Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती - Page 99 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती

लखन : (मुस्कुराते धीरेसे) कमीने.. तुजे तो घरमे ही दो दो चुत मील गइ.. ओर तेरे चाचासे सबानाकी सादीकी बात भी करली.. बहुत अच्छा हे.. आगे बढ.. मे तेरे साथ हु..

साहील : (सरमाते मुस्कुराते) भाइ.. कल कादीर भाइ ओर सायरा दीदीका फोन आया था.. वहासे सीधा ही उनके घर जा रहा हु.. अ‍ेक दीन पहेले.. सुबह कादीर भाइको रेल्वे स्टेशन छोडने जाना हे.. फीर तीन चार दीन वही हु.. मे ओर सायरा दीदी.. अकेले.. आप समज गयेनां..?

लखन : (मुस्कुराते) अच्छा.. मतलब मछली खुद ही जालमे फसना चाहती हे.. कमीने अ‍ैसा मौका बार बार नही मीलता.. करले कीला फतेह.. अगर वहा सामान बामान पेक करनम मेरी मददकी जरुरत होतो कहेनां..

साहील : (मुस्कुराते) ठीक हे भाइ.. लेकीन तीन चार दीन हे.. मे मेनेज करलुगा.. मे घरसे कामका बहाना बनाकर आया हु.. वहा ओर यहा भी कीसीको नही पता.. तो प्लीज.. समज गयेनां..?

लखन : (हसते) बडा कमीना हे तु.. चल जा.. मोज कर.. कीसीको पता नही चलेगा.. इरादा तो नेक हेनां..? अगर वो आगे बढे तो तु पीछेहट मत करना..

साहील : (सरमाकर मुस्कुराते) भाइ मछली खुद ही जालमे फसना चाहती हेतो मे क्या करु..?

दोनो बाते करते रहे.. आधे घंटेके बाद सादी सम्पन हुइ.. मुनाने बसंतीकी मांग भरदी थी ओर मंगलसुत्र भी पहेनाया.. अब बरखा ओर बसंती मां बेटीके साथ अ‍ेक दुसरेकी सौतन भी होगइ थी.. सबलोग भोजन करने बैठ गये.. तब चंदा लखनके साथ बीलकुल सटकर बैठी थी..

hot-bollywood.gif


चंदा : (मुस्कुराते धीरेसे कानमे) लखन.. आज यहा आपके दोस्तकी सादीमे आपके साथ अ‍ेक बीवी होनी चाहीये थी.. ओर आप मुजे लेकर आगये..

लखन : (मुस्कुराते धीरेसे कानमे) बीवीना सही.. आप मेरी गर्ल फ्रेन्ड तो हो.. आपको दीखानेके लीये ही लाया हु.. की देखो.. दुनीयामे कैसे रीस्ते पनप रहे हे.. यही तो हे रीस्तोमे हसीन बदलाव..

चंदा : (मुस्कुराते धीरेसे) अच्छा.. तो आप पहेलेसे ही सब तैय करके मुजे यहा लाये हो.. क्या इरादा हे आपका..?

लखन : (मुस्कुराते धीरेसे कानमे) इरादातो नेक ही हे.. लेकीन आपने पुछ ही लीया हे तो यहा मंदीर भी हे.. मंडप भी रेडी हे.. रीस्तेदार जैसे दोस्त भी हे.. अगर आप कहोतो हम सादी करले..? हें..हें..हें..

चंदा : (सरमाकर जुठे गुस्सेसे जांगपे अ‍ेक मुका मारते) पुनोदी ठीक ही केह रही थी.. कीतने कमीने हो आप.. चार चार सादी करके भी जी नही भरा.. मत भुलो मे पहेलेसे ही सादी सुधा हु.. आपके बडे भाइकी अमानत..

लखन : (धीरेसे) क्या सचमे आप सादी सुधा जींदगी जी रही हे..? मत भुलो इसीलीये भाभीमाने कुछ फैसले लीये हे..

चंदा : (सोक्ट होते सामने देखते) क्या आप मंजुकी इस बातको सीरीयस मानते हे..?

लखन : (मुस्कुराते) हां.. उनकी हर बात मानता हु.. मां हे वो मेरी.. हम सबकी जननी.. इसका मतलब भी जानती हे..?

चंदा : (अ‍ेक नजरसे देखते) सबकी जननी..? मुजे सब जानना हे.. ये सब क्या हो रहा हे..? मेतो समजी वो हम सबके साथ मजाक कर रही हे..

लखन : (मुस्कुराते) भाभी.. हम वापसीमे बात करेगे.. मे आपको सबकुछ बता दुगा..

सब लोगोने भोजन करलीया.. जागृती लखनसे अकेलेमे बात करना चाहती थी.. कमसे कम उनका फोन नंबर लेना चाहती थी.. लेकीन सांती उनके साथ ही होती थी.. जीसकी वजहसे जागृती लखनसे बात नही करपाइ.. क्युकी जागृती ओर लखनका राज सीर्फ दो लोग ही जानते थे.. अ‍ेक जयश्री ओर दुसरी सांती..

फीर सबलोग बाबासे आशीर्वाद लेकर नीकल गये.. सबने लखन ओर चंदाको गांव आनेका बहुत आग्रह कीया.. लेकीन लखन ओर चंदाने मना कर दीया.. फीर सबलोग गांवकी ओर नीकल गये.. तो साहील भी अपनी बाइक लेकर कादीरके घरकी ओर सहेर नीकल गया..

ओर लखन चंदा कारमे बैठ गये.. चंदा लखनकी बाजुमे बैठकर बहुत ही सरमाने लगी.. अब सीर्फ दोनो ही अकेले थे.. चंदा मनसे चाहती थीकी लखन खुद आगे बढे.. फीर दोनो सहेरकी ओर नीकल गये.. चंदा अब भी लखनकी ओर सवालीया नजरोसे देख रही थी..

चंदा : (मुस्कुराते) लखन.. क्या अभी जीनकी सादी हुइ वो दोनो पहेले मां बेटे थेनां..?

लखन : (मुस्कुराते) हां भाभी.. जब उनके पीताजी थे तब ही मुनाका उनकी मांके साथ अफैर था.. अब उनके पीताजी गुजर गये ओर बसंती आंटी वीधवा होगइ.. तो मुनाने उनसे सादी करली.. ओर वो फीरसे सुहागरन होगइ.. बस.. वही बदलाव तो मोम चाहती हे.. उस हीमाचल की तराह..

चंदा : (मुस्कुराते) लेकीन मंजुको यहा अ‍ैसे बदलावकी क्या आवस्यक्ता पड गइ..?

लखन : (सामने देखते) क्यु..? आप उन हीमालयकी कहानीको नही जानती..? आप भी तो उस कहानीका हीस्सा हो.. वो ही राजा तो हमारे घर पैदा होने वाला हे.. ओर ये सब उनके आनेसे पहेलेकी भुमीका हे.. जो मंजु मोम ओर पुनोदी कर रही हे..

चंदा : (सामने देखते) माना की मे भी वोही हु.. तो क्या अ‍ैसे मां बेटेकी सादीसे कुछ फर्क पडेगा..?

लखन : (सामने देखते) आपकी सादीके बाद आप छोटी ही उमरमे आप वीधवा होगइ थी.. तो क्या आपकी जींदगीमे कुछ फर्क पडा था..?

चंदा : (सामने देखते सरमाते) बहुत कुछ.. आप समज सकते हो अ‍ेक सादी सुधा ओरत अकेली होजाती हे तो क्या फर्क पडता हे.. उनको कीतनी मुस्कीलोका सामना करना पडता हे..
 
लखन : (मुस्कुराते) फीर भी.. क्या क्या फर्क पडता हे.. हम दोस्त हे.. आप खुलकर बता सकती हो..

चंदा : (सरमाते नजरे जुकाते) पती चाहे कैसा भी हो.. जब वो होता हे तो कोइ उनकी बीवीके सामने नजर उठाकर देख भी नही सकता.. ओर जब ओरत अकेली होजाती हे तो वो खुद दुनीयाके सामने नजर नही उठा सकती.. इसीलीये ओरतकी जींदगीमे अ‍ेक मर्दका होना आवस्यक हे.. ओरतको अ‍ेक मर्दकी कमी हमेसा खलती हे.. बस.. यही फर्क पडता हे..

लखन : (सामने देखते) अ‍ेक्जेटली.. लेकीन यहा बात सीर्फ फर्क पडनेकी भी नही हे.. ओर बहुत कुछ हे.. आप जानती ही नही की वास्तवमे हमारा खानदान कौन हे.. हम उस राजाके अंस हे.. जहा आज भी उनके पोता पोतीया आपसमे सादी करते हे.. जैसे हमारे दादा परदादाने अपनी बहेनसे सादीया कीहे.. बाकी सब तो पुनो दीदी ही आपको खुलकर बता सकती हे..

चंदा : (जोरोसे हसते) क्या..? उनसे सादीके बाद भी दीदी कहेते हो..?

लखन : (मुस्कुराते) हां.. क्युकी मेने भी दीदीसे सादी करली हे.. भाइने भी अपनी बहेनसे सादी करली हे.. आपको तो सब पता हे.. ओर सच कहु तो अ‍ैसे रीस्तोमे प्यार बहुत हे..

चंदा : (मुस्कुराते) बेसरम..

लखन : (हसते) अरे..? इसमे बेसरमकी क्या बात हे..? क्यु अंकलने नीर्मला आंटीसे सादी नही की थी..? आपके बडे भैया ओर बडी बहेन ही थीनां..?

चंदा : (सरमाकर मुस्कुराते) हां लेकीन तब सीचुअ‍ेशन कुछ ओर थी.. खैर छोडो ये सब बाते.. आप कुछ बताने वाले थे.. मंजुके बारेमे..

तो लखनने चंदाको मंजुके ओर उनके पीछले जन्मके बारेमे सबकुछ बता दीया.. ओर मंजुने उनको सृती ओर पुनमको करवाइ अपनी असली पहेचान.. ओर अनुभुतीके बारेमे भी बता दीया.. जीसे सुनकर चंदा भी सोक्ट हो गइ.. ओर उसे पुरा यकीन हो गयाकी वो सब कोइ सामान्य इन्सान नही हे..

चंदा : (मुस्कुराते) अच्छा.. तो ये बात हे..? इसीलीये हमारे घरमे सेक्स को सामान्य कार्यकी तराह लीया जा रहा हे.. तब तो मंजुने सही कीया हे..

लखन : (मुस्कुराते) भाभी.. मुजे अ‍ेक बात समजमे नही आती.. खाना पीना कपडे पहेनना.. सोच जाना.. सब हमारे तनकी जरुरत हे.. वैसे सेक्स भी तनकी जरुरत हे.. तो फीर सबलोग सेक्सको इतनी तवजो क्यु नही देते..? वो भीतो हमारे रोजमराकी जरुरत हे..

चंदा : (सरमाके मुस्कुराते) हंम.. लेकीन अब तो हमारे घरमे सबकुछ बदल गया हेनां..?

लखन : (मुस्कुराते) भाभी.. अब सीर्फ हमारे घरमे ही नही पुरे गांव ओर आजु बाजुके गांवमे भी ये सब होने लगा हे.. अगर इस बारेमे ज्यादा जानना होतो आप पुनोदीसे पुछ लेना.. वो सब जानती हे.. मे इस बारेमे ज्यादा कुछ नही बता सकता.. वहाकी पुरी कहानी..

चंदा : (सामने देखकर मुस्कुराते) उन कीताबको तो मेने भी पढा हे.. मे भी सब जानती हु.. उस राजाने तो अपनी दादीसे भी सादी करली थी.. बस.. पुरी तरह यकीन नही था.. लेकीन लगता हे अब पुनोदीसे बात करनी पडेगी.. देखो बातो बातोमे घर भी आगया.. आज आपके साथ बाते करते बहुत मजा आया.. थेन्क्स..

लखन : (मुस्कुराते) बस..? सीर्फ थेन्क्स..?

चंदा : (सरमाकर मुस्कुराते) तो फीर ओर क्या चाहीये आपको..? अगर ओर कुछ चाहीये तो अपनी बीवीओसे लेलेना.. इस गल्रफ्रेन्डसे तो सीर्फ थेन्क्स ही मीलेगा.. हें..हें..हें..

लखन : (हसते धीरेसे) येतो बहुत नाइन्साफी हे.. कमसे कम अ‍ेक हग.. अ‍ेक चुमा.. वोभी गालपे.. अपने बोयफ्रेन्डके लीये इतना भी नही कर सकती..?

चंदा : (सरमाते कातील नजरोसे) ज्यादा नौटंकी नही.. बडे बेसर्म हो आप.. अब चुपचाप अंदर चलीये..

दोनो बाते करते घरपे आगये.. दो पहोरको सबलोग खाना खाकर उपर आराम कर रहेथे.. होलमे कोइ नही था.. जैसे ही लखन उपर जाने लगा चंदाने हीमत करते लखनका हाथ पकड लीया.. ओर उसे हग करलीया.. तो लखन सोक्ट होते बहुत खुस होगया..

37.gif


चंदा : (मुस्कुराते) इतनी सारी खुसीया.. तो मेरे बोयफ्रेन्डका अ‍ेक हग तो बनता ही हे.. वरना वो फीरसे नाराज होजायेगा..

कहा तो लखन मुस्कुराने लगा.. तभी अचानक लखनने बारी बारी चंदाके दोनो गालको चुम लीया.. तो चंदा सोक्ट होते यंत्रवत मुस्कुराते खडी रही.. ओर आस्चर्यसे लखनकी ओर देखती रही.. तो लखन चंदाकी ओर देखते मुस्कुराते उपरकी ओर जाने लगा.. ओर जाते चंदाको आंख मारदी..

19408966e48406e2423729ea63d561519a833cce.gif


इधर गांवमे मुना बसंतीकी सुहागरातके लीये खुद बरखा जागृती सांती ओर ब्रीन्दाने फुलोसे कमरा ओर सेज सजाया.. उस रात मुना ओर बसंतीकी सुहागरात हुइ.. मुना गोली खाकर पुरी रात बसंतीको रगडता रहा.. ओर सुबह तक उनकी हालत पतली करदी.. तो यही जोसमे श्रीधर ओर ब्रीन्दाने भी अपनी पहेली सुहागरातको याद करते फीरसे अपनी सुहागरात मनाइ....

कन्टीन्यु
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - २७९

इधर गांवमे मुना बसंतीकी सुहागरातके लीये खुद बरखा जागृती सांती ओर ब्रीन्दाने फुलोसे कमरा ओर सेज सजाया.. उस रात मुना ओर बसंतीकी सुहागरात हुइ.. मुना गोली खाकर पुरी रात बसंतीको रगडता रहा.. ओर सुबह तक उनकी हालत पतली करदी.. तो यही जोसमे श्रीधर ओर ब्रीन्दाने भी अपनी पहेली सुहागरातको याद करते फीरसे अपनी सुहागरात मनाइ.... अब आगे

दुसरे दीन चंदाने भी पुनमसे सबकुछ जानलीया.. पुनमने चंदाको बहुत कुछ भुत ओर भवीस्यके बारेमे बता दीया.. उस दीनसे चंदा भी काफी खुल गइ ओर लखनसे खुलकर बाते करने लगी.. अब वो उस हग ओर गालपे चुबंनके बाद लखनके बहुत करीब आगइ थी.. उसे अब लखनका साथ बहुत ही अच्छा लगने लगा..

जब भी दोनो अकेले होते गर्लफ्रेन्ड बोयफ्रेन्ड हो जाते.. ओर खुलकर बाते करते.. अब गालपे चुंबन आम बात होगइ थी.. अब अक्सर लखन चंदाको हग करने लगा.. बहारसे आते तब चंदाको हग करलेता.. चंदा कीचनमे होती तो पीछेसे हग करलेता.. तो चंदा सरमाकर मुस्कुरा देती..

लखनकी इस हरकतसे चंदाको भी अच्छा लगने लगा.. फीर तो हग करनेमे भी बदलाव होने लगा.. हग करते दोनोके बीच कसाव अंतरंगता बढने लगी.. अब सामान्य हग ना रहेते दोनो अ‍ेक दुसरेकी बाहोमे समा जाते.. ओर चंदाको वोही चुंभनका अहेसमस बार बार होने लगा.. फीर भी वो आगे बढनेसे डर रही थी..

F1-C02-B9-F-1-E51-4-AF5-AEF6-7-B10-C3720157.gif


इसी बीच साहील भी कादीरके घर आगया था.. तो कादीर अभी अपनी ओफीसमे था.. तो सायराने दरवाजा खोला.. तो सामने साहीलको अकेला देखते ही खुस होगइ.. ओर जोरोसे साहील.. बोलके उनके गले लग गइ.. इस बार भी सायराने साहीलको जोरोसे भीच लीया..

जान बुजके.. बस.. साहीलका उभार महेसुस करना चाहती थी.. ओर इस बात साहील भी समजने लगा था.. दोनो अ‍ेक दुसरेकी बाहोमे काफी देर खडे रहे.. फीर सायरा साहीलसे अलग होने लगी तो साहीलने अ‍ेक बार फीरसे सायराको अपनी बाहोमे भीच लीया..

demi-lovato-sweet.gif


सायरा : (सरमाकर हसते) आ..उ..च.. क्या कर रहे हो..? दरवाजा खुला हे.. कोइ देख लेगा..

सायरा बहुत ही सर्मसार होगइ.. फीर साहीलसे अलग होगइ ओर साहीलको अंदर खीचकर उसने जटसे दरवाजा बंध करलीया.. फीर साहीलका हाथ पकडकर उसे अंदर बेडपे लेगइ.. ओर साहीलको हाथ पकडकर बेडपे बीठा दीया.. फीर कातीलाना नजरोसे मुस्कुराते कहेने लगी..

सायरा : (मुस्कुराते) तु यहा बैठ मे तेरे लीये पानी लेकर आइ.. फीर कुछ बनाती हु..

साहील : (चली गइतो उसे देखते मनमे) कमीनी भाइसे चुदवाकर क्या गदराया माल हो गइ हे.. अब तो इसे चोदकर ही जाउगा.. अ‍ैसे मालको सम्हालना कादीर भाइका काम ही नही हे.. अब देखता हु मां बेटीको कैसे पागल कर देता हु.. कमीना.. मेरी बीवीसे नीकाह करेगा..

सायरा : (मुस्कुराते) ले भाइ पानी पी.. ओर बता.. क्या पीयेगा..? चाइ के कुछ ठंडा बनाउ..

साहील : (पानी पीते मनमे) दीदी.. आपके पतीतेसे दुध पीलादो.. भाइने खीच खीचके कीतना बडा करदीया हे..

सायरा : (हसते) अरे कहा खो गया..? दीदीको देखा नही हे क्या..? बोलनां.. क्या पीयेगा..?

साहील : (जेपते) दुध.. दु..ध.. दीदी.. थोडासा दुध बनादो.. क्या हेनां चाइकी बहुत आदत नही हे..

सायरा : (मुस्कुराते) हां कहासे होगी.. गांवमे रहेते हो.. वहा गाय भेंसका ताजा दुध मील जाता हे.. देखोना दुध पी पीके कैसी बोडी बनाली हे.. कसरत बसरत भी करते हो क्या..?

साहील : (सरमाकर मुस्कुराते) हां.. लेकीन अब नही.. टाइम नही मीलता.. पहेले करता था.. अब खेतोमे काम ही इतना रहेता हे तो कसरत होजाती हे.. हें..हें..हें..

सायरा : (मुस्कुराते) क्या सोले डोले बनाये हे.. मस्त लग रहा हे.. ठीक हे.. तु बैठ मे अभी तेरे लीये बादाम वाला दुध लेकर आती हु..

कहेते सायरा साहीलके पेन्टकी उभारकी ओर अ‍ेक नजर डालते कातीलाना मुस्कुराते कीचनमे चली गइ.. सायराको पता थाकी साहीलका उनको देखकर खडा होगया हे.. वो भी कइ दीनोसे कादीरका ले लेकर उब चुकी थी.. ओर कादीरसे जो उमीद थी वो भी पुरी नही हो पा रही थी..

जबसे पहेली बार साहीलका हथीयार नीचे चुभा.. ओर पेन्टके उभारको देखा.. तबसे ही सायरा साहीलको रीजानेमे लगी हुइ थी.. उसने आज अपनी चुनरी भी नही डाली थी.. ताकी साहील उनके बडे उभारको दीखते उतेजीत होसके..
 
ओर अबतो तीन दीन वो साहीलके साथ अकेली रहेने वाले थी.. ये सोचते ही सायराकी चुत गीली होने लगी.. जबसे साहील फ्रायडेको आनेकी बात करके गया था तबसे सायराको कही चेइन ही नही मील रहा था.. वो तब ही साहीलसे चुदवानेका मन बना चुकी थी..

ओर इस दीनका बडी बेसब्रीसे इन्तजार कर रही थी.. ओर आखीर वो दीन भी आगया.. ओर उनके कहेने के मुताबीक साहील फ्रायडे सामको ही आगया.. इस बातसे सायरा बहुत ही अ‍ेक्साइटेड थी.. वो कीचनमे सोचमे डुबी हुइ साहीलके लीये दुध बना रही थी..

सायरा : (मनमे) हाइ दया.. मुजे देखकर कैसे खडा हो गया.. कैसे चुभ रहा था.. कल तो कादीर चले जायेगे.. फीर तो तीन दीन हम दोनो ही अकेले होगे.. कास वो सीर्फ अ‍ेक बार पहेले पहेल करे.. मे उनसे बीना कोइ नखरे कीये चुदवानेके लीये राजी हो जाउगी.. मुजे लगता हे उसने सबानाको भी चोद लीया होगा.. अब कादीरसे तो कुछ हो नही रहा.. कास साहीलसे ही कुछ हो जाये.. तो मेरे बच्चेका भी इतकी तराह इतना बडा होगा.. बापरे.. बडा साप जैसा दीख रहा हे..

साहील : (आकर कीचनके दरवाजेके पास खडा होते हसते) भाभी.. भैया कब आयेगे..?

सायरा : (सर्मसार होते हसते) कमीने.. बहेन हु तेरी.. उस दीन कानमे क्या केह रहा था..? मे तेरी भाभी लगती हु..? ठहेर अभी.. आकर तेरी खबर लेती हु.. बहेनको भाभी कहेते सरम भी नही आती..

साहील : (जोरोसे हसते) दीदी.. मजाक कर रहा था.. लेकीन आप कायदेसे मेरी भाभी भीतो हो.. ओर दीदीसे बात ही कीतनी करुगा..? अगर भाभीसे बात ज्यादा होगी.. ओर मस्ती मजाक भी होगा.. हें..हें..हें..

सायरा : (सामने देखते हसते) सच कहा तुने.. ठीक हे.. कहेना.. मुजे भी तेरी मस्तीया करनेमे बहुत मजा आता हे.. लेकीन हम दोनो अकेले हो तब.. तेरे भैयाके सामने भाभी मत कहेना.. क्या तुम सभी दोस्त सचमे उनकी बहेन.. मीन्स उनकी बीवीको भाभी कहेते हो..?

साहील : (मुस्कुराते) हां भाभी.. हम उसे भाभी भाभी कहेते हे तो छीड जाती हे.. ओर हमे मारनेके लीये दोडती हे.. लेकीन अब तो सबको आदत हो चुकी हे.. वो भी हमे देवरजी कहेते हमारी मस्तीया करती हे..

सायरा : (जोरोसे हसते) तुम सबके सब कमीने हो.. अच्छा गांवके बारेमे ओर बताओनां..? क्या वहा सचमे रीस्तोमे बदलाव होने लगा हे..?

साहील : (मुस्कुराते) हां भाभी.. अब तो तीन दीन यही हु.. आपको सब कुछ बताउगा.. बहुत सारे कीस्से हे..

सायरा : (थोडी गंभीर होते) भाइ.. अम्मी अबु कैसे हे..? कभी हमे याद करते हेकी नही..?

साहील : (मुस्कुराते) चाचाका पता नही.. लेकीन मे.. अम्मी.. ओर चाची होते हे तब आपको याद करते हे.. अब तो चाचा चाचीने भी गांवकी बाते सुनकर आप दोनोको माफ करदीया हे..

सायरा : (खुसीसे देखते) क्या सचमे..? तब तो खुदाका लाख लाख सुक्र हे.. तु अंदर बैठ.. मे दुध लेकर आती हु.. वही बैठकर आरामसे बात करेगे..

फीर साहील अंदर जाके बैठ गया.. सायरा दुध लेकर आइ ओर साहीलको देते उनकी बगलमे ही सटकर बैठ गइ.. फीर दुध पीते दोनो बाते करते रहे.. बाते करते सायरा बार बार साहीलमे जांगोको छुने लगी.. जीसे साहीलका हथीयार फीरसे जटके मारते अंगडाइ लेने लगा..

ओर इस बदलावको सायरा टेडी नजरसे देखती रही.. ओर मनही मन हसती रही.. सुबह कादीरको जाना था तो वो भी जल्दी घर आगया.. तो सायरा जटसे साहीलसे दुर बैठ गइ.. ओर साहीलको देखकर कादीरने उसे गले लगा लीया..

सायराने तीनोके लीये खाना बनाया.. कादीर जानेके लीये अपने कपडे पेक करने लगा.. ओर साहीलको जरुरी सुचना देता रहा.. की कोनसा सामान कीसमे पेक करना हे.. फीर तीनोने खाना खालीया.. सायरा बर्तन ओर कीचनका काम समेटने लगी.. ओर कादीर साहील होलमे बैठ गये..

कादीर : (मुस्कुराते) हां भाइ बोल.. गांवका क्या हाल चाल हे..? अम्मी अबु ओर बडी अम्मा कैसे हे..?

साहील : (मुस्कुराते) भाइ सब मजेमे.. अब तो गांवकी हवा ओर खाना खाकर चाचा भी तगडे हो गये हे.. हें..हें..हें.. ओर गांवमे रंगमे रंग गये हे.. बडे ठाकुरसे बहुत अच्छी दोस्ती हो गइ हे..

कादीर : (हसते) अच्छा..? येतो बडी बात हे.. भाइ.. क्या उन्होने सचमे हमे माफ करदीया..?

साहील : (मुस्कुराते) हां भाइ.. बडे ठाकुरके समजानेके बाद ओर गांवकी बाते ओर माहोल देखकर उनमे भी काफी बदलाव आगया हे.. वहा सभी भाइ बहेनकी सादीकी बात सुनकर आपको भी माफ करदीया.. ओर आप दोनोकी सादीको भी अ‍ेक्सेप्ट करलीया..

कादीर : (खुस होते) भाइ ये तो तुमने अच्छी खबर सुनाइ.. गांवके बोरेमे ओर बताओनां..

फीर साहील कादीरको गांवकी सभी बाते बताने लगा.. कुछ देरके बाद सायरा भी अपना काम नीपटाकर आकर दोनोके पास बैठ गइ ओर साहीलकी बाते गौरसे सुनने लगी.. जीसे सुनकर कादीरका हथीयार अंगडाइ लेने लगा तो सायराकी चुत भी पनीयाने लगी.. तभी..
 
कादीर : (अंगडाइ लेते खडे होते) भाइ अब सोते हे.. सुबह रेल्वे स्टेशन भी जाना हे.. तो मुजे बाइकपे छोड देना.. अच्छा हुआ तुम आज ही आगये..

सायरा : (मुस्कुराते) भाइ.. तुम ये बाजु वाले रुममे सो जाओ.. वहा मेने बेडपे गदा बीछा दीया हे.. सुबह तुमको जगा दुगी.. कीतने बजे जाना हे..?

कादीर : (मुस्कुराते) साडे आठ बजेकी ट्रेन हे.. आठ बजे पहोंचना होगा.. नजदीक ही हे.. हम आरामसे पहोंच जायेगे..

सायरा : (हसते) दोनोको छे बजे उठा दुगी.. हें..हें..हें..

कहेते कातील नजरोसे सायरा साहीलकी ओर हसती हुइ कादीरके पीछे रुममे चली गइ.. ओर साहील भी गेस्ट रुममे जाकर लेट गया.. जीस नजरोसे सायरा साहीलकी ओर देखते हस रही थी साहील भी समज गयाकी सायरा पटनेके लीये रेडी हे.. वो आसानीसे पट जायेगी..

कुछ देरके बाद कादीरके कमरेसे कुछ अजीब अवाज आने लगी.. जीसे वो सलमाको चोदता हे तब सलमा आवाज नीकालती हे.. साहील समज गयाकी कादीर भाइ सायरा दीदीकी चुदाइ कर रहे हे.. ओर साहील बेडपे बैठ गया.. ओर धीरेसे दबे पांव उस रुमके दरवाजेके पास कान लगाके खडा हो गया.. तो अंदर दोनो बाते करते चुदाइ कर रहे थे.. जीसे साहील साफ सुन रहा था..

upmyasianass-227-gif.gif


सायरा : (फुसफुसाते धीरेसे) भाइ.. आज क्या हो गया हे आपको.. साहील बाजुमे कमरेमे सो रहा हे.. थोडा धीरेसे करोनां..

कादीर : (चोदते ) अरे वो सो गया होगा.. चोदने देनां.. फीर तो तीन चार दीनके बाद ही चोदनेको मीलेगा..

सायरा : (कामुक्तासे) आह..आह...आह.. आइ.. धीरेसे चोदोना.. अभी आपका नीकल जायेगा..

कादीर : (जोरोसे कमर हीलाते) आह.. आह.. आइ.. सा..य..रा.. मे आ रहा हु.. कहा नीकालु..?

सायरा : (मार हीलाते) अभी रु्कोनां.. मेरा तो हुआ भी नही हे.. अंदर.. अंदर नीकालना..

august-ames-001.gif


कुछ ही देरमे कादीर सायराकी चुतमे पानी छोडकर जड गया तो सायरा अब भी जोरोसे अपनी कमर हीलाते जडनेकी कोसीस कर रही थी.. ओर आखीर कादीर सायराके सीनेपे ढेर हो गया.. ओर दोनो अपनी सांस दुरस्त करने लगी.. जब सांत होगये तो सायराने कहा..

कादीर : (गाल चुमते) सायरा.. अब तु मुजे कोन्डम क्यु नही लगाने देती..?

सायरा : (सामने देखते) तो ये पहेली बार थोडीना हे..? हमारे घरसे नीकलनेके बाद तो हमने कइ बार बीना कोन्डमसे कीया हे.. अब तो मे आइपील भी नही लेती.. फीर भी कुछ नही हो रहा.. भाइ.. मुजे बच्चा चाहीये.. लगता हे पहेलेसे ही ज्यादा आइपील लेनेकी वजहसे नही हो रहा हे..

कादीर : (मुस्कुराते) अच्छा हे.. हमारे बच्चेको भी पता हे पहेले पापा सेटल होजाये फीर इस दुनीयामे आउगा.. हें..हें..हें..

सायरा : (धीरेसे) भाइ.. मजाक नही.. आप अपना इलाज करवाओ.. आप बहुत जल्दी जड जाते हो.. अब तो हमारा घर भी मील गया हे.. तो हमारा घरका कीराया बचेगा.. अब हम अपना बच्चा पैदा कर सकते हे.. अबसे कोन्डम आइपीलकी गोलीया बीलकुल बंध..

कादीर : (सामने देखते धीरेसे) यार पहेले हमे ठीकसे सेटल तो होने दे.. फीर हम बच्चेके बारेमे सोचेगे.. इतनी जल्दी क्या हे..?

सायरा : (सामने देखते) जल्दी आपको नही मुजे हे.. हमारी सादीको कीतने महीने होगये..? जब मे हाइस्कुलमे भी तबसे तो मुजे चोद रहे हो.. ओर कीतने मजे करने हे..? मे कुछ सुनना नही चाहती.. मुजे बच्चा चाहीये.. केह देती हु.. फीर आपतो बीजनेस टुरपे चले जाओगे.. तो मे घरपे अकेली क्या करु्गी..? बच्चा होगा तो टाइम भी नीकल जायेगा..

कादीर : (उपरसे उतरते) ठीक हे.. अब सोजाओ सुबह मुजे जल्दी नीकलना भी हे..

सायरा : (कुछ सोचते जुठ बोलते) भाइ.. अ‍ेक हकीम हे.. मेने उजसे दवाइ लेली हे.. कहेते हे अ‍ेक महीना लेनी हे.. जल्द रीजल्ट आजायेगा..

कादीर : (सामने देखते) यार अ‍ैसे हकीन वैदसे कुछ नही होता.. हम कोसीस जारी रखेगे.. अब सोजा..

साहील अपने कमरेमे आकर सोगया.. तो कादीर सायरा भी नींदकी आगोसमे चले गये.. सुबह सायराने दोनोको जगा दीया.. ओर चाइ परोठा बना दीया.. तीनोने मीलकर नास्ता कीया ओर साहील अपनी बाइक लेकर कादीरको छोडने स्टेशन चला गया..

जब ट्रेन आगइ तो कादीर साहीलको सायराका ध्यान रखनेको कहेते ट्रेनमे बैठ गया.. ओर साहील तब तक वहा खडा रहा जबतक ट्रेन नीकल नही गइ.. साहील मन ही मन खुस होगया ओर अपनी आजादी महेसुस करने लगा.. उसने वापसीमे रास्तेसे सायराके लीये अ‍ेक छोटीसी गीफ्ट ओर अ‍ेक फुलोका गजरा.. कुछ चोकलेट लेली..
 
फीर वो घर आगया तो सायरा साहीलकी ओर देखते मुस्कुराने लगी.. उसे सायराकी आंखोमे अ‍ेक अजीबसी चमक देखी.. सायराने फटाफट अपना काम नीपटा लीया.. फीर नहानेके लीये बाथरुममे घुस गइ.. सायराको बाथरुममे काफी देर लगी..

फीर वो नहाकर माथेपे टोलीया लपेटकर बार आगइ.. उसने रुमके दरवाजेके पास आकर देखा तो साहील मोबाइलपे कुछ मेसेज टाइप कर रहा था.. तो सायरा मुस्कुराते तैयार होने लगी.. आज उसने अपने बाल खुले छोड रखे थे.. ताकी वो साहीलको लुभा सके..

सायरा : (तैयार होते मनमे) कीतना सोणा दीखता हे.. उनका हेभी कीतना बडा.. सबानाकी तो नीकल पडी.. क्या उन दोनोके बीच सबकुछ होगया होगा..? सबुतो अ‍ैसी नही हे.. अ‍ेक मे ही थी जो सादीसे पहेले भाइसे खुब चुदवाया हे.. अब तो उनका छोटा ले लेकर उब चुकी हु.. ये तीन दीन हमारे पास अच्छा मौका हे.. मुजे साहीलको अपनी ओर आकर्सीत करना ही होगा..

यही सब सोचते सायरा हल्कासा मेकअप करते अपने आपको सवारने लगी.. जब साहीलका पहेली बार उभार देखा तब ही वो अपना मन बना चुकी थी.. ओर आज उसे मौका मील गया.. फीर सायरा कंपलीट होकर बहार आगइ ओर आकर साहीलके बगलमे सटकर बैठ गइ..

तो साहील उनको देखता ही रेह गया.. आज सायरा कुछ अलग दीख रही थी.. मतलब.. बहुत सेक्सी.. जैसे वो सीर्फ साहीलके लीये ही सजकर आइ हो.. उनके बदनसे हल्कीसी नहानेकी खुस्बु आरही थी.. जो साहीलको पागल करनेके लीये काफी थी.. वोभी मोबाइलमे नजर डालते..

सायरा : (सरारती मुस्कानसे) क्या कर रहे हो..? अपनी होने वाली बीवीको मेसेज भेज रहे हो..?

साहील : (मुस्कुराते) हां.. गुड मोर्नींग मेसेज.. वरना मेडम नाराज हो जाती हे.. हें..हें..हें..

सायरा : (सामने देखते धीरेसे) मेडम..? भाइ.. लगता हे तुम दोनो अ‍ेक दुसरेको बहुत प्यार करते हो.. हें..हें..हें..

साहील : (मुस्कुराते) हां.. जैसे आप ओर कादीर भाइ अ‍ेक दुसरेसे करते थे.. मतलब.. अभी भी करते हो..

सायरा : (सरमाते मुस्कुराते) हां.. अभी भी करते हे.. साहील.. कीतना अजीब हेनां..? अ‍ेक सगे भाइसे सादी करलेनां.. अब तो हमारे गांवमे भी ये सब होने लगा हे..

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. कसमसे.. जुठ मत बोलना.. सच बताना.. क्या सगे भाइसे सादी करके आपको कीतना सुकुन मील रहा हे..?

सायरा : (सरमाते मुस्कुराते) सच कहु.. तो बहोत ज्यादा सुकुन मील रहा हे.. सायद.. दुसरेके साथ सादी करके इतना सुकुन नही मीलता.. क्युकी भाइ बहेनके बीच प्यारका रीस्ता बहोत गहेरा हो जाता हे.. जीसका मे सब्दोमे बया नही कर सकती..

साहील : (मुस्कुराते) फीर भी..? कुछ तो बयान करो..

सायरा : (सरमाते हसती) कोइ अ‍ैसी चीज.. जो आपको पता होथा हे की ये पानेके लीये आप जींदगी भर महेनत करलो.. फीर भी आपको नही मीलने वाली.. तो इस चीजको पानेके लीये आप ज्यादा बेताब रहेते हे.. ओर जब वोही चीज आपको मील जाये.. तो उस चीजसे आपका लगाव कइ गुना ज्यादा रहेता हे..

साहील : (हसते) मतलब..? साफ साफ बोलोनां..

सायरा : (सरमाते हसते) तु बहोत बीगड गया हे.. हें..हें..हें.. सुन.. मतलब.. जब आपको पता हे की सगे भाइ बहेनके बीच सादीया कभी नही होती.. ओर वो प्यार जो अ‍ेक बोयफ्रेन्ड गलफ्रेन्डके बीच होता हे वो प्यार भाइ बहेन अ‍ेक दुसरेसे नही कर सकते.. तो अ‍ेक दुसरेके प्रती आकर्सण ज्यादा होता हे.. ओर दोनोके बीच वही प्यार होजाये.. तो प्यार बहुत गहेरा होजाता हे..

साहील : (मुस्कुराते) हां अ‍ेक्जेटली.. इसीलीये मे सबुसे सादी कर रहा हु.. ओर इसीलीये मेरे सभी दोस्तोने अपनी सगी बहेनसे सादीया करली हे.. ओर दो दोस्तोने तो उनकी वीधवा ओर त्यक्ता मांसे भी सादी करली हे.. मे वहीसे आ रहा हु.. कल मुनाने उनकी वीधवा मांसे सादी करली.. सायद आपने भी इसीलीये भैयासे सादी कीहे..

सायरा : (सरमाते हसते) क्या..? मांसे..? वो दो दो ओरतोको सम्हाल सकते हे..?

साहील : (मुस्कुराते) दो क्या हम सबतो तीन तीन ओरतोको भी सम्हाल सकते हे.. क्युकी कल जीसकी सादी हुइ वो मुना आयुर्वेदके बारेमे बहुत जानता हे.. ओर उसने हम सभी दोस्तोको अ‍ेक जडीबुटीका कोर्स करवाया हे.. तबसे हम सभी दोस्तो अ‍ैसे होगये हे.. बाकी कुछ बाते हे जो मे आपको नही बता सकता.. हें..हें..हें..

सायरा : (हसते) क्या..? कोनसी बात..? अरे बताओनां.. यहा हम दोनोके अलावा कौन सुनने वाला हे.. सीर्फ हम दोनो हीतो हे.. हमारे बीच कैसा पर्दा..?

साहील : (धीरे धीरे आगे बढते) दीदी.. रहेने दो.. आप भाभीके साथ मेरी बडी बहेन भी हो.. आपको नही बता सकता..
 
सायरा : (कातीलाना मुस्कुराते) कमीने.. अब तेरे भैया नही हे.. बहेन मानकर नही बता सकता.. भाभीको तो सब बता सकता हेनां..? बहेनसे सादी कर सकता हे.. उसे प्यार कर सकता हे.. ओर उनसे कुछ बता नही सकता.. अरे बताना.. हम देवर भाभी भी हेनां..? तो अ‍ेक देवरके नाते बता..

साहील : (सरमाकर मुस्कुराते) भाभी.. वो.. जडी बुटीकी वजहसे हम सबका पेनीस भी बडा हो गया हे.. ओर जबतक हम बीना नीचे उतरे दो बार सेक्स नही करलेते तबतक हमे चेइन नही मीलता..?

सायरा : (आस्चर्यसे मुहपे हाथ रखते) हाइ दया..? क्या सचमे..? आइ कान्ट बीलीव.. तुम्हारे भैया तो.. (सरमाकर) जाने दो.. नही बता सकती..

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. देवर कहेकर मेरे मुहसे सब उगलवा लीया.. तो अब आप कीस लीये सरमा रही हो..? बताओनां.. आइ प्रोमीस.. ये बात सीर्फ हम दोनोके बीच रहेगी..

सायरा : (सर्मसार होते धीरेसे) साहील.. तुमतो मुजे भी बेसर्म करदोगे.. ठीक हे बताती हु.. लेकीन ये बात सीर्फ हम दोनोके बीच ही रहेनी चाहीये.. सुन.. तेरे बडे भैयातो अ‍ेक ही बारमे ढेर होजाते हे.. ओर ज्यादातर मुजसे पहेले ही.. तुम समज गयेनां..? गांवकी ओर बाते बताओनां.. मुजे सुनना हे..

साहीलको लगाकी अब धीरे धीरे मछली जालमे फस रही हे.. तो उसने गांवकी बाते कहेना सुरु कर दीया.. ओर अ‍ैसी बाते जो सुनकर सायरा उतेजीत हो जाये.. साहील अ‍ेक अ‍ेक कीस्सा खुलकर बताने लगा.. गांवके रीस्तेके बारेमे बाते करते कुछ अ‍ैसे सब्दोका इस्तमाल करता जो सायराको उतेजीत करनेके लीये काफी थे..

तो सायरा भी गौरसे साहीलकी बाते सुनते उतेजीत होने लगी.. उनकी चुतसे पानी बहेने लगा.. ओर वो सवाल पुछते बार बार साहीलकी जांगोपे हाथ रख देती.. तो साहील भी मौका नही छोडता.. वो भी अपनी जांगोपे सायराका हाथ थाम लेता.. ओर बात सारीरीक सबंधोपे आगइ..

साहील : (मुस्कुराते) दीदी.. मुना ओर श्रीधरने तो सादीसे पहेले ही उनकी बहेनको प्रेगनेन्ट कर दीया था.. ओर श्रीधरने बादमे अपनी बहेनको भगाकर सादी करली..

सायरा : (सरमाते मुस्कुराते) साहील कीतना अजीब हेनां.. हमे क्या पता थाकी गांवमे अ‍ैसा कुछ हो रहा हे.. सब कीतने लकी हेकी उनको अपनी बहेन आसानीसे मील गइ.. ओर हमे कीतनी तकलीफे जेलनी पडी.. ओर ये क्या लाया हे तु..?

साहील : (मुस्कुराते गजरा ओर चोकलेट देते) आपके लीये.. आपकी फेवरीट चोकलेट.. केटबरी.. ओर आपके लीये ये गजरा..

सायरा : (आंखोमे चमक लाते खुस होते) वाव.. केटबरी..? तुजे आज भी याद हे..? ओर ये गजरा..? मेरे लीये..? लगता हे तुजे लडकीया पटानेका काफी अ‍ेक्सपीरीन्स हे.. हें..हें..हें.. पता हे गजरा कौन लाता हे..?

साहील : (सरमाकर मुस्कुराते) हां.. सब पता हे.. लेकीन सोचा मेरी इस खुबसुरत भाभीके बालोमे खुब जचेया.. तो लेलीया..

सायरा : (हसते) आजकल भाभीका बडा खयाल रखते हो.. तेरे भाइने तो कभी नही लीया..

साहील : (मुस्कुाते हाथ थामते) आप मेरी स्पेसीयल ओर चहीती भाभी हो.. तो इतना खयाल तो रखना ही पडता हे.. क्या आपको बुरा लगा..?

सायरा : (खुस होते मुस्कुराते) अरे तेरा भी कभी बुरा लगता हे क्या..? अब तो मेरे प्यारे देवर भी होगये हो.. लो.. अपने हाथोसे ही लगादो..

shriya-saran-shreya1.gif


साहील : (मुस्कुराते गजरा लगाते) भाभी.. आप वाकइ बहुत खुबसुरत हो.. कादीर भाइ बहुत नसीब वाले हे.. जो उसे आप जैसी बहेन मील गइ..

सायरा : (कातीलाना मुस्कुराते) बहेन तो मे तेरी भी हु.. क्या तुम खुसनसीब नही हो..?

साहील : (सरमाकर मुस्कुराते) हु.. लेकीन कादीरभाइ जीतना नही..

सायरा : (सरमाते धीरेसे) साहील.. मेरी सबु बहुत नसीब वाली हे.. जो तुज जैसा प्यार करने वाला लडका मीला.. तुम सबुसे सादी करना डीजर्व करते हो..

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. आपकी ओर भाइकी कहानी सुनाओनां.. दोनोने सुरुआत कहासे की.. दोनोके बीच कब प्यार हो गया..?

सायरा : (सरमाकर मुस्कुराते) जब मेने जवानीके दहेलीजपे कदम रखा.. तब मे आठवी क्लासमे पढती थी.. भाइको रोज कसरत करते देखती.. ओर उनकी ओर आकर्सीत होने लगी.. वो भी मेरी नजरको पहेचान गये.. फीर मेरे महेंगे सौक पुरे करने लगे.. ओर अ‍ेक गर्लफ्रेन्डकी तराह मुजे धुमाने लेजाने लगे.. फीरतो मेभी बीना डर उनके साथ हर जगह घुमने लगी..
 
साहील : (मुस्कुराते) हर जगह मतलब कहा..?

सायरा : (मुस्कुराते) कभी गार्डन.. तो कभी मेरी स्कुल बंक करवाके सीनेमा होल.. फीर मोलमे या बाजारमे सोपींग करवाते.. कही कीसी बडे मोलमे.. तो कभी कीसी होटेलमे खाना खीलाने.. बस.. अ‍ेक दीन महेंगी गीफ्ट दीलवाइ.. ओर उसी दीन हम दोनो सीनेमा होलमे गये.. वहा भाइने अपने प्यारका इजहार कीया.. ओर हमारा पहेला कीस..

giphy35.gif


साहील : (जोरोसे हसते) बस..? सीर्फ कीस.. हें..हें..हें..

सायरा : (सर्मसार होते हसते साहीलको जांगपे मुका मारते) साहील.. अ‍ेक मारुगी.. मुजे बतानेमे सरम आ रही हे..

साहील : (हसते) अच्छा.. साज गया.. तो भाइने गीफ्ट दीलवाते आपको फसा लीया.. हें..हें..हें..

सायरा : (सर्मसार होते हसते धीरेसे) सीर्फ भाइने नही फसाया.. मेभी तो फसना चाहती थी.. हें..हें..हें.. फीर तो हम अक्सर सीनेमा होल ओर पार्कमे जाने लगे.. ओर खुलकर प्यार करते..

giphy21.gif


साहील : (मुस्कुराते) ओर आप मीले कब..? मतलब.. आपका पहेला सेक्स..

सायरा : (हाथोमे चहेरा छुपाते हसते) यार.. मत पुछ अ‍ैसा.. मुजे सरम आ रही हे.. अ‍ैसा भी कोइ पुछता हे क्या..? हम भाइ बहेन हे..

साहील : (मुस्कुराते धीरेसे) मत भुलो अब भाइके आने तक हम देवर भाभी हे.. भाइके साथ इतना कुछ करलीया.. तब तो सरम नही आइ..? ओर इस देवरको बतानेमे सरम आ रही हे.. मेतो नही सरमाया.. बताओनां..

सायरा : (कातील नजरोसे मुस्कुराते) तु बहुत जीदी हे.. ठीक हे सुन.. जब अबु अम्मी वहा गांव आये थे.. बडे अबुकी खबर पुछने.. तब सबु भी वही थी.. घरमे सीर्फ मे ओर भाइ ही थे.. उसी दीन भाइने मेरा कौमार्य भंग कीया.. मतलब.. हम दोनोके बीच सबकुछ हो गया.. हमारा पहेला सेक्स..

brandibraids-fucked-001.gif


ओर दुसरे दीन हम दोनोने सबसे छुपकर नीकाह भी करलीया.. बस.. तबसे हर रात.. अम्मी अबुके सोजानेके बाद.. कभी मेरे कमरेमे तो कभी घरकी छतपे.. तीन साल हम बीना डर सबकुछ करते रहे.. ओर अ‍ेक मीया बीवीका रीस्ता नीभाते रहे.. जीस रात हम दोनो सेक्स करते पकडे गये उसी दीन हमे घर छोडना पडा..

साहील : (मुस्कुराते) दोनोने काफी हींमतका काम कीया..

सायरा : (सरमाते धीरेसे) क्या तुमने कभी कीसीसे सेक्स कीया हे..? बतानां..

साहील : (जुठ बोलते मुस्कुराते) हां.. कइ बार..

सायरा : (कातीलाना मुस्कुराते) कइ बार..? कीसके साथ..?

साहील : (मुस्कुराते) पहेले खेतोमे थी अ‍ेक मजदुरन लडकी.. मेने उनको कइ बार चो.. मतलब.. सेक्स कीया हे.. उनकी सादी होगइ.. फीर गांवकी ही अ‍ेक बडी उमरकी ओरत.. तो वीधवा हे..

सायरा : (सर्मसार होते हसते) बडा बेसर्म हो.. कोइ अ‍ैसे खुला बोलता हे..?

साहील : (मुस्कुराते) हां तो इसमे क्या गलत हे..? लेकीन भाइ हे बहुत नसीबवाले.. उनको आप जैसी परी जो मील गइ.. भाभी.. आप वाकइ बहुत खुबसुरत हो.. कास मे भाइसे पहेले पैदा होता..

सायरा : (जांगपे अ‍ेक मुका मारते सर्मसार होते मुह घुमाते मुस्कुराते) कमीने क्या मतलब हे तेरा..?

साहील : (हसते) मतलब कुछ नही.. तो आज भाइकी जगह मे होता.. ओर मे आपसे सादी करलेता ओर आप मेरी बीवी होती.. हें..हें..हें..

सायरा : (सरमाते जोरोसे बोलते अ‍ेक मुका मारते) सा..ही..ल.. अ‍ेक मारुगी.. सबु भी कम नही हे.. वोतो तुजे मील गइ.. मजे करो दोनो.. हें..हें..हें.. दोनो मीले की नही..?

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. मेरी कीस्मत भाइ जैसी कहा.. जो हम मीले.. अबतो जोभी होगा हमारी सादीके बाद..

सायरा : (मुस्कुराते) वेरी बेड.. वो मुजसे भी नाराज हे.. वरना मे उनको समजाती.. ओर तुम दोनोका मीलन करवाती.. चलो अब बहुत बाते होगइ.. तो थोडा पेकींग करले..? रोज थोडा थोडा करेगे तो हो जायेगी.. वैसे भी सामान हे ही कीतना..

फीर दोनो हसी मजाक करते सामान पेक करने लगे.. साहीलसे गांवकी ओर नीजी बाते करते सायराकी चुतमे हचलच बढ गइ थी.. दोनो खुलकर अ‍ेक दुसरेकी मस्तीया करने लगे.. कभी सायरा साहीलको मुका मारती तो साहील भी सायराको कुलेपे थपकी मार देता..

जीसे सायरा बहुत ही सरमाकर हसने लगती.. फीर सायरा खाना बनाने चली गइ.. ओर साहील नहाने चला गया.. दोनोने साथ बैठकर खाना खाया ओर कुछ देर आराम कीया.. आराम क्या.. दोनो अ‍ेक ही बेडपे आमने सामने मुह लेकर लेटे बाते करते रहे.. फीर सामको साहीलने सहेर घुमनेकी बात कीतो दोनो घुमने चले गये.. ओर अ‍ेक मोलमे घुस गये....

कन्टीन्यु
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - २८०

जीसे सायरा बहुत ही सरमाकर हसने लगती.. फीर सायरा खाना बनाने चली गइ.. ओर साहील नहाने चला गया.. दोनोने साथ बैठकर खाना खाया ओर कुछ देर आराम कीया.. आराम क्या.. दोनो अ‍ेक ही बेडपे आमने सामने मुह लेकर लेटे बाते करते रहे.. फीर सामको साहीलने सहेर घुमनेकी बात कीतो दोनो घुमने चले गये.. ओर अ‍ेक मोलमे घुस गये.... अब आगे

सायरा : (मुस्कुराते) साहील.. हम यहा क्यु आये हे..? तुजे कुछ लेना हे क्या..?

साहील : (मुस्कुराते) अरे चलो तो सही.. देखते हे कुछ.. अगर पसंद आगया तो ले लेगे..

फीर सायराके मना करनेके बावजुद साहीलने सायराको अ‍ेक महेंगा लहेंगा सुट दीलवाया.. फीर दोनो अ‍ेक सीनेमा घरमे चले गये.. तो सायरा ओर साहील बार बार अ‍ेक दुसरेके हाथको छु रहे थे.. ओर आखीर साहीलने सायराका हाथ थाम लीया.. तो सायरा बहुत सरमाइ..

49.gif


लेकीन उसने अपना हाथ हटानेकी कोसीस नही की.. क्युकी वो चाहती थीकी पहेल साहील करे.. अ‍ेक रोमांटीक सीन आया तो साहीलने जोरोसे हाथकी उंगलीया फसाके कसली.. ओर दोनो अ‍ेक दुसरेकी ओर देखकर मुस्कुराये.. सायरा बहुत ही सर्मसार होने लगी..

सायरा : (सरमाते कानमे फुसफुसाते) देवरजी.. आपकी भाभी हु.. गर्ल फ्रेन्ड नही..

साहील : (मुस्कुराते धीरेसे) तो कुछ देरमे लीये बनजाओनां गर्लफ्रेन्ड.. क्या फर्क पडता हे.. छोटी बहेन ना सही.. उनकी बडी बहेन तो हे.. वो उनका फर्ज नीभायेगी..

सायरा : (कातीलाना मुस्कुराते धीरेसे) मे क्यु नीभाउ..? अगर रोमांन्स करना हेतो चले जाओ बंगलोर.. वो भी बुध्धु हे.. इतना हेन्डसम सोणा लडकाको छोडकर चली गइ.. अगर मे होती तो कभी नही जाती.. तुजे पकडकर रखती..

साहील : (दुसरे हाथसे हाथ थामते) तो फीर आप ही पकडलोनां.. इसीलीये तो आया हु..

सायरा : (सर्मसार होते मुस्कुराते) तुम बहुत ही कमीने हो.. लडकीको पटाना अच्छा आता हे.. वैसे गर्लफ्रेन्डसे ज्यादा भाभी भी बुरी नही हे..

कहेते सायराने साहीलकी ओर कामुक मुस्कान देखते उनका हाथ कसके पकड लीया.. ओर साहीलकी ओर मुस्कुराती रही.. तो साहील भी कातील मुस्कानसे सायराकी ओर देखता रहा.. ओर धीरे धीरे दोनोके चहेरे नजदीक आते गये.. सायराको पता ही नही चला साहीलने कब उनके होठोको चुम लीया..

31.gif


पहेले तो सायरा मदहोसीमे उनका साथ देने लगी.. उनकी चुत गीली होने लगी.. बुब्स कठोर हो गये.. मनही मन खुस होने लगीकी चलो साहील आगे बढ रहा हे.. फीर अचानक याद आयाकी ये उनका भाइ हे.. ओर सायराको अ‍ेक जटका लगा.. वो जटसे दुर होगइ..ओर सरमाते फील्म देखने लगी..

सायरा कोइ जल्दबाजी करना नही चाहती थी.. फीर दोनो अ‍ेक रेस्टोरेमे खाना खाने चले गये.. वहा भी साहील गांवके कीस्सेके बारेमे बाते करते सायराको गरम करता रहा.. दोनो धीरे धीरे आगे बढ रहे थे.. साहीलने अब पुरी तराह सायराकी कामाग्नीको भडका दीया था..

खाना खाते भी साहील नीचेसे सायराके पैरोको छुआ.. पैर महेसुस होते ही सायराके तनसे अ‍ेक बीजलीसी लहेर दोड गइ.. वो सरको दुसरी ओर करते सरमाकर मुस्कुराने लगी.. लेकीन अपने पैर नही हटाये.. साहीलने उसे सायराकी मुक सहमती मान लीया.. फीर दोनो घरकी ओर चल पडे तो देर रात होचुकी थी..

ओर सायरा बाइकपे साहीलसे अ‍ैसे चीपकके बैठी थी मानो उनकी बीवी हो.. उसने अ‍ेक हाथ साहीलके कंधेपे तो दुसरा हाथ आगे साहीलके जांगोपे रख दीया.. साहीलका हथीयार तनके सख्त होने लगा.. सायरा भी जान बुजके अपने बुब्स साहीलके पीठमे रगडती रही.. ओर दोनो घर आगये.. तब सायरा बहुत ही सरमा रही थी..

आते ही दोनोने बारी बारी चेन्ज करलीया.. सीनेमा होल ओर रेस्टोरेकी हरकतकी वजहसे दोनोमेसे कोइ कुछ नही बोल रहे थे.. बस.. अ‍ेक दुसरेसे नजरे चुरा रहे थे.. आखीर सोनेकी बारी आइ.. तो साहील अपने कमरेकी ओर जाने लगा तो सायराने हींमत करके कहा..

सायरा : (सरमाते धीरेसे) साहील.. मे सादीके बाद अ‍ेकेले कभी नही रही.. तो अकेले सोनेमे डर लगता हे.. क्या तुम मेरे साथ अंदर सो सकते हो..?

साहील : (आस्चर्यसे देखते धीरेसे) भाभी.. क्या मे गदा वहा लेलु..?

सायरा : (सरमाते धीरेसे) लेलो.. वरना बेड बहुत बडा हे.. तु दुसरे कोनेमे सोजाना..

साहील : (सामने देखते धीरेसे) आर यु स्योर..?

सायरा : (सरमाते मुस्कुराते धीरेसे) कुछ उल्टा सीधा मत सोचो.. मुजे पता हे तुम कंट्रोल करलोगे..

साहील : (मुस्कुराते) ठीक हे भाभी.. मे पनीकी बोतल लेकर आता हु..

सायरा : (मुस्कुराते) तुम अंदर जाओ.. मे दरवाजा लाइटे बंध करके पानीकी बोतल लेकर आती हु..

कहेते सायरा बहार चली गइ.. उसने बहारका दरवाजा ओर अंदर होलका दरवाजा अच्छेसे बंध करके चेक करलीया.. जैसे कोइ अपराध करने जा रही हो.. फीर लाइट बंध करके कीचनमे चली गइ.. ओर र्फीजसे पानीकी बोतल लेकर रुमकी ओर जाने लगी..

उनके दीलकी धडकन तेज होने लगी.. उनकी चुतकी दोनो नाजुक पंखुडीया फडफडाने लगी.. क्युकी वो खुद चाहती थीकी इस मामलेमे खुद साहील आगे बढे.. वो इस दीनका पहेलेसे ही इन्तजार कर रही थी ओर इनकी योजना बना चुकी थी..

सायद इस बारेमे साहील भी अच्छेसे जान चुका था.. इसीलीये वो धीरे धीरे आगे बढ रहा था.. सायराने देखा तो साहील दुसरी ओर मुह करके मोबाइल देख रहा था.. सायरा भारी धडकनसे धीरेसे बेडपे आ गइ.. ओर साहीलकी ओर पीठ करते लेट गइ.. उनकी सांसे तेज चल रही थी..
 
जीसे साहील साफ सुन रहा था.. कुछ देर कुछ नही हुआ.. सायराकी आंखोसे नींद गायब थी.. वो सोनेका नाटक करते अ‍ैसे ही लेटी रही.. ओर सीनेमा ओर रेस्टोराकी घटनाको याद करने लगी.. कैसे साहीलने उनके होठोको चुम लीये थे.. सब याद आते ही उनकी चुत फडफडाने लगी..

साहील : (करवट लेते) भाभी.. सो गइ क्या..?

सायरा : (साहीलकी ओर मुह करते) नही.. जाग रही हु.. नींद नही आ रही..

साहील : (मुस्कुराते) भाइके बीना नींद नही आ रही क्या..? हें..हें..हें..

सायरा : (सरमाते धीरेसे) चुप कर बदमास.. अकेले सोनेकी आदत नही हेनां..

साहील : (मुस्कुराते) भाभी.. पता हे..? मुजे भी अम्माके बीना नींद नही आती.. आदत जो हो गइ हे.. मे समज सकता हु आपकी तकलीफ..

सायरा : (मुस्कुराते देखते) क्या..? तु आज भी बडी अम्माके साथ सोता हे..? इतना बडा हो गया.. सरम नही आती..?

साहील : (मुस्कुराते) इसमे सरम काहेकी..? बचपनसे उनके साथ ही सोता आ रहा हु.. तो आदत जो होगइ हे.. ओर उसे भी मेरे बगैर नींद नही आती.. पता नही वो आज सोइ होगी की नही..

सायरा : (मुस्कुराते) अब तो अबु अम्मी भी वहा हेनां.. तो कोइ दीकत नही होगी.. अम्मी उनके साथ ही सोइ होगी.. अब सोजा तु.. तुजे गांवमे जल्दी सोनेकी आदत होगी..

फीर साहील ओर सायरा सोने लगे.. आधे बंटे तक सायरा करवटे बदलती रही.. ओर बार बार साहीलकी ओर टेडी नजरोसे देख लेती.. तो अब साहील नींदकी आगोसमे चला गया था.. सायद सोनेका नाटक कर रहा था.. तो सायराको भी नींद आने लगी.. तभी उनके पैरपे साहीलका पैर आगया..

68.gif


तो सायराने जटसे साहीलकी ओर मुह करते देखा तो साहील नींदमे था.. सायराने धीरेसे अपने पैरसे साहीलका पैर हटालीया.. ओर फीरसे दुसरी ओर मुह करते सोनेका नाटक करने लगी.. सायराको नींद आही रही थी तभी साहीलने फीरसे उनके पैरोपे अपना पैर डाल दीया..

सायराके दीलकी धडकन तेज होने लगी.. ओर तभी उनकी कमरपे साहीलने हाथ रख दीया.. तो सायराके तनसे अ‍ेक बीजलीकी तराह सुरसुराहट हुइ.. उसने फीरसे साहीलकी ओर धीरेसे मुह करते देखलीया तो साहील अब भी नींदमे होनेका नाटक कर रहा था..

सायराने मुस्कुराते साहीलके हाथको अ‍ैसे ही रहेने दीया.. ओर मुह दुसरी ओर करते सोनेका नाटक करने लगी.. जैसे वो सचमे नीद कर रही हो.. तभी उसे महेसुस हुआकी साहील उनके पैरको पैरसे सहेला रहा हे.. ओर उनके बुब्सको धीरे धीरे दबा रहा हे.. सायराने जटसे आंख खोलदी..

42.gif


लेकीन हीली नही.. वो देखना चाहती थी की साहील कीस हद तक आगे बढना चाहता हे.. सायराके बुब्स साहीलका हाथ लगते ही कठोर हो चुके थे.. उसने नजरे जुकाते अपने बुब्सकी ओर देखा.. तो वाकइ साहील सायराके बुब्सको हल्के हाथोसे दबा रहा था..

तभी साहील सायराके ब्लाउसके हुक खोलने लगा.. तो सायराके तनसे अ‍ेक कंपनकी लहेर दोड गइ.. उनकी सांसे असामान्य होने लगी.. तबतक साहीलने उनके ब्लाउसके हुक खोल चुका था.. ओर सायराके दोनो बुब्स आजाद हो चुके थे.. साहीलने धीरेसे बुब्सपे हाथ रख दीया..

फीर धीरेसे दबाते बारी बारी दोनो बुब्सको सहेलाने लगा.. साहील सबकुछ अ‍ैसा ही कर रहा था जीसे सायराने सोचा था.. तभी साहीलने बुब्ससे हाथ हटालीये.. ओर हाथ नीचेकी ओर लेजाते सरमाते उनकी जागोको सहेलाने लगा.. सायराके तनसे बीजलीकी करंट दोडने लगी.. उनकी सांसे तेज चलने लगी..

वो साहीलको रोकना चाहती थी.. लेकीन दीन भरकी कामाग्नीकी वजहसे कुछ नही बोली पाइ.. ओर चुपचाप अ‍ेन्जोय करने लगी.. उसने जोरोसे अपनी आंख भीचली.. ओर हल्कीसी कामुक्तासे मुस्कुराते उनके मुहसे हल्कीसी सीसकीया नीकलने लगी.. उनकी चुत गीली होने लगी..

A1c6.gif


आंखोके डोर वासनाकी वजहसे लाल होने लगे.. आज पहेली बार था.. जो कादीरके अलावा उनका छोटा भाइ उसे छेड रहा था.. वैसे भी वो पहेलेसे ही साहीलके उभारको देखते मन बना चुकी थी.. तभी साहीलने सायराकी चुतपे हाथ रख दीया.. तो सायराको जटका लगा..

साहीलने तुरंत अपने हाथ हटालीये.. देखा तो उनका हाथ गीला होगया था.. तो साहील समज गयाकी सायरा दीदी भी नींदका नाटक करते मजे ले रही हे.. साहील सबकुछ समज गया.. ओर अ‍ेक पैर सायराके उपर डालते उनके बुब्सको जोरोसे अपनी मुठछमे थाम लीया.. ओर सायराको अपनी ओर करलीया..

28.gif


साहील : (धीरेसे कानमे फुसफुसाते) भाभी.. मुजे पता हे आप जाग रही थी..

सायरा : (भारी सांसोसे धीरेसे सरमाते) साहील.. ये गलत हे.. मे हमारे बडे भाइकी अमानत हु.. अगर उसे पता चल गया तो मे बरबाद हो जाउगी..

साहील : (भारी सांसोसे बुब्सको मसलते) भाभी.. अगर हम उसे पता ही ना चलनेदे तो..? आज मुजे मत रोको.. मुजे पता हे आप भी वही चाहती हो.. क्युकी आजकल भाइ आपको संतुस्ट नही करते..

सायरा : (सरमके बारे धीरेसे फुसफुसाते साहीलके हाथपे हाथ रखते) तुजे कैसे पता..?

साहील : (कानमे फुसफुसाते) कल रात पानी पीने आया तब कमरेसे आप दोनोकी आवाजे आ रही थी.. भाइ आपको चोद रहे थे.. ओर मेने आप दोनोकी बाते सुनली..

सायरा : (वासनासे सामने देखते) तो फीर दीन भर क्यु तडपाया मुजे.? बुध्धु कहीके.. तुजे कीतनी हीन्ट दी..? तुमने मेरे साथ इतनी छेडछाड की.. क्या मेने तुजे अ‍ेक बार भी रोका..? मेतो सुबह ही तुमसे चुदनेके लीये रेडी थी.. अब देख क्या रहा हे.. चडजा अपनी भाभीके उपर.. आज जी भरके चोदले अपनी बहेनको..
 
Back
Top