Apne Pyaare rishte - Page 4 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 24

वही घर में

में अभी अपने रूम में बैठा था की तभी मेरा फ़ोन विबरते हुआ तोह मैंने देखा की मेरे इंस्टा पर 11 फ्रेंड रिक्वेस्ट आये है 10 तोह फॅमिली hi थे जिन्हे मैंने तुरंत hi एक्सेप्ट कर लिया लेकिन आखिरी वाला किसी अननोन गर्ल का था रोमा नाम से खैर मेने उसे भी एक्सेप्ट कर लिया

अभी में फ़ोन साइड में रख के दीदी का इंतज़ार कर hi रहा था की फिर एक बार मेरा फ़ोन विबरते हुआ मेने देखा तोह उसी रोमा मश्ग था मेने उसे इग्नोर कर दिया लेकिन फिर से उसका मश्ग आया

रोमा :- थैंक्स फॉर अक्सेप्टिंग माय फ्रेंड रिक्वेस्ट

रोमा :- क्या हुआ इतनी जल्दी सो गए क्या

मैं :- hello हु अरे यू में तोह आपको नहीं जनता तोह आपके पास मेरा नंबर कहा से आया

रोमा :- तुम क्या दुभू हो क्या इंस्टा पर बात करने के लिए नंबर की क्या जरुरत उसके लिए तोह बस फ्रेंड्स होना चाहिए

मैं :- लेकिन में तोह आज तक किसी रोमा नाम की लड़की से नहीं मिला तोह आप और में दोस्त कैसे.

रोमा :- तुमने hi तोह मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट की तभी हम लोग दोस्त बन गए

में :- ओह्ह है याद आया कल दी ने बताया था

रोमा :- दी ने बताया मतलब

मैं :- मतलब मुझे कल तक ऐसे किसी अप्प में लॉगिन करते है ये भी पता नहीं था

रोमा :- क्या तुम इसी ज़माने के हो न

मैं :- हां

रोमा :- तुम किधर तक पढ़े हो

मैं :- अपने कमरे से लेके स्कूल के गेट तक पढ़ा हु

रोमा :- नॉट फनी मेरा मतलब तुम किस स्टैण्डर्ड में हो

में :- तोह ऐसा बोलिये न फिर में अभी 12तह की एग्जाम दी है रिजल्ट का इंतज़ार है

रोमा :- और तुम्हे इंस्टा के बारे में पता नहीं

मैं :- नहीं अभी 2 दिन पहले hi फ़ोन लिया है न धीर धीरे सब सिख लूंगा

रोमा :- ठीक है राज वैसे तुम रहते कहा हो

मैं :- घर में

रोमा :- तुम सीधे मुँह बात क्यों नहीं करते

मैं :- चलो रात बहुत हो गयी है सो जाओ bye गुड नाईट

रोमा :- अभी सिर्फ 10 बजे है क्या गूग नाईट

लेकिन तब तक में फ़ोन साइड में रख के बाथरूम में फ्रेश होने चला गया था

जब में बाथरूम से वापस आया तोह दांग hi रह गया दीदी एक निघ्त्य पहनकर बैठी थी जिसमे से उनके बूब्स की गहराई साफ़ दिख रही थी

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जिससे देख कर में 2 मं के लिए तोह दांग hi रह गया लेकिन a0ne आप पर तुरंत कण्ट्रोल प् लिया और बीएड पे लेत गया

दीदी :- क्या हुआ भाई आज बाटे नहीं करनी तुझे

में :- नहीं दीदी आज बड़ा बड़ा थका थका सा लग रहा है

दीदी :-(नॉटी मुस्कान के साथ) ऐसा क्या किया भाई आज जो थका हुआ लग रहा है

में :- वही हमेशा का रूटीन लेकिन पता नहीं आज बहुत थका सा लग रहा है चलो सो जाते है (असल बात ये है की आज दुपहर में देखे हुए सन की वजह से राज सोच रहा था की कोई भाई बहन भी ऐसा कर सकते है या नहीं और आज जब उसने दीदी को इतनी सेक्सी निघ्त्य में देखा तोह उसके सामने वो सन पुनः घूम गया)

में (मन में) :- में कितना बड़ा पापी हु a0ni hi बहन के बारे में ऐसा सोच रहा हु वह इतना भरोसा करती है और में हु की

कल तोह बड़ी बड़ी बाटे कर रहा था और आज अपनी hi बहन पर नियत ख़राब कर रहा है (ये सोच के मेरी आखों में ासु आ जाते है)

दीदी :- भाई

में (खुद को सँभालते हुए) :-हम्म्म्म

दीदी :- क्या हुआ तू बोल क्यों नहीं रहा है

में :- (झूठी मुस्कान के साथ) :- नहीं दीदी ऐसा कुछ नहीं है

दीदी :- ाचा तोह तू इतना शांत क्यों है

में :- बोलै न आज बहुत थका थका सा लग रहा है

दीदी :- तेरी तबियत तोह ठीक है न

में :- है सब ठीक है वह कल दुपहर से प्रतियोगिता शुरू होने वाली है न उसी के बारे में सोच रहा था खैर चलिए सो जाते है

दीदी :- ठीक है चलिए

फिर हम दोनों सो जाते है

वही नाना नानी के घर में

मां ममी के रूम में

सब सुनने के बाद सब लोग बस आश्चर्य चकित थे की उनका मां इतना गिर कैसे गया

मौसी :- लेकिन उन्होंने ऐसा क्यों किया

मां :- बदला

ममी :- किस बात का बदला

मां :- उनके सेल की शादी रजनी दी से होने वाली थी लेकिन रजनी दी को रणवीर पसंद आ गया तोह उन्होंने ने उनसे शादी की बात की भले hi हम सूर्यगढ़ के शाही घराने से हो लेकिन फिर भी शेरगढ़ के सामने हम कुछ भी नहीं इसीलिए माँ पापा भी इस शादी के लिए मान गए लेकिन इससे मां (मां के मां) की उनके ससुराल में बड़ी बदनामी हुई जिस का बदला उन्होंने ऐसे लिया

स. मां :- में सोच भी नहीं सकता वह ऐसा करेंगे

मौसी :- लेकिन ये बात तुम्हे कैसे पता चली

मां :- कुछ दिन पहले उन्होंने खुद बताई

C.mama ;- कुछ दिन पहले कब

मां :- जब वह आखरी ससे ले रहे थे तब

मौसी :- तुम लोग भी पागल हो इतना कुछ हो गया और उसके बाद ऐसे hi मुँह उठके चले गए वह क्यों तुम्हारे साथ आता तुम्हे एक मां का स्थान देता पहले तुम्हे उससे बात करनी चाहिए थी उसके परिवार से बात करनी चाहिए थी लेकिन तुम तोह सीधा ऐसे उनके घर घुसे जैसे की तुम उनके लिए कोई खास हो है बोलो तुम्हे पहले उसकी नाराज़गी दूर करने होगी

ममी :- है अपने सही कहा

स. मां :- है भाभी दीदी ने सही कहा

वही भीमा के घर पर

जैसे जैसे भीमा बोल रहा था वैसे वैसे उसकी आखे बड़ी हो रही थी अब तक भीमा ने उसे मेरा नाम नहीं बताया था लेकिन वह शॉक में इसीलिए थे की जो 10 पहलवान शिवा के साथ थे उन्हें अब तक कोई 1व्1 में भी नहीं हरा पाया था और यहाँ मैंने 1व्10 में सबको हॉस्पिटल पंहुचा दिया

रखा (शिवा से) :- तेरे को कितनी बार बोलै है की अपने ताकत पे घमंड न कर जिस दिन किसी बहादुर से टकरा गया पूरा घमंड चकनाचूर हो जायेगा (भीमा से) भाई कोण है वह बहादुर जिसने अकेले उन 10 लोगों के साथ साथ इसका घमंड भी चकनाचूर कर दिया

भीमा:- उनका नाम राज है गांव उन्हें छोटे मालिक के नाम से जानता है

वह खड़े सब का तोह मनो काटो तोह खून नहीं

रखा :- क्या ठाकुर साहब को पता है

भीमा :- है

अभी कोई कुछ और बोलता की तभी शिवा चीख उठता है

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आज के लिए इतना hi

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अपडेट 25

Bhima ke ghar

Abhi koi kuch aur bolta ki tabhi shiva chikh uthta hai

Shiva :- sheraaaaaa

Hua yu ki jab sab log shiva ko dat rahe the ki tabbi shiva ki nazar behose pade shera pe

Sab shiva ki chikh sunke jab shera baitha waha gayi jab shera ko dekha toh uske muh se jhag aur naak se khoon nikal raha tha jise dekh ke waha khade sab jan turant shera ke aur daude

Raka aur bhima ne use utha kar raka ki jeep me piche ki or bitha dete hai aur sangram uske sath piche baithta hai aur raka aur bhima aage ki or

Bhima :- shiva tu ghar pe hi ruk aur thakur sahab ko phone laga unhe R.V. hospital bula le na aur tu idhar hi rukna

Raka(gadi start karte hue) :- aur koi gadbad lage toh turant mujhe phone lagana

Shiva :- ji papa

Wahi ghar ki aurte log shera ki maa ko santvana de rahe the

Wahi raat ko me soya hua tha ki achanak mujhe pyaas lagne lagi jab me apne side table pr dekha toh jug ka pani bhi khatam ho gaya tha

Toh me pani pine kitchen ki taraf jane laga tabhi mere kano me telephone ke ghanti ki aawaj sunayi dene lagi

Jab me ne phone uthaya toh waha se shiva waha ka sara haal suna raha tha usne ye tak nahi pucha ki phone kisne uthaya jis wajah se dadaji ka sandesh mujhe mil gaya

Mene bina ek bhi shabd bole wahi table pe rakhe news paper ke blank side me sab likh kar apni gadi uthali jo dadi ne gift di thi aur use full speed me bhagadi kyon ki gav me is time sirf jaanwar hi raston par rahte hai

Wahi kaka bhi shera ko leke hospital pahuch gaye

Kaka :- doctor doctor jaldi ise dekho kya hua hai

Doctor :- ye kya isne toh jahar khaya hai ye sucide case hai pehle form fill kijiye phir hi hum inhe hath lagayenge

Kaka(rote hue) :- lekin ye mar jayega please me sab form fill kar dunga iska upchaar suru karwa dijiye

Doctor :- dekhiye hum kuch nahi kar sakte

Kaise nahi kar sakte karna padega

Abhi koi kuch bolte ki tabhi waha ek sansanati aawaj gunj uthi

Jab sabne us aawaj ka picha kiya toh waha me khada tha mujhe dekhkar sabki najre niche ho gayi shiwaye raka ke kyon ki wo mujhe nahi jaanta tha

Phir me waha se chhal te hue shera ke pass gya jab mene uska hath pakda toh mere dimag me achanak kuch tasveere aa gayi shurwat ki tasveere dekh kar jaha mujhe gussa aane laga wahi last ki tasweer dekhke mene apna dimag shant kiya aur sir uthake doctor se bola

Me :- jaldi se jaldi inka upchaar shuru karo ye humare pariwaar ka hi hissa hai ise kuch hona matlab humare pariwaar ka kisi sadasya ko kuch hone barabar hai aur (doctor ki color pakadte hue) agar ise kuch ho gaya jisme teri galti hui toh soch lene kya anjaam hoga

Mujhe dekhkar hi jaha doctor ko 440 walt ke jhatke se kam nahi tha wahi mera ye roop dekhke uski toh phatke 44 ho gayi

Doctor(darte hue) :- ward boy ward boy patient ko O.T. me shift karo jaldi

Jaise shera ka treatment shuru hua me bhi waha se jane laga

Me :- kaka jo bhi jarurat ho turant mujhe phone karna mera number toh hoga hi me thodi der me aa jaunga (sangram se) bhaiya aap kuch lath bajon ke sath apne ghar ki taraf jaiye aap sab yaha ho kahi waha kuch anarth na ho jaye ye mere car ki chabi ise le jaiye 5 min me pahuch jaoge chaliye abhi

Uske baad me aur sangram dono hi bahar chale gaye

Bahar jate hi maine sangram bhaiya ko gadi me bithake unhe ghr ki taraf bhej diya

Me (chila ke) :- mujhe pata hai tum sab yahi kahi ho chup chap bahar aa jao nahi toh anjaam bura hoga

Mere bolne ke 2 min tak koi kuch nahi bola lekin thodi der baad hi 10 body builder type log jinki unchahyi 7feet se jyada hi hogi woh sab haath me hathiyar liye hue mere samne khade ho gaye

Me :- mujhe pata hai aap sab ko dada ji ne mere piche meri suraksha ke liye bheja hai lekin aaj aapki jarurat yaha nahi bhima kaka ke ghar pe hai isiliye me aapka raj kumar hone ke nate aapko turant waha janeka hukum deta hu

Unmese 1 :- lekin malik.

Me :- dadaji se me baat kar lunga tum sab abhi ke abhi niklo jao

Meri baat sunke sab ke sab hospital ke parking me khadi pani bikes uthake chal diye bhima kaka ke ghar ki or

Phir me waha bina ruke sidha hospital ke piche wale jungle me ghus gaya

Wahi mere jane ke baad hospital me

Raka jo abhi tak shock me tha

Raka :- bhima kon tha ye ladka kapdon se ton mamuli kisaan lag raha tha

Bhima kaka bhi mere aane se aur ilaz shuru hone se jaha thode tension free ho gaye the

Bhima (muskurate hue) :- bhaiya kabhi bhi kapdon se kisi ke aukat ka pata nahi chalta ye baat is gav ke kai log jo apni daulat aur takat ke ghamand me chur ho gaye the unhone maan li hai aur unka ghamnd todne ke piche ye hi ladka tha

Raka :- matlab

Bhima :- aapne pucha tha na ghar pe kisne aapke bete ka ghamand toda ye wahi hai

Raka (darte hue) :- ch…. Chote ma… malik

Bhima :- ji

Wahi jungle me

Shera ka hath pakadte hi mere dimag me jo aakhri tasweer aaye thi wo isi jungle ki thi aur is jungle me aane ke baad me ek jadi buti dhoondhne laga jo jahar ke asar ko kaat sake jiske bare me mujhe mere dimag me aane wali 2ri tasweer ne bataya

Jab me jungle me jadi buti dhoondh raha tha lekin wo mil hi nahi rahi thi me buri tarike se frustrated ho gaya tha kyonki me lagbhag 1 ghante se jungle me sirf yaha se waha ghum raha tha lekin woh mujhe mil hi nahi raha tha abhi me yaha se waha ghoom hi raha tha ki tabhi mujhe 1 sher mere taraf aate dikha jo ki shayad narbhakshi(नर-भक्षी man eater) tha usne jab mujhe dekha toh mujhe marne ke liye mere uper kud pada lekin jaise hi woh kuda mene apni aankhe band karke slow mode on kar diya jisse wo ab mujhe ek dum slow dikh raha tha jaise woh jump marke nahi udke mere pass aa raha tha jab mene use slow me dekha toh turant hi pass padi nukili lakadi utha ke uske gale me utar di jisse wo wahi hawa me hi mar gaya

Jaise hi wo mara mere kano me ek ajib si aawaj aayi jo insaano jaisi hi thi lekin thodi alag thi insaano se jyada tej aur aisi ki sunne wale ki kano se hi khoon nikal aaye

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Aaj ke liye itna hi


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अपडेट 26



भीमा का घर

अभी सब को गए कुछ ½ घंटा hi हुआ था की अचानक शिवा को घर की झाड़ियों में कुछ हलचल का आभास हुआ जिससे पहले तोह उसने इग्नोर कर दिया लेकिन जब दूसरी बार उसे वही आभास हुआ तोह वो चौकन्ना हो गया और अपने कमरे में जाकर अपनी गन निकाल ली और साडी लेडीज को भी एक कमरे में लॉक कर दिया जिससे कोई खतरा न हो

उसके बाद चाट पर गया तोह उसने देखा की कुल 20-25 लोगों ने उसके घर को घेरना शुरू कर दिया है तोह उसने उसी वक़्त अपने चाचा को फ़ोन मिला दिया लेकिन उसकी फूटी किस्मत उसके फ़ोन में सिग्नल hi नहीं था तोह उसने गुस्से में फ़ोन को वही फेक के वापस निचे आगया और निचे आके

उसने सबसे पहले घर में जो भी हथियार थे सब एक जगह इकठे किये जैसे छुरी तलवार डम्बल्स लोहे की रोड सब एक जगह लेके अपनी गन अनलॉक ककरके दरवाजे की और निशाना लगा के बैठ गया

अभी वह पूरी तयारी से सामने वाले का इंतज़ार कर hi रहा था की उसे एक के बाद एक गोलियों की साउंड्स आने लगी

वही मेरे हुकुम देने के बाद सरे गार्ड्स जंगल के रास्तो से अपनी बाइक भागके 5 मं के अंदर भीमा के घर पहुंच गए जब वह वह पहुंचे तोह उन्होंने देखा की भीमा की घर पर पहले से hi हुम्ला शुरू हो गया है 20-25 लोग हाथो में हथियार लिए घर की तरफ बढ़ रहे है तोह उन्होंने भी बिना समय गवाए अपनी बदुँके उनपर तन दी और एक एक करके सबको इस अँधेरी रात में हमेशा के लिए सुला दिया

जब सब शांत हुआ तोह वह गार्ड्स अब घर की तरफ बढ़ने लगे तभी किसी गाड़ी के इमरजेंसी बरअक्स की आवाज आयी जिससे वह सब चौकन्ना हो गए और अपनी गन्स को रीलोड कर उस और बढ़ गए

जब सरे गार्ड उस और पहुंचे तोह देखा सामने देखा की संग्राम अकेला hi 5 लोगो से लड़ रहे थे तोह उन गार्ड्स में से 2 लोग संग्राम की हेल्प के लिए कूद पड़े जब संग्राम ने उनकी और देखा तोह वह उन्हें पहचान गया और फिर 3no ने उन पांचों को ख़तम कर दिया

जब सब ख़तम हो गए तोह मेरे गार्ड्स वापस झाड़ियों में चुप गए.

फिर संग्राम अपने घर की और बढ़ा जैसे hi उसने दरवाजे को ढाका दिया वैसे hi दरवाजा खुल गया

दरवाजा खुलते hi एक गोली आके सीधा उसके कंडे को छू के निकल गई

संग्राम :- अह्ह्ह्हह

जैसे hi शिवा ने संग्राम की और देखा तोह इसे अपनी गलती का आभास हो गया

शिवा :- माफ़ कर दो भाई गलती हो गयी

संग्राम :- वह सब छोड़ हमे तुरंत निकलना होगा और भी लोग आ सकते है जल्दी चल

शिवा :- है भैया

फिर शिवा तुरंत जेक साडी लेडीज़ को बहार निकलता है

संग्राम :- शिवा ये ले बहार एक कार कड़ी है तू चला लेगा न

शिवा :- जी भाई

फिर सब घर के बहार आते है पहले तोह गाड़ी देखके शॉक हो जाते है फिर जब संग्राम उन्हें सब बताता है तोह वह तुरंत गाड़ी में बैठके निकल पड़ते है हॉस्पिटल की और

वही जंगल में

जैसे hi वो शेर मारा मेरे कानो में एक अजीब सी आवाज आयी जो इंसानो जैसी hi थी लेकिन थोड़ी अलग थी इंसानो से ज्यादा तेज और ऐसी की सुनने वाले की कानो से hi खून निकल आये

आवाज :- पहला शिकार मुबारक हो राज

में :- कोण है सामने आओ

आवाज :- अभी आया

उसके इतने बोलते hi मेरे गले का लॉकेट चमकने लगा और उस मेसे 1 रौशनी निकली जो मेरे सामने वाली जमीं पर गिरनी लगी धीरे धीरे उसने 1 इंसानी रूप लेना शुरू किया जब लॉकेट चमकना शांत हुआ तोह सामने एक इंसान खड़ा था

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वो कुछ इस तरह दीखता था

में :- कोण हो तुम

आदमी :- में तुम्हारा गाइड हु

में :- मतलब

ग :- में तुम्हे अपनी शक्तियों पर तुम्हारे अस्त्रों की शक्तियों पर और तुम्हारे क्रोध पर काबू कैसे करना है सिखाऊंगा

में :- ये सब छोड़ो अगर तुम मेरी मदद hi करना चाहते हो तोह बताओ में जो ढूंढ रहा हु वह कहा मिलेगा

ग :- तुम्हारे अंदर पूरा संसार है में तोह केवल इस लॉकेट की शक्ति हु तुम खुद शक्तियों का समुन्दर हो ध्यान लगाओ

में :- मेरे पास समय….

ग (मेरी बात को बिच में hi रोकते हुए) :- ध्यान लगाओ तभी जवाब मिलेगा

अब मेरे पास उसकी बात सुनने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था तोह में वही ध्यान लगाने बैठ गया

अभी में बैठा hi था की तभी मेरे से कुछ दुरी पर hi एक साथ 4 नर भकसी वह आ गए जिन्हे देख कर में डरने लगा अगर एक होता तोह में संभल भी लेता लेकिन ये 4 थे मेने स्लो मोड ओपन करने का तरय किया लेकिन सक्सेस नहीं हुआ

में (आदमी से) :- अब में क्या करू

ग :- बस अपने मन को एकाग्र करो. और ये सोचो की तुम्हे आज इन चारो को मारकर जिन्दा घर बापिस जाना है. और अपना ध्यान भटकने मत देना.

अपना सारा ध्यान अपनी तिरदये पैर केंद्रित करो. और फिर देखो क्या होता है.

ये सब सुनकर मुझे लग रहा था की में पागल हो गया हु. अपनी मौत को dekhkar.mujhe कुछ भी समाज में नहीं आरहा था की में क्या करू और क्या नहीं.

ग :- तुम बिचलित क्यों हो रहे हो. जैसा मैंने कहा है बैसा करो. और जल्दी करो क्यूंकि वो अब तुम्हारी ओरे बढ़ने लगे है.

ये सब सुनकर मुझे लगा अगर आज मरना तय है तो कोई नहीं रोक सकता. और अगर मेरा जीना तय है तो उसे भी कोई नहीं रोक सकता. इसलिए मैंने तय किया की अब जैसा वह कहेगा में वैसा hi करूँगा क्यों की मुझे पिछले कुछ दिनों में मुझे ये लगता था की ये सब उस पोशनस की वजह से हो रहा है फिर जब लॉकेट चमकते देखा तोह लगा की ये सब लॉकेट की वजह से हो रहा है लेकिन आज इस लॉकेट से निकला इंसान कह रहा था की ये सब में कर रहा हु

लेकिन सुच कहूं तोह अब मुझे दर लगने लगा था

मैं- जैसा आप कहे.

ये कहके मैं वही पैर पालथी मार कर बैठ गया. और अपना सारा ध्यान अपने ललाट के बीचो बीच केंद्रित करने लगा. और मन में ॐ का उच्चारण करने लगा. में अब सब कुछ भूल गया था की में कहा हु. और मेरे आस पास कोण है. मेरा सारा ध्यान बस अपनी थर्ड ऑय पैर था. हलाकि ये बहुत hi मुश्किल काम था. मेरा ध्यान भटक hi जाता था. लेकिन अब मेने मेरे मन में दृढ़ निश्चय था की आज में यहाँ से जिन्दा बापिस जाकर hi रहूँगा. फिर चाहे कुछ भी हो जाये. और उसी निश्चय की बजह से मैंने अपने मन को बिलकुल भी भटकने नहीं दिया. और थोड़ी hi देर में मुझे ऐसा आभास होने लगा था जैसे मेरी थर्ड ऑय ओपन हो रही है. में इस ऑय से देख भी रहा था. जब मुझे 3रद ऑय से देखने लगा तोह पाया की मेरे अस पास कोई भी बाघ नज़र नहीं आरहा था

में :- (ध्यान तोड़के) वो चारो कहा गए

ग :- वह सब मरे गए तुम्हारी पावर के मदद से मारा तुमने अब में चलता हु याद रखना जब भी जरुरत हो सच्चे मन से याद करना आ जाऊंगा इतना बोलके वह फिर से गायब हो गया

में :- ाचा है काम से काम ध्यान कैसे लगते है वह तोह पता चला अभी मुझे उन औषधि पर ध्यान लगाना होगा

ये सोच कर मेने अपनी आँखे वापस बंद करके उन औषधियों पर एकाग्र करने लगा और थोड़े hi देर में वह जड़ीबूटियां मिल भी गयी में तुरंत उनके पास पहुंच गया और उन्हें तोड़के जैसे hi हॉस्पिटल की तरफ भगा मुझे महसूस हुआ की मेरा स्लो मोड फिर से एक्टिव हो गया है जब मेने तरय किया तोह फिर से मुझे सब स्लो दिखने लगा अब इस बात का फायदा उठके में सब वैसे hi स्लो करके भागने लगा और जब में हॉस्पिटल पंहुचा तोह सब नार्मल हो गया जब मेने टाइम देखा तोह सुबह के 3 बज चुके थे जब में ो. टी. के पास पंहुचा तोह वह मुझे भीमा काका का पूरा परिवार दिख गया जो की मुझे देखके खड़े होने लगे

में :- आप सब बैठिये

शिवानी (अपनी माँ से) :- माँ ये लड़का कोण है जिसे देख सब खड़े होने लगे

रानी :- एहि तोह मुझे समाज नहीं आ रहा है तू रुक में पूछती हु

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 27

में :- आप सब बैठिये

शिवानी (अपनी माँ से) :- माँ ये लड़का कोण है जिसे देख सब खड़े होने लगे

रानी :- एहि तोह मुझे समाज नहीं आ रहा है तू रुक में पूछती हु

अभी कोई आगे कुछ बोलता की तभी. ो. टी का दरवाजा खुला

डॉक्टर :- हमने उसके अंदर लगभग सारा जहर निकल लिया है लेकिन उसके शरीर में बहुतसा जहर फैल चूका है जिससे उसके पास कुछ hi घंटे बाकि है आप जेक मिल लीजिये

जब डॉक्टर ने बोलना ख़तम हुआ तोह वह के सरे लेडीज रोने लगे और गेट्स उन्हें सम्हाल रहे थे जैसे टिपिकल सीरियल और मूवीज में होता है ठीक वैसे hi लेकिन इस सब के परे जब मेने ये सुना में तुरंत डॉक्टर को अंदर ढाका देके ो. टी. में घुस गया मुझे ऐसे घुसते देख सब भी मेरे पीछे घुस गए

में :- शिवा इसे पकड़ के रख ये भागने न पाए

शिवा :- जी

फिर में तुरंत जंगल से लायी जड़ी बूटी को वही रखे जग के पानी से धो दिया फिर उन जड़ी बूटियों को अपने हथेली के बिच में रखके दोनों हाथो से मसलने लगा जिससे तबदी देर में hi उसका रास निकलने लगा

जैसे hi रास निकलने लगा मेने अपना हाथ सीधा उसके मुँह के ऊपर रख दिया जिससे वह रास सीधा उसके मुँह के अंदर जाने लगा जब सारा रास शेरा ने निगल लिया तोह मेने उस बचे हुए पीला को भी उसके मुँह में दाल कर मुँह को अपनी हथेली से बंद कर दिया

अभी थोड़ा टाइम hi हुआ था की शेरा कोह खून की उलटी होने लगी में उसे तुरंत ले जेक खिड़की को खोल के खुली हवामे ले गया और उसे वही रख के में वापस सब के पास आ गया

शिवानी (गुस्से में) :- ये क्या पीला दिया तूने मेरे भाई को बोल में तुझे छोडूंगी नहीं

रखा :- शिवानी कण्ट्रोल

रानी :- क्यों गलती इसने की अभी कुछ घंटे तोह वह हमारे पास रहता अब तोह शायद वो कुछ पल भी नसीब न हो पाए

रखा :- रानी शांत रहो

भीमा :- आपने ये क्या

में (बात को बिच में hi काट के) :- विष मारक औषधि आयुर्वेदिक उपाय अभी और थोड़ी देर शेरा के अंदर का सारा जहर निकल जाये गए फिर 1-2 दिन का आराम ये फिर से पहले जैसे हो जायेंगे

भीमा (ख़ुशी से) :- क्या सच में

में :- मुझपर भरोषा है या नहीं

भीमा :- आप पर का भरोसा टुटा hi कब था

में (शिवानी के तरफ देखके) :- तोह अपने मेहमानो से हमारा परिचय नहीं करवाएंगे

भीमा :- है क्यों नहीं मेरे परिवार को तोह आप जानते hi हो (रखा की तरफ इशारा करके) ये मेरे बड़े भैया रखा सिंह

में :- नमस्ते काका (और उनके पेअर चुने लगा)

रखा :- ये आप क्या कर रहे है आप हमे पाप सबधायेंगे

में :- आप तोह मेरे लिए काका सामान hi है

भीमा :- (रानी की तरफ इशारा करके) ये उनकी पत्नी रानी सिंह

में :- नमस्ते काकी (और उनके पेअर चुने लगा)

रानी :- (शांत)

भीमा :- (शिवानी की तरफ इशारा करके) ये ी की बेटी शिवानी सिंह ये पुलिस दरोगा है रामपुर में पोस्टिंग है और सब वही रहते है

में :- ओह्ह्ह नमस्ते

शिवानी :- नमस्ते

में :- रामपुर मतलब शास्त्री जी की पंचायत में ठीक कहा न मेने

भीमा :- जी और शिवा को तोह आप जानते hi है वह इन्ही का बीटा है

में :- ओह्ह शिवा से याद आया शिवा उस डॉक्टर को ले आ

शिवा :- जी

फिर शिवा उसे लेक मेरे सामने खड़ा कर देता है

में :- शिवा शेरा को बाथ रूम ले जा और अचे से नहला ठीक है

शिवा :- जी

और शिवा शेरा को लेके वाशरूम की और ले गया

उसके जाते hi मैंने डॉक्टर को खींच के एक लगा दी

जिसे देख कर वह खड़े सब शॉक हो गए

शिवानी :- ये क्या कर रहे हो तुम्हारे दिमाग में अकाल नाम की चीज है या नहीं

रखा :- शिवानी उन्हें जो करना है करने दो

में (डॉक्टर की कलर पकड़के) :- बोल कितने में बिका तू बोल

डॉक्टर :- ये आप क्या बोल रहे हो

में :- राणा ने सुपारी दी थी न की ब्लड सैम्पल्स लेने के जगह उनके अंदर जहर दाल दे (छठा मरते हुए) बोल

भीमा (शॉक से) :- ये क्या बोल रहे हो आप

में :- है काका आपके वजह से उसे 5 साल का बन मिला था उसी का बदला ले रहा है वो

रखा (अपनी गन निकल कर) :- ए डॉक्टर सच बोल नहीं तोह यही खोपड़ी उदा दूंगा

डॉक्टर :- मुझे माफ़ कर दीजिये उसने 2 करोड़ देने का वडा किया था में लालच में आ गया था

उसके इतना बोलते hi मेने उसकी गर्दन मरोड़ के रख दी जिससे उसका मुँह पूरा पीछे की और हो गया बोले तोह 180° रोटेट hi हो गया जो देखके वह खड़े सब लोगो को जैसे साप hi सूंघ गया

शिवानी :- तुमने ये क्या किया किसी का खून कर दिया में तुम्हे छोडूंगी नहीं

शेरा (कमरे में आते हुए) :- तुम इनका कुछ नहीं बिगड़ सकती

शिवानी :- क्यों कही का राजा लगता है क्या ये

शिवानी ने जब ये बोलै तोह वह खड़े सब हसने लगे शिवाये शिवानी और रानी के

में :- क्या काका आधा अधूरा इंट्रो देते हो

तोह मिस शिवानी सिंह में कही का राजा तोह नहीं लगता है लेकिन इस पुरे शेरगढ़ का वरिष्ठ जरूर हु

मेरा नाम तोह वैसे ठाकुर राजवीर प्रताप सिंह है लेकिन गांव वाले प्यार से छोटे मालिक भी बोलते है

मेरा इंट्रो सुनके शिवानी और उसकी माँ दोनों hi शॉक हो गए

शेरा :- छोटे मालिक ये सब बाद में देखना पहले ये सोचिये कल मुकाबले का क्या करेंगे

रखा :- क्या करंगे मतलब संग्राम है न वह जायेगा कल

शिवा :- नहीं पापा भैया को गोली लगी है वो भाग नहीं ले सकते

भीमा :- गोली लेकिन कैसे

फिर शिवा उन्हें सारा हाल बताता है तोह वही संग्राम घर के बहार का हाल दोनों मिला जुलके पूरी कहानी सबको सुना देते है

रखा :- आपका धन्यवाद् छोटे मालिक आज एक hi दिन में आपने मेरे पुरे परिवार को बचा लिया में आपका ये अहसान कैसे उतरूंगा

अभी कोई कुछ बोलता की तभी बहार से बहुत साडी गाड़ियों के रुकने की आवाज आगयी

में :- अहसान उतरना है तोह बस आज बचा लीजिये मुझे इतना बोलके में वही के एक बीएड के निचे एक चुरा लेके चुप गया

अभी मुझे छिपे थोड़ा समय hi हुआ था की कमरे का दरवाजा खुल गया और वह से दादाजी और उनके साथ डैड और c.chacha अंदर आ गए

भीमा :- प्रणाम

डैड :- प्रणाम बाद में पहले ये बताओ राज कहा है

में वही छुपे हुए अपने उलटे हाथ पर चूरे से एक गहरा जखम बना देता हु

डैड :- सुना नहीं बताओ राज कहा है

रखा :- पहले ये बताओ आप कोण है

डैड :- पहले ये बता तू कोण है

भीमा :- ये मेरे बड़े भैया है शिवा इन्ही का बीटा है और भैया ये इस गांव के राजा समशेर सिंह है और ये उनके 2no बेटे

रखा :- माफ़ी ठाकुर साहब मेने पहचाना नहीं

डैड :- कोई बात नहीं राज कहा है

शिवानी (बिच में hi बोलती हुई) :- वह बीएड के निचे छुपा है

फिर डैड ने मुझे बीएड से बहार निकला तोह सब को मेरे हाथ में लगी चोट दिख गयी

डैड :- ये चोट कैसे लगी बीटा बोल किसकी इतनी हिम्मत

में :- डैड वो ये डॉक्टर राणा के साथ मिलकर शेरा को मरने की साज़िश कर रहा था और जब मेने इसे पकड़ा तोह इसने चाकू से मुझ पर हुम्ला कर दिया लेकिन थैंक गॉड ये दरोगा ने मेरी जान बचायी और इस डॉक्टर को मार दिया

स. चाचा.:- कोण दरोगा बीटा

में :- ये शिवानी जी दरोगा है रामपुर की

दादा :- शुक्रिया बीटा तुम्हारी वजह से हमारे घर का चिराग बच हम तुम्हारे प्रमोशन के बारे में बात करंगे था शुक्रिया

डैड :- नहीं तोह इसे अपनी कुछ पड़ी hi नहीं है हर दिन किसी न किसी से लड़ाई करते hi रहता है

चाचा :-(मेरा कान पकड़के) क्यों रे तुझे लड़ाई के लिए इंसान काम पद गए थे जो अब तू नर भकसी बाघों का शिकार करने लगा

भीमा :- ये क्या कह रहे है आप

डैड :- है हम अभी बहार सुनते हुए आ रहे है की इसके जंगल से आता हुआ देखा गया है और जब उस जंगल के वैठ मन ने अंदर जेक देखा तोह पता चला की लाड साहब पुरे झुण्ड को hi मार के आये है

में :- ये सब बाद की बात है और सबसे बड़ी बात ये है की आज का मुकाबला लड़ेगा कोण

दादा :- (कुछ सोचते हुए) चलिए आपको बड़ा शॉक है न लड़ाई झगडे का तोह आप को ये मौका देते हु हम भी देखे आप में कितनी ताकत है

डैड (शॉक) लेकिन पिताजी

दादाजी :- ये हमारा हुकुम है.

में (खुश होक) :- जी दादाजी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 28



नाना के घर

अभी सब लोग बैठे यही सोच रहे थे की राज की नाराज़गी कैसे दूर करे

स. मां :- अगर हम उसे कुछ लालच दे तोह क्या वह आएगा

बी. मां :- थोड़ा तोह दिमाग लगा वह शेरगढ़ का वारिस है उसे क्या देगा तू

ममी :- अगर हम उसे सब सच सच बता दे तो हो सकता है वह हमारे हालत को वह समझ जाये और हमे माफ़ कर दे

स. मां :- है समझ दार तोह वह है हमारे हालत समझ जायेगा

मौसी :- और तुम्हे कैसे पता

मौसी के इस बात से c.mama सकपका गए

स. मां :- wo…wo..

ममी :- ये वो वो क्या लगा रखा है साफ़ साफ़ बता

स. मां :- वो वीर ने बताया

मौसी :- वीर (कुछ सोच के) कही ये वही वीर तोह नहीं

ममी :- ये किस वीर की बात हो रही है मुझे भी बताओ

मां :- वीर राज का छोटा चाचा ये दोनों यानि वीर और छोटे दोनों बचपन के दोस्त है वो तोह पारिवारिक दुश्मनी के वजह से हमने इसे बोलै था की उससे कोई रिश्ता मत रखना

स. मां :- है और 1 साल तक मेने उससे बात भी नहीं की थी लेकिन जब में शहर में था तोह एक दिन उससे मुलाकात हुई थी तब से हम दोनों आये दिन फ़ोन पर बात करते है

मौसी :- तोह क्या तुम राज से भी मिले हो क्या

स. मां :- है

मां :- कब और कैसे

स. मां :- पिछले 11 सैलून से वीर की मदद से में उससे मिल पाया था तबसे जब भी वह शहर में आता था तोह हम साथ hi रहते थे

मां :- लेकिन तुमने उसे मनाया कैसे क्या किया तुमने ऐसा

स. मां :- कुछ खास नहीं बस अपने भांजे को उसके हिस्से का प्यार दिया और कुछ नहीं अब तोह हम मां भांजे काम और दोस्त ज्यादा है स्टार्टिंग में थोड़ा डिफिकल्ट था लेकिन जैसे जैसे हम मिलने लगे वह भी मेरे साथ फ्रैंक हो गया अब तोह ऐसे हालत है की वह जब भी सहर आने वाला होता तोह सबसे पहले मुझे बताता और में भी सरे काम पोस्टपोनड कर देता

आपको याद है पिछले महीने मैंने एक कार ली थी वह भी राज की पसंद थी

मौसी :- तोह कभी उसे यहाँ लेन का विचार नहीं आया

स. मां :- शुरवाती दिनों में कोशिश की थी लेकिन जब भी इस घर में आने को बोलता तोह राज एकदम सहम जाता जैसे वह बहुत दर जाता जब वीर से बात की तोह उसने बताया की कई बार बचपन में उसे पुराने दिनों के सपने आते थे जिससे वह एक दम दर जाता था कभी कभी तोह उसे इतना तेज बुखार आता की उसका शरीर आग की तरह तपने लगता इसीलिए मेने फिर कभी कोशिस नहीं की

ममी :- ाचा किआ आपने देवर जी

मां :- तोह क्या तेरे पास नंबर है उसका

स. मां :- नहीं उसके पास फ़ोन नहीं है शायद अभी खरीद लिया हो

मां :- वीर को फ़ोन लगाके पूछ न कहा है वह कैसा है

स. मां :- इतनी रात को कल सुबह फ़ोन लगता हु

मौसी :- क्या तेरे पास उसका कोई फोटो है.

स. Mama(muskurate हुए) :- एक नहीं बहुत है जब भी हम कही जाते तोह वह बहुत साडी फोटो खींचते थे मेरे लैपटॉप में है में लेके आता हु

वही हॉस्पिटल में

अभी दादाजी और डैड अकेले में कुछ बाते कर रहे थे

डैड :- आपने ये क्या किया पिताजी राज अभी बचा है

दादाजी :- क्या कोई बचा नर भकसी वह के झुण्ड को अकेला मार पता किसी हट्टे काटते पहलवान (डॉक्टर की तरफ इशारा करके) की गर्दन पूरा मोड़ पता

डैड :- क्या मतलब

दादाजी :- बीटा ये बाल ऐसे hi सफ़ेद नहीं हुए है एक उम्र निकली है अखाड़े में भले hi उस दरोगा में ताकक है लेकिन इतनी भी नहीं की वह डॉक्टर जैसे हट्टे कट्टे इंसान की गर्दन मरोड़ सके वह भी इस तरह

डैड :- लेकिन राज की चोट

दादाजी (मुस्कुराते हुए) :- क्या तुम्हे लगता है भीमा के होते हुए राज को कोई छू भी पायेगा

डैड :- जी मैंने इस हिसाब से सोचा hi नहीं

दादाजी :- ये सब तोह राज बचपन से करते आ रहा है बस आपने ध्यान नहीं दिया

और बात इस मुकाबले की राणा राज के सामने केवल एक चिति सामान है ये मुकाबला हमे ये बताएगा की राज का उसके गुस्से पे कितना नियंत्रण है

डैड :- और अगर राणा राज पे भरी पद गया तोह

दादाजी :- राणा षड्यंत्रकारी है हम मानते है लेकिन राज की ताकत तेजी और दिमाग के आगे राणा नहीं टिक सकता

हमने राज की ताकत उस वीडियो में देखि है अकेला राणा जैसे 10 पे भरी है

उसकी तेजी आखाड़े वाले किस्से को याद कर कैसे उस पहलवान को पकड़वाया था

और उसका दिमाग आज जो उसने भीमा के परिवार को बचाया उससे ये साबित हो गया है की उसे कोई हरा नहीं पायेगा

याद रखना ये सब में हवा में नहीं कह रहा हु

डैड :- जी समझ गया

वही में और चाचा अलग मीटिंग कर रहे थे

स. चाचा :- तोह कल के लिए एक्साइट हो

में :- है क्यों नहीं आप मुझे c.mama का no. दो उन्हें भी बुलाऊंगा मैच देखने

स. चाचा :- ाचा और अगर घर मेसे किसी ने उसे देख लिया तोह एक hi वक़्त पे 2 मुकाबले शुरू हो जायेंगे

में :- नहीं चाचा आप ज्यादा सोच रहे हो मां ऐसे नहीं है वह उन सब से अलग है देखना दादाजी भी उन्हें मिलकर खुश होंगे और फिर हर त्यौहार में वह भी हमारे साथ होंगे

स. चाचा :- और अगर पिताजी को पसंद न आये तोह

में :- फिर में किस लिए हु मुझे पता है किसी कैसे मानना है

चाचा :- ठीक है में no. मश्ग करता हु लेकिन तू उनसे अभी नहीं घर जेक बात करना

में :-ठीक है

वही नाना नानी के घर

अभी स. मां अपना लैपटॉप लेके आ चुके थे और लैपटॉप में हम दोनों की फोटो सबको दिखा रहे थे

स. मां :- ये देखो ये पिछले साल हम दोनों वाटर पार्क गए थे तब की फोटोज

जब सब फोटो देख रहे थे तोह सबकी आखों में ासु थे हर कोई वह स. मां की जगह खुदको िमागिन कर रहे थे

सब जहा फोटो देख रहे थे लेकिन 2 जान मेरी तस्वीर को गौर से देख रहे थे

वो कोई और नहीं 1ली ममी थी और 2ऋ मौसी

ममी क्यों देख रही ये तोह सबको पता है लेकिन मौसी क्यों इतने गौर से देख रही है

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 29



ात हाउस

अभी हम सब घर पहुंचे hi थे की साद निचे हॉल में hi बैठे थे जैसे hi में हॉल में पंहुचा माँ ने मेरा कान पकड़ लिया

में :- अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह माँ छोड़ो अह्ह्ह्ह दुःख रहा है

माँ :- दुखने दे कोण बोलता है इतनी रात को बिना बताये जाने को

डैड :- अरे छोड़ो भी उससे

माँ :- आप शांत hi बैठिये आप की वजह से hi ये इतना बिगड़ गया है

दादाजी :- बहु छोड़ो उसे उसके हाथ में जखम आयी है उसे और दुखेगा वह

माँ (कण छोड़ते हुए) :- कहा लगी बीटा बता कैसे लगी मन किआ था न तेरे को अकेले बहार जाने के लिए.

में :- अरे माँ शांत ज्यादा नहीं लगी है ठीक हो जाएगी कुछ दिन में डॉक्टर ने ड्रेसिंग भी कर दी है डोंट वोर्री

उसके बाद में अपने कमरे में आ गया और तुरंत दरवाजा बंद करके मां को फ़ोन घुमा दिया

वही नाना नानी के घर

अभी सब लोग बैठे हुए मेरे और मां के फोटोज देख रहे थे की तभी ममी का ध्यान मौसी की और गया जो मेरी फोटो को ध्यान से देख रही थी

ममी :- क्या बात है choti(mosi को सब प्यार से छोटी hi बुलाते है) तुम तोह राज के फोटो को ऐसे गौर से देख रही हो जैसे कोई प्रेमिका अपने प्रेमी के फोटो को देखती है कही अपने hi भांजे से इश्क़ तोह नहीं हो गया

मौसी :- ऐसा कुछ नहीं है दीदी में तोह ये सोच रही हु की मैंने राज को पहले भी किधर देखा है लेकिन किधर वह याद नहीं आ रहा है

ममी :- ाचा किधर देखा है

मौसी :- है याद आया 1 सेकंड में अभी आई

इतना बोलके मौसी कमरे से बहार निकल जाती है तभी स. मां का फ़ोन बजने लगता है

मां :- किसका फ़ोन है छोटे

स. मां :- पता नहीं भैया अननोन नंबर है

मां :- तोह बजने दे बाद में बात कर लेना

स. मां :- ठीक है

उतने में hi मौसी आ गयी

मां :- कहा गयी थी छोटी

मौसी :- वह तोह में अपना फ़ोन लेने गयी थी

अभी मौसी बोल hi रही थी की फिर से c.mama का फ़ोन बजने लगा लेकिन मां ने उठाया नहीं

मां :- एक काम कर jay(c. मां) फ़ोन को कुछ देर साइलेंट कर दे

स. मां :- जी

मां :- अब बोल छोटी फ़ोन लेन क्यों गयी थी

मौसी :- है ये देखिये इसीलिए गयी थी इतना बोलके उन्होंने एक वीडियो प्ले किआ और फ़ोन सबके सामने कर दिया

ये वही वीडियो है मेरे और शिवा के कांड वाला जो मंदिर के यहाँ हुआ था

ममी :- क्या ये अपना राज है

मां :- उस दिन जब उसने हाथ पकड़ा था तब अंदाजा हो गया था की उसमे ताकत है लेकिन इतनी ताकत होगी नहीं लगा था

अभी सब वीडियो hi देख रहे थे की तभी स. मां के मोबाइल पे एक मश्ग आता है

जब स. मां मश्ग पढ़ने के लिए फ़ोन उठाते है तभी मौसी उन्हें टोक देती है

मौसी :- ये क्या बार बार तेरा फ़ोन बज रहा है कही गर्ल फ्रेंड का चक्कर तोह नहीं ला देखु

स. मां :- क्या… कोई गर्ल फ्रेंड का चक्कर नहीं है चाहिए तोह देखलो फ़ोन

ममी (हस्ते हुए) :- है दिखाओ में देखती हु की मेरी देवरानी दिखती कैसी है

स. मां :- अरे बोलना कोई चाकर नहीं है

ममी :- है तोह दिखाओ न

स. मां :- है तोह देखो.

जैसे hi ममी फ़ोन देखती है उनकी साडी हसी गायब हो जाती है क्योंकि वह कॉल्स और मश्ग मेरे hi थे भले hi मेरा नाम सेव नहीं था लेकिन मेने मश्ग में मेरा नाम लिखके भेजा था

मौसी :- क्या बात है दीदी आपकी हसी क्यों गायब हो गयी

जब मौसी ममी को आवाज देती है तोह वह जैसे होश में आती है और फ़ोन सबके सामने रख देती है

में (इन मश्ग) :- hello मां में राज हु फ़ोन उठाओ

(आफ्टर कॉल)

ाचा फ़ोन नहीं उठाना तोह मश्ग का जवाब hi दे दो मुझे पता है आप सोये नहीं हो मेने थोड़ी देर पहले आपका फ़ोन ऑनलाइन देखा था जवाब दो

(आफ्टर 2 मं)

ाचा आपको बात नहीं करनी तोह मत करो में भी आपका फ़ोन अब नहीं उठाऊंगा और अगर कल आप प्रतियोगिता देखने आओगे अगर नहीं आये तोह में आपसे कभी बात नहीं करूँगा बई

जब सबने मश्ग पढ़े तोह फ़ौरन स. मां ने मुझे पबोने घुमाया लेकिन में अपना फ़ोन साइलेंट करके साइड में रख चूका था

स. मां :- वह फ़ोन नहीं उठा रहा है क्या करू

ममी :- जल्दी से सब तैयार हो जाओ राज से मिलने जाना है न उसीने बुलाया है नहीं गए तोह सच में नाराज न हो जाये

मां :- है में माँ और पिताजी को बताता हु

फिर सब तैयार होने चले जाते है

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 30



डे ऑफ़ कॉम्पिटशन

आज सुबह उठके सबसे पहले मेने ध्यान लगाया जिसमे मेरे नए दोस्त ने भी मेरी सहायता की जिसके मदद से में ध्यान लगाने में कामयाब हो गया.

में सारा काम निपटाके जब निचे पंहुचा तोह पूरा परिवार पहले से hi तैयार था सबसे पहले दादी ने मेरी नजर उतरी फिर माँ ने मेरी आरती करके मुझे विजय तिलक लगाया लेकिन इस सब में मेने एक बात नोट की की दादी और माँ अपने अपने पतियों से छिड़ी हुई थी जिसका मतलब साफ़ था उन्हें पसंद नहीं आया की दादाजी ने मुझे इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी लेकिन ये बात पर मेने ज्यादा ध्यान नहीं दिया बल्कि मेरे दिमाग में अलग टेंशन थी की स. मां के लिए दादाजी और पुरे परिवार को मानना था

में :- दादाजी अगर में आपसे कुछ कहना चाहता हु

दादाजी :- तोह बोल

में :- पहले आप प्रॉमिस करो की गुस्सा नहीं होंगे

माँ :- अब क्या गड़बड़ कर दी जो बताने ने दर रहा है

में :- वह मेने आज के प्रतियोगिता के लिए किसी को इन्विते किया है

माँ :- किसे कही गर्लफ्रेंड तोह नहीं बनादि गांव में तभी में सोचु की ये दिनभर कहा रहता है

में :- माँ ऐसा कुछ नहीं है वो मैंने वो

दादीजी :- कुंवर आप बेझिझक बोलिये

में (आँख बंद करके एक hi सास में) :- मैंने छोटे मां को इन्विते किया है आज के लिए

मेरे ऐसे बोलने से सब के सर पे बम फूटा सब एक दम से हैरत में आ गए यहाँ तक की स. चाचा भी उन्हें नहीं लगा था की में ऐसा सबमे सामने उनके बारे में बोल दूंगा

दादाजी :- आप किसकी बात कर रहे हो रह

में :- संजू मां

दादीजी :- लेकिन राज उन्होंने बचपन में

में (बिच में hi) :- नहीं दादी वह तोह बहुत अचे है उन्हें नहीं पता था की वह मेरे साथ क्या होता है नहीं तोह वह ये सब नहीं होने देते

माँ :- लेकिन राज तुम उनसे कब और कैसे मिले

ये सुनने के बाद में तुरंत छोटे चाचा को देखने लगा जिससे पूरा परिवार भी उनके और देखने लगा जिससे वह एक दम से हड़बड़ा गए

दादाजी :- ठीक है अगर आपने उन्हें माफ़ कर दिया है तोह ठीक है हम भी उन्हें अपना लेंगे

में (दादाजी को गले लगते हुए) :- थैंक यू दादाजी

माँ :- लेकिन

दादाजी (बिच में hi) :- हम इस बारे में बाद में बात करेंगे

वही सुजय के घर पे

वह राणा और सुजय बात कर रहे थे

राणा (गुस्से में) :- तुमने क्या कहा था की उस भीमा और उसके सरे परिवार को मार देंगे लेकिन क्या हुआ तेरे तरह तेरे सरे आदमी भी फत्तू निकले उस डॉक्टर का भी फ़ोन नहीं लग रहा है ऊपर से हमारे सरे आदमी भी फ़ोन बंद करके बैठे है

सुजय :- राणा शांत रहो भले hi आज वह बच गया हो लेकिन आज मुकाबले में वह तुम्हारे सामने होगा तब तोह उसकी आत्मा को तुम उसके शरीर से अलग कर देना पहले 2 पड़ाव में तुम्हारा और उसका सामना होना नामुमकिन है तोह अगले पड़ाव hi बचा फिर देखते है उस रिंग में कोण उसे बचने आता है

राणा :- है अब यही रह गया है उस कल के बचे को मरने के लिए मुझे hi अपने हाथ गंदे करने होंगे

वही मैथ के ग्राउंड पे

हम सभी यहाँ पहुंच गए थे और दादाजी के कहने पे शेरा की जगह मेरा नाम लिख दिया था

में अभी चेंजिंग रूम में था और सभी घरवाले बहार थे इस मुकाबले को देखने हमारे घर से सरे मर्द आये थे औरते घर में hi थी वह कल t.v. पर देखने वाले थे वैसे तोह ऐसे मुकाबले की परमिशन कोई भी गवर्नमेंट नहीं देती थी लेकिन दादाजी के कहने पर ये प्रोग्राम गुप्त तरीके से करने की परमिशन थी और इसकी कैसेट भी सिर्फ कंटेस्टेंट्स के घर वालों को hi मिलते थे भीमा काका को जब भी कैसेट मिलती पहले हमारे घर hi आती थी

अब थोड़ा मुकाबले के बारे में जान लेते है

मुकाबला 3 पड़ाव में खेला जाता है

1ला पड़ाव में निशाने बजी का होता है (आर्चरी)

2रा पड़ाव पंजे का (एआरएम रेसलिंग)

3रा और आखरी पड़ाव कुश्ती (रेसलिंग) का

इस पहले 2 पड़ाव में सरे कंटेस्टेंट्स को 2 टीम में बात देते है फिर उन दोनों टीम्स के टॉप प्लेयर को एक दूसरे से कुश्ती का सामना होता है

बैक तो स्टोरी

में अभी चेंजिंग रूम में बैठा था

वही सरे परिवार वाले बहार हॉल में बैठे थे जहा से मुकाबला दिखने वाला था अभी सब स. मां की रह hi देख रहे थे की तभी एक लाल कलर की गाड़ी हॉल के बहार रुक गयी जिसे देख स. चाचा पहचान गए और सबका ध्यान उस गाड़ी के और ले गए

जब उस गाड़ी से स. मां के साथ पूरा परिवार निकला तोह सब शॉक हो गए क्यूंकि सब को लगा था की सिर्फ स. मां आएंगे जब सब लोग आमने सामने आये तोह जहा नाना के परिवार की नज़रों में शर्म थी तोह दादाजी के परिवार के आखों में गुस्सा था लेकिन दोनों शांत थे शायद अंदरूनी बातों को जनता के सामने लाना दोनों को ठीक नहीं लग रहा था

स. चाचा :- संजय राज अंदर चेंजिंग रूम में है

जैसे hi स. मां जाने को हुए

डैड :- रुको संजू

स. मां :- देखिये में आपका गुस्सा समझ सक..

डैड :- में तुम्हे राज से मिलने से नहीं रोक रहा हु राज की तरह हमने भी तुम्हे अपना लिया है

स. मां :- तोह फिर

डैड :- जिस दिन तुम्हारे ये भैया और भाभी हमारे घर आये थे उस दिन ला उसे कुछ याद नहीं है तोह वह सब तुम भी भूल जाओ तोह ाचा hi है राज के सामने इसका जिक्र तक नहीं होना चाहिए

स. मां :- ठीक है

डैड (नाना की तरफ देख के) :- आज उसकी प्रतियोगिता है तोह फिलहाल उसका दिमाग शांत hi रहना दीजिये

दादा (नाना से) :- तुम मेरे साथ बैठो कुछ बात करनी है

नाना :- ठीक है

तोह वही भीमा काका और उनके घर वाले अभी रस्ते में थे शेरा अभी भी हॉस्पिटल में आराम कर रहा था

शिवा :- मुझे एक बात समझ नहीं आ रही है

संग्राम :- क्या

शिवा :- यही की जब में आप को फ़ोन लगा रहा था तोह फ़ोन में सिग्नल प्रॉब्लम क्यों आ रहा था जबकि 2 घंटे पहले hi में अपने दोस्तों से बात कर रहा था

संग्राम :- अरे बुद्धू उन्होंने नेटवर्क जैमर फिट किये थे इसीलिए कॉल नहीं लगी जब हम लोग चले गए तोह छोटे मालिक के पर्सनल बॉडीगार्ड ने वह सरे जम्मेर्स को ख़तम कर दिया समझे

शिवानी :- आखिर ये राज है क्या बाला खुदको चाकू से इतना गहरा घाव वह भी सिर्फ डट से बचने के लिए

शिवानी के इस क्वेश्चन से उस कार में रखा का परिवार को छोड़के सब तहका मर के हसने लगे

रखा :- क्या हुआ भीमा ऐसे क्यों है रहे हो

भीमा :- आपकी बेटी ने बात hi ऐसी की है

शिवानी :- मतलब

संग्राम :- छोटे मालिक कब क्या कर बैठे कोई नहीं बता सकता जो उस दिन हॉस्पिटल में देखा वह तोह बस एक टीज़र था यकीं न हो तोह अपने भाई से पूछ लो

शिवा (उस दिन का कांड याद करके) :- हम्म

संग्राम :- में तुम्हे एक किस्सा बताता हु एक बार छोटे मालिक अपने हवेली से जब बहार निकले तोह उन्होंने देखा की गांव के चौराहे पर पूरा कीचड़ हो गया है लेकिन कोई साफ़ नहीं कर रहा है तोह उन्होंने सबसे पहले अपना चेहरे को कपडे से धक् दिया फिर कीचड़ में लेत गए सब पागल समझके है रहे थे और जब वह घर गए तोह सब को रट हुए बताने लगे की कैसे वह पेअर फिसलने से कीचड़ में गिरे फिर सब हसने लगे

शिवानी :- लेकिन इस सबसे हुआ क्या

संग्राम :- इससे हुआ ये की जिस कीचड़ को सब देख भी नहीं रहे थे उसे 1 घंटे के अंदर पूरी तरीके से गायब कर दिया

शिवानी :- गजब का नमूना है ये

संग्राम :- अब बोलै ठीक है गलती से भी गांव वालों के सामने मत बोलना नहीं तोह कोई पुलिस फाॅर्स तुम्हे नहीं धुंध पायेगी

उसकी पॉपुलैरिटी को तुम इस हिसाब से देखो की इस पुरे शेरगढ़ का जो राजा है ठाकुर समशेर सिंह उन्हें सब ठाकुर साहब बुलाते है हुए राज को सब छोटे मालिक बुलाते है

अभी कोई कुछ बोलता की तभी शिवा बिच में बोल पड़ा

शिवा :- पापा गाड़ी तेज चलो कोई तोह हमारा पीछा कर रहा है

जब भीमा पीछे मुड़के देखता है तोह उसे भी गाड़ी नज़र आती है

भीमा :- टेंशन मत लो ये छोटे मालिक ने हमारे सुरक्षा के लिए भेजा है उसका ड्राइवर रघु है में जनता हु उसे

रखा :- तोह ठीक है

वही मैदान में अभी कम्पटीशन शुरू होने में 5 मं hi बचे थे की चेंजिंग रूम में छोटे मां आ गए

स. मां :- कैसे हो राज

में :- टाइम मिल गया भांजे के लिए

स. मां :- ओह्ह तोह कुंवर सा नाराज़ है लेकिन उन्हें नहीं पता हम भी उनके मां है

में :- आप मां नहीं एक नंबर के मामू है

स. मां :- इतनी बजती जाओ में भी तुम्हे तुम्हारा बर्थडे गिफ्ट नहीं देने वाला इतने प्यार से तुम्हारे लिए तुम्हारा मन पसंदीदा जैकेट लाया था

में :- चलो हटो मेरा मुकाबला है मुझे जाने दो

मां :- अरे ठीक है चल जा

में जाते जाते अचानक hi पलट के मां के गले लग गया

में (गले लग के) :- आज आशीर्वाद नहीं देंगे

मां (मेरे सर पे हाथ रख के) :- मेरा आशीर्वाद हमेशा तेरे साथ है

में :- अब देखिये कैसे सब की बंद बजा के आता हु

मां :- जा जीत तेरे कदम चूमेगी

फिर में उनके हाथ से जैकेट लेके बहार की तरफ भाग जाता हु

मां (मुश्कुरा कर) :- बदमाश

अब नेक्स्ट भाग में होगा कॉम्पिटशन

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 31



थे शो टाइम

तोह अब पुरे मैदान के सरे ऑडियंस सेक्शन फुल हो गए थे सभी लोग आज की मैथ के लिए उत्सुक थे लेकिन आज इस मैदान में 1 नहीं 2 मुकाबले होने वाले थे 1 था मेरे और राणा के बिच जिसका इनाम दोनों के लिए शामे था वह था रिवेंज बदला राणा उसके साथ पास्ट में हुए किस्से का उसपर लगे 5 सैलून के बन का बदला चाहता था तोह वही मुझे जो इसने भीमा काका के परिवार के साथ किआ उसका बदला इस मिक़बले में कोई एक hi जितने वाला था या यु कहु कोई एक मरने वाला था तोह वही दूसरे मुकाबले का फैसला हर जित से न होक नसीब से होने वाला था जिसमे एक तरफ थे मेरे दादाजी तोह दूसरी तरफ थे नाना बाकि पूरा परिवार केवल मूक दर्शक (साइलेंट ऑडियंस) बांके रहने वाली थी इस मुकाबले में कोई मरने वाला तोह नहीं था तोह इसके हर जित का फैसला कैसे होगा वह होगा इसके अंत से इस मुकाबले के इनाम में दादाजी को चाहिए थे उनके सवालों के सच सच जवाब तोह वही नाना को चाहिए था अपना पोता जिसे उन्होंने खुदकी मूर्खता की वजह से खोया था यु समजलो इस मुकाबले में कोई अकेला नहीं था मतलब अगर दादा जीते तोह नाना की भी जित निश्चित थी लेकिन फिर भी इस मुकाबले का मई मैं जज था मेरे साथ के बिना नाना जीतकर भी हरने वाले थे तोह वही इस वक़्त पुरे मैदान में टेंशन था क्यूंकि भीमा काका अभी तक मैदान में पहुंचे नहीं थे सब लोग शेरगढ़ के प्लेयर का यानि शेरा का इंतज़ार कर रहे थे और इसी के साथ उनकी भी एंट्री हो गयी लेकिन उनके साथ शेरा नहीं था जिससे साडी शेरगढ़ की जनता टेंशन में आ गयी क्यूंकि सब ने रात को उनके घर के पास से गोलियों की आवाज सुनी थी सब को सही सलामत देखके सब जहा खुश थे वही शेरा को न देखके सब के चेहरे पर फिर से चिंता के भाव थे

जब सरे कंटेस्टेंट्स ग्राउंड पर आये तोह सब मुझे देख के चौक गए शिवाये उनके जो मुझे नहीं पहंचते सब एक दूसरे से हाथ मिला रहे थे और sanyog(coincidence) से मेरे सामने राणा था

राणा :- तोह तुम को शेरगढ़ शेरा देखते है की तुझमे कितना दम है

में (हस्ते हुए) :- में शेरगढ़ से hi हु लेकिन शेरा नहीं है लेकिन बात रही दम की तोह कुछ hi घंटे पहले नरभक्षी शेरोन का शिकार किया हु तोह सोच तू किस खेत की मूली है

राणा :- कोण है तू

में :- तू तोह सस्पेंस में hi मरेगा

राणा :- मिट गए मुझे मिटने वाले

में :- लेकिन आज तोह तू hi मिटेगा

राणा :- देखते है

में :- देख लेंगे

राणा :- तेरा ये मासूम चेहरा बिगड़ने में बहुत दुःख होगा

में :- बेस्ट ऑफ़ लक

तभी सब फिर से अपनी अपनी जगह चले गए

तोह जब दुपहर हुई तोह दोनों मुकाबले भी शुरू हुए यहाँ निशाने बजी के

जहा सब एक से एक निशाने लगा रहे थे जहा राणा का रिजल्ट कुछ ऐसा दिख रहा था की उसके 3 no तीर मेसे 2 तीर तोह संरेर के पास लगे लेकिन 3 रा तीर सेण्टर के दूर था

तोह वही मेरा रिजल्ट कुछ ऐसा था की मेरा 1ला तीर तोह निशाने पे लगा और जब मेने 2रा तीर चलाया तोह वह 1ले तीर को चीरता हुआ ठीक उसी जगह लगा और 3रे तीर ने भी ऐसा hi किया

जिसे देख के सब को शॉक लगा लेकिन यहाँ दादा और नाना जहा बैठे थे सब को शॉक लगा असलियत सुनके है जहा हमारा ये मुकाबला चल रहा था तोह वह भी मुकाबले का आगाज़ हो गया था जहा दादाजी ने पहला hi वॉर में सीधा आधे से ज्यादा युद्ध ख़तम कर दिया था जहा दादाजी और नानाजी सब बता रहे थे तोह डैड के फ़ोन पे वीडियो कॉल पे सब घर की लेडिस भी सुन रहे थे यहाँ दूसरा वार दादा के तरफ से डैड ने किआ

डैड :- कोई भी मुँह उठके कुछ भी बोलेगा और आप सुन लेंगे चलो सोच लेते है ये सच है (मौसी से जो c.mama के फ़ोन से वीडियो कॉल पे कनेक्ट थी) आप प्लीज बुरा मत मानियेगा (नाना से) इनको भी 2 बेटियां हुई थी एक जनम लेते hi मर गयी तोह ऐसा भी तोह होगा न की इनकी जो बेटी जिन्दा बच गयी वह मनहूस हो जिसने आते hi अपने सेज बहन को मार दिया मौसेरे भाई की जान जाते जाते बची उसका c.mama के साथ अनहोनी हो गयी और नाना की साडी फसल ख़राब हो गयी क्यों ऐसा भी तोह हो सकता है न…

अभी डैड कुछ और बोलते की दादाजी ने इशारे से चुप रहने का इशारा कर दिया

डैड के रुकने के बाद नाना की आखे शर्म से झुक गयी तोह इसका जवाब देने की जिम्मेदारी B.mama ने उठायी

मां :- देखिये आपकी बात बिलकुल सही है लेकिन उस्वक़्त हम अंधे हो गए थे हमे सही गलत का कुछ बोध hi नहीं हो रहा था नहीं तोह आज ये नौबत आती hi नहीं

तोह वही अब पंजा लड़ाई का मुकाबला शुरू हुआ था जहा नहीं मुझे कोई हरा पाया नहीं राणा को जहा में बिना किसी को नुक्सान पहुचाये पुरे आनेस्टी से खेल रहा था तोह वही राणा अपने ॉपपोनेंट्स के हाथ को इन्जुरेड करते हुए चीटिंग से जित रहा था

तोह ऐसे hi खेलते हुए हम दोनों hi आखरी राउंड में पहुंच गए तोह उसी टाइम दादा और नाना का मुकाबला भी अपने अंतिम पढ़ाओ पे था

दादाजी :- एक आखिरी सवाल

अगर कल को राज अपनी अय्याशियों में या केवल देखवे के लिए आपकी साडी संपत्ति का नाश करना चाहे या उसे बर्बाद करना चाहे तोह आप क्या करेंगे

इस सवाल से सब चौक गए क्यूंकि ये सवाल मेरे यानि राज के करैक्टर के हिसाब से एक दम बेहूदा था सब के चेहरे पर आश्चर्य के भाव देखे जा सकते थे

दादाजी के इस सवाल का जवाब देने के लिए खुद नानाजी सामने आये

नाना :- मुझे मेरे रजनी के खून और अप्पके परवरिश पे भरोषा है लेकिन फिर भी ऐसी नौबत आ गयी तोह सबसे पहले में राज को प्यार से समझाऊंगा अगर वह फिर भी नहीं सुधरा तोह उसे सुधरने के लिए सख्ती करनी hi पड़ेगी में अपने घर के चिराग को ऐसे अँधेरे में नहीं जाने दूंगा

दादाजी :- अप्पको पता है न अगर सवालो का जवाब मुझे ठीक नहीं लगे तोह आप राज को खो देंगे

नाना :- अगर वह मेरे पास आने से गलत रस्ते पर पहुंच जायेगा तोह उसका मेरे से तोह क्या मेरे साये से भी दूर रहना hi सही है

दादाजी (मुस्कुराते हुए) :- मुझे मेरे सवालों का जवाब मिल गया

अभी कोई कुछ बोलता की तभी एक जोर का अलार्म बज गया जो इसका साबुत था की अब कुश्ती का मुकाबला शुरू होने वाला है

वही कुश्ती के मुकाबले के वक़्त

राणा :- अब मरने को तैयार हो जा चोरे

में :- वह तोह वक़्त hi बताएगा की कोण जिए और कोण मरे

राणा :- इतना घमंड ठीक न

में :- देखले अगर तूने छू भी लिया तोह नाम बदल दूंगा

राणा (फाइटिंग पोज़ लेते हुए) :- चल देखते है

इसी के साथ वह एकदम से मुझ पे बैल की तरह दौड़ते हुए आया और मुझ पर झपटने लगा लेकिन वक़्त रहते मेने भी स्लो मोड ों कर लिया था जिससे उसका हमला फ़स हो गया अब वह बार बार पूरी ताकत से मुझ पर लात घुसो की बारिश कर रहा था लेकिन वह मुझे छू भी नहीं पाया ऐसे hi बचाव करते हुए 10 मं निकल गए लेकिन फिर भी न वह रुका न मेने हमला किया

परिणाम स्वरुप वह तुरंत hi थक गया और जिस वजह से अब उसे बचने के लिए स्लो मोड की भी जरुरत नहीं थी अभी जब वह पूरी तरीके से थक गया तोह उसने मेरे पीछे ऑडियंस को देखके आखो से hi कुछ इशारा किया जिसे सिर्फ दो hi लोग देख पाए एक में और एक वह जिसके लिए वह इशारा था अब में सीधा पीछे तोह नहीं देख सकता लेकिन कुछ hi देर में मुझे ऐसा लगा कोई चीज हवा चीरते हुए मेरी तरफ आ रही थी ऐसा फील होते hi मैंने अपने स्लो मोड को रेअक्टिवाते किआ और जब पीछे देखा तोह पाया की एक बुलेट मेरी और hi आ रही है लेकिन ये थोड़ी अजीब बुलेट थी जो एक दम सुई जैसे थी जो की मेरे से ज्यादा दूर नहीं थी जैसे hi वो मेरे पास आई मेने उसे पकड़ लिया और फिर उसी हाथ से स्लो मोड ऑफ कर के राणा को मारने लगा जो थकने की वजह से सहन न कर पाया और बेहोस होने लगा लेकिन उसके बेहोस होने से पहले hi मैंने उसके दिल के यहाँ जोर से पंच लगा दिया जिससे उसके दिल के वही चीथड़े उड़ गए और इसी के साथ में मुकाबला जित गया

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 32



अभी सब मेरे जित का जश्न hi मन रहे थे हुए में वही मैदान में मां की दी हुई जैकेट को पहन के खड़ा था

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उसे ढूंढ़ने की कोशिस कर रहा था लेकिन भीड़ में वह मुझे नहीं मिल रहा था

फिर जब वह मुझे नहीं दिखा तोह मेने भी उसे ढूँढना बंद कर दिया और दादाजी के पास आ गया जहा पहुंचे के मुझे झटकों पे झटके मिल रहे थे

सबसे पहला झटका तोह ये की वह नाना खड़े थे उनके यहाँ होने की उम्मीद मुझे नहीं थी और दूसरा झटका की नाना के साथ hi में दादाजी भी खड़े थे लेकिन उनके चेहरे पर कहीं भी गुस्से का नमो निशान तक नहीं था

और सबसे बड़ा झटका तोह वह था जो दादाजी ने बोलै

दादाजी :- आइये राज अपने दादा और नाना से नहीं मिलेंगे आइये

अब में दादाजी की बात तोह नहीं ताल सकता लेकिन जैसे जैसे मेरे कदम आगे बढ़ा रहे थे वैसे वैसे मुझे अपने बचपन की यादे याद आ रही थी आप ये भी कह सकते हो की मेरे बचपन का दर अब मेरे दिमाग पे हावी हो रहा था वैसे बोलने को तोह में आगे बढ़ रहा था लेकिन मेरे शरीर में तोह जैसे कुछ ताकत hi नहीं रह गयी थी एक एक कदम ऐसा लग रहा था की जैसे पैरों के साथ कितना सारा बोझ बंधा हुआ है जैसे अभी मेरे पेअर टूट के बिखर जायेंगे अब ये दर्द और ये दर मेरे आखों से आसुओं के रूप में निकल रहा था 1-2 कदम hi चला था की मेरे कदम अपने आप hi रूक गए नाना ने जिस हाथ में छड़ी (चलते वक़्त सहारे के लिए बनाते है वो) पकड़ी हुई थी उस जगह मुझे तलवार दिख रही थी जब नानाजी मुझे बुला रहे थे तोह ऐसा लग रहा था की वह मेरी जान लेने के लिए मुझे पास बुला रहे है जब में नाना को hi देख रहा था की तभी मेरे कंधे पर किसी का हाथ मुझे फील हुआ मेरे अंदर जो दर बना हुआ था वह तुरंत hi आसुओं के रूप में बहार आने लगा

में रट हुए वही जमीं पे बैठ गया और अपने चेहरे को अपने घुटनों के बिच में रख के रट हुए बड़बड़ाने लगा

में (रट हुए) :- नहीं मुझे मत मारो मैंने कुछ नहीं किया में चला जाऊंगा यहाँ से मुझे मत मारो

में लगातार यही सब शब्द बड़बड़ाते हुए और जोर से रोने लगा सब अचानकसे आये इस परिवर्तन को समझ पते की उससे पहले hi में वैसे hi रट हुए बेहोस हो गया

आफ्टर सम टाइम लेटर

अभी मेरा पूरा परिवार दादा से लेके मौसी तक सब थे जिनको भी मेरे बेहोस होने के बारे में बताया वह सभी अपना काम छोड़के हॉस्पिटल आगये अभी दादाजी ने तोह नाना को माफ़ कर दिया था इसीलिए सब फिलहाल अपनी जान पहचान बढ़ा रहे थे अभी सब बात hi कर रहे थे की तभी हॉस्पिटल के कॉरिडोर में मीरा माँ की एंट्री हुई

मीरा माँ :-(दादाजी से) प्रणाम ठाकुर साहब छोटे मालिक कैसे है अब कहा है

दादाजी :- वह अभी अंदर कमरे में है इलाज कर रहे है गिरने के वजह से सर में पत्थर लगा है ज्यादा कुछ नहीं हुआ है टेंशन मत लो

मीरा :- सहुआकर है भगवन का ये में कुछ औषधि लायी थी इससे उन्हें आराम मिलेगा

ममी :- (मीरा माँ से) जी आप कोण

मीरा :- मेरा नाम मीरा है में ठाकुर साहब के प्रमुख दस मेसे 1 हु

दादाजी :- ये राज के लिए माँ सामान है इन्होने hi बचपन में राज को अपने बच्चों से भी बढ़कर प्यार दिया और जब भी राज को भूक लगती तोह इन्होने hi उसे अपना दूध पिलाया है

मीरा :- ठाकुर साहब ये तोह मेरा फ़र्ज़ था छोटे मालिक भी तोह मेरे हर जरुरत का ध्यान रखते है कभी मुझे अकेला नहीं पड़ने दिया

अभी कोई कुछ बोलता की तभी डॉक्टर वार्ड रूम से बहार आता है

दादाजी :- राज कैसा है डॉक्टर ठीक तोह है न

डी. :- आप जरा मेरे साथ आइये

डॉक्टर के ऐसे बोलने से सब और टेंशन में आ गए और फिर दादाजी, नाना, डैड, और बी. मां डॉक्टर्स के पीछे गए

इन डॉक्टर्स केबिन

डी. :-(नाना और मां से) आप दोनों कोण है

दादाजी :- रहने दो डॉक्टर वह राज के नाना और मां है

डी. :- ओह्ह तोह आइये आप

नाना :- क्या हुआ राज ठीक तोह है न

डैड :- डॉक्टर राज ठीक तोह है न अगर कोई सीरियस बात है तोह बोलिये अभी डॉक्टर्स की फ़ौज खड़ीकर दूंगा

डी. :- (दादाजी से) देखिये ठाकुर साहब में जो भी बोलूंगा वह सब ठन्डे दिमाग से सुन्ना और जवाब भी शांति से देना प्लीज

वैसे में जनता तोह हु की आप सब छोटे मालिक से बेहद प्यार करते है और कभी उसे तकलीफ नहीं दे सकते

दादाजी (बिच में) :- जो बोलना है पूछना है निडर होक पूछिए यहाँ न हम ठाकुर है न कोई राजा

डी. :- ठीक है फिर क्या अभी आपके घर में या पहले कभी कोई छोटे मालिक को मरता था उन्हें दर्द देता था

डैड (मां को घूरके) :- अभी या कभी भी हमारे घर में राज को कोई दर्द नहीं मिला लेकिन है राज का बचपन के हर दिन एक जैसे नहीं थे

डी. :- समझ गया बचपन में कोई उन्हें मरता था

दादाजी :- है लेकिन अब नहीं वह भी सुधर गए है वैसे आज तक फिर कभी ताज से मिले तोह नहीं लेकिन आज मिलने वाले थे

डी. :- और ये बात छोटे मालिक को पता थी

दादाजी :- नहीं ये तोह हमे भी नहीं पता थी

डी. :- क्या ये सब होने से पहले राज ने उन्हें देखा था या बात की थी

दादाजी :- बात तोह नहीं लेकिन देखा जरूर था और उसी के बाद ये सब हुआ वैसे इन सब सवालो का क्या मतलब

डी. :- मतलब ये की वही बचपन की बुरी यादे उनके दिमाग में घर की हुई है वह भले hi बहार से खुदको कितने hi ताकतवर या कितने hi मातुरे दिखाए लेकिन उनके दिमाग के एक हिस्से में अभी भी वह दर्द से कराहता रोटा हुआ कमजोर बचा जिन्दा है जो आज फिर सब के सामने आया

नाना :- जरा खुलके बता येंगे

डी. :- मतलब आज जब उन्होंने उस आदमी को देखा तोह उनके दिमाग ने उन्हें सब बचपन की साडी पुराणी यदि दिखाई जब वह उन्हें मरते थे वह सब जिससे ुकनके दिमाग में जो बचपन में दर बैठ गया तह जो शायद आप सब के प्यार ने जिसे धक् दिया था वह आज फिर खुल गया

डैड :- तोह क्या वह ऐसे hi डरता रहेगा

डी. :- नहीं थोड़ा नार्मल होने के बाद अगर उन्हें फिर से आप सब का प्यार मिले तोह हो सकता है की वह फिर नार्मल हो जाये

नाना (डरते हुए) :- तोह क्या राज उस आदमी से कभी नहीं मिल सकता

डी. :- इसका जवाब डिपेंडस ों थे क्या वह आदमी सच में सुधर गया है

और अगर है है तोह बस उनकी और उस आदमी के बिच की बॉन्डिंग को थोड़ा स्ट्रांग कर दीजिये वह अपने आप इस दर को भगा देंगे

डैड :- और अगर जवाब न है तोह

डी. :- तोह बातचीत hi ख़तम

दादाजी :- ठीक है डॉक्टर हम राज को कब ले जा सकते है

डी. :- आज की रात उन्हें यही रहने दीजिये और सिर्फ वही यहाँ रुके जिनकी बॉन्डिंग उनके साथ एकदम मजबूत है बस वही

दादाजी :- ठीक है

फिर बहार आके दादाजी ने सबको बताया जो डॉक्टर ने उन्हें बताया उसके बाद सबसे विचार विमर्श करके C.mama, C.chacha, और दीदी के रुकने का फैसला किया

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 33

वही हॉस्पिटल के वार्ड में

अभी में वार्ड में अकेला था तभी मुझे थोड़ा थोड़ा होश आने लगा था जब मेरी आखे पूरी तरह से खुल गयी तोह देखा गाइड मेरे सामने बैठ कर ध्यान लगा रहा था

ग. :- उठ गए राज

में :- में यहाँ कैसे आया

ग. :- तुम्हे सुच में याद नहीं की तुम याद करना नहीं चाहते

में :- पता नहीं जब वह सामने आये तोह अचानक एक साथ 3 - 3 इमोशंस बहार आगयी सबसे पहले जब मिला तोह इतनी ख़ुशी हुई की बता नहीं सकता की अब में भी मेरे नाना नानी के साथ रह पाउँगा उनके साथ घूमने जा पाउँगा लेकिन अगले hi पल उन्होंने जो मेरे साथ किआ वह याद आया जिससे मेरे अंदर जैसे ज्वालामुखी पहात गया हो इतना गुस्सा आया की ऐसा लगा अभी जेक उनकी जान लेलु लेकिन अचानक hi उनसे इतना दर लगने लगा की जैसे में उनके सामने भी गया तोह वह मुझे मार देंगे

ग. :- हम्म्म ये बात है तोह अब कैसा लग रहा है

में :- सर पहात रहा है

ग. :- ध्यान लगाओ तुम्हे सब ठीक लगेगा और है तुम्हारा जन्म प्यार बाटने के लिए हुआ है इसीलिए कोई तुमसे नफरत नहीं कर सकता याद रखना

में :- लेकिन फिर जब वह सामने आएंगे फिर से या तोह गुस्सा आएगा या तोह दर लगेगा तोह कैसे प्यार बाटूंगा

ग. :- ऐसा क्यों सोच रहे हो जबकि तुम्हे ये सोचना चाहिए की सबसे पहले उन्हें देख कर तुम्हे ख़ुशी क्यों हुई

में :- क्यों हुई मतलब मेरा परिवार है वह भले hi उन्होंने गलत किआ है लेकिन अब सुधर भी रहे है

ग. :- यही तोह में बोल रहा था की तुम इस पर ध्यान दो की वह तुम्हारा परिवार है सुधर रहे है उन्हें एक चांस चाहिए जो तुम उन्हें दे सकते हो

में :- में समझ रहा हु लेकिन

ग. :- ये सब छोड़ो मुझे मेरे सवालों के जवाब दो

में :- पूछो

ग. :- तुम्हे ये कैसे पता चला की इस सब के पीछे डॉक्टर और राणा hi इन सब के पीछे है ये कैसे पता चला

में :- जब मेने डॉक्टर की कल्लोर पकड़ी थी तब पता चला

ग. :- बराबर और उस जहर के बारे में कैसे पता चला

में :- जब शेरा के हाथ पकड़ा था तब दिमाग में 3 फोटोज आई जिसमे से एक में था की किसी इंजेक्शन को शेरा के हाथ में लगाया जा रहा था

ग. :- सही और उस जंगल के बारे में

में :- 2ंद फोटो वही थी

ग. :- और उसके घर पे अटैक हुआ वह

में :- वह भी उन्ही 3 फोटो में से सबसे पहले दिखी थी

ग. :- ाचा है तुम्हे ध्यान लगाना होगा जिससे तुम्हारी जो पावर्स ुनबलने है वह बैलेंस हो जाये

में :- ठीक है वैसे तुम्हारा नाम क्या है

ग. :- नाम नहीं है मेरा तुम मुझे गाइड hi बुलाओ

में :- तुम्हारा नाम नहीं है तोह तुम हो कोण या ये पुछु क्या हो

ग. :- में क्या हु ये तुम ऐसे समझ सकते हो जैसे किसी महँ शक्ति स्त्रोत को एक योग्य व्यक्ति मिलने तक किसी और को सूप दिया हो

में :- में कुछ समझा नहीं

ग. :- समय सब समझा देता है

चलो अब ध्यान लगाओ तुम्हे तुम्हारे सरे सवालों के जवाब मिल जायेंगे

उसके बाद वह फिर से लाइट बांके चले गए और में ध्यान लगाने लगा

जब में ध्यान लगा रहा था तोह मेरा tri-netra खुलने लगा और जो सबसे पहले देखा वह था जो सब बाटे मां और मौसी के बिच हुई (अपडेट 28) वो सब सुनने और देखने के बाद मेरे सामने का चित्र बदलने लगा फिर जब दादा और नाना के बिच सवाल जवाबों का राउंड चल रहा था वह दिखाई देने लगा फिर अचानक मेरा ध्यान टूट गया जब ध्यान टुटा तोह मेरे सर में इतने तेज़ दर्द हो रहा था जैसे पहात hi रहा है जब में दर्द के कारन यहाँ से वह सर घुमा रहा था तभी मेरी नज़र पास hi के आईने पर पड़ी जिसमे मेरे प्रतिबिम्ब था लेकिन मेरे दोनों भौं (एएब्रो) के बिच में मुझे एक चमकता सा डॉट दिख रहा था जो जल्द hi गायब हो गया जैसे hi वह डॉट गायब हो गया उसके थोड़ी देर बाद hi मेरा सर दर्द भी काम हो गया तभी मुझे किसी के आने की आहात हुई तोह में भी वापस आके अपने बीएड पे लेत गया अब मुझे ये तोह पता चल गया था की अब नाना से कोई खतरा नहीं है और इससे मुझे ख़ुशी भी बहोत हुई की अब मेरा पूरा परिवार एक साथ होगा

अभी में लेता hi था की कुछ देर में एक नर्स आ गयी मुझे होश में पाकर उसने सबसे पहले मुझे बीएड पर बिठा दिया फिर मेरे से मेरा हाल पूछा जब मेने सब ok कहा तोह वह बहार गयी अभी वह बहार गयी hi थी की दरवाजा फिर से खुल गया और उसमे से सबसे पहले दीदी दौड़ के आयी और मेरे गले लग गयी तब तक c.chacha ने भी घर में सब को बता दिया था

दीदी :- भाई तू ठीक है कही दर्द तोह नहीं अगर है तोह बता में अभी डॉक्टर से पैन किलर लेके आती हु

में :- अरे दीदी शांत कुछ नहीं हुआ में ठीक हु

दीदी :- सच बोल रहा है न

में :- आपसे झूट बोलके क्या मिलेगा मुझे

C.chacha :-ाचा राज तू आराम कर हम बहार है

दीदी :- नहीं में राज के पास hi रुकूंगी

में :- ठीक है

फिर c.chacha और मां बहार चले गए और दीदी मेरा हाथ पकड़ के वही बैठ गयी दीदी के ऐसे बैठने की वजह से उनकी चुनरी कब की उनके सीने का साथ छोड़ गयी थी जिस वजह से मेरी नज़र उनके चुचों की बिच की गहरी खाई में बार बार गिर रही थी जिसे दीदी ने भी देख लिया अगर पुराण राज होता तोह जरूर अपनी नज़रे हटा लेते लेकिन आज जब इस मनमोहक नज़ारे के दर्शन हुए तोह सबसे पहले मुझे दीदी का पूरा कामुकता से भरा हसीं बदन दिखने लगा जिसे पहले भी मेने 2 बार फुल नुदे देखा है फिर उसके बाद खेतो में जो भाई बहन की चुदाई देखि थी वह आखो के सामने आ गयी जिससे मेरे शरीर में हलके हलके गर्मी पैदा होनी शुरू हो गयी थी जिसका पता मेरे खड़े हो रहे लुंड से चल सकता था जो शायद दीदी ने भी देख लिया जो उनके चेहरे पर आ रही हलकी सी शैतानी मुस्कान से पता चल रहा था मुझे लगा था दीदी गुस्सा करेगी लेकिन दीदी को यु मुस्कुराते देख में भी कंफ्यूज हो गया और आँखे बंद करके ध्यान लगाने लगा जिससे में दीदी के मन में आ रहे विचार सुन प् रहा था

दीदी (मन में) :- हाय देखो तोह कैसे चुपके चुपके मेरे छाती को घूर रहा है (मेरा सर सहलाते हुए) लेकिन इसे क्या पता जिस खजाने को चुपके से देखने में भी ये दर रहा है वह तोह खुद इसके हाथो लूटने को बेक़रार है (मेरे साइन पर सर रखते हुए) काश भाई तू ये समझ पता की तेरी बहन तुझसे कितना प्यार करती है भले hi इसकी शुरवात वासना से हुई थी लेकिन ये मेरे अंदर तेरे प्रति जो प्यार था उसे बहार निकलने में कामयाब भी हुई में तोह कब से तेरे प्रति अट्रैक्शन फील कर रही थी लेकिन जब तूने भाई बहन के रिश्ते का मतलब समझाया तब पूरी रात में सो नहीं पाई और वही वक़्त था जब ी फील की ी लव यू राज बूत नॉट अस ा बरोथेर एंड सिस्टर बूत अस ा गर्ल एंड बॉय में अब तेरे बिना नहीं जी सकती

अब दीदी का भाषण उनने के बाद मुझे मेरे कानो पर विश्वास hi नहीं हो रहा था लेकिन जब में सब सुन रहा था तबसे दीदी को नुदे सोते हुए देख कर से दीदी का जो अजीब रवैया था मेरे प्रति जिसे में अब तक इग्नोर कर रहा था वह अचानक hi मेरे सामने आ गया दीदी का मेरे सामने एक्सपोसिंग कपडे पहन के आना मुझसे चिपक के सोना मुझसे गर्लफ्रेंड के बारे में पूछना सब कुछ अभी में लेता हुआ hi था की……

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आज के लिए इतना hi


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