Erotica Ek se jee nh bhara to aur b sahi - Page 4 - SexBaba
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Erotica Ek se jee nh bhara to aur b sahi

जमील को जाकर 15 दिन बीत गए थे इस बीच मीणा सिर्फ दो बार अपने पति क साथ चुद चुकी thi..lekin उसे थोड़ा बी मजा नह आया था पति का लुंड उसे थोड़ा बी ख़ुशी नह दे प् रहा था जितना जमील की ऊँगली उसे देती थी. अब मीणा का नजरिया बी बदल चूका था, पति क साथ होने वाली 5-10 मीन्स की जिस्म की टकराहट को वो सेक्स hi नह मानती thi..par वो जानती थी जमील और उसके पति क अलावा कोई और उसका जिस्म का हकदार नह है..

…मीणा ने अपनी वासना को काबू पाने की कोशिश की thi…par वो जितना काबू पाना चाहती थी उतना hi उसका जिस्म बेकाबू होने लगा tha.…use अब किसी न किसी लुंड की सख्त जरुरत महसूस होने लगी थी जो जमील की तरह उसके जिस्म को नोच नोच कर चुदाई kare.lekin वो जानती थी उसने जमील क साथ अपना जिस्म को बात कर अपने पति क साथ धोका किया हुआ hai…aur वो इ गलती किसी और क साथ दोहराना नह चाहती थी. ..उसके लिए सबसे प्यार उसका पति hi था पर उसका पहला और आखरी प्यार बी जमील hi tha.use अछि तरह पता बी था की जमील मजबूरन उसे दूर हुआ है और जल्द hi वो फिर से उसकी प्यास भुजने वापिस बी आनेवाला hai…aur इसी उम्मीद क साथ वो अपना दिन बिना चुदाई क बिताने लगी thi..kuch 10-15 दिन बीत गए थे.

उस दिन रोज़ाना की तरह पति ऑफिस जाने क बाद लंच की तैयारी करके अपना वक़्त बिताने क लिए टीवी देख रही thi..lagbhag दोपहर क 12 बजे the…aur मीणा टीवी में किसी सीरियल को देख रही thi..jamil क जाने क बाद मीणा का यही रूटीन बन गया tha..tabhi उसके मोबाइल पर एक मश्ग aaya..meena ने जब उस मश्ग को खोल कर देखा तो उसने सिर्फ "hi" लिखा था..

मीणा उस अननोन नंबर को ध्यान से देख कर सोचने लगी किसका नंबर hoga..aur वो एक पल खुश हुई कही जमील जी का तो मश्ग nh..aur वो तुरंत मश्ग को रिप्लाई किया "hello"

उधर से तुरंत रिप्लाई आया " कैसे हो"

उस मश्ग को देख कर मीणा कर मीणा समाज गयी की जरूर इ जमील जी hi hai…shayad मुझे छेड़ना चाहते hai..par उसने सोचा अगर गलती से जमील जी न हो to..kuch बी हो मुझे बस सावधानी से सोच समाज कर जवाब देना hoga..ho सकता है कोई मेरा टेस्ट करने क लिए कर रहे ho…aur मीणा कुछ सोच कर टाइप ki…"mai अछि हु पर आप कौन"

उधर से जवाब aaya…"filhaal को दोस्त hi संजो"

अब मीणा खुद कन्फूशन में थी की कौन हो सकता hai..aur मीणा ने जवाब देते हुए टाइप किया " वो पता चला रेशमा भाभीजी" मीणा ने जानबूजकर किसी औरत का नाम लिया ताकि सामने जो कोई बी हो वो यही समजे की मीणा किसी मर्द से दूर hi है…

पर तुरंत उधर से जवाब आया - " सॉरी आप गलत हो"

मीणा को अब और ज्यादा कुरसिटी बढ़ने लगी उसे लगा हो न हो जमील hi होगा पर वो गलती से बी जमील का नाम लेना नह चाहती thi..aur वो जवाब में लिखी "देखो आप जो कोई बी ho..ek तो अपना नाम बतादो या मुझे बेकार में मश्ग करना बंद कार्डो…"

उधर से रिप्लाई आया " इतनी जल्दी बी क्या है मैडम जरा जान पहचान तो बढ़ाने दे"

मीणा- गुस्से se..Dekho मुझे किसी अनजान क साथ जान पहचान नह बदनी hai..chahe वो मर्द वो या औरत"

उधर से रिप्लाई आया "ाचा मर्द से तो ठीक है पर औरत से क्यू"

अब मीणा को लगा शायद कोई उसकी जान पहचान की औरत hi उसके साथ मस्ती कर रही hai…aur वो रिप्लाई दी " इसका मतलब आप औरत ho..muje यकीं है तुम रेशमा भाभी hi ho…ab बस बी करो"

उधर से-" नहीं हु मई तुम्हारी रेशमा भाभी हु या नहीं कोई औरत"

मीणा- ok तो फिर मुझे बी किसी गैर और अनजान मर्द से बात hi नह karni..hai..

उधर से तुरंत मश्ग आया- अरे मैडम पहले जरा सुनो तो hi..

मीणा- जब मुझे किसी अनजान और गैर मर्द से कोई मतलब hi नह तो मुझे कुछ बी नह सुन्ना..

उधर से रे रिप्लाई आया- अगर आप चाहे तो मतलब बी बन सकता है…

अब मीणा को लगा जरूर इ कोई बदमाश होगा जिसे मेरा नंबर कही से मिल गया hoga..aur वो बिलकुल बी नह चाहती थी किसी बदमाश क साथ बातो का सिलसिला जारी rakhe..aur मश्ग टाइप ki…dekho आप जो कोही बी हो अगर मुझसे बात करना चाहते हो तो मेरे सामने आके बात करो वो बी मेरे पति क होते hue..kuch देर में मेरे पति आते hi honge..aur इसके बाद गलती से बी मुझे मश्ग मत Karna…good bye.. और मीणा ने अपने फ़ोन को साइलेंट मोड पे दाल दिया.

सच बात तो इ थी की मीणा पहले से बी अपनी जिस्म की प्यास न भुजने पर उदास थी ऊपर से किसी अनजान मर्द क मश्ग ने उसके दिमाग को और बी डिस्टर्ब किया tha….par वो अपने दिमाग पर जोर देकर सोचने लगी कौन hoga……usne फ़ोन तो साइलेंट किया था पर वो बार बार मोबिल की तरफ hi देख रही thi..par इस वक़्त उसके मोबिल में उसका कोई मश्ग नह tha…Par मीणा क दिमाग में शाम को पति घर आने तक यही सोच में डूबा हुआ tha…us दिन रात सोने तक डेली की तरह नॉर्मल सा वक़्त गुजर गया था दोनों मिया बीवी ka…aur फिर अगले दिन एक नयी subhah..wahi hi मीणा का रूटीन स्टार्ट होगया tha..aur उस दिन बी मीणा क मोबाइल में उसी शख्स का गुड मॉर्निंग मश्ग का एक लव हार्ट क साथ इमेज tha..jise देख मीणा ने कोई रियेक्ट नह किया और मैं hi मैं बोली करने दो जब मुझे कुछ लेना देना hi नह तो रिप्लाई क्यू करू उसने मश्ग डिलीट किया ..और वो अपने काम में बिजी होगयी..

उस दिन शाम को उसका पति जल्द hi काम से वापिस लौटा और मीणा से कहा की आज शाम को उन्हें बॉस की पार्टी में जाना है कुछ फंक्शन hai…meena ने पहले तो मन किया पर बाद में पति क जोर देने पर वो पति क ख़ुशी क लिए मान बी गयी और उस रात ठीक 8 बजे दोनों पार्टी हॉल में पहुंच गए थे जहा बहुत सारे मीणा क पति क सहकर्मी और कर्मचारी बी उनके फॅमिली क साथ आये हुए the..kuch hi देर में पार्टी शुरू होगयी थी और सारे मर्द एक साथ बैठ क ड्रिंक्स करने लगे तो और सारे लेडीज एक साथ बैठ क कोल्डड्रिंक और स्नैक्स का मजा लेने लगे the…aur मीणा बी उनके साथ बैठ क घुलमिल गयी thi…lekin कुछ hi देर में उसने देखा की एक हत्ता कट्टा मर्द उसकी और hi देखते हुए मुस्कुरा रहा hai..meena ने पहले तो उसे नज़र अंदाज़ किया पर जब उसे पता चला की वही उसके पति का नया बॉस है तो मीणा ने बी उसे एक स्माइल पास करदिया.. लेकिन बात इतने में hi ख़तम नह हुई मीणा का स्माइल पाते hi बॉस की थोड़ी हिम्मत बढ़गयी थी और वो मीणा को एक जुट होक hi देखने लगा था इससे मीणा बी थोड़ी सहम सी गयी thi..q की उसके साथ और बी लेडीज थे.. और मीणा नह चाहती थी की बाकी लेडीज को पता न चले की बॉस की नज़र उसपर hi है. ..और मीणा की बी तिरछी नज़र अब बॉस पर तिकी हुई thi..q की बॉस दिखने में तो कला था पर उसकी पर्सनालिटी काफी अछि थी जो मीणा को पसंद बी आयी थी क्यू की बॉस और जमील क पर्सनालिटी में कोई खास फरक नह tha….kuch देर क तक ऐसे hi दोनों की नज़र मिलते रही और मीणा बी अब थोड़ी बॉस क प्रति आकर्षित होने लगी thi..sach बात तो इ थी की जमील क बाद बॉस ऐसा आदमी था जिसे देख कर मीणा का दिल में फिर से वासना भड़क ने लगी thi…wo जमील की कमी को बॉस में देखने लगी thi…par वो जानती थी की उसने पति क साथ धोका करके जमील क साथ नाज़ायज़ रिश्ता तो बना दिया है पर इस नाज़ायज़ रिश्ते को किसी और क साथ आगे बढ़ाना सबसे बड़ा गुनाह होगा खास करके वो जमील को दिया हुआ वडा तोडना नह चाहती thi….isliye वो बस बॉस क साथ सिर्फ फ़्लर्ट करना छह रही थी..

पर उधर बॉस बी मीणा की खूबसूरती पर पागल होगया tha..jamil से लगातार चुदाई क बाद मीणा का जिस्म और बी उभर आया tha..uski कमर और बी चौड़ी और खूबसूरत बन गयी thi..chalte वक़्त उसकी गांड किसी फूटबाल की तरह हिलते हुए एक दूसरे से टकरा कर बड़े कामुक नज़र आते थे ऊपर से उसका शेप काफी कर्तव्य बनंगायी thi…aur मीणा जैसी सूंदर औरत बॉस की खास कमज़ोरी थी…

मीणा का पति का बॉस एक 40-45 उम्र का हत्ता कट्टा मर्द tha…aur काफी आयाशी tha..usne बी अपने लाइफ में कई सारे औरतो का रास पान किया था वो जहा बी जाता था उस गांव में अपने लुंड की मरम्मत क लिए किसी न किसी औरत को पता hi लेता tha…aur उसकी इसी अय्याशी क चलते वो कही बार सस्पेंशन का शिखर बी होगया था और उसे इस बार फुनिशमेंट ट्रांसफर करके मीणा क शहर ट्रांसफर किया गया था..

और जब आज उसने पहली बार मीणा को उसके पति दिनु ( इस कहानी में पहली बार मीणा क पति का नाम लिया जा रहा है क्यू की इसके बाद बॉस उसे नाम से बोलनेवाला hai..official कॉरेस्पोंडेंस क चलते इ जरुरी है बॉस क लिए और इस कहानी क लिए बी) क साथ देखा तो वो मीणा की सुंदरता था का दीवाना बन गया tha..meena ने आज एक sky-blue रंग की साडी पहनी हुई थी जिसमे उसका गोरा रंग जजः रहा था ऊपर से मीणा क उभरे हुए दूध जो साडी क ऊपर से बी किसी को बी रसपान का दावत दे रहे हो ऐसे लग रहे थे और जमील से बार बार खड़े खड़े छुड़वाने से उसकी कमर और बी चौड़ी होगयी थी और गांड क खुले पीछे से पूरी बहार की तरफ निकली हुई thi….aur ऐसे खूबसूरत सेक्सी बदन पे बॉस की नज़र पड़ते hi उसने मैं में hi सोच लिया था की वो मीणा की जिस्म को एक बार चक कर hi रहेगा इसलिए वो तबसे बार बार मीणा को hi देखने लगा tha..aur बॉस की इस हरकत से मीणा बी अब थोड़ी मस्ती क मूड में आगयी थी और वो बॉस को तिरछी नज़र से देखते हुए शरमाते हुए अपने अपने बालो को कान क पीछे सरकने की कोशिश करते हुए बॉस को इ झहीर कर रही थी उसका इस देखना उसे बी पसंद आया है.. …लेकिन तब उसने बॉस को कुछ इशारा करते हुए पाया लेकिन वो समाज नह paayi..aur बॉस बी समाज गया था की मीणा उसके इशारे को समाज नह paayi…aur इस बीच सब लोगो क लिए डिनर की तैयारी हो चुकी थी तो सब लेडीज डिनर क लिए रेडी होगये और अपने अपने कुर्सी पर बैठ गए. लेकिन मीणा नह बैठी वो कुछ सोच कर वही बगल में एक कुर्सी क पास कड़ी रही ….तब उनके पास उनके पति लोग बी आगये और साथ में दोनों बॉस बी जो आज विदा हो रहा और दूसरा जो आज से उसकी जगह लेने वाला tha…usme से पुराने बॉस को सब लेडीज लोग जानते थे जो एक बुड्ढा ाचा इंसान था और नए वाले को कोई बी nh…jab पुराण बॉस अपने वर्कर्स क औरतो को धन्यवाद दे रहा था तो मौका पाकर नया बॉस जिसका नाम था कामेश राणा वो मीणा क करीब आके रुक गया ..जिसे मीणा ने बी नोटिस किया पर कुछ नह boli..tab पुराने बॉस सब लेडीज से बोलै आप क पति लोग तो अपने नए बॉस से मिल चुके है इसलिए मई अब उन्हें आप सब से परिचित करना चाहता हु कहकर राणा जी की और देखते हुए कहा इ है आप क पतियोंके नए बॉस कामेश राणा जी.. और सब ने उन्हें नमस्ते किया और मीणा ने b..thoda शरमाते hue..aur इस बीच पुराण बॉस बाकी लेडीज क साथ बात करता रहा जहा पे उनके मर्द बी खड़े थे और मीणा ठीक उनके पीछे थी और उसका पति पुराने बॉस क साथ खड़ा था क्यू की मीणा का पति पुराने बॉस का खास आदमी tha….meena से थोड़ी दूर में नया बॉस कामेश राणा बी खड़ा था और उसने इतनी दूरिया पहले hi मेन्टेन किया हुआ था की मीणा उसकी बात सुन सके और मौका पाकर राणा जी ने मीणा से पूछ hi लिया की हम कुछ देर बात कर सकते क्या…

मीणा ने इ बात अछि तरह से सुन ली थी इसलिए वो राणा जी को देखि और एक स्माइल देते हुए फिर अपने पति की और देखि और फिर राणा जी ko…aur न में सर हिलायी.

जिससे राणा समाज गया था की पति और साथ में खड़े लोगो की वजह से मीणा डर रही है तो वो सीधा वाशरूम की और देखा जहा उसे कोई नज़र नह आरहा था और वो हलके से बोलै वाशरूम की तरफ कोई नह hai…meena ने एक नज़र वाशरूम की तरफ देखा और राणा जी को देख कर muskurayi….meena का मैं तो कर रहा था की वो वाशरूम की तरफ जाए और राणा जी की बात sune…use कुरसिटी thi..Rana जी उससे क्या कहना चाहते hai…par वो जानती थी इस वक़्त इस तरह अकेले वाशरूम की और जाना ठीक नह इसलिए उसने सही वक़्त का इंतज़ार करना hi ठीक समजा और राणा जी की तरफ देख कर न में सर hilayi..utne में डिनर क लिए सब लोग रेडी होगये थे और राणा बी अब मीणा से थोड़ा दूर हुआ था …एक तरफ सारे लेडीज डिनर करने लगे तो दूसरी तरफ सारे gaints….lekin अब बी मीणा और राणा क आंखे एक दूसरे को देखने का कोई मौका नह छोड़ रहे the..dono को देख कर ऐसा लग रहा था की दोनों किसी ख़ास मौके का इंतज़ार कर रहे है…

सारे लेडीज खाने का मजा उठाते हुए बार बार खाना परोस कर खा रहे थे पर मीणा को खाने से ज्यादा किसी और चीज़ में रूचि लगने लगी थी इसलिए उसने खाना बी ठीक से नह khaya...use बस अब बॉस यानि राणा जी से नज़दीकिया बदनी थी इस पल वो भूल गयी थी की उसने पहले बी अपनी पति क साथ धोका किया हुआ hai…aur ऊपर से जमील से बी वडा किया हुआ है. पर राणा जी को देखते hi उसका जिस्म उसे बार बार अपनी प्यास की याद दिला रहा था जो जमील क जाने क बाद अब तक नह भुजी thi..use इस वक़्त एक लुंड की खास जरुरत thi…aur राणा जी क साथ कुछ देर हुई लुकाछुपी से मीणा को लुंड की जरुरत पूरी होती नज़र आयी थी..

राणा जी एक तो उसका पति का बॉस था इसलिए उसपर शक करने की ज्यादा गुंजाइश बी नह थी क्यू की राणा से पहले जो बॉस था जो आज बिदाई ले रहा था उसने अपने सब जूनियर्स और उनके परिवार क साथ एक ाचा रिश्ता बनाया हुआ था और अब राणा जी से बी इसी बात की उम्मीद सब जूनियर्स को thi…isliye मीणा इस बात से बेफिक्र थी, और दूसरी बात इ थी की राणा बी एक हट्टे काटते बदन का मालिक था और उम्र बी ज्यादा नह लगभग उसके पति क उम्र का hi था और राणा क हट्टे काटते शरीर को देख कर मीणा को जमील की याद आने लगी thi…uski वासना फिर से भड़क गयी thi…aur इसी वासना क चलते उसने जल्द hi खाना फिनिश किया और बॉस की तरफ देखि फिर वाश बेसिन की तरफ निकल पड़ी और एक हलकी सी स्माइल करके राणा को समजने की कोशिश की अब वो हाथ धोने वाशरूम की तरह जा रही hai…agar बात आगे बदनी हो तो आ सकते हो…

वाशरूम डाइनिंग से कुछ दुरी पर था जहा एक तरफ औरतो क लिए और दूसरी तरफ मर्दो क लिए सुविधा थी बीच में दो हैंडवॉशिंग बसिन्स थे जिसके सामने दो आयने बी लगे हुए the…aur सामने एक बड़ा darwaja…meena पहले बी कही बार यहाँ पे आयी हुई थी इसलिए उसे अछि तरह उस जगह की जान पहचान थी..

मीणा हलके पाँव वाशरूम की तरफ जाने लगी thi..aur इधर राणा बी अपने सामने बैठे कई सारे मर्दो से कुछ झूट बोलकर पहले बहार आया और दूसरे रस्ते से वाशरूम की तरफ निकल पड़ा जो मीणा ने बी नोटिस किया हुआ tha..kuch hi देर में मीणा वाशरूम में दाखिल हुई और हाथ धोने लगी तो मीणा क पीछे hi राणा बी आया और दूसरे बेसिन पर हाथ धोने की एक्टिंग करने laga…dono क बीच कुछ बात नह हुई कुछ देर क लिए. तब मीणा ने एक बार पीछे मुद क देखा कही कोई ऑटो नह रहा जब उसे कोई नह दिखा तो वो राणा की तरफ देख कर muskurayi..jaise इ कह रही ho..aap को जिस मौके की तलाश थी वो मौका मैंने आपको दिया hai…jo बोलना है बोल सकते हो.

मीणा की इस मुस्कराहट का जवाब देते हुए राणा ने मीणा से उसका नाम पूछ hi लिया..

मीणा- हाथ धोने की नाटक करते hi boli..meena

राणा- बड़ी खूबसूरत हो तुम

मीणा थोड़ी शरमाते हुए थैंक यू सर..

राणा- वैसे थैंक्स मुझे कहना चाहिए

मीणा- चूकते हुए वजह??

राणा- मेरी बात मानकर वाशरूम तक अकेले आने क लिए…

मीणा- हम्म्म वैसे तो मई हाथ धोने आयी थी..

मीणा को लगा उसे वाशरूम में आये देर हो चुकी है और किसी बी वक़्त बाकी लेडीज बी हाथ धोने आ सकती इ सोच कर मीणा वह से निकलने हुए boli..isse पहले कोई आये मुझे निकलना होगा.. तो राणा बोलै क्या मुझे आप का सेल नंबर मिल सकता है…

मीणा जाते जाते बोली मिल सकता है पर पहले थोड़ी जान पहचान तो बढ़ाने दो कहते हुए मीणा एक शर्म से भरी स्माइल राणा को देते हुए वह से निकल gayi…aur राणा बी दूसरे रस्ते से वह से निकल गया tha…usne जो सोचा था वो हो नह हो पाया था. राणा ने सोचा था मीणा उसे बिना कोई विरोध किये हुए सेल नंबर देगी और इसी सेल क डरिये वो मीणा से बात को आगे badayega…lekin उसके हाथ नकयामि लगी thi…aur मीणा बी पहले यही सोच कर आयी थी की वो राणा क साथ बात आगे बढ़ाएगी लेकिन बीच में hi उसके संस्कार ने उसे फिर से जवाब देने की कोशिश की thi..use लगा की एक hi मुलाकात में राणा से बात आगे बढ़ाएगी तो राणा उसे गलत सोच सकता है जैसे चुड़क्कड़ characterless….aur शायद लालची बी …जो अपना जिस्म का सौदा करके राणा से अपनी कमिया पूरी करने की कोशिश कर रही ho…..aur वो इ बी जानती थी की राणा क लिए उसका रास्ता साफ़ hai…par उसे इस रस्ते पे कदम रखने से पहले बहुत सावधानी बी बरसनी hogi…aur वो अछि तरह जानती थी की राणा उसके साथ दूसरी मुलाकात करने की कोशिश जरूर करेगा और उसी वक़्त वो बी राणा से थोड़ी खुल मिल जाएगी.. और वो इसी सोच को अपने दिमाग में भरे हुए अपने आप में स्माइल करते हुए फिर से आकर पार्टी हॉल में लेडीज लोगो क साथ बैठ गयी कुछ देर में राणा बी वह आया और गेट्स क साथ बैठ गया जहा वो पहले बैठा हुआ था.. मना फिर से राणा की और नज़र डालकर चुपके से देखने lagi…aur उधर राणा का बी यही हाल tha..aur कुछ hi देर में सब ने डिनर फिनिश करके जाने लगे तो सब लोग पुराने बॉस से विदा लेने गए और तब बीच में राणा आया और bola…sab लोगो से मेरी एक विनंती है अगर इजाजत हो तो पेश करू…

तब सब मर्द लोगो ने उसे है में सर हिलाया तो राणा ने सब मर्दो को एक साथ बोलै मेरी इ विनंती खास आपके परिवार वालो से है..

वह खड़े सारे मर्द इस बात से आश्चर्य तो हुए और सोचने लगे काम तो हम करते है पर इ हमारे औरतो से क्या कहना चाहता hai..aur यही सोच मीणा और उसके पति क दिमाग में बी आयी thi…..par इस वक़्त वो कुछ बोल नह पा रहे थे बिना राणा की बात सुने..

राणा थोड़ा आगे आया और सब लेडीज को एक साथ सामने आने को बोलै और जैसे hi सब लेडीज सामने आये तो मर्दो को पीछे हटाना पड़ा और वो सब पीछे खड़े होकर कामेश राणा जी याने अपने नए बॉस की बात सुनने व्याकुल होगये थे…

इस बीच राणा बोल पड़ा… जैसे आप सब जानते हो आज से मई आपके पतियोंका बॉस hu…aur मई चाहता हु की पहले की तरह मई बी मेरे निचे काम कर रहे सब साथीदारों का अचे से ख्याल rakhu….aur मई इ अछि तरह निभाने की पूरी कोशिश करूँगा. पर आप सब तो जानते hi ho…aaj कल काम का टेंशन कितना होता hai…aur इसी काम क चलते आपके पति कभी घर लेट आ सकते है या काम क सिलसिले में बहार गांव बी जा सकते hai..aur इस वजह से अपने परिवार पे ध्यान नह दे पते कुछ देर क liye…isliye मेरी आप सब से विनंती है की ऐसा मौका अगर आप में से किसी क साथ बी हुआ तो आप लोग अपने पति को टोकने या गुस्सा करने क बदले उनका साथ दे दो..

इ बात सुनते hi पीछे खड़े मर्दो में ख़ुशी से ताली बजाते हुए राणा जी क बात को संनति दी thi….lekin राणा की बात इतने में hi नह रुकी thi…wo आगे बढ़ते हुए बोलै और आखरी बात अगर आप लोगो को परिवार में किसी समस्या हुई जैसे पैसो की या किसी बी चीज़ की आप बेफिक्र होक मुझे कह सकते हो मुझे अपना भाई समाज कर.. अब ज्यादा कुछ बोलना नह चाहता हु बाकी काम क बारे में तो मई आप लोगो क पतियोंसे कल बात करलूँगा dhanyawad…Rana क इस आखरी बात पर सारे मर्द और औरतो ने एक साथ ताली बजायी पर मीणा ने नह क्यू की उसे समाज में नह आया था की भाई समाज कर मतलब? वो सोचने लगी राणा क्या कहना चाहता hai…kuch देर पहले तो इ मुझसे फ़ोन नंबर मांग रहा था और इ बात सोचते हुए मीणा राणा की और आश्चर्य से देखे लगी तो राणा मीणा की दुविधा को समाज मैं में hi हस्ते हुए धीरे से मीणा क बगल से गुजरते हुए बोलै इ आखरी बात तुम्हारे लिए नह थी.. राणा ने इ बात इतनी नज़ाकत से कहा था की इ बात मीणा क शिव उसके बगल में कुछ दूर खड़े पति को बी पता नह चला.. और राणा की इ बात सुनते hi मीणा का चेहरा ख़ुशी से खिल गया था क्यू की उसे अछि तरह समाज आया था की राणा उसके साथ कौनसा रिश्ता बनाना चाहता है जिसके लिए वो अब पूरी तरह से तैयार होना छह रही थी और उसने बी अब फैसला कर लिया की वो राणा को आगे बढ़ाने में साथ देगी. . .पर कैसे? उसे समाज में नहीं आरा है था और उसने राणा जी को फ़ोन नंबर देने से बी मन किया था कुछ देर pehle…wo वही एक कुर्सी पर बैठ क सोचने लगी ..तब उसने देखा की राणा कुछ दूर खड़े उसके और एक जूनियर क साथ बात कर रहा है और उसका पति पुराने बॉस क साथ खड़ा hai…meena ने कुछ सोचा और अपना मोबाइल निकल कर hello hello करते हुए राणा क पीछे कुछ दूर रुक गयी और किसी से बात करने की एक्ट करने lagi…aur राणा बी अपने पीछे कड़ी मीणा को देख चूका था इसलिए वो बी सामने खड़े जूनियर क साथ बात करते करते मीणा की बातो को बी सुनने क कोशिश करने लगा…

मीणा ,,- hello तुम्हारी आवाज़ ठीक से नह ारी सुन तुम मुझे कल शाम को ,,6 बजे मॉल में मिलो मई वही मिलती हु कल तुम ….बाकी की बात मिलने क बाद तैय करते hai..meena अपनी बात को रोकते हुए मुस्कुराते हुए एक बार राणा की तरफ देखि जैसे बोल रही हो इ बात आपके लिए hi इशारा है और फिर से अपनी जगह आयकर बैठ गयी… राणा ने बी मीणा की बात सुन ली thi…aur उसने बी अब अपने दिमाग में कुछ आईडिया को जन्म दे दिया था….

और कुछ 15 मीन्स क बाद सब लोग अपने अपने घर की और निकलने लगे और मीणा बी अपने पति क साथ घर क लिए निकल padi.lekin जाने से पहले वो राणा को पीछे मुद कर डेक इ मुस्कान पास करने नह भूली.. और मीणा की इस मुस्कान में राणा क लिए एक इशारा बी था की वो बी वही चाहती है जो राणा क दिमाग में चल रहा है..

घर जाने क बाद मीणा अपनी कपडे उतरी और एक निघ्त्य पहन कर बाथरूम में जाके फ्रेश होगयी इस बीच उसका पति बी फ्रेश होगया tha…raat क ,11.30 बज चुके थे और दोनों सोने क लिए बैडरूम में चलेगये…

सोते वक़्त पति मीणा से बोलै कैसी लगी पार्टी…

मीणा ज्यादा रियेक्ट न करते हुए बोली अछि लगी…

सच बात तो इ थी जमील क जाने क बाद मीणा पहली बार इतनी खुश थी.. उसने अपने पति क बॉस में जमील की चाभी को पायी thi…par उसके मैं में अब बी दुविधा थी की वो आगे बड़े या nh…agar वो आगे बढ़ेगी तो उसका अंजाम बिस्टेर पर hi ख़तम होगा और इ सरासर पति और जमील क साथ उसकी सबसे बड़ी बेवफाई होगी. वो खुद तैय नह कर पा रही थी एक तरफ उसकी जिस्म की गर्मी जो काम होने का नाम hi नह ले रही है और दूसरी तरफ उसे सबसे ज्यादा प्यार करने वाला पति और उसके जिस्म को अनगिनत सुख देनेवाला jamil…meena कुछ और सोच hi रही थी उसका पति बोलै

पति- मीणा मुझे तो लगता है हमारे पुराने बॉस की तरह इ नया बॉस कामेश सर बी बहुत अचे hai…tume क्या लगता है…

मीणा अपनी दुविधा को मैं में hi दबाते हुए पति से बोली है मेरा बी यही ख्याल है..

पति- पता है मीणा मुझे उनकी वो बात अछि लगी जब उन्होंने कहा की किसी बी मुसीबत हो तो अपने को भाई समाज कर शेयर karna…hai na…aise तो कोई पहली मुलाकात में नह बोलता…

मीणा- है वो बात मुझे बी अछि lagi..par मुझे लगता है उन्होंने उस बात की जानबूजकर कहा है…

पति- ाचा ऐसा क्यू लग रहा है तुम? पति ने सवाल भरे नज़रो से पूछा…

मीणा- आपको याद है न जब वो शीतल भाभी एक बार आपके बॉस से मिलने गयी thi…apni पति की ट्रांसफर क लिए…

पति- है याद है वो उसके पति को थोड़ा परेशानी थी इसलिए..

मीणा- है पर पता है लोगोने क्या कहा था शीतल भाभी और बॉस क बीच अफेयर hai…aur उसका पति बी लोगो की बात सुनकर शीतल भाभी पर शक कर बैठा tha..wo तो ाचा हुआ की उसके पति को बाद में सचाई का पता चला वर्ण बेचारी बेकार में बदनाम हो जाती..

पति- है वो मुझे बी याद hai..par इ बात कामेश सर को कैसे पता होगी..

( इ एक सच्ची घटना थी जो दो साल पहले दिनु क सहकर्मी क परिवार क साथ बीती thi…aur इस घटना को विस्तार में लिखना इस कहानी की जरुरत nhi…isliye शार्ट में hi बता दिया है)

मीणा- शायद आपके पुराने बॉस ने कामेश सर को बताया hoga..…aap मर्द लोग बी तो अपनी बीवी पर शक करने की कोई मौका नह छोड़ते हो…

पति- ाचा मैंने कब तुम पर शक किया..

मीणा- हस्ते हुए अब तक तो नह किया पर आगे कभी हो बी जाए…

मीणा की इस बात सुनकर उसके पति उसे बाहोंमे में लेकर उसके गालो को चूमते हुए बोलै भला मई क्यू करू अपनी प्यारी वफादार बीवी पर शक कहते हुए वो मीणा का जिस्म को सहलाने लगा तो मीणा बी अपने पति की बाहोंमे जाते हुए बोली बस बस मेरी तारीफ करना अब कुछ इरादा है क्या मई सो jaavu…meena दिल hi दिल में बहुत खुश होगयी thi..pati क गौर मौजूदगी में जमील क साथ नंगा नाच करने क बाद बी उसके पति का यकीं उस पर अब भी भरकरर hai..aur इससे मीणा की हिम्मत और जोश और बी बाद गयी थी…

पर उसका पति इस बात से बिलकुल अनजान था की वो अपनी बीवी पर यकीं करके कितनी बड़ी गलती कर रहा hai..use थोड़ा बी अंदाजा नह था उसकी प्यारी बीवी अब वो मीणा नह है जो अपने संस्कारो का नियमित पालन करने वाली पतिव्रता thi…insab बातो से अनजान वो मीणा की बातो का जवाब देते हुए मीणा की निघ्त्य को ऊपर करते हुए जब इतनी प्यारी खूबसूरत बीवी बहो में हो तो एक बार प्यार करना बनता hi hai..meena अपनी निघ्त्य को पूरा कमर तक लाके अपनी चड्डी उतारते हुए मैं hi मैं बोली आप तो ऐसे कह रहे हो की हर रोज़ चार पांच बार करते ho..agar आप 4-5 बार करने की ख्षमता रखते तो शायद मई जमील से नह चढ़ चुकी होती …खैर छोड़ो इस बात ko..ab आपकी इ लुल्ली को कैसे रोक सकती हु जो मुझे जमील की ऊँगली क बराबर कस भी मजा नह देता..

मीणा को सोचता देख कर उसका पति बोलै क्या सोच रही हो…

मीणा अपनी सोच से बहार आते हुए बोली कुछ नह बस सोच रही थी कल ब्रेकफास्ट क लिए क्या banavu..meena ने झूट hi बोलै था क्यू की उसका मैं थोड़ा बी अब चुदाई में नह था पर वो अपने पति को निराश बी नह कर्मा चाहती thi…darasal वो अब राणा जी क बारे में सोचना चाहती थी कल अगर राणा जी उसे मिलने आया तो क्या kare..kya मई उसको है bolu…ha तो बोलना hi है पर इतने जल्द उसे है बोलने से कही वो मुझे गलत तो नह समजेगा कही मुझे चुड़क्कड़ तो नह samjega…utne में hi रूम का लाइट ऑफ गया था तो मीणा को अपनी सोच पर ब्रेक डालनी पड़ी क्यू की लाइट ऑफ होते hi मीणा का पति उसके ऊपर चढ़ चूका था और अपना 5 इंच का लुंड को मीणा की छूट पर रगड़ते हुए अंदर डालने की कोशिश करने लगा tha..jo मीणा ने जानबूजकर अपनी टाँगे अभीतक पूरी खोली नह thi..jabse मीणा जमील से लगातार छुड़वाने लगी थी तब से उसे डर था की उसका पति को कही उसकी खुली छूट क बारे में शक न हो जाए इसलिए वो जानबूजकर अपनी टाँगे थोड़ी hi खोलती थी और जब उसके पति का लुंड पूरा भीतर समां जाता था तब वो अपनी टाँगे खोल देती थी ताकि पति को लगे की मीणा की छूट अब बी उतनी hi टाइट है…

इस बीच मीणा ने अपनी पति क लुंड को जितना चाहिए उतना hi टंगे खोल दी थी और जब उसके पति का लुंड पूरा उसकी छूट में चलागया और उसका पति धक्के मरने laga…jo मीणा को थोड़ा सुख तो दे रहा था पर उतना नह जितना उसे जमील क साथ मिलता था ..वो अपने पति को बाहोंमे सोई मैं में hi boli…karo मेरे पतिदेव जितना चाहे करो अब मई पहले की मीणा नह रही जो 5-10 मं में hi भरकास्ट हो javu…aur आपकी कैपेसिटी बी तो उतनी hi hai…karo क्या पता कल से आपका बॉस भी मेरे जिस्म को निचोड़ने लगे और मई बी उसका साथ देने lage…so आज जितना मैं करता है उतना छोड़ lo….aur मीणा झूटी सिसकारियां लेते हुए अपने पति को खुश करने lagi…aur इ चुदाई का सिलसिला कुछ 5-6 मीन्स में hi अपनी चरमसीमा पार कर चूका था, मीणा क पति दिनु हफ्ते हुए अपने काम रास को मीणा की छूट में दाखिल कर दिया और बगल में sogaya…meena ने अब अपने कपडे ठीक करलिए और दूसरी तरफ मुँह करके sogayi…aaj उसे अपने पति क साथ थोड़ा बी मजा नह आया tha…wo बस नाम क लिए hi पति क निचे लेती लुंड को अपनी छूट में झेल चुकी thi..kuch hi देर में मीणा बी नींद क अघोष में चालीगयी…

अगले दिन सुबह वो अनजान शख्स का फिर से मश्ग आया हुआ tha..tab मीणा एक पल सोचने लगी कही वो अनजान शख्स राणा जी तो nh..usne अपने दिमाग पर जोर डाला तो उसे लगा नह वो अनजान शख्स राणा जी नह हो सकते क्यू की राणा जी ने मुझे कल hi पहली बार देखा hai…aur दूसरी बात इ है की राणा जी पास मेरा सेल नंबर होता तो वो कल मुझसे सेल नंबर क्यू mangate…jarur इ कोई और hi hai..pae कौन इ अब मीणा क लिए एक सस्पेंस tha..par आज वो इस मूड में थी की उस शख्स क बारे में सोच कर अपना वक़्त बर्बाद kare…aaj तो उसे राणा से बात बढ़ाने क लिए तैयार होना था सो मीणा ने वो अनजान मश्ग को डिलीट किया और अपने काम में बिजी होगयी.

शाम तक तो कुछ खास नह hua…meena रोज़ाना की तरह अपने काम करती रही और शाम को 5 बजे क करीब मीणा एक पीले रंग की चूड़ीदार पहने हुए अपने आप को पूरी तरह से अपने नए प्रेमी क लिए सजा चुकी thi…aur ठीक 5.30 को वो घर से निकल gayi…use पूरा यकीन था की अगर राणा जी ने उसकी बात सुनी हो तो वो जरूर 6 बजे क पहले hi मॉल क पास खड़ा होगा और मीणा इसी उम्मीद क चलते अपने कदम मॉल की तरफ बढ़ाने लगी थी और कुछ 15 मीन्स में hi ठीक मॉल क सामने कड़ी thi..aur अपने चारो तरफ एक बार नज़र दौड़ाई तो उसका अंदाज़ा सही निकला था राणा दूर अपनी कार पर मीणा का इंतज़ार करता खड़ा पाया था और वो अपने आप में hi मुस्कुराते हुए मॉल की अंदर जाने लगी उसे यकीं था राणा उसका पीछा करते हुए मॉल में जरूर aayega.Rana बी उसका पीछा करते हुए मॉल में दाखिल होगया और मौका प् कर वो मीणा क पास आके hello बोलै तो मीणा बी उसे जवाब देते हुए hello सर कैसे हो ..

राणा- बस थोड़ा ठीक संजो…

मीणा हस्ते हुए ऐसे क्यू?

राणा- बस संजो की अभीतक कुछ काम नह बन पाया इसलिए..

मीणा समाज गयी थी राणा किश काम क बारे में बात कर रहा hai…to वो बी हस्ते जवाब देते हुए बोली तो आप काम पूरा करने में मॉल में आये हो…

राणा- बस ऐसे hi संजो…

अब मीणा मॉल में एक ग्रोसरी स्टोर में गयी और कुछ खरीदने का नाटक करने लगी और राणा बी उसके पीछे पीछे ग्रोसरी स्टोर तक आया तो मीणा उसे पूछी क्या आप को बी ग्रोसरी खरीदना है क्या? मॉल में इतनी भीड़ थी की इसलिए किसी का ध्यान इनपर नह था इ मीणा ने पहले hi नोट किया tha…aur कोई उसे देख लेगा तो बी मीणा को फरक नह पड़ता था क्यू की वो कोई अनजान नह बल्कि उसके पति का बॉस hi था…

राणा- खरीदना तो नह पर खरीदने वालो की मदत करना चाहता हु..

मीणा उसे छेड़ते हुए पूछी ाचा तो आप सबकी ऐसे hi मदत करते होंगे…

राणा बी जवाब देते हुए बोलै सबकी तो नह पर कुछ खास लोगो की..

मीणा,- जैसे? सवाल भरे नज़रो से राणा को देखि

राणा- अब क्या batavu…jaise आप

मीणा- àच मई खास हु आपके लिए पर कैसे मई तो अभी ठीक से मिली बी नह हु आपसे और नहीं हमारी जान पहचान बड़ी hai…aur ऊपर से आप मेरे पति क बॉस बी ho…ek नौकर की बीवी बॉस क लिए कैसे खास हो सकती है?

राणा- बॉस होगा मई तुम्हारे पति क लिए पर अब तो मई एक आम इंसान हु जो एक खूबसूरत हसीना से बात कर रहा hu..sach कहु मीणा जी आप बहुत खूबसूरत ho…kal k.party में जितनी बी लेडीज आये थे उनसब से आप बहुत खास और अलग hi ho…aapki इस सुंदरता की कितनी बी तारीफ करू उतना काम hi hai..realy ु र ब्यूटीफुल

मीणा अपनी tàarif सुनकर मैं में खुश हुई और शर्मा gayi…aur अपनी शर्माहट छुपाने की कोशिश करते हुए राणा से बोली जरा धीरे बोलो कही किसी ने सुन लिया तो बेकार में बदनाम हो javungi…waise आप कुछ नह खरीदोगे kya…sirf मेरी झूटी तारीफ hi करते रहोगे..??

तब राणा की नज़र एक फ्रूट शॉप पर पड़ी और उसे कुछ सज़ा और वो बोलै है खरीदना तो है पर समाज में नह आरा क्या खरीदू लेकिन अब मैं कर रहा है आम खरीद लू….

मीणा ठीक है तो फिर वो रही फ्रूट की दुकान खरीद लो..

राणा वो तो मई खरीद लूंगा hi पर आपकी आप साथ आते तो? कहते हुए मीणा को hi देखने लगा तो मीणा शरमाते हुए अपनी नज़र zukali….tab बॉस आगे बढ़ते हुए बोलै अरे वो आपकी सहेली नह आआई जो आज आपके साथ मॉल को आनेवाली thi..e बात राणा ने जानबूजकर कही थी ताकि मीणा को पता चले की उसका कल रात का इशारा वो समाज चूका tha…aur मीणा बी अब समाज गयी थी राणा बी उसे छेड़ने क लिए इ बात कह रहा hai…aur वो अपनी बात को सच ठहरने की कोशिश करते हुए boli…ha ..वो नह आयी बस उसे कुछ काम निकल आया

राणा- ाचा hi हुआ जो वो नह आयी..

और दोनों आम की स्टाल की तरफ निकल पड़े तो मीणा ने पूछा इसका मतलब आप औरतो की बात को चुप क सुनते बी हो…

राणा- चुप क कहा सुनता hu..lekin कुछ बात जरूर सुनता हु जैसे कोई फ़ोन ऑफ रकते हुए बी किसी और से बात करने का एक्ट करते हो…..

इ बात सुनते hi मीणा को याद आया जब वो रात को राणा जी को इशारा करने क लिए अपनी सहेली से बात करने का बहाना बना रही थी तब उसने मोब स्क्रीन ों नह किया tha..aur उसकी चोरी पकड़ी जाने से वो थोड़ी शर्मा बी गयी थी और आपने आप को कोसने बी लगी मई बी न थोड़ा फ़ोन स्क्रीन ों करके तो बात करने का बहाना karti…aur वो शर्म क मरे सर निचे झुकाई. तब तक आम का स्टाल बी आगया था और बॉस ने एक डोज़ेन आम बी लिए और मीणा को बी एक डोज़ेन आम दिलाया तो मीणा ने उसे लेने से मन करते हुए बोली अब नह किसी और दिन जरूर lungi…aur राणा ने बी ज्यादा फाॅर्स नह kiya..to मीणा बोली लगता है आपको आम बहुत पसंद है…

राणा- मीणा की छाती की तरफ देखते हुए बोलै है आम खाना किसको पसंद nh…khas कर क आम रसीले हो..

मीणा बोली तो आप आज घर जाकर काट क जी भर क खालो…

राणा- अपनी nàzar मीणा क उभरे दूध पर गड़ाए हुए बोलै काट क खाने में क्या मजा hai..muje तो आम को दोनों हाथो में पकड़ कर चूस चूस कर खाने में मजा आता hai…aur बी रसीला आम को चूसने में तो मजा hi और है..

मीणा राणा की नज़र अपनी भरे हुए मम्मो पर देख कर एक पल क लिए शर्म से लाल हो गयी thi..use राणा क बातो का मतलब अछि तरह से समाज में आया था और उसका जवाब उसके पास था पर उस जवाब को वो इस भरे हुए मॉल में नह दे सकती थी इसलिए वो सिर्फ शरमाते हुए hi निचे मुँह karli…aur अपने दुपट्टे को ठीक कर्ली.

तब बॉस बोलै अगर आपका मार्केटिंग ख़तम होगया हो तो एक कप कॉफ़ी पे ले..

मीणा बी यही छह रही थी कॉफ़ी क बहाने राणा क साथ बात को आगे बढ़ाये और उनकी मुलाकात जल्द hi बिस्टेर पर ho…par उस वक़्त उसे मॉल में कुछ जान पहचान वाले आते दिखे और उसने घडी बी देखि तो 6.45 बज चुके थे इसलिए वो राणा से बोली अभीतक वो वक़्त नह आया है कहते हुए वो चलने रेडी होगयी तो राणा ने उसे अपना विजिटिंग कार्ड देते हुए बोलै तुमको जब लगे वो वक़्त आगया तो इस नंबर पैर कॉल कार्डो…

मीणा राणा जी को एक शर्मीली मुस्कान देते हुए वो कार्ड लेके तुरंत आगे बड़ी और अपने पहचान वालो से कुछ देर बात की और बहार की तरफ निकल पड़ी जाते जाते वो एक बार राणा को मुद क देखने नह भूली जो बहार अपनी कार क पास hi रुका हुआ था. पर मीणा की स्माइल देख कर राणा फिर से मीणा क करीब आया और बोलै अगर आपको अब बी कोई ऐतराज़ न हो अब तो एक कॉफ़ी हो जाये, अब तो जान पहचान वाले बी मॉल क अंदर है..

मीणा राणा से दूर कड़ी इधर उधर देखते हुए बोली.. जानपहचान वाले तो नह पर एक शादीशुदा औरत को किसी गैर मर्द क साथ कॉफ़ी पिने जाना मेरे हिसाब से ठीक नह है…

राणा क लिए इ निराश होनेवाली बात थी पर वो पीछे हटाने वाला नह था उसे अछि तरह पता था की औरत को कैसे काबू में लिया जा सकता है और वो बी शरारती अंदाज़ में बोलै गैर बी अपने हो सकते hai..agar सामनेवाला चाहे तो…

राणा जी की इ बात सुनकर मीणा छूओकाते हुए राणा को देखि और वो मैं hi मैं राणा जी की हिम्मत को शभाषी देने लगी उसे यकीं होगया था की राणा बी जमील की तरह हिम्मतवाला hi hai…par राणा मीणा क पति का बॉस था. और मीणा अछि तरह जानती थी की बॉस क साथ रिश्ता जोड़ने का मतलब क्या होता hai…use अछि तरह पता था वो अपने पति को एक बार धोका दे चुकी hai..wo नह चाहती थी बॉस उसे आसानी से पाकर इ न समाज बैठे की उसका करैक्टर पहले से hi ढीला hai..jisse बॉस उसे एक रखैल की तरह इस्तेमाल kare…meena नह चाहती थी की वो किसी की रखैल बन क रहे बल्कि वो चाहती थी कोई उसे जमील की तरह प्यार करे और उसके साथ जिस्मानी रिश्ता जोड़ दे, और उसे राणा जी से बी यही उम्मीद thi..isliye वो राणा से दूर बी होना नह चाहती thi…wo कुछ सोची और राणा जी से बोली है क्यू नह गैर बी अपने हो सकते है पर उससे पहले उनके बीच जान पहचान ho…aur बेशर्त उनका मैं साफ़ हो.. तभ हु चाय कॉफ़ी क लिए मुलाकात बन सकती है और एक स्माइल क साथ मीणा अपनी घर की तरफ निकल पड़ी..

मीणा की बात राणा क लिए एक पहेली से काम नह thi…use कुछ बी समाज में नह आया tha..wo बस जाते हुए मीणा को देख कर मीणा की बातो का मतलब समझने की कोशिश करने laga..kal तो उसे लगा था मीणा क मॉल में उसे बुलाने का इशारा आज उसे मीणा को बीएड तक ले जाने क बात को अंजाम degi..par उसकी सोच पूरी उलटी होगयी thi…par उसे एक बात जरूर समाज में आयी thi..meena को पाना जितना आसान वो समाज रहा था उतना आसान नह hai..wo अछि तरह समाज गया था मीणा एक थीकि मिर्ची hai..jiska टास्ते ठिका जरूर होगा पर काफी मजेदार hoga..aur वो मैं में hi मुस्कुराते हुए अपने रूम की तरफ निकल पड़ा..

…और उस दिन पति आने क बाद मीणा ने पति को बताया की आज उनके नए बॉस उसे मिले थे…

पति- ाचा कहा

मीणा- वो मई कुछ जरुरी ग्रोसरी खरीदने मॉल गयी थी तब वो बी वह आये हुए थे..

पति- ाचा क्या बोले

मीणा- कुछ नह बस है बोले और लगता है कुछ जल्दी में थे कुछ आम ख़रीदे और निकल गए .

मीणा ने पूरी सचाई तो नह बताई पर पति को जितना जानकारी देनी थी उतना hi दे दी थी ..और दिनु बी मीणा की बात को सच मान बैठा tha…use थोड़ा बी अंदाज़ा नह था की कामेश याने उसके बॉस को, उसकी प्यारी बीवी ने hi मॉल में आने का निमंत्रण दिया था और उनके बीच नज़दीकिया बढ़ाने क लिए जितना बातचीत होनी थी आज वो बी होगयी है..

अगले दो दिन तक कुछ खास नह हुआ …पर हालाँकि मीणा का मैं तो हुआ था की वो राणा जी को कॉल करे पर वो सोचने लगी अगर मई होक कॉल करू तो उसे गलत समाज सकता है और उसके करैक्टर बी ढीला समाज सकता है बेहतर है राणा जी से अगले मुलाकात क बाद hi कुछ बात को आगे बढ़ाये और उसे पूरा यकीं था की राणा जी कुछ न कुछ प्लान करके उसे मिलना जरूर चाहेगा…

पर इस बीच मीणा का संस्कार उसे बार बार एक hi बात कहने की कोशिश कर रहा था… जो कुछ बी आज तक हुआ मीणा उसे एक हसीं सपना समाज कर भूल ja…jitna तेरे जिस्म क लिए गर्माहट की जरुरत थी वो तो तू जमील से पा चुकी hai…ab और आगे मत bado…ho सकता है तुम्हारा इ कदम तुम्हारे पति क मर्यादा की ठोस pahuchade..galti से बी तुम्हारी और राणा जी का रिश्ते क बारे में किसी को भनक बी लग गयी na…to तुम किसी को मुँह दिखने लायक नह rahogi…ab बी वक़्त है भूल जा सबकुछ…

पर मीणा का जिस्म इतना व्याकुल था की उसे अपनी संस्कार क बात तो सही लग रही थी पर उसे जिस्म क आग को संभालना बहुत मुश्किल hi नह नामुमकिन लग रहा था.. और वो सोच समाज कर इ नतीजे पर आयी ki…ha जो मैंने जमील क साथ मिलकर किया जो मई अब राणा जी क साथ करने जा रही हु वो जितना गलत है उतना सही बी hai..aur मेरी इस गलती क पीछे सिर्फ मेरा hi हाथ नह मेरे पति क बी हाथ hai..agar वो मुझे जिस्मानी सुख दे पाते तो शायद मई जमील जी क साथ अपनी जिस्म को नह lootathi…par मेरे पतिदेव मई अब मेरे जिस्म को किसी की कमी उतनी महसूस होती जितनी रगुस्तान में खड़े एक प्यासे को पानी की कमी महसूस होती hai…par मई वडा करती hu..mai कभी ऐसा नह करुँगी की जिससे आप को 4 लोगो क सामने शर्मिंदा होना pade..iske बाद जमील जी हो या आपका बॉस उनके साथ सोच समाज कर hi कदम uthavungi…agar कही बी मुझे लगे की मेरे इ रिश्ता आपकी मर्यादा को ठोस पंहुचा सकता है तो मई तुरंत उसी वक़्त उस रिश्ते को तोड़ dungi.,...sorry मेरे पतिदेव मई आप से बहुत प्यार करती हु पर मई अपने जिस्म को प्यासा बी नह छोड़ sakti…par मेरा वडा hai…mai चाहे फिर एक बार आपके बॉस से बी रिश्ता banalu….par मई हमेशा आपकी प्यारी मीणा बन क hi रहूंगी…

मीणा का डेसिओं किस हद तक और कब तक खयाम रहेगा इ वो खुद तो नह जानती थी पर एक बात तो सच थी की वो अपने पति से बहुत बहुत प्यार करती thi…aur इस बीच गौर करने वाली बात इ थी की मीणा को उस अनजान शख्स से डेली सुबह गुड मॉर्निंग और रात को गुड नाईट मश्ग का सिलसिला जारी hi था और मीणा ने उसे कभी रियेक्ट नह किया था…

उधर कामेश का बी यही हॉल tha….usne तो मीणा को अपना नंबर दे दिया था इस मकसद क साथ की मीणा थोड़ी चालू है और उन औरतो की तरह है जो पैसो की और अपनी पति क तरक्की की लालच में उसके साथ बिस्टेर बात सकती है..

पर उस दिन मीणा की पहेली सामान बाते और जब दो दिन तक मीणा का कोई बी कॉल या मश्ग नह आया तो वो सोचने पर मजबूर होगया tha…ki जैसे वो सोच रहा है वैसे मीणा नह hai…aur उसने अपने नौकरो से बी दिनु और उसके परिवार क बारे में थोड़ी बहुत जानकारी इकट्ठा कर्ली तो उसे समाज ने में देर नह लगा की उसकी सोच बिलकुल गलत thi…q की नौकरो ने दिनु को एक मेहनती इंसान और उसकी बीवी मीणा को एक पतिव्रता का दर्जा दिया हुआ tha..jise सुनकर राणा बहुत खुश होगया था उसने सोचा मीणा जैसी सूंदर और सुशिल औरत को चकने में तो बहुत मजा aayega….lekin kaise…iskeliye तो मीणा से और बी नज़दीकिया बदनी padegi…par मीणा न तो उसे मिलने तैयार है और नहीं उसका फ़ोन नंबर होते हुए बात या मश्ग करने तैयार hai..aur वो कुछ देर सोचने क बाद अपने चेहरे पे एक कातिल मुस्कान लाते हुए अपने प्लान को अंजाम देने क लिए तैयार हुआ था..

उस दिन शाम को मीणा को जब मीणा और उसके पति रात क डिनर ो बाद बैडरूम में सोने तैयार हुए तो दिनु बोलै अरे मीणा मई बोलना भूल गया था कल मेरे लिए टिफ़िन मत बनाना..

तब मीणा उसे पूछी क्यू कल वही पार्टी वगैरा कुछ है क्या…

तब दिनु बोलै पार्टी तो है पर वह नह कल शाम को hai….aur है तुम बी मेरे साथ चलना होगा…

मीणा- अरे नह बाबा मुझे नह जाना किसी पार्टी me..aap hi जावो मई घर में hi ठीक हु कहते हुए मीणा ने पार्टी में आने से इंकार करदिया

तब दिनु बोलै अरे इ तो फॅमिली पार्टी है खुद बॉस ने कुछ खास लोगो को अपने परिवार क साथ आने को बोलै है..

बॉस का नाम सुनते hi मीणा क रोमते खड़े होगये the…uske जिस्म में एक ुंचही लहार दौड़ ने लगी thi…jo वो जल्द hi महसूस करना चाहती thi…fir बी उसने अपनी उमंगो को काबू में रखते hue..pati से पूछी ऐसी क्या खास बात है की कल कुछ खास लोगो क लिए hi पार्टी राखी है…

दिनु- वो तो बॉस hi जाने पर कह रहे थे सब को परिवार क साथ आना जरुरी hai…aur तुम बी चलना hoga….pati की बात सुनकर मीणा मैं में hi सोचने lagi…isme राणा की जरूर कोई चल होगी कही वो फॅमिली पार्टी क बहाने मुझसे मिलना तो नह chahte…agar मुझसे मिलना hi होता तो फॅमिली पार्टी रखने की क्या जरुरत थी ….कुछ और hi रीज़न hoga…tab उसे याद आया कुछ दिन पहले की वाशरूम की बात …कही राणा जी का प्लान फिर से वाशरूम का तो nh….kuch तो है जो मुझे समाज में नह aara…ab पार्टी में जाकर hi तो पता चलेगा…

मीणा गहरी सोच में मग्न थी तब उसे दिनु ने आवाज़ देते हुए पूछा क्या सोच रही हो…

मीणा अपनी सोच से बहार आते हुए बोली कुछ नह बस सोच रही थी की बार बार पार्टी में मेरा जाना ठीक रहेगा की नह…

दिनु- अरे तुम थोड़ी अकेली औरत ho…waha तो और 4-5 औरत बी होंगे और उनके बचे बी …सो ज्यादा सोचो मत अब सो जावो.

मीणा- एक घेरि सास लेते हुए बोली ठीक है अब आपको कैसे मन कर सकती hu…chalo और एक पार्टी बी sahi…meena ने ऐसा बोलै था की जैसे वो अपनी मर्ज़ी से नह बल्कि अपनी पति की ख़ुशी क लिए रेडी होगयी hai…aur वो दूसरी तरफ मुँह करके सो गयी और सोचने लगी की कल सच में राणा जी ने उसके लिए hi तो पार्टी नह राखी, अगर मुझसे नज़दीकिया बढ़ाने की सोच से राखी हुई है तो मेरे पति और लोगो क होते हुए राणा जी kaise?….e सवाल उसके दिमाग सवाल hi बांके raha…shayad इ पार्टी मेरे ली हो बी सकता है और न भी..…. राणा की इ चल मीणा क सोच क बहार thi..use कुछ बी समाज में नह आरा है था और वो इसी सोच का जवाब ढूँढ़ते हुए नींद में चालीगयी…

मीणा को सोचना बिलकुल सही tha…Rana ने कुछ प्लान करके hi इ फॅमिली पार्टी राखी हुई thi..meena को अपना ने क लिए इ उसका प्लान का हिस्सा tha…isliye उसने कुछ गिने चुने 5-6 लोगो को hi निमंत्रण दिया था वो बी फॅमिली क साथ और उसने बचो को बी इसलिए लाने बोलता की उनकी फॅमिली की नज़र बचो पे ज्यादा रहेगी तो वो मीणा और उसके बीच होनेवाली हरकतों पे ज्यादा ध्यान नह डी payenge..uska और बी कुछ प्लान था जो आगे पता चलेगा…

दूसरे दिन दिनु दोपहर को hi काम से वापिस आया और दोपहर का खाना अपनी बीवी मीणा क साथ खा कर कुछ देर रेस्ट करके बॉस से मिलने चला गया जो बॉस ने उसे सुबह hi फ़ोन पर बताया था..

जब दिनु बॉस से मिला तो पहले बॉस ने अपने नौकर को बोलकर कॉफ़ी देने बोलै और उसके साथ खुद बी कॉफ़ी की चुस्की लेते हुए दिनु से बोलै अरे भाई dinu..mai चाहता हु की आज की पार्टी की सब तैयारी तुम karo…sab गेस्ट और उनके परिवार को कोई कमी न हो इ इसका खास ख्याल रखना और सबके क लिए स्पेशल चॉकलेट और आइसक्रीम बी मँगवालेना खास कर क औरतो और बचो क लिए…

दिनु- चूकते हुए सर मई….??

दिनु ने सवाल भरे नज़र से बॉस की और देखा तो राणा बोलै क्यू कोई प्रॉब्लम है तो मई किसी और को bolunga…darasal तुम्हारे पुराने बॉस ने hi मुझे कहा था की तुम हर काम शराफत और लगन से करते हो इसलिए मैंने तुम बोलै…

बॉस की बात सुन क दिनु मैं hi मैं खुश हुआ tha…darasal दिनु बी यही चाहता था की वो पहले बॉस की तरह कमेशा राणा का बी खास आदमी बन जाए तो उसका सब काम आसानी से निपट jayega..dinu खुश था और इस ख़ुशी क चलते वो बोलै क्यू नह सर आपको कोई शिखायत का मौका नह मिलेगी मेरे तरफ से

बॉस- गुड बहुत ache…aur राणा ने कुछ पैसे दिनु क हाथ में थमाए और बोलै इ रख लो और कल बाकी का हिसाब दे देना…..

दिनु पैसे लेके ठीक है सर तो मई जाके तैयारी करता hu…bolke बॉस से विदा लेके जाने लगा तो राणा बोलै और सुनो दिनु आज से पुराने बॉस की तरह तुम बी मेरे खास हो..

बॉस की बात सुन क वो ख़ुशी ख़ुशी थैंक यू सर बोलके तो चला गया तो इधर राणा दिनु को जाते हुए देख मैं में hi बोलै कहा इस बंदर क हाथो मीणा लग gayi…shayad यही वजह होगी जो मीणा मुझसे थोड़ी आकर्षित हो रही होगी…

दिनु एक साधारण कद कटी का मर्द था जो एक आवारगी पर्सनालिटी का tha…meena और दिनु की जोड़ी कभी बी नह बनती thi..kaha मीणा जैसी सूंदर औरत और कहा दिनु जैसा एक कला घुघुरे बाल वाला mard…par दिनु बहुत मेहनती था और अपने सब पुराने बॉस लोगो क साथ एक ाचा रिश्ता मेन्टेन करने क वजह से वो आज एक अछि पोस्ट पर था..

खैर दिनु तो बॉस क बातो से खुश था पर उसे इ पता नहीं था की वो ख़ास किस लिए बना है वो बी इतनी जल्द… उसे थोड़ा बी अंदाज़ा नह था की उसकी प्यारी बीवी उसके बॉस यानि कामेश राणा क लिए सबसे ख़ास hai…aur वो आज उसकी बीवी की गुप्तांग पर दस्तक देने क लिए hi खास पार्टी राखी हुई hai….aur उसने इ बात सोची बी नह थी की बॉस क दस्तक पाते hi उसकी प्यारी बीवी उसके बॉस यानि राणा जी क लिए अपने हाथों से बिस्टेर सजायेगी प्रेमलीला क लिए…

खैर घर में बैठी मीणा यही सोच में लगी हुई थी की आज पार्टी में क्या hoga…use डर बी था की कही जोश में आके राणा कुछ ऐसा न करदे जिसे उसके पति और साथीदार को शक न हो jaaye…par मीणा को यकीं बी था की राणा जैसे ऊँचे पद का आदमी ऐसी कोई हरकत नह करेगा जिससे उसके इज्जत पे दाग लग jaaye..par अब उसे जल्द से जल्द पार्टी जाने की जल्दबाज़ी thi..so अपने पति दिनु का इंतज़ार करने लगी thi…jiske आते hi पार्टी जाना तैय था पर जब शाम क 6 बजे तक बी दिनु नह लौटा तो उसे बेचैनी होने लगी thi…use ऐसा लगाने लगा की कही किसी कारन वाश पार्टी कैंसिल तो नह hui….jo वो बिलकुल नह चाहती थी और उसने अपने मैं का शक दूर करने क लिए अपने पति दिनु को फ़ोन लगा hi लिया तो उधर से दिनु ने कॉल रिसीव करके hello कहा

मीणा- जी कहा हो आप

दिनु- कही नह आरहा हु कुछ काम सौपा था बॉस ने वही कर रहा हु कुछ आधे घंटे में आजावूंगा उसके बाद पार्टी क लिए निकलते hai..q कुछ लाना है क्या?

मीणा- नह नह बस ऐसे hi पूछा ok तो फिर आप अपना काम करके आवो रखती hu…meena को अपने पति क काम से कोई मतलब नह था बस उसे इ जानना था की पार्टी है या नह जो उसके पति क बातो से hi पता चल गया था इसलिए मीणा ने ज्यादा बात किये hi फ़ोन काट दिया था.

अब उसके दिमाग में एक hi बात चल रही थी रात में पार्टी में क्या hoga…uske दिमाग में कही सारे सवाल एक साथ hi उठ रहे थे पर वो जानती थी उन सब का जवाब सिर्फ पार्टी शुरू होते hi मिलनेवाला है… और वो सोचने लगी पार्टी में क्या पहन क jaavu….wo अपने कप्बोर्ड क पास जाके एक एक साडी ड्रेस चेक करने लगी लेकिन उसे आज कोई बी चीज़ ऐसी नह लग रही थी जिससे वो खास बॉस क लिए pehnu….lekin खैर उसे कुछ तो पहन क hi जाना था तो उसने एक काले रंग की डिज़ाइनर साडी चुनी क्यू की इसके साथ जो ब्लाउज था वो थोड़ा स्लीव्स पर ट्रांसपेरेंट था जिसे मीणा की बाहे उभर क दिख जाती थी जो वो राणा क लिए प्रदर्शित करना चाहती thi…aur मीणा ने साथ में एक ब्लैक कलर का घागरा बी चुना जो काफी टाइट था साथ hi मीणा ने मैचिंग ब्रा पंतय बी निकली और उसे लेकर बाथरूम गयी और अपने पुरे कपडे उतर कर नंगी hi शावर लेने लगी …गाना गुनगुनाते हुए सजाना है मुझे सजाना क लिए सजाना है मुझे सजाना क लिए. ….. जैसे जैसे पानी की हलकी सी बून्द उसके शरीर को भिगो रही थी वैसे वैसे मीणा का जिस्म में गर्मी बी बढ़ाने लगी थी.. और इस बढ़ती गर्मी ने उसके हाथ को छूट को मसलने पे मजबूर करदिया tha…meena मस्ती में डूबी गाना गुनगुनाते हुए पानी क बूंदो क निचे अपनी छूट को मसलते हुए उसे शांत करने की कोशिश कर्म लगी थी तब उसे अपनी उँगलियों पर करीब आधे इंच की झट जो छूट पर उगी हुई थी वो चुबने लगी thi…aur उसका गुनगुनाना रुक गया साथ hi शावर बी ..और वो शर्मीली मुस्कान क साथ रेसर उठके अपने छूट क बाल साफ़ करने लगी…

मीणा ने आखरी बार जमील क लिए hi अपनी छूट को साफ़ किया था उसके जाने क बाद आज 15- 16 दिन तक उसने अपने छूट को साफ़ नह किया tha…isliye करीब आधे इंच तक बाल छूट पर उगे हुए the..par आज वो जानती थी की राणा और उसके बीच कुछ नह होगा फिर बी उसके मैं एक अभिलाषा थी अपनी बिना झांट वाली छूट को राणा किसी तरह चुने की कोशिश करे अकेले पाकर…

मीणा को इ अछि तरह पता था जैसा वो सोच रही वो होगा hi नहीं फिर बी गलती से हो बी गया तो वो अपनी साडी क ऊपर से बी बॉस को अपनी छूट पर बाल होने का थोड़ा बी एहसास देना नह चाहती थी…

कुछ hi देर में मीणा नहाकर फ्रेश हुई और वो सिर्फ चड्डी और ब्रा पे hi बैडरूम में आयी और नंगी ेने क सामने कड़ी होकर अपने गोर भरे हुए जिस्म को निहारने lagi..meena इस वक़्त सिर्फ एक क्रीम कलर की चड्डी और ब्रा पर thi..jo उसके गोर गरदायी बदन पे चार चाँद लगा रहे the…agar इस वक़्त कोई बुड्ढा बी सामने होता तो उसका लुंड खड़ा होने से नह रोक paata…meena अपने जिस्म को पलट पलट कर ेने क सामने रुकी देख रही thi…uski चड्डी इतनी टाइट फिट थी की उसके गांड क खुले उभर क पूरी गोलाई और मोटापन कोई बी इमेजिन कर सकता था और आगे से तो उसकी पहली हुई छूट का छेद लुंड लेने तैयार दर्शा रहा tha..aur ऊपर छाती पे बी यही हाल tha..uski ब्रा में कैद उसके मोठे मोममे आधे से ज्यादा बहार झक रहे थे मानो क कह रहे हो जल्द से जल्द इसे मसल कर मुट्ठी में भर कर chuso..e सब नज़ारा आयने में देख कर मीणा और बी उत्तेजित होने लगी thi…wo ेने क सामने एक गैर मर्द को इमेजिन कर रही थी और फिलाल वो गैर मर्द कोई और नह था बल्कि उसके पति का बॉस राणा hi tha…..jiske साथ वो अपना जिस्म बाटने की सपने सजाये हुई thi…use एक पल शर्म बी आयी इ सोच कर की जल्द hi वो राणा क सामने ऐसी hi आधी नंगी अवस्ता में कड़ी hogi..aur शर्म क मरे दोनों हाथो से अपना चेहरा धक् li…aur धीरे से अपना हाथ हटते हुए बोली ऐसा क्या देख रहे हो मेरे राणा ji….jald से मुझे बहो में भर क मेरी प्यास भुजा दो na…kitne दिनों से इ जिस्म किसी तगड़े मर्द की तलाश में hai…hahah हहहहहहहहह ajavona….uuuuuuuu ाचा अब इ कपडे बी ज्यादा लगे ….तो इसे बी उतर दो na…kehte हुए मीणा अपनी चड्डी खुद उतर hi रही थी तभी उसे बहार बाइक रुकने की आवाज़ aayi…aur उसे समझने में देर नह लगी की इ उसके पति का hi बाइक है और उसने झटके से निघ्त्य उठायी और पहन कर बहार चली गयी और जब तक दिनु आके फ्रेश हो जाता मीणा ने उसके लिए कॉफ़ी बी banadi…par कॉफ़ी बनाते हुए मीणा यही सोच रही थी की कितना ाचा लग रहा था राणा जी को सामने महसूस karke…..agar पति नह आते तो पूरी नंगी hi हो जाती मजा aata…inhe बी न… कुछ देर बाद एते तो क्या होता….. हेहेहे कहते हुए वो मैं hi मैं अपने पति को कोसने लगी और boli…aur सुनो मेरे पतिदेव जब मेरा और आपके बॉस का मिलान होगा न .,तब मई पूरी सिद्दत से मेरे एक एक अंग आपके बॉस क हवाले करने वाली हु तब आप बीच में आके डिस्टर्ब मत करना hehehe…meena ऐसे सोचते हुए अपने मैं में hi एक कातिल सी मुस्कान भरे कॉफ़ी लाके बहार बैठे अपने पति यानी दिनु क सामने रख दी और खुद बी उसके सामने बैठ गयी तो दिनु बोलै अरे मीणा तुम तैयार नह होगी…

मीणा मैं hi मैं बोली मई तो कब से तैयार हु… पर वो अपने पति को इसकी जरा बी भनक नह देना चाहती थी सो वो बोली इतना जल्द जाके क्या करेंगे waha..party तो ,9 बजे क बाद hi शुरू होगी na..ab तो 7.30 बजने आये है…

दिनु कॉफ़ी की चुस्की लेते हुए बोलै है पर हमे जल्दी जाना है क्यू की बॉस ने पार्टी क साडी जिम्मेदारी मुझपर डाली hai..so मुझे hi वह पहले जाकर तैयारी करनी है और दिनु ने दोपहर वाली सब बात मीणा को बतादि.

दिनु की बात पूरी सुनते hi मीणा का अंदाज़ा यकीं में बदल रहा था और उसे लगा जब राणा ने पार्टी मुझे मिलने क बहाने से hi अर्रंगे किया है तो आज जरूर उसका कुछ तो इरादा hai…aur इ बात सोचते hi उसके जिस्म में एक ख़ुशी की लहार दौड़ पड़ी जो चेहरे पे मुस्कान लाने क लिए काफी thi….ab मीणा और देर नह करना चाहती थी .उसने मैं में hi तैय किया की आज वो राणा जी क हरकतों को अपना पूरा सहयोग degi..aur वो बैडरूम जाके पहले hi चुने रखे साडी को पहन कर रेडी hogayi…tayyar होते वक़्त मीणा ने पूरी कोशिश की थी राणा उसे देख क पागल हो जाए और तब तक उसका पति दिनु बी तैयार हो गया और कुछ देर बाद दूर लॉक करके दोनों hi पार्टी क लिए निकल पड़े..

लेकिन जाते जाते मीणा को कुछ शरारत सूचि और वो अपने पति से बोली…

मीणा- सुनो

दिनु- है बोलो क्या हुआ कुछ भूल गयी क्या,?

मीणा- नह बस मई इ कहना छह रही थी की ऐसे खली हाथ पार्टी में जाना ठीक रहेगा kya..q न हम बॉस को कुछ ऐसे चीज़ देदे जो उन्हें पसंद ho..aur हो सकता है इससे बॉस और बी ज्यादा आप पे इम्प्रेस हो जाये

मीणा की बात दिनु को बी सही लगी पर उसे पता नह था बॉस को क्या पसंद है… तो वो सोचते हुए बोलै बात तो सही कह रही हो मीणा पर मुझे क्या पता बॉस को क्या पसंद है..

मीणा मैं hi मुस्कुराते हुए बोली है पर मुझे लगता है उनको आम खाना पसंद है..

दिनु- कैसे??

मीणा- भूल गए मैंने दो दिन पहले कहा था बॉस मॉल में मुझे मिले थे और वो आम खरीदने आये थे …मैंने उस दिन नोट किया था

दिनु- है मई तो भूल hi गया tha…chalo तो फिर कहते हुए दिनु ने मॉल क सामने गाडी रोकी और दो दें आम खरीद लाया और बाइक पार्टी क लोकेशन की और चलने लगी.

क्यू की पार्टी कुछ लिमिटेड लोगो क लिए hi थी तो अभीतक कोई नह आये सिवाए एक फॅमिली k…wo बी इसलिए आये थे ki..dinu ने उसे खुद बोलै था थोड़ा जल्द hi आने को क्यू की दिनु अपने काम में उसकी मदत चाहता था और वो बी दिनु का खास दोस्तों में एक tha..kuch hi देर में दिनु और मीणा बी पार्टी क लोकेशन में पहुंच गए थे.. मीणा ने देखा की सिर्फ एक औरत जो उसकी पहचान की थी वो एक चेयर पे बैठी हुई है और उसके दो बचे वही खेल खुद में लगे hai..par मीणा की नज़र किसी और को hi ढूंढने में लगी थी उसे राणा कही नज़र नह आरा है था.. उसे लगा वो अभीतक आया नह होगा सो मीणा सीधे उस औरत क पास जाके बैठ क बातो में लग gayi..lekin उसने वो आम का बैग खुद अपने पास hi रख लिया था उसने सोचा था की वो आम क बैग खुद राणा को देगी और इसी बहाने उनके बीच आँखों में hi बात हो जाएगी..

मीणा उस औरत क साथ बातचीत में तो लगी थी पर उसकी नज़र कही न कही अब बी राणा की राह देखने लगी थी…

उधर राणा एक कमरे में बैठे कुछ सोच में बिजी tha…use बी खबर नह थी की दिनु और मीणा दो no आ चुके hai..aur दिनु बी पार्टी क तैयारी में बिजी होगया tha…kuch 15 मीन्स ऐसे hi बीत गए थे और एक एक करके सब मेहमान आगये the..waha कुल मिलकर 6 औरत थे और 6 मर्द अगर राणा को मिलाया जाए तो कुल 7 मर्द और उनके साथ एक दो बचे बी the…meena औरतो क साथ बैठी हुई थी और कुछ मर्द दिनु क साथ दे रहे थे कुछ वही दूर बैठे गप्पे मार रहे थे..

और अंदर रूम में बैठा राणा क बी दिमाग ने वो सोच ख़तम होगयी थी जिसके बारे में वो अकेले बैठे सोचने लगा tha..aur जब उसे लगा की इ प्लान काम कर सकता है तो वो बी बहार आया और सबको विश किया..

पर जैसे hi राणा बहार आया मीणा क चेहरे पर हसी खिल गयी thi…aur कुछ देर क लिए दोनों की नज़र बी मिल गयी thi..uski दिल की धड़कन अब थोड़ी तेज होने लगी थी क्यू की वो जानती थी अब खेल की शुरुवात होने वाली hai.,e सोच कर hi उसके रोमते खड़े होगये थे लेकिन राणा ने ज्यादा कुछ हरकत नह किये बिना वो मर्दो की तरफ चल पड़ा और मीणा बस उसे तिरछी नज़र से देखते रही..

राणा ने कोई हरकत इसलिए ñह की थी वो जनता था जैसे hi वो बहार आएगा सब लोगो की नज़र उसपे hi होंगी और वो नह चाहता था उसके और मीणा क बीच कोई इशारा हो और कोई उसे देख न le…aur मीणा बी इ बात अछि तरह जान गयी thi…aur वो राणा का इशारे का इंतज़ार करते हुए उसे तिरछी नज़र से देखते हुए नज़र गड़ाए बैठ गयी…

और कुछ hi देर में गेट्स लोगो की ड्रिंक्स की पार्टी शुरू हो गयी और लेडीज लोगो क लिए स्नैक्स क साथ कोल्ड्रिंक्स सर्वे किया गया उधर गेट्स सभी ड्रिंक्स का मजा लेने लगे तो इधर बचे और लेडीज कोल्ड्रिंक्स क साथ स्नैक्स का मजा लेने में बिजी होगये थे..

कुछ आधा एक घंटा बीत गया था और लगभग सब मेहमान ड्रिंक्स और कोल्ड्रिंक्स क मजा ले चुके the…tab वह पे 6 टेबल रेडी करदिये गए और सब टेबल पर एक बड़ी सी मोमबत्ती लगाडी gayi…meena इ सब देख कर कुछ ashçraya हो गयी थी पर उसे कुछ समाज में नह आरहा था वो पहली बार ऐसे अर्रंगेमेन्ट्स देख रही thi…wo राणा की तरफ देख कर पूछने का इशारा कर रही hi थी इ सब क्या hai…par थोड़ा अँधेरा होने क वजह से राणा मीणा क इशारे को देख नह पाया tha…bas मीणा क दिमाग यही सोच चल रही thi…aur उसने जो कुछ बी सोच क आयी थी वैसे अभीतक तो कुछ बी हुवा नह tha…ek पल उसे लगा कही वो गलत नह thi…Rana ने जस्ट फॉर्मलिटीज क लिए तो पार्टी नह rakhi…bas वो अपने दिमाग को जोर डालने लगी थी तभी सभी गेट्स उठ कर आये और उनके साथ राणा बी आया …तब राणा ने पहले सब लोगो को इकट्ठा खड़ा होने को कहा और बाद में बोलै फ्रेंड्स आज मई जो पार्टी दे रहा हु उसके पीछे एक खास मकसद hai…e कहते हुए उसने मीणा की और नज़र डाली तो मीणा समाज गयी थी राणा का मकसद क्या है और वो शरमाते हुए अपनी नज़र ज़ुकाली..

राणा आगे बढ़ते हुए बोलै मई जान था हु आज कल काम का कितना प्रेशर होता है और आप लोग अपनी फॅमिली क साथ एन्जॉय नह कर पते ho..pehle इधर कैसा माहौल था इ तो मुझे पता नह पर जब तक मई यहाँ रहूँगा तब तक मई चाहता हु मेरे सब कर्मचारी मजे क साथ दिन बिताये …इसलिए आज मैंने एक छोटी सी कोशिश की है एक कैंडल लाइट डिनर अर्रंगे karke..aaj इस डिनर पार्टी में लेडीज अलग गेट्स अलग नह है क्यू की मई चाहता हु आज सब अपने परिवार क साथ एक एक टेबल पे बैठ क एक साथ डिनर karenge…isse माहौल बी ाचा बनेगा ….चलो सब अब डिनर करते है और मजे लेते है…

राणा की इ बात सुन कर वह खड़े सब लोग खुश होगये थे क्यू की आज तक जितनी भी पार्टी हुए थी उसमे हमेशा लेडीज क लिए अलग और गेट्स क लिए अलग डिनर परोसा जाता tha…lekin आज पहली बार उनको अपने फॅमिली क साथ कैंडल लाइट डिनर करने का मौका मिला था..

लेकिन मीणा कुछ सोच में पड़गयी thi..q की मीणा को लगा जब पति सामने बैठा होगा तो वो राणा की तरफ देख बी नह सकती thi…use कुछ समाज में नह आरा है था वो तो आज राणा क साथ बात आगे बढ़ाने की सोच कर आयी थी पर इ तो कुछ उल्टा hi हुआ था ऐसा उसे लग रहा tha…uski चेहरे की थोड़ी बहुत रौनक बी चालीगयी thi…aur इ बात राणा ने नोटिस कर्ली thi…aur वो अंदर रूम जाने क बहाने मीणा क ठीक बगल से गुजरते हुए बोलै आज हम साथ में खाना khayenge…aur वो रूम की तरफ जाकर किसी से फ़ोन पे बात करने लगा..

मीणा ने राणा की बात तो सुनली थी पर उसे समाज ने नह आरा था की राणा कैसे उसके साथ डिनर पे बैठेगा और अगर बैठ बी गया तो दिनु क सामने होते हुए उनकी बात कैसे hogi..wo नह चाहती थी की दिनु क सामने राणा से कुछ बात को आगे बढ़ाने की कोशिश kare…meena यही सोच में डूबी हुई थी और तब तक बाकी क लोग सब अपने परिवार क साथ अपने अपने टेबल पर बैठ कर डिनर का इंतज़ार करने लगे थे तब दिनु उसके सामने आया और मीणा से पूछा क्यू मीणा तुम डिनर नह करनी क्या…

मीणा अपने सोच से बहार आते हुए है करेंगे न चलो…

तब दिनु और मीणा दोनों जाके एक टेबल पर बैठ गए और वो बी डिनर का इंतज़ार करने लगे तब तक राणा की फ़ोन पर की बात चित बी ख़तम होगयी थी और वो सीधे दिनु क पास आया और बोलै अरे भाई दिनु मई तो भूल hi गया था..

दरअसल जब राणा ने अपने नौकरो से मीणा और दिनु क बारे में इन्क्वारी की थी तब hi उसे पता चल गया था की दिनु क दोनों बचे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते hai..is वजह से उसे यकीं था की आज पार्टी में दिनु और मीणा hi आएंगे उनके बचे nh..use इ बी यकीं था की दिनु उसे अकेले किसी टेबल पर बैठ कर डिनर करने से रोगेगा. ..और वो अपनी चल को चलने लगा था …

दिनु बॉस को देखते हुए क्या हुआ सर?

राणा- मैंने अपने लिए टेबल लगाना भूल hi गया क्या तुम मेरे लिए यही बगल में एक टेबल लगाने की बंदोबस्त कर सकते हो…

पहले तो दिनु उठगया टेबल की अरेंजमेंट करने तब उसे कुछ लगा और बोलै सर टेबल लगाने की क्या जरुरत है आप यहाँ हमारे साथ hi बैठो न..

मीणा बॉस और दिनु क बीच हो रही बाते तो सुन रही थी पर उसे अपने पति क सामने होते हुए बॉस से नज़ारे मिलाने में डर बी था इसलिए वो नज़ारे झुकाये hi बैठी हुई thi…q की उसे अब कुछ कुछ समाज में आरहा था राणा का प्लान..

उधर अपने प्लान को कामयाब होते देख राणा बोलै अरे नह dinu..meri वजह से आप लोगो को प्राइवेसी नह मिलेगी…

दिनु अपने बॉस पे जोर दालतके हुए अरे नह सर यहाँ कैसी privacy..aap बैठिये तो सही मेरी बीवी को बी कोई प्रॉब्लम नह क्यू मीणा कहते हुए दिनु ने मीणा की तरफ देखा जो अब भी नज़ारे झुकाये बैठी हुई थी..

मीणा बी तो यही चाहती थी तो वो अपनी पति की बात सुनकर नज़ारे उठायी और अपने पति से बोली है हमे कोई आपत्ति nh…aur वो पहली बार राणा से नज़ारे मिलायी मानो की जैसे बोल रही हो बैठो न क्यू इतना भाव खा रहे ho..jise अच्छीतरह पहचान राणा ठीक है जब आपको कोई आपत्ति नह तो मुझे आपके साथ डिनर करने में मजा आएगा कहते हुए वो वही चेयर पे बैठ गया.

अब आलम इ था की बॉस टेबल क एक तरफ बैठा था और उसके आगे राइट साइड में दिनु तो लेफ्ट साइड में मीणा बैठी thi…aur कुछ hi देर में सर्वर आके सब को खाना एक एक करके परोसना lage..aur सब ने एक साथ खाना शुरू कर दिया था…

पति सामने होने क वजह से मीणा अपना सर झुकायेही खाना खाने लगी thi..kuch देर तीनो खाने में बिजी थे पर अचानक मीणा को अपने पेअर पर किसी क पेअर टकराने का एसएस हुआ तो तुरंत मीणा ने अपने पेअर पीछे karliye…use पता नह था की इ पेअर किसके है उसके पति क या राणा क..

कुछ 2 मं क बाद फिर उसे वही एसएस हुआ जो कुछ देर पहले अपने पैरो पे हुए tha.,is बार मीणा तिरछी नज़र से राणा को dekhi..to वो मीणा को देख कर मुस्कुराने लगा tha…meena को पता तो चल गया था की इ हरकत राणा की hi है पर उसे अभी बी कन्फर्म नह tha…so वो चमच को हलके से निचे गिरायी और उसे उठाने क बहाने नीचे देखि..

मीणा ने देखा की उसके पति तो दूसरी तरफ पेअर करके बैठा हुआ है और शूज बी पहना हुआ है और जब उसकी नज़र राणा क पाँव पे पड़ी तो मीणा ने देखा की राणा ने अपने शूज उतरे हुए है और वो मीणा क पेअर क बहुत करीब है…

मीणा फिर से खाने में अपना ध्यान लगायी तो मीणा को फिर से वही एसएस hua….meena अपने मैं में hi खुश हो रही थी क्यू की उसे पता चल गया था की राणा का खेल शुरू हो चूका hai…par उसे डर बी था क्यू की उनके बगल में कुछ दुरी पर दूसरे लोग बी डिनर कर रहे the…aur सामने पति बी बैठा हुआ tha….meena क लिए इ पल किसी साहस से काम नह था वो छह कर बी राणा को साथ नह दे पा रही thi…isliye उसने राणा को देखते हुए न न में सर हिलाया जिसे बखूबी राणा समाज तो चूका था पर मीणा क नरम पेअर चुने में उसे जो मजा मिल रहा था ऐसा मौका वो खोना नह चाहा था और मीणा का न का इशारा पते hi उसे लगा मीणा विरोध तो नह कर रही है पर उसे डर लग रहा hai…aur उसने एक बार चारो तरफ नज़र दौड़ाई और दिनु से बोलै कितना ाचा लग रहा है न dinu…dekho कैसे सब लोग अपने अपने परिवार क साथ कैंडल लाइट डिनर का मजा ले रहे hai…e बात केहर राणा ने मीणा को इशारा छोड़ दिया था की कोई उन्हें नह देख रहा hai…sab अपने अपने परिवार क साथ मग्न है. बॉस की बात सुनकर दिनु बी अपने चारो तरफ नज़र दौड़ने लगा पर मीणा ने जरुरी नहीं समजा वो जानती थी राणा जी ने किस मकसद से इ बात कही hai…aur वो पति से नज़रे चुराके राणा को देख मुस्कुरायी और खाने में मग्न hogayi..par मीणा क इस हरकत से राणा का हौसला और बी बढ़गया था और उसने इस बार मीणा क साडी क भीतर पाँव घुसाने की कोशिश की thi..to मीणा सहम सी गयी और डर क मरे आगे पीछे देखने लगी और आखिर में अपने पति क तरफ देखि जो खाने में बिजी था और फिर राणा को देख कर अपने पति की और आँखे दिखते हुए न न में विनती की

.तभी उसका पति बोलै है सर आपने इ बहुत भेड़िया काम किया क्यू मीणा तुम बी ाचा लग रहा है न दिनु ने सामने बैठे मीणा से पूछा.. अब मीणा क्या जवाब देती उसे पहले से hi अंदाज़ा था की बॉस कुछ कुछ ऐसा करेगा और वो पति से बोली कुछ काम सही वक़्त और सही जगह पर किये तो उसका मज़ा दुगना होता hai…kehte हुए वो बॉस को तिरछी नज़र से देख अपने पाँव को पीछे हटली..

मीणा क इस बात का मतलब राणा अछि तरह समाज गया था पर उसका पति दिनु नह, वो मीणा को देख कर पूछा मतलब ?

मीणा- मतलब इ की सर ने सही समय और मौके पर ऐसे कैंडल लाइट डिनर की अरेंजमेंट करके हम औरतो को खुश करदिया है अपनी बार को बदलते हुए मीणा इस बार पति क सामने hi राणा को देख कर मुस्कुरायी…

मीणा क बातो का मतलब अछि तरह समजे राणा जी ने अपने पेअर को पीछे ले आया हलाकि उसका मैं तो नह था और उसे अभी तक मीणा की दिल की बात बी पूरी तरह से पता नह थी…

तीनो फिर से डिनर करने लगे तब राणा ने अपना मोबाइल निकला और किसी को कुछ मश्ग kiya..aur फिर अपने मोबिल को अपने जेब में रख diya…kuch 2 मीन्स hi हुए थे तब दिनु का फ़ोन बजने लगा तो दिनु ने अपना मोबाइल निकल क देखा तो किसी अननोन नंबर से था सो उसने कट करदिया और फिर खाना खा hi रहा था तो फिर से मोबिल रिंग होने लगा उसने फिर अपना मोबिल देखा तो वही अननोन नंबर था वो फिर कट करना छह hi रहा था तो राणा बोलै अरे दिनु उठा लो na…kisi कोई ुर्गेनस्य hogi..isliye बार बार कॉल कर रहा है….

अपने बॉस की बात सुनते hi दिनु ने फ़ोन पिचकूप किया और बाकी बैठे लोगो को डिस्टर्ब न हो इसलिए कुछ दूर जाके बात करने laga..jaise hi दिनु फ़ोन पे बिजी होगया तो राणा ने अपना खेल को शुरू कर दिया …वो मीणा की और देखते हुए बोलै बड़ी खूबसूरत लगी रही हो आज …

राणा की बात सुनते hi मीणा ने पहले अपने पति की तरफ देखा जो दूर खड़े किसी से फ़ोन पे बात कर रहा था फिर मीणा ने आगे की टेबल की तरफ देखा और जब उसे लगा की राणा की बात उन तक नह पहुंची तो वो बी राणा को देख मुस्कुराते हुए बोली जी थैंक यू…

मीणा की हसी पाते hi राणा बोलै तुम्हारी हसी बी कमल की है किसी को बी पागल banade…meena फिर मुस्कुराते हुए थैंक यू बोली तो राणा बोलै बस थैंक यू hi बोलती रहोगी और कुछ नह ..

मीणा - ह्म्म्मम्म

मीणा का जवाब सुन क राणा बोलै पता है इ पार्टी मई ने खास तुम्हारे लिए राखी है..

मीणा को तो पहले से hi इस बात का अंदाज़ा था फिर बी राणा क सामने मासूम बानी बोली ऐसा क्यू?

राणा आगे बढ़ाते हुए बोलै बस देखना था वैसे कॉफ़ी का तो ऑफर नह एक्सेप्ट की तो मजबूरन इ फैसला लेना पड़ा…

मीणा- हम्म्म

मीणा सिर्फ हम्म में जवाब देने लगी थी जो राणा क लिए काफी नह था सो वो बोलै सिर्फ हम्म्म थैंक यू में जवाब डौगी या कुछ और बी बोलोगी..

मीणा अपने पति की और देखते हुए हलके से बोली वो कभी बी आ सकते है…

राणा अब समाज गया था की मीणा को अपने पति का डर है और वो बोलै जब तक मई नह चहु वो यहाँ नह आएगा बस बातो में hi उलझा रहेगा…

मीणा कुछ समाज नह पायी और राणा की चूकते हुए पूछी मतलब?

राणा बी अपने चेहरे पे मुस्कान लाते हुए बोलै मतलब इ की मेरा hi आदमी उसे बातो में उलझा रहा है…

राणा की बात सुनते hi मीणा पूछी मगर क्यू?

राणा- क्यू की आज मुझे तुमसे कुछ जरुरी बात करनी है…

मीणा कुछ बोली नह बस हम्म में सर झुकाई और वो थोड़ी रिलैक्स बी होगयी क्यू की कुछ देर क लिए उसे दिनु का डर बी नह tha…isliye वो अब पूरी तरह से राणा का साथ देना चाहती थी ताकि जल्द से जल्द बात एक नतीजे पर पहुंच जाए लेकिन उसे बुरा इस बात का लगा था की राणा ने बीच खाने में hi उसके पति को दूर जाने क लिए मजबूर किया है. और वो थोड़ी नाराज़गी दिखते हुए बोली पर सर मेरे पति को बीच खाने में नह उठाना चाहिए था..

मीणा की बातो से राणा समाज गया मीणा को थोड़ा बुरा लगा और वो मीणा को समजने की कोशिश करते हुए bola..ha तुम सही हो पर और कोई चारा बी नह tha..bas इसे पहली और आखरी बार मान लो. राणा की विनती भरी बातो को सुन मीणा को बी लगा शायद इससे ाचा मौका नह मिलता और राणा को देख मुस्कुराते हुए बोली ठीक है तो बोलो क्या बात करनी है आपको…

सच बात तो इ थी की राणा अब बी नह जनता था मीणा क मैं में क्या चल रहा hai..aur उसे इ जो थोड़ी बहुत जानकारी मिली थी उससे वो यही समाज बैठा था की मीणा एक सुशिल औरत hai…isliye वो थोड़ी दुविधा में था की बात को कहा से शुरू Karu…use डर बी था की अगर मीणा को उसकी बात हज़म नह हुई तो कही मीणा उसपर भड़क न जाए और उसे सब लोगो क सामने शर्मिंदा न होना पड़े इसलिए वो अपने मैं में डर बी बसा हुआ tha….aur डर क मरे कुछ उसके मुँह से निकल hi नहीं रहा tha..fir बी उसने थोड़ी हिम्मत जताई और मीणा से bola…wo बात इ है की मुझे तुम्हारा सेल नंबर चाहिए….

राणा की बात सुनकर मीणा मैं hi मैं मुस्कुराने लगी उसे अछि तरह समाज आया था की राणा जो बात कहना चाहता है वो इज्जत और डर क वजह से नह कर पा रहा hai..fir बी वो नखरे दिखते हुए boli…par मेरा सेल no क्यू सर?

मीणा ने कोई विरोध या कोई नाराज़गी न जताने पर राणा की हिम्मत थोड़ी बढ़गयी थी और वो बोलै बस आप इतनी खूबसूरत हो की जी कर रहा hai…aapke साथ कभी कभी बाते करलु और इस बहाने हम दोस्त बी बन jaaye…agar तुम कोई आपत्ति न हो तो…

मीणा मैं hi मैं बोली मुझे भला क्या आपत्ति hogi..mai बी तो कबसे इसी बात का इंतज़ार कर रही hu…aur अपने नखरे को बढ़ाते हुए boli…baat तो ठीक है sir…par आप जानते हो न सर मई एक शादीशुदा महिला हु और शादीशुदा महिला किसी गैर मर्द से दोस्ती कैसे कर सकते है…..

सच बात तो इ थी की अगर आज राणा जी मीणा को खुल्ले चुदाई क बी दावत देते न तो बी शायद मीणा थोड़ा नखरे दिखा कर मान बी जाती.

मीणा को खुल क बात करते देख जमील बी अब अपनी असलियत पर आगया और bola..jaruri नहीं की गैर गैर hi रहे अपना बी हो सकता hai…Rana ने वही बात दोहराई थी जो बात उसने दो दिन पहले मॉल क बहार मीणा से कही थी..

अब मीणा बी अछि तरह समाज गयी थी की राणा जी फिर से फॉर्म में आये hai…use लगा यही ाचा मौका है बात को कुछ हद तक आगे बढ़ाने का और वो boli..ha सर क्यू nh…jarur अपना बना सकते hai…fir बी सर मुझे डर लगता hai..maine आज तक कभी ऐसे गैर मर्द से दोस्ती क बारे में सोचा nh…..e सब गलत है… मीणा ने झूट hi सही पर इस बात को इतनी नज़ाकत से कहा था की राणा उसकी बात को किसी एंगल से बी झूट न तेहरा सके..

मीणा का इ जवाब राणा क इरादे पे पानी फेरने वाला था फिर बी वो हिम्मत जताते हुए bola..tumari यही बात तो मुझे पसंद आयी hai…isliye तो इतनी औरत यहाँ पे होते हुए बी मई सिर्फ तुमसे दोस्ती करना चाहता हु …और हो सकता है इसी दोस्ती क बहाने तुम्हारी पति क ामदंनी थोड़ी ज्यादा बाद jaaye…rana ने मीणा को लालच दिखते हुए बोलै.

मीणा राणा की बात को अछि तरह समाज गयी थी राणा उसे पति की ामदंनी बढ़ाने की लालच दिखाकर उसे हासिल करना छह रहा hai…par मीणा बिलकुल बी इस बात से खुश नह thi..q की मीणा ने पैसो क खातिर राणा क साथ आगे बढ़ाने की बात कभी नह सोची थी और नहीं उसने जमील क साथ किसी लालच से अपने जिस्म को अपवित्र किया tha..use बस अपनी प्यास बहुजन tha..wo बी ऐसे इंसान से जो उसे प्यार करे उसकी फीलिंग्स को समझ sake…paise या किसी और चीज़ की लालच में वो अपने आप को बेच कर रंडी का दर्जा कभी नह पाना चाहती thi..aur वो नाराज़गी जताते हुए boli…shayad आप मुझे गलत समाज बैठे hai…mai ऐसी औरतो में से नह हु…

राणा को तुरंत अपनी गलती का एसएस हुआ और मैं hi मैं बहुत खुश हुआ पहली बार उसे अपनी सिलेक्शन पर गर्व फील हुआ और वो मीणा को मानाने की कोशिश करते हुए बोलै अगर यही बात मई दिल से कहु की मुझे तुम जैसे सुशिल औरत क साथ दोस्ती करना चाहता हु तो.….???? राणा ने बड़े नज़ाकत से इस सवाल को मीणा क सामने रखा था..

राणा का इ बेहवे मीणा को बी ाचा लगा और वो राणा को देख मुस्कुराते हुए boli…to मई शायद सोच सकती hu…kehte हुए मीणा ने राणा को पहली बार अपनी सहमति jatayi..jisse राणा बी खुश हुआ और bola…to फिर इस शुभ काम की शुरुआत कब होगी…

मीणा हस्ते हुए जवाब दी शायद कल सुबह se..par मेरी एक शिरठ hai..aap जब बी मुझसे बात करोगे आपके आस पास कोई नह rahega…khas कर क आपको इस बात का ध्यान रखना hoga..q की मई नह chahti…..meena आगे बोलने hi वाली थी राणा उसे बीच में रोकते हुए बोलै समाज गया समाज gaya…jab तुम जैसी सूंदर पारी से बात हो रही हो तो कौन बेवक़ूफ़ चाहेगा की डिस्टर्बेंस हो….

मीणा ठीक है अब तो मेरे बेचारे पति को बुलालो…

राणा हस्ते हुए किसी को मश्ग किया और मीणा से बोलै पर तुमने अभी तक सेल नंबर दिया hi नह..

मीणा तुरंत boli…wo कल सुबह आपको मिल जायेगा…

राणा अब ज्यादा मीणा को फाॅर्स करने क मूड में नह tha…fir बी वो अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए bola…wo तो ठीक hai..par तुमने कॉफ़ी पर मिलने की ी बात तो कही nh…Rana थोड़ा रोमांटिक मूड में बोलै..

अब मीणा बी पूरी मूड में थी और वो राणा को छेड़ते हुए boli…lagta hai..bahut जल्दबाज़ी है aapko..jald बाज़ी में किया हुआ काम नुकसान hi करता है इसलिए पहले हमारे बीच बातो का सिलसिला तो शुरू होने do…fir कॉफ़ी क बारे में सोचते है…

राणा कुछ बोलने hi वाला था उसे दिनु वापिस आते हुए नज़र आया और वो फिर से खाने की एक्ट करने laga…aur मीणा ने बी अपने पति को आते देख लिया और वो बी चुप चाप डिनर करने लगी..

और जैसे hi दिनु वापिस अपनी कुर्सी पर बैठा तो राणा ने पूछा बड़ी देर लगाडी tumne…kisi खास आदमी का फ़ोन था क्या? राणा ने ऐसा पूछा की उसे कुछ पता hi nh…aur राणा की बात सुनकर मीणा बी राणा को तिरछी नज़र से देखने lagi..maano की ऐसा कह रही हो अब बहुत हुआ..

तभी दिनु अपने बॉस से बोलै पता नह सर कौन था पर उसे कुछ इनफार्मेशन चाहिए thi..shayad किसी जान पहचान वाले ने मेरा नंबर दिया होगा उसे…
 
तभी दिनु अपने बॉस से बोलै पता नह सर कौन था पर उसे कुछ इनफार्मेशन चाहिए thi..shayad किसी जान पहचान वाले ने मेरा नंबर दिया होगा उसे…

पति की बात सुन क मीणा मैं hi मैं boli…ha मेरे पतिदेव आप सही ho…aapke जानपहचान वाले ने hi उसे आपका नंबर दिया था और वो आपके सामने hi बैठा hai…par इ बात जानते हुए बी मई आपको बता नह Sakti…sorry…

फिर तीनो ने कुछ hi देर में डिनर फिनिश किया और तीनो एक साथ वाशरूम गए हाथ साफ़ करने क liye..aur वह पे कई और लोग बी थे इसलिए मीणा और राणा ने काफी दूरिया बी मेन्टेन किया था ताकि किसी को कोई शक न हो..

सब का डिनर फिनिश होते hi..sab लोगो को आइसक्रीम सर्वे किया गया अपने अपने टेबल पर और सबकी तरह मीणा बी अपने पति और बॉस क साथ आइसक्रीम का मजा उठाने लगी thi..tab उसे फिर से राणा की पाँव उसके पाँव से टकराने का एहसास हुआ तो मीणा ने इस बार अपने पाँव को पीछे नह हटाया बल्कि राणा क पेअर को अपने पावो टेल कुचल क पकड़ा और उसे अपने पाँव क अंघूठे से खुजाते हुए अपनी पति को देखते हुए बोली वो आम…

मीणा की बात को पति समाज गया और वो बगल क टीपोय पे राखी आम की थैली लाने गया तो मीणा तुरंत राणा को देखते हुए boli…abhi कॉफ़ी पिने की बात तैय नह हुई है..

मीणा ने इस बात को राणा क लिए कुछ समजने कहा था या ऐसे hi नॉर्मली कहा था इ बात खुद मीणा बी नह जानती thi..par इस बात का मतलब राणा बहुत अछि तरह अपने दिल में उतर चूका था की चोरी patgayi....aur वो कुछ बोल hi पाटा दिनु उसे आम क बॉक्स देते हुए सर इ आपके लिए…

राणा दिनु को मन करते हुए बोलै अरे इसकी क्या जरुरत thi..mai अकेला थोड़ी इतने सारे आम khavunga..tabhi मीणा उससे बोली रख लो न sir..bahut प्यार से लाया है इन्होने ने खास कर क आपके liye..pehli बार मीणा ने अपने पति क सामने उसके बॉस को सम्भोदित करके कुछ कहा था..

मीणा की बात सुनते hi राणा ने बॉक्स को ले लिया और उसे अपने कार में rakhvaya…uske बाद कुछ खास नहीं हुआ सब लोग डिनर फिनिश करके चले गए और आखिर मीणा और उसका पति बी निकल pade…aur इस बार बी मीणा पीछे मुड़कर राणा को एक स्माइल पास करने नह bhuli…par पिछली स्माइल में और आज क स्माइल में जमीन आसमान का फरक था…

अब आगे क्या hoga…rana और मीणा की बात की शुरुआत कैसे hui..kya मीणा और राणा मिल पाए .. और मिले तो बी कब मिले कैसे मिले और kaha..aur वो अनजान शख्स कौन है जो मीणा को डेली मश्ग करता hai..…e सब जानने क लिए बने rahe…aur है कहानी कैसे लगी इ जरूर कमेंट kare…u र ओने कमेंट इनसपिरे में तो ब्रिंग सम मोरे रोमांटिक थिंग्स फॉर यू..

थैंक यू
 
मीणा की बात सुनते hi राणा ने बॉक्स को ले लिया और उसे अपने कार में rakhvaya…uske बाद कुछ खास नहीं हुआ सब लोग डिनर फिनिश करके चले गए और आखिर मीणा और उसका पति बी निकल pade…aur इस बार बी मीणा पीछे मुड़कर राणा को एक स्माइल पास करने नह bhuli…par पिछली स्माइल में और आज क स्माइल में जमीन आसमान का फरक था…

अब आगे—--

मीणा और दिनु तो अपने घर क लिए निकल पड़े the..par राणा वही बैठे सोचने लगा tha..meena ने मुझसे बात करने क लिए तो मान liya…par उसने मुझे सेल नंबर क्यू नह दिया? कही मीणा ने उस वक़्त मुझसे छुटकारा पाने क लिए तो मेरी बात को मानाने की बहाना तो नह banaya…kaash ऐसा न ho…par इ सब तो मुझे कल hi पता chalega..agar मीणा ने मुझे मश्ग किया तो उसके मैं में मेरे लिए थोड़ी तो जगह hogi..aur अगर नह किया तो…? तो क्या कर सकता हु शायद मेरी किस्मत में मीणा को पाना hi नह लिखा सोच lunga….aur वो अपने रूम क लिए निकल पड़ा अपनी कार में…

इधर मीणा और दिनु बी घर पहुंच गए the…meena ने घडी देखि तो रात क 12 बज चुके the..aur वो बैडरूम जाके अपने कपडे उतर कर एक नार्मल सी निघ्त्य पहन li..aur फिर वाशरूम जाके फ्रेश होगयी और बीएड पे लेट गयी और सोचने लगी मैंने तो राणा जी को कल नंबर देने की बात की hai…aur बातो बातो में राणा जी मुझे फिर से कॉफ़ी क बहाने मिलने की बात जरूर chedenge..,par उस वक़्त मई उन्हें क्या जवाब du..kya मई उन्हें केहड़ू की मई बी उन्हें मिलने तैयार hu…kya करू डायरेक्टली है केहड़ू या nh….par मुझे आज नह तो कल राणा जी को है बोलना hi hai..par मई राणा जी क साथ कॉफ़ी क बहाने कहा milu…ghar में hi….nh नह अगर मई पहली बार hi राणा जी को घर बुलालु तो राणा जी क्या sochenge….ho सकता है राणा जी को मुझपर शक बी हो jaaye..kahi मई पहले बी किसी और को पति क गैर मौजूदगी में घर बुला चुकी hu…chahe कुछ बी हो बॉस को कभी बी पता नह चलना चाहिए की मई पहले बी पति क अलावा किसी गैर मर्द से रिश्ता जोड़ चुकी hu..meena अपने होतो पे ऊँगली रखे हुए सोच में hi डूबी हुई थी की मीणा का पति बी आया और वो मीणा क बगल में लेट gaya…aur उसने देखा की मीणा किसी ग़हरी सोच में hai..to वो मीणा से पूछा अरे मीणा क्या बात है आज तुम मुझसे पहले hi सोने आयी हो और कुछ ग़हरी सोच में बी हो..

पति की बात सुनकर मीणा अपने सोच से बहार आयी thi..aur उसे लगा उसका पति तो सच hi बोल रहा है हमेशा मई hi लेट सोने क आनेवाली आज मई पति क पहले hi सोने aayi..ab क्या बोलू पति ko..wo कुछ सोची और बोली वोऊ मई पार्टी में बैठकर hi थी na..so कमर में थोड़ा दर्द सा हुआ था सो थोड़ा जल्द hi बीएड पे लेट गयी और मुझे कल सुबह बी तो जल्द उठाना होता है…

मीणा की बात सुनकर पति बोलै वो तो ठीक है पर तुम कुछ सोच बी रही थी…

अब मीणा अपने पति को कैसे बताती की वो किश सोच में डूबी हुई थी पर उसे कुछ तो जवाब देना hi tha…aur वो boli…wo मई सोच रही थी की आज हमारे बचे बी यहाँ होते तो वो बी आज की पार्टी में एन्जॉय karte..aapne देखा न पार्टी में बचे कितने खुश the..jaldbaazi में hi सही मीणा ने गलत वक़्त पे बहुत सही जवाब hi दिया tha…jise दिनु बी मान गया और बोलै है मीणा तुम सही ho..is बार वो जब छुट्टी में आएंगे न तो उन्हें बहुत मौज मस्ती karayenge…kya कहती हो…

मीणा- अब बचो की छुट्टी होने में 1-2 महीने hai…mai तो कहती हु की हमे hi उससे पहले एक बार जाके उन्हें मिलना चाहिए इससे बचे बी खुश होंगे और हमे बी उनके पढ़ाई क बारे में पता चलेगा..

दिनु- है तुम सही हो हम दोनों जल्द hi बचो को मिलके aayenge…chalo ठीक है रात बहुत होचुकी है अब सो जाते है कल ड्यूटी पे बी जाना hai..aur वो लाइट ऑफ करके सो gaya..to मीणा मैं hi मैं बोली है मेरे पतिदेव मई बी तो यही चाहती हु की आप जल्द से जल्द सो जावो ताकि मई आपके बॉस क साथ आगे बढ़ाने क लिए प्लान बना saku..aur वो फिर से वही सोच में दुब गयी जहा वो पहले रुकी thi..lekin अब बी उसका दिमाग चल नह रहा tha..par वो अपने दिमाग को जोर देने लगी तो उसने सोचा अगर मई घर में नह मिल सकती तो बहार तो मिल सकती hu…par kaha..kya राणा जी क साथ किसी होटल या लॉज में जाना ठीक rahega..nh नह इतना बड़ा खतरा नह मोल लेना है muje…kahi मुझे बॉस क साथ किसी ने देख लिया तो लेने क देने पद jayenge…aur इस शहर में तो इ नामुमकिन क बराबर hi hai..par किसी दूसरे अगल बगल क शहर me…ho सकता hai…par लॉज में जाना ठीक rahega..kahi लॉज में कुछ गड़बड़ हो गयी to….meena का मैं तो बहुत ललचा रहा था पर उसे पहले अपनी सेफ्टी बी जरुरी thi…aur इसी सेफ्टी क ख्याल रखते हुए उसका दिमाग में कोई बी ऐसी जगह सेफ नह लग रही थी जहा वो राणा जी क साथ जा सकती hai…aur उसे यकीं बी था की जब वो राणा से मिलेगी तो बात बिस्टेर तक जरूर jaayegi….usne घडी देखि तो लगबघ रात क 12.30 बज क निकल चूका the…aur वो सोची अब जो कुछ बी होगा वो कल राणा क साथ बात करने क बाद hi तैय hoga..aur वो रूटीन की तरह एक बार अपने मोबाइल को चेक की तो तभी उसे उसके मोबाइल में फिर वही अननोन नंबर से गुड नाईट का मश्ग था जो करीब 10.30 क करीब आया हुआ tha…meena उस मश्ग को देख कर सोचने लगी कौन होगा इ डेली मुझे विश करता hai..ab तो यकीं क साथ कह सकती हु की राणा जी तो नह hai…aur मेरे पति तो बिलकुल hi नह क्यू की दोनों उस वक़्त मेरे साथ hi the..to कौन होगा इ shaks…jo कोई भी ho..ek तो उसे मेरे बारे में कुछ तो पता hoga…kahi मेरे और जमील क बारे में तो पता नह है use…nh नह अगर पता होता तो शायद वो मुझे अब तक बता चूका होता की उसे जमील और उसके बीच क नाज़ायज़ रिश्ते क बारे में सब कुछ पता hai…..shayad उसने मुझे कही देख लिया hoga…isliye मेरे पीछे पड़ा hoga…aur डायरेक्टली बोलने की हिम्मत नह है इसलिए उसने इ मश्ग का आईडिया बनाया hai…agar ऐसा है तो मई क्यू सोचु ऐसे लोगो क बारे में मुझे थोड़ी ऐसे किसी ैरे गैर से अपना रिश्ता जोड़ना hai…..behtar यही होगा की मई नेग्लेक्ट hi करती rahu…aur वो बी इसी सोच क साथ नींद क अघोष में चालीगयी…

अगले दिन सुबह मीणा की डेरी फिर से रूटीन की तरह तो शुरू होगयी थी पर उसका पति जाते hi मीणा की डेरी में आज बदलाव आगया tha…wo सोफे पे बैठी थी और उसके सामने उसका मोबाइल tha..aur मीणा यही सोच रही थी की राणा को मश्ग करू की nh..par वो अब इस सिचुएशन में नह थी की अपनी संस्कारो क आगे झुक कर राणा को मश्ग करने से अपने आप को रोक सके और उसने वही मश्ग फॉरवर्ड किया था जो उसे अनजान शख्स से सुबह आया था.. गुड मॉर्निंग का…

और मीणा राणा क रिप्लाई का इंतज़ार करने lagi…kuch देर तक उसे कोई बी रिप्लाई नह आया था क्यू की राणा देर रात को सोने क वजह से लेट उठा था और जब उसे मीणा का मश्ग आया था उस वक़्त वो बाथरूम में था..

और यही मीणा बस अपने मोबाइल पे ध्यान राखी हुई thi…use कुरसिटी थी की राणा उसका रिप्लाई क्या देगा और कुछ देर क बाद उसकी कुरसिटी ख़तम बी होगयी thi…rana का रिप्लाई आया था…." गुड मॉर्निंग बूत मई ी क्नोव हु इस थिस"

राणा क मश्ग देख कर मीणा को पहले तो लगा की राणा को थोड़ी देर छेद lu..par उसे लगा nh….ab बहुत हो चुकी है छेद छड़ी अब सीधे बात को आगे बढ़ाना hi ठीक रहेगा और उसने तुरंत रिप्लाई दिया " मीणा"

मीणा का इ मश्ग देखते hi राणा क लुंड में हलचल होनी शुरू होगयी और उसने तुरंत मश्ग kiya…wowwww ग्रेट सोचा था नंबर नह dogi..kya हम बात कर सकते है…"

राणा क मश्ग पड़ते hi मीणा पहली बहार गयी और एक बार चेक कर ली की उन्हें कोई डिस्टर्ब तो नह कर sakta…aur जब उसे यकीं हुआ तो वापिस अंदर आयी और मश्ग टाइप की "ह्म्म्मम्न"

मीणा का फिर हम्म्म का मश्ग देख कर राणा ने तुरंत टाइप किया " फिर से वही हम्म्म्म फ़ोन करू या नह"

राणा क मश्ग देख कर मीणा कल रात वाली बात को याद कर मैं hi मैं मुस्कुराते हुए राणा को मश्ग भेजी " ह्म्मम्न करो" मीणा बी अब बहुत उत्सुक thi…jamil क बाद वो पहली बार किसी ऐसे मर्द सा बात करने वाली थी जिसके साथ वो बिस्टेर सजाने क लिए अपने मैं से तैयार थी..

कुछ hi देर में राणा का फ़ोन मीणा क मोबाइल में रिंगटोन की तरह बजने लगा तो मीणा ने फ़ोन रिसीव करते हुए hello बोलै

अब फ़ोन पे

राणा- hello कैसी हो

मीणा- जी मई ठीक हु आप कैसे हो..

राणा- कैसे ठीक हो सकता हु…

मीणा- क्यू क्या हुआ आपको…

राणा- हुआ तो कुछ नह पर जब आप जैसी खूबसूरत हसीना बिना नंबर दिए hi चली गयी ho..to रात को नींद कैसे आ सकती hai…soch सोच कर परेशां हो गया था..

मीणा- वुछ्ह तो इ बात है पर अब तो दिया न…

राणा- है diya…par अगर कल रात को hi मिल जाता तो सोच सोच कर दिमाग ख़राब तो नह होता न..

मीणा- थोड़ी मज़ाकि अंदाज़ में ाचा तो आपका दिमाग ख़राब है तो बाद में दिमाग ठीक होते hi बात करे क्या?

राणा- उतना बी दिमाग ख़राब नह hai..aur अब ठीक बी हुआ है…

मीणा- इतनी जल्द hi ठीक हो गया..

राणा- है अब तो नंबर मिल hi गया न तो ठीक हो गया..

मीणा- नंबर तो मिल गया ाको पर गलती से बी इ बात मेरे पति को पता चलेगी तो क्या होगा पता है न आपको….

राणा- उसकी चिंता मत karo…utna बी बुरा नह हु जितना तुमने सोचा है…

मीणा- मैंने कब बुरा कहा आपको

राणा- कहा तो नह पर ाचा बी तो नह कहा….

मीणा- अचे लगे इसलिए तो बात कर रही हु ….मीणा ने पहली बार राणा क तरफ आकर्षित होने की बात बताई थी और राणा बी इस बात से खुश हुआ tha…ab वो बी समाज गया था की चोरी पैट सकती hai…bas थोड़ी और म्हणत करनी पड़ेगी और bola….e बात मेरे दिल रखने क लिए बोल रही हो या दिल से ..

मीणा- इ आप क कल्पना पे तैय करता hai…jaisa आप संजो..

राणा- सब कुछ मई hi समजू तो तुम कब संजोगी.

मीणा- कुछ सोची और boli..aap कुछ बोलोगे तो hi समझूंगी न…

धीरे से hi सही पर दोनों की बात उसी पटरी पे चलने लगी थी जिस पटरी पे चलने क लिए दोनों मैं hi मैं सोच क रखे हुए थे…

राणा- पर इसके लिए तो हमे एक बार कही चाय कॉफ़ी क लिए बी मिलना hoga…rana ने मौके का फयदा उठाते हुए कहा था…

पर मीणा को पहले से अंदाज़ा था की राणा जरूर उससे मिलने वाली बात को छेड़ेगा hi जिसके लिए वो बी तैयार thi..meena बी चाहती थी की उनकी मुलाकात जल्द से जल्द हो और उसकी छूट को एक नया लुंड मिल जाए पर उसके लिए उसकी सेफ्टी जरुरी थी और दूसरी बात इ थी की वो बॉस को आसानी से पैट कर अपनी वैल्यू काम कर लेना नह चाहती thi..meena बॉस को छेड़ते हुए boli..agar आप को मेरे साथ कॉफ़ी पिने की इतनी hi जल्दी है तो मई कल पति को कह कर आपको घर आने की दावत दे सकती हु…

मीणा की बात सुनकर राणा को क्या जवाब देना नह पता नह चल रहा tha…aur वो सोचने लगा मीणा तो किसी बी तरह मिलने की बात को लेके राज़ी नह हो रही hai..kahi मीणा मेरे साथ फ़्लर्ट तो नह कर रही है. क्या होगा मीणा क मैं में …वो सोच में hi डूबा था. और मीणा राणा की ख़ामोशी की वजह अछि तरह जान गयी थी और वो मैं hi मैं मुस्कुराने लगी thi…use बॉस को छेड़ने में बहुत मज़ा बी आरा है tha…aur वो राणा की ख़ामोशी तोड़ने की कोशिश करते हुए boli…kya सोच रहे हो sir……aap है कहे तो मई कल सुबह hi आपके लिए भेड़िया ब्रेकफास्ट बी बना दूंगी ….

मीणा की इस छेड़ने वाली बात से राणा को गुस्सा बी आरहा tha..par वो छह कर बी मीणा पे अपना गुस्सा उतर नह सकता tha..q की उसे पता था उसका गुस्सा होना उसके इरादे पर पानी फेर सकता hai…aur वो हिम्मत दुखते हुए bola..agar तेरे पति दिनु क सामने कॉफ़ी पीनी होती तो मुझे तुमसे बात करने की या तुम्हारी मोबाइल नंबर पूछने की जरुरत नह thi…rana ने धीमी आवाज़ में hi सही थोड़ा नाराज़गी जताते हुए कहा था..

राणा की बातो में अपने लिए थोड़ी नाराज़गी देख कर मीणा को लगा अब और राणा जी को छेड़ना ठीक नह और वो राणा से boli…acha तो आप सिर्फ मेरे साथ कॉफ़ी का प्रोग्राम बनाना चाहते hai…par मई जान सकती hu…aisa क्यू? मीणा थोड़ी शर्मीली अंदाज़ में राणा को सवाल भरे नज़रो से बोली…

राणा- सच कहु तो मुझे तुम बहुत अछि लगती hu..tumara खूबसूरत चेहरा बार बार देखने को मैं करता hai..aur मई नह चाहता जब मई तूने देखता राहु तब तुम्हारा पति या कोई और मुझे डिस्टर्ब kare…rana ने अपनी पूरी हिम्मत को इकट्ठा करके कहा tha…aur उसने तैय बी किया था अगर उसकी इ बात सुन क अगर मीणा उससे गुस्सा होगयी या कुछ उल्टा सुलटा बोली तो वो मीणा क सपने देखना छोड़ देगा…

पर जैसा उसने सोचा था वैसे कुछ बी नह हुआ tha…Rana की मुँह से फिर एक बार अपनी tàarif सुनकर मीणा फिर से सेक्स की दुनिया में अपना कदम दाखिल कर चुकी thi…aur वो राणा से बोली.. आप बेकार में मेरी इतनी तारीफ़ करते ho..jitna आप कहते हो उतना तो मई खूबसूरत नह hu…fir बी थैंक you..q की आप बार बार मुझे खूबसूरत कहते ho….aur उसने कुछ सोचा और boli…ab मई रखती हु sir…bahut देर होगयी है.

लेकिन राणा का मैं नह कर रहा था बात को आधे मुकाम पर छोड़ दे और वो मीणा से बोलै इतने जल्द अब तो हमारी बातो का शुरुवात बी नह हुई…

मीणा- नह sir..kisi बी वक़्त मेरे पति का फ़ोन बी आ सकता hai…aur वो मुझे बिजी पाएंगे तो गलत sochenge…aur वैसे बी मुझे ज्यादा बात करने की आदत नह hai…plzzzzzzz कल बात करते hai…e बात कहकर मीणा अपनी झूटी शराफत को राणा क सामने पेश करना छह रही थी..

अब राणा क पास कोई बी चारा नह था जो वो मीणा को रोक सके फ़ोन कटाने से और वो अपनी आज की आखरी डाव को खेलते हुए मीणा से बोलै ठीक है जैसी तुम्हारी मर्ज़ी पर एक आखरी बात पुछु क्या?

मीणा- ठीक है पूछो..

राणा- क्या तुम मुझसे दोस्ती करना पसंद है …..??

राणा का बात सुन क मीणा फिर से सोच में पढ़ाई thi…usse राणा से दोस्ती तो क्या राणा क साथ बिस्टेर चढ़ना बी पसंद hi tha…par मीणा ने तो कुछ और hi सोच रखा था इसलिए वो राणा को जवाब देते हुए boli….Sir अब मई आपको क्या जवाब दू मुझे कुछ बी नह सूज रहा hai…maine इसके पहले कभी बी किसी मर्द से दोस्ती की नह की hai…par ha..agar आप मुझे थोड़ा वक़्त दे तो मई सोच सकती हु…

राणा- ok ठीक hai…no प्रॉब्लम पर कल बता सकती हु..

मीणा- हम्म्म्म कोशिश करुँगी…

और मीणा ने राणा को और बात को आगे बढ़ाने की मौका दिए बिना hi फ़ोन काट diya…meena जानबूजकर ऐसा किया था ताकि राणा को उसकी मैं की बात पता न चले और सोचने पर मजबूर हो जाए..

मीणा का तीर सही जगह पे लग गया था और इस तरह अचानक मीणा ने कॉल को डिसकनेक्ट करने से राणा सोच में पड़गया था कही मीणा से दोस्ती करने की बात करके उसने गलती तो नह ki…uske मैं में अब कही सारे सवाल उठने लगे the..jiska जवाब सिर्फ मीणा hi उसे दे सकती thi…aur इसके लिए उसको कल तक का इंतज़ार करना जरुरी था…

इधर राणा का फ़ोन काटते hi मीणा एक ग़हरी सास ले कर दीवाना पे लेट गयी और सोचने lagi..Rana तो एक पेअर पर खड़ा है मुझसे मुलाकात करने क लिए, क्या मई एक बार कही इधर hi किसी होटल में सिर्फ कॉफ़ी क बहाने मिल lu..lekin यही कही होटल में मिल लू तो बात बिस्टेर बताने तक की हो सकती hai…par बिस्टेर बात नह sakte…lekin कही न कही तो हमे बिस्टेर बताना hi hai…to सिर्फ मिलके बात करने में क्या मजा hai…ohhhhhh क्या मुसीबत hai…ek तरफ मेरी प्यास भुजने क लिए एक हथियार खड़ा hai…aur मई छह कर बी उसके साथ घर में बिस्टेर बात नह sakti…aur कितना इंतज़ार करना पड़ेगा muje…e जमील जी ऐसे बीच में छोड़ क नह जाते न तो मुझे किसी की जरुरत hi नहीं thi…kitna अचे दिन गुजर रहे थे मेरे बिना किसी डर क ……इ बात सोचते सोचते मीणा जमील क साथ किये एक एक पल को याद करने लगी… कुछ देर उन पालो का आनंद लेने क बाद वो फिर से अपने रूटीन काम में बिजी होगयी…

उस दिन शाम तक कुछ खास नह hua…aur शाम को उसका पति आके फ्रेश होकर कॉफ़ी पिने क बाद अपने दोस्तों क साथ वक़्त बिताने क लिए चला गया tha…aur मीणा यहाँ डिनर की तैयारी करते हुए राणा से मिलने क बारे में अपने दिमाग पर जोर देने लगी thi…par उसके दिमाग में कोई बी ऐसी जगह नह दिख रही थी जहा वो बॉस क साथ दो जिस्मो का मधुर मिलान की शुरुआत करे…

और इ बात मीणा क लिए सच में मुश्किल थी क्यू की अब तक वो जमील क साथ सिर्फ अपने घर में hi रंग रलिया मन चुकी thi…par जमील और मीणा का प्लान बी था की वो कभी बहार किसी दूसरे शहर में जाके प्यार करेंगे पर उससे पहले hi जमील जा चूका था.. इसीलिए मीणा को किसी ऐसी जगह भी पता नह थी जहा वो बेफिक्र होक राणा जी क साथ चले जाए…

पर कुछ न कुछ तो उसे करना hi था या राणा ko…aur दोनों अपनी अपनी जगह पर इसी सोच में the…aur इ बात मीणा क लिए जितनी मुश्किल थी उतना राणा क लिए बी thi…q की राणा एक ऊँची पद पर था इसलिए उसे जानने वाले बी बहुत the….filhal वो इस शहर में नया था इसलिए उसे ज्यादातर लोग नह जानते थे इसलिए वो इसी मौके का फयदा उठके जल्द से जल्द मीणा को पाना छह रहा tha…par उसे यकीं बी था की मीणा इस शहर में उससे मिलने राज़ी नह hogi…isliye राणा ने फ़िलहाल को किसी अगल बगल क शहर में hi मीणा की बंद छूट में अपने लुंड की दस्तक देने की बात सोची हुई thi…Khair इ बात तो एक दो दिन में पता hi चलेगी…

रात को जब मीणा का पति लौटा तो दोनों ने एक साथ डिनर फिनिश किया. डिनर फिनिश होते hi दिनु बैडरूम चलागया और मीणा डेली की तरह सब साफ़ सफाई करके जब बैडरूम गयी तो उसने देखा उसका पति यानि दिनु अभीतक सोया नह hai..aur मीणा को पता चल गया था की आज उसके पति का मूड hai..fir बी वो अपने पति से पूछी क्यू सोये नह अभीतक नींद नह आयी क्या..

पति- नींद तो आयी है पर सोचा बहुत दिन हुआ मेरे डार्लिंग क साथ कुस्ती किये…. हाहाहा

पति की बात सुनकर मीणा मैं hi मैं बोली अगर डेली ाको बिस्टेर पे कुस्ती लड़ने की आदत होती तो मेरी जिस्म की प्यास थोड़ी बहुत तो भुज jaati…aur आप कुस्ती पूरी कहा लड़ते हो कब मैदान में उतारते हो और कब हर कर पीछे हटते हो पता hi नह चलता मुझे एक डाव बी खेलने नह देते aap..kusti तो जमील जी लड़ते the..ab आप को क्या batavu…..aur वो फिर से जमील क यादो में खोगई..

मीणा को सोचते हुए देख दिनु बोलै क्या सोच रहे हो तुम मैं नह क्या..

मीणा मैं hi मैं बोली आपको थोड़ी रोक सकती hu…chalo कुछ और नह तो एक छोटी सी कुस्ती hi sahi…aur वो पति को देख मुस्कुराते हुए बोली क्यू नह अगर आप डेली बी कुस्ती खेलना चाहते हो तो बी मई तैयार hi hu.aapko थोड़ी रोक सकती hu…kehte हुए मीणा बीएड पे अपने पति क बगल में लेट gayi..use पता था आगे क्या होगा इसलिए वो पति क बोलने से पहले hi अपनी निघ्त्य को घागरे क साथ ऊपर कर ली और अपनी चड्डी को उतरने लगी तो दिनु लाइट ऑफ करके मीणा क ऊपर चढ़ते हुए बोलै अब थोड़ी उम्र है हमारी हर दिन कुस्ती खेलने की.. और वो अपने लुंड को मीणा की छूट पर सेट करने लगा तो मीणा अपने पति क लुंड को छूट का रास्ता खोल कर मैं में hi बोली यही तो फरक है हम दोनों me…aap डेली कुस्ती खेल नह सकते और मुझे डेली सुबह शाम कुस्ती खेलने का मैं करता है और वो एक तरफ़ा मुँह करके सूधे लेट गयी.

दिनु अपने लुंड को मीणा की छूट में दाखिल करके धक्के मरने लगा तो न hi मीणा की कोई सिसकारी निकल रही थी नहीं कोई सुख का एक्सप्रेशन उसके चेहरे पर था.. वो बस एक माँ की गुड़िया की तरह लेती पति क लिए अपना फ़र्ज़ निभा रही thi..wahi दिनु अपनी बीवी की छूट में अपना लुंड घुसआए अपनी पूरी ताकत लगाकर धक्के मार्के अपनी बीवी को खुश करने की कोशिश कर रहा tha…par लाइट ऑफ होक अँधेरा होने क वजह से उसे पता नह था की उसकी बीवी उसके इस कसरत से बिलकुल खुश नह hai…wo बस अपनी मस्ती में अपने धक्के को अंजाम देने की कोशिश कर रहा tha…aur कुछ hi देर में मीणा को अपनी छूट में थोड़ी बहुत गर्माहट की एसएस हुआ तो वो समाज gayi..pehlwan कुस्ती फिर से हार चूका hai..par वो अपने पति को हार की माला नह पहना न नह चाहती थी इसलिए अब वो बी थोड़ी अह्ह्ह्हह की सुंस्कारिया लेने की झूटी नाटक करते हुए अपने पति को जीत का एसएस दिलड़ी ताकि उसका पति खुश हो jaaye..aur जब पति बगल में लेट गया तो मीणा अपने कपडे ठीक करके दूसरी तरफ मुँह करके letgayi…aur रूटीन की तरह फिर से अपना मोबाइल चेक करने लगी तो उसमे फिर से उसी अनजान शख्स का hi गुड नाईट विश tha..aur मीणा फिर से सोच में पढ़ाई कौन होगा e…kahi सच में जमील तो नह जो मुझे अनजान नंबर से टेस्ट कर रहा ho…wo हर एक मोमेंट्स को याद करके उस अनजान शख्स का चेहरा ढूढने की कोशिश करती rahi..par उसे कही बी ऐसा चेहरा नज़र नह आरहा था जिसपर वो अपना वो शक कर सके …और इसी कश्मकश में उसे कब नींद लग गयी उसे पता hi नह चला.

यहाँ पे नोट करने वाली बात इ थी की मीणा अपने पति से कुछ देर पहले तो चुद चुकी thi…aur एक औरत अपने पति से सेक्स करने क बाद मैं hi मैं खुश रहती hai..aur वो पति से लिपट क सोने की या बहो में सोने की कोशिश करती hai…par मीणा को अपने पति क साथ हुए सेक्स से कोई फरक hi पड़ा tha..jaise hi उनका सेक्स का खेल ख़तम हुआ मीणा अपने बगल में सोये हुए पति को भूल कर किसी अनजान मर्द क बारे में सोचने लगी thi…isse यही साबित हो ता है की मीणा को अब अपने पति क साथ जिस्मानी जरुरत को पूरा करने में कोई इंटरेस्ट hi नह बचा tha…use बस गैर मर्दो में hi ज्यादा इंटरेस्ट होने लगी थी ..चाहे वो जमील हो या पति का बॉस वो या वो अनजान shaks…khair इ सब तो आगे पता hi चलेगा की मीणा और क्या क्या रंग लाने वाली है अपने लाइफ में..

अगले दिन सुबह फिर से मीणा की रूटीन स्टार्ट होगया tha…par कल से उसका डेरी में एक बदलाव आया था और वो था राणा याना अपने पति क बॉस क साथ फ़ोन पे बात करने ka..aage जाके वो बी मुलाकात में बदलने वाला tha…aur पति क जाते hi मीणा ने देर न किये राणा को गुड मॉर्निंग का मश्ग सेंड कर hi Diya..aur राणा बी वही इसी इंतज़ार में सुबह सुबह तैयार खड़ा tha…aur जैसे hi मीणा का मश्ग आया राणा ने बी जवाब में गुड मॉर्निंग विश किया और फिर कल की तरह मीणा से कॉल करके बात करने की ीचा जताई तो मीणा ने बी बिना किसी विरोध किये कॉल करने को कहा तो राणा ने तुरंत कॉल लगाया और मीणा ने बी बिना देर किये एक hi रिंग पर राणा का कॉल रिसीव Kiya..aur फिर उन्दोनो क बीच नार्मल सी बाते हुए जैसे की राणा क फॅमिली क bareme…meena क फॅमिली क बारे में …दोनों को क्या ाचा लगता hai…wagaira wagaira…jab दोनों ने एक दूसरे की पसंद और फॅमिली क बारे में जान लिया तो राणा फिर से अपनी हरकत पर आगया और मीणा से पूछा ाचा तुमने अभीतक इ नह बताया की तुम मेरी दोस्ती काबुल है या नह. ….

मीणा को पहले hi अंदाज़ा था की बॉस यानि राणा इ बात जरूर पूछेगा और उसने जवाब बी पहले hi सोच रखा हुआ था सो वो boli…dosti तो कर सकती hu…par बॉस और उसके निचे काम कर रहे नौकर की बीवी की दोस्ती कैसे हो सकती है..

राणा- ाचा तो इ बात hai…to मई पहले बी कह चूका हु और अब दूसरी बार दौरा था hu…boss तो मई सिर्फ तुम्हारे पति क लिए hu..tumare लिए नह..

मीणा- बीच में hi राणा क बात को काटते हुए बोली फिर बी…???

राणा- देखो मीणा तुम मुझे अछि लगती हो, तुम्हारे जैसी सूंदर औरत से दोस्ती करना मेरे लिए बहुत गर्व की बात hai…e बात मई तुम्हारे पति का बॉस बन क नह बल्कि एक आम इंसान बन क कह रहा hu..soch लो…

मीणा मैं hi मैं मुस्कुराते हुए अपने आप से बोली मई तो कब से तैयार हु राणा जी पर हमारी इस दोस्ती की मोहर कब और कहा लगेगी इ सोच सोच कर hi परेशां हो गयी hu…chalo अब इ बी आप पर छोड़ देती hu..aap क्या karoge…aur वो कुछ सोचने का नाटक करते हुए boli..thik है अगर आपकी यही ीचा है तो मुझे बी आपकी दोस्ती पसंद hi है संजो..

मीणा की इस बात ने राणा का आधा काम करदिया था और इस बात से बहुत मतलब बहुत खुश होगया फिर बी वो मीणा से bola…pasand hi है संजो का मतलब क्या hua..sidhe बोलो न पसंद है या नह…

मीणा- अपने आप में मुस्कुराते हुए हम्म्म्म पसंद है ….

अब राणा कहा चुप होनेवाला था उसे तो टेस्ट ड्राइव करने क लिए लाइसेंस मिल hi गया था और वो बोलै अब दोस्ती तो मान गयी मतलब कॉफ़ी बी ….. hehehe..rana हस्ते हुए मीणा से सवाल पूछा तो मीणा बी थोड़ा मज़ाकि अंदाज़ में boli…ab दोस्ती का हाथ बढ़ाने क बाद आप कॉफ़ी पिलाये बिना छोड़ोगे क्या muje…ab मीणा बी राणा को इंदिरेक्ट्ली अपनी मैं की बात बताने लगी thi…aur इसी मौके का फयदा उठाते हुए राणा बोलै तो देर किस बात की आज होजाये एक कप कॉफ़ी…

राणा की इ जल्दबाज़ी देख कर मीणा दिल hi दिल में बहुत खुश thi..aur वो अपनी ख़ुशी क चलते मैं hi मैं बोली मई बी कबसे यही छह रही हु राणा जी …जमील क जाने क बाद तो मई बिना शक्कर की hi कॉफ़ी पी रही हु ..आप एक बार जगह तो तैय करो तब आप जितनी बार चाहोगे उतनी बार आपके साथ कॉफ़ी पी lungi….par मीणा अपनी सेक्स की ीचा को डायरेक्टली राणा को बताना नह चाहती थी वो राणा को इतना मजबूर करना चाहती थी की राणा कोई न कोई ऐसा प्लेस ढूंढ ले जहा वो राणा क साथ खुलके बिना किसी डर क जिस्म का नंगा नाच kare…wo चाहती थी उनकी कॉफ़ी क बहाने होनेवाली पहली मुलाकात में hi बिस्टेर पे ख़तम हो और वो राणा से boli..lagta है आपको बहुत जल्दबाज़ी है …पर आप भूल गए हो मई एक शादीशुदा हु और शादीशुदा औरत को किसी गैर मर्द को मिलने से पहले बहुत सावधानी बरसनी पड़ती है. ..

मीणा की बात 100 ताका सही है इ राणा बी जनता था पर अब उसके आँखों क सामने सिर्फ मीणा का गोरा जिस्म hi था जिसे वो बड़ी सिद्दत क साथ भोगना चाहता tha…aur उसे अब इ बी पता चल गया था की मीणा उसे मिल सकती है …और उसने सोचा वो पहले यही कही मीणा से कॉफ़ी क बहाने मिल लेगा और मीणा को प्रोपोज़ करेगा और मीणा मान जाने क बाद इसी शहर में या बगल क किसी शहर में किसी लॉज में मीणा का शील हरण karega..aur वो अपनी बात रखते हुए बोलै इसमें सोचने वाली क्या बात है यही कही किसी अचे होटल में एक रूम में बैठ कर कॉफ़ी पिएंगे तो किसको पता नह चलेगा और पता चल बी गया तो कोई न कोई बहाना बतादेंगे…

राणा की बात सुनकर मीणा फिर मैं hi मैं बोली अरे मेरे बुद्दू राणा जी अब मई आपको कैसे बतावु की मई किश कॉफ़ी की बात कर रही hu..jo कॉफ़ी मई आपके साथ पीना चाहती हु वो किसी होटल क एक कम्पार्टमेंट में पी नह सकती उसे किसी होटल या किसी ऐसे रूम में hi पिया जा सकता है .जिसके आस पास कोई गुजरता बी न हो और कोई गुजर बी गया तो उन्हें पता नह चलना चाहिए की हम दोनों अंदर क्या कर रहे hai..aur राणा को जवाब देते हुए boli…acha आपका मतलब है की हम दोनों एकांत में किसी होटल क कम्पार्टमेंट में कॉफ़ी पीते रहेंगे तो कोई हमे देख नह लेगा और देख बी लेगा तो हमारा बहाना सुनकर वो चुप हो jayenge…kya आपको लगता है की वो लोग किसी को बताये बिना चुप हो jayenge…muje तो नह बल्कि मुझे तो यकीं है वो लोग बात को बतंगड़ बनके उसमे और मसाला मिक्स करने में कोई कसार नह chodenge..aur इ बात किसी न किसी दिन मेरे पति क कानो तक पहुंच hi जाएगी और मई किसी को मुँह दिखने लायक नह rakhungi…nh बाबा मुझे नह पीना आपकी साथ कॉफ़ी

मीणा की बात सुन क राणा सोच में पड़गया उसे बी पता था जो कुछ बी मीणा ने कहा वो सच बी हो सकता है और बात को आगे बढ़ाते हुए पूछा तो फिर हम कहा मिल सकते है…

मीणा तुरंत जवाब देते हुए boli…koi ऐसी जगह हो जहा पे हम दोनों को एक साथ कोई देख न ले और देख बी लिया तो हमे कोई पहचान न ले अगर ऐसी जगह हो तो मई सोच सकती हु. ….इ बात कहकर मीणा ने इंदिरेक्ट्ली राणा को इशारा छोड़ दिया था की उसे किसी ऐसी जगह ले चलो जहा उनकी मस्ती को डिस्टर्ब करने वाला कोई बी न हो..

राणा मीणा का इशारा तो नह समजा और अँधेरे में तीर मरते हुए bola..agar ऐसा hi है तो हमे किसी अगल बगल क शहर जाना होगा..

अपनी बात बनाते हुए नज़र आकर राणा से बोली हम्म्म शायद…

मीणा क इ बात राणा क लिए साफ़ इशारा था की मीणा उसके साथ दूसरे शहर बी आने तैयार hai…aur वो मीणा से पूछा तुम्हारा मतलब कही अगल बगल क शहर से तो नह…

मीणा हम्म्म हो बी सकता है पर अब बी मुझे डर है की कही उसी दिन मेरी या मेरे पति का पहचान वाले उस शहर में आगये तो….

मीणा क इस जवाब में है बी थी और कही न कही न बी thi..aur राणा इस कन्फूसिओं को हमेशा क लिए दूर करने की कोशिश में bola…agar फिर बी तुम डर है तो मुझे लगता है हमे किसी लॉज या रूम में hi अपनी कॉफ़ी पीनी hogi…agar तुम तैयार हो तो…

मीणा कहा मन करने वाली thi..use तो बस यही सुन्ना था राणा से और वो इस मौके का फयदा तो उठाना तो चाहती थी पर उसे लॉज जाने में अब बी परेशानी थी डर था और वो अपने डर को बयां करते हुए boli…lodge में तो बिलकुल नहीं ….आप समझते क्यू नह मई एक शादीशुदा औरत हु और एक मर्द और औरत एक लॉज में जाने का मतलब लोग गलत hi समझेंगे चाहे वो रूम में हम सिर्फ कॉफ़ी बी क्यू न पी le…meena क इस बात राणा क समाज से बिलकुल बहार थी वो सोचने लगा मीणा सच में मेरे साथ आना चाहती है या मुझे गुमराह करना चाहती hai…ab मई क्या samju…aur वो कुछ सोच कर bola…muje तो ऐसी कोई जगह फिलहाल सूज नह रही hai…agar तुम कोई ऐसा प्लेस है तो बतावो… मुझे कोई प्रॉब्लम नह…

मीणा कुछ सोच कर बोली muje…muje कैसे पता होगा. मई तो पहली बार किसी मर्द क साथ कॉफ़ी पिने क लिए तैयार हुई hu…wo बी सिर्फ आपके कहने par…to आप hi सोच लो

..और मुझे batado..agar मुझे ठीक लगा तो मई पूरी कोशिश करुँगी आपके साथ कॉफ़ी क लिए चलने ki…meena कुछ और सोची और बोली अब मई रखती hu…bye…kehte हुए मीणा ने राणा की बात का इंतज़ार किये बिना hi कॉल काट दिया tha..aaj बी मीणा ने जानबूजकर राणा क प्रति ऐसा व्यवहार किया tha..taaki राणा सोचने पर मजबूर हो jaaye..wo राणा क दिमाग में कीड़े छोड़ना छह रही thi..aur वो फ़ोन रखते hi मैं hi मैं मुस्कुराते हुए अपने काम में बिजी होगयी…

दरअसल मीणा को अब यकीं होगया था की उसकी जिस्म की खुजली जल्द से मिठाने वाली hai…aur राणा जरूर उसकी इस तरह की आधी अधूरी बातो से और बी तड़पेगा और इसी तड़प क वजह से वो कोई ऐसा प्लेस जरूर तलाश karega..aur बिचाने राणा कोई प्लेस डगूंदने में नाकामयाब बी रहा तो वो मजबूरन राणा क लिए अपने घर में hi बिस्टेर लगा देगी..

नेक्स्ट part विल फॉलो tommarrow…due तो शोर्तज ऑफ़ time…short उपडते दे रहा hu….ummid है आपको पसंद aayega..aur पसंद आये तो कमेंट जरूर देना..
 
Don't वेट देय तो सम पर्सनल प्रॉब्लम विल नॉट पोस्ट tonight...,..just वेट....
 
दरअसल मीणा को अब यकीं होगया था की उसकी जिस्म की खुजली जल्द से मिठाने वाली hai…aur राणा जरूर उसकी इस तरह की आधी अधूरी बातो से और बी तड़पेगा और इसी तड़प क वजह से वो कोई ऐसा प्लेस जरूर तलाश karega..aur बिचाने राणा कोई प्लेस डगूंदने में नाकामयाब बी रहा तो वो मजबूरन राणा क लिए अपने घर में hi बिस्टेर लगा देगी..

उस दिन बी कुछ खास नहीं हुआ tha…aur रात को बी मीणा और दिनु क बीच में बी कुछ नह hua…q की कल रात hi मीणा और दिनु क बीच एक छोटी सी कुस्ती हो गयी thi…aur दिनु अगले 4-5 दिन तक इसके बारे में सोचने hi वाला नह tha..aur मीणा को बी पति क साथ चुदाई में कोई मैं नह था लेकिन उसके पास पर्याप्त समय था की वो सोच सके की राणा जी क साथ कैसे कहा मिला jaaye..aur उसका दिमाग बी यही सोचने में लगा था क्या लॉज में जाना ठीक rahega….par कही मेरा किस्मत ख़राब हो कर पुलिस की राइड पढ़ाई तो.. नह नह आज कल सब कुछ सेटल्ड होता hai…fir बी और कितने दिन सोच सोच कर hi वक़्त बर्बाद karungi…e जिस्म की प्यास बी तो काम होने का नाम hi नह ले रहा hai..bas एक बार राणा जी क साथ सेट हो जाए उसके बाद मई राणा जी घर में बुला lungi…aur जमील की तरह हर दिन राणा जी क साथ पूरी मस्ती karungi…apne जिस्म की आग क बढ़ते हुए नशे में मीणा भूल गयी थी राणा एक बड़े पद पे काम करेवाला सरकारी नौकर hai..aur वो जमील की तरह बेकार नह है जो उसके साथ हर दिन हरपाल वक़्त बिता sake…aur खास कर क मीणा इ भूल गयी thi..ki राणा छह कर बी अपनी पहचान छुपा नह सकता जैसे जमील ने अब तक छुपाई हुई thi..in सब बातो से अनजान वो बस राणा जी क साथ अपनी हवस पूरा करने की सोच रही thi..tab hi उसके मोबाइल में मश्ग की नोटिफिकेशन आया तो मीणा ने अपना मोबाइल में देखा तो उसी अननोन नंबर से गुड नाईट का मश्ग tha…aur इस मश्ग को देखते hi मीणा फिर से सोच में पड़गयी कौन होगा इ, हर दिन बिना भूले विश करता hai..koun होगा? मीणा अपनी सर खुजाते हुए सोचने लगी thi…par आज बी उसे उस अनजान शख्स का चेहरा ढूढने में मुश्किल hi होगया था और वो कुछ सोची और बिना कोई रिप्लाई दिए hi सगाई…

पर दो लोग ऐसे थे जो बिना सोये मीणा क hi बारे में सोच रहे थे एक तो राणा tha,jiske साथ मीणा मिलने बी राज़ी थी पर उनके लिए मुश्किल इ था की कोई ऐसी जगह जहा उन्हें कोई देख न पाए और राणा ऐसी hi जगह क तलाश में अपनी रात की नींद को हराम कर रहा था और दूसरी तरफ वो अनजान शख्स जिसने पहली नज़र में hi मीणा क सेक्सी बदन को अपने आँखों में कैद किया हुआ tha..aur इसी सेक्सी बदन को अपने निचे लिटाने की कोशिश में वो मीणा को हर सुबह शाम विश करके अपनी अस्तित्व का एहसास दिला रहा था इस उम्मीद क साथ की मीणा का कोई रेतुर्न रिप्लाई आये और बात कुछ आगे bade..par यहाँ मीणा रेतुर्न रिप्लाई देने की मूड में नह थी क्यू की उसे इस वक़्त राणा जी में इंटरेस्ट था किसी अनजान में nh….par वक़्त क क्या फैसला था वो वक़्त hi जाने..

अगले दिन रूटीन की तरह पति जाने क बाद मीणा और राणा की बात चित हुई थी और आज बी वो तैय नह कर पाए थे कहा मिलना है, राणा उसे अचे होटल में ले जाना चाहता था और मीणा होटल क नाम से राणा को मन कर रही thi..q की मीणा ने अभीतक कभी लॉज में अपने पति क साथ बी वक़्त नह गुजरता और नहीं उसे इस बात का कोई एक्सपीरियंस tha….aur कई बार न्यूज़ पे वो पढ़चुकि थी की लॉज में पुलिस क राइड क बारे में.. इसलिए मीणा को किसी बी एंगल से लॉज सेफ नज़र नह आ रहा था ..शायद जमील होता तो शायद मीणा इस बारे में सोच बी सकती थी पर वो हरगिज़ नह चाहती थी की राणा क साथ पहली मुलाकात में किसी लॉज में jaaye..use पूरा यकीं था की उसके इस हरकत से उसके पति की मर्यादा और रेस्पेक्ट पर बहुत असर बी पद सकता है जो वो हरगिज़ नह चाहती थी.. .इसलिए वो लॉज में जाने तैयार नह थी और वो छह कर बी राणा को घर बुलाना नह चाहती थी क्यू की उसे इस बात का बी अंदाज़ा था की ऐसा करने से राणा उस पर शक जरूर karega…aur इसी शक क मरे राणा और उसका रिश्ता ज्यादा वक़्त नह बिता पायेगा.. उसने बहुत सोच समाज कर hi डेसिओं लिया था और वो और इसी कश्मकश क साथ उनकी कुछ देर क बात चित बी ख़तम होगयी thi..bina कोई रिजल्ट्स क …और मीणा की इस हरकत से राणा बी बहुत खुश tha..use लगा सच में मीणा का कोई नाज़ायज़ सम्बन्ध नह है अगर होता तो शायद वो मेरे साथ लॉज में आने जरूर मान जाती. क्यू की राणा कोई दूध का धुला नह tha..usne इससे पहले अपने कर्मचारी यो क कही औरतो को अपने पद का गलत इस्तेमाल करके अपने वासना का शिखर बना चूका tha..par किसी ने बी उसे इतना तड़पाया नह था जितना मीणा उसे तड़पा रही थी..

राणा क ऊँची पद का इस्तेमाल करके अपनी पति क तरक्की क लिए जितने बी औरत राणा से मिले थे वो सब बहुत आसानी से राणा क साथ लॉज या रूम में आते जाते the…par मीणा क केस में राणा को वो सन बहुत मुश्किल लग रहा tha…isliye वो बी सोच में था की अब मीणा को कहा ले चले …

घर में अकेली बैठी मीणा इसी बात को लेकर चिंतित thi…ki राणा और उसका मिलान कैसे होगा और कहा hoga..uska जिस्म किसी मर्द क निचे लेटने क लिए तड़प रहा और इस वक़्त उसे राणा में वो सब खुबिया दिख रही थी जो उसके जिस्म को ठंडक पंहुचा सके…

और इसी बात को सोचते सोचते उसने अपना मोबाइल उठाया और अपने ंसग्स चेक करने lagi..aaj वो सुबह सुबह अपने ंसग्स देखने भूल गयी थी क्यू की उसे सुबह उठाते hi राणा से बात की ुर्गेनस्य थी सो वो इसी चक्कर में अपने ंसग्स चेक करना भूल गयी thi…aur अब उसके पास पर्याप्त समय था वो अपनी ंसग्स चेक करने lagi…uske कई सारे सहेलियों क रिश्तेदारों क गुड़ मॉर्निंग क ंसग्स क साथ और बी ंसग्स the…par उन सब से ज्यादा मीणा क लिए इम्पोर्टेन्ट मश्ग था जो वो उस अनजान शख्स पिछले कई दिनों से उसे रेगुलरली आरा hai..msg तो सिंपल hi था बस एक फूलो वाला इमेज tha..par इस सिंपल मश्ग क पीछे मीणा की कुरसिटी thi…us शख्स क बारे में जानने ki..aur वो कुछ सोच कर उस शख्स को रिप्लाई की.." आखिर कौन हो आप जो मुझे डेली मश्ग करते हो.." और रिप्लाई का इंतज़ार करने lagi..par काफी वक़्त तक उसका रिप्लाई नह आया तो मीणा फिर से अपने काम में बिजी hogayi…aur काम क चलते वो अपना मोबाइल देखना भूल गयी थी और जब 12.30 तक वो फ्री होगयी तो हॉल में बैठी टीवी देख लेते अपना मोबाइल को चेक करने लगी तो उसे अपने नोटिफिकेशन में उस शख्स का मश्ग दिखा जिसमे लिखा था.. 'फिलहाल को आपका शुभ चिंतक hi संजो'

उस अनजान शख्स क इ जवाब पढ़कर मीणा फिर से सोच में पड़गयी कौन होगा e…mera शुभ chintak..akhir क्या कहना छह रहा इ शुभ चिंतक matlab…aur मीणा अपनी बढ़ती कुरसिटी में रेतुर्न जवाब likhi.."shubh चिंतक ऐसे अनजान बने मश्ग नह करते"

उधर से तुरंत रिप्लाई आया " है पर कुछ शुभ चिंतक ऐसे बी होते है जो पहले अनजान रहते है फिर दोस्त बी बन सकते है"

मीणा- ाचा पर मुझे नह लगता की बिना जान पहचान क कोई किसी का शुभ चिंतक या दोस्त नह बनता…

शख्स- जान पहचान की क्या है मैडम आज नह तो कल बी बन सकते है..

मीणा- मतलब आप मुझे नह जानते हो…

शख्स- असल में इ सच बी hai…aur गलत बी…

मीणा- मतलब?

शख्स- मतलब इ की हम पहले एक बार मिल चुके hai…aur उसी दिन से मई आपकी खूबसूरती का दीवाना हो गया…

उस शख्स का इ जवाब सुन क मीणा सोच में पड़गयी और उसे शक हुआ की कही इ जमील तो nh…par जमील जी ऐसा क्यू karenge…agar उन्हें मुझसे छेडछाडी करनी hi होती तो वो एक दो दिन hi karte..aur उसके बाद मेरा कोई रिप्लाई न पाकर जरूर अपनी पहचान बता dete..jamil और राणा क अलावा मई किस्से मिली hu…use कुछ बी याद नह आरहा tha..ab उसके कुरसिटी क साथ उसका गुस्सा बी धीरे धीरे उसका सर चढ़ाने लगा tha..aur वो अपना गुस्सा दिखते हुए टाइप ki..dekho मर आप जो कोई बी ho..muje आपमें कोई इंटरेस्ट nh..aur रही बात शुभ चिंतक होने ki..muje ऐसे शुभ चिंतक की जरुरत नह जो अनजान बने किसी औरत को टार्चर कर रहा ho…aur प्ल्ज़ आज से मुझे कोई मश्ग या बात करने की कोशिश karna..warna आपका नंबर मई ब्लॉक kardungi'...aur मेरे पति से कहकर पुलिस कंप्लेंट करवावुंगी…" मीणा ने गुस्से वाले इमोजी की साथ मश्ग को सेंड किया..

मीणा ने इ मश्ग गुस्से से hi लिखा था क्यू की उसे किसी अनजान शख्स क दलदल में फ़साना नह था और दूसरी बात इ बी थी की उसे राणा क साथ मस्ती करने में hi कोई जगह नह सुज़ाने से वो पहले hi टेंस में और अब इ शख्स अपनी पहचान सस्पेंस में रखे हुए tha..isliye मीणा का दिमाग घूम गया था और उसने गुस्से में रिप्लाई किया था..

लेकिन जितना मीणा ने गुस्से से मश्ग किया था उतना hi पॉलिटेली वह रे रिप्लाई आया

शख्स- कोई बात नह मैडम आप अपनी जगह सही ho..par ब्लॉक या पुलिस कंप्लेंट देने क पहले मेरे कुछ सवालो का जवाब दे सकती हो…

उस शख्स क इ विनती भरे मश्ग देख कर मीणा का दिमाग फिर से सोच में पड़गया कौन होगा इ जिसे पुलिस का बी डर नह और नहीं मेरे पति का आखिर क्या पूछना चाहता है mujse…muje जानना hi होगा और वो तुरंत टाइप की "ठीक है bolo..par कुछ बी अनब शनाब बाके न मई बिना कुछ बोले hi ब्लॉक करदूंगी आपको

शख्स- जैसी आपकी मर्ज़ी.."

(मीणा चाहे तो उस नंबर को कब का ब्लॉक कर सकती थी पर उसने अब तक उस शख्स को ब्लॉक नह किया tha..iske पीछे एक hi रीज़न tha..us शख्स को जानने की कुरसिटी क्यू की उस शख्स ने पहली बार मश्ग और अब बी वही किया tha..jo मीणा क दिल को ख़ुशी देने क लिए काफी tha..aur जमील क मिलने क बाद मीणा अपनी तारीफ़ सुनने की शौकीन हो गयी thi..aur अपनी तारीफ़ करने वाले उस शख्स को वो ब्लॉक नह करना चाहती थी…)

मीणा अब बिना कुछ बोले hi उस शख्स क मश्ग की इंतज़ार करने लगी थी और तुरंत उसके मोबाइल में मश्ग का नोटिफिकेशन आया तो उसमे उसी शख्स का मश्ग था

शख्स- मई आपको कितने दिनों से मश्ग कर रहा हु…

मीणा गुस्सा दिखते हुए इ आप खुद जानो मुझे काउंट करने की आदत नह…

शख्स- ठीक है मेरे ख्याल से लगबघ 7-8 दिन से सही न..

मीणा- shayad…aage बोलो

शख्स- क्या इन 7-8 दिन में मैंने कभी आपके साथ गलत बात की..?

मीणा को बी इ बात सच hi लगी थी क्यू की उस शख्स ने अभी तक मीणा को कोई गलत मश्ग नह किया था सिवाए उसकी तारीफ़ करने की छोड़ क और तारीफ़ करना कोई गलत तो नह हो सकता और वो रिप्लाई की 'नहीं'

शख्स- थैंक यू सच बताने क लिए अब इ बी बतावो की कभी मैंने बार बार लगातार आपको मश्ग करके या कॉल करके तंग करने की कोशिश की?

मीणा को इस बार बी उस शख्स क बातो में सचाई hi लगी और उसने जवाब में टाइप किया 'नहीं'

शख्स- जब आपके साथ कोई गलत बात नह की और आपको तंग बी नह किया है तो आप मुझे ब्लॉक क्यू करना चाहते हो…

मीणा- मानती हु आपने अब तक तंग नह किया पर हो सकता है आगे कर बी सकते हो

शख्स- अगर ऐसा हुआ तो ब्लॉक कार्डो मई कुछ नह बोलूंगा..

मीणा कुछ सोची और टाइप की ठीक है मान लेती हु आप मुझे तंग नह karoge…par अब बी मई किसी अनजान शख्स से बिना जानपहचान क चाट नह कर सकती..

शख्स- मैंने कहा न मैडम जानपहचान बी होजायेगी

मीणा- जानपहचान होनी hi है तो अब क्यू अपनी पहचान छुपा रहे हो..

शख्स- थोड़ी मज़बूरी hi संजो पर अगर आप मुझसे हर दिन रेगुलरली बात करोगी तो मई अपनी पहचान बता सकता हु…

मीणा- ok ठीक है इ बी मान ली samjo…par एक बात तो बता सकते हो आप मुझसे बात करना जान पहचान बढ़ाना क्यू चाहते हो…..

शख्स- फ़िलहाल तो इतना बता सकता हु की आप बहुत खूबसूरत ho…aur बाकी की बात आपको धीरे से hi सही एक दिन जरूर पता chalegi….realy ु र मर्वेलौस……

अपनी tàarif सुनकर मीणा फिर से मैं hi मैं खुश हुई पर वो खुद कन्फूशन में थी की अनजान शख्स क साथ बात करना किस हद तक सही hai….aur वो अपनी दुविधा दूर करने की कोशिश में boli..par आप जैसा चाहते हो वैसे डेली आपसे चाट नह कर सकती मेरा बी परिवार hai..maine आज तक कभी ऐसे किसी से चाट नह किया और मुझे चाट करना पसंद बी नह है..

शख्स- कोई बात नह पर मई तो हर दिन आपको विश करके मेरी याद दिलाने की छोटी सी कोशिश तो कर सकता हु. .

उस अनजान शख्स से हो रही चाट मीणा को अजीब तो लग रही थी पर वो अब थोड़ी रिलैक्स बी फील कर रही thi..use उस अनजान शख्स की बाते इंटरस्टिंग बी लग रही थी और धीरे से hi सही मीणा को उसके बाते अचे लगाने लगे the….aur मीणा सोची जब इसने मेरे साथ कोई गलत बर्ताव hi नह किया है तो मई इसे मश्ग करने से क्यू Roku…aur वो जवाब में टाइप की "ह्म्म्मम्म" और वो कुछ सोच कर टाइप ki..ab मुझे काम hai..waqt मिले तो कल चाट करुँगी bye…

मीणा ने तो उस अनजान शख्स को बिना जानपहचान क चाट करने की मंज़ूरी दी thi…par उसे अब बी डर था की कोई उसके या उसके पति क जानपहचान वाले hi उसके साथ फ़्लर्ट तो नह कर रहे है या पति को मेरे और जमील जी क रिश्ते क बारे में शक होकर किसी क मदत से मेरे मुँह से सच तो उगलवा लेना chahte…ho बी सकता और न b..q की मेरे पति कभी ऐसा नह कर सकते अगर उन्हें शक होता तो वो डायरेक्टली मुझे पूछते.. ..इसलिए वो मैं hi मैं थान चुकी thi..chahe कुछ बी हो उस शख्स क साथ चाट करते वक़्त पूरी होशियारी और सावधानी बरसनी hogi..wo खुद बी जानती थी की वो अब पहले की मीणा नह hai…jo कोई उसके ऊपर शक करने से पहले 100 बार सोच le..lekin अब वो जमील क आने क बाद अपनी पवित्र जिस्म को अपवित्र करके शक क दायरे में कड़ी हो सकती hai…uski एक छोटी सी बी गलती बी उसके पति और उसके बीच दरार पैदा कर सकता hai..wo जानती थी उसे चाहे जमील हो या राणा हो या और कोई उनके साथ कुछ बी करने से अपनी सेफ्टी का पूरा ध्यान रखना होगा चाहे फ़ोन पे बात या चाट बी क्यू न ho..par उसे अपनी जाएगी वासना को बी शांत करना बी tha..jamil क साथ जिस्मानी टुकट क बाद वो अछि तरह जान गयी थी की जिस्म क नंगा नाच करने में जो मजा और जो सुख है जिसका कोई मोल बी नह लगा सकते hai…aur इस बात को ठुकरा बी नह सकती थी की जिस्म का नंगा नाच अपने पति क साथ खेलना उस का कर्त्तव्य है उसका संकर है और यही जाइज़ hai…par उसका पति ऐसे जिस्म क खेल ने में नहीं माहिर है और नहीं ज्यादा रूचि रक्त hai..par वो ऐसे अनमोल ख़ुशी से अपने जिस्म को वंचित करके अपने भरी हुई जवानी को बर्बाद बी नह करना चाहती थी इसलिए उसे मजबूरन गैर मर्द क साथ अपना बिस्टेर बात न hi इस वक़्त सही लग रहा tha.aur इ सब करना अपने पति परिवार क साथ धोका है इ जानते हुए बी वो इस वक़्त अपने आगे बड़े हुए कदम को पीछे हटाना नह चाहती थी बल्कि हर कदम को बड़े सावधानी से रखना चाहती thi….par इ सावधानी किस हद तक उसका साथ देगी वो खुद बी नह जानती थी…

खैर उस दिन बी कुछ खास नहीं hua…aur ऐसे hi उसके दो दिन बीत गए थे राणा और उस अनजान शख्स क साथ फ़ोन पे बारी बारी में बात और चाट करते hue…aur इन दो दिनों में मीणा को उस अनजान शख्स से कोई उम्मीद नह पर राणा से बहुत उम्मीद की राणा उन दोनों क पहली मिलान क लिए स्टेज सेट kare..par राणा क पास लॉज और उसके क्वार्टर क शिव कोई तीसरा ऑप्शन नज़र नह आरहा था और फ़िलहाल तो उसका क्वार्टर अंडर मेंटेनेंस tha…isliye उधर रिपेयरिंग का काम चल रहा और दिन में लेबर की लोगो की मौजूदगी में वो मीणा को घर आने की ऑफर बी नह दे सकता tha..aur रात क वक़्त वो क्वार्टर में अकेला रहता पर रात को खुल्ले आम मीणा को चुदाई का दावत दे उतनी उनकी बात बी नह बन पायी थी और नहीं मीणा रात क वक़्त आ सकती thi…isliye इ दो दिन बी उनके बिना किसी फैसले क निकल चुके थे..

पर उस शख्स क साथ इन दो दिनों मीणा थोड़ी खुल मिल gayi..ab उन दोनों में बातो बातो में थोड़ी बहुत मज़ाक बी होने लगा tha..par बात सिर्फ नार्मल होती थी इसलिए मीणा को बी उसके साथ बात करने में थोड़ी इंटरेस्ट बाद गयी थी और इसी क चलते मीणा ने उसे अपनी पसंद और न पसंद की बारे में बहुत कुछ बता दिया था और अब मीणा बी उसके साथ धीरे धीरे खुलने लगी thi..aur मीणा को यकीं होगया था की वो शख्स नहीं hi जमील है और नहीं उसके पति का कोई दोस्त हो उसकी खबर उसके पति को दे sake...khair आगे क्या होनेवाला hai..e तो वक़्त पे hi निर्भर करता है…

और उस दिन बी राणा और उस शख्स से बात होने क बाद मीणा अपने रूटीन काम में बिजी hogayi…us दिन शाम तो कुछ खास नह हुआ tha..aur जब शाम को पति आया तो मीणा रूटीन की तरह कॉफ़ी वगैरा पति को देकर इधर उधर की बातो में लग गयी thi..meena पति क साथ बात करते वक़्त पारी क चेहरे पे हमेशा एक्सप्रेशन चेक करती thi..taaki पति का क्या मूड hai..kahi पति को कुछ शक तो nh…q की मीणा को कही न कही अपनी गलती का एहसास tha..uske मैं में हमेशा hi डर रहता था की कही उसकी गलती की भनक तो नह लगी hai…aur वो अपनी गलती छुपाने क लिए पति क प्रति अपनी वफादारी साबित करने की पूरी कोशिश करती thi..par बेचारा पति इस बात क वास्तव से बी अनजान tha..aur वो अपनी प्यारी बीवी की साथ हसी मज़ाक करते हुए बातो में लग गया था..

दोनों मिया बीवी एक दूसरे क साथ ख़ुशी ख़ुशी हसी मज़ाक में लगे हुए the..par उसी वक़्त उसके पति यानि दिनु का फ़ोन रिंग होने लगा और दिनु जब स्क्रीन में देखा तो उसकी माँ का फ़ोन था और उसने फ़ोन रइवे करके कहा hello प्रणाम माजी कैसे हो आप

माँ यानी मिनी की सास धीरे से बोली बीटा बस कुछ दिनों से तबियत थोड़ी ठीक नह लग रही hai..e बताने क लिए hi तुम फ़ोन किया …

अपनी माँ क तबियत क बारे सुनकर दिनु थोड़ा परेशानी दिखते हुए पूछा क्या हुआ maa..tum ठीक तो हो न…

माँ- ठीक तो हु पर बीटा पर पिछले दो दिनों से चक्कर सा आरा hai…aur रात को नींद बी नह आती है …

दिनु- माँ आप अपना ख्याल रखो मई कल hi आके आपको किसी अचे से डॉ को दिखा ता हु और उसके बाद आप यहाँ मेरे पास आके कुछ दिन रुक जाना..

Maa-dr क पास जाना तो ठीक है पर अब इतना सारा काम पड़ा है यहाँ कैसे आ सकती hu..…aur है बीटा तुम इ बात बहु को मत बताना वर्ण वो परेशां हो जाएगी…

दिनु- लेकिन माँ मीणा तो मेरे सामने hi है और उसने सब सुन लिया hai…aap बस अपना ख्याल रखो मई कल सुबह hi एक दो दिन की छुट्टी लेकर निकल ता हु…

दिनु और अपनी सास क बातचीत को सुन रही मीणा ने अंदाज़ा लगा लिया था और इस बात से मीणा बी परेशां होगयी और अपने पति क हाथो से फ़ोन लेके अपनी सास को प्रणाम करके हालचाल पूछ ली और बोली वो बी कल पति क साथ aayegi…aur कुछ देर क बात चित और तस्सल्ली क बाद दोनों तरफ से कॉल कट गया..

कॉल काट ते दोनों पति पत्नी परेशां और चिंतित लग रहे the..aur दोनों ने तैय किया की कल सुबह hi दोनों गांव क लिए निकल जायेंगे और किसी अचे डॉ से अपनी maa(saas) को ट्रीटमेंट करके उसे यही बुला लेंगे कुछ दिन क liye…par दिनु क लिए परेशानी थी की उसे छुट्टी मिलने की क्यू की उसके एरिया में बहुत सारा काम पड़ा हुआ था जिसे उसे समय क पहले पूरा करके उसका प्रोग्रेस बॉस को जल्द से जल्द सब्मिट करना था इसलिए उसे लगा की बॉस उसे छुट्टी देने में हिचकिचा सकता hai..par दिनु गांव अपनी माँ क पास जाने से अपने आप को रोक बी नह सकता था और उसने सोचा वो कल सुबह जाकर अपने बॉस को मिलकर हकीकत बताके छुट्टी ले लेगा और उसने इ बात मीणा को बताई तो मीणा पति से बोली कल क्यू? मई तो कहती हु आज और अब hi जाकर बॉस से बात करलो…

दिनु- कुछ सोचकर पर मीणा इस वक़्त पता नह बॉस किश मूड में होंगे और मेरा काम बी बहुत hai…isliye ..छुट्टी मंज़ूर करेंगे बी नहीं

मीणा- क्यू नह मंज़ूर karenge…hum थोड़ी झूट बोल रहे hai..waise बी हम सुबह जल्द hi निकलेंगे तो और बी ाचा hoga…aap जाके बात करो बॉस से वो जरूर manenge..aur मीणा की बात को मान कर दिनु उसके बॉस से मिलने चला गया और जैसे hi दिनु बहार निकल गया मीणा ने सोचा राणा जी पति को छुट्टी देने से मन कर सकते है पर मेरी बात वो कैसे ताल सकते है और उसने कुछ सोचा और अपना मोबाइल उठके राणा को कॉल किया

शाम क इस वक़्त मीणा का कॉल देख क राणा खुश हुआ उसे लगा शायद मीणा ने मिलने क बारे में कुछ सोचा होगा और इसी चीज़ को बताने क लिए hi फ़ोन किया होगा इ सोच कर राणा ने बिना कोई देर किये कॉल रिसीव किया और बोलै- क्या बात आज इस वक़्त कही मिलने क लिए कोई प्लेस तो नह मिला.. हाहाहाहा

पर मीणा इस वक़्त हसी मज़ाक क मूड में नह थी सो वो राणा क बात का जवाब दिए बिना hi अपनी परेशानी बतादि और बोली आप प्ल्ज़ मेरे पति को एक दो दिन की छुट्टी मंज़ूर करो..

मीणा क बातो में राणा क सोच पर पानी फेर दिया था और उसने मीणा क आवाज़ से hi पता कर लिया था की मीणा सच में परेशां है और इस वक़्त मीणा से किसी बी तरह मज़ाक करना ठीक नह है और वो वक़्त की नज़ाकत को ख्याल रकते हुए मीणा से बोलै ठीक है तुम कह रही हो तो ..दिनु की छुट्टी मंज़ूर हो jayegi..par उससे रहा नह गया और मीणा से पूछा पर कॉफ़ी……?? इ बात उसने बहुत धीरे से कहा tha…par उतना बी धीरे नह जो मीणा नह सुन sake..q की उसे डर था की इस वक़्त कॉफ़ी क बात को आगे बदवू तो मीणा कही नाराज़ न हो जाए

राणा की इस आखरी बात को मीणा ने सुन बी लिया था पर उसका मूड नह था इस वक़्त और वो राणा को निराश बी नह करना चाहती थी सो वो राणा से बोली आज मेरा मूड नह hai..gaav जाके वापिस आने क बाद हम इस बारे में जरूर सोचेंगे bye..kehte हुए मीणा ने फ़ोन काट दिया..

मीणा चाहे तो इस मौके का भरपूर फयदा उठा सकती thi..aur वो सिर्फ पति को hi गांव भेज कर राणा क साथ पूरी मस्ती कर सकती थी जैसे उसने जमील क साथ किया tha.par मीणा ने इस वक़्त उस सोच को अपने दिमाग में hi दफना दिया था इसका पहला रीज़न था उसका swabhav…jism क प्रति उसकी सोच तो बदल चुकी थी पर उसका स्वाभाव नह ..अब बी वो अपने पति और परिवार से उतना hi प्यार करती थी जितना वो पहले से करती आयी है और दूसरा रीज़न था मीणा और उसके सास क बीच का अनन्य rishta…meena और उसकी सास रिश्ते में नाम क लिए hi तो सास बहु थे पर दोनों क बीच का रिश्ता माँ बेटी से काम नह tha..dono को एक दूसरे से बहुत लगाव था.. इसलिए मीणा अपनी सास क तबियत को लेकर बहुत चिंतित और परेशां थी.. इसलिए उसके दिमाग में इस वक़्त सेक्स क लिए कोई बी जगह नह बन रही thi..isliye मौज मस्ती करने का मौका होने पर बी उसने अपनी सास क पास जाना hi ठीक समजा था..

पति जब बॉस से मिलके लौटा तो मीणा उसे सहज तरीके से पूछी की छुट्टी मिल गयी..

दिनु- है मिल गयी पर यकीं नह था बॉस एक hi बात पे मान जायेंगे

पति की बात सुनकर मीणा मैं hi मैं हस्ते हुए बोली क्यू नह manate..unki पसंद की चीज़ जो मेरे पास है अगर माजी क तबियत का ख्याल नह होता का तो शायद कल रात hi वो चीज़ मई उन्हें सिद्दत से दे deti……par वो इस वक़्त इस मूड में नह थी की इस बारे ज्यादा कुछ सोचे.

कुछ hi देर में उसने पति क साथ डिनर किया और सब साफ़ सफाई क बाद सोने से पहले एक बार फिर से फ़ोन करके सास से बात करने नह भूली और सास को कल सुबह अपने और पति की आने क बाद बी batadi…aur कुछ देर क बातचीत क बाद कल सुबह उठके जाने की सब तैयारी करके मीणा अपनी पति क बगल में सोने चालीगयी..

जब मीणा सोने गयी तो रात क 10.30 बज चुके थे और उसका पति घोड़े बेचकर सो रहा tha..aur मीणा बी जल्द से जल्द सो जाना चाहती थी और सोने से पहले उसने फिर से रूटीन की तरह अपना मोबाइल देखा तो उस अनजान शख्स का गुड नाईट मश्ग tha…jise देखते hi मीणा सोचने lagi…aaj कल मई इससे हर सुबह बात करती hu…aur शायद कल बात नह कर सकती क्यू की पति जो साथ में रहनेवाले hai…aur पति क मौजूदगी होते हुए इसने मश्ग कर लिया to…nh नह पति को बिलकुल शक नह होना चाहिए की आज कल मई किसी अनजान शख्स से बी बात चाट करने लगी हु बेहतर है इससे संजना hi hoga…aur मीणा ने कुछ सोचा और एक बार मुद क पति की तरफ देख कन्फर्म कर्ली की कही पति जगा तो नहीं और मश्ग टाइप ki…"good नाईट पर शायद कल हमारी बात हो नह सकती.."

कुछ hi देर में उधर से रिप्लाई aaya-q क्या हुआ मैडम सब कुछ ठीक है न..

मीणा- है पर मेरी सास की तबियत थोड़ी ठीक नह और कल सुबह मई और मेरा पति सास क पास गांव जा रहे hai…isliye कल बात हो नह पाएगी सॉरी मई गांव से वापिस लौटने hi मश्ग karungi…kuch देर ख़ामोशी बाद उस शख्स का रिप्लाई आया

शख्स- कोई बात nh..waise मुझे अब बहुत कुछ एडजस्टमेंट करना पड़ेगा bye गुड नाईट…

उस शख्स की मश्ग पड़ते hi मीणा थोड़ी सोच में padhayi..waise क्या एडजस्ट करना है उसे और इ सब वो मुझे क्यू बता raha…khair छोड़ो मुझे क्या लेना देना शायद उसे कोई काम hoga..aur मीणा ज्यादा कुछ सोचे बिना hi नींद की अघोष चालीगयी…

अगले दिन सुबह दोनों मिया बीवी जल्द तैयार होकर 6-6.30 बजे क करीब hi अपनी कार पर गांव क लिए रावण hogaye..meena काफी समय बाद अपने सास क घर जा रही थी काम से काम एक से डेड साल हो गए थे उसे सास क पास jaakar…use सास से तो बहुत लगाव था पर गांव छोटा होने क वजह से वह पे मीणा का दिल नह लगता tha..waha पे उसके लिए कोई मनोरंजन क साधन बी नह the…aur खास करके मोबाइल नेटवर्क बी ठीक नह मिलता था.. इसलिए वो जब बी गांव जाती थी ज्यादातर पति क साथ सुबह जाकर शाम को hi लौटती thi..Kayi साल होगये थे उसे वह रात bitake..aur इस बार उसका जाना मज़बूरी था क्यू की वो अपनी माँ सामान सास क तबियत को नज़र अंदाज़ नह करना चाहती थी..

पति क साथ कार में जाते वक़्त रोड पे उसे कही सारे बदलाव दिख रहे the..jaha पहले बंजर जमीन या जंगल हुआ करता था वह पे बड़े बड़े ईमारत खड़े हुए थे इ सब देख कर मीणा को बहुत ाचा लग रहा था और उसने अपने पति से पूछा इ क्या? एक डेड साल में इतना सारा बदलाव…

पति- है आज कल सबकुछ फ़ास्ट hi है मीणा. देखो कितने बड़े बड़े और पॉश रिसोर्ट बन गए है यहाँ, दिनु ने दूर एक रिसोर्ट की तरह इशारा करते हुए मीणा को बताया..

पति क बात को जवाब देते हुए मीणा पूछी वो तो ठीक है पर ऐसे जंगल और सुनसान जगह पे इनका रिसोर्ट कैसा चलेगा कौन आएंगे यहाँ…

दिनु- हस्ते हुए पागल हो तुम ऐसी जगह hi तो आज कल लोग पसंद करते है जहा कुछ दिन वो बिना कोई टेंशन क बिताये…

पति की बात सुनकर मीणा का शैतानी दिमाग जाग उठा tha..jis प्लेस क बारे में सोच सोच कर राणा से मिलने तैयार नह हो रही थी वही प्लेस उसे नज़र आगया था और वो ख़ुशी से पति को मैं hi मैं धन्यवाद् देकर सोची गांव से वापिस आते hi राणा जी को किसी न किसी तरह रिसोर्ट की तरफ इशारा करदूंगी और मौका पाकर पति से कुछ न कुछ झूट बोलकर राणा जी क साथ वक़्त बीतलुंगी…

अब मीणा का मैं ख़ुशी से झूमने लगा था उसका मैं कर रहा था की राणा को इसी वक़्त मश्ग करके बाटाडू की यही कही एक रिसोर्ट में रूम बुक करले…. पर उसका पति बगल में होने क वजह से वो अपने सोच पर ब्रेक lagadi..aur पति क साथ फिर से इधर उधर की बातो में लग गयी…

और बातो बातो में दिनु ने उसे बताया की अब गांव में बहुत कुछ बदलाव आया hai…aur पहले जैसा अब नह hai..aur इस बात से मीणा थोड़ी खुश बी हो गयी थी ..

करीब 2.30 घंटे क जर्नी क बाद दोनों एक शहर पहुंच चुके थे और वह से उन्हें और 5 कम और अंदर जाना था जहा उनका गांव tha…aur कुछ 15 मीन्स में hi वो अपने घर क नज़दीक बी पहुंच चुके थे वह बी मीणा ने गौर किया की चारो तरफ कई तरह क फसल उगकर हरियाली hi हरियाली है …इ सब सुन्दर नज़ारा मीणा क दिल को भ गया tha…use सब कुछ एक स्केनरी की तरह मनमहोहक लग रहा था जैसे किसी कलाकार की कल्पना ho…usne देखा की उसके सास क घर क बगल में कुछ दूर एक नया घर बी बना हुआ है जो दिखने में बहार से काफी पॉश लग रहा tha…aur मीणा ने सोचा सच में बदलाव आया hai..gaav में भी

और कुछ देर में उनकी कार उसके सास यानि उसके खुद क घर क सामने कड़ी thi…meena और उसका पति दोनों hi कार से उतारकर घर में दाखिल हो गए …जहा पर उसकी बड़ी सास चुल्ले क पास कड़ी खाना बनाने की तैयारी में लगी हुई थी..

अपनी सास को देखते hi मीणा उनके पास चालीगयी और उनसे बातो में लग गयी और साथ hi साथ उनके तबियत क बारे में पूछने lagi..kuch देर क मिया बीवी और सास क बातचीत क बाद तीनो हॉस्पिटल जाने क लिए रेडी हुए जो 5 कम दूर बगल क शहर में tha…aur वह जाकर उन लोगो ने एक अचे डॉ से कंसल्ट किया और डॉ क कहे अनुसार सब टेस्ट करवाए …इ सब करते करते दोपहर क 1 बजने आये the…aur आखिर में सब रिपोर्ट चेक करने क बाद डॉ दिनु से बोलै की आपकी माँ को कुछ बी प्रॉब्लम नह है सब रिपोर्ट्स नार्मल है.. शायद इस उम्र में बी बहुत काम करती होगी इसलिए कभी कभी बप और शुगर लेवल ऊपर निचे हो जाता है और उन्हें चक्कर सी आती hai…par घबराने की कोई जरुरत नह वो बिलकुल ठीक hai..aur एक प्रिस्क्रिप्शन को दिनु क हाथ में देते हुए बोलै इ मैंने कुछ दवाई लिखी है इन्हे टाइम तो टाइम देना और है आखरी और इम्पोर्टेन्ट बात कुछ दिनों क लिए इन्हे रात को नींद लगने तक अकेले मत chodna…bas दो चार दिन की बात है उसके बाद कोई प्रॉब्लम नह होगी…

डॉ की बात सुनकर मीणा और दिनु दोनों खुश होगये थे दोनों ने भगवान को लाख लाख शुक्रिया ऐडा किया की बात उतनी सीरियस नह nikii…aur तीनो घर की तरफ निकल पड़े..

घर आके पहुंचने तक दोपहर क 2 बजे थे और आते hi तीनो फ्रेश होगये और लंच को गरम करके और एक साथ तीनो खाने क लिए बैठ gaye…aur बातो में दिनु ने अपनी माँ से कहा की कल से कुछ दिन क लिए उनके साथ आकर रेस्ट कर ले और मीणा ने बी अपनी पति क बात को सही करार देते हुए अपने सास से उनके साथ चलने को kaha..aur इस बात को मीणा और दिनु ने कल रात hi तैय किया हुआ tha..so उन्होंने अपनी मैं की इन्चा बता दी थी…

अपने बेटे और बहु की बात सुन कर वो बोली अरे नह beta..is वक़्त मई वह आ नह सकती ..इस बार तो अछि फसल हुई hai..aur मेरा यहाँ न रहने से फसल की देखभाल कौन karega..aisa करती हु फसल कटाने क बाद मई वह कुछ दिनों क लिए आजाती हु ..

अपनी माँ की बात सुनकर दिनु बोलै- पर माजी डॉ ने तो आपको अकेला छोड़ने से मन किया है तो हम आपको अकेले छोड़ने का रिस्क नह ले सकते…

सास- पर बीटा मई ठीक hu…Dr ने कहा न कोई प्रॉब्लम नह दवाई लेने क बाद ठीक हो जावूँगी

मीणा- नह माँ जी फिर बी हम आपको अकेले नह छोड़ sakte..aur आपको ऐसे अकेले छोड़कर हमे बी वह चैन नह रहेगा

सास- नह बीटा ऐसा कोई बात नह तुम मेरी चिंता छोड़ दो एक दो दिन रेस्ट लेने क बाद मई पूरी तरह से ठीक हो जावूँगी …

मीणा और दिनु ने मिलकर उसे बहुत समजने की कोशिश की पर मीणा की सास आने को तैयार hi नह हो रही थी और आखिरकार दोनों हारकर कुछ देर क लिए खामोश होगये ..और तब तक तीनो का लंच बी फिनिश होगया tha..aur मीणा ने सास को टेबलेट्स देकर रेस्ट करने को कहा और खुद साफ़ सफाई में लग गयी तो बहार बैठा दिनु यही सोच में था की वो अपनी माँ को कैसे मनाये उसके साथ चलने क liye..kuch देर बाद मीणा बी आके पति क सामने बैठ गयी और दोनों अपनी अपनी maa(saas) को मानाने क लिए सोचने lage….kuch देर क परामर्श क बाद दोनों को यकीं होगया था की दिनु की माँ यानि मीणा की सास उगी हुई फसल क देखभाल को बीच में छोड़कर उनके साथ आने तैयार नह hogi..q की मीणा की सास पहले से hi एक मेहनती औरत thi..aur इस जमीन क साथ उसके पति यानी मीणा क ससुर क यादे जुडी हुई thi..kuch देर मीणा और दिनु एक दूसरे क बातचीत क बाद इस नतीजे पर पहुंचे की वो लोग आखरी बार मीणा की सास को समजके शहर आने को कहेंगे और फिर बी नह मानी तो मजबूरन मीणा उसके साथ दो चार दिन रुकेगी जब तक उसकी सास ठीक नह होती…. हालाँकि मीणा का मैं नह था पर वो अपने पति की बात को ताल नह सकीय और उसे लगा की यही उसके लिए सबसे ाचा मौका है सास और पति क प्रति अपनी वफादारी को और बी मजबूत करने ki..aur मीणा मान गयी थी पर फिर बी उसका दिल कही न कही राणा जी से मिलान करने क लिए तड़प रहा tha..uska प्यासा जिस्म राणा जी बहो में अपनी जगह बनाने क लिए बेताब tha…par उसने अपनी सास की तबियत की ख्याल रखते हुए अपनी हवस पर कुछ दिन काबू पाना hi ठीक समजा tha…aur वो बिना किसी विरोध क पति को अपनी सम्मति दे दी थी…

खैर मीणा अपनी डेसिओं से खुश बी थी और थोड़ी उदास बी thi..q की मीणा क लिए आनेवाले 4-5 दिन कटना बहुत मुश्किल था पर वो अपनी उदासी को अपने चेहरे पे झहीर नह होने दी और दोपहर की एक हलकी झप्पी लेने क लिए वही हॉल में एक चारपाई बिचके लेट gayi…aur जब शाम को उसकी नींद खुली तो 5 बज चुके थे तो मीणा पहले वाशरूम गयी और फ्रेश होकर सास और पति क लिए कॉफ़ी बनाने lagi..aur तब तक उसकी सास बी उठ कर फ्रेश होकर बहार बैठे अपने बेटे क साथ बात करने लगी thi..kuch hi देर में मीणा 3 कप कॉफ़ी लेके उनके पास गयी और तीनो एक साथ कॉफ़ी पिने लगे थे और बातो बातो में सास को मानाने की कोशिश कर रहे the….aur जब उनका प्लान नाकामयाब रहा तो मीणा ने अपनी सास से कहा ठीक है maaji…par जब तक आप ठीक नह होंगे मई आपके साथ hi रहने वाली हु…

सास- अरे क्यू नह बीटा इ तो तुम्हारा hi घर hai..isme पूछनेवाली क्या बात hai..agar तुम हमेशा मेरे साथ रहोगी तो मुझे और बी ख़ुशी होगी..

मीणा- अरे माजी क्यू nh…hum बी तो यही चाहते है की आप हमेशा हमारे साथ hi raho…..par आप थोड़ी मानती हो…

सास- बीटा मई शहर की नह यहाँ की बात कर रही हु…

मीणा- है माजी पता है पर आप तो जानते hi हो na..e शहर छोड़ क नह आ सकते कहकर दिनु की तरफ देखा..

सास- है बीटा पर कुछ दिन hi सही तुम्हारे साथ वक़्त बिताके ाचा लगेगा मुझे और वैसे बी मई कब तक यहाँ अकेली रहूंगी ..जब तक जिस्म में ताकत है तब तक यहाँ खेती बाड़ी करुँगी उसके बाद तो तुम दोनों hi तो मेरा सहारा हो…

मीणा सास और दिनु एक दूसरे से बात करने में लगे थे तभी उन्हें दूर से कोई उनके घर की तरफ आता नज़र आया और मीणा की सास ने उसे पहचान लिया था लगता है जमींदार जी आये है आज ..और उसकी बात सुनकर दिनु बोलै है माजी लगता है आपसे hi मिलने आ रहे है..

सास- है बीटा वो जब बी आते है मुझे मिले बगैर नह jaate..aur कुछ hi देर में मीणा ने देखा की एक काफी लम्बा और हत्ता कट्टा काला सा मर्द उनके गेट खोल कर अंदर hi आरहा hai..aur जिसे देख कर उसकी सास बोली आवो जमींदार बीटा कब आये ..

तभी वो शख्स मीणा की सास को प्रणाम करते हुए बोलै माजी बस कुछ hi देर पहले और आते hi पता चला की आपकी तबियत ठीक नह तो सीधे आपसे मिलने चला aaya…aur दिनु की तरफ देख कर बोलै नमस्ते दिनु भाई कब आये aap…aur फिर मीणा की तरफ देख मुस्कुराते हुए बोलै नमस्ते मैडम जी..

मीणा- उसे देख मुस्कुराते हुए बोली namaste..aur चुप rahi..aur अपनी याद को ताज़ा करने लगी

दिनु- नमस्ते जमींदार जी वो बस कल शाम को माँ जी ने फ़ोन करके बताया तो हमसे रहा नह गया और सुबह उठाते hi आगये ..

जमींदार- मीणा की सास को देखते हुए अब कैसी है तबियत आपकी…

सास- अब बीटा और बहु आने से ठीक होगयी हु ..

जमींदार- ाचा माजी ख़ुशी की बात है और दिनु से ाचा क्या बोलै डॉ ने..

दिनु ने जवाब में डॉ क साथ हुई मुलाकात और ट्रीटमेंट क बारे में सब जमींदार को बता दिया..

और दिनु की बात सुनकर जमींदार बोलै इ तो अछि बात है..

दिनु, जमींदार और मीणा की सास एक दूसरे से बात चित में लगे थे तो दिनु ने मीणा को जमींदार क लिए कॉफ़ी बनाने बोलै तो मीणा अंदर किचन में गयी और कॉफ़ी बनाने लगी और कुछ hi देर में कॉफ़ी लाके जमींदार को दी.. क्यू की मीणा जमींदार को नह जानती थी सिर्फ एक बार hi उसने देखा था. मीणा को छोड़कर तीनो एक दूसरे क बातो में लग गए the…par दूर बैठी मीणा देख लिया था की जमींदार बार बार उसके सास और पति की नज़र चुराकर उसे देख रहा hai..pehle तो मीणा को इ नार्मल सा लगा पर कुछ देर उसे समाज आया की जमींदार उसे देखने का कोई मौका नह छोड़ रहा hai…is वक़्त मीणा कोई गड़बड़ नह चाहती थी और नहीं उसे जमींदार में कोई इंटरेस्ट thi..isliye वो उधर से उठ कर बगीचे में टहलने लगी और तब बी उसने पाया की जमींदार की नज़र उसपर hi टिकी है..

अब मीणा बी उसे दूर से तिरछी नज़र से देखने लगी और उनकी बातो पे ध्यान देने लगी thi…kuch देर नार्मल बातो क बाद दिनु ने उसे बातो बातो में hi बता दिया था की मीणा 4-5 दिन यहाँ रुकनेवाली है .और दिनु की इ बात सुनकर जमींदार ज्यादा कुछ रियेक्ट नह किया पर इतना बोलै है इ तो ाचा hua…maaji का बी दिल बहाल jayega…aur कुछ देर क बात चित क बाद वो वह से चला gaya…aur जब वो जा रहा था तो पीछे से मीणा उसको ध्यान से देखने लगी थी और वो मैं hi boli…e जमींदार जी मुझे ऐसे क्यू देख रहे the…kya इनको बी मई पसंद आ गयी kya…haha लगता है. ….hahaha…meena मैं hi मैं हसने लगी…

सच बात तो इ है की मीणा इतनी खूबसूरत थी कई सारे मर्द उसकी खूबसूरती पर फ़िदा हो गए थे.. उसे देख कर ज्यादातर यही सोचते थे की काश मेरी बीवी या प्रेमिका बी मीणा जैसी सूंदर hoti…unme से कई सारे मर्द और लड़के तो मीणा की गोर बदन को ख्याल करके hi अपना लुंड हिला लिया करते थे पर पहले मीणा इस बात को जानकर बी अनजान बानी रहती थी चाहे वो मर्द कितना बी दिखने में ाचा हो, तंदरुस्त हो या कोई कुछ बी करे उसे फरक नह पड़ता था मीणा क लिए उसका पति hi सब कुछ था पर जमील उसके जिंदगी में आने का बाद मीणा कुछ हद तक बदल गयी थी वो अब अपनी और देख रही मर्दो की नज़र की पड़ना चाहती thi..hatte काटते मर्दो देखते hi उसे जमील की याद आती थी और वो उन मर्दो से जमील की तुलना करती थी. क्यू की जमींदार बी किसी बॉडीबिल्डर से काम नह था सो मीणा अपने आप को रोक नह पायी thi…par इस वक़्त वो जमींदार क बारे में सोच कर अपना वक़्त बर्बाद नह करना चाहती क्यू की कुछ देर पहले सास पति और दिनु क बीच क बातो को उसने सुनलिया था और इन सब बातो से उसे पता बी चल चूका था की जमींदार कल वापिस जाने वाला है और जमींदार क साथ बात बन बी गयी तो वो पति और सास क मौजूदगी में कुछ नह कर सकती इसलिए वो फिर से अपने कुर्सी पर बैठ कर पति और सास क साथ बातो में घुल मिल गयी..

देखते देकते शाम काट कर रात का अँधेरा चने लगा था चारो तरफ सन्नाटा होने लगा था दूर दूर तक रोशनी की नाम और निशाँ नह दिख रहे थे हर तरफ चांदनी hi चांदनी thi…….gaav की ठण्ड हवा मीणा की जिस्म को छूटे हुए निकल कर एक अलग hi आनंद मीणा क दिल में उतरने लगा था दूर दूर से आ रही पंछीयोंकी आवाज़ सुन कर मीणा मंत्र मुग्ध होने लगी …पहली बार उसे गांव का मौसम ाचा लग रहा tha…wo मैं hi मैं सोच ने लगी काश ऐसे मौसम में जमील जी मेरे साथ होते …मीणा फिर से वासना क नशे में अपने कदम उतर hi रही थी उसके संस्कारो ने उसे रोकते हुए कहा नह मीणा तुम यहाँ क्यू आयी हो और क्या सोच रही ho..iswaqt तुम अपनी सास क बारे में सोचना chahiye…tum सास की तबियत का ख्याल रखने आयी हो मौज मस्ती करने नह या किसी गौर मर्द क खयालो में खोने nh..……apne संस्कारो का ख्याल आते मीणा ने सोचा है कुछ दिन क लिए मुझे सब कुछ भूलना hi chahiye..aur वो रात क लिए डिनर की तैयारी करने किचन में चली गयी..

उस रात तीनो मिलके एक साथ डिनर किया और साफ़ सफाई क बाद सास को दवाई देकर मीणा अपने पति क बगल में ऊपर वाले कमरे में सोने चालीगयी..

मीणा क सास का एक पुराण एक मेल का घर था और काफी बड़ा था निचे क हिस्से में दो बड़े बड़े कमरे थे ठीक रूम क सामने एक बड़ा सा हॉल और हॉल क दूसरी तरफ एक बड़ा सा किचेन और दूसरी तरफ बाथरूम tha…niche क एक कमरे में उसकी सास रहती थी और दूसरे रूम में कोई नह रुकने क वजह से वह पे खेती बाड़ी क सामान और जरुरी सामान रखे हुए the..q की उस बड़े से hi घर में मीणा की सास अकेली रहने क वजह से और सास को ऊपर वाले हिस्से में आने जाने में तकलीफ होने क वजह से दूसरे रूम में hi सब सामान रखा गया tha..aur हॉल में में फर्नीचर वगैरा रखे हुए थे घर क मैं दूर से अंदर आते दाए साइड में एक दरवाजा था जहा से hi ऊपर जाने क लिए लकड़ी की सीडिया थी और ऊपर जाते hi एक छोटा सा हॉल और हॉल क बगल में hi एक बैडरूम था और निचे क रूम में सामन होने क वजह से मीणा का पति जब पिछली बार बी आया था तो ऊपर hi सोया था.. ऊपर क बैडरूम में एक छोटा सा पुराण छोत था जिसपर दो लोग तो सो सकते थे पर आराम से नह क्यू की मीणा को आज कल रात में करवट लेने की जो आदत लग गयी thi..is लिए उस दिन मीणा ने छोत क बगल में निचे hi अपने लिए बिस्टेर लगा लिया था.. …कुछ देर पति क साथ बात चित क बाद और सुबह से हुई भागदौड से हुए थकन क वजह से मीणा आज जल्द hi नींद क अघोष में चालीगयी थी..

अगले दिन सुब मीणा थोड़ी जल्द hi उठ गयी और सास क उठाने क पहले hi सबके लिए ब्रेकफास्ट बनके रेडी की और तब तक दिनु और सास बी जाग चुके थे और तीनो ने मिलके ब्रेकफास्ट बी फिनिश Kiya..aur ब्रेकफास्ट क बाद तीनो नाहा धोकर फ्रेश होगये और उसके मीणा की सास और दिनु खेत की तरफ निकल गए और मीणा घर में रुकी उनकेलिए दोपहर का खाना बनाने lagi..aur मौके का फयदा उठाकर मीणा ने राणा को कॉल किया और उनके बीच कुछ 5-10 मीन्स नार्मल बाते हुए सास की तबियत को लेकर और गांव क बारे me…aur आखिर में मीणा ने उसे इ बी बताया की वो 4-5 दिन यही रुकने वाली hai..e बात सुनते hi राणा का खड़ा हुआ लुंड मुरझा गया और वो सोचने लगा अब तो 4-5 दिन मीणा हाथ में नह आनेवाली अब क्या kare..fir बी उसने अपनी बात को मीणा क सामने रखते हुए कहा मतलब तुम मिलने में और बी 4-5 दिन मुझे इंतज़ार करना पड़ेगा..

मीणा कुछ सोच कर boli…ha करना तो पड़ेगा और शायद इतना वक़्त काफी है आपके लिए जो एक ाचा प्लेस ढूंढ़ने के लिए..

राणा तुरंत बोलै ऐसा तो प्लेस फिलहाल एक hi है वो है किसी होटल में जाना और तुम वह आने तैयार नह हो…

मीणा क लिए अब प्लेस का जुगाड़ बी हो गया था पर वो अपनी बात खुल क राणा क सामने रखना नह चाहती थी वो कुछ सोची ठीक है तो फिर सोचो मई आने तैयार हु पर होटल बी ऐसी जगह होनी चाहिए जहा आस पास कोई और ईमारत या कुछ बी न ho…aisi कोई जगह आप ढूंढ सकते हो तो मई बिना किसी डर क आपके साथ कॉफ़ी पी सकती hu..meena ने इंदिरेक्ट्ली रिसोर्ट की तरफ इशारा करदिया tha…par राणा को मीणा का इशारा नह समजा था और वो बोलै ठीक है तो फिर मई कोई ऐसी जगह ढूंढने की कोशिश karunga…par तुम पक्का आवोगी न…

मीणा- राणा का जोश बढ़ाने को कोशिश करते हुए बोली अब दोस्ती कर hi चुकी हु तो कॉफ़ी तो पीना hi पड़ेगा na…hahaha

मीणा को ऐसे फ्री होकर अपनी दावत को स्वीकारता देख कर राणा क मुर्ज़े हुए लुंड में फिर से जान आगयी थी और वो बोलै अगर ऐसी बात है तो मई अपनी पूरी कोशिश लगावूंगा इन 4-5 दिनों में और तुम्हारे आते hi हम वह चले जायेंगे क्या कहती हो…

मीणा- हम्म्म्म

राणा- तो मई आज से hi इन्क्वारी करने शुरू करता हु…

मीणा- है पर थोड़ा होशियारी से मेरे लाइफ की सवाल है…

राणा- don't वोर्री मुझे पता है…

अब तक मीणा राणा क सामने एक इनोसेंट की तरह लॉज क बारे में बोल रही थी राणा को पता न चले की उसे ऐसी जगह दिख गयी hai…aur वो राणा से boli…acha मई अब रखती hu…shayad कल से बातचीत ज्यादा नह होगी पर वक़्त मिले तो जरूर बात karungi…thik है..

राणा- ठीक hai…par अपनी बात मत भूलना..

मीणा- नह bhulungi…ok…ek मिनट इ भूलने वाली बात से याद आया जब मई कल सुबह पति क साथ गांव आरही थी तभी रस्ते पे कही ऐसे होटल दिख गए थे मैंने ज्यादा गौर नह किया पर पति कह रहे थे कुछ रिसोर्ट hai…shayad मुझे लगता है ऐसी hi जगह ठीक रहेगी हमारे liye…coffee एन्जॉय करने क liye…ek बार आप बी चेक करके रख लो…

मीणा ने डायरेक्टली तो नह पर इंदिरेक्ट्ली hi राणा का रास्ता आसान बना दिया था..

और मीणा की बात सुनकर राणा मैं hi मैं खुश हुआ था उसे लगा कही न कही तो सही मीणा उसे मिलने राज़ी होगयी और उसने कुछ सोचा और बोलै ठीक है मई आज hi उसी रस्ते पे जाके चेक करता हु…

मीणा- ठीक है bye अब रखती हु..

राणा- bye…

फ़ोन काट ते hi मीणा ख़ुशी से झूमने लगी thi..use अपनी जिस्म की प्यास भुजने की राह मिलने की ख़ुशी thi…par कुछ hi देर में उसकी इ ख़ुशी फिर से गायब हुई थी जब उसे ख्याल आया की अब प्लेस तो मिलगया पर मई वह कैसे javungi…aur जाने क लिए तो पति से कुछ न कुछ तो झूट बोलना hi padega…par क्या bolungi…muje तो यकीं है एक बार राणा जी क साथ वह गयी तो राणा जी शाम तक मेरे जिस्म को भोगने का कोई मौका नह छोड़ेंगे और मुझे बी कहा चैन मिलेगा दो- तीन बार राणा जी क हथियार से अपनी छूट का बंद दरवाजा खोल न lu..par इसके लिए तो काफी वक़्त चाहिए हो सकता है सुबह से शाम …..अब सुबह से शाम तक एक गैर मर्द क साथ वक़्त बिताने क लिए मुझे कोई ऐसा बहाना ढूंढना होगा की पति छह कर बी मुझपे शक न कर सके ….और बहाना ढूंढ बी लिया तो क्या पति मुझे अकेले जाने denge…kya karu…..par कुछ न कुछ तो करना hi hoga….warna मेरे और राणा जी का पहला मिलान कैसा हो payega…par कोशिश तो करना hi hoga..kuch न कुछ बोलके पति को मानाने क लिए पर kya…yahi तो नह सूज रहा hai…..aur कुछ देर मीणा सोचने क बाद अपने मैं में hi boli..mere पास और 4 दिन बचे है और इन चार दिनों में दिमाग पर जोर लगाने से कुछ न कुछ आईडिया जरूर aayega…aur वो कपडे धोने क लिए आगे की तरफ निकल गयी…

मीणा क घर क सामने बगीचे क बीच एक बड़ा कुवा था और कुवे क बगल में hi कपडे धोने क लिए पत्थर लगाया गया tha..jaise ज्यादातर गांव में होता hai…meena सारे कपडे एक बकेट में लिए बहार कुवे की तरफ चल padi…meena ने आगे पीछे एक बार देखा और अपनी निघ्त्य को कमर तक बांड कर निचे बैठी कपडे धोने लगी थी..

मीणा जब निचे बैठे कपडे धो रही थी तो निघ्त्य घुटनो तक होने क वजह से सामने से उसके आधे से बी ज्यादा गोर मोठे जंघे नंगे नज़र आ रहे the..aur इ बात मीणा को बी अछि तरह पता था अगर कोई सामने होता तो उसके नग्न जांघो का दर्शन कर सकता hai…par मीणा को इस बात का कोई डर नह था क्यू की वो जानती थी उसके घर क आस पास कोई घर नह hai…isliye मीणा बिना किसी संकोच क कपडे धोकर फिनिश की और उन्हें वही सूखने क लिए डालने lagi…aur डालते वक़्त उसकी नज़र सामने पड़ी जहा उसकी सास ने तरह तरह क फॉलो क झाड़ डेल हुए the..unme से कुछ फूल बी छोड़ चुके थे और मीणा को इ नज़ारा ाचा लगा तो वो पुरे कपडे सूखने डालने क बाद उस फूल क झाड़ क तरफ चली गयी और फूल को गौर से देख hi रही थी तभी उसे किसी की आने की आवाज़ आयी तो मीणा ने देखा उसके ठीक बगल क कंपाउंड क पास खड़ा जमींदार उसे देख कर मुस्कुरा रहा है..

जमींदार को देख कर मीणा बी मुस्कुरायी तो जमींदार ने कहा बहुत खूबसूरत है …और मीणा को hi ऊपर से निचे तक देखने लगा…

मीणा- जमींदार को देखते हुए बस हम्म्म में जवाब दी…

तब जमींदार बोलै लगता है आपको फूल पसंद है…?

मीणा मैं hi मैं बोली इ कैसा बेतुका सवाल hai…phool किसको पसंद नह hote..aur वो जमींदार को जवाब देते हुई बोली क्यू आपको पसंद नह क्या…

जमींदार मीणा को फिर से ऊपर से निचे की तरफ देखते हुए बोलै- खूबसूरत फूल किसको पसंद नहीं hote…haha..

मीणा- हम्म्म्म

तब मीणा ने देखा की जमींदार की नज़र उसके कमर क निचे hi hai…aur तब मीणा को याद आया की उसने निघ्त्य को कमर पर बंधी हुई है इसलिए उसके पाँव घुटनो तक नंगे hai…aur इ ख्याल आते hi मीणा थोड़ी शर्मा गयी और झट से अपनी निघ्त्य निचे कर्ली तब जमींदार बोलै लगता है मैडम आप पहली बार गांव आयी हो…

मीणा- नह क्यू?

जमींदार- मैंने पहले कभी आपको गांव आते देखा नह…

मीणा- है वो मई कभी कभी hi आती हु और आये तो बी सुबह आके शाम को चली जाती थी..

जमींदार- मतलब आप कभी झरना क पास गयी नह…

मीणा- झरना??? मीणा ने सावल भरे नज़रो से जमींदार को देखते हुए पूछा

जमींदार- है मैडम जी यही कुछ दूर पर एक पानी का झरना है और

उसके किनारे बी एक ाचा बगीचा hai..aap देखोगी तो खुश हो javogi..agar वक़्त मिले तो एक बार जाके देख lena..mei तो कहता हु आज hi देख लो…

मीणा- हम्म्म कोशिश karungi….aur मीणा वापिस घर की तरफ जाने hi लगी तो जमींदार बोलै वैसे आप बुरा न माने तो एक बात कहु मैडम जी..

मीणा मैं में बोली अब इसे और क्या बोलना है मन बी तो नह कर sakti….chalo सुन hi लेती hu…aur जमींदार को मुड़कर देख कर बोली है बोलो न…

Jamindar-sach कहु आप बी किसी खूबसूरत फूल से काम नह ho..aapko देख कर ऐसा लगता है की भगवन ने साड़ी खूबसूरती आप पर hi खर्च दी है…

अपनी tàarif सुन्ना मीणा को ाचा hi लगता था इसलिए जमींदार क मुँह से बी अपनी तारीफ़ सुनकर वो मैं hi मैं खुश हुई और जमींदार को शुक्रिया ऐडा करते हुए बोली जी थैंक you….aur पीछे मुड़े बिना hi वह से सीधे घर की अंदर आयी और जमींदार क साथ हुई बातो को याद करने की कोशिश करने lagi..tab उसे याद आया की कपडे धोते वक़्त तो उसकी नंगी जाएंगे दिख रही थी कही जमींदार जी ne…..nh नह मई तो दूसरी तरफ मुँह करके धो रही थी और जमींदार जी तो मेरे बाए तरफ से आये the…Matlab उन्होंने कुछ नहीं देखा पर वो मेरी नंगी पैरो को तो देख रहे थे पर मीणा को अंदाज़ा नह था की जमींदार पीछे से मीणा को कपडे धोते वक़्त से hi देख रहा tha……aur मेरी तारीफ़ बी कर रहे थे और इ बात याद आते hi मीणा फिर से शर्माकर मैं hi मैं बोली क्या हुआ सिर्फ मेरे पेअर hi तो देखे hai..aur कुछ बी तो नह वैसे बी अब मेरे पेअर छुपाने क लायक hi कहा है, मई तो जमील जी क सामने इतनी बार नंगी हो चुकी हु की मेरे एक एक अंग को जमील जी ने देखा है महसूस किया है और उसके साथ खेला बी है और तो और मई अब राणा जी क साथ बी नंगा खेल खेलने तैयार हु ऐसे में जमींदार जी ने मेरे सिर्फ मेरे घुटनो क निचे तक क नंगे पेअर hi तो देखे है….

दरअसल जमींदार ने मीणा की सास और पति को खेत की तरफ जाते हुए देख लिया था और वो उसी वक़्त से बहार अपने कलिउण्ड में खड़े मीणा का इंतज़ार कर रहा था ताकि किसी न किसी बहाने मीणा बहार आये और वो मीणा से बात करे और जब उसने देखा की मीणा कपडे धोने बहार कुवे क पास आयी है तो वो वह चुप कर hi मीणा को देखने लगा tha..aur जब मीणा निघ्त्य को घुटनो तक उठके कमर पर बाँध लिया था तब hi उसने मीणा क खूबसूरत नंगे पेअर को घुटनो तक देख लिया tha..aur उसके लुंड ने सलामी देने शुरू कर दी थी और जब मीणा कपडे धोने क लिए बैठी तो वो सन उसके आँखों क सामने से गायब हुआ था पर उससे बी ाचा नज़ारा उसके सामने आ गया था और वो नज़ारा था मीणा की मोती मुलायम गांड.. मीणा जब निघ्त्य अपनी कमर तक उठाकर बैठी थी तो उसकी गांड दो तरफ खुल गयी थी और एक कामुक नज़ारा जमींदार क नज़रो क सामने tha…aur जमींदार क आँखों ने मीणा की मोती और मुलायम गांड की गोलाई पूरी तरह से नाप लिया tha..jise देख कर वो अपने लुंड को मसलने से अपने हाथो को रोक नह पाया और उसे अछि तरह पता की आगे से मीणा की जंघे अपना नग्न रूप दर्शा रहे hai..aur इ बात सोच कर hi उसकी उत्तेजना और बी बाद चुकी थी.. और वो मैं hi मैं बोलै बहुत तड़पाया तुमने मीणा अब जब यहाँ आ hi गयी हो इ मौका मई हाथ से जाने नह dunga…aur इ बात सोच कर hi वो अपना लुंड को जोर जोर से घिसने लगा था और जब मीणा कपडे सूखा कर बगीचे की तरफ आयी थी तब जमींदार ने मौके का फयदा उठके मीणा से बातचीत की शुरुवात की थी..

पर यहाँ मीणा सोच में डूबी हुई मीणा इ जमींदार जी कौन hai…maine पहले कभी इनको गांव में नह देखा और नहीं कही aur…ha एक बार देख चुकी हु जब वो माजी को छोड़ने शहर आये थे हमारे ghar..par उस वक़्त तो मैंने उतना ध्यान नह दिया था unpar….agar इ जमींदार है तो वो पुराने जमींदार चाचा कहा gaye…meena को इस सवाल का जवाब जरुरी था और इन सब सवालो का जवाब उसे सिर्फ उसकी सास hi दे सकती thi…ha उसका पति बी दे सकता था पर मीणा ने अपने पति से ज्यादा सास को hi पूछना जरुरी समजा…

कुछ hi देर में मीणा की सास और पति खेत से लौट आये और मीणा का पति बहार कुवे का पास अपना हाथ पेअर साफ़ करने लगा था.. तभी उसे जमींदार वह अपने खेत में टहलता हुआ देख कर दिनु ने उसे आवाज़ लगायी तो जमींदार दिनु को जवाब देते हुए दिनु क घर आगया और बहार आंगन में बैठे दिनु से बात चित करने laga..par उसकी नज़र सिर्फ मीणा को hi ढूंढ रही थी जो कुछ देर पहले उससे बात करके अंदर चली गयी थी..

मीणा किचन में अपनी सास क साथ इधर उधर की बातो में लगी हुई थी. पर बहार दिनु किसी से बात करते हुए देख उसे अंदाज़ा होगया था की शायद जमींदार जी आये हुए hai..par मीणा को इस बात से थोड़ा फरक तो पड़ा था पर अब बी वोई जमींदार क प्रति आकर्षित नह हुई थी उसे सब कुछ कासुअल सा लग रहा था सो उसने ज्यादा ध्यान नह diya…uske मैं में तो अब बी सिर्फ दो hi मर्द थे एक था उसका पहला प्यार जमील और दूसरा था राणा जिससे अभी अभी नज़दीकया बढ़ाने लगी thi…teesra बी एक मर्द था पर वो मीणा क लिए खास नह था क्यू की उस शख्स ने अभीतक मीणा से अपनी पहचान छुपाई हुई thi..aur कल सुबह से उसका कोई मश्ग बी नह था मीणा क सेल me..wo मीणा क बताये हुए बातो का परिपूर्ण पालन कर रहा था..

मीणा क साथ बातो में लगी सास बी जमींदार की आवाज़ पहचान गयी थी और वो बी जमींदार से बात करने बहार चालीगयी और जातेवक़्त मीणा से बोली जमींदार बीटा आया hai..lagta है वापिस शहर लौट रहा है इसलिए जाने से पहले मुझे मिलने आया hai..tum एक काम करो कुछ ठंडा बनके ले आना उनके लिए कहते हुए सास बहार की तरफ निकल गयी..

सास क बहार जाते hi मीणा ने निम्बू शरबत बनाया और एक गिलास में डालकर उसे बहार ले गयी …और जमींदार को देने लगी और जमींदार मीणा से शरबत को लेते हुए बोलै गुड मॉर्निंग मैडम जी कैसे हो हो aap.aur हाथो में लिए शरबत को दिखते हुए …इ sab..kis लिए बेकार में आपको तकलीफ दी मैंने..

जमींदार ने इस बात को इतनी नज़ाकत से कहा था की सामने बैठे दिनु और मीणा की सास को बी पता नह चला की जमींदार उनके सामने ऐसे एक्ट कर रहा है वो आज पहली बार मीणा से मिला hai..jamindar क इस बात से मीणा बी थोड़ी हैरान थी वो मैं में hi सोचने लगी इ जमींदार जी तो कुछ hi देर पहले मुझसे बात कर चुके है और इतना hi नह मेरी तारीफ़ बी कर चुके hai..fir बी इ गुड मॉर्निंग इस तरह बोल रहे है जैसे आज पहली बार मिले ho…meena को अब थोड़ा शक होने लगा की कही जमींदार जी क मैं में उसके लिए कुछ तो nh…par इस वक़्त सास और पति क सामने होने क वजह से कुछ बोल नह पायी बस गुड मॉर्निंग कहकर चुप हो गयी और वापिस किचन और जाने hi लगी थी तब जमींदार दिनु से बोलै अरे दिनु जी आप मैडम को झरने क यहाँ लेके गए nh…shayad मैडम को ाचा लगता..

जमींदार से फिर से झरने क बारे में बताते हुए देख मीणा क बढ़ते कदम रुक गए थे और वो दरवाजे क पास कड़ी अपनी पति को देखने लगी इस उम्मीद से की पति क्या बोलनेवाले है…

तभी दिनु मीणा की और देख कर जमींदार से बोलै नह जमींदार जी कल टेंशन में भूल गया tha…aur आज दोपहर खाना होने क बाद निकल रहा हु …पर मीणा यहाँ रहेगी न 4-5 दिन इस बीच वो जाके देख लेगी…

जमींदार- ाचा तो आज आप जा रहे हो कहते हुए उसने मीणा को तिरछी नज़र से देखा और मीणा ने बी जमींदार को अपनी और तिरछी नज़र से देखते हुए देख लिया और और वो जमींदार जी क मैं में चल रही ख़ुशी क माहौल को समाज गयी थी पर उसे समाजमे नह आरहा था की पति क जाने की बात सुनकर जमींदार जी खुश क्यू hai…par मीणा को एक बात तो अछि तरह समाज आया था की जमींदार जी क मैं में कुछ तो बात hai…isliye वो बार बार मुझे झरने क पास जाने को बोल रहा hai..par क्या बात hai…kya होगा ऐसा झरने क pass..wo सोच थे hi दरवाजे क पास कड़ी थी .

तभी जमींदार उठा और दिनु से बोलै ठीक है दिनु जी मई अब निकलता hu…waise मई बी आज शाम को hi निकल रहा hu….aur वो मीणा की सास को प्रणाम करते हुए बोलै माजी मई चाहता हु जाते वक़्त आपसे मिलकर javunga…aur फिर मीणा को देख कर बोलै मैडम जी उम्मीद है आपको शहर से बी ज्यादा गांव पसंद aayega…aur एन्जॉय बी करोगी….

जमींदार की बातो में कुछ तो छुपा है इ मीणा बी जंगायी थी पर उसे समाज में नह आया tha…par इस वक़्त वो इस बात को बहुत खूबी से जान गयी थी की जमींदार उसकी खूबसूरती का दीवाना हो गया hai…aur मीणा को इस बात की ख़ुशी बी थी की उसके दीवानो क लिस्ट में और एक मर्द की गिनती होने लगी hai…par मीणा जानती थी की वो यहाँ कुछ hi दिन की मेहमान है और ऊपर से जमींदार क बारे में उसे कुछ पता नह tha…isliye जमींदार को अपने दीवानगी की सहमति देने क पहले उसे पहले बहुत कुछ जानना hai….aur वो सीधे किचन गयी और काम में लग गयी..

जमींदार क जाते hi दिनु रेडी हो कर मार्किट चला गया क्यू की उसे कुछ जरुरी चीज़ो क साथ अपनी माँ क राशन का बी बंदोबस्त करना था..

दिनु क मार्किट जाते hi फिर से सास बहु दोनों इधर उधर की बातो में लग गए पर मीणा क मैं में कुछ और hi चल रहा था उसे बस मौके का इंतज़ार था जमींदार क बारे में जानने का और वो बातो बातो में अपने सास से पूछी माजी वो पहले जमींदार चाचा थे न वो कही दिख नह rahe…aur उनका घर बी नया बना हुआ है..

मीणा की सास इस बात से अनजान थी की उसकी बहु उसके मुँह से क्या उगलवाना छह रही है और वो मीणा की सवाल का जवाब देते हुए बोली बीटा वो तो अब यहाँ नह रहते

मीणा- मतलब

सास- मतलब की वो यहाँ क प्रॉपर्टी की बेचकर चले gaye…apne बचो क पास…

मीणा- मीणा को कुछ समाजमे नह आया था और वो सास से पूछी …पर माजी तो फिर इ कौन है जो सुबह आये थे…

सास- तुम्हारे उस जमींदार चाचा ने अपनी साड़ी प्रॉपर्टी इनको hi बेचीं है…

मीणा को अब एक बात पता चल गयी थी की इ जो जमींदार hai..pehle वाले जमींदार से कोई रिश्ता नह rakta..aur इतनी बड़ी प्रॉपर्टी खरीदने वाला कोई मामूली इंसान नह हो सकता और वो जमींदार क बारे में पूरी जानकारी हासिल करने क कोशिश में अपने सास से पूछी

मीणा- मतलब इन्होने ने वो सब प्रॉपर्टी kharidi…kaafi महंगी गयी होगी न..

सास- है सुना है करोडो में व्यवहार हुआ है पर पता नह कितने में…

मीणा- लेकिन माजी इतनी बड़ी प्रॉपर्टी इन्होने खरीदी मतलब इ बी कोई बड़े रईस आदमी hi होंगे न..

सास- है बीटा तुम सही ho..suna है इनके बॉस का कोई दो नंबर का बिज़नेस hai…jisse वो लोग ने किसी एक बिज़नेस में एक hi झटके में करोडो का मुनाफा पाया और वो कुछ केहटने है न आईटी उससे छुपाने क लिए इ सारा जमीन खरीद लिया है…

सास की बात सुनकर मीणा एक पल क लिए थोड़ी विचलित हुई और सोचने लगी इतना बड़ा आदमी मेरे पीछे कैसे पद सकता hai…use यकीं hi नह हो रहा tha..aur उसकी उत्सुकता और बढ़ाने लगी और वो अपनी सास से puchi…par माजी जमींदार जी को देख कर तो नह लगता की वो इतने बड़े रईस है..

सास- है बीटा लगते तो नह पर इ बी रईस hi है…

अब मीणा को कुछ समाज नह आया और सास से पूछी इ बी मतलब? क्या इ उस प्रॉपर्टी क मालिक नह….

सास- है बी और नहीं भी…

मीणा- फिर से शॉकेड होते हुए पूछी मतलब क्या मई सामजी नह माजी…

सास- सच क्या है इ हमे बी अब तक नह पता पर सुना hai…jisne इ जमीन खरीदी hai..wo एक बड़ा रईस hai…aur वो जो कुछ देर पहले आया था न वो उस रईस आदमी का खास आदमी है और उस रईस ने इसके नाम पर वो प्रॉपर्टी खरीदी है..

मीणा- तो माजी इ जो आये है वो असली जमींदार नह है…

सास- है सुना तो ऐसे hi है…

मीणा- खुशनसीब वालो को hi ऐसा मौका मिलता है न माजी किसकी जमीन और कौन उसका लाभ उठा रहा hai…yakin नह होता माजी इतनी बड़ी प्रॉपर्टी को कोई किसी क नाम पे करदेता है…

सास- है सच कह रही ho…par सुना है इ उस रईस का खास आदमी hai…uske दो नंबर क काम में इसका hi ज्यादा हाथ होता है..

मीणा- मतलब इ बी कोई गुंडा मोवाली hi होगा न बड़े बड़े रईस लोग तो ऐसे लोगो को hi पालते है na…maaji

सास- है बीटा हमने बी यही सुना है…

मीणा- पर माजी गांव वालो ने ऐसे किसी गुंडों को इ जमीन बेचने पर आपत्ति नह जताई…

सास- हम गांव वालो का क्या है बीटा थोड़ा सा कोई प्यार जताये तो हम चुप हो जाते hai…aur उनलोगो ने बी कभी हमे परेशां नह किया hai….aur गांव में कितने घर hai..jo एक साथ आवाज़ उठा सके गईं चुन क 10-12 hi तो hai….waise एक बात है बीटा इ जो जमींदार बीटा है न बहुत ाचा hai..chahe पेशे से गुंडे जैसा बी क्यू न ho…wo मेरी बहुत इज़्ज़त करता hai…wo जब बी शहर से आता है मेरे लिए कुछ न कुछ लेके आता है जैसे फ्रूट्स वगैरा..

सास की बात सुनकर मीणा मैं hi मैं बोली आपकी इज्जत तो ठीक है माजी पर मुझे अब लग रहा है वो मेरी इजजत क पीछे जरूर पड़े hai….aur वो मैं hi मैं मुस्कुराते हुए सास से boli…e तो अछि बात है न माजी..

मीणा को जितनी जानकारी की जरुरत थी वो उसकी सास से इंदिरेक्ट्ली निकाल चुकी thi..aur वो अब सोचने lagi…do नंबर का बिज़नेस मतलब …गैर कानूनी और गैर कानूनी काम तो वही करते है जो स्मगलर हो…. स्मगलर का तालुकात हमेशा गुंडों से hi होती hai…matlab इ जो जमींदार जी है वो एक गुंडा hai…par दीखता तो ऐसा nh…tabhi उसे जमील का याद आया और उसकी सोच ने रफ़्तार पकड़ ली.. जमील जी बी तो एक गुंडे hi थी एक क्रिमिनल hi थे पर वो, उन्होंने मेरे साथ कभी कोई गलत बर्ताव नह किया वो दिखने में थोड़े गुंडे तो लगते थे पर उन्होंने कभी मुझे इस बात का एहसास होने नह diya…kabhi मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश नह ki…wo बात और है की वो बिस्टेर पर मेरे साथ गुंडागर्दी करने का कोई मौका नह छोड़ ते the…kaise मेरे एक एक अंग को निचोड़ निचोड़ कर खाते the…aur उस वक़्त मई बी तो उनके साथ लेडी डॉन hi बन jaati..kitna सुख मिलता था मुझे जमील जी क साथ, जमील जी सामने होते तो मेरे पहने हुए कपडे बी मुझे भोज लगते the…jamil क साथ बाईट पालो को याद करते करते मीणा फिर से अपनी वासना में खोने लगी thi..uske जिस्म की गर्मी बढ़ाने लगी thi…par वो जानती थी इस वक़्त उसके तड़पते जिस्म को शांत करने क लिए कोई बी नह है क्यू की पति तो उसकी जिस्म की गर्मी को थोड़ी सी ठंडक नह दे सकता और दूसरा है जमींदार जी और सास क मौजूदगी में उनके साथ रिश्ता जोड़ना खतरे से खली नह सो रिस्क लेना ठीक नह, उसे लगा अब जो बी होना है उसका शहर वापिस लौटते hi राणा क साथ होना है….

और वो उस बात को भूल कर किचन में hi बैठी सास क साथ बातो में लग गयी और बातो बातो में उसे याद आया की जमींदार जी किसी झरने क बारे में बता रहे the..so उसने सहज तरीके से अपनी सास से पूछा माजी वो जमींदार जी पति को कुछ झरने क बारे में बता रहे थे न वो क्या है…

सास- वो बीटा यहाँ सामने hi एक झरना hai…waha पे अब डिपार्टमेंट वालो ने गार्डन वगैरा बनाया है क्यू की वह पे बहुत तरह तरह क पंछी आते है और जिसे देखने क लिए दूर दूर शहर से कही सारे लोग आते hai…bahut ाचा लगता है ..मई बी पहले वह जाय करती थी पर अब nh…par तुम चाहे तो वह जा सकती हो तुम बी पसंद आएगा…..

सास की बातो ने मीणा को आधा अधूरा hi सही पर ग्रीन सिग्नल मिल गया tha..fir बी वो नह चाहती थी की सास उस पर शक करे क्यू की झरने की बात किसी गैर मर्द से आयी थी और वो सास को बोली मई अकेली कैसे जा सकती हु अगर आप आती तो सोच सकती थी…

सास- अरे नह बीटा वो कहा दूर hai…samne जो गन्ने का खेत है न उसके उस तरफ है…,10- 15 मं की तो पैदल रास्ता hai…aur मई वह आके क्या करुँगी मुझे झरने क उस तरफ जाने पानी में चलने क लिए तकलीफ होती hai…ab इ सब तुम्हारे उम्र क लोगो क लिए hai…tum चाहे तो जा सकते हो मई दिनु को बोलडूँगी…

मीणा मैं hi मैं बोली सच कहु माजी मुझे बी उस झरने क पास जाने का बहुत मैं है क्यू की मुझे यकीं है जमींदार जी वह किसी न किसी बहाने आने वाले hai..aur मुझे देखना है इ आपका जमींदार मुझसे क्या कहना चाहता hai….aur वो सास से बोली ठीक है माजी जैसे आप कहे मई शाम को कोशिश करुँगी ….

बात करते करते दोनों सास बहु का वक़्त कैसे बीत गया खुद उन्हें hi मालूम नह पड़ा था और दिनु बी शहर जाकर वापिस आगया tha..meena और दिनु से सब जरुरी सामान को अपने अपने जगह पे रखे और कुछ देर बात तीनो ने एक साथ लंच बी karliya..aur लंच क कुछ देर बाद hi दिनु रेडी होगया अपनी शहर वापिस लौटने क liye…aur वो मीणा और अपनी माँ से विदा लेकर चला gaya…dopahar क तीन बज चुके थे तो उसकी सास बी दवाई लेकर सोने hi जा रही थी तो मीणा सास से पूछी ाचा माँ जी वो झरने क पास कितने बजे तक जा सकते है….

सास- वो बीटा शाम को 5 या 5.30 क बीच चली जावो…

मीणा- लेकिन माजी मुझे रास्ता तो पता नह

सास मीणा को बहार गेट तक लगाई और सामने क गन्ने क खेत की और इशारा करते हुए बोली वो देखो बीटा वह से सीधे चलोगी तो कुछ hi दूर में झरना नज़र आएगा और वह जाते hi तुम समाज जावेगी

मीणा- पर माजी मई अकेली कोई डर तो नह..

सास- इ शहर नह गांव है बीटा …यहाँ क लोग बहुत ईमानदार और वफादार होते hai..agar तुम रास्ता भटक बी गयी तो बी तुम घर तक पंहुचा देंगे…

सास की बात सुनकर मीणा बोली ठीक है माजी पर मई आप क उतने क बाद hi जावूँगी…

सास- अरे नह बीटा 5.30 क बीच जावेगी तो तुम वह कुछ वक़्त बिता सकती ho…uske बाद पूरा अँधेरा चने से तुम कुछ बी नह पता चलेगा….

अनजाने में hi सही सास मीणा क लिए रास्ता आसान बना रही थी वही मीणा अपनी सेफ्टी को ख्याल रखने क लिए सास से सवालो पे सवाल कर रही रही ताकि सास को कोई शक न हो उसपर..

मीणा अपनी कामयाबी पर मुस्कुराते हुए सास से बोली ठीक है माजी मई जाने से पहले आपके लिए चाय बनाकर rakhdungi….uske बाद दोनों अपने अपने रूम में चले गए. दावली लेने क वजह से सास जल्द hi नींद क अघोष में चालीगयी तो यहाँ ऊपर अपने कमरे में सोई मीणा की नींद को जमींदार ने हराम किया tha…bed पे लेती मीणा अब सही क्या है और गलत क्या है इसी में फरक ढूंढ रही thi..kabhi उसे लग रहा था की जमींदार क बात मान कर झरने क पास जान ठीक रहेगा की नह? और कभी उसे लग रहा था क्या सचमुच इ जमींदार जी का इशारा है मेरे लिए झरने क पास आने क लिए पर q?…agar इ इशारा hi है तो q?…jamindar जी इससे पहले नहीं मेरे पहचान में थे और नहीं मई उनके पहचान me…par एक hi नज़र में जमींदार जी मुझे किसी सुनसान जगह पे मिलने क्यू बुला सकते hai…kahi उन्हें पता तो नह की मई जमील जी क साथ….. नह नह उन्हें कैसे पता hoga..jamil जी तो आउट ऑफ़ स्टेट क रहने वाले hai..aur अगर जमील जी क जानपहचान वाले या कोई रिश्तेदार होते तो जमील जी मुझे जरूर batate…unhone कोई बात बी तो मुझसे नह chupayi..par कौन है इ जमींदार ji…jab इ पहली बार हमारे घर आये थे तब तो उन्होंने कुछ हरकत नह की thi…kya तब hi मई इनके मैं को भ गयी थी और उन्होंने मुझे नह bataya…tab उसे याद आया की जमींदार क सेल से hi उसके सास ने उसे कॉल किया था और वो सोचने लगी अगर ऐसा होता तो मेरा नंबर बी उनके पास tha..wo चाहे उसके बाद बी मुझे कॉल करके बात करने की कोशिश कर सकते थे पर उन्होंने ऐसा नह kiya…par कुछ तो बात है क्या बात होगी कुछ देर सोचने क बाद उसका चेहरा ख़ुशी से कगिल गया और उसे लगा हो न हो जमींदार जी ने मेरे साथ….! पर वो सोची इ बात तो तब hi पता चलेगी जब मेरा अंदाज़ा सही निकलेगा और इसके लिए मुझे झरने क पास जाना hi padega…agar वो आगये तो मेरा अंदाज़ा सही की वो जानबूजकर मुझे इशारो इशारो में बता रहे थे की झरने क पास आने को अगर वो नह आये तो इ सब एक इफ्तेफाक़ hi समझूंगी..

मीणा की सोच इतने में hi नह रुकी और वो अपनी सोच को आगे बढ़ाते हुए अगर वो आगये तो…? इसका मतलब वो बी मुझसे आकर्षित हुए hai…aur इसका मतलब वो डायरेक्टली नह सही पर इंदिरेक्ट्ली मुझे प्रोपोज़ जरूर karenge…aur मई कोई कुवारी लड़की नह हु जो प्रोपोज़ का मतलब शादी तक पहुंचे.. शादीशुदा औरत को प्रोपोज़ करने का मतलब तो उस औरत क साथ बिस्टेर बताने का हक़ paana…par यहाँ इ सब कैसे hoga….saas क होते hue…e तो नमकीन hai..aur शायद जमींदार जी बी इस बात को जानते है फिर बी ….लगता है… जमींदार जी को पता है मई शहर में सुबह से शाम तक अकेली रहती हु सो वो मुझे पहले प्रोपोज़ करना चाहते है और मेरी है पाते hi वो शहर आके मेरे साथ….. अह्ह्ह्ह इ मई क्या सोच रही hu…pagal हो गयी हु मई पर क्यू मुझे आज कल कोई बी मर्द ऐसा दिख जाता है तो मेरे दिल क्यू उछलने लगता है…

नह नह इ सब गलत है मई ऐसे किसी गैर मर्द क चांगल में फसना नह chahti…e कहते हुए मीणा अपने बहकते मैं को तसल्ली देने की कोशिश तो कर रही thi…par कुछ देर से जमींदार क बारे में सोच कर मीणा की वासना मीणा की चड्डी में बूंदो की तरह बहते हुए अपनी उपस्थिति को जाता रही thi…aur न चाहते हुए बी मीणा अपने निघ्त्य क ऊपर से hi अपनी छूट को मसलने से रोक नह paayi…aur अपनी चढाती वासना क चलते फिर से एक बार जमींदार क बारे में सोचने lagi…maaji तो कह रहे थे की जमींदार जी दो नंबर का धंदा करते hai…matlab इ जैसे दीखते है वैसे नह.. क्या ऐसे आदमी क साथ मेरा आगे बढ़ना ठीक rahega…shayad नह ….पर माजी ने इ बी कहा है की गुंडा तो है पर ाचा इंसान hai…matlab उतने बुरे बी नह ….और जमील जी बी तो एक गुंडा hi है.. मतलब जमींदार और जमील क बीच काफी तुलना है इसका मतलब जमींदार जी बी बिस्टेर पर गुंडागर्दी करने का कोई मौका नह chodenge…ahhhhhhhhh ओह्ह्ह्ह इ मई क्या सोच रही hu….mai गलत हु मई एक शादीशुदा औरत hu…aur मई कैसे दो तीन गैर मर्दो से एक साथ नाज़ायज़ सम्बन्ध बना सकती hu…bas एक जो जमील क साथ हुआ वही काफी hai..aur nh..par पर पर ……मैंने तो राणा जी क साथ आने का वडा किया hai…ab राणा जी को दिया हुआ वडा तोडना मतलब पति को परेशानी में धकेलना हो सकता है मेरा वडा तोड़ने से राणा अपनी बेइज्जती समाज कर पति को काम में टार्चर kare…ho बी सकता hai…aur वैसे बी मई राणा जी को बहुत तड़पा चुकी hu..ek बार तो मुझपर उनका हक़ बनता hi hai…agar मई राणा जी को अपना जिस्म छकाने दे सकती हु तो जमींदार जी को क्यू नह वैसे जमींदार जी बी तो राणा और जमील जी से काम नह dikhte…..woooo इ मई कहा फास gayi…kya karu..meena हर सोच बिस्टेर तक hi ख़तम होते देख मीणा ने शाम क 4.30 का अलार्म लगाकर बिना कुछ सोचे hi सो गयी..

अब आगे क्या होगा क्या मीणा झरने क पास गयी या नह…. और गयी तो वह क्या हुआ ….और कौन कौन मर्द है जिनके साथ मीणा रंगरलिया मानाने वाली hai…aur आज का आखरी सवाल इ जमींदार कौन hai..m.padane क लिए बने रहिये. कहानी अछि लगे तो आपने प्यार कमैंट्स देना मत भूलिए….

धन्यवाद्

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टोम्रऱऊ ी ऍम गोइंग तो पोस्ट नेक्स्ट update.....but सॉरी तो से ी ऍम गेटिंग रिस्पांस फ्रॉम ओनली फ्यू members,.,..if आईटी इस कॉन्टिनोएड ी ऍम गोइंग तो ड्राप थिस story....and पोस्ट आईटी इन सम इतर forum....story अछि लगे तो एक तो रिप्लाई बनता hi है na......aur अछि न लगे तो बी अपना सग्गेस्टिव और देबगस दे सकते हो न, अस ा फ्रेश राइटर ी एक्सेप्ट बोथ..... रमैनिंग इस लेफ्ट तो यू पीपल

थैंक यू
 
सॉरी it's ग्रम्मेर मिस्टेक आईटी शुड बी ी ऍम नॉट गेटिंग रिस्पांस.......
 
…..अगर मई राणा जी को अपना जिस्म छकाने दे सकती हु तो जमींदार जी को क्यू नह वैसे जमींदार जी बी तो राणा और जमील जी से काम नह dikhte…..woooo इ मई कहा फास gayi…kya karu..meena हर सोच बिस्टेर तक hi ख़तम होते देख मीणा ने शाम क 4.30 का अलार्म लगाकर बिना कुछ सोचे hi सो गयी..

मीणा तो कुछ सोचे बगैर hi सो गयी थी पर उसने अलार्म इसलिए सेट किया था की वो जमींदार की सचाई जानने क लिए क्यूरियस थी कही न कही उसके दिल में बी अब जमींदार क लिए जगह बन रही थी वो इस बात को अपनी तसल्ली क लिए कभी मान बी रही थी और कभी मन बी पर सच तो यही था की मीणा क जिस्म को एक हमसफ़र की सख्त जरुरत लग रही थी और इस वक़्त उसे जमींदार में वो साड़ी खुबिया नज़र आने लगी thi..…kuch देर क लिए वो भूल गयी थी की राणा इस काम क लिए तैयार खड़ा है और वो राणा से मिलने का वडा बी कर चुकी है पर वो जानती थी 4- 5 दिन क बाद बी उसे पति से झूट बोलकर राणा क पास जाने क लिए और बी ज्यादा दिन की मोहलत लगेगी पर मीणा क लिए ईंटे दिन अपने जिस्म की प्यास पर काबू पाना मुश्किल hi लग रहा tha..aur वो इसी आशा क साथ जमींदार क बारे में सोचने पर मजबूर होगयी थी…

करीब एक घंटे क बाद ट्रिंग tring…awaz करता हुआ अलार्म की घंटी ने मीणा को छोटी सी नींद से फिर से हकीकत की दुनिया में जगाने क लिए मजबूर किया tha..alaram की घंटी सुनते hi मीणा की नींद खुली और उसकी दिल की घंटी बजने लगी thi…meena ने अलार्म को ऑफ किया और कुछ देर बिस्टेर पर लेते hi आंखे बंद किये फिर से सोच में मग्न हो gayi…par इस बार बी उसके सोच में कोई बदलाव नह था और वो उठकर निचे आकर सीधे वाशरूम जाकर फ्रेश हुई और वो कुछ सोच कर किचन में गयी और कॉफ़ी बनाने लगी, कॉफ़ी बनाते hi वो किचन में hi बैठे कॉफ़ी पिने lagi…ab बी उसका मैं चंचलता से भरा हुआ tha..aur वो कॉफ़ी पिने क बाद सीधे ऊपर गयी और अपना बैग निकल क एक लेग्गिंग्स और एक टॉप निकली और अपनी निघ्त्य उतर कर पहन ली क्यू की इस वक़्त मीणा क पास ज्यादा चॉइस नह था क्यू की वो शहर से आते वक़्त सिर्फ दो ड्रेस और दो निघ्त्य hi ले आयी थी और इसी क सहारे उसे 4-5 दिन गुजरना था पर उसे अंदाज़ा नह था की गांव में उसे 4-5 दिन रुकना पड़ेगा और उसकी मुलाकात जमींदार से बी hogi..to शायद वो और बी कपडे पैक करलेती

मीणा एक वाइट कलर की लेग्गिंग्स और उस पर मैरून रंग का टॉप पहन कर रेडी होगयी उसने इस वक़्त अपने चेहरे को मेकअप करना जरुरी नह समजा क्यू की उसे सास का डर tha..par बिना मेकअप का मीणा का रूप और कातिल हुस्न किसी पर बी बिजली गिराने क लिए काफी tha…aur ऐसे में जमींदार तो उसे बिना मेकअप क hi देख चूका tha..meena अपने आप को तैयार पाकर टॉप पर एक दुपट्टा डेल निचे आगयी और वो फिर से एक बार अपने सास क कमरे क पास गयी तो उसकी सास की नींद खुल चुकी थी और इस बात से उसे निराशा बी हुई पर वो हार नह मानी और सीधे किचन रूम में गयी और पहले hi बना राखी कॉफ़ी को गरम करके एक कप में डालके सास क रूम आके सास को कॉफ़ी देकर बोली वो माजी मई सच में झरने क पास जावु न..

सास कॉफ़ी का एक चस्का लेते हुए बोली है बीटा इसमें बार बार पूछने की क्या बात hai..yaha अकेली बैठे बोर होने से ाचा hai…aise hi झरने क पास घूम क आवो वैसे बी यहाँ देखने लायक वो एक hi तो प्लेस hai..aur तुम्हारा मैं बी बहाल जायेगा

मीणा का मैं तो नह था फिर बी वो सास क प्रति अपनी वफादारी दिखते हुए बोली माजी वो आप बी आ जाती तो ाचा होता…

सास- अरे नह beta…Mai कैसे आ सकती हु.. तुम तो पता hi है न डॉ ने कुछ दिन रेस्ट क लिए बोलै hai…..subh खेत को जाती हु यही काफी है मेरे liye…tum जाके आवो पर बीटा अँधेरा होने से पहले आजाना..

मीणा मैं hi मैं खुश होते सास से बोली ठीक है माजी आप कॉफ़ी पीकर कप यही रख दो मई आके dholungi..aur वो सास से विदा लेकर अपनी नयी मंज़िल की और निकल पड़ी…

गेट से बहार आते hi उसने पहले जमींदार की घर की तरफ देखा जहा जानिंदर की कार कड़ी पाकर मीणा को लगा की उसकी सोच शायद हकीकत में बदलने वाली है और वो कुछ देर गेट क पास hi कड़ी कड़ी जमींदार क घर की तरफ देखने लगी इस उम्मीद से की कही जमींदार जी दिख jayenge..par उसे कही बी जमींदार जी नज़र नह आये और वो मैं में hi सोचने लगी अब जमींदार जी को कैसे पता चलेगा की मई झरने क पास जा रही hu….par वो आगे बड़े अपने कदम को पीछे हटाना नह चाहती थी उसने तुरंत गेट बंद किया और और सास क बताये हुए रस्ते पे चलने lagi…is उम्मीद से की किसी न किसी तरह आज उसकी मुलाकात जमींदार से हो और जमींदार की मैं की बात उसे पता चले..

मीणा तो जमींदार को तलाश ने में नाकाम रही थी पर जजिंदर ने मीणा को गेट से बहार आते hi देख लिया था अपने घर क अंदर से hi ..क्यू की जमींदार 4.30 से hi घर क अंदर हॉल क खिड़की क पास बैठे मीणा घर क गेट पर नज़र रखा हुआ tha..aur जैसे hi उसने मीणा को झरने की और जाते देखा तो वो तुरंत दूसरे रस्ते से झरने की तरफ निकल पड़ा था..

मीणा क सास का गांव एक छोटा सा था और वह गईं चुन क 10-12 hi घर थे और सब घरो क बीच काफी फैसला था और सिर्फ जमींदार और मीणा क सास का घर क बीच hi कुछ काम फैसला था करीब 200 से 250 मीटर का क्यू की मीणा क सास का खेत और जमींदार क खेत की बाउंड्री एक दूसरे से लगी हुई thi..aur दोनों hi रोड क सामने hi thi….baaki सब घर सास क घर क पीछे hi थे और उनके लिए बी एक अलग कच्चा रास्ता बना हुआ tha…shahar जाने क liye..meena क सास का खेत बी घर क पीछे तरफ hi tha..aur घर क सामने रोड क उस तरफ बी एक बड़ा सा खेत था जो जमींदार ने खरीद लिया था फ़िलहाल इस वक़्त उसपे गन्ने की फसल उगी हुई थी और मीणा क घर से झरने क पास जाने क लिए जमींदार क गन्ने क खेत में hi बने एक छोटे से रस्ते से गुजरना था जो जाके झरने क किनारे से मिलता था और झरने की उस तरफ एक छोटा सा जंगल एरिया था जहा विभिन्न तरह के पंछिया मौसम क अनुसार घर बना लेते the..isliye वो जगह काफी मनमोहक tha..aur इसी क चलते वह टूरिज्म डिपार्टमेंट ने एक छोटा सा गार्डन बनाया था और टूरिस्ट लोगो को बर्ड्स सीइंग सिघ्त बनाया था…

और जमींदार क घर क ठीक दाए तरफ से उस झरने क पास जाने क लिए एक शॉर्टकट रास्ता था और जमींदार ने आज उसी रस्ते का उपयोग करके मीणा से पहले hi झरने क पास जाके खड़ा होने में सफल हो गया tha..par मीणा इस बात से अनजान थी सो वो खेत क छोटे रस्ते से झरने की और जाने लगी thi..use डर बी लग रहा था की कही कोई आ न जाए पर उसकी सास की कही बात याद आते hi वो अपने निदारर कदम को आगे बढ़ाने लगी thi..aur कुछ hi देर में वो झरने क पास पहुंच गयी थी और झरने क किनारे रुक कर इधर उधर देखने लगी पर उसे वह कोई नज़र नह आ रहा tha..par झरने क दूसरे तरफ उसे लोगो की आवाज़ सुनाई दे रही thi..par मीणा की नज़र किसी और को hi ढूंढ में लगी थी पर जब उसे वह जमींदार कही आस पास नज़र नह आया तो उसका चेहरे पे थोड़ी उदासी च गयी..

पर मीणा ने गौर किया की वह का नज़ारा काफी सूंदर और मनमोहक है और धीरे से hi सही इस मनमोहक दृश्य को देख कर उसकी उदासी दूर होने लगी thi…isse पहले ने ऐसा नज़ारा सिर्फ फिल्मो में hi देखा था और जब वो पहले बी गांव आयी थी तब बी उसे किसी ने नह बताया था क्यू की उस वक़्त यहाँ सिर्फ जंगल हुआ करता tha…par पिछले कुछ hi सालो में झरने क आस पास की सुंदरता तो देख डिपार्टमेंट वालो ने उसे एक नया रूप दिया हुआ tha..meena इस मनमोहक द्रस्य और पंछी यो की चिली पिली आवाज़ सुनकर अपने आप में hi खो गयी थी और उसका बी मैं हुआ की झरने क उस पर जाके उस गार्डन पास जाकर देखु पर उसके लिए मुश्किल था की झरने से बेहटा हुआ पानी से बना एक छोटी सी नदी को पार करना..

मीणा ने अंदाज़ा लगाया की अगर उसपर जाना है तो काम से काम 20-25 फट की दुरी को पानी में चलना padega…par वो अकेली इस तरह पानी में चलने की रिस्क नह ले सकती थी और नहीं उसे इन सब की आदत थी या कोई एक्सपीरियंस tha..niraash मीणा कुछ नह कर पाने से वो वही एक पेड़ क निचे पत्तर पर बैठ कर इधर उधर नज़र दौड़ने lagi…par मीणा को ज्यादा देर निराश होना नह पड़ा क्यू की कुछ hi देर में उसे एक शख्स झरने क उस पर से मीणा की तरफ आता दिख गया मीणा पहले तो डर गयी पर जैसे जैसे वो शख्स नज़दीक आता चला मीणा ने उस शख्स को पहचान लिया और उसका डर ख़ुशी में बदल gaya…meena को अपना अंदाज़ा सही होता नज़र आया tha…ab मीणा क दिमाग एक hi बात चलने लगी की वो शख्स उसके साथ क्या बात करने वाला hai..isi उत्सुकता क चलते मीणा क रोम रोम कटे की तरह खड़े हो गए tye…jaise जैसे वो शख्स मीणा क नज़दीक आने लगा मीणा की दिल की धड़कन तेज़ होने लगी थी क्यू की वो शख्स कोई और नह tha..jiske बारे मीणा सोच कर अपने घर से निकली थी वही जमींदार tha..jiske बारे में सोच सोच कर मीणा का दिमाग काम करना बंद हो गया था..

दरअसल जमींदार ने सोचा था की मीणा झरने क उस पर आएगी इसलिए वो मीणा से पहले hi शार्ट कट रस्ते से आके झरने क उस पर जाकर मीणा पे नज़र रखा हुआ था पर जब उसने देखा की मीणा उस पार आने में कुछ असमजस स्थिति में है तो जमींदार को hi मीणा नज़दीक आना पड़ा था..

कुछ hi देर में मीणा ने पाया की जमींदार अपना एक हाथ उठके मीणा को है बोल रहा है तो मीणा का बी एक हाथ उठ गया क्यू अब उसके लिए जमींदार कोई अनजान नह था…

मीणा से बी है का इशारा मिलके hi जमींदार खुश होगया और अपने कदम तेज़ बड़के कुछ hi सेकंड्स में मीणा क नज़दीक ठीक उसके सामने खड़ा हो गया और बोलै madam…kaisa लगा इ प्लेस..

मीणा को झरने क पास ाचा तो लग रहा था पर उसके लिए सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट था की जमींदार क मैं की बात जानना और वो जानती थी उसके चुप रहने से जमींदार आगे बोलने की हिम्मत नह करेगा सो वो boli…ha मस्त है..

जमींदार- वैसे अगर आप उस तरफ जाके देखो गए तो वह आपको और बी ाचा लगता…

मीणा- है देख क hi पता चलता है…

जमींदार- वैसे मैडम आपको इस नज़ारे को दो आँखों से नह चार आँखों से देखना चाहिए

मीणा कुछ सामजी नह और पूछी चार ankhe.matlab?

जमींदार अपने गले में लटकते हुए बिनोकुलर को मीणा को देते हुए बोलै इस बिनोकुलर क सहारे देखो गई तो और बी मजा आएगा आपको..

मीणा जमींदार क हाथो से बिनोकुलर लेते हुए बोली पर मुझे तो पता नह इसके बारे me…kaise उसे करना है..

जमींदार- बहुत सिंपल है मैडम आप अपने आँखों से लगा क तो dekho…aur जैसे चाहिए आपको वैसे लेंस को एडजस्ट करो…

मीणा- हम्म्म

और मीणा ने बिनोकुलर को आँखों से लगाकर देखने लगी तो उसे सब कुछ ब्लॉर्ड दिखने लगा था और वो जमींदार की और देखते हुए बोली इसमें तो सब कुछ ब्लॉर्ड दिख रहा hai..isi मौके का इंतज़ार कर रहा जमींदार मीणा क नज़दीक गया और बिनोकुलर को मीणा क अन्ह्को से लगा कर लेंस को एडजस्ट करने लगा.. जमींदार ने जानबूजकर पहले hi लेंस की पोजीशन बिगड़ राखी थी और अब बी वो जानबूजकर लेंस को ज्यादा रोटेट कर रहा था ताकि मीणा को सब कुछ ब्लॉर्ड दिख sake..aur नतीजा वही हुआ जो जमींदार चाहता था मीणा को अब बी ब्लॉर्ड hi नज़र आ रहा था और वो जमींदार से बोली नह जमींदार जी अब बी ब्लॉर्ड hi है..

जमींदार- एक मिंट कहते हुए ठीक मीणा क पीछे खड़ा हुआ और अपने दोनों हाथो को मीणा क गार्डन से होते हुए बिनोकुलर पर लेजाकर धीरे से लेंस को एडजस्ट करने लगा जिससे मीणा को बी दूर की चीज़ थोड़ी बहुत नज़दीक आते दिखाई देने लगी थी..

जमींदार ठीक मीणा क पीछे खड़े होने से मीणा की जिस्म की खुशबू जमींदार को मदहोश करने लगी thi..aur जमींदार ने अपने हाथो को मीणा क दोनों तरह गार्डन से होते हुए बिनोकुलर क लेंस को एडजस्ट कर रहा था तो मीणा की भुजाये जमींदार क भुजाये एक दूसरे से टकरा रही thi…aur लेंस ठीक करने का बहाना करते hi जमींदार पीछे से मीणा से चिपक गया था इस वजह से जमींदार का चेहरा ठीक मीणा क गार्डन से कुछ एक डेड इंच क hi दुरी पर था और मीणा क नंगे गोर गाल ठीक जमींदार क होतो क सामने the…e नज़ारा काफी मनमोहक था उसका मैं तो कर रहा था की मीणा क गोर गालो को जी भर क चुम lu…par इस वक़्त जमींदार कोई बी गलत स्टेप उठाना नह चाहता tha…wahi मीणा बी धीरे धीरे जमींदार क जिस्म में बढ़ती गर्मी को महसूस कर चुकी thi..kareeb एक महीने क बाद एक गैर मर्द का जिस्म अपने शरीर से ईंटे नज़दीक और पीछे से चिपके होने से महसूस किये मीणा बी ख़ुशी से झूम उठा थी जिस एहसास को पाने क लिए उसने अपनी पतिव्रता को भांग किया था वही एहसास आज उसे फिर से प्राप्त होने लगा tha….pichle करीब एक महीने से वो उसका जिस्म जिस सुख से वंचित था आज वही सुख क निशान उसके जिस्म पर दस्तक दे चूका था और इस बात से मीणा मैं hi मैं अपनी ख़ुशी समां नह पा रही thi..uska मैं कर रहा था पीछे मुड़कर जमींदार को बहो में कैद करलु और यही भीगे जमीं पर लेट कर जमींदार क लिए अपने टंगे खोल du…par वो छह कर बी ऐसा कुछ नह कर पा रही थी क्यू की अबतक उसे जमींदार क मैं क बात पता नह थी और दूसरी बात इ बी थी की मीणा ऐसे खुले आम ऐसे किसी गैर मर्द क साथ रंग रलिया मन ने क लिए कोई चीप रंडी बी नह थी.. मीणा चुड़क्कड़ जरूर बन रही थी पर उसका संस्कार अब बी जीवित था इसलिए वो ऐसे खुले आम किसी पुरुष क साथ अपना जिस्म बात कर अपनी पति परिवार की इज्जत डाव पे लगाना नह चाहती thi…par जिस्म से जिस्म की टकराहट क मजे लेती हुई मीणा क जिस्म में गर्मी जरूर बढ़ाने लगी thi…par कुछ hi देर में उसे पीछे से कुछ अपनी गांड पर चुबते हुए महसूस हुआ और उसे समझने में देर नह लगी की इ जमींदार जी का हुल्ल्ल है जो मीणा की जमीं पर चलना छह रहा है.. उत्तेजना से भरे जमींदार की तेज़ सासे बी मीणा क जिस्म को सुकून की ठंडक दे रही thi..wahi जमींदार बी मीणा क इतने करीब अपने आप को पाकर अपनी किस्मत पर खुश होगया tha…kuch hi देर में वो मीणा क जिस्म का पूरा नाप लेने में कामयाब हो गया tha..uski नज़र ठीक मीणा क नितम्बो पर थी जो इस वक़्त टाइट लेग्गिंग्स में अपना पूरा आकर दर्शा रही थी पर लेग्गिंग्स पर टॉप का पर्दा होने से जमींदार को थोड़ी निराशा तो हुई पर उसके लिए इ जानने काफी था की मीणा क नितम्ब सिर्फ मोठे hi नहीं बल्कि मक्कन की तरह मुलायम बी hai..aur अपने खड़े लुंड से धीरे से hi सही पर मीणा की गांड की छेद को खोजने में लगा tha..wo मैं में सोचने लगा इतना खूबसूरत बदन कपड़ो में ढके होने पर बी बिजली गिरा सकता है तो इसे नंगा देखने में मेरी क्या हालत होगी और वो इस पल का आनंद लेने लगा tha…kuch देर ऐसा hi चला मीणा बिनोकुलर क डरिये झरने क आस पास क खूबसूरत नज़ारा देखने का बहाना करते हुए जमींदार क जिस्म में बाद रही गर्मी को अपने भीतर उतरने लगी थी तो वही जमींदार मीणा क पीछे खड़े मीणा की जवान बदन क खूबसूरती को अपने आँखों में कैद करता raha..dono एक दूसरे से कुछ देर बिना कुछ बोले hi शुरुवाती दौर का आनंद लेने में लगे थे …पर जब मीणा को ख्याल की वो कोई रूम या घर में नह जो उन्हें कोई देख न पाए तो वो एक पल क लिए डर गयी उसे लगा अगर किसी ने ऐसी पोजीशन में उन्हें देख लिया तो बात बिगड़ jaayegi..par मीणा का पीछे हटाने का मैं नह हो रहा था और वो एक बार अपने दाए बाए देखि और जमींदार को देख मुस्कुराते हुए बोली सच में बहुत खूबसूरत नज़ारा है यहाँ ka..par मीणा जमींदार से एक इंच बी आगे पीछे नह हुई..

मीणा का कोई विरोध न पाकर जमींदार की बी हिम्मत बाद गयी थी पर वो इस वक़्त रिस्क लेना नह चाहता था क्यू की वो जनता था कभी कभी गांव वाले अपने गाय भैसो को ढूंढ लेते हुए यहाँ तक आते जाते hai..isliye वो मीणा से थोड़ा दूर हटते हुए बोलै …खूबसूरत तो है पर. .आपके जितना nh…hehehe

एक तो जमींदार ने मीणा की जिस्म को गर्मी प्रधान करने की कोशिश की थी और ऊपर से मीणा की तारीफ़ करके मीणा क जले पे नमक डालने की काम बी किया था और वो मैं में hi बोली अगर इतनी hi खूबसूरत लगती हु तो डायरेक्टली प्रोपोज़ क्यू नह karte…aur वो जमींदार को देख कर मुस्कुराते हुए बोली आप बी na…kaha से कहा की बात करते ho..mai उस पार क गार्डन की बात कर रही थी….

जमींदार- तो फिर चलो na…us पार

मीणा- नह वो मुझे पानी में अकेले चलने डर लगता है…

जमींदार मीणा को इम्प्रेस करने की कोशिश करते हुए bola…to इ आपका सेवक क्यू hai..mai मदत करता हु आपकी उस पार जाने क लिए..

जमींदार क बात सुनकर मीणा को हसी आगयी और वो हस्ते हुए जमींदार से बोली आप और sevak…acha मजाक hai..kaha आप इतने बड़े जमीं क मालिक और कहा मई..

जमींदार- क्यू जमींदार सेवक नह हो सकते kya…wo बी तो इंसान hi होते है…

मीणा- है होते hai…par मई आपको सेवक नह manti…q की आप इस गांव क सबसे ज्यादा जमीं क मालिक हो जमींदार जी…

अब जमींदार को पता चल गया था धीरे से hi सही मीणा उसके साथ बातो में खुलने लगी है और वो मौके का फयदा उठाते हुए बोलै जमीं क मालिक हो तो क्या हुआ अपना जमीं कितना बी क्यू न हो पर दुसरो की जमीं hi मैं को भ जाती वैसे मुझे ाचा लगता अगर आप मुझे सेवा का मौका dete…waise आप जैसे खूबसूरत हसीं औरत की सेवा करने में अलग hi मजा आता है…

अपनी tàarif और जमींदार से डबल मीनिंग की बात सुनकर मीणा का मैं आसमान को चुने लगा tha..aur वो शरमाते हुए अपना चेहरा निचे करते हुए boli…aap बी न जमींदार जी बेकार में मेरी तारीफ़ करते हो…

जमींदार मान में hi बोलै बेकार में कहा मेरी रानी एक बार तू हाट आजा तब बताता हु इस तारीफ क पीछे क्या वजह hai..aur वो मीणा से बोलै सेवक को जमींदार नह kehte…hahaha.

मीणा- ाचा पर मुझे तो सेवक का नाम hi नह पता तो कैसे बुलवू…

जमींदार- इस नाचीज़ को हैदर कहते है…

हैदर नाम सुनते hi मीणा क मैं उल्लसित हो गया था क्यू की वो जानती थी जमील से उसे कैसा मजा मिला tha..hyder इ नाम सुनते hi मीणा की वासना और भड़क गयी thi..aur न चाहते हुए बी वो जमींदार जी को देख कर उसकी तुलना जमील से करने lagi..aur इस वक़्त मीणा को जमील क तुलना में हैदर काफी हत्ता कट्टा लग रहा था और उसका मैं जमींदार क साथ आगे बढ़ाने क लिए तैयार खड़ा हो गया था ..पर सामने खड़े हैदर को मीणा से कोई जवाब ना आते देख कर मीणा से पूछा क्या हुआ मैडम मेरा नाम पसंद नह आया या मेरा कॉम

हैदर की बात को जवाब देते हुए मीणा बोली कैसी बात कर रहे हो उन सब में मई यकीं नह करती hu..aur है अगर आप दुबारा ऐसी कोई बात करोगे तो मई बिना कुछ बोले hi चली javungi…muje ाचा नह लगता इ sab…e बात कहते हुए मीणा ने सर्व धर्म समन्वय की अपनी अभिप्राय व्यक्त किया tha…aur वह हैदर बी मीणा क इस बात से खुश हुआ और बोलै तो नाम से पुकारो न इस सेवक को..

मीणा- ठीक है इसके बाद मई आपको हैदर जी hi bulavungi…khush..

हैदर- नह बिलकुल खुश नह..

मीणा- क्यू? अब क्या hua..meena ने बड़े प्यार भरे ादवो से देखते हुए पूछा…

हैदर- हैदर जी नह सिर्फ Hyder…hahahaha

मीणा- नह हैदर जी आप जैसे बड़े लोगो को ऐसे कैसे जी लगाए बिना सम्भोदित कर सकती hu…mujse नह होगा..

जमींदार- तो दोस्त बन क kaho…agar आप हमे दोस्ती क काबिल संजो to…kehte हुए हैदर ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया था..

और मीणा छह कर बी इस दोस्ती को ठुकराने की मूड में नह थी और वो हैदर की और देखते हुए boli..waise एक बात पुछु आपसे?

हैदर- नह बिलकुल नह अगर इ आप, जमींदार या हैदर जी जैसे शब्दों से मुझसे बात करोगी तो मुझे कोई बात नहीं सुन्नी है …हैदर ने थोड़ा डोमिनेनी अंदाज़ में बोलै..

मीणा से पहली बार कोई डोमिनेंट अंदाज़ में बात कर रहा था जैसे कोई पुराणी जान पहचान ho…aur मीणा को बी हैदर का इ अंदाज़ थोड़ा पसंद बी आया था और इस वजह से मीणा बी अब बिना किसी परेशानी क हैदर क साथ बात को आगे बढ़ाते बोली ठीक अगर तुम कोई ऐतराज़ नह तो इ बी सही पर उसके पहले इ बतावो की हम तो ज्यादा मिले नह और जान पहचान बी थोड़ी बहुत hi संजो …तो इ dosti…kaha से aayi…hadabahat में hi सही मीणा ने सही सवाल को सही वक़्त पर पूछ लिया था और इसका जवाब बी हैदर क पास पहले से hi तैयार था और वो मीणा को जवाब देते हुए बोलै जरुरी नह की दोस्त बनने क लिए जानपहचान हो ….और वैसे बी हम तो एक दूसरे को पहले से hi जानते है न…

हैदर की इ बात मीणा को समाज में नह आयी और वो सवाल भरे नज़रो से हैदर से पूछी पहले से???

हैदर- ha..yaad है जब एक डेड महीने पहले मई आपके घर आया था…

मीणा- है याद है पर उस वक़्त तो मैंने आपसे ज्यादा बात बी नह की थी…

हैदर- है पर मैंने उसी दिन सोच लिया था की इस खूबसूरत हसीना से दोस्ती की हाथ जरूर बतावुंगा…

हैदर जानबूजकर बातो बातो में मीणा की तारीफ़ क फूल बाँध रहा था ताकि मीणा उसकी तरफ और ज्यादा आकर्षित हो jaaye..par शायद हैदर को पता नह था की मीणा उससे आकर्षित हो कर hi यहाँ झरने क पास आने की हिम्मत की है और अब वो बी हैदर क साथ पूरी तरह से खुलना चाहती है ताकि बात आगे बड़े और वो नज़ाकत दिखते हुए बोली

मीणा- ाचा तो जनाब उस दिन से इसी मौके क तलाश में the…meena ने इस बात को ऐसी ऐडा दिखते हुए कहा था की वो हैदर क इस बात से या हरकत से थोड़ी बी नाखुश नह है और मीणा की इ ऐडा उसके चेहरे पर साफ़ झलक रही thi…aur जिसे अछि तरह पहचान हैदर का जोश बढ़गया था और वो बोलै तो मई समजू की आपको मेरी दोस्ती पसंद है…

मीणा चुड़क्कड़ तो बन रही थी पर उसका थोड़ा बहुत संस्कार अब बी जीवित था और वो इस तरह आसानी से कैसे हैदर क हाथ लग jaati..aur उसे हैदर क सामने अपने आप को पतिव्रता का दर्जा बी देना था ताकि हैदर को लगे की उसका पहले से कोई चक्कर नह सो वो थोड़ा नखरे दिखते हुए boli…par हैदर इ कैसे मुमकिन hai…mai ek…shadi शुदा… ….मीणा आगे बोलने hi वाली थी हैदर उसकी बात को बीच में hi काटते हुए बोलै है पता है आप शादीशुदा ho..kisi गैर मर्द से दोस्ती का हाथ बढ़ाने से पहले सोचना पड़ता है सही न..,

मीणा- हम्म्म

हैदर- अगर मई कहु तो मुझसे दोस्ती का हाथ बडोवोगी तो आपको किसी बात की चिंता करने की जरुरत नह है तो…

मीणा- हम्म्म… पर माजी और पति को पता चला की हम दोनों दोस्त बन गए है तो वो क्या सोचेंगे….,??

मीणा अपने और हैदर क बीच बनानेवाली रुकावट पर इशारा करते हुए बोली…

Hyder-pata चलेगा तब na…waise बी हम इस गांव में एक दूसरे क पडोसी hai…baatchit तो होते hi रहेगी न..

अब मीणा का मैं बी व्याकुल हो गया था की हैदर को अपना रिश्ता आगे बढ़ाने क लिए ग्रीन सिग्नल देने की और वो बोली ठीक hai..par मेरी एक शर्ट है…

हैदर- क्या…?

मीणा- मई माजी और पति क सामने आपको जमींदार जी कहकर hi सम्भोदित करुँगी….

हैदर- ठीक है पर जब हम अकेले रहेंगे तो…

मीणा शरमाते hue..naam से बुलवुंगी…. हहै

अब हैदर क आधा काम तो होगया था उसे पहले मीणा से दोस्ती का हाथ बढ़ाना था तो वो हासिल कर चूका था अब उसके सामने एक hi लक्ष्य था वो था मीणा क जिस्म से नज़दीकी बढ़ाने की और वो अपना आगे का चल चलते हुए bola..to चलो न उस पार थोड़ा गार्डन में बैठ कर आराम से गपशप करते है…

मीणा का मैं तो हो रहा था की वो उस तरफ जाए पर उसे डर था की वह उसे कोई देख न ले हैदर क साथ क्यू की उस तरफ से लोगो की आवाज़ अब बी आ रही thi…aur वो मन करने का नाटक करते हुए boli…nh हैदर किसी और din…ab नह…

हैदर- क्यू? अब क्या हुआ

मीणा- वो मुझे पानी में चलने डर लगता hai…aur वह लोग बी है..

हैदर- अरे मई हु न तुम्हारा सेवक हेहही

मीणा- ाचा तो सेवक जी अब इ सवा किसी और दिन को सिमित रखो अब मुझे देर हो रही है घर जाने क लिए और कुछ देर यहाँ रुकू तो मेरी सास मुझे ढूंढते हुए aayegi…hahaha

मीणा की इस तरह की बात हैदर क लिए खुल्लम खुल्ला इशारा था की वो अपनी मकसद की और बिना कोई डर क आगे बाद सकता hai…aur हैदर बी बहुत मस्त होगया और वो इस चांस का फयदा उठाना चाहता था पर वो मीणा को जाने से रोक बी नह सकता था क्यू की मीणा की बात बी सच thi..fir बी वो एक चांस मरने की कोशिश करते हुए बोलै इतने jald…abhi तो दोस्ती की शुरुआत हुई है..

Meena-haste हुए इसका मतलब की मई यही राहु…, हहै

हैदर- मुझे कोई आपत्ति nh…par आपकी सास?

मीणा- वही तो कह रही hu..mai पहली बार यहाँ आयी हु और मुझे लौटने में देर होते देख सास परेशां हो jayegi…aur वो मुझे ढूंढते हुए यहाँ तक आगयी तो मुझे लेने क देने पड़जाएंगे तुम समजे न…

हैदर- ठीक है मई समझता hu…par सच कहु तो मुझे आपसे बहुत बाते करनी थी…

मीणा- हैदर को hi एक जुट देखते हुए boli…kaisi बाते….

हैदर- बस करनी थी कैसी बाते इ मुझे बी नह pata….par आप अपना कुछ और वक़्त देती तो शायद…….

हैदर ने अपनी बात को आधे में hi रोक दी thi…aur इ बात मीणा को बी अछि नह लगी थी पर वो जानती थी हैदर क्या बोलना चाहता है और वो boli….par हैदर तुम जानते hi हो न यहाँ हम दोनों क एक साथ खड़े रहना कितना रिस्क है ….पर आप कुछ कह रहे थे shayad….wo बोल सकते हो…

हैदर- कुछ सोचते हुए bola…ha सोचा तो था पर अब nh…kisi और दिन बतावुंगा…

हैदर क इस बात से मीणा की कुरसिटी बढ़गयी thi..aur वो हैदर से boli…nh जो बोलना है अब hi बोलो plz…mujhe सस्पेंस बर्दाश्त नह होता..

हैदर हस्ते हुए बोलै सस्पेंस में hi तो मजा है madam…haha..

मीणा थोड़ा नाराज़गी जताते हुए बोली ाचा तो रख लो आपके पास hi इ सस्पेंस मई चली कहते हुए मीणा ने गुस्से से हैदर का बिनोकुलर लौटाया और घर की तरफ निकलने लगी तो हैदर मीणा को देख मैं hi मैं मुस्कुराते हुए बोलै अब तो शुरुवात है मेरी मीनू darling…aur अपने मोबिल निकल क किसी को मश्ग किया….

वही मीणा थोड़ी नाराज़ थी की उसकी मैं की बात पूरी न होने पर वो सोच कर आयी थी अगर हैदर यानि जमींदार आज उसे प्रोपोज़ करेगा तो वो उसे अपना जवाब देगी और शहर वापिस लौटते hi हैदर को किसी न किसी बहाने घर बुला लेगी और अपनी मनोकामना पूरी कर लेगी पर यहाँ पे सन कुछ अलग hi हुआ tha…hyder ने दोस्ती का हाथ तो बढ़ाया था पर वो आगे कुछ बोल नह saka..is बात से मीणा नाराज़ थी पर उसे लगा की शायद पहली मुलाकात में hi हैदर आगे बादमे हिचकिचा गया होगा और इ ख्याल आते hi उसकी नाराज़गी धीरे से उतरने लगी थी तब उसे अपने मोबाइल पे मश्ग की नोटिफिकेशन बजती आवाज़ आयी तो मीणा ने मोबिल में देखा तो उसी अनजान शख्स का मश्ग था.. मीणा आगे पीछे देखि और मश्ग को ओपन करके देखि तो उसमे जो लिखा था वो देख कर मीणा क बाद रहे कदम वही रुक गए the…aur वो अपनी ख़ुशी को सिमट नह पायी और पीछे मुद क देखि तो हैदर उसके पीछे थोड़ी दूर में खड़े मुस्कुरा रहा था… वो अनजान शख्स जो इतने दिनों से मीणा को मश्ग कर रहा था वो कोई और नह tha…balki हैदर hi था…

(दरअसल जब पहली बार हैदर मीणा क सास को छोड़ने आया था तो उसी दिन उसने मीणा की सुंदरता को अपने आँखों में कैद कर लिया था और उसी दिन से वो प्लान बनाने लगा था कैसे बी करके मीणा को पाने क लिए और क्यू की उस दिन मीणा क सास ने हैदर क मोबाइल से hi मीणा को कॉल किया था तो मीणा का नंबर बी हैदर को मिल गया था और उसने कुछ दिन सोच समझने क बाद एक प्लान बनके पहले एक अनजान शख्स की तरह मीणा को मश्ग करना शुरू कर दिया tha…jiska नतीजा इ निकला था की हैदर और मीणा क बीच चैटिंग का सिलसिला शुरू हो गया tha…aur जब मीणा ने उसे बताया की उसकी सास की तबियत ठीक नह है और वो गांव जा रही है तो हैदर ने इसे hi सही मौका समाज लिया था मीणा से नज़दीकिया बढ़ाने की और वो इस वक़्त अपने प्लान में कामयाब हुआ tha..aur कुछ देर पहले हैदर ने मीणा को मश्ग किया था की hi..sevak से नाराज़ रहोगी तो सेवक आपकी सेवा कैसे कर सकता hai…aur सेवक शब्द पड़ते hi मीणा को पता चल गया था की उसे जो अनजान बने मश्ग कर रहा है वो शख्स कोई और nh…hyder hi hai…jiske साथ वो दोस्ती का हाथ बड़ा चुकी hai…aur इसी ख़ुशी क चलते मीणा क बढ़ते कदम रुक गए थे)

मीणा पीछे मुद क अपने और मुस्कुराते हुए हैदर को देख कर boli…to ोोू तुम थे…

हैदर मीणा क थोड़ा नज़दीक आते हुए– है क्यू ाचा नह लगा मेरा सस्पेंस ..

अब मीणा क्या बोलती उसकी तो चोरी पकड़ी गयी thi…is लिए उसे थोड़ा गुस्सा बी आया था और वो हैदर की और गुस्से से देखते हुए बोली मुझे तुमसे इ उम्मीद नह थी ..

मीणा को गुस्सा करता हुआ देख हैदर को लगा की उसकी म्हणत बेकार में गयी और वो मीणा को समजने की कोशिश करते हुए बोलै सॉरी पर मेरा कोई गलत मतलब नह था….

हैदर को इस तरह अपने से सॉरी मंगाते देख मीणा को लगा उसकी सोच गलत थी हैदर ने मेरी चोरी नह पकड़ी है बल्कि उसकी मुझसे अप्प्रोच करने का तरीका का अलग था और वो मैं में बोली काश हैदर की सोच में मेरे खिलाफ कोई शक न हो और वो बात की जड़ तक जाने की कोशिश करते हुए हैदर से puchi…kya समजे थे आप मुझे मई किसी अनजान से दोस्ती कर लेती थी …

हैदर- कहा न मेरा वो मतलब नह था…

मीणा- तो आप उसी दिन क्यू नह बताये की आप hi जमींदार हो ..

अब हैदर को लगा मीणा तो गयी उसके हाथ से और वो बोलै सॉरी पर मुझे डर था..,

मीणा- डर??? और आपको यकीं नह hota….par मुजमे डर ने वाली क्या बात थी..

हैदर- वो मैंने सुनाता की आप बड़ी संस्कारी और सुशिल औरत ho…aur मुझे लगा की आप आसानी से मुझसे दोस्ती का हाथ नह बदावोगी…

हैदर क जुबान से अपने लिए संस्कारी और सुशिल शब्द सुन थे hi मीणा का शक दूर हो गया …उसे लगा हैदर क मैं में बी वही है जो मई इसके मैं में डालना छह रही thi….ab जब मई हैदर की नज़र में सुशिल और संस्कारी हु तो अब मुझे आगे बढ़ने में कोई मुश्किल नह और वो हैदर क बिगड़े चेहरे को देख कर खिलखिलाकर से हसने लगी…

अचानक मीणा को गुस्सा उतारकर इस तरह खिलखिलाकर हस्ते हुए देख हैदर को कुछ बी समाज में नह आया और वो मीणा को hi देखने लगा तो मीणा उसे देख हस्ते हुए boli…sirf तुम hi मजाक कर सकते हो क्या मई nh…hahaha

मीणा की इस बात से हैदर ने रहत की सास li..aur बोलै मतलब तुम्हारा इ गुस्सा सिर्फ दिखावा था..

मीणा- और नह तो kya..aur कुछ देर सोच कर आगे बोली मुझे तो उसी दिन अंदाज़ा हो गया था जिस दिन आपने मुझे पहली बार मश्ग किया था…

हैदर- चूकते हुए कैसे??

मीणा- कैसे मतलब? वैसे तो मुझे ज्यादा मश्ग आते नह और आये तो बी मेरे कुछ फ्रेंड्स या रिश्तेदारों क hi आते है और उन सब का नंबर सेव है मेरे मोबिल में पर जब मुझे आपके अननोन नंबर से मश्ग आया तो मई बी हैरान हो गयी और फिर सोचने क बाद मुझे पता चला की मेरा नंबर आपके hi पास हो सकता hai..q की मुझे याद था आपके मोबाइल से मेरी सास ने मुझे कॉल किया था…

हैदर- पर दोनों नंबर तो अलग है न..

मीणा- है इसलिए तो मई चुप thi….muje शक तो था पर यकीं नह tha…aur गांव आते वक़्त मैंने जानबूजकर आपकी खबर दी थी क्यू की मुझे यकीं था अगर आप hi है तो मुझे मिलने गांव जरूर आवोगे ..

मीणा ने अपने आप को जस्टिफाई करने क लिए झूट hi सही पर बड़े नज़ाकत से हैदर को बताया tha…aur हैदर बी मीणा की इस झूट को सच hi समाज बैठा क्यू की उसे किसी और चीज़ की जल्दबाज़ी thi…aur बोलै मतलब मई आपको सरप्राइज देना चाहता पर आपने hi मुझे सरप्राइज दे dala…hehehe…ab आगे क्या…??

हैदर ने मीणा को ऊपर से निचे तक देखते हुए पूछा…

हैदर की नज़रो में झलक रही वासना को मीणा पहचान गयी और वो हैदर को छेड़ते हुए बोली आगे क्या अब मई घर जाती हु और आप अपने ghar…hehe

मीणा को फिर से खुल क बात करने से हैदर की गिरी हुई हिम्मत फिर से जाग गयी थी और वो bola…ha वो तो जाना hi है पर आप ने अभी तक नह बताया की आपको मेरी दोस्ती पसंद है..?

मीणा- हैदर को क नज़रो से नज़ारे मिलते हुए वो तो मैंने उसी वक़्त मंज़ूरी दे दी न हैदर को…

हैदर- ाचा हैदर को दी है पर उस अनजान शख्स को हेहेहे

मीणा- मीणा शरमाते हुए अपनी नज़र झुकाये बोली संजो उसे बी दे di..ab मई चालू…

हैदर- ऐसे थोड़ी मंज़ूरी देते है..

मीणा- हैदर को देखते हुए तो कैसे देते है…

हैदर- चांस लेते हुए बोलै वैसे तो एक दूसरे क गले मिलकर दोस्ती को स्वीकारा जाता है….

मीणा- ाचा जी तो आप चाहते हो की मई इस खुले आम जगह पर आपसे गले milu..aur कोई हम दोनों को देख कर मेरी इज़्ज़त का पंचनामा करे नह बाबा मुझसे नह होगा…

मीणा ने गले मिलने की बात सुनकर कोई गुस्सा न किया था या नहीं कोई विरोध पर उसने ऐसा करने में अपना डर जरूर दिखाया था और यही शायद ग्रीन सिग्नल था हैदर क लिए और वो बोलै ठीक है गले तो नह मिल सकती तो काम से काम हाथ तो milalo..kehte हुए हैदर ने अपना एक हाथ आगे बढ़ाया तो मीणा फिर से चारो तरफ नज़र दौड़के हैदर क लिए अपना हाथ आगे बड़ाई और दोनों क शेक हैंड क साथ एक दूसरे में अपनी अपनी क्वाशिशे पूरा कर ने की मोहर लगा दी thi….dono क आंखे एक दूसरे से मिली हुई थी और आँखों hi आँखों में एक दूसरे ने मैं की बात बी पद ली thi..tab मीणा ने देखा की चारो तरफ अँधेरा चने लगा hai…aur उसे डर लगने लगा की कही उसकी सास उसे ढूंढते हुए न आजाये और वो हैदर से अपना हाथ छुड़ाते हुए बोली अब मई चलती हु बहुत देर हो रही wai..kahi माजी मुझे ढूंढते यहाँ आ न jaaye..aur पीछे मुद क घर की तरफ कदम बढ़ाने लगी पर हैदर का मैं इतने में नह भरा tha…wo अपने कदम तेज़ बढ़ाकर मीणा क बगल में आया और फिर से मीणा की कलाई को थम लिया तो मीणा उससे अपनी कलाई छुड़ाने की कोशिश करते हुए बोली क्या कर रहे ho.chodo मेरा हाथ किसी ने देख liya…to?

हैदर- मीणा को डेरिंग देते हुए बोलै इ मेरा खेत hai…aur किसी की मजाल है मेरे खेत में आने की इस वक़्त? और आ बी गए तो उनके चलने से आवाज़ से hi पता चल सकता है…

मीणा- ाचा पर कोई बिचाने आगये तो सोच लो आज क बाद कभी मई आपसे नह milungi….soch लो..

हैदर- अब सोचना क्या है अब चांस hi लिया है तो इ बी सही पर कोई नह आये तो क्या आप मेरे गले लगोगी…

मीणा- हैदर को देखते हुए इ क्या कंडीशन hai…par मीणा को लगा यही ाचा मौका hai..agar मई कंडीशन हार गयी तो हैदर मुझे गले लगाए बिना नह chodega…aur गले लग्न matlab…meri बढ़ती जिस्म की प्यास को ठंडक मिलने की निशानी और वो कुछ सोच कर boli..thik है पर यहाँ नह…

हैदर- ok कोई बात नह वैसे मुझे यहाँ गले मिलने में कोई इंटरेस्ट नह…. हेहेहे

मीणा -ह्मणं अब चुप चाप chalo…aise hi बड़बड़ाते रहोगे तो किसी क आने की आवाज़ बी नह सुनाई देगी..

अब दोनों हवस क पुजारी एक दूसरे से हाथ मिलकर बीच खेत क रस्ते से ऐसे चल रहे थे जैसे की कोई नह शादी शुदा जोड़ी खेत क बीच रोमांटिक मूड में ho..aur उन्हें कोई देख बी नह सकता था क्यू की गन्ने की फसल उन दोनों क हाइट से बी ज्यादा उगी हुई thi…aur देखते hi देखते कुछ hi देर में वो रास्ता बी आगया था जहा से उन्हें बिछड़ न tha..aur मीणा ने अपने हाथ को हैदर क हाथो आज़ाद करलिए और हैदर से बोली मई आपको बाद में मश्ग करती हु कहकर घर की तरफ निकल पड़ी to..hyder मीणा से bola…thik है पर गले मिलना बाकी है याद रख लो…

मीणा- मुद क हैदर को देकते हुए boli..ha याद है.. वक़्त आने पर जरूर मिलूंगी bye कहते हुए मीणा पीछे मुड़े बिना अपनी गांड को मटकते हुए घर की तरफ तेज़ कदम बड़ाई तो हैदर मीणा की मटकती गांड को देख कर अपने लुंड पे हाथ फेरते हुए मैं में hi bola..kaash इस वक़्त मीणा की वो मटकती मखमली गांड मेरे हाथ में hoti…ahhhhh कितना मजा aata…….aur वो बी अपने घर की तरफ निकल पड़ा….

पर बात इतने में रुकने वाली नह थी की क्यू की आग दोनों तरफ लगी हुई thi…aur इ आग कैसे bhuji…next अपडेट में…
 
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