Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 141 - SexBaba
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Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

आपको पसंद आया जान कर ख़ुशी हुई दोस्त
 
दोस्तों

लूई के पन्ने पर एक एपिसोड लिखा है

आपमें से जिनको भी उस कहानी में रस हो कृपया पढ़ ले




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Fantasy - लुइ के पन्ने!

Nice update. Janki ki lalak badh rahi hai mehmaan ke liye. जी बिलकुल पर क्या यह एक तरफा प्यार है ?????????? देखते है आगे शुक्रिया दोस्त

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आशा है की पसंद आएगा..............
 
आपका बहोत बहोत शुक्रिया दोस्त।

जी हां वैसे तो इस स्क्रिप्ट का हीरो और हिरोइन परम और सुंदरी है पर मुनीम भी तो कम नहीं है,

परम को सामने से मिल रहा हैकि क्यों की वह सब के घर आता जाता है और युवान है दूसरी तरफ मुनीम को घर बैठे ही मलाई मिल रही है उसे कुछ हकारने की जरुरत नहीं और वह निश्चिन्त हो के अपना काम कर रहा है सुंदरी जो उस से बहोत प्यार करती है और उसकी बेटी जो उस सको बाप से ज्यादा अपना छोटे हिस्से का मालिक समजती है वे दोनों इसी प्रयत्न में रहते है की मुनीम का क्या दोष अगर हम अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीते है तो मुनीम को भी हक है और वे मुनीम को घर बैठी चुनी हुई मलाई पेश करती रहती है।

मुनीम का रोल पुरानी फिल्मो में अमिताभ और विनोदखन्ना की फिल्म से मिलती है जहा हीरो अमिताभ होता है पर किरदार विनोदखन्ना का भी उतना ही वजूद रहता है। बस सायलेंट रहता है।

शुक्रिया दोस्त
 
आपका अनुरोध ध्यान में रखूंगी दोस्त।

समय और कहानी के साथ में कही मौक़ा चुरा लुंगी। वैसे भी मैं एक अच्छी चोरनी भी हूँ...................हा हा हा

खेर कहानी में आप ने देखा होगा की मैंने ऐसा कुछ किया भी है शुरूआती दौर में ही भाई बहन के साथ उसके बाद में सुंदरी को शामिल किया था उसी तरह आप को याद होगा की महक और मुनीम के अन्तरंग पलो को सुंदरी ने देखा हुआ था। और माँ-बेटी के संवाद में सब कुछ दिखने की कोशिश की थी। मानती हु की उतना ज्यादा और व्यापक स्वरुप में सेक्सुअल नहीं था। जिस से पठाको के निचे के अंग कुछ ज्यादा ही तेज गति में परिवर्तित हो सके। क्या करे जैसा सुजा वैसा लिखा हुआ था।

हां यह ठीक है की मैंने उन चारो को एक साथ शामिल नहीं किया। खेर अभी तक तो ऐसा है की सब अपने अपने शुरूआती व्याभिचारी जीवन के मजे ले रहे है, हो सकता है बाद में घर में ही सब खेल एक साथ शुरू होजाये। मैंने यह जानबुज कर नहीं किया हुआ क्यों की हर दूसरी कहानी में ऐसा हो जाता है की घर में एक ग्रुप सेक्स तो होता ही है, शायद मैंने कुछ अलग रखने की कोशिश की है।

लेकिन आपका अनुरोध अच्छा भी है और कही सेट हो सकेगा तो कर दूंगी। फिलहाल तो शादी समारोह तक सब अपने अपने व्यभिचारी जीवन के मजे लेते है और उन्हें डिस्टर्ब नहीं करना चाहती। समय और मौके की तलाश में रहूंगी दोस्त।

शुक्रिया दोस्त
 
स्योर

थोडा समय दे दो लिख दूंगी

शुक्रिया
 
जी मैं समज सकती हूँ दोस्त

जब भी समय मिले इस थ्रेड पर आना ना भूले और आते हो तो कोमेंट लिखना न भूले.............

शुक्रिया दोस्त
 
आप से बिलकुल सहमत हु दोस्त

यह गाँव और लोग सेक्स को आम लेते है तो सहज ही रहने दिया जाये.......................हो सकता है कहीं मैं ज्यादा बहक जाती होगी.......थोडा बहोत तो ऊपर निचे होता है दोस्त

आखिर कहानी प्योर लेखिका ने नहीं लिखी और नाही एडिट हो रही है..........................गलतिया तो होगी
 
वेलकम

आप ही का सुझाव था.............की लूई के पन्ने का लेटेस्ट यहाँ भी रखा जाये...................सुझाव अमल में ले लिया................
 
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