Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 33 - SexBaba
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Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

जी लेकिन कैसे?......... उसके लिए आगे पढ़े दोस्त.............और अपनी राय दे.........
 
जी, करीब करीब फिर छोड दिया.........
 
मुझे भी लिखते समय अच्छा लगा था सच में......
 
जी , सब से पहले धन्यवाद आपका की आपने मेरी लिखावट को पसंद किया..............और सराहना की रेगुलर अपडेट के बारे में...............

जी आप से बिलकुल सहमत हूँ और आपकी समस्या से भी......................कई लेखक/लेखिका अपनी कहानी के अपडेट बहोत देरी से देते है.............मैं भी इस समस्या से अनुभव कर चुकी हूँ और उसी से सिखा की रेगुलर अपडेट देने से

सब से पहले लेखक के लिए ही फायदा है क्यों की कहानी का रिधम पकड़ के रख सकते है, इंटरवल हो ने से कहानी के कुछ प्लॉट्स जो सोच रखे हुए होते वह गायब हो ह=जाते है या भूल जाते है और एक समय ऐसा आता है की कहानी को अधूरी ही छोड़ देनी पड़ती है.............कुछ लोग अपने पेज बढ़ने के लिए भी ऐसा करते है............ताकि उनको उतनी ज्यादा पब्लिसिटी मिले।

पाठको की तकलीफ यह है की कुछ समय के बाद वह दूसरी कहानिया पढने चले जाते है, कई लोग एक साथ बहोत कहानी या पढ़ते है, उनको यह कहानी का मूल भूल जाते है, जब नया अपडेट आता है तब उनको पुराने एपिसोड रिवाइव करना पड़ता है तब जाके वह उस एपिसोड का मर्म समज पाते है।

खेर ऐसा होता है और होगा, मेरी सोच शायद डिफर करती है जब तक हो सकेगा रेगुलर अपडेट देने की कोशिश करुँगी।

जैसा की मैंने पहले भी कहा था संवादों से जीता जा सकता है उसमे मैं एड् करना चाहूंगी की लेखा हर पात्र में खुद को ढाल के लिखता है और वह उस पात्रो को अपनी सोच बनाके लिखता है फिर वह हीरो हो हिरोइन हो या विलन सब के अंदर जा के देखना पड़ता है......................

मुझे ख़ुशी हुई की आपने मेरी लिखावट को पसंद किया...............यही कोशिश रहेगी की मेरी लिखावट आपको मजबूर करे अपने कोमेंट लिखने के लिए....................

धन्यवाद आप सभी पाठको का और उम्मीद करती हु ऐसे ही इस कहानी को आपके सहकार मिलता रहे...................सफलता और असफलता की मुझे कोई पड़ी नहीं है बस मनोरंजन मिलता रहे यही कोशिश है..............

मैं बहोत स्वार्थी भी हूँ............खुद के लिए और खुद के संतोष के लिए लिखती हूँ.......................

सब रीडर्स की बहोत आभारी हु..........और रहूंगी...........................

सोरी जरा ज्यादा ही लेक्चर दे दिया................
 
जी, बिलकुल कोशिश करुँगी और कोशिश रहती भी है।

"अच्छे" की व्याख्या सब के लिए अलग अलग होती है। मुझे नहीं पता आपके लिए "अच्छा सा" क्या है।

पर कोशिश करुँगी और पोस्ट करुँगी जो मुझे अच्छा लगा, लिखते समय..............
 
शुक्रिया दोस्त

बने रहिये कहानी में
 
शुक्रिया दोस्त

जुड़े रहिये कहानी के साथ
 
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