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सुबह करीब 5.40 ऍम रजनी रात भर बेसूद चुद क अपने बेटे क टैंगो क बिच लेती हुई थी.. उससे कान लगातार उसके बेटे की तेज़्ज़ तेज़्ज़ खर्राटों से बज्ज रहे थय ..नाद थो उसके आखो पे भी थी पर बिचरे को अपने पति क उठने से पहले नीचे भी जाना था...
रजनी- ायःहा... मेरी टंगी.... ( अपना कैसे काम होने क बाद मज़े से सो रहा है)
वो उठ क जाने से पहले नंगी एक नज़र अपने सोये प्यारे बेटे को देखती है .
रजनी- सकल देखो कासी मासूम जैसी बांयी हुई है... कोई कहेगा इससे की ये कितना बदमाश है.
वो दरवज़ा कॉल क नंगी hi निचे उतरने लगी काम ...... चायं...... छान...... चायन... उसके कदम बहुत डेरे थय मनो उससे देर लग रहा था कोई उठ क देख न ले.. वो लॉबी मई ळक्ति वाच पे नज़र गुमहति है .
रजनी- उह 6.00ऍम बजने मई 2 मं है...
काम.. काम.. छान.. छान..... काम
चायंम...
स्याद से उससे याद आ गया की उसके पति की अलार्म वाच करेक्ट 6 बाजे बजने लगती है...
kaaaaaattttttttaaaaaaaaaaak...........
कुसुम- ???????di..........di......
रजनी का अपने कमरे मई प्रवेश करना और सामने से उसकी बहिन का उसी टाइम दरवाज़ा खोलना... स्याद से कुसुम अपनी दीदी को नंगी अंदर गुस्ते हुए देख चुकी थी..
कुसुम- (ये दी बेशरोमो क तरह बिना कपडे ??? की.. थोड़ा भी सरम नहीं.. अगर मेरी जगह इनका बीटा देख लेता tho...chee. बेशरम कही की)
ब्रीईंग.... ब्रीईइंआंन्ग.... briiiing...briiinng...
उधर रजनी कोई कबर नहीं थी की आज उसकी छोटी बहिन ने उससे पूरे नंगी अवस्था मई देख लिया था वो बस एक चादर ूद क अलार्म बजने से पहले नंगी hi अपने पति क पास लेट जाती है .
ऋषि भी बार बार अलार्म बजने से बिस्तरे मई उठ बैठ जाता है..
ऋषि- रजनी.. रजनी.. अब उठ जाओ 6 बज्ज गए डार्लिंग..
रजनी-( चदार क अंदर से) उम्म्म्म.. सोने दीजिये प्ल्ज़ सेर मई दर्द हो रहा है... कुसुम बना देगी आपके लिए चाय..
ऋषि- oh...kya हुआ ज्यादा होर है क्या...
रजनी- कुछ जयादा नहीं बस टोरी देर सोने दिज्ये or..plz.
ऋषि- ठीक है सो जाओ... मई फ्रेश हो लेता हु..
ऋषि बिस्तरे से उठके बहार की और जाने लगा जहा बहार सामने सोफे मई बैठी उसकी साली गरम पानी पि रही थी..
कुसुम- (समिलिंग) ओह जीजू गुदंरग उठ गए मुझे लगा आज आप और दी देर से उठोगे..
ऋषि- गुदंरग.. नहीं नहीं असा क्यों पूछ रही हो मई थो हमेशा करेक्ट 6 बजे उठ hi जाता हु..
kusum-(smiling) नहीं यु hi... पूछा दी नहीं उठी क्या..
ऋषि- वो तोरा देर से उठेगी उसका सेर दर्द हो रहा है..
कुसुम- (समिलिंग) हहै... अपने सोने नहीं दिया होगा दी को..
ऋषि- मतलब....??
कुसुम- कुछ नहीं चाय बना दू क्या आपके लिए..
कुसुम क दिमाग मई अपनी नंगी दी और जीजू को सोच क अजीब अजीब कायल आ रहे थय उससे क्या पता उसकी रैंड दीदी अब जरा सा भी उसके जीजू की नहीं रही .. .
ऋषि- हाँ बना दो गरदारन मई पिटे है..
कुसुम किचन मई जा क चाय बनने लगी और ऋषि फ्रेश होने चला गया.. .उधर अंदर रजनी भी बेसूद नीड की आगोस मई जा चुकी थी..
कुसुम- ( दीदी इस सो लकी जो जीजू जैसा आदमी से उनकी शादी हुई कितना ताकेकरे करते है पका रात भर जीजू ने सोने नहीं दिया होगा दी को )
कुसुम चाय बना क गार्डरन की और चली गयी और अपना जीजू का वेट करने लगी...
कुसुम- आये जीजू ये लीजिए चाय पियो.
ऋषि- उम्म्म ग्रेट चाय बहुत अछि बांयी है तुमने... मज़ा आगया..
दोनो जीजा साली को चाय और गुप् मरते हुए करीब करीब 1- 1.30 जानता हो गए और 8 बजे को ए थय पर न विक्की का अत पता था न उसकी माँ का.. वासे भी आज कुसुम और विक्की को कॉलेज मई भी जाना था एडमिशन फॉर्म क लिए
ऋषि - यार कुसुम ये दोनो अभी तक उठी क्यों नहीं पता है न आज कॉलेज जाना है.. एडमिशन क लिए
कुसुम- हाँ जीजू जाना थो है .. मई देखती हु..
ऋषि- रुको तुम विक्की को उठा दो मई तुम्हारी दीदी क पास जाता हु..
कुसुम- ठीक है ..
दोनो अंदर की और बढ़ने लगे जहा ऋषि अपनी कमरे की और वही कुसुम सीडिया चढ़ने लगी .. दोनो मई से किसी को भी अंदाज़ा नहीं था की वो क्या देखने वाले है..
अंदर ऋषि जॉब अपने कमरे का दरवज़ा खोलता है थो उसकी आँखे फटती की फटती रह जाती है ऊपर यही हाल उसकी साली का भी था जहा निचे उसकी सरीफ सीडी दीदी उसके जीजू को एक दम नंगन अवस्था मई मिलती है वही ऊपर उससे उकसा बंजा जो की एक दम नंगा था और जिसका बड़ा लुंड भी उसके साथ मज़े से सो रहा था.. कुसुम थो दरवाज़े क पास hi ठहर सही जाती है.. उसको बिलकुल भी हिमायत नहीं हो रही थी बीएड क पास जाने की मगर पहली बार इतने करीब से एक विकराल लुंड देख क उसकी कुवारी छूट मई गुदगुदी महसूस होने लगती है.
ऋषि- रजनी.. रजनी ... रजनी....
रजनी इतनी गहरी नीड मई थी की उससे अपने पति की आवाज़ की कोई आभास hi नहीं था.... चादर जो उसने कुछ जानते पहले पूरी ूडी हुई थी उसकी करवटो से उसके कातिलने खूबसूरत जिस्म से एक दम अलग सी हो गयी, ऋषि कुछ करीब जा क अपने पत्नी की नंगी मखमली तइस पे हाट लगा क उतने की कोसिस करता है. मगर आज इतने वर्षो बाद अपनी पत्नी को पूरा नंगा देख वो अपना हाट पीछे कीच लेता है उसके भी छोटे से लुंड पे तनाव बढ़ने लगता है पर उससे दर था की कही उसकी साली निचे ना ाज्ये..
वही ऊपर कुसुम का भी हाल हु बी हु अपने जीजू सा था उसकी छूट बार बार अपने बजे का लाइव मोटा लम्बा लुंड देख क गुड़गुड़ने लगी.. वो न चाहते हुए भी अपनेपाजामे क अंदर अपना हाट दाल hi देती है और छूट जो भीग चुकी थी उससे दरवाज़े से सहित क मसलने लगती है..
कुसुम- ूउम्मम्म... आआह्ह...
निचे ऋषि उत्तजेना मई अपनी नंगी सुन्दर वाइफ को देख दरवाज़ा बंद कर देता है और अपने पेण्ट मई से अपना छोटा लुंड( lulli)nikal क मसलने लगता है
ऋषि- ाः रजनी ... तुम कितनी प्यारी और सुन्दर लग रही ho..aaah..
वो नंदन डेरे से अपनी बीबी क एक हाट से मोठे चुके को टच करता है जो की इन कुछ म्हणो मई उसके बेटे ने बड़े कर दिए थय .. निप्पल का साइज भी आधा इंच ागी की और बाद चूका था.. वो एक हाट से अपनी लुल्ली पकड़ मूत मैने लगता है और एक हाट से अपने सोई हुई बीबी नंगी जिस्म को चुने लगता है ..
ऋषि- ाः.. ाः... तुम ... किटनी कुब्सुर्त हो रजनी aaah....aaah... aaaaa.a....
ऊपर कुसुम भी की उत्तजेना भी चरम सीमा मई थी वो लगतार अपनी छूट मसले जा रही थी आँखे मूडी हुई थी.. क्या होता अगर उसका बजना उठ जाता मगर वो बोलते है न जिस्म की बुक जब बड जाती है थो कुछ समझ मई नहीं आता... वो अपने बजे क बिस्तरे क करीब पाउच क अपने को एक साइड पे एकत्रित कर लेती है लुंड उसके आखो क कुछ इंच दुरी पे था.. वो उत्तजेना मई इतनी लीं थी की और अपने न चाहते हुए भी अपने बजे क चेस्ट को एक बार चुम लेती है..
कुसुम- ुम्मम्ह विककी. तुम इतने आकर्सक क्यों हो उन्न्नन.... हॉट... ाः.. क्या मई इसको छू lu.plz
वो अपनी छूट को मसलते हुए अंदर hi अंदर बड़बड़ने लगी... और दूसरे हाट की एक ऊँगली से अपने बजने क लुंड को टच करने लगी... जॉब चुने क बावजूद भी विक्की तुस्स से मुस नहीं हुआ थो वो हिमायत कर क उस बड़े मोठे सावले लुंड को एक हाट से थाम hi लेती है जो की उसकी कलई से भी कही मोटा और लम्बा था और सही से उसके हाट मई नहीं आ रहा था..
कुसुम- आह आठ अन्न ायणं....
उसका जारने लग्न और सोये हुए लुंड मई तनाव आना वो देर सी जाती है और तेज़ नंगे कदमो से कमरे क बहार निकल जाती है मगर एक बात थी उसने जाते जाते अपने बजने क खड़े विकराल लुंड को महसूस कर hi लिया था.
निचे ऋषि भी अपनी नंगी बीबी की जवानी को देख जार क शक्तिहीन जैसा महसूस करता है वो भी कर्म से उठ बहार निकल जाता.. है..
ऋषि- अरे कुसुम क्या हुआ विक्की उठा...
कुसुम- नहीं.. मई नाहने जा रही हु... दीदी उठ गयी क्या??
ऋषि- नहीं बहुत गहरी नीड सोई है... चलो तुम नाहने जाओ मई कुछ देर बाद उठा दूंगा ...
कुसुम- ठीक है ... अप्प और चाय पियोगे थो बना देती हु...
ऋषि- नहीं नहीं अब दूसरी चाय तुम्हारी दीदी क साथ पिएंगे..
कुसुम बाथरूम मई घुस जाती है .. उसको तोरा अजीब सा महसूस होने लगा की कैसे वो अपने सेज बजे दीदी क बेटे क साथ असा कर सकती है ..
10 बजने को हुए थय रजनी को भी सोये अब 3.30 जानते से ज्यादा हो चुके थय... ऋषि जहा 8.30 - 9 बजे तक नास्ता कर लेता था आज लेट हो गया..
ृक्षाणा - गुदंरग साहब सॉरी आज लेट हो गया तोरा..
ऋषि- उह रूकसहाना गुदंरग... कोई बात नहीं ...
ृक्षाणा - आप अकेले हो क्या घर मई कोई देखई नहीं दे रहा..
ऋषि- नहीं नहीं साब यही है तुम काम सुरु करो अपना
अंदर अब रजनी की भी बहार की बातचीत सुन कर नीड टूटने लगती है...
रजनी- omg 10 से ज्यादा टाइम हो गया ...
वो फ़ौरन नंगी बिस्तरे से निचे उतरने लगती है...
रजनी- ोोू सहित आअज थो मई गयी ..... अब मई कैसे जावु बहार देख hi लिया होगा मुझे उन्होंने ऐसे नंगा 10 जो बज गए..
वो पास पड़े अपने सलवार कुर्ते को पहन लेती है मगर उसको अपने पति क पास जाने मई अजीब सी सरम आने लगती है..
रजनी- सोना नहीं किये था... omg ऊपर विक्की भी नंगा hi सोया था कही उसको थो किसी ने ..नहीं नहीं... ृक्षाणा .... ृक्षाणा.
ृक्षाणा - साहब स्याद मैडम अंदर से आवाज़ दे रही है
ऋषि भी आवाज़ सुन क अपने कमरे मई जाता है..
ऋषि- ओह तुम उठ गयी डार्लिंग...
रजनी- हाँ वो ृक्षाणा कहा है पानी किये एक गिलास.
रजनी सीधे तोर पे अपने पति से नज़रे नहीं मिला पा रही थी..
ऋषि- मई ले अत हु ...अब कैसा है सेर दर्द.
रजनी- ठीक है रुको मई hi बहार आ रही सॉरी वो आज आपका सुब कुछ लेट होगया...
ऋषि- कोई नहीं डार्लिंग वासे भी आज कुछ कस काम नहीं है..
रजनी बहार निकल क सीधे अपने बेटे क रूम की और चली जाती है..
रजनी- उह हनी तुम उठ गए क्या..
विक्की- हाँ मम्मी जस्ट अभी उठा .. कुछ काम था क्या आपको..
रजनी- नहीं नहीं चलो मई चलती हु तुम फ्रेश हो लो ..
विक्की- ठीक है वासे आप सुबह यहाँ से कितने बजे चली गयी थी..
रजनी- जॉब तुम तेज़ तेज़ घूरते मार क सो गए थय.
विक्की- वासे कल मज़ा बहुत आया आपको आया..?
रजनी- चुप मई जा रही तुम ावो नाहा क ..
विक्की- उफ़ मम्मी काया मस्त चल है... काम.. काम.... हहै..
निचे कुसुम भी नाहा क आगयी थी...
रजनी-( ऊपर से निचे उतारते हुए)- कुसुम तुम अब नहयी हो?
कुसुम- दी गुदंरग... हाँ आप का hi इटनज़ार कर रहे थय उतने का ठीक है सेर दर्द आपका..
रजनी- हाँ अब ठीक है... चलो मेरी मदद कर दो वासे hi लेट हो गए नास्ता त्यार करते है ..
कुसुम- जी दीदी मई बस अपने हेयर ड्राई कर लू..
आज कुसुम भी अपने दीदी से कुछ देर पहले कांड कर क नज़रे नहीं मिला पा रही थी.... और न hi रजनी अपने पति से...
साब लोग कुछ देर क लिए बिजी से होगये ऊपर विक्की नाहा रहा था दोनो बहने नास्ता रेडी कर रही थय ऋषि न्यूज़ देख रहा था और ृक्षाणा साफ़ सैफई..
विक्की- (ऊपर से निचे एते हुए) गुदंरग आल.
कुसुम एक नज़र ऊपर देखती है फिर अपने नज़रे निचे कर अत जुड़ने लगी...
ऋषि- गुदंरग चैम्प .. रेडी हो आगये टोरी देर मई निकलते है कॉलेज को.
विक्की- ok डैड.. मौसी गुदंरग... .
कुसुम- गुदंरग ...
विक्की- क्या हुआ आज वो एनर्जी देखई नहीं दे रही ... .
कुसुम- दी ये हो गया आता मई रेडी होने जा रही ...
रजनी- ठीक है विक्की चलो अपने डैडी और तुम ावो टेबल पे गरमा गरम पार्थी बना रही..
विक्की- डैड आ जाए फिर निकलते है मम्मी आप भी चिलए साथ घर मई क्या करोगे यूनिवर्सिटी आप को भी देखा लेते है..
rajni-(smiling) मने देख ली यूनिवर्सिटी अचे से .
ऋषि- हाँ चैम्प सही कह रहा तुम भी रेडी हो जाओ....
विक्की- (नौघटलय) काब देखि अपने..
रजनी- पहले नास्ता थो पकने दिज्ये ..
रजनी चिमटे से गरम गरम परता उठा क अपने बेटे क प्लेट मई रखती है.. और विक्की सेर पे एक टपकी मरते हुए..
rajni-(slowly) कल रात..
कुसुम भी एक स्किन टाइट जीन्स एंड शर्ट पहन क टेबल क पास आ जाती है...
विक्की- वाओ मौसी लुकिंग अमेजिंग लगता है डैड और मम्मी को आपके लिए लड़का ढूंढ़ने की कोई जरुरत नहीं आपको कॉलेज मई कोई न कोई मिल hi जायेगा.. हहै.
सभी लोग जोर जोर से हसने लगे.. कुसुम की भी फेस मई स्माइल आ गयी..
कुसुम- नहीं नहीं लड़का थो जीजू hi ढूंढींगे मेरी लिए अपने जैसा.. लोविंग, तककारिंग टाइप.
विक्की- रिच, लोविंग एंड तककारिंग काफी नहीं होता मौसी...
रजनी दूर से अपने बेटे को चुप होने क लिए आंख देखती है.. क्यों की उसका बीटा सही बोल रहा था रिच, लव और ताकेकरे क साथ साथ औरत को बहुत सी बड़े और ताक़तवर चीज़ो की जरूरत भी होती है जो अब उसका बीटा उसका अनुभव करा रहा था..
साब लोग खाना खा क रेडी हो गए रजनी भी रेडी होने चली गयी..
रजनी- क्या पह्नु क्या पह्नु... नहीं नहीं साड़ी सलवार कुरता थो हमेशा पहनती हु... हाँ आज ये ठीक है....
सभी रजनी का दर्वाइंग रूम मई इंतज़ार करने लगे.. बहार विक्की थो बार बार अपनी सेक्सी मौसी को टीप रहा था... वो अपने मौसी क सुबह की हरकत से अनजान था..
रजनी- ीाम रेडी....
विक्की- वाओ.... व्हाट आ....
कुसुम- दी आप कब से पहने लगी जींस ... ??
रजनी- क्यों अछि नहीं लग रही क्या??
कुसुम- नहीं नहीं दी अछि लग रही आपके ऊपर जीन्स.
ऋषि- डार्लिंग अछि लग रही हो... बहुत
विक्की- अब थो लगता है घर मई hi मॉडलिंग का कम्पटीशन करना पड़ेगा.. कटरीना भी फ़ैल हो गयी मम्मी...
रजनी अपने बेटे की अजीब सी कमेंट से शर्मा गया लम्बी मोती टैंगो और गोलमटोल गांड मई जीन्स जुच रही थी... ऋषि भी अपने पत्नी को देख देवना सा हो गया.. हाँ स्याद से कुसुम तोरा जेवुलूस फील कर रही थी..
ऋषि बहार जा क सुव मर्सिडीज़ निकल था है..
रजनी- ृक्षाणा तुम साब कर क लॉक कर जाना
रउसक्षण- जी मैडम बहुत खूबसूरत लग रही हो आप
रजनी- (समिलिंग) थैंक्यू...
तो बे कंटिन्यू....
रजनी- ायःहा... मेरी टंगी.... ( अपना कैसे काम होने क बाद मज़े से सो रहा है)
वो उठ क जाने से पहले नंगी एक नज़र अपने सोये प्यारे बेटे को देखती है .
रजनी- सकल देखो कासी मासूम जैसी बांयी हुई है... कोई कहेगा इससे की ये कितना बदमाश है.
वो दरवज़ा कॉल क नंगी hi निचे उतरने लगी काम ...... चायं...... छान...... चायन... उसके कदम बहुत डेरे थय मनो उससे देर लग रहा था कोई उठ क देख न ले.. वो लॉबी मई ळक्ति वाच पे नज़र गुमहति है .
रजनी- उह 6.00ऍम बजने मई 2 मं है...
काम.. काम.. छान.. छान..... काम
चायंम...
स्याद से उससे याद आ गया की उसके पति की अलार्म वाच करेक्ट 6 बाजे बजने लगती है...
kaaaaaattttttttaaaaaaaaaaak...........
कुसुम- ???????di..........di......
रजनी का अपने कमरे मई प्रवेश करना और सामने से उसकी बहिन का उसी टाइम दरवाज़ा खोलना... स्याद से कुसुम अपनी दीदी को नंगी अंदर गुस्ते हुए देख चुकी थी..
कुसुम- (ये दी बेशरोमो क तरह बिना कपडे ??? की.. थोड़ा भी सरम नहीं.. अगर मेरी जगह इनका बीटा देख लेता tho...chee. बेशरम कही की)
ब्रीईंग.... ब्रीईइंआंन्ग.... briiiing...briiinng...
उधर रजनी कोई कबर नहीं थी की आज उसकी छोटी बहिन ने उससे पूरे नंगी अवस्था मई देख लिया था वो बस एक चादर ूद क अलार्म बजने से पहले नंगी hi अपने पति क पास लेट जाती है .
ऋषि भी बार बार अलार्म बजने से बिस्तरे मई उठ बैठ जाता है..
ऋषि- रजनी.. रजनी.. अब उठ जाओ 6 बज्ज गए डार्लिंग..
रजनी-( चदार क अंदर से) उम्म्म्म.. सोने दीजिये प्ल्ज़ सेर मई दर्द हो रहा है... कुसुम बना देगी आपके लिए चाय..
ऋषि- oh...kya हुआ ज्यादा होर है क्या...
रजनी- कुछ जयादा नहीं बस टोरी देर सोने दिज्ये or..plz.
ऋषि- ठीक है सो जाओ... मई फ्रेश हो लेता हु..
ऋषि बिस्तरे से उठके बहार की और जाने लगा जहा बहार सामने सोफे मई बैठी उसकी साली गरम पानी पि रही थी..
कुसुम- (समिलिंग) ओह जीजू गुदंरग उठ गए मुझे लगा आज आप और दी देर से उठोगे..
ऋषि- गुदंरग.. नहीं नहीं असा क्यों पूछ रही हो मई थो हमेशा करेक्ट 6 बजे उठ hi जाता हु..
kusum-(smiling) नहीं यु hi... पूछा दी नहीं उठी क्या..
ऋषि- वो तोरा देर से उठेगी उसका सेर दर्द हो रहा है..
कुसुम- (समिलिंग) हहै... अपने सोने नहीं दिया होगा दी को..
ऋषि- मतलब....??
कुसुम- कुछ नहीं चाय बना दू क्या आपके लिए..
कुसुम क दिमाग मई अपनी नंगी दी और जीजू को सोच क अजीब अजीब कायल आ रहे थय उससे क्या पता उसकी रैंड दीदी अब जरा सा भी उसके जीजू की नहीं रही .. .
ऋषि- हाँ बना दो गरदारन मई पिटे है..
कुसुम किचन मई जा क चाय बनने लगी और ऋषि फ्रेश होने चला गया.. .उधर अंदर रजनी भी बेसूद नीड की आगोस मई जा चुकी थी..
कुसुम- ( दीदी इस सो लकी जो जीजू जैसा आदमी से उनकी शादी हुई कितना ताकेकरे करते है पका रात भर जीजू ने सोने नहीं दिया होगा दी को )
कुसुम चाय बना क गार्डरन की और चली गयी और अपना जीजू का वेट करने लगी...
कुसुम- आये जीजू ये लीजिए चाय पियो.
ऋषि- उम्म्म ग्रेट चाय बहुत अछि बांयी है तुमने... मज़ा आगया..
दोनो जीजा साली को चाय और गुप् मरते हुए करीब करीब 1- 1.30 जानता हो गए और 8 बजे को ए थय पर न विक्की का अत पता था न उसकी माँ का.. वासे भी आज कुसुम और विक्की को कॉलेज मई भी जाना था एडमिशन फॉर्म क लिए
ऋषि - यार कुसुम ये दोनो अभी तक उठी क्यों नहीं पता है न आज कॉलेज जाना है.. एडमिशन क लिए
कुसुम- हाँ जीजू जाना थो है .. मई देखती हु..
ऋषि- रुको तुम विक्की को उठा दो मई तुम्हारी दीदी क पास जाता हु..
कुसुम- ठीक है ..
दोनो अंदर की और बढ़ने लगे जहा ऋषि अपनी कमरे की और वही कुसुम सीडिया चढ़ने लगी .. दोनो मई से किसी को भी अंदाज़ा नहीं था की वो क्या देखने वाले है..
अंदर ऋषि जॉब अपने कमरे का दरवज़ा खोलता है थो उसकी आँखे फटती की फटती रह जाती है ऊपर यही हाल उसकी साली का भी था जहा निचे उसकी सरीफ सीडी दीदी उसके जीजू को एक दम नंगन अवस्था मई मिलती है वही ऊपर उससे उकसा बंजा जो की एक दम नंगा था और जिसका बड़ा लुंड भी उसके साथ मज़े से सो रहा था.. कुसुम थो दरवाज़े क पास hi ठहर सही जाती है.. उसको बिलकुल भी हिमायत नहीं हो रही थी बीएड क पास जाने की मगर पहली बार इतने करीब से एक विकराल लुंड देख क उसकी कुवारी छूट मई गुदगुदी महसूस होने लगती है.
ऋषि- रजनी.. रजनी ... रजनी....
रजनी इतनी गहरी नीड मई थी की उससे अपने पति की आवाज़ की कोई आभास hi नहीं था.... चादर जो उसने कुछ जानते पहले पूरी ूडी हुई थी उसकी करवटो से उसके कातिलने खूबसूरत जिस्म से एक दम अलग सी हो गयी, ऋषि कुछ करीब जा क अपने पत्नी की नंगी मखमली तइस पे हाट लगा क उतने की कोसिस करता है. मगर आज इतने वर्षो बाद अपनी पत्नी को पूरा नंगा देख वो अपना हाट पीछे कीच लेता है उसके भी छोटे से लुंड पे तनाव बढ़ने लगता है पर उससे दर था की कही उसकी साली निचे ना ाज्ये..
वही ऊपर कुसुम का भी हाल हु बी हु अपने जीजू सा था उसकी छूट बार बार अपने बजे का लाइव मोटा लम्बा लुंड देख क गुड़गुड़ने लगी.. वो न चाहते हुए भी अपनेपाजामे क अंदर अपना हाट दाल hi देती है और छूट जो भीग चुकी थी उससे दरवाज़े से सहित क मसलने लगती है..
कुसुम- ूउम्मम्म... आआह्ह...
निचे ऋषि उत्तजेना मई अपनी नंगी सुन्दर वाइफ को देख दरवाज़ा बंद कर देता है और अपने पेण्ट मई से अपना छोटा लुंड( lulli)nikal क मसलने लगता है
ऋषि- ाः रजनी ... तुम कितनी प्यारी और सुन्दर लग रही ho..aaah..
वो नंदन डेरे से अपनी बीबी क एक हाट से मोठे चुके को टच करता है जो की इन कुछ म्हणो मई उसके बेटे ने बड़े कर दिए थय .. निप्पल का साइज भी आधा इंच ागी की और बाद चूका था.. वो एक हाट से अपनी लुल्ली पकड़ मूत मैने लगता है और एक हाट से अपने सोई हुई बीबी नंगी जिस्म को चुने लगता है ..
ऋषि- ाः.. ाः... तुम ... किटनी कुब्सुर्त हो रजनी aaah....aaah... aaaaa.a....
ऊपर कुसुम भी की उत्तजेना भी चरम सीमा मई थी वो लगतार अपनी छूट मसले जा रही थी आँखे मूडी हुई थी.. क्या होता अगर उसका बजना उठ जाता मगर वो बोलते है न जिस्म की बुक जब बड जाती है थो कुछ समझ मई नहीं आता... वो अपने बजे क बिस्तरे क करीब पाउच क अपने को एक साइड पे एकत्रित कर लेती है लुंड उसके आखो क कुछ इंच दुरी पे था.. वो उत्तजेना मई इतनी लीं थी की और अपने न चाहते हुए भी अपने बजे क चेस्ट को एक बार चुम लेती है..
कुसुम- ुम्मम्ह विककी. तुम इतने आकर्सक क्यों हो उन्न्नन.... हॉट... ाः.. क्या मई इसको छू lu.plz
वो अपनी छूट को मसलते हुए अंदर hi अंदर बड़बड़ने लगी... और दूसरे हाट की एक ऊँगली से अपने बजने क लुंड को टच करने लगी... जॉब चुने क बावजूद भी विक्की तुस्स से मुस नहीं हुआ थो वो हिमायत कर क उस बड़े मोठे सावले लुंड को एक हाट से थाम hi लेती है जो की उसकी कलई से भी कही मोटा और लम्बा था और सही से उसके हाट मई नहीं आ रहा था..
कुसुम- आह आठ अन्न ायणं....
उसका जारने लग्न और सोये हुए लुंड मई तनाव आना वो देर सी जाती है और तेज़ नंगे कदमो से कमरे क बहार निकल जाती है मगर एक बात थी उसने जाते जाते अपने बजने क खड़े विकराल लुंड को महसूस कर hi लिया था.
निचे ऋषि भी अपनी नंगी बीबी की जवानी को देख जार क शक्तिहीन जैसा महसूस करता है वो भी कर्म से उठ बहार निकल जाता.. है..
ऋषि- अरे कुसुम क्या हुआ विक्की उठा...
कुसुम- नहीं.. मई नाहने जा रही हु... दीदी उठ गयी क्या??
ऋषि- नहीं बहुत गहरी नीड सोई है... चलो तुम नाहने जाओ मई कुछ देर बाद उठा दूंगा ...
कुसुम- ठीक है ... अप्प और चाय पियोगे थो बना देती हु...
ऋषि- नहीं नहीं अब दूसरी चाय तुम्हारी दीदी क साथ पिएंगे..
कुसुम बाथरूम मई घुस जाती है .. उसको तोरा अजीब सा महसूस होने लगा की कैसे वो अपने सेज बजे दीदी क बेटे क साथ असा कर सकती है ..
10 बजने को हुए थय रजनी को भी सोये अब 3.30 जानते से ज्यादा हो चुके थय... ऋषि जहा 8.30 - 9 बजे तक नास्ता कर लेता था आज लेट हो गया..
ृक्षाणा - गुदंरग साहब सॉरी आज लेट हो गया तोरा..
ऋषि- उह रूकसहाना गुदंरग... कोई बात नहीं ...
ृक्षाणा - आप अकेले हो क्या घर मई कोई देखई नहीं दे रहा..
ऋषि- नहीं नहीं साब यही है तुम काम सुरु करो अपना
अंदर अब रजनी की भी बहार की बातचीत सुन कर नीड टूटने लगती है...
रजनी- omg 10 से ज्यादा टाइम हो गया ...
वो फ़ौरन नंगी बिस्तरे से निचे उतरने लगती है...
रजनी- ोोू सहित आअज थो मई गयी ..... अब मई कैसे जावु बहार देख hi लिया होगा मुझे उन्होंने ऐसे नंगा 10 जो बज गए..
वो पास पड़े अपने सलवार कुर्ते को पहन लेती है मगर उसको अपने पति क पास जाने मई अजीब सी सरम आने लगती है..
रजनी- सोना नहीं किये था... omg ऊपर विक्की भी नंगा hi सोया था कही उसको थो किसी ने ..नहीं नहीं... ृक्षाणा .... ृक्षाणा.
ृक्षाणा - साहब स्याद मैडम अंदर से आवाज़ दे रही है
ऋषि भी आवाज़ सुन क अपने कमरे मई जाता है..
ऋषि- ओह तुम उठ गयी डार्लिंग...
रजनी- हाँ वो ृक्षाणा कहा है पानी किये एक गिलास.
रजनी सीधे तोर पे अपने पति से नज़रे नहीं मिला पा रही थी..
ऋषि- मई ले अत हु ...अब कैसा है सेर दर्द.
रजनी- ठीक है रुको मई hi बहार आ रही सॉरी वो आज आपका सुब कुछ लेट होगया...
ऋषि- कोई नहीं डार्लिंग वासे भी आज कुछ कस काम नहीं है..
रजनी बहार निकल क सीधे अपने बेटे क रूम की और चली जाती है..
रजनी- उह हनी तुम उठ गए क्या..
विक्की- हाँ मम्मी जस्ट अभी उठा .. कुछ काम था क्या आपको..
रजनी- नहीं नहीं चलो मई चलती हु तुम फ्रेश हो लो ..
विक्की- ठीक है वासे आप सुबह यहाँ से कितने बजे चली गयी थी..
रजनी- जॉब तुम तेज़ तेज़ घूरते मार क सो गए थय.
विक्की- वासे कल मज़ा बहुत आया आपको आया..?
रजनी- चुप मई जा रही तुम ावो नाहा क ..
विक्की- उफ़ मम्मी काया मस्त चल है... काम.. काम.... हहै..
निचे कुसुम भी नाहा क आगयी थी...
रजनी-( ऊपर से निचे उतारते हुए)- कुसुम तुम अब नहयी हो?
कुसुम- दी गुदंरग... हाँ आप का hi इटनज़ार कर रहे थय उतने का ठीक है सेर दर्द आपका..
रजनी- हाँ अब ठीक है... चलो मेरी मदद कर दो वासे hi लेट हो गए नास्ता त्यार करते है ..
कुसुम- जी दीदी मई बस अपने हेयर ड्राई कर लू..
आज कुसुम भी अपने दीदी से कुछ देर पहले कांड कर क नज़रे नहीं मिला पा रही थी.... और न hi रजनी अपने पति से...
साब लोग कुछ देर क लिए बिजी से होगये ऊपर विक्की नाहा रहा था दोनो बहने नास्ता रेडी कर रही थय ऋषि न्यूज़ देख रहा था और ृक्षाणा साफ़ सैफई..
विक्की- (ऊपर से निचे एते हुए) गुदंरग आल.
कुसुम एक नज़र ऊपर देखती है फिर अपने नज़रे निचे कर अत जुड़ने लगी...
ऋषि- गुदंरग चैम्प .. रेडी हो आगये टोरी देर मई निकलते है कॉलेज को.
विक्की- ok डैड.. मौसी गुदंरग... .
कुसुम- गुदंरग ...
विक्की- क्या हुआ आज वो एनर्जी देखई नहीं दे रही ... .
कुसुम- दी ये हो गया आता मई रेडी होने जा रही ...
रजनी- ठीक है विक्की चलो अपने डैडी और तुम ावो टेबल पे गरमा गरम पार्थी बना रही..
विक्की- डैड आ जाए फिर निकलते है मम्मी आप भी चिलए साथ घर मई क्या करोगे यूनिवर्सिटी आप को भी देखा लेते है..
rajni-(smiling) मने देख ली यूनिवर्सिटी अचे से .
ऋषि- हाँ चैम्प सही कह रहा तुम भी रेडी हो जाओ....
विक्की- (नौघटलय) काब देखि अपने..
रजनी- पहले नास्ता थो पकने दिज्ये ..
रजनी चिमटे से गरम गरम परता उठा क अपने बेटे क प्लेट मई रखती है.. और विक्की सेर पे एक टपकी मरते हुए..
rajni-(slowly) कल रात..
कुसुम भी एक स्किन टाइट जीन्स एंड शर्ट पहन क टेबल क पास आ जाती है...
विक्की- वाओ मौसी लुकिंग अमेजिंग लगता है डैड और मम्मी को आपके लिए लड़का ढूंढ़ने की कोई जरुरत नहीं आपको कॉलेज मई कोई न कोई मिल hi जायेगा.. हहै.
सभी लोग जोर जोर से हसने लगे.. कुसुम की भी फेस मई स्माइल आ गयी..
कुसुम- नहीं नहीं लड़का थो जीजू hi ढूंढींगे मेरी लिए अपने जैसा.. लोविंग, तककारिंग टाइप.
विक्की- रिच, लोविंग एंड तककारिंग काफी नहीं होता मौसी...
रजनी दूर से अपने बेटे को चुप होने क लिए आंख देखती है.. क्यों की उसका बीटा सही बोल रहा था रिच, लव और ताकेकरे क साथ साथ औरत को बहुत सी बड़े और ताक़तवर चीज़ो की जरूरत भी होती है जो अब उसका बीटा उसका अनुभव करा रहा था..
साब लोग खाना खा क रेडी हो गए रजनी भी रेडी होने चली गयी..
रजनी- क्या पह्नु क्या पह्नु... नहीं नहीं साड़ी सलवार कुरता थो हमेशा पहनती हु... हाँ आज ये ठीक है....
सभी रजनी का दर्वाइंग रूम मई इंतज़ार करने लगे.. बहार विक्की थो बार बार अपनी सेक्सी मौसी को टीप रहा था... वो अपने मौसी क सुबह की हरकत से अनजान था..
रजनी- ीाम रेडी....
विक्की- वाओ.... व्हाट आ....
कुसुम- दी आप कब से पहने लगी जींस ... ??
रजनी- क्यों अछि नहीं लग रही क्या??
कुसुम- नहीं नहीं दी अछि लग रही आपके ऊपर जीन्स.
ऋषि- डार्लिंग अछि लग रही हो... बहुत
विक्की- अब थो लगता है घर मई hi मॉडलिंग का कम्पटीशन करना पड़ेगा.. कटरीना भी फ़ैल हो गयी मम्मी...
रजनी अपने बेटे की अजीब सी कमेंट से शर्मा गया लम्बी मोती टैंगो और गोलमटोल गांड मई जीन्स जुच रही थी... ऋषि भी अपने पत्नी को देख देवना सा हो गया.. हाँ स्याद से कुसुम तोरा जेवुलूस फील कर रही थी..
ऋषि बहार जा क सुव मर्सिडीज़ निकल था है..
रजनी- ृक्षाणा तुम साब कर क लॉक कर जाना
रउसक्षण- जी मैडम बहुत खूबसूरत लग रही हो आप
रजनी- (समिलिंग) थैंक्यू...
तो बे कंटिन्यू....