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- Dec 5, 2013
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अपडेट 70
ात 10 पं
बार बार अतुल निशा की छत की तरफ hi देख रहा tha...Aaj अतुल से निशा का इंतजार किया भी नहीं जा रहा tha...Issi इंतजार में छत की कई चक्कर काट चूका था वो.
जब उससे रहा नहीं जाता तो छत के एक कोने में जाके सिगरेट जला लेता hai...Ek...Do...Teen...Chaar...Paanch.
अतुल!!!
पीछे से गुस्से से भरी निशा की आवाज से वो वापस होश में आया.
निशा को देखते hi अतुल की होंठो में मुस्कान आया.
अतुल:- आ गयी तुम.
निशा के पास जा कर अतुल ने बहुत प्यार से कहा.
निशा:- ये सब क्या है?
अतुल की हाथ की तरफ इशारा कर के निशा ने पूछा.
अतुल:- ओह ये to...Aise hi.
फिर अतुल सिगरेट फेंक देता है.
निशा अतुल को घर रही thi...Yaa फिर अतुल को समझने की कोशिश कर रही thi...Naa जाने कितनी बदलाव आ गया था अतुल में.
निशा:- कब से?
अतुल:- बस कुछ hi दिन.
निशा:- क्यों?
अतुल:- (इन हिज मंद) प्यार में हारा hu...Aisa लग रहा है जिंदगी से hi हार गया hu...Seh नहीं पा रहा हु ये dard...Nahi जी सकता ऐसे झूठे मुस्कान के saath...Nahi जी सकता ऐसे झूठी उम्मीद के साथ की तुम सिर्फ मेरी ho...Mere लिए बानी हो और मई तुम्हारे लिए.
दर है की कही प्यार में हार ना jaau...Yahi दर सुकून से जीने नहीं दे रहा है.
निशा:- तुम भी naa...Buddhu हो एक नंबर के.
निशा हँसते हुए boli...Makshad एक hi tha...Atul को भी हसाना और इस घुटन से बाहर nikaalna...Lekin अतुल अलग hi दुनिया में जी रहा tha...Kuch भी फर्क नहीं पड़ा उसके भाव में.
निशा:- पहले प्रोपोज़ karo...I ऍम sure...Kajal जरूर हां kahegi...Lekin तुम कुछ ज्यादा hi दर रहे ho...Itna भी पेसिमिस्टिक क्या होना?
निशा भी अब्ब यही दुआ कर रही थी की काश काजल हां कह de...Propose से पहले hi अतुल का ये हाल है तो अगर उसने ना कह दिया तो अतुल की क्या हाल hoga...Abb यही दर निशा के दिल और दिमाग में चा ने लगा.
निशा:- सो मर. एक!!! तभी आप क्या कर रहे थे?
अतुल:- क्या कर रहा था?
निशा:- कुछ फूंक रहे थे?
अतुल:- ओह्ह Cigarette...Wo तो बस ऐसे hi...Tension में.
निशा:- सो टेंशन का ट्रीटमेंट सिगरेट hai...Mujhe तो लगा था anti-anxiety ड्रग है?
अतुल:- क्या तुम भी....
अतुल इससे आगे कुछ बोलता उससे पहले hi...
निशा:- ये आखरी बार tha...Aage से कभी मैंने कभी स्मोकिंग करते देखा ना तो....
अतुल:- तो तुम से छुपा कर स्मोकिंग करूँगा.
निशा:- मतलब स्मोकिंग करोगे? अगली बार पता चला न तो जान से मार दूंगी?
अतुल:- (इन हिज मंद) पहले hi मर मिटा हु.
गुस्से में भी तुम खूबसूरत लगती हो.
धीरे से hi सही दिल की बातें बोलने से अतुल खुद को रोक नहीं पाया.
निशा:- समझ गए naa...Agli बार स्मोकिंग किया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.
अतुल:- (इन हिज मंद) अगर इतनी प्यार से कहोगी तो कुछ भी करूँगा.
अपने रूम में आ कर.
अतुल:- (तो हिमसेल्फ) क्यों हर रात का अंत (एन्ड) इतनी प्यारी नहीं हो सकती? क्यों सच्चा प्यार का यही अंजाम होता है? दिल में दर्द, आँखों में आंसू और जिंदगी भर की तन्हाई.
मजबूर भी इस तरह हु की निशा को अपनी दिल की बात बता भी नहीं sakta...Bata नहीं सकता कितना प्यार करता हु मई उससे? पल पल टूट रहा हु.
कितना खुस था mai...Kisi से प्यार करने का सोचा hi नहीं tha...Bas जी रहा tha...Abb प्यार हुआ भी तो किस्से? निशा से? ये जानते हुए भी की वो मेरी कभी हो hi नहीं सकती ... क्या किस्मत है?
नेक्स्ट डे
आ गया तू?
कॉलेज पहुँचते hi अजय मिल gaya...Fir दोनों साथ में क्लास जाते है.
अतुल:- आज क्या हो गया है सब को? सब इधर उधर कर रहे है?
अजय:- (कुछ देर अतुल को घर कर) आज रिजल्ट है.
अतुल:- ओह्ह Haa...Bhul गया था.
अजय:- तुझे क्या मतलब रिजल्ट ki...Sure शॉट पास जो है.
अतुल:- पास होना बड़ी बात नहीं है.
अजय:- वो तेरे जैसे के लिए?
अतुल:- व्हाट तेरे जैसे? गफ, पुबज और फब से बाहर nikal...Mujhse अच्छा मार्क्स लाएगा.
अजय:- भाई आज तो छोड़ de...Hamesha ताना मारता रहता है.
अतुल:- काम hi ऐसा करता है.
फिर दोनों सभी दोस्तों के साथ रिजल्ट लेने जाते है.
अतुल:- अरे waah...Pass हो गया.
अजय:- लेकिन तुझसे ये एक्सपेक्ट नहीं tha...Kya कहा था तुझसे? कुछ भी कर लेकिन रवि से पीछे मत aana...Lekin तुझे बेज़ाआती करवाने की कुछ ज्यादा hi शौख है.
अतुल:- क्या फर्क पड़ता hai...Mujhe नॉलेज से मतलब है रैंकिंग से nahi...Expectation जितना था मार्क्स भी उतना hi है.
फिर धीरे धीरे सभी का रिजल्ट पता चलने लगता है.
अतुल:- 2ंद, काजल:- 5तह, अंजलि:- 9तह, अजय:- 40तह.
निशा अभी भी रिजल्ट लेने के लिए तैयार नहीं थी.
अतुल:- सो मिस Nisha...Mujhe तो बहुत समझा रही थी की दर के आगे जीत hai...Boliye माउंटेन देव् कैसे पीना chaahengi..Can में , गिलास में या प्लास्टिक में?
निशा:- तुम चुप raho...Pehle hi घबराहट हो रही है और तुम हो की मजाक उड़ा रहे हो.
अजय:- आ गया कमीना.
रवि को आता देख अजय ने अतुल से कहा.
रवि:- अगली बार देख लूंगा.
अतुल:- मतलब तूने टॉप नहीं किया?
रवि:- नहीं 3rd...Agli बार देखूंगा.
अतुल:- बेस्ट ऑफ़ लक.
फॉर रवि गुस्सा में वह से चला जाता hai...Har बार अतुल से हारने से उसका फ़्रस्ट्रेशन भी बढ़ता hi जा रहा था.
अतुल को तो रिजल्ट से कुछ ख़ास मतलब नहीं था लेकिन अजय सभी का रिजल्ट पता कर रहा था.
इटंर में निशा दौड़ कर आयी और सबके सामने अतुल को गले लगा लिया.
निशा ख़ुशी के मारे कुछ बोल तो नहीं रही थी लेकिन उसकी मार्कशीट सब कुछ बोल रही थी.
अतुल:- कॉंग्रट्स मिस टोपर.
अतुल की ख़ुशी का भी कोई ठिकाना नहीं tha...Itna खुश था वो निशा के लिए की उससे अपने टोपर होने पर भी नहीं होता.
दुनिया जहाँ से बेखबर अतुल निशा को बाहों में उठा कर पूरा एक चक्कर घुमाता hai...Bina किसी परवाह के की कौन क्या सोचेगा और समझेगा.
पल भर के लिए अपने दर्द और ग़म को भूल कर दोनों एक दूसरे में hi खोये thhe...Ek दूसरे पर बहुत प्यार आ रहा tha...Lekin किसी में ताक़त नहीं था की दिल की बातें जुबान तक ला सके.
ात 10 पं
बार बार अतुल निशा की छत की तरफ hi देख रहा tha...Aaj अतुल से निशा का इंतजार किया भी नहीं जा रहा tha...Issi इंतजार में छत की कई चक्कर काट चूका था वो.
जब उससे रहा नहीं जाता तो छत के एक कोने में जाके सिगरेट जला लेता hai...Ek...Do...Teen...Chaar...Paanch.
अतुल!!!
पीछे से गुस्से से भरी निशा की आवाज से वो वापस होश में आया.
निशा को देखते hi अतुल की होंठो में मुस्कान आया.
अतुल:- आ गयी तुम.
निशा के पास जा कर अतुल ने बहुत प्यार से कहा.
निशा:- ये सब क्या है?
अतुल की हाथ की तरफ इशारा कर के निशा ने पूछा.
अतुल:- ओह ये to...Aise hi.
फिर अतुल सिगरेट फेंक देता है.
निशा अतुल को घर रही thi...Yaa फिर अतुल को समझने की कोशिश कर रही thi...Naa जाने कितनी बदलाव आ गया था अतुल में.
निशा:- कब से?
अतुल:- बस कुछ hi दिन.
निशा:- क्यों?
अतुल:- (इन हिज मंद) प्यार में हारा hu...Aisa लग रहा है जिंदगी से hi हार गया hu...Seh नहीं पा रहा हु ये dard...Nahi जी सकता ऐसे झूठे मुस्कान के saath...Nahi जी सकता ऐसे झूठी उम्मीद के साथ की तुम सिर्फ मेरी ho...Mere लिए बानी हो और मई तुम्हारे लिए.
दर है की कही प्यार में हार ना jaau...Yahi दर सुकून से जीने नहीं दे रहा है.
निशा:- तुम भी naa...Buddhu हो एक नंबर के.
निशा हँसते हुए boli...Makshad एक hi tha...Atul को भी हसाना और इस घुटन से बाहर nikaalna...Lekin अतुल अलग hi दुनिया में जी रहा tha...Kuch भी फर्क नहीं पड़ा उसके भाव में.
निशा:- पहले प्रोपोज़ karo...I ऍम sure...Kajal जरूर हां kahegi...Lekin तुम कुछ ज्यादा hi दर रहे ho...Itna भी पेसिमिस्टिक क्या होना?
निशा भी अब्ब यही दुआ कर रही थी की काश काजल हां कह de...Propose से पहले hi अतुल का ये हाल है तो अगर उसने ना कह दिया तो अतुल की क्या हाल hoga...Abb यही दर निशा के दिल और दिमाग में चा ने लगा.
निशा:- सो मर. एक!!! तभी आप क्या कर रहे थे?
अतुल:- क्या कर रहा था?
निशा:- कुछ फूंक रहे थे?
अतुल:- ओह्ह Cigarette...Wo तो बस ऐसे hi...Tension में.
निशा:- सो टेंशन का ट्रीटमेंट सिगरेट hai...Mujhe तो लगा था anti-anxiety ड्रग है?
अतुल:- क्या तुम भी....
अतुल इससे आगे कुछ बोलता उससे पहले hi...
निशा:- ये आखरी बार tha...Aage से कभी मैंने कभी स्मोकिंग करते देखा ना तो....
अतुल:- तो तुम से छुपा कर स्मोकिंग करूँगा.
निशा:- मतलब स्मोकिंग करोगे? अगली बार पता चला न तो जान से मार दूंगी?
अतुल:- (इन हिज मंद) पहले hi मर मिटा हु.
गुस्से में भी तुम खूबसूरत लगती हो.
धीरे से hi सही दिल की बातें बोलने से अतुल खुद को रोक नहीं पाया.
निशा:- समझ गए naa...Agli बार स्मोकिंग किया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.
अतुल:- (इन हिज मंद) अगर इतनी प्यार से कहोगी तो कुछ भी करूँगा.
अपने रूम में आ कर.
अतुल:- (तो हिमसेल्फ) क्यों हर रात का अंत (एन्ड) इतनी प्यारी नहीं हो सकती? क्यों सच्चा प्यार का यही अंजाम होता है? दिल में दर्द, आँखों में आंसू और जिंदगी भर की तन्हाई.
मजबूर भी इस तरह हु की निशा को अपनी दिल की बात बता भी नहीं sakta...Bata नहीं सकता कितना प्यार करता हु मई उससे? पल पल टूट रहा हु.
कितना खुस था mai...Kisi से प्यार करने का सोचा hi नहीं tha...Bas जी रहा tha...Abb प्यार हुआ भी तो किस्से? निशा से? ये जानते हुए भी की वो मेरी कभी हो hi नहीं सकती ... क्या किस्मत है?
नेक्स्ट डे
आ गया तू?
कॉलेज पहुँचते hi अजय मिल gaya...Fir दोनों साथ में क्लास जाते है.
अतुल:- आज क्या हो गया है सब को? सब इधर उधर कर रहे है?
अजय:- (कुछ देर अतुल को घर कर) आज रिजल्ट है.
अतुल:- ओह्ह Haa...Bhul गया था.
अजय:- तुझे क्या मतलब रिजल्ट ki...Sure शॉट पास जो है.
अतुल:- पास होना बड़ी बात नहीं है.
अजय:- वो तेरे जैसे के लिए?
अतुल:- व्हाट तेरे जैसे? गफ, पुबज और फब से बाहर nikal...Mujhse अच्छा मार्क्स लाएगा.
अजय:- भाई आज तो छोड़ de...Hamesha ताना मारता रहता है.
अतुल:- काम hi ऐसा करता है.
फिर दोनों सभी दोस्तों के साथ रिजल्ट लेने जाते है.
अतुल:- अरे waah...Pass हो गया.
अजय:- लेकिन तुझसे ये एक्सपेक्ट नहीं tha...Kya कहा था तुझसे? कुछ भी कर लेकिन रवि से पीछे मत aana...Lekin तुझे बेज़ाआती करवाने की कुछ ज्यादा hi शौख है.
अतुल:- क्या फर्क पड़ता hai...Mujhe नॉलेज से मतलब है रैंकिंग से nahi...Expectation जितना था मार्क्स भी उतना hi है.
फिर धीरे धीरे सभी का रिजल्ट पता चलने लगता है.
अतुल:- 2ंद, काजल:- 5तह, अंजलि:- 9तह, अजय:- 40तह.
निशा अभी भी रिजल्ट लेने के लिए तैयार नहीं थी.
अतुल:- सो मिस Nisha...Mujhe तो बहुत समझा रही थी की दर के आगे जीत hai...Boliye माउंटेन देव् कैसे पीना chaahengi..Can में , गिलास में या प्लास्टिक में?
निशा:- तुम चुप raho...Pehle hi घबराहट हो रही है और तुम हो की मजाक उड़ा रहे हो.
अजय:- आ गया कमीना.
रवि को आता देख अजय ने अतुल से कहा.
रवि:- अगली बार देख लूंगा.
अतुल:- मतलब तूने टॉप नहीं किया?
रवि:- नहीं 3rd...Agli बार देखूंगा.
अतुल:- बेस्ट ऑफ़ लक.
फॉर रवि गुस्सा में वह से चला जाता hai...Har बार अतुल से हारने से उसका फ़्रस्ट्रेशन भी बढ़ता hi जा रहा था.
अतुल को तो रिजल्ट से कुछ ख़ास मतलब नहीं था लेकिन अजय सभी का रिजल्ट पता कर रहा था.
इटंर में निशा दौड़ कर आयी और सबके सामने अतुल को गले लगा लिया.
निशा ख़ुशी के मारे कुछ बोल तो नहीं रही थी लेकिन उसकी मार्कशीट सब कुछ बोल रही थी.
अतुल:- कॉंग्रट्स मिस टोपर.
अतुल की ख़ुशी का भी कोई ठिकाना नहीं tha...Itna खुश था वो निशा के लिए की उससे अपने टोपर होने पर भी नहीं होता.
दुनिया जहाँ से बेखबर अतुल निशा को बाहों में उठा कर पूरा एक चक्कर घुमाता hai...Bina किसी परवाह के की कौन क्या सोचेगा और समझेगा.
पल भर के लिए अपने दर्द और ग़म को भूल कर दोनों एक दूसरे में hi खोये thhe...Ek दूसरे पर बहुत प्यार आ रहा tha...Lekin किसी में ताक़त नहीं था की दिल की बातें जुबान तक ला सके.