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- Dec 5, 2013
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अपडेट 78
यहाँ सब लोग पार्किंग मैं आते है और आकाश को भी एक फ़ोन आता ही तो वो चला जाता है
अनन्य : यार आज कॉलेज का पहला दिन तो कोई खास न था तो चलो न कही घूमने चले
आर्यन : है सही कहा अनु ने
अंकित : अनु ने क्या बात है भाई ये अनन्य मैं से डायरेक्ट अनु क्या तुम दोनों एक दूसरे को
अनन्य : अरे यार क्या बोल रहे हो ऐसा कुछ नहीं है वो तो बस हम बेस्ट फ्रेंड है इसी लिए
पर तुम लोग मेरी बात का जवाब तो न
अंकित : जैसा सब को ठीक लगे
कारन : है चलो चलते है
सब ने हामी भरी
तभी अंकित को उसके दूसरे फ़ोन मैं कॉल आता है ये फ़ोन क्ट से अनमोल (आर्यन के पापा) का था
अंकित : बोलिये अंकल
अनमोल : अंकित बीटा क्या तुम अभी यहाँ आसक्ति हो
अंकित : कहा आना है
अनमोल : हमारे सीक्रेट हाउस पर
अंकित : समाज गया आता हु अभी
अनमोल : कब तक आए सकते हो
अंकित : वेल ी ऍम कमिंग 25 मं ok bye अंकल
जूही : कहा जाना है अंकित क्या तुम हमारे साथ नहीं चलोगे
अंकित : सॉरी फ्रेंड्स पर मुझे एक बहुत जरुरी काम है
कारन : क्या यार तेरा हर बार का है आज तो तुझे हमारे साथ चलना hi पड़ेगा
आर्यन : है भाई आज तुम नहीं आये तो हम भी नहीं जायेंगे
अंकित : देख भाई ऐसा मत कर यार देख अनु कितनी एक्ससिटेड है तुम लोग नहीं जाओगे तो उसका दिल टूट जायेगा
अनन्य : नहीं अंकित कोई बात नहीं फिर कभी चलेंगे ok
सब ठीक है बोलते है
अंकित : आर्यन दीदी को घर चोर डोज प्लीज
आर्यन : यार तू आर्डर कर
फिर सब लोग अपने अपने रस्ते निकक्ल जाते है
यहाँ आर्यन मोनिका को घर चोर के चला जाता है
वो जैसे hi अंदर एंटर करती है तो उसके चेहरे पर स्माइल आजाती है
मोनिका : बुआ आप यहाँ
क्यों की सामने सुमि और मेघा थी जो आज hi लंदन से आयी हुयी थी साथ मैं उनकी बेटी चाय और माहिरा भी थी
मोनिका जाट से जेक उनके गले लग गया हॉल मैं पूरी रावल फॅमिली थी शिवाय मनोज के क्यों की वो एक डील के सिलसिले मैं आउट ऑफ़ कंट्री गया हुवा था और 10 दिन बाद आने वाला था
मोनिका : किसी है आप और कितने साली बाद आयी आप
सुमि : क्या करे बीटा हम काम की वजह से ाही नहीं पते थे और दीदी ( मेघा) भी घर मैं बच्चियों को देखती थी
मोनिका : मेघा बुआ किसी आप
मेघा : मक़िन भी ठीक हु मेरी बच्ची अब तो बहुत ब्यूटीफुल और सेक्सी होगयी है
निशा : आखिर हमारी बेटी है खूबसूरत तो होगी hi
मेघा : सही कहा निशा तुमने
यहाँ मेघा सब से बड़ी थी तो वो सबको नाम से बुलाती है और इसकी और सुमि की लेस्बियन मैरिज हुयी है
सभी निशा मनीषा शीतल और तन्वी को भाभी hi बुलाती है
मोनिका : चाय और माहिरा किसी मेरी हॉट एंड सेक्सी दीदी या
दोनों : हम ा छे है पर देखो तो हमारी छोटी बेहेने भी कितनी सेक्सी है
माहिरा और चाय दोनों hi दिखने मैं बहुत ज्यादा खूबसूरत है पर नेहा से काम दोनों hi नेहा की हम उम्र है नेहा इनसे 2 साल छोटी है
नेहा भी अभी आचुकी थी
नेहा : बुआ अब तो आप थोड़े दिन यही रहेगिना बहुत दिनों बाद आयी हो यहाँ
आकाश : है बीटा अब तुम्हारी बुआ यही रहेगी तुम्हारे पास हंमेशा केलिए
सुमि दीदी अब आपको काम की टेंशन लेने की कोई जरुरत नहीं अब आप यहाँ हमारे साथ hi रहेंगी क्यों की वह मैंने सब कुछ अपने एक दोस्त को हैंडओवर करदिया है
वो सब संभल लेगा
सुमि : ठीक है भाई जैसी आपकी मर्जी
मनीषा : मोनी बाकि सब तो ठीक है हमारा बीटा कहा है
मेघा : अरे है मैं तो भूल hi गयी कहा है हमारा प्यारा अंकित बहुत छोटा था तब बस उसकी फोटो देखि थी
मोनिका : माँ वो भाई को कुछ काम था तो इसी लिए वो गया है उसने कहा है वो 1 या दो घंटे मैं आजायेगा
निशा : रुको मैं फ़ोन करती हु
आकाश : अरे वो आजायेगा तुम टेंशन मत लो
निशा : नहीं आकाश मैं जब तक उससे बात नहीं करुँगी मुझे चैन नहीं आएगा
अंकित अभी ड्राइव कर रहा था
कॉल
अंकित : हां मुम्मा बोलिये
निशा : बेबी कहा है तू
अंकित : वो माँ अनमोल अंकल ने बुलाया था कुछ काम था
निशा : अरे नहीं कोई काम नहीं बस जल्दी आजाना टाइम पर लंच करलेना और जल्दी आना
अंकित : मुम्मा आप कितनी फिक्र करती हो
निशा : माँ हु तेरी मैं फ़िक्र नहीं करुँगी तो तो कोण करेगा
अंकित : लव यू मुम्मा bye
निशा : bye स्वीटहार्ट लव यू
सुमि : सच मैं भाभी आप को देख कर लगता hi नहीं की आप उसकी सौतेली माँ हो सच मैं अंकित बहुत ज्यादा लकी है जो उसकी आप और मनीषा भाभी जैसी माँ है
फिर ऐसे hi हसी मज़ाक मैं ये लोग लंच कर लेते है
यहाँ अनमोल के सीक्रेट होश पर अंकित पहुँचता है तो वह उसकी टीम hi थी
अंकित : बोलिये अंकल क्या हुवा
अनमोल : अंकित एक बुरी खबर है
अंकित : क्या हुवा अंकल
अनमोल : बीटा तुम ने मर ठकराल की जान बचायी उसकी के बदले मैं उन्होंने अपनी कंपनी और प्रॉपर्टी तुम्हारे नाम करदी थी
और तुमने उनके बेटे रंश ठकराल को सजा दिलवाई थी पर वो जेल से फर्रर होगया है और ये बात मुझे जरा भी अच्छी नहीं लग रही है
क्यों की रंश एक पागल सनकी है वो पहले नजाने कितने मर्डर कितने रपे कर चूका है और तो और उसका एक और शौक है जा ते हो
वो अपने दुश्मनो का शिर काट के अपने बीएड रम मैं शोपीस की तरह लगता है और जिअ भी इन्शान को वो मरता है उसको उसी रात को डिनर मैं खता है
क्लियर बोलू तो वो एक वेहसीदारिन्दा है नरभक्षी है उसे खुला चूर्ण बहुत भरी होसकता है और फिलहाल वो कही छुपा बैठा है पर उसका निशाना तुम हो
अंकित : वो कैसे
तभी अनमोल उसे एक फोटो दिखता है
ये वही शॉल था जहा रंश को कैद किया गया था उसने वह की दीवारों पर एक hi नाम लिखा ता था अंकित मैं तुझसे अपनी प्रॉपर्टी चीन लूंगा और तुझे टुकड़े करके तेरे खून से नहाऊंगा
अनमोल : अंकित अब जरा संभल कर रहना क्यों वो तुम तक पहुंचेगा जरूर
अंकित : हम्म आने दीजिये देखा लूंगा उसे भी आप एक काम करिये मेरे फॅमिली मेंबर्स के पीछे सिक्योरिटी लगा दीजिये और अपने सबस्व भरोसे मंद आदमी लगईयेगा मैं कोई रिस्क नहीं कहता ok अंकल अब मैं चलता हु
और अंकित निकल जाता है और घर जाता है जैसे hi वो घर जाता है वो यहाँ चार अनजान लोगो को देख कर थोड़ा शौक होता है
सुमि : अरे तुम अंकित होना
अंकित : है पर आप कोण यहाँ मेरे घर मैं
निशा : बीटा ये है तुम्हारी सुमि बुआ और वो मेघा बुआ और ये दोनों उनकी बेटी और तुम्हारी दीदी चाय और माहिरा
अंकित वह जेक उनके पेअर छूटा है तो
सुमि : बीटा पैरो मैं नहीं आजा गले लगता मेरे बच्चे तेरे पापा भी मेरा प्यारा भाई है और तुम बिलकुल वैसे hi दीखते हो
और कान मैं मुझे ये देखना है की क्या लुंड भी वैसा है
अंकित : जरूर बुवा
और अंकित मेघा के गले लगजाता है
और फिर चाय और माहिरा के पास जाता है
और उनसे भी मिलता है
अंकित : hello दीदी कैसी है आप
दोनों : हम दोनों hi ठीक है पर हमारा प्यारा भाई तो लगता है कुछ ज्यादा hi हैंडसम है
अंकित : थैंक्स दीदी पर आपमें से चाय कोण है और माहिरा कोण है
छाया : मैं हु छाया और ये है माहिरा
अंकित : ओह्ह ok
फिर सब लोग हॉल मैं बैठ ते है
सुमि : और बताओ अंकित बीटा क्या कर रहे हो
अंकित : बस बुआ कॉलेज 1 ईयर है बिज़नेस से और मेरी दोनों बहनो आप बताओ आप क्या कर रही है
दोनों : हम दोनों ने फैशन डिज़ाइनर मास्टर्स कर रहे है लंदन मैं
अंकित : है ये भी बहुत अच्छा है वैसे बुआ अब आप यहाँ थोड़े दिन रुकेंगी न मुझे आपके साथ बहुत टाइम स्पेंड करना है और मेघा बुआ आप भी
निशा : बेबी अब आपकी बुआ अब यही रहेंगी बस छाया और माहिरा वापस लंदन जाएगी क्यों की उनकी कॉलेज है न इसी लिए
अंकित : क्या दीदी आप भी यही रहती
माहिरा : अरे मेरे भाई हमे भी अपना करियर बनाना है पर तुम चिंता मत करो हमारी दोनों माँ यही रहेगी
अंकित : पर आप मुझसे मिलने आते रहेगी प्रॉमिस कीजिये
छाया : अच्छा बाबा ठीक है
फिर ऐसे hi शाम होजाती है
रात मैं अंकित अपने रूम मैं पस5 पर गेम खेल रहा था की उसके रूम मैं मनीषा एंटर करती है
मनीषा : क्या कर रहा है बेबी
अंकित : माँ आप बस गेम खेल रहा था
मनीषा : बच्चा पुरे दिन गेम hi मत खेला करो कभी कभी पढ़ भी लिया करो
अंकित : माँ मुझे एक बार मैं सब याद रह जाता है आप टेंशन मत लो
मनीषा : है अच्छी बात है पर कभी रेविसिओं भी करदिया करो
अंकित : ok माँ
मनीषा : अच्छा चल उठ और अपना लुंड निकल मुझे पड़ा मन कर रहा है चूसने का
अंकित : ठीक है माँ आप गेट लॉक करो
मनीषा : वो क्यों घर मैं सब को पता hi है
अंकित : अरे पर सुमि या मेघा बुआ या फिर माहिरा या छाया दीदी ने देख लिया तो
मनीषा : तो वो भी छोड़ने आजायेगी बीटा उसकी टेंशन मत ले वो यहाँ आइहि है तुझसे मिलने और मज़ा लेने और तुझे मज़ा करने को जब भी हम तुम्हारे साथ करते थे हम वो बाते हमने उन्हें बताई है इसी लिए तो वो खुद को रॉक नहीं पायी अब जल्दी करना मुझे जाना भी है
अंकित ने जल्दी से अपने पेण्ट की ज़िप खोलदी जिससे उसका लुंड जो की आधा खड़ा था वो बहार आज्ञा और मनीषा अपने घुटनों पर बैठ गयी और उसके लुंड को मुँह मैं भर लिया
मनीषा : ूमममम ूउम्म्म सुऊरररप्प
सूउऊरररपपपपप उउउउम्मम्म ुउउम्म.
अंकित : आठ माँ ूमममम चुसो ऐसे hi चुसो आअह्ह्ह्ह मज़ा आरहा है माँ ूमममम ूमममम आअह्ह्ह्ह माँ ऐसे hi ुउउम्म
मनीषा : ूउम्म्म ूउम्म्म सुऊरररप्प
सूअररेपपप उउउउम्मम्म आअह्ह्ह्ह ूउम्म्म
मनीषा 10 मं तक अंकित का लुंड चुस्ती रही
अंकित : आअह्ह्ह्हह माँ ी कमिंग प्लीज डोंट स्टॉप ूमम आह्हः
मिश्रा ने अपनी रफ़्तार बधाई और अंकित मनीषा के मुँह मैं hi पिचकी लगाने लगा और मनीषा उसे ऐसे पि गयी जैसे कोई क्रीम हो और चाट ने लगी
मनीषा : आअह्ह्ह ूमम मज़ा आज्ञा बेबी तेरा लुंड रास पि कर एक अलग hi फ्रेश नस आजाती है
फिर मनीषा चली गयी और फिर सब लोग रात को डिनर करने लगे निशा और मनीषा और मेघा और सुमि सब को सर्व कर रही थी निशा जो की माहिरा और छाया पर कुछ ज्यादा hi ध्यान दे रही थी पर अंकित को उन्हें ऐसे देख एक जेएलओसी फइलल हुयी
उसने 1 मं केलिए hi सही पर जेएलओसी वाला एक्सप्रेशन अपने फेस पे लाया और ये एक मं काफी था निशा के देखने केलिए उसने वो देख लिया
फिर डिनर करके सब हॉल मैं आगये और अंकित थोड़ीदेर टेरेस पर चलागया
वो टेरेस पर घूम रहा था की तभी एक आहात हुयी अंकित ने पीछे देखा तो ये साक्षी थी
अंकित : अरे साक्षी दी आप यहाँ
साक्षी : है भाई पर मेने तुमसे कितनी बार कहा है तुम मुझे साक्षी hi बुलाओ
अंकित :, ठीक है पर आप यहाँ
साक्षी : भाई वो मुझे आपसे कुछ बात करनी थी क्यों की जब से तुम गौण से यहाँ आये हो हम एक बार भी करीब नहीं आये है क्या तुम अब बभी उस बात केलिए मुझसे नाराज़ हो
अंकित साक्षी को बहो मैं भर के गले लगते हुए नहीं साक्षी शायद तुम उस वक़त वो न करती तो आज शायद अब भी मैं सब से नफरत कर रहा होता मैं तो तुम्हे तक्ष बोलता हु साक्षी आज तुम्हारी वजह से हमारे परिवार मैं नफरत नहीं सिर्फ और सिर्फ प्यार पनपता है
साक्षी : तो एक बार भी तुमने मुझे बहो मैं नहीं लिया एक बार भी किश नहीं की
अंकित ने साक्षी के फेस को आगे लाया और अपने होठ साक्षी के होठों से जोड़ दिए
और एक हाथ उसके साइन की 32 साइज की चूचियों पक़र रख दिया और एक हाथ उसकी पेंटी मैं दाल कर उसकी क्लिटस को हरदलीय रब करने लगा
साक्षी ने अपने होठ चुराए
साक्षी : भाई तुम मेरी चुकी को पूरी ताक़त से निचोड़ न ताकि ये नेहा दीदी की तरह बड़ी होजाये
फिर क्या था किसिंग के साथ साथ अंकित जोर से साक्षी की चूचियों को मसलने लगा और उसकी छूट की क्लीट को भी जोर से मसल ने लगा जिससे साक्षी ज्यादा बर्दास्त नहीं करपायी
और जड़ने लगी और फिर साक्षी काफी रिलेक्स लग रही थी
साक्षी : थैंक्स भाई मेरी हेल्प करने केलिए
अंकित : दीदी छूट का मुँह कब खोलना है
साक्षी : नेहा दीदी तो कुछ प्लान कर रही है पर अब मुझसे बर्दास्त नहीं होगा इसी लिए मैं जल्द hi कुछ करुँगी ok चलो अब मैं सोने चलती हु
फिर सबा लोग सोने चललै जाते है अंकित जब रम मैं एंटर करता है तो निशा एक मस्ट महरून मैक्सी मैं थी
और अंकित जेक बीएड पर लेट जाता है
और निशा भी उसके साथ लेट जाती है
निशा : क्या बात है आज मेरा बच्चा कुछ साद लग रहा है क्या ये मेरे छाया और माहिरा को खाना खिलने से है
अंकित : नहीं मां ऐसी कोई बात नहीं है पर पता नहीं क्यों जब आपने उन्दोनो की तरफ ज्यादा केयर दिखाई मुझे थोड़ी जेएलओसी फइलल हुयी
निशा : बेबी तुम भी न सिर्फ इतनी बात के लिए उदास हो रहे हो मैं सिर्फ उनकी ममी हु और तुम्हारी मम्मी हु
अंकित निशा के सीने से लगजाता है
अंकित : इसी लिए तो मैं डरता हु की कही मेरी ये माँ मुझसे दूर चली गयी तो मैं कैसे जियूँगा no डाउट मनीषा माँ होंगी पर माँ ये बात कभी किसी को मत बताना की मुझे नेहा दीदी रक्षा या मनीषा माँ या मोनिका दीदी से बढ़ कर आपसे प्यार है मैं आपको किसी भी कीमत पर नहीं खो सकता अगर आप चली गयी तो मैं टूट जाऊंगा
बस यही एक बात से मुझे सबसे ज्यादा दर लगता है
निशा प्यार से अंकित का सर चुम टी है और उसे अपनी सीने मैं दबाते हुए
निशा : कस बीटा तुम मेरी कोख से जन्मे होते पर कोई बात नहीं मेरा ये बीटा मुझसे इतना प्यार करता है ये hi बहुत है मैं इसमें बहुत खुश हु और मुझे और कुछ नहीं चाहिए
निशा ( मन में) : मेरा छोटा भाई भाभी भी मुझसे नाराज़ न होते तो मैं बहुत hi ज्यादा खुश होती
अंकित अपनी पावर से निशा के मन की बात सुन लेता है और मन में बोलता है
अंकित : माँ आप चिंता मत करो मेरी माँ hi हर ख्वाहिश पूरी करना मेरा फर्ज़ है और मैं ये फर्ज़ निभाउंगा
जल्दी hi मैं अपने मां ममी और मसि को आपसे मिलाऊँगा और उनकी नाराज़गी भी दूर करूँगा
फिर ये दोनों सो जाते है
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड
सॉरी फॉर लेट अपडेट
ी होप यू लिखे आईटी
सी यू सून
ब्बये
यहाँ सब लोग पार्किंग मैं आते है और आकाश को भी एक फ़ोन आता ही तो वो चला जाता है
अनन्य : यार आज कॉलेज का पहला दिन तो कोई खास न था तो चलो न कही घूमने चले
आर्यन : है सही कहा अनु ने
अंकित : अनु ने क्या बात है भाई ये अनन्य मैं से डायरेक्ट अनु क्या तुम दोनों एक दूसरे को
अनन्य : अरे यार क्या बोल रहे हो ऐसा कुछ नहीं है वो तो बस हम बेस्ट फ्रेंड है इसी लिए
पर तुम लोग मेरी बात का जवाब तो न
अंकित : जैसा सब को ठीक लगे
कारन : है चलो चलते है
सब ने हामी भरी
तभी अंकित को उसके दूसरे फ़ोन मैं कॉल आता है ये फ़ोन क्ट से अनमोल (आर्यन के पापा) का था
अंकित : बोलिये अंकल
अनमोल : अंकित बीटा क्या तुम अभी यहाँ आसक्ति हो
अंकित : कहा आना है
अनमोल : हमारे सीक्रेट हाउस पर
अंकित : समाज गया आता हु अभी
अनमोल : कब तक आए सकते हो
अंकित : वेल ी ऍम कमिंग 25 मं ok bye अंकल
जूही : कहा जाना है अंकित क्या तुम हमारे साथ नहीं चलोगे
अंकित : सॉरी फ्रेंड्स पर मुझे एक बहुत जरुरी काम है
कारन : क्या यार तेरा हर बार का है आज तो तुझे हमारे साथ चलना hi पड़ेगा
आर्यन : है भाई आज तुम नहीं आये तो हम भी नहीं जायेंगे
अंकित : देख भाई ऐसा मत कर यार देख अनु कितनी एक्ससिटेड है तुम लोग नहीं जाओगे तो उसका दिल टूट जायेगा
अनन्य : नहीं अंकित कोई बात नहीं फिर कभी चलेंगे ok
सब ठीक है बोलते है
अंकित : आर्यन दीदी को घर चोर डोज प्लीज
आर्यन : यार तू आर्डर कर
फिर सब लोग अपने अपने रस्ते निकक्ल जाते है
यहाँ आर्यन मोनिका को घर चोर के चला जाता है
वो जैसे hi अंदर एंटर करती है तो उसके चेहरे पर स्माइल आजाती है
मोनिका : बुआ आप यहाँ
क्यों की सामने सुमि और मेघा थी जो आज hi लंदन से आयी हुयी थी साथ मैं उनकी बेटी चाय और माहिरा भी थी
मोनिका जाट से जेक उनके गले लग गया हॉल मैं पूरी रावल फॅमिली थी शिवाय मनोज के क्यों की वो एक डील के सिलसिले मैं आउट ऑफ़ कंट्री गया हुवा था और 10 दिन बाद आने वाला था
मोनिका : किसी है आप और कितने साली बाद आयी आप
सुमि : क्या करे बीटा हम काम की वजह से ाही नहीं पते थे और दीदी ( मेघा) भी घर मैं बच्चियों को देखती थी
मोनिका : मेघा बुआ किसी आप
मेघा : मक़िन भी ठीक हु मेरी बच्ची अब तो बहुत ब्यूटीफुल और सेक्सी होगयी है
निशा : आखिर हमारी बेटी है खूबसूरत तो होगी hi
मेघा : सही कहा निशा तुमने
यहाँ मेघा सब से बड़ी थी तो वो सबको नाम से बुलाती है और इसकी और सुमि की लेस्बियन मैरिज हुयी है
सभी निशा मनीषा शीतल और तन्वी को भाभी hi बुलाती है
मोनिका : चाय और माहिरा किसी मेरी हॉट एंड सेक्सी दीदी या
दोनों : हम ा छे है पर देखो तो हमारी छोटी बेहेने भी कितनी सेक्सी है
माहिरा और चाय दोनों hi दिखने मैं बहुत ज्यादा खूबसूरत है पर नेहा से काम दोनों hi नेहा की हम उम्र है नेहा इनसे 2 साल छोटी है
नेहा भी अभी आचुकी थी
नेहा : बुआ अब तो आप थोड़े दिन यही रहेगिना बहुत दिनों बाद आयी हो यहाँ
आकाश : है बीटा अब तुम्हारी बुआ यही रहेगी तुम्हारे पास हंमेशा केलिए
सुमि दीदी अब आपको काम की टेंशन लेने की कोई जरुरत नहीं अब आप यहाँ हमारे साथ hi रहेंगी क्यों की वह मैंने सब कुछ अपने एक दोस्त को हैंडओवर करदिया है
वो सब संभल लेगा
सुमि : ठीक है भाई जैसी आपकी मर्जी
मनीषा : मोनी बाकि सब तो ठीक है हमारा बीटा कहा है
मेघा : अरे है मैं तो भूल hi गयी कहा है हमारा प्यारा अंकित बहुत छोटा था तब बस उसकी फोटो देखि थी
मोनिका : माँ वो भाई को कुछ काम था तो इसी लिए वो गया है उसने कहा है वो 1 या दो घंटे मैं आजायेगा
निशा : रुको मैं फ़ोन करती हु
आकाश : अरे वो आजायेगा तुम टेंशन मत लो
निशा : नहीं आकाश मैं जब तक उससे बात नहीं करुँगी मुझे चैन नहीं आएगा
अंकित अभी ड्राइव कर रहा था
कॉल
अंकित : हां मुम्मा बोलिये
निशा : बेबी कहा है तू
अंकित : वो माँ अनमोल अंकल ने बुलाया था कुछ काम था
निशा : अरे नहीं कोई काम नहीं बस जल्दी आजाना टाइम पर लंच करलेना और जल्दी आना
अंकित : मुम्मा आप कितनी फिक्र करती हो
निशा : माँ हु तेरी मैं फ़िक्र नहीं करुँगी तो तो कोण करेगा
अंकित : लव यू मुम्मा bye
निशा : bye स्वीटहार्ट लव यू
सुमि : सच मैं भाभी आप को देख कर लगता hi नहीं की आप उसकी सौतेली माँ हो सच मैं अंकित बहुत ज्यादा लकी है जो उसकी आप और मनीषा भाभी जैसी माँ है
फिर ऐसे hi हसी मज़ाक मैं ये लोग लंच कर लेते है
यहाँ अनमोल के सीक्रेट होश पर अंकित पहुँचता है तो वह उसकी टीम hi थी
अंकित : बोलिये अंकल क्या हुवा
अनमोल : अंकित एक बुरी खबर है
अंकित : क्या हुवा अंकल
अनमोल : बीटा तुम ने मर ठकराल की जान बचायी उसकी के बदले मैं उन्होंने अपनी कंपनी और प्रॉपर्टी तुम्हारे नाम करदी थी
और तुमने उनके बेटे रंश ठकराल को सजा दिलवाई थी पर वो जेल से फर्रर होगया है और ये बात मुझे जरा भी अच्छी नहीं लग रही है
क्यों की रंश एक पागल सनकी है वो पहले नजाने कितने मर्डर कितने रपे कर चूका है और तो और उसका एक और शौक है जा ते हो
वो अपने दुश्मनो का शिर काट के अपने बीएड रम मैं शोपीस की तरह लगता है और जिअ भी इन्शान को वो मरता है उसको उसी रात को डिनर मैं खता है
क्लियर बोलू तो वो एक वेहसीदारिन्दा है नरभक्षी है उसे खुला चूर्ण बहुत भरी होसकता है और फिलहाल वो कही छुपा बैठा है पर उसका निशाना तुम हो
अंकित : वो कैसे
तभी अनमोल उसे एक फोटो दिखता है
ये वही शॉल था जहा रंश को कैद किया गया था उसने वह की दीवारों पर एक hi नाम लिखा ता था अंकित मैं तुझसे अपनी प्रॉपर्टी चीन लूंगा और तुझे टुकड़े करके तेरे खून से नहाऊंगा
अनमोल : अंकित अब जरा संभल कर रहना क्यों वो तुम तक पहुंचेगा जरूर
अंकित : हम्म आने दीजिये देखा लूंगा उसे भी आप एक काम करिये मेरे फॅमिली मेंबर्स के पीछे सिक्योरिटी लगा दीजिये और अपने सबस्व भरोसे मंद आदमी लगईयेगा मैं कोई रिस्क नहीं कहता ok अंकल अब मैं चलता हु
और अंकित निकल जाता है और घर जाता है जैसे hi वो घर जाता है वो यहाँ चार अनजान लोगो को देख कर थोड़ा शौक होता है
सुमि : अरे तुम अंकित होना
अंकित : है पर आप कोण यहाँ मेरे घर मैं
निशा : बीटा ये है तुम्हारी सुमि बुआ और वो मेघा बुआ और ये दोनों उनकी बेटी और तुम्हारी दीदी चाय और माहिरा
अंकित वह जेक उनके पेअर छूटा है तो
सुमि : बीटा पैरो मैं नहीं आजा गले लगता मेरे बच्चे तेरे पापा भी मेरा प्यारा भाई है और तुम बिलकुल वैसे hi दीखते हो
और कान मैं मुझे ये देखना है की क्या लुंड भी वैसा है
अंकित : जरूर बुवा
और अंकित मेघा के गले लगजाता है
और फिर चाय और माहिरा के पास जाता है
और उनसे भी मिलता है
अंकित : hello दीदी कैसी है आप
दोनों : हम दोनों hi ठीक है पर हमारा प्यारा भाई तो लगता है कुछ ज्यादा hi हैंडसम है
अंकित : थैंक्स दीदी पर आपमें से चाय कोण है और माहिरा कोण है
छाया : मैं हु छाया और ये है माहिरा
अंकित : ओह्ह ok
फिर सब लोग हॉल मैं बैठ ते है
सुमि : और बताओ अंकित बीटा क्या कर रहे हो
अंकित : बस बुआ कॉलेज 1 ईयर है बिज़नेस से और मेरी दोनों बहनो आप बताओ आप क्या कर रही है
दोनों : हम दोनों ने फैशन डिज़ाइनर मास्टर्स कर रहे है लंदन मैं
अंकित : है ये भी बहुत अच्छा है वैसे बुआ अब आप यहाँ थोड़े दिन रुकेंगी न मुझे आपके साथ बहुत टाइम स्पेंड करना है और मेघा बुआ आप भी
निशा : बेबी अब आपकी बुआ अब यही रहेंगी बस छाया और माहिरा वापस लंदन जाएगी क्यों की उनकी कॉलेज है न इसी लिए
अंकित : क्या दीदी आप भी यही रहती
माहिरा : अरे मेरे भाई हमे भी अपना करियर बनाना है पर तुम चिंता मत करो हमारी दोनों माँ यही रहेगी
अंकित : पर आप मुझसे मिलने आते रहेगी प्रॉमिस कीजिये
छाया : अच्छा बाबा ठीक है
फिर ऐसे hi शाम होजाती है
रात मैं अंकित अपने रूम मैं पस5 पर गेम खेल रहा था की उसके रूम मैं मनीषा एंटर करती है
मनीषा : क्या कर रहा है बेबी
अंकित : माँ आप बस गेम खेल रहा था
मनीषा : बच्चा पुरे दिन गेम hi मत खेला करो कभी कभी पढ़ भी लिया करो
अंकित : माँ मुझे एक बार मैं सब याद रह जाता है आप टेंशन मत लो
मनीषा : है अच्छी बात है पर कभी रेविसिओं भी करदिया करो
अंकित : ok माँ
मनीषा : अच्छा चल उठ और अपना लुंड निकल मुझे पड़ा मन कर रहा है चूसने का
अंकित : ठीक है माँ आप गेट लॉक करो
मनीषा : वो क्यों घर मैं सब को पता hi है
अंकित : अरे पर सुमि या मेघा बुआ या फिर माहिरा या छाया दीदी ने देख लिया तो
मनीषा : तो वो भी छोड़ने आजायेगी बीटा उसकी टेंशन मत ले वो यहाँ आइहि है तुझसे मिलने और मज़ा लेने और तुझे मज़ा करने को जब भी हम तुम्हारे साथ करते थे हम वो बाते हमने उन्हें बताई है इसी लिए तो वो खुद को रॉक नहीं पायी अब जल्दी करना मुझे जाना भी है
अंकित ने जल्दी से अपने पेण्ट की ज़िप खोलदी जिससे उसका लुंड जो की आधा खड़ा था वो बहार आज्ञा और मनीषा अपने घुटनों पर बैठ गयी और उसके लुंड को मुँह मैं भर लिया
मनीषा : ूमममम ूउम्म्म सुऊरररप्प
सूउऊरररपपपपप उउउउम्मम्म ुउउम्म.
अंकित : आठ माँ ूमममम चुसो ऐसे hi चुसो आअह्ह्ह्ह मज़ा आरहा है माँ ूमममम ूमममम आअह्ह्ह्ह माँ ऐसे hi ुउउम्म
मनीषा : ूउम्म्म ूउम्म्म सुऊरररप्प
सूअररेपपप उउउउम्मम्म आअह्ह्ह्ह ूउम्म्म
मनीषा 10 मं तक अंकित का लुंड चुस्ती रही
अंकित : आअह्ह्ह्हह माँ ी कमिंग प्लीज डोंट स्टॉप ूमम आह्हः
मिश्रा ने अपनी रफ़्तार बधाई और अंकित मनीषा के मुँह मैं hi पिचकी लगाने लगा और मनीषा उसे ऐसे पि गयी जैसे कोई क्रीम हो और चाट ने लगी
मनीषा : आअह्ह्ह ूमम मज़ा आज्ञा बेबी तेरा लुंड रास पि कर एक अलग hi फ्रेश नस आजाती है
फिर मनीषा चली गयी और फिर सब लोग रात को डिनर करने लगे निशा और मनीषा और मेघा और सुमि सब को सर्व कर रही थी निशा जो की माहिरा और छाया पर कुछ ज्यादा hi ध्यान दे रही थी पर अंकित को उन्हें ऐसे देख एक जेएलओसी फइलल हुयी
उसने 1 मं केलिए hi सही पर जेएलओसी वाला एक्सप्रेशन अपने फेस पे लाया और ये एक मं काफी था निशा के देखने केलिए उसने वो देख लिया
फिर डिनर करके सब हॉल मैं आगये और अंकित थोड़ीदेर टेरेस पर चलागया
वो टेरेस पर घूम रहा था की तभी एक आहात हुयी अंकित ने पीछे देखा तो ये साक्षी थी
अंकित : अरे साक्षी दी आप यहाँ
साक्षी : है भाई पर मेने तुमसे कितनी बार कहा है तुम मुझे साक्षी hi बुलाओ
अंकित :, ठीक है पर आप यहाँ
साक्षी : भाई वो मुझे आपसे कुछ बात करनी थी क्यों की जब से तुम गौण से यहाँ आये हो हम एक बार भी करीब नहीं आये है क्या तुम अब बभी उस बात केलिए मुझसे नाराज़ हो
अंकित साक्षी को बहो मैं भर के गले लगते हुए नहीं साक्षी शायद तुम उस वक़त वो न करती तो आज शायद अब भी मैं सब से नफरत कर रहा होता मैं तो तुम्हे तक्ष बोलता हु साक्षी आज तुम्हारी वजह से हमारे परिवार मैं नफरत नहीं सिर्फ और सिर्फ प्यार पनपता है
साक्षी : तो एक बार भी तुमने मुझे बहो मैं नहीं लिया एक बार भी किश नहीं की
अंकित ने साक्षी के फेस को आगे लाया और अपने होठ साक्षी के होठों से जोड़ दिए
और एक हाथ उसके साइन की 32 साइज की चूचियों पक़र रख दिया और एक हाथ उसकी पेंटी मैं दाल कर उसकी क्लिटस को हरदलीय रब करने लगा
साक्षी ने अपने होठ चुराए
साक्षी : भाई तुम मेरी चुकी को पूरी ताक़त से निचोड़ न ताकि ये नेहा दीदी की तरह बड़ी होजाये
फिर क्या था किसिंग के साथ साथ अंकित जोर से साक्षी की चूचियों को मसलने लगा और उसकी छूट की क्लीट को भी जोर से मसल ने लगा जिससे साक्षी ज्यादा बर्दास्त नहीं करपायी
और जड़ने लगी और फिर साक्षी काफी रिलेक्स लग रही थी
साक्षी : थैंक्स भाई मेरी हेल्प करने केलिए
अंकित : दीदी छूट का मुँह कब खोलना है
साक्षी : नेहा दीदी तो कुछ प्लान कर रही है पर अब मुझसे बर्दास्त नहीं होगा इसी लिए मैं जल्द hi कुछ करुँगी ok चलो अब मैं सोने चलती हु
फिर सबा लोग सोने चललै जाते है अंकित जब रम मैं एंटर करता है तो निशा एक मस्ट महरून मैक्सी मैं थी
और अंकित जेक बीएड पर लेट जाता है
और निशा भी उसके साथ लेट जाती है
निशा : क्या बात है आज मेरा बच्चा कुछ साद लग रहा है क्या ये मेरे छाया और माहिरा को खाना खिलने से है
अंकित : नहीं मां ऐसी कोई बात नहीं है पर पता नहीं क्यों जब आपने उन्दोनो की तरफ ज्यादा केयर दिखाई मुझे थोड़ी जेएलओसी फइलल हुयी
निशा : बेबी तुम भी न सिर्फ इतनी बात के लिए उदास हो रहे हो मैं सिर्फ उनकी ममी हु और तुम्हारी मम्मी हु
अंकित निशा के सीने से लगजाता है
अंकित : इसी लिए तो मैं डरता हु की कही मेरी ये माँ मुझसे दूर चली गयी तो मैं कैसे जियूँगा no डाउट मनीषा माँ होंगी पर माँ ये बात कभी किसी को मत बताना की मुझे नेहा दीदी रक्षा या मनीषा माँ या मोनिका दीदी से बढ़ कर आपसे प्यार है मैं आपको किसी भी कीमत पर नहीं खो सकता अगर आप चली गयी तो मैं टूट जाऊंगा
बस यही एक बात से मुझे सबसे ज्यादा दर लगता है
निशा प्यार से अंकित का सर चुम टी है और उसे अपनी सीने मैं दबाते हुए
निशा : कस बीटा तुम मेरी कोख से जन्मे होते पर कोई बात नहीं मेरा ये बीटा मुझसे इतना प्यार करता है ये hi बहुत है मैं इसमें बहुत खुश हु और मुझे और कुछ नहीं चाहिए
निशा ( मन में) : मेरा छोटा भाई भाभी भी मुझसे नाराज़ न होते तो मैं बहुत hi ज्यादा खुश होती
अंकित अपनी पावर से निशा के मन की बात सुन लेता है और मन में बोलता है
अंकित : माँ आप चिंता मत करो मेरी माँ hi हर ख्वाहिश पूरी करना मेरा फर्ज़ है और मैं ये फर्ज़ निभाउंगा
जल्दी hi मैं अपने मां ममी और मसि को आपसे मिलाऊँगा और उनकी नाराज़गी भी दूर करूँगा
फिर ये दोनों सो जाते है
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