MERA JUNOON MERI LIFE - Page 7 - SexBaba
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MERA JUNOON MERI LIFE

अपडेट-54

राज- ok जा और फ्रेश होक थोड़ी पढ़ाई कर तू सेल..



कारन- हां कहल लेकिन पड़ना क्या है वो बता दे पहले ..

राज- अरे वो कक की बुक लेके पहले चेपटर से लेके 4 चेप्टर तक पूरा रता मर lee..itne मई मई इशिता के पास बेथ ता हु तरय तो करू कुछ काम बन जाये तो..

कारन- अच्छा बेस्ट ऑफ़ लक..






@ स्टार्ट@



मई कारन गया तब रूम को देखने लगा जहा मुझे बाथरूम दिखा बाजु क रूम की दीवाल की तरफ मई अपना सामान बाद पे रखा और बाथरूम खोल के देखने लगा तो मुझे से तरफ मतलब इशिता दी की तरफ भी एक दूर दिखा तो मेरे मन मई िद्या आया साला ..



raj-(man) ऐ साला दूर तो इशिता के रूम की तरफ खुलता hai..mai एक काम करता हु इशिता को पता नहीं है की मुझे ये उसके बाजु का रूम दिया है मई नंगा होक नाहटा हु सायद पानी गिरने की आवाज आये और इशिता दी ए देखने तो लुंड के दर्शन करवा दू साला प्लान सेट रहा ऐसा hi करना होंगे क्यों की इशिता भी फ्रेश होने बाथरूम आएँगी..



मई बहार आया तो मैंने फटाफट कपडे निकल दिए और पूरा नागा होक मई बाथरूम चला गया और मेरी तरफ का दूर बांध कर दिया और डिम लाइट जला दी बाथरूम की और शॉवर चालू कर दिया और नहाने लगा 2 मिनिट हुए थे..



इशिता अपने रूम मई..



इशिता- अपने रूम मई कपडे निकल रही थी और पूरी नंगी हो गयी और टॉवल लेके बेह्रूम की तरफ आ रही थी तो उसे बाथ से सवार की आवाज आने लगी..



ishita-(man) ऐ पानी की आवाज कहा से आ रही है यहाँ कोण आया होंगे नहाने..



इशिता- (मन) अरे इ तो मेरे बाथरूम से आ रहा hai..sayd शॉवर चालू रह गया होंगे इस लिए पानी आया तो चालू हो gaya.lagta ऐसा hi चल डेल्ह के बांध कर देती हु..



इधर मई नाहा रहा था अपना लुंड इशिता के बारे मई सोच सोच के hi बड़ा हो गया था 8 इंच का लम्बा और 3 इंच मोटा लोढ़ा बिलकुल टाइट मई इशिता की रूम क दूर की तरफ होक नाहा रहा था क्यों की वो जैसे दूर खोल के अंदर आये तो उसे मेरा लुंड क दर्शन हो jaye..itne मई दूर खुला और इमेरी नजर वह पड़ी तो इशिता जैसे hi नादर एंटर हुयी उसकी आंखे hi बड़ी हो गयी क्यों की उसकी नजर मेरे पर पड़ी मई उसके बूब्स को देख रहा था और वो मेरे लुंड की तरफ हम दोनों एक दूसरे को दुख ने मई लगे the..achanka.



ishita(man)- ऐ तो राज नाहा रहा hai..or इसका लुंड तो दुखो कितना बड़ा hai..ar ऐ मई क्या सोच रही हु मई भी बिलकुल नागि हु...



इशिता- जैसे hi होश आया उसने मेरी नजरो की तरफ देखा तो मुझे उसके बूब्स को गुरते हुए पाया ..तो वो boli..raj तुम यहाँ..



राज- हम्म्म हम. दी आप yaha..mai भी दिखावा करने क लिए टॉवल लपेटने लगा और वो भी टॉवल लपेट दिया..



इशिता- हां मई तो यहाँ फ्रेश होने आयी थी पर तुम क्या कर रहे हो यहाँ मेरे बाथरूम मई..



राज- वो दी आपका बाथरूम मुझे लगा की ऐ तो मेरे रूम का बाथरूम है इस लिए नहाने आ गया..



इशिता- कोनसा रूम



राज- दी ये बाजु वाला जहा उस रूम का दूर है उस तरफ इशारा करते हुए..



इशिता- (man)haa इसी लिए ये यहाँ नाहा रहा है लेकिन इसमें राज की क्या गलती वो तो जनता hi नहीं की बाजु क रूम का भी यही बाथरूम है..



राज- दी सॉरी मुझे पता नहीं था न इस लिए आ गया और मई बहार जाने लगा..



इशिता- अरे तुम क्यों सॉरी बोलते हो वो तो मई hi बिना कॉक किये आ गयी यही तुम नाहा लो मई बाद मई नहाती हु..



राज- मई नाहा लिया दी आप नाहा लो..



इशिता- अच्छा कोई बात नहीं ..



मई बहार निकल गया लेकिन जाते जाते दी को स्माइल करते हुए gaya..ishita भी मुझे hi देख रही थी और बार बार उसकी नजर मेरे टॉवल मई जो बम्बू बना था उसपे hi जा रही थी..





मई बहार आ गया और कपडे पहन ने क लिए टॉवल निकल दिया फिरसे नंगा हो गया मुझे पता चल गया था की उसकी नजर बार बार मेरे लुंड पे जा रही है इस लिए मैंने रूम मई आते समय बाथरूम क दूर को बहार से बांध नहीं किया था ..इधर मई टॉवल निकल के बेह्रूम क गाठ की तरफ मुँह करके पोछने laga..yadi जो मैंने सोचा वैसा हुवा तो दीदी को पत्नी मई आसानी होंगी..



अंदर ूषिता भी मेरे निकल ने से बहार उसने मेरे बाजु वाला दूर को अंदर से बांध किया और अपना टॉवल निकल ke..sochne लगी..



इशिता- (मन) ऐ राज भी मेरे बूब्स को किसे देख रहा था है कैसे स्माइल दे रहा था जाते वक्त वैसे उसका लुंड भी बहुत तगड़ा था लग रहा था जैसे घोड़े का ho..porn मई दिखते है बिलकुल ऐसा hi था ये. कितना छूटे भी है ये देख के hi दिल आ जाता है इस्पे



इशिता (मन)- ऐ मुझे निचे क्या हो रहा है और बार बार उसका देख ने क लिए मन क्यों कर रहा है क्या मई देखु उसके लुंड को अभी रूम मई वो कपडे बदल रहा होंगे सायद नजर आजाये लाना एक बार चेक तो करू हल्का दूर खोल के सायद मेरी किस्मत दिख जाए..



इशिता ने धीरे से दूर खोला लेकिन मैंने आवाज सुन ली थी मई नजरे निचे करके तिरछी नजर से लुंड को हिला रहा था और वह दी ने दूर खोला और जैसे hi उनकी नजर सामने पड़ी फिरसे वो कबो गयी और सोचने लगी..



ishiat(man)- हेय ऐ अभी क्या कर रहा hai..kitna बड़ा है उसका ये मेरे निचे खुल्जली क्यों हो रही है..



राज- जान बुज क धीरे धीरव बोलने लगा लुंड हिलाते वकुट आठ इशिता दी आह क्या बूब्स है आपके आह्हः कितनी बड़ी गांड और छूट ओह्ह्ह एक दम क्लेन सेव chikani..aah बस एक बार मिल jaaye..ahhb..ohh..



ishita-(man) जैसे hi मेरे मुँह से सुना उसने अपना नाम है दिया ये तो मुझे hi याद करके हिला रहा hai..kya राज सही मई उसको मेरा पसंद आ गया kyaa...haa तभी तो वो मुझे याद करके हिला रहा है...





वो ऐसी hi सो ह ते हुए मुझे लुंड हिलाते देख कर गरम हो गयी क्यों की मई उसके बारे मई वहदायी का सोच क बोल रहा thaa...to इशिता फुल गरम हो गयी और उसका पता hi नहीं चला की उसका खुद का हाथ अपनी छूट पे चला गया और जोर से रब करने लगी..



raj(man) - तिर्शी नजर से डेल्ह ते हुए ऐ लगता है गरम हो गयी है ऐ तो अपनी वहुत को मसल रही है और दूर भी पूरा खुल गया hai...kya मई आगे बधु की नहीं

नहीं अभी नहीं बहुत जल्दी हो jaayenga..abhi सिर्फ मजा लेने दो..



मई यहाँ बोल रहा था इशिता दी क बारे मई और जोर से लुंड हिला रहा thaa..or वो भी मुझे देखते हुए अपनी छूट रगड़ रही थी उसे पता भी नहीं चला था की दूर पूरा खुल गया है और अब वो अंतिम चरण पे पोहच गयी तजि तो जैसे hi वो अपने अंतिम चरण पे पोह्ची उसके मुँह से ऐ निकल गया..



इशिता- hayyy..oouuuu..habbammm. .jannan.hjn



जैसे hi वो बोली मेरी नजर उनपे padi...or उनकी नजर मुझपे हमदोनो एकदूसरे को देख ने लगे और दीदी ने इतने मई अपनी हालत का खेल आया तो जल्दी से दूर बांध करके नहाने lagi..or मई कपडे पहन लिया..



ishita(man) - नहाते huye..ae मुझे क्या हो गया था मई ऐसा किसे सोचने lagi..or अब राज ने मुझे देख लिया ऐसे है अब मई कैसे उसका सामना करुँगी.. लेकिन वो भी तो मेरे बारे मई बोल क अपना लुंड हिला रहा था वो भी देख लिया मुझे उसे ऐसा करते हुए अब वो भी नजर नहीं मिला पाएंगे..





मई इधर रूम मई खुश हो क..



राज- (मन) अपना का. तो बन गया अब देखते है क्या होता hai..aab तो छूट गयी काम से अब ऐसी बजाऊंगा की आह मजा आ जाएंगे सिल्पक छूट लग रही थी और पताका तो एक no का है बिलकुल उसकी माँ पे गयी है जवानी मई वो भी ऐसी लगती होंगी एकदम रापचिक maal..aahhb..



फिर मई तैयार होक बहार आया और अभी शाम क 7 बज गए थे तो मई कारन क रूम गया और बीटा वह हम बाते कर्म लगे और उसको बता ने लगा की ऐसे पढ़ना है और इस इस चीज इम्पॉर्टन्ट किशन बताया उसको पड़ने का बोलै और फिर इतने मई निचे से आवाज आयी दी की..



िशियता- कारन कहा हो कहना कहने आ जाओ..



कारन- चल बे कहना कहने फिर पढ़ाई करते है..



कारन- हां आया फि बस 5 मिनिट मई..



इशिता- ाचा राज को भी बुला देना..



कारन- हां ..वो मेरे साथ hi है..





हम दोनों निचे गए तो मेरी नजर जैसे hi इशिता पे पड़ी वो भी मुझे एक बार देख क स्माइल करके नव्हे देखने lagi..or खाना निकल ने लगी..





रीता- अरे तुम दोनों ाजो इधर बैठी डाइनिंग टेबल pe..betho चलो खाना खान लो फिर पढ़ाई करना .



हम दोनों खाना कहने बेथ गए टेबल पे एक तरफ रीता अन्तेय बैठी थी उसके बगल मई कारन बेथ गया और मई इशिता के बाजु वाली चिर पे बेथ गया ..



रीता- चलोबसूरु करो कहना raj..or चाहिए तो मांग लेना ..



राज- जी अन्तेय..





मई कहने लगा सब कहना कहा रहे थे मई बार बार इशिता दी की तरफ देख रहा था वो तिरछी नजर से मुझे hi देख रही थी हम दोनों की नजर मिली तो मैंने स्माइल दिया तो उन्होंने भी स्माइल करके निचे देख क कहने लगी..



raj(man)- ाएतो मुझे hi देख रही है और स्माइल भी दिया लगत है रास्ता क्लियर है लेलिन सरूवात मुझे नहीं करनी वो hi खुद करे तो मजा आ जाये..



ishita(man)- राज भी मुझे hi देख क स्माइल कर रहा है लगता है उसे मई पसनद आ गयी hu..muje भी बहुत hi मन कर रहा है ऐसे लिंड से छोड़ने का और नहीं कोई मेरा बॉयफ्रेंड है क्यों न मई राज को hi पता लू तो मजा hi मजा रहेंगे और कोई दर भी nahi..dekhti कुछ रात मई काम बन जाए अभी कहना कहा लेती हु पहले..





फिर हम सब खाना कहाया और कारन मौजे बोलके अपने रूम चला गया इशिता भी अपने रूम जाने लगी अन्तेय को बर्तन साफ करवाके और मई यहाँ टीवी देख रहा था तो जैसे hi इशिता रूम मई जाने लगी हम दोनों की नजर ेलदूसरे से mili..maine स्माइल दिया तो दी ने भी स्माइल किया ..और रूम मई चली कायो भाग ke..mai उसको जाते हुए उसकी गांड hi देख रहा था..



फिर मई टीवी देखने लगा तो करीब 20 मिनिट बाद अन्तेय आयी मेरे पास और बोली..



रीता- तुम्हे पढ़ाई नहीं करना क्या..



राज- बस आपका इन्तजार कर रहा था आप आयो फिर आपकी किश लेके जाता हु ना ऊपर..



रीता- ओह्ह्ह तो जनाब को किश चाइये..



राज- हां क्यों nahi..aajo इधर ..



रीता - हां बाबा अभी देती हु..



मई वो जैसे hi पास आयी कहड़ा होक एक जबरदस्त किश करने लगा और अन्तेय भी किश करने लगी मई उनको गॉड मई उठा लिया और उनके रूम मई ले गया और वह जेक उनकी एक बार जमकर स्पीड मई चुदाई की तो अन्तेय का हाल बेहाल हो गया और वो मुझे बोली..



रीता- तुमने तो मुझे पूरी तरह से थका दिया अब मई फ्रेश होक नींद लेती हु ..अब कल कर लेना जो भी करना हो वो जाओ पढ़ाई करो..



राज- अच्छा आप फ्रेश होक सो जाओ मई चला पढ़ाई करने um....mmhaa.



एक किश देके निकल gaya...mai तो यही छठा था की वो जल्दी सो जाए तो मई अपना काम कर सकू रात को..



मई सीधा कारन के रूम मई गया और वह कारन मेरे दिते होते क्वेश्चन पढ़ रहा था मुझे देखते hi बोलै..



कारन- आ गए तुम चुदाई करके..



राज- अबे तुजे कैसे मालूम..



कारन- अरे भाई मेरी माँ वैसे भी तुजे छोड़ने वाली नहीं थी कब से याद कर रही थी तुजे तेरा लुंड लेने क लिए मई समाज गया था की तू भी चुदाई करके hi आएंगे ऊपर..



राज- उह ऐसा था हां यार तेरी माँ का जवाब नहीं जितनी बार छोड़ो मजा hi आता hai..sala.



कारन- अच्छा चल ये दो कुशन मुझे समजा फिर तुजे जो करना है कर..





राज- ok चल ला बे इधर..





मैंने कुश्तिओं सोलवे करवाने लगा इधर करीब 30 मिनिट लग गए रात के 9 बज गए the..mai कुशन स्लोवे करवाके उसे बोलै .



राज- तू स्टूडेय कर मई जा रहा हु सोने अच्छा गुड निंगहत.



कारन- गुड नाईट राज ..



उदार इशिता भी अपने रूम मई बैठी सोच hi रही थी की कैसे मुझसे बात करे ..तो वो भी कुछ सोच क मुझे देख ने के लिए रूम से बहार निकली और जगा उसके रूम का दूर था वह से hi मई मेरे रूम मई जा सकता था तो .



मई कारन को बोल क जैसे hi निकला और मई भी सोच रहा था और जा रहा था रूम की तरफ और सामने से इशिता भी अपनी सोच मई आ रही थी दोनों की नजरे नीची थी दोनों को मालूम नहीं था की हम दोनों आमने सामने आ रहे है..



जैसे जैसे मई जा रहा था तो इशिता बजी आ रही थी कारन की रूम की तरफ और हमदोनो बिलकुल एकदुआरे क नजदीक आ गए और वो मुझसे टकरा गयी और गिरने hi वाली थी की मई ने उसकी कमर पे हाथ दाल के पकड़ लिया ..



जैसे hi मुझसे टकरा गयी और हड़बड़ाहट मई बूम पड़ने hi वाली थी तो मैंने उसे गिरते हुए पकड़ क खींचा मेरी और वो कुछ बोलती उसके पहले hi मैंने अपना एक हाथ उसके मुँह पे रख दिया.



हमदोनो की नजरे मिली तो इशिता को एहसा हुवा की ऐ और कोई नहीं ाएतो राज hi hai..to वो भी बिलकुल मेरे होंठो की नजदीक थी और अभी भी मेरी एक ऊँगली उसकी मुँह पे थी और एक हाँथ उसकी कमर पे और बिकुल सात क खड़ी thi..maine जैसे hi ऊँगली हत्यि वो बोली..



इशिता- राज तुम



राज- हम दी और अप्प इस वाक़ूत कहा जा रही हो..



इशिता- अरे कही नहीं मई तो बस देखने आयी थी की आप दोनों सो गए की पढ़ई कर रहे हो .



राज- नहीं मेरी स्टूडेय तो कम्पलीट hi है पहले से इसलिए मई कारन को समजा क सोने चला था..



अब मैंने अपना हाथ कमर से लिया .



इशिता-( मन) छोड़ क्यों दिया अच्छा लग रहा था ना..



राज- की हुवा दी ..



इशिता - अच्छा कुछ नहीं तो तुम सोने जा रहे हो .



राज- है क्या आपको कुछ काम था..



इशिता- अरे नहीं बस मुझे नींद नहीं आ रही थी इसिलए पूछ रही थी..



राज- वैसे नींद तो मुझे भी नहीं आ रही ..



इशिता - तो चलो न बेथ क बाते करते है..



राज - कहा बैठेंगे..



इशिता- हम्म एक काम करो यहाँ तो बेथ नहीं सकते तुम अपने रूम मई जाओ मई मेरे रूम का दूर बांध करकर बाथरूम से आती हु ..



राज- अच्छा मई बाथरूम का दूर खोलता हु आप आ जाइये..



इशिता - तुम जाओ मई देख क आती हु कोई जाग रहा है की नहीं बस दूर खुला रखना बाथरूम का..



राज - ok आ जाना मई इंतजार करूँगा..



मई चला गया मेरे रूम मई और बाथरूम का दूर तो मई खुला hi रखता था की कही नजर दिखने मिल जाए..





देखते है आगे क्या होता hai...agle उपडेट मई....
 
अपडेट-55

इशिता- हम्म एक काम करो यहाँ तो बेथ नहीं सकते तुम अपने रूम मई जाओ मई मेरे रूम का दूर बांध करकर बाथरूम से आती हु ..

राज- अच्छा मई बाथरूम का दूर खोलता हु आप आ जाइये..

इशिता - तुम जाओ मई देख क आती हु कोई जाग रहा है की नहीं बस दूर खुला रखना बाथरूम का..

राज - ok आ जाना मई इंतजार करूँगा..

मई चला गया मेरे रूम मई और बाथरूम का दूर तो मई खुला hi रखता था की कही नजर दिखने मिल जाए..


@स्टार्ट@

मई रूम मई बेथ क 5 मिनिट इंतजार कर रहा था और सोच रहा था की आज तो सामने से छूट आ रही है क्या बात है अब्ब देखते है वो कैसे आगे बढ़ती hai..wese माल बहुत जबरदस्त है जींस और टीशर्ट मई तो गजब का माल लगती hai..kyaa गुलाबी होंठ फिगर एकदम जाकास 32-28-34 क्या फिगर बोले तो एकदम रापचिक है उसकी लम्बे काळा बाल जो मेरे सबसे फाव्रिओट है और जब वो पोनीटेल हेयर स्टील मई तो उसकी गांड पे बाल जाते है sidhe..gand उसकी 34 साइज की एकदम गोलमटोल गांड थी देख ते hi बूढ़ी का भी लुंड खड़ा हो jaaye..yahi सब सोच रहा था और वो आयी मेरे रूम मई मई तो देखता hi रह गया..

बिलकुल ऐसी दिखती थी वो..


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मई तो उसे देखता hi रह गया की ये उसकी हेयर स्टील और उसके गुलाबी होंठ तो मुझे बहुत पसंद आये वो एक रेड कलर की टीशर्ट जैसा उसपे जींस का छोटा जैकेट खुला हुवा और निचे ब्लू जींस वह क्या कमल की लग रही थी..

मुझे ऐसे देख रहा था उसको वो उसने देख लिया था तो वो बोली..

इशिता- ूयीय कहा खो गए रज्ज...

राज- अरे ...हां di...kahi nahi..aap बैठिये ना यहाँ कड़ी क्यों हो दी..

इशिता- मेरे बाजु मई बीएड पे आके बेथ गयी..

राज- (man)sale इसके बाल ऐ पोनी हेयर स्टीयल तो मेरा लुंड फुदक रहा है देख क अब जल्दी से चुदाई हो जाए बस..

मई शार्ट पहना था और tshirt..to शार्ट मई मेरा लुंड टाइट हो गया था उसे देख के वह उसकी नजर गयी तो वो भी मन मई कुछ सोचने लगी..

इशिता- (मन) आ तो गयी यहाँ लेकिन कहा से सुरुवात karu...hmmmm हां हां ऐ सही रहेंगे..

इशिता- राज केसा चल रहा है सोल्लगे तुम्हारा..

राज- बस बढ़िया दी..

इशिता- तुम मुझे दी ना बुलाओ ना सिर्फ इशिता hi kaho.naa.

राज- अरे लईकिन नाम से तो सिर्फ फ्रेंड को hi बुलाते है..

इशिता - तो क्या हुवा क्या तुम मेरे फ्रेंड नहीं हो..

राज- अरे अभी फ्रेंड कहा है हम.

इशिता- तो बना लो मुझे फ्रेंड क्या मई ाची नहीं लगती ..

राज- क्या ाची अरे आप तो एकदम जाकक्ष लगती ho..mai तो ऐसी सुन्दर लड़की का फ्रेंड बनने क लिए तैयार हु..

इशिता- अच्छा और हां वो बाथरूम क लिए सॉरी..

राज- अरे अप्प की क्या गलती है उसमे गलती तो मेरी है मुझे hi दूर बांध कर लेना चाहिए था..

इशिता- कोई बात नहीं लेकिन तुम रूम मई आके क्या कर रहे थे हआ..

राज- तो अपने दूर खोल के देखा वो सब..

इशिता- हां तुम मेरे बारे मई..

राज- क्या आपके बारे मई बोलो ना दी..

इशिता- तुम बहुत बिगड़ गए हो raj..muje बाटने मई सरम आ रही है..

राज- अच्छा और आप क्या कर रही थी जब मई रूम मई आया तब बाथरूम का दूर खोल के..

इशिता- सरमाके नजरे निचे करके..

राज- अब फ्रेंड हो तो सर्मना क्यों बातो न क्या कर रही थी मैंने देखा था आपको आप वह हाथ लगा के..

इशिता- ारी जाने दे न कुछ नहीं कर रही थी मुझे बहुत सरम आ रही है..

राज- चलो जाने देता हु लेकिन एक बात बातो आपका कोई बर्फ है क्या.

इशिता- नहीं है मुझे किसी पे बहरोसा नहीं है..

राज- क्यों भरोसा नहीं है..

इशिता- पता नहीं आज कल के लड़के बस उसे करके छोड़ देते है या बदनाम करते है ब्लैकमेल करते है..

राज- अच्छा तो कोई अच्छा लड़का खोजो..

ishita(man)- कैसे बोलू की मई तो तुमसे hi प्यार करने लगी hu..jabse तुम्हे देखा है तब से ..किसे kahu..aab हिम्मत तो करनी hi पड़ेगी..

राज- बोलो न आप चुप क्यों हो..

इशिता- एक बात बोलू यदि तुम्हे बुरा न लगे तो..

राज- अच्छा बोलो अब फ्रेंड बानी हो तो बुरा क्या मन्ना..

इशिता- तुम्हे मई किसी लगती हु..

राज- मुझे तो तुम बहुत hi सुन्दर और...

इशिता- और क्या बोलो ना.

राज- तुमको बुरा तो नहीं लगेगा ना.

इशिता- अब बुरा मैंने का बचा hi क्या है बोलो न.

राज- सुन्दर और सेक्सी लगती हो और हॉट भी..

इशिता - अच्छा तो तुमको मई पसंद हु की नहीं..

राज- इसमें क्या पूछना पसंद क्यों नहीं करूँगा आप तो मेरे दोस्त की बेहेन भी हो..

इशिता- मई ऐसे नहीं पूछ रही हु मेरा मतलब कुछ और था.

राज- केसा मतलब ..

इशिता- तुम सब समाज रहे हो फिर भी क्यों मुझसे बुलवाना कहते hoo..bolo ना.

राज- क्या समझता हु तुम पहल कहो..

इशिता- नहीं तुम बोलो पहले.

राज- क्या बोलू...

इशिता- तुम बोल्रहे हो की नहीं अनहि तो मई जा रही hu..tumhe टांग खींचने का मजा आ रहा है ना.

वो कहाफी होक जैसे hi जाने को हुयी मैंने उसका हाथ पकड़ा और मेरे ऊपर खींच लिया और सीधा वो आके मेरी गॉड मई बेथ गिर गयी..

इशिता- अह्ह्ह क्या कर रहे हो जाने दो मुझे ..

राज- अच्छा सुन्ना नहीं है की मई तुमको पसनद करता हु की नहीं..

ishita-(sarmake ) मेरे छाती मई मुँह chupake..bolo न कब से बोल रही हु लेकिन बोल ते hi नहीं हो तुम.

राज- ओह्ह्ह ऐसा तो सुनो मैंने उसको पकड़ के बाजु मई बिठाया और उसका फेस पकड़ लिया और मेरी तरफ किया ..

राज- हातो मई फेस पकड़ के उसकी आँखों मई उनके दाल ke..bola मुझे तुम्हारे ऐ गुलाबी लिप्स पसंद है. , तुम्हारे ऐ हेयर लम्बे काळा और ...

इशिता- मेरी आँखों मई देख क और क्या बोलै न.

राज- और तुम्हारा ऐ उभरे हुए बड़े बड़े बूब्स और ऐ सेक्सी कमर है जब चलती हो तो गांड मटका मटका के है बिजली गिरा टी हो .और ऐ गोर गोर गाल ..ऐ हाथ और तुम्हारा सब कुछ और सबसे ख़ास तुम्हारा ऐ क्यूट सा दिल ..मुझे बहुत पसंद है..

इशिता- मेरी बातो को सुन के बोली क्या सच मई तुम मुझे पसंद करते हो..

राज- और माहि तो क्या .

इशिता- तो पहले बोले क्यों नहीं मई मन थोड़ी न करती ..

राज- मुझे दर था की आप मन कर डोंगी तो क्या होंगे..

इशिता- अच्छा और अब क्या सोच क बोलै.

राज- बस कुछ नहीं अब जो होंगे वो देखा जाएंगे मेरा दिल कहता है की तुम मन नहीं करूंगी..

इशिता- ऐसा कहता है तो तुम बिलकुल सही हो क्यों की मई तुमसे प्यार करती hu..or मुझसे लिपट गयी और boli..muje अपना लो ना raj..plz मई पूरी जिंदगी तुम्हारी गुलाम बांके रहूंगी..

राज- अच्छा पर मुझे गुलाम नहीं बनाना मुझे तो रानी पनके रखना है तुम्हे ..लेकिन

इशिता- लेकिन क्या बोलै ना मुझे सब मंजूर है यदि तुम मुझे अपने दिल मई बसा के रखते हो तो..

राज- पहले तुम मुझे वडा करो की तुम गुसा नहीं करोगी और धायण से मेरी बात सुनो और संजो फिर फैसला लेना..

िशियत- मई वडा करती हु की मई गुस्सा नहीं karungi..or नहीं कुछ बुरा मनु gi..aab बोलो..

राज- तो सुनो मई किसी और को भी प्यार करता हु और उसको मई अपनी जान मंटा हु लेकिन उसे पता है की नहीं मालूम नहीं मुझे अभी तक मैंने उसे बताया नहीं hai..or भी लड़की है मेरी जिंदगी मई..

इशिता- बस इतनी सी बात कोई बात नहीं मुझे मंजूर है मुझे बस तुम्हारा प्यार चाहिए और कुछ nahi..tumhari लाइफ मई कोण है कोण नहीं मुझे अभी जानना भी नहीं..

राज- ( मन) ऐ पगली तो लगता है मुझे प्यार करने लगी है अब्ब क्या करू हां ऐ बात बोलके देखता हु नहीं माने तो कुछ नहीं इस्पे भी अपना लूंगा..

इशिता- बोलो न चुप क्यों हो कुछ तो बोलो..

राज- अब जो बोल रहा हु सायद तुम्हे बुरा लगे लेकिन तुम मुझे संजोगी इसी लिए बता रहा हु..

फिर मैंने उसे कैसे उसकी माँ की चुदाई की कैसे वो तैयार हुयी क्या प्रॉब्लम की वजह से ये सुरु हुवा सब बता दिया उसका सहारे का भाव भी बदल रहे थे मेरी बात सुनके और फिर मैंने कमला की चुदाई शिल्पा की चुदाई सब कुछ बता दिया और लास्ट मई कारन के बारे मई भी बता दिया और उसको इतना hi बताया की कारन भी उसकी माँ की चुदाई करना छठा hai.or उसके बारे मई मई बताना ठीक नहीं समजा जैसे hi मई बांध huva..wo बोली..

इशिता- इतना सब कुवह हो गया और मुझे पता भी नहीं चला ..

राज- देखो अब भी तुम मुझे अपनाना छाती ho..bolo..

इशिता- देखो इस बात से मुझे कुछ फर्क नहीं पड़ता की तुम किसके साथ चुदाई करए हो या नहीं बस मुझे तुम बता के करो वो hi मेरे लिए काफी hai.or एक बात तुमने जो माँ के लिए किया ना उसके लिए भी मई खुश हु क्यों की यदि तुमने माँ को नहीं अपनाया होता तो सायद वो कही बहार मुँह मार लेती और सायद हमें कोई ब्लैकमेल भी करता और हमरी बदनामी भी होती इस लिए इस बात से मई खुश हु लेकिन ऐ कारन का कुछ माँ क साथ समाज नहीं आया..

राज- देखो इशिता तुम्हारी यही सोच पे तो मई फ़िदा हु तुम पे लेकिन तुम समाज ने की कोशिः करो आज कल ऐसे इनसेट रिश्ते होते है ेल दुआरे की जरूरते पूरी करने के लिए ..लेकिन सोचो मैंने तो सुरुवात कर दी तुम्हरे माँ के साथ लेकिन क्या मई रोज उनको संतुस्ट कर पता क्या रोज तुम्हारे गर आके ऐसा कर सकता था तुम hi बातो इस लिए मैंने गर की बात गर मई रहे और कारन की नजर को भी मैंने पहचान लिया था इस लिए उसके लिए तुम्हारी माँ को मैंने समजा के पत्या है..

िशियता- और माँ मन गयी..

राज- क्यों की वो मेरी बात कभी ताल नहीं सकती thi..itna hi नहीं मैंने तो ऐ भी बोल दिया था की मई इशिता को भी अपना लूंगा मैंने उनसे परमिसन ले ली hai.tumhare लिए भी..

इशिता- माँ क्या बोली फिर..

राज- वो बोली की इसमें मई तुम्हारी कोई मदद नहीं करुँगी जो भी करना है वो तुम्हे खुद hi करना hai.lekin मेरी बेटी को बिगड़ मत देना बस इतना कहा उन्होंने..

इशिता- क्या सच मई माँ भी एग्री हो गयी तुम्हारी बात पे मन्ना पड़ेगा तुम्हे मई क्या समझती थी उससे भी बड़े खिलाडी निकले..

राज- अब्ब खिलाडी तो खिलाफी hi होता hai..aab तुम्हे मई इस लिए आंद्रे मई नहीं रल्हन छठा था क्यों की तुम मुझे प्यार करने लगी ho..or जो भी मुझसे प्यार करता है उससे मई कभी कुछ चिपटा नहीं छाए कुछ भी हो जाए..

इशिता- तुम्हे किसे पता की मई तुमसे प्यार करती हु..

राज- मुझे पता hi है क्यों की जब हम दोनों का इंसिडोन्स हुवा बाथरूम वाला तब भी तुम ने मुझे कुछ बोलै नहीं और नहीं मुझसे नाराज हुयी इतना hi नहीं कहना कहते वकुट भी तुम मुझसे चरोई चोरी देखती हो और स्माइल भी देती ho..or इतना सुन्नी के बाद कोई भी लड़की हो अब्ब तक मुझे छठा लगा के चली गयी हॉट..

इशिता- वह क्या तुम मुझसे प्यार करते हो..

राज- देखो तुम को मई प्यार तो करता hi हु लेकिन मेरी इन शर्तो को स्विलर करलो तो मई तुम्हे जिंदगी भर अपना भी लूंगा..

इशिता - मुझे सब मंजूर hai..kyu की मई तुम्हारे सिवाय अभी तक किसी लड़के की तरफ आंख उठा के देखा भी नहीं hai..i लव यू सो मच..

राज- ी लव यू तू माय लवली इशिता..

मेरा इतना hi बोलते hi वो मेरी बाहो मई लिपट गयी मैंने भी उसको कसके गले लगा दिया और वो मुझसे बोली..

इशिता- तुम मुझे छोड़ तो नहीं देंगे ना.

राज- कभी नहीं छोडूंगा छाए कुछ भी हो जाए..

इशिता- छोड़ दिया ना तो समाज लो की गए काम से...

राज- क्या....

िशियता- दर गए naa..haaaa हा haa.mai तो मजाक कर रही thi..haa..

राज- मजाक की बची अभी रुक बताता hu..tumhe मई..

िशियता- पकड़ लो दम है तो और भाग ने लगी मेरे बीएड से कड़े होक ..

मई भी उसे पकड़ ने क लिए भागने लगा और वो बीएड क बगल मई जेएस hi गयी मैंने उसको कमर से पकड़ के दीवाल पे सत्ता diya....or उसके होंठो के करीब चेहरा ले जा के..

राज- पकड़ लिया बोलो अब क्या करूंगी..

इशिता- अब मई क्या करूंगी हम्म्म दुखो..

और इतना कह के मेरे होतंतो को अपने होतंतो स्व पकड़ के चूसने लगी मई भी चूसने लगा उसे और एक हाथ से उसके हाट पकड़ के दीवाल से शता दिया और द्वारा हाथ भी और उसे चूमने लगा किश करने लगा..

वो भी मेरा बहरपुर साथ दे रही थी मुझे आज किश करने मई एक अलग hi नशा था क्यों की ऐ प्यार का नशा है उसमे मजा hi कुवह और होता है किश करने मई..

मैंने उसका निचला होंठ पकड़ा और छोड़ने लगा वो भी साथ डव रही thi..phir मैंने उसके हातब चोदे और उसका चेहरा पकड़ के उसके मुँह मई जीभ दाल दी तो वो भी चूसने lagi..jor जोर se..karib 10 मिनिट बाद हम अलग हुए क्यों की अब साँस लेना मुश्किल हो रहा thaa...jese hi मैंने उसे छोड़ा वो मुझसे बाहो मई लिपट गयी और बोली..

इशिता- ी लव यू बेबी ....लव यू सो मच..

राज- लव यू तू जान

राज- केसा लगा किश ..

इशिता- बहुत मीठा लगा ..

मैमे उसे बीएड पे बिठाया और बोलै ..

राज- आगे बढ़ना है या बस इतना hi..

इशिता- क्या

राज- आगे कुछ करना है या बस किश तक hi..

इशिता- srmake..mere बहो मई आके जैसी तुम्हारी इच्छा..

राज- मैंने उसकी पीठ पे हाथ घूमते हुए ऐसा तो रहने देते है..

ishita-mujse अलग होक क्यों क्या huva..jab उसे एहसास हुवा की वो क्या बोल गयी तो सरमाके फिर से मेरे गले लग गयी..

राज- ओह्ह दुखो तो कैसे शर्मा रही है..

इशिता- तुम न बड़े गांधी हो..

राज- अच्छा तो फिर सुरु करू आगे का खेल ..

िशियता- जैसी तुम्हारी इच्छा मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है तुम जैसे चाओ करो मेरे साथ बस मुझे तो सिर्फ प्यार चाइये तुम्हारा..

राज- मई तो हमेशा तुम्हे प्यार दूंगा और अभी भी प्यार देने का hi बोल रहा हु ..

िशियता- अच्छा तो रोका किसने है..

राज- अच्छा तो फिर dekho..mera कमल .

मई अब्ब इशिता को मेरे पास खींचा और उसको किश करने लगा वो भी बहरपुर साथ दे रही थी किश मई मुझे तो मजा आ रहा था आह क्या कोमल होंठ थे उसके चूसने मई मजा आ रहा था वो भी मेरा फेस पकड़ के किश करने लगी थी ..

मैंने अब किश करते करते hi मेरा हाथ उसके बालो मई गुमने लगा और किश मई गति बढ़ गयी एकदम से मेरी तरफ से आह क्या बाल है उसके एकदम रापचिक स्मूथ हेयर थे uske..maine उसकी जीभ को मेरे मुँह मई लेके चूसने लगा वो भी थोड़ी देर बाद मेरी जीभ को मुँह मई लेके चूसने लगी..

ऐसे hi 10 मिनिट किश चली मैंने एक हाथ से उसकी जिंश की कोटि निकल दिया और फिर किश थोड़ा वो मेरे थिसॉट निकल ने lagai..aab मैंने उसकी गर्दन को चूमने लगा और धीरे उसके कानो को चूमने लगा मुँह मई लेके तो उसके मुँह से सिसकी निकल गयी..

इशिता- आह उम्म्म शहहह राज मुझे कुछ हो रहा है..

राज- कहा हो रहा है..

इशिता - पुरे बदन मई मजा आ रहा है तुम रूक क्यों गए ...करो न मजा आ रहा है .

राज- अच्छा बाबा करता हु..

फिर मैंने उसकी टीशर्ट निकल दिया वो सिर्फ ब्रा मई hi रह गयी मई तो उसके ब्रा मई कैद दोनों 32 साइज क बूब्स को hi देख रहा था ..

इशिता - ऐसे क्या देख रहे हो पहले कभी देखे नहीं है क्या..

राज- देखे तो है लेकिन तुम्हारे जैसे परपेक्ट साइज वाले नहीं देखे ..

इशिता- मुझे पकड़ के खींच के किश करने लगी

मई भी उसका साथ दिया अब मैंने किश करते करते ब्रा क ऊपर से hi उसजे बूब्स पे हाथ रखा तो वो कसमसा गयी एकदम पहली बार मर्द का स्पर्श होते hi जैसे बिजली का जतका लगा उसे वो एक्सिस्टें होक जोर जोर से किश करने लगी..

ऐसे hi किश करते हुए मई एक हाथ से उसके बूब्स को दबाने लगा ब्रा क ऊपर से hi क्या बटवृ क्या बूब्स थे उसके एकदम गोल टाइट बिलकुल जोर से दबा दिया तो उसने किश तोड़ के बोली..

इशिता- आह धीरे rajj....ohhh हां ीासे hi..

मैंने देर न करते हुए उसका ब्रा निकल दिया और जैसे hi ब्रा निकला टाइट बूब्स कूद के बहार आ गए ...मई तो देखता hi रह गया सेल कुवारी छूट क बूब्स तो गजब था रहे थे ..उसका बूब्स एकदम परफेक्ट गोल गोल और टाइट और उसका निपाल तो हलके भूरा रंग का बिलकुल कैसा हुवा लग रहा था ऐ देख के तो मेरे मुँह से पानी आ गया ..

मैंने उसे बीएड पे सीधा लिटाया मैंने अपना शार्ट भी निकल दिया और उसका जींस भी निकल दिया..

जैसे hi मैंने जींस निकला वो पैंटी मई आ गयी थी अब और वो सरमाके आंखे बांध कर दिया उसने माओ उसकी गोरी चिकनी जंगे देख रहा था साला आज तो लुंड के मजे hi मजे hai..or कुवारी छूट भी मिल रही है आज तो मौज hi मौज है..

मई भी अब उसकी चकिनी जंगे देख के गरम हो गया था मई उसकी तरफ देखा तो वो अभी भी आंखे बैंफ करके लेती हुयी थी..

राज- इशिता आंखे तो खोलो..

इशिता- नहीं मुझे सरम आ रही है..

राज- ऐसे सरमाओ गई तो कैसे चलेंगे .

इशिता- संजो न प्ल्ज़...

राज- तुम मेरे लिए आंखे नहीं खोल सकती क्या..

इशिता- आंखे खोलते हुए क्या है बस खोल

दिया अब खुश तुम न मुझे बेशर्म बना देंगे ..

राज- मेरे लिए hi बनुगा न तुम्हे पूरी तरह से बेशर्म..

इशिता- अच्छा ऐसा है तो मई बानगी न तुम्हारे लिए बेशर्म .

राज- काहलो अब तुम्हे प्यार करता हु..

मैंने फिरसे उसे किश किया 2 मिनिट तक वो भी साथ दे रही थी अब मई ने धीरे से किश तोडा और मई उसके बूब्स के निपल को मुँह मई लेके चूसने लगा..

इशिता- आह्हः शहहह श..

मई चूस ने लगा और एक हाथ से दबाने लगा बूब्स क्या बूब्स थे यार बिलकुल कड़क मजा आ रहा था दबाने मई..

इशिता- श ओह्ह्ह मजा आ रहा है बस ऐसे hi चुसो ना ahhh...ohh दबो जोर से..

मई फिर दूसरे बूब्स को चूसने लगा और एक हाट से दूसरे बूब्स का निपल को खुरदने लगा तो उसका निपल बहुत टाइट हो गया था और वो हलकी हलकी सिसकिया ले रही थी..

इशिता- आह्हः राज मई पागल hoooo..jaaaungi..ahhhh ओह्ह्ह आह्हः ..

फिर मई धीरे धीरे उसके पेट पे आगया और उसकी गहरी नाभि देख के मुँह मई पानी आ गया तो मैंने अपनी जीभ निकल के उसकी नाभि मई गुसा के चाटने लगा..

raj-srupsrutrpp सरूपप ससररररप्प ...ऐस चाट रहा था..

इशिता- अह्ह्ह्ह बाहत गुदगुदी हो रही hai...ahhhh ओह्ह्ह राज क्या जादू कर रहे हो मुझे कुवह हो रहा hai..aahhhb ओह्ह्ह..

थोड़ी देर ऐसे करता रहा फिर मई उसकी पैंटी क ऊपर से छूट पे हाथ रखा भाठी की तरह गरम हो गयी थी और काफी उभरी हुयी छूट लग रही थी ....तो मैंने देर न करते हुए उसकी पैंटी निकल दिया और मई तो देखता hi रह गया उसकी छूट बिलकुल चिकनी लग रही थी एक भी बाल नहीं था छूट पे एकदम क्लीन सेव chut...aah बिलकुल गोरी और छूट के दोनों पंखे जुड़े हुए थे गुलाबी रंग ke...ae देख के hi मेरा लुंड शार्ट मई hi फुदकने लगा..

मैंने उसकी टंगे फैलाई और छूट पे अपनी जीभ रख के चूसने लगा तो वो एह्साह पके सिसक गयी..

इशिता- आह्ह्ह्हह क्यायहहह कर राजे हो तुम ाहहभ मजा आए रहा hai..ohhh..

मैंने छूट की पनको को थोड़ा फैलाया हाथ से और उसकी बिन चूड़ी छूट मई जीभ निकल के अंदर दाल के चूसने लगा तो वो जतका मरने lagi...uschal ने लगी...

इशिता- ओह्ह्ह्ह उम्म्म्म हहममम ऐसी hi आह्हः मजा आ रहा है ओह्ह्ह्ह ाहब्ब .

.

राज- मई भी अब उसकी सिसकिया सुन के जोश मई आ गया और जोर से जीभ से चाटने लगा..

िशियता- आअह्ह्ह्ह मई गयी रज्ज...

अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह हा अब मत तड़पाओ plzzz...aaah

इशिता अकड़ के जड़ गयी और उसका कुंवारा छूट रास मई चाट लिया और फिर खड़ा huvaa..or मेरे शार्ट निकल दिया और इशिता बस मुझे hi देख रही thi..to जैसे hi मैंने शार्ट निकला उसका मुँह खुला का कुल रह गया और बोली..

इशिता- ओह्ह्ह इतना बड़ा है तुम्हारा ..

राज- क्यों पसंद नहीं aaya..kya.

इशिता- पर इ तो मेरे अंदर जाएंगे कैसे मेरा होल तो एक दम छोटा hai..or ऐ इतना बड़ा..

राज- जाएंगे क्यों नहीं जाएंगे तुम क्यों डर्टी हो मई होना..

इशिता- पर सुना है पहली बार मई बहुत दर्द होता है..

राज- दर्द तो होता है लेकिन फिर मजा भी उतना hi मिलता है..

इशिता- लेकिन धीरे से हो दर्द होगा मुझे ..

राज- तुम तो मेरी जान हो अब तुम्हे मई कैसे दर्द दूंगा कुछ नहीं होंगे बस थोड़ा सह ले ना बस फिर मजा ाएंग..

इशिता- तुम्हारे लिए तो इतना तो करुँगी hi..

राज- अब्ब इसे अपने मुँह से चुसो गई नहीं जान..

इशिता- क्या मुझे सरम आती है जान प्ल्ज़..

राज- ऐसे सरमाओगी तो मजा कैसे आएंगे हां देखो मैंने तुम्हारी छूट नहीं छाती अब तुम्हारी बारी..

िशियता- लेकिन कैसे करते है मुझे नहीं आता और ऐ इतना बड़ा है की मेरे मुँह मई कैसे जाएंग..

राज- जाएंगे जान तुम कोशिश तो करो तुम्हे भी मजा आयेंगा और चूसना कैसे है तो सुनो बचपन मई लॉलीपॉप कहई है ना बस उसी तरह चुसो..

इशिता- अच्छा स्माइल देके..

राज- अब तुम ाजो इधर मई बीएड पे लेट गया .

और अब वो उठ के मेरे लुंड के करीब आयी तो मैंने बोलै .

राज- चोसो ना जान अब्ब..

इशिता- अच्छा बाबा चुस्ती हु बस..

फिर इशिता ने मेरा लुंड हाथ मई पकड़ा और फिर जीभ निकल के मेरे लुंड पे गुमने लगी तो मेरे मुँह से सिसक णिअक गयी..

राज- आह्हः .....ओह्ह्ह बस ऐसे hi आह क्या एहसास है तुम्हारी जीभ का आह लव यू जान चुसो अब्ब इसे...

इशिता ने एक बार मुँह हटाया और मुझे देख क लव यू तो बोली फिर मेरा लुंड का टोपा मुँह मई ले लिया मैंने एक हाथ उसके सर पे रखा और उसकी पोनीटेल हेयर सतील पे गुमने laga..or वो चूसने लगी जैसे लॉलीपॉप चूसते hai..or मई मजे मई..

राज- ाहहब ओह्ह्ह जान तुम्हारे मुँह की गर्मी ाहहब क्या हआ चुसो ओह्ह्ह जोर से

.पूरा मुँह मई lo..ahhh..jan

लव you...ohhh मजा आ रहा है हहहहबआ हैसे hi...

इशिता जोर जोर से चोस रही थी अब उसे चूसने मई मजा ारः था तो पूरा लुंड मुँह मई भर लिया और चूसने lagi..orbmai उसका बाल पकड़ के सूंघने लगा और बोला..

राज- आठ ये तुम्हारी हेयर कितने ाची है उसे देकते hi मेरा लुंड खड़ा हो जाता है ..आह कितने सिल्की है और उसकी स्मील आह क्या बटु ओह्ह्ह हहआ ीासे hi..

करीब 10 मिनिट चुसवाने क बाद मई उसे बोलै..

राज- अब बस भी कर पगली नहीं तो मुँह मई hi निकल व डोंगी क्या.

इशिता- लुंड निकल ke..abb क्या हुवा..

राज- कुछ नहीं अब असली खेल खेलते है..

वो समज गयी थी इसलिए वो बीएड पे लेट गयी और मई उसके ऊपर आ गया उसकी सोनो टैंगो को फैला दिया और लुंड छूट पे रखा तो बोली..

इशिता- जान धीरे डालना ..

राज- तुम चिंता ना करो बस पहले दर्द होंगे फिर मजा आएंगे..

ाअब मई लुंड को एक हाथ से पकड़ के उसकी छूट पे सेट किया और हल्का ढका मारा क्यों की मई उसे जयादा दर्द देना नहीं छठा था..

मेरा ढका लगते hi लुंड का टोपा छूट मई जूस गया वो हलका किल्ल्यै..

इशिता- आह्हः मा ओह्ह्ह dihire..dulh रहा है..

मई समाज गया था क्यों की उसकी वहुत बहुत टाइट थी इस लिए मई जुका और उसके होंठ को अपने होंठ से मिला दिया और किश करने लगा 1 मिनिट किश किया और फिर एक जोरदार जतका मारा तो .

पचाक करके उसकी सील टूटी और लुंड आधा गुस्स गया अंदर और काफी खून भी निकला uskaa..or वो डर्क्स से जटपटाने lagi..or

इशिता- um.mmmohhhb अह्ह्ह्हह

उसकी दर्द मेरे मुँह मई डाब गयी लेकिन उसकी आँखों से आंसू आ गए थे तो मैंने बिलकुल वैसा hi रहा और उसका किश तोडा

जैसे hi किश तोड़ा वो बोली..

इशिता- आह्हः राजा दुकज रहा hai...plzz निकल do...ohhh मा....

राज- धीरे बोलो कुछ नहीं होंगे प्ल्ज़्ज़ अब रोना बांध करो मेरी जान अब थोड़ा दर्दर..

इशिता- नहीं जान मुझे दुःख रहा है प्ल्ज़..

कुछ करो न....

फिर मैंने उसके आंसू अपनी जीभ से चाट के साफ़ किये और उसके का को मोहः मई लेके चूसने लगा और करीब 5 मिनिट बाद उसका दर्द भरी आवजे सिसकी मई बदल गयी..

इशिता- ाहब्ब शह्ह्ह्हब ओह्ह्ह हां अब्ब थोड़ा अच्छा लगा रहा है...

मई लगातार उसे कान गर्दन को चाट रहा था और एक हाथ से बूब्स दबा रहा thaa..aab वो नव्हे से हिलने लगी थी..

मई समाज गया की अब वो तैयार hai..to मैंने देर न करते हुए फिर से किश करने लगा और एक करारा शॉट मारा तो मेरा पूरा लुंड अंदर उसकी बची दानी से टकरा गया और वो चीला अस्थि और दर्द की वजह से मेरी पीठ पे नाख़ून गुसा दिया....

इशिता- उम्म्म ओह्ह्ह्ह हम्मा

राज- मैंने किश तोडा और उसके बूब्स मुँह मई लेके उसे चूसने लगा ..

इशिता- ऊह्ह्ह्हब राज दुलह रहा है मुझे ोूह माँ मर गयी ओह्ह्ह्ह जयादा दुःख रहा hai.....ohhhb राज कुछ करो न..

राज- कुछ नहीं होंगे देखो अब्ब ..

मई लगातार 10 मिनिट तक उसके बूब्स को छठा रहा अब्ब वो शांत होक सिसकी लेने लगी थी..

राज- अब केसा लग रहा है जान.

इशिता- हां अब ाचा फील हो रहा hai..ahhh थोड़ा दर्द है...

राज- वो भी च jayenga...bas 5 मिनिट मई hi..

अब्ब मई हलके ालके आगे पीछे करने लगा और वो दर्द और सिसकी की वजह से..

इशिता- ओह्ह्ह हां शहहह अह्ह्ह्ह mom..ahhhohhb रज्ज अज्ज तो तुमबेमेरी जान hi निकल दिया अह्ह्ह था..

राज- अब कुछ नहीं होगा...

मई धीरे धीरे स्पीड बढ़ा दी क्यूंकि अब वो भी निचे से गांड उचक के साथ दे रही थी..

इशिता- हआ ऐसे hi ..ओह्ह्ह अब्ब मजा आ रहा hai...ohhbb आह्ह्ह्ह हहहआ बस ऐसे hi करते रही..

मई 2 मिनिट तक ऐसे hi किया फिर स्पीड बढ़ा दिया फुल रफ़्तार से..

िशियता- आअह्ह्ह ओह्ह्ह्ह राज ओह्ह्ह लव you..ohhb हआ जान ऐसे hi...hhhmmmm..mom मजा आ रहा hai..ahhh.

राज- लव यू तू जाना ले अब मजे आ रहा है न...

इशिता- हां थोड़ा जोर se..ahhhh हआ ऐसे hi..aab मजा आ रहा है

करीब इसी पोइटों मई hi मई करता रहा अब्ब वो जड़ने के करीब थी..

िशियता- अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हब उम्म्म रज्ज मई गयी ...ओहहहजज हाउस स...

वो जैसे hi जड़ी मई ने लुंड निकला तो देखा पूरा बीएड खून से लथपथ था जब उसने देखा तो वो बोल पड़ी..

िशियता- इतना सारा खून ..

राज- हां जान आज तुम्हारी सील तुस्टी न इसलिए .चलो अब्ब गोदी बन जाओ..

इशिता को गोदी बांके मई पीछे लुंड दाल के उसे छोड़ने लगा और जोर जोर सलुन्द हिला रहा था मई..

िशियत- आह्हः राजज ओह्ह्ह बहुत मजा आ रहा hai...ohhhh ाहहब हां जोर से मारो naa..ahhhh हां जोर से...

राज- अच्छा ऐ तुम्हारे बाल पीछे करो फिर जोर से मरता हु उसने एक हाथ से बाल पिच किये मैंने उसकी पोनी पकड़ के जोर जोर से ढकी मर में लगा..

इशिता- ओह्ह्ह हाह राजा ऐसे hi ूभ अह्ह्ह हम्म्म्म ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह माँ और जो से

..

ओह्ह्ह ाहहए मजा आ रहा hai..ohhhh..

मई करीब 20 मिनिट ऐसे hi चुदाई की फिर उसको मेरे ऊपर करके छूट मई लुंड डाला और गामसना चुदाई करवाई वो इतने मई 3 बार जड़ चुकी थी अब उसमे हिमायत नहीं थी तो मई उसके ऊपर आ गया ..और चुदाई सुरु कर दी..

इशिता- आह्हः रज्ज पूरी थक गयी मई टोक आह्हः अब निकल भी do...oohhh मई तो 3 बार पानी निकल diyaa...ohhh..

राज- अह्ह्ह हां बीएस मेरा होने hi वाला है...

मेरा भी 10 मिनिट बाद निकल गया और ऐसे hi छूट मई लुंड रख के....

राज- आह्हः मई गया जा ओह्ह्ह्हब अह्ह्ह्बब.....

मेरा निकल ने क बाद ऐसी hi उसके ऊपर लेट के किस्स्स करने और उसके पुरे फेस पे चूमने laga..phir साइड होक लेता रहा ..

थोड़ी देर बाद वो कड़ी होने की कोशिश करने लगी तो उसके मुँह से दर्द पारी आवाज आयी और फिर से बेथ गयी..

िशियता- आह्हः ओह्ह्ह माँ..

राज- क्या hvaa.jan

इशिता- मुझे साफ़ करना है लेकिन दुःख रहा hai...muje..

राज- अच्छा रुको मई ले चलता हु..

फिर मई ल्हाड़ा हुवा और उसको गॉड मई लेके बाथरूम ले जेक गरम पानी से छूट की सिकाई की और अब उसे थोड़ी राहत ह्युई तो उसे साफ़ करवाके बीएड पे लेक सुला दिए और फिर मई फ्रेश होने गया और हम दोनों ने कपडे पहने और एकदूसरे को देख के..

इशिता- ी लव यू जान तुमने मुझे आज वो ख़ुशी दी है की मई अब तुम्हारी गुलाम हो गयी.

राज- ी लव यू तू जान तुम मेरी गुलाम नहीं मेरी दिल की रानी हो सामजी चल ए.बी.ए. सो jaa...yaha आ और मुझे लिपट क सो जा...

िशियता- यहाँ की आ गया तो सुबह .

राज- कोई नहीं आएंगे चल आजा गेट बंद hi hai..or सुबह उठ क चली जाना रूम मई..

इशिता- अच्छा ठीक है िलोवे यू गुड नाईट माय लव..

राज- लव यू तो गुड नाईट जान और फिर लिपट के हम एक दूसरे की बहो मई कब सो गए पता hi नहीं चला ...

 
अपडेट-56

इशिता- ी लव यू जान तुमने मुझे आज वो ख़ुशी दी है की मई अब तुम्हारी गुलाम हो गयी.

राज- ी लव यू तू जान तुम मेरी गुलाम नहीं मेरी दिल की रानी हो सामजी चल ए.बी.ए. सो jaa...yaha आ और मुझे लिपट क सो जा...

िशियता- यहाँ की आ गया तो सुबह .

राज- कोई नहीं आएंगे चल आजा गेट बंद hi hai..or सुबह उठ क चली जाना रूम मई..

इशिता- अच्छा ठीक है िलोवे यू गुड नाईट माय लव..

राज- लव यू तो गुड नाईट जान और फिर लिपट के हम एक दूसरे की बहो मई कब सो गए पता hi नहीं चला ...

@ स्टार्ट@

जब सुबह मेरी आंख खुली तो इशिता मेरे पास नहीं थी वो उठ क चली गयी थी मई ने खड़ा होक अपना मोबाइल देखा तो अभी 7 बज रहे थे सुबह क तो मई टॉवल लिया और बाथरूम की तरफ गया और अंदर से पानी की आवाज आ रही थी मई समाज गया की ऐ इशिता hi होंगी नाहा रही होंगी..

राज- इशिता दूर खोलो.

इशिता- राज तुम क्या है मई नाहा रही हु..

राज- मुझे भी नहाना है प्ल्ज़ दूर खोलो ना.

इशिता- अच्छा बाबा खोलती हु एक मिनिट..

राज- क्या कर रही हो जल्दी खोलो प्ल्ज़..

दूर खुलते hi मई तो उसे देखा तो वो बोली..

इशिता- अरे बाबा खोलती hi थी तुम इतना जल्दी क्या हुवा..

राज- उसके मुँह पे ऊँगली रख के bola..chalo अंदर चलो पहले मुझे भी नहाना है तुम्हारे साथ..

इशिता- पर माइन तो नाहा लिया अब्ब तुम hi नाहा लो..

राज- मुँह बिगड़ क अच्छा मैंने सोचा की अब तुम्हारे साथ hi नाहा लू पर मेरा नसीब कहा ऐसा..

इशिता- मुझे देख क बोली मेरा चेहरा देख क अच्छा मेरे जणू ने ऐसा सोचा था हम्म चलो कोई बात नहीं ाजाओ तुम्हारे लिए फिरसे नाहा लेती हु..

राज- (कुश hoke)sach तो चलो जल्दी अंदर इ टॉवल निकल दो अब्ब ..

फिर हमदोनो अंदर आ गए और और एकदुआरे को रगड़ रगड़ के नहाने लगे और फिर हमदोनो गरम हो गए तो एक बार फिर चुदाई कर दी इशिता ki..maine और जब चुदाई पूरी हुयी तो मेरे रूम का दूर कोई जोर जोर से खटखटा रहा था .

इशिता- अब जाओ भी देखो कोई तुम्हारा दूर खटखट रहा hai..jaao निकलो जल्दी..

राज- अच्छा बाबा पहले एक किश दो..

इशिता- अच्छा लो उम्मम्मम बस अब जाओ jaldi..nahi तो कोई देख lega..hame..

राज- अच्छा जाता हु ऐ दूर बांध कर लो..

मई टॉवल लपेट क बहार आया और जब दूर खोला तो सामने कारन था अपनी आंखे मसल रहा था मुझे देख क बोलै..

कारन- क्या कर रहा था यार कब से दूर खटखट रहा था..

राज- अरे मई तो नहाने गया था वह आवाज नहीं आ रही थी दूर की..

कारन- क्या तुम ने नाहा भी लिया साला इतनी जल्दी उठ गया ..

raj-(man) साला नाहा के मैंने तो छूट भी मार ली तेरी बेहेन की सुबह subha..hi.

कारन- कहा खो गया बे अभी भी सपने देख रहा है क्या..

राज- aare...kahi नहीं यार लेकिन तू इतनी देर से क्यों उठा हां

कारन- यार रात मई देर तक पढ़ाई की थी इस लिए .अच्छा कहल निचे माँ कफ पिने बुला रही है..

राज- तू जा मई आ रहा हु कपडे पेहेन क..

कारन मुझे बोलके निचे चला गया और मई कपडे पहनने लगा और फिर तैयार होक निचे गया तो वह इशिता कफ पिने क लिए मेरा इन्तजार कर रही थी और रीता रसोई मई नास्ता लेने गयी थी ..

इशिता- तुम आ गए गुड मॉर्निंग

राज- मई उसके पास जेक एक बार रसोई की तरफ देखा और उसके माथे पे किश करके गुड मॉर्निंग जान..

इशिता- अरे क्या कर रहे हो कोई देख लेता तो ..

राज- तो क्या होता..

इशिता- तुम भी न माँ यही है..

राज- तो क्या हुवा बोल दू उन्हें की मई उनकी बेटी को प्यार करता hu..bol दू बोलो..

इशिता- नहीं नहीं अभी nahi...abhi मत बोलना प्ल्ज़्ज़....

राज- अच्छा नहीं बोलता ऐ कारन कहा गया वो तो मुझे बोलके आया था कॉफी पिने..

इशिता - वो अभी hi गया है ऊपर नहाने गया है सायद ..

राज- अच्छा कॉफ़ी तो laao.yaar ..

इशिता- अभी देती हु माँ नास्ता लेके आ जाए पहले..

राज- अच्छा और हां तुम न मेरे रूम की चादर बदल देना उसपे खून लगा है..

िशियता- ू हां मई तो भूल hi गयी थी वो सुबह कारन आया था तुम्हारे रूम मई उसने देखा तो नहीं ना.

राज- नहीं क्यों की मैंने पहले hi चादर के ऊपर कम्बल रख दिया था ..

िशियता- ओह्ह्ह बच गए मई अभी कफ पाइक बदल दूंगी..

इतने मई रीता अन्तेय अंदर से आयी और मुझे देख क boli..smile करके..

रीता- गुड मॉर्निंग राज बीटा..

राज- गुड मॉर्निंग अन्तेय..

फिर हम नास्ता करने लगे और कॉफ़ी भी और थोड़ी देर बाद इशिता रूम मई चली गयी तो अन्तेय उसे hi देख रही thi...or फिर मेरी तरफ देख के स्माइल दिया ..जैसे hi इशिता ऊपर गयी मई बोलै..

राज- आप ऐसे स्माइल क्यों कर रही ho..haa क्या बात है..

रीता- अच्छा मेरी बेटी की रात मई बजा दी और मुझे पूछ रहे हो क्या बात है..

राज- kyaa...apko कैसे पता चला ..

रीता- मई उसे देख ते hi समाज गयी थी उसकी चाल देख कर hi मुझे मालुम चल गया की ऐ तुम्हारा hi कमल है..

राज- हम्म्म तो ऐ बात है आप तो इस खेल की रानी हो आप को कैसे पता न चलता..

रीता- अच्छा कैसे किया तुमने ऐ..

राज- वो बाद मई बताऊंगा लेकिन मेरी बात धायण से सुनिए ..

फिर मैंने बता दिया की इशिता मुझसे प्यार करती है और मई भी और करना का ख्याल भी क्या है उसके बारे मई भी और ऐ बात दिया की अब कारन को आपको संजना होंगे की इशिता मुझसे प्यार करती है और वो उसे छोड़ने का सपना भूल जाय क्यों की मई नहीं छठा था की मई बायतु तो उसे बुरा लगता .इसलिए अन्तेय को समजा दिया और ऐ भी बता दिया की आप उसे बोलना की राज को मालूम नहीं है की इशिता उसे प्यार करती है आप उसे कहना की वो मुझसे बात करे िशियता के बारे मई और मुझे संजय की मई इशिता को अपना लू ..तब hi मई उसको इशिता की तरफ देखने का नजरिया बदल सकू..

रीता- हम्म्म तुम्हारा प्लान काफी बढ़िया है वैसे और मुझे तो कृषि होंगी की तुम्हारा जैसा जीबन साथी मेरी बेटी को मिले..

राज- लेकिन अभी ऐ बात मई किसीको बता न नहीं छठा इसलिए आप भी किसीको कुछ मत बता naa.plz..

रीता- कोई बात नहीं लेकिन तुमने इशिता को सब बता दिया मेरे बारे मई भी..

राज- देखो अन्तेय मई उसे गलत तरीके से पाना नहीं छठा था और ना hi उसे बाद मई बता के दुःख पोहचना छठा था इस लिए मैंने उसे सब सच बता दिया मेरी लाइफ मई क्या है और क्या हो रहा है सब कुछ और आपका और मेरा सम्बन्ध..

रीता- क्या फिर भी वो मान गयी ..

राज- पहले थोड़ा गुसा हुई फिर मैंने बता दिया की किन परिष्ती मई अपने मुझे अपनाया तो वो मान भी गयी और उसको कोई प्रॉब्लम भी नहीं है हमरे रिश्ते के liye..ok अब्ब khush..naa.

रीता- हम्म्म तुम्हारा जैसा नेक दिल इंसान मैंने कही नहीं देखा तुमने बिना जूथ का सहारा लिए मेरी बेटी का प्रेम हासिल कर लिया वो hi काफी है मेरे लिए मई तुम्हारा जैसा दामाद hi छाती थी अपनी बेटी क लिए..

राज- अच्छा लेकिन आप इस बारे मई इशिता को कुछ मत पूछना अभी तो हरगिज नहीं..

रीता- अच्छा बाबा चलो कोई बात नहीं .अब मुझे कोई टाइओसिओन नहीं है मई कारन को सम्बहल लुंगी उसे ऐसे समजाऊंगी की वो खुद तुम्हे आके कहे की वो उसकी बेहेन को तुम अपना lo..bas.dekhte जाओ..

राज- टंक्स साउजी मेरी जान ..

रीता- क्या कहा सासु जी मेरी jaan..hmmm

राज- और नहीं तो क्या अब बेटी के साथ सासु माँ भी साथ मई बन गयी न..

रीता- चलो अब्ब रेडी होक सोल्लगे जाओ तुम दोनों टाइम हो गया है..

राज- अच्छा चलो मई निकलता hu..karan को बोलके..

मई ऊपर गया पहल कारन के रूम मई उसे बोलै की कलगे मिलते है मई संजू को लेके आता हु collage..phir मई इशिता से मिलने उसके रूम गया तो उसने मुझे पूछा कहा चले तो मैंने बात दिया सोल्लगे एग्जाम ..

इशिता- बेस्ट ऑफ़ luck..jaan .

राज- थैंक लेकिन ऐसे नहीं..

िशियता- तो कैसे...

मई उसके करीब जेक उसके होंटो पे होंठ मिला के किश करके बोलै...

राज- aise....aab जब तक एग्जाम है तब तक ऐसे बेस्ट ऑफ़ लक कहना मुझे..

िशियता- तुम ना बिलकुल गांधी हो गए ho...i लव यू जान बी..

राज- ी लव यू तू जान बी...

मई निकल गया और फिर सीधा गर पोहंच अभी 10 बजे एग्जाम तजि और मई 9 बजे गर पोहन्वः गया था मैंने दूर बेल्ल बजायी तो सामने से माँ ने दूर खोला..

माँ- तुम यहाँ सोल्लगे नहीं गए..

राज- हां वो मई संजू को लेने आया thaa..kaha है वो..

माँ- वो अनादर है तुमने कॉफी पिया की nahi.betu..

राज- अंदर एते होते हां पिया न माँ कारन के गर पर..

माँ- अच्छा आज वह hi रुकने वाला है क्या..

राज- हां माँ वही अभिब2 दिन और रुकना है..

माँ- अच्छा कोई बात नहीं जा संजू उसके कमरे मई hongi..bula के ले आ..

मई ऊपर गया और संजू का दूर खुला hi था वो अभी मिरर मई बाल बना रही थी उसने मुझे मिरर से डेल्ह लिया था.

संजू- आए गए जनाब आप..

राज- तुम्हे कैसे पता मई आ गया हु..

संजू- मैंने देख लिया था तुम्हे मिरर मई..

राज- उह लुकिंग बेटूटीफुल्ल हम्म.

संजू- जाओ न जूठी तारीफ मत करो..

राज- अरे नहीं मई कहा जोतती तारीफ कर रहा हु सच कह रहा हु..

संजू- हम्म ऐसा है..

वो अपने बालो को बांध रही थी हेयर स्टिक से तो मई बोलै ..

राज- अरे क्या कर रही हो ऐ पोनीटेल हिरसतील रहने दो न ाची लगती है तुम पर..

संजू- तुम्हे ाची लगती है..

राज- हां तुम पे ऐ हेयर स्टील बहुत ाची लगती है ..

संजू- तुम्हे पसंद है तो ऐसा hi रखती हु bas..ab chale..collage..

राज- हां चलो...

फिर हम दोनों निचे आये और माँ को मिल के निकल गए सोल्लगे मई बाइक सुरु की संजू मेरे पीछे बेथ गयी बाइक पे और फिर मैंने पूछा.

राज- संजू तैयारी किसी हुयी है..

संजू- मेरी तो ाची हुयी है तुम्हारी किसी हुयी है..

राज- मेरा तो सब क्लियर है इस लिए जयादा पढ़ई नहीं की मैंने तो..

संजू- अच्छा

राज- हां मई छठा हु की तुम सोल्लगे मई ाची रैंक पे raho..kya हो पाएंगे यह..

संजू- अब पढ़ाई तो ाची हुयी है अब देखते है क्या होता है..

राज- मुझे भरोसा है तुम पे तुम ाची मार्क्स लाऊँगी है..

संजू- अच्छा इतना विसवास है मुज पे ?

राज- हां खुद से भी जयादा..

और इतने मई हम सोल्लगे पोहन्वः gaye..phir बाइक पार्क की और हमदोनो कैंटीन आ गए तो वह कारन और मनीष बैठे थे और निशा दी अंकिता और काजल भी थे वह ..हम दोनों वह गए तो हमें देख कर निशा दी बोली..

निशा- राज तू आ गया बैठो इधर ..संजू तुम भी बैठो..

राज- अच्छा चल कारन कफ कोण पिलायेंगे यार आअज बोलो जल्दी..

काजल - मई मंगवाती हु न कफ ..कारन तुम रहने दो इस बार मेरी भी कफ पियो यार..

राज- अच्छा भाई आज तो काजल की तरफ से कफ है चालू ..पिने मई मजा आयेंगा क्यों दी...

निशा- हां क्यों नहीं कोण जाएंगे बोलने कफ..

मनीष- मई जाता हु ना आप लोग बैठो मई बोल के आता हु..

मनीष गया कफ बोलने इतने मई दीदी बोली..

निशा- राज तुम्हारी पढ़ई किसी चल रही है..

राज- ाची चल रही है दी...

निशा- ऐ सही बोल रहा है ना कारन..

कारन- क्या ऐ तो इस सोल्लगे का टॉपर बनेगा मई hi इसके पास से इम्प कुशन लेके पढ़ई करता हु दी..

निशा- हम्म अच्छा है...

राज- अरे तुम no देख आये मेरा कहा है..

कारन- पता नहीं मई भी अभी hi आया था यार लेकिन मनीष ने देख लिया होंगे सायद.

इतने मई मनीष आया उसके साथ कैंटीन वाला भी था सब की कफ लेके आया था सब में अपनी अपनी कूफ़े ली और पिने lage..mai बोलै.

मनीष- तुम ने no देखा था मेरा कोनसे क्लास मई है..

मनीष- हआ तुम्हारा मेरा और कारन का एक hi क्लास मई लाइन मई hi है..

कारन- अरे वह तब तो कोई प्रॉब्लम hi नहीं hai...kyu राज ..

राज- अच्छा लेकिन मैंने जो कुशन दिए थे वो पढ़े की नहीं पहले वो बातो..

कारन- वो तो सब रात्ता मर लिया भाई..

राज- तब तो तुम पास तो हो hi जायेंगे hi..

संजू- मनीष भाई अपने मेरा no देखा था कहा पे है..

मनीष- तुम्हारा no कोनसा है संजू..

संजू- मेरा no राज से 1 no आगे ..है..

मनीष- तो आप भी वही क्लास मई ho..kyu की इतने से इतने no इस क्लास मई hi है..

संजू- अच्छा चलो टाइम हो गया है क्लास नहीं जाना क्या .

राज- हां चलो अंदर जाते है..

निशा- बेस्ट ऑफ़ लक गैस.

राज- आपको भी di...best ऑफ़ लक ..तुम सब को भी बेस्ट ऑफ़ लक गैस..

सब - बेस्ट ऑफ़ लक एव्री बड़ी..

हम सब एक दूसरे को विश करके अंदर चले गए एग्जाम देने और थोड़ी देर बाद मेडम आयी वो जिसको मई लाइन मर रहा था उसने सब को इंस्ट्रिक्शन दिए और फिर पेपर बनते और हमारा टाइम सॉर्ट हो गया..

मई पहले कुशन देखे और मैंने जो कारन को दिए थे पड़ने उसमे से hi थे जायदातर कुशन और वो सब तो मेरे लिए बिलकुल हासन था.

मैंने लिखना सुरु किया और 2 जानते का पेपर था मैंने वही पेपर 1 जानते मई पूरा कर diya....mera no था दूसरी बेंच पे मेरे आगे वाली बेनवः पे संजू पीछे कारन और उसके पीछे मनीष था मई पेपर पूरा कर के आगे पीछे दुख तो कारन तो लिकने मई लगा था और मैश भी फिर मई ने आगे देखा वह संजू भी नव्हे डेल्ह के लिख रही thi..are वह सब तो लिखने मई बेजी है मई क्या करू तब तक.

राज- (मन) साला पेपर तो ख़तम कर दिया 1 जानते मई अब टाइम कहा nikalu..yahi सोच रहा था इतने मई मेरी नजर मेडम पे gayi..to मई सोचा हां ऐ अच्छा मौका है ..

मई मेडम को लाइन मर ने लगा और उनका हुस्न का दीदार कर रहा था तो थोड़ी देर बाद मेडम ने मुझे घूरते हुए पकड़ लिया तो बोली..

मेडम- क्या कर रहे हो पेपर नहीं लिखना क्या...

राज- नहीं मेडम मेरा तो ख़तम हो गया कब का.

मेडम- क्या इतनी जल्दी पूरा भी हो गया..

राज-- हां मेडम सब पूरा हो गया..

मेडम- कभी धायण देंगे तो कुछ लिखेंगे माँ तुम इसलिए बोल रहे हो की पूरा हो गया है ना..

राज- वो तो रिजल्ट hi बताएंगे मेडम की मई कितना धायण देता हु..

मेडम- अच्छा अब चुप हो जाओ और सह्न्ति से बैठो ...

राज - ok कारन तो मुझे देख कर धीरे से बोलै.

karan(dhire से)- सेल इतनी जल्दी फिनिश कर दिया चल ऐ कुशन दिखा चल..

राज- ले मई ऐसा कर रहा हु तू देख ले जल्दी...

कारन- मेरा ाँस पेपर देखने लगा और लिकने लगा....

थोड़ी देर मई संजू का भी फिनिश हो गया और फिर ऐसे hi 2 जानते बिट गए पेपर देके हम फिरसे कैंटीन पोहचे फिर बाते करके गर निकल गए और मई संजू को छोड़ कर करना के गर निकल गया ..
 
थैंक्स फॉर लवली कमैंट्स

बस भाई आपका इंतजार भी ख़तम होंगे धीरे धीरे अभी संजू का इतना जल्दी प्यार का इजहार करवाने मई मजा नहीं आएंगे उसके लिए कुछ और सोच रखा है अभी धीरे धीरे वो प्यार और गहरा होंगे फिर एकदूसरे को प्रपोज़ karenge..tab तक आप दूसरे लोगो के साथ राज का क्या होता है को देखते रहिये और मजा लीजिये भाई..
 
अपडेट-57

karan(dhire से)- सेल इतनी जल्दी फिनिश कर दिया चल ऐ कुशन दिखा चल..

राज- ले मई ऐसा कर रहा हु तू देख ले जल्दी...

कारन- मेरा ाँस पेपर देखने लगा और लिकने लगा....

थोड़ी देर मई संजू का भी फिनिश हो गया और फिर ऐसे hi 2 जानते बिट गए पेपर देके हम फिरसे कैंटीन पोहचे फिर बाते करके गर निकल गए और मई संजू को छोड़ कर करना के गर निकल गया ..

@स्टार्ट@

मई संजू को छोड़ कर कारन के गर पोहंचा hi था की मेरा फ़ोन बजने लगा मैमे फ़ोन स्क्रीन देखि तो बोलै.

राज- ओह्ह्ह सोनक्षी जी का फ़ोन

मई कॉल उठया तो सामने से मीठी सी आवाज आयी..

सोनक्षी- हैल्लो राज...

राज- हैल्लो सोनक्षी जी..

सोनक्षी- बस आप लोगो की याद आ रही और ऐ बताने क लिए कॉल किया था की मई पोंहच गयी हु.

राज- अआप पोहंच गयी ना आराम से..

सोनक्षी- हां इसलिए तो कॉल किया था अच्छा निशा और संजू कहा है..

राज- अरे वो तो गर पर है मई अभी 3 दिन क लिए एग्जाम की वजह से कारन के गर पर hu..apko बात करनी है तो आप निशा क फ़ोन पर कॉल कीजिये वो गर पर hi होंगी..

सोनक्षी- अच्छा मई बाद मई करती तुम बताओ क्या हाल है एग्जाम किसा चल रहा है..

राज- सब बढ़िया चल रहा है और एग्जाम की तो मुझे कुछ टीओन्सों hi नहीं है..

सोनक्षी- और ऐसा क्यों

राज- क्यों की सब आपका सिखाया हुवा hi तो आ रहा है एग्जाम मई अपने मुझे कंप्यूटर लाइन मई तो एक्सपर्ट बना दिया है इसके लिए तो आपको टंक्स बोलू तो भो काम है..

सोनक्षी- अच्छा चलो मई रखती बाद मई कॉल करुँगी ok बी एंड तक...

राज- अच्छा बी और हां निशा को कॉल करके बता देना आप पोंहच गयी हो ok..

सोनक्षी- ok बी...

raj-by..qnd तक..

मैंने फ़ोन रखा और मई अंदर जाने के लिए दूर बेल्ल बजायी तो टॉफी देर बाद दूर खुला करीब 5 मिनिट बाद तो सामने कारन था और बिलकुल पसीने से भीगा हुवा लग रहा था काफी म्हणत किया है..

कारन- अरे तुम आ गए यार तुमने हमें डरा hi दिया था..

राज- ऐसा क्या कर रहा था सेल की दर गया..

कारन- तुम्हे बाटने की जरुरत hi नहीं मई और माँ गर पे अकेले थे तो क्या चल रहा होंगे अभी..

राज- समाज गया पूरा हो गया के अभी बाकि है..

कारन - कहा यार अभी तो सुरु किया है..

राज- अच्छा और इशिता कहा है..

कारन- दी तो अपनी सोल्लगे गयी है कुछ काम से वो तो लेट आएँगी..

राज- अच्छा जा तू मजे कार मई यही बैठा हु कोई आये तो देखूंगा ..

कारन- टंक्स यार तू यही बैठना नहीं तो मनीष भी आता hi होंगे गर se..kabhi भी आ सकता है..

राज- अब जा ना नहीं तो मई चला जाऊंगा...

कारन- हां चल तू बेथ और टीवी देख ..

कारन अन्तेय क रूम चला गया और मई इधर बेथ क टीवी ों कर दिया और देखने लगा क्यों की अभी मेरा चुदाई का कुछ मूड नहीं था नहीं तो मई भी अभी अन्तेय की बजा क रलह देता ..

थोड़ी देर बाद अन्तेय क कमरे से आवाज आ रही थी सिसकने की और बाते भी कर रहे थे दोनों चुदाई करते करते.. बाते तो सुनाई नहीं दे रही थी मुझे लेकिन आवाजे काफी आ रही थी..

मई इधर टीवी देख के बोर हो गया तो मायने टीवी का वॉल्यूम स्लो कर दिया और फ़ोन निजकल के सोच रहा था किसको कॉल करू तभी मुझे याद आया की कमला को कॉल करता हु क्या कर रही है आज तो गया माहि मई सायद इंतजार कर रही होंगी..

राज- (फ़ोन लगा कर)- hi जान किसी हो..

कमला - आप तो आये hi नहीं आज्ज to...kyu?

राज- अरे मेरी जान नाराज हो मुझसे

कमला- अरे नहीं लेकिन आप ाजे नयी और मुझे बोलै भी नहीं था की आने वाले नहीं यहाँ मई आपका इंतजार कर रही थी कॉफ़ी बना क..

राज- ओह्ह इसलिए नाराज हो कोई बात नहीं अभी तो मई आ नहीं सकता 3 दिन तक क्यों की मेरी एग्जाम है अभी बाद मई आऊंगा ok चल रखता हु..

मई फ़ोन रखा और सोच रहा था अपने जिंदगी क पीछे कहते हुए यदु को hi तभी ऐ सोच आयी की साला अंकिता और इशिता दोनों को तो अपना लिया दोनों मान भी गयी की मेरी जिंदगी मई कोई भी आये उनको कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन संजू उसका क्या उसे कैसे समझाऊंगा और बता ूँगा ..मई यही सब सोच रहा था फिर दिसिद किया की आगे जो होंगे देखा जाएंगे ..

यही सब विचार करते करते मुझे पता hi नहीं चला की कारन मेरे बाजु मई आके बैठा मुझे गुर रहा था ..

कारन- मुझे बोलै कहा खोये हुए हो जनाब किसकी याद टफपैटी है जो ऐसे सोच रहे ho..oyyy तुम्हे कह रहा हु..

राज- arrr..tum आ गए काम पूरा करके..

कारन- लेकिन तुम कहा खोये हो किसकी याद मई ..पता नहीं चला मई 5 मिंट से डेल्ह रहा हु ऐसा क्या सोच रहे हो..

राज- अरे कुछ नहीं वो हां आगे क बारे मई सोच रहा था की अब आगे चल कर करना क्या है यही सब सोच रहा था.

कारन- ओह्ह्ह लेकिन अभी से सेल क्यों सोच रहा है अभी तो सोल्लगे ख़तम होने मई बहुत टाइम है..

राज- अरे भाई सोल्लगे तो ऐसे hi चालू रहेंगे लेकिन आगे का भी सोचना पड़ता है दुफर ..

कारन- अच्छा चल मई फ्रेश होने जा रहा हु तू मनीष को कॉल कर की वो आ रहा है की नहीं..

राज- अच्छा जा तू मई करता हु..

मई मनीष को कॉल किया तो वो बोलै अभी निकल hi रहा हु ..और अन्तेय आ गयी इतने mai..mere पास..

रीता- क्या कर रहे हो..

राज- बस बैठा हु आपके आवाजे सुन रहा था..

रीता- अच्छा तो ए क्यों नहीं अंदर चुदाई करने..

राज- अभी मेरा मूड नहीं था लेकिन अपने बात की कुछ कारन को..

रीता - किस बारे मई..

राज- वो मेरे और इशिता के बारे मई..

रीता- वो हां अभी थोड़ा बताया है लेकिन मई धीरे धीरे उसे मन लुंगी.

राज- अच्छा अप्प डेल्ह लेना वो सब ..खाना मिलेंगे की नहीं डार्लिंग..

रीता- वो हां मैंने तो कबसे रेड्डी राल्हा है अभी कारन आये तो साथ मई खा लेना..

फिर अन्तेय चली गयी किचन रोटी गरम बनाने और इतने मई मनीष आया और मेरे पास बेथ गया हमदोनो बात hi कर रहे थे और कारन आ गया फिर मनीष तो खाना खाके आया था तो वो कारन के रूम जेक पढ़ाई करने लगा और मई और कारन खाना कहके ऊपर रूम मई जेक पढ़ाई की तीनो ने मिल कर मई तो थोड़ी देर पढ़ई करके वह hi कारन के बीएड पे सो गया और वो दोनों पड़ते rahe...shaam होने तक ..

जब मेरी नींद खुली तो मनीष अपने गर जा चूका था और कारन ने hi मुझे जगाय था क्यों की अभी 7 बज गए थे शाम के..

राज- क्या है बे सोने देना..

कारन- अबे कुम्ब कारन उठ जा अब्ब 7 बजे खाना नहीं खाना क्या..

राज- अरे हां क्या 7 बज गए साला इतनी देर तक सोता रहा मई..

कारन- हां बे साला लगता है रात को सोया नहीं था क्या ठीक से..

राज- (मन) अब तुजे क्या बटुवु छोड़ू की तेरी बेहेन की ले रहा था पूरी रात ..

कारन- चल उठ बे किस सोच मई गम हो जाता है be..koi लफड़ा तो नहीं किया बे..

राज- अरे नहीं बे चल तू निचे जा मई आता हु फ्रेश होक..

मई उठ के फ़्रेज़ः होने गया और नहाके रेडीय होक निकला बहार hi इशिता कड़ी थी तो मैंने उसे पूछा..

राज- तुम यहाँ क्या कर रही हो..

इशिता- तुम्हारा इंतजार कर रही थी ..

राज- क्यों कुछ काम था क्या..

िशियता - खाना कहने के लिए..

राज- अच्छा चलो फिर ..

फिर हमसब खाना कहने निचे बेथ गए कहना खाया फिर रात को 10 बजे तक पढ़ई की और कारन को इम्पोर्टनेट कुशन सोल्वे करवाए और फिर मई नई हे जेक अन्तेय की 1 बार गांड और 1 बार छूट मार के मेरे रूम मई आया और फिर इशिता को बुला लिया मेरे पास लेकिन आज उसकी नहीं बजायी क्यों की कल उसका पहली बार था इस लिए अभी उसे आराम की जरुरत थी तो हमदोनो रात तक बाते की फिर एक दूसरे को किश किया और लिपट क सो gaye..muje अच्छा लग रहा था उसकी बहो मई सोने से...

फिर सुबह उठा और रेड्डी होक निकल गए एग्जाम देने कल की तरह आज भी 1 जानते मई पेपर पूरा हो गया साला ऐ सब सोनक्षी ने ऐसा बना दिया था इस लाइन इसी वजह से मेरा दिमाग भी अब्ब और तेज हो गया tha...to मैंने आज भी मेडम की लाइन मारी और फिर संजू को छोड़ के फिर कारन के गर आज मनीष नहीं आया था उसे इस सब्जैस्क्ट अच्छा था इसके लिए वो नहीं आया स्टूडेय करने मई और कारन ने hi स्टूडेय की मई फिर सो गया आज और फिर 5 बजे उठ क 1 रौंद अन्तेय की जमकर चुदाई की फिर रात का खाना काने के बाद कारन भी आज पढ़ लिया था तो वो भी निचे जाके अपनी माँ की रूम मई चुदाई करने लगा मई जेक इशिता के रूम मई hi 1 रौंद लगा के सो गया ..

फिर अगली सुबह भी नास्ता करके संजू को लेके निकल गया जाते वकुट मैंने अपने कपडे लेके गया था गर पे रख क गया था और माँ को बोल दिया था की रात का खाना गर पर hi खाऊंगा..

फिर एग्जाम देने सोल्लगे गया और एग्जाम ख़तम हुवा तो मैंने संजू को दीदी के साथ गर बेहज दिया और मई कैंटीन बैठा रहा क्यों की वह अंकिता और काजल बैठी thi..maine उन्हें देख लिया था ..सब के जाने क बाद मई उनके पास गया ..

अंकिता- मुझे देख ते hi स्माइल कर k..oo टाइम मिल गया हमरे साथ बैठने का राज ..

राज- क्या करू यार टाइम hi कहा है अभी तो एग्जाम था इस लिए टाइम नहीं मिल रहा था ाचा क्या पियोगी ठंडा या गरम..

अंकिता- मुझे तो ठंडा hi पीना है..

काजल- मुझे भी

राज- तुम दोनों बैठो मई लेके आता हु..

मई जेक कॉक लेके आ गया और हम तीनो पिटे हुए बाते करने lage..exam की और दूसरी भी और ट्रिप की बाते भी मई देख रहा था की काजल मुझे बार बार देख कर अपनी नजरे चुरा रही थी ..

अंकिता- अब तो थड़े दिन फ्री hi हो तो क्या करो गए गर पर..

राज- अभी तो कुछ सोचा नहीं मैंने ..

अंकिता- अच्छा ऐसा hai..kabhi गर पर तो आओ निशा अकेली hi आती hai..mom तुम्हे याद करती है बोलती है निशा को की राज को तो कभी हमरे गर लेके आओ..

राज- हां आऊंगा जरूर आऊंगा कभी टाइम निकल के..

ाणिक्ता- प्रोमिसी..

राज- promise.bas..

काजल- हां गर से याद आया मई तो भूल hi गयी थी राज तुमको मेरे पापा ने बुलाया है गर पर कब आएंगे तुम..

राज- मुझे लेकिन क्यों मेरा क्या काम पद गया उनको..

काजल- पता नहीं मुझे कहा है की राज को कभी तो गर बुलाओ हमें भी मिलना है..

राज- अच्छा आऊंगा टाइम निकल के बस..

फिर हम लोग गर निकल गए काजल अपनी कार लेके चली गयी और अंकिता वह परकिंग मई hi थी मुझे देख क बोली..

अंकिता- कहा बेसी हो हां नहीं फ़ोन करते मिलने भी नहीं आते

राज- ारी तुम गुसा हो gayi..sorry यार एग्जाम क कारन मैं फ़ोन को छुआ भी नहीं hai..lekin अब्ब करूँगा न कॉल बस..

अंकिता- अच्छा और गर कब आ रहे हो माँ को मिलवाना है तुमसे..

राज- आऊंगा बस तुम कल क्या कर रही हो ..

अंकिता- कल तो कुछ नहीं गर पर hi हु हां लेकिन निशा गर पर आने वाली है पूरा दिन क लिए..

राज- तो फिर कोई बात नहीं फिर कभी

अंकिता- क्यों कुछ काम था तुम बोलो तो उसे मन कर दू कल न आये गर..

राज- नहीं नहीं किसी और दिन जायेंगे गुमने बस ..अभी रहने दो सायद कल मुझे भी कुछ काम है..

अंकिता- अच्छा काहलो कोई बात नहीं मई जा रही है ब्ययी ी लव यू और हां फ़ोन तो करो यार मुझे कभी बात भी तो करो मेरे साथ ..

राज- अच्छा चलो कोई बात नहीं तुम्हे अबसे रोज कॉल करूँगा खुश .. ी लव यू तू बी संभल के जाना..

अंकिता- अच्छा तुम bhi.um..mmm आए..

एक फ्लाइंग किश दिया ..

फिर हम दोनों निकल पड़े और मई सीधा कारन के गर गया और वह जेक मई अन्तेय और कारन के साथ मिल कर शम्म तक मजे किये और फिर मई कारन को मिल कर निकल गया और बहार एके मई बाइक सुरु किया और आधे रस्ते मई जेक इशिता को कॉल किया..

इशिता- हैल्लो जणू किसे याद किया ..

राज- बस जानू बस तुम्हारी याद आयी तो कॉल kiya..kaha हो तुम.

इशिता- मई गर की तरफ hi आ रही हु स्कूटी लेके..

राज- अच्छा तो मई भी उसी रस्ते पर हु क्सक्सक्स यहाँ खड़ा हु..

इशिता- अच्छा मई रही हु रुको 1 मिनिट मई hi मई पास hi हु..

फिर 1 मिनिट वह खड़ा रहा और वो मेरे पास आयी तो मई उसे देखता hi रह गया आज वो जींस और ब्लक टीशर्ट मई और उसके चेहरा बिलकुल खिल गया था ये 3 दिनों मई तो मई बोलै.

राज- आज तो कमल की लग रही हो जान.

इशिता- तुम्हारा इरादा तो ठीक है न वैसे..

राज- अरे मई तो तरफ भी न कृ अब्ब .हम्म्म

इशिता- अरे मेरा सोना रूत गया अले बाबू सॉरी plz...mai तो मजाक कर रही थी..

राज- चलो माफ़ kiya...abb ऐ बातो कहा जा रही हो..

इशिता- गर hi जा रही हु..

राज- अभी गर पे अन्तेय को कॉल करि और बता दो की तुम लेट आ रही हो पूर्वी तो बता देना की फ्रेंड क गर जा रही हु..

इशिता- लेकिन क्यों कहा जाना है..

राज- तुम पहले स्कूटी इधर रखो और बातो फिर मई बताता हु..

िशियत- अच्छा बाबा बस .

स्कूटी सुदे कर के उसने रीता को फ़ोन कर के बता दिया और मेरी तरफ देखने लगी..

राज- हम्म बता दिया चलो अब बैठो मेरी बाइक पे..

इशिता- लेकिन बताओ तो सही कहा जाना है..

राज- बताता हु पहले बैठो..

िशियता क बेथ ते hi मैंने बाइक स्टार्ट की वो मुझे चिपक के बेथ गयी और मैंने बाइक फुल स्पीड मई भगा di...or एक जगह एके roki..ae जगह हमरे सिटी का गर्दन था जहा लवर आते रहते है..

इशिता- ऐ यहाँ क्यों लेके आये हो तुम..

राज- बस तुम्हरे साथ अकेले मई टाइम बिताना था थड़ी देर क लिए चलो अब्ब..

इशिता- अच्छा ऐसा है चलो तो अंदर चले..

हम दोनों अंदर गए गर्दन के देखा अभी शाम का वकुट था करीब 6:30 हुए थे तो लोग काम थे बिलकुल न क बराबर एक या 2 कोपले थे वह और वो बाते कर रहे the..to मई इशिता को लेके एक कोने मई बड़ा सा पेड़ था वह ले गया और उसके पीछे जाक इ बैठा गए हम दोनों ..

इशिता की गॉड मई मई सर रख कर लेट गया पेड़ के पीछे और इशिता मेरे बालो मई हाथ गुमा रही थी..

िशियता- राज ी लव यू जान ..

राज- लव यू तू जान

राज-- तुम्हारी गॉड मई सर रख कर मजा आ रहा है muje..tum जब मेरे बालो मई हाथ गुमटी हो प्यार से तो मुझे नींद आ जाती है..

इशिता- अच्छा मेरे बाबू को मजा आ रहा है..

राज- हां जान अब्ब कब टाइम मिलेंगे पता नहीं मुझे अब तो एग्जाम भी ख़त्म हो गया आज से मई अपने गर पर hi rahunga..isi लिए तुम्हे यहाँ लेके आया..

इशिता- (चेहरा मौश ) क्या गर पर लेकिन ाँ के दिन रुक गए होते तो..

राज- अरे नहीं वो दी मुझे डाटेंगी फिर इतने दिन से गर पर नहीं था तो वो नाराज हो जाती है..

इशिता- अच्छा कोई बात नहीं..

राज- पहले तुम हंसो यार ु तुम्हारे चेहरे पर स्माइल ाची लगती है..

िशियता- स्माइल कर के बस मेरा जणू का आदेश सरखो पे..

राज- अच्छा अब अपना मीठा रास तो पिलावो मुझे ..

िशियता- कोण सा रास ..

राज- अपने गुलाबी होंठो kaa.chlo आओ इधर..

िशियता- अरे यहाँ कोई देख लेगा..

राज- कोई नहीं देखे गए जान पिलाओ ना plzz....dekho अभी कोई नहीं है और अंदर भी गण है..

िशियता- अच्छा बाबा लो जी भर क पिलो..

फिर मैंने देर न करए हुए उसकी गॉड मई हीबसते हुए उसे करीब लाया और उसका होंटो को होंठो मिला के पिने लगा ...और किश करने लगा..

क्या मजा था यार जब लवर को किश करो तो उसका नशा hi कुछ और होता hai..wo भी गर्दन mai..mai बता नहीं sakta..hum दोनों किश कर रहे थे मेरा एक हाथ उसके बालो मई था और उसके दोनों हाथ मेरे गाल को पकड़बके किश कर रहे the..humdono 10 मिनिट तक किश किया फिर साँस लेने मई फ़ीकात हुयी तो इशिता ने किश तोड़ा..

राज- अरे क्या हुवा कितना अच्छा लग रहा था...

िशियता- अरे साँस तो लेने do..pehle..

अब मई बेथ गया और मेरा लुंड खड़ा हो गया था तो मैंने चीन खोल के लुंड बहार निकला तो इशिता बोली अब इसे क्यों निकला बहार..

राज- देखो तो सिर्फ तुम्हारे किश करने से खड़ा हो गया अब इसे भी शान्तबकर दो ना प्ल्ज़..

िशियता- यहाँ पर कोई आ गया तो ..

राज- कोई नहीं आएंगे प्ल्ज़ देखो न कितना मचल रहा है..

फिर इशिता ने चारो बाजु देखा और फिर मेरा लुंड पकड़ के मुँह लेके चूसने lagi..or मई आनद मई खड़ा होक उसके बालो को पकड़ के सुंग रहा था..

राज- आह जान बॉस ऐसे hi चुसो आह्हः ोह्हब मजा आ रहा है ऐ तुम्हारे मुँह मई क्या जादू hai...apobbbb upppass...ohhhb हां बस जोर से chuso..haa ऐसे hi पुअरा दलुआह मई...

िशियता- पूरा लुंड मुँह मई लेके चूस रही थी अब मैंने उसके बालो को पकड़ के उसका सर जोर जोर से आगे पीछे ककरने लगा...

इशिता- गुप्प गप्पपल गुटपप्प सररररयपप सरएप्पल

राज- आह्ह्ह्ह ूभ एबीएस थोड़ी देर और जा ाहहभ लव यू जान अह्ह्ह्बब अह्ह्ह्ह मई gayaa....ohhbb..

मैंने पूरा रास उसके मुँह मई दाल दिया और लुंड निकला बहार वो पूरा रास पि gayi...chat के मेरा लुंड भी सास किया..

इशिता- आज तो तुमने मार hi दिया था पूरा मेरे गले तक जा रहा thaa..abb खुश ना..

राज- हआ जान खुश ी लव यू और उसके मात पे एक किश कर दी...

िशियता - अच्छा अब्ब मई जाऊ क्या...

राज- हआ चलो 7 बज गए hai...gar से भी फ़ोन आता hi होंगे...

मई और इशिता एक हलकी किश किया और फिर बाइक लेके निकल गए ...

इशिता- जानू मुझे भूल तो नहीं जाएंगे ना.

राज- तुम्हे मई कभी भूल नहीं सकता मेरी जान ..

इशिता- मुझे दिन मई 1 बार तो कॉल करना हींग तुम्हे..

राज- अच्छा करूंगा ok..

फिर उसको वह छोड़ा और वो गर निकल गयी मुझे बे बोलके क्यों की उसका गर बिल्कुक नजदीक था पास मई hi..or मई मेरे गर पोहंच गया .

जब गर पोहंचा तो मोबाइल मई टाइम देखा तो 7:25 होंगे थे साला अब्ब तो गया निशा दी छोडूंगी नहीं मुझे ...

मई दूर बेल्ल बजायी तो अंदर से दूर खुला दूर निशा दी ने hi खोला मुझे देख क बोली गुसी मई..

निशा- खा गुम रहा था हां टाइम तो देख खाना नहीं खाना क्या ..

राज- अरे दी आप गुसा क्यों हो रही हो मई तो कारन के गर गया था वही से आ रहा हु छाए तो आप पूछ लो..

निशा- अच्छा चल आ जा अब जा जेक पहले फ्रेड होक आजा सब तेरी hi राह देख रहे थे..

राज- पापा आ गए क्या..

निशा- हां आगये hai..jaa जल्दी..

मई अंदर गया और पापा मुझे देख कर बोले .

Papa-aa गया तू कितने दिन बाद देखा है तुजे और एग्जाम किसी रही tumhari..hmm...

माँ- अरे क्या भी सुरु हो गए अभी उसे फ्रेश होने तो जाने दीजिये फिर शनती से पूछना जा बीटा पहले फ्रेश हिके आ जा जा..

मई ऊपर रूम मई गया और फ्रेश होक चेंज कर के निचे आया तो सब दिनिग टेबल पे बेथ गए थे मेरा इंतजार कर रहे थे..

माँ- चल आजा इधर बेथ जा अब्ब ..

मई बेथ गया आज माँ ने सब मेरी पसंद का खाना बनाया था तो मुझे मजा आया खाने मई हमलोग कहते कहते बात कर रहे थे..

पापा- अब्ब बायो किसा रहा एग्जाम तुम्हारा ..

राज- बढ़िया रहा पापा मस्त गया है..

पापा- हम्म अच्छा अब कियने दिनों की छुट्टी है तुम्हारी..

राज- बस 4 से 5 दिन मई फिरसे सोल्लगे सुरु हो जाएंगे..

पापा- अच्छा तो कल तुम फ्री हो ना..

राज- हां क्यों कुछ काम था क्या ..

पापा- हां मंगल के साथ तुम्हे जाना है कल कुछ काम है ऑफिस का इस लिए..

राज- ok मुझे याद आ गया की मंगल भाई ने मुझे बोलै था एग्जाम के बाद वो कही जाने की बात कर रहे थे..

mom-sonkshi का कॉल आया था वो हम सबको बहुत याद कर रही थी..

निशा- हां माँ मेरे फ़ोन पे भी आया था.

पापा- मुझे पता है मेरे दोस्त का फ़ोन आया था मेरे मोबाइल पर उसने बताया की उसको सोनक्षी ने सब बतया हमरे बारे मई वो खुश था की हमने उसका ाची से ख्याल रखा .

फिर हम सब बाटे करते करते खा लिया और सब अपने अपने काम मई लग गए और पापा अपने कमरे mai..mom अपना काम किचन मई और निशा दी संजू और मई सोफे पे बैठे थे की तभी निशा बोली..

निशा- राज तू गर पर नहीं होता तो गर बिलकुल सुना लगता है..

राज- मुझे भी पता है दी लेकिन क्या करे एग्जाम के लरन hi मई गया था दी..

संजू- वैसे आपका एग्जाम किसा रहा..

राज- मेरे तो सब पेपर ाची गए तुम्हारे..

संजू- मेरे भी सब ाची गए है इस बार तो वो जो अपने इम्पोर्टनोट कुशन दिए थे सब उसमे से hi आया था..

निशा- क्या इसने दिए थे कुशन वाग मन्ना पड़ेगा मेरा बेतु जीनियस हो गया लगता है..

राज- हम आपको इतना प्यार आ गया मेरे par..ohh अभी तो गुसा कर रही थी जब मई आया तब..

निशा- क्यों मेरा पहला हक़ है तुमको प्यार करना और गुस्सा karna..kyu संजू सही कहा न..

संजू- हां हां दी क्यों नहीं सही कहा अपने..

राज- दोनों एक तरफ हो गए अब्ब निकालो यहाँ से नहीं तो बेंड बज जाएंगी मेरी....

निशा- ऐ कहा चला हआ हा..

संजू- हआ हा

दोनों को हस्ता छोड़ क मई अपने रूम मई आ गया और शिल्पा जी से फ़ोन लगाया..

राज- हैल्लो शिल्पा जी..

शिल्पा- ोूह राज तुम आज सामने से फ़ोन वो भी इतने दिनों बाद क्या बात है आखिर हमारी याद आ hi गयी तुमको..

राज- अरे ऐसा नहीं है मई थोड़ा बीज़ी था इस liye..exam की वजह से..

शिल्पा- हां मुझे मालूम है मेरी बेटी ने मुझे बतया था इसी लिए मैंने कॉल नहीं किया तुमको

राज- अच्छा लेकिन आपको बहुत मिस करता हु मई..

शिल्पा- मई भी तुमको ज्यादा मिस करती हु तुम्हारी याद मई पता नहीं कितनी बार मेरी छूट का पानी निकल जाता है..

राज- हम्म ऐसा है तो ाजो इधर ..

शिल्पा- नहीं अभी तो नहीं आ सकती क्यों की अभी तो मेरी बेटी 4 से 5 दिन क लिए गर आयी hai..tum उसे मिले थे की नहीं..

राज- नहीं मिल पाया और मेरे दिमाग से hi निकल गया था पर अब्ब अप्प जब भी यहाँ आओ तो मुझे कॉल करना और मेरे गर लेके जरूर आना आप .

शिल्पा- अच्छा सुरु क्यों नहीं आउंगी..

राज- बाकि किसा चल रहा है..

शिल्पा- बस चल रहा है सब ठीक ठाक ..

राज- क्यों ठीक थक.

शिल्पा- बस तुम्हारी याद अति है इस लिए ..

राज- अच्छा तो जादि आईयेगा इधर.

शिल्पा- 1 महीने बाद जरूर आउंगी मई तुम्हारे गर पे..

राज- क्यों 1 महीना

शिल्पा- वो क्या है ना अभी जब मेरी बेटी जाएँगी तो मेरे पति आएंगे और वो 10 दिन गर रुकेंगे फिर चले जायेंगे और मई 10 या 12 दिन फिर मेरे मायके जाना है..

राज- उह अच्छा जब आप आओ तो कॉल करना ok बी मई रखता हु गुड नाईट .

शिल्पा- जी ok गुड नाईट स्वीट ड्रीम्स

फिर मैंने मोबाइल मई टाइम देखा अभी रात के 9 बजे थे तो एक बार अंकिता से बात किया और फ़ोन रखा तो इशिता का कॉल आ गया और जब उसे बात करके फ़ोन रखा तो दी ने दूर खटखटाया मेरा..

मई खड़ा होक दूर खोला तो दी को देखता hi रह गया क्यों की दी ने निंगहत ड्रेस पहना था और निचे सिर्फ हाफ चड्डी ..मुझे ऐसा दुखते हुए दी बोली..

निशा- क्या हुवा राज ऐसा क्या देख रहा है..

राज- arew..are..kuch नहीं di...aap यहाँ इस वकुट अभी तक सोई नहीं हो..

निशा- नहीं मुझे नींद नहीं आ रही hai..to तुम्हारे पास आ गयी..

राज- अच्छा तो अंदर आयी ने..

मेरी नजर न कहते हुए भी बार बार दी के गोरी जंगो पे जा रही thi..mai अपने मन मई..

राज- (मन) ऐ साला मेरो नजर बार बार वह क्यों जा रही है ऐ मई क्या सोच रहा हु ऐ तो मेरी दी hai..nahi नहीं ऐसा नहीं सोवहना चाइये मुझे..

निशा- अरे तुम किश खेल मई खो गए पिरसे..

राज- उनके पास बीएड पे जाते हुए कही नहीं दी सोच रहा था कुछ.

निशा- अच्छा क्या सोच रहा था हां मेरे बारे मई सोच रहा था naa..muje पता है..

raj-muje जतका लगा साला दी को कैसे पता मई उनके बारे मई सोच रहा था कही इन्होने मुझे देख तो नहीं लिया उन्हें ऐसा घूरते हुए..

निशा- बोलो न क्या मेरे बारे मई सोच रहा था naa.muje सब पता है बोलो..

राज- क्या पता है आपको..

निशा- यही की आज मैंने तुम पे गुस्सा किया yahi..soch रहे थे न..

राज- ना नहीं नहीं ऐसा नहीं दी...

निशा- नाराज है मुझसे..

राज- नहीं आपसे नाराज क्यों होंगे मई हां आपका तो पहला हक़ है मुज पे गुसा करना..

निशा- तो फिर क्या सोच रहा था ..

राज- कुछ नहीं दी बस ऐसे hi

निशा- अच्छा आ चल बेथ मेरे पास बाटे कर मुझसे कितने दिन हुए तेरे पास बेथ के बाटे नहीं की..

मई दी के बगल मई बेथ गया बीएड पर और बोलै

राज- अच्छा आज नींद क्यों नहीं आ रही है..

निशा- बस ऐसे hi पता नहीं क्यों ..

राज- हम्म्म.

nisha-(man)kise कहु इस के तेरी दी तुजसे बहुत प्यार करती है कैसे कहु कबसे हो गया है ऐ प्यार तुजसे .

राज- दी आप अभी मुझे बोल रही थी और आप क्या सोचने लगी..

निशा- हम्म्म कुछ नहीं मई तो बस यही सोच रही थी तू बता किसा चल रहा है सोल्लगे मई..

राज- अच्छा चल रहा है..

निशा- एक बात पुछु तुजे मई

राज- हां पूछो इसमें इजात कहा लेनी है आपको..

निशा- तुम्हारी गफ है की नहीं..

राज- ऐसा क्यों पूछ रही हो दी..

निशा- तू बता न pehle..muje..

राज- नहीं अभी तक तो नहीं (जूथ बोलै) क्यों की अभी बताना नहीं छठा था मई क्यों की मैंने दी के आँखों मई देखा है उनकी आंखे मुझे कुछ अलग hi कह रही थी इस लिए मैंने बतया नहीं..

निशा- अच्छा नहीं है की बांया नहीं है..

राज- नहीं बांया भी नहीं है

निशा- तुम्हे मई किसी लगती हु..

राज- (मन) आज इन्हे क्या हुवा है कैसे कैसे सवाल पूछ रही है..

निशा- बोलो न मई किसी लग रही हु..

राज- आप मेरी दी हो तो ाची लगोगी ना

निशा- अरे ऐसे नहीं पूछ रही हु मई किसी मतलब सुनदर या बुरी..

raj-sach कहु तो आप न बिलकुल क्यूट सी सुन्दर लगती हो जो मेरे दिल मई बसी हो आप तो वैसी लग रही हो..

निशा- अच्छा ऐसा hai..tum गलत न मनो तो मई तुमसे कुछ मांग सकती हु क्या..

राज- दी आज आपको हुवा क्या है क्या क्या पूछ रही हो ..

nisha(man)- बोल दू बोल दू की तुमसे प्यार हुवा hai..kuvh नहीं तुम पहले मेरी कसम कहो और कहो की बुरा नहीं मानोगे तो hi मई बटु..

राज- अच्छा बाबा तुम्हारी कसम बोलो अब्ब ..

निशा- मेरी आँखों मई देख कर बोली मई तुमसे प्यार करने लगी हु..

राज- ऐ तो मुझे पता है की आप मुझसे सबसे ज्यादा प्यार करती हो..

निशा- वो वाला नहीं भाई

राज- तो किसा प्यार..

निशा- वो जो दो प्रेमी के बीच हो ता है वैसा hi...

राज- ऐ अप्प क्या कह रही हो दी अप्प पागल तो नहीं हो गयी क्या ऐ आप क्या बोले जा रही ho...(gusee मई)

निशा- देखो तुमने मेरी कसम कहई है तुम मुझे बोलने तो दो pehle..(rote हुए)

राज- अच्छा बोलो क्या कहना है.

निशा- देखो राज तुम जब छोटे थे तब से मई तुम्हे प्यार करती थी भाई बेहेन वाला फिर जैसे जैसे उम्र बढ़ती गयी वैसे वैसे ऐ प्यार और बढ़ता गया और साथी सात मेरा ऐ प्यार भाई बेहेन से भी बढाकर हो गया और कब प्यार मई तब्दील हो गया पता hi नहीं चला मुझे भी तब पता चला जब तुम किसी लड़की के करीब जाते हो बाते करते हो तो मुझे जेलोसि होने लगती थी और मैंने सोचा की मई ऐसा क्यों कर रही हु मैंने अपने आप को काफी संजय की ऐसा नहीं हो सकता क्यों की तू मेरा बहाई hai..lekin मेरा दिल मई बस बार बार तुम्हारे hi ख्याल आते है क्या करू मई मुझे कुछ समाज hi नहीं आता पलज़्ज़ज़ मुझे अपना लो राज आज मैंने बहुत हिमायत करके तुम्हे बोलै hai...plz मुझे अपना लो raj..plz....i लव यू सो मच raj..plz....ajj तक मैंने किसी लड़के की तरफ आंख उठा के भी नहीं देखा प्ल्ज़...

राज- (हिरन रह गया ) ऐ सब सुन के तो मई पहले हिरन रह गया पर जब दी की बात सुनी तो मुझे ना जाने कहा से प्यार आ गया उन पे और उनका रोना भी मुझसे देखा नहीं गया मेरा दिल मई बहुत सी दुविधा थी की क्या जवाब दू मई क्या bolu..tabhi दी बोली...

निशा- (रट हुए) बोलो न राज तुम मुझे अपना बनोगे बोलो ना plz......tum खामोश क्यों हो..

राज- दी पहल रोना बंद कीजिये मुझे आपका रोना अच्छा नहीं लगता पलज़्ज़ज़ मेरी कहतीर रोना बांध कीजिये और मेरी बात ध्यान से सुनिए..

निशा ने रोना बांध किया और अपने आंसू लुची और मेरी तरफ सावलिया नजरो से देखने लगी की मई क्या बोलने वाला हु...

nisha(man)- हे भगवन बस ऐ मेरी बात मान जाए बस मुझे फिर कुछ नहीं चाइये अपनी लाइफ मई बस मुझे राज मिल जाय bas..mera दिल क्यों इतना धड़क रहा है..

राज- देखो दी मई अभी आपका जवाब नहीं दे सकता मुझे इस बारे मई सोचने के लिए वकुट चाइये क्या आप मेरे जवाब का इंतजार कर सकती ho..plz मेरी कहतीर ..

निशा- कोई बात नहीं भाई आप जितना छाए उतना टाइम ले लीजिये लेकिन बस मुझे आपके मुँह से हां hi सुन्ना है बस नहीं तो मई जी नहीं पयूंगी तुम्हारे बिना..

राज- मैंने जाट से उसके मुँह पे हाथ रख दिया ..ऐ आप क्या बोल रही हो मई आपको कुछ होने भी नहीं दूंगा बस मुझे कुछ सोचना है और थोड़ा टाइम भी चाइये प्ल्ज़ आप ऐसा न बोलो plz..apko पता है न मई आपको कितना छठा hu..achaa अब्ब स्माइल करो ना मेरी पायरी दी के मुँह से स्माइल hi ाची लगती चलो स्माइल ..करो..

निशा- स्माइल करते हुए बस आप जितना छाए सोच लो और ऐ गर समाज सब का टीओन्सों है तो भी ना लो वो मई सहबाहल लुंगी बस तुम बस हां कहो उतना hi कहूँगी..

राज- अच्छा सोचता हु मई अब जाओ सो जाओ di..raat बहुत हो चुकी है..

निशा- मुझे यही तुम्हारे पास सोना hai..plz...

राज- अच्छा चलो ाजो मेरे पास

फिर निशा मेरे करीब आके मुझे लिपट के सो गयी बहो मई भर के उनका ऐसा बहो मई भरने से उनके बूब्स मेरे छाती पे चुभ रहे थे और दी तो मेरी बहो मई एते hi नींद मई चली गयी और मुझे आज नींद नहीं आ रही थी मई सोच रहा था ऐ दीदी ने बड़ा बम फोड़ दिया मेरे पर पूरी रात सोचा मई और कब नींद आ गयी पता hi नहीं चला मई भी दी को लिपट के ऐसे सो गया था की पता hi नहीं चला कब सूरज निकला

 
अपडेट-58

निशा- स्माइल करते हुए बस आप जितना छाए सोच लो और ऐ गर समाज सब का टीओन्सों है तो भी ना लो वो मई सहबाहल लुंगी बस तुम बस हां कहो उतना hi कहूँगी..

राज- अच्छा सोचता हु मई अब जाओ सो जाओ di..raat बहुत हो चुकी है..

निशा- मुझे यही तुम्हारे पास सोना hai..plz...

राज- अच्छा चलो ाजो मेरे पास

फिर निशा मेरे करीब आके मुझे लिपट के सो गयी बहो मई भर के उनका ऐसा बहो मई भरने से उनके बूब्स मेरे छाती पे चुभ रहे थे और दी तो मेरी बहो मई एते hi नींद मई चली गयी और मुझे आज नींद नहीं आ रही थी मई सोच रहा था ऐ दीदी ने बड़ा बम फोड़ दिया मेरे पर पूरी रात सोचा मई और कब नींद आ गयी पता hi नहीं चला मई भी दी को लिपट के ऐसे सो गया था की पता hi नहीं चला कब सूरज निकला

@स्टार्ट@


मई रात को काफी सोचा था लेकिन साला कुछ समाज hi नहीं आया की क्या करू साला एक क बाद एक लड़किया मेरे प्यार मई पागल होती जा रही है और ऐ निशा दी भी मुझे प्यार करने लगी है अब मुझे दी तो पसंद तो है लेकिन कभी उनको उस नजरिये से देखा नहीं मैंने नहीं तो उनके जिसे सुन्दर और हॉट लड़की मैंने आज तक नहीं देखि लेकिन मुझे दर था लेकिन मैंने बाद मई सोच विचार करके डिशन लूंगा ऐसा सोच क मई दी को लिपट कर सो गया सुबह कब हुयी पता hi नहीं चला



सुबह जब मेरी आंखे खुली तो 9 बज गए थे और दी भी अभी यहाँ नहीं थी वो उठ के सायद जा चुकी थी अब मई उठा फ्रेश हुवा और निचे चल दिया तो जैसे hi मई निचे गया संजू और माँ किचन मई काम कर रही थी और निशा दी सोफे पे बैठी थी पापा क साथ मई निचे जाके सोफे पे बेथ गया .



जैसे hi मई सोफे पे बैठा दी ने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर सरमाके वो निचे देखने लगी..



raj-(man)sala ऐ क्या दी तो सरमने लगी वो मुझसे नजरे नहीं मिला पा रही मुझे जल्दी hi कुछ सोच क जवाब देना पड़ेगा..



पापा- मुझे देख क बोले गुड मॉर्निंग राज..



राज- मॉर्निंग पापा..



राज- गुड मॉर्निंग दी..



निशा- हम्म गुड मॉर्निंग बेतु..



पापा - तुम आज इतना लेट क्यों उठे हां .



राज- वो पापा रात को लेट सोया था न इस लिए..



पापा - जा जल्दी से कफ पि लो और मंगल आता hi होंगे उसके साथ तुम जाओ ok और हां सुबह जल्दी उठा कर प्रक्टिस करनी जरुरी है समाज गया ..



राज- हां पापा



निशा- चलो कॉफ़ी पिने राज ..



हम दोनों डाइनिंग तबेल पे बैठे थे तो संजू हमें देख कर आयी कफ और माँ नास्ता लेकर ..



संजू- गुड मॉर्निंग राज



संजू- गुड मॉर्निंग दी..



हमदोनो- गुड मॉर्निंग संजू..



माँ- चलो नास्ता करलो jaldi..chalo



राज- हां माँ लाओ नास्ता ..



हम सब ने मिलके कफ और नास्ता किया फिर मई ऊपर जेक कपडे बदले क्यों की मुझे जाना था मंगल भाई क साथ तो मई तैयार हुवा और मंगल भाई को फ़ोन लगाया ..



राज- हैल्लो भाई कहा हो..



मंगल- बस आता hi हु भाई गर पर रस्ते मई हु तू रेड्डी होजा .



राज- भाई मई तो कबसे रेड्डी हु..



मंगल- अच्छा रख मई पोहचता हु..



फिर मई निचे चल दिया और माँ को बोल क निकल गया पापा तो ऑफिस निकल गए थे निशा दी अंकिता क गर और संजू भी साथ गयी थी तो मई और माँ अकेले थे तो उनको बोलके निकला बहार इतने मई मंगल भाई भी अपनी गाड़ी लेके आ गए ..



मई उनके कार मई बेथ गया उन्होंने कार जाने di..or बोले..



मंगल- किसा रहा तुम्हारा एग्जाम.



राज- बस भाई एक दम badhiya..lekin हम जा कहा रहे है भाई..



मंगल- बस यही अपने फार्म हाउस पर



राज- वह क्यों पापा तो बोल रहे थे ऑफिस काम के लिए जाना है बहार..



मंगल- हम्म लगता है तुम भूल गए हो ट्रेंग टाइम मैंने तुम्हे कहा था की एक दिन हमें 1 महीने क लिए बहार जाना है हिमालय प्रचीन युद्ध कला सिखने क liye..bhul गए की याद है..



राज- ोू हां यद् आया भाई तो क्या अब्ब वह जाना होंगे मुझे 1 महीने क liye..is लिए आप मुझसे बात करने ले जा रहे हो फार्म हाउस..



मंगल- हां इसी लिए तो लेजा रहा हु और तुम्हे कुछ दिखाना भी है और बताना भी है..



राज- अच्छा काहलो कोई बात नहीं इसका भी अनुभव लेलेते है सायद कही काम आ जाए..



हम दोनों वह पोहचे तो राजू वह मजदुर क पास काम करवा रहा था आम क बगीचे मई और कमला और उसकी माधवी अंदर काम कर रही थी साफ़ सैफई kaa..humdono निचे उतरे और चल दिए अंदर.



मंगल- चलो अंदर ऑफिस मई बेथ क बाते करते है..



राज- हां चलो .



हमदोनो अंदर आये तो कमला वह निचे hi कुछ सैफई कर रही थी हमें देख लिया आते तो हमरे पास एके बोली..



कमला- राज बीटा तुम कब आये ..



राज- बस अभी आया काकी..



कमला- आप दोनों बैठो मई पानी लेके आती हु..



मंगल- कमला ऑफिस क अंदर लेके आजा ना हम वही बैठे है और है बढ़िया सी कफ भी लाना ..



हमदोनों अंदर बैठे और वह सोफे पे बेथ क बाते करने लगे और इतने मई कमला पानी लेके आयी हम ने पिया और वो निकल गयी बहार



राज- अब बतिये भाई क्या कह रहे थे आप..



मंगल- देख राज अब तुम्हे 1 महीना मेरे साथ चलना होंगे हिमालय लेकिन मई तुम्हे वह छोड़के 1 दिन मई वापिस आ जाऊंगा वह तुम्हे गुरु जी के पास उनके आश्रम मई रहना है और वो जो तुम्हे सिखाये वो तुम्हे मन लगा कर सीखना है क्यों की आगे जाके ऐ सब तुम्हारे लिए बहुत जरुरी होंगे ..



राज- लेकिन भाई ऐ सब आप मुझे क्यों सीखा रहे है कुछ तो बातो ..अप्प



मंगल- देख यार इसके बारे मई तो मई अभी कुछ बता नहीं सकता लेकिन हां तुम्हारे पापा सायद कुछ बता सके लेकिन अभी वो भी तुम्हे कुछ नहीं बातएंगे क्यों की जब तक तुम पूरी तरह से तैयार नहीं होंगे तब तक तो बिलकुल नहीं समाज गए अब मेरी बात सुन..



राज- हां समाज गया अब जब तक मई कम्पलीट तैयार होंगे तब तक राह देखूंगा बस आप बोलिये आगे..



मंगल- तो तुम्हे वह जो जो तुमको सिसखा दे वो सब तुम्हे सीखना है और जब तुम्हारी 1 महीने बाद ट्रैंनिंग पूरी हो जाय तब मई तुम्हे लेने आऊंगा ok..1 महीने तक तुम किसी के कॉन्टेक्ट मई नहीं रहेंगे..



राज- अच्छा ऐसा क्यों भाई और मेरा सोल्लगे का क्या..



मंगल- वो सब भाई ने देख लिया है तुम्हारे प्रिंसिपल से बात हो गयी है और रही बात गर की तो वो तुम्हारे पापा डेल्ह lenge..samaj गए .



राज- समाज गया बही आप सब मेरे लिए इतना कर रहे हो तो लगता है वजह भी बहुत बड़ी hi होंगी ...



इतने मई कमला कफ लेके आयी हमें देके बहार निकल गयी..



मंगल- हां ऐसा hi समाज लो बस..



राज- ok कब निकल न है हमें..



मंगल- कल सुबह की फ्लाइट से..



राज- कल से hi जाना है..



मंगल- हां रेड्डी रहना मई और तुम्हारे पापा तुम्हे छोड़ने आएंगे..



राज- गर पर क्या बोलू मई की कहा जा रहा हु मई..



मंगल- वो तुम चिंता न करो तुम्हारे पापा सब संभल lenge..aab तुम तैयारी करलो जाने की ..



राज- अच्छा समाज गया अब कुछ दिखाना कहते थे वो तो दिखाई ये आप ..



मंगल- हां दिखता हु..



मंगल ने कंप्यूटर ों किया और कुछ विडिओ थे वो दिखने लगा ये विडिओ तो हिमालय का आश्रम का था .



राज- भाई ऐ कहा का सीन है एक दम जाकक्ष जगह है ये तो..



मंगल- अब से 1 महीना तुम्हे यहाँ hi रहना hai.samaj गए..



राज- वाओ फिर तो मजा ayenga..kitni सुन्दर जगह है ऐ बिलकुल शांत और नैचरल वो जगह hi ऐसी थी जहा आसा पास कुछ नहीं था सिर्फ आश्रम था बड़ा सा और पास मई हिमालय शिखर जो पूरा बर्फ से थका था और दूसरी तरफ गण जंगल जहा ऊँचे ऊँचे पेड़ थे और रंगबे रंगी फूल थे वह मनमोहक नजरिया था वह और आश्रम तो कुत्रीर जैसा था जहा पूरी तरह से पहले के ज़माने जैसा था वह की लड़किया भी वाइट और सुन्दर थी साला सब की सब सेक्सी लग रही thi..maja आएंगे वह ..अब विडिओ मई सब जगह आसाराम की दिखाई गयी थी ...और फिर मंगल भाई ने ये विडिओ देलेट कर दिया ..



राज- भाई अपने ऐ विडिओ देलेट क्यों किया .



मंगल- ये जगह बहुत गुपत है इस लिए इसका विडिओ नहीं रखा जाता पास मई और इतना hi नहीं वह तुम्हारा मोबाइल भी काम नहीं करेंगा ..



राज- ऐसा क्यों भाई..



मंगल- वो इस लिए की प्रचीन यिध कला सिर्फ पुरे इंडिया मई सिर्फ 1 hi इंसान जनता है गुरु राग्वेंद्र ji..or इसी लिए ऐ आसाराम गुपत रखा गया है सिर्फ कुछ चाँद लोगो को छोड़ के कोई जनता नहीं है ये जगह के बारे मई..



राज- हम्म ऐसा है .(man)sala एक क बाद एक जटके लग रहे hai..ishita का लव निशा का लव और फिर परवहिं युद्ध कला और ये आश्रम साला ये हो क्या रहा hai..mere साथ ..



मंगल- कहा खो गए तुम चलो अब चलना नहीं क्या ..



राज- हम्म भाई कही नहीं बस सोच रहा था .



मंगल- जाना नहीं kya..gar ..



राज- भाई आप जाओ मई यहाँ से दूसरी कार लेके चला जाऊंगा अभी मुझे यही बैठना है..



मंगल- चलो कोई बात नहीं सुबह रेड्डी रहना..



राज- ok ..





मंगल भाई चले गए मई बहार आया और देखा की राजू तो काम मई पड़ा है माधवी कही दिख नहीं रही और कमला निचे hi थी तो मैंने आवाज लगायी..



राज- कमला काकी कहा हो..



कमला- क्या हुवा राज ..



राज- िदःर आवो आप..



कमला- कहा हो तुम बीटा..



राज- इधर ऑफिस मई आईये..



कमला- अच्छा आती हु..



मई ऑफिस मई बैठा और 1 मिनिट बाद कमला आयी तो बोली..



कमला- क्या काम है राज ..



राज- बस अभी चुदाई करनी है तुम्हारी .



कमला- अभी इस वकुट कोई आ गया तो..



राज- फिर मत कहना 1 महीने क लिए बहार जा रहा हु सोच लो..



कमला- क्या 1 महीने क लिए तो तुम मुझे आज जी भर क चुदाई कर दो कोई भी आएंगे देखा जाएगा..



राज- हम्म. तो फिर ाजो....



फिर मैंने कमला की जमकर चुदाई की और 1 बार छूट मरी 1 बार गांड मरी और फिर से 1 बार जमकर बजा दी अभी 12 बजे थे तो मई कमला को बी बोलके निकल गया और कहा की 1 महीने बाद milenge..phir सोचा किसे मिलने जाओ...



राज- हम्म्म हां पहले इशिता को मिल लू..



मैंने िशियता को कॉल किया..

इशिता- हां जणू बोलो..



राज- कहा हो जान तुम अभी..



िशियता- मई तो गर पर थी अपने रूम मई क्या हुवा ..



राज- कुछ नहीं अकेली हो गर पर..



इशिता- हां माँ और कारन बहार गए है शाम को आएंगे..



राज- अच्छा मई आ रहा हु ..



िशियता- ाचा आ जाओ..



मई थोड़ी देर मई वही पोहचा और इशिता को लेके उसके कमरे मई गया और उसे किश करने लगा पकड़ के अभी उसे बोलने का मौका भी नहीं दिया वो कुछ बोलती उसके पहले hi मई उसे किश करने लगा और 5 मिंट बड़ा छोड़ा.



िशियता- हम्म haas....ar.tumhe हुवा क्या hai..jo एंटनी hi जल्दी आके मुझे किश करने लगे..



राज- हम्म बताता हु पहले यहाँ आओ बीएड पर मेरे पास मुझे तुम्हारी गॉड मई सोना है..



िशियता- अच्छा बाबा आ जाओ अब्ब बस..



मई जेक उसकी गॉड मई लेट गया वो मेरे बाल सेहला रही थी फिर मई बोलै.



राज- िशियता मई तुमको 1 महीने तक मिल नहीं पाउँगा ..



िशियता- क्या....?



राज- हां और इतना hi नहीं कॉल भी नहीं कर पाउँगा..



इशिता- लेकिन ऐसा क्यों क्या हुवा है मुझे बातो तुम..



राज- कुछ नहीं हुवा तुम पैराहन मत हो मई बताता हु ..टी सुनो..



मई कही बहार जा रहा हु अपनी ट्रैंनिंग क लिए 1 महीने तो वो जो जगह है वह मोबाइल अलौड़ नहीं और नहीं वह इंटरनेट सुविधा है इस लिए मई किस्से बात नहीं कर सकता हु..



िशियता- यहाँ 1 दिन रहना मुश्किल है तुम्हारे बिना और तुम 1 महीने की बात करते ho..or वो भी बिना बात किये..





राज- संजो न जान मुझे भी क्या रहा जाता होंगे तुम्हारे बिना क्या? लेकिन क्या करू मेरी मज़बूरी है जाना तो पडेगा और इन सब मई तुम्हे मेरा साथ तो देना पड़ेगा ऐसे थोड़ी न मुझे हिमायत मिलेंगी जा न..



िशियता- हम्म्म आंख मई से आंसू आ गए..



मैंने देख लिया की वो रो रही है तो मई कहड़ा हो गया और उसके आंसू साफ़ किया और उसे बहो मई कास के भर लिया इसने भी मुझे बहो मई कास लिया जैसे मई कही भगा जा रहा हु..



राज- इशू मेरी संजो न तुम मुझे तुम्हारा साथ चाहिए नहीं तो मई नहीं जा सकूंगा बोलो तुम छाती हो की मेरी ट्रैनिंग पूरी न हो..



इशिता- ना मई िश्रा किया मैंने उसी थोड़ी देर संजय आखिर वो समाज गयी



फिर स्माइल करवाया और फिर 1 रौंद इशिता के साथ किया और फिर उसे बे बोलके निकल गया मई..



राज- (मन) साला यहाँ एक को मैंने मई इतना टाइम लगा गर पर अब्ब 3 को मानना है एक माँ उनको तो पापा देख लेंगे लेकिन वो दोनों संजू और nisha..unko किसे मनौ चलो मान लिया की पापा उन सबको बोल डरेंगे लेकिन निशा और संजू मेरे पास जरूर आएँगी रात को मुझे मन करने की मत जाओ तब किसे समझाऊंगा साला सोचना पड़ेगा चलो देल्हते है क्या होता है पहले पापा क्या बोलते है दुखे तो sahi..mai ऐसा सोचते सोचते शाम को 6 बजे गर पोहचा कार पार्क की और गर का दूर बेल्ल बजाय..



तो सामने से दूर माँ ने खोला मुझे देख के बोली..



माँ- आ गया बीटा चल अंदर आ आज तुम्हरे पापा भी जल्दी आ गए है ..





राज- पापा आ गए गर पर..



माँ- वो अंदर सोफे पे बैठे hai..jaa मिल ले..



मई अंदर आया और पापा के पास बेथ गया और अभी दी और संजू नहीं आये थे तो मई पापा से बाते करने लगा और माँ किचन मई फिर पापा बोले..



पापा- मंगल से बात हो गयी तुम्हारी..



राज- हां पापा



पापा- तो फिर तैयार होना तुम सुबह जाने क लिए..



राज- हां लेकिन गर पर क्या बाटेंगे..



पापा - वो मई सम्बहल लूंगा तुम बस हां हां करना मेरी बात kaa..ok..



राज- ok पापा लेकिन जैसे hi मेरी त्रिनंग पूरी होंगी मुझे बताना पड़ेगा की ऐ सब किस लिए आप करवा रहे हो मुझसे..



पापा- ok पहले सब सिख क आजा बाद मई बता दूंगा

ok मुझे भी इंतजार रहेंगे बीटा बताने का कितने सालो से सर पर बोज लेके गम रहा हु तुम जल्दी आना बस वापिस..





राज- ok पापा मई आपकी उमीदो को नहीं todunga..acha मई रूम मई जा रहा हु खाना कहने बुला देना माँ..



माँ- रसोई से अच्छा जा तुम आराम करो..



यहाँ मेरे जाते hi पापा माँ को बतएतए है की मुझे 1 महीने क लिए जाना है तो माँ पहले मन करती है बाद मई पापा समजते है की किस वजह से जाना जरुरी है तब माँ मन जाती है...





और यहाँ मई अपने रूम मई एके पहले शिलापा जी से बात की उनको बता दिया की 1 महीने तक मेरा फ़ोन नहीं लगेगा मई कहो बहार जा रहा हु इस लिए उनको थोड़ी देर बात की फिर अंकिता को बात की उसको मनाया किसे भी करके ..साला आज तो वाट लग गयी इन लड़कियों को मैंने मई पूरा दिन और रात कहा निकल जाती है पता नहीं chalta..in सब मई खाना कहने का टाइम हो गया निशा और संजू निचे मुझे बुला रहे थे..





अब्ब देखते है आगे क्या होता HAI..KAHNAI मई देखते रहिये और कमेंट जरूर कीजिएगा ...





मैंने स्टोरी की इंडेक्स बना दी है जिनको भी उपडेट पड़ने मई आसनी रहेंगी..







लेकिन कमेंट जरूर कीजिएगा
 
अपडेट-59


यहाँ मेरे जाते hi पापा माँ को बतएतए है की मुझे 1 महीने क लिए जाना है तो माँ पहले मन करती है बाद मई पापा समजते है की किस वजह से जाना जरुरी है तब माँ मन जाती है...





और यहाँ मई अपने रूम मई एके पहले शिलापा जी से बात की उनको बता दिया की 1 महीने तक मेरा फ़ोन नहीं लगेगा मई कहो बहार जा रहा हु इस लिए उनको थोड़ी देर बात की फिर अंकिता को बात की उसको मनाया किसे भी करके ..साला आज तो वाट लग गयी इन लड़कियों को मैंने मई पूरा दिन और रात कहा निकल जाती है पता नहीं chalta..in सब मई खाना कहने का टाइम हो गया निशा और संजू निचे मुझे बुला रहे थे..

@स्टार्ट@

मई निचे आया तो देखा की दीदी और संजू मुझे HI देख रहे थे जैसे अभी मुझे HI खा जायेंगे ऐसा लग रहा था अब मई उनके पास गया बोलै.



राज- क्या हुवा चलो खाना कहने..



निशा- हां चलो पहले खा लेते है फिर बाद मई बात करते है संजू.



संजू- हां दी चलो..



RAJ(MAN)- साला लगता है इनको पापा ने बताया है इस लिए ऐसा बात कर रही है दोनों इनको तो मानना पड़ेगा नहीं तो वाट लगा देंगी दोनों मिलके.



निशा- क्या हुवा चलो अब्ब खाना नहीं खाना क्या..



राज- हम्म है आया दी चलो ..



हम तीनो वह गए डाइनिंग टेबल के पास जहा पापा और माँ बैठे थे वो कुछ बाते कर रहे थे तो मुझे देख के माँ बोली..



माँ- आ बीटा तू आ गया चल खाना कहने बेथ जा आज न सब तेरी पसंद का कहना बनाया है..



राज- क्या सच मई माँ आज तो मजा आएंगे..



हम सब कहना कहने बेथ गए और फिर माँ बोली.



माँ- बीटा तू एक महीने क लिए बहार जा रहा है वह खाना टाइम पर खा लेना और अपना धायण ठीक से रखना.



निशा- हां और हमें पहिने करते रहना टाइम पर..



राज- दी पहले खाना कहा ले फिर बात करते है सहती से..



फिर कोई बोलै नहीं सब ने शांति से खाना कहाया और फिर हम सब बेथ गए सोफे पर तो निशा ने बोलना सुरु किया



निशा- अब बोल क्या कह रहा था..



राज- देखो दी आप को पापा ने बतया होंगे की मई जा रहा हु 1 महीने के लिए और मई जहा जा रहा हु वह किसी भी फ़ोन की सुविधा नहीं है और नहीं इंटरनेट सुविधा तो मई आप लोगो क कांटेक्ट मई नहीं रहनगा ..



निशा- क्या वह फ़ोन भी नहीं ले जा सकता ऐसी कोनसी जगह है ..



पापा- देखो बीटा अब मुझे भी उसे दूर बेहजना अच्छा नहीं लगता लेकिन क्या करू उसका जाना जरुरी है और इसमें HI सब की बहलायी है..



निशा- फिर मई भाई से बात कैसे करुँगी..



राज- दीदी 1 HI महीने की बात है ना आप चिंता क्यों करती हो मई जल्दी HI आ जुन्गा वापिस.



निशा- फिर भी बही संजोना .हम तुजसे कभी इतना दूर रहे नहीं और वो भी बिना बात किये रहने की बात कर रहे HO..TUM



पापा- देखो बेटी अब मान भी जाओ उसका जाना जरुरी HAI..SAMJONA



निशा- पर पापा



माँ- निशु तुम अब बस भी करो न मुझे भी अच्छा नहीं लगता लेकिन कोई ऐसी वजह होंगी इसी लिए तो जा रहा है अब बस कोई इस बात पे बात नहीं करेंगे चलो जल्दी सो जाओ सुबह उसको निकल न भी है..



निशा- OK MOM(MOOH बिगड़ KE)OR अपने रूम चली गयी..



पापा- तुम भी ऐसा बात करते है क्या देखो वो कैसे रूठ गयी..



राज- पापा मई हूँ न मई मन लूंगा चलो अब सोने चलते है.



फिर पापा और माँ हम को गुड निंगहत बोलके चले गए और मई और संजू बैठे थे तो संजू बोली..



संजू- क्या आप के बिना इतने दिन कैसे जायेंगे हमारे वो भी बात किया बिना.



राज- देखो संजू अब तुम्हे तो हिमायत रखनी होंगी दीदी और माँ को भी मेरे बिना अच्छा माहि लगता अब मई नहीं हु तो तुम्हे HI उनको संभालना होंगे .



संजू- पर मेरा क्या..



राज- तुम भी न मई कही दूर थोड़ी जा रहा हु तुम समझने की कोशिश करो मेरा जाना जरुरी है अब तुम रूम मई जाओ मई और हां मेरे रूम मई जाना वह मई आऊंगा दीदी को मनके OK और नींद आये तो वह सो जाना OK..



संजू- जल्दी आना मई जा रही हु आपका सामान पैक किया की नहीं..



राज- हां किया तो है लेकिन तुम दुख लेना कुछ रह गया हो तो रलह DENA..OK..



फिर संजू मेरे रूम चली गयी और मई उठ के दीदी के रूम चला गया दूर खुला HI था यो मैंने हलका पूछ किया तो खुल गया मई देखा तो दी अंदर उलटी लेती हुयी थी सायद रू रही थी..



मई अनादर आया और दूर को बनĎ किया और बीएड पे बेथ गया दी को सीधा किया तो देखा दी की आँखों से पानी बह रहा था.



राज- अरे दी आप रो क्यों रही हो..



निशा- तो क्या करू तू है की हमें छोड़ के जा रहा है यहाँ तुम्हारे बिना 1 मिनिट भी नहीं रह सकती मई और तुम जा रहे हो 1 महीने के लिए और फ़ोन भी नहीं कर सकती हु तो क्या मुझसे अच्छा लगेगा तेरे बिना..



राज- अच्छा बाबा पहले रोना बंधा कर मेरी पगली बहना इतना प्यार करती है MUJSE..CHAL अब हंस नहीं तो मई नहीं जाऊँगा..



निशा- सच नहीं JAONGE..SMILE करते हुए..



राज- क्या करू मेरी भी इच्छा नहीं हैं जाने की लेकिन अब पापा ने कहा है कुछ सोच के HI कहा होंगे सायद इसी मई हमारी भलाई हो तो जाना तो पड़ेंगे HI..



निशा- अच्छा लेकिन ...



राज- लेकिन क्या मैंने उसे बहो मई ले लिया और उसके बालो मई हाथ हुमा रहा था..



वो मुझसे ऐसी लिपट गयी की जैसे मई कही भाग न JAAU..USKE खास के गले लगा ने से उसके बूब्स मेरे साइन मई चुभ रहे THE..LEKIN अभी मेरे मन मई कोई गलत विचार था नहीं ..



निशा- भाई मेरा जवाब नहीं दिया तूने ..



राज- देखो दी मई उसके बारे मई HI सोच रहा हु सायद ऐ 1 महीना तुमसे दूर रहिनागा तो उस जवाब का सही ाँस दे पाऊंगा तुम्हे मई इस लिए ऐ जाना भी जरुरी HI है क्या पता मुझे इस बारे मई जयादा सोचने का टाइम मिल जाय सामजी पगली...



निशा- अच्छा तो कोई बात नहीं मई इन्तजार करुँगी ..



राज- चल अब सो जा सुबह मुझे जल्दी जाना है तुम मुझे अपनी पैरी स्माइल देने उठेंगी न सुबह जल्दी..



निशा- मेरे मेथी पे हल्का किश करते हुए बोली क्यों नहीं मेरा भाई को मई सुबह ाची वाली स्माइल तो डिंगी HI ..



राज- चल गुड निंगहत DI..SO जा चल..



निशु- गुड निंगहत बाबू ..



मई भी उसे समजा के निकल गया अपने रूम MAI..OR वह संजू बीएड पे बैठी मोबाइल मई देख रही थी..



राज- क्या कर रही हो अभी तक सोई नहीं तुम..



संजू- नहीं मुझे नींद नहीं आ रही है..



राज- और ऐसा क्यों भला.



संजू- बस ऐसे HI..



राज- अच्छा ऐसा .



संजू- तो कैसे आएँगी नींद आपके बिना इतने दिन कैसे जायेंगे यही सोच रही हु..



राज- चल इधर आजा सोते है हम दोनों मेरे साथ आज सो ंगी न तुम ..



संजू- मई यहाँ आपके साथ कोई देख लेंगे तो..



राज- कोई नहीं देखेंगे सुबह सबसे पहले मुझे HI उठना है मई तुम्हे उठा दूंगा चल आज क बाद अब 1 महीना तुम्हारे बगैर रहना है तो आज क्यों न ाची नींद लू तुम्हारे साथ मुझे चीन की नींद आती है..



संजू- (सरमाके) अच्छा कोई बात नहीं सुबह उठा देना मुझे जल्दी..



राज- OK



फिर हमदोनो बाटे की और मई संजू को बाते करते करते लिपट कर सो गया पता HI नहीं चला और उसने मुझे ऐसे लिपट कर सोने भी दिया वो भी कुछ बोली नहीं





SANJU(MAN)- देखो तो कैसे बेहराम की तरह लिपट के सोया है फिर भी नींद मई कितना क्यूट और मासूम लगता HAI..HAAY इसके बिना कैसे निकलेंगे इतने DIN..AISA सब सोचते सोचते सो गयी पता HI नहीं चला कब नींद आ गयी .





सुबह मेरी नींद संजू के उठाने से खुली..

संजू- उठो भी राज 4 बज गए तुम जाना नहीं है चलो रेड्डी हो जाओ..



राज- मैंने नींद मई HI उसका हाथ पकड़ के मेरे ऊपर खींच लिया यार सोने दे ना क्यों परेशां करती है..



संजू- पैराहन कहा कर रही हु उठो भी कोई आ जाएंगे चलो छोड़ो मेरा हाँथ जल्दी करो..



राज- आंखे खोलते HUYE..KYU अच्छा नहीं लगता ऐसे..



संजू- जल्दी से सरमाके कड़ी हुयी और भाग गयी अपने ROOM..MAI.





राज- पगली शर्मा गयी..



मई खड़ा हुवा फ्रेश हुवा और अपना सामान लेके निचे गया 5 बज गए थे तो मई निचे आया तो दी संजू पापा और माँ सब वह बैठे थे और मंगल भाई भी थे वह ..



मंगल- आ गए भाई उठ क कहल जल्दी से कॉफ़ी पो ले हमें जाना भी है फ्लाइट का टाइम हो जाएंगे चल..



पापा- हां चलो जल्दी..





फिर हमलोग साथ मई बेथ के कफ पिया और फिर सब मुझे छोड़ने एयरपोर्ट आये तो सब की आंखे नाम हो गयी मैंने सब को संजय और सिमले करवाई और सबसे विदा लेके निकल पड़ा अपने ट्रैंनिंग पे...

सब मुझे जाते हुए देख रहे थे मई और मंगल भाई जब तक पलने मई नहीं बैठे तब तक सब लोग देख रहे थे आखिर कर पलने ने उड़ान भरी और हम निकल गए अपनी मणिजील की और.



कुछ जानते बाद प्लेन लैंड हुवा तो ानाओंके हुवा की हूँ अपने स्टिसों यानी की शिमला मई पोहच गए है.





हम निचे उतरे प्लेन क तो वह जैसे HI हम बहार आये ैरोपर्ट की वह 4 से 4 गाण्डीय कड़ी थी ब्लैक कलर की और सब वह ब्लैक शूट मई खड़े थे गन लेके मैंने भाइबसे पूछा ..



राज- भाई ऐ कोण है जो हमें हाथ कर के बुला रहे है..



मंगल- वो हमें लेने HI आये है और हमरे HI आदमी है सब ..



राज- क्या इतने लोग हमें लेने आये है..



मंगल- अब भाई जहा मंगल भाई हो वह उसकी फौज तो आजाती है लेने क लिए..



राज- ओह्ह तो ऐ सब आपके पर्सनल बन्दे है..





उन्हें देख कर HI लग रहा था की सब के सब वेल त्रिनेड सिक्योरिटी गार्ड THE..SAB हटी काटे.. सेल ऊँचे भी इतने थे सब ब्लैक गॉगल्स एंड बालक शूट मई गन लेके खड़े थे और एक HI कार सब के पा और सब की NO प्लेट भी शामे साला लग रहा था जैसे कोई विप नेता की कार कड़ी है.



सामने से एक आदमी दौड़ता दौड़ता आया और एते HI मंगल भाई से बोलै..



आदमी- सलाम BAHI..ANE मई कोई परेशानी तो नहीं हुयी न..



मंगल- नहीं नहीं कोई परेशानी नहीं हुयी शेरा ...





ओह्ह्ह तो इसका ना. शेरा है..



शेरा- भाई ऐ HI हमरे मालिक राज बाबू..



मंगल- हां यही है मिल LE..INSE..



शेरा- सलाम मालिक कोई परेशानी तो नहीं हुयी आने मई..



राज- मई ना मई मुंडी हिल्यै और मंगल की तरफ देखा तो मंगल बोलै..



मंगल- सब बताता हु पहले कार मई बैठो फिर बताता हु..



शेरा - हां मालिक आयी न कार मई बैठो मई आपका सामान रखवा देता हु..



शेरा ने इशारा किया दो गार्ड आके सामान कार मई रख दिया और फिर हमें लेके सेरा बीच मई कार थी उसमे बिठाया वो खुद आगे की सहित मई बैठा मई और मंगल पीछे की सहित मई..



मंगल- हम्म तो ये है शेरा मेरा ख़ास आदमी बचपन का मेरा दोस्त भी है और शिमला का सब सिक्योरिटी का इंतजाम इसका है हमरी 1 बहुत बड़ी होटल यहाँ अभी अभी HI बननी सुरु हुयी है.. तो ये सब उसके HI देख भाल भी करए HAI..OR यहाँ सेक्युरिटी की एजेंसी भी चलता HAI..PRIVET सिक्योरिटी जो हमरी HI कम्पनी की है यहाँ के मिनिस्टर से लेके बिज़्नेस्मेन को हमारी HI सेक्रेटी HI डेल्ह भाल करती है ये इन सब का लीडर है..



शेरा- मई कहा भाई लेदर तो हमरे आप हुए न..



राज- अच्छा शेरा लेकिन यहाँ तू सम्भलते हो न तो लीडर तुम हुए ना अच्छा लगा तुमको MILKE..WESE बॉडी सदी ाची बनायीं है..



सेरा- मालिक मुझसे तो ाची आपकी बॉडी है एकदम परफेक्ट फाइटर की तरह लग रहे हो आप..



मंगल- ऐ कोई काम नहीं है फाइट मई ाची ाची को ड्यूल छठा देता है शेरा ..



शेरा- क्या सच मई भाई ..



मंगल- हां क्यों नहीं..



राज- आप भी न भाई क्यों क़हक़हा तारीफ कर रहे HO..YAAR..



शेरा - मालिक इसमें एक ाची फाइटर की HI तारीफ होती है..



राज- शेरा पहले तुम मुझे मालिक कहना बांध करो यार मुझे ये वर्ड अच्छा नहीं लगता और मई तुमसे छोटा भी HU..SAMJE आज से तुम मुझे सिर्फ नाम से या भाई कह के बुलाओ.



शेरा- मई नाम से तो नहीं बुला सकता भाई लेकिन राज भाई कहूंगा अच्छा चलेंगे न..



राज- अभी हम कहा जा रहे HAI..SHERA..



शेरा- अभी हम हमरे बंगलो पे जायेंगे वह थोड़ी देर रेस्ट करके आपको मंगल भाई लेके निकल जाएंगे कार से..



राज- हम्म ये लोग हमरे साथ नहीं आएंगे क्या मंगल भाई..



मंगल- नहीं वह जाना और उसका रास्ता सिर्फ काम HI लोग जानते है जो बहुत कहस हो उस आश्रम के समाज गए अब आगे इसका जिकरा कभी मत करना..



राज- अच्छा भाई समाज GAYA...MAI गर पर फ़ोन कर के बता दू की मई पोहंच गया..



मंगल- अच्छा बता दे .



मई गर पर फ़ोन करके बता दिया की हम पोहंच गए है और अब फ़ोन सित्वच ऑफ रहेंगे तो फ़ोन तरय मत करना ऐसी बाते करके मई फ़ोन रखा ..



हम थोड़ी देर बाद एक बढ़िया बंगलो पे पोहचे जो एक पहाड़ पे था वह सिर्फ ठंडी ठंडी हवाएं और क्या मौसम था यार मुझे तो मजा आता है ऐसी जगह पर मई बंगलो देख कर बोलै.



राज- वाओ भाई क्या जगह है किसका बंगलो है ये और ये जगह सिर्फ पुरे पहाड़ पे अकेला बंगलो वाओ काफी ाची जगह है दिल खुश हो गया मेरा..



मगल- भाई ये तेरा HI गर है और ये जगह भी



राज- क्या हमारा लेकिन वो कैसे यहाँ तो शेरा और बाकि सब रहते है..



मंगल- ये तेरे पापा ने लिया है और यहाँ जो साइड मई कॉन्सट्रिक्शन का काम चालू है न वह एक बड़ी सी होटल बनने वाली है पुरे शिमला की टॉप मई से एक ..



राज- उह वाओ भाई बहुत बढ़िया कभी बन जाए बाद मई यहाँ गुमने के लिए जरूर आऊंगा मई..



मंगल- हां क्यों नाहिबोर वैसे भी अब आगे चल कर तुम्हे तो सब संभल न है..



फिर हम अंदर गए खाना खाया और फिर थोड़ी देर आराम किया फिर ुअत के मैंने अपना मोबाइल सब स्विच ऑफ करके शेरा को सँभालने दिया और कह दिया की इसे सहबाहल के रल्हन 1 महीने तक इसे कोई चुना भी नहीं चाइये ये मेरा तुम्हारे पर भरोसा है टूटने मत देना..



शेरा- राज बही मई अपने वूसलों का पका हु आप की अमानत आप जब वापस आएंगे तो मिल जाएंगी..



फिर मई और मंगल भाई वह से 1 कार लेके निकल गए जो वह से पहाड़ी यो से होते हुए जा रहा था बीएच मई जंगल मई से निकला और हिमालय के बयहद निकट गए और वह ख़ुफ़िया रास्ता था जो सायद वह आगे कार नहीं जा सकती थी हम उतर क चलके गए 1 कम तक और सामने HI बहुत HI खूबसूरत नजारा दिखयी दिया उसे देख के मंगल बोलै .



मंगल- आ गयी तुम्हारी मंजिल



राज- क्या ये वही जगह है..



मंगल- हां..



राज- उह माय गॉड सो बेटूटीफुल्ल प्लेस इन थे एअर्थ ..



मंगल- अभी तो अंदर जेक देख बढ़िया जगह है जाने का मन नहीं करेंगे और यहाँ रहने वाले भाई बहुत बढ़िया है..



राज- चलो फिर..



हम थोड़ी देर मई आसाराम के गेट तक पोहंच गए थे..







अब्ब्ब देखते है आगे क्या क्या होता है राज की जिंदगी मई ...



इस ट्रैनिंग को जल्दी HI ख़तम करने वाला हु मई क्यों की यहाँ के लोगो का कोई खास रोल नहीं कहने मई सायद सेरा और उनकी वो जगह का रोल होंगे लेकिन इस आश्रम का तो अभी कोई रोल नहीं होंगे सिर्फ ट्रैनिंग HI होंगी यहाँ OK......COMEENT जरूर कीजिएगा अपनी राय जरूर देना सब
 
अपडेट-60

मंगल- आ गयी तुम्हारी मंजिल

राज- क्या ये वही जगह है..

मंगल- हां..

राज- उह माय गॉड सो बेटूटीफुल्ल प्लेस इन थे एअर्थ ..

मंगल- अभी तो अंदर जेक देख बढ़िया जगह है जाने का मन नहीं करेंगे और यहाँ रहने वाले भाई बहुत बढ़िया है..

राज- चलो फिर..

हम थोड़ी देर मई आसाराम के गेट तक पोहंच गए थे..

@स्टार्ट@

हम आश्रम के गेट पे पोहचे तो वह हमें रोका 2 बन्दों ने जो यहाँ आश्रम के सामन्य कपड़ो मई थे जो दिखने से हेट काटते लग रहे थे और काफी मजबूत भी थे वो उन्होंने मंगल भाई को पहचान लिया था इस लिए हमारी सिर्फ चेकिंग हुयी इस आश्रम के रूल्स के अनुसार जब हमारी चेकिंग चल रही थी तो सामने से एक भूदा दौड़ता दौड़ता आया और उन्दोनो को बोलै .

बूढ़ा- अरे ऐ क्या कर रहे हो तुम दोनों किसकी तलाशी ले रहे हो तुम्हे मालूम है ये कोण है चलो आने दो इन्हे अंदर ..

जैसे HI उन्होंने कहा तो हमें अंदर जाने दिया और मंगल भाई जाट से उनके पेअर छुए और ैसवाद लिए ..

मंगल- पेअर छू के बोले परम गुरुदेव..

GURUDEV-SADA खुश रहो मंगल आखिर तुम ाही गए उसे ले कर हां..

मंगल- गुरुवार राग्वेंद्र आप तो अतंतर यामी है आपको तो सब पता HI है की हम आने वाले है ..

राग्वेंद्र- हां अच्छा किया जो तुम इसे यहाँ लेके आये मई भी कबसे इंतजार कर रहा था इसकी हमारा परिचय नहीं करवाओगे इसे..

मंगल- हां क्यों नहीं गुरुदेव.

मंगल- राज ये है इस आश्रम के गुरु राग्वेंद्र जो पुराणी युद्ध कलाओ मई माहिर और उन्होंने HI मुझे ट्रेंग दिया था मई भी उनका HI शिष्य हु और पता है इन्होने तुम्हारी कुंडली देख कर HI तुम्हे यहाँ सीखा ग्रहण करने बुलाया HAI..UNKA आशीर्वाद लो पीर चुके..

राज- प्रणाम गुरुदेव RAGVENDRA(PAIR छू क)

राग्वेंद्र- मेरे सर पर हाथ रख कर बोले सदा विजय भाव पुत्र..

राग्वेंद्र - चलो मंगल अंदर चलो आज तुम्हे यही रुकना है और फिर सुबह HI निकल जाना..

मंगल- जी गुरुवार..

मई मंगल और गुरुवार राग्वेंद्र अंदर गए मई तो देखता HI रह गया साला अंदर से तो और भी खूबसूरत नजारा था क्यों की हर तरफ ऊँचे ऊँचे पेड़ अलग अलग आयुर्वेद के पौधे रंगबेरंगी फूल और एक बाजु अखाडा जहा कुछ लोग कुस्ती कर रहे थे और कुछ लोग लकफदी से युद्ध अभयस कर रहे थे और कुछ लोग तलवार बजी कर रहे थे मई ऐ सब डेल्ह कर हिरन रह गया साली क्या जगह है यहाँ तो मजा आ गया ..रहने मई भी मजा HI आएंगे..

फिर हम एक आश्रम की कुटिया मई गए जहा पर 10 से 12 लोगो को 1 गुरु सीखा दे रहे थे और वो पढ़ा रहे थे ... उसके बाजु वाले कमरे मई हमें बिठाया गया जहा गुरुवार राग्वेंद्र आसान पर बैठे और बोले..

राग्वेंद्र- भगवन कहा गयी जरा देखो तो कोण आया है ..

अंदर से एक महिला आयी जो दिलहन मई एक दम गोरी और उसने श्री पहनी थी उनके लम्बी काळा बाल खुले थे और गजब की माल लग रही थी जो मंगल को देख कर बोली..

भगवन- अरे कोण आयाहै..

राग्वेंद्र- यहाँ देखो तो सही आज कोण आया है हमरे यहाँ..

भाग्यवान -मंगल की तरफ देख के अरे मंगल बीटा तुम यहाँ ..

मंगल- जेक उनके पेअर CHUE..SAKUNTLA माटी..

शकुतंला - सदा खुश रहो बीटा..

उन्होंने मेरी तरफ डेल्हा फिर मगल को बोले .

शकुतंला- ये कोण है मंगल बीटा..

मंगल- यह परताप बही का बीटा राज..

सकुंतला- क्या परताप का बीटा RAJ..ITNA बड़ा हो गया..

मंगल- इनका आसिरवाद नहीं लेगा .राज..

राज- मई उनके पेअर छुए .

तो उन्होंने मेरे सर पर हाथ फेरा और मुझे गले लगया लिया ..

सकुंतला- कितना बड़ा हो गया है बीटा बिलकुल अपने बाप पे गया है ये कितने साल बाद देखा तुम्हे जब तुम्हारा जन्म हुवा था तब आये थे तुम यहाँ अपने पिता के और माता के साथ ..

राज- क्या आप मेरे माता पिता को जानती है और मई यहाँ भी पहले आ चूका हु..

सखूंटला- हां क्यों नहीं वही तो है जो इस आश्रम का सारा पिसा देते है और जिनकी वजह से ऐ सब चल रहा है .

मंगल- हां ये सब तुम्हे मालूम नहीं अभी ऐ 1 महीनो मई तुम सब जान जाएंगे और भी है जो तुम्हे जानना है..

राज- हां मुझे भी अब जानना है अपने बारे मई और यहाँ के बारे मई भी..

मंगल- बताऊंगा आज रात को तुम्हे मई साड़ी बाते विस्तार से बतावुंगा की क्यों तुम्हे ट्रैनिंग दिया जा रहा है और तुम्हारा ुडीश क्या है..

सकुंतला- अच्छा बीटा तुम लोग बाते करो मई खाने का परबन्ध करती हु..

फिर गुरु वर ने हमें बताया की यहाँ क्या क्या होता है और कोनसी कोनसी युद्ध कलाओ को सिखाया जाता है और आयर्वेद का गायन भी दिया जाता HAI..OR बहुत सी बाते ह्युई और फिर मंगल भाई ने बताया की मुझे बेसिक ट्रेंग दी गयी है यहाँ की तो कल से युफ अभयस होंगे मेरा ये सब बताया गया ..

फिर कुछ देर के बाद हमें खाना खिलाया और सब आराम करने लगे तो मंगल मुझे पूरा आश्रम घुमाया और सब जगह दिखाई मई दुख के बहुत खुश था और मुझे मजा भी बहुत आया ..और ऐसे HI सहम हो गयी फिर खाना कहाया और हमें सोने के लिए एक कुटिया दी गयी जहा मुझे रोज सोना था और मंगल भाई भी वह सोये आज फिर मई बोलै .

राज- बही अब बताओ मुझे की क्यों मौजे ये सब ट्रेंनिग दिया जा रहा है.

मंगल- तो सुनो जब तुम छोटे थे तब की बायत है..

फिर मंगल ने मुझे बताया की कैसे मेरे माता पिता का दिल्ही आये और क्यों उन्होंने गर छोड़ा और इतना HI नहीं उनकी मुलकलत डॉ से हुयी और उन्होंने HI मेरा जीवन बचाया उनका डवत कैसे हुयी उनके दुश्मनो कोण है और कैसे ख़तम करने है सब बताया गया ...और उसके बाद उनका और पापा का मिलान हुवा कैसे उनका बिज़्नेस बना कैसे पापा ने मंगल भाई को टेरिंग दिया और किन किन परिशतिया से गुजरे थे वो कैसे उन्होंने इतना बड़ा बिस्सनेस कहड़ा किया ये सब बताया मुझे यहाँ क्यों और लैब लेके आये थे वो सब वूस्टर से सुनने के बाद मई बोलै..

राज- क्या इतना साडी बात अब्ब तक मुझे क्यों नहीं बताई गयी भाई..

मंगल- क्यों अभी तक ऐसा समय नहीं आया था की तुम्हे बताया जाय ये भी गुरुदेव राग्वेंद्र का HI आदेश था और जब तुम ऐ सब करने के काबिल होंगे तब HI बताने का आदेश था..

राज- चलो ऐ सब बाटे तो समाज आ गयी लेकिन मेरा परिवार भी है गाँव मई वो भी मुझे बताया नहीं क्यों आखिर ऐसा क्यों भी..

मंगल- देख राज इसमें ऐसा था की तुम्हारे दादा ने तुम्हारे माँ डैड के बहग के सदी हुयी की थी तो तुम्हारे दादा के ाची दोस्त की बेटी थी तुम्हारी माँ इन्ही वजह से तुम्हारे दादा की सस्ती टूटी थी उस वजह से तुम्हारे माँ और डैड को गर से निकल दिया तुम्हारे दादा ने क्यों की उनका सबसे पायरा दोस्त थे तुम्हारे नाना इस लिए और अभी भी तुम्हारे दादा के बारे इस लिए नहीं बताया क्यों की तुम्हारे पापा वापिस जाना नहीं कहते थे अपने गर इस लिए नहीं बताया लेकिन अब परिष्ती और HI है वह..

राज- ओह्ह इतना सब कुवह हुवा मेरे माँ डैड क साथ और हमें पता HI नहीं है अभी तक और हां क्या पृष्ठि है ऐसी जो मुझे ये सब बताया गया..

मंगल- देखो राज ऐ बात अभी तक तुम्हारे पिता को भी नहीं पता सिर्फ मुझे HI पता है मई में उनको भी नहीं बताया है क्यों की मई सबसे पहले तुम्हे HI बताना छठा था की तुम्हारे पिता के गर से निकले जाने से तुम्हरे दादा को बहुत दुःख हुवा था क्यों की तुम्हारे पिता उनके सबसे प्रिय पुत्र थे और ऐ सब उनके सबसे बड़े दुश्मन के कारण हुवा था वो बात अभी तक किसीको पता नहीं है उन्होंने HI तुम्हारे नाना और दादा के बिच फुट पादि थी और दोनों मई मतभेद कड़े कर के जगदा करवाया और आज सब दुसमन की तरह रह रहे है..

और उतना HI नहीं जब तुम्हारे पापा चले गए तो तुम्हारे दादा का बिसनीए भी डाउन होने लगा जो अभी काफी लॉस मई चल रहा है और उतना HI नहीं तुम्हरे गाँव मई बहुत बड़ी फैमिली भी है िर तुम्हारे दादा का नाम बहुत बड़ा है तुम्हारे गांव मई और उनकी दुसमन ने ऐसी चले चल कर टुंगरी परिवार के दिन बहुत कहरब पृष्ठि मई गुजर रहे है और वैसा HI तुम्हारे नाना के परिवार मई हो रहा है ..

राज- क्या इतना सब हो रहा है और अभी तक पापा को भी पता नहीं है..

मंगल- हां क्यों की तुम्हारे पापा अभी तक तुम्हारे दादा से नाराज है इस लिए उन्होंने कभी उस दिन के बाद उस गांव और उनसे कभी कोई कॉन्टेक्ट रखा HI नहीं ..

राज- ये सब आपको कैसे मालूम भाई..

मंगल- क्यों की ये जो गुरु राग्वेंद्र है वो तुम्हारे पूर्वजो के भी गुरु रह चुके है और तुम्हारे दादा भी उनके है शिष्य HAI..RAGVENDRA गुरु के पिता तुम्हारे दादा के गुरु थे और अज़ाब बाते मुझे गुरु राग्वेंद्र ने बताई थी तब मने इन सब बाटू की जानकारी हैसल किया और तब मिजे सब सच्ची पता चली लेकिन गुरु देव ने मुझे मन किया था की अभी परताप को बातमे का सही समय नहीं आया है..

राज- और ऐसा क्यों किया और हां दादा भी यही कभी कभी आते होंगे NAA..TO उनको गुरु देव ने बताया नहीं की पापा अभी भी यहाँ एते है..

मंगल- हम्म तुम्हारी बात बिलकुल सही है टेकिन उसमे तुम्हारे पापा ने मन किया हुवा था की तुम्हारे दादा को उनके बारे मई बताया न जाय और तुम्हारे दादा की पृष्ठि के बारे मई क्यों नहीं बताया वो तुम्हे बताने के बाद कहा था गुरु देव ने..

राज- और ऐसा क्यों भाई..

मंगल- क्यों की जब तुम्हे लेकर तुम्हारे पापा यहाँ आये तब गुरु जी ने टिहरी कुंडली देखि थी तब उन्होंने कहा था की जब तक तुम्हारी ुमार 18 साल से बड़ी ना हो जाय तब तक न बताया जाय किसी बात को..

राज- आज तक मुझे लगता था की मेरा परिवार इतना HI है लेकिन आज पता चला की मेरे परिवार मई भी दादा और दाई है..

मंगल- सिर्फ दादा और दादी नहीं नाना नानी चाचा और चची. मां और ममी

बुवा और फूफा इतना HI नहीं बहुत से लोग है तुम्हारे फैमिली मई ..और इनसब को बचाना भी हकी तुम्हे और तुम्हारे पापा से मिलवाना भी तुमको HI है ..इसी वजह से तुम्हे ये सब ट्रेनिंग की जरुरत है तुम्हे हम ऐसा योद्धा बनाना कहते है की जो भी तुमसे मुकाबला करे वो धूल छत्ता रह जाय और उन डॉकटरोस का भी आशीर्वाद रूप तुम्हारे सरीर मई उनका फार्मूला का होना जो तुम्हे लड़ने मई ियनि ऊर्जा और इतनी स्पीड देता है जो किसी आम इंसान के पास भी नहीं है ..

राज- हां उन्होंने मुझे नया जीवन दिया है उनका क़र्ज़ तो मई चुकाऊंगा HI और साथ मई मई अपने फॅमिली को भी एक कर के रहूँगा भाई छाए उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े..

मंगल- मई भी यही छठा हु और गुरु जी भी यही कहते है की तुम्हारे पापा और दादा और चाहा सब पहले की तरह एक कुशल और आन्नद मई जीवन जियो ..और इस समाज की गंदगी को साफ़ करने के लिए HI तुम्हारा जनम हुवा है ऐसा गुरु देव ने कहा HAI..OR उतना HI नहीं ये जो अत्याचार और सब हो रहा है उन सब के खिलाफ सिर्फ तुम्हे HI लड़ना है इस लिए ये सब तुम्हे मई बता रहा हु क्यों की तुम अब जो भी यहाँ सिखने वाले हो वो सब आगे जेक तुम्हारे बैठ काम आने वाला HAI..SAMAJ गए NAA..OR हां जब तुम यहाँ से जैसे HI ट्रैंनिंग ख़तम करेंगे तब तुम्हे अपने आप रास्ता मिल जाएंगे की कैसे तुम्हे आगे बढ़ाना है तक ऐ बात मेरे तुम्हारे और गुरु देव के बीच HI रहेंगी..

राज- ऐसा HI होंगे भाई अब मुझे जीवन का लैक्स मिल गया है अब आएगा मजा साला कबसे बोर हो रहा था की ऐ सब सिख के किसपे इस्तमाल करू ..

मंगल- अभी ज्यादा खुस ना हो अभी तो बहुत कुछ सीखना है तुम्हे समाज गए बाकी सब बाते गुरु देव बताएँगे तुम्हे OK चलो सो जाओ तुम..

राज- OK गुड निंगहत भाई..

मंगल- गुड निंगहत

हम दोनों सोने की कोशिश कर रहे थे मंगल भाई तो सो गए लेकिन मेरी नींद कोसो दूर थी एक तरफ मुझे ख़ुशी थी जान के की मेरा इतना बड़ा परिवार है और एक तरफ दुःख की मेरी जिंदगी बचने क लिए डॉ ने अपनी जान गवई और उनके लिए कुछ करने का अब जेक मौका मिल रहा था उतना HI नहीं बहुत कुछ गाठ गया था मेरी जिंदगी मई वो सब मुझे जाने की बहुत व्यकुलता थी फिर ये सब सोचते सोचते सो गया मई..

भाई यो गाँव मई कोण दुश्मन है और उनकी राज क दादा और नाना से क्या दुश्मनी है ये सब कहानी आगे पता चले ंगी जैसे जैसे कहानी आगे जाएंगी वैसे वैसे और अभी सिर्फ राज को मंगल ने सिर्फ ऊपर उअप्र से सब कहा है की कोण कोण फैमिली मई है सिर्फ बताया है की काया के हुवा है उनके साथ KESE..YE सब आगे आगे मई एक एक करके बता ूँगा..

 
दोस्तों ऐ मेरी पहली स्टोरी है जो जिसको मई बहुत म्हणत करके लिख रहा हु उसका भी एक रीजन है की मुझे स्टोरी रिड करना ाचा लगता है और ऐ स्टोरी पूरी लिख के मई खुद रिड करने वाला हु इस लिए इस स्टोरी मई अपनी पूरी कोशिश और म्हणत से लिख रहा हु कभी कभी कोई भूल भी होंगी स्टोरी मई तो उसको इग्नोर करके आप मजा लीजिये स्टोरी का और कमेंट करके मुझे साजिश भी कर सकते हो की ऐसा होना चाइये ऐसा हो वैसा हो तो मई स्टोरी मई डालने की कोशिश करूँगा अपने हिसाब से बस आप लोग ऐसे सपोर्ट करते रहना भाई लोग
 
अपडेट-61

राज- ऐसा HI होंगे भाई अब मुझे जीवन का लैक्स मिल गया है अब आएगा मजा साला कबसे बोर हो रहा था की ऐ सब सिख के किसपे इस्तमाल करू ..

मंगल- अभी ज्यादा खुस ना हो अभी तो बहुत कुछ सीखना है तुम्हे समाज गए बाकी सब बाते गुरु देव बताएँगे तुम्हे OK चलो सो जाओ तुम..

राज- OK गुड निंगहत भाई..

मंगल- गुड निंगहत

@ स्टार्ट @

सुबह मेरी नींद खुली मंगल भाई के जगाने से और यहाँ शिमला की ठंडी ठंडी हवाएं चल रही थी मई मगल भाई बोले..

मंगल- अबे उठ बे कितना SOYENGA..ABB रोज यहाँ 4 बजे उठना पड़ेंगे ..

राज- कोई बात नहीं भाई मई तो दिली यही टाइम पे उठता था आपको तो पता HI है..

मंगल- चल बहार की ठंडी हावये खले फ्रेश होने क लिए ले जाता हु तुजे मई..

हम दोनों बहार आये बहार का खुशनुमा वातावरण था यार दिल खुश हो गया सब जगह धूमस HI था और ऊंचाई पे तो और भी बढ़िया ठंडी हावये चल रही थी मई सब जगह देख रहा था तो वह सब रहने वाले सुबह को जल्दी उठ जाते है ऐसा लग रहा था क्यों की गुरु जी राग्वेंद्र वह कुछ सिसयो को सूर्यनमस्कार करवा रहे थे और वो खुद योगासन और योग कर रहे थे तो मई देख रहा था धायण से तो मंगल बोलै..

मंगल- भाई देख ले ध्यान से अब्ब से तुम्हे ऐ सब रोज करना पड़ेगा सुबह उठ के अभी हिबसुरु हुवा है ऐ सब ब्रह्म मुरात मई उठ जाते है..

राज- हम्म कुछ नया सिखने को मिलेंगे यहाँ बढ़िया है ..

मंगल - चल हम तब तक फ्रेश होक आते है..

राज- अबे यहाँ फ्रेश होने कहा जाना है

मंगल- यहाँ सब कमान जगह है फ्रेश होने क लिए चल दिखता हु मई तुम्हे..

फिर मंगल भाई मुझे लेके एक कोने मई ले गया जहा नहाने क लिए 2 से तीन बहतरों बनाये गए थे और सोच करने के लिए 2से3 टॉयलेट ..तो हम दोनों यहाँ गए और फ्रेश हो गए और फिर कपडे पहन के तैयार हो गया और मंगल मुझे लेके गुरुदेव के पास ले गया..

राग्वेंद्र- अरे राज बीटा उठ गए तुम आओ आओ इधर .

राज- जी गुरुदेव..

मनगल- पेअर छू क परनाम गुरु देव..

राज- मानिए भी पीर च्ये और परनाम किया .

सब लोग हमारी तरफ HI देख रहे थे तो गुरु राग्वेंद्र ने सबको मेरा परिचय करवाया..

राग्वेंद्र- सब लोग इनसे मिलो यह है इस गुरुकुल का नया शिष्य और ये यहाँ हमरे पास सिसखा ग्रहण करने आया है और इस का नाम राज प्रताप सींग है और ये अब तुम लोगो के साथ HI सिसखा ग्रहण करेंगा..

मेरा परिचय करवाने के बाद सब अपने अपने काम मई लग गए और मुझे लेके गुरुदेव अपनी कुटियाबमे ले गए और वह सकुन्तल जी ने हमें चाय और कफ दिया हमने पिया और नास्ता भी करवाया ..

फिर हम लोग वह बेथ गए और मंगल के साथ मेरे बारे मई थोड़ी देर बाते की फिर गुरु देव बोले..

राग्वेंद्र- भागयवान जरा राज को हमरे यहाँ के कपडे देदो..

थोड़ी देर बाद सकुंतला जी एक धोती और एक बनियान लेके आयी जो मुझे देइया ..

राग्वेंद्र - बीटा आज से तुम्हे यही पहनना है जब तुम सुबह उठ क फ्रेश हो जाओ तो यही पहन के प्रेक्टिस करनी है समाज गए ..

राज- पर गुरुदेव मैंने कभी ऐसा पहना नहीं है तो मुझे आता नहीं है..

राग्वेंद्र - तुम चिंता क्यों करते हो ये मंगल तुम्हे सीखा देंगे की कैसे पहना न है..

राज- क्या भाई आपको आता है पहनना..

मंगल- हां क्यों नहीं भूलो मत के मैंने यहाँ HI सीखा लिया है..

फिर मुझे बताया गया की कैसे सुबह रोज 4 बजे से पहले उठना है और नहाने के बाद सब के साथ बेथ के सूर्यनमस्कार करना है उसके बाद कुस्ती की प्रेक्टिस और उसके बाद लाठी चलना और उसके डाव पेच और उसके बाद तलवार की प्रेक्टिस और उसके बाद आयुर्वेद की किताबो का गायन लेना और अलग अलग आयुर्वेद की जाफिबुट्टी का ज्ञान लेना HAI..PHIR SHAA.M को कसरत करके सभा मई बैठना और वह वार्ता लैप करना और फिर कहना खाके सोने का यही रूटीन रहेंगे कभी कभी जंगल मई लकड़ी भी काटने जाना पड़ेंगे उतना HI नहीं बाकी बहुत से काम थे वो सब के साथ मिलके करने थे ..

राज- (मन) लगता पूरी तरह से बेंड बज जाएंगी.. मेरी ..

मंगल- और उसके अल्वा तुम्हे एक और लड़ाई की प्रेक्टिस करवाई जाएँगी जो युफ कालो मई सबसे बेहतर है जो मैंने आज तक नहीं सिख पाया मई क्या इस गुरुकुल मई राग्वेंद्र गुरु क अल्वा किसी ने आज तक नहीं सिख पाया और कभी सिखाते भी नहीं है..

राज- अच्छा ऐसा क्या है इस शिक्षा मई..

मंगल- समजलो तुम ये सिख गए तो सामने वाले को चुटकी मई बिना हतियार क ख़तम कर सकते हो जिसमे सामने वाले के सरीर पे ऐसे परहर की कोई समाज न पाए की इसे कैसे मारा गया HAI..AESE अलग अलग सरीर के अंग होते है मन्युष्यो मई की जहा उन्हें अलग अलग तरीको से मार गिरया जाता है ..

राज- जैसे चीन मई कुंग फु स्टील कहते है ऐसा HI कुछ होता है..

मंगल- हम्म बस एक तरह से ऐसा कह सकते हो TUM..EK निंजा टेरिनंग जैसा HI कुछ..

राज- ोसम भाई अब आएंगे मजा ऐ सिखने मई..

राग्वेंद्र- तुम्हे मंगल ने बताया HI होंगे की बीटा तुम्हे आगे किन किन कठिनाई यो का सामना करना है और कैसे अपने परिवार को एक करना है ..

राज- हां गुरु देव मुझे बताया HAI..OR मुझे जानकर ख़ुशी भी हुयी की मेरी वजह से परिवार फिरसे एक होंगे इस से जयादा अच्छा क्या होंगे मेरे लिए गुरुदेव.

राग्वेंद्र- तुम्हारे गन बिलकुल तुम्हारे दादा के आये है बीटा वो भी ऐसा HI सोचते है..

राज- क्या आप मेरे दादा को जानते है ..

राग्वेंद्र- हां कही तरह से वो भी मेरा HI शिष्य है ..और बिलकुल वो बचपन से थोड़ा हाथी था अपनी जिद पे आड़ जाय तो उसे मानना इतना आसान नहीं रहता ..

राज- तब तो सब को एक करना आसान काम नहीं होंगे

राग्वेंद्र- नहीं ऐसा नहीं है क्यों उसे पता नहीं है की प्रताप का एक बीटा भी है जब उसे पता चलेंगे की तुम परतप के बेटे हो तो वो अपने वारिस अपने पिटे को देखने को तरस रहा है ..वो तो खुद छठा है की कब भगवन उसे एक वारिस दे जो उसके राज पाठ को अचे से संभाले..

राज- क्या अब भी हमरे गांव मई वो पुराण राजा महराजा जैसा चल रहा है..

राग्वेंद्र- हां बिलकुल वैसा HI है तुम्हारा गांव और उतना HI नहीं तुम्हारे दादा की इजात बहुत है गाँव मई क्यों की उन्होंने HI बसाया है वो गांव सब उनको भगवान मानते है लेकिन कुछ लोग है जो उनके दुश्मनो मई आते है और उनके HI कारन तुम्हारे दादा और नाना के बितवह दरार पैदा हुयी HAI..TUMHARE पापा ने सदी की थी भाग के लेकिन उन लोगो की कपट चले ऐसी थी की दोनों परिवार मई फुट पैदा की और उनको उकसाया गया तुम्हारे पापा को गर से निकल ने क लिए तो तुम्हारे दादा को न कहते हुए भी गांव मई अपनी इजात के लिए तुम्हारे पापा को निका न पड़ा लेकिन जैसे HI तुम्हारे पापा को निकला गया तब से लेके आज तक वो दुश्मनो नै तुम्हरे दोनों परिवार मई ऐसी दुस्मणा वैट पैदा की है की दोनों परिवार एक दूसरे का मुँह दुखना भी पसंद नहीं करते और इन्ही सब की वजह से आज तुम्हारे दादा बहुत कमजोर पद गए है ..

राज- लेकिन मेरे दादा के दुश्मनो को ऐसा क्या फायदा होंगे ऐसा करके उन्हें क्या हिसल हुवा..

राग्वेंद्र- उनको तुम्हारे दादा के जैसा रुतबा चेहये और उनको सब गांव वालो को अपना गुलाम बनाना कहते है लेकिन अभी तक वो सफल नहीं हो पाए ऐसा करने मई क्युकी तुम्हारे चाचा तुम्हारे दादा की हिमायत बढ़ाते है और तुम्हारे नाना की हिमायत तुम्हारे मां बढ़ाते है इस लिए वो ऐसा करने मई सफल नहीं हो पाए लेकिन उसे और ुंलिगाली धधे करने मई सफल हुवा है वो ...जैसे दरगास आतकंवाद की मदद और भी बहुत कुछ काळा धंधे करने मई उनका बड़ा नाम है लेकिन किसी को मालूम नहीं है क्यों की उनका नाम कही भी आता नहीं है और जब देखि तब तुम्हारे दादा और नाना को पंचायत मई निचा देखने की कोशिश करता रहते है यदि तुम्हारे पिता तुम्हारे दादा के साथ होता तो आज ऐसा दिन देखने को नहीं मिलता उनको ..आज उनको अपने बड़े बेटे की कमी महसूस होती है और अपने वारिस की इस लिए मैंने मंगल के धरा तुम को इन फॅमिली को मिलाने की जिम्मेदारी सौंपी है और इन सब मई मई जो तुम्हे सिखाऊंगा वो सब तुम्हारे काम आने वाला है..

राज- अब्ब मई समाज गया की जो भी हुवा है उसमे मेरे पापा की नहीं मेरे नाना और दादा की गलती HAI..YE सब उन दसमनो की जाल मई फंस कर हुवा है और अब्ब मई उन्हें कामियाब भी नहीं होने दूंगा ..

राग्वेंद्र- ओतना HI नहीं मायने तुम्हरी कुंडली को धायण से पदः है तुम्हरा जनम भी कई नाइक काम करने के लिए हुवा है तुम इस देश के रक्षक बनोगे .

और भी बहुत कुवह है वो तुम्हे मई बाद मई बताऊंगा..

राज- समाज गया गुरुदेव आज से ाप्प मेरे गुरु हुए और मई आपका प्रिय शिष्य बांके रहूँगा मुझे आईसरवाद दीजिये की मई आपके हर एक सपने को पूरा करू आपकी हर एक उमीदो पे खरा उतरु..

मैंने राग्वेंद्र के पेअर छुए तो उन्होंने मेरे सर पर हाथ रखा और मुझे ैसवाद दिए..

मंगल- गुरु देव अब्ब मई आगया लेता हु जाने की बस 1 जानते मई निकल रहा हु राज को कुछ समजा दू फिर मई निकलता हु ..

राग्वेंद्र- कोई बात नहीं पुत्र लेकिन कहना कहके जाना नहीं तो तुम्हारी गुरुमा रूठ जाएँगी की उनके सिस्य को कहना कहए बिना जाने कैसे दिया क्यों भाग्यवान सही कहा न.

शकुतंला- हां क्यों नहीं और कितने दिनों बाद आया है तो कहना कहए बिना जाएंगे कैसे और हां इस बार जब भी आओ तो साथ मई प्रताप को जरूर लेके आना.

राग्वेंद्र- हां सही कहा उसे भी जरूर लाना इस बार ..

मंगल- हां भाई तो खुद आना कहते थे लेकिन काम ऐसा आ गया था की वो आना सके हम जब आज से एक महीने बाद आएंगे तो जरूर लेके आऊंगा मई..

राज- लेकिन अभी पापा को कुछ बताना मत की मई सब जान गया हु और उनको परिवार की हालत के बारे मई तो कुछ मत बताना इतना जरूर बता सकते हो की मई डॉ साहब वाली सब बात जान गया हु और मई उनका बदला जरूर लूंगा उन लोगो से..

मंगल- हां भाई समाज गया मई चल अब तुजे अब समजा देता हु आज बस तुम्हे सब देखना है और कल से तुम्हारा सब सिसखा का कार्य की सुरुवात होंगी..

राज- हां CHALO..BHAI.

फिर मनगल भाई मुझे कुटिआय मई ले गए और मुझे दोती पहनना सिखाया और एक बार मैंने तरय भी किया थोड़ी दिखात हुयी फिर से सिखाया तो इस बार मैंने जाट से सिख भी गया..

राज- वाओ भाई ाएतो बहुत आसान है यार और मजा भी बहुत अत है बिलकुल साउथ की फिल्म मई हीरो पहनता है ऐसा लगता HAI.YE..

मंगल- अब तुम्हे बिलकुल वैसा HI बनमा है BHAI..TIYAAR हो जाओ पूरी तरह से और वो कड़ा है ना वो भूल गया वो यहाँ रोज पिने को मिलेंगे तुम्हे..

राज- क्या अब समजा तुम यही से सिख कर आये थे इसी लिए वो बहुत कड़वा था लेकिन उसके कारन मुझे बहुत फायदे भी हुए है..

मंगल- समझता हु मई सब फायदे उसके लगता है तुमने उसका उसे कर लिया है..

राज- किसका ..

मंगल- सेक्स का बोल रहा हु उसके लिए तो वो बहुत HI गुणकारी है..

राज- क्या नहीं नहीं भाई ऐसा नहीं है..

मंगल- रहने दे मुझे सब पता है इसी लिए तो बोल रहा है की उसका फायदा हो रहा है..

राज- क्यों सेल अभी मेरी उम्र है मई ऐ सब कब करूँगा..

मंगल- अब मन NAA...KI किया है..

राज- ाचा छोड़ो वो बाते और हां गर जा के सब को बोलना की मई यहाँ ठीक हु समाज गया जल्दी HI वापिस आऊंगा और हां बीच मई एक बार जरूर मिलने आना यार तुम HI तो गर तक का जरिया हो और हां ये लो ये चिट्ठी माँ को दे देना IS.E मैंने लिखा है की मई यहाँ बिलकुल ठीक हु और ये जगह भी बहुत अच्छी है और उनसे कहना की वो मुझे चिट्ठी लेखके तुम्हारे जरिये बजे जब तुम मुझे मिलने आओ तब..

मंगल- अच्छा आऊंगा न मई तुम्हारे पापा दोनों आएंगे तुम्हे देखने 15 दिन बाद क्यों की हम यहाँ हमरी होटल का काम देखने आने वाले है..

राज- हां पापा को लेके आना..

फिर मुझे संजय की यहाँ क्या करना है और कैसे रहना है सब काम के बारे मई बताया सब कुछ मई धायण से सुन लिया क्यों की अब्ब मेरी लाइफ मई एक जूनून था कुछ करने के लिए सब बाटने के बाद बाकि जगह भी दिखाई मुझे की कहा क्या किसे करना HAI..SAB ेखने के बाद हम कहना कहने बैठे और फिर मंगल भाई ने हमसे विदा लेक्व निकल गए...

उनके जाने के बाद गुरुदेव ने मुझे बुलाया और अपने बारे मई जाना की क्या करता हु मई और किसे है सब गर पर वो सब जाना और उन्होंने मुझे अपने बारे मई जो मेरी कुन्फ़्ली मई लिखा था उसे के बारे मई बताया थोड़ा बहुत और फिर मुझे आराम करने का बोलै..

जब मई आराम काके उठा तो मई शाम को गुरुदेव के पास गया और मुझे कुछ लोगो से परिचय करवाया और उनके साथ मेरी डोटी करवाई मुझे ाचा लगा उनलोगो से मिलके और हम सब खाना कहने के बाद बाटे की उन नए दो दोस्तों के साथ जो इस गुरुकुल मई HI रहते थे और ाची शिष्य भी थे गुरु देव के मुझे ाचा लगा उनका साथ और फिर हमलोग सोने के लिए अपने अपने कुटीर मई चले गए.

मई अपनी कुटीर मई आके सोने की कोशिस की लेकिन नींद HI नहीं आरही थी क्यों की रह रह कर मुझे संजू निशा माँ पापा सब की याद आ रही थी और ऊपर से ये नयी जगह तो सोना मुश्किल था लेकिन उनको सोचते सोचते कब आंख लग गयी पता HI नहीं चला

और ऐसे HI सुबह हो गयी और मेरा आज से रोज का जो बताया था वो सब काम चालू हो गए सुरुवात मई मुझे काफी तल्लीफ हुयी लेकिन मई जल्दी HI सिखने लगा क्यों की उसकी वजह थी वो फार्मूला जो मेरी बॉडी मई इंजेक्ट थी उस्ले करम मेरी याद सकती बहुत तेज थी तो मुझे समझने मई आसानी HUYI....AAB मई ऐसे HI दिन बिताने LAGA...DEKHTE HI दुखते 5 दिन हो गए थे..

***इन पांच दिनों मई दिल्ही राज के गर का हाल जान लेते है..***

यहाँ राज के जाने के बाद सब लोग गर आये और त्जोफ़ी देर बैठे और बात चित काटने के बाद सब अपने अपने काम मई लग GAYE...OR ऐसे HI रात हो GAYI..KHANA कहते वकुट सब को राज को याद किया और उसके बिना गर मई बिलकुल सन्नाटा था ऐसी बाटे HUYI..OR सब सोने चले गए..

रात मई सब को उसकी याद आयी जायद संजू और निशा याद कर रहे थे उसे क्यों की उन दोनों का उसका मुँह देखे बिना दिन या रत नहीं कटती थी.

अगली सुबह राज ने फ़ोन किया तब सब नास्ता कर रहे थे दिनिंगटेबल पे सब में उसे बात किया और मिस बजी किया फिर सब अपने अपने काम मई निशा और संजू अपनी फ्रेंड की यहाँ और गर पर माँ अकेली रहती तो वो राज को बहुत मिस करती क्यों की राज उनका सबसे प्रिय था...

बस ऐसे HI उसे याद करते करते दिन बिट रहे थे अब 4 दिन बाद सोल्लगे सुरु HI गया तो जयादा टाइम सोल्लगे मई HI जाटों लोगो का और जब सोल्लगे मई मनीष कारन सब लोग साथ मई बेथ के भी राज को बहुत याद करते THE...OR गर एके भी निशा उसके बारे मई सोच सोच कर सो जाती थी वही संजू भी उसके कहायलो मई खोयी रहती THI..BAS ऐसे HI दिन काट रहे थे और आज 5 दिन हो गए थे उसे गर से गए हुए लेकिन सब उसे अंदर HI नफर बहुत मिस कर रहे थे चाहे फ्रेंड HI फॅमिली हो या उसकी गफ हो और उतना HI नहीं कमला भी मनीष की माँ कारन की बहन और माँ काजल अंकिता सब के सब उसे याद करए थे ..

वह शिल्पा भी उसे काफी याद करती थी की कब राज आएंगे बहार से और कब वो वह दिल्ही जाए ऐसे HI याद करते सब उसको..
 
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