Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 142 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

चलिए कहानी को आगे लेके जाते है

जान ने की कोशिश करते है की सलौनी का क्या हुआ बाद में
 
वैसे भी,एकदम सुजा हुआ माल को अगर कोई इस तरह बिना सूचित किये खींचे तो क्या होगा! सलौनी के हाथ तुरंत ही उसकी चूत पर चला गया जो परम की हरकत से उसे काफी दर्द महसूस हुआ था। वैसे भी वह काफी दर्द सह चुकी थी। और गहरी नींद में भो तो थी। उसकी चूत ठीक से मूत भी नहीं सकती ऐसी हालत हो गई थी। लेकिन परम ने देखा की उसके चेहरे पर एक सुकून था, भले ही वह नींद में थी।

******

यहाँ से आगे..............

इससे पहले कि हम पढ़ें कि परम ने सलोनी को कैसे चोदा, आइए देखें कि कल रात सुंदरी के घर में क्या हुआ।

जब महक और पूनम सलौनी के साथ घर आईं। मुनीम एक नए माल देख को देख कर खुश हुआ। और उसका लंड लुंगी के नीचे नया माल देखकर बहुत खुश हुआ। दुबली-पतली और मासूम चेहरे (बेबी फेस) वाली लड़की को देखकर मुनीम को लगा कि नया माल कुंवारी है। उसने इस कुंवारी लड़की को चोदकर पूनम और महक को अपनी ताकत दिखाने की सोची, लेकिन उन लड़कियों के तो कुछ और ही इरादे थे।

सलोनी यह देखकर हैरान रह गई कि पूनम और महक दोनों ने मुनीम को खुलकर गले लगाया और उसने मुनीम को उनकी स्तनों को सहलाते हुए भी देखा। पूनम ने सलौनी का परिचय मुनीम से कराया। हालाँकि मुनीम सलोनी के माता-पिता को जानता था, लेकिन उसने पहले कभी सलोनी से बात नहीं की थी।

“आओ बेटी,” मुनीम ने सलौनी को अपनी ओर खिंचा। सलोनी ने विरोध किया।

पूनम ने सलौनी को थोडा धक्का दिया और बोली: अरे सलौनी काका से क्या डरना! वे मार नहीं डालेंगे तुझे आराम से गले मिलने दे उन्हें।“

फिर भी सलौनी ने हल्का सा विरोध किया, लेकिन मुनीम ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया। उसने उसके गालों को चूमा।

“बेटी, तुम बहोत अच्छी लगी मुझे।“ मुनीम ने उसका चेहरा अपनी हथेली में लिया और आगे ललाट को चूमने लगे। धीरे धीरे उनका हाथ सलौनी के गरदन से होक निचे बोब्लो की तरफ बढ़ने कगे। और उसकी छोटे स्तनों और जांघों पर हाथ फेरा। वह शरमा रही थी और मुनीमजी की पकड़ से छूटने की कोशिश कर रही थी।
मैत्री की लिखनी।

“बन्नो, डर मत!” सलोनी को गोद में लिए हुए पूनम मुनीम के पास आई। “यह काका तुम्हारे इस छोटे छोटे बोब्लो को थोडा थोडा दबायेंगे और क्या करेंगे....वैसे भी यह बोबले है किस लिए डार्लिंग, दबवाने के लिए ही तो है। तेरे इस निम्बो को बड़ा कर देंगे। जिसके लिए हम यहाँ आये है।”

“काका, हम जैसी लड़कियों को बहुत प्यार करते हैं…बहुत खुश करते हैं…। छोटे माल को बड़े आराम से बड़े बनाते है, तुम भी आज एक औरत बनोगी। चिंता मत करो बस प्रेम करो।” उसने साड़ी खोल दी और बोबले को मसल डाला।

'जानती है पहले तो परम ने मेरे इस सपाट छत को मसल मसलकर बोबले को नारंगी जैसा बना दिया और अब काका ने इसे दबा-दबा कर देख कितना बड़ा कर दिया है। एक बड़ा सा प्यारा सा माल बन गई हूँ मैं, देख। किसी के भी लंड को मुझे देखते ही अपनी नींद ख देनी पड़ती है फिर वह कही भी हो, तुम भी मेरे जैसी माल बन सकती हो सलौनी। बस थोडा सा प्यार और लंड को अपने में आने देने की हिम्मत चाहिए। मैं समजती हूँ की तुज में हिम्मत है। और नहीं भी है तो अपने यह काका का लंड हिम्मत ला देगा बन्नो। बस अपने छेद से खेलने दे और तुम उनके मस्त और प्यारे से लंड से खेल।' पूनम ने उसे अपने बोबले को दिखाया। “देखा ना यह करामत मेरे इस काका की है। जिन्हों ने काफी मेहनत की है और मुझे एक अच्छे सुकून के साथ अपनी बना के रखा हुआ है।“
फनलवर के तरफ से।

वह मुनीम के पास आई। सलोनी को इतना सदमा लगा कि जब मुनीम ने उसके शरीर से अपने हाथ हटाये तब भी वह उसकी गोद में ही बैठी रही। मुनीम ने पूनम का ब्लाउज खोला। उसने अपना शरीर को मुनीम की ओर लुडकाया की तुरंत उसके बोबले मुनीम के चहरे के सामने झूल ने लगे और वह अपना शरीर को लेफ्ट राईट हिला के मुनीम को अपने बोब्लो का परिचय देती रही। तभी पूनम ने सलौनी के ब्लाउज खोला और खड़ी कर दी, पीछे घुमा के ब्रा के हुक खोले, पूनम ने ब्रा खींच कर उतार दी और सलोनी चकित रह गई।

यह देखने के लिए कि मुनीम ने अपने हाथों को पूनम की बांहों के नीचे धकेला और उसकी चुची (निपल) को ताड़ लिया, खींचा और फचाक से छोड़ दिया। पूनम की चुन्ची खिंच के अपनी आकर में फिर से बैठ गई, एक “आह” के साथ। सलौनी ने देखा की पूनम के स्तनों जो उससे कहीं अधिक बड़ी और भारी थे।

पूनम उनकी ओर मुड़ी।

“बाप रे, सच तेरे बोबले कितने बड़े और मोटे है! जैसे दूध से भरा हुआ हो।” सलोनी बोली और पूनम के बोबले पर हाथ रख दिया।

पूनम ने कस कर सलोनी के हाथ को चूची पर दबाया और कहा....
फनलवर की पेशकश।

“सलोनी रानी, तू भी मेरे काका से 2-4 दिन की मस्ती मार, परम का लोडा चूस और देख तू भी मेरे जैसी मस्त माल हो जाएगी! काका का यह लंड से निकली मलाई को खा, फिर बोलना। सारे मर्द मुझे और सुंदरी को छोड़ कर तुझे चोदने के लिए तरसेंगे। मैं तो काका की बहोत आभारी हूँ की उन्होंने मेरे बोबले को दबा-दबा और चूस-चूस के निम्बू से अब बड़े संतरे में तब्दील किया है। यह देख मेरी चुन्ची कैसे खींचते है और मुझे मजा आता है जब वह खींचते है छोड़ देते है तो पहले से ज्यादा कड़क और टटार हो जाती है। तुम भी अपना बोबला उनसे दबवा के बड़े करवा दे, और एक मस्त माल बन जा ताकि हम सभी लोग सारे मर्द के लंड को उनके धोती या लुंगी में ही खड़ा कर दे, और माल भी वही गिरवा दे।”

सलोनी का हाथ पूनम के चुची से चिपक गया था और मुनीम ने झटके से पेटीकोट का नाड़ा खींच लिया और पूनम नंगी हो गई।

सलोनी आंख फाड़ कर पूनम की चिकनी चूत देख रही थी। उसने देखा कि मुनीम ने चूत को सहलाना शुरू कर दिया और मुनीम ने चूत में उंगली डाल दी।

“पूनम बेटी, तेरी चूत बहुत पनिया गई है… चोदू क्या…?”

“अरे हाँ काका, सोच क्या रहे हो! चूत होती किस के लिए है? और हम यहाँ आये किस के लिए है! चुदवाने के लिए तो आपका लंड से बेहतर कोई है क्या! मेरी चूत आपके लंड से भरने के लिए तैयार है। सलोनी को मजा बाद में देना। पहले उसे भी दिखाओ कि आपका लौड़ा लडकियों को कैसे मस्त करता है। लंड क्या होता है। उसने अभी तक जितने भी लंड को देखे उस से कई बेहतर इस लंड से वह एक औरत बन ने का सौभाग्य मिलेगा। कैसे लडकिया आपके लंड के लिए अपनी चूत,गांड और मुंह खोल देती है।”

लेकिन ठीक उसी समय महक बगल वाले कमरे से बाहर आ गई और उस कमरे में आ गई, जहा यह खेल शुरू हो रहा था। और युवा लड़की सलोनी के लिए यह सबसे बड़ा आश्चर्य था। एक पूरी तरह से वयस्क और खूबसूरत लड़की अपने पिता के सामने पूरी शान से नग्न खड़ी है।

सलोनी दो खूबसूरत लड़कियों के बीच तुलना नहीं कर सकती थी लेकिन पहली नज़र में हर कोई महक के ऊपर पूनम को पसंद करेगी। पूनम लंबी थी और उसका शरीर पतला था और उसके स्तन महक से अधिक सुडौल थे, वह अधिक स्वस्थ थी लेकिन महक पूनम की तुलना में अधिक सेक्सी और हॉट दिखती थी।

“नहीं पूनम, सलोनी अपनी मेहमान है। पहले उसे पूरा मजा लेने दो अपनी जवानी से। वो तुम्हें चोदने आई है…। उसे चोदने दो…फिर वो भी बाबूजी के लंड को लेने के लिए तैयार हो जाएगी।”

महक ने कहा और पूनम के पास खड़ी हो गई। अब मुनीम ने पूनम और महक दोनों की चूत को सहलाया।

“नहीं, तुम दोनों की चूत चुदाई के लिए पूरी तैयारी कर चुके हो। पहले मुझे चुदवाने दे,फिर हम सलोनी का मजा लेंगे…।” पूनम ने मुनीम के हाथ को अपने चूत पर लेके अन्दर डालने की चेष्टा की।

लेकिन महक ने सलोनी को पिता की गोद से खींच लिया और सलोनी के कड़े विरोध के बावजूद उसने सलोनी को निर्वस्त्र कर दिया। पहले से ही वह ऊपर से नंगी ही थी पर उसने उसके निचले हिस्स्से को जल्दी ही मुनीम के सामने पेश कर दिया।

सलोनी की कच्ची जवानी देख कर मुनीम के मुँह में पानी आ गया। वह खड़ा हुआ और अपने कपड़े उतार दिए।
फनलवर निर्मित।

तभी सलोनी ने वह देखा, जिसे देखने का वह अब तक सिर्फ सपना ही देखती रही थी। उसने 8 इंच लंबा और मोटा लौड़ा देखा, जिसका सिरा बड़े आकार के आलू जैसा था। उसे आश्चर्य हुआ कि यह आलू पूनम की चूत के अंदर कैसे गया होगा! महक ने मुनीम के तने हुए लंड को सहलाया और कहा,

“बाबूजी, पहले हम सलोनी को गरम करते हैं,फिर आप इसकी कच्ची चूत में लौड़ा पेलियेगा। उसे एक छोटा माल से एक मस्त माल औरत बना दीजियेगा। यह चूत अब आपकी ही है। मजे से और बड़े आराम से उसकी चूत में यह बड़ा सुपारा डालना। चिंता की कोई बात नहीं चूत किसी भी लंड को समा सकती है बाबूजी।”

“नहीं बेटी, एसा जुलम मुत कर! देख लौड़ा कितना टाइट है।” मुनीम ने लंड को मुठियाया। सलोनी ने इस फनफनाते लंड को virgin चूत में लेने का मन बना लिया था लेकिन महक सलोनी को बेडरूम में खींच ले गई, पूनम उनके पीछे चली गई और उसने अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया।

मुनीम सिर्फ इतना ही बोल सका “बहनचोद, भोसड़ीकी....”

सलोनी एक साधारण दिखने वाली लड़की थी, लंबी, पतली, अच्छे लंबे बाल, अंडाकार चेहरा, चूची मुश्किल से 30'' होगी, पतली कमर 20'' होगी और छोटा जघन और योनि क्षेत्र। अपनी माँ और छोटी बहू की तरह, उसकी बहुत पतली और अच्छी आकार की लंबी जांघें हैं।

“ओह्ह…बेटी,पूनम…चोदने दे…!” मुनीम चिल्लाया।

लेकिन तीनों लड़कियों ने उसे अनसुना कर दिया। पूनम ने सलौनी को अपनी जांघों के बीच खींच लिया। सलौनी ने पूनम की चूत को सहलाया जिसे देखने के लिए वह तब से उत्सुक थी जब से उसने पूनम को आज शाम नाचते देखा था। दूसरी तरफ पूनम और महक चूचियों को चूमने, खींचने और सहलाने में तल्लीन थीं। दोनों एक दूसरे की मस्त-मस्त चूचियों को दबा रही थीं, खिंच रही थीऔर अपने आकर में वापिस जाते हुए देख कर अपनी चूत की मदहोशी महसूस करती रही और 'सिसकारियां' ले रही थीं। सलोनी कुछ देर तक पूनम की चूत को गौर से देखती रही। सलौनीने पूनम की चूत के होंठ हटाए और चूत के अंदर पानीदार गुलाबी माल देखकर उत्तेजित हो गई। उसे उसका रंग पसंद आया। सलौनी ने थोडा निचे झुक कर अपनी चूत को देखा। अभी तक सलौनी ने अपनी चूत को इस तरह कभी नहीं देखा था। चूत को इस तरह चौड़ा करके सलौनीने अपनी जीभ की नोक से अंदर के 'गुलाबी माल' को छुआ। सलोनी सिहर उठी। उसे किसी और लड़की के साथ ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ था लेकिन सुधा ने उसे कई बार बताया था सलोनी जानती थी कि सुधा का कौमार्य परम ने छीन लिया है, लेकिन सुधा ने उसे कभी नहीं बताया कि वह मुनीम और उसके अपने पिता से भी चुद चुकी है। सलोनी ने कुछ देर पूनम की चूत का स्वाद लिया और फिर उसने दोनों होंठ मुँह में लेकर उसे गहराई से चूसा।

“साली, कुतिया क्या कर रही है! आह्ह्ह्ह बहुत मज़ा दे रही है! वेश्या...कहा से सिखा ये सब! ज़रूर प्रभाकाकी ने सिखाया होगा,ओह्ह, माँ की चूत।“ उसने सलोनी को छूने के लिए अपना हाथ अंदर डाला, लेकिन 6-7 इंच अंदर नहीं गया। उसने हाथ बढ़ाया, लेकिन उसे छू नहीं पाया। इधर मुनीम का लंड पूरे आकार में था। एक हाथ से वह सलोनी को छूने की कोशिश कर रहा था और दूसरे हाथ से खुद को सहला रहा था।
मैत्री की लिखावट।

मुनीम परेशान हो रहा था। अंदर तीन जवान लड़कियाँ नंगी थीं और उसे अपनी खुली हुई चूत दिखा रही थीं, लेकिन वह उन पर हाथ नहीं रख पा रहा था। वह भूल गया था कि उसकी बेटी ने उससे कहा था कि आपस में मज़ा करने के बाद वे सलोनी को चुदाई के लिए उसे दे देंगे। वह सलोनी से ज़्यादा पूनम को चोदना चाहता था, जो पूनम और महक जैसी आकर्षक और मालदार बिल्कुल नहीं थी।

अब महक ने अपने पिता की तरफ़ देखा और उन्हें अपना लौड़ा मुठियाते देख अपनी चूत खोली और चीख पड़ी,

“देख साला, कैसा लौंडा जैसा लौड़ा सहला रहा है....बाप रे कितना मोटा हो गया है...सलोनी तेरी चूत तो आज फट गई।”

महक इतनी ज़ोर से चिल्लाई कि सलोनी को अपना सिर बाहर निकालना पड़ा। उसके मुंह के होठो पर पूनम का स्वाद चमक रहा था जिसे वह अपनी जीभ से आस्वाद ले रही थी। पूनम भी उठ बैठी और सब खिड़की की तरफ़ देखने लगे। और उसी वक़्त मुनीम का वीर्य निकल गया। उसने अपना लंड दोनों हाथों से पकड़ लिया और वीर्य की पिचकारी सलोनी की जांघों पर गिर पड़ी। सलोनी ने पहली बार लंड से वीर्य निकलता देखा था। यह बहुत गाढ़ा था। वीर्य की पिचकारी देखते हुए उसने अपनी उंगलियों पर कुछ बूँदें पोंछीं और अपनी आँखों के पास ले आई। और पूनम ने वीर्य से भरी उंगली सलोनी के मुँह में डाल दी।

********

आजके लिए बस यही तक फिर मिलेंगे एक नए अपडेट के साथ तब तक के लिए आप आने मंतव्यो दीजिये।


फनलवर की ओर से जय भारत।।
 
Ji bilkul mauka churane ki koshish jurur karungi dost.

Noted....

Thanks a lot friend
 
जी आपका Ashiq Baba बहोत बहोत दिल से शुक्रिया

मैं शायद आपसे सहमत हूँ सब से पहले मैं बहोत मुश्किल से अपडेट लिखती हूँ और उसमे भी अगर GIF या Pic दाल ने की म्हणत करू तो मुझे नहीं लगता की यह कहानी जल्द ख़तम कर पाऊं।

मैं उसमे बिलीव नहीं करती क्यों की gif या pic से पाठक बस उसीको इमेजिन कर के रह जाता है जब की सुंदरी को सभी रीडर्स अपने अपने तरीके से खयालो में अक अपनी सुंदरी बनाते है, मैं सुंदरी महक पूनम बाकि सभी औरतो या लडकियों की बात कर रही थी। या फिर अपने हिसाब से मुनीम और परम को फिमेल अपनी तरह से तराशा सकती है। और मिझे पगता है की यही सही है अपनी अपनी मन पसंद सुंदरी या हेंडसम। बाकि लेखक (का) अपने तरीके से लिख रहे है और मैं उनके कौशल को सराहती हूँ।

यह याद रखूंगी और कही इसी कहानी में शामिल कर दूंगी................. चोरनी जो ठहरी..................हा हा हा.....

आपको मैंने पहले कहा था की आप मेरी कहानि के पीछे का हार्द पकड़ते है। अच्छी बात है। इस कहानी में कई पात्रो ऐसे है ज हमें अपनी अश्लीलता से भी कुछ सिखाते है, खास कर फिमेल रिलेटेड है...............मनोरंजन के साथ अंदरुनी बाते भी..........

खेर देखते है आगे क्या होता है बने रहिये और अपनी टिका टिपण्णी देते रहिये अच्छा लगता है..............
 
ख़याल लेने के लिए शुक्रिया दोस्त...........

कुछ शादी समारोह में और दूसरा इंतज़ार कर रही थी की सब के कोमेंट से मुझे नया अपडेट 300+ पेज में ही लिखना पड़ेगा। और मैं किसी और साईट पर चली गई थी जहा ससुर बहु की गेम लिख रही थी।

पर नहीं कर पाई।

आज अपडेट दे देती हूँ।
 
चलिए कहानी में थोडा आगे बढ़ते है।
 
Back
Top