Hayaan - Ek Insaan Ya Shaitaan - Page 12 - SexBaba
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Hayaan - Ek Insaan Ya Shaitaan

थैंक यू सो मच शाहब !!

हमेशा की तरह सबसे बेहतरीन रेविएवस...

समझ रहा हु इस अपडेट से बहुत से क्वेश्चन उमड़ पड़े है ...

वडा करता हु सरे क्वेश्चन के जवाब जल्द मिल जायेंगे..

नए अपडेट के साथ...

घर में शैतान का आना...

डचेन का शैतान बनना...

लाइट गिरना...

मन्त्रों का तोड़...

अन्य का सही होना....

इन सभी सवालों के जवाब जल्द मिलेंगे...

सही कहा bhai..kisi भी छोटे शैतान में दम नहीं की... हयान का सामना कर सके..

सारे राज़ के परदे उठनी... समय के साथ...

बहुत बहुत शुक्रिया इतने सुप्परर फैंटास्टिक रिव्यु के लिए....

थैंक्स !!
 
Update..No..44*

MeGa..UpDatE



Abb..takk..

सदनं जी - शैतान ले गए हयान ko....Shaitaannnn !!!!

कबीर और मीरा - नाहीईई

जोरर से चिल्लाते हुए बेहोश हो गए...




Abb..Aage...

गुरु सदनं जी का बस इतना कहना hi था की सबका कलेजा मुँह को आ गया...

रिया और माजी दौड़ कर कबीर और मीरा के पास पहुंचे...

दोनों के ऊपर पानी दाल कर होश में लाया गया..

मीरा तो दर्द से bil-bila उठी..

दोनों बौखलाए हुए the...Iss बात को सुनकर

लगातार आंसू बहाये जा रहे थे..

न जाने कैसे बर्दाश्त कर रहे थे इस दर्द को जो अभी मिल रहा था हयान के गायब होने की वजह से...

सदनं जी, जैन को बुलाते हुए....

जल्दी से अन्य को लेकर मेरे कमरे में चलो...

जैन अन्य को लेकर गुरूजी के कमरे में जाता है और बीएड पर लिटा देता है..

अभी गुरु जी के पीछे पीछे कमरे में आ गए...

एक तरफ बेटी का यह हाल तो दूसरी तरफ बेटे का गायब होना मीरा और कबीर को छलनी किये जा रहा था...

सदनं जी - शांत रहो तुम दोनों !!

यह समय रोने का नहीं धैर्य से काम लेने का है..

ईश्वर पर विश्वाश रखो..

सब सही होगा...

फ़िलहाल अभी हमें सिर्फ अन्य के बारे में सोचना है...

मुझे गुरुमहाराज पर पूरा विश्वाश है, वो उसे कुछ नहीं होने देंगे..

मीरा - गुरु जी hi तो नहीं आये अभी तक..

अगर मेरे बेटे को कुछ हुआ तो मैं खुद को आग लगा दूंगी..

कबीर किसी तरह खुद के गम को छिपाते हुए मीरा को सँभालने लगा...

क्युकी इस वक्त मीरा की हालत बहुत बुरी थी..

आवेश में आकर कोई भी कदम उठा सकती थी...

सदनं जी अन्य के ऊपर मंत्र और गंगा जल का छिड़काव करने लगे...

पहले की अपेक्षा अन्य के जख्म काम हो चुके थे किन्तु होश नहीं आ रहा था....

सदनं जी - हमें अन्य को लेकर शीघ्र hi किसी हॉस्पिटल जाना होगा,

इसे इलाज़ की सख्त जरुरत है....

कबीर - जैन जल्दी से गाड़ियां निकालो...

हम अभी देहरादून जा रहे है...

कबीर - रिया, माजी, आप लोग घर में रुकिए...

जिन भी साथ जाने की जिद्द करने लगी...

कबीर, मीरा, जिन सदनं जी, अन्य को लेकर एक गाड़ी में बैठ के देहरादून के लिए निकल गए...

दूसरी गाड़ी में जैन और कुछ गार्ड्स थे..

बाकी घर में रुके हुए थे सुरक्षा के लिए....

दोनों गाड़ियां जाकर सीधा...

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, देहरादून

में रूकती है...

अन्य को इमरजेंसी वार्ड में एडमिट करवाया जाता है..

सबको बहार रोक कर डॉक्टर अन्य का ट्रीटमेंट्स स्टार्ट कर देते है...

लगभग एक घंटे तक सरे Check-up कम्पलीट होते है...

1हरष बाद डॉ. बहार आते है...

Main(Kabeer ) तुरंत उठाकर डॉ के पास जाता हु...

मैं - अब कैसी है मेरी बेटी...??

डॉक्टर - हमने सारे Check-Up कर लिए है..

वो बिलकुल नार्मल है...

बूत अभी तक ये समझ नहीं आ रहा है की वो बेहोश क्यों है...

हमने पूरी कोशिश की ट्रीटमेंट करके होश में लाने की बूत न कामयाब रहे..

ऐसा लगा रहा है जैसे किसी शॉक की वजह से वो बेहोश है...

हमने ग्लॉकसे दे दिया है अभी उसे वेंटिलेशन में रखा गया है....

जल्द hi होश आ जायेगा....

आप सभी लोग मिल सकते है...

नथिंग मोरे डेंजरस ! जस्ट रिलैक्स...

इतना कह कर डॉक्टर चले जाते..

मैं, मीरा, तुरंत अन्य के पास जाते है..

एक बीएड पे ऑक्सीजन मास्क पहने हुए,

बड़े आराम से सो रही थी मेरी बेटी अन्य...

हाथ में ग्लूकोस की सिरंगे लगी हुयी थी...

जलने के सरे जख्म बॉडी से गायब हो चुके थे..

मैं मीरा वही बीएड के पास बैठ गए..

अन्य के मासूम चेहरे को निहारने लगे...

दूसरों की तकलीफ को दूर करने वाली आज खुद तकलीफ में बड़ी hi मासूमियत के साथ लेती हुयी thi...Ekdam खामोश..

हमारे कान उसकी आवाज़ सुनने के लिए बेकरार थे.. लेकिन सिवाय ख़ामोशी के कुछ नहीं मिल रह था...

मीरा तो बस तब से आंसू बहाये जा रही थी...

कुछ देर बाद जिन और सदनं जी भी आये...

हम सभी अन्य पास बैठे उसके उठने का इंतज़ार करते रहे...

वहीँ दूसरी तरफ..

इस समय जैसे मैं एक बुरा सपना देख रहा था..

इस वक़्त मेरे दिमाग में मेरी ज़िन्दगी की सभी बातें एक फिल्म के जैसे तैर रही थी....

फिर मुझे यह ख्याल आया की अभी मेरे साथ आखिर हुआ क्या था..??

अचानक से मेरी आँखें खुल गयी और मैं उठ गया....

उस दर्दनाक हादसे का ख्याल मन में आते hi पुरे शरीर में एक दर्द की लहार सी दौड़ गयी...

डर तो जैसे मेरे दिल - ो - दिमाग पे छा गया था..

मुझे इस वक़्त सिर्फ अन्य और Mom-Dad की याद सताने लगी..

मैं खुद को सँभालते हुए इधर उधर देखने लगा.

इस समय मैं ऐसी जगह पे था जहाँ दूर दूर तक कुछ भी नज़र नहीं आ रहा था सिवाय अँधेरे के...

कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की मैं क्या करू..

मैं idhar-Udhar घबराहट में भागने लगा...

की शायद कुछ नज़र आ जाये...

तभी अचानक मेरे सामने सफ़ेद रौशनी का धुआं जैसा छाने लगा....

मैं एक तक उस धुएं की तरफ देखने लगा...

धीरे - धीरे उस सफ़ेद रौशनी के बीच में एक आकृति बनने लगी...

मुझे एक शख्स खड़े हुए नजर आये....

मैं उस रौशनी की तरफ बढ़ चला...

मुझे उम्मीद की एक किरण नज़र आयी... की शायद अब मेरे सवालों के जवाब मिल जाएं...??

जैसे -जैसे मैं उनके करीब जा रहा था मुझे एक अजीब ख़ुशी और शांति महसूस हो रही थी...

ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी दिव्या शक्ति के करीब जा रहा हु...

मेरे करीब पहुँचते hi मुझे स्वर्ग लोक की अनुभूति होने लगी...

मैंने उस शख्स के नज़दीक पहुंच कर उनके चेहरे की तरफ देखा तो...

वो एक बूढ़े आदमी थे...

लम्बे सफ़ेद बाल , लम्बी सफ़ेद धड़ी, गेरुआ रंग कपड़ों में बिलकुल मेरे सामने खड़े थे...

दिखने में बिलकुल किसी साधु महाराज जैसे लग रहे थे...

उनको देख कर मुझे अनंत शांति महसूस हो रही थी मैं में अब तक की साडी परेशानियां, दुःख - दर्द , सब दूर हो गए..

उनके मुख का तेज़ देख कर अपने आप hi मेरे हाथ उनके सामने जुड़ गए...

मैंने अपनी गर्दन झुका दी और मैंने नतमस्तक हो गया....

मुस्कुराते हुए अपने हाथ को बढ़ाया और मुझे आशीर्वाद दिया...

में - हे ऋषिवर ! आप कोण हैं...??

मैं इस वक़्त कहाँ हु..??

बूढ़े आदमी - पुत्र हयान ! मुझे नहीं पहचाना...??

उनकी आवाज़ सुनते hi मेरे दिल में ख़ुशी की लहार दौड़ गयी...

मैं एक बार फिर उनके चरणों में गिर्र गया..

मेरे मुँह से अनायाश hi निकल पड़ा...

आदिगुरु महाराज !!

आज के लिए बस इतना hi...

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लाइक्स, कमैंट्स, वोट्स और रिव्यु का रखना Dhyan...Aapka दोस्त हयान..!!
 
कोशिश तो रहती है बड़े अपडेट देने की बूत क्या करे bhai....Daily बड़े अपडेट नहीं दे सकता न....

और भी काम है इस ज़िन्दगी mein......Ba एक ये hi तो नहीं..!!

वैसे शार्ट अपडेट से प्रॉब्लम नहीं होना चाहिए डेली अपडेट जो आते hai......But भाई इतने भी शार्ट अपडेट नहीं देता मैं....

जक्से की प्रॉब्लम हो...

बूत कोई नहीं भाई..

थैंक्स फॉर रीडिंग एंड सपोर्टिंग....

बस ऐसे hi साथ बनाये रखे...

थैंक्स !!
 
मैंने वो Paheliyan.....Bass रीडर्स के लिए dalii...as ा फन..

इसीलिए मैंने उन्हें सवाल के बीच में नहीं रखा लास्ट में दिया..

सैम डैम दंड भेद उसे हुआ या nahi....Maine उतना hi ज्यादा डिटेल्स नहीं दिया फाइट को...

वो लोग अपने फाइट में उसे किये होंगे..

रही बात नॉलेज ki....To मैंने सवाल और जवाब दिखाया hi नहीं...

बस ये बताया की इससे रिलेटेड सवाल हुए...

इन्सेस्ट अभी आया nahi...agar आएगा तो टैग कर दूंगा...

अभी तो बस हलकी फुलकी नोक झोंक दिख रही...

हयान की फाइट को कयने जरा भी दिसक्तिबे नहीं kiya...Kyuki मुझे usme....Shaitan का षड़यंत्र ऐड करना था...!!

इस्सलिये डायरेक्ट अटैक स्टार्ट किया...

बहुत बहुत धन्यवाद भाई...

एक बार फिर से कभी पॉइंट को क्लियर करते हुए स्टोरी पर रिव्यु दिया....

और मेरी गलतियों को सामने रखा....

जैसा की मुझे आपसे हमेशा उम्मीद रहती...

आज फिर मुझे आपसे बहुत कुछ सीखने को मिला...

थैंक यू वैरी मच शाहब..!!

बस यूँही साथ बनाये रखे.....

और मेरी खामियां को बताते हुए...

स्टोरी को बेटर बनाने में सहयोग दे...

थैंक्स !!
 
थैंक्स भाई..!!

फॉर कंटिन्यू रीडिंग एंड फैबुलस कमैंट्स...

फाइट में हुआ क्या था..??

सदनं जी ने क्यों कहा शैतान ले गए...

ये सरे राज़ आदिगुरु खुद सबके सामने खोल देंगे..

बस ऐसे hi साथ बने रहे..

थैंक्स भाई..!!
 
आदिगुरु का डिटेल्स तो मैंने अपडेट 20 पे दे दिया था कुछ हद्द tak...dharti वाले रूप का...

अब आगे जो भी रूप आएगा..

उसका डिटेल्स हयान से बातों के दौरान दे दूंगा...

अन्य और हयान का अपडेट साथ साथ चलेगा...

और जो भी केस. के ाँस मिलना बाकी है वो खुद आदिगुरु अब हयान को बताएँगे...

उसे भी तो जानना है सब....

अभी कुछ ठीक नहीं hua...Abhibaigadna स्टार्ट हुआ है..

देखिये आगे आगे होता है क्या..??

एक बार फिर से शानदार जबरदस्त रिव्यु...

सुपर फैंटास्टिक...

बहुत बहुत धन्यवाद् आपका...

शाहब !!

नेक्स्ट अपडेट रात 10 बजे के बाद..!!
 
आपके आने से थ्रेड में छ गयी रौनक... जी...

बहुत बहुत शुक्रिया कमेंट करने कस लिए...

बहुत मिस किया आपके कमेंट को...

""तुम आ गए हो नूर आ गया है...""

अच्छा लिखने की कोशिश जारी है...

अब तक तो अच्छा बन गया hota....Garche आपका साथ मिल रहा होता..

बूत कोई नहीं काम से फ्री हो जाईये फिर मिलते है...

थैंक्स नैना जी !!
 
थैंक यू आनंद भाई..!!

अपना कीमती वक़्त निकल कर मरे थ्रेड पर आने के लिए....

सही कहा भाई आदिगुरु अब हयं को उसके जन्म का उद्देस्य और ज्ञान दोनों देंगे..

इस खेल में शैतान के साथ आदि गुरु का हाथ भी शामिल है..

अन्य कब ठीक होगी ये तो आगे के अपडेट में क्लियर होगा...

थैंक यू वैरी मच भाई....

नेक्स्ट अपडेट आज रात 10 बजे के बाद...
 
Update..No..45*

शार्ट अपडेट



अब तक आप सभी ने पढ़ा हयान की मुलाकात आदिगुरु से हुयी....

अन्य हॉस्पिटल में एडमिट है बिट अभी तक उसे होश नहीं आया...

Abb..Aage...

अन्य की हालत अब सुधर चुकी थी..

उसके बॉडी पे न तो कोई जख्म बचा तह और न hi कोई इंटरनल इफ़ेक्ट...

सब कुछ एकदम नार्मल था ऐसा डॉ. की रिपोर्ट्स का कहना था...

सब कुछ ठीक होते हुए भी 24हरष के ऊपर हो गए थे..

लेकिन अभी तक अन्य को होश नहीं आया था...



सभी परेशां हाल बैठे थे...

डॉ. भी इस बेहोशी का कारन पता नहीं लगा प् रहे थे...

डॉ. का मन्ना था किसी गहरे सदमे के कारन शायद वो कोमा पे चली गयी हो...

बूत रिपोर्ट्स नार्मल hi बता रही थी..

कन्फूसिओं hi कन्फूसिओं थी...

सदनं जी भी कुछ समझ नहीं प् रहे थे...

उनके मन में बस एहि सवाल गूंज रहे थे की...

आखिर डचेन को हुआ क्या था...??

अचानक से ये दानव कहा से आ gaye...Jubki घर तो मन्त्रों से घिरा हुआ था...??

हयान को दानव कैसे ले जा सकते है उनके पास तो इतनी शक्तियां भी नहीं....??

बहुत से सवाल उठ रहे थे उनके मन में लेकिन किसी भी प्रश्न का कोई भी हल नहीं दिख रहा था....

सदनं जी तो कुछ सच जानते भी थे लेकिन अन्य किसी को भी याद hi नहीं की आखिर हुआ क्या था...??

मीरा भी इस सदमे को न बर्दाश्त कर पायी...

उसकी भी हालत ख़राब हो चुकी थी...

खाना पीना सब छोड़ रखा था हयान और अन्य के गम में...

मीरा को भी एडमिट किया गया और नाली के जरिये लिक्विड और एनर्जी दिया जा रहा था....

कबीर तो अनादर hi अंदर टूट चूका था...

लेकिन सबके सामने बहादुर बनने की कोशिश कर रहा था....

क्युकी वो जनता था की इस परिस्थिति उसे खुद को मज़बूत रखना होगा...

वर्ण सब कुछ बिखर जायेगा....

अगर वो टूटा तो....

कौन संभालेगा सब को....??

इधर घर में

रिया तो परायी थी लेकिन इतने दिन साथ - साथ रहते रहते उसने भी सबको अपना लिया था....

उसे भी तकलीफ थी...

लेकिन उसने खुद पर काबू प् लिया था...

लेकिन माजी यह गम बर्दाश्त न कर पायी..

माजी को भी दौरे पड़ने लगे...

उन्हें भी हॉस्पिटल एडमिट किया गया...

हयान गायब था और कबीर फॅमिली हॉस्पिटल में पड़ी हुयी थी...

एक पल में hi साड़ी खुशियां तबाह हो चुकी थी...

बुरे वक्त की मार से कोई नहीं बच पाया हैं,

वक्त जैसा भी हो अच्छा या बुरा बदलता जरूर हैं

कितना भी पकड़ लो फिसलता जरूर हैं,

ये वक्त हैं साहब बदलता जरूर हैं.

ज़िन्दगी कब बदल जाये किसे क्या खबर...

2 दिन पहले तक कितनी खुशियां थी कबीर फॅमिली में..

और अचानक hi जैसे खुशियों पर ग्रहण लग गया...

क्या बस इतना hi बुरा समय काफी है कबीर फॅमिली के लिए या फिर कुछ और भी संकट आने वाले है.....??

देहरादून के एक बड़े से बंगले पे...

ग-1 - बॉस मैंने 7 आदमी उस हॉस्पिटल में काम पे लगा दिए है..

2 को डॉक्टर के भेष पे वह रखा है...!!

चेयरमैन - ः ः ! मैंने तो तुझे मारा हुआ समझ लिया tha...Mr.Kabeer सोन !

मैं hi नहीं सबने तुझे मारा हुआ समझा...

लेकिन तू अभी तक जिन्दा है...!!

अब मैं तुझे मरूंगा नहीं,

तुझे जिन्दा रख के अपने सरे काम को अंजाम दूंगा...

तेरी वजह से मेरी साख मिटटी पर मिल गयी थी..

एक बार फिर से मेरा मकसद पूरा होगा..!!

तुझे और तेरी फॅमिली को कौन बचाएगा मुझसे...!!

हुआ ये था की जब कबीर हॉस्पिटल अन्य को लेके पहुंचा था और हॉस्पिटल की फॉर्मेलिटी काउंटर पे फइलल कर रहा था...

तभी चेयरमैन भी वही उसी हॉस्पिटल में था..

उसकी नज़र जैसे hi कबीर ओर पड़ी तो वो शॉक हो गया....

उसे यक़ीन hi न हो रहा था की ये कबीर है या कोई उसका हम शकल...

उसने तुरंत hi कुछ गुंडों को बुला लिया और कबीर पर नज़र रखने को कहा...

ताकि कन्फर्म कर सके की यवह है कौन...??

और चेयरमैन का शक सही साबित hua...Kabeer !!

वहीँ दूसरी तरफ.....

हयान, आदिगुरु को पहचान गया..

और तुरंत hi उनके चरणों पे गिर गया...

आदिगुरु - उठो पुत्र !! व्याकुलता को शांत रखो...

मैं तुरंत उठ गया और सर झुका के उनके सामने खड़ा हो गया...

आदिगुरु - मैं, परमपिता - परमेश्वर, जिन्होंने इस पूरे ब्रम्हांड की रचना की है...

उनका एक दूत हु और मेरा काम है इस ब्रह्माण्ड में फैले जीवन की देख रेख karna...unki रक्षा करना...

मैं उनकी बात सुनकर चौक गया की मैं सच में एक दूत सामने हु...

अब तो मेरे कुछ पूछने की हिम्मत hi नहीं हो रही थी.... मैं बस चुपचाप वैसे hi खड़ा रहा...

जब उन्होंने मुझे इस तरह देखा तो वो मुस्कुराने लगे..

आदिगुरु - पुत्र तुम्हे घबराने की कोई जरुरत नहीं है...

मैं hi तुम्हारा गुरु हु, आदिगुरु...

तुम्हारे मैं में उठ रहे सभी प्रश्नो का उत्तर देने..

और तुम्हे तुम्हारा जीवन उद्देश्य समझने और मार्गदर्शन के लिए आया हु...

मैंने कहा था न की मैं तुमसे मिलने आऊंगा...!!

...

...

..

आज के लिए बस इतना hi..

...

...

...

थैंक्स गाइस !!
 
ही गाइस !!

थैंक्स फॉर रीडिंग एंड सपोर्टिंग माय थ्रेड !!

ी होप की आपको स्टोरी पसंद आ रही होगी...

फिर भी कुछ खामियां रह जाती होगी..

सो गाइस अपने अपने थॉट्स, सुग्गेस्टिव

दीजिये जिससे मैं और बेहतर लिख सकू...

आपके सुग्गेस्टिव का इंतज़ार रहेगा....

थैंक यू सो मच गाइस !!

गुड नाईट एंड स्वीट ड्रीम्स !!

नई अपडेट ात पेज No.204
 
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