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जमील को जाकर 15 दिन बीत गए थे इस बीच मीणा सिर्फ दो बार अपने पति क साथ चुद चुकी thi..lekin उसे थोड़ा बी मजा नह आया था पति का लुंड उसे थोड़ा बी ख़ुशी नह दे प् रहा था जितना जमील की ऊँगली उसे देती थी. अब मीणा का नजरिया बी बदल चूका था, पति क साथ होने वाली 5-10 मीन्स की जिस्म की टकराहट को वो सेक्स hi नह मानती thi..par वो जानती थी जमील और उसके पति क अलावा कोई और उसका जिस्म का हकदार नह है..
…मीणा ने अपनी वासना को काबू पाने की कोशिश की thi…par वो जितना काबू पाना चाहती थी उतना hi उसका जिस्म बेकाबू होने लगा tha.…use अब किसी न किसी लुंड की सख्त जरुरत महसूस होने लगी थी जो जमील की तरह उसके जिस्म को नोच नोच कर चुदाई kare.lekin वो जानती थी उसने जमील क साथ अपना जिस्म को बात कर अपने पति क साथ धोका किया हुआ hai…aur वो इ गलती किसी और क साथ दोहराना नह चाहती थी. ..उसके लिए सबसे प्यार उसका पति hi था पर उसका पहला और आखरी प्यार बी जमील hi tha.use अछि तरह पता बी था की जमील मजबूरन उसे दूर हुआ है और जल्द hi वो फिर से उसकी प्यास भुजने वापिस बी आनेवाला hai…aur इसी उम्मीद क साथ वो अपना दिन बिना चुदाई क बिताने लगी thi..kuch 10-15 दिन बीत गए थे.
उस दिन रोज़ाना की तरह पति ऑफिस जाने क बाद लंच की तैयारी करके अपना वक़्त बिताने क लिए टीवी देख रही thi..lagbhag दोपहर क 12 बजे the…aur मीणा टीवी में किसी सीरियल को देख रही thi..jamil क जाने क बाद मीणा का यही रूटीन बन गया tha..tabhi उसके मोबाइल पर एक मश्ग aaya..meena ने जब उस मश्ग को खोल कर देखा तो उसने सिर्फ "hi" लिखा था..
मीणा उस अननोन नंबर को ध्यान से देख कर सोचने लगी किसका नंबर hoga..aur वो एक पल खुश हुई कही जमील जी का तो मश्ग nh..aur वो तुरंत मश्ग को रिप्लाई किया "hello"
उधर से तुरंत रिप्लाई आया " कैसे हो"
उस मश्ग को देख कर मीणा कर मीणा समाज गयी की जरूर इ जमील जी hi hai…shayad मुझे छेड़ना चाहते hai..par उसने सोचा अगर गलती से जमील जी न हो to..kuch बी हो मुझे बस सावधानी से सोच समाज कर जवाब देना hoga..ho सकता है कोई मेरा टेस्ट करने क लिए कर रहे ho…aur मीणा कुछ सोच कर टाइप ki…"mai अछि हु पर आप कौन"
उधर से जवाब aaya…"filhaal को दोस्त hi संजो"
अब मीणा खुद कन्फूशन में थी की कौन हो सकता hai..aur मीणा ने जवाब देते हुए टाइप किया " वो पता चला रेशमा भाभीजी" मीणा ने जानबूजकर किसी औरत का नाम लिया ताकि सामने जो कोई बी हो वो यही समजे की मीणा किसी मर्द से दूर hi है…
पर तुरंत उधर से जवाब आया - " सॉरी आप गलत हो"
मीणा को अब और ज्यादा कुरसिटी बढ़ने लगी उसे लगा हो न हो जमील hi होगा पर वो गलती से बी जमील का नाम लेना नह चाहती thi..aur वो जवाब में लिखी "देखो आप जो कोई बी ho..ek तो अपना नाम बतादो या मुझे बेकार में मश्ग करना बंद कार्डो…"
उधर से रिप्लाई आया " इतनी जल्दी बी क्या है मैडम जरा जान पहचान तो बढ़ाने दे"
मीणा- गुस्से se..Dekho मुझे किसी अनजान क साथ जान पहचान नह बदनी hai..chahe वो मर्द वो या औरत"
उधर से रिप्लाई आया "ाचा मर्द से तो ठीक है पर औरत से क्यू"
अब मीणा को लगा शायद कोई उसकी जान पहचान की औरत hi उसके साथ मस्ती कर रही hai…aur वो रिप्लाई दी " इसका मतलब आप औरत ho..muje यकीं है तुम रेशमा भाभी hi ho…ab बस बी करो"
उधर से-" नहीं हु मई तुम्हारी रेशमा भाभी हु या नहीं कोई औरत"
मीणा- ok तो फिर मुझे बी किसी गैर और अनजान मर्द से बात hi नह karni..hai..
उधर से तुरंत मश्ग आया- अरे मैडम पहले जरा सुनो तो hi..
मीणा- जब मुझे किसी अनजान और गैर मर्द से कोई मतलब hi नह तो मुझे कुछ बी नह सुन्ना..
उधर से रे रिप्लाई आया- अगर आप चाहे तो मतलब बी बन सकता है…
अब मीणा को लगा जरूर इ कोई बदमाश होगा जिसे मेरा नंबर कही से मिल गया hoga..aur वो बिलकुल बी नह चाहती थी किसी बदमाश क साथ बातो का सिलसिला जारी rakhe..aur मश्ग टाइप ki…dekho आप जो कोही बी हो अगर मुझसे बात करना चाहते हो तो मेरे सामने आके बात करो वो बी मेरे पति क होते hue..kuch देर में मेरे पति आते hi honge..aur इसके बाद गलती से बी मुझे मश्ग मत Karna…good bye.. और मीणा ने अपने फ़ोन को साइलेंट मोड पे दाल दिया.
सच बात तो इ थी की मीणा पहले से बी अपनी जिस्म की प्यास न भुजने पर उदास थी ऊपर से किसी अनजान मर्द क मश्ग ने उसके दिमाग को और बी डिस्टर्ब किया tha….par वो अपने दिमाग पर जोर देकर सोचने लगी कौन hoga……usne फ़ोन तो साइलेंट किया था पर वो बार बार मोबिल की तरफ hi देख रही thi..par इस वक़्त उसके मोबिल में उसका कोई मश्ग नह tha…Par मीणा क दिमाग में शाम को पति घर आने तक यही सोच में डूबा हुआ tha…us दिन रात सोने तक डेली की तरह नॉर्मल सा वक़्त गुजर गया था दोनों मिया बीवी ka…aur फिर अगले दिन एक नयी subhah..wahi hi मीणा का रूटीन स्टार्ट होगया tha..aur उस दिन बी मीणा क मोबाइल में उसी शख्स का गुड मॉर्निंग मश्ग का एक लव हार्ट क साथ इमेज tha..jise देख मीणा ने कोई रियेक्ट नह किया और मैं hi मैं बोली करने दो जब मुझे कुछ लेना देना hi नह तो रिप्लाई क्यू करू उसने मश्ग डिलीट किया ..और वो अपने काम में बिजी होगयी..
उस दिन शाम को उसका पति जल्द hi काम से वापिस लौटा और मीणा से कहा की आज शाम को उन्हें बॉस की पार्टी में जाना है कुछ फंक्शन hai…meena ने पहले तो मन किया पर बाद में पति क जोर देने पर वो पति क ख़ुशी क लिए मान बी गयी और उस रात ठीक 8 बजे दोनों पार्टी हॉल में पहुंच गए थे जहा बहुत सारे मीणा क पति क सहकर्मी और कर्मचारी बी उनके फॅमिली क साथ आये हुए the..kuch hi देर में पार्टी शुरू होगयी थी और सारे मर्द एक साथ बैठ क ड्रिंक्स करने लगे तो और सारे लेडीज एक साथ बैठ क कोल्डड्रिंक और स्नैक्स का मजा लेने लगे the…aur मीणा बी उनके साथ बैठ क घुलमिल गयी thi…lekin कुछ hi देर में उसने देखा की एक हत्ता कट्टा मर्द उसकी और hi देखते हुए मुस्कुरा रहा hai..meena ने पहले तो उसे नज़र अंदाज़ किया पर जब उसे पता चला की वही उसके पति का नया बॉस है तो मीणा ने बी उसे एक स्माइल पास करदिया.. लेकिन बात इतने में hi ख़तम नह हुई मीणा का स्माइल पाते hi बॉस की थोड़ी हिम्मत बढ़गयी थी और वो मीणा को एक जुट होक hi देखने लगा था इससे मीणा बी थोड़ी सहम सी गयी thi..q की उसके साथ और बी लेडीज थे.. और मीणा नह चाहती थी की बाकी लेडीज को पता न चले की बॉस की नज़र उसपर hi है. ..और मीणा की बी तिरछी नज़र अब बॉस पर तिकी हुई thi..q की बॉस दिखने में तो कला था पर उसकी पर्सनालिटी काफी अछि थी जो मीणा को पसंद बी आयी थी क्यू की बॉस और जमील क पर्सनालिटी में कोई खास फरक नह tha….kuch देर क तक ऐसे hi दोनों की नज़र मिलते रही और मीणा बी अब थोड़ी बॉस क प्रति आकर्षित होने लगी thi..sach बात तो इ थी की जमील क बाद बॉस ऐसा आदमी था जिसे देख कर मीणा का दिल में फिर से वासना भड़क ने लगी thi…wo जमील की कमी को बॉस में देखने लगी thi…par वो जानती थी की उसने पति क साथ धोका करके जमील क साथ नाज़ायज़ रिश्ता तो बना दिया है पर इस नाज़ायज़ रिश्ते को किसी और क साथ आगे बढ़ाना सबसे बड़ा गुनाह होगा खास करके वो जमील को दिया हुआ वडा तोडना नह चाहती thi….isliye वो बस बॉस क साथ सिर्फ फ़्लर्ट करना छह रही थी..
पर उधर बॉस बी मीणा की खूबसूरती पर पागल होगया tha..jamil से लगातार चुदाई क बाद मीणा का जिस्म और बी उभर आया tha..uski कमर और बी चौड़ी और खूबसूरत बन गयी thi..chalte वक़्त उसकी गांड किसी फूटबाल की तरह हिलते हुए एक दूसरे से टकरा कर बड़े कामुक नज़र आते थे ऊपर से उसका शेप काफी कर्तव्य बनंगायी thi…aur मीणा जैसी सूंदर औरत बॉस की खास कमज़ोरी थी…
मीणा का पति का बॉस एक 40-45 उम्र का हत्ता कट्टा मर्द tha…aur काफी आयाशी tha..usne बी अपने लाइफ में कई सारे औरतो का रास पान किया था वो जहा बी जाता था उस गांव में अपने लुंड की मरम्मत क लिए किसी न किसी औरत को पता hi लेता tha…aur उसकी इसी अय्याशी क चलते वो कही बार सस्पेंशन का शिखर बी होगया था और उसे इस बार फुनिशमेंट ट्रांसफर करके मीणा क शहर ट्रांसफर किया गया था..
और जब आज उसने पहली बार मीणा को उसके पति दिनु ( इस कहानी में पहली बार मीणा क पति का नाम लिया जा रहा है क्यू की इसके बाद बॉस उसे नाम से बोलनेवाला hai..official कॉरेस्पोंडेंस क चलते इ जरुरी है बॉस क लिए और इस कहानी क लिए बी) क साथ देखा तो वो मीणा की सुंदरता था का दीवाना बन गया tha..meena ने आज एक sky-blue रंग की साडी पहनी हुई थी जिसमे उसका गोरा रंग जजः रहा था ऊपर से मीणा क उभरे हुए दूध जो साडी क ऊपर से बी किसी को बी रसपान का दावत दे रहे हो ऐसे लग रहे थे और जमील से बार बार खड़े खड़े छुड़वाने से उसकी कमर और बी चौड़ी होगयी थी और गांड क खुले पीछे से पूरी बहार की तरफ निकली हुई thi….aur ऐसे खूबसूरत सेक्सी बदन पे बॉस की नज़र पड़ते hi उसने मैं में hi सोच लिया था की वो मीणा की जिस्म को एक बार चक कर hi रहेगा इसलिए वो तबसे बार बार मीणा को hi देखने लगा tha..aur बॉस की इस हरकत से मीणा बी अब थोड़ी मस्ती क मूड में आगयी थी और वो बॉस को तिरछी नज़र से देखते हुए शरमाते हुए अपने अपने बालो को कान क पीछे सरकने की कोशिश करते हुए बॉस को इ झहीर कर रही थी उसका इस देखना उसे बी पसंद आया है.. …लेकिन तब उसने बॉस को कुछ इशारा करते हुए पाया लेकिन वो समाज नह paayi..aur बॉस बी समाज गया था की मीणा उसके इशारे को समाज नह paayi…aur इस बीच सब लोगो क लिए डिनर की तैयारी हो चुकी थी तो सब लेडीज डिनर क लिए रेडी होगये और अपने अपने कुर्सी पर बैठ गए. लेकिन मीणा नह बैठी वो कुछ सोच कर वही बगल में एक कुर्सी क पास कड़ी रही ….तब उनके पास उनके पति लोग बी आगये और साथ में दोनों बॉस बी जो आज विदा हो रहा और दूसरा जो आज से उसकी जगह लेने वाला tha…usme से पुराने बॉस को सब लेडीज लोग जानते थे जो एक बुड्ढा ाचा इंसान था और नए वाले को कोई बी nh…jab पुराण बॉस अपने वर्कर्स क औरतो को धन्यवाद दे रहा था तो मौका पाकर नया बॉस जिसका नाम था कामेश राणा वो मीणा क करीब आके रुक गया ..जिसे मीणा ने बी नोटिस किया पर कुछ नह boli..tab पुराने बॉस सब लेडीज से बोलै आप क पति लोग तो अपने नए बॉस से मिल चुके है इसलिए मई अब उन्हें आप सब से परिचित करना चाहता हु कहकर राणा जी की और देखते हुए कहा इ है आप क पतियोंके नए बॉस कामेश राणा जी.. और सब ने उन्हें नमस्ते किया और मीणा ने b..thoda शरमाते hue..aur इस बीच पुराण बॉस बाकी लेडीज क साथ बात करता रहा जहा पे उनके मर्द बी खड़े थे और मीणा ठीक उनके पीछे थी और उसका पति पुराने बॉस क साथ खड़ा था क्यू की मीणा का पति पुराने बॉस का खास आदमी tha….meena से थोड़ी दूर में नया बॉस कामेश राणा बी खड़ा था और उसने इतनी दूरिया पहले hi मेन्टेन किया हुआ था की मीणा उसकी बात सुन सके और मौका पाकर राणा जी ने मीणा से पूछ hi लिया की हम कुछ देर बात कर सकते क्या…
मीणा ने इ बात अछि तरह से सुन ली थी इसलिए वो राणा जी को देखि और एक स्माइल देते हुए फिर अपने पति की और देखि और फिर राणा जी ko…aur न में सर हिलायी.
जिससे राणा समाज गया था की पति और साथ में खड़े लोगो की वजह से मीणा डर रही है तो वो सीधा वाशरूम की और देखा जहा उसे कोई नज़र नह आरहा था और वो हलके से बोलै वाशरूम की तरफ कोई नह hai…meena ने एक नज़र वाशरूम की तरफ देखा और राणा जी को देख कर muskurayi….meena का मैं तो कर रहा था की वो वाशरूम की तरफ जाए और राणा जी की बात sune…use कुरसिटी thi..Rana जी उससे क्या कहना चाहते hai…par वो जानती थी इस वक़्त इस तरह अकेले वाशरूम की और जाना ठीक नह इसलिए उसने सही वक़्त का इंतज़ार करना hi ठीक समजा और राणा जी की तरफ देख कर न में सर hilayi..utne में डिनर क लिए सब लोग रेडी होगये थे और राणा बी अब मीणा से थोड़ा दूर हुआ था …एक तरफ सारे लेडीज डिनर करने लगे तो दूसरी तरफ सारे gaints….lekin अब बी मीणा और राणा क आंखे एक दूसरे को देखने का कोई मौका नह छोड़ रहे the..dono को देख कर ऐसा लग रहा था की दोनों किसी ख़ास मौके का इंतज़ार कर रहे है…
सारे लेडीज खाने का मजा उठाते हुए बार बार खाना परोस कर खा रहे थे पर मीणा को खाने से ज्यादा किसी और चीज़ में रूचि लगने लगी थी इसलिए उसने खाना बी ठीक से नह khaya...use बस अब बॉस यानि राणा जी से नज़दीकिया बदनी थी इस पल वो भूल गयी थी की उसने पहले बी अपनी पति क साथ धोका किया हुआ hai…aur ऊपर से जमील से बी वडा किया हुआ है. पर राणा जी को देखते hi उसका जिस्म उसे बार बार अपनी प्यास की याद दिला रहा था जो जमील क जाने क बाद अब तक नह भुजी thi..use इस वक़्त एक लुंड की खास जरुरत thi…aur राणा जी क साथ कुछ देर हुई लुकाछुपी से मीणा को लुंड की जरुरत पूरी होती नज़र आयी थी..
राणा जी एक तो उसका पति का बॉस था इसलिए उसपर शक करने की ज्यादा गुंजाइश बी नह थी क्यू की राणा से पहले जो बॉस था जो आज बिदाई ले रहा था उसने अपने सब जूनियर्स और उनके परिवार क साथ एक ाचा रिश्ता बनाया हुआ था और अब राणा जी से बी इसी बात की उम्मीद सब जूनियर्स को thi…isliye मीणा इस बात से बेफिक्र थी, और दूसरी बात इ थी की राणा बी एक हट्टे काटते बदन का मालिक था और उम्र बी ज्यादा नह लगभग उसके पति क उम्र का hi था और राणा क हट्टे काटते शरीर को देख कर मीणा को जमील की याद आने लगी thi…uski वासना फिर से भड़क गयी thi…aur इसी वासना क चलते उसने जल्द hi खाना फिनिश किया और बॉस की तरफ देखि फिर वाश बेसिन की तरफ निकल पड़ी और एक हलकी सी स्माइल करके राणा को समजने की कोशिश की अब वो हाथ धोने वाशरूम की तरह जा रही hai…agar बात आगे बदनी हो तो आ सकते हो…
वाशरूम डाइनिंग से कुछ दुरी पर था जहा एक तरफ औरतो क लिए और दूसरी तरफ मर्दो क लिए सुविधा थी बीच में दो हैंडवॉशिंग बसिन्स थे जिसके सामने दो आयने बी लगे हुए the…aur सामने एक बड़ा darwaja…meena पहले बी कही बार यहाँ पे आयी हुई थी इसलिए उसे अछि तरह उस जगह की जान पहचान थी..
मीणा हलके पाँव वाशरूम की तरफ जाने लगी thi..aur इधर राणा बी अपने सामने बैठे कई सारे मर्दो से कुछ झूट बोलकर पहले बहार आया और दूसरे रस्ते से वाशरूम की तरफ निकल पड़ा जो मीणा ने बी नोटिस किया हुआ tha..kuch hi देर में मीणा वाशरूम में दाखिल हुई और हाथ धोने लगी तो मीणा क पीछे hi राणा बी आया और दूसरे बेसिन पर हाथ धोने की एक्टिंग करने laga…dono क बीच कुछ बात नह हुई कुछ देर क लिए. तब मीणा ने एक बार पीछे मुद क देखा कही कोई ऑटो नह रहा जब उसे कोई नह दिखा तो वो राणा की तरफ देख कर muskurayi..jaise इ कह रही ho..aap को जिस मौके की तलाश थी वो मौका मैंने आपको दिया hai…jo बोलना है बोल सकते हो.
मीणा की इस मुस्कराहट का जवाब देते हुए राणा ने मीणा से उसका नाम पूछ hi लिया..
मीणा- हाथ धोने की नाटक करते hi boli..meena
राणा- बड़ी खूबसूरत हो तुम
मीणा थोड़ी शरमाते हुए थैंक यू सर..
राणा- वैसे थैंक्स मुझे कहना चाहिए
मीणा- चूकते हुए वजह??
राणा- मेरी बात मानकर वाशरूम तक अकेले आने क लिए…
मीणा- हम्म्म वैसे तो मई हाथ धोने आयी थी..
मीणा को लगा उसे वाशरूम में आये देर हो चुकी है और किसी बी वक़्त बाकी लेडीज बी हाथ धोने आ सकती इ सोच कर मीणा वह से निकलने हुए boli..isse पहले कोई आये मुझे निकलना होगा.. तो राणा बोलै क्या मुझे आप का सेल नंबर मिल सकता है…
मीणा जाते जाते बोली मिल सकता है पर पहले थोड़ी जान पहचान तो बढ़ाने दो कहते हुए मीणा एक शर्म से भरी स्माइल राणा को देते हुए वह से निकल gayi…aur राणा बी दूसरे रस्ते से वह से निकल गया tha…usne जो सोचा था वो हो नह हो पाया था. राणा ने सोचा था मीणा उसे बिना कोई विरोध किये हुए सेल नंबर देगी और इसी सेल क डरिये वो मीणा से बात को आगे badayega…lekin उसके हाथ नकयामि लगी thi…aur मीणा बी पहले यही सोच कर आयी थी की वो राणा क साथ बात आगे बढ़ाएगी लेकिन बीच में hi उसके संस्कार ने उसे फिर से जवाब देने की कोशिश की thi..use लगा की एक hi मुलाकात में राणा से बात आगे बढ़ाएगी तो राणा उसे गलत सोच सकता है जैसे चुड़क्कड़ characterless….aur शायद लालची बी …जो अपना जिस्म का सौदा करके राणा से अपनी कमिया पूरी करने की कोशिश कर रही ho…..aur वो इ बी जानती थी की राणा क लिए उसका रास्ता साफ़ hai…par उसे इस रस्ते पे कदम रखने से पहले बहुत सावधानी बी बरसनी hogi…aur वो अछि तरह जानती थी की राणा उसके साथ दूसरी मुलाकात करने की कोशिश जरूर करेगा और उसी वक़्त वो बी राणा से थोड़ी खुल मिल जाएगी.. और वो इसी सोच को अपने दिमाग में भरे हुए अपने आप में स्माइल करते हुए फिर से आकर पार्टी हॉल में लेडीज लोगो क साथ बैठ गयी कुछ देर में राणा बी वह आया और गेट्स क साथ बैठ गया जहा वो पहले बैठा हुआ था.. मना फिर से राणा की और नज़र डालकर चुपके से देखने lagi…aur उधर राणा का बी यही हाल tha..aur कुछ hi देर में सब ने डिनर फिनिश करके जाने लगे तो सब लोग पुराने बॉस से विदा लेने गए और तब बीच में राणा आया और bola…sab लोगो से मेरी एक विनंती है अगर इजाजत हो तो पेश करू…
तब सब मर्द लोगो ने उसे है में सर हिलाया तो राणा ने सब मर्दो को एक साथ बोलै मेरी इ विनंती खास आपके परिवार वालो से है..
वह खड़े सारे मर्द इस बात से आश्चर्य तो हुए और सोचने लगे काम तो हम करते है पर इ हमारे औरतो से क्या कहना चाहता hai..aur यही सोच मीणा और उसके पति क दिमाग में बी आयी thi…..par इस वक़्त वो कुछ बोल नह पा रहे थे बिना राणा की बात सुने..
राणा थोड़ा आगे आया और सब लेडीज को एक साथ सामने आने को बोलै और जैसे hi सब लेडीज सामने आये तो मर्दो को पीछे हटाना पड़ा और वो सब पीछे खड़े होकर कामेश राणा जी याने अपने नए बॉस की बात सुनने व्याकुल होगये थे…
इस बीच राणा बोल पड़ा… जैसे आप सब जानते हो आज से मई आपके पतियोंका बॉस hu…aur मई चाहता हु की पहले की तरह मई बी मेरे निचे काम कर रहे सब साथीदारों का अचे से ख्याल rakhu….aur मई इ अछि तरह निभाने की पूरी कोशिश करूँगा. पर आप सब तो जानते hi ho…aaj कल काम का टेंशन कितना होता hai…aur इसी काम क चलते आपके पति कभी घर लेट आ सकते है या काम क सिलसिले में बहार गांव बी जा सकते hai..aur इस वजह से अपने परिवार पे ध्यान नह दे पते कुछ देर क liye…isliye मेरी आप सब से विनंती है की ऐसा मौका अगर आप में से किसी क साथ बी हुआ तो आप लोग अपने पति को टोकने या गुस्सा करने क बदले उनका साथ दे दो..
इ बात सुनते hi पीछे खड़े मर्दो में ख़ुशी से ताली बजाते हुए राणा जी क बात को संनति दी thi….lekin राणा की बात इतने में hi नह रुकी thi…wo आगे बढ़ते हुए बोलै और आखरी बात अगर आप लोगो को परिवार में किसी समस्या हुई जैसे पैसो की या किसी बी चीज़ की आप बेफिक्र होक मुझे कह सकते हो मुझे अपना भाई समाज कर.. अब ज्यादा कुछ बोलना नह चाहता हु बाकी काम क बारे में तो मई आप लोगो क पतियोंसे कल बात करलूँगा dhanyawad…Rana क इस आखरी बात पर सारे मर्द और औरतो ने एक साथ ताली बजायी पर मीणा ने नह क्यू की उसे समाज में नह आया था की भाई समाज कर मतलब? वो सोचने लगी राणा क्या कहना चाहता hai…kuch देर पहले तो इ मुझसे फ़ोन नंबर मांग रहा था और इ बात सोचते हुए मीणा राणा की और आश्चर्य से देखे लगी तो राणा मीणा की दुविधा को समाज मैं में hi हस्ते हुए धीरे से मीणा क बगल से गुजरते हुए बोलै इ आखरी बात तुम्हारे लिए नह थी.. राणा ने इ बात इतनी नज़ाकत से कहा था की इ बात मीणा क शिव उसके बगल में कुछ दूर खड़े पति को बी पता नह चला.. और राणा की इ बात सुनते hi मीणा का चेहरा ख़ुशी से खिल गया था क्यू की उसे अछि तरह समाज आया था की राणा उसके साथ कौनसा रिश्ता बनाना चाहता है जिसके लिए वो अब पूरी तरह से तैयार होना छह रही थी और उसने बी अब फैसला कर लिया की वो राणा को आगे बढ़ाने में साथ देगी. . .पर कैसे? उसे समाज में नहीं आरा है था और उसने राणा जी को फ़ोन नंबर देने से बी मन किया था कुछ देर pehle…wo वही एक कुर्सी पर बैठ क सोचने लगी ..तब उसने देखा की राणा कुछ दूर खड़े उसके और एक जूनियर क साथ बात कर रहा है और उसका पति पुराने बॉस क साथ खड़ा hai…meena ने कुछ सोचा और अपना मोबाइल निकल कर hello hello करते हुए राणा क पीछे कुछ दूर रुक गयी और किसी से बात करने की एक्ट करने lagi…aur राणा बी अपने पीछे कड़ी मीणा को देख चूका था इसलिए वो बी सामने खड़े जूनियर क साथ बात करते करते मीणा की बातो को बी सुनने क कोशिश करने लगा…
मीणा ,,- hello तुम्हारी आवाज़ ठीक से नह ारी सुन तुम मुझे कल शाम को ,,6 बजे मॉल में मिलो मई वही मिलती हु कल तुम ….बाकी की बात मिलने क बाद तैय करते hai..meena अपनी बात को रोकते हुए मुस्कुराते हुए एक बार राणा की तरफ देखि जैसे बोल रही हो इ बात आपके लिए hi इशारा है और फिर से अपनी जगह आयकर बैठ गयी… राणा ने बी मीणा की बात सुन ली thi…aur उसने बी अब अपने दिमाग में कुछ आईडिया को जन्म दे दिया था….
और कुछ 15 मीन्स क बाद सब लोग अपने अपने घर की और निकलने लगे और मीणा बी अपने पति क साथ घर क लिए निकल padi.lekin जाने से पहले वो राणा को पीछे मुद कर डेक इ मुस्कान पास करने नह भूली.. और मीणा की इस मुस्कान में राणा क लिए एक इशारा बी था की वो बी वही चाहती है जो राणा क दिमाग में चल रहा है..
घर जाने क बाद मीणा अपनी कपडे उतरी और एक निघ्त्य पहन कर बाथरूम में जाके फ्रेश होगयी इस बीच उसका पति बी फ्रेश होगया tha…raat क ,11.30 बज चुके थे और दोनों सोने क लिए बैडरूम में चलेगये…
सोते वक़्त पति मीणा से बोलै कैसी लगी पार्टी…
मीणा ज्यादा रियेक्ट न करते हुए बोली अछि लगी…
सच बात तो इ थी जमील क जाने क बाद मीणा पहली बार इतनी खुश थी.. उसने अपने पति क बॉस में जमील की चाभी को पायी thi…par उसके मैं में अब बी दुविधा थी की वो आगे बड़े या nh…agar वो आगे बढ़ेगी तो उसका अंजाम बिस्टेर पर hi ख़तम होगा और इ सरासर पति और जमील क साथ उसकी सबसे बड़ी बेवफाई होगी. वो खुद तैय नह कर पा रही थी एक तरफ उसकी जिस्म की गर्मी जो काम होने का नाम hi नह ले रही है और दूसरी तरफ उसे सबसे ज्यादा प्यार करने वाला पति और उसके जिस्म को अनगिनत सुख देनेवाला jamil…meena कुछ और सोच hi रही थी उसका पति बोलै
पति- मीणा मुझे तो लगता है हमारे पुराने बॉस की तरह इ नया बॉस कामेश सर बी बहुत अचे hai…tume क्या लगता है…
मीणा अपनी दुविधा को मैं में hi दबाते हुए पति से बोली है मेरा बी यही ख्याल है..
पति- पता है मीणा मुझे उनकी वो बात अछि लगी जब उन्होंने कहा की किसी बी मुसीबत हो तो अपने को भाई समाज कर शेयर karna…hai na…aise तो कोई पहली मुलाकात में नह बोलता…
मीणा- है वो बात मुझे बी अछि lagi..par मुझे लगता है उन्होंने उस बात की जानबूजकर कहा है…
पति- ाचा ऐसा क्यू लग रहा है तुम? पति ने सवाल भरे नज़रो से पूछा…
मीणा- आपको याद है न जब वो शीतल भाभी एक बार आपके बॉस से मिलने गयी thi…apni पति की ट्रांसफर क लिए…
पति- है याद है वो उसके पति को थोड़ा परेशानी थी इसलिए..
मीणा- है पर पता है लोगोने क्या कहा था शीतल भाभी और बॉस क बीच अफेयर hai…aur उसका पति बी लोगो की बात सुनकर शीतल भाभी पर शक कर बैठा tha..wo तो ाचा हुआ की उसके पति को बाद में सचाई का पता चला वर्ण बेचारी बेकार में बदनाम हो जाती..
पति- है वो मुझे बी याद hai..par इ बात कामेश सर को कैसे पता होगी..
( इ एक सच्ची घटना थी जो दो साल पहले दिनु क सहकर्मी क परिवार क साथ बीती thi…aur इस घटना को विस्तार में लिखना इस कहानी की जरुरत nhi…isliye शार्ट में hi बता दिया है)
मीणा- शायद आपके पुराने बॉस ने कामेश सर को बताया hoga..…aap मर्द लोग बी तो अपनी बीवी पर शक करने की कोई मौका नह छोड़ते हो…
पति- ाचा मैंने कब तुम पर शक किया..
मीणा- हस्ते हुए अब तक तो नह किया पर आगे कभी हो बी जाए…
मीणा की इस बात सुनकर उसके पति उसे बाहोंमे में लेकर उसके गालो को चूमते हुए बोलै भला मई क्यू करू अपनी प्यारी वफादार बीवी पर शक कहते हुए वो मीणा का जिस्म को सहलाने लगा तो मीणा बी अपने पति की बाहोंमे जाते हुए बोली बस बस मेरी तारीफ करना अब कुछ इरादा है क्या मई सो jaavu…meena दिल hi दिल में बहुत खुश होगयी thi..pati क गौर मौजूदगी में जमील क साथ नंगा नाच करने क बाद बी उसके पति का यकीं उस पर अब भी भरकरर hai..aur इससे मीणा की हिम्मत और जोश और बी बाद गयी थी…
पर उसका पति इस बात से बिलकुल अनजान था की वो अपनी बीवी पर यकीं करके कितनी बड़ी गलती कर रहा hai..use थोड़ा बी अंदाजा नह था उसकी प्यारी बीवी अब वो मीणा नह है जो अपने संस्कारो का नियमित पालन करने वाली पतिव्रता thi…insab बातो से अनजान वो मीणा की बातो का जवाब देते हुए मीणा की निघ्त्य को ऊपर करते हुए जब इतनी प्यारी खूबसूरत बीवी बहो में हो तो एक बार प्यार करना बनता hi hai..meena अपनी निघ्त्य को पूरा कमर तक लाके अपनी चड्डी उतारते हुए मैं hi मैं बोली आप तो ऐसे कह रहे हो की हर रोज़ चार पांच बार करते ho..agar आप 4-5 बार करने की ख्षमता रखते तो शायद मई जमील से नह चढ़ चुकी होती …खैर छोड़ो इस बात ko..ab आपकी इ लुल्ली को कैसे रोक सकती हु जो मुझे जमील की ऊँगली क बराबर कस भी मजा नह देता..
मीणा को सोचता देख कर उसका पति बोलै क्या सोच रही हो…
मीणा अपनी सोच से बहार आते हुए बोली कुछ नह बस सोच रही थी कल ब्रेकफास्ट क लिए क्या banavu..meena ने झूट hi बोलै था क्यू की उसका मैं थोड़ा बी अब चुदाई में नह था पर वो अपने पति को निराश बी नह कर्मा चाहती thi…darasal वो अब राणा जी क बारे में सोचना चाहती थी कल अगर राणा जी उसे मिलने आया तो क्या kare..kya मई उसको है bolu…ha तो बोलना hi है पर इतने जल्द उसे है बोलने से कही वो मुझे गलत तो नह समजेगा कही मुझे चुड़क्कड़ तो नह samjega…utne में hi रूम का लाइट ऑफ गया था तो मीणा को अपनी सोच पर ब्रेक डालनी पड़ी क्यू की लाइट ऑफ होते hi मीणा का पति उसके ऊपर चढ़ चूका था और अपना 5 इंच का लुंड को मीणा की छूट पर रगड़ते हुए अंदर डालने की कोशिश करने लगा tha..jo मीणा ने जानबूजकर अपनी टाँगे अभीतक पूरी खोली नह thi..jabse मीणा जमील से लगातार छुड़वाने लगी थी तब से उसे डर था की उसका पति को कही उसकी खुली छूट क बारे में शक न हो जाए इसलिए वो जानबूजकर अपनी टाँगे थोड़ी hi खोलती थी और जब उसके पति का लुंड पूरा भीतर समां जाता था तब वो अपनी टाँगे खोल देती थी ताकि पति को लगे की मीणा की छूट अब बी उतनी hi टाइट है…
इस बीच मीणा ने अपनी पति क लुंड को जितना चाहिए उतना hi टंगे खोल दी थी और जब उसके पति का लुंड पूरा उसकी छूट में चलागया और उसका पति धक्के मरने laga…jo मीणा को थोड़ा सुख तो दे रहा था पर उतना नह जितना उसे जमील क साथ मिलता था ..वो अपने पति को बाहोंमे सोई मैं में hi boli…karo मेरे पतिदेव जितना चाहे करो अब मई पहले की मीणा नह रही जो 5-10 मं में hi भरकास्ट हो javu…aur आपकी कैपेसिटी बी तो उतनी hi hai…karo क्या पता कल से आपका बॉस भी मेरे जिस्म को निचोड़ने लगे और मई बी उसका साथ देने lage…so आज जितना मैं करता है उतना छोड़ lo….aur मीणा झूटी सिसकारियां लेते हुए अपने पति को खुश करने lagi…aur इ चुदाई का सिलसिला कुछ 5-6 मीन्स में hi अपनी चरमसीमा पार कर चूका था, मीणा क पति दिनु हफ्ते हुए अपने काम रास को मीणा की छूट में दाखिल कर दिया और बगल में sogaya…meena ने अब अपने कपडे ठीक करलिए और दूसरी तरफ मुँह करके sogayi…aaj उसे अपने पति क साथ थोड़ा बी मजा नह आया tha…wo बस नाम क लिए hi पति क निचे लेती लुंड को अपनी छूट में झेल चुकी thi..kuch hi देर में मीणा बी नींद क अघोष में चालीगयी…
अगले दिन सुबह वो अनजान शख्स का फिर से मश्ग आया हुआ tha..tab मीणा एक पल सोचने लगी कही वो अनजान शख्स राणा जी तो nh..usne अपने दिमाग पर जोर डाला तो उसे लगा नह वो अनजान शख्स राणा जी नह हो सकते क्यू की राणा जी ने मुझे कल hi पहली बार देखा hai…aur दूसरी बात इ है की राणा जी पास मेरा सेल नंबर होता तो वो कल मुझसे सेल नंबर क्यू mangate…jarur इ कोई और hi hai..pae कौन इ अब मीणा क लिए एक सस्पेंस tha..par आज वो इस मूड में थी की उस शख्स क बारे में सोच कर अपना वक़्त बर्बाद kare…aaj तो उसे राणा से बात बढ़ाने क लिए तैयार होना था सो मीणा ने वो अनजान मश्ग को डिलीट किया और अपने काम में बिजी होगयी.
शाम तक तो कुछ खास नह hua…meena रोज़ाना की तरह अपने काम करती रही और शाम को 5 बजे क करीब मीणा एक पीले रंग की चूड़ीदार पहने हुए अपने आप को पूरी तरह से अपने नए प्रेमी क लिए सजा चुकी thi…aur ठीक 5.30 को वो घर से निकल gayi…use पूरा यकीन था की अगर राणा जी ने उसकी बात सुनी हो तो वो जरूर 6 बजे क पहले hi मॉल क पास खड़ा होगा और मीणा इसी उम्मीद क चलते अपने कदम मॉल की तरफ बढ़ाने लगी थी और कुछ 15 मीन्स में hi ठीक मॉल क सामने कड़ी thi..aur अपने चारो तरफ एक बार नज़र दौड़ाई तो उसका अंदाज़ा सही निकला था राणा दूर अपनी कार पर मीणा का इंतज़ार करता खड़ा पाया था और वो अपने आप में hi मुस्कुराते हुए मॉल की अंदर जाने लगी उसे यकीं था राणा उसका पीछा करते हुए मॉल में जरूर aayega.Rana बी उसका पीछा करते हुए मॉल में दाखिल होगया और मौका प् कर वो मीणा क पास आके hello बोलै तो मीणा बी उसे जवाब देते हुए hello सर कैसे हो ..
राणा- बस थोड़ा ठीक संजो…
मीणा हस्ते हुए ऐसे क्यू?
राणा- बस संजो की अभीतक कुछ काम नह बन पाया इसलिए..
मीणा समाज गयी थी राणा किश काम क बारे में बात कर रहा hai…to वो बी हस्ते जवाब देते हुए बोली तो आप काम पूरा करने में मॉल में आये हो…
राणा- बस ऐसे hi संजो…
अब मीणा मॉल में एक ग्रोसरी स्टोर में गयी और कुछ खरीदने का नाटक करने लगी और राणा बी उसके पीछे पीछे ग्रोसरी स्टोर तक आया तो मीणा उसे पूछी क्या आप को बी ग्रोसरी खरीदना है क्या? मॉल में इतनी भीड़ थी की इसलिए किसी का ध्यान इनपर नह था इ मीणा ने पहले hi नोट किया tha…aur कोई उसे देख लेगा तो बी मीणा को फरक नह पड़ता था क्यू की वो कोई अनजान नह बल्कि उसके पति का बॉस hi था…
राणा- खरीदना तो नह पर खरीदने वालो की मदत करना चाहता हु..
मीणा उसे छेड़ते हुए पूछी ाचा तो आप सबकी ऐसे hi मदत करते होंगे…
राणा बी जवाब देते हुए बोलै सबकी तो नह पर कुछ खास लोगो की..
मीणा,- जैसे? सवाल भरे नज़रो से राणा को देखि
राणा- अब क्या batavu…jaise आप
मीणा- àच मई खास हु आपके लिए पर कैसे मई तो अभी ठीक से मिली बी नह हु आपसे और नहीं हमारी जान पहचान बड़ी hai…aur ऊपर से आप मेरे पति क बॉस बी ho…ek नौकर की बीवी बॉस क लिए कैसे खास हो सकती है?
राणा- बॉस होगा मई तुम्हारे पति क लिए पर अब तो मई एक आम इंसान हु जो एक खूबसूरत हसीना से बात कर रहा hu..sach कहु मीणा जी आप बहुत खूबसूरत ho…kal k.party में जितनी बी लेडीज आये थे उनसब से आप बहुत खास और अलग hi ho…aapki इस सुंदरता की कितनी बी तारीफ करू उतना काम hi hai..realy ु र ब्यूटीफुल
मीणा अपनी tàarif सुनकर मैं में खुश हुई और शर्मा gayi…aur अपनी शर्माहट छुपाने की कोशिश करते हुए राणा से बोली जरा धीरे बोलो कही किसी ने सुन लिया तो बेकार में बदनाम हो javungi…waise आप कुछ नह खरीदोगे kya…sirf मेरी झूटी तारीफ hi करते रहोगे..??
तब राणा की नज़र एक फ्रूट शॉप पर पड़ी और उसे कुछ सज़ा और वो बोलै है खरीदना तो है पर समाज में नह आरा क्या खरीदू लेकिन अब मैं कर रहा है आम खरीद लू….
मीणा ठीक है तो फिर वो रही फ्रूट की दुकान खरीद लो..
राणा वो तो मई खरीद लूंगा hi पर आपकी आप साथ आते तो? कहते हुए मीणा को hi देखने लगा तो मीणा शरमाते हुए अपनी नज़र zukali….tab बॉस आगे बढ़ते हुए बोलै अरे वो आपकी सहेली नह आआई जो आज आपके साथ मॉल को आनेवाली thi..e बात राणा ने जानबूजकर कही थी ताकि मीणा को पता चले की उसका कल रात का इशारा वो समाज चूका tha…aur मीणा बी अब समाज गयी थी राणा बी उसे छेड़ने क लिए इ बात कह रहा hai…aur वो अपनी बात को सच ठहरने की कोशिश करते हुए boli…ha ..वो नह आयी बस उसे कुछ काम निकल आया
राणा- ाचा hi हुआ जो वो नह आयी..
और दोनों आम की स्टाल की तरफ निकल पड़े तो मीणा ने पूछा इसका मतलब आप औरतो की बात को चुप क सुनते बी हो…
राणा- चुप क कहा सुनता hu..lekin कुछ बात जरूर सुनता हु जैसे कोई फ़ोन ऑफ रकते हुए बी किसी और से बात करने का एक्ट करते हो…..
इ बात सुनते hi मीणा को याद आया जब वो रात को राणा जी को इशारा करने क लिए अपनी सहेली से बात करने का बहाना बना रही थी तब उसने मोब स्क्रीन ों नह किया tha..aur उसकी चोरी पकड़ी जाने से वो थोड़ी शर्मा बी गयी थी और आपने आप को कोसने बी लगी मई बी न थोड़ा फ़ोन स्क्रीन ों करके तो बात करने का बहाना karti…aur वो शर्म क मरे सर निचे झुकाई. तब तक आम का स्टाल बी आगया था और बॉस ने एक डोज़ेन आम बी लिए और मीणा को बी एक डोज़ेन आम दिलाया तो मीणा ने उसे लेने से मन करते हुए बोली अब नह किसी और दिन जरूर lungi…aur राणा ने बी ज्यादा फाॅर्स नह kiya..to मीणा बोली लगता है आपको आम बहुत पसंद है…
राणा- मीणा की छाती की तरफ देखते हुए बोलै है आम खाना किसको पसंद nh…khas कर क आम रसीले हो..
मीणा बोली तो आप आज घर जाकर काट क जी भर क खालो…
राणा- अपनी nàzar मीणा क उभरे दूध पर गड़ाए हुए बोलै काट क खाने में क्या मजा hai..muje तो आम को दोनों हाथो में पकड़ कर चूस चूस कर खाने में मजा आता hai…aur बी रसीला आम को चूसने में तो मजा hi और है..
मीणा राणा की नज़र अपनी भरे हुए मम्मो पर देख कर एक पल क लिए शर्म से लाल हो गयी thi..use राणा क बातो का मतलब अछि तरह से समाज में आया था और उसका जवाब उसके पास था पर उस जवाब को वो इस भरे हुए मॉल में नह दे सकती थी इसलिए वो सिर्फ शरमाते हुए hi निचे मुँह karli…aur अपने दुपट्टे को ठीक कर्ली.
तब बॉस बोलै अगर आपका मार्केटिंग ख़तम होगया हो तो एक कप कॉफ़ी पे ले..
मीणा बी यही छह रही थी कॉफ़ी क बहाने राणा क साथ बात को आगे बढ़ाये और उनकी मुलाकात जल्द hi बिस्टेर पर ho…par उस वक़्त उसे मॉल में कुछ जान पहचान वाले आते दिखे और उसने घडी बी देखि तो 6.45 बज चुके थे इसलिए वो राणा से बोली अभीतक वो वक़्त नह आया है कहते हुए वो चलने रेडी होगयी तो राणा ने उसे अपना विजिटिंग कार्ड देते हुए बोलै तुमको जब लगे वो वक़्त आगया तो इस नंबर पैर कॉल कार्डो…
मीणा राणा जी को एक शर्मीली मुस्कान देते हुए वो कार्ड लेके तुरंत आगे बड़ी और अपने पहचान वालो से कुछ देर बात की और बहार की तरफ निकल पड़ी जाते जाते वो एक बार राणा को मुद क देखने नह भूली जो बहार अपनी कार क पास hi रुका हुआ था. पर मीणा की स्माइल देख कर राणा फिर से मीणा क करीब आया और बोलै अगर आपको अब बी कोई ऐतराज़ न हो अब तो एक कॉफ़ी हो जाये, अब तो जान पहचान वाले बी मॉल क अंदर है..
मीणा राणा से दूर कड़ी इधर उधर देखते हुए बोली.. जानपहचान वाले तो नह पर एक शादीशुदा औरत को किसी गैर मर्द क साथ कॉफ़ी पिने जाना मेरे हिसाब से ठीक नह है…
राणा क लिए इ निराश होनेवाली बात थी पर वो पीछे हटाने वाला नह था उसे अछि तरह पता था की औरत को कैसे काबू में लिया जा सकता है और वो बी शरारती अंदाज़ में बोलै गैर बी अपने हो सकते hai..agar सामनेवाला चाहे तो…
राणा जी की इ बात सुनकर मीणा छूओकाते हुए राणा को देखि और वो मैं hi मैं राणा जी की हिम्मत को शभाषी देने लगी उसे यकीं होगया था की राणा बी जमील की तरह हिम्मतवाला hi hai…par राणा मीणा क पति का बॉस था. और मीणा अछि तरह जानती थी की बॉस क साथ रिश्ता जोड़ने का मतलब क्या होता hai…use अछि तरह पता था वो अपने पति को एक बार धोका दे चुकी hai..wo नह चाहती थी बॉस उसे आसानी से पाकर इ न समाज बैठे की उसका करैक्टर पहले से hi ढीला hai..jisse बॉस उसे एक रखैल की तरह इस्तेमाल kare…meena नह चाहती थी की वो किसी की रखैल बन क रहे बल्कि वो चाहती थी कोई उसे जमील की तरह प्यार करे और उसके साथ जिस्मानी रिश्ता जोड़ दे, और उसे राणा जी से बी यही उम्मीद thi..isliye वो राणा से दूर बी होना नह चाहती thi…wo कुछ सोची और राणा जी से बोली है क्यू नह गैर बी अपने हो सकते है पर उससे पहले उनके बीच जान पहचान ho…aur बेशर्त उनका मैं साफ़ हो.. तभ हु चाय कॉफ़ी क लिए मुलाकात बन सकती है और एक स्माइल क साथ मीणा अपनी घर की तरफ निकल पड़ी..
मीणा की बात राणा क लिए एक पहेली से काम नह thi…use कुछ बी समाज में नह आया tha..wo बस जाते हुए मीणा को देख कर मीणा की बातो का मतलब समझने की कोशिश करने laga..kal तो उसे लगा था मीणा क मॉल में उसे बुलाने का इशारा आज उसे मीणा को बीएड तक ले जाने क बात को अंजाम degi..par उसकी सोच पूरी उलटी होगयी thi…par उसे एक बात जरूर समाज में आयी thi..meena को पाना जितना आसान वो समाज रहा था उतना आसान नह hai..wo अछि तरह समाज गया था मीणा एक थीकि मिर्ची hai..jiska टास्ते ठिका जरूर होगा पर काफी मजेदार hoga..aur वो मैं में hi मुस्कुराते हुए अपने रूम की तरफ निकल पड़ा..
…और उस दिन पति आने क बाद मीणा ने पति को बताया की आज उनके नए बॉस उसे मिले थे…
पति- ाचा कहा
मीणा- वो मई कुछ जरुरी ग्रोसरी खरीदने मॉल गयी थी तब वो बी वह आये हुए थे..
पति- ाचा क्या बोले
मीणा- कुछ नह बस है बोले और लगता है कुछ जल्दी में थे कुछ आम ख़रीदे और निकल गए .
मीणा ने पूरी सचाई तो नह बताई पर पति को जितना जानकारी देनी थी उतना hi दे दी थी ..और दिनु बी मीणा की बात को सच मान बैठा tha…use थोड़ा बी अंदाज़ा नह था की कामेश याने उसके बॉस को, उसकी प्यारी बीवी ने hi मॉल में आने का निमंत्रण दिया था और उनके बीच नज़दीकिया बढ़ाने क लिए जितना बातचीत होनी थी आज वो बी होगयी है..
अगले दो दिन तक कुछ खास नह हुआ …पर हालाँकि मीणा का मैं तो हुआ था की वो राणा जी को कॉल करे पर वो सोचने लगी अगर मई होक कॉल करू तो उसे गलत समाज सकता है और उसके करैक्टर बी ढीला समाज सकता है बेहतर है राणा जी से अगले मुलाकात क बाद hi कुछ बात को आगे बढ़ाये और उसे पूरा यकीं था की राणा जी कुछ न कुछ प्लान करके उसे मिलना जरूर चाहेगा…
पर इस बीच मीणा का संस्कार उसे बार बार एक hi बात कहने की कोशिश कर रहा था… जो कुछ बी आज तक हुआ मीणा उसे एक हसीं सपना समाज कर भूल ja…jitna तेरे जिस्म क लिए गर्माहट की जरुरत थी वो तो तू जमील से पा चुकी hai…ab और आगे मत bado…ho सकता है तुम्हारा इ कदम तुम्हारे पति क मर्यादा की ठोस pahuchade..galti से बी तुम्हारी और राणा जी का रिश्ते क बारे में किसी को भनक बी लग गयी na…to तुम किसी को मुँह दिखने लायक नह rahogi…ab बी वक़्त है भूल जा सबकुछ…
पर मीणा का जिस्म इतना व्याकुल था की उसे अपनी संस्कार क बात तो सही लग रही थी पर उसे जिस्म क आग को संभालना बहुत मुश्किल hi नह नामुमकिन लग रहा था.. और वो सोच समाज कर इ नतीजे पर आयी ki…ha जो मैंने जमील क साथ मिलकर किया जो मई अब राणा जी क साथ करने जा रही हु वो जितना गलत है उतना सही बी hai..aur मेरी इस गलती क पीछे सिर्फ मेरा hi हाथ नह मेरे पति क बी हाथ hai..agar वो मुझे जिस्मानी सुख दे पाते तो शायद मई जमील जी क साथ अपनी जिस्म को नह lootathi…par मेरे पतिदेव मई अब मेरे जिस्म को किसी की कमी उतनी महसूस होती जितनी रगुस्तान में खड़े एक प्यासे को पानी की कमी महसूस होती hai…par मई वडा करती hu..mai कभी ऐसा नह करुँगी की जिससे आप को 4 लोगो क सामने शर्मिंदा होना pade..iske बाद जमील जी हो या आपका बॉस उनके साथ सोच समाज कर hi कदम uthavungi…agar कही बी मुझे लगे की मेरे इ रिश्ता आपकी मर्यादा को ठोस पंहुचा सकता है तो मई तुरंत उसी वक़्त उस रिश्ते को तोड़ dungi.,...sorry मेरे पतिदेव मई आप से बहुत प्यार करती हु पर मई अपने जिस्म को प्यासा बी नह छोड़ sakti…par मेरा वडा hai…mai चाहे फिर एक बार आपके बॉस से बी रिश्ता banalu….par मई हमेशा आपकी प्यारी मीणा बन क hi रहूंगी…
मीणा का डेसिओं किस हद तक और कब तक खयाम रहेगा इ वो खुद तो नह जानती थी पर एक बात तो सच थी की वो अपने पति से बहुत बहुत प्यार करती thi…aur इस बीच गौर करने वाली बात इ थी की मीणा को उस अनजान शख्स से डेली सुबह गुड मॉर्निंग और रात को गुड नाईट मश्ग का सिलसिला जारी hi था और मीणा ने उसे कभी रियेक्ट नह किया था…
उधर कामेश का बी यही हॉल tha….usne तो मीणा को अपना नंबर दे दिया था इस मकसद क साथ की मीणा थोड़ी चालू है और उन औरतो की तरह है जो पैसो की और अपनी पति क तरक्की की लालच में उसके साथ बिस्टेर बात सकती है..
पर उस दिन मीणा की पहेली सामान बाते और जब दो दिन तक मीणा का कोई बी कॉल या मश्ग नह आया तो वो सोचने पर मजबूर होगया tha…ki जैसे वो सोच रहा है वैसे मीणा नह hai…aur उसने अपने नौकरो से बी दिनु और उसके परिवार क बारे में थोड़ी बहुत जानकारी इकट्ठा कर्ली तो उसे समाज ने में देर नह लगा की उसकी सोच बिलकुल गलत thi…q की नौकरो ने दिनु को एक मेहनती इंसान और उसकी बीवी मीणा को एक पतिव्रता का दर्जा दिया हुआ tha..jise सुनकर राणा बहुत खुश होगया था उसने सोचा मीणा जैसी सूंदर और सुशिल औरत को चकने में तो बहुत मजा aayega….lekin kaise…iskeliye तो मीणा से और बी नज़दीकिया बदनी padegi…par मीणा न तो उसे मिलने तैयार है और नहीं उसका फ़ोन नंबर होते हुए बात या मश्ग करने तैयार hai..aur वो कुछ देर सोचने क बाद अपने चेहरे पे एक कातिल मुस्कान लाते हुए अपने प्लान को अंजाम देने क लिए तैयार हुआ था..
उस दिन शाम को मीणा को जब मीणा और उसके पति रात क डिनर ो बाद बैडरूम में सोने तैयार हुए तो दिनु बोलै अरे मीणा मई बोलना भूल गया था कल मेरे लिए टिफ़िन मत बनाना..
तब मीणा उसे पूछी क्यू कल वही पार्टी वगैरा कुछ है क्या…
तब दिनु बोलै पार्टी तो है पर वह नह कल शाम को hai….aur है तुम बी मेरे साथ चलना होगा…
मीणा- अरे नह बाबा मुझे नह जाना किसी पार्टी me..aap hi जावो मई घर में hi ठीक हु कहते हुए मीणा ने पार्टी में आने से इंकार करदिया
तब दिनु बोलै अरे इ तो फॅमिली पार्टी है खुद बॉस ने कुछ खास लोगो को अपने परिवार क साथ आने को बोलै है..
बॉस का नाम सुनते hi मीणा क रोमते खड़े होगये the…uske जिस्म में एक ुंचही लहार दौड़ ने लगी thi…jo वो जल्द hi महसूस करना चाहती thi…fir बी उसने अपनी उमंगो को काबू में रखते hue..pati से पूछी ऐसी क्या खास बात है की कल कुछ खास लोगो क लिए hi पार्टी राखी है…
दिनु- वो तो बॉस hi जाने पर कह रहे थे सब को परिवार क साथ आना जरुरी hai…aur तुम बी चलना hoga….pati की बात सुनकर मीणा मैं में hi सोचने lagi…isme राणा की जरूर कोई चल होगी कही वो फॅमिली पार्टी क बहाने मुझसे मिलना तो नह chahte…agar मुझसे मिलना hi होता तो फॅमिली पार्टी रखने की क्या जरुरत थी ….कुछ और hi रीज़न hoga…tab उसे याद आया कुछ दिन पहले की वाशरूम की बात …कही राणा जी का प्लान फिर से वाशरूम का तो nh….kuch तो है जो मुझे समाज में नह aara…ab पार्टी में जाकर hi तो पता चलेगा…
मीणा गहरी सोच में मग्न थी तब उसे दिनु ने आवाज़ देते हुए पूछा क्या सोच रही हो…
मीणा अपनी सोच से बहार आते हुए बोली कुछ नह बस सोच रही थी की बार बार पार्टी में मेरा जाना ठीक रहेगा की नह…
दिनु- अरे तुम थोड़ी अकेली औरत ho…waha तो और 4-5 औरत बी होंगे और उनके बचे बी …सो ज्यादा सोचो मत अब सो जावो.
मीणा- एक घेरि सास लेते हुए बोली ठीक है अब आपको कैसे मन कर सकती hu…chalo और एक पार्टी बी sahi…meena ने ऐसा बोलै था की जैसे वो अपनी मर्ज़ी से नह बल्कि अपनी पति की ख़ुशी क लिए रेडी होगयी hai…aur वो दूसरी तरफ मुँह करके सो गयी और सोचने लगी की कल सच में राणा जी ने उसके लिए hi तो पार्टी नह राखी, अगर मुझसे नज़दीकिया बढ़ाने की सोच से राखी हुई है तो मेरे पति और लोगो क होते हुए राणा जी kaise?….e सवाल उसके दिमाग सवाल hi बांके raha…shayad इ पार्टी मेरे ली हो बी सकता है और न भी..…. राणा की इ चल मीणा क सोच क बहार thi..use कुछ बी समाज में नह आरा है था और वो इसी सोच का जवाब ढूँढ़ते हुए नींद में चालीगयी…
मीणा को सोचना बिलकुल सही tha…Rana ने कुछ प्लान करके hi इ फॅमिली पार्टी राखी हुई thi..meena को अपना ने क लिए इ उसका प्लान का हिस्सा tha…isliye उसने कुछ गिने चुने 5-6 लोगो को hi निमंत्रण दिया था वो बी फॅमिली क साथ और उसने बचो को बी इसलिए लाने बोलता की उनकी फॅमिली की नज़र बचो पे ज्यादा रहेगी तो वो मीणा और उसके बीच होनेवाली हरकतों पे ज्यादा ध्यान नह डी payenge..uska और बी कुछ प्लान था जो आगे पता चलेगा…
दूसरे दिन दिनु दोपहर को hi काम से वापिस आया और दोपहर का खाना अपनी बीवी मीणा क साथ खा कर कुछ देर रेस्ट करके बॉस से मिलने चला गया जो बॉस ने उसे सुबह hi फ़ोन पर बताया था..
जब दिनु बॉस से मिला तो पहले बॉस ने अपने नौकर को बोलकर कॉफ़ी देने बोलै और उसके साथ खुद बी कॉफ़ी की चुस्की लेते हुए दिनु से बोलै अरे भाई dinu..mai चाहता हु की आज की पार्टी की सब तैयारी तुम karo…sab गेस्ट और उनके परिवार को कोई कमी न हो इ इसका खास ख्याल रखना और सबके क लिए स्पेशल चॉकलेट और आइसक्रीम बी मँगवालेना खास कर क औरतो और बचो क लिए…
दिनु- चूकते हुए सर मई….??
दिनु ने सवाल भरे नज़र से बॉस की और देखा तो राणा बोलै क्यू कोई प्रॉब्लम है तो मई किसी और को bolunga…darasal तुम्हारे पुराने बॉस ने hi मुझे कहा था की तुम हर काम शराफत और लगन से करते हो इसलिए मैंने तुम बोलै…
बॉस की बात सुन क दिनु मैं hi मैं खुश हुआ tha…darasal दिनु बी यही चाहता था की वो पहले बॉस की तरह कमेशा राणा का बी खास आदमी बन जाए तो उसका सब काम आसानी से निपट jayega..dinu खुश था और इस ख़ुशी क चलते वो बोलै क्यू नह सर आपको कोई शिखायत का मौका नह मिलेगी मेरे तरफ से
बॉस- गुड बहुत ache…aur राणा ने कुछ पैसे दिनु क हाथ में थमाए और बोलै इ रख लो और कल बाकी का हिसाब दे देना…..
दिनु पैसे लेके ठीक है सर तो मई जाके तैयारी करता hu…bolke बॉस से विदा लेके जाने लगा तो राणा बोलै और सुनो दिनु आज से पुराने बॉस की तरह तुम बी मेरे खास हो..
बॉस की बात सुन क वो ख़ुशी ख़ुशी थैंक यू सर बोलके तो चला गया तो इधर राणा दिनु को जाते हुए देख मैं में hi बोलै कहा इस बंदर क हाथो मीणा लग gayi…shayad यही वजह होगी जो मीणा मुझसे थोड़ी आकर्षित हो रही होगी…
दिनु एक साधारण कद कटी का मर्द था जो एक आवारगी पर्सनालिटी का tha…meena और दिनु की जोड़ी कभी बी नह बनती thi..kaha मीणा जैसी सूंदर औरत और कहा दिनु जैसा एक कला घुघुरे बाल वाला mard…par दिनु बहुत मेहनती था और अपने सब पुराने बॉस लोगो क साथ एक ाचा रिश्ता मेन्टेन करने क वजह से वो आज एक अछि पोस्ट पर था..
खैर दिनु तो बॉस क बातो से खुश था पर उसे इ पता नहीं था की वो ख़ास किस लिए बना है वो बी इतनी जल्द… उसे थोड़ा बी अंदाज़ा नह था की उसकी प्यारी बीवी उसके बॉस यानि कामेश राणा क लिए सबसे ख़ास hai…aur वो आज उसकी बीवी की गुप्तांग पर दस्तक देने क लिए hi खास पार्टी राखी हुई hai….aur उसने इ बात सोची बी नह थी की बॉस क दस्तक पाते hi उसकी प्यारी बीवी उसके बॉस यानि राणा जी क लिए अपने हाथों से बिस्टेर सजायेगी प्रेमलीला क लिए…
खैर घर में बैठी मीणा यही सोच में लगी हुई थी की आज पार्टी में क्या hoga…use डर बी था की कही जोश में आके राणा कुछ ऐसा न करदे जिसे उसके पति और साथीदार को शक न हो jaaye…par मीणा को यकीं बी था की राणा जैसे ऊँचे पद का आदमी ऐसी कोई हरकत नह करेगा जिससे उसके इज्जत पे दाग लग jaaye..par अब उसे जल्द से जल्द पार्टी जाने की जल्दबाज़ी thi..so अपने पति दिनु का इंतज़ार करने लगी thi…jiske आते hi पार्टी जाना तैय था पर जब शाम क 6 बजे तक बी दिनु नह लौटा तो उसे बेचैनी होने लगी thi…use ऐसा लगाने लगा की कही किसी कारन वाश पार्टी कैंसिल तो नह hui….jo वो बिलकुल नह चाहती थी और उसने अपने मैं का शक दूर करने क लिए अपने पति दिनु को फ़ोन लगा hi लिया तो उधर से दिनु ने कॉल रिसीव करके hello कहा
मीणा- जी कहा हो आप
दिनु- कही नह आरहा हु कुछ काम सौपा था बॉस ने वही कर रहा हु कुछ आधे घंटे में आजावूंगा उसके बाद पार्टी क लिए निकलते hai..q कुछ लाना है क्या?
मीणा- नह नह बस ऐसे hi पूछा ok तो फिर आप अपना काम करके आवो रखती hu…meena को अपने पति क काम से कोई मतलब नह था बस उसे इ जानना था की पार्टी है या नह जो उसके पति क बातो से hi पता चल गया था इसलिए मीणा ने ज्यादा बात किये hi फ़ोन काट दिया था.
अब उसके दिमाग में एक hi बात चल रही थी रात में पार्टी में क्या hoga…uske दिमाग में कही सारे सवाल एक साथ hi उठ रहे थे पर वो जानती थी उन सब का जवाब सिर्फ पार्टी शुरू होते hi मिलनेवाला है… और वो सोचने लगी पार्टी में क्या पहन क jaavu….wo अपने कप्बोर्ड क पास जाके एक एक साडी ड्रेस चेक करने लगी लेकिन उसे आज कोई बी चीज़ ऐसी नह लग रही थी जिससे वो खास बॉस क लिए pehnu….lekin खैर उसे कुछ तो पहन क hi जाना था तो उसने एक काले रंग की डिज़ाइनर साडी चुनी क्यू की इसके साथ जो ब्लाउज था वो थोड़ा स्लीव्स पर ट्रांसपेरेंट था जिसे मीणा की बाहे उभर क दिख जाती थी जो वो राणा क लिए प्रदर्शित करना चाहती thi…aur मीणा ने साथ में एक ब्लैक कलर का घागरा बी चुना जो काफी टाइट था साथ hi मीणा ने मैचिंग ब्रा पंतय बी निकली और उसे लेकर बाथरूम गयी और अपने पुरे कपडे उतर कर नंगी hi शावर लेने लगी …गाना गुनगुनाते हुए सजाना है मुझे सजाना क लिए सजाना है मुझे सजाना क लिए. ….. जैसे जैसे पानी की हलकी सी बून्द उसके शरीर को भिगो रही थी वैसे वैसे मीणा का जिस्म में गर्मी बी बढ़ाने लगी थी.. और इस बढ़ती गर्मी ने उसके हाथ को छूट को मसलने पे मजबूर करदिया tha…meena मस्ती में डूबी गाना गुनगुनाते हुए पानी क बूंदो क निचे अपनी छूट को मसलते हुए उसे शांत करने की कोशिश कर्म लगी थी तब उसे अपनी उँगलियों पर करीब आधे इंच की झट जो छूट पर उगी हुई थी वो चुबने लगी thi…aur उसका गुनगुनाना रुक गया साथ hi शावर बी ..और वो शर्मीली मुस्कान क साथ रेसर उठके अपने छूट क बाल साफ़ करने लगी…
मीणा ने आखरी बार जमील क लिए hi अपनी छूट को साफ़ किया था उसके जाने क बाद आज 15- 16 दिन तक उसने अपने छूट को साफ़ नह किया tha…isliye करीब आधे इंच तक बाल छूट पर उगे हुए the..par आज वो जानती थी की राणा और उसके बीच कुछ नह होगा फिर बी उसके मैं एक अभिलाषा थी अपनी बिना झांट वाली छूट को राणा किसी तरह चुने की कोशिश करे अकेले पाकर…
मीणा को इ अछि तरह पता था जैसा वो सोच रही वो होगा hi नहीं फिर बी गलती से हो बी गया तो वो अपनी साडी क ऊपर से बी बॉस को अपनी छूट पर बाल होने का थोड़ा बी एहसास देना नह चाहती थी…
कुछ hi देर में मीणा नहाकर फ्रेश हुई और वो सिर्फ चड्डी और ब्रा पे hi बैडरूम में आयी और नंगी ेने क सामने कड़ी होकर अपने गोर भरे हुए जिस्म को निहारने lagi..meena इस वक़्त सिर्फ एक क्रीम कलर की चड्डी और ब्रा पर thi..jo उसके गोर गरदायी बदन पे चार चाँद लगा रहे the…agar इस वक़्त कोई बुड्ढा बी सामने होता तो उसका लुंड खड़ा होने से नह रोक paata…meena अपने जिस्म को पलट पलट कर ेने क सामने रुकी देख रही thi…uski चड्डी इतनी टाइट फिट थी की उसके गांड क खुले उभर क पूरी गोलाई और मोटापन कोई बी इमेजिन कर सकता था और आगे से तो उसकी पहली हुई छूट का छेद लुंड लेने तैयार दर्शा रहा tha..aur ऊपर छाती पे बी यही हाल tha..uski ब्रा में कैद उसके मोठे मोममे आधे से ज्यादा बहार झक रहे थे मानो क कह रहे हो जल्द से जल्द इसे मसल कर मुट्ठी में भर कर chuso..e सब नज़ारा आयने में देख कर मीणा और बी उत्तेजित होने लगी thi…wo ेने क सामने एक गैर मर्द को इमेजिन कर रही थी और फिलाल वो गैर मर्द कोई और नह था बल्कि उसके पति का बॉस राणा hi tha…..jiske साथ वो अपना जिस्म बाटने की सपने सजाये हुई thi…use एक पल शर्म बी आयी इ सोच कर की जल्द hi वो राणा क सामने ऐसी hi आधी नंगी अवस्ता में कड़ी hogi..aur शर्म क मरे दोनों हाथो से अपना चेहरा धक् li…aur धीरे से अपना हाथ हटते हुए बोली ऐसा क्या देख रहे हो मेरे राणा ji….jald से मुझे बहो में भर क मेरी प्यास भुजा दो na…kitne दिनों से इ जिस्म किसी तगड़े मर्द की तलाश में hai…hahah हहहहहहहहह ajavona….uuuuuuuu ाचा अब इ कपडे बी ज्यादा लगे ….तो इसे बी उतर दो na…kehte हुए मीणा अपनी चड्डी खुद उतर hi रही थी तभी उसे बहार बाइक रुकने की आवाज़ aayi…aur उसे समझने में देर नह लगी की इ उसके पति का hi बाइक है और उसने झटके से निघ्त्य उठायी और पहन कर बहार चली गयी और जब तक दिनु आके फ्रेश हो जाता मीणा ने उसके लिए कॉफ़ी बी banadi…par कॉफ़ी बनाते हुए मीणा यही सोच रही थी की कितना ाचा लग रहा था राणा जी को सामने महसूस karke…..agar पति नह आते तो पूरी नंगी hi हो जाती मजा aata…inhe बी न… कुछ देर बाद एते तो क्या होता….. हेहेहे कहते हुए वो मैं hi मैं अपने पति को कोसने लगी और boli…aur सुनो मेरे पतिदेव जब मेरा और आपके बॉस का मिलान होगा न .,तब मई पूरी सिद्दत से मेरे एक एक अंग आपके बॉस क हवाले करने वाली हु तब आप बीच में आके डिस्टर्ब मत करना hehehe…meena ऐसे सोचते हुए अपने मैं में hi एक कातिल सी मुस्कान भरे कॉफ़ी लाके बहार बैठे अपने पति यानी दिनु क सामने रख दी और खुद बी उसके सामने बैठ गयी तो दिनु बोलै अरे मीणा तुम तैयार नह होगी…
मीणा मैं hi मैं बोली मई तो कब से तैयार हु… पर वो अपने पति को इसकी जरा बी भनक नह देना चाहती थी सो वो बोली इतना जल्द जाके क्या करेंगे waha..party तो ,9 बजे क बाद hi शुरू होगी na..ab तो 7.30 बजने आये है…
दिनु कॉफ़ी की चुस्की लेते हुए बोलै है पर हमे जल्दी जाना है क्यू की बॉस ने पार्टी क साडी जिम्मेदारी मुझपर डाली hai..so मुझे hi वह पहले जाकर तैयारी करनी है और दिनु ने दोपहर वाली सब बात मीणा को बतादि.
दिनु की बात पूरी सुनते hi मीणा का अंदाज़ा यकीं में बदल रहा था और उसे लगा जब राणा ने पार्टी मुझे मिलने क बहाने से hi अर्रंगे किया है तो आज जरूर उसका कुछ तो इरादा hai…aur इ बात सोचते hi उसके जिस्म में एक ख़ुशी की लहार दौड़ पड़ी जो चेहरे पे मुस्कान लाने क लिए काफी thi….ab मीणा और देर नह करना चाहती थी .उसने मैं में hi तैय किया की आज वो राणा जी क हरकतों को अपना पूरा सहयोग degi..aur वो बैडरूम जाके पहले hi चुने रखे साडी को पहन कर रेडी hogayi…tayyar होते वक़्त मीणा ने पूरी कोशिश की थी राणा उसे देख क पागल हो जाए और तब तक उसका पति दिनु बी तैयार हो गया और कुछ देर बाद दूर लॉक करके दोनों hi पार्टी क लिए निकल पड़े..
लेकिन जाते जाते मीणा को कुछ शरारत सूचि और वो अपने पति से बोली…
मीणा- सुनो
दिनु- है बोलो क्या हुआ कुछ भूल गयी क्या,?
मीणा- नह बस मई इ कहना छह रही थी की ऐसे खली हाथ पार्टी में जाना ठीक रहेगा kya..q न हम बॉस को कुछ ऐसे चीज़ देदे जो उन्हें पसंद ho..aur हो सकता है इससे बॉस और बी ज्यादा आप पे इम्प्रेस हो जाये
मीणा की बात दिनु को बी सही लगी पर उसे पता नह था बॉस को क्या पसंद है… तो वो सोचते हुए बोलै बात तो सही कह रही हो मीणा पर मुझे क्या पता बॉस को क्या पसंद है..
मीणा मैं hi मुस्कुराते हुए बोली है पर मुझे लगता है उनको आम खाना पसंद है..
दिनु- कैसे??
मीणा- भूल गए मैंने दो दिन पहले कहा था बॉस मॉल में मुझे मिले थे और वो आम खरीदने आये थे …मैंने उस दिन नोट किया था
दिनु- है मई तो भूल hi गया tha…chalo तो फिर कहते हुए दिनु ने मॉल क सामने गाडी रोकी और दो दें आम खरीद लाया और बाइक पार्टी क लोकेशन की और चलने लगी.
क्यू की पार्टी कुछ लिमिटेड लोगो क लिए hi थी तो अभीतक कोई नह आये सिवाए एक फॅमिली k…wo बी इसलिए आये थे ki..dinu ने उसे खुद बोलै था थोड़ा जल्द hi आने को क्यू की दिनु अपने काम में उसकी मदत चाहता था और वो बी दिनु का खास दोस्तों में एक tha..kuch hi देर में दिनु और मीणा बी पार्टी क लोकेशन में पहुंच गए थे.. मीणा ने देखा की सिर्फ एक औरत जो उसकी पहचान की थी वो एक चेयर पे बैठी हुई है और उसके दो बचे वही खेल खुद में लगे hai..par मीणा की नज़र किसी और को hi ढूंढने में लगी थी उसे राणा कही नज़र नह आरा है था.. उसे लगा वो अभीतक आया नह होगा सो मीणा सीधे उस औरत क पास जाके बैठ क बातो में लग gayi..lekin उसने वो आम का बैग खुद अपने पास hi रख लिया था उसने सोचा था की वो आम क बैग खुद राणा को देगी और इसी बहाने उनके बीच आँखों में hi बात हो जाएगी..
मीणा उस औरत क साथ बातचीत में तो लगी थी पर उसकी नज़र कही न कही अब बी राणा की राह देखने लगी थी…
उधर राणा एक कमरे में बैठे कुछ सोच में बिजी tha…use बी खबर नह थी की दिनु और मीणा दो no आ चुके hai..aur दिनु बी पार्टी क तैयारी में बिजी होगया tha…kuch 15 मीन्स ऐसे hi बीत गए थे और एक एक करके सब मेहमान आगये the..waha कुल मिलकर 6 औरत थे और 6 मर्द अगर राणा को मिलाया जाए तो कुल 7 मर्द और उनके साथ एक दो बचे बी the…meena औरतो क साथ बैठी हुई थी और कुछ मर्द दिनु क साथ दे रहे थे कुछ वही दूर बैठे गप्पे मार रहे थे..
और अंदर रूम में बैठा राणा क बी दिमाग ने वो सोच ख़तम होगयी थी जिसके बारे में वो अकेले बैठे सोचने लगा tha..aur जब उसे लगा की इ प्लान काम कर सकता है तो वो बी बहार आया और सबको विश किया..
पर जैसे hi राणा बहार आया मीणा क चेहरे पर हसी खिल गयी thi…aur कुछ देर क लिए दोनों की नज़र बी मिल गयी thi..uski दिल की धड़कन अब थोड़ी तेज होने लगी थी क्यू की वो जानती थी अब खेल की शुरुवात होने वाली hai.,e सोच कर hi उसके रोमते खड़े होगये थे लेकिन राणा ने ज्यादा कुछ हरकत नह किये बिना वो मर्दो की तरफ चल पड़ा और मीणा बस उसे तिरछी नज़र से देखते रही..
राणा ने कोई हरकत इसलिए ñह की थी वो जनता था जैसे hi वो बहार आएगा सब लोगो की नज़र उसपे hi होंगी और वो नह चाहता था उसके और मीणा क बीच कोई इशारा हो और कोई उसे देख न le…aur मीणा बी इ बात अछि तरह जान गयी thi…aur वो राणा का इशारे का इंतज़ार करते हुए उसे तिरछी नज़र से देखते हुए नज़र गड़ाए बैठ गयी…
और कुछ hi देर में गेट्स लोगो की ड्रिंक्स की पार्टी शुरू हो गयी और लेडीज लोगो क लिए स्नैक्स क साथ कोल्ड्रिंक्स सर्वे किया गया उधर गेट्स सभी ड्रिंक्स का मजा लेने लगे तो इधर बचे और लेडीज कोल्ड्रिंक्स क साथ स्नैक्स का मजा लेने में बिजी होगये थे..
कुछ आधा एक घंटा बीत गया था और लगभग सब मेहमान ड्रिंक्स और कोल्ड्रिंक्स क मजा ले चुके the…tab वह पे 6 टेबल रेडी करदिये गए और सब टेबल पर एक बड़ी सी मोमबत्ती लगाडी gayi…meena इ सब देख कर कुछ ashçraya हो गयी थी पर उसे कुछ समाज में नह आरहा था वो पहली बार ऐसे अर्रंगेमेन्ट्स देख रही thi…wo राणा की तरफ देख कर पूछने का इशारा कर रही hi थी इ सब क्या hai…par थोड़ा अँधेरा होने क वजह से राणा मीणा क इशारे को देख नह पाया tha…bas मीणा क दिमाग यही सोच चल रही thi…aur उसने जो कुछ बी सोच क आयी थी वैसे अभीतक तो कुछ बी हुवा नह tha…ek पल उसे लगा कही वो गलत नह thi…Rana ने जस्ट फॉर्मलिटीज क लिए तो पार्टी नह rakhi…bas वो अपने दिमाग को जोर डालने लगी थी तभी सभी गेट्स उठ कर आये और उनके साथ राणा बी आया …तब राणा ने पहले सब लोगो को इकट्ठा खड़ा होने को कहा और बाद में बोलै फ्रेंड्स आज मई जो पार्टी दे रहा हु उसके पीछे एक खास मकसद hai…e कहते हुए उसने मीणा की और नज़र डाली तो मीणा समाज गयी थी राणा का मकसद क्या है और वो शरमाते हुए अपनी नज़र ज़ुकाली..
राणा आगे बढ़ते हुए बोलै मई जान था हु आज कल काम का कितना प्रेशर होता है और आप लोग अपनी फॅमिली क साथ एन्जॉय नह कर पते ho..pehle इधर कैसा माहौल था इ तो मुझे पता नह पर जब तक मई यहाँ रहूँगा तब तक मई चाहता हु मेरे सब कर्मचारी मजे क साथ दिन बिताये …इसलिए आज मैंने एक छोटी सी कोशिश की है एक कैंडल लाइट डिनर अर्रंगे karke..aaj इस डिनर पार्टी में लेडीज अलग गेट्स अलग नह है क्यू की मई चाहता हु आज सब अपने परिवार क साथ एक एक टेबल पे बैठ क एक साथ डिनर karenge…isse माहौल बी ाचा बनेगा ….चलो सब अब डिनर करते है और मजे लेते है…
राणा की इ बात सुन कर वह खड़े सब लोग खुश होगये थे क्यू की आज तक जितनी भी पार्टी हुए थी उसमे हमेशा लेडीज क लिए अलग और गेट्स क लिए अलग डिनर परोसा जाता tha…lekin आज पहली बार उनको अपने फॅमिली क साथ कैंडल लाइट डिनर करने का मौका मिला था..
लेकिन मीणा कुछ सोच में पड़गयी thi..q की मीणा को लगा जब पति सामने बैठा होगा तो वो राणा की तरफ देख बी नह सकती thi…use कुछ समाज में नह आरा है था वो तो आज राणा क साथ बात आगे बढ़ाने की सोच कर आयी थी पर इ तो कुछ उल्टा hi हुआ था ऐसा उसे लग रहा tha…uski चेहरे की थोड़ी बहुत रौनक बी चालीगयी thi…aur इ बात राणा ने नोटिस कर्ली thi…aur वो अंदर रूम जाने क बहाने मीणा क ठीक बगल से गुजरते हुए बोलै आज हम साथ में खाना khayenge…aur वो रूम की तरफ जाकर किसी से फ़ोन पे बात करने लगा..
मीणा ने राणा की बात तो सुनली थी पर उसे समाज ने नह आरा था की राणा कैसे उसके साथ डिनर पे बैठेगा और अगर बैठ बी गया तो दिनु क सामने होते हुए उनकी बात कैसे hogi..wo नह चाहती थी की दिनु क सामने राणा से कुछ बात को आगे बढ़ाने की कोशिश kare…meena यही सोच में डूबी हुई थी और तब तक बाकी क लोग सब अपने परिवार क साथ अपने अपने टेबल पर बैठ कर डिनर का इंतज़ार करने लगे थे तब दिनु उसके सामने आया और मीणा से पूछा क्यू मीणा तुम डिनर नह करनी क्या…
मीणा अपने सोच से बहार आते हुए है करेंगे न चलो…
तब दिनु और मीणा दोनों जाके एक टेबल पर बैठ गए और वो बी डिनर का इंतज़ार करने लगे तब तक राणा की फ़ोन पर की बात चित बी ख़तम होगयी थी और वो सीधे दिनु क पास आया और बोलै अरे भाई दिनु मई तो भूल hi गया था..
दरअसल जब राणा ने अपने नौकरो से मीणा और दिनु क बारे में इन्क्वारी की थी तब hi उसे पता चल गया था की दिनु क दोनों बचे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते hai..is वजह से उसे यकीं था की आज पार्टी में दिनु और मीणा hi आएंगे उनके बचे nh..use इ बी यकीं था की दिनु उसे अकेले किसी टेबल पर बैठ कर डिनर करने से रोगेगा. ..और वो अपनी चल को चलने लगा था …
दिनु बॉस को देखते हुए क्या हुआ सर?
राणा- मैंने अपने लिए टेबल लगाना भूल hi गया क्या तुम मेरे लिए यही बगल में एक टेबल लगाने की बंदोबस्त कर सकते हो…
पहले तो दिनु उठगया टेबल की अरेंजमेंट करने तब उसे कुछ लगा और बोलै सर टेबल लगाने की क्या जरुरत है आप यहाँ हमारे साथ hi बैठो न..
मीणा बॉस और दिनु क बीच हो रही बाते तो सुन रही थी पर उसे अपने पति क सामने होते हुए बॉस से नज़ारे मिलाने में डर बी था इसलिए वो नज़ारे झुकाये hi बैठी हुई thi…q की उसे अब कुछ कुछ समाज में आरहा था राणा का प्लान..
उधर अपने प्लान को कामयाब होते देख राणा बोलै अरे नह dinu..meri वजह से आप लोगो को प्राइवेसी नह मिलेगी…
दिनु अपने बॉस पे जोर दालतके हुए अरे नह सर यहाँ कैसी privacy..aap बैठिये तो सही मेरी बीवी को बी कोई प्रॉब्लम नह क्यू मीणा कहते हुए दिनु ने मीणा की तरफ देखा जो अब भी नज़ारे झुकाये बैठी हुई थी..
मीणा बी तो यही चाहती थी तो वो अपनी पति की बात सुनकर नज़ारे उठायी और अपने पति से बोली है हमे कोई आपत्ति nh…aur वो पहली बार राणा से नज़ारे मिलायी मानो की जैसे बोल रही हो बैठो न क्यू इतना भाव खा रहे ho..jise अच्छीतरह पहचान राणा ठीक है जब आपको कोई आपत्ति नह तो मुझे आपके साथ डिनर करने में मजा आएगा कहते हुए वो वही चेयर पे बैठ गया.
अब आलम इ था की बॉस टेबल क एक तरफ बैठा था और उसके आगे राइट साइड में दिनु तो लेफ्ट साइड में मीणा बैठी thi…aur कुछ hi देर में सर्वर आके सब को खाना एक एक करके परोसना lage..aur सब ने एक साथ खाना शुरू कर दिया था…
पति सामने होने क वजह से मीणा अपना सर झुकायेही खाना खाने लगी thi..kuch देर तीनो खाने में बिजी थे पर अचानक मीणा को अपने पेअर पर किसी क पेअर टकराने का एसएस हुआ तो तुरंत मीणा ने अपने पेअर पीछे karliye…use पता नह था की इ पेअर किसके है उसके पति क या राणा क..
कुछ 2 मं क बाद फिर उसे वही एसएस हुआ जो कुछ देर पहले अपने पैरो पे हुए tha.,is बार मीणा तिरछी नज़र से राणा को dekhi..to वो मीणा को देख कर मुस्कुराने लगा tha…meena को पता तो चल गया था की इ हरकत राणा की hi है पर उसे अभी बी कन्फर्म नह tha…so वो चमच को हलके से निचे गिरायी और उसे उठाने क बहाने नीचे देखि..
मीणा ने देखा की उसके पति तो दूसरी तरफ पेअर करके बैठा हुआ है और शूज बी पहना हुआ है और जब उसकी नज़र राणा क पाँव पे पड़ी तो मीणा ने देखा की राणा ने अपने शूज उतरे हुए है और वो मीणा क पेअर क बहुत करीब है…
मीणा फिर से खाने में अपना ध्यान लगायी तो मीणा को फिर से वही एसएस hua….meena अपने मैं में hi खुश हो रही थी क्यू की उसे पता चल गया था की राणा का खेल शुरू हो चूका hai…par उसे डर बी था क्यू की उनके बगल में कुछ दुरी पर दूसरे लोग बी डिनर कर रहे the…aur सामने पति बी बैठा हुआ tha….meena क लिए इ पल किसी साहस से काम नह था वो छह कर बी राणा को साथ नह दे पा रही thi…isliye उसने राणा को देखते हुए न न में सर हिलाया जिसे बखूबी राणा समाज तो चूका था पर मीणा क नरम पेअर चुने में उसे जो मजा मिल रहा था ऐसा मौका वो खोना नह चाहा था और मीणा का न का इशारा पते hi उसे लगा मीणा विरोध तो नह कर रही है पर उसे डर लग रहा hai…aur उसने एक बार चारो तरफ नज़र दौड़ाई और दिनु से बोलै कितना ाचा लग रहा है न dinu…dekho कैसे सब लोग अपने अपने परिवार क साथ कैंडल लाइट डिनर का मजा ले रहे hai…e बात केहर राणा ने मीणा को इशारा छोड़ दिया था की कोई उन्हें नह देख रहा hai…sab अपने अपने परिवार क साथ मग्न है. बॉस की बात सुनकर दिनु बी अपने चारो तरफ नज़र दौड़ने लगा पर मीणा ने जरुरी नहीं समजा वो जानती थी राणा जी ने किस मकसद से इ बात कही hai…aur वो पति से नज़रे चुराके राणा को देख मुस्कुरायी और खाने में मग्न hogayi..par मीणा क इस हरकत से राणा का हौसला और बी बढ़गया था और उसने इस बार मीणा क साडी क भीतर पाँव घुसाने की कोशिश की thi..to मीणा सहम सी गयी और डर क मरे आगे पीछे देखने लगी और आखिर में अपने पति क तरफ देखि जो खाने में बिजी था और फिर राणा को देख कर अपने पति की और आँखे दिखते हुए न न में विनती की
.तभी उसका पति बोलै है सर आपने इ बहुत भेड़िया काम किया क्यू मीणा तुम बी ाचा लग रहा है न दिनु ने सामने बैठे मीणा से पूछा.. अब मीणा क्या जवाब देती उसे पहले से hi अंदाज़ा था की बॉस कुछ कुछ ऐसा करेगा और वो पति से बोली कुछ काम सही वक़्त और सही जगह पर किये तो उसका मज़ा दुगना होता hai…kehte हुए वो बॉस को तिरछी नज़र से देख अपने पाँव को पीछे हटली..
मीणा क इस बात का मतलब राणा अछि तरह समाज गया था पर उसका पति दिनु नह, वो मीणा को देख कर पूछा मतलब ?
मीणा- मतलब इ की सर ने सही समय और मौके पर ऐसे कैंडल लाइट डिनर की अरेंजमेंट करके हम औरतो को खुश करदिया है अपनी बार को बदलते हुए मीणा इस बार पति क सामने hi राणा को देख कर मुस्कुरायी…
मीणा क बातो का मतलब अछि तरह समजे राणा जी ने अपने पेअर को पीछे ले आया हलाकि उसका मैं तो नह था और उसे अभी तक मीणा की दिल की बात बी पूरी तरह से पता नह थी…
तीनो फिर से डिनर करने लगे तब राणा ने अपना मोबाइल निकला और किसी को कुछ मश्ग kiya..aur फिर अपने मोबिल को अपने जेब में रख diya…kuch 2 मीन्स hi हुए थे तब दिनु का फ़ोन बजने लगा तो दिनु ने अपना मोबाइल निकल क देखा तो किसी अननोन नंबर से था सो उसने कट करदिया और फिर खाना खा hi रहा था तो फिर से मोबिल रिंग होने लगा उसने फिर अपना मोबिल देखा तो वही अननोन नंबर था वो फिर कट करना छह hi रहा था तो राणा बोलै अरे दिनु उठा लो na…kisi कोई ुर्गेनस्य hogi..isliye बार बार कॉल कर रहा है….
अपने बॉस की बात सुनते hi दिनु ने फ़ोन पिचकूप किया और बाकी बैठे लोगो को डिस्टर्ब न हो इसलिए कुछ दूर जाके बात करने laga..jaise hi दिनु फ़ोन पे बिजी होगया तो राणा ने अपना खेल को शुरू कर दिया …वो मीणा की और देखते हुए बोलै बड़ी खूबसूरत लगी रही हो आज …
राणा की बात सुनते hi मीणा ने पहले अपने पति की तरफ देखा जो दूर खड़े किसी से फ़ोन पे बात कर रहा था फिर मीणा ने आगे की टेबल की तरफ देखा और जब उसे लगा की राणा की बात उन तक नह पहुंची तो वो बी राणा को देख मुस्कुराते हुए बोली जी थैंक यू…
मीणा की हसी पाते hi राणा बोलै तुम्हारी हसी बी कमल की है किसी को बी पागल banade…meena फिर मुस्कुराते हुए थैंक यू बोली तो राणा बोलै बस थैंक यू hi बोलती रहोगी और कुछ नह ..
मीणा - ह्म्म्मम्म
मीणा का जवाब सुन क राणा बोलै पता है इ पार्टी मई ने खास तुम्हारे लिए राखी है..
मीणा को तो पहले से hi इस बात का अंदाज़ा था फिर बी राणा क सामने मासूम बानी बोली ऐसा क्यू?
राणा आगे बढ़ाते हुए बोलै बस देखना था वैसे कॉफ़ी का तो ऑफर नह एक्सेप्ट की तो मजबूरन इ फैसला लेना पड़ा…
मीणा- हम्म्म
मीणा सिर्फ हम्म में जवाब देने लगी थी जो राणा क लिए काफी नह था सो वो बोलै सिर्फ हम्म्म थैंक यू में जवाब डौगी या कुछ और बी बोलोगी..
मीणा अपने पति की और देखते हुए हलके से बोली वो कभी बी आ सकते है…
राणा अब समाज गया था की मीणा को अपने पति का डर है और वो बोलै जब तक मई नह चहु वो यहाँ नह आएगा बस बातो में hi उलझा रहेगा…
मीणा कुछ समाज नह पायी और राणा की चूकते हुए पूछी मतलब?
राणा बी अपने चेहरे पे मुस्कान लाते हुए बोलै मतलब इ की मेरा hi आदमी उसे बातो में उलझा रहा है…
राणा की बात सुनते hi मीणा पूछी मगर क्यू?
राणा- क्यू की आज मुझे तुमसे कुछ जरुरी बात करनी है…
मीणा कुछ बोली नह बस हम्म में सर झुकाई और वो थोड़ी रिलैक्स बी होगयी क्यू की कुछ देर क लिए उसे दिनु का डर बी नह tha…isliye वो अब पूरी तरह से राणा का साथ देना चाहती थी ताकि जल्द से जल्द बात एक नतीजे पर पहुंच जाए लेकिन उसे बुरा इस बात का लगा था की राणा ने बीच खाने में hi उसके पति को दूर जाने क लिए मजबूर किया है. और वो थोड़ी नाराज़गी दिखते हुए बोली पर सर मेरे पति को बीच खाने में नह उठाना चाहिए था..
मीणा की बातो से राणा समाज गया मीणा को थोड़ा बुरा लगा और वो मीणा को समजने की कोशिश करते हुए bola..ha तुम सही हो पर और कोई चारा बी नह tha..bas इसे पहली और आखरी बार मान लो. राणा की विनती भरी बातो को सुन मीणा को बी लगा शायद इससे ाचा मौका नह मिलता और राणा को देख मुस्कुराते हुए बोली ठीक है तो बोलो क्या बात करनी है आपको…
सच बात तो इ थी की राणा अब बी नह जनता था मीणा क मैं में क्या चल रहा hai..aur उसे इ जो थोड़ी बहुत जानकारी मिली थी उससे वो यही समाज बैठा था की मीणा एक सुशिल औरत hai…isliye वो थोड़ी दुविधा में था की बात को कहा से शुरू Karu…use डर बी था की अगर मीणा को उसकी बात हज़म नह हुई तो कही मीणा उसपर भड़क न जाए और उसे सब लोगो क सामने शर्मिंदा न होना पड़े इसलिए वो अपने मैं में डर बी बसा हुआ tha….aur डर क मरे कुछ उसके मुँह से निकल hi नहीं रहा tha..fir बी उसने थोड़ी हिम्मत जताई और मीणा से bola…wo बात इ है की मुझे तुम्हारा सेल नंबर चाहिए….
राणा की बात सुनकर मीणा मैं hi मैं मुस्कुराने लगी उसे अछि तरह समाज आया था की राणा जो बात कहना चाहता है वो इज्जत और डर क वजह से नह कर पा रहा hai..fir बी वो नखरे दिखते हुए boli…par मेरा सेल no क्यू सर?
मीणा ने कोई विरोध या कोई नाराज़गी न जताने पर राणा की हिम्मत थोड़ी बढ़गयी थी और वो बोलै बस आप इतनी खूबसूरत हो की जी कर रहा hai…aapke साथ कभी कभी बाते करलु और इस बहाने हम दोस्त बी बन jaaye…agar तुम कोई आपत्ति न हो तो…
मीणा मैं hi मैं बोली मुझे भला क्या आपत्ति hogi..mai बी तो कबसे इसी बात का इंतज़ार कर रही hu…aur अपने नखरे को बढ़ाते हुए boli…baat तो ठीक है sir…par आप जानते हो न सर मई एक शादीशुदा महिला हु और शादीशुदा महिला किसी गैर मर्द से दोस्ती कैसे कर सकते है…..
सच बात तो इ थी की अगर आज राणा जी मीणा को खुल्ले चुदाई क बी दावत देते न तो बी शायद मीणा थोड़ा नखरे दिखा कर मान बी जाती.
मीणा को खुल क बात करते देख जमील बी अब अपनी असलियत पर आगया और bola..jaruri नहीं की गैर गैर hi रहे अपना बी हो सकता hai…Rana ने वही बात दोहराई थी जो बात उसने दो दिन पहले मॉल क बहार मीणा से कही थी..
अब मीणा बी अछि तरह समाज गयी थी की राणा जी फिर से फॉर्म में आये hai…use लगा यही ाचा मौका है बात को कुछ हद तक आगे बढ़ाने का और वो boli..ha सर क्यू nh…jarur अपना बना सकते hai…fir बी सर मुझे डर लगता hai..maine आज तक कभी ऐसे गैर मर्द से दोस्ती क बारे में सोचा nh…..e सब गलत है… मीणा ने झूट hi सही पर इस बात को इतनी नज़ाकत से कहा था की राणा उसकी बात को किसी एंगल से बी झूट न तेहरा सके..
मीणा का इ जवाब राणा क इरादे पे पानी फेरने वाला था फिर बी वो हिम्मत जताते हुए bola..tumari यही बात तो मुझे पसंद आयी hai…isliye तो इतनी औरत यहाँ पे होते हुए बी मई सिर्फ तुमसे दोस्ती करना चाहता हु …और हो सकता है इसी दोस्ती क बहाने तुम्हारी पति क ामदंनी थोड़ी ज्यादा बाद jaaye…rana ने मीणा को लालच दिखते हुए बोलै.
मीणा राणा की बात को अछि तरह समाज गयी थी राणा उसे पति की ामदंनी बढ़ाने की लालच दिखाकर उसे हासिल करना छह रहा hai…par मीणा बिलकुल बी इस बात से खुश नह thi..q की मीणा ने पैसो क खातिर राणा क साथ आगे बढ़ाने की बात कभी नह सोची थी और नहीं उसने जमील क साथ किसी लालच से अपने जिस्म को अपवित्र किया tha..use बस अपनी प्यास बहुजन tha..wo बी ऐसे इंसान से जो उसे प्यार करे उसकी फीलिंग्स को समझ sake…paise या किसी और चीज़ की लालच में वो अपने आप को बेच कर रंडी का दर्जा कभी नह पाना चाहती thi..aur वो नाराज़गी जताते हुए boli…shayad आप मुझे गलत समाज बैठे hai…mai ऐसी औरतो में से नह हु…
राणा को तुरंत अपनी गलती का एसएस हुआ और मैं hi मैं बहुत खुश हुआ पहली बार उसे अपनी सिलेक्शन पर गर्व फील हुआ और वो मीणा को मानाने की कोशिश करते हुए बोलै अगर यही बात मई दिल से कहु की मुझे तुम जैसे सुशिल औरत क साथ दोस्ती करना चाहता हु तो.….???? राणा ने बड़े नज़ाकत से इस सवाल को मीणा क सामने रखा था..
राणा का इ बेहवे मीणा को बी ाचा लगा और वो राणा को देख मुस्कुराते हुए boli…to मई शायद सोच सकती hu…kehte हुए मीणा ने राणा को पहली बार अपनी सहमति jatayi..jisse राणा बी खुश हुआ और bola…to फिर इस शुभ काम की शुरुआत कब होगी…
मीणा हस्ते हुए जवाब दी शायद कल सुबह se..par मेरी एक शिरठ hai..aap जब बी मुझसे बात करोगे आपके आस पास कोई नह rahega…khas कर क आपको इस बात का ध्यान रखना hoga..q की मई नह chahti…..meena आगे बोलने hi वाली थी राणा उसे बीच में रोकते हुए बोलै समाज गया समाज gaya…jab तुम जैसी सूंदर पारी से बात हो रही हो तो कौन बेवक़ूफ़ चाहेगा की डिस्टर्बेंस हो….
मीणा ठीक है अब तो मेरे बेचारे पति को बुलालो…
राणा हस्ते हुए किसी को मश्ग किया और मीणा से बोलै पर तुमने अभी तक सेल नंबर दिया hi नह..
मीणा तुरंत boli…wo कल सुबह आपको मिल जायेगा…
राणा अब ज्यादा मीणा को फाॅर्स करने क मूड में नह tha…fir बी वो अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए bola…wo तो ठीक hai..par तुमने कॉफ़ी पर मिलने की ी बात तो कही nh…Rana थोड़ा रोमांटिक मूड में बोलै..
अब मीणा बी पूरी मूड में थी और वो राणा को छेड़ते हुए boli…lagta hai..bahut जल्दबाज़ी है aapko..jald बाज़ी में किया हुआ काम नुकसान hi करता है इसलिए पहले हमारे बीच बातो का सिलसिला तो शुरू होने do…fir कॉफ़ी क बारे में सोचते है…
राणा कुछ बोलने hi वाला था उसे दिनु वापिस आते हुए नज़र आया और वो फिर से खाने की एक्ट करने laga…aur मीणा ने बी अपने पति को आते देख लिया और वो बी चुप चाप डिनर करने लगी..
और जैसे hi दिनु वापिस अपनी कुर्सी पर बैठा तो राणा ने पूछा बड़ी देर लगाडी tumne…kisi खास आदमी का फ़ोन था क्या? राणा ने ऐसा पूछा की उसे कुछ पता hi nh…aur राणा की बात सुनकर मीणा बी राणा को तिरछी नज़र से देखने lagi..maano की ऐसा कह रही हो अब बहुत हुआ..
तभी दिनु अपने बॉस से बोलै पता नह सर कौन था पर उसे कुछ इनफार्मेशन चाहिए thi..shayad किसी जान पहचान वाले ने मेरा नंबर दिया होगा उसे…
…मीणा ने अपनी वासना को काबू पाने की कोशिश की thi…par वो जितना काबू पाना चाहती थी उतना hi उसका जिस्म बेकाबू होने लगा tha.…use अब किसी न किसी लुंड की सख्त जरुरत महसूस होने लगी थी जो जमील की तरह उसके जिस्म को नोच नोच कर चुदाई kare.lekin वो जानती थी उसने जमील क साथ अपना जिस्म को बात कर अपने पति क साथ धोका किया हुआ hai…aur वो इ गलती किसी और क साथ दोहराना नह चाहती थी. ..उसके लिए सबसे प्यार उसका पति hi था पर उसका पहला और आखरी प्यार बी जमील hi tha.use अछि तरह पता बी था की जमील मजबूरन उसे दूर हुआ है और जल्द hi वो फिर से उसकी प्यास भुजने वापिस बी आनेवाला hai…aur इसी उम्मीद क साथ वो अपना दिन बिना चुदाई क बिताने लगी thi..kuch 10-15 दिन बीत गए थे.
उस दिन रोज़ाना की तरह पति ऑफिस जाने क बाद लंच की तैयारी करके अपना वक़्त बिताने क लिए टीवी देख रही thi..lagbhag दोपहर क 12 बजे the…aur मीणा टीवी में किसी सीरियल को देख रही thi..jamil क जाने क बाद मीणा का यही रूटीन बन गया tha..tabhi उसके मोबाइल पर एक मश्ग aaya..meena ने जब उस मश्ग को खोल कर देखा तो उसने सिर्फ "hi" लिखा था..
मीणा उस अननोन नंबर को ध्यान से देख कर सोचने लगी किसका नंबर hoga..aur वो एक पल खुश हुई कही जमील जी का तो मश्ग nh..aur वो तुरंत मश्ग को रिप्लाई किया "hello"
उधर से तुरंत रिप्लाई आया " कैसे हो"
उस मश्ग को देख कर मीणा कर मीणा समाज गयी की जरूर इ जमील जी hi hai…shayad मुझे छेड़ना चाहते hai..par उसने सोचा अगर गलती से जमील जी न हो to..kuch बी हो मुझे बस सावधानी से सोच समाज कर जवाब देना hoga..ho सकता है कोई मेरा टेस्ट करने क लिए कर रहे ho…aur मीणा कुछ सोच कर टाइप ki…"mai अछि हु पर आप कौन"
उधर से जवाब aaya…"filhaal को दोस्त hi संजो"
अब मीणा खुद कन्फूशन में थी की कौन हो सकता hai..aur मीणा ने जवाब देते हुए टाइप किया " वो पता चला रेशमा भाभीजी" मीणा ने जानबूजकर किसी औरत का नाम लिया ताकि सामने जो कोई बी हो वो यही समजे की मीणा किसी मर्द से दूर hi है…
पर तुरंत उधर से जवाब आया - " सॉरी आप गलत हो"
मीणा को अब और ज्यादा कुरसिटी बढ़ने लगी उसे लगा हो न हो जमील hi होगा पर वो गलती से बी जमील का नाम लेना नह चाहती thi..aur वो जवाब में लिखी "देखो आप जो कोई बी ho..ek तो अपना नाम बतादो या मुझे बेकार में मश्ग करना बंद कार्डो…"
उधर से रिप्लाई आया " इतनी जल्दी बी क्या है मैडम जरा जान पहचान तो बढ़ाने दे"
मीणा- गुस्से se..Dekho मुझे किसी अनजान क साथ जान पहचान नह बदनी hai..chahe वो मर्द वो या औरत"
उधर से रिप्लाई आया "ाचा मर्द से तो ठीक है पर औरत से क्यू"
अब मीणा को लगा शायद कोई उसकी जान पहचान की औरत hi उसके साथ मस्ती कर रही hai…aur वो रिप्लाई दी " इसका मतलब आप औरत ho..muje यकीं है तुम रेशमा भाभी hi ho…ab बस बी करो"
उधर से-" नहीं हु मई तुम्हारी रेशमा भाभी हु या नहीं कोई औरत"
मीणा- ok तो फिर मुझे बी किसी गैर और अनजान मर्द से बात hi नह karni..hai..
उधर से तुरंत मश्ग आया- अरे मैडम पहले जरा सुनो तो hi..
मीणा- जब मुझे किसी अनजान और गैर मर्द से कोई मतलब hi नह तो मुझे कुछ बी नह सुन्ना..
उधर से रे रिप्लाई आया- अगर आप चाहे तो मतलब बी बन सकता है…
अब मीणा को लगा जरूर इ कोई बदमाश होगा जिसे मेरा नंबर कही से मिल गया hoga..aur वो बिलकुल बी नह चाहती थी किसी बदमाश क साथ बातो का सिलसिला जारी rakhe..aur मश्ग टाइप ki…dekho आप जो कोही बी हो अगर मुझसे बात करना चाहते हो तो मेरे सामने आके बात करो वो बी मेरे पति क होते hue..kuch देर में मेरे पति आते hi honge..aur इसके बाद गलती से बी मुझे मश्ग मत Karna…good bye.. और मीणा ने अपने फ़ोन को साइलेंट मोड पे दाल दिया.
सच बात तो इ थी की मीणा पहले से बी अपनी जिस्म की प्यास न भुजने पर उदास थी ऊपर से किसी अनजान मर्द क मश्ग ने उसके दिमाग को और बी डिस्टर्ब किया tha….par वो अपने दिमाग पर जोर देकर सोचने लगी कौन hoga……usne फ़ोन तो साइलेंट किया था पर वो बार बार मोबिल की तरफ hi देख रही thi..par इस वक़्त उसके मोबिल में उसका कोई मश्ग नह tha…Par मीणा क दिमाग में शाम को पति घर आने तक यही सोच में डूबा हुआ tha…us दिन रात सोने तक डेली की तरह नॉर्मल सा वक़्त गुजर गया था दोनों मिया बीवी ka…aur फिर अगले दिन एक नयी subhah..wahi hi मीणा का रूटीन स्टार्ट होगया tha..aur उस दिन बी मीणा क मोबाइल में उसी शख्स का गुड मॉर्निंग मश्ग का एक लव हार्ट क साथ इमेज tha..jise देख मीणा ने कोई रियेक्ट नह किया और मैं hi मैं बोली करने दो जब मुझे कुछ लेना देना hi नह तो रिप्लाई क्यू करू उसने मश्ग डिलीट किया ..और वो अपने काम में बिजी होगयी..
उस दिन शाम को उसका पति जल्द hi काम से वापिस लौटा और मीणा से कहा की आज शाम को उन्हें बॉस की पार्टी में जाना है कुछ फंक्शन hai…meena ने पहले तो मन किया पर बाद में पति क जोर देने पर वो पति क ख़ुशी क लिए मान बी गयी और उस रात ठीक 8 बजे दोनों पार्टी हॉल में पहुंच गए थे जहा बहुत सारे मीणा क पति क सहकर्मी और कर्मचारी बी उनके फॅमिली क साथ आये हुए the..kuch hi देर में पार्टी शुरू होगयी थी और सारे मर्द एक साथ बैठ क ड्रिंक्स करने लगे तो और सारे लेडीज एक साथ बैठ क कोल्डड्रिंक और स्नैक्स का मजा लेने लगे the…aur मीणा बी उनके साथ बैठ क घुलमिल गयी thi…lekin कुछ hi देर में उसने देखा की एक हत्ता कट्टा मर्द उसकी और hi देखते हुए मुस्कुरा रहा hai..meena ने पहले तो उसे नज़र अंदाज़ किया पर जब उसे पता चला की वही उसके पति का नया बॉस है तो मीणा ने बी उसे एक स्माइल पास करदिया.. लेकिन बात इतने में hi ख़तम नह हुई मीणा का स्माइल पाते hi बॉस की थोड़ी हिम्मत बढ़गयी थी और वो मीणा को एक जुट होक hi देखने लगा था इससे मीणा बी थोड़ी सहम सी गयी thi..q की उसके साथ और बी लेडीज थे.. और मीणा नह चाहती थी की बाकी लेडीज को पता न चले की बॉस की नज़र उसपर hi है. ..और मीणा की बी तिरछी नज़र अब बॉस पर तिकी हुई thi..q की बॉस दिखने में तो कला था पर उसकी पर्सनालिटी काफी अछि थी जो मीणा को पसंद बी आयी थी क्यू की बॉस और जमील क पर्सनालिटी में कोई खास फरक नह tha….kuch देर क तक ऐसे hi दोनों की नज़र मिलते रही और मीणा बी अब थोड़ी बॉस क प्रति आकर्षित होने लगी thi..sach बात तो इ थी की जमील क बाद बॉस ऐसा आदमी था जिसे देख कर मीणा का दिल में फिर से वासना भड़क ने लगी thi…wo जमील की कमी को बॉस में देखने लगी thi…par वो जानती थी की उसने पति क साथ धोका करके जमील क साथ नाज़ायज़ रिश्ता तो बना दिया है पर इस नाज़ायज़ रिश्ते को किसी और क साथ आगे बढ़ाना सबसे बड़ा गुनाह होगा खास करके वो जमील को दिया हुआ वडा तोडना नह चाहती thi….isliye वो बस बॉस क साथ सिर्फ फ़्लर्ट करना छह रही थी..
पर उधर बॉस बी मीणा की खूबसूरती पर पागल होगया tha..jamil से लगातार चुदाई क बाद मीणा का जिस्म और बी उभर आया tha..uski कमर और बी चौड़ी और खूबसूरत बन गयी thi..chalte वक़्त उसकी गांड किसी फूटबाल की तरह हिलते हुए एक दूसरे से टकरा कर बड़े कामुक नज़र आते थे ऊपर से उसका शेप काफी कर्तव्य बनंगायी thi…aur मीणा जैसी सूंदर औरत बॉस की खास कमज़ोरी थी…
मीणा का पति का बॉस एक 40-45 उम्र का हत्ता कट्टा मर्द tha…aur काफी आयाशी tha..usne बी अपने लाइफ में कई सारे औरतो का रास पान किया था वो जहा बी जाता था उस गांव में अपने लुंड की मरम्मत क लिए किसी न किसी औरत को पता hi लेता tha…aur उसकी इसी अय्याशी क चलते वो कही बार सस्पेंशन का शिखर बी होगया था और उसे इस बार फुनिशमेंट ट्रांसफर करके मीणा क शहर ट्रांसफर किया गया था..
और जब आज उसने पहली बार मीणा को उसके पति दिनु ( इस कहानी में पहली बार मीणा क पति का नाम लिया जा रहा है क्यू की इसके बाद बॉस उसे नाम से बोलनेवाला hai..official कॉरेस्पोंडेंस क चलते इ जरुरी है बॉस क लिए और इस कहानी क लिए बी) क साथ देखा तो वो मीणा की सुंदरता था का दीवाना बन गया tha..meena ने आज एक sky-blue रंग की साडी पहनी हुई थी जिसमे उसका गोरा रंग जजः रहा था ऊपर से मीणा क उभरे हुए दूध जो साडी क ऊपर से बी किसी को बी रसपान का दावत दे रहे हो ऐसे लग रहे थे और जमील से बार बार खड़े खड़े छुड़वाने से उसकी कमर और बी चौड़ी होगयी थी और गांड क खुले पीछे से पूरी बहार की तरफ निकली हुई thi….aur ऐसे खूबसूरत सेक्सी बदन पे बॉस की नज़र पड़ते hi उसने मैं में hi सोच लिया था की वो मीणा की जिस्म को एक बार चक कर hi रहेगा इसलिए वो तबसे बार बार मीणा को hi देखने लगा tha..aur बॉस की इस हरकत से मीणा बी अब थोड़ी मस्ती क मूड में आगयी थी और वो बॉस को तिरछी नज़र से देखते हुए शरमाते हुए अपने अपने बालो को कान क पीछे सरकने की कोशिश करते हुए बॉस को इ झहीर कर रही थी उसका इस देखना उसे बी पसंद आया है.. …लेकिन तब उसने बॉस को कुछ इशारा करते हुए पाया लेकिन वो समाज नह paayi..aur बॉस बी समाज गया था की मीणा उसके इशारे को समाज नह paayi…aur इस बीच सब लोगो क लिए डिनर की तैयारी हो चुकी थी तो सब लेडीज डिनर क लिए रेडी होगये और अपने अपने कुर्सी पर बैठ गए. लेकिन मीणा नह बैठी वो कुछ सोच कर वही बगल में एक कुर्सी क पास कड़ी रही ….तब उनके पास उनके पति लोग बी आगये और साथ में दोनों बॉस बी जो आज विदा हो रहा और दूसरा जो आज से उसकी जगह लेने वाला tha…usme से पुराने बॉस को सब लेडीज लोग जानते थे जो एक बुड्ढा ाचा इंसान था और नए वाले को कोई बी nh…jab पुराण बॉस अपने वर्कर्स क औरतो को धन्यवाद दे रहा था तो मौका पाकर नया बॉस जिसका नाम था कामेश राणा वो मीणा क करीब आके रुक गया ..जिसे मीणा ने बी नोटिस किया पर कुछ नह boli..tab पुराने बॉस सब लेडीज से बोलै आप क पति लोग तो अपने नए बॉस से मिल चुके है इसलिए मई अब उन्हें आप सब से परिचित करना चाहता हु कहकर राणा जी की और देखते हुए कहा इ है आप क पतियोंके नए बॉस कामेश राणा जी.. और सब ने उन्हें नमस्ते किया और मीणा ने b..thoda शरमाते hue..aur इस बीच पुराण बॉस बाकी लेडीज क साथ बात करता रहा जहा पे उनके मर्द बी खड़े थे और मीणा ठीक उनके पीछे थी और उसका पति पुराने बॉस क साथ खड़ा था क्यू की मीणा का पति पुराने बॉस का खास आदमी tha….meena से थोड़ी दूर में नया बॉस कामेश राणा बी खड़ा था और उसने इतनी दूरिया पहले hi मेन्टेन किया हुआ था की मीणा उसकी बात सुन सके और मौका पाकर राणा जी ने मीणा से पूछ hi लिया की हम कुछ देर बात कर सकते क्या…
मीणा ने इ बात अछि तरह से सुन ली थी इसलिए वो राणा जी को देखि और एक स्माइल देते हुए फिर अपने पति की और देखि और फिर राणा जी ko…aur न में सर हिलायी.
जिससे राणा समाज गया था की पति और साथ में खड़े लोगो की वजह से मीणा डर रही है तो वो सीधा वाशरूम की और देखा जहा उसे कोई नज़र नह आरहा था और वो हलके से बोलै वाशरूम की तरफ कोई नह hai…meena ने एक नज़र वाशरूम की तरफ देखा और राणा जी को देख कर muskurayi….meena का मैं तो कर रहा था की वो वाशरूम की तरफ जाए और राणा जी की बात sune…use कुरसिटी thi..Rana जी उससे क्या कहना चाहते hai…par वो जानती थी इस वक़्त इस तरह अकेले वाशरूम की और जाना ठीक नह इसलिए उसने सही वक़्त का इंतज़ार करना hi ठीक समजा और राणा जी की तरफ देख कर न में सर hilayi..utne में डिनर क लिए सब लोग रेडी होगये थे और राणा बी अब मीणा से थोड़ा दूर हुआ था …एक तरफ सारे लेडीज डिनर करने लगे तो दूसरी तरफ सारे gaints….lekin अब बी मीणा और राणा क आंखे एक दूसरे को देखने का कोई मौका नह छोड़ रहे the..dono को देख कर ऐसा लग रहा था की दोनों किसी ख़ास मौके का इंतज़ार कर रहे है…
सारे लेडीज खाने का मजा उठाते हुए बार बार खाना परोस कर खा रहे थे पर मीणा को खाने से ज्यादा किसी और चीज़ में रूचि लगने लगी थी इसलिए उसने खाना बी ठीक से नह khaya...use बस अब बॉस यानि राणा जी से नज़दीकिया बदनी थी इस पल वो भूल गयी थी की उसने पहले बी अपनी पति क साथ धोका किया हुआ hai…aur ऊपर से जमील से बी वडा किया हुआ है. पर राणा जी को देखते hi उसका जिस्म उसे बार बार अपनी प्यास की याद दिला रहा था जो जमील क जाने क बाद अब तक नह भुजी thi..use इस वक़्त एक लुंड की खास जरुरत thi…aur राणा जी क साथ कुछ देर हुई लुकाछुपी से मीणा को लुंड की जरुरत पूरी होती नज़र आयी थी..
राणा जी एक तो उसका पति का बॉस था इसलिए उसपर शक करने की ज्यादा गुंजाइश बी नह थी क्यू की राणा से पहले जो बॉस था जो आज बिदाई ले रहा था उसने अपने सब जूनियर्स और उनके परिवार क साथ एक ाचा रिश्ता बनाया हुआ था और अब राणा जी से बी इसी बात की उम्मीद सब जूनियर्स को thi…isliye मीणा इस बात से बेफिक्र थी, और दूसरी बात इ थी की राणा बी एक हट्टे काटते बदन का मालिक था और उम्र बी ज्यादा नह लगभग उसके पति क उम्र का hi था और राणा क हट्टे काटते शरीर को देख कर मीणा को जमील की याद आने लगी thi…uski वासना फिर से भड़क गयी thi…aur इसी वासना क चलते उसने जल्द hi खाना फिनिश किया और बॉस की तरफ देखि फिर वाश बेसिन की तरफ निकल पड़ी और एक हलकी सी स्माइल करके राणा को समजने की कोशिश की अब वो हाथ धोने वाशरूम की तरह जा रही hai…agar बात आगे बदनी हो तो आ सकते हो…
वाशरूम डाइनिंग से कुछ दुरी पर था जहा एक तरफ औरतो क लिए और दूसरी तरफ मर्दो क लिए सुविधा थी बीच में दो हैंडवॉशिंग बसिन्स थे जिसके सामने दो आयने बी लगे हुए the…aur सामने एक बड़ा darwaja…meena पहले बी कही बार यहाँ पे आयी हुई थी इसलिए उसे अछि तरह उस जगह की जान पहचान थी..
मीणा हलके पाँव वाशरूम की तरफ जाने लगी thi..aur इधर राणा बी अपने सामने बैठे कई सारे मर्दो से कुछ झूट बोलकर पहले बहार आया और दूसरे रस्ते से वाशरूम की तरफ निकल पड़ा जो मीणा ने बी नोटिस किया हुआ tha..kuch hi देर में मीणा वाशरूम में दाखिल हुई और हाथ धोने लगी तो मीणा क पीछे hi राणा बी आया और दूसरे बेसिन पर हाथ धोने की एक्टिंग करने laga…dono क बीच कुछ बात नह हुई कुछ देर क लिए. तब मीणा ने एक बार पीछे मुद क देखा कही कोई ऑटो नह रहा जब उसे कोई नह दिखा तो वो राणा की तरफ देख कर muskurayi..jaise इ कह रही ho..aap को जिस मौके की तलाश थी वो मौका मैंने आपको दिया hai…jo बोलना है बोल सकते हो.
मीणा की इस मुस्कराहट का जवाब देते हुए राणा ने मीणा से उसका नाम पूछ hi लिया..
मीणा- हाथ धोने की नाटक करते hi boli..meena
राणा- बड़ी खूबसूरत हो तुम
मीणा थोड़ी शरमाते हुए थैंक यू सर..
राणा- वैसे थैंक्स मुझे कहना चाहिए
मीणा- चूकते हुए वजह??
राणा- मेरी बात मानकर वाशरूम तक अकेले आने क लिए…
मीणा- हम्म्म वैसे तो मई हाथ धोने आयी थी..
मीणा को लगा उसे वाशरूम में आये देर हो चुकी है और किसी बी वक़्त बाकी लेडीज बी हाथ धोने आ सकती इ सोच कर मीणा वह से निकलने हुए boli..isse पहले कोई आये मुझे निकलना होगा.. तो राणा बोलै क्या मुझे आप का सेल नंबर मिल सकता है…
मीणा जाते जाते बोली मिल सकता है पर पहले थोड़ी जान पहचान तो बढ़ाने दो कहते हुए मीणा एक शर्म से भरी स्माइल राणा को देते हुए वह से निकल gayi…aur राणा बी दूसरे रस्ते से वह से निकल गया tha…usne जो सोचा था वो हो नह हो पाया था. राणा ने सोचा था मीणा उसे बिना कोई विरोध किये हुए सेल नंबर देगी और इसी सेल क डरिये वो मीणा से बात को आगे badayega…lekin उसके हाथ नकयामि लगी thi…aur मीणा बी पहले यही सोच कर आयी थी की वो राणा क साथ बात आगे बढ़ाएगी लेकिन बीच में hi उसके संस्कार ने उसे फिर से जवाब देने की कोशिश की thi..use लगा की एक hi मुलाकात में राणा से बात आगे बढ़ाएगी तो राणा उसे गलत सोच सकता है जैसे चुड़क्कड़ characterless….aur शायद लालची बी …जो अपना जिस्म का सौदा करके राणा से अपनी कमिया पूरी करने की कोशिश कर रही ho…..aur वो इ बी जानती थी की राणा क लिए उसका रास्ता साफ़ hai…par उसे इस रस्ते पे कदम रखने से पहले बहुत सावधानी बी बरसनी hogi…aur वो अछि तरह जानती थी की राणा उसके साथ दूसरी मुलाकात करने की कोशिश जरूर करेगा और उसी वक़्त वो बी राणा से थोड़ी खुल मिल जाएगी.. और वो इसी सोच को अपने दिमाग में भरे हुए अपने आप में स्माइल करते हुए फिर से आकर पार्टी हॉल में लेडीज लोगो क साथ बैठ गयी कुछ देर में राणा बी वह आया और गेट्स क साथ बैठ गया जहा वो पहले बैठा हुआ था.. मना फिर से राणा की और नज़र डालकर चुपके से देखने lagi…aur उधर राणा का बी यही हाल tha..aur कुछ hi देर में सब ने डिनर फिनिश करके जाने लगे तो सब लोग पुराने बॉस से विदा लेने गए और तब बीच में राणा आया और bola…sab लोगो से मेरी एक विनंती है अगर इजाजत हो तो पेश करू…
तब सब मर्द लोगो ने उसे है में सर हिलाया तो राणा ने सब मर्दो को एक साथ बोलै मेरी इ विनंती खास आपके परिवार वालो से है..
वह खड़े सारे मर्द इस बात से आश्चर्य तो हुए और सोचने लगे काम तो हम करते है पर इ हमारे औरतो से क्या कहना चाहता hai..aur यही सोच मीणा और उसके पति क दिमाग में बी आयी thi…..par इस वक़्त वो कुछ बोल नह पा रहे थे बिना राणा की बात सुने..
राणा थोड़ा आगे आया और सब लेडीज को एक साथ सामने आने को बोलै और जैसे hi सब लेडीज सामने आये तो मर्दो को पीछे हटाना पड़ा और वो सब पीछे खड़े होकर कामेश राणा जी याने अपने नए बॉस की बात सुनने व्याकुल होगये थे…
इस बीच राणा बोल पड़ा… जैसे आप सब जानते हो आज से मई आपके पतियोंका बॉस hu…aur मई चाहता हु की पहले की तरह मई बी मेरे निचे काम कर रहे सब साथीदारों का अचे से ख्याल rakhu….aur मई इ अछि तरह निभाने की पूरी कोशिश करूँगा. पर आप सब तो जानते hi ho…aaj कल काम का टेंशन कितना होता hai…aur इसी काम क चलते आपके पति कभी घर लेट आ सकते है या काम क सिलसिले में बहार गांव बी जा सकते hai..aur इस वजह से अपने परिवार पे ध्यान नह दे पते कुछ देर क liye…isliye मेरी आप सब से विनंती है की ऐसा मौका अगर आप में से किसी क साथ बी हुआ तो आप लोग अपने पति को टोकने या गुस्सा करने क बदले उनका साथ दे दो..
इ बात सुनते hi पीछे खड़े मर्दो में ख़ुशी से ताली बजाते हुए राणा जी क बात को संनति दी thi….lekin राणा की बात इतने में hi नह रुकी thi…wo आगे बढ़ते हुए बोलै और आखरी बात अगर आप लोगो को परिवार में किसी समस्या हुई जैसे पैसो की या किसी बी चीज़ की आप बेफिक्र होक मुझे कह सकते हो मुझे अपना भाई समाज कर.. अब ज्यादा कुछ बोलना नह चाहता हु बाकी काम क बारे में तो मई आप लोगो क पतियोंसे कल बात करलूँगा dhanyawad…Rana क इस आखरी बात पर सारे मर्द और औरतो ने एक साथ ताली बजायी पर मीणा ने नह क्यू की उसे समाज में नह आया था की भाई समाज कर मतलब? वो सोचने लगी राणा क्या कहना चाहता hai…kuch देर पहले तो इ मुझसे फ़ोन नंबर मांग रहा था और इ बात सोचते हुए मीणा राणा की और आश्चर्य से देखे लगी तो राणा मीणा की दुविधा को समाज मैं में hi हस्ते हुए धीरे से मीणा क बगल से गुजरते हुए बोलै इ आखरी बात तुम्हारे लिए नह थी.. राणा ने इ बात इतनी नज़ाकत से कहा था की इ बात मीणा क शिव उसके बगल में कुछ दूर खड़े पति को बी पता नह चला.. और राणा की इ बात सुनते hi मीणा का चेहरा ख़ुशी से खिल गया था क्यू की उसे अछि तरह समाज आया था की राणा उसके साथ कौनसा रिश्ता बनाना चाहता है जिसके लिए वो अब पूरी तरह से तैयार होना छह रही थी और उसने बी अब फैसला कर लिया की वो राणा को आगे बढ़ाने में साथ देगी. . .पर कैसे? उसे समाज में नहीं आरा है था और उसने राणा जी को फ़ोन नंबर देने से बी मन किया था कुछ देर pehle…wo वही एक कुर्सी पर बैठ क सोचने लगी ..तब उसने देखा की राणा कुछ दूर खड़े उसके और एक जूनियर क साथ बात कर रहा है और उसका पति पुराने बॉस क साथ खड़ा hai…meena ने कुछ सोचा और अपना मोबाइल निकल कर hello hello करते हुए राणा क पीछे कुछ दूर रुक गयी और किसी से बात करने की एक्ट करने lagi…aur राणा बी अपने पीछे कड़ी मीणा को देख चूका था इसलिए वो बी सामने खड़े जूनियर क साथ बात करते करते मीणा की बातो को बी सुनने क कोशिश करने लगा…
मीणा ,,- hello तुम्हारी आवाज़ ठीक से नह ारी सुन तुम मुझे कल शाम को ,,6 बजे मॉल में मिलो मई वही मिलती हु कल तुम ….बाकी की बात मिलने क बाद तैय करते hai..meena अपनी बात को रोकते हुए मुस्कुराते हुए एक बार राणा की तरफ देखि जैसे बोल रही हो इ बात आपके लिए hi इशारा है और फिर से अपनी जगह आयकर बैठ गयी… राणा ने बी मीणा की बात सुन ली thi…aur उसने बी अब अपने दिमाग में कुछ आईडिया को जन्म दे दिया था….
और कुछ 15 मीन्स क बाद सब लोग अपने अपने घर की और निकलने लगे और मीणा बी अपने पति क साथ घर क लिए निकल padi.lekin जाने से पहले वो राणा को पीछे मुद कर डेक इ मुस्कान पास करने नह भूली.. और मीणा की इस मुस्कान में राणा क लिए एक इशारा बी था की वो बी वही चाहती है जो राणा क दिमाग में चल रहा है..
घर जाने क बाद मीणा अपनी कपडे उतरी और एक निघ्त्य पहन कर बाथरूम में जाके फ्रेश होगयी इस बीच उसका पति बी फ्रेश होगया tha…raat क ,11.30 बज चुके थे और दोनों सोने क लिए बैडरूम में चलेगये…
सोते वक़्त पति मीणा से बोलै कैसी लगी पार्टी…
मीणा ज्यादा रियेक्ट न करते हुए बोली अछि लगी…
सच बात तो इ थी जमील क जाने क बाद मीणा पहली बार इतनी खुश थी.. उसने अपने पति क बॉस में जमील की चाभी को पायी thi…par उसके मैं में अब बी दुविधा थी की वो आगे बड़े या nh…agar वो आगे बढ़ेगी तो उसका अंजाम बिस्टेर पर hi ख़तम होगा और इ सरासर पति और जमील क साथ उसकी सबसे बड़ी बेवफाई होगी. वो खुद तैय नह कर पा रही थी एक तरफ उसकी जिस्म की गर्मी जो काम होने का नाम hi नह ले रही है और दूसरी तरफ उसे सबसे ज्यादा प्यार करने वाला पति और उसके जिस्म को अनगिनत सुख देनेवाला jamil…meena कुछ और सोच hi रही थी उसका पति बोलै
पति- मीणा मुझे तो लगता है हमारे पुराने बॉस की तरह इ नया बॉस कामेश सर बी बहुत अचे hai…tume क्या लगता है…
मीणा अपनी दुविधा को मैं में hi दबाते हुए पति से बोली है मेरा बी यही ख्याल है..
पति- पता है मीणा मुझे उनकी वो बात अछि लगी जब उन्होंने कहा की किसी बी मुसीबत हो तो अपने को भाई समाज कर शेयर karna…hai na…aise तो कोई पहली मुलाकात में नह बोलता…
मीणा- है वो बात मुझे बी अछि lagi..par मुझे लगता है उन्होंने उस बात की जानबूजकर कहा है…
पति- ाचा ऐसा क्यू लग रहा है तुम? पति ने सवाल भरे नज़रो से पूछा…
मीणा- आपको याद है न जब वो शीतल भाभी एक बार आपके बॉस से मिलने गयी thi…apni पति की ट्रांसफर क लिए…
पति- है याद है वो उसके पति को थोड़ा परेशानी थी इसलिए..
मीणा- है पर पता है लोगोने क्या कहा था शीतल भाभी और बॉस क बीच अफेयर hai…aur उसका पति बी लोगो की बात सुनकर शीतल भाभी पर शक कर बैठा tha..wo तो ाचा हुआ की उसके पति को बाद में सचाई का पता चला वर्ण बेचारी बेकार में बदनाम हो जाती..
पति- है वो मुझे बी याद hai..par इ बात कामेश सर को कैसे पता होगी..
( इ एक सच्ची घटना थी जो दो साल पहले दिनु क सहकर्मी क परिवार क साथ बीती thi…aur इस घटना को विस्तार में लिखना इस कहानी की जरुरत nhi…isliye शार्ट में hi बता दिया है)
मीणा- शायद आपके पुराने बॉस ने कामेश सर को बताया hoga..…aap मर्द लोग बी तो अपनी बीवी पर शक करने की कोई मौका नह छोड़ते हो…
पति- ाचा मैंने कब तुम पर शक किया..
मीणा- हस्ते हुए अब तक तो नह किया पर आगे कभी हो बी जाए…
मीणा की इस बात सुनकर उसके पति उसे बाहोंमे में लेकर उसके गालो को चूमते हुए बोलै भला मई क्यू करू अपनी प्यारी वफादार बीवी पर शक कहते हुए वो मीणा का जिस्म को सहलाने लगा तो मीणा बी अपने पति की बाहोंमे जाते हुए बोली बस बस मेरी तारीफ करना अब कुछ इरादा है क्या मई सो jaavu…meena दिल hi दिल में बहुत खुश होगयी thi..pati क गौर मौजूदगी में जमील क साथ नंगा नाच करने क बाद बी उसके पति का यकीं उस पर अब भी भरकरर hai..aur इससे मीणा की हिम्मत और जोश और बी बाद गयी थी…
पर उसका पति इस बात से बिलकुल अनजान था की वो अपनी बीवी पर यकीं करके कितनी बड़ी गलती कर रहा hai..use थोड़ा बी अंदाजा नह था उसकी प्यारी बीवी अब वो मीणा नह है जो अपने संस्कारो का नियमित पालन करने वाली पतिव्रता thi…insab बातो से अनजान वो मीणा की बातो का जवाब देते हुए मीणा की निघ्त्य को ऊपर करते हुए जब इतनी प्यारी खूबसूरत बीवी बहो में हो तो एक बार प्यार करना बनता hi hai..meena अपनी निघ्त्य को पूरा कमर तक लाके अपनी चड्डी उतारते हुए मैं hi मैं बोली आप तो ऐसे कह रहे हो की हर रोज़ चार पांच बार करते ho..agar आप 4-5 बार करने की ख्षमता रखते तो शायद मई जमील से नह चढ़ चुकी होती …खैर छोड़ो इस बात ko..ab आपकी इ लुल्ली को कैसे रोक सकती हु जो मुझे जमील की ऊँगली क बराबर कस भी मजा नह देता..
मीणा को सोचता देख कर उसका पति बोलै क्या सोच रही हो…
मीणा अपनी सोच से बहार आते हुए बोली कुछ नह बस सोच रही थी कल ब्रेकफास्ट क लिए क्या banavu..meena ने झूट hi बोलै था क्यू की उसका मैं थोड़ा बी अब चुदाई में नह था पर वो अपने पति को निराश बी नह कर्मा चाहती thi…darasal वो अब राणा जी क बारे में सोचना चाहती थी कल अगर राणा जी उसे मिलने आया तो क्या kare..kya मई उसको है bolu…ha तो बोलना hi है पर इतने जल्द उसे है बोलने से कही वो मुझे गलत तो नह समजेगा कही मुझे चुड़क्कड़ तो नह samjega…utne में hi रूम का लाइट ऑफ गया था तो मीणा को अपनी सोच पर ब्रेक डालनी पड़ी क्यू की लाइट ऑफ होते hi मीणा का पति उसके ऊपर चढ़ चूका था और अपना 5 इंच का लुंड को मीणा की छूट पर रगड़ते हुए अंदर डालने की कोशिश करने लगा tha..jo मीणा ने जानबूजकर अपनी टाँगे अभीतक पूरी खोली नह thi..jabse मीणा जमील से लगातार छुड़वाने लगी थी तब से उसे डर था की उसका पति को कही उसकी खुली छूट क बारे में शक न हो जाए इसलिए वो जानबूजकर अपनी टाँगे थोड़ी hi खोलती थी और जब उसके पति का लुंड पूरा भीतर समां जाता था तब वो अपनी टाँगे खोल देती थी ताकि पति को लगे की मीणा की छूट अब बी उतनी hi टाइट है…
इस बीच मीणा ने अपनी पति क लुंड को जितना चाहिए उतना hi टंगे खोल दी थी और जब उसके पति का लुंड पूरा उसकी छूट में चलागया और उसका पति धक्के मरने laga…jo मीणा को थोड़ा सुख तो दे रहा था पर उतना नह जितना उसे जमील क साथ मिलता था ..वो अपने पति को बाहोंमे सोई मैं में hi boli…karo मेरे पतिदेव जितना चाहे करो अब मई पहले की मीणा नह रही जो 5-10 मं में hi भरकास्ट हो javu…aur आपकी कैपेसिटी बी तो उतनी hi hai…karo क्या पता कल से आपका बॉस भी मेरे जिस्म को निचोड़ने लगे और मई बी उसका साथ देने lage…so आज जितना मैं करता है उतना छोड़ lo….aur मीणा झूटी सिसकारियां लेते हुए अपने पति को खुश करने lagi…aur इ चुदाई का सिलसिला कुछ 5-6 मीन्स में hi अपनी चरमसीमा पार कर चूका था, मीणा क पति दिनु हफ्ते हुए अपने काम रास को मीणा की छूट में दाखिल कर दिया और बगल में sogaya…meena ने अब अपने कपडे ठीक करलिए और दूसरी तरफ मुँह करके sogayi…aaj उसे अपने पति क साथ थोड़ा बी मजा नह आया tha…wo बस नाम क लिए hi पति क निचे लेती लुंड को अपनी छूट में झेल चुकी thi..kuch hi देर में मीणा बी नींद क अघोष में चालीगयी…
अगले दिन सुबह वो अनजान शख्स का फिर से मश्ग आया हुआ tha..tab मीणा एक पल सोचने लगी कही वो अनजान शख्स राणा जी तो nh..usne अपने दिमाग पर जोर डाला तो उसे लगा नह वो अनजान शख्स राणा जी नह हो सकते क्यू की राणा जी ने मुझे कल hi पहली बार देखा hai…aur दूसरी बात इ है की राणा जी पास मेरा सेल नंबर होता तो वो कल मुझसे सेल नंबर क्यू mangate…jarur इ कोई और hi hai..pae कौन इ अब मीणा क लिए एक सस्पेंस tha..par आज वो इस मूड में थी की उस शख्स क बारे में सोच कर अपना वक़्त बर्बाद kare…aaj तो उसे राणा से बात बढ़ाने क लिए तैयार होना था सो मीणा ने वो अनजान मश्ग को डिलीट किया और अपने काम में बिजी होगयी.
शाम तक तो कुछ खास नह hua…meena रोज़ाना की तरह अपने काम करती रही और शाम को 5 बजे क करीब मीणा एक पीले रंग की चूड़ीदार पहने हुए अपने आप को पूरी तरह से अपने नए प्रेमी क लिए सजा चुकी thi…aur ठीक 5.30 को वो घर से निकल gayi…use पूरा यकीन था की अगर राणा जी ने उसकी बात सुनी हो तो वो जरूर 6 बजे क पहले hi मॉल क पास खड़ा होगा और मीणा इसी उम्मीद क चलते अपने कदम मॉल की तरफ बढ़ाने लगी थी और कुछ 15 मीन्स में hi ठीक मॉल क सामने कड़ी thi..aur अपने चारो तरफ एक बार नज़र दौड़ाई तो उसका अंदाज़ा सही निकला था राणा दूर अपनी कार पर मीणा का इंतज़ार करता खड़ा पाया था और वो अपने आप में hi मुस्कुराते हुए मॉल की अंदर जाने लगी उसे यकीं था राणा उसका पीछा करते हुए मॉल में जरूर aayega.Rana बी उसका पीछा करते हुए मॉल में दाखिल होगया और मौका प् कर वो मीणा क पास आके hello बोलै तो मीणा बी उसे जवाब देते हुए hello सर कैसे हो ..
राणा- बस थोड़ा ठीक संजो…
मीणा हस्ते हुए ऐसे क्यू?
राणा- बस संजो की अभीतक कुछ काम नह बन पाया इसलिए..
मीणा समाज गयी थी राणा किश काम क बारे में बात कर रहा hai…to वो बी हस्ते जवाब देते हुए बोली तो आप काम पूरा करने में मॉल में आये हो…
राणा- बस ऐसे hi संजो…
अब मीणा मॉल में एक ग्रोसरी स्टोर में गयी और कुछ खरीदने का नाटक करने लगी और राणा बी उसके पीछे पीछे ग्रोसरी स्टोर तक आया तो मीणा उसे पूछी क्या आप को बी ग्रोसरी खरीदना है क्या? मॉल में इतनी भीड़ थी की इसलिए किसी का ध्यान इनपर नह था इ मीणा ने पहले hi नोट किया tha…aur कोई उसे देख लेगा तो बी मीणा को फरक नह पड़ता था क्यू की वो कोई अनजान नह बल्कि उसके पति का बॉस hi था…
राणा- खरीदना तो नह पर खरीदने वालो की मदत करना चाहता हु..
मीणा उसे छेड़ते हुए पूछी ाचा तो आप सबकी ऐसे hi मदत करते होंगे…
राणा बी जवाब देते हुए बोलै सबकी तो नह पर कुछ खास लोगो की..
मीणा,- जैसे? सवाल भरे नज़रो से राणा को देखि
राणा- अब क्या batavu…jaise आप
मीणा- àच मई खास हु आपके लिए पर कैसे मई तो अभी ठीक से मिली बी नह हु आपसे और नहीं हमारी जान पहचान बड़ी hai…aur ऊपर से आप मेरे पति क बॉस बी ho…ek नौकर की बीवी बॉस क लिए कैसे खास हो सकती है?
राणा- बॉस होगा मई तुम्हारे पति क लिए पर अब तो मई एक आम इंसान हु जो एक खूबसूरत हसीना से बात कर रहा hu..sach कहु मीणा जी आप बहुत खूबसूरत ho…kal k.party में जितनी बी लेडीज आये थे उनसब से आप बहुत खास और अलग hi ho…aapki इस सुंदरता की कितनी बी तारीफ करू उतना काम hi hai..realy ु र ब्यूटीफुल
मीणा अपनी tàarif सुनकर मैं में खुश हुई और शर्मा gayi…aur अपनी शर्माहट छुपाने की कोशिश करते हुए राणा से बोली जरा धीरे बोलो कही किसी ने सुन लिया तो बेकार में बदनाम हो javungi…waise आप कुछ नह खरीदोगे kya…sirf मेरी झूटी तारीफ hi करते रहोगे..??
तब राणा की नज़र एक फ्रूट शॉप पर पड़ी और उसे कुछ सज़ा और वो बोलै है खरीदना तो है पर समाज में नह आरा क्या खरीदू लेकिन अब मैं कर रहा है आम खरीद लू….
मीणा ठीक है तो फिर वो रही फ्रूट की दुकान खरीद लो..
राणा वो तो मई खरीद लूंगा hi पर आपकी आप साथ आते तो? कहते हुए मीणा को hi देखने लगा तो मीणा शरमाते हुए अपनी नज़र zukali….tab बॉस आगे बढ़ते हुए बोलै अरे वो आपकी सहेली नह आआई जो आज आपके साथ मॉल को आनेवाली thi..e बात राणा ने जानबूजकर कही थी ताकि मीणा को पता चले की उसका कल रात का इशारा वो समाज चूका tha…aur मीणा बी अब समाज गयी थी राणा बी उसे छेड़ने क लिए इ बात कह रहा hai…aur वो अपनी बात को सच ठहरने की कोशिश करते हुए boli…ha ..वो नह आयी बस उसे कुछ काम निकल आया
राणा- ाचा hi हुआ जो वो नह आयी..
और दोनों आम की स्टाल की तरफ निकल पड़े तो मीणा ने पूछा इसका मतलब आप औरतो की बात को चुप क सुनते बी हो…
राणा- चुप क कहा सुनता hu..lekin कुछ बात जरूर सुनता हु जैसे कोई फ़ोन ऑफ रकते हुए बी किसी और से बात करने का एक्ट करते हो…..
इ बात सुनते hi मीणा को याद आया जब वो रात को राणा जी को इशारा करने क लिए अपनी सहेली से बात करने का बहाना बना रही थी तब उसने मोब स्क्रीन ों नह किया tha..aur उसकी चोरी पकड़ी जाने से वो थोड़ी शर्मा बी गयी थी और आपने आप को कोसने बी लगी मई बी न थोड़ा फ़ोन स्क्रीन ों करके तो बात करने का बहाना karti…aur वो शर्म क मरे सर निचे झुकाई. तब तक आम का स्टाल बी आगया था और बॉस ने एक डोज़ेन आम बी लिए और मीणा को बी एक डोज़ेन आम दिलाया तो मीणा ने उसे लेने से मन करते हुए बोली अब नह किसी और दिन जरूर lungi…aur राणा ने बी ज्यादा फाॅर्स नह kiya..to मीणा बोली लगता है आपको आम बहुत पसंद है…
राणा- मीणा की छाती की तरफ देखते हुए बोलै है आम खाना किसको पसंद nh…khas कर क आम रसीले हो..
मीणा बोली तो आप आज घर जाकर काट क जी भर क खालो…
राणा- अपनी nàzar मीणा क उभरे दूध पर गड़ाए हुए बोलै काट क खाने में क्या मजा hai..muje तो आम को दोनों हाथो में पकड़ कर चूस चूस कर खाने में मजा आता hai…aur बी रसीला आम को चूसने में तो मजा hi और है..
मीणा राणा की नज़र अपनी भरे हुए मम्मो पर देख कर एक पल क लिए शर्म से लाल हो गयी thi..use राणा क बातो का मतलब अछि तरह से समाज में आया था और उसका जवाब उसके पास था पर उस जवाब को वो इस भरे हुए मॉल में नह दे सकती थी इसलिए वो सिर्फ शरमाते हुए hi निचे मुँह karli…aur अपने दुपट्टे को ठीक कर्ली.
तब बॉस बोलै अगर आपका मार्केटिंग ख़तम होगया हो तो एक कप कॉफ़ी पे ले..
मीणा बी यही छह रही थी कॉफ़ी क बहाने राणा क साथ बात को आगे बढ़ाये और उनकी मुलाकात जल्द hi बिस्टेर पर ho…par उस वक़्त उसे मॉल में कुछ जान पहचान वाले आते दिखे और उसने घडी बी देखि तो 6.45 बज चुके थे इसलिए वो राणा से बोली अभीतक वो वक़्त नह आया है कहते हुए वो चलने रेडी होगयी तो राणा ने उसे अपना विजिटिंग कार्ड देते हुए बोलै तुमको जब लगे वो वक़्त आगया तो इस नंबर पैर कॉल कार्डो…
मीणा राणा जी को एक शर्मीली मुस्कान देते हुए वो कार्ड लेके तुरंत आगे बड़ी और अपने पहचान वालो से कुछ देर बात की और बहार की तरफ निकल पड़ी जाते जाते वो एक बार राणा को मुद क देखने नह भूली जो बहार अपनी कार क पास hi रुका हुआ था. पर मीणा की स्माइल देख कर राणा फिर से मीणा क करीब आया और बोलै अगर आपको अब बी कोई ऐतराज़ न हो अब तो एक कॉफ़ी हो जाये, अब तो जान पहचान वाले बी मॉल क अंदर है..
मीणा राणा से दूर कड़ी इधर उधर देखते हुए बोली.. जानपहचान वाले तो नह पर एक शादीशुदा औरत को किसी गैर मर्द क साथ कॉफ़ी पिने जाना मेरे हिसाब से ठीक नह है…
राणा क लिए इ निराश होनेवाली बात थी पर वो पीछे हटाने वाला नह था उसे अछि तरह पता था की औरत को कैसे काबू में लिया जा सकता है और वो बी शरारती अंदाज़ में बोलै गैर बी अपने हो सकते hai..agar सामनेवाला चाहे तो…
राणा जी की इ बात सुनकर मीणा छूओकाते हुए राणा को देखि और वो मैं hi मैं राणा जी की हिम्मत को शभाषी देने लगी उसे यकीं होगया था की राणा बी जमील की तरह हिम्मतवाला hi hai…par राणा मीणा क पति का बॉस था. और मीणा अछि तरह जानती थी की बॉस क साथ रिश्ता जोड़ने का मतलब क्या होता hai…use अछि तरह पता था वो अपने पति को एक बार धोका दे चुकी hai..wo नह चाहती थी बॉस उसे आसानी से पाकर इ न समाज बैठे की उसका करैक्टर पहले से hi ढीला hai..jisse बॉस उसे एक रखैल की तरह इस्तेमाल kare…meena नह चाहती थी की वो किसी की रखैल बन क रहे बल्कि वो चाहती थी कोई उसे जमील की तरह प्यार करे और उसके साथ जिस्मानी रिश्ता जोड़ दे, और उसे राणा जी से बी यही उम्मीद thi..isliye वो राणा से दूर बी होना नह चाहती thi…wo कुछ सोची और राणा जी से बोली है क्यू नह गैर बी अपने हो सकते है पर उससे पहले उनके बीच जान पहचान ho…aur बेशर्त उनका मैं साफ़ हो.. तभ हु चाय कॉफ़ी क लिए मुलाकात बन सकती है और एक स्माइल क साथ मीणा अपनी घर की तरफ निकल पड़ी..
मीणा की बात राणा क लिए एक पहेली से काम नह thi…use कुछ बी समाज में नह आया tha..wo बस जाते हुए मीणा को देख कर मीणा की बातो का मतलब समझने की कोशिश करने laga..kal तो उसे लगा था मीणा क मॉल में उसे बुलाने का इशारा आज उसे मीणा को बीएड तक ले जाने क बात को अंजाम degi..par उसकी सोच पूरी उलटी होगयी thi…par उसे एक बात जरूर समाज में आयी thi..meena को पाना जितना आसान वो समाज रहा था उतना आसान नह hai..wo अछि तरह समाज गया था मीणा एक थीकि मिर्ची hai..jiska टास्ते ठिका जरूर होगा पर काफी मजेदार hoga..aur वो मैं में hi मुस्कुराते हुए अपने रूम की तरफ निकल पड़ा..
…और उस दिन पति आने क बाद मीणा ने पति को बताया की आज उनके नए बॉस उसे मिले थे…
पति- ाचा कहा
मीणा- वो मई कुछ जरुरी ग्रोसरी खरीदने मॉल गयी थी तब वो बी वह आये हुए थे..
पति- ाचा क्या बोले
मीणा- कुछ नह बस है बोले और लगता है कुछ जल्दी में थे कुछ आम ख़रीदे और निकल गए .
मीणा ने पूरी सचाई तो नह बताई पर पति को जितना जानकारी देनी थी उतना hi दे दी थी ..और दिनु बी मीणा की बात को सच मान बैठा tha…use थोड़ा बी अंदाज़ा नह था की कामेश याने उसके बॉस को, उसकी प्यारी बीवी ने hi मॉल में आने का निमंत्रण दिया था और उनके बीच नज़दीकिया बढ़ाने क लिए जितना बातचीत होनी थी आज वो बी होगयी है..
अगले दो दिन तक कुछ खास नह हुआ …पर हालाँकि मीणा का मैं तो हुआ था की वो राणा जी को कॉल करे पर वो सोचने लगी अगर मई होक कॉल करू तो उसे गलत समाज सकता है और उसके करैक्टर बी ढीला समाज सकता है बेहतर है राणा जी से अगले मुलाकात क बाद hi कुछ बात को आगे बढ़ाये और उसे पूरा यकीं था की राणा जी कुछ न कुछ प्लान करके उसे मिलना जरूर चाहेगा…
पर इस बीच मीणा का संस्कार उसे बार बार एक hi बात कहने की कोशिश कर रहा था… जो कुछ बी आज तक हुआ मीणा उसे एक हसीं सपना समाज कर भूल ja…jitna तेरे जिस्म क लिए गर्माहट की जरुरत थी वो तो तू जमील से पा चुकी hai…ab और आगे मत bado…ho सकता है तुम्हारा इ कदम तुम्हारे पति क मर्यादा की ठोस pahuchade..galti से बी तुम्हारी और राणा जी का रिश्ते क बारे में किसी को भनक बी लग गयी na…to तुम किसी को मुँह दिखने लायक नह rahogi…ab बी वक़्त है भूल जा सबकुछ…
पर मीणा का जिस्म इतना व्याकुल था की उसे अपनी संस्कार क बात तो सही लग रही थी पर उसे जिस्म क आग को संभालना बहुत मुश्किल hi नह नामुमकिन लग रहा था.. और वो सोच समाज कर इ नतीजे पर आयी ki…ha जो मैंने जमील क साथ मिलकर किया जो मई अब राणा जी क साथ करने जा रही हु वो जितना गलत है उतना सही बी hai..aur मेरी इस गलती क पीछे सिर्फ मेरा hi हाथ नह मेरे पति क बी हाथ hai..agar वो मुझे जिस्मानी सुख दे पाते तो शायद मई जमील जी क साथ अपनी जिस्म को नह lootathi…par मेरे पतिदेव मई अब मेरे जिस्म को किसी की कमी उतनी महसूस होती जितनी रगुस्तान में खड़े एक प्यासे को पानी की कमी महसूस होती hai…par मई वडा करती hu..mai कभी ऐसा नह करुँगी की जिससे आप को 4 लोगो क सामने शर्मिंदा होना pade..iske बाद जमील जी हो या आपका बॉस उनके साथ सोच समाज कर hi कदम uthavungi…agar कही बी मुझे लगे की मेरे इ रिश्ता आपकी मर्यादा को ठोस पंहुचा सकता है तो मई तुरंत उसी वक़्त उस रिश्ते को तोड़ dungi.,...sorry मेरे पतिदेव मई आप से बहुत प्यार करती हु पर मई अपने जिस्म को प्यासा बी नह छोड़ sakti…par मेरा वडा hai…mai चाहे फिर एक बार आपके बॉस से बी रिश्ता banalu….par मई हमेशा आपकी प्यारी मीणा बन क hi रहूंगी…
मीणा का डेसिओं किस हद तक और कब तक खयाम रहेगा इ वो खुद तो नह जानती थी पर एक बात तो सच थी की वो अपने पति से बहुत बहुत प्यार करती thi…aur इस बीच गौर करने वाली बात इ थी की मीणा को उस अनजान शख्स से डेली सुबह गुड मॉर्निंग और रात को गुड नाईट मश्ग का सिलसिला जारी hi था और मीणा ने उसे कभी रियेक्ट नह किया था…
उधर कामेश का बी यही हॉल tha….usne तो मीणा को अपना नंबर दे दिया था इस मकसद क साथ की मीणा थोड़ी चालू है और उन औरतो की तरह है जो पैसो की और अपनी पति क तरक्की की लालच में उसके साथ बिस्टेर बात सकती है..
पर उस दिन मीणा की पहेली सामान बाते और जब दो दिन तक मीणा का कोई बी कॉल या मश्ग नह आया तो वो सोचने पर मजबूर होगया tha…ki जैसे वो सोच रहा है वैसे मीणा नह hai…aur उसने अपने नौकरो से बी दिनु और उसके परिवार क बारे में थोड़ी बहुत जानकारी इकट्ठा कर्ली तो उसे समाज ने में देर नह लगा की उसकी सोच बिलकुल गलत thi…q की नौकरो ने दिनु को एक मेहनती इंसान और उसकी बीवी मीणा को एक पतिव्रता का दर्जा दिया हुआ tha..jise सुनकर राणा बहुत खुश होगया था उसने सोचा मीणा जैसी सूंदर और सुशिल औरत को चकने में तो बहुत मजा aayega….lekin kaise…iskeliye तो मीणा से और बी नज़दीकिया बदनी padegi…par मीणा न तो उसे मिलने तैयार है और नहीं उसका फ़ोन नंबर होते हुए बात या मश्ग करने तैयार hai..aur वो कुछ देर सोचने क बाद अपने चेहरे पे एक कातिल मुस्कान लाते हुए अपने प्लान को अंजाम देने क लिए तैयार हुआ था..
उस दिन शाम को मीणा को जब मीणा और उसके पति रात क डिनर ो बाद बैडरूम में सोने तैयार हुए तो दिनु बोलै अरे मीणा मई बोलना भूल गया था कल मेरे लिए टिफ़िन मत बनाना..
तब मीणा उसे पूछी क्यू कल वही पार्टी वगैरा कुछ है क्या…
तब दिनु बोलै पार्टी तो है पर वह नह कल शाम को hai….aur है तुम बी मेरे साथ चलना होगा…
मीणा- अरे नह बाबा मुझे नह जाना किसी पार्टी me..aap hi जावो मई घर में hi ठीक हु कहते हुए मीणा ने पार्टी में आने से इंकार करदिया
तब दिनु बोलै अरे इ तो फॅमिली पार्टी है खुद बॉस ने कुछ खास लोगो को अपने परिवार क साथ आने को बोलै है..
बॉस का नाम सुनते hi मीणा क रोमते खड़े होगये the…uske जिस्म में एक ुंचही लहार दौड़ ने लगी thi…jo वो जल्द hi महसूस करना चाहती thi…fir बी उसने अपनी उमंगो को काबू में रखते hue..pati से पूछी ऐसी क्या खास बात है की कल कुछ खास लोगो क लिए hi पार्टी राखी है…
दिनु- वो तो बॉस hi जाने पर कह रहे थे सब को परिवार क साथ आना जरुरी hai…aur तुम बी चलना hoga….pati की बात सुनकर मीणा मैं में hi सोचने lagi…isme राणा की जरूर कोई चल होगी कही वो फॅमिली पार्टी क बहाने मुझसे मिलना तो नह chahte…agar मुझसे मिलना hi होता तो फॅमिली पार्टी रखने की क्या जरुरत थी ….कुछ और hi रीज़न hoga…tab उसे याद आया कुछ दिन पहले की वाशरूम की बात …कही राणा जी का प्लान फिर से वाशरूम का तो nh….kuch तो है जो मुझे समाज में नह aara…ab पार्टी में जाकर hi तो पता चलेगा…
मीणा गहरी सोच में मग्न थी तब उसे दिनु ने आवाज़ देते हुए पूछा क्या सोच रही हो…
मीणा अपनी सोच से बहार आते हुए बोली कुछ नह बस सोच रही थी की बार बार पार्टी में मेरा जाना ठीक रहेगा की नह…
दिनु- अरे तुम थोड़ी अकेली औरत ho…waha तो और 4-5 औरत बी होंगे और उनके बचे बी …सो ज्यादा सोचो मत अब सो जावो.
मीणा- एक घेरि सास लेते हुए बोली ठीक है अब आपको कैसे मन कर सकती hu…chalo और एक पार्टी बी sahi…meena ने ऐसा बोलै था की जैसे वो अपनी मर्ज़ी से नह बल्कि अपनी पति की ख़ुशी क लिए रेडी होगयी hai…aur वो दूसरी तरफ मुँह करके सो गयी और सोचने लगी की कल सच में राणा जी ने उसके लिए hi तो पार्टी नह राखी, अगर मुझसे नज़दीकिया बढ़ाने की सोच से राखी हुई है तो मेरे पति और लोगो क होते हुए राणा जी kaise?….e सवाल उसके दिमाग सवाल hi बांके raha…shayad इ पार्टी मेरे ली हो बी सकता है और न भी..…. राणा की इ चल मीणा क सोच क बहार thi..use कुछ बी समाज में नह आरा है था और वो इसी सोच का जवाब ढूँढ़ते हुए नींद में चालीगयी…
मीणा को सोचना बिलकुल सही tha…Rana ने कुछ प्लान करके hi इ फॅमिली पार्टी राखी हुई thi..meena को अपना ने क लिए इ उसका प्लान का हिस्सा tha…isliye उसने कुछ गिने चुने 5-6 लोगो को hi निमंत्रण दिया था वो बी फॅमिली क साथ और उसने बचो को बी इसलिए लाने बोलता की उनकी फॅमिली की नज़र बचो पे ज्यादा रहेगी तो वो मीणा और उसके बीच होनेवाली हरकतों पे ज्यादा ध्यान नह डी payenge..uska और बी कुछ प्लान था जो आगे पता चलेगा…
दूसरे दिन दिनु दोपहर को hi काम से वापिस आया और दोपहर का खाना अपनी बीवी मीणा क साथ खा कर कुछ देर रेस्ट करके बॉस से मिलने चला गया जो बॉस ने उसे सुबह hi फ़ोन पर बताया था..
जब दिनु बॉस से मिला तो पहले बॉस ने अपने नौकर को बोलकर कॉफ़ी देने बोलै और उसके साथ खुद बी कॉफ़ी की चुस्की लेते हुए दिनु से बोलै अरे भाई dinu..mai चाहता हु की आज की पार्टी की सब तैयारी तुम karo…sab गेस्ट और उनके परिवार को कोई कमी न हो इ इसका खास ख्याल रखना और सबके क लिए स्पेशल चॉकलेट और आइसक्रीम बी मँगवालेना खास कर क औरतो और बचो क लिए…
दिनु- चूकते हुए सर मई….??
दिनु ने सवाल भरे नज़र से बॉस की और देखा तो राणा बोलै क्यू कोई प्रॉब्लम है तो मई किसी और को bolunga…darasal तुम्हारे पुराने बॉस ने hi मुझे कहा था की तुम हर काम शराफत और लगन से करते हो इसलिए मैंने तुम बोलै…
बॉस की बात सुन क दिनु मैं hi मैं खुश हुआ tha…darasal दिनु बी यही चाहता था की वो पहले बॉस की तरह कमेशा राणा का बी खास आदमी बन जाए तो उसका सब काम आसानी से निपट jayega..dinu खुश था और इस ख़ुशी क चलते वो बोलै क्यू नह सर आपको कोई शिखायत का मौका नह मिलेगी मेरे तरफ से
बॉस- गुड बहुत ache…aur राणा ने कुछ पैसे दिनु क हाथ में थमाए और बोलै इ रख लो और कल बाकी का हिसाब दे देना…..
दिनु पैसे लेके ठीक है सर तो मई जाके तैयारी करता hu…bolke बॉस से विदा लेके जाने लगा तो राणा बोलै और सुनो दिनु आज से पुराने बॉस की तरह तुम बी मेरे खास हो..
बॉस की बात सुन क वो ख़ुशी ख़ुशी थैंक यू सर बोलके तो चला गया तो इधर राणा दिनु को जाते हुए देख मैं में hi बोलै कहा इस बंदर क हाथो मीणा लग gayi…shayad यही वजह होगी जो मीणा मुझसे थोड़ी आकर्षित हो रही होगी…
दिनु एक साधारण कद कटी का मर्द था जो एक आवारगी पर्सनालिटी का tha…meena और दिनु की जोड़ी कभी बी नह बनती thi..kaha मीणा जैसी सूंदर औरत और कहा दिनु जैसा एक कला घुघुरे बाल वाला mard…par दिनु बहुत मेहनती था और अपने सब पुराने बॉस लोगो क साथ एक ाचा रिश्ता मेन्टेन करने क वजह से वो आज एक अछि पोस्ट पर था..
खैर दिनु तो बॉस क बातो से खुश था पर उसे इ पता नहीं था की वो ख़ास किस लिए बना है वो बी इतनी जल्द… उसे थोड़ा बी अंदाज़ा नह था की उसकी प्यारी बीवी उसके बॉस यानि कामेश राणा क लिए सबसे ख़ास hai…aur वो आज उसकी बीवी की गुप्तांग पर दस्तक देने क लिए hi खास पार्टी राखी हुई hai….aur उसने इ बात सोची बी नह थी की बॉस क दस्तक पाते hi उसकी प्यारी बीवी उसके बॉस यानि राणा जी क लिए अपने हाथों से बिस्टेर सजायेगी प्रेमलीला क लिए…
खैर घर में बैठी मीणा यही सोच में लगी हुई थी की आज पार्टी में क्या hoga…use डर बी था की कही जोश में आके राणा कुछ ऐसा न करदे जिसे उसके पति और साथीदार को शक न हो jaaye…par मीणा को यकीं बी था की राणा जैसे ऊँचे पद का आदमी ऐसी कोई हरकत नह करेगा जिससे उसके इज्जत पे दाग लग jaaye..par अब उसे जल्द से जल्द पार्टी जाने की जल्दबाज़ी thi..so अपने पति दिनु का इंतज़ार करने लगी thi…jiske आते hi पार्टी जाना तैय था पर जब शाम क 6 बजे तक बी दिनु नह लौटा तो उसे बेचैनी होने लगी thi…use ऐसा लगाने लगा की कही किसी कारन वाश पार्टी कैंसिल तो नह hui….jo वो बिलकुल नह चाहती थी और उसने अपने मैं का शक दूर करने क लिए अपने पति दिनु को फ़ोन लगा hi लिया तो उधर से दिनु ने कॉल रिसीव करके hello कहा
मीणा- जी कहा हो आप
दिनु- कही नह आरहा हु कुछ काम सौपा था बॉस ने वही कर रहा हु कुछ आधे घंटे में आजावूंगा उसके बाद पार्टी क लिए निकलते hai..q कुछ लाना है क्या?
मीणा- नह नह बस ऐसे hi पूछा ok तो फिर आप अपना काम करके आवो रखती hu…meena को अपने पति क काम से कोई मतलब नह था बस उसे इ जानना था की पार्टी है या नह जो उसके पति क बातो से hi पता चल गया था इसलिए मीणा ने ज्यादा बात किये hi फ़ोन काट दिया था.
अब उसके दिमाग में एक hi बात चल रही थी रात में पार्टी में क्या hoga…uske दिमाग में कही सारे सवाल एक साथ hi उठ रहे थे पर वो जानती थी उन सब का जवाब सिर्फ पार्टी शुरू होते hi मिलनेवाला है… और वो सोचने लगी पार्टी में क्या पहन क jaavu….wo अपने कप्बोर्ड क पास जाके एक एक साडी ड्रेस चेक करने लगी लेकिन उसे आज कोई बी चीज़ ऐसी नह लग रही थी जिससे वो खास बॉस क लिए pehnu….lekin खैर उसे कुछ तो पहन क hi जाना था तो उसने एक काले रंग की डिज़ाइनर साडी चुनी क्यू की इसके साथ जो ब्लाउज था वो थोड़ा स्लीव्स पर ट्रांसपेरेंट था जिसे मीणा की बाहे उभर क दिख जाती थी जो वो राणा क लिए प्रदर्शित करना चाहती thi…aur मीणा ने साथ में एक ब्लैक कलर का घागरा बी चुना जो काफी टाइट था साथ hi मीणा ने मैचिंग ब्रा पंतय बी निकली और उसे लेकर बाथरूम गयी और अपने पुरे कपडे उतर कर नंगी hi शावर लेने लगी …गाना गुनगुनाते हुए सजाना है मुझे सजाना क लिए सजाना है मुझे सजाना क लिए. ….. जैसे जैसे पानी की हलकी सी बून्द उसके शरीर को भिगो रही थी वैसे वैसे मीणा का जिस्म में गर्मी बी बढ़ाने लगी थी.. और इस बढ़ती गर्मी ने उसके हाथ को छूट को मसलने पे मजबूर करदिया tha…meena मस्ती में डूबी गाना गुनगुनाते हुए पानी क बूंदो क निचे अपनी छूट को मसलते हुए उसे शांत करने की कोशिश कर्म लगी थी तब उसे अपनी उँगलियों पर करीब आधे इंच की झट जो छूट पर उगी हुई थी वो चुबने लगी thi…aur उसका गुनगुनाना रुक गया साथ hi शावर बी ..और वो शर्मीली मुस्कान क साथ रेसर उठके अपने छूट क बाल साफ़ करने लगी…
मीणा ने आखरी बार जमील क लिए hi अपनी छूट को साफ़ किया था उसके जाने क बाद आज 15- 16 दिन तक उसने अपने छूट को साफ़ नह किया tha…isliye करीब आधे इंच तक बाल छूट पर उगे हुए the..par आज वो जानती थी की राणा और उसके बीच कुछ नह होगा फिर बी उसके मैं एक अभिलाषा थी अपनी बिना झांट वाली छूट को राणा किसी तरह चुने की कोशिश करे अकेले पाकर…
मीणा को इ अछि तरह पता था जैसा वो सोच रही वो होगा hi नहीं फिर बी गलती से हो बी गया तो वो अपनी साडी क ऊपर से बी बॉस को अपनी छूट पर बाल होने का थोड़ा बी एहसास देना नह चाहती थी…
कुछ hi देर में मीणा नहाकर फ्रेश हुई और वो सिर्फ चड्डी और ब्रा पे hi बैडरूम में आयी और नंगी ेने क सामने कड़ी होकर अपने गोर भरे हुए जिस्म को निहारने lagi..meena इस वक़्त सिर्फ एक क्रीम कलर की चड्डी और ब्रा पर thi..jo उसके गोर गरदायी बदन पे चार चाँद लगा रहे the…agar इस वक़्त कोई बुड्ढा बी सामने होता तो उसका लुंड खड़ा होने से नह रोक paata…meena अपने जिस्म को पलट पलट कर ेने क सामने रुकी देख रही thi…uski चड्डी इतनी टाइट फिट थी की उसके गांड क खुले उभर क पूरी गोलाई और मोटापन कोई बी इमेजिन कर सकता था और आगे से तो उसकी पहली हुई छूट का छेद लुंड लेने तैयार दर्शा रहा tha..aur ऊपर छाती पे बी यही हाल tha..uski ब्रा में कैद उसके मोठे मोममे आधे से ज्यादा बहार झक रहे थे मानो क कह रहे हो जल्द से जल्द इसे मसल कर मुट्ठी में भर कर chuso..e सब नज़ारा आयने में देख कर मीणा और बी उत्तेजित होने लगी thi…wo ेने क सामने एक गैर मर्द को इमेजिन कर रही थी और फिलाल वो गैर मर्द कोई और नह था बल्कि उसके पति का बॉस राणा hi tha…..jiske साथ वो अपना जिस्म बाटने की सपने सजाये हुई thi…use एक पल शर्म बी आयी इ सोच कर की जल्द hi वो राणा क सामने ऐसी hi आधी नंगी अवस्ता में कड़ी hogi..aur शर्म क मरे दोनों हाथो से अपना चेहरा धक् li…aur धीरे से अपना हाथ हटते हुए बोली ऐसा क्या देख रहे हो मेरे राणा ji….jald से मुझे बहो में भर क मेरी प्यास भुजा दो na…kitne दिनों से इ जिस्म किसी तगड़े मर्द की तलाश में hai…hahah हहहहहहहहह ajavona….uuuuuuuu ाचा अब इ कपडे बी ज्यादा लगे ….तो इसे बी उतर दो na…kehte हुए मीणा अपनी चड्डी खुद उतर hi रही थी तभी उसे बहार बाइक रुकने की आवाज़ aayi…aur उसे समझने में देर नह लगी की इ उसके पति का hi बाइक है और उसने झटके से निघ्त्य उठायी और पहन कर बहार चली गयी और जब तक दिनु आके फ्रेश हो जाता मीणा ने उसके लिए कॉफ़ी बी banadi…par कॉफ़ी बनाते हुए मीणा यही सोच रही थी की कितना ाचा लग रहा था राणा जी को सामने महसूस karke…..agar पति नह आते तो पूरी नंगी hi हो जाती मजा aata…inhe बी न… कुछ देर बाद एते तो क्या होता….. हेहेहे कहते हुए वो मैं hi मैं अपने पति को कोसने लगी और boli…aur सुनो मेरे पतिदेव जब मेरा और आपके बॉस का मिलान होगा न .,तब मई पूरी सिद्दत से मेरे एक एक अंग आपके बॉस क हवाले करने वाली हु तब आप बीच में आके डिस्टर्ब मत करना hehehe…meena ऐसे सोचते हुए अपने मैं में hi एक कातिल सी मुस्कान भरे कॉफ़ी लाके बहार बैठे अपने पति यानी दिनु क सामने रख दी और खुद बी उसके सामने बैठ गयी तो दिनु बोलै अरे मीणा तुम तैयार नह होगी…
मीणा मैं hi मैं बोली मई तो कब से तैयार हु… पर वो अपने पति को इसकी जरा बी भनक नह देना चाहती थी सो वो बोली इतना जल्द जाके क्या करेंगे waha..party तो ,9 बजे क बाद hi शुरू होगी na..ab तो 7.30 बजने आये है…
दिनु कॉफ़ी की चुस्की लेते हुए बोलै है पर हमे जल्दी जाना है क्यू की बॉस ने पार्टी क साडी जिम्मेदारी मुझपर डाली hai..so मुझे hi वह पहले जाकर तैयारी करनी है और दिनु ने दोपहर वाली सब बात मीणा को बतादि.
दिनु की बात पूरी सुनते hi मीणा का अंदाज़ा यकीं में बदल रहा था और उसे लगा जब राणा ने पार्टी मुझे मिलने क बहाने से hi अर्रंगे किया है तो आज जरूर उसका कुछ तो इरादा hai…aur इ बात सोचते hi उसके जिस्म में एक ख़ुशी की लहार दौड़ पड़ी जो चेहरे पे मुस्कान लाने क लिए काफी thi….ab मीणा और देर नह करना चाहती थी .उसने मैं में hi तैय किया की आज वो राणा जी क हरकतों को अपना पूरा सहयोग degi..aur वो बैडरूम जाके पहले hi चुने रखे साडी को पहन कर रेडी hogayi…tayyar होते वक़्त मीणा ने पूरी कोशिश की थी राणा उसे देख क पागल हो जाए और तब तक उसका पति दिनु बी तैयार हो गया और कुछ देर बाद दूर लॉक करके दोनों hi पार्टी क लिए निकल पड़े..
लेकिन जाते जाते मीणा को कुछ शरारत सूचि और वो अपने पति से बोली…
मीणा- सुनो
दिनु- है बोलो क्या हुआ कुछ भूल गयी क्या,?
मीणा- नह बस मई इ कहना छह रही थी की ऐसे खली हाथ पार्टी में जाना ठीक रहेगा kya..q न हम बॉस को कुछ ऐसे चीज़ देदे जो उन्हें पसंद ho..aur हो सकता है इससे बॉस और बी ज्यादा आप पे इम्प्रेस हो जाये
मीणा की बात दिनु को बी सही लगी पर उसे पता नह था बॉस को क्या पसंद है… तो वो सोचते हुए बोलै बात तो सही कह रही हो मीणा पर मुझे क्या पता बॉस को क्या पसंद है..
मीणा मैं hi मुस्कुराते हुए बोली है पर मुझे लगता है उनको आम खाना पसंद है..
दिनु- कैसे??
मीणा- भूल गए मैंने दो दिन पहले कहा था बॉस मॉल में मुझे मिले थे और वो आम खरीदने आये थे …मैंने उस दिन नोट किया था
दिनु- है मई तो भूल hi गया tha…chalo तो फिर कहते हुए दिनु ने मॉल क सामने गाडी रोकी और दो दें आम खरीद लाया और बाइक पार्टी क लोकेशन की और चलने लगी.
क्यू की पार्टी कुछ लिमिटेड लोगो क लिए hi थी तो अभीतक कोई नह आये सिवाए एक फॅमिली k…wo बी इसलिए आये थे ki..dinu ने उसे खुद बोलै था थोड़ा जल्द hi आने को क्यू की दिनु अपने काम में उसकी मदत चाहता था और वो बी दिनु का खास दोस्तों में एक tha..kuch hi देर में दिनु और मीणा बी पार्टी क लोकेशन में पहुंच गए थे.. मीणा ने देखा की सिर्फ एक औरत जो उसकी पहचान की थी वो एक चेयर पे बैठी हुई है और उसके दो बचे वही खेल खुद में लगे hai..par मीणा की नज़र किसी और को hi ढूंढने में लगी थी उसे राणा कही नज़र नह आरा है था.. उसे लगा वो अभीतक आया नह होगा सो मीणा सीधे उस औरत क पास जाके बैठ क बातो में लग gayi..lekin उसने वो आम का बैग खुद अपने पास hi रख लिया था उसने सोचा था की वो आम क बैग खुद राणा को देगी और इसी बहाने उनके बीच आँखों में hi बात हो जाएगी..
मीणा उस औरत क साथ बातचीत में तो लगी थी पर उसकी नज़र कही न कही अब बी राणा की राह देखने लगी थी…
उधर राणा एक कमरे में बैठे कुछ सोच में बिजी tha…use बी खबर नह थी की दिनु और मीणा दो no आ चुके hai..aur दिनु बी पार्टी क तैयारी में बिजी होगया tha…kuch 15 मीन्स ऐसे hi बीत गए थे और एक एक करके सब मेहमान आगये the..waha कुल मिलकर 6 औरत थे और 6 मर्द अगर राणा को मिलाया जाए तो कुल 7 मर्द और उनके साथ एक दो बचे बी the…meena औरतो क साथ बैठी हुई थी और कुछ मर्द दिनु क साथ दे रहे थे कुछ वही दूर बैठे गप्पे मार रहे थे..
और अंदर रूम में बैठा राणा क बी दिमाग ने वो सोच ख़तम होगयी थी जिसके बारे में वो अकेले बैठे सोचने लगा tha..aur जब उसे लगा की इ प्लान काम कर सकता है तो वो बी बहार आया और सबको विश किया..
पर जैसे hi राणा बहार आया मीणा क चेहरे पर हसी खिल गयी thi…aur कुछ देर क लिए दोनों की नज़र बी मिल गयी thi..uski दिल की धड़कन अब थोड़ी तेज होने लगी थी क्यू की वो जानती थी अब खेल की शुरुवात होने वाली hai.,e सोच कर hi उसके रोमते खड़े होगये थे लेकिन राणा ने ज्यादा कुछ हरकत नह किये बिना वो मर्दो की तरफ चल पड़ा और मीणा बस उसे तिरछी नज़र से देखते रही..
राणा ने कोई हरकत इसलिए ñह की थी वो जनता था जैसे hi वो बहार आएगा सब लोगो की नज़र उसपे hi होंगी और वो नह चाहता था उसके और मीणा क बीच कोई इशारा हो और कोई उसे देख न le…aur मीणा बी इ बात अछि तरह जान गयी thi…aur वो राणा का इशारे का इंतज़ार करते हुए उसे तिरछी नज़र से देखते हुए नज़र गड़ाए बैठ गयी…
और कुछ hi देर में गेट्स लोगो की ड्रिंक्स की पार्टी शुरू हो गयी और लेडीज लोगो क लिए स्नैक्स क साथ कोल्ड्रिंक्स सर्वे किया गया उधर गेट्स सभी ड्रिंक्स का मजा लेने लगे तो इधर बचे और लेडीज कोल्ड्रिंक्स क साथ स्नैक्स का मजा लेने में बिजी होगये थे..
कुछ आधा एक घंटा बीत गया था और लगभग सब मेहमान ड्रिंक्स और कोल्ड्रिंक्स क मजा ले चुके the…tab वह पे 6 टेबल रेडी करदिये गए और सब टेबल पर एक बड़ी सी मोमबत्ती लगाडी gayi…meena इ सब देख कर कुछ ashçraya हो गयी थी पर उसे कुछ समाज में नह आरहा था वो पहली बार ऐसे अर्रंगेमेन्ट्स देख रही thi…wo राणा की तरफ देख कर पूछने का इशारा कर रही hi थी इ सब क्या hai…par थोड़ा अँधेरा होने क वजह से राणा मीणा क इशारे को देख नह पाया tha…bas मीणा क दिमाग यही सोच चल रही thi…aur उसने जो कुछ बी सोच क आयी थी वैसे अभीतक तो कुछ बी हुवा नह tha…ek पल उसे लगा कही वो गलत नह thi…Rana ने जस्ट फॉर्मलिटीज क लिए तो पार्टी नह rakhi…bas वो अपने दिमाग को जोर डालने लगी थी तभी सभी गेट्स उठ कर आये और उनके साथ राणा बी आया …तब राणा ने पहले सब लोगो को इकट्ठा खड़ा होने को कहा और बाद में बोलै फ्रेंड्स आज मई जो पार्टी दे रहा हु उसके पीछे एक खास मकसद hai…e कहते हुए उसने मीणा की और नज़र डाली तो मीणा समाज गयी थी राणा का मकसद क्या है और वो शरमाते हुए अपनी नज़र ज़ुकाली..
राणा आगे बढ़ते हुए बोलै मई जान था हु आज कल काम का कितना प्रेशर होता है और आप लोग अपनी फॅमिली क साथ एन्जॉय नह कर पते ho..pehle इधर कैसा माहौल था इ तो मुझे पता नह पर जब तक मई यहाँ रहूँगा तब तक मई चाहता हु मेरे सब कर्मचारी मजे क साथ दिन बिताये …इसलिए आज मैंने एक छोटी सी कोशिश की है एक कैंडल लाइट डिनर अर्रंगे karke..aaj इस डिनर पार्टी में लेडीज अलग गेट्स अलग नह है क्यू की मई चाहता हु आज सब अपने परिवार क साथ एक एक टेबल पे बैठ क एक साथ डिनर karenge…isse माहौल बी ाचा बनेगा ….चलो सब अब डिनर करते है और मजे लेते है…
राणा की इ बात सुन कर वह खड़े सब लोग खुश होगये थे क्यू की आज तक जितनी भी पार्टी हुए थी उसमे हमेशा लेडीज क लिए अलग और गेट्स क लिए अलग डिनर परोसा जाता tha…lekin आज पहली बार उनको अपने फॅमिली क साथ कैंडल लाइट डिनर करने का मौका मिला था..
लेकिन मीणा कुछ सोच में पड़गयी thi..q की मीणा को लगा जब पति सामने बैठा होगा तो वो राणा की तरफ देख बी नह सकती thi…use कुछ समाज में नह आरा है था वो तो आज राणा क साथ बात आगे बढ़ाने की सोच कर आयी थी पर इ तो कुछ उल्टा hi हुआ था ऐसा उसे लग रहा tha…uski चेहरे की थोड़ी बहुत रौनक बी चालीगयी thi…aur इ बात राणा ने नोटिस कर्ली thi…aur वो अंदर रूम जाने क बहाने मीणा क ठीक बगल से गुजरते हुए बोलै आज हम साथ में खाना khayenge…aur वो रूम की तरफ जाकर किसी से फ़ोन पे बात करने लगा..
मीणा ने राणा की बात तो सुनली थी पर उसे समाज ने नह आरा था की राणा कैसे उसके साथ डिनर पे बैठेगा और अगर बैठ बी गया तो दिनु क सामने होते हुए उनकी बात कैसे hogi..wo नह चाहती थी की दिनु क सामने राणा से कुछ बात को आगे बढ़ाने की कोशिश kare…meena यही सोच में डूबी हुई थी और तब तक बाकी क लोग सब अपने परिवार क साथ अपने अपने टेबल पर बैठ कर डिनर का इंतज़ार करने लगे थे तब दिनु उसके सामने आया और मीणा से पूछा क्यू मीणा तुम डिनर नह करनी क्या…
मीणा अपने सोच से बहार आते हुए है करेंगे न चलो…
तब दिनु और मीणा दोनों जाके एक टेबल पर बैठ गए और वो बी डिनर का इंतज़ार करने लगे तब तक राणा की फ़ोन पर की बात चित बी ख़तम होगयी थी और वो सीधे दिनु क पास आया और बोलै अरे भाई दिनु मई तो भूल hi गया था..
दरअसल जब राणा ने अपने नौकरो से मीणा और दिनु क बारे में इन्क्वारी की थी तब hi उसे पता चल गया था की दिनु क दोनों बचे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते hai..is वजह से उसे यकीं था की आज पार्टी में दिनु और मीणा hi आएंगे उनके बचे nh..use इ बी यकीं था की दिनु उसे अकेले किसी टेबल पर बैठ कर डिनर करने से रोगेगा. ..और वो अपनी चल को चलने लगा था …
दिनु बॉस को देखते हुए क्या हुआ सर?
राणा- मैंने अपने लिए टेबल लगाना भूल hi गया क्या तुम मेरे लिए यही बगल में एक टेबल लगाने की बंदोबस्त कर सकते हो…
पहले तो दिनु उठगया टेबल की अरेंजमेंट करने तब उसे कुछ लगा और बोलै सर टेबल लगाने की क्या जरुरत है आप यहाँ हमारे साथ hi बैठो न..
मीणा बॉस और दिनु क बीच हो रही बाते तो सुन रही थी पर उसे अपने पति क सामने होते हुए बॉस से नज़ारे मिलाने में डर बी था इसलिए वो नज़ारे झुकाये hi बैठी हुई thi…q की उसे अब कुछ कुछ समाज में आरहा था राणा का प्लान..
उधर अपने प्लान को कामयाब होते देख राणा बोलै अरे नह dinu..meri वजह से आप लोगो को प्राइवेसी नह मिलेगी…
दिनु अपने बॉस पे जोर दालतके हुए अरे नह सर यहाँ कैसी privacy..aap बैठिये तो सही मेरी बीवी को बी कोई प्रॉब्लम नह क्यू मीणा कहते हुए दिनु ने मीणा की तरफ देखा जो अब भी नज़ारे झुकाये बैठी हुई थी..
मीणा बी तो यही चाहती थी तो वो अपनी पति की बात सुनकर नज़ारे उठायी और अपने पति से बोली है हमे कोई आपत्ति nh…aur वो पहली बार राणा से नज़ारे मिलायी मानो की जैसे बोल रही हो बैठो न क्यू इतना भाव खा रहे ho..jise अच्छीतरह पहचान राणा ठीक है जब आपको कोई आपत्ति नह तो मुझे आपके साथ डिनर करने में मजा आएगा कहते हुए वो वही चेयर पे बैठ गया.
अब आलम इ था की बॉस टेबल क एक तरफ बैठा था और उसके आगे राइट साइड में दिनु तो लेफ्ट साइड में मीणा बैठी thi…aur कुछ hi देर में सर्वर आके सब को खाना एक एक करके परोसना lage..aur सब ने एक साथ खाना शुरू कर दिया था…
पति सामने होने क वजह से मीणा अपना सर झुकायेही खाना खाने लगी thi..kuch देर तीनो खाने में बिजी थे पर अचानक मीणा को अपने पेअर पर किसी क पेअर टकराने का एसएस हुआ तो तुरंत मीणा ने अपने पेअर पीछे karliye…use पता नह था की इ पेअर किसके है उसके पति क या राणा क..
कुछ 2 मं क बाद फिर उसे वही एसएस हुआ जो कुछ देर पहले अपने पैरो पे हुए tha.,is बार मीणा तिरछी नज़र से राणा को dekhi..to वो मीणा को देख कर मुस्कुराने लगा tha…meena को पता तो चल गया था की इ हरकत राणा की hi है पर उसे अभी बी कन्फर्म नह tha…so वो चमच को हलके से निचे गिरायी और उसे उठाने क बहाने नीचे देखि..
मीणा ने देखा की उसके पति तो दूसरी तरफ पेअर करके बैठा हुआ है और शूज बी पहना हुआ है और जब उसकी नज़र राणा क पाँव पे पड़ी तो मीणा ने देखा की राणा ने अपने शूज उतरे हुए है और वो मीणा क पेअर क बहुत करीब है…
मीणा फिर से खाने में अपना ध्यान लगायी तो मीणा को फिर से वही एसएस hua….meena अपने मैं में hi खुश हो रही थी क्यू की उसे पता चल गया था की राणा का खेल शुरू हो चूका hai…par उसे डर बी था क्यू की उनके बगल में कुछ दुरी पर दूसरे लोग बी डिनर कर रहे the…aur सामने पति बी बैठा हुआ tha….meena क लिए इ पल किसी साहस से काम नह था वो छह कर बी राणा को साथ नह दे पा रही thi…isliye उसने राणा को देखते हुए न न में सर हिलाया जिसे बखूबी राणा समाज तो चूका था पर मीणा क नरम पेअर चुने में उसे जो मजा मिल रहा था ऐसा मौका वो खोना नह चाहा था और मीणा का न का इशारा पते hi उसे लगा मीणा विरोध तो नह कर रही है पर उसे डर लग रहा hai…aur उसने एक बार चारो तरफ नज़र दौड़ाई और दिनु से बोलै कितना ाचा लग रहा है न dinu…dekho कैसे सब लोग अपने अपने परिवार क साथ कैंडल लाइट डिनर का मजा ले रहे hai…e बात केहर राणा ने मीणा को इशारा छोड़ दिया था की कोई उन्हें नह देख रहा hai…sab अपने अपने परिवार क साथ मग्न है. बॉस की बात सुनकर दिनु बी अपने चारो तरफ नज़र दौड़ने लगा पर मीणा ने जरुरी नहीं समजा वो जानती थी राणा जी ने किस मकसद से इ बात कही hai…aur वो पति से नज़रे चुराके राणा को देख मुस्कुरायी और खाने में मग्न hogayi..par मीणा क इस हरकत से राणा का हौसला और बी बढ़गया था और उसने इस बार मीणा क साडी क भीतर पाँव घुसाने की कोशिश की thi..to मीणा सहम सी गयी और डर क मरे आगे पीछे देखने लगी और आखिर में अपने पति क तरफ देखि जो खाने में बिजी था और फिर राणा को देख कर अपने पति की और आँखे दिखते हुए न न में विनती की
.तभी उसका पति बोलै है सर आपने इ बहुत भेड़िया काम किया क्यू मीणा तुम बी ाचा लग रहा है न दिनु ने सामने बैठे मीणा से पूछा.. अब मीणा क्या जवाब देती उसे पहले से hi अंदाज़ा था की बॉस कुछ कुछ ऐसा करेगा और वो पति से बोली कुछ काम सही वक़्त और सही जगह पर किये तो उसका मज़ा दुगना होता hai…kehte हुए वो बॉस को तिरछी नज़र से देख अपने पाँव को पीछे हटली..
मीणा क इस बात का मतलब राणा अछि तरह समाज गया था पर उसका पति दिनु नह, वो मीणा को देख कर पूछा मतलब ?
मीणा- मतलब इ की सर ने सही समय और मौके पर ऐसे कैंडल लाइट डिनर की अरेंजमेंट करके हम औरतो को खुश करदिया है अपनी बार को बदलते हुए मीणा इस बार पति क सामने hi राणा को देख कर मुस्कुरायी…
मीणा क बातो का मतलब अछि तरह समजे राणा जी ने अपने पेअर को पीछे ले आया हलाकि उसका मैं तो नह था और उसे अभी तक मीणा की दिल की बात बी पूरी तरह से पता नह थी…
तीनो फिर से डिनर करने लगे तब राणा ने अपना मोबाइल निकला और किसी को कुछ मश्ग kiya..aur फिर अपने मोबिल को अपने जेब में रख diya…kuch 2 मीन्स hi हुए थे तब दिनु का फ़ोन बजने लगा तो दिनु ने अपना मोबाइल निकल क देखा तो किसी अननोन नंबर से था सो उसने कट करदिया और फिर खाना खा hi रहा था तो फिर से मोबिल रिंग होने लगा उसने फिर अपना मोबिल देखा तो वही अननोन नंबर था वो फिर कट करना छह hi रहा था तो राणा बोलै अरे दिनु उठा लो na…kisi कोई ुर्गेनस्य hogi..isliye बार बार कॉल कर रहा है….
अपने बॉस की बात सुनते hi दिनु ने फ़ोन पिचकूप किया और बाकी बैठे लोगो को डिस्टर्ब न हो इसलिए कुछ दूर जाके बात करने laga..jaise hi दिनु फ़ोन पे बिजी होगया तो राणा ने अपना खेल को शुरू कर दिया …वो मीणा की और देखते हुए बोलै बड़ी खूबसूरत लगी रही हो आज …
राणा की बात सुनते hi मीणा ने पहले अपने पति की तरफ देखा जो दूर खड़े किसी से फ़ोन पे बात कर रहा था फिर मीणा ने आगे की टेबल की तरफ देखा और जब उसे लगा की राणा की बात उन तक नह पहुंची तो वो बी राणा को देख मुस्कुराते हुए बोली जी थैंक यू…
मीणा की हसी पाते hi राणा बोलै तुम्हारी हसी बी कमल की है किसी को बी पागल banade…meena फिर मुस्कुराते हुए थैंक यू बोली तो राणा बोलै बस थैंक यू hi बोलती रहोगी और कुछ नह ..
मीणा - ह्म्म्मम्म
मीणा का जवाब सुन क राणा बोलै पता है इ पार्टी मई ने खास तुम्हारे लिए राखी है..
मीणा को तो पहले से hi इस बात का अंदाज़ा था फिर बी राणा क सामने मासूम बानी बोली ऐसा क्यू?
राणा आगे बढ़ाते हुए बोलै बस देखना था वैसे कॉफ़ी का तो ऑफर नह एक्सेप्ट की तो मजबूरन इ फैसला लेना पड़ा…
मीणा- हम्म्म
मीणा सिर्फ हम्म में जवाब देने लगी थी जो राणा क लिए काफी नह था सो वो बोलै सिर्फ हम्म्म थैंक यू में जवाब डौगी या कुछ और बी बोलोगी..
मीणा अपने पति की और देखते हुए हलके से बोली वो कभी बी आ सकते है…
राणा अब समाज गया था की मीणा को अपने पति का डर है और वो बोलै जब तक मई नह चहु वो यहाँ नह आएगा बस बातो में hi उलझा रहेगा…
मीणा कुछ समाज नह पायी और राणा की चूकते हुए पूछी मतलब?
राणा बी अपने चेहरे पे मुस्कान लाते हुए बोलै मतलब इ की मेरा hi आदमी उसे बातो में उलझा रहा है…
राणा की बात सुनते hi मीणा पूछी मगर क्यू?
राणा- क्यू की आज मुझे तुमसे कुछ जरुरी बात करनी है…
मीणा कुछ बोली नह बस हम्म में सर झुकाई और वो थोड़ी रिलैक्स बी होगयी क्यू की कुछ देर क लिए उसे दिनु का डर बी नह tha…isliye वो अब पूरी तरह से राणा का साथ देना चाहती थी ताकि जल्द से जल्द बात एक नतीजे पर पहुंच जाए लेकिन उसे बुरा इस बात का लगा था की राणा ने बीच खाने में hi उसके पति को दूर जाने क लिए मजबूर किया है. और वो थोड़ी नाराज़गी दिखते हुए बोली पर सर मेरे पति को बीच खाने में नह उठाना चाहिए था..
मीणा की बातो से राणा समाज गया मीणा को थोड़ा बुरा लगा और वो मीणा को समजने की कोशिश करते हुए bola..ha तुम सही हो पर और कोई चारा बी नह tha..bas इसे पहली और आखरी बार मान लो. राणा की विनती भरी बातो को सुन मीणा को बी लगा शायद इससे ाचा मौका नह मिलता और राणा को देख मुस्कुराते हुए बोली ठीक है तो बोलो क्या बात करनी है आपको…
सच बात तो इ थी की राणा अब बी नह जनता था मीणा क मैं में क्या चल रहा hai..aur उसे इ जो थोड़ी बहुत जानकारी मिली थी उससे वो यही समाज बैठा था की मीणा एक सुशिल औरत hai…isliye वो थोड़ी दुविधा में था की बात को कहा से शुरू Karu…use डर बी था की अगर मीणा को उसकी बात हज़म नह हुई तो कही मीणा उसपर भड़क न जाए और उसे सब लोगो क सामने शर्मिंदा न होना पड़े इसलिए वो अपने मैं में डर बी बसा हुआ tha….aur डर क मरे कुछ उसके मुँह से निकल hi नहीं रहा tha..fir बी उसने थोड़ी हिम्मत जताई और मीणा से bola…wo बात इ है की मुझे तुम्हारा सेल नंबर चाहिए….
राणा की बात सुनकर मीणा मैं hi मैं मुस्कुराने लगी उसे अछि तरह समाज आया था की राणा जो बात कहना चाहता है वो इज्जत और डर क वजह से नह कर पा रहा hai..fir बी वो नखरे दिखते हुए boli…par मेरा सेल no क्यू सर?
मीणा ने कोई विरोध या कोई नाराज़गी न जताने पर राणा की हिम्मत थोड़ी बढ़गयी थी और वो बोलै बस आप इतनी खूबसूरत हो की जी कर रहा hai…aapke साथ कभी कभी बाते करलु और इस बहाने हम दोस्त बी बन jaaye…agar तुम कोई आपत्ति न हो तो…
मीणा मैं hi मैं बोली मुझे भला क्या आपत्ति hogi..mai बी तो कबसे इसी बात का इंतज़ार कर रही hu…aur अपने नखरे को बढ़ाते हुए boli…baat तो ठीक है sir…par आप जानते हो न सर मई एक शादीशुदा महिला हु और शादीशुदा महिला किसी गैर मर्द से दोस्ती कैसे कर सकते है…..
सच बात तो इ थी की अगर आज राणा जी मीणा को खुल्ले चुदाई क बी दावत देते न तो बी शायद मीणा थोड़ा नखरे दिखा कर मान बी जाती.
मीणा को खुल क बात करते देख जमील बी अब अपनी असलियत पर आगया और bola..jaruri नहीं की गैर गैर hi रहे अपना बी हो सकता hai…Rana ने वही बात दोहराई थी जो बात उसने दो दिन पहले मॉल क बहार मीणा से कही थी..
अब मीणा बी अछि तरह समाज गयी थी की राणा जी फिर से फॉर्म में आये hai…use लगा यही ाचा मौका है बात को कुछ हद तक आगे बढ़ाने का और वो boli..ha सर क्यू nh…jarur अपना बना सकते hai…fir बी सर मुझे डर लगता hai..maine आज तक कभी ऐसे गैर मर्द से दोस्ती क बारे में सोचा nh…..e सब गलत है… मीणा ने झूट hi सही पर इस बात को इतनी नज़ाकत से कहा था की राणा उसकी बात को किसी एंगल से बी झूट न तेहरा सके..
मीणा का इ जवाब राणा क इरादे पे पानी फेरने वाला था फिर बी वो हिम्मत जताते हुए bola..tumari यही बात तो मुझे पसंद आयी hai…isliye तो इतनी औरत यहाँ पे होते हुए बी मई सिर्फ तुमसे दोस्ती करना चाहता हु …और हो सकता है इसी दोस्ती क बहाने तुम्हारी पति क ामदंनी थोड़ी ज्यादा बाद jaaye…rana ने मीणा को लालच दिखते हुए बोलै.
मीणा राणा की बात को अछि तरह समाज गयी थी राणा उसे पति की ामदंनी बढ़ाने की लालच दिखाकर उसे हासिल करना छह रहा hai…par मीणा बिलकुल बी इस बात से खुश नह thi..q की मीणा ने पैसो क खातिर राणा क साथ आगे बढ़ाने की बात कभी नह सोची थी और नहीं उसने जमील क साथ किसी लालच से अपने जिस्म को अपवित्र किया tha..use बस अपनी प्यास बहुजन tha..wo बी ऐसे इंसान से जो उसे प्यार करे उसकी फीलिंग्स को समझ sake…paise या किसी और चीज़ की लालच में वो अपने आप को बेच कर रंडी का दर्जा कभी नह पाना चाहती thi..aur वो नाराज़गी जताते हुए boli…shayad आप मुझे गलत समाज बैठे hai…mai ऐसी औरतो में से नह हु…
राणा को तुरंत अपनी गलती का एसएस हुआ और मैं hi मैं बहुत खुश हुआ पहली बार उसे अपनी सिलेक्शन पर गर्व फील हुआ और वो मीणा को मानाने की कोशिश करते हुए बोलै अगर यही बात मई दिल से कहु की मुझे तुम जैसे सुशिल औरत क साथ दोस्ती करना चाहता हु तो.….???? राणा ने बड़े नज़ाकत से इस सवाल को मीणा क सामने रखा था..
राणा का इ बेहवे मीणा को बी ाचा लगा और वो राणा को देख मुस्कुराते हुए boli…to मई शायद सोच सकती hu…kehte हुए मीणा ने राणा को पहली बार अपनी सहमति jatayi..jisse राणा बी खुश हुआ और bola…to फिर इस शुभ काम की शुरुआत कब होगी…
मीणा हस्ते हुए जवाब दी शायद कल सुबह se..par मेरी एक शिरठ hai..aap जब बी मुझसे बात करोगे आपके आस पास कोई नह rahega…khas कर क आपको इस बात का ध्यान रखना hoga..q की मई नह chahti…..meena आगे बोलने hi वाली थी राणा उसे बीच में रोकते हुए बोलै समाज गया समाज gaya…jab तुम जैसी सूंदर पारी से बात हो रही हो तो कौन बेवक़ूफ़ चाहेगा की डिस्टर्बेंस हो….
मीणा ठीक है अब तो मेरे बेचारे पति को बुलालो…
राणा हस्ते हुए किसी को मश्ग किया और मीणा से बोलै पर तुमने अभी तक सेल नंबर दिया hi नह..
मीणा तुरंत boli…wo कल सुबह आपको मिल जायेगा…
राणा अब ज्यादा मीणा को फाॅर्स करने क मूड में नह tha…fir बी वो अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए bola…wo तो ठीक hai..par तुमने कॉफ़ी पर मिलने की ी बात तो कही nh…Rana थोड़ा रोमांटिक मूड में बोलै..
अब मीणा बी पूरी मूड में थी और वो राणा को छेड़ते हुए boli…lagta hai..bahut जल्दबाज़ी है aapko..jald बाज़ी में किया हुआ काम नुकसान hi करता है इसलिए पहले हमारे बीच बातो का सिलसिला तो शुरू होने do…fir कॉफ़ी क बारे में सोचते है…
राणा कुछ बोलने hi वाला था उसे दिनु वापिस आते हुए नज़र आया और वो फिर से खाने की एक्ट करने laga…aur मीणा ने बी अपने पति को आते देख लिया और वो बी चुप चाप डिनर करने लगी..
और जैसे hi दिनु वापिस अपनी कुर्सी पर बैठा तो राणा ने पूछा बड़ी देर लगाडी tumne…kisi खास आदमी का फ़ोन था क्या? राणा ने ऐसा पूछा की उसे कुछ पता hi nh…aur राणा की बात सुनकर मीणा बी राणा को तिरछी नज़र से देखने lagi..maano की ऐसा कह रही हो अब बहुत हुआ..
तभी दिनु अपने बॉस से बोलै पता नह सर कौन था पर उसे कुछ इनफार्मेशन चाहिए thi..shayad किसी जान पहचान वाले ने मेरा नंबर दिया होगा उसे…