Apne Pyaare rishte - Page 19 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 165 (सुपर मेगा अपडेट)



इतना बोलके वह चले गए उनके जाने के बाद में इस अस्त्र के बारे में सोचने लगा जिस वजह से मुझे प्यास लगने लगी थी जिस वजह से में अपने कमरे से बहार निकल के कीकतें में चला गया और जब में पानी पाइक वापस आ रहा था की तभी मेरा ध्यान दीदी के कमरे की तरफ गया

जिसकी लाइट्स अभी भी जल रही थी जब में उनके कमरे के पास पंहुचा तोह वह कमरे के अंदर मीणा दीदी और रीना दीदी दोनों भी मौजूद थे और बहुत धीमी ाआवाज में कुछ बात कर रहे थे जो की कोई भी सुन नहीं सालता था लेकिन मेरे सेंसेस के वजह से उनकी बाते मुझे क्लेअर्ल्य सुनाई दे रही थी जो सुनके मेरा दिमाग hi चलना बंद हो गया अंदर मेरी दोनों बहने पूरी तरीके से नग्न अवस्था में थी और एक दूसरे के शरीर के साथ खेल रही थी या यु कहु की दोनों लेस्बियन सेक्स कर रही थी

मीणा :- और कितनी देर छोटी 1 महीना हो गया तुझे पता है न में राज से बचपन से प्यार करती हु लेकिन बहन होने की वजह से में कभी आगे नहीं बढ़ी और हमेशा उससे दूर रहती थी

रीना :- है दीदी मुझे पता है और आपके वजह से hi तोह मेरे मन में भी उसके लिए वैसी फीलिंग्स आ गयी थी एयर इसीलिए तोह जैसे hi उसके मन में मेरी वजह से इन्सेस्ट फीलिंग्स पैदा हुई तोह मेने तुरंत आपको बता दिया.

मीणा :- लेकिन उसका क्या फायदा एक महीने से में यहाँ हूँ लेकिन अब तक तुमने उसको मेरे बारे में नहीं बताया बस अकेली मजे कर रही हो तुम (इतना बोलके मीणा ने रीना के बूब्स को सहलाना शुरू कर दिया)

रीना :- अह्ह्ह डीडीई ऐसा नहीं है दीदी बस में हिम्मत नहीं जूता प् रही हु उससे बात काने की

मीणा :- (रीना के चूचियों को जोर से मसलते हुए) उससे छोड़ने के लिए तोह बड़ी हिम्मत आती है तुझमे तोह अब क्या हुआ

रीना :- अह्ह्ह्ह क्या करती हो दीदी दर्द होता है तोह आपको भी किसने रोका है अपनी टंगे खोल के बैठ जाओ उसके सामने आपका काम चुटकियों में हो जायेगा

मीणा :- ाचा जब राज मसलता है तब दर्द नहीं होता तब तोह बड़ा मजा आता है

रीना :- है आता है मजा और अगर इतनी hi जल्दी है आपको तोह जाओ न अपनी टंगे खोल के बैठो उसके सामें

मीणा :- अब यही करना पड़ेगा

वही में बहार खड़ा दोनों बहनों की बाए सुनकर शॉकेड में था की ये क्या हो रहा है इन दोनों में ये दोनों मिलके कितनी खुली तरीके से बात कर रही है ये सब सुनके में अपने कमरे में आ गया में अभी इस सब के बारे में सोच hi रहा था की तभी मेरे अंदर की शैतानी शक्तिया मुझे मीणा दीदी के नग्न शरीर को hi बार बार दिखा रहा था जिससे मेरे मन में जो पहले से hi इन्सेस्ट फीलिंग्स थी वह और स्ट्रांग हो रही थी की तभी न जाने मुझे क्या सुझा और मेने अपना मोबाइल उठाकर रीना दीदी को मश्ग कर दिया

मश्ग :- दीदी आपकी बड़ी याद आ रही है आप आ जाओ नहीं तोह में आता हूँ आपके पास

वही मेरा मश्ग पढ़के दीदी के दिमाग के घोड़े भी दौड़ने लगे

रीना :- (मीणा से) लो दीदी आपका इंतजाम हो गया अब तैयार हो जाओ आज आपकी सील खुलने वाली है

रीना :- (मुझे मश्ग में) आ जाओ भाई आज में भी बड़ी बेचैन हु आज कुछ नया करेंगे

दीदी का मश्ग पढ़ के मेरे चेहरे पे मुस्कान सी च गयी क्यूंकि सब वैसा hi हो रहा था जैसा मेने सोचा था अब देखना था की दीदी क्या तिगड़म लगाती है

वही जब में दीदी के कमरे के पास पंहुचा तोह वह पूरा अँधेरा था जिसमे कुछ भी नहीं दिख रहा था लेकिन में सब क्लियर देख प् रहा था इस वक़्त मीणा दीदी बीएड पर वैसे hi नग्न अवस्था में बैठी थी जिन्हे देख कर मेरा लुंड अब पूरी तरीके से खड़ा हो गया था और वही मेरे कमरे में एंटर करते hi रीना दीदी जो की पहले से hi नग्न थी वह आके सबसे पहले मेरे भी कपडे उतर दिए और फिर मेरे से चिपक गयी जिससे मेरा लुंड सीधा उनकी छूट पर जा लगा जिससे दीदी की हलकी सी सिसकी भी निकल गयी

दीदी :- क्या बात है राज आज तोह तुम्हारा लुंड पहले से hi खड़ा है

में :- है लेकिन आपने रूम में अँधेरा क्यों किया है मुझे कुछ नहीं दिख रहा है (झूठ)

दीदी :- बोलै था न आज कुछ अलग करेंगे

फिर में और दीदी बीएड पर आ गए और बीएड पर आते hi रीना साइड हो गयी और जेक सोफे पे बैठ गयी तोह वही में अँधेरे में रीना को ढूंढने का नाटक करते हुए मेने मीणा दीदी को पकड़ लिया और उनके चूचियों को दबाने लगा

में आपको बता दू की दोनों बहाने जुड़वाँ है जिस वजह से दोनों की शरीर रचना एक सामान है बस उनके चेहरों में थोड़ा डिफरेंस है

में मीणा दीदी के बूब्स मसल रहा था जिससे वह भी अब मदहोश हो रही थी लेकिन न वह कुछ बोल रही थी न hi कुछ कर रही थी तभी मेरा ध्यान सोफे पर बैठी रीना पर गया जो की हमे देखने की कोशिस कर रही थी जो की साद भी लग रही थी जिसे देख कर मेरे मन में आज थ्री सम करने के ख्याल आने लगे

में :- रीना दीदी आप भी आ जाओ न मीणा दीदी कुंवारी है उन्हें आपकी मदद की जरुरत होगी

मेरे इतना बोलते hi दोनों शॉकेड हो गयी

रीना :- राज तुम्हे कैसे पता चला

में :- जब आप दोनों लेस्बियन कर रही थी तब मेने देख लिया था और आपकी साडी बाते भी सुनी थी अब आ जाओ आज थ्रीसम का भी मजा ले लेंगे

मेरे इतना बोलते hi रीना दीदी वैसे hi भगति हुई आके मेरे उप्पेर बैठ गयी और मुझे किश करने लगी हमारा ये किश पुरे 5 मं तक चला जिसके बाद रीना दीदी की सैस उखारने लगी जिस वजह से हमे वह किश तोड़नी पड़ी जिसके बाद दीदी साइड में लेट कर अपनी ससे काबू करने लगी

तोह वही जब मेरा ध्यान मीणा दीदी पर गया तोह वह बार बार अपने होठों पर जीभ फिरा रही थी जैसे की मनो वह इनविटेशन दे रहे थे और में ऐसे इनविटेशन को भला कैसे छोड़ सकता था जैसे hi मेने मीणा दीदी को अपनी और खींचा वैसे hi वह मेरे होठों को ऐसे चूसने लगी जैसे वह जन्मो से प्यासी हो मीणा दीदी की वाइल्ड किसिंग में भी उनका पूरा साथ दे रहा था

अब तक रीना दीदी की भी ससे ठीक हो गयी थी जैसे hi उन्होंने हम दोनों को किश करते देखा तोह वह उठ कर बीएड पर बैठ गयी और मेरा लुंड चूसने लगी जिससे मुझे और भी जोश चढ़ने लगा और मेरी किश और वाइल्ड हो गयी थी जिसे मीणा दीदी ज्यादा देर संभल नहीं पायी और जल्द hi उनकी ससे उखारने लगी

और वह दूसरी तरफ आके लेत गयी तोह वही में अभी रीना दीदी के सर पर हाथ फेरते हुए लुंड चूसै का मजा लेने लगा

अभी में अपने लूणस चूसै का मजा ले रहा था की तभी मेरी नज़र मीणा दीदी के ऊपर निचे हो रहे चुचों पर पड़ी जिन्हे देख कर मेरे मुँह में भी पानी आने लगा जिससे मेने उन्हें उठके सीधा अपने ऊपर लिया और उनके एक चुकी को चूसने लगा तोह दूसरे को मसल रहा था जिससे मीणा दीदी की सिसकिया पुरे रूम में गूंज रही थी

मीणा :- आआआह्ह्ह्हह्ह राज हहाआन ऐसे छ्ठीए बबहहत्तत्त टरपे होओओओ इस स्पर्शध्ठ्ह के लल्लिययी

मीणा दीदी इस वक़्त मेरे स्पर्श को अपने जिस्म पर मेहसूस कर के पागल होने लगे थे और मचल रहे थे

मीणा :- हहाआनंनं भाई ुर्ररर ज़्ज़ुर्ररर से दबाओ और कटुओ बचपन से इस सपर्श के लिए टर्पी हूँ में अह्ह्ह भाई ऐसे चुसो इन्हे बड़ा सताते है ये

उनकी बातो से मेरा जोश और भी बढ़ रहा था जिससे अब मेने रीना दीदी को इशारा किया जिसे समझकर अब उन्होंने मेरे लुंड को छोड़ दिया और मेने मीणा दीदी को बीएड पे लिटा के उनके चुचों को चूसते हुए धीरे धीरे निचे जाने लाहा

तोह वही मीणा दीदी ऐनी वाले लम्हों का सोच कर और भी उत्तेजित हो रही थी जो उनके चेहरे से साफ़ पता पद रहा था जिसे देख कर मेने ज़्यादा दिएर न करते हुए उन के छूट पे अपना मुँह रख दिया मेरे ऐसा करते हे मीणा दीद को 440 वाट का जाटखा लगा जिससे वह बीएड पे उछाल पड़ी और मेरा सर अपनी छूट पे खुद से दबाने लगी

मीणा :- अह्ह्ह्ह भईई ऐसे hi चुसो अपनी बहन की छूट को अह्ह्ह काटो मत अह्ह्ह्ह

अब में उनकी छूट को चूसने के साथ अपनी जुबान को अंदर दाल के घुमा भी रहा था जिसे मीणा दीदी ज्यादा सहा नहीं पायी और वैसे hi झाड़ गयी और फिर में उनके छूट से बहते शरबत की आखरी बून्द को भी पि गया

वही मीणा दीदी अभी भी उसी मजे में थी तोह वही अब मेने रीना दीदी को मीणा के बगल में लेता दिया था और में अपना लुंड उनके छूट पर लगा दिया और एक hi झटके में अंदर दाल दिया जिससे उनकी हलकी सी चीख निकली जिसे सुन के मीणा दीदी का ध्यान हमारे ऊपर गया तोह वही में अब तेज़ी से धक्के लगाना शुरू कर दिए थे जिससे अब दीदी मदहोशी भरी सिसकिया पुरे कमरे में गूंज रही थी

रीना :- अह्ह्ह्ह भाई ऐसे hi अह्ह्ह ऐसे hi

अभी दीदी कुछ बोलती की तभी मीणा दीदी ने अपने होंठ उनके होठों से लगा दिए ये देख कर मेरा लुंड झटका खाने लगा जो की दीदी ने अपनी छूट में अचे से महसूस किआ था जिसके बाद रीना दीदी ने मीणा दीदी को अपने ऊपर ले लिया और उनके बूब्स को चूसने लगी ये सन देख कर मेने अपने ढकों की स्पीड और तेज़ कर दी जिसका बदला रीना दीदी मीणा के बूब्स मसल के ले रही थी की तभी रीना दीदी का शरीर अकड़ने लगा और एक जोर के झटके के साथ मुझे मेरे लुंड पे कुछ गरम सा महसूस हुआ जिसे महसूस कर के में समझ गया की रीना दीदी झाड़ गयी थी लेकिन अभी तक मेरा हुआ नहीं था

जिसके बाद मेने अपना लुंड दीदी के छूट से निकाल के उनके मुँह की तरफ कर दिया मेरा इशारा समझ कर रीना दीदी ने तुरंत मेरा लुंड अपने मुँह में ले लिया तोह वही मीणा दीदी मेरे लुंड को ललचायी और दर की नज़रों से देख रही थी जो मेरे साथ साथ रीना दीदी ने भी नोटिसद कर लिया था जिसके बाद उन दोनों में कीच इशारे बजी हुई

रीना :- अगर इससे दरोगी तोह जिंदगी भर तड़पती रहोगी दीदी सोचो मत

रीना दीदी की बात सुन कर मीणा दीदी ने धीरे धीरे अपना मुँह मेरे लुंड की तरफ झुकना शुरू कर दिया जिसे देख कर रीना दीदी ने लुंड को उनके मुँह से निकल दिया और अपना हाथ को मीणा दीदी के सर पर ले जेक उनकी मदद करने लगी जिसके बाद मीणा दीदी ने भी मेरा लुंड अपने मुँह में भर लिया और उसे अचे से चूसने लगी ऐसे hi मेरा लुंड अब दोनों hi जान बारी बारी से चूस रहे थे जिसके बाद अब बारी थी उसकी जिसका हम तीनो को hi इंतज़ार था मीणा की सील टूटने का

अब मेने अपना लुंड मीणा दीदी के छूट पे रख के धीरे धीरे घिसने लगा जिससे अब मीणा दीदी फिर से गरम होने लगी थी जिसका पता उनके छूट से निकाल के रहे पानी से साफ़ पता चल रहा था वही इस घिसाई से अब उनसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था

मीणा :- अह्ह्ह भाई अब और सबर नहीं होता अब दाल दे अंदर अह्ह्ह अह्ह्ह्हह

अभी दीदी बोल hi रही थी की तभी मेने अपना आधा लुंड एक hi झटके में मीणा दीदी के अंदर दाल दिया जिससे उनकी चीख निकलने वाली थी की तभी रीना दीदी ने अपने होठों को उनके होठों से लगा दिया जिससे मीणा की चीख उनके मुँह में डाब गयी जिसके बाद में भी थोड़ी देर में भी वैसे hi शांत बैठा रहा फिर जब मीणा दीदी का दर्द काम हुआ तोह में धीरे धीरे करके ढके मारने लगा जिससे अब मेरा पूरा लुंड मीणा दीदी के छूट में गायब हो गया था जिसके बाद रीना दीदी ने भी मीणा के होठों को आजाद कर दिया जिससे अब मीणा दीदी मस्ती भरी सिसकिया भी गूंजने लगी थी

वही रीना दीदी ने मीणा के होठों को छोड़ कर अब उनके स्थानों पे आक्रमण कर दिया था इस दोहरे हमले को मीणा दीदी जल्दी सम्हाल नहीं पायी और जल्द hi वह भी झाड़ गयी जिसके बाद में फिर से रीना दीदी को छोड़ने लगा और एन्ड में जब मेरा निकलने वाला था तोह मेने अपना लुंड बहार निकला और दोनों बहनों के मुँह पे पिचकारी छोड़ने लगा

और जब मेरा हो गया तोह रीना दीदी ने मुझे मेरे कमरे में वापस भेज दिया और खुद फ्रेश होक मीणा दीदी को बाथरूम में ले जेक फ्रेश होने में मदद करने लगी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 166



इस वक़्त सूबा और मर. नेगेटिव दोनों भी अपनी आसुरी सेना और दैत्यों के साथ एक घने जंगल में थे जिस जंगल के सुररौनडिंग में शायद कोई मजबूत कवच बना हुआ था जिससे वह की आसुरी ऊर्जा न मुझे और न hi लक्ष्मी को महसूस हो रही थी

मर. नेगेटिव :- मेरे बहादुर सैनिको आज आप सबको पटल लोक से यहाँ इसीलिए बुलाया है क्यूंकि आज हम एक बड़ी युद्ध की घोषणा करने वाले है आज सूरज की पहली किरण के साथ हमारी योजना आरम्भ हो जाये गई जिसमे हमारे रस्टी आने वाले हर एक को चाहे वह देव हो या असुर उसका अंत किया जायेगा और इस गृह पर केवल हमारा राज होगा और इस युद्ध का पहला तीर चलेगा उस लक्ष्मी के परिवार के ऊपर

सूबा :- लेकिन मालिक अगर उसके परिवार को मारने का तरय किया या फिर उनके ऊपर हल्का सा खतरा भी आया तोह भी वह सेंस कर लेंगे और वही होगा जो इस एक महीने से हो रहा है

मर. नेगेटिव :- अगर खतरा आया तोह वह दोनों महसूस कर पाएंहे अगर बिना खतरा पैदा किये उन्हें मार दिया तोह वह दोनों क्या कोई भी सेंस नहीं कर पायेगा

सूबा :- मतलब क्या है आपका मालिक में समझा नहीं

मर. नेगेटिव :- अगर समझ पता तोह तू मेरे जगह न होता तू बस वह कर जो में कहु

(अपने सैनिकों से) तोह मेरे सेना के जाबाज़ योद्धाओं तैयार हो जाओ इस धरती लोक को दूसरा पटल लोक बना देंगे हम

अपने लीडर की बात सुनके साडी सेना उत्साहित हो गयी और युद्ध की तयारी करने लगी

तोह वही दूसरी तरफ

अभी मेरे 24 घंटों मेसे 8 घंटे बिट गए थे अभी मेरे पास केवल 16 घंटे बाकि थे इन 16 घंटों के बाद क्या होने वाला है इसके बारे में न में जानता हूँ और न hi कोई और

इस वक़्त सुबह के 6 बजे लक्ष्मी के घर में सब जग गए थे शिवाये लक्ष्मी के घर के सरे नौकर अपना काम कर रहे थे तोह घर की लेडीज अपनी नार्मल पूजा पथ में लगे थे और गेट्स टीवी देख रहे थे की तभी लक्ष्मी के दादाजी का फ़ोन बज उठा

और जब उन्होंने कॉल रिसीव किया तोह उनके चेहरे पर पहले तोह चिंता की लकीरे आ गयी जो जल्द hi दर में भी परावर्तित हो गयी उनके चेहरे पर ये बदलते एक्सप्रेशंस देख कर वह बैठा उनका बीटा (सुनील अंकल) भी टेंशन में आ गए

सुनील :- क्या हुआ पिताजी सब ठीक तोह है न

ल. दादा :- आश्रम से पंडित जी का फ़ोन आया था वह कह रहे थे की आज हमारे परिवार पे भरी संकट आने वाला है जिससे हमे बचने के लिए जल्द hi आश्रम पहुंचना होगा उन्होंने हमे सावधान किया है की जितनी जल्दी हो सके उतने जल्दी आये और भूल के भी किसी कुंवारी स्त्री या पुरुष हमारे साथ न आये नहीं तोह खतरा बढ़ सकता है और पूरा परिवार का नमो निशान मिट सकता है

ल. माँ :- लेकिन लक्ष्मी का क्या अगर घर में कोई समस्या आ गयी तोह क्या होगा

ल. दादा :- उसका तरीका भी गुरूजी ने मुझे बताया है की उसे हम किसी और जगह या अपने विश्वासु लोगों के साथ रहने को बोले नहीं तोह अनर्थ हो जायेगा

स. अंकल :- ok अगर पंडित जी ने बोलै है तोह जरूर कोई न कोई बात अवश्य हो गई हमे उनके कहे मुताबिक करना चाहिए

उसके बाद सबने लक्ष्मी को भी इस सब के बारे में बता दिया जिसके बाद लक्ष्मी पहले तोह अन्धविश्वास बोलके उन्हें रोकने लगी लेकिन उसके परिवार वालों के आगे उसने भी हार मानली और वह अपने दोस्तों के घर जाने का बताकर अपने कमरे में तैयार होने चली गयी और उसके बाद उसके परिवार वाले भी अपने कमरों में चले गए

तोह वही लक्ष्मी जब पूरी तैयार होक आयी तोह उसने देखा उसका पूरा परिवार आराम से हॉल में बैठ कर गप्पे मार रहा है

लक्ष्मी :- क्या हुआ आप सब को जाना नहीं है क्या

ल. दादा :- है वह पंडित जी ने कॉल करके मन कर दिया हमे आने के लिए जिस वजह से हमारा जाना कैंसिल हो गया लेकिन तुम चाहो तोह अपने दोस्तों के घर जा सकती हो

लक्ष्मी :- okay थें bye

इतना बोलके वह अपने घर से निकल गयी लेकिन उसके जाने के बाद कुछ बहुत बड़ा और बहुत भयानक कांड उसके घर में हुआ जिससे न सिर्फ उसकी बल्कि मेरी दुनिया भी नष्ट होने वाली थी लेकिन उसके लिए 15 घंटे बाकि थे

वही दूसरी तरफ मेरे घर में इस वक़्त में अपने फॅमिली के साथ बैठ कर ब्रेकफास्ट करने में लगा हुआ था की तभी मेरे मोबाइल की नोटिफिकेशन टोन बज उठी और जब मेने अपना फ़ोन देखा तोह लक्ष्मी का मश्ग आया था

मश्ग :- ल वांट तो मीट यू इतस अर्जेंट

ये मश्ग पढ़ कर अब मुजबे टेंशन होने लगी थी में यही सोच रहा था की अब क्या नयी परेशानी आ गयी अगर इस वक़्त अकेला होता तोह तुरंत hi अपने त्रि नेत्र को जागृत कर के जवाब ढूंढ लेता लेकिन न में अकेला था और न hi मेरे पास इतना समय था इसीलिए मेने अर्जेंट काम का बहाना बना कर निकल रहा था की तभी माँ ने पीछे से आवाज लगायी

माँ :- कहा जा रहे हो बीटा पहले नाश्ता तोह कर लो फिर चले जाना

में :- नहीं रुक सकता हो सकता है कोई बहुत इम्पोर्टेन्ट काम हो

माँ :- (मुझे जबरदस्ती खुर्ची पर बिठाते हुए) नहीं कही नहीं जायेगा तू वैसे भी मेरा दिल सुबह से बेचीं हो रहा है जरूर कुछ गड़बड़ होगी मत जा मेरा प्यारा बचा है तू मत जा

इस वक़्त मेरे से बिलकुल भी सबर नहीं हो रहा था मेरे दिमाग में यही चल रहा था की क्या हुआ होगा लक्ष्मी के साथ जो उसने इतने अर्जेंट में मुझे मिलने बुलाया वैसे भी असुर बार बार किसी न किसी तरीका से लक्ष्मी और उसके परिवार को मारने का तरय कर रहे थे

तोह वही लक्ष्मी ने भी कोई प्रॉपर रीज़न नहीं बताया था मिलने का जिससे मेरे दिमाग में बहुत भयानक ख्याल आ रहे थे और कही न कही इस 1 महीने में मेरे मन में भी लक्ष्मी के लिए सॉफ्ट कार्नर जरूर बन गया था जिसे में नकार नहीं सकता था क्यूंकि वही सच है

और इसी सब टेंशन की वजह से अब मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था इसीलिए जब माँ ने मुझे जबरदस्ती खुर्ची पर बिठाया तोह मेरी टेंशन मेरे गुस्से में बदल गयी जिसे में काबू तो कर रहा था लेकिन गुस्सा इर्रिटेशन में बदल गया

में (इर्रिटेट होते हुए) :- क्या माँ आप अभी भी उन सब अन्धविश्वास में मानती हो में खोज बचा नहीं हु में खुद का ध्यान रख सकता हु

इतना बोलके में वह से गुस्से में निकल पड़ा लक्ष्मी की दी हुई लोकेशन पर जहा पे मुझे उस सवाल का जवाब देना था उस रस्ते का चुनाव करना था जो सही हुआ तोह मेरी जिंदगी सवार जाएगी नहीं तोह बिखर जाएगी

वही दूसरी तरफ

इस वक़्त साडी आसुरी सेना उसी जंगल में कड़ी थी और अपने मालिक के आदेश का इंतज़ार कर रही थी आज सब अपनी शक्तियों से अपने मालिक को खुश करना चाहते थे जिससे वह ज्यादा से ज्यादा इनाम प् सके वही मर. नेगेटिव एक दैत्य को अपने पास बुलाता है और उसे कुछ समझता है जिसे सुन कर तोह जैसे वह दैत्य पागल हो गया एयर जोरो जोरो से हसने लगा लेकिन वह अकेला नहीं था जो है रहा था बल्कि उसके साथ मर. नेगेटिव और सूबा भी है रहे थे

तोह वही इस वक़्त में उस लोकेशन पर पहुंच गया था जहा लक्ष्मी ने मुझे मिलने के लिए बुलाया था वह एक पहाड़ी लोकेशन थी जो शेर ग्रह से ज्यादा दूर नहीं थी बल्कि पास में hi थी जिस वजह से में अपनी बाइक से hi उस और निकल गया था और इस वक़्त मद अपनी बाइक को हवा की स्पीड से भगा रहा था जिससे जल्द hi में उस लोकेशन पर 30 मिनट में hi पहुंच गया

लक्ष्मी :- आ गए तुम में तुम्हारा hi इंतज़ार कर रही थी राज

में :- बोलो क्या बात करनी है

लक्ष्मी :- तुम ितंड गुस्से और टेंशन में क्यों हो

में :- तुमने hi तोह बोलै था अर्जेंट है इसीलिए कितना टेंशन हुआ मुझे पता है सब ठीक है न

लक्ष्मी :* है सब ठीक है मेने अर्जेंट इसीलिए बोलै क्यूंकि जो में बोलना चाहती हूँ वह है hi अर्जेंट

जब लक्ष्मी ने ये बोलै की सब ठीक है तब मेरे जान में जान आयी लेकिन तभी मुझे माँ का ख्याल भी आया की कैसे मेने उनसे इर्रिटेट होक बात की फिर मेने सोचा की बात में उन्हें मन लूंगा उनको मानाने में मुजबे कहा समय लगने वाला था वही ये सोच कर में लक्ष्मी की बात सुनने लगा की उसे क्या जरूरी बात करनी है मुझ से

लक्ष्मी :- आज से 1 महीने पहले में बिलकुल घमंडी लड़की थी जिसे न किसी से बात करने की तमीज़ थी और न किसी को सॉरी बोलने की मैनर्स लेकिन जब में तुमसे मिली तोह जैसे में आज़ाद हो गयी अपने घमंड से उस दिन तोह मुझे तुम पर गुस्सा इतना आया था की सोचा तुमको गोलियों से भून दू लेकिन जब मेने अपने माता पिता को अपने बारे में बात करते सुना तोह पता चला की में बस उस दिन नहीं बल्कि हर वक़्त गलत थी और इन्ही सब वजह से उस दिन शायद मेने पहली बार किसी को सॉरी बोलै था और उसके बाद से तुम्हारे साथ बिताया हर एक पल जैसे की मुझे ऐसे लगता जैसे की समय वही रुक जाये और फिर कभी शुरू न हो और न hi हम कभी अलग हो उस दिन से शायद में तुम्हारे तरफ अत्त्रक्ट होने लगी थी और वह अट्रैक्शन कब प्यार में बदल गया ये मुझे भी पता नहीं चला सो राज ी लव यू दो यू लव में

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 167



अभी लक्ष्मी द्वारा किये इजहार ा इश्क़ से में खुद को संभल नहीं प् रहा था मुझे समझ नहीं आ रहा था की में क्या बोलू ऐसा नहीं था की ये सिचुएशन पहली बार मेरे सामने आ रही है इससे पहले साक्षी और रीना दीदी ने भी मेरे से अपने प्यार का इज़हार किआ था लेकिन उनके जवाब मेरे मंद में क्लियर थे तोह वही इस बार लक्ष्मी को क्या बोलू मुझे समझ नहीं आ रहा था एक तरफ तोह इस 1 महीने में मैं भी लक्ष्मी को चबने लगा था लेकिन वही अगर में लक्ष्मी को है कर देता हूँ तोह मुझे लक्ष्मी को सब सच बताना हो गए चाहर वह जैसें का सच हो या मेरे और मेरी बहनों के बिच के रिलेशन का सच हो क्यूंकि अगर में उसे है कर देता हूँ तोह में उसे अँधेरे में नहीं रख सकता था

अभी में इस उलझन से बहार निकल hi रहा था की तभी लक्ष्मी के फ़ोन की बेल्ल बजी जब उसने फ़ोन की स्क्रीन देखि तोह किसी ने उसे एक वीडियो क्लिप भेजी थी वैसे तोह लक्ष्मी इस मोमेंट को ख़राब नहीं करना चाहती थी लेकिन फिर भी न जाने उसके मन में क्या आया और उसने उस क्लिप को प्ले कर दिया और जैसे hi उसने उस क्लिप को प्ले किया तोह जहा इस वक़्त उसके चेहरे पे मेरा जवाब जानने की उत्सुकता थी वही अगले पर वह जगह उसके दुःख ने ले ली जहा कुछ समय पहले उसके आखो में शर्म थी तोह वही अब उसके आखों में केवल ासु और गुस्सा था और तुरंत hi वह वही घुटनों पर बैठ गयी और जोरि से रोने लगी

लक्ष्मी :- (रट हुए) नहीं ऐसा नहीं हो सकता है ऐसा नहीं

ऐसे hi बड़बड़ाते हुए लक्ष्मी उठी और अपना फ़ोन वही छोड़ के अपनी कार में बैठ कर निकल गयी और में बस इस सन को देखते रह गया और जब उसने कार स्टार्ट की तोह उसकी आवाज से में अपने होश में आया लेकिन तब तक वह निकल चुकी थी

में अभी उसके यु अचानक जाने का कारन समझ hi रहा था की तभी मेरी नज़र उसके फ़ोन पर पड़ी जिसमे वह क्लिप अभी भी प्ले हो रही थी जब मेरा ध्यान उस वीडियो पर गया तोह मेरे पैरो टेल से जमीं hi खिसक गयी क्यूंकि उस क्लिप में लक्ष्मी के पुरे परिवार की लाशे दिख रही थी की तभी मेरे सामने लक्ष्मी का गुस्से भरा फेस आ गया जिसे याद करके मेरे दिमाग में उसके लिए चिंता आ गयी और में तुरंत hi टेलिपोर्ट हो कर लक्ष्मी के घर पहुँच गया

अभी तक वह यहाँ पहुंची नहीं थी जिस वजह से में पुरे जगह की ध्यान से देख रहा था अभी में सब ध्यान से देकब रहा था की तभी मुझे कुछ महसूस होने लगा जिससे मेरे मन में अजीब सी भावनाये जन्म लेने लगी

हुआ यु की में सब ध्यान से देख तोह रहा था लेकिन मेरे से ये सब ज्यादा देर देखा न गया और में साइड में बने पिलर से सात कर खड़ा हो गया जैसे hi मेने उस पिलर को छुआ तोह सामने राखी साडी लाशे गायब होने लगी जिससे मुझे मेरे आस पास आसुरी शक्ति का अनुभव होने लगा और ये सब के बाद मुझे असुरों की चाल समझने में ज्यादा समय न लगा

ात मॉर्निंग टाइम

जैसे hi लक्ष्मी तैयार होने अपने कमरे में चली गयी तोह कुछ देर बाद उसका सारा परिवार भी उसके गुरु जी के आश्रम के लिए निकल गए और जैसे hi वह अपने घर से निकले तुरंत वह एक दैत्य आ गया

ये वही दैत्य था जो जंगल में मर. नेगेटिव के साथ है रहा था शायद इसने अपने और को छुपा लिया था नहीं तोह अब तक तोह लक्ष्मी को उसके ऊर्जा का एहसास हो जाना चाहिए था

तोह वहज जैसे hi वह दैत्य आया उसने अपनी आखे बंद की और कुछ बोलने लगा शायद कोई मंत्र बोल रहा था और जैसे hi उसने अपनी आखे खोली तोह उसके सामने लक्ष्मी के पुरे परिवार के डुप्लीकेट आ गए जिसे देख कर वह हस्ते हुए गायब हो गया और उसके गायब होते hi वह एक पिलर आ गया जो की दिखने से लक्ष्मी के घर के बाकि पिलर जैसे hi दिख रहा था

और जैसे hi लक्ष्मी घर से बहार निकली तोह उसके निकलने के कुछ देर बाद hi उस पिलर से एक येलो किरण निकली और वह पूरी डुप्लीकेट फॅमिली एक एक करके जमीं पे गिर गयी

बैक तो प्रेजेंट

अब में समझ गया था की मेरे सामने का सारा दृश्य उन असुरों द्वारा निर्मित किया हुआ चलवा था जो शायद उन्होंने लक्ष्मी को कमजोर करने के लिए तैयार किआ था में अभी सब समझ hi रहा था की तभी मुझे स. क्वीन के ऊर्जा का एहसास होने लगा

जिससे में उस पिलर से दूर हो गया मेरे दूर होते hi वह सारा दर्जशय फिर से नार्मल हो गया जिसे देख कर इस चलावे के बारे में लक्ष्मी को बताने का आईडिया मेरे दिमाग में आ गया हुए में वह से गायब हो के लक्ष्मी के घर के बहार आ गया और लक्ष्मी अपने स. क्वीन के रूप में घर के अंदर चली गयी

और में भी कुछ दिएर में उसके घर में प्रवेश कर गया जहा पर पहुंच के में ऐसा दिक्बने लगा जैसे की मेने पहली बार देखा है और फिर में लक्ष्मी को सँभालने लगा मुजबे पता था की इस वक़्त अगर मेने उसे सँभालने का तरय किया मुझे मालूम था की जितने गुस्से और दुःख में लक्ष्मी इस वक़्त hi की जिससे कोई भी उसे सँभालने का तरय करता तोह सबसे पहले लक्ष्मी अपना गुस्सा उसी पर उतरती

और हुआ भी वैसा hi जब मेने लक्ष्मी को सँभालने का तरय किया तोह लक्ष्मी ने मुझे धक्का दे दिया और में भी ऐसे hi पोजीशन में खड़ा था जिससे की में सीधा उस पिलर से जेक टकरा जाऊ वैसे भी लक्ष्मी के धक्के में इतनी ताकत नहीं थी की वह मुझे इतनी दूर उछाल सके इसीलिए में जानबूझ के खुद hi जेक उस पिलर से टकरा गया और में उस पिलर से इतनी जोर से टकराया था की मेरे टकराने से उस खम्भे के टुकड़े टुकड़े हो गए और जैसे hi वह पिळ्ळार टुटा सारा मायाजाल भी टूट गया और साडी लाशे एक साथ गायब हो गयी

अचानक से सभी लाशों को गायब होता देख के लक्ष्मी पूरी तरह से शॉकेड रह गयी थी लेकिन जल्द hi वह भी उन असुरों के गंदे प्लान को समझ गयी और अभी वह कुछ करती की तभी उसकी नज़र मेरे उप्पेर पड़ी जहा में बेहोस होने का नाटक कर रहा था

मुझे बेहोस देख कर लक्ष्मी को खुद के ऊपर hi बड़ा गुस्सा आ रहा था लेकिन उसने खुद को संभल लिया और दौड़ के मेरे पास आने लगी लेकिन तभी उस पूरी जगह में धुआँ फ़ैल गया जिसे देख कर मेने जल्द hi अपनी ससे रोक ली लेकिन लक्ष्मी उस वार से नहीं बच पायी और बेहोस हो गयी

तोह वही लक्ष्मी के बेहोस होते hi वह एक दैत्य आया और उसने लक्ष्मी को अपने खंड पे उठा लिया और उसने कुछ देर मुझे देखा और फिर मुझे भी अपने कंधे पे उठा के गायब हो गया

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 168 (ओनली 12 हॉर्स लेफ्ट)

इस वक़्त मर. नेगेटिव उसी जंगल में मौजूद था अपने बाकि आसुरी सेना के साथ शायद वह किसी चीज का इंतज़ार कर रहा था अभी वह इंतज़ार कर रहा था की तभी वह वह दैत्य आ गया जिसके साथ में और लक्ष्मी बेहोस अवस्था में थे

में बेहोस होने का नाटक करते हुए उस पुरे जंगल को देख रहा था और इतनी बड़ी आसुरी सेना दैत्य सेना को देख कर में भी सोच में पद गया में अभी सोच hi रहा था की तभी मेरे सामने मर. नेगेटिव आ गया

मर. नेगेटिव :- (दैत्य से) सबेबश मेरे वीर योद्धा तुमने इस स. क्वीन को आखिर पकड़ hi लिया (मेरे तरफ इशारा कर के) ये लड़का कोण है कही ये वह तोह नहीं (उसका मतलब जैसें से था)

डी :- नहीं हुकुम ये वह नहीं है बल्कि ये इस स. क्वीन का प्रेमी है जब ये वह बेहोस हुआ था तोह मेने इस लड़की के मन में इसके लिए प्रेम की भावना महसूस की थी और वही इस लड़के के अंदर से भी वही भावनाओं को मेने महसूस किआ था

मर. नेगेटिव :- (हस्ते हुए) है है है अब देखते है कितना मजबूत प्रेम है इनका बांध दो इस लड़के को और दोनों को होश में लाओ

मर. नेगेटिव की बात सुन कर कुछ सैनिकों ने मुझे पकड़ कर पेड़ से बांध दिया में चाहता तोह एक hi पल में सबका अंत कर देता लेकिन यहाँ एक चीज थी जो मुझे खटक रही थी और वह थी इस मर. नेगेटिव का चमचा यानि सूबा जो उस जगह पर कहा भी नहीं दिख रहा था अभी में उसे ढूंढ hi रहा था की

तभी उन असुरो ने मेरे चेहरे पे पानी के छींटे मारना शुरू कर दिए जिससे में होश में आने की एक्टिंग करने लगा तोह वही लक्ष्मी भी अब तक होश में आ गयी थी और जब उसने इतने सरे असुरों को देखा तोह वह भी एक पल के लिए दर गयी लेकिन जल्द hi उसने खुद को काबू कर लिया

वही जब उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ी तोह उसे गुस्सा और दर दोनों के मिले जुले भाव उसके चेहरे पे आ गए एक तरफ असुरों पर गुस्सा तोह दूसरी तरफ मुझे कुछ हो न जाये उसका दर

लक्ष्मी :- असुरों उसे छोड़ दो नहीं तोह तुम सबकी मौत के जिम्मेदार तुम स्वयं होंगे

मर. नेगेटिव :- ओह्ह गुस्सा बड़ी अजीब बात है की तुम्हारा परिवार सही सलामत है और हमने तुम्हे भी कुछ किया नहीं तोह ये गुस्सा क्यों कही महँ स. क्वीन को एक इंसान से प्यार तोह नहीं हो गया

में :- (डरने का नाटक करते हुए) ये सब क्या hi रहा है लक्ष्मी ये सब किस बारे में बोल रहे है और ये छिपकली से शकल के है कोण

मर. नेगेटिव :- क्या बात है दोनों प्रेमियों की जुबान एक जैसी hi चलती है तोह कोण पहले मरेगा रानी या (मेरे गर्दन पर तलवार रखके) राजा

जैसें (मेरे मन में) :- आका आप हुकुम करे तोह यही सब को कहातम कर दू

में :- नहीं जैसें यहाँ मुझे गड़बड़ लग रही है यहाँ न वह सूबा है न hi मुझे उस शक्ति अस्त्र की ऊर्जा महसूस हो रही है कुछ समय इंतज़ार करो

जहा में और जैसें बात कर रहे थे तोह वही लक्ष्मी मेरे गर्दन पर तलवार देखके दर गयी

लक्ष्मी :- उसे कुछ मत करो प्लीज में तुम्हे अपनी साडी शकरि दे दूंगी बस उसे कुछ मत करना

मर. नेगेटिव :- है है कितना अजीब रिश्ता है ये प्रेम जो कल तक अपने शक्तियों पर घमंड करती थी वह आज वही अपनी शक्ति को एक मामूली इंसान के लिए गवाना चाहती है (मुझ से) क्यों लड़के क्या लगता है बच पाओगे तुम

में :- यहाँ क्या हो रहा है ये तोह में समझ नहीं प् रहा हूँ लेकिन मुझे इतना जरूर पता है की मेरी मौत किसी छिपकली की शकल वाले इंसान के हाथों तोह नहीं होगी

मर. नेगेटिव :- (गुस्से में) बस बहुत हुआ अब तुम दोनों मरोगे मार दो उनको

उसके इतना बोलते hi सभी असुरों ने लक्ष्मी पर हुम्ला कर दिया जिसके बाद लक्ष्मी भी अपने स. क्वीन वाले अवतार में आकर सभी असुरों को मारने लगी और में वही पेड़ से बंधा हुआ केवल इस दुमदार एक्शन सन का मजा ले रहा था

जैसें :- आका आप किस चीज का इन्तजार कर रहे है आप कहे तो अभी सबको ख़तम कर दूंगा

में :- में सूबा को ढूंढ रहा हु पता नहीं वह चूहा किस बिल में छुपा है शायद वह इंतज़ार कर रहा है की कब में जैसें के रूप में औ और वह मुझ पर पीछे से वार करे

जैसें :- तोह अब क्या हुकुम है आका

में :- सुनो.......

जैसें :- जो हुकुम मेरे आका

में :- लेकिन संभल के

जैसें :- आप चिंता मत कीजिये आका में एक जीन हु और मेरी शक्ति मेरे आका में होती है इसीलिए कोई भी अस्त्र मुझपर निष्क्रिय है

में :- ठीक है जाओ फिर

वही मेरा प्लान सुनने के बाद जैसें तुरंत मेरे शरीर से बहार निकल गया तोह वही अब तक दैत्यों ने लक्ष्मी को पूरी तरह से घेर लिया था और अभी वह उसे मारमे वाले की तभी एक बड़े धमाके की आवाज आयी जिससे वह धुआँ धुआँ हो गया था और जिस दिशा से आवाज आयी थी उसी दिशा से 2 आग के गोले आये और सीधा उन असुरों को जा लगे और वह वही जल के रख हो गए

और जब वह का सारा धुआँ गायब हुआ तोह वह पे जैसें था जो अपने आर्मर वाले रूप में था जिसे देख वह लक्ष्मी और मर. नेगेटिव के चेहरे पर मुस्कान आ गयी तोह वही जैसें अपने दोनों हाथों में तलवारे प्रकट कर ली और लक्ष्मी को घेरे हुए सभी दैत्यों को मारने लगा उसकी स्पीड इतनी तेज़ थी की वह दैत्य उसके वारों को देख भी नहीं प् रहे थे

और जैसे hi जैसें उन्हें मार के रुका की तभी उसके पीछे से सूबा ने उस पर शक्ति अस्त्र का हुम्ला कर दिया और फिर जैसे hi उस शक्ति अस्त्र ने जैसें को छुआ वैसे hi वह शक्ति अस्त्र एक बड़े धमाके के साथ गायब हो गया

मर. नेगेटिव :- (जोर से चिल्लाते हुए) ये नहीं हो सकता है (जैसें से) कोण हो तुम

जैसें :- तुम्हारी मौत थे जैसें

में :- (सिटी बजाते हुए) क्या डायलाग मारा है

मर. नेगेटिव :- पहले तोह तुम hi मरोगे लड़के

जैसें :- तेरे बाप का राज है क्या आ मुझ से लड़ के दिखा

जैसें के इतना बोलते hi मर. नेगेटिव ने उस पर वार कर दिया और वही लक्ष्मी दैत्यों से लड़ने लगी और में फिर से इस फाइट का मजा लेने लगा शायद ये पहली बार था जब में लड़ने के बदले केवल देख कर मजे ले रहा था

अभी सब लड़ रहे थे की तभी जैसें ने अपनी मैजिक पावर्स से एक दुमदार वार मर. नेगेटिव पाए कर दिया लेकिन इससे उसे एक खरोच भी नहीं आयी तोह वही ये देखके मर. नेगेटिव एक पल के लिए खुद hi शॉक हो गया लेकिन जल्द hi उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी

जैसें :- ये कैसे हो सकता है मेरा ये वार से तुम्हे कुछ नहीं हुआ

मर. नेगेटिव :- अब पता चला की तुम मेरे शक्ति अस्त्र से कैसे बच पाए तुम एक जीन हो एक महा शक्तिशाली जीन इसीलिए तोह तुम उस शक्ति अस्त्र को निष्क्रिय करने में सफल हो पाए लेकिन तुम कुछ भी कर के इस शक्ति को नहीं हरा पाओगे

इतना बोलके उसने अपने राइट हाथ को ऊपर की तरफ कर दिया जिससे उसके हाथ में एक क्रिस्टल जैसा कुछ आ गया

जैसें :- ये क्या जीन क्रिस्टल ये तुमने कैसे मिला

मर. नेगेटिव :- जीन लोक को अपने अधीन केके और अब तुम तोह क्या दुनिया का कोई भी जीन मुझे नहीं मार पायेगा

उन दोनों में क्या बाते हो रही थी ये तोह मुझे क्लेअर्ल्य समझ नहीं आ रही थी लेकिन इतना जरूर समझ आ रहा था लेकिन में इतना जरूर समझ गया था की उस मर. नेगेटिव ने जैसें का तोड़ ढूंढ लिया है

जहा एक तरफ जैसें मजबूर खड़ा था तोह वही दूसरी तरफ लक्ष्मी अकेली दैत्यों से लड़ रही थी और इसी बात का फायदा उठके सूबा ने उस पर पीछे से वार करने के लिए अपनी तलवार को याद किया जिससे ब्लैक फायर निकल रही थी

और जैसे hi उसने लक्ष्मी पर वार करना चाहा वैसे hi मेरी नज़र उसपे पड़ी और तुरंत hi मेने अपनी आखे बंद करके स्लो मोड को एक्टिवटे कर दिया

में :- चलो राज आराम ख़तम काम शुरू

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 169



और जैसे hi उसने लक्ष्मी पर वार करना चाहा वैसे hi मेरी नज़र उसपे पड़ी और तुरंत hi मेने अपनी आखे बंद करके स्लो मोड को एक्टिवटे कर दिया

में :- चलो राज आराम ख़तम काम शुरू

इतना बोलके मेने अपने हाथों को थोड़ा हिलाया तोह वह रस्सी तुरंत टूट गयी स्लो मोड के एक्टिवटे होने से वह किसी को भी मालूम नहीं चला फिर में तुरंत वह से लक्ष्मी के पास चला गया और सबसे पहले लक्ष्मी के आसपास के सभी असुर दैत्यों को मार दिया और फिर सूबा के हाथों पकड़ी हुई तलवार को अपने एक मुके में तोड़ दिया और फिर सूबा को एक दुमदार पंच मार दिया और फिर में सूबा को और मारने वाला था की तभी मेरी नज़र साइड में खड़े जैसें और मर. नेगेटिव पे पड़ी और उसके हाथों में पकड़े हुए उस क्रिस्टल पे

में :- तोह इस क्रिस्टल की मदद से ये जैसें से बच रहा था लेकिन अब और नहीं

इतना सोच कर मेने तुरंत hi उस क्रियाल को अपने हाथ में पकड़ लिया और जैसे hi मेने उस क्रिस्टल को छुआ तोह hi मेरे सरीर को एक झटका सा लगा और स्लो मोड अपने आप hi डीएक्टिवेट हो गया और जैसे hi स्लो मोड डीएक्टिवेट हुआ किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की अभी क्या हुआ

जैसे hi स्लो मोड डीएक्टिवेट हुआ वैसे hi सूबा तेज़ी से उड़ते हुए जेक पीछे के पेड़ से टकरा गया और जैसे hi वह पेड़ से टकराया वैसे hi वह जोर का धमाका हुआ जिससे सबका ध्यान उसकी तरफ गया

तोह वही लक्ष्मी अलग कन्फूसिओं में थी जहा वह अभी तक असुर और दैत्यों से घिरी हुई थी लेकिन एक hi झटके में उसके पास के सरे असुर दैत्य कैसे मरे गए और अचानक वह सूबा कैसे इतना घायल हो गया और जब उसका ध्यान मेरे तरफ गया तोह वह और भी ज्यादा कन्फ्यूज्ड हो गयी और जल्दी से दौड़ते हुए मेरे पास आ गयी

तोह वही सरे दैत्य असुर एक साथ अपने इतने सरे साथियों को मरता देख कर शॉकेड हो गए थे

वही मर. नेगेटिव भी कन्फ्यूज्ड था की अचानक से सूबा घायल कैसे हो गया और उसकी सेना कैसे मरी गयी अभी वह ये सब सोच hi रहा था की तभी उसकी नज़र उसके हाथ पैर पड़ी तोह उसे बहुत बड़ा शॉकेड लगा क्यूंकि उसके हाथ से उसकी सबसे बड़ी शक्ति वह जीन क्रियाल गायब हो गया था जिसे देख कर वह अब जितना शॉकेड था उससे ज्यादा गुस्से में दिख रहा था जो देख कर में बस मुस्कुरा रहा था

इन सब में सिर्फ एक hi था जो सब कुछ समझ प् रहा था और वह था जैसें वह मेरे बगल में hi खड़ा था की तभी वह लक्ष्मी भी आ गयी उसे लग रहा था की जैसें ने मुझे आज़ाद किआ था

लक्ष्मी :- राज तुम ठीक तोह हो तुम यहाँ से निकलो जल्दी

मर. नेगेटिव :- मुर्ख स. क्वीन तुम्हारी इतनी हिम्मत की मेरे हाथ से मेरा जीन क्रियाल चुराओ अब तुम नहीं बचोगी

इतना बोलके उसने अपने राइट हाथ को ऊपर उठा दिया जिससे उसके हाथ में एक तलवार आ गयी और फिर अपने हाथ में पकड़ी हुई तलवार से उसने लक्ष्मी पे वार करना चाहा लेकिन उतने में hi में बिच में आज्ञा और उसकी तलवार को अपने हाथ से पकड़ लिया जिससे देख कर वह सब शॉकेड हो गए

लक्ष्मी :- (शॉकेड से) राज ये सब क्या है

में :- ये बताने का समय नहीं है लक्ष्मी अपनी स. सेना को प्रकट करो (जैसें से) जैसें जकलदी करो

मेरा इशारा समझते hi जैसें तुरंत मेरे शरीर पर कवच की तरह चढ़ गया ये सबके लिए बड़ा शॉकेड था

मर. नेगेटिव :- ये क्या तुम इसके आका हो

अभी जैसें मेरे शरीर पर चढ़ा hi था की तभी मेरे हाथ में पकड़ा हुआ क्रिस्टल चमकने लगा और फिर वेब अचानक मेरे शरीर में समां गया

मर. नेगेटिव :- नाहीईई ये क्या किया तुमने मुर्ख मेरे सैलून की मेहनत थी ये अब तुम मेसे कोई नहीं बचेगा

में :- लक्ष्मी तुम कार्नेज सेना सहित सूबा और अस्रों से निपटो में इसको देखता हूँ

इतना सब कुछ देखने के बाद तोह जैसे लक्ष्मी को साप hi सूंघ गया था उसके मुँह से केवल "हम्म्म" की आवाज आयी और वह चली गयी सूबा और असुरों से लड़ने तोह वही अब मेरे और मर. नेगेटिव के बिच फाइट हो रही थी

जैसे hi हम दोनों सामने आये वैसे hi मर. नेगेटिव ने मेरे ऊपर अपनी तलवार से वार किया जिसे मेने अपनी तलवार से रोक लिया और उसके साइन पर एक जोरदार लात मरी जिससे वह दूर जेक गिर गया

मर. नेगेटिव :- (मन में) इसे रोकना इतना आस्सन नहीं है मुझे कुछ बड़ा करना होगा अब समय आ गया है महामहिम के अंश को अपने अंदर सामने का

वही अभी में उसे एक जगह खड़ा होक कुछ सोचते हुए देख रहा था की तभी अचानक उसने न जाने कहा से एक छोटी काच की बॉटल निकली उसके अंदर जो भी था वह तुरंत पिगया जिसके तुरंत बाद वह हवा में उड़ने लगा और धीरे धीरे उसके शरीर में बदलाव आने लगे उसका शरीर पहले से दो गुना हो गया था

फिर जब उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ी तोह वह अपनी सोर्ड को जमीं पर रगड़ते हुए मेरी तरफ आने लगा इस वक़्त उसके चेहरे पे शैतानी मुस्कान साफ़ साफ़ दिख रही थी उसके सोर्ड के जमीं पे रगड़ने से उस सोर्ड से चिंगारी निकल रही थी.

मेरे बिलकुल सामने आने के बाद मेने गौर किया की उसकी आखे बहुत तेज वाइट कलर की शाइन क्र रही थी और इस वक़्त वेब मेरे बिकुल पास आ गया था जिसे देख कर में भी तैयार हो गया था

और मेरे पास आते hi उसने अपने सोर्ड से मुझ पर अटैक क्र दिया लेकिन मई निचे जुख क्र उसके अटैक से बच गया पर उसका अटैक मेरे पीछे मौजूद पेड़ों से जा लगा जिससे पेड़ बुरी तरह से टूट के निचे जमीं पर गिर गए जैसे मनो उसने उन पेड़ों को बिल्कुक पनीर की तरह काट दिया हो

अब तक मुझे भी उसकी इस बढ़ी हुई ताकत का अंदाज़ा आ गया था जिस वजह से मेने मेरे हाथों में पकड़ी हुई योद्धा की तलवार को वापस गायब कर दिया और इस बार डेविल की ब्लैक सोर्ड मेरे हाथों में आ गयी जिसे देख कर मर. नेगेटिव के चेहरे पर देर साफ़ दिख प् रहा था ये देख के अब मेरे चेहरे पे शैतानी मुस्कान आ गयी और फिर मेने एंजेल से मिले हुए अष्ट सीढ़ियों में से महिमा सिद्धि का इस्तेमाल कर के अपना आकर उससे भी दोगुना कर दिया और फिर डेविल के शक्तियों का इस्तेमाल करके मेने उसके अंदर के दर को और भी ज्यादा बढ़ा दिया और फिर अब उस मर. नेगेटिव के चेहरे पर ऐसा दर दिख रहा था जैसे की उसके सामने उसकी मृत्यु कड़ी हो

और फिर जब में उसके तरफ बढ़ने लगा तोह वह दर के मारे पीछे जाने लगा और फिर अचानक hi उसने अपने दोनों हाथों को आसमान की तरफ उठा कर कोई मंत्र बोलने लगा जिससे जल्द hi पूरी धरती कम्पनी लगी

मर. नेगेटिव :- अब देखते हैं तुम क्या चुनते हो तुम्हारी शक्तिया देखकर में ये तोह समझ गया की में जिन्दा नहीं बचूंगा लेकिन अब ये धरती भी नहीं बचेगी

उसके इतना बोलते hi मेने अपनी तलवार से उसका सर काट दिया उसके मरते hi सरे असुर दैत्य गायब हो गए और सूबा को तोह लक्ष्मी ने मार दिया था

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 170 (टाइम ओवर)



मर. नेगेटिव :- अब देखते हैं तुम क्या चुनते हो तुम्हारी शक्तिया देखकर में ये तोह समझ गया की में जिन्दा नहीं बचूंगा लेकिन अब ये धरती भी नहीं बचेगी

उसके इतना बोलते hi मेने अपनी तलवार से उसका सर काट दिया उसके मरते hi सरे असुर दैत्य गायब हो गए और सूबा को तोह लक्ष्मी ने मार दिया था

उसके बाद लक्ष्मी मेरे पास आयी

ल :- राज ये क्या है तुमने मुझे बताया क्यों नहीं

में :- हम दोनों की मजबूरिया दोनों को पता है हम किसी को भी नहीं बता सकते अपने बारे में

ल :- अब क्या होगा वह मर. नेगेटिव मरते हुए क्या बोल रहा था

अभी उसने इतना बोलै hi था की तभी उस पुरे जगह पे भूकंप के झटके लगने लगे जिसे महसूस कर के हम दोनों भी उस जंगल से बहार निकल के खुली जगह में आ गए और जैसे hi वह आये तोह वह का नज़ारा देखके तोह हम दोनों के hi दिमाग सन्न रह गए हम दोनों मेसे किसी को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था की ये हो क्या रहा है

इस वक़्त पूरा आसमान लाल रंग का हो रखा था जैसे की आसमान में किसी ने हर जगह खून फैला दिया हो और ये काम था की तभी मेरी नज़र आसमान से गिर रहे उल्का पिंडों पे गिरी जिसे देख मुझे मर. नेगेटिव की बात याद आने लगी "अब ये धरती भी नहीं बचेगी" उसके बात का मतलब ये था

ल. :- अब हम क्या करेंगे राज अगर ये उल्का पिंड धरती से टकरा गए तोह बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो जाएगी

में :- जैसें बताओ मुझे

जैसें :- आका ये कोई आम उल्का नहीं ये ख़ास आसुरी उल्का है जीने रोकने के लिए उन्हें आसमान में hi ख़तम करना होगा अगर एक भी उल्का धरती से टकराई तोह यहाँ इतनी तबाही मच जाएगी की आप सोच भी नहीं पाओगे

में :- ठीक है फिर (लक्ष्मी से) लक्ष्मी तुम धरती पर सबकी मदद करो में आसमान में इन उल्काओं को रोकता हूँ

ल :- लेकिन में भी साथ आउंगी

में :- समझो लक्ष्मी में ऊपर उल्काओं को संभल लूंगा लेकिन अगर धरती पे कोई खतरा आया तोह किसी को रुकना होगा यहाँ पे

ल :- ठीक है लेकिन तुम अकेले

में :- में अकेला कहा हूँ मेरे साथ जैसें है न

मेरे इतना बोलते hi जैसें मेरे शरीर से अलग हो गया और अपने असली जीन वाले रूप में आ गया जिसे देख कर लक्ष्मी भी दर के मारे पीछे हैट गयी

में :- चलो जैसें

इतना बोलके मेने अपने एंजेल विंग्स निकल लिए और में जैसें के साथ चल पड़ा आसमान में जहा लाखों की संख्या में उल्का पिंड धरती की तरफ बढ़ रहे थे लेकिन ये ाचा है की अभी तक वह धरती की ग्रेविटेशनल फाॅर्स के बहार थे फिर मेने अपनी आखे बंद करके अपने और भी साथी मतलब मेरा ड्रैगन और थे रीपर दोनों को भी वह आसमान में प्रकट किया

में :- जैसें तुम धरती के दूसरे तरफ उल्काओं को रोको (रीपर से) तुम उत्तर दिशा में जाओ और उल्काओं को रोको (ड्रैगन से) और तुम दक्षिण तरफ याद रहे उल्काओं को रोकने के लिए उन पूरी तरीके से तबाह करना है

मेरे बोलते hi वह तीनो अपनी अपनी पोजीशन लेने चले गए तोह वही नीचे धरती पर जैसे जैसे वह उल्काये धरती के तरफ बढ़ रहे थे वैसे धरती पर भी समुद्रों में इसका परिणाम दिख रहा था समुद्रों की लहरें तेज़ी से समुद्र तटों पर टकरा रही थी जिससे सभी बीचेस को रेड अलर्ट पर रख दिया था और जो लोग पहले से hi मौजूद थे उनके रेस्क्यू के लिए पुलिस फाॅर्स आर्मी सब तैनात थे और जो समुद्र में डूब रहे थे उन्हें लक्ष्मी अपनी फ्लाइंग पावर से बचा रही थी

वही जब सब ने लक्ष्मी को स. क्वीन के रूप में देखा तोह सब उसे सुपरहेरो बोलके चीयर करने लगे जिससे लक्ष्मी अपनी ख़ुशी संभल नहीं प् रही थी ऐसा पहली बार उसके साथ हो रहा था लेकिन उसने खुदको संभल लिया और फिर से इंसानो को बचने लगी

तोह वही मीडिया भी काम नहीं थी वह सभी अपने न्यूज़ चैनल्स के द्वारा सबको सावधान कर रही थी हर तरफ दर का माहौल दिख रहा था लेकिन ऐसे में मीडिया लक्ष्मी के कारनामों को दिखा कर सबको बिश्वास भी दिला रहे थे

जहा लक्ष्मी इंडिया में हर तरफ लोगों को बचा रही थी तोह वही गाइड और काल अदृश्य होकर अलग अलग देशों में लोगों की मदद कर रखे थे

तोह वही आसमान में मौजूद सटेलिघ्त भी मेरे और मेरे साथियों की इमेज को धरती पे भेज रहे थे जिससे हर तरफ मुझे और लक्ष्मी को भगवन का रूप या फिर सुपर मन की तरह कोई एलियन समझ रहा था जो उन्हें इस आपदा से बचने आये है

में बाटाडू इस वक़्त में काल के कस्टम में था जिससे किसी को मेरा चेहरा नहीं दिख रहा था लेकिन सभी रीपर जैसें और ड्रैगन को देख के शॉकेड जरूर थे

तोह वही मेरे घर पे न्यूज़ सभी ने देख ली थी और वह वही हो रहा था जो होना चाहिए था न्यूज़ देखते hi माँ और दीदी मेरे नंबर पर कॉल लगा रहे थे वह भी नॉन स्टॉप तोह वही दादाजी और घर के बाकि मेंबर सभी प्रजा जान की सुरक्षा करने के लिए कुछ न कुछ कर रहे थे दादाजी नस अपने कॉन्टेक्ट्स लगा कर शेरगढ़ में आर्मी फाॅर्स को तैनात करवा दिया था सुरक्षा के लिए

तोह वही आसमान में

इस वक़्त में आसमान में मौजूद था मेरे हाथ में मेरा विजयी धनुष भी मौजूद था जिससे लेके में तैयार था और जैसे hi वह उल्का मेरे नज़दीक आये वैसे hi मेने अपने धनुष से तीर चलना स्टार्ट कर दिया और एक के बाद एक में उल्काओं पे आक्रमण करता जा रहा था वही जैसे hi मेने पहल की वैसे hi रीपर जैसें और ड्रैगन भी स्टार्ट हो गए

में अपने तीरों से लगातार उल्काओं को तोड़ते जा रहा था में अब एक साथ तीन तीन एरो चला रहा था जिससे मेरी स्पीड भी बाद रही थी और उल्काओं की भी तोह वही जैसें भी अपने मैजिक से एक साथ 5-6 उल्काओं को नष्ट कर रहा था तोह रीपर भी अपनी सोर्ड से उल्काओं को नष्ट करता जा रहा था तोह वही ड्रैगन उल्काओं को कभी अपने पूछ से दूर फेकता या कभी अपने सर से मार के तोड़ देता तोह कभी अपने पंखों से उन्हें दूर उदा देता जिससे ज्यादातर ुलकाये एक दूसरे से hi टकराके टूटते जा रहे थे

अभी में उल्काओं को तोड़ रहा था की तभी मेरे मस्तिष्क में प्रभु की आवाज सुनाई देने लगी और साथ में hi कुछ पिक्टुरेस भी दिख रहे थे

प्रभु :- राज इन आम तीरों से आसुरी उल्काओं का तुम ज्यादा देर सामना नहीं कर पाओगे तुम्हे दिव्या अस्त्र का इस्तेमाल करना होगा ये कुछ दिव्या अस्त्र है जो तुम्हारी सहायता करेंगे

फिर मेने प्रभु के कहे अनुसार दिव्या अस्त्रों का आव्हान किआ सर्व प्रथम अस्त्र था बहुबान इस अस्त्र से चलाया हुआ एक तीर धनुष से छूटने के कुछ hi देर में हज़ारों तीरों में बदल जाता

जिसके इस्तेमाल से में अब एक साथ हज़ारों उल्काये नष्ट करते जा रहा था की तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया और मेने हम चरों के सामने एक पोर्टल क्रिएट किया जिसका एग्जिट पॉइंट उसी पोर्टल के ठीक ऊपर था हॉरिजॉन्टल वे में जिससे सरे ुलकाये उस पोर्टल मेसे टेलिपोर्ट होकर एक दूसरे से टकराके खुद hi नष्ट हो रहे थी जिससे जल्द hi इस उल्कापात की समस्या से छुटकारा मिल गया और फिर मेने एक और पोर्टल बनके उन ुलाक़ों के टुकड़ों को धरती से लाखो करोडो योजन दूर फेक दिया जिससे वह कभी वापस न आये और फिर डर्टी वासियों की मेमोरी से मेने आज की साडी घटना को मिटा दिया

लेकिन अभी मुसीबत काम नहीं हुई थी अभी भी एक बहुत बड़ी मुसीबत मेरा इंतज़ार कर रही थी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 171 (टाइम ऑफ़ ट्रेजेडी)



जहा ये सब hi रहा था वही धरती लोक के नीचे अँधेरे के साम्राज्य पटल लोक में इस वक़्त कोई था जो आज के इंसिडेंट को बार बार देख रहा था खासकर राज के मूव्स और एक्शन्स को

वह :- वहहह क्या योद्धा है ये इस पर काबू पाने में मजा आएगा ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह तैयार हो जाओ अब तुम्हारे सामने में खड़ा हूँ लेकिन में तुम्हारे नज़दीक नहीं अगर ढूंढ पाए तोह तुम मरोगे और अगर नहीं धुंध पाए तोह सबको मरते देखोगे जिसकी शुरवात में hi कर देता हूँ

इतना बोलके उसने अपनी आखे बंद की और कुछ बड़बड़ाने लगा और जैसे hi उसने आखे खोली वैसे hi धरती लोक के एक एरिया में ब्लास्ट हुआ जिसे महसूस कर के वह जोरो जोरो से हसने लगा

वही धरती पर

इस वक़्त मेने अपने शक्तियों के मदद से लक्ष्मी को टेलिपोर्ट करके अपने अड्डे पे ले गया था जो की जंगल में था जब लक्ष्मी ने अचानक अपने आप को अचानक जंगल में टेलिपोर्ट होते देखा तोह एक पल वह भी सचेत हो गयी लेकिन जब उसने आसपास के जंगल को देखा तोह उसे याद आया की ये वही जगह है जहा पे मेने उसे स. क्वीन के सम्पूर्ण अंश सौंपा था ये याद आते hi वह थोड़ी नार्मल हो गयी थी की तभी में भी वह पहुंच गया

ल :- तुमने मुझे यहाँ टेलिपोर्ट क्यों किया पता है वह पे सब हमे भगवन का अंश मान रहे थे अगर तुम मुझे यहाँ नहीं लेट तोह हमे वह सब भगवन की उपादि दे देते

में :- जिसने भी खुद को गॉड के जगह इमेजिन किया है उसका विनाश hi हुआ है

ल :- तुम इतने साद क्यों हो

में :- कुछ ठीक नहीं लग रहा है ऐसा लग रहा है कही कुछ बहुत बरस हो रहा है लेकिन में कुछ देख नहीं प् रहा हूँ न जाने कोनसी ऐसी शक्ति है जो मुझे ध्यान लगाने नहीं दे रही है

ल :- आज तुमने बहुत काम किया है तुम्हे रेस्ट की जरुरत है जाओ आराम करो और है कल तुम मुझसे मिलने आओगे और सब सच बताओगे शुरू से

में :- कल मिलते हैं

इतना बोलके मेने एक पोर्टक ओपन कर दिया जिससे लक्ष्मी अपने घर चली गयी फिर जैसें, रीपर एंड ड्रैगन भी मेरे अंदर समां गए फिर में उसी जगह चला गया जहा मेरी बाइक पार्क थी फिर में वह से सीधा में घर की और चल पड़ा

जब में घर के नजदीक पंहुचा तोह वह पहले से hi लोगों की भीड़ लगी हुई थी जिसे देख कर मिझे थोड़ा अजीब लगा लेकिन में जैसे hi घर के गेट तक पंहुचा मेरी सास hi अटक गयी ऐसा लगने लगा जैसे की किसी ने जीते जी मुझे मौत दे दी हो सामने का नज़ारा hi दिल दहला देने वाला था सामने मेरे अपने घर को देख कर ऐसा लग रहा था की जैसे किसी ने वह ब्लास्ट किया हो अभी में घर को देख कर संभल नहीं पाया था की तभी मेरे सामने कुछ हॉस्पिटल के कर्मचारी मेरे घर से कुछ लोगो की लाशे लेके जा रहे थे जो लाशे कोई और नहीं मेरा परिवार hi था

ये सन देख कर मुझे इतना ज्यादा शॉक लगा की में वही पर बैठ गया और अपना गाला पहाड़ के रोने लगा मेरी आवाज सुनके जब सब का ध्यान मेरी और गया तब भीमा काका आगे आये और मुझे सँभालने लगे लेकिन में कहा सँभालने वाला था मेरे ऊपर तोह जैसे मुसीबतों का पाबाद टूट गया था

ये खबर फैलते ज्यादा देर नहीं लगी इस खबर को मिलते hi नानाजी का परिवार और लक्ष्मी का परिवार दोनों भी हमारे गजर आ गए थे फिर नाना जी ने साडी फॉर्मेलिटी पूरी कर के उन सबके बॉडीज को अपने कब्जे में लिया फिर मेरे हाथो सबका रीती रिवाज मुताबिक अंतिम संस्कार हुआ फिर ऐसे hi 15 दिन बीत गए नाना नानी मेरे साथ hi रहने लगे तोह लक्ष्मी भी अब आये दिन आने लगी थी अभी में अपने कमरे में बैठे हुए अपने पुराने यादों कोवहि याद कर रहा था की तभी मेरे दिमाग में कुछ ख्याल आने लगे जिनके बारे में अभी मैं सोच रहा था की तभी मेरे रूम के दरवाजे पे नॉक हुआ जब मैंने दूर खोल के देखा तोह दूर पे नानाजी खड़े थे

नाना जी :- राज पिछलड 15 दिनों से तुमने खुद को ऐसे बंद करके रखा है अब शोक बहुत हो गया अगर तुम्हारे दादा दादी तुम्हे ऐसे देख रहे होंगे तोह उन्हें कितना बुरा लगेगा थोड़ा बहार निकला करो लोगों में जाओ पहले की तरह रहा करो में नहीं कह रहा की सब भूल जाओ लेकिन अब तुम आगे बढ़ो कब तक एक hi दुःख को सहते बैठोगे. में तुम्हारा निचे इंतज़ार कर रहा हूँ ये कुछ डाक्यूमेंट्स है संभलके रखना

इतना बोलके वह चले गए लेकिन उनके बातों का मेरे ऊपर ज्यादा असर नहीं हुआ था न मेरे पास कोई और तरीका था इसीलिए मेने वही बैठने का फैसला किया लेकिन तभी मेरा ध्यान वह रखे पेपर्स पर गया जो की प्रॉपर्टी के पेपर्स थे जो दादाजी ने मेरे नाम की थी मेने उन्हें ये करने से बहुत रोका था लेकिन फिर भी उन्होंने मुझे कसम दिलके ये सब मेरे नाम किया था

जब में उन्हें कप्बोर्ड में रखने गया तोह वह मुझे वही बांसुरी दिखी जो मेने उस बचे से खरीदी थी जिसे देख कर मेरे मन में अचानक hi प्रभु के ख्याल आने लगे और मेरे हाथ अपने आप hi उस बांसुरी के तरफ बढ़ने लगे और जब मेने उस बांसुरी को पकड़ा तोह मेरे मन उठ रहे सरे दुःख जैसे काम होने लगे जो महसूस करके मेरे मन को विचित्र सी शांतता मिलने लगी

उसी शांतता में कब में वह बांसुरी को अपने होठों से लगा कर बजने लगा ये मुझे भी पता नहीं चालाभी में वह बांसुरी बजा रहा था की तभी मेरे कानो में मन मोहने वाली आवाज सुनाई देने लगी जो की किसी और की नहीं खुद प्रभु की थी

प्रभु :- क्या हुआ राज तुम बड़े अशांत और दुखी हो

में :- तोह क्या करू प्रभु आप तोह सब जानते है फिर भी ये सवाल

प्रभु :- जीवन मृत्यु तोह सब भाग्य का खेल है

में :- लेकिन प्रभु क्या फायदा मेरे पास इतनी साडी शक्तिया होने का जब में अपने परिवार को hi बचा नहीं पाया तोह

प्रभु :- मेने तुमसे पहले hi कहा था राज अब सब कुछ तुम्हारे चुनाव पे निर्भर करता है की तुम अपना स्वार्थ चुनते हो या जान कल्याण

में :- तोह अब मुझे क्या करना चाहिए प्रभु

प्रभु :- वही जो तुम अब तक करते आये हो चुनाव या तोह अपने परिवार के शोक में ऐसे hi बैठे बैठे ासु बहाओ या फिर अपने कर्म करो

इतना बोलके वह गायब हो गए और जब मेरा ध्यान टुटा तोह में अपने कमरे में लेता हुआ था जैसे hi में उठा मेरे मन में प्रभु की कही गयी बाते वापस आने लगी जिसके बाद मेने ये तय कर लिया था की अब शोक मन कर कोई फायदा नहीं है अब मेरा एक hi मकसद है और सोह था रिवेंज मेरे परिवार के मौत का रिवेंज

ये ख्याल मेरे दिमाग में आते hi में तुरंत उठ गया और ध्यान लगाने लगा और जिस दिन ये सब हुआ था उस दिन की साडी घटनाओं को में अपने त्रि नेत्र से दलहन लगा

सबसे पहले मेने अपने घर के दृश्य दिखे जिससे में ये तोह जान गया था की ये धमाका किसी शैतानी शक्ति ने hi किआ था क्यूंकि घर में सब ठीक था अचानक कही से काली रौशनी आयी मेरा पूरा घर उस काली रौशनी के अंधकार में दुब गया

वही उसके बाद मेने उस जगह के दृश्य देखने लगा जहा पर मेरी और मर. नेगेटिव की फाइट हुई थी जब में वह सब देख रहा था तोह मेरा ध्यान उसी क्रिस्टल पे गया जिससे वह मर. नेगेटिव ने जैसें को भी वार न करने पर मजबूर कर दिया था उस क्रिस्टल को देख कर मेने तुरंत ध्यान तोड़ दिया और जैसें को बुलाने लगा

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 172 (वह 15 दिन)



अब देखते हैं इन 15 दिनों में क्या क्या हो गया

जब से राज नस खुद को अपने कमरे में बंद कर के रखा है तभी से उसके नाना हर जगह छानबीन कर रहे है की अचानक से घर में इतनी बड़ी आग लगी कैसे लेकिन हर बार रिजल्ट के रूप में शार्ट सर्किट hi उनके सामने आता लेकिन इससे वह शांत नहीं बैठ रहे थे वह तोह जैसे मनो हर तरह से कन्फर्म करना चाहते थे उन्हें बार बार चेक करने पर भी शार्ट सर्किट के पीछे क्या रीज़न है इसके बारे में पता नहज पद रहा था जिससे अब हार मान कर उन्होंने राज को लेके परमानेंटली सूरजगढ़ जाने का फैसला किया है अब देखते हैं राज मानता है या नहीं

तोह वही दूसरी तरफ

जहा एक तरफ राज अपने दुखों से लड़ रहा था वही पटल लोक में कोई था जो राज के हर छोटी से छोटी बात पर ध्यान रखे हुआ था इतना hi नहीं तोह वह राज के सभी पुराने कांड को भी देख रहा था जैसे की वह उसकी शक्तियों के बारे में पूरी तरह से जानकारी लेना छठा है तोह इस सब के साथ hi वह राज के साथ साथ hi लक्ष्मी पे भी नज़र रखे हुआ था लेकिन कुछ समय से लक्ष्मी को वह अपने शक्तियों से धुंध नहीं प् रहा था अब इसके पीछे क्या कारण है वह तोह हमे भी देखना होगा

जब राज ने अपने दुखों में खुद को कैद कर लिया था तब से हर दिन लक्ष्मी उससे मिलने जाती लेकिन राज वह भी अपने hi ख्यालों में घिरा होता जिससे वह बिना उससे बात किये वह अपने घर लौट जाती तोह ऐसे hi एक दिन जब लक्ष्मी राज से मिलके वापस आयी थी तोह जैसे hi उसने अपने कमरे का दरवाजा बंद किया वैसे hi उसके पहिचे से एक आदमी की आवाज आयी जिसे सुनकर वह तुरंत पलट गयी और उसने देखा की उसके कमरे 5 लोग खड़े थे जो की देखने से hi वह बिलकुल कार्नेज की तरह दिख रहे थे लेकिन किसी भी आम कार्नेज से अलग थे इनकी शरीर रचना बिलकुल इंसानों जैसी थी वही जब लक्ष्मी ने अपने सामने उन कार्नेज ग्रुप को देखा तोह वह तुरंत hi स. क्वीन के रूप में आ गयी और उसके ऐसे करते hi वह पांचो अपने घुटनो पे बैठ गए

ल :- कोण हो तुम और यहाँ क्या कर रहे हो

स1 :- हम सभी आपके सेवक है क्वीन जब से आपने उन दोनों मणियों को अपने अंदर समाया है तभी से hi हम आपको ढूंढ रहे थे लेकिन आपका कवच हमे आपको देखने से हर बार रोक देता तह और जब आपने इस धरती को बचने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किआ तब हमे आपके बारे में पता चला और हम आपको यहाँ से ले जाने के लिए आ गए

ल :- लेकिन आप सब मुझे कहा ले जाने आये हो और आप सब हो कौन

स2 :- आपको उस रक्षक के श्राप के कारण कुछ याद नहीं है में आपका सेनापति और ये सभी आपके मंत्रीगण है और हम सब आपको कार्नेज लोक ले जाने आये है जहा आपको आपकी यादों के साथ hi आपकी सम्पूर्ण शक्तिया भी मिलेगी और फिर आप पहले के तरह पुरे कार्नेज लोक पे राज करोगी

ल :- नहीं में आपके साथ नहीं आ सकती मेरे यहाँ बहुत से काम पेंडिंग है उन असुरों का अंत कारण है मेरे माता पिता उनका क्या

स3 :- उसकी चिटा मत कीजिये आप महारानी ये आपके माता पिता तोह केवल परछाई मात्रा है इनके असली रूप और आपके असली माता पिता तोह कार्नेज लोक में आपका इंतज़ार कर रहे है यहाँ जो है वह केवल उनकी एक परछाई है जो धरती पे आपको कोई परेशानी न हो इसीलिए है अभी आज वह समय आ गया है जब आप अपने श्राप से मुक्त हो जाओ और अपने लोक को पुनः अपने अधीन करे

ल :- लेकिन राज (बात बदलते हुए) यहाँ और भी काम है मुझे

स1 :- आप उस लड़के की बात कर रही हो हम जानते हैं लेकिन जो आपको अँधेरे में रखा इतने दिनों तक आपकी सचाई जान के भी उसने आपको अपनी सचाई से अनजान रखा जो साडी शक्तिया वह आपको आसानी से दे सकता था उसके लिए उसने आपको ध्यान जैसे दुर्गन और लम्बा मार्ग बताया उससे कई गुना ज्यादा ज्ञानी और शक्तिशाली योद्धा है कार्नेज लोक में

ल :- लेकिन

अभी लक्ष्मी कुछ बोलती की तभी उसके मन में एक आवाज सुनाई देने लगी

आवाज :- लक्ष्मी बीटा तेरी माँ तुझे गले लगाने के लिए तड़प रही है जल्दी आजा

जी ये आवाज लक्ष्मी के माँ की थी जो शायद कार्नेज लोक से टेलिपाथिक कनेक्शन के द्वारा बात कर रही थी जिसे सुनने के बाद लक्ष्मी जैसे इमोशनल हो गयी

ल :- ठीक है में चलने के लिए तैयार हु बस एक बार राज से मिलने दो

स2 :- हमारे पास इतना समय नहीं है अगर मुहूर्त से पहले ये कार्य नहीं हुआ तोह आपको अपनी शक्तिया पाने के लिए अगले रक्तचंद तक का इन्तजार करना होगा

ल :- ठीक है चलिए

लक्ष्मी के सन्मति पते hi उसके कमरे में एक पोर्टल खुला और वह सभी भी उसी पोर्टल से चलर गए तोह वही लक्ष्मी के माता पिता के परछाई रूप भी अचानक गायब हो गए

तोह वही

इन 15 दिनों में धरती पर और भी बहुत से मेहमान आये अब देखते है राज इनसे कब और कैसे मिलता है

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आज के लिए इतना hi

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भाइयों नेक्स्ट अपडेट से फुल तो एक्शन धमाका स्टोरी होने वाली है सो प्लीज अपना रिस्पांस देते रहे
 
अपडेट 173



प्रेजेंट टाइम

अभी में उस दिन की फाइट सीन्स को देख रहा था की तभी मेरा ध्यान उस क्रिस्टल पे गया जिसके मदद से वह मर. नेगेटिव जैसें तक को रोक प् रहा था और फिर मेने उसे अपने अंदर समां लिया था जिसके बारे में याद आते hi मेने तुरंत जैसें को बुलाने लगा जिसके तुरंत बाद वह मेरे सामने खड़ा था

जैसें :- हुकुम आका

में :- मुझे उस क्रिस्टल के बारे में सब सच बताओ

जैसें :- आका वह क्रिस्टल कोई आम क्रिस्टल नहीं बल्कि जीन क्रिस्टल है दुनिया के सभी जिन्नों का शक्ति स्त्रोत भी आप कह सकते हो आपको याद है मेने आपको रक्त चाँद की कहानी बताई थी (अपडेट 115) ये उसी का हिस्सा है चाँद पर जो शक्ति स्त्रोत था उसी स्त्रोत एक छोटासा भाग है ये जीन क्रिस्टल जो पिछले कई सैलून से हम जिन्नो के पास था

में :- तोह वह उस असुर के पास कैसे पहुंच गया

जैसें :- उसने जरूर जिन लोक पर हुम्ला किया होगा और उसने जिन लोक पर कब्ज़ा करके वह से ये क्रिस्टल चुराया होगा क्यूंकि ये क्रिस्टल उसी को मिल सकता है जो जीन लोक के सिंहासन पर विराजमान हो

में :- फिर तोह हमे जल्दी से जीन लोक जाना चाहिए वह न जाने क्या स्थिति हो गयी होंगी

जैसें :- जी आका में भी कितने दिनों से आपको यही बोलना चाहता था लेकिन आपका दुःख देख कर में आपसे कुछ बात नहीं कर पता

में :- कोई बात नहीं अभी मुझे लक्ष्मी को भी संभालना होगा वह तोह जरूर गुस्सा हो गई

जैसें :- आका पिक्सहले कुछ दिनों से में उन्हें अपने जादुई शक्तियों से देखने की कोशिश कर रहा हूँ लेकिन में उन्हें देख नहीं प् रहा हूँ

में :- ये कैसे हो सकता है हमे जल्द hi लक्ष्मी के पास जाना चाहिए

उसके बाद में और जैसें तुरंत टेलिपोर्ट होक लक्ष्मी के घर के पास पहुंच गए जहा लक्ष्मी के घर पे लॉक लगा था जिसे देख कर में शॉकेड हो गया मेने भी उसे अपने त्रि नेत्र से ढूंढने की पूरी कोशिश की लेकिन में उसे देख नहीं प् रहा था

फिर में वह से वापस अपने घर आ गया जहा पर नानाजी ने मुझे उनका फैसला सुनाया जिसे सुनकर मेरे दिमाग में एक आईडिया आया जिसके तहत मेने नानाजी से कह दिया की में खुद को सँभालने के लिए और जो भी हुआ उससे उभरने के लिए वर्ल्ड टूर करना चाहता हूँ वह भी अकेले

जिसके लिए वह मान तोह नहीं रहे थे और मेरे पास ज्यादा समय भी नहीं था इसीलिए मजबूर होक मुझे सम्मोहन विद्या का इस्तेमाल करना पड़ा जिससे नाना जी एक पल में मान गए फिट में भी निकल पड़ा अपने मिशन पर पूरी दुनिया के नज़र में वर्ल्ड टूर लेकिन असल में इस सब के पीछे उस असुर को ढूंढने जिसने मर. नेगेटिव को यहाँ भेजा था

जहा में अपने मिशन पर निकल गया था तोह वही वह शख्स जो मुझ पर नज़र रखे हुए था वह भी ये सब देख प् रहा था

वह :- अस्बा बड़ी जल्दी अपने दुखों पे काबू प् लिया चलो ाचा है अब देखते है ये इस परीक्षा में अब कैसे पास होता है ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह तुमने अपने जीवन कल में बहुत साडी परीक्षाएं दी होंगी लेकिन ये उन सब में सबसे कठिन होगी क्यूंकि ये परीक्षा लेने वाला तुम्हारा गाइड नहीं बल्कि मर हूँ शैतान 👿 (डेविल स्माइल के साथ) तुम्हारे अंदर की आचायी का दुश्मन

इतना बोलके वह जोरो से हसने लगा और जब उसकी हसी बंद हुई तोह वह जोरो से छिलके बोलने लगा

शैतान :- जाओ जीन लोक जा रहे हो न तोह तुम्हारी परीक्षा की शुरवात भी वही से होगी और वही पे तुम्हे मेरे बारे में पता चलेगा फिर आएगा मजा अब देखते है क्या कर पते हो तुम

वही इस वक़्त में और जैसें एक सुसान से पहाड़ पर खड़े थे जिसके ठीक सामने जैसें ने एक पोर्टल खोला हुआ था जिसके दूसरे तरफ मुझे केवल अन्धकार दिख रहा था

जैसें :- आका यही रास्ता है जीन लोक जाने के लिए

में :- लेकिन दूसरी तरफ तोह मुझे केवल अंधकार दिख रहा है

जैसें :- आका ये जादुई पोर्टल है बहार से जीन लोक आपको अंधकार में hi दिखेगा अगर उसे देखना हो तोह आपको जीन लोक के अंदर प्रवेशग करना होगा

में :- ठीक है चलो फिर

फिर में और जैसें उस पोर्टल के अंदर चले गए और पहुंच गए जीन लोक जहा पर इस वक़्त जैसें मेरे अंदर समां गया था और फिर मेरे शरीर पर कवच की तरह चढ़ गया था इस वक़्त शायद में उस जीन लोक के गेट पे खड़ा था मेरे सामने 2 बड़े गेट थे जो की पूरी तरीके से सोने के बने हुए थे जिन्हे खोलने के लिए जैसे hi मेने उन गेट्स को छुआ वैसे hi मेरे सामने 2 असुर आ गए जिन्हे देख के जैसें ने मेरे मन में बोलै

जैसें :- आका ये असुर यहाँ है मतलब अंदर भी सब कुछ उन असुरों के कब्जे में hi होगा यहाँ से आगे मुझे सँभालने दीजिये

में :- ठीक है करो अपने मन की

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 174



जैसें :- आका ये असुर यहाँ है मतलब अंदर भी सब कुछ उन असुरों के कब्जे में hi होगा यहाँ से आगे मुझे सँभालने दीजिये

में :- ठीक है करो अपने मन की

असुर 1 :- कोण hi तुम और तहा क्या कर रहे हो

में (जैसें) :- क्या हुआ सिपाही महोदय में तोह बस एक जीन हु जो जीन लोक में जाना चाहता हु लेकिन आप तोह मुझे जीन के जैसे नहीं दिख रहे हो

असुर 2 :- हम असुर सैनिक है अब से ये जीन लोक और यहाँ के सरे जीन हम असुरों के आधीन है और अब तुम भी हमारे गुलाम बनोगे

में (जैसें) :- ये क्या आप कुछ भी बोल रहे हो जीन राजा के होते हुए थोड़ी न कोई भी ऐरा गैर आके यहाँ राज कर लेगा

असुर 2 :- तुम कहना क्या चाहते हो हम ैरे गैर है रुक अभी तुझे बताते है

इतना बोल के वह दोनों ने hi अपने अस्त्र निकल के मुझ पर हुम्ला करने लगी लेकिन वह कुछ कर पाते उससे पहले hi जैसें ने अपनी तलवार से दोनों की गर्दन को धड़ से अलग कर दी

फिर जैसें ने उस जीन लोक के गेट के हैंडल को पकड़ा और कुछ बोलने लगा और जैसे hi उसने उस गेट को छोड़ा तोह वह गेट अपने आप खुलने लगा

जैसें :- चलिए आका

फिर हम दोनों अंदर आ गए जैसे जैसे हम अंदर जा रहे थे वैसे वैसे हमे जीन लोक की हुई बुरी अवस्था दिख रही थी जिसे देख कर जैसें का क्रोध और दुःख में महसूस कर प् रहा था

में :- में तुम्हारी भावनाओं को महसूस कर प् रहा हु जैसें तुम चिंता मत करो हम उन असुरों को मार के hi उनका सरवनाश करके hi रोकेंगे

जैसें :- आका आपको कुछ करना नहीं पड़ेगा आपको बस जीन लोक के प्राचीन सिंहासन पर उस क्रिस्टल ऑफ़ जीन को लगाना है फिर देखिएगा कैसे एक एक जीन 10 असुरों पर भी भरी पड़ेगा

में :- तोह कहा है ये प्राचीन सिंहासन

जैसें :- चलिए आका यहाँ पे हमे उड़ कर जाना होगा यहाँ पे हम किसी भी तरीके का पोर्टल नहीं बना पाएंगे

में :- ठीक है तुम भी अब मेरे अंदर से बहार निकालो

फिर जैसें मेरे अंदर से बहार निकल के मेरे बगल में खड़ा हो गया और फिर मेने एंजेल का रूप ले लिया जिससे मेरे पीठ पर एंजेल विंग्स भी आ गए

फिर में और जैसें चल पड़े उस प्राचीन सिंहासन के तरफ रस्ते में हमे जो भी असुर दीखता था उसे हम दोनों वही मार देते फिर ऐसे hi कुछ देर और जीन लोक की सैर करते हुए हम दोनों अपनी मंजिल पे पहुंच गए

जैसें :- लीजिये आका हम आ गए प्राचीन सिंहासन के पास

जब मेने वह जगह देखि तोह में शॉकेड हो गया क्यूंकि मुझे लगा था की वह सिंहासन किसी भव्य महल में होगा लेकिन ये एक जंगल के बीचो बिच था

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जैसें :- खा हुआ आका ऐसे क्या सोच रहे हो

में :- मुझे लगा नहीं था की ये जीन लोक महाराज का सिंहासन यहाँ इस जंगल में होगा

जैसें :- नहीं आका ये जीन लोक के महाराज का सिंहासन नहीं है बल्कि ये जीन लोक के सर्व प्रथम जीन राजा का सिंहासन है उनके बाद कोई ऐसा जन्मा hi नहीं जो की इस सिंहासन पर बैठ सके इसीलिए महँ जीन मंत्रियों के सलाह से एक और सिंहासन बनाया गया और इस सिंहासन को जीन लोक के शक्ति स्वरुप में यहाँ रखा गया है

में :- ठीक है फिर चलो अब अपना काम पुरस करते है

इतना बोल के मेने अपनी आखे बंद की और अपने अंतर्मन से उस क्रिस्टल को याद करने लगा जिससे वह क्रिस्टल मेरे अंदर से निकल गयी और आके मेरे सामने उड़ने लगी और जैसे hi मेने अपनी आखे खोली वह मणि मेरे सामने hi थी फिर मेने अपने शक्तियों से उस मणि को सिंहासन पर लगा दिया जिससे उस सिंहासन पर आसमान से भयानक बिजली गिरने लगी जिसके झटके पूरा जीन लोक महसूस कर पारा रहा था लेकिन उससे भी कुछ नहीं हुआ बल्कि सब जैसा था वैसे hi था

में :- ये क्या है जैसें कुछ हुआ या नहीं इससे

जैसें :- मुझे भी समझ नहीं आ रहा है आका ये क्या हो रहा है

अभी हम बाटे कर hi रहे थे की तभी हमे बहुत सरे असुर आते हुए दिखे

में :- जैसें तुम उन असुरों को रोको में देखता हूँ क्या दिक्कत है

जैसें :- जी आका

फिर जैसें चल पड़ा उन असुरों का संहार करने और में वही ध्यान लगा कर अपने त्रि नेत्र को एक्टिवटे करके इस सिंहासन को स्कैन करने लगा जिससे उस सिंहासन का पूरा इतिहास मेरे सामने खुल के आ गया जिससे जान कर मेरे होठो पैर मुस्कान च गयी और फिर मेने अपना ध्यान तोड़ दिया और पहुंच गया जैसें के पास

अभी भी में अपने एंजेल के रूप में hi था जिसे देख कर सरे असुर थोड़ा भयभीत हो रहे थे लेकिन मेने तुरंत अपना विजयी धनुष को बुलाया और उससे बहुबान का इस्तेमाल कर के आधे से ज्यादा असुरों को ख़तम कर दिया और ऐसे hi एक और अटैक से वह मौजूद सभी असुर मरे गए

में :- जैसें इस सिंहासन को एक शासक की जरुरत है जिससे ये अपनी सभी शक्तियों को आज़ाद कर सके

जैसें :- लेकिन अब इसके लिए उचित धारक कहा से लाएंगे

में :- तुम हो न तुम बैठ जाओ तुम और वह मणि दोनों भी मेरे अंदर समाये हुए थे जिससे तुम दोनों जुड़ गए है और तुम एक जीन भी हो इसीलिए तुम hi सब से बेहतर हो

जैसें :- नहीं आका में कैसे

में :- जैसें हमारे पास इतना समय नहीं है ये मेरा हुकुम है सिंहासन पर विराजो

मेरा आदेश सुन कर जैसें बिना कुछ बोले उस सिंहासन पर बैठ गया और उसके बैठते hi वह फिर से भयानक विद्युत् तरंगे गिरने लगी और इस बार जैसे जैसे वह तरंगे गिर रही थी वैसे वैसे मुझे असुरों की चीखे सुनाई देने लगी थी और जब मेने आसमान में जेक देखा तोह मेने पाया की जहा पहले पूरा जीन लोक तबाह हुआ पड़ा था वागी अब वह एक भव्य नगर में बदल रहा था और वही जीन लोक के सभी जीन असुरों को भगा भगा के मार रहे थे ये देख कर में फिर से उस सिंहासन के पास आ गया जहा अभी भी विद्युत् तरंगे गिर रहे थे

अभी पुरे जीन लोक में उजाला फ़ैल गया था जिसे देख में भी समझ गया की हम ये युद्ध जित गए है अभी धीरे धीरे वह सरे जीन भी आ गए थे सबसे आगे दो जीन थे एक जो बिलकुल hi ओल्ड लग रहा था और एक जो मीडियम दिख रहा था और उनके पीछे 2 और जीन थे जो दिखने से hi कुशल जीन वारियर्स लग रहे थे

वही जब सब ने मुझे देखा तोह सब मुझे भी अपना दुश्मन समझने लगे जैसे hi वह मेरे पास आये तोह वह दोनों वारियर्स मेरे तरफ दौड़के आने लगे और मुझे पर पहले लात घूसों से आक्रमण करने लगे जिसका जावद में केवल उनके अटैक्स को ब्लॉक करके दे रहा था में चाहता तोह दोनों को एक बार में hi ख़तम कर देता लेकिन अभी में उनके बारे में नहीं जानता था की वह अचे है या बुरे, दोस्त है या दुश्मन इसीलिए में केवल अपनी स्पीड का इस्तेमाल कर रहा था

अभी में खुद का बचाव कर रहा था की तभी मेरी नज़र उस ओल्ड जीन पर गयी जो मेरे और घूर घूर के देख रहा था मेरा फेस तोह आर्मर हेलमेट में चिप फाय था तोह वह मुझे क्यों घूर रहा था में अभी ये सब सोच रहा था की तभी उन दोनों वारियर्स ने एक साथ मुझ पर अपनी जादू शक्तियों का वार किया जिससे में बस दो कदम पीछे सरका था और मेरे मुँह से बस एक हलकी सी चीख निकली थी जहा ये सबसे मुझे झात फरक नहीं पड़ा था लेकिन कोई था जिसे शायद ये सहन नहीं हुआ और वह था सिंहासन पे जैसें जैसे hi में चीख उसके कानो पहुंची उस सिन्हा सं पर गिरने वाली विद्युत् तरंगे और भयानक हो गयी और उस मेसे दो तरंगे निकल के सीधा उन दोनों वारियर्स को जा लगी जिससे वह दूर जाकर गिर गए लेकिन फिर वह कैसे तैसे उठ गए और फिर से मेरे सामने आ गए लेकिन अभी वह सिर्फ मुझे घूर रहे थे की तभी सिंहासन पर गिरने वाली विद्युत् तरंग रुक गयी और जो जैसें मेरे सामने था उसे देख कर एक बार को मेरी ससे भी रुक गयी थी

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वह अभी कोई बेहद क्रूर और भयानक राजा के तरह प्रतीत हो रहा था जिसे देख कर सरे जीन अपने घुटनो पे बैठ गए लेकिन में वैसे hi खड़ा था जहा सब जीनों की नज़र मेरे ऊपर hi थी की तभी जैसें अपने जगह से उठके मेरे सामने आ के खड़ा हो गया और मुझे घूरने लगा जैसे चेक कर रहा हो की कही चोट लगी है या नहीं फिर एक दम से पलट के उन दोनों वारियर्स के सामने पहुंच गया और उन दोनों का गाला पकड़ के उन्हें हवा में उठा लिया ये देख कर वह सब शॉकेड हो गए

जैसें :- शुक्र मनाओ की मेरे आका को चोट नहीं लगी नहीं तोह तुम दोनों को अभी कच्चा चबा जाता

इतना बोलके उसने उन दोनों को वही पटक दिया और अब वह उन दोनों जिन्नों के पास जो उन वारियर्स के आगे चल रहे थे

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आज के लिए इतना hi


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