Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती - Page 105 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती

चंदाने अंदर जाकर पीसाब कीया.. ओर अपनी चुतको पानीसे साफ कीया.. फीर अपने पर्ससे लीप्सीट नीकाली ओर अपना मेकअप सही करने लगी.. उसने अपना बाल भी सही कीया.. फीर मुस्कुराते बहार नीकली तो लखन उनका इन्तजार करते बहार खडा मुस्कुरा रहा था..

चंदा : (मुस्कुराते पास आते) अब घर चलो.. कोइ फील्म नही देखनी.. हम फीर कभी आयेगे..

लखन : (मुस्कुराते) इतनी जल्दी घर..? अभी तो साडे ग्याराह बजे हे..

चंदा : (लखनकी कोनीमे बाहे डालते) घर पहोचते बाराह बज जायेगे.. दो कोल्ड्रीन्स हेनां.. चलो इनके साथ सेन्डवीच खाते हे.. फीर घर चलेगे..

फीर दोनो केन्टीनमे चले गये.. ओर दो सेन्डवीच लेली.. दोनो प्यार भरी बाते करते आरामसे खाते रहे.. बाते करते भी चंदा लखनकी ओर कामुक नजरोसे हसती रही.. फीर कारकी ओर चल पडे.. कार नीचे पार्कींगमे थी.. चंदाने लखनका हाथ थामे रखा.. ओर दोनो पार्कींगमे चले गये.. वहा कोइ नही था..

तो लखनने चंदाको खीचकर दीवालके सहारे खडा कर दीया.. ओर दोनो हाथोके पंजोमे उंगलीया फसाकर दीवालसे सटा दीया.. फीर चंदाके होठोको चुमने लगा.. तो चंदा भी उनका साथ देने लगी.. उसने अपना हाथ छुडाकर लखनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया..

चंदा : (धीरेसे फुसफुसाते) जानु.. यहा नही.. कोइ आजायेगा.. चलो घर.. आज पुरी रात चंदा तुम्हारी हे.. आज मे आपको उपर नही जाने दुगी.. सीर्फ हम दोनो.. पुरी रात सीर्फ प्यार.. चलो..

चंदा अब लखनसे खुलकर बाते ओर प्यार करने लगी थी.. ओर ये सब उसीका नतीजा था.. जो उनको मंजुने अबतक देवायतसे दुर रखा था.. चंदा बीना प्यार पागल जैसी होगइ थी.. ओर वही कारण था जो वो आज लखनसे खुलकर प्यार कर रही थी.. दोनो घरपे आगये..

तो घरपे सनाटा छाया हुआ था.. बहार पुरी तराह अंधेरा छाया हुआ था.. लखनने गेट खोलकर कार अंदर लेली.. फीर पार्क करके गेटको बंध करने चला गया.. चंदा घरके दरवाजेके पास खडी रही.. लखनने आकर चाबीसे दरवाजा खोला ओर दोनो अंदर चले गये..

होलमे अंधेरा था.. कोइ आवाज नही.. सबलोग सो चुके थे.. लखनने जैसे ही दरवाजा बंध कीया चंदाने जोरोसे लखनको अपनी बाहोमे भीच लीया.. तो लखनने थोडा जुकते चंदाको अपनी गोदमे उठालीया.. ओर उनके रुमकी ओर चल पडा.. फीर दोनो रुममे चले गये..

पुरे रुममे अंधेरा छाया हुआ था.. चंदाने लाइट जलाइ.. तो रुममे देखते ही दोनो दंग रेह गये.. क्युकी चंदाका पुरा बेड फुलोसे सजा हुआ था.. ओर साइडके छोटे टेबलपे दो बडे ग्लास बादाम वाले दुधसे ढके हुअ‍े पडे थे.. चंदाने सर्मसार होते दरवाजा बंध करदीया..+

qqqqqqq.jpg


चंदा : (सरमाते मुस्कुराते) जानु.. लगता हे हम दोनोके बारेमे सबको पता हे.. पुनोदीने सब इन्तजाम करके रखा हे.. क्या सचमे उन्होने हमे..

लखन : (बाहोमे थामते) हां चंदा.. दीदीने दोपहोरको ही मुजे सब बता दीया था.. की आज हम दोनोकी सुहागरात होगी.. क्या तुम तैयार हो..

चंदा : (आंग गीली करते) हां.. लखन.. मे तुम सब लोगोको समज ही नही पाइ.. ना मंजुको ओर नाही पुनो दीदीको.. सब लोग कीतने अच्छे हे.. सबकी भावनाओका बराबर खयाल रखते हे..

लखन : (गोदमे उठाकर बेडकी ओर लेजाते) तो अब सुरु करे..? आजसे आप हमेसाके लीये मेरी होजाओगी..

Untitled.jpg


चंदा : (गलमे दोनो हाथ डालते) हंम.. आपकी तो मे उसी दीन होगइ थी.. जब आपने मुजे पहेला कीस कीया था.. ओर जब बाबाने कहा तब ही मेने अपने आपको आपको समर्पीत कर दीया था.. लेकीन अ‍ेक ही अफसोस रहेगा.. मे आपकी बीवी नही बन पाउगी.. क्युकी मे आपके भाइकी अमानत हु..

लखन : (बेडपे लीटाते) चंदा.. अब कोइ फर्क नही पडता.. क्युकी अब मे ओर भाइ अ‍ेक ही हे.. मंजुमोमने अ‍ैसे ही सब बदलाव नही कीया.. क्युकी मुजे ओर भाइने मीलकर उसीके लीये भुमीका तैयार करनी हे.. जो मंजुमोमके उनके नये जन्ममे उनकी कोखसे जन्म लेगा..

कहेते लखन चंदाके उपर छागया.. ओर उनके दोनो हाथोके पंजेको कसके पकडते उनके होठोको चुमने लगा.. चंदा मुह खोलते लखनका साथ उनके होठोको चुमते देने लगी.. दोनो प्यारमे इतने मसगुल होगयेकी अ‍ेक अ‍ेक करते दोनोके तनसे कपडे कब नीकल गये दोनोको पता ही नही चला..

39122.gif


चंदाके तनपे लखनने गीफ्ट दी हुइ सीर्फ ब्रा ओर पेन्टी थी.. ओर लखन सीर्फ नीकरमे ही रेह गया.. चंदाके खुले बाल उनके सरके नीचे फैले हुअ‍े थे.. जीसे चंदा बहुत ही खुबसुरत अप्सरा जैसी दीख रही थी.. बस.. चंदाका यही रुप लखनको पागल करनेके लीये काफी था..

धीरे धीरे करते दोनोके अंतर वस्त्र भी नीकल गये.. ओर लखन चंदाके अ‍ेक अ‍ेक अंगके साथ खेलने लगा.. जब लखनने उनकी चुतपे मुह लगाया तब चंदाने जोरोसे चदरको मुठीमे पकडली.. ओर अपनी कमर पटकते अ‍ेक मछलीकी तराह छटपटाने लगी.. पुरे कमरा चंदाकी सीसकारीयोसे गुंजने लगा..

36130.gif


अ‍ेक बार दोनोने सीक्स नाइन पोजीसनमे अ‍ेक दुसरेको संतुस्ट कीया.. फीर दोनो सावर लेने चले गये.. ओर अ‍ेक दुसरेके तनको मसलते छेडखानीके साथ दोनोने पुरे दीन घुमनेकी थकावटको दुर कीया.. फीर अ‍ेक दुसरेके तनको पोछकर बहार आगये.. ओर अ‍ेक दुसरेने पुनमने रखा दुध पीलाया.. ओर फीर सुरु हुआ असली खेल....

कन्टीन्यु
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - २८९

अ‍ेक बार दोनोने सीक्स नाइन पोजीसनमे अ‍ेक दुसरेको संतुस्ट कीया.. फीर दोनो सावर लेने चले गये.. ओर अ‍ेक दुसरेके तनको मसलते छेडखानीके साथ दोनोने पुरे दीन घुमनेकी थकावटको दुर कीया.. फीर अ‍ेक दुसरेके तनको पोछकर बहार आगये.. ओर अ‍ेक दुसरेने पुनमने रखा दुध पीलाया.. ओर फीर सुरु हुआ असली खेल.... अब आगे

लखनको पता थाकी चंदाकी क्या हालत होगी.. उसने कसके चंदाके दोनो हाथ थामलीये.. चंदा सरमके मारे लखनसे नजरे चुराने लगी.. ओर अ‍ेक पलके लीये उसे थोडीसी गील्टी भी फील हुइ.. क्युकी उनके पहेले पती.. फीर देवायत.. ओर आज लखन तीसरा मर्द था.. जो उनके तनको भोगने वाला था..

चंदा : (रीक्वेट करते धीरेसे) जानु.. प्लीज.. जरा ध्यानसे.. क्युकी मेरे पेटमे आपके भाइका बच्चा हे..

लखन : (आंखोमे देखते) डार्लींग सीर्फ भाइका नही.. हमारा बोलो.. क्युकी भाइ ओर मे अलग नही हे.. दोनो अ‍ेक ही हे.. मेरी सभी बीवीया भाइकी.. ओर भाइकी सभी बीवीया अब मेरी हे..

चंदा : (कामुक मुस्कुराते धीरेसे) सोरी बाबा.. मे भुल गइ थी.. लेकीन धीरेसे.. प्लीज.. आपका बहुत बडा हे.. ओर आपके भाइसे मोटा भी..

लखनका लंड चंदाकी चुतमे घुसनेके लीये ठोकरे मार रहा था.. लखनने कसके चंदाके हाथोको पंजोसे पकडकर थाम लीया.. ओर चंदाके होठोको चुमते लीपलोक करलीया.. चंदाका ये पहेला अनुभव नही था.. तो उसने कसके आपनी आंखको भीचलीया.. ओर आने वाले पलका इन्तजार करने लगी..

तभी कमरेमे अ‍ेक जोरोकी चीख गुंज उठी.. जो लखनके मुहमे ही दब गइ.. चंदाकी आंखोसे आंसु बहेने लगी.. ओर वो छटपटाते अपने दोनो पैर बेडपे पटकने लगी.. आखीर लखनने कीला फतेह करलीया था.. चंदा लखनका आधा तगडा ओर मोटा लंड अपनी चुतमे लेकर फील कर रही थी..

asian00115.gif


चंदाकी चुत दर्दके मारे अपने आप लबलबा रही थी.. जैसे वो पुरा लंड नीगल जाना चाहती हो.. चंदाको चुतमे बहुत ही सख्त महेसुस हो रहा था.. जब चंदा थोडी सांत हुइ तो लखन उनके होठ छोडते उनके दोनो बुब्स बारी बारी चुस रहा था.. ओर चंदा लखनके सरको सहेला रही थी..

चंदा दर्दके मारे धीरेसे कणसती रही.. ओर कुछ ही देरके बाद दर्दकी आवाजे कामुक सीसकारीयोमे तबदील होगइ.. लखन धीरे धीरे करते पुरा लंड घुसाके अ‍ैसे ही पडा चंदाके बुब्सके साथ खेल रहा था.. चंदा लखनसे नजरे चुराते इधर उधर मुह करते अ‍ेक पल लखनकी ओर देख लेती..

porn-gif-magazine-fuegodevenus-0063.gif


जब दोनोकी आंखे मीलती चंदा सर्मसार होते नजरे चुरा लेती.. लखनका पुरा लंड चंदाकी चुतके अंदर घुस चुका था.. चंदा लंडको अपनी चुतकी गहेराइओमे बच्चे दानीसे टकराते महेसुस करते उतेजनामे कांपने लगी.. उसने लखनसे हाथ छुडाते लखनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया..

फीर अपने दोनो पैरसे लखनकी कमरपे आंटी लगादी.. ओर लखनका चहेरा अपनी हथेलीओमे थामते उनके होठोको जोरोसे चुमने लगी.. फीर लखनके पुरे चहेरेपे चुंबनोकी बारीस करते लखनको फीरसे बाहोमे भीच लेती हे.. ओर उनके कानमे धीरेसे फुस फुसाती हे..

चंदा : (धीरेसे) जानु.. आज आपने चंदाको जीत लीया.. अपनी चंदाको मसल डालो.. कोइ रहेम नही.. अब ये चंदा सीर्फ आपकी अमानत हे.. पुरी जींदगी.. अब धीरे धीरे सुरु करो.. मीटादो मेरी प्यास..

फीर प्यारका वो दौर चला जो पुरी रात थमने वाला नही था.. लखन धीरे धीरे कमर हीलाते चंदाको चोदने लगा.. तो चंदा ओर भी कामुक सीसकारीया करने लगी.. उसने बची कुची सरम भी त्याग दी.. चंदा अब खुलकर लखनका साथ अपनी कमर उछालते देने लगी..

25039.gif


रीस्तोकी सारी दुरीया मीट गइ.. चंदा जबभी जडनेको आती लखनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लेती.. ओर अपनी कमरको जटके देते जडते लखनके लंडको भीगो देती.. लंबे अरसोके बाद वो लखनसे चुदाइ करवा रही थी.. उसने लखनको दीखा दीयाकी वो कीतनी कामुक ओर हवसी ओरत हे..

लखनके जडनेसे पहेले ही लखनने चंदाका तीन बार पानी नीकाल दीया था.. ओर आखीर वो पल भी आया जीनमे लखनने चंदाको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर उनके गलेके मुह डालते जोरोसे कमर हीलाते चंदाको चोदने लगा.. तो चंदा भी समज गइ..

4628.gif


उसने लखनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर दोनोने लीपलोक करलीया.. लखन कमरको जटके देने लगा.. तभी चंदाको अपनी बच्चेदानीपे गरमाहट महेसुस हुइ.. ओर वोभी उतेजनासे कांपते लखनके साथ अ‍ेक बार फीर जडने लगी.. चंदाका मुह खुलाही रेह गया..

ओर वोभी लखनकी आंखोमे वासना भरी नजरोसे देखते आह.. आह.. करते लखनके साथ जड गइ.. ओर लखन उनके सीनेपे ढेर हो गया.. दोनो ही अपनी अपनी सांस दुरस्त करने लगे.. तबतक चंदा लखनकी पीठ ओर उनके सरको सहेलाते लखनको अपनी बाहोमे भीचके रखा..

7.gif


जब दोनो सांत हो गये तो चंदा इधर उधर मुह करते लखनसे नजरे चुराने लगी.. उनको अपनी चुतमे अब भी लखनका तगडा लंड सख्त महेसुस हो रहा था.. जो अब भी रेह रेहके चुतके अंदर जटके मार रहा था.. आज चंदाको वो जडीबुटीकी अहेमीयका पता चल गया..

132.gif


फीर तो लखनने बीना नीचे उतरे.. ओर बीना लंडको बहार नीकाले चंदाको दो बार ओर चोद लीया.. ओर चंदाकी अबतक की सारी गर्मी नीकालदी.. लखन चंदाको अलग अलग पोजीसने चोदता रहा.. कभी गोदमे बीठाकर तो कभी घोडी बनाकर पीछेसे..

38659.gif


ओर सावर लेते भी चंदाकी खडे खडे कुटाइ होगइ.. सुबह चार बजेतक चंदा चुदवाती रही.. तबतक लखनने चंदाकी चुतको छे से सात बार भर दीया था.. आज लखनने चंदाका अ‍ेक अ‍ेक अंग तोडके रख दीया.. उनकी चुत सुजके लाल होचुकी थी.. फीर दोनो अ‍ेक दुसरेसे चीपकके सो गये..
 
लेकीन आज गांवमे रातको फीरोजने अपनी दोनो बीवीओको कमरेमे बुला लीया.. ओर वायग्रा खाकर सलमा ओर जरीनाको बारी बारी अ‍ेक अ‍ेक बार चोद लीया.. जब चोदकर फीरोज ढेर होगया ओर गहेरी नींद सो गया तो सलमा ओर जरीना दोनो कमरेसे बहार नीकल गइ.. ओर सलमाके रुममे चली गइ..

35412.gif


सलमा : (सामने देखते धीरेसे) जरीना.. येतो गोलीया खाने लगे हे.. ओर दोनोके साथ करते हे.. हमे कुछ ओर रास्ता नीकालना पडेगा..

जरीना : (चीन्तासे धीरेसे) हां दीदी.. साहील बेचारा अकेला होगा.. अब क्या करे..?

सलमा : (धीरेसे) अभीकी चीन्ता तो नही हे.. ओर कल रातसे तेरी भी हालत खराब हे.. तो मेही साहीलके पास चली जाती हु.. लेकीन हमे कोइ परमेनेन्ट रास्ता नीकालना होगा..

जरीना : (कुछ याद आते ही मुस्कुराते) दीदी.. मील गया रास्ता.. हम कुछ अ‍ैसा करेगे जो वो सामनेसे ही केह देगेकी अ‍ेक दीन आप ओर अ‍ेक दीन मे..

सलमा : (उत्सुक्तासे मुस्कुराते) अच्छा.. वो भला कैसे..?

जरीना : (धीरेसे मुस्कुराते) दीदी.. हम दोनो पहेलेतो उनको गोलीया खाने नही देगे.. तब वो अ‍ेक के साथ ही करपायेगा.. ओर हम दोनो जुठ मुठ उनके सामने जगडा करेगे.. आप समज गइनां..?

सलमा : (खुसीसे मुस्कुराते) अरे वाह.. तुमने क्या आइडीया नीकाला हे.. ठीक हे.. हम दोनो भी बारी बारी साहीलसे मील सकेगे.. अब तु हमारे पतीके पास जाकर सोजा.. वो जाग जायेतो सम्हाल लेना... मे चली साहीलके पास.. पता नही वो कब मुजे सोने देगे.. हें..हें..हें..

जीरना : (नाकपे उंगली रखते) सीइइइ... दीदी.. धीरे.. आप आरामसे जाइअ‍े.. मे सब सम्हाल लुगी.. पुछेगे तो केह दुगीकी चुदाइकी वजहसे दीदी थक गइ हे.. ओर अपने कमरेमे आराम कर रही हे..

जब सलमा साहीलके पास पहोंची तब साहील थोडा नाराज लग रहा था.. ओर सलमाने उसे समजाकर बाजी सम्हाल ली.. उस रात साहीलने सलमाको जमकर पेला.. ओर बीना नीचे उतरेही सलमाको दो बार पेल दीया.. फीर सलमा साहीलके सीनेपे सर रखते उनका सीना सहेलाने लगी..

52.gif


सलमा : (सामने देखते) साहील.. नाराज हे क्या..?

साहील : (सामने देखते) नही सलमा.. मुजे तुमसे कुछ बात कहेनी हे..

सलमा : (सामने देखते धीरेसे) क्या..?

साहील : (सामने देखते) सबुका फोन आया था.. चार दीनकी छुटीमे यहा आने वाली थी.. तो मेने तुम्हारी ओर चाचाके नीकाहकी बातकी.. तो सुनकर नाराज होगइ.. ओर उन्होने आना केन्शल करदीया..

सलमा : (थोडी चीन्तासे) हाय रब्बा.. येतो बहुत बुरा हुआ.. फीर क्या कहा उन्होने..?

साहील : (सामने देखते) मेने उसे पहेले कोइ नीर्णय लेनेसे पहेले सृतीभाभी ओर पुनमभाभीसे बात करलेने को कहा.. क्युकी वोही इस सीचुअ‍ेशनको सम्हाल सकती हे..

सलमा : (होंठ चुमकर) ये ठीक कीया आपने.. फीर..? कोइ बात हुइ..?

साहील : (मुस्कुराते) हां.. फीर दुबारा फोन आया.. उन्होने तुम्हारे ओर चाचाकी सादीको अ‍ेक्सेप्ट करलीया हे.. लेकीन वो यहा आयेगी नही.. इनके बजाये उन्होने छुटीमे मुजे वहा बुलाया हे..

सलमा : (खुस होते) साहील.. येतो बहुत अच्छी बात हे.. बस.. मेतो यही चाहती थीकी हमारी वजहसे तुम दोनोका रीस्ता ना टुटे.. आप खुसी खुसी चले जाओ..

साहील : (मुस्कुराते) लेकीन उसने तुम्हारे आलावा इस बातको यहा कीसीको ना बतानेको कहा हे..

सलमा : (मुस्कुराते) समज गइ.. कब जाना हे..?

साहील : (मुस्कुराते) बुधवार सामको वहा पहोचना हे..

सलमा : (मुस्कुराते) मतलब परसो.. कोइ बात नही.. आप यहा कुछ भी बहाना बनाकर चले जाओ.. ओर जबतक वापस आओगे तबतक यहा भी हर रात आपके साथ सोनेके लीये इन्तजाम कर लेगे.. मेने ओर जरीनाने तैय करलीया हे.. अब हर दीन हम दोनोमेसे कोइना कोइ आपके साथ रात बीतायेगी.. जरीना कैसी लगी..?

साहील : (सरमाकर मुस्कुराते) बीलकुल सबु जैसी.. मानो अ‍ेक कुआरी लडकी हो..

सलमा : (कातीलाना मुस्कुराते) मतलब आपको बहुत भा गइ.. देखना अपनी चाचीके चकरमे इस बीवीको भुल मत जाना..

साहील : (होंठ चुमते) कभी नही.. मेरी पहेली बीवी हमेसा तुही रहेगी.. चल अ‍ेक बार ओर करते हे..

सलमा : (सरमाकर मुस्कुराते) साहील.. ओर कीतना करोगे..? मेरे पेटमे आपका बच्चा हे.. जरा ध्यानसे.. पीछेसे करलो.. मे धोडी बन जाती हु.. लेकीन आगे घुसाना.. पीछे नही.. दर्द होता हे..

38809.gif


कहेते सलमा घोडी बनके जुक गइ.. ओर साहील उनके पीछे घुटनोपे आ गया.. उसने सलमाकी कमरको थाम लीया.. ओर अपना तगडा हथीयार पीछेसे सलमाकी चुतमे घुसा दीया.. फीर लगातार बीना लंड नीकाले सलमाको दो बार चोद लीया.. फीर दोनो अ‍ेक दुसरेसे चीपकते सो गये..
 
दुसरे दीन सुबह पुनमने चंदा ओर लखनको देर तक सोने दीया.. लेकीन सृती ओर राधीका अपने आपको रोक नही पाइ.. जब दोनो कंपलीट होकर नीचे आइ तो सृती राधीकाका हाथ पकडकर उसे चंदाके रुमके पास लेगइ.. ओर नाकपे उंगली रखते वो की होलसे देखने लगी..

फीर राधीकाने भी देखा.. दोनो अ‍ेक दुसरेकी ओर देखकर हसने लगी.. फीर तीनोने चाइ नास्ता करलीया.. सृती अपनी क्लीनीकपे चली गइ.. लखन ओर चंदा दोपहोर बहुत देरसे जागे.. पुनम ओर राधीकाने उसे नही छेडा.. जब दोनो कंपलीट होगये तो साथमे चाइ नास्ता कीया..

आज चंदा बहुत ही सरमा रही थी.. लखन फटाफट चाइ नास्ता करके होस्टेलकी ओर नीकल गया.. राधीका घरका काम समेटने लगी.. उसने पुनम ओर चंदाको बाते करनेका स्पेस दीया.. ओर पुनम दोनो बच्चेको लेकर चंदाके साथ सोफेपे बैठ गइ.. ओर अपनी बच्चीको दुध पीलाने लगी..

पुनम : (धीरेसे मुस्कुराते) भाभी.. कहो.. कैसी रही दोनोकी सुहागरात..?

चंदा : (सरमसे पानी पानी होते धीरेसे) दीदी.. क्या कहु..? मेरी जींदगीकी सबसे बेस्ट रात थी.. मेने अ‍ैसी सुहागरातकी कभी कल्पना भी नही कीथी.. मुजे नइ जींदगी देनेके लीये थेन्क्स.. क्या आपको सब पता थानां..?

पुनम : (मुस्कुराते) हां भाभी.. इसीलीये तो आपको गांवसे यहा लाइ हु.. मे चाहती हु की अब यहा आप अपनी लाइफ खुलकर जीये.. ओर अपनोको थेन्क्स नही कहेते.. बस.. आप खुस रहे..

चंदा : (आंख गीली करते) सही मायनोमे आप मेरी बेटी हे.. इतना तो कोइ सगी बेटी भी नही करती.. कास मेरा धीरेन भी आप जीतना समजदार होता..

पुनम : (मुस्कुराते) भाभी.. भुल जाइअ‍े सब.. वो सब पहेलेसे ही लीखा हुआ था.. अब आप उसे भी माफ करदे.. लखन आपको उनके पास लेकर जायेगा.. अगर वो माफी मांगेतो माफ करदीजीयेगा.. क्युकी अब उसे भी अपनी जींदगी आगे बढानी हे.. अगर आपने माफ नही कीया तो वो मनमे घुटता ही रहेगा..

चंदा : (आंख पोछते मुस्कुराते) हां.. लखन भी वोही केह रहा था.. ठीक हे.. मे उसे माफ कर दुगी.. लेकीन मे रहुगी तो इधर ही..

चंदा : (मुस्कुराते) हां.. ये आप हीका घर हे.. यहा रहीये ओर हमारे पतीके साथ मजे कीजीये.. यहा कोइ पाबंधी नही.. भुल जाइअ‍े की अब वो मेरा देवर हे.. मेरा दामाद हे.. मेरे बेटेकी उमरका हे.. लखन हम सबको संतुस्ट करनेमे सक्षम हे.. वो अपनी ओर भाइकी सभी बीवीओको सम्हाल सकते हे..

चंदा : (सरमाकर मुस्कुराते धीरेसे) कल रात मेने देखी उनकी स्टेमीना.. इतना तो मेने देजुके साथ भी नही कीया.. वो थकते ही नही थे.. कल रात मुजे फीरसे जवानीका अहेसास करवा दीया..

पुनम : (मुस्कुराते) भाभी.. वो अ‍ैसे ही हे.. अभी भी उनकी जींदगीमे बहुतसी लडकीया ओर ओरते भी आयेगी.. आप सुनकर वीचलीत मत होना.. उनको अपना काम करने देना.. ये सब हमारे वीजय ओर उन राजाके लीये भुमीका बना रहे हे.. हो सकता हे इनमे भाइकी ज्यादातर बीवीयाभी सामील हो.. आप देखकर संकोच मत करना.. हमे अपने हीस्सेका प्यार मील जायेगा..

चंदा : (मुस्कुराते) अब इतने दीन आप लोगोके साथ रहेकर इतना तो समज ही गइ.. बस.. हप्तेमे अ‍ेक बार इनका प्यार मील जाये हमारे लीये यही बहुत हे..

उधर गांवमे साहील सुबह ही सबानाको बेंगलोर मीलने जानेकी योजना बनानेके लीये घरसे चाइ नास्ता करके चला गया.. सबसे पहेले मुनाको मीला.. तो मुना बरखाकी छोटी बच्चीकी वजहसे साथ आनेको मना करदीया.. तो बंसी भी खेतोपे अकेला था ओर दोनो बीवीओको सम्हाल रहा था..

तो उसने बंसीको फोन नही कीया.. ओर सीधा श्रीधरके घरपे चला गया.. वहा भी जबसे ब्रीन्दाने लखनसे सारीरीक सबंध बनाये थे तबसे उनको भी कही चेइन नही मील रहा था.. लखनके साथ जबसे संभोग कीया था तबसे उनके तनमे कुछ अजीब फील होरहा था.. पेटमे हल्कीसी जलन ओर भारीपन महेसुस हो रहा था..

जब सुबह ब्रस करने जाती तब उनको व्होमीट जैसा फील होता.. घरके काममे मन नही लग रहा था.. मतलब.. ब्रीन्दाको कुछ अलग होनेका अहेसास होरहा था.. तो वोभी कही चेन्ज मीले उनके बारेमे सोच रही थी.. वो ओर श्रीधर चाइ नास्ता कर रहे थे तभी साहील आगया..

श्रीधर : (मुस्कुराते) अरे..? आओ आओ साहील.. आज सुबह सुबह रास्ता कैसे भुल गये..? परेसान लग रहा हे.. सब ठीक तो हेनां..?

ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) आओ साहीलभाइ.. आप भी चाइ नास्ता करने बैठ जाइअ‍े..

साहील : (मुस्कुराते) नही भाभी.. घरसे चाइ नास्ता करके ही आया हु.. बस.. इसी परेसानीके बारेमे बात करने आया हु..

श्रीधर : (सामने देखते) क्यु..? क्या हुआ..?

साहील : (फीकी मुस्कानसे) भाइ.. चाचाने अम्मासे नीकाह करलीया..

श्रीधर : (सामने देखते) यार जब लखन आया तब तु बात तो कर रहा था.. तो होगया नीकाह..? इतनी जल्दी..? तो फीर तेरा क्या होगा..?

ब्रीन्दा : (आस्चर्यसे देखते) क्या..? सलमा भाभीका नीकाह होगया..? लेकीन वोतो आपसे नीकाह करने वाली थी.. उनके पेटमे आपहीका बच्चा हेनां..?

फीर जरीना वाली बातको छोडकर साहील श्रीधर ब्रीन्दाको सबकुछ बता देता हे.. जीसे सुनकर ब्रीन्दा भी सोक्ट होगइ.. फीर साहील सबानाकी बात करता हे ओर बताता हेकी उनको सबानाको मीलने बेंगलोर जाना हे.. ओर ये बात यहा छुपाकर रखनी हे.. फीर साहील श्रीधरको भी साथ आनेको कहेता हे.. तो मौका देखते ही..
 
ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) श्रीधर.. चलोना हम दोनो ही साथमे चले जाये.. हमारी सादीके बाद हम कही गये ही नही.. ओर तब जयश्रीका भी थोडा टेन्शन था.. अब वोभी उनकी मम्मीके वहा हे तो क्युना हम भी बेगलोर चले जाये..? चार दीन हे.. वहा हम घुम भी लेगे..

साहील : (मुस्कुराते) हां यार चलोना.. आप अपना छोटासा हनीमुन भी मना लेना.. ओर मेभी सबुको मील लुगा.. हम साथमे घुमेगे.. ओर वापस आजायेगे.. क्या कहेते हो..?

श्रीधर : (मुस्कुराते) तो फीर हम मुना ओर बंसीको भी साथ लेले..?

ब्रीन्दा : (मुस्कुराते) हां ये अच्छा आइडीया हे.. बसंती भी साथ होगी तो मजा आजायेगा..

साहील : नही भाभी.. आनेसे पहेले मुनाको ही फोन कीया था.. अगर मुना ओर बसंती भाभी साथ चलेगे तो बरखा भाभी अकेली होजायेगी.. ओर उनकी छोटी बच्ची हेतो अकेली मेनेज नही करपायेगी.. इसीलीये मुनाने मना करदीया.. ओर बंसी नही आसकता.. क्युकी सांती भाभीके भी अच्छे दीन चल रहे हे..

श्रीधर : (मुस्कुराते) तो फीर ठीक हे.. हम दोनो ही चलते हे.. कब नीकलना हे..?

साहील : (मुस्कुराते) बुधवार सामको वही पहोचना हे.. मे सबुको कहेकर होटेलमे दो कमरे बुक करवा लेता हु.. हम फ्लाइटमे चले जायेगे.. ओर वापसीमे देखते हे.. ट्रेनमे पीकीट मीली तो उनमे वरना वापस फ्लाइटसे आजायेगे..

श्रीधर : (मुस्कुराते) हां यार.. ये ठीक रहेगा.. तेरी भाभी कभी फ्लाइटमे नही बैठी.. तु पैसे लेजा ओर टीकीट बुक करवाले..

साहील : (मुस्कुराते) यार पैसेकी चीन्ता नही हे.. लेकीन यहा कीसीको बेंगलोरके बारेमे बताना मत.. कहेना बोम्बे कामकी वजहसे जा रहे हे.. ओर मेभी घरपे कहे दुगा.. की मे श्रीधरके साथ कंपनी देने जा रहा हु..

ब्रीन्दा : (जोरोसे हसते) साहील भैया.. मासुकाको मीलने क्या बहाना बनाया हे.. हें..हें..हें.. चलो.. इसी बहाने हमारी देवरानीको भी मील लुगी.. मतलब.. हमे परसो नीकलना हे..

बादमे साहील अपने खेतोपे चला जाता हे.. देवायतसे वापस मीली जमीन अब लेवल हो चुकी थी.. ओर उनमे उपजाव मीटी डालनेका काम भी लगभग खतम होने वाला था.. साहील वहा देखने चला गया.. उनको अपने चाचा कही दीखाइ नही दीये.. ओर दुर सब मजदुर मीटी डालनेका काम कर रहे थे..

साहील वही रुमके पास खटीया पे बैठ गया.. अभी सोच ही रहा थाकी चाचा कीधर गये.. तभी पीछेसे कुछ आवाज आइ.. साहीलने पीछे मुडकर देखा तो अ‍ेक जवान खुबसुरत मजदुरन लडकी अपने कपडे ठीक करते रुमसे बहार नीकली.. ओर साहीलको वही देखकर चोंक गइ..

फीर सरमके मारे नजरे जुका लेती हे.. ओर मुस्कुराते जटसे वहासे चली गइ.. साहीलको जरा भी समजनेमे देर नही लगीकी रुममे क्या होरहा था.. तभी फीरोज भी अपने कपडे सही करते बहार नीकला.. ओर साहीलको वही खटीया पे देखकर थोडा डरते सहेम गया..

फीरोज : (पास आते खटीयापे बैठते) अ..अरे.. साहील बेटा.. तुम कब आये..?

साहील : (मुस्कुराते) अभी.. जब आपका प्रोग्राम रुममे चल रहा था..

फीरोज : (थोडा थभराते) बेटा.. वो.. वो.. मे.. थो..डा..

साहील : (मुस्कुराते) अरे चाचा डरो मत.. ये गांवमे यही तो मजे हे.. सब कुछ खुलकर करो.. बस.. अ‍ेक दुसरेकी सहेमती होनी चाहीये.. कीसीपे कोइ जोर जबरदस्ती नही.. समज गयेनां..?

फीरोज : (सरमाकर मुस्कुराते) हां साहील बेटा.. वो.. अपनी सहेमतीसे ही आइ थी.. तुम घरपे मत कहेना.. वरना घरपे जगडा होजायेगा..

साहील : (मुस्कुराते) चाचा फीकर मत करोे कीसीको पता नही चलेगा.. बस.. उसे पेटसे मत करदेना.. वरना आपको तीसरा नीकाह भी करना पडेगा.. क्युकी इस गांवके भी कुछ उसुल हे..

फीरोज : (जटसे) अरे नही नही.. मे समज गया.. मेरे पास वो.. वो कोन्डम हे.. फीर भी अब खयाल रखुगा.. बस.. कीसीको कहेना मत..

साहील : (मुस्कुराते) चाचा.. मुजे परसो साम श्रीधरके साथ चार पांच दीनके लीये बोम्बे जाना पडेगा.. उनको वहा कुछ काम हे.. तो वो साथ चलनेको केह रहा था.. क्या मे उनके साथ जाउ..?

फीरोज : (जटसे) अरे कोइ बात नही.. मे यहा सब सम्हाल लुगा.. तुम आरामसे जाओ.. जबतक तुम वापस आओगे तबतक यहा भी काम खतम होगया होगा.. फीर कौनसी फसल उगानी हे तुम तैय करलेना..

फीरोजके पकडे जानेसे साहीलने आरामसे अपनी बात कहेदी.. ओर दुसरे खेतोकी ओर चला गया.. फीर दो पहोर खानेके वक्त भी साहील घरपे श्रीधरके साथ बोम्बे जानेकी बात करता हे.. तो सलमा साहीलकी ओर देखते कातीलाना स्माइल करने लगी.. फीर वो टीकीट बुक कराने सहेर चला गया..

टीकीट बुक करते ही साहील सीधा फीरोजके पुराने घरपे चला गया.. जहा अब सायरा ओर कादीर रहेते थे.. क्युकी उनको पता थाकी दोपहर दीनमे कादीर अपनी ओफीसमे होता हे.. साहीलने दरवाजा खटखटाया.. तो उमीदके मुताबीक सायराने ही दरवाजा खोला..

सायरा साहीलको देखते ही खुसीके मारे उनके गले लग गइ.. फीर साहीलको अंदर खीचकर दरवाजा बंध करके लोक कर दीया.. फीर साहीलकी ओर मुडकर उनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर साहीलके चहेरेपे पागलोकी तराह चुंबनोकी बारीस करदी..

फीर दोनोके होठ मील गये.. साहील सायराके उरोजोको दबाते सायराके होठ चुमने लगा.. तो सायराने हसते हुअ‍े साहीलके गालको काट लीया.. ओर साहील उसे गोदमे उठाकर उनके बेडरुमकी ओर बढ गया.. फीर कुछही देरके बाद सायराके वही बेडरुमसे सीसकारीयोकी आवाज गुंजने लगी.. जहा उसने ओर कादीरने अपनी कइ राते रंगीन की थी..

38645.gif


दोनो ही नीवस्त्र अपनी काम क्रीडामे मग्न होगये थे.. सायराके दोनो पैर साहीलके कंधे पे थे.. ओर साहील हाथके बल उचा होते सायराकी जबरदस्त घमासान चुदाइ कर रहा था.. अपनी आदतके मुताबीक बीना नीचे उतरेही साहीलने सायराकी चुतको दो बार अपने पानीसे सीच दी..

18680.gif


सावर लेते भी अ‍ेक बार साहीलने खडे खडे सायराको पीछेसे चोद लीया.. फीर दोनो बहार आकर अपने अपने कपडे पहेनकर कंपलीट होगये.. ओर बहार होलमे आगये.. सायराने दोनोके लीये चाइ नास्ता बनाया ओर दोनो साथ बेठकर खाने लगे.. सायरा बहुत ही खुस थी..
 
सायरा : (मुस्कुराते) हां तो मेरे पहेले सौहर.. बडे दीनोके बाद अपनी इस बीवीकी याद आइ..? बीचमे मीलने नही आ सकते..? कीतना मीस कर रही हु आपको..

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. थोडा काममे फसा हुआ था..

सायरा : (कातीलाना नजरोसे मुस्कुराते) साहील.. अभी हम दोनो अकेले हे.. तो भाभी नही.. सीर्फ आपकी सायरा.. आपकी बीवी.. कहो.. कीस कामसे आना हुआ था..?

साहील : (मुस्कुराते) सायरा.. घरपे जुठ बोला हे.. लेकीन तुमसे जुठ नही बोलुगा..

सायरा : (मुस्कुराते) क्या..?

साहील : (मुस्कुराते) सबुकी कोलेजमे चार दीनकी छुटी हे.. तो उनको परसो वही मीलने जा रहा हु.. क्युकी चाचा ओर अम्मीकी सादीसे वो थोडी नाराज हे.. तो गांव नही आ रही.. मुजे वहा बुलाया हे..

सायरा : (मुस्कुराते) हां तो चले जाओ.. वैसे भी मेरी होने वाली सौतन हे.. क्या अभी तक कुछ कीया बीया की नही..? हें..हें..हें.. जनाबका इरादा तो नेक हेनां..?

साहील : (मुस्कुराते) हंम.. पता नही.. अब वहा जाउगा तो पता चलेगा.. अगर हमने कुछ कीया तो क्या आपको अच्छा लगेगा..?

सायरा : (मुस्कुराते) हां क्यु नही.. मेरी होने वाली सौतन हे.. तो क्या हर्ज हे..? मेने ओर कादीरने भी तो सादीसे पहेले मजे कीये थे.. ओर मे इसे बुरा भी नही मानती.. लेकीन ध्यान रखना.. सबुका पहेली बार हे.. ओर आपका बहुत बडा हे.. उसे पढाइमे कोइ तकलीफ ना हो..

साहील : (सामने देखते मनमे) सायरा.. अब तुमसे क्या कहु.. सबु यहासे गइ तब ही मुजसे चुदवाके गइ हे.. पहेली बार बेहोस भी होगइ थी.. ओर अबतक मुजसे चारसे पांच बार चुद चुकी हे.. वहा जाकर भी उसे खुब पेलुगा..

सायरा : (मुस्कुराते) जानु.. क्या सोच रहे हो..? मेरी ओरसे पुरी परामीशन हे.. वैसे भी वो थोडी अकडु हे.. अ‍ेक बार उनकी सारी अकड नीकालदो.. हें..हें..हें.. जाओ.. दोनो मजे करो..

साहील : (मुस्कुराते) तुम पहेलेसे काफी बदल गइ हो.. अ‍ेक बीन्दास्त लडकी..

सायरा : (गाल चुमते) हां.. आपके प्यारने बदल दीया.. जानु.. दो दीनके बाद मेरे पीरीयडकी डेट हे.. देखती हु इस बार क्या होता हे.. क्युकी जबसे हम मीले हे तबसे पेटमे कुछ अजीब हो रहा हे.. अगर इस बार पीरीयड मीस हुआ तो टेस्ट कीटसे चेक कर लुगी..

साहील : (मुस्कुराते) अगर रीजल्ट पोजीटव आया तो..?

सायरा : (होंट चुमते मुस्कुराते) तो क्या हुआ..? पहेला कोल इनके पापाको करुगी.. यानीकी आपको.. फीर कादीरको बताउगी.. मुजे पुरा यकीन हेकी ये हमारा बच्चा होगा.. लव यु जानु..

साहील : (मुस्कुराते) देखना भाइको सक ना होजाये..

सायरा : (मुस्कुराते) नही होगा.. मे सब सम्हाल लुगी.. बस.. अ‍ैसे ही मीलने आया करो.. हम हमारी अलग दुनीया बसायेगे.. सबसे छुपकर.. कास तुम सादीसे पहेले मुजे मीले होते..

फीर चाइ नास्ता करलीया तो सायरा खाली प्लेट लेकर कीचनमे चली गइ.. तो साहील भी उनके पीछे चला गया.. ओर सायराको पीछेसे ही अपनी बाहोमे भीच लीया..सायरा मुस्कुराते आंख बंध करके मदहोस होने लगी.. ओर उसने अपना सर पीछेही साहीलके कंधेपे डाल दीया..

porn-gif-magazine-masturbacoes3.gif


साहील उनके उरोजोको मसलते सायराकी गरदन चुमने लगा.. तो सायरा अ‍ेक बार फीर उतेजीत हो गइ.. ओर पलटकर अपनी सलवार ओर पेन्टी नीकालदी.. फीर साहीलकी पेन्टकी जीप खोलकर लंडको बहार खीच लीया.. तो साहीलने सायराको वही कीचनमे प्लेटफोर्मपे बीठा दीया..

129.gif


फीर उनकी दोनो टांगोके बीच आकर अपना तगडा लंड अ‍ेक बार फीर सायराकी चुतमे धुसा दीया.. सायराने साहीलके गलेमे हाथ डालकर उसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. फीर साहीलने वही सायराको जबरदस्त तरीकेसे चोद लीया.. साहील कादीरके आनेसे पहेले ही वहासे नीकल गया.. तो सीधा गांव चला गया..

तो इधर सहेरमे भी लखन होस्टेलकी ओफीसमे बैठकर अपने फोनपे वोट्सअ‍ेपपे भावीका ओर नीलमसे बाते करने लगा.. ओर अ‍ेक हल्की फुल्की मजाक वाला मेसेज टीनाको भी करदीया.. तो लखनकी उमीदसे वीपरीत टीनाने भी जल्दी अ‍ेक हसने वाली इमोजीके साथ जवाब भेजा..

फीर चेटपे बाते करते टीनाने उसे अपने ओर्डरके सभी कपडे रेडी होनेका मेसेज भेजा.. ओर लास्टमे अ‍ेक बार फीर टीनाने उसे कोफी पीनेके लीये मीलनेको कहा.. लखन बडी ही सावधानीसे टीनाके साथ आगे बढ रहा था.. हालाकी टीनाकी उमर भी रश्मी जीतनी ही बडी थी..

दो पहोर खानेके वक्त आज चंदा अ‍ेक नइ नवेली दुल्हनकी तराह सरमा रही थी.. तो लखनने आतेही सबके सामने चंदाके होठोको चुम लीया.. तो चंदा सरमसे पानी पानी होगइ.. पुनम सृती ओर राधीका जोरोसे हसने लगी.. फीर लखन फ्रेस होने चला गया..

अब कीसीके भी बीच कोइ पर्दा नही था.. लखनकी सभी बीवीया भी समज चुकी थी.. की अबतो आये दीन ये सब होने ही वाला हे.. फीर सबलोग खाना खाने बैठ गये.. तबभी लखन खाना खाते नीचेसे अपनी सभी बीवीओको छेड रहा था.. तो सृतीने सरमाकर हसते लखनको जांगपे जोरोसे चपत भी लगाइ..

तो सभी जोरोसे हसने लगी.. ओर अ‍ैसे ही मजाक करते दीन नीकल गया.. इस रात चंदाकी हालत पुरी तराह ठीक नही हुइ थी.. तो वो वीजयको लेकर अपने रुममे चली गइ.. ओर इस रात लखन सृती राधीका ओर पुनमको प्यार करता रहा.. ओर अ‍ैसे ही रात बीत गइ..

दुसरा दीन ब्रीन्दाके लीये बहुत ही व्यस्त रहा.. आज वो बहुत ही अ‍ेक्साइटेड थी.. क्युकी कल श्रीधरके साथ अपने छोटेसे हनीमुनपे जा रही थी.. ब्रीन्दाने पेकींग करना सुरु करदीया.. सीर्फ गांवसे नीकलते वक्त ओर वापस आते वक्त पहेनी हुइ सारी..

बाकी उसने अपने सभी लेटेस्ट कपडे पेक कीये.. सलवार खमीस.. मीनी स्कट.. अ‍ेक पारदर्शी नाइटी.. लेटेस्ट ब्रा नीकरके कुछ सेट.. जो सब कपडे उसे श्रीधरने दीलवाये थे.. फीर फेसीयल नीचेकी सफाइ.. सबकुछ अ‍ेक नइ नवेली दुल्हनकी तराह अपने आपको तैयार कर रही थी..

ओर यही सब तैयारीया सबाना बेंगलोरमे अपनी होस्टेलपे कर रही थी.. वो हमेसा साहीलने दीया हुआ दोनोकी तसवीर वाला पेन्डल पहेनकर रखती.. ओर अपनी सहेलीओसे साहीलके बारेमे उत्साहसे बाते करते पेन्डल वाली तसवीर दीखाती.. जबसे रातमे साहीलका फोन आया तबसे वो बहुत ही उत्साहीत थी..

फीर सामको अ‍ेक अच्छीसी लकजरी होटेलपे जाकर उसने चार दीनके लीये दो रुम बुक करलीये.. साहीलने उसे बतायाकी साथमे श्रीधर ओर ब्रीन्दा भाभी भी आ रहे हे.. तो ब्रीन्दाको भाभी बुलाना सुनकर सबानाको थोडा अजीब लगा.. उसने साहीलको पुछा भी.. की तुम आंटीको भाभी क्यु बोल रहे हो..?

तो साहीलमे मुस्कुराते सरप्राइज कहेते बातको टाल दीया.. ओर कहाकी वहा आकर तुजे सबकुछ बता देगे.. सबाना ब्रीन्दाके बारेमे सीर्फ इतना ही जानती थी की वो साहीलके दोस्त श्रीधरकी मम्मी हे.. बाकी कुछ नही.. फीर उसने साहीलको ओर कोइ सवाल नही पुछे.. बस इतना जानलीया की तीनो फ्लाइटसे आ रहे हे.. तो सबानाने उसे रीसीव करने आनेकी बात कही....

कन्टीन्यु
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - २९०

तो साहीलमे मुस्कुराते सरप्राइज कहेते बातको टाल दीया.. ओर कहाकी वहा आकर तुजे सबकुछ बता देगे.. सबाना ब्रीन्दाके बारेमे सीर्फ इतना ही जानती थी की वो साहीलके दोस्त श्रीधरकी मम्मी हे.. बाकी कुछ नही.. फीर उसने साहीलको ओर कोइ सवाल नही पुछे.. बस इतना जानलीया की तीनो फ्लाइटसे आ रहे हे.. तो सबानाने उसे रीसीव करने आनेकी बात कही.... कन्टीन्यु

ये दीन भी सामान्य दीनकी तराह नीकल गया.. सब अपनी रुटीन लाइफ जी रहे थे.. लेकीन इन सबके बीच पुनम अंदर ही अंदर बैचेन हो रही थी.. ओर आज सुबह राधीका लखन ओर सृती कामपे चले गये ओर चंदा अपने रुममे थी.. तब पुनम अपनी बच्चीको लेकर उपर अपने कमरेमे चली गइ.. ओर उसने मंजुको फोन करदीया..

मंजुला : (मुस्कुराते) हां.. बोल मेरी बच्ची.. क्या परेसान हो तुम..?

पुनम : (धीरेसे) येस मोम.. समजमे नही आता की सब कैसे हेन्डल बरु..? सृती दीदीसे बात करनेकी हींमत नही हो रही..

मंजुला : (सांत लहेजेमे) बेटा.. हमे प्रकृतीमी नीयतीमे कोइ दखल नही देना.. जोभी होता हे होने दो.. मे ओर देवु सामको वही आ रहे हे.. हमे वहा जानेकी कोइ योजना बनानी होगी.. अ‍ैसे ही अचानक अ‍ेक साथ सबलोग नही जा सकते.. वरना कीसीको सक होगा..

पुनम : (धीरेसे) मोम.. क्या मे भावना दीदीसे बात करलु..? उनको कहुगी वो आप दोनो आ रहे हो.. तो वो कुछ खानेका प्रोग्राम बना लेगी.. तो हम सब वही जा सकते हे..

मंजुला : (मुस्कुराते) देखा..? तेरा दीमाग तो चल रहा हे.. फीर क्यु गभराती हे.. हें..हें..हें..

पुनम : (मुस्कुराते) मोम.. आपभीनां..? इतनी सीरीयस मेटरमे भी कैसे मुस्कुरा देती हे..?

मंजुला : (मुस्कुराते) बेटा.. आज मे हु.. कल नही होउगी.. तब तुजे भी सब अ‍ैसे ही हेन्डल करना पडेगा.. जैसे तुम कुछ जानती ही नही.. ओर कौन जा रहा हे..? सबको जाकर वापस भीतो आना हे.. तो क्यु दुखी होना..? हम सृतीको कीसीभी बहाने वही रोक लेगे.. तुम भावुसे बात करलो.. उनको ओर कुछ मत बताना..

पुनम : मोम.. आप ओर भैया सीधे वही चले जाना.. ओर भावुदीको कहेना आज रात हम यहा रुक रहे हे तो वो हम सबको वहा खानेके लीये बुलाले.. तो हम सब आजायेगे.. ओर देर रात तक वही रहेगे.. आप सृतीदी.. ओर राधीका दीदीको वही रोक लेना.. अगर सृती दीदीको अकेले रुकनेके लीये कहा तो वो सक करेगी.. आप समज गइनां..?

मंजुला : (मुस्कुराते) देखा.. पुरी योजना बन गइनां..? तुम खामखा टेन्शन ले रही हो.. चल फोन रखती हु.. हम दोनो सामको सीधे वही पहोंच जायेगे.. तु टेन्शन मत ले..

पुनम ओर मंजुने मीलकर सबसे छुपकर योजना बनाली.. दो पहोर लंचके टाइम सबकुछ सामान्य था.. आज भी लखन राधीका सृती ओर चंदाकी मस्तीया करता रहा.. तो अब चंदा भी खुलकर लखनको जवाब दे रही थी.. ओर फीर सबलोग आराम करने चले गये..

सामको सृती अपनी कार लेकर क्लीनीकपे चली गइ.. लखन भी राधीकाको घर छोडकर होस्टेलपे चला गया.. सामको मंजु ओर देवायत सीधे ही भुमीके घर चले गये.. तो दोनोको देखकर नीर्मला भुमीका बहुत खुस होगइ.. तब भावनाभी अपनी बच्चीको लेकर नीचे आगइ..

वो आते ही मंजुके गले लग गइ.. लेकीन देवायतसे बहुत ही औपचारीक्तासे मीली.. क्युकी जबसे उनका लखनके साथ सारीरीक सबंध स्थापीत हुआ हे तबसे भावना भी चंदाकी तराह देवायतसे भावनात्मक तरीकेसे दुर होने लगी थी.. ओर यही तो लखनकी खासीयत थी..

फीर सब लोग बाते करने लगे.. देवायत बच्चीके साथ खेलने लगा.. फीर कुछ देरके बाद मंजु ओर भावना कीचनमे चली गइ.. तब नीर्मला ओर भुमीकाको पता चलाकी दोनो यहा रात रुकने वाले हे.. तो दोनो देवायतसे मीलनेकी योजना बनाने लगी.. तभी भावना ओर मंजु कीचनमे बाते कर रही थी..

मंजुला : (मुस्कुराते) भावु.. आज हम यहा रुकने वाले हे.. तो क्युना वो लखन ओर सबको यहा बुलाले.. सब परीवार वाले मीलकर मजे करेगे.. तुम सृती ओर लखनको फोन करदो.. की सबलोग यही आजाये..

भावना : (खुस होते मुस्कुराते) दीदी.. ये ठीक याद दीलाया आपने.. मे अभी लखन भैया ओर सृतीको फोन करती हु.. आप चाइका ध्यान रखना..

मंजुला : (सरारती मुस्कानसे धीरेसे) सुन.. क्या लखन तुजे यहा मीलने आता हेकी नही..? अगर नही आता तो बोल मे अभी उनको बोल देती हु..

भावना : (सर्मसार होते धीरेसे) नही दीदी.. आता हे.. कमसे कम हप्तेमे अ‍ेक बार.. लेकीन मोम ओर भुमी मौसीको कुछ नही पता.. सब चुपकेसे चल रहा हे.. जब दो पहोरके खानेके बाद दोनो आराम करती हे तब मे लखनको फोन करके बुला लेती हु..

मंजुला : (मुस्कुराते) चलो ठीक हे.. मेरा लखन सबका ध्यान तो रखता हे.. भावु.. तुम खुस तो होनां..?

भावना : (सरमाते धीरेसे) दीदी.. बहुत.. बहुत.. बहुत खुस हु.. पहेलेसे भी ज्यादा.. हम जब भी मीलते हे मुजे आज भी अ‍ेक कुआरी लडकीका अहेसास करवाते हे.. आप चाइका ध्यान रखो मे फोन कर देती हु..

फीर भावना सबको फोन करके वहा बुला लेती हे.. सृती सीधी क्लीनीक्से ही वही आगइ.. लखन पुनम चंदा ओर राधीकाको बच्चोके साथ अपनी कारमे लेकर आगया.. मंजुने वीजयको अपनी गोदमे लेलीया.. ओर उसे खुब प्यार दीया.. भावना कातील नजरोसे लखनकी ओर देखते मुस्कुरा रही थी..

आज मंजुने देखा चंदा पहेलेसे बहुत सांत लग रही थी.. ओर अपने आपको कुछ ज्यादा ही सजा सवारा था.. देवायतने उनको अपनी बाहोमे भरते प्यार कीया.. तो चंदा कुछ ज्यादाही असहज हो रही थी.. ओर ये बात मंजुने नोटीस करली.. ओर इसका मतलब भी मंजुको पता चल गया.. की अब चंदाभी भावनाकी तराह लखनसे काफी क्लोज हो चुकी हे..

नीर्मला ओर भुमीकाने लखनको अपना दामाद कहेते उनकी खुब मस्तीया की.. तब सृती लखनकी ओर देखते सर्मसार होगइ.. ओर सबके साथ हसती रही.. आज मंजुने उसे भुमीकाके पास जगह दी.. तो भुमीकाने सृतीका हाथ थाम लीया.. सब लोग खुब हसे.. फीर खाना बन गया तो सब लोग खानेके लीये बैठ गये..

खानेके बाद सब लोग सोफेपे बैठे बाते कर रहे थे.. तब लखन ओर राधीका सबके लीये आइसक्रीम लेने चले गये.. पुनम ओर मंजुकी ये दुवीधा थीकी आने वाले वक्तके बारेमे कीसीसे बात भी नही कर सकते.. क्युकी वो कीसीको अभीसे चीन्तामे डालना नही चाहती थी..

लखन राधीका सबके लीये आइसक्रीम लाये सबने अ‍ेक दुसरेकी मस्तीया करते आइसक्रीम खाइ ओर खुब बाते की.. रातके करीब बाराह बजे थे.. तब पुनमने घर जानेकी पेसकस की.. ओर मंजुने सृती ओर राधीकाको वही रोक लीया.. राधाीकाको इसीलीये रोका ताकी सृतीको अकेली रोकते तो उनको सक हो जाता..
 
पुनमने बच्चेका हवाला देते घर जानेका फैसला कीया तो साथमे वीजयकी वजहसे चंदा भी साथ चलनेको तैयार होगइ.. ओर पुनम वहीतो चाहती थी.. फीर लखन पुनम ओर चंदाको लेकर सबको गले मीलकर घर चला गया.. उधर सृती ओर राधीका भावनाके साथ उपर सोने चली गइ..

अब नीचे सीर्फ नीर्मला भुमीका मंजु ओर देवायत ही थे.. मंजुने नीर्मला ओर भुमीकाके सामने ही देवायतको आज रात उन दोनोके साथ सोनेको कहा.. तो नीर्मला ओर भुमीका बहुत ही सर्मसार होगइ.. फीर मंजु उपर भावनाके साथ सोने चली गइ..

नीर्मलाने सभी दरवाजे ओर लाइटे बंध करदी.. तबतक भुमीका देवायतका हाथ पकडकर अपने रुममे जा चुकी थी.. ओर पीछे नीर्मला भी आगइ.. ओर उसने रुमका दरवाजा भी बंध करके लोक करदीया.. देखा तो भुमीका ओर देवायत दोनो ही अ‍ेक दुसरेकी बाहोमे खडे अ‍ेक दुसरेके होंठोको चुम रहे थे..

नीर्मला : (मुस्कुराते) देवु.. यहा दुसरी बीवी भी खडी हे.. हें..हें..हें..

देवायत : (दुसरी बाहे फैलाते धीरेसे) नीमु.. तुभी आजा.. मेरी मंजुने आजकी रात सीर्फ तुम दोनोके लीये ही दीहे..

नीर्मला : (मुस्कुराते बाहोमे आते) हम कभी मंजुको समज ही नही पायेगे.. वो अपनी सभी सौतनोका बहुत खयाल रखती हे.. लेकीन भुमी.. तु अपना खयाल रखना.. अब डीलीवरीमे महज सीर्फ बाराह प्रद्नह दीन ही बचे हे.. सृतीने कबकी डेट दी तुजे..?

भुमीका : (मुस्कुराते) अरे कोइ दीकत नही.. मे सीर्फ पीछेसे ही.. अभी बाराह दीनके बादकी डेट हे..

नीर्मला : देवु.. भुमीका खयाल रखना.. हमे कोइ जोखीम नही उठाना.. पहेले तुम भुमीके साथ ही सुरु करो.. बाकी पुरी रात सम्हालनेके लीये मेतो हुही..

फीर तीनोने अपने कपडे नीकाल दीये.. ओर भुमीका घोडी बन गइ.. फीर अपना मुह तकीयेपे टीका दीया.. कुछ ही देरमे कमरेमे सीसकारीयोकी आवाज गुंजने लगी.. देवायत बडी ही सावधानीसे भुमीको पीछेसे पेल रहा था.. ओर नीर्मला पास बैठकर देवायतके होठोको चुम रही थी..

gifs-animes-levrette.gif


तो दुसरी ओर लखन पुनम ओर चंदा घरपे पहोंच गये.. पुनम ओर चंदा अपने अपने बच्चेको लेकर कारसे उतर गइ.. ओर लखनके साथ अंदर आगइ.. तो सीर्फ तीनो ही थे तो आज पुनमने भी अपनी बच्चीके साथ नीचे ही सोनेकी पेसकस की.. लखन फ्रेस होने चला गया.. तभी..

पुनम : (मुस्कुराते) भाभी.. आज मेभी यही दुसरे कमरेमे सोजाती हु.. बच्चीतो मेरे साथ ही सोजायेगी.. आप वीजयका जुला भी मेरे रुममे छोडदो.. मे दोनोको सम्हाल लुगी..

चंदा : (सर्मसार होते थोडी हीचकीचाते) दीदी.. वो.. वीजय भलेही मेरे साथ रहा.. वही जुलेमे सोता रहेगा.. आप दोनो आरामसे सोजाइअ‍े..

पुनम : (नजदीक आते कंधेपे हाथ रखते धीरेसे) भाभी.. आपतो जानतीहो की इन्हे रोज चाहीये.. ओर अभी मे उनको दे नही सकती.. कमसे कम पंद्नह दीन ओर.. तो मे चाहती हु आजकी रात आप अपने देवरको सम्हाल लीजीये.. वैसे भी अब आप काफी ठीक होगइ हे..

चंदा : (सरमसे पानी पानी होते धीरेसे फुसफुसाते) दीदी.. वो.. वो.. मे..? मतलब..

पुनम : (गले लगाते) भाभी.. डरीये मत.. यहा कोइ संकोच नही.. आप यहा अपनी लाइफ खुलकर जीये.. आज मेने बडे भैया ओर आपको देखा.. आप कीतना असहज महेसुस कर रही थी.. तो फीकर मत कीजीये.. अब आपको ओर भावना भाभीको हमेसाके लीये लखन ही सम्हालेगे.. प्रत्यक्ष रुपमे ना सही.. अप्रत्यक्ष रुपसे आप मेरी सौतन ही हे.. ओर जरुरत पडी तो मे तुम दोनोकी सादी भी करवा दुगी..

चंदा : (जटसे धीरेसे) नही.. मतलब.. इसकी कोइ जरुरत नही हे.. जब आपने हमारा बेड फुलोसे सजाया था.. तब ही मे सब कुछ समज गइ थी.. ओर सब साफ साफ होगया था.. भले ही मे देवुकी बीवी रहु.. लेकीन लखनको मेने दीलसे अपनालीया हे.. थेन्क्स..

पुनम : (मुस्कुराते) अपनोको कभी थेन्क्स नही कहेते..

चंदा : (सरमाकर मुस्कुराते) लगता हे लखन आपसे सभी बाते साजा करते हे..

पुनम : (मुस्कुराते) हां भाभी.. भाइ मेरे प्रती बहुत वफादार हे.. मुजसे अपनी हर बात सैर करते हे..

चंदा : (मुस्कुराते धीरेसे) दीदी.. अ‍ेक बात पुछु..? आपको तो सबकुछ पता चल जाता हेनां..?

पुनम : (थोडी असहज होगइ, उनको पता थाकी चंदा क्या पुछने वाली हे) हां भाभी.. पुछो..

चंदा : (सामने देखते) मंजु ओर देवुका यहा अचानक आनेका कारण..?

पुनम : (आंख गीली करते) सोरी भाभी.. नही बता सकती.. वचनसे बंधी हु.. सुबह आपको सब पता चल जायेगा..

कहेते चंदा ओर कोइ सवाल पुछे इनसे पहेले ही पुनम बच्चीको लेकर नीचे दुसरे रुममे चली गइ.. चंदा उसे जाते देखती ही रही.. फीर वोभी वीजयको लेकर रुममे चली गइ.. वीजयको जुलेमे सुलाकर चेन्ज करने बाथरुममे चली गइ.. उसने अपना दरवाजा खुला रखा.. तभी लखन पुनमके पास चला गया..

देखा तो पुनम चेन्ज करके बाथरुममसे बहार नीकल रही थी.. ओर बच्ची बेडपे गहेरी नींद सो रही थी.. जैसे ही पुनमने लखनको देखा दोडकर लखनकी बाहोमे समा गइ.. ओर उनके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगी.. फीर प्यारसे लखनकी आंओमे देखकर मुस्कुराने लगी..

1t-Vl.gif


पुनम : (मुस्कुराते) भाइ.. सोरी.. अब सीर्फ पंद्नह दीन ओर इन्तजार करलो.. फीर आपको इतना प्यार दुगीकी अबतक की सारी कशर पुरी कर दुगी..

लखन : (होंठ चुमते) पुनो.. तुम अ‍ैसे मनते मत करो.. अच्छा नही लगता.. मे तुम्हारी सीचुअ‍ेशन समज सकता हु.. कोइ बात नही.. अ‍ैसी बहुत राते मेने अकेले बीताइ हे..

पुनम : (गालको सहेलाते) भाइ.. तब सीचुअ‍ेशन अलग थी.. आपको जडी बुटी नही दी गइ थी.. अब सेक्स नही करोगे तो आपके सरीरपे अलग प्रभाव पडेगा.. इसीलीये आपके लीये सेक्स करना जरुरी हे.. ओर आज आप भाभीके पास चले जाओ.. मेने उनसे बात करली हे..

लखन : (गोदमे उठाकर बेडकी ओर लेजाते) पहेले मेरी इस बीवीको तो प्यार करलु.. पीछेसे.. सीर्फ अ‍ेक बार.. फीर भाभीके पास चला जाउगा.. हें..हें..हें..

पुनम : (सर्मसार होते मुस्कुराते) मानोगे नही.. ठीक हे.. लेकीन सीर्फ अ‍ेक बार.. वरना आप मेरी हालत बीगाड देते हो.. ओर कलके लीये मे हालत बीगाडना नही चाहथी..

लखन : (बुब्स दबाते होठ चुमते) क्यु..? कल कोइ खास दीन हे..?

पुनम : (सामने देखते धीरेसे) हां.. लेकीन आपको नही बता सकती.. मोमने बतानेको मना कीया हे.. आपको कल सब पता चल जायेगा.. चलीये अब.. फीर भाभीके पास भी तो जाना हे..

37873.gif


कुछ ही देरके बाद लखन पुनमको पीछेसे चोद रहा था.. पुनम मुह बीगाडते मजेसे लखनके हथीयारको अपने पीछवाडेमे जेल रही थी.. जब लखन जड गया तो पुनमके पीछेसे हट गया.. ओर बाथरुममे सावर लेने चला गया.. पुनम अपना पीछवाडा साफ करने लगी.. ओर बच्चीके पास जाकर लेट गइ..
 
ओर आखीर लखन चेन्ज करके चंदाके पास चला गया.. देखा तो चंदा आयनेके सामने अपने आपको संवार रही थी.. लखन उनके पीछे चला गया.. ओर चंदाको पीछेसे अपनी बाहोमे भरलीया.. चंदा आंख बंध करते मदहोस होने लगी.. ओर जटसे पलटकर लखनकी बाहोमे समा गइ..

30Dh.gif


चंदा : (कानमे फुसफुसाते धीरेसे) वेलकम माय स्वीट हार्ट.. आपकी गर्लफ्रेन्ड आपका स्वागत करती हे.. आज हमारी दुसरी पुरी की पुरी रात.. सीर्फ हम दोनो..

लखन : (कानमे धीरेसे) हंम.. तो हम फीरसे हमारी सुहागरात मनाले..?

चंदा : (सर्मसार होते मुस्कुराते धीरेसे) हंम.. जब भी हमारा मीलन होगा.. वो हर रात हमारी सुहागरात होगी.. आइ प्रोमीस.. मेने मनसे आपको अ‍ेक पतीकी हेसीयतसे अपना लीया हे.. तो अब मीलनेमे कोइ संकोच मत करो.. भले ही मे आपके भाइकी अमानत हु.. लेकीन अब ये मांग आपके नामसे भरुगी.. ये मेरा वादा हे..

लखन : (गोदमे उठाते) भाभी.. आपको सजने सवरनेकी क्या जरुरत हे..? आप अ‍ैसे ही बहुत खुबसुरत हो.. वैसे इस पारदर्शी नाइटी ओर इन ब्रा नीकरके सेटमे आप बीलकुल अ‍ेक अप्सरा लग रही हो..

चंदा : (गलेमे बाहे डालते मुस्कुराते) भाभी नही.. सीर्फ चंदा.. आपकी चंदा.. ओर मे अप्सरा ही हु.. आइअ‍े.. आज पुरी रात हमारी हे.. सीर्फ हम दोनोकी..

ओर इस रात भी कभी ना थमने वाली रात साबीत हुइ.. लखन ओर चंदा सुबह चार बजे तक प्यार करते रहे.. लखनने चंदाके अ‍ेक अ‍ेक अंगको छुआ.. ओर उनको उतेजीत करता रहा.. तो चंदाने भी अपनी ओरसे कोइ कशर नही छोडी.. लखनके साथ उसने हर अ‍ेन्गलमे प्यार कीया..

54.gif


पुरी रात वो लखनको संतुस्ट करनेमे कामयाब रही.. ओर खुदने भी संतुस्टी पाइ.. अबतब लखन उनकी मुनीयाको पांचसे छे बार भर चुका था.. ओर चंदाके अ‍ेक अ‍ेक अंगको तोडके रख दीया था.. फीर दोनोने साथ सावर लीया.. वहा भी अ‍ेक राउन्ड प्यारका दोर चला.. ओर अंतमे दोनो अ‍ेक दुसरेसे चीपकके सो गये..

इधर छोटी बहेन चंदाने छोटे भाइ लखनको सम्हाल लीया.. तो भुमीके घर बडी बहेन नीर्मलाने बडे भाइ देवायतको सम्हाल लीया.. जैसे ये सब पहेलेसे ही नीयतीका खेल हो.. नीर्मला भी देवायतसे पुरी रात प्यार करती रही.. जैसे वो उनकी पहेली बीवीका फर्ज अदा कर रही हो..

सुबह सबलोग आरामसे जागे.. मंजुने देवायत नीर्मला ओर भुमीकाको देर तक सोने दीया.. राधीकाको सबकुछ पताथा.. फीर भी उनको थोडा अजीब लगा.. सबलोग वो तीनोके जागनेका इन्तजार कर रहे थे.. सृती भावना ओर राधीका कीचनमे चाइ नास्तेका इन्तजाम कर रही थी..

मंजुने धीरेसे देवायतके कमरेमे दस्तखत दी.. तो नीर्मलाने दरवाजा खोला.. वो मंजुको देखकर सरमा गइ.. ओर उसने देवायतको फीर भुमीको जगाया.. देवायत बहारके कोमन बाथरुममे घुस गया.. ओर नीर्मला रुमके बाथरुममे चली गइ.. तब कीसीको पता नही थाकी मंजुके दीलकी धडकन बढ गइ थी..

मंजु भुमीकाके पास चली गइ.. ओर गुड मोर्नींग वीस करते भुमीके गले लग गइ.. आज भुमीकाको मंजुका कुछ अलग ही रुप दीख रहा था.. जैसे वो कोइ प्यारकी देवी हो.. तभी नीर्मला नहाकर सरपे टोलीया लपेटकर नीकली.. ओर कपडे पहेनने लगी.. तो भुमीका मुस्कुराते बाथरुममे चली गइ..

तबतक देवायतभी आकर अपने कपडे पहेनने लगा.. तभी बाथरुमसे धडाम करते गीरनेकी आवाज आइ.. ओर अ‍ेक अ‍ैसी चीख सुनाइ दी जो पुरे घरमे गुजने लगी.. सबलोग गभरा गये.. सृती राधीका ओर भावना चाइ नास्ता बनाना छोडकर दोडकर आइ.. तब देवायत बाथरुममे दरवाजेपे कंधे मारमे तोडनेकी कोसीस कर रहा था..

सृती : (जोरसे चीलाते) मम्मी.. क्या हुआ..? देवु.. जल्दीसे दरवाजा तोडो.. लगता हे मम्मी गीर गइ हे..

मंजुला : (जोरोसे) देवु.. पेर मारके दरवाजा तोडदो..

तभी देवायतने जोरोसे दो लात मारी ओर दरवाजा तोड दीया.. देखा तो भुमीका अपना पेट पकते फर्सपे गीरी हुइ थी.. ओर तडप रही थी.. देवायतने उसे जटसे अपनी गोदमे उठा लीया.. ओर जटसे बहार आते बेडपे लीटा दीया.. फीर भी भुमीका पेट पकडते रो रही थी.. ओर बेडपे छटपटा रही थी..

सृती : (रोते जोरोसे) देवु.. इसे जटसे मेरी क्लीनीकपे ले चलो.. इमीजेट्ली.. प्लीस.. अपनी कार लेलो.. नीर्मला मौसी... मंजु मोम.. आप भी चलो.. मे अपनी कारपे क्लीनीक पहोचती हु.. जल्दी करो..

कहा तो देवायत भुमीकाको गोदमे लेकर लगभग दोडही पडा.. सबलोग सदमेसे देख रहे थे.. नीर्मला ओर मंजु भी देवायतके पीछे दोड पडी.. देवायतने भुमीकाको पीछेकी सीटपे सुला दीया.. ओर नीर्मला उनका सर अपनी गोदमे लेकर बैठ गइ.. मंजु आगे बैठ गइ.. ओर देवायतने कार सृतीकी क्लीनीककी ओर दौडा दी..

सृती चालु कारसे क्लीनीकपे सब कुछ तैयार रखनेको कहा.. ओर बाते करते भी वो रो रही थी.. तभी उसे अचानक भावीका याद आगइ.. ओर उसे भी फोन करके जल्दीसे अपनी क्लीनीकपे बुला लीया.. तबतक मंजुने भी फोन करके पुनमको सब बता दीया..

मंजु ओर पुनम पहेलेसे ही सब कुछ जानती थी.. पुनमने लखनको बता दीया.. ओर उसे जल्दीसे होस्पीटल पहोचने को कहा.. चंदा सदमेसे पुनमकी ओर देखती ही रही.. लखन फटाफट अपने कपडे पहेनकर अपनी बाइक लेकर सृतीकी क्लीनीकपे चला गया..

सबकुछ इतनी जल्दीसे हो गयाकी कीसीको कुछ सुज ही नही रहा था.. लखन ओर भावीका लगभग साथ ही पहोंचे.. भावीका कारसे उतरते ही अंदरकी ओर दोड पडी.. ओर सीधी ओपरेशन थीअ‍ेटरमे चली गइ.. देखा तो सृती रोते हुअ‍े होपरेशनकी तैयारीया कर रही थी..

सृती : (भावीकाको देखते ही जोरसे रोते हुअ‍े) भावु.. देख तो मम्मी गीर गइ हे.. इनको क्या हुआ..? देख आंखे चडा रही हे..

भावीका : (जटसे ओपरेशनके कपडे पहेनते) सृती.. होसमे आओ.. तुम अ‍ेक डोक्टर हो.. सांत होजाओ.. मे हुना.. (भुमीका हाथ पकडते) ओह गोड.. सृती.. वो अ‍ेनेस्थेसीया..

सृती : (रोते कांपते हुअ‍े) भावु.. बुला लीया हे.. आता ही होगा.. बहुत क्रीटीकल पोजीसन हे..

भावीका : (अ‍ेक इन्जेक्शन देते) सृती.. सम्हालो अपने आपको.. भुल जाओ ये तेरी मम्मी हे.. हम सम्हाल लेगे..

भावीकाने कुछ सोचकर लखनको मास्क पहेनाकर अंदर बुला लीया.. तो सृती लखनसे लीपटकर रोने लगी.. लखनने सृतीको सम्हाल लीया.. तभी अ‍ेनेस्थेसीया वाला भी जटसे आगया.. उसने भुमीकाकी बीपीको चेक कीया.. तो थोडा असेहज होगया.. ओर उसने भावीकाकी ओर देखा..
 
अ‍े.मेन : (धीरेसे) मेम.. बहुत जोखीम भरा हे.. बीपी बहुत हाइ हे.. कुछ भी हो सकता हे..

सृती : (जटसे) पेपर दो मे साइन करदु.. ये मेरी मम्मी हे.. पुरी जीम्वेवारी मेरी.. ओपरेशन जरुरी हे.. प्लीज.. आप दे दीजीये..

भावीका : सृती.. तुम लखनके साथ ओफीसमे बैठो.. मे सब सम्हाल लुगी..

सृती : (जटसे) नही.. प्लीज.. मे अपने आपको सम्हाल लुगी.. लखन हेनां..?

अ‍ेनेस्थेसीया दे दीया.. कुछ ही सेकन्डमे भुमीका बेहोस होगइ.. भावीका बडी ही सावधानीसे ओपरेशन करने लगी.. बहारकी ओर देवायत नीर्मला मंजु सब चीन्तासे बैठे थे.. नीर्मला ओर देवायत बार बार मंजुकी ओर देख रहे थे.. जो आंसु बहा रही थी.. जैसे उनको सब मालुम था फीर भी कुछ नही बताया..

तो दुसरी ओर गांवमे भी ब्रीन्दा श्रीधर ओर साहील गांवसे सहेरकी ओर नीकल रहे थे.. साम चार बजेकी फ्लाइट थी.. दो बजे चेक इन करना था.. तो तीनो साडे दश बजे ही गांवसे नीकल गये.. फीर सहेर आकर तीनोने खाना खाया.. ब्रीन्दा श्रीधरके साथ चीपकके बैठी थी..

तभी खाना खाते साहीलने दोनोको बता दीयाकी सलमाका उनके साथ अफैर हे उनके बारेमे ओर बच्चेके बारेमे वो सबानासे कोइ बात ना करे.. ओर सबानाके साथ कौनसी बात सेर करनी हे.. ओर कौनसी नही करनी सबकुछ श्रीधर र्बीन्दाको बता दीया.. फीर तीनो अ‍ेरपोर्टकी ओर नीकल पडे..

इधर ओपरेशन हुआ.. तो पता चला भुमीका बच्चा नही रहा.. ओर भुमीको भी होस नही आ रहा था.. तो सृतीका टेन्शन बढने लगा.. ओर आखीर वोही हुआ जो मंजुला ओर पुनम जानती थी.. भुमीकाने भी दम तोड दीया.. भावीकाने पंम्पीग ओर सोक देकर बहुत कोसीस की..

सृती वही ओपरेशन थीअ‍ेटरमे अपनी मम्मीसे लीपटकर रोने लगी.. बहार देवायत मंजु ओर नीर्मला गभराकर भी खडे होगये.. नीर्मलाकी आंखसे आंसु बहेने लगे.. कुछ ही देरमे लखन सृतीको कमरसे पकडकर बहार लेआया.. तो सृती मंजुकी ओर दोडके उनके गले लग गइ.. ओर जोरोसे रोने लगी..

4q-IB.gif


देवायत भी रो पडा फीर भी मंजु देवायतने सृतीको सम्हाल लीया.. ओर लखन सबको फोन करने लगा.. तो पता चला साहील श्रीधर बेगलोकी फ्लाइटमे चढ चुके हे.. तो लखनने उसे कुछ नही कहा.. ओर जानेके लीये बोला.. ओर उसने भानु मुना बंसीको बुला लीया.. फीर धृव भी अपनी मम्मीको लेकर आगया..

भुमीका सृतीकी मम्मी ही थी.. फीर भी उनके स्टाफने कुछ लीगल पेपर तैयार करलीये.. फीर सबलोग भुमीकी ओर नवजात बच्चेकी बोडी लेकर भुमीके घर चले गये.. तो जैसे ही सबको पता चला देवायतके सहेरके कुछ दोस्त ओर पाटर्नर व्यापारी भी आ गये.. तो पुनम चंदा भी भुमीके घर बच्चोको लेकर चले गये..

ओर भुमी ओर बच्चेको सन्मानके साथ स्मसानमे ले जाया गया.. देवायतने खुद सृती लखनके साथ मीलकर भुमीका दाह संस्कार कीया.. ओर बच्चेको दफना दीया.. फीर सबलोग घर आ गये.. ओर बाकीके लोग देवायतसे मीलकर जाने लगे.. फीर लखन मुना ओर बंसीने मीलकर सबके लीये खानेका इन्तजाम कीया..

सृती पुरी तराह टुट चुकी थी.. मंजु ओर पुनम उनको समजाते आस्वासन देते रहे.. धृवकी मम्मी ओर नीर्मलाने मीलकर सबको जबर दस्तीसे खाना खीलाया.. सब लोगोने बडी मुस्कीलसे खाना खाया.. फीर देर रात भावीका भी धृव ओर उनकी मम्मीके साथ घर चली गइ..

तो मुना ओर बंसी भी गांव चले गये.. मंजुने पुनम चंदाके साथ भावनाको भी अपने बच्चोके लेकर लखनके साथ उनके घर भेज दीया.. ओर सबलोग सो गये.. तो घर पहोचते ही आज भी पुनम ओर चंदा नीचे ही सोगइ.. ओर पुनमने भावनाको लखनके साथ उपर कमरेमे जानेको कहा..

लखन : (सामने देखते धीरेसे) दीदी.. आज ही ये सब..? थोडा अजीब लगेगा..

भावना : (सरमाते धीरेसे) दीदी.. लदन भैया सही केह रहे हे..

पुनम : (मुस्कुराते) ठीक हे.. तुम दोनोकी मरजी.. लेकीन अ‍ेक बात समजलो.. इनसे जींदगी नही रुकजाती.. कबतक दुर रहोगे..? तुम दोनोके ना मीलनेसे भुमी भाभी वापस आजायेगी..? अगर वो गइ हेतो वापस भी तो आयेगी.. मत भुलो हम सब कौन हे..? बाकी तुम्हारी मरजी..

भावना : (सरमाते धीरेसे) ठीक हे दीदी.. मे समज गइ.. चलीये लखन..

पुरे दीनके दोमधामकी थकावटके बादजुद भी रात तीन बजे तक भावनाकी कामुक्तासे भरी सीसकारीयोकी आवाज चंदा ओर पुनम नीचे तक सुनती रही.. जीनकी वजहसे अ‍ेक बार तो चंदाने भी अपनी उंगलीयोसे अपने आपको सांत कीया.. ओर पुनम भी बच्चीको दुध पीलाते अपने उरोजोको मसलती रही..

तो उधर अ‍ेरपोर्ट पहोंचते ही श्रीधर ओर साहील लीगल प्रोसीसमे लग गये.. तब ब्रीन्दा अपना सामान लेकर बाथरुममे घुस गइ.. ओर उसने सारी नीकालकर चेन्च कर लीया.. फीर अपने बालोको खुला छोडके थोडा सवार लीया.. अब ब्रीन्दा अ‍ेक बहुत ही खुबसुरत आधुनीक लडकी जैसे दीखने लगी..

869660676493934bd9eb95c25306c0ff.jpg


जीसे देखकर श्रीधर साहील भी दंग रेह गये.. फीर तीनो फ्लाइटमे चड गये.. अ‍ेक घंटेके बाद तीनो बेंगलोर पहोंच गये.. आज ब्रीन्दा बहुत खुस थी.. तीनो सामान लेकर बहार नीकले.. तो उनको सबानाने देख लीया ओर आवाज लगाते उनकी ओर दोड पडी.. ओर उन्होने साहीलको गले लगा लीया.. फीर ब्रीन्दा ओर श्रीधरको भी मीली..

सबाना : (ब्रीन्दाको गले मीलते) नमस्ते आंटी.. कैसी हे आप..?

साहील : (मुस्कुराते) सबु.. अब आंटी नही.. क्युकी आंटी अब हमारी भाभी होचुकी हे..

सबाना : (आस्चर्यसे मुस्कुराते) मतलब..? मे कुछ समजी नही.. हें..हें..हें..

श्रीधर : (हसते) अरे भाभी.. समजाने समजनेके लीये हमारे पास चार दीन पडे हे.. दोनो अ‍ेक दुसरेको समजाते रहेना.. हें..हें..हें..

साहील : (मुस्कुराते) सबु.. सब इन्तजाम हो गया..?

सबाना : (मुस्कुराते) अरे हां.. मे होस्टेलसे अपने कपडे लेकर ही आइ हु.. आपने कहा था तो दो रुम बुक करलीये हे.. मे केब लेकर ही आइ हु.. चलीये..

फीर चारो केबमे ही होटेलपे पहोंच गये.. देखा तो होटेल तीनोकी उमीदसे कही आलीशान था.. फीर चारोने चेक इन कीया.. दोनो ही अलग अलग कमरेमे चले गये.. सबानाने देखा की पुरे रास्ते ब्रीन्दा श्रीधरकी बाहेमे हाथ डालकर चल रही थी.. ओर ब्रीन्दा बहुत ही खुबसुरत लग रही थी..
 
Back
Top