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- Dec 5, 2013
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राज आगे बढ़ा और शिवानी के चेहरे के पास अपने फेस करते हुए फूंक मार दी.. शिवानी जैसे होश में आई.. उसे याद आया वह तोह ब्रा पंतय में बाथरूम में है. राज को अंडरवियर में देख कर वह और भी हैरान हुई. एक हाथ से अपने दोनों बूब्स तोह एक हाथ से अपनी छूट को छुपाने लगी.
राज-- क्या करती हो जाने मैं. छुपी हुई चीज को छुपाने की कोशिश बेकार है.
शिवानी ग़ुस्से से-- तुम मेरे कमरे में कैसे आये. दूर तोह लॉक था. मुझे किसी ने बताया क्यों नहीं तुम आये हुए हो..
राज-- उफ़ इतने फेयर य फेस को घुसे में बिगड़ क्यों रही हो. इतना ब्यूटीफुल तोह चूमने के लिए होता है.
राज शिवानी के गाल को चूमने के लिए आगे आगे बढ़ा तोह शिवानी दो कदम पीछे हैट गई. बाथ टब से टकरा कर गिरने को हुई तोह राज ने उसका हाथ पकड़ लिया.
राज-- वहहह क्या फ़िल्मी सन बना है. हीरोइन गिरी और हीरो ने थाम लिया.
शिवानी भी मैं में एक बार तोह राज के अंदाज़ पर है पड़ी. गिरती भी तोह पानी में hi जाती. कुछ ऐसे hi अंदाज़ में वह कड़ी थी.
फ़ौरन hi वह सोचने भी लगी. राज की और तोह वह भी बढ़ना चाहती थी. सिमरन के साथ उसकी डील जो हुई थी. शिवानी खुद पर काबू पाते हुए, अपने ग़ुस्से को ख़तम करके राज को नोर्मल्ली देखने लगी.
शिवानी-- किसी लड़की के बाथरूम में ऐसे अचानक से और बिना परमिशन के नहीं घुसना चाहिए. लड़की बिना कपड़ो के हो तोह बिलकुल भी नहीं घुसना चाहिए.. ये बाद मैनर्स होते हाँ राज. हर लड़की राह चलती नहीं हुआ करती.
राज-- तुम तोह बहुत खास हो. मैंने कब कहा तुम कोई राह चलती लड़की हो. पार्टी में hi तुम मेरे दिल में उतर गई थी..
शिवानी-- हाहाहा. कितनो को दिल में उतरोगे तुम. एक सिमरन काफी नहीं है क्या. और भी ज़रूर होंगी तुम्हारी लाइफ में. मुझे तुम सीधे नहीं लगते.
राज-- मैंने कब कहा मैं सीधा हों. मई तोह बहुत टेढ़ा hon.haan कई हाँ मेरी लाइफ में.. सिमरन स्पेशल है मेरे लिए. और तुम भी मेरे लिए बहुत स्पेसेल हो
शिवानी-- एक लड़की hi स्पेशल हुआ करती है. दूसरी लड़की भी दिल में उतरने लगे तोह उसे मोहब्बत नहीं कहते.. उसे हवस कहते हाँ.
राज-- ओह ऐसा क्या.. तोह चलो थोड़ा सा हवस का खेल भी खेल लेते हाँ.
शिवानी राज की पकड़ से निकलने लगी.. राज ने शिवानी को उठाया और बाथटब में लेकर बेथ गया..
शिवानी- राज अपनी हद पार मत करो. शिवानी का अंदाज़ सख्त नहीं था. वह भी अब इस हद तक आ जाना चाहती थी. बाद में भी तोह उसे ये काम करना hi था. राज खुद से आगे बढ़ रहा था तोह वह कैसे पीछे रह सकती थी. बेशरम नहीं थी. पर सिमरन को हाँ बोल कर बेशरम बन गई थी. कुछ पाने के लिए कुछ खोने जा रही थी. सिमरन की सदा के लिए फवौर पाने के लिए वह अपनी विर्जिनिटी राज को देने का बोल गई थी. अब पलट भी नहीं सकती थी.
दोनों हलके गर्म पानी में बैठे तोह गर्म पानी शरीर की गर्मी को और भी बढ़ने लगा.
राज का लुंड अंडरवियर में hi खड़ा हो चूका था. गरम पानी फिर गर्म शिवानी राज बहुत मस्त होने लगा. राज ने शिवानी की मर्ज़ी जान ली थी. राज शिवानी के होंटो के करीब अपने होंठ करने लगा तोह शिवानी के होंठ भड़फड़ा गए..
राज-- शिवानी तुम ख़ास हो. तुम अभी तक खुद को संभाले हुए थी. मैं तुम्हे किश करने जा रहा हों और तुमने ज़यादा नहीं रोका मुझे. इसका एक hi मतलब है तुम मेरे साथ सब कर जाना चाहती हो. कितनी अजीब बात है, एक पुलिस वाली होकर इतनी कमज़ोर.. नहीं शिवानी तुम इतनी कमज़ोर नहीं हो सकती. ज़रूर कोई तोह बात है.
शिवानी जिसकी ऑंखें बंद होने लगी थी. गरम पानी और राज के बदन की गर्मी ने सच में उसे बहकना शुरू कर दिए था. शिवानी नशे में होने लगी थी.
शिवानी-- नहीं राज, ऐसी कोई बात नहीं है. मैं पुलिस वाली हों तोह क्या हुआ. एक लड़की भी तोह हों. तुम सिमरन के ho.mere नहीं हो सकते. पर हर लड़की के आइडियल ज़रूर हो तुम. सिमरन की लाइफ में ज़बरदस्ती एंट्री मार कर तुम ने कई लड़कियों के दिलों के तार हिला डेल हाँ. बहुत से दिल तुम्हारे लिए मचल चुके हाँ. उन दिलों में एक दिल मेरा भी है
राज-- सब मुझे ऐसे hi हरामी नहीं कहते. मैं बहुत दूर की सोच लेता हों. तुम सुनैना के घर क्यों गयी थी. वहां मेरे बारे में सब क्यों बोल के आई थी. क्यों मेरे बारे में सब जानना चाहती थी.. तुम सिमरन से मिल गई हो. कुछ तोह प्लान बनाया है सिमरन और तुमने मिलकर.. कुछ तोह ऐसा है जो मैं नहीं जनता. पर इतना ज़रूर जान गया था. तुम्हारे यौन खुद को मेरे सपुर्द कर देना, कुछः तोह बड़ा लोचा है.
शिवानी-- ऐसा कुछ नहीं है राज.. सब नार्मल है. मैं पुलिस वाली हों, मुझसे सिमरन मम को क्या काम हो सकता है. मुझसे भी बड़े बड़े पुलिस वाले और वालियां उसके कांटेक्ट में हाँ. सिमरन मम उनसे भी वह काम ले सकती है. जो वह मुझसे लेना चाहेंगी..
राज स्माइल करता हुआ-- ऐसा है तोह तुम जैसी लड़की क्यों इतनी जल्दी मेरी बहन में आ के पिघलने लगी.
shivani--ladki हों, तभी तोह पिघल रही हो. बरसों से जिसका था इंतज़ार वह तुम हो राज. अब मैं होने लगा है, जो दिल में उतर रहा है, उससे hi अपनी फैंटसीज पूरी कर. तुमसे शादी तोह हो नहीं सकती. कुछ अच्छे पल बिता कर कुछ अच्छी यादें hi बना लुंगी.
राज-- तोह सुनो फिर. मई वह हों, जिसके बारे में तुम सोच भी नहीं सकती. मैं वह जो सबके दिलों के दर्द को ख़तम करने आया है. मैं वोन हों, जो सबका अकेला पैन ख़तम करने आया है.
शिवानी हैरान होक.. मैं में खुश होक.. राज कुछ सीक्रेट बताने वाला है. यही तोह काम मिला था उसे सिमरन से-- क्या मतलब मैं कुछ समझी नहीं..
राज-- मैं तोह था तुम्हे बाद में batata..par तुम सिमरन के लिए खुद को मेरे हवाले कर रही हो. ऐसा मुझे लग रहा है. पहले से बता कर तुम्हारे अंदर के ऐसे विचारो को ख़तम करना है मुझे.
शिवानी और भी हैरान हुई. राज कितनी दूर की सोच लेता था. कितनी परख, कितनी समझ थी राज को.
शिवानी बेसाहिनी से राज के अगले शब्द सुन्ना चाहती थी
राज शिवानी के गाल को चूमता हुआ-- मैं तुम्हारी मौसी आराधना का बीटा राज हों.
शिवानी चीख पड़ी-- kyaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..?? ुंबेलिएवेअबले.. tummmm..tummm मेरे भाई हो. मेरी मौसी के बेटे राज हो.. ओह्ह्ह्हह्ह गॉड.. मैं तोह सोच भी नहीं सकती थी. तुमसे मेरा इतना करीबी रिश्ता निकल सकता था. शिवानी सिमरन के लिए जो प्लान बनाये हुए थे. वह सारा भूल कर राज से लिपट गई..
शिवानी-- तुममम.. राज तुम मेरी मौसी के बेटे हो. फिर शिवानी दुखी हो गई. कैसी हाँ मेरी मौसी. मैंने बहुत सुना था माँ से उनके बारे में.. माँ की तरह से दोनों मौसियो ने भी बड़ी दुःख भरी ज़िन्दगी जी है राज
राज- अब कोई दुखी नहीं rahega.mai हों न सबको सुख देने वाला.
शिवानी-- हाँ. तुम मुझे बहुत खास लगे थे राज. तुम सबसे अलग थे. तुमने सिमरन जैसे लड़की को अपना बना लिया.. सिमरन जो एक शेरनी है. उसे नकेल दाल दी.. राज तुम कुछ भी कर सकते हो. शिवानी को निशा की याद आई.. पर राज तुमने आने में देर कर दी. निशा मेरी बेहेन वह.. उसकी शादी..
राज-- वह नहीं होगी. अब तोह बहुत कुछ होगा. तुम बस देखती राहु.. मैं क्या क्या करता हों.
शिवानी को कुछ और याद आया तोह थोड़े से ग़ुस्से के साथ राज के मोह पर हल्का सा थप्पड़ मार दिए-- शर्म नहीं आयी तुझे. अपनी बेहेन के साथ इतना आगे बढ़ते हुए. जब तुम सब जानते थे तोह मेरे बाथरूम में क्यों घुसे.. क्यों इतना आगे बढे..
राज-- हाहाहा.. सब कुछ अब भी करने का मैं है, इसलिए घुसा था बाथरूम में.. शिवानी की ब्रा को ऊपर करके उसके चुके को नंगा कर हथु में पकड़ liya.inka दूध पीने के लिए..
शिवानी अब शर्म गई थी.. पहले की बात और थी. अब वह जान गई थी राज उसका भाई है तोह कैसे वह अपने भाई के साथ इतना सब कर सकती थी. कैसे उसका भाई उसे नंगा करके उसके गुप्त अंगों को देख और छू सकता था..
शिवानी-- राज प्ल्ज़ अब कुछ मत करो मेरे साथ. वर्ण मैं बहुत गिलटी फील करुँगी.
राज शिवानी एक चुके प्रेस करता hua--aur जब तुम मुझे अर्चना मौसी को छोड़ते हुए देखोगे. ऋतू और निधि को भी मुझसे चुड़ते हुए देखोगी तोह कैसे रियेक्ट करोगी.
शिवानी हैरानगी se--kya मतलब माँ के साथ, ऋतू और निधि के साथ.. नहीं राज तुम ऐसा कुछ नहीं करोगे. ये सब गलत है, पाप है राज. एक भाई अपनी बहनो के साथ ऐसा सब कैसे कर सकता है.
राज-- ठीक वैसे hi, जैसे सुनैना के साथ, रुपाली के साथ, रुपाली की दादी के साथ, अपनी माँ, बहनो और चची के साथ किया है.
शिवानी पागलो जैसा मोह बना के राज को देखने लगी.
शिवानी-- rrrr..rajj..yyy..kkya बोल रहे हो तुम. tt..tum सबके साथ कर चुके हो.
राज-- खुद hi तोह कह रही थी. मैं सबसे अलग हों. तुम्हे जान कर एक और झटका लगेगा.. नानी को भी मैं छोड़ चूका हों, सिमरन की दादी और बेहेन इशिता भी लिस्ट में शामिल हाँ.
शिवानी की तोह सांस hi अटक गई थी. वह मोह फाड़े खुली आँखों से राज को देखने लगी..
शिवानी-- राज तुम कैसे लड़के हो.. कुछ देर हैरत में गम रहने के बाद शिवानी बोली तोह उसे अपनी hi आवाज़ अजनबी लगी.
रजा-- करना पड़ता है. किसी के साथ भी ज़बरदस्ती थोड़ी न करता हो. जैसे अब आपके साथ कर रहा हो. कितनी देर से आप मेरे हथु के मज़े ले रही हाँ.
शिवानी ने देखा तोह राज उसके नंगे बूब्स अब भी प्रेस कर रहा था. शिवानी को अपने पुरे शरीर में बढ़ रही मस्ती का भी खूब एहसास हो रहा था. लाइफ में पहली बार एक मर्द के हथु में उसके चुके आये थे. वह न चाहते हुए भी नशे में होने लगी थी. राज उसका भाई है, ये जान कर भी वह राज के हथु के स्पर्श पर पिघलने लगी थी.
उसका मैं तोह बहुत था राज के हथु को अपने चुचु पर से छटक दे. पर राज ने जो उसे बता दिए था. वह बड़ा हैरान कुन था. राज किन्तु के साथ सेक्स कर चूका था. इस बात ने भी शिवानी की हिम्मत ख़तम कर दी थी. वह भी राज की बहन में पानी बन जाना चाहती थी.
गर्म पानी में राज की गरमा गर्म आग़ोश प् कर वह पहले hi मचल उठी थी. रही सही हिम्मत भी टूटी तोह शिवानी अपनी ऑंखें बंद कर गयी.
राज के होंटो पर मुस्कान आ गई. राज शिवानी के होंटो पर प्रेस करता हुआ अपने होंठ शिवानी के होंटो से करीब करने लगा.
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राज आगे बढ़ा और शिवानी के चेहरे के पास अपने फेस करते हुए फूंक मार दी.. शिवानी जैसे होश में आई.. उसे याद आया वह तोह ब्रा पंतय में बाथरूम में है. राज को अंडरवियर में देख कर वह और भी हैरान हुई. एक हाथ से अपने दोनों बूब्स तोह एक हाथ से अपनी छूट को छुपाने लगी.
राज-- क्या करती हो जाने मैं. छुपी हुई चीज को छुपाने की कोशिश बेकार है.
शिवानी ग़ुस्से से-- तुम मेरे कमरे में कैसे आये. दूर तोह लॉक था. मुझे किसी ने बताया क्यों नहीं तुम आये हुए हो..
राज-- उफ़ इतने फेयर य फेस को घुसे में बिगड़ क्यों रही हो. इतना ब्यूटीफुल तोह चूमने के लिए होता है.
राज शिवानी के गाल को चूमने के लिए आगे आगे बढ़ा तोह शिवानी दो कदम पीछे हैट गई. बाथ टब से टकरा कर गिरने को हुई तोह राज ने उसका हाथ पकड़ लिया.
राज-- वहहह क्या फ़िल्मी सन बना है. हीरोइन गिरी और हीरो ने थाम लिया.
शिवानी भी मैं में एक बार तोह राज के अंदाज़ पर है पड़ी. गिरती भी तोह पानी में hi जाती. कुछ ऐसे hi अंदाज़ में वह कड़ी थी.
फ़ौरन hi वह सोचने भी लगी. राज की और तोह वह भी बढ़ना चाहती थी. सिमरन के साथ उसकी डील जो हुई थी. शिवानी खुद पर काबू पाते हुए, अपने ग़ुस्से को ख़तम करके राज को नोर्मल्ली देखने लगी.
शिवानी-- किसी लड़की के बाथरूम में ऐसे अचानक से और बिना परमिशन के नहीं घुसना चाहिए. लड़की बिना कपड़ो के हो तोह बिलकुल भी नहीं घुसना चाहिए.. ये बाद मैनर्स होते हाँ राज. हर लड़की राह चलती नहीं हुआ करती.
राज-- तुम तोह बहुत खास हो. मैंने कब कहा तुम कोई राह चलती लड़की हो. पार्टी में hi तुम मेरे दिल में उतर गई थी..
शिवानी-- हाहाहा. कितनो को दिल में उतरोगे तुम. एक सिमरन काफी नहीं है क्या. और भी ज़रूर होंगी तुम्हारी लाइफ में. मुझे तुम सीधे नहीं लगते.
राज-- मैंने कब कहा मैं सीधा हों. मई तोह बहुत टेढ़ा hon.haan कई हाँ मेरी लाइफ में.. सिमरन स्पेशल है मेरे लिए. और तुम भी मेरे लिए बहुत स्पेसेल हो
शिवानी-- एक लड़की hi स्पेशल हुआ करती है. दूसरी लड़की भी दिल में उतरने लगे तोह उसे मोहब्बत नहीं कहते.. उसे हवस कहते हाँ.
राज-- ओह ऐसा क्या.. तोह चलो थोड़ा सा हवस का खेल भी खेल लेते हाँ.
शिवानी राज की पकड़ से निकलने लगी.. राज ने शिवानी को उठाया और बाथटब में लेकर बेथ गया..
शिवानी- राज अपनी हद पार मत करो. शिवानी का अंदाज़ सख्त नहीं था. वह भी अब इस हद तक आ जाना चाहती थी. बाद में भी तोह उसे ये काम करना hi था. राज खुद से आगे बढ़ रहा था तोह वह कैसे पीछे रह सकती थी. बेशरम नहीं थी. पर सिमरन को हाँ बोल कर बेशरम बन गई थी. कुछ पाने के लिए कुछ खोने जा रही थी. सिमरन की सदा के लिए फवौर पाने के लिए वह अपनी विर्जिनिटी राज को देने का बोल गई थी. अब पलट भी नहीं सकती थी.
दोनों हलके गर्म पानी में बैठे तोह गर्म पानी शरीर की गर्मी को और भी बढ़ने लगा.
राज का लुंड अंडरवियर में hi खड़ा हो चूका था. गरम पानी फिर गर्म शिवानी राज बहुत मस्त होने लगा. राज ने शिवानी की मर्ज़ी जान ली थी. राज शिवानी के होंटो के करीब अपने होंठ करने लगा तोह शिवानी के होंठ भड़फड़ा गए..
राज-- शिवानी तुम ख़ास हो. तुम अभी तक खुद को संभाले हुए थी. मैं तुम्हे किश करने जा रहा हों और तुमने ज़यादा नहीं रोका मुझे. इसका एक hi मतलब है तुम मेरे साथ सब कर जाना चाहती हो. कितनी अजीब बात है, एक पुलिस वाली होकर इतनी कमज़ोर.. नहीं शिवानी तुम इतनी कमज़ोर नहीं हो सकती. ज़रूर कोई तोह बात है.
शिवानी जिसकी ऑंखें बंद होने लगी थी. गरम पानी और राज के बदन की गर्मी ने सच में उसे बहकना शुरू कर दिए था. शिवानी नशे में होने लगी थी.
शिवानी-- नहीं राज, ऐसी कोई बात नहीं है. मैं पुलिस वाली हों तोह क्या हुआ. एक लड़की भी तोह हों. तुम सिमरन के ho.mere नहीं हो सकते. पर हर लड़की के आइडियल ज़रूर हो तुम. सिमरन की लाइफ में ज़बरदस्ती एंट्री मार कर तुम ने कई लड़कियों के दिलों के तार हिला डेल हाँ. बहुत से दिल तुम्हारे लिए मचल चुके हाँ. उन दिलों में एक दिल मेरा भी है
राज-- सब मुझे ऐसे hi हरामी नहीं कहते. मैं बहुत दूर की सोच लेता हों. तुम सुनैना के घर क्यों गयी थी. वहां मेरे बारे में सब क्यों बोल के आई थी. क्यों मेरे बारे में सब जानना चाहती थी.. तुम सिमरन से मिल गई हो. कुछ तोह प्लान बनाया है सिमरन और तुमने मिलकर.. कुछ तोह ऐसा है जो मैं नहीं जनता. पर इतना ज़रूर जान गया था. तुम्हारे यौन खुद को मेरे सपुर्द कर देना, कुछः तोह बड़ा लोचा है.
शिवानी-- ऐसा कुछ नहीं है राज.. सब नार्मल है. मैं पुलिस वाली हों, मुझसे सिमरन मम को क्या काम हो सकता है. मुझसे भी बड़े बड़े पुलिस वाले और वालियां उसके कांटेक्ट में हाँ. सिमरन मम उनसे भी वह काम ले सकती है. जो वह मुझसे लेना चाहेंगी..
राज स्माइल करता हुआ-- ऐसा है तोह तुम जैसी लड़की क्यों इतनी जल्दी मेरी बहन में आ के पिघलने लगी.
shivani--ladki हों, तभी तोह पिघल रही हो. बरसों से जिसका था इंतज़ार वह तुम हो राज. अब मैं होने लगा है, जो दिल में उतर रहा है, उससे hi अपनी फैंटसीज पूरी कर. तुमसे शादी तोह हो नहीं सकती. कुछ अच्छे पल बिता कर कुछ अच्छी यादें hi बना लुंगी.
राज-- तोह सुनो फिर. मई वह हों, जिसके बारे में तुम सोच भी नहीं सकती. मैं वह जो सबके दिलों के दर्द को ख़तम करने आया है. मैं वोन हों, जो सबका अकेला पैन ख़तम करने आया है.
शिवानी हैरान होक.. मैं में खुश होक.. राज कुछ सीक्रेट बताने वाला है. यही तोह काम मिला था उसे सिमरन से-- क्या मतलब मैं कुछ समझी नहीं..
राज-- मैं तोह था तुम्हे बाद में batata..par तुम सिमरन के लिए खुद को मेरे हवाले कर रही हो. ऐसा मुझे लग रहा है. पहले से बता कर तुम्हारे अंदर के ऐसे विचारो को ख़तम करना है मुझे.
शिवानी और भी हैरान हुई. राज कितनी दूर की सोच लेता था. कितनी परख, कितनी समझ थी राज को.
शिवानी बेसाहिनी से राज के अगले शब्द सुन्ना चाहती थी
राज शिवानी के गाल को चूमता हुआ-- मैं तुम्हारी मौसी आराधना का बीटा राज हों.
शिवानी चीख पड़ी-- kyaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..?? ुंबेलिएवेअबले.. tummmm..tummm मेरे भाई हो. मेरी मौसी के बेटे राज हो.. ओह्ह्ह्हह्ह गॉड.. मैं तोह सोच भी नहीं सकती थी. तुमसे मेरा इतना करीबी रिश्ता निकल सकता था. शिवानी सिमरन के लिए जो प्लान बनाये हुए थे. वह सारा भूल कर राज से लिपट गई..
शिवानी-- तुममम.. राज तुम मेरी मौसी के बेटे हो. फिर शिवानी दुखी हो गई. कैसी हाँ मेरी मौसी. मैंने बहुत सुना था माँ से उनके बारे में.. माँ की तरह से दोनों मौसियो ने भी बड़ी दुःख भरी ज़िन्दगी जी है राज
राज- अब कोई दुखी नहीं rahega.mai हों न सबको सुख देने वाला.
शिवानी-- हाँ. तुम मुझे बहुत खास लगे थे राज. तुम सबसे अलग थे. तुमने सिमरन जैसे लड़की को अपना बना लिया.. सिमरन जो एक शेरनी है. उसे नकेल दाल दी.. राज तुम कुछ भी कर सकते हो. शिवानी को निशा की याद आई.. पर राज तुमने आने में देर कर दी. निशा मेरी बेहेन वह.. उसकी शादी..
राज-- वह नहीं होगी. अब तोह बहुत कुछ होगा. तुम बस देखती राहु.. मैं क्या क्या करता हों.
शिवानी को कुछ और याद आया तोह थोड़े से ग़ुस्से के साथ राज के मोह पर हल्का सा थप्पड़ मार दिए-- शर्म नहीं आयी तुझे. अपनी बेहेन के साथ इतना आगे बढ़ते हुए. जब तुम सब जानते थे तोह मेरे बाथरूम में क्यों घुसे.. क्यों इतना आगे बढे..
राज-- हाहाहा.. सब कुछ अब भी करने का मैं है, इसलिए घुसा था बाथरूम में.. शिवानी की ब्रा को ऊपर करके उसके चुके को नंगा कर हथु में पकड़ liya.inka दूध पीने के लिए..
शिवानी अब शर्म गई थी.. पहले की बात और थी. अब वह जान गई थी राज उसका भाई है तोह कैसे वह अपने भाई के साथ इतना सब कर सकती थी. कैसे उसका भाई उसे नंगा करके उसके गुप्त अंगों को देख और छू सकता था..
शिवानी-- राज प्ल्ज़ अब कुछ मत करो मेरे साथ. वर्ण मैं बहुत गिलटी फील करुँगी.
राज शिवानी एक चुके प्रेस करता hua--aur जब तुम मुझे अर्चना मौसी को छोड़ते हुए देखोगे. ऋतू और निधि को भी मुझसे चुड़ते हुए देखोगी तोह कैसे रियेक्ट करोगी.
शिवानी हैरानगी se--kya मतलब माँ के साथ, ऋतू और निधि के साथ.. नहीं राज तुम ऐसा कुछ नहीं करोगे. ये सब गलत है, पाप है राज. एक भाई अपनी बहनो के साथ ऐसा सब कैसे कर सकता है.
राज-- ठीक वैसे hi, जैसे सुनैना के साथ, रुपाली के साथ, रुपाली की दादी के साथ, अपनी माँ, बहनो और चची के साथ किया है.
शिवानी पागलो जैसा मोह बना के राज को देखने लगी.
शिवानी-- rrrr..rajj..yyy..kkya बोल रहे हो तुम. tt..tum सबके साथ कर चुके हो.
राज-- खुद hi तोह कह रही थी. मैं सबसे अलग हों. तुम्हे जान कर एक और झटका लगेगा.. नानी को भी मैं छोड़ चूका हों, सिमरन की दादी और बेहेन इशिता भी लिस्ट में शामिल हाँ.
शिवानी की तोह सांस hi अटक गई थी. वह मोह फाड़े खुली आँखों से राज को देखने लगी..
शिवानी-- राज तुम कैसे लड़के हो.. कुछ देर हैरत में गम रहने के बाद शिवानी बोली तोह उसे अपनी hi आवाज़ अजनबी लगी.
रजा-- करना पड़ता है. किसी के साथ भी ज़बरदस्ती थोड़ी न करता हो. जैसे अब आपके साथ कर रहा हो. कितनी देर से आप मेरे हथु के मज़े ले रही हाँ.
शिवानी ने देखा तोह राज उसके नंगे बूब्स अब भी प्रेस कर रहा था. शिवानी को अपने पुरे शरीर में बढ़ रही मस्ती का भी खूब एहसास हो रहा था. लाइफ में पहली बार एक मर्द के हथु में उसके चुके आये थे. वह न चाहते हुए भी नशे में होने लगी थी. राज उसका भाई है, ये जान कर भी वह राज के हथु के स्पर्श पर पिघलने लगी थी.
उसका मैं तोह बहुत था राज के हथु को अपने चुचु पर से छटक दे. पर राज ने जो उसे बता दिए था. वह बड़ा हैरान कुन था. राज किन्तु के साथ सेक्स कर चूका था. इस बात ने भी शिवानी की हिम्मत ख़तम कर दी थी. वह भी राज की बहन में पानी बन जाना चाहती थी.
गर्म पानी में राज की गरमा गर्म आग़ोश प् कर वह पहले hi मचल उठी थी. रही सही हिम्मत भी टूटी तोह शिवानी अपनी ऑंखें बंद कर गयी.
राज के होंटो पर मुस्कान आ गई. राज शिवानी के होंटो पर प्रेस करता हुआ अपने होंठ शिवानी के होंटो से करीब करने लगा.