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- Dec 5, 2013
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Episode 44
जैसे hi मौसी मेरा उंगली अपने गांड के छेद पे राखी मई मुस्कुरा दिया. मई जनता था मौसी बहुत सालो से प्यासी है और लगता है चुदाई उन्हें कुछ ज्यादा hi अच्छा लग गया है.
मई bola-jo हुकुम मेरी डार्लिंग...
और मई फिर से बीएड पे बैठ गया और मौसी के गांड के गांड में धीरे धीरे उंगली घुसाने लगा.
जैसे जैसे मौसी के गांड में ऊँगली घुस रहा था मौसी फिर से सिसकने लगी ुंहःहःहः अंशूऊऊऊ
मई pucha-kaisa लग रहा है डार्लिंग....
मौसी boli-umhhhhhhhhhh बहुत अच्छाआ ufffffffffffffff
मई धीरे धीरे मौसी के गांड में उंगली घुसा रहा था साथ hi उनके पीठ चुम रहा था एक हाथ से निप्पल को भी मसल रहा था.

मई bola-kya बात है आपका पिछवाड़ा तो एकदम तजा तजा है..... दर्द बहुत होगा.....
मौसी शर्मा गयी और boli-ye दर्द में भी तो मजा है अंशु....
मई देखा मौसी का गांड का छेद अब फड़कने लगा था.. यही सही टाइम था.
मई मौसी को अच्छे से पेट के बल लिटाया. उनकी मोती, गोल गांड मेरे सामने थी. मैंने उनकी साड़ी को कमर तक ऊपर किया और पंतय को एक तरफ सरकते हुए उनके गांड के छेद को देखा. वो थोड़ा सा पिंक और टाइट था.
मई थोड़ा थूक लगाया और अपना मोटा, खड़ा लुंड उनके गांड के छेद पर टिकाया. मौसी का बदन थोड़ा सा काँप गया.
मई bola-Relax कर मेरी जान... पहली बार है... धीरे से शुरू करूँगा.
मई जनता था मौसी का गांड बहुत टाइट है इसलिए मई प्यार से मौसी का दोनों हाथ पकड़ लिया और एक झटके में पूरा दम लगा के धक्का मारा guppppppppppppppp से मौसी के गांड में घुसा दिया.
लुंड गिला होने के कारन सरकता हुआ मौसी के गांड को चीरता हुआ अंदर घुस गया.
मौसी जोर से chillayi-ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mammmiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii................................

मौसी दर्द में बोली- Aaaahhhhhhhhhhhhhh... Anshuuuuuuuuuu... बहुत मोटा है... पहात रही हूँ... आआह्ह्ह्हह... रुक जा... रुक जायआ...
मई उनका कमर को पकड़ कर dheere-dheere पूरा लुंड उनकी गांड में घुसा दिया. मौसी का पूरा बदन अकड़ गया. वो बिस्तर की चादर को दोनों हाथों से कास के पकड़ लिया और मुँह में तकिया दबा कर चीखने lagi-Uffffffffffff... मर गईइइइइइइइ... बहुत दर्द हो रहा है... अंशूऊऊऊ... uffffffffffffffffffffffff mamiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
मई रुका नहीं लेकिन धीरे धीरे उनका पीठ सहलाया और bola-Sah लो मेरी जान... थोड़ा दर्द होगा... फिर बहुत मज़ा आएगा...
फिर मई मुसुई का गांड छोड़ने लगा. धीरे धीरे मई स्पीड बढ़ा दिया. मौसी का गांड अब खुल रहा था मेरे मोठे लुंड से. मुझे भी बहुत मजा आ रहा था मौसी का गरम गरम गांड छोड़ने में.
मई लगातार धक्का लगा रहा था मौसी मजे में ahhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhnnnnnnnnnnn uiiiiiiiiiiiiiiiiii चिल्लाने लगी.

कुछ देर ऐसे hi कुटिया की तरह गांड मरवाने पर मौसी का घुटना में दर्द होने लगा. मौसी boli-ghutne में दर्द हो रहा है अंशु.........
मई तुरंत उन्हें एक तरफ लेते दिया और फिर से पकड़ कर गांड मरने लगा. मेरा पूरा मोटा लुंड मौसी के गांड के कोने कोने तक जा रहा था. मौसी को दर्द तो hi रहा था लेकिन एक मजा भी आ रहा था.

मौसी अब पागल हो चुकी थी. वो बिस्तर पर मुँह दबा कर zor-zor से चीख रही थी,
मौसी बोल रही थी- आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह... अंशूऊऊऊऊ... और ज़ोर से... पहाड़ दो मेरी गांड... आआह्ह्ह्हह... बहुत मज़ा आ रहा है... मर गईइइइइइइइ... और ज़ोर से छोड्दुओ... ufffffffffff... मेरी गांड तुम्हारी है... पूरी तरह तुम्हारी... aaaahhhhhhhhhhh
मई उनका कमर को कास के पकड़ कर बहुत जोरदार धक्के मर रहा था. हर धक्के के साथ मेरा मोटा लुंड उनकी गांड की गहराईयों तक जा रहा था. मौसी की गांड अब पूरी तरह खुल चुकी थी और मेरा लुंड आसानी से andar-bahar हो रहा था.
कुछ देर और जोरदार गांड चुदाई के बाद मेरा लुंड अकड़ने लगा. मैंने उनकी गांड के अंदर hi पूरा माल भर दिया.
मेरा गर्म गरम माल जैसे hi उनके गांड में गया उनका बदन भी जोर जोर से झटका खाने लगा. उनके बुर से फाछह फछहहह के आवाज के साथ पानी निकलने लगा वो भी झड़ने लगी.
मौसी का पूरा बदन अकड़ गया और वो थक कर बिस्तर पर लेट गयी. उनके बदन से पसीना बाह रहा था और सांस तेज़ चल रहा था.
मई उनके बगल में लेट गया. मौसी तुरंत मेरे सीने पर आ गयी और मुझे कास के पकड़ ली.
मौसी मेरे साइन पे लेते लेते boli-Anshuuuuuuuuuuuu... बहुत... बहुत दर्द हुआ... लेकिन बहुत मज़ा भी आया... पहली बार ऐसा लगा की मैं पूरी तरह तुम्हारी हूँ...
मुझे पता होता तुम में इतना दम है तो मई तुम्हारी बीवी तो क्या रखैल भी बन जाती.
मई मौसी का बात सुनके है दिया. मुझे पता था मौसी इतने सैलून से जो तड़प रही थी वो आज उन्हें मिल रहा है इसलिए वो ये सब बोल रही है.
मई प्यार से मौसी के बालों पे हाथ फेरते हुए bola-darling तुम मेरी बीवी हो कोई रखैल नहीं और न hi कभी तुम्हारे साथ मई कुछ ऐसा करूँगा की तुम्हे गलत फील हो.
मई गांव में भी किसी के साथ सम्बन्ध बनता हूँ तो सिर्फ ये सोचकर नहीं बनता की वो मेरे लिए कोई अनपढ़ गवर रंडी है या रखैल है. मई रिश्ते भी दो hi वजह से बनत हूँ. या तो किसी का मदद करना हो या फिर बदला लेना हो. जिस से बदला लूंगा उसे अपनी रखैल बनाऊंगा.
मौसी मेरी बात पे बस मुझे देखती रही.
फिर मई bola-haan डार्लिंग तुझे तो मई खूब छोडूंगा बरसो जो प्यासी है मेरी बीवी.
मौसी बस मुस्कुरा दी और boli-chod लेना तेरी hi हूँ.
ये सुनते hi मुझे ख़ुशी मिला की अब मौसी मेरे साथ खुल रही है. जितना खुलेगी उतना मजा आएगा.
जैसे hi मौसी मेरा उंगली अपने गांड के छेद पे राखी मई मुस्कुरा दिया. मई जनता था मौसी बहुत सालो से प्यासी है और लगता है चुदाई उन्हें कुछ ज्यादा hi अच्छा लग गया है.
मई bola-jo हुकुम मेरी डार्लिंग...
और मई फिर से बीएड पे बैठ गया और मौसी के गांड के गांड में धीरे धीरे उंगली घुसाने लगा.
जैसे जैसे मौसी के गांड में ऊँगली घुस रहा था मौसी फिर से सिसकने लगी ुंहःहःहः अंशूऊऊऊ
मई pucha-kaisa लग रहा है डार्लिंग....
मौसी boli-umhhhhhhhhhh बहुत अच्छाआ ufffffffffffffff
मई धीरे धीरे मौसी के गांड में उंगली घुसा रहा था साथ hi उनके पीठ चुम रहा था एक हाथ से निप्पल को भी मसल रहा था.

मई bola-kya बात है आपका पिछवाड़ा तो एकदम तजा तजा है..... दर्द बहुत होगा.....
मौसी शर्मा गयी और boli-ye दर्द में भी तो मजा है अंशु....
मई देखा मौसी का गांड का छेद अब फड़कने लगा था.. यही सही टाइम था.
मई मौसी को अच्छे से पेट के बल लिटाया. उनकी मोती, गोल गांड मेरे सामने थी. मैंने उनकी साड़ी को कमर तक ऊपर किया और पंतय को एक तरफ सरकते हुए उनके गांड के छेद को देखा. वो थोड़ा सा पिंक और टाइट था.
मई थोड़ा थूक लगाया और अपना मोटा, खड़ा लुंड उनके गांड के छेद पर टिकाया. मौसी का बदन थोड़ा सा काँप गया.
मई bola-Relax कर मेरी जान... पहली बार है... धीरे से शुरू करूँगा.
मई जनता था मौसी का गांड बहुत टाइट है इसलिए मई प्यार से मौसी का दोनों हाथ पकड़ लिया और एक झटके में पूरा दम लगा के धक्का मारा guppppppppppppppp से मौसी के गांड में घुसा दिया.
लुंड गिला होने के कारन सरकता हुआ मौसी के गांड को चीरता हुआ अंदर घुस गया.
मौसी जोर से chillayi-ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mammmiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii................................

मौसी दर्द में बोली- Aaaahhhhhhhhhhhhhh... Anshuuuuuuuuuu... बहुत मोटा है... पहात रही हूँ... आआह्ह्ह्हह... रुक जा... रुक जायआ...
मई उनका कमर को पकड़ कर dheere-dheere पूरा लुंड उनकी गांड में घुसा दिया. मौसी का पूरा बदन अकड़ गया. वो बिस्तर की चादर को दोनों हाथों से कास के पकड़ लिया और मुँह में तकिया दबा कर चीखने lagi-Uffffffffffff... मर गईइइइइइइइ... बहुत दर्द हो रहा है... अंशूऊऊऊ... uffffffffffffffffffffffff mamiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
मई रुका नहीं लेकिन धीरे धीरे उनका पीठ सहलाया और bola-Sah लो मेरी जान... थोड़ा दर्द होगा... फिर बहुत मज़ा आएगा...
फिर मई मुसुई का गांड छोड़ने लगा. धीरे धीरे मई स्पीड बढ़ा दिया. मौसी का गांड अब खुल रहा था मेरे मोठे लुंड से. मुझे भी बहुत मजा आ रहा था मौसी का गरम गरम गांड छोड़ने में.
मई लगातार धक्का लगा रहा था मौसी मजे में ahhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhnnnnnnnnnnn uiiiiiiiiiiiiiiiiii चिल्लाने लगी.

कुछ देर ऐसे hi कुटिया की तरह गांड मरवाने पर मौसी का घुटना में दर्द होने लगा. मौसी boli-ghutne में दर्द हो रहा है अंशु.........
मई तुरंत उन्हें एक तरफ लेते दिया और फिर से पकड़ कर गांड मरने लगा. मेरा पूरा मोटा लुंड मौसी के गांड के कोने कोने तक जा रहा था. मौसी को दर्द तो hi रहा था लेकिन एक मजा भी आ रहा था.

मौसी अब पागल हो चुकी थी. वो बिस्तर पर मुँह दबा कर zor-zor से चीख रही थी,
मौसी बोल रही थी- आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह... अंशूऊऊऊऊ... और ज़ोर से... पहाड़ दो मेरी गांड... आआह्ह्ह्हह... बहुत मज़ा आ रहा है... मर गईइइइइइइइ... और ज़ोर से छोड्दुओ... ufffffffffff... मेरी गांड तुम्हारी है... पूरी तरह तुम्हारी... aaaahhhhhhhhhhh
मई उनका कमर को कास के पकड़ कर बहुत जोरदार धक्के मर रहा था. हर धक्के के साथ मेरा मोटा लुंड उनकी गांड की गहराईयों तक जा रहा था. मौसी की गांड अब पूरी तरह खुल चुकी थी और मेरा लुंड आसानी से andar-bahar हो रहा था.
कुछ देर और जोरदार गांड चुदाई के बाद मेरा लुंड अकड़ने लगा. मैंने उनकी गांड के अंदर hi पूरा माल भर दिया.
मेरा गर्म गरम माल जैसे hi उनके गांड में गया उनका बदन भी जोर जोर से झटका खाने लगा. उनके बुर से फाछह फछहहह के आवाज के साथ पानी निकलने लगा वो भी झड़ने लगी.
मौसी का पूरा बदन अकड़ गया और वो थक कर बिस्तर पर लेट गयी. उनके बदन से पसीना बाह रहा था और सांस तेज़ चल रहा था.
मई उनके बगल में लेट गया. मौसी तुरंत मेरे सीने पर आ गयी और मुझे कास के पकड़ ली.
मौसी मेरे साइन पे लेते लेते boli-Anshuuuuuuuuuuuu... बहुत... बहुत दर्द हुआ... लेकिन बहुत मज़ा भी आया... पहली बार ऐसा लगा की मैं पूरी तरह तुम्हारी हूँ...
मुझे पता होता तुम में इतना दम है तो मई तुम्हारी बीवी तो क्या रखैल भी बन जाती.
मई मौसी का बात सुनके है दिया. मुझे पता था मौसी इतने सैलून से जो तड़प रही थी वो आज उन्हें मिल रहा है इसलिए वो ये सब बोल रही है.
मई प्यार से मौसी के बालों पे हाथ फेरते हुए bola-darling तुम मेरी बीवी हो कोई रखैल नहीं और न hi कभी तुम्हारे साथ मई कुछ ऐसा करूँगा की तुम्हे गलत फील हो.
मई गांव में भी किसी के साथ सम्बन्ध बनता हूँ तो सिर्फ ये सोचकर नहीं बनता की वो मेरे लिए कोई अनपढ़ गवर रंडी है या रखैल है. मई रिश्ते भी दो hi वजह से बनत हूँ. या तो किसी का मदद करना हो या फिर बदला लेना हो. जिस से बदला लूंगा उसे अपनी रखैल बनाऊंगा.
मौसी मेरी बात पे बस मुझे देखती रही.
फिर मई bola-haan डार्लिंग तुझे तो मई खूब छोडूंगा बरसो जो प्यासी है मेरी बीवी.
मौसी बस मुस्कुरा दी और boli-chod लेना तेरी hi हूँ.
ये सुनते hi मुझे ख़ुशी मिला की अब मौसी मेरे साथ खुल रही है. जितना खुलेगी उतना मजा आएगा.