Apne Pyaare rishte - Page 18 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 156



तोह वही ये सब नज़ारा कैमरा के मदद से देख कर सूबा शॉकेड था

सूबा (अपने मन में) :- मुझे लग रहा था की वही लड़का आएगा लेकिन इस बार ये लड़की कहा से आ गयी तोह मतलब वह स. क्वीन अभी भी दो हिस्सों में बाटी हुई है ये तोह अछि बात है अब उसे पकड़ने में ज्यादा समय नहीं लगेगा

इतना सोचते hi उसने अपने बगल में hi खड़े दैत्य 1 को आदेश दे दिया जिससे उसने कुछ असुरों को लक्ष्मी पर हुम्ला करने भेज दिया वही लक्ष्मी जहा अभी उन गुंडों को तलवार से काटते जा रही की तभी उस जगह पर एक जोरदार धमाका हुआ और जितने भी इंसान इस वक़्त वह पे लक्ष्मी पे हुम्ला कर रहे थे वह सभी एक झटके में मरे गए जब सभी आम इंसान एक साथ मरे गए तोह ये देख कर लक्ष्मी शॉकेड हो गयी थी की तभी उसकी नज़र सामने से आ रहे 10 महाकाय योद्धाओं पे पड़ी जिन सबके शरीर पे लोहे के कवच और हाथों में काली लोहे की मजबूत सोर्ड पकड़ी हुई थी

स. क्वीन :- लक्ष्मी ये महाकाय असुर है इन पर आम अस्त्रों का असर नहीं होगा इनके लिए तुम्हे तुम्हारी भुजबल का इस्तेमाल करना होगा

लक्ष्मी :- इस के लिए तोह में कब से तैयार हु

उसके बाद लक्ष्मी ने अपने हाथ में पकड़ी हुई तलवार को साइड में फेक के अब उन असुरों की और दौड़ते हुए जाने लगी वही लक्ष्मी को अपने तरफ आते देख सरे असुर भी अब तैयार हो गए और उन मेसे 1 असुर भी लक्ष्मी के तरफ दौड़ते हुए जाने लगा और जैसे hi दोनों एक दूसरे के सामने आये तोह लक्ष्मी ने छलांग लगाके उस असुर के सीधे जबड़े पर अपनी पूरी ताकत से किक का वार किआ जिससे वह असुर का बैलेंस बिगड़ गया और वह वही गिर गया उसके बाद लक्ष्मी दूसरे असुर की तरफ बढ़ने लगी तोह तुरंत hi उसके मन में स. क्वीन की आवाज आयी

स. क्वीन :- लक्ष्मी इन्हे ऐसे hi जिन्दा छोड़ना हमारे लिए मुश्किलें पैदा करेगी इसके मंद को कण्ट्रोल करके इसे परलयज़ेड कर दो

लक्ष्मी :- या हम इन्हे hi इनके खिलाफ लड़ने पे मजबूर कर दे

स. क्वीन :- युक्ति अछि है लेकिन तुम्हारे पास उतनी ऊर्जा नहीं है की तुम असुरों का मंद कण्ट्रोल कर सको अगर तुम मेरी बात को मान कर थोड़ी ट्रेनिंग करती तोह शायद आज हालत कुछ और होते

लक्ष्मी :- ताने मारने की जरुरत नहीं है समझी

उसके बाद लक्ष्मी ने स. क्वीन के कहे अनुसार उस असुर के मंद को कण्ट्रोल करके उसे परलयज़ेड कर दिया लेकिन इतनी देर में दो असुरों ने पीछे से आकर लक्ष्मी पे प्रहार कर दिया लेकिन स. क्वीन के सेंसेस ने उन्हें पहले सेंस करके लक्ष्मी को बचा लिया जिसके बाद लक्ष्मी ने उन दोनों पर वार कर के उन्हें जमीं पर गिरा दिया और फिर उनका भी मंद कण्ट्रोल करण्ड का तरय किया लेकिन ऐसा होने से पहले hi एक असुर ने अपनी तलवार से लक्ष्मी पर वार किया लेकिन इस बार लक्ष्मी ने वही बेहोस पड़े 1 असुर को उठके उस असुर पर फेक दिया जिससे वो दोनों असुर एक दूसरे से टकराके वही गिर गए ये नज़ारा देखके बाकि बचे हुए असुरों ने लक्ष्मी को घेर लिया

तोह वही दूसरी तरफ अब से कुछ देर पहले

इस वक़्त में अपने कमरे में था और मेरे शरीर पर जैसें भी कवच के रूप में आ गया था

जैसें :- पहले कहा जायेंगे हम आका

में :- सबसे पहले उन सभी जगहों पर जहा पे बॉम्ब्स लगाए गए है मुझे शक है कही असुरों ने उन बॉम्ब्स पे कोई मैजिक न किया हो

जैसें :- लेकिन आका वह सभी भीड़ भाड़ वाली जगह है अगर वह आप ऐसे गए तोह

में :- मेने इसका हल भी सोच लिया है

इतना बोल के मेने स्लो मोड को एक्टिव कर दिया जिससे में 1 मिनट में hi पुरे सहर में छुपे हुए सभी बॉम्ब्स को अपने कब्जे में ले लिया और यहाँ पे मेरा शक सच साबित हुआ जैसे hi मेने पहले बम को छुआ वह वैसे hi पबत गया स्लो मोड एक्टिवेटिड था इसीलिए मेने उसे तुरंत टेलेपोरी कर के दूर किसी ज्वालामुखी के अंदर फेक दिया और बाकि सभी बॉम्ब्स को मेने अपने मैजिक से बिना छुए डीएक्टिवेट कर दिया

जैसें :- अब क्या करना है आका

में :- अब असुरों की धुलाई करनी है चलो

वही लक्ष्मी के तरफ

इस वक़्त सभी असुरों ने मिलके लक्ष्मी को घेर लिया था 10 असुरों में से 2 तोह निपट गए थे अब बाकि बचे 8 असुर थे जैसे hi उन्होंने लक्ष्मी को घेरा वैसे hi लक्ष्मी ने उनके ऊपर वार करना चाहा लेकिन उसके पीछे खड़े असुरों ने उसे पकड़ लिया और सबसे आगे खड़े असुर ने अपने राइट हैंड को आगे कर दिया जिससे उसके हाथों में आग का गोला आ गया

लक्ष्मी :- (स. क्वीन से) ये क्या है इसके पास मैजिकल पावर्स है में कैसे लाडू इनसे

स. क्वीन :- ये सब तुम्हे केवल पीड़ा दे सकते है लेकिन मेरे कवच को भेद पाने कज ताकत इनके अंदर नहीं है

असुर 1 :- अभी भी वक़्त है शक्ति धारक इस स. क्वीन के अर्धांश को हमारे हवाले कर दे नहीं तोह इतनी भयानक पीड़ा होगी की तुम्हारी आत्मा भी काँप जाये

लक्ष्मी :- मेरी शक्तिया चाहिए भूल जाओ तुम कमीने

असुर 1 :- तोह भुगतो

इतना बोलके उसने अपने हाथों में पकड़े आग के गोले को लक्ष्मी के तरफ फेक दिया लेकिन वह आग का गोला लक्ष्मी तक पहुंच पता उससे पहले hi कही से दूसरा आग का गोला भी आ गया जीसस वह दोनों गोले एक दूसरे से टकराके वही ख़तम हो गए

असुर 1 :- कोण है जिसने मेरे वार को काटने की हिम्मत की

कुछ देर पहले

अभी में उस जगह पंहुचा hi था की तभी मेरे सामने का नज़ारा देखके में शॉकेड हो गया की एक लड़की अपने तलवार से वह के सारे आदमियों के टुकड़े करती जा रही थी अभी में उसे देख hi रहा था की तभी मेरे मन में स. क्वीन की आवाज सुनाई देने लगी

स. क्वीन :- मालिक ये मेरा hi अर्धांश है जिसने शायद इस लड़की को चुना होगा अपने धारक के रूप में हमे उसकी मदद करनी चाहिए

में :- रुक जाओ थोड़ा शो हम भी देख ले की तुम्हारे उस अर्धांश ने चुना किसे है

उसके बाद में वही चुप कर सारा तमाशा देख रहा था और जब मेने उस लड़की को असुरों से फाइट कोफ्ते देखा तोह सच में मैं इम्प्रेस्सेड हो गया

में :- वाह स. क्वीन तुम्हारा अर्धांश है वाकई कमल का

स. क्वीन :- है आका लेकिन एक समस्या है मेरे अर्धांश के पास जादुई शक्तियों की कमी है अगर असुरों ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किआ तोह वह खतरे में पद सकती है

अभी स. क्वीन ने ये बोलै hi था की तभी उन असुरों ने लक्ष्मी पे मैजिकल पावर्स से अटैक करना चाहा तोह ये देखकर में भी मैदान में आ गया और असुरों के वार को रोकने के लिए अपने अग्नि तत्त्व को जागृत कर के उन पर हुम्ला कर दिया

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आज के लिए इतना hi


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हैप्पी इंडिपेंडेंस डे तो यू माय डिअर फ्रेंड्स
 
अपडेट 157



अभी स. क्वीन ने ये बोलै hi था की तभी उन असुरों ने लक्ष्मी पे मैजिकल पावर्स से अटैक करना चाहा तोह ये देखकर में भी मैदान में आ गया और असुरों के वार को रोकने के लिए अपने अग्नि तत्त्व को जागृत कर के उन पर हुम्ला कर दिया

असुर 1 द्वारा छोड़ा हुआ वह आग का गोला लक्ष्मी तक पहुंच पता उससे पहले hi मेने अग्नि तत्वा को जागृत करके स्पीड से दूसरा आग का गोला उस तरफ फेक दिया जिससे वह दोनों गोले एक दूसरे से टकराके वही ख़तम हो गए

असुर 1 :- कोण है जिसने मेरे वार को काटने की हिम्मत की

में (उस जगह ेंटृ मारते हुए) :- ये तोह बड़ी न इंसाफ़ी है तुम 8 असुर मिलके एक अकेली लड़की को मार रहे हो कितनी शर्म की बात है

असुर 1 :- कोण हो तुम

में :- लो करो बात जिसके लिए तुम असुरों को बुलाया गया है तुम उसे hi नहीं पहचान प् रहे हो यू हर्ट में असुर बीआरओ

वही मुझे एंटर करते हुए सूबा ने भी कामर्स के द्वारा देख लिया था

सूबा :- तेरा hi इंतज़ार था मुझे अब देखना कैसे तुम दोनों से स. क्वीन की शक्तिया में छिन्न लूंगा

वही मेने उस जगह एंटर करते hi मेने सबसे पहले लक्ष्मी को पकडे हुए दोनों असुरों पर आग के गोले फेक दिए जिससे वह दोनों दूर जेक गिर गए और बेहोस हो गए जिसके बाद में चलते हुए लक्ष्मी के पास आ गया

में (लक्ष्मी से) :- ये महाकाय असुर है इन पर आम हथियार या फिर हैंड तो हैंड फाइट करना पूरी तरीके से मूर्खता है

लक्ष्मी :- मुझे क्या करना है मत बताओ मेरे पास भले hi तुम्हारे तरह मैजिक पावर्स नहीं है लेकिन फिर भी में इनके लिए काफी हूँ

में :- इनको मारने के लिए तुम्हे इसकी जरूरत पड़ेगी

इतना बोलके मेने योद्धा की सोर्ड उसके तरफ बढ़ा दी जिस पर मेने अग्नि तत्त्व से आग लगायी थी जिसे देख कर लक्ष्मी काफी शॉकेड हो गयी थी और शायद उसे पकड़ने में दर भी रही थी

में :- डरो मत ये जादुई आग है केवल अपने शिकार को जलती है अपने धारक को नहीं

मेरे ये बोलने के बाद लक्ष्मी ने उस तलवार को पकड़ लिया और मेने भी अपने अंदर के वैपोनिदे ड्रैगन के हथियारों से 2 स्वोर्ड्स निकल ली

वही इस सब के बिच में बाकि सरे असुरों ने मिलके अपने दोनों साथियों को ठीक कर दिया और जिसे लक्ष्मी ने परलयज़ेड कर दिया था उसे भी उन्होंने मैजिक से ठीक कर दिया था अब हम दोनों के सामने 9 महाकाय असुर थे

उन सभी को अपने सामने देख कर में दौड़ते हुए उनकी तरफ बढ़ने लगा वही मुझे ऐसे दौड़ते हुए देख कर लक्ष्मी भी अपने फुल स्पीड में दौड़ने लगी और जल्द hi हम दोनों उन असुरों के नजदीक पहुंच गए जिसके बाद मेने अपने दोनों तलवारों से एक असुर के दोनों हाथ काट दिए और फिर उसकी गर्दन भी काट दी ये नज़ारा देखके सरे असुर शॉकेड हो गए

वहज इतनी देर में लक्ष्मी ने भी मेरी दी हुई सोर्ड से एक असुर को मार दिया था ऐसे hi कुछ देर में मेने और लक्ष्मी ने सरे असुरों के सर काट कर उन्हें ख़तम कर दिया था

लक्ष्मी :- कोण हो तुम और यहाँ कैसे

में :- अभी इस सब का समय नहीं है ये लोग मामूली सैनिक है इनका कोई न कोई लीडर भी यहाँ होगा

अभी मेने इतना बोलै hi था की तभी हमारे सामने से बहुत से असुर दौड़ते हुए आ रहे थे उनको अपने तरफ आता देख मेने तुरंत लक्ष्मी को अपने पीछे खींच लिया और आकाश तत्त्व को जागृत करके उन सभी पे भयंकर विद्युत् प्रहार कर दिया जिससे सभी वही जल के रख हो गए वही इतना दुमदार और भयानक हुम्ला देखके लक्ष्मी के साथ साथ सूबा भी शॉकेड हो गया

सूबा :- (दोनों दैत्यों से) जाओ और अपना पूरा जोर लगा देना इसे रोकने के लिए (मन में) क्या स. क्वीन का आधा अंश इतना शक्तिशाली है (कुछ सोचके मन में hi) नहीं जरूर इसने कोई और भी शक्ति धारण की है लेकिन कोनसी

वही हमारे तरफ

लक्ष्मी :- ये तुमने कैसे किया तुम्हारे पास मेरी शक्तिकुञ्ज का आधा हिस्सा है वह मुझे वापस चाहिए

में :- ये शक्तिया है कोई खिलौना नहीं जैसे तुम्हारे अंश ने तुम्हे चुना है वैसे hi इसने मुझे चुना है

अभी में ये बोल रहा था की तभी हमारे ऊपर बहुत से आग के गोले गिरने लगे लेकिन मेने उन्हें पहले hi सेंस कर लिया था जिससे मेने एक मैजिकल शील्ड बना दी जिससे हम दोनों सुरक्षित हो गए वही जब मेने हमलावर की दिशा में देखा तोह वह 2 दैत्य खड़े थे जो हमे hi घूरे जा रहे थे

में :- ये रहे उन असुरों के लीडर हमारे तरफ hi आ रहे है कही दर तोह नहीं लग रहा है

लक्ष्मी :- दर माय फुट

इतना बोलके वह दौड़ते हुए दैत्य 1 की तरफ दौड़ते हुए जाने लगी तोह वही दैत्य 2 मेरे तरफ बढ़ने लगा जिसे देख के में आराम से पाने जगह पे hi खड़ा होक लक्ष्मी को लड़ते हुए देखने लगा

वही दूसरी तरफ

लक्ष्मी को अपनी और आते देख दैत्य 1 ने अपनी तरफ से पहला अटैक किआ जिसका निशाना लक्ष्मी की गर्दन थी लेकिन शायद लक्ष्मी भी इसके लिए तैयार थी जैसे hi उस दैत्य ने हमला किया वैसे hi लक्ष्मी ने अपने बचाव के लिए मेरी दी हुई तलवार आगे की और गर्दन का वार अपनी तलवार पर ले लिया

और अब शुरू हुआ लक्ष्मी और दैत्य1 के बिच युद्ध कभी दैत्य हमला करता कभी लक्ष्मी कभी वह भरी पड़ता तोह कभी लक्ष्मी भरी पद रही थी

ऐसे hi कुछ देर उन दोनों के बीच में युद्ध होता रहा की तभी लक्ष्मी ने मौका देख कर उस दैत्य की गर्दन उसके धड़ से अलग कर दी वही में अभी भी अपने जगह पे खड़ा हो के लक्ष्मी को लड़ते हुए देख रहा था और वह दैत्य जो मेरे तरफ बढ़ा था उसको तोह मेने अपने धरती तत्त्व ने मदद से पूरी तरफ जमीं के अंदर के रूट्स से जकड लिया था और जैसे hi लक्ष्मी ने मेरी तरफ देखा वैसे hi मेने उस असुर के ऊपर अग्नि तत्त्व से वार किआ जिससे वह वही जल के रख हो गया

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 158



अभी हम दोनों ने मिलके वह पे सभी असुर और दैत्यों को ख़तम कर दिया था जिसके बाद लक्ष्मी मेरे पास आके फिर से सवाल पूछने लगी

लक्ष्मी :- अब बताओ कोण हो तुम और ये साडी मैजिक ट्रिक्स तुम्हे कैसे पता है कही ये सब तुम स. क्वीन के शक्ति के अर्धांश से तोह नहीं कर रहे हो

में :- स. क्वीन के दोनों hi ाँस बहुत शक्ति शैली है और वैसे भी शक्ति चाहे कोई भी हो अगर तुम उसे जानोगे उसे अपनाओगे तभी उसका पूर्ण लाभ उठा पाओगे

लक्ष्मी :- मुझे शक्ति के उसे के बारे में मत बताओ वह में अचे से जानती हूँ

में :- हाँ देखा मेने कैसे तुम अपनी सिर्फ कुछ प्रतिशत शक्ति hi इस्तेमाल कर प् रही थी

अभी हम बाटे कर hi रहे थे की तभी ऊपर से अचानक कुछ लोहे के रोडस के तरह रोडस आके हमे एक सर्कुलर डिज़ाइन में जमीं के अंदर घुस गयी और वह अपने अंदर हम दोनों को कैद करने लगे और अभी हम उन्हें देख hi रहे थे की तभी वह एक शख्स आ गया जो कोई और नहीं बल्कि सूबा hi था

लक्ष्मी :- अब तुम कोण हो और हो क्या रहा है यहाँ

सूबा :- में वह हूँ जिसके पास ये दोनों ाँस होने चाहिए थे तुम दोनों ने धोके से ये दोनों ाँस चुराए है

लक्ष्मी :- मेने किसी से भी ये चुराई नहीं बल्कि इसने मुझे चुना है

जहा वह दोनी बाटे कर रहे थे तोह उस वक़्त में सिर्फ अपने दिमाग को शांत करने में लगा हुआ था और में इस सूबा के प्लान को समझने का तरय कर रहा था लेकिन मुझे ऐसे शांत खड़ा देख कर सूबा से रहा नहीं गया

सूबा :- क्या हुआ लड़के दर गए क्या जो जुबान भी नहीं चला सकते

में :- नहीं रे में तोह सोच रहा था की पिछली बार उस गोडावण में से 2 कुत्ते भागे थे एक मेरे सामने है और दूसरा क्या वह अभी तक दर के कही छुपा हुआ है

सूबा :- बस कर बचे अगर फिर से तुमने कुछ भी कहा तोह अभी तुम दोनों को मार दूंगा

में ;- लो पहले चुप था तोह मुझे बोलने पे मजबूर किया और अब जब में बोल रहा हूँ तोह चुप करा रहे हो पहले तुम सोच लो तुम्हे क्या बोलना है ओह्ह सॉरी सोचने के लिए दिमाग की जरुरत है जो तुम्हारे पास नहीं है

सूबा :- तुम बहुत बोल रहे हो बचे तुम दोनों का अंत अब निश्चित है

इतना बोलके वह कोई मंत्र बोलने लगा और जैसे जैसे वह मंत्र बोल रहा था वैसे वैसे hi वह रोडस धीरे धीरे विबरते हो रही थी अभी में उन रोडस को देख hi रहा था की तभी मेरे मन में जैसें की आवाज सुनाई देने लगी

जैसें :- आका अब क्या करना है आप कहो तोह इस पापी को में एक क्षण में hi ख़तम कर सकता हूँ

में :- शांत हो जाओ इसे मारना मेरे लिए भी मुश्किल बात नहीं है लेकिन अभी हमे इससे कुछ सवालों के जवाब जानने है इसीलिए बस देखो की ये बन्दर क्या खेल दिखता है ठीक है

अभी में जैसें से बात hi कर रहा था की तभी मेरे कानो में एक साथ 2 चीखे गूंजने लगी पहली चीख तोह मेरे पास कड़ी लक्ष्मी की थी और दूसरी चीख थी मेरे अंतर्मन में मौजूद स. क्वीन की

स. क्वीन :- अह्ह्ह मालिक ये आवाज मुझे कमजोर कर रही है कुछ कीजिये

वही बहार

लक्ष्मी :- ये आवाज मुझे मार देगी कुछ करो अह्ह्ह

इन दोनों की दर्द भरी चीखों की आवाज सुनके में इतना तोह समझ गया था की कुछ तोह ऐसा है जो मेरे से छिपा हुआ है इसीलिए मेने अपने सेंसेस को फुल पोटेंशियल पे एक्टिवटे कर दिया जिससे मुझे भी अब वह आवाज सुनाई देने लगी थी लेकिन अब देर हो गयी थी क्यूंकि न मुझे मेरे अंतर्मन में स. क्वीन की आवाज सुनाई दे रही थी और न पास कड़ी लक्ष्मी की

जब मेने अपने पास कड़ी स. क्वीन के अर्धांश को देखा तोह मेरी आखे खुली की खुली रह गयी क्यूंकि जिस लड़की के पास उस स. क्वीन का अर्धांश था वह कोई और नहीं बल्कि वही घमंडी लड़की लक्ष्मी थी

जिसे देख कर में शॉकेड हो गया था वही तेनसेद भी क्यूंकि अभी वह बेहोस थी और वह इस वक़्त सबसे आसान निशाना था सूबा का ऊपर से उसका चेहरा भी सूबा ने देख लिया था

में :- (जैसें से) जैसें इस लक्ष्मी को अपने अड्डे पे लेके जाओ में इस नमूने को संभालता हूँ

जैसें :- इस काम के लिए मुझे जाने की जरुरत नहीं है इसे में अपने जादू से भी कर सकता हूँ

में :- में भी ये बात मानता हूँ लेकिन अब थोड़ा डेविल को भी खेल लेने दो

मेरे इतना बोलते hi जैसें मेरे शरीर से उतर गया और तुरंत लक्ष्मी को लेके गायब हो गया और वही जैसें के मेरे शरीर से जाते hi तुरंत मेरे शरीर पे डेविल ने काबू कर लिया अब में और सूबा दोनों एक दूसरे के आमने सामने थे

सूबा :- तोह मुझे लगा hi था की तुम्हारे शक्तियां उस स. क्वीन तक सीमित नहीं है

में :- मेरे शक्तियों को छोड़ अब तेरे प्राणों की चिंता कर असुर उस दिन तेरे साथी की बलि दी थी आज तेरी बारी है

सूबा :- ाचा पहले इनसे तोह निपट लो बचे फिर मुझे मारने के ख्वाब देखना

इतना बोलके उसने अपने दोनों हाथों को जोड़ कर तेज़ी से अलग किया जिससे वह मरे हुए सरे असुर और दैत्यों के साथ वह और भी मात्रा में असुर आने लगे जिन्हे देख कर में पहले तोह टेंशन में आ गया लेकिन जल्द hi मेरे फेस पे स्माइल आ गयी जिसे देख सूबा शॉकेड हो गया और फिर मेने भी उसी के तरह अपने दोनों हाथों को जोड़ कर तेज़ी से अलग किये जिससे अब वह जितने असुर और दैत्य थे उनसे दो गुना मात्रा में डेविल के गुलाम थे और सबसे आगे था डेविल का भरोसेमंद और उन गुलामों का लीडर थे रीपर

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 159



इस वक़्त मेरी डेविल आर्मी और सूबा की असुर आर्मी दोनों एक दूसरे के आमने सामने थे जहा सूबा की असुर सेना देखके मेरे चेहरे पे शैतानी स्माइल आ गयी थी तोह वही मेरी डेविल आर्मी और ख़ास कर थे रीपर को देखके सूबा के साथ उसकी आसुरी सेना की भी पहात के हाथ में आ गयी थी की तभी मेने हुम्ला करने का इशारा किया जिससे मेरी साडी आर्मी एक साथ सूबा की आर्मी पे टूट पड़ी और देखते hi देखते सूबा की लायी हुई साडी आसुरी सेना चुटकियों में ख़तम हो गयी थी और अभी मेरी डेविल आर्मी मरे हुए असुर और दैत्यों के ताजे घोष का लुफ्त उठाने लगी थी

ये सब देखके जहा सूबा के हालत पतली हो गयी थी तोह अब में चलते हुए उसके पास आने लगा वही मुझे अपने पास आता देख कर सूबा पीछे हटने लगा

सूबा :- देखो मेरे पास मत आना मेने बहुत सरे बॉम्ब्स को पुरे शहर में फिट किये है अगर तुम मेरे पास आये तोह में अभी उन्हें फोड़ दूंगा जिससे पुरे शहर भर में लाशों का ढेर लग जायेगा याद रखना

उसकी ये धमकी सुनके में बस हल्का सा मुस्कुरा दिया क्यूंकि जिन बॉम्ब्स की वह मुझे धमकी दे रहा था उनका इंतज़ाम कर दिया था जिस वजह से में सिर्फ मुस्कुराते हुए उसके पास जाने लगा जिससे वह और भी ज्यादा दर रहा था

सूबा :- देखो मेरे एक इशारे में तुम्हारे इस सहर पे काला साया च जायेगा सरे बॉम्ब्स एक साथ ब्लास्ट हो जायेंगे सोच लो

में :- तेरा बॉस कहा है

सूबा :- में अगर मर भी जाऊ तोह भी तुम्हे नहीं बताऊंगा

में :- ठीक है तोह मरने के लिए तैयार हो जाओ

मेरे इतना बोलते hi मेरे पुरे शरीर से आग की लपटे निकलने लगी जिसे देख कर सूबा की और ज्यादा फटने लगी

सूबा :- डेल्हो जहा हो वही रुक जाओ नहीं तोह में सच में सरे बॉम्ब्स को एक साथ फोड़ दूंगा

में :- फोड़ दे

सूबा :- में मजाक नहीं कर रहा हूँ

में :- में भी मजाक नहीं सुच में बोल रहा हूँ फोड़ दे बम हिम्मत है तोह

मेरे इतने बोलने के बाद उसने चुटकी बजायी लेकिन कुछ नहीं हुआ ये देखके वह शॉकेड हो गया

में :- सरे बॉम्ब्स को में पहले hi अपने कब्जे में ले चूका हूँ अब कैसे बचोगे तुम चलो अब बताओ की तुम्हारा बॉस कहा है आज दोनों को भी एक साथ ख़तम कर दूंगा

सूबा :- भले hi तुम्हारे पास कुछ शक्तिया है लेकिन फिर भी मालिक के सामने तुम कमजोर हो तुम मुझे भी मार नहीं सकते भले hi आज तुम मुझे मार दो लेकिन आज से लेके अगले 1 महीने तक हर दिन दिवाली मनाई जाएगी और तुम कुछ नहीं कर पाओगे

में :- ज्यादा सपने देखना अछि बात नहीं है कोण बचाएगा तुम्हे मुझसे और शायद तुम्हे नहीं पता की दिवाली बुराई पे अच्छी की जीत के प्रतिक के तौर पे मनाई जाती है और सच है की अगले 1 महीने तक हर दिन दिवाली होगी इस 1 महीने में में तुम्हारे इतने सैलून से बनाये बुराई के साम्राज्य का खत्म कर दूंगा

मेने अभी इतना बोलै hi था की तभी मेरे पीछे से किसीने मुझे खींच लिया जिससे में पीछे जेक गिर गया मुझे खींचने वाला कोई और नहीं बल्कि कोई महाकाय दैत्य hi था जिसको शायद सूबा ने hi बुलाया था मुझ पर ऐसे हुम्ला होता देख कर थे रीपर आगे बढ़ने लगा लेकिन मेने उसे हाथ दिखा कर रोक दिया और में खुद उस दैत्य की तरफ बढ़ने लगा और जैसे hi में उसके थोड़ा नजदीक पंहुचा वैसे hi वह फिर से मुझ पर हुम्ला करने के लिए मेरे तरफ बढ़ने लगा लेकिन वह मुझ तक पहुंच पता उससे पहले hi मेने अपनी आखे बंद करके अपने धरती तत्त्व को जागृत करने लगा जैसे hi मेने धरती तत्व का इस्तेमाल किया वैसे hi उसके निचे कज धरती टूटने लगी और जल्दी hi धरती से छोटी चट्टानें गोलियों की तरह निकलने लगी जिससे वह वही ख़तम हो गया था और जब मेने आखे खोली तोह मेरे सामने से सूबा गायब हो गया था और अब वह कुछ भी नहीं बचा था क्यूंकि मेरी डेविल सेना ने पहले hi सरे असुरों और दैत्यों को खाकर ख़तम कर दिया था तोह अब मेरा भी वह रुकना बेकार था तोह में वह से निकल गया और पहुंच गया उसी जगह जहा पर जैसें लक्ष्मी को लेके गया था

जब में वह पंहुचा तोह देखा की वह पे लक्ष्मी अभी तक बेहोस पड़ी हुई थी जैसे hi ने वह पंहुचा तोह तुरंत जैसें मेरे सामने आ गया

जैसें :- आका लक्ष्मी को अब तक होश नहीं आया है मेने सभी हीलिंग माजिक्स का इस्तेमाल कर लिया है

में :- ठीक है जरूर स. क्वीन को इसका इलाज पता होगा

इतना बोलके में वहज बैठ कर ध्यान लगाने लगा और जल्द hi में अपने अंतर्मन में पहुंच गया लेकिन वह भी मेरे अंदर जो स. क्वीन मौजूद थी वह भी बेहोस थी तोह मेने भी ज्यादा देर न करते हुए त्रि नेत्र को जागृत कर दिया और उससे निकलती हुई ऊर्जा को अब मेने स. क्वीन में पास करना स्टार्ट कर दिया जिससे वह धीरे धीरे उड़ने लगी और जल्द hi त्रि नेत्र ने उसे स्कैन कर के होश में लेन का तरीका मुझे बता दिया जो की जान कर मुझे शॉकेड लगा क्यूंकि उसे ठीक करने के लिए दोनों हिस्सों को एक करना था

एंजेल :- अब क्या करोगे राज या तोह ये दोनों हिस्सों को हमे हमेशा के लिए खोना होगा जिसके साथ उस लड़की लक्ष्मी की जान चली जाएगी या फिर दोनी हिस्सों को एक करना होगा

डेविल :- इसमें कोनसी बड़ी बात है मेरे शक्तियों के मदद से राज आराम से उस लड़की के अंदर की साडी शक्तिया सोख सकता है

जहा सब लोग इसी तरह अपने अपने सुझाव दे रहे थे तोह में अलग hi सोच में था

में :- नहीं इन शक्तियों की जरुरत लक्ष्मी को ज्यादा है सूबा ने उसका चेहरा देख लिया है मतलब अब वह लक्ष्मी और उसके परिवार पर सीधा वार कर सकता है जिससे बचने के लिए लक्ष्मी को शक्तियों की जरूरत है मेरे पास तुम सब की तरह महँ शक्तिया महा शक्तिशाली रूप जीन ड्रैगन बहुत कुछ है जिससे मुझे किसी से भी डरने की जरुरत नहीं है लेकिन लक्ष्मी नहीं

एंजेल :- तोह तुम्हारा क्या फैसला है

में :- में अपने स. क्वीन के अर्धांश को लक्ष्मी के अर्धांश से जोड़ दूंगा और उसकी एकत्रित शक्ति की मालकिन लक्ष्मी होगी

डेविल :- पर राज

में :- ये मेरा चुनाव है और इसे कोई बदल नहीं सकता

इतना बोलके मेने अपना ध्यान तोड़ दिया और फिर अपने अंदर से उस आधे मणि को निकल के उसे लक्ष्मी के शरीर में दाल दिया जिससे अब लक्ष्मी हवा में उड़ने लगी और जल्द hi वह तेज़ी से जमीं पर गिर गयी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 160



में :- ये मेरा चुनाव है और इसे कोई बदल नहीं सकता

इतना बोलके मेने अपना ध्यान तोड़ दिया और फिर अपने अंदर से उस आधे मणि को निकल के उसे लक्ष्मी के शरीर में दाल दिया जिससे अब लक्ष्मी हवा में उड़ने लगी और जल्द hi वह तेज़ी से जमीं पर गिर गयी

वही दूसरी तरफ

इस वक़्त सूबा एक कमरे में बैठा दर के मारे थार थार काँप रहा था उसके आखों के सामने वही सन आ रहा था जब मेरी रीलेर सेना उसके असुर और दैत्यों को मार मार कर खा रहे थे वही जानता था की इतने डरने के बाद भी उसे खुदको टेलिपोर्ट करने के लिए कितने पापड़ बेलने पड़े थे

अभी वह कुछ भी सोचने के कगार पर नहीं था की तभी उसके सामने एक गोला आ गया जो की स्क्रीन के तरह काम कर रही थी जिससे मर. नेगेटिव उसकी ये हालत साफ़ देख प् रहा था

मर. नेगेटिव :- सूबा (जोर से छिलके) सूबा

जब सूबा ने मर. नेगेटिव के चिल्लाने की आवाज सुनी तोह उसे होश आया और जब उसने अपने सामने मर. नेगेटिव को देखा तोह उसकी हालत और ख़राब हो गयी

सूबा :- मालिक आप

मर. नेगेटिव :- मेने आज का युद्ध दिखा और उस लड़के की शक्तियों ने मुझे भी सोच में दाल दिया है इसीलिए फिलहाल उस लड़के से दूर रहो और अपना निशाना उस लड़की को बनाओ उसका असली चेहरा हमे पता है और उसे देख कर लग भी नहीं रहा था की वह उन शक्तियों के लायक भी है जो उसे मिली है वह हमारा आसान निशाना है

सूबा :- और वह लड़का

मर. नेगेटिव :- उसकी चिंता मत करो उसके लिए में जल्द hi आ रहा हूँ महामहिम खुद हमारे साथ है उसे रोकने का कोई न कोई तरीका जरूर मिलेगा और बाद उस लड़के की साडी शक्तिया हमारी होंगी बस जब तक में न औ तब तक अति आवश्यक होने पर hi अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना नहीं तोह तुम्हारी शक्तियों से निकलने वाली ऊर्जा से तुम्हे कोई भी आसानी से ढूंढ सकता है

इतना बोलके वह जोरो से हसने लगा और उसके बाद सूबा भी कुछ सोचने लगा अभी उसने सोच hi लिया था की वह अभी केवल लक्ष्मी पे hi फोकस्ड रहेगा लेकिन इसके लिए वह अपनी शक्तिया उसे नहीं करेगा

वही दूसरी तरफ

जैसे hi लक्ष्मी जमीं पे गिरी तोह उस गिरने के झटके से उसे होश आ गया और वह जैसे hi होश में आने लगी मेने तुरंत जैसें का रूप ले लिया

लक्ष्मी :- में कहा हूँ

में :- तुम सुरक्षित हो

लक्ष्मी :- कोण हो तुम और हम दोनों तोह उस गोडावण में थे यहाँ कैसे और वह असुर और दैत्यों का क्या हुआ

में :- में जैसें हूँ और इस वक़्त तुम अपने दिमाग पर ज्यादा तनाव मत डालो सब अंडर कण्ट्रोल है तुम भी सुरक्षित हो उस अलौकिक ध्वनि से तुम्हारी शक्तिया यानि स. क्वीन अपने अंत तक पहुंच गयी थी जिसे बचने का एक hi उपाय था

लक्ष्मी :- क्या

में :- दोनों हिस्सों को एक करना वही एकलौता उपाय था तुम्हे और स. क्वीन को बचने का

लक्ष्मी :- मतलब तुमने मेरे अंदर से शक्ति निकल ली तुम्हारी इतनी हिम्मत ये गलत है तुमने..

लक्ष्मी बिना रुके कुछ भी बोले जा रही थी जिससे अब में इर्रिटेट हो गया था इसीलिए मेने वही पे मौजूद एक पेड़ को जमीं से उखाड़ कर उसे लक्ष्मी पर फेक दिया जिससे लक्ष्मी को कुछ नहीं हुआ पर वह पेड़ लक्ष्मी से टकराकर 2 हिस्सों में बात गया

में :- अगर मेने तुमसे शक्तिया चीनी होती तोह इस पेड़ के बदले तुम्हारे 2 टुकड़े होते

लक्ष्मी जो इस एक्शन को देखके पहले hi दर गयी थी वह इस वक़्त कभी मुझे तोह कभी अपने आप को घर के देख रही थी

लक्ष्मी :- यही बात शांति से भी बोल सकते थे

में :- तुम बोलने कहा देती हो अब मेरी बात ध्यान से सुनो तुम्हारे पास स. क्वीन की पूरी शक्ति है इसका मतलब ये नहीं की तुम सर्व शक्तिशाली बन गयी हो अब तुम्हारी शक्तियों के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ गयी हो अपने घमंड को त्याग दो असुरों ने तुम्हारा चेहरा देख लिया है जिस वजह से वह तुम पर सीधा वार कर सकते है इसीलिए अभी भी अगर तुमने अपना घमंड नहीं छोड़ा तोह इसका परिणाम तुम्हारे साथ साथ तुम्हारे परिवार को भी भुगतना होगा अपनी शक्तियों को काबू करो नहीं तुम्हे हराना हर किसी के लिए आसान होगा समझी

मेरे इस प्रवचन के बाद तोह जैसे लक्ष्मी किसी गहरी सोच में चली गयी जैसे की मेरी कही बात को इमेजिन कर रही हो जिसे देख कर मेने अपना राइट हैंड उसके सर पे रख के उसे सुला दिया और उसे उसके कमरे में टेलिपोर्ट कर दिया

अभी लक्ष्मी को टेलिपोर्ट करके में वही उसी जगह ध्यान लगाने लगा क्यूंकि अब मुझे और कुछ जरूरी चीजों पे भी ध्यान देना था इसलिए में ध्यान लगा कर अपने अंतर्मन में पहुंच गया में जैसे hi अपने अंतर्मन में पंहुचा तोह वह मेरे सरे रूप मेरे पास आ गए

में :- मेने एक फैसला किया है

डेविल :- अब क्या फैसला किया है तुमने

में :- अब हालत पहले से अलग है अब मेरी असली परीक्षा शुरू हो गयी है पहले मेरा मुकाबला केवल कुछ बुरे काम करने वाले मामूली इंसानों से होता था लेकिन अब इसमें असुर और दैत्यों ने भी भाग लेना शुरू कर दिया है अब बारे है में अपनी सीमाओं को जणू अपनी शक्तियों को पहचानू और अपनी जिम्मेदारियों को निभाउ

एंजेल :- में तुमसे सहमत हूँ राज अब से मुकाबला और भी कठिन होगा लेकिन तुम कहना क्या चाहते हो

में :- में अपनी साडी शक्तियों को खुद से जोड़ना चाहता हूँ में उन पर पूर्ण नियंत्रण चाहता हु में अब अपनी सर्व शक्ति को अपनाना चाहता हूँ

मेरी बात सुन कर जहा सब शॉकेड थे तोह वही एंजेल और डेविल एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे जैसे की मेरे इस फैसले के बारे में उन्हें पता हो

डेविल :- में तुमसे सहमत हूँ राज अब वह समय आ गया है जब तुम अपनी ताकतों को अपनाओ

एंजेल :- में एंजेल अपने धारक राजवीर को आज्ञा देता हूँ की वह मेरे सभी शक्तियों को अपना सकते है वह अब एक एंजेल के तरह जी सकते है

एंजेल के इतने बोलते hi वह एक ऊर्जा गोले में बदल गया और आके सीधा मेरे आस पास घूमने लगा

एंजेल के बाद साधु, तांत्रिक, किंग, वारियर, और डेविल सब भी एंजेल की तरह hi ऊर्जा गोले में बदल गए और एंजेल वाले गोले में जाकर समां गए जिसके बाद वह गोला अंतर्मन से गायब हो गया अब मेरी बारी थी

में :- में ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह अपनी सभी शक्तियों को आदेश देता हूँ की वह अब पूरी तरीके से मुझमे समां जाये और मुझे खुद पर पूरा नियन ट्रेन प्रदान करे

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 161



इस वक़्त में अपने कमरे में था और अभी लक्ष्मी के बारे में hi सोच रहा था की कैसे मुझे अपनी शक्तिया पाने के लिए मेहनत करनी पड़ी थी और लक्ष्मी जैसी घमंड में चूर हो गयी लड़की को स. क्वीन जैसी महँ शक्ति मिली वह भी बिना कोई साधना किये बिना किसी मेहनत के अभी में ये सब सोच hi रहा था की तभी मेरे रूम के दरवाजे पे नॉक हुआ जब मैंने दूर खोल के देखा तोह दूर पे नानाजी खड़े थे

में :- आइये नानाजी अंदर आइये

नानाजी :- राज सो गए थे क्या तुम

में :- नहीं नानाजी में बस कुछ सोच रहा था आप बताइये की इस वक़्त अचानक कैसे आना हुआ

नानाजी :- में तोह बस तुमसे मिलने आया था अभी कल तुम चले जाओगे तोह ये घर फिर से सुना हो जायेगा

में :- क्या नानाजी आप तोह इमोशनल डायलाग मारने लगे

नानाजी :- मुस्कुराते हुए) हाँ जब तक तुम यहाँ नहीं आ रहे थे तब तक इस सूनेपन को में अपने कर्मों की सजा मान के भुगतता था लेकिन जब से तुमने इस सूनेपन को भरा है तब से जैसे मेरे अंदर की सहन शक्ति ख़तम हो गयी है

में :- अरे आप तोह ऐसे बोल रहे हो की में वापस आऊंगा hi नहीं दुनिया का कोई भी बचा परमेनन्ट तोह अपने नाना नानी के पास नहीं रहता उसे अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को भी तोह निभाना होता है और वैसे भी अब स. चाचा की शादी का समय नजदीक आ गया है तोह मेरी ज़रुरत वह ज्यादा है और आइए भी अब तोह में आता रहूँगा आपने मुझे यहाँ के उत्तराधिकारी के जिम्मेदारियों के लिए चुना है उसे में अचे से पूरा करूँगा

नाना जी :- ठीक है अब तुम आराम करो इस जीवन में तुम्हे और बहुत से जिम्मेदारियों का पालन करना है

में :- ठीक है

मेरे इतना बोलने के बाद में नानाजी अपने कमरे में सहले गए फिर में भी अपने कमरे का दरवाजा बंद कर के ध्यान लगाना शुरू किया और अपनी सभी शक्तियों को अपने शरीर में महसूस करने लगा उन्हें पहचानने लगा ऐसे hi कब सुबह हो गयी पता भी नहीं चला फिर उसके बाद में फ्रेश होक तैयार हो गया और निचे आ गया जहा पर बाकि सभी भी तैयार खड़े थे आज हम वापिस जा रहे थे इस बात से नाना और उनका परिवार थोड़ा साद था लेकिन दादा जी ने सब संभल लिया

फिर हम वह से निकल गए और पहुंच गए अपने घर शेरगढ़ जहा जाकर सबसे पहले दादाजी ने मेरे युवराज पद की ऑफिसियल अनाउंसमेंट कर दी थी इसीलिए अब जहा सब मुझे छोटे मालिक करके पुकार रहे थे वही अब वह मुझे युवराज के नाम से बुलाने लगे जिसके बाद हम अपने हवेली आ गए जहा आने के बाद सभी अपने कमरों में जेक आराम करने लगे और में चल पड़ा गाओं घूमने

में सबसे पहले साक्षी से मिलना चाहता था लेकिन बाद में मुझे पता चला की उसकी सास की आखरी सासे चल रही थी और उनकी अंतिम इच्छा थी इसीलिए शादी जल्दबाजी में कर दी गयी थी जिसे सुनके में साद हो गया लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था ये सोच कर में अपने खेतों के तरफ चल पड़ा जहा मुझे शिवा (भीमा काका का रिश्तेदार) भी दिखा जो हमारे गैर हाज़री में खेतों का काम देख रहा था

फिर में थोड़ी देर खेत घूमने के बाद में वह से मीरा माँ के खेत की और निकल गया और जब में वह पंहुचा तोह वह पे टाला लगा हुआ था जिसके बाद मेने शिवा से इस बारे में बात की तोह पता चला उनके बचे उन्हें लेके शहर शिफ्ट हो गए है

फिर क्या में वही मीरा माँ के खेत में बैठ कर ध्यान लगाने लगा क्यूंकि अब इन सबसे जरूरी था वह प्लान जो सूबा ने बनाया था हर दिन दिवाली का में सबसे पहले सूबा को त्रि नेत्र के मदद से ढूंढने लगा जिससे मुझे उसके लोकेशन के बारे में पता चल गया

लेकिन फिर मेने सोचा की इसके पाप के घड़े को पहले भरने देते है ये सोच कर में पुरे सहर को स्कैन करने लगा और सरे शहर में जहा भी मुझे रड़क्स के ट्रेसेस दीखते में उन सभी लोकेशंस की लिस्ट बनाने लगा

अब सरे टास्कस की लिस्ट तैयार थी मेरा प्लान तैयार था अब बस उसे एक्सेक्यूटे करना था और प्लान ये था की अब बस एक hi प्लान है अटैक

वही दूसरी तरफ

इस वक़्त लक्ष्मी अपने कमरे के बीएड पर आराम से सोइ हुई थी तोह उसकी नींद हराम करने उसकी माँ गयी और जब लक्ष्मी उठी तोह अचना कल रात का सरे सीन्स उसके दिमाग में किसी मूवी की तरह चलने लगे जिन्हे देख कर वह अचानक होश में आ गयी और सबसे पहली नज़र उसकी उसके सामने लगे मिरर में गयी जहा स. क्वीन उसे hi देख रही थी

लक्ष्मी :- (स. क्वीन से) क्या हुआ ऐसे क्या घर रही हो

स. क्वीन :- कुछ नहीं देख रहिबति की आपमें ऐसा क्या है जो उस आधे हिस्से ने आपको चुना था

लक्ष्मी :- क्या बोल रही हो तुम आज से पहले तोह तुमने ऐसे बात नहीं की थी तुमने

स. क्वीन :- में स. क्वीन हूँ महँ कार्नेज प्रजाति की क्वीन मेरे आधे हिस्से के तरह अब में भी आपके साथ जुड़ गयी हु लेकिन पूरी तरीके से नहीं

स. क्वीन के इतना बोलने के बाद लक्ष्मी के दिमाग की लाइट जाली और वह शॉकेड हो गयी

लक्ष्मी :- मतलब वह जैसें सुच बोल रहा था की उसने दोनों हिस्सों को जोड़ कर मेरे अंदर दाल दिए है लेकिन तुम ऐसे क्यों बोल रही हो की अभी पूरी तरीके से नहीं जुडी हो

स. क्वीन :- जब तक मेरे धारक का आदेश न हो तब तक मैं उससे पूरी तरह से नहीं जुड़ सकती

लक्ष्मी :- ठीक है तोह में तुम्हे आर्डर देती हूँ अपने आधे से जुड़ कर मेरे शरीर में समां जाओ

स. क्वीन :- हां बच्चों का खेल है जुड़ जाओ और समां जाओ सबसे पहले तुम्हे ध्यान लगाना होगा जिससे तुम अपनी शक्तियों को महसूस करके अपनी पूरी एकाग्रता से मुझे अपने अंदर सामने की आज्ञा दे सकोगी और अगर तुम ये सब करने बाद मेरी शक्तियों का तापमान सह गयी तोह तुम मुझे और मेरे आधे हिस्से को जोड़ने में सफल होगी

लक्ष्मी :- लेकिन मुझे ध्यान लगाना नहीं आता मेने अब तक कभी ध्यान नहीं लगाया

स. क्वीन :- ठीक है में तुम्हे सीखा दूंगी तुमने कभी योग या मैडिटेशन किआ है

लक्ष्मी :- हाँ बॉक्सिंग ट्रेनिंग के वक़्त खुद के फिजिकल और मेन्टल हेल्थ को बैलेंस करने के लिए हमे योग और मैडिटेशन सिखाया था

स. क्वीन :- चलो अच्छा है अब में जैसे बोलू वैसे करना

लक्ष्मी ठीक है

इतना बोलने के बाद शुरू हो गयी लक्ष्मी की ट्रेनिंग

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 162



अब लक्ष्मी की ट्रेनिंग के साथ साथ उसे स. क्वीन की साडी शक्तियों को काबू करना उनका उपयोग करना इसकी भी ट्रेनिंग कराइ जा रही थी साथ में hi स. क्वीन का एक हिस्सा मेरे अंदर समाया हुआ था जिससे मेरी कुछ ऊर्जा भी उसने सोख ली थी जिससे की अब लक्ष्मी के साथ hi में स. क्वीन की ऊर्जा भी बढ़ गयी थी

तोह वही दूसरी तरफ सूबा ने अपने सरे साथियों से (टेर्रोरिस्ट्स एंड डांस) कह कर पूर्व सहर में हड़कंप मचने का फैसला कर लिया था जैसे की टेररिस्ट अटैक बम ब्लास्ट ेट्स.

तोह वही अब में भी तैयार था एक्शन के लिए अगर में चाहता तोह सरे टेररिस्ट को एक सेकंड में hi ख़तम कर देता लेकिन उसमे मजा कहा आता इसीलिए मेने अब पूरी तयारी कर ली थी अटैक की और आज रात से मेरा मिशन भी स्टार्ट होने वाला था

ऐसे hi हर जगह से सरे टेर्रोरिस्ट्स एंड डांस के ादों को ख़तम करते हुए एक महीना कैसे बीत गया पता भी नहीं चला इस 1 महीने में बहुत कुछ हो गया था में खुद के hi शक्तियों के ऐसे ऐसे राज जान गया था जिनसे में अब तक अनजान था में जिसे अब तक शक्तियॉं का समुन्दर समझ रहा था वह असल में पुरे ब्रम्हांड के बराबर था ये जान कर अब मामूली इंसानों से n8patne के लिए शक्तियों का उसे करना मुझे इंसल्ट सा लगने लगा था इसलिए अब में किसी भी टेररिस्ट या गुंडे के लिए अपनी शक्तिया उसे नहीं करता था

तोह वही इस एक महीने में जैसे मेरा टाईमटेबल फिक्स हो गया था सुबह उठकर ध्यान लगाकर अपनी hi शक्तियों को अलग अलग तरीके से रिसर्च करना फिर कुछ देर खेतों बगीचों का काम देखना फिर अब दीदी के साथ सेक्स का खेल तोह जैसे आम बात हो गयी थी हर दिन जितना नेवली मैरिड कपल भी सेक्स नहीं करते होंगे उतना हम दोनों साथ में रहकर करते

इस बीच मेने एक बात जरूर नोटिसद की थी की दीदी हमेशा मुझ से कुछ कहना चाहती थी लेकिन कुछ सोच के वह शांत रह जाती और मेने भी इस पर ज्यादा जोर नहीं दिया

तोह वही अब मेरी और लक्ष्मी की बाते भी मोबाइल पे मस्सगे के द्वारा हर रोज hi हो जाया करती लेकिन अभी तक मेने मेरे जैसें वाले रूप के बारे में उसे कुछ नहीं बताया था तोह वही रात में मैं जैसें वाले रूप में आकर चल पड़ता सहर में सफाई करने जहा पर में सिर्फ अपनी तलवारों का hi उसे करता और सबको ख़तम कर के वापस आ जाता

तोह वही सूबा ने भी इन दिनों बहुत बार लक्ष्मी और उसके परिवार को मारने का तरय किया था लेकिन हर बार लक्ष्मी स. क्वीन बन कर उसके प्लान को चौपट कर देती और आगे वह कभी फस जाती तोह में तुरंत जैसें के रूप में उसकी मदद करने पहुंच जाता

जिससे अब में मेरे इंसानी रूप में लक्ष्मी का दोस्त बन कर उससे चैटिंग करता तोह वही जैसें वाले रूप में उसका साथी बन कर उसकी मदद करता और वह भी कभी कभी रात में मेरे साथ मिशन साफ़ सफाई में हाथ बताने आ जाती

इसी वजह से अब हम दोनों की बॉन्डिंग भी अछि बनाने लगी थी चाहे वह raj-lakshmi की हो या JASIEN-C. क्वीन की लक्ष्मी का घमंड भी अब ख़तम हो गया था लेकिन अपनी शक्तियों का अहंकार अभी भी उसको था जो की अछि बात भी थी क्योकि वह अहंकार hi उसे और ताकतवर बना रहा था

तोह वही सूबा भी अब तक बहुत से मायावी असुर और दैत्यों की सेना का आव्हान कर चूका था जिनकी मदद से वह मुझे और लक्ष्मी को हारने के सपने देख रहा था लेकिन ये उसके बस की बात नहीं थी इसीलिए तोह इतनी सेना इकठ्ठा करने के बाद भी वह सीधा हुम्ला करने की हिम्मत नहीं जूता प् रहा था

वही अब तक मेने और लक्ष्मी ने मिलकर अब तक बहुत से बुरे लोगों को मौत के घाट उतर दिया था जहा के सभी सबूतों का सफाया जैसें आराम से कर देता तोह लाशों का इंतज़ाम थे रीपर और उसकी सेना कर देते

ऐसे hi सब बिलकुल सही चल रहा था की आया वह समय जिधर से अब सही मायनों में मेरी परीक्षा चालू होने वाली थी और उसके लिए बचे थे केवल 24 घंटे

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आज के लिए इतना hi


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मानता हूँ दोस्तों की अपडेट बहुत छोटा है लेकिन नेक्स्ट अपडेट से में कुछ चंगेस करने वाला हु स्टोरी को स्पीड देने वाला हूँ मेरा मानना है की स्टोरी बहुत HI ज्यादा खींच गयी है इसीलिए अब में इसे इसके एन्ड की और ले जा रहा हूँ
 
अपडेट 163



ऐसे hi सब बिलकुल सही चल रहा था की आया वह समय जिधर से अब सही मायनों में मेरी परीक्षा चालू होने वाली थी और उसके लिए बचे थे केवल 24 घंटे

ात नाईट (स्टार्ट थे टाइमर फॉर 24 हॉर्स)

ात lakshmi's हाउस

इस वक़्त सभी डाइनिंग हॉल में बैठ कर दीनार कर रहे थे वह सब लोग लक्ष्मी के अंदर आये बदलविन से बहुत खुश थे उसके घमंड और गुस्से के काम होने से सभी शॉकेड और खुश दोनों थे जिससे सब लक्ष्मी की तारीफ़ कर रहे थे तोह ऐसे hi कुछ देर तक उनकी बाते होती रही फिर सब सोने चले गए और लक्ष्मी भी अपने कमरे में चली गयी उसके कमरे में जाते hi उसके बॉडी स. क्वीन का आर्मर आ गया

स. क्वीन :- मुझे असुरों की गंध आ रही है और साथ में hi रड़क्स की भी

लक्ष्मी :- ये असुर 1 दिन भी शांति से जीने नहीं देंगे चलो इनसे भी निपट लेंगे

इतने बोलके उसने अपनी खिड़की से निचे जम्प लगा दी और जैसे hi वह लैंड हुई तोह तुरंत hi उसके पैरों के निचे एक पोर्टल ओपन हो गया जिससे वह सीधा किसी अलग hi जगह पे टेलिपोर्ट हो गयी अभी वह अपने आस पास की जगह को एक्स्प्लोर कर hi रही थी की तभी उसके सामने 3 दैत्य और उनके साथ 30 असुर आ गए

दैत्य 1 :- आओ स. क्वीन हम तुम्हारा hi इंतज़ार कर रहे थे अब कहा बच के जाओगी

लक्ष्मी :- इंतज़ार तोह में तुम सबका कर रही थी आज तुम मेसे कोई नहीं बचेगा

दैत्य 2 :- ये बात तोह हमे पता है की आज तुम्हारे हाथों हम मरे जायेंगे लेकिन हम अकेले नहीं होंगे

दैत्य 3 :- हमने तुम्हारे घर के आस पास में इतना रड़क्स फ़ीट किया है की अगले 2 मिंट में तुम्हारा पूरा का पूरा इलाके का नामोनिशान गायब को जायेगा

लक्ष्मी :- Don't यू डरे

लक्ष्मी ने इतना बोलते hi अपने मैजिक से एक तलवार क्रिएट कर दी और उससे सभी असुरों को मारने लगी

डैरत्य 1 :- 30 सेकण्ड्स ख़तम हो गए हैं जल्दी करो लक्ष्मी

उनकी बाते लक्ष्मी को और गुस्सा दिलाने का काम कर रहे थी जिससे उसके अटैक्स और भी तेज़ और पावरफुल हो गए

दैत्य 2 :- 1 मिंट ख़तम हो गया लक्ष्मी अभी भी तुमने सिर्फ 25 असुरों को मारा है अभी 5 असुर और हम तीन बाकि है

दैत्य 2 की बात सुन कर अचानक से लक्ष्मी ने अपने तलवार जैसे hi एक तलवार और क्रिएट कर दी और अब उसके दोनों हाथों में तलवारे थी जिससे उसने एक hi झटके में बाकि 5चोन की भी गर्दन काट दी थी

दैत्य 1 :- अरे में भूल hi गया कुछ और मेहमान इस समारोह में शामिल होना चाहते है

इतना बोल के उसने अपना राइट हैंड को ऊपर उठा दिया जिससे उसके हाथ से तुरंत hi काली रेज़ निकली और जहा पहले 30 असुरों की लाशे थी वही अब वह 90 जिन्दा असुर थे

दैत्य 1 :- क्या हुआ लक्ष्मी अब तुम्हारे पास केवल 50 सेकण्ड्स बाकि है अपने परिवार को बचने के लिए

जब लक्ष्मी ने सामने कड़ी आसुरी सेना को देखा और दैत्य 1 की बात सुनी तोह जैसे उसके पैरो के निचे से जमीं hi खिसक गयी वह उसी जगह आशय मनुष्य की तरह वही बैठ गयी और अपनी आखे बंद करके भगवन से प्राथना करने लगी हो वही लक्ष्मी को ऐसे आशय देखके वह सरे असुर और दैत्य है रहे थे

वही दूसरी तरफ कुछ देर पहले

में अभी अपने रूम में बैठे हुए आगे की प्लानिंग कर रहा था की तभी मेरे सेंसेस ने कुछ गड़बड़ महसूस की जिसके तुरंत बाद मेने अपने त्रि नेत्र को जागृत करके उस गड़बड़ के स्त्रोत को ढूंढना शुरू कर दिया तोह मुझे लक्ष्मी के घर की तस्वीर दिखने लगी और जब मेने अपने दिमाग पर और जोर लगाया तोह मुझे उसके घर के पास में hi फिट किये हुए रड़क्स का भी पता गया

जिससे मेने तुरंत hi जैसें का रूप धारण करके लक्ष्मी के घर की तरफ चल पड़ा जहा जाते hi मेने सबसे पहले मेने उस सभी रड़क्स को अपने कब्जे में ले लिया और फिर ध्यान लगाकर मेने लक्ष्मी की लोकेशन को भी पता कर लिया और वह टेलिपोर्ट हो गया जैसे hi में उस जगह पंहुचा तोह वह का नज़ारा देखके तोह दिमाग hi सन्न रह गया वह पर लक्ष्मी 3 दैत्यों से लड़ रही थी तोह वही स. क्वीन की तरह hi देखने वाले कुछ 300 के आस पास लोग वह असुरों की सेना से लड़ रहे थे

अभी में ये सब देख रहा था की तभी मेरा ध्यान लक्ष्मी की तरफ गया जो की 2 दैत्यों से एक साथ लड़ने में बिजी थी तोह वही इसी बात का फायदा उठके एक दैत्य ने लक्ष्मी पर पीछे से वार करने वाला था की तभी में बिच में कूद गया

में :- एक तोह 3 दैत्य मिलके 1 से लड़ रहे हो और उसके बाद पीछे से वार भी कर रहे हो कितने कायर हो तुम लोग

जब उन दैत्यों ने मुझे देखा तोह उनकी आखों में दर दिख रहा था लेकिन फिर भी उन्होंने वार करना रोका नहीं तोह वही जब लक्ष्मी ने मुझे देखा तोह उसके चेहरे पे मुस्कान सी च गयी

लक्ष्मी (टॉन्ट के स्टाइल में) :- आज लेट हो गया तुम्हे

में :- है के करे तुम तोह यहाँ पार्टी करने में बिजी हो वह ऊपर तुम्हारे परिवार को बचने में थोड़ा लेट हो गया

जब लक्ष्मी ने अपने परिवार के ठीक होने के बारे में सुना तोह ऐसे लगा जैसे उसके सर से बड़ा टेंशन निकल गया हो

इन्ही सब बातों के बिच में हम दोनों ने मिलके उन तीनो दैत्यों को ख़तम कर दिया था

में :- वैसे ये नए मेहमान कोण है

लक्ष्मी :- ये मेरी सेना है कार्नेज आर्मी है जब में हिम्मत हार के भगवन से प्राथना कर रही थी तब ये जमीं के अंदर से बहार निकले

में :- ाचा मतलब अब तुम इस दुनिया पे राज करने में ज्यादा समय नहीं लगाओगी करेक्ट

लक्ष्मी :- no अगर पुराणी लक्ष्मी होती तोह जरूर यही करती लेकिन इस एक महीने में तुम्हारे साथ इन असुर दैत्यों से और साथ में बुरे लोगों से लड़ते हुए में इतना तोह समझ गयी की जितनी ज्यादा शक्ति शाली हम है उससे कई ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी है हम पर

में :- गुड चलो अब तुम अपनी सेना से बाते करो में चलता हूँ

इतना बोलके में वह टेलिपोर्ट हो गया और अपने रूम में पहुंच गया जैसे hi में अपने रूम में पंहुचा तोह तुरंत hi मेरे फ़ोन की रिंगटोन बजी जिसे देख कर मेरे होठो पैर मुस्कान सी च गयी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 164



इतना बोलके में वह टेलिपोर्ट हो गया और अपने रूम में पहुंच गया जैसे hi में अपने रूम में पंहुचा तोह तुरंत hi मेरे फ़ोन की रिंगटोन बजी जिसे देख कर मेरे होठो पैर मुस्कान सी च गयी

क्यूंकि ये लक्ष्मज का hi मश्ग आया था

लक्ष्मी :- hi राज पता है आज में बहुत खुश हु

में :- क्यों क्या हुआ फिर से किसी बॉक्सिंग मैथ में मैडल जित लिया क्या

लक्ष्मी :- कुछ ऐसा hi समझो

ऐसे hi थोड़ी देर तक हम बात करते रहे जिसके बाद में अपने कमरे से बहार निकल के कीकतें में चला गया और जब में वापस आ रहा था की तभी मेरा ध्यान दीदी के कमरे की तरफ गया

वही दूसरी तरफ लक्ष्मी के रूम में

जब लक्ष्मी और मेरी चैटिंग ख़तम हो गयी तोह उसके बाद वह सोने लगी लेकिन आज के दिन की साडी बाते याद काने लगी जिसे याद करते हुए उसके चेहरे पे एक अजीब मुस्कान च गयी और वह मंद मंद hi मुस्कुराने लगी

स. क्वीन :- क्या बात है लक्ष्मी आज बड़ा मुस्कुरा रही हो तुम

लक्ष्मी :- क्या कह रही हो तुम साफ़ साफ़ बोलो

स. क्वीन :- यही की जबसे तुम्हारे साथ जुडी हु तब से तुम्हे ऐसे मुस्कुराते हुए नहीं देखा कही तुम्हे प्यार तोह नहीं हुआ

स. क्वीन की बात सुनकर लक्ष्मी हलके से शर्माने लगी

लक्ष्मी :- (शरमाते हुए) नहीं ऐसा कुछ नहीं है

स. क्वीन :- तुम्हे पता है न की तुम मेरे से झूठ नहीं बोल सकती में तुम्हारे मन के अंदर झांक कर सब सच पता कर लुंगी

लक्ष्मी :- नहीं ऐसा कुछ नहीं है बस में कन्फ्यूज्ड हूँ

स. क्वीन :- कन्फ्यूज्ड क्यों

लक्ष्मी :- मुझे समझ नहीं आ रहा की ये प्यार है या अट्रैक्शन

स. क्वीन :- देखो अब में कन्फ्यूज्ड हो रही हु मेने तुम्हे प्रॉमिस किआ था इसीलिए अब तक कभी भी में तुम्हारे मन से नहीं जुडी लेकिन आज में वह प्रॉमिस तोड़ रही हु

स. क्वीन के इतने बोलते hi उसका शरीर चमकने लगा और फिर जल्द hi नार्मल भी हो गया

स. क्वीन :- ाचा तोह मेरा शक सही था तुम्हारे मन में भी प्रेम का जनम हो गया है और वह भी 2 लोगों के लिए

लक्ष्मी :- मुझे समझ नहीं आ रहा है की में क्या करू जब राज के साथ होती हूँ तोह ऐसा लगता है जैसे की समय वही थम जाये और हम दोनों ऐसे hi बाते करते रहे और जब जैसें के साथ बोटी हूँ तोह ऐसे लगता है की अब चाहे कोई भी आ जाये लेकिन मुझे वह छू भी नहीं पायेगा तुम इसमें मेरी हेल्प कर सकती हो क्यूंकि तुम्हारा आधा हिस्सा तोह जैसें के साथ था तोह तुम्हे तोह पता होगा की वह रियल में कोण है

स. क्वीन :- नहीं जब में तुमसे पूरी तरह से जुडी थी तोह मेरे पुराने मालिक से जुडी हुई साडी यादे भी मिट गयी थी और वैसे भी अगर तुम्हे चुनाव करना है ये तोह आसान है अगर दोनों मेसे एक का चुनाव करना है तोह पहले ये देखो की किसके साथ होने से तुम्हे सबसे ज्यादा ाचा लगता है अपने आप से पूछो तुम्हे जवाब मिल जायेगा

स. क्वीन की बात सुनने के बाद लक्ष्मी उसके बताये जैसे hi अपनी यादों में गम हो जाती है और उन यादों को याद करके मुस्कुराने लगती है

तोह वही दूसरी तरफ

इस वक़्त सूबा एक गोडावण में बैठा स. क्वीन को काबू करने का कोई और प्लान सोच रहा था की तभी उस गोडावण के बहार से उसे एक भयानक विस्फोट की आवाज सुनाई देती है जिसे सुनकर वह और उसके सरे असुर चमचे बहार की तरफ चल पड़े जब वह बहार पहुंचे तोह उनके सामने मर. नेगेटिव खड़ा था जिसे देख कर सूबा के चेहरे पर मुस्कान आ गयी

सूबा :- मालिक की जय हो ाचा हुआ आप आ गए मालिक अब हम उस स. क्वीन को अपने काबू में ले पाएंगे.

मर. नेगेटिव :- में पटल लोक से सब देख रहा था तुम्हारी मूर्खता की वजह से हमारी आधी आसुरी सेना का खत्म हो गया और अब तोह कार्नेज सेना भी आजाद हो गयी है अभी हमे बल से नहीं बल्कि चल से काम करना होगा

सूबा :- मतलब क्या है आपका

मर. नेगेटिव :- मेने तुमसे कहा था मायावी शक्तियों का इस्तेमाल मत करना लेकिन तुम बार बार अपनी आसुरी सेना दैत्य का इस्तेमाल कर रहे थे ऊपर से अपनी म्यावी विद्याओं का भी इस्तेमाल कर रहे हो

सूबा :- माफ़ी मालिक लेकिन अब हम क्या करे

मर. नेगेटिव :- अभी हम सीधा हुम्ला करेंगे वह भी उस स. क्वीन के कमजोरी पर उसके परिवार पर

सूबा :- ये मेने भी किया था लेकिन जब भी में कुछ करने की कोशिश करता हूँ न जाने उस लड़के को कैसे पता चल जाता है मेने इस 1 महीने बहुत बार उस स. क्वीन को मरने की कगार तक ले गया था लेकिन वह लड़का हर बार बिच में आ जाता है

मर. नेगेटिव :- जरूर उसने अपने सेंसेस को स्ट्रांग किआ होगा उसकी शक्तिया उसकी कमजोरी उसके बारे में हमे कुछ नहीं पता जो उसे और भी ज्यादा खतरनाक बना देती है इसीलिए महामहिम ने मुझे एक खाश अस्त्र दिया है जो उसे ख़तम करने की ताकत रखता है अगर ख़तम नहीं कर पाया तोह भी उसकी साडी शक्तिया सोख लेगा लेकिन उसके लिए हमे उसे अँधेरे की दुनिया में लेके जाना होगा

सूबा :- जो आज्ञा मालिक

वही दूसरी तरफ

अभी में लक्ष्मी के साथ बात कर के अपना मोबाइल साइड में रख के सोने लगा hi था की तभी मेरे कमरे की खिड़की अचानक खुल गयी जिसकी आवाज से मेरी नींद खुल गयी और जब मेने उठके देखा तोह वह काल खड़े थे

में :- क्या बात है काल आप यहाँ अचानक कैसे

काल :- बात hi ऐसी है राज असुरों ने तुम्हे रोकने के लिए शक्ति अस्त्र का आव्हान किया है

में :- तोह इसमें परेशां होने की बात क्या है वह अस्त्र सिर्फ मुझे बांध सकता है मार नहीं सकता ये तोह आप भी जानते हो

काल :- है वह अस्त्र तुम्हे मार नहीं पायेगा लेकिन तुम्हे इतना कमजोर जरूर कर देगा की कोई भी तुम्हे कैद कर सके

में :- आप चिंता मत कीजिये में सब संभल लूंगा

काल :- अपना ध्यान रखना राज

इतना बोलके वह चले गए उनके जाने के बाद में इस अस्त्र के बारे में सोचने लगा जिस वजह से मुझे प्यास लगने लगी थी जिस वजह से में अपने कमरे से बहार निकल के कीकतें में चला गया और जब में पानी पाइक वापस आ रहा था की तभी मेरा ध्यान दीदी के कमरे की तरफ गया

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आज के लिए इतना hi


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