- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 31,768
उसने दोनों चुचियों को मजबूती से हाथों में ले लिया। ओवर स्लिप,और बेटी को सलाह दी कि वह एक पुरुष मित्र बनाये और नियमित रूप से उससे अपने शरीर के साथ मस्ती करने दे।
“वो जब तुम्हें रगड़ेगा, मसलेगा, चूसेगा तो बहुत जल्दी तू भी मस्त और बड़े मालवाली हो जाएगी और फिर तेरे दूल्हे को तेरे साथ बहुत मजा आएगा। यह जरुरी है बेटी। यह सब पीहर से सिख के ही जाना है।”
सलोनी ने अपने कूल्हों को अपनी चूत के नीचे अपने पिता के अब बढ़ते हुए लंड पर धकेलते हुए कहा कि कल रात वह महक और पूनम के साथ सुंदरी काकी के घर पर थी और वह उनकी पूरी तरह से विकसित छाती और जांघों को देखकर आश्चर्यचकित थी।
“बाबूजी, उन दोनो की एक-एक चुची मेरे दोनो बोब्लो से बड़ी है!”
पापा ने बोबले को कपड़ों के ऊपर से सहलाना जारी रखा और कहा: बेटी,ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी माँ सुंदरी और पुष्पा हैं और महक के बगल में विनोद जैसा दोस्त है और परम आनंद ले रहा है पूनम और रेखा के साथ, हर कोई जानता है।
“बाबूजी मुझे भी पूनम जैसी बड़ी-बड़ी चुची चाहिए…” सलोनी ने पापा का हाथ नीचे धकेल दिया और चुची को कस कर भींच लिया…कैसे बड़ा होगा?”
अब पापा के लिए यह असहनीय था। उन्होंने 500 से ज्यादा रंडियों को चोदा है लेकिन यह दुबली-पतली लड़की उन सबमें सबसे अच्छी है। और ऊपर से अपनी ही लंड की पेदाश! यानी की खुद की बेटी। उसने पैंटी के ऊपर से चुत को दबाना शुरू कर दिया और दूसरे हाथ से रेशमी जांघें सहलाने लगा।
“बोला ना,तू भी लड़के के साथ रह,तू भी जल्दी माल बन जाएगी…लडको को अपने बोबले से खेल ने दे।” उसने पैंटी दबा दी। “वरना मैं तो हूँ ही।“ उन्हों बड़े धरे स्वर में अपनी इच्छा जताई।
बेटी ने जाँघें खोल दीं, पैंटी खिंच गई और पिता को जघन बाल दिखाई देने लगे।
“सिर्फ लड़के के साथ रहने से बोबला और चूत बढ़ जाएगी…क्या?” सलोनी ने पूछा। वह चाहती थी कि पापा बिना देर किए उसे नंगा कर दें।
“लेकिन पापा, मै तो हमेशा आपके और मुन्ना के साथ रहती हूं, फिर तो मेरे भी बोबला बड़ा हो जाना चाहिए था अब तक!”
पापा ने पैंटी के किनारों को सहलाया और प्यूबिक हेर को खींच लिया।
“नहीं बेटी, खाली साथ रहने से नहीं होगा।” पिता ने जांघों को सहलाया और चुटकी काटी। फनलव की रचना
“वो तुम्हें चूमेगा, तुम्हारे बदन को सहलाएगा, तुम्हारे साथ सेक्स की बातें करेगा तो जल्दी ही तुम भी पूरी जवान हो जाओगी…। बड़े बड़े बोब्लो वाली....फिर कोई भी तुम्हे चूसने के लिए बेताब रहेगा।”
“लेकिन मेरा तो कोई यार नहीं है…।” उसने पैरों को और अलग कर दिया और अब योनी पैड साइड से दिखाई देने लगे।
“एक परम को पसंद करती हूं लेकिन वो साला भी बस पूनम और रेखा की जवानी का मजा लेता है,मेरी ओर देखता भी नहीं…।”
उसने पापा का हाथ पैंटी पर दबाते हुए पूछा:”आप मुझे प्यार करते हैं ना।।?”
“हा बेटी, अपनी जान से ज़्यादा, उसमे पूछने की क्या बात है!” और इस बार चूत दबाते हुए उसने बेटी के होठों को चूम लिया…।
**************************************
बने रहिये ........................
“वो जब तुम्हें रगड़ेगा, मसलेगा, चूसेगा तो बहुत जल्दी तू भी मस्त और बड़े मालवाली हो जाएगी और फिर तेरे दूल्हे को तेरे साथ बहुत मजा आएगा। यह जरुरी है बेटी। यह सब पीहर से सिख के ही जाना है।”
सलोनी ने अपने कूल्हों को अपनी चूत के नीचे अपने पिता के अब बढ़ते हुए लंड पर धकेलते हुए कहा कि कल रात वह महक और पूनम के साथ सुंदरी काकी के घर पर थी और वह उनकी पूरी तरह से विकसित छाती और जांघों को देखकर आश्चर्यचकित थी।
“बाबूजी, उन दोनो की एक-एक चुची मेरे दोनो बोब्लो से बड़ी है!”
पापा ने बोबले को कपड़ों के ऊपर से सहलाना जारी रखा और कहा: बेटी,ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी माँ सुंदरी और पुष्पा हैं और महक के बगल में विनोद जैसा दोस्त है और परम आनंद ले रहा है पूनम और रेखा के साथ, हर कोई जानता है।
“बाबूजी मुझे भी पूनम जैसी बड़ी-बड़ी चुची चाहिए…” सलोनी ने पापा का हाथ नीचे धकेल दिया और चुची को कस कर भींच लिया…कैसे बड़ा होगा?”
अब पापा के लिए यह असहनीय था। उन्होंने 500 से ज्यादा रंडियों को चोदा है लेकिन यह दुबली-पतली लड़की उन सबमें सबसे अच्छी है। और ऊपर से अपनी ही लंड की पेदाश! यानी की खुद की बेटी। उसने पैंटी के ऊपर से चुत को दबाना शुरू कर दिया और दूसरे हाथ से रेशमी जांघें सहलाने लगा।
“बोला ना,तू भी लड़के के साथ रह,तू भी जल्दी माल बन जाएगी…लडको को अपने बोबले से खेल ने दे।” उसने पैंटी दबा दी। “वरना मैं तो हूँ ही।“ उन्हों बड़े धरे स्वर में अपनी इच्छा जताई।
बेटी ने जाँघें खोल दीं, पैंटी खिंच गई और पिता को जघन बाल दिखाई देने लगे।
“सिर्फ लड़के के साथ रहने से बोबला और चूत बढ़ जाएगी…क्या?” सलोनी ने पूछा। वह चाहती थी कि पापा बिना देर किए उसे नंगा कर दें।
“लेकिन पापा, मै तो हमेशा आपके और मुन्ना के साथ रहती हूं, फिर तो मेरे भी बोबला बड़ा हो जाना चाहिए था अब तक!”
पापा ने पैंटी के किनारों को सहलाया और प्यूबिक हेर को खींच लिया।
“नहीं बेटी, खाली साथ रहने से नहीं होगा।” पिता ने जांघों को सहलाया और चुटकी काटी। फनलव की रचना
“वो तुम्हें चूमेगा, तुम्हारे बदन को सहलाएगा, तुम्हारे साथ सेक्स की बातें करेगा तो जल्दी ही तुम भी पूरी जवान हो जाओगी…। बड़े बड़े बोब्लो वाली....फिर कोई भी तुम्हे चूसने के लिए बेताब रहेगा।”
“लेकिन मेरा तो कोई यार नहीं है…।” उसने पैरों को और अलग कर दिया और अब योनी पैड साइड से दिखाई देने लगे।
“एक परम को पसंद करती हूं लेकिन वो साला भी बस पूनम और रेखा की जवानी का मजा लेता है,मेरी ओर देखता भी नहीं…।”
उसने पापा का हाथ पैंटी पर दबाते हुए पूछा:”आप मुझे प्यार करते हैं ना।।?”
“हा बेटी, अपनी जान से ज़्यादा, उसमे पूछने की क्या बात है!” और इस बार चूत दबाते हुए उसने बेटी के होठों को चूम लिया…।
**************************************
बने रहिये ........................