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- Dec 5, 2013
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अपडेट 44
अब तक
वही जब ज्योति कॉलेज पहुति ह तो सबसे पहले अपनी कार पार्क करती ह उसके बाद कमल शर्मा और कनिका को ढूंढ़ने लगती ह. ज्योति पूरा कॉलेज छान मरती ह पर न hi नकुल और नहीं कनिका और कमल मिलते ह. थक हर के वो जैसे hi अपने घर के लिए निकलती ह तो देखती ह की कनिका और कमल एक ऑटो से कही जा रहे तो ह. तो वो अपनी कार उसके पीछे लग देती ह.
अब आगे
ज्योति कमल और कनिका का पीछा करते हुए उनके घर पर पहुंच जाती ह. फिर कमल के घर से थोड़े hi दूर पर अपनी कार पार्क कर के नकुल का वेट करने लगती ह.
लोकेशन रेस्ट्रुअरंत
नकुल _ क्या बात ह हीना मैं बहुत hi देर से देख रहा हु की जब से वो लीड के लिए मैंने हाँ कही ह तब से तुम किसी सोच म गम हो.
हीना_ नकुल मुझे बहुत hi दर लग रहा हैं
नकुल _ तुम्हें दर क्यों लग रहा जरा ये भी बता दो.
हीना _ क्यों की वो कंपनी ओनर ठीक नहीं ह. मैंने नहीं चाहती जैसे मैंने अपने पिता को खो दिया ह वैसे तुम्हें खो दूँ. नकुल प्लीज हम कोई और कंपनी देखते ह.
नकुल_ हीना क्या बात ह पहले तुम ये बताओ.
हीना _ नकुल अभी जिसे तुम मिले हो उसका नाम निशा गर्ग ह. ये बहुत hi कामिनी और सेषादिकेटेड ह. निशा गर्ग की एक ग्रुप ह जिसमे 7 लेडीज ह साडी की साडी सेक्स की भूखी ह.
इंट्रोडक्शन
निशा गर्ग
हाइट _ 5.7फट
वेट _ 76 कग
कलर_ फेयर
फिगर_ 36 30 38
ये बहुत hi आमिर ह, अगर किसी पर इसका दिल आ गया तो उसे पाए बिना नहीं छोड़ती ह. इसे वाइल्ड सेक्स & रफ़ सेक्स बहुत hi पसंद ह.
फ़्लैश बैक
नकुल बात उस समय की ह जब मैं 12तह पास करने के बाद मैंने पापा से अपने मनपसंद कॉलेज मैं अड्मिशन क लिए कहा क्यों की इंडिया का नंबर 1 कॉलेज था बिज़नेस स्टडी के लिए,
और पापा इस बात के लिए मान भी गए थे. पापा नेब मेरा एडमिशन मेरे मनपसंद कॉलेज म करवा दिया. ऐसे hi दिन बिताते गए मैंने बबा 1सत ईयर पूरी यूनिवर्सिटी म टॉप किया था. इस खबर को सुनाने के लिए मैंने अपने पापा कॉल किया तो पहले तो उन्हेंने मेरा कॉल पिचकूप नहीं किया, मैंने कई बार तरय किया पर नतीजा वही निकला पापा ने मेरा फ़ोन नहीं उठाया.
मैं उदास हो कर अपने हॉस्टल चली गयी. उस दिने मैंने कुछ भी नहीं क्या था. रातो 1:00 बजे पापा का कॉल आया. मैंने पापा का कॉल पिचकूप किया.
हीना_ पापा मैं आपसे बहुत नाराज़ हु.
पापा_ क्यों बीटा मैंने क्या कर दिया जो आप मुझे नाराज़ ह.
हीना _ पापा अपने मेरा कॉल पिचकूप नहीं किया इस लिए.
पापा _ तो मेरी बेटी मुझे नाराज़ ह वो भी इसलिए की मैंने अपने प्यारी बेटी का कॉल अत्तंड नहीं कर किया.
हीना_ जी पापा.
Papa_sorry बीटा मैं किसी काम था इसलिए आपका कॉल अटेंड नहीं कर पाया. पर आगे से ऐसा नहीं होगा.
हीना _ पापा क्या मैंने आप सब से घर मिलने आ सकती हु क्या. मेरा बहुत मन कर रहा ह.
पापा_ ठीक आ जाओ. पर बीटा मैं किसी काम से बहार जा रहा हु. और आपकी मां और भाई hi घर पर होंगे.
हीना _ ये तो चीटिंग ह पापा मुझे बुला कर आ वह से जा रहे ह.
पापा _ सॉरी बीटा क्या करू काम hi कुछ ऐसा आ गया ह.
हीना _ पापा आप घर कब तक आएंगे.
Papa_beta 8 मोनथस के बाद.
हीना _ पापा फिर मैं नहीं आ रही हु. जब आप hi नहीं होंगे तो मैं वह आ कर क्या करुँगी.
इतना कहने के बाद मैंने कॉल कट कर दिया. उसके बाद पापा ने कई बार कॉल किया पर मैंने कॉल नहीं अटेंड किया.
जब पापा ने देखा की मैं उनका कॉल अटेंड नहीं क्र रही हु तो उन्होंने एक टेक्स्ट मैसेज किया जिसमे लिखा था. (बीटा हीना मुझे पता आप मुझे नाराज़ हो पर बीटा क्या करू काम hi ऐसा आ गया ह जिसके लिए मुझे जाना पद रहा ह, बीटा नेक्स्ट यरस हम सब कही घूमने चलेंगे. वो भी आपकी मनपसंदिता जगह पर. मुझे माफ़ कर न बीटा)
जब मैंने ये मैसेज पद तो मुझे बहुत बुरा लग.
फिर मैंने भी पापा को एक मैसेज किया जिसमे लिखा था ( ी लव यू सो मच )
ऐसे hi दिन गुजरते गए और मैं अपने स्टडी म बिजी हो गयी पर उस दिन के बाद मैंने अपने पापा को एक भी कॉल नहीं किया. पर हाँ एक वादा अपने मन म जरूर कर लिया था. इस बार बिना बताये hi घर जाउंगी और सबसे पहले अपने पापा से मिलूंगी. आखिर कर मेरे एग्जाम के दिन भी नज़दीक आ गए. और मैंने अपनी स्टडी दुगनी कर दी जहाँ मैं 4 _5 हरष पड़ती थी अब वही 8_10 हरष. जब मेरे exam.suru हो गए और मैंने सरे एग्जाम बहुत अच्छी तरह दिए.
फाइनली वो दिन भी आ गया जिसके लिए इतने दिनों से मैं म्हणत कर रही थी. इस बार भी पूरी यूनिवर्सिटी म नंबर 1 पोजीशन थी. पर पिछली बार की तरह न hi मैंने घर प कॉल किया और न पापा को. क्युकी इस बार ऐसी कोई गलती नहीं करने वाली थी. इसलिए मैंने अपनी ट्रैन की टिकट बुक की. फिर मैं घर के लिए निकल गयी.
पुरे तीन दिन के सफर के बाद मैंने अपने सहर म कदम रखे. मैं बहुत खुश थी की मैं अपने और घर वालो से मिलूंगी, पर मुझे नहीं पता था की मेरी ये ख़ुशी कुछ hi पालो की ह. मैंने स्टेशन से टैक्सी बुक की और सबसे पहले अपने घर न जा कर अपने पापा के ऑफिस निकल गयी. पर मुझे नहीं पता था की मेरा ये सफर मेरी जिंदगी hi बदल देगा. मैं अपने hi ख्यालो म पापा के बारे म सोचते हुए जा रही थी कुछ hi मिन्ट्स के बाद मैं अपने पापा के ऑफिस के सामने टैक्सीवाले ने अपनी टैक्सी रोकी और कहा मैडम आपकी मंजिल आ गयी. जैसे hi टैक्सी वाले की ये बात सुनी मैं बहुत खुश हुई. फिर मैं टैक्सी से उत्तर कर टैक्सीवाले को उसके पैसे दे कर अपने पापा के ऑफिस और चल दी.
अब मैं पापा के ऑफिस के सामने कड़ी थी. फिर मैं पापा के ऑफिस मैं चली गयी पर एक बात बहुत hi अजीब सी लगी ऑफिस तो ओपन ह पर गेट पर कोई भी चौकीदार नहीं था, पर मैंने ये सोच कर ताल दिया सायद कुछ लेने या टॉयलेट गया होगा.
पर जैसे जैसे मैं अपने पापा के ऑफिस केबिन की और बाद रही थी वैसे वैसे hi मेरा दिल बहुत रवज़ धड़क रहा tha.pr कही न कही मेरे मन म बहुत बैचेनी हो रही थी. पर मैंने ये सोच कर टॉक दिया सायद ये पापा से इतने दिनों के बाद मिलने के कारन हो रहा होगा.
पर जैसे hi मैंने अपने पापा के ऑफिस के केबिन के पास पहुंच कर दूर को ओपन किया डैम से निचे गिर गई मेरी हालत ऐसी हो गयी थी मनो मैं एक जिन्दा लाश हु.
पर दूर को ओपन होने और किसी के निचे गिरने की आवाज से ऑफिस में मौजूद सभी का ध्यान मेरे तरफ कर दिया. पर मेरे वह होने पट किसी को कुछ असर नहीं पद पर मेरे पापा की तो दुनिया hi उजाड़ गयी थी.
पापा कभी मुझे तो कभी वह मौजूद लोगो को देखते पर पापा ये भूल गए थे की वो नंगे हैं और वैसे hi मेरी तरफ बे आये.
अब तक
वही जब ज्योति कॉलेज पहुति ह तो सबसे पहले अपनी कार पार्क करती ह उसके बाद कमल शर्मा और कनिका को ढूंढ़ने लगती ह. ज्योति पूरा कॉलेज छान मरती ह पर न hi नकुल और नहीं कनिका और कमल मिलते ह. थक हर के वो जैसे hi अपने घर के लिए निकलती ह तो देखती ह की कनिका और कमल एक ऑटो से कही जा रहे तो ह. तो वो अपनी कार उसके पीछे लग देती ह.
अब आगे
ज्योति कमल और कनिका का पीछा करते हुए उनके घर पर पहुंच जाती ह. फिर कमल के घर से थोड़े hi दूर पर अपनी कार पार्क कर के नकुल का वेट करने लगती ह.
लोकेशन रेस्ट्रुअरंत
नकुल _ क्या बात ह हीना मैं बहुत hi देर से देख रहा हु की जब से वो लीड के लिए मैंने हाँ कही ह तब से तुम किसी सोच म गम हो.
हीना_ नकुल मुझे बहुत hi दर लग रहा हैं
नकुल _ तुम्हें दर क्यों लग रहा जरा ये भी बता दो.
हीना _ क्यों की वो कंपनी ओनर ठीक नहीं ह. मैंने नहीं चाहती जैसे मैंने अपने पिता को खो दिया ह वैसे तुम्हें खो दूँ. नकुल प्लीज हम कोई और कंपनी देखते ह.
नकुल_ हीना क्या बात ह पहले तुम ये बताओ.
हीना _ नकुल अभी जिसे तुम मिले हो उसका नाम निशा गर्ग ह. ये बहुत hi कामिनी और सेषादिकेटेड ह. निशा गर्ग की एक ग्रुप ह जिसमे 7 लेडीज ह साडी की साडी सेक्स की भूखी ह.
इंट्रोडक्शन
निशा गर्ग
हाइट _ 5.7फट
वेट _ 76 कग
कलर_ फेयर
फिगर_ 36 30 38
ये बहुत hi आमिर ह, अगर किसी पर इसका दिल आ गया तो उसे पाए बिना नहीं छोड़ती ह. इसे वाइल्ड सेक्स & रफ़ सेक्स बहुत hi पसंद ह.
फ़्लैश बैक
नकुल बात उस समय की ह जब मैं 12तह पास करने के बाद मैंने पापा से अपने मनपसंद कॉलेज मैं अड्मिशन क लिए कहा क्यों की इंडिया का नंबर 1 कॉलेज था बिज़नेस स्टडी के लिए,
और पापा इस बात के लिए मान भी गए थे. पापा नेब मेरा एडमिशन मेरे मनपसंद कॉलेज म करवा दिया. ऐसे hi दिन बिताते गए मैंने बबा 1सत ईयर पूरी यूनिवर्सिटी म टॉप किया था. इस खबर को सुनाने के लिए मैंने अपने पापा कॉल किया तो पहले तो उन्हेंने मेरा कॉल पिचकूप नहीं किया, मैंने कई बार तरय किया पर नतीजा वही निकला पापा ने मेरा फ़ोन नहीं उठाया.
मैं उदास हो कर अपने हॉस्टल चली गयी. उस दिने मैंने कुछ भी नहीं क्या था. रातो 1:00 बजे पापा का कॉल आया. मैंने पापा का कॉल पिचकूप किया.
हीना_ पापा मैं आपसे बहुत नाराज़ हु.
पापा_ क्यों बीटा मैंने क्या कर दिया जो आप मुझे नाराज़ ह.
हीना _ पापा अपने मेरा कॉल पिचकूप नहीं किया इस लिए.
पापा _ तो मेरी बेटी मुझे नाराज़ ह वो भी इसलिए की मैंने अपने प्यारी बेटी का कॉल अत्तंड नहीं कर किया.
हीना_ जी पापा.
Papa_sorry बीटा मैं किसी काम था इसलिए आपका कॉल अटेंड नहीं कर पाया. पर आगे से ऐसा नहीं होगा.
हीना _ पापा क्या मैंने आप सब से घर मिलने आ सकती हु क्या. मेरा बहुत मन कर रहा ह.
पापा_ ठीक आ जाओ. पर बीटा मैं किसी काम से बहार जा रहा हु. और आपकी मां और भाई hi घर पर होंगे.
हीना _ ये तो चीटिंग ह पापा मुझे बुला कर आ वह से जा रहे ह.
पापा _ सॉरी बीटा क्या करू काम hi कुछ ऐसा आ गया ह.
हीना _ पापा आप घर कब तक आएंगे.
Papa_beta 8 मोनथस के बाद.
हीना _ पापा फिर मैं नहीं आ रही हु. जब आप hi नहीं होंगे तो मैं वह आ कर क्या करुँगी.
इतना कहने के बाद मैंने कॉल कट कर दिया. उसके बाद पापा ने कई बार कॉल किया पर मैंने कॉल नहीं अटेंड किया.
जब पापा ने देखा की मैं उनका कॉल अटेंड नहीं क्र रही हु तो उन्होंने एक टेक्स्ट मैसेज किया जिसमे लिखा था. (बीटा हीना मुझे पता आप मुझे नाराज़ हो पर बीटा क्या करू काम hi ऐसा आ गया ह जिसके लिए मुझे जाना पद रहा ह, बीटा नेक्स्ट यरस हम सब कही घूमने चलेंगे. वो भी आपकी मनपसंदिता जगह पर. मुझे माफ़ कर न बीटा)
जब मैंने ये मैसेज पद तो मुझे बहुत बुरा लग.
फिर मैंने भी पापा को एक मैसेज किया जिसमे लिखा था ( ी लव यू सो मच )
ऐसे hi दिन गुजरते गए और मैं अपने स्टडी म बिजी हो गयी पर उस दिन के बाद मैंने अपने पापा को एक भी कॉल नहीं किया. पर हाँ एक वादा अपने मन म जरूर कर लिया था. इस बार बिना बताये hi घर जाउंगी और सबसे पहले अपने पापा से मिलूंगी. आखिर कर मेरे एग्जाम के दिन भी नज़दीक आ गए. और मैंने अपनी स्टडी दुगनी कर दी जहाँ मैं 4 _5 हरष पड़ती थी अब वही 8_10 हरष. जब मेरे exam.suru हो गए और मैंने सरे एग्जाम बहुत अच्छी तरह दिए.
फाइनली वो दिन भी आ गया जिसके लिए इतने दिनों से मैं म्हणत कर रही थी. इस बार भी पूरी यूनिवर्सिटी म नंबर 1 पोजीशन थी. पर पिछली बार की तरह न hi मैंने घर प कॉल किया और न पापा को. क्युकी इस बार ऐसी कोई गलती नहीं करने वाली थी. इसलिए मैंने अपनी ट्रैन की टिकट बुक की. फिर मैं घर के लिए निकल गयी.
पुरे तीन दिन के सफर के बाद मैंने अपने सहर म कदम रखे. मैं बहुत खुश थी की मैं अपने और घर वालो से मिलूंगी, पर मुझे नहीं पता था की मेरी ये ख़ुशी कुछ hi पालो की ह. मैंने स्टेशन से टैक्सी बुक की और सबसे पहले अपने घर न जा कर अपने पापा के ऑफिस निकल गयी. पर मुझे नहीं पता था की मेरा ये सफर मेरी जिंदगी hi बदल देगा. मैं अपने hi ख्यालो म पापा के बारे म सोचते हुए जा रही थी कुछ hi मिन्ट्स के बाद मैं अपने पापा के ऑफिस के सामने टैक्सीवाले ने अपनी टैक्सी रोकी और कहा मैडम आपकी मंजिल आ गयी. जैसे hi टैक्सी वाले की ये बात सुनी मैं बहुत खुश हुई. फिर मैं टैक्सी से उत्तर कर टैक्सीवाले को उसके पैसे दे कर अपने पापा के ऑफिस और चल दी.
अब मैं पापा के ऑफिस के सामने कड़ी थी. फिर मैं पापा के ऑफिस मैं चली गयी पर एक बात बहुत hi अजीब सी लगी ऑफिस तो ओपन ह पर गेट पर कोई भी चौकीदार नहीं था, पर मैंने ये सोच कर ताल दिया सायद कुछ लेने या टॉयलेट गया होगा.
पर जैसे जैसे मैं अपने पापा के ऑफिस केबिन की और बाद रही थी वैसे वैसे hi मेरा दिल बहुत रवज़ धड़क रहा tha.pr कही न कही मेरे मन म बहुत बैचेनी हो रही थी. पर मैंने ये सोच कर टॉक दिया सायद ये पापा से इतने दिनों के बाद मिलने के कारन हो रहा होगा.
पर जैसे hi मैंने अपने पापा के ऑफिस के केबिन के पास पहुंच कर दूर को ओपन किया डैम से निचे गिर गई मेरी हालत ऐसी हो गयी थी मनो मैं एक जिन्दा लाश हु.
पर दूर को ओपन होने और किसी के निचे गिरने की आवाज से ऑफिस में मौजूद सभी का ध्यान मेरे तरफ कर दिया. पर मेरे वह होने पट किसी को कुछ असर नहीं पद पर मेरे पापा की तो दुनिया hi उजाड़ गयी थी.
पापा कभी मुझे तो कभी वह मौजूद लोगो को देखते पर पापा ये भूल गए थे की वो नंगे हैं और वैसे hi मेरी तरफ बे आये.