- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 137,919
अपडेट 91
अब तक
फिर प्रिय मेरा पंत की चैन खोल कर मेरा लुंड निकलती है. और मुँह में ले कर चूसने लगती है. वही मैं अपनी पंत उतर देता हु. उसके बाद अपनी शर्ट भी. अब मैं वह पाए एक डैम नंगा हो गया था.
अब आगे
मैं रजनी ठाकुर को अपने पास खींच कर किस करने लगता हु. वही प्रिय मेरे लुंड को बड़े hi मादक तरीके से चूस रही थी. मैं 5 मिनट का रजनी ठाकुर को किस करता रहा, उसके बाद में उसे प्रिय की छूट और गांड के छेद को सूचक करने के लिए कहा दिया.
जिस के बाद वो प्रिय के पीछे जा कर उसकी छूट से ले के गांड देता चूस ने लगती है. रजनी ठाकुर प्रिय की छूट को बहुत hi अच्छी तरीके से चूस रही थी.
जब मुझे लगा की मैं जहर जाऊँगा. तो मैं ने अपना लुंड प्रिय के मुँह से निकल लिया और फिर उसके गाल पर के थप्पड़ लगा देता हु. और कहता हु.
नकुल _ चल सामने लेट जा अपने पैरो को फैला कर.
प्रिय _ हम्म.
इतना कहने के बाद वो वह लेट जाती है. उसके लेट ते hi रजनी ठाकुर उसकी छूट को चूस ने लगती है. वही मैं रजनी ठाकुर के पीछे जा कर अपना लुंड उसकी छूट पर रख कर ऊपर निचे करने लगता हु.
जिस करने उसके मुँह से ाजबी तरह की अवेक निकलन लगती है. पर वो प्रिय की छूट को चूसना बंद नहीं किया था. फिर मैं ने अपने लुंड को रजनी ठाकुर के छूट के छेद पर रख कर एक जोर का झटका मरता हु. जिस कारन मेरा आधे से ज्यादा लुंड रजनी ठाकुर की छूट के अंदर चला जाता है.
वही इसके वजह से रजनी ठाकुर के डाट प्रिय की छूट गड जाता है. जिस करना उसके मुँह से एक जॉर्डन चीख निकल गयी जो पुरे फॉर्महॉउस में गुजा गयी. मैं बिना परवाह किये हुए मेरी रैंड रजनी ठाकुर को छोड़ने लगा.
मैं अपने लुंड को टोपे तक बहार निकल कर स्पीड से अपने लुंड को उसकी छूट में घुसा देता. जिस कारन वो बुरी तरह चिल्ला उठी. ये सब देख कर प्रिय मूट देती हैं जो रजनी ठाकुर के मुँह के अंदर चला जाता है. ऐसे hi मैं रजनी ठाकुर को 10 मिनट तक छोड़ता रहता हु. जिस चुदाई के दौरान रजनी ठाकुर जहर जाती है.
मैं अपना लुंड निकल लेता हु. और बीएड पर सो जाता हु. उसके बाद मैं प्रिय को अपने पास बुलाता हु.
नकुल _ चल मेरी कुटिया जरा मेरा लुंड चूस कर साफ़ kar..sath hi अपनी माँ का पानी का भी मजा ले ले.
प्रिय _ जी मालिक.
उसके बाद बाद प्रिय मेरे लुंड को बहुत hi मस्त तरीके से चूस ने लगती है, सबसे पहन वो मेरे लुंड को अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ करती है. उसके बाद मेरे अंडो को अपने मुँह में ले कर चूस ने लगती है. जिसे कारन मेरे मुँह से बस आए ूणा आमम्मा ीी की शिसलारिया hi निकल रही थी.
मैं भी लुंड चूसै का मज़ा आ रहा था. मैं रजनी रैंड तू भी अपनी बेटी की छूट चाट कर गिला कर ताकि मैं तेरी बेटी को छोड़ सकू,
फिर रजनी अपनी बेटी की छूट को चाटने लगती हैं. रजनी ठाकुर अपनी बेटी प्रिय की छूट के डेन को आपको मुँह में लेकर चूसती तो कभी डाट गदा देती. जिस कारण प्रिय के मुँह से कभी मादक शिस्कारि तो कभी तीखी आवाज निकल जाती.
ऐसे hi 10 मिनट तक चलता रहा. प्रिय इस हमले को ज्यादा देर तक बर्दास्त नहीं कर पति है. और जोर से छिलने लगती मैं झरने वाली हु. और मैं जैसे hi ये सुनता हु. रजनी ठाकुर के बाल पद कर अपनी जोर से खींच लेता हु. साथ hi प्रिय के गाल पर एक जोर का थप्पड़ मरता हु. जिस कारण प्रिय का झरना रुक जाता है.
मेरे इस प्रहार से दोनों के मुँह से चीख निकल जाती है. मैं प्रिय को मिशनरी पोज़ में लेटने को कहता हु, उसके बाद मैं अपना लुंड उसकी छूट के छेड़ पर रखा कर के जोर का धाक मरता हु. जिस कारन मेरा लुंड का टोपा छूट के अंदर चला जाता है.
वही प्रिय के मुँह से फिर से के चीख निकलती है. जिसे देख कर रजनी ठाकुर प्रिय मुँह के ऊपर अपनी छूट रख कर बैठ जाती है. ये देखते hi मैं दो तीन झटके मार के अपना लुंड प्रिय के छूट के अंदर कर देता हु.
अब मेरा पूरा लुंड प्रिय की छूट के अंदर चला गया था, इसी के साथ hi प्रिय के छूट से काफी मात्रा में खून भी निकला गया था, और मैं जैसे hi रुका रजनी ठाकुर मुझे ढके लगाने के लिए कहती है.
जिस पर मैं मुस्कुराते हुए धक्के मरने लगता हु. मैं धक्के थोड़े आराम से लगा रहा था. जिस पर मेरी रैंड रजनी ने जोर धक्के लगाने को कहती है, और मैं जोर से धक्का लगाने लगता हु. ऐसे hi मैं 5 मिनट तक प्रिय की चुदाई करता रहता हु. अब मेरा लुंड प्रिय की छूट में आराम से जा रहा था.
अब प्रिय को भी मजा आने लगता है. वो अपनी गांड मेर हर धक्के के साथ उठा देती मुझे ये देख बहुत मज़ा आ रहा था. कैसे एक रंडी की तरह दोनों माँ बेटी चुद रही है.
मैं मज़े से धक्के लगते हु चुदाई कर रह था, वही प्रिय अपनी माँ की छूट को अब चाटने लगी थी. ऐसे hi 20 मिनट्स हो गए थे, इस बिच प्रिय तीन बार जहर गयी थी. अब मैं भी झरने के करीब आ गया था. जिस कारन अपने अपनी धक्के की स्पीड बड़ा दी, 10 12 शॉट के बाद मैं भी प्रिय की छूट के अंदर जहर गया.
और जैसे hi झरने के बाद प्रिय के ऊपर लेता मेरा सेल फ़ोन बजने लगता. जब फ़ोन देख तो ये फ़ोन अनामिका की थी. मैं फ़ोन को उठता हु.
नकुल_ hello
अनामिका_ ...............????
नकुल_ क्या???????
अब तक
फिर प्रिय मेरा पंत की चैन खोल कर मेरा लुंड निकलती है. और मुँह में ले कर चूसने लगती है. वही मैं अपनी पंत उतर देता हु. उसके बाद अपनी शर्ट भी. अब मैं वह पाए एक डैम नंगा हो गया था.
अब आगे
मैं रजनी ठाकुर को अपने पास खींच कर किस करने लगता हु. वही प्रिय मेरे लुंड को बड़े hi मादक तरीके से चूस रही थी. मैं 5 मिनट का रजनी ठाकुर को किस करता रहा, उसके बाद में उसे प्रिय की छूट और गांड के छेद को सूचक करने के लिए कहा दिया.
जिस के बाद वो प्रिय के पीछे जा कर उसकी छूट से ले के गांड देता चूस ने लगती है. रजनी ठाकुर प्रिय की छूट को बहुत hi अच्छी तरीके से चूस रही थी.
जब मुझे लगा की मैं जहर जाऊँगा. तो मैं ने अपना लुंड प्रिय के मुँह से निकल लिया और फिर उसके गाल पर के थप्पड़ लगा देता हु. और कहता हु.
नकुल _ चल सामने लेट जा अपने पैरो को फैला कर.
प्रिय _ हम्म.
इतना कहने के बाद वो वह लेट जाती है. उसके लेट ते hi रजनी ठाकुर उसकी छूट को चूस ने लगती है. वही मैं रजनी ठाकुर के पीछे जा कर अपना लुंड उसकी छूट पर रख कर ऊपर निचे करने लगता हु.
जिस करने उसके मुँह से ाजबी तरह की अवेक निकलन लगती है. पर वो प्रिय की छूट को चूसना बंद नहीं किया था. फिर मैं ने अपने लुंड को रजनी ठाकुर के छूट के छेद पर रख कर एक जोर का झटका मरता हु. जिस कारन मेरा आधे से ज्यादा लुंड रजनी ठाकुर की छूट के अंदर चला जाता है.
वही इसके वजह से रजनी ठाकुर के डाट प्रिय की छूट गड जाता है. जिस करना उसके मुँह से एक जॉर्डन चीख निकल गयी जो पुरे फॉर्महॉउस में गुजा गयी. मैं बिना परवाह किये हुए मेरी रैंड रजनी ठाकुर को छोड़ने लगा.
मैं अपने लुंड को टोपे तक बहार निकल कर स्पीड से अपने लुंड को उसकी छूट में घुसा देता. जिस कारन वो बुरी तरह चिल्ला उठी. ये सब देख कर प्रिय मूट देती हैं जो रजनी ठाकुर के मुँह के अंदर चला जाता है. ऐसे hi मैं रजनी ठाकुर को 10 मिनट तक छोड़ता रहता हु. जिस चुदाई के दौरान रजनी ठाकुर जहर जाती है.
मैं अपना लुंड निकल लेता हु. और बीएड पर सो जाता हु. उसके बाद मैं प्रिय को अपने पास बुलाता हु.
नकुल _ चल मेरी कुटिया जरा मेरा लुंड चूस कर साफ़ kar..sath hi अपनी माँ का पानी का भी मजा ले ले.
प्रिय _ जी मालिक.
उसके बाद बाद प्रिय मेरे लुंड को बहुत hi मस्त तरीके से चूस ने लगती है, सबसे पहन वो मेरे लुंड को अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ करती है. उसके बाद मेरे अंडो को अपने मुँह में ले कर चूस ने लगती है. जिसे कारन मेरे मुँह से बस आए ूणा आमम्मा ीी की शिसलारिया hi निकल रही थी.
मैं भी लुंड चूसै का मज़ा आ रहा था. मैं रजनी रैंड तू भी अपनी बेटी की छूट चाट कर गिला कर ताकि मैं तेरी बेटी को छोड़ सकू,
फिर रजनी अपनी बेटी की छूट को चाटने लगती हैं. रजनी ठाकुर अपनी बेटी प्रिय की छूट के डेन को आपको मुँह में लेकर चूसती तो कभी डाट गदा देती. जिस कारण प्रिय के मुँह से कभी मादक शिस्कारि तो कभी तीखी आवाज निकल जाती.
ऐसे hi 10 मिनट तक चलता रहा. प्रिय इस हमले को ज्यादा देर तक बर्दास्त नहीं कर पति है. और जोर से छिलने लगती मैं झरने वाली हु. और मैं जैसे hi ये सुनता हु. रजनी ठाकुर के बाल पद कर अपनी जोर से खींच लेता हु. साथ hi प्रिय के गाल पर एक जोर का थप्पड़ मरता हु. जिस कारण प्रिय का झरना रुक जाता है.
मेरे इस प्रहार से दोनों के मुँह से चीख निकल जाती है. मैं प्रिय को मिशनरी पोज़ में लेटने को कहता हु, उसके बाद मैं अपना लुंड उसकी छूट के छेड़ पर रखा कर के जोर का धाक मरता हु. जिस कारन मेरा लुंड का टोपा छूट के अंदर चला जाता है.
वही प्रिय के मुँह से फिर से के चीख निकलती है. जिसे देख कर रजनी ठाकुर प्रिय मुँह के ऊपर अपनी छूट रख कर बैठ जाती है. ये देखते hi मैं दो तीन झटके मार के अपना लुंड प्रिय के छूट के अंदर कर देता हु.
अब मेरा पूरा लुंड प्रिय की छूट के अंदर चला गया था, इसी के साथ hi प्रिय के छूट से काफी मात्रा में खून भी निकला गया था, और मैं जैसे hi रुका रजनी ठाकुर मुझे ढके लगाने के लिए कहती है.
जिस पर मैं मुस्कुराते हुए धक्के मरने लगता हु. मैं धक्के थोड़े आराम से लगा रहा था. जिस पर मेरी रैंड रजनी ने जोर धक्के लगाने को कहती है, और मैं जोर से धक्का लगाने लगता हु. ऐसे hi मैं 5 मिनट तक प्रिय की चुदाई करता रहता हु. अब मेरा लुंड प्रिय की छूट में आराम से जा रहा था.
अब प्रिय को भी मजा आने लगता है. वो अपनी गांड मेर हर धक्के के साथ उठा देती मुझे ये देख बहुत मज़ा आ रहा था. कैसे एक रंडी की तरह दोनों माँ बेटी चुद रही है.
मैं मज़े से धक्के लगते हु चुदाई कर रह था, वही प्रिय अपनी माँ की छूट को अब चाटने लगी थी. ऐसे hi 20 मिनट्स हो गए थे, इस बिच प्रिय तीन बार जहर गयी थी. अब मैं भी झरने के करीब आ गया था. जिस कारन अपने अपनी धक्के की स्पीड बड़ा दी, 10 12 शॉट के बाद मैं भी प्रिय की छूट के अंदर जहर गया.
और जैसे hi झरने के बाद प्रिय के ऊपर लेता मेरा सेल फ़ोन बजने लगता. जब फ़ोन देख तो ये फ़ोन अनामिका की थी. मैं फ़ोन को उठता हु.
नकुल_ hello
अनामिका_ ...............????
नकुल_ क्या???????