका बीटा तुम्हारा भाई अंकित

निशा : ये ये जिया है है

राज : है ये है मेरी बेटी जिया बेटी जाओ अपनी बुआ के पेअर छुओ

जैसे hi जिया निशा के पास गयी निशा ने जाट से उसे गले लगाया पर इससे अंकित का चेहरा एक मं केलिए लटक गया पर बाद मैं वो संभल गया पर ये एक मं निशा केलिए काफी था उसने देख लिया

निशा : कितनी प्यारी है मेरी बच्ची एक डैम क्यूट

जिया : आप भी तो एक दम हॉट एंड सेक्सी हो बुआ

ज़रा : बीटा बुआ को ऐसे नहीं बोलते

निशा : अरे भाभी क्या हुवा बेटी आखिर तारीफ hi तो कर रही है मेरी

रजनी : सच मैं दीदी आप वक़त के साथ और खूबसूरत होगयी हो

निशा : तू भी काम नहीं है और ज़रा भाभी को देख कर तो कोई नहीं कहेगा की ये बेटी की माँ है

ज़रा (शर्मा के) : वो ऐसा कुछ नहीं है दीदी वो मैं आप लोग बैठिये मैं अभी डिनर की तैयारी करती हु और डिनर करके hi जाईयेगा

और ये बोल ज़रा किचेन मैं भाग गयी सब पिछेसे हसने लगे खैर ऐसी है हसी मज़ाक के साथ डिनर कम्पलीट हुवा और रावल फॅमिलिय सबसे विदा लेकर वापस रावल मेंशन आगये

सब ने उनसे पूछा की क्या हुवा और निशा ने भी सब कुछ बता दिया फिर सब सोने केलिए रूम मैं चले गए

निशा को अभी सिडिया चढ़ने मैं अभी दिक्कत हो रही थी तो अंकित उसको सहारा देकर ऊपर ले गया और निशा को फ्रेश भी करवाने मैं मदद की निशा देख रही थी की अंकित बहुत ज्यादा hi करेफ़ुल है आज उसके लिए निशा समाज गयी

फिर दोनों बैड पर आगये

निशा : बेबी तो कैसे लगे अपने मां ममी और मसि

अंकित : बहुत अच्छा लगा मम्मी उनसे मिल कर मां जी एक सच्चे और ा छे डॉक्टर है मुझे उनका तरीका पसंद आया की वो अपने रिश्ते से ज्यादा अपने प्रोफेशन को इम्पोटेंस देते है जैसे उन्होंने आपसे नाराज़ होने के बावजूद भी आपका ट्रीट मेन्ट किया मैं उनसे बहुत इम्प्रेस हौवा और वो एक जिम्मेदार इंसान भी है

वही मसि एक बहुत hi सूंदर सेक्सी लेडी है पर वो अंदर बहुत ज्यादा स्ट्रांग है और वो भी अपना काम ा छे से जानती है

वही ज़रा ममी एक जिम्मदार और फॅमिली से प्यार करने वाली करेफ़ुल वाइफ है

और जिया भी बहुत क्यूट है बिलकुल मेरी गुड़िया तिया जैसी है

निशा : तो जब वो इतनी अच्छी है तो उसको मुझसे गले लगते देख आपका मुँह क्यों लटक गया बीटा

अंकित : मुम्मा मेने आपसे एक बात सीखी है की कभी भी बात को ज्यादा मत घुमाओ पता नहीं क्यों मुम्मा पर जब भी मेरे अलावा या हमारी फॅमिली के अलावा कोई भी आपके करीब आता है तो मुझे अच्छा नहीं लगता पता नहीं क्यों पर मुझे बहुत जेएलओसी फइलल होती है

निशा : बीटा इतना ज्यादा प्यार करते हो मुझसे

अंकित : है माँ स्पेशलय जब से आपका एक्सीडेंट हुवा है पहले मेरी माँ चली गयी फिर चाचा चची मुझे अब थोड़ा दर लगने लगा है की कही आपको कुछ हो....

और अंकित चुप होगया तभी निशा को अपने सीने पर गिला पैन लगा

निशा ने देखा की अंकित की आखे नाम थी निशा उसकी आखों मैं अपने लिए प्यार और तड़प साफ़ साफ़ देख पा रही थी

निशा : आईए चुप होजाओ बीटा मेरा बीटा आखिर कबसे डरने लग मुझे तुम पर प्राउड है बीटा तुम बहुत ब्रेव हो जिसने इतने सालो तक खुद को अपने माँ डैड के बिना संभाला और खुद एक एम्पियर के मालिक बने आज के बाद कभी भी अपनी इस माँ को अपनी रोटी हुयी सूरत मत दिखाना तुम हस्ते हुए hi अच्छे लगते हो चलो

वैसे कल तुम कहा गए थे

अंकित : माँ वो टाइम आने पर बताऊंगा

निशा : okay

फिर ये दोनों सो गए

यहाँ मनीषा अपने रूम मैं थी आकाश को आज एक बिज़नेस डील केलिए रोमानिया जाना था तो वो निकल गया

तभी उसके रूम का दूर खुला और तन्वी अंदर आगयी

मनीषा : अरे तन्वी तुम यहाँ

तन्वी : है दीदी वो क्या है मुझे अपने रूम मैं बहुत अकेला पैन लग रहा था तो यहाँ चली आयी

मनीषा अभी एक ब्लैक कलर की सेक्सी ब्रा पेंटी मैं hi थी और बीएड पर बैठे हुए मैगज़ीन पढ़ रही थी

और मनीषा ने देखा की तन्वी भी अभी एक ग्रीन ब्रा पेंटी मैं hi है

मनीषा : कोई बात नहीं आज मेरे साथ यही सो जाओ

तन्वी और मनीषा दोनों hi बीएड पर लेट गयी

तन्वी : दीदी क्या मैं आपसे एक चीज़ मांग सकती हु

मनीषा : है बोलो

तन्वी : मुझे ये कहना तो नहीं चाहिए पर क्या करू मुझे अभी इस वक़त किसी की चूचिया चूसने की बहुत ज्यादा जरुरत महसूस होरही है

मनीषा : है कोई बात नहीं रुको

और मनीषा ने अपनी ब्रा उतारदी और तन्वी ने भी अपनी ब्रा उतर दी दोनों ने एक दूसरे को बाँहों मैं भर लिया और तन्वी मनीषा की चूचिया चूसने लगी

मनीषा : सच मैं अपनी उम्र की अओर्तो से चूचिया चुसवाने मैं बहुत मज़ा आता है आअह्ह्ह्हह ोुह्ह्ह्ह

और तन्वी ने मनीषा की पेंटी को उतर दिया और मनीषा के छूट के क्लाइटोरिस को रब करने लगी मनीषा को भी मज़ा आने लगा उसने भी वही किया और थोड़ी देर बाद दोनों एक दूसरे की छूट मैं जोर से ूँगी काटने लगी

मनीषा : आठ यस यस यस यस तन्वी डोनट्स स्टॉप ूउम्म्म आह्ह्ह्ह यस यस यस

तन्वी : दीदी आप hi मत रुकना आअह्ह्ह्हह आअह्ह्ह यस यस यस ओह्ह्ह आअह्ह्ह यस यस

और दोनों करीब 5 मं मैं जड़ गयी और फिर दोनों फ़्रेशः हुयी और दोनों hi एक दूसरे को थोड़ी देर किश करते करते सो गयी

नया दिन चढ़ चूका था अभी सभी लोग रावल मैंशन मैं थे सिवाए आकाश के

यहाँ तक की फरोक सुबिना रहना और सेमिना भी थी ये क्यों थी ये आपको जब रंश और अंकित की फाइनल बेटल होगी तब पता चलेगा

अंकित : माँ मैं कहता हु की आप और तन्वी चची हमारे प्रिवेट आइलैंड पर शादी करे क्यों की वह हमे कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा और है इसके साथ साथ एक अच्छा फॅमिली वेकेशन भी होजायेगा

निशा : ठीक है मैं तेरे पापा से बात करती हु

अंकित : तो रहना सुबिना और सेमिना वह का काम आप तीनो को देखना है

तीनो : ठीक है

अंकित (मन में) : रंश बीटा अब देख तू बस एक बार मैं जो सोच रहा हु उसका पता चल जाये फिर तुझसे फेस तो फेस बात करूँगा

अंकित : कल hi शॉपिंग सुरु कार्डो हम 3 दिन बाद निकालेंगे

सब : कल से क्यों आज से क्यों नहीं

अंकित : वो मुझे एक काम है जो आज hi निपटना है इसी लिए मैं शॉपिंग पर नहीं चल पाउँगा

सब : ठीक है

फिर अंकित निकल गया अपनी कार लेकर अपने एक होटल मैं

वह वो एक रूम मैं बैठा hi था की उसके रूम मैं एक 56 साल का एक आदमी आया वो भले hi उम्र मैं बड़ा था पर बॉडी अभी भी खतरनाक थी

अंकित : वेलकम मर हरीश बक्शी

हरीश : hello अंकित कैसे हो

अंकित : मैं तो एक दम बढ़िया हु आप कैसे हो

हरीश : मैं भी ठीक hi हु पर अब उम्र होगयी है तो तबियत थोड़ी नासाज़ रहती है

अंकित : आईये बैठ कर बात करते है

फिर दोनों बैठ गए

अंकित : क्या लेंगे ड्रिंक मैं

हरीश : ब्लैक डॉग विथ रॉक्स

अंकित दोनों केलिए ड्रिंक्स मंगवाए

और दोनों ने एक एक सिप मारा और बोलै

हरीश : बोलो क्या जानना चाहते थे तुम जो फ़ोन पर नहीं बोल पाए

अंकित : मैं रंश के बारे मैं जानना कहता हु

हरीश ने एक पेग और जातक लिया और बोलने लग और अंकित सुनने लगा

और बात ख़तम होते hi अंकित का मुँह खुला का खुला रह गया

हरीश : तो ये है रंश ठकराल की असलियत

पर तुम ये क्यों जानना चाहते थे वो तो अब जेल मैं साद रहा होगा अभी

अंकित : ये hi तो प्रॉब्लम है वो वह से फरार होगया है और आते hi उसने मुझ पर हमले करवाने सुरु करदिये और एक हमले मैं अभी कुछ दिन पहले मैंने अपने चाचा चची को खो दिया है

हरीश : क्या वो दरिंदा आज़ाद होगया अंकित वो ऐसा जानवर है की उसे खुला चूर्ण ठीक नहीं

अंकित : don't वोर्री हरीश अंकल मैंने उससे निपटने का प्लान बना लिया है 3 दिन मैं वो परलोक सुधर जायेगा पर मुझे आपसे एक बात करनी है क्या आपने रंश के माँ बाप को देखा है

हरीश : है उन हैवानो को कैसे भूल सकता हु

अंकित : ठीक है और ये फोटोज देखिये क्या आप इनमेसे किसी को पहचानते है

अंकित ने हरीश के सामने 4 फोटोज राखी

जिन मैं से दो फोटोज को देख कर हरीश की आखे फ़ैल गयी

हरीश : ये तुम्हे कहा से मिली

अंकित : वो सब बाद मैं क्या आप इन्हे पहचानते है

हरीश : है इन्ही कमीनो की तो कमीनी औलाद है रंश

अंकित : थैंक्स मुझे बताने केलिए

हरीश : आखिर तुम्हे कैसे पता की इनके बारे मैं मैं hi तुम्हे बता सकता हु

अंकित : क्यों की मर ठकराल ( रंश का बाप) के आप सिक्योरिटी हेड थे और उनसे सबसे ज्यादा करीब थे इसी लिए मुझे लगा

आज केलिए इतना hi बाकि का अगले अपडेट मैं

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 93

अंकित भी मर हरीश बक्शी से मिलकर घर आया और देखा की की सभी शॉपिंग जाने की तैयारी कर रहे है और वो निकल hi रहे थे की अंकित आज्ञा

अंकित भी कार को पार्क करके वह आज्ञा

मनीषा : बीटा अच्छा हुवा तू आज्ञा अब तू भी चल हमारे साथ

अंकित : नहीं माँ आप लोग जाओ मुझे थोड़ी देर रेस्ट करना है

तन्वी : बीटा प्लीज चलो न अपनी इस मम्मी की बात नहीं मानोगे

अंकित : मम्मी प्लीज फाॅर्स मत करिये मुझे थोड़ी देर रेस्ट करना है और मुझे पता है आप आज hi साडी शॉपिंग नहीं करपाओगी इसी लिए आप अभी जाईये मैं बाद मैं चलूँगा

निशा : अरे इसे रेस्ट करने दो देखों वैसे भी कितना थका हुवा है है अभी भी

मनीषा : है बात तो सही है थका हुवा तो लग रहा है ठीक है बीटा तू आराम कर

और अंकित चला गया अपने रूम मैं और सो गया और सभी लेडीज शॉपिंग करने निकल गयी

कही एक हॉस्पिटल मैं ऑपरेशन थिएटर मैं लेती हुयी है जिसने अभी एक बच्चे को जनम दिया है एक ायरत लेती हुयी है और 2 नर्सेज एक बच्चे को गरम पानी से साफ़ कर रही है और 1 डॉक्टर उस ायरत के पास खड़ा है और दूसरे बच्चे को पैदा करवाने की कोसिस कर रहा था ायरत बेसोश होगयी थी एक बच्चे को जनम देते hi इसी लिए तीसरी नर्स उस ायरत के पेट को पुस कर रही थी जिससे बच्चा हो सके बच्चा बहार निकल गया था और सिर्फ उसकी टंगे hi निकल नई बाकी थी वही वो 2 नर्स मैं से एक उस पहले बच्चे को ओप्रेसशन थिएटर के एक अटैच्ड रूम मैं लगाई उस बच्चे को रेडी करने

की तभी कोई आया और उस दरवाजे को बहार से लॉक किया बड़ी hi सफाई से और बिना आवाज के और डॉक्टर्स और नर्सेज की सर मैं वार किया और और सभी बेहोश होगये

और वो आदमी उस ायरत के पास गया और उस ायरत को एक इंजेक्शन लगाया और उस बच्चे को लेकर वह की खिड़की से बहार निकल गया

और अंत मैं एक चेहरा सामने आते hi

Nnnnnaaahiiiiiiiiii

मम्म्मूऊऊऊऊम्मम्मम्मम्म

और ये कह कर अंकित एक झटके मैं उठ खड़ा हुवा

अंकित ( मन में) : ये ये क्या था क्या ये सपना सच है नहीं ये नहीं हो सकता नहीं नहीं नहीं ये नहीं हो सकता लेकिन ये आखिर मुझे hi ये सपना क्यों आया आखिर ये क्या पहेली है और वो आदमी जिसकी सकल मैंने देखि सपने मैं वो साला हरामी अगर उसने ये किया है तो मादरचोद को ऐसी मौत मरूंगा की हैवान भी काँप उठेगा

और उसका चेहरा क्यों सामने आया क्या वो मेरी क्या वो मेरी hi बहन नहीं मुझे पता करना होगा तो hi मैं किसी नतीजे पर पहुंच सकता हु

और अंकित उठा और सीधा अपने घर के बने एक सीक्रेट रूम मैं गया ये रूम आकाश का था वो इस वाले रूम मैं अपनी इम्पोर्टेन्ट लिकर रखता था आकाश भले hi सबके सामने ड्रिंक करता था पर कभी कबर hi बाकि अगर उसे ड्रिंक करनी होती तो वो इस रूम का उसे करता ये रूम आकाश का मिनी बार था

अंकित वह गया और एक साथ 3 बेग गतग गया तभी उसका फ़ोन बजा

अंकित : hello कोण

सामने से : अरे इतनी जल्दी भूल गए अरे मैं हु रश्मि तुम्हारी माँ मनीषा की फ्रेंड हम मिले थे न सलोनी के घर शादी मैं

अंकित : ओह्ह सॉरी आंटी वो क्या है न मैं अभी सो रहा था और आपके फ़ोन से उठा हु

रश्मि : it's OK बीटा वो तुम्हे याद होगा की मेने तुमसे कुछ माँगा था

अंकित : है मैं जनता हु सॉरी पर मैं उसके बाद फ्री hi नहीं हुवा

रश्मि : कोई बात नहीं वैसे क्या आज आ सकते हो आज मेरा बहुत मन कर रहा है और मेरी साडी फ्रेंड्स मैं से मैं hi बाकि रह गयी हु तुमसे प्यार करने मैं

अंकित : ठीक है देखता हु और है आज रात बहुत स्पेशल होनी चाहिए

रश्मि : आओ तो सही बेटे तुम्हे जन्नत दिखाएगी ये तुम्हारी आंटी

फिर फ़ोन कट होगया और ऐसे hi रात होगयी अंकित परेशां है ये उसने किसी को भी शो नहीं किया पर निशा समाज गयी पर उसने अंकित को थोड़ा टाइम देने का सोचा

उसके बाद सबने डिनर किया और सब रूम मैं चले गए

अंकित रेडी हो रहा था की निशा और मनीषा उसके रूम मैं आगयी

निशा : बीटा कहा जाने की तैयारी हो रही है

अंकित : मुम्मा वो माँ की फ्रेंड हैना रश्मि बस उसके घर जा रहा हु वो आज कुछ ज्यादा hi मूड मैं है

मनीषा : है बीटा उसका फ़ोन आया था आज उसे अच्छी खुश करना वैसे अब थकावट नहीं हो रही न

अंकित : no माँ अब काफी फ्रेश हु

निशा : ठीक है जा पर सुबह तक आजाना

अंकित : ठीक है माँ ऊम्ममाहहह

ऊम्म्हा

और अंकित अपनी दोनों माँ को गाल पर किश करके चला जाता है

मनीषा : दीदी आपने उसे सुबह आने को क्यों कहा वो तो वैसे भी देर रात मैं आजाता

निशा : नहीं मनु उसने अभी काफी दिनों से सेक्स नहीं किया है और ऊपर से शीतल और मनोज भैया की मौत से वो बेहद स्ट्रेस मैं था उसे आज की रात रश्मि के पास नाज़े करने दे

मनीषा : पर दीदी हम भी तो हैना यहाँ हमारे साथ hi करलेता

निशा : मनु उसे हमारे साथ hi मजा आता है पर उसे नयी छूटो का भी मज़ा लेने दे वो अभी यंग है और वो किसी वादे के बारे मैं बात कर रहा था

मनीषा : है वो रश्मि का हस्बैंड उसे बच्चा नहीं दे प् रहा है तो अंकित ने उसे बच्चा देने का वडा किया था

निशा : है ठीक है अब उसे इंजॉय करने दे

मनीषा : है और अब आप रेस्ट करिये अभी 1 वीक पूरा नहीं हुवा है मेरा बस चले तो आपको बीएड पर से उठने hi न दू चलिए कपडे निकालिये आपकी पट्टी भी खोलनी है और उसके बाद आप फ्रेश होजाईये ताकि आपकी चोट की ड्रेसिंग कर सकू

फिर ऐसे hi हुवा

यहाँ अंकित पंहुचा रश्मि के घर

अंकित देखता है बंगलो बड़ा था रावल मैंशन जैसा बड़ा नहीं पर बंगलो अच्छा खासा बड़ा था

अंकित ने बेल्ल बजायी तो रश्मि ने आकर दर अजा खोला और जैसे hi अंकित अंदर आया तो रश्मि ने डोर क्लॉसेस करदिया

अंकित ने रश्मि को देखा तो देखता hi रह गया रश्मि ने एक रेड गोल्डन मिक्स सारे पहनी हुयी थी बाल खुले हुए चेहरे पर रेड मेकअप होठों पर ग्लॉसी रेड लिपस्टिक कानो मैं गोल्डन इयररिंग्स और गले मैं उसका एक बहुत hi शानदार मंगल सूत्र और माथे पे बिंदी और मांग मैं सिधुर

हाथों मैं महेंदी और लाल चुरिया कुल मिलके आज वो कामदेवी लग रही थी

रश्मि : ऐसे क्या देख रहे हो अंकित

अंकित : सच मैं उपरवाले ने बड़ी hi कलाकारी से बनाया है आपको आंटी

रश्मि : थैंक्स मेरी तारीफ केलिए अब जरा पुरे नंगे होजाओ जिससे मैं और गरम होजाउ

अंकित : आप hi कार्डो जिससे मैं भी हॉर्नी फइलल करू

फिर रश्मि आगे आयी और अंकित को होठों पर एक प्यारा किश दिया और उसकी सीरत के बोटों खोल ने लगी और अंकित को टॉपलेस करदिया और अंकित की गोरी छाती पर किश करने लगी और उसने अंकित के एक निप्पल्स वाले हिस्से को मुँह मैं लिया और चूस दिया और दातो के बिच लेकर काट दिया और अंकित को लव बाईट दिया

फिर उसने अंकित की बेल्ट खोली और उसकी पेण्ट को खोल के निकल दी अब अंकित सिर्फ अंडरवेर मैं था उसने अंकित को पूरा नंगा भी कर दिया

और उसका हाथ पकड़ कर

रश्मि : चलो मेरे राजा बाकि का रूम मैं फिर तुम्हे जाना भी होगा न

अंकित : आज की पूरी रात आपके नाम है जितना चाहे कीजिये

रश्मि : सच

अंकित : है चले

फिर दोनों रूम मैं आगये जहा रश्मि का किंग साइज बीएड था

फिर देखते hi देखते दोनों के होठ मिल गए

अंकित : ूउम्म्म ऊम्ममाहहह ूउम्म्म छाए ूमममम पूउक्छ्हः ऊम्मम छू छू ूउम्मम्मम्म

रश्मि : उउउउम्मम्म ऊम्ममाहहह ूउम्म्म ओह्ह्ह मेरे राज्ज्जाआँ उउउउम्मम्म आइईसीई होई मम्मीीरररी टाड़दायप्पप मम्मीित्तादो

अंकित : उउउउम्मम्म मूउज्ज्झी भ्हीइ ाआपपकी छूट साहहहयई उउउउम्मम्मकहहहह अक्खह्ह्हह्ज उउउउउम्मम्मम्मम

रश्मि : यीईइ रराष्ठ्मीी तेरी है मेरे उउउउम्मम्मकहहहह प्लपपपपपूउउउक्छ्ह राजा उउउउम्मम्म ूउम्मम्मम

फिर अंकित ने रश्मि के गले को चूमना चालू किया और जोर जोर से उसकी चूचिया मसल ने लगा

रश्मि : आअह्ह्ह्ह ऐसे hi बेटा अपनी इस आंटी को आज्ज जन्नत दिखादे ूउम्म्म ऊह्ह्ह्हह्ह आआह्ह्ह ऐसी hi ोुह्ह्ह्ह

अंकित : पूउछहहहह उउउउम्मम्म ूउम्म्म उउउउम्मम्म आअह्ह्ह्ह ुउउम्म पूउउउक्कममम

रश्मि : ू ोुह्ह्ह्ह अंकित मेरी चूचिया थोड़ा ढीटेरे आह्ह्ह्हह हआ ायबबब थी हैई आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह ऐसे hi ऊम्मम हाय्यय आअह्ह्ह्ह ओह्ह बेटा मेरी चूचियों का दुद्ध पियो प्लीज उउउउम्मम्म अपनी इस माँ जैसी आंटी को चूचिया चुसवाने का सुख देदो बेटे

फिर अंकित ने रश्मि की साड़ी को निकला और उसके ब्लाउज के उप्पेर से hi चूचियों को चूसने लगा और दबाने लगा

रश्मि : आआह्ह्ह ोुह्ह्ह्ह मज़ाआ ाआगजञाए है बीटा ऐसे ाःह पिजा तेरी आंटी का दुधूहहह मैं बायतत्ता नहीं सकती कितना सुकून मिल रहा है आह्हः

फिर अंकित ने रश्मि का ब्लाउज उतरा और चूचियों को ब्रा मैं से आज़ाद किया रश्मि की 34 साइज की चूचिया उछाल कर बहार आगयी और उसके लाल सुर्ख निप्पल्स रश्मि की चूचियों की शोभा बढ़ा रही थी

अंकित रश्मि की गोरी चूचियों को चूसने लगा

अंकित : उउउउम्मम्म आपकी चूचिया ुउउम्म क्या बात है एक दम परफेक्ट ूउम्म्म सच मैं बहुत टेस्टी है ूउम्म्म ूउम्म्म पाऊउउउछहह ुउउम्म

रश्मि : ओह्ह्ह ऐसे hi आआह्ह्ह चूसते रहो अक्खह्ह्हह्ज धीरे से काटना जोरसे नहीं आआह्ह्ह आआह्ह्ह ओह्ह्ह ऐसे hi मेरे राजा आह्ह्ह्हह

करीब 15 मं अंकित रश्मि की चूचियों को चुस्त रहा

फिर अंकित ने रश्मि के पेटीकोट निकल दिया और उसकी पेंटी को निकल कर रश्मि के पास गया उसके नक् पर उसकी पेंटी रख और खुद भी उसके करीब आज्ञा और दोनों ने गहरी सांस के साथ रश्मि के छूट की खुशबु अपने अंदर ली और दोनों को hi छूट की खुशबु से नशा सा चने लगा दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को चूमने लगे और छूट की खुशबु अपने अंदर लेने लगे

और फिर अंकित उसकी छूट के पास आया और देखा की एक दम मस्ट गोरी चिकनी छूट है उसकी और छूट के बिच मैं कुछ हिस्सा ब्राउन था और छूट गीली थी और उसमे हल्का हल्का पानी रिस रहा था अंकित से रहा नहीं गया और वो रश्मि की छूट पर टूट पड़ा

अंकित : सुऊरररपपप सुऊरररपपप उउउउम्मम्म ुउउम्म मस्ट तस्स्ट्त है आप की छूट का ायउन्नततिययय

रश्मि : ूउम्म्म आह्ह्ह्हह ऐसे hi छतो आआह्ह्ह आअज तक किसी ने वह छठा नहीं है ओह्ह्ह आआह्ह्ह आअह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्हह्ह ाःह ोुह्ह्ह्ह ऐसे छतो बेटे आह्ह्ह्हह

अंकित : सुऊरररप्प सूयररररपपपप सुऊरररप्प सुऊरररप्प ुउउम्म कुऊ प्पआउउउछहः ुउउनंनं सूयररररपपप

रश्मि ने अपनी दोनों टैंगो से अंकित के सर को दबाया और अपनी कमर ऊपर कर्ली

रश्मि : यस अंकित ऐसे don't स्टॉप don't स्टॉप ूउम्म्म ऐसे hi ूउम्म्म आअह्ह्ह यस यस यस यस यस यस एस आअह्ह्ह्ह ऊम्मम aaaaaahhhhhhhhhhh yeeessssssssss ोुह्ह्ह्ह

और रश्मि चीखते हुए जड़ गयी और अंकित के मुँह मैं अपनी छूट का रास उढेल दिया

अंकित भी मज़े से पि गया रास को फिर अंकित ऊपर रश्मि के पास जाकर किश करने लगा और अंकित फिर रश्मि को गरम करने लगा

अंकित : केसा लगा पहला ओर्गास्म

रश्मि : बीटा सच में मनु लक्की है जो ऐसे प्यार करने वाला बीटा मिला है मैं सच मैं मज़ा आज्ञा अब आगे तो मुझे साफ साफ़ जन्नत दिख रही है

अंकित : तो उस वेपोन को अब आप तैयार करो जो आपको जन्नत पहुचायेगा

रश्मि : शौक से करुँगी ये तो

और फिर अंकित सीधा लेट गया और रश्मि उसके पास आयी एक हाथ से उसके लुंड को हिलने ले और दूसरे हाथ से उसकी बॉल्स के साथ खेलने लगी

रश्मि : सच मैं अंकित आज तक जिंदगी मैं इससे खूबसूरत चीज़ नहीं देखि

अंकित : तो अब इसे अपने मुँह मैं लेकर प्यार करो

रश्मि : जरूर सुऊरपपप सुऊरपपप सुऊरपपप ूउम्म्म ुऊम ऊम्मम उगऊंगगगग ूगगगग ोूगगगगग ुग्गह पूउउउउछह सीईईई ूउम्मम्मगगगगग ूगगग ऊम्मम

अंकित : आअह्ह्ह्ह डच मैं आंटी आप बहुत ज्यादा अच्छा चूस रही हो आह्हः ऐसे आअह्ह्ह्ह

और रश्मि ने अपनी स्पीड बढ़ा दी करीब 10 मं तक उसका लुंड फुल स्पीड मैं चुस्ती रही और अंकित ने फिर लुंड बहार खींच लिया

अंकित : सच मैं आंटी आप तो चूसने मैं एक्सपर्ट हो क्या चुस्ती हो आप अगर मैं अभी बहार न खींचता तो मैं अभी फ्री होजाता

रश्मि : थैंक्स अब मेरी छूट को फाड़ दो और मेरी कोख मैं अपना बीज डाल्दो

अंकित : खुसी से

रश्मि : अंकित मेरी चिंता मत करना पूरी ताकत लगाकर फूल स्पीड मैं शार्ट मरना रुकना मत भले hi चुदाई जल्दी ख़तम होजाये पर जितनी स्पीड से झटके मर सको मरना ok

अंकित : अस योर विश आंटी

और फिर रश्मि सीधी लेट गयी और और अंकित उसके पास आया और उसकी छूट को चाट कर चिकना किया

और लुंड को सेट करके अपना लुंड आगे पूछ किया तो उसका सुपर अंडर घुस गया

रश्मि ने सिर्फ एक हलकी सिसकी निकली

और फिर अंकित ने जोरदार झटका मारा तो अंकित का लुंड रश्मि की छूट चीरता हुवा अंदर घुश गया

रश्मि : आअह्ह्ह्ह फाआजततत्त गगगआयीईई मेरिइइइ ोुह्ह्ह्हह्ह ममअअअअअअ बायस कुछ देर बीटा रररऊउउक्क्क ज्जाआँ पललईसीए आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

रश्मि 10 मं बाद नार्मल हुयी

फिर अंकित ने धक्के लगाना चालू किया और 5 मं मैं hi अंकित किसी मशीन की रफ़्तार से स्ट्रोएक्स मरने लगा

रश्मि : ओह्ह्ह्ह यस यस यस यस यस ऊह्ह्ह ाः ाहः आह्हः आठ जोर से आठ ऐसे hi आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह ाःह

अंकित : येह आंटी फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क यस यस आअह्ह्ह्ह ओह्ह आपकी छूट कुछ ज्यादा hi टाइट है आअह्ह्ह्ह आठ

रश्मि : है छोड़ो मुझे आअह्ह्ह्ह ऐसे छोड़ डालो मुझे आअह्ह्ह्ह ऊम्मम आअह्ह्ह्ह अहहहहहह आअह्ह्ह्ह ाःह यस यस ये स फ़क में फ़क में हर्डर यस यस यस यश आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह ऐसे hi आअह्ह्ह्ह

अंकित : यस यस यस यस आह्हः आअह्ह्ह्ह यस एएस यस ोुह्ह्ह्हह्ह यस यस यस आह्ह्ह्हह्ह

इनकी चुदाई करीब 1 घंटे तक चली दोनों बिना रुके चुदाई का मज़ा लेते रहे और अब अंकित जड़ने वाला था उसने राश मि को बहो मैं जकड लिया और उसे किश करने लगा और अपनी सरीर की साड़ी लाकत लगा कर फूल स्पीड मैं छोड़ने लगा रश्मि को

रश्मि : अह्ह्ह आहहह अंकित तुम्हे पता है कहा फ्री होना है उतर तो अपना माल मेरी गहराईयो मैं आअह्ह्ह्ह

अंकित : ईस यस ये स्येईएएससस शठ ये गयी पहली धार आह्ह्ह्हह्ह

ये दूसरी ये 3 ये 4 ये 5 ये 6 ये7 ये 8 ये 9 ये 10

अंकित ने अपनी 10 बार पिचकारी चलायी जो सीधा रश्मि की बच्चे दानी मैं उतर कर सामाज्ञी

रश्मि ने अंकित के हर एक कतरे को अपने अंदर समां लिया और दोनों हाफ ने लग

अंकित के स्पर्म की तादात पहले hi बढ़ चुकी थी

फिर दोनों फ्रेश हुए आज रश्मि के चेहरे पर संतुस्ती साफ नाज़ा आ रही थी

फिर दोनों बीएड पैर आगये और दोनों सोने लगे तो रश्मि ने बोलै

रश्मि : ऐसे नहीं तुम मेरी चूचियों को मुँह मैं लेकर सोओगे

अंकित : जरूर पर मुझसे एक वडा करो जब हमारा लिटिल चाप पैदा होजायेगा तब थोड़ा दूध मुझे भी पिलाओगे बोलो पिलाओगे न आंटी

रश्मि : ये भी कोई कहने की बात है मैं जरूर पिलाऊंगी

और ये ऐसे hi बाटे करने लगे अंकित ने रश्मि को दो बार और छोड़ा और 1 बार छूट भरदिया और एक बार अपना वीर्य रश्मि को पिलाया

अब देखते है आगे क्या होता है

और है दोस्तों सॉरी लेट अपडेट देने केलिए वो क्या हैना मेरे एक खास दोस्त की शादी थी तो मैं 5 दिनों से ुश्मे hi बिजी था

और वो शादी गौण से कर रहा था और उस गौण मैं नेटवर्क का इशू होने के चलते मैं इन्फॉर्म नहीं करपया

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 94

'' थे फाइनल बेट्टेल इस ों ''

अंकित रश्मि को खुश करके उसके बीएड रूम मैं सो रहा था

थोड़ी देर बाद अंकित की नींद खुली तो उसने देखा की रश्मि वह नहीं थी अंकित बाथरूम मैं गया और फ्रेश होकर निचे आया उसने देखा की रश्मि नास्ता बना रही थी

अंकित भी उसके पास न जाकर वही सोफे पर बैठ गया थोड़ी देर बाद रश्मि बहार आयी

रश्मि : अरे उठ गए गुड मॉर्निंग

अंकित : गुड मॉर्निंग आंटी वो आप किचन में मैं थी तो मैंने डिस्टर्ब नहीं किया आपको और मुझे पता है कर रात के बाद आपकी थोड़ी तबियत जरूर अच्छी होगी लेकिन आपके बॉडी आपका साथ नहीं देगी इसी लिए मैं वह नहीं आया

रश्मि अंकित के पास आयी और उसके माथे को चुम कर

रश्मि : सच मैं मैं बहुत लक्की हो जो मुझे मनु जैसी फ्रेंड मिली उसी की वजह से मेरी मुलाकात इतने अच्छे लड़के से हुयी

सच मैं बीटा एक बड़ी बात कहूँगी की मैं तुम्हे अपने पति से भी ज्यादा प्यार करने लगी हु मैं तुम्हारे साथ हंमेशा सेफ फील करती हु थैंक यू सो मच मेरी जिंदगी मैं आने केलिए और एक पति के साथ साथ एक बेटे जैसा सुख देने केलिए लव यू बीटा

अंकित : ये तो आपका बड़प्पन है आंटी जो अपने मुझे इस लायक समझा और सच मैं मैं भी लकी हु जो मेरी माँ (मनीषा) की वजह से मैं आप जैसी हुश्न की मलिका और इतनी केयरिंग आंटी मिली थैंक्स तू यू आंटी

और ये बोल कर दोनों एक दूसरे की बाँहों मैं समां गए पर कमल की बात ये थी की अंकित और रश्मि दोनों के hi अंदर एक दूसरे को लेकर हवस नहीं थी क्यों की दोनों के hi बिच एक प्याररा सा आत्ताचेमेन्ट होगया था

रश्मि : चलो अब नास्ता करलो

फिर दोनों ने हु नास्ता किया और फिर दोनों बैठ कर बाते करते है तभी अंकित के फ़ोन पर मश्ग आता है

और अंकित जैसे hi खोलता है उसे देख कर मन मैं सोच

अंकित (मन में) : यस अब आएगा असली मज़ा नाउ टाइम थे फिनाले मीटिंग विथ रंश ठकराल एंड थिस इस थे एन्ड ऑफ़ हेर स्टोरी रंश बेटे आ रहा हु मैं तेरा खेल ख़तम करने और कसम है मुझे मेरे परिवार की मरने से पहले तू मरने वाले की आँखों मैं दर देख कर जिस तरह खुश होता हैना वही दर मैं तेरी आँखों मैं देखूंगा और तुझे ऐसी मौत मरवाउंगा की तेरी हालत देख कर हैवान की भी गांड फैट जाएगी

रश्मि : अरे क्या हुवा किसका मश्ग था

अंकित : अरे वो निशा माँ का मश्ग था पूछ रही है की कहा हो अब तक घर क्यों नहीं आये जब तक सुबह मेरा चेहरा वो न देखे तब तक उनकी सुबह नहीं होती

रश्मि : लगता है बहुत प्यार करते हो अपनी मुम्मा से

अंकित : है उन्होंने खुद को मेरे नाम करदिया है तो वो तो मेरे लिए कोहिनूर से भी बेशरम कीमती है सिर्फ वो hi नहीं मेरी माँ मनीषा और अब मेरी तीसरा माँ तन्वी भी मेरे लिए बहुत खास है. वैसे अब मैं चलता हु

रश्मि : जा रहे हो

अंकित : है आंटी जाना होगा नहीं तो मुम्मा परेशां होजायेगी पर चिंता मत करिये जब भी आप याद करेगी मैं जरूर आऊंगा

फिर दोनों खड़े होते है तो रश्मि की एक दर्द भरी आह निकल जाती है

अंकित : ओह्ह सॉरी आंटी मैंने कुछ ज्यादा चोट देदी आपको

अंकित के मुँह पर हाथ रख कर

रश्मि : ससीईईईई नहीं ऐसा दर्द तो मैं रोज़ सेना चाहूंगी

अंकित ने भी रश्मि का हाथ पकड़ा और हाथ कर किश किया और बोलै

अंकित : आंटी अगर आप बुरा न मने तो क्या मैं वह पर थोड़ा प्यार करलु फिर 1 वीक तक मैं बिजी रहूँगा

रश्मि : है है क्यों नहीं तुम्हारी hi है ये जगह

ये बोल रश्मि सोफे पर लेट गयी और रश्मि ने अभी एक मैक्सी पहनी हुयी थी रश्मि ने मैक्सी को ऊपर करना कहता तो अंकित ने मन करदिया और अंकित मैक्सी के अंदर घुस गया जिससे रश्मि के चेहरे पे एक प्यारी स्माइल आगयी

रश्मि : नॉटी बॉय

और अंकित रश्मि की छूट के पास पहुंच गया अंकित ने देखा की रश्मि ने पेंटी नहीं पहनी है और छूट से निकलती हुयी खुशबु उसे पागल बना रही थी

अंकित ने देखा की छूट वाला हिस्सा थोड़ा सूज गया था और फुला हुवा था

अंकित ने अपने होठों को गिला किया और

फिर रश्मि की छूट के होठों को अपनी जुबान से गिला करके अंकित ने उसके छूट के होठों को अपने मुँह मैं भर लिया

रश्मि को एक बहुत ज्यादा सुखद मीठे दर्द का एहसास हुवा जिससे उसका रोम रोम जम उठा

अंकित : सुऊरररपपप उउउउम्म्म ुउउम्म सुऊरररपपप ूउम्मम्म सुररममम

रश्मि : सीईई आहहहहह अंकित ऐसे hi करो बेटे आहहहहह ये मीठा दर्द आहहहहह ोुह्ह्ह्ह

और रश्मि अंकित के सर जो की अभी उसकी मैक्सी मैं था उसे दबाने लगी

अंकित : सुर्र्प्प सुर्र्प्प सुउउपपरर उउउउम्म्म ूउम्मंहा ुउउम्म सुर्र्प्प

रश्मि: ओह्ह्ह अंकित आअह्ह्ह ऐसे hi ाःह कितना प्यार से कर रहे हो आअह्ह्ह आईई सीईईई ोुह्ह्ह्ह ऐसे hi आआअह्ह्ह हआ ऐसे आअह्ह्ह यस यस थिस सो फुकीनन्नग्ग्ग गुऑडडड एस ओह्ह

अंकित :बसुररपपप सुऊरररपपप उउउउम्म्म ुउउम्माह्ह्ह

फिर अंकित ने रश्मि की किशमिश जैसे क्लीट को आपमें दोनों होठों के बिच लिया और अपनी जुबान से लगातार लीक करने लगा

रश्मि तो जैसे दुनिया भूल hi गयी

रश्मि : ओह्ह्ह अंकित रुकना मत प्लीज रुकना मत यस ओह्ह्ह मैं ाआरही हु ाःह ाःह अहह

आह्हः यस यस आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह sssiiiiiiiiiiiiiii ऊऊऊह्ह्हह्ह

और रश्मि जटके खा खा कर जड़ गयी अंकित उसका सारा पानी पि गया और चाट लिया और फिर एक बार छूट के होठों को मुँह मैं लेकर एक बादसा किश किया और बहार निकल लिया अपना सर

फिर दोनों थोड़ी देर तक किश करते रहे फिर अंकित जाने को हुवा

अंकित : केसा लगा आंटी

रश्मि: सच में अंकित तुम कमल हो इतने प्यार तो कभी भी मेने मेरी छूट पर महसूस नहीं किया थैंक्स वन्स अगेन

अंकित : अन्य टाइम आंटी ok ब्यय सीएयू सून

और अंकित निकल गया

और पंहुचा रावल मेंशन

वह उसने देखा की आकाश घर आ चूका है

अंकित उससे मिला और वही बैठ गया

अंकित : डैड मुझे आज आपसे और अपनी फॅमिली से एक बात करनी क्या आज शाम को एक फॅमिली मीटिंग रखले

आकाश : क्या बात है बीटा तुम कुछ परेशां दिख रहे हो

अंकित : है डैड एक परेहनी तो है इसी सिलसिले मैं बात है तो क्या आप आज सभी को बोल देंगे की रात को सभी हॉल मैं मौजूद रहे और है मां को फ़ोन करलीजियेगा वो हमारे साथ hi आइलैंड jay3nge बाकि लोगो को बाद मैं बोलदेंगे अभी बस आप इतने लोगो को रात को मीटिंग केलिए बुलाइये

आकाश : ठीक है जैसी तेरी मर्जी

पर मुझे तो बता की बात क्या है

अंकित : डैड रात को पता चल जायेगा प्लीज अभी मैं फ्रेश होकर आता हु मुम्मा मेरे लिए दूध लेकर आएगा

निशा : सीधा चूचियों से पियोगे या गिलास मैं दाल कर बना कर लौ

अंकित : बना कर लाइयेगा

निशा : ठीक है मैं अभी लती हु

फिर अंकित निकल फ्रेश होकर निकल गया बहार

और अपने फार्म होश फारूक वाला नहीं अपना दूसरा फार्म हाउस

वह पर सज और अमन (आकाश की सिक्योरिटी का हेड) दोनों मौजूद थे

अंकित उन्हें कुछ समझाता है

अंकित : रात को उस गोडाउन के आस पास अपने आदमी फैला देना मुझे यकीन है वो लोग एक बात सब कुछ चेक करने आएंगे जरूर उनके आने से पहले hi आप सब उनको मार देना और उनकी जगह आपलोग ले लेना और है उनके साथ और आदमी भी होने जिसलिये जब तक मैं न कहु आप लोग कुछ भी एक्शन मत लेना और है उनके साथ करीब 20 से 25 लोग hi होंगे क्यों की उससे ज्यादा की उसकी औकात नहीं है अभी इसलिए मुझे 25 स्नाइपर्स चाहिए जो ऊपर से सर्रा एरिया कवर करेंगे और एक चीज़ मुझे चाहिए जो मैंने आपसे बोलै था

अमन : है है वो मैंने माँगा लिए है वो कल जब तुम बोलोगे वह पहुंच जायेंगे

अंकित : रंश ठकराल कल तेरा खेल ख़तम और साथ hi साथ तेरे परिवार का भी तूने बस अपने जीवन की एक गलती करदी मर ठकराल जैसे नेक इन्शान को मर कर और उन्होंने मुझ पर भरोषा करके मुझे अपनी कंपनी दी थी और साडी प्रॉपर्टी मेरे नाम की थी मैं उनका सपना जरूर पूरा करूँगा

फिर अंकित घर केलिए निकल जाता है

घर जाकर लंच करता है फिर थोड़ी देर सो जाता है जब उठ ता है तो तो उसने देखा की निशा अभी अंकित का सर अपनी गोदी मैं रख कर बैठी है और उसे सर को सेहला रही है

अंकित उठा और निशा के सीने से लग गया

निशा : उठा गया बीटा क्या बात है कुछ परेशां लग रहा है

अंकित : है वो रात को बात करूँगा मुम्मा वैसे आपको कैसे पता

निशा : माँ हु तेरी तेरी फीलिंग समझते देर नहीं लगती

अंकित : मुम्मा जब भी आप कहती हो की आप माँ है मेरी मैं पता नहीं सकता की इस बात मैं आपका प्यार कितना जायदा अच्छा लगता है मुझे ऐसा लगता है जैसे की बस आपको हुग करके अपने अंदर hi समलू और जबभी आप ये बात कहती है मेरा दिल आपकेलिए और ज्यादा प्यार भर देता है

निशा : बीटा अगर इतना प्यार अपनी मुम्मा से करोगे तो बीविया बुरा मन जाएगी तेरी

अंकित : मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा

मैं उन्हें उनके हिस्से का प्यार जरूर दूंगा पर उनसे शादी के पहले एक वडा जरूर लूंगा की कभी कभी वो मेरी तीनो मुम्मो के और मेरे बिच मैं न आये वो प्यार भी अलग है और ये प्यार भी और है माँ भले hi मेरी शादी होजाये पर मैं हंमेशा हर रोज मुझे अपने एक माँ के सीने से लग कर सोना है

और मैं ये भी जनता हु की वो मेरी बात समझेगी क्यों की उनको भी पता है मैं माँ के प्यार केलिए कितना तड़पा हु

तभी पिछेसे आवाज आयी

नेहा : हम नहीं हमारे पति और मॉम्स के बिच आएंगे और नहीं किसी को आने देंगे हमारे भाई और पति को जो चीज़ नहीं मिली और अब उसे अगर मिल रही है तो हम क्यों कहेंगे की वो उन्हें न मिले

और नेहा आकर अंकित की बाँहों जल जाती है

निशा आज बेहद खुश थी आखिर उसके दोनों बच्चे एक दूसरे से कितना प्यार करते थे और अंकित वो जैसे निशा का दिल बनचुका था

फिर क्या ऐसे थोड़ी देर अंकित और नेहा अपनी माँ से बाते करते रही

फिर आज्ञा रात का वक़त सब लोग डिनर करने मैं लगे थे

और मल्होत्रा फॅमिली भी यही थी क्यों की मनीषा की ज़िद थी की मल्होत्रा फॅमिली डिनर यही करे क्यों की मनीषा भी राज की फॅमिली को अपनी hi फॅमिली मानती थी

सबलोगो ने डिनर कम्पलीट किया

और सब हॉल मैं आगये सब लोग सेफ पर बैठे थे और सेंटर मैं एक 80 इनचेस का अंकित का एंड्राइड टीवी था और अंकित वह खड़ा होगया

अंकित : है तो मैं जनता हु की आप लोगो के मन मैं सवाल होंगे की अंकित ने मीटिंग क्यों बुलाई है

मोनिका : मुझे पता है हम कल हमारे आइलैंड जायेंगे इसी लिए तैयारियों केलिए हैना भाई

अंकित : नूप मुझे आपलोगो को चाचा चची के असली कातिल के बारे मैं बता है

आकाश : क्या पर मनोज और शीतल को तो एक ट्रक वाले ने टक्कर मरी थी और तुमहीने कहा था ये बात

तन्वी : है और उस ड्राइवर को तो हमने सजा भी दी थी तो ये कोण है

अंकित : वो बस एक मोहरा था इसके पीछे का असली मास्टर मंद है

रंश ठकराल

सब लोग बस अंकित को hi देख रहे थे

अंकित : ी क्नोव आप इसे नहीं जानते है अगर सवाल है तो पूछ सकते हज आप लोग

आकाश : मुझे बस ये जानना है की मनोज के एक्सीडेंट का इससे क्या लेना देना

अंकित : डैड जब मैं छोटा था तो दादी मुझे हंमेशा इस वक़त स्टोरी सुनती थी पर आज आपलोगो को मैं अपनी स्टोरी सुनाता हु

जब मैं 10 मैं आया तो मनोज चाचू ने आपके दोस्त अनवर खान के घर मेरा बंदोबस्त करदिया पर एक दिन जब मैं रात के वक़त अपनी क्लासेज कम्पलीट करके लौट रहा था उस टाइम पर मेरे पास कोई व्हीकल नहीं था और टूशन भी ज्यादा दूर नहीं था वो मैं उस वक़त चल के आरहा था

तब मैंने देखा की कुछ लोग एक आदमी को चाकू मर रहा है मेरे सामने hi उसने उस आदमी को 3 बार चाकू मारा पेट मैं पर तब तक मुझे अपनी बेसिक मार्चलारत स्किल ा छे से आती थी इसीलिए मैं उनकी जान बचने केलिए वह गया उन सब की माँ बेहेन एक करदी फिर मैंने उस घायल आदमी को उसकी कार मैं डाला और उसे हॉस्पिटल ले गया और उनके फ़ोन से उनके बॉडी गार्ड को फ़ोन किया और उन्हें बुलाया फिर मैं तो वह से निकल गया फिर दूसरे दिन मुझे हॉस्पिटल बुलाया गया जहा मैं उस आदमी से मिला और मुझे पता चला की वो एक बहुत बड़े बिजनेसमैन है उनके पास काफी पैसा है और प्रॉपर्टी भी है

और इसी को हथियाने केलिए उनके बेटे ने अपने बाप पर ये हमला करवाया

पर वो अपनी प्रॉपर्टीज उसके नाम नहीं करना चाहते थे क्यों की उन्हें पता चल गया था की उनका बीटा राक्षस है

और वो राक्षस कोई और नहीं एहि है रंश ठकराल

अब जरा रंश के बारे मैं बता देता हु डैड

रंश बचपन से hi अपने चाचा के पास रहा था उसका चाचा भी यानि की मर ठकराल का भाई भी एक नंबर का गुंडा था इन दोनों भाइयो के पास बेसुमार प्रॉपर्टीज थी पर उन्होंने अपनी ऐयाशी केलिए अपनी प्रॉपर्टी मर ठकराल को बेच दी जब उनके पास पैसा ख़तम हुवा तो उन्होंने मर ठकराल की प्रॉपर्टी भी हथिनी चाही पर मर ठकराल ने उसे जेल भेजदिया पर फिर छोटा भाई है समाज कर उसे चुरा भी लिया

और उनके भाई ने भी सुधरने की अच्छी खासी एक्टिंग की और रंश को अपने पास hi रक्खा क्यों की वो रंश को अपने पिता के खिलाफ भड़का सके और ऐसा hi हुवा

रंश के चाचा ने रंश को तांत्रिको के पास लेजा कर और तंत्र सकती का उसे करके एक जीता जागता वेहसि दरिंदा राक्षस बना दिया रंश को जैसा बनाया गया वो वैसा hi बना रंश एक नरभक्षी है उसे िंष्णु को खाने मैं उसके खून से नहाने मैं उसे मज़ा आता है ऐसे hi मैं उसे राक्षस नहीं कह रहा हु

और मर ठकराल के खिलाफ अपने प्लान बनाने लगे

पर कामियाब न हुए

खेर फिर रंश की उस हरकत केलिए मर ठकराल ने रंश को उम्रकैद की सजा दिलवाड़ी और मेरी बहादुरी देख कर उन्होंने अपना सारा बिज़नेस प्रॉपर्टी और पैसा मेरे नाम करदिया

और रंश को भी ये खबर लग चुकी थी इसी लिए उसने अपने चाचा का विकट किया क्यों की उसका चाचा मुझे ढूंढ रहा था और जब उसे पता चला की मैं यहाँ रहता हु तब उसने अपने प्लान को अंजाम देना स्टार्ट किया पर मैंने सब कुछ उनका फ़ैल करदिया पर एक गलती करदी थी की मेने मनोज चाचा को लेने केलिए सिक्योरिटी नहीं भेजी जिसकी सजा मुझे ऐसी मिली की वो अब हमारे साथ नहीं

और कल वो मुझे मर ने केलिए हम सब को रस्ते मैं किडनेप करेगा पर आप लोग टेंशन मत लेता इस बार मेने वह ट्रिपल सिक्योरिटी राखी है हमे एक खरोच भी नहीं आएगी बस आप लोगो को बस ऐसी एक्टिंग करनी है जैसे ये सब होने का आपको पता नहीं था और कुछ नहीं और रंश का खेल कल ख़तम होना और हम फिर हसी खुसी से रहेंगे बोलो मेरा साथ देंगे आप लोग

सही लोग : है अंकित हम तुम्हारे साथ है

राज : सच मैं दीदी हमारा भांजा वाकई हो हार है

निशा : है वोटो है पर बीटा किसी को कुछ होगा तो नहींए

अंकित : माँ कुछ नहीं होगा ट्रस्ट मी

थे फाइनल गेम बेगिंस विथ यू रंश

अंकित ने सोचा

अब देखते है आगे क्या क्या देखने को मिलता है किसका गेम कैसे ख़तम होता है

अपडेट पोस्टेड भाई लोग

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
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