Meri biwi RUKHSAAR aur mere KHWAAB (COMPLETE) - Page 4 - SexBaba
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Meri biwi RUKHSAAR aur mere KHWAAB (COMPLETE)

Hahaha....samjh रहा हु dost...but क्या kare...yaha कई तरह के रीडर्स है...

कुछ बिना पढ़े लिखे मार जाते...

कुछ बी ा पड़े "नीस उपदतद " भी लिख जाते...

कुछ पढ़ कर भी लिखे ंद कमेंट करना गुनाह मन्त्र है...

और कुछ बिना कुछ देखे hi "वेटिंग नेक्स्ट " बोल जाते है....

तो ये सब की अब आदत सी हो gai...isliye इग्नोर करता हु.....

सब रीडर्स best....yahi फंदा है apna...bas.....yahi आप भी आजमाने lago...haha....

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
Dost...ye मैं पहले भी बता chuka...ki सौहार बेचारे के कुछ अपडेट मैंने लिखदोन के टाइम रेडी कर लिए the...isliye एक साथ इतने अपडेट कर सकता हु..

बूत ये स्टोरी फ्रेश hai....isme लिखना होता है mujhe...tabhi तो पोस्ट करुगा...

और ha...souhar बेचारे के लिखे हुए उपदटेस कगतं होने वाले hai...to फिर उसमे भी देरी hogi...ok....

अब तो समझ गए na...ki मैं 2 दिन में इतने अपडेट कैसे पोस्ट करता hu...ok..

थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
अपडेट - 15

मैंने सोचा की मस्सगे करते वक़्त ऐसी सिसकियाँ निकल hi जाती hai...khas कर अयर्तों की....

पर थोड़ी hi देर मैं मुझे एक मरदाना हसी सुनाई di....jise सुन कर मैं हैरान रह गया....

Main(man में)- मरदाना hasi...matlab मेरा shaq.....to क्या मेरी रुखसार एक गैर मर्द के साथ......????

अब आगे......

जैसे hi मैं उस मस्सगे रूम के गेट के पास pahucha...to पहले मैंने एक ायरत की सिसकी suni...jis पर मैंने ज्यादा तबज्जो नहीं di.....par जब मुझे एक मरदाना हसी सुनाई दी तो मैं बेहद हैरान हो गया.....

Main(man में)- मरदाना hasi...matlab रूम में कोई मर्द भी hai....matlab....kahi रुखसार की मस्सगे कोई मर्द तो नहीं कर रहा......

ये मेरे लिए एक बड़ा झटका tha.....jisse मेरा दिल बैठ गया....

भले hi मैं ये चाहता था की रुखसार किसी गैर मर्द के साथ बिस्तर गरम kare....par अभी सिर्फ रुखसार को एक गैर मर्द के साथ रूम में पाते hi मेरी झांटे सुलगने लगी थी.....

मैं सोचने लगा की आखिर रुखसार ऐसा कैसे कर सकती hai....wo एक गैर मर्द के हाथो अपनी मस्सगे कैसे करा सकती है...

मैं जनता था की मस्सगे के वक़्त ायरत लगभग नंगी hi होती hai....aur aaj-kal तो पूरी नंगी हो कर मस्सगे करवाती है....

और अगर मेरी रुखसार भी नंगी हो कर मस्सगे करवा रही hai.....to वो मर्द के हाथो कैसे करवा सकती hai...kaise....??

मैं अपनी सोच में hi खोया था की तभी मुझे उस मर्द की आवाज aai..jise सुन कर मैं फिर चौंक उठा...

मर्द- अब मान भी jao....ki तुम्हे सिर्फ मैं hi पसंद hu....tumhara सौहार nhi...hai na.....tabhi तो तू मुझसे रोज चुदवाती hai....wo भी कई baar....uuummmmhhhhh....

Main(man में)- तो बात यहाँ तक पहुंच gai...rukhsaar किसी मर्द के साथ कई दिनों se....nhi....rukhsaar मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकती hai....kaise....??

ये सब दिमाग में आते hi मुझे अचानक से मेरी बीवी एक गैर मर्द के साथ नजर आने lagi....wo भी गेट के बाहर से hi.....massage रूम में....

मेरी बीवी पूरी नंगी hai....aur एक गैर मर्द उसके नंगे जिश्म को masal-masal कर मस्सगे कर रहा है....

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ऐसा सोचते hi मेरे लुंड में तूफ़ान मच गया और मैं गेट पर कान टिका कर अंदर के हालात जानने की कोसिस करने लगा.......

पर फिर मुझे कोई आवाज नहीं aai...bas rah-rah कर ायरत की हलकी सी सिसकी hi सुनाई दे रही थी......

ये सब सुनते हुए कुछ hi देर बाद मैंने अपनी आँखे बंद की और रुखसार को उस मर्द के साथ मस्सगे रूम में देखने laga......matlab अंदाजा लगाने laga...jo भी मुझे सुनाई दे रहा था उसी बेस पर.....

हलाकि मुझे आवाज ज्यादा साफ़ नहीं सुनाई दे रही thi....fir भी इतनी आवाज तो थी hi की मुझे समझ आ सके की अंदर क्या हो रहा है......

मसाज रूम में मेरी बीवी रुखसार नंगी कड़ी हुई थी और वो मर्द मेरी रुखसार के दोनों दूधो को बेरहमी से मसल रहा था......

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मैंने रुखसार के दूधो के साथ कभी इतनी बेरहमी से पेश नहीं aaya.....jitna की वो मर्द आ रहा था......

उसने रुखसार को अपने आगे खड़ा किया था और उसके दूधो को पीछे से कास कर पकड़े हुए tha......aur ऐसे मसल रहा tha...jaise की मसल कर दूध hi निकाल देगा.....

उस मर्द की बेरहमी से तड़प कर मेरी बीवी रुखसार जोर- जोर से सिसक रही thi.......lekin एक बार भी उसे दूध छोड़ने को नहीं बोल रही थी.....

मर्द- ummm....kafi बड़े हो गए तुम्हारे तो......

रुखसार- aaahh....aapne hi तो कर diye....uuummmm....dheere....

मर्द- धीरे करता तो क्या बड़े हो pate....haa...

रुखसार- nhi....aaahh....kitna तड़पते हो aap....aaahh...

मर्द- तुम्हे मज़ा भी तो देता हु न....

रुखसार- hmm...tabhi तो आपके लिए सबकुछ छोड़ कर आती hu....apne सौहार को bhi...aaahhhhh....ammii....

मर्द- kyo....kisliye....iske लिए क्या....

ये बोल कर उस मर्द ने रुखसार का एक हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रख diya...jo एकदम कड़क हो चूका tha.....aur मेटि बीवी की बड़ी सी गांड पर दस्तक दे रहा था......

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मर्द- अब bolo.....yahi चाहिए na.....mera चांदीवाला lund....haa......

Rukhsaar(lund पकड़ कर)- haa....yahi....aapka चमड़ी वाला तगड़ा lund.....jo मुझे असली मज़ा देता है.……

मर्द- सच me.....matlab तुम गयम में सिर्फ मुझसे छुड़वाने आती ho....hai न....

रुखसार- और नहीं तो kya...tabhi तो dekho....na ब्रा पहनती हु और न hi panty....taki आपको आसानी हो.....

मर्द- जनता हु मेरी jaan...isliye मैं भी अपने पेण्ट के अंदर कुछ नहीं pahnta.....janti हो न.....

रुखसार- ji....ab करो na....mujhe जाना भी hai....samjho न....

मर्द- तो आजा फिर...

ये बोल कर उस मर्द ने रुखसार को टेबल पर लिटाया और उसके ऊपर लेट कर रुखसार के नंगे जिश्म को चूमने लगा.....

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उसने पहले रुखसार का seena....fir गाला और फिर गाल choome....aur फिर उसके होठो को अपने होंठो में दवा कर चूसने लगा....

और होंठ से होठ मिलते hi रुखसार ने उस मर्द के सर को जोर से पकड़ा और उसे बेतहासा चूमने लगी......

उन दोनों ने करीब 10 मिनट तक एक दूसरे के होंठो को बेतहासा चूमा और फिर अलग होते hi दोनों लम्बी- लम्बी सासे लेने लगे....

रुखसार जब सांस ले रही thi...to उसके दोनों दूध पूरी तरह कड़क हो कर ऊपर नीचे हो रहे the...jisse उस मर्द की गर्मी भड़क उठी.....

उसने तुरंत रुखसार के दूधो पर हमला बोल diya......wo मर्द रुखसार के दोनों दूध bari-bari दवा कर चूसने लगा.....

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वो मर्द रुखसार के दोनों निप्पलों को एक जंगली जानवर की तरह चूस रहा tha.......aur रुखसार मस्त हो कर उस मर्द का सर सहलाते हुए सिसक रही थी.....

रुखसार- aaahhhh...ab और मत tadpaiye....main मर jaugi.....aaahh....kuch करो na....aaahhh.....

रुखसार की तड़प देख कर उस मर्द ने दूध चूसना छोड़ा और नीचे की तरफ जा कर रुखसार की छूट देखने लगा.....

रुखसार समझ गई की वो मर्द क्या चाहता hai....isliye रुखसार ने अपनी जाँघे और ज्यादा खोल दी....

और रुखसार की जाँघे खुलते hi उस मर्द ने रुखसार की छूट पर अपने होंठ रख diye.......aur छूट को पूरी सिद्दत से चूसना शुरू कर दिया.....

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अब पुरे रूम में छूट चुसाई की hi आवाजें आ रही thi.....jinhe सुन कर मेरे लुंड ने पानी hi निकाल दिया......

और फिर थोड़ी देर बाद उस मर्द ने रुखसार की छूट के दाने को दांतों के बिच फसा कर हलके से खींचा तो रुखसार तड़प उठी......

रुखसार के मुँह से सिसकी की जगह एक जोरदार आह nikli....aur रुखसार का पूरा जिश्म तड़प उठा......

और जैसे hi उस मर्द ने ek-do बार यही हरकत दोहराई तो रुखसार गांड हिलाते हुए पानी बहाने lagi.....jise उस मर्द ने पूरी सिद्दत से चूस लिया......

फिर वो मर्द उठ और रुखसार के दूधो को चूसते हुए उसकी छूट पर हाथ घूमने laga.....aur beech-beech में होंठ भी चूसने लगा.....

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जिससे रुखसार कुछ hi देर बाद फिर से गरम हो gai.....aur तभी वो मर्द रुखसार के सिरहाने आ कर उसके चेहरे पर अपना लुंड लहराने लगा.....

लुंड देखते hi रुखसार समझ गई की उसे आगे क्या करना hai....isliye उसने बिना वक़्त गवाए hi अपना मुँह खोला और उस मर्द का तगड़ा लुंड मुँह में भर कर तेजी से चूसने लगी.....

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रुखसार- uuuuuuuummmmmm.....uuuuuummmmmmm.......uuuuuuuuummmmmmmm.....uuuuuuummmmmmmm......

मर्द- aaah...meri jaan...ab तू सच में एक्सपर्ट हो gai.....aaah.....kya मस्त चूसने lagi...uummm...karti रहो jaan....karti रहो....

रुखसार- uuuuummmm...uuuummm..uuuummmm...uuuummmm....

रुखसार कुछ देर तक पूरी सिद्दत से उस मर्द का लैंड चूसती rahi......jis से उस मर्द का लैंड पूरी तरह तैयार हो चूका tha.....bilkul लोहे की रोड की तरह सख्त.....

इसलिए वो मर्द खुद hi धक्के मार कर रुखसार के मुँह में लुंड पेलने लगा और रुखसार बड़े मज़े से मुँह छुड़वाने लगी....

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उस मर्द का लुंड सटासट रुखसार के गले तक जा रहा था और रुखसार उस लुंड की हर एक ठोकर पर मज़ा ले रही थी......

रुखसार- ggggrrrrrrmmmmm....gggrrruuuummmm....ffffffrrrruuuuummmmm....uuuuuuummmmmm....

मर्द- aaahhhh...meri jaan.....tera हर एक छेद मज़ेदार hai....aaahh...sala तेरा सौहार hi चुटिया hai.....jo तुझे ठीक से चख भी नहीं pata....aah...

रुखसार- uuuuuuuummmmmm....uuuuuummmmmmm.....uuuuuuummmmmm....uuuuuummmmmm.....

मर्द- aaahhh...bas मेरी jaan....bas....

ये बोल कर उस मर्द ने लुंड को रुखसार के मुँह से खींच लिया और उसके दूध मसलने लगा.....

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मर्द- अब क्या मेरी jaan.....maza आया न....

रुखसार- aahh...hmm....

मर्द- तो बताओ na....ab क्या करू....

रुखसार- इस चमड़ीवाले तगड़े लुंड को मेरी छूट में दाल do....plz......daliye न.....

Mard(muskura कर)- ये हुई न baat.....abhi lo....aaja मेरी जान.....

रुखसार- ha...jaldi kijiye.....main अब इंतज़ार नहीं कर sakti.....plz...daal दो न.....

रुखसार की बात बोलते हुए hi उस मर्द ने अपना लुंड रुखसार की छूट पर टिकाया और दो धक्को में hi छूट के अंदर कर दिया.......

रुखसार- aaaaaaaahhhhhh......mar gai....aaahhh....

रुखसार की चीख सुन कर मेरा लुंड तो एकदम से सनसना उठा और मैं समझ गया की उस मर्द का चांदीवाला लुंड मेरी बीवी की छूट के अंदर धस चूका है......

फिर क्या tha....us मर्द ने धक्के मरने सुरु किये और रुखसार मस्ती में सिसकने लगी.....

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पूरा रूम में अब रुखसार की सिसकिया और दो गरम जिश्मो के टकराने की आवाज hi आने लगी थी....

Khair...kuch hi देर में उस मर्द ने अपनी रफ़्तार बड़ा दी और रुखसार को पुरे जोश से छोड़ने लगा....

और रुखसार भी किसी रंडी की तरह अपनी गांड utha-utha कर मस्ती से छुड़वाने लगी....

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और फिर थोड़ी hi देर बाद रुखसार जोर से siski....aur अपनी छूट की गर्मी निकाल दी.....

रुखसार झाड़ कर थोड़ी ढीली पद gai...par वो मर्द नहीं...

वो मर्द अब रुखसार के जिश्म के ऊपर चढ़ gaya.......aur फिर से धक्के मरने लगा......

जिससे रुखसार कुछ देर बाद hi फिर से गरम हुई और उस मर्द का सर पकड़ कर उसे बेतहासा चूमने लगी....

अब ऊपर दोनों के होंठ मिले हुए थे और नीचे दोनों के कामुक अंग अपनी प्यास बुझाने में लगे हुए थे....

चुदाई का घमासान जोरों पर tha....jisse पूरा रूम गरम हो चूका था.....

और ऐसे hi गरम माहौल में अगले 10 मिनट तक चुसाई और चुदाई की आवाजों के बीच फिर से रुखसार की जोरदार सिसकी सुनाई di...jo सबूत थी उसके फिर से झड़ने का....

मैं रुखसार की सिसकी सुनकर मस्त hi हो रहा था की तभी मेरे कंधे पर एक हाथ laga...to मैंने चौंक कर आँखे खोल दी...

मेरे सामने एक ायरत कड़ी हुई thi...wo भी बड़े गुस्से में....

मैं- huh....kya...kya हुआ....

ायरत- आप कौन hai...aur यहाँ क्या कर रहे है...

मैं- wo...main...main गयम का मेंबर hi हु....

ायरत- hoge...par यहाँ क्या कर रहे हो...

मैं- wo...yaha....haa...meri biwi...meri बीवी अंदर hai...massage करवा रही है....

तभी हम दोनों को एक जोरदार चीख सुनाई di....jise सुन कर मैं थोड़ा शर्मिंदा हो gaya....aur ायरत के चेहरे पर मुस्कान खिल गई......

ायरत- यहाँ कोई मस्सगे नहीं हो raha.....ab तक तो सायद आप भी समझ गए होंगे.....

Main(bina देखे)- हम्म...

ायरत- चलिए aap...yaha से निकालिये....

मैं- पर वो मेरी बीवी....

Aourat(muskura कर)- तो kya....use जो चाहिए वो मिल रहा है na....aap chaliye....aur वैसे आपकी बीवी है koun...matlab नाम तो बताइये....

मैं - रुखसार.....

ायरत- kya....rukhsaar....par वो यहाँ नहीं है....

मैं- are...mujhe उस आदमी ने बताया की वो इस रूम में hai....aur आप...

Aourat(beech में)- ओह ho....asal में क्या hua....ki इन रूम्स में मस्सगे होता hai....aur वो भी लिस्ट बना kar...isliye उसने नाम बताया होगा...

मैं- वही तो...

ायरत- पर ये मसाज nhi...aap समझ hi गए होंगे न....

Main(room देखते हुए)- ha...massage तो नहीं है.....

ायरत- dekhiye....hua ye..ki आज मस्सगे सेशन tha...list भी bani...par मसाज वाली ट्रेनर्स नहीं aai...to सब सांक्ले हो गया....

Main(khush हो कर)- matlab...matlab उस रूम में मेरी बीवी नहीं है....

ायरत- जी nhi.....wo तो मस्सगे सेशन सांक्ले होते hi निकल गई थी...

मैं- तो इस रूम में....

ायरत- dekhiye....yaha अच्छे लोगो के साथ कुछ गड़बड़ लोग भी आते hai....aur वही लोग इस जगह पर ऐसी हरकते कर के इस जगह को बदनाम करते hai......aap समझ रहे है न....

मैं- hmm..par आपको इसे रोकना चाहिए न.....

ायरत- हम रोकते hai....hum ऐसे लोगो को गयम से निकाल देते hai.....main इनकी शिकायत करूगी ओनर se....ab आप प्ल्ज़ जाइये यहाँ se....baki मैं देख लेती हु...

मैं- ठीक है....

फिर मैं बहार आ गया और बेहद खुश हो gaya.....kyoki जबसे मैंने सोचा था की उस रूम में रुखसार चुद रही hai...tabse कही न कही मैं थोड़ा दुखी भी tha...par अब मैं एकदम खुश tha.....kyoki वो मेरी रुखसार नहीं थी....

पर अभी भी मुझे कुछ शक बाकि tha....isliye मैंने रुखसार को कॉल kiya...par उसने कॉल लिया hi nahi....aur मैं रुखसार को कॉल करते हुए hi घर निकल आया......

और फिर घर आते हुए मैंने 10 बार रुखसार को कॉल kiya...par उसने फोन पिछ hi नहीं kiya......jisse मेरा दिल फिर से घबराने लगा था......

Khair.....main घर पर बैठा हुआ था और मेरे दिमाग में रुखसार के बारे में ajeeb-ajeeb ख्याल धूम मचा रहे the...jisse मैं परेशान होने लगा था....

की तभी मेरे फोन की घंटी बजी और स्क्रीन पर मेरी बीवी रुखसार का नाम देख कर मेरे चेहरे पर ख़ुशी उमड़ पड़ी....

( कॉल पर )

मैं- hello....kaha हो यार.....

रुखसार- sorry.....main अपनी सहेली के घर पर हु......

Main(gusse से)- है to.....phon क्यों नहीं उठा रही thi....pata है मैं कब से फोन कर रहा हूँ......

रुखसार- sorry.....wo मेरा मोबाइल साइलेंट पर tha....wo गयम में साइलेंट किया था na.....fir नार्मल hi नहीं कर paai....sorry.....

मैं- ohh...tum भी na....khair....koi बात nhi...asal में मैं गयम आया tha....isiliye कॉल......

Rukhsaar(chounk कर)- kya...aap गयम में है.....

मैं- अरे nhi...ab तो बापिस आ gaya.....ghar पर हु.....

रुखसार- par...aap....aap गयम क्यों आये the.....kuch...kuch काम था क्या.....

मैं- अरे nhi...maine सोचा की तुम्हे सुर्प्रीज़े du...aur साथ hi ले aau....par जब मैं वह pahucha...to तुम वह से निकल चुकी thi...bas...tabhi से कॉल कर रहा था....

रुखसार- ohh...matlab आप अभी घर पर है न...

मैं- haa....bataya to.....main घर आ gaya....waise तुम कितनी देर में आ रही हो.........

रुखसार- मैं तो आ jati...par मेरी saheli....wo मुझे छोड़ hi नहीं rahi.....pakad के रखे हुए है....

मैं- haha...to उससे बोलो की तुम्हारा सौहार इंतज़ार कर रहा hai...bolo उसे...

रुखसार- मैंने बोलै use....par वो बोलती है की सौहार को बोले की अभी ीतलनतज़ार karo....warna जाने hi नहीं degi...yahi रख legi.....hehe....

मैं- hahaha...tumhari सहेली भी na....accha batao....kitni देर लगेगी.....

रुखसार- ha....ek मिनट.....

फिर कुछ देर तक मुझे कुछ आवाज नहीं आई.....

रुखसार- ha...suniye....mujhe अभी करीब 1:30 घंटा लग जायगा पहुंचने में....

मैं- ohh....koi nhi....kya मैं आ जाऊ... तुम्हें लेने......

रुखसार- nahi....aap परेशान मत ho.....main आ jaoongi......aap आराम करो.....

मैं- ठीक hai.....aaraam से aana....aur haa...hum आज लंच बाहर karege....ok..

रुखसार- uumm...ok...main रखती hu...bye.....

फिर जैसे hi कॉल कट हुई तो मैं एक गहरी सांस ले कर आँखे बंद कर के आराम करने लगा.....

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पर दूसरी तरफ.......

रुखसार जब अपने सौहार से बात कर रही thi....tab एक मर्द उसके पीछे खड़ा हुआ उसकी छूट में लुंड डाले खड़ा हुआ था.....

रुखसार- aaahhh...thoda भी सब्र नहीं होता aapse....bekaar में मेरी चीख सुन लेते वो....

Mard(doodh मसल कर)- तो क्या hua....sunne do....use भी तो पता चलना chahiye...ki उसकी प्यारी बीवी मेरे साथ कितना मज़ा करती hai...hai न...

रुखसार- uuumm....ab क्यों रुके hai.....karo na....mujhe घर भी जाना hai....aaaahhhh.....thoda dheere....main थक गई हु....

मर्द- are....itni जल्दी....

रुखसार- aahh....jaldi...haa..aaahh....2 घंटे से छोड़ रहे hai....aur जल्दी लगती hai...aahh...thaka डाला....

Mard(muskura कर)- तो kya....maza भी तो कराया न...

रुखसार- aaahhh....janti hu...tabhi तो जा नहीं paai...aahhh...ab जोर से karo.....aaahh..

और फिर मर्द ने पूरी रफ़्तार से रुखसार को छोड़ना सुरु कर दिया......

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रुखसार- aaaahhh....aaaahhh...aahhh..aaahhh..mar gai....aaahh.....itni tej....aaahh...aahh....

मर्द- नहीं मेरी jaan....tu ऐसे नहीं maregi....kabhi nhi...yeehhhh...yeeehhhh....yeeehhh....

फिर उस मर्द ने करीब 15 मिनट तक रुखसार की जोरदार चुदाई की जिससे रुखसार ने एक बार और पानी छोड़ diya....aur धक्के कहते हुए फिर से गरम भी हो गई......

रुखसार- aaahhhh...mere pair....aaahh..main कड़ी नहीं रह प् रही...

मर्द - बस इतनी सी baat....to आओ....

और इतना बोल कर वो मर्द टेबल पर लेट गया और रुखसार को ऊपर बैठा liya...aur रुखसार आराम से लुंड को छूट में ले कर उछलने लगी....

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रुखसार- आअह्ह्ह.. आपको पता hai...mere souhar....aah...gym में आये थे....

मर्द- accha...fir....chala गया न...

रुखसार- aaahh...ji....chale गए....

मर्द- तो फ़िक्र किस बात ki....maze karo....thodi रफ़्तार बढ़ाओ....

रुखसार- hmm...aaahhh....aaahhh......aaahhh......aaahhh.....

इतना बोल कर रुखसार ने अपनी रफ़्तार बड़ाई और joor-joor से अपनी गांड उछाल कर लुंड पर पटकने लगी.....

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रुखसार- aaaahhhh...aaaahhh..aaahhhh...aaahhh...

मर्द- aah...ye हुई न मेरी जान वाली baat.....aah....aur अब नजारा भी मस्त हो gaya....tere दूध to...uuuummmm...

रुखसार- aaaahhh....inki वजह से आज फास hi jati....aaahh...

मर्द- kyo...kya हुआ...

रुखसार- बाद meee.....main....aaahhhh.. aaahhhh...aahhhh...

और कुछ देर जोर से उछालते हुए रुखसार एक बार फिर से झड़ गई और मर्द की बाहों में लेट गई....

रुखसार- aaahhh...thak गई मैं तो....

मर्द- कोई nhi...aaraam karo....waise ये दूधो की क्या बात कर रही thi...kya हुआ....

Rukhsaar(sharma कर)- उन्हें पता चल गया की इन पर कोई म्हणत कर रहा hai...aur मेरे पीछे भी....

मर्द- ओह ho...tab तो आज एक बार म्हणत बनती है...

इतना बोल कर उस मर्द ने रुखसार को लिटाया और खुद उसके सीने के दोनों तरफ घुटने टिका कर बैठ गया....

रुखसार- ohh...to आपको इनके बीच bhi...aap भी na....kuch नहीं chhodege....kuch तो रहने दो मेरे सौहार के लिए....

Mard(has कर)- bilkul...us से यही दूध chuswana.....samjhi....

ये बोल कर उस मर्द ने अपबा लुंड रुखसार के दूधो में फसाया और रुखसार ने भी दोनों दूध आपस में मिला diye....aur खुद hi लुंड को दूधो से मसलने लगी....

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रुखसार- आपने आज मरवा hi डाला था....

मर्द- वो kyo.....tumhara सौहार तो चला गया न....

रुखसार- वो nhi....asal me....wo मेरा पीछे का छेद देख kar(sharma गई)

मर्द- are...fir से शर्मा gai....are yaar...besharm कब बनोगी....

रुखसार- पता nhi....wo मेरे सौहार ने छेद देख liya....aur पूछ रहे the....ki बड़ा क्यों हो गया...

मर्द- तो kya....sach बता देती..

Rukhsaar(ghoor कर)- hmmmm....marwa दो आप to....main नहीं बोलने wali...samjhe आप...

मर्द- कोई nhi....use जो समझना है समझने do.....baki मुझ पर छोड़ दो...

रुखसार- aah....dheere करो न...

मर्द- अब nhi.....ab to....taiyaar हो ja.....tujhe शरबत पिलाता हु.....

ये बोल कर मर्द ने अपनी रफ़्तार बड़ा दी और कुछ hi देर में जब वो झड़ने पर आया तो वो आगे हुआ और रुखसार ने जल्दी से लुंड को मुँह में भर लिया और लुन्द्रास पिने लगी....

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मर्द- aaahh.....ye नीचे क्यों वह diya....barbaad कर दिया न....

रुखसार- uuuummmmmmmhhhhh....koi बात nhi....waise भी आज बहुत पि chuki....aur अब तो रोज की बात hai....kisi दिन ज्यादा पि lugi....haa...

ये बोल कर रुखसार खिलखिला पड़ी और मर्द भी उसके साथ खिलखिला पड़ा...

रुखसार- अब ऊपर से hatiye...mujhe लंच के लिए बहार जाना hai.....wo इंतज़ार कर रहे होंगे....

Mard(uth कर)- hmm...jao फिर.....

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यहाँ मैं घर पर बैठा हुआ कई बार कल और आज की साड़ी बातों को दिमाग में soch-soch कर कुछ प्लान कर रहा था.....

मैंने तय किया था की मैं रुखसार के बारे में अपने दिमाग में उठ रहे गलत ख्यालों को साफ़ कर के hi रहुगा......

हलाकि मुझे अपनी बीवी पर बहुत ज्यादा यकीन tha...kyoki मैं जनता tha...ki रुखसार मेरे कहने पर भी गैर मर्द के नाम से गुस्सा हो जाती hai....wo किसी गैर मर्द के साथ होना तो door...aisa सोच भी नहीं सकती....

पर वही दूसरी तरफ रुखसार में आया ये badlaab...watchmen की baaten.....aur आज मस्सगे रूम में सुनी आवाजों की वजह से मुझे रुखसार पर थोड़ा शक होने भी लगा था....

Main(man में)- पर मस्सगे रूम की आवाजें तो साफ़ सुनाई hi नहीं दे रही thi...aur उस ायरत ने भी बोलै था की रुखसार अपनी सहेली के घर निकल gai.....aur फिर मेरी बात भी तो हुई thi....hmm...saayad मैं hi कुछ ज्यादा सोचने laga...bekaar में 2 और 2 को 5 करने पर तुला hu...huh....

Khair.....dopahar के वक़्त रुखसार बापिस आई और आते hi माफ़ी मांगने लगी....

रुखसार- माफ़ karna....mujhe बहुत देर हो gai...aur आप गयम आये तो मिल भी नहीं paai...maaf karna..mujhe पता hi नहीं tha......aa..kya हुआ....

रुखसार माफ़ी मांग hi रही थी की मैंने खड़ा हो कर उसके कंधो को पकड़ लिया...

रुखसार- aap.....aap ऐसे क्या देख रहे ho....haa....

ये बोल कर रुखसार ने अपने चेहरे पर हाथ घुमाया तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया....

रुखसार- क्या hua....boliye न....

मैं- स्स्स्सस्छ्हः.....

और फिर मैंने अपने होंठ रुखसार के होंठो पर रख diye....par इससे पहले की मैं होंठो को चूस pata....rukhsaar छिटक कर मुझसे दूर हो गई....

Rukhsaar(gusse से)- ये क्या कर रहे है आप....

मैं- are....apni बीवी को किश कर रहा hu...kya ये गलत है....

Rukhsaar(sambhal कर)- nhi...par...wo मैं बाहर से आई hu....pahle gym....fir सहेली के साथ masti....to paseena-paseena हो gaya....main फ्रेश हो कर आती hu...fir जितनी मर्जी चाहे कर lena.....hmm.....

और इससे पहले मैं कुछ bolta....rukhsaar बेग और मोबाइल बिस्तर पर रख कर बाथरूम में घुस गई....

Main(man में)- इसको भी पता नहीं कितनी saaf-safaai पसंद hai....huh....

Khair.....thodi देर बाद मैं और रुखसार तैयार हो कर लंच के लिए nikle.....to हमे अपने सामने वाले फलते की आंटी मिल गई.....

जोहर aunty.......halaki वो सिर्फ 38 साल की thi....fir भी हम उन्हें सुरु से आंटी जी कह कर hi बुलाते the....aur उन्हें इस बात का कुछ भी बुरा नहीं लगता था.....

जोहर आंटी हमारे hi फ्लोरे पर ठीक हमारे सामने वाले फलते में अपने सौहार के साथ रहती थी.....

उनकी अपनी कोई अओलाद नहीं thi...isliye उन्होंने अपनी अप्पी की बेटी को गॉड लिया हुआ tha....jiska निकाह 1 साल पहले hi हो चूका tha...aur वो दुबई में शिफ्ट हो गई थी....

तो अब आंटी ज्यादातर अकेले hi रहती thi...kyoki अंकल का ट्रांसफर एक छोटे से कसबे में हो गया tha...aur वह का माहौल देख कर अंकल अपने साथ आंटी को नहीं ले गए the...bas महीने में 2 बार aate-jate रहते थे....

Khair...jab मुझे जोहर आंटी दिखी तो मेरे दिमाग में वॉचमैन की बात आ gai...ki कोई आंटी के घर aata-jata है......

Main(dheere से)- rukhsaar....dekho...johar aunty.....kya इनसे उस लड़के के बारे में पूछे...

रुखसार- बिलकुल nhi....hume इसमें नहीं padna....ye उनकी जिंदगी hai....aur फिर वो क्या sochegi...ki हम कुछ गलत सोच रहे hai...haa...

मैं- आरर nhi...hum तो बस जानना चाहते hai..ki उनके घर कौन आने लगा....

रुखसार- मैंने बोलै na....us बारे में कुछ मत bolna....aapko मेरी kasam....samjhe न....

मैं- अब तो समझ hi gaya....theek hai..mujhe क्या...

Johar(saamne से)- अरे rukhsaar...shaan...aaj इस waqt....dono साथ me....kyo shaan....aaj दूकान नहीं गए....

मैं- नहीं aunty...aaj छुट्टी कर li...isliye घूमने जा रहे hai....waise आप कहा से आ रही है....

आंटी- are...main तो बस पास में गई thi...fal lene....waise rukhsaar.....parso तुम कहा गई thi......main तुम्हारे घर aai...to टाला मिला tha...aur कुछ दिन पहले bhi....haa..kaha जाने लगी aaj-kal....kahi तू भी तो दूकान नहीं जाने लगी na....hehehe....

रुखसार- अरे नहीं आंटी ji....main तो एक सहेली के घर गई thi....wo क्या hai...ki वो यहाँ अकेली रहती hai...to चली जाती हु उसी के ghar....aise hi...time-paas...

ौन्र्य- hmm....theek hai....aur haa...wo लड़का मिला था mujhe.....mall में.......

Rukhsaar(chounk कर)- kk..koun सा लड़का आंटी.....

आंटी- आरर wahi...jo उस दिन तुम्हारे साथ उस कपडे की दूकान में tha...wo बड़ी कमाल की बातें करता hai....sach me....mast लड़का hai....kisi दिन घर बुलाना use....bol देना की आंटी ने बुलाया है...

रुखसार- ji...ji aunty...bol dugi...accha aunty...hume देर हो रही hai...baad में मिलते hai...bye...

आंटी- ठीक hai...maze करो...

फिर आंटी अपने रस्ते निकल गई और मैं रुखसार को घूरने लगा....

Rukhsaar(sambhal कर)- आप ऐसे क्यों घूर रहे है.....

मैं- तुम अच्छे से जानती ho....wo लड़का...

Rukhsaar(beech में)- आप चलिए to....sab बताती हु....

फिर हम आगे बड़े और कार से निकल pade....aur कुछ देर तक हम दोनों के बीच ख़ामोशी चाय रही....

रुखसार- आप गुस्सा ho...us लड़के की बात से.....

मैं- nhi...bas हैरान hu.....wo कौन है....

रुखसार- मेरी सहेली ka....wo...uska दोस्त....

मैं- kya...dost...par तुम्हारी सहेली तो निकाहि है na...to फिर ये....

रुखसार- तो क्या निकाह करने के बाद दोस्ती भी ख़त्म हो जाती है kya....haa....

मैं- अरे nhi...maine ऐसा नहीं bola....par...accha...uska दोस्त तुम्हारे साथ क्या कर रहा था.....

रुखसार- वो मेरे साथ नहीं था.....

मैं- पर आंटी ने तो....

Rukhsaar(beech में)- मेरी सहेली भी थी waha....par जब आंटी मिली thi...to उस वक़्त मेरी सहेली बाथरूम गई thi...aur तभी आंटी आ गई...

मैं- ohh....kya इत्तेफ़ाक़ है न....

रुखसार- आपको क्या मेरी बात पर यकीन nhi....theek hai...meri सहेली के पास chaliye....fir सब साफ़ हो जायगा....

Main(thodi देर बाद)- ठीक hai....address बताओ....

Rukhsaar(hairani से)- kya....matlab आपको मुझ पर बिलकुल भी यकीन nhi....theek hai..mat करो yakeen....aur अब तो मैं पता बताऊगी hi nhi....jo सोचना है वो सोचते raho....theek है...

ये बोल कर रुखसार ने गुस्से से मुँह फुलाया और खिड़की की तरफ देखने lagi....aur कुछ देर फिर से ख़ामोशी छ गई....

मैं- अब क्या बात भी नहीं करोगी...

रुखसार- क्यों karu....jab आपको मुझ पर यकीन hi नहीं तो फिर बात क्यों karna.....huh...

Main(muskura कर)- अरे मेरी jaan...mujhe तुम पर पूरा यकीन hai...sach में....

Rukhsaar(ghoor कर)- अगर यकीन होता na...to मेरी सहेली का पता नहीं puchte....par nhi...aapko तो उससे पूछ कर hi साफ़ करना था na...ki आपकी बीवी झूठी तो ननि...

मैं- अरे नहीं yaar...main तो बस मजाक कर रहा tha....kasam से....

रुखसार- huh..majaak...main सब समझती hu...aapko तो मुझ पर यकीन hi नहीं ..है न....

मैं- अरे नहीं...

Rukhsaar(beech में)- ऐसा hi hai...isliye मैं आज के बाद घर से निकलूंगी hi nhi...na गयम jaugi...na hi योग class....sara दिन घर में rahugi...bilkul पहले की tarah....burke में कैद...

Main(break मार कर)- ये क्या बोल रही ho....kuch bhi...maine बस मजाक किया tha.....aur socho....jo इंसान खुद तुमसे kahte-kahte थक gaya....ki गैर मर्द के sath.......wo...huh...to वो सिर्फ तुम्हारे साथ किसी मर्द के होने की बात सुन कर शक karega...haa...khud सोचो....

रुखसार- पर वो मेरे साथ नहीं tha....meri सहेली का दोस्त है wo...hum दोनों के साथ था....

मैं- haa....main समझ gaya....aur suno...agar वो तुम्हारा भी दोस्त होता na...tab भी मुझे कोई परेशानी नहीं hoti....sach me....ab ये मुँह फूलना chhodo....aur muskurao...chalo...

ये बोल कर मैंने रुखसार की कमर पर ऊँगली चुभा di...jusse रुखसार उछाल पड़ी...

रुखसार- aahh....nhi..theek hai...bas....main ठीक hu....ab चलिए....

Main(car स्टार्ट कर के)- अब तो गुस्सा नहीं हो न....

रुखसार- nhi....par आप को अभी कोई शक तो नहीं न...

Main(muskura कर)- nhi....aur haa....tum भी एक दोस्त बना hi लो....

Rukhsaar(ghoor कर)- चुप rahiye....mujhe नहीं बनाना कोई dost....jo hai...wahi काफी hai....samjhe न आप...

Main(has कर )- है मेरी jaan....par याद rakhna.....ek को तो बनाना hi होगा...

रुखसार- kya...kisko.....

मैं- गोलू ko..hahaha.....

Rukhsaar(muh फुला कर)- आप नहीं सुधरोगे.....

और फिर रुखसार के चेहरे पर भी मुस्कान खिल गई और हम दोनों लंच के लिए आगे बाद गए....

भले hi हम दोनों के चेहरे पर हसी thi....par हमारे दिल और दिमाग में काफी ज्यादा हलचल मची हुई thi....jo हम ek-dusre से छिपाये हुए यु hi मुस्कुरा रहे थे.....

क्या चल रहा है रुखसार के दिल में....???

क्या शान का शक दूर हो GAYA.....YA अभी भी बाकि है.....???

क्या रुखसार घबरा कर अपना सच सामने LAAYGI....YA फिर कुछ और HI कारनामा करेगी......???

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....

थैंक्स फ्रेंड्स...

कीप रीडिंग....
 
Kabhi-kabhi ज्यादा प्यार भी ैव्हा नहीं होता dost...fir bhi.....abhi पर्दा गिरने do...saayad नेक्स्ट 2 अपडेट में कुछ सामने aayga..ok...

बाकि 1:30 ghanta....to सहेली के घर hai....ghar आने में भी टाइम लगता hai...to इसमें बड़ी बात nhi....aur गयम से आने पर पसीना भी होता hai...islite कुस को ज्यादा गौर नहीं kiya...haha.....

अब रुखसार की सके साथ hai...aur kyo....ye तो आगे hi batauga...ok...


थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
अपडेट - 16

और फिर रुखसार के चेहरे पर भी मुस्कान खिल गई और हम दोनों लंच के लिए आगे बाद गए....

भले hi हम दोनों के चेहरे पर हसी thi....par हमारे दिल और दिमाग में काफी ज्यादा हलचल मची हुई thi....jo हम ek-dusre से छिपाये हुए यु hi मुस्कुरा रहे थे.....

अब आगे.......

मैं अपनी बीवी रुखसार के साथ एक शानदार होटल में गया और शानदार लंच kiya...aur फिर वह से मैं रुखसार को शॉपिंग करने ले गया....

वह रुखसार ने अपने sath-sath मेरे लिए भी कुछ कपडे khareede....halaki मैं कपडे लेना नहीं चाहता tha.....par रुखसार की ज़िद के आगे मेरी एक न चली....

ये देख कर मैं खुश tha...ki मेरी बीवी को मुझसे कितना प्यार hai...aur कही न कही मैं ये भी सोचने लगा tha..ki कही रुखसार पर मेरा शक बेबुनियाद तो नहीं...

हो सकता है की जो भी बातें या हालात मेरे सामने आ रहे hai....wo सिर्फ और सिर्फ इत्तेफ़ाक़ hi हो....

क्योकि जब मैं खुद hi रुखसार को गोलू के करीब ले जाने के लिए उससे baar-baar बोलता hu....to फिर रुखसार को धोखा देने की क्या जरूरत थी...

अगर उसकी जिंदगी में कोई गैर मर्द होता bhi...to वो मुझसे saaf-saaf बोल सकती thi...aur मैं गोलू की जगह उस मर्द के साथ रुखसार को देख कर मेरा ख्वाब पूरा कर लेता...

क्योकि असल में तो मुझे एक गैर मर्द hi चाहिए na....chamdiwale लुंड के sath....jo मेरी पाकीज़ा बीवी को मेरे सामने बेदर्दी से chode...haa...

ये सब ख़याल आते hi मुझे मेरी सोच पर पछतावा होने लगा tha...ki मैंने रुखसार पर शक क्यों किया....

और तभी मैंने देखा की रुखसार मेरे पास कुछ साड़ी ले कर आ गई....

रुखसार- suniye....ye साड़ी कैसी hai....theek है न....

मैं- ha...par तुम साड़ी क्यों laai...kya तुम पहनोगी...

रुखसार- haa...kyo...kya आपको पसंद नहीं...

मैं- अब पसंद का तो ऐसा hai...ki अपने यहाँ कौन साड़ी पहनता hai...to पसंद तो nhi...par मैं तुम्हे रोकूंगा nhi...tumhe पसंद है तो ठीक hai...par एक बात batao...ye ले कर भी क्या karogi...tumhe पहनना आता भी है...

रुखसार- और kya......mujhe आता है....

Main(hairani से)- kaise...tumne कब पहनी saree...aur तुम्हे साड़ी पहनना सिखाया किसने....

रुखसार- मेरी सहेली ne...usne bataya.....aur बाकि मैं इंटरनेट पर देख hi lugi....koun सा मुश्किल काम hai....ab बताइये na....ye है कैसी...

मैं- अब मैं क्या kahu....mujhe तो सब अच्छी hi लग रही है.....

रुखसार- ohh..theek hai...main अपनी सहेली से hi पूछ लेती hu...main चेंजिंग रूम में जा रही hu...jab तक आप अपने लिए और कुछ देख लो न....

मैं- अरे nhi...bahut hai....tum आराम से पसंद karo...main यही हु...

रुखसार- hmm...waise....aapke जूते पुराने हो गए है na....to क्यों न आप टॉप फ्लोरे पर जूते देख aao....waha 2 अच्छी दूकान है जूतों की......

मैं- are...rahne do...waqt लग जायगा mujhe....meri समझ में नहीं आने लगता की कौन सा लू....

Rukhsaar(muskura कर)- तो क्या hua....aap जा कर आराम से dekho....fir मैं आती हु na...main सेलेक्ट कर लूँगी....

मैं- पर इसमें काफी वक़्त लग जायगा...

रुखसार- वक़्त की कोई फ़िक्र nhi...ab आप jao...main अपना काम करती hu...chalo जाओ...

फिर रुखसार की ज़िद पर मुझे मॉल के टॉप फ्लोरे यानि की 5तह मंजिल पर जाना pada..aur रुखसार ग्राउंड फ्लोरे पर hi चेंजिंग रूम में साड़ी तरय करती रही....

ऊपर जाने के बाद जरीब 40 मिनट बाद रुखसार मेरे पास aai....aur मैंने देखा की रुखसार ने 3 बैग भर कर शॉपिंग कर ली थी....

मैं- ये क्या....3 बैग भर लिए....

रुखसार- hmm....saree, निघ्त्य, bra-panty, कुछ हॉट ड्रेस, जूती, sandal....sab लिया मैंने....

मैं- ओह ho....par कुछ देर पहले तो बोल रही थी की कुछ समझ hi नहीं आ raha...fir मेरे आते hi अचानक से सब समझ आ गया....

Rukhsaar(has कर)- आप गए तभी तो सही काम hua...hehehe....

Main(has कर)- ohh..matlab मैं दूर रहुगा तो तुम्हारा काम अच्छे से hoga...haa....

रुखसार- bilkul...fir तो मेरा काम मज़े से hoga....hehehe.......

Main(muskura कर)- ठीक hai....to अब साड़ी शॉपिंग हो गई tumhari...ya कुछ बाकि है...

रुखसार- nhi...matlab बाकि सब हो gai....bas आपके जूते बाकि hai...wo भी अभी हो जायगे...

मैं- वैसे इतनी शॉपिंग देख कर कोई भी यही bolega...ki मेरी बीवी कही घूमने जाने वाली hai....hai न...

रुखसार- to....ho सकता है सच में चली jaau....kal किसने देखा.....

मैं- ओह ho....ab कल की कल पर छोडो और बताओ की इनमे से कौन से जूते ले लू...

फिर मैंने रुखसार को अपनी पसंद के कुछ जूते दिखाए और उनमे से रुखसार ने तुरंत 1 को सेलेक्ट कर liya...aur हम बिल दे कर घर निकल आये.....

Main(ghar में आते hi)- aah....ab तो बड़ी अच्छी नीड आ रही hai.....thoda सो लेता हु...

रुखसार- नीड तो मुझे भी आ rahi....thodi थक भी गई हु....

मैं- तो एक काम karo....tum भी सो jao...waise भी अभी कोई काम nhi....aur रात का खाना भी बहार से मगवा luga....theek है....

रुखसार- hmm.....so hi जाती hu....tabhi तो रात को फ्रेश रहूगी....

मैं- रात ko....par रात को फ्रेश रह कर क्या करना है तुम्हे....

Rukhsaar(muskura कर)- आपको बहुत सारा प्यार....

इतना बोल कर रुखसार शरमाई और बैडरूम में घुस gai.....aur मैं भी मुस्कुराता हुआ बैडरूम में निकल आया....

और कुछ hi देर बाद मैं अपनी बीवी के साथ आराम फरमाने लगा.....

Khair....hum दोनों शाम 7 बजे तक गहरी नीड में सोते rahe....aur फिर जागने के बाद हमने खाना आर्डर किया और डिनर के बाद बापिस बैडरूम में पहुंच गए....

और जैसे hi हम बैडरूम में पहुंचे तो रुखसार ने तुरंत अपनी निघ्त्य निकाल दी और सिर्फ bra-panty में मेरे सामने कड़ी हो गई.....

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रुखसार को bra-panty में खड़ा देख कर मैं बेहद हैरान tha....isliye नहीं की वो bra-panty में thi...kyoki ऐसे तो मैंने उसे कई बार देखा था....

मुझे हैरानी थी उसके बदन देख kar...khas कर उसके कामुक ang....uske दूध और उसकी गांड....

रुखसार के दूध मुझे कुछ ज्यादा hi भरे हुए दिख रहे the....aur उसकी गांड भी पहले से ज्यादा बड़ी हो चुकी थी.....

रुखसार- आप ऐसे क्या देख रहे hai....kya पहली बार देखा क्या...

मैं- nhi....par आज तुम गजब ध रही ho...tumjara जिश्म पहले से कही ज्यादा मस्त और गरम दिख रहा है....

Rukhsaar(sharma कर)- तो क्या आपको पसंद नहीं आया....

मैं- are...pasand क्यों नहीं aayga....meri बीवी इतनी हॉट दिखेगी तो मुझे hi पसंद आएगा na....waise इस बदलाब की वजह क्या hai....kahi इस में भी तुम्हारी उस नै सहेली का हाथ तो नहीं.....

Rukhsaar(muskura कर)- हाथ भी है और पेअर bhi...aur भी बहुत kuch...hehehe....

मैं- ओह ho...lagta है मेरी बीवी को मर्द की जगह ायरत पसंद आने लगी....

रुखसार- अरे nhi.....aisa कुछ nhi...meri पसंद मर्द hi hai....wo तो मेरी सहेली ने मुझे बताया की अपनी सेक्स लाइफ को अच्छा कैसे बनाया जाता है...

मैं- ohh...aisa kya....to फिर ये तुम्हारे अंग कैसे भर gaye.....sirf तरीका सुन कर....

रुखसार- जी nhi...ye तो मेरी म्हणत का नतीजा hai.....jabse गयम जाना सुरु किया है na....tabhi से म्हणत हो रही है....

मैं- ohh.....ye बात hai...hmm....waise तुम्हारी सहेली ने कौन सा तरीका bataya...jara हम भी तो सुने....

Rukhsaar(paas आ कर)- सिर्फ सुन कर मज़ा नहीं aayga....kar के दिखाना होगा....

मैं- ohh....to फिर देर किस बात की....

Rukhsaar(muskura कर)- तो आप कुछ नया महसूस करने को तैयार है....

Main(muskura कर)- तैयार kya...main तो मर रहा हु....

Rukhsaar(muskura कर)- तो फिर इन कपड़ों को निकाल feko....aaj रात इनकी कोई जरूरत नहीं....

मैं- जैसा तुम बोलो मेरी jaan...ye लो...

और मैंने जल्दी से सारे कपडे निकाल diye...aur जैसे hi मैं नंगा हुआ तो रुखसार ने मुझे धक्का मार कर बिस्तर पर लिटा दिया और बड़ी ऐडा के साथ मेरे ऊपर आ गई...

और फिर मेरी आँखों में देख कर रुखसार ने अपने शरबती होंठ मेरे होंठो पर रख diye...aur कुछ hi सेकण्ड्स में रुखसार मेरे होंठो को बेतहासा चूसने लगी......

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रुखसार- uuummmmmm..uuuummmmm...uuuummmmhhh...kya hua...maza नहीं आ रहा क्या...

मैं- are...maza क्यों नहीं आएगा....

रुखसार- तो आप क्यों खामोश ho.....chupchaap लेटना hi काफी नहीं....

मैं- जनता हु मेरी jaan...wo तो अपनी बीवी की गर्मी देख कर चुप tha...yaha aao...aaauuuummmmm...uuummmmm..

और फिर रुखसार की तरह मैं भी होंठ चूसने laga....aur हमारे जिश्म गरम होने लगे.....

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फिर कुछ देर तक अच्छे से होंठ चूसने के बाद रुखसार रुकी और मेरी आँखों में देख कर मुस्कुराने लगी....

रुखसार- अब मज़ा aaya....aur ab....main आपको कुछ खास मज़ा दूगी...

मैं- accha....wo क्या है...

मेटि बात पर रुखसार कुछ नहीं boli....bas एक सरारती मुस्कान बिखेर दी और नीचे खिसक गई...

फिर रुखसार ने ek-ek कर के अपनी bra-panty निकली और बैठ कर मेरे लुंड को पकड़ लिया....

फिर रुखसार ने कुछ देर तक मेरे लुंड को हिलाया और फिर मुँह खोल कर आधा लुंड मुँह में भर लिया...

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मैं- aaaahhh....rukhsaar....

रुखसार- uuuummmm.....uuuummmmmm....uuummmmmhhh.....aah....kya हुआ....

मैं- कुछ nhi....bas मज़ा hi आ गया....

Rukhsaar(muskura कर)- ये तो बस सुरु hi हुआ hai......aaauuuummmmm....uuuummmmm...uuuummmm...

और रुखसार ने लुंड चूसने की रफ़्तार बड़ा di...jis से मैं कुछ ज्यादा hi गरम हो गया.......

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और फिर कुछ देर बाद hi रुखसार ने वो हरकत ki....jo मैं सोच भी नहीं सकता tha...matlab आज से पहले ऐसा कभी हुआ hi नहीं था हमारे बीच....

रुखसार मेरा लुंड चूसते हुए hi घूमी और मेरे चेहरे के दोनों तरफ अपनी टाँगे रख दी....

Main(hairani से)- रुखसार....

रुखसार- uuuummmmhhh..aahh....chooso न......

मैं- hmm...ssssrrrruuuppp...sssrrruuupppp....sssrrruuppp...

और फिर हम दोनों 69 पोजीशन में ek-dusre के कामुक अंगो को चूसने में लग gaye...jo की मेरे लिए एक नया अहसास था....

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रुखसार- uuuuummmm...uuuummmmm...muuuuummmmhhh..aahh...joor से करो na....aaauuummmm...uuummm...

मैं- sssrrruuuppp....hhm...ssssrrrruuuuppppp....sssrrrruuuuppppppp.....

मैंने जैसे hi रुखसार की छूट चेतना सुरु किया यो वैसे hi रुखसार पुरे जोश के साथ मेरे लुंड को चूसने lagi...jis से मेरा लुंड पूरी तरह तैयार हो गया....

रुखसार- uuuummmmmm...uuummm...uuummmhhh...aahh....ab आपके गोतो की baari....sssrrruuuppp...sssrrruuuppp...

Main(man में)- gote.....ye रुखसार गोटा कबसे बोलने lagi...wo तो कभी ऐसे बोलती hi नहीं thi...aur कभी बोलना भी पड़ा तो अंडे बोल देती thi....aur चाट भी रही hai.....par वो to...aaahh..

मैं यहाँ हैरान हो hi रहा था की रुखसार ने मेरे गोतो को मुँह में भर कर चूसने lagi.....aur मैं भी मस्ती में आ कर उसकी छूट चूसने में लग गया....

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अब हम दोनों पुरे जोश में आ गए the.....aur इसी जोश के साथ रुखसार मेरे गोतो को और मैं रुखसार की छूट को चूसे जा रहा था.....

और इसी मस्ती के बीच रुखसार की छूट पानी छोड़ने lagi....aur हैरानी की बात ये हुई की रुखसार ने झड़ते वक़्त अपनी छूट को मेरे मुँह से अकाज नहीं kiya.....ulta उसने अपनी जांघो को बंद कर लिया और पूरा पानी मेरे मुँह पर निकलने लगी...

रुखसार की हरकत जहा मुझे हैरान कर रही thi...wahi मेरी गर्मी भी बड़ा रही थी...

इसी गर्मी की वजह से कुछ hi देर बाद मेरा सब्र भी टूट गया और मेरे लुंड ने पानी छोड़ दिया....

मैं- rukhsaar....aaaahhhh...main आया....

रुखसार- aah....uuummhhh..

मैं झाड़ रहा था और रुखसार प्यार से मेरा लुंड पकड़ कर चूम रही थी....

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Khair....hum दोनों जब झाड़ कर शांत हुए तो रुखसार उठी और मेरे होंठ चूसने लगी....

और मेरे मुँह पर लगा उसकी छूट का चुतरस भी वो चाट कर साफ़ कर गई....

रुखसार- uuuuummmmhhhh....maza आया न...

मैं- है मेरी jaan....aaj तो बहुत ज्यादा मज़ा aaya....par एक बात समझ नहीं आई...

रुखसार- accha...koun सी बात....

मैं- yahi...ki तुम तो चोइट और लुंड के पानी को सीखना भी पसंद नहीं करती thi...par अब तुम्हे दोनों पसंद आने lage....aur तो aur...tum चख भी रही ho...aakhir बात क्या है....

Rukhsaar(muskyra कर)- कुछ ख़ास nhi...bas आपको किस करने की कोसिस कर रही hu.....aap किस तो है न....

मैं- bilkul....main बहुत ज्यादा खुश हु...

.

रुखसार- hmm...iska मतलब अब आप गोलू को भूल jayge....hai न...

मैं- kyo...use क्यों भूल jaau...are...golu की बात अलग hai....uske साथ तो मैं तुम्हे....

Rukhsaar(beech में)- bas....aap na...aap नहीं sudhroge....huh...chalo छोडो मुझे फ्रेश होने दो.....

Main(baaho में कास कर)- nhi...ruko तो....

रुखसार- क्या है....

मैं- बताओ na.....kya गोलू के नाम से तुम्हे जोश नहीं aata....bolo....aata है न...

Rukhsaar(aankho में देख कर)- आपको हुआ क्या hai.....aap ऐसा क्यों सोचते hai...ki गोलू और मैं....

Main(beech में)- क्योकि मुझे ये पसंद है....

रुखसार- accha...matlab आप अपनी बीवी को गैर मर्द के साथ देख कर खुश hoge.....haa..

मैं- haa...par कुसी भी मर्द के साथ nhi....balki उसके sath...jiske पास चमड़ी वाला लुंड hai....jaise गोलू....

रुखसार- uuff....fir से golu....theek hai...aap बस सोचते raho...aapki marji....mujhe अब फ्रेश होना hai...bahut देर हो gai....kal गयम भी जाना है...

मैं- aaahh....theek है...

फिर मैंने रुखसार को छोड़ा और वो गांड मटकते हुए बाथरूम जाने lagi...ki तभी मैंने मोबाइल उठा लिया...

Rukhsaar(ruk कर)- अब आप भी मोबोले में मत लग jana....kal दूकान भी जाना hai....ki कल भी chutti....hmm..

मैं- तुम कहो तो छुट्टी कर लेते है...

रुखसार- बिलकुल nhi....aap दूकान में रहो वही मेरे लिए अच्छा है.....

Main(ghoor कर)- क्या मतलब....

रुखसार- मतलब ye...ki आप दूकान में बिजी रहोगे तो ये गोलू के बारे में नहीं सोच paoge....par घर में रहे na....to खली दिमाग शैतान ka....fir वही सोचेंगे aap....aapki बीवी और golu...hai न...

Main(muskura कर)- अरे nhi....main कल दूकान hi जाउगा...

रुखसार- तो मोबोले रखो और सो जाओ...

मैं- बस थोड़ी der.....tum फ्रेश हो aao....tab तक hi....

रुखसार- हम्म..

और गिर रुखसार बाथरूम में घुस गई और नैने गोलू को मश्ग कर diya....par गोलू की तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आया....

तो फिर रुखसार के बाद मैं भी फ्रेश हुआ और हम दोनों सो गए.....

Khair....agle दिन शान हमेशा की तरह अपनी दूकान पर निकल गया और रुखसार गयम से आ कर घर के कामो में लग गई....

और जब सारा काम ख़त्म हुआ तो रुखसार ने एक बार फिर से नहाया और एक सेक्सी ड्रेस पहन कर तैयार हो gai....kyoki उसे बाहर जाना था.......
 
अपडेट - 17

पर इससे पहले की रुखसार घर से निकल pati....ghar की दुर्बल बज uthi...jisse रुखसार को हैरानी भी हुई और गुस्सा भी आया....

Rukhsaar(gate की तरफ जाते हुए)- अब इस वक़्त कौन कम्बख्त आ gaya....pata nhi...par हमेशा गलत वक़्त पर hiii....aaa..aunty....aap...

असल में रुखसार ने बड़बड़ाते हुए जैसे hi गेट खोला तो सामने जोहर आंटी कड़ी thi...jo की रुखसार के सामने वाले फलते में hi रहती थी....

जोहर- कटा hua....mujhe देख कर इतनी ज्यादा हैरान क्यों हो गई...

Rukhsaar(sambhal कर)- nn..nhi...aisa कुछ nhi...wo तो आप अचानक se....warna आप तो हमेशा कॉल कर के hi आती है na....khas कर इस वक़्त पर....

जोहर- hmm...wo तो hai....wo आज कॉल करने का याद hi नहीं रहा....

रुखसार- कोई बात nhi...waise कोई काम....

Johar(beech में)- सब यही hi पूछ legi....khade-khade...

रुखसार- are...maaf kare...aaiye न.....

ये कह कर रुखसार गेट से हैट गई और जोहर के अंदर आते hi गेट लगाने लगी....

जोहर- वैसे तू कही जा रही थी क्या....

Rukhsaar(palat कर)- नहीं to....main कहा जोगी...

जोहर- पर तेरी तैयारी देख कर तो ऐसा hi लगता hai....ye मस्त kapde...ye make-up....

Rukhsaar(sakpaka कर)- अरे haa...ye सब जाने के लिए hi kiya....par अभी nhi...thodi देर में....

Johar(baith कर)- ohh...waise कहा जाने वाली thi.....kisi खास से मिलने जा रही हो न...

Rukhsaar(hichak कर)- khas...nhi to...aapko ऐसा क्यों लगा.....

जोहर- are...teri ड्रेस dekh....kitni मस्त दिख rahi....aur इस ड्रेस में तू बफी कमाल लग रही hai.....aur ऐसी ड्रेस पहन कर तू मार्किट तो जाती nhi....to फिर बचा kya....jaroor किसी खास साक्ष से मिलने जा रही hogi...hai न...

Rukhsaar(sambhal कर)- haa...wo मेटि नै saheli....uske घर में आज एक छोटी सी पार्टी hai....bas वही जाना था...

जोहर- ohh..waise ये सहेली कब bani....pahle तो ऐसी कोई खास सहेली नहीं थी teri....ek जूही hi thi...hai न...

रुखसार- haa...ye नै hai....wo गयम में mili....are...aapke लिए पानी तो ले औ...

ये कह कर रुखसार किचेन की तरफ मुड़ी hi थी की जोहर ने उसे टोक दिया....

जोहर- मैं यहाँ पानी पिने नहीं आई हु रुखसार....

Rukhsaar(mud कर)- मतलब...

Johar(muskuraa कर)- यहाँ baith....mujhe तुझसे कुछ खास बात करनी है....

जोहर का रबैया देख कर रुखसार को कही न कही एक अंजना कौफ्फ़ सा लगने लगा था.....

पर वो समझ नहीं प् रही थी की आखिर जोहर के दिल में क्या चल रहा hai....islite वो चुपचाप जोहर के साथ बैठ गई....

रुखसार- जी aunty....bataiye....kya बात है....

जोहर- असल में ये बहुत खास और अजीब सी बात hai...jo मैं तेरे अलावा कुसी से नहीं कह सकती....

रुखसार- तो कहिये न aunty...kya हुआ...

जोहर- असल में rukhsaar...kaise bolu....wo क्या hai...ki कुछ दिन पहले मेरे घर अपनी सोसती का वॉचमैन आया tha...aur उसने मुझसे ऐसी बात kahi...jise सुन कर मेरा तो दिमाग hi घूम गया....

Rukhsaar(saham कर)- aisa...aisa क्या बोलै उसने....

जोहर- असल में उसने मुझे एक मर्द के बारे में bataya....aur मुझसे bola...ki वो मर्द पुछले कई दिनों me...kai बार मुझसे मिलने आया hai....par कमाल की बात ये hai...ki मुझसे मिलने तो कोई भी मर्द नहीं aaya....haa....hai न बड़ी अजीब बात....

रुखसार- hmm...ajeeb तो है...

जोहर- अरे ये तो कुछ nhi....is से भी अजीब बात ये hai....ki वो मर्द जब भी मुझसे मिलने aaya.....to फिर 2-3 घंटे बाद hi बापिस gaya...aur kabhi-kabhi तो और भी देर me.....bolo...

रुखसार- अब isme....isme मैं कटा बोलू....

जोहर- अरे nhi...main तो बस ये बोल रही hu...ki वॉचमैन के हिसाब से एक मर्द मेरे घर aata-jata hai...mere घर पर kai-kai गहरे बीतता hai...aur मुझे खबर hi nhi....haa....

रुखसार- पर ऐसा कैसे हो सकता hai...jaroor कोई बदमाश...

जोहर- बदमाश तो hai...par वो मर्द nhi....koi और...

रुखसार- कोई aur....matlab...

जोहर- मतलब वो saksh..jo उस मर्द को बुलाता hai...aur मेरे नाम se.....to हुआ न वो बदमाश....

रुखसार- haa...bilkul हुआ...

जोहर- इसलिए आज मैंने तय किया tha...ki मैं उस बदमाश से seedhe-seedhe बात karugi....aur उससे puchoogi...ki आखिर ये माजरा क्या है....

Rukhsaar(thook निगल कर)- तो क्या aap....matlab...aap उसे जानती है...

Johar(muskura कर)- बड़ी अच्छी तरह से....

Rukhsaar(najren चुरा कर)- accha...to...waise....waise वो koun....aapne उससे baat....matlab बात करने वाली थी न...

Johar(muskura कर)- घबराओ मत rukhsaar....main उसी से बात कर रही हु....

ये सुनते hi रुखसार के चेहरे का रंग फीका पद gaya.....aur उसने एक नजर जोहर को dekha....aur जोहर की मुस्कान देख कर रुखसार ने अपनी नजरें झुका ली....

जोहर- देख rukhsaar....main और tu...hum दोनों जानते है की वो लड़का यहाँ किस के पास आता tha....isliye अब ये नाटक chhod....aur दर mat....main तेरा बुरा करने नहीं aai...aur मैं ये बात किसी को बोलने भी नहीं wali.....samjhi....to डरना छोड़....

रुखसार- aunty...main...mujhe माफ़ कर dena....main आपको aise....main सच में आपको फ़साना नहीं चाहती thi...yakeen maaniye....ye sab...bas गलती se....mujhe माफ़ कीजिये...

जोहर- बस rukhsaar...bas kar.....aur दर mat....dekh...main तुझे अच्छे से जानती hu...tu मेरा बुरा सोच भी नहीं sakti.....haa...isliye दर mat...chal ja....aur हम दोनों के लिए पानी ले aa....hmm...ja....

जोहर की बात सुन कर रुखसार सहमी हुई सी किचेन में चली gai....aur कुछ देर बाद पानी ले कर बापिस आ गई....

Johar(pani पि कर)- aah...dekh rukhsaar...ye तो मैं जान चुकी हु की वो लड़का तेरे पास hi आता hai....maine खुद देखा है....

Rukhsaar(hairani से)- aapne...kaise....

जोहर- वो aise...ki जब वॉचमैन ने मुझे वो बात batai...to मैंने उसे तो है बोल di...par मेरे दिल का शक दूर करने के लिए मैंने अपने फलते के बहार एक कमरा फिट करवा liya....aur bas...fir सच मेरे सामने आ gaya....maine कमरे में एक मर्द को तेरे घर आते dekha...aur फिर वॉचमैन को उसकी फोटो दिखा कर कन्फर्म भी कर liya...ki वो वही लड़का hai...jo काफी वक़्त से मेरा नाम ले कर यहाँ आ रहा है....

ये सुन कर रुखसार का सर नीचे झुक gaya....uske मुँह से एक सब्द भी नहीं निकल रहा था....

इसलिए जोहर आगे को हुई और रुखसार के सर पर हाथ घुमाया....

जोहर- rukhsaar....ab चुप रहने से कुछ नहीं hoga....dekh...hum दोनों जानते है की वो यहाँ किस से मिलने आता hai....par अब मैं ये जानना चाहती hu...ki वो यहाँ तुमसे मिलने क्यों आता hai....aakhir कौन है wo....kya रिश्ता है उसका तेरे sath...haa....

जोहर की बातें सुन कार रुखसार की नजरें फर्श पर गाड़ी जा रही thi....uska दिल बहुत तेजी से धड़क रहा tha.....use इतनी ज्यादा घबराहट हो रही thi...jitni आज तक नहीं हुई थी...

रुखसार जानती थी की उसका राज अब खुल चूका hai...aur वो ये भी जानती थी की जोहर यहाँ से तब तक नहीं jaygi...jab तक की उसे पूरा सच ोाता नहीं चल जाता...

और रुखसार को इस बात की भी परेशानी thi...ki अगर कही जोहर ने ये बात किसी और ko...khas कर की शान को कह di...tab तो उसकी जिंदगी में तूफ़ान आ जायगा...

बस यही सब सोचते हुए रुखसार फर्श पर नजरें गड़ाए हुए thi..ki तभी जोहर ने उसके कंधे पर हाथ रख दिया....

जोहर- नहीं rukhsaar...tumhe मुझसे डरने की कोई जरूरत nhi...main तुम्हारा कुछ भी बुरा नहीं करने wali...hmm...islite कौफ्फ़ खाना chhodo...aur सच batao....chalo...dekho मेरी तरफ....

Rukhsaar(sir उठा कर)- aunty...wo....wo मुझसे बहुत बड़ी गलती....

Johar(beech में)- गलती है की nhi...ye तो तब hi समझ aayga...jab मुझे पूरी बात बता chalegi....par अब तक तो तुमने ये भी नहीं बताया की उस मर्द के साथ तुम्हारा रिश्ता क्या hai....haa...ab bolo....kya रिश्ता है तुम दोनों का....

Rukhsaar(najren झुकाये हुए)- wahi.....jo आप समझ रही hai...ek मर्द और ायरत के बीच वाला रिश्ता....

जोहर- ohh...par ये रिश्ता कुस हद तक pahucha....sirf milne-milane तक hi hai...ya फिर जिश्मानी....

Rukhsaar(beech में)- है aunty....ye सिर्फ जवानी रिश्ता नहीं raha....balki जज्बातो भी hai....aur haa...jishmani bhi....wo भी हद से कही ज्यादा.....

Johar(hairaani से)- पर तूने ये सब किया kyo....tu तो ऐसी नहीं thi.....aur तेरा souhar....wo तो कितना अच्छा hai.....to फिर ये सब kyo....aakhir इसकी वजह क्या hai...haa...

रुखसार- वजह तो मैं hi हु aunty....ye साड़ी गलती मुझसे hi हुई hai....par haa...mujhe इस रास्ते पर भेजने वाले मेरे सौहार hi hai.....unhi ने मुझे इस रास्ते पर चलने को मजबूर किया है...

Johar(aankhe फाड़े)- क्या कह रही hai....shaan ne....shaan ने तुझसे बोलै की तू एक गैर मर्द के साथ रिश्ता banaye....uske साथ जुषमानी ताल्लुक़ rakhe...haa...kya शान ने तुझे ये सब करने को बोलै tha....haa....

रुखसार- सायद हां....( ये बोलते hi रुखसार की आँखे नाम हो गई )

जोहर- सायद matlab.....tu मुझे saaf-saaf bata...ki आखिर बात क्या hui....chal bata....shaan ने क्या किया.....

Rukhsaar(nam आँखों से)- aunty....shaan ने hi मुझे baar-baar ऐसा अहसाह कराया की अगर मैं कुसी gair-mard के साथ बिस्तर पर rahugi....to मुझे ज्यादा मज़ा aayga....aur ेओ गैर मर्द भी कोई aisa-waisa nhi....balki वो mard...jiska वो चांदीवाला हो.....

Johar(hairani से)- या al**h.....shaan ने ऐसा bola......haa...

रुखसार- है aunty....aur एक बार nhi...balki कई baar......aur तो aur....unhone मुझे bol-bol कर इस बात के लिए भी मन लिया tha...ki मैं जब उनके साथ बिस्तर पर rahu...to ये सोच कर सब karu...jaise की मैं कुसी गैर मर्द के साथ hu....jiska वो चांदीवाला hai.....aur मेरे सौहार पास में बैठे वो सब देख रहे हो...

ये बोलते हुए रुखसार की आँखे कुछ ज्यादा बगैर आई तो जोहर ने पास खिसक कर रुखसार को संभाला....

जोहर- नहीं rukhsaar.....aage batao....aakhir शान ये सब क्यों करता tha...kya था उसके दिल में....

रुखसार- ये तो मुझे नहीं पता की वो ये सब क्यों चाहते hai....par haa...unhe ये सोच कर hi बहुत मज़ा आता है की उनकी बीवी किसी गैर मर्द के साथ बिस्तर गरम कर रही है.....

जोहर- तो क्या तूने उसके कहने पर hi....

Rukhsaar(beech में)- नहीं aunty.....unke कहने पर तो nhi.....halaki वो तो पूरी किसिस में थे की मैं उनकी बात के लिए हां बोल दू और कुसी मर्द के साथ सो jaau...par मेरा दिल ये सब गवारा नहीं करता था....

जोहर- तो फिर ये ladka.....ye कैसे....

Rukhsaar(khadi हो कर)- क्या कहु aunty....bas ये कह सकती hu...ki शान की बातें sun-dun kar....unke साथ gair-mard वाला नाटक kar-kar ke.....kahi न कही मुझे भी ये सब ैव्हा लगने लगा tha......fir भी मैंने उन्हें हां नहीं bola.....nhi तो वो खुद hi मुझे कुसी के साथ सुला देते....

जोहर- फिर...

रुखसार- फिर हुआ ye...ki मैं खुद भी चाहने lagi..ki काश कोई ऐसा मर्द mile...jiske पास चांदीवाला ho...aur मैं उसके साथ बिस्तर गरम karu.....aur फिर मेरी जिंदगी में वो आ gaye.....aur उनके साथ मैं अब इतने आगे निकल चुकी hu....ki bas....ab क्या kahu....bas अब उनके बिना रहना मुश्किल है....

Johar(khadi हो कर)- तो इसका मतलब ये हुआ की शान के baar-baar कहने पर तेरा दिल भी ये सब पसंद करने laga...aur तूने एक गैर मर्द के साथ सोने का सोच liya..aur अपनी चाहत पूरी कर li.......hai न...

रुखसार- नहीं aunty.....ye सिर्फ मेरी चाहत hi नहीं thi...balki शान के लिए मेरा गुस्सा भी इसके लिए जिम्मेदार hai.....kahi न कही मैंने शान से गुस्सा हो कर ये बड़ा जादम उठाया tha....par haa...maine ये नहीं सोचा था की मैं अपने जोश में इतनी आगे आ jaugi.....ki जहा से बापिस जाना मेरे बस में नहीं होगा....

जोहर- तो क्या अब तू शान के साथ रहना नहीं चाहती....

रुखसार- नहीं aunty....main ऐसा सोच भी नहीं sakti.....bhale hi शान ने मेरे लिए कुछ भी सोचा ho....par मैं उनके लाइट बुरा नहीं sochti...kam से काम इतना बुरा तो नहीं की उन्हें छोड़ने का sochu....main उन्हें बहुत प्यार करती हु aunty.....main उन्हें कभी नहीं छोड़ सकती...

Johar(thoda गुस्से से)- अगर तुझे अपने सौहार से इतना hi प्यार hai...to तू किसी गैर मर्द के साथ कैसे सो saki....haa....tab तुझे शान की याद नहीं aai..haa..

रुखसार- आई थी aunty...har बार आती hai....par मैं क्या karu...unhone मुझसे ऐसी बातें की thi...ki जाहि न कही मेरे दिल में कुछ टूट सा गया tha....aur मेरे दिमाग में उनके लाइट गुस्सा भर चूका था....

जोहर- और गुस्से में तूने ये सब कर dala.....aur उसका प्यार भुला diya...hai न...

रुखसार- नहीं aunty...baat इतनी सीढ़ी नहीं thi...main कैसे kahu....main बस उन्हें samjha-samjha कर परेशान हो गई thi.....aur उनकी बातें मेरे दिल को चकनचोईर कर चुकी thi....to bas....us हालत में मुझसे ये गलती हो gai...aur फिर वक़्त के साथ ये गलती मेरी जरूरत बन gai.....ek ऐसी jarooorat....jiske बिना रहना अब मुमकिन नहीं hai.....mumkin नहीं aunty....mumkin नहीं...

ये बोलते हुए रुखसार रोने lagi....aur जोहर ने आगे बाद कर उसे समबगला और अपने साथ सोफे पर बैठा लिया......

जोहर- बस rukhsaar....bas kar....dekh....rone की जरूरत nhi...main सब समझ gai...hmm...ab चुप हो ja....bas....ruk..main पानी लती हु...

फिर जोहर उठ कर पानी लाइ और पानी पिने के बाद रुखसार कुछ देर तक खामोश बैठी rahi....aur जोहर भी खामोश hi रही....

Johar(lambi सांस ले कर)- hmm..ye तो समझ गई की तूने ये कदम क्यों uthaya....ab ये भी बता दे की ये सब सुरु कैसे हुआ....

Rukhsaar(hairani से)- kya...matlab आप समझ gai...aur आपको मैं सही लगती hu...haa..

जोहर- देख rukhsaar....sahi या गलत बोलना मेरे हाथ में nhi...asal में ये किसी इंसान के बस की बात nhi...kyoki हर इंसान किसी भी चीज को सिर्फ अपने नजरिये से देखता hai...aur उसके लिए उसका नजरिया hi हमेशा सही होता hai...bhale hi वो कुसी दूसरे के लिए गलत hi क्यों न ho...samjhi...

Rukhsaa(sir हिला कर)- सायद nhi...matlab कुछ तो समझ aaya....par....

Johar(beech में)- sun...main समझती hu....asal में क्या है na...ki इस दुनिया में आज भी मर्दो की hi हुकूमत ज्यादा चलती hai....bgale hi वक़्त के साथ बहुत कुछ badla...par एक बात आज भी नहीं badli...wo है मर्द और ायरत की jagah...khas कर हमारे यहाँ....

रुखसार- hmm...aapne सही kaha....kuch भी नहीं badla.....par इससे मेरी गलती को सही तो नहीं मन जा सकता na....haa..

जोहर- सायद nhi....par मैं इसे गलती नहीं maanti....kyoki मैं भी तेरी तरह एक ायरत hu....main समझ सकती हु की जान एक सौहार अपनी बीवी को baar-baar कुछऐसा करने को kahe...jo उसे नागवार ho...to ायरत के फील पर क्या गुजरती है...

और ये बात भी बिलकुल सही hai...ki अगर हमारे दिल में baar-baar कोई बात चलती rahe....to हमे उससे या तो लगाब हो जाता hai...ya फिर नफरत...

और तेरे साथ भी यही hua.....jab शान ने तुझे गैर मर्द के साथ सोने का सोचना bola....aur तुझे मज़ा लेने को भी कहा....

तो सायद यु baar-baar चमड़ीवाले उससे मज़ा लेना soch-soch कर तेरे फील में उसकी चाहत बाद gai...aur तू आज यहाँ पहुंच gai...hai न....

Rukhsaar(sir झुका कर)- है aunty....main ऐसा कभी सोच भी नहीं सकती thi...par dekho...haalaayon ने मुझे कहा से कहा पंहुचा दिया....

जोहर- तुझे शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है rukhsaar...kyoki तूने ये सब अपनी मर्जी से नहीं kiya.....matlab...mana की आज तू अपनी मर्जी से आगे बाद रही hai....par तुझे यहाँ भेजने वाला तो तेरा सौगर hi है न...

रुखसार- है aunty...agar वो ऐसा सोचते hi nhi...to मेरे दिल में कुछ आता hi nhi...par अब बहुत देर हो gai.....aur अगर अब मैं ये बात उनको बता du...to सायद मेरी जिंदगी hi...

Johar(beech में)- तभी तो बोलै tha...ki हमारे यहाँ में आज भी मर्दो को hi सबकुछ मन जाता hai.....wo जो चाहे kare...unhe कोई कुछ नहीं kahta...par अगर हम एयरटेन जरा भी अपनी मर्जी से चल pade...to साड़ी दुनिया हम पर hi कीचड उछलने तैयार हो जायगी...

रुखसार- है aunty...isi बात से तो मैं ख़ौफ़ज़ज़ा hu...pata नहीं मैं क्या karu.....kuch समझ नहीं आता...

जोहर- इसमें समझना kya....accha तू bata...kya तू उस लड़के को छोड़ सकती है...

Rukhsaar(sir हिला कर)- सायद nhi...par अगर शान अपनी सोच बदल le...to मैं उनसे दूर भी रह सकती hu......halaki ये मुश्किल hai....par मैं पूरी कोसिस करुँगी....

जोहर- hmm....aur क्या शान को छोड़ सकती है....

Rukhsaar(chounk जार)- नहीं aunty...ye तो मैं सोच भी नहीं सकती.....

जोहर- hmm..accha ये bata...kya शान अपनी सोच बदल सकता hai...matlab किसी गैर मर्द के बारे में sochna...haa...

रुखसार- नहीं न aunty...maine कल hi उनसे बात ki.....socha था की वो ये सब बंद कर dege...to फिर मैं भी सबकुछ छोड़ने की कोसिस karugi....par उन पर तो जैसे चमड़ीवाले का भूत सवार hai....wo मुझे उसी के साथ मज़ा लेते देखना चाहते है.....

जोहर- तो फिर परेशान मत ho....jo चल रहा है चलने दो....

Rukhsaar(hairani से)- kya...matlab आपको ये सही लगता है....

जोहर- है rukhsaar....aakhir मैं भी एक ायरत hu.....aur तेरी hi तरह मैं भी उसी मजहब से वास्ता रखती हु जिस से तू रखती hai....aur मैं जानती हु की हमारे यहाँ अयर्तों की क्या हालत होती hai......isliye मैं तो तुझे सही hi कहुगी....

रुखसार- पर ये तो सौहार को धोखा देने वाली बात है न....

जोहर- haa...hai तो sahi...par ये धोखा तूने क्यों diya....sirf इसलिए नहीं की तू ऐसा सोचती thi....wo तो तू ऐसे हालात में आ चुकी thi....jaha से तेरे दिल ने ऐसा सोचना सुरु kiya....aur वो हालात तेरे सौहार के बनाये हुए hai....tere nhi...isliye मैं तो तुझे गलत नहीं कहुगी...

रुखसार- सुक्रिया aunty.....mujhe समझ नहीं आ रहा की मैं क्या kahu.....main आज इस मुकाम पर hu...ki मैं कुछ भी ठीक से नहीं सोच प् rahi.....kabhi दिल कुछ कहता hai...aur दिमाग कुछ और.....

जोहर- देख rukhsaar...agar मेरी माने तो जो कर रही है वो करती rah.....haa...ho सके तो शान को samjha....aur अगर वो समझ जाता hai...to फिर...

Rukhsaar(beech में)- तो मैं खुद hi इस सब से दूर होने की कोसिस karoogi....kasam से.....

जोहर- hmm....accha अब ये सब chhod....aur मुझे bata...ki उस लड़के से तेरी मुलाक़ात कैसे hui....aur haa...uska नाम तो bata....kya नाम है उसका....

रुखसार- आदित्य.....

जोहर- ohh...naam तो बड़ा अच्छा hai....to अब bata....kaha मिली तू उस se.....par पहले ये bata...ki आज इतनी तैयार हो जार कहा जाने वाली thi...usi के पास न...

Rukhsaar(najren झुका कर)- जी आंटी...

जोहर- ohh....matlab मैं गलत वक़्त पर आ gai...khair.....ab आ hi गई हु तो सब सुन कर hi jaugi...tu एक जाम jar...use मन कर दे....

रुखसार- पहले hi कर दिया आंटी...

Johar(hairani से)- kya...kar diya...par कब...

रुखसार- वो jab...jab मैं पानी लेने किचेन में गई थी na...to मैंने मश्ग कर दिया tha...ki मेरी आंटी आ gai...to मैं आ नहीं पाउगी...

जोहर- ohh...wah hoshiyaar..hehehe...chal अब bata.....kaise हुई तेरी mulaqat...tere आदि से.....

Rukhsaar(halki मुस्कान)- हम्म.....

रुखसार अपना पूरा सच बता पाएगी.....???

जोहर सच सुन कर क्या कदम उठेगी.....???

नोट - उपदटेस पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....

थैंक्स फ्रेंड्स...


कीप रीडिंग.....
 
Hmm....waise आईडिया अच्छा है शान को सच जानने ka.....dekhte है जो मैंने socha...wo कितना ठीक लगता है आपको...

Khair....kuch भी ho....i होप की आपकोआज़ा जरूर aayga...ok...wait करे...

और हां julie......aapka साथ रहा तो 200 पेज भी जल्दी पुरे hoge...enjoye kare...ok


थैंक्स फ्रंड...

कीप रीडिंग...
 
अपडेट - 18

जोहर- ohh...wah hoshiyaar..hehehe...chal अब bata.....kaise हुई तेरी mulaqat...tere आदित्य से.....

Rukhsaar(halki मुस्कान)- हम्म.....

अब आगे.....

जोहर के पूछने पर रुखसार मुस्कुराई और अपनी कहानी सुनाने लगी......

फ्लैशबैक.............

रुखसार से आदित्य की मुलाक़ात उस दिन hui...jis दिन रुखसार मॉल में शॉपिंग करने गई थी...

वह पर पहली बार रुखसार ने आदित्य को dekha.....aur देखते hi उसे पसंद भी किया...

हलाकि पसंद का ये मतलब बिलकुल नहीं था की रुखसार को आदित्य से प्यार हो गया tha...ya फिर वो उसकी दीवानी हो गई थी...

असल में हुआ kya...ki मॉल में जाते hi रुखसार का कन्धा एक मर्द से टकरा gaya...aur जब रुखसार ने उसे dekha...to उस मर्द को देखते hi वो अपने सौहार की बातों को याद करने लगी...

क्योकि पिछले कुछ वक़्त से शान लगातार रुखसार को एक गैर मर्द के साथ देखने की बात कर रहा tha...aur साथ hi उसके साथ रोल प्ले भी कर चूका tha....jisme एक गैर मर्द रुखसार को छोड़ रहा है...

और वो बातें कही न कही न चाहते हुए भी रुखसार के ज़ेहन में घर कर चुकी थी...

रुखसार को कई बार शान का बताया हुआ मर्द याद आ जाता tha...jo करीब 6 फट लम्बा ho....gora चेहरा ho.....mast बॉडी का मालिक ho...jiska सीना एकदम छोड़ा और मजबूत हो....

इसलिए जैसे hi उस मर्द का मजबूत कन्धा रुखसार से takraya...aur रुखसार ने जब पकट कर उस मर्द को dekha...to न चाहते हुए भी एक पल के लिए रुखसार को शान का बताया हुआ मर्द याद आ गया...

Khair....wo मर्द था aaditya...jisne बड़ी hi सराफत से रुखसार को सॉरी bola...aur फिर दोनों apne-apne रास्ते निकल गए...

पर थोड़ी hi देर बाद रुखसार ने ध्यान diya...ki आदित्य उसी जगह जा रहा hai...jaha रुखसार जा रही थी...

और ये बात समझते hi रुखसार का दिल धड़कने laga...kyoki आज तक रुखसार के साथ ऐसा कुछ कभी नहीं हुआ tha...ki कोई उसका पीछा करे...

Khair....fir रुखसार ने socha...ki सायद ये उसका वहां ho...isliye वो शॉपिंग पर लग gai....par साथ hi साथ baar-baar आदित्य को भी देखती रही...

और करीब 30 मिनट बाद रुखसार को ये यकीन हो गया की आदित्य उसका पीछा कर रहा है....

Rukhsaar(man में)- ये तो मेरे पीछे hi पद gaya.....ab क्या karu.....kya उससे सीधे बोल du....nhi...wo ये भी कह सकता है की वो तो शॉपिंग कर रहा hai....hmm....par यहाँ तो सिर्फ अयर्तों के उन्देर्गर्मेन्ट्स मिलते hai..to यहाँ इसका क्या kaam.....haa...main सीधा बात hi करती hu....nhi तो ऐसी परेशानी में मुझ से शॉपिंग भी नहीं हो पाएगी...

रुखसार ने आदित्य से बात करने का तय किया और उसके पास जाने मुड़ी hi thi..ki अचानक से चौंक गई....

क्योकि आदित्य ठीक उसके सामने आ गया था....

आदित्य- hi...

रुखसार ये सुन कर aaju-baju देखने lagi...ki तभी आदित्य ने फिर से बोलै...

आदित्य- hello....yaha-waha क्या देख रही ho...main तुमसे hi बात कर रहा हु....

Rukhsaar(hairani से)- mujhse....kyo...aap है कौन...

आदित्य- मेरा नाम आदित्य hai....aur तुम्हारा.....?

रुखसार- माफ़ karna....par मैं आपको नहीं जानती...

आदित्य- are...naam पूछा tha...well...main जनता हु की तुम मुझे नहीं janti....aur सच तो ये है की मैं भी तुम्हे नहीं जनता.....

रुखसार- तो मुझसे बात करने का क्या मतलब....

आदित्य- matlab...hmm...bilkul सही सवाल kiya....mujhe तुमसे hi तो मतलब है...

Rukhsaar(saham कर)- kya....matlab क्या है आपका....

आदित्य- are...ghabraiye nhi...asal me.....kaise bolu....dekho...main तो सिर्फ तुमसे दोस्ती करना चाहता हु....

Rukhsaar(hairaani से)- kya...dosti...mujhse....nhi....main नहीं करना chahti.....aap सामने से हटिये प्ल्ज़...

आदित्य- अरे सुनो to....maine दोस्ती की बात hi तो की hai....isme गलत क्या बोलै....

रुखसार- देखिये janaab....main एक सरीफ खानदान की निकाहि खातून hu...koi aisi-waisi nhi...samjhe आप....

आदित्य- जनता hu...tabhi तो दोस्ती की पेशकश कर रहा hu...agar सरीफ न hoti....to सीधा उठा hi लेता na.....haha...

Rukhsaar(gusse से)- ये कैसी बेहूदा बात कर रहे है aap...sharm नहीं आती आपको...

आदित्य- dekho....chillao mat....bekaar में लोग देखेंगे.....

Rukhsaar(joor से)- तो देखने do......unhe भी तो पता चले की आप कैसी घटिया हरकते कर रहे है...

Aaditya(gusse से)- ghatiya....accha batao...aisa क्या किया maine....kya मैंने तुम पर कोई गंधा कमेंट kiya...koi गाली di.....kya तुम्हे हाथ lagaya...ya फिर तुम्हारा हाथ पकड़ liya...bolo...aisa क्या किया maine....bas दोस्ती की पेशकश hi तो ki...isme क्या घटिया हरकत हो गई...

Rukhsaar(man में)- या al**h....kahi यहाँ कोई तमाशा न हो जाए.....

आदित्य- अब बोलो bhi...kya किसी से दोस्ती करना गलत है...

रुखसार- nhi..par ऐसे किसी के पीछे पद जाना गलत hai...aur मैंने आपको बताया na...ki मैं एक निकाहि खातून hu...fir भी आप...

Aaditya(beech में)- तो क्या hua...kya निकाह करने के बाद किसी से दोस्ती नहीं कर sakte...kaha लिखा aisa...kisne bola...batao...

रुखसार- मुझे नहीं pata...par मैं नहीं कर sakti....ab मुझे जाने दीजिये....

आदित्य- beshaq....main तुम्हे रोकूंगा nhi...par जाने के पहले एक बात पूछुंगा बस...

रुखसार- कौन सी बात....

आदित्य- आखिर मुझसे दोस्ती न करने की वजह क्या hai....kya मैं बेकार दीखता hu....kya मैं बुरा इंसान hu....ya फिर सिर्फ तुम निकाहि ho...isliye मन कर रही ho...bolo...

रुखसार- dekhiye....maine जो बोलना था वो बोल diya...ab आप रास्ता छोड़िये...

Aaditya(side हो कर)- ये lo...par सोच lo....main तुम्हे सच्ची ख़ुशी दे सकता hu...matlab एक अच्छे दोस्त ki....jiski तुम्हे बेहद जरूरत है....

Rukhsaar(gusse से)- मुझे किसी की जरूरत nhi....samjhe आप...

आदित्य- jhooth.....theek hai....apne आपसे नजरें मिलाओगी na...to समझ jaogi....ki तुम्हे मेरे जैसे दोस्त की बेहद जरूरत है.....

आदित्य ये बोल hi रहा था की रुखसार आगे बाद gai.....aur फिर आदित्य उसके पीछे नहीं aaya..balki मॉल से बहार निकल गया...

Khair...rukhsaar ने शॉपपुंज ख़त्म की और घर आ gai...par आदिरया के जाने के बाद से hi उसके दिमाग में आदित्य की बातें hi घूम रही thi...jo कही न कही उसके दिमाग में हलचल मचाये हुए थी...

Khair....ghar आ कर रुखसार फ्रेश हुई और कपडे बदल कर जब आईने के सामने कड़ी hui...to उसे आदित्य की बात याद aai....ki "" अपने आपसे नजरें मिलाओगी तो समझ jaogi....ki तुम्हे मेरे जैसे दोस्त की बेहद जरूरत है.....""

रुखसार- आखिर उसने ऐसा क्यों kaha.....kya दिखा उसे मेरी आँखों me.......mujhe तो कुछ नहीं dikhta....huh...pata नहीं कैसा अजीब इंसान tha....piche hi पद gaya...dosti karo....huh..

Khair....fir रुखसार अपने काम पर लग gai....aur आदित्य को भूल gai....halaki आदित्य उसके दिमाग में कही न कही, अभी भी था....

फिर रात हुई और खाने के बाद रुखसार अपने सौहार के साथ बिस्तर पर लेती thi...aur फिर से उसके सौहार ने गैर मर्द वाली बात छेड़ di....jisse रुखसार को आदित्य hi याद आया....

तब रुखसार ने शान का सीना dekha....aur अचानक से उसे आदित्य का सीना दिखाई देने laga.....jo शान से कही ज्यादा चौड़ा और मजबूत था...

Rukhsaae(man में)- या al**h...ye क्या हो रहा है mujhe....main जिस साक्ष को जानती भी nhi...fir भी वो मुझे क्यों दिख रहा hai....wo भी aise....aur मैं उसका सीना अपने सौहार के सीने से कैसे मिलाने lagi...aahh.....ye क्या हो गया मुझे....

Khair....rukhsaar ने अपनी आँखे बंद की और कार्बेट ले कर लेट gai....par उसकी आँखों से आदित्य दूर hi नहीं जा रहा था....

रुखसार को baar-baar आदित्य की baaten...uska चेहरा और उसका मजबूत जिश्म hi याद आ रहा tha...jisse रुखसार बेहद हैरान thi...aur अपने आप पर शर्मिंदा भी...

Khair.....jaise-taise रुखसार को नीड आ गई और अगले दिन से वो अपनी जिंदगी में बिजी हो गई....

पर 2 दिन बाद जब रुखसार पास के मार्किट में सब्जी लेने gai...to उसे फिर से आदित्य मिल gaya....jo रुखसार को देखते hi उसके पास आ गया....

आदित्य- hi...kaisi हो...

Rukhsaar(gusse से)- आपसे मतलब....

आदित्य- nhi...par मुझे तो तुमसे मतलब है न...

रुखसार- dekhiye...main एक सरीफ निकाहि खातून hu....plz मेरा पीछा मत कीजिये...

आदित्य- picha....par मैंने पीछा कब kiya....agar पीछा करना hota...tab तो तुम्हारे घर hi आ jata...aur अब तक तुम्हारा नाम भी पता कर leta....samjhi न....

रुखसार- तो फिर आप यहाँ क्या कर रहे hai....aap यहाँ तो नहीं रहते न....

Aaditya(muskura कर)- सही kaha.....main यहाँ नहीं rahta...par इसका मतलब ये भी नहीं की मैं तुम्हारा पीछा कर के आया hu...asal में यहाँ पर मैं एक प्रॉपर्टी डीलर से मिलने आया tha....mr.dayaal.....saayad तुमने भी नाम सुना hoga....bade आदमी है न...

रुखसार- haa...suna hai....par उनसे आपको क्या kaam....(man में)- uff..ye क्या बोल गई main....kyo पूछ लिया...

आदित्य- बस wahi..jo वो करते hai....main उनसे एक फार्महाउस खरीद रहा hu....bas उसी सिलसिले में आया tha....ab पता चल गया na....to नाम भी बता दो....

रुखसार- kyo....main किसी को भी अपना नाम नहीं बताती....

आदित्य- accha...aur किसी से भी उसके वह होने की वजह जान सकती ho...hai न...

Rukhsaar(najren चुरा कर)- wo....wo तो मुझे पता करना था की कही आप मेरा पीछा तो nhi....bas...

ये बोल कर रुखसार आगे बाद गई और आदित्य भी उसके पीछे चल पड़ा.....

Rukhsaar(palat कर)- अब ये क्या hai....ise तो पीछा करना hi कहते है न....

आदित्य- haa...par किसी गलत इरादे से nhi....main तो बस पूछना चाहता था की मेरी दोस्ती के बारे में क्या सोचा.....

रुखसार- मुझे आपसे दोस्ती करने में कोई दिलचस्पी नहीं hai...isliye मेरा पीछा chhodiye...samjhe आप.....

आदित्य- सोच lijiye...mere जैसा दोस्त और कही नहीं मिलेगा...

रुखसार- huh....mujhe जरूरत भी नहीं....

Aaditya(muskura कर)- जरूरत तो hai...aur बहुत ज्यादा है.....

Rukhsaar(ghoor कर)- क्या मतलब....

आदित्य- मतलब अपने आप से puchhna...abhi बस इतना hi kahuga...ki मुझसे दोस्ती कर के तुम्हारी जिंदगी खुशियों से भर jaygi.....aur haa...tum भले hi मुझे अपना नाम न batao...fir भी तुम मेरी आँखों में कैद हो चुकी ho.....samjhi na....chalta hu...aaarrreee....bachooo......

आदित्य जाने को रेडी hi था की तभी उसने एक सांड को भाहते हुए dekha...jo उसकी तरफ hi आ रहा tha....isliye वो चिल्लाया..

और आदित्य की आवाज सुन कर रुखसार ने भी पीछे देखा और सांड से बचने के चक्कर में एकदम से पीछे hui...aur लड़खड़ा कर गिरने लगी..

की तभी आदित्य ने रुखसार को पकड़ लिया और सांड के आने के पहले hi उसे साइड में खींच कर ले गया....

Khair....saand तो धूम मचा कर निकल gaya...par अब रुखसार के जिश्म में धूम मचने लगी...

क्योकि रुखसार अभी आदित्य की बाहों की गिरफ्त में thi......aaditya का एक हाथ रुखसार की पीठ से ले कर एक दूध तक लिप्त हुआ था और दूसरा हाथ रुखसार की कमर से होते हुए उसकी छूट के ऊपर दस्तक दे रहा था....

Khair...kuch hi लम्हों में रुखसार को ये अहसास हुआ की वो किस हालत में hai...isliye वो झटक कर कड़ी हो गई और शर्म से नजरें झुका ली....

आदित्य- तुम ठीक तो हो न....

Rukhsaar(bina देखे)- hmm..sukriya....

आदित्य- are...sukriya की कोई बात nhi...khair....ab भी sochna...ki मुझसे दोस्ती करना तुम्हारे लिए कितना फायदेमंद hoga...hmm...chalo...tum socho....main चलता hu....fir मिलेंगे....

ये बोल कर आदित्य ने अपना चश्मा चढ़ाया और वह से निकल gaya....aur रुखसार उसे जाते हुए बस यही सोचती rahi...ki आखिर ये किस किस्म का इंसान hai...jo ऐसे बात करता hai..jaise की मुझ पर इसका कोई हक़ बनता है.....

Khair....aaditya के जाने के बाद रुखसार भी अपना सामान खरीद कर घर आ गई....

पर वो बिलकुल वैसी hi बापिस घर नहीं आई thi...jaise की घर से निकली थी....

असल में एक ऐसी बात आदित्य उसके दिल में दाल गया tha....jo अनजाने में हुई thi....par उसकी छाप रुखसार के दिल और जिश्म पर काफी गहरी थी...

वो था आदित्य का रुखसार को chhuna...aur न सिर्फ chhuna...balki एक तरह से रुखसार को अपनी बाहों में कैद कर लेना...

असल में जब सांड से बचने के चक्कर में आदित्य ने रुखसार को पकड़ा tha....to उसकी पीठ और कमर को बड़ी जोर से दबोच दिया था...

यहाँ तक की पीठ के साथ hi आदित्य ने रुखसार के एक दूध को भी दवाया हुआ था.....

और वही कमर के नाचे , रुखसार की छूट के ऊपर भी आदित्य ने अपना हाथ बड़ी जोर से दवाया tha.....matlab की छूट पर....

इसी वजह से रुखसार के मन में कुछ बदलाब हुआ tha.....wo ये सोचने में लगी thi...ki आदित्य ने उसके जिश्म को अनजाने में hi दवा diya...ya फिर jaan-bhoojh कर....

असल में आज तक रुखसार ने कभी किसी गैर मर्द को इस तरह छुआ भी नहीं tha....aur आज तो न सिर्फ एक गैर मर्द ने उसे छुआ tha...balki उसके हाथ रुखसार के कामुक अंगो तक भी पहुंच चुके थे.....

ये सब बातें कही न कही रुखसार को परेशान कर रही thi...kyoki एक तो उसे पहली नजर में hi आदित्य पसंद आ गया tha....wo भी अपने सौहार की बातें सुन कर...

और दूसरा ....आज उसने आदित्य की मरदाना ताक़त का अहसास भी पाया tha...jo की वैसा hi tha...jaisa की उसका सौहार शान उसे बोलता रहता था.....

Khair...ye सब दिमाग में घूमते हुए रुखसार घर पहुंची और कपडे निकाल कर दूसरे कपडे पहनने लगी...

पर इससे पहले की वो दूसरे कपडे pahanti....uski नजर आईने पर padi...aur उसने अपनी पंतय में फूली हुई छूट देख ली...

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रुखसार को अचानक से ये लगने लगा की उसकी छूट कुछ उभरी हुई दिख रही hai...isliye रुखसार का हाथ तुरंत अपनी छूट पर पहुंच गया...

और हाथ लगते hi उसे अपनी पंतय के भीतर कुछ सुरसुरी होने lagi...use ऐसा महसूस होनर लगा की उसकी छोट जैसे साँसे ले रही हो....

रुखसार- aahh...ye क्या हो रहा है mujhe....kahi ये सब उस आदित्य की वजह से तो nhi....haa...usi ने दवाया था na...kambakht....bachane के चक्कर में मेरी दवा कर निकल gaya....uumm...ab इसका क्या karu...ye तो मान hi नहीं रही....

रुखसार का अपनी छूट पर हाथ लगते hi उसकी छूट की सनसनी काम होने की जगह बढ़ने लगी थी..

ऊपर से जब उसने आदित्य को याद kiya....aur सोचा की कैसे उसने कुछ hi देर पहले उसके जिश्म के sath-sath उसके एक दूध को और छूट को जोर से दवाया tha...to वैसे hi रुखसार का जिश्म मचल उठा....

असल में असली वजह थी रुखसार का dimaag....jis में उसके सौहार ने एक गैर मर्द की बातों को baar-baar बोल कर कुछ इस तरह भर दिया tha...ki कही न कही रुखसार भी गैर मर्द को अपने साथ सोचने पर मजबूर होने लगी थी...

और आज जो hua...waisa अहसास रुखसार के लिए बेहद hi अलग और गरम था.....

रुखसार- ummmm....ye क्या हो रहा है mujhe....wo आदित्य मेरे दिमाग से निकलता क्यों nhi...aaahh....uper से ye...kitni भड़क रही hai....aahh...kya करू main...uuumm...

कम्भखत ने क्या कर diya...aahh...mera सीना भी बड़ी जोर से दवाया tha...uuummm....abhi तक तीस उठ रही है...

ये बोलते हुए रुखसार का दूसरा हाथ उसके दूध पर पहुंच gaya...aur वो आराम से अपना दूध सहलाने लगी....

रुखसार न चाहते हुए भी अब इतनी गरम हो गई थी की उसका एक हाथ khud-bakhud छूट को रगड़ने लगा tha....aur दूसरा उसके दूत को मसलने में लग गया था....

और इस से कुछ hi देर बाद उसे छूट में गीलापन महसूस होने लगा....

और जैसे hi रुखसार को छूट के गीले होने का अहसास हुआ तो उसने जल्दी से अपनी पंतय निकाल फेकि...

और फिर खुद की नंगी छूट को आईने में देख कर बेहद शर्मा गई...

रुखसार- क्या कर डाला usne.....dekho...uski वजह से मुझे नंगा hi होना pada...aah...ab इस ब्रा का क्या kaam...ise भी निकाल hi देती hu....waise भी अब गर्मी मिटानी hi होगी...

ये सोच कर रुखसार ने अपनी ब्रा भी निकाल फेकि और बिस्तर पर उलटी लेट gai...aur बड़े प्यार से अपनी छूट को बिस्तर पर दवा दिया....

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रुखसार- uumm..shant हो ja.....kyo परेशान कर रही है.....

रुखसार सोच रही थी की कैसे भी कर के वो अपनी गर्मी बिना झड़े hi दूर कर de....par उसकी छूट के इरादे कुछ और hi थे...

रुखसार जितना अपनी छूट को समझा रही thi....utni hi तेजी से छूट मचलती जा रही थी....

आखिरकार थोड़ी देर बाद रुखसार का सब्र टूट gaya...aur न चाहते हुए भी वो अपनी छूट को ऊँगली से कुरेदने लगी...

इससे उसे आराम तो mila....par उसके दिल को तसल्ली नहीं मिल रही thi....jiski वजह थी रुखसार के दिमाग में आदित्य का होना..

रुखसार को baar-baar वही नजारा यार आ रहा था की कैसे आदित्य ने उसकी छूट को अपने हाथ से दवाया हुआ था...

रुखसार- aaaahhh.....kya कर गया ये insaan....aahh..

और रुखसार गरम हो कर अपने hi हाथ से अपनी छूट दवा कर सिसकने लगी....

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रुखसार- aahh....mujhe इतनी बेचैनी क्यों हो रही hai....sirf हाथ hi तो लगा tha...koun सा maine....aaahh....lagta है की ऐसे करार नहीं मिलेगा...

और फिर कुछ सोच कर रुखसार उठी और बाथरूम में जा कर शावर के नीचे कड़ी हो गई.....

रुखसार ने सोचा था की पानी की ठंडी बूंदे उसके जिश्म को ठंडा कर देगी...

पर हुआ उसका ulta....kyoki भले hi जिश्म को रुखसार काबू कर रही thi...par दिमाग को nhi....kyoki दिमाग में न चाहते हुए उसे आदित्य hi दिख रहा tha...jo रुखसार को अपनी बाहो में थामे हुए खड़ा था....

ये सोचते hi रुखसार का हाथ अपने आप उसके दूध को मसलने लगा....

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रुखसार- उसकी हिम्मत की दाद देनी hogi....beech बाज़ार मेरा दूध मसल diya...huh.....ye भी नहीं सोचा की मुझे कितना दर्द hoga....aahh...kitna मजबूत हाथ था uska...meri तो आह hi निकल गई थी....

और फिर छूट भी तो कितनी जोर से दवाई thi....aah...accha हुआ बुरका पहना हुआ tha....nhi to....aahh..

काश आज मैं नकाब दाल गई hoti...to ये सब होता hi nhi.....wo पहचान hi नहीं पता मुझे....

काश शान की बात न maanti.....ye सब शान की वजह से hua....na वो नकाब के लिए मन karte....na मैं आदित्य की नजरों में aati...huh...

Shaan...ye सब तुम्हारी गलती hai.....sirf tumhari....tumhi ने इन गैर मर्दो का ख्याल मेरे दिमाग में dala....aur dekho....aaj क्या हुआ मेरे sath...aahh...meri गर्मी बढ़ती hi जा रही है...

आज तुम आओ तो sahi...fir बताती hu..bade आये गैर मर्दो की वकालत करने wale...huh...

यहाँ रुखसार ये सब सोच hi रही thi...ki वह उसके हाथ ने कमाल कर diya....aur रुखसार की छूट ने साडी गर्मी निकाल फेकि...

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रुखसार- aaaahhhh.....ab चैन मिला....

Khair....jhadne के बाद रुखसार को करार आया और वो अच्छे से नाहा कर निकली और फिर कपडे पहन कर सो gai....kyoki वो थकान जो महसूर कर रही थी.....

पर रुखसार कुछ देर hi सो पाई थी की उसका फोन बजने laga.....jisse रुखसार की नीड टूट gai...aur जब उसने फोन देखा तो उसे एक अननोन no. दिखा....

Rukhsaar(man में)- ये किसका no. hai....kya karu....uthaau या नहीं....

रुखसार ने उनकों नंबर देख कर कुछ देर सोचा hi था की फोन कट हो gaya...par रुखसार फोन rakhti....us से पहले hi कॉल दोवारा से आ gaya...aur रुखसार ने कुछ सोच कर कॉल पिक कर ली....

( कॉल पर )

रुखसार - hello...koun.....

आदित्य- तुम्हारा कदरदान....

Rukhsaar(gusse से)- ये क्या बदतमीज़ी hai....koun बोल रहा है...

आदित्य- are...ab भी नहीं samjhi....are मैं वही hu....jo aaj-kal तुम्हारे दिमाग में बस चूका हु....

रुखसार- चुप कर बद्तमीज.....

आदित्य- are..re,...badtameej तो मत बोलो yaar....main तो बड़ा सरीफ hu....are इतना sareef...ki जब तुम्हे बाहों में भरा tha...tab भी पूरी सराफत दिखाई di....warna कुछ भी हो सकता tha....hai न..

अब जा कर रुखसार को समझ आ गया की फोन पर आदित्य बोल रहा है...

रुखसार- aap...aapko मेरा नंबर कैसे मिला....

आदित्य- देखो yaar....agar हम चाहे तो कुछ भी पता कर सकते hai....jaise...bhale hi तुमने नहीं bataya....par मैं जान चूका हु की तुम जैसी खूबसूरत लड़की का नाम भी बड़ा खूबसूरत hai.....rukhsaar...

Rukhsaar(hairani से)- आपको ये सब बताया किस ne....haa....

आदित्य- अब ये मत pucho...waise भी उस से फायदा तो कुछ होगा nhi....hai na...chalo अब batao....maine जो बोलै hai...wo सही है न....

रुखसार- kya....kya बोलै था....

आदित्य- अरे wahi...main तुम्हारे दिमाग में बस चूका हु न....

रुखसार- dekhiye....aisa कुछ nhi...aur haa....mujhe परेशान मत kijiye...main एक सरीफ निक..

Aaditya(beech में)- निकाहि katoon...haa...janta hu...par जो भी ho....main तुम्हे परेशान नहीं karuga....bas दोस्ती का इंतज़ार karuga...ok....jald मिलते hai..bbye...

और फिर आदित्य ने कॉल कट कर दिया और रुखसार के दिमाग में फिर से आदित्य घूमने लगा....

Khair.....fir रात हुई और वो hua..jo रुखसार ने सोचा भी नहीं था.....

पहले तो रुखसार अपने सौहार को gair-mard की बात पर khari-khoti सुनना चाहती thi.....par ये हो नहीं सका....

क्योकि रुखसार के दिमाग में इस वक़्त आदित्य hi छाया हुआ tha....isliye वो अपने दिल की भड़ास नहीं निकाल सही.....

और फिर शान ने आज की रात फिर से रुखसार को गैर मर्द के नाम पर roll-play करने को राजी भी कर liya....ye भी रुखसार ने नहीं सोचा था....

वो ये करना hi नहीं चाहती thi....par इस बारे में शान से उसकी बात पहले से hi तय thi....isliye वो राजी हो गई....

और फिर gair-mard के नाम से roll-play करते वक़्त रुखसार के सामने आदित्य की तस्वीर बन gai....aur उस अहसास में रुखसार कुछ ज्यादा hi गर्मी के साथ सेक्स करती रही और जब jhadi...to ऐसे jhadi...jaise आज तक नहीं झड़ी थी...

और इन सबसे रुखसार बहुत hi ज्यादा हैरान हो गई थी और कही न कही अपने आप पर शर्मिंदा भी थी...

पर उसने ये सब अपने सौहार से बखूबी छिपाया और आँखे बंद कर के लेट गई...

Rukhsaar(man में)- ये क्या हो गया mujhe...main ऐसा कैसे कर सकती hu...kaise....??

आखिर मेरे दिमाग में आफीत्य hi क्यों aaya....kyo मैं अपने आपको उसके sath....uumm..us हालत में देखने लगी थी...

और ये भी समझ नहीं आया की उसको याद करते hi मेरी गर्मी क्यों बाद गई thi...kyo...??

कही ऐसा तो नहीं की गैर मर्द वाला खेल मुझे भी पसंद आने laga....ya फिर गैर मर्द के नाम पर वो aaitya...nhi....nhi....aisa नहीं होना chahiye...aisa हो hi नहीं sakta...nhi...bilkul नहीं....

रुखसार सायद सच समझ चुकी thi...par वो इस सच को मान न नहीं चाहती thi....isliye वो आदित्य को अपने दिमाग से निकलने की कोसिस करने लगी....

Rukhsaar(man में)- aaahh.....is आदित्य ने तो मेरा दिमाग hi खराब कर diya....nhi....ye सही nhi....main ऐसे नहीं रह sakti.....mujhe इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाना hoga....aur मैं अच्छी तरह से जानती हु की इसे सुलझाने के लिए मुझे क्या करना है.....

Mr.aaditya....tumne जो करना था वो कर liya.....ab bas....kal तुम्हारा मसला khatm....huh.....

और रुखसार आदित्य नाम के मसले को सुलझाने के बारे में सोचती हुई सो गई.....

रुखसार ने आदित्य का मसला सुलझाने के लिए क्या सोचा.....???

क्या वो अपने इरादों में कामयाब हो पाएगी....???

या फिर नै सुबह उसे कुछ और HI दिखेगी....???

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी....

थैंक्स फ्रेंड्स...


कीप रीडिंग.....
 
ok....ye लो लिंक .....



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अपडेट - 19

Mr.aaditya....tumne जो करना था वो कर liya.....ab bas....kal तुम्हारा मसला khatm....huh.....

और रुखसार आदित्य नाम के मसले को सुलझाने के बारे में सोचती हुई सो गई.....

अब आगे....

अगले दिन शान जब अपनी दूकान पर निकल gaya...tab रुखसार ने आदित्य के मसले के बारे में फिर से सोचना सुरु कर दिया.....

रुखसार- hmm...to mr.aaditya.....aaaj आपका फैसला कर hi देती hu....badi दोस्ती करनी थी न मुझ se....ab बताती हु....

फिर रुखसार ने जल्दी से अपनी सहेली जूही को कॉल lagaya....kyoki वो ाडोट्या का मसला जूही के साथ मिल कर ख़त्म करने वाली थी...

पर उसकी badkusmati....juhi का फोन तो बज रहा tha....lekin वो कॉल नहीं ले रही थी...

रुखसार- are.....ye फोन क्यों नहीं उठा rahi...huh...jab जरूरी होता hai...tabhi ये सब नाटक होता है....

सायद कंपनी में बिजी ho.....par आज तो उसका ऑफ डे होता है na....to fir....uske सौहार को पूछती hu...hmm...use तो पता hi होगा....

ये सब सोच कर रुखसार ने जूही के सौहार को कॉल kiya...to उसने बताया की जूही घर पर hi hai...aur वो काम से सहर के बाहर है....

और उसने रुखसार को ये भी बोलै की सायद जूही सो रही hogi....isliye कॉल नहीं ले प् रही....

Khair....rukhsaar ने जूही के सौहार से बात करने के बाद जूही के घर जाने का तय किया और तैयार हो कर निकल पड़ी...

पर जब वो जूही के घर pahuchi...to कई बार दुर्बल बजने पर भी गेट नहीं khula...aur न hi जूही ने फोन उठाया.....

तो परेशान हो कर रुखसार ने फिर से जूही के सौहार को कॉल किया और उसे पूरी बात बता दी...

तो जूही के सौहार ने रुखसार की उसकी सोसती के सेक्रेटरी के पास भेज diya...taki वो घर की दूसरी चाबी ले कर गेट खोल सके...

क्योकि अब उसको भी अपनी बीवी जूही की फ़िक्र होने लगी थी....

Khair....rukhsaar ने सेक्रेटरी से चाबी ली और दरवाजा खोल कर अंदर आ gai....aur गेट को बापिस बंद कर के बैडरूम की तरफ जाने लगी...

पर जैसे hi वो बैडरूम के गेट के करीब pahuchi....to उसे halki-halki आवाज़े आने lagi.....jise सुनते hi रुखसार के कदम थम gaye....kyoki वो आवाजे चुदाई की thi....jise सुन कर रुखसार बेहद हैरान थी...

Rukhsaar(man में)- ये kya...yaha तो चुदाई चल रही hai.....par जूही का सौहार तो घर में है hi nhi...to fir...kya जूही किसी gair...nhi-nhi....juhi ऐसा नहीं कर sakti....main...main क्या karu...dekhu kya....nhi...ye ठीक nhi....par पता तो करना hi hoga....dekh hi लेती hu....hmm..

रुखसार कुछ देर तक गेट के बाहर से hi चुदाई की आवाज़ें सुनते हुए अपने दिमाग में hi sahi-galat का फैसला करती रही....

और फिर अंदर देखने का तय कर के कांपते हाथो से गेट को खोलने लगी...

और जैसे hi उसने गेट को थोड़ा सा खोला तो उसे बिस्तर पर चुदाई होती दिख गई....

बिस्तर पर एक ायरत कुटिया बानी हुई थी और एक तगड़ा मर्द खड़ा उसके पूछे खड़ा हुआ उसे तेजी से चोदे जा रहा था...

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जिसे देखते hi रुखसार की ांकगे फटी रह gai...aur उसके दिल की धड़कन बाद गई...

रुखसार को अंदर चुदाई तो दिख रही thi...lekin चुदाई करने वालो का चेहरा उसे नहीं dikha...kyoki उनकी पिछली साइड hi रुखसार के सामने थी....

रुखसार धड़कते दिल के साथ कुछ देर तक आँखे फाड़े वो चुदाई देखती rahi....par जब उस मर्द ने अपना लुंड छूट से बहार kheecha....aur एक झटके में ायरत की गांड में दाल दिया.....

तो उस ायरत के sath-sath रुखसार भी चीख कर पीछे हैट गई....

और रुखसार की चीख सुनते hi वो मर्द और ायरत भी चौंक कर रुक गए...

यहाँ रुखसार को जैसे hi ये अहसास हुआ की उसकी चीख ने गड़बड़ कर di...to वो संभल कर घर से बहार जाने को भागी..

पर इस से पहले की वो गेट kholti...use जूही की आवाज़ aai....jo टॉवल लपेट कर बैडरूम से बहार आ रही थी....

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जूही - नहीं rukhsaar....bhaago मत...

( असल में जूही HI उस बिस्तर पर चुद रही THI....AUR जैसे HI उसकी गांड में लुंड गया था तो उसने मुद जार पीछे देखा THA...AUR तभी उसे रुखसार नजर आ गई थी....)

जूही की आवाज सुन के रुखसार रुक तो gai....par उसने जूही को मुद कर नहीं देखा....

Juhi(aage बाद कर)- rukhsaar...main जानती हु की तेरे ज़ेहन में बहुत कुछ चल रहा hoga.....aur ये सही भी है..

Rukhsaar(beech में)- मैं जा रही हु...

जूही- nhi....aise nhi....meri बात तो सुन ले...

Rukhsaar(mud कर)- क्या अब भी कुछ सुनने के लिए बचा hai....jo देखा वो काफी है...

जूही- नहीं hai....kyoki देखने से hi सब कुछ समझ नहीं aata....baat भी सुन नई होती hai...aur तुझे भी मेरी बात सुन नई hi होगी...

रुखसार- कोई जरूरत nhi...main सब समझ गई....

जूही- accha...to मुझे भी बता दे की तू क्या samjhi...chal बता...

Rukhsaar(gusse से)- यही की तू अब बदचलन हो गई hai...jo अपने सौहार की gair-moujoodigi में कुसी गैर मर्द के sath...chee...tu ऐसा कर भी कैसे सकती है juhi...tu तो ऐसी नहीं थी न...

जूही- bilkul....ab तू सही boli....tu मुझे अच्छे से जानती hai...isliye मुझे एक मौका तो दे तुझे समझने ka...taki मैं तुझे बता सकू की इस सबकी वजह क्या है....

रुखसार- तो bol....aisi क्या वजह thi...jisne तुझे बदचलन बनने पर मजबूर कर diya...haa...bol....

जूही- bataugi....sab-kuch bataugi.....par तुझे इंतज़ार करना होगा...

Rukhsaar(ghoor कर)- intzaar....par क्यों...

जूही- क्योकि मुझे अपना काम ख़त्म करना hai....isliye तू दूसरे कमरे में जा कर baith...main ये निपटा कर आती hu...chal...

और फिर जूही ने आगे बाद कर रुखसार का हाथ पकड़ा और उसे दूसरे रूम में अंदर कर के बैडरूम में चली गई.......

रुखसार कमरे में आ तो gai...par उसका दिल और दिमाग जूही के बैडरूम में रह गया था....

रुखसार के दिल और दिमाग में सिर्फ और सिर्फ जूही की उस गैर मर्द के साथ चुदाई hi नजर आ रही थी...

और साथ hi साथ उस मर्द का लुंड bhi...jo रुखसार ने तब देखा tha...jab वो जूही की छूट से निकल कर उसकी गांड में जाने वाला था.....

रुखसार- आखिर जूही ऐसा कैसे कर सकती hai....wo तो कितना प्यार करती थी अपने सौहार se...to फिर ये सब क्यों....

क्या उसकी कोई मजबूरी hai...ya फिर उसके सौहार से उसकी कोई paresaani...oohh...main ये सब सोच क्यों रही hu...usi से पूछूगी न...

"Aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh....mmmaaar....doiiyyaa.......""

तभी रुखसार को जूही की एक जोरदार चीख सुनाई di...jise सुन कर रुखसार हिल गई....

रुखसार- कितनी जोर से चिल्ला रही hai...jaroor बहित तकलीफ हुई hogi....aur तकलीफ हो भी क्यों na.....kutna तगड़ा था uska.....wo भी चमड़ी wala....mujhe तो देख कर hi हैरानी हो रही thi...uper से वो जूही के पीछे से bhi....kaise झेलती होगी जूही use....aaahhh...main ये सब क्या फालतू क्यों सोचने lagi.....huh....ye जूही जल्दी से आ जाए तो अच्छा....

फिर रुखसार ने अपना सर झटका और उठ कर रूम जा गेट लगा कर बैठ गई...

रुखसार- अब कोई आवाज़ नहीं aayegi...uff...juhi...jaldi से आजा न...

Khair....rukhsaar अगले 15-20 मिनट जूही की चुदाई और उस मर्द के बारे में सोचते हुए बैठी rahi....fir जा कर उसका इंतज़ार ख़त्म हुआ और जूही कमरे में दाखिल हुई...

अब जूही पुरे कपड़ों में रुखसार के सामने thi...aur वो काफी फ्रेश दिख रही थी...

Juhi(muskura कर)- अब bata....tu यहाँ आई कैसे....

Rukhsaar(ghoor कर)- आई कैसे matlab...kya मैं तेरे घर नहीं आ सकती....

जूही - are...mera मतलब था की तू अंदर कैसे आई....

रुखसार- गेट खोल kar.....aur चाबी तेरे सौहार की मदद से mili...teri सोसती के सेक्रेटरी se....samjhi...

जूही- haa..par तू मुझे बोल कर भी तो आ सकती thi...to इस सब की जरूरत hi नहीं होती...

Rukhsaar(gusse से)- accha....bata कर aati...tu...tera फोन कहा hai...dekh use...maine कितने कॉल kiye...aur तेरे सौहार ने bhi...par तू है की फोन उठा hi नहीं रही thi...aur उठती भी kaise....tu तो नीचे पड़ी होगी na...us कमीने...

Juhi(beech में)- बस rukhsaar...unhe कुछ मत bolna...samjhi न....

Rukhsaar(ghoor कर)- kya...kya कहा तुमने...

जूही- यही की तुम उन्हें कुछ मत bolo...tujhe जो बोलना है वो मुझसे bol...kyoki इस सब में उनका कोई हाथ nhi....ye सब मेरी hi मर्जी से सुरु हुआ tha...aur अभी भी मेरी मर्जी से hi हो रहा है....

Rukhsaar(hairaani से)- मतलब ये सब तू अपनी मर्जी से कर रही hai....ayr मैं जब से सोचे जा रही थी की तू मजबूर हो kar....par तू ये कैसे कर सकती hai...tu तो अपने सौहार को कितना प्यार करती थी न....

जूही - करती थी nhi....karti hu...aaj भी मैं अपने सौहार से प्यार करती hu...samjhi...

रुखसार- accha...pyaar करती hai..to फिर गैर मर्द के साथ मयह कला क्यों कर रही hai...kya यही प्यार है tera...haa...

जूही - haa...ye प्यार hi hai.....main अपने सौहार को आज भी बेहद प्यार करती hu...par इनके साथ भी मुझे प्यार है....

रुखसार- pyaar...are ये प्यार nhi...balki हवस है....

जूही - तू जो चाहे bol...par सच ये है की इनके साथ बिस्तर पर मुझे पूरा सुकून मिलता hai....samjhi न..

रुखसार- juhi....tu...tu ये कैसी बातें कर रही hai....aakhir तू ये सब क्यों कर रही hai..kya तेरे सौहार में कोई कमी....

Juhi(beech में)- बिलकुल nhi....mere सौहार हर तरह से ठीक hai....bas एक hi चीज ऐसी hai...jo मेरे सौहार के पास नहीं...

रुखसार- और वो क्या है...

Juhi(muskura कर)- चमड़ी वाला लुंड....

Rukhsaar(hairani से)- juhi...tu ये क्या बोल रही hai.....matlab तू एक गैर महजबी मर्द के sath...haa...

जूही - ha....aur उनके साथ मुझे बहुत मज़ा आता hai...aur उनका लुंड to...aahh..kya bolu....jab उनका चांदीवाला लुंड मेरे भीतर जाता है na...to यकीन maan...jannat दिखता है...

Rukhsaar(gusse से)- तू ये क्या बक रही hai...ye सब गलत है...

जूही - क्या galat...are...jindagi में जवानी कुछ वॉट के लिए hi आती hai...aur हमे जवानी का गर लंगा मज़े से बिताना chahiye...kyoki एक बार जवानी गई na...to फिर लौट कर नहीं aati...samjhi...

रुखसार- तो कटा जवानी के जोश में तू गैर मर्द के neeche....haa...

जूही - ha....kyoki वैसे तो हमे चांदीवाला मिल hi नहीं सकता था na...to एक गैर मजहबी मर्द hi हमारी ये ख्वाहिस पूरी कर सकता hai...bas इसिलिटे मैंने ये रास्ता चुना...

रुखसार- पर ये गलत है जूही..

जूही - क्या गलत hai...are तुझे नहीं pata...ki हमारी अयर्तों को ये चमड़ीवाले कितने प्यारे लगते hai....aur तो aur...hu.are मर्दो को भी ये चमड़ीवाले बड़े पसंद hai....wo तो खुद ये देखना चाहते है की उनके घर की ायरत चमड़ीवाले के साथ बिस्तर पर ucchle.....samjhi....

जूही की आखिरी बात रुखसार के दिल में उतर gai...kyoki उसका सौहार तो खुद hi उसे चमड़ीवाले लुंड से चुड़ते देखना चाहता था....

जूही- क्या hua..tu भी चमड़ीवाले के बारे में सोचने लगी क्या....

Rukhsaar(chounk कर)- nhi...bilkul nhi....main...main क्यों सोचने lagi...huh...main ये सब नहीं सोचती...

Juhi(ghoor कर)- accha...par तेरा चेहरा तो कुछ और hi बोल रहा hai....hmm..

Rukhsaar(sakpaka कर)- kya...kya मतलब तेरा.....

जूही- देख rukhsaar...tu ये अच्छी तरह से जानती है की तू मेरे सामने झूठ नहीं बोल sakti....kyoki मैं तेरा हर झूठ पकड़ लेती hu.....to अब झूठ मत bol...sach bata....tu भी चांदीवाला पसंद करती है न...

रुखसार- nhi..bilkul नहीं...

जूही - समझ gai....tu भी पसंद करती hai...hehehe....

ये बोल कर जूही हसने लगी और रुखसार ने शर्म से नजरें झुका li...kyoki उसे पता tha...ki जूही उसे अच्छी तरह से समझती है.....

जूही- देख rukhsaar....aise झूठ बोलने से सच नहीं बदल sakta....aur फिर तू मुझसे कुछ chhipaygi,..haa....mujhse...

रुखसार- तू भी तो छिपा रही है na.....matlab आज तक छिपा रखा था....

जूही - haa...par मैं ये तुझे बताने वाली thi....aur तो aur...main तुझे उनसे मिलवाने वाली भी thi....par यकीन maan....sahi वक़्त नहीं mila.....gar बार कुछ न कुछ परेशानी आ gai....warna अब तक तो कई बार मिलवा देती....

रुखसार- सच me...ya फिर...

Juhi(veech में)- तुझसे झूठ बोलै kabhi....haa...

रुखसार- nhi...theek hai....ab bata....koun है वो....

जूही - वो मेरे बॉस hai....bahut hi इज्जतदार और रहीस इंसान hai...aur बिस्तर पर to....uum..lajawaab....

रुखसार- ओह ho....itne पसंद है तुझे...

जूही - haa..behad पसंद है....

रुखसार- अपने सौहार से भी ज्यादा...

जूही - haa...us से कही jyada...par मुझे अपने सौहार से भी काम प्यार nhi...samjhi..

रुखसार- hmm....samjh gai.....par एक बात bata...aakhir तूने ये सब किया क्यों...

जूही- अब क्या bolu....bas समझ ले की एक पुराणी ख्वाहिस thi...ki एक ऐसे मर्द के साथ बिस्तर गरम karu....jiska हथ्यार चमड़ी वाला ho.....isliye मैंने उन्हें chuna.....aur फिर ये सिलसिला चल पड़ा...

रुखसार- ohh..par क्या तेरे सौहार को तेरी इस ख्वाहिस का पता है...

जूही - ha....maine उसे बोलै tha...aur तू यकीन maan...use भी ये पसंद hai..ki मैं कुसी चमड़ीवाले हथ्यार से चुदाई करू......

Rukhsar(hairaani से)- क्या....

जूही- सच में yaar....maine जब अपने सौहार को ये बात बताई thi...to उसने भी bola..ki उसे ये पसंद hai....wo तो मेरे दर से कभी बोल नहीं paya....patlr उसका मन तो काफी वक़्त से था...

रुखसार- ohh...to फिर क्या hua....usne hi तिझे बोलै था क्या की जा कर गैर मर्द के साथ सो जा...

जूही- nhi...par उसने ये जरूर बोलै tha...ki अगर मैं ऐसा करती हु तो उसे परेशानी नहीं hogi....aur haa...usne मेरे साथ कई बार रोलप्ले भी kiya...jisme मैं चमड़ीवाले हथ्यार से चुद रही hu...aur वो भी उसके saamne....aur वो मज़ा ले ता tha.....sach me....aisa कई बार hua...aur अभी भी होता है....

रुखसार- मतलब तेरा सौहार भी ये सब....

Juhi(beech me)-matlab.....mera सौहार bhi.....iska क्या matlab....kahi तेरा सौहार भी तो ये सब पसंद नहीं करता na...haa....sach bol....aisa hi है न....

रुखसार जानती थी की वो क्या बोल gai...aur वो ये भी जानती थी की जूही को सच तो पता चल hi jayga...kyoki वो तो रुखसार का झूठ चुटकियों में पकड़ लेती है....

इसलिए रुखसार ने सोचा की जूही से छिपाने का कोई मतलब hi नहीं banta....aur उसे जूही से कोई दर भी नहीं tha....isliye रुखसार ने हां में गर्दन हिला दी....

Juhi(khush हो कर)- अरे wah...matlab तू भी मेरी tarah....matlab तेरा सौहार भी मेरे सौहार की तरह hi सोचता hai....wah....chal bata.....tere सौहार ने क्या bola....aur तूने क्या kiya...jaldi बता....

रुखसार- हम्म....

फिर रुखसार ने जूही को अपने सौहार की ख्वाहिस और रोल प्लेयर के बारे में बता diya....par उसने गोलू का बिलकुल भी जिक्र नहीं किया....

जूही- ohhh...to तेरा सौहार भी यही चाहता hai....aur....kya तू भी...

Rukhsaar(sir झुका कर)- पता nhi....kabhi लगता है की haa..aur कभी na....kuch समझ नहीं आता...

जूही- देख rukhsaar.....dil में जो भी hai...bol de...dekh....mujhse छिपाने से की फायदा nhi...aur मुझे बताने से कोई नुक्सान भी नहीं hoga...tu जानती है न...

रुखसार- जानती hu....par मैं क्या bolu...mujhe समझ नहीं आता की आखिर मैं क्या karu.....kabhi दिल कहता है की सौहार की बात मान lu..to कभी घबराती hu....ki आगे कुछ गलत न हो जाए....

जूही - dekh....isme गलत कुछ नहीं hoga....bas मर्द ऐसा होबा चाहिए जो अच्छी फॅमिली से ho..jawaan ho....koi घटिया नौकर टाइप का इंसान न ho...aur न hi कोई buddha....wo तो फ़ालतू होते है साले....

रुखसार- जानती hu.....par....

जूही - पर kya...dekh..agar तेरा सौहार ये चाहता hai...aur तू भी इसे पसंद करती hai...to मेरे ख्याल से तुझे आगे बढ़ना chahiye......tu कहे तो मैं कोई मर्द देख lu.....tere liye...chamdi वाला....

रुखसार- nhi...iski को जरूरत नहीं...

जूही- मतलब तेरी नजर में पहले से कोई है....

रुखसार- ऐसा कुछ nhi....balki एक आदमी hai....jo कुछ वक़्त से मेरे दिमाग में घुस गया hai...wo भी पहली मुलाक़ात se....aur ये सब मेरे सौहार की बातों से hua....unhone मेरे दिमाग में ये सब ठूस दिया है...

जूही - ohh..to मैडम को कोई मिल भी gaya...waise कौन है वो...

रुखसार- पता nhi....par दिखने में तो कही हैंडसम hai....paisewala भी लगता hai....aur नाम है आदित्य....

जूही- aaditya...matlab चांदीवाला hathyaar......accha....ye bata...ki क्या वो तुझे चाहता है...

रुखसार- haa....are वही बताने तो आई थी मैं तेरे paas....taki तुझे सब batau...aur तेरी सलाह लू की आगे क्या करू....

जूही - तो बता na......are ruk...pahle ek-ek चाय हो jaaye....fir बताना....

रुखसार- hmm...pahle पानी de....gala सूख gaya....waise तेरा वो सर गया क्या....

जूही - haa...unhe भेज कर hi तो आई थी तेरे paas....chal किचेन में चल....

फिर दोनों उठ कर किचेन में आई और chai-pani के बाद जूही के बैडरूम में आ गई....

जूही - अब bata....koun है ये aaditya....matlab कहा mila...aur क्या बोलै usne....aur तूने अब तक क्या महसूस किया उसके बारे में....

रुखसार- hmm...sun...

फिर रुखसार ने आदित्य के साथ अपनी दोनों mulaqat.....saand वाली घटना और आदिरया की वजह से अपना गरम होना जूही को बता diya....jise सुन कर जूही मुस्कुराने लगी....

रुखार- तू मुस्कुरा क्यों रही है....

जूही - तेरी किस्मत par....kya गजब किस्मत पाई है तूने....

रुखसार- kya....kismat.....tu कहना क्या चाहती है....

जूही - are....gajab किस्मत तो है hi...jo सामने से इतना अच्छा मर्द तेरी जिंदगी में aaya....jo बिलकुल वैसा hi hai....jaisa तेरे सौहार ने सोचा tha....samjhi.....

रुखसार- huh....aisa कुछ nhi....tu बेवजह hi सोच रही है....

जूही- accha....bewajah.....tujhe पता है की मुझे अपने सर को पटाने में कितना वक़्त लगा tha.,..are...mahino निकल गए the....aur तेरे लिए तो सामने से hi वो आ gaya...kya नाम है उसका....

रुखसार- आदित्य...

जूही - है wahi.....aur वो भी वैसा hi जैसा तू सोचने लगी thi...to हुई न तेरी किस्मत जबरजस्त....

रुखसार- hmm.....aise तो hai......par मुझे अब भी समझ में नहीं आ रहा की मैं क्या karu.....isiliye तेरे पास आई hu....bata na....kya करू मैं..

जूही - करना क्या hai.....call कर use...aur हां बोल de....fir dekhna.....kitna मज़ा आता है....

रुखसार- क्या maza....usne सिर्फ दोस्ती का पूछा है...

जूही - है सुना maine....par तू ये नहीं janti..ki ये मर्द कितने तेज होते hai....tu बस हां तो bol....fir dekhna....ye तुझे कितनी जल्दी अपनी बाहों में उठा कर बिस्तर पर ले jayge....are हमारे मर्दो को वक़्त लगता hai.....par ये log....ye असली मर्द होते hai...jo हम जैसों को बिस्तर पर पटक कर छोड़ने में ज्यादा वक़्त बर्बाद नहीं karte....samjhi....

रुखसार- सच में....

जूही - और kya....pure तजुर्बे से बोल रही hu....are जैसे hi मेरी अदाए देख कर मेरे सर ने मुझे प्रोपोज़ kiya....to मैंने तो वैसे hi हां बोल di....aur हां बोलते hi उसी दिन उन्होंने मेरी छूट में अपना चांदीवाला हथ्यार पेल दिया tha.....haa बोलने के 2 घंटों बाद मैं चुद कर उनकी बाहों में पड़ी thi...samjhi...

रुखसार- तो क्या आदित्य भी मेरे sath...nhi....itni जल्दी kaise....main नहीं कर सकती.....

जूही - kyo..tujhe जल्दी नहीं kya...haa...

रुखसार- पता nhi....mujhe थोड़ा दर लग रहा है....

जूही - dar....accha...tu ये bata...ki तू उसके साथ सोना चाहती है की नहीं...

Rukhsaar(sharma कर)- saayad....pata nhi...par.....kar सकती हु...

जूही - तो फिर सोच mat....haa बोल दे use....fir बाकि उस पर छोड़ दे....

रुखसार- hmm...par एक बात aur....sach बोलना....

जूही - है बोल....

रुखसार- क्या सच में is..matlab चमड़ीवाले से ज्यादा मज़ा आता है....

जूही - bilkul.....sach बोल रही hu....itna मज़ा आता है की लब्जों में बयान नहीं कर सकती....

रुखसार- पर मैं कैसे मान lu....kya पता की मुझे उतना मज़ा न आये जितना तुझे आता हो...

जूही - accha....ye बात hai....to....hmm..ek काम kar....tu एक बार कर के देख le....fir मज़ा आये तो theek...warna रहने देना....

रुखसार- मतलब अपनी अस्मत लुटा du....wo भी सिर्फ पता करने ko....nhi....ye ठीक नहीं...

जूही - तो अब तू hi बता की तुझे कैसे यकीन दिलाओ की सच में बड़ा मज़ा आता है...

रुखसार- uumm..ek काम करते hai....main तेरी और तेरे सर की चुदाई देखती hu....saayad इस से मुझे समझ आ जाए की...

Juhi(sakpaka कर) - nhi...aisa कैसे हो सकता hai....nhi....ye नहीं हो सकता...

रुखसार- क्यों नहीं हो sakta....are तू मेरी खास सहेली hai....to मेरे लिए इतना भी नहीं कर sakti....haa...

जूही - बात सिर्फ मेरी नहीं hai....main तो एक बार मान भी jaau...par सर कभी नहीं मानेगे...

रुखसार- ओह ho...to उन्हें बता hi mat...main छिप कर देख lugi....unhe भनक भी नहीं lagegi...haa...

जूही - पर....

रुखसार- पर को chhod....tu बस इंतज़ाम kar.....main खुद अपनी आँखों से देखना चाहती हु की चांदीवाला सच में मज़ा देता है की सिर्फ बातें hi hai....tabhi मैं कुछ sochugi..samjhi...

जूही - ohh...theek hai....main तेरी ख़ुशी के लिए ये भी कर lugi....bas मुझे थोड़ा सा वक़्त de....theek..

रुखसार - hmm...par जल्दी karna....taki मैं भी इस आफीत्य नाम की मुसीबत से दूर हो सकू....

जूही - अरे दूर nhi....tu उसके नीचे jaygi....tu बस देखती ja....hehehe...

Rukhsaar(muskura कर)- वो तो वक़्त hi batayga.....chal अब निकलती hu....bahut काम पड़े है घर me...aur haa...jaldi इंतज़ाम करना....

जूही - है baba....jald से जल्द इंतज़ाम कर दूगी....

Khair....fir रुखसार वह से निकल गई और रुखसार के निकलते hi जूही अपने सर से बात करने लगी.....

यहाँ रुखसार घर तो पहुंच gai....par उसके दिमाग में uthal-puthal मची हुई थी...

रुखसार सोच रही thi..ki कहा तो वो जूही की मदद से आदित्य से दूर रहने का प्लान बना कर गई thi...aur कहा उसने जूही की चुदाई देखने की पेशकश रख दी...

Rukhsaar(man में)- आखिर क्या हो गया था mujhe...jo मैंने वो सब बोल diya...aur जूही मान भी गई...

Uufff....ab जूही ने सच में ऐसा इंतज़ाम कर दिया तो क्या hoga....kya मैं वो सब देख पाउगी....

और देख भी लिया तो kya....kya फिर वही hoga...jo मैं सोच रही hu....ya फिर....

Aahh...ye सब सोचना छोड़ rukhsaar....abhi काम कर le.....ab जो hoga...dekha जायगा...

ये सब सोच कर रुखसार फ्रेश हुई और कपडे बदल कर काम में लग गई....

और फिर करीब 1 घंटे बाद रुखसार के घर की घंटी baji....aur जैसे hi रुखसार ने गेट khola...to वो सकपका gai....kyoki उसके सामने आदित्य खड़ा था....

Rukhsaar(man में)- aaditya.....yeha...ye...ye यहाँ कैसे......???

आदित्य का रुखसार के घर आना क्या बदलाब लेगा उसकी जिंदगी में......???

और क्या रुखसार जूही की चुदाई देख PAYGI.....YA पहले खुद HI चुद जायगी...???

नोट - अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स.....

ी क्नोव आज कुछ गरम कंटेंट ज्यादा nhi...but जो भी hai...wo स्टोरी के लाइट खास है....

So...i होप ु लिखे आईटी....

थैंक्स फ्रेंड्स...

कीप रीडिंग.....
 
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