Apne Pyaare rishte - Page 20 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 175



जैसें :- शुक्र मनाओ की मेरे आका को चोट नहीं लगी नहीं तोह तुम दोनों को अभी कच्चा चबा जाता

इतना बोलके उसने उन दोनों को वही पटक दिया और अब वह उन दोनों जिन्नों के पास जो उन वारियर्स के आगे चल रहे थे

जैसे hi जैसें उनके पास पंहुचा तोह उसका शरीर नार्मल हो गया और अब वह अपने असली रूप में था जब सब ने उसका असली रूप देखा तोह सब खड़े हो गए और कभी जैसें के चेहरे की तरफ देखते तोह कभी एक दूसरे के तरफ तोह वही वह दोनों एज्ड जीन के आखों में ासु आ गए और उस मेसे मिड एज्ड जीन ने जैसें को अपने गले से लगा लिया और अब शॉक होने की बारी मेरी थी

जैसें (गले लगे हुए जीन से) :- पिता श्री आप ठीक तोह है न

ज. डैड :- जिसके पास तेरे जैसा पुत्र हो उसे भला क्या होगा तुमने हमारे पुरखों की शक्ति को प् लिया है अब तुम्हे इस पुरे संसार में कोई भी हरा नहीं सकता

जैसें (अपने डैड से) :- अगर आप ठीक हो अब तोह हम जरा मेहमानों पर भी ध्यान दे (बचे कूचे असुरों की तरफ इशारा करके)

में :- अरे इन मछरों के लिए अपना मिलान मत रोको इनके लिए में हूँ न

इतना बोलके मेने अपने धनुष से एक बाण चला दिया जिसने बाकि सभी बचे कूचे असुरों को भी मौत के घाट उतर दिया वही जब सब ने मेरे तीर का कमल देख के तोह जैसे उन्हें झटका hi लगा था ाचा हुआ की जिन्नों को हार्ट अटैक नहीं आता नहीं तोह इतने झटकों से कबके सब लपक लेते

में :- (सबको ऐसे शॉकेड देख कर) क्या हुआ अब तक किसी तीरंदाज को नहीं देखा क्या

जैसें :- (अपने डैड से) पिता श्री ये मेरे आका है राजवीर ये महँ शाशक काल के उत्तराधिकारी और आचार्य राघवेंद्र के शिस्य है

जैसें के मुहसे जब सब ने मेरा इंट्रोडक्शन सुना तोह सब फिर से शॉकेड हो गए

में :- ये क्या आप सब बार बार शॉकेड क्यों हो रहे हैं

जैसें (मुझ से) :- आका ये मेरे पिता श्री और जीन लोक के राजा (ओल्ड आगे वाले जीन की और इशारा करके) और ये मेरे दादाजी

उसके बाद मेने दोनों को प्रणाम किया फिर ज. डैड ने सरे जिन्नों को उनके घर जेक आराम करने को कहा और फिर हम भी चल पड़े जैसें के घर के तरफ

तोह वही दूसरी तरफ

इस वक़्त पटल लोक में शैतान अपने सिंहासन पे बैठा हुआ था और उसके चेहरे पे एक भयानक मास्क लगा हुआ था

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अभी वह कुछ सोच रहा था की तभी वह उसका एक चेला दौड़ता हुआ आया और उसके सामने अपने घुटनो पे बैठ गया

चेला :- महँ शैतान की जय हो हुकुम वह जिन्नलोक

शैतान (बिच में hi रोकते हुए) :- राज ने जीन लोक में अपना पराक्रम दिखा दिया और अब जिन्नलोक हमारे चंगुल से आज़ाद है

चेला :- जी हुकुम

शैतान :- (हस्ते हुए) है है है शाबाश राज तेरे जैसे योद्धा से यही उम्मीद थी मिलेंगे जल्दी (चेले से) सुनो अब से मुझे राज की कोई जानकारी मत देना वह जीते हारे कुछ पाए कुछ गवाए मुझे उसकी कोई जानकारी नहीं चाहिए

चेला :- जो आज्ञा हुकुम

शैतान :- अब आएगा मजा जब वह मेरे बारे में जानेगा और तभी तोह आएगा युद्ध में मजा जब वह कुछ नया करेगा जो मुझे न पता हो में कुछ ऐसा करूँगा जो उसने सोचा न हो तब होगा असली युद्ध और अंतिम युद्ध

वही जीन लोक में

इस वक़्त में और जैसें उसके महल में थे में अभी भी अपने एंजेल वाले रूप में था

जैसें :- आका अब आप अपने असली रूप में आ जाइये यहाँ पे आपको आपकी पहचान छुपाने की जरूरत नहीं है आप अपना मास्क उतर सकते है

फिर जैसें की बात मानकर मेने अपना मास्क गायब कर दिया

अभी में और जैसें आगे के प्लान पर डिसकस कर रहे थे की तभी वह जैसें का पूरा परिवार वह आ गया और जब सब ने मुझे वह देखा तोह सब दूर पे hi रुक गए और फिर तुरंत hi ज. डैड ने मुझ पर अपनी शक्ति से हुम्ला किया जिससे में जेक सीधा पीछे की दीवार से टकरा गया

जैसें :- पिता श्री ये क्या कर रहे है

ज. डैड :- ये शैतान फिर आ गया बीटा ये वही शैतान जिसके एक इशारे पर असुरों ने हम पर हुम्ला किया था यही है वह जिसके वजह से जीन लोक पर असुरों का कब्ज़ा हुआ था ख़तम करो उसे

जैसें :- आप ये क्या बोल रहे हो ये मेरे आका है राजवीर जिन्होंने हमे असुरों से बचाया मुझे महाजिन्न की शक्तिया दी ये शैतान नहीं बल्कि सभी जिन्नों के मालिक है इन्होने असुरों के चंगुल से क्रयताल ऑफ़ जीन चीन कर हम सबको आज़ाद किया है

ज. डैड :- अगर ये सच है तोह वह कोण था इन दोनों का चेहरा बिलकुल एक जैसा है जैसे की दोनों एक दूसरे के hi प्रतिबिम्ब हो

जैसें :- लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है

ज. दादा : बिलकुल हो सकता है बीटा मेने सुना है इस जहाँ में एक जैसे दिखने वाले 7 लोग होते है ये केवल एक संयोग है फिलहाल तुम इसे भूल जाओ और अपने लक्ष्य पे ध्यान दो फिर तोह तुम्हे जीन लोक की भी जिम्मेदारी सम्भालनि है (अपने मन में) अगर में जो सोच रहा हूँ वह सच है तोह बहुत जल्द महायुद्ध होगा लेकिन ये सचाई अभी बहार नहीं आणि चाहिए मुझे सबसे ये छुपाना hi होगा

फिर वह सबका इमोशनल ड्रामा सुरु हो गया जिससे बचते हुए में वह से निकल के आ गया और ज. डैड की बातों के बारे में सोचने लगा की कोई शैतान यानि सभी असुरों का राजा जिसके एक इशारे पे सभी असुरों ने जिन्नलोक पे आक्रमण कर दिया अभी में इन सब के बारे में सोच hi रहा था की तभी मेरे मन में प्रभु की आवाज सुनाई देने लगी

प्रभु :- क्या हुआ राज क्या सोच रहे हो

में :- प्रणाम प्रभु में सोच नहीं रहा बस भविष्य में होने वाले युद्ध को लेके में थोड़ा अशांत था

प्रभु :- ये क्या राज तुम आज कल बात बात पे अशांत हो जाते हो क्या तुम्हे पता नहीं की जिनका मार्गदर्शक में होता हूँ उन्हें अशांत होने का किंचित सा भी हक़ नहीं होता और वैसे भी जो भविष्य में होना है वह तोह होकर रहेगा उसे कोई बदल नहीं सकता तुम जो वर्त्तमान में हो रहा है उसे रोकने पे ध्यान दो

में :- मतलब क्या हो रहा है वर्त्तमान में

प्रभु :- जान जाओगे

इतना बोलके उनकी आवाज आना बंद हो गयी और में फिर से कंफ्यूज होक खड़ा था की तभी एक जीन मेरे सामने आ गया

जीन :- मालिक आपको महाजिन्न ने तूअंत बुलाया है

में :- ठीक है चलो

फिर में वह से जैसें के रूम में चला गया जहा पर उसके साथ उसके पिता और वही 2 वारियर्स भी मौजूद थे

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 176



जब में जैसें के रूम में पंहुचा तोह वह पर सभी जान किसी बात पर चर्चा कर रहे थे जब में वह पंहुचा तोह सब शांत हो गए अब तक मेने अपना मास्क फिर से लगा लिया था ताकि कोई और मुझे फिर से कोई शैतान न समझ ले

जब में तुम के अंदर गया तोह जैसें मेरे सामने आ गया

जैसें :- आका एक समस्या ाँ पड़ी है

में :- क्या हुआ सब कुछ ठीक है न

जैसें :- अभी जीन लोक के गुप्तचरों ने सन्देश दिया है की यहाँ से थोड़ी दूरी पे एक लोक है जो कुछ समय पहले hi प्रकट हुआ है

में :- कुछ समय पहले से तुम्हारा क्या मतलब है

जैसें :- बहुत वर्षों पहले असुरों ने उस लोक के शाशक को मार के उसकी शक्तियों को कैद किया था तभी से वह लोक कही गायब सा हो गया था जो कुछ दिनों पहले hi फिर से प्रकट हुआ है और अभी हमे पता चला है की वह पर फिर से एक बार असुरों ने आक्रमण किया है और उस लोक की रानी याने कार्नेज क्वीन को फिर से कैद किया है और जल्द hi उनकी बलि देके उनकी शक्तिया छीनने की योजना बना रहे है

जब जैसें ने पूरी बात बताई तोह मेरे दिमाग के घोड़े दौड़ने लगे और मुझे प्रभु की बात का अर्थ समझ आया की वह क्या रोकने के लिए बोल रहे थे

में :- तोह इसमें बात चित करने में क्यों समय नष्ट कर रहे हो चलो जल्दी कही लक्ष्मी.... मेरा मतलब कार्नेज क्वीन को कुछ हो न जाए

ज. डैड :- हम वही बात कर रहे थे की जीन लोक कभी एक बड़े भयानक युद्ध से गुज़रे है अभी हमारे सेना और एक युद्ध के लिए तैयार नहीं है

में :- तोह इसमें क्या है में वैसे भी में जिंनदों को इस युद्ध का हिस्सा बनाने भी नहीं वाला था (जैसें से) जैसें तुम अब महाजिन्न हो तुम्हारे ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है तुम्हे पुरे जीन लोक को फिर से सशक्त करना है जिस वजह से तुम्हारा यही पे उपस्थित होना आवश्यक है इसीलिए तुम साथ नहीं चल सकते हो

जैसें :- नहीं आका यहाँ पर पिताजी और दादा जी है वह संभल लेंगे और वैसे भी में महाजनं से पहले एक आम जीन हु जिसको आपने अपना गुलाम बनाया था और आपके हर युद्ध में आपके साथ रहकर आपके हर वार को खुद पर लेना मेरा पहला कर्त्तव्य है और इस्सर आप भी मुझे नहीं रोक सकते

ज. डैड :- जैसें सही कह रहा है मालिक भले hi हम सब आपके साथ न आ पाए लेकिन जैसें आपके साथ आपकी हेल्प कर सकता है और यहाँ में सब संभल लूंगा

में :- अगर आप सब इतना बोल रहे हो तोहमे कोण होता हु मन करने वाला चलो हम अभी चलेंगे पता लगाओ की उन्होंने मेरी लक्ष्मी को... (बात बदलते हुए) यानि कार्नेगी क्वीन को कहा रखा है

जैसें :- उसके बारे में पहले hi मेने पता कर लिया है वह कार्नेज लोक में hi है उन्होंने अपने मोहिनी विद्या से सभी कार्नेज सेना और मंत्रियों को अपने काबू में किया था और स. क्वीन के माता पिता को कैद करके स. क्वीन को भावुक करके पहले स. लोक ले गए और फिर वह उन्हें बेहोस करके वही कार्नेज लोक के बलिपिण्ड पर कैद कर के रखा है और जल्द hi उनकी बलि भी चढाने वाले है

में :- चलो फिर किस मुहूर्त का इंतज़ार है

मेरे बोलते hi जैसें तुरंत मेरे शरीर में समां गया और फिर मेने भी अपना एंजेल का रूप त्याग दिया और फिर जैसें मेरे ऊपर कवच की तरह चढ़ गया आज जब वह मेरे अंदर समाया तोह उसकी ऊर्जा हमेशा से ज्यादा शक्ति शाली लग रही थी जिसका असर मेरे कवच पे देख रहा था जो की पहले से भी ज्यादा मजबूत और भारी लग रहा था

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फिर हम दोनों निकल गए कार्नेज लोक के तरफ जिसका रास्ता हमे जीन लोक के बहार से hi दिखने वाला था जब हम बहार आये तोह जैसें उत्तर दिशा में इशारा करते हुए मुझे कार्नेज लोक की लोकेशन बताने लगा जिसके बाद में भी अपनी फुल स्पीड उड़ते हुए निकल पड़ा स. लोक के तरफ

जब में वह पंहुचा तोह वह पर एक बड़े साइज का लाल रंग का गेट लगा हुआ था जो की दिखने से भरी लग रहा था वह बिलकुल ऐसा लग रहा था की पूरा गेट खून में सना हुआ था और जब मेने उसे छुआ तोह उस गेट में से एक विद्युत् तरंग निकली जिसकी शक्ति किसी भी आम जीव को मारने के लिए काफी थी लेकिन मेरे पांच तत्वों मेसे आकाश तत्त्व की शक्ति ने उस तरंग कोब्सोख कर निष्क्रिय कर दिया जिससे में अपनी पूरी ताकत से वह गेट खोल रहा था और जैसे hi वह गेट खुला वैसे hi एक भयानक अग्नि लहार आ कर मुझ से टकरा गयी लेकिन इस बार अग्नि तत्त्व ने मेरे शरीर के तापमान को उस अग्नि लहार से भी अधिक कर दिया जिससे वह अग्नि लहार मुझ पर लगातार हुम्ला कर रही थी लेकिन मुझे उसका ताप बिलकुल भी महसूस नहीं हो रहा था

फिर जब वह अग्नि रुकी तोह में अंदर की और चला गया जहा पर प्रवेश करते hi मुझे मेरे सामने कई सारे असुर सैनिक दिख रहे थे जिनके साथ कुछ स. सैनिक भी थे जो की उन्ही असुरों के मायाजाल में फेज हुए थे जैसे hi मेने उन्हें देखा तोह मेने तुरंत वायु तत्त्व का इस्तेमाल करके अदृश्य हो गया और जब में अदृश्य हुआ तोह जैसें की आवाज मेरे मन में सुनाई देने लगी

जैसें :- आका आप अदृश्य क्यों हो गए इन सैनिकों के लिए आपका तीर hi काफी है

में :- तुम्हे क्यक लगा में दर के मरे अदृश्य हुआ हु भूलो मत में महाजिन्न का आका हूँ में अदृश्य इसीलिए हुआ हूँ की हमे पहले लक्ष्मी की सुरक्षा देखनी है फिर युद्ध समजे बेवाकूह जीन

जैसें :- (मुँह फुलके) जी आका

फिर हम दोनों उस पुर स. लोक में घूमते हुए बलि पिंड को ढूंढने लगे और जब हम बलिपिण्ड के पास पहुंचे तोह वह पर देख कर ऐसा लग रहा था की जैसे पूरी आसुरी और कार्नेज सेना इसी स्थान पे मौजूद है लेकिन अब इस वजह से एक प्रॉब्लम और थी की कही मेरे हाथों कार्नेज सेना का शिकार न हो जाये तोह अब लक्ष्मी को आज़ाद करके सबसे पहले कार्नेज सेना को अलग करना था ताकि कोई निर्दयः न मारा जाये

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 177



इस वक़्त हम दोनों उस आसुरी सेना के आगे खड़े थे हमारे अदृश्य होने के वजह से वह हमे भले hi देख नहीं प् रहे थे लेकिन फिर भी अगर हम सीधा हमला करते तोह असुरों के साथ साथ कार्नेज सेना से भी युद्ध करना पड़ता जिसमे कार्नेज सेना को भरी नुक्सान हो सकता था इसीलिए हमे पहले कार्नेज सेना को उन असुरों से अलग करना था

अभी हम इसका कोई हल खोजते की तभी वह एक महाकाय दानव आ गया जो की शायद इन सब का हेड था जैसे hi वह आया वैसे hi साडी सेना एक साथ अपने घुटने पर बैठ गयी और फिर उस दानव ने असुरों के तरफ देख कर कुछ इशारा किया जिसके बाद एक असुर ग्रुप वही कोने में बने हुए झोपडी में चले गए और जब वह बहार आये तोह उनके साथ लक्ष्मी भी थी जो शायद बेहोस थी

जब मेने लक्ष्मी को देखा तोह तुरंत मेरे दिमाग की बत्ती जाली और मुझे याद आया एक बार उसने मुझे अपनी शक्तियों के बारे में बताया था जिसमे एक शक्ति ऐसी भी थी की वह किसी के भी मस्तिष्क अपने काबू में कर सकती है यही सोच के मेने अब लक्ष्मी तक पहुंचने के लिए मार्ग ढूंढने लगा भले hi में अदृश्य था वह देख नहीं सकते थे लेकिन अगर में उनके करीब जाता तोह जरूर वह मेरे प्रजेंस को महसूस कर सकते थे

इसीलिए मुझे कोई और तरीका ढूंढना होगा जिसके लिए में यहाँ वह देख रहा था की तभी मेरी नज़र साइड में बने हुए एक जलाशय पर गयी जिसके पानी का इस्तेमाल बलि देने से पहले उस जगह और उस खड़क को शुद्ध करने के किया जाने वाला था फिर क्या मेने अपने जल तत्त्व को जागृत किया फिर अपने आकर को अष्ट निधि की शक्तियों से अति सूक्ष्म कर लिया और उसी के मदद से में उस जलाशय के पानी में मिल गया जाहक पर मेरा प्रजेंस चुप गया

और फिर जब असुर सैनिक ने एक पत्र में जल लिया तोह में भी उसी पत्र में समां गया और जैसे hi वह पत्र बलि पिंड के पास पंहुचा तोह वैसे hi मेने उस बलि पिंड की और जम्प लगा दी और जैसे hi में उस बलि पिंड तक पंहुचा वैसे hi में अपने असली रूप और आकर में आ गया और जैसे hi में अपने असली रूप में आया तोह तुरंत hi जैसें पुनः एक बार मेरे ऊपर कवच रूप में आ गया

तोह वही मुझे वह देख कर तुरंत hi सरे आसुरी सैनिक और कार्नेज सैनिक मेरे तरफ बढ़ने लगे लेकिन मेने तुरंत hi अपने पृथ्वी तत्त्व के मदद से मेरे और उन सब के बिच में बड़ी बड़ी और मजबूत चट्टानों को प्रकट कर दिया जिससे मुझे कुछ समय मिल गया तोह वही सभी सैनिक उन चट्टानों को वजह से रूक गए थे

परन्तु तभी वह वह दानव आ गया और उन चट्टानों पर जोरो से प्रहार करने लगा जिससे वह चट्टान कमजोर जरूर हो रहे थे लेकिन टूट नहीं रहे थे तोह वही में तुरंत लक्ष्मी के पास पहुंच गया और उसे जगाने लगा लेकिन वह उठ hi नहीं रही थी तोह मेने तुरंत उसके सर पे हाथ रखा और अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने लगा

जिससे जल्द hi वह होश में आ गयी और जैसे hi उसने अपने सामने जैसें रूप में मुझे देखा तोह तुरंत hi उसने मुझे गले लगा लिया और रोने लगी तोह में भी उसे गले लगा कर सांत्वना देने लगा

में :- लक्ष्मी शांत हो जाओ अभी हमे बहुत काम करना है असुरों ने सभी कार्नेज आर्मी को अपने वाश में कर लिया है और कार्नेज क्वीन होने के नाते सभी आर्मी को उनके चंगुल से निकलना होगा

जब लक्ष्मी की अपने आस पास की स्थिति का एहसास हुआ तोह वह मेरे से अलग हो गयी और अपने आस पास के स्थिति को समझने लगी

लक्ष्मी :- तुम सही कह रहे हो राज लेकिन में क्या कर सकती हूँ मुझे कुछ भी समाज नहीं आ रहा है ये सब क्या हो रहा है मैं यहाँ कैसे ये जगह कोनसी है और ये तुम्हारा आर्मर भी बदला हुआ है

में :- अभी सब समझने का वक़्त नहीं है बाद ये समझो की तुम्हे अपनी मंद कण्ट्रोल पावर को उसे करना है और यहाँ जितने भी स. सैनिक है उनके मंद को अपने कण्ट्रोल में लो और जल्दी

लक्ष्मी :- क्या मेने अभी तक अपनी पुराणी शक्तियों पर इतना ध्यान नहीं दिया है में जो नयी और अवेसमे पावर्स थी उन्ही पे ध्यान दिया है जिससे सामने वाले को ख़तम किया जाये या फिर सबको एक साथ बेहोस किया जाये

में :- (सोच कर) ग्रेट यही करो यहाँ जितने भी कार्नेज सैनिक है उन सब को सुला दो

लक्ष्मी :- ठीक है

फिर मेने अपनी एंजेल सोर्ड को याद किया तोह वही अब तक वह असुर उन चट्टानों पे वार किये hi जा रहा था वह जैसे hi चट्टान तोड़ता वह तुरंत hi दूसरी चट्टान आ जाती अभी वह प्रहार कर hi रहा था की तभी मेने सभी चट्टानों को गायब कर दिया जिससे सरे असुर सैनिक और स. आर्मी एक साथ मेरे तरफ बढ़ने लगी की तभी लक्ष्मी जो अभी अपने स. क्वीन वाले रूप में मौजूद थी जैसे hi चट्टानें हटी वैसे hi उसने अपने दोनों हाथों को ऊपर उठा दिया और कुछ मंत्र बोलने लगे और जैसे hi वह मंत्र रुके वैसे hi वह मौजूद हर एक स. सैनिक बेहोस होते जा रहा था फिर मेने भी तुरंत स्लो मेड ों कर दिया जिससे लक्ष्मी के साथ साथ सरे असुर रुक गए लेकिन स. आर्मी बेहोस होते जा रही थी और जैसे hi वह बेहोस हो रहे थे तोह में अपने पृथ्वी तत्व की शक्ति से सभी स. सेना को जमीं के गर्भ में भेज रहा था और जैसे hi सरे सैनिक जमीं में समां गए वैसे hi मेने समय को नार्मल कर दिया

जैसे hi समय नार्मल हुआ वैसे hi वह पर मौजूद सभी लक्ष्मी समेत सभी स. आर्मी को गायब देख कर सभी शॉकेड हो गए

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 178



जैसे hi समय नार्मल हुआ वैसे hi वह पर मौजूद सभी लक्ष्मी समेत सभी स आर्मी को गायब देख कर सभी शॉकेड हो गए

लक्ष्मी :- ये स आर्मी कहा गयी

में :- उन्हें मेने hi गायब किया है ताकि इस युद्ध में उन्हें कोई क्षति न पहुंचे

अभी हम बात hi कर रहे थे की तभी उस जगह पर भूकंप आने लगा जिससे में और लक्ष्मी दोनों शॉक थे और जब मेरी नज़र उस दसितया पर पड़ी तोह उसके चेहरे पे मुस्कान सी च गयी थी जब तक में उस मुस्कान के पीछे का राज समझ पता उससे पहले hi वह उस जगह पर कला धुआँ फैलने लगा और उस काळा धुए से एक एक करके असुर निकलने लगे अभी हम दोनों के सामने लाखों की तादाद में असुर थे

लक्ष्मी :- राज अब क्या करेंगे

में :- अब युद्ध होगा

मेरे इतना बोलते hi उस जगह पर फिर से एक बार भूकंप आने लगा और कला धुआँ फैलने लगा लेकिन इस बार मुस्कान मेरे चेहरे पे थी और जल्द hi उस जगह पर मेरी डेविल आर्मी एंड थे रीपर भी आ गए जिन्हे देख कर अब वह दैत्य शॉकेड था

उसके बाद उस जगह पर युद्ध आरम्भ हो गया जहा पे डेविल आर्मी उन असुरों को कच्चा चबा रहे थे तोह वही रीपर अपने तलवार से लगातार काटे जा रहा था तोह वही लक्ष्मी ने भी अपने स्वोर्ड्स के मदद से असुरों को मरे जा रही थी

तोह में इस वक़्त उस दैत्य के सामने थे हम दोनों के hi हाथ में तलवार पकड़ी हुई थी और हम दोनों बस एक दूसरे को घूर रहे थे की तभी उस दैत्य ने अपनी सोर्ड से मिझ पर हुम्ला कर दिया जिसके जवाब में मेने भी अपनी तलवार के मदद से उसके वार को रोक दिया और फिर शुरू हुआ हमारे बीच घमासान युद्ध में चाहता तोह उसे पल भर में ख़तम कर देता लेकिन न जाने क्यों लेकिन में केवल अपनी आधी ऊर्जा hi इस्तेमाल कर प् रहा था

अभी हम दोनों लड़ रहे थे की तभी मेने उसका हाथ पकड़ लिया और उसके साइन पर लेथ मार दी जिससे वह दूर जेक गिरा लेकिन वह हरा नहीं था वह फिर से खड़ा हुआ और इस बार उसकी आखे लाल हो चुकी थी जैसे की खून उतर आया हो उसके आखो में और वह अपनी उन खून भरी आखों से मेरी और hi देख रहा था वही मेरी आखे भी उसी के ऊपर तिकी हुई थी की वह अब क्या करेगा की तभी उसने अपनी आखे बंद की और अपने हाथ में पकड़ी हुई तलवार को आसमान की तरफ उठा दी और कुछ बोलने लगा जिससे आसमान से एक कड़कड़ती बिजली आके सीधा उसी तलवार पे गिरी और जैसे मनो की उस तलवार ने उस बिजली को अपने अंदर सोख लिया हो

ये देख कर मेने भी अपनी तलवार को इलेक्ट्रिक पावर से ेनेरगिज़ेड कर दिया अभी हम दोनों के hi तलवार में से बिजली निकल रही थी और दोनों एक दूसरे को घर रहे थे जैसे देख रहे हो की पहला हुम्ला कोण करता है की तभी वह दैत्य जहा खड़ा था वह से hi वह दौड़ते हुए मेरी और आया और मुझ पर अपनी तलवार से वार करने लगा उसके वार करते hi मेने भी अपनी तलवार को आगे कर दिया जैसे hi हम दोनों की तलवारे आपस में टकराई वैसे hi आसमान में जैसे बिजली सी चमक गयी और एक एनर्जी वेव भी निकली हमारे तलवार से जिससे हम दोनों के hi आस पास की जमीं पेड़ असुर सभी उस वेव के चपेट में आके या तोह दूर जेक गिरते या फिर नष्ट हो जाते

लेकिन हम दोनों का युद्ध रुका नहीं और ये सिलसिला भी यही पर नहीं थमा बल्कि उसके बाद तोह जैसे उस दैत्य ने मेरे ऊपर हमलों की बारिश कर दी कभी लेफ्ट से तोह कभी राइट से जैसे की उसने मुझे मारने का मन बना लिया हो वह मुझे बचने का एक मौका भी नहीं दे रहा था लेकिन में भी तैयार था में उसके हर हमले का जवाब बराबर दे रहा था वह जैसे hi मुझ पर हुम्ला करता में उस हमले से बचने का रास्ता तुरंत सोच लेता और उसपे काउंटर अटैक कर देता लेकिन वह दैत्य भी कुछ काम नहीं था वह भी बड़े अचे से मेरे हर अटैक को फ़ैल कर देता या फिर मेरी hi ताकत काम हो रही थी क्यूंकि मुझे अभी भी ऐसा लग रहा था की में अपनी असल शक्ति का केवल 25% hi उसे कर प् रहा हूँ

ऐसे hi थोड़ी देर तक ये लड़ाई चलती रही लेकिन न में दैत्य को चोट पंहुचा पाया था न दैत्य मुझे हम दोनों का मुकाबला बराबरी का था न वह मुझे हरा प् रहा था न में उसे हरा प् रहा था लेकिन जब भी हम दोनों की तलवारे टकराती थी तब आसपास के वातावरण में बिजली सी कपकपा जाती थी में और राहुल अपना पूरा जोर लगा रहे थे कभी वह मेरे अटैक को काउंटर करता तोह कभी में उसके अटैक्स को काउंटर कर देता

तभी मेने अपनी जगह से उस दैत्य के ऊपर जम्प लगा दी और जितनी शक्ति उसे कर प् रहा था उतनी पूरी शक्ति लगा के उस दैत्य पर अपनी तलवार से वार कर दिया जिससे बचने के लिए उसने अपनी तलवार को ऊपर कर दिया लेकिन मेरा फाॅर्स इतना था की मेरी तलवार उसकी तलवार को तोड़ते हुए उसके शरीर के 2 सामान भाग करते हुए सीधा जमीं के अंदर घुस गयी और वही हम दोनों के तलवारों के टकराने की वजह से इस बार इतनी स्ट्रांग वेव निकली की उसने उस पुरे बलि पिंड को तबाह कर दिया था और फिर मेने अपनी तलवार को गायब किया और फिर अपनी आखे बंद की और अपने राइट हाथ की मुट्ठी बनाकर उसे अपने होंठों के पास ले लिया और एक मंत्र बोलने लगा जिसे मेने काल की दी हुई बुक से सीखा था और जैसे hi मेने उस मंत्र का इस्तेमाल किआ वैसे hi वह पर मौजूद हर असुर दैत्य राक्षस पर बिजली गिरने लगी जिससे वह चुटकियों में जल के रख हो जाते वही अपने सामने मौजूद शत्रुओं को ऐसे अचानक मरते देख लक्ष्मी शॉक हो गयी थी या यह भी कह सकते हो की बुरी तरह से दर गयी थी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 179



अभी सब नार्मल हो गया था मेने मेरे मैजिक से स लोक में जो भी तबाही मची थी उसे भी ठीक कर दिया था और जैसे hi ये काम पूरा हुआ वैसे hi लक्ष्मी आके मेरे गले लग गयी लेकिन भले hi आस पास का वातावरण शांत हो गया था लेकिन मेरा दिमाग शांत नहीं हुआ था में बार नार यही सोच रहा था की बिच युद्ध में मेरी शक्तिया कैसे घाट गयी और यही बात बार बार मुझे चिंतित कर रही थी इसीलिए जैसे hi लक्ष्मी मेरे गले लगी मेने उसे खुद से अलग किया

में (लक्ष्मी से) :- क्या इस जगह कोई खास मंत्र बोलै गया था या कोई सुरक्षा कवच लगाया गया था जिससे शत्रु की ताकत आधी हो जाती थी

लक्ष्मी :- मुझे नहीं पता

में (गुस्से में) :- तोह कैसे मेरी शक्तिया कैसे घाट गयी में पुरे युद्ध में अपने आप को कमजोर महसूस कर रहा था और तुम कह रही हो तुम्हे नहीं पता इस जगह की रानी हो तुम (शांत होक) पता नहीं कोण है वह जो ये सब करवा रहा है कितना शक्ति शाली है ये भी नहीं पता मुझे और अब तोह मेरी शक्तिया भी घाट गयी है

मेरे ऐसे चिल्लाने से एक बार को लक्ष्मी भी दर से पीछे हो गयी थी लेकिन जब मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था तभी मेने सब विचारों को अपने दिमाग से निकल दिया और ध्यान लगाने लगा और वही हुआ जो मेने सोचा था इस वक़्त में उसी जंगल में था जहा प्रभु से में मिला था अभी में उस जंगल में जा रहा था की तभी मेरे कानो में बांसुरी की आवाज सुनाई देने लगी जिसे सुन में तुरंत उस दिशा में बढ़ने लगा और जल्द hi में प्रभु के सामने था

प्रभु :- राज तुमसे कहा था मेने छोटी छोटी बातों से तुम व्याकुल मत हो जाओ

में :- प्रभु लेकिन ये छोटी बात नहीं है मेरी शक्तिया घाट रही है और सामने एक अनजान शत्रु है जो मेरे बारे में सब जानता है लेकिन में कुछ नहीं

प्रभु :- ये तुमसे किसने कहा की वह तुम्हारे बारे में सब जानता है भले hi वह तुम्हारे बारे में अधिकतर बाते जानता है लेकिन तुम्हारे शक्तियों से तुम्हारे वरदानों से तुम्हारे बल से और तुम्हारे दिमाग से वह इन सब से अनजान है इसीलिए तोह वह इन छोटी छोटी लड़ाई हर रहा है ताकि वह तुम्हारी साडी क्षमताओं को जान सके और महा युद्ध जित सके

में :- तोह अब क्या करे

प्रभु :- मेरे होते हुए तुम्हे चिंता करने की क्या जरुरत है तुम्हारी शक्तियों को मेने hi बंधा था ये जान लो तुम की अब तुम्हारी परीक्षा है जो कोई और नहीं बल्कि तुम्हारा शत्रु hi ले रहा है इसीलिए तुम्हे अपनी शक्तियों को जरुरत पड़ने पर hi इस्तेमाल करना है

में :- जी

मेरे इतना बोलते hi मेरा ध्यान अपने आओ टूट गया और अब मेरे सामने लक्ष्मी कड़ी थी जो की चिंता में मुझे देख रही थी जो देख कर मसरे होठों पर मुस्कान आ गयी जिसे देख कर लक्ष्मी आकर फिर से मुझसे गले लग गयी

लक्ष्मी :- सब ठीक है न राज में तुम्हे छोड़ कर आना नहीं चाहती थी लेकिन उन्होंने मुझे इमोशनल कर दिया था

में :- में जानता हूँ चलो अब अपने आप को कण्ट्रोल करो तुम्हारी सेना अपनी रानी को ऐसे देख कर क्या कहेगी

फिर मेने लक्ष्मी को साइड किया और सरे स सेना को धरती से बहार निकला और अपने कुण्डलिनी को जागृत कर के उन सबके मंद को असुरों के चंगुल से आज़ाद कर दिया और उन्हें होश में ला दिया और खुद भी अपने नार्मल रूप में आ गया

जब सभी होश में आ गए तोह सब लक्ष्मी को देख कर पूछने लावे की क्या हुआ था तोह मेने सबको सच बता दिया लेकिन साडी चीजों का श्रेय लक्ष्मी को दे दिया

में :- असुरों ने इस पुरे त्रि लोक को अपने कब्जे में लेने के लिए स क्वीन की बलि देने की योजना बनायीं थी और उन्हें कमजोर करने के लिए धरती से मेरा भी अपहरण किया था लेकिन स क्वीन ने अपनी शक्तियों से सबको मार दिया

मेरी बात सुन कर जहा सरे लोग खुश हो रहे थे लक्ष्मी की जय जैकार कर रहे थे तोह वही लक्ष्मी शॉकेड हो के मुझे देख रही थी जो देख कर मेने सबसे चिप कर उसे आँख मार दी जिससे वह शर्मा गयी

वही उसके बाद सब कार्नेज अपने अपने घर चले गए और बाकि सभी कार्नेज लक्ष्मी के साथ राज महल चले गए जहा में भी उनके साथ चल पड़ा जब हम वह पहुंचे तोह में शॉकेड हो गया क्यूंकि वह सुनील अंकल और उनका पूरा परिवार कार्नेज रूप में थे और जब उन्होंने मुझे देखा तोह वह भी शॉकेड थे लेकिन उमके आखो में एक हमदर्दी भी थी शायद मेरे परिवार के साथ क्या हुआ उन्हें पाया चल गया था

फिर वही से हम वह की राज सभा में चले गए जहा लक्ष्मी राज सिंहासन पाए बैठ गयी और बाकि सरे भी अपनी अपनी जगहों पर बैठ गए और में दरबार में साइड में खड़ा हो गया अभी सभा स्टार्ट hi हुई थी की तभी उन सभी मंत्रियो मेसे इ कार्नेज खड़ा हो गया और बोलने लगा शायद ये यहाँ का महामंत्री था

म म :- स क्वीन को मेरा प्रणाम आज हम सब महा विनाश से बचे है और ऐसा फिर न हो इसीलिए हमे इसके लिए कुछ करना होगा नहीं तोह असुर ऐसे hi हम पर हमले करते रहेंगे

सुनील अंकल :- तोह क्या करना चाहिए हमे

म म :- महाराज इसका एक hi उपाय है की स क्वीन का विवाह उनके जितने hi शक्तिशाली और महा बलशाली से करना होगा जिससे हमारी शक्तियां दोगुनी हो जाये और इसके लिए हमारे महँ यिधा और मेरे पुत्र जय से बेहतर पुरे स लोक में कोई नहीं होगा

जब उसने ये बात बोली तोह मेरा ऐसा मन किया की अभी जेक उसके डाट तोड़ दू लेकिन अभी कोई कुछ बोलता की तभी ल दादा जी ने बोलना आरम्भ किया

ल दादा :- नहीं ऐसा नहीं हो सकता है राजगुरु ने भविष्य वाणी की थी की लक्ष्मी का विवाह उसी से होगा जो उसका घमंड तोड़ेगा और उसके मुताबिक जब से लक्ष्मी राज से मिली है तभी से केवल लक्ष्मी का अहंकार काम हुआ है और शक्ति बढ़ी है

इतना बोलके उन्होंने मेरे तरफ देखके आँख मार दी जिसे देख कर मेरे चेहरे पे भी मुस्कान आ गयी

म म :- ये आप क्या कह रहे है ये आम मानव जिसके पास बस कुछ गिनी चुनी शक्तिया है वह कैसे इस पुरे लोक पर राज करेगा ये हमारे महाराज बनने के काबिल नहीं है

ल दादा :- तोह क्या तुम इस बात को लेके राजगुरु की भविष्य वाणी को ठुकराओगे

म म :- नहीं ऐसा नहीं है ठीक है एक युक्ति है स्वयंवर क्यों न मेरा बीटा और ये मानव युद्ध करे और जो जीते वह स क्वीन से विवाह कर्जा

में :- ये मुझे स्वीकार नहीं है आप सभी लक्ष्मी के परिवार जैसे है इस नाते से आपका बीटा उसका भाई है और में अपने hi सेल के खून से अपनी प्रेम कहानी नहीं लिखना चाहता हूँ

ल दादा :- में राज के पक्ष में हूँ अभी हम एक बड़े युद्ध से उभरे है और ऐसे में हमारे सेनापति की मृत्यु हमारे सिपाहियों का मनोबल तोड़ देगी

म म :- ये आप क्या कह रहे हो मेरा पुत्र इस आम मानव के हाथों मारा जायेगा ये आप कह भी कैसे सकते है

ये सुनने के बाद जहा लक्ष्मी बस सिंहासन पे बैठी मुस्कुरा रही थी वही अब उसकी मुस्कान ज्यादा गहरी और शैतानी ह गयी थी जब मेने उसके तरफ देखा तभी में समझ गया की ये लड़की मरवा के मानेगी लेकिन में कुछ बोल पता की तभी वह बोलने लगी

ल :- है में भी देखना चाहती हूँ की हमारे सेनापति एक आम मानव को मार सकते है या नहीं भले hi युद्ध नहीं कर सकते लेकिन दोनों अपनी शक्तियों का प्रदर्शन तोह कर सकते है जिससे पता चले की हमारे सेनापति कियंर शक्तिशाली है

इतना बोल के वह मंद hi मंद मुस्कुराते हुए मुझे देखने लगी

में :- अपने मन में) ाचा तोह तुम खेलना चाहती हो तोह चलो खेलते है

इतना बोल के मेने लक्ष्मी को आँख मार दी जिससे उसकी मुस्कान और गहरी हो गयी

फिर मेने उस जय की आखो में देखके डेविल्स की दी हुई शक्तियों से उसके अहंकार के भाव को बढ़के उसके क्रोध को भी बेकाबू कर दिया जिससे अब उसके दिमाग पर केवल अहंकार और गुस्से का काबू था

सेनापति :- ठीक है तोह शुरवात में hi करता हूँ "में हूँ जय इस पुरे स लोक का सेनापति यहाँ के सभी सैनिक और अस्त्र शास्त्र मेरे अधीन है और स लोक की सभी शक्तियों का ज्ञान है मेरे पास " अब तू बता मानव तेरा परिचय

में :- (मुस्कुराते हुए) में क्या बोलू मुझे भी मेरी सम्पूर्ण शक्तियों का बोध नहीं है है जो मुझे पता है वह में बताता हूँ" मेरा नाम है ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह में धरती से यहाँ आया हूँ में और लक्ष्मी एक दूसरे को प्रेम करते हैं और मेरे ख्याल से जिसके पास प्रेम की शक्ति हो उसे किसज और सबक्ति की जरुरत नहीं है)

में इतना बोलके शांत हो गया और इसका परिणाम वही हुआ जो मेने सोचा था सेनापति जय का क्रोध उफान पर आ गया क्यूंकि मेरी बातों से सभी मुझ से इम्प्रेस्सेड थे

सेनापति जय :- ये लय बकवास कर रहे हो तुम यहाँ पर हमे शक्ति प्रदर्शन काटना है न की ज्ञान प्रदर्शन तुम्हे तोह में अभी मार देता हूँ

इतना बोलके उसने अपनी तलवार मयान से बहार निकली और मेरे तरफ बढ़ने लगा लेकिन वह मुझे कुछ कर पता उससे पहले hi वह पूरा लोक हिलने लगा जैसे की भूकंप आया हो जिससे वह सेनापति निचे गिर गया जिसे देख कर सब हसने लगे

अभी सब है रहे थे की तभी वह एक सिपाही दौड़ते हुए आया

सिपाही :- क्वीन हम पर हुम्ला हुआ है हमारे ऊपर चरों तरफ से हुम्ला हुआ है

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 180



सिपाही :- क्वीन हम पर हुम्ला हुआ है हमारे ऊपर चरों तरफ से हुम्ला हुआ है

उसकी बात सुनके जो भी है रहे थे वह सभी शांत हो गए

स क्वीन :- अब कोण है जिसने हम पर हुम्ला किया है कही फिर से असुर तोह नहीं

सिपाही :- नहीं स क्वीन बल्कि इस बार किसी एक ने नहीं चरों दिशाओं से चार अलग अलग लोहों ने हुम्ला किया है सबसे पहले पूर्व दिशा से जीन सम्राट ने आक्रमण किया है उनके साथ लाखों की तादाद में जीन सैनिक और योद्धा है तोह वही पश्चिम से devil's आर्मी और उनके लीडर थे रीपर ने हुम्ला किया है तोह दक्षिण दिशा से काल लोक के सम्राट काल ने हमला किया है साथ hi में काल लोक की महँ सेना भी साथ है और उत्तर दिशा से स्वयं आचार्य राघवेंद्र और थे सन्तरी खुद है

जब सिपाही सभी के बारे में बता रहा था तोह वही में कन्फ्यूज्ड था की इन सब ने एक साथ हुम्ला क्यों किया और वह भी यहाँ स लोक पर अभी में सोच रहा था की तभी मेरे दिमाग की बत्ती जाली

में :- जैसें

जैसें :- माफ़ी आका लेकिन जब ये सब आपका अपमान कर रहे थे तोह मुझसे रहा नहीं गया और मेने पिताजी और काल को इसके बारे में बताया तोह वह यहाँ चले आये मेने नहीं सोचा था की दोनों सीधा हुम्ला करेंगे तोह वही रीपर को कुछ बताने की जरुरत नहीं है वह तोह सब प्रत्यक्ष देख और सुन प् रहा था हुए वही आचार्य को शायद काल ने बताया होगा

जब मेने ये सब सुना तोह खुद का hi माथा पिट लिया की ये क्या हो गया वही ये सब होने के बाद भी लक्ष्मी को चैन नहीं था जैसे की आज वह मस्ती के hi मूड में थी तभू तोह

स क्वीन :- (सेनापति से) तोह सेनापति जी आम मानव को मार्के अपनी शक्ति दिखने के बदले हमारे ऊपर हुम्ला करने वालों को मार के आओ

उसकी ये बात सुनकर में भी दर गया क्यूंकि अभी सेनापति पर क्रोध और अहंकार का वाश में था जिससे वह युद्ध की ललकार को मन नहीं कर सकता था और अगर वह आक्रमण करता तोह उसका मरना तय था अभी वह सेनापति कुछ बोलता की तभी मेने तुरंत उसके करोड़ और अहंकार को सामान्य स्टार पे कर दिया

में (लक्ष्मी से) :- लक्ष्मी क्या तुम्हारे दिमाग में अकाल नहीं है जो तुम इसे उन सब के सामने अकेले भेज रही हूँ

लक्ष्मी :- मुझे लगा था की ये तुम्हारा hi प्लान है अपनी शक्ति दिखने के लिए

में :- नहीं ये जैसें का किया धरा है अब उन सब को पुरे मान सम्मान के साथ दरबार में बुलाओ इससे पहले वह हुम्ला करे

स क्वीन :- सुना नहीं आपने महामंत्री राज ने क्या कहा जल्दी कीजिये

जहा पहले हम दोनों मजाक मस्ती के मूड में थे वही अचानक हम दोनों अब सीरियस हो गए थे वही सभी लोग मेरे हुए लक्ष्मी के इस बदले अवतार को देखके शॉकेड थे तोह वही ल दादा और बाकि परिवार केवल मुस्कुरा रहे थे की तभी मेने तुरंत जैसें को आवाज दी तोह वह भी मेरे ऊपर कवच के रूप में आ गया जिससे लक्ष्मी छोड़के सभी के होश उड़ गए

स क्वीन :- राज में जीन और रीपर को तोह जानती हूँ लेकिन ये काल और आचार्य कोण है

में :- पता चल जायेगा

तब तक महामंत्री भी लौट आये थे और उनके साथ काल, रीपर, ज क, आचार्य, और उनके साथ एक जान और था जिससे देख कर मुझे क्लियर तोह नहीं लेकिन कुछ यादे दिख रही थी जो की ब्लर्रेड थी जब मेने उस बन्दे पर ध्यान लगाया तोह मुझे समझ आया की ये मेरे एंजेल रूप का साथी है जैसे डेविल ला थे रीपर वैसे hi ये एंजेल का दोस्त है नाम थे सन्तरी

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जैसे hi महामंत्री सबको लेके सभा में आया तोह वह मौजूद सभी उनके सामने झुक गए और प्रणाम करने लगे लेकिन वह सब बिना रुके मेरे करीब आये और आचार्य और काल के अलावा बाकि तीनो मेरे सामने झुक गए जो देखके सभी शॉकेड हो गए

में :- तुम सभी यहाँ क्या कर रहे हो रीपर अपनी डेविल सेना को लेके जाओ यहाँ से

रीपर :- जी मालिक

इतना बोलके वह गायब हो गया फिर में ज क के पास गया

में :- आप जिन्नादो के राजा है आपको इस तरह बिना सोचे किसक पर भी हुम्ला नहीं करना चाहिए और आपकी सेना भी युद्ध के लिए तैयार नहीं है तोह अआप भी अपनी सेना के साथ जीन लोक चले जाइये यहाँ सब काबू में है

ज क :- जैसे आपका हुकुम

फिर उनके जाने के बाद में सन्तरी के पास गया जैसे hi में उसके नजदीक पंहुचा मेने अपना एंजेल का रूप धारण कर लिया जिसे देख कर वह सभी शॉकेड हो यहाँ तक की लक्ष्मी और उसका पूरा परवर भी मेरे एंजेल रूप में आते hi वह मौजूद सभी काल और आचार्य समेत मेरे सामने घुटनो पे बैठ गए लेकिन मेने उन्हें तुरंत उठा दिया

में (सन्तरी से) :- सामने आने में बहुत समय लगा दिया मित्र में कबसे तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था

सन्तरी :- क्या करू तुम्हारे जाने के बाद इस संसार की जिम्मेदारी भी मेरे ऊपर आ गयी थी जिससे में हर जगह घूम रहा था तभी मेने धरती पे हुए आक्रमण के बारे में सुना तोह मुझे तुम्हारे अस्तित्व का ज्ञात हुआ और में आचार्य के पास गया तोह उन्होंने मुझे असलियत बताई

में :- ठीक है

फिर में वह से काल का रूप धार के आचार्य और काल के सामने गया मुझे उस लुक में देख कर सब को समाज नहीं आ रहा था की आएल में हो क्या रहा है

में (काल से) :- आप दोनों को तोह में आज्ञा नहीं दे सकता लेकिन आपसे अनुमति है की आप जो सेना साथ लेके आये हो उसे लेके जाओ अभी बहुत बड़े युद्ध होने बाकि है उस वक़्त वह काम आएंगे

काल :- ठीक है में भी अलविदा लेता हूँ काल लोक को ऐसे बिना राजा के नहीं रख सकते

अब वह केवल में आचार्य और सन्तरी hi बचे थे और बाकि सरे स लोक के थे में भी फिर से अपने असली रूप में आ गया था

ल दादा :- राज बीटा तुम हो कोण और इतनी सभी शक्तियों का तुम्हारे अकेले के पास होने का मकसद क्या है

में :- इस सवाल का जवाब तोह मेरे पास भी नहीं है लेकिन ये सत्य है की मेने इन सभी को यहाँ आने के लिए नहीं कहा था और न hi में आपको डरना चाहता था लेकिन हालत थोड़े बिगड़ गए

ल डैड :- अब अपनी असली पहचान बतादो राज कोण हो तुम

आचार्य :- में बताता हु सुनी पुत्र तुम्हारे राजगुरु ने लक्ष्मी के जिस उचित वॉर के बारे में बताया था वही है राज जिसने अकेले सभी असुरों को मार्के जीन लोक को और आपके स लोक को आज़ाद किया है वही है राज काल का उत्तराधिकारी, एंजेल और डेविल जैसे और भी बहुत सरे शक्तिशाली और भयानक शक्तियों का धारक जिसकी शक्ति की तुलना आप ट्रीगोड़ छोड़के किसी भी गॉड से तुलना कर सकते हो

मेरे बारे में आचार्य से इतना कुछ सुनने के बाद किसी में और हिम्मत नहीं थी की मेरे बारे में सवाल कर सके जिसके बाद कोई कुछ बोलता की तभी

थे सन्तरी :- अगर यहाँ का काम पूरा हो चूका है तोह चले

में :- ाचा तुम्हे भी पता है ठीक है फिर चलते हैं

ल डैड :- कहा जा रहे हो राज बीटा

में :- कुछ नहीं अंकल अपनों को बहुत बचा लिया और बहुत खो लिया अब दुश्मन के पक्ष में भी चितए जलनि चाहिए न तभी खेल में मजा आएगा चलो सन्तरी

फिर हम दोनों वह से निकलने लगे की तभी

लक्ष्मी :- रुको में भी आ रही हूँ

ल दादा :- नहीं लक्ष्मी अभी स लोक को तुम्हारी जरुरत है अभी हम असुरों के साथ बड़े संघारक युद्ध से गुज़रे है अभी तुम्हे यही रुकना चाहिए

में :- है लक्ष्मी तुम यही रुको वैसे भी शादी होने के बाद तोह हमे साथ hi रहना है

मेरी बात सुनकर जहा लक्ष्मी शर्मा रही थी तोह सेनापति जय का चेहरा दलहन लायक हो गया था जो देख कर सन्तरी उसके पास गया और

सन्तरी ;- (उसके कंधे पर हाथ रखके) क्यों भाई चरलहरा क्यों उतर लिया खुश नहीं हो क्या दो प्रेमी मिल रहे है

ऐसे अचानक सन्तरी को अपने नजदीक देख कर उसकी तोह हवा hi टाइट हो गयी थी वह क्या बोलता फिर में और सन्तरी वह से निकल पड़े धरती के मेहमानो की मेहमान नवाजी करने

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 181



जब हम धरती लोक पर पहुंचे हमारी एंट्री किसी सुनसान से जंगल वाले अरे हुई थी जैसे hi हमने उस जगह पर एंट्री मरी तोह वह आते hi हमे स्ट्रांग असुर वेव्स महसूस होने लगी जिन्हे महसूस करके हमे कुछ ज्यादा फटाक तो नहीं पड़ता था लेकिन आज उनका अंत तोह करना hi था तोह में तुरंत अपने जैसें रूप में आ गया

में :- यहाँ इस जंगल के अंदर से जो वेव्स निकल रही है उससे तोह यही लग रहा है की यहाँ बड़ी दुमदार फ़ौज होगी उनकी

सन्तरी :- क्या हुआ दर लग रहा है क्या तुम्हे

में :- है उनके लिए दर लग रहा है की आज उन्हें कितने दर्द से गुझराना होगा

सन्तरी :- क्या करे जिसके नसीब में जो होगा वही मिलेगा इसमें हम तुम कुछ नहीं कर सकते

में :- चलो फिर

फिर हम दोनों उस जंगल के अंदर जाने लगे जहा हमे जंगल के बिच में गुफा दिखनी लगी और जैसे hi हम उस गुफा में अंदर जैसे hi गए तोह वह का नज़ारा देखके हम दोनों भी शॉकेड हो गए थे क्यूंकि अंदर 10-20 नहीं बल्कि लाखों की तादाद में असुर थे

वह गुफा बहार से जितनी छोटी और कमजोर लग रही थी उतनी hi अंदर से विशाल और मजबूत थी वह खड़े सभी असुरों के मध्य में एक मूर्ति राखी हुई थी जिसके सामने सब अपने हाथ जोड़े खड़े थे

लेकिन शॉक की बात उनकी संख्या या उनका हाथ जोड़े खड़ा होना नहीं था शॉकिंग बात थी की वह मूर्ति मेरी थी जिसके सामने असुर हाथ जोड़े खड़े थे

उसे देखते hi मेने बिना एक पल गवाए सीधा विद्युत् तरंग से उस मूर्ति के टुकड़े कर दिए जिससे उन सभी का ध्यान हम दोनों पे आ गया और वह हम पर हुम्ला लड़ने के लिए आगे बढ़ने लगे

लेकिन वह हम तक पहुंच पते उससे पहले hi में अपना धनुष लिए उन पर निशाना लगा चूका था और बहुबान की वजह से मेरा एक एक तीर 100 असुरों को मार रहा था जो देख कर सन्तरी कहा पीछे रहने वाला था उसने भी अपनी विद्युत् शक्ति की मदद से असुरों को मारना स्टार्ट कर दिया

उसके हाथों से निकलती बिजली जिसे भी चुटी वह वही जल के रख हो जाता जब उसे वह विद्युत् तरंग काम लगी तोह उसने उसे रोक दिया और फिर उसने उन्हें घूर कर देखा तोह उसके आखो से एक हिट विज़न रे निकली जिससे वह तोह मनो तबाही मच गयी सरे असुर उस हीट विज़न से बचने के लिए भागने लगे

लेकिन कोई उससे बच न पाया सब मरे जा रहा था लेकिन हम दोनों को खरोच भी नहीं आयी थी आती भी कैसे वह असुर तोह हमारे नजदीक भी नहीं आ प् रहे थे ऐसे hi सिर्फ 5 मिनट में लाखों की तादाद में मौजूद असुर अब बस 300 की तादाद में मौजूद थे जो देखके मेने अपना धनुष हटके अपनी तलवार निकल के उनके बीच में कूद गया और उन्हें काटने लगा मुझे उन असुरों के बिच देख कर सन्तरी ने तुरंत अपने हिट विज़न को रोक दिया और वही खड़ा हो कर मुझे देखने लगा

और में लगातार उन असुरों के टुकड़े करते जा रहा था जिससे जल्द hi में पूरा खून में सं गया था जिसके बाद जब सरे असुर मरे गए तोह में रुका और फिर जल्दी से मेने अपने जल तत्त्व की शसलती से खुद को साफ़ किया और फिर चलते हुए सन्तरी के पास आ गया

में :- ऐसे क्या घर रहे हो पहली बार लड़ते देखा है क्या

स :- एंजेल को लड़ते बहुत बार देखा है लेकिन ये एंजेल का नहीं बल्कि डेविल का स्टाइल है

में :- तुमने डेविल को लड़ते देखा है

स :- है एक वक़्त था जब इस पुरे संसार की महँ शक्तिया केवल एक उद्देश्य लेके जी रहे थे उसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए एंजेल के साथ डेविल को भी चुना था लेकिन उस विनाशकारी रात में हुए युद्ध में सब बदल गया

में :- क्यों क्या हुआ था ऐसा

स :- पता नहीं उस दिन की ज्यादातर यादों को सभी के मस्तिष्क से मिटा दिया गया है ताकि आगे चलके इस वजह से कोई परेशानी न कड़ी हो जाये

में :- ठीक है कोई बात नहीं अब ये तुम डीडे करो की आगे क्या करना है

स :- जब तक इनके लीडर को न मार दे

में :- और वह कहा मिलेगा

स :- पटल लोक में

में :- चलो फिर चल के ख़तम करते है

स :- है ये तोह बच्चों का खेल है न पटल लोक से पहले 6 लोक और आते है और ये 6 लोक उस पटल लोक के 6 गेट्स है जब तक उन्हें पार नहीं करोगे तब तक आगे नहीं बढ़ोगे

सबसे पहले आता है अटल लोक जहा पे सभी तामसिक जीवों की पूजा करने वाले योद्धा और भयानक प्राणी रहते है

उसके बाद आता है विट्टल लोक जहा पर सरे असुर सैनिक सदैव पहरा देते है

फिर आता है सुतल लोक यहाँ वह असुर रहते है जो बिना किसी स्वार्थ के पुण्य कर्म और आदिदेव की भक्ति करते है यहाँ का राजा कोई और नहीं बल्कि राजा बलि है जिनको वामन अवतार में खुद प्रभु ने यहाँ भेजा था

फिर 4थे क्रमांक पर है रसातल लोक यहाँ वह असुर है जो इस संसार में बुराई और पाप फ़ैलाने का कार्य करते है

फिर तलातल लोक जहा पे सभी मायावी असुर रहते है जिनकी माया से हर कोई मोहित हो जाता है

फिर महातल लोक जहा इस संसार सबसे विषैले और शक्ति शाली नाग रहते है जिनके विष से बचना किसी भी आम के लिए असंभव है

और फिर है पटल लोक जहा पर वह असुर रहते है जो इतने शक्तिशाली है की अगर वह अपनी पूरी शक्ति से वार करे तोह एक वॉर में hi बड़े से बड़े सेना का विध्वंश कर दे

और हमारा मुकाबला इस पटल लोक के राजा से है तोह उसकी शक्तियों को काम मत समझो

अभी उसने इतना बोलै hi था लेकिन इतनी देर में मेने त्रिनेरती को जागृत कर के पूरी जानकारी इकठ्ठा करवली थी और अभी में कुछ बोलता की तभी

लक्ष्मी :- तोह तुम भी हमे काम मत समझो

लक्ष्मी को ऐसे अचानक देख कर में शॉकेड हो गया था

में :- लक्ष्मी तुम यहाँ क्या कर रही हो तुम्हे स लोक में होना चाहिए था

ल :- ाचा तोह तुम अलग अलग लोकों में घूम कर अलग अलग एडवेंचर करोगे और में वह राजनीती में बोआर होती रहूंगी क्यों और वैसे भी में अपना छायारूप वह छोड़के आयी हूँ

लक्ष्मी का ये जवाब सुनकर में कुछ बोलने वाला था की तभी

स :- देखो तुम प्रेमियों के बिच में मेरा बोलना गलत होगा लेकिन हमारे पास समय नहीं है जल्द hi वह पूरी शक्ति से हम पर आक्रमण करे उससे पहले हमे उस तक पहुंचना होगा

ल :- है सही कहा आपने हमे जल्दी करना चाहिए नाकि ऐसे फालतू की डिस्कशन में अपना टाइम वास्ते करना चाहिए

में :- अगर सब पहले से तय करके hi आयी हो तोह अब में क्या बोलू चलो लेकिन जब तक में न बोलू तब तक किसी से भी लड़ाई झगड़ा मत करना समझी

ल :- यस अब चले या यही लेक्चर देने का प्लान है क्या

में :- नहीं आधी रात का जब अटल लोक का दरवाजा खुलेगा

ल :- और ये दरवाजा कहा खुलेगा

स :- बाइकाल झील के एकदम गहराई में जहा एक गुफा है वही है अटल लोक का द्वार

ल :- क्या कहा तुमने मुझे कुछ समझ नहीं आया

में :- साउथ ईस्ट साइबेरिया में एक लेक है जो की इस दुनिया की सबसे पुराणी और घरी झील है

लेक बाइकाल इस थे ओल्डेस्ट (25 मिलियन इयर्स) एंड दीपेस्ट (1,700 म) लेक इन थे वर्ल्ड.

ल :- वाओ स्टार्टिंग में hi इतना ाचा एडवेंचर मजा आएगा

में :- है वह तोह है जब तुम्हे पानी के अंदर 5387 फ़ीट अंदर जाना होगा तोह मजा कैसे नहीं आएगा

मेरी बात सुनके लक्ष्मी का मुँह ऐसा हो गया जैसे नजाने क्या hi देख लिया हो

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 182



इस वक़्त हम तीनो साउथ ईस्ट साइबेरिया में मौजूद थे हम तीनो अपनी शक्ति के मदद से अदृश्य होक आये थे जिससे किसी भी तरह का सिक्योरिटी इशू तोह नहीं हुआ था और अभी हम अदृश्य अवस्था में उसी बाइकाल झील के पास खड़े थे उसकी सुंदरता देख मेरे और लक्ष्मी के आखों में चमक साफ़ दिख रही थी

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और जब हम उस झील को देख रहे थे की तभी मेरी नज़र सन्तरी पर पड़ी जो की उस झील के तरफ hi देख रहा था लेकिन उसकी नज़र झील के अंदर थी

में :- क्या देख रहे हो सन्तरी

स :- ये झील जितनी ऊपर से आकर्षक है उतनी hi अंदर से खतरनाक है इसमें केवल समुद्री जीव नहीं बल्कि अटल लोक के पहरेदार भी मौजूद है जिनको मरे बिना अटल लोक में प्रवाह न मुमकिन है

ल :- क्या हुआ फिर हम मार देंगे उन्हें चिंता की क्या बात है

में :- अटल लोक के प्रवेश द्वार पर कोई आम असुर नहीं होंगे वह जरूर ख़ास होंगे शक्तिशाली होंगे

ल :- ठीक है जो होगा देखा जायेगा

फिर इसी तरह बाते करते हुए आधी रात कब हो गयी पता भी नहीं चला और जैसे hi समय आया हम तीनो ने एक साथ उस पानी में कूद गए मुझे और सन्तरी को तोह कोई टेंशन नहीं था हम आराम से सास ले प् रहे थे लेकिन लक्ष्मी जैसे जैसे गहराई में उतरती जा रही थी वैसे वैसे उसको सास लेने में प्रॉब्लम हो रही थी ये देख कर मेने तुरंत जल और वायु तत्त्व के मिश्रण से एक कवच बनाया जिससे लक्ष्मी को सास लेने में कोई दिक्कत न हो

जैसे जैसे हम गहराई में जा रहे थे वैसे वैसे hi उस झील की सुंदरता हमे मोहित कर रही थी

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लेकिन ये सुंदरता ज्यादा देर तक नहीं थी धीरे धीरे वह सुन्दर दृश्य भयानक और दिल दहला देने वाले दृश्य में बदल गए

सन्तरी :- पृथ्वी की सीमा ख़तम हो गयी है अब यहाँ से अटल लोक के सिपाही हम पर आक्रमण करंगे सावधान रहना

ल :- क्या इतनी जल्दी हम धरती की सीमा को पार कर दिया

सन्तरी :- हम जितनी गति से जा रहे है उस हिसाब से ये बराबर है

ल :- कितनी स्पीड से जा रहे हम

में :- हम फिलहाल 1000km/min के स्पीड से जा रहे है

ल :- क्या ये इम्पॉसिबल है इतने स्पीड से जाना वह भी डीप लेक में ये साइंस के अकॉर्डिंग इम्पॉसिबल है तोह कैसे

में :- ाचा तोह जीन, कार्नेज, असुर और दैत्य किस साइंस के अकॉर्डिंग पॉसिबल है बताओ

सन्तरी :- तुम्हारा विज्ञानं जितना जानता है वह इस दुनिया के असलियत का केवल 1% है और ये तेज़ी को पाने के लिए राज ने अपने जल तत्त्व को जागृत किया है जिससे जल के अंदर भी हम तीनो इसी गति से बिना किसी रुकावट जाते रहे समझी

ल :- लेकिन इतनी स्पीड के बाद में भी मुझे कुछ महसूस क्यों नहीं हो रहा है

स :- राज के कवच के वजह से जो तुम्हे जल में भी धरती पर हो ऐसा महसूस करा रहा है

अभी हम बाटे कर hi रहे थे की तभी हमारे पीछे से एक ट्रिडेंट उड़ते हुए आया लेकिन मेरे जल तत्त्व एक्टिवटे होने के वजह से में उसे आराम से सेंस कर पाया और तुरंत उसे पकड़ लिया

में :- बे अलर्ट उन्हें हमारे आने का पता चल चूका है

मेरी बात सुनकर वह दोनों अलर्ट हो गए और फिर अब हमारे सामने अटल लोक के पहरेदार मौजूफ थे जो की बड़ी खूंखार और शायद आसुरी शार्क्स पर बैठे थे जिन्हे देख के में और सन्तरी तुरंत अटैकिंग पोजीशन में आ गए और फिर सबसे पहले मेने अपने हाथ में पकड़ा हुआ उनका ट्रिडेंट उन्हीके ऊपर फेक दिया जो की सीधा एक सिपाही के कान के पास से चला गया

सिपाही :- कोण हो तुम और यहाँ कैसे आये

में :- हम अटल लोक जाना चाहते है वह जाने के लिए प्रवेश द्वार यही है इसीलिए हम यहाँ आये है

सिपाही :- तुम यहाँ से आगे नहीं जा सकते हो

में :- हम तुम्हारे आज्ञा के लिए नहीं रुके है बल्कि वह गुफा कहा है जहा द्वार है वह ढूंढ रहे है

सिपाही :- हमारे जीते जी तुम तीनो कभी भी उस द्वार तक नहीं पहुंच सकते

वह कुल 5 सिपाही मौजूद थे जो शार्क्स पर बैठे थे उन शार्क्स को देख कर hi लग रहा था की ये भी आसुरी है और

स :- राज जब तक वह शार्क्स है तब तक हम उन सिपाहियों को कुछ नहीं कर पायंगे इसीलिए हमे सबसे पहले उनका hi कुछ करना होगा

में :- ठीक है

अभी में कुछ करता की उससे पहले hi उन पांचों शार्क्स ने अपना मुँह खोला जिससे उनके मुँह में एक एनर्जी ब्लास्ट सा कुछ बनने लगा और जैसे hi वह तैयार हो गए उन्होंने वह एनर्जी ब्लास्ट हमारे ऊपर शूट कर दिया जिससे बचने के लिए सन्तरी ने अपनी शक्ति से हम तीनों के सामने एक दीवार सी बना दी जिससे वह ब्लास्ट्स तकरार वही नष्ट हो गए

में :- अब मेरी बारी

इतना बोल के मेने तुरंत अपने धनुष का आव्हान किया और उसके प्रकट होते hi ेके के बाद एक ऐसे 5 तीर मेने उन असुरों के शार्क्स पर छोड़ दिए जिससे बचने के लिए जैसे hi उन शार्क्स ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने के लिए अपना मुँह खोला तोह मेरा तीर तुरंत उनके गले में उतर गया और उनके अंदर hi ब्लास्ट हो गया जिससे वह सभी शार्क्स की तोह धज्जिया उड़ गयी तोह वही ये देख कर सभी सिपाहियों के चचेरे पर दर और गुस्से के एक्सप्रेशंस साफ़ दिख रहे थे

फिर में और सन्तरी बिना उनको मौका दिए 2-2 सिपाहियों का गाला पकड़ लिया और बचे हुए एक को लक्ष्मी धोने लगी फिर उन पांचो की धुलाई करके जब वह पांचो मर गए तोह हम फिर से वह गुफा ढूंढने लगे

जहा कुछ देर की मेहनत के बाद हमे वह गुफा मिल गयी जो वही एक कोने में बानी हुई थी

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जैसे hi हमने उस गुफा में प्रवेश किया तोह तुरंत hi हमारे सामने एक मूर्ति आ गयी जिसके जो की कद काठी में हम तीनों से तीन गुना ज्यादा थी

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जैसे hi हम तीनों उस मूर्ति के सामने आये तोह मनो उस मूर्ति में जान hi आ गयी जैसे hi हमने अटल लोक के दरवाजे की तरफ जाने लगे तोह तुरंत hi उस मूर्ति ने अपनी तलवार से मुझ पर वाल कर दिया लेकिन जैसें के मजबूत कवच के वजह से में बच गया

उसे जिन्दा होता देख मेने तुरंत अपने दोनों हाथों में खंजर ले लिए जो की वैपोनिदे ड्रैगन से मिल गए थे और फिर तुरंत hi मेने उस मूर्ति पे छलांग लगा के दोनों खंजरों को उसके दोनों आखों में उतर दिए फिर बना उसे कोई मौका दिए मेने सीधा दोनों खंजरों को उस मूर्ति दोनों आखों के बिच में घुसा दिए

जिसके बाद जैसे hi वह गिरने वाला था की तभी मेने अपनी तलवार से उसके गर्दन पर वार कर दिया जिससे उसका सर उसके धड़ से अलग हो गया और वह मूर्ति भी अब बस पत्थरों के टुकड़ों में बदल के रह गयी थी

वही जब में उस मूर्ति के टुकड़े करके वापस आया तोह जहा लक्ष्मी मुझे शॉकेड होक देख रही थी तोह सन्तरी मुझे सवालात्मक नज़रों से देख रहा था

में :- ऐसे क्या देख रहे हो

स :- जैसे जैसे हम पटल लोक के नजदीक पहुंच रहे है वैसे वैसे hi तुम्हरे अंदर की तामसिक शक्तिया बढ़ रही है मुझे पहले लग रहा था की हमे लक्ष्मी का खास ध्यान रखना होगा लेकिन अब लग रहा है की लक्ष्मी से ज्यादा ध्यान तुम्हारा रखना होगा

में :- उसकी जरुरत नहीं पड़ेगी चलो अब हमे देर हो रही है

फिर हम सभी चले गए अटल लोक के द्वार के तरफ जो उस गुफा में hi मौजूद था

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 183



अभी हम तीनो अटल लोक के अंदर प्रवेश कर गए थे ये जगह जितनी भयानक अब तक लग रही थी उससे कई गुना ज्यादा भयानक थी

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जो देख कर लक्ष्मी ने डरके मारे हलके से मेरा हाथ पकड़ लिया अभी हम कुछ दूर पहुंचे hi थे की हमे वह खली जगह पर एक काळा रंग का झंडा लगा हुआ दिखाई दे रहा था

स :- अभी हम अटल लोक के सीमा के ठीक सामने खड़े हैं यहाँ से अटल लोक शुरू होता है और अटल लोक के आखरी चोर पे भी ठीक ऐसा hi ध्वज दिखाई देगा और उस ध्वज के नीचे से hi हम विट्टल लोक जा पाएंगे जिसके लिए हमे एक खास शक्ति की जरुरत है जो हमे इस अटल लोक के बीचो बिच बने महल में मिलेगी

में :- तोह यहाँ टाइम पास क्यों कर रहे हो चलो आगे बढ़ते है

स :- अगर हम ऐसे hi आगे बढे तोह जल्द hi अटल लिक के सिपाही हमे घेर लेंगे और फिर उनके साथ युद्ध किये बिना हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे

में :- तोह क्या हुआ हम यहाँ युद्ध के लिए hi आये है वह चाहे अभी हो या बादमे क्या फरक पड़ता है

स :- हम दोनों तोह लड़ लेंगे लक्ष्मी का क्या वह कैसे लड़ेगी उसके पास अभी उतना अनुभव नहीं है जो इतने बड़ा युद्ध वह अकेले लड़ लेगी

में :- उसमे क्या है लक्ष्मी को बस एक कवच की जरुरत है जो मेने उसे दे दिया है बाकि वह खुद सक्षम है

स:- जो करना है करो तुम्हे बोल के फायदा भी नहीं है तुम्हारा डेविल रूप पटल लोक की तामसिकता से और प्रबल हो रहा है

फिर मेने उसे इग्नोर कर के आगे बढ़ा और जो ध्वज वह जमीं में गदा हुआ था उसे मेने पकड़ के उखड दिया उस झंडे को निकलते वह की पूरी धरती हिलने लगी जैसे वह भूकंप सा आ गया हो और देखते hi देखते वह बहुत सरे जीव आ गए

जिनमे कुछ असुर थे तोह कुछ आसुरी जीव और कुछ महाकाय दैत्य थे उन्होंने जब मेरे हाथ में उनका झंडा देखा तोह वह सभी बिना कुछ बोले सुने अपने हथियार लेके हमारे और दौड़ पड़े आये

जब हमने उन्हें ऐसे आता देखा तोह हम तीनो भी तैयार हो गए और हम तीनो अलग हो गए जिससे लक्ष्मी असुर सैनिकों से लड़ती सन्तरी आसुरी जीवों से और में महाकाय दैत्यों से जब हम तीनो अलग हुए

तोह सब से पहले लक्ष्मी ने अपना हिस्सा संभाला इस वक़्त उसने अपने दोनों हाथों में तलवारे पकड़ी हुई थी और जैसे hi कोई भी असुर उसके पास आता तोह वह अपने तलवार से उसे तुरंत काट देती अभी वह असुरों से लड़ hi रही थी की तभी

उन असुरों में से एक असुर ने अपनी शक्ति से एक आग का गोला बना कर उसकी तरफ भेज दिया लेकिन मेरे दिए कवच की वजह से वह बच गयी और वह आग का गोला रिफ्लेक्ट होक जिस दिशा से आया था उसी दिशा में वापस जेक उसी असुर को जलाकर रख कर दिया

इस हमले के बाद लक्ष्मी ने भी अपने शक्तियों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया वह अभी तलवारों से तोह सबको काट hi रही थी की तभी उसके कस्टम से तैंतिक्लेस निकल ने लगे और वह तैंतिक्लेस भी किसी तलवार की तरह सभी असुरों को काटे जा रहे थे

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तोह वही दूसरी तरफ

इस वक़्त सन्तरी के सामने आसुरी जीव जो दिखने में आड़े इंसान और आधे जानवर लग रहे थे जिन्हे देख के सन्तरी ऐसे खड़ा हो गया जैसे की फ्रीज़र हो गया hi और इसी बात का फायदा उठा कर उन्होंने देखते hi देखते सन्तरी को घेरना शुरू कर दिया और ये देख कर सन्तरी के आखो में चमक और चेहरे पर मुस्कान आ गयी

और जैसे hi असुरों ने उसे पूरी तरीके घेर लिया तोह तभी उसने अपने हाथ को अपने कंधे से समान्तर ऊंचाई पे उठा दिया जिससे उसके हाथ में एक कुल्हाड़ी जैसा हथियार आ गया था और उस हथियार के आते hi सन्तरी भी एक्शन में आ गया और उसने सबसे पहले जो सिपाही उसके नजदीक थे उन्हें मारना शुरू कर दिया

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जो भी उसके पास आता वह उसकी गर्दन hi उदा देता और जो दूर थे वह उन्हें अपने हीट विज़न से मारने लगता जिससे जल्द hi उसने भी अपना इलाका साफ़ कर दिया अब बस में बचा था

वही अब मेरे तरफ

इस वक़्त में एक जगह शांत खड़ा था और मेरे सामने सरे महाकाय दैत्य थे जिन्हे देख के मेने तुरंत hi अपने धनुष को याद किया और जैसे hi वह मेरे हाथ में आया वैसे hi मेने तुरंत hi धनुष की प्रत्यंचा खींच दी थी अब में चाहता तोह सबको एक hi तीर में ख़तम कर देता लेकिन न जाने मुझे क्या हुआ और मेने धनुष को गायब कर दिया और अपने दोनों हाथों को आगे कर दिया जिससे मेरे छहों में ये आ गया

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जिसे देख कर सरे दैत्य पीछे हटने लगे जो देख मेरे चेहरे पे मुस्कान सी आ गयी और फिर मेने जो दैत्य सबसे आगे था उसके ऊपर उस चैन से अटैक कर दिया जिससे उस चैन के साथ लगी ब्लेड सीधा उस दैत्य के गले में घुस गयी और जैसे hi मेने उस चैन को हल्का सा अपनी और खींचा तोह वह ब्लेड उस असुर का गाला फाड़ते हुए बहार आयी और फिर क्या में उस ब्लेड के hi मदद से अलग अलग कला बाजिया दिखते हुए उन सरे महाकाय दैत्यों को मारने लगा

जिससे देखते hi देखते वह दैत्य भी ख़तम हो गए लेकिन अभी वह सभी मरे नहीं थे तोह अटल लोक से और भी तेज़ी और पहले से दो गुने लोग आने लगे जिनको आता देख मेने और सन्तरी ने तुरंत hi दोनों के विद्युत् तरंग को एकाग्र करके उनके तरफ भेज दिया जिससे वह इतना बड़ा और दमदार ब्लास्ट हुआ की जितने भी सिपाही उस दिशा से आ रहे थे वह सब एक साथ मरे गए

स :- जब तक हम इनके राजा को नहीं मरेंगे ये नहीं मरने वाले

में :- तोह देर किसकी है अगली टुकड़ी आये उससे पहले हम hi चलते है यहाँ से

फिर हम तीनो चल पड़े अटल लोक के मध्य बने महल की और जो ली दिखने से बड़ा भव्य दिख रहा था लेकिन वह पूरी तरीके से काळा रंग का था जो उसे बिलकुल भयानक बना रहा था और जब हम उसके पास पहुंचे तोह

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में :- सन्तरी और लक्ष्मी तुम दोनों यहाँ से आगे बढ़ो जहा वाइटल लोक का द्वार है और वह मेरे आने से पहले साफ़ सफाई कर देना तब तक मैं यहाँ का स्वछता अभियान पूरा कर के आता हु

ल :- लेकिन तुम अकेले

स :- वह सम्बहल लेगा हमे चलना चाहिए काम जितने जल्दी हो उतना ाचा होता है

उसके बाद में वह दोनों आगे के लिए निकल गए और में वही रुक गया लक्ष्मी जाना तोह नहीं चाहती थी लेकिन मेरे और सन्तरी के बातों के दबाव में आके चली गयी और फिर में भी महल में घुस गया वह पे जितने भी सिपाही मेरे रस्ते में आते उन्हें में अपने ख़ास वेपोन "मचते" से मार देता

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ऐसे hi थोड़ी तबाही मचकर में राज महल के मध्य में पहुंच गया जहा पे अटल लोक का राजा अपनी राज्य सीमा पे जो तबाही हमने मचाई थी उसके लिए अपने मंत्रियों पे गुस्सा कर रहा था उस बिचारे को क्या पता की वह बवंडर जिसने सीमा पे तबाही मचाई अब वह चक्रवड का रूप लेके उसके सभा गृह तक आ पंहुचा है

अटल लोक के राजा का शार्ट इंट्रो

राजा मेधावी :- अटल लोक पर इसका राज है ये अपने पिता का एकलौता लड़का है जिस वजह से उसके मौत के बाद इसे छोटी उम्र में hi राजा बनाया गया जिससे इसके अंदर का बचपना अभी भी जिन्दा है एक बार जो वास्तु पसंद आये उसे पके hi रहता है चाहे उसके लिए इसे कितना hi खून क्यों न बहाना पड़े

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 184



अभी में उस सभा गृह के बहार खड़ा हो के उनकी बाते सुनने लगा

राजा :- ये क्या हो रहा है हमारी सीमा पर कोई बाहरी आके हमारे राजध्वज को उखाड़ फेकता है हमारे समस्त सेना छावनी का विध्वंस करता है और हमारे मंत्रियों को ये तक नहीं पता की वह कौन है

मंत्री 1 :- महाराज ये सब इतनी जल्दी हो रहा है की हमे समझ hi नहीं आ रहा है की कोण है ये शक्ति कहा से आयी है क्या चाहती है

मंत्री 2 :- आप तनिक भी चिंता न करे महाराज आपका ये सेवक अभी जेक उस शत्रु को आपके सामने लेके आता हु

में (सभा में एंटर करते हुए) :- अरे रुकिए मंत्री जी ये आप खुदको इतना कष्ट क्यों दे रहे हो

राजा :- तुम कोण हो बालक जो रहा मेधावी की सभा में बिना किसी आज्ञा के पधार रहे हो हमारे सिपाहियों ने रोका नहीं

में (सोचते हुए :- सिपाही.. हाँ महाराज याद आया (अपना मचते दिखते हुए) रोका न आपके सिपाहियों ने मुझे देखा तोह रोकने के लिए आगे बढे लेकिन जिसने मुझे रोकना चाहा वह खुद रुक गए.

राजा (गुस्से से) :- बालक कोण है तू और क्यों आया है यहाँ

में :- महाराज में वही हु जिसने पहले झील के गयभ में छुपे आपके पहरेदारों को मारा फिर आपकी सेना छावनी ुध्वंस्त की और अब आपको बर्बाद करने आया हूँ मेरा नाम है.. खैर छोड़ो नाम जान के क्या करोगे मरना hi है कुछ देर में अगर मरना नहीं है तोह वाइटल लोक में प्रवेश हेतु जो शक्ति आवश्यक है वह दो मुझे

मेरी बात सुनने के बाद वह सब गुस्स्स में मुझे घर रहे थे लेकिन एक मंत्री था को सबसे बूढ़ा दिख रहा था वह मुझे घूरे जा रहा था

बी मंत्री :- महाराजबीस बालक के हाथ में जो हथियार है ये कोई आम अस्त्र नहीं बल्कि ऊर्जा अस्त्र लग रहा है जो की किसी वेपोनिदे ड्रैगन से hi मिल सकता है

में :- वह मानना पड़ेगा बूढ़े क्या पारखी नज़र है तेरी है यह एक ऊर्जा अस्त्र है लेकिन ये तुम्हे भिक मांगने पर भी नहीं मिलेगा

मेरी बात सुनके उस बुड्ढे मंत्री के बगल में बैठे एक असुर की झांटे सुलग गयी

असुर :- चुप होजा लड़के नहीं तोह अभी तुझे मार्के कच्चा चबा जाऊंगा

अब उसकी ये बात मुझे हज़म नहीं हुई

में :- (असुर से) एक मिनट एक मिनट असुर भाई आप मुझे खाओगे या तोह आप चूतिये हो या मुझे समझ रहे हो अरे में आपने पहरे दार असुर जीव महाकाय दैत्य यहाँ तक की आपके महल के सरे महँ योद्धा और सैन्य छावनियों का विनाश करके सही सलामत आपके सामने हूँ और फिर भी आप मुझे खाने की बात कर रहे हो ये चुतियापा आपके दिमाग में आया कहा से

असुर :- (एकदम गुस्से में) बचे

में :- (बिच में hi रोकते हुए) अरे चुप चूतिये गांड में नहीं गुदा और बनने चले खुदा

ये सब सुनके राजा को तोह जैसे मिर्ची hi लग गयी और वो अपने सिंघसन से खड़ा हो गया और बोलै

राजा :- सावधान बचे तुम हमारे मंत्रियों का अपमान कर रहे हो अब तक तोह हम तुम्हारी काम उम्र और वह मनमोहक ऊर्जा अस्त्र के वजह से चुप थे अब तुम्हारी जुबासन बहुत चल रही है जो हम कटाई वर्दास्त नहीं करेंगे ये मेरी अंतिम चेतावनी है तुम्हारे लिए इसलिए अच्छा होगा की चुपचाप उस अस्त्र को हमे सौंप दो और निकल जाओ यहाँ से वर्ण में भी फिर कुछ नहीं कर पाउँगा क्युकी यहाँ मौजूद हर सख्स तुम्हारा खून पीने के लिए बेकाबू हो रहा है.

में :- है में जनता हु ये बात बहुत अच्छे से लेकिन अफ़सोस तुम्हारा बाद लक क्यूंकि लगता नहीं की आज इनमे से किसी का भी ये स्वप्न सच होगा और रही बात इस मचते को तुम्हे सपने की तो भूल जाओ इसे में यहाँ इसे सपने नहीं आया हु बल्कि एक महायुद्ध करने आया हूँ और ये मेरी तरफ से अंतिम चेतावनी हे तुम्हे और तुमहाते प्रजा को की अभी समय है सुधर जाओ और मुझे वह शक्ति देदो वर्ण बाद में मुझे नहीं लगता की यहाँ कोई जीवित बचेगा

ये सुनकर राजा का चेहरा गुस्से से लाल होने लगा और बाकि के असुर हसने लगे वो भी जोर जोर से जैसे मैंने कोई जोके सुनाया हो उन्हें.

तभी राजा ने जोर से चिल्ला कर सभी को शांत करवाया और मुझसे बोले.

राजा :- क्या ये तुम्हारा आखिरी फैसला है की तुम मुझे वह अस्त्र नहीं डोज देखो में तुम्हे मार के भी वह ले सकता हूँ

में :- चुप भड़वे फाइट करना है तोह सीधा फाइट कर नहीं तोह मुझे वह शक्ति सौंप दे

राजा :- बस बहुत हुआ अब तुझे मरना होगा

फिर उसने गुस्से में अपने असुरों की और देखा और फिर वो अपने सभी असुरो से बोले.

राजा :- मेरे असुरो जरा इस बालक को बताओ की असुरो से टकराने का क्या अंजाम होता है इसे असुरो की असली ताकत को दिखाओ.

ये सुनते hi वह मौजूद असुर मुझे सीरियस लुक से देखने लगे और मेरी तरफ बढ़ने लगे चारो तरफ से मुझे घेरने लगे और जल्द hi उन सभी ने मुझे एक घेरे में घेर लिया था

लेकिन इसके लिए में भी तैयार था में जनता था की अब मुझे क्या करना है मैंने अग्नि तत्त्व का आव्हान किया जिससे वह मेरे पुरे शरीर पे चढ़ गयी और उस अग्नि के आते hi इतनी भयंकर रौशनी पैदा की जिसमे लगभग सभी अंधे hi हो गए और यही वह मौका था जिसका मुझे फायदा उठाना था

किसी को कुछ भी नहीं दिख रहा था और इसी मौके का फायदा उठा कर मैंने अपने त्रि नेत्र को जागृत किया और उसकी विनाश करि शक्तियों का आव्हान किया जिससे हुआ ये की वह मौजूद हर असुर के ऊपर उनका प्रयोग मेने अपने त्रिनेत्र अंदर से आग और विद्युत् का ऐसा मिक्सचर निकला जिसमे पूरा का पूरा महल hi पिघलने लगा और वह मौजूद सरे असुर इस मिक्सचर में जलने लगे चारो तरफ से चीखो के शिव कुछ सुनाई नहीं दे रहा था

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और इतना समय काफी था मेरे लिए में तुरंत पहुंच गया उस राजा के पास वह पहुंचते hi मेने उसका गाला पकड़ के हवा में उठा लिया मुझे अचानक अपने इतने नजदीक देख कर और मेरा हाथ का दबाव अपने गले पर महसूस करके उसकी आखे बहार आने को हो गयी थी

जैसे hi मेने उसका गाला पकड़ा मेरे शरीर में लगी आग शांत हो गयी और वह जो रौशनी फैली थी वह भी गायब हो गयी और जब उस राजा ने अपने सभा की हालत देखि तोह हर तरफ असुरों की गली हुई जाली हुई बॉडीज वह पड़ी थी

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में :- (भरी आवाज में) ऐसे क्या देख रहा है तेरा भी यही हाल होगा मरना तेरा तय है लेकिन वह आसान मौत मरेगा या इनके तरफ तड़प तड़प के वह तेरे हाथ में है मुझे वह शक्ति चाहिए जो मुझे वाइटल लोक तक पंहुचा सके

मेरे इतना बोलते hi उसने तुरंत hi अपनी आखे बंद की और कुछ बड़बड़ाने लगा और उसके आखे खोलते hi उसके शरीर से एक ऊर्जा बहार आयी जो जेक सीधा मेरे शरीर में समां गयी

राजा :- अब तोह मुझे छोड़ दो

में :- तूने आसान मौत चुनी है समझदार है तू

इतना बोलके मेने उसकी गर्दन पकड़ के तोड़ दी जिससे वह वही ख़तम हो गया और उसके मरते hi हर तरफ से काली रौशनी निकल के मेरे शरीर में जाने लगी जिससे मुझे मेरे शरीर में अत्यधिक ऊर्जा का बहाव महसूस होने लगा था की तभी मेरे दिमाग में मुझे मेरा डेविल रूप दिखाई देने लगा जो अटल लोक के राज सिंहासन पर बैठा था

जिससे में सब समझ गया मेरे हाथों मेधावी मारा इसीलिए अब में अटल लोक का नया राजा हूँ लेकिन इस सब को साइड कर में सीधा निकल पड़ा वाइटल लोक के द्वार के पास

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आज के लिए इतना hi


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