अपडेट - 23
रुखसार ये सब सोच hi रही थी की तभी दुर्बल baji....aur जैसे hi रुखसार ने गेट khola...to वो सामने खड़े साक्ष को देख कर चौंक गई....
Rukhsaar(man में)- क्या ये ख्वाब hi hai....ya हक़ीक़त....?????
अब आगे......
रुखसार अपने और आदित्य के पहले कामुक मिलान के बारे में सोच hi रही thi....ki तभी किसी ने दुर्बल बजा दी...
और जब रुखसार ने गेट खोला तो उसके सामने जोहर कड़ी thi.....jise देख कर रुखसार हैरत में पद गई....
Rukhsaar(man में)- ये ख्वाब है या हक़ीक़त....
असल में रुखसार ने पूरी रात जोहर का hi ख्वाब देखा tha...jisme वो जोहर को अपने और आदित्य के बीच का सच बता रही thi...isi वजह से जोहर को देख कर रुखसार हैरत में पद गई थी....
जोहर- are...aise क्या घूर रही hai.....bheetar नहीं बुलाएगी क्या....
रुखसार- huh...are नहीं आंटी ji....aap आइये na....ye आपका hi तो घर है...
Johar(muskura कर)- bas...teri ऐसी बातें hi मेरा दिल जीत लेती hai.....waise तू अभी अकेली hi है na....shaan तो नहीं है....
रुखसार- nhi...wo तो दूकान गए.....
जोहर- अच्छा hai....to aaja.....kuch बात करनी है....
ये बोल कर जोहर सोफे की तरफ बाद गई और रुखसार गेट बंद करने लगी.....
Rukhsaar(man में)- जोहर आंटी को ऐसी क्या बात करनी thi....jiske लिए उन्होंने ये कहा की मैं अकेली hi hu...to अच्छा hai....kahi मेरा ख्वाब हक़ीक़त तो नहीं होने वाला.....
Johar(baith कर)- अब वह क्या कड़ी hai...aa जा....
रुखसार- huh...haa aunty.....are aunty...aap क्या legi....chai...
Johar(beech में)- jaankaari....aur कुछ नहीं...
ये सुन कर रुखसार के दिल की धड़कन बाद gai....use अपना ख्वाब सच होता नजर आ रहा था...
असल में जब शान और रुखसार उस दिन न बहार जाते वक़्त जोहर से मिले the....aur उस वक़्त जब रुखसार के घर में न होने की बात निकली thi.....jise रुखसार ने आसानी से संभाला था....
पर जोहर ने तभी भी रुखसार को अजीब तरीके से घूरा tha....jaise की उसे कोई शक ho.....jis से रुखसार के दिल में कौफ्फ़ पैदा हुआ tha...aur उसे ऐसा ख्वाब आया था...
Rukhsaar(man में)- पता नहीं आंटी को क्या जानकारी chahiye....lagta है इन्हे पक्का शक है....
जोहर- are....jaldi आना...
रुखसार- जी आंटी...
और रुखसार धड़कते दिल के साथ आगे बड़ी और रुखसार के बाजु में बैठ गई...
रुखसार- जी aunty....kis जानकारी की बात कर रही थी आप...
जोहर- are....wo मुझे उस लड़के का नंबर चाहिए tha...jo तेरे घर आता है....
Rukhsaar(saham कर)- kya...matlab...koun सा लड़का....
जोहर- अरे wahi.....hatta-katta ladka....wo गोर रैंड wala....bada हैंडसोने भी hai....wahi.....
Rukhsaar(man में)- ये तो पक्का आदित्य जी की hi बात कर रही hai....lagta है मेरा काम लग गया....
जोहर- अरे wahi...jo तेरे घर आ कर तेरे पाइप ठीक करता tha....kya कहते है use...wo...are haa...plumber....
Rukhsaar(chounk कर)- kya...plumber....
जोहर- haa....wo 2-3 बार दिखा मुझे तेरे घर aate-jaate....aur मैंने पूछा tha...to बताया की तेरे पाइप ठीक करने आया tha....wahi...
Rukhsaar(man में)- अरे haa...unhone बोलै था की एक आंटी मिली thi....aur उन्होंने बोल दिया था की वो प्लम्बर hai...ohhh...chalo अच्छा हुआ...
जोहर- याद आया की नहीं...
रुखसार- haa....yaad hai....wo आया tha...pipe खराब थे mere....to ठीक करने आया था...
जोहर- वो 2-3 बार आया न....
रुखसार- haa.....pahle चेक करने आये the....fir एक बार ठीक kiya.....aur फिर से खराबी aai...to एक बार और....
जोहर- समझ gai....ab चल उसका नंबर de...mujhe बात करनी है थोड़ी...
Rukhsaar(chounk कर)- aapko...par आपको क्या बात करनी....
जोहर- are....mere पाइप भी सायद जाम हो gaye....to उसे बुलाना hai...ek बार चेक तो कर ले की क्या हुआ....
रुखसार- ohh....par उनका नंबर...
Johar(beech में)- शान के पास है kya....ruk..us से hi ले लेती हु...
रुखसार- nhi....unke पास नहीं hoga....asal में उसे मेरी सहेली ने भेजा tha....unko को कुछ पता नहीं उसका....
जोहर- तो तू दे na....aur मोबाइल में न हो तो अपनी सहेली से मांगा ले...
Rukhsaar(man में)- अब क्या karu...aunty को नंबर नहीं dugi...to कही ये शान से बात न कर baithe.....aur नंबर देती hu...to आदित्य जी कौन सा प्लम्बर hai....oh ho...kaha फास गई....
जोहर- क्या hua...de न....
रुखसार- wo...wo मेरे मोबाइल में नहीं hai...main अपनी सहेली से मांगती हु....2 मिनट...
फिर रुखसार मश्ग कर के आफीत्य को सबकुछ बताती hai....aur आदित्य का रिप्लाई आते hi जोहर को आदित्य का नंबर दे देती है....
जोहर- hmm..ye हो गया save....ab मैं बात कर lugi....chal....chalti hu....thoda काम पड़ा है अभी...
रुखसार- ठीक है आंटी....
फिर जोहर निकल गई और रुखसार ने गेट बंद कर के तुरंत आदित्य को कॉल लगा दिया.....
( कॉल पर )
रुखसार- hello...
आफीत्य - है jaan....ab क्या हुआ...
रुखसार- आपने आंटी को नंबर देने क्यों bola.....aap कोई सच के प्लम्बर है क्या...
Aaditya(muskura कर)- फ़िक्र मत kar...main थोड़ा नाटक कर luga...aur ऐसे hi चेक कर के बोलूगा की मैं बिजी hu....to मेरा साथी ठीक कर jayga.....aur फिर मैं किसी प्लम्बर को भेज duga...ok..
जोहर- पर इस नाटक की क्या जरूरत thi...aap मन कर dete...bol देते की टाइम नहीं...
आदित्य- जरूरत thi......kyoki मैं नहीं चाहता की तुम किसी तरह से मुसीबत में pado......isliye मैं उनसे मिल कर उनका काम भी करवा दुगा और तुम भी सेफ rahogi...ok...
रुखसार- hmm..theek hai.....to कब आयगे आप...
आदित्य- कल का बोल duga....baki टाइम कल hi batauga.....aur तुम्हारे लिए तो कभी bhi....bolo तो अभी आ जाओ....
Rukhsaar(has कर)- जी nhi....abhi nhi....filhaal मुझे आराम करना hai....mehnat नहीं...
Aaditya(has कर)- haha....theek है jaan....kar लो aaraam....tabhi तो अच्छे से म्हणत कर पाओगी na....hahaha...
रुखसार- आप भी na.....aur कोई काम नहीं होता क्या आपको.....
आदित्य- अरे काम तो बहुत hai....abhi भी वही कर रहा tha.....par तुमसे बाद कर नहीं....
रुखसार- bas....ab बातें nhi....kaam kijiye.....free हो तब बात karege...hmm..
आदित्य- ok....chalo एक किसी दो....
रुखसार- आप भी न...
आदित्य- क्या आप bhi...apni जान से एक कुस्सी hi तो मांग रहा hu....isme क्या गलत है....
रुखसार- कुछ गलत नहीं मेरे jaanu....ok.....uuuummmmmmmmmhhh......bas...ab काम कीजिये...
आदित्य- bilkul.....ab मन lagega...uummhh..bbye...
रुखसार- bye...
और फिर रुखसार ने कॉल कट की और खिले हुए चेहरे के साथ बैडरूम में आ gai....aur एक बार फिर से आदित्य के बारे में सोचने लगी......
रुखसार- चलो ये तो अच्छा हुआ की आंटी को कोई गलत शक नहीं tha.....par अब आदित्य जी को प्लम्बर बनकर आना padega....hehehe....bechare....
Khair.....ab आंटी की तरफ से दिल को सुकून तो mila.....baki आदित्य जी संभाल hi lege....kyoki वो तो अयर्तों को सँभालने में बड़े माहिर है...
उन्होंने मुझे भी तो संभाला tha....wo दिन मुझे आज भी याद hai...jab मैं उनसे मिलने होटल पहुंची थी...
एक तरफ मैं चमड़ीवाले लुंड के लिए पागल हो कर उनके साथ हमबिस्तर होने के लिए तड़प रही थी...
और वही मेरे दिल में एक खौफ्फ़ भी tha....ki कही ये रास्ता मेरी जिंदगी का सबसे बुरा रास्ता न साबित हो.....
क्योकि मैं एक ऐसे मर्द को अपना सबकुछ सौंपने के लिए तैयार हो कर गई thi...jise मैं पूरी तरह से समझ भी नहीं सकीय थी...
पर पता नहीं kyo....mera दिल baar-baar मुझसे बोल रहा tha...ki आदित्य एक अच्छे इंसान hai...aur वो hi एक ऐसे मर्द hai...jo मेरे जिश्म, दिल और दिमाग की वो सुकून दे सकते hai...jiski मुझे जरूरत थी....
मैं तो उनके लिए इतनी पागल हो गई thi...ki उस दिन हमबिस्तर होने के लिए पूरी तरह तैयार हो कर गई थी...
मैंने अपने जिश्म पर एक भी बाल नहीं रहने दिया tha....uper से make-up भी पूरा कर के गई thi...hehehe....
और तो aur....burke ने नीचे एक शानदार ड्रेस पहन कर गई thi...jo मुझे जूही ने दी थी...
मैं तो सोच रही थी की रूम में दाखिल होते hi आदित्य जी मुझे बिस्तर पर ले कर अपना बनाने लगेंगे...
पर ऐसा कुछ तो हुआ hi नहीं tha....unhone बड़े प्यार से मेरा वेलकम kiya....khatirdaari ki....aur फिर इतनी प्यारी और ढेर साड़ी बातें ki...aah...mujhe तो वक़्त का पता hi नहीं चला tha...ki कब साम हो चुकी थी...
फिर उन्होंने मुझे अच्छा नास्ता कराया और खुद अपनी कार से मुझे घर के पास तक छोड़ गए....
और जब आते वक़्त मैंने उनसे pucha.....ki उन्होंने मेरे साथ सिर्फ बातें hi क्यों ki....aakhir उनका इरादा क्या था....
तब उनका जवाब मेरे दिल को छू गया tha....unhone बोलै tha...ki वो सिर्फ मेरे जिश्म पर nhi...balki मेरे दिल पर राज करना चाहते है....
तभी मुझे समझ आ गया tha...ki मैंने जिस मर्द को अपने लिए चुनने का फैसला किया hai....wo सच में एक बहुत hi शानदार फैसला था....
और फिर उन्होंने मेरे फैसले को baar-baar सही साबित कर के भी दिखाया....
उन्होंने मुझे घुमाया.... मूवी dikhai...dinner karaya.....hum वाटर पार्क gaye....dher साड़ी शोपिंग की......
पर उन्होंने कही भी मुझे ऐसा अहसास नहीं होने diya...ki मैं सिर्फ उनके लिए जिश्मानी मज़ा देने वाली हु...
उनकी इन बातों ने मेरा दिल जीत लिया tha....aur फिर वो दिन aaya...jab उन्होंने पहली बार मुझे किश किया tha.....wo भी कितनी सराफत se....wo बोले...
आदित्य- rukhsaar.....dekho...tum ये तो जानती hi हो की मैं तुमसे प्यार करता hu...hai न...
Rukhsaar(sharma कर)- हम्म....
आदित्य- और tum.....kya तुम भी...
Rukhsaar(beech में)- जी है....
Aaditya(muskura कर)- ohh...to अगर ये सच hai....to क्या हम अपने प्यार को एक नया मोड़ de....matlab जो भी दो प्यार करने वालो के बीच होता hai...tum समझ रही हो न...
Rukhsaar(najren झुकाये)- जी..
आदित्य- तो बोलो na.....kya अब मुझे रुखसार को मेरी जान कहने का हक़ है....
आदित्य की बात पर रुखसार सर उठा कर आदित्य को देखने lagi....uski आँखों में ख़ुशी भी thi...aur सवाल bhi....aur थोड़ा सी फ़िक्र भी....
आदित्य- देखो rukhsaar...main जनता हु की तुम एक निकाहि खातून ho....tumhara एक सौहार भी hai....par मैं क्या karu...mujhe तुमसे बहुत प्यार hai....aur मैं तुम्हे अपनी जान कहना चाहता hu....sirf कहना hi nhi....apni जान की तरह तुम्हारा ख्याल रखना चाहता hu...tumhe प्यार करना चाहता hu...tumhe हर ख़ुशी देना चाहता hu....bas......ab bolo....kya मुझे ये हक़ मिलेगा....
रुखसार- पता nhi....mere souhar....main उनकी...
Aaditya(beech में)- nhi....main तुम दोनों के बीच में नहीं aauga....aur अगर तुम्हे lage...ki तुम्हारा मेरे साथ होना सही nhi...to तुम आराम से मुझसे दूर जा सकती ho...bas जाना बता kar....hmm..
रुखसार- मैं कुछ समझी nhi....aap कहना क्या चाहते hai...main एक hi hu...do nhi....to दो लोगो के sath.....kaise....
आदित्य- इसमें क्या बड़ी baat....wo तुम्हारा अलग रिश्ता hai....aur मेरे साथ alag....aur हम एक साथ कई रिश्ते निभा सकते hai...isme कोई बड़ी बात तो नहीं...
रुखसार- पर अगर ये दोनों रिश्ते आपस में टकराने lage...to क्या...
आदित्य- तो फिर तुम जो chaho....par जब तक तुम मेरे साथ इस रिश्ते में ho...mujhe पूरा हक़ dogi...hmm..
Rukhsaar(soch कर)- कैसा haq....kya जिश्मानी...
आदित्य- nhi...sirf जिश्मानी hi nhi....balki मेरी जान होने ka....aur मेरी जान के साथ मेरा जिश्मानी रिश्ता तो होगा hi....to bolo...kya मुझे ये हक़ देती हो...
Rukhsaar(soch कर)- आपको जवाब पता है.....
ये बोल कर रुखसार ने शर्मा कर नजरें झुका ली.....
आदित्य- समझ gaya.....to फिर....
और आदित्य थोड़ा आगे आया और रुखसार का चेहरा ऊपर कर दिया...
अब दोनों ek-dusre की आँखों में देख रहे the....aur फिर देखते hi देखते दोनों के होंठ आगे बड़े और ek-dusre के होंठो को चूमने लगे.....
रुखसार- aahhh...wo मेरा पहला किश था उनके sath....aur उस दिन के बाद तो इतने किश kiye....uumm....bahut होंठ चूसे mere...hehehe....
पर एक बात और भी thi...unhone मेरा जिश्म पाने की जल्दबाजी नहीं ki.....aur न hi मुझ पर कभी किसी बात के लिए दवाब डाला....
पर haa....unhone मेरे दिल पर राज करना सुरु कर दिया tha....aur मैं खुद चाहने लगी thi...ki वो अब मेरे जिश्म पर भी राज करे....
पर वो तो जल्दी में थे hi nhi....bade आराम से संभल रहे थे मुझे....
और मुझे उन्होंने ऐसा संभाला tha.....ki अब मैं पूरी तरह से उनके इशारों पर चलने लगी थी....
तभी तो उस din....kaise मुझे वो ड्रेस pahnaai....aur फिर बाथरूम से आवाज di..ki मैं भी उनके पास आ jaau...aur मैं pagal....waha पहुंच भी गई.....
पता नहीं kyo....par उनके लिए मुँह से ना निकलता hi nhi...aur फिर to......aaahh....wo पहली बार tha....jab आदित्य जी ने मेरे जिश्म को वो अहसास कराया tha....jo मेरे लिए एक नया और अनोखा अहसास था.....
इस अहसास के लिए मैं कबसे इंतज़ार कर रही thi.....par कहती kaise...sharm जो आती थी...
पर जब उन्होंने मुझे बाथटब में खींच कर अपनी गॉड में baithaya...to मेरी साड़ी शर्म दूर जाने lagi...par मेरे दिल की dhadkan.......kitna घबरा रही थी मैं...
पर उन्होंने फिर से मुझे अच्छे से sambhala....pahle मेरी आँखों में देख कर muskuraye...fir प्यार भरी बातें की...
और फिर बड़ी सराफत से मुझसे इजाजत maagi...ki क्या वो मुझे प्यार कर सकते है...
Are....main उन्हें क्या bolti....ki मैं तो कबसे इस लम्हे के लिए तड़प रही thi.....wo hi देर कर रहे थे....
इसलिए जब उन्होंने मुझसे इजाजत maagi...to मैंने नजरें झुका li....aur वो तुरंत समझ gaye...ki मेरी ख़ामोशी hi मेरी हां है...
और फिर आदित्य ने रुखसार का सर uthaya...aur एक पल में hi दोनों के होठ ek-dusre के होंठो को चूमने लगे....
आदित्य और रुखसार इस पल के hi इंतज़ार में the....aur आज उन्हें वो पल मिल hi गया था....
आदित्य की बाहों में रुखसार thi...aur उसके नरम होंठो को आदित्य बेतहासा चूम रहा था...
और रुखसार भी इस मामले में पीछे नहीं thi..wo भी आदित्य का बराबर साथ दे रही थी...
Khair....kiss करते हुए आदित्य का हाथ रुखसार के दूध पर जा pahucha....aur आदित्य ने बड़े प्यार से दूध दवा दिया....
रुखसार- uummhh..aah....
आदित्य- क्या मुझे इनका रास चखने की इजाहत है मेरी जान...
रुख्सा ने हां में गर्दन हिला di....aur आदित्य ने ड्रेस को नीचे कर के दूध को बाहर kiya...aur रुखसार के चिकने सीने पर अपने होंठ लगा दिए....
रुखसार- aaaahhh...aaditya जी...
आदित्य- sssrrruuupppp....aaditya जी nhi....aaj से सिर्फ jaanu....tu मेरी jaan...aur मैं तेरा jaanu....aaauuummmm....
रुखसार- aaahh..janu....mujhe kuch....uuumm..
रुखसार के मुँह से जानू सुन कर आदित्य बड़ा खुश hua....aur मस्ती से जवान निकाल कर दूध को चाटने laga...aur रुखसार इस मस्ती भरे लम्हे में सिसकने लगी....
आदित्य- sssrrruuuppp....jaan....ab इस डरी की जरूरत तो नहीं na....aauuummm...
रुखसार- uuummmhh...nhi...uuummm..uuumm...
इतना बोल कर रुखसार और आदित्य ek-dusre के होंठ चूमने lage...aur इसी बीच रुखसार की मदद से आदित्य ने रुखसार की निघ्त्य को नीचे सरका कर दूध को पूरा आज़ाद कर दिया....
Aaditya(doodh दवा जार)- uummhh...tumhare डॉइड बड़े नरम है जान....
Rukhsaar(sharma कर)- सबके होते है...
आदित्य- मुझे क्या pata...mujhe तो बस अपनी जान के hi छूने मिले hai.....waise ये ज्यादा बड़े nhi....inhe बढ़ाना होगा...
Rukhsaar(sharma कर)- ये तो आपका काम है na...aaahhh..
तभी आदित्य ने जोर से एक दूध मसल diya...jis से रुखसार कराह उठी....
रुखसार- aaahhh...dheere जानू...
आदित्य- दर्द हुआ....
रुखसार- hmm...thoda सा...
आदित्य- अभी मिटाता हु...
ये बोल कर आदित्य ने सर झुकाया और रुखसार के निप्पल को होंठो में दवा कर चूसने laga....jis से रुखसार मचल उठी...
आदित्य- sssrrrrr...sssrrrruuuppp...ssrruupp.. aauuummm....uummm...aahh..ssrrruuuppp.....
रुखसार- aahh..jaanu.....mujhe gudgudi...aahh...
आदित्य- uuummmmmm...uuummmm..aahh..bada स्वादिस्ट है jaan...aaauuummm...uuummm...uuummmm...
आदित्य पुरे जोश के साथ रुखसार के निप्पल को चूस रहा tha...jis से रुखसार पागल हो रही थी...
आज तक रुखसार के सौहार ने कभी भी इतनी सिद्दत से रुखसार के निप्पल को नहीं चूसा था...
ये रुखसार के साथ पहली बार एक सुखद अहसास tha...jisme रुखसार मस्त हो चुकी थी....
फिर कुछ देर बाद आदित्य ने रुखसार के निप्पल को छोड़ा और उसका गाला चूमते हुए एक हाथ रुखसार की छूट पर फिरने laga...jo अभी निघ्त्य से ढकी हुई थी...
रुखसार इन मस्ती में इतनी गरम हो गई thi...ki अब उसकी छूट वागवट करने लगी थी...
रुखसार चाहती थी की वो अपने आपको झरने से रोक le....par आदित्य के होंठ और हाथ का जादू उसे मजबूर कर गया..
और फिर एक तेज सिसकी के साथ रुखसार ने छूट से गर्मी निकाल दी....
झड़ने के बाद hi रुखसार हफ्ते हुए आदित्य की गॉड में ढेर हो gai....aur आदित्य भी रुखसार की हालत देख कर समझ gaya...aur अपने आपको रोक लिया...
आदित्य- jaan....pani में ज्यादा देर रहना ठीक nhi....tum एक जाम karo....ja कर निघ्त्य बदल लो और बीएड पर आराम karo....main वही आता hu...hmm..
रुखसार- हम्म..
और फिर रुखसार बाथरूम से निकली और दूसरी निघ्त्य पहन कर बिस्तर पर लेट गई....
और कुछ देर बाद जब आदित्य बहार aaya....to आते साथ hi वो रुखसार की निघ्त्य को ऊपर कर के उसके नंगे जिश्म को चूमने लगा...
रुखसार- aaahh...mujhe gudgudi...uuumm.....pet पर nhi...aaahh..
आदित्य अपनी जवान से रुखसार के नंगे पेट को छौं रहा tha....jis से रुखसार मचल उठी थी...
और फिर जब आदित्य ने अपनी जवान रुखसार की नाभि में daali...to रुखसार तड़प उठी.....
रुखसार- aaaahhh....waha nhi....aaahh...maar gai....aahh...plz jaanu.....aaahh...
रुखसार भले hi आदित्य को मुँह से मन कर रही thi...par उसके जिश्म को ये सब बहुत पसंद आ रहा था...
ये सब रुखसार के साथ बहुत काम होता tha...aur वो भी इस तरह से nhi...isliye रुखसार कुछ ज्यादा hi मचल रही थी....
आदित्य ने अपनी जवान से रुखसार के चिकने पेट और गहरी नाभि को बड़े प्यार से चाट कर रुखसार को रक बार फिर से गरम कर दिया था....
और रुखसार गरम होते hi आदित्य का सर पकड़ कर अपने पेट पर दवाने lagi...jisse आदित्य का जोश दोगुना हो गया....
और उसने आगे बाद कर रुखसार के दोनों दूधो को मसलना सुरु कर दिया....
रुखसार- aaahhhh...dheere....
आदित्य- क्या करू jaan...tumhare ये रसभरे दूध देख कर मुझसे कंट्रोल नहीं hota....ye ऐसे hai...ki देखते hi जोश आ जाता है...
रुखसार- aahh...sach me....aaahh....jaanu...dheere न...
आदित्य- है jaan....aur सिर्फ दूध hi kya....tum तो पूरी की पूरी मस्त ho...ekdam swadist....ssssrrruuuupppppppp....
और आदित्य ने झुक कर रुखसार जा गाला चेतना सुरु कर diya....jabki उसके हाथ अभी भी रुखसार के दूधो को मसल रहे थे.....
आदित्य- ssssrrrruuuupppppp....aah..jaan....tumhara पूरा जिश्म बस चखने की चीज hai....ise मैं रोज चखना chahuga....ssssrrruuuppppp....
रुखसार- uuummmm....to चखिए na....aaahhh...dheere दवाइये na.....takleef होने लगी.....
आदित्य- sssrrruuuppp....koi नहीं मेरी jaan....main हु na....saari तकलीफ दूर कर दुगा...
ये बोल कर आदित्य ने रुखसार के दूधो को कपड़ों से आज़ाद किया और झुक कर उन्हें baari-baari चूसने लगा....
रुखसार अब काम वासना में बुरी तरह जलने लगी thi...use इतना ज्यादा मज़ा आ रहा tha....ki क्या कहे....
रुखसार को तो यकीन hi नहीं हो रहा tha...ki बिना चुदाई किये भी एक मर्द किसी ायरत को इतना ज्यादा मज़ा दे सकता था....
आदित्य joor-joor से रुखसार के दूधो को चूस कर थूक से तर कर रहा tha...aur रुखसार मस्ती में सिसक कर अपनी ख़ुशी ज़ाहिर कर रही थी....
Khair....thodi देर तक रुखसार के दोनों दूध चूसने के बाद आदित्य ने फिर से अपना सर उठाया....
और इस बार रुखसार ने अपने रसीले होंठो को खोल कर आदित्य को होंठ चूसने की दावत दे di...jise आदित्य ने दिल से कबूल kiya...aur दोनों ek-dusre के होंठो को जोश के साथ चूसने लगे....
आदित्य- uuuuuuuummmmmmm.....uuuuuuummmmmmmm.....uuuuummmmmm....uuuummmmm.....
रुखसार- uuuuuummmmmmm...uuuuuummmmmmmmm...uuuuuummmmmm....uuuuummmmmm.....uuuummmmmmm.....
आदित्य और रुखसार इतने जोश में थे... कर उनके होंठो की चुदाई साईं पुरे रूम में खलबली मचने लगी thi....us रूम में sirf...uummm..uuumm...ki आवाजें hi गूँज रही थी...
आदित्य - uuuummmmhhh...aah...jaan....ab क्या मुझे उस खजाने को चखने की इज़ाज़त hai....jiske लिए साड़ी दुनिया पागल हो जाती है...
रुखसार- aah....aapko अब इजाजत मांगने की कोई जरूरत नहीं jaanu.....jo आपका दिल kare....wo चख सकते है....
रुखसार अब इतनी गरम thi...ki अगर अभी उसे आदित्य कुटिया बनाकर थोक भी deta...to भी वो उफ़ न karti....par आदित्य किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं था...
इसलिए रुखसार के बोलते hi आदित्य ने रुखसार की टांगो को खोला और उसकी चिकनी छूट पर मुँह झुका दिया....
आदित्य- uuummmhh....kamaal की दिख रही है jaan.....sach me....tumhara खजाना तो बहुत hi मस्त लगा मुझे...
आदित्य की बात पर रुखसार खामोश hi rahi....bas शर्मा कर उसने आँखे बंद कर ली...
और यहाँ आदित्य ने अपनी जवान का जादू रुखसार की चिकनी छूट पर चलना सुरु कर दिया......
आदित्य की खुरदरी जवान का अहसास अपनी छूट पर होते hi रुखसार का बदन मचलने लगा था....
उसे बेतहासा मज़ा आने लगा tha....aur वो मज़ा उसकी कमर hil-hil कर साफ़ टूर पर बता रही थी....
रुखसार के सौहार ने आज तक रुखसार को इस कदर से प्यार नहीं किया tha...aur यही वजह thi...ki आज रुखसार कुछ लम्हों के लिए ये भी भूल चुकी thi...ki वो एक निकाहि खातून hai...ek सौहार की बीवी है....
उसके लिए अभी उसका जानू hi सबकुछ tha....jo उसे बेहद मज़ा देने में लगा हुआ था.....
और फिर कुछ देर बाद hi रुखसार का ये मज़ा उसकी छूट से हो कर निकलने लगा....
और जैसे hi रुखसार झड़ने को hui...to उसने टाँगे उठा कर दूर हटने की कोसिस ki...par आदित्य ने उसकी तागे मजबूती से थाम li...aur उसका मुँह रुखसार की छूट को कैद करने लगा.....
रुखसार- aaaahhh....plz....hat jaiye....main....aaaahhhhh....aaahhh...
रुखसार ने काफी कोसिस ki....par वो आदित्य को हटाने में कामयाब नहीं हुई....
वही आदित्य रुखसार का नमकीन चुतरस पिने में पूरी तरह से कामयाब हो गया....
आदित्य- uuummmhhhh....aaahh...sach में jaan...bada स्वाद है तुम्हारे जिश्म में....
Rukhsaar(sharma कर)- ये आपने क्या kiya....wo गंधा होता hai....aur आपने....
Aaditya(muskyra कर)- अरे मेरी jaan....apne प्यार का रास चखना कभी गंधा नहीं hota....ye तो सब करते है...
रुखसार- nhi....mere सौहार तो कभी नहीं करते...
आदित्य- तब तो तुम्हे असली प्यार मिला hi नहीं...
रुखसार- matlab....asli क्या...
आदित्य- अरे मेरी jaan...asli प्यार तो वो hai....jo अपने प्यार को चूम kar...chaat kar...chakh कर मज़ा देता hai.....baki अंदर दाल कर हिलना to....wo तो जानवर भी कर लेते है न....
आदित्य की बात सुन कर रुखसार हैरान रह gai.....wo सोचने लगी की आदित्य ने बात तो सही kahi.....chudaai तो जानवर भी करते hai....par वो ऐसा प्यार तो नहीं कर पाते...
आदित्य- अब इतना मत socho.....tumhe मज़ा आया न....
Rukhsaar(sharma कर)- हम्म...
आदित्य- तो अब aao....aur अगर दिल kare....to थोड़ा मज़ा अपने जानू को भी दे दो....
ये बोल कर आदित्य बीएड के सिरहाने टिक कर बैठ gaya....aur रुखसार उसके शार्ट में तने हुए लुंड को देख जार समझ gai....ki आदित्य क्या चाहते है....
आदित्य- dekho....agar दिल kare...to hi karna....koi मजबूरी nhi....main कोई बदला नहीं मांग raha...ki मैंने तुम्हे प्यार किया तो तुम भी karo....samjhi न....
रुखसार- हम्म...
आदित्य- और haa....jaldbaji की कोई जरूरत nhi....kyoki प्यार का जो मज़ा dheere-dheere करने में आता hai....wo जल्दबाजी में कभी nhi.....hmm..
रुखसार- हम्म....
आदित्य की बात सुन कर रुखसार ने कुछ देर तक आदित्य की शार्ट को ghoora....aur फिर कुछ सोच कर आगे बाद गई....
आगे हो कर रुखसार झुकी और अपने हाथो से आदित्य का शार्ट निकलने लगी...
और जैसे hi शार्ट नीचे hua...to आदित्य का तगड़ा लुंड बाहर आ gaya...jo एकदम कड़क हो चूका tha...aur उसका सूपड़ा पुरे सबाब पर फूला हुआ था.....
ये देख कर रुखसार के दिल की धड़कन और ज्यादा बाद चुकी thi.....wo आज पहली बार अपने सौहार के अलावा कुसी गैर मर्द का लुंड देख रही thi...wo भी चांदीवाला....
जिसकी चमड़ी अभी पीछे खिसक कर सुपडे को आज़ाद कर चुकी thi....aur उस सुपाड़ी पर रुखसार की नजरें गड चुकी थी....
आदित्य- क्या hua....pahli बार कोई लुंड देख रही हो kya...haha...
Rukhsaar(sharma कर)- ुम hu...par ये अलग hai.....mere सौहार का ऐसा नहीं है....
आदित्य- जनता hu....uska तो बिना चमड़ी का होगा न.....
रुखसार- hmm...wo हमारे में काट दी जाती है न...
आदित्य- पता है mujhe....use chhodo....abhi जो सामने hai...uska कुछ karo....pata है न की क्या करना है....
रुखसार- hmm....iske लिए मैंने बहुत तैयारी भी की है....
आदित्य- क्या मतलब....
रुखसार- फिल्मो में देखा hai...ki इसका ख्याल कैसे रखा जाए...
आदित्य- ओह ho...puri तैयारी से आई ho....chalo dikhao....kya-kya सीखा तुमने...
आदित्य की बात सुन कर रुखसार कुछ नहीं boli....bas शार्ट को जिस्म से अलग किया....
अउ आगे बाद कर आदित्य की गॉड में बैठ gai...aur उसके होंठ चूमने lagi....jabki उसका हाथ आदित्य के लुंड को लगातार सहला रहा था.......
रुखसार- uuummmmmhh.....aaah...
आदित्य- uumm...mazedaar....bade रसीले होंठ है tumhare....uuummmhh...
रुखसार- uuummmhh...ab आपको भी चख लू थोड़ा...
और ये बोल कर रुखसार ने नीचे हो कर आदित्य के सीने को चूम लिया....
और फिर रुखसार ने बड़े प्यार से आदित्य के सीने से होते हुए उसके पेट को और फिर नीचे सरकते हुए उसके लुंड पर भी चुम्बन दे diya...aur फिर लुंड पर जा कर अपनी जवान फिरने लगी.......
रुखसार- ssssrrrruuuuppppp....ssssrrruuuuppppp.....sssrrruuuuppppp....sssrrruuupppp...
आदित्य- aah....acchi तयारी की hai....good...uummm....accha कर रही हो...
और फिर रुखसार रुकी nhi...balki उसकी रफ़्तार तेज हो gai...aur वो बड़े प्यार से आदित्य के नंगे बदन को चाटने में लग गई....
आदित्य- aah....rukhsaar.....tumne ये सब सीख कर मुझे बहुत खुश कर diya....mujhe तो ऐसी उम्मीद hi नहीं थी....
रुखसार- ssssrrrrruuuuppppp....aaahh...kyo...aapko क्या laga....kya सिर्फ मर्द hi ायरत को चूमने का मन रखते hai....aourat का भी दिल करता है की वो मर्द की बॉडी choome.....ya फिर मैं आपको उतनी गरम नहीं लगती....
आदित्य- अरे nhi...main ऐसा सोच भी नहीं sakta.....asal में हर एक ायरत गरम होती hai...bas उसके जिश्म में छिपी गर्माहट निकलने के लिए एक सही मर्द की जरुरत होती hai...aur तुम to...aah....kamaal हो....
आदित्य बोल hi रहा था की तभी रुखसार ने अपनी जवान को पुरे लुंड पर घूमना सुरु कर diya....jis से आदित्य मचल उठा....
रुखसार- sssssrrrrrrruuuuupppppp.....sssssrrrruuuuupppppp......sssssrrrruuuuupppp......
आदित्य- बहुत खूब jaan....tum सच में कमाल कर रही ho....aah...maza आ गया...
रुखसार- ssssrrrrrrrrrrrrrrrppppppp......aah....aapne जो मज़ा diya....uske सामने तो ये कुछ भी नहीं....
फिर रुखसार कुछ देर तक आदित्य के पुरे लुंड को अपनी जवान से चाट टी rahi....aur फिर वो आगे बड़ी और बड़े प्यार से सूपड़ा मुँह में दवा लिया....
आदित्य ये सब देख कर खुश तो बहुत tha...par साथ hi साथ हैरान भी बहुत था...
आदित्य ने कभी नहीं सोचा था की एक seedhi-saadi दिखने वाली मजहबी रुखसार अंदर से इतनी ज्यादा गरम हो सकती है...
Khair....aaditya को रुखसार का ये अंदाज बड़ा पसंद आ रहा tha...aur वो बहुत गर्मी भी महसूस करने लगा था...
वही रुखसार बेफिक्र हो कर कुछ देर तक सूपड़ा चूसती rahi...aur फिर एक कदम आगे बाद कर लुंड को निगलने लगी...
और देखते hi देखते रुखसार ने आदित्य का चौथाई लुंड अपने मुँह में भर liya....aur बड़े प्यार से लुंड को चूसने लगी.....
रुखसार- uuuummmmm...uuummmm..uuummmm...uuummm...uuummmm..uuummmm...
आदित्य- uummm....choosne में भी अच्छी ho.....aah....karti रहो मेरी jaan...karti रहो.....
फिर रुखसार पूरी सिद्दत से लुंड चूसती rahi...jis से आदित्य पुरे ताव पर आ गया....
अब आदित्य चाहता था की रुखसार पूरा लुंड मुँह में भर कर choose....par वो रुखसार को फाॅर्स नहीं करना चाहता था...
वही रुखसार एक चौथाई लुंड चूस कर hi खुश thi....usne और ज्यादा मुँह में नहीं liya...bas उतना hi joor-joor से चूसती रही....
और फिर करीब 15 मिनट तेजी से लुंड चूसने के बाद रुखसार की म्हणत रंग laai...aaditya झड़ने को हुआ और वो जोर से गुर्राया....
आदित्य- aaahhhh....main आ रहा हु जान....
और जैसे hi रुखसार ने ये सब्द सुने तो वो जल्दी से लुंड चूड कर पीछे हो gai....aur आदित्य ने लुन्द्रास की पिचकारियां मार दी.....
आदित्य- aaahh....maza आ गया jaan....tumne तो कमाल hi कर diya...aah...
रुखसार का ध्यान इस वक़्त आदित्य की बातों से ज्यादा उसके लुंड पर tha...jo लुन्द्रास की पिचकारियां मार रहा था....
आदित्य- hello...kya hua....ab हो chuka...haha...
रुखसार- huh...wo main...aapka pani....bahut ज्यादा क्यों निकला....
आदित्य- अब क्या kahu...jitni ज्यादा garmi...utna ज्यादा pani....kyo...tumhae सौहार का नहीं निकलता क्या...
रुखसार- इतना तो नहीं....
आदित्य- ohh...waise तुम्हे ये रास पसंद नहीं क्या....
रुखसार- pasand...matlab....
आदित्य- मतलब तुम हैट गई na....balki एयरटेन तो इसे मज़े से पीती है...
रुखसार- haa..main फिल्म में देखा tha....par मेरे सौहार ने ऐसा कभी नहीं bola....to मैं थोड़ा...
Aaditya(beech में)- chhodo....jo तुम chaho...wahi karna...ok....chalo...ab नाहा लेते है....
रुखसार- hmm...mujhe जाना भी है...
फिर रुखसार और आदित्य बाथरूम में गए और एक साथ nahaaye....halaki नहाते वक़्त दोनों ने कुछ ख़ास मस्ती नहीं ki...kyoki रुखसार को घर जाना था...
और फिर दोनों रेडी हुए और आदित्य ने रुखसार को उसके घर के करीब छोड़ दिया,....
Rukhsaar(car से निकल कर)- चलती hu...bye...
आदित्य- कल का kya....aaogi न....
रुखसार- अभी क्या bolu....kal hi बताऊगी....
आदित्य- ok....agar ठीक लगे तो aana...par थोड़ा जल्दी आना....
रुखसार- jaldi....kyo...kuch...
Aaditya(beech में)- खजाना खोलना है न....
आदित्य की बात का मतलब रुखसार समझ चुकी thi...usliye उसने शर्मा कर नजरें झुका ली..
आदित्य- अगर तुम चाहो to....agar मन न हो तो....
Rukhsaar(bina देखे)- कल bataugi........bye....
और रुखसार तुरंत पलटी और तेजी से घर की तरफ चल padi...aur आदित्य भी मुस्कुराते हुए अपने रास्ते बाद गया....
रुखसार- aah...kitna कुछ हो गया था उस din....wo भी बिना चुदाई kiye.....aur मैं to...pata नहीं उस दिन मैं कितनी पागल हो गई thi...kya कर रही thi...kya बोल रही thi...uumm..abhi याद करती हु तो बड़ा ताज्जुब होता hai...ki मैं ऐसा सब कर गई...
पर क्या karu....aaditya जी है hi aise....jab वो साथ होते hai...to हर काम करने की हिम्मत आ जाती है....
और मुझे तो ऐसा लगने लगता hai..ki मैं कोई निकाहि खातून nhi..balki आदित्य जी की जान hu....jo उन्हें खुश करने के लिए कुछ भी करने लगती है....
वैसे उस दिन तो कुछ भी नहीं हुआ tha....asli मज़ा तो उस दिन आया tha...jab पहली बार उन्होंने mujhe....uff ho...ab कौन मरने लगा....
रुखसार आगे कुछ sochti...us से पहले hi रुखसार के फोन की घंटी बज uthi.....aur रुखसार गुस्से से उठ कर फोन घूरने लगी...
रुखसार- ये जोहर आंटी भी na....ab कौन सा पहाड़ टूट पड़ा इन पर.......
( कॉल पर )
रुखसार- है aunty....ab क्या हुआ....
जोहर- aah...rukhsaar....aah...
Rukhsaar(chounk कर)- aunty....ye aap...kya hua...aap ठीक तो हो न....
जोहर - aah...kuch मत पूछ beta...tu जल्दी से मेरे पास आ ja....aaahh...jaldi आजा...
रुखसार- है aunty...main अभी aai....par हुआ क्या....
जोहर- तू आ to....aah...main उठ भी नहीं प् rahi....aah....aaja जल्दी...
ये बोलते hi जोहर का कॉल कट हो गया और रुखसार घबराई हुई सी तुरंत जोहर के घर की तरफ भाग पड़ी...
रुखसार- क्या हो गया आंटी ko.....ya khuda...aunty को सलामत रखना...
और थोड़ी hi देर बाद जब रुखसार जोहर के घर pahuchi....to जोहर को देखते hi उसकी आँखे बड़ी हो गई.....
Johar(karaah कर)- aah...rukhsaar....
Rukhsaar(hairani से)- aunty....ye....ye sab...kaise...aap....wo भी इस हालत me....nhi....ye...ye कैसे मुमकिन है.....?????
आखिर जोहर के साथ क्या HUA.....JISE देख कर रुखसार की आँखे बड़ी हो गई....???
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी....
थैंक्स फ्रेंड्स...
कीप रीडिंग.....