Adultery Sex Ka Jamana (TMKOC) - Page 12 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery Sex Ka Jamana (TMKOC)

सेक्स का जमाना अपडेट 101

तोह दोस्तों हमारा पिछले अर्च काफी सेक्स कोन्सुमिंग था और खूब सेक्स हुआ उस अर्च में गोगी ने तो तेहेलका मचा दिया. हमें पता चला की बबिता को कौन ब्लैकमेल कर रहा था. जेठालाल की 2 और शादिया हुयी हमारा पिछले अर्च कई सारे राज़ खोल कर गया और कई नयी चीज़ों का सेटअप कर के गया

वैसे तो क्रोनोलॉजी के अनुसार 10 उपदटेस Hi हुए लेकिन पार्ट्स में डिवाइड हो जाने के चलते टोटल 14 उपदटेस हो गए उम्मीद करता हु आपको Gogi's सेक्स एडवेंचर अर्च पसंद आया होगा

और आज इस अपडेट के साथ सुरुआत होती है हमरे सीरीज के 4तह अर्च लेस्बियन सेक्स अर्च की

अर्च 4: लेस्बियन सेक्स अर्च


शाम के 7 बज रहे थे. तारक Dheere-Dheere सोसाइटी की तरफ चला जा रहा था, हाथों में एक छोटा सा पॉलिथीन लिए हुए.

रस्ते में अब्दुल उसको देख कर आवाज़ लगा दिया.

अब्दुल: अरे मेहता साहब! कैसा चल रहा है सब?

तारक (रुक कर, मुस्कुराते हुए): सब बढ़िया है अब्दुल मिया. तुम बताओ, अपने Haal-Chaal?

अब्दुल (थोड़ी शर्म से): अरे हम तोह आप लोगों का Hi इंतज़ार कर रहे हैं...

तारक (सवालिया नज़रों से): क्यों भाई? इतना इंतज़ार क्यों?

अब्दुल (मुस्कुराते हुए, थोड़ा लड़खड़ाते हुए): अरे... आप लोगों की चुदाई की कहानियां सुनने को मिलेंगी न इसलिए.

तारक (हंसी रोक नहीं पाया): हम्म... तोह अब्दुल मिया अपने छोटे मिया को खुश करना चाहते हो?

अब्दुल (घबरा कर): क्या बात कर रहे हो आप भी मेहता साहब!

तारक: शामिल हो जा तू भी. और हो सके तोह अपनी बीवी को भी ले आना.

अब्दुल (थोड़ा सीरियस हो कर): सोच तोह मैं भी रहा था की बुला लू...

तारक ( सुरप्रीसेड ): क्या? तेरी शादी हो गयी है क्या?

अब्दुल (घबराते हुए): अभी नहीं हुई... लेकिन सोच रहा हूँ कर लू.

तारक (हस्ते हुए): वह! तोह फिर बुलाओगे न शादी में?

अब्दुल: निकाह मेहता साहब... निकाह.

तारक ( आँख मारते हुए ): अब लेखक को शब्द सीखने लगे हो? चल ठीक है.

अब्दुल: वैसे आप अभी कहाँ जा रहे हो?

तारक: घर Hi जा रहा हूँ भाई... किसके घर, यह तोह अभी पता चलेगा.

अब्दुल (उत्साहित हो कर): अरे बताओ न...

तारक (हस्ते हुए): लगता है तुम बहुत तड़प रहे हो अब्दुल मिया. ठीक है, मैं तुझे भी ग्रुप में ऐड कर देता हूँ अभी. रात तक सब पता चल जाएगा.

अब्दुल (खुश हो कर): वाह मेहता साहब! जल्दी से ऐड कर दो.

तारक: बस बस... हो गया. अब मैं चलता हूँ. रात को मिलते हैं.

अब्दुल: कोंग्रटुलतिओन्स मेहता साहब!

तारक (पीछे मुद कर): मुझे क्या कोंग्रटुलतिओन्स? बधाई तोह तुम्हे मिलनी चाहिए... अब तुम भी इसमें आने वाले हो.

अब्दुल: हाँ वह तोह है... लेकिन मैं और मेरी बेगम रहेंगे कहाँ?

तारक: कही भी रह लेना यार. सोसाइटी में जगह की कमी थोड़ी है. अगर प्रॉब्लम हो तोह मेरे घर आ जाना. वैसे भी चुदाई में सब खुल के Hi होगा.

अब्दुल (सोचते हुए): चलो... मैं सोच कर बताता हूँ.


तारक (आगे बढ़ते हुए, ज़ोर से): सोचना छोड़ और छोड़ना शुरू कर अब्दुल मिया! अभी मौका है...

तारक सोसाइटी में पहुंचा और सीधे जेठालाल के घर की सीढ़ियों पर चढ़ गया. उसने दूर बेल्ल बजा दी.


डिंग डाँग... डिंग डाँग...

अंदर से हलकी सी हील्स की आवाज़ आयी. तारक के चेहरे पर एक नॉटी स्माइल आ गयी.

दरवाज़ा खुला.

सामने कड़ी थी कटरीना — बिलकुल कासुअल और सेडक्टिव लुक में.

उसने एक टाइट बीज क्रॉप टॉप पहना हुआ था जो उसके बूब्स को अच्छे से हाईलाइट कर रहा था और थोड़ा क्लीवेज भी दिखा रहा था. ऊपर एक ब्लू डेनिम जैकेट थी जो उसने ओपन राखी हुई थी, स्लीव्स को थोड़ा फोल्ड करके. नीचे High-Waisted ब्लू जीन्स जो उसकी कर्तव्य गांड और पतली कमर को पर्फेक्ट्ली फिट कर रहे थे. बाल ओपन और वेवी थे, थोड़ा मेस्सी लुक दे रहे थे, और गले में एक सिंपल गोल्ड पेंडंट लगा हुआ था.





कटरीना ने एक हाथ जीन्स की पॉकेट में दाल रखा था और दूसरे हाथ से जैकेट को थोड़ा एडजस्ट कर रही थी. वह तारक को देख कर हलके से मुस्कुरायी.

कटरीना (सुरप्रीसेड लेकिन सेडक्टिव वौइस् में): अरे... तारक जी? आप?

तारक (उसको ऊपर से नीचे तक घूरते हुए, मुस्कुराते हुए): हाँ कटरीना जी... बहुत दिन बाद दिखाई दी.

कटरीना ने दरवाज़ा और थोड़ा खोल दिया, बॉडी को साइड में करके तारक को अंदर आने का इशारा किया. जैसे Hi तारक अंदर गया, उसकी नज़र सीधे कटरीना के डीप क्लीवेज पर पद गयी.

कटरीना (दरवाज़ा बंद करते हुए, थोड़ी शर्म से लेकिन आँखों में मस्ती): आपका ध्यान Hi दूसरी जगह रहता है हम कैसे दिखेंगे... कुछ स्पेशल प्लान है रात का. आप भी इसीलिए आये हो क्या?

तारक (कुछ ज़्यादा Hi क्लोज हो कर): हाँ... प्लान तोह बहुत बड़ा है आज. अब्दुल को भी ऐड कर दिया है ग्रुप में. अब पूरा गैंग रेडी है.

कटरीना हलके से हसी, अपना एक हाथ तारक के चेस्ट पर रख दिया और धीरे से बोलै:

कटरीना: तोह फिर... अंदर चलो न. दया जी लिविंग रूम में हैं.

लेकिन पहले... (उसने अपने होंठ छुआते हुए) थोड़ा फ्रेश हो जाओ. आज की रात बहुत... गरम होने वाली है.

तारक की आँखें कटरीना के हिप्स पर टिक गयी जब वह आगे चलती हुई लिविंग रूम की तरफ ले जा रही थी. हर कदम के साथ उसकी गांड हिल रही थी

तारक अंदर चला गया. कटरीना उसके Aage-Aage चल रही थी.

हर कदम के साथ उसकी टाइट ब्लू जीन्स में उभरी गांड हिल रही थी और ओपन डेनिम जैकेट के अंदर वाला बीज क्रॉप टॉप उसके बूब्स को तैसे कर रहा था.

तारक ने घर में चरों तरफ नज़र डाली. लिविंग रूम, किचन, सब खली था. बिलकुल सन्नाटा था.

तारक (थोड़ा सुरप्रीसेड हो कर): अरे कटरीना जी, यहाँ तोह कोई नहीं दिखाई दे रहा. जेठालाल कहाँ है?

कटरीना रुक कर पीछे मुद गयी, उसके होंठों पर एक नॉटी स्माइल थी.

कटरीना: आपके Hi परम मित्र हैं... आपको Hi पता होगा न?

तारक (सर हिलाते हुए): मुझे तोह सच में नहीं पता. और दया भाभी? चम्पक चाचा? वह भी नहीं दिख रहे.

कटरीना धीरे से मुस्कुरायी. उसने अपने वेवी बाल पीछे किये और तारक की तरफ एक कदम बढ़ आयी.

कटरीना: आपके परम मित्र पिछले 2 दिन से घर नहीं आये. चम्पक जी Aag-Babula हो गए थे... उनकी Hi आग बुझा रही हैं आपकी दया भाभी.

तारक (उसके क्रॉप टॉप के अंदर वाले बूब्स को घूरते हुए, थोड़ा हसकते हुए): आग तोह मेरे अंदर भी लगी हुई है कटरीना जी... लेकिन बुझ नहीं रही.

कटरीना ने तारक को आँखों में आँखें दाल कर देखा. उसकी आँखों में एक अलग Hi मस्ती थी. वह और करीब आ गयी, अब सिर्फ एक हाथ का फासला था दोनों के बीच.

कटरीना (धीरे से, सेडक्टिव वौइस् में): तो मैं बुझा देती हूँ...

वैसे भी चैंप्स के अलावा आज तक किसी और ने मुझे टच भी नहीं किया है.

तारक की आँखें चमक उठी. उसके चेहरे पर ख़ुशी साफ़ दिखाई दे रही थी.

जैसे Hi तारक कुछ बोलने वाला था, कटरीना ने हलके से अपना राइट हाथ नीचे किया और सीधे तारक के लुंड पर रख दिया. जीन्स के ऊपर से Hi उसने Dheere-Dheere प्रेस करना शुरू कर दिया.

कटरीना की उंगलियां तारक के खरे लुंड को फील कर रही थी. वह तारक की आँखों में देखते हुए धीरे से बोली:

कटरीना: लगता है आग बहुत तेज़ है... मैं बुझाने की पूरी कोशिश करुँगी.


और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु की आपको ये अपडेट पसंद आया होगा
 
सेक्स का जमाना अपडेट 102

वह दोनों जेठालाल के घर के ड्राइंग रूम में थे. लाइट्स डिम थी, सिर्फ एक कार्नर लैंप का हल्का गोल्डन ग्लो था जो उनके नंगे बदन पर पद रहा था. सोफे पे एक सॉफ्ट वेलवेट शीट बिछा हुआ था. कटरीना की फेमस कर्व्स बिलकुल नंगी थी – उसकी बड़ी बड़ी चूचियां, पतली कमर, और गोल गोल गांड. तारक मेहता उसके सामने घुटनो पे बैठा था, उसकी आँखों में पुरे लस्ट और प्यार का मिक्स था.

तारक और कटरीना एक दुसरे की आग बुझा रहे थे.






तारक ने धीरे से कटरीना के दोनों पेअर फैला दिए. उसकी छूट बिलकुल वेट और ग्लिस्टेनिंग थी. पिंक लिप्स थोड़े पहले हुए थे, क्लीट आलरेडी टाइट और उभरी हुई थी. तारक ने अपनी जुबां बहार निकली और पहली बार उसकी छूट के ऊपर से एक लम्बी सी लीक दी.





उफ्फ्फ्फ़… तारक Jiii…aaahhh तारक जीई… हैं… आह्हः हुडडडडड… उफ्फ्फ्फ़… इससष्ठ… अह्ह्ह… मज़ा आ रहा है… बहुत मज़ा… आठ रहहह हैई चुसोऊ चातुओ ऐसेइहह हीह उफ्फ्फ्ह्ह ाहहजगह िसष्ठ

हुङदङङ… हफ्फ्फ्फ्फ़… ओह्ह्ह फ़क… तारक जीई… जुबां अंदर… आआह्ह्ह… इस्स्स्सह्ह्ह… छूट जल रही है… आह्हः… और चाटो… हैं… मज़ा… बहुत मज़ा आ रहा है… आआह्ह्ह… हुङदङङ… सलूरररपपप… उम्मम्मम… अह्ह्ह…

ुह्ह्ह्ह… अह्ह्म्म… सलुउरररप्प… छग… उह्ह्ह… ममम…

सलूरररपपप… अहहा… उम्मम्मम… अहम्म्म्म… उह्ह्ह…

हुङदङङ… हफ्फ्फ्फ्फ़… सलूरररपपपप… ममम… अहह… उठ…






उम्म्म्म… अह्ह्म्म… उह्ह्ह… सलूरररपपप… सलूरररपपपप…

ाहहए… हम्म्म्म… ुहम्म… अह्ह्ह… ममम… उह्ह्ह…

सलूरररपपप… छग्गग… ससलरररप… उम्मम्मम… अहह…

ुह्ह्ह्ह… अहम्म्म्म… सलुउरररप्प… हुङदङङ… ममम…

तारक ने मुस्कुराते हुए उसकी छूट को अपने मुँह से कवर कर लिया. उसकी जुबां अंदर बहार करने लगी जैसे कोई एक्सपर्ट हो. पहले वह क्लीट को टारगेट किया – उसको चूसने लगा, जुबां से घूमता हुआ, हलके हलके काट भी देता. कटरीना के पेअर काँप रहे थे. उसकी छूट से पानी निकल रहा था और तारक उसको पि रहा था जैसे प्यासा हो.

आह्हः तारक जीई… अहह हफहह हाँ वही… छूट चाट लो मेरी… आह्हः िस्ष्ह…

कटरीना ने अपने हाथ तारक के बाल में दाल दिए और उसके सर को अपनी छूट पर और ज़ोर से दबा दिया.






तारक ने स्पीड बढ़ा दी. अब अपनी जुबां अंदर तक घुसा रहा था. उसकी छूट के अंदर की वाल्स को लीक कर रहा था. कभी कभी उसकी जुबां को अंदर घुमा कर उसके G-Spot को टारगेट कर देता. कटरीना की गांड उठ उठ कर ऊपर हो रही थी. उसकी सांसें तेज़्ज़ हो गयी थी.

तारक… ओह फ़क… तुम्हारी जुबां… इतनी तेज़… मेरी छूट जल रही है… आह्हः… बुझा दो इस आग को… हुड्ड़ हुफ्फ… अंजलि को तो मज़ा Hi आ जाता होगा अह्ह्ह हाशहहह

अंजलि का नाम सुन कर तारक का जोश और बढ़ गया और तारक ने दोनों हाथों से कटरीना की तइस को पकड़ लिया ताकि वह हिल न सके. उसकी जुबां अब Non-Stop काम कर रही थी – लीक, सूचक, फ्लिक, Tongue-Fuck. कटरीना की छूट से इतना पानी निकल रहा था की तारक के मुँह और चीन तक गीला हो गया था. वह हर बूँद को चाट रहा था.

कटरीना का पहला ओर्गास्म आ गया. उसकी बॉडी एकदम टाइट हो गयी, पेअर तारक के कन्धों पर ज़ोर से डाब गए.

आआह्ह्ह्हह तारक जीईई… मैं आ रही हूँ… उम्म्म… अहंमम… अह्ह्म्म… उठ… उह्ह्ह… सलूरररपपप… सलूरररपपपप…

अहहा… हम्म्म्म… उम्मम्मम… अहह… ुहम्म… उह्ह्ह…

सलूरररपपप… सलूरररपपप… छग… ससलरररप… सलुउरररप्प…

उम्म्म्म… अहम्म्म्म… ुह्ह्ह्ह… उम्म्म… अहह… ममम… ुहम्म…

ुह्ह्ह्ह… अह्ह्ह… उम्मम्मम… सलूरररपपपप… सलूरररपपप…

अहहा… हम्म्म्म… उठ… उह्ह्ह… अह्ह्म्म… ममम…

सलूरररपपप… ससलरररप… छग्गग… सलुउरररप्प…






उम्मम्मम्म… अम्म्मम्म… ुहम्म… अह्ह्ह… उह्ह्ह…

उम्म्म… अहंमम… अह्ह्म्म… उठ… उह्ह्ह… सलूरररपपप… सलूरररपपपप…

हम्म्म्म… ाहहए… उम्म्म… अहह… ममम… ुहम्म… Uhhh…aaahhh हुड्ड़… िस्ष्ह… छूट पहात रही है… आआह्ह्ह!

उसकी छूट ने तारक के मुँह पर ज़ोर ज़ोर से पल्सेस दिए. पानी का फाउंटेन जैसे निकल रहा था. तारक ने सब पि लिया, एक बूँद भी वास्ते नहीं होने दिया. कटरीना की सांसें बहुत तेज़ चल रही थी, उसकी चूचियां ऊपर नीचे हो रही थी.

तारक उठा और कटरीना के सामने खड़ा हो गया. उसका लुंड आलरेडी रॉक हार्ड था 10 इंच का मोटा लुंड, टॉप पर प्रेकम चमक रहा था. कटरीना ने अपनी आँखें खोली और मुस्कुरायी.

“अब मेरी बारी है तारक जीई…”

कटरीना ने तारक को सोफे पर बैठा दिया. वह उसके सामने घुटनो पे बैठ गयी. उसकी बड़ी बड़ी आँखें तारक के लुंड पर थी. पहले उसने अपनी जुबां बहार निकाली और लुंड के टॉप को लीक किया – प्रेकम को चाट लिया.






ममम… टेस्टी है तुम्हारा लुंड

फिर उसने पूरा लुंड मुँह में ले लिया. एक Hi झटके में थ्रोट तक. तारक के मुँह से सिसकारी निकल गयी.

Wakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..

Gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...gwakk...gwak....

Aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..gwakk...gwakk...axxgh...coxgh...

Gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga

तारक : फूऊक कटरीना… तुम्हारी मुँह की गर्मी… अह्ह्ह…

कटरीना अब प्रोफेशनल ब्लोजॉब दे रही थी. उसकी जुबां लुंड के नीचे की वीन पर घूम रही थी. कभी कभी वह लुंड को मुँह से बहार निकाल कर उसके बॉल्स को चूस लेती. फिर वापस पूरा लुंड थ्रोट तक. उसकी गांड ऊपर उठी हुई थी और तारक उसको देख रहा था.






तारक जीई… तुम्हारा लुंड इतना मोटा… मेरे गले तक… ग्ग्ग्गहह… ाःघ कटरीना की आवाज़ लुंड मुँह में होने की वजह से गरम और गीली थी.

Gwakk...gwak....aggh...gghj....axgghh....gwak...

Axghh...xggh...coghh....gwakk...gwakk..agh...agahsggaga

....Gagsg...agga...agh...agagsg.....agh..gaha...gah...agh...agh....agh..ahgh...gwakk...

Xggh...vogghh...coghh..xggh...gwakk.agh...coggh...

Gulppp....aagghhbb....aagaghh....xxxghhh....uhhggh...aaaghhv....

Aaagghhb....xxgghh....ggullp....aagghh...guullppp...........

Aagghhb....cogghh...coxxgghh...gulppp....gwaakkkhh...

वह अब स्पीड बढ़ा रही थी. हेड बॉब कर रही थी तेज़ तेज़. कभी कभी उसके हाथ से लुंड को हिलती और मुँह से चुस्ती. तारक के हाथ उसके बाल में थे. वह कटरीना के मुँह में अपना लुंड अंदर बहार कर रहा था.

तारक : कटरीना… तुम बहुत अच्छा सूचक करती हो… आह्हः… पूरा ले लो… डीप थ्रोट… यस बेबी…






कटरीना ने अपनी आँखें ऊपर करके तारक को देखा और और ज़ोर से चूसने लगी. उसकी थूक लुंड पर गिर रही थी और वह उसको अपने हाथ से फैला रही थी. तारक का लुंड अब पूरा चमक रहा था.

तारक ने कटरीना को उठाया और सोफे पर लिटाया. अब मिशनरी पोजीशन का टाइम था. तारक ने कटरीना के दोनों पेअर कन्धों पर रख दिए. उसकी छूट बिलकुल खुली हुई थी और अभी भी ओर्गास्म के बाद गीली थी. तारक ने अपना लुंड उसकी छूट के एंट्रेंस पर रखा और एक Hi झटके में अंदर दाल दिया.






आआह्ह्ह्हह तारक जीई… पूरा दाल दो… अहह हुड्ड़… इतना मोटा… मेरी छूट पहात गयी… Issshh…uhhffhh...chodoohhhh...aahhh...bohothhh...mazaahhh...aahhh...rahahhh...haihhh

Aaahhh...uuhhffhh...uhhmma....aahhgh...chodohhh...chodoohhh...sssshhh...haaa

Haaa...issshhhh....fuckkkk...ssshhh...gghhh...oohhh...huffffh...aaahhghh...ahhh

Aahhh....uhhhghh...hhhmmm...aaahhh....

Ssshhh....hmmmm....uhhhh.....aaahhhh....ahhhh....chodoohhhh.....

Ahhh...ahhhh....ahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh

तारक ने स्लो स्लो धक्के मरने शुरू किये. हर धक्के में पूरा लुंड अंदर बहार. कटरीना की चूचियां ज़ोर ज़ोर से हिल रही थी. तारक ने एक हाथ से एक चुकी पकड़ ली और उसके निप्पल को चूसने लगा.

तारक… और तेज़… चोदूहह मुझे… आग बुझा दो… अह्ह्ह… हाँ वही… G-Spot… हुड्ड़ Hufff…ahhh हाय उफ्फ्फ्फ़ ससीई ाष्ठ ऊह्ह्ह हह हाय आठ िस्ष्ह उफ्फ्फ्फ़ ाषग्ष अहहगश नाहैः हड़हड़ू फफफ ाःघ सीई है आह्हः उफ्फ्फ्फ़ हाय राम ससीई ाष्ठ ऊह्ह्ह हह आठ िस्ष्ह हाय उफ्फ्फ्फ़ अहहह






नाहैः हुफफ फफफ ाःघ सीई ाषग्ष ऊह्ह्ह हाय आह्हः उफ्फ्फ्फ़ ससीई ाष्ठ हह िस्ष्ह हाय राम आठ नाहैः हड़हड़ू हुफफ अहहगश फफफ ुह्ह्हफ ाःघ सीई ाष्ठ है उफ्फ्फ्फ़ आह्हः ससीई ऊह्ह्ह हह हाय िस्ष्ह आठ उफ्फ्फ्फ़ ाषग्ष नाहैः हड़हड़ू फफफ ाःघ अहहह सीई हाईहह

तारक की स्पीड बढ़ गयी. अब वह तेज़ तेज़ धक्के मार रहा था. सोफे की आवाज़ आ रही थी – थप थप थप. कटरीना के पेअर तारक के कन्धों पर डाब रहे थे. उसकी छूट तारक के लुंड को टाइट से पकड़ रही थी.

तारक : कटरीना… तुम्हारी छूट कितनी टाइट है… जैसे मेरा लुंड निगल रही हो… फ़क… बहुत मज़ा आ रहा है…

मिशनरी में 10 मिनट तक छोड़ने के बाद तारक ने पोजीशन चेंज की. अब काउगर्ल. तारक सोफे पर लेट गया. कटरीना उसके ऊपर चढ़ गयी. उसकी छूट तारक के लुंड पर बैठ गयी और धीरे धीरे नीचे बैठ गयी. पूरा लुंड अंदर चला गया.






“ओह्ह्ह तारक जीई… अब मैं कण्ट्रोल करुँगी… अहह हुड्ड़… तुम्हारा लुंड मेरी छूट के अंदर कितना गहरा… Issshh…uuhffhhh....ahhmm...ahhhh........uhhhh.....ahhhh....ahhhh

Ahhhhhhh...aaahhhh......ohhhm....uhhhm....ahmm....uhhh.....uhhhh

Ahhhh.....uuuhfhhh....

....Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm....ahmm...ahmm....

Uhhh....ahhh...ahmm....wahiihhh...parrr....orrr...tezzz.....orrrr....speeddd...seeehh Ahmm....ahhh...uhhh....ahhh......uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm...uhhh....

Ahhh...uhhhmmm...agghh...chodohhh.....mujehhh....aahhh

..Uhmm....humm....ahhmm......

Ahhhhhh............ahmmm.....ahhhhhhhh.....aaahhhhhaa....ohhhhhmm....

Ahhh...ahmmm...uhhh....ahhh....uhmm...humm...ahhmm....uhmm....ahhh....

Ahmmm...uhhh....ahhh.....uhmm....humm....ahhmm.....uhmm....humm....ahhmm

अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.......

Ahhhhh...ohhhhh...ohhhhhh...ufffff...uffff...uffffffff...ufffff...wahhhhhhhhh...

Wahhhhhhh...wahhhhhhhhh...wahhhhhhh...wahhhhhhhhh...ohhhhhhhhh...

Hooooooo...ummmm...ahhhh...ahhhh...ummmm...






कटरीना ने अपने हाथों को तारक के चेस्ट पर रख कर ऊपर नीचे होने लगी. उसकी गांड ज़ोर ज़ोर से ऊपर उठ रही थी और नीचे बैठ रही थी. हर बार लुंड पूरा अंदर तक जा रहा था. तारक ने दोनों हाथों से उसकी गांड पकड़ ली और निचे से धक्के मरने लगा.

तारक : कटरीना… तुम बहुत सेक्सी लग रही हो ऊपर से… छूट ले लो मेरा लुंड… हाँ… और तेज़… राइड करो…

कटरीना की चूचियां ऊपर नीचे जम्प कर रही थी. वह अपने हाथों से अपनी छूट के लिप्स को फैला रही थी ताकि तारक को पूरा व्यू दिखे. उसकी छूट से फिर से पानी निकल रहा था और तारक के लुंड पर गिर रहा था.

हाँ बेबी... आ जा मेरे पास...

आअह्ह्ह... उफ्फ्फ... सलौली दाल न... हां... ऐसे Hi...

मममहह... अह्ह्ह... कितना मोटा है तुम्हारह... अंदर तक जा रहा है... अहह... अहह... अहह... ज़ोर से... हाँ... और ज़ोर से छोड़ो न मुझे...

उउउउइइइ... माँ... बहुत मज़ा आ रहा है...

हहहह... स्सश्ह... और गहराई तक...

अह्ह्ह... फ़क... और तेज़... और तेज़ चुदाई करो...

ओह्ह्ह... हां... हां... मेरी छूट पहाड़ दो आज...






अहह... अहह... अहह... सिसकियाँ निकल रही हैं... रुकना मत...

उफ्फ्फ्फ़... बेबी... और अंदर... पूरा दाल दो...

हाय्यय... कितना मज़ा आ रहा है...

अह्ह्ह्ह... और ज़ोर से... और ज़ोर से...

कटरीना घूम कर तारक की तरफ पीठ करके बैठ गयी. उसकी गोल गोल गांड अब तारक के सामने थी. उसकी छूट ने फिर से लुंड को निगल लिया. अब वह पीछे मुँह करके राइड करने लगी.






तारक जीई… देखो मेरी गांड… अह्ह्ह… तुम्हारा लुंड मेरी छूट में कितना गहरा… हुड्ड़… हुफ्फ… िस्ष्ह…”

तारक ने दोनों हाथों से कटरीना की गांड को पकड़ लिया और ऊपर नीचे हिलने लगा. उसकी गांड के दोनों चीक्स ज़ोर ज़ोर से हिल रही थी. तारक ने एक हाथ से उसकी गांड पर थप्पड़ भी मारा.

तारक : स्लैप! अहह यस बेबी… तुम्हारी गांड कितनी सॉफ्ट है… छोड़ते हुए देखो… और तेज़ राइड करो…

कटरीना अब फुल स्पीड में थी. उसकी गांड ऊपर उठ रही थी और ज़ोर से नीचे बैठ रही थी. हर बार लुंड के बॉल्स तक अंदर जा रहा था. तारक की सांसें भी तेज़ हो गयी थी. वह भी अब झड़ने वाला था.

“कटरीना… मैं आ रहा हूँ… तुम्हारी छूट में Hi झड़ना चाहता हूँ… अह्ह्ह…”

कटरीना ने और तेज़ राइड किया. उसकी छूट ने तारक के लुंड को और टाइट पकड़ लिया.






“झाड़ दो तारक जीई… मेरी छूट में भर दो अपना माल… आह्हः… हुड्ड़… हुफ्फ… िस्ष्ह… मैं भी आ रही हूँ फिर से… आआह्ह्ह्हह!”

आह्हः तारक जीई… मैं फिर आ रही हूँ… अहह हुड्ड़… तुम्हारा लुंड… मेरी छूट को छोड़ रहा है… हुफ्फ िस्ष्ह… हाँ हाँ हाँ…

कटरीना का दूसरा ओर्गास्म आ गया. उसकी छूट ने तारक के लुंड को ज़ोर ज़ोर से स्क्वीज़ किया. तारक ने उसको रोकने नहीं दिया. वह निचे से तेज़ धक्के मार रहा था.

दोनों एक साथ झाड़ गए. तारक का लुंड कटरीना की छूट के अंदर फड़क रहा था और गरम गरम छुम के फाउंटेन निकल रहे थे. कटरीना की छूट भी उसके लुंड पर स्क्वीज़ कर रही थी. छुम बहार निकल कर उसकी तइस पर गिर रहा था.

दोनों थक कर एक दुसरे से लिपट गए. तारक ने कटरीना को किश किया – डीप और पैशनेट.

“तारक जीई… तुमने मेरी आग बहुत अच्छे से बुझाई…” कटरीना ने उसके कान में कहा.

तारक ने मुस्कुराते हुए कहा, “और अभी तोह रात बाकी है कटरीना… हम और भी बोहोत बार एक दुसरे की आग बुझाएंगे…”

वह दोनों सोफे पर Hi लेट गए, एक दुसरे के बाहों में. कटरीना की छूट अभी भी तारक के लुंड पर थी और धीरे धीरे कॉन्ट्रैक्ट कर रही थी. तारक उसकी चूचियों को सहलाने लगा.

यह रात लम्बी थी. दोनों ने कई पोसिशन्स तरय किये पूरा ड्राइंग रूम मोअन्स से गूँज रहा था.

सुबह होने तक दोनों थक कर सो गए. कटरीना तारक के साइन पर सर रख कर सोई थी. उसकी छूट अभी भी तारक के छुम से भरी हुई थी. तारक उसके बाल सेहला रहा था और सोच रहा था – यह सिर्फ शुरुआत थी.

अभी तो बापूजी के कमरे में अलग Hi खेल चल रहा था जो अगले अपडेट में पता चलेगा यारो
 
सेक्स का जमाना अपडेट 103

अपडेट 103 (बापूजी का गुस्सा दया का चूसा)

रात के 9:30 बजे... बापूजी के कमरे में तारक और कटरीना के सेक्स के शामे तिमने में

घर में सन्नाटा छाया हुआ था. जेठालाल दो दिन से घर नहीं आया था. बापूजी बहुत गुस्से में थे. उन्होंने रात का खाना भी नहीं खाया और सीधा अपने कमरे में आ कर लेट गए थे. उनके बगल में टापू गहरी नींद में सो रहा था सोनू के साथ चुदाई करके थका हुआ, सिर्फ एक चड्डी पहने हुए.

बापूजी धोती ऊपर करके लेट गए थे, आँखें बंद, लेकिन गुस्सा अंदर Hi अंदर उबाल रहा था.

तभी कमरे का दरवाज़ा धीरे से खुला.

दया (पल्लू सर पे रखे, धीरे से अंदर आती हुई): बापूजी... आप अभी तक सोये नहीं?

बापूजी (गुस्से में, आँख खुले बिना): जा दया, मुझे अकेला छोड़ दे. तेरा पति दो दिन से घर नहीं आ रहा और तू मुझे सोने दे रही है? मैं उस हरामखोर को सुबह देखता हूँ.

दया (बीएड के पास आकर बैठती हुई, हलकी सी आवाज़ में): बापूजी आप इतना गुस्सा मत कीजिये न... टापू के पापा किसी काम में बिजी होंगे. कल सुबह तक आ जाएंगे. आप ऐसे गुस्से में मत रहो, मुझे बहुत बुरा लगता है.

बापूजी: चुप करो! तू उसकी तरफ से हमेशा बात बनती है. आज मैं उसको अच्छे से डांटूंगा. अब जाओ, अपने कमरे में सो जा.

दया कुछ देर चुप रही. फिर धीरे से उठी, दरवाज़े की तरफ गयी और अंदर से कुण्डी चढ़ा दी. कमरे में सिर्फ टेबल लैंप की हलकी रौशनी थी.

दया (वापस बीएड के पास आकर, बापूजी के बिलकुल करीब बैठते हुए): बापूजी... आपको शांत करने के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूँ.

बापूजी (आँख खोल कर): क्या मतलब?

दया ने कुछ नहीं कहा. सिर्फ हलके से अपना पल्लू सरकाया. उनका टाइट ब्लाउज और गहरा क्लीवेज साफ़ दिखाई देने लगा. फिर धीरे से अपना हाथ बापूजी की धोती के ऊपर रखा और उनके लुंड के ऊपर सहलाने लगी.






बापूजी (शॉक हो कर): दया! यह क्या बदतमीज़ी कर रही है?! हाथ हटा अभी!

दया (हाथ नहीं हटते हुए, बल्कि धोती के अंदर हाथ दाल कर सीधे उनके सख्त होते लुंड को पकड़ लेती हुई): शठ... बापूजी आराम से. टापू गहरी नींद में है. आप बस चुप रहिये... मैं जानती हूँ आपको कैसे खुश करना है.

बापूजी (सांस तेज़ होती हुई, रुकने की कोशिश में): अरे पागल! यह गलत है... मैं तेरा ससुर हूँ... उठ... हाथ हटा दया...

लेकिन दया ने हाथ नहीं हटाया. बल्कि अपनी मुलायम उँगलियों से उनके लुंड को Dheere-Dheere Upar-Neeche करने लगी. बापूजी का लुंड झट से खड़ा होने लगा.

दया (मधुर आवाज़ में, उनके कान में): देखो बापूजी... आपका लुंड कितना बड़ा और गरम हो गया है गुस्से में. आपको भी तोह ज़रूरत है न सुकून की? टापू के पापा को दांत से बचने के लिए मैं आज आपकी पूरी सेवा करुँगी...

बापूजी (हलकी सिसकी के साथ): दया... तू... अह्ह्ह... रुक जा बेटी... यह पाप है...

दया (मुस्कुराते हुए, हाथ की स्पीड बढ़ाते हुए): पाप नहीं बापूजी... आपकी बहु आपको खुश कर रही है. आपने इतने साल से कण्ट्रोल किया है न? आज छोड़ दीजिये. मैं आपको पूरा खुश कर दूंगी...

दया ने अपना दूसरा हाथ भी उसे किया एक हाथ से लुंड को सेहला रही थी, दूसरे से उनके बॉल्स को हलके से मसल रही थी.






बापूजी (अब कण्ट्रोल खो चुके थे, हलकी आवाज़ में): दया... बहुत अच्छा लग रहा है... धीरे से कर... टापू उठ न जाए...

दया (अपने ब्लाउज के हुक्स खोलते हुए, अपने Bade-Bade बूब्स को आज़ाद करते हुए): देखिये बापूजी... आपके लिए खोल दिया. अब आप छू सकते हैं. और हाँ...

बापूजी (एक हाथ से दया के बूब्स को दबाते हुए, सांस फूलती हुई): तू सच में रंडी बन गयी है मेरी... अह्ह्ह... हाथ मत रोक... ज़ोर से कर...

दया (मुस्कुराते हुए, उनके लुंड को और तेज़ से हिलाते हुए): हाँ बापूजी... आपकी पर्सनल रंडी बहु. आज पूरी रात आपकी सेवा करुँगी. पहले हाथ से, फिर मुँह से, और अंत में आप मुझे छोड़ सकते हैं जितना मर्ज़ी...

दया ने अपना सर झुकाया और बापूजी के लुंड के सुपडे को अपने गीले होंठों से चुम लिया.

दया ने बापूजी के सख्त लुंड को अपने हाथ में पकड़ा और अपना मुँह खोल कर सुपडे को अपने गीले होंठों से चुम लिया. फिर धीरे से उसको अपने मुँह में लिया और अंदर तक ले जाने लगी.






दया (लुंड को मुँह में लेकर, आँखें बंद किये, आवाज़ गरम हुई): मममहह... ग्लुक... ग्लुक...

बापूजी (हलकी सिसकी लेते हुए, दया के बाल पकड़ कर): अरे वह दया... तुम्हे अच्छे से पता है मुझे कैसे मानना है बहु... अह्ह्ह... पूरा गले में ले लो... हाँ ऐसे Hi...

दया ने अपनी गर्दन आगे की और बापूजी का पूरा लुंड अपने गले तक अंदर ले लिया. उनकी नाक उनके बाल से लग गयी. वह Zor-Zor से चूसने लगी, अपनी जीभ से नीचे से मसलते हुए, Gehri-Gehri थ्रॉटिंग करते हुए.






बापूजी (सांस फूलती हुई, दया के सर को दबाते हुए): बहु... बहुत मज़ा आ रहा है... कितनी एक्सपर्ट हो गयी है तू... अह्ह्ह... चूस... ज़ोर से चूस मेरी रंडी बहु...

दया 2-3 मिनट तक ऐसे Hi Zor-Zor से चुस्ती रही, थूक से पूरा लुंड गीला हो गया था. बापूजी का लुंड अब बिलकुल स्टील जैसा टाइट हो चूका था.

फिर बापूजी ने दया के बाल पकड़ कर उसका मुँह ऊपर किया.

बापूजी (गरम आवाज़ में): अब बस बहुत हो गया मुँह में... अब मैं तेरी छूट में डालना चाहता हूँ. उठ!

दया मुस्कुरायी और उठ कर बापूजी के ऊपर आ गयी. वह रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में बैठ गयी — पीठ बापूजी की तरफ, दोनों टाँगे उनके साइड में. उसने अपनी साड़ी और पेटीकोट ऊपर किया, पंतय साइड में की और अपनी गीली छूट को बापूजी के लुंड के ऊपर रखा.






दया (अपनी छूट को लुंड पर रगड़ते हुए): बापूजी... आपका लुंड इतना बड़ा और मोटा है... धीरे से डालिये...

बापूजी (दया की कमर पकड़ कर): चुप कर और बैठ जा... पूरा अंदर ले!

बापूजी ने ज़ोर से दया की कमर नीचे की और एक Hi धक्के में अपना पूरा लुंड दया की छूट में घुसा दिया.

दया (ज़ोर से सिसक कर): आआह्ह्ह्हह बापुजीई...! बहुत गहरा... अह्ह्ह... पहाड़ दिया मेरी छूट...

बापूजी ने दोनों हाथों से दया की कमर पकड़ी और Zor-Zor से ऊपर से धक्के मरने लगे. दया रिवर्स काउगर्ल में बैठ कर खुद भी Upar-Neeche होने लगी.

बापूजी (तेज़ धक्के मरते हुए, सांस फूलती हुई): ले... ले मेरी बहु... आज तेरी छूट को जैम कर छोडूंगा... कितनी टाइट है तेरी छूट... अह्ह्ह... मज़ा आ रहा है?






दया (सिसकियों के साथ, मज़े में आँखें बंद किये): हांण बापूजिई... ज़ोर से... और ज़ोर से छोड़ो मुझे... आआह... आपका लुंड मेरी छूट को पहाड़ रहा है... मज़ा आ रहा है बहुत... अह्ह्ह... अह्ह्ह... हाँ... हाँ... और तेज़!

बापूजी ने स्पीड बढ़ा दी. पूरे कमरे में "Chap-Chap-Chap" की आवाज़ गूंज रही थी. दया के बड़े बूब्स Upar-Neeche Zor-Zor से हिल रहे थे. बापूजी ने एक हाथ आगे बढ़ा कर दया के एक बूब को ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया.

बापूजी (धक्के और तेज़ करते हुए): कितनी मस्त छूट है तेरी दया... जेठालाल को पता नहीं होगा की उसकी बीवी कितनी बड़ी रंडी है... ले... ले... पूरा अंदर तक...

दया (सर को पीछे किये, मज़े में सिसकती हुई): आआह्ह्ह... बापूजिई... मैं आपकी रंडी हूँ... जितना मर्ज़ी छोड़ो... मेरी छूट आपकी है आज रात... अह्ह्ह... पहाड़ दो... और ज़ोर से... मैं झड़ने वाली हूँ...






बापूजी ने और जैम कर धक्के मारे, दया को पूरी तरह से छोड़ते हुए. दया की सिसकियाँ कमरे में गूँज रही थी और टापू बगल में गहरी नींद में सोये हुए था.

बापूजी ने दया की कमर को दोनों हाथों से मजबूती से पकड़ लिया और Zor-Zor से धक्के मरने लगे. रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में दया की छूट में उनका मोटा लुंड पूरा Andar-Bahar हो रहा था. हर धक्के के साथ “Chap-Chap-Chap” की तेज़ आवाज़ कमरे में गूँज रही थी.

बापूजी (सांस फूलते हुए, Zor-Zor से धक्के मरते हुए): ले... ले मेरी रंडी बहु... आज तेरी छूट को जैम कर छोडूंगा... कितनी रसीली है तेरी छूट... अह्ह्ह... ले पूरा लुंड अंदर!

दया (Zor-Zor से सिसकती हुई, आँखें बंद, मुँह खुला): आआह्ह्ह्ह बापुजीई...! बहुत तेज़... अह्ह्ह... पहाड़ रही है मेरी छूट... हांण... और ज़ोर से... और ज़ोर से छोड़ो मुझे... आआह्ह्ह... मर जाउंगी आज...






बापूजी ने स्पीड और बढ़ा दी. दया की कमर को नीचे से ऊपर की तरफ धकेल रहे थे. हर धक्के में उनका लुंड दया की छूट की गहराई तक जा रहा था. दया के Bade-Bade बूब्स Zor-Zor से Upar-Neeche हिल रहे थे.

दया (सिसकियों का सिलसिला, आवाज़ कम्प रही थी): उउउउइइइ मा... बापूजिई... बहुत मज़ा आ रहा है... आआह... आपका लुंड मेरी छूट को छोड़ रहा है... हांण... और तेज़... और तेज़ छोड़ो... मैं आपकी हूँ... आज पूरी रात छोड़ो मुझे...

बापूजी (टीथ भींच कर, ज़ोर से थप्पड़ मरते हुए दया की गांड पर): ले... ले... और ले... तेरी छूट बहुत टाइट है आज... जेठिया को कभी ऐसा मज़ा नहीं दिया होगा... अह्ह्ह... बहु तेरी छूट में मेरा लुंड बिलकुल फिट हो रहा है...






दया अब पूरी तरह से पागल हो चुकी थी. वह अपनी कमर को Upar-Neeche करते हुए खुद भी धक्के लगा रही थी. कमरा उनकी साँसों, सिसकियों और चुदाई की आवाज़ से भर गया था.

दया (सर पीछे किये, गहरी सिसकी के साथ): बापुजीई... मैं झड़ने वाली हूँ... आआह्ह्ह... बहुत ज़ोर से आ रहा है... आप भी झड़ना... साथ में... साथ में झड़ना मुझ में...

बापूजी (स्पीड सबसे तेज़ करते हुए, लुंड फाड़ता हुआ): हाँ बहु... मैं भी आ रहा हूँ... तेरी छूट में Hi छोडूंगा... ले... ले... आअह्ह्ह...

दोनों का जिस्म एक साथ टाइट हो गया.

दया (ज़ोर से चिल्लाते हुए): आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बापुजीई... मैं झाड़ रही हूँ... आआह्ह्ह... निकाआल रही हूँ... उउउउइइइ मा...

बापूजी (दया की कमर को पकड़ कर ज़ोर से नीचे दबाते हुए): ले... पूरा माल ले मेरी बहु... अह्ह्ह्हह्हह...!






बापूजी का गरम माल दया की छूट के अंदर Zor-Zor से छूटा. दया की छूट भी उनके लुंड के अराउंड कॉन्ट्रैक्ट करती हुई झाड़ गयी. दोनों का जिस्म Sath-Sath काँप रहा था. बापूजी ने 6-7 बड़ी स्पोर्ट्स में अपना पूरा माल दया की छूट के अंदर भर दिया.

दोनों थक कर एक दूसरे से लिपट गए. दया ने पोजीशन बदल कर बापूजी के सीने से लग कर लेट गयी. बापूजी का लुंड अब भी दया की छूट के अंदर Hi था, Dheere-Dheere नरम पड़ता हुआ.

दया (सांस चढ़ते हुए, बापूजी के सीने पर सर रख कर): बापूजिई... आपने आज मुझे बहुत मज़ा दिया... मेरी छूट अभी भी काँप रही है...

बापूजी (दया की पीठ पर हाथ फेरते हुए, थकी हुई आवाज़ में): तू भी बहुत गरम है बेटी... अब सो जा. जेठालाल सुबह आये तोह कुछ मत बोलना. यह राज़ हम दोनों के बीच Hi रहेगा.

दोनों एक दूसरे को तिघ्टलय लिपट कर सो गए. बापूजी का हाथ दया के बूब्स पर था और दया का एक पेअर उनके ऊपर पड़ा हुआ था. टापू बगल में अभी भी गहरी नींद में सो रहा था, कुछ पता नहीं चला.

और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो गया उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा और यारो ये क्या चल रहा है जब मई उपदटेस नहीं दे रहा था तब तो बार बार उपदटेस मांग रहे थे और अब जब देने लगा हु तो एक कमेंट भी नहीं आ रहा ऐसे चलेगा तो मेरा मोटिवेशन ख़तम हो जायेगा लिखने का
 
सेक्स का जमाना अपडेट 104

सुबह के 5:45 बजे...

बहुत हलकी धुंधली रौशनी कमरे में आ रही थी. सूरज अभी नहीं निकला था.

टापू की आँख खुली. उसने साइड में देखा और उसका मुँह खुला रह गया.

दया और बापूजी दोनों एक दूसरे से लिपट कर सोये हुए थे. दया बिलकुल नंगी थी, उसकी साड़ी और ब्लाउज ज़मीन पर पड़ी थी. बापूजी का हाथ दया के एक बूब पर था और उनका लुंड अभी भी दया की छूट के अंदर धीरे से पड़ा हुआ था. दोनों के चेहरे पर थकान और संतुष्टि साफ़ दिखाई दे रही थी.

टापू ने धीरे से मुस्कुराते हुए सोचा,

टापू (मन Hi मन): पापा घर नहीं आये थे इसलिए दादाजी और माँ की बात बन गयी. अच्छा है... माँ को भी मज़ा आ गया होगा.

वह चुपके से उठा, अपनी चड्डी पहनी और ड्राइंग रूम की तरफ चला गया.

ड्राइंग रूम में तारक मेहता और कटरीना (तारक की नयी सीक्रेट गर्लफ्रेंड) सोफे पर बैठ कर चाय पी रहे थे. कटरीना तारक के कंधे पर सर रख कर बैठी थी.

कटरीना (टापू को देख कर मुस्कुराते हुए): अरे उठ गए टापू? इतनी Subah-Subah?

कटरीना उठी, टापू के पास आयी और उसके गाल पर एक गहरा किश कर दिया.

कटरीना: गुड मॉर्निंग मेरा हीरो...

तारक (चाय का कप हाथ में पकडे मुस्कुराते हुए): क्या बीटा टापू, अच्छी नींद आयी न? आज तोह बहुत देर से उठा है तू.

टापू (थोड़ा शर्मा कर, मुस्कुराते हुए): हाँ अंकल... बहुत अच्छी नींद आयी. आप लोग यहाँ इतनी सुबह क्या कर रहे हो?

तारक: बस... थोड़ी सी लेट नाईट थी न कल... अभी जा रहा हूँ.

टापू वहां से मुस्कुराता हुआ अपने रूम की तरफ चला गया.

थोड़ी देर बाद सोसाइटी कंपाउंड में एक काफी लविश, ब्लैक कोलोउरेड लक्ज़री कार आयी और रुक गयी.

कार से पहले जेठालाल उतरा, फिर उसके पीछे अंजलि उत्तरी. दोनों ने Idhar-Udhar देखा. अंजलि ने जल्दी से अपने फ्लैट की तरफ चुपके से चल दी.

जेठालाल (अपने घर की तरफ जाते हुए, तारक को देख कर): अरे मेहता साहब!

तारक (जल्दी से उठ कर): जेठालाल, भाई... आ गए? मैं अभी जा रहा था.

जेठालाल ने तारक को आँख मारी और हलके से स्माइल किया.

जेठालाल: ठीक है भाई... बाद में मिलते हैं. अंजलि भाभी को भी मेरा Hello बोल देना.

तारक ने भी स्माइल किया और अपने घर निकल गया

जेठालाल अपने फ्लैट में अंदर गया.

तभी ड्राइंग रूम में दया और बापूजी भी आ गए थे.

दया ने एक हल्का सा पिंक साड़ी पहना हुआ था, बाल खुले थे और चेहरे पर अभी भी थकान थी. बापूजी नार्मल Dhoti-Kurta में थे, लेकिन उनके चेहरे पर एक अलग सी ख़ुशी थी.

दया (जेठालाल को देख कर थोड़ा नर्वस लेकिन मुस्कुराते हुए): जेठालाल जी! आ गए आप? कितने दिन बाद घर आये...

जेठालाल (दया को ऊपर से नीचे तक देखते हुए): हाँ दया... काम बहुत था. तुम ठीक हो? बापूजी... आप ठीक हैं न?

बापूजी (थोड़ी सी आवाज़ में, लेकिन अंदर से खुश): हाँ बीटा... मैं तोह बिलकुल ठीक हूँ. दया ने रात भर मेरा बहुत ख्याल रखा.

दया ने शर्मा कर नज़र झुका ली.

जेठालाल (कुछ शक करते हुए लेकिन मुस्कुराते हुए): अच्छा... बहुत अच्छा. मैं नाहा धो कर आता हूँ. बहुत थकान है.

जेठालाल अपने रूम की तरफ जाने लगा. दया और बापूजी ने एक दूसरे को देखा और हलके से स्माइल किया.

ब्रेकफास्ट टेबल – सुबह के 8:15 बजे

सब लोग ब्रेकफास्ट टेबल पर बैठे थे. दया ने फ्रेश गरम पूरी, आलू की सब्ज़ी, दही और चाय बनायीं थी. बापूजी अपनी पूरी खा रहे थे, टापू जूस पी रहा था. तारक और कटरीना भी वहां थे. अनन्य भी टेबल पर बैठी थी.

जेठालाल अभी अभी नाहा कर आया था और चेयर पर बैठने Hi वाला था की उसकी नज़र कटरीना पर पड़ी.

कटरीना (जेठालाल को देखते Hi एक नॉटी स्माइल देती हुई): गुड मॉर्निंग जेठालाल जी… आप बहुत थके हुए लग रहे हैं. क्या बात है?

जेठालाल मुस्कुराया और बैठ गया. तभी टेबल के नीचे से कटरीना ने अपना नंगा पेअर आगे बढ़ाया और सीधा जेठालाल के पंत के ऊपर रख दिया. उसने धीरे से अपने पेअर की उँगलियों से जेठालाल के लुंड को सहलाना शुरू कर दिया.

जेठालाल (अचानक काँप कर, चेयर पर हिलते हुए): उठ…!

दया (पास बैठी): क्या हुआ टापू के पापा?

जेठालाल (नर्वस मुस्कराहट के साथ): कुछ नहीं दया… बस पेअर में थोड़ा काँप आ गया.

कटरीना टेबल के नीचे पेअर से जेठालाल के लुंड को Zor-Zor से रगड़ रही थी. जेठालाल का लुंड झट से खड़ा होने लगा था.

तभी बापूजी ने गुस्से से पुछा

बापूजी: तू दो दिन से कहाँ था बबुचक? घर का पता Hi नहीं था. क्या जवाब है तेरा?

जेठालाल (कटरीना के पेअर से परेशां, लेकिन बहाना बनाते हुए): अरे बापूजी… एक बड़ी सी डील थी न. इम्पोर्टेन्ट मीटिंग थी अहमदाबाद में. क्लाइंट बहुत स्ट्रिक्ट था, इसलिए वहां रुकना पड़ा. आज भी ऑफिस में मीटिंग है, जल्दी जाना होगा.

बापूजी (झटक कर, ज़ोर से): मीटिंग! हमेशा मीटिंग! बता के नहीं जा सकता है बबुचक? दो दिन से घर नहीं आया, अभी भी झूठ बोल रहा है! पूरी रात मैं परेशां रहा!

जेठालाल (कटरीना का पेअर अभी भी उसके लुंड पर दबाते हुए, थोड़ा रुक कर): बापूजी… सच में इम्पोर्टेन्ट थी… आप समझिये न…

कटरीना (टेबल के ऊपर से बिलकुल नार्मल मुस्कुराती हुई, लेकिन नीचे पेअर से जेठालाल के लुंड को ज़ोर से मसलते हुए): चम्पक आप गुस्सा मत कीजिये. जेठालाल जी तोह बिज़नेस के लिए गए थे न… (जेठालाल की तरफ देखते हुए आँख मारती हुई)

अनन्य (जेठालाल को देखते Hi एक नॉटी स्माइल देती हुई): हाँ काकू… आप बहुत बिजी रहते हैं. पर जब आते हो तोह… सबको याद आ जाता है आपका.

अनन्य ने भी टेबल के नीचे अपना पेअर बढ़ाया और जेठालाल के दूसरे पेअर की तरफ रगड़ने लगी.

जेठालाल अब दोनों तरफ से परेशां था. उसके मुँह से सिसकी निकलने वाली थी लेकिन उसने बड़ी मुश्किल से कण्ट्रोल किया.

दया (सबको पूरी और सब्ज़ी सर्वे करते हुए, मुस्कुराती हुई): आप लोग नास्ता कीजिये न… सब ठंडा हो रहा है.

सब लोग नास्ता करने लगे. कटरीना और अनन्य दोनों टेबल के नीचे से जेठालाल को तैसे कर रही थी. जेठालाल का चेहरा लाल हो रहा था, लेकिन वह कुछ बोल नहीं पा रहा था.

बापूजी (एक पूरी मुँह में डालते हुए): जो भी हो… आगे से बता के जाना. समझा बबुचक?

जेठालाल (कांपते हुए, कटरीना के पेअर को रोकने की कोशिश करते हुए): जी… जी बापूजी… समझ गया.

कटरीना (हलकी सी हसी के साथ, पेअर और ज़ोर से दबाते हुए): आप ठीक तोह हैं न जेठालाल जी? आपका चेहरा बहुत गरम लग रहा है…

टापू (कुछ शक करते हुए): पापा आप सच में ठीक हो?

जेठालाल (मुस्कुरा कर): हाँ बीटा… बिलकुल ठीक हूँ.

नास्ता ख़तम होने तक कटरीना और अनन्य ने जेठालाल को टेबल के नीचे बहुत तैसे किया. जेठालाल का लुंड पूरी तरह से खड़ा और गीला हो चूका था.

सुबह के 8:40 बजे

जेठालाल नीचे की तरफ जा रहा था. उसके साथ टापू और अनन्य भी थे. जेठालाल का लुंड अभी भी कटरीना और अनन्य के टेबल के नीचे वाले तैसे की वजह से खड़ा और पंत में साफ़ उभर रहा था.

जेठालाल (टापू और अनन्य से बात करते हुए): बीटा टापू, तेरी पढाई का क्या चल रहा है? एक्साम्स नज़दीक आ रहे हैं न? और अनन्य, तू भी तोह कॉलेज में है… स्टडीज ठीक चल रही हैं?

टापू: हाँ पापा, सब ठीक है. बस थोड़ा सा रेविसिओं कर रहा हूँ.

अनन्य (जेठालाल के खड़े लुंड को घूरते हुए, आँखें हटी Hi नहीं): हाँ काकू… स्टडीज तोह चल रही हैं… लेकिन आपका… कंसंट्रेशन बहुत स्ट्रांग लग रहा है आज. (अपनी नज़र जेठालाल के उभरे हुए लुंड पर टिकाये हुए, हलके से लिप्स चाट टी हुई)

जेठालाल ने नोटिस किया की अनन्य लगातार उसके लुंड को देख रही थी, लेकिन वह कुछ बोल नहीं पाया.

जैसे Hi तीनो सोसाइटी कंपाउंड में पहुंचे, वहां पहले से Hi गैंग कड़ी थी गोगी, गोली, प्रणाली, सोनू, जहान्वी और पिंकू.

तभी प्रणाली, सोनू और जहान्वी की नज़र सीधा जेठालाल के पंत के उभर पर पद गयी. तीनो की आँखें फैल गयी.

प्रणाली (शॉक में, धीरे से सोनू के कान में): अरे यार… जेठालाल अंकल का लुंड तोह बिलकुल खड़ा है… इतना मोटा और टाइट… देख तोह सही!

सोनू (अपनी तइस प्रेस करते हुए, व्हिस्पर में): हाँ… बहुत बड़ा है. मैं बना लिया… इसको अंदर लेना Hi है एक दिन. कितना टाइट होगा अंदर डालने में…

जहान्वी (चेहरा लाल हो कर): शठ… दोनों चुप! लेकिन सच में… बहुत डेंजरस चीज़ है अंकल की…

गोली (जेठालाल को देख कर डबल मीनिंग में तैसे करते हुए, ज़ोर से): अरे जेठालाल अंकल! आज Subah-Subah आपका “बिज़नेस” बहुत “हार्ड” लग रहा है! क्या बात है? कोई बड़ी “डील” पकड़ी है क्या? (मुस्कुराते हुए जेठालाल के लुंड की तरफ इशारा करते हुए)

जेठालाल (शर्मा कर, धोती ठीक करते हुए): अरे गोली… तू भी न… हमेशा उल्टा सीधा बोलता है. बस… अभी दूकान जा रहा हूँ.

गोगी: अंकल आप ठीक तोह हो न? आपका चेहरा लाल हो रहा है.

पिंकू: हाँ अंकल, आप बहुत बिजी लग रहे हो आज.

तभी वहां तारक आ गया.

तारक: अरे जेठालाल! चलो, आज दूकान साथ चलते हैं. बहुत काम है.

जेठालाल (तारक को देख कर रिलीफ में, हस्ते हुए): हाँ मेहता साहब, चलो न! बहुत इम्पोर्टेन्ट मीटिंग है आज दूकान पर. (सबको बोलते हुए) बीटा लोग, मैं अभी निकल रहा हूँ. पढाई पे ध्यान रखना!

जेठालाल तारक के साथ Haste-Haste कंपाउंड से बहार दूकान की तरफ निकल गया. जाते वक़्त भी उसका लुंड अभी भी खड़ा था और लड़कियों की नज़रें उसके पीछे लगी हुई थी.

प्रणाली (जाते हुए जेठालाल को देखते हुए सोनू से): देखा? आज रात को प्लान करते हैं… अंकल को अकेले पकड़ना है.

सोनू (मुस्कुराते हुए): पक्का… मैं भी आउंगी.

अनन्य भी ऊपर से उन्हें देख रही थी और हलके से स्माइल कर रही थी.

बबिता अपने कमरे में बीएड पर लेती हुई थी. उसके हाथ Dheere-Dheere अपनी तइस पर फिर रहे थे. पिछले कुछ घंटों से उसके दिमाग में सिर्फ एक Hi चीज़ चल रही थी – जेठालाल का वो 14 इंच लम्बा, 3.5 इंच मोटा लुंड.

उसने आँखें बंद कर ली और इमेजिन करने लगी की कैसे जेठा उसको बीएड पर धकेल कर उसकी टाँगे फैला रहा है, कैसे उसका मोटा लुंड उसकी छूट के मुँह पर थपकी मार रहा है और फिर एक Hi धक्के में अंदर तक घुसता जा रहा है. बबिता के होंठ खुल गए, एक हलकी सी सिसकी निकल गयी.

“जेठा जी आह्हः… इतना बड़ा… और इतना मोटा…”

तभी उसके दिमाग में आखरी महिला मंडल मीटिंग का वो सन याद आ गया.

6 महीने पहले – अंजलि भाभी के घर

सभी महिलाएं शॉकेड होकर एक दूसरे को देख रही थी जब बबिता ने अपना आईडिया दिया था.

लेकिन अब सब बदल चूका था.

उस दिन के बाद से Hi महिलाएं Alag-Alag तरीके से अपनी “प्रॉब्लम” का सलूशन ढूंढने लगी थी.

सोसाइटी में सेक्स कम्पटीशन की बातें हो रही थी मर्द अलग अलग महिलाओ को अपना शिकार बना रहे थे वही महिलाओ ने भी बबिता के दिए चैलेंज को एक्सेप्ट करलिया था की कौन सबसे ताकतवर मर्द को सबसे पहले पटटा है

बबिता मुस्कुराते हुए अपना फ़ोन उठती है और अंजलि को कॉल करती है.

फ़ोन बजता है.

अंजलि तुरंत उठती है.

बबिता (मुस्कुराते हुए, आवाज़ में थोड़ी सी शर्म और एक्ससिटेमेंट):

अंजलि भाभी… आपको याद है वो बात जो मैंने आखरी मीटिंग में कही थी?

अंजलि (दूसरी तरफ से हलकी सी हसी के साथ):

कौनसी बात बबिता? वो वाली… जिसमे तुमने कहा था “हमें अपनी प्रोब्लेम्स का सलूशन खुद ढूंढना होगा”?

बबिता (धीरे से, लेकिन गरम आवाज़ में):

हाँ अंजलि… वो Hi.

दोनों तरफ से कुछ सेकण्ड्स तक सिर्फ सांस की आवाज़ें आती हैं.

अंजलि (थोड़ी सी नॉटी आवाज़ में):

याद है… बहुत अच्छे से याद है. और अब तोह हम सबने तरय भी कर लिया है न?

बबिता (अपनी छूट पर हाथ फेरते हुए):

हाँ भाभी… सबने. और सच बताऊँ… जेठा जी के बाद कोई और मर्द अब मुझे सटिस्फी Hi नहीं कर प् रहा. इतना बड़ा, इतना मोटा… और इतना देर तक… Aahhh…aap तो काफी क्लोसेली उनको ऑब्सेर्वे कर रही है क्यों?

अंजलि (हस्ते हुए):

अरे बबिता… तुम तोह अब पूरी तरह से जेठा की रंडी बन गयी हो लगता है. मैं भी… तारक तोह ठीक है, लेकिन जेठा भाई का लुंड एक बार तरय करने के बाद… मैं नहीं भरता.

बबिता (मुस्कान बढ़ाते हुए):

तोह फिर भाभी… आज रात क्या प्लान है?

दोनों के चेहरे पर एक Hi तरह की शरारत भरी मुस्कान थी.

अंजलि:

वापस एक मीटिंग हो जाए?

कॉल कट होने के बाद अंजलि भाभी का चेहरा एक नॉटी मुस्कान से चमक उठा. उसने तुरंत अपना फ़ोन उठाया और महिला मंडल सीक्रेट ग्रुप खोला (जिसका नाम उन्होंने रखा था – “गोकुलधाम महिला क्लब 🔥”).

ग्रुप में पहले से Hi कुछ पुराने मेस्सगेस थे, जो पिछले 6 महीनो में बहुत गरम हो चुके थे.

महिला मंडल सीक्रेट ग्रुप

दया बेन (कल रात 11:47 पं):

आज मैंने और बापूजी ने किया 😳

बापूजी टापू के पापा पे बहुत गुस्सा थे की दूकान का हिसाब नहीं दिया. मैंने उनका गुस्सा शांत कर दिया… पूरी रात उनके 14 इंच के मॉन्स्टर ने मेरी छूट का भोसड़ा बना दिया. अब सुबह भी पेअर हिल नहीं रहे 😂 आज मैं बहुत खुश हूँ!

अंजलि (अभी, कॉल कट करने के तुरंत बाद):

इमरजेंसी मीटिंग अनाउंसमेंट!!

कल दोपहर 2 बजे मेरे घर पे सब लोग आ जाओ. कोई भी बहाना मत बनाना. बहुत इम्पोर्टेन्ट बात है. जल्दी से कन्फर्म करो. 🔥

रोशन (तुरंत रिप्लाई):

अरे वाह अंजलि भाभी! कल दोपहर? मैं आ रही हूँ बावा! लेकिन क्या बात है? कोई नया प्लान? 😏

कोमल (2 मिनट बाद):

मैं भी आउंगी! हंस तोह बाहर गया है, घर खली है. मीटिंग के बाद थोड़ा मज़ा भी कर लेंगे क्या? 😉

माधवी (थोड़ी देर बाद, शरमाते हुए):

मैं आउंगी अंजलि भाभी… लेकिन प्लीज कोई रिस्की बात मत करना. अहो घर पे है, अगर पता चल गया तोह…

लेकिन सच बताऊँ… कल रात अहो ने मुझे छोड़ दिया था, लेकिन मेरा मैं अब भी नहीं भरा. जेठा भाई वाला साइज याद आ रहा था… 😩

बबिता (ग्रुप में मुस्कुराते हुए टाइपिंग, लेकिन मैसेज नहीं डाला अभी):

(अपने आप से) हहै… ये सब अब पूरी तरह से बिगड़ चुकी हैं. कल मीटिंग में मज़ा आएगा.

दया बेन (पहले वाले मैसेज के ऊपर रिप्लाई करते हुए):

हाँ माधवी भाभी, मैं भी समझ सकती हूँ. टापू के पापा का लुंड तोह सच में सबसे खतरनाक है. एक बार अंदर गया की छूट पहात जाती है… लेकिन मज़ा भी उतना Hi आता है. कल मीटिंग में सब बताउंगी की बापूजी ने आज सुबह भी एक राउंड लिया था 😂

अंजलि (अब रिप्लाई करती है):

अरे दया भाभी, आप तोह अब जेठा भाई की फुल टाइम रंडी बन गयी हो! 😜

कल मैंने और जेठा भाई ने किया… एक होटल में पूरी रात हनीमून जैसा सन था. उन्होंने मुझे 5 बार छोड़ा… हर बार इतना ज़ोर से की मेरी छूट अब भी दर्द कर रही है. लेकिन कितना मज़ा आया… तारक तोह कभी ऐसा नहीं कर पाटा.

रोशन (तुरंत रिप्लाई, एक्ससिटेड हो कर):

अरे वाह!! मैं तोह कल Hi बताउंगी…

मैंने और दया बेन ने अपने अपने बेटे एक्सचेंज किये थे… बारे Hi मस्त एक्सपीरियंस था बावा!

रोशन का 10 इंच तोह ठीक था, लेकिन जेठा भाई का मॉन्स्टर… ओह माय गॉड बावा! मेरी तोह छूट अभी भी गीली हो रही है सोच कर. दया बेन ने भी टापू के पापा से बहुत मज़ा लिया होगा! 😂🔥

कोमल (है कर रिप्लाई):

हाहाहा रोशन भाभी आप भी! मैं तोह हंस को छोड़ कर दूसरो के साथ तरय कर रही थी… लेकिन अब सबके फवौरीते जेठा भाई Hi बन गए है. कल मीटिंग में डीडे करते हैं की अगला टारगेट कौन है… या फिर ग्रुप में सब एक साथ जेठा भाई को इन्विते करें? 😈

माधवी (शॉकेड इमोजी डालते हुए):

अरे वह… ये तोह अब पूरी सोसाइटी की औरतें जेठा भाई के लुंड की दीवानी हो गयी हैं. मैं भी आ रही हूँ कल. लेकिन प्लीज कोई प्लान बनाओ जिसमे अहो को पता न चले.

बबिता (अब फाइनली मैसेज डालती है, मुस्कुराते हुए):

सब आ जाओ कल. मैं भी आ रही हूँ.

और हाँ… मीटिंग के बाद “स्पेशल एक्टिविटी” भी हो सकती है अगर मूड बना. 😉

अब सबकी छूटों का हाल सुन कर मेरा भी मैं मचल रहा है.

ग्रुप में सब तरफ 🔥💦😈 एमोजिस भर गए.

दया ने एक वौइस् नोट भेजा जिसमे वह है है कर बोल रही थी – “कल दोपहर को सब आ जाओ… मैं अपनी छूट की हालत दिखाउंगी जो बापूजी ने बनायीं है!”

अंजलि ने सिर्फ एक मैसेज और डाला:

“कल 2 बजे शार्प. कोई मिस मत करना. बहुत मज़ा आने वाला है.”

बबिता ने फ़ोन साइड रख कर बीएड पर लेट गयी और सोचने लगी – “कल मीटिंग में ये सब औरतें Apni-Apni कहानियां सुनाएंगी… और मैं जेठा जी को क्लेम करने का प्लान फाइनल करुँगी.”

उसके चेहरे पर एक गरम, सटिस्फीएड मुस्कान थी.



और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा
 
सेक्स का जमाना अपडेट 105

अपडेट 105 ( महिला मंडल मीटिंग पट.1)

अंजलि के ड्राइंग रूम में महिला मंडल की सभी औरतें पहुँच चुकी थी. दोपहर के 2 बजे शार्प. कर्टेंस बंद थे, एक चल रहा था, और टेबल पर ठन्डे शरबत और स्नैक्स रखे हुए थे. लेकिन आज की मीटिंग का मूड बिलकुल अलग था – गरम, नॉटी और थोड़ा रिस्की.

सब बैठ गयी थी. बबिता ने अपनी टाइट सलवार सूट में एक तरफ बैठ कर लेग्स क्रॉस किये, अंजलि स्टाइलिश कुर्ती में होस्टेस बन कर बैठी थी, दया बेन थोड़ी एक्ससिटेड, रोशन और कोमल Has-Muskura रही थी, और माधवी थोड़ी नर्वस लेकिन क्यूरियस नज़र आ रही थी.

अंजलि ने सबको जूस सर्वे किया और मुस्कुराते हुए बोली,

चलो बहेनो... आज की मीटिंग शुरू करते हैं. बबिता, तूने Hi सबसे पहले आईडिया दिया था... याद है न सबको?

बबिता ने अपनी उँगलियाँ गिलास के एज पर फेरते हुए धीरे से मुस्कुराया और बोली,

हाँ अंजलि भाभी... बिलकुल याद है. पिछली मीटिंग में मैंने कहा था की हमें अपनी प्रोब्लेम्स का सलूशन खुद ढूंढना होगा. और अब... सेक्स कम्पटीशन होने वाला है मर्दों के बीच. तोह मैं सोच रही थी... क्यों न हम इससे पहले एक बार लेस्बियन वाला तरय कर लें? एक दूसरे के साथ... थोड़ा मज़ा ले लें, बॉडीज एक्स्प्लोर करें. ताकि कम्पटीशन शुरू होने से पहले हम सब और कॉंफिडेंट और सटिस्फीएड फील करें.

सब महिलाएं एक दूसरे को देखि. कमरे में कुछ सेकण्ड्स तक सन्नाटा छाया रहा. दया बेन ने थोड़ा शर्माते हुए अपनी साडी के पल्लू से खेलते हुए सोचा, रोशन की आँखों में एक्ससिटेमेंट थी, कोमल है दी, माधवी ने नीचे देखा.

फिर Dheere-Dheere सबने हामी भरी.

दया बेन पहले बोली,

हाँ... कर सकते हैं. बापूजी के बाद... थोड़ा अलग मज़ा भी करना चाहिए.

रोशन (पंजाबी स्वाग में):

बावा, मैं तोह रेडी हूँ! एक दूसरे को छूना, किश करना... लगता है मज़ा आएगा 😏

कोमल है कर:

मैं भी हाँ करती हूँ. हंस के बाद यह नया एक्सपेरिमेंट इंटरेस्टिंग लगेगा.

माधवी थोड़ी शर्माती हुई लेकिन धीरे से बोली,

ठीक है... अगर सब कर रही हैं तोह मैं भी तरय कर सकती हूँ.

अंजलि ने सबकी तरफ देखा और मुस्कुराते हुए बोली,

एक सेकंड... लेकिन पोपट भाई की वाइफ श्रद्धा का क्या? और कटरीना, करीना भी? मैंने तारक को बात करते सुना था की मर्द लोग टापू सेना को भी ऐड करने की सोच रहे हैं. शायद उन्हें ये सब बात बता भी दी हो.

तभी माधवी को कुछ याद आ गया. उसका चेहरा थोड़ा सीरियस हो गया और वह बोली,

अरे वाह... मुझे तोह याद आ गया. कुछ महीने पहले अहो के बालकनी में जो हुआ था...

सबकी नज़रें माधवी पर टिक गयी.

फ्लैशबैक – कुछ महीने पहले कॉन्टेक्स्ट अपडेट (53-54)

भिड़े अपनी बालकनी में खड़े थे, हाथ में फ़ोन था और वह Zor-Zor से बोल रहे थे,

सोढ़ी... सोढ़ी... लगता है मैं जेठालाल और सोढ़ी से सेक्स कम्पटीशन हार जाऊँगा!

फिर उसने ग्रुप मेस्सगेस चेक किये और Ek-Ek करके गिना:

जेठालाल ने अंजलि भाभी के साथ... फिर माधवी के साथ... चाचा जी दया भाभी के साथ... हाथी भाई बबिता के साथ... मेहता साहब रोशन भाभी के साथ... उसी रात जेठालाल बबिता के साथ... हाथी भाई अंजलि के साथ... सोढ़ी ने कोमल को लपेट लिया...

भिड़े ने जोश में आ कर बोलै,

मैं आत्मा राम तुकाराम भिड़े... आज निश्चय करता हूँ की 3 दिन में सभी औरतों को छोड़ कर रहूँगा!

लेकिन जोश ठंडा पड़ते Hi उन्होंने सोचा, शुरुआत किस से करूँ... सबसे काम चूड़ी तोह रोशन भाभी Hi हैं...

तभी पीछे से आवाज़ आयी,

दया भाभी की ले लो.

भिड़े घूमे तोह माधवी कड़ी थी. उसने भिड़े को समझाया और फिर सोनू वाली बात निकल आयी. भिड़े ने कंफेस्स कर दिया की उन्होंने सोनू के साथ सेक्स कर रखा है.

माधवी का रिएक्शन बहुत तेज़ था – वह रो पड़ी, चीखी, बाप ने अपनी बेटी के साथ...

तभी दया और कटरीना वहां पहुँच गयी. दया ने शांत करने की कोशिश की, लेकिन कटरीना ने माधवी के कान में धीरे से एक पुराणी राजा वाली डार्क कहानी सुनाई – जिसमे राजा अपनी सीमाएं तोड़ता है, परिवार तक पहुँच जाता है और आखिर में अपने कर्मों का बोझ उठता है.

कहानी सुन कर माधवी थोड़ी उलझन में पद गयी, लेकिन कटरीना ने समझाया, शायद इसमें भिड़े जी की गलती नहीं... और यह कम्पटीशन में सोनू भी हिस्सा बन सकती है.

माधवी का मैं हल्का हुआ था उस दिन, लेकिन अब भी उसके मैं में थोड़ी हिचकिचाहट थी.

फ्लैशबैक ख़तम

माधवी ने सबको पूरी बात बता दी – भिड़े और सोनू वाली.

सब थोड़ी देर चुप रही. फिर दया भाभी ने धीरे से कहा,

इसमें क्या है माधवी भाभी? मैंने तोह टापू के साथ कर रखा है... रोशन भाभी ने गोगी के साथ... और हम दोनों ने तोह अपने बेटे भी डाल बदल कर लिए हैं.

रोशन है कर:

हाँ बावा!

बबिता ने मुस्कुराते हुए ऐड किया,

मैं भी गोगी के साथ कर चुकी हूँ. उसने मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी... लेकिन मज़ा बहुत आया था.

माधवी ने शर्माते हुए कंफेस्स किया,

गोगी के साथ मैं भी कर चुकी हूँ... पता नहीं उसने मुझे और हाथी भाई को रिकॉर्ड भी कर लिया था.

बबिता ने सबकी तरफ देखा और कॉन्फिडेंटली बोली,

हम्म... हमारे बच्चे अब बड़े हो गए हैं. मलेस ने जो फैसला लिया है, उन्हें भी इस कम्पटीशन में ऐड करना परफेक्ट रहेगा. टापू सेना की लड़कियां भी हमारे साथ ऐड हो जाएँ.

सब सोच में पद गयी. कोमल ने कहा,

हाँ... पिंकू ने एक गर्लफ्रेंड बनायीं है, बच्चों को सब पता है. हमारा काम और आसान हो जाएगा.

रोशन ने एक्ससिटेड हो कर बोलै,

गोगी ने तोह बहुत सुन्दर गर्लफ्रेंड बनायीं है... मैंने तोह उसे बहु भी मान लिया है!

सब खुश हो गयी. माधवी और दया ने एक दूसरे को देखा और हलकी सी नॉटी मुस्कान बदली.

अंजलि कड़ी हुई और बोली,

ठीक है बहेनो... आज की मीटिंग यहीं ख़तम. कल हम श्रद्धा, कटरीना, करीना और टापू सेना की लड़कियों के साथ एक और बड़ी मीटिंग करेंगे. सब फाइनल हो जाएगा.

सब ने जूस के गिलास उठाये और चियर्स! कहा. फिर Dheere-Dheere सब Apne-Apne घर की तरफ जाने लगी, लेकिन हर एक के चेहरे पर एक गरम, क्यूरियस और एक्ससिटेड मुस्कान थी.

बबिता सबसे लास्ट में बैठी और सोचने लगी, कल यह सब और इंटरेस्टिंग होने वाला है...

रात के अराउंड 9:30 बजे गोकुलधाम सोसाइटी का कंपाउंड थोड़ा साँधा था. टापू सेना के बच्चे लॉन पर क्रिकेट खेल रहे थे – Hasi-Mazak, छेड़खानी और Zor-Zor की आवाज़ें आ रही थी. कल संडे था, इसलिए सब घर पे Hi रहने वाले थे.

महिलाएं एक तरफ कंपाउंड के बेंच पर साथ बैठी हुई थी. सबके चेहरे पर एक अलग Hi चमक थी – कल की मीटिंग की एक्ससिटेमेंट क्लेअर्ल्य दिखाई दे रही थी.

अंजलि ने थोड़ा आगे झुक कर सोनू को अपने पास बुलाया. : सोनू बीटा, इधर आ ज़रा.

सोनू क्रिकेट बात हाथ में लिए हुए आयी और मुस्कुराते हुए बोली, : हाँ अंजलि आंटी?

अंजलि ने प्यार से उसके बाल पे हाथ फेरते हुए धीरे से कहा, : कल दोपहर को सिर्फ टापू सेना की फीमेल मेंबर्स को मेरे घर पे एक स्पेशल मीटिंग है. तू आ जाना. सब लड़कियां आएँगी.

सोनू ने आश्चर्य से आँखें बड़ी की, : किसलिए आंटी?

अंजलि मुस्कुरायी और उसके गाल पे हल्का सा टच करते हुए बोली, : तुम जानती हो शायद... लेकिन पूरी बात कल Hi पता चलेगा बीटा. अब जाओ, खेलो. और हाँ – सिर्फ फीमेल मेंबर्स को लाना, Okay?

सोनू ने थोड़ा सोच कर : Okay आंटी कहा और वापस खेलने चली गयी. उसके चेहरे पर एक छोटी सी मुस्कान और क्यूरोसिटी क्लेअर्ल्य दिखाई दे रही थी.

जैसे Hi सोनू चली गयी, अंजलि ने श्रद्धा की तरफ देखा और तैसिंग अंदाज़ में बोली, : अरे श्रद्धा भाभी... पोपट भाई के साथ मज़े आ रहे हैं या नहीं अब?

श्रद्धा थोड़ी शर्मा गयी, उसके गाल लाल हो गए. फिर उसने हलकी सी मुस्कान के साथ कहा, : हाँ... आ तोह रहे हैं. पोपट जी मेरे साथ काफी अच्छे से रहते हैं.

सब महिलाएं खुश हो गयी. माधवी ने प्यार से कहा, : पोपट भाई सच में बहुत किस्मत वाले हैं. उन्हें आप जैसी खूबसूरत और स्वीट बीवी मिली.

बबिता ने श्रद्धा के कंधे से हलके से धकेल कर नॉटी अंदाज़ में कहा, : और मैं तोह सूरे हूँ की अंदर से बहुत हॉट भी हो... क्यों सब शर्माती हो?

श्रद्धा और भी शर्मा गयी. अंजलि ने है कर उसका हाथ पकड़ लिया और बोली,

:अब आप हमारे महिला मंडल क्लब की ऑफिसियल मेंबर बन चुकी हो श्रद्धा. अब आप अकेली नहीं हो. हम सब महिलाएं आपके साथ हैं. यस... थोड़ा खुल जाओ हमारे सामने. जितना शर्माना है, अपने पति के सामने शर्माना. यहाँ तोह सब एक Hi फॅमिली हैं.

रोशन ने पंजाबी स्टाइल में है कर ऐड किया, : बावा, पति के सामने तोह बिलकुल नहीं शर्माना चाहिए... वर्ण कुछ हो Hi नहीं पायेगा!

सब ज़ोर से है पड़ी. श्रद्धा भी अब थोड़ी खुल कर मुस्कुराने लगी.

अंजलि ने फिर श्रद्धा को फोर्मल्ली इन्विते किया, : कल दोपहर 2 बजे मेरे घर पे. ज़रूर आना.

तभी वहां करीना आ गयी. उसको देख कर सबकी आँखें चमक उठी. करीना के पीछे थोड़ी देर में कटरीना भी आ पहुंची.

अंजलि दोनों को देख कर ख़ुशी से बोली, : अरे वाह! परफेक्ट टाइमिंग. करीना और कटरीना, तुम दोनों को भी कल दोपहर मेरे घर पे स्पेशल मीटिंग के लिए इन्विते कर रही हूँ. ज़रूर आना.

करीना मुस्कुरायी और बोली, : ज़रूर आउंगी भाभी.

अंजलि ने पुछा, : जहान्वी के बारे में बताओ... वह तोह तुम्हारी भतीजी है न?

करीना ने हाँ में सर हिलाया, : हाँ, मेरी भतीजी है.

कोमल ने तुरंत क्यूरियस हो कर पुछा, : जहान्वी और पिंकू के बीच कुछ चल रहा है क्या?

करीना ने हलकी सी स्माइल के साथ कहा, : हाँ... दोनों डेट कर रहे हैं.

सब महिलाएं एक साथ : ओह्ह! कर के शॉक हो गयी. कोमल ने है कर कहा,

:तभी मैं सोच रही थी पिंकू आज कल इतना Khila-Khila क्यों रहता है. प्यारा बच्चा... बिना Mummy-Papa के अपनी लाइफ बिता रहा है.

सबका मूड थोड़ा सा हल्का साद हो गया. तभी पिंकू वहां से गुज़रा और उनकी बात सुन ली. वह रुक गया और मुस्कुराते हुए बोलै, :आप लोग साद क्यों हो रहे हो? आप सब मेरे फॅमिली मेंबर्स Hi हो न. टापू सेना मेरे क्लोसेस्ट फ्रेंड्स हैं. प्लीज आप साद मत हो.

पिंकू की बात सुन कर सबकी आँखों में प्यार आ गया. बबिता ने प्यार से उसके सर पे हाथ फेर दिया. अंजलि ने मुस्कुराते हुए कहा, :बहुत अच्छा बीटा है तू पिंकू.

पिंकू ने सबको स्माइल दी और वापस खेलने चला गया.

कटरीना ने धीरे से अंजलि से कहा, : कल की मीटिंग बहुत इंटरेस्टिंग होने वाली है.

अंजलि ने सर हिलाया और सबकी तरफ देखते हुए मुस्कुरायी, :बहुत इंटरेस्टिंग... और बहुत गरम भी.

सब महिलाएं एक दूसरे को देखि और उनके चेहरों पर एक Hi तरह की नॉटी और एक्ससिटेड मुस्कान थी.

वही गोकुलधाम सोसाइटी के बहार अब्दुल की :आल इन ओने जनरल स्टोर वाली दूकान बंद पारी थी. गेट पर टाला लगा हुआ था और अंदर लाइट्स भी ऑफ थी. यह सन गोकुलधाम के मर्दों के लिए बिलकुल नायब था. हर रोज़ इस टाइम तक दूकान खुली रहती थी, सोडा की बॉटल्स Khan-Khan बजती रहती थी और मर्द लोग अपनी रोज़ की बातें, गप्पे और Chhoti-Moti प्रोब्लेम्स यहीं सुलझाते थे.

आज सब लोग – जेठालाल, तारक, सोढ़ी, पोपटलाल, भिड़े, हाथी, मेहता साहब और िएर – दूकान के बहार खड़े थे. सबके चेहरे पर कन्फूसिओं और थोड़ी सी चिंता थी.

जेठालाल ने अपना मोबाइल निकाला और बोलै, : अरे यार, अब्दुल को आज क्या हो गया? दुकान बंद? कभी नहीं होता ऐसा. कोई प्रॉब्लम तोह नहीं है न इसको?

तारक ने अपनी क्लासिक स्टाइल में सर हिलाया, : जेठालाल, शायद कोई अर्जेंट काम आ गया हो. लेकिन इतना भी अर्जेंट की दूकान बंद करके चले गए? यह तोह बिलकुल उनका स्टाइल नहीं है.

पोपटलाल ने अपनी ऊँगली से चश्मा ऊपर किया और तेज़ी से बोलै, :मैं कहता हूँ, कुछ गड़बड़ है. देखो, कल Hi मैंने उससे कहा था की मुझे दूसरा सोडा चाहिए था, और आज दूकान बंद? शायद कोई बड़ी मुसीबत में फंसा होगा.

भिड़े ने सेक्रेटरी वाली सीरियस आवाज़ में कहा, : गलत बात है यार. सोसाइटी के रूल्स के हिसाब से दूकान बंद करने से पहले नोटिस देना चाहिए. मैं तोह कंप्लेंट लिख रहा हूँ.

हाथी ने अपने बड़े पेट पर हाथ फेरते हुए है कर बोलै, :भिड़े भाई, कंप्लेंट बाद में लिखना. पहले देखो तोह सही, अब्दुल आ रहा है या नहीं.

तभी दूर से साइकिल की घंटी बजती हुई आवाज़ आयी. सब ने देखा – अब्दुल साइकिल पर तेज़ी से पेडल मारते हुए आ रहा था. उसके चेहरे पर एक अलग Hi चमक थी, जैसे कोई बड़ा खज़ाना ले कर आ रहा हो.

साइकिल दूकान के पास रुकते Hi सब उसके चारो तरफ घेर लिए.

जेठालाल : अब्दुल! कहाँ था भाई? हम सब यहाँ परेशां हो रहे थे!

शोध ी: हाँ यार अब्दुल, दूकान बंद करके कहाँ भाग गया था? कोई बम ब्लास्ट तोह नहीं हुआ न?

पोपटलाल ने सबसे तेज़ आवाज़ में पुछा, :अरे अब्दुल, ऐसा कौन सा काम था जो तू ऐसे दूकान बंद करके चला गया? बता न जल्दी!

अब्दुल साइकिल का स्टैंड लगते हुए मुस्कुराया. उसने साइकिल के कर्रिएर से एक बड़ा सा झोला उतरा और सबकी तरफ देखा. उसके चेहरे पर एक शाय और खुश मुस्कान थी.

अब्दुल (धीरे से, लेकिन गर्व के साथ) : पोपट भाई... आज मैं अपनी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा फैसला लेने गया था.

सब एक साथ: अच्छा? कैसा फैसला?

तारक ने क्यूरियस हो कर पुछा, : फैसला? क्या बात है अब्दुल भाई? बताओ न, हम सब दोस्त हैं.

अब्दुल ने झोला खोला और अंदर से कुछ ग्लॉसी कार्ड्स निकाले. वह Ek-Ek करके सबको देता गया. हर कार्ड पर सुन्दर डिज़ाइन था – लाल और सोने के रंग में, ऊपर लिखा था:

:विथ ग्रेट प्लेअसुरे

अब्दुल नवाब मिया

वेड्स

ज़रीन खान

सब लोग कार्ड देख कर पहले तोह शॉक हो गए, फिर उनके मुँह खुल गए.

जेठालाल: अरे वाह अब्दुल!!! शादी फिक्स हो गयी???

पोपटलाल: यह तोह बड़ी ख़ुशी की बात है यार!

सोढ़ी तोह एकदम से खुश हो गया. वह अब्दुल को गॉड में उठा लिया और Zor-Zor से नाचने लगा, : ोये बल्ले बल्ले! आज तोह हमारे अब्दुल की शादी फिक्स हो गयी यारो!!!

सोढ़ी अब्दुल को उठाये हुए Hi सोसाइटी कंपाउंड की तरफ दौड़ा. बाकी सब Has-Te हुए Peeche-Peeche दौड़े.

कंपाउंड में पहुँचते Hi सोढ़ी ने ज़ोर से चिल्लाया, : ोये बल्ले बल्ले!!! सब लोग बहार आ जाओ! आज हमारे अब्दुल की शादी फिक्स हो गयी है!!!

आवाज़ सुन कर महिलाएं भी Apne-Apne घर से बहार निकल आयी – अंजलि, बबिता, दया, रोशन, कोमल, माधवी, श्रद्धा और बाकी सब.

सब तरफ से : कोंग्रटुलतिओन्स अब्दुल भाई!! की आवाज़ें आ रही थी. बच्चे भी खेल छोड़ कर आ गए थे. पिंकू, सोनू, गोगी सब खुश थे.

अंजलि ने मुस्कुराते हुए आगे बढ़ कर कहा, : वाह अब्दुल भाई! बहुत बहुत मुबारक हो आपको. और हाँ... हमारे महिला मंडल क्लब में एक और नयी एंट्री होने वाली है – ज़रीन भाभी!

अब्दुल यह सुन कर शर्मा गया. उसने सर झुका लिया और धीरे से बोलै, : शुक्रिया अंजलि भाभी... बहुत शुक्रिया.

मर्द लोग अब्दुल को लेकर वापस सोडा शॉप (जो अब खोल दिया गया था) की तरफ चले गए. अब्दुल ने दूकान के शटर खोले, लाइट्स ों की और सबको कोल्ड सोडा सर्वे करने लगा.

जेठालाल ने पहला गिलास उठाते हुए पुछा, :अब बताओ अब्दुल, ज़रीन कौन है? कैसे मिली? पूरी स्टोरी सुनाओ यार!

सब लोग बेंच पर बैठ गए. अब्दुल ने एक डीप सांस ली और मुस्कुराते हुए शुरू किया.

अब्दुल : दोस्तों... मैं और ज़रीन पिछले 8 साल से Chhup-Chhup कर निकाह करके साथ रह रहे हैं.

सब एक साथ : क्या??? कर के शॉक हो गए.

तारक: मतलब... तुम आलरेडी मैरिड हो? और हमें पता भी नहीं था?

अब्दुल ने हाँ में सर हिलाया, :हाँ तारक भाई. हम दोनों का निकाह 8 साल पहले हो चूका था. लेकिन ज़रीन के अब्बू हमारे प्यार के खिलाफ थे. वह बहुत कन्सेर्वटिवे थे. उन्हें पसंद नहीं था की उनकी बेटी एक सिंपल दूकान वाले से शादी करे. इसलिए हमने सबको छुपाया रख्हा. सिर्फ अल्लाह को पता था हमारा रिश्ता.

पोपटलाल ने क्यूरियस हो कर पुछा, : फिर अब क्या हुआ? अचानक फैसला कैसे हो गया?

अब्दुल (थोड़ी सीरियस आवाज़ में): :पिछले कुछ महीनो से ज़रीन के अब्बू की तबियत बहुत नासाज़ हो गयी है. डॉक्टर्स ने कहा है की उनका वक़्त काम है. अब वह चाहते हैं की सारे Gile-Shikwe दूर कर के अपनी बेटी का हाथ एक अच्छे लड़के को दे दें. उन्होंने बहुत सोचा और मुझे Hi चुना. कल मैं उनके पास गया था. उन्होंने मुझे गले लगाया और कहा – ‘बीटा, अब मेरी बेटी को संभल लेना. मैं जानता हूँ तू उससे सच्चा प्यार करता है.’

भिड़े ने आँखें पोछते हुए बोलै, :बहुत इमोशनल मोमेंट होगा अब्दुल भाई.

अब्दुल ने मुस्कुराते हुए कहा, : हाँ भिड़े भाई. मैं तोह रो पड़ा था. आज मैं वही फैसला लेने गया था – अब ओपनली शादी करने का. ज़रीन के अब्बू ने खुद कहा है की सोसाइटी वालों को भी इन्विते करना. सब आओगे न?

जेठालाल ने अब्दुल के कंधे पर हाथ रख कर बोलै, :अरे बिलकुल आएँगे! गोकुलधाम सोसाइटी पूरा आएगा. तेरी शादी हम सब मिलकर Dhoom-Dhaam से करेंगे!

तारक ने अपनी शायरी वाली स्टाइल में कहा, :प्यार करने वालों पे कभी कोई पाबन्दी नहीं होती, वक़्त आ जाए तोह दुनिया भी झुक जाती है.

अब्दुल भाई, तुम्हारा प्यार 8 साल छुपा रहा,

अब दुनिया के सामने चमकने वाला है!

मुबारक हो!!

सब ज़ोर से है पड़े और तालियां बजने लगे. सोढ़ी ने फिर से अब्दुल को गॉड में उठा लिया और : बल्ले बल्ले गाने लगा. पूरा माहौल ख़ुशी से भरा हुआ था.

दूकान के पास Hi महिलाएं भी कड़ी थी और अंदर की बातें सुन रही थी. बबिता ने धीरे से अंजलि से कहा, : ज़रीन खान... नाम तोह बहुत सुन्दर है. लगता है अब्दुल भाई ने बहुत खूबसूरत बीवी पकड़ी है.

अंजलि मुस्कुरायी, : हाँ... और अब वह भी हमारे महिला मंडल क्लब की मेंबर बनेगी. कल की मीटिंग में उसका भी ज़िक्र करेंगे.

रोशन ने है कर कहा, : बावा, अब्दुल भाई तोह Chhup-Chhup कर 8 साल से मज़े ले रहा था! हम तोह Abhi-Abhi शुरू किये हैं.

दया ने शर्माते हुए कहा, : चुप करो रोशन भाभी... बच्चे सुन लेंगे.

अंदर मर्द लोग अभी भी बातें कर रहे थे.

हाथी: अब्दुल, ज़रीन को सोसाइटी दिखाओ न कभी. हम सब मिल कर वेलकम करेंगे.

अब्दुल ने सबका शुक्रिया ऐडा किया. उसके आँखों में आंसू थे, लेकिन वह ख़ुशी के आंसू थे.

रात से Hi सोसाइटी में अब्दुल की शादी की खबर फ़ैल चुकी थी. हर घर में बात हो रही थी. टापू सेना के बच्चे भी एक्ससिटेड थे – पिंकू, सोनू, गोगी सब मिल कर सोच रहे थे की शादी में Kya-Kya करेंगे.

जेठालाल अपने घर में बापूजी से बात कर रहा था, :बापूजी, अब्दुल की शादी फिक्स हो गयी. बहुत अच्छे लड़के हैं वह. हम सबको जाना है.

बापूजी: हाँ बीटा, ज़रूर जाएंगे. और गिफ्ट भी अच्छा देना.

माधवी अपने घर में भिड़े से बात कर रही थी, : आपने सुना? अब्दुल भाई की शादी... और वह 8 साल से छुप कर रह रहे थे. कितना प्यार होगा उन दोनों में.

भिड़े : हाँ माधवी, सच्चा प्यार होता है ऐसा Hi. कभी कभी छुपाना पड़ता है.

श्रद्धा पोपटलाल के साथ बैठ कर कार्ड देख रही थी और मुस्कुराते हुए बोली,: पोपट जी, देखो कितना सुन्दर कार्ड है. हम भी शादी में फुल मस्ती करेंगे.

पोपटलाल: हाँ श्रद्धा, लेकिन मैं तोह अभी भी सोच रहा हूँ – अब्दुल इतना छुप कर कैसे कर पाया 8 साल तक?



और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो गया उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा अगर हां तो कमैंट्स की बौछार कर दो यारो
 
सेक्स का जमाना अपडेट 106

अनन्य जेठालाल से चिपक कर लेती हुई थी. जेठालाल उसके बालों को प्यार से सेहला रहा था और अनन्य अपना हाथ जेठालाल के पाजामे के ऊपर से उसके लुंड को सेहला रही थी. दोनों रोमांटिक बातें कर रहे थे.






तभी अनन्य ने कहा

अनन्य : जेठालाल... आज मैंने आपके लिए एक बहुत स्पेशल सरप्राइज प्लान किया है.

जेठालाल सुन कर चौंक गया.

जेठालाल : क्या? क्या सरप्राइज है अनन्य? बताओ न...

अनन्य ने मुस्कुराते हुए जेठालाल की आँखों पर एक पट्टी बाँध दी और उसको बीएड से उठाकर फ्लैट के मैं गेट की तरफ ले गयी. रात के 11 बज रहे थे.

अनन्य ने गेट खोला. सामने सोनू और प्रणाली कड़ी थी. दोनों बेहद सेक्सी नाईट ड्रेस में थी. प्रणाली हल्का शर्मा रही थी जबकि सोनू की लिप्स पर एक कामिनी सी मुस्कान थी.

दोनों अंदर आ गयी. जेठालाल आँखों पर पट्टी बंधे आवाज़ लगा रहा था.

जेठालाल : अनन्य... कहाँ चली गयी तुम? अब बताओ न क्या सरप्राइज है...

अनन्य ने सोनू और प्रणाली को बैडरूम में ले आयी और जेठालाल के सामने खड़ा कर दिया. फिर धीरे से उसकी आँखों की पट्टी हटा दी.

जेठालाल ने दोनों को देखा और शॉक रह गया.

जेठालाल : अरे ये... सोनू और प्रणाली? यहाँ क्या कर रही हो तुम दोनों?!

अनन्य ने जेठालाल को गले लगते हुए कहा

अनन्य : जेठालाल... जब से हमें सेक्स कम्पटीशन के बारे में पता चला है तब से हम सब ये करना चाहते थे. आज मैंने आपके लिए ये स्पेशल अरेंजमेंट किया है.

जेठालाल : ये गलत है अनन्य... बिलकुल गलत! मैं ऐसा नहीं कर सकता.

अनन्य : शठ... कुछ गलत नहीं है जेठा काकू. वैसे भी कम्पटीशन में आपको सबके साथ करना Hi पड़ेगा न? तोह अभी प्रैक्टिस समझ लो. रिलैक्स करो...

तब सोनू जेठालाल के पास आयी झुक कर उसके पाजामे के ऊपर से लुंड पर हाथ रख दिया और सेडक्टिव वौइस् में बोली

सोनू : प्लीज जेठा अंकल... एक बार कर लो न. आपके इस मॉन्स्टर लुंड से छोड़ने का बहुत मैं है मुझे...

प्रणाली शर्माते हुए लेकिन हवस भरी आँखों से बोली

प्रणाली : हाँ जेठा अंकल... इतना बड़ा लुंड मैंने आज तक कभी नहीं देखा. मैं भी चाहती हूँ इसको अपने अंदर लेना... प्लीज...

जेठालाल ने सोनू को ऊपर खींच लिया और उसके होंठों को ज़ोर से किश करने लगा. सोनू की सॉफ्ट लिप्स जेठालाल के मोठे होंठों के नीचे डाब रही थी. दोनों के मुँह में एक दूसरे की जीभ घूम रही थी, गीली आवाज़ें निकल रही थी *चुप... चुप... स्लुर्प...*






सोनू के हाथ जेठालाल की पीठ पर थे, उसके नाख़ून धीरे धीरे गड्ड रहे थे. जेठालाल का एक हाथ सोनू के पीछे से उसकी गांड को मसल रहा था, दूसरा हाथ उसके नाईट ड्रेस के अंदर घुसा कर उसकी सॉफ्ट, बड़ी चूचियों को दबाने लगा.

सोनू : मममहह... जेठा अंकल... आपके किश में Hi इतना दम है... मुझे तोह नीचे से बहुत गर्मी फील हो रही है...

जेठालाल ने किश छोड़कर सोनू की गर्दन पर होठ रख दिए और उसको चूसने लगा. सोनू की सांसें तेज़ हो गयी.

सोनू : आआह्ह... अंकल... वहां... हाँ... चुसो न...

जेठालाल ने सोनू को धीरे से बीएड पर लिटाया. सोनू की टांगें नैचुरली फ़ैल गयी. उसका सेक्सी नाईट ड्रेस ऊपर चढ़ गया था, उसकी स्मूथ चमड़ी को दिखते हुए और क्लीन शवेद छूट जो पहले से Hi चमक रही थी बिलकुल गीली और फूली हुयी.






जेठालाल ने अपना पजामा नीचे किया. उसका मॉन्स्टर लुंड बहार निकल आया मोटा, लाल, 14 इंच लम्बा, टॉप पर से प्रेकम टपक रहा था. सोनू ने उसे देखा और उसकी आँखें बड़ी हो गयी.





सोनू : ओह्ह्ह फ़क... जेठा अंकल... ये तोह सच में मॉन्स्टर है... इतना मोटा और लम्बा... मेरी छूट को फाड़ देगा क्या?

जेठालाल मुस्कुराया और सोनू के ऊपर चढ़ गया. मिशनरी पोजीशन में पर्फेक्ट्ली फिट हो गया उसका भरी भरकम बदन सोनू के पतले, सेक्सी फिगर के ऊपर. सोनू की छातियां जेठालाल के सीने से डाब रही थी.

जेठालाल ने अपना लुंड पकड़ा और उसको सोनू की छूट के मुँह पर रगड़ने लगा. ऊपर से नीचे, क्लीट पर सर्किल बनाते हुए.






सोनू : आआह्ह्ह... अंकल... रगड़ रहे हो... बहुत गरम है आपका लुंड... मेरी छूट को तैसे मत करो... दाल दो न अंदर...

जेठालाल : अरे सोनू बीटा... इतनी जल्दी क्या है? पहले मज़े लो... देखो कितनी गीली हो गयी है तुम्हारी छूट... मेरा लुंड फिसल रहा है बिलकुल आसानी से...

वह और ज़ोर से रगड़ने लगा. हर रगड़ के साथ सोनू की क्लीट को टच हो रहा था. सोनू की कमर उठने लगी.

सोनू : हैं... वहां... क्लीट पे... आआह्ह... जेठा अंकल... बहुत मज़ा आ रहा है... मेरी छूट में आग लग रही है... प्लीज... अब दाल दो... मैं और नहीं रोक सकती...

जेठालाल ने अपने लुंड का सूपड़ा सोनू की छूट के एंट्रेंस पर रखा और धीरे धीरे प्रेशर देने लगा. सिर्फ टोपा अंदर घुसने लगा.






सोनू की आँखें बंद हो गयी, मुँह खुल गया.

सोनू : उफ्फ्फ्फ़... बहुत मोटा है... धीरे... आआह्ह्ह... स्ट्रेच हो रही है मेरी छूट... अह्ह्ह... और थोड़ा... हाँ...

इंच बी इंच जेठालाल का मोटा लुंड सोनू की टाइट छूट में घुसता जा रहा था. सोनू की छूट की वाल्स उसके लुंड को तिघ्टलय पकड़ रही थी, जैसे कोई गरम, गीला वेलवेट ग्लोव.

जेठालाल : अरे वह सोनू... कितनी टाइट है तेरी छूट... बिलकुल वर्जिन जैसी फील हो रही है... ले... ले पूरा... अह्ह्ह... कितनी गरम है अंदर से...

सोनू : आआह्ह्ह्ह... अंकल... पूरा दाल रहे हो... मेरी छूट फात रही है... लेकिन मज़ा भी आ रहा है... ज़ोर से मत... धीरे... आआह... हाँ... अब और अंदर... ओह गॉड... इतना गहरा जा रहा है...






आधा लुंड अंदर चला गया था. जेठालाल रुक गया, सोनू को एडजस्ट होने दिया. सोनू की सांसें तेज़ हो रही थी, उसके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे.

सोनू : बस... थोड़ा और... आआह्ह... अब पूरा दाल दो जेठा अंकल... मैं रेडी हूँ... छोड़ दो मुझे आज जैम कर...

जेठालाल ने एक ज़ोर का धक्का मारा और पूरा लुंड एक Hi बार में सोनू की छूट के अंदर तक घुसा दिया. उसके बॉल्स सोनू की गांड से टकराये.

सोनू की आँखें एकदम खुल गयी, मुँह से एक ज़ोर की चीख निकली

सोनू : आआअह्ह्ह्हह... जेथाआँ अंकल... बहुत मोटा है... मेरी छूट फाड़ दी... आआह... पूरा अंदर तक... उफ्फफ्फ्फ़...

उसका पूरा बदन काँप उठा. हाथ जेठालाल की पीठ को पकड़ कर नाख़ून गड्ड दिए. पाऊँ की उँगलियाँ कर्ल हो गयी.






जेठालाल ने धीरे धीरे हिप्स हिलने शुरू किये बहार निकालते हुए और अंदर धकेल ते हुए. हर थ्रस्ट के साथ सोनू की छूट से *पूछ... पूछ... पूछ...* की वेट आवाज़ आ रही थी.

जेठालाल : ले सोनू... ले मेरा लुंड... कितनी अच्छी तरह से ले रही है तू... बहुत टाइट और गरम... मज़ा आ रहा है न बीटा?

सोनू : हैं... आआह्ह्ह... बहुत मज़ा आ रहा है अंकल... आपका लुंड मेरी छूट को बिलकुल भर रहा है... हर धक्के में मेरी वॉम्ब तक जा रहा है... आआह... और ज़ोर से... हाँ... छोड़िये मुझे...






जेठालाल की स्पीड बढ़ने लगी. अब वह मध्यम पेस से धक्के मार रहा था. हर बार जब पूरा लुंड अंदर जाता, सोनू की छूट की वाल्स उसको स्क्वीज़ करती. सोनू की चूचियां ऊपर नीचे हिल रही थी, निप्पल्स रॉक हार्ड थे.

सोनू : आआह... आआह... आआह... जेठा अंकल... और तेज़... मेरी छूट को फाड़ दो आज... हैं... बहुत गहरा... ओह्ह्ह फ़क... आपका लुंड मेरी G-Spot को हिट कर रहा है हर बार... ससष्ठ... आआह्ह्ह्ह...

जेठालाल ने सोनू की एक टांग अपने कंधे पर रख दी, पोजीशन थोड़ी डीप हो गयी. अब लुंड और गहरा जा रहा था.

जेठालाल : अब देखो सोनू... इस एंगल से कितना गहरा जा रहा है... ले... ले... पूरा लुंड तेरी छूट में... अह्ह्ह... कितनी वेट हो रही है तू... मेरा लुंड पूरा स्लिपरी हो गया है तेरी छूट के रास से...

सोनू की सिसकियाँ अब और वाइल्ड हो गयी थी. हर थ्रस्ट के साथ उसके मुँह से अलग अलग आवाज़ें निकल रही थी






सोनू : आआह्ह्ह... हैं... वहां... और ज़ोर से... ओह्ह्ह जेठा अंकल... आपका मॉन्स्टर लुंड मेरी छूट को छोड़ रहा है जैसे कोई मशीन... आआह... मैं पागल हो जाउंगी... हैं... और... और तेज़... फ़क में हर्डर अंकल... मेरी छूट आपकी हो गयी आज... आआह्ह्ह्ह... ससीईई... उफ्फ्फ्फ़...

जेठालाल अब फुल स्पीड में था. उसका भरी बदन सोनू के ऊपर Up-Down हो रहा था. हर धक्के में बीएड की क्रैकिंग आवाज़ आ रही थी. सोनू की छूट से वाइट क्रीमी जूस निकल रहा था, जेठालाल के लुंड पर लपेट रहा था.

सोनू की आँखें कभी बंद, कभी खुल रही थी. कभी वो जेठालाल की आँखों में देखती, कभी उसके कंधे को काट लेती.

सोनू : आआह... अंकल... मैं आ रही हूँ क्या? नहीं... अभी नहीं... रोकना मत... और छोड़ते रहो... हैं... मेरी छूट में आग लग गयी है... आपका लुंड इतना गरम... इतना हार्ड... आआह्ह्ह्ह... छोड़ दो... फाड़ दो... हैं... जेठालाल... जेठा... आआह्ह्ह...






जेठालाल ने सोनू के दोनों हाथों को पकड़ कर ऊपर बीएड पर दबाया और अब फुल वेट के साथ धक्के मारने लगा. हर थ्रस्ट बहुत पावरफुल था.

जेठालाल : ले सोनू... ले पूरा... तेरी छूट बहुत अच्छी है... टाइट और जूसी... मैं भी बहुत मज़े में हूँ... अह्ह्ह... तेरी छूट मेरे लुंड को चूस रही है जैसे... ले बीटा... ाः...

सोनू अब बिलकुल वाइल्ड हो चुकी थी. उसकी कमर ऊपर उठ रही थी हर धक्के के साथ, मैचिंग जेठालाल की रदम.

सोनू : हैं... हैं... हैं... और... और... आआह्ह्ह्ह... मेरी छूट के अंदर सब फील हो रहा है... आपके लुंड की हर नस... हर वीन... ओह गॉड... मैं झड़ने वाली हूँ अंकल... आआह... रुकना मत... तेज़... तेज़... आआह्ह्ह्ह... जेठा अंकल... बहुत मज़ा आ रहा है... मेरी छूट पहात रही है मज़े से... सस्शह्ह्ह... उफ्फफ्फ्फ़... आआह्ह्ह...

जेठालाल ने स्पीड और बढ़ा दी. अब रूम में सिर्फ उनकी साँसों की आवाज़, चुदाई की वेट Puch-Puch आवाज़, और सोनू की मदहोश सिसकियाँ घूम रही थी.

सोनू की बॉडी टेंस होने लगी. उसकी छूट जेठालाल के लुंड को तिघ्टलय स्क्वीज़ करने लगी.






सोनू : आआह... आ रही हूँ... आ रही हूँ अंकल... ज़ोर से... हैं... अब... अब... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... मैं आ गयी... जेठालाल... आआह्ह्ह... मेरी छूट झाड़ रही है... ओह फ़क... आआह्ह्ह्हह्ह...

सोनू का पूरा बदन एकदम से काँप उठा. उसकी छूट के अंदर कॉन्ट्रैक्शंस शुरू हो गए वेव आफ्टर वेव. बहुत सारा गरम, गीला जूस जेठालाल के लुंड के अराउंड निकलने लगा, बेडशीट तक भीग गयी.

सोनू की आँखें उलट गयी, मुँह खुला रह गया, और वो ज़ोर ज़ोर से सांस ले रही थी हैं... हैं... अह्ह्ह... अह्ह्ह... बहुत ज़बरदस्त था... आआह...

लेकिन जेठालाल ने रुकने का नाम नहीं लिया. वह अभी भी तेज़ धक्के मार रहा था, सोनू के ओर्गास्म के बाद भी उसकी सेंसिटिव छूट को छोड़ता रहा.

सोनू : आआह... अंकल... अब बहुत सेंसिटिव हो गयी है... लेकिन मत रोको... हाँ... और थोड़ा... आआह... आप अभी नहीं झड़े... छोड़ते रहो मुझे... मेरी छूट आपके लुंड के लिए और खुल गयी है अब...

जेठालाल ने सोनू को किश किया और स्पीड थोड़ी स्लो कर दी, लेकिन गहरे, लॉन्ग स्ट्रोक्स में धक्के मारने लगा. हर बार पूरा बहार निकाल कर फिर से अंदर तक धकेल देता.






सोनू : मममहह... अब स्लो में भी बहुत मज़ा आ रहा है... आपका लुंड मेरी छूट के हर कार्नर को टच कर रहा है... आआह... अंकल... आप सच में किंग हो चुदाई के... हैं... और थोड़ा डीप... यस... वहां...

जेठालाल : अह्ह्ह सोनू... कितनी टाइट है तेरी छूट... ले ले पूरा...

सोनू : आआह्ह जेठा अंकल... बहुत मोटा है... और ज़ोर से... हाँ... छोड़िये मुझे...

कुछ मिनट और ऐसे Hi चला. सोनू के मुँह से अब धीमी धीमी सिसकियाँ निकल रही थी आह... आह... आह... हाँ... मज़ा... बहुत मज़ा...

फिर जेठालाल ने स्पीड बढ़ा दी. सोनू की दूसरी ओर्गास्म बिल्ड होने लगी.

मिशनरी पोजीशन में दोनों का बदन एक दूसरे से बिलकुल चिपका हुआ था.

उसी वक़्त अनन्य ने प्रणाली को अपने पास खींच लिया.

अनन्य : आ प्रणाली... हम भी मज़े लेते हैं... देखते हैं जेठा काकू कैसे सोनू को छोड़ रहे है... हम भी गरम हो जायेंगे.

प्रणाली शर्माते हुए मुस्कुरायी और अनन्य के गले में बाहें दाल दी.

प्रणाली : हाँ अनन्य... मैं तोह पहले से Hi वेट हो रही हूँ... जेठा अंकल का लुंड देख कर...

दोनों लड़कियां एक दूसरे के सामने बैठ गयी. अनन्य ने प्रणाली का नाईट ड्रेस ऊपर किया और उसकी सॉफ्ट, गोल चूचियां बहार निकाल ली. प्रणाली की निप्पल्स आलरेडी हार्ड हो चुके थे.

अनन्य ने प्रणाली की एक चुकी मुँह में ले ली और धीरे धीरे चूसने लगी.






अनन्य : मममहह... तेरी चूचियां कितनी सॉफ्ट और टेस्टी हैं प्रणाली...

प्रणाली की आँखें बंद हो गयी, मुँह से धीमी सिसकारी निकली.

प्रणाली : आआह्ह... अनन्य... धीरे से चुसो... हाँ... बहुत अच्छा लग रहा है... मेरी निप्पल्स को जीभ से छेड़ो न...

अनन्य ने प्रणाली को लिटाया और उसके ऊपर लेट गयी. दोनों की चूचियां एक दूसरे से रगड़ रही थी. अनन्य ने प्रणाली की दूसरी चुकी को भी मुँह में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी.

प्रणाली : आआह... अनन्य... बहुत ज़ोर से... हाँ... चुसो... मेरी चूचियां तुम्हारी हो गयी आज... आआह्ह्ह...

प्रणाली ने अपना हाथ नीचे किया और अनन्य की छूट में एक ऊँगली दाल दी. अनन्य की छूट आलरेडी गीली थी.






अनन्य : हैं प्रणाली... ऊँगली अंदर बहार करो... हाँ... और एक ऊँगली और डालो... आआह... अच्छा लग रहा है...

इधर जेठालाल सोनू को जैम कर छोड़ रहा था






सोनू : उफ्फ्फ्फ़... बहुत मोटा है अंकल... धीरे... आआह्ह्ह... स्ट्रेच हो रही है मेरी छूट... हाँ... और थोड़ा अंदर...

जेठालाल : ले सोनू... ले मेरा लुंड... कितनी टाइट है तेरी छूट... अह्ह्ह... बिलकुल गरम भट्टी जैसी...

सोनू : आआह्ह्ह्ह... जेठा अंकल... पूरा अंदर... मेरी छूट फाड़ दी... आआह...

अनन्य ने यह सुन कर प्रणाली को और ज़ोर से किश करना शुरू कर दिया. दोनों की जीभ एक दूसरे के मुँह में घूम रही थी, गीली किसिंग की आवाज़ें आ रही थी.






अनन्य : सुनो प्रणाली... सोनू कितनी मज़े से चुद रही है... जेठा काकू का मॉन्स्टर लुंड उसकी छूट में पूरा घुसा हुआ है...

प्रणाली : हाँ... देखो... जेठा अंकल कितने ज़ोर से धक्के मार रहे हैं... मेरी छूट भी तड़प रही है अब... अनन्य... तुम्हारी उँगलियाँ और तेज़ करो न...

अनन्य ने दो उँगलियाँ प्रणाली की छूट में दाल दी और तेज़ तेज़ अंदर बहार करने लगी. प्रणाली की कमर उठने लगी.






प्रणाली : आआह्ह्ह... अनन्य... और तेज़... हाँ... मेरी छूट को फिंगर फ़क करो... आआह... बहुत मज़ा आ रहा है...

जेठालाल अब मध्यम स्पीड से सोनू को छोड़ रहा था. हर धक्के के साथ बीएड हिल रहा था और पूछ पूछ पूछ की वेट चुदाई की आवाज़ पूरा रूम भर रही थी.






जेठालाल : ले सोनू... ले पूरा लुंड... कितनी अच्छी तरह से ले रही है तू... तेरी छूट मेरे लुंड को चूस रही है...

सोनू : हैं... आआह... आआह... जेठा अंकल... और ज़ोर से... मेरी छूट को फाड़ दो... हैं... बहुत गहरा जा रहा है... आआह्ह्ह... आपका लुंड मेरी वॉम्ब तक पहुँच रहा है... ससष्ठ... उफ्फ्फ्फ़... और तेज़...

अनन्य ने प्रणाली को 69 पोजीशन में कर दिया. अनन्य ऊपर थी, प्रणाली नीचे. अनन्य ने प्रणाली की छूट पर मुँह रख दिया और जीभ से चाटने लगी. प्रणाली ने भी अनन्य की छूट को मुँह में ले लिया और चूसने लगी.

दोनों के मुँह से मुफ्फलेड मोअन्स निकल रहे थे






प्रणाली : मममहह... अनन्य... तेरी छूट बहुत टेस्टी है... आआह... और चाट न... मेरी क्लीट को चुसो...

अनन्य : हैं... तू भी मेरी छूट को अच्छे से चूस... आआह... तेरी जीभ अंदर तक जा रही है... मममहह...

उसी बीच जेठालाल ने सोनू की एक टांग अपने कंधे पर रख दी और पोजीशन डीप कर दी. अब हर थ्रस्ट बहुत गहरा और पावरफुल था.






सोनू : आआअह्ह्ह्ह... अंकल... और गहरा... बहुत गहरा... मेरी छूट के अंदर सब फील हो रहा है... आआह... और ज़ोर से... हाँ... छोड़ दो मुझे जैम कर... ओह फ़क... जेठालाल... आआह्ह्ह...

सोनू की सिसकियाँ अब बिलकुल वाइल्ड हो चुकी थी. हर धक्के के साथ उसके मुँह से अलग अलग आवाज़ें निकल रही थी.

सोनू : आआह... हैं... वहां... G-Spot पे... और तेज़... ससीईई... उफ्फ्फ्फ़... जेठा अंकल... आपका लुंड इतना हार्ड है... मेरी छूट पहात रही है मज़े से... हैं... और... और... आआह्ह्ह्ह...

अनन्य और प्रणाली 69 में इतने मज़े में थी की उनकी सिसकियाँ भी तेज़ हो गयी थी.






अनन्य : प्रणाली... तेरी छूट से रास निकल रहा है... मैं पूरा पि जाउंगी... आआह... तू भी मेरी छूट को और ज़ोर से चूस...

प्रणाली : हैं अनन्य... तुम्हारी छूट का रास बहुत स्वीट है... मममहह... और अंदर जीभ डालो न... आआह्ह्ह...

जेठालाल की स्पीड और बढ़ गयी. वह अब फुल स्पीड से सोनू को धकेल रहा था. सोनू के बूब्स ज़ोर ज़ोर से हिल रहे थे, निप्पल्स बिलकुल खड़े थे.

जेठालाल : ले सोनू... ले... तेरी छूट बहुत रसीली है... मेरा लुंड पूरा फिसलन भरा हो गया है तेरी छूट के रास से... अह्ह्ह... बहुत मज़ा आ रहा है...

सोनू : हैं अंकल... मैं भी पागल हो रही हूँ... आपका मॉन्स्टर लुंड मेरी छूट को बिलकुल भर रहा है... आआह... मैं झड़ने वाली हूँ... रुकना मत... और तेज़... आआह्ह्ह्ह... जेठा... बहुत मज़ा आ रहा है... मेरी छूट झाड़ रही है... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह...


2.5

सोनू का एक और ओर्गास्म आ गया. उसका पूरा बदन काँप उठा, छूट ने जेठालाल के लुंड को तिघ्टलय स्क्वीज़ किया और बहुत सारा गरम रास निकलने लगा.

सोनू : आआह... आ गयी... आ गयी अंकल... हैं... बहुत ज़बरदस्त था... अह्ह्ह... अभी भी काँप रही हूँ...

लेकिन जेठालाल ने स्पीड नहीं काम की. वह सोनू के ओर्गास्म के बाद भी उसको छोड़ता रहा, उसकी सेंसिटिव छूट को और तैसे कर रहा था.

सोनू : आआह... अब बहुत सेंसिटिव... लेकिन मत रोको अंकल... हाँ... और थोड़ा... आआह... आप अभी नहीं झड़े... छोड़ते रहो...

अनन्य ने प्रणाली को नीचे से उठाया और अब दोनों फेस तो फेस बैठ कर सकिसोरिंग पोजीशन में आ गयी. दोनों की छूट एक दूसरे से रगड़ रही थी वेट, गीली, स्लिपरी.






अनन्य : हैं प्रणाली... अपनी छूट मेरी छूट से रगड़ो... आआह... बहुत अच्छा लग रहा है... देखो जेठा काकू सोनू को कैसे छोड़ रहा है... हम भी ऐसे Hi गरम हैं...

प्रणाली : आआह अनन्य... मेरी क्लीट तुम्हारी क्लीट से टकरा रही है... हाँ... और तेज़ रगड़ो... आआह्ह्ह... बहुत मज़ा आ रहा है... ससष्ठ... उफ्फ्फ्फ़...

दोनों लड़कियां एक दूसरे की कमर पकड़ कर अपनी छूट को ज़ोर ज़ोर से रगड़ रही थी. उनकी सिसकियाँ कमरे में गूँज रही थी.

प्रणाली : अनन्य... मैं आ रही हूँ... आआह... और तेज़... हाँ... आआह्ह्ह... आ गयी... आआह्ह्ह्ह...

अनन्य भी साथ में झाड़ गयी.

अनन्य : हैं प्रणाली... मैं भी... आआह्ह्ह्ह... बहुत ज़बरदस्त था...

उसी वक़्त सोनू की भी झाड़ रही थी. जेठालाल अब और पावरफुल धक्के मार रहा था.

सोनू : फिर से... फिर से आ रही हूँ अंकल... आआह... आप भी झाड़ जाओ न... हाँ... मेरी छूट में Hi... लेकिन अभी नहीं... और छोड़ते रहो... आआह्ह्ह्ह... जेठालाल... और ज़ोर से... मैं फिर से झाड़ रही हूँ... आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह...

सोनू का ओर्गास्म और इंटेंस था. उसकी छूट से इतना रास निकल रहा था की बेडशीट भीग गयी थी.

सोनू : जेठा अंकल... आपने मेरी छूट को आज सच में तोड़ दिया... इतना मज़ाज से पहले कभी नहीं आया.. कभी नहीं भूलूंगी...

सोनू : फिर से... फिर से आ रही है अंकल... आआह... आप भी झाड़ जाओ न... मेरे अंदर Hi... हाँ... मेरी छूट में अपना माल भर दो... आआह... तेज़... तेज़ करो... आआह्ह्ह... हाँ... जेठा... और ज़ोर से... मैं फिर से आ रही हूँ... आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह...






इस बार सोनू और ज़ोर से झाड़ गयी. उसकी छूट ने जेठालाल के लुंड को इतना तिघ्टलय पकड़ा की जेठालाल को भी कण्ट्रोल नहीं रहा.

सोनू हफ्ते हुए लेती रही, उसका पूरा बदन पसीने से तर, छूट अभी भी काँप रही थी, और उसके चेहरे पर एक मदहोश, सटिस्फीएड स्माइल थी.

सोनू : जेठा अंकल... आपने तोह मेरी छूट को स्वर्ग दिखा दिया... इतना मज़ेदार मिशनरी... कभी नहीं भूलूंगी... आआह... अभी भी मेरी छूट में आपका लुंड फील हो रहा है...

जेठालाल उसके पास लेट गया, उसको अपनी बाहों में भर लिया और उसके माथे पर किश किया.

जेठालाल : तू भी बहुत ज़बरदस्त थी सोनू... तेरी टाइट छूट ने मेरा लुंड को बहुत मज़े दिए... अब थोड़ा रेस्ट कर ले... क्युकी अनन्य और प्रणाली अभी भी वेट कर रही हैं...

सोनू मुस्कुरायी और जेठालाल के सीने पर सर रख दिया, हाथ से उसके लुंड को धीरे से सहलाने लगी.

अनन्य और प्रणाली अभी भी सकिसोरिंग के बाद एक दूसरे से लिपटे हुए थे, दोनों हाफ रही थी.

अनन्य : कैसा लगा प्रणाली... लेस्बियन + लाइव चुदाई देखना?

प्रणाली : बहुत हॉट था अनन्य... अब मेरी बरी जेठा अंकल के साथ... मेरी छूट अभी भी तड़प रही है...

तीनो लड़कियां जेठालाल के चारों तरफ लेट गयी, सबके चेहरे पर सटिस्फीएड और हवस भरी मुस्कान थी. रात अभी और लम्बी थी.

जेठालाल सोनू के ऊपर से उठा और उसकी तरफ देखा. सोनू अभी भी हाफ रही थी, उसकी आँखें धीरे धीरे बंद हो रही थी. थक कर उसकी आँख लग गयी थी. उसके चेहरे पर अभी भी ओर्गास्म की ग्लो थी, चूचियां ऊपर नीचे हो रही थी.

अनन्य बीएड के साइड पर लेती हुई थी. उसकी एक टांग थोड़ी सी फैली हुई थी और वह अपनी छूट को धीरे धीरे सेहला रही थी सिर्फ उँगलियों से क्लीट को सर्किल में रगड़ रही थी, ताकि झाड़ न जाए. उसकी सांसें तेज़ थी लेकिन कण्ट्रोल में.






अनन्य : मममहह... जेठा काकू... देखो सोनू तोह थक कर सो गयी... अब मेरी बारी कब आएगी... मैं भी तड़प रही हूँ आपके मॉन्स्टर लुंड के लिए...

जेठालाल : आएगी अनन्य जल्दी आयेगी

जेठालाल ने प्रणाली की तरफ देखा. प्रणाली शर्माते हुए लेकिन हवस भरी आँखों से उसको देख रही थी. उसका नाईट ड्रेस अभी भी ऊपर चढ़ा हुआ था, स्मूथ छूट पहले से Hi गीली और चमक रही थी.






जेठालाल ने प्रणाली को ज़ोर से खींच लिया और उसको बीएड पर लिटाया. प्रणाली की टांगें नैचुरली फ़ैल गयी.

जेठालाल : अब तुम्हारी बारी है प्रणाली... पहले तुम्हे मज़े देता हूँ...

उसने अपना मुँह प्रणाली की छूट पर रख दिया. गरम सांस उसकी छूट पर पड़ी और प्रणाली काँप उठी.






प्रणाली : आआह्ह... जेठा अंकल... क्या कर रहे हो... ओह्ह्ह...

जेठालाल ने जीभ निकाली और प्रणाली की छूट की लिप्स को धीरे धीरे चाटने लगा. ऊपर से नीचे, फिर क्लीट पर सर्किल बनाते हुए. प्रणाली की छूट का गीला रास उसकी जीभ पर लग रहा था स्वीट और सालती मिक्स.

प्रणाली तड़पने लगी. उसकी कमर उठ रही थी, हाथों से बेडशीट को पकड़ रही थी.






प्रणाली : आआह्ह्ह... अंकल... बहुत गरम जीभ है आपकी... मेरी छूट को चाट रहे हो... ससष्ठ... उफ्फ्फ्फ़... मज़ा आ रहा है लेकिन तड़प भी हो रही है... हाँ... क्लीट पे... और ज़ोर से छतो न...

जेठालाल ने जीभ अंदर दाल दी और अंदर बहार करने लगा. कभी जीभ से क्लीट को चूस रहा था, कभी पूरा मुँह लगा कर छूट को सूचक कर रहा था. प्रणाली के मुँह से मदहोश सिसकियाँ निकल रही थी.

प्रणाली : ओह गॉड... जेठा अंकल... आपकी जीभ मेरी छूट के अंदर घूम रही है... आआह... बहुत गहरी... हैं... और चाट... मेरी छूट को पूरा पि जाओ... आआह्ह्ह्ह... तड़प रही हूँ मैं... लेकिन मज़ा भी इतना आ रहा है की रोना आ रहा है...






अनन्य साइड में लेती हुई अपनी छूट को और धीरे सेहला रही थी. उसकी उँगलियाँ क्लीट पर स्लो सर्कल्स बना रही थी, कभी कभी अंदर एक ऊँगली दाल कर निकाल लेती थी.





अनन्य : मममहह... प्रणाली की सिसकियाँ सुन कर मेरी छूट और गीली हो रही है... जेठालाल... आपकी जीभ देख कर मैं भी तड़प रही हूँ... लेकिन मैं झड़ना नहीं चाहती अभी... धीरे सेहला रही हूँ ताकि कण्ट्रोल रहे...

सोनू हलकी सी करवट ले कर सो रही थी, उसकी सांसें अब नार्मल हो चुकी थी. उसकी छूट अभी भी थोड़ी सी कम्पन कर रही थी पहले वाले ओर्गास्म से.

जेठालाल ने प्रणाली की छूट को 4-5 मिनट तक अच्छे से छाता. प्रणाली की टांगें काँप रही थी, उसकी छूट से लगातार रास निकल रहा था.

प्रणाली : आआह... अंकल... अब और नहीं... मेरी छूट तड़प रही है... दाल दो न अपना लुंड... प्लीज... मैं मर जाउंगी तड़प से...

जेठालाल उठा. उसका 14 इंच का मॉन्स्टर लुंड बिलकुल खड़ा था मोटा, लाल, वेइन्स उभरी हुई, टॉप से प्रेकम टपक रहा था. प्रणाली ने उसे देखा और उसकी आँखें बड़ी हो गयी.

प्रणाली : ओह्ह्ह फ़क... इतना लम्बा और मोटा... 14 इंच... जेठा अंकल... ये तोह सच में मॉन्स्टर है... मेरी छूट में पूरा नहीं जायेगा ये?

जेठालाल : जाएगा प्रणाली बेटी जरूर जाएगा

जेठालाल मुस्कुराया और प्रणाली के ऊपर चढ़ गया. मिशनरी पोजीशन में उसका भरी बदन प्रणाली के पतले सेक्सी फिगर पर लेट गया. प्रणाली की सॉफ्ट चूचियां उसके सीने से डाब रही थी.






जेठालाल ने अपना लुंड पकड़ा और प्रणाली की छूट के एंट्रेंस पर सेट किया. सूपड़ा अंदर घुसाने लगा.

प्रणाली : आआह्ह्ह... धीरे अंकल... बहुत मोटा है... स्ट्रेच हो रही है मेरी छूट... ससष्ठ... उफ्फ्फ्फ़...

जेठालाल ने धीरे धीरे प्रेशर बढ़ाया. पहले 4 इंच अंदर गया, फिर 6, फिर 8... प्रणाली की छूट की वाल्स बहुत टाइट थी, लुंड को ज़ोर से पकड़ रही थी.

प्रणाली चीखने लगी जब 10 इंच तक पहुंचा.

प्रणाली : आआह्ह्ह्ह... जेठा अंकल... बहुत गहरा... मेरी छूट फाड़ रही है... आआह... इतना लम्बा... रुको थोड़ा... आअह्ह्ह...

लेकिन जेठालाल ने रुकने की बजाये एक ज़ोर का धक्का मारा और पूरा 14 इंच का लुंड एक Hi बार में प्रणाली की छूट के अंदर तक घुसा दिया. उसका सूपड़ा प्रणाली की वॉम्ब तक पहुँच गया.






प्रणाली की आँखें एकदम से बड़ी हो गयी, मुँह खुल गया और ज़ोर की चीख निकली

प्रणाली : आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... बहुत मोटा... पूरा अंदर... मेरी छूट पहात गयी... ओह गॉड... आआह्ह्ह्ह... दर्द हो रहा है लेकिन... आआह...

उसका पूरा बदन काँप उठा. हाथों से जेठालाल की पीठ को नाख़ून गड्ड दिए, पाऊँ की उँगलियाँ कर्ल हो गयी. टीयर्स उसकी आँखों से निकल आये थे.

अनन्य साइड से देख रही थी और अपनी छूट को अभी भी धीरे सेहला रही थी.

अनन्य : प्रणाली... रिलैक्स कर... पहले दर्द होगा... फिर मज़ा आएगा... देखो जेठालाल का पूरा 14 इंच लुंड तेरी छूट में घुसा हुआ है... बहुत हॉट लग रहा है देख कर...

कुछ सेकण्ड्स बाद प्रणाली की सांसें नार्मल होने लगी. दर्द धीरे धीरे मज़ा में बदलने लगा.






प्रणाली : आआह... अब... अब थोड़ा मज़ा आ रहा है अंकल... आपका लुंड मेरी छूट को बिलकुल भर रहा है... हर इंच फील हो रहा है... हाँ... अब धक्के मारो... धीरे से शुरू करो...

जेठालाल ने धीरे धीरे हिप्स हिलने शुरू किये. बहार निकालते हुए सिर्फ 8-9 इंच तक, फिर पूरा अंदर धकेल देते. हर थ्रस्ट के साथ प्रणाली की छूट से वेट *पूछ पूछ* आवाज़ आ रही थी.

प्रणाली : हैं... आआह... वैसा Hi... और अंदर... आआह्ह्ह... आपका लुंड मेरी वॉम्ब को टच कर रहा है हर बार... बहुत गहरा... ससष्ठ... उफ्फ्फ्फ़... मज़ा आ रहा है अंकल... और तेज़ करो न अब...






जेठालाल की स्पीड बढ़ने लगी. अब मध्यम और पावरफुल धक्के. प्रणाली की चूचियां ज़ोर ज़ोर से हिल रही थी, निप्पल्स रॉक हार्ड.

प्रणाली : आआह... आआह... जेठा अंकल... और ज़ोर से... मेरी छूट को फाड़ दो आज... हैं... 14 इंच पूरा अंदर बहार... ओह फ़क... बहुत मज़ा आ रहा है... मेरी छूट आपके लुंड के शेप में हो गयी है अब...

अनन्य अब अपनी उँगलियाँ थोड़ी तेज़ कर रही थी लेकिन फिर भी कण्ट्रोल कर रही थी.






अनन्य : प्रणाली की चीखें सुन कर मेरी छूट में करंट दौड़ रहा है... जेठालाल... आप प्रणाली को कितना ज़बरदस्त छोड़ रहे हो... मैं भी तड़प रही हूँ... लेकिन अभी नहीं झाड़ूंगी...

जेठालाल ने प्रणाली की दोनों टांगें अपने कन्धों पर रख दी और अब फुल डीप स्ट्रोक्स मारनе लगा. हर बार पूरा 14 इंच बहार निकाल कर फिर से अंदर तक धकेल देता.

प्रणाली : आआह्ह्ह्ह... और गहरा... बहुत गहरा... अंकल... मेरी छूट के अंदर सब फील हो रहा है... आआह... और ज़ोर से... हाँ... छोड़ दो मुझे जैम कर... सस्शह्ह्ह... उफ्फफ्फ्फ़... आआह्ह्ह...

पहला ओर्गास्म प्रणाली को झटके से आया. उसकी छूट ने जेठालाल के लुंड को तिघ्टलय स्क्वीज़ किया.






प्रणाली : आआह... आ रही हूँ... आ रही हूँ अंकल... हैं... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... मैं आ गयी... मेरी छूट झाड़ रही है... ओह गॉड... आआह्ह्ह्ह...

उसका बदन काँप उठा, बहुत सारा गरम रास जेठालाल के लुंड के अराउंड निकल आया. लेकिन जेठालाल ने स्पीड नहीं काम की.

प्रणाली अभी भी हाफ रही थी जब जेठालाल ने स्पीड और बढ़ा दी.

प्रणाली : अभी भी... सेंसिटिव है... लेकिन मत रोको... हाँ... और छोड़ते रहो... आआह... दूसरा आ रहा है जल्दी Hi...

दूसरा ओर्गास्म सिर्फ 2 मिनट बाद आया. इस बार और इंटेंस.






प्रणाली : फिर से... आआह्ह्ह्ह... अंकल... और ज़ोर से... हाँ... आ गयी फिर से... आआआह्ह्ह्हह्ह...

तीसरा ओर्गास्म थोड़ा देर बाद. प्रणाली अब बिलकुल मदहोश हो चुकी थी. उसकी आँखें उलट रही थी, मुँह से सिर्फ सिसकियाँ और जेठालाल का नाम निकल रहा था.

प्रणाली : तीसरी बार... आआह... जेठा अंकल... आप नहीं थकते... मेरी छूट को तोड़ रहे हो... हैं... और... आआह्ह्ह्ह... तीसरी बार आ गयी... बहुत ज़बरदस्त...

चौथा ओर्गास्म सबसे पावरफुल था. प्रणाली की टांगें सीढ़ी हो गयी, पूरा बदन एकदम से टेंस हुआ और फिर रिलैक्स.

प्रणाली : चौथी... चौथी बार... आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... मैं फिर से झाड़ रही हूँ... अंकल... आपका लुंड मेरी छूट को स्वर्ग दिखा रहा है... आआह्ह्ह्ह... बहुत मज़ा... ओह फ़क... आआह्ह्ह्हह्ह...






जेठालाल ने प्रणाली की दोनों टांगें अपने कन्धों पर रख दी और अब फुल मिशनरी में गहरा एंगल बना लिया था. उसका 14 इंच का मॉन्स्टर लुंड प्रणाली की छूट में पूरा घुसा हुआ था. उसने स्पीड बढ़ा दी और अब Zor-Zor के धक्के मारने लगा.

हर धक्का बहुत पावरफुल था पूरा लुंड बहार निकाल कर फिर से एक Hi झटके में अंदर तक धकेल देता. बॉल्स प्रणाली की गांड से टकराते और थप थप थप की तेज़ आवाज़ कमरे में गूँज रही थी.

प्रणाली जोरो से सिसकने लगी. उसकी सिसकियाँ अब धीमी नहीं, बिलकुल लाउड और मदहोश थी.

प्रणाली : आआह्ह्ह्ह... जेठा अंकल... और ज़ोर से... हाँ... बहुत ज़ोर से छोड़ रहे हो... मेरी छूट पहात रही है... आआह्ह्ह... सस्शह्ह्ह... उफ्फफ्फ्फ़... आआह्ह्ह्ह...

जेठालाल का भरी बदन प्रणाली के ऊपर Upar-Neeche हो रहा था. हर धक्के के साथ प्रणाली की सॉफ्ट चूचियां Zor-Zor से हिल रही थी, निप्पल्स बिलकुल खड़े और हार्ड थे. उसकी छूट से White-Creamy जूस निकल रहा था जो जेठालाल के लुंड पर लपेट रहा था और हर बार बहार आते वक़्त स्ट्रेच होता दिखाई दे रहा था.

जेठालाल : ले प्रणाली... ले पूरा मॉन्स्टर लुंड... कितनी टाइट है तेरी छूट... अब ज़ोर से ले रही है न... अह्ह्ह... तेरी छूट मेरे लुंड को बहुत अच्छे से चूस रही है...






प्रणाली की आँखें कभी बंद हो रही थी, कभी खुल कर जेठालाल की आँखों में देखती थी. उसका मुँह खुला था, सांसें बहुत तेज़ और टूटी हुई थी. हर धक्के के साथ उसके मुँह से एक नयी सिसकारी निकल रही थी.

प्रणाली : आआह्ह्ह... हैं... और ज़ोर से अंकल... मेरी छूट को फाड़ दो आज... आआह... आपका 14 इंच लुंड मेरी वॉम्ब तक पहुँच रहा है हर बार... ओह फ़क... बहुत गहरा... ससीईई... आआह्ह्ह्ह... और तेज़... और तेज़ करो... मैं मर जाउंगी इतने मज़े से... हैं... जेठा... छोड़ दो मुझे जैम कर...

जेठालाल ने स्पीड और बढ़ा दी. अब वह बिलकुल वाइल्ड हो चूका था. उसकी कमर मशीन की तरह मूव कर रही थी तेज़, गहरे और पावरफुल धक्के. हर बार जब लुंड पूरा अंदर जाता, प्रणाली की छूट की वाल्स उसको तिघ्टलय पकड़ लेती और जब बहार निकलता तोह उसकी छूट थोड़ी सी खुल जाती.

प्रणाली अब Zor-Zor से सिसक रही थी, उसकी आवाज़ें कमरे की दीवारों से टकरा रही थी.

प्रणाली : आआअह्ह्ह्ह... अंकल... बहुत ज़बरदस्त... मेरी छूट के अंदर आग लग गयी है... हाँ... और ज़ोर से... थप थप थप... सुनो न... मेरी छूट आपके लुंड से भर गयी है... आआह्ह्ह... सीईई... उफ्फफ्फ्फ़... बहुत मज़ा आ रहा है... लेकिन तड़प भी हो रही है... और छोड़ो... और छोड़ो मुझे...

4.5

अनन्य साइड पर लेती हुई यह सब देख रही थी. उसकी उँगलियाँ अभी भी अपनी छूट पर Dheere-Dheere घूम रही थी, लेकिन अब वह भी तड़प रही थी. सोनू अभी भी हलकी नींद में थी, लेकिन प्रणाली की लाउड सिसकियाँ सुन कर उसकी आँखें थोड़ी सी खुल रही थी.

प्रणाली की टांगें जेठालाल के कन्धों पर काँप रही थी. उसकी छूट अब बहुत सेंसिटिव हो चुकी थी, हर थ्रस्ट के साथ करंट दौड़ रहा था उसके पुरे शरीर में.

प्रणाली : हैं... वहां... बिलकुल वहां... आपका लुंड मेरी G-Spot को हर बार क्रश कर रहा है... आआह्ह्ह्ह... रुकना मत अंकल... मैं झड़ने वाली हूँ... पहली बार... आआह... ज़ोर से... आआह्ह्ह्ह... आ रही हूँ... मैं आ गयी... जेठालाल... आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह...

प्रणाली का पहला ओर्गास्म बहुत ज़ोर से आया. उसका पूरा बदन एकदम से टेंस हुआ, छूट ने जेठालाल के लुंड को बहुत तिघ्टलय स्क्वीज़ किया जैसे उसको अंदर Hi रोकना चाहती हो. बहुत सारा गरम, गीला रास जेठालाल के लुंड के अराउंड निकल आया और बेडशीट को भीगने लगा.

प्रणाली हफ्ते हुए सिसकती रही

प्रणाली : आआह... आ गयी... बहुत ज़बरदस्त था... अह्ह्ह... अभी भी काँप रही हूँ... लेकिन मत रोको... हाँ... और छोड़ते रहो... मेरी छूट अब और खुल गयी है आपके लुंड के लिए...






जेठालाल ने थोड़ा सा रुक कर प्रणाली को किश किया. उसकी जीभ प्रणाली के मुँह में दाल दी और ज़ोर से चूसने लगा. साथ Hi उसने हिप्स हिलना जारी रखा अब स्लो बूत बहुत गहरे स्ट्रोक्स.

प्रणाली किश के बीच में Hi सिसक रही थी

प्रणाली : मममहह... चूसते रहो... और अंदर से छोड़ते रहो... आआह... आपके होंठ और लुंड दोनों बहुत डेंजरस हैं... हैं...

किश छोड़ने के बाद जेठालाल ने फिर से स्पीड बढ़ा दी. अब वह प्रणाली को बिलकुल जैम कर छोड़ रहा था. हर धक्का इतना ज़ोर का था की प्रणाली का पूरा बदन बीएड पर ऊपर उठ जाता था.

प्रणाली : आआह्ह्ह्ह... फिर से तेज़... हाँ... ऐसा Hi... मेरी छूट को तोड़ दो अंकल... आआह... बहुत मज़ा आ रहा है... सस्शह्ह्ह... उफ्फफ्फ्फ़... और ज़ोर से... थप... थप... थप... सुनो न कितनी तेज़ आवाज़ आ रही है... आआह्ह्ह्ह... मेरी चूचियां हिल रही हैं... पकड़ो इनको... हाँ... दबाओ ज़ोर से...

जेठालाल ने प्रणाली की चूचियों को दोनों हाथों से पकड़ लिया और Zor-Zor से दबाने लगा. निप्पल्स को उँगलियों से पिंच कर रहा था.

प्रणाली और ज़ोर से सिसकने लगी






प्रणाली : आआह... हाँ... चूचियां दबाओ... और नीचे से छोड़ते रहो... दोनों तरफ से मज़े दे रहे हो... ओह गॉड... मैं पागल हो जाउंगी... आआह्ह्ह्ह... दूसरी बार आ रही है... रुकना मत... और तेज़... आआअह्ह्ह्ह... आ गयी फिर से... जेठा... बहुत इंटेंस है... आआह्ह्ह्हह्ह...

ये ओर्गास्म प्रणाली को झटके से आया. उसकी आँखें उलट गयी, मुँह से लार टपकने लगी और छूट से फिर से बहुत सारा रास निकल आया. उसका बदन 10-15 सेकण्ड्स तक काँपता रहा.

लेकिन जेठालाल अभी भी नहीं झाड़ा था. उसका लुंड अभी भी रॉक हार्ड और प्रणाली की छूट के अंदर Dhak-Dhak कर रहा था.

जेठालाल : अभी तक 6 बार झाड़ चुकी हो तुम... लेकिन मैं अभी भी फुल फॉर्म में हूँ प्रणाली... ले अब सातवीं बार के लिए तैयार हो जा...

प्रणाली हफ्ते हुए मुस्कुरायी, उसकी आवाज़ टूटी हुई थी

प्रणाली : हाँ अंकल... सातवीं बार... थैला फॉर ा रीज़न... मैं रेडी हूँ... आपका लुंड अभी भी इतना हार्ड है... मेरी छूट को और छोड़ दो... आआह... मैं और तड़पना चाहती हूँ...

जेठालाल ने प्रणाली की टांगें अब और फैला दी और अब डोगग्य स्टाइल जैसा एंगल बना कर मिशनरी में Hi ज़ोर से धक्के मारनе लगा. हर थ्रस्ट में पूरा 14 इंच Andar-Bahar हो रहा था.

प्रणाली की सिसकियाँ अब बिलकुल उनकंट्रोलबले हो गयी थी

प्रणाली : आआअह्ह्ह्ह... ऐसा एंगल... बहुत गहरा... मेरी वॉम्ब तक जा रहा है... अंकल... और ज़ोर से... हाँ... छोड़ दो... फाड़ दो मेरी छूट... सस्शह्ह्ह... उफ्फफ्फ्फ़... आआह्ह्ह... एक बार और आ रही है... रुकना मत... और तेज़... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... आ गयी... हाशह बार... बहुत ज़बरदस्त... ओह माय गॉड... आआह्ह्ह्ह...

सातवा ओर्गास्म इतना पावरफुल था की प्रणाली की टांगें सीढ़ी हो गयी, उसके हाथ जेठालाल की पीठ को खरोचने लगे और उसकी छूट से फाउंटेन जैसा रास निकलने लगा.






प्रणाली अब बिलकुल थक चुकी थी लेकिन अभी भी सिसक रही थी

प्रणाली : आआह... सातवीं बार... बहुत थक गयी हूँ... लेकिन आप अभी भी नहीं झड़े... हाँ... सातवीं बार के लिए भी रेडी हूँ... छोड़ते रहो मुझे... मेरी छूट अब आपकी हो गयी है...

जेठालाल ने स्पीड थोड़ी काम की लेकिन स्ट्रोक्स बहुत गहरे और लॉन्ग रखे. प्रणाली अब Dheemi-Dheemi सिसकियाँ ले रही थी हर थ्रस्ट के साथ.

प्रणाली : मममहह... अब स्लो में भी बहुत मज़ा आ रहा है... आपका लुंड मेरी छूट के हर कार्नर को टच कर रहा है... आआह... अंकल... आप सच में बहुत पावरफुल हो... हाँ... और थोड़ा और...

कुछ मिनट ऐसे Hi चलने के बाद जेठालाल ने फिर से स्पीड बढ़ा दी. प्रणाली का सातवा ओर्गास्म बिल्ड होने लगी.

प्रणाली : फिर से... सातवीं बार... आआह... बहुत ज़ोर से आ रहा है... अंकल... ज़ोर से... हाँ... आआह्ह्ह्ह... सातवीं बार... मैं आ रही हूँ... जेठालाल... आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... बहुत मज़ा... मेरी छूट अब थक गयी है लेकिन मज़े से पहात रही है... आआह्ह्ह्हह्ह...

प्रणाली के सातवीं बार झड़ते Hi उसका पूरा बदन बिलकुल सुस्त हो गया. वह Zor-Zor से हाफ रही थी, आँखें बंद, चेहरा पसीने से तर, चूचियां Upar-Neeche हो रही थी. उसकी छूट अभी भी जेठालाल के लुंड के चारो और घेरा कर रही थी.






प्रणाली हफ्ते हुए बोली

प्रणाली : जेठा अंकल... आपने मुझे 7 बार झाड़ा दिया... मेरी छूट अब बिलकुल थक गयी है... लेकिन आप अभी भी हार्ड हो... बहुत ज़बरदस्त था... आआह...

जेठालाल ने धीरे से लुंड बहार निकला. प्रणाली की छूट अब खुली हुई थी, लाल और बहुत गीली, रास से चमक रही थी.

जेठालाल प्रणाली के पास लेट गया, उसको अपनी बाहों में भर लिया और उसके माथे पर किश किया.

जेठालाल : तुम बहुत ज़बरदस्त थी प्रणाली... तुम्हारी सिसकियाँ सुन कर मज़ा आ गया... अब थोड़ा आराम कर लो...

प्रणाली मुस्कुराते हुए जेठालाल के सीने पर सर रख दिया और धीरे से बोली

प्रणाली : हाँ अंकल... लेकिन अनन्य अब बहुत तड़प रही होगी... उसकी बारी अब आने वाली है...

अनन्य साइड से मुस्कुराते हुए देख रही थी, उसकी उँगलियाँ अभी भी धीरे से अपनी छूट पर थी.

और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा
 


सेक्स का जमाना अपडेट 107

अनन्य साइड से मुस्कुराते हुए देख रही थी, उसकी उँगलियाँ अभी भी धीरे से अपनी छूट पर थी.




जेठालाल ने अनन्य की तरफ देखा. अनन्य अभी भी अपनी छूट को धीरे सेहला रही थी, उसकी आँखों में बड़ी तड़प थी.

जेठालाल : लगता है तुम भी बहुत तड़प रही हो मेरी प्यारी भतीजी... आजा... तुझे आसमान की सैर पर ले चालू आज...

अनन्य की आँखें चमक उठी. वह मुस्कुराते हुए तुरंत आगे बढ़ी.

अनन्य : हाँ जेठा काकू... बहुत देर से वेट कर रही थी... अब मुझे भी आपके 14 इंच मॉन्स्टर से छोड़ दो... मैं तड़प रही हूँ...

जेठालाल ने अनन्य को ज़ोर से खींच लिया और सीधे उसको बीएड पर लिटाया. बिना किसी देर के उसने अपना मोटा 14 इंच लुंड अनन्य की छूट के मुँह पर रखा और एक Hi ज़ोर के धक्के में पूरा लुंड अंदर घुसा दिया.





अनन्य : आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... जेठालाल... पूरा एक Hi बार में... मेरी छूट फाड़ दी... आआह... इतना लम्बा... बहुत गहरा... ओह माय गॉड... आआह्ह्ह्ह...

उसका बदन एकदम से आर्च हो गया. लेकिन जल्दी Hi मज़ा शुरू हो गया.

अनन्य : अब... अब मज़ा आ रहा है... हाँ... छोड़ दो मुझे भी जैम कर... आपका लुंड मेरी छूट में बिलकुल परफेक्ट फिट हो रहा है... आआह... शुरू करो धक्के...

जेठालाल ने तुरंत तेज़ धक्के शुरू कर दिए. अनन्य की सिसकियाँ कमरे में गूंजने लगी –





अनन्य : हैं... आआह... और ज़ोर से... मेरी छूट को भर दो आज... आआह्ह्ह... जेठालाल... आप सच में किंग हो... बहुत मज़ा आ रहा है...

प्रणाली साइड पर लेती हुई अभी भी हाफ रही थी और यह सब देख रही थी. सोनू अभी भी सोई हुई थी.

जेठालाल ने प्रणाली के ऊपर से उठकर अनन्य की तरफ देखा. अनन्य बीएड पर लेती हुई तड़प रही थी, उसकी छूट पहले से Hi गीली और खुली हुई थी. उसकी आँखों में पुरे हवस और तड़प थी.

जेठालाल : आ मेरी प्यारी भतीजी... अब तुझे जैम कर छोड़ता हूँ आज. तैयार है न?

अनन्य ने मुस्कुराते हुए अपनी टांगें फैला दी और सेडक्टिव वौइस् में बोली,

अनन्य : हाँ जेठालाल... बहुत देर से वेट कर रही थी. अपना 14 इंच मॉन्स्टर लुंड अंदर दाल दो... मेरी छूट को आज पूरा भर दो...





जेठालाल तुरंत अनन्य के ऊपर चढ़ गया. मिशनरी पोजीशन में उसका भरी बदन अनन्य के पतले, सेक्सी फिगर पर लेट गया. अनन्य की सॉफ्ट, बड़ी चूचियां उसके सीने से ज़ोर से डाब रही थी.

जेठालाल ने अपना मोटा लुंड पकड़ा और अनन्य की छूट के एंट्रेंस पर रगड़ने लगा. फिर एक Hi ज़ोर के धक्के में पूरा 14 इंच लुंड अंदर घुसा दिया.





अनन्य की आँखें एकदम से बड़ी हो गयी, मुँह खुल गया और ज़ोर की चीख निकल गयी –

अनन्य : आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... जेठालाल... पूरा एक Hi बार में... मेरी छूट फाड़ दी... आआह्ह्ह... इतना मोटा और लम्बा... बहुत गहरा... ओह गॉड... आआह्ह्ह्ह...

उसका पूरा बदन काँप उठा. हाथों से जेठालाल की पीठ को नाख़ून गड्ड दिए. पाऊँ की उँगलियाँ कर्ल हो गयी. लेकिन जल्दी Hi दर्द मज़ा में बदल गया.

अनन्य : आआह्ह्ह... अब मज़ा आ रहा है... हाँ... छोड़ दो मुझे जैम कर जेठालाल... मेरी छूट आपके लुंड के लिए बिलकुल तैयार है... आआह...

जेठालाल ने धीरे धीरे हिप्स हिलना शुरू किया, फिर स्पीड बढ़ा दी. अब वह अनन्य को फुल ज़ोर से छोड़ रहा था. हर धक्का पावरफुल था – पूरा लुंड बहार निकाल कर फिर से अंदर तक धकेल देता. *थप थप थप थप* की तेज़ आवाज़ कमरे में गूँज रही थी.





अनन्य जैम कर सिसकी और चीख रही थी, मज़े के साथ.

अनन्य : आआह्ह्ह्ह... जेठालाल... और ज़ोर से... हाँ... बहुत ज़बरदस्त... मेरी छूट को फाड़ रहे हो... आआह्ह्ह... और गहरा... सस्शह्ह्ह... उफ्फफ्फ्फ़... बहुत मज़ा आ रहा है... आआह्ह्ह्ह... और तेज़... छोड़ दो मुझे जैम कर...

जेठालाल : ले अनन्य... ले पूरा मॉन्स्टर... तेरी छूट बहुत टाइट और गरम है... अह्ह्ह... कितनी अच्छी तरह से ले रही है तू... ले... ले... और ले...





अनन्य की चूचियां Zor-Zor से हिल रही थी. जेठालाल ने एक हाथ से उनको दबाना शुरू कर दिया, निप्पल को पिंच किया.

अनन्य : हैं... चूचियां दबाओ... और नीचे से ज़ोर से छोड़ते रहो... आआह... आपका लुंड मेरी वॉम्ब तक पहुँच रहा है हर बार... ओह फ़क... बहुत गहरा... आआह्ह्ह्ह... मैं झड़ने वाली हूँ... रुकना मत... और तेज़... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... आ गयी... पहली बार आ गयी... जेठालाल... आआह्ह्ह्हह्ह...

अनन्य का पहला ओर्गास्म बहुत ज़ोर से आया. उसकी छूट ने जेठालाल के लुंड को तिघ्टलय स्क्वीज़ किया और गरम रास बहार निकलने लगा. उसका बदन 10-15 सेकण्ड्स तक काँपता रहा.

लेकिन जेठालाल ने रुकने का नाम नहीं लिया. वह अभी भी तेज़ धक्के मार रहा था.

अनन्य हफ्ते हुए बोली –

अनन्य : आआह... बहुत ज़बरदस्त था... लेकिन अभी मत रोको... स्पूनिंग में करो न... मुझे साइड से छोड़ना चाहती हूँ...





जेठालाल ने अनन्य को साइड में घुमा दिया. स्पूनिंग पोजीशन में उसके पीछे लेट गया. एक टांग अनन्य की ऊपर उठा कर उसने अपना लुंड फिर से उसकी छूट में घुसा दिया. इस एंगल से लुंड और गहरा जा रहा था.

जेठालाल ने एक हाथ से अनन्य की चुकी पकड़ी और दूसरे हाथ से उसकी कमर को पकड़ कर Zor-Zor से धक्के मारनе लगा.

अनन्य फिर से ज़ोर से सिसकने लगी –

अनन्य : आआह्ह्ह्ह... स्पूनिंग में और गहरा जा रहा है... अंकल... और ज़ोर से... हाँ... मेरी छूट को ऐसा Hi छोड़ो... सस्शह्ह्ह... उफ्फफ्फ्फ़... बहुत मज़ा आ रहा है... आआह्ह्ह... और तेज़... मेरी गांड आपके पेट से टकरा रही है... ओह गॉड... आआह्ह्ह्ह...





जेठालाल की स्पीड बहुत तेज़ थी. हर धक्के में पूरा 14 इंच Andar-Bahar हो रहा था. अनन्य की छूट से वेट Puch-Puch आवाज़ साथ में आ रही थी.

अनन्य : हैं... वैसा Hi... और अंदर... आआह... आपका लुंड मेरी छूट के हर कार्नर को टच कर रहा है... बहुत हार्ड और गरम... आआह्ह्ह्ह... दूसरी बार आ रही हूँ... रुकना मत... ज़ोर से... आआअह्ह्ह्ह... आ गयी फिर से... जेठालाल... बहुत इंटेंस... आआह्ह्ह्हह्ह...

अनन्य का दूसरा ओर्गास्म आया. उसकी सिसकियाँ अब और लाउड हो गयी थी.





उसी वक़्त सोनू की नींद खुल गयी. प्रणाली की और अनन्य की Zor-Zor की चीखें सुन कर उसकी आँखें खुल गयी. वह बीएड पर उठ कर बैठ गयी और देखती रही की जेठालाल अनन्य को स्पूनिंग में जैम कर छोड़ रहा है.

सोनू : अरे वाह... अनन्य कितनी ज़ोर से सिसक रही है... जेठा अंकल बहुत वाइल्ड हो रहे हैं आज...

सोनू ने प्रणाली की तरफ देखा. प्रणाली अभी भी थकी हुई लेती थी लेकिन अनन्य की सिसकियाँ सुन कर उसकी छूट फिर से गीली होने लगी थी.

सोनू ने प्रणाली को अपने पास खींच लिया और उसके होंठों पर ज़ोर से किश कर दिया. प्रणाली ने भी पूरा साथ दिया. दोनों की जीभ एक दूसरे के मुँह में घूमने लगी, गीली किसिंग की आवाज़ें निकल रही थी.





सोनू : मममहह... प्रणाली... अनन्य की चीखें सुन कर मेरी छूट फिर से तड़पने लगी... तू भी गरम हो गयी है न?

प्रणाली : हाँ सोनू... बहुत गरम हूँ... अनन्य कितनी मज़े से चुद रही है... हम भी किश करते रहो...

दोनों लड़कियां एक दूसरे को किश करते हुए चूचियों को दबाने लगी. सोनू ने प्रणाली की एक चुकी मुँह में ले ली और चूसने लगी जबकि प्रणाली सोनू की छूट में ऊँगली दाल कर हिला रही थी.





उसी बीच जेठालाल अनन्य को स्पूनिंग में और ज़ोर से छोड़ रहा था.

अनन्य : आआह्ह्ह्ह... जेठालाल... और ज़ोर से... स्पूनिंग में बहुत मज़ा आ रहा है... हाँ... मेरी छूट अब और खुल गयी है... आआह्ह्ह... तीसरी बार आ रही हूँ... रुकना मत... और तेज़... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... आ गयी... तीसरी बार... ओह फ़क... बहुत ज़बरदस्त...





अनन्य का तीसरा ओर्गास्म आया. उसकी टांगें काँप रही थी, सांसें टूट रही थी

जेठालाल ने अनन्य को फिर से मिशनरी में घुमा दिया और अब फाइनल राउंड के लिए फुल स्पीड पकड़ ली. वह अनन्य को बिलकुल जैम कर, मशीन की तरह छोड़ रहा था.

अनन्य अब बिलकुल मदहोश हो चुकी थी. उसकी चीखें और सिसकियाँ कमरे में गूँज रही थी –

अनन्य : आआअह्ह्ह्ह... जेठालाल... और ज़ोर से... मेरी छूट को तोड़ दो आज... हाँ... बहुत मज़ा आ रहा है... सस्शह्ह्ह... उफ्फफ्फ्फ़... आआह्ह्ह... चौथी बार आ रही हूँ... ज़ोर से... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह... आ गयी... चौथी बार... मैं थक गयी हूँ लेकिन मज़े से पागल हो रही हूँ... आआह्ह्ह्ह...





जेठालाल अब झड़ने के करीब पहुँच चूका था. उसका लुंड अनन्य की छूट के अंदर फूल रहा था.

जेठालाल : अनन्य... मैं झड़ने वाला हूँ... बहार निकाल रहा हूँ...

उसने अपना लुंड बहार निकला और तीनो लड़कियों को तुरंत लाइन में बिठा लिया – अनन्य, सोनू और प्रणाली एक के साथ एक फेस के सामने Khadi/kneeling पोजीशन में.

जेठालाल खड़ा हो गया, अपना मोटा लुंड हाथ से हिलने लगा.

जेठालाल : ले लो सब... मेरा माल रेडी है... आज तीनो के मुँह और चेहरे पर...

तीनो लड़कियां एक्ससिटेड आँखों से ऊपर देख रही थी, मुँह खुले हुए.

पहले जेठालाल ने अनन्य के चेहरे पर ज़ोर से छुम किया – थिक वाइट जेट्स उसके माथे, आँखों, नोज और लिप्स पर पड़ने लगे.

अनन्य : मममहह... बहुत गरम है अंकल... और दो...

फिर सोनू के चेहरे पर – उसके लिप्स, चीन और चूचियों पर भी कुछ माल गिर गया.

सोनू : हैं जेठा अंकल... पूरा फेसिअल दे दिया... टेस्टी है...

लास्ट में प्रणाली के चेहरे पर बाकि का माल – उसके मुँह में भी थोड़ा दाल दिया.

प्रणाली : आआह... इतना मोटा और ज़्यादा... बहुत गरम...

तीनो लड़कियों के चेहरे, लिप्स और चूचियों पर जेठालाल का थिक, वाइट छुम चमक रहा था. सब खुश और सटिस्फीएड थे.





जेठालाल थक कर बीएड पर लेट गया. अनन्य, सोनू और प्रणाली तीनो उसके चारों तरफ आ गयी. सब एक दूसरे की बाहों में लिपट गए.

अनन्य जेठालाल के सीने पर सर रख कर बोली,

अनन्य : आज की रात तोह ज़बरदस्त थी जेठालाल... आपने हम तीनो को स्वर्ग दिखा दिया...

सोनू : हाँ... और फेसिअल भी परफेक्ट था...

प्रणाली : अब थक गए हैं सब... सो जाते हैं एक दूसरे को गले लगाकर...

अनन्य : कैसा लगा आपका सरप्राइज जेठा काकू

जेठालाल : सरप्राइज तोह ज़बरदस्त था... लेकिन अब तोह प्रैक्टिस शुरू हो गयी है. कम्पटीशन में और भी बहुत कुछ करना पड़ेगा.

चारो जेठालाल, अनन्य, सोनू और प्रणाली – एक दूसरे की बाहों में तिघ्टलय लिपट कर लेट गए. सबके चेहरे पर सटिस्फीएड मुस्कान थी. रात के अँधेरे में उनकी सांसें Dheere-Dheere नार्मल होती गयी और सब गहरी नींद में सो गए.




और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो गया उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पढ़ कर मज़ा आया होगा

 


सेक्स का जमाना अपडेट 108

अपडेट 108 ( महिला मंडल मीटिंग पट.2)

दोपहर से पहले महिलाएं Ek-Ek करके अंजलि के घर पहुँचने लगी थी. कल वाली मीटिंग का एक्ससिटेमेंट अब डबल हो गया था क्युकी अब्दुल की शादी की खबर ने सबको और एनर्जी दे दी थी.

अंजलि ने सबको जूस सर्वे करते हुए कहा: पहले अब्दुल भाई की शादी की बात कर लेते हैं. बहुत ख़ुशी की बात है. ज़रीन भाभी को भी इन्विते करेंगे क्लब में.

बबिता : हाँ भाभी, और सुनिए... ज़रीन खान नाम सुन कर लग रहा है वह बहुत स्टाइलिश और बोल्ड होगी. हमारी मीटिंग्स में नयी बातें ऐड हो जाएंगी.

कोमल है कर बोली, : अब्दुल भाई तोह बहुत लकी निकले. 8 साल से छुप कर मज़े ले रहे थे और अब ओपनली शादी भी.

रोशन: बावा, हम भी तोह अब ओपनली एन्जॉय कर रहे हैं न? कम्पटीशन, सब कुछ!

सब है पड़ी.

तभी दरवाज़ा खुला और श्रद्धा, कटरीना, करीना और टापू सेना की लड़कियां सोनू, अनन्य, प्रणाली, अलिअ, सारा, जहान्वी आ गयी.

जैसे Hi सारा अंदर आयी, रोशन की आँखें फैल गयी. वह शॉक से उठ कड़ी हुई और तेज़ी से बोली,

“अरे… तुम यहाँ क्या कर रही हो बीटा?!”

सारा थोड़ी शर्माती हुई मुस्कुरायी. सोनू ने आगे बढ़ कर रोशन आंटी को शांत करते हुए कहा,

“मैं बताती हूँ आंटी… सारा और अलिअ भी 4 ऍम सोल्स की मेंबर्स हैं. और सारा तोह गोगी की गर्लफ्रेंड है. इसलिए मैंने उसे यहाँ ले आयी. सब कुछ ओपनली डिसकस करना बेटर है न?”

रोशन अभी भी शॉकेड थी, लेकिन Dheere-Dheere बैठ गयी.

कोमल ने क्यूरियस नज़रों से अलिअ की तरफ देखा और पुछा,

“अलिअ कौन है? Don’t तेल्ल में…”

अलिअ नीचे झुकी, कोमल के पेअर छुए और धीरे से बोली,

“यस आंटी… आप सही सोच रही हैं. मैं गोली की गर्लफ्रेंड हूँ.”

कोमल का सर चकराने लगा. उसकी आँखें घूम गयी और वह ज़ोर से नीचे बैठ गयी. उसका चेहरा सफ़ेद पद गया था.

“गोली… मेरा बीटा… और तुम…”

अंजलि, बबिता और दया ने तुरंत कोमल के पास पहुँच गयी. अंजलि ने उसके सर पे हाथ फेरते हुए कहा,

“शांत हो जाओ कोमल भाभी… शांत. आज कल के बच्चे बहुत आगे निकल चुके हैं. हम सब यहाँ इसलिए Hi बैठ कर बात कर रहे हैं.”

कटरीना ने मध्यस्थ की आवाज़ में कहा,

“मुझे तोह लगता है इन टीन्स को शामिल करना बहुत अच्छा डिसिशन है. क्यों बबिता, सही कहा न?”

बबिता ने कॉन्फिडेंटली मुस्कुराते हुए जवाब दिया,

“यस काट, बिलकुल सही कहा. और वैसे भी उनके बॉयफ्रैंड्स सेक्स कम्पटीशन में अपनी मर्ज़ी से शामिल होने वाले हैं. तोह इन लड़कियों को भी अपने डिशन्स लेने का पूरा हक़ है. हम उन्हें रोक नहीं सकते, बल्कि हमें उनके साथ खड़े होना चाहिए.”

सब महिलाएं एक दूसरे को देखि और Dheere-Dheere “हाँ” में सर हिलने लगी. माधवी थोड़ी उनकंफर्टबले थी, लेकिन उसकी आँखों में भी क्यूरोसिटी साफ़ दिखाई दे रही थी.

अंजलि ने सबको शांत करते हुए सीधे पॉइंट पर आयी,

मीटिंग शुरू हुई. सब लोग बातें कर रहे थे, है रहे थे, प्लान्स बना रहे थे. माहौल बहुत गरम और खुशनुमा था.

सब ने जूस के गिलास उठाये और ज़ोर से चियर्स किया.

अंजलि के ड्राइंग रूम में दोपहर के 2:15 बजे तक सब महिलाएं पहुँच चुकी थी. कर्टेंस बंद थे, एक फुल स्पीड पर था, और रूम में हल्का सा जस्मिने का सेंट फैला हुआ था.

अंजलि ने सबका स्वागत किया और बोली, : आज की मीटिंग में दो बड़ी बातें हैं एक तोह अब्दुल भाई की शादी, दूसरी हम सबकी ‘स्पेशल प्लान’.

“चलो बहेनो… अब मीटिंग शुरू करते हैं. आज हम यहाँ इसलिए इकठ्ठा हुए हैं ताकि हम खुद से एन्जॉय कर सकें. बिना किसी मर्द के. सिर्फ हम महिलाएं… एक साथ.”

अनन्य ने सीधे पुछा,

“यू मैं… लेस्बियन सेक्स?”

बबिता ने मुस्कुराते हुए उसकी तरफ देखा और धीरे से बोलै,

“यस अनन्य… एक्साक्ट्ली. और आज से हमारे लेस्बियन प्रैक्टिस की स्टार्टिंग हो रही है. हर रात हम सब क्लब हाउस में लेस्बियन सेक्स करेंगे. जिसको जिसके साथ करना हो, वह उसके साथ करेगी. कोई फाॅर्स नहीं, सबकी मर्ज़ी से.”

माधवी ने थोड़ी घबराती हुई आवाज़ में कहा,

“पर… हमारे पति रात को जाग गए तोह? क्या होगा?”

अंजलि ने एक नॉटी स्माइल के साथ जवाब दिया,

“वही तोह प्लान है माधवी भाभी. जब हम सब महिलाएं क्लब हाउस में लेस्बियन सेक्स कर रहे होंगे और हमारे पति हमें पकड़ लेंगे… तब सेक्स कम्पटीशन तुरंत स्टार्ट हो जाएगा. ऐसे Tooti-Phooti चुदाई नहीं होंगी. एकदम Full-On, वाइल्ड और कॉम्पिटिटिव मूड में शुरू होगा सब कुछ.”

अंजलि ने गहरी सांस लेते हुए कहा,

“क्युकी अब मैं ऐसे Chhup-Chhup कर सेक्स नहीं कर सकती. मुझे खुल कर सेक्स करना है. अपनी मर्ज़ी से, अपने टर्म्स पर.”

बबिता ने सबकी तरफ देखते हुए ऐड किया,

“और सेक्स कम्पटीशन का असली प्लान यही तोह करने का है न? तो बस हम चाहते हैं की यह चीज़ स्पीड उप हो. जितनी जल्दी कम्पटीशन शुरू होगा, उतना Hi मज़ा आएगा.”

रूम में कुछ सेकण्ड्स तक सन्नाटा छाया रहा. फिर Dheere-Dheere सब लड़कियां और महिलाएं एक दूसरे को देखने लगी.

सारा ने हलकी सी मुस्कान के साथ कहा,

“तोह… आज रात से Hi स्टार्ट करना है क्या?”

अनन्य ने एक्ससिटेड हो कर बोलै,

“मैं तोह रेडी हूँ. इतना सारा एक्सपीरियंस मिलेगा… डिफरेंट बॉडीज, डिफरेंट फीलिंग्स.”

जहान्वी ने शर्माते हुए प्रणाली की तरफ देखा, लेकिन कुछ नहीं बोली.

कोमल अब थोड़ी संभल चुकी थी. वह धीरे से बोली,

“ठीक है… अगर सब कर रही हैं तोह मैं भी तरय करुँगी. लेकिन पहले एक बार… सिर्फ देख कर Hi समझूंगी.”

श्रद्धा चुपचाप सब सुन रही थी. बबिता ने उसके कंधे पर हाथ रख कर धीरे से कहा,

“श्रद्धा भाभी, आप भी अब इस ग्रुप की हिस्सा हैं. आपको भी अपना मैं खोलना होगा.”

श्रद्धा ने सर हिलाया, गाल लाल हो गए थे उसके.

कटरीना : ी वोउल्ड सुग्गेस्ट की तुम ये लेस्बियन Part में इंडल्ज होने से पहले किसी मेल के साथ सेक्स कर लो पोपटलाल जी के अलावा

श्रद्धा थोड़ी शर्मायी और फिर कोमल ने कहा

"अरे हां श्रद्धा कटरीना सही कह रही है लेस्बियन Part में आने से पहले थोड़ी बोहोत बाहर भी मस्ती कर लो ओपन उप हो जाओगी"

बबिता : अरे पहले श्रद्धा को सीक्रेट ग्रुप में तो ऐड करो वो खुद किसी मर्द को चूसे कर लेगी सेक्स करने को

अंजलि ने श्रद्धा सोनू अनन्य प्रणाली सारा जहान्वी और अलिअ को भी ग्रुप में ऐड किया

श्रद्धा ग्रुप के मेस्सगेस देख कर शॉकेड रह गयी और अंदर Hi अंदर शर्माने लगी

अंजलि ने सबको देखते हुए एक नयी बात रेज की,

“बहेनो… एक और इम्पोर्टेन्ट चीज़. रीता रिपोर्टर का क्या करें? क्या हम उसे भी इस ग्रुप में ऐड कर दें?”

सब महिलाएं एक दूसरे को देखती रही. रूम में कुछ सेकण्ड्स के लिए सोच भरी ख़ामोशी छ गयी.

कोमल ने धीरे से सांस लेते हुए कहा,

“हाँ अंजलि भाभी… मुझे लगता है उसे भी ऐड करना चाहिए. वो अकेली रहती है, उसकी लाइफ में कोई मज़ेदार चीज़ नहीं है. ये थ्रिल, ये एक्ससिटेमेंट… उसके लिए भी अच्छा रहेगा. और वैसे भी वो इतनी स्मार्ट और बोल्ड है, हमारी ग्रुप में फिट भी हो जायेगी.”

रोशन ने थोड़ी सोच में पड़ते हुए कहा,

“पर उसे कौन मनाएगा? वो सीधा सीधा नहीं मानती.”

माधवी ने तुरंत ऐड किया,

“हाँ, और अगर उसे ये पूरा कम्पटीशन वाला आईडिया पसंद नहीं आया तो? वो बहुत गुस्सैल है… पोपट भौजी जैसी.”

जैसे Hi पोपटलाल का नाम आया, श्रद्धा का मुँह थोड़ा सा खुला रह गया. उसकी आँखें थोड़ी बड़ी हो गयी और वह जल्दी से अपना चेहरा कण्ट्रोल करने की कोशिश करने लगी, लेकिन उसका लाल पड़ता हुए गाल सबने नोटिस कर लिया.

दया ने कॉन्फिडेंटली मुस्कुराते हुए कहा,

“रीता को मैं देख लुंगी. बाकी आप सब देख लेना.”

अंजलि ने उसकी तरफ देखते हुए पुछा,

“आप रीता को कैसे मनाएगी दया?”

दया ने एक मिस्टीरियस स्माइल देते हुए जवाब दिया,

“आप टेंशन मत लो भाभी. आप बस उसको ग्रुप में ऐड कर दो. वो खुद आ जायेगी आज रात को.”

अंजलि थोड़ी हिचकिचाई,

“ऐसे डायरेक्ट ऐड कर दें? कहीं उसे ये सब पसंद न आया तो?”

दया ने हलके से हाथ हिलाते हुए कहा,

“एक तरय करने में क्या जाता है? और वैसे भी… उसके चेहरे से लग रहा था जैसे वो कुछ जानती है. ट्रस्ट में.”

अंजलि ने कुछ सेकण्ड्स सोचा, फिर अपने फ़ोन उठाया. सब महिलाएं उसकी तरफ देखती रही.

अंजलि ने ग्रुप में रीता रिपोर्टर को भी ऐड कर दिया.

जैसे Hi ‘रीता शर्मा’ का नाम ग्रुप में ऐड हुआ, अंजलि ने फ़ोन नीचे रखते हुए कहा,

“हो गया… अब देख ते हैं क्या होता है.”

सब महिलाएं एक दूसरे को देखती हुई Dheere-Dheere मुस्कुराने लगी. माहौल में अब एक नयी क्यूरियस एनर्जी आ गयी थी.

अंजलि ने सबको एक बार देख कर फाइनल अनाउंसमेंट की,

“तोह फिर डीडे हो गया. आज रात 11:30 बजे शार्प गोकुलधाम क्लब हाउस में मिलते हैं. सब अपने घर से निकल कर Alag-Alag टाइम पे आना ताकि किसी को शक न हो. लाइट्स काम रखेंगे, म्यूजिक हल्का चलाएंगे और… जो मैं करेगा, वह करेंगे.”

बबिता ने मुस्कुराते हुए ऐड किया,

“और अगर कोई पति जाग गया और यहाँ आ गया… तोह वेलकम. कम्पटीशन शुरू.”

सबने एक दूसरे को देखा. सोनू, अनन्य, सारा जहान्वी और अलिअ की आँखों में पुरे एक्ससिटेमेंट था. प्रणाली थोड़ी नर्वस लेकिन क्यूरियस थी. माधवी और श्रद्धा अब भी थोड़ी हिचकिचा रही थी, लेकिन ग्रुप का प्रेशर और अपनी अंदर की इच्छा दोनों उन्हें आगे बढ़ा रहे थे.

बबिता ने सबसे लास्ट में कहा,

“याद रखना… आज रात हम सिर्फ महिलाएं हैं. कोई शर्म नहीं, कोई गिल्ट नहीं. सिर्फ मज़ा और एक्सप्लोरेशन.”

अंजलि ने सबके गिलास में जूस भरा और उठा कर टोस्ट किया,

“तोह फिर… आज रात के लिए चियर्स! हमारी पहली लेस्बियन नाईट के लिए!”

सबने गिलास उठाये. रूम में एक गरम, नॉटी और क्यूरियस एनर्जी फ़ैल गयी थी.

मीटिंग ख़तम होने के बाद जब सब लोग Dheere-Dheere निकलने लगे, रोशन ने सारा के पास जाकर धीरे से कहा,

“बीटा… गोगी को पता है तू यहाँ आयी है?”

सारा मुस्कुरायी और बोली,

“हाँ आंटी… लेकिन वह नहीं जानता की मैं क्या करने जा रही हूँ. आज रात सब पता चल जाएगा.”

रोशन ने सर हिलाया और सोचने लगी “यह जनरेशन सच में बहुत आगे निकल चुकी है.”

श्रद्धा अपने कमरे में अकेली थी. पोपटलाल ऑफिस चला गया था. उसके दिमाग में महिला मंडल के सीक्रेट ग्रुप की वह चैट्स घूम रही थी, जिसमें सब औरतें जेठालाल के बारे में बातें कर रही थी. उसके शरीर में आग सी लग गयी थी.

उसने धीरे से अपनी निघ्त्य ऊपर की और हाथ अपनी छूट पर रख दिया. छूट आलरेडी गीली हो चुकी थी.









श्रद्धा (सांस फूलते हुए, धीरे से): अहह... जेथाः जी... आपकी बातों से Hi... मेरी छूट गीली हो गयी है...

उसने अपनी पंतय साइड में की और उँगलियाँ अपनी छूट की लिप्स पर फेरने लगी. गीली होने की आवाज़ आ रही थी.

श्रद्धा (आँखें बंद करके, जेठा को इमेजिन करते हुए): ुफ़्फ़ःह... जेथाः जी... आपका लुंड... इतना बड़ा... मेरी छूट में... अह्ह्ह...

धीरे धीरे उसने अपनी साड़ी निघ्त्य और ब्रा उतार फेंकी. अब वो बिलकुल नंगी थी, बीएड पर लेती हुई, टाँगे फैला कर. एक हाथ से अपनी चूचियां मसल रही थी, दूसरे हाथ से छूट में ऊँगली कर रही थी.









श्रद्धा (तेज़ सांस लेते हुए, मोअन करते हुए): अहह सशः जी... अहह सशः जीह... िस्ष्ह... आपका मोटा लुंड... मेरी टाइट छूट में घुसेड़ दो न... ुफ़्फ़ःह फुककक...

उसने दो उँगलियाँ अंदर दाल दी और तेज़ तेज़ अंदर बहार करने लगी. उसके हिप्स ऊपर उठ रहे थे.

श्रद्धा (आवाज़ और तेज़ करते हुए, बिलकुल पागल होते हुए): जेथाः जी... अह्ह्ह... और तेज़... मेरी छूट पहाड़ दो आप... अहह सशः जीह... िस्ष्ह... फ़क में जेथाः जी... योर बिग कॉक इन माय वेट पुसी... अह्ह्ह!





वो इमेजिन कर रही थी की जेथाः उसके ऊपर चढ़ा हुआ है, उसका मोटा लुंड उसकी छूट में ज़ोर ज़ोर से धकेल रहा है.

श्रद्धा (झड़ने के करीब, ज़ोर से चिल्लाते हुए): अहह जेथाः जी... आ रही हूँ... आपके लुंड से... अह्ह्ह सशः जीह... िस्ष्ह ुफ़्फ़ःह फुककक... हां... हां... झाड़ रही हूँ... जेथाः जी... मेरी छूट आपकी हो गयी... अह्हह्ह्ह्ह!

उसके शरीर में एक तेज़ करंट दौड़ गया. वो पूरी तरह से झाड़ गयी, छूट से पानी निकल आया. सांस फूल रही थी, आँखें बंद, चेहरा लाल.

श्रद्धा (थोड़ी देर बाद, धीरे से मुस्कुराते हुए): जेथाः जी... आपने तोह बिना छुए Hi मुझे झाड़ा दिया...

वो बीएड पर लेती रही, अभी भी अपनी छूट को हलके से सेहला रही थी, जेठालाल के बारे में सोचती हुई.

श्रद्धा ने अपने कपडे ठीक किये, चेहरा थोड़ा लाल था अभी भी. उसने एक सिंपल सलवार सूट पहना और घर से निकल गयी. सोसाइटी के कंपाउंड को क्रॉस कर Hi रही थी की तभी भिड़े अपनी स्कूटर पे आ रहा था.

भिड़े ने श्रद्धा को देखते Hi स्कूटर रोक दी.

भिड़े: (स्कूटर से उतारते हुए, मुस्कुराते हुए) अरे श्रद्धा भाभी! कहाँ जा रही हो इतनी Subah-Subah? कोई काम है क्या?

श्रद्धा: (थोड़ा शर्माते हुए, आँखें नीचे) जी भिड़े भाई, मुझे थोड़ा मार्किट जाना था. ऑटो मिल जाए तोह चली जाउंगी.

भिड़े: (फ़ौरन ऑफर करते हुए) अरे क्या ऑटो? चलिए मैं आपको छोड़ देता हूँ. मैं भी उसी तरफ जा रहा हूँ. बैठिये पीछे.

श्रद्धा: (थोड़ा Naa-Nukur करते हुए) नहीं नहीं भिड़े भाई, आपको तकलीफ होगी. मैं ऑटो ले लुंगी.

भिड़े: (हस्ते हुए) अरे तकलीफ क्या? सोसाइटी के लोग हैं हम. छोटी सी बात है. बैठिये न, देर हो जाएगी वर्ण.

श्रद्धा थोड़ी देर तक सोचती रही, फिर हलके से सर हिला कर मान गयी.

श्रद्धा: (शर्माते हुए) ठीक है... बस आपको ज़्यादा परेशानी न हो.

वो स्कूटर के पीछे बैठ गयी. हाथ से भिड़े के शोल्डर्स को हल्का सा पकड़ लिया ताकि बैलेंस बना रहे.

भिड़े: (स्कूटर स्टार्ट करते हुए) पकड़ लीजिये अच्छे से भाभी. मैं धीरे चलता हूँ.

स्कूटर चल पड़ी. श्रद्धा की बॉडी भिड़े की पीठ से Halke-Halke टच हो रही थी. हवा में उसके बाल उड़ रहे थे.

श्रद्धा: (धीरे से) थैंक यू भिड़े भाई...

भिड़े: (मुस्कुराते हुए, थोड़ा मुड़कर) अरे क्या थैंक यू? आपको छोड़ना मेरा फ़र्ज़ है. आजकल लड़कियां अकेली बहार जाती हैं तोह थोड़ा दर लगता है न.

श्रद्धा कुछ नहीं बोली, बस हलके से मुस्कुरायी. उसके दिमाग में अभी भी थोड़ी देर पहले वाली मस्ती घूम रही थी, लेकिन वो खुद को कण्ट्रोल कर रही थी.

स्कूटर सोसाइटी के गेट की तरफ बढ़ रही थी...

स्कूटर धीरे धीरे सोसाइटी से बहार निकल रही थी. हवा में श्रद्धा के बाल उड़ रहे थे और उसकी बॉडी भिड़े की पीठ से Halke-Halke रगड़ खा रही थी. श्रद्धा की छूट अभी भी थोड़ी गीली थी, इसलिए वो थोड़ी सी बेचैन हो रही थी.

भिड़े: (स्कूटर चलते हुए, मुस्कुराते हुए) वाह श्रद्धा भाभी, आज आप बहुत Hi सुन्दर लग रही हो. सच बताऊँ? आपकी यह ग्लो... बिलकुल दूध जैसी है. इतनी सॉफ्ट और फ्रेश...

श्रद्धा: (शर्माते हुए, लेकिन अंदर से गरम हो रही थी) अरे भिड़े भाई... आप भी न...

भिड़े: (डबल मीनिंग में, धीरे से) नहीं नहीं, सच कह रहा हूँ. आपकी बॉडी की शेप भी कितनी टाइट और परफेक्ट है. ऐसी फिगर वाली औरतों को देख कर आजकल दिल और कुछ और भी... खुश हो जाता है.

श्रद्धा की सांस थोड़ी तेज़ हो गयी. उसने भिड़े के कमर के पास हाथ थोड़ा और टाइट पकड़ लिया. गीली होने की वजह से वो उसके कॉम्प्लिमेंट्स का पूरा भाव दे रही थी.

श्रद्धा: (नरम आवाज़ में) आपकी बातें भी आज बहुत... तेज़ हो रही हैं भिड़े भाई...

भिड़े: (हस्ते हुए) अरे बस यूँ Hi. आप जैसे सुन्दर औरत को कॉम्प्लिमेंट्स देने में क्या हर्ज़ है?

थोड़ी देर बाद भिड़े ने स्कूटर साइड में रोक दी एक दूकान के पास.

भिड़े: एक मिनट भाभी, Achar-Papad का आर्डर दे देता हूँ.

वो स्कूटर से उतरा और दूकान वाले से बात करने लगा. आर्डर देते हुए वो जल्दी में था.

आर्डर देकर वापस आते हुए उसने पूछा

भिड़े: बताओ श्रद्धा भाभी, आपको कहाँ छोड़ दू?

श्रद्धा: (थोड़ा हेसिटते करते हुए) धनपाड़ा...

भिड़े: (फ़ौरन एक्ससिटेड हो कर) अरे वाह! वह तोह हमारे जेठालाल की दूकान है. आप वह जा रही हो क्या?

श्रद्धा की सांस रुक गयी. वो हलकी सी घबरा गयी. उसने जल्दी से बात संभाली.

श्रद्धा: (थोड़ा घबराते हुए लेकिन मुस्कुराते हुए) नहीं नहीं भिड़े भाई... मैं अपनी फ्रेंड के पास जा रही हूँ. आप अगर वह ड्राप कर दें तोह ठीक है, वर्ण मैं खुद चली जाउंगी.

भिड़े: (स्कूटर स्टार्ट करते हुए, पुराने ज़माने वाली स्टाइल में) अरे नहीं भाभी. हमारे ज़माने में कभी भी किसी महिला को अकेले कही नहीं छोड़ते थे. चलिए, मैं आपको वह तक ड्राप कर दूंगा. आप जो करना है वह कर लेना, मैं कोई इंटरफेरेंस नहीं करूँगा.

श्रद्धा ने कुछ नहीं कहा, बस हलके से सर हिला दिया. उसके दिल में थोड़ी सी घबराहट थी की भिड़े जेठालाल की दूकान तक ले जायेगा, लेकिन वो अब मन भी नहीं कर पा रही थी.

स्कूटर फिर से चल पड़ी. श्रद्धा की बॉडी अब पहले से थोड़ी और टाइट हो कर भिड़े से चिपक रही थी. उसके दिमाग में अब दो चीज़ें चल रही थी पहले वाला जेठालाल वाला सपना और अब यह भिड़े की डबल मीनिंग बातें.

स्कूटर धनपाड़ा के पास पहुँच गयी. भिड़े ने स्कूटर साइड में रोक दी.

भिड़े: (स्कूटर बंद करते हुए) यह लो श्रद्धा भाभी, धनपाड़ा आ गया. जेठालाल की दूकान भी यहीं पास में Hi है.

श्रद्धा ने स्कूटर से उतर कर अपना दुपट्टा ठीक किया. उसके दिल में अभी भी थोड़ी घबराहट थी.

श्रद्धा: (हलकी सी मुस्कराहट के साथ) थैंक यू भिड़े भाई. आपने तकलीफ उठायी, बहुत शुक्रिया.

भिड़े: (स्कूटर के हैंडल पर हाथ रख कर, मुस्कुराते हुए) अरे क्या शुक्रिया? फ़र्ज़ था मेरा.

वो श्रद्धा की तरफ देखता रहा. उसके होंठों पर एक अजीब सी मुस्कराहट थी — जैसे कोई छुपा हुआ इशारा कर रहा हो. उसकी आँखों में एक चमक थी जो कह रही थी “मैं समझ गया हूँ भाभी...”

श्रद्धा ने नोटिस किया, लेकिन उसके सर पर जेठालाल से छोड़ने का भूत सवार था. उसने जल्दी से नज़र झुका ली.

श्रद्धा: (थोड़ा बेचैन हो कर) जी... तोह मैं चलती हूँ भिड़े भाई. Bye.

भिड़े: (अभी भी मुस्कुराते हुए, धीरे से) Bye भाभी... एन्जॉय करना. जो मैं करे, कर लेना.

भिड़े ने स्कूटर स्टार्ट की और एक बार फिर श्रद्धा की तरफ देखा. वो धीरे से हंस दिया और स्कूटर घुमा कर वहां से निकल गया.

श्रद्धा वहां कड़ी रही कुछ सेकंड तक. उसने सांस ली और अपने आप से बोली.

श्रद्धा: (धीरे से, खुद को सँभालते हुए) बस श्रद्धा... कण्ट्रोल कर. अब सीधा जेठालाल के पास...

वो धनपाड़ा की तरफ बढ़ गयी. उसके कदम थोड़े तेज़ थे. अंदर से उसकी छूट फिर से गीली होने लगी थी. जेठालाल के लुंड का ख्याल उसके दिमाग में घूम रहा था मोटा, लम्बा और ज़ोर से ठोकने वाला.

भिड़े की स्कूटर अब सोसाइटी की तरफ जा रही थी, लेकिन उसके चेहरे पर वही मुस्कराहट अभी भी थी.

और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो गया उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा
 


सेक्स का जमाना अपडेट 109

श्रद्धा गदा इलेक्ट्रॉनिक्स की दूकान में अंदर गयी. जेठालाल काउंटर पर बैठा हुआ था. जैसे Hi उसने श्रद्धा को देखा, उसकी आँखें चमक गयी.








जेठालाल: (खुश हो कर, ज़ोर से) अरे वाह! श्रद्धा भाभी!! आज आप यहाँ? पहली बार आयी हो दूकान पर.

वो तुरंत काउंटर से उठा और श्रद्धा के पास आया. उसने श्रद्धा को ऊपर से नीचे तक देखा. उसके चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कराहट आ गयी.

जेठालाल: (तारीफ़ करते हुए) वह भाभी... आज आप बहुत Hi खूबसूरत लग रही हो. बिलकुल चमक रही हो. यह ग्लो कहाँ से लायी हो? ऐसी सुंदरता देख कर दिल खुश हो जाता है.

श्रद्धा: (शर्माते हुए, हलकी सी मुस्कराहट के साथ) अरे जेठालाल भाई... आप भी न... फ़ालतू तारीफ़ किये जाते हो.

जेठालाल: (हस्ते हुए) सच कह रहा हूँ भाभी. आपकी यह फिगर, यह चेहरा... कोई भी देख ले तोह दिल में कुछ और Hi सोचने लगता है.

श्रद्धा थोड़ी सी गरम हो गयी, लेकिन कण्ट्रोल किया.

श्रद्धा: एक्चुअली मैं एक नए टीवी के लिए आयी थी. 55 इंच स्मार्ट टीवी चाहिए. आपके पास बेस्ट मॉडल है क्या?

जेठालाल: (फ़ौरन प्रोफेशनल मोड में) हाँ हाँ बिलकुल! बेस्ट मॉडल है मेरे पास. शाम को तक मैं खुद पहुंचा दूंगा आपके घर. इंस्टालेशन भी करवा दूंगा. बाघा श्रद्धा भाभी को मॉडल दिखा

श्रद्धा टीवी देखती है और एक टीवी चूसे कर लेती है

श्रद्धा: (खुश हो कर) ठीक है. कितने का है?

तभी श्रद्धा को अचानक याद आया की जब वो घर में फिंगरिंग कर रही थी, उस टाइम वो अपना पर्स लाना Hi भूल गयी थी. उसके चेहरे पर थोड़ी परेशानी आ गयी.

श्रद्धा: (थोड़ा हेसिटते करते हुए) ओह No... मैं पर्स घर पे भूल आयी हूँ. पैसे अभी मेरे पास नहीं हैं.

जेठालाल: (फ़ौरन मुस्कुराते हुए) अरे कोई बात नहीं भाभी! अब तोह आप अपनी Hi हो. आप आराम से घर जाइये. मैं शाम को टीवी ले कर आता हूँ, तब पैसे ले लूंगा. कोई टेंशन मत लो.

श्रद्धा: (बहुत खुश हो कर, प्यारी सी स्माइल देते हुए) सच? थैंक यू सो मच जेठालाल भाई. आप बहुत अच्छे हो.

वो जेठालाल को एक खूबसूरत स्माइल देती है.

श्रद्धा: ठीक है... लेकिन आपको एक चाय भी पीनी पड़ेगी शाम को.

जेठालाल: (और खुश हो कर, हस्ते हुए) अरे नेकी और पूछ पूछ! चाय तोह जरूर भाभी. वैसे भी पोपटलाल के हाथ का चाय Pee-Pee कर थक गया था मैं. अब उसकी बीवी बोले तोह श्रद्धा भाभी के हाथ का चाय पीने को मिलेगा... वो भी मुझे क्या बात है! बिलकुल आऊंगा.

श्रद्धा: (मुस्कुराते हुए) ठीक है फिर... मैं इंतज़ार करुँगी.

श्रद्धा ने जेठालाल को एक और प्यारी स्माइल दी और दूकान से बहार निकल गयी. जेठालाल वहां खड़ा उसकी जाती हुई पीठ को देखता रहा, उसके होंठों पर एक लुस्टि मुस्कराहट थी.

जेठालाल: (खुद से धीरे से) वह भाभी... आज शाम मज़ा आने वाला है...




वही भिड़े स्कूटर पार्क करके अपने घर की तरफ बढ़ा. दरवाज़ा खुला हुआ था. अंदर से अजीब सी आवाज़ें आ रही थी औरत की सिसकियाँ और मर्द की ज़ोर की धक्के की आवाज़.




भिड़े ने धीरे से अंदर कदम रखा और जो नज़ारा देखा, उससे उसका मुँह खुला का खुला रह गया.

माधवी पूरी तरह नंगी थी. वो सोफे पर घुटनो के बल कड़ी थी, उसकी गांड ऊपर की तरफ थी. िएर उसके पीछे खड़ा था, बिलकुल नंगा, और अपना लुंड Zor-Zor से माधवी की छूट में धकेल रहा था.









माधवी: (आँखें बंद करके, मज़े से सिसकियाँ लेते हुए) अह्ह्ह... िएर साहब... और ज़ोर से... हां... पहाड़ दो मेरी छूट को... अहह फुककक...

हआ वहीइ पीहठ ससष्ठ जगह ओह्ह्ह ैसाहहह मज़ाहहह अह्ह्ह

आह्हः ुह्ह्हह्ह ह्ह्हम्म्म आअह्ह्ह ससष्ठ हम्म्म्म ुह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह चोदूहःहः अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह उह्ह्ह अहंम उह्ह्ह ुह्ह्ह्ह

अह्ह्ह्ह चोदूहह ोररररर ज़ोररर सीहहहहह अह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह अहंमम अह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह ुहह्म्म अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मुझिहह बोहोतथ मज़ाहहह आठ रहहहह हैहहह ाःह ुहहममम ह्ह्हश ोूहःहम कखग हम्म्म इसशहहह आअह्ह्ह्ह

िएर: माधवी भाभी... आज मैं आपको जैम कर छोडूंगा... आपकी छूट को पूरा पहाड़ दूंगा!

माधवी: (सांस फूलते हुए, थोड़ी दर और एक्ससिटेमेंट से) िएर भाई... धीरे से... अह्ह्ह... आपका लुंड इतना बड़ा है... हाय्यय...

िएर: (अपना मोटा लुंड बहार निकालते हुए, माधवी की टाँगे फैला कर) देखो... यह लो... पूरा 9 इंच का हथियार... आपकी छूट इसका स्वागत कर रही है!

माधवी: ( आँखें बंद करते हुए, हलकी सी सिसकियाँ) उफ्फ्फ्फ़... मत डराओ... दाल दो... अह्ह्ह...









िएर: (एक ज़ोर का धक्का मारता हुआ) ले माधवी... अंदर ले पूरा!

माधवी: (ज़ोर से चीखती हुई) आआअह्ह्ह्हह! िएर... बहुत ज़ोर से... हाय्यय... मेरी छूट पहात गयी... अह्ह्ह! अह्ह्ह! अह्ह्ह्हह!

िएर: (मुस्कुराते हुए, और गहरा धक्का देते हुए) अभी तो शुरुआत है बेबी... ले... ले... और ले!

माधवी: (बदन को हिलाते हुए, सिसकियाँ भर्ती हुई) ओह गॉड... अह्ह्ह... अहह... अहह... इतना मोटा... कितना गहरा जा रहा है... ससष्ठ... हाय्यय... और ज़ोर से िएर... हैं... छोड़ो मुझे जैम कर!

िएर: (तेज़ रदम से धक्के लगते हुए) हाँ माधवी भाभी... आपकी छूट बहुत टाइट और गीली हो गयी है... ले... थप... थप... थप... सुन रहा है आवाज़?

माधवी: (चीख पड़ती हुई) अह्ह्ह्ह! अह्ह्ह्ह! हैं... सुन रही हूँ... अह्ह्ह! बहुत मज़ा आ रहा है... और तेज़... और तेज़ छोड़ो... फुककक... अह्ह्ह्हह!

थोड़ी देर तक सिर्फ धक्के और सिसकियाँ का सिलसिला चलता है

िएर: (सांस फूलते हुए, उसके बूब्स पकड़ कर मसलते हुए) आपकी बूब्स कितनी बड़ी और नरम हैं... इनको दबाते हुए छोड़ रहा हूँ... बोलू... कैसा लग रहा है?









माधवी: (सिसकियाँ के बीच) आआह्ह्ह... बहुत अच्छा... दबाओ और ज़ोर से... हाय्यय... िएर आप एक्सपर्ट हो चुदाई के... अह्ह्ह! अहह! अहह! मेरी छूट को मारो... पूरी तरह से छोड़ दो आज!

िएर: (स्पीड बढ़ाते हुए, बीएड को हिलाते हुए) पूरा लुंड अंदर बहार... देखो कितनी गीली हो गयी है आपकी छूट...

चाट... चाट... चाट... की आवाज़ें पूरे घर में गूँज रही थी

माधवी: (ज़ोर ज़ोर से सिसकती हुई, नाख़ून िएर की पीठ में गाड़ते हुए) अह्ह्ह्ह! ओह्ह्ह फ़क... िएर... हैं... मैं झाड़ड़ड़ रहीहठ हूँ... छोड़ो मुझे... पहाड़ दो मेरी छूट... अह्ह्ह्हह! ससष्ठ... हाय्यय... और गहरा... और ज़ोर से... मर जाउंगी मज़्ज़े से... अह्ह्ह! अह्ह्ह! अह्हह्ह्ह्ह!

िएर: (उसके गले को हल्का सा चूमते हुए फिर तेज़ धक्के) बोलू माधवी... बोल ज़ोर से... िएर मुझे और छोड़ो... बोलो!

माधवी: (चीखते हुए) िएर... मुझे और छोड़ो... बहुत ज़ोर से... हैं... अह्ह्ह्ह! अहह! अहह! अह्ह्ह्हह! मेरी छूट तुम्हारे लुंड के लिए तरस रही थी... आज पूरी तरह भर दो इसे!

अब दोनों का पेस और तेज़ हो जाता है. रूम में सिर्फ थप थप की आवाज़, सिसकियाँ और गरम सांसें गूँज रही हैं

िएर: (पसीने से तर, धक्के और एग्रेसिव करते हुए) लो... लो... लू माधवी... आपकी छूट अब मेरी हो गयी... कितनी गरम है अंदर से... मेरा लुंड पूरा दुब रहा है इसमें!








माधवी: (सर उठा उठा कर चीखती हुई) आआह्ह्ह्ह! बहुत गहरा... िएर... तुम्हारा लुंड मेरी छुटत की गेहरायी तक जा रहा है... हाय्यय... कितना मज़ा... अह्ह्ह्ह! अह्ह्ह्ह! ज़ोर से... और ज़ोर से... प्लीज मत रुको... फ़क में हार्ड िएर... अह्ह्ह! अहह! ससस... हाआआययययय!

िएर: (हस्ते हुए, उसकी कमर पकड़ कर और तेज़) हाँ बेबी... मैं आपको ऐसे Hi छोडूंगा... जैम कर... पूरी तिमी... आपकी छूट लाल हो जाएगी आज... आत्मा राम को भूल जाओ ऑर्डर मेर्री बन्न जावू

माधवी: (बदन को ट्विस्ट करते हुए, सिसकियाँ तेज़ करते हुए) हाँ... और चाहिए... बहुत ज़ोर से... अह्ह्ह्हह! मेरे अंदर झाड़ दो... पूरा माल भर दो मेरी छूट में... अह्ह्ह! अह्ह्ह! अह्ह्ह्हह! िएर... तुम बहुत पावरफुल हो... मेरी छूट पहात रही है मज़्ज़े से... ससष्ठ... ओह गॉड... अह्हह्ह्ह्ह!

िएर: (माधवी को घुमा कर डोगग्य स्टाइल में लाते हुए) अब पीछे से... आपकीय गांड बहुत सुन्दर है माधवी भाभी... लो... अभी और गहरा जाएगा!

माधवी: (घुटनो और हाथों पर, सर झुकाते हुए) िएर... धीरे... अह्ह्ह... इस पोजीशन में बहुत गहरा होगा... हाय्यय...

िएर: (उसकी कमर पकड़ कर एक ज़ोर का थ्रस्ट) लो पूरा!

माधवी: (ज़ोर से चीख पड़ती हुई) आआआहहहहहहह! ओह्ह्ह मेरी माँ... इतना गहरा... अह्ह्ह्ह! अह्ह्ह्ह! पहाड़ दिया... हैं... छोड़ो... जैम कर छोड़ो... अह्ह्ह! अहह! अहह! अह्ह्ह्हह!

माधवी: (सिसकियाँ के साथ, आवाज़ कांपती हुई) मैं... झाड़ड़ड़ रहीःह्ह्हुउउउउ... अह्ह्ह्ह! अह्ह्ह्ह! और ऑर्डर जरूरर सीए मारो... और छोड़ो... हाय्यय... बहुत मज़ा आ रहा है... मेरा पूरा शरीर काँप रहा है... ससष्ठ... अह्ह्ह्हह! ज़ोर से... और ज़ोर से... खूप मज़ाह ाहेत्तत िएर!








माधवी: (चीख चीख कर) अह्ह्ह्ह! अह्ह्ह्ह! अह्ह्ह्हह! हैं... प्यासी थी... बहुत दिन से... आज पूरी कर दो... अह्ह्ह! मेरे निप्पल्स को पिंच करो... हाय्यय... और तेज़... मैं झड़ने वाली हूँ... अह्ह्ह! अहह! अहह! ओह फ़क... िएर... किंग... किंग... आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह!

िएर रुकता नहीं, पेस मेन्टेन करता है

िएर: (उसके बाल पकड़ कर खींचते हुए) अभी मत झाड़ू... रुकू... मैं भी साथ में झाड़ूंगा... लू और लू...

माधवी: (झड़ते हुए भी सिसकियाँ भर्ती हुई) नहीं... रुक नहीं प् रही... अह्ह्ह्हह! बहुत ज़ोर का ओर्गास्म आ रहा है... हैं... पूरा शरीर हिल रहा है... िएर... तुमने मुझे स्वर्ग दिखा दिया... अह्ह्ह! अह्ह्ह्ह! ससस... हाय्यय... और छोड़ो... मत निकालो अभी...

िएर: (और तेज़ धक्के, उसकी गांड को पकड़ कर) ले माधवी... मेरा भी होने वाला है... आपकलीई छूट के अंदर Hi झाड़ूंगा... ले... ले... आअह्ह्ह... बहुत टाइट... बहुत गरम...








माधवी: (ओर्गास्म के बाद भी सिसकती हुई, आवाज़ हलकी पर तेज़) हाँ... अंदर Hi भर दो... पूरा छुम... अह्ह्ह... अह्ह्ह... कितना गरम होगा... हाय्यय... और धक्के दो... मैं और एक बार झाड़ सकती हूँ... प्लीज... छोड़ो मुझे और...

अगले 10 मिनट तक यही तेज़ी चली. दोनों के शरीर पसीने से तर, रूम में सेक्स की खुशबू फैली हुई

िएर: (थक कर भी रुकते नहीं, मिशनरी पोजीशन में वापस लाते हुए) अब फेस तो फेस... तेरी आँखों में देखते हुए छोडूंगा... बोल माधवी... प्यार करता हूँ तुझे इस तरह छोड़ कर...

माधवी: (उसके गले में बाहें डालते हुए, सिसकियाँ के साथ) हाँ िएर... मुझे भी बहुत प्यार है... अह्ह्ह्ह... लेकिन आज सिर्फ चुदाई का प्यार... ज़ोर से... हैं... किश करोरोहः मुज्झहीह अहह स्सश्ह...

दोनों किश करते हुए, िएर तेज़ धक्के लगता है

माधवी: (उसके चेस्ट पर सर रख कर) ठीक है... पर अब थोड़ा रेस्ट करो...

िएर: (तेज़ धक्के लगते हुए, हाथ से माधवी की कमर पकडे हुए) ले माधवी... ले मेरी जान... कितनी टाइट है तेरी छूट आज भी... सष्ठ... अहह...

माधवी के बड़े बड़े मुम्मे लटक रहे थे और हर धक्के के साथ हिल रहे थे. उसके मुँह से लगातार सिसकियाँ निकल रही थी.








आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह चोदूहह

अह्ह्ह्हम्म चुड्दोहहह आहहह ोूहफहह आहहह ससष्ठ

आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्हम्म्म आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह स्सश्हुप्प्प छप्प ुफ़्फ़ःह... और गहराई तक... हां... ऐसे Hi... अह्ह्ह हाय उफ्फ्फ्फ़ ससीई ाष्ठ ऊह्ह्ह हह हाय आठ िस्ष्ह उफ्फ्फ्फ़ ाषग्ष अहहगश नाहैः हड़हड़ू फफफ ाःघ सीई है आह्हः उफ्फ्फ्फ़ हाय राम ससीई ाष्ठ ऊह्ह्ह हह आठ िस्ष्ह हाय उफ्फ्फ्फ़ अहहह नाहैः हुफफ फफफ ाःघ सीई ाषग्ष ऊह्ह्ह हाय आह्हः उफ्फ्फ्फ़ ससीई ाष्ठ हह िस्ष्ह हाय राम आठ नाहैः हड़हड़ू हुफफ अहहगश फफफ ुह्ह्हफ ाःघ सीई

अह्ह्ह मममहहफ़्फ़्फ़्फ़ हाय्यय अहह अहह ससष्ठ ओह्ह्ह फुककक ममम अह्ह्ह्हह

हैं ज़ोर से अह्ह्ह ससस हाय्यय अह्ह्ह आआह्ह्ह ओह गॉड

मममहह अहह अहह उफ़ बहुत मज़ा ससष्ठ अह्ह्ह्हह हैं और

अहह! अहह! Ahh!haaayyy ममम अह्ह्ह्ह ज़ोर से अह्ह्ह फुककक

अह्ह्ह! अह्ह्ह! Ahhhh!haaayyy... िएर भाईह... ज़ोर से... अह्ह्ह!

उफ्फ्फ्फ़... कितना ज़ोर से दाल रहे हो... ससष्ठ... अह्ह्ह्हह!

आआह्ह्ह! बहुत गहरा... हैं... अहह! अहह! अहह!

मममहह... फ़क... िएर भाईह... और ज़ोर से छोड़ो... अह्ह्ह्हह!

हाय्यय... मर जाउंगी... ससस... अह्ह्ह... अह्ह्ह!

ओह गॉड... इतना मोटा... ज़ोर से... हैं... अह्हह्ह्ह्ह!

अहह! अहह! अहह! Ahhhhh!zor से... और ज़ोर से... ससष्ठ... हाय्यय... अह्ह्ह्ह!

मेररिहह छूट पहाड़ रहे हो... अह्ह्ह... ममम... अह्ह्ह्हह!









िएर: (ज़ोर से धक्के लगते हुए, गरम सांस में)

माधवी... तेरी छूट कितनी टाइट है आज... ले... ले पूरा लुंड अंदर!

माधवी: (ज़ोर से सिसकते हुए)

अह्ह्ह्ह! िएर भाई... बहुत ज़ोर से... हाय्यय... पहाड़ डोज मेरी छूट... अह्ह्ह! अह्ह्ह!

िएर: (तेज़ धक्के देते हुए)

चुप मत होनाः... और ज़ोर से चीखू! बोलू... कैसा लग रहा है मेरा लुंड?

माधवी: (बदन हिलाते हुए, तेज़ सिसकियाँ)

आआह्ह्ह! बहुत मज़ा आ रहा है... अह्ह्ह! अहह! अहह! और ज़ोर से छोड़ो न िएर... हैं... ससष्ठ... अह्ह्ह्हह!

भिड़े दरवाज़े पर Hi खड़ा था, स्कूटर की चाबी हाथ में पकडे हुए. उसका लुंड पंत के अंदर खड़ा हो गया था. वो चौंक कर देख रहा था की उसकी बीवी माधवी किस तरह से िएर से चुद रही थी बिलकुल बेशरम तरीके से.

िएर: (हंस कर, और गहरा धक्का मारता हुआ)

लूओ माधवी भाभी... पूरा अंदर... आपकी छूट को छोड़ के लाल कर दूंगा Aaj!aaahh आपकीह बाददद बबिताआ कोह भी छोडुन्गाठ आठ आजजज पूरा दिनन बस्स्स चुदाई होगई अहहह









माधवी: ओह फ़क... िएर भायी अहहह िसिशश्च... हाय्यय... मर जाउंगी... अह्ह्ह्ह! अहह! अहह! Ahhhhh!aur ज़ोर से... और ज़ोर से... प्लीज... अह्हह्ह्ह्ह!

िएर: देखू कितनी गीली हो गयी हूँ ाप्प... लू और लूओ...!

माधवी: हैं... आअह्ह्ह... कितना अच्छा लग रहा है... अह्ह्ह... फुककक... और डालो... Poora!main झड़ने वाली हूँ िएर भाई आठ एस्सस हससष्ठ... अह्ह्ह... और तेज़... और तेज़...

माधवी: (झड़ने के करीब, ज़ोर से चिल्लाते हुए) अह्ह्ह िएर... आ रही हूँ... हां... मेरी छूट पहात गयी... Ahhhhhh!madhvi: (किश के बीच से सिसकियाँ निकलती हुई) मममहह... अह्ह्ह... उम्म्म... अह्ह्ह्हह! कितना अच्छा... तुम्हारा लुंड मेरी अंदर पल्स कर रहा है... हाय्यय... और ज़ोर से... अह्ह्ह! अहह! अहह!

िएर: (सांस चढ़ते हुए) माधवी... आपकी छूट बहुत अच्छी है... मैं झड़ने वाला हूँ... ले... ले पूरा...

माधवी: (चीखती हुई) हाँ... झाड़ो... अंदर... अह्ह्ह्हह! मैं भी साथ में... आआह्ह्ह्हह्ह! ओह गॉड... बहुत ज़ोर का... हैं... छुम इनसाइड में िएर... पूरा भर दो... अह्ह्ह्ह! अह्ह्ह्ह! ससष्ठ... हाय्यय...

दोनों एक साथ क्लाइमेक्स पे पहुँचते हैं. िएर के ज़ोर के धक्के और माधवी की तेज़ सिसकियाँ रूम भर देती हैं

िएर: (झड़ते हुए, गरज कर) आआह्ह्ह... ले माधवी... मेरा पूरा माल... बहुत गरम... अह्ह्ह... कितना निकल रहा है...

माधवी: (ओर्गास्म के ज़ोर से कांपती हुई) ओह्ह्ह्ह... हैं... बहुत गरम... मेरी छूट भर गयी... अह्ह्ह... अह्ह्ह... कितना ज़्यादा... हाय्यय... मैं भी झाड़ रही हूँ... अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह! बहुत मज़ा... बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है...









माधवी का शरीर एक ज़ोर का झटका लिया और वो झाड़ गयी. िएर ने भी तेज़ धक्के मारे और अपना माल माधवी की छूट में Hi छोड़ दिया.

भिड़े अभी भी वहां खड़ा था, कुछ बोल नहीं पा रहा था. उसका मुँह सुख गया था. दोनों थक कर एक दूसरे से लिपट जाते हैं, सांसें तेज़ चल रही हैं

िएर: (हलकी मुस्कराहट के साथ, उसके फ़ोरेहेअद को चूमते हुए) माधवी... तू बहुत वाइल्ड है बीएड पर... कितनी ज़ोर से सिसक रही थी... मज़ा आया?

माधवी: (सांस सँभालते हुए, शरमाते हुए पर खुश) हाँ िएर... बहुत मज़ा आया... तुमने मुझे आज सच में जैम कर छोड़ा... मेरी छूट अब भी दर्द कर रही है पर मज़्ज़े से... अह्ह्ह... फिर कभी ऐसा सेशन करेंगे?

िएर: (हंस कर) हाँ ज़रूर... जब भी मौका मिले... तू तैयार रहना... मैं तुझे हमेशा ऐसे Hi छोडूंगा... ज़ोर से, जैम कर!

िएर ने माधवी की गांड पर एक थप्पड़ मारा और मुस्कुराते हुए बोलै:

िएर: मज़ा आया न आज?

माधवी: (सांस फूलते हुए, मुस्कुराते हुए) बहुत... आपका लुंड तोह जैसे हर बार नया लगता है...

तभी माधवी की नज़र दरवाज़े पर गयी और वो चौंक गयी.

माधवी: (घबराके) ाहो?!

भिड़े अभी भी स्तनद था.

भिड़े दरवाज़े पर खड़ा था, स्तनद. िएर ने माधवी की छूट से अपना लुंड निकाला और माधवी बीएड पर लेट गयी, सांस फूल रही थी. उसके शरीर पर पसीना चमक रहा था.

भिड़े और िएर एक दुसरे को देखते रहे. कुछ सेकंड तक ावक्वार्ड साइलेंस रहा.

भिड़े: (थोड़ा हेसितांत लेकिन एक्ससिटेड आवाज़ में) अगर यही हो रहा है तोह... यही सही है. िएर, तुम यही रुको. मैं तुम्हारे घर से आता हूँ.

िएर: (बड़ी मुस्कराहट के साथ, लुंड अभी भी खड़ा) अरे वाह भिड़े! ठीक है. तुम जाओ जहाँ जाना है. बस मेरी दया के पास मत जाना. बोहोत तड़प रहा हूँ उसको. पोपटलाल की शादी के बाद से एक बार भी नहीं छोड़ा उसको. आज उसकी बारी है.

माधवी दोनों को देखती रही. उसकी आँखों में एक छुपी हुई मुस्कराहट थी. वो अंदर Hi अंदर सोच रही थी:

माधवी (मैं में): ाहो और यह िएर... कभी भी मुझे जेठा भाई जैसी ख़ुशी नहीं दे सकते. ओह्ह जेठा भाई... आपसे वापस छोड़ना है मुझे... कितना मोटा और ज़ोर का लुंड है आपका...

िएर ने अपनी पंत उठायी और जल्दी से पेहेन ली. भिड़े भी अंदर आया.

दोनों एक दुसरे को देखते हुए मुस्कुराये. फिर उन्होंने एक दुसरे को हाई फाइव मारा — ज़ोर से!

भिड़े & िएर: (साथ में) चलो!

िएर जेठालाल के घर की तरफ जाने लगा.

भिड़े िएर के फ्लैट की तरफ बढ़ गया, जहाँ बबिता अकेली थी.

जाते जाते दोनों ने एक बार फिर मुस्कुरा कर एक दुसरे को देखा.

िएर: (जाते हुए, धीरे से) मज़ा करना भिड़े... और हाँ, बबिता को बोलना मैं थोड़ी देर में आऊंगा.

भिड़े: (हस्ते हुए) तू भी जेठा के घर मज़ा कर लेना... लेकिन ज़्यादा देर मत लगाना.

दोनों Alag-Alag डिरेक्शंस में चल पड़े.



माधवी बीएड पर लेती हुई उन दोनों की जाती हुई पीठ को देखती रही और हलके से मुस्कुरायी. उसके मैं में जेठालाल का ख्याल और गहरा होता जा रहा था.

और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा यारो अब जब मई कंसिस्टेंट हो गया हु उपदटेस देने में तब कमैंट्स काफी काम हो गए है सपोर्ट दिखाओ यारो ऐसे नहीं चलेगा
 
सेक्स का जमाना अपडेट 110

तो जैसा की आपने पिछले कुछ उपदटेस में देखा की टापू गोगी गोली अपने अपने Girlfriend's के साथ सेक्स करके निकल चुके है और बातें करते हुए सोसाइटी आ चुके है वही जेठालाल रीता के साथ हनीमून मन कर तारक के साथ बातें कर रहा है जहा वो उसके और करीना के रिश्ते के बारे में भी बताता है वही जेठालाल के घर पे बापूजी आग बबूला है जिन्हे कटरीना शांत करती है समझा कर वही जेठालाल अंजलि के साथ रस्मो रिवाज़ से शादी करता है और उसके साथ जोरदार हनीमून मनाता है

वही हमारे नए अर्च की शुरुआत हुयी

लेस्बियन सेक्स अर्च

तारक शाम को सोसाइटी पंहुचा जहा अब्दुल ने उसको अपनी शादी के बारे में बताया और तारक उसे भी मर्दो के सीक्रेट ग्रुप में ऐड कर दिया और वो सीधे जेठालाल के घर पे गया जहा कटरीना ने उसको खूब सडके किया और दोनों के बीच जोरदार चुदाई हुयी वही दूसरी तर्ज दया बापूजी का गुस्सा शांत कर रही थी

अगली सुबह जब टापू उठा तब वो बापूजी की बाहो में दया को देख कर मुस्कुराया वही ड्राइंग रूम में उसने तारक और कटरीना को चाय पीते पाया और उनके बीच हलकी बात चीत हुयी और टापू शर्मा कर कमरे में चला गया वही जेठालाल घर वापस आया और तारक से टकराया वही दया ने बापूजी का पूरा गुस्सा उतार दिया था डाइनिंग टेबल के नीचे कटरीना और अनन्य जेठालाल को तैसे कर रही थी जेठालाल का लुंड पूरा खरा था जिसको प्रणाली देखती है और सोनू को बताती है गोली भी नोटिस करता है और जेठालाल को तैसे करता है बबिता अपने कमरे में खुद को टच कर रही थी तभी उसे महिला मंडल की मीटिंग याद आती है जिसमे उसने कोई आईडिया दिया था और वो अंजलि को कॉल करती है और अंजलि महिला मंडल के सीक्रेट ग्रुप में सबको एक मीटिंग के लिए इन्विते करती है दोपहर को वो सब अंजलि के घर पे मिलती है और पुराणी बातें डिसकस करती है और अंजलि रात को सोनू श्रद्धा और करीना सब को मीटिंग में आने को कहती है वही अब्दुल की दूकान पर मर्द लोग उसका इंतजार कर रहे थे और अब्दुल ने आकर उन्हें अपने शादी की खुशखबरी दी सब ने उसे बधाई दी उसी रात अनन्य के फ्लैट पर अनन्य ने जेठालाल को सरप्राइज दिया जिसमे सोनू और प्रणाली थी और जेठालाल ने तीनो को जैम कर छोड़ा अगले दिन मीटिंग में महिला मंडल ने कलुभाऊसे में रात से हर दिन लेस्बियन सेक्स करने का प्लान बनाया श्रद्धा जेठालाल का लुंड इमेजिन करते हुए अपनी छूट में ऊँगली की और सोसाइटी से निकल Hi रही थी की भिड़े ने उसको लिफ्ट दी दोनों में काफी बातें हुयी और भिड़े ने उसे धनपाड़ा ड्राप किया. श्रद्धा जेठालाल की दूकान में गयी और एक टीवी आर्डर किया और जेठालाल को शाम को चाय के लिए इन्विते किया वही भिड़े जब घर पंहुचा तब िएर माधवी को छोड़ रहा था भिड़े ने उसे देखा और हाई फाइव देते हुए िएर जेठालाल के घर की तरफ और भिड़े िएर के घर की तरफ चल दिया

अब आगे

िएर जेठालाल के घर के मैं दूर से अंदर गया. दरवाज़ा खुला हुआ था. अंदर लिविंग रूम में दया सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी. उसने एक काली और लाल बॉर्डर वाली साड़ी पहनी हुई थी, जो उसकी बड़ी गांड और मोती जांघों पर टाइट पद रही थी.






िएर सीधा उसके पास चला गया. दया ने टीवी की आवाज़ सुन कर भी उसको महसूस कर लिया और मुस्कुराते हुए उसकी तरफ देखा.

िएर: (दया के बिलकुल पास सोफे पर बैठते हुए, उसकी कमर के पास हाथ रख कर) अरे दया डार्लिंग... अकेली बैठी हो? जेठालाल तोह दूकान पर होगा न?

दया: (टीवी की तरफ देखते हुए, हलकी सी स्माइल के साथ) हाँ िएर भाई... वह दूकान पर Hi हैं. आप आज इस तरफ कैसे?

िएर ने बात करते हुए अपना हाथ दया की साड़ी के ऊपर से उसकी गांड पर रख दिया और Dheere-Dheere दबाने लगा. उसके हाथ की उँगलियाँ गांड की कर्व्स पर घूम रही थी.

िएर: (धीरे से, डबल मीनिंग में) बस ऐसे Hi... थोड़ा रिलैक्सेशन के लिए आया था. देख रहा हूँ की आज आपकी गांड बहुत टाइट और भरी हुई लग रही है. क्या बात है?

दया: (थोड़ी सी सिहरती हुई, लेकिन हाथ नहीं हटती) अरे वाह... आपकी नज़र तोह हमेशा वही जाती है जहाँ टाइट होता है. और आपका हाथ भी वहीँ पहुँच गया है.

िएर ने और दबाव बढ़ा दिया. अब वो पूरी पाम से दया की बड़ी गांड को मसल रहा था, साड़ी के ऊपर से Hi.






िएर: (उसके कान के पास मुँह ले जा कर) क्या करूँ दया भाभी... जब भी तुम्हे देखता हूँ, मैं करता है की इस भारी भारी चीज़ को अच्छे से पकड़ कर... अंदर तक एक्स्प्लोर करूँ. कितनी सॉफ्ट और गरम है तुम्हारी यह प्रॉपर्टी.

दया: (सांस थोड़ी तेज़ हो कर, धीरे से अपना हाथ िएर की जांघ पर रखते हुए) आप भी न िएर भाई... ऐसे बोलते हो तोह मुझे भी मैं करता है की आपकी चीज़ को हाथ में ले कर... अच्छे से खोल कर देखूं. बहुत दिन हो गए न?

दया का हाथ Dheere-Dheere ऊपर की तरफ बढ़ा और उसने िएर के पंत के ऊपर से उसके लुंड को पकड़ लिया. लुंड आलरेडी खड़ा और गरम था.

दया: (लुंड को हलके से सहलाते हुए, नरम आवाज़ में) वाह... इतना सख्त हो गया है इतनी जल्दी. लगता है आप भी बहुत तड़प रहे थे.

िएर: (गांड को ज़ोर से दबाते हुए, दूसरे हाथ से दया की जांघ पर फेरते हुए) तड़प तोह बहुत है दयू... जब से पोपटलाल की शादी हुई है, आपको एक बार भी नहीं छोड़ पाया. आज मैं कर रहा है की तुम्हारी साड़ी ऊपर कर के... तुम्हे सीधा घोड़ी बना कर छोडूं.

दया: (िएर के लुंड को पंत के ऊपर से मसलते हुए, आँखें बंद कर के) हम्म... आपसे छोड़ने में मुझे बहुत मज़ा आता है िएर भाई... आपका लुंड अंदर डालते Hi मेरी छूट एकदम गीली हो जाती है और मैं करता है की बस और अंदर... और ज़ोर से...

िएर: (दया की गांड पर थप्पड़ मार कर, उसके कान में) मज़ा तोह मुझे आता है तुम्हे छोड़ने में मेरी दयू डार्लिंग (डायलाग इन ट्रेलर) ... आपकी मोती गांड पकड़ कर धक्के मरने में अलग Hi सुख मिलता है. आपकी छूट कितनी टाइट और रसीली है... हर बार जैसे पहली बार छोड़ रहा हूँ.

दया ने िएर के लुंड को और टाइट पकड़ लिया और ऊपर नीचे हिलने लगी. िएर ने साड़ी के पल्लू को साइड में किया और उसकी कमर और गांड को दोनों हाथों से मसलने लगा.

दया: (सांस फूलते हुए) िएर भाई... आपके हाथ बहुत तेज़ हो रहे हैं आज... अगर टापू के पापा आ गए तोह?

िएर: (मुस्कुराते हुए, गांड को Zor-Zor से दबाते हुए) तोह देख लेंगे... अभी तोह मैं आपको छोड़ने का मैं बना चूका हूँ. उठ के अंदर बैडरूम में चलो, या यहीं सोफे पर Hi आपके छूट में अपना लुंड थोकुन?

दया ने जवाब में सिर्फ िएर के लुंड को और ज़ोर से पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया. रूम में सिर्फ टीवी की आवाज़ और दोनों की तेज़ साँसों की आवाज़ गूँज रही थी.


वही भिड़े िएर के घर के बहार पहुंचा. उसने एक डीप ब्रेथ ली और दुर्बल बजा दी.

थोड़ी देर बाद दरवाज़ा खुला.

बबिता ने दरवाज़ा खोला. वो एक टाइट येलो स्लीवलेस ड्रेस पहने हुई थी जो उसके गोर शरीर पर बिलकुल फिट बैठी थी. ड्रेस उसकी बड़ी चूचियों और गोल गांड को अच्छे से हाईलाइट कर रही थी. बाल खुले हुए थे और चेहरा थोड़ा ग्लो कर रहा था.






भिड़े ने जैसे Hi बबिता को देखा, तुरंत अपने कुर्ते का कालर ऊपर किया और अपनी पुराणी आदत के मुताबिक सीरियस बनने की कोशिश की.

भिड़े: (कालर ऊपर करते हुए, थोड़ा सा ड्रामेटिक अंदाज़ में) तो मिस बबिता... आज एक बार फिर मैं आपके बेटे की शिकायत लेकर आया हूँ. यह लड़का बिलकुल नहीं सुधर रहा है!

बबिता ने भिड़े को ऊपर से नीचे तक देखा. उसके होंठों पर एक नॉटी मुस्कराहट आ गयी.

बबिता: ( हलकी सी हंस कर, सेडक्टिव आवाज़ में) जी भिड़े सर... अंदर तोह आइये न. बहार खड़े खड़े कैसे शिकायत करेंगे?

बबिता ने दरवाज़ा पूरा खोल दिया और साइड होकर रास्ता दिया.

भिड़े: ( अंदर स्टेप करते हुए) हाँ... अंदर Hi बात करते हैं. यह बात बहुत सीरियस है.

दोनों अंदर लिविंग रूम में चले गए. बबिता ने दरवाज़ा बंद कर दिया और लॉक भी लगा दिया.

बबिता: (सोफे की तरफ इशारा करते हुए, मुस्कुराते हुए) बैठिये न भिड़े सर. आप इतनी गर्मी में परेशान हो कर आये हो... पहले कुछ ठंडा पि लीजिये.

भिड़े सोफे पर बैठ गया. बबिता उसके सामने कड़ी थी. येलो ड्रेस में उसकी फिगर बहुत टेम्पटिंग लग रही थी. उसने झुक कर भिड़े के सामने गिलास रखा तोह उसकी डीप नेकलिने से चूचियों की गहराई साफ़ दिखाई दे रही थी.

भिड़े: (नज़रें हटाते हुए, लेकिन बार बार झुक कर देखते हुए) मिस बबिता... आपका बीटा... वह... वह बहुत शरारती हो रहा है आजकल.

बबिता: (मुस्कुराते हुए, भिड़े के बिलकुल पास सोफे पर बैठते हुए) तोह आप Hi समझाइये न सर... मैं तोह अकेली बहुत परेशान रहती हूँ. आप जैसे रेस्पोंसिबल आदमी को देख कर Hi थोड़ा सुकून मिलता है मुझे.

बबिता ने बात करते हुए अपना एक पेअर थोड़ा सा ऊपर उठा कर रखा, जिससे उसकी ड्रेस और ऊपर चढ़ गयी और उसकी स्मूथ जांघें दिखाई देने लगी.

भिड़े का लुंड पंत के अंदर हिलने लगा था. वो अपना कालर थोड़ा और ऊपर किये बैठा था.


वही जेठालाल के घर पे िएर ने दया को सोफे पर Hi बैठाये रखा और उसके सामने खड़े हो कर धीरे धीरे उसके कपडे निकालने शुरू कर दिया.

िएर: (दया के पल्लू को साइड करते हुए, उसकी कमर को चूमते हुए) पहले यह साड़ी हटते हैं... बहुत दिन से इसके अंदर छुपी हुई चीज़ देखने का मैं कर रहा था.

उसने दया की साड़ी का पल्लू पूरा खोल दिया और साड़ी को धीरे धीरे नीचे की तरफ खींचने लगा. दया ने थोड़ा सा उठ कर मदद की. साड़ी का घाघरा दया की मोती जांघों से गुज़रता हुआ नीचे गिर गया.

दया: (शर्माते हुए लेकिन गरम आवाज़ में) िएर भाई... आप बहुत धीरे धीरे निकाल रहे हो... जल्दी से नंगा कर दो न मुझे...

िएर: (हस्ते हुए) जल्दी क्या है दयू डार्लिंग... मज़े तोह धीरे धीरे Hi आते हैं.

अब उसने दया की पेटीकोट की नाडा खोल दी और उसको भी नीचे उतर दिया. दया अब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट के अंदर वाली पंतय में बैठी थी. िएर ने ब्लाउज के हुक्स Ek-Ek करके खोले. जब सारे हुक्स खुल गए, उसने ब्लाउज को दोनों तरफ से खोल कर दया के Bade-Bade बूब्स को आज़ाद कर दिया.

िएर: (दया के बूब्स को देखते हुए, उन्हें हाथों में लेकर) वहहह... यह बूब्स कितने बड़े और भरे हैं आज भी. निप्पल्स बिलकुल टाइट हो रखे हैं.

उसने दया के दोनों बूब्स को ज़ोर से दबाया और एक को मुँह में ले लिया.

दया: (सिसकारी भरते हुए) अह्ह्ह... िएर भाई... चुसो और ज़ोर से... हां...

िएर ने ब्लाउज को कम्प्लीटली निकाल फेंका. अब दया सिर्फ ब्रा और पंतय में थी. उसने ब्रा का हुक पीछे से खोला और ब्रा को भी उतर दिया. दया के बड़े बूब्स अब बिलकुल आज़ाद हो कर लटक रहे थे.

िएर: (दया की पंतय के ऊपर हाथ फेरते हुए) अब यह लास्ट पीेछे...

उसने दया की पंतय को धीरे धीरे नीचे खिंच कर उतर दिया. दया की गीली छूट अब बिलकुल नंगी हो गयी. उसके मोती जांघें और भारी गांड पूरी तरह से एक्सपोज्ड थी.






दया: (नंगी हो कर िएर को देखते हुए) अब आपकी बारी है िएर भाई...

दया उठी और िएर के कपडे निकालने लगी. पहले उसने िएर की शर्ट के बटन्स खोले, फिर बनियान उतरी. िएर का हेयरी चेस्ट और पेट दिखाई दे रहा था. दया ने उसके बेल्ट खोल कर पंत और अंडरवियर एक साथ नीचे उतर दिया.

िएर का लुंड अब बिलकुल खड़ा और टाइट हो कर बहार आ गया मोटा, लम्बा और टॉप पर से Pre-Cum चमक रहा था.

अब दोनों एक दुसरे के सामने बिलकुल नंगे खड़े थे. दया के बड़े बूब्स, मोती गांड और गीली छूट, और िएर का खड़ा लुंड.






िएर: (दया को ऊपर से नीचे तक देखते हुए, लुंड को हाथ में पकड़ कर) देखो दयू... कितना खड़ा हो गया है आपको देख कर. आज आपकी छूट को अच्छे से छोडूंगा.

दया: (िएर के लुंड को हाथ में लेकर हिलाते हुए, आँखें लस्ट से भर कर) हम्म... इतना मोटा और गरम लुंड... आज इसको अपनी छूट में गहराई तक ले जाउंगी. छोड़ो मुझे िएर भाई... बहुत दिन हो गए हैं.

दोनों एक दुसरे को देखते हुए खड़े थे. िएर ने दया को कमर से पकड़ कर अपने से चिपका लिया. दोनों के शरीर एक दुसरे से रगड़ खा रहे थे. िएर का लुंड दया की छूट के ऊपर रगड़ रहा था.

िएर: (दया की गांड को दोनों हाथों से पकड़ कर ज़ोर से दबाते हुए) क्या करना है पहले बताओ... सोफे पर घोड़ी बना कर थोकुन या मुँह में दू?

दया: (िएर के लुंड को हाथ में पकडे हुए, उसकी आँखों में देखते हुए) िएर भाई... घोड़ी बनाओ मुझे... सीधे अपना लुंड मेरी छूट में ठोको. आपसे छोड़ने का बहुत इंतज़ार किया है मैंने... आज पूरी तरह से छोड़ दो मुझे.

िएर के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कराहट आ गयी. उसने दया को घुमा दिया और सोफे के ऊपर उसकी पोजीशन बना दी.

दया अब सोफे पर घुटनो के बल कड़ी थी, अपनी मोती गांड ऊपर की तरफ करके. उसकी गीली छूट बिलकुल खुली हुई थी और दोनों बड़े बूब्स नीचे की तरफ लटक रहे थे.

िएर: (दया की गांड पर हाथ फेरते हुए, थप्पड़ मारते हुए) वह दयू डार्लिंग... यह पोजीशन बहुत पसंद है मुझे. आपकी यह भारी गांड ऊपर करके... बिलकुल रेडी लग रही है.

उसने अपना मोटा लुंड हाथ में पकड़ा और दया की छूट के ऊपर रगड़ने लगा. लुंड का सूपड़ा उसकी छूट की लिप्स पर ऊपर नीचे कर रहा था.

दया: (बेकरारी से, गांड हिलाते हुए) अरे मत तड़पाओ िएर भाई... दाल दो अंदर... बहुत गीली हो राखी है मेरी छूट आपके लिए...

िएर: (लुंड के सुपडे को छूट के मुँह पर रगड़ते हुए) धीरे धीरे ले लूंगा न... पहले यह रास चख तोह लू.

फिर िएर ने अपना लुंड दया की छूट पर सेट किया और धीरे धीरे अंदर धकेलना शुरू किया.

िएर: (सांस लेते हुए) उफ्फ्फ्फ़... कितनी टाइट है तेरी छूट आज भी... आअह्ह्ह...

लुंड का सूपड़ा अंदर गया, फिर धीरे धीरे पूरा लुंड अंदर धकेला जा रहा था. दया की छूट उसके मोठे लुंड को अंदर ले रही थी.






दया: (आँखें बंद करके, मोअन करते हुए) अह्ह्ह्ह... िएर भाई... धीरे... हां... बहुत मोटा है आपका... अह्ह्ह... पूरा दाल दो... उफ्फ्फ्फ़...

िएर ने एक ज़ोर का धक्का मारा और अपना पूरा लुंड दया की छूट में उतार दिया. दोनों के मुँह से एक साथ सिसकारी निकली.

िएर: (दया की कमर पकड़ कर, लुंड अंदर Hi अंदर घूमते हुए) पूरा अंदर चला गया दयू... अब मज़ा लो.

फिर िएर ने Dheere-Dheere धक्के मरना शुरू कर दिया. पहले स्लो, गहरे और लम्बे स्ट्रोक्स.

दया: (गांड पीछे की तरफ धकेलती हुई) अहह... अहह... िएर भाई... और अंदर... हां... ऐसे Hi छोड़िये... बहुत मज़ा आ रहा है...






िएर: (स्पीड धीरे धीरे बढ़ाते हुए, गांड पकड़ कर) ले मेरी दयू... ले मेरा लुंड... कितनी रसीली छूट है आपकीयः... हर धक्के पे चुद रही है ाःह...

अब चुदाई पूरी तरह से शुरू हो चुकी थी. िएर दया की कमर पकड़ कर रेगुलर स्पीड से धक्के मर रहा था. हर धक्के के साथ दया के बूब्स Zor-Zor से हिल रहे थे और रूम में “पांच पांच पांच” की आवाज़ गूज रही थी.

दया: (ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेते हुए) अह्ह्ह... चोदुह... िएर भाई... और तेज़... मेरी छूट पहाड़ दो आज... हां... बहुत दिन बाद आपका लुंड मिला है मुझे...

िएर ने स्पीड और बढ़ा दी और अब Zor-Zor से दया की छूट में धक्के मारने लगा. दोनों के शरीर पसीने से तर हो रहे थे.

िएर दया की कमर को दोनों हाथों से पकडे हुए Zor-Zor से धक्के मार रहा था. दया सोफे पर घुटनो के बल कड़ी थी, उसकी मोती गांड हर धक्के के साथ ऊपर उठ रही थी. दोनों के शरीर टकराने से रूम में तेज़ी से “थप थप थप थप” की आवाज़ें गूज रही थी.






िएर: (तेज़ धक्के मरते हुए, सांस फूलते हुए) अह्ह्ह... ले दयू... ले मेरी जान... थप थप... सुन रही हो यह आवाज़? आपकी मोती गांड से टकरा रहा है मेरा पेल्विस...

दया: (आँखें बंद किये, मुँह खुला हुआ, ज़ोर ज़ोर से मोअन करते हुए) हां... अह्ह्ह... िएर भाई... थप थप... बहुत ज़ोर से मार रहे हो... मेरी छूट पहात रही है... अह्ह्ह चोदूहह... और तेज़... और तेज़...

हर धक्के के साथ दया की Badi-Badi गांड हिल रही थी और िएर का मोटा लुंड पूरी तरह से Andar-Bahar हो रहा था. गीली छूट की पूछ पूछ की आवाज़ थप थप के साथ मिल रही थी.

िएर: (दया की गांड पर ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ मरते हुए) फट्ट्ट्ट लूह लू आपकी छूट कितनी गीली हो राखी है आज... बहुत तड़प रही थी न मेरा लुंड के लिए? बोलो... बोलो न दयू...






दया: (गांड पीछे की तरफ धकेलती हुई, पूरी तरह से एन्जॉय करते हुए) हां... बहुत तड़प रही थी... अह्ह्ह... आपका मोटा लुंड... मेरी छूट में... थप थप... हां... और गहराई तक... पहाड़ दो मेरी छूट को िएर भाई... अह्ह्ह्हह!

िएर ने अब स्पीड और बढ़ा दी. वो दया की कमर को तिघ्टलय पकड़ कर मशीन की तरह धक्के मार रहा था. हर धक्का इतना ज़ोर का था की दया का पूरा शरीर आगे की तरफ हिल जा रहा था.

थप! थप! थप! थप! थप!

िएर: (पसीने से तर होते हुए, दया की पीठ पर झुक कर उसके कान में) सुनो... यह थप थप आवाज़... अगर जेठा आये तोह सुन लेगा... फिर भी नहीं रुकूंगा मैं आज...

दया: (पूरा पागल होते हुए, ज़ोर से चिल्लाते हुए) मत रुको... चाहे कोई भी आ जाए... अह्ह्ह... छोड़ते रहो मुझे... मेरी छूट आपकी है आज... थप थप... हां... और ज़ोर से... मैं झड़ने वाली हूँ िएर भाई... अह्ह्ह!

िएर ने एक हाथ आगे बढ़ा कर दया के लटकते हुए एक बूब्स को ज़ोर से पकड़ लिया और मसलने लगा. दूसरे हाथ से उसकी कमर पकड़ कर और तेज़ धक्के मारने लगा.






थप थप थप थप थप थप...

दोनों के शरीर पसीने से चमक रहे थे. दया की छूट से रास निकल कर िएर के लुंड और जांघों पर बह रहा था.

दया: (रोने जैसी सिसकियाँ लेते हुए) िएर भाई... बहुत गहराई तक जा रहा है... मेरी तोह छूट पहात गयी... अह्ह्ह्हह... और तेज़... मैं आ रही हूँ... हआ...

िएर दया की कमर को तिघ्टलय पकडे हुए बहुत तेज़ धक्के मार रहा था. दोनों झड़ने के बिलकुल करीब पहुँच चुके थे.

थप! थप! थप! थप!

िएर: (सांस फूलते हुए, तेज़ आवाज़ में) दयू... मैं आने वाला हूँ... अह्ह्ह!






दया: (गांड पीछे धकेलती हुई, पूरी तरह से तड़पते हुए) हां िएर भाई... मुझे भी... और तेज़... छोड़ दो मुझे... अह्ह्ह्हह!

िएर ने आखरी कुछ ज़ोर के धक्के मारे और फिर जल्दी से अपना लुंड दया की छूट से बहार निकाल लिया. उसने अपने लुंड को हाथ से हिलाया और अपना गरम रास दया की पीठ और मोती गांड पर गिरा दिया.

िएर: (ज़ोर से मोअन करते हुए) उफ्फ्फ्फ़... लो दयू... आअह्ह्ह!

दया की पीठ पर Mota-Mota सफ़ेद माल फ़ैल गया. दया अभी भी झड़ने के करीब थी, उसने अपनी छूट को हाथ से रगड़ कर खुद को झाड़ा लिया.

दया: (सांस फूलते हुए, थोड़ा नाराज़ होते हुए) बाहर क्यों छोरा िएर भाई? अंदर दाल देते न... मुझे अंदर फील करना बहुत पसंद है.

िएर: (दया की गांड पर हाथ फेरते हुए, मुस्कुराते हुए) मैं आपके अंदर अपना माल नहीं छोड़ना चाहता दयू... जिस दिन चाह जाऊँगा, उस दिन आप पूरी तरह से मेरी हो जाओगी. तब अंदर भर दूंगा... इतना की आपकी छूट से बहार निकले.

दया: (मुस्कुराते हुए, आँखों में शैतानी के साथ) अच्छा जी... ऐसा है क्या?

दया तुरंत घूम गयी, िएर के गले में बाहें दाल दी और उसके होंठों पर एक गहरी Lip-To-Lip किश दे दी. दोनों के जीभ एक दुसरे में घुस गए और कुछ सेकण्ड्स तक पशनातेली किश करते रहे.

दया: (किश तोड़ कर, धीरे से) आप बड़े शैतान हो िएर भाई... लेकिन यह गेम मुझे बहुत पसंद आ रहा है.

िएर ने अपने कपडे जल्दी से पेहेन लिए. दया अभी भी नंगी सोफे पर लेती हुई थी, उसकी पीठ पर अभी भी िएर का माल लगा हुआ था.

िएर: (मुस्कुराते हुए) मैं अब चलता हूँ... जेठालाल आ गया तोह प्रॉब्लम हो जाएगी.

िएर दरवाज़े की तरफ बढ़ा. जैसे Hi उसने दरवाज़ा खोला और बहार निकलने लगा, तभी वो किसी से टकरा गया.


िएर: (चौंक कर) अरे!!!

वही िएर के घर में


भिड़े सोफे पर बैठा था. बबिता उसके सामने कड़ी थी. भिड़े रोलप्ले में पूरा सीरियस बन कर बात कर रहा था.

भिड़े: (कालर ऊपर किये, स्ट्रिक्ट आवाज़ में) मिस बबिता, आपका बीटा क्लास टेस्ट्स में लगातार फ़ैल हो रहा है. पहले 5 में से 2, अब तोह 2 में से भी 0 आ रहे हैं. यह लड़का बिलकुल पढता नहीं है. ऐसे कैसे चलेगा? मैं इस बार तोह इसको फ़ैल करने Hi वाला हूँ.

बबिता ने धीरे से मुस्कुराया. वो भिड़े के बिलकुल पास आयी, अपनी येलो ड्रेस को थोड़ा एडजस्ट करते हुए जिसमें उसकी चूचियां और जांघें और ज़्यादा दिखाई दे रही थी.

बबिता: (सेडक्टिव आवाज़ में, झुक कर भिड़े के सामने) अरे भिड़े सर... आप इतना गुस्सा मत कीजिये. मैं बहुत परेशां हूँ इस बच्चे से. वह बिलकुल पढता नहीं.

वो और पास आयी और भिड़े के घुटनो के पास कड़ी हो गयी. उसकी आवाज़ में मिठास और तड़प थी.

बबिता: (भिड़े की आँखों में देखते हुए) आप बताइये भिड़े सर... मैं क्या करूँ इस बच्चे का? अगर आप चाहें तोह इसकी जगह... मुझे पनिशमेंट दे सकते हो. जो भी सजा देना हो... मैं ले लुंगी. आपकी मर्ज़ी.

बबिता ने यह बोलते हुए अपना एक हाथ भिड़े के शोल्डर पर रख दिया और धीरे से सहलाने लगी.

भिड़े का सब्र टूट गया. वो तुरंत सोफे से खड़ा हो गया

भिड़े: (गरम आवाज़ में) ठीक है मिस बबिता... अगर आप उसकी जगह पनिशमेंट लेना चाहती हो, तोह मैं आपको अच्छे से पुनीश करूँगा आज.

उसने तुरंत बबिता की येलो ड्रेस के ज़िप को पीछे से खोलना शुरू कर दिया. ड्रेस धीरे धीरे नीचे खिसकने लगी. बबिता ने मदद करते हुए अपने हाथ ऊपर किये. ड्रेस पूरी तरह उतर गयी और ज़मीन पर गिर गयी.

बबिता अब सिर्फ ब्लैक ब्रा और मैचिंग पंतय में कड़ी थी. उसकी गोर और भरी हुई बॉडी बहुत टेम्पटिंग लग रही थी.






बबिता ने भी भिड़े के कुर्ते के बटन्स खोलने शुरू किये और जल्दी से उसको उतर कर फ़ेंक दिया. फिर उसने भिड़े की बनियान भी उतर दी. भिड़े का हेयरी चेस्ट सामने था.

दोनों एक दुसरे को देखते हुए गरम हो चुके थे.

बबिता: (भिड़े के गले में बाहें डालते हुए) अब पनिशमेंट शुरू कीजिये सर...

भिड़े ने बबिता को कमर से पकड़ा और उसके होंठों पर एक गहरा किश कर दिया. दोनों के मुँह एक दुसरे से लिपट गए. किश धीरे धीरे पैशनेट होता गया. दोनों की जीभ एक दुसरे में घुस रही थी और Zor-Zor से चूस रहे थे.






भिड़े: (किश के बीच सांस लेते हुए) हम्म... मिस बबिता... आपको बहुत सख्त पनिशमेंट मिलने वाला है आज...

बबिता: (भिड़े के लोअर लिप को चूसते हुए, धीरे से) जितना सख्त आप दे सकते हो... उतना Hi चाहिए मुझे भिड़े सर...

दोनों अभी भी किश करते हुए एक दुसरे से चिपके हुए थे. भिड़े के हाथ बबिता की पीठ पर घूम रहे थे और बबिता का हाथ भिड़े की पंत के ऊपर से उसके लुंड पर पहुँच गया था.

भिड़े ने बबिता को ज़ोर से किश करते हुए उसकी कमर पकड़ी और सोफे पर धक्का देकर बैठा दिया. फिर खुद सोफे पर बैठ गया और अपनी पंत का बटन खोल दिया.

भिड़े: (स्ट्रिक्ट टीचर वाली आवाज़ में) मिस बबिता, बेटे की जगह आप पनिशमेंट लेने वाली हैं न? तोह पहले अपने मुँह का इस्तेमाल कीजिये. मेरे लुंड को अच्छे से साफ़ करो. यह आपकी पहली सजा है.

बबिता ने आँखों में शर्म और एक्ससिटेमेंट के साथ देखा. वो सोफे पर घुटनो के बल बैठ गयी, भिड़े के पैरों के बीच में. भिड़े ने अपनी पंत और अंडरवियर नीचे की, उसका लुंड बिलकुल खड़ा और मोटा हो कर बहार आ गया.

बबिता: (लुंड को हाथ में लेकर, ऊपर देखते हुए) जी सर... मैं अपने बेटे की जगह सब कुछ सेह लुंगी.

उसने अपनी लाल लिप्स खोली और भिड़े के लुंड के सुपडे को मुँह में ले लिया. धीरे धीरे चूसने लगी.






भिड़े: (हाथ से बबिता के बाल पकड़ते हुए) हम्म... ऐसे नहीं. पूरा अंदर लो. अच्छे से चुसो.

बबिता ने और मुँह खोल कर लुंड को गहराई तक अंदर लिया. उसके मुँह में भिड़े का मोटा लुंड टाइट से फिट हो रहा था.

बबिता: (मुँह से आवाज़ निकलते हुए) मममहह... गलुग... Glug...aaggh ागसघ ाहगाह...

वो Zor-Zor से मुँह चला रही थी. ऊपर नीचे करते हुए लुंड को चूस रही थी. कभी कभी गहराई तक ले जाती थी तोह उसके गले से गलग… गलुग… गलुग… की आवाज़ें आ रही थी.

भिड़े: (बबिता के बाल पकड़ कर उसका सर ऊपर नीचे हिलाते हुए) हाँ ऐसे... गलग करो... अच्छे से मुँह में लो मिस बबिता. यह पनिशमेंट है... बेटे की जगह माँ को छोड़ रहा हूँ मैं आज.

बबिता: (लुंड मुँह से निकाल कर, सांस लेते हुए, आँखों में पानी आते हुए) गलुग... हां सर... बेटे की जगह उसकी माँ को पुनीश करो... जितना मर्ज़ी उतना सख्त पनिशमेंट दो मुझे...

उसने फिर से लुंड मुँह में ले लिया और Zor-Zor से चूसने लगी. उसके बूब्स ड्रेस के ऊपर से हिल रहे थे. वो कभी कभी गैग करती थी लेकिन फिर भी गहराई तक ले जा रही थी.






बबिता: (लुंड को चूसते हुए, रुक कर) गलुग... गलुग... अहह... सर आपका लुंड बहुत मोटा है... मेरी गर्दन तक जा रहा है... फिर भी मैं सेह लुंगी... बेटे की गलती माफ़ कर दो सर... मैं आपकी पूरी पनिशमेंट ले लुंगी...

भिड़े: (बबिता के मुँह में धक्के मरते हुए, मज़े से) बहुत अच्छा... बहुत अच्छा चल रहा है मिस बबिता. आगे और भी पुनिशमेंट्स हैं. अभी तोह सिर्फ वार्मअप है.

बबिता ने अपनी जीभ से लुंड के निचे वाली हिस्से को चाटना शुरू कर दिया और फिर बॉल्स को भी मुँह में लेकर चूसने लगी. उसकी आँखों से पानी निकल रहा था लेकिन वो रुक नहीं रही थी.

बबिता: (लुंड को चूसते हुए, धीरे से) हां सर... और पुनीश कीजिये... मैं आपकी हूँ आज...

भिड़े ने बबिता के मुँह से अपना लुंड निकाला. बबिता की आँखों से पानी निकल रहा था और उसके लिप्स पर सलीवा की लकीरें थी. भिड़े सोफे पर लेट गया और अपना खड़ा लुंड ऊपर की तरफ खड़ा किया.

भिड़े: (बबिता को ऊपर खींचते हुए, स्ट्रिक्ट आवाज़ में) अब मिस बबिता... ऊपर आओ. आज तुम मुझे छोड़ोगी. बेटे की जगह माँ को पनिशमेंट देने का यह नया तरीका है.

बबिता ने अपनी ब्लैक पंतय भी उतर फेंकी. उसकी छूट बिलकुल गीली और चमक रही थी. वो भिड़े के ऊपर चढ़ गयी और काउगर्ल पोजीशन में बैठ गयी. उसने भिड़े के लुंड को हाथ में पकड़ कर अपनी छूट के मुँह पर सेट किया और धीरे धीरे बैठने लगी.






बबिता: (लुंड अंदर जाते Hi सिसकारी भरते हुए) अह्ह्ह्हह... सर... बहुत मोटा है आपका... उफ्फ्फ्फ़...

पूरा लुंड एक Hi बार में उसकी छूट में उतर गया. बबिता की मोती गांड भिड़े की जांघों पर बैठ गयी.

भिड़े: (बबिता की कमर पकड़ कर) अब ऊपर नीचे करो... अपनी सजा खुद लो मिस बबिता.

बबिता ने दोनों हाथ भिड़े के चेस्ट पर रख कर ऊपर नीचे हिलना शुरू कर दिया. उसके बड़े बूब्स Zor-Zor से उछाल रहे थे. वो धीरे धीरे स्पीड बढ़ा रही थी.

बबिता: (सिसकती हुई, मोअन करते हुए) अहह... अहह... सर... आपका लुंड मेरी छूट को पहाड़ रहा है...

भिड़े ने नीचे से धक्के मरना शुरू कर दिया. हर बार बबिता जब नीचे बैठती, भिड़े ऊपर से ज़ोर का धक्का मारता.

थप! थप! थप! थप!

बबिता: (तेज़ हो कर, आँखें बंद किये, सिसकते हुए) फुकक में सिररर... अह्ह्ह... मैं आपकी बेस्ट स्टूडेंट बन जाउंगी... फ़क में हर्डर... एस... आठ फुकककक!

भिड़े: (बबिता की कमर पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से धक्के मरते हुए) हाँ... ऐसे Hi... ऊपर नीचे करो... तेरी छूट बहुत टाइट और गीली है बबिता... ले... ले मेरा लुंड...

बबिता अब पूरी स्पीड से ऊपर नीचे जम्प कर रही थी. उसकी गांड हर बार भिड़े के बॉल्स तक टकरा रही थी और Zor-Zor की “थप थप थप” आवाज़ें आ रही थी. उसकी चूचियां ज़ोर से हिल रही थी.

बबिता: (पूरा पागल होते हुए, ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए) एस सर... हर्डर... फ़क में हर्डर... मैं आपकी बेस्ट स्टूडेंट बनूँगी... अह्ह्ह... मेरी छूट पहाड़ दो... आठ फुककक... बहुत गहराई तक जा रहा है आपका लुंड... हआ!






भिड़े: (नीचे से ज़ोर ज़ोर से धक्के मरते हुए) ले... ले बबिता... ऐसे Hi छोडूंगी तोह मैं हर रोज़ शिकायत लेकर आऊंगा... तेरी छूट को रोज़ पुनीश करूँगा...

बबिता अब झड़ने के करीब थी. उसने स्पीड और बढ़ा दी और पूरी ताकत से भिड़े के लुंड पर ऊपर नीचे करने लगी. उसकी छूट से रास निकल कर भिड़े के लुंड और बॉल्स पर बह रहा था.

बबिता: (सर हिलाते हुए, ज़ोर से) अह्ह्ह... सर... मैं झड़ने वाली हूँ... फ़क में... फ़क योर बेस्ट स्टूडेंट... आठ फुकककक!!

बबिता अभी भी काउगर्ल पोजीशन में Zor-Zor से ऊपर नीचे कर रही थी. भिड़े ने उसकी कमर पकड़ी और एक झटके से उसको नीचे गिरा दिया. अब वो बबिता के ऊपर आ गया. उसने बबिता की टाँगे चौड़ी करके अपने कंधे पर रख दी और सीधे सामने से अपना लुंड उसकी छूट में घुसेड़ दिया.

भिड़े: (एक ज़ोर का धक्का मरते हुए, स्ट्रिक्ट और गरम आवाज़ में) ले मिस बबिता... अब सामने से चूड़ो... अपने बेटे की गलतियों के बदले तुम्हे छोड़ रहा हूँ मैं आज!






बबिता: (ज़ोर से सिसकारी भरते हुए) आआह्ह्ह्हह... सिर्रर्र!!

भिड़े ने दोनों हाथों से बबिता के बड़े मुम्मों को पकड़ लिया और Zor-Zor से धक्के मरने लगा. हर धक्का गहरा और सख्त था.

थप! थप! थप! थप! थप!

भिड़े: (तेज़ धक्के मरते हुए) चूड़ो चूड़ो मिस बबिता अपने बेटे की हर एक फ़ैल के बदले तेरी छूट ले रही है आज लेलो मेरा लुंड!

बबिता: (मज़े से पागलो जैसे सिसकियाँ लेती हुई, आँखें बंद किये) अहह... फ़क में सर... फ़क में... हआ... और ज़ोर से... फुककक में हर्डर!!

उसकी छूट बिलकुल गीली हो चुकी थी. हर धक्के के साथ “पूछ पूछ पूछ” की आवाज़ आ रही थी. बबिता ने अपनी टाँगे भिड़े की कमर के अराउंड लपेट ली और गांड ऊपर उठा उठा कर उसके धक्कों का जवाब दे रही थी.

बबिता: (सर हिलाते हुए, मोअन करती हुई) फ़क में... फ़क में सर... अह्ह्ह... बहुत मोटा है आपका लुंड... मेरी छूट पहात रही है... एस... फुककक... और तेज़... और तेज़!!

भिड़े: (बबिता के मुम्मों को ज़ोर से मसलते हुए, धक्के और तेज़ करते हुए) हाँ... ऐसे Hi चूड़ो... बेटे की गलतियों का पूरा पनिशमेंट ले रही हो... तेरी यह टाइट छूट आज मेरी है... बोल... बोल मिस बबिता... और चाहिए क्या?

बबिता: (पूरा तड़पते हुए, ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेती हुई) हां सर... और चाहिए... फ़क में... फ़क योर नॉटी Student’s मदर... अह्ह्ह फुककक... पहाड़ दो मेरी छूट को... मैं आपकी हूँ आज... फ़क में... फ़क में... हआ!!!






भिड़े ने स्पीड और बढ़ा दी. वो पूरी ताकत से बबिता को छोड़ रहा था. दोनों के शरीर पसीने से तर हो रहे थे. बबिता के बूब्स हर धक्के के साथ Zor-Zor से उछाल रहे थे.

बबिता: (रोने जैसी आवाज़ में मज़े से) अह्ह्ह... फुककक... सर मैं झड़ने वाली हूँ... मत रुको... फ़क में... फ़क में हर्डर... एस्सस... आठ फुककक!!!

भिड़े बबिता को Zor-Zor से छोड़ रहा था. मिशनरी पोजीशन में उसकी टाँगे कंधे पर रख कर गहरे धक्के मार रहा था. उसका लुंड बबिता की छूट में पूरा Andar-Bahar हो रहा था.

भिड़े (मैं में सोचते हुए): िएर ने माधवी की छूट में झाड़ा था... मैं भी बबिता की छूट में Hi झरूँगा आज. पूरा माल अंदर भर दूंगा...

उसका रदम और तेज़ हो गया. वो झरने के बिलकुल करीब पहुँच चूका था.

बबिता: (घबराके, सांस फूलते हुए) नॉट इनसाइड भिड़े भाई... नॉट इनसाइड!! पुल्ल आईटी आउट... प्लीज!!

लेकिन भिड़े ने धक्के और तेज़ कर दिए.

भिड़े: (गरम आवाज़ में) पनिशमेंट तोह मिलेगी मिस बबिता... और यही असली पनिशमेंट है की आपको मुझे अपनी छूट में झड़ने देना पड़ेगा. आज मैं अंदर Hi माल छोडूंगा.

बबिता: (मैं में सोचते हुए, परेशां) ये भिड़े भाई मेरी बात नहीं मान रहे... क्या करू... क्या करू?

बबिता ने जल्दी से दिमाग लगाया और बोल पड़ी

बबिता: (मोअन करते हुए लेकिन समझदारी से) नहीं सर... अगर आप ऐसा करेंगे तोह मैं आपके जैसे इंटेलीजेंट बच्चे की माँ बन जाउंगी... फिर आप मुझे पनिशमेंट कैसे देंगे? और िएर फूल नहीं है... वो अपने बच्चे और दुसरे के बच्चे में फरक बता पायेगा. प्लीज सर... और ज्यादा पनिशमेंट दे दो... लेकिन क्रैंपी मत कीजिये... प्लीज...






भिड़े रुक्सा रुक्सा सा हो गया. “इंटेलीजेंट बच्चे” सुन कर उसके चेहरे पर ख़ुशी और गर्व दिखाई दिया.

भिड़े: (थोड़ा रुक कर, मुस्कुराते हुए) अच्छा... वाह मिस बबिता! आपको मेरा इंटेलीजेंट बच्चा चाहिए? बहुत अच्छा सोचा आपने.

वो थोड़ा सोचता रहा, फिर स्पीड धीरे कर दिया.

भिड़े: ठीक है... क्रैंपी नहीं. लेकिन यह पनिशमेंट आपको अपने फेस पर लेनी पड़ेगी.

बबिता: (रिलीफ और नॉटी स्माइल के साथ) हाँ क्यों नहीं सर... पुसी के अलावा कही भी पनिशमेंट ले लुंगी. गिव आईटी तो में सर... मुझे आपका माल फेस पर चाहिए.

भिड़े ने जल्दी से बबिता की टाँगे नीचे की, लुंड छूट से बहार निकला और उसके ऊपर चढ़ गया. वो उसके चेस्ट पर बैठ गया और अपना लुंड हाथ में पकड़ कर हिलने लगा.

बबिता ने मुँह खोल कर आँखें बंद कर ली और टंग थोड़ी बहार निकाल ली.

भिड़े: (ज़ोर ज़ोर से हिलाते हुए) ले मिस बबिता... ले अपनी सजा... आअह्ह्ह!!

पहला गरम झटका बबिता के चेहरे पर पड़ा उसके माथे, गाल और लिप्स पर. अगला उसके मुँह के अंदर गया. भिड़े ने पूरा माल उसके चेहरे पर निकाल दिया. बबिता का सुन्दर चेहरा भिड़े के सफ़ेद माल से भीग गया था.






बबिता: ( आँखें बंद किये, माल मुँह पर लगते हुए) मममहह... सर... इतना सारा... आपका पनिशमेंट बहुत गरम है...

भिड़े सांस फूलते हुए उसके ऊपर Hi लेट गया. बबिता ने ऊँगली से अपने चेहरे का माल कलेक्ट किया और मुँह में दाल कर चाटने लगी.

बबिता: (मुस्कुराते हुए) अब बताइये सर... बच्चे की शिकायत माफ़ हुई?


िएर दया के साथ मस्ती करने के बाद खुश होकर बहार निकल रहा था. जैसे Hi वो ड्राइंग रूम क्रॉस कर के मैं दूर की तरफ बढ़ा, तभी बापूजी के कमरे से कटरीना बहार आयी.

दोनों की टक्कर हो गयी.

कटरीना: (मुस्कुराते हुए, तैसिंग अंदाज़ में) अरे िएर भाई... कहाँ से आ रहे हो इतनी ख़ुशी ख़ुशी?

िएर थोड़ा घबरा गया, लेकिन कण्ट्रोल करने की कोशिश की.

िएर: (नर्वस हसी के साथ) अरे कटरीना जी... आप यहाँ? मैं तोह बस... दया से मिलने आया था.

कटरीना ने एक कदम और पास आते हुए उसको ऊपर से नीचे तक देखा. उसके होंठों पर एक नॉटी मुस्कराहट थी.

कटरीना: (धीरे से, सेडक्टिव आवाज़ में) क्यों िएर भाई... दया भाभी के मज़े ले लिए क्या?

िएर: (घबरा कर) अब... क्या? ये आप क्या कह रही हैं कटरीना जी? मैं कुछ नहीं...

कटरीना और पास आ गयी. उसने अपना हाथ िएर के चेस्ट पर रखा और हलके से सहलाने लगी.

कटरीना: ( आँखों में शैतानी के साथ) अरे छुपाओ मत... मैं सब जानती हूँ. आज दया भाभी की चीखें पूरे घर में गूज रही थी. अब कभी अपने इस साउथ इंडियन लुंड का स्वाद हमें भी चखाइये न िएर भाई...

िएर की सांस तेज़ हो गयी. उसके लुंड में फिर से हरकत होने लगी.

िएर: (थोड़ा रुकते हुए) कटरीना जी... आज तोह नहीं. अगर मैं अभी घर नहीं गया तोह बबिता को शक हो जायेगा. वो बहुत सस्पीशियस हो रही है आजकल.

कटरीना: (उसके लुंड के ऊपर हाथ फेरते हुए, मुस्कुराते हुए) अच्छा जी... तोह आज नहीं. लगता है मुझे अपनी ऊँगली से Hi काम चलना पड़ेगा आज रात.

िएर ने उसकी बात सुन कर मुस्कुरा दिया. उसने कटरीना के गाल पर हल्का सा किश किया और धीरे से बोलै.

िएर: अगली बार ज़रूर... अभी मैं चलता हूँ.

कटरीना ने उसको जाते हुए देखा और अपने होंठों पर ऊँगली फेरते हुए मुस्कुरायी.

कटरीना: (खुद से) कोई माल... जल्दी तरय करना पड़ेगा.


और इसी के साथ हमारा ये अपडेट ख़तम हो जाता है उम्मीद करता हु आपको ये अपडेट पसंद आया होगा प्यारे प्यारे कमैंट्स कर के सपोर्ट दिखाओ यारो और स्टोरी की अच्छी और बुरी बातें बताओ
 
Back
Top